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हरिनाम संकीर्तन से पावन हुआ बगीचा — 72 घंटे के अखण्ड भक्ति महायज्ञ में उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की आस्था, कौशल्या साय ने की पूजा-अर्चना और मांगी क्षेत्र की सुख-समृद्धि

जशपुरनगर 10 अफ़्रैल 2026 : महाकुल यादव समाज सेवा समिति बगीचा के तत्वावधान में आयोजित श्री हरि अखण्ड संकीर्तन चौबीस प्रहरी (72 घंटे) का भव्य आयोजन इन दिनों पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना रहा है। 7 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह धार्मिक आयोजन 11 अप्रैल शनिवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा।

इस दौरान बगीचा पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आ रहा है। आयोजन स्थल पर सुबह से लेकर देर रात तक हरि नाम संकीर्तन की मधुर ध्वनि गूंज रही है, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया है।

गुरुवार की संध्या आयोजित अष्ट प्रहरी महायज्ञ में प्रदेश के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज में आध्यात्मिक चेतना और एकता का प्रतीक बताया।

इस भव्य आयोजन में जिलेभर से आई विभिन्न कीर्तन मंडलियां लगातार अपनी प्रस्तुति दे रही हैं। हरे कृष्ण, हरे राम के संकीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूबा हुआ है। श्रद्धालु घंटों बैठकर भजन-कीर्तन का आनंद ले रहे हैं और भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं।

आयोजन में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। आयोजन स्थल पर उमड़ी भारी भीड़ इस धार्मिक कार्यक्रम की लोकप्रियता और भव्यता को दर्शा रही है।

पूरे क्षेत्र में गूंज रहे हरिनाम संकीर्तन ने बगीचा को मानो एक आध्यात्मिक धाम में परिवर्तित कर दिया है। हर ओर भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि 11 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ इस अखण्ड संकीर्तन का समापन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

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खेल समाचार : जीत मिली, लेकिन भारी पड़ा जश्न —स्लो ओवर रेट ने बिगाड़ा कप्तान शुभम गिल का खेल — 210 रन की धमाकेदार जीत के बाद भी लगा 12 लाख का तगड़ा जुर्माना

नईदिल्ली, 10 अपै्रल। इंडियन प्रीमियर 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज करना गुजरात टाइटन्स के कप्तान शुभमन गिल पर भारी पड़ गया. मैच के बाद उनपर स्लो ओव रेट की वजह से 12 लाख का जुर्माना ठोक दिया गया.
आईपीएल ने एक बयान जारी करके कहा, गुजरात टाइटन्स के कप्तान शुभमन गिल पर जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि उनकी टीम ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ टाटा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 14वें मैच के दौरान धीमी ओवर-रेट बनाए रखी.
बयान में आगे कहा गया, चूंकि आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत यह इस सीजन में उनकी टीम का पहला अपराध था. जिसकी वजह से गिल पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.
इससे पहले, पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर पर आईपीएल 2026 में धीमी ओवर-रेट के लिए दो बार जुर्माना लगाया जा चुका है. पहले 12 लाख और दूसरी बार 24 लाख का जुर्माना लगा.
   गुजरात ने दिल्ली के सामने जीत के लिए 210 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था. जिसमें गिल, जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर की तिकड़ी ने अर्धशतक लगा. जावब में दिल्ली की टीम 209 रन ही बना सकी. जिसमें केएल राहुल 92 रन बनाकर गलत समय पर आउट हो गए, जबकि मिलर 40 रन बनाकर नाबाद रहे.
   दिल्ली मैच जीतने के बहुत करीब था. उनको आखिरी दो गेंदों पर दो रनों की जरूरत थी, लेकिन आखिरी गेंद पर कुलदीप यादव के रन-आउट होने से मुकाबला गुजरात टाइटन्स के पक्ष में चला गया.गेंदबाजी में, राशिद खान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में केवल 17 रन खर्च करके 3 अहम विकेट लिए. जिसमें समीर रिजवी का भी विकेट शामिल है.
इस शानदार प्रदर्शन की वजह से राशिद खान को प्लेयर ऑफ दि मैच का अवॉर्ड दिया गया. इस जीत के साथ गुजरात ने अंक तालिका में अपना खाता खोला और वो अब तीन मैच के बाद छठे नंबर पर पहुंच गए हैं(RNS)

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निजी स्कूलों की फीस, दबाव और अनियमितताओं पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी — अब नहीं चलेगी निजी स्कूलों की मनमानी, हर शिकायत पर होगी सख्त जांच और कार्रवाई: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 10 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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बंदूक छोड़ थामा मतदाता परिचय पत्र,अब पुनर्वासित युवा चुनेंगे अपना जनप्रतिनिधि,पुनर्वास केंद्र के 116 आत्मसमर्पित युवाओं का बना मतदाता कार्ड

 रायपुर 09 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित युवाओं को अब लोकतंत्र से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों का मतदाता परिचय पत्र (वोटर आईडी कार्ड) बनाकर उन्हें मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।

जिला शासन के इस सकारात्मक कदम से अब ये पुनर्वासित युवा अपने मताधिकार का प्रयोग कर पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य,  विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का चयन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को और मजबूत करते हुए अब वे भविष्य में स्वयं भी चुनाव लड़ने के पात्र बन गए हैं। यह बदलाव उनके जीवन में सम्मान, अधिकार और आत्मविश्वास की नई शुरुआत माना जा रहा है।

*सरकार की नीति से बदली जिंदगी*
जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का लाभ आत्मसमर्पित युवाओं को लगातार दिया जा रहा है। पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों के राशन कार्ड, जॉब कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड पंजीयन के साथ-साथ पीएम आवास योजना सर्वे भी पूरा कराया गया है। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलना सुनिश्चित हो गया है।

*कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर कदम*
पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा उन्हें विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि उद्यमिता प्रशिक्षण में 48 हितग्राही, सिलाई मशीन प्रशिक्षण में 5 हितग्राही, कृषि उद्यमी एवं राजमिस्त्री प्रशिक्षण में 265 हितग्राही, वाहन चालक प्रशिक्षण में 14 हितग्राही और मुर्गी पालन प्रशिक्षण में 25 हितग्राही कुल मिलाकर 317 पुनर्वासित युवा कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। जिला प्रशासन की यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को पहचान और अधिकार दिला रही है, बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर भी कर रही है।

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आजीविका मिशन से रमशीला कश्यप को मिला आत्मनिर्भरता का संबल,किराना दुकान से लगभग 25 हजार रुपये की कर रहीं हैं आय अर्जित

रायपुर, 09 अप्रैल 2026।
एक समय माओवाद से प्रभावित रहा कोंडागांव जिले का दूरस्थ ग्राम कुधुर आज विकास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। शासन की योजनाओं की पहुँच ने इस क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है, और इसी परिवर्तन की मिसाल हैं ग्राम की निवासी श्रीमती रमशीला कश्यप। किराना दुकान संचालन से प्रति माह लगभग 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहीं हैं l 

         राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर रमशीला कश्यप ने अपने जीवन को नई दिशा दी। वर्ष 2018 में उन्होंने ‘जय मां दंतेश्वरी’ स्व-सहायता समूह की सदस्य बनकर आत्मनिर्भर बनने की शुरुआत की। उस समय गांव में केवल एक किराना दुकान था, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर मर्दापाल जाना पड़ता था।
ग्रामीणों की इस समस्या को समझते हुए रमशीला कश्यप ने गांव में ही किराना दुकान खोलने का साहसिक निर्णय लिया। स्व-सहायता समूह से प्राप्त 50 हजार रुपये की सहायता से उन्होंने अपनी दुकान की शुरुआत की। समय के साथ उन्होंने दुकान में जरूरत के अनुसार सामग्री बढ़ाई और अपने व्यवसाय को मजबूत किया।

     आज रमशीला की यह छोटी-सी पहल पूरे गांव के लिए बड़ी सुविधा बन चुकी है। जहां एक ओर ग्रामीणों को आवश्यक वस्तुएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर रमशीला कश्यप के परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में वे प्रति माह लगभग 20 से 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
पहले केवल खेती पर निर्भर रहने वाला उनका परिवार अब अतिरिक्त आय के स्रोत से सशक्त हो गया है। 

        रमशीला कश्यप की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। आज वे अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। रमशीला कश्यप ने शासकीय योजनाओं से मिली सहायता के लिए शासन प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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राज्य के सिंचाई जलाशयों में अभी 67 प्रतिशत से अधिक जल भराव,पिछले दो सालों की तुलना में जल उपलब्धता की स्थिति काफी बेहतर

रायपुर, 09 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य के 12 वृहद एवं 34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में इस वर्ष जल भराव की स्थिति काफी बेहतर है। वर्तमान में राज्य के कुल 46 प्रमुख सिंचाई जलाशयों में औसत रूप से 67.43 प्रतिशत जल भराव है, जो कि वर्ष 2025 मेें इसी अवधि में औसत रूप से 45.23 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 के 42 प्रतिशत की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है। यह स्थिति राज्य में बेहतर वर्षा, सुनियोजित जल प्रबंधन तथा जलाशयों के प्रभावी संचालन का परिणाम है।

राज्य के 12 वृहद सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान में 68.19 प्रतिशत जल भराव है, जबकि वर्ष 2025 में यह 45.84 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 में 38.62 प्रतिशत था। प्रमुख वृहद जलाशयों में शामिल मनियारी जलाशय में 90.41 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली में 86.85 प्रतिशत, खारंग में 84.99 प्रतिशत, दुधावा में 84.54 प्रतिशत, रविशंकर सागर में 76.72 प्रतिशत, सोंढूर में 70.65 प्रतिशत एवं तांदुला में 66.19 प्रतिशत में जल उपलब्ध है। वहीं मिनीमाता बांगो जलाशय में 63.86 प्रतिशत तथा केलो में अभी 51.83 प्रतिशत जल भराव है। कोडार जलाशय में अपेक्षाकृत कम 35.45 प्रतिशत जल उपलब्ध है। 

इसी प्रकार राज्य की 34 मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में वर्तमान में 63.38 प्रतिशत जल भराव है, जो कि वर्ष 2025 के 44.62 प्रतिशत एवं वर्ष 2024 के 45.38 प्रतिशत से अधिक है। मध्यम जलाशयों में छिरपानी जलाशय मेें 92.23 प्रतिशत, खपरी में 92.98 प्रतिशत, पिपरिया नाला में 89.69 प्रतिशत, गोंडली में 85.53 प्रतिशत, सुतियापाट में 79.82 प्रतिशत, सारोदा में 77.57 प्रतिशत एवं कोसारटेडा में 77.46 प्रतिशत जल भराव अपने उच्च स्तर पर हैं। 

प्रदेश में उपलब्ध जल का उपयोग किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से नियंत्रित एवं चरणबद्ध रूप से जल छोड़ा जा रहा है। रविशंकर सागर (गंगरेल) परियोजना से नहरों के माध्यम से धमतरी एवं रायपुर क्षेत्रों में निस्तारी एवं सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा रहा है। दुधावा जलाशय से मुख्य नहरों के जरिए पानी दिया जा रहा है। सोंढूर परियोजना से नहर प्रणाली के माध्यम से जल छोड़ा जा रहा है। कोडार जलाशय से लगभग 6.84 क्यूमेक्स (घन मीटर प्रति सेकण्ड) जल नहरों के माध्यम से छोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त परालकोट परियोजना से दाएं एवं बाएं तट नहरों के जरिए जल वितरण किया जा रहा है।

मध्यम परियोजनाओं में भी खरखरा, गोंडली, पिपरिया, सारोदा, जुमका, केदार नाला एवं अन्य जलाशयों से आवश्यकता अनुसार नहरों एवं स्लुइस गेट के माध्यम से जल छोड़ा जा रहा है, जिससे रबी फसलों की अंतिम सिंचाई एवं ग्रीष्मकालीन फसलों एवं निस्तारी के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सके। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जल का सदुपयोग तथा सभी सिंचित क्षेत्रों को आवश्यकतानुसार पानी मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जल संसाधनों का वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जलाशयों में बेहतर जल भराव समन्वित प्रयासों का परिणाम है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों की आय में सुधार हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जलाशयों के जल स्तर की सतत निगरानी करते हुए जल का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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AI आधारित शिक्षा से छत्तीसगढ़ को ज्ञान, कौशल और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाना हमारा ध्येय है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 9 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ में शिक्षा को भविष्य की तकनीकों से जोड़ते हुए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख श्री संजय जैन एवं गूगल इंडिया के पब्लिक पॉलिसी प्रमुख श्री राजेश रंजन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अतिथियों का पारंपरिक सम्मान करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर कला की प्रतिकृति भेंट की। ।

गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख श्री संजय जैन ने रायपुर जिला प्रशासन और गूगल के मध्य हुए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रायपुर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में “AI सक्षम शिक्षा अभियान” की शुरुआत की गई है। इस अभियान के माध्यम से स्कूल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि “सक्षम शिक्षक अभियान” के तहत राज्य में शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल टूल्स और AI आधारित शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल के प्रथम चरण की शुरुआत रायपुर से की जाएगी, जिसके बाद इसे राज्य के सभी जिलों में विस्तार दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत 2 लाख से अधिक शिक्षकों को AI प्रमाणन प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए गूगल फॉर एजुकेशन अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को निःशुल्क उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है, जिससे शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त किया जा सके।
कार्यक्रम के तहत प्रारंभिक चरण में 200 शिक्षकों की सहभागिता से विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें गूगल फॉर एजुकेशन टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, कक्षा शिक्षण में AI के प्रभावी उपयोग और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक-सक्षम और नवाचार आधारित बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को शिक्षा से जोड़ना केवल एक पहल नहीं, बल्कि प्रदेश के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इससे न केवल शिक्षण पद्धतियों में गुणवत्ता आएगी, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर नए युग के कौशल विकसित होंगे, जो उन्हें आने वाले समय की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “AI सक्षम शिक्षा अभियान” जैसे कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधनों से सशक्त कर कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है - छत्तीसगढ़ को एक ऐसे ज्ञान-आधारित और तकनीकी रूप से सशक्त राज्य के रूप में स्थापित करना, जहाँ हर विद्यार्थी को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अवसरों से भरपूर शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर एक सशक्त, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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बड़ी खबर: संकल्प प्रवेश परीक्षा की तारीख बदली — 12 अप्रैल की जगह अब 25 अप्रैल को होगी परीक्षा, JEE-NEET की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए सुनहरा मौका, तैयारी के लिए मिला अतिरिक्त समय

जशपुर नगर। 09 अप्रैल 2026

कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर, कुनकुरी और पत्थलगांव में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इस बार कक्षा 9वीं  में 40-40 विद्यार्थियों और कक्षा 10वीं, 11वीं व 12वीं में रिक्त सीटों के अनुसार विद्यार्थियों के प्रवेश हेतु परीक्षा आयोजित की जाएगी।
       इसके लिए निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र 15 अप्रैल 2026 को सभी विद्यालयों के प्राचार्य संकलित कर संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कर प्रवेश पत्र प्राप्त करेंगे। जो विद्यार्थी पहले फॉर्म भरकर जमा कर चुके हैं उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। ‌अब प्रत्येक विकासखंड मुख्यालय के स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में परीक्षा केंद्र होंगे। 

पूर्व में प्रवेश परीक्षा 12 अप्रैल 2026 को आयोजित होनी थी, जिसे स्थगित किया गया है। अब सभी कक्षाओं के लिए प्रवेश परीक्षा 25 अप्रैल को प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।
      इस बार प्रवेश परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग की जाएगी l प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक दिए जाएँगे और प्रत्येक ग़लत उत्तर के लिए एक अंक काटे जाएँगे l कक्षा 9 वीं,10 वीं में प्रवेश परीक्षा में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे जो पूर्व कक्षा के पाठ्यक्रम पर आधारित केवल विज्ञान और गणित विषय से संबंधित होंगे l इसी प्रकार कक्षा 11 वीं व 12 वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स विषयों के 25 -25 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएँगे l 
       इस नए शिक्षण सत्र से गुणवत्ता बढ़ाने और जेईई व नीट में सफलता सुनिश्चित करने के लिए कई बदलाव किए गए है, जिसमें कक्षा 9 से ही एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से अध्यापन , प्रत्येक सप्ताह जेईई व नीट स्तर का टेस्ट, प्रत्येक माह एनटीए पैटर्न पर ऑनलाइन टेस्ट सभी कक्षाओं 9 से 12वीं तक लेना शामिल है l देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के स्टडी मटेरियल का उपयोग किया जाना शामिल है l चयन का आधार उपरोक्त प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंक होगा तथा प्राप्तांक के मेरिट लिस्ट के आधार पर जिले के आरक्षण प्रावधान के तहत प्रवेश दिया जाएगा l

उल्लेखनीय है कि तीनो संकल्प में निःशुल्क आवासीय सुविधा के साथ निःशुल्क गणवेश तथा जेईई व नीट परीक्षा के लिए सभी प्रकार की आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध करायी जाती है l विद्यार्थियों को उच्च प्रशासनिक अधिकारियों का सतत मार्गदर्शन प्राप्त होता है l कोचिंग देने वाले सभी विषयों के शिक्षक इसी कार्य के लिए अनुभवी और योग्य है जिन्हे जिला प्रशासन द्वारा पृथक से नियुक्त किया गया है l 

पूरा फोकस केवल जेईई व नीट परीक्षा की तैयारी पर ही होगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक विद्यार्थी अनिवार्य रूप से उपरोक्त परीक्षाएं क्वालीफाई करें और उनका एडमिशन आईआईटी और शासकीय मेडिकल कॉलेज में हो सके l इन तीनो संस्थान में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को केवल जेईई व नीट की परीक्षा अच्छे अंकों से क्वालीफाई करना है , इस सोच के साथ प्रवेश लेंगे l

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अभ्यारण्य जंगलों के बीच बसा बच्छरांव बाजार बना हजारों ग्रामीणों की जीवनरेखा: हर सप्ताह उमड़ती भीड़, हर जरूरत का मिलता समाधान,लेकिन सुविधा के नाम पर सन्नाटा, हजारों लोगों की भीड़ में शौचालय का अभाव बना सबसे बड़ा मुद्दा

नारायणपुर 09 अफ़्रैल 2026 :  बादलखोल अभ्यारण्य के घने जंगलों के बीच बसे ग्राम पंचायत बच्छरांव का साप्ताहिक बाजार आज भी ग्रामीण जीवन की असली तस्वीर पेश करता है। वर्षों पुरानी परंपरा को जीवित रखने वाला यह बाजार प्रत्येक सप्ताह गुरुवार के दिन आसपास के दर्जनों गांवों के लिए जीवनरेखा बन जाता है। सुबह होते ही दूर-दराज के गांवों से लोग पैदल, साइकिल चार पहिया वाहन और मोटरसाइकिल, से यहां पहुंचते हैं। देखते ही देखते पूरा इलाका भीड़ से भर जाता है और बाजार अपने पूरे रंग में नजर आता है।

आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में बच्छरांव का बाजार लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां नमक, तेल, साबुन, राशन से लेकर सब्जी, फल, अनाज, कपड़े, बर्तन, लोहे-लकड़ी के औजार,मिट्टी के बर्तन और बच्चों के खिलौनों तक सब कुछ उपलब्ध रहता है। किसान अपनी उपज लेकर आते हैं, तो छोटे व्यापारी और कारीगर अपने सामान बेचकर परिवार का गुजारा चलाते हैं। यही कारण है कि यह बाजार सिर्फ खरीद-फरोख्त का स्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बना हुआ है।

बाजार में उमड़ने वाली भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आज भी गांवों में साप्ताहिक बाजारों की अहमियत कम नहीं हुई है। यहां लोगों के बीच आपसी मेलजोल, बातचीत और रिश्तों की गर्माहट भी साफ देखने को मिलती है। सप्ताह में एक दिन लगने वाला यह बाजार ग्रामीणों के लिए एक तरह से सामाजिक उत्सव जैसा होता है, जहां जरूरतें भी पूरी होती हैं और अपनापन भी महसूस होता है।

भीड़ बढ़ी, लेकिन सुविधाएं नहीं—सबसे बड़ी परेशानी शौचालय का अभाव

 इस बाजार में भीड़ और रौनक के बीच एक कड़वी सच्चाई भी सामने आती है। इतने बड़े बाजार में आज तक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव बना हुआ है। बाजार परिसर में शौचालय नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को उठानी पड़ती है। उन्हें खुले में जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जो न केवल असुविधाजनक है बल्कि सुरक्षा और स्वच्छता के लिहाज से भी बेहद चिंताजनक है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब हर सप्ताह इतनी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं, तो शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा का होना बेहद जरूरी है। पंचायत और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।

बच्छरांव का यह साप्ताहिक बाजार आज भी परंपरा, जरूरत और सामाजिक जुड़ाव का मजबूत केंद्र बना हुआ है, लेकिन अब इसे बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने की जरूरत है, ताकि यह हाट न केवल ग्रामीणों की जरूरतें पूरी करे, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण भी प्रदान कर सके।

जनपद पंचायत बगीचा से सामुदायिक शौचालय की मांग की गई है जिसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है पर अब तक काम की स्वीकृति नही मिली है। स्वीकृति मिलते ही शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।
                 शंकर राम बरला   सरपंच- बच्छरांव

ग्राम पंचायत बच्छरांव का साप्ताहिक बाजार परिसर में सामुदायिक शौचालय न होने की जानकारी आपसे मिल रही है। बाजार में एक शौचालय का होना बहुत जरूरी है।  तत्काल वँहा शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।

श्री विनोद सिंह- मुख्य कार्यपालन अधिकारी -जनपद पंचायत बगीचा

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पर्यटन स्थलों पर सभी मूलभूत सुविधाएं करें विकसित: कलेक्टर श्री रोहित व्यास,होम स्टे सहित पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने दिए निर्देश

जशपुरनगर, 09 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अधोसंरचना निर्माण, आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विस्तार सहित व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि जशपुर को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिल सके। इसी क्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में जिला पर्यटन समिति जशपुर की  बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में पर्यटन के समग्र विकास को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार भी उपस्थित रहे।
      बैठक में पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, पर्यटन स्थलों तक सरल एवं सुगम पहुंच सुनिश्चित करने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, पर्यटन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने एवं इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के संबंध में भी महत्वपूर्ण चर्चा की गई। इसके अलावा जिले की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति एवं स्थानीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और उन्हें पहचान दिलाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया गया।
      कलेक्टर श्री व्यास ने निर्देश दिए कि पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों एवं पर्यटन स्थलों पर स्पष्ट दिशा-सूचक संकेतक, आकर्षक साइन बोर्ड एवं सूचना बोर्ड स्थापित किए जाएं, ताकि बाहरी पर्यटकों को गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि जशपुर आने वाले पर्यटकों को होटल, लॉज, धर्मशाला एवं विभिन्न आयोजनों के माध्यम से पर्यटन संबंधी जानकारी ब्रोशर एवं पंपलेट के जरिए उपलब्ध कराई जाए। होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर ने  इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा ट्रैवल एवं पर्यटन से संबंधित वेबसाइटों में पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे पर्यटकों को आसानी से जानकारी मिल सके। इसके साथ ही इन स्थलों पर कैंपिंग स्पॉट विकसित करने को कहा गया।    
      कलेक्टर श्री व्यास ने सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पेयजल, स्वच्छ शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही  पर्यटन स्थलों की जानकारी एवं वहां उपलब्ध सुविधाओं का विवरण तैयार कर टूरिज्म बोर्ड को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा प्रत्येक पर्यटन स्थलों पर पर विलेज लेवल टूरिज्म कमेटी गठित करने को कहा, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके और पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो। बैठक में आरईएस के प्रभारी कार्यपालन अभियंता श्री राजेश श्रीवास्तव, वन विभाग के एसडीओ श्री करण सिंह, श्री राजकपूर राम भगत, श्री सौरभ सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

*साल भर आयोजित होंगे पर्यटन संबंधी रोमांचक गतिविधियां*

जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वर्षभर विभिन्न आकर्षक एवं रोमांचक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।  टूरिज्म कैलेंडर के अनुसार मई माह में एस्ट्रो कैंप, जून में इनडोर क्लाइंबिंग चैंपियनशिप और ट्राइबल फूड व फॉरेस्ट प्रोड्यूस फेस्टिवल, जुलाई में टी फेस्टिवल, मानसून एवं रील फेस्टिवल, अगस्त में ट्राइबल फेस्टिवल, सितंबर में बटरफ्लाई मीट, अक्टूबर में जशपुर जंबूरी, नवंबर में आर्ट फेस्टिवल एवं रेजिडेंसी, दिसंबर में मेटेओर शावर कैंप, जनवरी में बर्ड फेस्टिवल और वेलनेस रिट्रीट प्रोग्राम, फरवरी में साइक्लिंग इवेंट, मार्च में महुवा फेस्टिवल और अप्रैल में सरहुल कल्चर फेस्टिवल जैसे रोमांचक गतिविधियां आयोजित किए जाएंगे।

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कलेक्टर ने नव संकल्प शिक्षण संस्थान का किया निरीक्षण ,पीएससी,व्यापम और सहायक शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे विघार्थियों से की बात -भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश 

जशपुर 9 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को जशपुर नव संकल्प शिक्षण संस्थान का निरीक्षण किया और विघार्थियों को पीएससी, व्यापम और सहायक शिक्षक की कोचिंग की दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों का प्रत्येक सप्ताह टेस्ट  और माह में सभी पढ़ाए गए विषय का पूरा टेस्ट लेने के लिए कहा हैं।

उन्होंने कहा कि विघार्थियों को कोई प्रशन समझ नहीं आ रहा है तो समाधान भी मौके पर करें।

कलेक्टर ने बच्चों से बात करके होस्टल की सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली।
उन्होंने क्लास रूम में लगे स्मार्ट बोर्ड को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। हास्टल और क्लास रूम के पंखा लाइट को भी ठीक करने के निर्देश आरईएस विभाग के अधिकारीयों को दिए हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा आरईएस के कार्यपालन अभियंता श्री राजेश श्रीवास्तव और अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे 

कलेक्टर ने बच्चों की समस्याओं का भी मौके पर समाधान किया।
उल्लेखनीय है जिला प्रशासन द्वारा जशपुर में नव संकल्प शिक्षण संस्थान का संचालन किया जा रहा है।
जहां जशपुर जिले के बच्चों को सीजी पीएससी, व्यापम, सहायक शिक्षक भर्ती के साथ अन्य सरकारी नौकरी में भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां करवाई जा रही है।
वर्तमान में लगभग 180 विद्यार्थी कोचिंग ले रहे हैं।
इनमें व्यापम के 100 , पीएससी के 20, और सहायक शिक्षक भर्ती की तैयारी के लिए 55 विघार्थियों को कोचिंग दिया जा रहा है।

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कुनकुरी श्री रामकथा मंच से गूंजा गौमाता सम्मान का महासंकल्प, राष्ट्रमाता का दर्जा और गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग के साथ देशव्यापी अभियान की भव्य शुरुआत

नारायणपुर/कुनकुरी 09 अफ़्रैल 2026 : नगर में आयोजित भव्य संगीतमय श्री रामकथा के अंतिम दिवस पर एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देशव्यापी “गौ सम्मान आह्वान अभियान” की शुरुआत की गई। इस अवसर पर उपस्थित संतों, महात्माओं एवं सनातन धर्मावलंबियों ने गौ माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर जनजागरण का संकल्प लिया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य पूरे भारत में गौ माता को संरक्षण प्रदान करना, उन्हें राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना तथा गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों से प्रभावी कानून बनाने की मांग करना है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं, इसलिए उनके संरक्षण के लिए समाज और शासन दोनों को मिलकर कार्य करना आवश्यक है।

इस अभियान को देशभर के संत, महात्मा, मुनि, आचार्य, गौसेवक एवं सनातनी बंधु निस्वार्थ भाव से आगे बढ़ा रहे हैं। बिना किसी पद या स्वार्थ के यह अभियान जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। “गौ माता हमारी माता” के भाव के साथ अभियान को प्रधान संरक्षक के रूप में गौमाता एवं अध्यक्ष के रूप में नंदी बाबा के सानिध्य में संचालित किया जा रहा है, जिसे समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन मिल रहा है।

अभियान को चार चरणों में संचालित किया जाएगा। प्रथम चरण के तहत 27 अप्रैल को “गौ सम्मान दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन देशभर की प्रत्येक तहसील में संबंधित अधिकारियों के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एवं हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र सौंपा जाएगा।

कुनकुरी तहसील में भी 27 अप्रैल को दोपहर 2 बजे स्थानीय शिव मंदिर से रैली निकाली जाएगी। रैली में शामिल सनातनी बंधु गौ माता के नाम का संकीर्तन करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचेंगे और वहां अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।

आयोजकों के अनुसार, यदि सरकार द्वारा मांगों पर संतोषजनक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो अभियान के दूसरे चरण में 27 जुलाई को जिला कलेक्टर को पुनः ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस प्रकार चरणबद्ध तरीके से अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गौसेवक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने गौ संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।

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सच्ची भक्ति से असंभव भी संभव” — संत चिन्मयानंद बापू के संदेश ने जगाई आस्था की अलख, हजारों श्रद्धालु हुए भावविभोर, भव्य पूर्णाहुति के साथ हुआ सात दिवसीय रामकथा महोत्सव का समापन,बापू के प्रवचनों से भावविभोर हुए श्रद्धालु.....


कुनकुरी/नारायणपुर 09 अफ़्रैल 2026। नगर में आयोजित भव्य रामकथा महोत्सव के सातवें एवं समापन दिवस पर पूजनीय संत चिन्मयानंद बापू ने श्रद्धालुओं को रामचरित के विभिन्न प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन सुनाया। कथा के दौरान उन्होंने अयोध्या कांड से लेकर उत्तरकांड तक की घटनाओं को मार्मिक शैली में प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।कथा में अयोध्या कांड का वर्णन करते हुए बापू जी ने बताया कि माता कैकेयी को राजा दशरथ द्वारा दिए गए दो वरदान ही आगे चलकर राम वनवास का कारण बने। उन्होंने कहा कि कैकेयी ने यह सब स्वार्थवश नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के गौरव और उनके अवतार के उद्देश्य की पूर्ति हेतु किया। उन्होंने स्वयं को दोषी ठहराकर भी राम को किसी प्रकार के कलंक से बचाने का प्रयास किया।
आगे कथा में निषादराज, केवट प्रसंग, जटायु मोक्ष तथा किष्किंधा कांड का सुंदर वर्णन किया गया। भगवान श्रीराम द्वारा सुग्रीव से मित्रता निभाने और बाली वध के माध्यम से धर्म स्थापना का संदेश दिया गया। सुंदरकांड में हनुमान जी का पराक्रम, माता सीता से भेंट एवं लंका दहन का प्रसंग अत्यंत भावपूर्ण रहा। बापू जी ने कहा कि सच्ची भक्ति से असंभव भी संभव हो जाता है।लंका कांड के प्रसंग में उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम और रावण के बीच लगभग 13 दिनों तक युद्ध चला, जिसमें अंततः अहंकार रूपी रावण का वध हुआ और सत्य की विजय हुई। इसके पश्चात प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन पर दीपावली का पर्व मनाया गया और आदर्श रामराज्य की स्थापना हुई, जहां धर्म, न्याय और सुख-शांति का वास था।
उत्तरकांड के वर्णन में उन्होंने बताया कि एक धोबी की टिप्पणी के कारण भगवान श्रीराम ने माता सीता का त्याग किया। माता सीता ने महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में निवास किया, जहां लव-कुश का जन्म हुआ। आगे अश्वमेध यज्ञ, लव-कुश द्वारा रामकथा गायन तथा कागभुशुंडी-गरुड़ संवाद का भी विस्तार से वर्णन किया गया।अपने प्रवचन में वर्तमान समय की परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए बापू जी ने आदिवासी क्षेत्रों में हो रहे धर्मांतरण पर चिंता व्यक्त की और सनातन धर्म की रक्षा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सेवा, श्रद्धा और संस्कार ही सनातन धर्म की मूल भावना है। साथ ही उन्होंने मांस, मदिरा एवं नशे से दूर रहने को ही सच्ची “दक्षिणा” बताया।उन्होंने श्रद्धालुओं को नियमित साधना का मार्ग बताते हुए प्रति मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार सुंदरकांड पाठ तथा प्रतिदिन हनुमान चालीसा के पाठ का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे जीवन के संकट, रोग एवं दोष दूर होते हैं और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।बापू जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राम अनंत हैं और उनकी कथा भी अनंत है। कलयुग में रामकथा का श्रवण, मनन और पालन ही जीवन को सफल बनाने का सर्वोत्तम मार्ग है।समापन अवसर पर विधिवत पूर्णाहुति की गई। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय का विशेष सहयोग रहा। वे स्वयं श्रद्धालुओं के बीच बैठकर कथा का श्रवण करती रहीं। इस आयोजन से क्षेत्रवासियों को पूजनीय बापू जी का सान्निध्य प्राप्त हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।इस भव्य के सफल आयोजन के लिए श्री राम कथा समिति एवं सर्व हिन्दू समाज की महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

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बागबहार में बंजारा समाज का शक्ति प्रदर्शन—भव्य शोभायात्रा से दिखी एकता की मिसाल, जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह


जशपुर : जिले के बागबहार में विश्व बंजारा दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय शामिल हुईं। इस अवसर पर बंजारा समाज के बंधुओं द्वारा मंदिर परिसर से परशुराम चौक होते हुए गांधी चौक तक विशाल एवं आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम में दिल्ली से पधारे बंजारा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राहुल चाव्हाण, बंजारा समाज के अध्यक्ष श्री नन्द कुमार बंजारा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्री आनंद शर्मा, किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष श्री चन्द्रचूर्ण बंजारा, मंडल महामंत्री श्री मोती बंजारा, मंडल अध्यक्ष श्री हेमंत बंजारा, श्री शेखर बंजारा, श्री लालजीत बंजारा, श्री रामसेवक बंजारा, श्री श्याम बंजारा, श्रीमती प्रेम शीला बंजारा, श्रीमती ममता बंजारा सहित रायगढ़ एवं जशपुर जिले के बंजारा समाज के बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों ने बंजारा समाज की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और समाज के विकास में योगदान को स्मरण करते हुए एकता और सामाजिक उत्थान का संदेश दिया। कार्यक्रम में समाज के लोगों का उत्साह एवं सहभागिता उल्लेखनीय रही।

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जहां कभी था डर और असुरक्षा, वहां अब पक्के घरों के साथ खिल रही है उम्मीद और विश्वास की नई कहानी

रायपुर, 08 अप्रैल 2026/ बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत धर्मावरम ग्राम से एक सकारात्मक बदलाव की कहानी सामने आई है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास की नई तस्वीर बयान करती है। कभी नक्सल प्रभावित यह इलाका अब शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकास की मुख्यधारा से जुड़ता दिखाई दे रहा है।

इसी परिवर्तन की मिसाल हैं 60 वर्षीय श्रीमती गुण्डी बुचम्मा, जिन्होंने वर्षों तक कच्चे एवं खपरैल वाले मकान में कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन व्यतीत किया। बारिश के मौसम में घर की छत से पानी टपकना, असुरक्षा और असुविधा उनके जीवन का हिस्सा था। किन्तु अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का मकान प्राप्त हुआ है, जिसने उनके जीवन में एक नया आत्मविश्वास और सुरक्षा प्रदान की है। 

यह पक्का मकान उनके लिए केवल एक आवास नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और स्थायित्व का प्रतीक बन गया है। उनके पुत्र जगत बुचम्मा के अनुसार, अब परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और दैनिक जीवन में काफी सुविधा महसूस कर रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में नक्सल प्रभाव के कारण विकास कार्य बाधित होते थे, लेकिन वर्तमान में प्रशासन की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने से योजनाओं का क्रियान्वयन तेज हुआ है। शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं, जिससे आमजन का विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।

धर्मावरम की यह कहानी केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलते बीजापुर की तस्वीर है, जहां अब भय और असुरक्षा की जगह विकास, विश्वास और उम्मीद ने ले ली है। शासन की सतत पहल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की यह प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है।

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सरकार की दूरदर्शी नीति से कृषि में बदलाव: टिकाऊ खेती, पोषण सुरक्षा और आत्मनिर्भर किसान की ओर मजबूत कदम

रायपुर, 8 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि क्षेत्र में स्थायित्व लाने के उद्देश्य से फसल विविधीकरण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में राज्य के 25.28 लाख किसानों को 12 हजार करोड़ रूपए की आदान सहायता के रूप में प्रदाय किए गए।

राज्य सरकार ने धान पर निर्भरता कम करते हुए किसानों को दलहनी, तिलहनी एवं मोटे अनाज सहित अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत उन किसानों को प्रोत्साहन दिया गया है, जिन्होंने धान के अतिरिक्त दलहनी-तिलहनी फसलें, कोदो-कुटकी, रागी, मक्का एवं कपास जैसी फसलों का उत्पादन किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत राज्य के 3 लाख 6 हजार 685 किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से कुल 311 करोड़ 87 लाख 79 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की गई है। यह सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की गई है, जिससे उन्हें खेती की लागत में राहत मिली है।  इसके अतिरिक्त, जिन किसानों ने पारंपरिक धान की खेती को छोड़कर पूर्ण रूप से वैकल्पिक फसलों को अपनाया है, उन्हें विशेष प्रोत्साहन के तहत 11 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता दी गई है। इस श्रेणी में 2 हजार 235 किसानों को कुल 2 करोड़ 72 लाख 97 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। 

इस प्रकार, कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत कुल 314 करोड़ 60 लाख 76 हजार रुपये की राशि किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। राज्य सरकार की यह पहल न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रही है, बल्कि कृषि क्षेत्र में संतुलन, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ खेती को भी बढ़ावा दे रही है। फसल विविधीकरण से जहां एक ओर किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर भूमि की उर्वरता में भी सुधार हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह दूरदर्शी नीति किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान कर रही है।

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प्यार, विवाद और फिर हत्या: “साथ जीने-मरने” की कसम लेने वाला बना कातिल — पुलिस की सख्त कार्रवाई में आरोपी सलाखों के पीछे

  8 अप्रैल, रायगढ़ । कोतरारोड़ पुलिस द्वारा महिला की संदिग्ध मौत के मामले में गंभीर जांच करते हुए हत्या का खुलासा किया गया है। दिनांक 01.04.2026 को जिंदल अस्पताल पतरापाली से धनेश्वरी विश्वकर्मा (32 वर्ष) निवासी पोड़ीभाठा अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा की आकस्मिक मृत्यु की सूचना प्राप्त होने पर थाना कोतरारोड़ में मर्ग कायम कर पंचनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्यवाही की गई। जांच दौरान मृतिका का प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक द्वारा मृत्यु का कारण गले पर दबाव से दम घुटना बताते हुए इसे “होमीसाइडल” घोषित किया गया, जिससे मामला हत्या का उजागर हुआ।

???? *क्या है घटना, कैसे हुआ खुलासा* -

      मृतिका धनेश्वरी विश्वकर्मा किरोडीमल नगर के दिनांक 01.04.2026 को जिंदल अस्पताल पतरापाली में आकस्मिक मौत की सूचना अस्पताली तहर्रिर के माध्यम से थाना कोतरारोड़ को प्राप्त हुई जिस पर थाना कोतरारोड़ में मर्ग क्र. 17/26 धारा 194 बीएनएसएस पंजीबद्ध कर जांच पंचानामा कार्यवाही कर मृतिका के शव का पोस्ट मार्टम कराया गया, जिसका पीएम रिपोर्ट कल प्राप्त हुआ है, पीएम रिपोर्ट पर मृत्यु को “होमीसाइडल” लेख करते हुए पीएमकर्ता चिकित्सक द्वारा मृतिका के गले में दबाब होने से दम घुटने के कारण से मृतिका की मृत्यु होना लेख किया गया है। मामला संदेहास्पद होने पर प्रशिक्षु डीएसपी एवं थाना प्रभारी कोतरारोड़ श्री अजय नागवंशी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर मामले की सूक्ष्मता से जांच की गई । 

              घटना के संबंध में मृतिका के वारिशानों से पूछताछ में सामने आया कि धनेश्वरी विश्वकर्मा (मृतिका) का विवाह मनोज विश्वकर्मा से हुआ था। जिनके तीन बच्चे हैं। लगभग 04 वर्ष पूर्व उसके पति से परेशान होकर मायके में रह रही थी। इसके बाद धनेश्वरी का विकेश से  परिचय हुआ। दोनों एक दुसरे को पंसद करने लगे और लगभग 04 वर्ष से दोनों किरोडीमलनगर में पति पत्नि की तरह साथ रहने लगे। धनेश्वरी विश्वकर्मा बीच-बीच में बीमार रहती थी जिसका ईलाज विकेश द्वारा कराया जाता था। लगभग एक माह पूर्व से धनेश्वरी ज्यादा बीमार थी । उसके पति के साथ तलाक का प्रकरण चल रहा था । घटना दिनांक को विकेश धनेश्वरी के साथ था । प्राथमिक संदेह मृतिका के लिवइन पार्टनर विकेश बरेठ पर जाने पर डीएसपी अजय नागवंशी ने संदेही विकेश से पूछताछ किया गया, काफी पूछताछ बाद विकेश ने धनेश्वरी के गले के मंगलसूत्र से गला घोटनें हत्या करने की बात स्वीकार किया । 

            आरोपी विकेश बरेठ ने बताया कि वह धनेश्वरी का ईलाज आरोपी करा रहा था। धनेश्वरी समय पर दवाई नहीं लेती थी, उसके पति के साथ तलाक नहीं होने के कारण दोनों विवाह नहीं कर पा रहा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगडा विवाद होता था दिनांक 01.04.2026 को विकेश की नानी उसके घर आयी थी, धनेश्वरी समय पर खाना नहीं बनाने के कारण उसे विकेश डांटा । उसकी नानी को उसके घर छोड़कर वापस घर आया तो धनेश्वरी दवाई नहीं खाई थी, दोनों के बीच काफी झगड़ा विवाद हुआ । विकेश ने धनेश्वरी को 1-2 थप्पड मारा तो धनेश्वरी तुम्हारे साथ नहीं रहूंगी कहकर घर जाने लगी । तब आरोपी विकेश धनेश्वरी के मंगलसूत्र को पीछे से पकड़कर खींचने लगा  । धनेश्वरी गिर कर बेहोश हो गयी उसके शरीर पर कोई हलचल नहीं हुआ, तब धनेश्वरी को जिंदल अस्पताल लेकर गये जहाँ डॉक्टर चेक किया और धनेश्वरी विश्वकर्मा को मृत घोषित कर दिया। आरोपी द्वारा मृत्यु के वास्तविक कारण को छिपाने का प्रयास भी किया गया।

            मर्ग जांच के आधार पर *थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 100/2026 धारा 103(1), 238 बीएनएस* के तहत मामला दर्ज कर दिनांक 07.04.2026 को आरोपी विकेश कुमार बरेठ (26 वर्ष) निवासी भंवरमाल, थाना बम्हनीनडीह जिला जांजगीर-चांपा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

          एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, एसएसआई मनमोहन बैरागी, प्रधान आरक्षक श्याम देव साहू, आरक्षक चन्द्रेश पाण्डेय, शंभू चौहान, राजेश खांडे एवं पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* — 

         *“आपसी विवाद को हिंसा का रूप देना गंभीर अपराध है, ऐसे मामलों में रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई करती रहेगी। नागरिकों से अपील है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें, हिंसा से दूर रहें।”*

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आत्मनिर्भरता की मिसाल: औराटोला बना बालोद का पहला ‘लखपति दीदी ग्राम’, महिलाओं की मेहनत ने बदली गांव की तकदीर


रायपुर,08 अप्रैल 2026राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान’’ अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़कर उनके परिवार की वार्षिक आय 01 लाख रूपये या उससे अधिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। जिसके तहत् बालोद जिले में 20 हजार 982 लखपति दीदी बनायी गई है। इसके विस्तृत स्वरूप में लखपति ग्राम की अवधारणा भी विकसित की गई है जो कि ग्रामीण विकास की एक ऐसी दूरदर्शी सोच है, जिसके केंद्र में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक उन्नति है। बालोद जिले में इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गाँव का प्रत्येक परिवार सालाना कम से कम 01 लाख रुपये या उससे अधिक की शुद्ध आय अर्जित कर सके। यहाँ इस अवधारणा के निम्न मुख्य पहलुओं को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं विभागीय उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में बालोद जिले में कार्य कराया जा रहा है। लखपति ग्राम का लक्ष्य केवल गरीबी रेखा से बाहर निकलना नहीं है बल्कि ग्रामीण परिवारों को ’लखपति दीदी’ के रूप में विकसित करके उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। यह स्थायी आजीविका और बेहतर जीवन स्तर पर केंद्रित है जिसके तहत् बहुआयामी आजीविका स्त्रोत को प्राथमिकता दी गई जिसमें एक परिवार केवल एक स्त्रोत जैसे सिर्फ खेती पर निर्भर रहकर लखपति नहीं बन सकता। इसके लिए 03-04 विभिन्न आय के स्रोतों को अपनाया गया है। उन्नत कृषि अंतर्गत जैसे बेमौसमी सब्जियाँ, नकदी फसलें और जैविक खेत, पशुपालन अंतर्गत डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन या मत्स्य पालन, गैर कृषि उद्यम अंतर्गत मशरूम उत्पादन, सिलाई या छोटे ग्रामीण उद्योग, कौशल विकास अंतर्गत प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत तकनीकी प्रशिक्षण शामिल है। 
 जिले में लखपति ग्राम की सफलता हेतु निम्न बिन्दुओं को आधार बनाकर क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रत्येक परिवार की उनकी वर्तमान आय और भविष्य के लक्ष्यों के आधार पर एक ’आजीविका योजना’  तैयार कराया गया है। तत्पश्चात् वित्तीय समावेशन के माध्यम से कम ब्याज पर बैंक ऋण 4054 एसएचजी को 114 करोड़ ऋण प्रदाय किया गया है एवं वूमेन लेड इंटरप्राईज फायनेंस के तहत् 801 एसएचजी को 10 करोड़ का ऋण दिया किया गया है। इसी क्रम में स्व-सहायता समूह द्वारा उत्पादित वस्तुओं को क्षेत्रीय सरस मेला, स्थानीय बाजार एवं शासकीय कार्यालय मंे स्टाॅल लगाकर विक्रय किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों और ग्राम संगठनों के माध्यम से सामूहिक शक्ति का उपयोग कर एक तंत्र का निर्माण किया गया है। 
इस अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए ’आजीविका सखियों’ और ’पशु सखियों’ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो घर-घर जाकर महिलाओं को तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान करती हैं। बालोद जिले के लिए यह गौरव का विषय है कि डौंडी विकासखंड का औराटोला गाँव जिले का प्रथम ’लखपति ग्राम’ बनकर उभरा है। इस गाँव ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो सामूहिक प्रयास से गरीबी को मात दी जा सकती है।      औराटोला की सफलता के पीछे बिहान योजना और महिलाओं की अटूट मेहनत है। यहाँ की महिलाओं ने पारंपरिक खेती के दायरे से बाहर निकलकर बहुआयामी आजीविका को अपनाया। गाँव में अब दर्जनों ऐसी महिलाएं हैं जिनकी वार्षिक आय 01 लाख रुपये से अधिक है। इसके अंतर्गत महिलाओं ने खाली पड़ी जमीनों पर उन्नत किस्म की सब्जियाँ उगाना शुरू किया, उन्नत नस्ल के पशु और वैज्ञानिक तरीके से देखरेख करना, गाँव में उन महिलाओं का समूह बनाया गया जो अन्य महिलाओं को भी आर्थिक नियोजन सिखाती हैं। बालोद जिले के औराटोला जैसे गाँवों की प्रेरणा लेकर यहाँ तीन महिलाओं की काल्पनिक लेकिन यथार्थवादी सफलता की कहानियाँ दर्शाती हैं कि कैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करके महिलाएँ ’लखपति दीदी’ बन रही हैं।
कुमेश्वरी मसिया ने बताया कि उसने प्रेरणा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मत्स्य विभाग से मत्स्य पालन का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने समूह के माध्यम से 50 हजार रूपये का ऋण लिया और तालाब की सफाई करवाकर उसमें रोहू और कतला मछलियों के बीज डाले। मछली पालन के साथ-साथ कुमेश्वरी नें पैतृक भूमि 20 डिसमिल में सब्जी बाड़ी का कार्य प्रारंभ किया। मछलीपालन हेतु वर्तमान में मत्स्य विभाग द्वारा उन्हें मछली जाल एवं आईस बाॅक्स प्रदाय किया गया है। परिणाम स्वरूप आज कुमेश्वरी साल में दो बार मछली की खेप बेचती हैं और सब्जी बेचकर एवं खर्च काटकर उनकी वार्षिक शुद्ध आय 01 लाख 17 हजार रूपये तक पहुँच गई है।
बिहान योजना के तहत अटल महिला स्व-सहायता समूह के अध्यक्ष लाकेश्वरी दीदी बताती है कि समूह के 10 सदस्यों ने फाईल पैड बनाने का प्रशिक्षण लिया और सभी सदस्य सहमत होकर बिहान के माध्यम से 01 लाख रूपये बैंक से ऋण लेकर फाईल पैड की एक छोटी यूनिट स्थापित किया और फाईल पैड विक्रय हेतु उन्होंने केवल शहर पर निर्भर रहने के बजाय आसपास के लोकल बुक डिपो, एवं शासकीय कार्यालय में कम कीमत पर फाईल पैड उपलब्ध कराया जा रहा हैं। फाईल पैड अच्छी गुणवत्ता और कम दाम के कारण उनके मांग बढ़ गई इस प्रकार सभी खर्च निकालने पर प्रत्येक माह सभी सदस्य 07 से 08 हजार रूपये आय अर्जित कर रही है।
प्रेरणा स्व-सहायता समूह की लोकेश्वरी साहू ने लखपति दीदी पहल के तहत पशु पालन हेतु ’पशु सखी’ से प्रशिक्षण लिया और बिहान के माध्यम से 01 लाख का ऋण लेकर दो उन्नत नस्ल की जर्सी गायें खरीदीं। उन्होंने पारंपरिक चारे के बजाय ’अजोला’ और संतुलित पशु आहार का उपयोग शुरू किया। पशु पालन के साथ-साथ लोकेश्वरी ने आरसेटी के माध्यम से सिलाई मशीन का प्रशिक्षण लेकर सिलाई कार्य प्रारंभ की एवं मशरूम उत्पादन हेतु लोकेश्वरी दीदी ने कृषि विज्ञान केन्द्र अरौद से मशरूम का प्रशिक्षण प्राप्त कर मशरूम उत्पादन प्रारंभ किया प्रति दिन 10-15 कि.ग्रा. मशरूम उत्पादन कर 200 रू. प्रति कि.ग्रा. की दर से लोकल बाजार, सी.एल.एफ. मीटिंग एवं स्कूल, जनपद एवं जिला कार्यालय एवं अन्य विभागों में जाकर विक्रय कर रही है। लोकेश्वरी साहू बताती है कि वह केवल दूध बेचना ही नहीं बल्कि बचे हुए दूध से खोवा और पनीर बनाना भी सीखा, जिससे मुनाफा दोगुना हो गया। परिणाम स्वरूप दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री, सिलाई कार्य एवं मशरूम से उनकी मासिक आय 11 हजार रूपये से ऊपर हो गई। जिससे वे साल भर में एवं अन्य कृषि कार्यो से 02 लाख 60 हजार रूपये से अधिक कमा रही हैं।
  जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में बिहान टीम के साथ इस लखपति पहल की मुहिम को जिले में पूरी सक्रियता से आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे मुख्यतः संभावित लखपति दीदी के वर्तमान आय, आंकलन एवं अभिसरण के माध्यम से आवश्यक वित्तीय एवं तकनीकी हस्तक्षेप पर फोकस किया गया है। प्रत्येक परिवार हेतु कार्य योजना तैयार कर माइक्रो लेवल पर इसके क्रियान्वयन एवं मैन्युुअल तथा डिजिटल माॅनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित् की गई है। अभी तक जिले में 26 हजार लक्ष्य के विरूद्ध 20 हजार 982 दीदीयों को लखपति श्रेणी में लाया जा चुका है। शेष को जनवरी से मार्च तक के चैथे क्वार्टर की डिजिटल आजीविका रजिस्टर की एंट्री अप्रैल में होनी है लक्ष्य पूर्ण कर लिया जाएगा। लखपति दीदी पहल के क्रियान्वयन में इस विषय पर विशेष ध्यान दिया गया है कि उनके वर्तमान आय स्त्रोत को ही विकसित कर दो से तीन गतिविधियों से जोड़कर आय में बढ़ोतरी किया जाना है। इसी क्रम में बालोद जिले में विकासखंड डौंडी के ग्राम औराटोला के कुल 65 परिवार 06 स्व-सहायता समूह के 65 सदस्य लखपति दीदी बनी है। उक्तानुसार प्राप्त ग्राम सभा के प्रस्ताव अनुसार ग्राम औराटोला को लखपति ग्राम बनाई गई है। इसी प्रकार जिले के अन्य विकासखंड में लखपति ग्राम बनाने की कार्यवाही की जा रही है। राज्य कार्यालय से तकनीकी सलाहकार एजेंसी ट्रीप टीम द्वारा भौतिक सत्यापन कर लिया गया है यथाशीघ्र राज्य स्तर से भी ग्राम औराटोला को लखपति ग्राम घोषित करने कार्यवाही की जाएगी।
  लखपति ग्राम केवल एक आर्थिक आंकड़ा नहीं है बल्कि यह ग्रामीण भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक है। औराटोला की सफलता यह सिखाती है कि कौशल विकास ही असली ताकत है। सरकारी योजनाओं जैसे लखपति दीदी और बिहान का सही समय पर लाभ उठाना विकास की कुंजी है। परिवार के सदस्यों का सहयोग और महिलाओं का नेतृत्व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल सकता है। यह गाँव अब केवल बालोद जिले के लिए ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है। अन्य ग्राम पंचायतों की महिलाएं और ग्रामीण अब औराटोला का भ्रमण कर यहाँ के मॉडल्स को समझने आ रहे है

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