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मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर साइबर ठग सक्रिय, पॉवर कंपनी ने जारी की सख्त चेतावनी—किसी भी संदिग्ध लिंक और APK फाइल से रहें दूर

जशपुर 20 मार्च 2026/बिजली आज हमारी मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज के कारण बकाया राशि बढ़ जाती है और पूरा भुगतान करना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समाधान योजना शुरू की है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं से यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है। 

            छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी श्री भीम सिंह ने विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर फैल रहे साइबर ठगी के प्रयासों से सतर्क रहें। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि योजना के पंजीयन या बिजली बिल भुगतान से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए अनजान वॉट्सएप मैसेज, ई-मेल या एसएमएस में आए किसी लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी एपीके फाइल को डाउनलोड करें।

             कई बार आर्थिक कठिनाइयों के कारण उपभोक्ता बिजली बिल बकाया रह जाता है और समय के साथ उस पर बिजली बिल में अधिभार बढ़ता जाता है। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार एकमुश्त भुगतान या किस्तों में भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को अपना पंजीयन कराना आवश्यक होगा। यह पंजीयन बिजली विभाग की वेबसाइट, मोबाइल एप या नजदीकी कार्यालय में जाकर कराया जा सकता है। 

             छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी के एमडी श्री भीम सिंह ने अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने बकाया बिजली बिल का समाधान करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाना है।

              पॉवर कंपनी के अनुसार वह अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए उपभोक्ताओं को कोई एपीके फाइल या संदिग्ध वेब लिंक नहीं भेजती है। इसलिए यदि किसी संदेश में ऐसा लिंक या फाइल प्राप्त होती है तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। कंपनी ने बताया कि योजना की जानकारी और पंजीयन की सुविधा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि लोग सीधे अधिकृत माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकें।

           छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे बिजली बिल या किसी अन्य शुल्क का भुगतान केवल “मोर बिजली एप”, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी विद्युत कार्यालय में ही करें। किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध है।

           साथ ही उपभोक्ताओं को बताया गया है कि पॉवर कंपनी की ओर से भेजे जाने वाले सभी आधिकारिक संदेश “CSPDCL-S” सेंडर ID से ही आते हैं। यदि किसी अन्य आईडी से संदेश प्राप्त होता है तो उसे संदिग्ध माना जाए। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पॉवर कंपनी ने कहा है कि सतर्कता ही समझदारी है और थोड़ी सावधानी बरतकर साइबर ठगी से आसानी से बचा जा सकता है।

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जशपुर में खनिज न्यास बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त संदेश—नियमों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त, गड़बड़ी करने वालों पर तय है कड़ी कार्रवाई


जशपुर 20 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास और शासी परिषद प्रबंध कारिणी समिति की बैठक ली।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ शासन के नियमों का भी गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि राशि का उपयोग स्वास्थ्य,शिक्षा, कुपोषण को दूर करने, युवाओं के कौशल विकास और आजीविका के सृजन, स्वच्छता, आवास, कृषि, पशुपालन और अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों में ही किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि खनिज संस्थान न्यास निधि के तहत जिले के प्राथमिक वाले कार्यों को लेना है।

कलेक्टर ने कौशल विकास के तहत बांस से बनाए जाने वाले सामग्री, गुड़ बनाने की विधि, जशपुर में बड़ी संख्या में कटहल उत्पादन को देखते हुए इसको भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं। ताकि युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा सके।

कलेक्टर ने कृषि विभाग, पशुपालन  उद्यानिकी विभाग को भी प्रस्ताव भेजने से पहले किसानों की आवश्यकता और उनके लाभ को ध्यान में रखते हुए जानकारी भेजने के लिए कहा है।

उन्होंने कहा कि अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों में उसी कार्यों को शामिल किया जाएगा जो बहुत जरूरी हो।

कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को  स्पष्ट निर्देश दिए है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बहुत जरूरी है नियमों का उलंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई।
उन्होंने कहा कि कार्यों की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समिति का भी गठन किया जो कार्यों की सतत् निगरानी करेगी ।

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हिंसा से हौसले तक: बंदूक छोड़ अब ट्रैक पर दौड़ेंगे कदम, बस्तर हेरिटेज मैराथन में दिखेगा बदलाव का असली दम

रायपुर, 20 मार्च 2026/ बस्तर में आपका स्वागत है, जहाँ विरासत जीवंत है और प्रकृति साँस लेती है। बस्तर हेरिटेज मैराथन में प्राचीन वन, जीवंत आदिवासी संस्कृति और मनमोहक परिदृश्य समाहित हैं। धावक साल के पेड़ों से घिरे सुरम्य मार्गों और प्राचीन गाँवों से गुजरेंगे, और हर कदम पर बस्तर की सुंदरता का अनुभव करेंगे। छत्तीसगढ़ के बस्तर में रोमांच और प्रकृति के बीच एक खास आयोजन होने जा रहा है। 22 मार्च 2026 को बस्तर हेरिटेज मैराथन  2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के धावक हिस्सा ले सकेंगे। इस मैराथन की शुरुआत जगदलपुर के लाल बाग मैदान से होगी और फिनिश लाइन एशिया के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात पर होगी। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की गई है।

          बस्तर की शांत वादियों में इस बार केवल प्रकृति का संगीत नहीं, बल्कि बदलाव और विकास के संकल्प की एक अभूतपूर्व गूँज सुनाई देने वाली है।  इस मैराथन की सबसे गौरवशाली और मानवीय तस्वीर उन आत्म-समर्पित माओवादियों के रूप में उभर कर सामने आ रही है, जो कभी दुर्गम जंगलों के अंधेरों में भटकते थे, लेकिन अब समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा बनकर इस खेल महाकुंभ में अपनी शारीरिक शक्ति और जीवटता का परिचय देने को बेताब हैं। हिंसा का मार्ग त्याग कर शांति की राह चुनने वाले इन युवाओं का यह उत्साह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि बस्तर अब पुराने संघर्षों के साये से बाहर निकलकर खेल, साहस और शौर्य के वैश्विक मंच पर अपनी एक नई और सकारात्मक पहचान गढ़ रहा है।

             इस मैराथन में 42 कि.मी., 21 कि.मी., 10 कि.मी. और 5 कि.मी. जैसी अलग-अलग कैटेगरी रखी गई हैं, ताकि हर स्तर के रनर्स इसमें भाग ले सकें। प्रतियोगिता में 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी रखी गई है और बस्तर संभाग के धावकों के लिए अलग से पुरस्कार की व्यवस्था की गई है। यह आयोजन बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, संस्कृति और खेल भावना को एक साथ जोड़ने का खास मौका बनने जा रहा है।

         बस्तर की फिजाओं में अब हिंसा के बारूद की नहीं, बल्कि उम्मीदों और सपनों की उड़ान की खुशबू तैर रही है। कभी जिन हाथों में बंदूकें हुआ करती थीं और जो पैर घने जंगलों की खाक छानते थे, वे अब बस्तर मैराथन के ट्रैक पर अपनी किस्मत आजमाने और एक नई पहचान बनाने को पूरी तरह तैयार हैं। दंतेवाड़ा के लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान और पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) जैसे प्रभावी पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से दर्जनों पूर्व नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने का ऐतिहासिक फैसला किया है। शासन की कल्याणकारी पुनर्वास नीति के तहत ये युवा अब अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग कर रहे हैं और जंगल की संकरी पगडंडियों पर छिपने के बजाय मैराथन की फिनिशिंग लाइन को छूने का लक्ष्य लेकर कड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं। 

           स्थानीय खेल मैदानों में आयोजित अभ्यास सत्रों के दौरान इन युवाओं का जोश देखते ही बनता है, जहाँ पसीने से तर-बतर चेहरे और दृढ़ संकल्प वाली आँखें बस्तर के बदलते स्वरूप की गवाही दे रही हैं। प्रशिक्षकों का मानना है कि इन युवाओं में अदम्य साहस और बेमिसाल स्टेमिना है, जिसे अब आधुनिक रनिंग तकनीकों के माध्यम से तराशा जा रहा है ताकि वे न केवल दौड़ें, बल्कि जीत का परचम भी लहरा सकें। इस बदलाव का मानवीय पक्ष तब और उभर कर आता है जब शिविर की महिला प्रतिभागी भावुक होकर बताती हैं कि डर के साये से निकलकर अब उन्हें समाज में सम्मान और सुरक्षा मिल रही है। यह अनूठी पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जंगल की हिंसा और भटकाव को पीछे छोड़कर एथलेटिक्स में करियर बनाने का एक सुनहरा अवसर है। अनुभवी कोचों द्वारा दी जा रही प्रोफेशनल ट्रेनिंग इन युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बना रही है, जिससे वे स्थानीय समुदाय के साथ जुड़कर एक नई पहचान तलाश रहे हैं।

          अंततः यह प्रयास बस्तर में शांति, विश्वास और प्रगति का एक सशक्त संदेश दे रहा है, जहाँ पूरा दंतेवाड़ा इन युवाओं के हौसले को सलाम करते हुए मैराथन के ट्रैक पर उनकी ऐतिहासिक जीत की राह देख रहा है। इस मैराथन के माध्यम से ये पूर्व माओवादी न केवल अपनी दमखम का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश भी देंगे कि यदि सही दिशा और अवसर मिले, तो बस्तर का हर हाथ राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सहभागी बन सकता है। ऐतिहासिक लालबाग मैदान की मिट्टी से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के कल-कल करते तटों पर समाप्त होने वाली यह 42 किलोमीटर की श्फुल मैराथनश् इन समर्पित युवाओं की भागीदारी को विशेष रूप से रेखांकित करेगी।

        आयोजन को पूरी तरह समावेशी बनाने के उद्देश्य से इसमें 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर की दौड़ और 5 किलोमीटर की श्फन रनश् जैसी श्रेणियां भी रखी गई हैं, जहाँ बस्तर के स्थानीय धावकों और मुख्यधारा में लौटे इन युवाओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन ने 25 लाख रुपये की विशाल इनामी राशि की घोषणा की है, जिसमें बस्तर कैटेगरी के विशेष प्रावधानों ने स्थानीय समुदायों के साथ-साथ इन युवाओं के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार किया है। विशेषकर 10 किलोमीटर की श्रेणी में जूनियर और ओपन वर्ग के अलग-अलग प्रावधानों ने पहली बार दौड़ने वाले युवाओं और फिटनेस प्रेमियों के बीच जबरदस्त आकर्षण पैदा किया है। स्थानीय सहभागिता को अधिकतम करने के लिए बस्तर जिले के सभी धावकों हेतु पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, ताकि कोई भी प्रतिभा आर्थिक तंगी के कारण इस ऐतिहासिक अवसर से वंचित न रह जाए।

         इच्छुक खिलाड़ी आधिकारिक वेबसाइट www.bastarheritage.run या जारी विज्ञापनों में उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से अपना स्थान सुरक्षित कर सकते हैं, जबकि किसी भी प्रकार की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 92440-79533 भी सक्रिय कर दिया गया है। निश्चित रूप से, 22 मार्च को जब ये धावक चित्रकोट की लहरों के साथ कदमताल करेंगे, तो वे केवल फिनिश लाइन की ओर नहीं भाग रहे होंगे, बल्कि बस्तर के एक नए, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील भविष्य की पटकथा लिख रहे होंगे।

         22 मार्च 2026 (रविवार) को जगदलपुर से चित्रकोट तक आयोजित होने वाली बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 में बस्तर संभाग के सभी सात जिलोंकृसुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर एवं कोंडागांव से 200 से अधिक पुनर्वासित माओवादी कैडर उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। इस आयोजन में उनके साथ-साथ विभिन्न वर्गों के प्रतिभागी, पेशेवर एवं स्थानीय एथलीट, युवा, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में नागरिक भी सम्मिलित हो रहे हैं। यह मैराथन खेल भावना के साथ-साथ बस्तर में शांति, एकता एवं सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रही है।

          आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों की यह सक्रिय सहभागिता “पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) की अवधारणा को साकार रूप देती है, जो शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का मूल उद्देश्य है। “पूना मारगेम” के माध्यम से इन कैडरों को हिंसा के मार्ग से हटाकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने, उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने तथा नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मैराथन जैसे आयोजनों में उनकी भागीदारी इस सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण है। बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 का उद्देश्य बस्तर क्षेत्र को एक नई पहचान देना, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना तथा बस्तर की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है। 

          आत्मसमर्पित कैडरों, स्थानीय नागरिकों एवं एथलीट्स की संयुक्त सहभागिता इस आयोजन को और अधिक प्रेरणादायक बना रही है। यह पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि बस्तर अब विकास, विश्वास एवं नई संभावनाओं की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां “पूना मारगेम” के माध्यम से हिंसा का राह छोड़, उम्मीदों की दौड़ का अवसर मिल रहा है।

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आधी रात का कहर: श्रीनदी पुल पर बेकाबू ट्रेलर पलटा, रेलिंग तोड़ी, कुनकुरी-तपकरा मार्ग घंटो रहा जाम’,बाल-बाल बचे चालक-खलासी ,यातायात बहाल करने में जुटा प्रशासन

जशपुर /नारायणपुर 20 मार्च 2026। जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत खारीझरिया स्थित श्रीनदी पुल पर बीती रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। रोलिंग रॉड से लदा एक भारी ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर पुल के ठीक बीचों-बीच पलट गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पुल की मजबूत रेलिंग तक चकनाचूर हो गई और लोहे से भरा ट्रेलर सड़क पर इस तरह बिखर गया कि पूरा मार्ग लोहे के ढेर में तब्दील हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा आधी रात के आसपास हुआ, जब तेज रफ्तार ट्रेलर अचानक लहराते हुए पुल पर चढ़ा और देखते ही देखते पलट गया। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि चालक को नींद की झपकी आ गई थी, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और यह बड़ा हादसा हो गया। गनीमत यह रही कि इतना भयानक हादसा होने के बावजूद चालक और खलासी बाल-बाल बच गए और दोनों को किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई।

हादसे के बाद कुनकुरी-तपकरा मुख्य मार्ग पूरी तरह से जाम हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसमें ट्रक, बस और छोटे वाहन घंटों तक फंसे रहे। रातभर यात्री जाम में जूझते रहे, कई लोग खुले आसमान के नीचे इंतजार करने को मजबूर हो गए। सुबह तक भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलते ही कुनकुरी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को संभालने में जुट गई। पुलिस टीम ने मौके पर सुरक्षा घेरा बनाकर राहत कार्य शुरू किया और ट्रेलर को हटाने के लिए भारी मशीनें बुलाई गईं। प्रशासन भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मार्ग को जल्द से जल्द चालू करने के प्रयास जारी हैं।

फिलहाल यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लंबी दूरी के चालकों की थकान को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती जाए, तो ऐसे हादसे कभी भी बड़ी जनहानि का कारण बन सकते हैं।

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भगवान झूलेलाल की जयंती पर आस्था का संदेश, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिंधी समाज को दी चैतीचांद की हार्दिक शुभकामनाएं

रायपुर, 20 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल जी की जयंती के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर सिंधी समाज को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान झूलेलाल जी समरसता, सहिष्णुता और जल संरक्षण के प्रतीक हैं। उनकी शिक्षाएँ आज भी मानवता को जोड़ने का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) सिंधी समाज का प्रमुख सांस्कृतिक पर्व है, जो न केवल झूलेलाल जी की जयंती के रूप में, बल्कि नववर्ष के रूप में भी पूरे उल्लास और आस्था के साथ मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना की और कहा कि ऐसे पर्व सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करते हैं।

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लालच, दबाव और भ्रम फैलाकर होने वाले धर्मांतरण पर लगेगा कड़ा अंकुश,अब होगी पूरी तरह पारदर्शी, पहले देनी होगी प्रशासन को जानकारी ,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा बयान – नए कानून से समाज में संतुलन और विश्वास बढ़ेगा

रायपुर 20 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किए जाने को राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए माँ दुर्गा से प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव अथवा भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नए विधेयक के लागू होने से ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और समाज में संतुलन तथा विश्वास कायम रहेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब धर्म परिवर्तन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया को विधिसम्मत और पारदर्शी बनाना अनिवार्य होगा। इसके तहत संबंधित पक्षों को पूर्व में ही प्राधिकृत अधिकारी को सूचित करना होगा, जिसके बाद आवेदन की सार्वजनिक सूचना जारी कर निर्धारित समयसीमा में उसका परीक्षण किया जाएगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि धर्मांतरण किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या अनुचित प्रभाव के बिना ही किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व में लागू कानून अपेक्षाकृत कम प्रभावी था, जिसके कारण अवैध गतिविधियों को रोकने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। नए प्रावधानों में कठोर दंडात्मक व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं, जिससे ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई संभव होगी।

उन्होंने कहा कि अनियंत्रित धर्मांतरण से कई बार सामाजिक असंतुलन और अशांति की स्थिति उत्पन्न होती है। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में शांति, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा को और सुदृढ़ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध जनजागरण का जो अभियान चलाया, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि समाज की जागरूकता और सहभागिता से ही इस दिशा में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह विधेयक प्रदेश में पारदर्शिता, न्याय और सामाजिक एकता को मजबूती देगा तथा छत्तीसगढ़ को एक सशक्त, संतुलित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करेगा।

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आज का राशिफल | 20 मार्च 2026, शुक्रवार:-गजकेसरी व सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रभाव: भाग्य का खुलेगा द्वार, कई राशियों को धन, पद और प्रतिष्ठा में मिलेगा जबरदस्त लाभ

आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चंद्रमा का मीन राशि में गोचर गजकेसरी योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण कर रहा है, जो कई राशियों के लिए उन्नति, धन लाभ और सफलता के नए द्वार खोल सकता है। ग्रहों की इस अनुकूल स्थिति का असर नौकरी, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर सकारात्मक रूप से देखने को मिलेगा। आइए विस्तार से जानते हैं सभी 12 राशियों का आज का राशिफल—

मेष राशि:

आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण निर्णय को लेने से पहले सोच-विचार जरूर करें। जल्दबाजी नुकसानदायक हो सकती है। नौकरी में अधिकारियों का दबाव महसूस हो सकता है, लेकिन धैर्य से काम लेंगे तो स्थिति संभल जाएगी।
व्यापार में सामान्य लाभ रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा, लेकिन किसी बात को लेकर मन में असमंजस रह सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, फिर भी मानसिक तनाव से बचने की जरूरत है।

वृषभ राशि:

आज का दिन आपके लिए बेहद शुभ और लाभदायक साबित हो सकता है। आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। व्यापार में विस्तार के योग बन रहे हैं।
नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। विद्यार्थियों के लिए भी समय अनुकूल है।

मिथुन राशि:

आज आपके लिए सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि का दिन है। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
व्यापार में नई योजनाएं सफल होंगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।

कर्क राशि:

आज आप आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों में अधिक रुचि लेंगे। किसी तीर्थ या धार्मिक आयोजन में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।
नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और कार्यों में सफलता मिलेगी। परिवार में शांति और संतुलन बना रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी।

सिंह राशि:

आज का दिन आपके लिए उन्नति और सफलता का संकेत लेकर आया है। नए संपर्क बनेंगे, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगे।
व्यापार में अच्छा लाभ होगा। नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।

कन्या राशि:

आज साझेदारी में किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापार में लाभ के योग हैं और नए प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए समय अनुकूल है।
नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। परिवार में सामंजस्य बना रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन खानपान पर ध्यान देना जरूरी है।

तुला राशि:

आज का दिन मेहनत और समर्पण का फल देने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और प्रगति के अवसर मिलेंगे।
व्यापार में स्थिरता रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन थकान महसूस हो सकती है।

वृश्चिक राशि:

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। कला, लेखन और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए दिन बेहद शुभ है।
भाग्य का साथ मिलेगा और अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। परिवार में खुशियां बनी रहेंगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे।

धनु राशि:

आज पारिवारिक जीवन में खुशहाली रहेगी। घर में कोई शुभ कार्य या मांगलिक कार्यक्रम हो सकता है।
नौकरी और व्यापार में सामान्य प्रगति होगी। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन खानपान पर ध्यान दें।

मकर राशि:

आज आपके संबंधों में सुधार देखने को मिलेगा। पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं।
कार्यस्थल पर सफलता मिलेगी और नए अवसर प्राप्त होंगे। व्यापार में लाभ के योग हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

कुंभ राशि:

आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट का ध्यान रखें।
नौकरी में सामान्य स्थिति रहेगी। व्यापार में सोच-समझकर निवेश करें। परिवार का सहयोग मिलेगा।

मीन राशि:

आज का दिन आपके लिए नई संभावनाएं लेकर आया है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और कार्यों में सफलता मिलेगी।
नौकरी और व्यापार में उन्नति के संकेत हैं। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। परिवार में खुशहाली रहेगी।

आज बन रहे गजकेसरी योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के प्रभाव से वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दिन अत्यंत लाभकारी और शुभ फल देने वाला साबित हो सकता है।

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आस्था और संगीत का अद्भुत संगम: रामनवमी पर्व पर जशपुर में 26 मार्च की संध्या होगी खास, महावीर मंदिर में भव्य आयोजन के साथ राधा श्रीवास्तव के भजनों से सराबोर होगा पूरा शहर


जशपुर 19 मार्च : रामनवमी के पावन अवसर पर जशपुर के श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष आध्यात्मिक शाम का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 26 मार्च 2026 को महावीर मंदिर बस स्टैंड परिसर में एक भव्य 'भावनात्मक भजन संध्या' का आयोजन होगा।

दिवंगत अपनों की याद में समर्पित शाम
यह कार्यक्रम केवल एक संगीत आयोजन नहीं है, बल्कि यह उन प्रियजनों की पावन स्मृति को समर्पित है जो अब हमारे बीच नहीं हैं। 'श्री महावीर मंदिर पूजा समिति' द्वारा आयोजित इस शाम का उद्देश्य संगीत के माध्यम से पूर्वजों को याद करना और श्रद्धांजलि अर्पित करना है।

मुख्य आकर्षण: राधा श्रीवास्तव
भजन संध्या की मुख्य कलाकार राधा श्रीवास्तव होंगी, जो देश के प्रतिष्ठित मंचों (जैसे 'दिल है हिंदुस्तानी' और 'इंडियन आइडल') की विजेता रह चुकी हैं। अपनी सुरीली आवाज़ और खास अंदाज़ के लिए पहचानी जाने वाली राधा श्रीवास्तव अपनी प्रस्तुतियों से भक्ति का रस घोलेंगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा
स्थान: महावीर मंदिर, बस स्टैंड, जशपुर

दिनांक: 26 मार्च 2026

समय: शाम 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक

आयोजक: श्री महावीर मंदिर पूजा समिति

"आयोजक समिति ने समस्त नगरवासियों से सपरिवार उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने और पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।"

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धर्मध्वजा के संग जशपुर में दिव्य आगमन:  : मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी के नगर प्रवेश से भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा में डूबा जशपुर, बना धर्ममय उत्सव स्थल

जशपुरनगर, 19 मार्च 2026।
गुरुवार का दिन जशपुर के लिए आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का ऐतिहासिक पर्व बन गया, जब महाराज का भव्य नगर प्रवेश हुआ। जैसे ही वे से विहार करते हुए शाम करीब 5 बजे की सीमा में पहुंचे, पूरा शहर “जय-जय” के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा और सड़कों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

नगर प्रवेश का यह दृश्य किसी धार्मिक महाकुंभ से कम नहीं था। शहर के प्रमुख मार्गों को भव्य स्वागत द्वारों, रंग-बिरंगी पताकाओं और पुष्प सज्जा से सजाया गया था। हर चौक-चौराहे पर लोगों की भीड़ उमड़ती रही और पूरा जशपुर मानो धर्म और भक्ति के रंग में रंग गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, आकर्षक झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य और भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि ने वातावरण को अलौकिक बना दिया। महिलाएं आरती की थाल सजाए खड़ी रहीं, तो युवाओं की टोलियां जयघोष के साथ आयोजन में ऊर्जा भरती नजर आईं। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने मुनि श्री के चरण पखारकर आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे वातावरण और अधिक श्रद्धामय हो उठा।

इस भव्य आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता अनुशासन और जनसहभागिता रही। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग—हर वर्ग ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कुनकुरी से चरईडांड और दमेरा मार्ग होते हुए निकले इस ऐतिहासिक विहार में नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, कृषण कुमार राय, मुकेश शर्मा, पार्षद राजेश गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रमुख लोगों ने अगुवाई की और मुनि श्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुनि श्री शुक्रवार को जशपुर के जैन मंदिर में प्रवास करेंगे, जहां उनके प्रवचनों का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। उनके उपदेशों के माध्यम से धर्म, संयम, अहिंसा और सदाचार के मूल्यों का प्रसार होगा। इसके पश्चात शनिवार को वे पवित्र जैन तीर्थ के लिए विहार करेंगे। उनका यह प्रवास जशपुरवासियों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, प्रेरणा और आत्ममंथन का विशेष अवसर बन गया है।

जशपुर का धार्मिक महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। शिखरजी मार्ग में प्रमुख पड़ाव होने के कारण यहां देशभर के जैन संतों का आगमन होता रहता है। जैन समाज द्वारा निर्मित संत निवासों में संतों के ठहरने और साधना की समुचित व्यवस्था की जाती है, जो समाज की गहरी आस्था और सेवा भावना का प्रतीक है। लगातार संतों के आगमन और प्रवचनों ने जशपुर को एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है, जहां हर बार संतों का आगमन केवल आयोजन नहीं बल्कि समाज के लिए जागरूकता, प्रेरणा और आध्यात्मिक उन्नयन का माध्यम बन जाता है।

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छत्तीसगढ़ में जनजातीय खेलों का महासंग्राम : खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स 2026 में 32 राज्यों के 3000 खिलाड़ी दिखाएंगे दम, रायपुर-जगदलपुर-अंबिकापुर बनेंगे खेल प्रतिभाओं के सबसे बड़े अखाड़े

रायपुर. 19 मार्च 2026. छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में देशभर के जनजातीय खिलाड़ी सात खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। इसमें देश के 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 3000 खिलाड़ी भागीदारी करेंगे। आयोजन के दौरान पुरूष एवं महिला वर्गों में राजधानी रायपुर में पांच खेलों तथा बस्तर संभागीय मुख्यालय जगदलपुर और सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में एक-एक खेल होंगे। इसमें छत्तीसगढ़ के कुल 164 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 86 पुरूष और 78 महिला खिलाड़ी शामिल हैं।

तीनों शहरों में नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए चिन्हांकित खेल स्थलों व मैदानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार करने का काम जोरों पर है। रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय फुटबॉल मैदान और स्वामी विवेकानंद एथलेटिक्स स्टेडियम कोटा में फुटबॉल की प्रतियोगिताएं होंगी। रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी की स्पर्धाएं होंगी। वहीं रायपुर के अंतरराष्ट्रीय स्वीमिग पूल में तैराकी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग संचालनालय के ओपन मैदान में तीरंदाजी तथा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ओपन ग्राउंड में वेट-लिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं संपन्न होंगी।

जगदलपुर के धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में एथलेटिक्स और अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में कुश्ती की प्रतियोगिताएं होंगी। खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में देश के दो परंपरागत खेलों कबड्डी और मलखंब को भी डेमो गेम्स के रूप में शामिल किया गया है। कबड्डी की स्पर्धाएं रायपुर के सरदार बलबीर सिंह इंडोर स्टेडियम और मलखंब का प्रदर्शन अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में होगा।

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धूमधाम से मनाई गई तहसील स्तरीय मां कर्मा जयंती - साहू समाज की एकजुटता बनी मिसाल, समाज और क्षेत्र के विकास में नहीं आने दी जाएगी कोई कमी

???? राजनांदगांव/छुरिया।
तहसील क्षेत्र के ग्राम आटरा (भकुर्रा) में विगत दिनों साहू समाज द्वारा तहसील स्तरीय भव्य मां कर्मा जयंती समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ साहू समाज की तहसील, परिक्षेत्रीय एवं ग्रामीण इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें समाज की एकता, संगठन और सांस्कृतिक समरसता का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत गांव की माताओं एवं बहनों द्वारा भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। पारंपरिक वेशभूषा और गाजे-बाजे के साथ निकली इस कलश यात्रा ने पूरे गांव को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया। यात्रा का नेतृत्व मंडल अध्यक्ष हुकुम सिंह साहू, सचिव महेंद्र साहू एवं जाकेश साहू ने किया।

कलश यात्रा के पश्चात आयोजन स्थल पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें बच्चों, युवाओं एवं महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोकनृत्य, गीत-संगीत और प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

इसके बाद प्रमुख अतिथियों द्वारा मां कर्मा की पूजा-अर्चना कर विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अतिथियों का पारंपरिक तरीके से फूलमाला, श्रीफल, गमछा एवं तिलक लगाकर स्वागत-सम्मान किया गया।

 अतिथियों ने दिया सामाजिक सुधार का संदेश
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों ने अपने उद्बोधन में साहू समाज को प्रदेश का शिक्षित, संगठित और अनुशासित समाज बताते हुए सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने की बात कही। साथ ही सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली बच्चों की सहायता का संकल्प भी लिया गया।

 विकास कार्यों को लेकर बड़ी घोषणा
जिला पंचायत अध्यक्ष किरण रविन्द्र वैष्णव ने समाज एवं ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि क्षेत्र एवं गांव के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सामुदायिक भवन एवं कलामंच निर्माण कार्य नए वित्तीय वर्ष में प्राथमिकता के साथ कराए जाएंगे।

इस अवसर पर समाज के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और संगठन की मजबूती का सशक्त संदेश दिया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन को दी श्रद्धांजलि,परिजनों से भेंट कर बंधाया ढांढस, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति योगदान को किया नमन

रायपुर 19 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय श्री महावीर प्रसाद जैन के निवास पहुंचकर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री महावीर प्रसाद जैन का जीवन समाज सेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और समाज को प्रेरणा देता रहेगा।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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जशपुर को विकास की नई सौगात: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 19.51 करोड़ के 6 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

रायपुर 19 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर में पुलिस लाइन हेलीपैड के समीप कुल 19 करोड़ 51 लाख 78 हजार रुपए की लागत से 6 महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्र को विकास की नई सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नगर पालिका जशपुर के वार्ड क्रमांक 18 भागलपुर में 35.46 लाख रुपए की लागत से मुक्तिधाम निर्माण कार्य तथा वार्ड क्रमांक 16 में 6.76 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से शहरवासियों को बेहतर सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चार प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया। इनमें 2.89 करोड़ रुपए लागत से चटकपुर-रेंगारबहार मार्ग, 3.01 करोड़ रुपए लागत से कुनकुरी-औंरीजोर-मतलूटोली-पटेल पारा मार्ग, 3.29 करोड़ रुपए लागत से रानीबंध-चिड़ाटांगर-उपरकछार मार्ग तथा 3.18 करोड़ रुपए लागत से धुरीअम्बा-कटुखोसा मार्ग का निर्माण शामिल है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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सरहुल उत्सव जनजाति संस्कृति की विशिष्ट धरोहर, इन्हें संजो कर रखना हमारा कर्तव्य - मुख्यमंत्री श्री साय,जशपुर के दीपू बगान में सरहुल महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल होकर विधि विधान से की पूजा-अर्चना, जनजातीय संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश

जशपुरनगर 19 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर के दीपू बगीचा में आयोजित सरहुल महोत्सव में शामिल हुए। इस इस अवसर पर उन्होंने धरती माता, सूर्य देव एवं साल वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और समृद्ध फसल की कामना की। पूजा कराने वाले बैगा ने मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल फूल) को  खोंचकर सरहुल पर्व की शुभ रस्म निभाई। इस अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा में सजी 100 से अधिक महिलाओं एवं युवतियों की टोली ने सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं मांदर की थाप पर पूरा परिसर उत्साह और उल्लास से झूम उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवासियों को सरहुल उत्सव तथा हिंदू नव वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि सरहुल महोत्सव सदियों से प्रकृति और धरती पूजा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस उत्सव में बैगा, पाहन एवं पूजारी द्वारा धरती माता की पूजा कर वर्षा, खेती और बरकत की कामना की जाती है। उन्होंने कहा कि यह जनजातीय समाज की विशिष्ट सभ्यता एवं संस्कृति का प्रतीक है, जिसे संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट, विधायक श्रीमती गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री कृष्ण कुमार राय, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री राजू गुप्ता, श्री मुकेश शर्मा, सरगुजा संभाग के कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं भारी संख्या में आमनागरिक मौजूद रहे।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रस्तुत किया गया है, जो धर्मांतरण रोकने में कारगर सिद्ध होगा। सरकार प्रदेश की 3 करोड़ जनता से किए गए वादों को लगातार पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को आवास सुविधाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत 24 किश्तों में 15000 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं तथा 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी भी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएं सशक्त हो रही हैं और प्राप्त राशि का उपयोग आजीविका संवर्धन, सुकन्या समृद्धि जैसे कार्यों में कर रही हैं। जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है, जिसके तहत गांव के बैगा को प्रतिवर्ष 5000 रुपए दिए जाएंगे तथा जनजाति क्षेत्रों में गांव में स्थित अखरा विकास के लिए 15 से 25 लाख रुपए तक की व्यवस्था की जाएगी। 

      उल्लेखनीय है कि सरहुल परब, चैत्र महीने में मनाया जाने वाला उरांव समुदाय का प्रमुख पर्व है। यह प्रकृति के नवजीवन का प्रतीक है, जब पेड़ों में नए पत्ते और फूल आते हैं तथा महुआ और साल-सखुआ के फूलों से वातावरण महक उठता है। इस पर्व में धरती माता और सूर्य देव के प्रतीकात्मक विवाह के साथ सामूहिक पूजा की जाती है। सरना स्थल पर पारंपरिक विधि से पूजा और प्रसाद वितरण के साथ सामाजिक एकता का संदेश दिया जाता है। महोत्सव के दौरान युवक-युवतियों द्वारा पारंपरिक नृत्य-गीत प्रस्तुत किए जाते हैं तथा  वर्षा और फसल का अनुमान लगाने की परंपरा निभाई जाती है। घर-घर सरई (साल) फूल और पवित्र जल का वितरण कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। सरहुल महोत्सव जनजातीय आस्था, प्रकृति प्रेम और सामूहिक जीवन की समृद्ध परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जो समाज को एकता और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ता है।

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मुखबिर सूचना पर अलर्ट थी पुलिस, ग्रामीणों की सूझबूझ से तस्कर चढ़े हत्थे ,ग्रामीणों की मदद से 8 मवेशियों सहित 2 तस्कर दबोचे,झारखंड बूचड़खाने ले जाने की साजिश नाकाम 

 

नारायणपुर, 19 मार्च 2026। जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीकोम्बो गांव में गुरुवार को मवेशी तस्करी के खिलाफ ग्रामीणों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 मवेशियों के साथ दो तस्करों को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस घटना ने क्षेत्र में लंबे समय से चल रही तस्करी के नेटवर्क को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 11 बजे गांव के लोगों ने संदिग्ध गतिविधि देखते हुए तत्परता दिखाई और मौके पर पहुंचकर दो व्यक्तियों को घेर लिया। उनके पास से 2 बैल, 2 भैंसा, 2 भैंसी और 2 पाड़ा सहित कुल 8 मवेशी बरामद किए गए।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजेश राम (45 वर्ष), निवासी नवापारा एवं रूपु रजक (50 वर्ष), निवासी दमगड़ा के रूप में हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों तस्कर मवेशियों को बेरहमी से मारते-पीटते हुए पैदल मार्ग से झारखंड के बूचड़खाने ले जा रहे थे।

ग्रामीणों ने बताया कि तस्कर अब पुलिस की नजर से बचने के लिए नए-नए रास्तों का सहारा ले रहे हैं। रानीकोम्बो गांव के ईब नदी किनारे का इलाका लंबे समय से तस्करों का सुरक्षित रास्ता बना हुआ है, जहां से दिन में भी अक्सर मवेशियों को झारखंड की ओर ले जाया जाता है।

इस मामले में खास बात यह रही कि पुलिस को पहले से ही मुखबिर के जरिए तस्करी की सूचना मिल चुकी थी। नारायणपुर पुलिस की दो टीमें सुबह से ही इलाके में तस्करों की तलाश में गश्त कर रही थीं। बावजूद इसके तस्कर रास्ता बदलकर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया।

ग्रामीणों द्वारा तत्काल पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर मवेशियों को अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता एवं तस्करी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

लगातार मिल रही थी शिकायतें
गौरतलब है कि रानीकोम्बो एवं आसपास के क्षेत्रों में मवेशी तस्करी की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तस्कर रात के अंधेरे या सुनसान रास्तों का फायदा उठाकर मवेशियों को झारखंड के बूचड़खानों तक पहुंचाते हैं।

इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश के साथ-साथ जागरूकता भी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह सतर्कता बरती जाए, तो इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।

फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।

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“जशपुर की बेटियों का ‘ज्ञान यात्रा’ में धमाकेदार प्रदर्शन: कलेक्टर रोहित व्यास की पहल से पीएम श्री स्कूलों की छात्राएं पहुंचीं अहमदाबाद, अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर गांधी दर्शन तक हासिल किया अनमोल अनुभव

जशपुर 19 मार्च 2026 :जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में जिले के पीएम श्री विद्यालयों में अध्यनरत उत्कृष्ट छात्राओं को अहमदाबाद गुजरात का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। जिले के पीएम श्री  उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमशः मनोरा ,कुनकुरी, पत्थलगांव एवं कोतबा  के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को अध्ययन हेतु शैक्षणिक भ्रमण पर अहमदाबाद ले जाया गया विद्यार्थियों को दिनांक 11. 3.2026 से दिनांक 18. 3.2026 तक गुजरात एवं छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया गया। जिले के एक विद्यालय से एक विद्यार्थी के साथ उनके एक-एक अध्यापकों को मिलाकर कुल 9 सदस्यीय दल को विक्रम साराभाई अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र, साइंस सिटी, कांकरिया लेक ,साबरमती आश्रम ,साबरमती रिवर फ्रंट, अटल सेतु आदि प्रमुख स्थलों पर ले जाकर शैक्षणिक अध्ययन कराया गया। यात्रा के प्रथम दिवस पर सभी छात्र-छात्राओं को साइंस सिटी ले जाया गया जहां विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स के साथ-साथ अंतरिक्ष विज्ञान ,खगोल विज्ञान, वनस्पति पौधे एवं पृथ्वी की उत्पत्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ज्ञान अर्जित किया। द्वितीय दिवस पर सभी विद्यार्थियों को विक्रम साराभाई अनुसंधान केंद्र ले जाया गया जहां पर उन्होंने एस्ट्रोनॉमी साइंस, रॉकेट साइंस, उपग्रह संचार व्यवस्था आदि विषयों पर केंद्र के विशेषज्ञों से परिचर्चा कर अंतरिक्ष विज्ञान के गुण रहस्यों को समझने का प्रयास किया। अनुसंधान केंद्र से निकलने के बाद छात्र-छात्राओं ने कांकरिया  पहुंचकर वहां पर वन्य जीव प्राणियों का अध्ययन करने के बाद रात्रि कालीन भ्रमण करने वाले जीव जंतुओं के जू पार्क को भी अध्ययन कराया गया। अहमदाबाद का किला एवं गांधी जी का साबरमती आश्रम भी विद्यार्थियों को दिखाया गया कपड़ा उद्योग ,कृषि ,नदियां ,जलवायु आदि विषय पर भी विद्यार्थियों के ज्ञान को पोषित किया गया । दिनांक 18. 3.2026 को यात्रा का समापन किया गया ।
उक्त संपूर्ण कार्यक्रम समग्र शिक्षा माध्यमिक खंड जशपुर को राज्य से प्राप्त दिशानिर्देशों के अनुसार संपन्न हुआ ।

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निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर के माध्यम से फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों पर जागरूकता बढ़ाने की पहल, प्रत्येक रविवार को प्रातः 11 बजे से 2 बजे‌ तक , निःशुल्क पंजीयन शुरू

बिलासपुर 19 मार्च 2026 । राज्य शासन द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को पूरा करने के लिए निजी चिकित्सक भी  इस अभियान में शामिल हो रहे है। 
 बदलती जीवनशैली, बढ़ते प्रदूषण, धूम्रपान और अनियमित दिनचर्या के कारण फेफड़ों से संबंधित बीमारियां तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। ऐसे में समय रहते जांच और सही परामर्श अत्यंत आवश्यक हो जाता है। इसी उद्देश्य को लेकर छाती, एलर्जी एवं श्वास रोग विशेषज्ञ *डॉ. अनिल कुमार डनसेना* (MBBS, MD Respiratory Medicine) द्वारा एक निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
यह शिविर *प्रत्येक रविवार* को *लंग्स एंड चेस्ट केयर क्लीनिक,* श्री प्लाजा अशोक नगर चौक, इंडियन काफी हाउस के पास, सरकंडा बिलासपुर में आयोजित किया जाएगा, जहां मरीजों का निःशुल्क पंजीयन एवं चिकित्सकीय परामर्श किया जाएगा।
शिविर में बार बार सर्दी-खांसी होना, अस्थमा, दमा (COPD), निमोनिया, टीबी (TB), एलर्जी, पैरों में सूजन, घबराहट, बेचैनी, छाती में पानी भर जाना जैसे सभी फेफड़ों एवं छाती से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के लिए निशुल्क परामर्श उपलब्ध रहेगा।

डॉ.अनिल ने बताया कि अक्सर लोग बार बार सर्दी-खांसी, सांस फूलना, सीने में दर्द/जकड़न या एलर्जी जैसी समस्याओं को मौसमी या सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती हैं। विशेष रूप से अस्थमा और सीओपीडी जैसी बीमारियां लंबे समय तक व्यक्ति को प्रभावित करती हैं और समय पर इलाज न मिलने पर जीवन की गुणवत्ता पर गहरा असर डालती हैं।
उन्होंने कहा कि टीबी जैसी संक्रामक बीमारी आज भी समाज में मौजूद है, जिसका सही समय पर निदान और उपचार बेहद जरूरी है। वहीं, बढ़ते प्रदूषण के कारण एलर्जी और श्वास संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक करना और शुरुआती स्तर पर जांच उपलब्ध कराना इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है।
शिविर में आने वाले मरीजों को न केवल निशुल्क चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें अपनी बीमारी से बचाव, सही उपचार और जीवनशैली में सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए जाएंगे ।

यह पहल उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी, जो आर्थिक या अन्य कारणों से समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक तक नहीं पहुंच पाते।
आयोजकों की ओर से आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने स्वास्थ्य की जांच अवश्य कराएं। शिविर में भाग लेने के लिए इच्छुक लोग नीचे दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं।
अग्रिम पंजीयन अनिवार्य एवं निशुल्क है। इसलिए अग्रिम 
पंजीयन के लिए दिये गये नंबर *7067791891* पर संपर्क कर अवसर का लाभ उठायें।

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खाद्य कारोबारकर्ताओ के खाद्य अनुज्ञप्ति व पंजीयन हेतु कांसाबेल में हुआ शिविर का आयोजन

जशपुरनगर 19 मार्च 2026/ खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ के आदेशानुसार एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा  जिलें में स्थित खाद्य कारोबारकर्ताओ के खाद्य अनुज्ञप्ति व पंजीयन हेतु शिविर विगत दिवस 18 मार्च 2026 को सनातन धर्मशाला कांसाबेल में शिविर का आयोजित किया। 
         
शिविर में खाद्य अनुज्ञप्ति व पजीयन से संबंधित कार्य हेतु आवश्यक मार्गदर्शन व सहयोग दिया गया। शिविर में खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य पंजीयन व लाईसेन्स को ऑनलाईन करने एवं इससे संबंधित अन्य सहयोग के लिये भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा अधिकृत किये गये फूड सेफ्टी मित्रकी सेवायें भी उपलब्ध कराया जा रही हैं। जिसके अनुसार फूड सेफ्टी मित्र   द्वारा निर्धारित किये गये सेवा शुल्क लेकर खाद्य कारोबारकर्ताओं को मौके पर आवश्यक सुविधा जैसे फार्म ऑनलाईन करना, प्रिंट आउट देना, स्कैन आदि की सुविधा दी गई, जिससे खाद्यकारोबारकर्ता एवं खाद्य सुरक्षा विभाग के बीच बेहतर फूड-ईको सिस्टम का निर्माण हो सके।
          
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा इन्ही सभी जानकारियों को देने, इस व्यवस्था को और भी अधिक सरलीकृत करने, व्यापाक जन-जागरुकता करने, अधिक से अधिक संख्या में खाद्य व्यापारियों को खाद्य पंजीयन व खाद्य लाईसेंस प्रदान करने के लिये इस प्रकार के शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। विभाग द्वारा आगामी दिनों में जिला स्तर पर एवं प्रत्येक ब्लाक स्तर पर ऐसी ही कार्यशाला और शिविर आयोजित किये जाने की योजना हैं।
         
ब्लाक कांसाबेल में आयोजित शिविर में विभाग द्वारा यह सुविधा प्रदान की गई कि, सभी आवश्यक दस्तावेज का फार्मेट एवं आवेदन फार्म व्यापारियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया गया, जिसको मौके पर ही उनके द्वारा आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा लेते हुये निर्धारित शुल्क अदा कर आवेदनों को ऑनलाईन किया गया। शिविर में लगभग 93 आवदेन प्राप्त हुये, जिनमें से कुछ आवेदनों को मौके पर निराकृत करते हुये और 08 खाद्य लाईसेंस व पंजीयन मौके पर ही जारी करते हुये उसकी कॉपी संबंधित 

खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रदान कर दिये गये। बाकि आवेदनों को आगामी तीन से चार कार्यदिवसों में ऑनलाईन करते हुये नियमानुसार जारी कर दिया जायेगा तथा जारी किये गये खाद्य पंजीयन व लाईसेंस की कॉपी संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं को उपलब्ध करा दी जावेगी।
              
आयोजित शिविर को सफल और सार्थक बनाये जाने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग एवं मार्गदर्शन खाद्य सुरक्षा विभाग को मिला। आयोजित शिविर में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से श्री. सागर दत्ता, अभिहित अधिकारी एवं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुश्री राखी ठाकुर मौजूद रहे।
          
जिलें में लोक स्वास्थ्य के लिये गुणवत्ता पूर्ण, मानक एवं स्वच्छता से विनिर्मित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता के लिये खाद्य सुरक्षा विभाग प्रतिबद्ध हैं एवं इस तारतम्य में खाद्य व्यापार से जुड़े हुये प्रत्येक कड़ी को सही एवं सुनियोजित करने के लिये इस प्रकार के कार्यक्रम एवं जागरुकता अभियान व क्रियाकलाप सतत् जारी रहेंगें।

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