ताजा खबरें


बड़ी खबर

कोरोना में आर्थिक रूप से कमजोर हुए बिजली उपभोक्ताओं को मजबूत करेगी एमबीबीएस योजना,उपभोक्ताओं को मिलेगा 758 करोड़ रुपए का सीधा लाभ

रायपुर, 14 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा 12 मार्च 2026 को प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) आर्थिक रूप से कमजोर बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत और संजीवनी बनकर सामने आई है। इस योजना के माध्यम से कोरोना महामारी तथा अन्य कारणों से बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को सीधे राहत प्रदान की जाएगी।

यह योजना विशेष रूप से निम्नदाब घरेलू, बीपीएल तथा कृषि उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी है। इसके अंतर्गत 31 मार्च 2023 की स्थिति में बकाया राशि को आधार मानकर उपभोक्ताओं को मूल राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में छूट दी जाएगी। प्रदेश के 29 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना के तहत लगभग 758 करोड़ रुपए तक की सीधी छूट मिलने का अनुमान है। बिजली क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि की राहत पहली बार दी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के दौरान प्रोटोकॉल और प्रतिबंधों के कारण कई महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। इसके चलते बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल मिले, जिन्हें आर्थिक तंगी के कारण वे जमा नहीं कर सके। महामारी के कारण कमजोर हुई आर्थिक स्थिति ने अनेक परिवारों को और अधिक कठिनाई में डाल दिया। ऐसे ही उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।

इस योजना से उपभोक्ताओं को न केवल बकाया बिजली बिलों के भुगतान में राहत मिलेगी, बल्कि उन्हें सरल और सुविधाजनक तरीके से अपने पुराने बकाये का निराकरण करने का अवसर भी मिलेगा। योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप, सभी बिजली वितरण केंद्रों तथा संबंधित कार्यालयों में पंजीयन करा सकते हैं।

राज्य सरकार द्वारा योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव में शिविर भी लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें। भुगतान के बाद पात्र उपभोक्ताओं को एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिलने लगेगा।

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना न केवल लाखों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देगी, बल्कि उन्हें नियमित रूप से बिजली बिल भुगतान के लिए प्रोत्साहित भी करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय की इस संवेदनशील पहल से प्रदेश के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय पर पंजीयन कर योजना का अधिकाधिक लाभ प्राप्त करें तथा भुगतान के दौरान किसी प्रकार की आशंका होने पर संबंधित वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क किया जाए।

और भी

लालमती ने मजबूत इरादों के साथ बनाई अपनी खुद की पहचान ,शटरिंग प्लेट के कार्य का कर रही बेहतर संचालन 

जशपुर 14 मार्च 2026/ जशपुर जिले के गम्हरिया ग्राम की श्रीमती लालमती आज ग्रामीण क्षेत्र की उन प्रेरणादायी महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने अपने मजबूत इरादों और शासन की योजनाओं के लाभ से अपने जीवन की दिशा बदली है। पहले मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाली लालमती आज सफल उद्यमी के रूप में गांव में एक नई पहचान बना चुकी हैं।

श्रीमती लालमती वर्ष 2020 में प्रजापति गौरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। वह बताती हैं कि उन्हें जब बिहान योजना के बारे में जानकारी मिली कि इसके माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ मिलता है, तब उन्होंने समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगे।

लालमती ने सबसे पहले उद्योग विभाग से लोन लेकर छत ढलाई में उपयोग होने वाले शटरिंग प्लेट का व्यवसाय शुरू किया। फिर जनवरी 2025 में उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण प्राप्त हुआ, जिसमें साधन संस्था द्वारा तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया गया। आज उनके पास 200 से अधिक शटरिंग प्लेट हैं और इस व्यवसाय से  उन्हें अच्छा लाभ हो रहा है। 

उन्होंने आगे बताया कि पीएम आवास योजना के अंतर्गत वर्तमान में बन रहे आवास से मुझे अधिक से अधिक जगह पर प्लेट्स की माँग है। जिससे मेरी आय में और वृद्धि हुई है।

श्रीमती लालमती ने  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का आभार जताया।

और भी

नेशनल लोक अदालत पूरे छत्तीसगढ़ के समस्त न्यायालय में आयोजित किया गया 

जशपुर 14 मार्च 2026/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार / राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन से पूरे छत्तीसगढ़ के समस्त जिला एवं तालुका के न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय के स्तर तक सभी न्यायालयों में दिनांक 14.03.2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह लोक अदालत वर्ष 2026 का पहला नेशनल लोक अदालत था, इस हेतु माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर के अनुमोदन पर जशपुर जिले में कुल 13 खण्डपीठ का गठन किये गये थे। जिसमें खण्डपीठ क्रमांक-01 श्री सतेन्द्र कुमार साहू, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर, खण्डपीठ कमांक-02 श्री राकेश बिहारी घोरे माननीय प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय जशपुर, खण्डपीठ कमांक-03 श्री संतोष कुमार तिवारी माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश पत्थगलगांव, खण्डपीठ कमांक-04 श्री भानुप्रताप सिंह त्यागी माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, खण्डपीठ कमांक-05 श्री एस.ए. पटवर्धन, माननीय जिला सत्र न्यायाधीश जशपुर, खण्डपीठ कमांक 06 श्री बलराम कुमार देवांगन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, खण्डपीठ क्रमांक-07 श्री जर्नादन खरे अपर जिला सत्र न्यायाधीश जशपुर, खण्डपीठ क्रमांक-08 श्रीमती जनार्दन खरे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर खण्डपीठ क्रमांक 09 श्रीमती सुमन सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर, खण्डपीठ क्रमांक 10 श्री नरेन्द्र कुमार तेन्दुलकर वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट

और भी

प्रदेश में गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन को मिली नई दिशा - मुख्यमंत्री श्री साय,जशपुर के बालाछापर स्थित गौधाम भी शामिल

जशपुरनगर 14 मार्च 2026/ राज्य में गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर से गौधाम योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के 29 गौधामों का संचालन प्रारंभ किया गया है, जिनमें जशपुर जिले के बालाछापर स्थित गौधाम को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य में शासकीय भूमि पर स्थित सभी गौधाम सुरभि गौधाम के नाम से जाने जाएंगे। इस अवसर पर जशपुर में जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला पंचायत सभा कक्ष में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का ऑनलाइन माध्यम से अवलोकन किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर श्री अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला स्तरीय गौधाम समिति के अध्यक्ष श्री मदन सोनी, कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित पशुसखी, पशुपालक किसान, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

     इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गौधाम योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा और निराश्रित मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए सरकार इसे संरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में गौधाम योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिससे बेसहारा गौवंश की देखभाल के साथ-साथ गौसेवा की परंपरा को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। यहां पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

     जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी।

और भी

गोधन संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 जिलों में 29 गौधाम का किया शुभारंभ

रायपुर 14 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का शुभारंभ किया। योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के 11 जिलों में 29 गौधामों का संचालन प्रारंभ हो गया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर बिलासपुर जिले के  कोटा विकासखण्ड के ग्राम जोगीपुर में राज्य के प्रथम गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जोगीपुर में प्रस्तावित गौ अभ्यारण्य लगभग 184 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसके विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में 1 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके पूर्ण होने पर यहां एक साथ लगभग 2500 गौवंश के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। गौधाम योजना के माध्यम से बेसहारा एवं घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा तथा पशुधन संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एमओयू किया गया है। इसके तहत कई जिलों में गाय वितरण का कार्य भी प्रारंभ किया गया है, जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौधामों में गौवंश के लिए चारा, पानी और समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है, क्योंकि बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि गौधाम योजना का शुभारंभ एक पुनीत अवसर है। उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है तथा गोधन संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, जब पूरे प्रदेश में एक साथ गौधाम योजना की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकासखंडों में 10-10 गौधाम चरणबद्ध रूप से स्थापित किए जाएंगे, जिससे गौवंश संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल ने कहा कि गौ माता हमारे अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार सुनियोजित कार्ययोजना के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कमिश्नर बिलासपुर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा श्री चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में गौपालक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गौधाम योजना का किया शुभारंभ: प्रदेश में गोधन संरक्षण को मिला नया आधार

*गोधन संरक्षण को नई पहचान : अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलाएंगे “सुरभि गौधाम”*

*ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी गौधाम योजना : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

रायपुर 14 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ग्राम  लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्य जारी रखने की बात कही और सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।

तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।

छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा श्री चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

और भी

खेल अधोसंरचना के विकास से निखर रही प्रदेश की प्रतिभाएँ : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है : श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी

रायपुर 14 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी को टाटा सिएरा कार उपहार स्वरूप प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रीमती आकांक्षा को बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियों ने विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने महिला क्रिकेट टीम के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए टाटा मोटर्स द्वारा कार उपहार देने की इस पहल की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना के निरंतर विकास से प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के सुदूर अंचलों के युवा भी खेलों से जुड़ रहे हैं। वहीं नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश को मिलने से भी राज्य में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली मुलाकात के दौरान भी आकांक्षा का आत्मविश्वास और ऊर्जा बेहद प्रेरणादायक थी और आज भी उनमें वही उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यही जज्बा भविष्य में होने वाले विश्व कप में भी टीम को सफलता दिलाएगा।

*मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है : श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी*

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी ने कहा कि विश्व कप जीतकर लौटने के बाद सबसे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया और प्रदेश की बेटी के नाते उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री का यह स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा उनका मनोबल बढ़ाता है।

श्रीमती आकांक्षा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री से यह सम्मान प्राप्त कर उनका दिन यादगार बन गया है और यह पल उनके जीवन में हमेशा विशेष रहेगा। उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में टीम में अपनी भूमिका तथा विश्व कप जीत की यात्रा से जुड़े अनुभव भी साझा किए।

इस अवसर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, श्रीमती आकांक्षा के परिजन तथा टाटा मोटर्स के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में टाटा मोटर्स द्वारा टाटा सिएरा एसयूवी कार उपहार स्वरूप प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की निवासी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी को भी आज टाटा सिएरा कार भेंट की गई।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले वर्ष अपना पहला महिला विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के सम्मान में टाटा मोटर्स ने टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को सिएरा एसयूवी के टॉप-एंड मॉडल भेंट करने की घोषणा की थी।

और भी

राजनांदगांव को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल सिटी के रूप में विकसित करेंगे : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 14 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से नगर पालिक निगम राजनांदगांव के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने  राजनांदगांववासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भूमिपूजन केवल विकास कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के हर वार्ड तक विकास की किरण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में घरेलू अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक उपचार के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे गंदे पानी को सीधे नदियों और नालों में जाने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोउत्थान योजना के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव में 2 हजार सीटर का विशाल अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जो संस्कारधानी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के व्यापक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऑडिटोरियम शहर की एक नई पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर के उन्नयन, नाली निर्माण, पाइपलाइन विस्तार तथा शहर के 51 वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष बजट प्रावधान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजनांदगांव केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने वाला शहर न रहे, बल्कि देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विकास कार्यों की गति तेज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राजनांदगांव तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके विजन और जनसहभागिता से शहर को छत्तीसगढ़ की एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के विकास से संबंधित लंबित अधोसंरचना प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव उनके दिल के बेहद करीब है और आज का दिन शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि संकल्प बजट 2026-27 में राजनांदगांव जिले के समग्र विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये, तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि खेल सुविधाओं के विकास के लिए हॉकी स्टेडियम में टर्फ सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा दिग्विजय स्टेडियम में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेंद्र यादव, सांसद श्री संतोष पांडेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा महापौर श्री मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन, 2 हजार सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, नाला निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, ट्रांसपोर्ट नगर उन्नयन, कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापना तथा स्वच्छता संबंधी कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजनांदगांव के 51 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

और भी

89 वर्ष के बुजुर्ग चिकित्सक की भावुक निमंत्रण पत्र: ‘एक बार जशपुर जरूर आइए प्रधानमंत्री जी’ — मदेश्वर महादेव, अघोर आश्रमों के दर्शन और जशपुर में हवाई सेवा शुरू कराने की मांग के साथ लिखा मार्मिक पत्र”........पढ़ें विस्तार से

जशपुर/नारायणपुर 14 मार्च 2026 : जिले के एक 89 वर्षीय सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. हरिशंकर राय ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भावुक पत्र लिखकर जशपुर आने का निमंत्रण दिया है। अपने पत्र में उन्होंने जशपुर की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री से निवेदन किया है कि वे एक बार जशपुर आकर विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग माने जाने वाले मदेश्वर महादेव के दर्शन करें तथा यहाँ के अघोर आश्रमों से आशीर्वाद प्राप्त करें।

पत्र लिखने वाले जशपुरनगर निवासी सेवानिवृत्त होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. हरिशंकर राय ने बताया कि वे वर्ष 1963 में शासकीय सेवा में नियुक्त होकर जशपुर आए थे। उस समय जशपुर घने जंगलों से घिरा हुआ इलाका था और आवागमन के साधन भी अत्यंत सीमित थे। उन्होंने उल्लेख किया कि आगामी अप्रैल 2026 में वे अपने जीवन के 89 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं और ईश्वर की कृपा से आज भी स्वस्थ हैं।

डॉ. राय ने अपने पत्र में लिखा है कि जशपुर के पूर्व राजपरिवार और स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव  के पूर्वजों ने नगर सहित दूरस्थ गाँवों में अनेक देवी-देवताओं के मंदिरों का निर्माण कराया था। उनका मानना है कि इतने मंदिर शायद ही किसी अन्य क्षेत्र में किसी राजपरिवार द्वारा बनवाए गए हों। उन्होंने यह भी बताया कि जशपुर में तीन अघोर आश्रम हैं और स्वर्गीय बाला साहब देशपाण्डे द्वारा स्थापित कल्याण आश्रम ने भी यहाँ सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि कल्याण आश्रम के संस्थापक बालासाहब देशपांडे ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा और आश्रम के विस्तार के लिए समर्पित कर दिया और अपने परिवार के लिए कोई संपत्ति नहीं जोड़ी। डॉ. राय ने लिखा कि वे सन् 1964 से उनके परिवार के समान आश्रम में आते-जाते रहे हैं और उनके त्यागपूर्ण जीवन के साक्षी रहे हैं।

डॉ. राय ने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर के मदेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा कराई गई तथा सात दिनों तक विश्व प्रसिद्ध शिवपुराण कथावाचक प्रदीप मिश्रा द्वारा शिवपुराण कथा का आयोजन कराया गया। इसके बाद से क्षेत्र के लोगों में भगवान शिव के प्रति आस्था और अधिक बढ़ गई है।

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि प्रतिदिन सुबह दूर-दूर से महिलाएँ, पुरुष और बच्चे जशपुर के पक्की डांडी स्थित शिव मंदिर में जल अर्पित करने पहुँचते हैं। डॉ. राय ने बताया कि वे स्वयं वर्ष 1995 से प्रतिदिन बिना नागा किए प्रातः मंदिर जाकर भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं और उसके बाद ही अपने दैनिक कार्य आरंभ करते हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि उनके स्वस्थ रहने का रहस्य भगवान महादेव और माता पार्वती की कृपा है।

डॉ. राय ने प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया है कि जशपुर में हवाई सेवा शुरू करने की दिशा में पहल की जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रायपुर से अंबिकापुर तक हवाई सेवा उपलब्ध है, इसलिए जशपुर हवाई पट्टी का विस्तार कर रायपुर-अंबिकापुर-जशपुर-अंबिकापुर-रायपुर मार्ग पर हवाई सेवा शुरू की जा सकती है। उन्होंने लिखा कि अभी जशपुर से रायपुर जाने में 8 से 10 घंटे लग जाते हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है।

उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि जशपुर धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन रेल मार्ग और हवाई सेवा के अभाव में यहाँ पर्यटक कम पहुँच पाते हैं। यदि हवाई सेवा शुरू हो जाए तो इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और होटल-लॉज जैसे व्यवसाय भी विकसित होंगे।

      जशपुर के एक वरिष्ठ नागरिक द्वारा प्रधानमंत्री को भेजा गया यह भावनात्मक पत्र अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जशपुर की धार्मिक और पर्यटन महत्ता को देखते हुए भविष्य में यहाँ हवाई सेवा और अन्य सुविधाओं के विकास की दिशा में पहल हो सकती है।

मुख्यमंत्री से भी किया आग्रह

डॉ. हरिशंकर राय ने अपने पत्र के अंत में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भी विशेष अनुरोध किया है। उन्होंने लिखा है कि यदि उनके द्वारा कही गई बातें उचित प्रतीत हों तो मुख्यमंत्री अपने स्तर से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जशपुर पधारने का निवेदन करें। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री के जशपुर आगमन से इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और धार्मिक, सांस्कृतिक तथा पर्यटन की दृष्टि से जशपुर का बहुमुखी विकास संभव हो सकेगा।

और भी

कुनकुरी में भाजपा का दो दिवसीय मंडल प्रशिक्षण वर्ग सम्पन्न, पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूती, बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया, एआई और नमो ऐप के उपयोग का दिया गया प्रशिक्षण

कुनकुरी/नारायणपुर 14 मार्च 2026 । भारतीय जनता पार्टी जिला जशपुर के तत्वावधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अंतर्गत कुनकुरी ग्रामीण मंडल द्वारा दो दिवसीय मंडल प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन अग्रसेन भवन कुनकुरी में 12 एवं 13 मार्च को किया गया। प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन शुक्रवार को विभिन्न सत्रों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन, विचारधारा, बूथ प्रबंधन तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग को लेकर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कुनकुरी के पूर्व विधायक रोहित साय, भाजपा जिला महामंत्री मुकेश शर्मा तथा जिला उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव उपस्थित रहे। अतिथियों ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है और कार्यकर्ताओं के समर्पण तथा अनुशासन के कारण ही पार्टी लगातार जनसेवा के कार्यों में अग्रणी बनी हुई है।

प्रशिक्षण वर्ग के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने कार्यकर्ताओं को अलग-अलग विषयों पर मार्गदर्शन दिया। पंचम सत्र में इतिहास एवं विकास विषय पर भाजपा जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने अपने विचार रखते हुए भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा, देश के विकास में पार्टी की भूमिका तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाजपा का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और कार्यकर्ताओं को इसी सोच के साथ कार्य करना चाहिए।

इसके बाद आयोजित षष्ठम सत्र में केशव यादव ने बूथ प्रबंधन पर कार्यकर्ताओं को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाना ही किसी भी चुनाव में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। बूथ कार्यकर्ताओं की सक्रियता और समन्वय से ही पार्टी की नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया जा सकता है।

सप्तम सत्र में विनोद निकुंज ने सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नमो ऐप और सरल ऐप के उपयोग के बारे में कार्यकर्ताओं को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है और सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को तकनीक का बेहतर उपयोग करते हुए संगठन के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण वर्ग के अंतिम सत्र में कुनकुरी के पूर्व विधायक रोहित साय ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठनात्मक कार्यों में अनुशासन, समर्पण और सेवा भाव के साथ कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ है और कार्यकर्ताओं की मेहनत और प्रतिबद्धता से ही संगठन लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण में मिली जानकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लागू करने के लिए प्रेरित किया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन भी किया।

इस अवसर पर जिला मंत्री संतोष सहाय, जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह एवं मलिता बाई, उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, पिछड़ा मोर्चा जिला अध्यक्ष अनूप नारायण सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, मंडल महामंत्री शंकर यादव एवं शिवशंकर सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता, युवा मोर्चा के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने, संगठन के विस्तार को गति देने तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण वर्ग में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा पार्टी की नीतियों और योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।

और भी

महुआ बीनने की आड़ में धधक रहा बादलखोल अभ्यारण्य, रोज भड़क रही जंगलों में आग… हाईवे से दिख रहा धुआं, फिर भी वन विभाग की गश्त और कार्रवाई पर उठने लगे बड़े सवाल

नारायणपुर आरा पहाड़ के नीचे लगी आग

■ स्टेट हाईवे से दिख रहा धुआं, जंगलों में धधकती लपटें
■ नारायणपुर, सेन्द्रिमुंडा और बेने के जंगलों में लगातार आग
■ गश्त के दावे हवा-हवाई, वन संपदा जलकर हो रही खाक

सेन्द्रिमुंडा बिट के जंगल से धुंआ ऊठते हुए

जशपुर/नारायणपुर 14 मार्च 2026। जिले का प्रसिद्ध बादलखोल अभ्यारण्य इन दिनों आग की लपटों में सुलगता नजर आ रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि स्टेट हाईवे से गुजरने वाले राहगीरों को भी जंगलों से उठता धुआं साफ दिखाई देने लगा है। नारायणपुर, सेन्द्रिमुंडा और बेने क्षेत्र के जंगलों में लगभग रोज आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

सबसे हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद वन विभाग का अमला लगभग मूकदर्शक बना हुआ है। जंगलों में दिन हो या रात, आग की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी समय रहते उसे रोकने या आग लगाने वालों पर कार्रवाई करते नजर नहीं आते। इससे साफ तौर पर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

दरअसल इन दिनों महुआ का सीजन चल रहा है। महुआ बीनने में आसानी के लिए कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर पेड़ों के नीचे सूखी घास और खरपतवार में आग लगा देते हैं। शुरुआत में यह आग छोटी होती है, लेकिन तेज हवा और सूखे पत्तों के कारण देखते ही देखते पूरे जंगल में फैल जाती है। इससे महुआ के पेड़ों के नीचे उगने वाले छोटे पौधे, वनस्पतियां और कई प्रकार की जैव विविधता जलकर नष्ट हो जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर वन विभाग के रेन्जर, सर्किल दरोगा, नाकेदार, वन रक्षक और फायर वाचर नियमित रूप से जंगलों में सुबह-शाम गश्त करें तो आग लगाने वालों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई जगहों पर वन अमले की गश्त सिर्फ सड़कों तक ही सीमित रह जाती है। जंगल के अंदर जाकर निगरानी करने की गंभीरता दिखाई नहीं देती।

यही वजह है कि असामाजिक तत्व बेखौफ होकर जंगलों में आग लगाने का काम कर रहे हैं। उन्हें इस बात का डर ही नहीं रह गया है कि कोई कार्रवाई होगी। परिणामस्वरूप हर साल महुआ सीजन में बड़ी मात्रा में वन संपदा जलकर राख हो जाती है और जंगल का घनत्व लगातार कम होता जा रहा है।

विभागीय व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक कई जगहों पर एक ही नाका को दो से तीन बिट का चार्ज दे दिया गया है। ऐसे में एक नाकेदार के लिए इतने बड़े इलाके की निगरानी करना बेहद मुश्किल हो जाता है। जब एक साथ कई जगह आग लग जाती है तो सीमित कर्मचारियों के कारण उस पर समय रहते काबू पाना संभव नहीं हो पाता।

हालांकि कई बार वन कर्मचारी खुद भी यह कहते सुने जाते हैं कि “एक आदमी आखिर कितनी जगह देखे?” लेकिन सवाल यह भी है कि अगर व्यवस्था में इतनी बड़ी खामियां हैं तो उच्च अधिकारियों ने अब तक इसे सुधारने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए?

जंगलों में लगने वाली आग से सिर्फ पेड़ों के नीचे की घास ही नहीं जलती, बल्कि कई छोटे पौधे और वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास भी नष्ट हो जाता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रही तो बादलखोल अभ्यारण्य की जैव विविधता और हरियाली पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

वन विभाग की ओर से समय-समय पर ग्रामीणों से जंगलों में आग नहीं लगाने की अपील जरूर की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर बहुत कम दिखाई देता है। असामाजिक तत्व हर साल महुआ सीजन में आग लगाने की घटनाओं को अंजाम देते हैं और विभागीय लापरवाही के कारण उनका मनोबल और बढ़ता जा रहा है।

सवाल जो खड़े हो रहे हैं

  • जब रोज जंगलों में आग लग रही है तो रेन्जर, दरोगा और नाकेदार की गश्त आखिर कहां हो रही है?
  • अगर स्टेट हाईवे से धुआं दिखाई दे रहा है तो वन विभाग को इसकी खबर क्यों नहीं लगती?
  • जंगलों में आग लगाने वालों पर अब तक कितनी कार्रवाई हुई?
  • एक नाका को दो-तीन बिट का चार्ज देकर आखिर उच्च अधिकारी क्या साबित करना चाहते हैं?
  • क्या वन विभाग के लिए जंगलों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई है?

अब जरूरत इस बात की है कि वन विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लें, जंगलों में सघन गश्त सुनिश्चित करें और आग लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो महुआ बीनने की आड़ में बादलखोल अभ्यारण्य की हरियाली धीरे-धीरे राख में तब्दील होती चली जाएगी।

       जब इस संबंध में बादलखोल अभ्यारण्य के उप निदेशक से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं लग सका। वहीं अभ्यारण्य के अधीक्षक से बात करने पर उन्होंने खुद को मीटिंग में होने की बात कही और कुछ ही क्षण बाद फोन करने की बात कही गई। इससे मामले को लेकर स्थानीय विभाग के जिम्मेदारों की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं।

और भी

जशपुर पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक धमाका : कई थानों के टीआई बदले, नारायणपुर को मिला नया थाना प्रभारी, साइबर और ट्रैफिक शाखा में भी बड़ा फेरबदल

जशपुर 14 मार्च 2026 । जिले के पुलिस विभाग में लंबे समय बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह द्वारा जारी आदेश में जिले के कई थानों, चौकियों, यातायात शाखा और साइबर सेल में पदस्थ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार 4 निरीक्षक (टीआई), 4 उप निरीक्षक (एसआई) और 3 सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) को प्रशासनिक दृष्टिकोण से तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए नई पदस्थापना दी गई है। इस फेरबदल को जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

नारायणपुर थाना को मिला नया प्रभारी

जिले के महत्वपूर्ण थाना नारायणपुर में भी नए प्रभारी की नियुक्ति की गई है। आदेश के अनुसार निरीक्षक कोमल सिंह नेताम को थाना प्रभारी नारायणपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे इससे पहले थाना प्रभारी तुमला के रूप में पदस्थ थे।

वहीं पूर्व में नारायणपुर थाना प्रभारी रहे उप निरीक्षक राजकुमार कश्यप को स्थानांतरित करते हुए थाना बगीचा भेजा गया है। नए प्रभारी की नियुक्ति के साथ नारायणपुर क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

साइबर थाना और यातायात शाखा में भी बदलाव

प्रशासनिक फेरबदल के तहत महत्वपूर्ण शाखाओं में भी बदलाव किया गया है। निरीक्षक संतलाल आयाम को सायबर थाना प्रभारी जशपुर बनाया गया है। वे पहले रिजर्व केंद्र से संबद्ध होकर साइबर सेल में कार्यरत थे।

वहीं उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर को यातायात प्रभारी जशपुर की जिम्मेदारी दी गई है। उनसे जिले की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने की अपेक्षा की जा रही है।

इन अधिकारियों की बदली गई पदस्थापना

जारी आदेश के अनुसार निम्नलिखित अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है—

  • निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे – थाना प्रभारी लोदाम से थाना प्रभारी तुमला

  • निरीक्षक कोमल सिंह नेताम – थाना प्रभारी तुमला से थाना प्रभारी नारायणपुर

  • निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू – सायबर थाना प्रभारी जशपुर से थाना प्रभारी लोदाम

  • निरीक्षक संतलाल आयाम – आर.के. जशपुर संबद्ध सायबर सेल से सायबर थाना प्रभारी जशपुर

  • उप निरीक्षक राजकुमार कश्यप – थाना प्रभारी नारायणपुर से थाना बगीचा

  • उप निरीक्षक प्रदीप मिश्रा – यातायात प्रभारी जशपुर से थाना जशपुर

  • उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर – थाना जशपुर से यातायात प्रभारी जशपुर

  • उप निरीक्षक भागवत नायकर – चौकी प्रभारी करडेगा से थाना जशपुर

  • सहायक उप निरीक्षक टेकराम सारथी – चौकी प्रभारी कोल्हेनझरिया से चौकी प्रभारी करडेगा

  • सहायक उप निरीक्षक विपिन किशोर केरकेट्टा – थाना जशपुर से चौकी प्रभारी कोल्हेनझरिया

  • सहायक उप निरीक्षक उमेश प्रभाकर – थाना बगीचा से थाना नारायणपुर

प्रशासनिक कसावट लाने की दिशा में कदम

पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों की नई पदस्थापना के बाद विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस कार्यप्रणाली में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

और भी

14 मार्च 2026 शनिवार का महा राशिफल: कर्म, अवसर और किस्मत का संगम, जानिए आपकी राशि का पूरा दिन कैसा रहेगा

आज शनिवार का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर और बदलाव लेकर आया है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार चंद्रमा मकर राशि में गोचर कर रहा है, जिससे कर्म, जिम्मेदारी और मेहनत से जुड़े मामलों में सक्रियता बढ़ेगी। आज कई लोगों को करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, वहीं कुछ राशियों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है।

दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ करने पर अधिकांश राशियों को लाभ मिल सकता है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का विस्तृत राशिफल।

 मेष राशि

आज का दिन आपके लिए उत्साह और नई ऊर्जा लेकर आएगा। लंबे समय से रुके हुए कामों में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और लगन को देखकर अधिकारी और सहकर्मी आपकी प्रशंसा कर सकते हैं।

व्यापार से जुड़े लोगों को नई योजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत हो सकती है। परिवार में किसी सदस्य से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है जिससे घर का माहौल खुशहाल रहेगा।

हालांकि किसी भी निर्णय में जल्दबाजी करने से बचें और सोच-समझकर कदम उठाएं।
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: लाल

 वृषभ राशि

आज आपको अपने कामों में धैर्य और संयम बनाए रखने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आपकी समझदारी से उनका समाधान निकल जाएगा।

आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निवेश करें। किसी मित्र या रिश्तेदार की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा। शाम के समय परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक तनाव कम होगा।
शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: सफेद

 मिथुन राशि

आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। कुछ कार्यों में सफलता मिलेगी तो कुछ में थोड़ी देरी हो सकती है। काम के दबाव के कारण मानसिक तनाव महसूस हो सकता है, लेकिन सकारात्मक सोच बनाए रखें।

व्यापार में नई योजनाओं पर विचार किया जा सकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है।

परिवार के साथ समय बिताने से मन को शांति मिलेगी।
शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: हरा

 कर्क राशि

आज का दिन आपके लिए काफी अच्छा रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास सफल हो सकते हैं और आपको नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

व्यापार में लाभ के संकेत हैं। साझेदारी में किया गया काम अच्छा परिणाम दे सकता है।

पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिल सकता है।
शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: सफेद

 सिंह राशि

आज का दिन आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी और लोग आपके विचारों की सराहना करेंगे।

व्यापार में भी लाभ के संकेत मिल सकते हैं। हालांकि खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए बजट का ध्यान रखें।

स्वास्थ्य के मामले में थोड़ा सतर्क रहें और खान-पान पर ध्यान दें।
शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: सुनहरा

 कन्या राशि

आज का दिन रचनात्मक कार्यों के लिए बहुत अच्छा रहेगा। कला, लेखन या किसी नए प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है।

विद्यार्थियों के लिए यह समय पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने वाला है। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।

आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर मिल सकते हैं।
शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: हरा

 तुला राशि

आज घर-परिवार से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है। परिवार में सुख-शांति और सामंजस्य बना रहेगा।

कार्यस्थल पर सहयोगियों का साथ मिलेगा और आप अपने काम समय पर पूरा कर पाएंगे।

घर की सजावट या किसी नई वस्तु की खरीदारी का भी योग बन सकता है।
शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: गुलाबी

 वृश्चिक राशि

आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप नए कामों को लेकर उत्साहित रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल हो सकती हैं।

मित्रों और सहयोगियों से सहयोग मिलेगा। हालांकि किसी भी विवाद से दूर रहने की कोशिश करें।

आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी।
शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: लाल

 धनु राशि

आज आपको आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलें।

कामकाज में अनुशासन बनाए रखें। वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत में संयम रखें।

परिवार के साथ समय बिताने से मन को सुकून मिलेगा।
शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: पीला

 मकर राशि

आज का दिन आपके लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन रहे हैं।

आपकी मेहनत और लगन के कारण आपको सम्मान और प्रशंसा मिल सकती है।

सामाजिक जीवन में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और नए लोगों से संपर्क बन सकता है।
शुभ अंक: 10 | शुभ रंग: नीला

 कुंभ राशि

आज आपको अपने कामों में धैर्य बनाए रखना होगा। जल्दबाजी में लिया गया फैसला परेशानी पैदा कर सकता है।

कार्यस्थल पर संयम से काम लें और विवाद से दूर रहें।

ध्यान और योग करने से मानसिक शांति मिलेगी।
शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: आसमानी

 मीन राशि

आज का दिन आपके लिए नए अवसर लेकर आ सकता है। मित्रों और सहयोगियों से मदद मिलेगी।

व्यापार में लाभ के संकेत हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी और मन प्रसन्न रहेगा।
शुभ अंक: 12 | शुभ रंग: पीला


शनिवार के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन या काले तिल का दान करें और पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं। इससे दिन शुभ और सफल रहेगा।

और भी

लोकतंत्र सेनानी एवं मीसा बंदी स्व. महावीर प्रसाद जैन को जिला अधिवक्ता संघ ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, बार रूम में आयोजित सभा में अधिवक्ताओं ने याद किए उनके संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण


जशपुरनगर 13 मार्च 2026। जिला अधिवक्ता संघ के सदस्यों द्वारा लोकतंत्र सेनानी एवं मीसा बंदी स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर बार रूम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अधिवक्ताओं ने स्व. जैन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उनके लोकतांत्रिक मूल्यों और समाज के प्रति समर्पण को नमन किया।
        श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं ने कहा कि स्व. महावीर प्रसाद जैन ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए मीसा बंदी के रूप में संघर्ष किया। उनका जीवन समाज और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
      इसके पश्चात जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य स्व. जैन के निवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। अधिवक्ताओं ने स्व. महावीर प्रसाद जैन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी तथा उनके योगदान को सदैव स्मरण रखने की बात कही।
इस दौरान जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

और भी

जशपुर के वार्ड क्रमांक 20 में 18 लाख की लागत से नाली निर्माण का भूमि पूजन, पवन चौहान के घर से गौरव पथ तक बनेगी नाली

जशपुरनगर 13 मार्च 2026 नगरपालिका जशपुर नगर के वार्ड क्रमांक 20 में लंबे समय से चली आ रही नाली निर्माण की मांग को देखते हुए 18 लाख रुपये की लागत से बनने वाली नाली निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर शुभारंभ किया गया। नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत एवं उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव ने पवन चौहान के घर से गौरव पथ तक बनने वाली नाली का विधिवत भूमि पूजन किया।

जानकारी के अनुसार वार्डवासियों द्वारा काफी समय से नाली निर्माण की मांग की जा रही थी। नाली के अभाव में क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता था, जिससे आवागमन सहित अन्य परेशानियां भी होती थीं। अब नाली निर्माण कार्य शुरू होने से वार्डवासियों को जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत ने कहा कि नगर के सभी वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए नगरपालिका द्वारा लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सड़क, नाली, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।

भूमि पूजन कार्यक्रम में उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, विक्रांत सिंह, राजेश (राजू) गुप्ता, सुधीर पाठक, द्वारिका मिश्रा, देवधान नायक, कंचन बैरागी, शैलेद्री यादव, सुधीर भगत, विनोद निकुंज, पार्षद योगेश्वर उपाध्याय, मुख्य नगरपालिका अधिकारी कैलाश खरोले, नवाब तिवारी, शुभेन्द्र श्रीवास्तव, दिनेश, भोला यादव सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

और भी

वामदेव नगर अघोरपीठ गम्हरिया में 15-16 मार्च को अघोरेश्वर भगवान राम महाविभूति स्थल का 27वाँ स्थापना दिवस, अष्टयाम संकीर्तन, विशाल चिकित्सा शिविर और जरूरतमंदों के लिए वस्त्र वितरण के साथ दो दिन तक गूंजेगा भक्ति का वातावरण

जशपुर  13 मार्च 2026 : जशपुर जिले के गम्हरिया स्थित वामदेव नगर अघोरपीठ में आगामी 15 और 16 मार्च को परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम महाविभूति स्थल का 27वाँ स्थापना दिवस समारोह श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर अघोर परंपरा से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए दो दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

यह आयोजन बाबा भगवान राम ट्रस्ट, श्री सर्वेश्वरी समूह एवं अघोर परिषद ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न होगा। कार्यक्रम में जहां एक ओर धार्मिक अनुष्ठान, पूजन-अर्चन और संकीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर समाजसेवा के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता भी की जाएगी।

श्रमदान और पूजन-अर्चन से होगा शुभारंभ

समारोह का शुभारंभ 15 मार्च को प्रातः 6:00 बजे ‘सफाई’ एवं श्रमदान के साथ किया जाएगा। इसके बाद मंदिर परिसर में पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव राम जी द्वारा विशेष पूजन संपन्न किया जाएगा तथा अघोराचार्य महाराज श्री की आरती की जाएगी।

इसके साथ ही अघोरेश्वर महाविभूति स्थल पर अष्टयाम संकीर्तन का शुभारंभ होगा, जिसमें श्रद्धालु भजन-कीर्तन और नामस्मरण के माध्यम से आध्यात्मिक साधना में सहभागी बनेंगे।

निःशुल्क चिकित्सा शिविर होगा आकर्षण का केंद्र

समारोह के दौरान समाज सेवा को भी प्रमुखता दी गई है। 15 मार्च को सुबह 10:00 बजे से निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य जांच, परामर्श तथा आवश्यक दवाइयां निःशुल्क प्रदान की जाएंगी।

सद्ग्रंथ पाठ और गोष्ठी का आयोजन

समारोह के दूसरे दिन 16 मार्च को प्रातः पूजन व आरती के पश्चात ‘सफलयोनि’ सद्ग्रंथ का पाठ किया जाएगा। इसके बाद अघोर दर्शन और समाज सेवा के महत्व पर आधारित लघु आध्यात्मिक गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें श्रद्धालुओं को अघोर परंपरा के सिद्धांतों और मानव सेवा के संदेश से अवगत कराया जाएगा।

जरूरतमंदों के बीच होगा वस्त्र वितरण

कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार 16 मार्च को दोपहर 3:30 बजे जरूरतमंद लोगों के बीच वस्त्रों का वितरण किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल अघोरपीठ की मानव सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है।

भजन-कीर्तन के साथ होगा समापन

दो दिवसीय समारोह के अंतिम चरण में 16 मार्च की शाम आरती के पश्चात भव्य भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। भक्ति संगीत और संकीर्तन के बीच इस आध्यात्मिक महोत्सव का समापन होगा।

व्यवस्थापक मंडल (बाबा भगवान राम ट्रस्ट) ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, भक्तों और नागरिकों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं और आध्यात्मिक वातावरण का लाभ प्राप्त करें।

और भी

सुशासन शिविर में उमड़ा जनसैलाब, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समस्याओं के त्वरित समाधान पर प्रशासन का जोर — जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय बोले, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गांव-गांव तक पहुंच रहा विकास


जशपुरनगर 13 मार्च 2026। महत्वाकांक्षी शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं के संतृप्तिकरण के उद्देश्य से विकासखंड स्तरीय सुशासन शिविर का आयोजन ग्राम पंचायत खड़ा माचा के हल्दीझरिया में किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान, शासकीय योजनाओं की जानकारी और लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत जशपुर के अध्यक्ष सालिक साय उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। सुशासन शिविर के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश भर में तेजी से विकास किया जा रहा है,सड़क,शिक्षा,बिजली,पेयजल,चिकित्सा के क्षेत्र में अनेको विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।इस अवसर पर जिला भाजपा महामंत्री मनीष अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष विशाल अग्रवाल, पुरंदर यादव, मंडल महामंत्री लक्ष्मी यादव, सुरेश यादव, रवि यादव, भूषण वैष्णव सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।शिविर में जनपद पंचायत पत्थलगांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलकांत श्रीवास, कमलेश टोप्पो (परियोजना अधिकारी), नायब तहसीलदार करन सिंह राठिया, बीएमओ डॉ. जेम्स मिंज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।शिविर के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। अधिकारियों ने लोगों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ता और शासन की योजनाओं का लाभ सीधे गांव में ही मिल जाता।

और भी

कृषि विज्ञान केन्द्र,डुमरबहार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत 22 वीं किस्त के हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण 

जशपुर 13 मार्च 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा पूरे देश के किसानों के बैंक खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 22 वां किस्त का आज गुवाहाटी असम से हस्तांतरण किया गया, जिसका जशपुर जिले के कृषि विज्ञान केंद्र डुमरबहार में सीधा प्रसारण किया गया। आज के कार्यक्रम के तहत देश के लाभार्थी किसानों के बैंक खाते में 18 हजार 6 सौ 40 करोड़ की धनराशि हस्तांतरित किया गया। इसी तारतम्य में जशपुर जिले के कुल 76106 कृषकों के बैंक खाते में 14.32 करोड़ रूपय हस्तांतरित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों को कृषि विज्ञान केन्द्र, जशपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख श्री राकेश कुमार भगत द्वारा प्रक्षेत्र में संचालति विभिन्न गतिविधियों के बारे में तथा रबी एवं उससे सम्बंधित पर विस्तारपूर्वक जानकारी दिया गया। 

कृषि विज्ञान केंद्र, जशपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के संबंध में किसानों को जानकारी प्रदान करने हेतु एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को योजना की पात्रता, पंजीकरण प्रक्रिया तथा मिलने वाली आर्थिक सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी देना था।

कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जाती है। इससे किसानों को कृषि कार्यों में आर्थिक सहयोग मिलता है।

तत्पश्चात् कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  श्री सालिक साय, जिला पंचायत अध्यक्ष जशपुर ने कहा कि भारत सरकार किसानों को समर्थ और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि विभाग ने किसानों को ई-केवाईसी, आधार लिंकिंग, बैंक खाता सत्यापन तथा ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। किसानों को यह भी बताया गया कि यदि किसी किसान को योजना की किस्त प्राप्त नहीं हो रही है तो वह संबंधित पोर्टल या कृषि विभाग से संपर्क कर समस्या का समाधान करा सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने योजना से संबंधित अपनी जिज्ञासाएँ रखीं, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। साथ ही किसानों को कृषि से जुड़ी नवीन तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में कृषि विज्ञान केन्द्र जशपुर में लगे मशरूम प्रदर्शनी एवं महिला स्व-सहायता समूह द्वारा लगाया गया स्टाल का अवलोकन किये। इस कार्यक्रम में  भूषण वैष्णव कृषि विभाग से नरोत्तम यादव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कांसाबेल, रूपेन्द्र कुमार बंजारा, प्रेमदीप, सुरेश सोरेन, सुबेश, अविनाश, मनीष वंदना एवं उद्यान विभाग से श्री खोम साहू के सहित कृषि विज्ञान केन्द्र जशपुर के वैज्ञानिक डॉ छत्रपाल, इंजी. अनिता लकड़ा, डॉ नागेन्द्र कुमार, मनीष वर्मा, मनोज नारंगे सहि 79 कृषक उपस्थित रहे।

और भी