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रायपुर साहित्य उत्सव–2026: छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक संवाद का तीन दिवसीय राष्ट्रीय महोत्सव 23 से 25 जनवरी तक पुरखौती मुक्तांगन में

रायपुर 20 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और विचार विमर्श का एक सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के साहित्य प्रेमी, लेखक, विचारक और पाठक बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।

इस तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में देश एवं प्रदेश के लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकारों का आगमन होगा। आयोजन के दौरान कुल 42 साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन विमर्श किया जाएगा।

साहित्य उत्सव के सत्रों में बौद्धिक विमर्श, भारतीय ज्ञान परम्परा, संविधान, सिनेमा और समाज, देश में नव जागरण, छत्तीसगढ़ में साहित्य, इतिहास के झरौखे में साहित्य, शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा, जो वर्तमान समय की बौद्धिक आवश्यकताओं को संबोधित करेंगे।

इसके अतिरिक्त नाट्य शास्त्र एवं कला परम्परा, साहित्य और राजनीति, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता और शासन जैसे विषयों पर भी विशद परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही प्रकाशकों की चुनौतियां, डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे समसामयिक विषय भी विमर्श के केंद्र में रहेंगे।

आयोजन की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रशासन द्वारा 21 जनवरी 2026 तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन स्थल पर मंच, पंडाल, तकनीकी व्यवस्थाएं, साज-सज्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं तेजी से अंतिम रूप ले रही हैं।

साहित्य उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी 2026 को राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा वर्धा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

साहित्य उत्सव का समापन 25 जनवरी 2026 को होगा, जिसमें राज्य सरकार के मंत्रिगणों के साथ-साथ डॉ. सच्चिदानंद जोशी एवं डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसी प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विभूतियां विशेष रूप से शामिल होंगी।

साहित्य उत्सव के दौरान 23 जनवरी को सायंकाल 7 बजे से प्रख्यात साहित्यकार एवं रंगमंच कलाकार श्री मनोज जोशी द्वारा चर्चित ‘चाणक्य’ नाटक का विशेष मंचन किया जाएगा, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा।

इसके साथ ही महाभारत धारावाहिक में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले श्री नीतीश भारद्वाज तथा सिनेमा जगत के जाने-माने निर्माता-निर्देशक श्री अनुराग बसु भी साहित्य उत्सव में सहभागिता करेंगे।

24 जनवरी 2026 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा।

साहित्यकारों की परिचर्चाओं एवं सत्रों के लिए आयोजन स्थल पर चार मंडप बनाए गए हैं। मुख्य मंडप का नामकरण ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार स्व. श्री विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर किया गया है।

दूसरे मंडप का नामकरण पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, तीसरे मंडप का नामकरण बस्तर के गौरव साहित्यकार लाला जगदलपुरी तथा चौथे मंडप का नामकरण साहित्यकार अनिरुद्ध नीरव के नाम पर किया गया है।

आयोजन स्थल पर विशाल पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जहां प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक, यशस्वी प्रकाशन, हिन्द युग्म प्रकाशन, राजपाल प्रकाशन सहित लगभग 15 राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों को भी प्रदर्शित किया जाएगा तथा साहित्यकारों द्वारा लिखी गई नई पुस्तकों के विमोचन की भी समुचित व्यवस्था की गई है।

आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों में हुए विकास को प्रदर्शित करने वाली आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्थानीय युवाओं एवं लोक कलाकारों के लिए टेलेंट ज़ोन बनाया गया है, जहां काव्य-पाठ, कहानी-पाठ, लोकनृत्य एवं गीत-संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही प्रतिदिन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।

पुरखौती मुक्तांगन तक पुराने रायपुर से आने-जाने के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 20 निःशुल्क बसों का संचालन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध, तेलीबांधा सहित छह मार्गों पर किया जाएगा। साहित्य उत्सव के सफल आयोजन हेतु लगभग 500 अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे हैं। आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित स्थानीय खान-पान के लिए लगभग 15 फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल में पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

रायपुर साहित्य उत्सव–2026  छत्तीसगढ़ की बौद्धिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन विचारधारा का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन है। यह उत्सव साहित्य, संवाद और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करेगा तथा नई पीढ़ी में अध्ययन, अभिव्यक्ति और सृजनशीलता के प्रति रुचि को और सुदृढ़ करेगा।

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राज्यपाल श्री डेका ने श्री अमिताभ जैन को मुख्य सूचना आयुक्त एवं श्री अग्रवाल और श्री मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त पद की शपथ दिलाई

रायपुर, 20 जनवरी 2026/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन एवं राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश कुमार अग्रवाल एवं श्री शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने शपथ प्रक्रिया पूर्ण कराई।

शपथ ग्रहण समारोह में राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध सिंह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव, छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री गिरिधारी नायक, राज्य सूचना आयोग के आयुक्त श्री आलोक चंद्रवंशी, राज्य सूचना आयोग के पूर्व आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी, श्री अशोक अग्रवाल, श्री धनवेंद्र जयसवाल, राज्य सूचना आयोग के सचिव श्री नीलम नागदेव एक्का सहित गणमान्य नागरिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन सेवानिवृत्त आईएएस पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं। राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश अग्रवाल सेवानिवृत्त आईएएस हैं तथा श्री शिरीष चंद्र मिश्रा पत्रकारिता से जुड़े हुए है।

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किसानों के हित में ऐतिहासिक उपलब्धि: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बेहतर संचालन पर छत्तीसगढ़ बना देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य, बेंगलुरु में मिला राष्ट्रीय सम्मान

रायपुर, 20 जनवरी 2026 - छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया है। उद्यानिकी एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को बधाई दी है। यह पुरस्कार राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और राज्य सरकार की कृषि नीतियों की सफलता को दर्शाता है।

यह पुरस्कार बेंगलुरु, कर्नाटक में 18-19 जनवरी 2026 को आयोजित 13वंे नेशनल रिव्यू कांफ्रेंस में दिया गया। उद्यानिकी विभाग की ओर से प्रभारी संयुक्त संचालक श्री नीरज शाहा ने यह पुरस्कार प्राप्त किया।

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करमरी में ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर 'आत्मनिर्भर गांव - विकसित भारत' का दिया संदेश

 रायपुर 20 जनवरी 2026/* आदिवासी बहुल एवं कृषि आधारित आजीविका वाले जिले मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी की ग्राम पंचायत करमरी में सोमवार को वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फ़ॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-  ग्रामीण) के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर 'आत्मनिर्भर गांव - विकसित भारत' का संदेश दिया गया। इस दौरान योजना के प्रति उत्साह और सामुदायिक सहभागिता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।    
          कार्यक्रम के अंतर्गत कन्वर्जेंस आधारित आजीविका डबरी जैसे कृषि, मछली तालाब निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। ये कार्य कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सीआरईडीए एवं वन विभाग के आपसी समन्वय से तैयार कार्ययोजना के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। इन आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आदिवासी एवं सीमांत किसानों को स्थायी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध होंगे।
         इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को वीबी-जीराम जी योजना के उद्देश्यों, स्थानीय रोजगार सृजन और कन्वर्जेंस मॉडल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रिय सहभागिता, पारदर्शिता और सामुदायिक स्वामित्व के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है, वीबी-जी राम जी इन मूल सिद्धांतों पर आधारित है।
         कार्यक्रम के दौरान हितग्राही श्री विनोद कुमार एवं श्री दलपत साई मेहरू राम को मछली जाल का वितरण किया गया। इससे मछली पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीणों में स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से वे मछली पालन के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करेंगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी।ग्रामीणों ने वीबी-जीराम जी योजना को आदिवासी बहुल, कृषि-आधारित जिले के लिए सर्वांगीण विकास और      
आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। गांव आत्मनिर्भर होंगे, तभी भारत विकसित बनेगा के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। 
    कार्यक्रम में जिल पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर,जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा, पंचायत प्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

*केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर की प्रशंसा*
       करमरी के इस कार्यक्रम की प्रशंसा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट द्वारा करते हुए कार्यक्रम के फोटोग्राफ्स और वीडियो को भी शेयर किया गया है।

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भाजपा को मिला नया राष्ट्रीय नेतृत्व, नितिन नबीन निर्विरोध बने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली 19 जनवरी 2026 : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है। नितिन नबीन निर्विरोध भाजपा अध्यक्ष चुने गए हैं। भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व के अंतर्गत राष्ट्रीय अध्यक्ष के नामांकन की संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया पूर्ण हुई। 36 में से 30 राज्यों में संगठनात्मक चुनावों के बाद तय प्रक्रिया के अनुसार नामांकन, जांच और वापसी सम्पन्न हुई।

भाजपा संगठन पर्व के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण की ओर से जारी बयान में कहा गया है, नामांकन पत्रों की जांच के उपरांत सभी नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप के अनुसार तथा वैध पाए गए। नामांकन वापसी की अवधि पूर्ण होने के पश्चात, भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के रूप में यह घोषणा करता हूं कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद हेतु केवल एक ही नाम, अर्थात नितिन नवीन का नाम प्रस्तावित हुआ है। इसके बाद यह तय हो गया है कि नितिन नबीन ही भाजपा के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं।

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नवीन पाठ्यपुस्तक आधारित विज्ञान शिक्षण को प्रभावी बनाने हेतु मनोरा में पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न


 मनोरा 19 जनवरी26
शिक्षा विभाग एवं जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान जशपुर के निर्देशन में नवीन पाठ्यपुस्तक विज्ञान विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विकासखंड श्रोत केन्द्र के प्रशिक्षण कक्ष में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नवीन पाठ्यक्रम के अनुरूप विज्ञान शिक्षण को रोचक, गतिविधि-आधारित एवं दक्षता-केंद्रित बनाना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान नवीन पाठ्यपुस्तक की आवश्यकता व महत्व, एनईपी 2020, कॉम्पिटेंसी फोकस्ड लर्निंग, लर्निंग आउटकम, ब्लूम टैक्सनॉमी, प्रश्न निर्माण, आकलन, अनुभवात्मक शिक्षण, कला शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, योग एवं खेल जैसे विषयों पर समेकित रूप से चर्चा की गई। विज्ञान के विभिन्न अध्यायों को गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत कर शिक्षण को अधिक व्यावहारिक, प्रभावी एवं छात्र-केंद्रित बनाने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही शिक्षा विभाग की योजनाओं, मापन एवं चुंबक जैसे अध्यायों तथा विद्यार्थियों में नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
इस अवसर पर बीईओ श्री तरुण पटेल ने शिक्षकों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं गतिविधियों को कक्षा शिक्षण में प्रभावी रूप से लागू करें तथा सतत आकलन के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति सुनिश्चित करें। वहीं बीआरसी श्री आशुतोष शर्मा ने विज्ञान विषय में प्रयोगात्मक एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण को प्राथमिकता देने तथा प्रश्न निर्माण में अवधारणात्मक स्पष्टता रखने के निर्देश दिए। यह प्रशिक्षण  ओमप्रकाश चौधरी डीआरजी, श्री सत्यदीप प्रसाद एमटी  सरोज एक्का एमटी एवं चंद्रशेखर भगत शिक्षक के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण में उपस्थित सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की एवं प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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राज्यपाल ने लोकभवन में आयोजित समारोह में नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त, मंत्री, सचिवगण, पुलिस महानिदेशक, मानव अधिकार आयोग और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे  

रायपुर, 19 जनवरी 2026/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन एवं राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश कुमार अग्रवाल एवं श्री शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने शपथ प्रक्रिया पूर्ण कराई।

शपथ ग्रहण समारोह में राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध सिंह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव, छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री गिरिधारी नायक, राज्य सूचना आयोग के आयुक्त श्री आलोक चंद्रवंशी, राज्य सूचना आयोग के पूर्व आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी, श्री अशोक अग्रवाल, श्री धनवेंद्र जयसवाल, राज्य सूचना आयोग के सचिव श्री नीलम नागदेव एक्का सहित गणमान्य नागरिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन सेवानिवृत्त आईएएस पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं। राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश अग्रवाल सेवानिवृत्त आईएएस हैं तथा श्री शिरीष चंद्र मिश्रा पत्रकारिता से जुड़े हुए है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 'मिशन कनेक्ट' अभियान: सुकमा के गाँव-गाँव जाकर अधिकारियों ने सुनी समस्याएँ और मौके पर किया समाधान

रायपुर, 19 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अंत्योदय और सुशासन की सोच को साकार करने के लिए सुकमा जिले में 'मिशन कनेक्ट' की शुरुआत की गई है। संभागायुक्त बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशन और कलेक्टर के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को खत्म कर सरकारी सेवाओं को लोगों के घर-घर तक पहुँचाना है।

*गाँव-गाँव पहुँचे अधिकारी, मौके पर हुआ समाधान*

         विगत दिनों मिशन कनेक्ट के तहत छिंदगढ़ विकासखंड की लगभग 60 पंचायतों में जिला स्तरीय अधिकारी पहुँचे। यह केवल निरीक्षण नहीं था, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को समझकर मौके पर उनका समाधान करने की एक नई पहल थी। सुबह 10 बजे से ही अधिकारी स्कूलों, आंगनबाड़ियों, आश्रम-छात्रावासों, ग्राम पंचायतों और स्वास्थ्य केंद्रों में सक्रिय दिखाई दिए।

*गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान*

           निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मध्यान्ह भोजन और पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की स्वयं जांच की। स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की गंभीरता से जाँच की गई। ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई, ताकि सरकारी राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएँ और सुझाव सुने, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत हुआ।

*कलेक्टर और सीईओ ने की विस्तृत समीक्षा*

          निरीक्षण के बाद जनपद पंचायत छिंदगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ ने सभी पंचायतों की रिपोर्ट का गहन विश्लेषण किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला स्तर की समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाए, जबकि राज्य स्तर के विषयों को संबंधित विभागों को तत्काल भेजा जाए।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि मिशन कनेक्ट का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना हमारी प्राथमिकता है।

        सुशासन की ओर मजबूत कदम 'मिशन कनेक्ट' ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि अब योजनाएँ सिर्फ कागजों पर नहीं रहेंगी, बल्कि वास्तव में ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाएँगी। अधिकारियों की सक्रियता से क्षेत्र में लोगों में उत्साह और भरोसा बढ़ा है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता की मिसाल: पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद की गई चरणपादुका योजना फिर से लागू, तेंदूपत्ता संग्राहकों में खुशी की लहर

रायपुर 19 जनवरी 2026/तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सरकार द्वारा कई योजनाओं के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलती है, जिसमें संग्रहण लाभ का 80% हिस्सा, बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सहायता, बीमा कवर (दुर्घटना मृत्यु या विकलांगता पर), और विभिन्न वनोपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य शामिल हैं, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार होता है l छत्तीसगढ़ में 5500 सौ रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक और राजमोहिनी देवी योजना के तहत लाभ दिए जा रहे हैं l 

          छत्तीसगढ़ सरकार ने वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए चरणपादुका योजना को पुनः शुरू किया है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद की गई यह जनहितैषी योजना अब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उनकी संवेदनशीलता के कारण फिर से शुरू की गई है। यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की "गारंटी" के अनुरूप गरीब हितैषी शासन की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में वन विभाग ने इस योजना को तेज गति और पारदर्शिता के साथ धरातल पर लागू किया है।

*12.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को लाभ* 

 *वितरित हुई उच्च गुणवत्ता की चरणपादुकाएं*

       वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 12.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिला मुखिया को उच्च गुणवत्ता वाली चरणपादुकाएं प्रदान की गईं। इसके लिए सरकार ने 40 करोड़ रुपये व्यय किए। इस कदम से जंगलों में कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाली महिलाओं को सुरक्षा और सुविधा दोनों मिली हैं।

*वर्ष 2026 में पुरुष संग्राहकों को भी मिलेगा लाभ*

           वन मंत्री श्री कश्यप के विशेष प्रयासों से सरकार ने इस योजना का विस्तार करते हुए वर्ष 2026 में पुरुष संग्राहकों को भी चरणपादुका प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। यह निर्णय संग्राहक परिवारों के लिए ऐतिहासिक और लाभकारी सिद्ध होगा।

*पारदर्शी प्रक्रिया — खरीदी जेम पोर्टल से*

               सरकार ने चरणपादुकाओं की खरीदी जेम पोर्टल के माध्यम से की है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त रहे। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को वितरित की जा रही चरणपादुकाएं उच्च गुणवत्ता पूर्ण हैं और उन पर एक वर्ष की वारंटी भी दी जा रही है। यह सरकार की गुणवत्ता और लाभार्थी हितों के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।

          वनांचल क्षेत्रों में उमंग, सुरक्षा और सम्मान की भावना मजबूत मुख्यमंत्री श्री साय और वन मंत्री श्री कश्यप के इस निर्णय से वनांचल क्षेत्रों में खुशी और उत्साह का माहौल है। चरणपादुका योजना सीधे उन मेहनतकश तेंदूपत्ता संग्राहकों तक राहत पहुँचा रही है, जो कठिन परिस्थितियों में जंगलों में कार्य करते हैं और अपनी आजीविका जुटाते हैं।

         यह योजना न केवल सुरक्षा और सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि वनवासियों को सम्मान और आत्मविश्वास भी दे रही है जो सुशासन और अंत्योदय की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बन गई है।

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वन धन विकास केंद्र सुकमा के माध्यम से लॉन्च हुई बस्तर की प्रसिद्ध इमली चटनी, नवा बिहान महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने दिया आधुनिक प्रशिक्षण और उत्पादन में निभाई अहम भूमिका

रायपुर, 19 जनवरी 2026/
बस्तर में इमली की चटनी को काफी पसंद किया जाता है l यह चटनी खाने में बहुत स्वादिष्ठ होती है l  सुकमा जिले में स्थानीय संसाधनों के उपयोग और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। 

       वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बस्तर की प्रसिद्ध इमली से तैयार “इमली चटनी” को वन धन विकास केंद्र सुकमा के माध्यम से आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जा रहा है। यह उत्पाद स्थानीय वनोपज का मूल्य संवर्धन करने के साथ-साथ बस्तर की पारंपरिक पहचान को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास है।

      छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा किए गए अनुसंधान और गुणवत्ता मानकों के आधार पर यह चटनी तैयार की जा रही है। वन धन विकास केंद्र से जुड़ी नवा बिहान महिला स्व सहायता समूह की महिलाएँ इस चटनी के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं को निर्माण प्रक्रिया, स्वच्छता मानक, वैज्ञानिक विधि तथा आधुनिक पैकेजिंग संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
   
         प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और समूह की महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। बस्तर संभाग में इमली की अधिकता को देखते हुए यह पहल स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
इमली चटनी के उत्पादन से वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। वन विभाग की यह पहल महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

       आने वाले समय में यह उत्पाद न केवल छत्तीसगढ़ के घरों का स्वाद बढ़ाएगा, बल्कि सुकमा की महिलाओं की मेहनत और सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ : द्वितीय चरण के अंतर्गत जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन,कलेक्टर ने आयोजन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर 19 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी के तहत कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले में द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026 तक विभिन्न कार्यक्रमों के सफल आयोजन को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और जनभागीदारी को सशक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है, अतः इसकी सभी तैयारियाँ समयबद्ध एवं समन्वित रूप से पूर्ण की जाएँ। कलेक्टर ने बताया कि संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ चार चरणों में मनाई जा रही है। द्वितीय चरण के अंतर्गत गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2026 को विशेष आयोजन किए जाने हैं। इस दिन जिला मुख्यालय, विकासखंड मुख्यालय, ग्राम पंचायतों तथा सभी स्कूलों और महाविद्यालयों में ध्वजारोहरण एवं राष्ट्रगान के पश्चात सामूहिक “वंदे मातरम्” गायन का व्यापक आयोजन किया जाएगा।

      कलेक्टर श्री व्यास ने निर्देशित किया है कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड की सहभागिता के साथ स्कूल बैंड द्वारा वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर राज्य पुलिस बैंड द्वारा भी देशभक्ति संगीत प्रस्तुत किया जाए, जिससे आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापना के निर्देश देते हुए कहा कि सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता से ऐसे बूथ स्थापित किए जाएँ, जहाँ नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् गाकर रिकॉर्ड कर सकें और अभियान पोर्टल पर अपलोड कर सकें। इससे विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक कार्यक्रमों को सफल बनाने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम की चेतना का प्रतीक है। इसके 150वें वर्ष के आयोजन को गरिमामय, अनुशासित और जनभावनाओं से ओतप्रोत बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क सुविधा पहुँचाने लगातार हो रहा है विकास कार्य,दो वर्षों में 914 करोड़ से अधिक की लागत से 603 सड़कों को मिली स्वीकृति

जशपुरनगर 19 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में अभूतपूर्व स्तर पर सड़क विकास कार्य चल रहे हैं। प्रदेश में विकास की गति नई ऊँचाइयों को छू रही है और जशपुर जिला भी इस परिवर्तन का साक्षी बन रहा है, जहाँ अब हर दिशा में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। इसके तहत जशपुर जिले में 914 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 603 से अधिक सड़कों की स्वीकृति मिली है। इसमें लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जिले में 103 सड़कों के निर्माण हेतु 567 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे दूरस्थ अंचलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने तथा ग्रामीण जीवन स्तर में ठोस सुधार लाने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत भी जिले में व्यापक कार्य हो रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत 93 सड़कों के निर्माण के लिए 239 करोड़ 26 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है, जिन मार्गों का कायाकल्प किए जाने से ग्रामीण इलाकों को कीचड़ और बदहाल रास्तों से स्थायी राहत मिलेगी। यह वही ऐतिहासिक योजना है जिसे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने ग्रामीण भारत को मुख्य मार्गों से जोड़ने के उद्देश्य से प्रारंभ किया था। साय सरकार के दो वर्षों में जशपुर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में सार्थक सुधार दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत 378 सीसी सड़क निर्माण कार्यों के लिए 31 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है, जिससे मोहल्लों, गलियों और आंतरिक बस्तियों में आवागमन और अधिक सुगम होगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्रामों एवं वनांचल क्षेत्रों में 76 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से 29 नई सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। आगामी वित्तीय वर्ष में भी कई नई परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं, जिनमें सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क सुविधा पहुँचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


*मुख्य सड़क निर्माण कार्य* -  जिले को मिली स्वीकृति के मुख्य कार्यों में लूडेग तपकरा मार्ग चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य लंबाई 41 किलोमीटर,  बागबहार कोतबा मार्ग लंबाई 13.20 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण  कार्य,  जशपुर आस्ता कुसमी मार्ग का उन्नयन एवं मजबूतीकरण कार्य, बतौली बगीचा चराईडाँड मार्ग का 16.80 किलोमीटर का निर्माण कार्य एवं वर्टीकल प्रोफ़ाइल करेक्शन तथा पुल  पुलिया का चौड़ीकरण कार्य, कांसाबेल - बगीचा मार्ग लंबाई 39.00 किलोमीटर में मजबूतीकरण पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य, ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट लंबाई 13.60 किलो मीटर का निर्माण कार्य, बिछीकानी ढूढरुपारा से जमरगी तक मार्ग लंबाई 9.40 किलो मीटर में सड़क निर्माण कार्य, बालाछापर - आरा सकरडेगा लंबाई 14.40 किलो मीटर का सुदृढ़ीकरण कार्य, पोटकोसेमेर साजापानी केदापानी से कर्राडाँड दुलदुला पहुँच मार्ग, लोरोदोफा से गढ़ारामबंध होते हुए जामपानी तक, ठूठीअंबा से कादोपानी झारखंड पहुँच मार्ग तक, अबिरा से पंडरीअंबा मार्ग, नन्हेंसर से लालदरा, पहारटोली से धुईपानी, धनपाठ से कामारीमा वडापा बरुवा पहाड़, बनगाँव से डीपाटोली, लोरोदोफा से गढ़ारामबंध होते हुए जामपानी तक एवं छेड़डाँड से टुकुरोली पहुँच मार्ग सहित अन्य कार्य शामिल है।


*सड़क निर्माण से बदलती ग्रामीण तस्वीर*- 

शासन का उद्देश्य है कि जिले की हर बस्ती को बारहमासी सड़क सुविधा मिले, ताकि कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के विभिन्न क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। नई सड़कों के निर्माण से स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच सुगम होगी। कृषि उत्पादों और वनोपज को बाजार तक पहुंचाने में लगने वाला समय और परिवहन खर्च कम होगा, जिससे किसानों और संग्राहकों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। बेहतर सड़कों के कारण एम्बुलेंस, स्वास्थ्य दल और टीकाकरण टीमों को गांवों तक समय पर पहुंचना आसान होगा, जिससे गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार आएगा। निर्माण के दौरान स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिलेगा और सड़क निर्माण के बाद परिवहन साधनों, ग्रामीण व्यापार, दुकानों और सेवा आधारित गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिससे ग्रामीण आर्थिक सक्रियता में नई ऊर्जा आएगी। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों तक पहुंच आसान होने से आय के नए अवसर भी विकसित होंगे तथा प्रशासनिक निगरानी और आपदा प्रबंधन कार्यों में भी उल्लेखनीय तेजी आएगी।

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अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएँ,अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 19 जनवरी 2026/ अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
      अपर कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके। उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 38 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

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एंटी करप्शन ब्यूरो की गिरफ्त में आए महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक ग्रेड-02, 48 घंटे से अधिक पुलिस अभिरक्षा में रहने पर कलेक्टर ने लिया सख्त निर्णय — तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

जशपुरनगर 19 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने 48 घंटे से अधिक अवधि से पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने पर महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत् जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के सहायक ग्रेड 02 श्री गिरीश कुमार वारे को  तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया है।
            विदित हो कि उप पुलिस अधीक्षक, एन्टी करप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर कार्यालय के द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत् जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के सहायक ग्रेड 02 श्री गिरीश कुमार वारे को  08 जनवरी 2026 को शाम 8.30 बजे गिरफ्तार कर 48 घंटे से अधिक अवधि से पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने के फलस्वरूप छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया गया है। निलबन अवधि मे श्री गिरीश कुमार वारे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

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कलेक्टर रोहित व्यास के सख्त निर्देशों का असर, कुनकुरी में झारखंड से लाई जा रही 500 बोरी अवैध धान जब्त, राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई

जशपुरनगर, 19 जनवरी 2026/  जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी प्रक्रिया का सुचारू, पारदर्शी एवं व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही धान की अवैध खरीदी-बिक्री एवं अनधिकृत परिवहन पर पूरी मुस्तैदी से निगरानी रखते हुए प्रभावी नियंत्रण किया जाए।
       कलेक्टर के निर्देशों के अनुरूप प्रशासन देर रात तक पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है, ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। इसी क्रम में कुनकुरी में झारखंड के बसिया से आ रही 500 बोरी अवैध धान को राजस्व विभाग की टीम द्वारा पकड़ा गया और नारायणपुर थाना के सुपुर्द किया गया।
       राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 जनवरी को कुनकुरी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम ने सूचना के आधार पर वाहन क्रमांक CG 04 5494 की जांच की। जांच के दौरान वाहन में 500 बोरी धान लोड पाया गया, जिसके संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। पूछताछ में यह सामने आया कि वाहन बगीचा की ओर जा रहा था। राजस्व विभाग द्वारा वाहन एवं धान को नारायणपुर थाना के सुपुर्द कर दिया गया है तथा प्रकरण में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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सरकार की योजनाएं सिर्फ फाइलों में नहीं, गांव-गांव तक दिखें: सूरजपुर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को दिलाई जिम्मेदारी की याद”

रायपुर, 18 जनवरी 2026/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसके लिए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी मैदानी स्तर पर भ्रमण करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें सभी फील्ड स्तर के अधिकारी अपने मुख्यालय में रहें। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कल सूरजपुर जिले में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों की क्रियान्वयन की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर को चाँदनी बिहारपुर जैसे दूरस्थ अंचलों में बुनियादी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव बना कर भेजने के निर्देश दिए ताकि उन स्थानो पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने बैठक में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समीक्षा में कहा कि किसानों को धान खरीदी केन्द्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसानों को धान बेचने किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली बिल योजना के बेहतर क्रियान्वयन, सड़कों का गुणवत्तायुक्त तथा समय-सीमा में पूर्ण करने और स्वास्थ्य अमले को अस्पतालों में सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  

इस मौके पर कलेक्टर श्री एस.जयवर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र पाटले सभी जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ की धरा पर साहित्यकारों का महाकुंभ:23 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा ‘रायपुर साहित्य उत्सव–2026

रायपुर 18 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होगा। यह उत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा, लोक परंपराओं और साहित्यिक चेतना को नई पीढ़ी से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। देशभर से प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, कथाकार, विचारक, कलाकार, पत्रकार, रंगकर्मी और साहित्य प्रेमी इस आयोजन में सहभागिता करेंगे।

*साहित्य, संवाद और संस्कृति का संगम*

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजना, उसे एक व्यापक मंच प्रदान करना तथा विभिन्न भारतीय भाषाओं के साहित्यकारों, पाठकों और रचनाकारों को एक साझा संवाद से जोड़ना है। उत्सव के दौरान साहित्यिक संवाद, विचार-मंथन, समकालीन विषयों पर परिचर्चाएँ, कविता पाठ, कथा सत्र, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन न केवल साहित्यिक अभिरुचि को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक विमर्श को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

*कला के लिए ओपन माइक सत्र होगा आयोजित*

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के अंतर्गत ओपन माइक सत्र का विशेष आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से आम नागरिकों, युवाओं एवं नवोदित रचनाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा। कविता, कहानी, विचार, गीत, नाट्य अंश अथवा अन्य रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से प्रतिभागी अपनी सृजनात्मक क्षमता को नई उड़ान दे सकेंगे। यह सत्र साहित्य, आत्म-अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सशक्त प्रयास होगा।

*विद्यार्थियों और युवाओं में बढ़ेगी साहित्य के प्रति रुचि*

छत्तीसगढ़ के स्कूली छात्रों एवं युवाओं में साहित्य के प्रति रुचि जागृत करने के उद्देश्य से राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में रायपुर साहित्य उत्सव–2026 की जानकारी व्यापक रूप से साझा की जा रही है। युवा पीढ़ी को साहित्य, भाषा और संस्कृति से जोड़ने की दिशा में यह उत्सव एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

*ख्यातिनाम प्रकाशन समूहों की पुस्तकों से होंगे रूबरू*

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के दौरान देश के प्रतिष्ठित एवं ख्यातिनाम प्रकाशन समूहों की पुस्तक स्टॉल लगाई जाएंगी। यहां पाठकों को विविध विषयों, भाषाओं और विधाओं की पुस्तकों को देखने, समझने और खरीदने का अवसर मिलेगा। यह पुस्तक प्रेमियों के लिए एक समृद्ध, ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव सिद्ध होगा।

*रायपुर साहित्य उत्सव–2026 से कैसे जुड़ें?*

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में सहभागिता के लिए इच्छुक नागरिक, विद्यार्थी एवं साहित्य प्रेमी आधिकारिक वेबसाइट www.raipursahityautsav.org के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।

*उत्सव स्थल तक निःशुल्क बस सेवा*

आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को रायपुर शहर के विभिन्न स्थानों से पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर तक निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। तीनों दिनों यह बस सेवा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी, जिससे विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक, साहित्य प्रेमी एवं आम नागरिक बिना किसी अतिरिक्त खर्च के उत्सव में सहभागिता कर सकेंगे।

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अग्निकाल की चुनौती से निपटने जशपुर वनमण्डल ने कसी कमर, आयोजित हुई वनमण्डलस्तरीय अग्नि सुरक्षा कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम

जशपुरनगर 18 जनवरी 26
वनों को अग्नि से सुरक्षित रखने की दिशा में जशपुर वनमण्डल द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिनांक 16 जनवरी 2026 को वनमण्डलस्तरीय अग्नि सुरक्षा कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आगामी अग्निकाल (16 फरवरी से 15 जून) को देखते हुए यह कार्यशाला विशेष रूप से आयोजित की गई, ताकि वनों में आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके और प्राकृतिक संपदा को होने वाली क्षति से बचाया जा सके।

कार्यक्रम में वनमण्डलाधिकारी जशपुर ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, अग्नि प्रहरियों एवं संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि अग्निकाल के दौरान वनों में लगने वाली आग पर्यावरण, जैव विविधता और ग्रामीण आजीविका के लिए गंभीर खतरा है। इससे न केवल पेड़-पौधे नष्ट होते हैं, बल्कि वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित होता है। साथ ही, वनों के प्राकृतिक पुनरुत्पादन की प्रक्रिया बाधित हो जाती है, जिससे आने वाले वर्षों में हरियाली पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि आग लगने की सूचना मिलते ही संबंधित बीट, परिक्षेत्र एवं अनुभाग स्तर के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचें और अग्नि प्रहरी तथा ग्रामीणों के सहयोग से आग को नियंत्रित करने की त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। प्रारंभिक स्तर पर आग पर काबू पाने से बड़े क्षेत्र में फैलने से रोका जा सकता है।

वनमण्डलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जानबूझकर आग लगाने वालों के प्रति विभाग किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा। ऐसे मामलों में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 एवं 79 तथा वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा अग्नि रोकथाम के व्यावहारिक उपायों पर प्रशिक्षण दिया गया। फायर लाइन निर्माण, पुराने फायर लाइन का रख-रखाव, संवेदनशील क्षेत्रों का मानचित्रण, अग्नि निगरानी दल की तैनाती, त्वरित सूचना तंत्र की व्यवस्था, तथा आधुनिक संचार माध्यमों के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, सामुदायिक सहभागिता को अग्नि प्रबंधन की सबसे मजबूत कड़ी बताया गया।

संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों को वन मित्र के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीणों की जागरूकता और सहयोग से ही आग की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके लिए गांव-गांव में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी।

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि आग से केवल वन संपदा ही नहीं, बल्कि जल स्रोत, मिट्टी की उर्वरता और स्थानीय जलवायु पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लंबे समय तक इसका असर कृषि उत्पादन और मानव जीवन पर भी दिखाई देता है।

कार्यशाला के समापन अवसर पर जशपुर वनमण्डल द्वारा जिलेवासियों से अपील की गई कि अग्निकाल के दौरान जंगलों में आग न लगाएं, खेतों की सफाई के दौरान आग का प्रयोग न करें, जलती बीड़ी-सिगरेट या माचिस जंगल में न फेंकें और किसी भी प्रकार की आग या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।

वन अधिकारियों ने कहा कि वनों की रक्षा केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूकता, सतर्कता और सहयोग से ही हम जशपुर के वनों को सुरक्षित रख सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत बचा सकते हैं।

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