ताजा खबरें


बड़ी खबर

सावन की हरियाली में रंगा दिगंबर जैन भवन, महिला जैन समाज के भव्य सावन मिलन उत्सव में संस्कृति, परंपरा और महिला सशक्तिकरण का दिखा अनुपम संगम

जशपुरनगर। सावन मास की हरियाली और उमंग के बीच स्थानीय दिगंबर जैन भवन रविवार को रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीतों और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर नजर आया। श्री संघ महिला जैन समाज, जशपुर द्वारा आयोजित 'सावन मिलन उत्सव' एवं महिला सम्मेलन में समाज की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए सावन के पारंपरिक रंगों को जीवंत कर दिया। पूरे दिन चले इस आयोजन में संस्कृति, एकता और पारिवारिक मूल्यों का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती नीतू गंगवाल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से किया गया। आयोजन को सफल बनाने में उपाध्यक्ष नेहा पाटोदी, मंत्री रिद्धि पंड्या, सह-मंत्री दिव्या कला तथा कोषाध्यक्ष पिंकी गंगवाल सहित महिला मंडल की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान सावन के पारंपरिक गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मनोरंजक प्रतियोगिताओं एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों ने महिलाओं का भरपूर मनोरंजन किया। पारंपरिक परिधानों और उत्साह से सराबोर वातावरण ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों एवं पदाधिकारियों ने महिला मंडल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, आपसी प्रेम, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के बीच इस प्रकार के सामूहिक आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
दिनभर चले इस उल्लासपूर्ण समारोह का समापन सामूहिक भोज, आत्मीय संवाद और सावन की मधुर स्मृतियों के साथ हुआ। कार्यक्रम ने समाज में एकता, अपनत्व और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरणादायी संदेश दिया।

और भी

गुरु के बिना ज्ञान अधूरा और ज्ञान के बिना जीवन अपूर्ण : प्रियंवदा सिंह जूदेव, गुरुपूर्णिमा पर राष्ट्र सेविका समिति के ध्वज पूजा उत्सव में सेविकाओं को किया संबोधित

ध्वज को गुरू मान कर सेविकाओं ने मनाया ध्वज पूजा उत्सव
कल्याण आश्रम में राष्ट्र सेविका समिति ने किया आयोजन
जशपुरनगरः शनिवार को शहर के वनवासी कल्याण आश्रम में गुरू पूर्णिमा का आयोजन किया गया। वनयोगी बाला साहेब देशपांडे स्मारक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेविका समिति ने किया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव और राजा देवशरण जिला चिकित्सालय की हड्डी रोग विशेषज्ञ डा मधुलिका श्रीवास्तव शामिल थी। मुख्य वक्ता के रूप में समिति की बौद्विक प्रमुख गायत्री देवता ने कार्यक्रम में  उपस्थित रही। प्रियंवदा सिंह जूदेव ने सेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र सेविका समिति द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम गुरू और राष्ट्र के प्रति संपूर्ण सम्पर्ण का संकल्प लेने का अवसर देता है। उन्होनें कहा कि भगवा ध्वज को गुरू मान कर स्वयं को समर्पित कर,सेविका राष्ट्र उत्थान का संकल्प लेती है,वह पूरे देश और समाज के लिए अनुकरणीय है। जूदेव ने कहा कि गुरू के बिना ज्ञान प्राप्त करना संभव नहीं है और ज्ञान के बिना जीवन अधूरा है। इसलिए भारतीय संस्कृति में गुरू को देवताओं से उपर का दर्जा दिया गया है। उल्लेखनिय है कि प्रति वर्ष गुरू पूर्णिमा के अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति द्वारा आयोजित किया जाता है। गुरू पूर्णिमा के दिन से लेकर रक्षा बंधन तक,इस कार्यक्रम का आयोजन सभी शाखाओं में किया जाता है।

और भी

नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की असली ताकत: बगीचा में स्वच्छता अभियान, युवाओं ने लिया नशा मुक्ति का संकल्प

बगीचा, 2 अगस्त। जशपुर जिले के बगीचा स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम आवासीय विद्यालय में रविवार को मेरा युवा भारत (MY Bharat) के तत्वावधान में "नशा मुक्त युवा–विकसित भारत" एवं "स्वच्छ भारत अभियान" के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, युवाओं और स्वयंसेवकों ने भाग लेकर नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया तथा स्वच्छता अभियान में श्रमदान कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया।

कार्यक्रम का आयोजन जिला युवा अधिकारी श्री साकेत मित्तल के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लाइव संबोधन के सामूहिक श्रवण से हुई। उपस्थित विद्यार्थियों और युवाओं ने प्रधानमंत्री के विचारों को गंभीरता से सुना और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प व्यक्त किया।

इसके बाद विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में "एक कदम स्वच्छता की ओर" अभियान के तहत व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और अतिथियों ने स्वयं झाड़ू लगाकर परिसर की सफाई की तथा कचरा एकत्रित कर स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है और जनभागीदारी से ही स्वच्छ भारत का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशा मुक्त भारत के निर्माण की शपथ भी दिलाई गई। उन्हें नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी बड़ी बाधा बनता है। युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेल, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया गया।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यदि युवा नशे से दूर रहकर अनुशासन, स्वच्छता, सेवा और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे तो देश तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत बगीचा के अध्यक्ष प्रभात सिडाम, उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, जनपद पंचायत बगीचा के उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता तथा वरिष्ठ भाजपा नेता शंकर प्रसाद गुप्ता उपस्थित रहे। अतिथियों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इससे दूर रहकर ही युवा अपने परिवार, समाज और देश का उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं। उन्होंने स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए भी प्रेरित किया।

कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में माय भारत वॉलिंटियर विकास गुप्ता, शुभम गुप्ता एवं अतुल कुजूर की विशेष भूमिका रही। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि जागरूक युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। जब युवा नशे से दूर रहकर स्वच्छता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों का पालन करेंगे, तभी स्वच्छ, स्वस्थ, नशामुक्त और विकसित भारत का सपना साकार होगा।

और भी

कुलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी छत्तीसगढ़ सरकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान, दोनों मृतक श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता

रायपुर 2 अगस्त 2026/ दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी श्रमिकों की मृत्यु के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए त्वरित कार्रवाई की है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह राशि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सहायता से अतिरिक्त होगी।
 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ के दो वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल जम्मू-कश्मीर रवाना किया गया, जो घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों के साथ समन्वय और आवश्यक व्यवस्थाओं में जुटे हैं मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  पीड़ित परिवारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

जम्मू-कश्मीर पहुंचे अधिकारियों ने वहां के प्रशासन से समन्वय स्थापित कर राहत एवं सहायता संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा दोनों पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपये की अंतरिम सहायता प्रदान की गई है तथा 14-14 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि भी शीघ्र प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक दोनों परिवार सुरक्षित अपने गृह जिले नहीं पहुंच जाते, तब तक राज्य सरकार के अधिकारी उनके साथ रहकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार दोनों शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

और भी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले— नए आपराधिक कानूनों से न्याय होगा तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित, ई-साक्ष्य से लेकर ऑनलाइन एफआईआर तक डिजिटल सिस्टम को मिलेगी मजबूती

रायपुर, 02 अगस्त 2026/ वर्तमान समय की आवश्यकताओं और बदलती चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए नए आपराधिक कानून भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन के वाहक बने हैं। इन कानूनों का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रणालियों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को न्याय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाकर न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित "स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस" राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। इन कानूनों की मूल भावना नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की स्थापना है, जिसमें पीड़ित को शीघ्र न्याय मिले और अपराधी कानून के शिकंजे से बच न सके।

उन्होंने कहा कि पुराने कानून ऐसे समय में बने थे, जब डिजिटल तकनीक, सीसीटीवी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आधुनिक फॉरेंसिक विज्ञान का अस्तित्व नहीं था। आज अपराधों की प्रकृति बदल चुकी है और तकनीक न्याय व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन गई है। नए कानूनों ने डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तथा वैज्ञानिक फॉरेंसिक जांच को विधिक मान्यता देकर अपराध अनुसंधान और अभियोजन को नई मजबूती प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा प्रारंभ होने से अपराध अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। ई-साक्ष्य जैसी व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से न्याय प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और प्रभावी हुई है। पहले समन की तामील में कई दिन लग जाते थे, जबकि अब ई-समन के माध्यम से सूचना तत्काल संबंधित व्यक्ति तक पहुंच रही है और उसकी डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव हो गई है। न्याय श्रुति जैसी व्यवस्था न्यायालयीन कार्यवाही के सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ ऑनलाइन एवं हाइब्रिड सुनवाई को भी अधिक सक्षम बना रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के माध्यम से देशभर के पुलिस थाने डिजिटल रूप से एक-दूसरे से जुड़े हैं। इससे अपराधियों का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो जाता है और पुलिस को त्वरित कार्रवाई में सुविधा मिलती है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी थाने ऑनलाइन मोड में कार्यरत हैं तथा राज्य में अब तक 1 लाख 97 हजार 547 एफआईआर ऑनलाइन दर्ज की जा चुकी हैं। नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित एफआईआर की प्रति भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन, जेल और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच सुरक्षित डिजिटल समन्वय स्थापित कर रहा है। इससे सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव हुआ है और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी में उल्लेखनीय कमी आई है।

उन्होंने कहा कि नए कानूनों से न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हुई है। कागजी औपचारिकताओं में कमी आई है तथा सीमित संसाधनों में अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने में भी ये कानून अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार ने नौ नए साइबर थाने प्रारंभ किए हैं तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तकनीक निरंतर विकसित हो रही है। इसलिए न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को समय-समय पर प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है। राज्य सरकार नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत प्रशिक्षण, क्षमता विकास और नियमित मॉनिटरिंग के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की आपराधिक न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक, त्वरित और तकनीक आधारित बनेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम देश की न्याय व्यवस्था में व्यापक बदलाव लेकर आए हैं। इन कानूनों की सफलता केवल उनके लागू होने में नहीं, बल्कि सभी संबंधित संस्थाओं द्वारा उनके प्रभावी क्रियान्वयन में निहित है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आज की चर्चा केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपराधिक अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया में व्यापक परिवर्तन का प्रतीक है। ई-साक्ष्य, ई-चालान, न्याय श्रुति तथा डिजिटल फॉरेंसिक्स जैसी व्यवस्थाएं नए कानूनों की मूल भावना को साकार करने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विशेष रूप से ई-साक्ष्य को उन्होंने साक्ष्य प्रबंधन की समग्र एवं एकीकृत प्रणाली बताते हुए कहा कि इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता और प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी।

उन्होंने कहा कि न्याय की प्रक्रिया अपराध स्थल से प्रारंभ होती है। यदि प्रारंभिक जांच वैज्ञानिक, निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, तो पूरी न्यायिक प्रक्रिया अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगी। तकनीक न्यायिक विवेक का स्थान नहीं ले सकती, लेकिन उसे अधिक प्रभावी अवश्य बना सकती है।

मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि जून माह के दौरान जिला न्यायालयों में लगभग 9,910 मामलों तथा उच्च न्यायालय में 58 मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। उन्होंने सभी हितधारकों से न्याय श्रुति प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 ने इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल अभिलेखों को व्यापक कानूनी मान्यता प्रदान की है, जबकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 ने अपराध पंजीयन, अनुसंधान, तलाशी, जब्ती, वीडियो रिकॉर्डिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक संचार जैसी प्रक्रियाओं में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ नए आपराधिक कानूनों एवं डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला न्याय व्यवस्था के इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम की समीक्षा के बाद इसके त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप न्याय एवं कानून व्यवस्था के डिजिटलीकरण की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।

उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों की मूल भावना यह सुनिश्चित करना है कि निचली अदालत से लेकर उच्चतम न्यायालय तक न्यायिक प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध न्याय मिल सके। उन्होंने "वन डेटा, वन एंट्री" की अवधारणा पर कार्य करने, एफआईआर की मैनुअल प्रक्रिया समाप्त करने तथा ई-फॉरेंसिक, ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, सीसीटीएनएस, नेफिस, सीआरपीआई एप्लिकेशन और डीएनए सैंपलिंग जैसी आधुनिक प्रणालियों के व्यापक उपयोग पर बल दिया।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम में विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेंद्र यादव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री एन.के. चन्द्रवंशी, उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्तिगण, प्रमुख सचिव गृह श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य विभाग श्रीमती सुषमा सावंत, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, विभिन्न जिलों के न्यायाधीश, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सीसीटीएनएस के नोडल अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, एफएसएल के अधिकारी, मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सक, विधि विशेषज्ञ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

100 सप्ताह तक चलेगा देशव्यापी नशा मुक्ति महाअभियान: प्रधानमंत्री मोदी ने किया शुभारंभ, रायपुर लोक भवन से राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

रायपुर 2 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज देशभर में प्रारंभ हुए ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत राजधानी रायपुर स्थित लोक भवन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन तथा विभिन्न युवा संगठनों के सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देशभर के युवाओं को संबोधित करते हुए 100 सप्ताह तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है और यदि युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का सकारात्मक उपयोग करें, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इस दिशा में जागरूक करने का आह्वान किया।

लोक भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक देखा। राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की शपथ ली। कार्यक्रम में युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।

उल्लेखनीय है कि ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ 2 अगस्त 2026 से प्रारंभ होकर आगामी 100 सप्ताह तक देशभर में संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), माय भारत युवा संगठन तथा अन्य युवा संगठनों के सहयोग से विविध जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम, जागरूकता रैलियाँ, पोस्टर एवं चित्रकला प्रतियोगिताएँ, वाद-विवाद, निबंध लेखन, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लघु फिल्म प्रदर्शन, सोशल मीडिया अभियान तथा सामुदायिक संवाद जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।

अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय और जिम्मेदार भागीदारी सुनिश्चित करना है। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाकर इसे जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बनाया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में युवा एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

और भी

छत्तीसगढ़ को केंद्र से करोड़ों की अग्रिम कर हिस्सेदारी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले— विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार, सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं को मिलेगा बड़ा संबल

रायपुर 2 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को अग्रिम कर हस्तांतरण के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि राज्यों की विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समय से पहले कर हिस्सेदारी उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की संवेदनशील, दूरदर्शी और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अग्रिम कर हस्तांतरण के रूप में ₹3,602 करोड़ की राशि प्राप्त होने से प्रदेश में अधोसंरचना विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को और गति मिलेगी। इससे सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी और विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और समन्वय की भावना ही विकसित भारत के निर्माण का मजबूत आधार है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर राज्यों को सशक्त बनाने तथा उनकी वित्तीय क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रभावी निर्णय ले रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा।

और भी

"छत्तीसगढ़ बनेगा उद्योगों की पहली पसंद! मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले— नई उद्योग नीति से निवेश की बाढ़, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से रोजगार और कारोबार को मिलेगी नई उड़ान

रायपुर 2 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के लाभांडी स्थित एक निजी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित सीजी टेंट एंड डेकोर एक्सपो-2026 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा देशभर से आए टेंट एवं इवेंट उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों से संवाद किया। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन किसी भी उद्योग को नई दिशा देने, आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और व्यापारिक अवसरों का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज उद्योग और व्यापार के लिए देश के सबसे अनुकूल राज्यों में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश आर्थिक प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां उद्योग, व्यापार और उद्यमिता समान रूप से विकसित हों तथा युवाओं को अधिकाधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीजी टेंट एंड डेकोर एक्सपो-2026  नवाचार, कौशल विकास और व्यावसायिक साझेदारी का प्रभावी मंच है। इस तीन दिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञ, निर्माता, सप्लायर और व्यवसायी अपने अनुभव, तकनीक और नए उत्पाद साझा कर रहे हैं। इससे छत्तीसगढ़ के स्थानीय व्यवसायियों को आधुनिक उपकरणों, नवीन डिजाइनों और बदलते बाजार की आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि आज इवेंट और टेंट उद्योग तेजी से बदल रहा है। आधुनिक तकनीक, आकर्षक डिज़ाइन, बेहतर प्रबंधन और गुणवत्ता इस क्षेत्र की नई पहचान बन चुके हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव प्राप्त होंगे, जिससे उनका व्यवसाय और अधिक प्रतिस्पर्धी एवं सशक्त बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि टेंट एवं इवेंट उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। विवाह समारोहों से लेकर सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और शासकीय आयोजनों तक आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहती है। आप केवल टेंट और सजावट की व्यवस्था नहीं करते, बल्कि लोगों के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और यादगार अवसरों को सुंदर, व्यवस्थित और गरिमामय स्वरूप प्रदान करते हैं। यह उद्योग लाखों लोगों की खुशियों और सामाजिक आयोजनों का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र ने हजारों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग इस व्यवसाय से जुड़े हैं। विशेष रूप से महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से टेंट व्यवसाय से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी अभियान के अंतर्गत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी अनेक महिलाओं ने टेंट एवं संबंधित गतिविधियों को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया है। इससे उनके परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के एक्सपो से छोटे और मध्यम स्तर के टेंट व्यवसायियों को भी नई दिशा मिलेगी। उन्हें आधुनिक मशीनों, उपकरणों, सजावटी सामग्री, डिजिटल प्रबंधन और व्यवसाय विस्तार के नए अवसरों की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे वे अपने कारोबार को और अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बना सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति देश के मध्य में होने के कारण यह व्यापार और लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य सरकार सड़क, रेलवे और हवाई संपर्क को लगातार मजबूत कर रही है ताकि उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक गति मिल सके। उन्होंने कहा कि रेल अवसंरचना के क्षेत्र में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। केंद्र सरकार द्वारा रेल बजट में छत्तीसगढ़ के लिए रिकॉर्ड प्रावधान किए गए हैं तथा अनेक नई रेल परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप में विकास किया जा रहा है। हाल ही में कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इससे प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में आवागमन, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मजबूत अधोसंरचना ही निवेश, उद्योग और रोजगार का सबसे बड़ा आधार होती है और राज्य सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह एक्सपो छत्तीसगढ़ के टेंट एवं इवेंट उद्योग को नई पहचान देगा तथा स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा।

कार्यक्रम को विधायक श्री अमर अग्रवाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर टेंट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विपुल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह दुआ, श्रीमती रंजीत कौर दुआ सहित छत्तीसगढ़ टेंट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी, देशभर से आए टेंट एवं इवेंट उद्योग से जुड़े व्यवसायी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

और भी

लोदाम के श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात: वर्षों का इंतजार खत्म, अब पक्के सीसी रोड से सीधे छठ घाट तक पहुंचेगी आस्था की डगर, विधायक रायमुनी भगत की अनुशंसा पर लाखों की लागत से निर्माण कार्य हुआ पूरा


जशपुरनगर 2 अगस्त 2026/ आस्था और जनभावना से जुड़े छठ पर्व का लोदाम में हर वर्ष बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। शंख नदी के तट पर बसे इस सीमावर्ती ग्राम पंचायत में छठ पर्व के दिनों में भारी चहल-पहल रहती है, लेकिन छठ घाट तक पहुंचने के लिए पक्के मार्ग की अनुपलब्धता के कारण वर्षों से व्रती और श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रोजमर्रा के कार्यों एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में भी लोगों को इसी कारण असुविधा झेलनी पड़ती थी।
   लोदाम, जिला मुख्यालय से लगभग 28 किलोमीटर दूर, झारखंड सीमा से सटा एक खूबसूरत गांव है, जो घने जंगलों और प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित है। क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए छठ घाट तक एक मजबूत, सुरक्षित और सुविधाजनक पहुंच मार्ग की आवश्यकता  महसूस की जा रही थी।
   विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने आम जनता की इस समस्या को गंभीरता से समझा और मुख्य मार्ग से छठ घाट तक पहुंच मार्ग तक सी. सी. रोड निर्मित कराने के लिए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत आठ लाख रुपये की स्वीकृति की अनुशंसा की। इस पहल पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में सीसी रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया और सितंबर 2025 में निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
   सड़क निर्माण पूरा होने के साथ ही लोदाम के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्या का समाधान अब हो गया है। छठ घाट तक पहुंचना अब आसान और सुरक्षित हो गया है। दैनंदिन कार्यों और अन्य धार्मिक आयोजनों में आने-जाने की असुविधा समाप्त हो गई है। पक्के मार्ग के कारण आसपास के क्षेत्रों में विकास की संभावनाएँ और भी बढ़ गई हैं।

और भी

राशिफल: किस राशि की चमकेगी किस्मत, किसे मिलेगा धन लाभ, नौकरी-व्यापार में किसका होगा बड़ा फायदा और किन राशियों को बरतनी होगी विशेष सावधानी, पढ़ें मेष से मीन तक सभी राशियों का विस्तृत राशिफल

मेष (Aries):
आज का दिन नई ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्य की सराहना कर सकते हैं। व्यापार में रुका हुआ धन मिलने के संकेत हैं। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की चर्चा हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खान-पान में लापरवाही न करें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus):
आर्थिक मामलों में आज सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा और जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। निवेश सोच-समझकर करें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini):
आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता आपको सफलता दिलाएगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। नौकरी में पदोन्नति या नई संभावनाओं के संकेत हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग हैं।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer):
आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। पारिवारिक मामलों में धैर्य से काम लें। कार्यक्षेत्र में मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें और पर्याप्त आराम करें।
शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

सिंह (Leo):
आज का दिन आपके लिए सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला रहेगा। समाज में मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo):
आज योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने पर सफलता मिलेगी। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के योग हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 7

तुला (Libra):
आज का दिन संतुलन और समझदारी से निर्णय लेने का है। व्यापार में लाभ मिलेगा और नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक साबित हो सकती है।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

वृश्चिक (Scorpio):
आज आत्मविश्वास के साथ किए गए कार्य सफल होंगे। लंबे समय से अटका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार में खुशियां रहेंगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 9

धनु (Sagittarius):
आज भाग्य आपका साथ देगा। धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। नौकरी और व्यापार में लाभ के योग हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn):
आज कार्यक्षेत्र में धैर्य और अनुशासन बनाए रखें। मेहनत के अनुरूप परिणाम मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius):
आज नए अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं। करियर में सकारात्मक बदलाव संभव है। व्यापारियों को लाभ मिलेगा। मित्रों और परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। निवेश के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मन प्रसन्न रहेगा।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

मीन (Pisces):
आज का दिन रचनात्मक कार्यों के लिए बेहद शुभ रहेगा। नौकरी और व्यापार में उन्नति के संकेत हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों को सफलता मिलने की संभावना है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3


रविवार का दिन भगवान सूर्यदेव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। प्रातःकाल सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें और सकारात्मक सोच के साथ अपने कार्यों की शुरुआत करें। संयम, परिश्रम और मधुर व्यवहार आज सफलता की कुंजी साबित होंगे।

और भी

नारायणपुर में बिजली व्यवस्था बदहाल: बूंदाबांदी होते ही घंटों गुल हो जाती है बिजली, उपभोक्ताओं में बढ़ता आक्रोश

नारायणपुर। क्षेत्र में बिजली व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि तेज आंधी-तूफान की बात तो दूर, हल्की बूंदाबांदी होते ही बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है और कई-कई घंटों तक लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है। लगातार हो रही इस परेशानी से नारायणपुर क्षेत्र के उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नारायणपुर सब स्टेशन से निकलने वाले लगभग हर फीडर में प्रतिदिन किसी न किसी स्थान पर फाल्ट हो रहा है। कभी तार टूट जाता है, तो कभी इंसुलेटर खराब हो जाता है। फाल्ट सुधारने में घंटों लग जाते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। लोगों का आरोप है कि समस्या लाइनमैनों की कार्यशैली में नहीं, बल्कि बिजली पोलों पर लगाए गए घटिया गुणवत्ता के तार, इंसुलेटर और अन्य विद्युत सामग्री में है, जो थोड़ी सी बारिश या हवा भी नहीं झेल पा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से क्षेत्र के लोग बिजली की आंख-मिचौली से परेशान हैं, लेकिन इस वर्ष स्थिति और भी गंभीर हो गई है। लगभग रोजाना किसी न किसी फीडर में खराबी आने से कई घंटे तक बिजली बंद रहती है। इसका सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं, दुकानदारों, विद्यार्थियों और किसानों पर पड़ रहा है। बिजली कटौती के कारण पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का खतरा भी बना रहता है।

उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि यदि किसी कारणवश बिजली बिल समय पर जमा नहीं हो पाता तो विभाग बिना किसी रियायत के विलंब शुल्क (पेनल्टी) जोड़ देता है। वहीं दूसरी ओर विभाग नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति देने में विफल साबित हो रहा है। लोगों का सवाल है कि जब उपभोक्ता समय पर भुगतान करने के लिए बाध्य हैं, तो विभाग अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा रहा।

क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि रनपुर और साहीडाँड़ सब स्टेशन से जुड़े फीडरों में ऐसी समस्या देखने को नहीं मिल रही है। वहां बिजली आपूर्ति अपेक्षाकृत सुचारु बनी हुई है, जबकि केवल नारायणपुर सब स्टेशन से निकलने वाले फीडरों में लगातार फाल्ट आ रहे हैं। इससे लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नारायणपुर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ही इतनी खराब क्यों है।

क्षेत्र के नागरिकों ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से नारायणपुर सब स्टेशन और उससे जुड़े फीडरों का तकनीकी निरीक्षण कर पुराने व जर्जर तारों, इंसुलेटरों तथा अन्य विद्युत उपकरणों को तत्काल बदलने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहिए ताकि क्षेत्र में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

और भी

जशपुर में भाजपा युवा मोर्चा का सबसे बड़ा सदस्यता अभियान, 9 अगस्त को 6 हजार युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य, शहर में निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा

जशपुर। 

भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) द्वारा प्रदेश भर में युवाओं और नए मतदाताओं को संगठन से जोड़ने के लिए Join BJYM सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 9 अगस्त को जशपुर जिले में विशाल सदस्यता कार्यक्रम और एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा।

भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा के निर्देश और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के मार्गदर्शन में यह अभियान करीब 8 वर्षों बाद पुनः प्रारंभ किया गया है। पूरे प्रदेश में जहाँ 2 लाख नए सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, वहीं जशपुर जिले में भाजयुमो ने 6 हजार युवाओं को संगठन से जोड़ने की विशेष योजना बनाई है।

 भाजयुमो जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव ने बताया कि जिले में 6 हजार युवाओं और नव-मतदाताओं को भाजपा की विचारधारा से जोड़ा जाएगा! सदस्यता पूरी तरह निःशुल्क है। युवा सीधे Join BJYM पोर्टल के माध्यम से जुड़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को ट्रैक करने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक विशेष रेफरल कोड व्यवस्था लागू की गई है। यह राष्ट्रव्यापी अभियान 23 जुलाई से 20 सितंबर तक संचालित रहेगा, जिसके अंतर्गत 9 अगस्त को जशपुर में बड़ा आयोजन होगा।

9 अगस्त को निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा

जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव ने बताया कि 9 अगस्त को जिला स्तर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सदस्यता दिलाने के साथ-साथ एक विशाल तिरंगा यात्रा भी निकाली जाएगी। इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए जिले भर के युवा मोर्चा पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार बैठकें कर रहे हैं और तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हुए हैं।

विजय आदित्य सिंह जूदेव, जिलाध्यक्ष भाजयुमो, जशपुर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों तथा विकास कार्यों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में युवा स्वतः ही भाजपा और भाजयुमो की सदस्यता ले रहे हैं। तिरंगा यात्रा और सदस्यता अभियान दोनों को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता पूरी ताकत से लगे हैं।

और भी

मनोरा के स्कूलों में 'बस्तामुक्त शनिवार' बना लोकतंत्र और देशभक्ति का उत्सव, बाल संसद का गठन; वीर जवानों के लिए छात्राओं ने भेजीं राखियां, पत्र और गांव की पवित्र मिट्टी

मनोरा। विकासखंड मनोरा के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार को 'बस्तामुक्त शनिवार' कार्यक्रम उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझते हुए बाल संसद का गठन किया। साथ ही सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए छात्राओं ने अपने हाथों से राखी (रक्षासूत्र), आत्मीय पत्र और गांव की पवित्र मिट्टी तैयार कर विकासखंड कार्यालय के माध्यम से सैनिकों तक भेजने के लिए रवाना की।

कार्यक्रम का संचालन विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पटेल, बीआरसीसी आशुतोष शर्मा एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम के मार्गदर्शन में किया गया। बाल संसद चुनाव के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई, जिसमें अजीम प्रेमजी फाउंडेशन का भी सहयोग रहा।

विकासखंड के आमगांव, कलारू, लुखी, खरसोता, डूमरटोली, सोगड़ा, गजमा, सरडीह, मनोरा, आस्ता, बहेरना, सोनक्यारी, टैम्पु, शैला, अलोरी, गेड़ई सहित अन्य संकुलों के विद्यालयों में चुनाव प्रक्रिया कराकर विद्यार्थियों ने अपने बीच से बाल प्रधानमंत्री और विभिन्न विभागों के मंत्रियों का चयन किया।

माध्यमिक शाला मनोरा, सोगड़ा, डूमरटोली, खरसोता, कंडोरा, प्राथमिक शाला मनोरा बरटोली, सेजेश मनोरा और सरस्वती शिशु मंदिर सहित कई विद्यालयों की छात्राओं ने सैनिकों के लिए राखियां और शुभकामना पत्र तैयार किए। कार्यक्रम के समन्वय में विभावती भगत, प्रेमलाल बर्मन, मुनेश्वर यादव सहित सभी संकुल समन्वयकों और शिक्षकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

शिक्षकों ने बताया कि बस्तामुक्त शनिवार के इस नवाचार से बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा, लोकतंत्र की समझ और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों में बच्चों का उत्साह देखने लायक रहा।

और भी

कुलगाम आतंकी हमले में  छत्तीसगढ़ के मृत श्रमिकों के परिजनों को राज्य सरकार देगी 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि

रायपुर 1 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों पर किए गए कायराना हमले में सक्ती जिले के निवासी श्री दीपक रात्रे तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निवासी श्री भूपेंद्र भैना के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस जघन्य और अमानवीय आतंकी घटना की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के विरुद्ध अपराध है और ऐसे कायराना कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार की ओर से दोनों दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता  राशि प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को  जम्मू-कश्मीर सरकार के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्त की जाएगी, जो परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

और भी

वन विभाग की सतर्कता से टला बड़ा खतरा, केरावाहारा में तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा गया,वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होगी आगे की प्रक्रिया

रायपुर, 1 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के केराबाहरा गांव में आतंक मचाने वाला एक तेंदुआ 1 अगस्त 2026 की सुबह वन विभाग द्वारा सुरक्षित पकड़ लिया गया। यह तेंदुआ पिछले एक महीने से अधिक समय से लगातार रिहायशी इलाके में आ रहा था और ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। छत्तीसगढ़ वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगाया और जानवर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया।

             वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार गरियाबंद वनमंडल के वन परिक्षेत्र गरियाबंद अंतर्गत ग्राम केरावाहारा (ग्राम पंचायत जोवा) में वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए लगाए गए केज ट्रैप (पिंजरे) में शुक्रवार को तेंदुआ सुरक्षित रूप से पकड़ा गया। वन विभाग की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को टाल दिया गया।

*तेंदुए की गतिविधियों पर रखी जा रही थी विशेष निगरानी*

            वनमंडलाधिकारी श्री ससिगानंदन के. ने बताया कि तेंदुए ने पहले क्षेत्र में पालतू मवेशियों पर हमला किया था। इसके अलावा विद्यालय परिसर और आबादी के आसपास भी उसकी मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। इसे देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में विशेष निगरानी शुरू की और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए।

केज ट्रैप और रेस्क्यू टीम की रणनीति रही सफल

           वनमंडलाधिकारी श्री ससिगानंदन के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक श्री वरुण जैन और वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा के निर्देशन में ग्राम जोवा और केरावाहारा में केज ट्रैप लगाए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात किया गया था। इस कार्रवाई के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़ से आवश्यक अनुमति और दिशा-निर्देश भी प्राप्त किए गए थे।

*सुरक्षित रेस्क्यू के बाद स्वास्थ्य पर रखी जा रही निगरानी*

            वन विभाग की लगातार निगरानी और सुनियोजित रणनीति के चलते तेंदुआ सुरक्षित रूप से पिंजरे में आ गया। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसके स्वास्थ्य और व्यवहार पर निगरानी शुरू कर दी। मौके पर भीड़ न जुटे, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी की गई।

*विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई*

            पकड़े गए तेंदुए का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण में उसकी शारीरिक स्थिति, किसी संभावित चोट या बीमारी तथा प्राकृतिक आवास में छोड़ने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

*अफवाहों से बचें, वन विभाग को दें तुरंत सूचना*

           वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। तेंदुए से संबंधित कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी वन अमले को सूचित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानव जीवन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम नियमानुसार उठाए जा रहे हैं।

और भी

महतारी सदन से महिला स्व-सहायता समूहों को मिला स्थायी मंच, बैठकों और आजीविका गतिविधियों को मिली नई गति

रायपुर, 1 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के केरसई में निर्मित महतारी सदन महिला स्व-सहायता समूहों के लिए सशक्तिकरण का प्रभावी केंद्र बनकर उभरा है। इस भवन के निर्माण से महिलाओं को समूह की नियमित बैठकों, आजीविका गतिविधियों तथा सामाजिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और स्थायी स्थान उपलब्ध हुआ है।

महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती बबीता गुप्ता ने बताया कि पहले समूह की बैठक आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं होने से काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कभी किसी सदस्य के घर तो कभी खुले स्थान या पेड़ के नीचे बैठक करनी पड़ती थी। विशेष रूप से बारिश और गर्मी के मौसम में बैठकों का संचालन प्रभावित होता था, जिससे समूह की गतिविधियों पर भी असर पड़ता था।

उन्होंने बताया कि महतारी सदन बनने के बाद अब सभी सदस्य नियमित रूप से एक ही स्थान पर बैठक कर रही हैं। यहां समूह की बचत, ऋण, आजीविका गतिविधियों, प्रशिक्षण तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर व्यवस्थित ढंग से चर्चा होती है। इससे समूह का संचालन अधिक प्रभावी होने के साथ महिलाओं की सहभागिता भी बढ़ी है।

श्रीमती बबीता गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्मित महतारी सदन ने महिलाओं की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान किया है। अब उन्हें बैठकों के लिए स्थान की चिंता नहीं रहती और समूह की सभी गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी सदन महिलाओं के लिए केवल एक भवन नहीं, बल्कि संगठन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन गया है। यह केंद्र महिलाओं को संगठित होकर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।

और भी

नवीन आपराधिक कानूनों के माध्यम से डिजिटल न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने संबंधी विषय पर 2 अगस्त को रायपुर में होगी राज्य स्तरीय कार्यशाला

रायपुर, 01 अगस्त 2026/ न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अधिक सशक्त, सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आगामी 2 अगस्त 2026 को रायपुर स्थित होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल, वीआईपी रोड में "नवीन आपराधिक कानूनों के माध्यम से डिजिटल न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाना" विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय प्रणाली में डिजिटल तकनीकों के समावेश के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।

         कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव तथा न्यायमूर्ति श्री चंद्रवंशी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के अन्य न्यायाधीशगण भी कार्यक्रम में सहभागी होंगे।

        राज्य स्तरीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य की न्यायिक सेवा के अधिकारीगण, सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक सहित पुलिस एवं न्यायिक तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। कार्यशाला न्यायपालिका, पुलिस एवं अभियोजन तंत्र के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ नवीन तकनीकों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।

          कार्यशाला के दौरान अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस), अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणाली (सीसीटीएनएस), डिजिटल न्यायिक समन्वय, नवीन आपराधिक कानूनों के अंतर्गत तकनीकी एकीकरण तथा न्याय एवं पुलिस व्यवस्था के डिजिटलीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श किया जाएगा। इन विषयों के संबंध में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) एवं राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के वरिष्ठ अधिकारी विषय विशेषज्ञ के रूप में तकनीकी प्रशिक्षण एवं विस्तृत प्रस्तुतीकरण देंगे।

        यह राज्य स्तरीय कार्यशाला न्यायपालिका, पुलिस एवं अभियोजन तंत्र के मध्य समन्वित डिजिटल व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नागरिकों को त्वरित, सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

और भी

बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें: जशपुर पुलिस ने स्कूल में चलाया जागरूकता अभियान, नाबालिगों को वाहन देने पर अभिभावकों को चेतावनी

जशपुर। जशपुर पुलिस ने जिले में सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और महिला-बाल संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में शनिवार को सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन) में विद्यार्थियों को यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में डीएसपी ट्रैफिक कुंज राम चौहान और ट्रैफिक प्रभारी उप निरीक्षक खेमराज ठाकुर ने हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, ट्रैफिक संकेतों का पालन, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए। साथ ही विद्यार्थियों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने अभिभावकों से कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। उन्होंने संदेश दिया— "बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें। सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।"

पुलिस ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिग द्वारा बिना वैध लाइसेंस वाहन चलाना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में नाबालिग के साथ-साथ अभिभावक और वाहन स्वामी पर भी कार्रवाई हो सकती है। नियमों के तहत ₹25 हजार तक का जुर्माना, 3 वर्ष तक की सजा, वाहन का पंजीयन निरस्त करने तथा 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किए जाने का प्रावधान है।

जशपुर पुलिस ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग की अपील की है।

और भी