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टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर शिक्षक संगठनों की बड़ी पहल, सांसद संतोष पांडे से मुलाकात कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष मामला रखने का किया आग्रह

राजनांदगांव

टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन एवं प्रदेश शिक्षक फेडरेशन का प्रतिनिधि मंडल राजनांदगांव के सांसद श्री संतोष पांडे से 18 सितंबर की शाम को सांसद कार्यालय राजनांदगांव में मुलाकात कर विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत किया।  प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के राजेश चटर्जी, सतीश ब्यौहरे,छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के संरक्षक मनीष मिश्रा ने सांसद श्री संतोष पांडे से शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने के संबंध में सविस्तार साक्ष्य प्रस्तुत किए। प्रतिनिधि मंडल ने टीईटी की अनिवार्यता के चलते देश के तीस लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों की मानसिक पीड़ा को रखा। शिक्षकों की योग्यता को सिर्फ टीईटी परीक्षा के आधार पर न आंक कर शिक्षकों के सुदीर्घ अनुभव को महत्व देने की बात कही। प्रतिनिधि मंडल ने सांसद श्री संतोष पांडे से टीईटी के मामले को संसद में उठाने की अपील की। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि संसद में अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पलटा जा सकता है और इस प्रकार देश के तीस लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों को राहत दी जा सकती है। प्रतिनिधि मंडल की बातों को सांसद श्री संतोष पांडे ने गौर से सुना और सकारात्मक रूख देखने को मिला। सांसद श्री संतोष पांडे ने इस मामले के संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रहलाद जोशी से शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल को मिलाने का भी आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल ने इस संबंध  में सांसद श्री पांडे को सविस्तार डाक्यूमेंट उपलब्ध कराया। प्रतिनिधि मंडल का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय ने देश के लाखों शिक्षकों की दिन की चैन और रात की नींद सीन ली है और सरकार संसद में अध्यादेश लाकर शिक्षकों और उनके परिवारिक जीवन में उम्मीद की नई किरण ला सकते हैं क्योंकि स्वयं की नौकरी खोने की चिंता में क्या शिक्षक वर्ग पूरी शिद्दत एवं ईमानदारी से पढ़ा पायेंगे? क्या ऐसे ही भय के माहौल में शिक्षा गुणवत्ता आ सकेगी।
इस प्रतिनिधिमंडल मंडल में छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन एवं छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के संयुक्त तत्वाधान में आदरणीय श्री संतोष पांडे जी सांसद राजनांदगांव से टीईटी के संबंध में मुलाकात किया।राजेश चटर्जी प्रांताध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन, मनीष मिश्रा प्रांतीय संयोजक, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन,सतीश ब्यौहरे प्रांतीय प्रमुख महामंत्री, पी आर झाड़े जिला अध्यक्ष, रमेश कुमार साहू जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन राजनांदगांव ,वीरेंद्र कुमार रंगारी सचिव शिक्षक फेडरेशन राजनांदगांव, ओमप्रकाश साहू जिला सचिव , छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन राजनंदगांव, ललित प्रताप सिंह जिला उपाध्यक्ष,बंदीशनेम पांडे जिला महासचिव,अमीन कुरैशी जिला प्रवक्ता, सोनेश्री पाटिल जिला मीडिया प्रभारी, रोशन साहू ब्लॉक संयोजक राजनांदगांव, सूरज प्रसाद शर्मा ब्लॉक अध्यक्ष राजनंदगांव, डीसम प्रसाद तिवारी ब्लॉक सचिव राजनांदगांव, सुधांशु सिंह, उत्तम डडसेना,थंगेश्वर साहू राजनांदगांव, चंचल कुमार द्विवेदी जिला अध्यक्ष दुर्ग, लक्ष्मीकांत तिवारी सचिव दुर्ग, हरिशंकर देवांगन उपाध्यक्ष पाटन सहित अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।

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कैंसर के उपचार में आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदना भी जरूरी, मरीज और परिवार का मनोबल बढ़ाना चिकित्सा सेवा का अहम हिस्सा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 19 सितम्बर 2026/ कैंसर के विरुद्ध लड़ाई केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है। मरीज को आधुनिक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के साथ उसका मनोबल बनाए रखना तथा उसे यह विश्वास दिलाना भी उतना ही आवश्यक है कि इस कठिन लड़ाई में वह अकेला नहीं है। चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार और परिवार एवं समाज का भावनात्मक सहयोग मरीज के भीतर बीमारी से लड़ने का हौसला बढ़ाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर में बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कैंसर आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। कैंसर का नाम सुनते ही मरीज के साथ पूरा परिवार चिंता और अनिश्चितता से घिर जाता है। बीमारी का प्रभाव केवल मरीज के शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक परिस्थितियों पर भी पड़ता है। इसलिए कैंसर के उपचार में समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सक जब आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ मरीज से जुड़ते हैं तो वे केवल बीमारी का उपचार नहीं करते, बल्कि मरीज और उसके परिवार के लिए विश्वास और हौसले का आधार भी बनते हैं। चिकित्सा विज्ञान में हो रही प्रगति के साथ मानवीय संवेदना का यह पक्ष कैंसर के विरुद्ध लड़ाई को और मजबूत बनाता है।

*समय पर पहचान से बढ़ती हैं प्रभावी उपचार की संभावनाएं*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक बीमारी की समय पर पहचान है। शुरुआती अवस्था में कैंसर की पहचान होने पर प्रभावी उपचार की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की समय पर स्क्रीनिंग और रोकथाम को प्राथमिकता दी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कॉन्क्लेव में उपस्थित विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे ऐसी आधुनिक तकनीकों, अनुसंधानों और प्रभावी उपायों पर विचार करें, जिनसे कैंसर की जल्द पहचान हो सके और उपचार को अधिक सस्ता, सुलभ तथा आम लोगों की पहुंच में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव चिकित्सा जगत के अनुभव, शोध और नवाचार को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। यहां होने वाला विचार-विमर्श भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों और उपचार पद्धतियों को नई दिशा देने में सहायक होगा।

*प्रदेश में लगातार मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। आज शासकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर इनकी संख्या 15 हो गई है। इसके साथ ही पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन चिकित्सा संस्थानों में कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरण और अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूर न जाना पड़े और उन्हें अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।

*आर्थिक कठिनाई उपचार में न बने बाधा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर बीमारी के समय उपचार के खर्च की चिंता परिवार की परेशानी को और बढ़ा देती है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक कठिनाई किसी जरूरतमंद व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान की है। पात्र परिवारों को योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक उपचार की सुविधा मिल रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को 25 लाख रुपए तक की उपचार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य यही है कि बीमारी के कठिन समय में परिवार को आर्थिक चिंता के बजाय मरीज के स्वास्थ्य और उपचार पर ध्यान देने का संबल मिले।

*बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत लगभग 34 लाख लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई है। इनमें करीब 40 हजार लोगों में विभिन्न बीमारियों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि व्यापक स्क्रीनिंग का उद्देश्य बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही पहचान करना और मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। सरगुजा सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

*नवा रायपुर में आकार ले रही 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में 5 हजार बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यह परियोजना प्रदेश में विशेषज्ञ और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

उन्होंने कहा कि मेडिसिटी के विकसित होने से प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।

*स्वस्थ नागरिक विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ तभी प्रभावी योगदान दे सकेगा, जब प्रदेश का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ और सशक्त होगा।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज डॉक्टरों को अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखता है, क्योंकि वे कठिन परिस्थितियों में लोगों का जीवन बचाने और उन्हें स्वस्थ जीवन देने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चौथा बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव कैंसर की रोकथाम, समय पर स्क्रीनिंग, शोध और आधुनिक उपचार के क्षेत्र में उपयोगी निष्कर्षों तथा नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। यहां देश-दुनिया के विशेषज्ञों द्वारा साझा किए जा रहे अनुभव और नवाचार छत्तीसगढ़ में कैंसर के विरुद्ध सामूहिक प्रयासों को नई दिशा और मजबूती देंगे।

*कैंसर मरीजों का तैयार होगा व्यवस्थित डेटाबेस : स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल*

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चौथा छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञों का एक मंच पर आकर रोकथाम, स्क्रीनिंग, अनुसंधान और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा करना प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने में सहायक होगा।

उन्होंने कहा कि बालको मेडिकल सेंटर द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रदेश में 500 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर जांच के लिए प्रेरित करने का कार्य किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार कैंसर की समय पर पहचान के लिए स्क्रीनिंग का दायरा लगातार बढ़ा रही है। प्रदेश में कैंसर को नोटिफाई करने का निर्णय लिया गया है। इससे कैंसर मरीजों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जा सकेगा और उनके उपचार तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों का बेहतर ढंग से संधारण संभव होगा।

उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण को भी मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि स्क्रीनिंग और रोकथाम के उपायों के माध्यम से बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो तथा मरीज को समय पर आवश्यक उपचार मिल सके।

‘Restoring Balance to Cancer Care’ थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, उपचार, अनुसंधान और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर मंथन कर रहे हैं। कॉन्क्लेव में 200 से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस वर्ष स्त्री रोग संबंधी कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर पर विशेष रूप से चर्चा की जा रही है।

*कैंसर की जांच और उपचार की नवीन तकनीकों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री*

कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कैंसर जागरूकता, प्रारंभिक पहचान, स्क्रीनिंग तथा जांच एवं उपचार की नवीनतम तकनीकों से संबंधित विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन परियोजना का शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रतिनिधियों से आधुनिक तकनीकों की कार्यप्रणाली, कैंसर की समय रहते पहचान में उनकी उपयोगिता तथा उपचार के क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों और नवाचारों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने विशेषज्ञों से कैंसर की जांच और उपचार में उभरती नई संभावनाओं पर भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से यह जानकारी ली कि आधुनिक तकनीक और नवाचारों की सहायता से कैंसर की प्रारंभिक पहचान को किस प्रकार अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और इन सुविधाओं को प्रदेश के आम नागरिकों, विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक किस प्रकार अधिक सुलभता से पहुंचाया जा सकता है।

इस अवसर पर बालको मेडिकल सेंटर की डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही, पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ. विवेक चौधरी, ई-कैंसर की प्रतिनिधि डॉ. सुज़ाना स्टेनवे, वाइस एडमिरल आरती सरीन सहित देश-विदेश से आए विशेषज्ञ चिकित्सक, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजा नारायणपुर, सरस्वती शिशु मंदिर में श्रद्धा और उत्साह के साथ श्रीगणेश प्रतिमा का विसर्जन

नारायणपुर। सरस्वती शिशु मंदिर नारायणपुर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर विधि-विधान एवं भक्तिभाव के साथ स्थापित किए गए भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा का पंचम दिवस के पश्चात गुरुवार को पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ विसर्जन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के भैया-बहनों सहित आचार्य एवं दीदीजी ने भक्तिभाव से भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना कर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार की सहभागिता रही, जिससे पूरा वातावरण गणपति भक्ति से सराबोर नजर आया।

शोभायात्रा के दौरान भगवान श्रीगणेश के भजनों और जयकारों से नगर का वातावरण भक्तिमय हो उठा। भैया-बहनों ने उत्साहपूर्वक ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के साथ भगवान श्रीगणेश के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। शोभायात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां लोगों की नजरें आकर्षित हुईं और श्रद्धालुओं ने भी भगवान श्रीगणेश के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। भक्ति गीतों और जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा ने नगर में आध्यात्मिक एवं उल्लासपूर्ण वातावरण निर्मित कर दिया।

गणेश विसर्जन से पूर्व विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार द्वारा भगवान श्रीगणेश की आराधना कर सुख, शांति, समृद्धि एवं सर्वमंगल की कामना की गई। पूरे आयोजन में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पारंपरिक धार्मिक वातावरण में बच्चों ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़े संस्कारों को करीब से समझा और धार्मिक आयोजनों के प्रति अपनी आस्था एवं रुचि प्रदर्शित की।

सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा गणेशोत्सव के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। विद्यालय परिवार का मानना है कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की जानकारी एवं उनके महत्व से अवगत कराना आवश्यक है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों में श्रद्धा, अनुशासन, सामूहिक सहभागिता तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री त्रिविक्रम यादव ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में संस्कार, संस्कृति और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। पढ़ाई के साथ भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं को जीवित रखने और उन्हें आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही बच्चों को धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने से उनमें अपनी परंपराओं के प्रति रुचि और सम्मान विकसित होता है तथा वे आगे चलकर इन परंपराओं को आगे बढ़ाने में सहभागी बनते हैं।

गणेश प्रतिमा विसर्जन के साथ ही विद्यालय में आयोजित गणेशोत्सव का समापन हुआ। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण इस आयोजन ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं की जीवंतता का संदेश दिया। विद्यालय परिवार ने भगवान श्रीगणेश से सभी के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना करते हुए भक्तिभाव से विदाई दी।

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रजिस्ट्री के लिए अब लंबी कतार और अनावश्यक चक्कर नहीं, रायगढ़ का मॉडल पंजीयन कार्यालय हेल्प डेस्क से डिजिटल भुगतान तक दे रहा नागरिकों को बेहतर सुविधा

रायपुर, 19 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी की पहल से रायगढ़ के पंजीयन कार्यालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल पंजीयन कार्यालय के रूप में विकसित किया गया है। सेवा संकल्प अभियान के तहत विकसित इस कार्यालय में पंजीयन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है। अब व्यवस्था का केंद्र कार्यालय की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिक की सुविधा और आवश्यकता को बनाया गया है।

संपत्ति की रजिस्ट्री किसी भी व्यक्ति और परिवार के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसे ध्यान में रखते हुए पंजीयन कार्यालय में नागरिकों को अनावश्यक परेशानी और बार-बार कार्यालय आने की स्थिति से बचाने के लिए प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित किया गया है।

*प्रवेश से पंजीयन तक हर चरण में सुविधा*

कार्यालय में प्रवेश करते ही नागरिकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हेल्प डेस्क एवं रिसेप्शन की व्यवस्था की गई है। दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की सुविधा होने से कमियों की जानकारी प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही मिल जाती है। इससे अंतिम चरण में होने वाली परेशानी और अनावश्यक समय की बचत होती है। भीड़ और कतार की व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए टोकन आधारित कतार प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है।

मुद्रांक शुल्क, पंजीयन शुल्क और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी बोर्ड एवं डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से प्रदर्शित की जा रही है। डिजिटल एवं कैशलेस भुगतान की सुविधा से लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ी है। मॉडल पंजीयन कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 64 नागरिक सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं, जबकि प्रतिदिन औसतन 16 दस्तावेजों का पंजीयन हो रहा है। नागरिकों का औसत प्रतीक्षा समय 15.33 मिनट दर्ज किया गया है। अब तक प्राप्त फीडबैक में 105 सकारात्मक नागरिक प्रतिक्रियाएं भी दर्ज की गई हैं।

मॉडल पंजीयन कार्यालय में नागरिकों की पूरी प्रक्रिया को 9 चरणों में व्यवस्थित किया गया है। इसमें कार्यालय में प्रवेश, हेल्प डेस्क से मार्गदर्शन, दस्तावेजों का प्री-चेक, टोकन प्राप्त करना, व्यवस्थित प्रतीक्षा, निर्धारित पंजीयन प्रक्रिया, डिजिटल अथवा कैशलेस भुगतान, दस्तावेज एवं स्टेटस की जानकारी और कार्य पूर्ण होने के बाद सम्मानजनक निकास शामिल है।

*वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था*

नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, आरामदायक लाउंज, चार्जिंग स्टेशन, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता की व्यवस्था भी की गई है। नागरिक अपने अनुभव और सुझाव क्यूआर कोड के माध्यम से सीधे साझा कर सकते हैं।

*तकनीक के साथ कार्यसंस्कृति में भी बदलाव*

सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए कार्यालय में समर्पित सर्वर रूम और मजबूत आईटी अधोसंरचना विकसित की गई है। मॉडल पंजीयन कार्यालय की व्यवस्था केवल आधुनिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सरल प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को भी इसका हिस्सा बनाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने की दिशा में तथा वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी की पहल से विकसित रायगढ़ का मॉडल पंजीयन कार्यालय इस बात का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है कि तकनीक, सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं और संवेदनशील कार्यसंस्कृति के माध्यम से सरकारी सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जा सकता है। यह व्यवस्था नागरिकों के समय का सम्मान करने और उन्हें बेहतर सेवा अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में सामने आई है।

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दीयों से सजी ‘एक पेड़ माँ के नाम’ की मनमोहक आकृति, जशपुर वनमण्डल में गूंजा प्रकृति संरक्षण का संकल्प, ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा का लिया प्रण

जशपुर, 19 सितम्बर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जशपुर वनमण्डल में पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी एवं मातृशक्ति के सम्मान का संदेश देते हुए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर "एक पेड़ माँ के नाम" की संकल्पना पर आधारित दीयों से आकर्षक आकृति तैयार कर "आशीर्वाद का दीया" प्रज्ज्वलित किया गया।

जशपुर वनमण्डल अंतर्गत वनमण्डल कार्यालय जशपुर, समस्त उप वनमण्डल कार्यालय, वन परिक्षेत्र कार्यालयों तथा नेचर कैम्प मयाली में अधिकारी-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए दीप प्रज्ज्वलित किए।

 पर्यावरण संरक्षण और मातृशक्ति के सम्मान का संदेश

कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, मातृशक्ति के सम्मान एवं प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत लोगों को अपनी माँ के सम्मान एवं स्मृति में एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए जशपुर वनमण्डल में दीयों के माध्यम से "एक पेड़ माँ के नाम" की आकृति तैयार कर प्रकाशमान किया गया। यह आयोजन प्रकृति संरक्षण, मातृशक्ति के सम्मान एवं जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा।

 वनों और वन्यजीवों के संरक्षण का लिया संकल्प

इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण, वनों की सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की सहभागिता को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि एक पौधा लगाना आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

जशपुर वनमण्डल द्वारा जिले में वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। "एक पेड़ माँ के नाम" जैसे अभियानों के माध्यम से आम नागरिकों को प्रकृति से जोड़ने तथा पौधरोपण को भावनात्मक एवं सामाजिक सहभागिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने "आशीर्वाद का दीया" प्रज्ज्वलित कर पर्यावरण संरक्षण एवं जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस आयोजन ने वन विभाग के कार्यालय परिसरों एवं नेचर कैम्प मयाली को दीपों की रोशनी से आलोकित करने के साथ-साथ  प्रकृति के नाम एक संकल्प" का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पूरी की सती उद्यान पार्क एवं तालाब की जीर्णोद्धार की शहरवासियों की वर्षों पुरानी मांग, इस कार्य के लिए 4 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत......

जशपुरनगर। शहर के ह्दय स्थल पर स्थित सती उद्यान पार्क और तालाब के जीर्णोद्यार के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव  शहर के ह्दय स्थल पर स्थित सती उद्यान तालाब के जीर्णोद्वार के लिए 4 करोड़ 17 हजार रूपये की तकनीकि स्वीकृति प्रदान कर दी है। स्वीकृति मिलने के बाद नगर पालिका ने निर्माण कार्य के लिए निविदा जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पालिका के अध्यक्ष अरविंद भगत ने बताया कि इस तालाब के जीर्णोद्वार की मांग लंबे समय से शहरवासी कर रहे थे। शहरवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए पालिका ने तालाब के जीर्णोद्वार के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए राज्य सरकार के पास भेजा था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने शहर की जरूरत को देखते हुए इस निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की है। 
तालाब को मिलेगा नया जीवन -
  महाराजा चैक के बगल में स्थित सती उद्यान तालाब,इसे लोग डोंगा तालाब के नाम से भी जानतें है। यह तालाब शहरवासियों के लिए धार्मिक आस्था के साथ दैनिक जरूरत के लिहाज से भी अहम है। शहर का जल स्तर बनाएं रखने में इस तालाब की अहम भूमिका है। वर्तमान में इस तालाब की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यह पूरी तरह से जलीय खरपतवार से भर चुका है। लंबे अर्से से इसकी सफाई ना होने से इसकी जल भराव क्षमता भी प्रभावित हुई है। शहरवासी लंबे अर्से से इसके जीर्णोद्वार करने की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए नगर सरकार ने प्रस्ताव बना कर राज्य सरकार के पास भेजा था। राज परिवार की नीजि संपत्ति के अधीन इस तालाब में प्रस्तावित निर्माण कार्य के लिए  नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने बताया कि राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियवंदा सिंह जूदेव ने इसके लिए नगर पालिका परिषद को अनापत्ति प्रमाण पत्र पहले ही जारी कर दिया था। इसके बाद पालिका ने प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। शहरवासियों की आस्था और मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री अरूण साव के समक्ष विधायक रायमुनि भगत और नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए,बजट जारी करने का अनुरोध किया था। इस पर सरकार ने 4 करोड़ 30 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की थी। बजट जारी होने के बाद नगर सरकार ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर,तकनीकि स्वीकृति के लिए सरकार के पास भेजा है। पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार तालाब के पानी को पूरी तरह से खाली कर,इसके जलीय खर पतवार को साफ कर,गहरीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही इस तालाब को पुनः जलिय खर पतवार के प्रकोप से बचाने के लिए इसका उचित उपचार भी किया जाएगा।
सुंदरीकरण से शहरवासियों को मिलेगी सुविधा -
   सती उद्यान तालाब के साथ पार्क का जीर्णोद्यार कर इसका सुंदरीकरण भी किया जाएगा। अध्यक्ष भगत ने बताया कि तालाब के चारों ओर पचरी धाट,पाथ वे,पेवर ब्लाक,टो वाल,रिटर्निंग वाल,हाई मास्क लाईट,सोलर स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके तैयार हो जाने से शहरवासियों को बड़े शहरों के जैसे मिलने वाली पार्क की सुविधा मिलेगी। 
धार्मिक महत्व से जुड़ा है तालाब और पार्क -
    उल्लेखनिय है कि सती उद्यान और तालाब शहरवासियों के आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस तालाब में शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव स्मृति छठ घाट होने के साथ ही शक्ति पूजा स्थल भी स्थित है। इस स्थल पर शारदेय नवरात्र के दौरान राजपुरोहितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस तालाब के किनारे ही वृक्ष गंगा स्थित है। वहीं पार्क में भी समाधी स्थल है। यहां गम्हरिया में स्थित अघोरपीठ के स्थापना दिवस के दिन विशेष पूजा अर्चना की जाती है। 
स्थापित होगी शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव की प्रतिमा -
  जीर्णोद्यार के बाद पार्क में जशपुर राज परिवार केे सदस्य व नगर पालिका जशपुर के पूर्व उपाध्यक्ष शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी। अध्यक्ष भगत ने बताया कि सुच्चा बाबा के नाम से लोकप्रिय दिवंगत शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव आज भी युवाओं के हृदय मे बसते हैं। शहर के विकास में उनके योगदान को चीर स्मरणीय बनाने के लिए प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। 
बाक्स: सती उद्यान तालाब में ये काम होगा -
तालाब गहरीकरण व सील्ट सफाई,बाउंड्रीवाल व फेसिंग,टो वाल व पिचींग,पौधा रोपण,पेवन ब्लाक पाथवे,घाट व पक्कीडांड़ी की मरम्मत,रेनवाटर हार्वेस्ंिटग,सीटींग चेयर,वाटर फिल्टर,हाई मास्ट व सोलर लाईट।

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अघोर पीठ पड़ाव आश्रम में भक्तिमय वातावरण में मनाई गई अघोरेश्वर भगवान राम जी की 90वीं जयंती, पूज्य बाबा गुरुपद संभव राम ने दिया इंद्रियों की पराधीनता छोड़ विवेक और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश

लोलार्क षष्ठी पर्व के साथ शुरू हुआ दो दिवसीय जन्मोत्सव, देशभर से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु; ‘अघोरेश्वर कथा’ के अंग्रेजी अनुवाद का हुआ लोकार्पण

पड़ाव/वाराणसी, 18 सितंबर 2026। परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी की 90वीं जयंती शुक्रवार को अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम्, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव, वाराणसी में भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाई गई। श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी के सान्निध्य में आयोजित जयंती समारोह में देशभर से पहुंचे सैकड़ों सदस्यों एवं शिष्यगण ने दर्शन-पूजन कर अपनी श्रद्धा निवेदित की।

दो दिवसीय जन्मोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ 17 सितंबर से परमपूज्य अघोराचार्य महाराजश्री बाबा कीनाराम जी के 426वें जन्म षष्ठी पर्व (लोलार्क षष्ठी) के साथ हुआ। जयंती समारोह के दौरान आश्रम परिसर में विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक एवं सेवा गतिविधियां आयोजित की गईं।

इंद्रियों की पराधीनता छोड़ विवेक के मार्ग पर चलने का आह्वान

जयंती के अवसर पर आश्रम के मुख्य सभागार में आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने कहा कि समाज में बढ़ती कटुता, विभाजन, स्वार्थ और अशांति का मूल कारण केवल बाहरी परिस्थितियां नहीं हैं, बल्कि मनुष्य की अपनी कमजोरियां, इंद्रियों की पराधीनता और विवेक का क्षीण होना भी इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की वाणी, विचार और जीवन-दृष्टि के रूप में समाज के सामने पर्याप्त मार्गदर्शन उपलब्ध है, लेकिन आवश्यकता इस बात की है कि उनके बताए मार्ग को अपने आचरण में उतारा जाए।

उन्होंने कहा कि सूर्य, चंद्रमा, वायु और पंचतत्व किसी जाति, धर्म, भाषा अथवा देश के आधार पर भेदभाव नहीं करते। प्रत्येक मनुष्य का शरीर उन्हीं पंचतत्वों से निर्मित है और सभी के भीतर एक ही परम तत्व विद्यमान है। ऐसे में जाति, धर्म, मजहब, भाषा और क्षेत्र के आधार पर मनुष्यों के बीच विभाजन तथा घृणा की भावना मानवता की मूल भावना के विपरीत है।

पूज्य बाबा ने कहा कि समाज और राष्ट्र में बढ़ते संघर्ष, स्वार्थ, लोभ, अहंकार तथा भ्रष्ट आचरण से बचने के लिए सबसे पहले व्यक्ति को स्वयं के भीतर सुधार लाने की आवश्यकता है। ‘पराधीन सपनेहूँ सुख नाहीं’ का अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य जब अपनी इंद्रियों का दास बन जाता है, तब लोभ, क्रोध, अहंकार और अन्य विकृतियां उसके जीवन में दुख एवं अशांति को जन्म देती हैं।

उन्होंने कहा कि महापुरुषों की शिक्षाओं को केवल सुनना पर्याप्त नहीं है। उनका अध्ययन, चिंतन और जीवन में पालन करना आवश्यक है। श्री सर्वेश्वरी समूह से जुड़े लोगों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि सभी स्वार्थपूर्ण विवादों एवं विभाजनकारी प्रवृत्तियों से दूर रहकर राष्ट्र, समाज, संस्कृति और मानवता के हित में कार्य करें। उन्होंने बुद्धि, विवेक, आत्मसुधार और मानवता के अनुरूप आचरण करने का संदेश देते हुए कहा कि व्यक्ति का आत्मसुधार ही समाज के व्यापक कल्याण में योगदान का आधार बन सकता है।

‘अघोरेश्वर कथा’ के अंग्रेजी अनुवाद का लोकार्पण

विचार गोष्ठी की शुरुआत में पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु द्वारा रचित पुस्तक ‘अघोरेश्वर कथा’ के अंग्रेजी अनुवाद का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं एवं सदस्यों ने इसे अघोरेश्वर महाप्रभु के विचारों और जीवन-दृष्टि को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

गोष्ठी की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के पूर्व अपर निदेशक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वी.पी. सिंह ने की। इस अवसर पर डॉ. प्रदीप सिंह, पूर्व निदेशक, केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान, धनबाद, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रतापगढ़ श्रीकांत मिश्र, श्री धनंजय राव, श्री मनोज सिंह एवं श्री शशि गुप्ता ने भी अपने विचार रखे। मंगलाचरण कु. राशि ने किया, जबकि श्रीमती प्रीतिमा सिंह ने भजन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वामदेव पाण्डेय ने किया। अंत में श्री सर्वेश्वरी समूह के उपाध्यक्ष श्री सुरेश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

प्रभातफेरी से लेकर हवन-पूजन तक हुए धार्मिक आयोजन

जयंती अवसर पर प्रातःकाल आश्रम परिसर में सफाई एवं श्रमदान के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। सुबह 5:50 बजे श्रद्धालुओं ने प्रभातफेरी निकाली, जो पड़ाव आश्रम से अघोरेश्वर महाविभूति स्थल होते हुए अघोरेश्वर भगवान राम घाट और गंगातट तक पहुंची। गंगातट पर श्रद्धालुओं ने अघोरेश्वर महाप्रभु की समाधि के दर्शन-पूजन किए और गंगाजलयुक्त कलश लेकर आश्रम वापस लौटे।

सुबह 8 बजे पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव राम जी ने आश्रम के गणेश पीठ स्थित परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के चिरकालिक आसन का विधिवत पूजन किया। इसके बाद श्री पृथ्वीपाल जी ने ‘सफलयोनि’ का पाठ किया। तत्पश्चात पूज्य बाबा ने आश्रम के उपासना स्थल चिरकुट देवी विहार में हवन एवं पूजन किया। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।

आश्रम के देवी विहार में 17 सितंबर से प्रारंभ अखंड संकीर्तन ‘अघोरान्ना परो मन्त्रः नास्ति तत्वं गुरोः परम्’ का समापन भी पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी द्वारा आरती एवं पूजन के साथ हुआ।

रोगियों के बीच सेवा सामग्री का वितरण

जयंती के अवसर पर श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम्, पड़ाव की ओर से सेवा कार्य भी किया गया। श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती लगभग 250 रोगियों के बीच भुना चना, फल, बिस्कुट एवं फलों का जूस आदि वितरित किया गया।

सेवा कार्यक्रम में चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक श्री ब्रिजेश कुमार एवं डेंटिस्ट डॉ. पुष्प सिंह का सहयोग प्राप्त हुआ। आश्रम की ओर से श्री सर्वेश्वरी समूह के संयुक्त मंत्री श्री अरविन्द कुमार सिंह, प्रचार मंत्री श्री पारस नाथ यादव, कोषाध्यक्ष श्री चंद्रविक्रम शाह, अघोर परिषद ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री नागेश सिंह एवं श्री धर्मेन्द्र गौतम सहित अन्य स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।

जयंती समारोह के दौरान आश्रम परिसर में पूरे दिन आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना, संकीर्तन एवं सेवा गतिविधियों में सहभागिता कर अघोरेश्वर भगवान राम जी के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। समारोह के माध्यम से आत्मसुधार, विवेक, मानवता, सामाजिक सद्भाव और सेवा की भावना को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।

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शहीदों की याद और नक्सलमुक्त बस्तर के संकल्प के साथ सातों जिलों में दीप प्रज्ज्वलन, 1,986 स्थानों पर एक साथ जली सेवा, शांति और विकास की ज्योति

रायपुर, 18 सितंबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के राष्ट्रसेवा एवं जनसेवा के संकल्प के लिए मनाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान को नया आयाम मिला जब गुरुवार को इस अभियान के अंतर्गत बस्तर के शहीदों की याद में 'बस्तर सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पूरे बस्तर संभाग में विशेष दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बस्तर की नक्सल हिंसा से प्रभावित रही धरती पर शांति, विकास और सेवा के संकल्प के साथ 1986 स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इनमें नक्सल हिंसा में प्रभावित एवं जनहानि वाले गांव, पुनर्वास केंद्र, शहीद स्मारक एवं प्रतिमा स्थल, नक्सल उन्मूलन अभियान में सुरक्षा जवानों को जनसमर्थन देने वाले स्थान, सुरक्षा कैंप, पुलिस थाने तथा पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे गांव शामिल रहे। अभियान का उद्देश्य बस्तर के उन क्षेत्रों में सेवा, शांति और विश्वास की रोशनी पहुंचाना रहा, जिन्होंने लंबे समय तक नक्सल हिंसा का दंश झेला है। इसमें कांकेर से लेकर झीरम घाटी,  सुकमा के कोंटा और कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर भी द्वीप जलाए गए।

*नक्सल हिंसा के साक्षी रहे 107 गांवों में जले दीप*
         बस्तर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ऐसे 107 गांवों में दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जहां पूर्व में बड़ी नक्सल घटनाएं हुई थीं और बड़ी संख्या में जवानों अथवा आम नागरिकों की मृत्यु हुई थी। इनमें बीजापुर के 40, सुकमा के 31, दंतेवाड़ा के 11, नारायणपुर के 11, कांकेर के 9, कोंडागांव के 3 और बस्तर जिले के 2 गांवों में दीए जलाए गए। इन गांवों में दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से हिंसा के अंधकार से शांति और विकास की ओर बढ़ते बस्तर का संदेश दिया गया।

*पुनर्वास केंद्रों से लेकर शहीद स्मारकों तक पहुंची दीपों की रोशनी*
          बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में स्थापित 9 पुनर्वास केंद्रों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इनमें बीजापुर में 3 और सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव और बस्तर में एक-एक पुनर्वास केंद्र शामिल हैं। इसी तरह शहीदों की स्मारक प्रतिमाओं एवं स्मृति स्थलों के समीप 177 स्थानों पर दीप जलाकर बस्तर की शांति और सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीरों को नमन किया गया। इनमें बीजापुर में 5, सुकमा में 12, दंतेवाड़ा में 13, नारायणपुर में 23, कांकेर में 82, कोंडागांव में 32 और बस्तर में 10 स्थान शामिल हैं।

*नक्सल उन्मूलन अभियान में सुरक्षा जवानों का साथ देने वाले स्थान भी हुए रोशन*
        अभियान के तहत उन 147 स्थानों पर भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जहां नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान सुरक्षा जवानों को स्थानीय लोगों का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। इनमें बीजापुर के 31, सुकमा के 59, दंतेवाड़ा के 6, नारायणपुर के 27, कांकेर के 5, कोंडागांव के 16 और बस्तर जिले के 3 स्थान शामिल हैं। इसके अलावा नक्सल उन्मूलन अभियान के उद्देश्य से स्थापित 393 सुरक्षा कैंपों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए। बीजापुर में 130, सुकमा में 91, दंतेवाड़ा में 38, नारायणपुर में 56, कांकेर में 55, कोंडागांव में 10 और बस्तर में 13 सुरक्षा कैंपों में दीप जलाए गए।

*122 थानों में भी जला सेवा और सुरक्षा का दीप*
       बस्तर संभाग के 122 पुलिस थानों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इनमें बीजापुर के 22, सुकमा के 19, दंतेवाड़ा के 12, नारायणपुर के 14, कांकेर के 25, कोंडागांव के 15 और बस्तर जिले के 15 थाने शामिल हैं। यह दीप उन जवानों और पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान का प्रतीक बने, जो बस्तर में शांति एवं सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

*पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे 1,031 गांवों में भी रोशन हुआ हर घर*
       ‘बस्तर सेवा संकल्प अभियान’ का सबसे व्यापक स्वरूप पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे, जहां नक्सलियों का डेरा रहा, ऐसे 1,031 गांवों में देखने को मिला। इन गांवों में भी दीप प्रज्ज्वलित कर शांति और विकास के नए दौर का स्वागत किया गया। इनमें बीजापुर के 593, सुकमा के 32, दंतेवाड़ा के 192, नारायणपुर के 93, कांकेर के 85, कोंडागांव के 22 और बस्तर जिले के 14 गांव शामिल हैं।

*सात जिलों में एक साथ जली सेवा संकल्प की ज्योति*
       बस्तर संभाग के सातों जिलों में आयोजित इस विशेष दीप प्रज्ज्वलन अभियान में बीजापुर में 824, दंतेवाड़ा में 273, कांकेर में 262, सुकमा में 245, नारायणपुर में 225, कोंडागांव में 99 और बस्तर जिले में 58 स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इस प्रकार संभाग में कुल 1,986 स्थानों पर सेवा संकल्प की ज्योति प्रज्वलित हुई।

         बस्तर सेवा संकल्प अभियान के तहत जलाए गए ये दीप केवल रोशनी का प्रतीक नहीं, बल्कि नक्सल हिंसा से शांति की ओर बढ़ते बस्तर, शहीदों के सम्मान, सुरक्षा जवानों के प्रति कृतज्ञता और विकास के नए संकल्प का प्रतीक बने। बस्तर के उन गांवों और क्षेत्रों में, जहां कभी हिंसा और भय का वातावरण रहा, दीपों की रोशनी ने यह संदेश दिया कि अब बस्तर शांति, विश्वास और विकास के नए अध्याय की ओर आगे बढ़ रहा है।

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जनजातीय अंचलों के युवाओं में अंग्रेजी सम्प्रेषण कौशल निखारने उच्च शिक्षा विभाग की विशेष पहल, 90 घंटे के प्रशिक्षण से बढ़ेगा आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास


 

​रायपुर, 18 सितंबर 2026/

       मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप और उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा के मार्गदर्शन व निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ शासन का उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के अनुसूचित जनजातीय (ST) क्षेत्रों के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं में अंग्रेजी भाषा के सम्प्रेषण कौशल को निखारने के लिए 90 घंटे का एक विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।
     उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने इस पहल को युवाओं के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ अनुसूचित जनजाति वर्ग के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और हर योग्य विद्यार्थी को इसका लाभ मिले। ​मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार का ध्येय प्रदेश के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धी क्षमताओं से लैस करना है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए 'राज्य-स्तरीय अंग्रेजी सम्प्रेषण पाठ्यक्रम कार्यपालन समिति' का गठन किया गया है, जो इस 90-दिवसीय/घंटे के पाठ्यक्रम का संचालन और निगरानी करेगी।
    राष्ट्रीय गुणवत्ता सुधार एवं गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय के माध्यम से संचालित होगा। यह विशेष पाठ्यक्रम प्रदेश भर के अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों के महाविद्यालयों में संचालित किया जाएगा। इस पहल से दूरस्थ अंचलों में पढ़ने वाले युवाओं में अंग्रेजी में बातचीत करने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने की झिझक दूर होगी, जिससे उन्हें रोजगार एवं उच्च शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे।
     ​ पाठ्यक्रम के सुचारू संचालन, उच्च गुणवत्ता और प्रभावी अनुवीक्षण को सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में 'राज्य-स्तरीय अंग्रेजी सम्प्रेषण पाठ्यक्रम अनुवीक्षण समिति' की एक महत्वपूर्ण बैठक  आयोजित की गई। ​बैठक में समिति के वरिष्ठ अधिकारियों ने पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन की चरणबद्ध रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।

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विकास की नई रफ्तार से बदल रहा छत्तीसगढ़, सड़कों से लेकर आवास, जलापूर्ति और सार्वजनिक परिवहन तक अधोसंरचना को मिल रही मजबूती : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर. 18 सितम्बर 2026. छत्तीसगढ़ में विकास का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। राज्य की अधोसंरचना को नई मजबूती दी जा रही है। सड़क, परिवहन और कनेक्टिविटी से लेकर आवास, जलापूर्ति और सार्वजनिक परिवहन तक के लिए आने वाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास की आधारभूत संरचना तैयार की जा रही है। मजबूत अधोसंरचना आर्थिक विकास की बुनियाद है और राज्य सरकार इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। अधोसंरचना विकास पर अब तक 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज 'विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव-2026' में ये बातें कहीं।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नवा रायपुर में इकोनॉमिक टाइम्स ग्रुप द्वारा आयोजित 'छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव-2026' के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकास की इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए राज्य में अधोसंरचना के विस्तार पर लगातार काम किए जा रहे हैं। बेहतर सड़कें, सुगम परिवहन और मजबूत कनेक्टिविटी न केवल लोगों की आवाजाही को आसान बनाती हैं, बल्कि उद्योग, व्यापार और निवेश के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार उन राज्यों और क्षेत्रों की विकास संबंधी जरूरतों पर भी विशेष ध्यान दे रही है, जो लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा में अपेक्षाकृत पीछे रहे हैं। श्री साव ने विशेष रूप से पूर्वोत्तर राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां कनेक्टिविटी, अधोसंरचना और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच विकास का संतुलन मजबूत हो रहा है और दूरस्थ क्षेत्रों को भी व्यापक आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के अवसर बढ़ रहे हैं।

श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास का लाभ अधिक से अधिक क्षेत्रों और लोगों तक पहुंचाने के लिए अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और शहरों की बढ़ती आबादी के साथ लोगों की जरूरतें भी बदल रही हैं। ऐसे में केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर शहरी सुविधाओं और अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रगति के लिए मजबूत अधोसंरचना जरूरी है। सड़कों और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से कनेक्टिविटी बेहतर होती है और इसका सीधा लाभ आर्थिक गतिविधियों को मिलता है। छत्तीसगढ़ में इसी दृष्टि से अधोसंरचना विकास को विकास की गति से जोड़ते हुए काम किया जा रहा है।

कॉन्क्लेव में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के साथ शहरों की जरूरतों का स्वरूप भी बदल रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक शहरी अधोसंरचना तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0, बेहतर जलापूर्ति और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार प्रभावी ढंग से काम कर रही है।

कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के विकास, अधोसंरचना, शहरीकरण और निवेश से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में इकोनॉमिक टाइम्स के सीनियर एसोसिएट एडीटर श्री अर्पित गुप्ता, टीपीआरईसी (TPREC) के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्री संजय बांगा तथा अनिएक्स (Anniex) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री नीरव शाह भी मौजूद थे।

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अघोरेश्वर भगवान राम जी के अवतरण दिवस पर बनोरा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूजा-अर्चना कर लिया बाबा प्रियदर्शी राम जी का आशीर्वाद, नवीन विद्या मंदिर का किया लोकार्पण

रायपुर 18 सितम्बर 2026/ परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के अवतरण दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय ने उपासना स्थल पर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन भी प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने आश्रम की परंपरा के अनुरूप सादगी के साथ पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान आश्रम का सहज, सेवाभावी और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।

मुख्यमंत्री श्री साय इसके पश्चात अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नवीन भवन के लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नवीन विद्यालय भवन का लोकार्पण कर विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, शिक्षकों और क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी भी देखी। बच्चों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल और नवाचारों में उन्होंने विशेष रुचि दिखाई तथा विद्यार्थियों की जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम जी का संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता को समर्पित रहा। उन्होंने आध्यात्मिक साधना को मानव सेवा से जोड़कर समाज के सामने ऐसा मार्ग प्रस्तुत किया, जिसमें जरूरतमंद और पीड़ित मनुष्य की सेवा को सर्वोच्च स्थान दिया गया। बनोरा अघोर गुरु पीठ इसी सेवा परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बनोरा आश्रम ने आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ मानव सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। स्वास्थ्य एवं नेत्र शिविरों के आयोजन से लेकर जरूरतमंदों की सहायता और दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने तक आश्रम की अनेक सेवा गतिविधियों ने लोगों के जीवन को संबल दिया है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने की यह भावना प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर का नवीन भवन इस सेवा यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र में जुड़ा एक महत्वपूर्ण अध्याय है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना और उनमें संस्कार, संवेदनशीलता तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना भी है। उन्हें विश्वास है कि इस विद्या मंदिर से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ज्ञान-विज्ञान में आगे बढ़ने के साथ सेवा और संस्कारों की परंपरा को भी आत्मसात करेंगे।

उन्होंने कहा कि आज का समय तेजी से बदलती तकनीक और विज्ञान का समय है। हमारे बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें अच्छी शिक्षा, आधुनिक संसाधन और अपनी प्रतिभा को सामने लाने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की है। विद्यालय में बच्चों द्वारा प्रस्तुत विज्ञान प्रदर्शनी उनकी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का परिचय देती है। ऐसे प्रयास बच्चों में प्रश्न पूछने, नए विचार विकसित करने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास पैदा करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शिक्षकवृंद की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाते नहीं हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को गढ़ते हैं। शिक्षक राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों से बच्चों में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदना और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का आह्वान किया।

*अघोरेश्वर भगवान राम जी से हमारे परिवार का रहा है पुराना जुड़ाव : मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अघोरेश्वर भगवान राम जी और बनोरा आश्रम से अपने परिवार के पुराने आत्मीय जुड़ाव को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय केदारनाथ साय जी अघोरेश्वर भगवान राम जी के परम शिष्य थे। इस कारण बचपन से ही परिवार में अघोरेश्वर भगवान राम जी के प्रति श्रद्धा और उनके सेवा-दर्शन का वातावरण रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गांव बगिया से रायगढ़ की ओर आने-जाने के दौरान अनेक अवसरों पर उन्हें बाबा के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से उनका स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है। बनोरा आकर उन्हें सदैव आत्मीयता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।

मुख्यमंत्री ने अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट के पदाधिकारियों, संतवृंद, शिक्षकवृंद और आश्रम की सेवा गतिविधियों से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण के लिए सेवा भाव से किया गया प्रत्येक कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनता है।

वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बनोरा आश्रम केवल आध्यात्मिक साधना का केंद्र नहीं है, बल्कि मानव सेवा, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सरोकारों का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। अघोरेश्वर भगवान राम जी ने अपने जीवन और कार्यों से सेवा, दया, करुणा तथा सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया, बनोरा आश्रम उसी परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट द्वारा वर्षों से स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। नवीन विद्यालय भवन के माध्यम से इस सेवा परंपरा में शिक्षा का एक और सशक्त आयाम जुड़ा है। उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के मार्गदर्शन में आश्रम की सेवा गतिविधियों के निरंतर विस्तार की कामना की।

*8 एकड़ परिसर में एक लाख वर्गफीट में बना आधुनिक विद्यालय*

अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा द्वारा निर्मित अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर का नवीन परिसर करीब 8 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। लगभग एक लाख वर्गफीट में निर्मित जी प्लस-2 भवन में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के साथ सुरक्षा और सर्वांगीण विकास का विशेष ध्यान रखा गया है।

विद्यालय भवन में 41 कक्षाएं और 9 आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं। विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए पुस्तकालय और तकनीक आधारित शिक्षा के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। नर्सरी कक्षा के बच्चों के लिए खेल सामग्री एवं गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रारंभिक अवस्था से ही बच्चों के शारीरिक, मानसिक और रचनात्मक विकास को प्रोत्साहित किया जा सके।

विद्यालय के सुचारु संचालन के लिए 32 शिक्षकों एवं 14 कार्यालयीन कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों से युक्त यह परिसर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा।

*मानव सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देता है अघोरेश्वर भगवान राम जी का जीवन-दर्शन*

अघोरेश्वर भगवान राम जी का जीवन मानव सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता के आदर्शों को समर्पित रहा। उन्होंने समाज में उपेक्षित, वंचित एवं पीड़ित लोगों के प्रति संवेदना और सेवा को आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण आधार बनाया। विशेष रूप से कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के बीच जाकर उनकी सेवा करने तथा उन्हें अपनत्व और सम्मान देने के उनके प्रयास मानवता के प्रति उनके गहरे समर्पण के उदाहरण बने।

अघोरेश्वर भगवान राम जी का जीवन-दर्शन प्रत्येक मनुष्य में ईश्वर के दर्शन, समानता, प्रेम, करुणा और जरूरतमंद की सहायता की प्रेरणा देता है। उन्होंने आध्यात्मिकता को समाज और मानव कल्याण से जोड़ने पर बल दिया। उनके द्वारा प्रतिपादित सेवा परंपरा और 19 सूत्रीय सिद्धांतों के अनुरूप विभिन्न आश्रमों एवं संस्थाओं के माध्यम से आज भी सामाजिक एवं मानवीय कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं।

*तीन दशक से सेवा और साधना का केंद्र बना बनोरा*

रायगढ़ जिले में स्थित ग्राम बनोरा आज आध्यात्मिक साधना के साथ शिक्षा, चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। करीब तीन दशक पहले पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के कर-कमलों से यहां अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट की नींव रखी गई थी। स्थापना के बाद से ट्रस्ट और उससे जुड़ी संस्थाओं द्वारा जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सामाजिक संस्कारों से जुड़े अनेक कार्य निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।

बनोरा से प्रारंभ हुई सेवा की यह यात्रा समय के साथ विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों तक पहुंची है। आध्यात्मिक साधना के साथ मानव कल्याण को जोड़ने की यह परंपरा आश्रम की विशिष्ट पहचान बनी हुई है।

इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुजाता सुकलाल चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट के पदाधिकारी, संतवृंद, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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पारंपरिक वेशभूषा, भव्य रैली और करमा नृत्य से दोकड़ा में सजा लोहार समाज का महासम्मेलन, हजारों समाजजनों ने दिखाई सामाजिक एकता और संगठन की ताकत

जशपुर/दोकड़ा। जिला स्तरीय लोहार समाज संगठन सह सेवा समिति, जशपुर के तत्वावधान में विश्वकर्मा पूजा सह सामाजिक सम्मेलन 2026 का आयोजन दोकड़ा हाई स्कूल प्रांगण में भव्य एवं गरिमामय रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जशपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में समाजजन, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय रहे। उनके साथ भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष दिनेश चौधरी, मंडल अध्यक्ष रवि यादव सहित क्षेत्र के जनपद सदस्य, सरपंच, उपसरपंच, पंच एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इससे पूर्व जिला अध्यक्ष विजय विश्वकर्मा के नेतृत्व में हजारों समाजजनों ने पारंपरिक वेशभूषा में भव्य रैली निकाली। रैली दोकड़ा क्षेत्र का भ्रमण करते हुए हाई स्कूल प्रांगण स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंची। इस दौरान जशपुर जिले की प्रसिद्ध करमा नृत्य की प्रस्तुति ने आयोजन में विशेष आकर्षण जोड़ा। करमा नृत्य करते हुए मुख्य अतिथियों एवं प्रमुख अतिथियों को मंच तक लाया गया।

कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर जिला अध्यक्ष विजय विश्वकर्मा एवं संगठन की टीम द्वारा सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। जिलेभर से पहुंचे समाजजनों का सामाजिक परिचय, स्वागत एवं सम्मान भी संगठन की ओर से किया गया।

सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष विजय विश्वकर्मा ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने नशापान, बाल विवाह, दहेज प्रथा और मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए सामाजिक सद्भाव, जागरूकता एवं आपसी सहयोग को आवश्यक बताया। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से एक-दूसरे की सहायता एवं सहयोग के लिए आगे आने की अपील की।

इस अवसर पर उन्होंने मुख्य अतिथि एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों के समक्ष समाजहित से जुड़ी विभिन्न मांगें भी रखीं। इनमें जशपुर जिले के सभी आठ विकासखंडों में विश्वकर्मा सामुदायिक भवन, पात्र समाजजनों को प्रधानमंत्री आवास, पात्र लोगों को बारी-बारी से रामलला धाम के दर्शन, समाज के लिए आवश्यकता अनुसार श्मशान घाट की उपलब्धता, लंबे समय से दाई का कार्य कर मातृत्व सेवा देने वाली समाज की महिलाओं को मितानिन की तरह लाभ एवं प्राथमिकता, तथा विश्वकर्मा पूजा के दिन अवकाश घोषित करने की मांग प्रमुख रही।

समाज की मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन

मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने अपने संबोधन में कहा कि विष्णुदेव साय सरकार जनकल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और समाज की मांगों पर प्राथमिकता के साथ पहल किए जाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास देने की प्रक्रिया जारी है और बड़ी संख्या में पात्र लोगों को इसका लाभ मिल चुका है। शेष पात्र लोगों के आवास भी जल्द स्वीकृत किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी विकासखंडों में सामुदायिक भवन निर्माण के संबंध में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

श्री साय ने रामलला धाम के दर्शन कराने, विश्वकर्मा पूजा के दिन अवकाश, दाई का कार्य करने वाली महिलाओं को लाभ एवं प्राथमिकता देने जैसी मांगों पर भी हरसंभव प्रयास करने की बात कही। वहीं श्मशान घाट के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चलने की जानकारी दी।

कार्यक्रम को भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष दिनेश चौधरी तथा मानव अधिकार जनजागरण मंच के प्रदेशाध्यक्ष दधिबल विश्वकर्मा ने भी संबोधित किया और सामाजिक एकता, संगठन एवं समाज के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।

अतिथियों को भेंट किया गया हसिया

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं उपस्थित प्रमुख अतिथियों को समाज की ओर से प्रतीक चिन्ह के रूप में धान कटाई का पारंपरिक औजार हसिया भेंट कर सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से समाज की श्रम, परंपरा एवं कारीगरी से जुड़ी पहचान को सम्मान देने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में पुलिस प्रशासन का भी विशेष सहयोग रहा। पुलिस प्रशासन एवं आयोजन समिति की तत्पर व्यवस्था के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

संगठन के पदाधिकारियों की रही गरिमामय उपस्थिति

कार्यक्रम में विजय विश्वकर्मा (जिला अध्यक्ष), अनिल कुमार (जिला उपाध्यक्ष), अमित कुमार (जिला सचिव), कलम सिंह विश्वकर्मा (जिला महामंत्री), सूर्यो कुमार (जिला प्रवक्ता), विशाल विश्वकर्मा (जिला मीडिया प्रभारी), शिवचरण विश्वकर्मा (जिला सदस्य), मोतीलाल राम (जिला संरक्षक), सुरजनाथ विश्वकर्मा (जिला प्रभावी सदस्य), राकेश राम (जिला प्रभावी सदस्य) सहित संगठन के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा सतीश राम (ब्लॉक अध्यक्ष कांसाबेल), गजानन्द राम (ब्लॉक अध्यक्ष कुनकुरी), आनंद विश्वकर्मा (ब्लॉक अध्यक्ष पत्थलगांव), सावना राम विश्वकर्मा (सेक्टर अध्यक्ष फरसाबहार), खचड़ राम (अध्यक्ष बगीचा सेक्टर-2 करमा) सहित विभिन्न ब्लॉक एवं सेक्टर के पदाधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति रही।

भव्य आयोजन ने समाज की एकता, सम्मान, संगठन एवं विकास के संकल्प को मजबूत करते हुए सामाजिक सहभागिता और आपसी सहयोग का संदेश दिया।

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‘प्रतिभा के रास्ते में आर्थिक अभाव नहीं बनेगा बाधा’—मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से पूजा सिंह के डॉक्टर बनने के सपने को मिला सहारा, चार साल घर पर रहकर नीट की तैयारी के बाद मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में मिला प्रवेश

रायपुर, 18 सितम्बर 2026/ प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के सामने आर्थिक अभाव और विपरीत परिस्थितियां भी बाधा नहीं बन सकतीं। सरगुजा जिले की आदिवासी बेटी कुमारी पूजा सिंह ने अपने संघर्ष और लगन से इसे साबित कर दिखाया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली और 66 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद पूजा ने नीट-2026 में सफलता हासिल कर मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में प्रवेश प्राप्त किया है। उनके डॉक्टर बनने के सपने को आर्थिक परिस्थितियों के कारण रुकने न देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से शिक्षण शुल्क के लिए 2 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से अब पूजा के लिए मेडिकल शिक्षा की राह आसान हुई है। राज्य शासन की मंशा है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो। पूजा की पारिवारिक परिस्थितियों और उनकी उपलब्धि को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा उन्हें आवश्यक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया गया है।

कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने पूजा की सफलता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद पूजा ने जिस लगन, आत्मविश्वास और मेहनत के साथ नीट में सफलता हासिल की है, वह अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी है।

*मजदूर मां की मेहनत और बेटी के हौसले ने दिखाई सफलता की राह*

कुमारी पूजा सिंह विकासखंड सीतापुर के ग्राम राधापुर की निवासी हैं। उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। पूजा के पिता श्री चक्रधर सिंह दूसरी शादी के बाद अपनी दूसरी पत्नी के साथ निवास करते हैं। ऐसे में परिवार के भरण-पोषण और बेटी की पढ़ाई की जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर रही।

पूजा की मां के पास स्वयं की कृषि भूमि नहीं है। परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए वे गांव में दूसरे लोगों के खेतों में मजदूरी करती हैं। सीमित आय और संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई जारी रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मां की मेहनत और बेटी के दृढ़ संकल्प ने मिलकर पूजा के सपने को आगे बढ़ाया।

*शासकीय स्कूल से पढ़ाई, घर पर रहकर चार साल की नीट तैयारी*

पूजा ने अपनी प्रारंभिक एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षा ग्राम राधापुर में पूरी की। इसके बाद उन्होंने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सीतापुर से हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2022 में उन्होंने कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की।

परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए बड़े शहर जाकर महंगी कोचिंग ले सकें। इसके बावजूद पूजा ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। उन्होंने वर्ष 2022 से 2026 तक लगातार चार वर्षों तक घर पर रहकर नीट परीक्षा की तैयारी की। 66 प्रतिशत दिव्यांगता और आर्थिक चुनौतियों के बीच भी उन्होंने डॉक्टर बनने के अपने संकल्प को कमजोर नहीं पड़ने दिया।

*चार साल की मेहनत लाई रंग, मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में मिला प्रवेश*

पूजा की निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास का परिणाम वर्ष 2026 में सामने आया। उन्होंने नीट परीक्षा में सफलता हासिल की और काउंसलिंग के माध्यम से मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में प्रवेश प्राप्त किया। सीमित संसाधनों के बीच एक मजदूर मां की बेटी का मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना उनके परिवार के साथ-साथ पूरे सरगुजा जिले के लिए गौरव की उपलब्धि है।

पूजा की सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियां लक्ष्य की राह में स्थायी बाधा नहीं होतीं। यदि संकल्प मजबूत हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो सीमित संसाधनों में भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से मिली आर्थिक सहायता ने अब यह सुनिश्चित किया है कि पूजा की मेडिकल शिक्षा आर्थिक तंगी के कारण बाधित न हो।

मां की मेहनत, बेटी का संघर्ष और शासन का सहयोग—इन तीनों के समन्वय ने पूजा के डॉक्टर बनने के सपने को नई उड़ान दी है। पूजा की यह सफलता सरगुजा सहित प्रदेश के उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

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पारंपरिक उद्योगों की ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, आईटी और ग्रीन एनर्जी में निवेश की नई संभावनाओं को सरकार दे रही गति : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, 18 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने और यहां उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था और उभरते उद्योगों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खनिज, ऊर्जा, वन संपदा, पर्याप्त मानव संसाधन और देश के मध्य में अनुकूल भौगोलिक स्थिति हमारी स्वाभाविक ताकत है। राज्य सरकार इन खूबियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों से जोड़कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की भूमिका केवल उद्योगों के लिए नियामक की नहीं है। हम सरकार को उद्योग और निवेश की राह आसान करने वाले सहयोगी और ‘एक्सीलरेटर’ के रूप में विकसित कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि निवेश का प्रस्ताव आने से लेकर उद्योग के धरातल पर स्थापित होने तक हर चरण में निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था मिले।

मुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती द्वारा राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण औद्योगिक आयोजन के लिए रायपुर का चयन किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर उद्यमिता बढ़ती है, रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और आर्थिक गतिविधियों का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योग भारती देशभर के 750 से अधिक जिलों में उद्यमियों को संगठित कर उद्योग और उद्यमिता को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में भी 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग संगठन से जुड़े हैं। 18 से 20 सितम्बर तक आयोजित इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों की भागीदारी इस आयोजन के महत्व को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि यह औद्योगिक मेला केवल उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी नहीं है। यह उद्यमियों के बीच संवाद, अनुभव, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से नए व्यावसायिक संबंध बनेंगे, नई संभावनाओं पर चर्चा होगी और युवाओं को उद्योग तथा उद्यमिता की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

*नई औद्योगिक नीति से निवेश को मिली नई गति*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योग जगत, निवेशकों और विभिन्न हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की है। इस नीति का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था एक साथ आगे बढ़ें।

उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, निवेशकों को प्रोत्साहन, नए एवं उभरते सेक्टरों को बढ़ावा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नीति लागू होने के बाद प्रदेश को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और प्रसन्नता की बात है कि अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक आधार को विविधता देने के लिए आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी सहित विभिन्न नए और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में लगभग 1100 करोड़ रुपए की सेमीकंडक्टर परियोजना पर कार्य प्रारंभ होना इस बदलते औद्योगिक परिदृश्य का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। यहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ नए उद्योगों और तकनीक आधारित कंपनियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य में टेक्नोलॉजी हब और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है।

*निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं सरल, सरकार बनेगी सहभागी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी राज्य में उद्योग तभी तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, जब निवेशकों को नीतिगत स्थिरता के साथ सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं मिलें। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में काम किया है, ताकि निवेशकों को विभिन्न कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि उद्योगों को समय पर आवश्यक भूमि, अधोसंरचना और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि उद्यमी अपना समय और ऊर्जा प्रक्रियागत जटिलताओं में लगाने के बजाय उत्पादन, नवाचार, विस्तार और रोजगार सृजन में लगाएं।

*खनिज, ऊर्जा और वन संपदा छत्तीसगढ़ की बड़ी ताकत*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल है। कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट सहित अनेक महत्वपूर्ण खनिज यहां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इन संसाधनों का प्रदेश के भीतर अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन हमारी औद्योगिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत से अधिक भू-भाग वनाच्छादित है। प्रदेश में इमली, महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा सहित अनेक प्रकार की लघु वनोपज और औषधीय संसाधन उपलब्ध हैं। इनका वैज्ञानिक प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन कर वनांचल में उद्योग एवं रोजगार की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे स्थानीय समुदायों और जनजातीय परिवारों की आय बढ़ाने के भी नए रास्ते खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता का एक और मजबूत आधार है। प्रदेश में लगभग 30 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता है। ऊर्जा क्षेत्र में नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता को और बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। पर्याप्त बिजली, जल संसाधन, मानव संसाधन, प्राकृतिक संपदा और देश के मध्य में स्थित होने का भौगोलिक लाभ छत्तीसगढ़ को उद्योगों के लिए स्वाभाविक रूप से अनुकूल बनाता है।

*स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़ेगा औद्योगिक विकास*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि औद्योगिक विकास का वास्तविक लाभ तभी है, जब उससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। इसीलिए नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। अधिक संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा औद्योगिक विकास है, जिसमें प्रदेश का युवा केवल रोजगार तलाशने वाला न रहे, बल्कि अपने कौशल, नवाचार और उद्यमशीलता के बल पर रोजगार देने वाला भी बने। एमएसएमई और स्टार्टअप इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सरकार युवाओं को कौशल, तकनीक, बाजार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

*बस्तर में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक संभावनाएं*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के साथ पर्यटन क्षेत्र में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि बस्तर के जलप्रपात, घने वन, प्राकृतिक स्थल और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। होम-स्टे जैसी पहलों के माध्यम से पर्यटन को सीधे स्थानीय परिवारों की आजीविका से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए उद्यमियों से आग्रह किया कि वे औद्योगिक मेले के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को भी देखें और प्रदेश में उपलब्ध निवेश की विविध संभावनाओं को करीब से समझें।

*उद्योगों की लंबी उड़ान के लिए तैयार है छत्तीसगढ़ : उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव*

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का 14वां संस्करण छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश उद्योगों के क्षेत्र में नई और लंबी उड़ान के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश के अलग-अलग हिस्सों से आए उद्यमियों को एक-दूसरे के उत्पाद, तकनीक, नवाचार और अनुभव को समझने तथा नई व्यावसायिक संभावनाएं तलाशने का अवसर देगा। उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने उद्यमियों से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संभावनाओं के साथ प्रदेश के पर्यटन और तीर्थ स्थलों को भी देखने का आग्रह किया।

*निवेश प्रस्ताव अब धरातल पर ले रहे आकार : उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन*

उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में लागू नई औद्योगिक नीति में निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। सरकार के प्रयासों से प्रदेश में निवेश प्रस्ताव आने के साथ उनका क्रियान्वयन भी धरातल पर दिखाई देने लगा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में छोटे और बड़े नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिनसे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। लघु उद्योगों को प्रोत्साहन, उद्यमियों की समस्याओं के समाधान और नए निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। अलग-अलग सेक्टरों में संवाद और कार्यशालाओं के माध्यम से उद्यमियों को राज्य की नीतियों तथा उपलब्ध अवसरों से जोड़ा जा रहा है।

लघु उद्योग भारती के श्री प्रकाश चंद्र गुप्त ने कहा कि संगठन पिछले 32 वर्षों से देश के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को संगठित करने तथा उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को केंद्र एवं राज्य सरकारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत में लघु और विकेंद्रीकृत उद्योगों की समृद्ध परंपरा रही है। वर्तमान समय में इन्हें आधुनिक बाजार, नई तकनीक और मजबूत व्यावसायिक नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इसी उद्देश्य से उद्यमियों को साझा मंच उपलब्ध करा रहा है। तीन दिवसीय आयोजन में उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के साथ नए व्यावसायिक संपर्क बनाने, नवाचार साझा करने और भविष्य की औद्योगिक संभावनाओं पर संवाद करने का अवसर मिलेगा।

*मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया अवलोकन, उद्यमियों से जाना उनके नवाचारों के बारे में*

इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 में देश और प्रदेश की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों द्वारा बड़ी संख्या में स्टॉल लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मेले के विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और प्रदर्शित उत्पादों, तकनीकों एवं नवाचारों की जानकारी ली।

प्रदर्शनी में पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधियों एवं उपचार पद्धतियों से लेकर आधुनिक मशीनरी, आईटी और नवीन तकनीक आधारित औद्योगिक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और औद्योगिक प्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद कर उनकी व्यावसायिक गतिविधियों, नवीन तकनीकों और औद्योगिक अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने उद्यमियों से छत्तीसगढ़ में उपलब्ध निवेश अवसरों और उद्योगों के लिए विकसित किए जा रहे अनुकूल वातावरण पर भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजन को देशभर के उद्यमियों के बीच संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए लघु उद्योग भारती के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आयोजन की तैयारियों और औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों, सदस्यों एवं प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने संसाधनों, सामर्थ्य और नई संभावनाओं के साथ औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े—सभी प्रकार के उद्योगों के लिए सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देशभर के उद्यमियों का आह्वान किया कि वे छत्तीसगढ़ आएं, यहां की संभावनाओं को समझें, निवेश करें और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी तथा देशभर से आए उद्यमी एवं औद्योगिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ में दिखा अभूतपूर्व जनउत्साह, रायपुर में 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ जले, सेवा संकल्प अभियान का भव्य शुभारंभ और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ ऐतिहासिक आयोजन

रायपुर 18 सितंबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आज राजधानी रायपुर लाखों दीपों की रोशनी से जगमगा उठी। प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वयं दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की कामना की। राजधानी में 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर रायपुरवासियों ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति अपना स्नेह और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। जनभागीदारी के इस आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान मिला।

मुख्यमंत्री श्री साय शाम को अपने निवास कार्यालय से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। छत्तीसगढ़ क्लब चौक से भगत सिंह चौक, घड़ी चौक, शारदा चौक, गौरव पथ और शंकर नगर होते हुए तेलीबांधा तालाब स्थित मुख्य समारोह स्थल तक पूरे मार्ग में ‘आशीर्वाद के दीयों’ की रोशनी दिखाई दी। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में नागरिकों ने दीप जलाए थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न स्थानों पर रुककर नागरिकों का उत्साहवर्धन किया और स्वयं भी उनके साथ दीप प्रज्वलित किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान घड़ी चौक स्थित भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, शारदा चौक स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा भगत सिंह चौक स्थित अमर शहीद भगत सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनका स्मरण किया।

मरीन ड्राइव में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिवस पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा को अपना संकल्प और जनसेवा को अपना ध्येय मानकर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत की प्रतिष्ठा को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। मां भारती की सेवा के प्रति उनका समर्पण, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर किया जा रहा परिश्रम हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रही है। इस अवधि में देश ने विकास और जनकल्याण के अनेक क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन देखा है। गरीबों के पक्के आवास से लेकर स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और बुनियादी अधोसंरचना तक जनकल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानकर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ निरंतर देश की सेवा कर रहे हैं। उनकी नीतियों के केंद्र में गरीब, किसान, युवा, महिलाएं, श्रमिक, वंचित और जनजातीय समाज सहित प्रत्येक वर्ग का कल्याण है। विकसित भारत के निर्माण का उनका संकल्प आज देशवासियों के सामूहिक संकल्प में परिवर्तित हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विशेष है। राजधानी में 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाकर नागरिकों ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति अपना स्नेह और शुभकामनाएं अभिव्यक्त की हैं। इस आयोजन में सामाजिक, सांस्कृतिक और विभिन्न जनसंगठनों सहित समाज के सभी वर्गों ने जिस उत्साह के साथ सहभागिता की, वह जनभागीदारी की शक्ति का सुंदर उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल एक दीप प्रज्वलित करने का आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और जनभागीदारी के संकल्प से जुड़ने का अवसर है। दीप की यह ज्योति हमें समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में आशा और खुशहाली का प्रकाश पहुंचाने की प्रेरणा देती है। इसी भावना के साथ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’ आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किए जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि पर रायपुरवासियों, आयोजन से जुड़े सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों तथा जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इतनी व्यापक जनभागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ का भी शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को स्क्रीन टाइम कम करने तथा पुस्तकों और अध्ययन की संस्कृति से अधिक जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आज हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन पुस्तकों से जुड़ाव हमारी कल्पनाशक्ति, विचार क्षमता और व्यक्तित्व को समृद्ध करता है। नई पीढ़ी में पढ़ने की आदत विकसित करने की दिशा में ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ एक सार्थक पहल साबित होगी।

कार्यक्रम में नॉन के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के 25 वर्षों को नमन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’, प्रदेशवासियों की ओर से स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना

रायपुर 18 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर अपने निवास पर ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित कर उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पण को स्मरण करते हुए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। गरीब कल्याण से लेकर सुशासन, अंत्योदय से लेकर आत्मनिर्भर भारत और विरासत के सम्मान से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक उनकी यह यात्रा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ सहित देशभर में सेवा और जनभागीदारी का भाव दिखाई दे रहा है। ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी आत्मीय भावना की अभिव्यक्ति है। यह छोटा-सा दीप प्रधानमंत्री जी के प्रति प्रदेशवासियों के स्नेह, विश्वास और शुभकामनाओं का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहा है। हमारा संकल्प है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा तथा जनजातीय समाज की आकांक्षाएं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की शक्ति बनें।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हर घर में जलाएं ‘आशीर्वाद का दीप’, सेवा और समर्पण के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जुटे प्रदेशवासी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर 18 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर प्रदेशवासियों से आज शाम अपने-अपने घरों में प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना के साथ ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपना जीवन जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और गरीब कल्याण के लिए समर्पित किया है। उनके जन्मदिन से प्रारंभ हुआ ‘सेवा संकल्प अभियान’ हम सभी को सेवा के इसी भाव को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने की प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बीरगांव के बुधवारी बाजार मैदान में आयोजित भगवान विश्वकर्मा पूजा एवं किसान-मजदूर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन अनेक दृष्टियों से विशेष है। एक ओर सृजन, निर्माण और शिल्प के आराध्य भगवान विश्वकर्मा की जयंती है, वहीं दूसरी ओर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। भगवान विश्वकर्मा हमें अपने कौशल, श्रम और सृजन से समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं और प्रधानमंत्री श्री मोदी का जीवन सेवा, समर्पण तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान के परिश्रम से हमारे अन्न के भंडार भरते हैं और श्रमिक के श्रम से विकास की आधारभूत संरचनाएं आकार लेती हैं। खेत से लेकर कारखाने तक, निर्माण स्थल से लेकर उद्योगों तक हमारे किसान, श्रमिक, कारीगर और शिल्पकार छत्तीसगढ़ की प्रगति के वास्तविक भागीदार हैं। विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प इन्हीं श्रमवीरों के सामर्थ्य, कौशल और परिश्रम से साकार होगा। राज्य सरकार उनके श्रम के सम्मान के साथ उनके परिवारों के जीवन में समृद्धि, सुरक्षा और खुशहाली लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्यक्रम से पहले उन्होंने माता परमेश्वरी, भगवान विश्वकर्मा और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, कौशल और निर्माण के प्रतीक हैं। उनका संदेश हमें श्रम को सम्मान देने और अपने कौशल के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।

*सेवा और जनकल्याण को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाया शासन का आधार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में गरीब, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। गरीब परिवारों के लिए पक्का आवास, घर-घर शौचालय, बिजली, नल से जल और जन-धन खातों के माध्यम से बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने जैसी पहलों ने करोड़ों लोगों के जीवन को आसान बनाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। विकसित भारत का यह संकल्प केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विकास और अवसरों का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तथा देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का विजन तैयार किया है। हमारा लक्ष्य ऐसा समृद्ध, आत्मनिर्भर और आधुनिक छत्तीसगढ़ बनाना है, जिसमें गांव हो या शहर, किसान हो या श्रमिक, युवा हो या महिला - हर किसी को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से देशभर में सेवा संकल्प अभियान प्रारंभ हुआ है। यह अभियान सेवा को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का व्यापक संकल्प बनाने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि आज शाम हर परिवार अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाकर प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करे।

*श्रमिक के जीवन में सुरक्षा और परिवार में खुशहाली हमारा लक्ष्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिक केवल निर्माण कार्यों के सहभागी नहीं, बल्कि प्रदेश की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए राज्य सरकार श्रमिक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए ऐसी योजनाएं संचालित कर रही है, जो श्रमिक और उसके परिवार को जीवन के अलग-अलग चरणों में सहारा प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों के लिए जन्म से लेकर बच्चों की शिक्षा, आजीविका और अन्य आवश्यकताओं तक विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा और सपनों से समझौता न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत 200 बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने श्रमिकों से शासन की योजनाओं का पूरा लाभ लेने के लिए अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक परिवारों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सरकार लगातार कदम उठा रही है। महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान कर उनके लिए स्वरोजगार और नियमित आय का साधन तैयार किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि श्रमिक परिवार केवल सहायता प्राप्त करने वाले परिवार न रहें, बल्कि अवसरों और संसाधनों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनें।

*किसानों की समृद्धि से समृद्ध होगा छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन में किसानों का महत्वपूर्ण स्थान है। किसान की समृद्धि से गांव समृद्ध होता है और गांव की समृद्धि से पूरा प्रदेश मजबूत होता है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। किसानों को दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी प्रदान किया गया है। खेती के लिए सिंचाई सुविधा का विस्तार करने के उद्देश्य से प्रदेश में बड़े पैमाने पर सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। सरकार का प्रयास है कि खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचे, खेती की उत्पादकता बढ़े और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और श्रमिकों की मेहनत को सम्मान देना ही भगवान विश्वकर्मा के प्रति सच्ची श्रद्धा है। विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण तभी संभव है, जब प्रदेश का अन्नदाता खुशहाल हो और श्रमवीर का परिवार सुरक्षित तथा समृद्ध हो।

*माताओं-बहनों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिल रही नई शक्ति*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जा रही है। इससे महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक संबल मिला है और परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी भी मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़कर दीर्घकालीन रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। स्व-सहायता समूहों सहित विभिन्न माध्यमों से महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

*बीरगांव में ढाई वर्षों में लगभग 175 करोड़ रुपए के विकास कार्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के साथ शहरों में भी आधुनिक और बेहतर नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए तेजी से कार्य कर रही है। नगरीय क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य अधोसंरचना के विकास के लिए नगरोत्थान सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों में लगभग 175 करोड़ रुपए के विकास कार्य किए गए हैं। इन कार्यों के माध्यम से क्षेत्र की अधोसंरचना मजबूत हो रही है और नागरिक सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी बीरगांव की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की विकास दृष्टि केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। गांव, कस्बे, छोटे शहर और दूरस्थ जनजातीय अंचल समान रूप से हमारी प्राथमिकता में हैं। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक अच्छी सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की बुनियादी आवश्यकता है।

*बस्तर में शांति के साथ खुल रहे विकास और रोजगार के नए द्वार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नियद नेल्ला नार जैसी पहल के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और वनोपज की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। पर्यटन और वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देकर इन संभावनाओं को स्थानीय युवाओं के रोजगार और जनजातीय परिवारों की आय वृद्धि से जोड़ने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। दूरस्थ क्षेत्रों में अधोसंरचना के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जा रहे हैं।

*उत्कृष्ट कार्य करने वाली 76 प्रतिभाओं का सम्मान*

समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने सामाजिक, सांस्कृतिक, कला, साहित्य, समाजसेवा, खेल और विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 76 प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने सभी सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोग पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रतिभा और उसके योगदान का सम्मान केवल उस व्यक्ति का सम्मान नहीं होता, बल्कि समाज में सकारात्मक कार्य, सृजनशीलता और उत्कृष्टता की संस्कृति को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी बनता है। उन्होंने सम्मानित प्रतिभाओं से इसी ऊर्जा के साथ समाज और प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान जारी रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम से पूर्व माता परमेश्वरी मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश के सभी श्रमिकों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों और निर्माण से जुड़े कर्मयोगियों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, किसान, श्रमिक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़, बस्तर के बदलते स्वरूप और प्रदेश की विकास यात्रा को पीएमओ ने किया रेखांकित : मुख्यमंत्री साय

रायपुर 18 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को निरंतर नई ऊर्जा और दिशा देता रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा उनके आलेख के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, विशेषकर बस्तर में आए परिवर्तन और विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश की भूमिका को रेखांकित किए जाने के संदर्भ में आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में लिखा है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहा है। उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है और राष्ट्र की प्रगति में अपना सशक्त योगदान देता रहेगा। 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आलेख को साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और विशेष रूप से बस्तर में आए परिवर्तन को रेखांकित किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा इस बात का बड़ा उदाहरण है कि आज देश की प्रगति केवल महानगरों और बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। बस्तर में आया बड़ा बदलाव इसकी जीवंत तस्वीर है और यह बताता है कि विकास की मुख्यधारा से जुड़कर जनजातीय समाज भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री श्री साय के आलेख का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव  साय ने अपने आलेख में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को सेवा, सुशासन, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ते हुए गुजरात के पुनर्निर्माण से लेकर विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य तक की यात्रा का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की अवधारणा गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और जनजातीय समाज की आकांक्षाओं से जुड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आलेख में छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर में हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा है कि कभी हिंसा और पिछड़ेपन के कारण चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर आज शांति, विकास, पर्यटन और नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहा है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से दूरस्थ जनजातीय अंचल भी विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आलेख में कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के कर्मयोग ने भारत को नया आत्मविश्वास दिया है और अब देश के सामने विकसित भारत का लक्ष्य है। इस राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ केवल सहभागी नहीं, बल्कि अपनी मेहनत, प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभा के बल पर एक मजबूत भागीदार की भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा है कि गांव से शहर तक विकास की ऐसी यात्रा को आगे बढ़ाना छत्तीसगढ़ का संकल्प है, जिसमें समृद्धि के साथ संस्कृति, आधुनिकता के साथ परंपरा तथा प्रगति के साथ प्रकृति का संतुलन बना रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने आलेख के माध्यम से यह संकल्प व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण के महायज्ञ में पूरी शक्ति और सामर्थ्य के साथ अपना योगदान देगा। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के बीते 25 वर्ष सेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहे हैं तथा आने वाला समय विकसित भारत और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने का है।

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