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कुनकुरी में सेवा संकल्प अभियान की वॉकथॉन ने जगाई जागरूकता, नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए युवाओं एवं नागरिकों ने लोगों को किया प्रेरित

जशपुरनगर, 27 सितम्बर 2026/ सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के अंतर्गत कुनकुरी विकासखंड में वॉकथॉन (पदयात्रा) का आयोजन किया गया। 

वॉकथॉन में एसडीएम श्री नन्द जी पांडे सहित जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

पदयात्रा के दौरान युवाओं एवं आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशे से दूर रहने की अपील की गई। प्रतिभागियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।

पदयात्रा के माध्यम से नागरिकों को स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।

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जशपुर की सड़कों पर गूंजा नशामुक्त समाज का संदेश, ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत आयोजित वॉकथॉन में जनप्रतिनिधियों से लेकर विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर की सहभागिता

जशपुरनगर, 27 सितम्बर 2026/ जिला प्रशासन द्वारा सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के अंतर्गत आज जशपुर नगर में वॉकथॉन (पदयात्रा) का आयोजन किया गया। 

वॉकथॉन में विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनि भगत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

वॉकथॉन जय स्तंभ चौक से प्रारंभ होकर बस स्टैंड होते हुए रणजीता स्टेडियम पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। 

इस दौरान प्रतिभागियों ने सेवा, स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्त समाज के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

रणजीता स्टेडियम में विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनि भगत ने उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति अभियान की शपथ दिलाई। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता जरूरी है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों और नागरिकों की सहभागिता से नशामुक्ति तथा जनजागरूकता का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित हुआ। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिले में जनभागीदारी के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

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वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, मुख्यमंत्री से गुहार के बाद बोखी से झारपारा बस्ती होते हुए सहसपुर मार्ग तक 1 करोड़ 9 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क, आवागमन की समस्या हुई दूर और ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

जशपुरनगर। जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है। बोखी से झारपारा बस्ती होते हुए सहसपुर मार्ग तक सड़क का निर्माण पूरा होने से अब क्षेत्र के ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत लगभग 1 करोड़ 9 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस सड़क से क्षेत्र की कई बस्तियों का संपर्क सुगम हुआ है।ग्रामीण लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे थे। सड़क की समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपनी मांग रखी थी। ग्रामीणों की इस मांग पर सड़क निर्माण होने से अब लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिली है।

 *सड़क बनने से ग्रामीणों को मिली आवागमन में बड़ी सुविधा*


बोखी से झारपारा बस्ती होते हुए सहसपुर मार्ग तक सड़क बनने से ग्रामीणों को आवागमन के साथ ही दैनिक जरूरतों, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने में सुविधा होने लगी है। विशेषकर बरसात के दिनों में सड़क की स्थिति के कारण होने वाली परेशानियों से भी राहत मिल गई है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति ग्रामीणों ने जताया आभार*

सड़क निर्माण कार्य पूरी होने पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण से उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हुआ है। यह मार्ग क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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नारायणपुर के पोखराटोली में आस्था के साथ दिखा ग्रामीणों का उत्साह, गणेश पूजा समिति ने कराया 11 दिवसीय आयोजन, विसर्जन के बाद देर रात तक डांस प्रतियोगिता ने बांधा समां

नारायणपुर। नगर से लगे आश्रित ग्राम पोखराटोली की छोटी सी बस्ती में ग्रामीणों ने एकजुटता और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए इस वर्ष भी गणेश उत्सव का भव्य आयोजन किया। पोखराटोली में गणेश पूजा समिति के तत्वावधान में भगवान श्री गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित कर 11 दिनों तक विधि-विधान और भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना की गई। पूरे आयोजन के दौरान बस्ती में धार्मिक वातावरण बना रहा और प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

पोखराटोली के ग्रामीण वर्षभर विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को सामूहिक रूप से मनाते हैं। गणेश पूजा के साथ कर्मा पूजा, जितिया पूजा, नवरात्रि, रामनवमी, होलिका दहन सहित कई पर्वों का आयोजन यहां मिल-जुलकर किया जाता है। छोटे से बस्ती क्षेत्र में ग्रामीणों की यह सामूहिक सहभागिता आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का काम करती है।

गणेश उत्सव के दौरान पूजा समिति द्वारा एक दिवसीय भव्य भंडारे का भी आयोजन किया गया। भंडारे में आसपास के ग्रामीणों सहित सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। समिति के सदस्यों एवं ग्रामीणों ने पूरे आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

11 दिनों तक चले पूजा-अर्चना के बाद भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

विसर्जन के बाद रात्रि में पोखराटोली में डांस प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। छोटे से बस्ती क्षेत्र में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। आसपास के गांवों के अलावा दूर-दूर से भी ग्रामीण कार्यक्रम देखने और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने पहुंचे। देर रात तक चले कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन किया और ग्रामीणों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद उठाया।

ग्रामीणों का कहना है कि पोखराटोली में धार्मिक पर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इन आयोजनों के माध्यम से पूरे गांव के लोग एक साथ आते हैं। इससे नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने के साथ ही गांव में आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता भी मजबूत होती है। गणेश उत्सव का यह आयोजन भी इसी सामूहिक भावना और सद्भावना के साथ संपन्न हुआ।

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माड़ीन नदी का जलस्तर बढ़ते ही मचा हड़कंप, बैल खोलने खेत गए ग्रामीण ने आम के पेड़ पर चढ़कर बचाई जान, सूचना मिलते ही पहुंची रेस्क्यू टीम ने सकुशल निकाला, कलमानार में 9 परिवार भी किए गए शिफ्ट


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रायपुर,26 सितंबर 2026/

         नारायणपुर जिले में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। इस बीच, माड़ीन नदी के अचानक बढ़ते जलस्तर के कारण ग्राम तारागांव में बाढ़ के पानी के बीच फंसे 55 वर्षीय ग्रामीण को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर सेना की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बाहर निकाल लिया।
       ​वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश तथा कलेक्टर के मार्गदर्शन में चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाव दल ने अदम्य साहस का परिचय दिया।

*​बैल खोलने गए थे खेत, पेड़ ने बचाई जान*

      ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम तारागांव निवासी गोपी राम पटेल (55 वर्ष) नदी किनारे स्थित अपने खेत में बंधे बैल को खोलने गए थे। उसी दौरान नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से तेजी से बढ़ गया, जिससे वे चारों तरफ से पानी से घिर गए। जान बचाने के लिए वे पास ही स्थित एक आम के पेड़ पर चढ़ गए और घंटों उसी के सहारे फंसे रहे।
​सूचना मिलते ही एसडीओपी छोटेडोंगर, जिला सेनानी (नगर सेना) के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी धौड़ाई के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद टीम ने सूझबूझ से गोपी राम को सुरक्षित निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद उन्हें तुरंत धौड़ाई स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य की जांच की और भोजन उपलब्ध कराया।

*​कलमानार में 09 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर कराया गया शिफ्ट*

       ​जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कलमानार में भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। सम्भावित आपदा को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नदी किनारे बसे 09 परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थानों और उनके रिश्तेदारों के यहाँ शिफ्ट करा दिया है। प्रशासन की टीमों द्वारा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और बुनियादी जरूरतों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

*​आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी*

      ​भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को उफनते नदी-नालों, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना देने के लिए जिला कंट्रोल रूम के दूरभाष क्रमांक 07781-252214 पर संपर्क किया जा सकता है।

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केन्द्र की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और नगरीय निकायों की मजबूत क्षमता से तेज होगा शहरों का विकास, नई दिल्ली में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने केन्द्रीय सचिव और HUDCO अधिकारियों से की महत्वपूर्ण चर्चा

रायपुर. 26 सितम्बर 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने नई दिल्ली में हुडको (HUDCO) द्वारा अर्बन चैलेंज फंड (UCF) पर आयोजित क्षमता विकास कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों एवं नगरीय निकायों से कार्यशाला में हिस्सा ले रहे प्रतिभागियों से कहा कि शहरों के दीर्घकालिक विकास के लिए बेहतर नियोजन, क्षमता विकास एवं वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग के साथ विभिन्न योजनाओं के बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने शहरों की भावी जरुरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बेहतर नियोजन, संस्थागत क्षमता विकास एवं उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के सचिव श्री सतेंद्र सिंह से नई दिल्ली में भेंट कर राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, पीएम स्वनिधि, पीएम ई-बस और अर्बन चैलेंज फंड की प्रगति, उनके प्रभावी क्रियान्वयन तथा आगामी रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने इन योजनाओं के लक्ष्यों की प्राप्ति तथा नगरीय निकायों की क्षमताओं को और सुदृढ़ बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया।

श्री बोरा ने हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) श्री संजय कुलश्रेष्ठ और उनकी टीम के साथ बैठक कर राज्य के नगरीय निकायों के समग्र एवं आवश्यकता आधारित विकास की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में राज्य के नगरीय निकायों की स्थानीय आवश्यकताओं, संभावनाओं एवं विशिष्ट पहचान को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास योजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। औद्योगिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, पर्यटन, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले शहरों के लिए उनकी प्रकृति एवं विशिष्टताओं के अनुरूप विकास की रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा की गई, जिससे नगरीय सेवाओं एवं आधारभूत संरचनाओं का विस्तार स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में शहरों की आवश्यकतानुसार फूड पार्क, रेंटल हाउसिंग, पर्यटन संवर्धन, स्लम क्षेत्र के पुनर्विकास, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) सहित अन्य संभावित विकास के पहलुओं को शहरों की विकास योजनाओं में शामिल करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही अन्य राज्यों की सर्वोत्तम प्रथाओं, उनके क्रियान्वयन अनुभवों तथा चुनौतियों का अध्ययन कर राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त पहलुओं को अपनाने एवं राज्य की नीतियों में आवश्यक प्रावधान किये जाने पर भी चर्चा की गई।


बैठक में हुडको के सीएमडी ने परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक परियोजना प्रतिवेदन (PPR) तैयार करने तथा राज्य स्तर पर कार्यशाला आयोजित कर राज्य व नगरीय निकायों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों का क्षमता विकास करते हुए विशिष्ट परियोजनाओं के चिन्हांकन एवं दस्तावेजीकरण के लिए सहमति प्रदान की। उन्होंने नगरीय परियोजनाओं हेतु आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने सहयोग प्रदान करने का भी आश्वासन दिया। बैठक में विकास परियोजनाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय स्रोतों के बेहतर उपयोग तथा केंद्र एवं राज्य योजनाओं के माध्यम से वित्तीय अभिसरण (Convergence) की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

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महानदी के बढ़ते बहाव को लेकर प्रशासन अलर्ट, गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खुले—घाट-पुलों पर बैरिकेडिंग, पुलिस बल तैनात, शिवरीनारायण में मोटर बोट और बचाव उपकरणों के साथ DDRF मुस्तैद

रायपुर, 26 सितम्बर 2026/ गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले जाने और जांजगीर-चांपा जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जांजगीर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने महानदी के तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों का मैदानी निरीक्षण कर जलस्तर, नदी के बहाव और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर और एसपी संबंधित अधिकारियों से लगातार फीडबैक लेकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यकता के अनुरूप दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

कलेक्टर-एसपी ने राजस्व, पुलिस, जल संसाधन, नगर सेना सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नदी के जलस्तर और तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के साथ ही किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन और उपकरण तैयार रखने कहा गया है।

*शिवरीनारायण में DDRF की टीम तैनात, SDRF बिलासपुर से लगातार समन्वय*

जिले में बाढ़ एवं आपदा की संभावित स्थिति से निपटने के लिए होमगार्ड जवानों की जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (DDRF) की दो टीमों को तैयार रखा गया है। इनमें से एक टीम को मोटर बोट एवं अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ शिवरीनारायण में तैनात किया गया है, जबकि दूसरी टीम जिला मुख्यालय में रिजर्व रखी गई है। इसके साथ ही एसडीआरएफ बिलासपुर से लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त सहायता प्राप्त की जा सके।

*शिवरीनारायण और बसंतपुर बैराज सहित संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण*

कलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण क्षेत्र में महानदी के शिवरीनारायण बैराज, घाट, पुल, सांस्कृतिक भवन और बसंतपुर बैराज सहित विभिन्न संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। सुरक्षा की दृष्टि से घाटों और पुलों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा आवश्यक संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों को नदी के जलस्तर और बहाव पर लगातार नजर रखने तथा परिस्थिति के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण के दौरान नदी पर स्थित पुल-पुलियों और आवागमन वाले क्षेत्रों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। कलेक्टर-एसपी ने निर्देश दिए कि यदि किसी पुल या पुलिया पर पानी का बहाव आवागमन के लिए जोखिमपूर्ण हो तो तत्काल यातायात नियंत्रित किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर आवागमन पूरी तरह रोका जाए। ऐसे सभी स्थानों पर सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

*तटीय गांवों में मुनादी के निर्देश, सुरक्षित स्थानों पर आवश्यक व्यवस्था रखने कहा*

कलेक्टर ने महानदी के तटीय क्षेत्रों और पूर्व में जलभराव से प्रभावित आबादी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को संभावित जलभराव और आवश्यक सावधानियों की जानकारी मुनादी के माध्यम से देने कहा गया है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पूर्व से चिन्हांकित स्थानों पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

*नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, सेल्फी-वीडियो के लिए जोखिम न उठाएं*

कलेक्टर-एसपी ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं। तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। किसी भी आकस्मिक अथवा आपात स्थिति की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्रवाई की जा सके।

वर्तमान में जिले में स्थिति सामान्य है। एहतियात के तौर पर महानदी के तटीय क्षेत्रों, पुल-पुलियों और जलस्तर पर प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार पोयाम, एसडीएम सुश्री भावना साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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चिरायु टीम की पहल से बदली तीन मासूमों की जिंदगी, स्वास्थ्य परीक्षण में पहचानी गई जन्मजात समस्या के बाद रायपुर में हुआ निःशुल्क उपचार, बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर परिवारों की चिंता हुई कम

रायपुर, 26 सितम्बर 2026/ गंगालूर के संतोष साहनी अपने सवा साल के बेटे अयान के जन्म से कटे होंठ की समस्या को लेकर काफी चिंतित थे। गांव में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु टीम ने अयान की समस्या पहचानी। आवश्यक जांच और प्रक्रिया पूरी कर उसे उपचार के लिए रायपुर भेजा गया। जहां श्री मेडिशाइन अस्पताल में अयान का सफल उपचार होने के बाद परिवार को अब बड़ी राहत मिली है।

बीजापुर जिले के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले दो अन्य परिवारों के बच्चे जो इसी प्रकार की समस्या से पीड़ित थे उनका उपचार चिरायु योजना के माध्यम से हुआ। इशूलनार की आठ वर्षीय अंजलि हापका और तोड़का की तीन वर्षीय सविता ताती भी जन्मजात कटे होंठ की समस्या से प्रभावित थीं। चिरायु टीम ने दोनों बच्चियों की भी पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर भेजा, जहां योजना के तहत उनका निःशुल्क उपचार कराया गया।

चिरायु योजना के तहत बच्चों में जन्मजात समस्याओं, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकास संबंधी समस्याओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। अयान, अंजलि और सविता के उपचार ने उनके परिवारों को बच्चों के भविष्य के लिए हो रही चिंता को दूर किया है। 

*अयान के परिवार को मिली नई उम्मीद*
अयान की समस्या की पहचान चिरायु टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान की थी। इसके बाद टीम ने आवश्यक जांच कराई और रायपुर में उपचार की प्रक्रिया पूरी की। बेटे का उपचार हो जाने से उनके पिता संतोष साहनी और उनके पूरे परिवार की चिंता कम हुई है। अयान के चेहरे में आया बदलाव पूरे परिवार के लिए मुस्कान की सौगात लेकर आया है।

*अंजलि और सविता के परिवारों को भी मिली बड़ी राहत*
इशूलनार निवासी अंजलि के पिता सुखमा हापका भी बेटी के उपचार को लेकर चिंतित थे। चिरायु टीम ने अंजलि को चिन्हांकित किया और रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका ऑपरेशन कराया। उपचार के बाद परिवार को उसके बेहतर स्वास्थ्य की उम्मीद मिली है। इसी तरह तोड़का निवासी सविता के पिता बीजू ताती के लिए भी बेटी का उपचार होना बड़ी राहत है। चिरायु योजना के माध्यम से सविता की पहचान और उपचार संबंधी प्रक्रिया पूरी की गई। रायपुर के श्री मेडिशाइन अस्पताल में उसका सफल उपचार हुआ। परिवार ने बेटी को मिली इस सहायता पर खुशी व्यक्त की है।

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कागजी उलझनों और दफ्तरों के चक्कर से ग्रामीणों को मिली राहत, आधुनिक तकनीक के साथ सेवा संकल्प अभियान ने बदली छत्तीसगढ़ के राजस्व प्रशासन की तस्वीर

              *​विष्णु प्रसाद वर्मा*
             *सहायक संचालक*

रायपुर, 26 सितंबर 2026/

       ​छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में वर्षों से किसानों तथा भू-स्वामियों के जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा कागजी दफ्तरों के चक्कर काटने और प्रशासनिक उलझनों से जूझने में बीत जाता था। नामांतरण की एक छोटी-सी अर्जी हो, जमीन का सटीक सीमांकन, प्राकृतिक आपदा के समय फसल बीमा का क्लेम हासिल करना हो या फिर कृषि विकास के लिए बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर लोन लेना हो—हर छोटे-बड़े काम के लिए तहसील, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी और पटवारी कार्यालयों के अनगिनत चक्कर लगाने पड़ते थे। इस पूरी जटिल प्रक्रिया के दौरान बिचौलियों का अनुचित हस्तक्षेप, अतिरिक्त आर्थिक बोझ और पड़ोसियों के साथ सीमा विवाद की निरंतर बनी रहने वाली चिंता ग्रामीण जीवन की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी थी।

*​प्रशासनिक पहल: आधुनिक तकनीक से आई सुशासन की नई क्रांति*

         ​लेकिन जब प्रदेश प्रशासन ने "सेवा का संकल्प, सेवा पहुँची आपके द्वार" के मूलमंत्र को अपनी कार्यशैली में आत्मसात किया, तो छत्तीसगढ़ के राजस्व प्रशासन के इतिहास में एक युगपरिवर्तकारी क्रांति की शुरुआत हुई। इस अभियान के तहत प्रशासनिक सोच में आमूलचूल बदलाव लाया गया। अब किसान या भूमि स्वामी को अपनी वाजिब मांगों और भूमि संबंधी सुधारों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रही, बल्कि शासन का अमला खुद आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक जीपीएस उपकरणों और दक्ष सर्वेयरों की समर्पित टीम लेकर ग्रामीणों के सीधे दरवाजे तक पहुँचा। इस पहल ने न केवल शासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाया, बल्कि सुशासन और पारदर्शिता की एक नई मिसाल भी कायम की।

*​डिजिटल सर्वेक्षण का विशाल दायरा और अभूतपूर्व उपलब्धियाँ*

          ​प्रशासन के इस दृढ संकल्प और सुनियोजित क्रियान्वयन का ही सुखद नतीजा है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों के कुल 20,551 राजस्व ग्रामों में से 19,805 ग्रामों (लगभग 96.37%) में विस्तृत डिजिटल सर्वेक्षण का काम सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। मैदानी क्षेत्रों के प्रमुख जिलों जैसे रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती और सूरजपुर में डिजिटल सर्वे का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
       ​दूसरी ओर, बस्तर संभाग के अत्यंत दुर्गम, वनांचल और संवेदनशील क्षेत्रों—जैसे नारायणपुर, सुकमा तथा बीजापुर—में भी अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों और हाई-प्रिसिजन जीपीएस तकनीक के जरिए शेष बचे गाँवों को मानचित्र पर सटीक रूप से दर्ज करने का काम युद्ध स्तर पर निरंतर जारी है।

*​भू-स्वामियों को मिले प्रमुख ऐतिहासिक लाभ*

        ​प्रशासनिक दक्षता और जन-कल्याण की इस अनुपम पहल से प्रदेश के लाखों भू-स्वामियों को दशकों पुरानी असुविधाओं से स्थायी मुक्ति मिल चुकी है। डिजिटल नक्शों और सटीक सीमांकन के कारण ग्रामीण अंचलों में वर्षों से चले आ रहे भूमि संबंधी आपसी विवादों तथा कोर्ट-कचहरी के मुकदमों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अद्यतित और पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड्स से पूरी राजस्व प्रणाली विश्वसनीय बनी है, जिससे दलालों और बिचौलियों का एकाधिकार पूरी तरह समाप्त हो गया है।
       ​पूर्णतः त्रुटिरहित और सुधारे गए राजस्व रिकॉर्ड्स के आधार पर अब बैंक किसानों को बिना किसी अनावश्यक देरी के कृषि ऋण स्वीकृत कर रहे हैं। इसके साथ ही, किसान न्याय योजना, आपदा राहत और फसल बीमा जैसी महत्वपूर्ण शासकीय कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी कटौती के सीधा और समय पर वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँच रहा है।

*​आत्मनिर्भरता और आदर्श राज्य की ओर सुदृढ़ कदम*

        ​शत-प्रतिशत डिजिटल, पारदर्शी और त्रुटिहीन राजस्व रिकॉर्ड वाला देश का आदर्श राज्य बनने की दिशा में छत्तीसगढ़ द्वारा बढ़ाया गया यह ऐतिहासिक कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व संबल प्रदान कर रहा है। "सेवा संकल्प अभियान" ने यह साबित कर दिया है कि जब दृढ इच्छाशक्ति और आधुनिक तकनीक का मिलन होता है, तो "सेवा पहुँची आपके द्वार" का संकल्प केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर बदलती व्यवस्था की एक जीवंत और सुखद सच्चाई बन जाता है।

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ईरान को हराकर भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक, कोरबा की संजू देवी की महत्वपूर्ण भूमिका पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गर्व, फोन पर दी शुभकामनाएं

रायपुर, 26 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य एवं छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की निवासी सुश्री संजू देवी को फोन कर इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सुश्री संजू देवी से आत्मीय संवाद करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि उनकी इस उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुश्री संजू देवी से कहा कि आपने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और शानदार प्रदर्शन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता प्रत्येक देशवासी के लिए गर्व का क्षण है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की बेटी की महत्वपूर्ण भागीदारी प्रदेश के लिए विशेष गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां आज शिक्षा, खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परचम लहरा रही हैं। कोरबा की संजू देवी ने अपनी मेहनत और खेल कौशल के बल पर राष्ट्रीय टीम में स्थान बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के उन हजारों युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देख रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के गांवों, आदिवासी अंचलों और छोटे शहरों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को उचित मंच मिले और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करें।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारतीय टीम की इस स्वर्णिम सफलता में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सुश्री संजू देवी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुश्री संजू देवी भारतीय राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी और टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय खिलाड़ी आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।

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छत्तीसगढ़ में महिला बंदिनियों के पुनर्वास की नई पहल, केंद्रीय जेल रायपुर में प्रदेश की पहली महिला खुली जेल ‘वीमेन ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन’ का शुभारंभ

रायपुर, 26 सितंबर 2026/ डीजी, जेल श्री हिमांशु गुप्ता के कर कमलों से केंद्रीय जेल, रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य की पहली महिला खुली जेल (वीमेन ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन -ओ.सी.आई.) का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर श्री योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), श्रीमती खुशबू मिश्रा (महिला ओपन जेल प्रभारी) एवं जेल विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

       छत्तीसगढ़ राज्य में पहली बार इस प्रकार की महिला ओपन जेल प्रारंभ की गई है। रायपुर जेल में उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करते हुए ओपन जेल खोला गया है।इस ओपन जेल में 25 महिला बंदिनियाँ रहेंगीl ये महिला बंदिनी सुबह विभिन्न कार्य करने के लिए जेल के बाहर निकलेंगी तथा शाम को कार्य पूर्ण कर लॉकअप होने के पूर्व जेल में वापस आ जाएंगी।

         महिला बंदिनियों को जेल की ऊंची दीवारों के बाहर मंदिर के पास स्थित परिसर में सिलाई सेन्टर, ब्यूटी पार्लर एवं जेल उत्पादों के बिक्री केंद्र में रोजगार दिया जाएगा। उनके लिए रोजगार के अन्य वैकल्पिक साधन भी उपलब्ध रहेंगे।

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वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, राजपत्र की प्रति लेकर बारिश के बीच चंदनपुर पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, चंडालपुर को मिली नई आधिकारिक पहचान

रायपुर, 26 सितंबर 2026/ तेज बारिश के बीच शुक्रवार देर रात उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा गांव की नई पहचान का राजपत्र लेकर चंदनपुर पहुंचे। लंबे समय से नाम परिवर्तन की मांग कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्होंने राजपत्र की प्रति सौंपते हुए उन्हें बधाई दी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वागत के लिए जुटे रहे। मांग पूरी होने की खुशी में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। कबीरधाम जिले के ग्राम चंडालपुर का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर चंदनपुर कर दिया गया है। 

     नाम परिवर्तन की खुशी के बीच उप मुख्यमंत्री ने गांव के विकास कार्यों के लिए सीसी रोड और सामुदायिक भवन के लिए 11.70 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। इसमें आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को इसके लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। छत्तीसगढ़ शासन ने ग्राम चंदनपुर के नाम परिवर्तन का राजपत्र में विधिवत प्रकाशन कर दिया है। इसके साथ ही गांव का नया नाम अब सरकारी अभिलेखों और शासकीय वेब पोर्टल में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा।

     उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की ओर से लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई, राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई और अंततः राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया। उन्होंने कहा कि राजपत्र में प्रकाशन के बाद अब ‘चंदनपुर’ नाम सरकारी अभिलेखों और संबंधित शासकीय वेब पोर्टलों में दर्ज रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे भी अपने दैनिक व्यवहार और बोलचाल में गांव के नए नाम ‘चंदनपुर’ का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव को जानें और इसकी पहचान आगे भी कायम रहे।

      उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल किसी स्थान की पहचान नहीं होते, बल्कि उनमें स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और जनभावनाएं भी जुड़ी होती हैं। चंदनपुर नाम से गांव को नई पहचान मिलना ग्रामवासियों की लंबे समय से चली आ रही भावना और मांग के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की स्थानीय पहचान और ग्रामवासियों की भावनाओं को मजबूती मिलेगी।

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आंगनबाड़ी केंद्रों में दिखा उत्सव का माहौल, आंगन मिलन सेवा के पहले दिन हजारों परिवारों ने लिया हिस्सा, सुपोषित थाली में स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन कर मातृ एवं बाल पोषण को बनाया साझा जिम्मेदारी

रायपुर, 26 सितंबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हुई ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल रहा। राज्यभर में 2,262 स्थानों पर 12,698 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 97,471 लोगों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल हुए और माताओं एवं बच्चों के पोषण का संदेश दिया।

आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं का स्वागत किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों, दालों और हरी सब्जियों का प्रदर्शन कर परिवारों को संतुलित भोजन के बारे में बताया गया। सुपोषित थाली के माध्यम से महिलाओं ने जाना कि रोजमर्रा के भोजन में विविध खाद्य पदार्थ शामिल कर माताओं और बच्चों का पोषण कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों ने भी भाग लिया और पोषण तथा मातृ स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव साझा किए।

महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थियों ने बताया कि योजनाओं से मिली सहायता से वे अपनी और अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। आंगन मिलन सेवा के माध्यम से परिवारों और समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ते हुए बच्चों के पोषण को साझा जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया।

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संकल्प कुनकुरी के बच्चों ने रचा सफलता का नया इतिहास, मेडिकल और इंजीनियरिंग के देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन से बढ़ाया जशपुर का गौरव

जशपुर। वर्ष 2020 में शुरू हुए संकल्प शिक्षण संस्थान कुनकुरी ने स्थापना के बाद से ही बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। संस्थान के विद्यार्थियों ने राज्य प्रवीण्य सूची में स्थान बनाने के साथ देश के प्रतिष्ठित मेडिकल एवं इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश हासिल कर कुनकुरी और जशपुर जिले का नाम रोशन किया है।

संस्थान के अब तक आठ विद्यार्थी कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा के टॉपर बन चुके हैं, जबकि एक छात्रा ने कक्षा 12वीं में टॉप किया है। वर्ष 2024 में कक्षा 12वीं पास करने वाले प्रथम बैच की छात्रा असिस्ता एक्का का चयन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में एमबीबीएस के लिए हुआ था। वहीं अनिशा एक्का ने एनआईटी रायपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग ब्रांच में प्रवेश हासिल किया था।

वर्ष 2025 बैच में भी संकल्प के विद्यार्थियों ने शानदार उपलब्धि हासिल की। देवेश पैंकरा का चयन जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर में एमबीबीएस के लिए हुआ। आदित्य राज गुप्ता ने एनआईटी रायपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांच, रोशनदीप लकड़ा ने एनआईटी दुर्गापुर के कंप्यूटर साइंस ब्रांच, अर्जुन सिन्हा ने एनआईटी रायपुर के बायोटेक्नोलॉजी ब्रांच तथा आयुष पॉल मिंज ने एनआईटी रायपुर के बायोमेडिकल साइंस ब्रांच में चयन हासिल किया।

वर्ष 2026 बैच के विद्यार्थियों ने भी संस्थान की सफलता की परंपरा को आगे बढ़ाया है। इशांत खलखो का चयन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नागपुर के लिए हुआ है। कांता पैंकरा का चयन गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर के इलेक्ट्रिकल ब्रांच तथा सेजल कुजूर का चयन गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के आईटी ब्रांच में हुआ है। इसके अलावा इस वर्ष के बैच के पांच विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा में क्वालीफाई किया है। बेहतर रैंक हासिल करने के उद्देश्य से ये विद्यार्थी पुनः तैयारी कर रहे हैं।

संकल्प शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों की इस उपलब्धि में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन के साथ संस्थान के प्राचार्य, शिक्षकों एवं कोचिंग शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा, कुनकुरी एसडीएम नंदजी पांडे, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पैंकरा, यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता तथा संकल्प कुनकुरी के प्राचार्य वाईआर कैवर्त और सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों की सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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‘मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ से जुड़ा समुदाय, 212 आंगनबाड़ी केंद्रों में हुआ आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम, पोषण शक्ति सम्मान से माताओं को किया गया सम्मानित

जशपुरनगर, 26 सितंबर 2026/  जिले में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के तहत आज 26 सितंबर 2026 को कुल 53 क्लस्टर के 212 आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम में ‘मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ विषय पर समुदाय को जागरूक करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों में जनभागीदारी के महत्व की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान गर्भवती एवं धात्री माताओं को पोस्टर के माध्यम से पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। 

साथ ही, महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से प्राप्त राशि का उपयोग स्वयं एवं बच्चों के पोषण पर करने वाली माताओं को ‘पोषण शक्ति सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पोषण माह के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। उपस्थित जनसमुदाय को पोषण के प्रति जागरूक करते हुए पोषण प्रतिज्ञा दिलाई गई।

महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से यह कार्यक्रम जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में 25 सितंबर से 6 अक्टूबर 2026 तक निरंतर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं हितग्राहियों को सम्मानित किया जाएगा।

आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों से समुदाय की सहभागिता बढ़ाना, माताओं एवं बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाना तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय की सक्रिय भागीदारी से और अधिक सशक्त बनाना है।

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पत्थलगांव के खड़ामाचा जंगल में विचरण कर रहा 30 हाथियों का दल, वन विभाग ने बैनर लगाकर ग्रामीणों को किया सतर्क, जंगल क्षेत्र में जाने से बचने की दी समझाइश

जशपुर 26 सितंबर 2026/ वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र पत्थलगांव अंतर्गत खड़ामाचा जंगल में करीब 30 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। 

हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।

वन विभाग की ओर से जंगल क्षेत्र में “सावधान, जंगल में हाथी है” लिखे बैनर लगाए गए हैं। 

इन बैनरों के माध्यम से ग्रामीणों को हाथियों के दल की मौजूदगी की जानकारी दी जा रही है और जंगल के रास्तों का उपयोग नहीं करने की समझाइश दी जा रही है।

वन विभाग द्वारा ग्रामीणों से अपील की गई है कि हाथियों की मौजूदगी वाले जंगल क्षेत्र में जाने से बचें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना तथा वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से पंडरीपानी क्षेत्र को बड़ी सौगात, SBI की नई शाखा शुरू होने से ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूर

जशपुरनगर। जिले के फरसाबहार तहसील क्षेत्र के पंडरीपानी में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की नई शाखा शुरू होने से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। नई शाखा के शुभारंभ से अब स्थानीय ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ अपने क्षेत्र में ही मिलने लगा है।
अब तक बैंकिंग कार्यों के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने को मजबूर ग्रामीणों को नई शाखा खुलने से काफी सुविधा मिल रही है। खाते से संबंधित कार्य, राशि जमा एवं निकासी सहित अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए लोगों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे ग्रामीणों के समय और यात्रा खर्च की बचत होगी।
पंडरीपानी में बैंक शाखा खुलने से विशेष रूप से किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, महिलाओं और पेंशनधारियों को लाभ मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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बस्तर में भारी बारिश से बिगड़े हालात, बाढ़ में फंसे लोगों का युद्धस्तर पर रेस्क्यू, 9 राहत शिविरों में 350 से अधिक प्रभावितों को सुरक्षित आश्रय और भोजन की व्यवस्था

 रायपुर, 26 सितम्बर 2026/ बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से बस्तर संभाग में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। बुधवार से जारी भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई प्रमुख संपर्क मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर बस्तर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है, जहां उनके भोजन, ठहरने, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

       बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। नगरनार क्षेत्र के नदी बोड़ना में बाढ़ के पानी में फंसे लगभग 40 लोगों को बचाव दल ने नावों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर ग्राम पंचायत भवन में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर में पहुंचाया। इसी तरह तोकापाल के घाट धनोरा से 25 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया है। ग्राम पलवा और लोहंडीगुड़ा के भेजा क्षेत्र के निचले रिहायशी इलाकों में पानी भरने के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों और पंचायत भवनों में स्थानांतरित किया गया है।

*9 राहत शिविरों में 350 से अधिक प्रभावितों को सुरक्षित आश्रय*
      बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए बस्तर जिले में कुल 9 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया है। बाढ़ का सर्वाधिक असर जगदलपुर शहर में देखने को मिला है, जहां स्थापित चार राहत शिविरों में 175 लोगों को ठहराया गया है। अकेले शहीद भगत सिंह स्कूल में 100 से अधिक प्रभावितों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है।

       इसी प्रकार जगदलपुर तहसील के नगरनार क्षेत्र अंतर्गत नदी बोड़ना राहत शिविर में लगभग 40 लोग ठहरे हुए हैं। बस्तर तहसील के भैंसगांव शिविर में 77, बकावंड विकासखंड के बेलगांव राहत केंद्र में 35 तथा लोहंडीगुड़ा के ग्राम पंचायत भेजा में बनाए गए राहत शिविर में 26 प्रभावितों को सुरक्षित आश्रय दिया गया है। प्रशासन द्वारा सभी राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए भोजन, पेयजल, ठहरने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

*कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने प्रभावित क्षेत्रों का किया सघन निरीक्षण*
      बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने सुबह स्वयं प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने जगदलपुर शहर के गंगामुंडा पारा, महादेव घाट, खड़कघाट, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल डिमरापाल के नजदीकी क्षेत्र तथा नगरनार-भेजापदर मार्ग पर नदी बोड़ना सहित विभिन्न जलभराव वाले स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया।

     इस दौरान अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली और राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावितों के लिए भोजन, पेयजल, सुरक्षित ठहरने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही मैदानी अमले को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए।

*इंद्रावती नदी का बढ़ा जलस्तर, बांधों के गेट खुलने से निचले इलाकों में सतर्कता*
       लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा मानकों के तहत ओडिशा में इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध के तीन तथा मुरान बांध के दो गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते प्रशासन ने नदी के आसपास बसे गांवों और निचले इलाकों में सतर्कता एवं निगरानी बढ़ा दी है।

     मन्धोता और बकावंड के बेलगांव सहित चारों ओर से पानी से घिरे क्षेत्रों में बचाव दल नावों एवं आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात हैं। प्रशासनिक अधिकारी कंट्रोल रूम, फोन नेटवर्क और मैदानी अमले के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की लगातार जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त राहत शिविर स्थापित करने और राहत सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी भी रखी गई है।

*प्रशासन की अपील, उफनते नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार न करें*
      जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतें। किसी भी प्रकार की अफवाह पर भरोसा न करें तथा उफनते नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं। आपात स्थिति में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष अथवा संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों से संपर्क कर तत्काल सूचना दें।
       मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन दल आपसी समन्वय के साथ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत एवं बचाव कार्य संचालित कर रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की है।

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