ताजा खबरें


बड़ी खबर

यात्रियों को जल्द मिलेगी हाईटेक बस स्टैंड की सुविधा, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्माण कार्य के लिए दी है करोड़ो रुपये की सौगात,तेजी से चल रहा अत्याधुनिक बस स्टैंड का निर्माण


जशपुरनगर। जिले में यात्री सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। बंदरचूआ एवं दुलदुला में यात्रियों को जल्द ही हाईटेक बस स्टैंड की सुविधा मिलने वाली है। यहां अत्याधुनिक बस स्टैंड का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसके निर्माण के लिए 1–1 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।बस स्टैंड के निर्माण से क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, बसों के आवागमन और यात्रियों के ठहराव के लिए व्यवस्थित स्थान मिलने से परिवहन व्यवस्था को भी सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

*जिले के कई क्षेत्रों में आधुनिक बस स्टैंड की मिली है सौगात*


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधुनिक बस स्टैंड के निर्माण की पहल की गई है। बंदरचूआ के साथ ही पत्थलगांव में अत्याधुनिक बस स्टैंड निर्माण के लिए 5 करोड़ , कुनकुरी में हाई टेक बस स्टैंड निर्माण के लिए 7 करोड़ 20 लाख और दुलदुला में अत्याधुनिक बस स्टैंड निर्माण के लिए 1 करोड़ रूपये की स्वीकृति मिली है।इन बस स्टैंडों के निर्माण से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही जिले की परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। यह पहल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

और भी

अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए समाज को एकजुट करने में अशोक सिंघल जी का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 28 सितंबर 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित निरंजन धर्मशाला में श्री अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्री अशोक सिंघल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का स्मरण करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का संपूर्ण जीवन समाज को संगठित करने, सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित रहा। वे कुशल संगठनकर्ता थे और समाज की सामूहिक शक्ति पर उनका अटूट विश्वास था। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने तथा भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति चेतना जागृत करने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण की आकांक्षा को व्यापक जनभावना से जोड़ने और इसके लिए समाज को एकजुट करने में श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आज अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे अनेक पीढ़ियों का संघर्ष, तप, त्याग और समर्पण जुड़ा हुआ है। श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का योगदान भी इस यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल्यों के प्रति समाज में जागरूकता और स्वाभिमान का भाव सुदृढ़ करने के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया।

*प्रभु श्रीराम और छत्तीसगढ़ का संबंध अत्यंत आत्मीय : मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम से छत्तीसगढ़ का संबंध केवल आस्था का नहीं, बल्कि अत्यंत गहरा और आत्मीय है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। वनवास काल में प्रभु श्रीराम ने लंबा समय छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर व्यतीत किया। माता शबरी की अनन्य भक्ति से जुड़ी शिवरीनारायण की धरती सहित प्रदेश के अनेक स्थान आज भी रामायणकालीन स्मृतियों और जनआस्था को संजोए हुए हैं।

उन्होंने कहा कि इसी आत्मीय संबंध के कारण अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा का अवसर छत्तीसगढ़ के लिए भी विशेष भावनात्मक महत्व रखता था। उस समय पूरे प्रदेश में उत्सव और उल्लास का वातावरण था। छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक सुगंधित चावल अयोध्या भेजकर प्रदेशवासियों ने अपनी श्रद्धा अर्पित की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेशवासियों की इसी आस्था को ध्यान में रखते हुए श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की है। योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से रामलला के दर्शन कर चुके हैं और यह क्रम निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का जन्म शताब्दी वर्ष उनके विराट व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को उनके जीवन से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि दृढ़ संकल्प, संगठन और समाज के प्रति समर्पण के माध्यम से व्यापक परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के तीन दिवसीय समारोह का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की धरती से होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित संतों को नमन करते हुए कहा कि संतों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन सदैव समाज को सही दिशा प्रदान करता है।

इस अवसर पर संत परमात्मानंद जी महाराज, संत श्री युधिष्ठिर लाल जी, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा,  श्री अम्बरीश , श्री टोपलाल वर्मा, श्री राजाराम, श्री कुलवंत सिंह सैनी सहित संतगण,  देश-विदेश से आए पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

और भी

छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार सामर्थ्य, नवाचार से लेकर खेल-कला और तकनीक तक हर क्षेत्र में बना रहे पहचान—यूथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बढ़ाया युवा प्रतिभाओं का उत्साह

रायपुर, 28 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आज की जनधारा मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। उन्होंने आज की जनधारा की 36वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रकाशित ‘आज की जनधारा साहित्यिक वार्षिकी-2026’ का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा प्रतिभाशाली, परिश्रमी और संभावनाओं से भरपूर है। युवाओं की नई सोच, ऊर्जा और रचनात्मकता प्रदेश के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को अपनी बात सीधी, सच्ची और साहस के साथ रखनी चाहिए तथा अपने विचारों और कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं के सामने अवसरों का नया संसार खुला है। आवश्यकता इस बात की है कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें, बड़े लक्ष्य तय करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए विचारों को साकार करने के लिए व्यापक अवसर मिल रहे हैं। आज भारत का युवा नवाचार, स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक, खेल, कला-संस्कृति सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी अपार सामर्थ्य है और वे अपनी प्रतिभा तथा परिश्रम से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम बना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, पोषण और जनभागीदारी के संदेश का उल्लेख करते हुए ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनगा पोषण का सहज और स्थानीय स्रोत है। इसे जनभागीदारी से घर-घर तक पहुंचाकर स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूत किया जा सकता है।

*प्रकृति और संस्कृति छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पहचान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश प्रकृति की अनुपम देन से समृद्ध है। यहां के वन, पहाड़, जलप्रपात, गांवों का सहज जीवन और विविध लोक परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने मधेश्वर पहाड़ और वहां की शिवलिंग सदृश प्राकृतिक संरचना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अनेक ऐसे स्थल हैं, जिनमें पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली आत्मा यहां के गांवों, लोकजीवन और संस्कृति में बसती है। सादरी सहित प्रदेश की विभिन्न बोलियां, लोककला, लोकगीत और नागपुरी संगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाते हैं। नई पीढ़ी को आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ों, भाषा-बोली और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़े रहना चाहिए।

*संघर्ष से ही मिलता है आगे बढ़ने का संबल*

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने जीवन के अनुभव युवाओं के साथ साझा करते हुए कहा कि कम उम्र में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उन्होंने खेती-बाड़ी करते हुए परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं और अपने छोटे भाइयों की शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया। जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें संघर्ष करना और जिम्मेदारियों से पीछे न हटना सिखाया।

उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं, लेकिन कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। परिश्रम, धैर्य और संकल्प के साथ किया गया प्रयास व्यक्ति के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खोलता है।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकार श्री पीयूष मिश्रा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला एवं संस्कृति की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पंडवानी की महान कलाकार पद्म विभूषण स्वर्गीय श्रीमती तीजन बाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अद्भुत कला के माध्यम से महाभारत के विभिन्न पात्रों को मंच पर जीवंत किया और पंडवानी को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई। श्री मिश्रा ने कार्यक्रम में अपने प्रसिद्ध गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ की प्रस्तुति भी दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कॉन्क्लेव में सम्मानित युवा प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं के विचारों, उपलब्धियों और प्रतिभा को समाज के सामने लाने के साथ उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री कृष्णा दास,मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, आज की जनधारा के प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा उपस्थित सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

और भी

विश्व पर्यटन दिवस पर छत्तीसगढ़ पर्यटन का दिखा नया स्वरूप, देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स से लेकर होटलियर्स और होम-स्टे संचालकों तक एक मंच पर जुटे, पर्यटन कारोबार को नई ऊंचाई देने पर जोर

रायपुर, 28 सितंबर 2026/ विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट, नवा रायपुर में किया गया। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ना, पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देना तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाना था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों, विशेषकर पड़ोसी राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालकों तथा विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, एलियांज इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगदीप भगत, छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जसप्रीत भाटिया, श्री कपिल जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., होटल मेफेयर के जीएम श्री नीलेश, जिला पंचायत जीपीएम के सीईओ श्री मुकेश रावटे सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधि एवं पर्यटन मंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

*पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर*

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ के पास बस्तर की जीवंत जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक आस्था, भोरमदेव की स्थापत्य कला और बारनवापारा का वन्यजीवन जैसी विविध पर्यटन संपदाएं हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कारीगरों एवं कलाकारों के लिए बाजार तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार करना भी है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस’ पर्यटन कारोबारियों को देश-विदेश के पर्यटन बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इससे व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने, नए पर्यटन बाजारों से जुड़ने, नए टूर पैकेज विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

*पर्यटन मंडल अध्यक्ष ने बताया आयोजन का उद्देश्य*

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव या औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों और विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स पर्यटन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बीटूबी बैठक के माध्यम से नए पर्यटन पैकेज तैयार करने और व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने के अवसर मिले हैं। उन्होंने ट्रैवल एजेंट्स से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अपने टूर पैकेज में शामिल करने और प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने में सहयोग करने का आह्वान किया।

*400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां पर्यटन मंडल से जुड़ीं*

श्री नीलू शर्मा ने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में रोड शो एवं विभिन्न राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन सुविधाओं का प्रचार-प्रसार किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तारित किया जाएगा।

*डिजिटल तकनीक और एआई से पर्यटन को नई दिशा देने पर जोर*

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे ने अपने प्रस्तुतीकरण में विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम क्पहपजंस ।हमदकं ंदक ।तजपपिबपंस प्दजमससपहमदबम जव त्मकमेपहद ज्वनतपेउ के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निरंतर सीखने, नए प्रयोग करने और नई संभावनाओं की तलाश की आवश्यकता है। डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग पर्यटन संबंधी जानकारी, प्रचार-प्रसार, पर्यटक अनुभव, कंटेंट निर्माण और पर्यटन स्थलों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रभावी माध्यम के रूप में किया जा सकता है।

प्रस्तुतीकरण में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा, जलप्रपात, वन्यजीव, गुफाएं, जनजातीय संस्कृति, सामुदायिक पर्यटन, होम-स्टे, साहसिक पर्यटन और ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर-कैलाश-दंडक गुफाएं, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार जैसे पर्यटन एवं विरासत स्थलों की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।

उन्होंने बताया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के साथ पर्यटन विकास की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे के लिए 82 लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान, डिजिटल रिजर्वेशन के लिए पर्यटन मंडल की वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के माध्यम से बाजार पहुंच बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान, शक्तिपीठ कॉरिडोर, डेस्टिनेशन साइनेज एवं सुविधाओं सहित विभिन्न पहलें प्रगति पर हैं।

*स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में कार्य*

पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को केवल भ्रमण का विषय न मानकर विकास, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा। स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा को बेहतर पर्यटन उत्पादों और पैकेज में परिवर्तित करते हुए अन्य राज्यों एवं देशों के साथ पर्यटन साझेदारी विकसित करनी होगी।

डॉ. भारतीदासन ने कहा कि आज के आयोजन का उद्देश्य केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यहां बने नए संपर्कों और साझेदारियों को वास्तविक पर्यटन विकास में परिवर्तित करना होना चाहिए। डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है।

*पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से नई दिशा*

छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जसप्रीत भाटिया ने कहा कि लगभग तीन वर्षों के अंतराल के बाद इस प्रकार का महत्वपूर्ण आयोजन पुनः होना प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पर्यटन का उद्योग का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है। पर्यटन के क्षेत्र में गतिशीलता, समयबद्धता और बेहतर क्रियान्वयन आवश्यक है तथा शासन, पर्यटन विभाग और सभी हितधारकों को मिलकर कार्य करना होगा।

*राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में दिखी पर्यटन उद्योग की सहभागिता*

आयोजन स्थल पर विभिन्न टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स एवं पर्यटन संस्थाओं द्वारा प्रमोशनल स्टॉल लगाए गए। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं धमतरी जिला प्रशासन ने भी अपने पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए स्टॉल लगाए। देश के विभिन्न राज्यों एवं पड़ोसी राज्यों के पर्यटन कारोबारियों के साथ विदेशी टूर एजेंसियों की सहभागिता ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।

ट्रैवल एजेंट्स एवं अन्य पर्यटन हितधारकों के बीच बीटूबी बैठक आयोजित हुई। इसमें पर्यटन पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने तथा प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस प्रकार आयोजन ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जुड़े हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण बिजनेस कनेक्ट मंच का स्वरूप लिया।

*पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान*

कार्यक्रम में पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को, बेस्ट इको टूरिज्म साइट अवार्ड तक्षक भोरमदेव को, बेस्ट होटल अवार्ड एम्बिशन जगदलपुर को, बेस्ट टूर ऑपरेटर अवार्ड डी. रमेश कैंप वन्स को, बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप अवार्ड हेरिटेज वाला के श्री शिवम त्रिवेदी को, बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर अवार्ड ट्रिपी हिल्स, जशपुर के श्री सौरभ सिंह को तथा बेस्ट होम-स्टे अवार्ड धुरवा डेरा के श्री मानसिंह को प्रदान किया गया।

इसी क्रम में बेस्ट इन्फ्लुएंसर का पुरस्कार श्री अनुपम सिन्हा को, बेस्ट टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर/स्टार परफॉर्मर सीटीबी का पुरस्कार डोंगरगढ़ के श्रीनिवास राव एवं टीम तथा बेस्ट स्टार परफॉर्मर रिसोर्ट सीटीबी का पुरस्कार इको हरेली रिसॉर्ट, बारनवापारा के श्री सुभाष ठाकुर एवं टीम को प्रदान किया गया। सभी पुरस्कारों के अंतर्गत ₹11,000 की राशि का चेक, मोमेंटो एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुरातात्विक स्थलों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।

और भी

वाराणसी के प्रसिद्ध अघोर पीठ पड़ाव पहुंचे बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, अघोरेश्वर भगवान राम जी के आसन पर माथा टेककर किया दर्शन-पूजन, बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी से लिया आशीर्वाद

वाराणसी /पड़ाव । बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने रविवार शाम वाराणसी के पड़ाव स्थित प्रसिद्ध अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम् एवं अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। स्वास्थ्य मंत्री के आश्रम पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के आसन पर माथा टेका और विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने बिहार की जनता की सुख-समृद्धि, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

स्वास्थ्य मंत्री शाम करीब 4 बजे आश्रम पहुंचे। आश्रम परिसर में पहुंचने के बाद उन्होंने यहां की आध्यात्मिक परंपराओं और सेवा गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी से मुलाकात की। इस दौरान बाबा जी से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने जनसेवा, स्वास्थ्य सेवा और समाज कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने आश्रम की सेवा परंपरा और जरूरतमंदों के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

आश्रम प्रवास के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम के वैद्य श्री बैकुंठनाथ पांडेय जी से भी मुलाकात की। उन्होंने आश्रम परिसर का भ्रमण करते हुए यहां संचालित विभिन्न सेवा कार्यों को करीब से देखा। आश्रम में आने वाले लोगों और जरूरतमंदों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी लेते हुए उन्होंने संस्था की कार्यप्रणाली को समझा। इस दौरान आश्रम की सेवा भावना और समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी उन्हें दी गई।

इसके बाद निशांत कुमार गंगा तट स्थित अघोरेश्वर महाविभूति स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने अघोरेश्वर महाप्रभु की समाधि पर श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की और परिक्रमा की। गंगा तट पर स्थित इस पवित्र स्थल के आध्यात्मिक महत्व के बारे में भी उन्होंने जानकारी ली। कुछ समय यहां बिताने के बाद उन्होंने आश्रम परिसर में संचालित चिकित्सा एवं जनसेवा से संबंधित गतिविधियों का निरीक्षण किया।

भ्रमण के क्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने ‘अघोरेश्वर भगवान राम योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र’ का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में संचालित चिकित्सा व्यवस्था, प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा जनहित में किए जा रहे स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। केंद्र की व्यवस्थाओं को देखने के साथ ही उन्होंने वहां कार्यरत लोगों से चिकित्सा सेवाओं और गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

स्वास्थ्य मंत्री ने आश्रम परिसर में संचालित योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी गतिविधियों तथा सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था के साथ सेवा भावना और जनहित की सोच का भी महत्वपूर्ण स्थान है। आश्रम द्वारा चिकित्सा सेवा, प्राकृतिक चिकित्सा और समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए किए जा रहे कार्यों को उन्होंने सराहनीय बताया।

इस दौरान आश्रम परिसर में आध्यात्मिक वातावरण के बीच स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन किया और आश्रम की सेवा गतिविधियों को करीब से जाना। उनके आश्रम प्रवास के दौरान आश्रम से जुड़े पदाधिकारियों एवं सेवाभावी लोगों ने भी विभिन्न व्यवस्थाओं और सेवा कार्यों की जानकारी दी। दर्शन-पूजन और आश्रम भ्रमण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने बिहार सहित देशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। उनके इस आश्रम प्रवास के दौरान आध्यात्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य सेवा और जनकल्याण के कार्यों के प्रति भी विशेष रुचि दिखाई दी।

और भी

सेवा ही संकल्प, जनहित ही उद्देश्य: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सेवा विभाग जशपुर ने लोधमा में लगाया विशाल स्वास्थ्य शिविर, 148 लोगों की जांच कर बांटी दवाइयां, 13 रक्तदाताओं ने दिया मानव सेवा का संदेश

नारायणपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर संघ के सेवा विभाग, जशपुर के तत्वावधान में कुनकुरी खंड के ग्राम लोधमा में विशाल स्वास्थ्य शिविर एवं विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ मां भारती का पूजन कर किया गया। आयोजन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सेवा कार्य किया गया।

शिविर में कुनकुरी खंड के करीब 10 से 12 गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लिया। इस दौरान कुल 148 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उन्हें आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया। वहीं जनहित और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के उद्देश्य से आयोजित विशेष रक्तदान शिविर में 13 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर सेवा भावना का परिचय दिया।

स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं दीं। एलोपैथिक चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ. एस.एन. दर्शन, आयुर्वेद चिकित्सा में डॉ. पीसी पटेल एवं डॉ. रविशंकर सिंह तथा होम्योपैथिक चिकित्सा में भारती पैंकरा ने मरीजों की जांच एवं उपचार संबंधी परामर्श दिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ ने भी शिविर के सफल आयोजन में विशेष योगदान दिया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेवा विभाग द्वारा आयोजित इस शिविर को ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की पहल के रूप में देखा गया। शिविर में चिकित्सा परामर्श, स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और रक्तदान जैसी गतिविधियों के माध्यम से सेवा एवं जनहित की भावना को आगे बढ़ाया गया। संघ के स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

और भी

प्यार और शादी का झांसा देकर 17 वर्षीय नाबालिग को घर से ले गया युवक, तपकरा पुलिस ने आरोपी के घर दबिश देकर बालिका को सकुशल बरामद किया,आरोपी गिरप्तार

जशपुर। जशपुर जिले के तपकरा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को प्यार और शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने 25 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नाबालिग बालिका को आरोपी के घर से सकुशल बरामद कर आवश्यक कार्रवाई के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया है। आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 137(2), 64(1), 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान निरोज टोप्पो, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, 28 जून 2026 को तपकरा थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी की 17 वर्षीय पुत्री अपनी सहेली के घर मेहमान जाने की बात कहकर घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर आसपास के क्षेत्रों सहित संभावित स्थानों पर उसकी लगातार तलाश की, लेकिन बालिका का पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर बालिका को भगाकर ले जाने की आशंका जताते हुए 10 जुलाई 2026 को थाना तपकरा में रिपोर्ट दर्ज कराई।

रिपोर्ट के आधार पर थाना तपकरा में अपराध क्रमांक 48/2026 दर्ज कर बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने नाबालिग बालिका की तलाश शुरू करने के साथ ही मामले की विवेचना भी प्रारंभ कर दी।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी कुनकुरी के पर्यवेक्षण में थाना तपकरा पुलिस लगातार बालिका की पतासाजी में जुटी रही। विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर तंत्र और परिजनों के सहयोग से महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि नाबालिग बालिका तपकरा थाना क्षेत्र में ही आरोपी निरोज टोप्पो के घर में मौजूद है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल आरोपी के घर दबिश दी। पुलिस ने वहां से नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी निरोज टोप्पो को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान नाबालिग बालिका ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे प्यार और शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। बालिका के बयान तथा विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं।

मामले की विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं नाबालिग बालिका को आवश्यक कार्रवाई के बाद सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया गया।

पुलिस ने बताया कि नाबालिग बालिका की तलाश, बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिलोक प्रधान, सउनि राजनाथ भगत, प्रधान आरक्षक अजय कुमार लकड़ा, प्रधान आरक्षक श्रीराम नायक, महिला आरक्षक मंजु यादव, आरक्षक पुनित साय, आरक्षक बृषिकेशन पैंकरा एवं सैनिक बसंत नायक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि तपकरा थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। बालिका को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि जशपुर पुलिस बालिकाओं एवं महिलाओं से संबंधित अपराधों को लेकर संवेदनशील है और ऐसे मामलों में आरोपियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

और भी

नशामुक्त और स्वस्थ बगीचा के संकल्प के साथ निकला वॉकथॉन, ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर की सहभागिता

नारायणपुर । ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत रविवार को बगीचा नगर में वॉकथॉन का आयोजन किया गया। तहसील चौक से बस स्टैंड तक आयोजित इस वॉकथॉन में जनपद पंचायत बगीचा के उपाध्यक्ष अरविन्द गुप्ता सहित जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, छात्र-छात्राओं और नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। वॉकथॉन के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने तथा स्वच्छ, स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।

वॉकथॉन की शुरुआत तहसील चौक से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रतिभागियों ने नगर में पैदल मार्च करते हुए नशामुक्ति, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक किया। आयोजन के दौरान युवाओं और विद्यार्थियों की विशेष भागीदारी रही। वॉकथॉन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।

कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभात सिदाम, जिला महामंत्री मुकेश शर्मा, पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष शंकर गुप्ता, मंडल महामंत्री राजकिशोर जायसवाल सहित महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, पार्षदगण एवं एल्डरमैन मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिकों ने भी वॉकथॉन में हिस्सा लिया।

वहीं प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) बगीचा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी कार्यक्रम में शामिल हुए। छात्र-छात्राओं ने भी उत्साह के साथ वॉकथॉन में भाग लेकर नशामुक्ति और स्वस्थ समाज के संदेश को आगे बढ़ाया।

इस अवसर पर जनपद पंचायत बगीचा के उपाध्यक्ष अरविन्द गुप्ता ने कहा कि नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना समाज के लिए महत्वपूर्ण है।

वॉकथॉन के दौरान प्रतिभागियों ने लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ जीवन अपनाने का संदेश दिया। आयोजन के माध्यम से नगरवासियों को स्वच्छता बनाए रखने और सामाजिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए भी प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा— “सेवा ही संकल्प है, सेवा ही हमारा योगदान है।” ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत आयोजित इस वॉकथॉन ने बगीचा में सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी का संदेश दिया।

और भी

गृह ग्राम मुंडाडीह में ‘मन की बात’ सुनने जुटे कार्यकर्ता, विधायक गोमती साय ने प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को बताया सेवा और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा

पत्थलगांव। गुजरात प्रदेश संगठन सहप्रभारी एवं पत्थलगांव विधायक तथा सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने रविवार को अपने गृह ग्राम मुंडाडीह स्थित निज निवास में कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 138वें मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का श्रवण किया।

इस दौरान विधायक गोमती साय और उपस्थित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों के साथ साझा किए गए विभिन्न प्रेरणादायी विचारों और जनहित से जुड़े विषयों को सुना। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण से जुड़े प्रयासों को लेकर देशवासियों से संवाद किया।

कार्यक्रम के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के विचारों से प्रेरणा लेते हुए जनसेवा और जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ता एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

और भी

महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त ने बदली लक्ष्मी मांझी की जिंदगी, राशि बचाकर खरीदी सिलाई मशीन, अब घर बैठे सिलाई कर परिवार की आर्थिक जरूरतों में निभा रहीं अहम भागीदारी

रायपुर, 27 सितम्बर 2026/ महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई राह खोल रही है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वरोजगार की दिशा में भी कदम बढ़ा रही हैं। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत गोरखपुर के आवास मोहल्ला निवासी श्रीमती लक्ष्मी मांझी की कहानी भी इसी बदलाव की एक प्रेरक मिसाल है।

श्रीमती लक्ष्मी मांझी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें लगातार आर्थिक सहायता मिल रही है। योजना की 31वीं किस्त की राशि भी उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई है। इस आर्थिक सहायता ने उनके लिए न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करना आसान बनाया, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर भी दिया।

*सिलाई मशीन खरीदकर शुरू किया स्वरोजगार*

श्रीमती लक्ष्मी मांझी ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को बचाकर सिलाई मशीन खरीदने का निर्णय लिया। सिलाई मशीन मिलने के बाद उन्होंने घर से ही सिलाई का काम शुरू कर दिया। अब वे आसपास की महिलाओं और परिवार के लोगों के कपड़े सिलकर अपनी आय अर्जित कर रही हैं।

पहले जहां अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता रहती थी, वहीं अब सिलाई के काम से होने वाली आमदनी के माध्यम से श्रीमती लक्ष्मी मांझी परिवार की आर्थिक व्यवस्था में स्वयं योगदान दे रही हैं। घर से ही काम करने की सुविधा के कारण वे घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए स्वरोजगार भी कर पा रही हैं।

*बच्चों की पढ़ाई में भी कर रहीं सहयोग*

श्रीमती लक्ष्मी मांझी बताती हैं कि सिलाई से होने वाली आय और महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में भी कर रही हैं। बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर पाना उनके लिए संतोष और आत्मविश्वास का विषय है।

वे कहती हैं कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत हुई है। इसी सहायता को बचाकर उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और आज यही मशीन उनके लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन गई है। इससे उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा है और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है।

*प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से घरेलू जीवन भी हुआ आसान*

श्रीमती लक्ष्मी मांझी को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन का लाभ भी प्राप्त हुआ है। इससे खाना बनाने के लिए स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिली है और घरेलू कार्य पहले की तुलना में अधिक आसान हुए हैं। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने से उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

*सरकारी योजनाओं का लाभ बन रहा आत्मनिर्भरता का आधार*

श्रीमती लक्ष्मी मांझी का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ जब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है, तो उसका असर केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवारों को आगे बढ़ने और अपने लिए नए अवसर तैयार करने का रास्ता भी मिलता है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने अपनी जरूरतों के साथ-साथ स्वरोजगार शुरू करने में किया, जिससे अब वे स्वयं आय अर्जित कर रही हैं।

श्रीमती लक्ष्मी मांझी ने महतारी वंदन योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं से मिली सहायता ने उनके परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।

लक्ष्मी मांझी की यह कहानी इस बात की मिसाल है कि यदि आर्थिक सहायता का सही उपयोग किया जाए तो सरकारी योजनाएं परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का आधार भी बन सकती हैं।

और भी

मुख्यधारा से जुड़ रहे पुनर्वासित युवाओं को मिला अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच, नारायणपुर प्रशासन और NSD की पहल से 30 दिवसीय नाट्य प्रशिक्षण, चक्रधर समारोह में मिली बड़ी प्रस्तुति का अवसर

रायपुर, 27 सितम्बर 2026/ नारायणपुर जिला प्रशासन द्वारा पुनर्वासित एवं मुख्यधारा से जुड़ रहे युवाओं को कला एवं रंगमंच के माध्यम से सशक्त करने की दिशा में एक अभिनव पहल की गई। जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), नई दिल्ली के साथ समन्वय कर नारायणपुर में 30 दिवसीय प्रस्तुतिपरक नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित कराई गई।

जिला प्रशासन की पहल पर NSD, नई दिल्ली की टीम द्वारा पुनर्वासित सरेंडर नक्सल युवाओं एवं स्थानीय युवाओं को 30 दिनों तक नाट्य एवं कला का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को अभिनय, रंगमंच, प्रस्तुति एवं कला की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

इस 30 दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना, उनमें आत्मविश्वास विकसित करना तथा उन्हें कला एवं संस्कृति के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना रहा। मूल कार्यशाला में 100 पुनर्वासित आदिवासी युवा तथा 25 स्थानीय युवा शामिल हुए थे।

*प्रशिक्षण से मंच तक का सफर*

30 दिवसीय प्रशिक्षण के उपरांत पुनर्वासित युवाओं ने तैयार की गई नाट्य एवं कला प्रस्तुति का मंचन किया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सरेंडर नक्सल युवाओं ने रायगढ़ में आयोजित चक्रधर समारोह के समापन समारोह में भी अपनी प्रस्तुति दी। यह प्रस्तुति उनके लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक मंच पर अपनी कला और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर रही।

हिंसा से प्रभावित अतीत से निकलकर इन युवाओं का रंगमंच और कला के माध्यम से अपनी पहचान बनाना, उनके पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ने की प्रक्रिया में एक सकारात्मक कदम के रूप में सामने आया है।

जिला प्रशासन द्वारा इस पहल की परिकल्पना युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने तथा बस्तर की कला एवं संस्कृति को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।

नारायणपुर जिला प्रशासन और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के इस समन्वित प्रयास ने पुनर्वासित युवाओं के लिए कला को अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल प्रस्तुत की है।

और भी

‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ का ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोषण से जुड़ी इस स्थानीय पहल की सराहना कर जनभागीदारी और स्थानीय संसाधनों को बताया कुपोषण के खिलाफ प्रभावी माध्यम

रायपुर, 27 सितम्बर 2026/ कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की एक स्थानीय पहल अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने पोषण की चुनौती से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़ने वाली इस पहल की सराहना की।

छत्तीसगढ़ में सितंबर माह को पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य मुनगा के पौधे को घर-घर पहुंचाने के साथ उसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति परिवारों को जागरूक करना है।

मुनगा या सहजन छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर सहज उपलब्ध है। पोषक तत्वों से भरपूर मुनगा स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन ए, सी, कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व के साथ ही औषधीय गुणों से युक्त है। मुनगा को अपने भोजन में पौष्टिक आहार के रूप में शामिल करने की पहल बेहतरीन है। मुनगे के पेड़ को पेड़ तेजी से बढ़ता है और अपेक्षाकृत कम देखभाल की जरूरत होती है। मुनगा पोषण, औषधीय गुणों एवं हरियाली के दृष्टिगत महत्वपूर्ण पौधा माना गया है। स्थानीय भोजन और पोषण से जोड़ते हुए राज्य सरकार ने इसे कुपोषण के खिलाफ अभियान का हिस्सा बनाया है। खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण के लिए ध्यान केंद्रित कर ’हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान चलाया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों को इस अभियान का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है, जहां पोषण जागरूकता के साथ परिवारों को मुनगा के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

’हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों एवं जनमानस के घरों के लिए व्यापक तौर पर मुनगे के पौधे का वितरण किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रदेशभर में अब तक कुल 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा के पौधें का वितरण का किया गया है। जिलों में क्रमशः बस्तर जिले में 25,244, कांकेर जिले में 43,071, दंतेवाड़ा में 7,056, नारायणपुर में 21,224, बीजापुर में 15699, सुकमा में 4,835, कोंडागांव में 31983, सरगुजा में 43754, कोरिया में 19022, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 11939, सूरजपुर में 64599, बलरामपुर में 27107, जशपुर जिले में 1,62271 पौधे लगाएं गए है।

इसी प्रकार रायपुर जिले में 23948, महासमुंद में 6420, धमतरी में 48833, बलौदाबाजार में 28398, गरियाबंद में 10527, दुर्ग में 42474 राजनांदगांव जिले में 3480, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 21991, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 39222, कबीरधाम में 75776, बेमेतरा में 19575, बालोद में 50933, बिलासपुर में 14965, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 43007, जांजगीर-चांपा में 57653, सक्ती में 6425, कोरबा में 1,01,002, रायगढ़  में 41,776, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 9,824, मुंगेली जिले में 6,518 पौधे लगाएं गए है।

इस पहल की खास बात यह है कि इसमें किसी महंगे या बाहरी संसाधन के बजाय स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध पौधे को पोषण अभियान का माध्यम बनाया गया है। यानी घर के आंगन में लगा एक पौधा परिवार के भोजन में पोषण बढ़ाने के साथ कुपोषण के खिलाफ जागरूकता का भी जरिया बने। ‘हर घर मुनगा’ को केवल पौधरोपण अभियान के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसके जरिए पौधरोपण, पोषण जागरूकता, आंगनबाड़ी सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

और भी

जापान में एशियन गेम्स में भारत को स्वर्ण दिलाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी से उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वीडियो कॉल पर की बातचीत, उपलब्धि पर जताई खुशी और कहा—पूरे प्रदेश को अपनी बेटी की सफलता पर गर्व

रायपुर. 27 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने जापान में इन दिनों चल रहे एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी से वीडियो कॉल पर बात कर बधाई दी। श्री साव ने बातचीत के दौरान संजू देवी की स्वर्णिम सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए उनसे कहा कि आपने देश के साथ छत्तीसगढ़ को भी गौरवान्वित किया है। आपकी मेहनत, संघर्ष और खेल के प्रति जुनून प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने संजू देवी को आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश को अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व है। बातचीत के दौरान संजू देवी ने आगे बढ़ने और अपने खेल को निखारने के लिए राज्य शासन तथा खेल विभाग की ओर से मिले सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए  आभार जताया।

श्री साव ने कहा कि संजू देवी की यह सफलता उनके समर्पण और लगातार संघर्ष का परिणाम है। खेल के प्रति उनका जुनून प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। खासकर खेलों में आगे बढ़ने का सपना देख रही बेटियों को उनकी उपलब्धि नई प्रेरणा देगी।

बिलासपुर के बहतराई खेल अकादमी में प्रशिक्षण ले रही कोरबा की संजू देवी भारतीय कबड्डी टीम की महत्वपूर्ण सदस्य है। भारत की ओर से खेलते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों में तीसरी स्वर्णिम सफलता हासिल की है। उन्होंने कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में भी भारत को विजेता बनाने में उम्दा प्रदर्शन किया था।

और भी

इन्द्रावती पार माड़ क्षेत्र में बाढ़ के बीच फंसे पटवारी-सर्वेयर दल के 6 कर्मचारियों को जिला प्रशासन ने कराया एयरलिफ्ट, बीजापुर पहुंचने के बाद जिला अस्पताल में हुई स्वास्थ्य जांच, सभी सुरक्षित और स्वस्थ

रायपुर, 27 सितंबर 2026/  लगातार बारिश और बाढ़ के बीच इन्द्रावती नदी पार माड़ क्षेत्र में फंसे पटवारी एवं सर्वेयर सहित 6 कर्मचारियों को जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बीजापुर लाया गया। जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद सभी कर्मचारियों का जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें सभी की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई।

उल्लेखनीय है कि गिरदावरी सर्वे कार्य के लिए पटवारी एवं सर्वेयर का 6 सदस्यीय दल बड़ेपल्ली और गुट्टामंगी क्षेत्र में गया था। इसी दौरान लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में जलस्तर बढ़ गया और क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति निर्मित होने से कर्मचारी वहीं फंस गए। कर्मचारियों के फंसे होने की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री विश्वदीप ने तत्काल रेस्क्यू की कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने बिना समय गंवाए एयरलिफ्ट की व्यवस्था कर सभी 6 कर्मचारियों को सुरक्षित जिला मुख्यालय पहुंचाया।

जिला अस्पताल में कलेक्टर श्री विश्वदीप की उपस्थिति में कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। सुरक्षित लौटे कर्मचारियों के चेहरे पर राहत और अपनों से दोबारा मिलने की खुशी साफ दिखाई दी। कलेक्टर ने कठिन परिस्थितियों में अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए कर्मचारियों के कार्य की सराहना की।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि बाढ़ और आपदा की परिस्थितियों में जिला प्रशासन पूरी सजगता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव दल लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके और जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

बाढ़ की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच जिला प्रशासन की त्वरित पहल से 6 कर्मचारियों की सुरक्षित वापसी ने यह भरोसा मजबूत किया कि आपदा की घड़ी में प्रशासन हर कदम पर अपने लोगों के साथ खड़ा है।इस दौरान आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी श्री मुकेश देवांगन, तहसीलदार श्री पंचराम सलामे, जिला सेनानी श्री पी.बी. सिदार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

और भी

जशपुर में पक्के मकानों से बदली गरीब परिवारों की जिंदगी, प्रधानमंत्री आवास योजना ने वर्षों पुराने सपनों को दिया आकार, 1.12 लाख से अधिक आवास स्वीकृत और 96,801 परिवारों को मिला पक्का घर

रायपुर, 27 सितम्बर 2026/ कभी बारिश में टपकती छत और कमजोर दीवारों के बीच रात गुजारने को मजबूर परिवार आज अपने पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना जशपुर जिले के ऐसे हजारों परिवारों के लिए केवल एक आवास योजना नहीं, बल्कि वर्षों पुराने सपने को साकार करने और जीवन में स्थायित्व लाने का माध्यम बनी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में अब तक 1 लाख 12 हजार 948 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 96 हजार 801 आवास पूर्ण हो चुके हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों तक भी पक्के आवास और बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। वहीं मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुरूप आवास प्लस 2.0 के तहत पूर्व में छूटे परिवारों का सर्वेक्षण कर पात्रतानुसार उन्हें भी योजना से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

*कच्चे मकान की चिंता खत्म, पक्की छत ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा*

जशपुर जिले के अनेक परिवारों का जीवन वर्षों तक कच्चे मकानों में अभाव और कठिनाइयों के बीच बीता। कमजोर दीवारें, टूटी-फूटी छत और बरसात के दिनों में घर के भीतर टपकता पानी उनकी रोजमर्रा की परेशानी का हिस्सा था। बारिश के दौरान सामान को भीगने से बचाना और परिवार के लिए सुरक्षित जगह तलाशना बड़ी चुनौती होती थी। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण अपना पक्का घर बनाना ऐसे परिवारों के लिए आसान नहीं था।

प्रधानमंत्री आवास योजना ने इस स्थिति को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पक्की छत मिलने से परिवारों को मौसम की मार से सुरक्षा के साथ अपने घर में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का भरोसा मिला है। आज ये आवास केवल ईंट और सीमेंट से बने मकान नहीं, बल्कि परिवारों के बेहतर भविष्य, सुरक्षा और आत्मसम्मान की मजबूत नींव बन रहे हैं।

*जशपुर में 1.12 लाख से अधिक आवास स्वीकृत, 96,801 आवास पूर्ण*

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में अब तक कुल 1 लाख 12 हजार 948 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 96 हजार 801 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन पक्के घरों में हजारों परिवार अब अपने बच्चों और परिजनों के साथ सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार का प्रयास किया जा रहा है। आवास के साथ स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी जैसी बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच परिवारों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने में सहायक हो रही है। इस तरह पक्का मकान परिवार की सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और बेहतर जीवन स्तर का भी आधार बन रहा है।

*पीएम जनमन से पहाड़ी कोरवा परिवारों के जीवन में आया बदलाव*

जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों तक विकास की बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2023 से 2025 तक जिले में पीएम जनमन के अंतर्गत 2,100 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 1,614 से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं।

इससे विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को सुरक्षित पक्के आवास का लाभ मिला है। पीएम जनमन के तहत आवास के साथ स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सड़क एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी और स्थायी आजीविका जैसी बुनियादी आवश्यकताओं तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की यह पहल उनके जीवन में स्थायी बदलाव का आधार बन रही है।

*आवास प्लस 2.0 : छूटे 1.02 लाख से अधिक परिवारों का हुआ सर्वेक्षण*

पक्के आवास की सुविधा से कोई पात्र परिवार वंचित न रहे, इसके लिए आवास प्लस 2.0 के तहत जिले में पूर्व में छूटे परिवारों का पुनः सर्वेक्षण किया गया है। इसके अंतर्गत 1 लाख 2 हजार 371 परिवारों का सर्वे किया गया है। सर्वेक्षण के बाद निर्धारित पात्रता के आधार पर परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित संबंधित योजनाओं से लाभान्वित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इस पहल से उन जरूरतमंद परिवारों के लिए भी पक्के आवास की उम्मीद मजबूत हुई है, जो किसी कारणवश पूर्व में योजना में शामिल नहीं हो पाए थे। इससे जिले में पक्के आवास का दायरा और व्यापक होगा तथा अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंच सकेगा।

*एक पक्का घर, परिवार के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव*

प्रधानमंत्री आवास योजना से जशपुर में दिखाई दे रहा बदलाव केवल मकानों की बढ़ती संख्या तक सीमित नहीं है। पक्के घर ने हजारों परिवारों को मौसम की चिंता से राहत, बच्चों को बेहतर वातावरण और पूरे परिवार को सुरक्षा तथा सम्मान का अहसास दिया है। पीएम जनमन और आवास प्लस 2.0 जैसी पहलों के माध्यम से इस बदलाव का दायरा दूरस्थ और वंचित परिवारों तक भी लगातार बढ़ रहा है।

सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच जशपुर के हजारों पक्के आवास बदलाव की एक सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। कभी जो पक्का घर परिवारों के लिए दूर का सपना था, वही आज उनके सुरक्षित वर्तमान और बेहतर भविष्य का आधार बन चुका है।

और भी

प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की पोषण पहल को मिली राष्ट्रीय पहचान, मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा- ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान प्रदेशवासियों के लिए गौरव का विषय

रायपुर, 27 सितंबर 2026/ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज नया रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से जुड़े विभिन्न प्रेरणादायी प्रयासों, जनभागीदारी, पोषण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्थानीय उत्पादों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सितंबर माह कुपोषण के खिलाफ जागरूकता और पोषण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है तथा छत्तीसगढ़ में लोगों को पौष्टिक मुनगा यानी मोरिंगा को अपने खान-पान में शामिल करने के लिए प्रेरित करने की पहल की जा रही है।

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ जैसे सशक्त माध्यम से छत्तीसगढ़ की ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ पहल का उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के लिए गर्व और हर्ष का विषय है। यह छत्तीसगढ़ की सकारात्मक सोच, जनभागीदारी और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से पोषण को बढ़ावा देने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे जनहितकारी और प्रेरणादायी प्रयासों को देशवासियों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के अलग-अलग वर्गों द्वारा किए जा रहे सकारात्मक कार्यों को व्यापक पहचान मिलती है और अन्य लोगों को भी ऐसे प्रयासों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि मुनगा पोषण की दृष्टि से उपयोगी स्थानीय संसाधन है। ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान के माध्यम से इसे लोगों के दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने के लिए जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा इस पहल का उल्लेख छत्तीसगढ़ में पोषण के प्रति जनजागरूकता और जनभागीदारी को और गति देगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान केवल अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत से ही नहीं, बल्कि स्थानीय संसाधनों और सामुदायिक सहभागिता से जुड़ी अनेक सकारात्मक पहलों से भी बन रही है। ‘मन की बात’ में इन प्रयासों की चर्चा होना प्रदेश की जमीनी पहलों को देश के व्यापक मंच से जोड़ने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से सामने आने वाली प्रेरणादायी कहानियां हमें यह संदेश देती हैं कि जनभागीदारी से छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े सामाजिक बदलाव का माध्यम बन सकते हैं। हमें अपने आसपास हो रहे सकारात्मक प्रयासों से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत के संकल्प में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।

श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे क्षेत्रों में समाज की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामूहिक प्रयासों से ही इन अभियानों को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्थानीय स्तर पर होने वाली जनहितकारी पहलों से जुड़ें और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता महत्वपूर्ण है।

और भी

नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर शांति और विकास की नई राह पर बढ़ रहा कांकेर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लामकन्हार में सुनी ‘मन की बात’ और 85 लाख के विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर 27 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और नवाचारों को ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उनके द्वारा लगातार उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है। इससे हमारे स्थानीय प्रयासों को नई पहचान मिलने के साथ ही बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं तथा इनमें आयरन सहित अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

*प्रधानमंत्री ने पोषण से लेकर स्वच्छता, पर्यावरण और ‘वोकल फॉर लोकल’ तक विभिन्न विषयों पर किया संवाद*

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया।

प्रधानमंत्री ने सितंबर माह को कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को समर्पित पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। इस अभियान के माध्यम से लोगों को पौष्टिक मुनगा अर्थात मोरिंगा को दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने और इसके पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

*छत्तीसगढ़ के नवाचारों की ‘मन की बात’ में लगातार हो रही चर्चा*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार स्थान दे रहे हैं। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में प्राप्त ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ जैसे प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ स्थानीय आवश्यकता और जनभागीदारी से निकला एक प्रभावी समाधान है। इसके अंतर्गत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे आवश्यकता के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। ऐसे नवाचार बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ‘मन की बात’ में ऐसे कार्यों को देश के सामने लाकर उनसे जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन करते हैं। साथ ही देश के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी अपने गांव, शहर और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है।

*नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा क्षेत्र*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ दूरस्थ अंचलों में विकास के नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल दशकों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्र में शांति के साथ समृद्धि और विकास को गति देने में जुटी है।

*लामकन्हार के विकास के लिए 85 लाख रुपए की सौगात*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने लामकन्हार में शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड निर्माण के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लामकन्हार में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। लामकन्हार में घोषित इन विकास कार्यों से ग्रामीणों के साथ ही विद्यार्थियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

*‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया अमरूद का पौधा*

‘मन की बात’ कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण सरकार के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की नींव मजबूत करेगा।

कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी  सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

और भी

जशपुर से लेकर सभी विकासखंडों तक निकली वॉकथॉन, युवाओं की भागीदारी ने दिया स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्त समाज निर्माण का मजबूत संदेश

जशपुरनगर, 27 सितम्बर 2026/ सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय जशपुर सहित जिले के सभी विकासखंडों में वॉकथॉन (पदयात्रा) का आयोजन किया गया। 

पदयात्रा के माध्यम से युवाओं एवं आम नागरिकों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया गया।

वॉकथॉन में जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों तथा बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया तथा युवाओं से नशे की प्रवृत्ति से दूर रहकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने की अपील की।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक सहभागिता आवश्यक है। युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाकर स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सकता है। 


सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिले में जनभागीदारी के साथ सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

और भी