ताजा खबरें


बड़ी खबर

सुशासन तिहार शिविर में उमड़ा जनसैलाब, सैकड़ों ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ, दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल-श्रवण यंत्र और हितग्राहियों को मिली प्रधानमंत्री आवास की चाबी

जशपुर 30 मई 2026 / जशपुर विकास खंड 
 के समीपस्थ ग्राम पंचायत बोकी, बरटोली में सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया।

 जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने हितग्राहियों को सामग्री वितरित किए।

इस अवसर पर जशपुर एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के और ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

शिविर में लगभग 200 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें यथासंभव आवेदनों का निराकरण तत्काल सभा स्थल पर ही कर लिया गया ।

तीन ग्रामीणों को मिली खुशियों की चाबी

शिविर में तारकेश्वर सिंह ,कमला देवी व कैलाश राम को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खुशियों की चाबी मिली उन्होंने कहा की हमारे अपने पक्के घर का सपना साकार होते हुए देख के बहुत खुशी हो रही है।
 
हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किए।

इसके अलावा आरा के पुरनापानी निवासी दिव्यांग सुरेंद्र राम को ट्राईसाईकिल प्रदान किया गया । 
शिविर में 10 ग्रामीणों को राशन कार्ड , 6 ग्रामीणों को किसान क्रेडिट कार्ड , और 4 ग्रामीणों को खाद एवं 25 ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षित रखने हेतु फलदार वृक्षों के पौधे प्रदान किए गए एवं नारायणपुर चिटवारी के कृषकों को बी-1 प्रदान किया गया । इसके अलावा उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को  सम्मानित किया गया ।

और भी

सीएम विष्णुदेव साय से मिले जिला पंचायत सदस्य गेंदबिहारी सिंह, सड़क, पुल, डेयरी, पर्यटन और रोजगार के मुद्दों पर रखी विकास की बड़ी मांगें

जशपुर 30 मई 2026

जशपुर जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-1 के जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि सभापति गेंदबिहारी सिंह रायपुर सीएम आवास में सीएम विष्णुदेव साय से मुलाकात की।डीडीसी ने क्षेत्र के विकास एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की।डीडीसी गेंदबिहारी सिंह ने  कृषि मंत्री माननीय रामविचार नेताम से भी सौजन्य भेंट कर विस्तृत चर्चा की।

मुलाकात के दौरान डीडीसी गेंदबिहारी सिंह ने क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु विभिन्न विकास योजनाओं पर ध्यान आकृष्ट कराया। विशेष रूप से सड़क एवं पुल निर्माण द्वारा बेहतर कनेक्टिविटी, डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए चिलिंग पॉइंट की स्थापना, स्थानीय रोजगार सृजन तथा क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से रखा।

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के सुनकर उनके निराकरण एवं पूर्ण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सुशासन की सरकार है। जशपुर समेत समस्त वनांचल क्षेत्रों के समग्र विकास, आधारभूत संरचनाओं के विस्तार तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के सोसल मीडिया प्रभारी अशोक कुमार यादव एवं भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष जयशंकर यादव  भी उपस्थित रहे। डीडीसी गेंदबिहारी सिंह ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम से भी मिलकर क्षेत्र की जनता के हितों एवं विकास पर गहन चर्चा की।क्षेत्र की जनता के प्रति समर्पित डीडीसी गेंदबिहारी सिंह जैसे युवा नेतृत्व के इस सार्थक प्रयास से निश्चित ही क्षेत्र के विकास को नई दिशा और गति प्राप्त होगी।

और भी

आंधी से उजड़ी बिजली व्यवस्था पर वेतन संकट की मार : 3 माह से वेतन नहीं मिलने पर ठेका कर्मियों ने किया काम बन्द, टूटे बिजली पोलों की मरम्मत रुकी; तीसरे दिन भी अंधेरे में कई गांव, खाद-बीज केंद्र में बिजली गुल होने से किसानों का केवाईसी भी अटका

नारायणपुर। गुरुवार को आए तेज आंधी-तूफान के बाद नारायणपुर वितरण केंद्र अंतर्गत बिजली व्यवस्था अभी तक पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाई है। तूफान के कारण मेन लाइन और एलटी लाइन के एक दर्जन से अधिक बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे क्षेत्र के कई गांवों और मोहल्लों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को लगातार मरम्मत कार्य कर कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी, लेकिन अब भी कई स्थान ऐसे हैं जहां बिजली नहीं पहुंच पाई है। इसी बीच तीन माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज ठेका कर्मचारियों ने काम पर जाने से इंकार कर दिया, जिससे शेष क्षेत्रों में बिजली बहाली का कार्य भी प्रभावित हो गया है।

जानकारी के अनुसार शनिवार को विभाग द्वारा बचे हुए क्षतिग्रस्त पोलों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति सामान्य करने की तैयारी थी, लेकिन ठेकेदार के अधीन कार्यरत बाह्य स्रोत कर्मचारियों ने वेतन भुगतान नहीं होने का हवाला देते हुए कार्य बंद कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें लगातार तीन माह से वेतन नहीं मिला है और कई बार शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन ही दिया जाता रहा है। ऐसे में अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनके खातों में बकाया वेतन जमा नहीं हो जाता, तब तक वे किसी भी प्रकार का काम नहीं करेंगे।

ठेका कर्मियों का विरोध, कहा- “तीन महीने से नहीं मिला वेतन”

कर्मचारियों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घर का राशन-पानी खरीदना मुश्किल हो रहा है और उधारी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने वाले हैं, बच्चों के एडमिशन, ड्रेस, किताबें, कॉपियां, फीस और अन्य आवश्यक खर्च सामने हैं, लेकिन महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण वे इन जिम्मेदारियों को पूरा करने में असमर्थ हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मेहनत करने के बावजूद यदि समय पर वेतन न मिले तो परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो जाता है।

ठेका कर्मचारियों के काम बंद करने का असर सीधे बिजली बहाली कार्य पर पड़ता दिखाई दे रहा है। जिन इलाकों में आंधी-तूफान के कारण बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं और जहां अब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, वहां लोगों को और अधिक इंतजार करना पड़ सकता है। लगातार तीसरे दिन भी अंधेरे में रह रहे ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि बिजली नहीं होने से मोबाइल चार्जिंग, पेयजल व्यवस्था और दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी के मौसम में बिजली संकट ने परेशानी और बढ़ा दी है।

बिजली संकट का असर किसानों पर भी पड़ा भारी

बिजली संकट का असर किसानों पर भी देखने को मिला। नारायणपुर के चिटकवाइन धान मंडी केंद्र क्षेत्र में एक फेस की बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण खाद-बीज केंद्र में बिजली उपलब्ध नहीं हो सकी। यहां खाद और बीज लेने के लिए आवश्यक केवाईसी प्रक्रिया कराने दर्जनों किसान पहुंचे थे, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण ऑनलाइन कार्य बंद रहा और उनका केवाईसी नहीं हो सका। दूर-दराज के गांवों से आए किसानों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा। किसानों के जाने के बाद में मंडी पहुंचकर विभाग के द्वारा बिजली ठीक करा दी गई। किसानों का कहना है कि खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में इस प्रकार की समस्या से उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।

ठेकेदार बोला- “आज शाम तक जमा हो जाएगा वेतन”

इस मामले में जब संवाददाता ने बाह्य स्रोत कर्मचारियों के ठेकेदार से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया चल रही है और शनिवार शाम तक राशि उनके खातों में जमा हो जाएगी। ठेकेदार का कहना है कि भुगतान संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं तथा जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। हालांकि कर्मचारियों ने इस दावे पर भरोसा जताने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें पहले भी कई बार इसी तरह का आश्वासन दिया गया, लेकिन भुगतान समय पर नहीं हुआ। कर्मचारियों के अनुसार नियम के तहत प्रत्येक माह की 7 तारीख तक वेतन का भुगतान हो जाना चाहिए, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण उन्हें अक्सर दो से तीन माह बाद वेतन मिलता है।

फिलहाल नारायणपुर क्षेत्र में आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था और ठेका कर्मचारियों के वेतन विवाद ने बिजली विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर लोग बिजली बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं तो दूसरी ओर कर्मचारी अपने बकाया वेतन की मांग पर अड़े हुए हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो कई गांवों में बिजली आपूर्ति सामान्य होने में और अधिक समय लग सकता है, जिससे आम जनता और किसानों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

वेतन को लेकर ठेकेदार से बात हुई है शाम तक जमा कराने की बात बताया है,कुछ जगहों में बिजली बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है,संभवतः कुनकुरी से स्टाफ भेज कर जल्द ही बाकी जगहों की बिजली बहाल की जाएगी

                         लोकनाथ नेताम
     असिस्टेंट इंजीनियर-बिजली विभाग - कुनकुरी

और भी

मुख्यमंत्री के भाई व बगिया के पूर्व सरपंच स्व. ओमप्रकाश साय की तृतीय पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि, उनकी जनसेवा की भावना को आज भी क्षेत्र के लोग करते हैं याद.....

जशपुरनगर।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के भाई व बगिया के पूर्व सरपंच एवं गरीबों के मसीहा के रूप में पहचान रखने वाले स्वर्गीय ओमप्रकाश साय की तृतीय पुण्यतिथि पर आज बगिया में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परिवारजनों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके द्वारा समाज के लिए किए गए कार्यों को स्मरण किया।स्वर्गीय ओमप्रकाश साय को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने कहा कि वे हमेशा गरीब, जरूरतमंद एवं आमजन के सुख-दुःख में साथ खड़े रहने वाले सरल एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। उनके सामाजिक कार्यों और जनसेवा की भावना को आज भी क्षेत्र के लोग याद करते हैं।उपस्थित सभी लोगों ने स्वर्गीय ओमप्रकाश साय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय ओमप्रकाश साय का जीवन समाज सेवा, सादगी और लोगों के प्रति समर्पण का प्रतीक था। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज सेवा करने का संकल्प भी लोगों ने लिया।

और भी

सामाजिक बैठक में पत्नी ने पति छोड़ प्रेमी के साथ रहने का किया था फैसला, अपमान और गुस्से की आग में सुलग रहे आरोपियों ने आधी रात उतारा मौत के घाट, पत्थलगांव पुलिस ने कुछ घंटों में सुलझाई अंधी हत्या

पत्थलगांव/जशपुर। पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम जाम जूनवानी खारापारा में प्रेम प्रसंग को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार खूनी वारदात में बदल गया। गांव के ही एक युवक की बेरहमी से पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।

मृतक की पहचान 34 वर्षीय सुशील खलखो निवासी ग्राम जाम जूनवानी के रूप में हुई है। वहीं गिरफ्तार आरोपियों में जयलाल एक्का उम्र 34 वर्ष, जयमन एक्का उम्र 36 वर्ष और एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत किशोर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।

जानकारी के मुताबिक 27 मई की रात ग्राम जाम जूनवानी खारापारा में अचानक शोर-शराबा और चीख-पुकार सुनाई दी। गांव के लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक सुशील खलखो लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा मिला। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। घटना की सूचना मिलते ही पत्थलगांव थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत कुमार पांडे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मामले की जांच के दौरान जो कहानी सामने आई, उसने पूरे गांव को हैरान कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि मृतक सुशील खलखो और आरोपी जयलाल एक्का की पत्नी के बीच पिछले तीन से चार वर्षों से प्रेम संबंध था। इस संबंध को लेकर पहले भी गांव में कई बार विवाद हो चुका था। बताया जाता है कि आरोपी पक्ष द्वारा पूर्व में इस मामले की शिकायत थाने में की गई थी, जिसके बाद सुशील खलखो को जेल भी जाना पड़ा था। करीब डेढ़ महीने पहले ही वह जमानत पर छूटकर गांव लौटा था।

ग्रामीणों के अनुसार जेल से लौटने के बाद भी सुशील और आरोपी की पत्नी के बीच बातचीत और मेलजोल जारी रहा। इस बात की जानकारी जब आरोपी जयलाल और उसके परिजनों को हुई तो गांव में सामाजिक बैठक बुलाई गई। बैठक में आरोपी की पत्नी ने सार्वजनिक रूप से सुशील खलखो के साथ रहने की इच्छा जताई। इसके बाद सामाजिक सहमति से उसे सुशील के साथ रहने दिया गया। लेकिन यह फैसला आरोपी पक्ष को भीतर ही भीतर खल रहा था।

बताया जा रहा है कि घटना वाली रात इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच फिर कहासुनी हुई। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपियों ने पहले सुशील के साथ मारपीट की, फिर उसे जमीन पर पटक दिया। इसके बाद पास में पड़े बड़े पत्थर से उसके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से सुशील ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही गांव में दहशत का माहौल बन गया। रातभर ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल के आसपास जुटी रही। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की और संदेह के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पत्थर भी बरामद कर लिया है।

मामले को लेकर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर ने बताया कि पत्थलगांव क्षेत्र में हुई हत्या की इस गंभीर घटना में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक विधि से संघर्षरत बालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

और भी

पर्यटन के जरिए छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई राष्ट्रीय पहचान, प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने में जुटी साय सरकार

रायपुर, 28 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं और पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई गई है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।

बैठक के दौरान इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपने निवेश प्रस्ताव के महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए और बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निवेश से प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।

वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि  पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के रास्ते व्यापक रूप से खुले हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, उच्चस्तरीय सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से विकसित करने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। प्रदेश की बेहतर मानसूनी परिस्थितियां, समृद्ध प्राकृतिक संपदा और निवेश अनुकूल नीति पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेश प्रोत्साहन नीति तथा उपलब्ध इंसेंटिव्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है अथवा 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, तो उसे ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं तथा पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

और भी

“मेधावियों का सम्मान, समाज को संगठित करने का संकल्प” — कापन और बलौदा में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दिए शिक्षा, संस्कार और सामाजिक एकजुटता के संदेश, अघरिया समाज भवन और ‘स्वर्ण मंडपम’ का किया लोकार्पण

​रायपुर, 28 मई 2026/छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी आज जांजगीर-चाम्पा जिले के कापन और नगर पंचायत बलौदा में आयोजित सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कापन में अखिल भारतीय अघरिया समाज के क्षेत्रीय सभा सह सामुदायिक भवन का उद्घाटन किया। वहीं, बलौदा के जंगलवा डबरी में स्वर्णकार समाज के 'स्वर्ण मंडपम' सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया।

*​शिक्षा और संस्कारों से सशक्त बनेगी नई पीढ़ी*

        कापन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, "शिक्षा समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा, संस्कार और अवसर उपलब्ध कराकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।" ​उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकजुटता, सकारात्मक सोच और सामुदायिक भावना को मजबूत करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

*एकजुटता ही समाज की वास्तविक शक्ति*

         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने कहा कि अघरिया समाज शिक्षा, कृषि और सामाजिक विकास के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है। किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता में ही निहित होती है। वहीं, पूर्व संसदीय सचिव श्री अंबेश जांगड़े ने कहा कि यह नवनिर्मित भवन सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक सशक्त मंच साबित होगा।

*​बलौदा में 'स्वर्ण मंडपम' का लोकार्पण*
  
         नगर पंचायत बलौदा में आयोजित स्वर्ण मंडपम सामुदायिक भवन के लोकार्पण समारोह में वित्त मंत्री ने स्वर्णकार समाज द्वारा सामाजिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक श्री चुन्नीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

और भी

नियद नेल्लानार 2.0 से बदलेगी बस्तर के सुदूर गांवों की तस्वीर, अब 31 व्यक्तिगत योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर, 29 मई 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के माध्यम से माओवादी प्रभावित और सुदूर अंचलों के ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है। इस नई कार्ययोजना के तहत वामपंथ उग्रवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ (संतृप्तिकरण) सुनिश्चित किया जाएगा।

           आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और सुघ्घर छत्तीसगढ़ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

*नियद नेल्लानार 1.0 की सफलता के बाद अगला कदम*

            बैठक में बताया गया कि योजना के पहले चरण (1.0) के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिले के सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं पहुंचाई गई थीं। अब इसके दूसरे चरण (नियद नेल्ला नार 2.0) का दायरा बढ़ाते हुए 31 व्यक्तिगत हितग्राही मूलक योजनाएं, 14 सामुदायिक योजनाएं और 10 वांछित सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएंगी।

*गांव-गांव पहुंचेंगी ये प्रमुख 31 व्यक्तिगत योजनाएं*

          इस विशेष अभियान के तहत हर पात्र ग्रामीण का डेटा तैयार कर उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा। मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांगता पेंशन। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड और मुफ्त राशन वितरण योजना, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण, जननी सुरक्षा योजना और मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण, महिला एवं बाल विकास की प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना और महतारी वंदन योजना से जोडा जाएगा। इसी प्रकार पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (ज्ञब्ब्), मृदा स्वास्थ्य कार्ड और प्रधानमंत्री जनधन योजना, समग्र शिक्षा के तहत स्कूली बच्चों को निःशुल्क गणवेश व पाठ्यपुस्तकें और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, सभी पात्र हितग्राहियों के आधार कार्ड बनेंगे। श्रम कार्ड, वोटर आईडी, व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र सहित जाति, जन्म, निवास, मृत्यु और ई-डब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनेंगे।

*14 सामुदायिक सुविधाओं से सुदृढ़ होगा इंफ्रास्ट्रक्चर*

         सुदूर वनांचलों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए गांवों में ये 14 सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, उचित मूल्य की राशन दुकानें, सड़क व मोबाइल कनेक्टिविटी, डाकघर, वन धन विकास केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र , पंचायत भवन, बैंक और ब्लॉक स्तर पर नए कॉलेजों की स्थापना की जाएगी। 

        इस सघन संतृप्तिकरण अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए आयोजित इस बैठक मेंबैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचाा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा के भीतर इन योजनाओं को धरातल पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए।

और भी

धान के कटोरे से डिजिटल खेती की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़, किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर, 29 मई 2026/ धान के कटोरे के रूप में विख्यात छत्तीसगढ़ अब परंपरागत धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण अनुकूल स्थायी कृषि के एक नए युग में अग्रसर हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के तहत किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए चौतरफा रणनीति पर काम शुरू हो गया है। केन्द्रीय कृषि विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज इस आशय की जानकारी दी।

         कृषि मंत्री श्री नेताम ने सम्मेलन में राज्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का कृषि ढांचा अब एक बड़े बदलाव की ओर है। हमारी सरकार ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के जरिए राज्य के लगभग 40 लाख किसान परिवारों, जिनमें 82 प्रतिशत लघु एवं सीमांत जिसमें 31 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के किसान शामिल हैं, के आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन में वर्ष 2025-26 के दौरान दर्ज की गई 76 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि और तिलहन के रकबे में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि हमारा किसान अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। वहीं खरीफ 2026 में हम अरहर, उड़द और मूंग के लिए क्लस्टर आधारित रणनीति लागू कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य हर हाथ को काम और हर खेत को सही समय पर गुणवत्तायुक्त बीज और संतुलित खाद उपलब्ध कराना है।

             राज्य में योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और रणनीतिक तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि कृषि तकनीक, बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक प्रबंधन से खेती की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि खरीफ 2026 के लिए हमारी तैयारियां पूरी तरह वैज्ञानिक और तकनीक-आधारित हैं। राज्य के किसानों को कृषि विश्वविद्यालयों की वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ही उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। सीमांत किसानों को जहां एकमुश्त उर्वरक दिया जा रहा है, वहीं यूरिया की कालाबाजारी और अत्यधिक खपत को रोकने के लिए लघु व बड़े किसानों को 20 से 25 दिनों के अंतराल पर 2 से 3 बार में यूरिया देने की व्यवस्था की गई है। हम डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, एसएसपी और एनपीके कॉम्प्लेक्स को तेजी से बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा, एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पूरी खरीद और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया गया है।

          कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ वर्ष 2025-26 में दलहन उत्पादन में रिकॉर्ड 76 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसके साथ ही तिलहन मिशन और राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत सरसों, मूंगफली और सोयाबीन के बीज वितरण से तिलहनी फसलों के क्षेत्र में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक का विस्तार हुआ है। वहीं क्लस्टर विकास, बागवानी के क्षेत्र में फल, सब्जी और मसाला फसलों के लिए क्लस्टर आधारित विकास मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती के तहत् 23,050 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का विस्तार किया जा चुका है, जिसमें 461 क्लस्टर्स और 922 कृषि सखियों की मदद ली जा रही है। सॉइल हेल्थ के तहत् वर्ष 2025-26 में 2.81 लाख सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए। साथ ही, नई पीढ़ी को कृषि से जोड़ने के लिए राज्य के 126 पीएम श्री स्कूलों में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं (सॉइल टेस्टिंग लैब्स) स्थापित की जा चुकी हैं। 

           स्मार्ट इरिगेशन के तहत ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप‘ के तहत सूक्ष्म सिंचाई और लागत कम करने के लिए ड्रोन तकनीक व ‘इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम’ (फसल + पशुपालन + मत्स्य + केंटकी) को बढ़ावा दिया जा रहा है। पीएम किसान और पीएम फसल बीमा योजना के डेटा को इंटीग्रेट करके जून से जुलाई 2026 तक विशेष केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) अभियान चलाया जाना प्रस्तावित है। वहीं पीएम आशा योजना के अंतर्गत दलहन और तिलहन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करने की तैयारी है। 
     
            कृषि मंत्री श्री नेताम ने सम्मेलन में कहा कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय मंच के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष कृषि विकास की गति को और तेज करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव और अपेक्षाएं भी रखी हैं। इनमें छत्तीसगढ़ धान प्रधान राज्य होने के कारण, फसल विविधीकरण को गति देने के लिए केंद्र से एक पृथक प्रोत्साहन नीति की मांग की गई है। साथ ही प्राकृतिक उत्पादों का एमएसपी प्राकृतिक और जैविक खेती के उत्पादों के लिए अलग से न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने की व्यवस्था की जाए।

           मंत्री श्री नेताम ने सम्मेलन में सप्लाई प्लान और खाद सब्सिडी उर्वरकों की समय पर उपलब्धता के लिए माहवार सप्लाई प्लान के अनुसार खाद प्रदाय की मांग के साथ ही डीएपी की आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में एनपीके की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को छोटे किसानों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए विशेष अनुदान का प्रावधान किया जाए। वहीं उर्वरकों की अत्यधिक खपत और बर्बादी को नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार उर्वरकों की 25 किलोग्राम की छोटी बोरी तैयार की जानी अपेक्षित है। साथ ही राज्य के आदिवासी बाहुल्य और वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए विशेष कृषि विकास पैकेज तथा डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत तकनीकी व आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता प्रदान की जाए।

              इस अवसर पर संचालक कृषि श्री राहुल देव, संचालक छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अजय अग्रवाल, संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश चंद्राकर सहित  अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

“बस्तर और जनजातीय समाज के लिए चार दशक का समर्पण मानवता की असाधारण मिसाल” — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्मश्री गोडबोले दंपति के सेवा कार्यों को बताया छत्तीसगढ़ का गौरव

रायपुर, 29 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी दंपति डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले से आत्मीय मुलाकात कर उनके द्वारा बस्तर और जनजातीय समाज के बीच चार दशकों से अधिक समय से किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की। मुलाकात के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री को बताया कि “बस्तर और बस्तरवासियों से हमें गहरा प्रेम है। हम गोंडी और हल्बी में उनसे संवाद करते हैं, यही हमारी संस्कृति है और अब हम बस्तर नहीं छोड़ना चाहते हैं।” मुख्यमंत्री श्री साय ने इस आत्मीय भावना को बस्तर, उसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति गहरे समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल सेवा का विषय नहीं, बल्कि मानवीय आत्मीयता, संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता की दुर्लभ मिसाल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका पद्मश्री सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश, विशेष रूप से बस्तर, जनजातीय समाज और बस्तरवासियों के सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल बने गोडबोले दंपति का सम्मानित होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले ने चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर यह उदाहरण प्रस्तुत किया है कि सेवा का वास्तविक अर्थ समाज के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक अपनत्व, विश्वास और मानवीय संवेदना पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोडबोले दंपति ने जनजातीय समाज तक पहुंचकर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया, कुपोषण, टीबी, मलेरिया, पीलिया और अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलायी तथा शिक्षा और नशामुक्ति जैसे विषयों पर उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद जनजातीय समाज के बीच बने रहना और सेवा करते रहना असाधारण समर्पण का उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोडबोले दंपति केवल चिकित्सक के रूप में नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के आत्मीय सहयोगी के रूप में कार्य करते रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के कठिन दौर में भी गोडबोले दंपति ने सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा और मानवता को सर्वोपरि रखते हुए जनजातीय समाज के बीच लगातार कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि जब भय और असुरक्षा का वातावरण था, तब भी इनका बस्तर और उसके लोगों के प्रति विश्वास और प्रतिबद्धता कमजोर नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दर्शाता है कि इस प्रदेश, इसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति उनका प्रेम कितना गहरा और आत्मीय है। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ कठिन परिस्थितियों में समाज के साथ खड़े रहने से सिद्ध होता है और गोडबोले दंपति ने इसे अपने जीवन से प्रमाणित किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्हें यह देखकर विशेष प्रसन्नता हुई कि गोडबोले दंपति को बस्तर और छत्तीसगढ़ की संस्कृति की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि वे केवल यहां कार्य नहीं कर रहे, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में पूरी तरह रच-बस गए हैं तथा उसे आत्मसात किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में संवाद स्थापित करना इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने लोगों के बीच विश्वास, अपनत्व और आत्मीयता का मजबूत रिश्ता बनाया है। यही कारण है कि आज वे स्वयं कहते हैं कि अब बस्तर छोड़ने का उनका मन नहीं है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम से उनका स्वयं का जुड़ाव रहा है और वे जानते हैं कि आश्रम के संस्कार सेवा, समर्पण और समाज के प्रति आत्मीयता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि आश्रम की यात्रा और उसके मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता और आत्मीय सहयोग पहुंचाने के विचार से जुड़े हैं तथा यह कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव तैयार करता है।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति से संवाद करते हुए बस्तर के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सूक्ष्म स्तर के प्रयासों और कार्ययोजना की जानकारी भी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में विकास और विश्वास की नीति पर गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि सुरक्षा के साथ-साथ लोगों तक शासन, सेवाएं और अवसर भी पहुंचें। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे जनसेवा से जोड़ते हुए व्यापक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बना रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार सुरक्षा कैंपों को “सेवा डेरा” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि वहां सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, जनसेवा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित हो सके।  मुख्यमंत्री ने “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित कर रही है और वहां विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास, सुरक्षा और विश्वास का जो नया वातावरण बना है, वह संवेदनशील शासन और सतत प्रयासों का परिणाम है।

       चर्चा के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से संत गहिरा गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेरणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कैलाश गुफा, वहां संचालित संस्कृत विद्यालय, आश्रम तथा सरगुजा अंचल की यात्राओं का अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपने जुड़ाव की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि गोडबोले दंपति ने केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, जनजातीय जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं को भी आत्मसात किया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि गोडबोले दंपति की समर्पण और सेवा की भावना पूरे छत्तीसगढ़ में जनसेवा और सामाजिक जागरूकता की नई चेतना को मजबूत करेगा।

और भी

कोकियाखार में सुशासन तिहार शिविर बना जनसमस्याओं के समाधान का बड़ा मंच, विधायक गोमती साय ने मौके पर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, हितग्राहियों को बांटे स्वामित्व पट्टे और राशन कार्ड

नारायणपुर  :  पत्थलगांव क्षेत्र के ग्राम कोकियाखार में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के जन समस्या समाधान शिविर में गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। शिविर में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती मुख्य रूप से शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुबह से ही शिविर स्थल पर आसपास की ग्राम पंचायतों से ग्रामीण पहुंचने लगे थे। शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। शिविर में 15 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया गया। पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व पट्टा एवं राशन कार्ड वितरित किए गए, जिससे ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई ग्रामीणों ने पहली बार अपने जमीन संबंधी दस्तावेज मिलने पर सरकार के प्रति आभार जताया।

कार्यक्रम के दौरान विधायक गोमती साय ने कहा कि “सुशासन तिहार 2026” केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनता और शासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से गांव-गांव में शिविर आयोजित कर मौके पर समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है।

शिविर में ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत, पेयजल व्यवस्था, बिजली समस्या, राशन कार्ड सुधार, पेंशन स्वीकृति, आवास योजना और राजस्व संबंधी प्रकरणों को लेकर आवेदन दिए। कई मामलों में अधिकारियों ने तत्काल निराकरण करते हुए मौके पर ही कार्रवाई की जानकारी दी। वहीं कुछ मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया।

कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। विधायक गोमती साय ने मेधावी छात्रों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे लगातार बेहतर प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी भी दी गई। स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास, कृषि, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और ग्रामीणों को योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए आवेदन स्वीकार किए।

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती धनियारों परहा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुरुचि पैंकरा, मंडल अध्यक्ष जगेश्वर यादव, जनपद सदस्य श्रीमती मीना चौहान, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बना रहा और लोगों ने शासन की इस पहल को जनहित में महत्वपूर्ण बताया।

और भी

डीएपी के नाम पर किसानों से ठगी का बड़ा खेल उजागर, खारीबहार में कृषि विभाग का छापा, 17 टन से ज्यादा अवैध उर्वरक जब्त कर 342 बोरियां सील

जशपुरनगर 29 मई 2026/ किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत के मार्गदर्शन में कृषि विभाग पत्थलगांव एवं फरसाबहार की संयुक्त टीम ने विकासखंड फरसाबहार के ग्राम पंचायत खारीबहार में बड़ी छापामार कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित उर्वरक का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान एक मकान में भारी मात्रा में उर्वरक का अवैध भंडारण पाया गया। जांच में कुल 342 बोरी लगभग 17.1 टन भूमि शक्ति (ऑर्गेनिक ग्रेन्युलर) उर्वरक बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि उक्त उर्वरक को किसानों के बीच डीएपी खाद के नाम पर बेचा जा रहा था, जिससे किसानों को भ्रमित कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने की आशंका थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी पत्थलगांव श्री राकेश पैंकरा द्वारा मौके पर पहुंचकर संपूर्ण उर्वरक भंडारण को सील कर दिया गया। साथ ही आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए जब्ती प्रकरण तैयार कर आगे की कार्रवाई हेतु कार्यालय उप संचालक कृषि, जशपुर को प्रेषित किया जा रहा है।

     उप संचालक कृषि विभाग ने बताया कि किसानों को केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक एवं कृषि आदान क्रय करना चाहिए तथा खरीद के समय पक्की रसीद अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल कृषि विभाग को देने की अपील भी की गई है। इस छापामार कार्रवाई में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री नन्दे भगत, उर्वरक निरीक्षक श्री देवकांत अजगल्ले, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री किशन कुशवाहा एवं श्री मुकेश सिंह सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

और भी

बिना हेलमेट और लाइसेंस स्कूल पहुंचे छात्रों पर होगी कार्रवाई, जर्जर भवनों में स्कूल संचालन पर सख्ती” कलेक्टर रोहित व्यास ने निजी स्कूल संचालकों की बैठक में दिए कड़े निर्देश

जशपुरनगर, 29 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में जिले में संचालित निजी विद्यालयों के संचालकों की बैठक लेकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा, सुरक्षित परिवहन व्यवस्था, नशा मुक्ति अभियान तथा विद्यालयों में आवश्यक सुरक्षा मानकों के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

*नए शैक्षणिक सत्र से पहले रोड सेफ्टी क्लब गठन के निर्देश*

कलेक्टर श्री व्यास ने सभी विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व अनिवार्य रूप से रोड सेफ्टी क्लब का गठन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ नियमों के पालन के प्रति जागरूक करें। इसके लिए उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी करने को कहा। उन्होंने सड़क सुरक्षा विषय पर भाषण, निबंध, पेंटिंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं एक्सपोजर विजिट आयोजित कर विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

*शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र हेलमेट और सीट बेल्ट का करें अनिवार्य उपयोग*

कलेक्टर ने स्कूल संचालकों से कहा कि विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी तथा जिन छात्रों के पास वाहन चलाने का लाइसेंस है, वे अनिवार्य रूप से हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करें। उन्होंने पालकों को भी शिक्षक-पालक बैठक के माध्यम से यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई छात्र बिना ड्राइविंग लाइसेंस अथवा बिना हेलमेट के विद्यालय आते पाया जाता है, तो संबंधित स्कूल एवं पालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

*स्कूलों के आसपास तंबाकू बिक्री प्रतिबंधित, 500 मीटर क्षेत्र नो-ड्रग जोन घोषित*

कलेक्टर ने कहा कि विद्यालयों की बाउंड्रीवाल से 100 मीटर की परिधि में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके अलावा 500 मीटर के दायरे को नो-ड्रग जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की नशीली गतिविधि पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्कूल संचालकों से ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने को कहा। साथ ही ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए।

*नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश*

कलेक्टर श्री व्यास ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जाए। उन्होंने बताया कि अभियान की आधिकारिक वेबसाइट पर सर्वाधिक डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले विद्यालय को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी नशे की हालत में विद्यालय आता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

*स्कूल परिसरों में सीसीटीवी एवं वाहनों की फिटनेस जांच अनिवार्य*

कलेक्टर ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूल परिसरों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूल बसों का 15 जून से पूर्व अनिवार्य फिटनेस परीक्षण कराने, बसों में फर्स्ट एड किट एवं आवश्यक सुरक्षा संबंधी नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल बस चालकों एवं हेल्परों का पुलिस सत्यापन 15 जून से पूर्व अनिवार्य रूप से कराने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बच्चों के परिवहन में उपयोग किए जाने वाले निजी वाहनों का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है। यदि निजी नाम से पंजीकृत वाहन बच्चों का परिवहन करते पाए गए तो जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे सभी वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन तथा वाहनों पर स्कूल वाहन का लोगो लगाना भी अनिवार्य होगा।

*जर्जर भवनों में स्कूल संचालन नहीं करने के निर्देश*

कलेक्टर श्री व्यास ने उन निजी विद्यालय संचालकों को  जिनका बोर्ड परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं रहा है, अपने शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार लाने हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जीर्ण-शीर्ण अथवा जर्जर भवनों में विद्यालय संचालन किसी भी स्थिति में नहीं किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यालय परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी श्री अरविंद भगत, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री धर्मेंद्र साहू सहित जिले के निजी विद्यालयों के संचालक उपस्थित रहे।

और भी

आंधी-तूफान ने बिगाड़ी बिजली व्यवस्था, महुआटोली-रमसमा-कजरा-पुटुकेला क्षेत्र में अंधेरा, टूटे 10 से अधिक विद्युत पोल, मरम्मत में जुटी विभागीय टीम

नारायणपुर। कुनकुरी विकासखंड के नारायणपुर विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले महुआटोली, रमसमा, कजरा, पुटुकेला एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बीते दिन आए तेज आंधी-तूफान और खराब मौसम ने भारी तबाही मचाई। अचानक तेज हवाओं और बारिश के चलते विद्युत लाइनों को व्यापक नुकसान पहुँचा है, जिसके कारण कई गांवों की बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कई स्थानों पर बिजली के पोल धराशायी हो गए, वहीं 11 के.वी. लाइन एवं एलटी केबल टूटकर जमीन पर गिर गए।

जानकारी के अनुसार आंधी-तूफान इतना तेज था कि कई जगहों पर पेड़ उखड़कर बिजली तारों पर गिर पड़े। इससे विद्युत सप्लाई बाधित हो गई। विभागीय सूत्रों के मुताबिक क्षेत्र में लगभग 10 से अधिक विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई गांवों में रातभर अंधेरा पसरा रहा, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

कई गांवों में बिजली गुल, ग्रामीण परेशान

महुआटोली, रमसमा, कजरा, पुटुकेला,ढोढ़ीलोंगरा, सेन्द्रीमुंडा, सहित कई ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो जाने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों को पेयजल व्यवस्था, मोबाइल चार्जिंग तथा अन्य आवश्यक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली बंद रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि तेज तूफान के दौरान कई जगह चिंगारी के साथ तार टूटकर नीचे गिर गए थे, जिसके बाद सुरक्षा के दृष्टिकोण से विद्युत आपूर्ति बंद करनी पड़ी। कुछ स्थानों पर खेतों और सड़कों के किनारे लगे पोल भी टूट गए हैं।

युद्धस्तर पर चल रहा मरम्मत कार्य

विद्युत विभाग नारायणपुर की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। विभागीय कर्मचारियों द्वारा क्षतिग्रस्त पोल हटाने, नए पोल लगाने और टूटे तारों को बदलने का कार्य किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि एक साथ कई स्थानों पर नुकसान होने के कारण मरम्मत कार्य क्रमवार तरीके से किया जा रहा है।

कर्मचारियों को खराब मौसम और ग्रामीण क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों के बीच कार्य करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर  रास्ते खराब होने के कारण वाहनों को पहुँचाने में भी दिक्कतें आ रही हैं, इसके बावजूद विभागीय अमला लगातार बहाली कार्य में जुटा हुआ है।

विभाग ने लोगों से की सहयोग की अपील

विद्युत विभाग नारायणपुर ने आम नागरिकों से धैर्य एवं सहयोग बनाए रखने की अपील की है। विभाग की ओर से कहा गया है कि यदि किसी क्षेत्र में टीम तत्काल नहीं पहुँच पा रही है तो इसके लिए खेद है, लेकिन सभी प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

विभाग ने लोगों से टूटे हुए बिजली तारों और क्षतिग्रस्त पोलों से दूर रहने की अपील भी की है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। साथ ही किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल विद्युत कार्यालय को देने कहा गया है।

मौसम खराब होने से बढ़ी मुश्किलें

क्षेत्र में लगातार बदलते मौसम और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। बावजूद इसके विभागीय कर्मचारी दिन-रात कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही बिजली व्यवस्था सामान्य हो जाएगी और लोगों को राहत मिलेगी।

और भी

बेल महादेव क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त होगी कार्रवाई, महिला सुरक्षा को लेकर सीएम से मिलीं प्रियंवदा सिंह जूदेव, कहा- महिलाओं को भयमुक्त माहौल देना पहला प्राथमिकता

महिला सुरक्षा को लेकर सीएम से मिली प्रियंवदा सिंह जूदेव 
जशपुरनगर : जिले में महिला सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव ने नईदिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि बीते दिनों शहर के बेल महादेव की महिलाओ ने उनसे मुलाक़ात के दौरान शाम से लेकर रात तक कुछ संदिग्ध लोगो द्वारा डेरा जमाने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि इस पर जल्द ही वह एसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह से मुलाक़ात कर, चर्चा करेंगी।

      जूदेव ने बताया कि छत्तीसगढ़ के समुचित विकास के लिए महिलाओ का योगदान आवश्यक है। इसके लिए महिलाओ को सुरक्षित वातावरण देना जरूरी है। जिससे वह भयमुक्त हो कर अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, देश के निर्माण में सहयोग दें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  जूदेव को महिला सुरक्षा अश्वस्त किया कि महिला सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस मामले में सरकार ने जीरो टॉरेंस की नीति अपनाई है।

    उल्लेखनीय है कि जशपुर राज परिवार और भाजपा के दिग्गज नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप सिंह जूदेव की बड़ी बहु हैँ।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रियंवदा सिंह जूदेव को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में सदस्य की जिम्मेदारी दी है। इससे पहले जूदेव नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की जिम्मेदारी भी सम्हाल चुकी है।

और भी

रमसमा में गुरुवार दोपहर आंधी-तूफान का भयानक कहर, पेड़ गिरने से कई मकान हुए बुरी तरह क्षतिग्रस्त, बिजली के पोल टूटने से पूरा गांव अंधेरे में डूबा

नारायणपुर। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम रमसमा, करमा, साहीडाँड़ और महुवाटोली क्षेत्र में गुरुवार दोपहर आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कई जगह विशालकाय पेड़ के बड़े बड़े डगाल टूटकर सड़कों और मकानों पर गिर पड़े, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। आंधी-पानी के बाद पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर तक मौसम सामान्य था, लेकिन अचानक काले बादलों ने आसमान को ढंक लिया और तेज गर्जना के साथ आंधी शुरू हो गई। कुछ ही देर में तेज हवाओं और बारिश ने विकराल रूप ले लिया। तूफानी हवा इतनी तेज थी कि कई घरों के एल्वेस्टर और टीनशेड उड़ गए। ग्रामीण अपने घरों को संभालने में जुटे रहे, लेकिन तेज हवा के सामने किसी की नहीं चली।

ग्राम रमसमा में सबसे ज्यादा नुकसान होने की जानकारी सामने आई है। ग्राम रमसमा में अजित और विजय और ढोढ़ीलोंगरा में विश्वनाथ,ओर एक ग्रामीण के मकान पर अचानक एक विशाल पेड़ टूटकर गिर पड़ा। पेड़ गिरते ही मकान की छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दीवारों में भी दरारें आ गईं। घर के अंदर रखा घरेलू सामान भी मलबे और बारिश के कारण खराब हो गया। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे। अचानक हुई इस घटना से परिवार के लोग सहम गए। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

आंधी-तूफान का असर केवल मकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई। तेज हवा के कारण कई जगह मेन लाइन के बिजली पोल टूटकर गिर गए। रमसमा क्षेत्र में हजार वोल्ट लाइन के पोल क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। वहीं एलटी लाइन के कई खंभे भी टूट गए, जिससे रमसमा सहित आसपास के गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। शाम होते ही गांव अंधेरे में डूब गए और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

और भी

मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें किया नमन

रायपुर 28 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ही नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना, साहस और सामाजिक जागरण के प्रखर प्रतीक थे। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष और तपस्या में समर्पित किया। कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संकल्प कभी डगमगाया नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाई और सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सतत प्रयास किया। उनकी लेखनी, विचार और कर्म आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर अपने विचारों से आज भी हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्श पथ पर अग्रसर होते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।

इस अवसर पर वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा भी उपस्थित थे।

और भी

7800 किसानों की मेहनत से जशपुर बना काजू उत्पादन का बड़ा केंद्र, मिठास और गुणवत्ता के दम पर दिल्ली तक पहुंची मांग

विशेष लेख : सहायक संचालक जनसंपर्क जशपुर श्रीमती नूतन सिदार

जशपुर 28 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में किसानों को सेब, नाशपाती,काजू, स्ट्राबेरी, आदि अन्य  खेती के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जशपुर में जिला प्रशासन उद्यान विभाग रीड्स और नाबार्ड के संयुक्त प्रयास से जिले के लगभग 7800 किसान 7800 एकड़ खेत में काजू की अच्छी फसल ले रहे हैं।

सभी किसान अपने  एक एक एकड़ के खेत में काजू की अच्छी फसल ले रहे हैं 

जशपुर की काजू की डिमांड छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ झारखंड, उत्तर प्रदेश, उड़िसा, दिल्ली आदि अन्य राज्यों में निरंतर बनी रहती है। गुणवत्ता और मिठास के मामले में भी जशपुर की काजू के क्या कहने इसी कारण इसकी ज्यादा मांग मार्केट में बनी हुई है।

उल्लेखनीय काजू एक लाभदायक नगदी फसल है 
ग्राफ्टेड पौधे जल्दी फल देते हैं और उत्पादन अधिक होता है। रोपण विधि
वर्षा ऋतु में पौध रोपण करना अच्छा रहता है।
पौधों के बीच लगभग 7–8 मीटर दूरी रखें।
गड्ढे में गोबर खाद और मिट्टी मिलाकर पौधा लगाएँ।
सिंचाई और देखभाल
शुरुआती वर्षों में नियमित सिंचाई आवश्यक होती है।
खरपतवार नियंत्रण और समय-समय पर छंटाई करना चाहिए 
पौधे 3–4 वर्ष बाद फल देना शुरू करते हैं।
पूर्ण उत्पादन 8–10 वर्ष में मिलता है।
एक विकसित पेड़ से 8–15 किलोग्राम तक काजू प्राप्त हो सकता है। काजू का उपयोग
मिठाई, नमकीन और ड्राई फ्रूट में उपयोग किया जाता है।

काजू के छिलके से औद्योगिक तेल बनाया जाता है। निर्यात से किसानों को अच्छा लाभ मिलता है।

और भी