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“सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान को जशपुर में मिलेगी नई पहचान : 417 गांवों में गूंजेगा जनजातीय गरिमा उत्सव, कलेक्टर रोहित व्यास ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जशपुर 19 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को सभी अधिकारियों की समीक्षा ली और भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जशपुर जिले के 417 धरती आबा ग्राम तथा पीएम जनमन ग्रामों में व्यापक स्तर पर जनजातीय गरिमा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान 18 मई से 25 मई 2026 तक संचालित होगा।  इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित।

इस अभियान के तहत 19 मई से 24 मई तक जिले के 42 क्लस्टर में संतृप्तिकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा ।

21 से 23 मई तक आदि सेवा केंद्रों में जनसुनवाई कार्यक्रम होंगे जहाँ लोग अपनी समस्याएं बताएंगे तथा उसका वहीं निवारण किया जाएगा ।

उक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना, हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ना तथा जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा एवं गौरव को सम्मान देना है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद, हितग्राही संतृप्तिकरण शिविर एवं विभिन्न विभागों द्वारा सेवा प्रदाय गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।  

कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पारंपरिक मुखिया, जनजातीय कलाकार, युवा समूह, स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी सहभागिता करेंगे। उत्सव के दौरान जनजातीय लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, योजनाओं की जानकारी, हितग्राही अनुभव साझा करने तथा जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।  

उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों में सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ सिकल सेल एनीमिया एवं टीबी जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु विशेष शिविर लगाए जाएंगे।  

जिला प्रशासन जशपुर द्वारा अभियान के सफल संचालन हेतु सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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बरसात से पहले जशपुर में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, कलेक्टर रोहित व्यास ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी

जशपुरनगर, 19 मई 2026/  कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में सीएसपीडीसीएल, क्रेडा तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना संभाग पत्थलगांव की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय कार्यों की प्रगति का विस्तार से जायजा लिया। बैठक में उन्होंने विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए पूर्ण, अपूर्ण, प्रारंभ एवं अप्रारंभ कार्यों की समीक्षा की तथा सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में कलेक्टर ने अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि बरसात का मौसम प्रारंभ होने से पूर्व सभी निर्माण कार्यों में गति लाएं, ताकि समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण हो सकें। 
      बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से स्वीकृत कार्यों एवं जिले में संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विद्युत परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूर्ण करें, ताकि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को भी निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति आसानी से सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही जिन बसाहटों तक अभी तक विद्युत सुविधा नहीं पहुंच पाई है, वहां विशेष कार्ययोजना बनाकर शीघ्र कार्य करना सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया, जिससे कोई भी क्षेत्र विकास से वंचित न रहे। कलेक्टर ने क्रेडा विभाग द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित कार्यों की भी समीक्षा की तथा सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल से जुड़ी योजनाएं आमजन से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए इन कार्यों में गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। 
     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना संभाग पत्थलगांव की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों से विभाग अंतर्गत संचालित सड़कों एवं निर्माण कार्यों की जानकारी ली और बरसात से पूर्व कार्यों में और अधिक तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क से आमजन को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा विकास गतिविधियों को भी गति प्राप्त होगी। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने एवं नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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ई-ऑफिस पर सख्त हुए कलेक्टर रोहित व्यास : अब फाइलों से लेकर प्रमोशन रिकॉर्ड तक सब कुछ होगा ऑनलाइन, जल संरक्षण और आपदा मुआवजे पर भी दिए कड़े निर्देश

जशपुर 19 मई 2026/  कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा, मुख्यमंत्री जनदर्शन और कलेक्टर जनदर्शन के आवेदनों की समीक्षा की।

उन्होंने सभी अधिकारियों और जिला कार्यालय के  कर्मचारियों को e office, sparrow, eHRMS के माध्यम से ही कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

 उन्होंने कहा कि ई आफिस का संचालन करना है फाइल,नोट सीट को ई आफिस के माध्यम से ही भेजना है। 

अधिकारियों और कर्मचारियों का डाटा, नियुक्ति दिनांक, आदेश  पदस्थापना की जगह, जिला,पदनाम, मोबाइल नम्बर, प्रमोशन आदेश,प्रथम नियुक्ति आदेश, परीविक्षा अवधि को अपडेट करना है इसी प्रकार  सहायक ग्रेड 1,2,3 को फाइल ई आफिस के माध्यम से ही भेजने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने विघुत विभाग को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ हितग्राहियों को देने के निर्देश दिए है और बैंकर्स को हितग्राहियों की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने जल संरक्षण संवर्धन के तहत सभी विभागों को रैन हार्वेस्टिंग सिस्टम और सोखता गड्ढा बनाने के लिए कहा इसके के साथ ही जिवो टैंग के माध्यम से फोटो के साथ आनलाईन अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने प्राकृतिक आपदा के तहत प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि गंभीरता से देने के निर्देश दिए हैं।

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जशपुर में ‘किराना चोरी गैंग’ का बड़ा खुलासा : शटर तोड़कर लाखों का माल उड़ाने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार, झारखंड तक पहुंची पुलिस की रेड 

जशपुर 19 मई 2026  शहर के बीचों-बीच स्थित एक प्रतिष्ठित किराना दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी की गुत्थी को आखिरकार ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में चोरी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों सहित चोरी का सामान खरीदने वाले झारखंड के एक व्यापारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया है, क्योंकि चोरी का नेटवर्क जशपुर से निकलकर सीधे झारखंड तक जुड़ा मिला।

घटना 8 और 9 मई 2026 की दरमियानी रात की है। मधुबन टोली निवासी व्यापारी विक्रम ताम्रकार अपनी “विक्रम किराना दुकान” को रोज की तरह बंद कर घर चले गए थे। दुकान जशपुर के लक्ष्मी गुडी मंदिर के पास स्थित है और इलाके की बड़ी किराना दुकानों में गिनी जाती है। रात के अंधेरे में चोर दुकान तक पहुंचे और शटर का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। इसके बाद दुकान में रखे महंगे रिफाइन तेल, चावल, खाद्य सामग्री, साबुन और अन्य सामान को ऑटो में भरकर फरार हो गए।

अगली सुबह जब दुकान के ड्राइवर ने टूटा ताला और खींचा हुआ शटर देखा तो तत्काल व्यापारी विक्रम ताम्रकार को सूचना दी। व्यापारी मौके पर पहुंचे तो दुकान के भीतर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। दुकान से हरी केशरी कंपनी के रिफाइन तेल के डिब्बे, चावल के कट्टे, रिफाइन तेल के कार्टून और कई अन्य सामान गायब थे। चोरी गए माल की कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई गई।

व्यापारी की शिकायत पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामला शहर के प्रमुख कारोबारी से जुड़ा होने और लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए बेहद संवेदनशील माना गया। इसके बाद ने खुद मामले की मॉनिटरिंग शुरू की और के नेतृत्व में चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया।

इसके बाद शुरू हुआ पुलिस का हाईटेक ऑपरेशन। शहर और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए। साइबर सेल की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। पुलिस के मुखबिर तंत्र को भी एक्टिव किया गया। लगातार 10 दिनों तक चली जांच के दौरान पुलिस को नवाटोली, बनिया टोली, सरना टोली और करबला रोड के कुछ युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।

पुलिस ने दबिश देकर विरेन्द्र भगत उर्फ लड्डू, कार्तिक भगत, अजय रवानी और पमित बरला को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी गोलमोल जवाब देते रहे, लेकिन जब पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्य सामने रखे तो सभी टूट गए। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने नवाजिश खान के साथ मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया था।

पूछताछ में बड़ा खुलासा तब हुआ जब आरोपियों ने बताया कि चोरी का सामान जशपुर से ऑटो में भरकर झारखंड के गुमला जिले के सकतारा गांव ले जाया गया था। वहां यह सामान स्थानीय दुकानदार अमृत लाल केरकेट्टा को बेच दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने झारखंड में दबिश दी और चोरी का सामान खरीदने वाले अमृत लाल को भी गिरफ्तार कर लिया।

इधर मामले का मुख्य आरोपी नवाजिश खान पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गया था। वह लगातार ठिकाने बदल रहा था, लेकिन साइबर टीम उसकी लोकेशन ट्रेस करती रही। आखिरकार पुलिस ने उसे सिमडेगा, झारखंड से पकड़ लिया और जशपुर ले आई।

पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 58 डिब्बा 13 लीटर वाला रिफाइन तेल, 7 बोरी चावल, 15 पाउच रिफाइन तेल, 34 बोतल सरसों तेल, 1 पेटी साबुन, 36 पैकेट सिगरेट, चोरी के माल की बिक्री से मिले 1005 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल ऑटो क्रमांक JH-07-E-7736 जब्त किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में —

  • विरेन्द्र भगत उर्फ लड्डू, नवाटोली
  • अजय रवानी, बनिया टोली
  • कार्तिक भगत, नवाटोली
  • पमित बरला, सरना टोली
  • अमृत लाल केरकेट्टा, सकतारा गुमला झारखंड
  • नवाजिश खान, करबला रोड जशपुर शामिल हैं।

पूरे मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में , उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा, राजेश पाल, आरक्षक अनूप भगत, उपेंद्र सिंह और नगर सैनिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

ने कहा कि जिले में चोरी और संगठित अपराध करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जाएगा। चोरी का सामान खरीदने वालों को भी किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।

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अभ्यारण्य में बिछेगा कैमरों का जाल, वन्य प्राणियों की हर हलचल होगी कैद… बादलखोल में वन अमले को दिया गया हाईटेक कैमरा ट्रैप प्रशिक्षण,अब जंगल में हर गतिविधियों पर रहेगी पैनी नजर

नारायणपुर 19 मई 2026। अखिल भारतीय बाघ आकलन-2026 को लेकर बादलखोल अभयारण्य क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में सोमवार को बादलखोल अभयारण्य के गेम रेंज परिसर में वन विभाग द्वारा विशेष कैमरा ट्रैप प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें जंगल में तैनात वन अमले को आधुनिक तकनीक से वन्यजीवों की निगरानी करने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में गेम रेंजर, डिप्टी रेंजर, वनपाल और नाकेदार बड़ी संख्या में शामिल हुए।

पूरा प्रशिक्षण व्यवहारिक तरीके से कराया गया, ताकि फील्ड में तैनात कर्मचारी जंगल के भीतर कैमरा ट्रैप को तय प्रोटोकॉल के अनुसार सही तरीके से स्थापित कर सकें। देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट के मास्टर ट्रेनर अभिषेक शुक्ला ने कर्मचारियों को कैमरा ट्रैप लगाने की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि कैमरे किस लोकेशन पर लगाए जाएंगे, उनका एंगल किस दिशा में होना चाहिए और कैमरा पेड़ों पर कितनी ऊंचाई में फिट किया जाए ताकि वन्यजीवों की स्पष्ट तस्वीरें कैद हो सकें।

प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को केवल थ्योरी ही नहीं बल्कि जंगल में ले जाकर लाइव डेमो भी कराया गया। मास्टर ट्रेनर ने मौके पर पेड़ों में कैमरा फिट कर दिखाया और बताया कि कैमरा ट्रैप बाघ की ऊंचाई के बराबर लगाया जाएगा, जिससे गुजरने वाले वन्यजीव आसानी से कैमरे की रेंज में आ सकें। कर्मचारियों को यह भी सिखाया गया कि कैमरे का फोकस, सेंसर और दिशा किस प्रकार सेट की जाए ताकि रात के समय भी वन्यजीवों की गतिविधियां रिकॉर्ड हो सकें।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कैमरा ट्रैप लगाने के बाद संबंधित क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही या हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि वन्यजीव बिना किसी डर या बाधा के स्वाभाविक रूप से जंगल में विचरण करते रहें और उनकी वास्तविक गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड हो सकें।

बादलखोल अभयारण्य के अधीक्षक आशुतोष भगत ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश मिलने पर वन्य प्राणियों के आकलन-2026 को लेकर सभी सर्किल और बीट क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए वन अमले को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने यह विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित टीम अब तय मानकों के अनुसार जंगल में कैमरे स्थापित करेगी, जिससे सटीक डेटा एकत्रित किया जा सकेगा।

गौरतलब है कि अखिल भारतीय बाघ गणना हर चार वर्ष में आयोजित होती है। वर्ष 2022 के बाद होने वाले इस बड़े अभियान में इस बार केवल बाघ ही नहीं बल्कि तेंदुआ, जंगली हाथी, भालू, कोटरी समेत अन्य मांसाहारी वन्यजीवों की भी गणना की जाएगी। वन विभाग का मानना है कि आधुनिक कैमरा ट्रैप तकनीक से वन्यजीवों की मौजूदगी, संख्या और गतिविधियों का अधिक सटीक आकलन संभव हो सकेगा।

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“बोलेगा बचपन” से गूंजा जशपुर का शिक्षा अभियान : यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने नवाचारी शिक्षकों को किया सम्मानित, विनोबा ऐप बना शिक्षा सुधार और प्रतिभा निखारने का मजबूत मंच


जशपुर। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने हेतु जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में ओपन लिंक्स फाउंडेशन द्वारा विनोबा ऐप के माध्यम से नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिन्हा के दिशा-निर्देश एवं यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता के समन्वय से संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में उत्कृष्ट शिक्षण कार्य एवं नवाचार के लिए ‘बोलेगा बचपन कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित शिक्षकों को यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता एवं यशस्वी जशपुर के सदस्य श्री संजीव शर्मा द्वारा प्रमाण पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता ने कहा बोलेगा बचपन कार्यक्रम का सुचारु रूप से विद्यालयों मे संचालन किया जा रहा है, विद्यालयों मे संचालित कविता वाचन , कहानी वाचन, स्पेलिंग बी और स्पोकन इंग्लिश जैसे अनोखी पहल का सराहना किया । विनोबा ऐप शिक्षकों के लिए सीखने, नवाचार साझा करने और प्रेरणा प्राप्त करने का एक प्रभावी मंच है, जो शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

विनोबा के सीनियर प्रोजेक्ट ऑफिसर श्री सोमनाथ साहू ने जानकारी दी कि यह ऐप जिले के शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को साझा करने, आपसी सीख को बढ़ावा देने तथा शैक्षणिक गतिविधियों के दस्तावेजीकरण हेतु विकसित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विनोबा भावे टीम जिले में एफएलएन, जवाहर नवोदय, जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग के साथ-साथ दैनिक उपस्थिति डाटा संग्रहण का कार्य भी यशस्वी जशपुर के समन्वय से कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान जिला स्तरीय विजेता शिक्षकों में प्राथमिक शाला डहुकोना  के श्री विजय कुमार, प्राथमिक शाला बड़े गमहरिया  की कुमारी सुनैना तिर्की, प्राथमिक शाला बड़े गमहरिया  की श्रीमति सिरमती चौहान , प्राथमिक शाला डिपाटोली की श्रीमती आरती ओहदार, प्राथमिक शाला नदीडिपा की श्रीमति रीना रानी गोस्वामी, प्राथमिक शाला डोंगरदाह के महेंद्र सिंह बंजारा, प्राथमिक शाला  सुजीबहार की श्रीमती शरदा पैंकरा शामिल रहे। यशस्वी जशपुर के श्री अवनीश पांडे, दीपक महतो, प्रदीप नायक दिलीप राम द्वारा सभी विजेता शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं।

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“बस्तर की मीठी इमली के स्वाद पर फिदा हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, नेतानार में बोले — यहां की इमली में खटास नहीं, विकास और आत्मनिर्भरता की मिठास है”

रायपुर 18 मई । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम में सीआरपीएफ कैम्प पहुँचे। यहाँ उन्होंने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का उद्घाटन किया । 
श्री अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जाना कि कैसे वे इमली बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। श्री शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है।
समूह की श्रीमती लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना एक लाख रु तक आय अर्जित कर सकेंगी । गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह में महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं। 
वे सेवा सेतु केंद्र पहुँचे। यहां वे ग्राम नेतानार निवासी श्रीमती सुखदेवी से मिले। सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का आधार कार्ड बनवाया है। आधार सेवा केंद्र खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था । अब यहां पर ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी, मोबाइल नम्बर अपडेट, ई-आधार जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी । सेवा सेतु केंद्र में श्रीमती सोनामनी ने बताया कि वे बहुत दिन महतारी वंदन योजना का ई के वाय सी कराना चाहती थीं लेकिन दूरी अधिक होने के कारण वे जा नहीं पा रहीं थीं। गांव में ही केंद्र खुल जाने के कारण आज ही उन्होंने ई के वाय सी करा लिया है । उल्लेखनीय है कि ग्रामीण यहां पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र का लाभ ले सकेंगे । इस केंद्र में जन्म, आय , जाति आदि प्रमाण पत्र आसानी से एक ही जगह बनाये जा सकेंगे । इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक सखी के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, स्व सहायता समूह के लिए खाता खोलना, के वाय सी, बैंक खाते में मोबाईल नम्बर अपडेट, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज जैसी सुविधाएं पा सकेंगी । 

श्री अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही महिलाओं से भी मुलाकात की । यहाँ पर महिलाओं को बेसिक एवं एडवांस सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुश्री विजय कुमारी ने बताया कि यहां से सिलाई सीखने के बाद वे अच्छे से अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगी।
गृह मंत्री श्री अमित शाह ने धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की । इसके माध्यम से चावल बिक्री से ग्रामीणों महिलाओं की आय वृद्धि तो होगी साथ ही निकलने वाली धान की भूसी से पशुओं को पौष्टिक आहार भी मिलेगा ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा , मुख्य सचिव श्री विकासशील एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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अवैध रेत भंडारण और परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 1740 घनमीटर रेत जप्त ,प्रशासन की सक्रियता से अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को मिल रहा कड़ा संदेश

रायपुर, 18 मई 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के तहत प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभागीय अमला दिन-रात सक्रिय रहकर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित कर रहा है। इसके लिए रात्रिकालीन गश्त, सघन निगरानी, औचक निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई के साथ-साथ ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है।
        सचिव खनिज साधन विभाग तथा संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने जिले के आरंग तहसील अंतर्गत ग्राम कागदेही में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान समोदा-कागदेही मार्ग तथा आर्या पेट्रोल पंप के दक्षिण दिशा में फॉरेस्ट नर्सरी के पास बिना वैध अनुमति के गौण खनिज साधारण रेत का अवैध भंडारण पाया गया। जांच में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 के उल्लंघन की पुष्टि होने पर खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 1740 घनमीटर रेत जप्त की गई।
                 जप्त रेत को नगर पंचायत समोदा के पार्षद श्री देवेंद्र कुमार साहू के सुपुर्द किया गया। वहीं सघन जांच के दौरान ग्राम समोदा के पास अवैध रेत परिवहन में संलग्न दो हाईवा वाहनों को भी जप्त कर आरंग थाना परिसर में खड़ा कराया गया।

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राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने छोड़ा 'पायलट-फॉलो' वाहनों का काफिला ,प्रधानमंत्री के ऊर्जा और संसाधन बचत के आह्वान से प्रेरित होकर लिया फैसला

​रायपुर,18 मई 2026/

       छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रशासनिक तामझाम और वीआईपी कल्चर को दरकिनार करते हुए एक बेहद सराहनीय और अनुकरणीय पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा बचत एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान से प्रेरित होकर, मंत्री श्री वर्मा ने अपने शासकीय दौरों और आवागमन के दौरान मिलने वाले 'पायलट' और 'फॉलो' वाहनों के उपयोग को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है।
       ​मंत्री श्री वर्मा अपने पूरे स्टाफ के साथ बेहद सीमित और कम से कम गाड़ियों के काफिले में सफर करेंगे। राज्य स्तर पर उनके इस फैसले को सादगी और जनता के प्रति जवाबदेही के एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

*​खुद से शुरुआत कर पेश की मिसाल*

   अपने इस बड़े फैसले पर बात करते हुए कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि देश इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। ऐसे में देशहित से जुड़ी किसी भी पहल की शुरुआत हम जनप्रतिनिधियों को स्वयं से करनी चाहिए और समाज के सामने एक उदाहरण पेश करना चाहिए। ​उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से न केवल सरकारी और प्रशासनिक खर्चों में भारी कमी आएगी, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी ईंधन संरक्षण (Fuel Conservation) और ऊर्जा बचत के प्रति एक सकारात्मक जागरूकता पैदा होगी।

*​जनता और प्रबुद्धजनों ने की सराहना*

   ​मंत्री वर्मा के इस फैसले की विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्धजनों और आम नागरिकों ने  स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि राजनेताओं द्वारा फिजूलखर्ची रोकने और संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की यह पहल वाकई प्रेरणादायी है, जो जमीन से जुड़े नेता की पहचान को और मजबूत करती है।

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केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ

400 अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन एवं 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी

‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ के साथ प्रदेश में त्वरित सहायता और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था होगी सशक्त

‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित सेवा से पुलिस, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी, सड़क दुर्घटना और आपदा जैसी हर स्थिति में मिलेगी त्वरित सहायता

रायपुर, 18 मई 2026/ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज माना पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ तथा मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष श्री रमन सिंह एवं  की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों तथा 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। 

यह सेवा 24x7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी तथा स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

*मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच*

‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी।
लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

*साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल*

राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है। 

आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

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भीषण गर्मी में बिजली विभाग की ‘आंख-मिचौली’ से नारायणपुर बेहाल , दिन-रात ट्रिपिंग से जनजीवन अस्त-व्यस्त, पानी संकट और कारोबार पर भी पड़ा असर-विभागीय व्यवस्था पर उठे सवाल

नारायणपुर 18 मई 2026 । भीषण गर्मी के इस दौर में अघोषित बिजली कटौती और बिजली की लगातार आंख-मिचौली ने नारायणपुर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। दिन हो या रात, बार-बार बिजली ट्रिपिंग और घंटों सप्लाई बंद रहने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बीच लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति यह है कि कुछ मिनट बिजली आने के बाद फिर अचानक कट जा रही है। कई इलाकों में घंटों तक बिजली गुल रहने से लोग परेशान होकर घरों से बाहर निकलने को मजबूर हैं। रात के समय लगातार बिजली कटने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को झेलनी पड़ रही है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पूरी रात हाथ वाले पंखे और खुले आसमान का सहारा लेने को मजबूर हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट का असर पेयजल व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बिजली नहीं रहने से कई लोगों के मोटर पंप बंद हो जा रहे हैं, जिससे पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। लोगों को पीने के पानी के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। वहीं किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार ट्रिपिंग के कारण घरेलू उपकरण भी खराब होने लगे हैं।

बाजार क्षेत्र में भी बिजली संकट का असर साफ दिखाई दे रहा है। दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। गर्मी के कारण पहले ही बाजार में ग्राहकों की संख्या कम है, ऊपर से बिजली कटौती के चलते इलेक्ट्रॉनिक दुकानें, फोटो कॉपी सेंटर, वेल्डिंग कार्य और छोटे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। कई व्यापारियों ने बताया कि अचानक बिजली बंद होने से मशीनें और उपकरण खराब होने का खतरा भी बना रहता है।

स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। बिजली की आंख मिचौली से दैनिक दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग करते हुए जल्द समस्या का स्थायी समाधान करने की बात कही है।

वहीं विद्युत विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ते बिजली लोड, तकनीकी खराबी और आगे की सप्लाई प्रभावित होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। विभाग का दावा है कि खराबी सुधारने और व्यवस्था को सुचारू करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके। लेकिन भीषण गर्मी में लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्स अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरी में सुशासन तिहार के तहत 465 करोड़ रुपये के 102 विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर 18 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज धमतरी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों को 465 करोड़ रुपये की लागत के 102 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने 423 करोड़ 52 लाख 56 हजार रुपये लागत के 52 कार्यों का भूमिपूजन तथा 41 करोड़ 50 लाख 48 हजार रुपये से अधिक लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों के माध्यम से जिले में सड़क, पेयजल, नगरीय अधोसंरचना और जनसुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान की कार्यसंस्कृति के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 1 मई से 10 जून तक आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव में क्लस्टरवार शिविर लगाकर आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है। राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया गया है, जिससे हजारों लोगों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में सुशासन तिहार के साथ “बस्तर मुन्ने” और “नियद नेल्लानार 2.0” अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं तथा जरूरतमंदों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही हैं। 

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जनसहभागिता का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने आयुष्मान कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को चाबी सौंपकर लाभान्वित किया।  मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर “ड्रीम कॉरिडोर” वीडियो एवं “मां अभियान” की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन धमतरी एवं लर्निंग जॉय बेंगलुरु के मध्य एमओयू किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरीवासियों को कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने अम्बेडकर चौक धमतरी से रूद्री चौक तक फोरलेन सड़क निर्माण, धमतरी में पेयजल हेतु इंटेकवेल निर्माण, रानी दुर्गावती चौक से बिलाईमाता मंदिर तक गौरवपथ निर्माण, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरूद भवन के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा पीएमश्री स्वामी आत्मानंद स्कूल के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।

कार्यक्रम में सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी श्री ओंकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार  सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह करेंगे नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 का शुभारंभ ,गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने किया कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण

  रायपुर, 18 मई 2026/ प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक आधुनिक, त्वरित एवं नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस 2.0) का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर चलित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी एवं 400 अत्याधुनिक डायल 112 वाहन का भी शुभारंभ किया जाएगा।

         कार्यक्रम की तैयारियों के तहत प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 प्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में एक अभिनव पहल है, जिसके माध्यम से पुलिस सेवा, फायर सर्विस, मेडिकल इमरजेंसी सहायता, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन सहायता तथा हाईवे इमरजेंसी जैसी सेवाओं को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे नागरिकों को त्वरित एवं समन्वित सहायता सुनिश्चित हो रही है। 

         इस उन्नत प्रणाली में केंद्रीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, जीपीएस आधारित इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन, जीआईएस आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग, ऑटोमेटिक कॉल लोकेशन पहचान प्रणाली तथा तकनीक सक्षम डिस्पैच प्रबंधन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। नई व्यवस्था के माध्यम से अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क दुर्घटना प्रतिक्रिया, चिकित्सकीय सहायता तथा जन-संकट की परिस्थितियों में और अधिक प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। 

           प्रदेश में संचालित डायल 112 सेवा वर्ष 2018 से अब तक लाखों नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्रदान कर चुकी है तथा वर्तमान में इसकी सेवाएं 16 जिलों तक सीमित थी अब यह प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित हो जायेगी।

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कल का 'नक्सल गढ़' आज का डिजिटल हब: कुतुल के ग्रामीणों को मिली 4G कनेक्टिविटी की सौगात, गूंजी मोबाइल की घंटी

रायपुर , 18 मई 2026 // राज्य सरकार के दिशा-निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा नियद नेल्ला नार योजना, एलडब्ल्यूई-II एवं आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत अबूझमाड़ के दुर्गम और पूर्व में सुविधाओं से वंचित गांवों में अब मूलभूत सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में अबूझमाड़ क्षेत्र में मोबाइल टॉवर स्थापित कर ग्रामीणों को संचार सुविधा से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे देश-दुनिया की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ आधुनिक संचार माध्यमों का उपयोग कर सकेंगे।

जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुतुल में 16 जनवरी 2026 को नया मोबाइल टॉवर स्थापित किया गया है। टॉवर शुरू होने से कुतुल सहित आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण है। अब क्षेत्र के लोग दूरसंचार सेवाओं का लाभ लेते हुए शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और उनसे जुड़कर लाभान्वित हो सकेंगे।

कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर स्थापित होने से स्थानीय निवासियों को बेहतर नेटवर्क कवरेज मिल रहा है। इससे ग्रामीणों को दैनिक जीवन में संचार की सुविधा प्राप्त हो रही है और वे अपने परिजनों से आसानी से संपर्क कर पा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल अबूझमाड़ क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीणों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी।

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लोक निर्माण विभाग के सचिव ने कांकेर में सड़कों और पुलों का काम देखा, विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों में तेजी लाने कहा

रायपुर. 18 मई 2026. राज्य शासन वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पूरी सक्रियता से काम कर रही है। अंदरूनी इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व समय-सीमा सुनिश्चित करने लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज कांकेर जिले का दौरा कर भानुप्रतापपुर में विभाग के कांकेर और भानुप्रतापपुर संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में उतरकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन सड़कों, पुलों और भवनों को तेजी से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों की निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरा कर धरातल पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। आगामी मानसून को देखते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि बरसात की शुरुआत से पहले सभी सड़कों की मरम्मत अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए। बारिश के दिनों में सड़कों या उनके किनारों पर गड्ढों की वजह से पानी जमा नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पुलों पर रिफ्लेक्टर्स और रेलिंग लगाने के काम को भी तत्काल पूरा करने को कहा ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

श्री बंसल ने दूरस्थ अंचलों में सुगम यातायात को शासन की प्राथमिकता बताते हुए पहुंचविहीन गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए पुल निर्माण के प्रस्ताव तैयार कर तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने पुल और सड़क के बीच का ज्वाइंट स्मूथ रखने को कहा, ताकि इसकी वजह से यातायात की रफ्तार धीमी न हो। 

विभागीय सचिव ने नरहरपुर में कॉलेज भवन के निर्माण में अत्यधिक ढिलाई बरतने पर संबंधित ठेकेदार को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम में देरी और गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार पेनाल्टी लगाई जाए, उन्हें डिग्रेड किया जाए और जरूरत पड़ने पर टर्मिनेशन की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने अभियंताओं को ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का परीक्षण कर तत्परता से भुगतान करने के निर्देश दिए। 

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने विभागीय कार्यों में कसावट लाने और सभी अधिकारियों को अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालयों में निवास करने को कहा। उन्होंने फील्ड का नियमित दौरा कर चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर शासन का जवाब दाखिल करने, सर्किट हाउसों व विश्राम गृहों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

*निर्माणाधीन सड़कों और पुलों का किया निरीक्षण* 

लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने भानुप्रतापपुर सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेने के बाद निर्माणाधीन सड़कों और पुलों का निरीक्षण किया। उन्होंने भानुप्रतापपुर के पास छोटे नारायणपुर में खंडी नदी पर तथा जिला मुख्यालय नारायणपुर के पास राजनांदगांव-बैलाडीला मार्ग में मेढकी नदी पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल का निरीक्षण कर कार्य प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अंतागढ़ से नारायणपुर तक 46 किमी लंबे करीब 120 करोड़ की लागत के सड़क चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य का भी अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को समय-सीमा में इन कामों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। जगदलपुर परिक्षेत्र के अधीक्षण अभियंता श्री संजय सूर्यवंशी और कांकेर के कार्यपालन अभियंता सहित भानुप्रतापपुर एवं कांकेर संभाग के सभी उप अभियंता भी बैठक में उपस्थित थे।

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अबूझमाड़ में फैल रही है शिक्षा की रौशनी ,आज़ादी के बाद पहली बार अबूझमाड़ के अति दूरस्थ गांव कारकाबेड़ा में खुला नया प्राथमिक स्कूल

रायपुर,18 मई 2026
     ​देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ क्षेत्र अब नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर शिक्षा की नई रोशनी की ओर बढ़ रहा है। इसका सबसे सुखद और ऐतिहासिक परिणाम नारायणपुर जिले के अति दूरस्थ ग्राम कारकाबेड़ा में देखने को मिला है, जहां आजादी के बाद पहली बार किसी स्कूल की स्थापना हुई है। कभी नक्सलियों का गढ़ रहे इस इलाके में अब बच्चों को बंदूक की जगह कलम और किताबें मिल रही हैं।

*​जनसमस्या शिविर से खुला विकास का रास्ता*

    ​हाल ही में अबूझमाड़ के सुदूर क्षेत्र कोड़ेनार में एक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में कारकाबेड़ा के ग्रामीणों ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए गांव में ही स्कूल खोलने की पुरजोर मांग की थी। कलेक्टर  ने मामले की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए तत्परता दिखाई और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO)  को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

*​5 घंटे की पैदल यात्रा और सर्वे*

     ​कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले कारकाबेड़ा गांव का सर्वे किया, जिसमें 20 बच्चे प्राथमिक शिक्षा के योग्य पाए गए। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी,खंड स्रोत समन्वयक, संकुल समन्वयक, सरपंच और शिक्षकों की संयुक्त टीम ने अदम्य साहस का परिचय दिया। यह टीम दुर्गम रास्तों, कई नदी-नालों और पहाड़ियों को पार करते हुए लगभग 5 घंटे की कठिन पैदल यात्रा कर कारकाबेड़ा पहुंची और नवीन प्राथमिक शाला का औपचारिक शुभारंभ किया।

*​मुफ्त गणवेश और शिक्षण सामग्री का वितरण*

    ​स्कूल के पहले ही दिन बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही चमक थी। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल प्रारंभ होने के साथ ही सभी 20 बच्चों को ​निःशुल्क गणवेश,​पाठ्यपुस्तकें और स्लेट
​पेंसिल, श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियां उपलब्ध कराई गईं।
​   कारकाबेड़ा सरपंच रामूराम वड्डे ने कहा कि गांव में स्कूल खुलना हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। अब हमारे बच्चों को पढ़ने के लिए जान जोखिम में डालकर दूर नहीं जाना पड़ेगा।

*​अतिथि शिक्षक की व्यवस्था,पड़ोसी गांवों को भी मिलेगा लाभ*

     ​वर्तमान में इस स्कूल के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक स्थानीय अतिथि शिक्षक की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में कारकाबेड़ा के इस स्कूल का लाभ आसपास के अन्य दूरस्थ गांवों, जैसे मरकूड़ के बच्चों को भी मिलेगा।
     ​नक्सलवाद के खात्मे के बाद अबूझमाड़ के इस अंदरूनी इलाके में स्कूल खुलना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार और शांति बहाली की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

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पुनर्वास से आत्मनिर्भरता की ओर : बीजापुर की महिलाओं के सपनों को मिल रहे नए पंख,पुनर्वासित महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण से मिल रहा रोजगार का अवसर

रायपुर, 18 मई 2026।
कभी नक्सल हिंसा की छाया से प्रभावित रहा बीजापुर अब विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। माओवाद के अंत के बाद जिला तेजी से मुख्यधारा की ओर बढ़ रहा है। सुरक्षाबलों के साहस, शासन की प्रभावी पुनर्वास नीति और प्रशासन की सतत पहल ने बीजापुर को शांति एवं विकास के नए दौर में प्रवेश कराया है।
राज्य शासन की पुनर्वास नीति केवल आत्मसमर्पण या पुनर्वास तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुनर्वासित परिवारों को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बीजापुर जिले की पुनर्वासित महिलाओं को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत स्थानीय गारमेंट फैक्ट्री में सिलाई प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

*मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से बदल रही जिंदगी*

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्हें आधुनिक सिलाई तकनीक, मशीन संचालन और परिधान निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को उसी गारमेंट फैक्ट्री में रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल से महिलाओं को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात उन्हें प्रतिमाह लगभग 5 से 8 हजार रुपये तक का पारिश्रमिक दिया जाएगा।  जिससे वे आर्थिक रूप से निरंतर सशक्त बनी रहें।

*आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम*

पुनर्वासित महिलाओं के चेहरे पर अब भविष्य को लेकर नई उम्मीद और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है। जो महिलाएं कभी हिंसा और असुरक्षा के माहौल में जीवन व्यतीत कर रही थीं, वे आज रोजगार और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए महिलाओं को सम्मानजनक जीवन देने का सशक्त माध्यम बन रही है।

*बीजापुर बन रहा विकास और विश्वास का प्रतीक*

बीजापुर में चल रही पुनर्वास एवं कौशल विकास की यह पहल शासन की संवेदनशील सोच और दूरदर्शी नीति का उदाहरण है। जिला प्रशासन द्वारा पुनर्वासित परिवारों को शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
नक्सलवाद से मुक्त होकर अब बीजापुर विकास, शांति और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बना रहा है। पुनर्वासित महिलाओं की सफलता यह संदेश दे रही है कि अवसर और सहयोग मिलने पर जीवन की दिशा बदली जा सकती है।

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केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह पहुंचे रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया आत्मीय स्वागत

रायपुर 17 मई 2026/ केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के आज रायपुर आगमन पर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर  पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत किया।

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