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दुर्ग प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय दिनेश सेन को अर्पित की श्रद्धांजलि, विधायक रिकेश सेन के परिवार से मिलकर जताई गहरी संवेदना

रायपुर 31 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दुर्ग प्रवास के दौरान आज भिलाई स्थित लोकांगन परिसर पहुंचकर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय श्री दिनेश सेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री सेन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर विधायक श्री रिकेश सेन एवं शोक संतप्त परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रियजन का वियोग जीवन की ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती। उन्होंने स्वर्गीय श्री दिनेश सेन के निधन को परिवार एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।

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दुर्ग से उठी डिजिटल क्रांति की नई लहर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अत्याधुनिक आईटी पार्क का किया लोकार्पण, हजारों युवाओं को मिलेगा तकनीकी रोजगार का सुनहरा अवसर

रायपुर 31 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले को तकनीकी विकास, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए आज सिविल लाइन्स दुर्ग स्थित अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आईटी पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और राज्य शासन के सहयोग से निर्मित यह आईटी पार्क युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक रोजगार अवसरों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनेगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां यहां कार्यरत हैं तथा 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सुशासन सरकार द्वारा पिछले वर्ष की गई घोषणा आज धरातल पर साकार हुई है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, त्वरित क्रियान्वयन और विकासोन्मुख सोच का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र शिक्षा, उद्योग और प्रतिभा का मजबूत केंद्र रहा है तथा आईटी पार्क की स्थापना से यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उभरता हुआ हब बनेगा। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने ही क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और करियर के अवसर प्राप्त होंगे।

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी अधोसंरचना को नई गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एमओयू के माध्यम से इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है तथा प्रारंभिक चरण में 40 कंपनियों ने यहां कार्य प्रारंभ करने की सहमति दी है। 

उल्लेखनीय है कि लगभग 3,900 वर्गमीटर भूमि पर विकसित इस आधुनिक आईटी पार्क का कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्गमीटर है। परिसर में 40 बड़े कार्यालय कक्ष, पांच विशाल हॉल, मैस तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से संरक्षित किया गया है। एमओयू के तहत देश की विभिन्न 40 आईटी कंपनियों ने यहां अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह परियोजना जिले में रोजगार सृजन, कौशल विकास, तकनीकी निवेश और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश: जनता के बीच पहुंचकर सरकार दे रही रिपोर्ट कार्ड, दुर्ग जिले को मिली 739 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर 31 मई 2026/सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार का दायित्व है कि वह जनता के बीच जाकर अपने कार्यों का हिसाब दे, उनकी समस्याएं सुने और समाधान सुनिश्चित करे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से आमजन के बीच पहुंचकर अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज दुर्ग जिले के स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर दुर्ग जिले को 739 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों की सौगात देते हुए 251 लोककल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 362 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 376 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के 153 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन 
एवं शिलान्यास शामिल है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परियोजनाएं दुर्ग जिले के विकास को नई दिशा देने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि बेहतर प्रशासनिक अधोसंरचना से नागरिक सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता, दक्षता और सुविधा सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक मई से प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन निरंतर जारी है और 10 जून तक राज्य के सभी 33 जिलों में यह अभियान संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि शासन अब कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता तक पहुंचकर सेवा देने की दिशा में कार्य कर रहा है। शिविर में युवाओं के ड्राइविंग लाइसेंस, मत्स्यपालकों को जाल वितरण, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, महिला समूहों को प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, आवास स्वीकृति और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सुशासन सरकार ने राज्य में 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया था और खुशी की बात है कि सभी स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं। अब शीघ्र ही सभी आवासों का निर्माण पूरा कर हितग्राहियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना लागू की है, जिसके तहत माताओं और बहनों के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास परिवार और समाज दोनों को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण छत्तीसगढ़ लंबे समय से झेल रहे नक्सलवाद के दंश से निर्णायक रूप से बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास, विश्वास और नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने नेतानार में स्थापित सेवा डेरा का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां ग्रामीणों और आदिवासियों को इमली प्रसंस्करण, ढेकी चावल, सिलाई और अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहना करते हुए कहा कि बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से परिणय सूत्र में बंधना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है। उन्होंने इसे सामाजिक संवेदनशीलता और सकारात्मक जनभागीदारी का उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और नागरिक सेवाओं को सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं का विस्तार कर रही है। उन्होंने बिजली समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार नागरिकों को राहत, सुविधा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता देने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। साथ ही 112 हेल्पलाइन के माध्यम से पुलिस, एम्बुलेंस, अग्निशमन एवं महिला सहायता सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं और बारहवीं परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले दुर्ग जिले के विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यही युवा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की आधारशक्ति हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज लोकार्पित आईटी पार्क दुर्ग के युवाओं के लिए रोजगार, नवाचार और तकनीकी अवसरों का नया द्वार खोलेगा। उन्होंने इसे जिले के आर्थिक और तकनीकी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।

मुख्यमंत्री ने दुर्ग शहर में नालंदा परिसर और छात्रावास निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण मिलेगा और यहां से आईएएस, आईपीएस जैसे उच्च सेवाओं में चयनित होने वाले युवाओं की नई पीढ़ी तैयार होगी।

उन्होंने इंदिरा मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण के भूमिपूजन को शहर के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे यातायात दबाव कम होगा, पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ होगी और व्यापारिक गतिविधियों को सुविधा मिलेगी।

समारोह को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री श्री साय का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दुर्ग जिले को मिली 739 करोड़ रुपए से अधिक की विकास सौगात आने वाले समय में विकास का नया अध्याय लिखेगी। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वामित्व योजना, लखपति दीदी, आयुष्मान भारत, महिला कोष ऋण योजना, आदिवासी छात्र प्रोत्साहन, मत्स्य विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास और कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

सुशासन तिहार में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक श्री ईश्वर साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड श्री जितेन्द्र साहू, खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन, संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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खरीफ सीजन से पहले कोरबा में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण, किसानों को नहीं होगी किसी प्रकार की कमी, अनियमितता करने वाले 8 केंद्रों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

रायपुर 31 मई 2026/ भारत सरकार और राज्य शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ के कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री डी.पी.एस. कंवर ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण है और किसानों को किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।

             कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत ने उर्वरकों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।  

*जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उपयोग *

            नील हरित काई एवं हरी खाद वायुमंडलीय नत्रजन का स्थिरीकरण कर पौधों को नाइट्रोजन पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं तथा मिट्टी की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उसकी उर्वरता शक्ति में वृद्धि करती हैं। कृषकों को हरी खाद के रूप में ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ तथा मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से वितरित किया जा रहा है। साथ ही जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी (कोरबा) एवं चिन्हांकित किसानों के खेतों में कराया जा रहा है।

*नैनो उर्वरक लेना अनिवार्य नहीं, रहेगा पूर्णतः वैकल्पिक*

             वैज्ञानिकों की अनुशंसा के आधार पर इस बार एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। रासायनिक खादों के साथ-साथ जैविक और हरी खाद के संतुलित उपयोग पर जोर है। सहकारी समितियों में पिछले वर्ष की मांग के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण कराया जा रहा है। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा नैनो यूरिया/वैकल्पिक उर्वरकों और डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा नैनो डीएपी/एनपीके के माध्यम से दी जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, यह पूरी तरह स्वैच्छिक होगा।

*आंकड़ों में खाद और बीज का भंडारण*

         कोरबा जिले की सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है।
 सहकारी क्षेत्र के लिए 12 हजार 700 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित है। लक्ष्य के विरुद्ध 7 हजार 132.58 मीट्रिक टन (56.16 प्रतिशत) उर्वरक भंडारित किया जा चुका है। किसान अब तक 1 हजार 129.94 मीट्रिक टन खाद का उठाव कर चुके हैं, जबकि 6,002.64 मीट्रिक टन खाद अभी भी समितियों में शेष है। नैनो तरल उर्वरक का कोरबा जिले में कुल 11 हजार 886 लीटर (6 हजार 842 लीटर नैनो यूरिया और 5 हजार 44 लीटर नैनो डीएपी) का भंडारण किया गया था, जिसमें से 483.50 लीटर का वितरण हो चुका है और 11 हजार 402.50 लीटर स्टॉक में उपलब्ध है। इसके अलावा इच्छुक किसानों को हरी खाद के लिए ढैंचा बीज (8 किग्रा/एकड़) और मूंग बीज (4 किग्रा/एकड़) का वितरण भी किया जा रहा है।

 *28 को नोटिस, 58 बोरी यूरिया जब्त*

         किसानों को सही दाम और गुणवत्तापूर्ण खाद दिलाने के लिए उर्वरक निरीक्षकों की टीमें लगातार विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही हैं। 1 अप्रैल 2026 से अब तक 115 केंद्रों की जांच की जा चुकी है, जिसमें गड़बड़ियां सामने आई हैं। अनियमितता मिलने पर 28 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस  जारी किया गया है। 8 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस/बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक केंद्र पर अवैध कार्रवाई करते हुए 58 बोरी यूरिया जब्त किया गया है। कृषि विभाग के अनुसार कलेक्टर के निर्देश पर यह निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार कीअनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेशए 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियमए 1955 के प्रावधानों के तहत कठोर प्रशासनिक, कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।

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मन की बात में छत्तीसगढ़ का बढ़ा मान: प्रधानमंत्री मोदी ने जशपुर के धावक अनिमेष कुजूर और मल्हार की ऐतिहासिक धरोहर का किया राष्ट्रीय मंच से उल्लेख, मुख्यमंत्री बोले- छत्तीसगढ़ की प्रतिभा को मिला राष्ट्रीय सम्मान

रायपुर 31 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत का जुनून हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाड़ियों से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच की कहानी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी, साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि "एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है” वास्तव में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक चेतना और आने वाली पीढ़ियों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत - सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित  थे।

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सुशासन तिहार 2026: टेम्पू शिविर में 534 आवेदन प्राप्त, हितग्राहियों को आवास की चाबी, प्रमाण पत्र और पौधों का वितरण

जशपुर 31 मई 2026/ जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने मनोरा विकास खंड के ग्राम पंचायत टेम्पू विगत दिवस 30 मई को जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल हुई शिविर में 13  ग्राम पंचायत के ग्रामवासी शामिल हुए।

अधिकारियों ने विभिन्न विभाग से विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। 

शिविर में कुल 534 विभिन्न विभाग के आवेदन प्राप्त हुए। सांकेतिक रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आवास की चाभी 5 व्यक्तियों को दिया गया। कृषि विभाग द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड प्रदाय किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा जाति प्रमाण पत्र, बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह प्रदाय किया। उद्यान विभाग द्वारा फलदार पौधे वितरण किए गए। वन विभाग द्वारा पौधे वितरण किए गए। महिला एवम् बाल विकास विभाग के द्वारा गर्भवति महिलाओं का गोद भराई रस्म एवं छोटे बच्चों को अन्न प्राशान का कार्यक्रम कराया गया।
                 इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांन्ति भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री परमेश्वर भगत, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री हैप्पी कमल कुजूर, श्री पंकज कुमार जायसवाल, जनपद सदस्य श्रीमती सलमा भगत,  श्रीमती जगपति, पूर्व जनपद अध्यक्ष गोविंद राम भगत,  अध्यक्ष श्रीमती रजनति भगत, सरपंच टेम्पू श्रीमती पुष्पा भगत, सम्मिलित सभी तेरह ग्राम पंचायत के सरपंच 
    
एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनोरा श्री रघुनाथ राम और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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जशपुर नगर पालिका उपचुनाव के लिए मतदान दल रवाना, 1 जून को होगा मतदान, 1312 मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग

जशपुरनगर, 31 मई 2026/ नगर पालिका परिषद जशपुर के वार्ड क्रमांक 8 एवं 14 में होने वाले उपचुनाव के लिए आज स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय जशपुरनगर से तीन मतदान दलों को रवाना किया गया। रिटर्निंग अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू की उपस्थिति में मतदान दल आवश्यक निर्वाचन सामग्री एवं सुरक्षा व्यवस्था के साथ अपने गंतव्य मतदान केन्द्रों के लिए रवाना हुएं।  इस अवसर पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) एवं एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री योगेश्वर उपाध्याय तथा सहायक अधीक्षक श्री राजेंद्र चौहान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    उपचुनाव के लिए कुल तीन मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। वार्ड क्रमांक 8 के लिए स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट इंग्लिश माध्यम नवीन आदर्श विद्यालय जशपुर में मतदान केन्द्र क्रमांक 8 एवं 9 स्थापित किए गए हैं। वहीं वार्ड क्रमांक 14 के लिए शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कन्या महाविद्यालय जशपुरनगर में मतदान केन्द्र क्रमांक 18 बनाया गया है। निर्वाचन कार्य को सुचारु रूप से संपन्न कराने हेतु प्रत्येक मतदान दल में एक पीठासीन अधिकारी, तीन मतदान अधिकारी तथा एक सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। दोनों वार्डों में कुल 1312 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान ईवीएम के माध्यम से 01 जून 2026 को प्रातः 8 बजे से सायं 5 बजे तक संपन्न होगा। मतों की गणना 04 जून 2026 को की जाएगी।

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जनगणना-2027 का पहला चरण संपन्न: जशपुर के हर गांव और शहर तक पहुंची गणना टीम, 15 सौ से अधिक प्रगणकों ने तैयार किया जिले का विकास खाका

जशपुरनगर 31 मई 2026/ भारत की जनगणना-2027 के अंतर्गत जशपुर जिले में प्रथम चरण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह राष्ट्रीय अभियान केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य के विकास की मजबूत नींव तैयार करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जनगणना के माध्यम से यह समझने में सहायता मिलती है कि समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ किस स्तर तक पहुंच रहा है तथा भविष्य की योजनाओं के निर्माण के लिए आवश्यक आधारभूत जानकारी उपलब्ध होती है। भारत की जनगणना-2027 का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में दो चरणों में संपादित किया जा रहा है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई 2026 से प्रारंभ होकर 30 मई 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 में संपादित किया जाएगा। प्रथम चरण के दौरान तैयार की गई मकानसूची भविष्य में होने वाली जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करेगी, जिससे कोई भी मकान अथवा परिवार गणना से वंचित न रह जाए। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन पर जिले के समस्त नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के अभियान में जिलेवासियों का सहयोग सराहनीय रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि फरवरी 2027 में आयोजित होने वाले जनसंख्या गणना के द्वितीय चरण में भी नागरिक इसी प्रकार सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अभियान को सफल बनाएंगे।

     प्रथम चरण के दौरान जशपुर जिले के सभी ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 बिंदुओं पर आधारित जानकारी मोबाइल एप के माध्यम से संकलित की गई। इनमें मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, आधारभूत संरचना, पेयजल, बिजली, संचार सुविधाएं तथा परिवारों की परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी शामिल रही। संकलित समस्त आंकड़ों को सुरक्षित रूप से भारत सरकार के सर्वर में संरक्षित कर लिया गया है। जनगणना का यह महत्वपूर्ण कार्य जिले की सभी 11 तहसीलों एवं 5 नगरीय निकायों में शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न किया गया। जिले के प्रत्येक गांव और शहरी क्षेत्र को पूर्ण रूप से कवर किया गया तथा कोई भी क्षेत्र गणना कार्य से अछूता नहीं रहा। सर्वेक्षण के दौरान जिलेवासियों का उल्लेखनीय सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे कार्य को निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।
जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियमावली 1990 के प्रावधानों के तहत नागरिकों द्वारा प्रदान की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण, विकास योजनाओं के निर्धारण तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात निर्धारित समय पर इन आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाएगा।

      जशपुर जिले में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के संचालन हेतु 11 ग्रामीण चार्ज एवं 5 नगरीय चार्ज बनाए गए थे। इन चार्जों के अंतर्गत कुल 1593 मकानसूचीकरण गणना ब्लॉक गठित किए गए। इस व्यापक कार्य के लिए जिले में कुल 1842 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी, जिनमें प्रमुख जनगणना अधिकारी (जिला कलेक्टर), 16 चार्ज अधिकारी, 2 मास्टर ट्रेनर, 35 फील्ड ट्रेनर, 1532 प्रगणक एवं 258 पर्यवेक्षक शामिल रहे।

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सुरक्षा व्यवस्था, यातायात सुधार और जनहित के मुद्दों पर मंथन, बैंक ऑफ बड़ौदा की आधुनिक बैंकिंग सेवाओं एवं विशेष योजनाओं की भी दी गई जानकारी

जशपुरनगर। जिले की सुरक्षा व्यवस्था, सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर शनिवार को जशपुर के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) से सौजन्य भेंट एवं महत्वपूर्ण चर्चा हुई। यह मुलाकात सुहित घोष के समन्वय एवं सकारात्मक पहल से संपन्न हुई, जिसमें नागरिकों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था में सुधार तथा जनजागरूकता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

चर्चा के दौरान डीआईजी ने कहा कि आमजन की सुरक्षा पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के लिए विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी वाहन चालकों एवं आगंतुकों से हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन स्वयं एवं परिवार की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

मुलाकात के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा की विभिन्न जनोपयोगी बैंकिंग सेवाओं पर भी चर्चा हुई। बैंक द्वारा उपलब्ध आकर्षक सैलरी पैकेज, डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं, बीमा एवं निवेश योजनाएं, गृह ऋण, वाहन ऋण, शिक्षा ऋण सहित अन्य आधुनिक बैंकिंग उत्पादों की जानकारी साझा की गई। साथ ही आमजन, शासकीय कर्मचारियों एवं सुरक्षा बलों के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाओं एवं ग्राहक हितैषी योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

अंत में डीआईजी के नेतृत्व, दूरदर्शी सोच एवं जनसुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनके द्वारा किए जा रहे जनहितकारी कार्यों की सफलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना व्यक्त की गई। क्षेत्र में सुरक्षा एवं जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल बताया गया।

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कम लागत में ज्यादा उत्पादन का नया फार्मूला: नैनो यूरिया और नैनो डीएपी से बदल रही खेती, किसानों को बचत के साथ मिल रहा बेहतर मुनाफा

रायपुर 31 मई 2026/खेती में बढ़ती लागत, मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से पैदा हो रही चुनौतियों के बीच अब नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए एक उपयोगी और लोकप्रिय विकल्प बन गई है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि किसान संतुलित और वैज्ञानिक तरीके से इनका उपयोग करें तो इससे खेती की लागत कम करने, उत्पादन बेहतर बनाने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाए रखने के लिए उर्वरकों के उपयोग के तौर-तरीकों में बदलाव जरूरी होगा। यही कारण है कि अब किसानों के बीच नैनो उर्वरकों को लेकर रुचि बढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ सहित देश के अधिकांश धान उत्पादक क्षेत्रों में सामान्यतः प्रति एकड़ 2 से 3 बोरी यूरिया और 1 बोरी डीएपी का उपयोग किया जाता है।

मौजूदा कीमतों के अनुसार एक बोरी यूरिया की कीमत लगभग 270 रुपये और एक बोरी डीएपी की कीमत लगभग 1350 रुपये है। इस प्रकार केवल यूरिया और डीएपी पर प्रति एकड़ करीब 1900 से 2200 रुपये तक खर्च हो जाता है।


कृषि विशेषज्ञों के अनुसार 500 मिलीलीटर नैनो यूरिया की एक बोतल का प्रभाव लगभग एक बोरी पारंपरिक यूरिया के बराबर माना जाता है। फसल में दो चरणों में छिड़काव के जरिए पारंपरिक यूरिया की जरूरत को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

यदि किसान 2 बोरी ठोस यूरिया की जगह 2 बोतल नैनो यूरिया का उपयोग करते हैं तो अनुमानित खर्च 100 रुपये प्रति एकड़ बचत होती है। दो बोरी पारंपरिक यूरिया का मूल्य लगभग 540 रुपये है। इसके स्थान पर 2 बोतल नैनो यूरिया| लगभग 450-500 में आता है। यानि सीधे खाद लागत में बचत के साथ-साथ परिवहन, भंडारण और मजदूरी खर्च में भी कमी आती है।

इसी प्रकार कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि 50 किलो डीएपी की पूरी मात्रा उपयोग करने के बजाय यदि किसान 25 किलो डीएपी के साथ 500 मिली नैनो डीएपी का उपयोग करें तो प्रति एकड़ लगभग 75 से 150 रुपये तक की बचत होती है।

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार पारंपरिक यूरिया का बड़ा हिस्सा मिट्टी, पानी और वातावरण में नष्ट हो जाता है। इसके विपरीत नैनो यूरिया के सूक्ष्म कण सीधे पौधों द्वारा तेजी से अवशोषित किए जाते हैं। इससे पौधों को संतुलित पोषण मिलता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक संतुलित उपयोग की स्थिति में इसके कई सकारात्मक परिणाम सामने आए है।फसल की बढ़वार बेहतर होती है। पौधों की हरियाली लंबे समय तक बनी रहती है। दानों का भराव मजबूत होता है।उत्पादन की गुणवत्ता सुधरती है। उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ती है। कई कृषि परीक्षणों में 5 से 8 प्रतिशत तक उत्पादन वृद्धि के संकेत भी मिले हैं।

कृषि क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि लगातार अधिक मात्रा में रासायनिक खाद के उपयोग से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। नैनो उर्वरकों का संतुलित उपयोग मिट्टी में पोषक तत्वों के संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा रासायनिक अवशेष कम होते हैं।भूजल प्रदूषण घटता है।मिट्टी की जैविक सक्रियता बेहतर बनी रहती है।पर्यावरणीय प्रभाव कम होता है।इसी कारण वैज्ञानिक खेती में अब संतुलित उर्वरक उपयोग पर अधिक जोर दिया जा रहा है ।
वैज्ञानिक सलाह के अनुसार संतुलित रूप से नैनो उर्वरकों का उपयोग बढ़ाते हैं तोआयातित उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी है।विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी। देश में उर्वरक उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। उत्पादन इकाइयों में रोजगार बढ़ेगा। कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा।

कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश में पारंपरिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। रायपुर जिले की समितियों में वर्तमान मे यूरिया की उपलब्धता  9,102 मीट्रिक टन और कुल भंडारित यूरिया की मात्रा 10,732 मीट्रिक टन है, जब कि डीएपी की उपलब्धता 3,092 मीट्रिक टन और कुल भंडारित डीएपी की मात्रा 3,927 मीट्रिक टन है। इसके साथ ही कृषि सेवा केंद्रों और समितियों के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की उपलब्धता भी बढ़ाई जा रही है ताकि किसान आवश्यकता और उपयोगिता के आधार पर इन विकल्पों का इस्तेमाल कर सकें।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग और आधुनिक तकनीकों का समन्वय ही खेती को अधिक लाभकारी बनाएगा। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी विकल्प माना जा रहा है, जो कम लागत, बेहतर उत्पादन और मिट्टी की सुरक्षा तीनों मोर्चों पर किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

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दो दिनों से सूखे पड़े नल, वार्ड क्रमांक 14 के रहवासी बूंद-बूंद पानी को तरसे, पाइपलाइन फटने के बाद भी नगर पालिका की सुस्त कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

जशपुर। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 14 में पिछले दो दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से स्थानीय रहवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच नलों में पानी नहीं आने से लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सुबह से लेकर देर शाम तक पानी की तलाश में लोगों की परेशानी साफ देखी गई।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वार्ड क्रमांक 14 में पेयजल संकट कोई नई बात नहीं है। यहां जलापूर्ति व्यवस्था लंबे समय से अव्यवस्थित बनी हुई है। कभी मोटर खराब होने, कभी लो वोल्टेज की समस्या तो कभी पाइपलाइन लीकेज के कारण नियमित रूप से पानी आपूर्ति प्रभावित होती रहती है। इस बार मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन के फट जाने की जानकारी सामने आई है, जिसके कारण पूरे वार्ड में पानी की सप्लाई बंद हो गई है।

हैरानी की बात यह है कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलने के बावजूद समाचार लिखे जाने तक नगर पालिका द्वारा मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया था। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रहवासियों का आरोप है कि जलापूर्ति में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर उसके समाधान में नगर पालिका को दो से चार दिन का समय लग जाता है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है।

वार्डवासियों ने बताया कि क्षेत्र में जलापूर्ति का कोई निश्चित समय भी निर्धारित नहीं है। ऐसे में लोगों को यह भी पता नहीं होता कि पानी कब आएगा और कब बंद हो जाएगा। अनियमित व्यवस्था के कारण घरों में पानी का संग्रह करना भी मुश्किल हो जाता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस पानी टंकी से वार्ड में जलापूर्ति की जाती है, उसके समीप ही नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी का निवास स्थित है। इसके बावजूद लंबे समय से बनी जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाना कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देकर नियमित एवं सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि वार्डवासियों को बार-बार पानी की समस्या से जूझना न पड़े।

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हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा बयान, कहा- पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक परिवर्तन और सुशासन की मजबूती में मीडिया की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

रायपुर 30 मई 2026/ पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर परिश्रम करते हुए सूचनाओं को जन-जन तक पहुंचाते हैं और समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मीडिया की सकारात्मक आलोचना केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि प्रशासन और सरकार को भी आत्ममंथन और बेहतर कार्य की दिशा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर परिसर के सुंदर सदन में आयोजित पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माता कौशल्या की धरती और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा पर आधारित ऐसा अद्भुत आयोजन निश्चित रूप से अभिनंदनीय है। उन्होंने आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब को बधाई देते हुए कहा कि रायपुर प्रेस क्लब देश के पुराने और प्रतिष्ठित प्रेस क्लबों में से एक है, जिसका इतिहास समृद्ध और प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता और पत्रकारों के सम्मान में आयोजित ऐसे कार्यक्रम प्रेस क्लब की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का सशक्त प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर की पत्रकारिता परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस शहर ने पत्रकारिता जगत को अनेक शिखर पुरुष दिए हैं। उन्होंने मधुकर खेर, मायाराम सुरजन, ललित सुरजन, रमेश नैय्यर और बबन प्रसाद मिश्र सहित अनेक प्रतिष्ठित संपादकों और पत्रकारों का स्मरण करते हुए कहा कि इन विभूतियों ने पत्रकारिता की सशक्त और वैचारिक परंपरा को समृद्ध किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र की आधारशिला है और देश के स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तक पत्रकारिता ने हमेशा परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि 30 मई 1826 को कोलकाता से श्री जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित देश के प्रथम हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तंड ने भारतीय पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्षों की यह गौरवशाली यात्रा देशवासियों के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने भारतीय सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवर्षि नारद को आदि पत्रकार माना जाता है और इसी कारण पत्रकार बंधु नारद जयंती को सम्मानपूर्वक मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत रोचक और प्रेरक तथ्य है कि उदंत मार्तंड का प्रकाशन भी नारद जयंती के दिन आरंभ हुआ, जो इस बात का प्रतीक है कि भारतीय पत्रकारिता की जड़ें हमारी सांस्कृतिक चेतना और सनातन मूल्यों से गहराई से जुड़ी रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकारिता ने राष्ट्रवादी चेतना को स्वर देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, माधवराव सप्रे और सुभाषचंद्र बोस सहित अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पत्रकारिता को सामाजिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम के रूप में उपयोग किया। उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास लिखा जाएगा, तब छत्तीसगढ़ का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। 

उन्होंने मां भारती के सपूत माधवराव सप्रे का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़ मित्र का संपादन कर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को जागृत और संगठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पत्रकारिता की चर्चा जब भी होगी, तब भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण स्वाभाविक रूप से होगा। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपनी पत्रकारिता के माध्यम से राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय चेतना की जो अलख जगाई, उसने स्वतंत्र भारत में लाखों लोगों को प्रेरित किया। स्वदेश और राष्ट्रधर्म जैसे प्रकाशनों ने राष्ट्र चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मोदी की गारंटियों को धरातल पर उतारने का कार्य किया है और प्रदेश की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने विशेष रूप से नक्सलवाद उन्मूलन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा जनसहभागिता के साथ-साथ पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका के कारण प्रदेश में शांति और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा और भटकाव के रास्ते पर जाने वाले लोगों को शांति, विकास और मुख्यधारा की ओर प्रेरित करने में पत्रकारों ने बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आज जब मीडिया बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव, विकास, पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य और बढ़ती संभावनाओं की खबरें सामने लाता है, तब देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनती है। जो बस्तर कभी बंदूक और हिंसा की खबरों से पहचाना जाता था, आज वही बस्तर पर्यटन, प्रकृति और विकास की नई संभावनाओं का केंद्र बनकर उभर रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की यात्रा अत्यंत गौरवशाली रही है। उन्होंने कहा कि 1826 में जब उदंत मार्तंड की शुरुआत हुई, तब देश अंग्रेजी शासन के कठिन दौर से गुजर रहा था। ऐसे समय में पत्रकारिता ने अंधकार को सामने लाने के साथ समाज को उजाले की दिशा दिखाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल धर्म समाज और राष्ट्र को सही दिशा प्रदान करना है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडिया हैबिटेट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. के.जी. सुरेश ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत तक पत्रकारिता ने राष्ट्रधर्म और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने समय के साथ बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित किया है, किंतु सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और नागरिक पत्रकारिता की अवधारणा ने कई नई चुनौतियां भी उत्पन्न की हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को शोधपरक, तथ्यात्मक और साक्ष्य आधारित बनाए रखना समय की आवश्यकता है, ताकि पत्रकारिता की विश्वसनीयता और सामाजिक भूमिका और मजबूत हो सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित नवप्रदेश के विशेष अंक, रायपुर प्रेस क्लब की पत्रकार डायरेक्टरी तथा श्री दिनेश यदु की पुस्तक 'मैं अगहन हूं' का विमोचन भी किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री कृष्णा दास, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, राम मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष श्री सुनील रामदास, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, प्रेस क्लब के पदाधिकारीगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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गुरु अर्जुन देव जी के बलिदान से मिलता है सत्य, सेवा और मानवता की रक्षा का संदेश : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शहीदी दिवस पर तेलीबांधा गुरुद्वारा पहुंचे मुख्यमंत्री

रायपुर 30 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित विशाल छबील एवं छायाचित्र प्रदर्शनी में शामिल होकर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके महान बलिदान को मानवता, सत्य तथा सेवा की रक्षा का अमर संदेश बताया। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राहगीरों को शरबत एवं प्रसादी वितरित कर सेवा परंपरा में सहभागी बनते हुए समाज को परोपकार, संवेदना और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सिक्ख समाज ने मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुद्वारा परिसर में आयोजित श्री गुरु अर्जुन देव जी के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में उनके दिव्य जन्म से लेकर शहादत तक की प्रेरक और गौरवपूर्ण यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया था। इसमें गुरु गद्दी की प्राप्ति, हरमिंदर साहिब गुरुद्वारा के निर्माण, आदि ग्रंथ साहिब के संकलन, जहांगीर से वैचारिक संघर्ष, गिरफ्तारी, असहनीय यातनाओं के बीच अडिग आस्था का विस्तृत चित्रण शामिल था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री गुरु अर्जुन देव जी त्याग, तपस्या, सत्य, सेवा और मानवता की महान प्रतिमूर्ति थे। उनका संपूर्ण जीवन समाज को प्रेम, समानता, करुणा, समर्पण और मानव कल्याण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने अन्याय, अत्याचार और दमन के सामने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। असहनीय यातनाओं के बावजूद उनका धैर्य, साहस, आत्मबल और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास आज भी संपूर्ण मानवता के लिए अमर प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदी दिवस पर आयोजित ‘छबील सेवा’ केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, करुणा, भाईचारे और मानवता की जीवंत अभिव्यक्ति है। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को ठंडा और मीठा शरबत पिलाना निस्वार्थ मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सिक्ख परंपरा में छबील सेवा मानवता के प्रति समर्पण, सह-अस्तित्व और परोपकार की भावना को जीवंत बनाए रखने का माध्यम रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी को श्री गुरु अर्जुन देव जी के जीवन, संघर्ष, आध्यात्मिक चेतना और महान बलिदान से परिचित कराने का अत्यंत सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि इतिहास तभी जीवंत रहता है, जब नई पीढ़ी अपने महापुरुषों के विचारों, मूल्यों और त्याग से जुड़ी रहती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों से गुरु अर्जुन देव जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा सत्य, सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने इस गरिमामय एवं पुनीत आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज को साधुवाद भी दिया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव सहित छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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सुशासन तिहार बना आजीविका संवर्धन का आधार, मत्स्य पालक भरत निषाद को मिली ₹1 लाख की सहायता

रायपुर , 30 मई 2026/ सुशासन शिविरों के माध्यम से शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम छोर के पात्र व्यक्तियों तक लगातार पहुंचाया जा रहा है। ये शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहे हैं। इसी कड़ी में, जनपद पंचायत धमधा के ग्राम मलपुरी कला निवासी श्री भरत निषाद के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। श्री निषाद लंबे समय से मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वे अपने इस पैतृक व्यवसाय के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए विगत कुछ समय से वित्तीय सहायता की आवश्यकता महसूस कर रहे थे। जब वे विगत दिन मलपुरी कला गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे तब विभाग द्वारा उनकी मांग एवं पात्रता का परीक्षण कर त्वरित कार्यवाही की गई। इसके फलस्वरूप, मत्स्य पालन विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत उन्हें आजीविका संवर्धन हेतु ₹1 लाख की वित्तीय सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। चेक प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हितग्राही भरत निषाद ने बताया कि इस आजीविका अनुदान राशि से वे मत्स्य पालन हेतु आवश्यक संसाधनों का विस्तार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहयोग उनके व्यवसाय को सुदृढ़ करने के साथ-साथ परिवार के आर्थिक स्तर को उन्नत बनाने और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। हितग्राही ने इस त्वरित एवं पारदर्शी प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया। श्री निषाद की यह कहानी इस तथ्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जिला प्रशासन के ये सुशासन शिविर धरातल पर लक्षित समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में निरंतर सफल हो रहे हैं।

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38 वर्षों की बेदाग प्रशासनिक सेवा के बाद आईएएस महादेव कावरे को भावभीनी विदाई, सहकारिता विभाग ने सम्मान समारोह में दी शुभकामनाएं


रायपुर, 30 मई 2026/ आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ श्री महादेव कावरे (आईएएस) के सेवानिवृत्त होने पर आज नवा रायपुर में भावभीनी विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ एवं अपेक्स बैंक एम्प्लाइज यूनियन द्वारा आयोजित इस समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, कुशल नेतृत्व तथा जनहितकारी कार्यों को स्मरण करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।
बीजापुर जिले के मूल निवासी श्री महादेव कावरे की प्रारंभिक शिक्षा बीजापुर में हुई। उन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन की शुरुआत विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों से की और रक्षा, रेलवे तथा राज्य प्रशासनिक सेवा में उल्लेखनीय सेवाएं दीं। वे एसडीएम, एनआरडीए महाप्रबंधक, बेमेतरा एवं जशपुर के कलेक्टर तथा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
इसके अलावा उन्होंने सचिव आवास एवं पर्यावरण, सचिव आबकारी, गृह विभाग तथा संचालक कोष एवं लेखा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं देकर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सहकारिता विभाग में उनके कार्यकाल को पारदर्शिता, नवाचार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।
सम्मान समारोह में सहकारिता विभाग के अपर आयुक्त एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री के.एन. कांडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने श्री कावरे के प्रशासनिक योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की।

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करोड़ों का कारोबार, हर्बल उत्पादों से बदली जिंदगी: डोंगनाला की 12 आदिवासी महिलाओं ने रची आत्मनिर्भरता की मिसाल, वन धन विकास केंद्र बना सफलता का मजबूत आधार


रायपुर, 30 मई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कोरबा जिले के कटघोरा वन प्रभाग अंतर्गत डोंगनाला की आदिवासी महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। डोंगनाला का हरिबोल स्वयं सहायता समूह आज हर्बल उद्यमों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का एक आदर्श बनकर उभरा है।
*दिहाड़ी मजदूरी से सफल उद्यमिता तक का सफर* 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुरूप 
12 आदिवासी महिलाओं से गठित इस समूह की सदस्य पहले दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर थीं। सीमित रोजगार और अस्थिर आय के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। लेकिन शासन की वन धन विकास केंद्र योजना से जुड़ने के बाद इन महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया।
*प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग से मिली नई पहचान*
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध औषधीय पौधों और लघु वनोपज की संभावनाओं को देखते हुए महिलाओं को संगठित किया गया। उन्हें आयुर्वेद विशेषज्ञों तथा छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उत्पाद (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा हर्बल प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
*हर्बल उत्पादों की बढ़ी मांग*
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद समूह ने त्रिफला चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, हर्बल फेस पैक, हर्बल हेयर पाउडर और टूथ पाउडर जैसे गुणवत्तापूर्ण हर्बल उत्पाद तैयार करना शुरू किया। गुणवत्ता और प्रभावशीलता के कारण इन उत्पादों की स्थानीय तथा संस्थागत बाजारों में अच्छी मांग बनी।
*आयुष विभाग से मिला बड़ा ऑर्डर*
समूह को उस समय बड़ी सफलता मिली जब उन्हें आयुष विभाग से बड़ा ऑर्डर प्राप्त हुआ। इस ऑर्डर से समूह को लगभग 20 लाख रुपए का लाभ हुआ। इससे समूह की विश्वसनीयता बढ़ी और नए बाजारों के द्वार खुले।
*38.90 लाख रूपए का लाभ, आर्थिक स्थिति हुई मजबूत*
वित्तीय वर्ष 2024-25 में समूह ने लगभग 38.90 लाख रुपए का लाभ और कमीशन अर्जित किया। इससे सदस्यों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया।
*26.11 करोड़ रूपए की संचयी बिक्री*
वर्ष 2020 से मार्च 2026 तक वीडीवीके डोंगनाला ने लगभग 26.11 करोड़ रूपए की संचयी बिक्री दर्ज की है। यह उपलब्धि समूह की निरंतर मेहनत, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और प्रभावी विपणन रणनीति का परिणाम है।
*हर सदस्य की आय पहुंची 1.7 लाख रुपए वार्षिक*
इस पहल से समूह की प्रत्येक सदस्य की वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1.7 लाख रुपए हो गई है। आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति भी बढ़ी है।
*राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान*
हर्बल प्रसंस्करण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए समूह को ट्रायफेड (TRIFED) तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
*अन्य समूहों के लिए प्रेरणा*
हरिबोल स्वयं सहायता समूह की सफलता यह साबित करती है कि शासन की योजनाओं, कौशल विकास, संस्थागत सहयोग और बाजार उपलब्धता के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। डोंगनाला की यह सफलता आज पूरे प्रदेश और देश के स्वयं सहायता समूहों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई

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2677 करोड़ की बड़ी सौगात से रफ्तार पकड़ेगा प्रधानमंत्री आवास मिशन, रोज बन रहे 1600 से ज्यादा पक्के घर; ढाई साल में 10.60 लाख परिवारों का सपना हुआ साकार

रायपुर 30 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय एवं राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) मॉड्यूल के माध्यम से जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। राज्य में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है तथा विगत ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों गरीब परिवारों के सपनों, आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की कहानी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास शीघ्र पूर्ण कराए जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को समय पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में हजारों स्व सहायता समूह सामग्री आपूर्ति से जुड़कर आजीविका अर्जित कर रहे हैं, इनमें से 10 हजार से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी’ बनीं हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और विश्वास का नया वातावरण तैयार किया जा रहा है।
  
 उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही हितग्राहियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 संचालित की जा रही है तथा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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सुशासन तिहार 2026: टेम्पू शिविर में योगाभ्यास, स्वच्छता श्रमदान और जल संरक्षण का दिया गया संदेश

जशपुरनगर, 30 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में संचालित “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जनसमस्याओं के निराकरण एवं शासन की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए लगातार समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत मनोरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत टेम्पू में आज 30 मई को सुशासन शिविर का आयोजन हो रहा है। 
    शिविर में सुरजूला, रजला, खुटापानी, घाघरा, करदना, टेम्पू, मुटू, पोड़ीपटकोना, चड़िया, सोगड़ा, मनोरा, खोगा एवं डुमरटोली सहित 13 गांवों के ग्रामीणों ने सहभागिता की। सुशासन शिविर के दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया। शिविर स्थल पर सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। इसके साथ ही स्वच्छता श्रमदान के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। 
    जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए 5 प्रतिशत मॉडल के माध्यम से ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन एवं भू-जल संरक्षण के उपायों की जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में संभावित जल संकट से बचने के लिए भूमिगत जल स्रोतों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए अभी से जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता जरूरी है। इस अवसर पर विकासखंड मनोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीओ, सरपंच, सचिव, स्वच्छाग्रही, जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं जनपद के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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