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62 वें जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

जशपुरनगर, 21 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मंदिर की परिक्रमा कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं कल्याण की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की खुशहाली, शांति और निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना भी की। 
   इस दौरान विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य, श्री भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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जन्मदिवस पर गृहग्राम बगिया पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ,हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने जन्मदिवस की दी बधाई एवं शुभकामनाएं

  जशपुरनगर, 21 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर अपने गृहग्राम बगिया पहुंचे, जहां उनके आगमन पर उत्साह और हर्ष का वातावरण देखने को मिला। बगिया स्थित हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें आत्मीयता के साथ जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार तथा प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य, श्री भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
   मुख्यमंत्री के बगिया हेलीपैड पहुंचने पर टाटीडांड से आए करमा नर्तक दलों ने पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक एवं मनमोहक करमा नृत्य प्रस्तुत कर उनका अभिनंदन किया। वहीं ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बालक आश्रम बगिया में बच्चों के बीच मनाया अपना 62वाँ जन्मदिवस,बच्चों के लिए यादगार बना मुख्यमंत्री का जन्मदिन, बच्चों को केक और चॉकलेट वितरित कर दी शुभकामनाएँ


जशपुरनगर, 21 फरवरी 2026/ विष्णुदेव साय ने अपना 62वाँ जन्मदिवस बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच मनाकर इस दिन को उनके लिए हमेशा के लिए यादगार बना दिया। मुख्यमंत्री ने बगिया हेलीपैड के समीप स्थित बालक आश्रम बगिया पहुँचकर बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ आत्मीय समय बिताया। आश्रम के बच्चे मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर अत्यंत उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। वे उत्साहपूर्वक उनके चारों ओर एकत्र हो गए और उनसे बातचीत करने लगे।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्नेहपूर्वक संवाद किया और उनका हालचाल जाना। उनके सहज, सरल और संवेदनशील व्यवहार से बच्चे भावविभोर हो उठे और खुशी से चहकते हुए उनसे बातें करते रहे। इस दौरान आश्रम परिसर में खुशियों और उत्साह का विशेष वातावरण देखने को मिला। 
    मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट वितरित कर उन्हें जन्मदिवस की खुशी में सहभागी बनाया। बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पाँचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, अपने जीवन में आगे बढ़ें और अपने परिवार, समाज तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ भी दी।  इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार तथा प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य, श्री भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और आश्रम के शिक्षक और अन्य स्टाफ मौजूद रहे।

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जशपुर में रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम, पीएमएफएमई योजना के तहत खाद्य उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने हितग्राहियों को किया गया जागरूक


जशपुर :  19.02.2026 : गुरूवार को मंत्रणा हॉल, कलेक्ट्रेट बिल्डिंग, जिला जशपुर में भारत सरकार के योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना का जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनीष भगत, महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, जशपुर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) योजना अंतर्गत जिले के  हितग्राहियों को कम लागत में खाद्यान संबंधित उत्पादों हेतु निर्माण इकाई प्रारंभ कर आमदनी बढ़ाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। साथ ही विभाग में अन्य प्रचलित स्व-रोजगार योजनाएं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एवं औद्योगिक नीति 2024-30 के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
जिले में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने एवं स्थानीय उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री खाद्य उद्यम उन्नयन योजना अंतर्गत आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक आवेदक दिनांक 15 मार्च तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।इसमें जिले में विभिन्न प्रकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
     योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को स्वीकृत स्थायी परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख रुपए तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिससे इच्छुक उद्यमियों को अपना उद्योग स्थापित करने में आर्थिक सहायता मिल सकेगी। इच्छुक आवेदक आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड एवं मशीनरी कोटेशन के साथ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, जशपुर में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं अथवा योजना की आधिकारिक वेबसाइट www.pmfme.mofpi.gov.in/pmfme पर लॉगिन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 
कार्यक्रम में विभाग के प्रबंधक मनमोहन राठिया, डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) मनोज गौतम, एवं जिले के समस्त विकासखण्डों के स्व-सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 62 वाँ जन्मदिवस पर श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंच कर करेंगे श्री महाप्रभु जी का दर्शन,बगिया में श्री सत्यनारायण व्रत कथा का श्रवण कर मां का लेंगे आशीर्वाद, बधाई देने जुटेंगे हजारों की संख्या में लोग......


जशपुरनगर 21 फरवरी 2026 । प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय अपने 62 वाँ जन्मदिन मनाने अपने निजी निवास पहुंचेंगे,निर्धारित समय अनुसार सुबह 9 बजे राजधानी रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा बगिया के लिए रवाना होकर ,सुबह 10:30 बजे बगिया पहुंचेंगे।तथा सड़क मार्ग से दोकड़ा में स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंच कर पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लेंगे।इसके पश्चात बगिया निजी निवास में श्री सत्यनारायण व्रत कथा श्रवण कर अपनी माँ का आशीर्वाद लेकर परिवार जन एवं अपने शुभचिंतकों के साथ केट काट कर जन्मदिन मनायेंगे।


छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित जशपुर जिले के ग्राम बगिया में 21 फरवरी 1964 को जन्मे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जनविश्वास, सरलता और विकासशील नेतृत्व के प्रतीक बन चुके हैं। आदिवासी अंचल से निकलकर प्रदेश के सर्वोच्च दायित्व तक पहुँचना उनकी संघर्षशील यात्रा और जनसमर्पित राजनीति का सशक्त उदाहरण है। दो वर्षों के अपने मुख्यमंत्रित्व काल में उन्होंने प्रदेश में विकास की नई दिशा निर्धारित की है। उनकी कार्यशैली में सहजता, संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच का संतुलित समन्वय दिखाई देता है। वे उन जननेताओं में से हैं जो सत्ता को सेवा का माध्यम मानते हैं।


पंच से मुख्यमंत्री तक : जनविश्वास की सतत यात्रा-

श्री विष्णु देव साय का राजनीतिक जीवन स्व कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी के सानिध्य में जमीनी स्तर से प्रारंभ हुआ। वर्ष 1989 में ग्राम पंचायत बगिया से पंच के रूप में सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने वाले साय वर्ष 1990 में निर्विरोध सरपंच चुने गए। इसके पश्चात उन्होंने तपकरा विधानसभा क्षेत्र से मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य के रूप में (1990-1993, 1993-1998) जनप्रतिनिधित्व किया। लोकसभा में रायगढ़ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए वे 13वीं, 14वीं, 15वीं और 16वीं लोकसभा के सदस्य रहे। वर्ष 2014 से 2019 तक उन्होंने भारत सरकार में इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में दायित्व निभाया। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने संगठन को सशक्त किया। 3 दिसंबर 2023 को कुनकुरी विधानसभा से विधायक निर्वाचित होने के बाद 13 दिसंबर 2023 को उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की।


प्रदेश की जनता के हित में लिए ऐतिहासिक निर्णय- 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिला है और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती प्राप्त हुई है। उनकी प्राथमिकता में किसान, गरीब और ग्रामीण समाज सदैव अग्रणी रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक 26 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। इसी प्रकार महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।


जननेता की पहचान : सरलता और संवाद

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहचान एक ऐसे जननेता के रूप में है जो सहज उपलब्ध रहते हैं। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने के कारण वे ग्रामीण जीवन की चुनौतियों और आवश्यकताओं को गहराई से समझते हैं। यही कारण है कि उनकी योजनाओं में गांव, किसान, महिला और युवा केंद्र में दिखाई देते हैं। अपने दो वर्षों के कार्यकाल में मुख्यमंत्री साय ने प्रशासनिक पारदर्शिता, जनसुनवाई, योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी है। उनका लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करना है।आज उनके जन्मदिवस के अवसर पर यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि बगिया की धरती से निकला यह सपूत प्रदेश के विकास की नई गाथा लिख रहा है। सज्जनता, सहृदयता और संकल्प से परिपूर्ण उनका नेतृत्व छत्तीसगढ़ को निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर कर रहा है।

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शनिदेव और चंद्रमा की विशेष स्थिति से बदलेगा कई राशियों का भाग्य: आज कुछ को मिलेगा करियर में बड़ा अवसर और धन लाभ, तो कुछ को विवाद, खर्च और स्वास्थ्य को लेकर रहना होगा सतर्क; पढ़िए 21 फरवरी 2026 का सम्पूर्ण  राशिफल 

नारायणपुर : 21 फरवरी 2026 । आज शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित है, जिसका सीधा प्रभाव कर्म, नौकरी, व्यापार और जीवन की स्थिरता पर पड़ता है। आज चंद्रमा की स्थिति मन और निर्णय क्षमता को प्रभावित करेगी, वहीं शनि का प्रभाव मेहनती लोगों को सफलता और लापरवाह लोगों को चुनौतियां दे सकता है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार आज का दिन कई राशियों के लिए नई शुरुआत, आर्थिक सुधार और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला साबित हो सकता है, जबकि कुछ राशियों को धैर्य और सतर्कता के साथ दिन बिताने की सलाह दी गई है।

♈ मेष राशि:

 नौकरी में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, रुके हुए कार्यों में तेजी और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत

 मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है। लंबे समय से लंबित कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों से सराहना मिल सकती है और नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जिससे भविष्य में पदोन्नति के रास्ते खुलेंगे।

    व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहक मिल सकते हैं और आय में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों से बचना आवश्यक है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और किसी सदस्य की सफलता से गर्व महसूस होगा।विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक काम से थकान हो सकती है।

♉ वृषभ राशि:

 धन लाभ और निवेश में सफलता के मजबूत संकेत, पारिवारिक जीवन में खुशहाली और स्थिरता का माहौल।वृषभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से मजबूत करने वाला रहेगा। पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर स्थिरता मिलेगी और सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा।व्यापारियों को नए सौदे और साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन खान-पान में लापरवाही न करें।

♊ मिथुन राशि:

 कार्यक्षेत्र में बढ़ सकता है दबाव, लेकिन धैर्य और समझदारी से मिल सकती है सफलता और सम्मान।मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन आपकी मेहनत को पहचान मिलेगी।व्यापार में सोच-समझकर निर्णय लेने की जरूरत है। जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें।परिवार में सामान्य स्थिति रहेगी। विद्यार्थियों को अधिक मेहनत करनी होगी। स्वास्थ्य के मामले में मानसिक तनाव और सिरदर्द की समस्या हो सकती है।

♋ कर्क राशि:

करियर में उन्नति, धन प्राप्ति और सामाजिक सम्मान मिलने के प्रबल योग, परिवार में खुशियों का माहौल।कर्क राशि के लोगों के लिए आज का दिन अत्यंत शुभ रहेगा। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की संभावना बन रही है। अधिकारियों से सहयोग मिलेगा।व्यापारियों को बड़ा लाभ मिल सकता है और नए अवसर प्राप्त होंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

♌ सिंह राशि:

सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि और कार्यक्षेत्र में सफलता के संकेत, नए अवसरों से मिल सकता है बड़ा लाभ।सिंह राशि के जातकों को आज समाज में सम्मान मिल सकता है। नौकरी में अधिकारियों का विश्वास बढ़ेगा और नई जिम्मेदारी मिल सकती है।व्यापार में विस्तार के योग बन रहे हैं। आर्थिक लाभ होगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

♍ कन्या राशि:

आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी, अनावश्यक खर्च और तनाव से बचने की सलाह।कन्या राशि के लोगों को आज खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। नौकरी में सामान्य स्थिति रहेगी, लेकिन काम का दबाव महसूस हो सकता है।व्यापार में जोखिम लेने से बचें। परिवार का सहयोग मिलेगा।स्वास्थ्य के मामले में पेट और पाचन संबंधी समस्या हो सकती है।

♎ तुला राशि:

नए अवसरों से मिलेगी सफलता, आर्थिक स्थिति में सुधार और करियर में प्रगति के संकेत।तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन सकारात्मक रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।व्यापार में लाभ होगा और नए संपर्क स्थापित होंगे। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक संतोष मिलेगा।

♏ वृश्चिक राशि:

विवाद और तनाव से बचने की जरूरत, संयम और धैर्य से ही मिलेगा सफलता का मार्ग।वृश्चिक राशि के लोगों को आज सतर्क रहने की जरूरत है। नौकरी में तनाव और विवाद की स्थिति बन सकती है।व्यापार में नुकसान से बचने के लिए सावधानी बरतें। परिवार में विवाद से बचें।स्वास्थ्य के मामले में कमजोरी और थकान हो सकती है।

♐ धनु राशि:

भाग्य का मिलेगा पूरा साथ, नौकरी, शिक्षा और व्यापार में सफलता के मजबूत योग,धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शुभ रहेगा। नौकरी में सफलता और पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं।व्यापार में लाभ होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

♑ मकर राशि:

मेहनत का मिलेगा पूरा फल, करियर में उन्नति और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत,मकर राशि के लोगों के लिए आज का दिन सफलता देने वाला रहेगा। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।व्यापार में लाभ होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा।स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

♒ कुंभ राशि:

नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ समय, धन लाभ और सफलता के संकेत,कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। नौकरी और व्यापार में सफलता मिलेगी।आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

♓ मीन राशि:

 सोच-समझकर निर्णय लेने की जरूरत, भावनात्मक मामलों में सावधानी रखने की सलाह,मीन राशि के लोगों को आज महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए।नौकरी और व्यापार में सामान्य स्थिति रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा।स्वास्थ्य के मामले में थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।

 विशेष सलाह:

शनिदेव की कृपा पाने के लिए आज करें ये उपाय, दूर होंगे कष्ट और मिलेगा सफलता का मार्गज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनिवार के दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए गरीबों को भोजन कराना, काले तिल का दान करना और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है।

आज का दिन कर्म और धैर्य का है। जो लोग मेहनत और ईमानदारी से कार्य करेंगे, उन्हें निश्चित रूप से सफलता और सम्मान प्राप्त होगा।

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भाजयुमो जिला अध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव ने किया ऐलान — मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर योजनाओं से खुशहाल हुए हितग्राहियों का सम्मान कर सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाया जाएगा जन-जन तक

जशपुरनगर 20 फरवरी 2026  :- भारतीय जनता युवा मोर्चा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 62वें जन्मदिन पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे हितग्राहियों का सम्मान करेगा।

 भाजयुमो जिला अध्यक्ष विजय आदित्य सिँह जूदेव ने बताया कि भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने सभी पदाधिकारी का ऑनलाइन वर्चुअल बैठक लेते हुए कहा कि आज प्रदेश का हर परिवार सरकार की किसी-न-किसी योजना का लाभ ले रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों से 5500 रुपए में तेंदूपत्ता की खरीदी की जा रही है। प्रदेश के लगभग 27 लाख किसानों से 3100 रु. प्रति क्विंटल की दर पर धान की खरीदी की जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के लगभग 26 लाख हितग्राही लाभ ले रहे हैं। 

श्री टिकरिहा ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। हमें मुख्यमंत्री श्री साय के जन्मदिन पर प्रदेश सरकार को योजनाओं का लाभ ले रहे हितग्राहियों का सम्मान करना है।

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विष्णुदेव साय के बड़े फैसले से जशपुर में विकास की रफ्तार तेज — 7.30 किमी सड़कों के उन्नयन के लिए 36.85 करोड़ स्वीकृत, दूरस्थ अंचलों को मिलेगा सीधा लाभ

जशपुरनगर, 20 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025–26 के बजट में शामिल विकासखंड पत्थलगांव अंतर्गत इंदिरा चौक से जशपुर रोड लंबाई 2.00 किमी. , इंदिरा चौक से अम्बिकापुर रोड लंबाई 1.50 किमी. और इंदिरा चौक से रायगढ़ रोड लंबाई 3.80 किमी. तक कुल 7.30 किमी. सड़क के उन्नयन एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य हेतु 36 करोड़ 85 लाख 20 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री के दो वर्ष के कार्यकाल दौरान जिले में कुल 914 करोड़ 94 लाख रुपए की लागत के 603 सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिले में लगातार सड़कों, पुल एवं पुलियाओं की मिल रही स्वीकृति और तेजी से हो रहे निर्माण से न केवल जिले की तस्वीर बदली है, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार, कृषि, शिक्षा एवं सामाजिक संपर्क पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

*मुख्यमंत्री  नेतृत्व में सड़कों और पुल-पुलिया के निर्माण से बदल रही है जिले की तस्वीर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार अधोसंरचना विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों से जिले के हर कोने में विकास की रोशनी पहुंच रही है। दूरस्थ क्षेत्रों में निवास कर रहे समुदायों को विद्यालयों, सेवाओं, अस्पतालों तथा मंडियों से जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण और सुधार होने से उन्हें सहूलियत मिलने के साथ ही इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने में भी आसानी होती है।  सड़कों का यह व्यापक विस्तार न केवल आवागमन को सुगम बना रहा है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार ला रहा है। जिले के लोग इन विकास परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त कर रहे हैं

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राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री श्री साय - केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की

रायपुर 20 फरवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया।

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।

केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।

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गरीब किसान की बेटी को मिला नवजीवन — चिरायु योजना से हृदय रोग का सफल निःशुल्क ऑपरेशन, परिवार ने विष्णुदेव साय का जताया आभार

जशपुरनगर 20 फरवरी 2026/ चिरायु योजना आज जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल बच्चों को नई जिंदगी दी है, बल्कि गरीब परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान भी लौटा दी है। इसी कड़ी में चिरायु योजना से ही दिल की बीमारी से जूझ रही किसान परिवार में जन्मी अमीषा केरकेट्टा को नवजीवन देने का काम किया है। 
     मनोरा विकासखंड के छोटे से ग्राम ओरडीह की एक  जनजातीय परिवार में जन्मी अमीषा केरकेट्टा अक्सर बीमार रहने लगी थी। परिजन बार-बार उसकी तबीयत बिगड़ने से चिंतित थे। जब अमीषा की जांच जिला चिकित्सालय जशपुर में चिरायु टीम द्वारा की गई, तो पता चला कि वह जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित है। खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले उसके पिता अशोक केरकेट्टा यह सुनकर परेशान हो उठे। उनके सामने सबसे बड़ी चिंता थी कि वे इतने महंगे इलाज का खर्च कैसे उठा पाएंगे। तभी चिकित्सकों ने उन्हें चिरायु योजना के बारे में जानकारी दी। यह सुनकर परिवार को मानो एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी। योजना के तहत अमीषा को शासकीय व्यय पर बेहतर उपचार के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नया रायपुर भेजा गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उसका सफल ऑपरेशन किया। कुछ ही समय में अमीषा पूरी तरह स्वस्थ हो गई।
     आज 11 वर्ष की अमीषा न केवल स्वस्थ है, बल्कि पहले से अधिक उत्साह और ऊर्जा से भरी हुई है। उसका मुस्कुराता चेहरा अब उसके माता-पिता के जीवन को सुकून से भर देता है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने गरीबों की पीड़ा को समझा और इलाज के लिए बेहतर संस्थानों में भेजकर निःशुल्क इलाज करा रही है।  उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जांच के उपरांत 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति की जानकारी होने के बाद चिरायु योजना से बच्चों का इलाज कराया जाता है। आवश्यकता होने पर बच्चों को देश भर के अच्छे हॉस्पिटल में ले जाकर उपचार भी कराया जाता है।

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महाकुल समाज की पहल से कुड़ेकेला में तीन दिवसीय अखंड विष्णु नाम अष्टप्रहरी यज्ञ का भव्य आयोजन, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने ग्रामवासियों की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए धार्मिक परंपराओं को बताया समाज की शक्ति का आधार


जशपुरनगर 20 फरवरी 2026 ।ग्राम कुड़ेकेला घरजियाबथान में आयोजित अखंड विष्णु नाम यज्ञ (अष्टप्रहरी) कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय मुख्य रूप से शामिल हुए। यह धार्मिक आयोजन ग्राम की सुख-शांति और समृद्धि की कामना को लेकर महाकुल समाज द्वारा किया गया।कार्यक्रम के अनुसार 18 फरवरी को अधिवास, 19 फरवरी को नाम संकीर्तन तथा 20 फरवरी को पूर्णाहुति सम्पन्न होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना एवं भजन-कीर्तन में भाग लिया।
     जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक अनुष्ठान समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संचार करते हैं। उन्होंने ग्रामवासियों के सुख-समृद्धि की कामना भी की।इस अवसर पर पत्थलगांव शहर मंडल अध्यक्ष अंकित बंसल, लुड़ेग तमता मंडल अध्यक्ष विशाल अग्रवाल, अवधेश गुप्ता, महेश गुप्ता, योगेश ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।आयोजन समिति में योगेश यादव, मणि यादव, ऋषि यादव, कलेश यादव सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद वितरण किया जाएगा।

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छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री - छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा से आलोकित हुआ रायपुर:‘जाणता राजा’ का मंचन शुरू

रायपुर 20 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है, इसलिए हम सभी को अपने जीवन में शिवाजी जैसा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। अफजल खाँ के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी ने संकट को भांपकर धैर्य और रणनीति से निर्णय लिया और विजय प्राप्त की। इसी प्रकार शाइस्ता खान के विरुद्ध उनकी युक्तिपूर्ण रणनीति यह सिखाती है कि बड़े से बड़े शत्रु को भी सूझबूझ और साहस से पराजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान पहुंचकर ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के मंचन के दौरान संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों वाले शासक भी थे। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों की आस्था का सम्मान किया और महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जीजाबाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का चरित्र हमें मर्यादा, नैतिकता और सम्मानजनक आचरण का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए महाकवि भूषण की पंक्तियों का उल्लेख किया, जिनमें शिवाजी महाराज के पराक्रम और वीरता का अद्भुत वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है।

राजधानी रायपुर में प्रारंभ हुआ ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का यह विशेष मंचन 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को साइंस कॉलेज मैदान में प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की यह भव्य प्रस्तुति छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा पर आधारित है, जिसमें सजीव दृश्य, विशाल मंच सज्जा और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से दर्शकों को ऐतिहासिक काल का जीवंत अनुभव कराया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वाधान में आयोजित इस महानाट्य के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए थे, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया। चयनित कलाकारों ने निर्देशक श्री योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में गहन अभ्यास किया। स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा  और आस्था काले सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

मंचन के दौरान घोड़ों के साथ सैनिकों की टुकड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही, वहीं ऊंटों को भी प्रस्तुति में शामिल किया गया। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ श्री कौशिक नाईक एवं श्री वैभव जोशी मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पारंपरिक प्रस्तुतियों में कोली गीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक आयामों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महानाट्य ‘जाणता राजा’ के श्री अजीत राव आप्टे सहित महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने बड़ा फैसला, सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता और प्रयोगशाला सहायक के 5000 पदों पर जल्द जारी होगा भर्ती विज्ञापन

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा

छत्तीसगढ के हजारों युवाओं को मिलेगा सरकारी नौकरी में अवसर

रायपुर, 20 फरवरी 2026/स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता एवं सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के कुल 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन शीघ्र ही जारी किया जा रहा है। शासन ने परीक्षा आयोजन के लिये छत्तीसगढ़ व्यापम को अधिकृत किया है एवं विभाग द्वारा विज्ञापन जारी करने संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर आवश्यक प्रपत्र व्यापम को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके साथ ही सीधी भर्ती 2023 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।

           छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में 5,000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया फरवरी 2026 में शुरू करने जा रही है। इन पदों के लिए चयन व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, यह भर्ती राज्य के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए की जा रही है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी । भर्ती प्रक्रिया के बारे में डिटेल्ड गाइडलाइंस आने वाले दिनों में जारी की जाएगी। 

          छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के माध्यम से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। खास बात यह है कि इसमें व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक जैसे कई पद शामिल किए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा।

             ज्ञातव्य है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक सीधी भर्ती 2023 अंतर्गत सहायक शिक्षक पद के पांचवें चरण की भर्ती प्रक्रिया में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारियों के स्थापन पर डी.एड. अर्हताधारियों अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया है।

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खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ के विकास में निभाएं अहम भूमिका : मुख्यमंत्री श्री साय - मुख्यमंत्री ने नव चयनित खनि निरीक्षकों को प्रदान किया नियुक्ति पत्र

रायपुर 19 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित नव नियुक्त खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है और खनिज प्रशासन के प्रभावी संचालन में मैदानी अमले की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नव चयनित खनि निरीक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं पर ही देश और प्रदेश का भविष्य निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि खनिज विभाग में नई नियुक्तियों से विभागीय कार्यबल मजबूत होगा तथा खनिज अन्वेषण और खनन गतिविधियों को और गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन करते हुए खनिज प्रशासन से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, लाइमस्टोन, टिन, डायमंड, गोल्ड और लिथियम सहित विभिन्न खनिज संपदाओं से परिपूर्ण है। खनिज राज्य के राजस्व का प्रमुख स्रोत भी हैं और सरकार खनिज राजस्व में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने नवनियुक्त अधिकारियों को खनिज राजस्व वृद्धि में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनि निरीक्षक के रूप में आप सभी के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए राज्य के संसाधनों के संरक्षण और सुव्यवस्थित उपयोग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को 33 खनि निरीक्षकों की चयन सूची जारी की गई थी। खनिज साधन विभाग द्वारा 19 फरवरी 2026 को कुल 32 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति आदेश जारी किए गए, जिनमें से 30 नव चयनित खनि निरीक्षकों को आज मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, सचिव खनिज साधन विभाग श्री पी. दयानंद, संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म श्री रजत बंसल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पत्रकारों से साझा की विभागीय उपलब्धियां, प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा प्रयास

रायपुर 19  फरवरी 2026/  ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने आज नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों के साथ ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा आने वाले वर्षों के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

             डॉ. यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिलाकर प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 30 हजार 671.7 मेगावाट है। इसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत, 220 मेगावाट जल विद्युत तथा सोलर, बायोमास आदि स्रोतों से 2,047 मेगावाट क्षमता शामिल है। ताप विद्युत क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की 2,840 मेगावाट, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की 20 हजार 299 मेगावाट तथा कैप्टिव पॉवर प्लांट्स की 5 हजार 266 मेगावाट क्षमता है।

              डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार का फोकस ताप विद्युत पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन घटाने पर है। नेट जीरो कार्बन लक्ष्य के तहत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी की जा सके। इस दिशा में जल विद्युत एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो ग्रिड संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगी।
राज्य शासन द्वारा पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नीति 2023 लागू की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 8,300 मेगावाट क्षमता के छह स्थलों का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से पांच के फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर निर्माणाधीन है। निजी क्षेत्र में भी लगभग 5,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

            ऊर्जा सचिव डॉ. यादव ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के तहत एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड एवं राज्य उत्पादन कंपनी के संयुक्त उपक्रम द्वारा लगभग 2 हजार मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के जलाशय में 6 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर, कोरबा पूर्व के बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट सौर संयंत्र तथा 500 मेगावाट-ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना प्रस्तावित है। ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा में 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता की नई परियोजनाओं हेतु विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं। इन परियोजनाओं में 12 हजार 100 मेगावाट ताप विद्युत, 4 हजार 200 मेगावाट न्यूक्लियर, 2 हजार 500 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर तथा 13 हजार 300 मेगावाट पंप स्टोरेज क्षमता शामिल है। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिसमें कई प्रमुख संस्थाएं भागीदार हैं।

               डॉ. यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों एवं मड़वा में 800 मेगावाट की इकाई स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। पारेषण क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच उपकेन्द्रों की संख्या 132 से बढ़कर 137 हो गई है। ट्रांसफार्मरों की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 132 केवी लाइनों में पुराने कंडक्टरों को उच्च क्षमता वाले एचटीएलएस कंडक्टर से बदला जा रहा है। साथ ही 5 हजार 200 किमी ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर का इंस्टॉलेशन पूर्ण कर 131 उपकेन्द्रों को डिजिटल संचार नेटवर्क से जोड़ा गया है।

            वितरण क्षेत्र में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से अधिक हो गई है। विगत दो वर्षों में हजारों किमी नई लाइनें, उपकेन्द्र एवं ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम, डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना एवं बीपीएल उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विद्युतीकरण हेतु नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत सैकड़ों गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है।

            क्रेडा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि विगत दो वर्षों में 26 हजार 794 सोलर सिंचाई पंप, 7 हजार 833 सोलर पेयजल पंप तथा 1 हजार 709 सोलर हाईमास्ट स्थापित किए गए हैं। आगामी वर्षों में ऑफग्रिड सोलर प्लांट्स एवं रूफटॉप सौर संयंत्रों के विस्तार की कार्ययोजना पर भी कार्य जारी है। डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में संतुलित मिश्रण, तकनीकी आधुनिकीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान पत्रकारों के सवालों के भी विस्तृत उत्तर दिए और विभाग की आगामी 03 वर्षों की कार्य योजना साझा की। 

            इस दौरान सीएसपीडीसीएल के एमडी श्री भीम सिंह कंवर, सीएसपीजीसीएल के एमडी एस के कटियार, सीएसपीटीसीएल के एमडी श्री राजेश कुमार शुक्ला सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

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अधिवक्ता कक्ष में हुए खूनी विवाद के बाद वकीलों पर दर्ज हुई एफआईआर पर हाईकोर्ट का बड़ा हस्तक्षेप — प्रथम दृष्टया बचाव में दर्ज मामला मानते हुए पूरी कार्रवाई पर लगाया स्टे

जशपुर, 19 फरवरी 2026। फरसाबहार न्यायालय परिसर में हुए मारपीट और धारदार हथियार से हमले के मामले में महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। उच्च न्यायालय बिलासपुर ने अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर और आपराधिक प्रकरण पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी है। साथ ही थाना फरसाबहार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

कुनकुरी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विष्णु कुलदीप से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व फरसाबहार न्यायालय के अधिवक्ता कक्ष में तपकरा निवासी आयुष चौधरी और अधिवक्ता चुन्नू राम चौहान के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि आयुष चौधरी ने कथित रूप से धारदार सुजा से अधिवक्ता चुन्नू राम चौहान पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। इस घटना के बाद उसी दिन आरोपी आयुष चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

बताया जा रहा है कि घटना के लगभग तीन दिन बाद आयुष चौधरी ने फरसाबहार थाने में अधिवक्ता कलेश जायसवाल, चुन्नू राम चौहान, शनैश्वर चौहान और ओमप्रकाश दास के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज की शिकायत दर्ज कराई। फरसाबहार पुलिस ने मामले की जांच करते हुए लगभग एक सप्ताह के भीतर न्यायालय कुनकुरी में चालान पेश कर दिया।

इसके बाद चारों अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय बिलासपुर में अधिवक्ता मनोज चौहान के माध्यम से याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और आपराधिक प्रकरण को निरस्त करने की मांग की। इस याचिका पर 19 फरवरी 2026 को सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने प्रथम दृष्टया अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को बचाव में दर्ज कराया गया मामला मानते हुए एफआईआर और संबंधित आपराधिक प्रकरण पर अंतरिम रोक लगा दी। साथ ही थाना फरसाबहार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

इधर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी देखी जा रही है। कुनकुरी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विष्णु कुलदीप ने कहा कि अधिवक्ता पर धारदार हथियार से हमला होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई, बल्कि उल्टा अधिवक्ताओं पर ही मामला दर्ज कर दिया गया। उन्होंने इसे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं पर हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अधिवक्ता संघ जल्द ही आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा।

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नई पाठ्य पुस्तकों से बदलेगा शिक्षा का स्वरूप — सीबीएसई पैटर्न पर आधारित ‘दीपकम’ और ‘पूर्वी’ पुस्तकों के प्रभावी शिक्षण हेतु मनोरा में शिक्षकों का पांच दिवसीय गहन प्रशिक्षण सम्पन्न, छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर

जशपुर/नारायणपुर 19 फरवरी 2026 : जिला शिक्षा अधिकारी जशपुर एवं जिला प्रशिक्षण संस्थान जशपुर के मार्गदर्शन में उच्च प्राथमिक शालाओं में संचालित नई पाठ्य पुस्तकों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड स्त्रोत कार्यालय मनोरा के प्रशिक्षण कक्ष में किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नई गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति से परिचित कराते हुए बच्चों में सीखने-सिखाने की क्षमता का समुचित विकास करना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम विकासखंड स्त्रोत समन्वयक श्री आशुतोष शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें एनसीईआरटी द्वारा तैयार संस्कृत विषय की पुस्तक दीपकम एवं अंग्रेजी विषय की पुस्तक पूर्वी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को नई पुस्तकों के माध्यम से बच्चों में पठन कौशल, लेखन कौशल, श्रवण कौशल, सारांश निर्माण तथा कहानी निर्माण जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं के विकास हेतु विविध गतिविधियों की जानकारी दी गई।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल ने कहा कि नई पाठ्य पुस्तकें लगभग सीबीएसई पैटर्न पर तैयार की गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को केंद्र में रखकर शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यालयों में छात्र-अनुकूल वातावरण तैयार कर गतिविधि-आधारित शिक्षण को बढ़ावा दें, जिससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का विकास हो और वे भविष्य में देश का नाम रोशन कर सकें।

प्रशिक्षण के दौरान कक्षा छठवीं की अंग्रेजी पुस्तक पूर्वी पर सर्वश्री संतोष लकड़ा, श्रीमती मेरिस्तेला किसपोट्टा एवं अजय खलखो द्वारा विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया, वहीं संस्कृत विषय की पुस्तक दीपकम पर किरण राम महारथी, श्रीमती प्रीतना तिर्की एवं अजमर सिंह द्वारा शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रभावी शिक्षण के तरीके बताए गए।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में श्री प्रेम लाल बर्मन एवं बीआरसी लेखापाल नरेंद्र बघेल का विशेष योगदान रहा। प्रशिक्षण के समापन पर शिक्षकों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए नई पुस्तकों के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।

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मुख्यमंत्री की सार्थक प्रयास से जशपुर में बनेगा दृष्टि बाधित और श्रवण बाधित बच्चों के लिए सर्व सुविधायुक्त आवासीय स्कूल - विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने गम्हरिया में किया भूमिपूजन 

जशपुरनगर 19 फरवरी 2026/ जशपुर विधायक श्रीमती  रायमुनी भगत ने आज गम्हरिया में दिव्यांग बच्चों हेतु आदर्श आवसीय विद्यालय परिसर निर्माण कार्य तथा ऑटोमेटेड ई ट्रैक निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन ।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के घोषणा अनुरूप ग्राम गम्हरिया में शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ बच्चो हेतु आदर्श आवसीय विद्यालय परिसर का निर्माण कार्य एक करोड़ 77 लाख की लागत से किया जाएगा इनमें इनमें ई ट्रेक निर्माण कार्य 2 करोड़ 28 लाख की लागत से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने और बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले इसके लिए जशपुर जिले के गम्हरिया में दृष्टि बाधित बच्चों के लिए 6 से 12 तक और श्रवण बाधित बच्चों के लिए 1 से 12 तक का स्कूल का भवन बनाया जाएगा।
क्रियान्वयन एजेंसी - छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को बनाया गया है।
इस अवसर पर कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री प्रफुल्ल चौरे जनप्रतिनिधिगण और आम नागरिक उपस्थित थे।

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