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मनोरा में साहित्य और रंगमंच का होगा भव्य संगम, मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कृति 'पंच परमेश्वर' का जीवंत मंचन कर न्याय, मित्रता और मानवीय मूल्यों का दिया जाएगा सशक्त संदेश

मनोरा। हिंदी साहित्य के महान कथाकार एवं उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की याद में विकासखंड मनोरा में एक विशेष सांस्कृतिक व साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में, शिक्षा विभाग तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन मनोरा के संयुक्त तत्वाधान में स्थानीय शिक्षकों द्वारा मुंशी प्रेमचंद की सुप्रसिद्ध कहानी 'पंच परमेश्वर' का जीवंत नाट्य मंचन किया जाएगा।
​यह आयोजन 29 जुलाई को शासकीय स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के निकट सामुदायिक भवन मनोरा हॉल में संपन्न होगा।
​इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) तरुण कुमार पटेल, विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक (BRCC) आशुतोष शर्मा एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की टीम ने क्षेत्र के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, साहित्यकारों शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से इस नाट्य मंचन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

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नीलाद्री विजय के साथ गर्भगृह लौटे महाप्रभु, रसगुल्ला अर्पण की परंपरा के बीच 84 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रथयात्रा का हुआ भव्य समापन

दोकड़ा। जशपुर जिले के विकासखंड कांसाबेल स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में आयोजित श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव का समापन सोमवार को नीलाद्री विजय की पावन परंपरा के साथ श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा विधि-विधान के साथ रथ से पुनः श्री मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हुए। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के दिव्य दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की।
नीलाद्री विजय के अवसर पर श्री मंदिर के गजपति महाराज एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।
नीलाद्री विजय की सबसे महत्वपूर्ण परंपरा के तहत भगवान श्री जगन्नाथ माता लक्ष्मी को मनाने के लिए रसगुल्ला लेकर पहुंचे। भगवान द्वारा माता लक्ष्मी को रसगुल्ला अर्पित करने की यह सदियों पुरानी परंपरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस भावपूर्ण अनुष्ठान के साथ महाप्रभु का पुनः गर्भगृह में प्रवेश कराया गया। मंदिर समिति द्वारा महाप्रसाद वितरण एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई।समापन समारोह में आयोजित ओड़िया भजन संध्या ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया। मधुर भजनों एवं संकीर्तन से देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर रहे।
महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित लॉटरी कूपन ड्रा भी आकर्षण का केंद्र रहा। साथ ही चित्रकला प्रतियोगिता, लिटिल चैंप प्रतियोगिता एवं फूल-माला प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए गए। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं रचनात्मक प्रतिभा की उपस्थित लोगों ने भरपूर सराहना की।उल्लेखनीय है कि वर्ष 1942 से निरंतर आयोजित हो रही दोकड़ा की ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा आज छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं झारखंड के श्रद्धालुओं की आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुकी है। हर वर्ष इस महोत्सव में हजारों श्रद्धालु शामिल होकर महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं तथा धार्मिक परंपराओं के संरक्षण में अपनी सहभागिता निभाते हैं।

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सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की समीक्षा में कलेक्टर सख्त, सीएम हेल्पलाइन-जनदर्शन के लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण और विकास कार्यों में तेजी के दिए निर्देश


 

जशपुर 28 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप संचालित सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के क्रियान्वयन संबंध में सोमवार को कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

  उन्होंने कहा कि इस योजना का जिले में बेहतर क्रियान्वयन किया जाना है।योजना के तहत हितग्राहियों को 31 योजनाओं से लाभान्वित किया जाना है।इसके लिए  सर्वेक्षण कार्य के माध्यम से छुटे हुए हितग्राहियों का चिन्हांकन करके योजना का लाभ दिया जाएगा।
    इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू,सभी एसडीएम , जनपद पंचायत सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने अधिकारियों को बताया कि सुघ्घर अभियान के तहत हितग्राहियों को जॉब कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना,राशन कार्ड,जल जीवन मिशन, आयुष्मान कार्ड, आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन,जननी सुरक्षा योजना,आय जाति निवास प्रमाण पत्र,विवाह प्रमाणपत्र, गर्भवती महिलाओं और बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण, प्रधानमंत्री जन-धन योजना , आधार कार्ड, कौशल विकास योजना से युवाओं का प्रशिक्षण,श्रम कार्ड, आदि अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणा के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

उन्होंने मंगल भवन, सामुदायिक भवन,सीसी रोड, सांस्कृतिक भवन,खेल मैदान,मिनी स्टेडियम,आदि प्रगतिरत निर्माण कार्यों की जानकारी ली।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन के लंबित आवेदनों का भी गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिए।

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दिसंबर तक जशपुर को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य: कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी, हर पंचायत में चलेगा विशेष अभियान

जशपुर 28 जुलाई 2026/ ​टीबी मुक्त भारत अभियान: कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक विगत दिवस 27 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया।

उन्होंने विकासखंड एवं नगरीय निकायों  लिए नोडल अधिकारियों को  'टीबी मुक्त भारत  अभियान का जिले में बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर नोडल अधिकारियों को अपने-अपने आबंटित क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन गतिविधियों का नियमित निरीक्षण करने के लिए कहा है।

  उन्होंने कहा कि टीम ​सघन जांच व उपचार: स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से घर-घर टीबी मरीजों की पहचान (Active Case Finding) कर समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
​निक्षय मित्र व पोषण योजना के तहत पोषण किट वितरण एवं समाज की भागीदारी बढ़ाने के लिए निक्षय मित्रों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
​मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जीएस जात्रा के द्वारा बताया गया कि
​प्रति 1,000 की जनसंख्या पर 30 संदेहास्पद (Suspected) मरीजों की 'नाट (NAAT) मशीन' से जांच कराना अनिवार्य है।
​जिले की कुल 444 ग्राम पंचायत है सभी ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त करने हेतु मिशन मोड में कार्य करना अनिवार्य है।
​जिला टीबी नोडल अधिकारी के द्वारा 
​टीबी के प्रमुख लक्षण के बारे में विस्तार से बताया गया जिसमें 2 सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम में खून आना, लगातार वजन कम होना तथा शाम को बुखार आना आदि। एवं ​हाय-रिस्क (High-Risk) समूह 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, डायबिटीज मरीजों, धूम्रपान ,शराब का सेवन करने वालों व अन्य गंभीर मरीजों की प्राथमिक स्तर पर जांच कराने हेतु जानकारी दिया गया

उन्होंने कहा कि ​जिले के निर्धारित स्वास्थ्य लक्ष्यों और टीबी उन्मूलन के सभी टारगेट को पूरा करने के लिए दिसंबर तक की समय-सीमा (Deadline) तय की गई है का जानकारी समस्त नोडल अधिकारी को दिया गया।
बैठक में जिला पंचायत, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, आदिवासी विकास और शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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रविदास जयंती पर अंबिकापुर में सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का संदेश, विधायक गोमती साय ने कहा— संत रविदास के आदर्शों पर चलकर ही बनेगा समतामूलक, सौहार्दपूर्ण और सशक्त भारत

अंबिकापुर, सरगुजा। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर जिला सरगुजा (अंबिकापुर) में आयोजित 'समरसता संकल्प अभियान' एवं 'हर घर तिरंगा – तिरंगा यात्रा' जिला कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित होकर कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में विधायक गोमती साय ने संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी के जीवन, उनके महान विचारों तथा सामाजिक समरसता के संदेश का स्मरण करते हुए समाज में समानता, सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता को और अधिक सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपने विचारों और आदर्शों के माध्यम से प्रेम, मानवता, समरसता तथा भेदभाव से मुक्त समाज की प्रेरणा दी, जो आज भी समाज के लिए उतनी ही प्रासंगिक है।

उन्होंने कहा कि संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलते हुए सामाजिक समरसता एवं सर्वजन कल्याण के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाना हम सभी का दायित्व है। साथ ही, उन्होंने एक समतामूलक, सशक्त एवं सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक से सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री श्री अखिलेश सोनी, सरगुजा जिलाध्यक्ष श्री भारत सिंह सिसोदिया, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री हरपाल सिंह भामरा, सरगुजा संभाग प्रभारी श्री अवधेश चंदेल, सह प्रभारी श्री सुनील गुप्ता, सरगुजा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीरूपा सिंह सहित भारतीय जनता पार्टी के जिला एवं मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यशाला में सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता तथा 'हर घर तिरंगा' अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न हुआ।

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राशिफल : ग्रहों की शुभ चाल से कई राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के नए द्वार, जानिए किसे मिलेगा धन लाभ, करियर में सफलता और किन्हें बरतनी होगी विशेष सावधानी

आज मंगलवार को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है। कार्यक्षेत्र में सफलता, व्यापार में लाभ, पारिवारिक सुख और आर्थिक मजबूती के संकेत बन रहे हैं। हालांकि कुछ राशियों को जल्दबाजी और अनावश्यक खर्च से बचने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं सभी राशियों का विस्तृत राशिफल।

♈ मेष : मेहनत का मिलेगा पूरा प्रतिफल, करियर में उन्नति के योग

मेष राशि के जातकों के लिए मंगलवार उत्साह और नई ऊर्जा लेकर आएगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। सरकारी या निजी क्षेत्र में कार्यरत लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। नई जिम्मेदारी मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यापार में नए संपर्क लाभदायक साबित होंगे और पुराने निवेश से भी अच्छा लाभ मिल सकता है।

परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। किसी शुभ समाचार से घर में प्रसन्नता का माहौल बनेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है।

करियर: नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
व्यापार: लाभ के नए अवसर।
स्वास्थ्य: सामान्य, थकान से बचें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

♉ वृषभ : आर्थिक स्थिति होगी मजबूत, रुका धन मिलने के संकेत

आज वृषभ राशि के लोगों के लिए आर्थिक दृष्टि से दिन शुभ रहेगा। लंबे समय से अटका हुआ धन मिलने की संभावना है। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल होंगी। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का विश्वास मिलेगा और पदोन्नति की चर्चा शुरू हो सकती है।

पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। घर में किसी मांगलिक कार्यक्रम की रूपरेखा बन सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन वाहन चलाते समय सावधानी आवश्यक है।

करियर: पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि।
व्यापार: निवेश लाभ देगा।
स्वास्थ्य: सामान्य।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

♊ मिथुन : वाणी और बुद्धिमत्ता दिलाएगी सफलता

मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। आपकी संवाद शैली और निर्णय क्षमता कार्यस्थल पर प्रभाव डालेगी। नए प्रोजेक्ट या योजनाओं की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। व्यापारियों को नए अनुबंध मिलने की संभावना है।

परिवार और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

करियर: नई उपलब्धि मिलेगी।
व्यापार: विस्तार के योग।
स्वास्थ्य: तनाव से बचें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

♋ कर्क : धैर्य रखें, जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है

कर्क राशि वालों को आज हर निर्णय सोच-समझकर लेना होगा। नौकरी में कार्यभार बढ़ सकता है, लेकिन आपकी मेहनत की सराहना होगी। व्यापार में आय बनी रहेगी, हालांकि खर्च भी बढ़ सकते हैं। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें।

परिवार में बुजुर्गों की सलाह लाभदायक साबित होगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें और खान-पान पर विशेष ध्यान दें।

करियर: धैर्य से सफलता मिलेगी।
व्यापार: आय-व्यय संतुलित रहेगा।
स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या से बचें।
शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

♌ सिंह : मान-सम्मान में वृद्धि, समाज में बढ़ेगा प्रभाव

सिंह राशि वालों के लिए मंगलवार प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला दिन रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपके कार्यों की सराहना होगी। व्यापार में लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

परिवार के साथ समय सुखद बीतेगा। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।

करियर: पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि।
व्यापार: लाभ के अच्छे संकेत।
स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

♍ कन्या : सफलता आपके कदम चूमेगी

आज आपकी योजनाएं सफल होंगी। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि के संकेत हैं। व्यापारियों को नए अवसर मिलेंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। परिवार में सहयोग मिलेगा और मन प्रसन्न रहेगा।

करियर: उन्नति के प्रबल योग।
व्यापार: लाभदायक दिन।
स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 7

♎ तुला : रुके कार्य होंगे पूरे, भाग्य देगा साथ

आज का दिन नई शुरुआत के लिए अनुकूल रहेगा। नौकरी में स्थान परिवर्तन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में विस्तार होगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा और परिवार का सहयोग मिलेगा।

करियर: नई उपलब्धि के योग।
व्यापार: विस्तार संभव।
स्वास्थ्य: सामान्य।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 8

♏ वृश्चिक : सोच-समझकर लें निर्णय

वृश्चिक राशि वालों को आज निवेश और बड़े फैसलों में सावधानी रखनी होगी। कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिलेगा। व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन अंततः लाभ की स्थिति बनेगी। परिवार का सहयोग बना रहेगा।

करियर: धैर्य रखें।
व्यापार: निवेश में सावधानी।
स्वास्थ्य: तनाव से बचें।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 4

♐ धनु : भाग्य का साथ, सफलता के नए द्वार खुलेंगे

आज धनु राशि वालों को यात्रा, व्यापार और नौकरी में शुभ समाचार मिल सकते हैं। नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा।

करियर: उन्नति के योग।
व्यापार: लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

♑ मकर : कार्यक्षेत्र में बढ़ेगा प्रभाव

मकर राशि वालों के लिए मंगलवार उपलब्धियों से भरा रहेगा। वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्यों से संतुष्ट रहेंगे। व्यापार में पुराने निवेश लाभ देंगे। परिवार में खुशहाली बनी रहेगी।

करियर: सम्मान मिलेगा।
व्यापार: आर्थिक लाभ।
स्वास्थ्य: सामान्य।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

♒ कुंभ : रचनात्मक सोच दिलाएगी नई पहचान

आज नई योजनाओं और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी और व्यवसाय दोनों में उन्नति के संकेत हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा और परिवार में प्रसन्नता बनी रहेगी।

करियर: नई उपलब्धियां।
व्यापार: विस्तार के योग।
स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 11

♓ मीन : आध्यात्मिक ऊर्जा से मिलेगा मानसिक सुकून

मीन राशि के जातकों के लिए दिन शांत और सकारात्मक रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नौकरी में धैर्य और व्यापार में संतुलित निर्णय लाभ देंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक शांति बनी रहेगी।

करियर: धैर्य से सफलता।
व्यापार: सामान्य लाभ।
स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 12

मंगलवार होने के कारण हनुमान जी की आराधना विशेष फलदायी मानी गई है। हनुमान चालीसा का पाठ, लाल पुष्प अर्पित करना तथा जरूरतमंदों को गुड़ या मसूर की दाल का दान करना शुभ माना जाता है। संयम, सकारात्मक सोच और परिश्रम आज सफलता की कुंजी साबित हो सकते हैं।

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मुख्य सचिव विकासशील का बड़ा फैसला: अब हर जिले और विभाग में हर महीने होंगे उत्कृष्ट अधिकारी-कर्मचारियों के सम्मान कार्यक्रम

रायपुर, 27 जुलाई 2026/मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों (नस्तियों) के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जून माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी, सभी विभागाध्यक्ष तथा प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

*जिला व विभागाध्यक्ष स्तर पर सम्मान*
   
         मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मंत्रालय की तर्ज पर विभागाध्यक्ष कार्यालयों एवं जिला स्तर पर भी हर माह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए नियमित सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। 100% डिजिटल ऑनबोर्डिंग: ई-एचआरएमएस (e-HRMS), स्पैरो (SPARROW) और ई-ऑफिस प्रणालियों में सभी अधिकारी-कर्मचारियों की शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन एसीआर व बायोमेट्रिक उपस्थिति: वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) ऑनलाइन भरने और आधार-सक्षम बायोमेट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज कराने को अनिवार्य किया गया है।

*राज्य स्तर पर पुरस्कार*
 
       अगले माह से ई-ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभागाध्यक्ष कार्यालय और सर्वश्रेष्ठ जिला कार्यालय को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक की अवधि का संचयी आकलन कर स्कोरबोर्ड और जिलों/विभागों की रैंकिंग जारी की जाएगी। 

*उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभाग एवं अधिकारी सम्मानित* 

      विभागीय श्रेणी (Top 3) प्रथम लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, द्वितीय गृह विभाग, तृतीय वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सम्मानित किया गया इसी प्रकार अधिकारी श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्तकर्ता संयुक्त सचिव श्रेणी में श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत (आदिम जाति विकास) - प्रथम, श्री अनुपम त्रिवेदी (अ.जनजाति विकास) - द्वितीय, श्री सच्चिदानंद आलोक (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) -तृतीय। उप सचिव श्रेणी में श्री दूरदेशी राम सोन्टापर (वन एवं जलवायु परिवर्तन)-प्रथम, श्री शिव कुमार सिंह (वाणिज्यिक कर) -द्वितीय, श्री किशोर कुमार भूआर्य (सामान्य प्रशासन-1) -तृतीय स्थान पर रहे, जिन्हे सम्मानित किया गया।

          अवर सचिव श्रेणी में श्री पूरन लाल साहू (गृह) -प्रथम, श्री मगन लाल पवार (वाणिज्य एवं उद्योग) -द्वितीय, श्री अरुण कुमार मिश्रा (विधि एवं विधायी कार्य) -तृतीय, अनुभाग अधिकारी श्रेणी में श्री नंद कुमार मेश्राम (सामान्य प्रशासन-1) -प्रथम, श्री शिवकुमार गोंड (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) -द्वितीय, श्री वीरेन्द्र कुमार (स्वास्थ्य विभाग) -तृतीय स्थान पर रहे,  विशेष सम्मान सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में श्री आलोक जोशी (आई टी विभाग) तथा वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सुश्री ललिता राय (चिकित्सा शिक्षा विभाग) को सम्मानित किया गया। कनिष्ठ सचिवालय सहायक में श्री उमेश यादव - प्रथम, श्री प्रभु सिंह राठिया - द्वितीय, श्री सतकुमार भास्कर -तृतीय, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में श्री अभिषेक दास -प्रथम, श्रीमती माया देवांगन -द्वितीय, श्री अमित हूमाने -तृतीय, इसके अलावा, समयबद्ध कार्यालयीन उपस्थिति के लिए उप सचिव श्रीमती क्लेमेनटिना लकड़ा, अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव सहित 19 अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को भी प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बड़ा विजन, हर जिले में खेल संघ, स्कूलों में रोज खेल पीरियड और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी पर दिया जोर

रायपुर. 27 जुलाई 2026. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने का बड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता श्री वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।

श्री साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और श्री रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

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जेलों में निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, पीडब्ल्यूडी सचिव मुकेश बंसल ने की प्रदेशभर की परियोजनाओं की समीक्षा

रायपुर. 24 जुलाई 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने प्रदेश के विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आज आयोजित बैठक में जिलों के कार्यपालन अभियंताओं, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक श्री हिमांशु गुप्ता और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में शामिल हुए। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न संभागों के कार्यपालन अभियंता, ठेकेदार और जेल अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक में जुड़े।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में प्रदेश की विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन बैरकों, बाउंड्रीवॉल्स, शौचालयों और वॉच टॉवर्स के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ ही सभी जेलों के अधीक्षकों से निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थलों का नियमित दौरा कर कार्यों की कड़ाई से मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों को भी निर्माण सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय पर पूरा करने को कहा।

श्री बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं और जेल अधीक्षकों को सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए जेल परिसर के भीतर निर्माण सामग्रियों के परिवहन की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने जेल अधीक्षकों को श्रमिकों को रोज काम के लिए पर्याप्त समय देने को कहा। जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक श्री हिमांशु गुप्ता ने बैठक में कहा कि जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रह रहे हैं। नए बैरकों के निर्माण और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार से राहत मिलेगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के मैदानी अधिकारियों, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को तेज गति से काम कर कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण करने को कहा।

*इन कार्यों की हुई समीक्षा*

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में रायपुर केन्द्रीय जेल में पार्किंग शेड, पाठशाला शेड, मुलाकातियों-परिजनों के लिए शेड व शौचालय निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बिलासपुर के नगोई में 1500 आवास क्षमता के विशेष जेल, जिला जेल धमतरी और गरियाबंद में बाउंड्रीवॉल, जिला जेल जांजगीर, रामानुजगंज, सूरजपुर, कांकेर, संजारी-बालोद तथा उप जेल सारंगढ़ में बैरक निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। विभागीय सचिव ने कवर्धा उप जेल में मुख्य दीवार की ऊंचाई बढ़ाने के कार्य, केन्द्रीय जेल अंबिकापुर और जगदलपुर में कैदियों के लिए बैरक एवं शौचालय निर्माण, जिला जेल दंतेवाड़ा में शौचालय निर्माण, जिला जेल सुकमा की मुख्य दीवारों के चारों ओर कंसर्टीना वायर फेंसिंग तथा वॉच टॉवर निर्माण एवं उप जेल बीजापुर में वॉच टॉवर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

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गांव-गांव तक विकास पहुंचाने का मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश: सशक्त पंचायतें ही बनाएंगी विकसित छत्तीसगढ़, अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के दिए सख्त निर्देश

रायपुर 27 जुलाई 2026/ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। यदि ग्राम पंचायतें सशक्त हों, गांव आत्मनिर्भर बनें और प्रत्येक ग्रामीण विकास की प्रक्रिया का सहभागी बने, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प वास्तविक रूप ले सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ग्राम पंचायतें जनभागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर गांव बनाने का सबसे प्रभावी मंच हैं। अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए ग्रामीणों का विश्वास जीतना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांव का प्रत्येक नागरिक स्वयं विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बने। उन्होंने प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां जनभागीदारी, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रभावी योजना के माध्यम से आदर्श विकास मॉडल विकसित किए जा सकें।

*विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1 जुलाई से लागू विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना का निर्माण प्राथमिकता से किया जाए।
इसके माध्यम से जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

*जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन बने प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ही स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने तथा वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

*10.40 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब लक्ष्य करोड़पति दीदी*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। छत्तीसगढ़ में अब तक 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़कर बड़ी संख्या में करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास, आजीविका गतिविधियों और नई औद्योगिक नीति से उत्पन्न अवसरों से जोड़ा जाए।

*बस्तर के अंतिम गांव तक पहुंचे विकास की रोशनी*

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों तक कभी पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, बिजली, आवास, राशन, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

*पीएम आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर*

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित सभी योजनाओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पंचायत स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए। किसानों और ग्रामीण परिवारों को सौर पंप तथा अन्य सौर ऊर्जा योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन का उद्देश्य केवल अपने सीमित उत्तरदायित्व का निर्वहन मात्र न होकर के समाज में ऐसा सकारात्मक परिवर्तन लाना होना चाहिए, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रसेवा का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, उससे प्रेरणा लेकर प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी को समाज निर्माण का अवसर मानना चाहिए।

*एक व्यक्ति का संकल्प पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है*

मुख्यमंत्री श्री साय ने पद्मश्री श्री पोपटराव पवार के हिवड़े बाजार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदार नेतृत्व और जनसहभागिता के माध्यम से किसी भी गांव का कायाकल्प किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए हमेशा बड़ी संख्या की आवश्यकता नहीं होती। यदि एक व्यक्ति भी संकल्प लेकर आगे बढ़ता है, तो पूरा समाज उसके साथ खड़ा हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 1999 की अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए बताया कि जब वे पहली बार सांसद बने थे, तब युवा सांसदों के मार्गदर्शन के लिए श्री पोपटराव पवार को आमंत्रित किया गया था। उस समय एक युवा सरपंच के रूप में उन्होंने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की जो कहानी सुनाई थी, वही आज पूरे देश के लिए आदर्श ग्राम विकास का मॉडल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट स्थित दीनदयाल शोध संस्थान में नानाजी देशमुख द्वारा विकसित ग्राम विकास मॉडल तथा ओडिशा में डॉ. अच्युत सामंत द्वारा शिक्षा के माध्यम से किए गए सामाजिक परिवर्तन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जिले की स्थानीय परिस्थितियों, संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुरूप विकास का अपना मॉडल तैयार किया जाए, जिससे स्थायी और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

*हिवड़े बाजार मॉडल ने दिखाया जनभागीदारी की ताकत*

कार्यशाला में पद्मश्री श्री पोपटराव पवार ने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की यात्रा साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1989 में गांव जल संकट, पलायन, बेरोजगारी और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहा था। जनसहभागिता, अनुशासन, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से गांव का व्यापक विकास किया गया। आज गांव में पलायन समाप्त हो चुका है, बीपीएल परिवार नहीं हैं, प्रतिदिन लगभग पांच हजार लीटर दूध का संग्रहण होता है तथा प्रति व्यक्ति आय लगभग नौ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, संचालक श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री अमरजीत सिन्हा, प्रदेश के सभी जिलों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त संदेश: एग्रीस्टेक पोर्टल पर हर किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन हो, हर पात्र किसान को मिले किसान क्रेडिट कार्ड और सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें

जशपुरनगर, 27 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि एवं राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं तथा लंबित राजस्व प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान पंजीयन, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए सभी मामलों का नियमानुसार एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
     कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों के ऑनलाइन पंजीयन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें। उन्होंने इस योजना के तहत संदिग्ध प्रकरणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने पात्र किसानों के शत-प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड  बनाए जाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे। 
     राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राज्य शासन की छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार नियम, 2023  के अंतर्गत नगरीय निकायों में चल रहे सर्वे कार्य की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों का नियमानुसार परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में सर्वे एवं अन्य आवश्यक कार्य पूर्ण करें। इसके अलावा उन्होंने आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख दुरुस्तीकरण, अभिलेख शुद्धता, व्यपवर्तन तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की भी गहन समीक्षा की।           
       कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार, गुणवत्तापूर्ण एवं शत-प्रतिशत निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6-4 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं पीड़ित क्षतिपूर्ति राशि से संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों एवं पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

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शिक्षा की गुणवत्ता पर कलेक्टर रोहित व्यास का बड़ा एक्शन, बिना बायोमेट्रिक उपस्थिति शिक्षकों को नहीं मिलेगा वेतन, स्कूलों की होगी नियमित मॉनिटरिंग

जशपुरनगर, 27 जुलाई 2026/ विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने पाठ्यपुस्तकों के वितरण, विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण, शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, स्मार्ट क्लास तथा जश लर्न कार्यक्रम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर श्री व्यास ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र सिन्हा एवं सभी विकासखंडों के बीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्यालयों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी एवं शिक्षक पूरी गंभीरता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 
     कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति बिना किसी वैध कारण के दर्ज नहीं होगी, उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से इसकी निगरानी करने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षण व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिन विद्यालयों में अब तक पाठ्यपुस्तकों का वितरण नहीं हो पाया है, वहां शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया बाधित न हो। साथ ही नवप्रवेशी विद्यार्थियों की अपार आईडी तत्काल तैयार करने के हेतु भी निर्देशित किया। 
     कलेक्टर ने विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के पालकों से नियमित संपर्क स्थापित कर उनकी अनुपस्थिति के कारणों की जानकारी लेकर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। साथ ही पात्र छात्र-छात्राओं के जाति प्रमाण-पत्र समय पर बनवाने हेतु आवश्यक सहयोग करने , सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को निर्धारित समय-सीमा में साइकिल वितरण पूर्ण करने तथा अन्य छात्रहितकारी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्मार्ट क्लास का  नियमित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण पद्धति से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा रोचक तरीके से मिलेगी। उन्होंने  विद्यालयों में उपलब्ध सभी डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने को कहा, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध हो सके।

*जश लर्न कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की सराहना*

बैठक में जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल जश लर्न कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। इस दौरान कार्यक्रम के यूथ इंपैक्ट इंडिया के कंट्री हेड श्री रोहन भी उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम के संचालन, उपलब्धियों तथा विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए शिक्षा अधिकारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान किया। कलेक्टर श्री व्यास ने जश लर्न कार्यक्रम के अंतर्गत बेहतर प्रदर्शन करने वाले विकासखंडों एवं शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुनकुरी विकासखंड की शिक्षिका श्रीमती अनीता एक्का से संवाद कर उनके उत्कृष्ट कार्य की प्रशंसा की और कहा कि उनका प्रयास अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। कलेक्टर ने कहा कि जश लर्न कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी मूलभूत गणितीय दक्षताओं में सक्षम बनाना है, जिन्हें इन विषयों को समझने में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की प्रतिबद्धता और नवाचारपूर्ण प्रयासों से अधिकाधिक विद्यार्थी इन आधारभूत दक्षताओं में निपुण बन सकेंगे, जिससे उनकी आगे की शिक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर की सांस्कृतिक विरासत पहुंचेगी राष्ट्रपति भवन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी विजेताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों का सम्मान

रायपुर 27 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परंपरागत जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों तथा जनप्रतिनिधियों का 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आगामी 30 जुलाई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट करेगा। 

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परगना मांझी, मांझी, चालकी तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन भी किया है। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन का भ्रमण करेगा तथा नई दिल्ली के प्रमुख राष्ट्रीय स्थलों का अवलोकन भी करेगा। यह अवसर बस्तर की जनजातीय   संस्कृति, परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश के सर्वाेच्च संवैधानिक मंच पर मिल रहे सम्मान का ऐतिहासिक प्रतीक होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की गौरवशाली विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर के कलाकारों और परंपरागत जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान बस्तर की संस्कृति, परंपरा और जनजातीय समाज के प्रति पूरे देश के सम्मान का प्रतीक है।

संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम-2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और लोकपरंपराएं राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनजातीय ज्ञान परंपरा, लोकजीवन, पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण का सशक्त अभियान बन चुका है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम के विजेता प्रतिभागियों एवं जनजातीय प्रतिनिधियों का सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक स्वाभिमान का सम्मान है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग द्वारा जनजातीय विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बस्तर पंडुम आज केवल छत्तीसगढ़ का नहीं, बल्कि देश के सबसे महत्वपूर्ण जनजातीय सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। लोककलाओं को मंच उपलब्ध कराने, कलाकारों को सम्मान दिलाने, जनजातीय ज्ञान परंपरा का दस्तावेजीकरण करने तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में इस महोत्सव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में पहली बार आयोजित बस्तर पंडुम ने विश्व के सबसे बड़े जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ को वैश्विक पहचान दिलाई थी। इस उपलब्धि के बाद वर्ष 2026 में महोत्सव का दायरा और अधिक व्यापक किया गया। पहले जहां सात विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, वहीं इस वर्ष इन्हें बढ़ाकर 12 विधाओं तक विस्तारित किया गया। बस्तर संभाग के सात जिलों के 32 विकासखंडों से 54 हजार 750 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लेकर अपनी लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक आयोजित महोत्सव में जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक पेय, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि सहित 12 विधाओं के माध्यम से बस्तर की सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन किया गया।

जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय समारोह का उद्घाटन राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने किया, जबकि समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। महोत्सव में जनजातीय शिल्प, हस्तशिल्प, वन-औषधियों, पारंपरिक आभूषणों और लोक व्यंजनों की प्रदर्शनी ने बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित किया। इससे स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक अवसर भी प्राप्त हुए। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के कलाकारों की सहभागिता ने बस्तर पंडुम को राष्ट्रीय सांस्कृतिक संगम का स्वरूप प्रदान किया।
 
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आमंत्रण पर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने जा रही बस्तर की यह गौरवगाथा न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक शक्ति और जनजातीय गौरव का प्रतीक है, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी है।

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संत रविदास की 650वीं जयंती, समरसता संकल्प अभियान और घर-घर तिरंगा यात्रा को लेकर भाजपा की जिला कार्यशाला संपन्न, बूथ स्तर तक जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान

जशपुर। भारतीय जनता पार्टी जिला जशपुर द्वारा सोमवार को जिला भाजपा कार्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती, समरसता संकल्प अभियान, घर-घर तिरंगा अभियान एवं तिरंगा यात्रा की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में मुख्य वक्ता लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, जिला संगठन प्रभारी अमर सुल्तानिया एवं भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने संगठनात्मक विषयों, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति से जुड़े अभियानों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। कार्यशाला का संचालन जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने किया।

संत रविदास का संदेश सामाजिक समरसता का आधार : प्रबोध मिंज

मुख्य वक्ता एवं लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का प्रतीक है। उन्होंने समाज को जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर एकता और सद्भाव का संदेश दिया। भारतीय जनता पार्टी उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से समरसता संकल्प अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार अंत्योदय और सामाजिक समरसता के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संत रविदास जी के संदेश को घर-घर पहुंचाकर समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने का कार्य करें।

इस बार तिरंगा यात्रा केवल पार्टी का कार्यक्रम नहीं, जनभागीदारी का अभियान बने : अमर सुल्तानिया

जिला संगठन प्रभारी अमर सुल्तानिया ने जिले के पदाधिकारियों, मोर्चा अध्यक्षों एवं मंडल प्रभारियों के संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि समरसता संकल्प अभियान चार चरणों में संचालित किया जाएगा। इसकी शुरुआत 29 जुलाई से होगी और यह अभियान 20 फरवरी तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से चलेगा। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए बूथ स्तर तक व्यापक जनसंपर्क किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 10 अगस्त से 14 अगस्त तक घर-घर तिरंगा एवं तिरंगा यात्रा अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्येक वर्ष तिरंगा यात्रा निकालती है, लेकिन इस वर्ष इसे केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान बनाना है। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं आम जनमानस को भी तिरंगा यात्रा से जोड़ना होगा। हर कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में लोगों को तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए प्रेरित करे, ताकि राष्ट्रभक्ति का यह अभियान पूरे समाज का उत्सव बन सके।

उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रमों के माध्यम से देश के विभाजन की पीड़ा और स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदानों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। प्रत्येक कार्यकर्ता इन सभी अभियानों को पूरी गंभीरता, अनुशासन और समर्पण के साथ सफल बनाने का संकल्प लेकर कार्य करे।

मजबूत बूथ संगठन ही भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति : भरत सिंह

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कार्यशाला की विषय-वस्तु प्रस्तुत की तथा जिले के सभी मंडल अध्यक्षों से बूथ समितियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी बूथ समितियों का गठन एवं लंबित संगठनात्मक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत बूथ संगठन है। आगामी सभी अभियान तभी सफल होंगे जब प्रत्येक बूथ पर सक्रिय कार्यकर्ता पूरी जिम्मेदारी के साथ समाज के बीच पहुंचकर संगठन और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे तथा अधिक से अधिक लोगों को इन अभियानों से जोड़ेंगे।

जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में मुख्य रूप से पूर्व विधायक भरत साय, पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, अंत्यावसायी निगम अध्यक्ष सुरेंद्र बेसरा, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश नन्दे, बलरामपुर जिला प्रभारी ओमप्रकाश सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला महामंत्री मनीष अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, उपेन्द्र यादव, आनंद शर्मा, शांति भगत, रीना बरला, शंकर गुप्ता, श्रीनायक मिश्रा, संतोष सहाय, संतोष सिंह, राजकपूर भगत, रूपेश सोनी, शरद चौरसिया, पिंकी गुप्ता, देवधन नायक, अनूप नारायण सिंह, हदीस अंसारी, गोविंद भगत, संजीव ओझा, मुकेश सोनी, नेहरू सिंह, राजकुमार गुप्ता, हरीश आरिक, देवलाल भगत, हरिशंकर यादव, प्रभाकर यादव, उमेश यादव, प्रतीक सिंह, विनोद निकुंज, गणेश गुप्ता, हेमा दीवान, हेमन्त बंजारा, आनंद यादव, राजकिशोर जायसवाल सहित भाजपा के जिला पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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वनांचल में कांवड़ियों को बड़ी सौगात: लमनी और खुड़िया में बने आधुनिक प्रतीक्षालय शेड, सोलर बिजली से जगमगाएंगे श्रद्धालुओं के पड़ाव

रायपुर, 27 जुलाई 2026/उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर पंचायत विभाग द्वारा सुदूर वनांचल के ग्राम लमनी और खुड़िया में 20-20 लाख रुपये की लागत से आधुनिक प्रतीक्षालय शेडों का निर्माण कराया गया है।श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में भरकर पदयात्रा करने वाले हजारों श्रद्धालुओं को इस वर्ष बड़ी राहत मिली है। वर्षों से वनांचल क्षेत्रों में विश्राम, पेयजल, प्रकाश और भोजन बनाने जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करने वाले कांवड़ियों के लिए अब सुरक्षित और सुविधायुक्त विश्राम स्थल उपलब्ध हो गए हैं। 

          ये नवनिर्मित प्रतीक्षालय कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित पड़ाव के रूप में विकसित किए गए हैं। यहां रात्रि विश्राम, भोजन बनाने तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक हो सकेगी।

*लमनी में पहला सुरक्षित पड़ाव, सोलर ऊर्जा से होगा रोशन*

        ग्राम लमनी कांवड़ियों का पहला प्रमुख पड़ाव माना जाता है। अब तक यहां सीमित संसाधनों के बीच श्रद्धालुओं को खुले स्थानों पर रात्रि विश्राम करना पड़ता था। बरसात, अंधेरा और घने जंगलों के कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इन समस्याओं को देखते हुए लमनी बैरियर के समीप निर्मित नए प्रतीक्षालय शेड में सुरक्षित रात्रि विश्राम, भोजन बनाने तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विशेष रूप से यहां सोलर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था स्थापित की गई है, जिससे रात के समय पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध रहेगा और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा।  इसी प्रकार ग्राम खुड़िया में भी 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रतीक्षालय शेड कांवड़ियों के लिए राहत का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। अब यात्रा के दौरान दोनों स्थान श्रद्धालुओं के प्रमुख विश्राम स्थलों के रूप में उपयोगी साबित होंगे।

*वर्षों पुरानी समस्या का हुआ स्थायी समाधान*

           कांवड़ यात्रा का मार्ग घने जंगलों, पहाड़ी क्षेत्रों और दूरस्थ वनांचल ग्रामों से होकर गुजरता है। हजारों श्रद्धालु कई दिनों तक पैदल यात्रा कर भगवान शंकर के मंदिरों तक पहुंचते हैं। लंबे समय से इन मार्गों पर सुरक्षित रात्रि विश्राम और मूलभूत सुविधाओं की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। श्रद्धालुओं की इस लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पंचायत विभाग के माध्यम से लमनी और खुड़िया में आधुनिक प्रतीक्षालय शेडों का निर्माण सुनिश्चित कराया, जिससे वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सका।

*यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल सुविधाओं का भी प्रबंध*

         उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयास केवल प्रतीक्षालय निर्माण तक सीमित नहीं हैं। कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक स्तर पर अन्य व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ की जा रही हैं। यात्रा के दौरान आकस्मिक स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार हेतु स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। मार्गों की मरम्मत और आवश्यक रिपेयरिंग कर यात्रा को सुरक्षित बनाया जा रहा है। साथ ही विभिन्न स्थानों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

*भोलेनाथ के भक्तों की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*

          उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण मास की कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और जनभावनाओं का महापर्व है। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ के भक्तों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रतीक्षालयों का निर्माण, स्वास्थ्य शिविर, सड़क मरम्मत, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और सुविधा के साथ अपनी यात्रा पूर्ण कर सकें।

*कांवड़ियों ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार*

       कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि पहले वनांचल क्षेत्रों में रात्रि विश्राम के दौरान काफी परेशानियां होती थीं। बारिश और अंधेरे के बीच यात्रा करना तथा सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहद कठिन होता था। लमनी और खुड़िया में बने नए प्रतीक्षालय शेडों से अब बड़ी राहत मिलेगी। रात्रि विश्राम, भोजन बनाने और प्रकाश जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने से यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और सुरक्षित हो गई है। श्रद्धालुओं ने इन जनहितकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन सुविधाओं का लाभ आने वाले वर्षों तक हजारों कांवड़ यात्रियों को मिलता रहेगा।

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कारगिल के वीरों का बलिदान भावी पीढ़ियों के लिए अमर प्रेरणा, विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम : टंक राम वर्मा

​रायपुर, 27 जुलाई 2026/
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के सभागृह में आज 'कारगिल विजय दिवस' के अवसर पर  कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा, युवाओं की भूमिका और 2047 के विकसित भारत संकल्प पत्र पर अपने विचार साझा किए।

*​कारगिल विजय: स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा*

​         मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को 'ऑपरेशन विजय' के तहत भारतीय सेना ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए शत्रुओं को खदेड़ा था।कारगिल की जीत केवल सैन्य अभियान की सफलता नहीं, बल्कि भारत के अखंड स्वाभिमान की विजय थी। हमारे वीर जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से आभार जताया।

*​दैनिक जीवन में कर्तव्यनिष्ठा ही सच्ची देशभक्ति*

     ​उच्च शिक्षा मंत्री ने देशभक्ति की परिभाषा को व्यापक रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल विशेष अवसरों पर नारे लगाने तक सीमित नहीं है। समय का पाबंद होना, ईमानदारी से काम करना, जरूरतमंदों की मदद, जल व पर्यावरण संरक्षण, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान 'एक पेड़ माँ के नाम' व 'वोकल फॉर लोकल' को जीवन में अपनाना ही वास्तविक देशभक्ति है।

*सुरक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, परिसर और डिजिटल मीडिया में भी जरूरी*

     ​डिजिटल दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिना जांचे-परखे फर्जी संदेश फैलाना सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाता है। इसके साथ ही, हाल ही में नीट (NEET) परीक्षा विवाद जैसे मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असमाजिक और बाहरी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। उन्होंने राज्य के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में शांति, सुरक्षा और सुचारू अध्यापन के लिए सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी।

*​2047 का विजन: विकसित भारत, समृद्ध छत्तीसगढ़*

   ​.    मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'विकसित भारत 2047' के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के 'समृद्ध छत्तीसगढ़' के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान न देकर उनमें राष्ट्रबोध, अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित करें। साथ ही, युवाओं को सेना के शौर्य से जोड़ने के लिए महाविद्यालयों में वीर सैनिकों के सम्मान में नियमित संगोष्ठी और प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि बस्तर से सरगुजा और रायपुर तक छत्तीसगढ़ के युवाओं में असीम ऊर्जा है। इस ऊर्जा को शिक्षा, कौशल, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।

       कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के पूर्व कुलपति प्रो. एन. पी. दीक्षित, वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. टी. एल. वर्मा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र पटेल सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। 

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खुड़िया रानी धाम में स्वच्छता का संदेश: जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और महिला समूहों ने किया सामूहिक श्रमदान, मंदिर परिसर को बनाया स्वच्छ व सुंदर

*जशपुरनगर 27 जुलाई 2026/* स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जनपद पंचायत बगीचा की ग्राम पंचायत छिछली (र) के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खुड़िया रानी मंदिर परिसर में आज प्रातः 07:00 बजे से 11:00 बजे तक व्यापक स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वच्छता के प्रति जनजागरूक बनाना था।

स्वच्छता श्रमदान में जनपद पंचायत बगीचा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, ग्राम पंचायत छिछली (र) के सरपंच, सचिव एवं पंचायत कर्मियों, आसपास के ग्राम पंचायतों के सरपंचों, ग्रामीणजनों, युवाओं एवं महिला समूहों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की। 
इस अवसर पर ग्राम पंचायत द्वारा गंगा समूह को स्वच्छता किट प्रदान की गई तथा समूह के सदस्यों से मंदिर परिसर की नियमित साफ-सफाई एवं स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया गया। समूह ने परिसर को सदैव स्वच्छ रखने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम की सफलता में वन विभाग की टीम एवं स्थानीय सामाजिक संगठन सफल प्रयास सेवा समिति का विशेष सहयोग एवं योगदान सराहनीय रहा। सभी प्रतिभागियों ने श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देते हुए आमजन से भी अपने धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा सतत जनआंदोलन है। ऐसे सामूहिक श्रमदान कार्यक्रमों से समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है तथा धार्मिक स्थलों की गरिमा और पवित्रता भी बनी रहती है।

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जशपुर में विधिक साक्षरता शिविर का सफल आयोजन: छात्राओं को कानून, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और बाल अधिकारों की दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

जशपुर 27 जुलाई 2026/ नालसा की योजना के तहत माननीय श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर जिला जशपुर (छ०ग०) के मार्गदर्शन में थाना जशपुर चौकी आरा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन दिनांक 26.07.2026 को किया गया। उक्त विधिक साक्षरता शिविर कार्यक्रम में माननीय श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के द्वारा प्री-मैट्रिक बालिका छात्रावास इचकेला एवं प्री-मैट्रिक बालिका छात्रावास आरा में विधिक जागरूकता, बाल विवाह, मानव तस्करी, नशा मुक्ति, बाल श्रम, साइबर फॉड, मोटर यान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को संविधान एवं कानून की मूलभूत जानकारी प्रदान करते हुए विधि की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, न्याय और अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है जिसके लिए कानून की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। माननीय श्री बलराम कुमार देवांगन, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुनकुरी एवं

श्रीमती सुमन सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर के द्वारा भी विधिक साक्षरता, नशा मुक्ति, बाल श्रम, साइबर फॉड, मोटर यान, नशीली दवाओं के दुरुपयोग, शिक्षा का अधिकार, गुड टच एवं बैड टच घरेलु हिंसा से महिलाओं का संरक्षण के बारे में विद्यार्थियों जानकारी दी।

उक्त साक्षरता शिविर में प्री-मैट्रिक बालिका छात्रावास इचकेला के लगभग 55, प्री-मैट्रिक बालिका छात्रावास आरा के 50 विद्यार्थी, शिक्षक तथा कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।

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