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मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मंथन

रायपुर, 31 जनवरी 2026/ नवा रायपुर में आज हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17 वीं बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चारों राज्यों में सामाजिक- आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित विषयों के निराकरण और बेहतर समन्वय के लिए 50 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मध्य क्षेत्र के इन चारों राज्यों से संबंधित प्रशासनिक, आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों का समाधान निकालने तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में मौजूद अधिकारी चारों राज्यों के नवाचारों और बेस्ट प्रेस्टिसेस से भी रू-ब-रू हुए। 

            मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की इस बैठक का विशेष महत्व है क्योंकि इसमें मध्य क्षेत्रीय परिषद की मुख्य बैठक से पहले एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाता है, इसमें लिए गए निर्णय और सिफारिशें परिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाते हैं। बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों के लंबित अंतर्राज्यीय मामलों के समाधान, नीतिगत समन्वय को सुदृढ़ करने तथा विकास परियोजनाओं में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर किया जाता है।

          मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव श्रीमती शुभा ठाकुर, मध्यप्रदेश की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शामी, उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा और उत्तराखंड के प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुंधाशु सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी तथा चारों राज्यों के संबंधित विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

          मुख्य सचिव श्री विकास शील ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में कहा कि आज चारों राज्यों एवं केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच राज्य सरकारों और भारत सरकार से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर रचनात्मक और उपयोगी चर्चा हुई है। निरंतर संवाद और अंतर्राज्यीय सहयोग के जरिए मध्य क्षेत्र के राज्यों के साझा हितों को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि आज हुई चर्चा के निष्कर्षों के अनुरूप चारों राज्य तत्काल कार्यवाही प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि चारों राज्यों और केंद्र सरकार के बीच विचार-विमर्श से आपसी संवाद बेहतर होंगे। केंद्र सरकार एवं मध्य क्षेत्रों के राज्यों की साझा समस्याओं के समाधान के लिए ठोस व व्यावहारिक निर्णय लेने में इससे मदद मिलेगी।

*इन मंत्रालयों एवं विभागों से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा*

     मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ ही केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सहकारिता मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, आवास और शहरी विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, रेल मंत्रालय, खान मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, जल जीवन मिशन, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अभिकरण, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, वित्त सेवा विभाग, डाक विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, वाणिज्य विभाग तथा मछली पालन विभाग से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। 

*चारों राज्यों के बेस्ट प्रेक्टिसेस से रू-ब-रू हुए अधिकारी*

      मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में अंतर्राज्यीय समन्वय, विकास और सुशासन के साथ-साथ चारों राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रेक्टिसेस की भी प्रस्तुति हुई। इस दौरान छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड एवं उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने अपने-अपने राज्यों के नवाचारों और प्रभावी योजनाओं की जानकारी साझा की।

       छत्तीसगढ़ द्वारा वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की प्रस्तुति दी गई, जिसे जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा लॉन्च किया गया है। यह उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को एकीकृत करता है, जिससे औद्योगिक निवेश, भूमि प्रबंधन, पर्यावरणीय स्वीकृति और सब्सिडी प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है। इसके साथ ही दंतेवाड़ा मॉडल के तहत ब्लॉक-चेन आधारित सुरक्षित भूमि अभिलेख प्रणाली और एआई-आधारित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) को शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की अभिनव पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

        मध्यप्रदेश ने ग्रामीण पर्यटन विकास को अपनी प्रमुख बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया। इसके तहत 125 गांवों में होम-स्टे और स्थानीय संस्कृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही ऊर्जा बचत एवं नवीकरणीय ऊर्जा नीति- 2025 के माध्यम से 2030 तक 50 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने के लक्ष्य तथा पीएम श्री टूरिज्म हेली सर्विस के जरिए पर्यटन एवं क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाने की पहल की जानकारी दी गई।

उत्तराखंड द्वारा किसान-से- आईटीबीपी आपूर्ति श्रृंखला योजना के माध्यम से सीमावर्ती किसानों की आय वृद्धि, डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम से प्लास्टिक कचरा प्रबंधन तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (SARA) द्वारा जल स्रोतों के पुनर्जीवन की पहलों का प्रस्तुतीकरण किया गया। उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुधारों की नई पहलों, श्रम न्याय सेतु पोर्टल तथा सेवा मित्र जैसे नवाचारों पर प्रस्तुतिकरण दिया।

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उदंती-सीतानदी में दिखा ‘आसमान का चीता’, दुनिया का सबसे तेज़ उड़ने वाला पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन

रायपुर, 31 जनवरी 2026/ पेरेग्रीन फाल्कन दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी है, जो शिकार करते समय गोता लगाते हुए अविश्वसनीय गति प्राप्त कर सकता है। यह बाज़ प्रजाति ऊँचाई से शिकार पर झपट्टा मारने में माहिर है और इसे 'आसमान का चीता' भी कहा जाता है। पेरेग्रीन बाज़ तेज़ और बड़े शिकारी पक्षी होते हैं। इनके मज़बूत, नुकीले पीले पंजे इन्हें उड़ते हुए भी दूसरे पक्षियों को पकड़ने में सक्षम बनाते हैं। छत्तीसगढ़ अब दुनिया भर के पक्षियों के लिए पसंदीदा स्थल बनता जा रहा है। अनुकूल जलवायु और समृद्ध जैव विविधता के कारण कई दुर्लभ पक्षी लंबी दूरी तय कर यहां पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक अत्यंत उत्साहजनक जानकारी सामने आई है। यहां दुनिया के सबसे तेज़ उड़ने वाले पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन (स्थानीय नाम शाहीन बाज) को एक बार फिर देखा गया है।

           इस दुर्लभ दृश्य को वन रक्षक श्री ओमप्रकाश राव ने अपने कैमरे में कैद किया है। इससे पूर्व भी इस पक्षी को आमामोरा ओड़ क्षेत्र के पास शेष पगार जलप्रपात के समीप ड्रोन कैमरों में दर्ज किया गया था, जो इस क्षेत्र में इसकी सक्रिय उपस्थिति की पुष्टि करता है। उल्लेखनीय है कि पेरेग्रीन फाल्कन अपनी अद्भुत तेज़ उड़ान के लिए विश्व प्रसिद्ध है। शिकार का पीछा करते समय यह लगभग 320 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गोता लगा सकता है, जबकि सामान्य उड़ान में इसकी गति करीब 300 किमी प्रति घंटा रहती है। यह छोटे पक्षियों, कबूतरों और तोतों का शिकार करता है। ऊंचाई से तेज़ी से गोता लगाकर सटीक प्रहार करना इसकी सबसे प्रभावी शिकार तकनीक है।

           विशेषज्ञों के अनुसार यह पक्षी न केवल अपनी गति बल्कि अपनी वफादारी के लिए भी जाना जाता है। ये आमतौर पर अकेले या जोड़े में रहते हैं और अक्सर जीवनभर एक ही साथी चुनते हैं। लगभग 12 से 15 वर्ष के जीवनकाल वाले इस पक्षी का उदंती-सीतानदी के वनों में दिखना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ का पर्यावरण वन्यजीवों के लिए कितना अनुकूल है। हाल ही में आयोजित बर्ड सर्वे के दौरान बारनवापारा अभ्यारण्य में भी दुर्लभ और खूबसूरत पक्षी ऑरेंज ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन तथा ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर देखे गए हैं।

           गौरतलब है कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप वन एवं वन्यजीव संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं। वन मंत्री के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में वन विभाग की पूरी टीम सतत प्रयासों में जुटी है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

             वन विभाग की यह उपलब्धि न केवल अभिलेखीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी नई ऊर्जा प्रदान करती है।

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नियद नेल्लानार योजना से बदली बस्तर की तस्वीर, 400 से अधिक गांवों में विकास की दस्तक : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, 31 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बस्तर के नारायणपुर जिले के दो दिवसीय प्रवास पर जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर जिलावासियों को अनेक सौगातें दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाई स्कूल मैदान में आयोजित बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में 351 करोड़ 49 लाख 45 हजार रूपए के 357 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लाल आतंक समाप्ति की ओर है, जिससे विकास को गति मिल रही है। माओवाद के कारण यह क्षेत्र लम्बे समय से विकास से अछूता रहा, अब यहां नवाचार हो रहे हैैं।

 नारायणपुर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित आज अपराह्न में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से प्रदेश सरकार ने माओवाद मुक्त करने के लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार योजना से चलते बस्तर के 400 से अधिक गांवों में विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों के विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में उन्हें कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आजीविका प्राप्त करते हुए आत्मनिर्भर बन सकें। साथ ही बस्तर को विकास के सभी आयामों से जोड़ने यहां पर्यटन विकास, खेती-बाड़ी, पशुपालन जैसे कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प मुख्यमंत्री ने दोहराया। श्री साय ने यह भी कहा कि आदिवासी संस्कृति और पारम्परिक विरासतों को सहेजने व संजोकर रखने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार बस्तर पण्डुम का आयोजन कर रही है। उन्होंने उपस्थित जनों से जनजातीय सभ्यता और धरोहरों की जड़ों से जुड़कर रहने का आह्वान किया। 

*मुख्यमंत्री ने की 332 करोड़ के छह निर्माण कार्यों की घोषणा*

इस दौरान मुख्यमंत्री ने 06 निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिनकी अनुमानित लागत 332 करोड़ रूपए है। इसमें 125 किलोमीटर लम्बे मार्ग नारायणपुर के ओरछा-आदेर-लंका-बेदरे -कुटरूमैमेड जिसकी लागत राशि-250 करोड़ रूपए है। यह नारायणपुर जिले को बीजापुर जिले से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसमें जिले के अंदरूनी क्षेत्र के ईदवाया, एडजुम, आदेर, कुड़मेल, ढोढरीबेड़ा, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका जैसे ग्राम जुड़ते हैं। इसी तरह राजनांदगांव-बैलाडिला मार्ग में सतह मजबूतीकरण कार्य की घोषणा की, इसकी लंबाई 28 कि.मी जो लगभग 34 करोड़ से तैयार होगी। यह नारायणपुर जिले को दंतेवाड़ा जिले में जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी तरह नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर 28 किमी के सतह मजबूतीकरण कार्य, लंबाई 28 कि.मी. की घोषणा (राशि-34 करोड़ 12 लाख) - यह मार्ग जिले को महाराष्ट्र बार्डर तक जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसमें जिले के ब्रेहबेड़ा, कुरूषनार, बासिंग, सोनपुर ग्राम जुड़ते हैं। इसके अलावा ब्रेहबेड़ा (नारायणपुर)-कंदाड़ी-कीहीकाड़-मुरनार-बेचा मार्ग पर घुड़साल नाला पर उच्चस्तरीय सेतुमय पहुंच मार्ग निर्माण कार्य, जिसकी लंबाई 80 मीटर तथा लागत राशि-12 करोड ़ 42 लाख है। साथ ही नारायणपुर जिला अंतर्गत अबुझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में प्रारंभ किये गए 10 वैकल्पिक प्राथमिक शाला ‘घमण्डी, वाला, जटवर, नेलनार, रोहताड़, हितावाड़ा, मोडनार, तोके, कोडटामरका एवं कोडोली‘ के स्कूल सेटअप एवं भवन, तथा तोके में आश्रम शाला भवन की स्वीकृति की घोषणा की, जो 01 करोड़ 06 लाख रूपए से तैयार होगा। इसी तरह जिले के एज्युकेशन हब, गरांजी मे खेल मैदान की घोषणा की घोषणा की जिसका निर्माण 50 लाख रूपए की लागत से होगा।
 
कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के सशक्त और निर्णायक नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र माओवाद के आतंक का पूर्णतः अंत हो जाएगा। नारायणपुर जिला भी शीघ्र ही नक्सल मुक्त होकर शांति, विकास और समृद्धि के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से हर गांव, हर टोले को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। राजस्व मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले को 351 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी है। उनके नेतृत्व में राज्य सफलता की नित नई उंचाइयों को छू रहा है और हर क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा है।

इसके पहले, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। बस्तर की संस्कृति और विरासत की पूरे विश्व में अलग पहचान है। आज की नई पीढ़ी हमारी सस्कृति और परंपरा को सहेजकर रखने की जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि बस्तर पंडुम के 12 विधाओं में जनजातीय संस्कृति के प्रदर्शन के माध्यम से सरकार द्वारा इन परंपराओं को सहेजने और संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से युवाओं को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से आदिवासी संस्कृति व परंपरा आगे बढ़ेगी और बस्तर विकास और शांति के पथ पर सतत् आगे बढ़ेगा।

*मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित माओवादी नव दम्पति को दिया आशीर्वाद*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आदिवासी व्यंजन, वेशभूषा, आभूषण तथा प्राचीन धरोहरों का अवलोकन कर संरक्षित करने की बात कही। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत माओवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटे 04 जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री से आशीर्वाद प्राप्त करने वाले जोड़ों में ग्राम पोदावाड़ा की कमला गोटा तथा ग्राम ऐनमेटा के सुकलाल जुर्री, ग्राम कुर्सींग की सुशीला कोवाची और ग्राम तुषवाल के सन्नी सलाम, ग्राम पूसालामा की रीता कोवाची और इसी ग्राम के मासो मण्डावी तथा ग्राम डूंगा की कोसी मण्डावी एवं इसी ग्राम के अर्जुन सिंह शामिल थे। मुख्यमंत्री ने सभी विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने की बधाई दी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज और नगरीय संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।

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नारायणपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री साय ने सुरक्षा बलों से की मुलाकात, जवानों संग रात्रि भोज कर बढ़ाया हौसला

रायपुर, 31 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर प्रवास के दौरान आईटीबीटी बटालियन परिसर नारायणपुर में आईटीबीटी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, बीएसएफ, डीआरजी, सीएएफ़ के जवानों एवं अधिकारियों से मुलाकात और बस्तर की शांति और सुरक्षा के स्थापना में उनके योगदान की सराहना करते हुए सुरक्षा बल के जवानों की हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री श्री साय एवं मत्रीगणों ने बटालियन परिसर में जवानों के साथ रात्रि भोज किया और उनसे आत्मीय चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जवानों से चर्चा करते हुए कहा कि नैसर्गिक संसाधनों से  और सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण बस्तर के कई इलाकें माओवाद आतंक के चलते विकास की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़े थे। आप सबके अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम के कारण ही यहां शांति और सुरक्षा का वातावरण निर्मित हुआ है और विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने देश की सुरक्षा में सुरक्षा बलों के जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में सेवा कर रहे जवानों का मनोबल बनाए रखना हम सबकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने जवानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है। जवानों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और इस आत्मीय मुलाकात को प्रेरणादायक बताया। 

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प को यहां साकार करने का काम पूरी दृढ़ता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बम गोलियों की आवाज की जगह अब आमजन की चहल-पहल, स्कूलों में ककहरा की गंूज और गांवों में मांदर की थाप सुनाई दे रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों ने जवानों को उपहार भेंट किए। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। 

ज्ञात हो कि नक्सल गतिविधि को नियंत्रण के लिए सुरक्षा कैम्प स्थापित कर केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य के सुरक्षा बलों के दस्तों को तैनात किया गया है। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, लघु वनोपज के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई जी श्री सुंदरराज पी, आईटीबीटी, सीआरपीएफ, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी एवं कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया, केन्द्रीय सुरक्षा बलों के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। आईजी श्री सुंदरराज पी ने कार्यक्रम की रूपरेखा और बस्तर संभाग में शांति के लिए जवानों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में पुलिस बैंड ने स्वागत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी।

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आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों सेनजोड़ेगा: मुख्यमंत्री श्री साय - गढ़बेेंगाल घोटुल में गूंजी मांदर की थाप ,मुख्यमंत्री ने घोटुल की स्थापत्यकला को सराहा

 रायपुर, 30 जनवरी 2026/  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज ‘गढ़बेंगाल घोटुल‘ पहुंचकर बस्तर की गौरवशाली परंपराओं और लोक-संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस मौके पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि और ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं लोक-रंग में रंगे नजर आए। 

 मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल की अनूठी स्थापत्य कला का अवलोकन किया और बस्तर की विभूतियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि घोटुल प्राचीन काल से ही आदिवासी समाज के लिए शैक्षणिक एवं संस्कार केंद्र रहा है। चेंद्रु पार्क के समीप स्थित यह आधुनिक घोटुल न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा, बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों को भी आदिवासी जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। गढ़बेंगाल का यह घोटुल हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है। हमारी सरकार बस्तर की इस अनूठी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल परिसर के लेय्योर एवं लेयोस्क कुरमा: युवाओं और युवतियों के लिए निर्मित कक्षों के साथ ही बिडार कुरमा: पारंपरिक वेशभूषा, प्राचीन वाद्ययंत्र एवं सांस्कृतिक सामग्रियों का संग्रह का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों की आग्रह पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सगा कुरमा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर क्षेत्र की खान-पान संस्कृति का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के भोजन में विशेष रूप से भोजन गाटो-भात, कोदो-भात, उड़िद दार, हिरुवा दार, जीरा भाजी, कनकी पेज, भाजी घिरोल फुल, चाटी भाजी, कांदा भाजी, मुनगा भाजी, इमली आमट, मड़िया पेज, टमाटर चटनी, चिला रोटी, रागी कुरमा, रागी केक, रागी लट्टू, रागी जलेबी परोसा गया। 

 इस दौरान वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, पद्मश्री श्री पंडीराम मंडावी, लोककलाकार श्री बुटलू राम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्रीमती संध्या पवार ने साथ बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।

*बस्तर की विभूतियों से आत्मीय भेंट*

 मुख्यमंत्री ने इस प्रवास को केवल एक औपचारिक दौरा न रखते हुए इसे एक आत्मीय मिलन का रूप दिया। क्षेत्र की महान प्रतिभाओं - वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी और सुप्रसिद्ध लोक-कलाकार बुटलू राम से भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने टाइगर ब्वॉय चेंदरू के परिवारजनो से भी मुलाकात की। 

*इको-फ्रेंडली घोटुल*:

 वन विभाग और पद्मश्री पंडीराम मंडावी के मार्गदर्शन में निर्मित यह घोटुल पूर्णतः इको-फ्रेंडली (लकड़ी, मिट्टी और बांस) सामग्री से बना है। मुख्यमंत्री ने घोटुल के खंभों पर की गई बारीक नक्काशी की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, जिसे स्वयं पद्मश्री पंडीराम मंडावी ने उकेरा है। जिसमें नक्काशी, सांस्कृतिक जुड़ाव, विरासत का संरक्षण का प्रभावी प्रयास किया गया है।

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नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में एक और निर्णायक कदम : चार इनामी माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयास, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार रहा है सिमट - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 30 जनवरी 2026/किस्टाराम क्षेत्र में 8 लाख रुपये के इनामी चार सक्रिय माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय बस्तर में बढ़ते विश्वास, सुरक्षा और विकास के वातावरण का स्पष्ट प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि “नक्सल मुक्त बस्तर – सुरक्षित छत्तीसगढ़” का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन सुरक्षा बलों के समन्वित एवं सतत प्रयासों, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था, प्रभावी क्षेत्रीय उपस्थिति तथा बेहतर सड़क और संचार कनेक्टिविटी का प्रत्यक्ष परिणाम है। इन प्रयासों से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार सिमट रहा है और उनका सामाजिक आधार कमजोर हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि जो लोग हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की यह यात्रा आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी।

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परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों की एकाग्रता से खिलवाड़ नहीं होगा, कलेक्टर रोहित व्यास का बड़ा फैसला—31 मार्च तक जशपुर जिले में तेज संगीत, लाउडस्पीकर, हार्न और अनावश्यक कोलाहल पर सख्त प्रतिबंध

जशपुरनगर 30 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा आयोजित हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी एवं शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा की शांतिपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री रोहित व्यास ने लोकहित में जशपुर जिले की सीमा के भीतर ध्वनि प्रदूषण और अनावश्यक कोलाहल पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 31 मार्च 2026 तक प्रभावशील रहेगा। कलेक्टर ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा 4, 5, 10 एवं 11 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह प्रतिबंध लागू किया है। कलेक्टर श्री व्यास ने आम नागरिकों, आयोजकों और संस्थाओं से अपील की है कि वे विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आदेशों का पूर्णतः पालन करें, ताकि परीक्षा अवधि में शांत वातावरण सुनिश्चित किया जा सके और छात्र बिना किसी व्यवधान के अध्ययन एवं परीक्षा दे सकें।


*रात्रिकालीन समय में पूर्ण प्रतिबंध*- 

जारी आदेश के अनुसार रात्रि 09.00 बजे से प्रातः 06.00 बजे तक किसी भी स्थान पर तीव्र संगीत बजाने अथवा बजवाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसी अवधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) का उपयोग भी पूरी तरह वर्जित रहेगा। इसके अतिरिक्त उक्त समयावधि में किसी भी प्रकार का कोलाहल लोकहित में प्रतिबंधित किया गया है।


*दिन के समय भी अनुमति आवश्यक* - 
प्रातः 06.00 बजे से रात्रि 09.00 बजे के बीच भी बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्र चलाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर लाउडस्पीकर जब्त किए जाने की कार्यवाही की जाएगी।


*वाहनों के हार्न पर भी सख्ती* -
आदेश में मोटर यानों से उत्पन्न होने वाले कोलाहल पर भी नियंत्रण लगाया गया है। कोई भी व्यक्ति ऐसा विद्युत हार्न नहीं बजाएगा जिससे पैदल चलने वाले व्यक्ति घबरा जाएँ या जिससे किसी को संत्रास अथवा क्षोभ उत्पन्न हो।


*विशेष परिस्थितियों में छूट का प्रावधान* -

जिन व्यक्तियों या संस्थाओं को कानून द्वारा छूट प्रदान की गई है, उन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। वहीं किसी विशेष प्रयोजन के लिए प्रतिबंध से छूट आवश्यक होने पर संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी। अनुमति देते समय समय-सीमा और शर्तें निर्धारित की जाएँगी, जिनका पालन अनिवार्य होगा। शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में अनुमति निरस्त की जा सकेगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर एक और उच्च स्तरीय पुल निर्माण की मिली स्वीकृति,11.27 करोड़ की लागत से बनेगा ठेठेटांगर चोंगरीबहार मार्ग पर ईब नदी पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग

जशपुरनगर, 30 जनवरी 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन के दो वर्षों के भीतर जशपुर जिले के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पिछले दो वर्षों में जिले में 22 उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण के लिए कुल 109 करोड़ 09 लाख रुपये तथा 215 छोटे पुल-पुलिया निर्माण के लिए 20 करोड़ 93 लाख रुपये की बड़ी मंजूरी दी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर के ठेठेटांगर चोंगरीबहार मार्ग पर ईब नदी पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। जिसका निर्माण लागत 11 करोड़ 27 लाख 03 हजार रुपए  है। इन निर्माण कार्यों  के पूरा हो जाने से बरसात के दिनों में नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की वजह से संपर्क मार्ग बाधित होने और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूटने की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। 

*बरसात में भी सुगम होगा ग्रामीण आवागमन*

  बरसात के मौसम में नदी नालों में तेज बहाव और जलस्तर बढ़ जाने की वजह से गांवों का संपर्क टूट जाता था। पुल-पुलिया के अभाव में आवागमन जोखिम भरा रहता था। इन निर्माण कार्यों के पूरा हो जाने से न केवल जान-माल की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई गति मिलेगी।  राहगीरों को भी लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और  कम दूरी के साथ समय की भी बचत होगी।
    जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने तेजी से हो रहे अधोसंरचना विकास के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से जशपुर जिले के ग्रामीण अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी और क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

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नशामुक्त भारत अभियान का असर: जशपुर के नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र से लौटकर युवक बना आत्मनिर्भर, समाज के लिए बना प्रेरणास्रोत

जशपुरनगर 30 जनवरी 2026/ नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जशपुर जिले में संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र न केवल नशे की लत से ग्रस्त लोगों को नई दिशा दे रहा है, बल्कि उनके जीवन को सकारात्मक रूप से बदलने का सशक्त माध्यम भी बन रहा है। इसका जीवंत उदाहरण जशपुर नगरीय निकाय निवासी श्री अजय प्रधान (परिवर्तित नाम) हैं, जो आज नशे की लत से पूरी तरह मुक्त होकर आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं।
26 वर्षीय अजय प्रधान, जो 12वीं तक शिक्षित हैं और मध्यम आय वर्गीय परिवार से आते हैं। कुसंगति के कारण शराब, गांजा, भांग, बीड़ी-सिगरेट, गुटखा एवं तंबाकू जैसे अनेक नशीले पदार्थों की लत में फँस गए थे। नशे की वजह से उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। माता-पिता मानसिक रूप से परेशान थे, वहीं परिवार को आर्थिक तंगी और सामाजिक तानों का भी सामना करना पड़ रहा था। इसी दौरान किसी परिचित के माध्यम से परिवार को समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अधीन स्वैच्छिक संस्था ग्राम विकास समिति द्वारा संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, भागलपुर रोड, जशपुर की जानकारी मिली। परिवार ने बिना देरी किए अजय को केंद्र में भर्ती कराया। केंद्र में विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संचालित नियमित दिनचर्या, परामर्श सत्र, प्रेरक गतिविधियाँ एवं अनुशासित जीवनशैली ने अजय के भीतर नशा छोड़ने का आत्मविश्वास जगाया। दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास से उन्होंने नशामुक्ति का कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण किया।


*नशामुक्त होकर बने आत्मनिर्भर* - 

कोर्स पूर्ण करने के बाद जब अजय घर लौटे तो सभी ने उनमें सकारात्मक बदलाव देखा। वे शारीरिक और मानसिक रूप से पहले से अधिक स्वस्थ, ऊर्जावान और आत्मविश्वासी नजर आए। आज अजय एग रोल की दुकान का व्यवसाय कर आत्मनिर्भर बने हुए हैं तथा परिवार का भरण-पोषण करने के साथ माता-पिता की देखभाल भी कर रहे हैं। परिवार, रिश्तेदार और समाजजन उनके इस परिवर्तन से संतुष्ट और प्रसन्न हैं। अजय प्रधान का कहना है कि अब उनके मन में नशे से दूर रहने का अटूट संकल्प है और वे भविष्य में कभी नशा नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने भारत सरकार द्वारा संचालित “नशामुक्त भारत अभियान” की कार्ययोजना से जुड़कर अन्य लोगों को भी नशे से मुक्त करने के लिए जागरूक करने की इच्छा व्यक्त की है।

*समाज के लिए प्रेरणास्रोत* - 
उप संचालक, समाज कल्याण विभाग जशपुर श्री धर्मेंद्र साहू ने बताया कि जशपुर जिले का यह उदाहरण दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन, इच्छाशक्ति और परिवार के सहयोग से नशे की लत से मुक्ति संभव है। नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और युवाओं को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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सरगुजा ओलंपिक: आदिवासी अंचल की खेल प्रतिभाओं को मिल रहा नया मंच,विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताएँ शुरू, 3 फरवरी तक खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का करेंगे प्रदर्शन

जशपुरनगर 30 जनवरी 2026/ सरगुजा संभाग अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाओं के लिए भी जाना जाता है। यहां के युवाओं में खेलों के प्रति स्वभाविक रुचि, शारीरिक क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक जज्बा विद्यमान है। इसी क्षमता को पहचानकर उन्हें खेल की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आदिवासी अंचल के युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का एक सशक्त और सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।


*28 जनवरी से 3 फरवरी तक विकासखंड स्तरीय आयोजन* - 

संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण छत्तीसगढ़ के आदेशानुसार सरगुजा संभाग के सभी जिलों में विकासखंड स्तरीय आयोजन शुरू हो गए है। जशपुर जिले में भी 28 जनवरी 2026 से 3 फरवरी 2026 तक विकासखंड स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। जशपुर जिले में इसी अवधि में प्रतियोगिताएँ आयोजित हो रही है। इनमें जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष, बालक/बालिका) तथा सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक, महिला/पुरुष) के प्रतिभागी भाग ले रहे है। सरगुजा ओलंपिक की ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया के माध्यम से जिले में 56 हजार से अधिक प्रतिभागी पंजीकृत होकर इस खेल महाकुंभ में शामिल हो रहे हैं।


*12 खेल विधाओं में हो रहा मुकाबला* - 

सरगुजा ओलंपिक 2025-26 में कुल 12 खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही है। व्यक्तिगत खेलों में एथलेटिक्स (100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवेलिन थ्रो, 400 मीटर रिले), तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती एवं कराते शामिल हैं। वहीं दलीय खेलों में फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी और बास्केटबॉल के मुकाबले होंगे। इन प्रतियोगिताओं में सरगुजा संभाग के सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर एवं जशपुर जिलों के खेल में रुचि रखने वाले प्रतिभागी भाग ले रहे है।

*जशपुर जिले के आठ विकासखंडों से रिकॉर्ड सहभागिता* - 
जशपुर जिले के आठों विकासखंडों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें विकासखंड कांसाबेल से 5,324 प्रतिभागी, कुनकुरी से 10,185 प्रतिभागी, जशपुर से 6,492 प्रतिभागी, दुलदुला से 4,592 प्रतिभागी, पत्थलगांव से 12,858 प्रतिभागी, फरसाबहार से 6,397 प्रतिभागी, बागीचा से 6,764 प्रतिभागी एवं विकासखंड मनोरा से 4,336 प्रतिभागी सहित कुल 56,948 खिलाड़ी सरगुजा ओलंपिक 2025-26 में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।


*खेलों से आत्मविश्वास और पहचान* - 

सरगुजा ओलंपिक केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आदिवासी अंचल के युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम है। इस आयोजन से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होंगे।सरगुजा ओलंपिक 2025-26 जशपुर सहित पूरे संभाग के लिए खेल संस्कृति को सशक्त करने और नई प्रतिभाओं को पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा।

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अनुशासन, संवेदनशील पुलिसिंग और कल्याण पर फोकस, डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने किया रक्षित केंद्र जशपुर का वार्षिक निरीक्षण

जशपुरनगर, 30 जनवरी 2026 :-
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा शुक्रवार को रक्षित केंद्र जशपुर का वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली तथा परेड में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के टर्नआउट, अनुशासन और कार्यकुशलता का बारीकी से अवलोकन किया।

परेड निरीक्षण के दौरान कुल 134 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उत्कृष्ट टर्नआउट एवं अनुशासन प्रदर्शित करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मौके पर ही पुरस्कृत कर उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अनुशासन और समर्पण ही पुलिस बल की सबसे बड़ी ताकत है।

परेड के पश्चात डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा रक्षित केंद्र की वाहन शाखा का निरीक्षण किया गया। इस दौरान शासकीय वाहनों की वर्तमान स्थिति, उनके रख-रखाव, लॉग बुक एवं संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। उन्होंने वाहन चालकों को शासकीय वाहनों को सदैव दुरुस्त स्थिति में रखने एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद रक्षित केंद्र जशपुर के सभा कक्ष में दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधे संवाद किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पुलिस को जनता के बीच संवेदनशील रहते हुए सेवा भावना के साथ कार्य करना चाहिए तथा पुलिसिंग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना होगा।

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यस्थलों—थानों, चौकियों, रक्षित केंद्र, कार्यालयों एवं परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही पुलिस कर्मियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग, शारीरिक रूप से फिट रहने, नशे से दूर रहने तथा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कंप्यूटर ज्ञान और चार पहिया वाहन चलाने में दक्षता विकसित करने की आवश्यकता बताई।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं ड्राइविंग का प्रशिक्षण देने हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे उनकी कार्यक्षमता और पेशेवर दक्षता में वृद्धि हो सके। दरबार के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा रखी गई समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुना गया तथा कई प्रकरणों का त्वरित निराकरण भी किया गया।

वार्षिक निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, डीएसपी अजाक भावेश कुमार समरथ, डीएसपी मुख्यालय श्रीमती आशा तिर्की, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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पारंपरिक खेती से आधुनिक कृषि की ओर बड़ा कदम, दुर्ग में आयोजित किसान मेला में शामिल हुए जशपुर के कृषक, उन्नत बीज व आधुनिक यंत्रों से हुए रूबरू

जशपुरनगर, 30 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने एवं उनकी आय में वृद्धि के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। शासन की इन योजनाओं का लाभ उठाकर कृषक पारंपरिक खेती के तरीकों से आगे बढ़ते हुए आधुनिक कृषि तकनीकों तथा उन्नत बीजों को अपना रहे हैं, जिससे उनकी उत्पादकता के साथ-साथ आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है।
    इसी क्रम में जिले के कृषकों का एक समूह उद्यानिकी विभाग के माध्यम से छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ के तत्वावधान में आयोजित किसान मेला 2026 में सहभागिता हेतु कुम्हारी, जिला दुर्ग पहुंचा। यह दो दिवसीय किसान मेला 30 एवं 31 जनवरी  को आयोजित किया गया है। किसान मेला-प्रदर्शनी के दौरान कृषकों ने कृषि संगोष्ठियों, प्रदर्शनी एवं विक्रय स्टॉलों का अवलोकन किया। साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा प्रदर्शित आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों तथा कृषि आदानों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कृषकों ने कृषि विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष संवाद कर खेती को अधिक लाभकारी बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव भी प्राप्त किए।
     कृषकों ने बताया कि इस प्रकार के किसान मेले उन्हें नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा आय संवर्धन की दिशा में उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान मिला है , जिसका प्रत्यक्ष लाभ वे अपने खेतों में अवश्य लेंगे। किसान मेला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कृषकों की सहभागिता रही। इस मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, नवीन कृषि यंत्र, उन्नत बीजों एवं कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी तथा विक्रय संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

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कलेक्टर श्री व्यास के संवेदनशीलता से दिव्यांग का चेहरा खिला, भूमिहीन दिव्यांग को मिली सहायता,तत्काल दी गई मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल

*जशपुरनगर 30 जनवरी 2026/* कलेक्टर श्री रोहित व्यास के समक्ष जशपुर विकासखण्ड के ग्राम कोमड़ो निवासी धुनेश्वर राम मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल प्रदान करने हेतु अर्जी लेकर उपस्थित हुए थे। उन्होंने अपनी समस्या के बारे में कलेक्टर श्री व्यास को अवगत कराते हुए बताया कि मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल के बिना एक स्थान से दूसरे स्थान जाने में कठिनाई होती है साथ ही जीवन निर्वाह समस्या भी उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि मैं भूमिहीन दिव्यांग व्यक्ति हूॅ अपना गुर्जर मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल में कुछ छोटा-मोटा व्यापार करके करता था। मेरी पूर्व की मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल जर्जर एवं खराब हो गई है जिसके कारण में अपनी भोजन की व्यवस्था नही कर पा रहा हूॅ।
         कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल समाज कल्याण अधिकारी श्री धर्मेन्द्र साहू को निर्देश किए कि संबंधित को सहायता हेतु तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। समाज कल्याण द्वारा ग्राम कोमडो सरपंच के माध्यम से धुनेश्वर राम से सर्म्पक कर 29 जनवरी 2026 को ही मोटराईज्ड ट्राईसाईकिल दी गई। मोट्राराईज्ड ट्राईसाईकिल मिलते ही दिव्यांग के चहेरा खिल उठे, पुनः आत्मविश्वास भर गया कि अपने जीवन निवाह आराम से कर सकॅूगा।

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कलेक्टर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन 

कलेक्टर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन 

जशपुर 30 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अधिकारीयों और कर्मचारियों ने दो मिनट की मौन धारण कर उन्हें  नमन किया।

कलेक्टर ने कहा कि महात्मा गांधी ने मातृभूमि की सेवा के लिए सर्वस्व अर्पित कर दिया।
       
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी  अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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NH-43 पर हादसों पर लगेगी लगाम: जशपुर पुलिस का हाईटेक एक्शन, ड्रोन से चिन्हांकित किए गए दुर्घटनाजन्य स्थल, तत्काल सुधार कार्यों के सख्त निर्देश जारी

NH-43 पर दुर्घटनाजन्य स्थलों का ड्रोन से निरीक्षण, सुधारात्मक कार्यों के निर्देश

जशपुरनगर, 30 जनवरी 2026 —
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक NH-43 पर चिन्हांकित दुर्घटनाजन्य स्थलों का ड्रोन आधारित तकनीकी निरीक्षण किया। यह कार्रवाई जशपुर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह (IPS) के निर्देशन में की गई।

ड्रोन निरीक्षण के दौरान सड़क की भौतिक संरचना, यातायात प्रवाह, दृश्यता, संकेतक व्यवस्था, सड़क किनारे अवरोध तथा दुर्घटना के संभावित कारणों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। निरीक्षण में गिरांग तिराहा, होलीक्रास स्कूल घोलेंग के सामने, पोरतेंगा जाने वाला तिराहा, पॉलिटेक्निक कॉलेज मार्ग पर पुलिया के समीप, झरगांव मार्ग तथा भलमंडा चौक जैसे संवेदनशील स्थलों का विस्तृत अवलोकन किया गया।

निरीक्षण उपरांत गिरांग तिराहा क्षेत्र में जंक्शन आइलैंड की साफ-सफाई, डोड़काचौरा रोड पर स्थापित अवैध होल्डिंग हटाने तथा रांची रोड स्थित पुलिस कल्याण पेट्रोल पंप, केदार दुकान सहित अन्य साइन बोर्डों को नियमानुसार हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही रम्बलर स्ट्रिप लगाने, भारी वाहन प्रवेश निषेध बोर्ड के स्थान परिवर्तन तथा टर्निंग व चेतावनी संकेत बोर्डों की संख्या बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए।

होलीक्रास स्कूल घोलेंग के सामने विद्यालय चेतावनी संकेत बोर्ड लगाने, यात्री प्रतीक्षालय एवं चर्च मार्ग के समीप रम्बलर स्ट्रिप स्थापित करने तथा सड़क किनारे पेड़ों की डालियों और झाड़ियों की कटाई-छंटाई कराने के निर्देश दिए गए। पोरतेंगा तिराहा के पास सड़क किनारे वृक्षों की छंटाई और तिराहे पर स्थित गुमटी को नियमानुसार पीछे स्थानांतरित करने को कहा गया। पॉलिटेक्निक कॉलेज मार्ग पर पुलिया के समीप मोड़ में स्थित झुरमुट हटाने तथा भलमंडा चौक में आम वृक्ष की डालियों की छंटाई के निर्देश भी दिए गए।

इसके अतिरिक्त जामटोली एवं भलमंडा मार्ग में सड़क ढलाई कार्य कराने हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देशित किया गया। चिन्हांकित कमियों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित निर्माण एजेंसियों एवं यातायात प्रभारी जशपुर को समयबद्ध रूप से सुधारात्मक कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।

ड्रोन आधारित निरीक्षण के माध्यम से दुर्घटनाजन्य स्थलों की पहचान कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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जिला भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने विजय आदित्य सिंह जूदेव, जिलेभर में हर्ष और उत्साह का माहौल

जशपुरनगर 30 जनवरी 2026 भारतीय जनता युवा मोर्चा संगठन ने जशपुर जिले की कमान युवा नेतृत्व को सौंपते हुए विजय आदित्य जूदेव को जिला भाजपा युवा मोर्चा जशपुर का अध्यक्ष नियुक्त किया है। संगठन द्वारा जैसे ही उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई, पूरे जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं, युवा मोर्चा के पदाधिकारियों एवं समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

जशपुर मुख्यालय सहित कुनकुरी, नारायणपुर, बगीचा,  और ग्रामीण अंचलों में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयाँ बांटी, आतिशबाजी की और एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी जाहिर की। कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने इस नियुक्ति को संगठन के लिए नई ऊर्जा का संचार बताया।

नवनियुक्त जिला अध्यक्ष विजय आदित्य जूदेव ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, वह उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ना, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाना रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि जशपुर जिला युवाओं की ऊर्जा और संभावनाओं से भरा हुआ है। युवा मोर्चा आने वाले समय में सामाजिक सेवा, जनजागरूकता कार्यक्रम, एवं संगठनात्मक अभियानों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करेगा।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों एवं संगठन पदाधिकारियों ने भी विजय आदित्य जूदेव को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ दीं। नेताओं ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में जशपुर जिला युवा मोर्चा और अधिक सक्रिय होगा तथा संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ जनसेवा के कार्यों में भी नई पहचान बनाएगा।

जिले में इस नियुक्ति को लेकर राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि युवा मोर्चा के माध्यम से भाजपा आने वाले दिनों में युवाओं के बीच अपनी पकड़ और मजबूत करेगी।

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जनसंपर्क विभाग की पहल: कन्या महाविद्यालय में जनमन पत्रिका वितरण, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बनी सहायक

*जशपुरनगर 30 जनवरी 2026* /जिला मुख्यालय स्थित राजा विजय भूषण देव कन्या महाविद्यालय में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं से संबंधित जनमन पत्रिका सहित अन्य प्रचार सामग्री का वितरण किया गया। इन पत्रिकाओं के माध्यम से छात्राओं को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी मिलेगी। पत्रिका में ग्रामीणों, किसानों और बेरोजगारों को स्वावलंबी बनाने हेतु अनेक योजनाएं की जानकारी शामिल है।
           पत्रिकाओं के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक समसामयिक घटनाओं एवं सामान्य ज्ञान की जानकारी भी मिलती है। कन्या महाविद्यालय की छात्रों ने बताया कि पत्रिका का अध्ययन सभी छात्रों के लिए लाभदायक है।

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जशपुर में पेंशनधारकों और कर्मचारियों को बड़ी राहत, जिला स्तरीय शिविर में 04 पेंशन एवं 148 वेतन निर्धारण प्रकरणों का मौके पर हुआ निराकरण

*जशपुरनगर 30 जनवरी 2026/* संभागीय संयुक्त संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन अम्बिकापुर के द्वारा विगत दिवस जिला कार्यालय कलेक्टर के मंत्रणा सभागार में जिला स्तरीय पेंशन निराकरण सह वेतन निर्धारण जांच शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान शिविर में संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय से उप संचालक श्री अनिल कुमार बारी, सहायक संचालक श्री संजय कुमार धीवर, सहायक आंतरिक लेखापरीक्षण अधिकारी श्री जयसिंह शाण्डिल्य, श्री गुलाम दस्तगीर, श्री मंगेश सोनी , लेखा सहायक श्री सुरेश पैंकरा एवं कार्यालय सहायक श्री सोमारू राम उपस्थित थे। 
           जिला कोषालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिविर के दौरान जिले के विभिन्न आहरण एवं संवितरण अधिकारी कार्यालयों में लंबित 04 पेंशन प्रकरण एवं 148 वेतन निर्धारण जांच के प्रकरणों का त्वरित निपटान किया। इस शिविर को सफल बनाने हेतु जिला कोषालय अधिकारी श्री चन्द्रकांत को विशेष सहयोग रहा।

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