89 वर्ष के बुजुर्ग चिकित्सक की भावुक निमंत्रण पत्र: ‘एक बार जशपुर जरूर आइए प्रधानमंत्री जी’ — मदेश्वर महादेव, अघोर आश्रमों के दर्शन और जशपुर में हवाई सेवा शुरू कराने की मांग के साथ लिखा मार्मिक पत्र”........पढ़ें विस्तार से


जशपुर/नारायणपुर 14 मार्च 2026 : जिले के एक 89 वर्षीय सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. हरिशंकर राय ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भावुक पत्र लिखकर जशपुर आने का निमंत्रण दिया है। अपने पत्र में उन्होंने जशपुर की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री से निवेदन किया है कि वे एक बार जशपुर आकर विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग माने जाने वाले मदेश्वर महादेव के दर्शन करें तथा यहाँ के अघोर आश्रमों से आशीर्वाद प्राप्त करें।
पत्र लिखने वाले जशपुरनगर निवासी सेवानिवृत्त होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. हरिशंकर राय ने बताया कि वे वर्ष 1963 में शासकीय सेवा में नियुक्त होकर जशपुर आए थे। उस समय जशपुर घने जंगलों से घिरा हुआ इलाका था और आवागमन के साधन भी अत्यंत सीमित थे। उन्होंने उल्लेख किया कि आगामी अप्रैल 2026 में वे अपने जीवन के 89 वर्ष पूरे करने जा रहे हैं और ईश्वर की कृपा से आज भी स्वस्थ हैं।
डॉ. राय ने अपने पत्र में लिखा है कि जशपुर के पूर्व राजपरिवार और स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के पूर्वजों ने नगर सहित दूरस्थ गाँवों में अनेक देवी-देवताओं के मंदिरों का निर्माण कराया था। उनका मानना है कि इतने मंदिर शायद ही किसी अन्य क्षेत्र में किसी राजपरिवार द्वारा बनवाए गए हों। उन्होंने यह भी बताया कि जशपुर में तीन अघोर आश्रम हैं और स्वर्गीय बाला साहब देशपाण्डे द्वारा स्थापित कल्याण आश्रम ने भी यहाँ सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि कल्याण आश्रम के संस्थापक बालासाहब देशपांडे ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा और आश्रम के विस्तार के लिए समर्पित कर दिया और अपने परिवार के लिए कोई संपत्ति नहीं जोड़ी। डॉ. राय ने लिखा कि वे सन् 1964 से उनके परिवार के समान आश्रम में आते-जाते रहे हैं और उनके त्यागपूर्ण जीवन के साक्षी रहे हैं।
डॉ. राय ने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर के मदेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा कराई गई तथा सात दिनों तक विश्व प्रसिद्ध शिवपुराण कथावाचक प्रदीप मिश्रा द्वारा शिवपुराण कथा का आयोजन कराया गया। इसके बाद से क्षेत्र के लोगों में भगवान शिव के प्रति आस्था और अधिक बढ़ गई है।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि प्रतिदिन सुबह दूर-दूर से महिलाएँ, पुरुष और बच्चे जशपुर के पक्की डांडी स्थित शिव मंदिर में जल अर्पित करने पहुँचते हैं। डॉ. राय ने बताया कि वे स्वयं वर्ष 1995 से प्रतिदिन बिना नागा किए प्रातः मंदिर जाकर भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं और उसके बाद ही अपने दैनिक कार्य आरंभ करते हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि उनके स्वस्थ रहने का रहस्य भगवान महादेव और माता पार्वती की कृपा है।
डॉ. राय ने प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया है कि जशपुर में हवाई सेवा शुरू करने की दिशा में पहल की जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रायपुर से अंबिकापुर तक हवाई सेवा उपलब्ध है, इसलिए जशपुर हवाई पट्टी का विस्तार कर रायपुर-अंबिकापुर-जशपुर-अंबिकापुर-रायपुर मार्ग पर हवाई सेवा शुरू की जा सकती है। उन्होंने लिखा कि अभी जशपुर से रायपुर जाने में 8 से 10 घंटे लग जाते हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि जशपुर धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन रेल मार्ग और हवाई सेवा के अभाव में यहाँ पर्यटक कम पहुँच पाते हैं। यदि हवाई सेवा शुरू हो जाए तो इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और होटल-लॉज जैसे व्यवसाय भी विकसित होंगे।
जशपुर के एक वरिष्ठ नागरिक द्वारा प्रधानमंत्री को भेजा गया यह भावनात्मक पत्र अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जशपुर की धार्मिक और पर्यटन महत्ता को देखते हुए भविष्य में यहाँ हवाई सेवा और अन्य सुविधाओं के विकास की दिशा में पहल हो सकती है।
मुख्यमंत्री से भी किया आग्रह
डॉ. हरिशंकर राय ने अपने पत्र के अंत में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भी विशेष अनुरोध किया है। उन्होंने लिखा है कि यदि उनके द्वारा कही गई बातें उचित प्रतीत हों तो मुख्यमंत्री अपने स्तर से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जशपुर पधारने का निवेदन करें। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री के जशपुर आगमन से इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और धार्मिक, सांस्कृतिक तथा पर्यटन की दृष्टि से जशपुर का बहुमुखी विकास संभव हो सकेगा।
