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चावल निर्यातकों को दी बड़ी सौगात,  मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई गई,इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में मुख्यमंत्री श्री साय ने की घोषणा

रायपुर, 10 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के नीजि  रिसॉर्ट में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने  चावल निर्यातकों को बड़ी सौगात दी है। मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाई है। इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान सीएम साय ने की घोषणा से चावल निर्यातकों और किसान दोनों के लिए बड़ी सौगात है। साथ ही कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और दंतेवाड़ा में ऑर्गेनिक चावल की खेती हो रही है, जिसे और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है।

*छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा* 

           मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का यह दूसरा संस्करण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में 12 देशों के बायर्स तथा 6 देशों के एम्बेसी प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने छत्तीसगढ़ को सोच-समझकर “धान का कटोरा” कहा था और आज प्रदेश इस नाम की सार्थकता सिद्ध कर रहा है। चावल छत्तीसगढ़ के खानपान का अभिन्न हिस्सा रहा है और यहां हजारों किस्मों की धान की प्रजातियां उगाई जाती हैं। सरगुजा अंचल के सुगंधित जीराफूल और दुबराज जैसे चावलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनकी खुशबू दूर से ही पहचान में आ जाती है।  छतीसगढ़ से चावल के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। चावल निर्यातक लंबे समय से मंडी शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे। पिछले साल भी सरकार ने दी थी, छूट दिसंबर 2025 में मंडी शुल्क में छूट की अवधि खत्म हो रही थी।

*छत्तीसगढ़ से 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का किया जा रहा है निर्यात* 

         मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे चावल के प्रसंस्करण और निर्यात को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से वर्तमान में लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है। सरकार निर्यातकों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और इस वर्ष भी खरीदी में वृद्धि की संभावना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र व राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी भी साझा की। 

*मुख्यमंत्री ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन*

          इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न किस्मों के चावल, क्षेत्र विशेष में उत्पादित प्रजातियों, चावल उत्पादन में हो रहे नवाचारों तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने शासकीय स्टालों का भी निरीक्षण कर चावल के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने से जुड़े कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नवाचारों से चावल की पैदावार में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

               इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, एपिडा के चेयरमेन श्री अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कांति लाल, श्री राम गर्ग, देश भर से आये मिलर्स, चावल व्यवसायी एवं स्टेक होल्डर्स उपस्थित रहे।

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विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री श्री साय,मुख्यमंत्री कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल

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रायपुर 10 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।  

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा। 

रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी, श्री राम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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भारत स्काउट एंड गाईड  के  मुख्य राष्ट्रीय कमिश्नर खण्डेलवाल  ने  की जम्बुरी की व्यवस्थाओं की तारीफ,कहा- छत्तीसगढ़ ने एक  महीने  के  भीतर  की  बेहतरीन  व्यवस्था

रायपुर  10 जनवरी  2026/ भारत स्काउट एंड गाइड के मुख्य राष्ट्रीय  कमिश्नर   डॉ.के.के. खंडेलवाल ने बालोद के ग्राम दुधली में आयोजित राष्ट्रीय रोवर्- रेंजर जम्बुरी में की गई व्यवस्थाओं की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने एक महीने के भीतर इतनी बेहतरीन व्यवस्था करके एक मिसाल कायम की है।

  उन्होंने  कहा  कि मुझे अत्यंत गर्व के साथ यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत का प्रथम रोवर एंड  रेंजर जम्बुरी का आयोजन बालोद के ग्राम दुधली में किया जा रहा है। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह युवा शक्ति का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में देश भर से रोवर एंड रेंजर्स, ट्रेनर्स, स्काउट्स, वालंटियर्स भाग ले रहे  हैं। मैंने स्वयं यहां  की व्यवस्थाओं, एडवेंचर्स, भोजन व्यवस्था, टॉयलेट और प्रतिभागियों  के रुकने के लिए  की  गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है।  हर स्तर पर अनुशासन सुरक्षा और उत्कृष्ट व्यवस्था स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।मैं छत्तीसगढ़ राज्य भारत स्काउट गाइड का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ। 

डॉ  खण्डेलवाल  ने  कहा कि जम्बुरी  के  उद्घाटन    का सुंदर आयोजन था। यह ऐतिहासिक जंबूरी है।  इसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ के  राज्यपाल श्री रमन डेका ने किया ।  उन्होंने अपने उद्बोधन में जिस प्रकार से व्यवस्थाओं की तारीफ की। स्काउट एंड गाइड की सेवा भावना और समर्पण की प्रसंशा की।  डॉ  खण्डेलवाल  ने  कहा कि  भारत स्काउट एंड गाइड  का  अनुकरणीय सेवा का इतिहास रहा है। 
जिस कार्य के लिए सामन्यतः दो वर्ष का समय लगता है। छत्तीसगढ़ ने इस कार्य को एक महीने के समय में किया है। यह समर्पण, अनुशासन और सेवा भावना केवल सच्चे स्काउट में  ही देखने को  मिलता है।

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पैरावट में अधजली हालत में मिला युवक का शव, पत्थलगांव में मची सनसनी,हत्या या आत्महत्या? पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा


जशपुर/पत्थलगांव 10 जनवरी 2026 :  शुक्रवार की रात करीब 10 बजे पूरन तालाब सड़क किनारे पैरावट में एक युवक का अधजला शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान शमशूल हक खान उर्फ राजू खान, निवासी बिलाईटाँगर के रूप में हुई है। वह बाजार में प्लास्टिक के डिब्बों की बिक्री का कार्य करता था। शुक्रवार शाम लगभग 8 बजे वह हिसाब-किताब लेने घर से निकला था, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटा।


        मोबाइल घर पर छोड़कर निकला था युवक
     परिजनों ने बताया कि राजू खान हमेशा समय पर घर लौट आता था। इस दिन उसका मोबाइल फोन भी घर पर ही छूट गया था, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई। परिजनों और आसपास के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की।
      खोजबीन के दौरान रात लगभग 10 बजे सूचना मिली कि पूरन तालाब सड़क किनारे उसकी लूना खड़ी है और पास ही पैरावट में उसका अधजला शव पड़ा हुआ है। शव के पास कीटनाशक की शीशी और जेब में माचिस भी बरामद हुई है।
       घटना की सूचना मिलते ही पत्थलगांव पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मर्च्युरी कक्ष भिजवाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला आत्महत्या का है या किसी अन्य कारण से मौत हुई है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से भारत स्काउट एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर 10 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए श्री जैन का स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पहली बार आयोजित हो रहे पाँच दिवसीय राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी आयोजन के लिए डॉ. अनिल जैन को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और इसे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए गौरव का विषय बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. अनिल जैन के सक्षम नेतृत्व में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का राष्ट्रीय स्तर का आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित होना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह जंबूरी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भाव को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी मंच बनेगी। देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, सामाजिक और युवा शक्ति का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह जंबूरी न केवल युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगी, बल्कि “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को भी मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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लोकसंस्कृति, जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का संगम बना आदि लोकोत्सव: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, गोवा में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व–2025 में हुए शामिल

रायपुर 9 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित 'आदि लोकोत्सव' पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 'आदि लोकोत्सव' के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। 

उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री श्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।

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शांति और विकास की ओर बस्तर का ऐतिहासिक मोड़: दंतेवाड़ा में 63 माओवादियों का आत्मसमर्पण,बंदूक नहीं, संवाद और विकास ही स्थायी समाधान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 9 जनवरी 2026/बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। दंतेवाड़ा जिले में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत 36 इनामी सहित कुल 63 माओवादियों— जिनमें 18 महिलाएं और 45 पुरुष शामिल हैं — ने हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है। यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य के लिए एक निर्णायक परिवर्तन है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की स्पष्ट, बहुआयामी सुरक्षा एवं विकास रणनीति का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रमाण है कि “बंदूक नहीं, संवाद और विकास ही स्थायी समाधान हैं।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति, सटीक सुरक्षा रणनीति और सुशासन आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण के कारण नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। माओवादी नेटवर्क का प्रभावी विघटन हो रहा है और बस्तर के सुदूर अंचलों में अब तेज़ी से सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को सरकार द्वारा सम्मानजनक पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण, आजीविका और सामाजिक पुनर्स्थापन की समुचित व्यवस्था दी जाएगी ताकि वे आत्मनिर्भर नागरिक बनकर समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से स्थापित हो सकें।

उन्होंने कहा कि बस्तर अब भय नहीं, भविष्य की भूमि बन रहा है — जहां शांति, सुशासन और विकास मिलकर एक स्वर्णिम कल की नींव रख रहे हैं।

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राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का किया शुभारंभ,युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान

रायपुर, 09 जनवरी 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि जंबूरी केवल एक शिविर ही नहीं बल्कि एकता, विविधता, भाईचारा और साझा उद्देश्यों का उत्सव है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, मुख्य राज्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजर उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं आसमान में गुब्बारा छोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। समारोह में राज्यपाल एवं अतिथियों द्वारा जंबूरी पत्रिका एवं नए बैज का विमोचन भी किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज के लिए कम से कम एक सकारात्मक कार्य अवश्य करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। देश में पहली बार आयोजित हो रही यह राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है। 

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोवर-रेंजर देश के वे युवा हैं, जो समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा रखते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए इस आयोजन को छत्तीसगढ़ और देश के युवाओं के लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया।

इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन करते हुए भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खण्डेलवाल ने ग्राम दुधली में इस प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी आयोजन को एतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्य राज्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम अध्याय में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर एवं रेंजरों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट कर राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों को सलामी दी गई। इस प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर रेंजरों ने नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति से भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा बिखेरी। उल्लेखनीय है कि इस 5 दिवसीय आयोजन में देश के सभी राज्यों के अलावा रेल्वे, नवोदय विद्यालय सहित कुल 33 राज्यों के प्रतिभागी रोवर रेंजर शामिल हो रहे हैं। भारत स्काउट्स गाइड्स के अधिकारी, रोवर रेंजर के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।

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राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी से बालोद बना भारत की युवा शक्ति का नया केंद्र : मुख्यमंत्री विष्णुदेव देव साय 

रायपुर 9 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ का बालोद जिला आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा और गौरव का नया केंद्र बन गया है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला बालोद के ग्राम दुधली में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में देश-विदेश से आए लगभग 15 हजार रोवर-रेंजर अपनी सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक जंबूरी छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को राष्ट्रीय मंच पर लाने का सुनहरा अवसर है। राष्ट्रीय स्तर के कैंपिंग, रोवर-रेंजर प्रशिक्षण, सांस्कृतिक संध्याओं और सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से युवा प्रतिभागी अनुशासन, सेवा और नेतृत्व के मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बालोद की धरती पर उमड़ा यह उत्साह भारत की भावी पीढ़ी की ऊर्जा, समर्पण और संकल्प को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के खेल, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुशासित, प्रशिक्षित और आत्मविश्वासी युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने जंबूरी में भाग ले रहे सभी रोवर-रेंजरों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका उत्साह और सेवा भाव छत्तीसगढ़ का परचम देश-दुनिया में और ऊँचाई तक ले जाएगा।

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मातृ स्वास्थ्य सुरक्षा की मिसाल बना जिला चिकित्सालय, एक्टोपिक प्रेग्रेंसी से पीड़ित महिला को मिला जीवनदान

जशपुरनगर 09 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन तथा जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में जिला चिकित्सालय जशपुर में आम नागरिकों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ निरंतर प्रदान की जा रही हैं। इसी क्रम में विगत माह दिसंबर 2025 के अंत में जिला चिकित्सालय जशपुर में एक्टोपिक प्रेग्रेंसी जैसी अत्यंत जटिल स्थिति से ग्रसित गर्भवती महिला की सफल सर्जरी कर उसकी जान बचाई गई, जो जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। वरिष्ठ प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. एम. ममता साय द्वारा अस्थानिक गर्भावस्था अर्थात एक्टोपिक प्रेग्रेंसी से पीड़ित महिला का सफल ऑपरेशन किया गया। इस दौरान गर्भाशय के बाहर विकसित हो रहे अविकसित एवं मृत भ्रूण को सुरक्षित रूप से निकालकर माँ की जान बचाई गई। डॉ. साय ने बताया कि जब निषेचित अंडा गर्भाशय में स्थापित होने के बजाय फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय, पेट या सर्विक्स में कहीं और विकसित होने लगता है तो उसे एक्टोपिक प्रेग्रेंसी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि लगभग 95 प्रतिशत मामलों में यह स्थिति फैलोपियन ट्यूब में पाई जाती है।

      डॉ. ममता साय ने बताया कि इस बीमारी का मुख्य कारण फैलोपियन ट्यूब में रुकावट या सूजन होना होता है, जिसके चलते अंडा गर्भाशय तक नहीं पहुँच पाता। इस अवस्था के प्रमुख लक्षणों में पेल्विक क्षेत्र में भारीपन व खिंचाव, पेशाब या मल त्यागने में परेशानी, पेट के एक ओर तीव्र दर्द, योनि से असामान्य रक्तस्राव, चक्कर आना तथा कंधे में दर्द शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एक्टोपिक प्रेग्रेंसी एक जानलेवा स्थिति है, जिसमें गर्भावस्था को जारी रखना संभव नहीं होता और त्वरित उपचार न मिलने पर महिला की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। इस सफल सर्जरी में डॉ. एम. ममता साय के साथ गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. कलावती पटेल, निष्चेतना विशेषज्ञ डॉ. आकाश कुजूर एवं उनकी पूरी चिकित्सकीय टीम के साथ-साथ अस्पताल सलाहकार श्री राजेश कुरील की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला चिकित्सालय जशपुर की इस उपलब्धि से स्पष्ट होता है कि जिले में अब गंभीर से गंभीर प्रसूति संबंधी जटिलताओं का उपचार स्थानीय स्तर पर संभव हो पा रहा है, जिससे गर्भवती महिलाओं को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं।

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कृषकों के भविष्य को सुरक्षित करने राज्य सरकार की दूरदर्शी योजना, ऑयल पॉम खेती के लिए अतिरिक्त दिया जाएगा अनुदान

जशपुर 9 जनवरी 2026/ जिले में 74 हे. का ऑयल पॉम पौध रोपण एवं ऑयल पॉम पौध रोपण की खेती के लिए अतिरिक्त अनुदान

खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने तथा कृषकों की आय में दीर्घकालीन वृद्धि सुनिश्चित् करने के उद्देश्य से केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल योजना अंतर्गत ऑयल पॉम पौध रोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत ऑयल पॉम रोपण करने वाले कृषकों को केन्द्र सरकार द्वारा देय अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटको में अतिरिक्त (टॉप अप) अनुदान प्रदान किया जा रहा है। ऑयल पॉम एक दीर्घकालीन, कम श्रम एवं अधिक उत्पादकता वाली फसल है, जिसमें रोग प्रकोप की संभावना न्यूनतम रहती है। तथा अन्य फसलों की तुलना में इसकी देखरेख अपेक्षाकृत आसान होती है। एक बार रोपण करने के पश्चात चौथे वर्ष से इसका उत्पादन प्रारम्भ होकर 25 से 30 वर्षों तक निरन्तर उत्पादन प्राप्त होता है। यह फसल पारंम्परिक तिलहन फसलों की तुलना में प्रति हे. 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है। जिससे कृषकों को स्थायी आर्थिक लाभप्राप्त होता है। आयल पॉम की प्रारंभिक लागत अधिक एवं 03 से 04 वर्ष की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा केन्द्र सरकार के न्यूनतम 1.30 लाख रू प्रति हे. अनुदान के अतिरिक्त टॉप अप अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषकों को ऑयल पॉम रोपण हेतु प्रोत्साहन मिल सके। सहायक संचालक उद्यान द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जशपुर जिले में कुल 74.00 हे. का ऑयल पॉम पौध रोपण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

ऑयल पॉम रोपण करने वाले कृषकों को अतिरिक्त (टॉप-अप) अनुदान

राज्य शासन द्वारा ऑयल पॉम रखरखाव में पूर्व में दिये जा रहे 5250/- रूपये प्रति है. के अनुदान में 1500/- रूपये की वृद्धि करते हुये कुल 6750/- रूपये का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसी प्रकार अंतवर्तीय फसलों हेतु अतिरिक्त वृद्धि के साथ कुल 10250/- रूपये का अनुदान दिया जा रहा है। ड्रिप सिंचाई अपनाने वाले कृषकों को 8835/- रूपये की अतिरिक्त सहित कुल 22765/- रूपये का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा पौधो एवं अंतवर्तीय फसलों को जानवरों से सुरक्षा प्रदान करने हेतु फेसिंग के लिये 54485/- रूपये प्रति हे. का अनुदान दिया जा रहा है। इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, अंतवर्तीय फसल, फेसिंग एवं ड्रिप मद में कुल 69620/- रूपये तक का अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान केवल ऑयल पॉम रोपण करने वाले कृषकों को प्रदान किया जा रहा है। योजना संबंधित अधिक जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन एवं योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रकिया के लिये कृषक भाई-बहन उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों एवं अधिकृत प्रतिनिधि कंपनी से संपर्क कर सकते हैं।

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विश्वशांति, पर्यावरण संरक्षण और मानवता का संदेश लेकर जशपुर पहुँची विश्व पदयात्री टीम, कलेक्टर रोहित व्यास से की सौजन्य भेंट

जशपुरनगर 09 जनवरी 2026/ विश्वशांति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश लेकर देश-विदेश में पदयात्रा कर चुकी विश्वशांति विश्वपदयात्री टीम के चार सदस्य इन दिनों जशपुर प्रवास पर हैं। इस दौरान टीम के सदस्य श्री अवध बिहारी लाल, श्री जितेन्द्र प्रताप, श्री महेन्द्र प्रताप एवं श्री गोविन्दानन्द ने कलेक्टर श्री रोहित व्यास से कलेक्ट्रेट कार्यालय में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर पदयात्री दल ने राष्ट्रध्वज के साथ फोटो भी खिंचवाया और अपनी अब तक की उपलब्धियों एवं उद्देश्यों से कलेक्टर को अवगत कराया। विश्वशांति विश्वपदयात्री टीम जशपुर जिले में 8 जनवरी 2026 से 13 जनवरी 2026 तक प्रवास पर है। इस दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने टीम के सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं और जशपुर जिले में उनके कार्यक्रमों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

      दल के सदस्यों ने बताया कि वे भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु “डेन्जर्स रेलवेंचर्स स्पोर्ट्स लॉन्गेस्ट वर्ल्ड टूर ऑन फुट जर्नी” अभियान के अंतर्गत देश-विदेश में पदयात्रा कर रहे हैं। लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर यह टीम अब तक 11 देशों में लगभग 4 लाख 52 हजार किलोमीटर की विश्वशांति पदयात्रा कर चुकी है। साथ देश के विभिन्न जनपदों में पदयात्रा एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी कर चुकी है। वर्ष 2018 में टीम ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट बेस कैंप की यात्रा भी सफलतापूर्वक पूरी की थी। पदयात्री दल ने बताया कि अब तक उनकी पहल से देशभर में लगभग 14 करोड़ 50 लाख पौधों का रोपण कराया जा चुका है। टीम स्कूलों, कॉलेजों, ग्रामों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचकर पर्यावरण संरक्षण, जल-वन संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा, स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा मतदाता जागरूकता जैसे विषयों पर संगोष्ठी एवं व्याख्यान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने बताया कि देश के लगभग 600 जनपदों की यात्रा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पदयात्रा पूर्ण की जा चुकी है। दल के प्रमुख श्री जितेन्द्र प्रताप ने अपने प्रेरक अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस विश्वशांति पदयात्रा की शुरुआत 30 जुलाई 1980 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद से हुई थी। एक भयावह बाढ़ के दौरान उनके साथी श्री अवध बिहारी लाल कई घंटों तक बरगद के वृक्ष से लटके रहकर जीवन और मृत्यु से जूझते रहे, जिन्हें बाद में सेना एवं रेस्क्यू टीम ने बचाया। उसी घटना के बाद उन्होंने पर्यावरण, जल, वन संरक्षण एवं जनजागरूकता को जीवन का लक्ष्य बनाकर यह ऐतिहासिक यात्रा प्रारंभ की। इस अभियान के दौरान उनके एक साथी की शहादत भी हो चुकी है।

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आईफोन के लालच में भतीजी बनी घर की चोर, 51 लाख की सनसनीखेज चोरी का जशपुर पुलिस ने किया पर्दाफाश,रांची के होटल से प्रेमी युगल गिरफ्तार, रायपुर में उड़ाए लाखों, उड़ीसा में बेचा सोना — पांच आरोपी सलाखों के पीछे

जशपुर 09 जनवरी 2026 : थाना नारायणपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केराडीह, रैनीडांड में हुई लाखों की चोरी की गुत्थी को जशपुर पुलिस ने सुलझाते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य फरार य की तलाश जारी है।
इस पूरे मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चोरी की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि घर की ही भतीजी मिनल निकुंज निकली।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थिया सुषमा निकुंज  पति  विजय कुमार निकुंज उम्र 52 वर्ष निवासी ग्राम केराडीह रैनीडांड थाना नारायणपुर जिला जशपुर ने थाना नारायणपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, कि प्रार्थिया का पुराना घर,  थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम केराडीह रैनीडांड में है, व वर्तमान में प्रार्थिया अपने पति व भतीजा (देवर का बेटा) के साथ हाउसिंग बोर्ड कालोनी जशपुर के शासकीय क्वाटर में निवासरत है, केराडीह रैनीडांड में स्थित पुराने घर में, प्रार्थिया का देवर , देवर की पत्नी व प्रार्थिया की सास रहते हैं,। पुराने घर में प्रार्थिया बीच बीच में आती जाती रहती है। प्रार्थिया की देवर की बेटी मिनल निकुंज, जशपुर में ही एक कॉलेज में पढ़ाई करती है, व किराए के मकान में अलग से रहती है, दिनांक 27.08.25 को प्रार्थिया, अपने पति  व भतीजे के साथ, अपने पुराने घर रैनीडांड में आई ,  प्रार्थिया के द्वारा अपने भतीजे के सहयोग से घर के मुख्य दरवाजे में लगे ताला को खोलकर जब अंदर प्रवेश किया गया तो पाया कि घर के अंदर के कमरे का दरवाजे का कुंडा टूटा हुआ था, जब प्रार्थीया कमरे के अंदर जाकर देखी तो पाया कि कमरे में रखे दीवान के अंदर से  एक अटैची में रखी लगभग 15 लाख रुपए व  सोने का सिक्का व जेवरात चोरी हो गया था, चोरी हुए समान की  अनुमानित कीमत  लगभग 35 लाख रु से अधिक थी,चूंकि कुछ दिनों पूर्व प्रार्थिया की भतीजी मिनल निकुंज, पुराने घर की साफ सफाई करने, जशपुर से केराडीह रैनीडांड आई थी, अतः प्रार्थिया के द्वारा भतीजी मिनल निकुंज से उक्त संबंध में पूछताछ किया गया, तो उसने बताया कि उसके द्वारा  अपने बॉयफ्रेंड अनिल प्रधान के उकसाने पर,अन्य साथियों के साथ मिल कर चोरी को अंजाम दिया गया था। प्रार्थिया के द्वारा रुपए वापस मांगने पर, भतीजी मिनल निकुंज ने रुपए को खर्च करना बताई व आरोपी अनिल प्रधान के साथ कहीं भाग गई है।
   चूंकि प्रार्थिया के द्वारा नामजद रिपोर्ट दर्ज कराया गया था, अतः पुलिस के द्वारा थाना नारायणपुर में आरोपिया मिनल निकुंज , अनिल प्रधान व उनके 06 अन्य साथियों के विरुद्ध बी एन एस की धारा 331(4),305(A) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।
   सभी आरोपी घटना दिनांक से ही फरार थे, पुलिस के द्वारा लगातार उनकी पातासाजी की जा रही थी, इसी दौरान पुलिस को मुखबीर व पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से पता चला कि आरोपिया मिनल निकुंज व आरोपी अनिल प्रधान , जो कि ब्वॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड है, रांची झारखंड के एक हॉटल में रुके हुए हैं, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के द्वारा विशेष टीम गठित कर, उनकी धर पकड़ हेतु, रांची रवाना की गई, जिनके द्वारा रांची से दोनों को हिरासत में लेकर वापस लाया गया। पुलिस के द्वारा उनके पास से एक हरियर कार, जिसे की वे चोरी के पैसे से खरीदे थे, एक आई फोन, एक एंड्रायड मोबाइल, सोने की बिस्किट, सोने की मंगलसूत्र व सोने का कड़ा को भी जप्त किया गया था।
   पुलिस की पूछताछ पर पता चला  था कि आरोपिया मिनल निकुंज वर्ष 2024 से जशपुर में अपने एक रिश्तेदार के घर में रहकर कॉलेज की प्राईवेट स्टूडेंट के रूप में पढ़ाई कर रही थी, इसी दौरान जून 2024 में सोशल मीडिया के जरिए उसका परिचय आरोपी अनिल प्रधान के साथ हुआ था, जो कि जशपुर में ही एक किराए के मकान में रहकर एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था, उसी महीने में जशपुर में उनकी मुलाकात हुई, दोनों साथ साथ घूमने फिरने लगे, दोनों में नजदीकियां बढ़ गई, दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे, कुछ दिनों बाद ही दोनों, रानी बगीचा स्थित एक किराए के मकान में, लिव इन में रहने लगे। बीच बीच में आरोपिया मिनल निकुंज, अपने घर केराडीह आती जाती रहती थी। माह अप्रैल 2025 में आरोपिया मिनल निकुंज, केराडीह रैनीडांड अपने घर गई हुई थी, इसी दौरान आरोपिया मिनल निकुंज की दादी के कहने पर, वह अपने बड़े पिताजी की बेड रूम की साफ सफाई करने गई, साफ सफाई कर रही थी, तभी कमरे में रखे, दीवान के अंदर उसे  अटैची दिखा , जिसे खोलने पर उसमें काफी मात्रा में रुपए था, जिसमें से आरोपिया मिनल निकुंज के द्वारा आई फोन खरीदने हेतु कुछ नोट के बंडल को निकाल लिया गया, फिर अटैची को वापस रख दिया गया था, रुपए के बंडल को लेकर वह वापस जशपुर आ गई, व आरोपी अनिल प्रधान को उक्त संबंध में बताया, गिनने पर उसमें दो लाख रु था, जिसे मिनल निकुंज  व अनिल प्रधान के द्वारा, जशपुर के ही अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर, घूमते फिरते, खा पीकर खर्च कर दिया गया। फिर छ -सात दिन के बाद आरोपिया पुनः अपने घर केराडीह रैनीडांड गई, और अपनी दादी के पास से अपने बड़े बड़े पिताजी की रूम की चाभी को चुराकर, पुनः अटैची से लगभग तीन लाख रुपए निकालकर जशपुर आ गई, जिसे भी उसके द्वारा, अनिल प्रधान व अपने अन्य साथियों के साथ, घूम फिर कर, पिकनिक मना कर खर्च कर दिया गया।  घर वालों में किसी को भी उक्त घटना के बारे में पता नहीं था। चोरी की रकम के बारे में घर वालों को पता नहीं चलने पर आरोपिया मिनल निकुंज की हिम्मत बढ़ गई, व लालच में आकर, अपने बॉयफ़्रेंड अनिल प्रधान के उकसावे में  वह पुनः दिनांक  20.05.25 को केराडीह गई , इस बार भी अपनी दादी के पास से कमरे की चाभी चुराकर, पूरा सूटकेस लेकर स्कूटी से आधे रास्ते तक आई, रास्ते में एक कार में उसका बॉय फ्रेंड अनिल प्रधान व  अन्य साथी भी थे, जो कि सूटकेस लेकर वापस जशपुर लौट आए,  फिर आरोपिया मिनल निकुंज भी जब वापस जशपुर के किराए के मकान में आई, तब वहां आरोपी अनिल प्रधान व 06 अन्य साथियों के जब सूटकेश को तोड़कर  देखा तो पाया कि उसमें 15 लाख रु नगद था  व सोने के बिस्किट, व जेवरात थे, चूंकि 21.05.25 को आरोपिया मिनल निकुंज का जन्म दिन था, अतः उसका जन्म दिन मनाने सभी आरोपी रुपए लेकर, रायपुर चले गए, फिर वहां के एक विला को बुक कराकर, दो दिनों तक मौज मस्ती किए, दो दिनों में ही उनके द्वारा 05 लाख रुपए से अधिक राशि को खर्च कर दिया गया था, उसके बाद सभी आरोपी सोने की बिस्किट को बेचने के लिए, राउरकेला उड़ीसा चले गए, वहां कुछ सोने की बिस्किट को बेचे, जहां उन्हें 08 लाख रु मिले. उससे मिली रकम को आपस में बंटवारा कर लिए,  शेष सोने की बिस्किट को सूटकेस में रखकर, रानी बगीचा जशपुर स्थित अपने किराए के घर में छुपाकर रख दिया गया था, इसी दौरान फिर  आरोपिया मिनल निकुंज , आरोपी अनिल प्रधान व उसके साथियों के द्वारा देश देखा जशपुर में पार्टी मनाई गई थी, पार्टी के दौरान आरोपिया मिनल निकुंज व आरोपी अनिल प्रधान तथा एक अन्य साथी को छोड़कर, शेष आरोपी काम का बहाना बनाकर वापस जशपुर लौट गए थे, शाम को जब आरोपिया मिनल निकुंज व आरोपी अनिल प्रधान तथा उसका साथी वापस अपने रानी बगीचा जशपुर स्थित किराए के मकान में आए, तो पाया कि उनके द्वारा घर में छुपाकर रखे सूटकेश के माल को किसी के द्वारा चुराकर ले जाया गया था। आरोपिया मिनल निकुंज व आरोपी अनिल प्रधान के द्वारा चोरी की रकम से  लगभग 25 लाख रुपए कीमत का हरियर कार  भी खरीदा गया था, इसी दौरान आरोपिया मिनल निकुंज के घर वालों को चोरी का पता चलने पर सभी आरोपी फरार हो गए थे। रिपोर्ट के पश्चात पुलिस के द्वारा सभी फरार आरोपियों की पता साजी की जा रही थी। इसी दौरान जशपुर पुलिस की टीम के द्वारा दिनांक 14.12.25 को रांची के होटल से आरोपिया मिनल निकुंज व उसके बॉयफ्रेंड आरोपी अनिल प्रधान को  हिरासत में लेकर वापस लाया गया था।
  पुलिस की पूछताछ पर आरोपी अनील प्रधान व आरोपिया मिनल निकुंज के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उन्हें, दिनांक 14.12.25 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।
    चूंकि पुलिस के द्वारा चोरी में शामिल सभी अन्य आरोपियों को  चिन्हित कर लिया गया था, जो कि फरार थे,  जिनकी पता साजी जारी थी, इसी दौरान पुलिस की टेक्निकल टीम व मुखबिर की सूचना पर मामले से जुड़े  अन्य आरोपी क्रमशः 1. अभिषेक इन्दवार उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम गोरिया टोली चौकी मनोरा को दिनांक 16.12.25 को जशपुर से,02. लंकेश्वर बड़ाईक उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम कोंडरा थाना सुरसांग जिला गुमला को दिनांक 17.12.25 को जशपुर से व 03. आरोपिया अलीशा भगत उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम बाधर कोना जशपुर को दिनांक 23.12.25 को ढूंढ कर हिरासत में लिया गया था व विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।
    पुलिस के द्वारा चोरी के सामान की बरामदगी हेतु उक्त सभी पांचों आरोपियों का दिनांक 07.1.26 से 08.01.26 तक, माननीय न्यायालय से, पुलिस रिमांड लिया गया था,  पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों की निशान देही पर, पुलिस को हरियर गाड़ी में छुपाकर रखे गए,50 ग्राम व 20 ग्राम का अलग अलग, सोने का बिस्किट मिला, जिसे भी पुलिस के द्वारा गवाहों के समक्ष जप्त कर लिया गया है।
    इस प्रकार पुलिस के द्वारा अब तक आरोपियों के कब्जे से, एक हरियर कार,,01 सोने का कड़ा, 100 ग्राम,50 ग्राम व 20 ग्राम के सोने के तीन बिस्किट,01 मंगलसूत्र,86,300 रु नगद व 1 आई फोन ,04 एंड्रॉयड फोन सहित कुल 05 मोबाइल फोन को जप्त किया गया है। जप्त माल की वर्तमान कीमत लगभग 51 लाख 82 हजार 300 रु है।
पुलिस के द्वारा अन्य फरार आरोपियों को भी चिह्नित कर लिया गया है, जिनकी पता साजी की जा रही है, जिन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।
  
  मामले की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी तथा चोरी की माल की बरामदगी में साइबर सेल जशपुर से निरीक्षक संत लाल आयाम, थाना प्रभारी नारायणपुर उप निरीक्षक राजकुमार कश्यप,सहायक उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी व प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा , थाना नारायणपुर से प्रधान आरक्षक उमेश मिंज, आरक्षक अशोक कंसारी, अविनाश सोनी व महिला आरक्षक अलमा खाका की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
   मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि नारायणपुर क्षेत्र में एक घर से हुई चोरी के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, उनके कब्जे से कार , नगद,सोने की बिस्किट व अन्य  आभूषण सहित 51 लाख रुपए से अधिक कीमत के माल को बरामद कर लिया गया है, शेष फरार आरोपियों की पता साजी की जा रही है, जिन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।

आरोपिया ने की कबूल

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात, फरसाबहार के बेलडीपा–रेगरमुंडा मार्ग के डामरीकरण को ₹2.56 करोड़ की मंजूरी, दशकों पुरानी मांग हुई पूरी, गांव में खुशी का माहौल...

जशपुरनगर।जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत बेलडीपा–रेगरमुंडा मार्ग के डामरीकरण सड़क निर्माण कार्य के लिए 2 करोड़ 56 लाख रुपये की स्वीकृति मिलने से क्षेत्र में खुशी की लहर है। यह सड़क ग्रामीणों की कई दशकों से लंबित बहुप्रतीक्षित मांग थी, जो अब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरी हुई है।मंजूरी की खबर मिलते ही क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य दुलारी सिंह एवं भाजपा नेता कपिलेश्वर सिंह गांव पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए खुशी जाहिर की। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।यह महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क न केवल तहसील मुख्यालय से सीधा संपर्क स्थापित करती है, बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग भी है। सड़क के डामरीकरण से आवागमन सुगम होगा, कृषि उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य व व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
ग्रामीणों ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदलने वाली साबित होगी और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार प्रकट

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सेवा, समर्पण और संस्कारों की स्वर्णिम यात्रा को मिला सम्मान : गेम रेंज नारायणपुर में गरिमामयी आयोजन,उप वन क्षेत्रपाल  महेन्द्र कुमार कुशवाहा को बादलखोल अभ्यारण्य के अधीक्षक सहित समस्त वनकर्मियों ने दी भावभीनी विदाई

नारायणपुर, 09 जनवरी 2026।
गेमरेंज नारायणपुर स्थित वन कैंपस में उपवनक्षेत्रपाल श्री महेन्द्र कुमार कुशवाहा जी के सेवानिवृत्त होने के उपलक्ष्य में एक भव्य, भावनात्मक एवं गरिमामयी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उनके 31 दिसंबर 2025 को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने के अवसर पर वन विभाग परिवार द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें बादलखोल अभ्यारण्य के अधीक्षक, गेमरेंज नारायणपुर के अधिकारी, कर्मचारी एवं चौकीदारों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

“सेवा केवल दायित्व नहीं, संस्कार है” — अधीक्षक बादलखोल अभ्यारण्य

समारोह को संबोधित करते हुए बादलखोल अभ्यारण्य के अधीक्षक ने कहा कि श्री महेन्द्र कुमार कुशवाहा जी का कार्यकाल वन विभाग के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने कहा— “आज हम एक ऐसे अधिकारी को विदाई दे रहे हैं, जिन्होंने अपने कर्तव्य को केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और समर्पण का माध्यम बनाया। उनकी कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।उन्होंने आगे कहा कि श्री कुशवाहा जी ने अनुशासन, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करते हुए विभाग में सकारात्मक कार्यसंस्कृति स्थापित की।

सरलता, मृदुभाषिता और नेतृत्व का अद्भुत संगम

 महेन्द्र कुमार कुशवाहा जी केवल एक कुशल उपवनक्षेत्रपाल ही नहीं, बल्कि एक प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते रहे। उनकी सरलता, मृदुभाषिता, अनुशासनप्रियता और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें सभी कर्मचारियों के हृदय में विशिष्ट स्थान दिलाया।उन्होंने प्रत्येक कर्मचारी का मार्गदर्शन पिता तुल्य भाव से किया तथा व्यक्तिगत और विभागीय समस्याओं में सदैव साथ खड़े रहकर संगठनात्मक परिवार की भावना को सुदृढ़ किया।

वनों की सुरक्षा से लेकर संगठनात्मक एकता तक अमिट योगदान

श्री कुशवाहा जी का योगदान विशेष रूप से—

वनों की सुरक्षा एवं संरक्षण,

वन्यजीवों की रक्षा,

कर्मचारियों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा,

विभागीय अनुशासन एवं संगठनात्मक एकता को मजबूत करने,तथा प्रशासनिक दक्षता—इन सभी क्षेत्रों में सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी कार्यशैली ने विभाग को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान की।उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि “सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि जीवन अनुभवों की नई यात्रा का प्रारंभ है। श्री कुशवाहा जी के विचार, संस्कार और मार्गदर्शन सदैव हम सभी के साथ रहेंगे।”

कुशवाहा जी  “ मंच पर आए, पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा - अपने चिर-परिचित मुस्कान भरे अंदाज़ में उन्होंने कहा—
“अब रजिस्टर में हाजिरी नहीं, पोते-पोतियों की क्लास में उपस्थिति लगेगी !”  इस पर पूरा सभागार ठहाकों से भर गया, लेकिन साथ ही सबकी आंखों में अपनापन झलक उठा।।   
             इस अवसर पर श्री कुशवाहा जी को स्मृति चिन्ह, शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान कई कर्मचारियों की आँखें नम हो गईं। सभी ने उनके उज्ज्वल, स्वस्थ, शांत एवं आनंदमय भविष्य की मंगलकामनाएँ कीं।

कार्यक्रम के अंत में वन कर्मचारी परिवार, गेमरेंज नारायणपुर एवं बादलखोल अभ्यारण्य की ओर से श्री महेन्द्र कुमार कुशवाहा जी को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई और कहा गया कि —“आप हमारे लिए केवल अधिकारी नहीं, बल्कि परिवार के वरिष्ठ सदस्य के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे।”

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से की सौजन्य भेंट

रायपुर 9 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज गोवा प्रवास के दौरान गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच आपसी सहयोग और साझा हितों से जुड़े विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।

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छत्तीसगढ़ में आवास और बुनियादी ढांचा विकास को नई रफ्तार, हुडको के साथ एमओयू पर ऐतिहासिक हस्ताक्षर

रायपुर, 08 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे के विकास और आवास निर्माण को गति देने के उद्देश्य से, छत्तीसगढ़ शासन ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (आवास और शहरी विकास निगम हुडको) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी राज्य के विकास लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण सुरक्षित करना है।

     .. इस अवसर पर वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, विशेष सचिव श्री चन्दन कुमार, विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, उप सचिव श्री ऋषभ कुमार पाराशर व अवर सचिव श्री चंद्र प्रकाश पाण्डेय तथा हुडको से निदेशक वित्त श्री दलजीत सिंह खत्री व क्षेत्रीय प्रमुख हितेश बोराड मौजूदगी में सम्पन्न हुए। यह कार्यक्रम महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर, अटल नगर में कल संपन्न हुआ। यह समझौता हुडको द्वारा राज्य शासन की विभिन्न विकास पहलों के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।

            समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) का मुख्य उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ में प्रमुख आवास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करना है। यह सहयोग मजबूत बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और किफायती आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा। इससे सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में योगदान मिलेगा। 

     यह साझेदारी आधुनिकीकरण और सतत् विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। जो हुडको की विशेषज्ञता और वित्तीय क्षमता का लाभ उठाकर परिवर्तनकारी परियोजनाओं को मूर्त रूप देने में मदद करेगी। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हुडको) एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, जो देश में आवासीय उद्देश्यों के लिए घरों के निर्माण या आवास और शहरी विकास कार्यक्रमों के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक वित्त प्रदान करता है।

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संवेदनशील शासन की मिसाल: जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मौके पर सुलझाईं समस्याएँ

रायपुर 8 जनवरी 2026/लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन की वास्तविक कसौटी है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘जनदर्शन’ के माध्यम से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा सुनते हुए न केवल उसकी समस्या को समझ रहे हैं, बल्कि मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। लोगों की जरूरतों, मांगों और तकलीफों के प्रति यह संवेदनशील और त्वरित दृष्टिकोण यह स्पष्ट करता है कि संवेदनशीलता ही सुशासन के केंद्र में है। जब जन आकांक्षाओं को मुख्यमंत्री की सहृदयता से दिशा मिलती है, तब अंत्योदय की संकल्पना साकार होती है। 

राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री के शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन आज सेवा, संवेदना और समाधान का सजीव उदाहरण बन गया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त हुए।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के दूर-दराज़ अंचलों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही स्पष्ट निर्देश दिए। कई जरूरतमंदों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ कि जन सरोकारों से जुड़ी समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

*दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की राह: जीवन में लौटी गतिशीलता*

आज के जनदर्शन ने कई दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद जगाई। रायपुर के खमतराई निवासी श्री जीवन दास मानिकपुरी और आरंग के श्री भारत साहू को मुख्यमंत्री द्वारा बैटरीचलित ट्राइसिकल प्रदान की गई। ट्राइसिकल पाकर उनके चेहरे पर आत्मनिर्भरता की मुस्कान स्पष्ट झलक रही थी। अब उन्हें आवागमन के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसी तरह रायपुर के चंदू यादव और सुमन साहू को ट्राइसिकल एवं व्हीलचेयर प्रदान की गई। वहीं, सुनने की क्षमता खो चुके सागर नायक और उमेश पटेल को तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे वे फिर से दुनिया की आवाज़ें सुन सकेंगे।

*लकवा पीड़ित बसंती को इलाज के लिए मिली 5 लाख रुपए की सहायता*

जनदर्शन में महासमुंद जिले के ग्राम बड़ेटेमरी की श्रीमती बसंती साव की बड़ी उम्मीद आज पूरी हुई। पैरों से लकवाग्रस्त बसंती ने अपने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता और पारिवारिक स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अधिकारियों को तत्काल निर्देशित कर मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कराई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बसंती को शासन से 75 हजार रुपए की सहायता मिल चुकी है। इस त्वरित निर्णय से बसंती और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली।

*60 वर्षीय हनुमंत राव को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ*

जनदर्शन में रायपुर के तात्यापारा निवासी 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक श्री हनुमंत राव की समस्या का भी मौके पर ही समाधान हुआ। माता-पिता के निधन के बाद राशन कार्ड की पात्रता को लेकर परेशान श्री राव ने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा बताई। मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और उपस्थित अधिकारियों को तत्काल राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए, जिससे वे अब शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

*तीन दिव्यांगों को 20-20 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने सूरज नगर लाभांडी, रायपुर निवासी 17 वर्षीय दिव्यांग राज शर्मा को दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण 20 हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इसके साथ ही श्री फूल गिरी गोस्वामी को पुत्री के विवाह हेतु 20 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई। रायगढ़ निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद को उच्च शिक्षा के लिए भी मुख्यमंत्री द्वारा 
20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता तत्काल स्वीकृत की गई।

जनदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह केवल आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आम जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद नागरिक को अनावश्यक भटकना न पड़े।

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