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स्कूलों में ‘Frugal Science’ कार्यशालाओं से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर जागरूकता का विस्तार, सीमित संसाधनों में भी विज्ञान शिक्षा को मिली नई दिशा

जशपुर 19 अप्रैल 2026/ जिले के विभिन्न विद्यालयों में सतत विकास लक्ष्य-3 (SDG-3) के अनुरूप एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु ‘Frugal Science’ कार्यशालाओं का सफल आयोजन किया गया। यह पहल जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित की गई, जिसका उद्देश्य स्थानीय विद्यार्थियों को वैश्विक सिटिजन साइंस अभियानों से जोड़ना है।

कार्यशालाओं का संचालन मुंबई स्थित बायोकेमिस्ट, Foldscope International Fellow एवं AMR Ambassador डॉ. अनुपमा हर्षल वाडवलिकर द्वारा किया गया, जिनका विज्ञान शिक्षा एवं जन-जागरूकता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इस दौरान SK Somaiya कॉलेज, मुंबई की छात्रा अरुषि द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने Foldscope (ओरिगामी आधारित कागज से निर्मित सूक्ष्मदर्शी) के माध्यम से अपने आसपास के सूक्ष्म जीव जगत—मिट्टी के फंगस, जल जीव, पौधों की कोशिकाएं एवं बैक्टीरिया—का अवलोकन किया। प्रत्येक सत्र के अंत में विद्यार्थियों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए, जिससे आगामी सत्रों की दिशा निर्धारित की गई।

इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने स्थानीय पर्यावरण के सूक्ष्म जीवन को समझने का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं पर्यावरणीय जागरूकता का विकास हो रहा है।

उक्त बहुदिवसीय कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी , बीआरसी,  एवं विद्यालय प्रमुखों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। उल्लेखनीय है कि इन कार्यशालाओं के संचालन हेतु न बिजली, न प्रयोगशाला एवं न ही महंगे उपकरणों की आवश्यकता रही, जिससे सीमित संसाधनों में भी प्रभावी विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सका।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को दी ऐतिहासिक सौगात,  133 गांवों में लो वोल्टेज की समस्या होगी खत्म, लगाए जाएंगे अतिरिक्त ट्रांसफार्मर...

जशपुरनगर 19 अप्रैल 2026/ जिले के लोगों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को अब जल्द ही इस परेशानी से निजात मिलने वाली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले के 133 गांव, नगर एवं टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे।जिससे जिले की बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार होने वाली बिजली की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा। खासकर किसानों, छात्रों और छोटे व्यवसायियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

*विद्युत के क्षेत्र में जशपुर को मिल चुकी है कई बड़ी सौगात*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में  जिले को विद्युत विकास के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।400 केवी उपकेंद्र कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का 5वां सबसे बड़ा 400/220 केवी का अत्याधुनिक उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है।साथ ही नए सब-स्टेशन (33/11 KV): ये सब-स्टेशन सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा सहित अन्य स्थानों पर निर्मित किए जाएंगे।एवं उच्च क्षमता केंद्र– फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के सब-स्टेशन स्वीकृत हैं।


*विकास को मिलेगी नई गति, जिलेवासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*

इन योजनाओं के लागू होने से बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा साथ ही लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या खत्म होगी
औद्योगिक एवं कृषि कार्यों को गति मिलेगी तथा ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार आएगा, विद्युत विभाग में बड़ी सौगात मिलने के बाद जिले भर में खुशी का माहौल है।स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

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अप्रैल में ही सूखने लगे  जलस्रोत : 1000 मिमी बारिश के बावजूद जिले के सूखते जलस्रोत, गिरता भू-जल और बढ़ता संकट—प्राकृतिक संपदा पर भारी पड़ रहा मानवीय लालच

सूखते तालाब

निरंजन मोहन्ती-नारायणपुर

नारायणपुर 18 अफ़्रैल 2026 :- अप्रैल की शुरुआत होते ही जशपुर जिले में जल संकट के हालात साफ नजर आने लगे हैं। जिन नदियों, नालों और तालाबों में कुछ समय पहले तक पानी लबालब भरा रहता था, वे अब तेजी से सूखते जा रहे हैं। जिले के कई हिस्सों में छोटी नदियां पतली धार में सिमट गई हैं, नालों का बहाव लगभग खत्म हो चुका है और तालाबों के तल में दरारें दिखाई देने लगी हैं। भू-जल स्तर में लगातार गिरावट के कारण गांवों में लगे हैंडपंप भी जवाब देने लगे हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है।

सबसे हैरानी की बात यह है कि जशपुर जिला प्रदेश के सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में शामिल है, जहां हर साल औसतन करीब 1000 मिमी बारिश होती है और घने वन क्षेत्र इसकी पहचान रहे हैं। इसके बावजूद हर साल गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत होना इस बात का संकेत है कि जिले में जल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में कहीं न कहीं गंभीर चूक हो रही है। जिले के मनोरा, जशपुर और बगीचा जैसे पहाड़ी इलाकों में बारिश तो भरपूर होती है, लेकिन पानी को रोकने और सहेजने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण यह तेजी से नालों और नदियों के जरिए बहकर बाहर निकल जाता है। नतीजतन, न तो भू-जल स्तर रिचार्ज हो पाता है और न ही सालभर जल उपलब्धता बनी रहती है।

धधकते जंगल और पहाड़

जिले में बढ़ते जल संकट के पीछे सबसे बड़ा कारण अवैध वनों की कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन माना जा रहा है। लंबे समय से सक्रिय लकड़ी माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है, वहीं जंगलों में आग लगाकर जमीन खाली करने और खनन गतिविधियों ने भी प्राकृतिक संतुलन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहले यही जंगल वर्षा के पानी को अपने भीतर समेटकर धीरे-धीरे नदियों और नालों में छोड़ते थे, जिससे पूरे साल जलस्रोतों में पानी बना रहता था, लेकिन अब जंगलों के घटते क्षेत्र के कारण पानी सीधे बहकर खत्म हो जाता है और जमीन के अंदर जाने का अवसर नहीं मिल पाता।

नदी नालों में अतिक्रमण

स्थिति को और गंभीर बनाने में अतिक्रमण की भूमिका भी कम नहीं है। जिले में नालों, नदी किनारों और पुराने तालाबों पर तेजी से कब्जा बढ़ रहा है। कई जगहों पर किसानों द्वारा नदी के हिस्सों को रोककर उसे खेतों में तब्दील कर दिया गया है, तो वहीं शहरी क्षेत्रों में सूखी जमीन समझकर नालों और तालाबों पर मकान बना लिए गए हैं। कांक्रीट के बढ़ते विस्तार ने पानी के प्राकृतिक प्रवाह और जमीन में रिसाव के रास्तों को पूरी तरह बाधित कर दिया है, जिससे भू-जल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है।

जशपुर जिले से निकलने वाली ईब, ढोंढकी और मैनी जैसी प्रमुख नदियां भी इस संकट से अछूती नहीं हैं। यदि जलस्तर में इसी तरह गिरावट जारी रही, तो इन नदियों का प्रवाह भी प्रभावित होगा, जिसका असर न केवल जिले बल्कि निचले इलाकों के बड़े भूभाग पर पड़ेगा। यह स्थिति आने वाले समय में और भी गंभीर जल संकट का संकेत दे रही है।

एक और चिंताजनक पहलू यह है कि जहां पहले स्थानीय लोग जंगलों और जलस्रोतों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते थे, अब वही लोग निजी लाभ के लिए पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण में शामिल होते नजर आ रहे हैं। पर्यावरण के प्रति घटती संवेदनशीलता और बढ़ता स्वार्थ इस संकट को और गहरा कर रहा है।

तालाबों की स्थिति

लोगों का मानना है कि यदि समय रहते वर्षा जल संचयन के लिए ठोस संरचनाएं नहीं बनाई गईं, अवैध कटाई और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और पुराने जलस्रोतों का पुनर्जीवन नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में जशपुर गंभीर जल संकट वाले क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।

प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता से भरपूर जशपुर आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां थोड़ी सी लापरवाही इसे पानी के लिए तरसते जिले में बदल सकती है। इस परिप्रेक्ष्य में आवश्यक है कि प्रशासन और समाज दोनों मिलकर ठोस कदम उठाएं। वर्षा जल संचयन के लिए छोटे-बड़े संरचनाओं का निर्माण, पुराने तालाबों और जलस्रोतों का पुनर्जीवन, वनों की सुरक्षा और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई—ये सभी उपाय अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुके हैं। साथ ही, स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्थायी समाधान तभी संभव है जब जनसहभागिता हो। यदि अभी भी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो “पानीदार जशपुर” की पहचान इतिहास बनकर रह जाएगी। आने वाले वर्षों में यह संकट और विकराल रूप ले सकता है, जहां पानी केवल संसाधन नहीं, बल्कि संघर्ष का कारण बन जाएगा

अफ़्रैल माह में नदियों की स्थिति

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“मिट्टी के मैदान से उठकर वर्ल्ड कप के मंच पर छा गई छत्तीसगढ़ की बेटी—फाइनल में 16 अंक ठोककर भारत को जिताने वाली संजू देवी को मिला 50 लाख का सम्मान

रायपुर. 18 अप्रैल 2026. भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। श्री साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया।

संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।   

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को... और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं। 

श्री साव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष श्री शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच श्री दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे।

जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत

दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था। 

संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है। 

संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है।

लगातार अच्छे प्रदर्शन से मिली भारतीय टीम में जगह

संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है।

वर्ष-2024 में छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए संजू का चयन हुआ। इंडिया कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप के लिए उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। इसमें लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी शामिल किया गया। वे भारतीय टीम के लिए गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में शामिल हो चुकी हैं।

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मामूली घरेलू विवाद ने लिया खूनी रूप, गुस्से में बेटे ने अपने ही पिता पर बरसाए लकड़ी से ताबड़तोड़ वार, सिर पर गंभीर चोट से मौके पर ही हुई मौत

जशपुर 18 अफ़्रैल2026। जिले के बागबहार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हल्दी झरिया के बढ़ई पारा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेटे ने ही अपने पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। घरेलू विवाद के चलते हुए इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल बना दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 अप्रैल 2026 की शाम करीब 4:30 बजे आरोपी विजय कुमार नाग (26 वर्ष) और उसके पिता सदानंद नाग (45 वर्ष) के बीच किसी घरेलू बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि मृतक अपने बेटे को काम नहीं करने को लेकर लगातार उलाहना दे रहा था, जिससे दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। इसी दौरान गुस्से में आकर विजय नाग ने पास में रखी लकड़ी की फाड़ी उठाकर अपने पिता के सिर और माथे पर ताबड़तोड़ वार कर दिया।

हमले की गंभीरता इतनी अधिक थी कि सदानंद नाग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के समय घर में मौजूद मृतक की पत्नी, जो आरोपी की सौतेली मां है, ने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही बागबहार थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पंचनामा की कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट को मौत का कारण बताया और इसे हत्या का मामला माना।

मृतक की पत्नी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी विजय नाग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता उसे लगातार काम को लेकर ताना दे रहे थे और गुलेल से मारने की कोशिश कर रहे थे, जिससे वह आवेश में आ गया और यह खौफनाक कदम उठा बैठा। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लकड़ी की फाड़ी भी बरामद कर ली है।

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर 18 अप्रैल 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार शर्मा, सहायक उप निरीक्षक नारायण साहू, प्रधान आरक्षक मनधनी पैंकरा, आरक्षक पवन पैंकरा एवं अजय खेस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मामले को लेकर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि घरेलू विवाद में पिता की हत्या करने वाले आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जघन्य अपराधों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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“गांव-गांव पहुंचकर हकीकत परख रहीं प्रमुख सचिव : सड़क, अमृत सरोवर, ड्रैगन फ्रूट खेती और पीएम आवास योजनाओं का किया बारीकी से निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जशपुर 18 अप्रैल 2026/ प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने गुरुवार को जशपुर जिले के भ्रमण के दौरान बगीचा जनपद पंचायत के ग्राम रायकेरा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित  सड़क रायकेरा चौक से कठरपारा लंबाई 1.7 किलोमीटर का निरीक्षण कर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 

इसके पश्चात ग्राम पंचायत टटकेला  में उद्यान विभाग द्वारा मनरेगा एवं डी एम एफ योजना अभिसरण से 8 किसानों द्वारा ड्रैगन फ्रूट वृक्षारोपण के साथ साथ इंटर क्रॉप फसल लगे किसान से भेट कर उनके द्वारा लगाए गए फसलों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई एवं किसानो से ड्रैगन फ्रूट के भविष्य में उत्पादन संबंधी आय तथा वर्तमान में इंटरक्रॉप फसल से हो रहे आय के सम्बन्ध में विस्तार से पूछा गया।  साथ ही उपस्थित ग्राम पंचायत सरपंच एवं सचिव से ग्राम पंचायत में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी सहित ग्राम पंचायत में निवासरत परिवार संख्या और पात्र परिवारों के प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति,पूर्ण एवं छूटे हुए पात्र परिवारों के संबंध में जानकारी प्राप्त किया । तत्पश्चात पंचायत में  निर्मित अमृत सरोवर तालाब का निरीक्षण किया गया  इस दौरान उन्होंने समूह की महिलाओं से विभिन्न आजीविका गतिविधियां अपनाकर आर्थिक सशक्तिकरण की बात कही और बीपीएम NRLM को समूह के साथ बैठक कर उनकी इच्छानुसार आजिविका गतिविधि से जोड़ने हेतु कार्य योजना तैयार कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिया गया।
 इस दौरान उनके साथ संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा छत्तीसगढ़ श्री तारन प्रकाश सिन्हा आईएएस, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण छत्तीसगढ़ के एम डी श्री अश्विनी देवांगन आईएएस, एवं सीईओ जिला पंचायत जशपुर अभिषेक कुमार सहित जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर का सख्त एक्शन: अब बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के कलेक्टोरेट में एंट्री पूरी तरह बंद, 20 अप्रैल से नियम तोड़ने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर सीधे चालान की गिरेगी गाज


जशपुर 18 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए है कि वाहन चलाते समय और कलेक्टोरेट कार्यालय आते और वापस घर जाते समय  हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करेंगे।

उन्होंने आगामी सोमवार से 20 अप्रैल 2026 से सभी अधिकारीयों और कर्मचारीयों को कार्यालय आने के समय में दो पहिया वाहन चालक हेलमेट और चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट लगाकर ही प्रवेश करेंगे।

उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर चालान काटने की कार्रवाई की जाएगी जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।

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दुर्घटना बताकर नहीं आती, अचानक छीन लेती है जिंदगी’— कलेक्टर रोहित व्यास की चेतावनी के साथ जशपुर में निकली मेगा हेलमेट जागरूकता रैली, अधिकारियों से लेकर आम जनता तक ने लिया सुरक्षा का संकल्प

 जशपुर 18 अप्रैल 2026/ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा थीम पर आधारित जनप्रतिनिधि अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के साथ हेलमेट जागरूकता रैली पुलिस लाईन से निकाली गई। जिसमें पूरे शहर का भ्रमण कर रैली पुलिस लाईन में समापन किया गया।
हेलमेट जागरूकता रैली में नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह और अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू भी शामिल होकर लोगों को वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के लिए जागरूक किया गया।

नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत ने  हेलमेट जागरूकता अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय हम सभी को हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से लगाना चाहिए जिससे हम आने वाली दुर्घटना से बच सकते हैं।
हम सबको जिम्मेदारी लेनी होगी तभी दूसरे लोग भी देखकर हेलमेट लगाएंगे।

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आम नागरिकों को अपील करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय हेलमेट अनिवार्य रूप से लगाएं।
उन्होंने कहा कि हम लागातार  प्रयास कर रहे है कि सड़क दुघर्टना में कमी आई इसके लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा अधिकारीयों, कर्मचारीयों और आम नागरिकों को कार्यालय आते समय या कही और अन्य जगह जा रहे हैं तो हेलमेट और सिट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।

उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों की आदत रहती है कि कुछ दूरी तक तो ही जाना है हेलमेट नहीं लगाएंगे तो चलेगा कुछ नहीं होगा दुर्घटना बता कर नहीं आती है अचानक आती है।

उन्होंने कहा कि हम सामने वाले की मनोदशा को नहीं जानते हैं कि वह किस मन से गाड़ी चला रहा है शराब सेवन करके की किसी टेंशन में तो नहीं है। इसकी जानकारी हमें नहीं रहती है।

हमको हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने की आदत को दिनचर्या में शामिल करना होगा जैसे सुबह की हमारी दिनचर्या होती है उसी प्रकार।

उन्होंने कहा कि 18 वर्ष के कम उम्र के बच्चों को गाड़ी न सौंपे बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी न चलाने दे अपने बच्चों को और सभी को यातायात नियमों का गंभीरता से पालन करने के लिए कहा है।
 
पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों और पुलिस के जवानों को भी दो पहिया और चार पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि आम नागरिक भी इससे देखकर सीख लेंगे और वे खुद भी हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने लगेंगे उन्होंने सभी को हेलमेट जागरूकता रैली में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपुअधी. सुरक्षा यातायात श्री के .आर. चौहान ,रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे, यातायात प्रभारी उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर और जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में मुख्यमंत्री का आह्वान: क्रिएटर्स दिखाएं बदलते छत्तीसगढ़ की नई पहचान

रायपुर 18 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में देशभर से आए कंटेंट क्रिएटर्स का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और प्रकृति का संगम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भूमि भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या के मायके के रूप में जानी जाती है। वनवास के 14 वर्षों में से अधिकांश समय भगवान श्रीराम ने यहीं व्यतीत किया, जिसके प्रमाण आज भी प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर मिलते हैं। उन्होंने माता शबरी की भक्ति, दंडकारण्य और अबूझमाड़ जैसे ऐतिहासिक-आध्यात्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को रेखांकित किया।

उन्होंने संत गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को याद करते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा की यह परंपरा आज भी प्रदेश की आत्मा में समाहित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहा छत्तीसगढ़ आज तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के परिणामस्वरूप प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में निर्णायक सफलता हासिल कर चुका है। उन्होंने बताया कि पहले जहां प्रदेश का बड़ा हिस्सा नक्सल प्रभावित था, वहीं अब विकास की मुख्यधारा गांव-गांव तक पहुंच रही है।

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग को प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण बताते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, घने वन, संस्कृति और जनजातीय जीवन देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूनेस्को द्वारा बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों में शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए बस्तर और छत्तीसगढ़ की सकारात्मक छवि देश-दुनिया तक पहुंचाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने उदाहरण देते हुए बताया कि बस्तर के दिव्यांग बालक मड्डा राम का वीडियो वायरल होने पर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर द्वारा उन्हें क्रिकेट किट भेजी गई—यह सोशल मीडिया की ताकत का प्रमाण है।

प्रदेश में विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री  श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले दो वर्षों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही, “छत्तीसगढ़ विजन 2047” के माध्यम से राज्य को विकसित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “नियद नेल्ला नार योजना” के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, राशन, वनाधिकार पट्टा और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाएं सुदूर गांवों तक पहुंचाई गई हैं। बस्तर ओलंपिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

डिजिटल युग पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन का प्रभाव आज गांव-गांव में दिखाई दे रहा है, जहां आम नागरिक भी डिजिटल भुगतान कर रहा है। उन्होंने क्रिएटर्स से इस परिवर्तन को और आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि नक्सलवाद की छाया से बाहर निकलकर उभरता नया छत्तीसगढ़ आज देश के सामने एक सकारात्मक और प्रेरक उदाहरण के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को कभी केवल संघर्ष और चुनौतियों के संदर्भ में देखा जाता था, वही आज विकास, शांति और संभावनाओं की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से अपील करते हुए कहा कि वे पूर्वाग्रहों से परे जाकर छत्तीसगढ़ को समझें और यहां हो रहे वास्तविक परिवर्तन, जनजीवन में आए सकारात्मक बदलाव, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास की नई गति को अपने मंचों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल माध्यम केवल अभिव्यक्ति का साधन नहीं, बल्कि धारणा निर्माण की सबसे प्रभावशाली शक्ति बन चुका है, ऐसे में क्रिएटर्स की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे सच्चाई और सकारात्मकता पर आधारित कंटेंट प्रस्तुत कर समाज में नई सोच और विश्वास का संचार करें।

इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, डॉ. गुरु पासवान, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायप्र ,देश के विकास में बंगाली समाज की अहम भूमिका - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 18 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बंगाली समाज के नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के सभी लोगों को बंगाली नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बंगाली समाज का सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बंगाली समाज की बड़ी भूमिका रही है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में भी समाज के लोग उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि सदैव महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है, जहां रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने युवाकाल में लंबे समय तक रायपुर में रहे। उनके निवास स्थल को सरकार विरासत के रूप में संरक्षित कर रही है तथा राजधानी का विमानतल उनके सम्मान में स्वामी विवेकानंद विमानतल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बंगाली समाज की अहम भूमिका रहेगी। 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, मेघनाद साहा, स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए इस विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी समाज के प्रतिनिधियों को नववर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर श्री अखिलेश सोनी, श्री प्रबल प्रताप जूदेव, पूर्व न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी, श्री प्रवीण सेन, श्री विवेक वर्धन सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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“छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर की सुनामी: 37 अफसरों पर एक साथ चला शासन का डंडा, कई जिलों में बदले चेहरे, प्रशासनिक कसावट के नाम पर बड़ा फेरबदल

रायपुर 17 अफ़्रैल 2026 : छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेशभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 37 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। आदेश जारी होते ही नगर निकायों में हलचल तेज हो गई है और कई जगहों पर जिम्मेदार पदों पर नए चेहरों की तैनाती तय हो गई है। 

जारी सूची के अनुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) सहित विभिन्न श्रेणियों के अधिकारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। इनमें बिल्हा, तमनार, कुनकुरी, प्रेमनगर, बलरामपुर, डोंगरगढ़, बालोद, राजनांदगांव, सूरजपुर, बैकुंठपुर, महासमुंद और छुरा जैसे नगर निकाय शामिल हैं, जहां अब नए अधिकारी अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बड़े स्तर पर किए गए बदलाव को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और कार्यों में गति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

तबादला सूची में केवल नगर पालिका अधिकारी ही नहीं बल्कि राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, सहायक राजस्व निरीक्षक और लेखापाल भी शामिल हैं। कुछ अधिकारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेजा गया है, जबकि कई को नई जगहों पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे साफ है कि शासन ने केवल एक विभाग नहीं बल्कि विभिन्न स्तरों पर व्यापक बदलाव किया है। 

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित अधिकारियों को सात दिनों के भीतर अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में जॉइनिंग नहीं करने पर संबंधित अधिकारी का वेतन रोका जा सकता है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। इस सख्ती से यह संकेत मिल रहा है कि शासन इस बार तबादलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

इस आदेश की एक खास बात यह भी है कि एक निलंबित अधिकारी को बहाल करते हुए नई पदस्थापना दी गई है, हालांकि उसके खिलाफ विभागीय जांच जारी रखने की बात भी कही गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि शासन प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ प्रक्रियाओं का पालन भी कर रहा है। 

तबादला सूची 

https://in.docworkspace.com/d/sbCaefkHuwbQUHxH_4pqj4l6n8l6nk9qrsl?sa=601.1074

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जंगल का कानून’ तोड़ने वालों पर वन विभाग का शिकंजा—वन्यजीव का शिकार कर पकाया मांस, चार आरोपी गिरफ्तार, गांव में मचा हड़कंप,अवैध शिकार का नेटवर्क खंगालने में जुटी टीम

रायगढ़, 17 अप्रैल 2026। जिले के ग्राम देलारी में वन्यजीव शिकार और मांस पकाने का गंभीर मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई है और वन विभाग ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 अप्रैल को वन परिक्षेत्र रायगढ़ अंतर्गत ग्राम देलारी में कुछ लोगों द्वारा वन्यप्राणी का शिकार कर उसका मांस पकाए जाने की गुप्त सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना के आधार पर उप वनमंडलाधिकारी के निर्देश पर वन अमले ने तत्काल टीम गठित कर संबंधित स्थानों पर दबिश दी और विधिवत तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान अलग-अलग आरोपियों के घरों से पकाया हुआ वन्यप्राणी का मांस बरामद किया गया। आत्माराम पिता धनीराम के घर से लगभग 0.400 किलोग्राम, हरिशंकर साव के घर से 1.400 किलोग्राम तथा तरुण के घर से 0.500 किलोग्राम पका हुआ मांस जब्त किया गया। वहीं चौथे आरोपी मोतीराम राठिया के संबंध में पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि उसने लगभग 1 किलोग्राम मांस पहले ही पकाकर खा लिया था, जिसकी पुष्टि उसके बयान से हुई है।

वन विभाग द्वारा इस पूरे मामले में पीओआर प्रकरण क्रमांक 7541/08 दिनांक 16 अप्रैल 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

वन अधिकारियों ने बताया कि यह मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शिकार किस वन्यप्राणी का किया गया और इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

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मुख्यमंत्री ने धरोहर पत्रिका द्वितीय संस्करण का किया विमोचन ,समृद्ध सांस्कृतिक विरासत खान पान पर आधारित पत्रिका 

जशपुर 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज रणजीता स्टेडियम में जशपुर के आदिवासी संस्कृति खान पान,रहन सहन,लोक नृत्य और पारंपरिक पकवानों पर आधारित समृद्ध सांस्कृतिक विरासत खान पान धरोहर पत्रिका के द्वितीय संस्करण का विमोचन किया।
इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा सरगुजा आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में 774 सड़कों का किया शिलान्यास एवं शुभारभ-2225.44 करोड़ रुपए की लागत से 2426.875 किलोमीटर सड़कों का किया जाएगा निर्माण

जशपुरनगर, 17 अप्रैल 2026/  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत राज्य स्तर पर स्वीकृत फेस-04 की 774 सड़कों का शिलान्यास एवं शुभारंभ किया। कुल 2426.875 किलोमीटर लंबाई की इन सड़कों के निर्माण पर 2225.44 करोड़ रुपए की लागत आएगी।  इनमें से जशपुर जिले में कुल 77 सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 197.26 किलोमीटर और लागत 196.20 करोड़ रुपए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिला मुख्यालय स्थित वशिष्ठ कम्यूनिटी हाल के जीर्णोद्धार के लिए 80 लाख रुपए देने की घोषणा की।
   मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज-4) के अंतर्गत 2,225 करोड़ रुपये की लागत से 774 सड़कों का एक साथ भूमिपूजन किया गया है। लगभग 2,427 किलोमीटर लंबी इन सड़कों के निर्माण से 781 बसाहटों को बारहमासी पक्की सड़क सुविधा प्राप्त होगी, जिससे ग्रामीण जनजीवन में व्यापक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि यह एक सुखद संयोग है कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया, उसी वर्ष प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की भी शुरुआत की। वे जमीन से जुड़े नेता थे, जिन्होंने ग्रामीण भारत की जरूरतों को गहराई से समझा और यह योजना उनकी संवेदनशील सोच का परिणाम है। आज यह योजना दूरस्थ गांवों को जोड़ते हुए ग्रामीण जीवन की जीवनरेखा बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण सड़कों के विकास का दूसरा महत्वपूर्ण चरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आया है। पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पीएम जनमन योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सुदृढ़ सड़क नेटवर्क का विस्तार हुआ है, जिससे अधिकांश बसाहटें अब सड़क संपर्क से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर से विशाखापट्टनम तथा रायपुर से जशपुर होते हुए धनबाद तक सड़क निर्माण कार्य जारी है। इससे जशपुर से रायपुर की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
     मुख्यमंत्री ने सहकारिता क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है। इससे प्रदेश में समितियों की संख्या बढ़कर 2,573 हो गई है। ये समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करते हुए किसानों को खाद, बीज, अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं उनके गांव के निकट उपलब्ध कराएंगी, साथ ही धान विक्रय की प्रक्रिया भी सरल होगी। किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। होली से पूर्व 25.28 लाख किसानों के खातों में 10,324 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरण होने से किसानों में उत्साह और विश्वास बढ़ा है।मुख्यमंत्री ने नागरिकों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि इससे वास्तविक स्थिति का आकलन संभव होगा और विकास कार्यों की सटीक योजना बनाई जा सकेगी। उन्होंने बताया कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत प्रदेशभर में शिविर लगाकर समस्याओं का निराकरण किया जाएगा तथा 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के चलते छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जिससे अब प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य संभव हो पाएंगे।
      उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आज जिस  774 सड़कों का शिलान्यास किया गया है, इसका काम कल से शुरू हो जाएगा। इस सड़कों को  500 दिनों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में सड़कों के निर्माण में काफी तेजी आई है। इन वर्षों में लगभग 1300 से अधिक सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया किन पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय इलाकों में भी सड़कों के निर्माण द्रुत गति से किया जा रहा है। आने वाले समय में यह इलाका भी तेजी से मुख्यधारा में जुड़ जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है। इस कानून में शामिल कड़े प्रावधानों के माध्यम से निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
       इस अवसर पर प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में माध्यम योजना फेस 04 अंतर्गत 3065 बारहमासी सड़क विहीन बसाहटो का चिन्हांकन किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस 04, बैच-2 में 1000 बसाहटो हेतु 2684 किमी. लम्बाई की 975 सड़को का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किये गये हैं। शेष 1284 बसाहटो के डीपीआर तैयार किये जा रहे हैं जिसकी स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस 04 बैच 3 में भारत सरकार को प्रेषित किया जावेगा। भारत सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (PVTG) के विकास हेतु प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (PM-JANMAN) के तहत भारत सरकार द्वारा 2902 किमी. लम्बाई की 807 सड़कें एवं 123 वृहद पुल हेतु कुल राशि रु. 2477 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इन सड़कों से 871 PVTG बसाहटें लाभान्वित होगी। अब तक 1735 किमी. लंबाई की 356 सड़कें पूर्ण की जा चुकी है। इन पूर्ण सड़कों से 356 PVTG बसाहटें बारहमासी सड़कों से जुड़ चुकी हैं। इस प्रकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत योजना प्रारंभ से अब तक कुल 47,847 कि.मी. लम्बाई की 10119 सड़को एवं 581 वृहद पुल हेतु कुल राशि रूपये 21122 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसमें से अब तक 42,250 कि.मी. लम्बाई की 8713 सड़कें एवं 444 वृहद पुल का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। 
     इस अवसर पर पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के  अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्री गंगाराम भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष कुनकुरी श्रीमती सुशीला साय, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, आयुक्त मनरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह, पीएमजीएसवाई के प्रमुख अभियंता श्री के. के.कटारे, अधीक्षक अभियंता श्री सोहन चंद्रा, कार्यपालन अभियंता श्री सानुज घृतलहरे, जिला पंचायत और जनपद पंचायत सदस्यगण, सरपंचगण, श्री कृष्ण कुमार राय, श्री नरेश नंदे, श्री ओमप्रकाश सिन्हा ,श्री मनीष अग्रवाल, श्री मुकेश शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं भारी संख्या में लोग मौजूद थे।

*जशपुर में 196.20 करोड़ लागत के 77 सड़कों का होगा निर्माण*

जशपुर जिले में 197.26 किलोमीटर लंबाई के कुल 77 सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। जिसकी लागत 196.20 करोड़ रुपए है। इनमें जशपुर विकासखंड में 5 सड़कों का निर्माण किया जाएगा।जिसकी कुल लंबाई 18.93 किमी और लागत 17.41 करोड़ रुपए है। इसी तरह मनोरा विकासखंड में 7 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 17.60 और लागत 20.00 करोड़ है। दुलदुला विकासखंड में 9 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 29.19 और लागत 30.96 करोड़ रुपए है।। कुनकुरी विकासखंड में 13 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 29.91 किमी और लागत 33.78 करोड़ रूपए है। फरसाबहार में 10 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 27.58 किमी और लागत 29.20 करोड़ रुपए है। बगीचा विकासखंड में 7 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 17.64 किमी और लागत 15.86 करोड़ रुपए है। कांसाबेल में कुल 6 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 16.83 किमी और लागत 14.15 करोड़ रुपए है और पत्थलगांव में 20 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 39.58 किमी और लागत 34.80 करोड़ रुपए है।

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“जनमन योजना से बदली ज़िंदगी” — मुख्यमंत्री ने सौंपे सपनों के आशियाने की चाबियाँ, हितग्राहियों के चेहरों पर दिखी खुशियों की चमक

जशपुर 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज रणजीता स्टेडियम में पीएम जनमन योजना के तहत 5 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चाबी सौंपा गया।

इनमें दुलदुला विकास खंड के ग्राम लोरो श्रीमती सरस्वती बाई, ग्राम बंगुरकेला के श्री राजेश सिंह, जशपुर विकास खंड के ग्राम सारूडीह श्री जागेश्वर मनोरा विकास खंड के ग्राम करदना श्री समकुमार राम , और श्री सुरेश राम को चाबी सौंपा गया।

इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शोर्य प्रताप सिंह जुदेव नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत,  नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा आईजी श्री दीपक कुमार झा कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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“मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया” से बदलेगा छत्तीसगढ़ का जल भविष्य — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 500 नए तरिया का शिलान्यास कर जल क्रांति का किया आगाज़

जशपुरनगर 17 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान” का आज जशपुर के रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ किया। अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया, आय के जरिया” के तहत प्रदेश में 500 नए तरिया (तालाब) के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इससे जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि और कृषि कार्यों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार होगा। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण, जल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य किए जाएंगे।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत इस महाअभियान के तहत प्रदेशभर में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 15 अप्रैल 2026 तक 13,000 से अधिक डबरी निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। यह उपलब्धि अभियान की गति और प्रभावशीलता को दर्शाती है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, अध्यक्ष छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित भारी से संख्या में आमजन मौजूद रहे।

     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि जल ही जीवन और विकास का आधार है। ‘मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया’ अभियान के माध्यम से हम गांव-गांव में जल संरक्षण को जन आंदोलन बना रहे हैं। इससे न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आजीविका डबरी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, सब्जी उत्पादन और वृक्षारोपण जैसे विविध आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। ग्रामीण स्तर पर इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन, बैनर, ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान तथा क्यूआर कोड के माध्यम से विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी व्यापक प्रचार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए आजीविका डबरी से जुड़े कार्यों में स्व सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। हितग्राही परिवार की महिला सदस्य का नाम नागरिक सूचना पटल में अंकित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की अधिकारिता और भागीदारी मजबूत हो सके।

       इसके तहत उन्नत तकनीक आधारित योजना निर्माण और ग्राम सभा की स्वीकृति के आधार पर कार्यों को मंजूरी दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो रही है। सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से यह अभियान ग्राम पंचायतों के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य करेगा। “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया” महाअभियान जशपुर सहित पूरे प्रदेश में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाते हुए ग्रामीणों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभर रहा है।

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जशपुर में बुजुर्गों के सम्मान का नया केन्द्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘सियान गुड़ी’ का किया शुभारंभ, कैरम खेलकर बढ़ाया हौसला और दिया अपनापन का संदेश

जशपुरनगर 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित किए गए ‘सियान गुड़ी’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर हौंसला बढ़ाया। साथ ही उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बुजुर्गों के साथ शतरंज खेलकर बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर वरिष्ठजन काफी खुश नजर आए। साथ ही राज्य सरकार द्वारा बुजुर्गों के लिए विकसित किए गए सियान गुड़ी के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बुजुर्गों को फूड बास्केट वितरित किए तथा धार्मिक किताब एवं शॉल श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर समाज में बुजुर्गों के सम्मान और उनकी देखभाल के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र का निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की और इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श पहल बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्तमान में समाज तेजी से बदल रहा है। एकल परिवार की बढ़ती प्रवृत्ति, रोजगार के लिए युवाओं का पलायन और व्यस्त जीवनशैली के कारण कई बुजुर्ग दिन के समय अकेलेपन और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अकेलापन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इन्हीं चुनौतियों के समाधान के लिए ‘डे-केयर सेंटर – सियान गुड़ी’ की परिकल्पना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, आत्मीयता और सक्रिय जीवन का नया केंद्र बनेगा, जहां वे सुरक्षित वातावरण में दिन व्यतीत कर नई ऊर्जा और उत्साह प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर अध्यक्ष छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठजन मौजूद रहे।

बुजुर्गों के सर्वांगीण विकास केंद्र के रूप में विकसित सियान गुड़ी

जशपुर में रणजीता स्टेडियम के पीछे भागलपुर रोड स्थित निर्मित यह सियान गुड़ी केंद्र बुजुर्गों के लिए डे-केयर यूनिट के रूप में विकसित किया गया है। सियान गुड़ी का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को बहुआयामी सेवाएं उपलब्ध कराना है। यहां योग, प्राणायाम, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियां, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता, कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, बेसिक दवाओं की उपलब्धता, टेली कंसल्टेशन, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, फिजियोथैरेपी और व्यायाम की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी एवं पारिवारिक परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। उपेक्षा या दुर्व्यवहार की स्थिति में नेशनल हेल्पलाइन नंबर 14567 तथा राज्य स्तरीय सियान हेल्पलाइन नंबर 155326 से समन्वय स्थापित कर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सुविधाओं की दृष्टि से सियान गुड़ी को अत्याधुनिक रूप दिया गया है। यहां बाधारहित वातावरण, व्हील चेयर सुविधा, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, जेंडर पृथक एवं दिव्यांग अनुकूल शौचालय, सामूहिक गतिविधियों के लिए विशाल हॉल, पुस्तकालय एवं शांत रीडिंग कॉर्नर, टीवी, रेडियो, सीसीटीवी, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण डेस्क, मासिक चिकित्सकीय परामर्श, फिजियोथैरेपी कॉर्नर तथा टेलीमेडिसिन सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस केंद्र में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग, व्यायाम, चाय-नाश्ता, भोजन, मनोरंजन, जीवन कौशल एवं पुनः कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा, कानूनी एवं सामाजिक जागरूकता जैसे विविध कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। सियान गुड़ी के माध्यम से राज्य सरकार ने बुजुर्गों के जीवन को सम्मानजनक, सक्रिय और खुशहाल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

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ड्रोन दीदी योजना से जशपुर की महिलाओं को मिली ताकत—मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सौंपे ड्रोन, आत्मनिर्भरता और आधुनिक खेती की दिशा में ऐतिहासिक कदम

जशपुर 17 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज रणजीता स्टेडियम जशपुर में  जिला प्रशासन के द्वारा लगाए गए स्टाल का अवलोकन किया  और “लखपति दीदी" पहल के अंतर्गत ड्रोन दीदी एवं उन्नत सॉयल टेस्टिंग मशीन प्रदान की गई।
इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

  उल्लेखनीय है कि ग्रामीण महिलाओं के आय संवर्धन के साथ उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से सशक्त बनाना है।

पूर्व में किसानों को मिट्टी की सही स्थिति की जानकारी के अभाव में उर्वरकों का अनुमानित उपयोग करना पड़ता था, जिससे लागत बढ़ती थी, उत्पादन प्रभावित होता था तथा भूमि की उर्वरता भी धीरे-धीरे कम होती थी। सॉयल टेस्टिंग मशीन के माध्यम से अब कम समय में मिट्टी के विभिन्न महत्वपूर्ण पैरामीटर्स की सटीक जांच संभव हो रही है, जिससे  संतुलित उर्वरक उपयोग,भूमि गुणवत्ता में सुधार एवं फसल उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है।

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