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देश के सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर बनेंगे रायपुर में....पूरे देश मे होगी सफ्लाई

नई दिल्ली : विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। देश की प्रतिष्ठित कंपनी करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने रायपुर में अत्याधुनिक ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया। इस इकाई में 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ का नाम देश के सबसे बड़े ट्रांसफॉर्मर निर्माण केंद्रों में शामिल हो जाएगा।

इस अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री विवेक जैन ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ सदन, नई दिल्ली में मुलाकात की। बैठक में प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा, निवेश संभावनाएं और रोजगार सृजन के आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई। श्री जैन ने बताया कि यह यूनिट तकनीकी दृष्टि से देश की सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई होगी, जो भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेश प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़, विकसित भारत 2047 के निर्माण में एक मजबूत स्तंभ बने। यह निवेश सिर्फ एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। राज्य सरकार इस परियोजना को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।”

यह परियोजना राज्य में बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, और उद्योग आधारित विकास को गति देगी। विशेष रूप से यह पहल “मेक इन छत्तीसगढ़” के नारे को मजबूती देती है, जहां अब अत्याधुनिक तकनीक से बने ट्रांसफॉर्मर पूरे देश को रोशन करने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।

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मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में बस्तर के नवाचारों की खुलकर सराहना....सीएम ने बताया—कैसे बस्तर बना संस्कृति, सहभागिता और विकास का मॉडल

रायपुर :राजधानी दिल्ली स्थित अशोक होटल में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन मॉडल, नवाचारों और जनभागीदारी आधारित योजनाओं ने विशेष पहचान बनाई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रस्तुत बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों का ध्यान आकर्षित किया। बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने प्रस्तुतीकरण की शुरुआत राज्य में सुशासन की संस्थागत पहल से की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन कर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। ‘अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से योजनाओं की निगरानी की जा रही है, जिससे शिकायतों का समाधान निर्धारित समय में संभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर ईमानदारी व संवेदनशीलता से लागू करना है।

बैठक में केंद्र की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं को छत्तीसगढ़ में ग्रामसभा, जनसंवाद और तकनीक के माध्यम से आमजन तक पहुँचाया गया है।

बैठक का सबसे प्रेरक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम पर विशेष प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘खेलोगे इंडिया, जीतोगे इंडिया’ मंत्र को उद्धृत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने इसे धरातल पर साकार किया है। बस्तर ओलंपिक अब सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति बन चुका है — जिसने युवाओं के हाथों से बंदूकें छीनकर गेंद, भाला और तीर थमा दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया इस आयोजन में 7 जिलों के 32 विकासखंडों से 1.65 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया। तीन चरणों — विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित यह प्रतियोगिता 11 पारंपरिक खेलों जैसे तीरंदाजी, खो-खो, कबड्डी, दौड़, रस्साकसी आदि पर केंद्रित थी। चार श्रेणियों — जूनियर, सीनियर, महिला और दिव्यांग — में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

मुख्यमंत्री साय ने दोरनापाल के पुनेन सन्ना का उदाहरण साझा किया, जो कभी नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्र से थे, पर आज व्हीलचेयर दौड़ में पदक जीतकर पूरे समाज के लिए प्रेरणास्तंभ बन गए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा करते हुए कहा था कि यह आयोजन केवल खेल नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा का उत्सव है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम उत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने न केवल आदिवासी संस्कृति, लोककलाओं और परंपराओं को संरक्षित किया, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय मंच भी प्रदान किया। इस आयोजन में 7 जिलों के 32 विकासखंडों की 1,885 ग्राम पंचायतों के 1,743 सांस्कृतिक दलों और 47,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। लोकनृत्य, गीत-संगीत, हाट-बाजार, पकवान प्रतियोगिताएं जैसे विविध रंगों से सजा यह उत्सव बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक को जोड़ते हुए बस्तर की एकता, पहचान और विकास का प्रतीक बन गया। सरकार द्वारा 2.4 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस आयोजन ने उत्सव और खेल के माध्यम से सकारात्मक भविष्य की नई चेतना जगाई है।

बैठक में जिन राज्यों को अपनी योजनाओं के प्रस्तुतीकरण का अवसर मिला, उनमें छत्तीसगढ़ का ‘बस्तर मॉडल’ बेहद प्रभावशाली रहा।जनभागीदारी, संस्कृति और विकास के इस अनोखे मेल ने सभी को प्रभावित किया। बैठक में सुझाव दिया गया कि जनभागीदारी व सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित ऐसे मॉडल्स को अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इन पहलों को अनुकरणीय बताते हुए सुझाव दिया कि ऐसे नवाचार, जो समाज की जड़ों से जुड़ते हों और विकास की दिशा तय करते हों, उन्हें  विस्तार दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के ‘बस्तर मॉडल’ को जिस तरह सराहा गया, उसने यह स्पष्ट किया कि जनसहभागिता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और विकास के समन्वय से किस तरह दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

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राज्य के 3 लाख 60 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को मिला पीएम आयुष्मान वय-वंदना कार्ड...देश में 5वें स्थान पर

रायपुर :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की  गई  पीएम आयुष्मान वय-वंदना योजना से 70 वर्ष व अधिक आयु के नागरिकों को निः शुल्क इलाज मिल रहा है। छत्तीसगढ मे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में राज्य के 3 लाख 60 हजार  से अधिक 70 वर्ष व अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय-वंदना कार्ड बन चुके हैं। इसकी वजह से छत्तीसगढ़ पूरे देश में वय वंदना कार्ड बनाने के मामले में  पांचवें स्थान पर पहुँच गया है। इस मामले में राज्य ने राजस्थान, महाराष्ट्र , ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों से आगे निकलकर कीर्तिमान रच दिया है ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर लगातार आयुष्मान वय-वंदना कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिससे कि कोई भी पात्र वरिष्ठ नागरिक योजनांतर्गत् निःशुल्क इलाज लाभ पाने से वंचित ना रह जाए।  जिलों में आयुष्मान वय-वंदना पंजीयन हेतु विभिन्न शासकीय विभागों के अतिरिक्त, सामाजिक संस्थाओं, पेंशनर संथाओं, शियान-सदन, वरिष्ठ-जन कल्याण संघों, वृद्धाश्रमों, निजी आवासीय सोसायटियों, इत्यादि से लगातार संपर्क कर शिविर लगाए जा रहे हैं। 

उल्लेखनीय है कि, कोई भी व्यक्ति जिसके माता-पिता या अन्य सदस्य यदि 70 वर्ष व अधिक आयु के हैं एवं उनके पास आधार कार्ड उपलब्ध है तो वे नजदीकी शासकीय चिकित्सालय, सी.एम.एच.ओ./ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय या शासकीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से निःशुल्क आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं या टोल फ्री टेलीफोन नंबर 104 पर बात कर अधिक जानकारी ले सकते हैं। व्यक्ति चाहे तो गूगल प्ले स्टोर से आयुष्मान भारत एप व आधार फेस आई.डी. एप डाउनलोड कर आधार वेरीफिकेशन से अपना सामान्य आयुष्मान कार्ड या घर के वरिष्ठ सदस्य का आयुष्मान वय-वंदना कार्ड दोनों पंजीयन स्वयं भी कर सकता है। उल्लेखनीय है कि माह अक्टूबर 2024 से देश में प्रारंभ वय-वंदना कार्ड पंजीयन में राज्य में नवंबर के बाद तेजी से कार्य किया जा सका है। 


राज्य शासन द्वारा 6 जिलों जहां 60 प्रतिशत से अधिक आयुष्मान वय-वंदना कार्ड पंजीयन कवरेज कर लिया गया है, को “वय-मित्र” जिलों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत् इन जिलों में वरिष्ठ नागरिकों को जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ‘वय-मित्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर’ का आयोजन, ‘मोबाइल मेडिकल यूनिट’ के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन, आयुष्मान-आरोग्य मंदिर में टेली-मेडिसीन व मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग व प्रत्येक बृहस्पतिवार ‘शियान-जतन शिविर’ का आयोजन, आयुष पद्धति से इलाज की सुविधा, मोतियाबिंद जांच, इत्यादि विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

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स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जशपुर प्रवेश हेतु होगा लिखित परीक्षा

**स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जशपुर प्रवेश हेतु होगा लिखित परीक्षा आवेदन होंगे जमा 
**प्रवेश सूचना 2025-26**  
जशपुर जिले के छात्र-छात्राओं के लिए स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय द्वारा कक्षा 9वीं एवं 11वीं (विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय) में रिक्त सीटों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। विवरण निम्नानुसार है:
 **रिक्त सीटों का विवरण**:  
1. *कक्षा 9वीं* 
     . बालक -  02सीट 
       

2. **कक्षा 11वीं (गणित संकाय)**:  
   - बालक -  07 सीट 
     बालिका - 05 सीट 

3. **कक्षा 11वीं (जीवविज्ञान संकाय)**:  
       बालक  - 09 सीट  

4. **कक्षा 11वीं (वाणिज्य संकाय)**:  
    बालिका -  02 सीट  

 **आवेदन प्रक्रिया**:  
- **आवेदन आरंभ**: 26 मई 2025  
- **अंतिम तिथि**: 10 जून 2025  
- **आवश्यक दस्तावेज**:  
  - जन्म प्रमाणपत्र  
  - निवास प्रमाणपत्र  
  - आधार कार्ड  
  - पिछली कक्षा की अंकसूची  
  - जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)  
  - पासपोर्ट आकार का फोटो  

- **आवेदन पत्र प्राप्ति**: विद्यालय कार्यालय से  कार्यालयीन समय पर निःशुल्क प्राप्त कर सकते है| आवेदन पत्र प्राप्त करने हेतु पिछली कक्षा की अंकसूची की छायाप्रति प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा
- *प्रवेश परीक्षा :-*
-  1.प्रवेश परीक्षा लिखित  होगा 
- 2. प्रवेश परीक्षा में प्रश्न पत्र पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम अर्थात 9वी के लिए( 8वीं कक्षा का पाठ्यक्रम ) एवं 11वीं के लिए (10वीं कक्षा का पाठ्यक्रम) होगा 
- *प्रवेश हेतु चयन प्राप्त अंको के मेरिट सूची आधार पर होगा* 
 
*महत्वपूर्ण तिथियाँ**:  
- **प्रवेश परीक्षा एवं मेरिट सूची प्रकाशन-16 जून 2025
**प्रवेश प्रक्रिया  17 से 20 जून 2025  
 **संपर्क सूचना**:  
कार्यालय स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जशपुर (छत्तीसगढ़)   मोबाइल नं. 8839308483,9340065543

नोट**: योग्य और इच्छुक छात्र-छात्राएँ अवश्य आवेदन करें।

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20 हजार रिक्त पदों पर पहले की जाए पदोन्नति,सेटअप 2008 से हटकर युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया स्वीकार्य नही

जशपुर : शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के प्रदेश संचालक संजय शर्मा ने कहा है कि सेटअप के आधार पर प्रदेश में प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला, शिक्षक व प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के 20 हजार पद पदोन्नति हेतु अभी भी रिक्त है, इन पदों की पूर्ति की प्रक्रिया विभाग द्वारा की जा रही है, तो बेहतर होगा कि पहले समस्त रिक्त पदों की पदोन्नति से पूर्ति किया जावे, लेकिन इससे पहले ही युक्तियुक्तकरण के नाम पर अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन किया जा रहा है। 

उन्होंने आगे कहा है कि अगर प्राचार्य, व्याख्याता, प्रायमरी व मिडिल प्रधान पाठक व शिक्षक के रिक्त पदों पर पहले पदोन्नति किया जाएगा तो सेटअप 2008 के आधार पर युक्तियुक्तकरण किए जाने से भी अधिसंख्य शिक्षक समायोजित हो जाएंगे।

एक तरफ प्रदेश में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का निर्णय लिया गया है वहीं  छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अपने ही विभाग व स्कूलों के सेटअप 2008 से छेड़छाड़ करके शिक्षा के अधिकार कानून की आड़ में प्रत्येक शालाओं से एक-एक शिक्षक कम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्राथमिक शाला और पूर्व माध्यमिक शाला में न्यूनतम छात्र संख्या के अनुसार शिक्षक अनुपात में 1 - 1 शिक्षक कम किया जा रहा है, हायर सेकेंडरी स्कूल में कॉमर्स विषय के व्याख्याता का 1 पद घटाया जा रहा है, यह दोषपूर्ण युक्तियुक्तकरण के निर्देश में सब जाहिर है।

इसके बाद भी शिक्षा विभाग अपनी शिक्षा गुणवत्ता अभियान को बढ़ाने के दावा कर रहा है जब शालाओं में शिक्षक ही नहीं होंगे या कम संख्या में शिक्षक होंगे तो स्वाभाविक रूप से शिक्षण व्यवस्था गुणवत्ता के विपरीत ही होगी।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश पदाधिकारी एल.डी.बंजारा,अनिल रावत,जयेश टोपनो जशपुर जिलाध्यक्ष, अनिल श्रीवास्तव,मिडिया प्रभारी अफरोज खान ने कहा है कि हजारों शिक्षक एक ही पद पर लगातार कार्य कर रहे हैं और वह उच्च पद पर पदोन्नति हेतु अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं ऐसे में शिक्षा विभाग द्वारा पहले पदोन्नति का कार्य पूर्ण किया जाए जिससे हजारों शिक्षक उच्च पदों पर पदोन्नति प्राप्त करेंगे और शालाओं में अतिशेष की संख्या न्यूनतम हो जाएगी, संभवतया पूर्ण पदोन्नति किए जाने के बाद युक्तियुक्तकरण करने की आवश्यकता ही नहीं होगी। उक्त पदाधिकारियो ने साझा मंच के तहत विभाग से अपील किया है की समय रहते शिक्षकों की पदोन्नति किया जावे, और पदोन्नति पश्चात सेटअप 2008 का पालन सभी स्कूलों के लिए किया जावे।

उन्होंने कहा है कि क्रमोन्नति के लिए शिक्षा विभाग द्वारा जनरल आर्डर किया जावे, पूर्व सेवा (प्रथम सेवा) अवधि की गणना कर पेंशन व अन्य लाभ दिया जावे, पदोन्नति में बीएड व डीएड दोनो को प्रशिक्षित मानकर पदोन्नति दिया जावे। शिक्षक साझा मंच की ओर से 23 शिक्षक संगठनों ने उक्त मांगपत्र विभाग को प्रस्तुत किया है, जिस पर अब तक निर्णय नहीं लिए जाने के कारण 28 मई को प्रदेश के शिक्षक मंत्रालय का घेराव करेंगे।

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दोकडा के नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर में श्री महाप्रभु का प्रतिमा प्रवेश उत्सव में शामिल हुईं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ,संध्या मे निकली भव्य कलश यात्रा, कल से शुरू होगा अष्ट प्रहरी हरि कीर्तन का आयोजन         

                                                                                                           

जशपुरनगर -कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा में रविवार  को एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन  हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की श्रीमती धर्मपत्नी कौशल्या साय ने नव-निर्मित श्री जगन्नाथ मंदिर में  प्रतिमा प्रवेश उत्सव में शामिल  हुई । पुरोहितों ने भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु ,सुभद्रा और बलराम जी की प्रतिमा का विधिवत पूजा करके मंदिर में प्रवेश कराया। इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने  भगवान जगन्नाथ की विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। प्रतिमा प्रवेश उत्सव के बाद  25 मई की शाम   को कलश यात्रा प्रारंभ हुआ, जो यहां के शिव मंदिर से निकलकर श्री जगन्नाथ मंदिर प्रांगण तक पहुंची। द्वितीय दिवस की पूजा में कौशल्या साय ने विशेष रूप से भाग लिया। गौरतलब है कि दोकड़ा में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 1942 से निकाली जा रही है। रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा गांव के पंडित स्व सुदर्शन सतपथी और उनकी पत्नी सुशीला सतपथी के द्वारा शुरू किया गया था। मंदिर का निर्माण 1968 में किया गया था। मंदिर के जर्जर होने के कारण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय ने विगत वर्ष में संकल्प लिया था ,कि मंदिर का जीर्णोद्धार करने भगवान जगन्नाथ मंदिर को नव निर्मित भवन बनाएंगे और मुख्यमंत्री का संकल्प पूरा हुआ। इस के संस्थापक स्व सुदर्शन सतपथी एवं उनकी धर्मपत्नी स्व सुशीला सतपथी थे। इस श्री जगन्नाथ मंदिर का निर्माण 2019 में भूमिपूजन हुआ था,प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने इस मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था,रविवार को  भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी, सुभद्रा मां, बलभद्र स्वामी जी मंदिर प्रवेश किए,इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय शामिल हुईं,कल से शुरू होगा 24 घंटे हरि कीर्तन नाम यज्ञ शुरू होगा। 24 मई को यज्ञ हवन तो 25 मई को श्री जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा का मंदिर प्रवेश, संध्या कलश यात्रा और 27 मई को पूर्णाहुति व दधीभंजन, नगर भ्रमण, ओडिशा भजन की प्रस्तुति और महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से दोकड़ा में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिली है, जिससे क्षेत्र की परंपराएं और आस्था और भी सशक्त हुई हैं।भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की प्रतिमा के मंदिर प्रवेश  को वैदिक रीति रिवाज़ से सम्पन्न कराने के लिए ओडिसा के जगन्नाथ पुरी से आचार्याे का समूह दोकड़ा आमंत्रित किया गया है। इस समूह में पंडित पदम्नाभो महापात्र, पंडित वासुदेव महापात्र, पंडित प्रशंत कुमार दास, पंडित जगन्नाथ मिश्र, शोभनाथ मिश्र, पंडित बादल कुमार मिश्र शामिल है। इस आयोजन समिति के स्वयं सेवक इन दिनों प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी को अंतिम रूप देने में जूटे हुए हैं।

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पुलिस की चार पहिया वाहन को हवलदार ने लाफ़रवाही  पूर्वक चलाते हुए घर को टक्कर मारते हुए पलटी. ...वाहन वे मकान हुआ क्षतिग्रस्त एसएसपी ने  हवलदार को किया निलंबित 


 नारायणपुर : बेकाबू चार पहिया वाहन घर के बाहरी हिस्से से टकरा कर पलट गई। दुर्घटना के समय आसपास सुनसान होने से बड़ी घटना टल गई। मामला जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के रानीकोम्बो गांव की है। प्रत्यक्षदर्शी सरपंच छक़कन राम भगत ने बताया की रविवार की सुबह लगभग साढ़े 7 बजे पुलिस विभाग की बोलेरो क्रमांक सीजी 03 ए 0037 रानीकोम्बो आई थी। वाहन को विभाग का हवलदार राजेश पैंकरा चला रहा था। वाहन की ठोकर से ग्रामीण का घर क्षतिग्रस्त हो गया है।  दुर्घटना में वाहन भी क्षतिग्रस्त हुई है। थाना प्रभारी के द्वारा उच्च अधिकारी को तत्काल अवगत कराया गया।एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया की मामले में कार्रवाई करते हुए हवलदार राजेश पैंकरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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प्रधानमंत्री  ने मन की बात में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की उपलब्धियों का किया जिक्र,कहा शिक्षा का क्षेत्र में भी परचम लहरा रहा है

रायपुर : प्रधानमंत्री  श्री नरेंद्र  मोदी  ने  'मन  की  बात' की  122 वीं  कड़ी में आज फिर  दंतेवाड़ा जिले  की  उपलब्धियों  का  जिक्र  किया। 
प्रधानमंत्री  श्री  मोदी  ने  कहा  कि  मन  की  बात  में  हम  बस्तर  ओलंपिक  और  माओवाद प्रभावित  क्षेत्रों  में साइंस  लैब  की  चर्चा  कर  चुके  हैं। यहां के बच्चों में साइंस का पेशन है।   स्पोर्ट्स में भी कमाल कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों से पता चलता है कि इन इलाकों में रहने वाले लोग कितने साहसी  होते हैं। इन्होंने तमाम चुनौतियों के बीच अपने  जीवन को बेहतर बनाने की  राह  चुनी है। मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा में दंतेवाड़ा जिले के नतीजे बहुत शानदार रहे। करीब 95 प्रतिशत के साथ यह जिला दसवीं के नतीजों में टॉप पर रहा। वहीं  12वीं की परीक्षा में छत्तीसगढ़ में छठा स्थान हासिल किया। सोचिए जिस दंतेवाड़ा जिले में  कभी  माओवाद चरम पर था, वहां आज  शिक्षा का परचम लहरा रहा है। ऐसे  बदलाव हम सभी को गर्व से भर देते हैं।

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बिलासपुर की प्रकृति कश्यप का छत्तीसगढ़ सब जूनियर नेटबॉल राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ चयन 

बिलासपुर : बिलासपुर की प्रकृति कश्यप का 31वीं सब जूनियर नेटबॉल राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है जो  कि इंदौर ( म.प्र ) में 25/05/2025 से 27/05/2025 तक आयोजित है जिसमें  छत्तीसगढ़ की टीम भी हिस्सा ले रही है और जिले के सौम्या सतवानी को बालक टीम के मैनेजर के लिए नियुक्त किया गया है जिला नेटबॉल संघ बिलासपुर जिसमें वरिष्ठ संरक्षक श्री अनिल मिश्रा जी श्री प्रवीण बिसेन जी श्री धीरेंद्र सिंह जी अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह जी उपाध्यक्ष श्री नवनीत पांडेय जी श्री विमल राय जी,श्री अजय यादव जी  श्री अख्तर खाँन जी नवीन नागदौने जी श्री आतिस् पारिख जी सचिव श्री योगेश साहू जी सह सचिव श्री श्रीमती सृष्टि कांस्कर् जी  श्रीमती राजेश्वरी साहू जी श्री रूपेन्द्र ठाकुर जी श्री शेख तौसीफ  जी श्री भूपेंद्र पारचे जी कोषाध्यक्ष श्री उत्तम साहू जी,  श्री प्रमोंद विश्वास जी श्री अमित यादव जी श्री मोहन निषाद जी आदित्य कशयप जी निलेश कांत श्रीवाश जी महेंद्र यादव जी सतेंद्र पूरी जी अमित वैष्णव जी गौरव शुक्ला जी टी प्रतीक जी गौरव तिवारी जी अरुण दुबे जी प्रकृति कस्कार जी प्रियंका सोनवानी सभी पदाधिकारियों ने प्रकृति  और सौम्या को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की।

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प्रधानमंत्री के समक्ष मुख्यमंत्री साय का आत्मनिर्भर बस्तर विजन,75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था और 3T मॉडल के साथ 2047 का लक्ष्य

रायपुर : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ का दूरदर्शी विकास मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला बस्तर अब देश को विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल देने जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने नीति आयोग के मंच पर छत्तीसगढ़ के लिए 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था का दीर्घकालिक लक्ष्य रखा और इसके केंद्र में ‘3T मॉडल’ (Technology, Transparency, Transformation) को बताया। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन अब तकनीक आधारित, पारदर्शी और तेज़ गति से निर्णय लेने वाला बन रहा है। हर योजना को डिजिटली ट्रैक किया जा रहा है, ताकि आम जनता को समय पर और सटीक सेवाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह मॉडल न केवल छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने में सहायक होगा, बल्कि भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में भी राज्य की अहम भूमिका सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2047 तक के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की है, जिसके तहत राज्य की अर्थव्यवस्था को 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान प्रति व्यक्ति आय में 10 गुना वृद्धि का अनुमान है। इस रणनीति को ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ नाम दिया गया है, जिसमें राज्य के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास की समग्र योजना निहित है।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, कृषि, आईटी, पर्यटन और कौशल विकास जैसे 13 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इन सभी क्षेत्रों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु 10 विशिष्ट मिशन प्रारंभ किए गए हैं।

*बस्तर अब संघर्ष नहीं, संभावना का प्रतीक*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब संघर्ष का नहीं, बल्कि संभावनाओं का क्षेत्र बन गया है। बस्तर और उसके आसपास के 32 ब्लॉकों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले गए हैं, जहां युवाओं को कंप्यूटर, स्वास्थ्य सेवा, फूड प्रोसेसिंग और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब यहां के बच्चे जंगल में लकड़ी चुनने के बजाय लैपटॉप और मशीनें चला रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बस्तर में अब बड़े निवेश आ रहे हैं। नवा रायपुर में स्थापित की जा रही देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर से बस्तर एवं समूचे राज्य में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। अब बस्तर ‘मेक इन इंडिया’ का उपयुक्त स्थल बन रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि  सरकार द्वारा मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए पुनर्वास, प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाएं तैयार की गई हैं। अब बस्तर में आदिवासियों को स्वरोजगार, प्रशिक्षण और बाज़ार की सुविधाएं मिल रही हैं। स्थानीय उत्पादों की बिक्री से रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। बस्तर का धुड़मारास गांव संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव’ की सूची में शामिल किया गया है।

*भौगोलिक और औद्योगिक अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क को 1100 किलोमीटर से बढ़ाकर 2200 किलोमीटर तक ले जाने का कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर 21 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। रायपुर एयरपोर्ट से अब कार्गो सेवा भी प्रारंभ हो चुकी है, जिससे राज्य एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा उपलब्ध है। विशेषकर स्टील, कोयला, डोलोमाइट और लिथियम जैसे संसाधनों की उपलब्धता के चलते छत्तीसगढ़ औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। स्टील उत्पादन क्षमता को 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन और बिजली उत्पादन को 2030 तक देश में शीर्ष स्थान तक ले जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां लिथियम ब्लॉक की सफल नीलामी हुई है। यह उपलब्धि ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

*प्रशासनिक नवाचार और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन*

मुख्यमंत्री श्री  साय ने राज्य सरकार द्वारा किए गए 350 से अधिक नीतिगत सुधारों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि जमीन पंजीकरण जैसे कार्य अब केवल 500 रुपये में घर बैठे संभव हो गए हैं। नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्ले स्कूल, हॉस्पिटल और कॉलेज खोलने वालों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

*नीति आयोग में छत्तीसगढ़ के 2047 रोडमैप की प्रमुख बातें*

1. *छत्तीसगढ़ - ऊर्जा और उद्योग की रीढ़*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ बिजली, कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे संसाधनों के माध्यम से भारत की औद्योगिक नींव को सुदृढ़ करता है। छत्तीसगढ़ की यह विशिष्टता देश के आर्थिक विकास को मजबूत आधार प्रदान करती है।

2. *खेती और जंगल – ग्रामीण समृद्धि का आधार*

कृषि, मछलीपालन और वनोपज आधारित आजीविका से ग्रामीणों और आदिवासियों की आय और आत्मनिर्भरता बढ़ी है जो आदिवासी और ग्रामीण जीवन की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन को परिलक्षित करता है।

3. *आदिवासी अधिकारों में नई क्रांति*

आदिवासी परिवारों को जमीन का अधिकार पाने की प्रक्रिया सरल होने से आदिवासियों का सुरक्षा और सम्मान बढ़ेगा, जो सामाजिक न्याय और अधिकारों की दिशा में क्रांतिकारी पहल है।

4. *HHH मॉडल से पर्यटन को नया विस्तार*:
HHH मॉडल के माध्यम से हॉस्पिटैलिटी, हाउसिंग और हैंडीक्राफ्ट के जरिए स्थानीय महिलाओं और कारीगरों को रोजगार मिलने के साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी।

5. *डिजिटल बदलाव से प्रशासन में पारदर्शिता और गति*

अब सरकारी कामों में तकनीक का ज़्यादा इस्तेमाल हो रहा है। छत्तीसगढ़ ने “3T” मॉडल अपनाया  है – टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी और ट्रांसफॉर्मेशन। इसका मतलब है कि सरकारी काम अब साफ-सुथरे और जल्दी होंगे। ऑनलाइन फॉर्म, समय पर सेवाएं और आसान प्रक्रिया से जनता का भरोसा बढ़ेगा। यह भ्रष्टाचार को घटाकर जनता के विश्वास को मजबूत करता है।

6. *नीतिगत नेतृत्व में अग्रणी राज्य*

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब छत्तीसगढ़ सिर्फ संसाधन बहुल राज्य नहीं, बल्कि नीति और प्रशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के विचार को छत्तीसगढ़ पूरी लगन से लागू कर रहा है। अब तक 350 से ज्यादा सरकारी सुधार किए गए हैं।
 
7. *सड़क परिवहन और हवाई सुविधाओं की बढ़ी रफ्तार*: 11 साल में 21,380 करोड़ से नई सड़कें बनीं। अब जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट का सीधा सम्पर्क  देश के विभिन्न क्षेत्रों से बन चुका है।

8. *रेल सुविधाओं  का विस्तार*: राज्य में 161 साल में 1100 किमी रेल लाइन बनी थी। अब 2030 तक ये दोगुनी होकर 2200 किमी होगी जो कनेक्टिविटी को बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हाथ थामते हुए मुस्कराकर कहा   "छत्तीसगढ़ की बात अभी बाकी है

रायपुर  : नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक के दौरान एक आत्मीय क्षण सामने आया, जिसने सबका ध्यान खींचा। लंच ब्रेक के समय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हाथ थामते हुए मुस्कराकर कहा कि  "छत्तीसगढ़ की बात अभी बाकी है।" इस एक वाक्य में प्रधानमंत्री का स्नेह, विश्वास और राज्य के प्रति विशेष रुचि झलक रही थी। उस क्षण, आसपास उपस्थित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री एम.के. स्टालिन भी मुस्कराते हुए इस संवाद के साक्षी बने।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में हो रहे सकारात्मक बदलाव, औद्योगिक निवेश, और ‘आत्मनिर्भर बस्तर’ की दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों की सराहना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि कैसे बस्तर अब संघर्ष नहीं, संभावना का प्रतीक बन रहा है – जहाँ कभी बंदूकें चलती थीं, वहाँ अब मशीनें, लैपटॉप और स्टार्टअप की चर्चा हो रही है। नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर की स्थापना से लेकर लिथियम ब्लॉक की नीलामी तक – छत्तीसगढ़ अब संसाधनों से परिपूर्ण राज्य बनने की ओर अग्रसर है और देश के विकास में छत्तीसगढ़ की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है।

यह क्षण किसी औपचारिक संवाद का नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा छत्तीसगढ़ के विकास के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों की सहज स्वीकृति और सराहना का था। नीति आयोग की बैठक में जहां देशभर के राज्यों ने अपने विकास मॉडल प्रस्तुत किए, वहीं छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति ने प्रधानमंत्री की विशेष रुचि और सराहना प्राप्त की। यह स्पष्ट संकेत है कि छत्तीसगढ़ अब केवल एक उभरता हुआ राज्य नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास में एक निर्णायक भूमिका निभाने वाला राज्य बन चुका है।

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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र में निवेश की दिशा में अहम कदम .... मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से दो प्रमुख उद्योग समूहों ने की मुलाकात 

छत्तीसगढ़ में मेदांता अस्पताल और वरुण बेवरेजेस संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव, मुख्यमंत्री से निवेशकों ने की मुलाकात

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र में बड़े निवेश की दिशा में अहम कदम बढ़ते हुए आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से दो प्रमुख उद्योग समूहों ने मुलाकात की।

मेदांता अस्पताल के संस्थापक और प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेश त्रेहन ने रायपुर में एक अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने बताया कि वे इस परियोजना में लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहते हैं। यह अस्पताल उन्नत चिकित्सा तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों, रिसर्च और प्रशिक्षण सुविधाओं से लैस होगा।

वहीं, वरुण बेवरेजेस लिमिटेड के चेयरमैन श्री रवि जयपुरिया ने रायपुर में कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और फ्रूट जूस आधारित संयंत्र लगाने का प्रस्ताव दिया, जिसमें 250 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोज़गार सृजन को गति देगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दोनों प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में ऐसे गुणवत्तापूर्ण निवेश के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाओं पर राज्य शासन विचार कर इसे हर संभव मदद देगी, इस प्रकार की परियोजनाओं से जनता को लाभ और युवाओं को रोज़गार के नए अवसर भी सुलभ होंगे।

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विकास रोडमैप के साथ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय       नीति आयोग की बैठक में शामिल होने पहुंचे दिल्ली..

विकसित भारत के लक्ष्य की ओर छत्तीसगढ़ का संकल्प- नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चर्चा करते हुए राज्य के विकास रोडमैप, नक्सलवाद के अंत और नई औद्योगिक नीति को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।

रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने बातचीत में कहा कि वह इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ की भावी विकास योजनाओं और राज्य के दृष्टिकोण को नीति आयोग के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के प्रधानमंत्री के लक्ष्य के अनुरूप, हमारा उद्देश्य “विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और अन्य क्षेत्रों के समावेशी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने नक्सलवाद की समस्या पर भी बात की और कहा कि राज्य में अब यह समाप्ति की ओर है, क्योंकि सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने बताया कि वह बैठक में राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक अवसरों की संभावनाओं पर भी प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़, प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

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बंदूक छोड़ विकास की ओर: 24 हार्डकोर नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता: आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और पुनरुत्थान के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर :छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025 और 'नियद नेल्ला नार योजना' के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के समक्ष कुल 87 लाख 50 हजार रुपये के इनामी 24 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इनमें से 20 नक्सलियों पर ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख तक के इनाम घोषित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मार्च 2026 तक देश-प्रदेश से लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है। यह आत्मसमर्पण उसी निर्णायक यात्रा की एक  कड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अब नक्सली भी समझ चुके हैं कि हिंसा का रास्ता अंतहीन विनाश की ओर ले जाता है। अब नक्सली उग्रवाद की राह छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। हम इन आत्मसमर्पित साथियों के पुनर्वास और पुनरुत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।

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मुख्यमंत्री के सुशासन में सड़कों का हो रहा है विस्तार : चटकपुर से रेंगारबहार, कुनकुरी से मयाली नेचर कैम्प से मधेश्वर मंदिर, रानीबंध चौक से उपरकछार और जोकरी से मधेश्वर पहाड़ तक बनेगा पक्का सड़क...मिली 18 करोड़ से अधिक की स्वीकृति

जशपुरनगर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर वासियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी और सड़कों के विस्तार हेतु सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं जिसका साकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है जशपुर में नागरिकों के आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छः सड़कों के निर्माण कार्य हेतु 18 करोड़ 46  लाख 87
 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इन मार्गो के निर्माण से लोगों के आवागमन में सुगमता होगी। जिले के लोगों में मिलने वाली सुविधा से खुशी की लहर है। 
          राज्य शासन से स्वीकृति कार्यो में वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जिला जशपुर के ग्राम चटकपुर से रेंगारबहार पहुंच मार्ग लम्बाई 2.46 किमी. के निर्माण हेतु 02 करोड़ 89 लाख 86 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है।
         इसी प्रकार कुनकुरी-औरीजोर-मतलूटोली-पटेलापारा पहुंच मार्ग लंबाई 2.54 किमी. निर्माण कार्य हेतु 03 करोड़ 01 लाख 95 हजार, एन.एच.43 के किमी. 540/4 से मयाली डेम तक मार्ग लंबाई 2.28 किमी. निर्माण हेतु 02 करोड़ 85 लाख 01 हजार, मयाली नेचर कैम्प से मधेश्वर मंदिर तक मार्ग लंबाई 2.20 किमी. निर्माण हेतु 2 करोड़ 71 लाख 89 हजार, रानीबंध चौक से चिडराटांगर होते हुए पंडरीआमा-उपरकछार मार्ग लंबाई 3.44 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 29 लाख 58 हजार और जोकरी से मधेश्वर पहाड़ तक पहुंच मार्ग लंबाई 2.88 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 68 लाख 58 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है।

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जिले के मनोरा जशपुर ओर कुनकुरी के शिक्षकों को राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह राष्ट्रीय शैक्षिक संप्रवाह प्रदान किया गया

   जशपुर : भारत के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ा एकमात्र एवं देश का सबसे बड़ा स्वप्रेरित शिक्षक समूह के द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष नवाचारी शिक्षकों को राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह राष्ट्रीय शैक्षिक संप्रवाह प्रदान किया जाता है वर्ष 2024 25 हेतु भी प्रदेश एवं देश के चयनित शिक्षकों की सूची का प्रकाशन कर दिया गया है इस बात की जानकारी प्रदान करते हुए जशपुर जिला नवाचारी ग्रुप प्रभारी श्रीमती मंजुला झा शिक्षक ने बताया कि यह सम्मान भारत के सभी प्रदेशों के शिक्षकों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिलों विकास खण्डों में अच्छे कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रदान किया जाता है इस वर्ष जशपुर जिले के वनांचल विकासखंड मनोरा से संजीव यादव शिक्षक जिन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनोरा के सहयोग से गणित विषय के उत्कृष्ट नवाचार क्विज प्रश्न मंच के माध्यम से विकासखंड मनोरा के बच्चों में गणित के भय को दूर करने हेतु कार्य किया है इसके अलावा विकासखंड जशपुर की श्रीमती मीना सिन्हा के द्वारा  एफएलएन के साथ अन्य शैक्षिक गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने, विकासखंड कुनकुरी से श्रीमती गायत्री देवता को छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतू कृत कार्यों के उत्कृष्ट सम्पादन कार्य हेतु सम्मानित किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचकर की जवानों की हौसला अफजाई,,,,कहा- फोर्स के अदम्य साहस और शौर्य को नमन

रायपुर, : प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारे जवानों का हौसला दुर्गम पहाड़ों से भी ऊंचा है। नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक लड़ाई में हमारे जवानों ने अदभुत, साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया है। जवानों के बुलंद हौसलों से अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर से नक्सलवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय आज ओरछा ब्लॉक के ग्राम बासिंग स्थित बीएसएफ कैम्प पहुंचे, जहां पर उन्होंने 21 मई को डीआरजी-बीएसएफ और जिला बल के द्वारा माओवादियों के विरूद्ध नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी पहाड़ियों में चलाए गए नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 27 नक्सलियों को मार गिराने वाले जवानों की हौसला-अफजाई की। उन्होंने बासिंग कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह माओवाद के विरूद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें सुरक्षा बलों ने हार्डकोर माओवादी बसवा राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया है। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी बासिंग पहुंचे। 

मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने जवानों से कहा कि बस्तर में अमन और शांति लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बल के जवानों को 50 मोटर बाइक पर हरी झंडी दिखाकर गस्त करने के लिए रवाना किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जवानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस तरह उच्च स्तरीय रणनीति बनाकर ऑपरेशन को अंजाम दिया और कामयाबी हासिल की वह काबिले-तारीफ है। फोर्स के इस अदम्य साहस और शौर्य को नमन है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब बस्तर के माथे से माओवाद का कलंक पूरी तरह से मिट जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सल समस्या को समूल समाप्त करने का संकल्प लिया है, वह पूरा होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि वह दिन दूर नहीं जब बस्तर अंचल छत्तीसगढ़ के विकास से पूरी तरह जुड़ जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर के अंदरूनी इलाके, जहां कुछ साल पहले तक जाना भी संभव नहीं था, वहां अब शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में अब गति आएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों को शासन की योजनाओं से जोड़ने नियद नेल्लानार, पीएम जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक बदलाव अब बस्तर में दिखने लगा है। माओवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर विकास की ओर तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनकी बहादुरी के लिए बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इस ऑपरेशन और जवानों की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता की सराहना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन होने जा रहा है जो विकास और प्रगति की राह पर बस्तर को ले जाएगा। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों को एलईडी सेट और गिफ्ट हैम्पर भेंट किए। इस अवसर पर ऑपरेशन में शामिल जवानों ने की गई तैयारियों और रणनीति की जानकारी मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को दी। इसके पहले, जवानों ने मुठभेड़ के बाद माओवादियों से रिकवर किए गए हथियारों का प्रदर्शन किया, जिसमें बीजीएल लॉन्चर, 12 बोर बंदूक, .303 बंदूक, 7.62 रायफल, 5.56 एमएम इंसास, एके-47, 9 एमएम कार्बाइन सहित विभिन्न प्रकार के हथियार सम्मिलित थे।

इस मौके पर पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, डीआईजी श्री अमित तुकाराम कामले, कलेक्टर नारायणपुर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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बासिंग सुरक्षा कैंप में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री ने कहा जनकल्याणकारी योजनाओं की क्रियान्वयन का लेने आया हूं जायजा 

नारायणपुर, :ओरछा विकासखण्ड़ के बासिंग सुरक्षा कैंप में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का क्षेत्र में क्रियान्वयन का जायजा लेने आप लोंगों के बीच आया हूँ। सुशासन तिहार के माध्यम से जनता की समस्याओं और मांगों के लिए कार्यक्रम किया जिसमें प्राप्त आवेदनों का विभागों द्वारा निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अबूझमाड़ एक प्राकृतिक सम्पन्नता वाला क्षेत्र है जहाँ नक्सलवाद के कारण विकास बाधित रहा है। जवानों हौसलों से अब विकास कार्य को गति मिली है, केंद्र सरकार के सहयोग से अब नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगा रहे है। नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण उपरांत क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य भरपूर यह क्षेत्र सही मायने में स्वर्ग बन जाएगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वनमंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे। 
कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों का ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से  सिर पर पीला साफा पहनाकर व कलगी लगाकर और हार पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। समर कैंप के बच्चों ने अपने हाथों से बनाई सजावटी सामानों से मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और वनमंत्री का स्वागत किया। साथ ही अबूझमाड़ हाफ पीस मैराथन में हिस्सा लेने वाले दो स्कूली बच्चों से मुलाकात कर उनकी हौसला अफ़ज़ाई की। इस दौरान आँगनबाड़ी के बच्चों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर तिलक लगाया जिस पर तीनों अतिथियों ने चारपाई से उठकर उनको चारपाई में खड़ाकर चाकलेट देकर दुलार किया। इसके अलावा मेघावी छात्रों को सम्मानित कर बधाई दी। कार्यक्रम में  महतारी वंदन योजनाओं के लाभार्थियों से चर्चा किए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6 हितग्राहियों को आवास की चाबी, स्वीकृति आदेश, प्रथम किस्त की राशि प्रदाय किया। इसके अलावा मनरेगा के तहत आवास हितग्राही को नगद राशि का भुगतान किया।मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना और मिनीमाता महतारी जतन योजना के एक-एक लाभार्थी को बीस हजार का चेक वितरित किया। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग सिदु को व्हीलचेयर, उद्यानिकी विभाग द्वारा सब्जी मिनी किट, मत्स्य पालन विभाग के द्वारा कुरुषनार के मछुवा समिति को सामग्री वितरण किया।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बासिंग कैंप में की घोषणा*
20 लाख की लागत से ग्राम मुरहापदर में पुलिया निर्माण, 10 लाख की लागत से बासिंग हेतु खेल मैदान की स्वीकृति, 10 लाख की लागत से बासिंग में बालक आश्रम एवं माध्यमिक शाला मरम्मत की स्वीकृति, 24 लाख की लागत से ग्राम मुरहापदर और एहनार में नवीन आंगनबाड़ी भवन, 25 लाख की लागत से ग्राम बासिंग में हाट बाजार से बस्ती तक 500मीटर सीसी सड़क की स्वीकृति, ग्राम कुंदला, बासिंग और मुरहापदर में नवीन घोटूल के लिए 15 लाख की स्वीकृति। कुल 01 करोड़ 04 लाख की स्वीकृति दी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री श्री  विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने सुरक्षा बलों को गस्त करने के लिए 50 बाइक को जवानों के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आदिवासी विकास विभाग द्वारा ओरछा में 250 सीटर बालक छात्रावास भवन निर्माण एवं वाटर सप्लाई तथा विद्युतीकरण कार्य के लिए 8 करोड़ एक लाख की लागत की विकास कार्य का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम कामले, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल, कलेक्टर नारायणपुर प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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