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भोरमदेव सरस मेला को प्लास्टिक मुक्त बनाने की मुहिम, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिलाई स्वच्छता की शपथ

रायपुर, 04 अगस्त 2026/ पवित्र श्रावण माह में कबीरधाम जिले में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध भोरमदेव सरस मेला एवं सावन में इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। मेले की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के पालन की अपील सभी दुकानदारों एवं श्रद्धालुओं से की है।

           उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव धाम हमारी आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर है। सरस मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस पवित्र स्थल को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त रखने में अपना सहयोग दे। सभी के सहयोग से इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बनी रहेगी तथा हमारा भविष्य भी प्रदूषण मुक्त होगा।

          उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि हमारा प्रयास हो कि यह संभागीय सरस मेला तथा पूरा भोरमदेव परिसर प्लास्टिक मुक्त हो। प्लास्टिक के स्थान पर वैकल्पिक रूप से कपड़े की अथवा जूट के बैक का इस्तेमाल किया जाए जो प्रकृति के अनुकूल हो। सभी दुकानदार एवं शिविर संचालक गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखने का प्रयास करें। कचरा केवल निर्धारित कचरा गाड़ी एवं कचरा पात्र में ही डालें। सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया की वे घर से कपड़े का थैला, पानी की बोतल साथ लेकर आएं और खुले में कचरा न फेंकें।

        कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने उपस्थित ग्रामीणों, स्व-सहायता समूह की दीदियों, मितानिन बहनों एवं स्वच्छाग्रहियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के पालन हेतु स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। शपथ में सभी ने कचरा अलग-अलग करने, प्लास्टिक का उपयोग न करने एवं अपने गांव तथा भोरमदेव धाम को स्वच्छ बनाये रखने का संकल्प लिया। इस दौरान उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने कबीरधाम जिला को प्लास्टिक मुक्त बनाने की शपथ लेकर अपने जान पहचान वालों पड़ोस के लोगों एवं गांव के अन्य लोगों को इस कार्य के लिए जागरूक करने की बात कही।

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संत रविदास की 650वीं जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी घोषणाएं, अगले वर्ष माघी पूर्णिमा पर सार्वजनिक अवकाश, मांस-मदिरा बिक्री पर प्रतिबंध और राज्य अलंकरण पुरस्कार का ऐलान

रायपुर 4 अगस्त 2026/ संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज का जीवन समरसता, समानता, भक्ति, श्रम और सामाजिक न्याय का अमर संदेश है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। संत रविदास ने समाज को ऊंच-नीच, भेदभाव और छुआछूत से ऊपर उठकर मानवता, समान अधिकार और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। यही मार्ग विकसित, समरस और सशक्त भारत की आधारशिला है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कलश वंदन महाअभियान के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह  बात कही। इस अवसर पर उन्होंने वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली से लाए गए पवित्र मिट्टी एवं जल से भरे कलश को श्रद्धापूर्वक अपने मस्तक पर धारण कर संत रविदास के छायाचित्र के समक्ष स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजन-अर्चन कर संत रविदास को नमन किया तथा इसे सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।

*संत रविदास के सम्मान में मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने संत रविदास के सम्मान में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में अगले वर्ष 2027 में उनकी जयंती (माघी पूर्णिमा) को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस दिन प्रदेशभर में मांस एवं मदिरा का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर प्रदान किए जाने वाले राज्य अलंकरण पुरस्कारों में संत शिरोमणि गुरु रविदास के नाम से एक राज्य अलंकरण पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। साथ ही नवा रायपुर के एक प्रमुख चौक का नामकरण भी संत गुरु रविदास के नाम पर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में संत रविदास के प्रसिद्ध संदेश -
"ऐसा चाहूं राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न।
छोट-बड़ो सब सम बसैं, रविदास रहैं प्रसन्न।।" - का अंकन कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा कर प्रयास किया जाएगा।

*जब-जब समाज में अन्याय बढ़ा, तब-तब संतों और महापुरुषों ने नई दिशा दी*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत संतों, ऋषियों और महापुरुषों की पावन भूमि है। जब-जब समाज में अन्याय, अत्याचार, ऊंच-नीच, छुआछूत और भेदभाव जैसी विकृतियां बढ़ीं, तब-तब संतों और महापुरुषों ने समाज को नई दिशा प्रदान की। संत रविदास ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता और भक्ति का ऐसा संदेश दिया, जिसने समाज को नई चेतना प्रदान की।

उन्होंने कहा कि संत रविदास ने तत्कालीन शासक सिकंदर लोदी के धर्मांतरण के दबाव का भी साहसपूर्वक विरोध किया और यह संदेश दिया कि सभी मनुष्य समान हैं तथा ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग केवल सच्ची भक्ति और सदाचार है। उनका प्रसिद्ध संदेश "मन चंगा तो कठौती में गंगा" आज भी समाज को आंतरिक शुद्धता और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाता है।

मुख्यमंत्री ने संत रविदास से जुड़ा प्रसंग भी साझा किया और कहा कि उनकी अटूट भक्ति और तपस्या के प्रभाव से कठौती में गंगा प्रकट होने की घटना केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि यह संदेश है कि सच्ची श्रद्धा और निर्मल मन से ईश्वर की प्राप्ति संभव है।

*'विकास भी, विरासत भी' हमारा मार्गदर्शक मंत्र*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री का "विकास भी, विरासत भी" का संदेश देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण का मार्गदर्शक मंत्र है।

उन्होंने कहा कि संत रविदास की जन्मभूमि से लाई गई पवित्र मिट्टी और जल का कलश देशभर के मठों, मंदिरों और आस्था केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। यह समाज के प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार को जोड़ने वाला राष्ट्रीय समरसता अभियान है।

*कलश वंदन अभियान सामाजिक समरसता का जनआंदोलन बनेगा*

मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. सनम जांगड़े के नेतृत्व में सीर गोवर्धनपुर से पवित्र कलश लेकर आए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह प्रयास संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने सभी जिलों से आए प्रतिनिधियों को पवित्र कलश सौंपे तथा गांव-गांव तक इन्हें पहुंचाने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान संत रविदास के समरसता, समानता और सामाजिक एकता के संदेश को प्रत्येक गांव, प्रत्येक समाज और प्रत्येक घर तक पहुंचाएगा।

*संत रविदास का जीवन सर्वसमाज को जोड़ने की प्रेरणा : गुरु खुशवंत साहेब*

कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने छोटे-बड़े के भेद को समाप्त कर समानता और सामाजिक एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संत रविदास के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कलश वंदन अभियान गांव-गांव तक जाकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करेगा।

*समरसता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति : श्री अजय जामवाल*

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अजय जमवाल ने कहा कि संत रविदास का समरसता का संदेश आज पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि समाज को जाति, धर्म और भेदभाव के आधार पर विभाजित करने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। संतों की शिक्षाओं को व्यवहार में उतारकर ही सामाजिक एकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे पवित्र कलश को प्रत्येक जिले के सभी आस्था केंद्रों तक पहुंचाकर संत रविदास के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

*संत रविदास के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक : सरोज पाण्डेय*

इस  अवसर पर सुश्री सरोज पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने धर्मांतरण के दबाव का दृढ़ता से विरोध करते हुए सनातन परंपरा, समानता, श्रम और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास का संदेश जन-जन तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।

*बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत समाज एवं श्रद्धालु रहे उपस्थित*

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री रोहित साहू, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज, महंत खेलुराम पैगवार, संत श्री युधिष्ठिर लाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में खेल क्रांति का बिगुल: 304 करोड़ के रिकॉर्ड बजट के साथ मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को 100 करोड़, हॉकी लीग की तैयारी तेज, सरगुजा ओलंपिक की शुरुआत और खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया आसमान

रायपुर. 4 अगस्त 2026. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों, गतिविधियों, उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने, खेल अधोसंरचना की मजबूती, महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने तथा खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत 57 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान रखा गया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थीं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में हॉकी लीग के आयोजन की तैयारी चल रही है। राज्य के खेल अकादमियों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मुहैया कराने 14 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए पटियाला भेजा गया है। उन्होंने बताया कि खेल गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए राज्य शासन ने 6 नए जिलों गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती में खेल अधिकारी के पदों का सृजन किया गया है। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 44 प्रशिक्षकों, 4 जिला खेल अधिकारियों, 23 सहायक ग्रेड-3 और 8 वार्डन्स की भर्ती प्रक्रियाधीन है।

श्री साव ने बताया कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा बच्चे एवं युवा खेल के मैदानों में पहुंचे, इसके लिए सरकार सक्रियता और गंभीरता से काम कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के समय केवल 4 करोड़ रुपए के बजट वाले खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 304 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। दूरस्थ आदिवासी वनांचलों को खेल की मुख्य धारा से जोड़ने की अभिनव पहल करते हुए पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक के आयोजन के साथ ही इस साल से सरगुजा ओलंपिक भी राज्य में शुरु किया गया है। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी ने छत्तीसगढ़ को देश के खेल मानचित्र में प्रतिष्ठित किया है।

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छत्तीसगढ़ में हाथीदांत तस्करी का बड़ा भंडाफोड़: धर्मशाला से 3 हाथीदांत बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार, वन विभाग की सख्त कार्रवाई

रायपुर, 4 अगस्त 2026/ वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशन में संगठित वन अपराध और वन्यजीव तस्करी पर रोक लगाने के लिए वन विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी अभियान के तहत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में हाथीदांत तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

वन मंडलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी के मार्गदर्शन में 3 अगस्त 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र, भोपाल), राज्य उड़न दस्ता रायपुर और वनमंडल बलरामपुर की संयुक्त टीम ने रामानुजगंज स्थित एक धर्मशाला में छापेमारी की।

*धर्मशाला के कमरे से तीन हाथीदांत (जबड़े) बरामद*

संयुक्त टीम ने आमंत्रण धर्मशाला के कमरा नंबर 205 की तलाशी ली। जांच के दौरान एक बैग से हाथी के जबड़े के तीन हाथीदांत बरामद किए गए। मौके पर तीन संदिग्ध व्यक्ति भी मौजूद थे, जिन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड के पलामू जिले के संतोष कुमार विश्वकर्मा (42 वर्ष) तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अजय कुमार गुप्ता (49 वर्ष) और सतेन्द्र कुमार (50 वर्ष) शामिल हैं।

*वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई*

आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। भारतीय जंगली हाथी अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्य प्राणी है, इसलिए इस मामले को गंभीर वन अपराध माना गया है।

वन विभाग ने जब्त किए गए हाथीदांत को अपने कब्जे में लेकर सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज की अदालत में प्रस्तुत किया। अदालत ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

*वन्यजीव तस्करी पर सख्त निगरानी*

वन परिक्षेत्राधिकारी, रामानुजगंज ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की बड़ी पहल, 15 अक्टूबर तक जनता से मांगे गए सुझाव; विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण सहित सभी पहलुओं पर बनेगा नया कानून

​रायपुर, 04 अगस्त 2026/

      ​छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर सभी नागरिकों को संविधान के एक समान दायरे में लाने के उद्देश्य से एक विशेष 5-सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति ने अब आम जनता, विभिन्न संगठनों और हितधारकों से सुझाव एवं अभिमत आमंत्रित किए हैं, ताकि यह तय किया जा सके कि राज्य में आने वाला नया कानून कैसा होना चाहिए।  

*​समिति का स्वरूप और सदस्य*

       ​उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह समिति छत्तीसगढ़ में UCC की आवश्यकता, उसकी रूपरेखा तथा व्यक्तिगत सिविल मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों का व्यापक अध्ययन और समीक्षा कर रही है। इस समिति में सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के ​श्री शत्रुघ्न सिंह और ​श्री एम. के. राऊत,वरिष्ठ अधिवक्ता ​श्री मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती ज्योति रानी सिंह सदस्य के रूप में शामिल  हैं।

*​समिति के मुख्य कार्य एवं दायित्व*

      ​यह समिति राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) के कार्यान्वयन से जुड़े सभी विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का गहन अध्ययन कर रही है। इसके प्रमुख दायित्वों में छत्तीसगढ़ की वर्तमान विधिक स्थिति का विश्लेषण करने के साथ-साथ विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और गोद लेने (दत्तक ग्रहण) जैसे संवेदनशील विषयों पर व्यावहारिक सुझाव तैयार करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, समिति अन्य राज्यों में लागू UCC व्यवस्थाओं का विस्तृत अध्ययन करेगी तथा आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों व अभिमतों को भी ड्राफ्ट में शामिल करेगी। इन समस्त अध्ययनों और सुझावों के आधार पर एक समग्र ड्राफ्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करना और आवश्यक विधायी व प्रशासनिक अनुशंसाएं देना समिति का मुख्य उद्देश्य है।  

*​देश का 5वां राज्य बनेगा छत्तीसगढ़*

     ​UCC लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना था। इसके अलावा गोवा, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में भी इसे लागू किया जा चुका है। इस क्रम में छत्तीसगढ़ UCC को अपनाने वाला देश का 5वां राज्य बनने जा रहा है।  

*​सुझाव भेजने के माध्यम*

       ​समिति ने शासकीय व गैर-शासकीय संगठनों, सामाजिक समूहों, धार्मिक संस्थाओं, समुदायों और राजनीतिक दलों सहित सभी नागरिकों से 15 अक्टूबर 2026 तक अपने विचार और राय अनिवार्य रूप से जमा करने की अपील की है। नागरिक निम्नलिखित माध्यमों से अपने सुझाव भेज सकते हैं:  

*​ई-मेल:* *ucc-chhattisgarh@cg.gov.in*
 
*​वेब पोर्टल:*
 *https://ucc.cgstate.gov.in/*
 
*​डाक पता: कार्यालय समान नागरिक संहिता समिति, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, कमरा नंबर-202, रायपुर, छत्तीसगढ़ - 492001*

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जशपुर में आधार सेवाओं पर कलेक्टर रोहित व्यास सख्त, स्कूलों और आंगनबाड़ी के सभी बच्चों का आधार बनाने के दिए प्राथमिकता के निर्देश, गड़बड़ी करने वाले ऑपरेटरों पर होगी कड़ी कार्रवाई


जशपुर 4 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आधार निगरानी समिति (DLAMC) की बैठक आयोजित ली और 
आधार से संबंधित विभिन्न विषयों पर हुई विस्तृत समीक्षा की

उन्होंने जिले में आधार नामांकन एवं अद्यतन कार्य की प्रगति, लंबित मामलों तथा आधार सेवाओं से संबंधित प्रकरणों की जानकारी ली।

बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि MBU (Mandatory Biometric Update) के लिए लंबित विद्यार्थियों का आधार अपडेट कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाए तथा अद्यतन उपरांत सभी विद्यार्थियों की जानकारी UDISE पोर्टल पर निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से अपडेट की जाए। इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि शेष छोटे बच्चों के आधार नामांकन का कार्य CHiPS एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के आधार ऑपरेटरों के माध्यम से शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा आधार सुविधा से वंचित न रहे। बैठक में जिले में कार्यरत सभी आधार ऑपरेटरों को UIDAI के निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आधार केंद्रों का सुचारू एवं पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि आधार कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा नियम विरुद्ध गतिविधि में किसी ऑपरेटर की संलिप्तता पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने आधार संबंधित मशीन की उपलब्धता की भी जानकारी ली।
पंडरापाठ, सोन क्यारी और जिन स्थानों पर आधार केन्द्र की आवश्यकता है वहां केन्द्र खोलने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियो को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आधार केन्द्र के आपरेटर लापरवाही और गड़बड़ी करते हैं तो कार्रवाई निश्चित करें इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी।

बैठक में  जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम और जनपद पंचायत सीईओ, जिला स्तरीय अधिकारीगण UIDAI के सहायक प्रबंधक श्री सूरज वैष्णव, आधार जिला समन्वयक श्री विवेक सिंह, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, LDM, समाज कल्याण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएं ,समयबद्ध, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर 04 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 48 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।
    कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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जशपुर में शिक्षा का डिजिटल युग शुरू: IDBI बैंक की CSR पहल से 8 सरस्वती शिशु मंदिरों में स्मार्ट क्लास, कलेक्टर रोहित व्यास ने किया शुभारंभ

 

जशपुर 4 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए IDBI बैंक की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) योजना के तहत आठ सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में स्मार्ट क्लास पैनल स्थापित किए गए हैं। सोमवार को सरस्वती शिशु मंदिर, जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास ने स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया।

 IDBI बैंक, जशपुर शाखा ने यह पहल की है। इसके तहत जशपुर, बगीचा, दुलदुला, तपकरा, लोधमा, कुनकुरी, पत्थलगांव सहित जिले के आठ प्रमुख सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में स्मार्ट क्लास पैनल लगाए गए हैं। इनसे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण एवं रोचक शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास ने बैंक की सामाजिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा समय की आवश्यकता है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी और उन्हें आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में IDBI बैंक जशपुर के शाखा प्रबंधक ऋषिकेश महतो, रामनिवास अग्रवाल, सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य संजय यादव, IDBI बैंक के राहुल गुप्ता तथा कलेक्टर कार्यालय से अभिषेक दुबे सहित विद्यालय परिवार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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महानदी के तट पर काशी जैसा दिव्य नजारा, 108 दीपों की भव्य गंगा आरती से गूंजा रुद्री घाट; 20 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय धार्मिक-पर्यटन केंद्र बनेगा रुद्रेश्वर धाम

​रायपुर, 04अगस्त 2026/

     सावन के पहले सोमवार की संध्या धमतरी की चित्रोत्पला महानदी का तट केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति और अध्यात्म का सजीव संगम बन गया। काशी की तर्ज पर जब 108 दीपों की स्वर्णिम आभा के बीच पहली बार भव्य ‘महानदी गंगा आरती’ का शुभारंभ हुआ, तो शंखनाद, वैदिक मंत्रों और घंटियों की गूंज से पूरा रुद्री घाट अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। धमतरी युवा ब्रिगेड और श्री रुद्रेश्वर महादेव परिवार के इस ऐतिहासिक प्रयास ने नगर की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा दी है। अब जनआस्था का यह पावन पर्व सावन के प्रत्येक सोमवार को महानदी के तट पर सजने जा रहा है।
      ​भक्ति के इस आध्यात्मिक वातावरण के बीच धमतरी के लिए एक और बड़ी खुशखबरी की शुरुआत हुई है। प्रदेश सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर के कायाकल्प के लिए 20 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया है। इस परियोजना के माध्यम से रुद्रेश्वर धाम को एक ऐसे आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ की धरोहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाएगा।

*​तीन चरणों में बदलेगा रुद्रेश्वर धाम का स्वरूप*

     ​यह मास्टर प्लान प्राचीन स्थापत्य कला और आधुनिक जनसुविधाओं का बेहतरीन संतुलन प्रस्तुत करता है। मंदिर की पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली को संरक्षित रखते हुए भव्य मुख्य प्रवेश द्वार, आकर्षक शिखर, तोरण, दीप स्तंभ और विशाल नंदी प्रतिमा का निर्माण किया जाएगा।श्रद्धालुओं के लिए चौड़े पैदल मार्ग, विश्राम गृह, प्रसाद व स्मृति केंद्र, फूड कोर्ट, सुरक्षित घाट और डिजिटल सूचना प्रणाली की व्यवस्था होगी। परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ एआई (AI) आधारित हेल्थ कियोस्क भी स्थापित किए जाएंगे। इसी तरह परिसर में उद्यान, सांस्कृतिक मंडप, रिवर फ्रंट कॉटेज, ओपन एयर स्टेज और भविष्य की 'मैरीन ड्राइव' की तर्ज पर एक सुरम्य तट विकसित किया जाएगा।पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा पार्किंग, ईवी (EV) चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन लागू किया जाएगा।
     ​विधायक श्री ओंकार साहू, महापौर श्री जगदीश रामू रोहरा, कलेक्टर और पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू सहित कई गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति में शुरू हुआ यह आयोजन धमतरी के सामाजिक और आर्थिक विकास के नए युग का प्रतीक है। महानदी गंगा आरती की अविरल धारा और रुद्रेश्वर धाम का समग्र विकास मिलकर न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय व्यापार, रोजगार और जनसहभागिता को भी एक नया आयाम देंगे।

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जशपुर में तैयार हो रही वैज्ञानिक सोच वाली नई पीढ़ी, कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में एयरोमॉडलिंग प्रशिक्षण के तीसरे दिन विद्यार्थियों ने 3D VR तकनीक, एयरक्राफ्ट पज़ल्स और विमान संरचना के रहस्यों को सीखा

जशपुर, 03 अगस्त।
कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले के विद्यार्थियों के लिए एयरोमॉडलिंग प्रशिक्षण का आयोजन संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में कराया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में विमानन विज्ञान, एयरोडायनामिक्स, नवाचार, वैज्ञानिक सोच एवं व्यावहारिक कौशल का विकास करना है।

संयुक्त कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा एवं जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा के निर्देशन में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 40 विद्यार्थियों के लिए 5 दिवसीय आवासीय एयरोमॉडलिंग प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण का आज तीसरा दिन संपन्न हुआ। 

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस विद्यार्थियों को एयरोमॉडलिंग का परिचय, भौतिकी के मूल सिद्धांत, एयरोडायनामिक्स तथा एयरोमॉडलिंग में प्रयुक्त महत्वपूर्ण समीकरणों की जानकारी दी गई। इसके बाद उड़ान का इतिहास बताया गया, जिसमें विमानन के विकास की यात्रा को समझाया गया। पहले दिन ड्रैग, थ्रस्ट, लिफ्ट, विभिन्न प्रकार के विमानों तथा उनके कार्य सिद्धांतों पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया।

पहले दिन के व्यावहारिक सत्र में विद्यार्थियों ने पेपर प्लेन बनाना सीखा। इसके अलावा विमान, ग्लाइडर और हेलीकॉप्टर से संबंधित शैक्षणिक वीडियो दिखाए गए, जिनमें विंड टर्बूलेंस, थंडरस्टॉर्म और उनके उड़ान पर प्रभावों को भी समझाया गया।

दूसरे दिन एयरफॉइल, कैम्बर, कॉर्ड लाइन, लीडिंग एज, ट्रेलिंग एज, रडर तथा नाइट विज़न जैसी विमान संरचना एवं तकनीकी अवधारणाओं का अध्ययन कराया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने बूमरैंग की प्रायोगिक गतिविधि में भाग लेकर उसके वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझा। दोपहर के सत्र में सेंटर ऑफ ग्रैविटी, सेंटर ऑफ मास एवं सेंटर ऑफ प्रेशर की अवधारणाओं को  समझाया गया। साथ ही फाइटर एयरक्राफ्ट, विंड टनल तथा जापान की हाई-स्पीड ट्रेनों की एयरोडायनामिक डिजाइन पर आधारित वीडियो के माध्यम से आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के तीसरे दिन विद्यार्थियों ने लकड़ी से निर्मित एयरक्राफ्ट पज़ल्स को हल कर विमान की संरचना और उसके विभिन्न भागों की व्यावहारिक समझ विकसित की। इसके बाद वीआर तकनीक के माध्यम से थ्रीडी विज़ुअलाइजेशन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने विमान उड़ाने की प्रक्रिया, कॉकपिट का अनुभव तथा उड़ान के दौरान होने वाली गतिविधियों को आभासी रूप से देखा और समझा। 

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण के आगामी दो दिनों में विद्यार्थियों को एयरोमॉडल तैयार करने, उड़ान परीक्षण, संतुलन, नियंत्रण एवं उन्नत एयरोमॉडलिंग तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजन में यशस्वी जशपुर के अवनीश पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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कलेक्टर रोहित व्यास की दूरदर्शी पहल से जशपुर में एआई शिक्षा की नई क्रांति, नवोदय विद्यालय ढोढीडांड के 165 विद्यार्थियों ने सीखे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डिजिटल टूल्स के व्यावहारिक गुर


जशपुर नगर।

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में नवोदय विद्यालय ढोढीडांड में आयोजित ई- शिक्षा पर आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षण प्रशिक्षण आज संपन्न हुआ। 29 जुलाई से 4 अगस्त तक यह प्रशिक्षण विद्यालय में चला। नवगुरूकुल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण में नवोदय विद्यालय के 165 विद्यार्थी सम्मिलित हुए। 

संयुक्त कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी और नरेंद्र कुमार सिन्हा के निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीक और नवाचार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने बताया कि जिले के 15 विद्यालयों में यह प्रशिक्षण आयोजित हो रहा है। अभी तक तेरह विद्यालयों में यह प्रशिक्षण आयोजित हो चुका है । विद्यालयों में बैच में प्रत्येक विद्यार्थी को लगातार तीन दिनों तक ढाई -ढाई घंटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का समन्वय यशस्वी जशपुर के अवनीश पाण्डेय ने किया। 

प्रशिक्षण आयोजन में नवगुरुकुल फाउंडेशन की ओर से श्रीमती दीपालोचनी कार्तिक और श्रीमती नीलम चौहान, बीईओ सुदर्शन पैंकरा, एबीईओ श्रीमती मारिया तिर्की, नवोदय विद्यालय के प्राचार्य संजीव कुमार झा का विशेष योगदान रहा। 

प्रशिक्षक रेणुका चक्रधारी और संजना मरकाम ने 6 दिनों में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल अवधारणा और कार्यप्रणाली के साथ बताया कि एआई क्या है और किस प्रकार कार्य करता है। कार्यशाला में एआई टूल्स के सैद्धांतिक और प्रयोगिक सत्र शामिल रहे । प्रशिक्षकों ने बताया कि एआई भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को यह भी सिखाया गया कि एआई टूल्स के लिए प्रॉम्प्ट कैसे देने है, उदाहरणों के साथ इसे समझाया। प्रशिक्षण की शुरुआत एक मज़ेदार गतिविधि से हुई, इसके बाद प्रशिक्षकों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विस्तृत परिचय दिया गया, जिसमें इसके बेसिक्स, महत्व और दैनिक जीवन में इसके रियल-लाइफ एप्लीकेशंस पर चर्चा की गई। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इतिहास और इसकी विकास यात्रा को बताया गया। सत्र में आधुनिक एआई टूल्स का लाइव प्रदर्शन रहा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को गूगल लेंस, गूगल ट्रांसलेट, चैट जीपीटी और जैमिनी जैसे टूल्स का लाइव प्रदर्शन कर उनके व्यवहारिक उपयोग सिखाए गए।प्रशिक्षण के समापन पर विद्यार्थियों के सीखने का मूल्यांकन करने के लिए क्विज़ आयोजित की गई तथा उन्हें अपने विचार साझा करने को कहां गया।

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राशिफल : जानिए मंगलवार का दिन किस राशि के लिए बनेगा तरक्की का द्वार, किसे मिलेगा धन लाभ और किन लोगों को रहना होगा विशेष सावधान

♈ मेष (Aries)

आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आपकी मेहनत की सराहना होगी। व्यापार में नए संपर्क लाभदायक साबित होंगे। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन थकान से बचें। शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

♉ वृषभ (Taurus)

आज आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। खान-पान का विशेष ध्यान रखें। शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

♊ मिथुन (Gemini)

आज आपके विचारों और योजनाओं को सफलता मिल सकती है। संचार कौशल के कारण कार्यक्षेत्र में लाभ होगा। व्यापारियों के लिए नए अवसर बनेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

♋ कर्क (Cancer)

आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी मिलेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचें। शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 2

♌ सिंह (Leo)

आज नेतृत्व क्षमता का लाभ मिलेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। व्यापार में लाभ के योग हैं। नौकरी में पदोन्नति या प्रशंसा मिल सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

♍ कन्या (Virgo)

आज अधूरे कार्य पूरे होंगे। आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम की चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, नियमित दिनचर्या बनाए रखें। शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

♎ तुला (Libra)

आज साझेदारी के कार्यों में लाभ मिलेगा। नए निवेश के लिए समय अनुकूल हो सकता है, लेकिन सोच-समझकर निर्णय लें। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

♏ वृश्चिक (Scorpio)

आज धैर्य और संयम से काम लें। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, लेकिन आपकी मेहनत सफलता दिलाएगी। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है। धन संबंधी मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं। शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 9

♐ धनु (Sagittarius)

आज यात्रा के योग बन सकते हैं। करियर में नई संभावनाएं सामने आएंगी। व्यापार में लाभ होगा। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मन प्रसन्न रहेगा। शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

♑ मकर (Capricorn)

आज कार्यक्षेत्र में अनुशासन और मेहनत से सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

♒ कुंभ (Aquarius)

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी और व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

♓ मीन (Pisces)

आज रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। आर्थिक लाभ के नए स्रोत बन सकते हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम करें। शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 7

आज का दिन अधिकांश राशियों के लिए मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें, आर्थिक मामलों में विवेक रखें और परिवार के साथ समय बिताने का प्रयास करें। नियमित पूजा-पाठ और जरूरतमंदों की सहायता करने से मानसिक शांति एवं शुभ फल की प्राप्ति होगी।

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विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं, जीवन को नई दिशा देने का माध्यम है : विज्ञान दिवस पर विद्यार्थियों ने मॉडल प्रदर्शनी के जरिए दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा, मुख्य अतिथि ने नवाचार और अनुसंधान की भावना विकसित करने का दिया संदेश

जशपुरनगर। महान भारतीय रसायनज्ञ एवं प्रख्यात वैज्ञानिक आचार्य प्रफुल्लचंद्र राय की जयंती के अवसर पर सोमवार को सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, जशपुर नगर में विज्ञान दिवस का उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। पूरे विद्यालय परिसर में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच का वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने आकर्षक वैज्ञानिक मॉडल, विज्ञान कविता पाठ, प्रश्नमंच तथा प्रेरक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रार्थना सभा में भगवान ओम, मां सरस्वती, भारत माता एवं आचार्य प्रफुल्लचंद्र राय के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री टूमनु गोसाई, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय समिति के व्यवस्थापक श्री रामनिवास अग्रवाल तथा विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार यादव ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य-दीदी एवं बड़ी संख्या में भैया-बहन उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री टूमनु गोसाई ने कहा कि विज्ञान जिज्ञासा, तर्क और प्रयोग की संस्कृति विकसित करता है। विद्यार्थियों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रहकर नए-नए प्रयोगों और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने आचार्य प्रफुल्लचंद्र राय के जीवन को समर्पण, शोध और राष्ट्रसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न विषयों पर आधारित अनेक आकर्षक एवं उपयोगी वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों के माध्यम से बच्चों ने वैज्ञानिक सिद्धांतों, ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक तथा दैनिक जीवन में विज्ञान के उपयोग को सहज और प्रभावशाली तरीके से समझाया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों का ध्यान आकर्षित किया।

विद्यालय में आचार्य प्रफुल्लचंद्र राय के जीवन, उनके वैज्ञानिक योगदान, भारतीय रसायन विज्ञान के विकास में उनकी भूमिका तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को दर्शाने वाली चित्र प्रदर्शनी और प्रेरक जानकारी भी प्रदर्शित की गई। विद्यार्थियों ने इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महान वैज्ञानिक के व्यक्तित्व और कृतित्व को निकट से जानने का अवसर प्राप्त किया।

विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित विज्ञान कविता पाठ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विज्ञान की महत्ता और वैज्ञानिक सोच पर आधारित प्रभावशाली कविताओं का पाठ किया। वहीं विज्ञान प्रश्नमंच में भैया-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के सटीक उत्तर देकर अपनी ज्ञान क्षमता और तार्किक सोच का परिचय दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सीखने का उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया।

विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार यादव एवं अन्य आचार्यों ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य प्रफुल्लचंद्र राय का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विज्ञान को समाज और राष्ट्र के विकास का आधार बताते हुए विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, अनुसंधान, प्रयोगशीलता और नवाचार की भावना विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर ही देश आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में विद्यालय के आचार्य श्री राजेश कुमार बंदे एवं आचार्या श्रीमती अनुपमा सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए विभिन्न गतिविधियों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, सहयोगी आचार्यों तथा आयोजन को सफल बनाने वाले सभी लोगों को शुभकामनाएं दी गईं। विज्ञान दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं वैज्ञानिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला साबित हुआ।

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संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर भाजपा का बड़ा सामाजिक अभियान, वाराणसी की पवित्र माटी युक्त कलश पहुंचेगा जशपुर, गांव-गांव निकलेगी समरसता संकल्प यात्रा, माघ पूर्णिमा तक घर-घर पहुंचाए जाएंगे समानता, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के संदेश

जशपुर। भारतीय जनता पार्टी संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती को सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के महापर्व के रूप में मनाएगी। इसी क्रम में भाजपा द्वारा संचालित 'समरसता संकल्प अभियान' के तहत वाराणसी से लाई गई पवित्र माटी युक्त कलश का जिलेभर में भ्रमण कराया जाएगा तथा संत रविदास के जीवन-दर्शन, सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि पार्टी ने इस वर्ष एक अत्यंत पावन और प्रेरणादायी कार्य का संकल्प लिया है। संत शिरोमणि गुरु रविदास भारतीय समाज के ऐसे महापुरुष हैं, जिन्होंने समरसता, समानता, मानवता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। भाजपा उन्हीं आदर्शों को लेकर जिले के प्रत्येक मंडल और प्रत्येक समाज तक पहुंचेगी।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिले के सभी मंडलों में पवित्र कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा समाज के सभी वर्गों से संवाद स्थापित करते हुए सामाजिक एकता, संवेदनशीलता और समावेशिता का संकल्प मजबूत करेगी। आगामी वर्ष माघ पूर्णिमा पर संत गुरु रविदास जी की जयंती तक चलने वाले इस अभियान में भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर संत रविदास के जीवन, उनके विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे।

भरत सिंह ने बताया कि भाजपा द्वारा आयोजित 'समरसता संकल्प अभियान' के अंतर्गत वाराणसी से लाई गई पवित्र माटी युक्त कलश का पूजन राजधानी रायपुर स्थित श्रीराम मंदिर में पूज्य संतों की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा। इसके पश्चात 4 अगस्त को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश के संत-महात्मा तथा विभिन्न समाजों के प्रमुखों की उपस्थिति में प्रदेश के 36 संगठनात्मक जिलों के जिलाध्यक्षों को पवित्र कलश सौंपे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रदेश के सभी 479 मंडलों में कलश वितरण और स्वागत कार्यक्रम आयोजित होंगे। जशपुर जिले में भी वाराणसी की पावन माटी से युक्त कलश का भव्य स्वागत किया जाएगा तथा जिलेभर में उसका भ्रमण कराया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से संत गुरु रविदास के समरस समाज के संदेश को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने और सामाजिक सद्भाव, समानता तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को और सुदृढ़ करने का कार्य किया जाएगा।

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धरसींवा विधानसभा को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी सौगात, डीएमएफ से 19.65 लाख की आधुनिक निःशुल्क एम्बुलेंस मिली, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और मजबूत

रायपुर 3 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से धरसींवा विधानसभा क्षेत्र की जनता को निःशुल्क एम्बुलेंस की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा विधायक श्री अनुज शर्मा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में एम्बुलेंस के चालक को चाबी सौंपी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसी सोच के अनुरूप प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी मरीज के लिए उपचार के शुरुआती क्षण अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर अस्पताल पहुंचने से अनेक गंभीर परिस्थितियों में जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह नई एम्बुलेंस गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार मरीजों, बुजुर्गों तथा सड़क दुर्घटनाओं या अन्य आकस्मिक घटनाओं में घायल लोगों को शीघ्र स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा न केवल चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाएगी, बल्कि क्षेत्रवासियों में स्वास्थ्य सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अस्पतालों के उन्नयन, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, दवाइयों की सुगम उपलब्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। उनका कहना था कि स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध समाज और विकसित राज्य की आधारशिला होते हैं, इसलिए जनस्वास्थ्य से जुड़े प्रत्येक प्रयास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

इस अवसर पर धरसींवा विधानसभा के विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि क्षेत्रवासियों की लंबे समय से एक आधुनिक एम्बुलेंस की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) के माध्यम से लगभग 19 लाख 65 हजार रुपये की लागत से यह अत्याधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से धरसींवा क्षेत्र के लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं पहले की तुलना में अधिक तेज़ और प्रभावी ढंग से मिल सकेंगी।

उन्होंने बताया कि यह एम्बुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, धरसींवा को सौंपी गई है, जहां से इसका संचालन किया जाएगा। यह सेवा चौबीसों घंटे क्षेत्रवासियों को उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों को रेफरल अस्पतालों तक सुरक्षित एवं समयबद्ध पहुंचाने में भी यह एम्बुलेंस अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

उल्लेखनीय है कि धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। डीएमएफ के माध्यम से उपलब्ध कराई गई यह निःशुल्क एम्बुलेंस क्षेत्र के हजारों नागरिकों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

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शादी का झांसा देकर विधवा महिला से दुष्कर्म, बच्चा होने के बाद मुकरा आरोपी... दूसरी ओर 15 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया युवक, दैहिक शोषण के बाद छोड़ा घर के पास... पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

जशपुर, 3 अगस्त। जशपुर जिले में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। एक मामला कुनकुरी थाना क्षेत्र का है, जहां एक विधवा महिला को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक दैहिक शोषण किए जाने का आरोप है। वहीं दूसरा मामला तपकरा थाना क्षेत्र का है, जहां 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को मेला दिखाने के बहाने भगा ले जाकर दैहिक शोषण करने का मामला सामने आया है।

कुनकुरी में शादी का झांसा, बच्चा होने के बाद शादी से किया इंकार

पुलिस के अनुसार 27 वर्षीय पीड़िता ने 1 अगस्त को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका विवाह वर्ष 2015 में हुआ था और उसके दो बच्चे हैं। वर्ष 2018 में पति की मृत्यु के बाद वह मायके में रह रही थी।

इसी दौरान वर्ष 2021 में एक शादी समारोह में उसकी मुलाकात सत्यनारायण राम (30 वर्ष) से हुई। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और वर्ष 2024 में आरोपी ने शादी का वादा कर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी लगातार शादी का भरोसा देकर उसका दैहिक शोषण करता रहा।

इस दौरान पीड़िता गर्भवती हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। बाद में जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करता रहा और अंततः शादी से इंकार कर दिया।

रिपोर्ट के आधार पर थाना कुनकुरी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

तपकरा में नाबालिग को मेला दिखाने के बहाने ले गया युवक

दूसरे मामले में तपकरा थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 15 वर्षीय बेटी 29 जुलाई को बिना बताए घर से चली गई थी। परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था।

1 अगस्त को बालिका स्वयं घर लौट आई। पूछताछ में उसने बताया कि उसका परिचित आदर्श भगत (19 वर्ष) उसे मेला दिखाने के बहाने मोटरसाइकिल से अपने साथ ले गया। आरोपी ने रास्ते में उससे प्रेम और शादी की बात कहकर अपने घर ले जाकर तीन दिनों तक रखा और इस दौरान उसका दैहिक शोषण किया।

इसके बाद आरोपी ने 1 अगस्त को बालिका को उसके घर के पास छोड़ दिया।

परिजनों की शिकायत पर थाना तपकरा पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2), 64(2)(m), 65(1), 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 5 और 6 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।

दोनों मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई

कुनकुरी पुलिस ने आरोपी सत्यनारायण राम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने और अपराध स्वीकार करने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

इसी प्रकार तपकरा पुलिस ने भी आरोपी आदर्श भगत को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। दोनों मामलों की विवेचना जारी है।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

कुनकुरी मामले में पीएसआई देविका मंडावी, एएसआई ईश्वर प्रसाद वारले, प्रधान आरक्षक दलेश्वर यादव तथा आरक्षक नंदलाल यादव और सुजीत खाखा ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

तपकरा मामले में थाना प्रभारी संदीप कुमार कौशिक, पीएसआई संदीप कुमार चौरसिया, एएसआई प्रेमिका कुजूर, प्रधान आरक्षक अजय कुमार लकड़ा तथा आरक्षक केश्वर भगत, पुनीत साय और महिला आरक्षक मंजू यादव की विशेष भूमिका रही।

एसएसपी का संदेश

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों को लेकर बेहद संवेदनशील है। ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है और उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बनी मोहला के हेमंत कुमार साहू के लिए आर्थिक राहत का बड़ा सहारा, हर महीने हजारों रुपये के बिजली बिल से मिली राहत

रायपुर, 03 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इस योजना के माध्यम से लोग अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली स्थापित कर न केवल बिजली के बढ़ते खर्च से राहत पा रहे हैं, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दे रहे हैं।

*सोलर सिस्टम से घटी बिजली की लागत*
          मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मोहला निवासी श्री हेमंत कुमार साहू इस योजना के सफल लाभार्थियों में शामिल हैं। उन्होंने अपने घर में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली स्थापित कर बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई है। सोलर सिस्टम लगने के बाद उनके घर की अधिकांश विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति अब सौर ऊर्जा से हो रही है, जिससे बिजली बिल में भारी कमी आई है और परिवार को हर महीने आर्थिक राहत मिल रही है।

*10 हजार रुपए तक के बिजली बिल से मिली राहत*
         श्री हेमंत कुमार साहू बताते हैं कि पहले उनके घर का बिजली बिल लगभग 10 हजार रूपए तक आता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे न केवल घरेलू खर्च कम हुआ है, बल्कि परिवार स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सका है।

*आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी माध्यम*
      श्री साहू का कहना है कि सोलर प्रणाली स्थापित होने से घरेलू विद्युत आवश्यकताओं की निर्बाध पूर्ति हो रही है, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है और बिजली खर्च में लगातार बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से लाभदायक होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्रभावी पहल है, क्योंकि इससे स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है।

*योजना का लाभ उठाने की अपील*
            श्री हेमंत कुमार साहू ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाकर प्रत्येक नागरिक अपने बिजली खर्च में कमी ला सकता है और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा सकता है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

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डेयरी उत्पादों पर बड़ी कार्रवाई: एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर तत्काल रोक

रायपुर,  3 अगस्त 2026। उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एनालॉग पनीर तथा अन्य डेयरी एनालॉग उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने जिले के सभी खाद्य कारोबार संचालकों, डेयरी उत्पाद निर्माताओं, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं से शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने की अपील की है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार यह निर्णय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। विभागीय परीक्षण, प्रयोगशाला विश्लेषण एवं जोखिम मूल्यांकन में यह सामने आया कि कुछ उत्पाद वास्तविक दूध से निर्मित नहीं होने के बावजूद उन्हें पनीर, क्रीम, मक्खन अथवा अन्य दुग्ध उत्पादों के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा था। इससे उपभोक्ताओं के भ्रमित होने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई थी।
प्रतिबंध के दायरे में ऐसे सभी उत्पाद शामिल किए गए हैं, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया गया हो, अथवा जिनकी लेबलिंग, पैकेजिंग या प्रदर्शन इस प्रकार किया गया हो कि वे वास्तविक दुग्ध उत्पाद प्रतीत हों। शासन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रामक उत्पादों से बचाना तथा खाद्य बाजार में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ तथा मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे वे उत्पाद, जिनके लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के मानक निर्धारित हैं और जिनकी विधिवत लेबलिंग की जाती है, इस प्रतिबंध के दायरे में शामिल नहीं होंगे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि यह प्रतिबंध राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से एक वर्ष अथवा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा अंतिम नियम जारी किए जाने तक, जो भी पहले हो प्रभावी रहेगा। इस अवधि में विभाग द्वारा निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि प्रतिबंध का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
विभाग ने जिले के सभी डेयरी उत्पाद निर्माताओं, वितरकों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं से उपभोक्ता हित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए शासन के निर्देशों का पूर्णतः पालन करने का आग्रह किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण अथवा विक्रय की स्थिति में संबंधित प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। शासन का यह निर्णय खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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