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बस्तर से सरगुजा तक दौड़ेगी विकास की रेल! 1,800 किलोमीटर से अधिक नई रेल परियोजनाओं पर बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की महत्वपूर्ण चर्चा

रायपुर 30 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार, नई रेल परियोजनाओं तथा लंबित रेल लाइनों की प्रगति के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री संतोष पांडे उपस्थित थे।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के औद्योगिक, खनिज एवं कृषि दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का विस्तार केवल यातायात सुविधा का विषय नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार, पर्यटन, कृषि विपणन, जनजातीय अंचलों के विकास तथा क्षेत्रीय संतुलित प्रगति से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल अधोसंरचना के अभूतपूर्व विस्तार का लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है और राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रही है।

बैठक में कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि लगभग 295 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का विकास रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए दोनों संस्थाओं की साझेदारी में एक स्पेशल परपज़ व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा। यह रेल लाइन कटघोरा से करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी तथा ऐसे अनेक क्षेत्रों को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी, जहां अब तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा लाखों नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।

बैठक में रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यक कार्यवाही पूरी की जा चुकी है तथा रेलवे द्वारा निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने से बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश की तीन अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं - सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किलोमीटर), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किलोमीटर) तथा अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किलोमीटर) - को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस पर रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान किरंदुल-कोत्तागुडेम (180 किलोमीटर) तथा गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) (490 किलोमीटर) नई रेल लाइन परियोजनाओं के सर्वे कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर आगामी कार्यवाही प्रारंभ करने का अनुरोध किया, जिससे बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत हो सके तथा विकास एवं सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को गति मिले।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई रेल परियोजनाएं प्रदेश के औद्योगिक विकास, खनिज परिवहन, कृषि उत्पादों की सुगम आवाजाही, पर्यटन संवर्धन और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिलेगी।

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इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हुआ बस्तर का गौरव! राष्ट्रपति भवन में पहली बार मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के विजेता और जनजातीय प्रतिनिधियों का भव्य सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वयं भोजन परोसकर जीता सभी का दिल, अमित शाह बोले– ऐसा अद्भुत दृश्य पहले कभी नहीं देखा

रायपुर 30 जुलाई 2026/ बस्तर की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और सामाजिक नेतृत्व की गौरवशाली विरासत ने आज राष्ट्रपति भवन में इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परंपरागत जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन में आत्मीय स्वागत किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं, परगना मांझी, मांझी, चालकी तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन किया। भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा में अत्यंत दुर्लभ और आत्मीय दृश्य तब देखने को मिला, जब राष्ट्रपति ने स्वयं सभी अतिथियों को भोजन परोसकर उनका सम्मान किया। राष्ट्रपति की इस सहज आत्मीयता ने पूरे प्रतिनिधिमंडल को भावविभोर कर दिया।

प्रतिनिधिमंडल में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, बस्तर के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व के प्रतिनिधि, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार, पद्मश्री सम्मानित विभूतियाँ, जनप्रतिनिधि तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से आत्मीय संवाद करते हुए बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोककला, पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, मांझी-चालकी प्रणाली तथा बस्तर पंडुम के आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कलाकारों और जनजातीय प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत भारत की अमूल्य धरोहर है और उसका संरक्षण पूरे देश का दायित्व है।

*राष्ट्रपति ने जताई बस्तर आने की इच्छा*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आग्रह पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भविष्य में बस्तर दशहरा एवं बस्तर पंडुम में सम्मिलित होने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा उनके हृदय को विशेष रूप से स्पर्श करता है। राष्ट्रपति ने भगवान जगन्नाथ की काष्ठ निर्मित प्रतिमा तथा बस्तर दशहरा की अद्वितीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका बस्तर दशहरा से विशेष आत्मीय संबंध रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि मांझी उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके पिता भी मांझी थे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था सामाजिक एकता, सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक संरक्षण की सशक्त आधारशिला है।

*बस्तर पंडुम ने संस्कृति को दिलाई नई पहचान*

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि बस्तर पंडुम  छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने बस्तर की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करते हैं। 

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के कलाकार, शिल्पकार और युवा अपनी सांस्कृतिक अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

*बस्तर विकास और शांति की नई पहचान बन रहा है*

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सरकार के सतत प्रयासों और स्थानीय जनभागीदारी के परिणामस्वरूप बस्तर आज शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर में आया यह सकारात्मक परिवर्तन पूरे देश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है।

उन्होंने मांझी एवं चालकी की भूमिका की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि वे समाज और प्रशासन के बीच प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करते हुए सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

*पहली बार राष्ट्रपति भवन में दिखा बस्तर का ऐसा वैभव - केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह*

इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि वे अनेक अवसरों पर राष्ट्रपति भवन आए हैं, किंतु पहली बार उन्होंने राष्ट्रपति भवन में बस्तर की पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल को एक साथ देखा है। उन्होंने कहा कि यह दृश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय गौरव का अद्भुत प्रतीक है।

*मुख्यमंत्री बोले – यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से बस्तर के प्रतिनिधिमंडल की यह आत्मीय भेंट पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर अंचल के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएँ और सांस्कृतिक विरासत देश के सर्वोच्च संवैधानिक मंच पर सम्मानित हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर आज शांति, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है तथा स्थानीय कलाकारों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को नया मंच प्रदान किया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज और उसकी संस्कृति से गहरा आत्मीय जुड़ाव है। उनके अनुभव, स्नेह और मार्गदर्शन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि उनके आगमन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान मिलेगी तथा जनजातीय समाज का उत्साह और बढ़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन का भ्रमण भी किया तथा भारत की लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक विरासत से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों और महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत हुआ।

*राष्ट्रपति को भेंट की गई बस्तर की 300 वर्ष पुरानी 'झिटकू-मिटकी' की अनुपम कलाकृति*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा 'झिटकू-मिटकी' पर आधारित विशेष कलाकृति स्मृति-चिह्न स्वरूप भेंट की। यह कलाकृति बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्रेम, समर्पण, लोकआस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है।

लोकमान्यता के अनुसार कठिन अकाल के समय झिटकू और मिटकी ने अपने प्रेम, त्याग और समर्पण की ऐसी अमिट मिसाल प्रस्तुत की कि उन्हें देवतुल्य सम्मान प्राप्त हुआ। आज भी बस्तर अंचल में झिटकू को 'खोड़िया राजा' तथा मिटकी को 'गप्पा देई' के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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साइकिल मिली तो खिल उठीं बेटियों की मुस्कान, सिटोंगा स्कूल की 16 छात्राओं को मिला निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना का लाभ

जशपुर। छत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत शासकीय हाई स्कूल सिटोंगा में अध्ययनरत कक्षा 9वीं की 16 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। साइकिल मिलने से छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ झलकती नजर आई।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सिटोंगा की सरपंच श्रीमती कल्पना लकड़ा, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी टुमनू गोसाई तथा विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक अजय कुमार चैबे ने छात्राओं को साइकिल प्रदान की। इस दौरान विद्यालय की प्राचार्य, शिक्षकगण, पालक एवं ग्रामीणजन भी उपस्थित रहे।

अतिथियों ने छात्राओं को शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि बालिका शिक्षा समाज के विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने छात्राओं से हर क्षेत्र में आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रातरानी शारदा मिंज ने कहा कि साइकिल मिलने से छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और दूर-दराज से विद्यालय आने में उन्हें सुविधा मिलेगी।

कार्यक्रम का संचालन सुभाष चन्द्र वर्मा ने किया। अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। साइकिल पाकर छात्राओं ने खुशी जाहिर करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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गुरु पूर्णिमा पर जशपुर से 'समरसता संकल्प अभियान', गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष पर जिलेभर के मंदिरों में जले हजारों दीप, भाजपा ने सामाजिक समरसता और विकसित भारत का लिया संकल्प

जशपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी 'समरसता संकल्प अभियान' का शुभारंभ गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जशपुर जिले में श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। अभियान के प्रथम चरण 'समरसता दीप महोत्सव' के अंतर्गत जिलेभर के मंदिरों में दीप प्रज्वलित कर सामाजिक समरसता, सद्भाव और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया।

जशपुर नगर स्थित बालाजी मंदिर में जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने दीप प्रज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया, वहीं लोरो शिव मंदिर में पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने दीप प्रज्ज्वलित कर संत गुरु रविदास महाराज के समता, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इसके साथ ही जिले के सभी मंडलों एवं गांवों के मंदिरों में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज ने अपने जीवन से समानता, आत्मसम्मान, भाईचारे और सामाजिक न्याय का जो संदेश दिया, वही विकसित भारत की मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी इसी विचार को जन-आंदोलन का स्वरूप देते हुए 'समरसता संकल्प अभियान' के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने का कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने सामाजिक भेदभाव से मुक्त, समरस और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया तथा संत गुरु रविदास महाराज के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।


इस संबंध जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, ममता कश्यप, पिंकी गुप्ता, कमला निराला, उमा देवी, शारदा प्रधान, नीतू गुप्ता, राजकुमार सिंह, देवधन नायक, रूपेश सोनी, गोविंद भगत, मुकेश सोनी, शरद चौरसिया, दीपक गुप्ता, द्वारिका मिश्रा, अनिता पैकरा, सतीश गोस्वामी, नागेंद्र भगत, रागिनी भगत, रमाशंकर गुप्ता सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा ऐलान: मलेरिया के खिलाफ निर्णायक जंग जारी, बस्तर में 99% आबादी की स्क्रीनिंग, 60 हजार गंभीर मरीजों का इलाज, अब नकली (एनॉलॉग) पनीर बेचने वालों की खैर नहीं


रायपुर, 30 जुलाई 2026। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश सरकार दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बस्तर अंचल में संचालित मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके माध्यम से लाखों लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंची हैं तथा गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार संभव हुआ है।

रायपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34.29 लाख से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग, मुख कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार प्रारंभ किया गया। वहीं 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया तथा 10,938 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मलेरिया के कुछ मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम और मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर जांच, उपचार, सर्वेक्षण और जनजागरूकता गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने  कहा कि मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही हमारा लक्ष्य है। इसके लिए समय पर जांच, त्वरित उपचार, सतत निगरानी और सामुदायिक जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि रणनीतिक कार्ययोजना, सतत निगरानी और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (एपीआई) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि मलेरिया नियंत्रण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों को दर्शाती है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव सम्पन्न हुए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित विशेषज्ञ जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान तथा आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस संचालित की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक नागरिकों को समयबद्ध आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे दुर्घटना, प्रसूति एवं अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो सकी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए HLL Lifecare Limited के सहयोग से राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हब एंड स्पोक मॉडल, आईटी आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली एवं गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी विश्वसनीय और समयबद्ध जांच सुविधियां उपलब्ध हो रही हैं।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी 10  मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इससे स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आवश्यक तकनीकी एवं पैरामेडिकल मानव संसाधन उपलब्ध होंगे तथा प्रदेश के युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगारोन्मुखी शिक्षा एवं प्रशिक्षण के नए अवसर प्राप्त होंगे।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए  प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग एवं विक्रय पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता होगी और मजबूत, लोक परीक्षा संशोधन विधेयक से परीक्षा माफिया पर सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ: भाजपा जिला प्रभारी अमर सुल्तानिया

जशपुर :-

भाजपा जिला जशपुर के प्रभारी अमर सुल्तानिया ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनके परिश्रम और उनके भविष्य की रक्षा के लिए निरंतर ठोस एवं प्रभावी निर्णय ले रही है। यह संशोधन उसी दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

अमर सुल्तानिया ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं करोड़ों युवाओं की वर्षों की मेहनत, आशाओं और विश्वास का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराध जैसी गतिविधियां न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे अपराधों पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया यह संशोधन परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है। इससे परीक्षा माफिया, संगठित आपराधिक गिरोहों तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता में शामिल तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई का मार्ग और मजबूत होगा। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों एवं सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी और अधिक सुनिश्चित होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनेगी।

अमर सुल्तानिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल पारदर्शिता तथा अब परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह संशोधन युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवाओं को उनकी योग्यता और परिश्रम के अनुरूप निष्पक्ष अवसर प्राप्त हों। यह संशोधन उसी सोच को साकार करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ईमानदार प्रतिभा को संरक्षण देने और परीक्षा सम्बन्धी अनियमितताओं पर कठोर प्रहार करने का कार्य करेगा।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को मिलेगी रचनात्मक उड़ान, ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला में स्कूली छात्र सीखेंगे कार्टून-कैरिकेचर, दुनिया देखेगी बस्तर की नई सकारात्मक पहचान


     
    रायपुर, 30 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच द्वारा जगदलपुर में स्कूली विद्यार्थियों के लिए ‘मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर कला का प्रशिक्षण देने के साथ बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और लोकजीवन को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
       मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर आज विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों के कारण देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा तथा अन्य लोकपर्व बस्तर की समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं। कार्टून वॉच के संपादक श्री त्र्यंबक शर्मा ने बताया कि कार्यशाला की थीम ‘मुस्कुराता बस्तर’ इन्हीं सकारात्मक पहलुओं को कार्टून कला के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति देना है।
 इस कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट श्री माधव जोशी तथा पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार श्री शुभम जिंदे लाइव डेमो के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट कार्टून और कैरिकेचर बनाने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही विद्यार्थियों को कार्टून कला के सामाजिक, रचनात्मक और रोजगारपरक पक्षों से भी परिचित कराया जाएगा।
     कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और बस्तर की सकारात्मक पहचान को कला के माध्यम से देशभर तक पहुंचाया जा सके। ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने का रचनात्मक प्रयास है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात: बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली तक बनेगी 4.89 करोड़ की ग्रामीण सड़क


जशपुर 30 जुलाई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए एक और महत्वपूर्ण सौगात दी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 4 करोड़ 89 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। लंबे समय से इस सड़क निर्माण की मांग की जा रही थी, जिसके पूरा होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।
सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से आवागमन की समस्या दूर होगी और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
जशपुर जिले में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकास कार्य लगातार गति पकड़ रहे हैं। जिले के ग्रामीण अंचलों में सड़क निर्माण के अनेक कार्य स्वीकृत होने से अब गांव-गांव तक बेहतर सड़क संपर्क स्थापित हो रहा है। इससे लोगों का सफर आसान होने के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास को भी मजबूती मिल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले खराब सड़कों के कारण बारिश के दिनों में आवागमन बेहद कठिन हो जाता था, लेकिन अब नई सड़क बनने से यह समस्या समाप्त होगी। विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर जिले में विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। लगातार सड़क निर्माण परियोजनाओं की स्वीकृति से जिले में सड़कों का जाल बिछ रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। यह स्वीकृति क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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मनोरा के शिक्षकों ने मंच पर जीवंत की प्रेमचंद की अमर कृति "पंच परमेश्वर", शानदार नाट्यमंचन ने जीता दर्शकों का दिल, भाषा शिक्षण को रोचक बनाने का दिया संदेश

जशपुर। जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड में हिंदी के महान साहित्यकार प्रेमचंद की कालजयी कहानी "पंच परमेश्वर" का प्रभावशाली नाट्यमंचन किया गया। इस प्रस्तुति की खास बात यह रही कि नाटक के सभी पात्रों की भूमिका विकासखंड के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने निभाई। कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड शिक्षा विभाग मनोरा एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम में विकासखंड के बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, समुदाय के सदस्य, पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनोरा के छात्र-छात्राएं तथा संकुल समन्वयक उपस्थित रहे। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल, सहायक शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम एवं बीआरसीसी आशुतोष शर्मा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के मुकेश ने किया, अतिथियों का स्वागत चन्द्रदेव ने तथा आभार प्रदर्शन बीआरसीसी आशुतोष शर्मा ने किया।

नाट्यमंचन में प्राथमिक शाला रजलापाठ की शिक्षिका वंदना माझी, पूर्व माध्यमिक शाला कलारू के शिक्षक उज्ज्वल वैष्णव, रेमने संकुल की सीएसी सुमन भगत, प्राथमिक शाला हर्राडीपा के संदीप भगत, प्राथमिक शाला पटिया की अल्पना देवी, प्राथमिक शाला नालापारा के अजय भगत तथा प्राथमिक शाला तलोरा के विवेक लकड़ा ने अपनी दमदार अभिनय प्रतिभा से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। वहीं संगीत की जिम्मेदारी प्राथमिक शाला रुकरूमा के शिक्षक देवेश प्रधान एवं पूर्व माध्यमिक शाला के शिक्षक हरीश कुमार महंत ने निभाई। फोटोग्राफी का कार्य निलाभ्र ने किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल ने कहा कि शिक्षकों ने प्रेमचंद की अमर कहानी "पंच परमेश्वर" को मंच पर जीवंत कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालयों में भाषा शिक्षण के दौरान कहानी, कविता और एकांकी का रोल-प्ले कराया जाए तो बच्चों में अभिव्यक्ति कौशल विकसित होगा, संकोच दूर होगा और पढ़ाई अधिक रोचक एवं प्रभावी बनेगी।

वहीं विकासखंड स्रोत समन्वयक आशुतोष शर्मा ने कहा कि शिक्षकों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का परिचय देते हुए इस नाट्यमंचन को सफल बनाया है। भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यालयों में रचनात्मक वातावरण बनेगा और बच्चों के सीखने की प्रक्रिया अधिक आनंददायी होगी।

कार्यक्रम में मनोरा कॉलेज के प्राध्यापक आलेख केरकेट्टा, प्रधान पाठक प्रवीण पाठक, संकुल समन्वयक महेंद्र सिंह, प्रेमलाल बर्मन, मुनेश्वर यादव, इंदु पटेल, विवेक गुप्ता, शिक्षिका असरिता एक्का, विनोद भगत सहित अनेक शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में दर्शकों ने नाट्यमंचन की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए शिक्षकों के इस अभिनव प्रयास को शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायी पहल बताया।

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छत्तीसगढ़ के 5 लाख कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! ई-कार्ड से होगा कैशलेस इलाज, रेफरल व्यवस्था खत्म, अस्पताल को सीधे भुगतान करेगी सरकार

जशपुर :-छत्तीसगढ़ राज्य में शासकीय सेवक और उसके परिवार को अब साधारण अथवा गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ सरकार के  कैशलेस चिकित्सा योजना लागू करने के निर्णय से शासकीय सेवकों का सपना साकार होने जा रहा है।वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में बाकायदा 100 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांत अध्यक्ष राजेश चटर्जी  एवं जिला  जशपुर के जिलाध्यक्ष विनोद गुप्ता , महामंत्री संजीव शर्मा 
ने बताया कि छत्तीसगढ़ के तकरीबन 5 लाख कर्मचारी और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के कार्ययोजना को अंतिम रूप देने मंत्रालय में श्री अमित कटारिया सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन के अध्यक्षता में आयोजित अति- महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष को आमंत्रित किया गया था। प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना महानिदेशालय के.स्वा.यो. भवन,दिल्ली के कार्यालय ज्ञापन दिनांक 03/10/2025  की कॉपी सौंपकर स्वास्थ्य सचिव को जानकारी दिया कि   केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) की पैकेज दर के अनुसार केंद्रीय सरकार के पेंशनर्स एवं अन्य विशिष्ट वर्ग के लाभार्थियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।जोकि 13/10/2025 से प्रभावशील है। अतः छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनर्स एवं अन्य विशिष्ट वर्ग के लाभार्थियों को CGHS की पैकेज दर पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार करने का प्रस्ताव दिया है।
   उन्होंने बताया कि कैशलेस चिकित्सा योजना लागू हो जाने से छत्तीसगढ़ राज्य में शासकीय सेवक और उसके परिवार को अब साधारण अथवा गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। *छत्तीसगढ़ सरकार के कैशलेस चिकित्सा योजना लागू करने के निर्णय से शासकीय सेवक का सपना साकार होने जा रहा है।* वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में बाकायदा 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
   उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिये कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष द्वारा राज्य सरकार को दिया गया था।प्रस्तुत प्रस्ताव के सुझावों को कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल किया गया है।     उन्होंने शासकीय सेवक को  वर्तमान उपलब्ध चिकित्सा सुविधा एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा की विस्तृत जानकारी दिया है। पहले कर्मचारी/परिजनों के इलाज का खर्चा कर्मचारी प्रारंभ में स्वयं व्यय करता था।तत्पश्चात चिकित्सा में हुए व्यय का बिल जमा करने के बाद शासन से प्रतिपूर्ति प्राप्त करता था। जोकि अत्यंत जटिल प्रक्रिया से गुजरने वाला था। लेकिन अब कैशलेस चिकित्सा योजना में कर्मचारी को बहुत बड़ा राहत मिलेगा।अब कर्मचारी को ई-कार्ड मिलेगा जिसके तत्काल ऑनलाइन वेरिफिकेशन से आवश्यक चिकित्सा सुविधा बिना एडवांस राशि जमा किये प्रारंभ हो जायेगा। जोकि बहुत बड़ा राहत है। पुराने प्रक्रिया में रेफर (refer) का प्रावधान था।लेकिन अब रेफर (refer) के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। पहले प्रारंभ से अंतिम तक  इलाज का सम्पूर्ण व्यय का भुगतान कर्मचारी खुद वहन करता था।लेकिन अब नए योजना में  प्रारंभ से अंतिम तक इलाज का सम्पूर्ण व्यय का भुगतान राज्य शासन द्वारा  ऑनलाइन (Transaction Management System-TMS) के द्वारा CGHS के दर पर सीधे हॉस्पिटल को होगा। इससे बिल पास कराने  के लिये कार्यालयों में चक्कर लगाने और भ्रष्टाचार से कर्मचारियों को मुक्ति मिलेगा।
 उन्होंने बताया कि नये कैशलेस चिकित्सा योजना में कर्मचारी द्वारा उपचार एवं  मेडिकल देयकों की जाँच- पड़ताल AI आधारित ट्रिगर विश्लेषण एवं राष्ट्रीय धोखाधड़ी विरोधी इकाई (National Anti Fraud Unit-NAFU) के माध्यम से होगा।इससे फर्जी मेडिकल बिल पर नकेल कसने की तैयारी है।
   छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने कैशलेस चिकित्सा योजना को कर्मचारियों के सपनों को सरकार द्वारा साकार करने का योजना निरूपित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं मुख्यसचिव श्री विकासशील का विशेष आभार माना है।साथ ही,स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया तथा योजना को मुर्तरुप देने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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प्रदेशभर के उभरते हॉकी सितारों का जशपुर में दमदार प्रदर्शन, 26वीं राज्य स्तरीय शालेय नेहरू हॉकी क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य समापन,विधायक गोमती साय बोलीं—खेल से बनता है मजबूत व्यक्तित्व और उज्ज्वल भविष्य

जशपुर। जशपुर में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय नेहरू हॉकी क्रीड़ा प्रतियोगिता-2026 का आज गरिमामय समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में विधायक पत्थलगांव एवं उपाध्यक्ष सरगुजा विकास प्राधिकरण श्रीमती गोमती साय शामिल हुईं। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों से पहुंचे प्रतिभाशाली बालक-बालिका खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया।

समापन अवसर पर विधायक गोमती साय ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं। खेलों के माध्यम से बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होने के साथ-साथ समाज में एकता, सहयोग और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है।

श्रीमती गोमती साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी मेहनत और लगन से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जशपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता में शामिल हुए उभरते खिलाड़ी आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।

उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े सभी लोगों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और खिलाड़ियों को निरंतर मेहनत करते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

26वीं राज्य स्तरीय शालेय नेहरू हॉकी क्रीड़ा प्रतियोगिता ने जशपुर की खेल प्रतिभाओं को एक बेहतर मंच प्रदान किया। प्रतियोगिता के समापन के साथ खिलाड़ियों में नई ऊर्जा और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने का उत्साह देखने को मिला।

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गुरु पूर्णिमा पर बनकोम्बो के शनि मंदिर में हुआ दीप प्रज्वलन, गुरु रविदास जी के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प

नारायणपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्राम बनकॉम्बो स्थित शनि मंदिर में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गुरु रविदास जी के जीवन, उनके आदर्शों एवं भारतीय गुरु परंपरा का स्मरण करते हुए सामाजिक समरसता, समानता, मानवता, सेवा और राष्ट्रभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्या श्रीमती अनिता सिंह, भाजपा ग्रामीण मंडल कुनकुरी के अध्यक्ष उमेश यादव, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, ग्राम पंचायत बनकॉम्बो की सरपंच श्रीमती सरिता अंगिरा, पिछड़ा मोर्चा उपाध्यक्ष बिरेंद्र कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धापूर्वक दीप अर्पित कर गुरुजनों के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज का जीवन समाज को समानता, भाईचारे और मानव सेवा का संदेश देता है। उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र एवं समाज की निस्वार्थ सेवा करने का संकल्प ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

इस दौरान हीरालाल चौहान, सतकुमार यादव, मनोज यादव, तुलेश्वर यादव, बिमल बाबा, सुरेंद्र यादव, संजय यादव, त्रिलोचन यादव, सुनेश्वर चौहान, रवि चौहान, लूखु चौहान, लक्ष्मी यादव, बीरबल यादव, मुरलीधर यादव सहित अनेक कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे।

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बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क की तस्करी का बड़ा खुलासा, डब्ल्यूसीसीबी-वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में तीन तस्कर दबोचे, वन्यजीव तस्करी के बड़े नेटवर्क की जांच तेज

सूरजपुर। वल्र्ड वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो सेंट्रल रीजन भोपाल (डब्ल्यूसीसीबी सीआरबी) की टीम ने 27 जुलाई को सूरजपुर डीएफओ को सूचना दी कि आपके क्षेत्र में बाघ की खाल समेत अन्य वन प्राणी के शल्क की तस्करी होने वाली है। 
    सूचना मिलते ही डीएफओ ने डब्ल्यूसीसीबी सीआर भोपाल की टीम के साथ मिलकर 2 टीमें आरोपियों को पकडऩे के लिए बनाईं। सूचना के आधार पर जिले के ओडग़ी-भैयाथान मार्ग पर घेराबंदी कर 3 तस्करों को पकड़ा। उनकी तलाशी ली गई तो बाघ की खाल और पैंगोलिन का शल्क मिला। इसके बाद टीम ने खाल और शल्क जब्त कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों को बुधवार को जेल भेज दिया गया।
    सूरजपुर डीएफओ डीपी साहू ने बताया कि बाघ की खाल की तस्करी की सूचना पर उन्होंने वनकर्मी रमेश सिंह, मनोज जायसवाल, महेंद्र प्रसाद, सत्यप्रकाश, राजाराम व अजय राजवाड़े के साथ डब्ल्यूसीसीबी सीआर भोपाल की 2 संयुक्त टीम का गठन किया। 27 जुलाई को एक टीम को सूरजपुर जबकि दूसरे को कुदरगढ़ की ओर भेजा गया। टीम ने ओडग़ी- भैयाथान मार्ग पर ग्राम बैजनाथपुर के पास घेराबंदी की।
      इस दौरान 3 लोग बाइक क्रमांक सीजी 15 डीएन- 7494 पर सवार होकर आते दिखाई दिए। हुलिए के आधार पर उन्हें रोक कर तलाशी ली गई तो उनके पास बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क मिले। टीम ने खाल और शल्क जब्त कर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। 28 जुलाई को तीनों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया।

ये 3 तस्कर गिरफ्तार

   वन विभाग व डब्ल्यूसीसीबी सीआर भोपाल की टीम ने जिन 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है, उनमें सूरजपुर जिले के ओडग़ी थाना क्षेत्र के ग्राम धरसीवां नवापारा निवासी टिकेश्वर प्रसाद राजवाड़े पिता रामकिशुन राजवाड़े 38 वर्ष, ग्राम भंवरखोह के आमापानी निवासी भूखन लाल पंडो पिता रामलाल 56 वर्ष व उसी गांव के गरीबलाल पिता रामदयाल 58 वर्ष शामिल हैं।

अन्य आरोपी भी हो सकते हैं शामिल

     डीएफओ ने बताया की पूरी कार्रवाई में वन विभाग अंबिकापुर और वन परिक्षेत्र कुदरगढ़ की टीम शामिल रही। उन्होंने बताया कि प्रकरण में अन्य आरोपियों के भी शामिल होने की संभावना है। इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ की गई है, मामले की जांच की जा रही है।

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बाघ बचेंगे तो जंगल बचेंगे, जंगल बचेंगे तो जीवन बचेगा : नारायणपुर में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर रैली, संगोष्ठी और प्रतियोगिताओं के जरिए संरक्षण का संदेश,विजेताओं को किया गया सम्मानित

नारायणपुर। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर बादलखोल अभ्यारण्य के नारायणपुर रेंज में बुधवार को बाघ संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को लेकर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। दिनभर चले आयोजनों में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली, संगोष्ठी, चित्रकला, स्लोगन एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बाघों के संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर गेम रेंजर नारायणपुर की उपस्थिति में जागरूकता रैली से हुई। वन विभाग के अधिकारियों, विद्यालय स्टाफ और छात्र-छात्राओं ने नगर में रैली निकालकर लोगों को बाघों और जंगलों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। रैली के दौरान वातावरण देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण के नारों से गूंज उठा। छात्र-छात्राएं हाथों में जागरूकता तख्तियां लिए हुए चल रहे थे और पूरे उत्साह के साथ नारे लगा रहे थे—

"बाघ बचेंगे, जंगल बचेंगे, जीवन बचेगा।"
"जंगल की हर धड़कन, हमारे अस्तित्व का आधार।"

रैली के माध्यम से आम नागरिकों से अपील की गई कि वे वन्यजीवों की सुरक्षा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए आगे आएं।

रैली के बाद शासकीय प्राथमिक शाला दाराखरीका में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विद्यार्थियों और ग्रामीणों को बाघों की घटती संख्या, उनके संरक्षण की आवश्यकता, वन्यजीवों के महत्व तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में बाघों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे तो जैव विविधता भी सुरक्षित रहेगी और मानव जीवन भी संतुलित रहेगा।

इसी क्रम में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नारायणपुर एवं कन्या शाला नारायणपुर में बाघ दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा श्रीनिवास तनेटि के निर्देश पर अधीक्षक आशुतोष भगत के मार्गदर्शन एवं गेम रेंजर सिद्धार्थ भारती के नेतृत्व में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने चित्रकला, स्लोगन लेखन और निबंध लेखन के माध्यम से बाघ संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों ने रंगों और शब्दों के जरिए यह संदेश दिया कि प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बाघ संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु-शिष्य परंपरा और गुरुजनों के सम्मान का संदेश भी दिया गया। विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, वन्यजीवों की रक्षा करने तथा जल एवं प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उठाया गया प्रत्येक छोटा कदम भविष्य में बड़े सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन सकता है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को यह भी बताया कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं बल्कि पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती का प्रतीक है। यदि बाघ सुरक्षित रहेंगे तो जंगल सुरक्षित रहेंगे और जंगल सुरक्षित रहेंगे तो जल, जलवायु तथा मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। इसके साथ ही वन्यजीव एवं मनुष्य के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने के उपायों पर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।

प्रतियोगिताओं के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। विजेताओं को सम्मानित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण की भावना विकसित करती हैं।

कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि विश्व बाघ दिवस प्रत्येक वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2010 में बाघों के संरक्षण के लिए वैश्विक स्तर पर किए गए प्रयासों के तहत की गई थी।

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, अभ्यारण्य का समस्त स्टाफ, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तथा ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन का उद्देश्य समाज में यह संदेश पहुंचाना था कि बाघों और जंगलों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

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संत रविदास जी की 650वीं जयंती पर कुनकुरी ग्रामीण मंडल के दो गांवों में दीप प्रज्वलन, भाजपा कार्यकर्ताओं ने समता और सामाजिक समरसता का दिया संदेश

नारायणपुर। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर रेंगारघाट स्थित शिव मंदिर अंडील (सरना) में भारतीय जनता पार्टी ग्रामीण मंडल कुनकुरी द्वारा श्रद्धा, भक्ति और गरिमामय वातावरण में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत रविदास जी के समता, सद्भाव, मानवता और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, मंडल उपाध्यक्ष तुलाधार यादव, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता कपिल गुप्ता, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र राम, टिकेश्वर यादव, गणेश यादव, उपेंद्र यादव, हेमंत आपट सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने कहा कि संत गुरु रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानव कल्याण का प्रेरणास्रोत है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में भाईचारा, सद्भाव और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

दीप प्रज्वलन के साथ आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने संत रविदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा सामाजिक एकता को सशक्त बनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।

 गुरु पूर्णिमा पर जोरातराई में मनाई गई संत रविदास जी की 650वीं जयंती, शिव मंदिर में दीप जलाकर समाज में समरसता का दिया संदेश 

नारायणपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्राम जोरातराई के शिव मंदिर में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई। इस अवसर पर दीप प्रज्वलित कर संत रविदास जी के जीवन दर्शन, समता और सामाजिक सद्भाव के संदेश को स्मरण किया गया।

कार्यक्रम में जिला सदस्य (डीडीसी) श्रीमती मलिता नायक, जनपद सदस्य श्रीमती भारती भगत, संयोजक जागर यादव, मंत्री प्रदीप यादव, बूथ अध्यक्ष राम सुमेर भगत, भोलाराम, शिवकुमार, मुनेश्वर राम, लक्ष्मण राम, महेश्वर राम सहित भाजपा कार्यकर्ता, ग्रामवासी, महिलाएं, पुरुष एवं बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इस दौरान वक्ताओं ने संत रविदास जी के विचारों को वर्तमान समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए सामाजिक समरसता, भाईचारे और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में समानता और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक श्रद्धांजलि एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जहां पूरे गांव में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का वातावरण देखने को मिला।

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राशिफल: आज किस राशि की खुलेगी किस्मत, किसे मिलेगा अचानक धन लाभ और किन राशियों को रहना होगा हर कदम पर सतर्क?

♈ मेष राशि

आज का दिन आपके लिए उत्साह और नई ऊर्जा लेकर आएगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। व्यापार में लाभ के नए अवसर बनेंगे। यदि कोई नया निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो अनुभवी व्यक्ति की सलाह अवश्य लें। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी शुभ समाचार से घर में प्रसन्नता का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में मन लगेगा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सकारात्मक संकेत मिलेंगे। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन अत्यधिक भागदौड़ से थकान हो सकती है। शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

♉ वृषभ राशि

आज धैर्य और समझदारी से लिए गए निर्णय आपके लिए लाभदायक रहेंगे। कार्यक्षेत्र में मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। व्यापार में ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है और रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। जीवनसाथी का सहयोग आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खान-पान में लापरवाही न करें। शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

♊ मिथुन राशि

आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता आपको सफलता दिला सकती है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। व्यापार में नए संपर्क भविष्य में लाभ देंगे। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रहेगा और आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। परिवार का वातावरण सुखद रहेगा। प्रेम जीवन में रिश्ते मजबूत होंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

♋ कर्क राशि

आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना आपके लिए आवश्यक रहेगा। कार्यक्षेत्र में धैर्य से काम लेने पर सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में धीरे-धीरे प्रगति होगी। परिवार में किसी धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम की चर्चा हो सकती है। आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहेगी। संतान पक्ष से खुशी मिल सकती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से पेट संबंधी समस्याओं से बचने के लिए खान-पान पर ध्यान दें। शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 2

♌ सिंह राशि

आज आपका आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता लोगों को प्रभावित करेगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को सम्मान और प्रशंसा मिल सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

♍ कन्या राशि

आज योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर सफलता मिलेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में लाभ होगा और पुराने विवाद समाप्त होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सामंजस्य बना रहेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन विशेष रूप से अनुकूल है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम भी करें। शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

♎ तुला राशि

आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की चर्चा हो सकती है। व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। परिवार में आनंद का वातावरण रहेगा। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

♏ वृश्चिक राशि

आज जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से बचें। कार्यक्षेत्र में धैर्य और संयम बनाए रखें। व्यापार में लाभ होगा, लेकिन साझेदारी के मामलों में सावधानी बरतें। परिवार के बुजुर्गों का मार्गदर्शन लाभदायक रहेगा। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। स्वास्थ्य की दृष्टि से तनाव से बचें। शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 8

♐ धनु राशि

आज आपके लिए उन्नति के नए रास्ते खुल सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

♑ मकर राशि

आज मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यशैली की सराहना होगी। व्यापार में लाभ और नए अनुबंध मिलने के योग हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा। संपत्ति संबंधी मामलों में सकारात्मक समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

♒ कुंभ राशि

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में विस्तार के अवसर बनेंगे। परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

♓ मीन राशि

आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक सोच लेकर आएगा। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार के साथ समय सुखद रहेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक शांति बनी रहेगी। शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 7

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गुरु पूर्णिमा पर लोरो शिव मंदिर में विधायक गोमती साय ने जलाए 101 दीप, क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना

कुनकुरी। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने लोरो शिव मंदिर में महिला मोर्चा की बहनों के साथ भगवान भोलेनाथ के चरणों में 101 दीप प्रज्वलित किए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि, शांति एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

दीप प्रज्वलन के पश्चात विधायक गोमती साय ने गुरु पूर्णिमा की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व हमें गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का भाव रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि दीपों का प्रकाश सभी के जीवन में ज्ञान, संस्कार, सद्भाव और सकारात्मकता का उजाला फैलाए।

इस अवसर पर महिला मोर्चा अध्यक्ष पिंकी गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष ममता कश्यप, नीतू गुप्ता, कमला निराला, उमा देवी, मंडल अध्यक्ष सरोजनी सिंह सहित महिला मोर्चा की बहनें उपस्थित रहीं।

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परीक्षा माफिया पर सख्त प्रहार: लोकसभा में परीक्षा कानून संशोधन विधेयक पारित, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

रायपुर 29 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनके परिश्रम और उनके भविष्य की रक्षा के लिए निरंतर ठोस एवं प्रभावी निर्णय ले रही है। यह संशोधन उसी दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं करोड़ों युवाओं की वर्षों की मेहनत, आशाओं और विश्वास का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराध जैसी गतिविधियां न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे अपराधों पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया यह संशोधन परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन विधेयक के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है। इससे परीक्षा माफिया, संगठित आपराधिक गिरोहों तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता में शामिल तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई का मार्ग और मजबूत होगा। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों एवं सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी और अधिक सुनिश्चित होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल पारदर्शिता तथा अब परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह संशोधन युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवाओं को उनकी योग्यता और परिश्रम के अनुरूप निष्पक्ष अवसर प्राप्त हों। यह संशोधन उसी सोच को साकार करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ईमानदार प्रतिभा को संरक्षण देने और परीक्षा सम्बन्धी अनियमितताओं पर कठोर प्रहार करने का कार्य करेगा।

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