ताजा खबरें


बड़ी खबर

स्कूल शिक्षा सचिव से साझा मंच के शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल की वार्ता रही विफल....  31 मई से संभाग स्तरीय क्रमिक अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा



रायपुर :  राजधानी में आज शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के द्वारा प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय हड़ताल एवं मंत्रालय घेराव किया गया। तत्पश्चात राज्य सरकार के द्वारा शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया था। जिसके तहत स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी द्वारा सरकार की ओर से शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल की वार्ता हुई परंतु वार्ता पूरी तरह विफल रही।
        वार्ता विफल होने पर शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ द्वारा संयुक्त रूप से बयान जारी कर बताया गया कि सरकार से वार्ता पूरी तरह विफल रही। इसके बाद साझा मंच के सभी प्रदेश संयोजकों ने मिलकर संयुक्त रूप से सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि सरकार को विसंगतिपूर्ण युक्त युक्तिकरण रद्द करने सहित चार सूत्रीय मांगों पर निर्णय लेने के लिए दो दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। 
        यदि सरकार द्वारा मांगों के संबंध में दो दिनों में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ द्वारा आगामी 31 मई दिन शनिवार से राजधानी रायपुर के धरना स्थल तूता में संभाग स्तरीय क्रमिक अनिश्चितकालीन आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन चालू होगा। जिसके तहत सबसे पहले 31 मई को रायपुर संभाग, फिर क्रमशः दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर एवं सरगुजा संभाग के सभी शिक्षक साथी बारी बारी से राजधानी रायपुर हड़ताल में आएंगे। 
          स्कूल शिक्षा सचिव से वार्ता में प्रदेश संचालक मनीष मिश्रा, केदार जैन, वीरेंद्र दुबे, संजय शर्मा, विकास राजपूत, कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, जाकेश साहू, भूपेंद्र बनाफर, शंकर साहू, भूपेंद्र गिलहरे, लैलूंन भरतद्वाज, प्रदीप लहरे, विक्रम राय एवं अनिल कुमार टोप्पो सहित 15 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल सम्मिलित थे।

और भी

सुशासन तिहार : मांदरी गांव के आँगनबाड़ी केंद्र मुख्यमंत्री,बच्चों से आत्मीयता से मिले, आंगनबाड़ी की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

रायपुर, : सुशासन तिहार के तहत् मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हेलीकॉप्टर से आज अचानक कांकेर जिले के मांदरी गांव पहुंचे। हेलीपेड से गांव के रास्ते पर आँगनबाड़ी भवन देखकर मुख्यमंत्री केंद्र के बच्चों से मिलने और वहां की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। आँगनबाड़ी केंद्र में बच्चों ने मुख्यमंत्री का स्थानीय फूलों से तैयार किया गया गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बड़ी आत्मीयता के साथ बच्चों से घुल-मिल कर बातचीत की और उनसे आंगनबाड़ी और उनके अक्षर ज्ञान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के पूछने पर बच्चों ने धारा-प्रवाह कविता सुनाई। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से बच्चों को चाकलेट वितरित कर उन्हें दुलार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आँगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं और भोजन व्यवस्था की जानकारी भी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसव राजु एस, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, कलेक्टर श्री निलेश क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक श्री आई के एलेसेला, सहित  क्षेत्र के जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

और भी

नोवेल के जन्मजान होंठ व तालू का चिरायु योजना के थी एक निजी अस्पताल में निःशुल्क ऑपरेशन सहित मिली अन्य मेडिकल सुविधा....परिजनों ने सीए का जताया आभार

 

जशपुरनगर, :जिला मुख्यालय स्थित चीरबगीचा निवासी तुलसीकांत भगत के घर जब नोवेल का जन्म हुआ तो माता-पिता खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। मानो उनकी दुनिया जैसे रोशन सी हो गई थी। पहली बार माता-पिता बनने की खुशी तो थी ही लेकिन एक चिंता भी थी। जन्म के साथ ही नोवेल की होंठ और तालू में विकृति थी। मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन-यापन करने वाले उनके पिता के लिए इलाज करा पाना काफी मुश्किल था। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें चिरायु योजना की जानकारी देने के साथ ही बच्चों को इससे मिलने वाली निःशुल्क इलाज के संबध में जानकारी दी। यह जानकारी परिवार के लिए किसी आशा की किरण से कम नहीं थी।      
   नोवेल को बेहतर इलाज के लिए रायपुर स्थित ओम हॉस्पिटल में शासकीय व्यय पर भेजा गया। जहां डॉक्टरों के द्वारा नोवेल का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन और बेहतर इलाज के बाद बच्चा स्वस्थ है। आज 11 माह के हो चुके नोवेल का मुस्कराता चेहरा उसके माता-पिता की आँखों में नई चमक भर देता है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने गरीबों की पीड़ा को समझा और इलाज के लिए बेहतर संस्थानों में भेजकर निःशुल्क इलाज करा रही है। 
    उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य परीक्षण कर चिरायु की टीम के द्वारा  बच्चों का बेहतर इलाज कराया जा रहा है। चिरायु की टीम के द्वारा कटे-फटे होंठ, जन्म जात मोतियाबिंद, टेढ़े-मेढ़े हाथ पैर, श्रवण बाधा सहित 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति पर कार्य किया जाता है। जरूरत पड़ने पर बच्चों को अच्छे हॉस्पिटल  रेफर भी कराया जाता है।

और भी

मुख्यमंत्री की चौपाल: जिला कांकेर के ग्राम मांदरी में उतरा सीएम का हेलिकॉप्टर,जनता से संवाद कर योजनाओं का लिया फीड बैक 

कांकेर : सुशासन तिहार के अंतिम चरण के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर कांकेर (उत्तर बस्तर) जिले के ग्राम मांदरी में उतरा। उन्होंनें  पंचायत शेड के नीचे अपनी चौपाल लगाई और योजनाओं की जानकारी लेते हुए आम ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आप लोगों से मिलने का अवसर मिला। आज आप सभी से मिलकर खुद को परिवार के बीच होने जैसा महसूस कर रहा हूँ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि पहले चरण में आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में उन पर कार्यवाही हुई और अब तीसरे चरण में सरकार आपके गांव में पहुंची है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में जनता के हित में कार्य किया है। सुशासन तिहार हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और सरकार द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन करने का अवसर भी। इसके माध्यम से हम जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति जान रहे हैं। हमारे अलावा मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुशासन तिहार में शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने शपथ लेते ही प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के तहत  कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जरूरतमंदों को आवास मिलेगा, ‘आवास प्लस’ में जिनका नाम है, उन्हें भी आवास दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ की राशि सीधे उनके खातों में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला गया है। जो लाभार्थी अभी वंचित हैं, उन्हें भी जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए गए हैं। इससे ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग व अन्य सेवाओं की सुविधा मिलेगी। अभी यह सेवा 1460 पंचायतों में शुरू की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार तकनीक के उपयोग से भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर रही है। पंजीयन की नई प्रक्रिया से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को सरल किया गया है।

*संवाद के माध्यम से परखी योजनाओं की हकीकत*
ग्राम मांदरी में अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी में संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था, राशन वितरण और महतारी वंदन योजना की राशि के संबंध में हितग्राहियों से जानकारी ली। इस अवसर पर हितग्राही इतवारीन आचला ने बताया कि महतारी वंदन योजना की प्राप्त राशि का बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाकर राशि जमा कर रही है । उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है, और जनकल्याण ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 3.90 करोड़ की घोषणा*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मांदरी हाई स्कूल बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 20 लाख की स्वीकृति,मांदरी  आंगनबाड़ी केंद्र भवन में बाउंड्रीवाल के लिए 5 लाख की स्वीकृति, साल्हेभांट मुख्य मार्ग से टीरउ  सलाम घर तक सीसी सड़क निर्माण 600 मीटर  हेतु  15 लाख की स्वीकृति ,झुरा नाला से खेतों में सिंचाई के लिए लाइन विस्तार हेतु 3.50 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की।

इस अवसर पर विधायक कांकेर श्री आशा राम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नूरेटी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह,  मुख्यमंत्री के सचिव डॉ  बसव राजू एस., कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, डीआईजी अमित कामले, कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक श्री  इंद्र कल्याण एलेसेला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम में युवाओं प्रतियोगिता परीक्षा के तैयारी हेतु जिला प्रशासन द्वारा तैयार की पुस्तक “नई दिशा” का विमोचन कर युवाओं को वितरित किया। साथ ही का विभिन्न विभागों के जन कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री, आवास की डेमो चाबी, ट्राई साइकिल आदि वितरित की ।

और भी

वीर सावरकर की जयंती पर मुख्यमंत्री ने किया नमन कहा उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, आत्मबलिदान और वैचारिक दृढ़ता का प्रतीक है

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री धरमलाल कौशिक एवं जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे।  

 मुख्यमंत्री श्री साय ने  कहा कि वीर सावरकर का संपूर्ण जीवन मातृभूमि की सेवा और राष्ट्र के नवनिर्माण के लिए समर्पित था। वीर सावरकर न केवल आज़ादी की लड़ाई के अग्रणी योद्धा थे, बल्कि वे एक समाज सुधारक, इतिहासकार, लेखक और दूरदर्शी राजनेता भी थे। उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों के विरुद्ध आवाज़ उठाई और आधुनिक भारत के निर्माण की आधारशिला रखी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेल्युलर जेल में बिताए गए सावरकर जी के कठोरतम वर्ष उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और मानसिक दृढ़ता के प्रमाण हैं। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे वीर सावरकर के विचारों और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लें और राष्ट्र सेवा को अपना परम कर्तव्य मानते हुए आगे बढ़ें। वीर सावरकर का जीवन हर भारतीय के लिए आत्मबलिदान, समर्पण और देशभक्ति की जीवंत मिसाल है।

और भी

श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम नगर भ्रमण के साथ हुआ समापन, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, रात्रि नागपुरी संगीत से झूमते रहे लोग

जशपुरनगर। दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन मंगलवार को नगर भ्रमण और भव्य सांस्कृतिक संध्या के साथ बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ। यह पावन कार्यक्रम 21 मई से प्रारंभ हुआ था, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे नगर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का संचार हुआ।

*मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय रहीं विशेष रूप से उपस्थित*

समापन कार्यक्रम की शोभा उस समय और बढ़ गई जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने मंदिर प्रांगण में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और नगर भ्रमण में भाग लेकर श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को एक विशेष गरिमा प्रदान की।

*अष्ट प्रहरी महायज्ञ और ओडिशा , छत्तीसगढ़ कीर्तन मंडली की प्रस्तुतियाँ*

मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के तहत अष्ट प्रहरी का आयोजन किया गया, जिसमें दिन-रात अलग-अलग समय पर मंत्रोच्चारण और विशेष पूजा की गई। इस अवसर पर ओडिशा के संबलपुर से आई कीर्तन मंडली एवं छत्तीसगढ़ की मंडली ने भगवान श्रीजगन्नाथ की महिमा का गुणगान करते हुए भजन और कीर्तन प्रस्तुत किए, जिसने उपस्थित भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।

*नगर भ्रमण में ओडिशा संगीत का रंग और श्रद्धालुओं की उमंग*

समापन के दिन निकाले गए नगर भ्रमण में ओडिशा के संबलपुर कीर्तन मंडली की प्रस्तुति, नगरवासियों के आकर्षण का केंद्र रही।इस दौरान पारंपरिक ओडिशा संगीत की प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु नगर भ्रमण के दौरान आगे गुलाल उड़ाते हुए नाचते-गाते चल रहे थे, जिससे सारा नगर रंगों और आस्था में सराबोर हो गया।

*रात्रि में नागपुरी सांस्कृतिक संध्या: लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम*

रात्रि में आयोजित नागपुरी सांस्कृतिक संध्या में हजारों की संख्या में लोग उमड़े। झारखंड के प्रसिद्ध लोकगायक पवन राय, कयूम अब्बास, सोनी कुमारी, बरखा बड़ाइक और प्रभात ने मंच से एक से बढ़कर एक नागपुरी गीत प्रस्तुत किए। उनके मधुर स्वर और लोकधुनों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस कार्यक्रम ने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि लोकसंस्कृति की जीवंतता को भी दर्शाया।

*समापन पर आयोजन समिति ने जताया आभार*

आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम की सफलता के लिए समस्त श्रद्धालुओं, स्थानीय प्रशासन, कलाकारों और मीडिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है।

और भी

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम कनकबीरा में उतरा मुख्यमंत्री का उड़नखटोला,आपके बीच आकर परिवार सा महसूस कर रहा हूँ: मुख्यमंत्री श्री साय


रायपुर :सुशासन तिहार के अंतर्गत आज प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम कनकबीरा में उतरा। उन्होंने प्री मैट्रिक बालक छात्रावास परिसर के पास गुलमोहर पेड़ के नीचे अपनी चौपाल लगाई और योजनाओं की जानकारी लेते हुए आम ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आप लोगों से मिलने का अवसर मिला। आप लोगो ने मुझे 3 बार इस क्षेत्र से सांसद चुना। आज आप सभी से मिलकर खुद को परिवार के बीच होने जैसा महसूस कर रहा हूँ।

     मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार की सार्थकता को बताते हुए कहा कि पहले चरण में आवेदन लेने के पश्चात दूसरे चरण में लिए गए आवेदन पर कार्यवाही की गई। अब तीसरे चरण में सुशासन तिहार के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सरकार आपके गाँव में आई है। हमने बीते डेढ़ वर्षों में राज्य के लोगों के हित में कार्य किया है। सुशासन तिहार एक तरह से हमारा रिपोर्ट कार्ड भी है और हमारी सरकार के द्वारा किए गए कार्यों का आंकलन करने का अवसर भी है। इसके माध्यम से हम योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति भी जान रहे हैं। हमारे अलावा मंत्री,सांसद,विधायक और मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुशासन तिहार में शामिल हो रहे हैं। 
    मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि  पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल विहारी और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के समय सभी गरीबो के लिए मुफ्त में अनाज की व्यवस्था की गई। किसी को भूखे पेट नहीं सोने दिया गया। हमारी सरकार गरीबो का सम्पूर्ण ख्याल रखती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वादों को पूरा किया है। सरकार ने शपथ लेते ही अगले दिन से केबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि सभी जरूरतमंद को आवास दिया जाएगा। आवास प्लस में जिनका नाम है उनको भी आवास दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों का वादा पूरा कर 31 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का निर्णय लिया। दो वर्ष से बकाया धान बोनस राशि भी दी। उन्होंने कहा कि 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वन्दन योजना की राशि उनके खाते में देकर आर्थिक समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का द्वार खोला। इस योजना से जो वंचित है उन हितग्राहियों का नाम भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले हितग्राहियों के हित में निर्णय लेते हुए प्रति मानक बोरा की राशि 4 हजार से 5500 रुपये किया गया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ कर हितग्राहियों को रामलला का दर्शन कराया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बड़े-बुजुर्गों की इच्छाओं को पूरा करने के उद्देश्य से बन्द हुई मुख्यमंत्री तीर्थ योजना को प्रारंभ किया है। इस योजना से तीर्थ यात्रा के इच्छुक परिवार अपने पसंद के अन्य तीर्थ स्थल का लाभ उठा पाएंगे। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 24 अप्रैल से ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ की है। इस योजना से सभी ग्राम पंचायत जुड़ेंगे और ग्रामीणों को गाँव में ही बैंक जैसी सुविधाएं उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्र में किसी भी योजना के हितग्राहियों को राशि निकालने में सुविधा होगी। किसी को बैंक नहीं जाना पड़ेगा। अभी 1460 पंचायत में यह प्रारंभ की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के सारे रास्ते बंद कर रही है। उन्होंने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री के साथ सरकार ने नामांतरण की प्रक्रिया को भी बहुत सरल किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पीएससी भर्ती की गड़बड़ी की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही की है। आने वाले दिनों में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीकों से नई भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम देश को विकास की राह में आगे ले जाना चाहते हैं। राज्य में पारदर्शी सरकार के साथ सुशासन स्थापित करना चाहते हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद,कलेक्टर श्री डॉ संजय कन्नौजे, एसपी श्री आंजनेय वार्ष्णेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

*संवाद के माध्यम से परखी योजनाओं की हकीकत*

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम कनकबीरा में अचानक पहुँचे मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से छत्तीसगढ़ी में संवाद किया। गांव के टीकाराम से तबियत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में कोई पैसा,सिफारिश नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री ने गाँव में बिजली की स्थिति, राशन दुकान में खाद्यान्न वितरण, महतारी वन्दन योजना के हितग्राही से राशि प्राप्त होने की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।   मुख्यमंत्री ने किसानों को धान के अलावा मक्का, उडद,मूँग सहित अन्य लाभकारी फसल लेने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि धान के फसल में ज्यादा पानी लगता है। गर्मी के दिनों में बिजली की मांग भी बढ़ जाती है। इसलिए किसान अन्य फसल भी लें। 

*नाला में पुलिया, मंगल भवन,कन्या छात्रावास और पंचायत भवन की घोषणा की*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कनकबीरा में ग्रामीणों से संवाद के साथ ग्रामीणों की मांग पर कनकबिरा के आश्रित ग्राम नरगीखोल लात नाला पर पुलिया निर्माण, कनकबीरा में  मंगल भवन निर्माण,कन्या छात्रावास और गोड़म में पंचायत भवन निर्माण की घोषणा की।

*सारंगढ़ के प्रथम विधायक को अपने पास बिठाया*

ग्राम कनकबीरा में औचक निरीक्षण पर आए प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय ने जब गुलमोहर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद प्रारंभ किया तो उनकी नजर नीचे बैठे सारंगढ़ विधानसभा के प्रथम व पूर्व विधायक श्री शमशेर सिंह पर पड़ी। उन्होंने बड़े ही आत्मीयता के साथ मिलते हुए उन्हें अपने पास बुलाया और कुर्सी देकर पास बिठाया। पूर्व विधायक श्री शमशेर सिंह से बातचीत कर मुख्यमंत्री ने हालचाल भी जानी। पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह क्षेत्र में समाज सेवा का कार्य कर रहे हैं और मंदिर भी बनवाया है। 

*85 वर्षीय भागीरथी साहू को भेंट किया अपना साफा*

ग्राम कनकबीरा में हेलीकॉप्टर उतरते देख लाठी के सहारे मुख्यमंत्री के चौपाल तक आए 85 साल के भागीरथी साहू भले ही भीड़ में मुख्यमंत्री को बोलते हुए देख नहीं पा रहे थे, वे उनको पूरी तन्मयता के साथ सुन रहे थे। चौपाल में संवाद खत्म होते ही मुख्यमंत्री श्री साय ने जब भागीरथी साहू से भेंट की तो उन्होंने अपना हाल-चाल बताया। मुख्यमंत्री ने कंधे पर हाथ रखकर बहुत ही स्नेह के साथ भागीरथी से मुलाक़ात की। जाते-जाते मुख्यमंत्री ने अपने गले से साफा उतारकर भागीरथी साहू के गले में पहनाकर सम्मान प्रकट किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को की-रिंग भी भेंट की। 

*सड़क मार्ग से हुए रवाना*

मौसम खराब होने की वजह से मुख्यमंत्री श्री साय सड़क मार्ग से रायगढ़ रवाना हुए। उन्होंने कनकबीरा में दुर्गा मंदिर में माँ दुर्गा का दर्शन भी किया।

और भी

स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – युक्तियुक्तकरण से शिक्षा होगी बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली

रायपुर :मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने राज्य में कुल 10,463 शालाओं के युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी किया है, जिसमें ई-संवर्ग की 5849 और टी-संवर्ग की 4614 शालाएं शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

यह युक्तियुक्तकरण आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के निर्देशों के अनुरूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संसाधनों का संतुलित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग का दूरदर्शी निर्णय स्कूल शिक्षा को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है।मुख्यमंत्री श्री साय  ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षा विभाग के निर्णय की सराहना करते हुए कहा है कि यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल शिक्षकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों के विद्यालयों का समायोजन, न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि इससे शिक्षा की निरंतरता बनी रहेगी और छात्र ड्रॉपआउट की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। इससे स्कूली वातावरण अधिक प्रभावशाली बनेगा और बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उठाया गया यह कदम छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने जानकारी दी कि शालाओं के युक्तियुक्तकरण अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित 10,297 विद्यालयों को युक्तियुक्त किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित 133 विद्यालयों और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर के दायरे में स्थित 33 विद्यालयों को भी युक्तियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में अब अतिशेष शिक्षकों की तैनाती संभव होगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सीधा सुधार देखने को मिलेगा। युक्तियुक्तकरण के कारण शिक्षकों की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे अन्य जरूरतमंद शालाओं में भी संतुलन बन पाएगा। इस समायोजन से स्थापना व्यय में भी कमी आएगी, जिससे शैक्षणिक ढांचे पर अधिक निवेश संभव होगा।

स्कूल शिक्षा सचिव ने जानकारी दी कि एक ही परिसर में पढ़ाई की निरंतरता बने रहने से बच्चों की ड्रॉपआउट दर घटेगी, और छात्र ठहराव दर में सुधार होगा।शालाओं के युक्तियुक्तकरण से बच्चों को बार-बार प्रवेश लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनकी शिक्षा यात्रा अधिक सहज और निरंतर होगी। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण से विद्यालय परिसरों में बेहतर अधोसंरचना तैयार करना भी सरल होगा, जिसमें पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और खेल सुविधाएं साझा की जा सकेंगी। राज्य सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रस्तावित क्लस्टर विद्यालय अवधारणा के अनुरूप है, जहां एकीकृत परिसर में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि  इस प्रक्रिया में केवल प्रशासनिक समन्वय किया गया है, न कि किसी पद को समाप्त किया गया है। इस कदम से शिक्षकों का न्यायसंगत वितरण संभव होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक सुलभ रूप से उपलब्ध हो सकेगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत छात्रों और शिक्षकों के अनुपात के प्रावधानों का पालन करते हुए युक्तियुक्तकरण किया गया है, जिसकी राज्य में  शैक्षणिक गुणवत्ता के स्तर को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

"छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल वर्तमान शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी, सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था का आधार तैयार करेगी।स्कूल शिक्षा विभाग का स्कूलों के युक्तियुक्तकरण का दूरदर्शी निर्णय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है।युक्तियुक्तकरण से न केवल शैक्षणिक संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होगा, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। यह छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

    - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

और भी

भारत का पहला एआई सेज (SEZ) छत्तीसगढ़ में, रैकबैंक करेगा ₹1000 करोड़ का निवेश: नवा रायपुर में देश का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ज़ोन

रायपुर :भारत का पहला एआई-केन्द्रित स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) अब छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में बनने जा रहा है। यह एक ऐसा विशेष क्षेत्र होगा, जिसे केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटर डेटा से जुड़ी तकनीकों के विकास और संचालन के लिए तैयार किया जा रहा है। यहाँ अत्याधुनिक कंप्यूटर सिस्टम और सर्वर होंगे, जो सोचने जैसी क्षमता वाले एआई सिस्टम को चलाएंगे और दुनिया की बड़ी कंपनियाँ यहीं से अपने डिजिटल काम करेंगी। सरकार ने इस SEZ को टैक्स और अन्य कानूनी छूट दी है ताकि नई तकनीकों को तेजी से विकसित किया जा सके। यह पहली बार है जब भारत में ऐसा कोई क्षेत्र पूरी तरह एआई पर केंद्रित बनाया जा रहा है, जिससे नवा रायपुर देश का अगला डिजिटल और तकनीकी हब बनकर उभरेगा। इस परियोजना के ज़रिए भारत को वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी लीडर बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग मानी जा रही है।

छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में भारत का पहला एआई-आधारित रैकबैंक डेटा सेंटर एसईजेड  बनाया जाएगा। यह स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन पूरी तरह से कंप्यूटर, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ा होगा। इस परियोजना का विकास रैकबैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड कर रही है, जिसमें करीब ₹1000 करोड़ का निवेश होगा।

यह एसईजेड लगभग 6 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत होगा और इसमें आधुनिक तकनीक से लैस 1.5 लाख वर्ग फीट का डेटा सेंटर तैयार होगा। भविष्य में चार हाई-डेंसिटी डेटा सेंटर बनाने की योजना है, जिनकी कुल क्षमता 80 मेगावाट होगी, जो कई राज्यों के डिजिटल नेटवर्क को संभाल सकेगी। यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के तकनीकी मानचित्र पर एक नया मुकाम देगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे नवा छत्तीसगढ़ की नई शुरुआत बताया है और कहा है कि यह निवेश युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर और राज्य के लिए तकनीकी पहचान लाएगा। साथ ही, यह योजना डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया के विज़न को आगे बढ़ाएगी।

रैकबैंक के सीईओ श्री नरेंद्र सेन ने बताया कि  डेटा सेंटर में आईटी इंजीनियर, डेटा विशेषज्ञ, साइबर सुरक्षा अधिकारी, नेटवर्क मैनेजर और कई अन्य पद होंगे। कंपनी छत्तीसगढ़ के आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाएगी, जिससे छात्र इंडस्ट्री के लिए तैयार हो सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि आज की दुनिया में एआई केवल कंप्यूटरों तक सीमित नहीं है। यह हमारी भाषा, सोच, शिक्षा, स्वास्थ्य और यहाँ तक कि खेती की दिशा भी तय कर रही है। रायपुर में बन रहा यह डेटा सेंटर ठीक इन सेवाओं का केंद्र बनेगा। यहाँ गूगल, ओपनएआई, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी कंपनियों की एआई सेवाएँ चलेंगी। भारत पहली बार इन सेवाओं का केवल उपभोक्ता नहीं, एक आत्मनिर्भर निर्माता और होस्ट भी बनेगा।

इस पूरी परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल तकनीकी बातों तक सीमित नहीं है। इसका असर गांवों और छोटे शहरों तक पहुँचेगा। अब कांकेर, सुकमा, बिलासपुर या दंतेवाड़ा जैसे जिलों के छात्र भी यहीं रायपुर में रहकर ग्लोबल कंपनियों के साथ काम कर सकेंगे। उन्हें ना बेंगलुरु जाना पड़ेगा, ना विदेश।

यह डेटा सेंटर पूरी तरह ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन के मानकों पर आधारित होगा और इसमें सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ जिले को दी 330 करोड़ 29 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर, :सुशासन तिहार के मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ जिलेवासियों को 330 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से 24 विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 220 करोड़ रुपए की लागत के 17 लोकार्पण एवं 110 करोड़ रुपए लागत के 7 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। 

मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर रायगढ़ जिले में अनेक महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जिन प्रमुख कार्यों का लोकार्पण किया उनमें 93 करोड़ 59 लाख रुपए की लागत से रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग का चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य लंबाई 56 कि.मी., 65 करोड़ 19 लाख रुपए की लागत से पूंजीपथरा से तमनार मिलुपारा मार्ग लंबाई 27.50 कि.मी. (सी.सी.रोड) लंबाई 26 कि.मी., 16 करोड़ 92 लाख 37 हजार रुपए की लागत से जिला रायगढ़ के कसडोल-भैसगढ़ी-बडग़ांव होते हुए बरलिया तक सड़क मरम्मत/ निर्माण लंबाई 14.40 कि.मी., 8 करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ मार्ग का उन्नयन लंबाई 8.30 कि.मी., 7 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से बड़े भण्डार-उमरिया-पुसौर-रेंगालपाली मार्ग लंबाई 7.425 कि.मी. तथा 93 लाख 15 हजार रुपए की लागत से जिला रायगढ़ में परिवहन कार्यालय का भवन निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। 

मुख्यमंत्री ने जिन प्रमुख कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया, उनमें 97 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से जिला रायगढ़ में इंटी ग्रेटेड स्पोर्ट्स काम्पलेक्स भवन का निर्माण कार्य, 3 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत से गोतमा-कोतासुरा मार्ग लंबाई 3.50 कि.मी.का निर्माण कार्य, 2 करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से ग्राम-औरदा, शा.पू.मा.वि.से शास.गोदाम तक मार्ग लंबाई 2 कि.मी. का निर्माण कार्य, 1 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से भूतपूर्व सैनिक कल्याण एकीकृत परिसर-सह-मेडिकेयर परिसर रायगढ़ के निर्माण कार्य एवं 75 लाख 23 हजार रुपए की लागत से विकासखण्ड धरमजयगढ़ में शा.हाईस्कूल गेरसा का भवन निर्माण कार्य शामिल है।

इस दौरान कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविंद्र गवेल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आई.जी. श्री संजीव शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि गण मौजूद थे।

और भी

मुख्यमंत्री ने प्रतिभावान विद्यार्थियों को किया सम्मानित,लैपटॉप-टैबलेट भेंट कर बढ़ाया उत्साह

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ प्रवास के दौरान जिले के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। रायगढ़ जिला कार्यालय के सृजन सभा कक्ष  में आयोजित समीक्षा बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप एवं टैबलेट भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली छात्र प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं और सरकार उनका हर संभव सहयोग करेगी।

रायगढ़ जिले की छात्रा कु. हेमलता पटेल ने कक्षा 10वीं में राज्य स्तर पर तीसरा स्थान, आयुषी कुमारी ने सातवां स्थान और रौनक चौहान ने नौवां स्थान प्राप्त किया। वहीं 12वीं की छात्रा कृतिका यादव ने छठवां और तरंग अग्रवाल ने आठवां स्थान हासिल किया। इसके साथ ही दिया पांडे ने एमएमएसई परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया।

और भी

मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति की महिलाओं सहित पाँच महिलाओं को सौंपी पक्के मकानों की चाबियाँ

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ में समीक्षा बैठक के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति की महिलाओं सहित पाँच महिलाओं को पक्के मकानों की चाबियाँ सौंपी। इस अवसर पर उन्होंने धर्मजयगढ़ विकासखंड के कीदा गांव की बिरहोर जनजाति की दिलमत बाई, गुरुवारी बाई और शानीरो बाई को उनके नए आवास की चाबियाँ प्रदान की। 

इसके साथ ही रायगढ़ जिले के बनोरा गांव की गीतांजलि सिदार और कुकुर्दा गांव की गुलाबी यादव को भी आवास योजना का लाभ मिला। मुख्यमंत्री के हाथों आवास की चाबी प्राप्त कर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय और सरकार के प्रति आभार जताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण और जनहितैषी योजना है। सरकार की प्राथमिकता है कि हर पात्र व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए आवास मिले। इसके तहत अब तक बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को लाभ पहुंचाया गया है और छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को आवास प्लस 2 योजना के माध्यम से आवास मिलेंगेे।

और भी

युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया : जहाँ पाओ वहाँ पोस्टिंग करो नीति का नतीजा है अतिशेष शिक्षक....शिक्षा विभाग अपनी हठधर्मिता पर कायम है, इसीलिए गरियाबंद डीईओ ने 27 को बुलाया काउंसिलिंग

जशपुर : छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि शिक्षा विभाग को अपनी गलती नही देखना है, अपने विभाग के सेटअप 2008 का संरक्षण नही करना है, विभाग हठधर्मिता कर रहा है, विभाग को अपने शिक्षकों से सरोकार नही है, यही कारण है कि अब तक युक्तियुक्तकरण पर चर्चा नही किया गया और गरियाबंद के डीईओ ने 27 मई को युक्तियुक्तकरण हेतु काउंसिलिंग बुलाया है।

 उन्होंने कहा है कि सेटअप 2008 के अनुसार प्रायमरी स्कूलों में न्यूनतम एक प्रधान पाठक और दो शिक्षक 1+2 प्रावधानित है और मिडिल स्कूलों में एक प्रधान पाठक और 4 शिक्षक 1+4 प्रावधानित है, युक्तियुक्तकरण नीति में एक एक पद कम करके इसे 1+1 और 1+3 कर दिया गया है, प्रदेश में 30700 प्राथमिक शाला संचालित है जहाँ 1 सहायक शिक्षक पद कम कर 30700 पद व 13149 पूर्व माध्यमिक शाला संचालित है जहाँ शिक्षक का 1 पद कम कर 13149 पद, कुल इससे 43849 पद एक झटके में समाप्त हो गए और यही शिक्षक अब अतिशेष बनाये जा रहे है।

शिक्षा के अधिकार कानून की आड़ में प्रत्येक शाला से एक एक पद कम किया गया, शिक्षा अधिकार कानून के अनुसार राष्ट्रीय औसत से छत्तीसगढ़ में शिक्षक अनुपात बेहतर है और छत्तीसगढ़ की शिक्षा का स्तर 27 पायदान पर है, अगर यह शिक्षक अनुपात कम किया गया तो छत्तीसगढ़ की शिक्षा रसातल में पहुंच जाएगी, फिर मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान में बेहतरी की उम्मीद बेमानी है।

एक शाला में 2 शिक्षक होंगे तो शिक्षकों को दैनिक अवकाश, स्वास्थ्य, बीमारी, संतान पालन, मेटरनिटी की जरूरत में भी अवकाश नही दिया जाएगा क्योकि एक शिक्षक के अवकाश में जाने पर शाला एकल शिक्षकीय हो जाएगा, क्या शिक्षक अमर- अजर होते है,?

*जहाँ पाओ वहाँ पोस्टिंग करो की नीति से अतिशेष हो रहे शिक्षक*

कागजी आंकड़े को लेकर लगातार विभाग हर बार शिक्षकों को पैमाना में कसने का प्रयास करता है किंतु स्थानांतरण व पदोन्नति के समय सारे नियम तोड़कर *"जहाँ पाओ वहाँ पोस्टिंग करो"* की नीति अपनाते है, जिससे स्कूल में शिक्षक अतिशेष हो जाते है, अतिशेष की जिम्मेदारी आखिर किसकी है,?

*शिक्षक विहीन व एकल शिक्षकीय शाला क्यो है -*

गत डेढ़ वर्ष पहले प्राथमिक शाला में 3 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती की गई, प्रायमरी व मिडिल स्कूलों में पदोन्नति भी की गई, फिर भी 212 प्राथमिक शाला शिक्षक विहीन क्यो है,? 6872 प्राथमिक शाला एकल शिक्षकीय क्यो है,? क्यो 48 पूर्व माध्यमिक शाला शिक्षक विहीन है और क्यो 255 पूर्व माध्यमिक शाला एकल शिक्षकीय है, जबकि शिक्षा विभाग ने शिक्षक विहीन व एकल शिक्षकीय शाला में पहले पोस्टिंग का आदेश दिया था, इसके लिए शिक्षा विभाग जिम्मेदारी तय करे।

23 शिक्षक संगठनों ने मिलकर शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ गठित किया है, साझा मंच के प्रदेश संचालक संजय शर्मा, सुधीर प्रधान, वाजिद खान, हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहु, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेंद्र यदु, डॉक्टर कमल वैष्णव, मनोज सनाढ्य, शैलेंद्र पारीक अनिल रावत,एल.डी .बंजारा एवं जशपुर जिलाध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव  ने कहा है कि सेटअप 2008 के अनुसार युक्तियुक्तकरण, सोना साहू के तर्ज पर प्रदेश के सभी पात्र शिक्षकों को एरियर्स सहित क्रमोन्नति वेतनमान देने के लिए जनरल आर्डर जारी करने, पूर्व सेवा (प्रथम सेवा) गणना कर पेंशन सहित समस्त लाभ देने एवं प्राचार्य व व्याख्याता पदोन्नति में बीएड की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर 28 मई को मंत्रालय घेराव किया  जायेगा।

और भी

शिक्षक साझा मंच का निर्णय : काउंसलिंग का होगा संपूर्ण बहिष्कार. ....सभी शिक्षक 28 को पहुंचेंगे मंत्रालय घेराव में.

रायपुर : आज राजधानी के शंकर नगर स्थित राजपत्रित कर्मचारी अधिकारी कार्यालय में "शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़" की प्रदेश स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में 23 शिक्षक संगठनों के सभी प्रांत अध्यक्ष/प्रतिनिधि उपस्थित थे।
       साझा मंच के सभी सदस्यों ने मिलकर मंत्रालय घेराव/आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया। जिसमें यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में 27 तारीख को युक्तिकरण के तहत काउंसलिंग का जो आदेश जारी हुआ है उसका बहिष्कार किया जाएगा।
         किसी भी जिले में कोई भी शिक्षक काउंसलिंग की प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे। तथा सभी शिक्षक 28 मई को मंत्रालय घेराव के लिए धरना स्थल तूता रायपुर पहुंचेंगे। 
       28 मई को सुबह 10:00 बजे से धरना स्थल तूता में धरना प्रदर्शन प्रारंभ होगा जो दोपहर 2:00 बजे तक चलेगा। ठीक 2:00 बजे मंत्रालय घेराव के लिए सारे शिक्षक धरना स्थल तूता से मंत्रालय घेराव के लिए कूच करेंगे।
      यह बात उल्लेखनीय है कि युक्त युक्तिकरण में काउंसलिंग के लिए कुछ जिलों के अधिकारियों ने आनन फानन में 27 तारीख को काउंसलिंग का आदेश निकाल दिया है। जिसका पता चलते ही "छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच" ने कड़ी आलोचना करते हुए उक्त काउंसलिंग का संपूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया है। तथा काउंसलिंग में जिन शिक्षकों का नाम है उन शिक्षकों से साझा मंच की ओर से अपील जारी करते हुए कहा गया है कि प्रदेश के किसी भी जिले का कोई भी शिक्षक काउंसलिंग की प्रक्रिया में भाग ना ले। बल्कि काउंसलिंग का खुला विरोध करें और सभी शिक्षक सीधे 28 मई को मंत्रालय घेराव हेतु राजधानी के धरना स्थल तूता पहुंचे। 
           आज के बैठक में सभी प्रांत अध्यक्ष/प्रदेश संचालक/प्रतिनिधि सर्व श्री केदार जैन, विकास राजपूत, कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, जाकेश साहू, शंकर साहू, चेतन बघेल, कमल दास मुरचले, प्रीतम कोशले, विक्रम राय, विष्णु प्रसाद साहू, ताराचंद जायसवाल, उत्तम देवांगन, योगेश सिंह, सिराज बख्श, ईश्वर चंद्राकर, डा.गोपा शर्मा, कलाराम मल्होत्रा सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

और भी

आनन फानन में काउंसलिंग आदेश से भड़का "शिक्षक साझा मंच".... किया काउंसलिंग के बहिष्कार की घोषणा, बौखलाए शिक्षक... बोले उग्र प्रदर्शन करेंगे

रायपुर :  आज राजधानी के शंकर नगर स्थित राजपत्रित कर्मचारी अधिकारी कार्यालय में "शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़" की प्रदेश स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में 23 शिक्षक संगठनों के सभी प्रांत अध्यक्ष/प्रतिनिधि उपस्थित थे।
       साझा मंच के सभी सदस्यों ने मिलकर मंत्रालय घेराव/आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दिया। जिसमें यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में 27 तारीख को युक्तिकरण के तहत काउंसलिंग का जो आदेश जारी हुआ है उसका बहिष्कार किया जाएगा।
         किसी भी जिले में कोई भी शिक्षक काउंसलिंग की प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे। तथा सभी शिक्षक 28 मई को मंत्रालय घेराव के लिए धरना स्थल तूता रायपुर पहुंचेंगे। 
       28 मई को सुबह 10:00 बजे से धरना स्थल तूता में धरना प्रदर्शन प्रारंभ होगा जो दोपहर 2:00 बजे तक चलेगा। ठीक 2:00 बजे मंत्रालय घेराव के लिए सारे शिक्षक धरना स्थल तूता से मंत्रालय घेराव के लिए कूच करेंगे।
      यह बात उल्लेखनीय है कि युक्त युक्तिकरण में काउंसलिंग के लिए कुछ जिलों के अधिकारियों ने आनन फानन में 27 तारीख को काउंसलिंग का आदेश निकाल दिया है। जिसका पता चलते ही "छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच" ने कड़ी आलोचना करते हुए उक्त काउंसलिंग का संपूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया है। तथा काउंसलिंग में जिन शिक्षकों का नाम है उन शिक्षकों से साझा मंच की ओर से अपील जारी करते हुए कहा गया है कि प्रदेश के किसी भी जिले का कोई भी शिक्षक काउंसलिंग की प्रक्रिया में भाग ना ले। बल्कि काउंसलिंग का खुला विरोध करें और सभी शिक्षक सीधे 28 मई को मंत्रालय घेराव हेतु राजधानी के धरना स्थल तूता पहुंचे। 
           आज के बैठक में सभी प्रांत अध्यक्ष/प्रदेश संचालक/प्रतिनिधि सर्व श्री केदार जैन, विकास राजपूत, कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, जाकेश साहू, शंकर साहू, चेतन बघेल, कमल दास मुरचले, प्रीतम कोशले, विक्रम राय, विष्णु प्रसाद साहू, ताराचंद जायसवाल, उत्तम देवांगन, योगेश सिंह, सिराज बख्श, ईश्वर चंद्राकर, डा.गोपा शर्मा, कलाराम मल्होत्रा सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

और भी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पामेड़ में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक का किया वर्चुअल शुभारंभ

छत्तीसगढ़ के पामेड़ में खुली ग्रामीण बैंक की शाखा:

माओवादियों की बटालियन नंबर-1 का गढ़

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पामेड़ में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक का किया वर्चुअल शुभारंभ

माओवाद से मुक्ति की जमीन पर  रखी जा रही है विकास की मजबूत नींव - मुख्यमंत्री

रायपुर : जिस पामेड़ को कभी माओवादियों की बटालियन नंबर-1 का गढ़ माना जाता था, आज वहां बैंक खुल रहे हैं, कन्या आश्रम बन रहे हैं और लोग खुले मन से सुशासन शिविरों में भाग ले रहे हैं। यह बदला हुआ बस्तर है — आत्मविश्वास, विकास और लोकतंत्र का प्रतीक। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती और पूर्व में माओवादी प्रभाव से ग्रस्त रहे पामेड़ क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने इसे विकास और विश्वास की नई सुबह बताते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल सरकार के सुशासन और समावेशी विकास के विजन को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैंक शाखा से पामेड़ और आसपास के 50 गांवों को सीधे लाभ मिलेगा, जहां अब खाता खोलने, पैसा निकालने और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं की राशि लेने में सुविधा होगी। उन्होंने विशेष रूप से माताओं-बहनों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें योजना की राशि के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पामेड़ में 50-सीटर आदिवासी कन्या आश्रम का भी लोकार्पण किया,  जिसकी लागत 1.62 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि कन्या आश्रम के माध्यम से आने वाले समय में बस्तर की बेटियां शिक्षा और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर बस्तर को नया नेतृत्व प्रदान करते हुए क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाईयां प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पामेड़ में अब पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की स्थापना की जा रही है, ताकि आसपास के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र में लाएं और स्वास्थ्य लाभ लें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तालपेरू नदी पर धर्मावरम ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे अब तेलंगाना के चेरला होकर 200 किलोमीटर लंबा सफर तय करके बीजापुर जाने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। यह पुल न केवल पामेड़ को जोड़ने वाला होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास का मुख्य द्वार भी बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि आवागमन की सुविधा बढ़ाते हुए सरकार ने पामेड़ से बीजापुर के बीच सीधी बस सेवा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब सुबह जाकर शाम को लौटना संभव हो गया है। लोगों की दिनचर्या सरल हुई है और व्यापार-सेवा गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं।

इस मौके पर 'सुशासन तिहार' के तहत समाधान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान छत्तीसगढ़ में लोगों को उनके द्वार पर प्रशासन देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस मौके पर श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य  अधिकारीगण उपस्थित थे।

और भी

श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की धूम, अष्ट प्रहरी हरि कीर्तन का हुआ शुभारंभ, श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल

दोकड़ा – स्थानीय श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत अष्ट प्रहरी हरि कीर्तन का शुभारंभ हुआ। इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने भी भक्तिभाव से कीर्तन में भाग लेकर भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।

यह अष्ट प्रहरी हरि कीर्तन 24 घंटे तक निरंतर चलेगा, जिसमें ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ से आई विभिन्न कीर्तन मंडलियां बारी-बारी से प्रस्तुति दे रही हैं। मृदंग, मंजीरा, और संकीर्तन की स्वर लहरियों से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया है। श्रद्धालु समूह कीर्तन की लय में झूमते और थिरकते नजर आ रहे हैं।

मंदिर प्रांगण में लगे भव्य पंडाल में स्थानीय ग्रामीणों से लेकर दूर-दराज से आए श्रद्धालु एकत्र हुए हैं। रात-दिन चल रहे कीर्तन में पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी सम्मिलित हो रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। जगह-जगह भंडारे और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई है, जिससे श्रद्धालुओं की सेवा हो सके।

कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि यह महोत्सव सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने वाला आयोजन भी है। श्री जगन्नाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के साथ यह क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।

इस ऐतिहासिक अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं अतिथि शामिल हो रहे हैं।श्री जगन्नाथ मंदिर समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि कोई असुविधा न हो।

हरि नाम संकीर्तन की यह अखंड धारा भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों में समर्पित एक अद्भुत भक्ति यात्रा का प्रतीक बन चुकी है, जिसमें जन-जन भावविभोर होकर भाग ले रहा है।

और भी

रायपुर में जल्द स्थापित होगा देश का प्रमुख अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर 

रायपुर : छत्तीसगढ़ देश के डिजिटल परिदृश्य में बड़ा कदम रखने जा रहा है। रायपुर में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए टेक्नोलॉजी कंपनी ESDS Software Solution Ltd ने 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया है। 

मुख्यमंत्री से नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुलाकात के दौरान कंपनी के चेयरमैन श्री पीयूष सोमानी और उपाध्यक्ष श्री लोकेश शर्मा ने कहा कि यह सेंटर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे भारत के डिजिटल भविष्य को गति देगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से छत्तीसगढ़ को AI, क्लाउड टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल स्टोरेज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस पहल होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “डिजिटल इंडिया की भावना को छत्तीसगढ़ में धरातल पर उतारने के लिए यह निवेश मील का पत्थर साबित होगा। सरकार हरसंभव सहायता देगी ताकि यह परियोजना जल्द से जल्द मूर्तरूप ले।”

ESDS की यह पहल छत्तीसगढ़ को एक टेक्नोलॉजी हब बनाने के साथ-साथ युवाओं के लिए उच्च स्तरीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। यह सेंटर राज्य के IT इकोसिस्टम को मजबूती देगा और डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर  ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।

और भी