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*अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर, 7 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है।

बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया।

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया।

बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, श्री लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है।

बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से श्री राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से श्री गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री बसव राजू, पुलिस महानिदेशक श्री अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, श्री रोहित यादव, श्री कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, श्री आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा....सरलता, करुणा और जनसामान्य से जुड़ाव की मिसाल बने मुख्यमंत्री श्री साय : किसान पिता बोले, जीवन भर रहेगा याद*

रायपुर, 7 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का नेतृत्व केवल जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की दिशा में सशक्त पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सहजता, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यवहार ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशेष स्थान दिलाया है। आज जांजगीर चांपा जिले में आगमन के दौरान हेलीपेड पर ऐसा ही एक क्षण सामने आया, जब मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा।

किसान श्री योगेंद्र पांडेय अपनी तीन वर्षीय पुत्री सुश्री सृष्टि पांडेय को लेकर ग्राम भणेसर से विशेष रूप से मुख्यमंत्री श्री साय से मिलने पहुंचे थे। जब मुख्यमंत्री श्री साय  की दृष्टि  मासूम बच्ची सृष्टि पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत आत्मीय मुस्कान के साथ निहारा और उसे स्नेह से अपनी गोद में उठा लिया।  मुख्यमंत्री से मिलकर नन्ही सृष्टि की आँखों में जो चमक थी, वह पूरे वातावरण को आत्मीयता से भर गई। 

सृष्टि के पिता श्री योगेंद्र पांडेय ने भावुक होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी के आने की खबर सुनकर मैंने तय किया कि अपनी बेटी को उनसे मिलवाऊँगा। जब मुख्यमंत्री जी ने उसे गोद में उठाया, तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेरी बेटी और हम दोनों के लिए यह पल हमारे जीवन की सबसे अनमोल स्मृति बन गई है जो जीवन भर याद रहेगी।

सुश्री सृष्टि, जो वर्तमान में नर्सरी कक्षा की छात्रा हैं, अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री श्री साय को देखने के लिए अत्यंत उत्साह के साथ पहुंची थीं। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार है, जिसमें माता-पिता, दादा-दादी और सृष्टि स्वयं शामिल हैं।

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*छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और पुनर्वास की नीति पर कर रही है कार्य: सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को पक्का घर देने के लिए संकल्पित - मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर. 5 अगस्त 2025. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दूरस्थ वनांचलों के हर परिवार को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने सरकार लगातार पहल कर रही है। राज्य में नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष परियोजना के तहत करीब तीन हजार आवास बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह कर आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए जो प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता की शर्तों में नहीं आ पा रहे थे, उनके लिए विशेष परियोजना के तहत 15 हजार आवास स्वीकृत कराया है। 

विशेष परियोजना के तहत राज्य में अब तक पात्र पाए गए पांच हजार परिवारों में से तीन हजार परिवारों के लिए आवास स्वीकृत कर 2111 परिवारों को आवास निर्माण के लिए पहली किस्त और 128 परिवारों को दूसरी किस्त भी जारी की जा चुकी है। सुदूर वनांचलों में रहने वाले इन परिवारों के आवास तेजी से बन रहे हैं। नक्सल हिंसा से प्रभावित सुकमा की सोडी हुंगी और कांकेर की दशरी बाई का विशेष परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत पीएम आवास दुर्गम क्षेत्र और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में ही बनकर तैयार हो गया है। इस साल मार्च में स्वीकृति के बाद मई में इनके आवासों का निर्माण प्रारंभ हुआ था।
  
बस्तर में नक्सल हिंसा से प्रभावित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के परिवारों में खुशियों ने फिर से दस्तक देना शुरू कर दिया है। विशेष परियोजना के तहत स्वीकृत उनके पक्के आवास तेजी से आकार ले रहे हैं। दूरस्थ और कठिन भौगोलिक क्षेत्र होने के बावजूद इन परिवारों के हौसले और शासन-प्रशासन की मदद से उनके सपनों के आशियाने मूर्त रूप ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में यह विशेष परियोजना न केवल एक ठोस कदम है, बल्कि पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में मील का पत्थर भी है।

*दुर्गम क्षेत्र और विपरीत हालातों के बीच भी तीन महीने में निर्माण पूरा*

कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 200 किलोमीटर दूर कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के उलिया ग्राम पंचायत में रहने वाली श्रीमती दसरी बाई नुरूटी के पति श्री दोगे नुरूटी की विधानसभा चुनाव के दौरान माओवादी घटना में मृत्यु हो गई थी। पीएम आवास योजना में नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए विशेष परियोजना के तहत इस साल मार्च में उसका आवास स्वीकृत किया गया था। मई में उसके आवास का निर्माण शुरू हुआ था। अब मात्र तीन महीनों की अल्प अवधि में ही उसके आवास का निर्माण पूर्ण हो गया है। दसरी बाई के हौसले के कारण कठिन परिस्थितियों के बावजूद बहुत कम समय में आवास तैयार हुआ और उसके परिवार को पक्का मकान मिला।

श्रीमती दसरी बाई बताती हैं कि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण आवास के निर्माण में कई व्यावहारिक दिक्कतें आईं। विकासखंड मुख्यालय से बहुत दूर होने के कारण चारपहिया वाहनों के लिए कोई मार्ग नहीं है। इस कारण से निर्माण सामग्री लाने में बहुत कठिनाइयां आईं। बारिश होने पर दोपहिया वाहन से भी पहुंचना अत्यंत मुश्किल होता था, जिसके चलते राजमिस्त्री और श्रमिक समय पर पहुंचने से मना कर देते थे। अंदरूनी क्षेत्र होने से निर्माण सामग्रियों को लाना सामान्य क्षेत्र के मुकाबले महंगा पड़ता था। 

श्रीमती दसरी बाई कहती हैं कि आवास का काम तेजी से पूरा करने में कांकेर जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और प्रधानमंत्री आवास योजना के अधिकारियों का बहुत सहयोग मिला। निर्माण सामग्रियां पहुंचाने तथा राजमिस्त्रियों और श्रमिकों की व्यवस्था में ग्राम पंचायत एवं आवास टोली ने बहुत सहायता की। वह कहती हैं कि नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए सरकार ने संवेदनशील और प्रभावी नीति बनाई है। शासन-प्रशासन के लगातार सहयोग से बहुत कम समय में उसका पक्का आवास बन गया है। 

*बरसों टपकती छत वाले कच्चे मकान में रहने वाली सोडी हुंगी अब परिवार के साथ अपने नए पक्के घर में*

सुकमा जिले के गादीरास ग्राम पंचायत के आश्रित गांव ओईरास की श्रीमती सोडी हुंगी ने भी अपना पक्का आवास तीन महीने में बना लिया है। वर्ष 2005 में उसके पति श्री मासा सोडी की नक्सलियों ने मुखबिरी के संदेह में हत्या कर दी थी। उसका परिवार गरीबी में वर्षों तक कच्चे घर में रहने को मजबूर था, जहां बरसात में टपकती छत और जहरीले कीड़े-मकोड़ों से जान का खतरा बना रहता था।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में विशेष परियोजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर सोडी हुंगी को चरणबद्ध रूप से तीन किस्तों में कुल एक लाख 35 हजार रुपए मिले। ग्राम पंचायत के तकनीकी मार्गदर्शन और समय-समय पर निगरानी के चलते इस साल जुलाई में उसके आवास का निर्माण पूरा हुआ। अब वह परिवार के साथ अपने पक्के नए घर में रहती है।

*विशेष परियोजना में सुकमा में सर्वाधिक 984 परिवारों को आवास स्वीकृत, बीजापुर के 761 और नारायणपुर के 376 परिवार शामिल*

प्रधानमंत्री आवास योजना में विशेष परियोजना के तहत अब तक करीब तीन हजार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 984 परिवार सुकमा जिले के हैं। बीजापुर जिले में ऐसे 761 परिवारों, नारायणपुर में 376, दंतेवाड़ा में 251, बस्तर में 214, कोंडागांव में 166, कांकेर में 146, गरियाबंद में 27, बलरामपुर-रामानुजगंज में 25 और मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी में 23 परिवारों के आवास मंजूर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और पुनर्वास की रणनीति पर कार्य कर रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने हेतु राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विशेष परियोजना के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध कर 15 हजार आवास स्वीकृत कराए हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिर्फ ईंट और सीमेंट का निर्माण नहीं, बल्कि नए विश्वास, सुरक्षा और स्थायित्व की नींव है। दुर्गम और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मात्र तीन महीनों में आवास पूर्ण होना यह दर्शाता है कि शासन और जनता मिलकर असंभव को भी संभव बना सकते हैं। सरकार सभी पात्र परिवारों को पक्का घर देने के लिए कटिबद्ध है।

उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मान की नीति पर कार्य किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जो पहल की गई है, वह सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि सोडी हुंगी और दशरी बाई जैसे उदाहरण यह सिद्ध करते हैं कि यदि सरकार संवेदनशील हो और प्रशासन सक्रिय, तो दूरस्थ वनांचलों में भी विकास की रोशनी पहुँचाई जा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पीड़ित परिवार को छत और सम्मान दोनों मिले। यह मिशन पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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नयी शिक्षा नीति के उद्देश्यों की पूर्ति एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु पालक और शिक्षक के मध्य चर्चा - परिचर्चा होना अति आवश्यक : प्रधान पाठक

कुनकुरी 07 अगस्त 2025:-  राज्य शासन द्वारा सभी शालाओं में पालक-शिक्षक बैठक आयोजित कराने के निर्देश दिए गए थे। इस तारतम्य में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की पहली पालक-शिक्षक मेगा बैठक का आयोजन प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली कुनकुरी में किया गया। सर्वप्रथम बच्चों ने सरपंच, उपसरपंच, शाला समिति एवं पालक समिति अध्यक्ष एवं पालकों का स्वागत मुख्य द्वार पर पुष्प वृष्टि कर एवं आरती उतारकर किया। इसके पश्चात बच्चों ने स्वागत गीत के साथ पुनः सभी अतिथियों एवं पालकों को पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।
तत्पश्चात प्रधान पाठक ने अपने उद्बोधन में कहा कि नयी शिक्षा नीति के उद्देश्यों की पूर्ति एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु पालक और शिक्षक के मध्य चर्चा - परिचर्चा होना अति आवश्यक है, इसके साथ ही पालक शिक्षक बैठक का उद्देश्य शिक्षक व पालकों के मध्य समन्वय, पालकों को उनके बच्चों के पढ़ाई में मदद के लिए समाधानात्मक कारक उपाय सुझाना और शासन द्वारा बच्चों के लिए संचालित विभिन्न हितग्राही योजनाओं व शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए राज्य में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से पालकों को अवगत कराना है जिसका लाभ बच्चों को मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि इस सत्र विद्यालय का लक्ष्य है बच्चों में अंग्रेजी भाषा का विकास इस लक्ष्य की पूर्ति हेतु कार्ययोजना बनाकर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। तत्पश्चात सरपंच ने पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पालकों एवं शिक्षकों के मध्य मधुर संबंध अति आवश्यक है, आप सभी बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजें एवं यह भी जानने का प्रयास करें कि बच्चे क्या सीख रहे हैं। शिक्षक महेश तिर्की ने संपर्क स्मार्ट कक्षा से पालकों को अवगत कराया और संपर्क फाउंडेशन के द्वारा तैयार किए गए विडियो दिखाते हुए बताया कि संपर्क स्मार्ट स्कूल से बच्चे आसानी से गणितीय  अवधारणाओं एवं अंग्रेजी भाषा को गतिविधियों के साथ आनंद लेकर सीखते हैं, संपर्क स्मार्ट शाला से सीखने की गति में वृद्धि हुई है आगे उन्होंने पालकों को ई जादुई पिटारा से अवगत कराते हुए डाउनलोड कराया गया। 
पालक शिक्षक बैठक के मध्य विकास खंड स्त्रोत समन्वयक बिपिन अम्बस्थ एवं लेखापाल मुकेश सिंह का आगमन हुआ, बी आर सी बिपिन अम्बस्थ ने  बैठक की महत्ता बताते हुए कहा कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय एवं पालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होना अति आवश्यक है साथ ही शिक्षक एवं पालकों के संयुक्त प्रयास से बच्चों के पढ़ाई के लिए सकारात्मक वातावरण बनेगा। उन्होंने प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता एवं शिक्षक महेश तिर्की की तारीफ करते हुए कहा कि इनके पदस्थापना से विद्यालय निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। उनके द्वारा बच्चों को गणवेश का द्वितीय सेट वितरित किया गया साथ ही बच्चों के साथ क्रिकेट का आनंद लिया गया।
आज के पालक शिक्षक मेगा बैठक में नयी शिक्षा नीति 2020, नवीन पाठ्य-पुस्तक, एफ एल एन मिशन एवं बच्चों की सम्पूर्ण गतिविधि से पालकों को अवगत कराया गया साथ ही बैठक में छात्र हित में शासन द्वारा संचालित योजनाओं, शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए संचालित योजनाओं, अध्ययन-अध्यापन में आने वाली समस्याओं, सुचारू अध्यापन एवं पालकों की भागीदारी पर चर्चा की गई।

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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में पालक- शिक्षक बैठक का आयोजन 


जशपुर : राज्य शासन के मंशा के अनुरूप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता के सभागार में पूर्व जनपद पंचायत मनोरा आदरणीय श्री दिनेश्वर प्रधान की अध्यक्षता एवं ग्राम पंचायत खरसोता के सरपंच श्रीमती पद्मावती की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। पालको के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने, उन्हें बच्चे की प्रगति से अवगत एवं भविष्य की सम्भावनाओं का आकलन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मंशानुरूप विभिन्न उद्देश्यों को लेकर समन्वय साधते हुए पालकों का उन्मुखीकरण करने पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया था। जिसका उद्देश्य  बच्चों की शारीरिक मानसिक एवं सर्वांगीण विकास,सतत प्रेरणा, उचित मार्गदर्शन, पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल बनाना,ड्राप आउट रोकने के लिए गांववाइज जिम्मेदारीयां दी गई है।

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हाई स्कूल शैला में पालक शिक्षक बैठक  संपन्न ....पालक शिक्षक एजेंडा पर विस्तार पूर्वक हुई चर्चा

जशपुर 07 अगस्त 2025 : 
हाई स्कूल शैला में पालक शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्य अतिथि मनोरा जनपद अध्यक्ष परमेश्वर राम भगत एवं ग्राम पंचायत खूंटापानी की सरपंच श्रीमती  रंजतो भगत के द्वारा सरस्वती जी की प्रतिमा पर धूप अगरबत्ती प्रज्वलित कर प्रारंभ किया गया। जनपद अध्यक्ष परमेश्वर राम ने अपने उद्बोधन में कहा कि पालक शिक्षक मिलकर विद्यार्थी के शैक्षणिक विकास के बाधाओं को दूर कर सकते हैं ।आपसी संवाद से उनके आगे बढ़ाने में मदद मिलेगा।  बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया ।सरपंच श्रीमती   रंजतो  भगत ने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजने के लिए पालकों से कहा एवं कृषि कार्य के लिए बच्चों की पढ़ाई को ना रोका जाए कहा ।हाई स्कूल शैला के प्राचार्य मनोज कुमार चौहान द्वारा पालक शिक्षक एजेंडा पर विस्तार पूर्वक बताया और उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है विद्यार्थी की पहली प्राथमिकता प्रतिदिन स्कूल आना है और विद्यालय द्वारा दिए गए कार्यों को करना है। श्रीमती संजीता एक्का  द्वारा पास्को एक्ट के बारे में बताया गया ।समस्त कार्यक्रम का संचालन कुमारी पुष्पा टोप्पो द्वारा किया गया साथ ही  प्रभास्वर्णलता मिंज एवं श्रीमती सुनिता किस्पोट्टा छात्रावास अधीक्षिका  कुमारी लक्ष्मी भगत ,आनंद भगत इन सभी की  सहभागिता  विशेष रूप से रही।

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छत्तीसगढ़ सूचना-प्रसार की दिशा में बना रोल मॉडल: छत्तीसगढ़ संवाद व जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली ने महाराष्ट्र के अधिकारियों को किया प्रभावित*

रायपुर, 07 अगस्त 2025/ महाराष्ट्र सरकार के जनसंपर्क एवं सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक अध्ययन दल 5 से 7 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में प्रवास पर रहा। इस दौरे का उद्देश्य छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सूचना, जनसंपर्क और शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में किए जा रहे नवीनतम नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणालियों का प्रत्यक्ष अवलोकन एवं अध्ययन करना था।

अध्ययन दल में महाराष्ट्र शासन की उप सचिव श्रीमती समृद्धि अंगोलकर, निदेशक श्री किशोर गंगरडे सहित कुल छह वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। दल ने छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग एवं उसकी सहायक संस्था छत्तीसगढ़ संवाद की संपूर्ण कार्यप्रणाली का अध्ययन किया।

भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने ई-न्यूज़ क्लिपिंग, ई-आरओ सिस्टम, ई-पब्लिकेशन, पत्रकार अधिमान्यता प्रणाली, तथा पत्रकारों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं का गहन अध्ययन किया। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ संवाद की संगठनात्मक संरचना, संचालन तंत्र तथा तकनीकी नवाचारों के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की।

इस अवसर पर अध्ययन दल ने जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल से सौजन्य मुलाकात की। जनसंपर्क आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग का यह सतत प्रयास रहा है कि शासकीय योजनाओं और जनहितकारी नीतियों की जानकारी आम जनता तक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावशाली ढंग से पहुँचे। सूचना के क्षेत्र में तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण के संतुलित समावेशन ने हमारी कार्यप्रणाली को विशिष्ट बनाया है। यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि अन्य राज्य भी हमारे नवाचारों में रुचि ले रहे हैं। यह अनुभव-साझाकरण एक सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में उठाया गया कदम है।

अध्ययन दल ने इंद्रावती भवन स्थित जनसंपर्क संचालनालय एवं छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं के संचालन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और विभाग की प्रमुख गतिविधियों को निकट से जाना।

अपर संचालक श्री जे.एल. दरियो, श्री उमेश मिश्रा एवं श्री संजीव तिवारी ने अध्ययन दल को विभाग की प्रमुख गतिविधियों, कार्यप्रणाली और तकनीकी अनुप्रयोगों की जानकारी विस्तार से प्रदान की।महाराष्ट्र से आए अध्ययन दल के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें अपने राज्य में भी लागू करने की संभावनाओं में गहरी रुचि जताई।

इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग   और छत्तीसगढ़ संवाद के विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।

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*राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री से बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात.....सीएम श्री साय को करघा भेंटकर किया अभिनंदन*

रायपुर, 07 अगस्त 2025/ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने बुनकर समाज की सराहना करते हुए कहा कि  हथकरघा कला हमारी समृद्ध विरासत है, जो प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाती है और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता को सशक्त बनाती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बुनकर समाज अपने श्रम, कौशल और रचनात्मकता के माध्यम से राज्य का गौरव बढ़ा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों की समृद्धि, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। कच्चा माल सुलभ कराने से लेकर लागत कम करने और विपणन की बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने तक, हर मोर्चे पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुनकरों की आत्मनिर्भरता ही उनकी रचनात्मक उड़ान को नई ऊँचाई दे सकती है। 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए "वोकल फॉर लोकल" के मंत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय हमारे पारंपरिक उत्पादों और हुनर को प्रोत्साहन देने का है। हथकरघा उद्योग केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है, जिसे बुनकर समाज आज भी सहेजे हुए है।

इस अवसर पर समाज के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बुनकरों द्वारा निर्मित करघा (कपड़ा बुनने की पारंपरिक मशीन) की प्रतिकृति भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी यह भेंट न केवल आपके सम्मान और भावनाओं का प्रतीक है, बल्कि सृजन, परंपरा और हमारे प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बुनकर समाज के हर संभव सहयोग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उनके सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बुनकरों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण का होगा।

इस अवसर पर बुनकर समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री महेश देवांगन, श्री पुरुषोत्तम देवांगन, श्री धनेश देवांगन, श्री गजेंद्र देवांगन सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।

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*कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय तमता के बच्चों से चर्चा कर व्यवस्था सुधार एवं मरम्मत हेतु अधिकारियों को दिए निर्देश*

जशपुर, 07 अगस्त 2025/ विकासखंड पत्थलगांव के तमता स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय का बुधवार को कलेक्टर रोहित व्यास ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की उपस्थिति की जानकारी ली।उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी पढ़ाई और अन्य समस्याओं पर चर्चा की। इस बीच बच्चे अपने बीच कलेक्टर को पाकर बहुत खुश नजर आए।
         कलेक्टर ने शिक्षकों को नवाचारों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने को कहा। उन्होंने सभी कमरों में उचित लाइटिंग, फैन, पेंटिंग, सफाई के साथ साथ कमरों की मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव के जनप्रतिनिधियों को स्कूल के कर्मचारियों के साथ मिलकर सभी को स्वच्छता का संदेश देने हेतु स्कूल के आस पास श्रमदान अभियान चलाने के निर्देश दिए। बिना हेलमेट के किसी भी शिक्षक या कर्मचारी के स्कूल आने पर उनपर जुर्माना लगाने हेतु कलेक्टर ने निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निकट बने पुराने जर्जर छात्रावास भवन के नवनिर्माण हेतु प्रस्ताव निर्माण करवाने को कहा। इस अवसर पर एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन, जनपद पंचायत सीईओ आकांक्षा रानी गुप्ता, सीएमएचओ डॉ. जीएस जात्रा, सरपंच सीता बाज सहित स्कूल के शिक्षक उपस्थित रहे।

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*कलेक्टर ने केशलापाठ पर्यटकों की सुविधा का लिया जायजा एवं घोघरा डैम में पर्यटन विस्तार हेतु किया निरीक्षण* 


 जशपुर, 07 अगस्त 2025/ विकासखंड पत्थलगांव के तमता स्थित प्रसिद्ध केशलापाठ एवं घोघरा डैम का बुधवार को कलेक्टर रोहित व्यास ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इन क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं के विकास एवं पर्यटन द्वारा लोगों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से चर्चा की। इस हेतु सर्वप्रथम वे केशलापाठ पहुंचे। जहां हर वर्ष पौष पूर्णिमा के दूसरे दिन मेले का आयोजन किया जाता है। यह क्षेत्र यहां के रहवासियों के लिए पूज्यनीय एवं वंदनीय है। इस स्थान के प्रति लोगों की आस्था और महाभारत युग से जुड़े इसके इतिहास के बारे में स्थानीय लोगों ने कलेक्टर को जानकारी दी।
         कलेक्टर ने इसे पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए मेला स्थल पर मंच निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण, सामुदायिक शौचालय निर्माण, लाइटिंग की व्यवस्था हेतु प्रस्ताव निर्माण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्थानीय आस्था के अनुसार नंगे पैर केशलापाठ में चढ़कर क्षेत्र के विकास के लिए स्थानीय लोगों से चर्चा की। उन्होंने श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए ऊपर सुरक्षा हेतु रेलिंग, कुंडों की सफाई, पानी बोतल बैन, मंदिर निर्माण, विश्राम स्थल निर्माण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने वहां स्थानीय लोगों एवं अधिकारियों के साथ विधिवत पूजा अर्चना भी की।

*घोघरा डैम में वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी का होगा निर्माण*

      कलेक्टर ने घोघरा डैम का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से यहां के पर्यटन क्षमताओं पर चर्चा करते हुए, इसे एक वृहद पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु चर्चा की। जहां उन्होंने होम स्टे नीति के तहत निर्माणाधीन होम स्टे का निरीक्षण किया। जिसमें व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए शौंचालय, विद्युतीकरण के कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने डैम में पानी के उचित स्तर की व्यवस्था कर यहां के वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं के विकास पर चर्चा की डैम में मोटर बोट, पैडल बोट, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेट्टी जैसे वाटर स्पोर्ट्स के संचालन हेतु व्यवस्था निर्माण करने के निर्देश दिए। इसके लिए पानी का स्तर सुनिश्चित करने हेतु जल संसाधन विभाग  निरीक्षण एवं सर्वे करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने इन वाटर स्पोर्ट्स के संचालन एवं प्रबंधन हेतु स्थानीय स्वसहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार दिलाने को कहा। उन्होंने डैम में केज फ़िशिंग के द्वारा मछली उत्पादन के लिए युवाओं को प्रेरित करने के लिए जनप्रतिनिधियों से चर्चा की।

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*कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में जीवनदीप कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न...धोबी, कम्प्यूटर आपरेटर, कर्मचारियों,  सीटी टेक्नीशियन के मानदेय में वृद्धि का लिया गया निर्णय*

 जशपुरनगर, 07 अगस्त 2025/  कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी कार्यालय में जीवनदीप कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जीवनदीप समिति की अंतर्गत कार्यों एवं आय-व्यय पर चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर ने जिला अस्पताल में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए और कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रो की नियमित साफ-सफाई के निर्देश भी दिए। 
     उन्होंने अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए और कहा कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में लाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मितानिन को समिति की तरफ से 100 रुपए प्रोत्साहन राशि दिए जाने के संबंध में पिछले बैठक में जो निर्णय लिया गया था इसकी प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने जिला  अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, ओपीडी, आईपीडी के अलावा अस्पताल द्वारा संचालित एक्स-रे, सीटी स्कैन सहित अन्य सेवाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। 
   बैठक में  जीवनदीप समिती ने धोबी और कम्प्यूटर आपरेटर का मानदेय 1000 रूपए बढ़ाने, जीवनदीप समिति के कर्मचारियों के मानदेय 200 रूपए बढ़ाने और सीटी टेक्नीशियन के मानदेय में 5000 हजार रूपए की वृद्धि और जीवनदीप समिति के अंतर्गत रखे गए महिला कर्मियों को 01 माह का पेड मातृत्व अवकाश दिए जाने निर्णय लिया गया। कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि जीवनदीप समिति के तहत कोई भी कार्य या भुगतान विधिवत अनुमोदन के मान्य नहीं होगा।
        इसके अलावा कलेक्टर ने जिला अस्पताल में पदस्थ विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित अन्य मेडिकल स्टॉफ की भी जानकारी लेने के अलावा अस्पताल द्वारा संचालित स्वास्थ्य सुविधाओं को और भी सुदृढ़ किए जाने के संबंध में अधिकारियों और जीवनदीप समिति के सदस्यों से विस्तार से चर्चा की।  बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, श्रीमती रजनी प्रधान, श्री संतोष सिंह, श्री आलोक राय, सीएमएचओ डॉ. जी.एस. जात्रा, सीएस डॉ. विपिन इंदवार,  सीएमओ जशपुर श्री योगेश्वर उपाध्याय, पुलिस विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता बनी सहारा — सिकलसेल बीमारी से पीड़ित राजकुमार को मिली ट्राई सायकल और आर्थिक सहायता, कहा–अब जिंदगी में जागी है नई उम्मीद......*

जशपुरनगर 07 अगस्त 2025 : छत्तीसगढ़ में एक बार फिर यह साबित हुआ है कि जब नेतृत्व संवेदनशील हो, तो शासन वास्तव में आमजन की जिंदगी को छूता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इसी संवेदनशील पहल ने कांसाबेल तहसील के ग्राम भूरसा निवासी राजकुमार चौहान को नई उम्मीद और राहत दी है।राजकुमार चौहान, उम्र 35 वर्ष, एक गरीब ग्रामीण युवक हैं, जो सिकलसेल बीमारी से वर्षों से पीड़ित हैं। यह बीमारी उन्हें इस हद तक कमजोर कर चुकी थी कि स्वाभाविक रूप से चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया था।आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं थी कि वे इलाज या सहायता के लिए कहीं बड़े स्तर पर प्रयास कर पाते।ऐसे में, उन्होंने एक आस लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निजी निवास स्थित सीएम कैंप कार्यालय, बगिया पहुंचकर अपनी समस्या रखी।राजकुमार ने बताया कि उन्हें ट्राई सायकल की आवश्यकता है ताकि वे थोड़ी-बहुत आवाजाही कर सकें और साथ ही इलाज व दवाइयों के लिए आर्थिक सहयोग की भी जरूरत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने न सिर्फ उनकी बात को संवेदनशीलता से सुना, बल्कि त्वरित कार्रवाई करते हुए 10,000 रुपये की मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान राशि और एक नई ट्राई सायकल उपलब्ध कराई। यह सहायता राजकुमार के लिए केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।राजकुमार चौहान ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति भावुकता के साथ आभार प्रकट किया।

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*कलेक्टर ने बानगांव, डूमरबहार एवं तिरसोंठ में घर-घर जाकर जल जीवन मिशन द्वारा जलापूर्ति का किया निरीक्षण*

जशपुर, 07 अगस्त 2025/ कलेक्टर रोहित व्यास ने बुधवार को पत्थलगांव विकासखण्ड के बानगांव, डूमरबहार एवं तिरसोंठ में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जलापूर्ति के कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घर घर जाकर स्टैंड पोस्ट निर्माण एवं जलापूर्ति की जांच की। उन्होंने घर जाकर ग्रामीणों से इसके संबंध में विस्तृत जानकारी भी ली। बानगांव के सुखवासीपारा में सोलर पंप द्वारा जल आपूर्ति को देख कर उन्होंने पम्प ऑपरेटर को भूगर्भिक जल के संरक्षण हेतु लगातार पम्प ना चलाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आपसी सहमति से जलापूर्ति का समय और उपभोग कर की दर सुनिश्चित करने को कहा ताकि समयबद्ध रूप से इसकी मरम्मत एवं साफ सफाई हो सके।
         बानगांव में चट्टानपारा एवं बाड़ीपारा में स्त्रोत नहीं मिलने के कारण जलापूर्ति ना होने की जानकारी पर कलेक्टर ने उन पारों के निवासियों के लिए वैकल्पिक योजना का निर्माण कर सीधे पंप द्वारा जलापूर्ति करने के निर्देश दिए गए। उन्होने बानगांव के आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया।
         डूमरबहार में कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य जांच एवं प्रसव सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने जल जीवन मिशन द्वारा लगे स्टैंड पोस्ट का भी निरीक्षण कर निर्बाध जलापूर्ति हेतु जनप्रतिनिधियों से चर्चा की। डूमरबहार सरपंच द्वारा कुछ घरों में जलापूर्ति की समस्या को साझा किया जिस पर कलेक्टर ने त्वरित निदान हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। 
          
*घर में पानी आने से दिव्यांग देवसाय को अब नित्यकर्म के लिए नहीं जाना होता कहीं दूर*

        इस दौरान कलेक्टर ने ग्राम तिरसोंठ में घर घर पहुंचकर जल जीवन मिशन के कार्यों का निरीक्षण किया। जहां एक घर में चलने में असमर्थ दिव्यांग देवसाय भगत से उनकी मुलाकात हुई। जहां देवसाय ने बताया कि उनके गाँव में पानी की काफी दिक्कत थी, कई जगह हेण्डपम्प होने पर भी जल प्राप्त नहीं होता था। लोग कहते थे की गांव ड्राई जोन में है। जल ना होने से नित्य कर्म, नहाने आदि कार्यों के लिए घर से दूर जाना पड़ता था। अब घर के सामने ही नल लग जाने से समय पर पानी आ जाता है। जिससे उन्हें सुविधा प्राप्त हो गयी है। उन्होंने बताया कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्र भी अब गाँव में खुल गया है तो उन्हें अपने दिव्यांगता पेंशन के पैसे निकालने के लिए शहर भी नहीं जाना पड़ता है।  
        इस दौरान तिरसोंठ सरपंच द्वारा एक मोहल्ले में जल स्त्रोत के अभाव में जलापूर्ति में समस्या की जानकारी दी गयी, जिसपर कलेक्टर ने अधिकारियों को इसका त्वरित वैकल्पिक निदान करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कुछ स्थानों पर स्त्रोत में हैंडपम्प एवं वाटर पम्प एक साथ लगाने से जल की समस्या हो जाने की अफवाहों के संबंध में जनप्रतिनिधियों को लोगों को जागरूक करने को कहा एवं किसी को शंका हो तो तिरसोंठ में जलापूर्ति के उत्कृष्ठ उदाहरण को प्रदर्शित करने को कहा। उन्होंने सभी को समझा कर स्त्रोत की समस्या दूर करने हेतु जनप्रतिनिधियों को अपील की। उन्होंने सभी गांवों में पम्प ऑपरेटरों को निरंतर जांच कर खराब नलों को त्वरित बनाने एवं समय पर मेंटेनेंस करने को कहा। इस दौरान एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन, जनपद पंचायत सीईओ आकांक्षा रानी गुप्ता, कार्यपालन अभियंता पीएचई समर्थ सिंह, एसडीओ पीएचई आरके टंडन, बसंत कुमार इक्का सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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बगीचा ब्लाक के ग्राम कुटमा के स्व सहायता समूह की जिला पंचायत सीईओ ने विभिन्न गतिविधियों की ली जानकारी 


जशपुर 7 अगस्त 25/ बगीचा विकास खंड के ग्राम पंचायत कुटमा में निर्माणाधीन बहुउद्देश्यीय केंद्र में 8 स्व सहायता समूह की महिलाओं को विगत दिवस कचरा प्रबंधन के कार्य हेतु प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

जिसमें एस बी एम,बिहान की सरपंच सचिव और महिला बाल विकास के कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के उपरांत जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के  बहुउद्देश्यीय केंद्र का निरीक्षण किया और महिलाओं से ग्राम पंचायत में चल रहे आवास निर्माण के संबंध में महत्वपूर्ण चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने बहुउद्देश्यीय केंद्र में चल रहे कार्य को दो दिवस में पूर्ण करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण उपरांत जनपद सीईओ और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एवं महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर  रोहित व्यास के ग्राम तिरसोंठ स्कूल के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से प्रधान पाठक की मिली शिकायत पर  चैतराम यादव को किया गया निलंबित 

जशपुर 6 अगस्त 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के पत्थलगांव विकास खंड के ग्राम तिरसोंठ के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने प्रधान पाठक की शिकायत की जिस पर कलेक्टर ने निलंबित करने के निर्देश दिए थे।
 शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पत्थलगांव दिनांक 06.08.2025 द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार श्री चैतराम यादव, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला तिरसोंठ, विकासखण्ड पत्थलगांव, जिला-जशपुर (छ.ग.) द्वारा अपने उच्चाधिकारियों को बिना पूर्व सूचना दिए दिनांक 16.06.2025 से 23.06. 2025 तक एवं दिनांक 05.07.2025 से 08.07.2025 तक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाये गये हैं।

इस संबंध में शैक्षिक समन्वयक रघुनाथपुर, सरपंच ग्राम पंचायत तिरसोंठ एवं अध्यक्ष शाला विकास समिति शासकीय प्राथमिक शाला तिरसोंठ के द्वारा दिनांक 08.07.2025 को पंचनामा तैयार कर स्पष्ट किया गया है कि श्री चैतराम यादव, प्रधान पाठक शराब का सेवन कर विद्यालय आते हैं जो कि प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। संबंधित का उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 के सर्वथा विपरीत है, जो कदाचरण की श्रेणी में आता है।

अतएव श्री चैतराम यादव, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला तिरसोंठ, विकासखण्ड पत्थलगांव, जिला-जशपुर (छ.ग.) को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड बगीचा जिला जशपुर (छ.ग.) नियत किया जाता है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। (यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।)

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*मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की ओर से एक ऐतिहासिक सौगात मिली,जिले को चार सौ मेगावाट बिजली उपकेन्द्र सहित दर्जनों नया सब स्टेशन का होगा निर्माण....*

जशपुरनगर 06 अगस्त 2025 :  जशपुर जिले को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की ओर से एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। जिले में विद्युत अधोसंरचना के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत प्रदेश का पांचवां सबसे बड़ा 400/200 केवी विद्युत उपकेंद्र कुनकुरी के हर्राडांड में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के विभिन्न विकासखंडों में कुल 12 स्थानों पर नए विद्युत सब स्टेशन की भी स्वीकृति दी गई है।यह स्वीकृति जशपुर जिले में न केवल बिजली आपूर्ति की स्थिति सुदृढ़ होगी बल्कि औद्योगिक, कृषि एवं घरेलू क्षेत्रों में भी व्यापक लाभ मिलेगा। क्षेत्र में लगातार बिजली की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों व किसानों के लिए यह परियोजना वरदान साबित होगी।जिले में मिली बड़ी सौगातें –कुनकुरी (हर्राडांड)
400/200 केवी विद्युत उपकेंद्र यह प्रदेश का पांचवां सबसे बड़ा उपकेंद्र होगा, जिससे जिले सहित आसपास के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। झिक्की (बगीचा) 132/33 केवी सब स्टेशन बगीचा क्षेत्र की बिजली जरूरतों को दूर करेगा।फरसाबहार 132/33 केवी सब स्टेशन आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में पहली बार इतना बड़ा सब स्टेशन स्थापित होगा। रेडे (पत्थलगांव)  33/11 केवी सब स्टेशन लागत 3 करोड़ 8 लाख 44 हजार
,सलिहाटोली (कुनकुरी) 33/11 केवी सब स्टेशन लागत 2 करोड़ 88 लाख, विपतपुर 33/11 केवी सब स्टेशन लागत 2 करोड़ 80 लाख,भगोरा 33/11 केवी सब स्टेशन लागत 2 करोड़ 5 लाख, समडमा 33/11 केवी सब स्टेशन लागत 2 करोड़ 91 लाख, पालीडीह 33/11 केवी सब स्टेशन लागत 3 करोड़ 13 लाख, मैनी 33/11 केवी सब स्टेशन लागत 2 करोड़ 50 लाख,खूटेरा 33/11 केवी सब स्टेशन लागत –2करोड़ 25 लाख, चेटबा 33/11 केवी सब स्टेशन लागत 2 करोड़ 52 लाख की स्वीकृति मिली है,क्षेत्र वासियों ने स्वीकृति मिलने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।

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*छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति:सौर ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम,हर घर बनेगा बिजलीघर*

रायपुर 06 अगस्त 2025

छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। उनकी यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत विकास के बड़े लक्ष्यों को भी हासिल करेगी। साथ ही जीरो कार्बन एमिशन लक्ष्यों में योगदान सुनिश्चित होगा।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में घर-घर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर लोगों को प्रदूषण मुक्त, मुफ्त और निरंतर बिजली देने की परिकल्पना की गई है। इसके माध्यम से प्रत्येक उपभोक्ता को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाकर उनके मासिक खर्चों में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

हर नागरिक की होगी भागीदारी

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्रता रखने वाले सभी नागरिक जिनके पास वैध बिजली कनेक्शन और उपयुक्त छत है, वे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि योजना के अंतर्गत एक बार सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उपभोक्ता को हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। इससे न सिर्फ बिजली बिलों का झंझट समाप्त होगा, बल्कि यदि आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो उसे ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी ली जा सकती है।

मिलेगी डबल सब्सिडी

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट तक के सौर संयंत्र लगाने पर प्रति वॉट 45 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दी जा रही है। इसमें राज्य सरकार ने भी अपनी हिस्सेदारी जोड़ दी है, जिससे उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का सीधा लाभ मिलेगा।

स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण

छत्तीसगढ़ सरकार जीरो कार्बन एमिशन नीति को साकार रूप देने के लिए स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता दे रही है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 15 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर सरकार ने वर्ष 2047 तक 45 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। यह नीति न केवल वर्तमान, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हरित और सतत भविष्य सुनिश्चित करेगी।

बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेगें। इससे सोलर पैनल के निर्माण, स्थापना, रखरखाव आदि जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर बढ़ेगें। वहीं राज्य की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

योजना के फायदे-

केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से डबल सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलेगा। एक बार सौर पैनल की स्थापना के बाद 20-25 वर्षों तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी। लोगों को निरंतर विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। बार-बार बिजली गुल होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा बिजली बेचने से अतिरिक्त आमदनी होगी। साथ ही स्वच्छ, हरित और पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।

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*प्रदेशभर में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा करने मुख्यमंत्री श्री साय ने दिए निर्देश*

रायपुर, 06 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की विभिन्न लंबित परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में प्रगति लाने हेतु ठोस रणनीति अपनाई जाए और निर्माण की गति में तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशभर में निर्माणाधीन जल परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 2015 से पूर्व की अपूर्ण जल परियोजनाओं सहित सभी लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य किसानों का राज्य है, और जल परियोजनाओं के अधूरे रहने से सिंचाई क्षमता प्रभावित होती है, जिससे कृषकों को योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, तो प्रदेश का सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोत्तरी संभव होगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इन परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण करना अनिवार्य है ताकि किसान लाभान्वित हो सकें।

बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने एक पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदेश में संचालित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने लंबित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से भी सभी अधिकारियों को अवगत कराया।

बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उईके सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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