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आमजन, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले की जोरदार मौजूदगी के बीच मुख्यमंत्री का गरिमामय अभिनंदन, पारंपरिक संस्कृति की रंगीन झलकियों ने बांधा समां

जशपुरनगर 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जिला मुख्यालय जशपुर पहुंचे। पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर आमजनों सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी पहुंचे। हेलीपैड पर जनजाति सदस्यों ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत कर मुख्यमंत्री सहित अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगणों ने पुष्प गुच्छ भेंटकर भव्य स्वागत किया।

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जशपुर का इकलौता अभ्यारण्य आग में सुलग रहा, जिम्मेदार बेखबर — बादलखोल में हर दिन कंन्ही न कंन्ही भड़क रही लपटें, वन्यजीवों पर मंडरा रहा मौत का साया!

जशपुर/नारायणपुर 17 अफ़्रैल 2026 ।
प्राकृतिक वैभव और जैव विविधता के लिए मशहूर बादलखोल अभ्यारण्य इन दिनों आग की लपटों में सिसक रहा है। जंगल के भीतर कई स्थानों पर लगातार आग सुलग रही है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि मानो इसे बुझाने वाला कोई जिम्मेदार बचा ही नहीं है।

जानकारी के मुताबिक, कुछ असामाजिक तत्व महुआ बीनने, शहद निकालने और शिकार के इरादे से जानबूझकर जंगल में आग लगा रहे हैं। यह आग धीरे-धीरे फैलकर विकराल रूप ले रही है और अपने रास्ते में आने वाले छोटे-छोटे पौधों, घास, औषधीय वनस्पतियों और मासूम वन्यजीवों को लीलती जा रही है। कई जीव-जंतु आग की चपेट में आकर तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे हैं, लेकिन उनकी चीखें सुनने वाला कोई नहीं।

ताजा मामला बुटूंगा- साहीडाँड़ मार्ग पर कुटमा नाला और तालाब के बीच  दिनदहाड़े आग भड़क उठी है । स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वन विभाग के कर्मचारी समय पर मौके पर पहुंचते तो आग को तुरंत काबू में किया जा सकता था, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते आग फैलती चली जा रही है और आग बड़े इलाके को अपनी चपेट में लेते जा रही है।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिन कर्मचारियों के जिम्मे इस अभ्यारण्य की सुरक्षा है, वही अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े हुए हैं। संबंधित सर्किल के नाकेदार, दरोगा और फायर वॉचर की लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है। आरोप है कि ये न तो दिन में जंगल में गश्त कर रहे हैं और न ही आग लगने की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंच रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि दिन में लगने वाली आग को भी समय रहते बुझाया नहीं जा पा रहा, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रात के समय जंगल की सुरक्षा किस भरोसे हो रही होगी।

वन विभाग के अधिकारियों, खासकर रेंजर स्तर तक, इस पूरे मामले में उदासीनता साफ नजर आ रही है। लगातार आग की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन न तो निगरानी बढ़ाई जा रही है और न ही दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई दिखाई दे रही है। इससे साफ है कि लापरवाही अब सिस्टम का हिस्सा बन चुकी है।

इस आग से सिर्फ पेड़-पौधे ही नहीं जल रहे, बल्कि पूरा पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो रहा है। छोटे जीव-जंतु, पक्षियों के घोंसले, दुर्लभ वनस्पतियां सब कुछ राख में तब्दील हो रहा है। अगर यही हाल रहा, तो आने वाले समय में इसका असर पूरे क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन पर गंभीर रूप से पड़ेगा।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जंगल में नियमित गश्त शुरू की जाए, आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और लापरवाह कर्मचारियों को तुरंत हटाया जाए।

फिलहाल, बादलखोल अभ्यारण्य में उठती आग की लपटें सिर्फ जंगल को नहीं जला रहीं, बल्कि जिम्मेदार तंत्र की नाकामी को भी बेनकाब कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब जागता है, या फिर यूं ही जंगल जलता रहेगा और जिम्मेदार लोग आंखें मूंदे बैठे रहेंगे।  इस सम्बंध में सर्किल दरोगा से मोबाइल पर  दो बार संपर्क करने का प्रयास किया गया पर उनके द्वारा फोन नही रिसीव किया गया। अधीक्षक ने मीटिंग का हवाला देकर कुछ देरी में बात करने की बात कही गई।

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मिसाल—माड़वी कोसा ने रूरल मेसन ट्रेनिंग से सीखी कारीगरी, अपने ही हाथों से खड़ा किया पक्का आशियाना, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी , सरकारी योजनाओं ने बदली पूरी जिंदगी की तस्वीर

रायपुर 17 अप्रैल 2026/ग्राम पंचायत सिलगेर विकासखंड कोन्टा के हितग्राही श्री माड़वी कोसा के लिए वर्षों पुराना सपना अब साकार हो गया है। जो परिवार कभी कठिन परिस्थितियों में जर्जर झोपड़ी में जीवन गुजार रहा था, आज उसी परिवार के पास एक सुरक्षित, सम्मानजनक और मजबूत पक्का आवास है। नियद नेल्लानार योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के संयुक्त प्रयासों ने उनके जीवन में वह बदलाव ला दिया, जिसने संघर्ष को उम्मीद में बदल दिया।

इस बदलाव की असली नींव बनी रूरल मेसन ट्रेनिंग, जिसे मेरापथ एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर श्री कोसा ने न केवल निर्माण कार्य की तकनीक सीखी, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने ही हाथों से अपने घर का निर्माण कर दिखाया। यह कहानी केवल एक मकान बनने की नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के आत्मनिर्भर बनने और अपने भविष्य को स्वयं गढ़ने की प्रेरक मिसाल बन गई है।

वित्तीय वर्ष 2024–25 में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण अंतर्गत श्री कोसा को 1.20 लाख रुपए की आवास स्वीकृति मिली। इसके साथ ही मनरेगा अभिसरण से 95 मानव दिवस एवं 23,085 रुपए की मजदूरी सहायता प्रदान की गई, जिससे निर्माण कार्य को गति मिली। वहीं स्वच्छ भारत मिशन से 12,000 रुपए की राशि से शौचालय निर्माण, सोलर पैनल से रोशनी की सुविधा और नल–जल व्यवस्था से घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से उनके परिवार का जीवन अब सुविधाजनक और सुरक्षित बन गया है।

इस प्रेरणादायक परिवर्तन पर कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इसे जिले के लिए मॉडल बताते हुए कहा कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और कौशल विकास मिलकर परिवारों को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। वहीं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर ने इसे सफल उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण से गुणवत्ता बढ़ती है और हितग्राही स्वयं सशक्त बनता है। मुख्यमंत्री प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री कोसा से संवाद कर उन्हें साल-श्रीफल एवं सांकेतिक चाबी भेंट कर सम्मानित किया। आज श्री माड़वी कोसा का यह पक्का घर केवल ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक की वह कहानी है जो पूरे क्षेत्र को प्रेरणा दे रही है।

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जनता के भरोसे को ताकत देने उतरे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, ‘सुशासन तिहार-2026’ को बनाया मिशन मोड—हर शिकायत का तय समय में होगा समाधान ,गांव-गांव जाकर सुनेंगे जनता की आवाज

रायपुर, 17 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ में सुशासन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार वर्ष 2025 की तर्ज पर इस वर्ष “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन व्यापक स्तर पर करने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गत वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष इसे और अधिक व्यापक स्वरूप में लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 30 अप्रैल 2026 तक जिलों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके अंतर्गत भूमि संबंधी प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राही मूलक योजनाओं के लंबित प्रकरण, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, बिजली एवं ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याएं तथा हैंडपंप सुधार जैसे मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया है।

 सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद एवं विधायक, साथ ही मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी। 

अभियान के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर विकास कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे। वे हितग्राहियों से सीधे संवाद कर फीडबैक भी प्राप्त करेंगे। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालयों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित कर शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। निरीक्षण एवं समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे तथा सामाजिक संगठनों और नागरिकों से सुझाव भी प्राप्त करेंगे।

सुशासन तिहार 2026 को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग एवं जिला प्रशासन को व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए अधिक से अधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है।  मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से अपेक्षा की है कि वे आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करते हुए इस अभियान को जनभागीदारी का सशक्त माध्यम बनाएं, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कचहरी चौक स्थित एसबीआई के नये भवन का किया शुभारंभ, आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं से मिलेगा लाभ


रायपुर, 17 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की कचहरी शाखा के नवीन एवं अत्याधुनिक परिसर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रभाष कुमार सुबुद्धि, उप महाप्रबंधक श्री रमेश सिन्हा, प्रबंधक श्री अनिल यादव सहित बैंक के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि पिछले 50 वर्षों से संचालित एसबीआई की कचहरी शाखा अब नए आधुनिक भवन में स्थानांतरित होकर ग्राहकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस नए परिसर में उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनके कार्य और अधिक सहज और त्वरित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैंकिंग व्यवस्था को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि भारतीय स्टेट बैंक अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन कर रहा है और आगे भी ग्राहकों की सेवा में इसी तरह अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शाखा के अधिकारियों और ग्राहकों को शुभारंभ की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उल्लेखनीय है कि एसबीआई की कचहरी शाखा ने हाल ही में अपनी सेवाओं के 50 वर्ष पूर्ण किए हैं। ग्राहकों को बेहतर, सुविधाजनक और उन्नत बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाखा को पंडरी रोड स्थित आक्सीजोन क्षेत्र में नए परिसर में स्थानांतरित किया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित किया जाएगा।

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सरकारी नौकरियों की सौगात, भ्रष्टाचार पर सख्ती और रोजगार के नए अवसरों का ऐलान—मुख्यमंत्री ने युवाओं को दिया भरोसा, “मेहनत का मिलेगा पूरा हक, किसी के साथ नहीं होगा अन्याय

रायपुर 17 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ में युवाओं के सशक्त भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित गरिमामय समारोह में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित 430 प्रयोगशाला परिचारकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में शुचिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन किया गया है तथा मंत्रालय के कार्यों को ई-प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे भ्रष्टाचार के रास्तों को प्रभावी रूप से बंद किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व में हुए पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि पारदर्शिता और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।

उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के गठन तथा एक निश्चित ‘परीक्षा कैलेंडर’ लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन को गति दी जा रही है, ताकि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी युवाओं के लिए सशक्त विकल्प बन सके।

मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने इस भर्ती प्रक्रिया को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है। मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि पदस्थापना प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काउंसलिंग प्रणाली अपनाई गई। यह व्यवस्था सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह नई पीढ़ी छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हाल ही में लैब टेक्नीशियन और अब प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्तियाँ इस दिशा में सरकार की सक्रियता का स्पष्ट प्रमाण हैं।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव  डॉ. एस. भारतीदासन ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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शत-प्रतिशत परिणाम के साथ देव पब्लिक स्कूल ने फिर मारी बाजी: सत्यप्रकाश बने स्कूल टॉपर, अर्पित और शौर्य ने भी लहराया परचम,मेहनत, अनुशासन और मार्गदर्शन बना सफलता का मंत्र


जशपुरनगर 17 अफ़्रैल2026 यहां के देव पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय देते हुए CBSE की 10 वीं बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त किया है। विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस शानदार उपलब्धि पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण और अभिभावकों में हर्ष का माहौल है।
इस वर्ष विद्यालय के मेधावी छात्रों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
सत्यप्रकाश रहे अव्वल
परीक्षा में सत्यमप्रकाश साहू ने 95.6% अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। उनके बाद अर्पित आदर्श मिश्रा ने 92.2% अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। शौर्य सिन्हा ने 91.8% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
इसी क्रम में अन्य छात्रों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। अकाय झारिया मिंज ने 89.4%, राज विश्वकर्मा ने 87%  एवं नमन यादव ने 84.8% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट सफलता दर्ज की। वहीं यथार्थ जैन ने 83.6%, अंकिता तिग्गा ने 81.2%, रुद्र प्रताप सिंह ने 80.8%, रितिका सिंह ने 80.6%, साक्षी यादव ने 80% तथा भावना बघेल ने 79.2% अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
*एमडी ने दी फीस में छूट*
परीक्षा परिणाम से प्रसन्न होकर स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर ओमप्रकाश सिन्हा ने 90%से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की फीस में विशेष छूट देकर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए हमेशा कड़ी मेहनत करनी चाहिए, मेहनत ही सफलता की मुख्य कुंजी है। वहीं डायरेक्टर सुनीता सिन्हा ने अपने हाथों से सफल बच्चों को मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी।
*प्रबंधन ने दी बधाई*
विद्यालय के प्राचार्य आशीष डेगवेकर ने इस अवसर पर सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का संयुक्त परिणाम है। एकेडमिक वाइस प्रिंसिपल मालविका देगवेकर ने कहा कि विद्यालय सदैव छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे ही उत्कृष्ट परिणाम की अपेक्षा करता है।
वाइस प्रिंसिपल एरिक सोरेंग ने भी छात्रों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय प्रबंधन इस सफलता के प्रमुख कारण रहे हैं। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी इन सफल छात्रों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
वहीं प्राचार्य जयंती सिन्हा ने सभी सफल छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं और कहा है कि यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। इस ऐतिहासिक सफलता से देव पब्लिक स्कूल, जशपुर ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समर्पण से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

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सैकड़ों की भीड़ के बीच विजय आदित्य सिंह जूदेव ने धर्मांतरण पर बोला तीखा हमला— “लालच और छल से हो रहे धर्म परिवर्तन को अब नहीं किया जाएगा बर्दाश्त

जशपुर 17 अफ़्रैल 2026 
छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर स्थित कोन्डरा गांव उस वक्त पूरी तरह सनातन चेतना के रंग में रंग गया, जब यहां आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में हजारों लोगों की मौजूदगी में जशपुर राजपरिवार के प्रतिनिधि विजय आदित्य सिंह जूदेव ने धर्मांतरण के मुद्दे पर जोरदार हुंकार भरी। जैसे ही जूदेव मंच पर पहुंचे, पूरा पंडाल जयकारों और नारों से गूंज उठा, जिससे माहौल पूरी तरह उत्साह और ऊर्जा से भर गया।

सकल हिंदू समाज और कोब्जा मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में क्षेत्र के दूर-दराज गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र धर्मांतरण जैसे संवेदनशील विषय पर जागरूकता फैलाना और समाज को एकजुट करना रहा। अपने ओजस्वी संबोधन में विजय आदित्य सिंह जूदेव ने साफ शब्दों में कहा कि भोले-भाले ग्रामीणों को लालच, प्रलोभन और छल के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करना एक गंभीर साजिश है, जिसे अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि हमारी पहचान और परंपरा की जड़ है। यदि इसे कमजोर किया गया तो समाज की एकता और संस्कृति दोनों खतरे में पड़ सकती हैं। जूदेव ने समाज के सभी वर्गों से आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब हर व्यक्ति को जागरूक होकर अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आना होगा।

युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश और समाज का भविष्य उनके हाथों में है। यदि युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे और अपनी परंपराओं पर गर्व करेंगे, तभी समाज मजबूत बनेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया और आधुनिक साधनों का उपयोग करते हुए सही जानकारी फैलाएं और लोगों को जागरूक करें।

अपने संबोधन में जूदेव ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता कानून का भी उल्लेख किया और बताया कि जबरन या लालच देकर कराया गया धर्मांतरण कानूनन अपराध है। उन्होंने लोगों को इस कानून की जानकारी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को देने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि बाहरी शक्तियां समाज को तोड़ने और विखंडित करने की कोशिश कर रही हैं, जिनसे निपटने के लिए एकजुटता और सतर्कता बेहद जरूरी है।

इस अवसर पर रामरेखा धाम के स्वामी अखंड दास जी महाराज और स्वामी प्रकाश प्रपन्नाचार्य जी महाराज का आशीर्वाद भी उपस्थित जनसमूह को प्राप्त हुआ। धार्मिक संतों ने भी अपने उद्बोधन में सनातन संस्कृति की महत्ता बताते हुए समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में हिंदू जागरण मंच के डॉ. सुमन कुमार, वीरूगढ़ के राजा दुर्ग विजय सिंह देव सहित कई प्रमुख सामाजिक और धार्मिक हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में धर्मांतरण के खिलाफ समाज को जागरूक रहने और संगठित होने का आह्वान किया।

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान हेतु नियमित बैठकें, वसूली पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

जशपुरनगर, 16 अप्रैल 2026/ कुछ परियोजनाओं के द्वारा कमीशन हेतु अनैतिक मांग एवं दबाव बनाए जाने संबंधी शिकायत पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ की समस्याओं के निराकरण के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें प्राप्त शिकायतों एवं मुद्दों का समाधान सुनिश्चित किया जाता है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में दिनांक 25.02.2026 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिका संघ के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें उनकी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा कर उनका निराकरण किया गया। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं से किसी भी प्रकार की वसूली किये जाने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु सर्व परियोजना अधिकारियों, सर्व पर्यवेक्षकों लिपिकीय स्टाफ को  निर्देशित किया गया है। साथ ही निर्देश की अवहेलना करने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक के 2292 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ, अक्टूबर में प्रस्तावित है लिखित परीक्षा

16 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री, श्री विष्णु देव साय  द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत कुल 5000 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इसी क्रम में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक के 2292 पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया जा रहा है। इन पदों में से 795 पद ई-संवर्ग की शालाओं तथा 1497 पद टी-संवर्ग की शालाओं में भरे जाएंगे। उक्त पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक अर्हता, आयु सीमा एवं अन्य शर्तें विस्तृत विज्ञापन में उल्लिखित रहेंगी।

 लोक शिक्षण संचालनालय के उपसंचालक श्री अशोक नारायण बंजारा ने बताया कि विस्तृत विज्ञापन छत्तीसगढ़ व्यापम की वेबसाइट https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ एवं स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://eduportal.cg.nic.in पर जारी किया जाएगा तथा भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम भी व्यापम की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इन पदों हेतु लिखित भर्ती परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा किया जाएगा, जिसकी संभावित तिथि 11 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। 

उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन आवेदन भरने की तिथि संबंधी जानकारी व्यापम द्वारा पृथक से जारी की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप व्याख्याता एवं शिक्षक के पदों पर भर्ती हेतु पृथक से विज्ञापन भी जारी किए जाएंगे।

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राजस्व पखवाड़ा : पत्थलगांव तहसील में 354 में से 184 आवेदनों का त्वरित निराकरण, जाति-निवास-आय प्रमाण पत्र से लेकर नामांतरण और सीमांकन तक मिली राहत—शिविरों के जरिए गांव-गांव पहुंची व्यवस्था

जशपुरनगर 16 अप्रैल 2026/ लोगों की राजस्व संबंधी विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया गया। राजस्व पखवाड़ा अंतर्गत 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक पत्थलगांव तहसील में आमजन की समस्याओं के निराकरण हेतु व्यापक स्तर पर कार्यवाही की गई। इस दौरान शिविरों का आयोजन कर राजस्व संबंधी आवेदन प्राप्त कर लोगों की समस्याओं का निराकरण किया गया। इस अवधि में कुल 354 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 184 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 170 लंबित प्रकरणों पर तेजी से कार्यवाही की जा रही है। तहसीलदार पत्थलगांव के मार्गदर्शन में विभिन्न राजस्व से संबंधित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया गया। विशेष रूप से जाति प्रमाण पत्र के 65, निवास प्रमाण पत्र के 53 एवं आय प्रमाण पत्र के 48 प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण किया गया, जिससे आम नागरिकों को त्वरित राहत मिली।

    इसी प्रकार राजस्व मदों के अंतर्गत अविवादित नामांतरण के प्राप्त आवेदन में से 16 का त्वरित निराकरण किया गया तथा शेष प्रकरण पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन हैं। सीमांकन के 6 मामलों में से 2 का निराकरण कर 4 प्रकरणों पर कार्यवाही जारी है। इसके अलावा खाता विभाजन एवं अन्य प्रकरणों में भी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। राजस्व पखवाड़ा के दौरान आयोजित शिविरों में बी-1 (खसरा) का वाचन किया गया तथा पटवारी प्रतिवेदन हेतु प्राप्त आवेदनों पर भी आवश्यक कार्रवाई की गई। कई प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति एवं फील्ड जांच की प्रक्रिया जारी होने के कारण निराकरण लंबित है।

      प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाएगा। राजस्व पखवाड़ा के माध्यम से शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को उनके अधिकारों से संबंधित सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल न केवल राजस्व मामलों के त्वरित समाधान में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि प्रशासन और आम नागरिकों के बीच विश्वास को भी मजबूत कर रही है।

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जशपुर में 17 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे करोड़ों के कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन,सीएम साय की मौजूदगी में नई सड़कों की सौगात, प्रशासन ने संभाली कमान, हर व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटे अधिकारी!


जशपुरनगर 16 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का 17 अप्रैल को जशपुर प्रवास संभावित है। मुख्यमंत्री श्री साय जशपुर के रणजीता स्टेडियम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अंतर्गत राज्य को पीएमजीएसवाय के तहत नए स्वीकृत सड़को का भूमिपूजन और विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। 

मुख्यमंत्री जशपुर में बुजुर्गों के डे केयर यूनिट के रूप में विकसित किए गए नवनिर्मित सियान गुड़ी का भी शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री कार्यक्रम से संबंधित सभी तैयारियां जिला प्रशासन ने तेज कर दी हैं। इस संबंध में आज कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह ने रणजीता स्टेडियम पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के सफल आयोजन की सभी तैयारी समय सीमा में पूर्ण कर कार्यक्रम के सफल आयोजन के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एवं एसएसपी ने कार्यक्रम में आमजन की बैठक व्यवस्था, आवागमन, पंडाल निर्माण, पेयजल, शौचालय, लाइटिंग, माइक, मंच सजावट एवं सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।

        कलेक्टर श्री व्यास ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर विचार-विमर्श करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दें। 

उन्होंने गर्मी के मौसम को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में पेयजल की व्यस्था स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस और O RS का पैकेट सहित जरूरी दवाइयां मेडिकल टीम को रखने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि सड़कों पर आवार घूम रहे पशुओं को एकत्रित करने के काऊ केचर रखने के लिए कहा।
साथ ही समुचित कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध रूप से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात कलेक्टर, एसएसपी एवं अन्य अधिकारियों ने भागलपुर रोड स्थित रणजीता स्टेडियम के पीछे विकसित किए गए सियान गुड़ी का भी निरीक्षण किया। यह केंद्र बुजुर्गों के लिए डे-केयर सुविधा के रूप में विकसित किया गया है, जहां योग, मनोरंजन, पुस्तकालय एवं कौशल विकास जैसी गतिविधियों की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा इस सियान गुड़ी के लोकार्पण भी प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक फड़तरे, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू जशपुर एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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टापू जैसा कट जाता था झारगांव, अब बनेगा विकास का मजबूत पुल—15 लाख की सौगात से बरसाती संकट होगा खत्म, शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने किया भूमि पूजा - अब हर मौसम में जुड़ेगा झारगांव जिले से

जशपुरनगरः 16 अफ़्रैल 2026 : जिला पंचायत जशपुर के उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव की पहल पर दुलदुला ब्लाक के ग्राम पंचायत बांसाताल के आश्रित गांव झारगांव के रहवासियों को अब बरसात के दिनों में टापू सा जीवन जीने से मुक्ति मिल जाएगी। जिला पंचायत जशपुर के उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव की पहल पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुल निर्माण के लिए 15 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस पुल निर्माण के लिए शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने भूमि पूजा किया। भूमि पूजा समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे शौर्य प्रताप सिंह जूदेव का ग्रामीणों ने ढोल नगाड़े और पुष्प वर्षा के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने पुल निर्माण का भूमि पूजा किया। इस दौरान उन्होनें ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर सहित प्रदेश का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होनें कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्ति मिल चुका है। अब बारी विकास की है। उन्होनें बताया कि झारगांव के निवासियों ने उन्हें बस्ती के पास बहने वाली पहाड़ी नाले में पुल ना होने से बरसात के दिनों में होने वाली कठिनाईयों से अवगत कराया था। उन्होने कहा कि भाजपा क्षेत्रवासियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कृत संकल्पित है। जल्द ही पुल का निर्माण पूरा हो जाएगा।

   झारगांव के रहवासियों ने पुल निर्माण के लिए जिला पंचायत के उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव का आभार जताया है। उल्लेखनिय है कि झरगांव छत्तीसगढ और झारखंड की अंर्तराज्यी सीमा पर स्थित गांव है। लगभग 400 की आबादी वाले इस गांव तक पहुंचने के लिए एक पहाडी नाला को पार करना होता है। बारिश के दिनों में पहाड़ी नाले पर उफान आने पर झारगांव के निवासी अपने घरों में कैद हो कर रह जाया करते थे। सबसे अधिक परेशानी गांव में किसी के स्वास्थय खराब होने पर होती है। इस पुल का निर्माण हो जाने पर इन सारी कठिनाईयों से झारगांव के निवासियों को मुक्ति मिल जाएगी।

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*भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगा स्कूलों में अवकाश - बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

रायपुर 16 अप्रैल 2026/प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में आंशिक संशोधन किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हम सब की जिम्मेदारी है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए  पूर्व निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश को पहले लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि इस भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत सुरक्षित रह सके।

स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में दिनांक 01 मई 2026 से 15 जून 2026 तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन करते हुए अब दिनांक 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश प्रदेश के समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय शालाओं पर लागू होगा।

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आग उगलते सूरज और लू के थपेड़ों से तड़पता प्रदेश—बच्चों की सेहत पर गहराया संकट, समय से पहले स्कूल बंद कर सरकार ने दिखाई संवेदनशीलता की बड़ी मिसाल

रायपुर 16 अप्रैल 2026/प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में आंशिक संशोधन किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हम सब की जिम्मेदारी है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए  पूर्व निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश को पहले लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि इस भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत सुरक्षित रह सके।

स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में दिनांक 01 मई 2026 से 15 जून 2026 तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन करते हुए अब दिनांक 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश प्रदेश के समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय शालाओं पर लागू होगा।

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“ऑपरेशन शंखनाद” —हाईवे पर नाकाबंदी कर पुलिस ने गौ तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम, 09 गौवंश सुरक्षित मुक्त, भागा तस्कर आखिरकार गिरफ्तार, पिकअप वाहन भी जब्त

जशपुर, 16 अप्रैल 2026। जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत जशपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना लोदाम क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 09 नग गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन क्रमांक JH-01-FP-3193 को भी जब्त किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को लोदाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की पिकअप वाहन में कुछ लोग बड़ी संख्या में गौवंशों को भरकर जशपुर से लोदाम के रास्ते झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और पतराटोली क्षेत्र में पहुंचकर जांच शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन नजर आने पर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन को तेजी से भगाते हुए भागने लगा।

पुलिस टीम ने तत्काल पीछा किया। पीछा करते देख चालक भलामंडा तिराहा, राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के पास वाहन छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब पिकअप की जांच की तो उसमें 09 गौवंशों को ठूस-ठूस कर भरा हुआ पाया। पुलिस ने सभी गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया और वाहन को जब्त कर लिया।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान इमरान खान (28 वर्ष), निवासी ग्राम साईं टांगर टोली, थाना लोदाम के रूप में की। आरोपी की तलाश में पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत मामला दर्ज कर 15 अप्रैल 2026 को उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी इमरान खान आदतन अपराधी है और उसके विरुद्ध थाना लोदाम, नारायणपुर एवं कुनकुरी में गौ तस्करी और चोरी के कई मामले पूर्व से दर्ज हैं। वह पहले भी जेल जा चुका है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक सहबीर भगत तथा आरक्षक बसंत खुटिया, हेमंत कुजूर, महेश यादव और हरीश केवट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

गौरतलब है कि जशपुर पुलिस द्वारा गौ तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो सप्ताह में जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों—बगीचा, नारायणपुर, लोदाम, दोकड़ा, सोन क्यारी और आरा—में अलग-अलग कार्रवाइयों के दौरान कुल 82 गौवंशों को तस्करों से मुक्त कराया गया है तथा 08 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त दो पिकअप और एक ट्रक को भी जब्त किया गया है।

पुलिस अधीक्षक (डीआईजी) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि गौ तस्करी को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है। मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया है और तकनीकी टीम की भी मदद ली जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गौ तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और “ऑपरेशन शंखनाद” आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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“देश और छत्तीसगढ़ के भविष्य की दिशा तय करने वाली ऐतिहासिक शुरुआत— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद ऑनलाइन स्व-गणना कर जनगणना अभियान का किया भव्य शुभारंभ

रायपुर 16 अप्रैल 2026/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर जनगणना अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।
            मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान संचालित हो रहा है और छत्तीसगढ़ में भी आज से ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो सके।
           मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार आने वाले वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर आवासीय और गैर-आवासीय भवनों, उनकी स्थिति, उपयोग तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार व्यवस्था से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी प्रगणक घर आएं, तो उन्हें सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी दें, क्योंकि प्रत्येक जानकारी राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।
            मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के संकल्प को साकार करने में जनगणना की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही आंकड़े ही बेहतर योजना और प्रभावी विकास की नींव रखते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस महाअभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने और सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
         इस दौरान अपर मुख्य सचिव तथा जनगणना के नोडल श्री मनोज कुमार पिंगुआ,  कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक जनगणना श्री कार्तिकेय गोयल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र में हुआ तेज़ी से विकास , नारायणपुर मुख्यालय से 40 किमी दूर गारपा में 55 लाख की लागत से 48 परिवारों को मिला नया बिजली कनेक्शन

रायपुर,16 अप्रैल 2026 // छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी "नियद नेल्लानार योजना" के तहत जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में विकास की मजबूत दस्तक सुनाई दे रही है। नारायणपुर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित अत्यंत दुर्गम ग्राम गारपा में अब पहली बार बिजली की रोशनी पहुँची है, जिससे वर्षों से अंधेरे में जीवन बिता रहे ग्रामीणों के जीवन में नया उजाला आया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब इन दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से पहुँच रहे हैं। पहले जहाँ सुरक्षा कारणों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं पहुँच पाती थीं, वहीं अब शासन की प्राथमिकता में इन क्षेत्रों को शामिल कर तेजी से काम किया जा रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के सतत मार्गदर्शन में प्रशासनिक और तकनीकी टीमों ने मिलकर इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।

बिजली विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना में लगभग 55 लाख रुपये की लागत से 48 उपभोक्ताओं को पहली बार बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया। कार्यपालन अभियंता कुमार लाल उइके ने बताया कि घने जंगल, कठिन रास्ते और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस और कार्यकुशलता का परिचय देते हुए निर्धारित समय में लाइन विस्तार का कार्य पूर्ण किया।

बिजली पहुँचने से अब गारपा के बच्चों को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच आसान होगी और ग्रामीणों के आर्थिक उत्थान के नए रास्ते खुलेंगे। दशकों बाद अपने घरों को रोशन देख ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत जिले के अन्य दूरस्थ गांवों में भी इसी तरह प्राथमिकता के आधार पर विद्युतीकरण कार्य तेजी से जारी रहेगा, जिससे विकास की रोशनी हर अंतिम छोर तक पहुँच सके।

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