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कलेक्टर ने सड़क निर्माण को लेकर अधिकारियों और ठेकेदारों को दी कड़ी चेतावनी, विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं 

जशपुर 2 अगस्त 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सभी निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का  विभाग, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के विभाग, गृह निर्माण मंडल, राष्ट्रीय राजमार्ग, आर ई एस विभाग ,नगरीय निकाय  सहित अधिकारियों और ठेकेदारों की संयुक्त बैठक लेकर विभागीय निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की 

कलेक्टर ने सभी अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
 
कलेक्टर ने बताया कि जशपुर में विकास कार्यों के पूल पुलिया, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र, स्टेडियम और अधोसंरचना के विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई। उन कार्यों को गंभीरता से और समय सीमा में करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने बताया कि लगभग 1856 करोड़ रुपए के कार्यों की स्वीकृति मिल गई है। और आगे भी विकास कार्यों के लिए स्वीकृत मिलती रहेगी।
कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की कलेक्टर ने कहा कि आम जनता को अच्छी सुविधाएं देना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। 
कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए हैं। अपने कार्य शैली में सुधार लाएं लोगों के जनहित के लिए कार्य करें गुणवत्ता के साथ कार्यों को पूर्ण करें ।

कलेक्टर ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले कोई भी अधिकारी और ठेकेदार बच नहीं पाएंगे जिनकी गलती होगी उन पर कार्रवाई निश्चित है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी संबंधित विभाग के अधिकारीगण और कार्यपालन अभियंता और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में ठेकेदारों की समस्याओं का भी समाधान किया और आवश्यक दिशा-निर्देश।

कलेक्टर ने पीएम जनमन योजना की भी समीक्षा की और सड़क निर्माण कार्यों को गंभीरता से करने के निर्देश दिए।

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*मुख्यमंत्री श्री साय ने संपूर्णता अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को किया पुरस्कृत......दो जिलों और छह विकासखंडों को मिला स्वर्ण पदक*

रायपुर. 2 अगस्त 2025. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संपूर्णता अभियान में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को पुरस्कृत किया। उन्होंने आज राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यक्रम में जुलाई-2024 से सितम्बर-2024 तक राज्य के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकासखंडों में तीन महीनों तक संचालित संपूर्णता अभियान में निर्धारित संकेतकों को संतृप्त करने और लक्ष्यों को हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने इन जिलों और विकासखंडों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया। संपूर्णता अभियान के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल तथा विधायक सर्वश्री सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और गुरू खुशवंत साहेब भी सम्मान समारोह में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना में सभी वर्गों का विकास समाहित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वालों और विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) को विकास की सबसे ज्यादा जरूरत है। भारत सरकार ने इसे गहराई से समझकर प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की है। इस योजना से सुदूर वनांचलों में आवास, पेयजल, बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसे कार्यक्रमों से जिसमें छत्तीसगढ़ के भी 6661 गांव शामिल हैं, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप विकास की रोशनी सुदूर गांवों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में केंद्र सरकार की आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में शामिल गांव तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि देश में वर्ष 2018 से आकांक्षी जिलों में काम शुरू हुआ है। विकास की दौड़ में पिछड़े जिलों और विकासखंडों को आगे लाने का काम इसमें हो रहा है। इसके अंतर्गत शामिल गांवों में अलग-अलग सेक्टर में काम कर मानव सूचकांकों को सुधारा जा रहा है। उन्हें संतृप्ति के स्तर पर लाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-एक व्यक्ति के विकास और कल्याण से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समारोह में कहा कि आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में भौतिक प्रगति से अलग मानव सूचकांकों को बेहतर करने के लिए काम किए जा रहे हैं। लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें संतृप्त करने अहम इंडीकेटर्स पर काम हो रहे हैं जिनकी तरफ सामान्यतः ज्यादा ध्यान नहीं जाता है। राज्य के आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में और भी बेहतर काम हो, इसके लिए मैं सभी जिलों व विकासखंडों को शुभकामनाएं देता हूं। मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने समारोह में संपूर्णता अभियान के दौरान किए गए कार्यों तथा उपलब्धियों की जानकारी दी। नीति आयोग के सदस्य-सचिव श्री आशीष भट्ट, सदस्य श्री के. सुब्रमण्यम और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव भी कार्यक्रम में मौजूद थीं। 

छह सूचकांकों पर अच्छा काम करने वाले जिलों और विकासखंडों को किया गया पुरस्कृत

आकांक्षी जिला कार्यक्रम के 49 संकेतकों में से छह और आकांक्षी विकासखंडों के 40 संकेतकों में से छह संकेतकों को चिन्हित कर इन्हें संतृप्त करने संपूर्णता अभियान संचालित किया गया था। इनमें एएनसी पंजीकरण, पूरक पोषण ले रही गर्भवती महिलाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पूर्ण टीकाकरण वाले बच्चे, बिजली वाले स्कूल, शैक्षणिक सत्र शुरू होने के एक महीने के भीतर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने वाले स्कूल, मधुमेह जांच, उच्च रक्तचाप जांच, परिक्रामी निधि प्राप्त करने वाले स्वसहायता समूहों की संख्या जैसे संकेतक शामिल थे। 

संपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों व विकासखंडों को आज स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। पांच संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों व विकासखंडों को रजत पदक, चार संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वालों को कांस्य पदक तथा तीन संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया।  

बस्तर और कोंडागांव जिले को स्वर्ण पदक

संपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिलों दंतेवाड़ा, कोरबा, कांकेर, नारायणपुर तथा आकांक्षी विकासखंडों लखनपुर, बैकुंठपुर, दुर्गकोंदूल, गौरेला-2, कोरबा और पिथौरा को रजत पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिला बीजापुर और आकांक्षी विकासखंडों गरियाबंद, उसूर, पोड़ी उपरोड़ा, बोड़ला, तोकापाल एवं कुआंकोंडा को कांस्य पदक तथा आकांक्षी जिलों मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी, महासमुंद, सुकमा एवं आंकांक्षी विकासखंड अंबागढ़ चौकी को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया। संबंधित जिलों के वर्तमान और तत्कालीन कलेक्टरों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए।

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*आयुष्मान भारत योजना में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल: अब तक लाखों हितग्राहियों ने उठाया निःशुल्क इलाज का लाभ*

रायपुर,2 अगस्त 2025/

छत्तीसगढ़ ने आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के सफल क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश भर में उपचार प्रदान करने के मामलों में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता राज्य सरकार की समावेशी और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए।

राज्य सरकार ने एबी-पीएमजेएवाई को छत्तीसगढ़ की अपनी दो विशेष योजनाओं — शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना — के साथ प्रभावी रूप से समन्वित किया है। इस एकीकृत व्यवस्था से अधिकतम लाभार्थियों को नगद रहित इलाज की सुविधा मिल रही है।

अब तक 78 लाख से अधिक लाभार्थी सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज का लाभ उठा चुके हैं। सार्वजनिक अस्पतालों में उपचार की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो सरकार के स्वास्थ्य ढांचे में जनता के बढ़ते विश्वास का संकेत है।

वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वय वंदन योजना को भी राज्य में मजबूत किया गया है। इसके तहत अब तक 4.5 लाख से अधिक वय वंदन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे राज्य के 48% राशन कार्डधारी वृद्धजन लाभान्वित हुए हैं।

पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए आशा कार्यकर्ता, ग्राम सभाएं, शहरी स्वास्थ्य मंच, वृद्धाश्रमों और आवासीय कॉलोनियों में लक्षित पहुंच सुनिश्चित की गई है। साथ ही, 104 कॉल सेंटर के माध्यम से निरंतर संपर्क और सेवा सुविधा दी जा रही है। विशेष प्रयास के तहत 6 जिलों को ‘वय मित्र जिला’ के रूप में चिह्नित कर राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बना रही है।

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*छत्तीसगढ़ को उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि : कोनी शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में यूजी इंजीनियरिंग प्रोग्राम को मिला राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) से वर्ष 2028 तक मान्यता विस्तार*

रायपुर 29 जुलाई 2025/ शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बिलासपुर (कोनी), छत्तीसगढ़ को उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। महाविद्यालय के यांत्रिकी अभियांत्रिकी (Mechanical Engineering) स्नातक प्रोग्राम को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (National Board of Accreditation - NBA) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 से 2027-28 तक की मान्यता प्रदान की गई है।

उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय के उक्त प्रोग्राम को पूर्व में 2022-23 से 2024-25 तक के लिए NBA द्वारा प्रत्यायन प्राप्त था, जिसकी वैधता 30 जून 2025 तक थी। प्रत्यायन की निरंतरता हेतु 21 जून 2025 को NBA विशेषज्ञ दल द्वारा कॉलेज का निरीक्षण किया गया था।

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*समृद्ध और खुशहाल किसान –किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त की राशि जारी......विकसित छत्तीसगढ़ का मजबूत आधार : मुख्यमंत्री श्री साय.....विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों को भी मिल रहा है योजना का लाभ*

रायपुर, 02 अगस्त 2025/ सावन के पवित्र महीने में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त के रूप में 20500 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के सभागार से प्रदेश के किसानों के साथ वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस वृहद किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 2019 से अब तक देशभर के किसानों को 3.75 लाख करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है और पीएम किसान निधि इसका सशक्त उदाहरण है। श्री मोदी ने कहा कि कृषि विकास में पिछड़े जिलों के लिए ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना’ की शुरुआत की गई है और इसके लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सिंचाई योजनाओं पर भी सरकार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है ताकि खेतों तक पानी पहुंच सके और उत्पादन में वृद्धि हो। प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को राहत देने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ संचालित है, जो उन्हें संकट से उबारने का कार्य करती है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और 3 करोड़ के लक्ष्य में से आधा काम हमने पूरा कर लिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए भगवान महादेव से छत्तीसगढ़ के सतत् कल्याण, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से छत्तीसगढ़ के लगभग 25 लाख से अधिक किसानों को 553 करोड़ 34 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अन्नदाताओं को आर्थिक संबल देकर उनके परिश्रम का सम्मान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप किसानों की उन्नति के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। हमने किसानों से जो वादा किया था, उसे पूरा किया है। आज छत्तीसगढ़ में किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत दी जा रही है, जो उनकी आय को और सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के दस दिनों के भीतर ही 3716 करोड़ रुपये की 2 वर्ष की बकाया बोनस राशि का भुगतान कर हमने किसानों के भरोसे को और मजबूत किया। पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में ‘किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ की शुरुआत हुई, जिसने खेती-किसानी को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले किसान भारी ब्याज दरों पर उधार लेकर खेती करते थे, लेकिन आज केसीसी (KCC) के माध्यम से शून्य ब्याज दर पर ऋण मिल रहा है, जिससे खेती-किसानी और आसान हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए तेज़ी से कार्य किया जा रहा है। बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और हम बोधघाट परियोजना, महानदी और इंद्रावती नदी को जोड़ने जैसी योजनाओं के माध्यम से बस्तर को सिंचित और समृद्ध क्षेत्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि दलहन-तिलहन फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। साथ ही, भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती ही नहीं, बल्कि मत्स्यपालन, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन जैसे सहायक कृषि कार्यों को भी सशक्त करने में जुटी है। ‘दुधारू पशु वितरण योजना’ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 6 जिलों से प्रारंभ किया गया है, जिसे नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को उसकी उचित कीमत मिलेगी।
श्री साय ने कहा कि मिलेट्स (श्री अन्न) जैसे पौष्टिक अनाजों का उत्पादन, कोदो, कुटकी और रागी जैसी पारंपरिक फसलों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बाजार में बेहतर दाम दिलाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार निरंतर किसानों को इस योजना के तहत राशि सीधे उनके खाते में हस्तांतरित कर रही है। उन्होंने इस मौके पर कहा कि श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में गांव-गांव में पक्की सड़कें बन गई हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अब किसानों को बिना ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। हमारी सरकार ने अनेक योजनाएं धरातल पर लाकर किसानों की बेहतरी के लिए कार्य किया है।

कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 25.47 लाख से अधिक किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 20वीं किश्त की राशि 553 करोड़ 34 लाख रुपये अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार जय-जवान, जय-किसान, जय-विज्ञान और जय-अनुसंधान की परिकल्पना के साथ आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का उपयोग कर खेती-किसानी को नई दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वृहद रूप से ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ चलाया गया। इस अभियान में कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक लाख से अधिक किसानों से मुलाकात कर खेती-किसानी के तरीकों और उनके फायदों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में हितग्राहियों को कृषि उपकरणों एवं योजनाओं के तहत अनुदान राशि के चेक प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में विधायकगण सर्वश्री सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, इंद्रकुमार साहू, रायपुर संभाग के आयुक्त श्री महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लि. के प्रबंध संचालक श्री अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर. सक्सेना सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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संकल्प के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने उन्मुखीकरण में लिया विशेष सत्र: शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए प्राथमिक शाला के प्रधान पाठकों का हुआ उन्मुखीकरण जशपुर


जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन, नेतृत्व क्षमता एवं उपचारात्मक शिक्षण विषय पर प्राथमिक शालाओं के प्रधान पाठकों का प्रशिक्षण संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में आयोजित किया गया। डीईओ पीके भटनागर के निर्देश पर आयोजित इस उन्मुखीकरण में पहले दिन दुलदुला और फरसाबहार विकासखंड और दूसरे दिन कांसाबेल विकासखंड के प्रधान पाठकों ने हिस्सा लिया। 
यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता के द्वारा प्रधान पाठकों को पूरे मन और पूरी क्षमता से कार्य करने के साथ कर्तव्य बोध के लिए विशेष मोटिवेशनल सत्र लिया गया। उन्होंने मनोवैज्ञानिक सिद्धांत समझाते हुए कहा कि मनुष्य की आवश्यकताएं अनंत होती हैं, परंतु उसकी वास्तविक आवश्यकता मानसिक संतोष और खुशी है, अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित होकर छात्रों के भविष्य के लिए कार्य करना इसी श्रेणी में आता है । उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में शासकीय विद्यालयों से पालकों के  विश्वास को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रधान पाठकों को विद्यालय में बेहतर कार्य कर बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में ठोस प्रयास करने होंगे।
यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय ने यशस्वी जशपुर कार्यक्रम की गतिविधियां, प्रदेश में जशपुर का शिक्षा में स्थान के साथ प्रशिक्षण की अपेक्षाओं के विषय में बताया और बेसलाइन,विनोवा पर प्रतिदिन की उपस्थिति, नवोदय विद्यालय प्रवेश की तैयारी समय -सीमा में करने की जानकारी दी। विनोवा एप का उपयोग कैसे करें, यह जानकारी देने के लिए ओपन लिंक फाउंडेशन से सोमनाथ साहू उपस्थित रहे। 
प्रशिक्षण में जिले के चयनित मास्टर ट्रेनरों के द्वारा प्राथमिक खंड के विषयों पर सत्र लिए गए।  स्कूल रेडिनेस की अवधारणा पर आधारित सत्र में बच्चों को भयमुक्त वातावरण में खेल व गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर दिए जाने के विषय में बताया गया।  उत्कृष्ट शिक्षक व उत्कृष्ट शाला निर्माण, बहुभाषी शिक्षण,  "जादुई पिटारा" के माध्यम से शिक्षण , विभिन्न शैक्षणिक सामग्रियों जैसे पपेट, कार्ड, गोली, खिलौनों का उपयोग कर रोचक गतिविधियाँ  भी कराईं गई। 

श्रीमती सीमा गुप्ता ने सीमित संसाधनों और शिक्षको की कमी की स्थिति में भी बच्चों के समग्र विकास के लिए निरंतर कैसे कार्य करें, विषय पर प्रेरित किया। मास्टर ट्रेनर के रूप में मनोज अंबष्ट, मुकेश कुमार, श्रीमती मीना सिंन्हा, श्रीमती अर्चना यादव और श्रीमती देवकी प्रधान शिक्षकों को प्रशिक्षित कर रहे हैं हैं। कार्यक्रम के आयोजन के लिए यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा एवं राजेंद्र प्रेमी उपस्थित रहे।

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*प्रारंभिक जांच में ही पकड़ी गई खराबी :किसी मरीज या अस्पताल को नहीं हुआ गुणवत्ताहीन कैल्शियम टैबलेट्स का वितरण*

रायपुर, 02 अगस्त 2025/ गुणवत्ताहीन कैल्शियम की गोलियों का वितरण किसी भी मरीज या अस्पताल को नहीं किया गया है। कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स की खराबी वेयरहाऊस के कर्मियों ने प्रारंभिक जांच में ही पकड़ ली थी। कर्मियों ने इन टैबलेट्स के स्ट्रिप्स से बाहर निकालने पर ही टूटने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों, सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग और मुख्यालय को दी थी। इसी सूचना पर इन टैबलेट्स के बैच को तत्काल ब्लॉक कर दिया गया था और सप्लाईकर्ता संस्था के प्रतिनिधि को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया था। स्ट्रिप्स से निकालते ही टूटने वाली कैल्शियम विटामिन डी 3 टैबलेट्स को किसी भी मरीज को नहीं दिया गया है नही इन टैबलेट्स को किसी अस्पताल में भेजा गया है। 

सीजीएमएससी से मिली जानकारी के अनुसार कैल्शियम विटामिन डी 3 की 500 मिली ग्राम की टैबलेट हेल्थ लाईफ फार्म लिमिटेड द्वारा सप्लाई की गई थी। कुल 65 बॉक्सों में 65 सौ यूनिट की यह खेफ कोरबा वेयरहाऊस को प्राप्त हुई थी। टेबलेट्स के प्राप्त होते ही वेयरहाऊस में ही कर्मियों द्वारा इसका प्रारंभिक परीक्षण किया गया था। परीक्षण में पाया गया था कि टेबलेटस स्ट्रिप्स से बाहर निकालते ही टूट रही हैं। कर्मियों ने इसकी सूचना तत्काल सीजीएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल विभाग को दी और इन गुणवत्ताहीन टैबलेट्स के पूरे बैच को ब्लॉक किया गया। सीजीएमएससी ने बताया कि इस खेप का अभी तक कोई मटेरियल प्राप्ति प्रमाण पत्र तैयार नहीं किया गया है। सीजीएमएससी की नीति के अनुसार कोई भी दवा बिना मटेरियल प्राप्ति सर्टिफिकेट के न तो इनवेंटरी में शामिल की जाती है नही किसी संस्था को वितरित की जाती है। ऐसे में गुणवत्ताहीन कैल्शियम विटामिन डी 3 टेबलेट्स को न किसी मरीज को दिया गया है न ही किसी सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया है। प्रदायकर्ता संस्था हेल्दी लाईफ फार्म प्राईवेट लिमिटेड को उपस्थित होकर सैंपल प्रस्तुत करने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदायकर्ता संस्था को खराब बैच वाली दवाओं को बदलकर नई दवाएं देने के भी निर्देश दिए गए हैं। सप्लायर द्वारा टेंडर शर्तों के अनुसार उचित कार्यवाही नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी भी सीजीएमएससी ने दी हैं।

सीजीएमएससी ने छत्तीसगढ़ वासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य में दवा आपूर्ति प्रणाली न केवल सतर्क है बल्कि गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था भी पूरी तरह से मजबूत है। दवा की सप्लाई होती ही सबसे पहले वेयर हाऊस में ही हर एक बैच का निरीक्षण-परीक्षण होता है। सभी दवाओं का परीक्षण एन.ए.बी.एल. मान्यता प्राप्त लैबों में कराया जाता है। सीजीएमएससी ने यह भी बताया कि जनता को केवल गुणवत्तायुक्त प्रमाणित दवाई ही उपलब्ध कराई जाती हैं। गुणवत्ताहीन पाए जाने पर दोषपूर्ण बैच को तुरंत रोककर इसका वितरण प्रतिबंधित किया जाता है। दोषी सप्लायर के विरूद्ध तेजी से कार्रवाई की जाती है।

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से कृषकों को मिल रहा निरंतर लाभ, आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे किसान

जशपुर, 02 अगस्त 2025/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत आज देशभर के किसानों को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20वीं किस्त का वितरण किया गया। उत्तर प्रदेश के वाराणसी से इस कार्यक्रम का राष्ट्रीय शुभारंभ हुआ, जिसका प्रभाव जिला जशपुर के कृषकों में भी उत्साह देखने को मिला।

जशपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम नारायणपुर निवासी कृषक श्री धीरजन राम को योजना प्रारंभ होने से लेकर अब तक प्रत्येक किस्त प्राप्त हो रही है। आज उन्हें 20वीं किश्त भी प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना उनके जैसे छोटे किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। खेती-किसानी के मौसम में बीज, खाद, दवाई, सिंचाई और मजदूरी जैसी आवश्यकताओं को पूरा करने में यह राशि अत्यंत सहायक होती है। उन्होंने कहा कि “इस योजना से साल में ₹6000 मिलते हैं, जो हम जैसे ग्रामीण कृषकों के लिए बहुत मायने रखते हैं। अब हमें खेती के लिए इधर-उधर उधार नहीं मांगना पड़ता।”

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय किसानों को बेहतर लाभ देने के लिए सार्थक प्रयास भी कर रहे हैं।

 छत्तीसगढ़ शासन की सतत निगरानी और जिला प्रशासन के समन्वय से योजना का लाभ जिले के पात्र कृषक तक पहुंच रहा है। किसानों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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स्वास्थ सुविधाएं दुरुस्त करने युवराज यश प्रताप सिंह जूदेव ने स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से की मुलाकात

जशपुर 02 अगस्त 2025: जिला चिकित्सालय में स्वास्थ सुविधाएं दुरुस्त करने नपा.उपाध्यक्ष युवराज यश प्रताप सिंह जूदेव ने स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की और जिला चिकित्सालय में व्यस्त समस्याओं सहित अति आवश्यक सेवा के संबंध चर्चा कर निदान का मांग किया है।
ज्ञात हो कि राज्य के स्वास्थ मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल कल दोपहर जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस पहुंचे।यहां नपा.उपाध्यक्ष युवराज यश प्रताप सिंह जूदेव ने उनसे मुलाकात करते हुए बताया कि इस वक्त जिला चिकित्सालय में काफी समस्याएं हैं,जिस कारण समुचित स्वास्थ सुविधा का लाभ आम जनों को नहीं मिल पा रहा है।आमजनों की सुविधा के लिए यहां अति आवश्यक रूप से गायनोलॉजिस्ट और आर्थोपेडिक्स के पद पर भर्ती की जाये।जिला चिकित्सालय में इस वक्त हाई टेक सोनोग्राफी मशीन स्थापित किया जा चुका है लेकिन इसे ऑपरेट करने के लिए ऑपरेटर का अभाव है जिस कारण मरीजों के समुचित जांच के दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है,इतना ही नहीं एमडी मेडिसिन के साथ साथ डीएम गैस्ट्रोलॉजिस्ट की मांग उचित उपचार और जांच के लिए युवराज यश प्रताप ने किया है। उक्त समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही त्वरित निदान किया जायेगा।

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*नुवाखाई पर्व पर स्थानीय अवकाश घोषित : विधायक पुरंदर मिश्रा ने मुख्यमंत्री का जताया आभार....कहा उड़िया समाज की सांस्कृतिक परंपरा 'नुवाखाई' को मान्यता देकर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को मुख्यमंत्री ने किया है सम्मानित*

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 28 अगस्त 2025 (गुरुवार) को नुवाखाई (ऋषि पंचमी) पर्व के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय (महानदी भवन, नवा रायपुर) द्वारा जारी किया गया है, जो रायपुर नगर निगम और नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय कार्यालयों एवं संस्थानों में प्रभावी रहेगा।

यह स्थानीय अवकाश माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के आशीर्वाद एवं आदेश स्वरूप छत्तीसगढ़ राज्य में घोषित किया गया है, जो कि राज्य में निवासरत लगभग 35 लाख उड़ियाभाषी एवं छत्तीसगढ़ नागरिकों के लिए अत्यंत गौरव और खुशी का विषय है।

उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने इस पुनीत अवसर पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा: 

 "यह अत्यंत आनंद और गर्व का विषय है कि हमारे मुख्यमंत्री ने उड़िया समाज की सांस्कृतिक परंपरा 'नुवाखाई' को मान्यता देकर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को सम्मानित किया है।"

विधायक श्री मिश्रा ने समस्त उड़ियाभाषी समाज की ओर से मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह निर्णय राज्य में सांस्कृतिक एकता, समरसता और पारस्परिक सम्मान को और अधिक सशक्त बनाएगा।

                        ( विधायक कार्यालय )
                        रायपुर उत्तर विधानसभा

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*जिले के सभी कार्यालयों में जहां 10 से अधिक महिलाएं कार्यरत उन स्थानों पर आन्तरिक शिकायत समिति का गठन करना अनिवार्य.....नहीं करने पर लगेगा 50 हजार का जुर्माना*

जशपुर 1अगस्त 25/ छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर छ०ग० के पत्र रायपुर, दिनांक 21.07.2025 एवं संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग इन्द्रावती भवन अटल नगर नवा रायपुर के पत्र  दिनांक 23.04.2025 के द्वारा ऑरेलियानों फर्नान्डिस बनाम गोवा राज्य एवं अन्य के मामले को लेकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय पिटीशन के तहत कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिये गये है। उक्त निर्देश के परिपालन में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 (POSH) के क्रियान्वयन के संबंध में जिला अन्तर्गत ऐरो समस्त कार्यालय जहाँ 10 या 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है वहां महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के अन्तर्गत आन्तरिक शिकायत समिति का गठन किये जाने के निर्देश है। जिले में संचालित सभी विभाग शासकीय एवं गैरशासकीय संस्थाओं / कार्यालयों, संगठन, उपक्रम, प्रतिष्ठान, उद्यम, संस्थान, कार्यालय, शाखा अथवा इकाई जो प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सरकार  स्थानीय प्राधिकरण  सरकारी कम्पनी निगम  सहकारी सोसाइटी द्वारा प्रदत्त निधियों द्वारा स्थापित, स्वामित्वाधीन, नियंत्रणाधीन अथवा वित्त पोषित हो। निजी क्षेत्र का संगठन, उपक्रम, संस्थान, प्रतिष्ठान, सोसाइटी, न्यास, गैर-सरकारी संगठन, ईकाई अथवा सेवा प्रदाता जो वाणिज्यिक, व्यावसायिक, शैक्षिक, मनोरंजन, औद्योगिक, स्वास्थ्य सेवायें अथवा वित्तीय क्रियाकलाप कर रहा हो जिसमें उत्पादन, आपूर्ति, विक्रय, वितरण, अस्पताल अथवा नर्सिंग होम, खेलकूद का संस्थान, स्टेडियम, खेल परिसर, प्रतियोगिता अथवा खेल का स्थान, उन सभी उद्यमों छोटे बड़े सभी उद्यम  उद्योग विभाग से पंजीकृत होते है आदि निजी क्षेत्र जहां 10 या 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है, उक्त अधिनियम की धारा 4 के अन्तर्गत आंतरिक शिकायत समिति गठन किया जाना है। व अधिनियम की धारा 26 के अनुसार आंतरिक शिकायत समिति गठित नहीं किये जाने पर नियोक्ता ,कार्यालय प्रमुख 50 हजार रूपये का जुर्माने का प्रावधान है।

एतद् आपके अधीनस्थ समस्त शासकीय, अशासकीय कार्यालयों/उपक्रमों/प्रतिष्ठानों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन, सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ 05 अगस्त 2025 तक पूर्ण करना

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*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद और सहारा का केंद्र, अब तक 2856 लोगों के बेहतर इलाज के लिए चिकित्सा सुविधाएं कराई गई उपलब्ध......*

जशपुरनगर 1 अगस्त 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निजी निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आमजन के लिए उम्मीद और सहारा का केंद्र बन चुका है।यहां स्वास्थ्य से जूझते गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद लोग जो इलाज के लिए भटक चुके होते हैं, वे अब सीधे बगिया पहुंचते हैं। यहां न केवल उन्हें गंभीरता से सुना जाता है, बल्कि हर संभव मदद भी सुनिश्चित की जाती है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सुलभ, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन" की शुरुआत की है। यह हेल्पलाइन सेवा जिले के उन लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जो लंबे समय से गंभीर बीमारियों या इलाज के अभाव में परेशान थे।सीएम कैंप कार्यालय बगिया में प्राप्त आवेदन अनुसार अब तक इस पहल के अंतर्गत 2856 मरीजों को इलाज के लिए आवश्यक चिकित्सकीय सलाह, दवाइयाँ, अस्पताल में भर्ती की सुविधा, रेफरल सेवा और आवश्यकतानुसार एंबुलेंस की व्यवस्था कराई जा चुकी है।

सीएम कैंप कार्यालय में आवेदन देने के 5 मिनट के भीतर मिल रही मदद


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर शुरू की गई स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन अब तेज, प्रभावी और भरोसेमंद सेवा बन चुकी है।इस हेल्पलाइन की सबसे विशेष बात यह है कि सीएम कैंप कार्यालय 'बगिया' में कोई भी व्यक्ति जैसे ही स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए आवेदन करता है, मात्र 5 मिनट के भीतर हेल्पलाइन टीम की कॉल उसके पास पहुंच जाती है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस संवेदनशील पहल से अब हजारों मरीजों को इलाज के लिए तत्काल सहायता मिल रही है।


लोगों का अनुभव बना भरोसे की कहानी

ग्राम गोरिया के कोरवाबहरी निवासी बजरंग राम बताते हैं कि उनकी माता संतरा बाई का मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए सीएम कैंप कार्यालय बगिया आवेदन लेकर पहुंचे थे।और इलाज के लिए उनके सामने आर्थिक समस्या थी। उन्होंने बगिया में आवेदन दिया और 4 मिनट बाद हेल्पलाइन से कॉल आया। उसके बाद उनके इलाज के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई। आज इनकी मां पूरी तरह स्वस्थ हैं।और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट किया है।

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*छत्तीसगढ़ को रेल सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात : यात्रियों को मिली नई ट्रेन सुविधा,रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दी जानकारी*

रायपुर, 1 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ को रेल सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भारत सरकार के रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर सूचित किया है कि रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को 3 अगस्त 2025 को हरी झंडी दिखाई जाएगी।

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि भारत सरकार छत्तीसगढ़ में रेलवे सेवाओं और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में राज्य में ₹44,657 करोड़ की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। वर्ष 2025 के बजट में छत्तीसगढ़ को रिकॉर्ड ₹6,925 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है, जिनमें से 5 स्टेशनों का हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में दो वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी पहले से जारी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उदाहरण हैं।

रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन न केवल छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे जनता को सुविधाजनक और आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

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*केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल से मुख्यमंत्री श्री साय ने की मुलाकात, बोधघाट बहुउद्देश्य परियोजना पर विस्ईतार से चर्चा*

नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान राज्य की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं, विशेषकर बस्तर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री सी आर पाटिल को अवगत कराया कि बोधघाट परियोजना बस्तर की सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और ऊर्जा उत्पादन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र दशकों से विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा है। वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि इस क्षेत्र को नक्सल हिंसा से मुक्त कर आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जाए। उन्होंने बताया कि बस्तर के लिए प्रस्तावित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना से लगभग 8 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि बस्तर क्षेत्र में अब नक्सल प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है और विकास कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। ऐसे में बोधघाट जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्माण संबंधी आवश्यक पहल करने के विषय में विस्तार से चर्चा की।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए परियोजना से संबंधित प्रस्तावों का शीघ्र तकनीकी परीक्षण कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार के सहयोग से बोधघाट परियोजना शीघ्र साकार रूप लेगी और यह बस्तर की आर्थिक उन्नति और सामाजिक बदलाव का प्रमुख आधार बनेगी।

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*मुख्यमंत्री श्री साय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियानों व उपलब्धियों की दी जानकारी*

नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, माओवादी चुनौती से निपटने की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री को माओवादी विरोधी अभियानों की उपलब्धि एवं भविष्य की कार्ययोजना से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में पिछले डेढ़ वर्षों में उल्लेखनीय सफलता मिली है। दिसंबर 2023 से अब तक 33 बड़ी मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं सहित 445 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए गए हैं। वहीं, 1554 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, एवं 1588 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। 

उन्होंने कहा राज्य सरकार की “समन्वित विकास और सुरक्षा” नीति के तहत माओवादी प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल माओवादी प्रभाव कम हुआ है, बल्कि स्थानीय समुदायों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। 

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की माओवाद उन्मूलन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने माओवादी उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा किया।

बैठक में छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले अमृत रजत महोत्सव 2025 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता, और आर्थिक उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के विकास और सुरक्षा में सहयोग और मार्गदर्शन पर श्री शाह को धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

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*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 1 नवंबर को ‘अमृत रजत महोत्सव’ में प्रधानमंत्री मोदी को दिया न्यौता*

नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को 1 नवंबर 2025 को रायपुर में आयोजित अमृत रजत महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार की भावी योजनाओं, विकास की प्राथमिकताओं और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख विषयों की जानकारी भी दी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ अमृत रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक होगा और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से इसकी महत्ता और भी बढ़ जाएगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘अंजोर विज़न @2047’  दस्तावेज़ तैयार किया है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। यह विज़न दस्तावेज़ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सुधार और नवाचार-आधारित पहलों पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार के “जन विश्वास अधिनियम 2023” से प्रेरणा लेते हुए राज्य में “जन विश्वास विधेयक 2025” पारित किया है, जिससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आम नागरिकों की पहुंच अधिक सुलभ एवं सहज बनी है।

राजधानी नवा रायपुर के सुनियोजित और तीव्र विकास हेतु गठित छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCRDA) की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से साझा की। उन्होंने बताया कि इस प्राधिकरण के माध्यम से राजधानी क्षेत्र को एक आधुनिक, स्मार्ट एवं तेज़ी से विकसित शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन के क्षेत्र में हो रही उल्लेखनीय प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लागू की गई नई औद्योगिक नीति 2024-30 के परिणामस्वरूप राज्य में निवेशकों की रुचि निरंतर बढ़ रही है। नीति के तहत सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया गया है, जिससे उद्योगों की स्थापना सरल, त्वरित और पारदर्शी बनी है। 1000 से अधिक व्यक्तियों को रोज़गार प्रदान करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच अब तक 84 कंपनियों से कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी जा चुकी है, और एआई डेटा सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो गया है। इसी प्रकार, टेक्सटाइल, फार्मा, रेडीमेड गारमेंट और आईटी सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों के सहयोग से शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार मेडिसिटी और एडु सिटी जैसी दो नई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेज़ी से कार्य कर रही है। रायपुर में विकसित की जा रही मेडिसिटी एक आधुनिक और उत्कृष्ट स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब के रूप में पहचान प्राप्त होगी और व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही पुनर्वास और विश्वास बहाली की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन की ओर लौटे हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

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लाखों के विकास कार्यों का जशपुर विधायक ने किया भूमिपूजन......सरकार की योजनाओं की दी जानकारी

जशपुर : झारखंड राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र से लगे ग्राम टांगरटोली में निर्माण कार्य का भूमि पूजन करने जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत पहुंची।यहां उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे सभी योजनाओं को विस्तार से बताते हुवे इसका लाभ उठाने जागरूक किया।

        ज्ञात हो कि जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत के अथक प्रयास से ग्राम टांगरटोली में 7 लाख की लागत से आरसीसी रोड एवं 10 लाख की लागत से तटबंध का कार्य स्वीकृत हुआ।जिसका आज विधि विधान से पूजा अर्चना कर कार्य प्रारंभ कराया।उक्त कार्य का भूमि पूजन करने जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत मुख्य अतिथि के रूप में यहां मौजूद रही।श्रीमती भगत के द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना करते हुए निर्माण कार्य गुणवत्तायुक्त कराए जाने का बात कहा।श्रीमती भगत ने कहा कि राज्य में इस वक्त विष्णु देव की सरकार हैं और केंद्र में मोदी की। डबल इंजन की सरकार होने के कारण यहां विकास कार्य तेजी से हो रहा है,ग्रामीणों को राज्य और केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं को विस्तार से बताते हुए इसका लाभ उठाने ग्रामीणों को विधायक ने प्रेरित भी किया।श्रीमती भगत ने आगे कहा कि भाजपा की सरकार में सभी धर्मों वर्गों और समुदायों का ध्यान रखते हुए लाभकारी योजनाओं का सफल संचालन और क्रियान्वयन किया जा रहा है।जिस कारण इनके विकास और उत्थान में तेजी आई है।ग्रामीणों ने विधायक श्रीमती भगत से स्थानीय कब्रिस्तान में 1 शेड निर्माण का मांग किया,जिस पर श्रीमती भगत ने उक्त शेड निर्माण जल्द कराए जाने का घोषणा किया।
इस दौरान संजय गुप्ता,दीपू मिश्रा,बीडीसी नजमुद्दीन,सरपंच जयमुनी,नासिर खान,असद शाह,नशीद समरुद्दीन,अजीज,गफ्फर,जुल मेम्बर जब्बार,दुबराज,जॉनी,कल्लू,खुर्शीद,मंसूर इसराफी मौजूद रहे।

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मनोरा विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव जशपुर विधायक रायमुनी भगत के मुख्य अतिथि में हुआ संपन्न

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 मनोरा । विकासखंड मनोरा में खंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव विधायक श्रीमती रायमुनी भगत के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्रीमती शांति भगत जिला पंचायत सदस्य, परमेश्वर भगत अध्यक्ष जनपद पंचायत, हैप्पी कमल कुजूर जनपद उपाध्यक्ष मनोरा, आस्ता मंडल अध्यक्ष पंकज जयसवाल, सन्ना मंडल अध्यक्ष आनंद भगत, बीडीसी शोषण टोप्पो, सलमा भगत, रंजीत भगत, पूर्व जनपद अध्यक्ष गोविंद राम भगत, शाला प्रबंधन विकास समिति सेजस मनोरा के अध्यक्ष श्रीमती सुषमा सिंह एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ साथ बहुत अधिक संख्या में अभिभावक छात्र-छात्राएं शिक्षक उपस्थित थे। इस अवसर पर शाला प्रवेश उत्सव को संबोधित करते हुए श्रीमती रायमुनी भगत माननीय विधायक जशपुर ने कहा कि छात्र हमारे देश के भविष्य हैं शिक्षक अभिभावक मिलकर उनके भविष्य को संवारें। श्रीमती शांति भगत जिला पंचायत सदस्य ने कहा मैं इसी विद्यालय में पढ़ी हूं आप भी अच्छे से पढ़ें और स्वस्थ सुंदर शिक्षित भारत के निर्माण में सहयोग दें। जनपद उपाध्यक्ष हैप्पी कमल ने कहा कि  गरीबी कभी भी शिक्षा में आगे बढ़ने के लिए बाधक नही होती यदि लक्ष्य पाने के लिए इरादा मजबूत हो। जनपद अध्यक्ष परमेश्वर भगत द्वारा शिक्षक के द्वारा बताये गये मार्ग का पूर्ण समर्पण के साथ अनुशासन के साथ पालन करे तो सफल जरूर होंगे।
       इस अवसर पर पीएम श्री मनोरा के कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के छात्र-छात्राओं को माननीय विधायक महोदय के द्वारा पुस्तक, गणवेश कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल वितरण किया गया।
         विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय पटेल के मार्गदर्शन में विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। सत्र 2024-25 अंतर्गत विकासखंड स्तर पर प्रावीण्य सूची के अनुसार हायर सेकेंडरी के नितेश कुमार पिता श्यामलाल राम शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खरसोता पीएम श्री सेजस मनोरा की जागृति भगत पिता दिलीप भगत शासकीय उत्तर माध्यमिक शाला आस्ता की प्रियंका खाखा पिता रूबेन खाखा शासकीय उत्तर माध्यमिक शाला आस्ता के अशियन राम पिता श्री प्रदीप राम को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में हाई स्कूल प्रावीण्य सूची के अनुसार हाईस्कूल सोगडा की श्यामा प्रधान पिता मनोज प्रधान रिफत फातिमा पिता मोहम्मद जीशान खान एवं कुमारी नंदिनी  पिता श्री दुबराज सिंह सेजेस मनोरा को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। उल्लास कार्यक्रम के तहत मार्च 2025 में आयोजित महापरीक्षा अभियान में सफल हुए परीक्षार्थियों को जनप्रतिनिधियों के हाथों प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। शाला परिसर के अंदर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत ट्री गार्ड के साथ पीपल एवं अन्य पौधों का वृक्षारोपण किया गया।
      संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयक तरुण कुमार पटेल के द्वारा किया गया कार्यक्रम को व्यवस्थित करने में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम भगत एवं विपिन विकास खरें उल्लास प्रभारी मनोरा, प्राचार्य श्री जे.एन. बैरागी सभी संकुल प्राचार्य, सभी संकुल समन्वयक एवं सेजस मनोरा के समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।

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