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आग उगलते सूरज और लू के थपेड़ों से तड़पता प्रदेश—बच्चों की सेहत पर गहराया संकट, समय से पहले स्कूल बंद कर सरकार ने दिखाई संवेदनशीलता की बड़ी मिसाल

रायपुर 16 अप्रैल 2026/प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में आंशिक संशोधन किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हम सब की जिम्मेदारी है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए  पूर्व निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश को पहले लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि इस भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत सुरक्षित रह सके।

स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में दिनांक 01 मई 2026 से 15 जून 2026 तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन करते हुए अब दिनांक 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश प्रदेश के समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय शालाओं पर लागू होगा।

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“ऑपरेशन शंखनाद” —हाईवे पर नाकाबंदी कर पुलिस ने गौ तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम, 09 गौवंश सुरक्षित मुक्त, भागा तस्कर आखिरकार गिरफ्तार, पिकअप वाहन भी जब्त

जशपुर, 16 अप्रैल 2026। जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत जशपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना लोदाम क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 09 नग गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन क्रमांक JH-01-FP-3193 को भी जब्त किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को लोदाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की पिकअप वाहन में कुछ लोग बड़ी संख्या में गौवंशों को भरकर जशपुर से लोदाम के रास्ते झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और पतराटोली क्षेत्र में पहुंचकर जांच शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन नजर आने पर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन को तेजी से भगाते हुए भागने लगा।

पुलिस टीम ने तत्काल पीछा किया। पीछा करते देख चालक भलामंडा तिराहा, राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के पास वाहन छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब पिकअप की जांच की तो उसमें 09 गौवंशों को ठूस-ठूस कर भरा हुआ पाया। पुलिस ने सभी गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया और वाहन को जब्त कर लिया।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान इमरान खान (28 वर्ष), निवासी ग्राम साईं टांगर टोली, थाना लोदाम के रूप में की। आरोपी की तलाश में पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत मामला दर्ज कर 15 अप्रैल 2026 को उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी इमरान खान आदतन अपराधी है और उसके विरुद्ध थाना लोदाम, नारायणपुर एवं कुनकुरी में गौ तस्करी और चोरी के कई मामले पूर्व से दर्ज हैं। वह पहले भी जेल जा चुका है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक सहबीर भगत तथा आरक्षक बसंत खुटिया, हेमंत कुजूर, महेश यादव और हरीश केवट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

गौरतलब है कि जशपुर पुलिस द्वारा गौ तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो सप्ताह में जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों—बगीचा, नारायणपुर, लोदाम, दोकड़ा, सोन क्यारी और आरा—में अलग-अलग कार्रवाइयों के दौरान कुल 82 गौवंशों को तस्करों से मुक्त कराया गया है तथा 08 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त दो पिकअप और एक ट्रक को भी जब्त किया गया है।

पुलिस अधीक्षक (डीआईजी) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि गौ तस्करी को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है। मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया है और तकनीकी टीम की भी मदद ली जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गौ तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और “ऑपरेशन शंखनाद” आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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“देश और छत्तीसगढ़ के भविष्य की दिशा तय करने वाली ऐतिहासिक शुरुआत— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद ऑनलाइन स्व-गणना कर जनगणना अभियान का किया भव्य शुभारंभ

रायपुर 16 अप्रैल 2026/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर जनगणना अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।
            मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान संचालित हो रहा है और छत्तीसगढ़ में भी आज से ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो सके।
           मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार आने वाले वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर आवासीय और गैर-आवासीय भवनों, उनकी स्थिति, उपयोग तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार व्यवस्था से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी प्रगणक घर आएं, तो उन्हें सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी दें, क्योंकि प्रत्येक जानकारी राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।
            मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के संकल्प को साकार करने में जनगणना की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही आंकड़े ही बेहतर योजना और प्रभावी विकास की नींव रखते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस महाअभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने और सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
         इस दौरान अपर मुख्य सचिव तथा जनगणना के नोडल श्री मनोज कुमार पिंगुआ,  कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक जनगणना श्री कार्तिकेय गोयल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र में हुआ तेज़ी से विकास , नारायणपुर मुख्यालय से 40 किमी दूर गारपा में 55 लाख की लागत से 48 परिवारों को मिला नया बिजली कनेक्शन

रायपुर,16 अप्रैल 2026 // छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी "नियद नेल्लानार योजना" के तहत जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में विकास की मजबूत दस्तक सुनाई दे रही है। नारायणपुर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित अत्यंत दुर्गम ग्राम गारपा में अब पहली बार बिजली की रोशनी पहुँची है, जिससे वर्षों से अंधेरे में जीवन बिता रहे ग्रामीणों के जीवन में नया उजाला आया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब इन दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से पहुँच रहे हैं। पहले जहाँ सुरक्षा कारणों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं पहुँच पाती थीं, वहीं अब शासन की प्राथमिकता में इन क्षेत्रों को शामिल कर तेजी से काम किया जा रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के सतत मार्गदर्शन में प्रशासनिक और तकनीकी टीमों ने मिलकर इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।

बिजली विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना में लगभग 55 लाख रुपये की लागत से 48 उपभोक्ताओं को पहली बार बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया। कार्यपालन अभियंता कुमार लाल उइके ने बताया कि घने जंगल, कठिन रास्ते और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस और कार्यकुशलता का परिचय देते हुए निर्धारित समय में लाइन विस्तार का कार्य पूर्ण किया।

बिजली पहुँचने से अब गारपा के बच्चों को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच आसान होगी और ग्रामीणों के आर्थिक उत्थान के नए रास्ते खुलेंगे। दशकों बाद अपने घरों को रोशन देख ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत जिले के अन्य दूरस्थ गांवों में भी इसी तरह प्राथमिकता के आधार पर विद्युतीकरण कार्य तेजी से जारी रहेगा, जिससे विकास की रोशनी हर अंतिम छोर तक पहुँच सके।

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मुख्यमंत्री के स्नेह से खिली लावण्या की मुस्कान, एक ऑपरेशन ने बदल दी पूरी जिंदगी, मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वाद

रायपुर 15 अप्रैल 2026/कहते हैं कि सही समय पर मिला इलाज किसी की पूरी ज़िंदगी बदल सकता है। सुकमा जिले की 13 वर्षीय बालिका टुंकी लावण्या की कहानी इसी बात का जीवंत उदाहरण है, जिसने कठिन परिस्थितियों और वर्षों की पीड़ा के बाद आखिरकार एक नई मुस्कान और नया आत्मविश्वास पाया है।

लावण्या, जो कन्या आश्रम, गोल्लापल्ली (पालाचेलमा) की निवासी है, जन्म से ही क्लैफ्ट लिप (कटे होंठ) जैसी गंभीर समस्या से जूझ रही थी। यह बीमारी सिर्फ शारीरिक दर्द तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसके बचपन पर सामाजिक झिझक और आत्मविश्वास की कमी का भी गहरा असर डाल रही थी। परिवार में जागरूकता की कमी और इलाज को लेकर भय के कारण लंबे समय तक उसका उपचार नहीं हो पाया। लेकिन किस्मत ने तब करवट ली जब लावण्या मेगा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविर में पहुंची। शिविर में कलेक्टर श्री अमित कुमार और एसपी श्री किरण चव्हाण से मिली। उन्होंने लावण्या को स्वास्थ्य शिविर में जांच कराके बेहतर इलाज का प्रबंध किया। 

*स्वास्थ्य शिविर बना जीवन बदलने का मोड़*
शिविर में मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न सिर्फ लावण्या की जांच की, बल्कि उसके परिवार को समझाकर इलाज के लिए तैयार किया। इसी शिविर में आयुष्मान कार्ड बनाया गया। जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए लावण्या को कालाडा अस्पताल, रायपुर भेजा गया। इस दौरान आरबीएसके चिरायु टीम ने उसे सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई।

*10 अप्रैल 2026: जब दर्द की जगह उम्मीद ने ले ली*
सभी प्रक्रियाओं और समन्वय के बाद आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को लावण्या का सफल ऑपरेशन किया गया। यह सिर्फ एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि उसके जीवन के अंधेरे में उम्मीद की रोशनी थी। ऑपरेशन के बाद लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान को देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। वर्षों का दर्द और ताने जैसे उसी दिन समाप्त हो गए।

*मुख्यमंत्री ने की मुलाकात, दिया आशीर्वाद*
इस कहानी का सबसे भावुक पल तब आया जब 13 अप्रैल 2026 को सुकमा दौरे के दौरान माननीय मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ने लावण्या से मुलाकात की। उन्होंने लावण्या के स्वास्थ्य की जानकारी ली, उसे फल भेंट किए और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।

*सरकारी योजनाओं की सफलता की मिसाल बनी लावण्या*
आज लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान केवल उसकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाएं, स्वास्थ्य विभाग का समर्पण और समय पर उपचार दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी चमत्कार कर सकते हैं। लावण्या अब न सिर्फ स्वस्थ है, बल्कि उसके भीतर एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भी लौट आया है। उसकी मुस्कान आज पूरे सुकमा के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी को फोन कर दी बधाई

रायपुर, दिनांक 16 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार  विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री चौधरी के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण से बिहार में तीव्र प्रगति सुनिश्चित होगी।

उल्लेखनीय है कि श्री सम्राट चौधरी ने आज ही बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है।

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सौर क्रांति से बदली जशपुर की तस्वीर: क्रेडा योजनाओं ने दो साल में बदली आमजन की जिंदगी, हर घर तक पहुंची रोशनी और पानी

 जशपुरनगर, 15 अप्रैल 2026/ अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रेडा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों ने आमजन के जीवन में उल्लेखनीय और सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे विकास की गति को नई दिशा मिली है। विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप अब लोगों को बुनियादी सुविधाएं अधिक सरलता और सहजता से उपलब्ध हो रही हैं। सौर ऊर्जा के उपयोग से जहां एक ओर स्वच्छ पेयजल और सिंचाई व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिना बिजली बिल के निरंतर रोशनी सुनिश्चित हो रही है। इससे न केवल लोगों का दैनिक जीवन अधिक सुविधाजनक हुआ है, बल्कि उनके जीवन स्तर में स्थायी और सकारात्मक सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

*114 सोलर ड्यूल पंप से पेयजल और सिंचाई सुविधा सुदृढ़*

ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की पहल पर प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  क्रेडा विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में जल जीवन मिशन अंतर्गत 114 सोलर ड्यूल पंप स्थापित किए गए हैं। इनसे पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ सिंचाई के लिए सस्ती एवं सुलभ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है। सोलर पंपों के उपयोग से किसानों की डीजल एवं बिजली पर निर्भरता कम हुई है, जिससे उनकी लागत में कमी आई है और आय में वृद्धि हुई है। पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसान वर्षभर खेती कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। वहीं घर के समीप जल उपलब्ध होने से महिलाओं को दूर से पानी लाने की परेशानी से राहत मिली है।
     
*80 सोलर हाई मास्ट से रोशन हुए गांव और शहर*

जिले में सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर हाई मास्ट योजना के तहत ग्रामों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौक-चौराहों पर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में 80 सोलर हाई मास्ट लगाए जा चुके हैं। इन सौर ऊर्जा आधारित लाइटों से रात्रिकालीन आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है। साथ ही, दुर्घटनाओं और अपराधों में भी कमी आई है। जहां बिजली आपूर्ति सीमित या बाधित रहती है वहां भी ये हाई मास्ट निर्बाध रूप से रोशनी प्रदान कर रहे हैं।

*800 सोलर पंप से किसानों को मिली बड़ी राहत*

कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में सौर सुजला योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत जिले में पिछले दो वर्षों में  800 सोलर पंप स्थापित किए गए हैं, जिनसे सिंचाई सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। सोलर पंपों के उपयोग से किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिली है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। साथ ही कृषि उत्पादन में वृद्धि, भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन, तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

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“अब नौकरी ढूंढने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा: जनजातीय उद्यमिता को नई ऊंचाई देने में जुएल ओराम का बड़ा संदेश, NSTFDC बना सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम


रायपुर, 15 अप्रैल 2026/केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने देश भर में अनुसूचित जनजाति समुदायों को सशक्त बनाने में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) द्वारा निभाई गई परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला है।  उन्होंने कहा कि  (NSTFDC) का दृष्टिकोण केवल रोजगार सृजन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और व्यक्तियों को रोजगार चाहने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनने में सक्षम बनाना है। नई दिल्ली में (NSTFDC) के 10 अप्रैल 2026 को आयोजित 25 वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए श्री ओराम ने इस निगम को जनजातीय उद्यमिता के लिए एक उत्प्रेरक बताया।

           केंद्रीय जनजाति मंत्री श्री जुएल ओराम द्वारा छत्तीसगढ़ से चयनित लाभार्थी जिला बेमेतरा से किशन ध्रुव ग्राम कुआं (किराना व्यवसाय) एवं धनराज ठाकुर ग्राम गातापार (फोटो स्टूडियो व्यवसाय) सहित छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के प्रतिनिधि (कार्यपालन अधिकारी) प्रवीण कुमार लाटा का स्वागत किया और (NSTFDC) सावधि ऋण योजना के तहत व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित करने में उनके प्रयासों की सराहना की। मंत्री जी द्वारा लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

           इसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देते हुए श्री ओराव ने निगम के उस मुख्य उद्देश्य को रेखांकित किया जिसके तहत वह बिना किसी गारंटी (collateral-free) के वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जिससे जनजातीय लाभार्थियों तक इसकी पहुँच और अधिक व्यापक हो सके। मीडिया से बात करते हुए श्री ओराम ने कहा कि निगम ने लाभार्थियों को 16 लाख से अधिक ऋण वितरित किए हैं और अब तक कुल संवितरण (वितरित राशि) 4,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

        भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) ने नई दिल्ली के विश्व युवा केंद्र में अपना 25 वां स्थापना दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव श्री अनंत प्रकाश पांडे और (NSTFDC) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) श्री टी. रौमुआन पाइते, (NSTFDC) के प्रबंधक और मध्य क्षेत्र के प्रमुख श्री विकास रंजन साथ ही निगम के पूर्व CMD और देश भर की राज्य चौनलिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए 

15 अफ़्रैल 2026 

1. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code लागू करने के संबंध में Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया तथा समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया।  

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य के नागरिकों, संगठनों एवं विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करेगी। यह समिति वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक भी आमंत्रित कर सकती है। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत मंत्रिपरिषद से अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके।

2. मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस निर्णय से सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये राजस्व की कमी होगी, लेकिन महिला सशक्तीकरण के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना गया है। 

3. मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत उन्हें जीवनकाल में एक बार छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर 25 लाख रूपए तक की संपत्ति (भूमि/भवन) क्रय करने पर देय स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान किया जाएगा। देश सेवा में समर्पित सैनिकों का जीवन प्रायः स्थानांतरण और अस्थायित्व से भरा होता है, जिसके बाद वे स्थायी निवास के लिए संपत्ति क्रय करते हैं, ऐसे में यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगा। 

4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से सेवा क्षेत्र को आबंटन हेतु स्पष्ट वैधानिक पात्रता मिलेगी। भूमि आवंटन प्रावधानों में न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा का तार्किक सामंजस्य स्थापित होगा। लैंड बैंक भूखण्डों हेतु एप्रोच रोड का वैधानिक प्रावधान किया गया है। NBFC सहित वित्तीय संस्थाओं को सम्मिलित करने से उद्योगों के लिए ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे। कंपनियों में शेयर धारिता परिवर्तन से संबंधित प्रावधानों में व्यावहारिक स्पष्टता आएगी और Ease of Doing Business सुनिश्चित होगा। PPP मॉडल के लिए स्पष्ट प्रावधान से निजी निवेश एवं औद्योगिक अवसंरचना विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। 

5. छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। अब केन्द्र अथवा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेगी। इससे पट्टेदार के एकाधिकार के फलस्वरूप उत्पन्न रेत की आपूर्ति-संकट में कमी आएगी तथा दुर्गम क्षेत्रों में रेत खदानों के सुगम संचालन सहित रेत की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।  

6. मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करना है, अवैध खनन को रोकना तथा प्रक्रिया का सरलीकरण करना है।

गौण खनिज की ऐसी खदाने जो अकारण बंद रहती है अथवा शिथिल रहती है, में कठोर प्रावधान लाया गया है। अब इन खदानों के अनिवार्य भाटक दर में 30 वर्षाें के बाद वृद्धि की गई है। इन खदानों को व्यपगत (लैप्स) घोषित किए जाने संबंधी कठोर प्रावधानों को नियमों में शामिल किया गया है, जिसके फलस्वरूप ऐसी खदानों का संचालन अनिवार्य रूप से किये जाने की बाध्यता सुनिश्चित हो सकेगी। खनिजों के अवैध उत्खनन/परिवहन/भंडारण पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें न्यूनतम जुर्माना 25 हजार रूपए निर्धारित किया गया है, जो कि 5 लाख रूपए तक भी हो सकता है। अवैध परिवहन के मामलों में सुपुर्दगी दिए जाने हेतु जमानत राशि का भी निर्धारण किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र संबंधी प्रावधान को पूरे प्रदेश में एकसमान लागू किया जा रहा है। 

इसके अतिरिक्त उत्खनन पट्टों के समामेलन, अनुबंध पश्चात भू-प्रवेश एवं पर्यावरणीय शर्तों के अनुरूप संचालन जैसे प्रावधानों को भी सुदृढ़ किया गया है, जिससे खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित दोहन और राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण को बल मिलेगा।

7. मंत्रिपरिषद द्वारा दुधारू पशु प्रदाय संबंधी पायलट प्रोजेक्ट योजना में समस्त सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने संबंधी संशोधन तथा एनडीडीबी के साथ निष्पादित एमओयू की संबंधित कंडिका में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा जिससे उनके स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश के सर्वांगीण, सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सहयोग प्राप्त हो सकेगा। 

8. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने हेतु आवश्यक टीकाद्रव्यों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए National Dairy Development Board (NDDB) की सब्सिडरी कंपनी Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद से टीकों की खरीदी किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। निविदा प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा न बन पाने एवं जेम पोर्टल पर दर उपलब्ध न होने के कारण टीकों की समय पर आपूर्ति में बाधा आ रही थी, जिससे पशुओं का नियमित टीकाकरण प्रभावित हो रहा था। निर्णय के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनवरी 2027 तक आवश्यक टीकाद्रव्यों का क्रय उक्त एजेंसी से किया जाएगा, जिससे पशुओं में रोगों की रोकथाम, मृत्यु दर में कमी, पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा तथा दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

9. मंत्रिपरिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के प्रावधानों के अनुरूप छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के बीच पेंशन दायित्वों के प्रभाजन के संदर्भ में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूर्व वर्षों में किए गए 10,536 करोड़ रूपए के आधिक्य पेंशन भुगतान की राशि की वापसी पर सहमति दी गई। बैंकों द्वारा पूर्व में हुए त्रुटिपूर्ण लेखांकन के कारण यह अतिरिक्त भुगतान हुआ था, जिसका पुनर्मिलान एवं सत्यापन संयुक्त दल द्वारा किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, मध्यप्रदेश शासन द्वारा 2,000 करोड़ रूपए की राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदान की जा चुकी है तथा शेष 8,536 करोड़ रूपए की राशि आगामी 6 वार्षिक किश्तों में दी जाएगी। मंत्रिपरिषद ने इस व्यवस्था को स्वीकार करते हुए वित्त विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु अधिकृत किया है। 

इसके अतिरिक्त मंत्रिपरिषद की बैठक में  आगामी खरीफ सीजन हेतु उर्वरक की व्यवस्था तथा राज्य में LPG गैस की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की गई।

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भेलवाटोली में उमड़ा जनसैलाब — संत शिरोमणि सेन जी महाराज की 726वीं जयंती बनी आस्था, एकता और जागरूकता का ऐतिहासिक पर्व

नारायणपुर/ कुनकुरी। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम बंदरचुआं स्थित भेलवाटोली में संत शिरोमणि सेन जी महाराज की 726वीं जयंती अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में सरगुजा संभाग सहित जशपुर जिले के विभिन्न ब्लॉकों से समाज के हजारों लोग शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र धार्मिक और सामाजिक उत्साह से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम की शुरुआत संत शिरोमणि सेन जी महाराज के छायाचित्र पर माल्यार्पण और पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सर्व नाई सेन समाज सरगुजा संभाग अध्यक्ष श्री पारस नाथ ठाकुर जी उपस्थित रहे। उनके साथ महिला प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती अनुपमा ठाकुर जी, विधि प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अर्जुन ठाकुर जी, सैलून संघ सरगुजा संभाग अध्यक्ष श्री राकेश कुमार ठाकुर जी, वरिष्ठ संरक्षक श्री राम चरित्र ठाकुर जी एवं युवा नेता प्रकाश ठाकुर जी विशेष रूप से मौजूद रहे।

कार्यक्रम में जिला संगठन के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष श्री उमा शंकर ठाकुर जी, वरिष्ठ संरक्षक श्री बद्रीनाथ श्रीवास जी, जिला उपाध्यक्ष श्री प्रकाश ठाकुर जी, कोषाध्यक्ष श्री हरिहर ठाकुर जी, जिला सचिव श्री चंदन ठाकुर जी, महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष श्रीमती माया देवी श्रीवास जी, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती संजू श्रीवास जी, सचिव श्रीमती शांति श्रीवास जी सहित युवा एवं सैलून संघ के पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।

इसके अलावा दुलदुला, कांसाबेल, फरसाबहार, पत्थलगांव, मनोरा सहित विभिन्न ब्लॉकों से आए प्रतिनिधियों और समाज के लोगों की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर समाज की एकता का परिचय दिया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री पारस नाथ ठाकुर जी ने कहा कि “सत्य और परिश्रम के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति ही समाज में सम्मान और सफलता प्राप्त करता है।” उन्होंने समाज को संगठित होकर आगे बढ़ने और शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।

महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती अनुपमा ठाकुर जी ने अपने संबोधन में कहा कि “समाज में अहंकार का कोई स्थान नहीं होना चाहिए, हमें प्रेम, सहयोग और सद्भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”

सैलून संघ सरगुजा संभाग अध्यक्ष श्री राकेश कुमार ठाकुर जी ने संत सेन जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “उन्होंने अपने कर्म और सादगी से पूरे समाज को एक नई दिशा दी, हमें भी उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।”

कार्यक्रम के दौरान समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज को आगे बढ़ाना है तो शिक्षा और एकता ही सबसे बड़ा हथियार है।

कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में अनुशासन और व्यवस्था सराहनीय रही।

कार्यक्रम को सफल बनाने में भेलवाटोली के मेवा लाल श्रीवास, रामकुमार श्रीवास, सोनसाय श्रीवास, काशीनाथ श्रीवास, बूंदे श्रीवास, कृष्णा श्रीवास, गुरुदयाल श्रीवास, संतोष श्रीवास सहित अनेक कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही।

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उड़ीसा तक फैले नशे के नेटवर्क पर जशपुर पुलिस का शिकंजा, फरार सप्लायर रंजन साहू गिरफ्तार, ऑपरेशन ‘आघात’ में बड़ी सफलता 

जशपुर 15 अफ़्रैल 2026 । जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्रतिबंधित नशीली कफ सिरफ के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य सप्लायर रंजन साहू उर्फ राजन उर्फ पाकु (30 वर्ष), निवासी ग्राम मालिपाड़ा खटकुरबहार, थाना कुत्रा, जिला सुंदरगढ़ (उड़ीसा) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई थी, जब चौकी कोतबा क्षेत्र के ग्राम सुरंगपानी में पुलिस को सूचना मिली थी कि स्थानीय निवासी मोहित कुमार गुप्ता अवैध रूप से नशीली कफ सिरफ का कारोबार कर रहा है। इस सूचना पर पुलिस की टेक्निकल टीम और मुखबिर तंत्र सक्रिय हुआ और लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

दिनांक 20 जनवरी 2026 को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि संदिग्ध मोहित कुमार गुप्ता उड़ीसा से प्रतिबंधित नशीली कफ सिरफ लेकर वापस अपने गांव आ रहा है। सूचना मिलते ही चौकी कोतबा पुलिस ने लाखझार घाट के पास नाकाबंदी कर दी। इसी दौरान फरसाटोली की ओर से एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल में दो बोरियों के साथ आता हुआ संदिग्ध दिखाई दिया, जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया।

तलाशी लेने पर बोरियों में रखे दो कार्टून से 100-100 मिलीलीटर की 320 नग प्रतिबंधित विस्कोरेक्स कोडीन फास्फेट कफ सिरफ बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी के निशानदेही पर जंगल में छिपाकर रखे गए दो और कार्टून बरामद किए गए, जिनमें कुल 320 नग और सिरफ मिली। इस तरह कुल 640 नग नशीली कफ सिरफ जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 11 हजार रुपए आंकी गई।

पुलिस ने तत्काल आरोपी मोहित कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट की धारा 21(C) के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था। पूछताछ के दौरान मोहित ने खुलासा किया कि वह यह प्रतिबंधित कफ सिरफ उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के निवासी रंजन साहू से खरीदकर इलाके में बेचता था।

इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की एंड-टू-एंड जांच शुरू की और मुख्य सप्लायर रंजन साहू की तलाश तेज कर दी। आरोपी घटना के बाद से फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि वह अपने गृह ग्राम मालिपाड़ा खटकुरबहार (उड़ीसा) में देखा गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर उड़ीसा भेजी गई। टीम ने वहां पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की और फरार आरोपी रंजन साहू को हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने नशे के कारोबार में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21(C), 27(A) एवं 29 के तहत अपराध दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। साथ ही आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिलने की संभावना है।

इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी कोतबा उप निरीक्षक बृजेश कुमार यादव, सहायक प्लाटून कमांडर ललित तिग्गा, प्रधान आरक्षक दीनदयाल साहू, आरक्षक मुकेश मल्होत्रा सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मामले में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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????खाद माफियाओं पर विभाग का सख्ती : कृषि विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई, दो दुकानों को थमाया नोटिस — गड़बड़ी मिली तो होगी कड़ी वैधानिक कार्रवाई

जशपुरनगर 15 अप्रैल 2026/खरीफ विपणन वर्ष 01 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। अब तक खरीफ उर्वरक का लक्ष्य 26675 मे.टन के विरूद्ध में जिले में अबतक 11306 मे.टन का उर्वरक भण्डारण कर 149 मे. टन खाद का वितरण किया जा चुका है। 
          
कृषि विभाग के टीम द्वारा विगत दिवस 14 अप्रैल को पत्थलगांव विकास खण्ड के कोतबा, बागबहार के उर्वरक दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जिसमें से दो दुकान बन्टी जनरल स्टोर बागबहार एवं शर्मा कृषि सेवा केन्द्र कोतबा के दुकानों में विक्रय दर का प्रदर्शन, स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं होना, किसानों को खाद विक्रय का रजिस्टर संधारण नहीं होना, किसानों को बिल व पावती रसीद नहीं दिया जाना आदि अनियमितता पाये जाने के कारण उक्त दोनों संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तीन दिवस के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर उर्वरक अधिनियम के तहत् वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।
          
इसी प्रकार कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के टीम के द्वारा निरंतर निरीक्षण कर कमी पाये जाने पर किसी भी स्तर के दुकानदार को एक तरफा कार्यवाही की जावेगी। साथ ही किसान भाई को  भी आपके द्वारा निजी दुकान से उर्वरक एवं अन्य आदान सामग्री क्रय की जाती है, तो शासकीय दर पर ही क्रय करे एवं खरीदी कर रसीद अवश्य प्राप्त करें एवं उर्वरक के साथ किसी भी तरफ का टैग यथा नैनो यूरिया, नैनो डी.ए.पी., जैविक खाद या अन्य कीटनाशक दवाई यदि टैग करके किसानों को विक्रय की जाती है, तो तत्काल इसकी सूचना कृषि विभाग को देने की अपील की जाती है। जिले में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, उर्वरक की कालाबाजारी, गैर कृषि उपयोग, जमाखोरी, अधिक कीमत पर विक्रय एवं अमानक उर्वरकों के विक्रय जैसे अवैध कार्यवाही रोकने के लिए जिले के सभी निजी एवं शासकीय 187 दुकानों को कृषि विभाग के मैदानी अमलों को नामजद ड्यूटी लगाई गई है।

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में बढ़ी जंगलों में आगजनी की घटनाएं, मधेस्वर पहाड़ और बादलखोल क्षेत्र में लगी आग पर वन विभाग व ग्रामीणों की मदद से पाया गया काबू

नारायणपुर 15 अफ़्रैल 2026। गर्मी की शुरुआत के साथ ही जिले के जंगलों में आगजनी की घटनाओं ने फिर से चिंता बढ़ा दी है। असामाजिक तत्व अपने स्वार्थ के चलते महुआ बीनने, अवैध शिकार करने और शहद निकालने के लिए जंगलों में आग लगा रहे हैं। इस लापरवाही और लालच का खामियाजा न केवल हरे-भरे पेड़ों को भुगतना पड़ रहा है, बल्कि वन्य जीवों की जिंदगी पर भी सीधा खतरा मंडरा रहा है। जंगलों में लगने वाली यह आग कई जीव-जन्तुओं को जिंदा जला देती है, वहीं अनेक प्रजातियों का आशियाना पल भर में राख हो जाता है।

मधेस्वर पहाड़ के पास भड़की आग बुझाई गई

इसी कड़ी में कुनकुरी रेंज के नारायणपुर सर्किल अंतर्गत मधेस्वर पहाड़ के समीप जंगल में अचानक भीषण आग भड़क उठी। तेज हवाओं के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के क्षेत्रों में बड़े नुकसान की आशंका गहराने लगी। सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आया। डीएफओ जशपुर के निर्देश और कुनकुरी रेंजर के मार्गदर्शन में नाकेदार, फायर सर्विस की टीम और स्थानीय ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। आग इतनी भयावह थी कि उसे काबू में करने के लिए घंटों तक लगातार संघर्ष करना पड़ा। आखिरकार संयुक्त प्रयासों से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया और एक बड़ी तबाही टल गई।

इस दौरान ग्रामीणों ने भी अद्भुत साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया। बिना किसी संसाधन के ही वे आग बुझाने में जुट गए और वन विभाग की टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। उनकी सक्रिय भागीदारी ने हालात को बिगड़ने से बचा लिया।

बादलखोल अभ्यारण्य में रात के अंधेरे में हुई आगजनी बुझाई गई

इधर बादलखोल अभ्यारण्य के नारायणपुर सर्किल अंतर्गत बरडांड़ और नारायणपुर बीट क्षेत्र में भी रात के अंधेरे में असामाजिक तत्वों ने आग लगा दी। अचानक भड़की आग से जंगल में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही अभ्यारण्य के सर्किल दरोगा, नाकेदार, फायर वाचर और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हालात को संभालने में जुट गए। कड़ी मशक्कत और घंटों की मेहनत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया।

बढ़ती घटनाओं ने खड़े किए सवाल--लगातार सामने आ रही आगजनी की घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक असामाजिक तत्व जंगलों को अपनी स्वार्थपूर्ति का साधन बनाते रहेंगे? यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि जंगलों को बचाने के लिए अब और अधिक सतर्कता और सख्ती की जरूरत है। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों के सहयोग से फिलहाल कई जगहों पर बड़ी घटनाएं टल रही हैं, लेकिन यदि असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं। जंगल हमारी अमूल्य धरोहर हैं और इन्हें बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। 

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संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प: विष्णु देव साय ने समरसता भोज में परोसा सामाजिक एकता का संदेश, बाबा साहेब के विचारों को बताया लोकतंत्र की असली ताकत

रायपुर 14 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर   आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जनप्रतिनिधियों और आमजन के साथ बैठकर भोजन किया तथा स्वयं लोगों को भोजन परोसकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसके संविधान का निर्माण करने का गौरव बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह संविधान देश के 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर उच्चतम स्थान प्राप्त किया और समाज के वंचित, शोषित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने नारी शिक्षा और सम्मान के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा प्रारंभ किए गए नारी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने आगे बढ़ाया और उसे नई दिशा दी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जन्म, शिक्षा, दीक्षा, कार्य और समाधि स्थलों को “पंच तीर्थ” के रूप में विकसित कर उन्हें सच्चा और स्थायी सम्मान दिया जा रहा है। 

इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। समरसता भोज जैसे आयोजन सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने की मजबूत व्यवस्था दी। आज मुख्यमंत्री श्री साय और के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

समरसता भोज कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा,  छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित  थे।

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नारी शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र: अब नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का समय - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर, 14 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण’ का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के  सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

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डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया नमन : सामाजिक न्याय, समानता और समरस समाज के निर्माण का लिया संकल्प

रायपुर 14 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि  उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके उत्थान के लिए समर्पित किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि हम समाज में समरसता, न्याय और समानता के मूल्यों को सशक्त करें और अंतिम व्यक्ति तक विकास के लाभ सुनिश्चित करें।उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा एक न्यायपूर्ण, समरस और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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कलेक्टर श्री व्यास की अध्यक्षता में जिला स्तरीय डी.डब्ल्यू.एस.एम. की बैठक सम्पन्न

*जशपुरनगर 14 अप्रैल 2026* /कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में विगत दिवस 13 अप्रैल को जिला स्तरीय डी.डब्ल्यू.एस.एम. की बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें  विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा एवं “धरती आबा” योजना के प्रस्तावित कार्यों का अनुमोदन जिला जल एवं स्वच्छता मिशन से किया गया तथा ठेकेदारों को शासन के निर्देशानुसार भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु विभाग को निर्देशित किया गया। साथ ही पंप ऑपरेटर की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से कराने के लिए पंचायतों को शासन द्वारा निर्धारित राशि हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए तथा  केवल जलप्रदाय योजनाओ में भुगतान किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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जशपुर में पशुओं की रहस्यमयी मौत से हड़कंप: पेट फूलना और नाक से खून बहने के मामलों ने बढ़ाई चिंता, जांच के लिए विशेषज्ञ टीम गठित

जशपुर 14 अप्रैल 2026/ पशुपालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृत पशुओं और ग्राम के पशुओं का नमूना  एकत्र करने और किस कारण से पशुओं की मृत्यु हो रही है इसके लिए जांच टीम गठित 

टीम में डॉ. सी.एस. चन्द्राकार, अतिरिक्त उप संचालक, प्रभारी जिला पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला जशपुर 

डॉ. नरोत्तम गोपाल, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ, चल चिकित्सा इकाई जशपुरनगर, 

 डॉ. सुधीर कुमार मिंज, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सालय कुनकुरी, 

डॉ. पारोश्री दिनकर, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ, विकासखण्ड कुनकुरी को शामिल किया गया है।

जांच टीम के द्वारा पशु मृत्यु की जॉच एवं नमूना एकत्र करने हेतु तथा जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे
पशुपालन विभाग के उप संचालक ने बताया कि दूरभाष पर दिनांक 14.04.2026 को डॉ. सुधीर कुमार मिंज, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, प.चि. कुनकुरी के द्वारा 
सूचना दी गई है कि विकासखण्ड कुनकुरी के अंतर्गत ग्राम रजौटी, कलिबा एवं कुरकुंगा में पशुओं का पेट फूल रहा है तथा मृत्यु के पश्चात् नाक से खून का रिसाव हो रहा है। अब तक पशुओं में ऐसे 03 प्रकरण आ चुके है।

 टीम को संबंधित ग्रामों का प्रभारी जिला पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला जशपुर के साथ उपस्थित होकर दौरा कर मृत पशुओं एवं ग्राम के पशुओं का नमूना एकत्र करें तथा मृत्यु के संभावित कारणों का उल्लेख करते हुए विस्तृत जॉच प्रतिवेदन इस कार्यालय को दिनांक 16.04.2026 तक अनिवार्यतः प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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