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सीएसआर से बदलेगी आंगनबाड़ी की तस्वीर! कुपोषण के खिलाफ बड़ा अभियान, उद्योगों के सहयोग से महिला-बाल विकास योजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर, 24 जुलाई 2026/ महिला एवं बाल विकास विभाग ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से राज्य में पोषण, बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी उद्देश्य से आज सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में विभाग और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने कहा कि महिलाओं और बच्चों का समग्र विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। शासन द्वारा संचालित योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में उद्योगों की सामाजिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, महिला सशक्तिकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने उद्योगों से विभाग के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा, "आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे।"

महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने कहा कि विभाग तीन प्रमुख आयामों—महिला सशक्तिकरण, बच्चों का संरक्षण तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण—पर निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री, डिजिटल संसाधन, पोषण संवर्धन, स्वच्छ पेयजल, खेल सामग्री, स्वच्छता सुविधाएं तथा नवाचार आधारित गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है।

बैठक में विभाग द्वारा तैयार की गई संभावित सीएसआर परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। इसमें कुपोषण उन्मूलन, आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन, पोषण वाटिका एवं मुनगा पौधारोपण, प्रारंभिक बाल विकास गतिविधियां, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम तथा क्षमता निर्माण जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई।

बैठक के दौरान उद्योगों के प्रतिनिधियों ने विभाग के प्रस्तावों में रुचि व्यक्त करते हुए विभिन्न योजनाओं में सहयोग की संभावनाओं पर अपने सुझाव साझा किए। यह निर्णय लिया गया कि विभाग और उद्योगों के बीच नियमित समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी तथा चरणबद्ध तरीके से सीएसआर परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा।

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सीएसआर सहयोग केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, डिजिटल सशक्तिकरण, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगा। विभाग इसके लिए उद्योगों के साथ नियमित संवाद, समन्वय एवं समीक्षा की प्रभावी व्यवस्था विकसित करेगा।

उल्लेखनीय है कि सीएसआर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 'पंखुड़ी' पोर्टल विकसित किया गया है। वहीं राज्य शासन द्वारा 'सर' (State CSR) पोर्टल का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से विभागीय प्राथमिकताओं और सीएसआर परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

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राज्यपाल रमेन डेका के साथ निजी विश्वविद्यालयों की अहम बैठक, नए विश्वविद्यालयों की स्थापना और उच्च शिक्षा सुधार पर हुई विस्तृत चर्चा

 रायपुर, 24 जुलाई 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य के निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित प्रावधानों पर राज्यपाल से विचार-विमर्श किया। श्री डेका ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार के सबंद्ध में अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई दुर्ग के कुलाधिपति श्री आईपी मिश्रा, भारती विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलाधिपति श्री सुशील चंद्राकर, कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति डॉ. संदीप अरोड़ा, आईएसबीएम विश्वविद्यालय, गरियाबंद और रायपुर के कुलपति डॉ. आनंद महलवार, अंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति श्री अभिषेक अग्रवाल, दावड़ा विश्वविद्यालय रायपुर के सीईओ श्री चिन्मय दावड़ा, कोलंबिया विश्वविद्यालय रायपुर के प्रो. कुलाधिपति श्री हरजीत सिंह हूरा उपस्थित थे।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने ईवीएम स्ट्रांग रूम परिसर की सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण, सुरक्षा  व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने दिए निर्देश

   जशपुरनगर, 24 जुलाई 2026/ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास ने आज ईवीएम स्ट्रांग रूम परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वीवीपैट रूम, बैलट यूनिट रूम तथा कंट्रोल यूनिट रूम के बाहरी क्षेत्र का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने स्ट्रांग रूम परिसर एवं उसके आसपास नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
    उन्होंने परिसर में अनावश्यक रूप से रखे गए अनुपयोगी सामानों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण करने तथा परिसर को व्यवस्थित एवं स्वच्छ बनाए रखने हेतु निर्देशित किया। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की सतत निगरानी, परिसर की सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित निर्वाचन शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने महारानी लक्ष्मी बाई कन्या विद्यालय एवं स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम स्कूल का किया निरीक्षण

जशपुरनगर, 24 जुलाई 2026/ जिले के स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण एवं सुचारू शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास स्वयं लगातार विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा ले रहे हैं, ताकि आवश्यक सुधार सुनिश्चित हो और विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध रूप से संचालित हो सके। इसी कड़ी में आज कलेक्टर ने जिला मुख्यालय स्थित महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत भी उपस्थित रहे।
       महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्राचार्य श्री विजय सिन्हा एवं विद्यालय प्रबंधन से विद्यालय के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मंच, सभागार, दरवाजे, खिड़कियों सहित जिन स्थानों पर मरम्मत की आवश्यकता है, उनका प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित एवं व्यवस्थित ढंग से शिक्षण कार्य संचालित करने को कहा, ताकि छात्राएं यहां पर पढ़कर एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।
       कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने प्राचार्य श्रीमती आर. डुंगडुंग एवं विद्यालय प्रबंधन से शिक्षण व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के अलावा सभागार, शौचालयों सहित अन्य जगहों में जहां पर मरम्मत कार्यों की अवश्यकता है वहां का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थियों के लिए अध्ययन एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन हेतु बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। निरीक्षण के दौरान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र सिन्हा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना टोप्पो सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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"आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने बुलंद की अपनी आवाज, विधायक गोमती साय से मिलकर सौंपा ज्ञापन, कहा— रिक्त पदों पर मिले शत-प्रतिशत पदोन्नति, खत्म हो आयु सीमा की बाध्यता

नारायणपुर।छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ (पंजीयन क्रमांक-409) के प्रतिनिधिमंडल ने पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय से मुलाकात कर आंगनबाड़ी सहायिकाओं की वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण को लेकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने विधायक से आग्रह किया कि उनकी मांगों को राज्य सरकार तक पहुंचाकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराया जाए।

संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रदेशभर की हजारों आंगनबाड़ी सहायिकाएं लंबे समय से पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन उन्हें पदोन्नति और अन्य सेवा संबंधी सुविधाओं का समुचित लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर सहायिकाओं को शत-प्रतिशत पदोन्नति का अवसर दिया जाए तथा पदोन्नति के लिए निर्धारित आयु सीमा को पूरी तरह समाप्त किया जाए, ताकि वर्षों से कार्यरत सहायिकाओं को न्याय मिल सके।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आंगनबाड़ी सहायिकाएं सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन, टीकाकरण, पोषण अभियान और प्रारंभिक शिक्षा जैसी योजनाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने में उनकी अहम जिम्मेदारी है। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सम्मान, पदोन्नति और सेवा लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।

विधायक श्रीमती गोमती साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि आंगनबाड़ी सहायिकाओं की जायज मांगों को शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहायिकाओं के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

इस दौरान संघ की ओर से रूपा सोनी, कलावती परहा, पार्वती यादव, सविता, बिमला बाई, आशा, लालमति, मीनाक्षी, हेमबिनोला, निमा, गुलशन पैकरा, सुमित्रा यादव, बैजंती भगत सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सहायिकाएं मौजूद रहीं। सभी ने एक स्वर में अपनी लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग उठाई।

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संकल्प शिक्षण संस्थान ने दिया हरित भविष्य का संकल्प, छात्रों ने गोद लिए पौधे, जन्मदिन पर भी शिक्षिका ने निभाई पर्यावरण संरक्षण की अनोखी परंपरा

जशपुर। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश देते हुए संकल्प शिक्षण संस्थान में उत्साह और जनभागीदारी के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रबंधन ने मिलकर विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षिका सीमा गुप्ता ने जामुन का पौधा तथा शिक्षक दीपक कुमार ग्वाला ने लक्ष्मी तरु का पौधा लगाकर की। इसके बाद विद्यार्थियों ने बरगद, पीपल, आम, अमरूद, गुलैची, लक्ष्मी तरु, सागौन और गुलमोहर सहित कई प्रजातियों के पौधे रोपे।

कार्यक्रम की विशेष पहल के तहत प्रत्येक कक्षा के छात्रों और छात्राओं को एक-एक पौधा गोद दिया गया। इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी संबंधित कक्षा के विद्यार्थियों को सौंपी गई, ताकि उनमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित हो।

इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने कहा कि "पेड़ ही जीवन हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए ऑक्सीजन और स्वच्छ पर्यावरण का आधार बनेगा। संकल्प शिक्षण संस्थान का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार और पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिक तैयार करना भी है।"

शिक्षिका सीमा गुप्ता ने बच्चों को पेड़ों के महत्व, पर्यावरण संतुलन, भूजल संरक्षण और बढ़ती गर्मी को कम करने में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष अपने जन्मदिन पर विद्यालय परिसर में एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती हैं।

पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन कराया। साथ ही, कक्षा नौवीं के 38 विद्यार्थियों से उनके घरों में 38 पौधे लगवाकर उन्हें उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी सौंपी, जिससे बच्चों में प्रकृति संरक्षण की भावना और मजबूत हो सके।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का सराहनीय सहयोग रहा। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में हरियाली और स्वच्छ वातावरण का संदेश देंगे।

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तीन साल तक बेटी की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले दरिंदे पिता को उम्रकैद, जशपुर की फास्ट ट्रैक सुनवाई में एक महीने के भीतर मिला इंसाफ

जशपुर। जशपुर जिले के कांसाबेल थाना क्षेत्र के एक अत्यंत संवेदनशील पॉक्सो प्रकरण में न्यायालय ने अपनी ही 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता कलेश्वर राम विश्वकर्मा (42 वर्ष) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जशपुर पुलिस की त्वरित विवेचना और प्रभावी अभियोजन के चलते मामले में एक माह के भीतर जांच पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया गया, जिसके बाद शीघ्र सुनवाई में आरोपी दोषसिद्ध हुआ।

माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर श्री जनार्दन खरे ने यह फैसला सुनाते हुए आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।

पुलिस के अनुसार, 2 मई 2026 को पीड़िता की मां ने थाना कांसाबेल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पति पिछले तीन वर्षों से अपनी नाबालिग पुत्री के साथ लगातार दुष्कर्म कर रहा था। शिकायत के आधार पर थाना कांसाबेल में अपराध क्रमांक 75/2026 दर्ज कर बीएनएस की धारा 65(2), 296, 351(2), 115(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में थाना कांसाबेल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की, चिकित्सीय परीक्षण कराया, न्यायालय में बयान दर्ज कराए और अन्य सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कर उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार ने प्रकरण की विवेचना संवेदनशीलता और पेशेवर दक्षता के साथ पूरी करते हुए मात्र एक माह के भीतर जांच पूरी कर 17 जून 2026 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार तिर्की ने प्रभावी पैरवी कर अभियोजन पक्ष का मजबूती से पक्ष रखा, जिससे आरोपी को कठोर दंड दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जशपुर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, समयबद्ध विवेचना, प्रभावी अभियोजन और दोषियों को कठोरतम दंड दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जशपुर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध और सतर्क है।

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वन विभाग की बड़ी कार्रवाई—3 हेक्टेयर वनभूमि पर अतिक्रमण का प्रयास किया नाकाम, मौके पर ही 5,000 पौधे लगाकर भूमि को किया सुरक्षित

जशपुर 24 अगस्त 2026/ वनमण्डल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र बगीचा के परिसर सोनगेरसा स्थित कक्ष क्रमांक पी.एफ. 1253 में दिनांक 23 जुलाई 2026 को लगभग 3.00 हेक्टेयर वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण का प्रयास किया गया। सूचना प्राप्त होने पर वन विभाग द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए न केवल अतिक्रमण के प्रयास को विफल किया गया, बल्कि संबंधित भूमि को अतिक्रमणमुक्त कर उसी दिन 5,000 पौधों का वृहत वृक्षारोपण भी कराया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार (1) श्री रामलोचन यादव, पिता श्री जगदीश यादव, (2) श्री गणेश यादव, पिता श्री जगदीश यादव, (3) श्री हिरालाल, पिता श्री डूमरा, जाति कोरवा, (4) श्री नन्दलाल, पिता श्री डूमरा, जाति कोरवा एवं (5) श्री सुधन, पिता श्री सुखदेव द्वारा उक्त वनभूमि पर झाड़ियाँ काटकर साफ-सफाई करते हुए अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा था।

घटना की जानकारी मिलते ही इसकी सूचना तत्काल वनमण्डलाधिकारी, जशपुर एवं उपवनमण्डलाधिकारी, पत्थलगांव को दी गई। वनमण्डलाधिकारी, जशपुर के निर्देश तथा उपवनमण्डलाधिकारी, पत्थलगांव के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्राधिकारी, बगीचा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की। वन कर्मचारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस अभियान में बी.डी.सी., ग्राम पंचायत सोनगेरसा के सरपंच, पंचगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी के संयुक्त प्रयासों से वनभूमि को सुरक्षित करते हुए उसी क्षेत्र में 5,000 पौधों का वृक्षारोपण किया गया, जिससे भूमि का संरक्षण सुनिश्चित हो सके तथा भविष्य में पुनः अतिक्रमण की संभावना को रोका जा सके।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण, वनों की कटाई अथवा प्राकृतिक संसाधनों को क्षति पहुंचाने के प्रयासों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी। साथ ही स्थानीय समुदाय की सहभागिता से वन संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन के कार्यों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ ग्रामवासियों ने वन संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौध रोपण एवं वन संपदा की सुरक्षा हेतु सामूहिक सहयोग का आह्वान किया। जशपुर वनमण्डल ने इस संयुक्त प्रयास को वन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया

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राशिफल: ग्रहों की चाल से किस राशि की चमकेगी किस्मत, जानिए करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन का विस्तृत हाल

मेष (Aries):
आज का दिन उत्साह और नई ऊर्जा से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे। व्यापार में नए संपर्क लाभदायक साबित हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, हालांकि अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहतर होगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

वृषभ (Taurus):
आज धैर्य और संयम से काम लेने की आवश्यकता है। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।

मिथुन (Gemini):
आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता आपको सफलता दिलाएगी। कार्यक्षेत्र में रुके हुए काम पूरे होंगे। व्यापार में विस्तार की योजना बन सकती है। आर्थिक मामलों में दिन लाभदायक रहेगा। मित्रों से मुलाकात होगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

कर्क (Cancer):
आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। नौकरी में उन्नति के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में नए सौदे लाभ देंगे। पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। माता-पिता का आशीर्वाद मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। खान-पान का ध्यान रखें।

सिंह (Leo):
आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापार में लाभ होगा और नए निवेश के अवसर मिल सकते हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। समाज में सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

कन्या (Virgo):
आज सोच-समझकर निर्णय लेना लाभदायक रहेगा। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

तुला (Libra):
आज भाग्य आपका साथ देगा। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में आय के नए स्रोत बन सकते हैं। परिवार में मांगलिक कार्य की चर्चा हो सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। यात्रा के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।

वृश्चिक (Scorpio):
आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यशैली की प्रशंसा होगी। व्यापार में लाभ होगा, लेकिन जोखिम भरे निवेश से बचें। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें।

धनु (Sagittarius):
आज नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। नौकरी में सफलता और सम्मान मिलेगा। व्यापार में आर्थिक लाभ के अच्छे संकेत हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

मकर (Capricorn):
आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें सफलतापूर्वक निभाएंगे। व्यापार में लाभ होगा। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में किसी शुभ आयोजन की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

कुंभ (Aquarius):
आज का दिन रचनात्मक कार्यों के लिए अच्छा रहेगा। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के अवसर मिलेंगे। आर्थिक लाभ होगा। मित्रों और परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। यात्रा लाभदायक हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

मीन (Pisces):
आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता और सम्मान प्राप्त होगा। व्यापार में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

"मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। आज किए गए अच्छे कार्य भविष्य में बेहतर परिणाम देंगे।"

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आईआईटी मद्रास के साथ छत्तीसगढ़ सरकार का ऐतिहासिक एमओयू, डेटा आधारित हाइपरलोकल तकनीक से 10 संवेदनशील जिलों में सड़क दुर्घटनाएं रोकने की होगी नई शुरुआत

रायपुर 23 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास के सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आज रायपुर में डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप थे।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन एवं आईआईटी मद्रास CoERS के बीच कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में वैज्ञानिक एवं डेटा-आधारित दृष्टिकोण से कमी लाना है। कार्यशाला में अधिकारियों को बताया गया कि  सड़क दुर्घटना डेटा का विश्लेषण कर ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान की जाएगी हाइपरलोकल सड़क सुरक्षा उपाय और कम लागत वाले अभियांत्रिकी हस्तक्षेप किए जाएंगे। ‘संजय’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से ब्लैक स्पॉट की समय पर पहचान कर साक्ष्य-आधारित निर्णय लिए जाएंगे।

प्रथम चरण में राज्य के सड़क दुर्घटना की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील 10 जिलों को चिन्हित किया गया है। इन जिलों में जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक जिले के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप डेटा-आधारित सड़क सुरक्षा कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना किसी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति होती है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि ऐसी सुरक्षित सड़क व्यवस्था विकसित करना है, जिससे प्रत्येक नागरिक सुरक्षित अपने घर पहुँच सके। यह पहल सुरक्षित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश ने कहा कि संजय प्लेटफॉर्म से दुर्घटना संभावित स्थलों की वैज्ञानिक पहचान कर समयबद्ध हस्तक्षेप संभव होगा। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयास कर दुर्घटनामुक्त छत्तीसगढ़ बनाने का आह्वान किया।

कार्यशाला में चयनित 10 जिलों के कलेक्टर, एसपी, आरटीओ, डीटीओ, एनआईसीसी  के जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डेटा-आधारित योजना एवं त्वरित हस्तक्षेप से सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में प्रभावी कमी आएगी।

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अमलीपदर की ऐतिहासिक रथयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया बड़ा ऐलान; बाल्टीजोर नाले पर बनेगा पुल, बिजली बिल समाधान योजना सितंबर तक बढ़ी

रायपुर 23 जुलाई 2026/अमलीपदर की ऐतिहासिक रथयात्रा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।  भगवान श्री जगन्नाथ सबको साथ लेकर चलने और लोककल्याण का संदेश देते हैं। महाप्रभु का आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहे, यही उनकी प्रार्थना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के अमलीपदर में आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा महापर्व को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए और भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए।

*बिजली बिल समाधान योजना की अवधि सितंबर तक बढ़ी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अंतिम तिथि, जो जून माह तक निर्धारित थी, उसे उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन माह बढ़ाकर सितंबर तक कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सरकार आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम करने और उन्हें राहत प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के माध्यम से प्रतिमाह पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि अंतरित की जा रही है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्त होना विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

*जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए चौबीसों घंटे कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा वे स्वयं प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 42 हजार से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जो सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

*बाल्टीजोर नाले पर बनेगा पुल*

क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बाल्टीजोर नाले पर पुल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को वर्षभर सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा  कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता मिल रही है तथा छत्तीसगढ़ तेजी से नक्सल मुक्त राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

*मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया आत्मीय संवाद*

रथयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपना काफिला रोककर सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और विद्यालय की गतिविधियों के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा उनके आग्रह पर बच्चों के साथ आत्मीयता से सेल्फी भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री का यह सहज और स्नेहपूर्ण व्यवहार उपस्थित लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

*बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की रही सहभागिता*

रथयात्रा महापर्व में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक अनुष्ठानों, भक्ति संगीत और जयघोषों के बीच पूरा अमलीपदर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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डिजिटल क्रांति की राह पर छत्तीसगढ़: सेवा सेतु से AI मिशन तक, 564 ऑनलाइन सेवाओं और ₹3,928 करोड़ के भारतनेट विस्तार के साथ सुशासन को मिली नई रफ्तार

रायपुर, 23 जुलाई 2026/ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री अंकित आनंद एवं सीईओ चिप्स श्री मयंक अग्रवाल ने विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर छत्तीसगढ संवाद के आडिटोरियम (अटल नगर, नवा रायपुर) में संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा डिजिटल नवाचारों के माध्यम से सुशासन सशक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित विकास में छत्तीसगढ़ बन रहा है, अग्रणी राज्य सेवा सेतु, भारतनेट, एआई और डिजिटल कनेक्टिविटी से नागरिकों को अधिक सुगम सेवाएं मिल रही है।

       इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है । नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार, डिजिटल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, ए.आई. (AI), साइबर सुरक्षा एवं नवाचार आधारित शासन व्यवस्था के माध्यम से राज्य में तकनीक-संचालित प्रशासन को नई गति मिली है ।

*सेवा सेतु पोर्टल में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध*

           इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने प्रेस को बताया कि सेवा सेतु बना नागरिक सेवाओं का सबसे बड़ा डिजिटल मंच सेवा सेतु राज्य की सबसे बड़ी एकीकृत डिजिटल नागरिक सेवा पहल के रूप में स्थापित हुआ है। 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा इसका उन्नत संस्करण प्रारम्भ किया गया। वर्तमान में नागरिकों के लिए इस पोर्टल में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा विगत ढ़ाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए तथा 78 लाख से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन आदि सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता से नागरिकों को घर के निकट ही सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं । सेवा सेतु में ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, एसएमएस एवं व्हाट्सएप सूचना तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं । इन तकनीकी नवाचारों से नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं ।

*वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार*

      श्री अंकित आनंद ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही डिजिटल कनेक्टिविटी डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देते हुए राज्य के दूरस्थ, वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है । भारत सरकार से वित्त पोषित डिजिटल भारत निधि DBN) के अंतर्गत आकांक्षी जिला, एल डब्लू ई फेज़ II तथा 4G सैचुरेशन योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ गांवों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है । जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं । इसी क्रम में भारतनेट फेज-III के माध्यम से ग्राम पंचायतों को उच्च गुणवत्ता वाले ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा । इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारत सरकार से ₹3,928 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है । इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और फाइबर टू द होम (FTTH)  कनेक्टिविटी का विस्तार होगा ।

*50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण* 

         युवाओं के लिए नई संभावनाएं राज्य में भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य के मूल निवासियों के लिए सी.एम. आईटी फेलोशिप प्रारंभ की गई है । अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), नया रायपुर के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के अंतर्गत आरक्षण नियमों के तहत 50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण के साथ विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यानुभव प्रदान किया जा रहा है, जिससे राज्य के लिए दक्ष आईटी विशेषज्ञों का एक मजबूत समूह तैयार हो सके । 

*विकसित  डिजिटल प्लेटफॉर्म से सुशासन को मिल रही है नई मजबूती*

         इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने बताया कि तकनीक आधारित शासन को मिल रही नई मजबूती विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के लिए विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म सुशासन को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं । खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ । एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (IWMMS) के माध्यम से औद्योगिक अपशिष्ट के परिवहन एवं निस्तारण की ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित की गई है । वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 में 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण कर निवेशकों को एकीकृत एवं समयबद्ध ऑनलाइन अनुमोदन उपलब्ध कराया जा रहा है । पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य की बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा की जा रही है । बस्तर मुन्ने पोर्टल के माध्यम से नक्सल मुक्त जिलों (बस्तर संभाग के 07 जिले  एवं अन्य 3 जिले) में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का प्रभावी लाभ दिलाने हेतु मॉनिटरिंग की जा रही है । वहीं डिजिटल द्वार के माध्यम से सभी विभागों के बीच सुरक्षित एवं मानकीकृत डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था विकसित की जा रही है ।

*ए.आई. आधारित कौशल विकास एवं अनुसंधान को बढ़ावा* 

        भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ए.आई. को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है । छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM)  के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप एवं शासकीय अधिकारियों के लिए ए.आई. आधारित कौशल विकास एवं अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा । राज्य में ए.आई. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, ए.आई. डेटा लैब की स्थापना की जा रही है, जिससे नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे ।

*चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन*

         साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं भारत सरकार की संस्था सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य राशि रूपये 105.3 करोड़ की लागत से राज्य में चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना के लिए एमओयू किया गया है, जिसमें केंद्र एवं राज्य शासन दोनों के द्वारा बराबर राशि रुपये व्यय किये जायेंगे । प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन दिया जायेगा।

*क्लाउड फर्स्ट नीति से मजबूत होगा डिजिटल इकोसिस्टम*

        डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर रही है, जिसके माध्यम से सुरक्षित क्लाउड आधारित सेवाओं, डेटा सुरक्षा तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर मिली उल्लेखनीय पहचान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की इन पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सराहना मिली है। आधार सेवाएं, जीआईएस परियोजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-प्रगति पोर्टल, एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली, वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 तथा कोर्ट केस मॉनिटरिंग सिस्टम को विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

*छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध*

        प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल शासन की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी साधन है । हमारी सरकार ए.आई., डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

*डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य*

        छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य तकनीक को केवल सुविधा का माध्यम बनाना नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, समावेशी विकास और नागरिक सशक्तिकरण का आधार बनाना है । इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसी संकल्प के साथ डिजिटल नवाचार को जनहित से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है ।

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संकल्प शिक्षण संस्थान में डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा का ज्ञानवर्धक सत्र: वैश्विक अर्थव्यवस्था, ब्रेटन वुड्स, पेट्रोडॉलर, एआई और ब्लॉकचेन से लेकर सफलता के मूल मंत्र तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया

जशपुरनगर


संकल्प शिक्षण संस्थान‌ जशपुर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सत्र में डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा ने विद्यार्थियों को विश्व की आर्थिक व्यवस्था, मौद्रिक प्रणाली तथा आधुनिक तकनीक के विकास की जानकारी दी। इस सत्र में कहानियों और उदाहरणों का भी समावेश रहा।

सत्र के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को मुद्रा पर नागरिकों के विश्वास , मुद्रा और स्वर्ण के ऐतिहासिक संबंध, भारत में ब्रिटिश शासनकाल की आर्थिक व्यवस्था, सोने के महत्व तथा उसके मापदंडों की मौद्रिक प्रणाली से संबंध की जानकारी दी । उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्रांति ने अमेरिका सहित विश्व की अर्थव्यवस्था को किस प्रकार नई दिशा दी और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रेटन वुड्स समझौते के माध्यम से वैश्विक मौद्रिक व्यवस्था की स्थापना की गई। साथ ही उन्होंने वैश्विक वित्तीय स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की स्थापना तथा पेट्रोडॉलर प्रणाली के कॉन्सेप्ट को भी सरल भाषा में समझाया।

डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा ने आगे , समय के साथ अमेरिका में तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के द्वारा डॉलर और सोने के बीच के संबंध को समाप्त करने के साथ वैश्विक मुद्रा प्रणाली में आए महत्वपूर्ण परिवर्तन के विषय में भी बताया । उन्होंने विद्यार्थियों को शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट, ब्लॉकचेन तकनीक, इंटरनेट के विकास, डेटा सेंटर, एनवीडिया ग्राफिक्स कार्ड तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का भी परिचय कराया और इनके भविष्य में बढ़ते महत्व पर चर्चा की।
उन्होंने मेहनत और मूल्य सृजन का उदाहरण देते हुए कहा कि धावक और मजदूर दोनों ही शारीरिक परिश्रम करते हैं, लेकिन दोनों को मिलने वाला प्रतिफल अलग होता है। इसका कारण केवल मेहनत नहीं, बल्कि कौशल, रणनीति, नवाचार और समाज के लिए उत्पन्न मूल्य होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप स्वयं को नई तकनीकों और ज्ञान से जोड़ने का संदेश दिया।

इस प्रेरणादायक सत्र के लिए संकल्प शिक्षण संस्थान के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा का आभार व्यक्त किया। सत्र में संस्थान के शिक्षक अवनीश पांडेय और दीपक ग्वाला सहित सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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चरईडांड़ में नवप्रवेशी छात्राओं के चेहरे पर खिली मुस्कान, जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में नि:शुल्क सरस्वती साइकिलों का हुआ वितरण

 जशपुर । विकासखंड दुलदुला अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चरईडांड़ में राज्य शासन की नि:शुल्क सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 9वीं में नवप्रवेशित छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं। योजना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल की छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना तथा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के पदेन अध्यक्ष श्री रविन्द्र गुप्ता उपस्थित रहे। उनके साथ शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती उमा देवी सिंह, शिक्षा समिति सदस्य श्री पारस नाथ मिश्र, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) श्री हेमन्त कुमार नायक, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (एबीईओ) श्री नरेश कुमार चौहान, छात्राओं के पालकगण, विद्यालय के प्राचार्य श्री के. टोप्पो तथा समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यालय स्टाफ मौजूद रहे।

अतिथियों ने छात्राओं को साइकिल की चाबी सौंपते हुए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शासन की यह योजना छात्राओं की शिक्षा को नई गति देने के साथ-साथ विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और उनके अभिभावकों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे बालिका शिक्षा के लिए उपयोगी और प्रेरणादायी योजना बताया। विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

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शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बेटियों के भविष्य को मिली नई गति, 168 छात्राओं को निःशुल्क सरस्वती साइकिलें सौंपकर शिक्षा को मिला मजबूत आधार

कुनकुरी* नारायणपुर। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी में गुरुवार को निःशुल्क सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम उत्साह और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत विद्यालय की 168 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं। साइकिल मिलते ही छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ झलकने लगी, वहीं अभिभावकों ने भी इस पहल की जमकर सराहना की।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता सिंह थीं। अध्यक्षता जनपद पंचायत कुनकुरी के उपाध्यक्ष श्री बालेश्वर यादव ने की, जबकि जिला भाजपा उपाध्यक्ष श्री उपेंद्र यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद छात्राओं ने सरस्वती वंदना और मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनों की खूब तालियां बटोरीं। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। मंच संचालन व्याख्याता श्री सुधीर दुबे ने प्रभावशाली ढंग से किया।

विद्यालय के प्राचार्य श्री सीताराम साव ने अपने संबोधन में कहा कि सरस्वती साइकिल योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में शासन की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने छात्राओं से नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि श्रीमती अनिता सिंह सहित सभी अतिथियों ने छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने, बड़े लक्ष्य तय करने तथा साइकिल का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम का सबसे खास पल तब आया जब 168 छात्राओं को निःशुल्क सरस्वती साइकिलें सौंपी गईं। नई साइकिल पाकर छात्राओं की खुशी देखते ही बन रही थी। अभिभावकों ने भी शासन की इस जनकल्याणकारी योजना को बेटियों की शिक्षा को नई गति देने वाला सराहनीय कदम बताया।

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जशपुर को मिला मेडिकल शिक्षा का बड़ा तोहफा! अब जिले में ही बनेंगे डॉक्टर, एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कराने तैयारियां युद्धस्तर पर तेज

जशपुरनगर, 23 जुलाई 2026/ जशपुर जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमबीबीएस की पढ़ाई प्रारंभ कराने के लिए शासन और प्रशासन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में बुधवार को गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा एवं कबीरधाम के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की स्वशासी समितियों की बैठक लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेजों के संचालन, अधोसंरचना विकास, मानव संसाधन, वित्तीय प्रबंधन तथा इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई प्रारंभ करने की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने समिति से जुड़े चिकित्सकों एवं अधिकारियों से प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
     जशपुर जिले में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कुनकुरी स्वशासी समिति की साधारण सभा की प्रथम बैठक में विधायक श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एस.पी. कुजूर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्राध्यापक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने छत्तीसगढ़ में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन की दिशा में चिकित्सा शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना भी की।
     उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के लिए भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। आवश्यकता अनुसार प्रारंभिक चरण में अस्थायी व्यवस्थाएं भी की जा सकती हैं।वर्तमान में प्रत्येक कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिसे भविष्य में आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, प्रयोगशालाएं, छात्रावास, अस्पताल एवं अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध करने के निर्देश दिए। इसके  साथ ही शिक्षकों, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के आवास सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।  विधायक श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत ने जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल का आभार व्यक्त करते हुए कॉलेज के सफल संचालन में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

*मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं : कलेक्टर श्री रोहित व्यास*

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए नियुक्त प्राध्यापकों के शासकीय आवास की व्यवस्था की गई है। तथा अन्य कर्मचारियों के लिए भी आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण भी प्रस्तावित है। मेडिकल कॉलेज के स्थायी भवन के निर्माण तक झरगांव स्थित शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में अस्थायी रूप से संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तेजी से की जा रही हैं। विद्यार्थियों के लिए छात्रावास परिसर को भी आवश्यक सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
     मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एस.पी. कुजूर ने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुरूप झरगांव स्थित पॉलीटेक्निक परिसर में लैब, क्लासरूम, छात्रावास सहित प्रैक्टिस के लिए अस्पताल में सभी जरूरी व्यवस्थाएं तेजी से पूर्ण की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेज के लिए 2 प्रोफेसर, 4 असिस्टेंट प्रोफेसर, 10 प्रशिक्षक चिकित्सक, 4 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर, 10 बॉन्ड डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पूरी टीम समर्पित भाव से कार्य करते हुए निर्धारित समय पर मेडिकल कॉलेज का संचालन सुनिश्चित करेगी।

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बगिया कैंप कार्यालय की त्वरित पहल से पीड़ित परिवार को मिली राहत, आकाशीय बिजली से मृतक की पत्नी के खाते में पहुंचे 4 लाख रुपये, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति परिजनों ने जताया आभार

जशपुरनगर 22 जुलाई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए राहत का माध्यम बना।सीएम कैंप कार्यालय में की गई गुहार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाशीय बिजली की चपेट में आकर जान गंवाने वाले व्यक्ति की पत्नी को 4 लाख रूपये की मुआवजा राशि उपलब्ध करा दी गई। राहत राशि मिलने के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संवेदनशील पहल से समय पर न्याय और आर्थिक सहायता मिल सकी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम झरन (मसरिघाट), पोस्ट घुमरा, तहसील तपकरा निवासी मुनिका बाई विश्वकर्मा के पति की आकाशीय बिजली गिरने से असामयिक मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद लंबे समय तक मुआवजा राशि नहीं मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देकर सहायता की गुहार लगाई थी।आवेदन प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन ने प्रकरण का शीघ्र निराकरण करते हुए प्रक्रिया करते हुए आवेदिका के बैंक खाते में मुआवजा राशि का भुगतान करा दिया।
मुआवजा राशि मिलने पर आवेदिका एवं उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ, जिससे संकट की घड़ी में परिवार को बड़ी राहत मिली।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी केंद्र बनकर उभरा है। यहां प्राप्त होने वाले आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है, जिससे जशपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को समयबद्ध राहत मिल रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जहां उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है।

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पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने बदल दी अशोक कुमार गुप्ता के परिवार की जिंदगी, छत पर लगा सोलर पैनल बना 'बिजली बचत' का सहारा

जशपुरनगर 23 जुलाई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का लाभ जिले के आमजन तक पहुंच रहा है। यह योजना लोगों के बिजली खर्च को कम करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

जिले के हितग्राही अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल काफी अधिक आता था, जिससे हर महीने अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था। पीएम सूर्य घर मुफ्त योजना के तहत उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया। इसके बाद उनके बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है और अब उन्हें बिजली बिल की चिंता नहीं रहती।

उन्होंने बताया कि सोलर पैनल सूर्य की किरणों से बिजली का उत्पादन करता है। घर में उपयोग के बाद बची हुई बिजली विद्युत विभाग के ग्रिड में चली जाती है और इसके बदले उन्हें बिजली का लाभ मिलता है। इस व्यवस्था से उनका मासिक बिजली बिल लगभग समाप्त हो गया है।

अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि यह योजना आम लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। इससे न केवल बिजली के खर्च में कमी आई है, बल्कि स्वच्छ और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस योजना का लाभ लेने की अपील की।

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