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विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर कांसाबेल में महिलाओं को दिया गया स्वच्छता और स्वास्थ्य का संदेश, स्व-सहायता समूह की दीदियों ने खुलकर साझा किए अनुभव

जशपुर 28 मई 2026/ ​कांसाबेल जनपद कांसाबेल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के लिए ‘माहवारी स्वच्छता प्रबंधन’ (Menstrual Hygiene Management) पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना था।
​कार्यशाला में उपस्थित मुख्य अतिथियों और विशेषज्ञों ने महिलाओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी:
​SBM-G जिला समन्वयक मदन प्रेमी ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत माहवारी स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह सही स्वच्छता अपनाकर महिलाएं कई तरह की बीमारियों से सुरक्षित रह सकती हैं।

 प्रतिनिधि शास्त्री कुमार और 
​ब्लॉक समन्वयक  नीलेश कुमार ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को इस संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने और अन्य महिलाओं व किशोरियों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
​जागरूकता ही सुरक्षा है
​कार्यशाला के दौरान उपस्थित SHG ग्रुप की महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और खुलकर चर्चा की। उन्हें बताया गया कि माहवारी कोई बीमारी या शर्म का विषय नहीं है, बल्कि एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है। इस दौरान साफ-सफाई रखना महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और सम्मान के लिए बेहद जरूरी है।

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जनसमस्या निवारण शिविर में जरूरतमंदों को मिली बड़ी राहत, 6 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री पेंशन योजना की स्वीकृति तो 8 श्रमिकों को मिला श्रम कार्ड, योजनाओं का लाभ पाकर ग्रामीणों के चेहरों पर दिखी खुशी

जशपुर 28 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सुशासन तिहार अभियान का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में दुलदुला विकास खंड के ग्राम कस्तुरा में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शोर्य प्रताप सिंह जुदेव ने 6 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री पेंशन योजना की स्वीकृति आदेश दी गई है।
इनमें ग्राम जामपानी के मोहन प्यारे, रामकृष्ण,लाल मोहन राम, रामेश्वर राम, सुखदेव राम, तेजू राम शामिल है और एक हितग्राही मनीष कुमार राम को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत किया गया।
इसी प्रकार 8 हितग्राहियों को श्रम कार्ड वितरण किया गया।
इनमें दुलदुला विकास खंड के ग्राम रायडीह के लक्ष्मी बाई, विनीता खाखा,कमला बाई, देवनाथ यादव, ग्राम कोरना के मन्दिका , रायडीह के सुमन एक्का मुक्ति खाखा,मनपति बाई‌ शामिल हैं।

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सरबकोम्बो के सुशासन तिहार शिविर में शिक्षा विभाग और छात्रावास व्यवस्था पर उठे सवाल, संकुल समन्वयक व हॉस्टल अधीक्षक के खिलाफ शिकायतों से क्षेत्र में चर्चा तेज

नारायणपुर/सरबकोम्बो। बगीचा विकासखंड के ग्राम सरबकोम्बो में बुधवार को आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में उस समय माहौल गरमा गया जब शिक्षा विभाग और  ट्राइबल विभाग से जुड़ी शिकायतें अधिकारियों के सामने पहुंचीं। शिविर में आवेदन के माध्यम  से समस्याएं और नाराजगी प्रशासन के समक्ष रखी। शिक्षा व्यवस्था और छात्रावास संचालन को लेकर सामने आई शिकायतों ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन जनता की समस्याओं के समाधान और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन कर रहा है, इसलिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिविर में आई शिकायतों पर संबंधित विभाग कितनी गंभीरता से कार्रवाई करते हैं।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बुटूंगा निवासी राजू शर्मा ने शिक्षा विभाग में लिखित शिकायत प्रस्तुत करते हुए बुटूंगा में पदस्थ संकुल समन्वयक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित संकुल समन्वयक शासन की मंशा और विभागीय निर्देशों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संकुल स्तर पर समन्वय और निगरानी की जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभाई जा रही है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान संकुल समन्वयक को प्रभार से हटाकर किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी को दायित्व सौंपा जाए ताकि स्कूलों में बेहतर समन्वय और शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

शिविर में यह शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों के बीच हलचल देखी गई। हालांकि अधिकारियों की ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन शिकायत को जांच में लेने की चर्चा जरूर रही। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो इसका असर सीधे बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों की कार्यप्रणाली पर पड़ेगा।

वहीं दूसरी ओर ट्राइबल विभाग के पास भी एक शिकायत आवेदन पहुंचा, जिसमें रंगपुर स्थित छात्रावास के अधीक्षक पर कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि यह आवेदन किसी गुमनाम व्यक्ति द्वारा सुशासन शिविर में जमा कराया गया। आवेदन में छात्रावास संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर असंतोष जताते हुए संबंधित अधीक्षक को हटाने की मांग की गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि छात्रावास की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गुमनाम आवेदन होने के बावजूद यह मामला पूरे शिविर में चर्चा का केंद्र बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि छात्रावास संचालन को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं तो प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए। ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा रही कि सुशासन तिहार के दौरान जनता की शिकायतें सीधे प्रशासन तक पहुंच रही हैं, इसलिए इन मामलों में कार्रवाई भी पारदर्शी और प्रभावी होनी चाहिए।

सरबकोम्बो में आयोजित इस समाधान शिविर के बाद अब लोगों की नजर संबंधित विभागों की जांच प्रक्रिया और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाती है तो इससे शासन की मंशा के अनुरूप सुशासन की भावना मजबूत होगी, लेकिन यदि शिकायतें केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह गईं तो लोगों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है। फिलहाल दोनों शिकायतें विभागीय स्तर पर पहुंच चुकी हैं और अब आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि प्रशासन इन मामलों में क्या कदम उठाता है।

सरबकोम्बो सुशासन शिविर में बुटूंगा संकुल समन्वयक की शिकायत का आवेदन मिला है,जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी

                               सुदर्शन पटेल

           विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी -बगीचा

"सुशासन शिविर में बुटूंगा हॉस्टल अधीक्षक की शिकायत पत्र मुझ तक नही आया है,शिकायत पत्र मिलते ही विधिवत जांच कर दोषी पाए जाने पर उचित कार्यवाही  की जावेगी"।

                                      संजय सिंह 

                              सहायक आयुक्त - जशपुर

"सुशासन तिहार में प्राप्त शिकायत की जाँच करा कर  प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही होगी ,की गई कार्यवाही की सूचना लिखित में शिकायत कर्ता को दी जायेगी !

                                       विनोद सिंह 

                               जनपद सीईओ -बगीचा

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खनिज संपदा से गांवों के विकास को नई ताकत: अब जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज निधि में हिस्सा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर सरकार ने जारी किया आदेश

रायपुर 27 मई 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए जिला पंचायतों को भी गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी राजस्व राशि में हिस्सा देने का आदेश जारी कर दिया है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से जिला पंचायतों को भी गौण खनिज निधि का हिस्सा दिए जाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने मंच से ही इस मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की थी, जिसका अब राज्य शासन द्वारा पालन कर दिया गया है।

खनिज साधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गौण खनिजों से प्राप्त कुल राजस्व का 33 प्रतिशत हिस्सा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पूर्ववत दिया जाएगा, जबकि शेष 67 प्रतिशत राशि का वितरण ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के बीच निर्धारित स्लैब के अनुसार किया जाएगा। 

जारी आदेश के तहत 7.50 लाख रुपये तक की राशि पूरी तरह ग्राम पंचायत को मिलेगी। 7.50 लाख से 10 लाख रुपये तक की राशि में 80 प्रतिशत ग्राम पंचायत, 10 प्रतिशत जनपद पंचायत और 10 प्रतिशत जिला पंचायत को दिया जाएगा। 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 70 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 15-15 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इसी तरह 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 60 प्रतिशत और जनपद व जिला पंचायत को 20-20 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। 50 लाख रुपये से अधिक की राशि में ग्राम पंचायत को 50 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 25-25 प्रतिशत राशि मिलेगी। 

राज्य शासन ने निधि के उपयोग के दायरे का भी विस्तार किया है। अब इस राशि का उपयोग स्कूलों और अस्पतालों में रनिंग वाटर सुविधा, सामुदायिक शौचालय, मुक्तिधाम निर्माण, पहुंच मार्ग तथा वाचनालय निर्माण जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। जिला पंचायतों को मिलने वाली राशि का उपयोग उन क्षेत्रों के विकास कार्यों में किया जाएगा जहां खनन गतिविधियों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों को गौण खनिज निधि में हिस्सेदारी मिलने से स्थानीय विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी और त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

मुख्यमंत्री की घोषणा का पालन होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन कुमार अग्रवाल सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पंचायतों के कामकाज और संचालन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।

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वीर सावरकर जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नमन, कहा — राष्ट्रभक्ति, त्याग और अदम्य साहस की अमर मिसाल हैं स्वातंत्र्य वीर सावरकर

रायपुर 28 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर जी की जयंती पर उन्हें  श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले वीर सावरकर जी का जीवन अदम्य साहस, त्याग, राष्ट्रनिष्ठा और अटूट संकल्प की अमर गाथा है। विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्र प्रथम का उनका विचार प्रत्येक भारतवासी को देशहित को सर्वोपरि रखते हुए समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के भाव से कार्य करने की प्रेरणा देता है। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, साहस और आत्मबल का अद्वितीय उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर सावरकर जी का संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी जीवन देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

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जंगलों से उठकर जंगलों के रखवाले बनने तक: वनांचल के बेटे अजय गुप्ता ने IFS बनकर रचा इतिहास, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- यह पूरे छत्तीसगढ़ के सपनों और संघर्ष की जीत

रायपुर, 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से  भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए चयनित रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव निवासी श्री अजय गुप्ता ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अजय को भारतीय वन सेवा में चयनित होने पर बधाई देते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर वनांचल क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण बताया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय गुप्ता ने केवल अपने माता-पिता का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रेरणादायी है कि एक ऐसा युवा, जिसने बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह कर परिवार का हाथ बंटाया, आज उन्हीं जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि अवसर और संकल्प मिल जाए तो दूरस्थ अंचलों के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपनी जगह बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ तथा ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अजय की सफलता वनांचल समाज के सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास की जीत है तथा यह हजारों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस देगी।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव में साधारण परिवेश में पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन जंगलों, वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी के बीच बीता। छुट्टियों के दौरान वे अपने माता-पिता के साथ जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ एकत्रित करते थे। आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया और 10वीं में 92.66 प्रतिशत तथा 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया।

उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर अजय को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में प्रवेश मिला, जहां अध्ययन के दौरान उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति का लाभ मिला। अजय ने कठिन परिस्थितियों के बीच अध्ययन जारी रखते हुए भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक प्राप्त की और अपने सपनों को साकार किया।

अजय गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जीवन में उनके सपने सीमित थे और लगता था कि दुनिया गांव तक ही सीमित है, लेकिन उच्च शिक्षा और नए अनुभवों ने उनके सोचने का दायरा विस्तृत किया। उन्होंने कहा कि जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है और बचपन से प्रकृति के साथ बने इसी जुड़ाव ने उन्हें वन सेवा में जाने की प्रेरणा दी। उनका मानना है कि जंगल ने उन्हें केवल आजीविका ही नहीं, बल्कि जीवन की दिशा भी दी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उन्होंने कहा कि सही अवसर, मार्गदर्शन, मेहनत और शासन के सहयोग से गांवों और वनांचल क्षेत्रों के युवा भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अजय गुप्ता जैसे युवा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष, आत्मविश्वास और संकल्प की शक्ति का संदेश देंगे तथा छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करेंगे।

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एकादशी पर्व में श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में हुआ दिव्य दीप प्रज्वलन, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, 35वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर लिया भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद...


जशपुरनगर। दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में एकादशी तिथि के पावन अवसर पर भव्य दीप प्रज्वलन एवं धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की पूजा-अर्चना की गई।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती कौशल्या साय ने अपनी 35वीं वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री दंपत्ति को वैवाहिक वर्षगांठ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही मंदिर परंपरा के अनुसार गजपति महाराज का भी स्मरण करते हुए मंगलकामनाएं व्यक्त की गईं।
इस विशेष अवसर पर रात्रि बगिया में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से रायपुर से जुड़े। समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री दंपत्ति की वैवाहिक वर्षगांठ पर केक काटकर खुशी जाहिर की तथा उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सफल जीवन की कामना की।वहीं श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द का अद्भुत संदेश दिया। श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति से मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।

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सरबकोम्बो सुशासन शिविर में उमड़ा जनसैलाब, जमीन-राशन-पेंशन से लेकर बिजली-पानी तक की समस्याओं के समाधान के लिए लगे आवेदन - जनपद सीईओ ने समय से पहले स्टॉल बंद करने वाले कर्मचारियों को लगाई कड़ी फटकार, भविष्य में कार्रवाई की चेतावनी

नारायणपुर/सरबकोम्बो  27 मई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में चल रहे सुशासन तिहार के तहत बुधवार को बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत सरबकोम्बो में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। सुबह से ही शिविर स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ देखने को मिली। आसपास की 12 पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे। किसी को जमीन संबंधी परेशानी थी तो कोई राशन कार्ड, पेंशन, बिजली, पानी, सड़क, कृषि और पशुपालन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन लेकर पहुंचा।

शिविर में प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर आवेदन भी लिए गए। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार उन्हें एक ही जगह पर इतने विभागों की सेवाएं उपलब्ध हुई हैं, जिससे उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मोनिका टोप्पो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि जनपद उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। शिविर का शुभारंभ सरपंच श्रीमती शशिकिरण एक्का सरबकोम्बो, शंकर बरला, हीरालाल प्रधान, रतन साय और जनपद सीईओ विनोद सिंह ने छत्तीसगढ़ महतारी और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।

अपने संबोधन में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मोनिका टोप्पो ने कहा कि राज्य प्रशासन गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से ग्रामीणों की समस्याओं का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निराकरण करने की बात कही।

जनपद उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत कई योजनाएं तेजी से धरातल पर उतर रही हैं। महतारी वंदन योजना, कृषि उन्नति योजना सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

शिविर के दौरान जनपद सीईओ विनोद सिंह लगातार विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण करते रहे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का समयबद्ध निराकरण किया जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। अधिकारी ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जानकारी देते नजर आए।

शिविर के बीच स्टॉल बंद कर गायब हुए कर्मचारी, जनपद सीईओ ने लगाई कड़ी फटकार

इसी बीच शिविर में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। बताया गया कि दोपहर करीब ढाई बजे कुछ विभागों के कर्मचारी समय से पहले ही अपने स्टॉल बंद कर शिविर से चले गए। ये सब देख  जनपद सीईओ विनोद सिंह संबंधित कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय से पहले स्टॉल बंद कर अनुपस्थित पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी।सीईओ ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।

553 आवेदन पहुंचे प्रशासन के पास, पंचायत और राजस्व विभाग में सबसे ज्यादा मामले

शिविर में कुल 553 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 543 मांग संबंधी और 10 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल थे। इनमें से 76 मामलों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को राहत दी गई। विभागवार प्राप्त आवेदनों में पंचायत विभाग सबसे आगे रहा, जहां 179 आवेदन मिले। इसके अलावा राजस्व विभाग में 111, पीएचई में 58, विद्युत विभाग में 37, महिला एवं बाल विकास विभाग में 30, कृषि विभाग में 27, वन विभाग में 18, खाद्य विभाग में 13 और अन्य विभागों में भी आवेदन प्राप्त हुए।

मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, किसानों को मिले किसान क्रेडिट कार्ड और फलदार पौधे

शिविर केवल शिकायत और आवेदन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई हितग्राहियों को मौके पर योजनाओं का लाभ भी दिया गया। शिक्षा विभाग द्वारा 20 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। उद्यान विभाग ने 30 फलदार पौधों का वितरण किया। कृषि विभाग ने 15 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए। वहीं राजस्व विभाग द्वारा ऋण पुस्तिकाएं और खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित अन्नप्राशन कार्यक्रम में महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी गई।

इस कार्यक्रम में तहसीलदार प्रांजल मिश्रा,बीईओ सुदर्शन पटेल,सरपंच शंकर राम बरला, हीरालाल प्रधान, रतन साय, सुरेश जैन, शशिकिरण एक्का, अर्जीना बड़ा, आरती खाखा, राजेश नाग, अनिमा एक्का, उषावती बाई, महेश यादव,राजेंद्र चौहान, मुरली यादव, नंद किशोर गुप्ता, रजनी देवी जैन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच, उपसरपंच, सचिव और ग्रामीण मौजूद रहे।

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बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी, जंगलों की सेहत का मिला मजबूत संकेत — वन मंत्री श्री केदार कश्यप बोले- जैव विविधता संरक्षण के प्रयास ला रहे ऐतिहासिक परिणाम

रायपुर, 27 मई 2026/ छत्तीसगढ़ के बारनवापारा क्षेत्र ने एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बलौदाबाजार वनमंडल के अंतर्गत देवपुर जंगल में आयोजित देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (जायंट मालाबार स्क्विरल) दिखाई दी। इस दुर्लभ वन्यजीव के दिखने से वन विभाग, प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों में उत्साह है।

          वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर वन विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की योजनाओं का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है, जिससे दुर्लभ प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास विकसित हो रहे हैं।

*देवपुर समर कैंप में दिखी दुर्लभ प्रजाति*

         बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा 16 मई से 22 मई 2026 तक देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप के पहले दिन 16 मई को आयोजित बर्डिंग ट्रेल के दौरान इस दुर्लभ गिलहरी को देखा गया। इसकी पहचान प्रकृति प्रेमी एवं साइबर रिस्क एक्सपर्ट श्री हेमंत वर्मा ने की।

*विशाल भारतीय गिलहरी की खासियत*

         विशाल भारतीय गिलहरी, जिसका वैज्ञानिक नाम रेटूफा इंडिका  (Ratufa indica) है, भारत की सबसे बड़ी वृक्षवासी गिलहरियों में से एक है। इसकी पूंछ सहित लंबाई लगभग तीन फीट तक होती है। इसके शरीर पर गहरे लाल, भूरे, काले और क्रीम रंगों का सुंदर मिश्रण होता है। यह अपना अधिकांश जीवन पेड़ों पर ही बिताती है और एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक लंबी छलांग लगाने में सक्षम होती है।

*कानूनी संरक्षण प्राप्त दुर्लभ प्रजाति*

         यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-2 के तहत संरक्षित है। इसका शिकार या व्यापार करना कानूनन अपराध है। स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि बारनवापारा अभ्यारण्य और आसपास का वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है। देवपुर जंगल में इस दुर्लभ गिलहरी का दिखना इस बात का प्रमाण है कि यहां का वन पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ और सुरक्षित है।

*बच्चों में बढ़ी प्रकृति संरक्षण की जागरूकता*

        वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें शामिल बच्चों और युवाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। वन विभाग का मानना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों के दर्शन से नई पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। यह आयोजन राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता आधारित योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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अवैध शराब कारोबार पर सरकार सख्त: आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी, कहा- कोचियों से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं

 रायपुर, 27मई 2026/प्रदेश के वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री श्री लखन लाल देवांगन नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर आबकारी मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए। बैठक में वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा, विशेष सचिव आबकारी श्री देवेन्द्र भारद्वाज, आबकारी मुख्यालय , बेवरेजेस कारपोरेशन , मार्केटिंग कारपोरेशन के अधिकारियों सहित जिले से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित थे। 

 आबकारी मंत्री श्री देवांगन ने राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर कोचियों के विरूद्ध प्रभावी कार्य करें। सभी जिला अधिकारी यह सुनिश्चित करें आबकारी उपनिरीक्षक एवं नीचे का अमला अवैध शराब बिक्री करने वाले के विरूद्ध समझौता न करें।

 इसके अलावा विभाग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार मदिरा स्कंध (स्टाक) का संधारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया किया मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं के मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो। उन्होंने अधिकारियों को मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।

 मंत्री ने बैठक में राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए जिन जिलों ने अब तक लक्ष्य की प्राप्ति की है, उन्हें सतत् कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को इसके कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति हेतु विस्तृत कार्य-योजना बनाकर तत्परता से अमल में लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों को इस बात की स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट न होने पाए। इसके लिए सभी जिला अधिकारियों को समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण करने और वहां पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।
 आबकारी सचिव श्रीमती कंगाले ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच करने तथा समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने हेतु आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।

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भीषण गर्मी और लू के बढ़ते खतरे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी अपील, कहा- खुद भी सुरक्षित रहें और जरूरतमंदों, श्रमिकों व राहगीरों के लिए भी बनें सहारा

रायपुर 27 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और डिजिटल बदलाव की दिशा में बड़ा कदम: समग्र शिक्षा अभियान 2026-27 के बजट प्लान पर मुख्य सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

 
रायपुर, 27 मई 2026/मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी में छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षा कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वार्षिक कार्य योजना और बजट वर्ष 2026-27 का प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से समग्र शिक्षा अंतर्गत स्वीकृत नवीन कार्यों का युक्तियुक्तकरण उपरांत स्थल परिवर्तन एवं विविध बिन्दुओं के प्रस्तावों पर चर्चा के उपरांत अनुमोदित किये गये। स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत विविध निर्माण कार्यों को शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराये जाने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

            बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने 2026-27 के वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट प्लान को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंनें शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया।  मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बजट प्लान में केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि लर्निंग आउटकम सुधारने वाले नवाचारों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए स्कूलों में संसाधन, शिक्षक और तकनीक तीनों मजबूत करने होंगे।  

*छात्रों के ड्राप आउट को राकने करें प्रयास*

            मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों में छात्रों के ड्राप आउट की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाये। माध्यमिक-उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब स्थापित होंगी। सभी स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था होगी।  ड्रॉपआउट रोकथाम कक्षा 1, 8 और 10 में ड्रॉपआउट दर शून्य करने के लिए विशेष ट्रैकिंग सिस्टम बनेगा। शाला त्यागी बच्चों को मुख्यधारा में लाने हेतु ब्रिज कोर्स चलेंगे। 

*शिक्षक प्रशिक्षण*

           राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुसार सभी शिक्षकों का फेज-वाइज प्रशिक्षण दिया जाये। गणित-विज्ञान-अंग्रेजी के लिए विशेष मास्टर ट्रेनर पूल तैयार होगा। बुनियादी सुविधा जरूरत वाले स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, बालिका शौचालय, पेयजल, बिजली और बाउंड्रीवॉल के काम प्राथमिकता से होंगे।  

*समावेशी शिक्षा*

         दिव्यांग बच्चों के लिए संसाधन कक्ष, थेरेपी यूनिट और विशेष टीएलएम का प्रावधान बजट में रखा जाएगा।  कौशल विकासरू कक्षा 9 से 12 तक वोकेशनल एजुकेशन को मजबूत किया जाएगा। कृषि, आईटी, हेल्थकेयर और टूरिज्म जैसे ट्रेड में स्थानीय जरूरत के अनुसार कोर्स चलेंगे।

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छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे का होगा बड़ा विस्तार, करोड़ों की परियोजनाओं को मिली मंजूरी; नवा रायपुर में बनेंगे आधुनिक शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सड़कों पर दौड़ेंगी 43 ई-बसें

रायपुर, 27 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स और नवीन अधोसंरचना प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे आने वाले समय में नवा रायपुर और मुख्य शहर की तस्वीर बदलेगी।

*नवा रायपुर में 302.67 करोड़ रूपए की लागत से नए कार्यालय और शासकीय भवन बनेंगे*

           महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत करीब 131 करोड़ 17 लाख रुपये है। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 171 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

*नवा रायपुर के लिए लागत 223.04 करोड़ रूपए की लागत से 43 आधुनिक ई-बसें* 

          आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 43 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसमें 40 कप्लाएंट बैटरी ऑपरेटेड और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, परिचालन और संधारण की लागत 223 करोड़ 4 लाख रुपये होगी। ये बसें नवा रायपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी।

*रायपुर में 186.14 करोड़ रूपए की लागत से नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट*

         मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी (MLD) क्षमता के एक नवीन और आधुनिक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 186 करोड़ 14 लाख रुपये प्रस्तावित की गई है।

         बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सूचना प्रौद्योगिकी और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के सचिव व लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता और एनआरडीए (NRDA) के सीईओ श्री चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा वन एवं जलवायु, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के आला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

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इम्प्रूव्ड राईस स्कीम लागू करने की तैयारी तेज, छत्तीसगढ़ के राईस मिलों का होगा आधुनिकीकरण, गुणवत्ता मानकों पर सरकार का बड़ा फोकस

रायपुर, 27 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में भारत सरकार की नवीन ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में आज न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने की। इसमें छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, भारतीय खाद्य निगम, मार्कफेड तथा प्रदेशभर के राईस मिलर्स ने भाग लिया।

कार्यशाला में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि भारत सरकार आगामी खरीफ वर्ष में ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्राथमिकता के साथ लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए राज्य के राईस मिलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तकनीकी रूप से अपग्रेड करना आवश्यक होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मिलर्स द्वारा दिए गए सुझावों और समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाएंगे।

कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कान्ति लाल बोथरा, महामंत्री श्री विष्णु बिंदल, कोषाध्यक्ष श्री रमेश अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं मिलर्स उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यशाला आयोजन के लिए खाद्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग का भरोसा दिलाया।

कार्यशाला में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से लागू की जाने वाली ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के विभिन्न प्रावधानों, गुणवत्ता मानकों, भंडारण व्यवस्था, अनुबंध प्रक्रिया, लागत एवं क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से 10 प्रतिशत अरवा ब्रोकन चावल एवं 5 प्रतिशत उसना ब्रोकन चावल के निर्धारित मानकों की जानकारी दी।

बैठक के दौरान राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने व्यवहारिक समस्याओं और सुझावों को प्रमुखता से रखा। मिलर्स ने प्रदेश में उन्नत धान किस्मों की खेती को बढ़ावा देने, भारतीय खाद्य निगम में रैक मूवमेंट को तेज करने तथा मिलिंग लागत में वृद्धि जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। साथ ही उन्होंने स्कीम के सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

इस अवसर पर मार्कफेड के एमडी श्री जितेन्द्र शुक्ला, भारतीय खाद्य निगम के जीएम श्री दीपक शर्मा सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं राईस मिलर्स एसोसिएशन के लगभग 60 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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सुशासन शिविर अमडीहा बना प्रतिभाओं का सम्मान मंच: फरसाबहार विकासखंड के 39 मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला सम्मान, शिक्षा विभाग ने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम पर बढ़ाया हौसला

नारायणपुर :-  जशपुर जिले के विकासखंड फरसाबहार अंतर्गत आयोजित सुशासन शिविर अमडीहा इस बार केवल प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान और शिक्षा के प्रति जागरूकता का भी बड़ा मंच बन गया। शिविर में शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं एवं 12वीं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के हाथों पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष विकासखंड फरसाबहार का परीक्षा परिणाम अत्यंत सराहनीय रहा है। विशेष रूप से केंद्रीकृत परीक्षा कक्षा 5वीं एवं 8वीं तथा बोर्ड परीक्षा कक्षा 10वीं और 12वीं में विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए विकासखंड का नाम रोशन किया है। शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की परंपरा निभाई जाती रही है और इसी क्रम में इस वर्ष भी अमडीहा शिविर में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में बताया गया कि अमडीहा शिविर अंतर्गत कुल 10 संकुल शामिल हैं, जिनमें 6 हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालय आते हैं। इन सभी संकुलों से विभिन्न कक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले कुल 39 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मंच से जब मेधावी विद्यार्थियों के नाम पुकारे गए तो पूरे पंडाल में तालियों की गूंज सुनाई दी। पालकों और शिक्षकों के चेहरों पर गर्व साफ दिखाई दे रहा था।

संकुल केंद्र पुराईनबंध से कक्षा 5वीं में दामिनी पैंकरा एवं प्रफुल यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा 8वीं में मधुरिमा सिंह तथा कक्षा 10वीं में सपना पैंकरा ने सर्वोच्च अंक अर्जित कर सम्मान हासिल किया।

संकुल केंद्र साजबहार से कक्षा 5वीं में इलबीन कुजूर एवं कक्षा 8वीं में पायल पैंकरा को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार संकुल केंद्र जामबहार से कक्षा 5वीं में नोबिना खेस्स तथा कक्षा 8वीं में मोनिका सोरेन को पुरस्कार प्रदान किया गया।

संकुल केंद्र सुंडरू के विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। यहां कक्षा 5वीं में प्रियंका चौहान एवं नेहा मांझी, कक्षा 8वीं में लक्की मांझी, अनिवेश खाखा एवं लक्ष्मी यादव तथा कक्षा 10वीं में पूर्णिमा यादव एवं अश्विन्ता खाखा को सम्मानित किया गया।

संकुल केंद्र केरसई से कक्षा 5वीं में अंशदीप मिंज एवं शेफाली मिंज, कक्षा 8वीं में भारती पैंकरा, कक्षा 10वीं में भारती चौहान तथा कक्षा 12वीं में अंजू कुमारी साहू को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कार दिया गया।

संकुल केंद्र लठबोरा से कक्षा 5वीं में माही नाग एवं नन्द किशोर तथा कक्षा 8वीं में अमिता डनसेना को सम्मानित किया गया। वहीं संकुल केंद्र सिंगीबहार से कक्षा 5वीं में दिव्या पैकरा, कक्षा 8वीं में आमिषा खेस्स एवं कक्षा 10वीं में वर्षा को पुरस्कृत किया गया।

संकुल केंद्र तपकरा के विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यहां कक्षा 5वीं में नमन कुमार गुप्ता एवं आशा चौधरी, कक्षा 8वीं में स्वज्ञा स्वरमिता वैष्णव एवं अक्षरा गुप्ता, कक्षा 10वीं में अल्पना मांझी एवं सुयश गुप्ता तथा कक्षा 12वीं में जानसी जांगड़े एवं अमीषा टोंप्पों को सम्मानित किया गया।

इसी प्रकार संकुल केंद्र अबिरा से कक्षा 5वीं में योगानन्द यादव तथा कक्षा 8वीं में सत्यवती पैंकरा को पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं संकुल केंद्र समडमा से कक्षा 5वीं में नयन डनसेना एवं करन डनसेना तथा कक्षा 8वीं में अनुराग गुप्ता को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राएं लगातार बेहतर प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर मेहनत करते हुए उच्च लक्ष्य निर्धारित करने की अपील की। पालकों को भी बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती दुलारी सिंह सदस्य जिला पंचायत जशपुर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव श्री भरत साय, जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती संध्या सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. अजय शर्मा, पूर्व मंडल अध्यक्ष तपकरा श्री कपिलेश्वर सिंह, मुख्यमंत्री के निज सहायक श्री भजन साय, पूर्व जनपद सदस्य श्री संतोष जायसवाल, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्री आदेश जायसवाल, राष्ट्रीय महामंत्री कंवर समाज श्री मंगरु साय तथा भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक श्री रामनिवास गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में अनुभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार फरसाबहार एवं तपकरा, सीईओ जनपद पंचायत, बीईओ, सहायक बीईओ, बीआरसी फरसाबहार, सभी संकुल शैक्षिक समन्वयक, प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अधिकारी-कर्मचारी, पालकगण एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के उत्साह और सम्मान का वातावरण देखने को मिला।

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जशपुर जिले में वर्ष 2026 के लिए तीन स्थानीय अवकाश घोषित, रथयात्रा, करम परब और गोवर्धन पूजा पर बंद रहेंगे शासकीय कार्यालय

जशपुरनगर 27 मई 2026/* कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग-2 के नियम 08 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए वर्ष 2026 के लिए जशपुर जिले में 03 स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। 
        घोषित अवकाश में रथयात्रा 16 जुलाई 2026, गुरुवार, कुंवर पूर्णिमा (करम परब) 26 अक्टूबर 2026 सोमवार और दीपावली का दूसरा दिन (गोवर्धन पूजा) 09 नवंबर 2026, सोमवार शामिल हैं। कलेक्टर द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश बैंक एवं कोषालय पर लागू नहीं’ होगा। बैंक और कोषालय में सामान्य रूप से कार्य होगा।
        जशपुर जिले में करम परब आदिवासी समाज का प्रमुख सांस्कृतिक त्योहार है। इस दिन अवकाश घोषित होने से स्थानीय परंपराओं को सम्मान मिला है।

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लुडेग ग्राम पंचायत की अनोखी पहल: अब घर-घर पहुंचेगी कचरा संग्रहण गाड़ी, बाजार से बस स्टैंड तक चला व्यापक स्वच्छता अभियान, दुकानदारों ने भी यूजर चार्ज देने पर जताई सहमति

जशपुरनगर 27 मई 2026/ ग्राम पंचायत लुडेग में स्वच्छता अभियान के तहत विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़क किनारे, बाजार क्षेत्र एवं बस स्टैंड परिसर की व्यापक सफाई कर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में सरपंच श्रीमती शुक्तला, ग्रामवासी, महिला स्वसहायता समूह की सदस्याएं तथा स्वच्छता कार्य में लगी दीदियां सक्रिय रूप से शामिल रहीं। गांव में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था प्रारंभ करने पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि अगले दिन से प्रतिदिन प्रत्येक घर से कचरा संग्रहण का कार्य नियमित रूप से किया जाएगा।

      स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु बाजार क्षेत्र के दुकानदारों के साथ भी बैठक कर चर्चा की गई। सभी दुकानदारों ने यूजर चार्ज देने के लिए सहमति जताई, जिससे गांव में नियमित साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा। इस दौरान महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं को पूर्व से लंबित राशि का भुगतान भी सरपंच श्रीमती शुक्तला द्वारा कराया गया। भुगतान मिलने पर महिलाओं ने खुशी जताते हुए पंचायत का आभार व्यक्त किया। ग्राम पंचायत की इस पहल से ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक जागरूकता बढ़ी है और गांव को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

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मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना की प्रवेश प्रक्रिया स्थगित,कक्षा 6वीं प्रवेश परीक्षा फिलहाल टली, आवेदन प्रक्रिया भी रोकी गई

जशपुरनगर 27 मई 2026/ आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों हेतु संचालित मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। पूर्व में जारी निर्देशानुसार 26 जुलाई 2026 को जिला मुख्यालय में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जानी थी तथा इच्छुक विद्यार्थियों से 20 जून 2026 तक आवेदन पत्र संबंधित शाला प्रमुख के माध्यम से विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करने कहा गया था।

      आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, नवा रायपुर द्वारा जारी पत्र के अनुसार संस्था इम्पैनलमेंट एवं प्रवेश प्रक्रिया में विलंब होने के कारण वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु योजना की प्रवेश प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। विभाग ने संबंधित विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अद्यतन जानकारी के लिए विभागीय निर्देशों पर नजर बनाए रखने की अपील की है।

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