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कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त संदेश: एग्रीस्टेक पोर्टल पर हर किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन हो, हर पात्र किसान को मिले किसान क्रेडिट कार्ड और सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें

जशपुरनगर, 27 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि एवं राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं तथा लंबित राजस्व प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान पंजीयन, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए सभी मामलों का नियमानुसार एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
     कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों के ऑनलाइन पंजीयन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें। उन्होंने इस योजना के तहत संदिग्ध प्रकरणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने पात्र किसानों के शत-प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड  बनाए जाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे। 
     राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राज्य शासन की छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार नियम, 2023  के अंतर्गत नगरीय निकायों में चल रहे सर्वे कार्य की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों का नियमानुसार परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में सर्वे एवं अन्य आवश्यक कार्य पूर्ण करें। इसके अलावा उन्होंने आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख दुरुस्तीकरण, अभिलेख शुद्धता, व्यपवर्तन तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की भी गहन समीक्षा की।           
       कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार, गुणवत्तापूर्ण एवं शत-प्रतिशत निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6-4 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं पीड़ित क्षतिपूर्ति राशि से संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों एवं पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

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शिक्षा की गुणवत्ता पर कलेक्टर रोहित व्यास का बड़ा एक्शन, बिना बायोमेट्रिक उपस्थिति शिक्षकों को नहीं मिलेगा वेतन, स्कूलों की होगी नियमित मॉनिटरिंग

जशपुरनगर, 27 जुलाई 2026/ विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने पाठ्यपुस्तकों के वितरण, विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण, शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, स्मार्ट क्लास तथा जश लर्न कार्यक्रम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर श्री व्यास ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र सिन्हा एवं सभी विकासखंडों के बीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्यालयों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी एवं शिक्षक पूरी गंभीरता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 
     कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति बिना किसी वैध कारण के दर्ज नहीं होगी, उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से इसकी निगरानी करने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षण व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिन विद्यालयों में अब तक पाठ्यपुस्तकों का वितरण नहीं हो पाया है, वहां शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया बाधित न हो। साथ ही नवप्रवेशी विद्यार्थियों की अपार आईडी तत्काल तैयार करने के हेतु भी निर्देशित किया। 
     कलेक्टर ने विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के पालकों से नियमित संपर्क स्थापित कर उनकी अनुपस्थिति के कारणों की जानकारी लेकर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। साथ ही पात्र छात्र-छात्राओं के जाति प्रमाण-पत्र समय पर बनवाने हेतु आवश्यक सहयोग करने , सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को निर्धारित समय-सीमा में साइकिल वितरण पूर्ण करने तथा अन्य छात्रहितकारी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्मार्ट क्लास का  नियमित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण पद्धति से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा रोचक तरीके से मिलेगी। उन्होंने  विद्यालयों में उपलब्ध सभी डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने को कहा, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध हो सके।

*जश लर्न कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की सराहना*

बैठक में जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल जश लर्न कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। इस दौरान कार्यक्रम के यूथ इंपैक्ट इंडिया के कंट्री हेड श्री रोहन भी उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम के संचालन, उपलब्धियों तथा विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए शिक्षा अधिकारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान किया। कलेक्टर श्री व्यास ने जश लर्न कार्यक्रम के अंतर्गत बेहतर प्रदर्शन करने वाले विकासखंडों एवं शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुनकुरी विकासखंड की शिक्षिका श्रीमती अनीता एक्का से संवाद कर उनके उत्कृष्ट कार्य की प्रशंसा की और कहा कि उनका प्रयास अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। कलेक्टर ने कहा कि जश लर्न कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी मूलभूत गणितीय दक्षताओं में सक्षम बनाना है, जिन्हें इन विषयों को समझने में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की प्रतिबद्धता और नवाचारपूर्ण प्रयासों से अधिकाधिक विद्यार्थी इन आधारभूत दक्षताओं में निपुण बन सकेंगे, जिससे उनकी आगे की शिक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर की सांस्कृतिक विरासत पहुंचेगी राष्ट्रपति भवन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी विजेताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों का सम्मान

रायपुर 27 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परंपरागत जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों तथा जनप्रतिनिधियों का 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आगामी 30 जुलाई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट करेगा। 

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परगना मांझी, मांझी, चालकी तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन भी किया है। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन का भ्रमण करेगा तथा नई दिल्ली के प्रमुख राष्ट्रीय स्थलों का अवलोकन भी करेगा। यह अवसर बस्तर की जनजातीय   संस्कृति, परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश के सर्वाेच्च संवैधानिक मंच पर मिल रहे सम्मान का ऐतिहासिक प्रतीक होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की गौरवशाली विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर के कलाकारों और परंपरागत जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान बस्तर की संस्कृति, परंपरा और जनजातीय समाज के प्रति पूरे देश के सम्मान का प्रतीक है।

संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम-2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और लोकपरंपराएं राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनजातीय ज्ञान परंपरा, लोकजीवन, पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण का सशक्त अभियान बन चुका है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम के विजेता प्रतिभागियों एवं जनजातीय प्रतिनिधियों का सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक स्वाभिमान का सम्मान है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग द्वारा जनजातीय विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बस्तर पंडुम आज केवल छत्तीसगढ़ का नहीं, बल्कि देश के सबसे महत्वपूर्ण जनजातीय सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। लोककलाओं को मंच उपलब्ध कराने, कलाकारों को सम्मान दिलाने, जनजातीय ज्ञान परंपरा का दस्तावेजीकरण करने तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में इस महोत्सव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में पहली बार आयोजित बस्तर पंडुम ने विश्व के सबसे बड़े जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ को वैश्विक पहचान दिलाई थी। इस उपलब्धि के बाद वर्ष 2026 में महोत्सव का दायरा और अधिक व्यापक किया गया। पहले जहां सात विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, वहीं इस वर्ष इन्हें बढ़ाकर 12 विधाओं तक विस्तारित किया गया। बस्तर संभाग के सात जिलों के 32 विकासखंडों से 54 हजार 750 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लेकर अपनी लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक आयोजित महोत्सव में जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक पेय, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि सहित 12 विधाओं के माध्यम से बस्तर की सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन किया गया।

जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय समारोह का उद्घाटन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने किया, जबकि समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। महोत्सव में जनजातीय शिल्प, हस्तशिल्प, वन-औषधियों, पारंपरिक आभूषणों और लोक व्यंजनों की प्रदर्शनी ने बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित किया। इससे स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक अवसर भी प्राप्त हुए। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के कलाकारों की सहभागिता ने बस्तर पंडुम को राष्ट्रीय सांस्कृतिक संगम का स्वरूप प्रदान किया।
 
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आमंत्रण पर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने जा रही बस्तर की यह गौरवगाथा न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक शक्ति और जनजातीय गौरव का प्रतीक है, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी है।

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संत रविदास की 650वीं जयंती, समरसता संकल्प अभियान और घर-घर तिरंगा यात्रा को लेकर भाजपा की जिला कार्यशाला संपन्न, बूथ स्तर तक जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान

जशपुर। भारतीय जनता पार्टी जिला जशपुर द्वारा सोमवार को जिला भाजपा कार्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती, समरसता संकल्प अभियान, घर-घर तिरंगा अभियान एवं तिरंगा यात्रा की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में मुख्य वक्ता लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, जिला संगठन प्रभारी अमर सुल्तानिया एवं भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने संगठनात्मक विषयों, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति से जुड़े अभियानों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। कार्यशाला का संचालन जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने किया।

संत रविदास का संदेश सामाजिक समरसता का आधार : प्रबोध मिंज

मुख्य वक्ता एवं लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का प्रतीक है। उन्होंने समाज को जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर एकता और सद्भाव का संदेश दिया। भारतीय जनता पार्टी उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से समरसता संकल्प अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार अंत्योदय और सामाजिक समरसता के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संत रविदास जी के संदेश को घर-घर पहुंचाकर समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने का कार्य करें।

इस बार तिरंगा यात्रा केवल पार्टी का कार्यक्रम नहीं, जनभागीदारी का अभियान बने : अमर सुल्तानिया

जिला संगठन प्रभारी अमर सुल्तानिया ने जिले के पदाधिकारियों, मोर्चा अध्यक्षों एवं मंडल प्रभारियों के संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि समरसता संकल्प अभियान चार चरणों में संचालित किया जाएगा। इसकी शुरुआत 29 जुलाई से होगी और यह अभियान 20 फरवरी तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से चलेगा। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए बूथ स्तर तक व्यापक जनसंपर्क किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 10 अगस्त से 14 अगस्त तक घर-घर तिरंगा एवं तिरंगा यात्रा अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्येक वर्ष तिरंगा यात्रा निकालती है, लेकिन इस वर्ष इसे केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान बनाना है। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं आम जनमानस को भी तिरंगा यात्रा से जोड़ना होगा। हर कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में लोगों को तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए प्रेरित करे, ताकि राष्ट्रभक्ति का यह अभियान पूरे समाज का उत्सव बन सके।

उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रमों के माध्यम से देश के विभाजन की पीड़ा और स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदानों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। प्रत्येक कार्यकर्ता इन सभी अभियानों को पूरी गंभीरता, अनुशासन और समर्पण के साथ सफल बनाने का संकल्प लेकर कार्य करे।

मजबूत बूथ संगठन ही भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति : भरत सिंह

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कार्यशाला की विषय-वस्तु प्रस्तुत की तथा जिले के सभी मंडल अध्यक्षों से बूथ समितियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी बूथ समितियों का गठन एवं लंबित संगठनात्मक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत बूथ संगठन है। आगामी सभी अभियान तभी सफल होंगे जब प्रत्येक बूथ पर सक्रिय कार्यकर्ता पूरी जिम्मेदारी के साथ समाज के बीच पहुंचकर संगठन और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे तथा अधिक से अधिक लोगों को इन अभियानों से जोड़ेंगे।

जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में मुख्य रूप से पूर्व विधायक भरत साय, पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, अंत्यावसायी निगम अध्यक्ष सुरेंद्र बेसरा, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश नन्दे, बलरामपुर जिला प्रभारी ओमप्रकाश सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला महामंत्री मनीष अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, उपेन्द्र यादव, आनंद शर्मा, शांति भगत, रीना बरला, शंकर गुप्ता, श्रीनायक मिश्रा, संतोष सहाय, संतोष सिंह, राजकपूर भगत, रूपेश सोनी, शरद चौरसिया, पिंकी गुप्ता, देवधन नायक, अनूप नारायण सिंह, हदीस अंसारी, गोविंद भगत, संजीव ओझा, मुकेश सोनी, नेहरू सिंह, राजकुमार गुप्ता, हरीश आरिक, देवलाल भगत, हरिशंकर यादव, प्रभाकर यादव, उमेश यादव, प्रतीक सिंह, विनोद निकुंज, गणेश गुप्ता, हेमा दीवान, हेमन्त बंजारा, आनंद यादव, राजकिशोर जायसवाल सहित भाजपा के जिला पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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वनांचल में कांवड़ियों को बड़ी सौगात: लमनी और खुड़िया में बने आधुनिक प्रतीक्षालय शेड, सोलर बिजली से जगमगाएंगे श्रद्धालुओं के पड़ाव

रायपुर, 27 जुलाई 2026/उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर पंचायत विभाग द्वारा सुदूर वनांचल के ग्राम लमनी और खुड़िया में 20-20 लाख रुपये की लागत से आधुनिक प्रतीक्षालय शेडों का निर्माण कराया गया है।श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में भरकर पदयात्रा करने वाले हजारों श्रद्धालुओं को इस वर्ष बड़ी राहत मिली है। वर्षों से वनांचल क्षेत्रों में विश्राम, पेयजल, प्रकाश और भोजन बनाने जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करने वाले कांवड़ियों के लिए अब सुरक्षित और सुविधायुक्त विश्राम स्थल उपलब्ध हो गए हैं। 

          ये नवनिर्मित प्रतीक्षालय कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित पड़ाव के रूप में विकसित किए गए हैं। यहां रात्रि विश्राम, भोजन बनाने तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक हो सकेगी।

*लमनी में पहला सुरक्षित पड़ाव, सोलर ऊर्जा से होगा रोशन*

        ग्राम लमनी कांवड़ियों का पहला प्रमुख पड़ाव माना जाता है। अब तक यहां सीमित संसाधनों के बीच श्रद्धालुओं को खुले स्थानों पर रात्रि विश्राम करना पड़ता था। बरसात, अंधेरा और घने जंगलों के कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इन समस्याओं को देखते हुए लमनी बैरियर के समीप निर्मित नए प्रतीक्षालय शेड में सुरक्षित रात्रि विश्राम, भोजन बनाने तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विशेष रूप से यहां सोलर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था स्थापित की गई है, जिससे रात के समय पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध रहेगा और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा।  इसी प्रकार ग्राम खुड़िया में भी 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रतीक्षालय शेड कांवड़ियों के लिए राहत का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। अब यात्रा के दौरान दोनों स्थान श्रद्धालुओं के प्रमुख विश्राम स्थलों के रूप में उपयोगी साबित होंगे।

*वर्षों पुरानी समस्या का हुआ स्थायी समाधान*

           कांवड़ यात्रा का मार्ग घने जंगलों, पहाड़ी क्षेत्रों और दूरस्थ वनांचल ग्रामों से होकर गुजरता है। हजारों श्रद्धालु कई दिनों तक पैदल यात्रा कर भगवान शंकर के मंदिरों तक पहुंचते हैं। लंबे समय से इन मार्गों पर सुरक्षित रात्रि विश्राम और मूलभूत सुविधाओं की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। श्रद्धालुओं की इस लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पंचायत विभाग के माध्यम से लमनी और खुड़िया में आधुनिक प्रतीक्षालय शेडों का निर्माण सुनिश्चित कराया, जिससे वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सका।

*यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल सुविधाओं का भी प्रबंध*

         उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयास केवल प्रतीक्षालय निर्माण तक सीमित नहीं हैं। कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक स्तर पर अन्य व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ की जा रही हैं। यात्रा के दौरान आकस्मिक स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार हेतु स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। मार्गों की मरम्मत और आवश्यक रिपेयरिंग कर यात्रा को सुरक्षित बनाया जा रहा है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

*भोलेनाथ के भक्तों की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*

          उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण मास की कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और जनभावनाओं का महापर्व है। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ के भक्तों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रतीक्षालयों का निर्माण, स्वास्थ्य शिविर, सड़क मरम्मत, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और सुविधा के साथ अपनी यात्रा पूर्ण कर सकें।

*कांवड़ियों ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार*

       कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि पहले वनांचल क्षेत्रों में रात्रि विश्राम के दौरान काफी परेशानियां होती थीं। बारिश और अंधेरे के बीच यात्रा करना तथा सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहद कठिन होता था। लमनी और खुड़िया में बने नए प्रतीक्षालय शेडों से अब बड़ी राहत मिलेगी। रात्रि विश्राम, भोजन बनाने और प्रकाश जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने से यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और सुरक्षित हो गई है। श्रद्धालुओं ने इन जनहितकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन सुविधाओं का लाभ आने वाले वर्षों तक हजारों कांवड़ यात्रियों को मिलता रहेगा।

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कारगिल के वीरों का बलिदान भावी पीढ़ियों के लिए अमर प्रेरणा, विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम : टंक राम वर्मा

​रायपुर, 27 जुलाई 2026/
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के सभागृह में आज 'कारगिल विजय दिवस' के अवसर पर  कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा, युवाओं की भूमिका और 2047 के विकसित भारत संकल्प पत्र पर अपने विचार साझा किए।

*​कारगिल विजय: स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा*

​         मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को 'ऑपरेशन विजय' के तहत भारतीय सेना ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए शत्रुओं को खदेड़ा था।कारगिल की जीत केवल सैन्य अभियान की सफलता नहीं, बल्कि भारत के अखंड स्वाभिमान की विजय थी। हमारे वीर जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से आभार जताया।

*​दैनिक जीवन में कर्तव्यनिष्ठा ही सच्ची देशभक्ति*

     ​उच्च शिक्षा मंत्री ने देशभक्ति की परिभाषा को व्यापक रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल विशेष अवसरों पर नारे लगाने तक सीमित नहीं है। समय का पाबंद होना, ईमानदारी से काम करना, जरूरतमंदों की मदद, जल व पर्यावरण संरक्षण, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान 'एक पेड़ माँ के नाम' व 'वोकल फॉर लोकल' को जीवन में अपनाना ही वास्तविक देशभक्ति है।

*सुरक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, परिसर और डिजिटल मीडिया में भी जरूरी*

     ​डिजिटल दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिना जांचे-परखे फर्जी संदेश फैलाना सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाता है। इसके साथ ही, हाल ही में नीट (NEET) परीक्षा विवाद जैसे मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असमाजिक और बाहरी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। उन्होंने राज्य के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में शांति, सुरक्षा और सुचारू अध्यापन के लिए सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी।

*​2047 का विजन: विकसित भारत, समृद्ध छत्तीसगढ़*

   ​.    मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'विकसित भारत 2047' के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के 'समृद्ध छत्तीसगढ़' के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान न देकर उनमें राष्ट्रबोध, अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित करें। साथ ही, युवाओं को सेना के शौर्य से जोड़ने के लिए महाविद्यालयों में वीर सैनिकों के सम्मान में नियमित संगोष्ठी और प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि बस्तर से सरगुजा और रायपुर तक छत्तीसगढ़ के युवाओं में असीम ऊर्जा है। इस ऊर्जा को शिक्षा, कौशल, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।

       कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के पूर्व कुलपति प्रो. एन. पी. दीक्षित, वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. टी. एल. वर्मा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र पटेल सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। 

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खुड़िया रानी धाम में स्वच्छता का संदेश: जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और महिला समूहों ने किया सामूहिक श्रमदान, मंदिर परिसर को बनाया स्वच्छ व सुंदर

*जशपुरनगर 27 जुलाई 2026/* स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जनपद पंचायत बगीचा की ग्राम पंचायत छिछली (र) के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खुड़िया रानी मंदिर परिसर में आज प्रातः 07:00 बजे से 11:00 बजे तक व्यापक स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वच्छता के प्रति जनजागरूक बनाना था।

स्वच्छता श्रमदान में जनपद पंचायत बगीचा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, ग्राम पंचायत छिछली (र) के सरपंच, सचिव एवं पंचायत कर्मियों, आसपास के ग्राम पंचायतों के सरपंचों, ग्रामीणजनों, युवाओं एवं महिला समूहों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की। 
इस अवसर पर ग्राम पंचायत द्वारा गंगा समूह को स्वच्छता किट प्रदान की गई तथा समूह के सदस्यों से मंदिर परिसर की नियमित साफ-सफाई एवं स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया गया। समूह ने परिसर को सदैव स्वच्छ रखने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम की सफलता में वन विभाग की टीम एवं स्थानीय सामाजिक संगठन सफल प्रयास सेवा समिति का विशेष सहयोग एवं योगदान सराहनीय रहा। सभी प्रतिभागियों ने श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देते हुए आमजन से भी अपने धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा सतत जनआंदोलन है। ऐसे सामूहिक श्रमदान कार्यक्रमों से समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है तथा धार्मिक स्थलों की गरिमा और पवित्रता भी बनी रहती है।

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जशपुर में विधिक साक्षरता शिविर का सफल आयोजन: छात्राओं को कानून, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और बाल अधिकारों की दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

जशपुर 27 जुलाई 2026/ नालसा की योजना के तहत माननीय श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर जिला जशपुर (छ०ग०) के मार्गदर्शन में थाना जशपुर चौकी आरा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन दिनांक 26.07.2026 को किया गया। उक्त विधिक साक्षरता शिविर कार्यक्रम में माननीय श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के द्वारा प्री-मैट्रिक बालिका छात्रावास इचकेला एवं प्री-मैट्रिक बालिका छात्रावास आरा में विधिक जागरूकता, बाल विवाह, मानव तस्करी, नशा मुक्ति, बाल श्रम, साइबर फॉड, मोटर यान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को संविधान एवं कानून की मूलभूत जानकारी प्रदान करते हुए विधि की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, न्याय और अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है जिसके लिए कानून की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। माननीय श्री बलराम कुमार देवांगन, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुनकुरी एवं

श्रीमती सुमन सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर के द्वारा भी विधिक साक्षरता, नशा मुक्ति, बाल श्रम, साइबर फॉड, मोटर यान, नशीली दवाओं के दुरुपयोग, शिक्षा का अधिकार, गुड टच एवं बैड टच घरेलु हिंसा से महिलाओं का संरक्षण के बारे में विद्यार्थियों जानकारी दी।

उक्त साक्षरता शिविर में प्री-मैट्रिक बालिका छात्रावास इचकेला के लगभग 55, प्री-मैट्रिक बालिका छात्रावास आरा के 50 विद्यार्थी, शिक्षक तथा कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।

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प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच; सहायक संचालक करण सोनकर की किसानों से समय रहते बीमा आवेदन करने की अपील

जशपुर 27 जुलाई 2026/ खरीफ मौसम में उत्पादित होने वाली बागवानी फसलों को बेमौसम मौसम से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है।

सहायक संचालक उद्यान करण सोनकर ने बताया कि योजना के तहत किसान अपनी फसलों का बीमा 31 जुलाई 2026 तक करा सकते हैं। उन्होंने किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते बीमा कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता एवं अमरूद सहित कुल सात अधिसूचित बागवानी फसलों को शामिल किया गया है। बेमौसम वर्षा, कम अथवा अधिक वर्षा, तापमान में असामान्य परिवर्तन, तेज हवा, आदता तथा प्रतिकृत मौसम के कारण होने वाले कीट एवं व्याधि प्रकोप जैसी परिस्थितियों से होने वाले नुकसान की भरपाई योजना के माध्यम से की जाएगी। योजना में मुआवजे का निर्धारण मौसम के वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ ऋणी एवं अऋणी दोनों प्रकार के किसान ले सकते है। किसानों को बीमा कराने के लिए फसलों के अनुसार निर्धारित ऋणमान का 5 प्रतिशत प्रीमियम कृषक को अंश के रूप में जमा करना होगा। योजना के अंतर्गत टमाटर के लिए बीमित राशि रू 1.20 लाख (कृषक प्रीमियम रू. 6,000), बैंगन बीमित राशि रू 0.77 लाख (रू. 3,850), मिर्च बीमित राशि रू 0.68 लाख (रु. 3,400), अदरक बीमित राशि रु 1.50 लाख (रू. 7,500), केला बीमित राशि रु 0.85 लाख (रू. 4,250), पपीता बीमित राशि रू 0.87 लाख (रू. 4,350) तथा अमरुद बीमित राशि रु 0.45 लाख (रू. 2,250) प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। किसान निर्धारित प्रीमियम राशि जमा कर अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कर योजना का लाभ ले सकते हैं। बीमा आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। किसान ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

इसके अलावा लोक सेवा केंद्र तथा एग्रीकल्वर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया द्वारा विकासखंड स्तर पर किसानों की सुविधा के लिए प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं। जशपुर के लिए सुजीत मोगरे (मो. 7999784088), दुलदुला के लिए तोरेश्वर राम (मो. 9039441626), कुनकुरी के लिए रोमश्वर सिंह (मो. 6267026795), बगीचा के लिए विनय मण्डल (मो. 8959169433), मनोरा के लिए आशीष मिंज (मो. 6267053640), पत्थलगांव के लिए ललित खुटिया (मो. 7489747478), तथा फरसाबहार के लिए अंकित कुमार चौहान (मो. 7869112045) से संपर्क कर योजना की जानकारी प्राप्त कर बीमा कराया जा सकता है। सहायक संचालक उद्यान करण सोनकर ने कहा कि समय पर बीमा कराने से प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से होने वाले नुकसान की स्थिति मे किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

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रोजगार से जुड़े कौशल पर जोर: कलेक्टर रोहित व्यास ने दिए निर्देश, युवाओं की रुचि और उद्योगों की मांग के अनुसार होगा प्रशिक्षण


जशपुर 27 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस 24 जुलाई 2026 को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना की विस्तार से समीक्षा की।

उन्होंने युवाओं को उनकी रूचि और मार्केट में रोजगार की मांग अनुसार प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए है ताकि युवाओं को पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके।


इस अवसर पर एस डी सी स्टेट हेड श्री वैभव अग्रवाल,श्री सुबोध कुमार की उपस्थिति में जिले में स्थित समस्त शासकीय आई टी आई, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य एवं जिले में पंजीकृत समस्त शासकीय एवं अशासकीय वी टी पी के साथ जिले के युवाओं के लिए उपलब्ध बेहतर रोजगार के अवसरों के विषय पर चर्चा की गयी 

चर्चा के दौरान श्री सुबोध कुमार के द्वारा एम् आर एफ जैसे बड़े संस्थानों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकरी साझा किया गया साथ ही इन संस्थाओं के अधिकारीयों से भी विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से वार्तालाप करवाया गया इसके अलावा वेल्डर, मेसन जैसे ट्रेड में विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की भी जानकारी प्रदाय करवाया गया, जिले में स्थित 2 शासकीय आई टी आई को भविष्य में आने वाले रोजगार के अवसरों के अनुरूप उनके प्रयोगशाला को मॉडल प्रयोगशाला के रूप में विकसित करने पर भी चर्चा हुई. जिले में एग्रीकल्चर एवं अलाइड सेक्टर में भी मांग के अनुसार प्रशिक्षण एवं नए प्रोडक्ट जिनकी बाज़ार में मांग है उनके चिन्हांकन एवं विकसित करने के संबंध में चर्चा किया गया।

 कलेक्टर द्वारा समस्त वी टी पी को यह निर्देशित किया गया की भविष्य के मांग के अनुरूप ही जिले के युवाओं को प्रशिक्षण प्रदाय किया जाए ताकि उन्हें अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त हो. साथ ही श्री वैभव  अग्रवाल द्वारा प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना एवं पी  विश्वकर्मा योजना के बारे में जानकारी प्रदाय किया गया।

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खेत से जुड़ी दिखीं विधायक गोमती साय, किसान बहनों के साथ श्रमदान करते हुए सुना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम, ग्रामीणों ने बताया जनप्रतिनिधि की सादगी का प्रतीक

पत्थलगांव। राजनीति की व्यस्तताओं और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारियों के बीच भी अपनी मिट्टी और खेती-किसानी से जुड़े रहने का संदेश देते हुए पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय ने एक बार फिर अपनी सादगी और जमीन से जुड़े स्वभाव का परिचय दिया। रविवार को उन्होंने किसान बहनों के साथ खेत में धान की रोपाई (बीड़ा) के कार्य में हिस्सा लिया और इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का सामूहिक श्रवण किया।

खेत की हरियाली, किसान बहनों के साथ श्रम और प्रधानमंत्री के प्रेरक विचारों का यह अनूठा संगम क्षेत्रवासियों के बीच आकर्षण और चर्चा का विषय बन गया। इस अवसर पर विधायक गोमती साय ने कहा कि "खेत की मिट्टी से जुड़े रहकर देश और समाज के लिए प्रेरणादायी विचारों को सुनना एक सुखद अनुभव है। श्रम, सेवा और राष्ट्रहित का यह सुंदर संगम सदैव नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है।"

सादगी और सहजता बनी विधायक गोमती साय की पहचान

गोमती साय अपनी सरलता, सौम्यता और व्यवहार कुशलता के कारण क्षेत्र में विशेष पहचान रखती हैं। विधायक बनने के बाद भी उन्होंने अपने ग्रामीण जीवन और खेती-किसानी से जुड़ाव को कायम रखा है। व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच समय निकालकर वे स्वयं खेतों में पहुंचती हैं और कृषि कार्यों में हाथ बंटाती हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गोमती साय केवल चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनती हैं और सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा किसानों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए लगातार सक्रिय रहती हैं। यही कारण है कि क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

किसान बहनों के साथ दिया श्रम और सम्मान का संदेश

धान की रोपाई के दौरान किसान बहनों के बीच बैठकर 'मन की बात' सुनना केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों के श्रम, ग्रामीण संस्कृति और कृषि परंपरा के सम्मान का संदेश भी माना जा रहा है। विधायक ने इस अवसर पर कहा कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है।

सोशल मीडिया से चौपाल तक बनी चर्चा

खेत में किसान बहनों के साथ काम करते हुए विधायक गोमती साय की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही हैं। गांव की चौपालों में भी उनके इस सहज और सरल व्यवहार की चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का मानना है कि जब जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहकर उनकी जीवनशैली को अपनाते हैं, तो जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होता है।

खेत की मिट्टी से जुड़ी यह तस्वीर एक बार फिर यह संदेश देती है कि जनसेवा और खेती-किसानी एक-दूसरे के पूरक हैं तथा सादगी, संवेदनशीलता और जमीनी जुड़ाव ही किसी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी पहचान और ताकत होती है।

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मन की बात' के 136वें एपिसोड में युवा शक्ति, नवाचार और राष्ट्रभक्ति का संदेश, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बोले— विकसित भारत के संकल्प को जनभागीदारी से मिलेगी नई ताकत

बिलासपुर। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर लोकसभा सांसद श्री तोखन साहू ने तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के परसदा में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड का श्रवण किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि 'मन की बात' केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरणादायी कहानियों, नवाचारों और जनसहभागिता के उत्कृष्ट उदाहरणों को देश के सामने लाकर नागरिकों में सकारात्मक सोच, जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध का संचार करते हैं।

उन्होंने कहा कि 136वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने युवा शक्ति की उपलब्धियों, नवाचार और तकनीकी क्षमता, खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन, कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वीर सैनिकों के अदम्य साहस एवं बलिदान को नमन किया। साथ ही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाने का संदेश भी देशवासियों को दिया।

श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार प्रत्येक नागरिक को 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने, जनसेवा, नवाचार, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं।

उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

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नीलाद्री विजय के साथ आज गर्भगृह लौटेंगे महाप्रभु, अधर पाना अनुष्ठान में उमड़ा आस्था का सैलाब; गजपति महाराज और मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय रहीं शामिल, लिटिल चैंप प्रतियोगिता में नन्हे कलाकारों ने जीता सभी का दिल

दोकड़ा। जशपुर जिले के विकासखंड कांसाबेल स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में रविवार को भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा का पारंपरिक अधर पाना अनुष्ठान श्रद्धा, आस्था और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के दर्शन कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की।

अधर पाना अनुष्ठान में श्री मंदिर के गजपति महाराज एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मंदिर समिति के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।

मंदिर परिसर में संध्या बेला में भजन-कीर्तन, हरिनाम संकीर्तन एवं वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने अधर पाना की प्राचीन परंपरा का दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित दर्शन एवं महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई।
इसी अवसर पर आयोजित लिटिल चैंप प्रतियोगिता बच्चों के आकर्षण का केंद्र रही। नन्हे प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, भक्ति गीतों एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

मंदिर समिति ने बताया कि आज सोमवार को नीलाद्री विजय के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा रथ से पुनः श्री मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करेंगे। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ द्वारा माता लक्ष्मी को रसगुल्ला अर्पित कर उन्हें प्रसन्न करने की प्राचीन एवं विशेष परंपरा भी निभाई जाएगी।वर्ष 1942 से निरंतर आयोजित हो रही दोकड़ा की ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा आज छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं झारखंड के श्रद्धालुओं की आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का एक प्रमुख केंद्र बन चुकी है।

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हर्रापाठ में भाषा शिक्षकों का मंथन: गतिविधि-आधारित शिक्षण, रचनात्मक लेखन और नई हिंदी पाठ्यपुस्तक पर हुआ गहन प्रशिक्षण, चार संकुलों के शिक्षकों ने लिया गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का संकल्प

मनोरा
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 4 संकुल के प्राथमिक भाषा शिक्षकों का संकुल हर्रापाठ के अंतर्गत प्राथमिक शाला छतोरी में शिक्षा विभाग एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से जोन स्तरीय अकादमिक संकुल बैठक- भाषा कार्यशाला तरुण पटेल विकास खंड शिक्षा अधिकारी मनोरा, जगत पाल राम सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी एवं आशुतोष शर्मा विकास खंड स्त्रोत समन्वयक मनोरा के मार्गदर्शन में  मुकेश जी ,लोकनाथ प्रसाद यादव ,प्रेम कुमार यादव ,निर्दोष कुमार, संकुल समन्वयक एवं जोन प्रशिक्षकों द्वारा संकुल हर्रापाठ, तालासिलीअलोरी गुल्लू एवं ओरकेला के प्राथमिक शालाओं में पढ़ाने वाले भाषा शिक्षकों की अकादमिक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य हिंदी विषय के शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक एवं गतिविधि-आधारित बनाना था।
          बैठक में कविता गीत शब्द जाल नवीन हिंदी पाठ्यपुस्तक की समीक्षा अभ्यास पुस्तिका के प्रभावी एवं प्रवाही उपयोग, हिंदी विषय की पेडागॉजी नोट्स पर विस्तृत डेमो एवं चर्चा तथा प्रधान पाठक प्रोजेक्ट में इस वर्ष प्रिंट रिच, पुस्तकालय, रचनात्मक लेखन को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न प्रवाही गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही आगामी संकुल बैठकों की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
         उक्त अकादमिक कार्यशाला में संकुल अलोरी के अंतर्गत प्राथमिक शाला अलोरी, खरवाटोली, मतलोंगा, संकुल गुल्लू के अंतर्गत प्राथमिक शाला उपर गुल्लू, झरगांव EDU, बरटोली, गुल्लू, झरगांव, वन ग्राम बोरोकोना संकुल हर्रापाठ के अंतर्गत हर्रापाठ, करदना, कोड़रोटोली, छतोरी, गुतकिया, अम्बाटोली करदाना पाठ संकुल तालासीली के अंतर्गत प्राथमिक शाला तालासिली, सिंदूर घाटी, पंडरसीली, बृंदाटोली,आराकोना अ एवं आराकोना ब संकुल ओरकेला के अंतर्गत प्राथमिक शाला पटिया EDU, रुकरुमा, पटिया आश्रम, कुंबडीबथान , अंगराकोना सहित विभिन्न विद्यालयों के भाषा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को बैठक में कविता गीत, कविता के चित्र और शीर्षक पर बातचीत करने, शब्द पहचान, कविता हाव -भाव के साथ सुनाना, एवं चर्चा, अभिनय एवं गतिविधि, शब्दों की ध्वनियां, अक्षर की समझ, शब्द जाल, कविता पठन तुकांत शब्दों की पहचान, मात्रा पहचान शब्द निर्माण गतिविधि-आधारित शिक्षण एवं रचनात्मक लेखन को अपने विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया।

बैठक का समापन सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार श्री लोकनाथ प्रसाद यादव संकुल समन्वयक हर्रापाठ द्वारा व्यक्त करते हुए किया गया।

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नशे के खिलाफ युवाओं का बुलंद संदेश: ‘माय भारत’ की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में संकल्प शिक्षण संस्थान का शानदार प्रदर्शन, राज्य स्तर पर दिखाएंगे प्रतिभा का दम

जशपुर 
माय भारत द्वारा आयोजित नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत कार्यक्रम का आयोजन एन ई एस कॉलेज के सेमिनार हॉल में किया गया था । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडिशनल एस पी राकेश पटनवार और विशिष्ट अतिथि एन ई एस कॉलेज के प्राचार्य अमरेंद्र सिंह और जिला युवा अधिकारी संकेत मित्तल थे।आठ विधाओं में यहां प्रतियोगिताएं  आयोजित की गई थी। वाद विवाद प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, संगीत एवं रैप प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता, स्लैम पोयट्री प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, नारा लेखन प्रतियोगिता और रील मेकिंग और लघु फिल्म प्रतियोगिता यह आठ प्रतियोगिताएं मेरा युवा भारत जशपुर द्वारा आयोजित कराई गई थी। जिसके लिए बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना था। इस प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के एवं कॉलेज के छात्रों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस प्रतियोगिता में सभी विधाओं में तीन तीन निर्णायक रखे गए थे जिन्होंने निष्पक्ष होकर अपना निर्णय दिया।संकल्प शिक्षण संस्थान के  छात्राओं ने भी चार-पांच प्रतियोगिताओं में भाग लिया था जिसमें से चित्रकला प्रतियोगिता में सिमरन भगत ने तीसरा स्थान प्राप्त किया और संगीत एवं रैप प्रतियोगिता में संकल्प की छात्राओं ने प्रथम स्थान तथा नृत्य प्रतियोगिता में भी संकल्प की छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह प्रतियोगिता जिला स्तरीय प्रतियोगिता थी इसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना होगा। संकल्प के छात्राओं के साथ इस कार्यक्रम में उनके शिक्षक दीपक कुमार ग्वाला और सीमा गुप्ता भी उपस्थित थे। संकल्प के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने बच्चों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के कार्यक्रम आवश्यक है। मुख्य अतिथि महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के युवाओं को सभी तरह के नशा से मुक्त होकर अध्ययन का नशा करना होगा तभी वह एक सफल नागरिक बन पाएंगे प्राचार्य अमरेंद्र सिंह ने भी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया और कहा कि नशा करना जरूरी है मगर वह नशा सफलता का होना चाहिए। ।युवा अधिकारी संकेत मित्तल ने इस सफल कार्यक्रम के लिए सभी को बधाई दी और आगे भी इस तरह के कार्यक्रम  माय भारत के द्वारा आयोजित किए जाएंगे इसकी जानकारी भी उनके द्वारा दी गई सभी विजेता बच्चों को ट्राफी, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया गया तथा प्रथम स्थान पर आने वाले सभी छात्र-छात्राओं को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहने की बात भी कही गई।

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आज का दिन किस राशि के लिए बनेगा भाग्यशाली, किसे मिलेगी करियर में तरक्की और किसे बरतनी होगी सावधानी? पढ़ें सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल

मेष (Aries)

आज का दिन आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई योजनाएं लाभ दिला सकती हैं। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बनेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन जल्दबाजी से बचें। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus)

आज आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। निवेश करने से पहले अच्छी तरह विचार करें। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini)

आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता लोगों को प्रभावित करेगी। व्यापार में नई साझेदारी लाभदायक हो सकती है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। दांपत्य जीवन मधुर रहेगा। छात्रों के लिए दिन अनुकूल है। यात्रा के योग बन रहे हैं। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer)

आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। पारिवारिक मामलों में धैर्य से काम लें। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। शुभ रंग: सफेद शुभ अंक: 2

सिंह (Leo)

आज भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होंगे। नौकरी और व्यापार दोनों में लाभ के संकेत हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। शुभ रंग: सुनहरा शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo)

आज मेहनत का पूरा परिणाम मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन खान-पान का ध्यान रखें। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। शुभ रंग: हरा शुभ अंक: 5

तुला (Libra)

आज संतुलित व्यवहार आपके लिए सफलता की कुंजी बनेगा। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात लाभदायक साबित होगी। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। व्यापार में लाभ के योग हैं। कला और रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को नई पहचान मिल सकती है। शुभ रंग: गुलाबी शुभ अंक: 6

वृश्चिक (Scorpio)

आज धैर्य और संयम से काम लेना होगा। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ होगा, लेकिन जोखिम भरे फैसलों से बचें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग: लाल शुभ अंक: 9

धनु (Sagittarius)

आज का दिन उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहेगा। करियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे। आर्थिक लाभ के योग हैं। परिवार में खुशियां आएंगी। धार्मिक यात्रा या पूजा-पाठ में मन लगेगा। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn)

आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुलेंगे। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। निवेश के लिए दिन अनुकूल है। शुभ रंग: नीला शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius)

आज नए अवसर आपके सामने आएंगे। नौकरी में सफलता और व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। किसी पुराने कार्य के पूरे होने से राहत मिलेगी। शुभ रंग: आसमानी शुभ अंक: 4

मीन (Pisces)

आज भगवान शिव की कृपा से कई रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति के योग हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न रहेगा। शुभ रंग: पीला शुभ अंक: 7

सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जप तथा जरूरतमंदों को सफेद वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। इससे मानसिक शांति, कार्यों में सफलता और परिवार में सुख-समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है।

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मन की बात में फिर गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम, पीएम मोदी ने कोरबा के जल संरक्षण मॉडल की देशभर में की सराहना; मुख्यमंत्री साय बोले— हर बार बढ़ रहा प्रदेश का गौरव

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

*छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

*कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना*

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

*जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

*कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। 

*‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

*स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

*मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था - तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

*युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

 इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अभिनव पहल,30 जुलाई को प्रदेश में पहली बार आयोजित होगा ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान

रायपुर, 26 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक अभिनव पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर प्रदेश में पहली बार ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ का आयोजन 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ किया जाएगा। इस अनूठे अभियान का उद्देश्य मातृशक्ति को पर्यावरण संरक्षण के महाअभियान से जोड़ते हुए वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप बालोद जिला प्रशासन ने इस अभियान की व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। वन, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महतारी वंदन योजना से लाभान्वित लगभग 2 लाख 45 हजार महिलाओं के साथ-साथ अन्य इच्छुक महिलाओं एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं तथा अन्य इच्छुक महिलाओं को निःशुल्क पौधों का वितरण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर पौधे उपलब्ध करा रही हैं, ताकि प्रत्येक महिला 30 जुलाई को अपने घर, आंगनबाड़ी अथवा उपयुक्त स्थान पर पौधरोपण कर सके। महिलाओं ने भी इस महाअभियान को लेकर उत्साहपूर्वक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।
अभियान के अंतर्गत पौधरोपण के लिए आवश्यक पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पौधरोपण के बाद हितग्राही निर्धारित सेल्फी लिंक पर पौधे के साथ अपनी तस्वीर अपलोड कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी आधारित अभियानों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ मातृशक्ति, प्रकृति और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत संगम बनकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल स्थापित करेगा।

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