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सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय,मुख्यमंत्री श्री साय ने किया टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा का शुभारंभ

रायपुर 13 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के कटोरा तालाब में टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर में टीजेएसबी सहकारी बैंक की नई शाखा खुलने से प्रदेश की सहकारी गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता की भावना हमें सिखाती है कि हम मिलजुलकर आगे बढ़ें और एक-दूसरे को मजबूत बनाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने टीजेएसबी सहकारी बैंक की रायपुर शाखा में 24 घंटे संचालित एटीएम का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सहकारी बैंक हमेशा आम आदमी के सबसे भरोसेमंद साथी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस नई शाखा के खुलने से जरूरतमंदों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएँ मिलेंगी। छोटे दुकानदारों, स्वरोजगार करने वालों और अपना काम शुरू करने वाले युवाओं को इससे बड़ी सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सहकार से समृद्धि” का जो विजन देश में शुरू हुआ है, उसे छत्तीसगढ़ में भी तेजी से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सहकारिता के इस मजबूत मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टीजेएसबी बैंक ने एक छोटे से प्रयास के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी और आज इसका विस्तार कई राज्यों में हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीजेएसबी बैंक की रायपुर शाखा भी सहकारिता की इसी भावना को आगे बढ़ाएगी और लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि का नया रास्ता खोलेगी।

इस अवसर पर टीजेएसबी बैंक के अध्यक्ष श्री शरद गांगल, उपाध्यक्ष श्री वैभव सिंगवी, व्यवस्थापकीय संचालक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री निखिल आरेकर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा, प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 13 मार्च 2026/छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था का पावर इंजन है और अब हमारा राज्य ग्रीन इकोनॉमी के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित दूसरे छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ हरित सम्मेलन की उपयोगिता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि इसके माध्यम से पॉलिसी मेकिंग से जुड़े लोग, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थान, शोधकर्ता और पर्यावरणविद एक मंच पर आकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु संकट लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में यह आवश्यक है कि हम पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर केवल चिंतन ही न करें, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार हमेशा से विरासत के साथ विकास की पक्षधर रही है। पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली हमारी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा रही है और उसकी रक्षा के लिए सरकार नीतिगत स्तर पर लगातार ठोस कदम उठा रही है।
  
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में स्टील उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है और इस क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए ग्रीन स्टील जैसे नवाचारों को अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023 के अनुसार संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों की जागरूकता और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में सोलर रूफटॉप योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को ऊर्जादाता बनाया जा रहा है और बायो-एथेनॉल जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं उभर रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में धरती को मां का दर्जा दिया गया है, इसलिए संसाधनों का उपयोग करते समय पर्यावरण और धरती के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होने के साथ-साथ कागज के उपयोग में भी कमी आई है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बहुल राज्य है और लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है। श्री साय ने बताया कि वनांचल में वृक्षों को सरना (देवता) के रूप में पूजा जाता है और सरना को राजस्व रिकॉर्ड में भी देवस्थल के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़ाव और उसके संरक्षण का भाव जनजातीय समाज से सहज ही सीखा जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में हरित पहल पर विशेष जोर दिया गया है और इस दिशा में कार्य करने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें भी दी जा रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट के मंच से प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने तथा इसकी शुरुआत स्वयं से करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सम्मेलन में प्रस्तुत शोधों के संकलन पर आधारित पुस्तक “एब्स्ट्रेक्ट”, सम्मेलन की प्रमुख चर्चाओं पर आधारित “हाइलाइट्स ऑफ द समिट” तथा जनजातीय कहानियों और परम्पराओं पर आधारित पुस्तक “कथा कंथली” का विमोचन किया।

इस अवसर पर मेघालय के लोकायुक्त श्री सी पी मारक, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, पीसीसीएफ श्री व्ही श्रीनिवास राव, विबग्योर फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री शंखदीप चौधरी, विषय विशेषज्ञ, प्रोफेसर, प्रबुद्धजन, स्कॉलर और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व विधायक श्रीमती मंगली बाई रावटे के निधन पर  जताया गहरा शोक

रायपुर, 16 जनवरी 2026/

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अविभाजित मध्य प्रदेश विधानसभा की पूर्व सदस्य श्रीमती मंगली बाई रावटे के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
       मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय मंगली बाई रावटे अत्यंत सरल, विनम्र और समाजसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व की धनी थीं। उन्होंने अपने जीवनकाल में समाज के लोगों के सुख-दुःख में सदैव सहभागिता निभाते हुए सेवा और सहयोग की भावना से कार्य किया।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके व्यक्तित्व में मानवीय संवेदनाएँ, सामाजिक प्रतिबद्धता और सेवा का भाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता था। उनके निधन से समाज ने एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी कमी सदैव महसूस की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सदन की ओर से दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

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अपर कलेक्टर की सख्ती: गैस एजेंसियों को चेतावनी—उपभोक्ताओं से अधिक दर वसूली या अवैध भंडारण मिला तो होगी कड़ी कार्रवाई, घरेलू गैस आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जशपुर 13 मार्च 2026/कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश में घरेलू एल.पी.जी.गैस की उपलब्धता एवं आपूर्ति के संबंध में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक ली 

इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक ,खाद्य अधिकारी श्री आशीष चतुर्वेदी,जिला नोडल अधिकारी श्री रोहित एवं जिले के समस्त गैस एजेंसी संचालक उपस्थित थे।

अपर कलेक्टर ने सभी गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी  घरेलू गैस उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के गैस उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

साथ ही कही भी अधिक दर या अवैध भण्डारण न होने पाए इसका भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर संबंधित व्यक्ति पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उपस्थित गैस एजेंसी संचालकों द्वारा जानकारी दी गयी कि होली के कारण सप्लाई कुछ समय तक प्रभावित हुई थी वर्तमान में सुचारू रूप से गैस की सप्लाई हो रही है। जिले में किसी भी प्रकार से घरेलू गैस सिलेण्डर की कोई किल्लत नहीं है साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि वर्तमान मे बुकिंग के नियम में संशोधन हुआ है दूसरी बुकिंग गैस डिलीवरी के 25 दिवस बाद उपभोक्ता के द्वारा DAC बताना अनिवार्य है। उपभोक्त बुकिंग के लिए आईवीआरएस, व्हाटसप्प, काल व मैसेज का उपयोग कर सकते है। उपभोक्ताओं को गैस से संबंधित कोई भी परेशानी न हो इस हेतु सभी गैस एजेंसी संचालकों को एजेंसी में गैंस बुकिंग की प्रक्रिया एवं टोल फ्री नम्बर प्रदर्शित करने के निर्देश दिये गये है।

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प्रदेश में अवैध अफीम की खेती पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सख्त एक्शन, 15 दिनों में पूरे राज्य का सर्वे कराने के निर्देश, संलिप्त लोगों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

रायपुर, 13 मार्च 2026/
प्रदेश में अवैध रूप से अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी कीमत पर अवैध मादक पदार्थों की खेती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शासन और प्रशासन के सभी अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता से जांच करने तथा इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में आयुक्त, भू-अभिलेख छत्तीसगढ़ द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि अपने-अपने जिलों के संवेदनशील एवं संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराया जाए। कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि 15 दिवस के भीतर सर्वे पूर्ण कर अपने हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र सहित विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजें, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख हो कि जिले में कहीं भी अवैध रूप से अफीम की खेती तो नहीं की जा रही है।

प्रदेश में हाल ही में कुछ स्थानों पर अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आए हैं, जिन पर प्रशासन ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है। दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अफीम के पौधों को जब्त कर नष्ट किया गया तथा आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।अवैध क़ब्ज़े के जेसीबी मशीन से हटाया गया ।
      इसी प्रकार बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुर्रीपानी (खजुरी) में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए लगभग 1.47 एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 18 क्विंटल 83 किलोग्राम अफीम के पौधे (लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य) जब्त किए गए तथा दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 एवं 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती, भंडारण, परिवहन या कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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निराश्रित और घुमंतू गौवंश को मिलेगा स्थायी आश्रय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल बिलासपुर से करेंगे “गौधाम योजना” का शुभारंभ, प्रदेश के 29 गौधाम एक साथ होंगे प्रारंभ, हर विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य 

रायपुर, 13 मार्च 2026/छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण तथा उनके समुचित व्यवस्थापन के लिए “गौधाम योजना” की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर जिले के गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार में आयोजित कार्यक्रम से करेंगे। योजना के अंतर्गत राज्य के अन्य जिलों में भी 29 गौधामों का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।

उल्लखेनीय है कि गौधाम योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार पूरे राज्य में कुल 1460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल, बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत वर्तमान में शासन द्वारा 36 गौधामों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 29 गौधामों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में हो चुका है। इन गौधामों का औपचारिक शुभारंभ 14 मार्च 2026 को बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।इस अवसर पर 10 अन्य जिलों में स्थित 28 गौधामों का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। गौधाम योजना  का मुख्य उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जप्त किए गए गौवंश पशुओं का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है।

योजना के तहत उन शासकीय स्थलों का पंजीयन किया जाएगा जहां पहले से पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध है। इन स्थलों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के माध्यम से किया जाएगा।

गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा गौधामों के संचालन के लिए विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत गौवंश के पोषण आहार के लिए पहले वर्ष 10 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त अधोसंरचना निर्माण एवं मरम्मत के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। साथ ही चरवाहों को 10,916 रुपये तथा गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रति माह मानदेय प्रदान किया जाएगा।

गौधामों में चारा विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये प्रतिवर्ष की सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकतम 5 एकड़ भूमि तक 2.35 लाख रुपये वार्षिक सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश को रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इस योजना से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या में कमी आएगी तथा गौवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

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पुलिस सैलरी पैकेज बना दिवंगत आरक्षक के परिवार का सहारा, जशपुर पुलिस और एसबीआई के माध्यम से पत्नी को मिली 1 करोड़ रुपये की बीमा सहायता

जशपुर, 13 मार्च 2026 । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी “पुलिस सैलरी पैकेज” योजना के तहत जशपुर जिले के रक्षित केंद्र में पदस्थ रहे दिवंगत आरक्षक स्वर्गीय रमेश बड़ा के परिवार को बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत उनकी पत्नी सोलमा बाई को भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से 1 करोड़ रुपये की जीवन बीमा सहायता राशि प्रदान की गई। इस सहायता से परिवार को कठिन समय में बड़ा सहारा मिला है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वर्गीय रमेश बड़ा की 6 अगस्त 2025 को एक दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। उस समय वे रक्षित केंद्र जशपुर में पदस्थ थे। स्वर्गीय रमेश बड़ा ने 8 जनवरी 1995 को अविभाजित मध्यप्रदेश के गुना जिले से आरक्षक के रूप में पुलिस सेवा की शुरुआत की थी और अपने लंबे सेवाकाल में विभाग को सेवाएं देते हुए कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य किया।

आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार ने भारतीय स्टेट बैंक जशपुर के मुख्य प्रबंधक समीर कुमार, वरिष्ठ सहायक संदीप कुमार सिंह और गौतम कुमार झा की उपस्थिति में दिवंगत आरक्षक की पत्नी सोलमा बाई व उनके परिजनों को 1 करोड़ रुपये का चेक सौंपा।

कार्यक्रम के दौरान डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने दिवंगत आरक्षक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की “पुलिस सैलरी पैकेज” योजना पुलिस परिवारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह है। इस योजना के माध्यम से ड्यूटी के दौरान अथवा दुर्घटना में मृत्यु होने पर नामांकित सदस्य को 1 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर प्रदान किया जाता है, जबकि सामान्य मृत्यु की स्थिति में 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है।

इस अवसर पर बैंक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने दिवंगत आरक्षक के परिजनों को प्राप्त राशि के सुरक्षित और समुचित उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी। उन्हें फंड मैनेजमेंट के बारे में समझाइश दी गई, ताकि इस राशि का भविष्य में सुरक्षित और लाभकारी उपयोग किया जा सके।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले के सभी पुलिसकर्मियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस योजना से जुड़कर अपने वेतन खाते को एसबीआई के पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत पंजीकृत रखें और नामांकन की जानकारी समय-समय पर अपडेट करते रहें, ताकि विपरीत परिस्थितियों में उनके परिवार को योजना का पूरा लाभ मिल सके।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की त्वरित पहल से वर्षों पुरानी समस्या का समाधान, सिंगीबहार–कछुआकानी मुख्य मार्ग पर जर्जर पुल के निर्माण कार्य की हुई शुरुआत, जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर राहगीरों को मिलेगी राहत


जशपुरनगर 13 मार्च 2026/ जिले के सिंगीबहार से कछुआ कानी मुख्य मार्ग पर स्थित अत्यंत जर्जर पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है। लंबे समय से इस पुल की हालत खराब होने के कारण राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर थे। अब मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के निर्देश पर संबंधित विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया है।बताया जा रहा है कि सिंगी बहार–कछुआ कानी मार्ग क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण मार्ग है, जो छत्तीसगढ़ को पड़ोसी राज्यों झारखंड और ओडिशा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। पुल के जर्जर हो जाने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों, खासकर ग्रामीणों और मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मामले की जानकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया तक पहुंचने के बाद अधिकारियों को तत्काल पुल निर्माण के लिए निर्देशित किया गया। निर्देश मिलते ही विभाग ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, जिससे जल्द ही क्षेत्रवासियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।पुल निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि वर्षों से चली आ रही समस्या का अब समाधान होने जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि पुल बनने से न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि आसपास के गांवों के विकास और व्यापार को भी गति मिलेगी।

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आज का राशिफल : 13 मार्च शुक्रवार :  ग्रहों के विशेष संयोग से कई राशियों के लिए तरक्की के योग, मेहनत और समझदारी से खुलेंगे सफलता के नए रास्ते — कुछ राशियों को खर्च, स्वास्थ्य और निर्णयों में सावधानी बरतने की सलाह

नारायणपुर :- 13 मार्च 2026, शुक्रवार को ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आई है। आज चंद्रमा की स्थिति मनोबल और निर्णय क्षमता को प्रभावित करेगी। कुछ लोगों के लिए करियर और व्यापार में प्रगति के अवसर बनेंगे, वहीं कुछ राशियों को धैर्य और संयम से काम लेना होगा। पारिवारिक जीवन, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य पर भी ग्रहों का प्रभाव दिखाई देगा। आइए जानते हैं आज का विस्तृत राशिफल—

 मेष राशि

आज का दिन आपके लिए सकारात्मक ऊर्जा लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा। परिवार में किसी शुभ कार्य की चर्चा हो सकती है। मित्रों के साथ मुलाकात से मन हल्का रहेगा।
हालांकि जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत है।
शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: लाल

 वृषभ राशि

आज का दिन मेहनत और धैर्य का रहेगा। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आपकी लगन से काम सफल होंगे। व्यापार में सामान्य लाभ के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में समझदारी से निर्णय लें, अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है।
परिवार में किसी सदस्य की तबीयत को लेकर चिंता हो सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए अधिक मेहनत करनी होगी।
शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: सफेद

 मिथुन राशि

आज का दिन आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। सामाजिक संपर्क बढ़ेंगे और नए लोगों से परिचय होगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दिला सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
व्यापार में विस्तार की योजना बन सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है।
शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: हरा

 कर्क राशि

आज भाग्य का साथ मिलेगा और कई कार्य आसानी से पूरे हो सकते हैं। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में भी लाभ के अवसर बनेंगे।
परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खान-पान में सावधानी बरतें।
शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: क्रीम

 सिंह राशि

आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है और कुछ लोग आपके काम में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं। धैर्य और संयम से स्थिति को संभालना होगा।
आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाएं। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक तनाव कम होगा। स्वास्थ्य को लेकर सावधानी रखें, विशेषकर पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है।
शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: सुनहरा

 कन्या राशि

आज का दिन प्रगति और नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ के संकेत हैं और कोई नई योजना शुरू हो सकती है।
परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिल सकती है। आर्थिक मामलों में निवेश से पहले सलाह लेना बेहतर रहेगा।
शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: हल्का हरा

 तुला राशि

आज का दिन सामाजिक और व्यावसायिक दृष्टि से अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। नए प्रोजेक्ट या जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
व्यापार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। परिवार के साथ किसी कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नीला

 वृश्चिक राशि

आज का दिन मेहनत और लगन से सफलता दिला सकता है। यदि आप पूरी निष्ठा से काम करेंगे तो परिणाम आपके पक्ष में आएंगे। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का समर्थन मिलेगा।
परिवार में किसी शुभ समाचार की संभावना है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें और अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन थकान महसूस हो सकती है।
शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: मरून

 धनु राशि

आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला हो सकता है। कुछ मामलों में सफलता मिलेगी, जबकि कुछ कामों में देरी हो सकती है। यात्रा के योग बन सकते हैं।
व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन निवेश सोच-समझकर करें। परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक मेहनत करनी होगी।
शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: पीला

 मकर राशि

आज कार्यक्षेत्र में सफलता के संकेत हैं। आपकी योजनाएं धीरे-धीरे सफल होती दिखाई देंगी। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।
व्यापार में भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचने की कोशिश करें।
शुभ अंक: 10 | शुभ रंग: भूरा

 कुंभ राशि

आज सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में नई योजनाओं पर चर्चा हो सकती है। आय और व्यय में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिल सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें।
शुभ अंक: 11 | शुभ रंग: बैंगनी

 मीन राशि

आज का दिन आपके लिए शुभ संकेत लेकर आया है। व्यापार और नौकरी में लाभ के योग बन रहे हैं। नए अवसर मिल सकते हैं।
परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और किसी शुभ समाचार की संभावना है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
शुभ अंक: 12 | शुभ रंग: गुलाबी

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बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: मुख्यमंत्री ने लॉन्च की ‘बिजली बिल भुगतान समाधान योजना ,28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ से ज्यादा की राहत, बकाया बिल और सरचार्ज से मिलेगा छुटकारा

रायपुर, 12 मार्च 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय स्थित सभागार से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया और अधिक से अधिक लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2 हजार 931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपए की सब्सिडी भी अंतरित की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिजली आज हमारी मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ जाती है और पूरा भुगतान करना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान योजना के माध्यम से लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले प्रदेश के निम्न एवं मध्यम आय वर्ग तथा कृषि उपभोक्ताओं को राहत देने की पहल की गई है। योजना के तहत प्रदेश के 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को कुल 757 करोड़ रुपए की राहत दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश के लगभग 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाई गई, जिससे आजादी के बाद से अंधेरे में रहे गांव भी रोशन हुए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में हमारे अपने संसाधनों से लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है और प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना काल में आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे बकाया राशि बढ़ गई थी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की इस परेशानी को समझते हुए समाधान योजना लागू की है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति प्रदेश में लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है और अब तक लगभग 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महिला स्व सहायता समूहों द्वारा सोलर पैनल वेंडर के रूप में कार्य किया जाना एक सकारात्मक पहल है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से बिजली की बचत करने और घरेलू बिजली के अनावश्यक उपयोग से बचने की अपील की।  

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को समाधान योजना के लिए बधाई देते हुए निर्देश दिए कि शिविर लगाकर और व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को समाधान योजना से जोड़ा जाए।

उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं की तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जिनमें 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता, सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता तथा सक्रिय अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि उपभोक्ता शामिल हैं। इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को विद्युत देयक जमा करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में अधिभार की राशि में 100 प्रतिशत छूट तथा मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान किया गया है।

योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना होगा और पंजीयन के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य होगा। शेष राशि का भुगतान किस्तों में किया जा सकेगा और आगामी माह में कोई अधिभार नहीं लगेगा। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी।

इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और विद्युत उपभोक्ता उपस्थित थे।

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अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख-सभी कलेक्टरों को सर्वे कर 15 दिवस में प्रमाण पत्र सहित रिपोर्ट देने के निर्देश

रायपुर 12 मार्च 2026/प्रदेश में अवैध रूप से अफीम की खेती का मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। 

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के किसी भी क्षेत्र में अवैध रूप से अफीम की खेती न हो रही हो। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 15 दिवस के भीतर प्रमाण पत्र सहित विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि राज्य में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार के प्रति सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश के पालन में आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को सर्वे कर जांच रिपोर्ट और उनके जिले में अफीम की खेती नहीं किए जाने संबंधी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के संबंध में पत्र जारी किया गया है।

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वनभूमि में अवैध उत्खनन पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, जे.सी.बी. मशीन जब्त,कई व्यक्तियों पर दर्ज हुआ वन अपराध

जशपुर, 12 मार्च 2026: वनमण्डल जशपुर ने वनभूमि में हो रहे अवैध उत्खनन के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए एक जे.सी.बी. मशीन को जप्त किया और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार दिनांक 11 मार्च 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि वन परिक्षेत्र बगीचा के कक्ष क्रमांक पी-1379, ग्राम बेंद में जे.सी.बी. मशीन से अवैध उत्खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वनमण्डलाधिकारी जशपुर श्री शशि कुमार "भा.व.से." के निर्देश पर वन परिक्षेत्राधिकारी बगीचा सुश्री यशस्वी मौर्य (प्रशिक्षु भा.व.से.) ने तत्काल टीम गठित कर लगभग 12:06 बजे मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

जैसे ही वन अमला मौके पर पहुँचा, अवैध उत्खनन में लगे वाहन चालक ने कार्य बंद कर दिया और जे.सी.बी. मशीन को ग्राम रंगपुर की सड़क किनारे खड़ा कर दिया। मौके पर निरीक्षण में पाया गया कि लगभग 0.178 हेक्टेयर क्षेत्र में अवैध उत्खनन हुआ है, जिससे वनभूमि, प्राकृतिक संरचना और जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंचा।

पूछताछ और पंचनामा के आधार पर यह सामने आया कि जे.सी.बी. मशीन का मालिक श्री मिथलेश यादव वल्द बालगोविन्द यादव, जाति महकुल, साकिन गुम्हारकोना ने उक्त अवैध उत्खनन करवाया। वाहन चालकों में श्री रूपेश यादव, श्री रमेश यादव, श्री अखिलेश यादव, श्री पिताम्बर यादव और श्री रामजी यादव शामिल थे।

इस कृत्य के कारण वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण क्रमांक 21498/01 दिनांक 12.03.2026 पंजीबद्ध कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि में किसी भी अवैध अतिक्रमण या उत्खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और ऐसे मामलों में कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी भी वन क्षेत्र में अवैध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

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राजीनामा के आधार पर प्रकरणों के निराकरण हेतु 14 मार्च को जशपुर जिले में होगा नेशनल लोक अदालत का आयोजन

जशपुरनगर 12 मार्च 2026/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार दिनांक 14 मार्च 2026 दिन शनिवार को जिला एवं तालुका स्तर पर नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर, जिला जशपुर (छ.ग.) में किया जाएगा। प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर जिला जशपुर (छ०ग०) माननीय श्री सत्येन्द्र कुमार साहू  की अध्यक्षता में 14 मार्च 2026 को होने वाले आगामी नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिला न्यायालय जशपुर एवं अधीनस्थ न्यायालयों के मध्य 12 मार्च 2026 को प्रातः 10.30 बजे जिला न्यायालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में फिजिकल / वर्चुअल माध्यम से बैठक संपन्न हुई।

उक्त फिजिकल / वर्चुअल बैठक में माननीय श्री संतोष कुमार तिवारी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पत्थलगांव, माननीय श्री भानू प्रताप सिंह त्यागी, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, माननीय श्री शैलेश अच्यूत पटवर्धन, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जशपुर, माननीय श्री बलराम कुमार देवांगन, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, माननीय श्री जनार्दन खरे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी) जशपुर, श्रीमती सरोजनी जनार्दन खरे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जशपुर, न्यायालय के अति. न्यायाधीश जशपुर, माननीय श्रीमती सुमन सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर, कु० श्वेता बघेल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर, श्री नरेन्द्र कुमार तेंदुलकर, न्यायिक मजिस्ट्रेट वरिष्ठ श्रेणी कुनकुरी जिला जशपुर, श्री क्रांति कुमार सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जशपुर, श्रीमती अंकिता यदु, न्यायिक मजिस्ट्रेट कनिष्ठ श्रेणी बगीचा जिला जशपुर, कु० श्वेता अवस्थी, न्यायिक मजिस्ट्रेट कनिष्ठ श्रेणी पत्थलगांव जिला जशपुर, प्रस्तुतकार माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर एवं प्रस्तुतकार, माननीय (प्रधान न्यायाधीश) कुटुम्ब न्यायालय जशपुर उपस्थित रहे।

राजस्व न्यायालयों में समस्त अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा राजस्व मामले जैसे भू-अर्जन, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा एवं अन्य राजस्व प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत में किया जावेगा। उक्त नेशनल लोक अदालत में समस्त राजीनामा योग्य मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, शमनीय मामले, बैंक के वसूली प्रकरण, नगर पालिका निगम, दूरसंचार विभाग के वसूली योग्य एवं न्यायालय में लंबित प्रकरणों का आपसी राजीनामा के आधार पर निराकरण किया जावेगा।
जो भी पक्षकार राजीनामा के माध्यम से अपने लंबित प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कराना चाहते हैं, वे संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर अपने प्रकरण को नेशनल लोक अदालत में रखे जाने हेतु निवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर, तालुका विधिक सेवा समिति कुनकुरी, तालुका विधिक सेवा समिति बगीचा एवं तालुका विधिक सेवा समिति पत्थलगांव में संपर्क किया जा सकता है।

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गरीबी से समृद्धि तक की कहानी: बिहान योजना ने बदली शांति दुग्गा की तकदीर, किराना दुकान से शुरू कर ट्रैक्टर मालिक बनकर सालाना 5 लाख तक पहुंची आय

नारायणपुर, 12 मार्च 2026// राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी योजना से जुड़कर अबुझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कुरूषनार की रहने वाली शांति दुग्गा ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया है और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।

शांति दुग्गा वर्ष 19 अगस्त 2019 को रोशनी स्व सहायता समूह से जुड़ीं, प्रतिज्ञा उनके ग्राम संगठन का नाम था।  शुरुआत में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। परिवार की आजीविका का मुख्य साधन कृषि, वनोपज संग्रहण और मजदूरी तक ही सीमित था। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत करना शुरू किया। शासन की ओर से समूह को चक्रिय निधि 15 हजार रुपये तथा सामुदायिक निवेश कोष 60 हजार रुपये प्राप्त हुआ, जिससे समूह के सदस्यों के बीच लेन-देन और आर्थिक गतिविधियां शुरू हुईं।

बैंक लिंकेज के माध्यम से शांति दुर्गा ने सबसे पहले 1 लाख रुपये का ऋण लेकर किराना दुकान का व्यवसाय शुरू किया। इसके बाद उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये का ऋण लेकर कपड़े का व्यापार शुरू किया। बाजार-हाट के कार्य को सुगम बनाने के लिए उन्होंने एक पिकअप वाहन भी खरीदा, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय होने लगी। आगे चलकर उन्होंने समूह से तीसरे चरण में 6 लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा। इन सभी गतिविधियों के माध्यम से अब उनके परिवार की वार्षिक आय लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक पहुंच गई है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

शांति दुग्गा का कहना है कि छत्तीसगढ़ शासन की बिहान योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना के कारण उनका परिवार आज खुशहाल जीवन जी रहा है और बच्चों को अच्छी शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पा रही हैं। शांति दुग्गा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। यह सफलता दर्शाता है कि यदि ग्रामीण महिलाएं स्व सहायता समूहों से जुड़कर योजनाओं का लाभ उठाएं, तो वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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कभी दुर्लभ वनौषधियों और वन्यजीवों से गुलजार थे जशपुर के जंगल, अब लगातार आग की घटनाओं से उजड़ने लगी प्राकृतिक धरोहर—समाजसेवी रामप्रकाश पांडे ने पीएम नरेंद्र मोदी एवं सीएम विष्णु देव साय से हस्तक्षेप की अपील

जशपुर के जंगलों में बढ़ती आग से जैव विविधता पर संकट, समाजसेवी रामप्रकाश पांडे ने पीएम नरेंद्र मोदी से की हस्तक्षेप की अपील

जशपुर, 12 मार्च। जिले के जंगलों में लगातार लग रही आग की घटनाओं को लेकर क्षेत्र के समाजसेवी एवं प्रकृति प्रेमी रामप्रकाश पांडे ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi, Prime Minister’s Office (India) तथा Chief Minister’s Office Chhattisgarh से अपील करते हुए कहा है कि जशपुर के जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं से क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता गंभीर खतरे में पड़ गई है और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

समाजसेवी रामप्रकाश पांडे ने अपने संदेश में कहा कि कभी जशपुर के घने जंगल जैव विविधता के लिए जाने जाते थे। यहां विभिन्न प्रकार के जंगली जीव-जंतु, पक्षी, सांप और सैकड़ों प्रकार की दुर्लभ वनौषधियां आसानी से देखने को मिलती थीं। स्थानीय ग्रामीण और पारंपरिक वैद्य इन वनौषधियों का उपयोग उपचार के लिए करते थे, जिससे यह क्षेत्र प्राकृतिक चिकित्सा और पारंपरिक ज्ञान का भी महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था।

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में जंगलों में आग लगाने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। गर्मी के मौसम में सूखी पत्तियां और झाड़ियां आग को तेजी से फैलने में मदद करती हैं, जिससे बड़े क्षेत्र के जंगल जलकर राख हो जाते हैं। इस आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान होता है बल्कि जंगलों में रहने वाले छोटे-बड़े जीवों और पक्षियों के जीवन पर भी सीधा खतरा उत्पन्न हो जाता है।

रामप्रकाश पांडे ने विशेष रूप से जशपुर के जंगलों में पाए जाने वाले मोरों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर जमीन में पत्तों के नीचे अंडे देता है। जंगलों में लगने वाली आग से ये अंडे नष्ट हो जाते हैं, जिससे इस पक्षी की संख्या धीरे-धीरे कम होने का खतरा बढ़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर केंद्र सरकार ने मोर को राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा दिया है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने साल के वृक्ष को राजकीय वृक्ष घोषित किया है। साल वृक्ष राज्य के जंगलों की पहचान और पर्यावरणीय संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद जंगलों में लग रही आग की घटनाओं को रोकने के लिए अभी तक अपेक्षित स्तर पर प्रभावी प्रयास दिखाई नहीं दे रहे हैं।

समाजसेवी पांडे ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि जशपुर के जंगलों में लगने वाली आग को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने वन विभाग की निगरानी बढ़ाने, आग पर त्वरित नियंत्रण के लिए विशेष दल गठित करने तथा स्थानीय ग्रामीणों को भी जंगलों की सुरक्षा के लिए जागरूक और सहभागी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि जंगल केवल पेड़-पौधों का समूह नहीं बल्कि प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। यदि इन्हें सुरक्षित नहीं रखा गया तो क्षेत्र की जैव विविधता, पर्यावरण संतुलन और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। ऐसे में समय रहते प्रभावी कदम उठाना बेहद जरूरी है।

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लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ को मजबूती देने की बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे नए न्यायाधीश — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संविधान के मूल्यों के साथ करें न्याय व्यवस्था को सशक्त

रायपुर 13 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने सौजन्य मुलाकात की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रशिक्षु न्यायाधीशों को न्यायिक सेवा में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण और सशक्त स्तंभ है। आने वाले समय में आप सभी के कंधों पर समाज और न्याय व्यवस्था से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए इन जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि न्यायपालिका आमजन के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। 

इस अवसर पर विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सांवत, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की संचालक श्रीमती निधि शर्मा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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“ऑपरेशन तलाश” में पुलिस का बड़ा शिकंजा : हत्या के प्रयास के मामले में फरार 5 आरोपी दबोचे, आदतन बदमाश अभिषेक ठाकुर सहित तीन अपचारी बालक गिरफ्तार


12 मार्च, रायगढ़  । रायगढ़ जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे  *“ऑपरेशन तलाश”*  के तहत कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो आरोपी अभिषेक ठाकुर और सत्यम महंत तथा तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं।

           जानकारी के अनुसार दिनांक 04 मार्च 2026 की दोपहर मो. जीशान राजा (उम्र 18 वर्ष) निवासी बोईरदादर कृष्णा वाटिका कॉलोनी रायगढ़ अपने साथी *रोशन सिंह* के साथ एच.एफ. डिलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 AA 3925 से कोतरारोड़ की ओर गए थे। दीपक किराना दुकान के पास रोशन सिंह मोबाइल पर बात करने के लिए रुके हुए थे, तभी दो लड़के (अपचारी बालक)  वहां पहुंचे और “यहां क्या कर रहे हो” कहते हुए गाली-गलौज कर मोटरसाइकिल की चाबी निकाल ली। इसी दौरान एक्टीवा में अभिषेक ठाकुर वहां पहुंचा और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा। मना करने पर उसने ईंट उठाकर रोशन सिंह पर हमला कर दिया और उसके अन्य साथी भी वहां पहुंचकर मारपीट करने लगे।
            हमले में रोशन सिंह को सिर के पीछे, सीने और पेट में धारदार वस्तु से गंभीर चोटें आईं। घायल को पहले मेडिकल कॉलेज रायगढ़ ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया, जिसके बाद उसे मेट्रो अस्पताल रायगढ़ में भर्ती कराया गया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर *थाना कोतवाली रायगढ़ में अपराध क्रमांक 104/2026 धारा 296, 351(3), 115(2), 324(4), 119(1), 3(5) बीएनएस* के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

              विवेचना के दौरान आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी, लेकिन गिरफ्तारी के भय से सभी फरार थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन तलाश के दौरान कल बुधवार को मुखबिर सूचना पर पुलिस टीम ने अभिषेक ठाकुर, सत्यम महंत तथा तीन अपचारी बालकों को पकड़ लिया। एक विधि से संघर्षरत बालक के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू भी जब्त किया गया। साक्ष्य के आधार पर मामले में *धारा 109 बीएनएस (हत्या के प्रयास) तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट* की धाराएं भी जोड़ी गईं।

          गिरफ्तार आरोपियों में *अभिषेक ठाकुर पिता प्रहलाद सिंह ठाकुर उम्र 24 वर्ष निवासी सोनिया नगर कोतरारोड थाना कोतवाली जिला रायगढ़ तथा सत्यम महंत पिता सुरेन्द्र महंत उम्र 21 वर्ष निवासी तेंदुडीपा दरोगामुड़ा थाना जूटमिल जिला रायगढ़* शामिल हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

            जांच में सामने आया है कि *आरोपी अभिषेक ठाकुर आदतन बदमाश किस्म का युवक है, जिसके विरुद्ध थाना कोतवाली में लूट, बलवा, आर्म्स एक्ट और मारपीट के 11 आपराधिक मामले दर्ज* हैं। इसके अतिरिक्त कोतवाली पुलिस द्वारा उसके विरुद्ध चार बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है तथा उसका नाम गुंडा बदमाश सूची में शामिल करने की प्रक्रिया की जा रही है। आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा एवं हमराह स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

         *“रायगढ़ जिले में गंभीर अपराध करने वाले आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामलों में शामिल अपराधियों की पहचान कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जा रहा है। आदतन बदमाशों और गुंडा तत्वों पर पुलिस की कड़ी निगरानी है और उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”*

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घायल हाथी को वन विभाग ने दिया नया जीवन: सूचना मिलते ही टीम पहुंची मौके पर, विशेषज्ञ डॉक्टर ने किया उपचार, स्वस्थ होकर जंगल की ओर रवाना हुआ गजराज

जशपुरनगर 12 मार्च 2026/ वनमण्डल जशपुर के द्वारा घायल हाथी का त्वरित उपचार कराया गया है। हाथी अब सुरक्षित है और वह धरमजायगढ़ वनमण्डल की ओर चला गया है। 
           वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत दिवस 11 मार्च को प्रातः लगभग 07. 00 बजे दूरभाष के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के बीट झक्कड़पुर अंतर्गत ग्राम बुढ़ाडांड के आश्रित ग्राम गयापारा में कृषक श्री मोहर साय राठिया के निजी भूमि पर एक नग  हाथी गिरा हुआ है। सूपना प्राप्त होते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी पत्थलगांव वन अमले के साथ तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया गया।
           मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि श्री मोहर साय राठिया के निजी भूमि पर एक नग हाथी गिरा हुआ है। प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हुआ कि हाथी का एक पैर कमजोरी के कारण उठने में असमर्थ था। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए वन परिक्षेत्राधिकारी द्वारा तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।
          इस संबंध में वनमण्डलाधिकारी जशपुर श्री शशि कुमार द्वारा तत्काल उच्चाधिकारियों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी गई तथा हाथी के उपचार हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके पश्चात् सरगुजा जिले के रमकोला से वन्यपाणी विशेषज्ञ पशु चिकित्सक डॉ. अजित पाण्डेय अपनी टीम के साथ पत्थलगांव पहुंचे और हाथी का चिकित्सकीय परीक्षण किया। चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत डॉ. अजित पाण्डेय द्वारा हाथी का आवश्यक उपचार किया गया। उपचार के पक्षात हाथी की स्थिति में धीरे धीरे सुधार हुआ और कुछ समय बाद हाथी स्वयं अपने स्थान से उठकर सुरक्षित रूप से धरमजयगढ़ वनमण्डल चला गया।
         घटनाक्रम के दौरान वन विभाग की टीम द्वारा पूरे क्षेत्र में सतत निगरानी रखी गई तथा आसपास के ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी गई, जिससे किसी प्रकार की जनहानि या अवांछित स्थिति उत्पन्न न हो। वर्तमान में हाथी सुरक्षित रूप से क्षेत्र से निकलकर जंगल की ओर चला गया है और स्थिति पूर्णतः सामान्य है।
           वन विभाग द्वारा क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की गई है कि हाथियों की उपस्थिति के दौरान सतर्कता बनाए रखें, भीड़ एकत्रित व करें तथा किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्यवाही की जा सके।

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