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जशपुर में भाजपा का श्रद्धांजलि कार्यक्रम: पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को किया नमन, कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूती और राष्ट्रहित के लिए किया प्रेरित

जशपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा राष्ट्रनायक, प्रखर शिक्षाविद एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर जशपुर जिले के सभी मंडलों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके राष्ट्रवादी विचारों, अद्वितीय त्याग और देश की एकता-अखंडता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का स्मरण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन त्याग, राष्ट्रभक्ति और अटूट संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि की उनकी सोच आज भी करोड़ों देशवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है। उनके आदर्शों और राष्ट्रवादी विचारों को जन-जन तक पहुँचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने देश की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। भाजपा की वैचारिक शक्ति ऐसे ही महापुरुषों के त्याग और तपस्या पर आधारित है। प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाए।

पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान भारतीय लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने कभी भी राष्ट्रहित से समझौता नहीं किया। उनका जीवन हमें राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। विकसित भारत के निर्माण का संकल्प भी उनके राष्ट्रवादी चिंतन को आगे बढ़ाने का ही माध्यम है।

कार्यक्रमों में वक्ताओं ने पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों पर चलने, संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने तथा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं राष्ट्रहित के संकल्पों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

उक्त जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि कार्यक्रम में नपा अध्यक्ष अरविंद भगत, श्रीनायक मिश्रा, संजीव ओझा, मुकेश सोनी, गोविंद राम भगत सहित जिले के सभी मंडलों में जिला एवं मंडल पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद: कलेक्टर रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनीं समस्याएं, समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर 23 जून 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 55 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।

     कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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नए सपनों और नई उम्मीदों के साथ विद्यालय पहुंचे नन्हे कदम, दासडुमरटोली में प्रवेश उत्सव ने बच्चों और पालकों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान

जशपुर। जिले में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साह, उमंग और शिक्षा के प्रति सकारात्मक संकल्प के साथ हो रही है। इसी कड़ी में शासकीय प्राथमिक शाला दासडुमरटोली में विद्यालय प्रवेश उत्सव का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा के निर्देशन तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना टोप्पो के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा के प्रति बच्चों और अभिभावकों में नया उत्साह भर दिया।

विद्यालय परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। पहली बार विद्यालय पहुंचने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ तिलक-चंदन, आरती और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वार्ड क्रमांक 12 के पंच विक्रम भगत तथा विशिष्ट अतिथि वार्ड क्रमांक 13 की पंच श्रीमती बबीता भगत रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी टुमनू गोसाई ने की। इस अवसर पर संकुल शैक्षिक समन्वयक नेल्सन जॉन लकड़ा, शिक्षक प्रवीण मिंज, प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम, सहायक शिक्षक मुकेश कुमार, विद्यालय स्टाफ, पालकगण, ग्रामवासी एवं पूर्व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अपने हाथों से तैयार पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों एवं पालकों का स्वागत किया। प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम ने स्वागत भाषण में विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक वातावरण और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।

मुख्य अतिथि विक्रम भगत और अध्यक्षता कर रहे टुमनू गोसाई ने नवप्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर उनका स्वागत किया तथा पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए। अपने संबोधन में श्री गोसाई ने कहा कि आज के बच्चों को 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और ये विद्यालय किसी भी निजी विद्यालय से कम नहीं हैं।

विशिष्ट अतिथि श्रीमती बबीता भगत ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर जोर देते हुए अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से मिलकर शिक्षा को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

प्रधानपाठिका फिरदौस खानम ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, स्वच्छता, अनुशासन और बड़ों के सम्मान का महत्व बताते हुए विद्यालय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

वहीं सहायक शिक्षक मुकेश कुमार ने कहा कि आधुनिक प्रतिस्पर्धी दौर में हिंदी, अंग्रेजी और गणित की मजबूत नींव अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों के लिए अतिरिक्त इंग्लिश स्पोकन क्लास संचालित करने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में अंग्रेजी बोलने का आत्मविश्वास विकसित होगा और वे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकेंगे।

कार्यक्रम का संचालन भी मुकेश कुमार ने किया। अंत में प्रधानपाठिका फिरदौस खानम ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्रामवासियों एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। विद्यालय प्रवेश उत्सव ने बच्चों के लिए शिक्षा के नए सफर की यादगार शुरुआत कर दी।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तीन बड़े ऐतिहासिक निर्णय, चार हजार करोड़ की रोजगार योजना से गांवों में खुलेगा विकास और रोजगार का नया अध्याय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

1. मंत्रिपरिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, सशक्तीकरण, विभागीय योजनाओं के अभिसरण और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने के लिए आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए *’’विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना* छत्तीसगढ़’’ के प्रारूप का अनुमोदन किया है। भारत सरकार के अधिनियम, 2025 के अनुरूप लागू की जा रही इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी।

इस योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण, आजीविकामूलक परिसंपत्तियों के विकास तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत आधारित समेकित विकास, विभागीय योजनाओं के अभिसरण तथा पीएम गति शक्ति से समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। विकास कार्यों की बेहतर कार्ययोजना एवं निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणालियों का उपयोग करते हुए पारदर्शिता, सुशासन एवं जवाबदेही को सुदृढ़ किया जाएगा। 

इस योजना के क्रियान्वयन में केंद्र एवं राज्य के व्यय का अनुपात 60ः40 रहेगा तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से *’’अटल आजीविका समृद्धि हाट’’* योजना प्रारंभ करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सृजन केंद्र (हथकरघा, बुनाई-सिलाई, हस्तशिल्प आदि), प्रसंस्करण इकाइयां (दलहन, तिलहन, राइस मिल, डेयरी आदि), सेवा केंद्र (कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत, अटल डिजिटल केंद्र आदि), विपणन केंद्र तथा आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

इस योजना का उद्देश्य उपलब्ध अधोसंरचना और मशीनरी का बेहतर उपयोग करते हुए स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

*’’अटल आजीविका समृद्धि हाट’’* के माध्यम से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सेवा व्यवसाय, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा तथा ग्रामीण बाजारों को नई गति मिलेगी और प्रदेश की ग्रामीण आजीविका को मजबूत आधार प्राप्त होगा।

3. मंत्रिपरिषद ने आज *“छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy), 2026”* के प्रारूप का भी अनुमोदन किया है। इस नीति के माध्यम से राज्य में उपलब्ध कृषि अवशेष, नगरीय ठोस अपशिष्ट, पशुधन अपशिष्ट एवं अन्य जैविक संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन कर उन्हें स्वच्छ गैसीय ईंधन कम्प्रेस्ड बायोगैस में परिवर्तित किया जाएगा। 

इस नीति से अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, जैव उर्वरक उत्पादन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अनुसार राज्य में लगभग 5 लाख टन प्रतिवर्ष CBG उत्पादन की संभावना है। इस नीति के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को राज्य नोडल एजेंसी तथा ऊर्जा विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रशासनिक आदेश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।


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जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गुम हुए मोबाइलों की खोज में मिली बड़ी सफलता, 7.50 लाख रुपये के 51 मोबाइल बरामद कर मालिकों को सौंपे

जशपुर। जशपुर पुलिस ने गुम मोबाइल फोन की तलाश और वापसी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 51 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने मोबाइल धारकों को उनके फोन सुपुर्द किए। बरामद मोबाइल फोनों की कुल कीमत लगभग 7.50 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से मोबाइल गुम होने की शिकायतें सीईआईआर (CEIR) पोर्टल और थानों के माध्यम से प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए साइबर सेल जशपुर ने तकनीकी विश्लेषण और ट्रैकिंग के जरिए मोबाइल फोनों का पता लगाया और उन्हें बरामद करने में सफलता प्राप्त की।

इस अवसर पर डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर निजी जानकारी के दुरुपयोग की आशंका रहती है। उन्होंने नागरिकों से मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल थाना या सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यातायात नियमों के पालन का संदेश भी दिया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है।

मोबाइल वापस मिलने पर लाभान्वित लोगों ने जशपुर पुलिस और साइबर सेल का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आमजन की संपत्ति की सुरक्षा और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, डीएसपी भावेश कुमार समरथ, डीएसपी कुंजराम चौहान, निरीक्षक संत लाल आयाम, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी सहित साइबर सेल एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री साय का नमन: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को बताया राष्ट्रवाद, अखंडता और आत्मनिर्भर भारत की विचारधारा का अमर प्रतीक

रायपुर, 23 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद्,भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। उनके विचार, संघर्ष और त्याग भारतीय लोकतंत्र एवं राष्ट्रवादी चिंतन की अमूल्य धरोहर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र की अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श और सिद्धांत हमें निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर ही हम राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, श्री राम गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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‘नेशन फर्स्ट’ के संकल्प और सुरक्षा बलों के अदम्य शौर्य से बदली बस्तर की तकदीर, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा— आतंक की छाया से निकलकर विकास और विश्वास की नई पहचान बना रहा है बस्तर

रायपुर, 23 जून 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को विकास और जनविश्वास की विजय बताते हुए कहा है कि सरकार ने नक्सलवाद और माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया था और आज उसके सकारात्मक परिणाम पूरे देश के सामने हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय, हिंसा और अविश्वास का वातावरण था, वहां आज विकास, सुशासन और नई संभावनाओं का युग प्रारंभ हो चुका है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य नागरिक निरंतर भय के साये में जीवन जीने को मजबूर थे। लोगों को अपनी सुरक्षा, आजीविका और सम्मान की चिंता रहती थी। विकास कार्यों को आगे बढ़ाना अत्यंत कठिन था। सड़क निर्माण से लेकर संचार सुविधाओं के विस्तार तक हर प्रयास का हिंसक विरोध किया जाता था। कई बार निर्माण सामग्री को जला दिया जाता था, ठेकेदारों को धमकाकर भगा दिया जाता था और विकास कार्यों को रोकने की कोशिश की जाती थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बीते वर्षों में हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया, हजारों मोबाइल टावर स्थापित किए गए और दूरस्थ गांवों तक संचार सुविधाएं पहुंचाई गईं। बैंकिंग सेवाओं, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन के माध्यम से लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल आधारभूत संरचनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास और अवसरों का विस्तार है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल बम, बंदूक और गोली के सहारे नहीं लड़ी गई। सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ जनसामान्य की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने पर भी समान रूप से ध्यान दिया। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, गरीबों को अधिकार दिलाने और लोकतंत्र के प्रति विश्वास मजबूत करने के निरंतर प्रयास किए गए। इसी का परिणाम है कि आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आमजन का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की प्रक्रिया में बढ़ा है।

प्रधानमंत्री ने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी आतंक और हिंसा का माहौल था, वहां आज युवाओं की ऊर्जा खेल और प्रतिभा के माध्यम से सामने आ रही है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। यह दर्शाता है कि अब वहां के युवा हिंसा के रास्ते को नहीं, बल्कि अवसर, शिक्षा, खेल और विकास के मार्ग को अपना रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘नेशन फर्स्ट’ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस ने बस्तर सहित पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था, वहां आज विकास का आत्मविश्वास दिखाई देता है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, बैंकिंग और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच ने लोगों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षा बलों की वीरता तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद का अध्याय अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की पहचान हिंसा नहीं, बल्कि विकास, जनभागीदारी, खेल, पर्यटन और नई संभावनाओं से बन रही है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और अंत्योदय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़  विकास और सुशासन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा तथा बस्तर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

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BREAKING: महासमुंद की धरती से निकले हीरे, छत्तीसगढ़ की किस्मत चमकाने की तैयारी! बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में मिला ‘खजाना’, निवेश-रोजगार और विकास के खुलेंगे नए दरवाजे

रायपुर, 23 जून 2026/ छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में वैज्ञानिक अन्वेषण के दौरान हीरों की प्राप्ति ने प्रदेश को खनिज संपदा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा 200 टन बल्क सैंपल के परीक्षण एवं प्रसंस्करण के बाद कुल 5 हीरे प्राप्त हुए हैं, जिनका कुल वजन 1.22 कैरेट है। यह उपलब्धि क्षेत्र में हीरा खनिजीकरण की संभावनाओं की पुष्टि करती है तथा भविष्य में बड़े पैमाने पर निवेश, राजस्व सृजन और रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकती है।

एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा राज्य शासन को उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण, स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय अध्ययन तथा अन्वेषण ड्रिलिंग के आधार पर चिन्हित क्षेत्र से लगभग 200 टन खनिज सामग्री का बल्क सैंपल एकत्रित कर परीक्षण किया गया। प्रसंस्करण के पश्चात प्राप्त पांच हीरों में दो जेम क्वालिटी तथा तीन अन्य श्रेणी के हीरे शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत उत्साहजनक बताते हुए कहा कि प्रदेश की आर्थिक क्षमता और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण, पारदर्शी प्रबंधन और मूल्य संवर्धन आधारित औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है और लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट तथा चूना पत्थर के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अब हीरा संभावनाओं की पुष्टि से प्रदेश की खनिज विविधता और अधिक समृद्ध होगी तथा खनिज अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीति केवल खनिजों के उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि खनिज आधारित उद्योगों, मूल्य संवर्धन इकाइयों और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। प्रदेश में खनिज संसाधनों के माध्यम से निवेश, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार खनिज, कृषि, उद्योग, अधोसंरचना और मानव संसाधन विकास के सभी क्षेत्रों में समान रूप से कार्य कर रही है। बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र से प्राप्त यह सफलता प्रदेश की खनिज क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी तथा निवेश, रोजगार और समावेशी विकास के नए द्वार खोलेगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैज्ञानिक अन्वेषण और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेश के अन्य संभावित क्षेत्रों में भी खनिज संपदा की खोज को गति मिलेगी, जिससे छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक चरण में प्राप्त यह सफलता भविष्य के विस्तृत अन्वेषण कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संकेत है। इससे क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना, संसाधन क्षमता और संभावित भंडारों के संबंध में व्यापक अध्ययन का मार्ग प्रशस्त होगा। आगामी सर्वेक्षणों एवं परीक्षणों से क्षेत्र की वास्तविक क्षमता का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा।

उल्लेखनीय है कि बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में किए गए बल्क सैंपल परीक्षण के परिणामस्वरूप प्राप्त हीरों को सुरक्षित अभिरक्षा में एनएमडीसी के पन्ना स्थित स्ट्रांग रूम में रखा गया है तथा आगे की कार्यवाही नियमानुसार और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप की जाएगी।

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सहकारी बैंक घोटाले पर सरकार का बड़ा एक्शन, 30 करोड़ से ज्यादा की अनियमितता उजागर, दोषियों पर एफआईआर-निलंबन, सैकड़ों किसानों को फिर मिलने लगा खाद-बीज और ऋण का लाभ

रायपुर, 22 जून 2026/ मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज तथा रामचंद्रपुर क्षेत्र की समितियों में वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को राहत प्रदान की है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयासों और किसानों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण  दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप अब प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को पुनः खाद एवं बीज मिलना शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज तथा रामचंद्रपुर क्षेत्र की समितियों में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं और गबन के मामलों ने सैकड़ों किसानों को प्रभावित किया था। अनियमितताओं के कारण किसानों को समय पर नकद ऋण, खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे, जिससे उनमें असंतोष का वातावरण बन गया था।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रशासन और राज्य सरकार ने दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू की। कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया तथा संबंधित मामलों की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार प्रभावित शाखाओं से जुड़े लगभग 497 किसानों की शिकायतों में 30 करोड़ 51 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।

सरकार ने किसानों को राहत देने के उद्देश्य से त्वरित कार्ययोजना बनाते हुए संबंधित समितियों को पात्र किसानों की सूची तैयार कर मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। सूची प्राप्त होने के बाद ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जा रही है, ताकि किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक खाद, बीज और अन्य सुविधाएं समय पर मिल सकें।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता किसानों को सहूलियत प्रदान करना और उनकी कृषि गतिविधियों को निर्बाध बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मंत्री नेताम ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है और उन्होंने ईडी की जांच का स्वागत किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि निष्पक्ष जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी तथा दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों में भरोसा बढ़ा है। खाद-बीज वितरण व्यवस्था के पुनः शुरू होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है और आगामी कृषि सीजन की तैयारियों को नई गति मिली है। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और सहकारी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

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राशिफल: ग्रह-नक्षत्रों की बदलती चाल से किस राशि की चमकेगी बंद किस्मत, किसे मिलेगा धन, पद और प्रतिष्ठा का लाभ, और किन राशियों को आज हर कदम फूंक-फूंककर रखने की है जरूरत? पढ़िए मेष से मीन तक का सबसे विस्तृत राशिफल

23 जून 2026, मंगलवार को ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलावों के संकेत दे रही है। आज कुछ राशियों को करियर में नई ऊंचाइयां मिल सकती हैं, तो कुछ को आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतनी होगी। परिवार, प्रेम संबंध, शिक्षा, नौकरी, व्यापार और स्वास्थ्य के लिहाज से दिन कैसा रहेगा, जानिए विस्तार से—

♈ मेष राशि (Aries)

कामकाज में मिलेगी बड़ी सफलता, विरोधियों पर पड़ेगा प्रभाव

आज का दिन आपके लिए उपलब्धियों से भरा रह सकता है। लंबे समय से जिस कार्य को पूरा करने का प्रयास कर रहे थे, उसमें सफलता मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आपके कार्यों की प्रशंसा हो सकती है। पदोन्नति या वेतन वृद्धि को लेकर सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।

व्यापारियों को नए ग्राहकों और नए अनुबंधों से लाभ होगा। यदि किसी नई योजना में निवेश करने का विचार है तो दिन अनुकूल माना जा सकता है।

पारिवारिक जीवन में सुखद वातावरण रहेगा। किसी मांगलिक कार्य की चर्चा हो सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।

धन लाभ: अच्छा
स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर रहेंगे।
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

♉ वृषभ राशि (Taurus)

धन आगमन के साथ बढ़ सकते हैं खर्च, संतुलन बनाना होगा जरूरी

आज आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर मिलेंगे लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं। अनावश्यक खर्चों से बचने की कोशिश करें। नौकरी में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

व्यापार से जुड़े लोगों को पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए फायदेमंद साबित होगी।

परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी का माहौल रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा।

धन लाभ: मध्यम से अच्छा
स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या हो सकती है।
उपाय: सफेद वस्तु का दान करें।

♊ मिथुन राशि (Gemini)

भाग्य देगा पूरा साथ, करियर में उन्नति के मजबूत योग

आज का दिन आपके लिए विशेष शुभ रहने वाला है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगी। उच्च अधिकारियों का भरोसा जीतने में सफल रहेंगे।

व्यापारियों को विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। रुका हुआ धन मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में नया उत्साह देखने को मिलेगा।

धन लाभ: उत्कृष्ट
स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी।
उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

♋ कर्क राशि (Cancer)

परिवार और करियर दोनों में मिलेगा संतुलन, रुके कार्य होंगे पूरे

आज आपको अपने प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिलने लगेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सफलता मिलने के योग हैं।

परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। घर में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बन सकता है।

आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी। पुराने विवाद समाप्त होने की संभावना है।

धन लाभ: अच्छा
स्वास्थ्य: तनाव कम होगा।
उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

♌ सिंह राशि (Leo)

सम्मान और प्रतिष्ठा में होगी वृद्धि, नेतृत्व क्षमता का मिलेगा लाभ

आज समाज और कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा। अधिकारी वर्ग आपके कार्यों से प्रभावित हो सकता है। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं।

व्यापार में बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन विशेष लाभकारी साबित हो सकता है।

पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा।

धन लाभ: उत्तम
स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।
उपाय: सूर्य देव को अर्घ्य दें।

♍ कन्या राशि (Virgo)

मेहनत का मिलेगा पूरा फल, आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

आज का दिन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए अच्छा रहेगा। नौकरी में आपके प्रदर्शन की प्रशंसा होगी। नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

व्यापार में पुराने संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है। निवेश संबंधी निर्णय लाभदायक साबित हो सकते हैं।

परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा। विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

धन लाभ: अच्छा
स्वास्थ्य: थकान महसूस हो सकती है।
उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं।

♎ तुला राशि (Libra)

रिश्तों और व्यापार दोनों में मिलेगी सफलता, भाग्य रहेगा साथ

आज भाग्य का सहयोग मिलेगा। व्यापारिक साझेदारी में लाभ होने के योग हैं। नई योजनाएं सफल हो सकती हैं।

परिवार और मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है।

धन लाभ: अच्छा
स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।
उपाय: मां लक्ष्मी की पूजा करें।

♏ वृश्चिक राशि (Scorpio)

सावधानी और धैर्य से मिलेगी सफलता, विवादों से बचना होगा

आज आपको भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचना चाहिए। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं लेकिन धैर्य और समझदारी से आप उन्हें पार कर लेंगे।

व्यापार में लाभ होगा लेकिन जोखिम भरे निवेश से बचना बेहतर रहेगा। परिवार के लोगों के साथ तालमेल बनाए रखें।

धन लाभ: मध्यम
स्वास्थ्य: रक्तचाप और तनाव पर ध्यान दें।
उपाय: हनुमान मंदिर में दीपक जलाएं।

♐ धनु राशि (Sagittarius)

उन्नति और सफलता का दिन, नई उपलब्धियां होंगी हासिल

आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार में बड़ा सौदा हो सकता है।

विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए समय अनुकूल रहेगा। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।

धन लाभ: उत्कृष्ट
स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा।
उपाय: पीली वस्तुओं का दान करें।

♑ मकर राशि (Capricorn)

आर्थिक मजबूती के साथ बढ़ेगा आत्मविश्वास, रुके कार्य होंगे पूरे

आज लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ के अच्छे संकेत हैं।

परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। संपत्ति या वाहन से संबंधित मामलों में सफलता मिल सकती है।

धन लाभ: अच्छा
स्वास्थ्य: कमर और जोड़ों का ध्यान रखें।
उपाय: शनिदेव की आराधना करें।

♒ कुंभ राशि (Aquarius)

नई सोच और रचनात्मकता से मिलेगा लाभ, करियर में खुलेंगे नए रास्ते

आज आपके विचारों की सराहना होगी। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में नए संपर्क लाभ पहुंचाएंगे।

युवाओं को करियर संबंधी महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हो सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

धन लाभ: अच्छा
स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।
उपाय: जरूरतमंदों को भोजन कराएं।

♓ मीन राशि (Pisces)

रुका हुआ धन मिलेगा, परिवार में आएंगी खुशियां

आज आर्थिक मामलों में राहत मिलने की संभावना है। पुराने निवेश से लाभ हो सकता है। नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।

परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। प्रेम संबंधों में विश्वास और मधुरता बढ़ेगी।

विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलेंगे।

धन लाभ: बहुत अच्छा
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य में सुधार होगा।
उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें।

23 जून 2026 को मिथुन, सिंह, धनु और मीन राशि वालों के लिए दिन विशेष रूप से लाभकारी रह सकता है, जबकि वृषभ, वृश्चिक और मकर राशि वालों को आर्थिक एवं व्यावहारिक निर्णयों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच आज सभी राशियों के लिए सफलता का सबसे बड़ा मंत्र साबित होगी।

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एक महीने से ग्रामीणों की नींद उड़ाकर गांव-गांव घूम रहा दल से बिछड़ा हाथी,बिजली गुल होते ही गांव में दबे पांव पहुंच गया हाथी, कटहल के पेड़ों पर बोला धावा, ग्रामीणों ने शोर मचाकर खदेड़ा तो बस्ती के भीतर तक घुसा, ईब नदी पार कर जंगल पहुंचा लेकिन इलाके में कायम है जबरदस्त दहशत

नारायणपुर/जशपुर । जशपुर वनमंडल के कुनकुरी रेंज अंतर्गत नारायणपुर सर्किल के ग्राम पंचायत बनकोम्बो के सारंगडाँड़ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक माह से अधिक समय से एक दल से बिछड़ा हाथी लगातार विचरण कर रहा है। हाथी की मौजूदगी ने ग्रामीणों के साथ-साथ वन विभाग की चिंता भी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि ग्रामीण रातभर जागकर शोर मचाने और निगरानी करने को मजबूर हैं ताकि हाथी को बस्ती और घरों से दूर रखा जा सके तथा किसी प्रकार की जनहानि न हो।

जानकारी के अनुसार यह अकेला हाथी चराईमारा जंगल के आसपास अपना डेरा जमाए हुए है और रात होते ही सारंगडाँड़, रानीकोम्बो तथा आसपास के गांवों की ओर रुख कर रहा है। हाथी विशेष रूप से फलदार पेड़ों और बागानों को निशाना बना रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नाबार्ड की सहायता से विकसित किए गए लगभग 24 एकड़ क्षेत्र में लगे आम और काजू के बागान में हाथी लगातार घुस रहा है। वह केवल फल ही नहीं खा रहा बल्कि पेड़ों की डालियां तोड़कर बागान को भारी नुकसान भी पहुंचा रहा है। इससे ग्रामीणों और बागान से जुड़े लोगों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।

सारंगडाँड़ निवासी वेदप्रकाश अंगिरा ने बताया कि यह हाथी पिछले एक महीने से लगभग प्रतिदिन रात के समय गांव के आसपास पहुंच रहा है। गांव की बाड़ियों में लगे आम और कटहल उसके प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। हाथी रात के अंधेरे में गांव के नजदीक पहुंचता है और पेड़ों से फल तोड़कर खाता है। ग्रामीणों को आशंका रहती है कि कहीं हाथी अचानक किसी व्यक्ति पर हमला न कर दे, इसलिए लोग पूरी रात जागकर उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

उन्होंने बताया कि रविवार की रात स्थिति और अधिक गंभीर हो गई थी। क्षेत्र में पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रहने से गांव अंधेरे में डूबा हुआ था। इसी का फायदा उठाकर हाथी बस्ती के बेहद करीब पहुंच गया। उसने कई कटहल के पेड़ों से फल तोड़कर खाए और गांव के भीतर तक घुस आया। हाथी की सूचना मिलते ही ग्रामीण एकत्र हुए और शोर मचाकर उसे भगाने का प्रयास करने लगे। इसके बाद हाथी भांगाडेरा बस्ती  में पहुंच गया और वहां भी कटहल खाकर काफी देर तक विचरण करता रहा। बाद में वह ईब नदी पार कर रानीकोम्बो के कुम्हारतला जंगल की ओर चला गया।

ग्रामीणों का कहना है कि अब तक इस हाथी ने किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन जिस तरह से वह लगातार रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर रहा है, उससे लोगों में भय का वातावरण बना हुआ है। खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। किसान भी अपने खेतों और बाड़ियों में अकेले जाने से डर रहे हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि खेती-किसानी के जरूरी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि हाथी के अचानक सामने आ जाने का खतरा हमेशा बना रहता है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि हाथी की मौजूदगी ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। रातभर पहरा देने के कारण ग्रामीणों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। कई परिवार बारी-बारी से जागकर गांव की सुरक्षा कर रहे हैं। लोग ढोल, टीन के डिब्बे और अन्य आवाज करने वाले साधनों का उपयोग कर हाथी को दूर भगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद वह फिर वापस लौट आता है।

वन विभाग की टीम भी लगातार हाथी की निगरानी कर रही है, लेकिन दल से अलग होने के कारण उसका व्यवहार अनिश्चित बना हुआ है। वन विभाग के अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हाथी को रिहायशी क्षेत्रों में प्रवेश करने से कैसे रोका जाए। विभागीय अमला हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रहा है तथा ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। इसके बावजूद हाथी का गांवों के आसपास लगातार बने रहना चिंता का विषय बना हुआ है।

ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक किए गए प्रयासों से कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उनका कहना है कि न तो हाथी गांवों से दूर जा रहा है और न ही लोगों को पूरी तरह सुरक्षित महसूस हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथी को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर जंगल की ओर खदेड़ने के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना या जनहानि भी हो सकती है।

लगातार एक माह से अधिक समय से हाथी की मौजूदगी ने सारंगडाँड़, चिटकवाइन,बालालोंगरी,बनकोम्बो, चराईमारा, रानीकोम्बो सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही वन विभाग कोई ऐसी रणनीति बनाएगा जिससे हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजा जा सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके। फिलहाल गांवों में रात होते ही चौकसी बढ़ जाती है और लोग हाथी के अगले आगमन की आशंका के बीच पूरी रात जागकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा में जुटे रहते हैं।

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राजनांदगांव को 510 करोड़ की सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 333 विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन, किसानों के लिए बड़ी घोषणा

रायपुर 22 जून 2026/किसानों की समृद्धि, गांवों का विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश में विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन एवं लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव जिले को 510 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक की लागत के 333 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने शिवनाथ नदी के मोहारा मेला स्थल से ऑक्सीजन जोन तक सस्पेंशन ब्रिज, ईरा एनीकट निर्माण एवं संरक्षण कार्य, कुमरदा-गेंदाटोला-कल्लूबंजारी मार्ग निर्माण तथा घुमरिया व्यपवर्तन जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव जिले ने फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। यहां किसानों को पारंपरिक खेती के साथ दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रेरित किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और अन्य किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को खेती के लिए आवश्यक खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने सीएम हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कराकर निर्धारित समय-सीमा में समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के माध्यम से आय, जाति, निवास सहित विभिन्न विभागों की 400 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के जरिए आम नागरिकों को बिजली बिल से दीर्घकालिक राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपने घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों का निर्माण नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप आवास, बिजली, पानी, सड़क और डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि फसल चक्र परिवर्तन एवं जल संरक्षण के लिए किसानों एवं ग्रामवासियों में जागृति लाने के लिए पद्मश्री फूलबासन बाई यादव महिला स्वहसहायता समूह की महिलाओं के साथ अप्रैल-मई की दोपहरी में यात्रा करती रही और एक अद्भुत कार्य किया गया। राजनांदगांव में फसल चक्र परिवर्तन होने से 
फसल विविधीकरण के लिए किसान प्रेरित हुए हैं।

कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन एवं एबीस एक्सपोर्ट के बीच किसानों के सोयाबीन उत्पाद की खरीदी के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों, कृषि सखी दीदियों, सरपंचों तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का सम्मान किया गया और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषकों को मिनी किट वितरित किए गए।

इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री संतोष पांडे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का शुभारंभ: मुख्यमंत्री साय ने दिखाई हरी झंडी, छत्तीसगढ़ की पावन माटी और नदियों का जल लेकर 1000 से अधिक श्रद्धालु रवाना, बोले– सोमनाथ हमारी आस्था ही नहीं राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव का भी प्रतीक

रायपुर 22 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज यहां राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र है। सोमनाथ मंदिर को अनेक बार आक्रांताओं ने तोड़ा, लेकिन हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ, ये देशवासियों की अटूट आस्था का परिणाम है। 

सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत विशेष ट्रेन से छत्तीसगढ़ से सोमनाथ के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार रवाना हुए। यात्रा में शामिल श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के शिवालयों की पावन भूमि के माटी कलश और पावन नदियों का जल कलश बाबा सोमनाथ को अर्पण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान सोमनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए बहुत गौरवशाली दिन है जब प्रदेश भर से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं, उन्होंने भारत की आजादी के बाद राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ से पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार इस यात्रा में अपने साथ अपने-अपने क्षेत्रों के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के शिवालयों की पावन माटी और पावन नदियों कंे जल कलश लेकर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है।

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ धाम की यह यात्रा श्रद्धालुओं को केवल आध्यात्मिक अनुभूति ही नहीं बल्कि भारत की महान सांस्कृतिक परम्परा और राष्ट्रीय गौरव को निकट से अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करेगी। भगवान सोमनाथ से प्रार्थना है कि वे हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ सहित भारतवर्ष को समृद्धि, शांति और विकास के पथ पर अग्रसर करें। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया। 

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्रकुमार साहू, श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, श्री संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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धड़ाधड़ कार्रवाई से मचा हड़कंप: 6 क्रशर सीलबंद, महानदी में अवैध रेत खनन करते चैन माउंटेन जब्त, ड्रोन निगरानी से माफियाओं पर कसा शिकंजा

रायपुर, 22 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई हो रही है। शासन की मंशा खनिज संसाधनों के संरक्षण, उनके नियमानुसार उपयोग तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश सुनिश्चित करने की है। 
               इसी कड़ी में खनिज साधन के विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर 21 एवं 22 जून 2026 को विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान जिला बलौदाबाजार के ग्राम खपरीडीह में गौण खनिज निम्न श्रेणी चूनापत्थर से संबंधित स्वीकृत अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों एवं खदानों का निरीक्षण किया गया। जांच में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर 06 क्रशर इकाइयों को सीलबंद किया गया तथा संबंधित संचालकों को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किए गए।
                इसी प्रकार जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम दहिदा में महानदी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एक चैन माउंटेन मशीन द्वारा अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जाना पाया गया। खनिज अधिनियम के प्रावधानों के तहत उक्त मशीन को जब्त कर आगामी आदेश तक सीलबंद किया गया। मशीन को मशीन ऑपरेटर की सुपुर्दगी में दिया गया है तथा मशीन स्वामी को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उक्त सभी स्थलों की जांच एवं सत्यापन ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से भी किया गया, जिससे खनन गतिविधियों का सटीक आकलन सुनिश्चित किया जा सके।
           मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्वेक्षण एवं सतत निगरानी के माध्यम से अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं संबंधित जिलों की जिला स्तरीय टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।

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PM-USHA की महा-क्रांति से बदल रही छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा की तस्वीर, वनांचल के युवाओं को मिल रही स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब और रिसर्च सुविधाएं, 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों के सपनों को मिली नई उड़ान

विष्णु प्रसाद वर्मा - सहायक संचालक

रायपुर,22 जून 2026/

 ​     छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा जगत में एक नए युग का सूत्रपात हो चुका है। वर्ष 2014 से 2026 के बीच केंद्र सरकार से मिली प्रमुख स्वीकृतियों और सौगातों की शृंखला में 'प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान' (PM-USHA) राज्य के लिए वरदान साबित हो रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की नैशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) ग्रेडिंग में सुधार, और अनुसंधान (Research) के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा भारी-भरकम वित्तीय अनुदान की स्वीकृति दी गई है। यह योजना पूर्ववर्ती राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) का ही एक परिष्कृत और अधिक उन्नत रूप है।

*​अधोसंरचना विकास के लिए मिला 'मेगा बजट'*

​      इस योजना के तहत देश भर के लिए कुल 12,926.10 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इस विशाल बजट का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा छत्तीसगढ़ के हिस्से आया है। ​योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में चयनित पात्र शासकीय विश्वविद्यालयों को मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटीज़ (MERU) के अंतर्गत प्रति संस्थान 20 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपए तक का भारी-भरकम अनुदान मिल रहा है। वहीं, चिन्हित शासकीय महाविद्यालयों को बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण (Grants to Strengthen Colleges) के लिए 5 करोड़ रुपए तक का प्रोजेक्ट-बेस्ड अनुदान स्वीकृत किया जा रहा है। इस वित्तीय भार का वहन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात (60% केंद्रांश और 40% राज्यांश) में किया जा रहा है।

*​धरातल पर उतरी योजना: स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब का निर्माण जारी*

    ​छत्तीसगढ़ में यह योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर तेजी से प्रगति कर रही है। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा केंद्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) निष्पादित किया जा चुका है। वर्तमान में, चयनित कॉलेजों द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। इसके साथ ही, राज्य के शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब, और कंप्यूटर सेंटर जैसे अत्याधुनिक अधोसंरचना निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
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*बस्तर से सरगुजा तक सभी 33 जिलों को मिल रहा है सीधा लाभ*

      ​PM-USHA योजना का सबसे खूबसूरत पहलू इसका समावेशी होना है। इस परियोजना का लाभ छत्तीसगढ़ के समस्त 33 जिलों को मिल रहा है। योजना के तहत विशेष रूप से राज्य के ​आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों जैसे बस्तर संभाग और सरगुजा संभाग,​कम सकल नामांकन अनुपात (GER) वाले क्षेत्रों,​आकांक्षी जिलों जैसे धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद आदि के शासकीय कॉलेजों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया गया है, ताकि विकास की दौड़ में पीछे छूटे क्षेत्रों को मुख्यधारा में लाया जा सके।

*​5 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के सपनों को उड़ान*

      ​इस दूरदर्शी परियोजना से राज्य के विभिन्न शासकीय शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत लगभग 5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और महिला वर्ग के छात्र-छात्राओं को मिल रहा है। अब छत्तीसगढ़ के वनांचलों और दूरदराज के गांवों के युवाओं को भी वैश्विक स्तर की आधुनिक शिक्षा और अनुसंधान की सुविधाएं अपने ही राज्य में सुलभ हो रही हैं, जो उनके सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव रख रही हैं।

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अब गांवों में नहीं फैलेगा कचरे का संकट! ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम लागू करने जशपुर में सरपंच-सचिवों की बड़ी पाठशाला, 70 ग्राम पंचायतों को मिला स्वच्छता का नया रोडमैप

*जशपुरनगर, 22 जून 2026/* जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत जशपुर सभागार में भारत सरकार द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रथम चरण में क्रियान्वयन हेतु जिले की चयनित 70 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रमुख प्रावधानों, ग्राम स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्थाओं, स्वच्छता गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में जिले के सातों जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अध्यक्षगण, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक, यूनिसेफ जिला समन्वयक, ब्लॉक समन्वयक सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों में स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, जनभागीदारी को बढ़ावा देने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों से अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में स्वच्छता गतिविधियों को प्राथमिकता देते हुए नियमों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।

जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार ने कहा कि स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल ग्रामों के निर्माण में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनपद पंचायत अध्यक्षगण द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सरपंच एवं सचिवों को संबोधित करते हुए स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रेरित किया गया तथा उनके कार्यों की सराहना करते हुए निरंतर सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया।

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बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं तो रुकेगा वेतन: कलेक्टर रोहित व्यास की दोटूक, नए सत्र में शिक्षा व्यवस्था सुधारने अफसरों-शिक्षकों को सख्त निर्देश

जशपुरनगर, 22 जून 2026/ नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होते ही विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक वितरण, विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय निरीक्षण तथा सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण सहित विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री व्यास ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र सिन्हा तथा सभी विकासखंडों के बीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्यालयों में बेहतर पढ़ाई के लिए शिक्षण व्यवस्था को पूरी गंभीरता और प्रभावशीलता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पर कार्यवाही की जाएगी। 
     कलेक्टर श्री व्यास ने सभी शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिन शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति बिना किसी ठोस कारण के दर्ज नहीं होगी, उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर विद्यार्थियों को गणवेश वितरण का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने तथा सभी छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की अपार आईडी तत्काल बनाई जाए और इस कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो। कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में जर्जर भवनों में कक्षाओं का संचालन न किया जाए। उन्होंने ऐसे विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। 
    कलेक्टर श्री व्यास ने  सभी बीईओ को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा। साथ ही जिले में संचालित सभी पीएम श्री विद्यालयों को शिक्षा के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सभी प्रयास किए जाएं।  बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश देते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शिकायतों के समाधान में गंभीरता बरतने को कहा। बैठक में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र सिन्हा, जिला मिशन समन्वयक, सभी विकासखंडों के बीईओ, एबीईओ एवं बीआरसी उपस्थित रहे।

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एग्रीस्टैक पंजीयन में लापरवाही पर सख्त चेतावनी: किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिला तो होगी कार्रवाई, कलेक्टर रोहित व्यास ने अधिकारियों की लगाई क्लास

जशपुरनगर, 22 जून 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विभागीय कार्यों और विकास योजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्य निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूरा करें। पंजीयन कार्य में अनावश्यक विलंब पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गांवों में जाकर किसानों से सीधे संपर्क स्थापित कर एग्रीस्टैक पंजीयन कराने तथा इस कार्य में अपेक्षित सहयोग नहीं देने वाले बीएलई के विरुद्ध भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 
     बैठक में कलेक्टर ने रासायनिक खाद एवं बीज के भंडारण और वितरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि कृषि कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने निजी उर्वरक एवं बीज विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील करने के निर्देश दिए। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड का शत-प्रतिशत निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के संदिग्ध प्रकरणों की जांच शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि अपात्र हितग्राहियों के नाम विलोपित किए जाएं, ताकि योजना का लाभ केवल पात्र किसानों को ही मिल सके। 
    राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख दुरुस्तीकरण, अभिलेख शुद्धता, व्यपवर्तन तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार शत-प्रतिशत निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने सीमांकन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए।  बैठक में सभी एसडीएम, तहसीलदार, कृषि विभाग के उप संचालक, सभी एसडीओ तथा कृषि विकास विस्तार अधिकारी उपस्थित थे।

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