ताजा खबरें


बड़ी खबर

मुख्यमंत्री के सुशासन में नागरिकों को मिल रहा है प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का सौभाग्य : 204 श्रद्धालु दर्शन हेतू अयोध्या धाम के लिए हुआ रवाना 

‌जशपुर 30 जुलाई 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रद्धालुओं प्रभु श्री रामलला अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।
बुधवार को जिले के सभी विकास खंड के जनपद पंचायत कार्यालय और नगरीय निकाय से जनप्रतिनिधियों ने अयोध्या धाम के लिए श्रद्धालुओं की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
जशपुर जनपद पंचायत से विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जनपद पंचायत कुनकुरी से जनपद सदस्य श्री विश्व नाथ सिदार बगीचा से नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम ने श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं देते हुए तीर्थ यात्रा के लिए रवाना किया गया।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जिले के स्थानीय निवासियों को "श्रीरामलला दर्शन अयोध्या धाम यात्रा योजना अंतर्गत दिनांक 30 जुलाई से 2 अगस्त 2025 के यात्रा हेतु जिले से कुल-204 श्रद्धालुओं को रवाना किया गया।

और भी

*रायपुर में खुलेगा APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय.....मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से कृषि निर्यात को मिलेगा नया प्रोत्साहन, राज्य बनेगा एक्सपोर्ट हब*

रायपुर, 30 जुलाई 2025/  कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात को प्रोत्साहन देने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों एवं उद्योग विभाग की सक्रिय पहल के फलस्वरूप भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने रायपुर में APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की है।

इस क्षेत्रीय कार्यालय के प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को अनेक लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। अब उन्हें ट्रेनिंग, प्रमाणन, पैकेजिंग, मानकीकरण और निर्यात संबंधी सेवाओं के लिए अन्य राज्यों के कार्यालयों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।

*स्थानीय स्तर पर मिलेगी वैश्विक गुणवत्ता की सुविधा*

राज्य में APEDA  कार्यालय की स्थापना से अब फाइटो-सेनेटरी प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रमाणन, लैब टेस्टिंग, और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाएं यहीं पूरी की जा सकेंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि किसानों और निर्यातकों की लागत में भी कमी आएगी।

*छत्तीसगढ़ के उत्पादों को मिलेगी ब्रांडिंग और वैश्विक पहचान*

APEDA  कार्यालय से फल, सब्ज़ियाँ, चावल, GI टैग वाले उत्पाद, मिलेट्स और अन्य कृषि उत्पादों का सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में निर्यात आसान होगा। इससे उत्पादों को उचित दाम, व्यापारियों को नए बाज़ार, और राज्य को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी।

*किसानों की आय और ज्ञान दोनों में वृद्धि*

निर्यात से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, नई तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग की जानकारी और प्रशिक्षण उन्हें स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।

*निर्यात बुनियादी ढांचे को मिलेगा प्रोत्साहन*

APEDA न केवल प्रमाणन और ब्रांड प्रमोशन में सहयोग करता है, बल्कि निर्यात बुनियादी ढांचे के निर्माण और रख-रखाव में भी सहायता करता है। इससे राज्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस जैसे सुविधाओं का विकास होगा, जिससे कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी।

*विशेष योजनाएं और सब्सिडी का लाभ राज्य को मिलेगा*

APEDA  द्वारा चलाए जा रहे एक्सपोर्ट प्रमोशन, स्किल डेवलपमेंट और सब्सिडी योजनाओं का लाभ अब छत्तीसगढ़ के किसान, स्टार्टअप और MSMEs को सहजता से मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों और उत्पादकों को अब वैश्विक बाजार से जोड़ने का मजबूत माध्यम मिल गया है। यह कार्यालय न केवल कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को ‘वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में एक अग्रणी राज्य बनाएगी और समृद्ध कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेगी।

और भी

*नवा रायपुर में स्थापित होगी अत्याधुनिक क्रिकेट एकेडमी ...*मुख्यमंत्री श्री साय की विशेष पहल पर नियमों को शिथिल कर लिया गया निर्णय* 

रायपुर, 30 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के उभरते क्रिकेट खिलाड़ियों के प्रशिक्षण एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-3, ग्राम-परसदा में 7.96 एकड़ भूमि क्रिकेट एकेडमी की स्थापना हेतु आबंटित करने का निर्णय लिया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि सरकारी व्ययन नियमों के तहत, गैर-लाभकारी संस्थाओं को सीधे भूमि आवंटन का प्रावधान नहीं है, लेकिन इस विशेष मामले में राज्य शासन ने नियमों को शिथिल कर यह निर्णय लिया है, जिससे खिलाड़ियों के हित में क्रिकेट एकेडमी की स्थापना हो सके।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को 2016 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से पूर्णकालिक मान्यता प्राप्त है। इसके लिए नगर विकास प्राधिकरण ने कुल 7.96 एकड़ भूमि चिन्हित की है। 

छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं। प्रदेश के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम मौजूद है, परंतु अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं और प्रशिक्षण के लिए एकेडमी की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस निर्णय से प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को क्रिकेट में आगे बढ़ने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे और राज्य को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल प्रदेश के युवा क्रिकेटरों के लिए अवसर के नए द्वार खोलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को खेल के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाने में सहायक होगा।

और भी

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मनोरा के  शासकीय कालेज भवन निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 61 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी* 

जशपुर जिले में शिक्षा के दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल : मनोरा कॉलेज भवन निर्माण के लिए 4.61 करोड़ रूपये की स्वीकृति

रायपुर, 31जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मनोरा विकासखंड के शासकीय कॉलेज भवन के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 61 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति मुख्यमंत्री द्वारा अपने जशपुर प्रवास के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप दी गई है, जिस पर राज्य सरकार द्वारा तत्परता से अमल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जशपुर जिले के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और सड़क-पुल निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए लगातार स्वीकृतियाँ दी जा रही हैं, ताकि विकास योजनाएं तेज़ी से धरातल पर उतर सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उनके निकट ही उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से मनोरा में कॉलेज भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

मनोरा में कॉलेज भवन निर्माण की स्वीकृति से क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री की इस पहल के लिए उनका आभार प्रकट किया है।

और भी

बैठक में कलेक्टर की दो टूक- सड़क निर्माण में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नही, PWD,PMGSY,MMGSY के अधिकारियों को कहा क्वालिटी में कॉम्प्रोमाइज किया तो……

गुणवत्ता में लापरवाही करने पर ठेकेदार पर होगी कार्रवाई 

सभी अस्पतालों में एंटी रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए 

कृषि अधिकारी को स्वयं फिल्ड विजिट करके किसानों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश 

जशपुर 30 जुलाई 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर मुख्यमंत्री जनदर्शन, मुख्यमंत्री की घोषणा का क्रियान्वयन और कलेक्टर जनदर्शन के आवेदनों का समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को प्रकरणों का निराकरण गंभीरता करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बसाहटों तक पूल पुलिया, सड़क, आंगनबाड़ी केंद्र स्वास्थ्य केन्द्र, आश्रम छात्रावास के निर्माण कार्यों को भी गंभीरता करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम, जनपद सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे ‌।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सभी स्वास्थ्य केन्द्र में एंटी रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता की जानकारी ली।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्वास्थ्य केन्द्र में एंटी रेबीज इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और मरीज इंजेक्शन लगवाने आते हैं तो उनको तत्काल लगाया जाए ।

कलेक्टर ने कहा कि इस संबंध में शिकायत नहीं आनी चाहिए और लापरवाही बरतने वाले पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के  अधिकारियों को सड़क की गुणवत्ता को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा जो ठेकेदार गुणवत्ता का ध्यान नहीं रख रहा है उन पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियों को अवगत कराया की केन्द्र सरकार द्वारा जिन बसाहटों तक पूल पुलिया सड़क, अस्पताल आश्रम छात्रावास, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य कार्य की आवश्यकता है तो उसका प्रस्ताव मांगा गया है। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों से इस संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कृषि अधिकारी से खाद बीज उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली और सोसायटी के माध्यम से सभी किसानों को खाद बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कृषि अधिकारी को स्वयं फिल्ड विजिट करके किसानों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।

और भी

किक बॉक्सिंग पदक विजेता खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात*

रायपुर, 30 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में पदक विजेता खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने खिलाड़ियों को और अधिक मेहनत कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रदेश के विजेता खिलाड़ियों में रजत पदक विजेता अन्नू देवी कुंवर, दीप्ति साहू तथा कांस्य पदक विजेता संजना कन्नौजिया और हर्षा सेन शामिल थीं। प्रशिक्षक श्री विशाल हियाल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ किक बॉक्सिंग संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री छगन लाल मुंदड़ा तथा महासचिव श्री आकाश गुरुदीवान  उपस्थित थे।

और भी

*मुख्यमंत्री श्री साय से केरल एवं ओडिशा के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात*

रायपुर, 29 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय, महानदी भवन में केरल एवं ओडिशा के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा सांसद चलाकुडी से श्री बेनी बेहनन, कोट्टायम से श्री के. फ्रांसिस जॉर्ज, कोल्लम से श्री एन. के. प्रेमचंद्रन, कोरापुट से श्री सप्तगिरि उल्का, और केरल विधानसभा सदस्य श्रीमती रोजी एम. जॉन शामिल थे।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से राज्य में हाल ही में चर्चा में आए धर्मांतरण प्रकरण की जानकारी साझा की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय और समरसता में विश्वास रखने वाला प्रदेश है, जहाँ सभी धर्मों के लोग सौहार्दपूर्वक रहते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि मामले की जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। कानून स्वतंत्र रूप से अपना कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश की बेटियाँ और नागरिक सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें।

और भी

*अब पूर्व माध्यमिक शालाएं भी बढ़ाएंगी जशपुर का यश  : पहली बार मिडिल स्कूलों के प्रधान पाठकों का यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ उन्मुखीकरण*

जशपुर नगर :29 जुलाई 2025: 
शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश भर में पहचान बनाने वाले जशपुर जिले की विद्यालयीन शिक्षा गुणवत्ता में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है। कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम ने हायर सेकेंडरी स्कूलों के साथ ही अब प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं में भी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।  डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा और डीईओ पीके भटनागर के निर्देश पर इसी परिप्रेक्ष्य में 28 जुलाई से 617 शासकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठको का उन्मुखीकरण की शुरुआत यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत पहली बार की गई है। पहले दिन बगीचा और दुलदुला विकासखंड के 118 प्रधान पाठक उन्मुखीकरण में उपस्थित रहे।

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता के द्वारा प्रधान पाठकों को पूरे मन और पूरी क्षमता  से कार्य करने के साथ कर्तव्य बोध के लिए विशेष मोटिवेशनल क्लास लिया जा रहा है। विनोद गुप्ता के द्वारा मनोवैज्ञानिक अब्राहम मैस्लो की हाईआर्की आफ नीड थ्योरी के विषय में प्रधान पाठकों को समझाते हुए यह बताया गया कि मनुष्य की आवश्यकताओं में सबसे निम्न स्तर पर फिजियोलॉजिकल नीड से लेकर कैसे अंतिम और सर्वोच्च स्तर आत्मबोध एवं आत्म संतुष्टि तक पहुंचाने के लिए शिक्षकों को कर्तव्य के प्रति समर्पित होकर छात्रों के विकास हेतु कार्य करना है। ज्ञातव्य है की मनोवैज्ञानिक अब्राहम मैसलों ने बताया था कि मनुष्य की पहली आवश्यकता खाना, पीना, सोना और सुरक्षा  और परिवार होता हैl इन आवश्यकताओं की पूर्ति करने में ही हमारा पूरा ध्यान रहता है जिससे केवल सुख की प्राप्ति होती है l उन्होंने आगे बताया कि केवल इसी सुख  की चाहत होना ही मनुष्य के लिए सबसे बड़ी समस्या है क्योंकि इससे हमे खुशी नहीं मिलती जो हमारे जीवन का मुख्य उद्देश्य होता है l जीवन में खुशियां लाने के लिए हमे हमारे स्कूलों के बच्चों के जीवन में खुशियाँ लाने के विषय में सोचना चाहिए ताकि वे भविष्य में न केवल अपने परिवार की गरीबी दूर कर सके बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें l और इसके लिए सभी प्रधान पाठकों को अपने कर्तव्य स्थल पर पूरे समय केवल विद्यार्थियों के  भविष्य निर्माण करने के विषय में कार्य करना चाहिए l इसके लिए मुख्य रूप से सात प्रमुख गतिविधियों को भी विस्तार से बताया जो की यशस्वी जशपुर कार्यक्रम का मुख्य रणनीतिक बिन्दुएँ है l 

उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जिले भर के कुछ ऐसे शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित किया गया है जिन्होंने अपने विषय क्षेत्र में विशेष कार्य किया है। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा विषय आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर एलन साहू ने  विज्ञान के कई प्रयोग करके दिखाया और राष्ट्रीय प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति परीक्षा के बारे में जानकारी और विद्यार्थियों के पंजीयन के विषय में बताया। मास्टर ट्रेनर्स संजय दास, गायत्री देवता, राजेंद्र प्रेमी, सरिता नायक, सतेंद्र सिंह, सोमनाथ साहू के द्वारा अलग-अलग विषयों के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया । प्रशिक्षण में व्याकरण, टीएलएम आधारित शिक्षण, डुओलिंगो एप पर अंग्रेजी सीखकर अध्यापन, मानचित्र , विनोवा एप के उपयोग और नवीन पाठ्य पुस्तक पर चर्चा जैसे विषय शामिल रहे।

प्रशिक्षण प्रभारी संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय, सीमा गुप्ता का प्रशिक्षण के संचालन में विशेष योगदान रहा। कार्यशाला के अंत में सभी प्रशिक्षार्थी प्रधान पाठकों ने फीडबैक भी दिया। पूर्व माध्यमिक शाला दनगरी के प्रधान पाठक श्री विजय कुमार ने अपने फीडबैक में लिखा है कि "यशस्वी जशपुर की थीम पर कैसे व्यवस्था परिवर्तन करके बच्चों के शैक्षणिक स्तर में गुणात्मक सुधार किया जा सकता है? यहां मिले नए विजन से मैं निश्चित रूप से रिचार्ज हुआ हूं, मैं अपने विद्यालय में परिवर्तन  कर सकता हूं। ऐसी अपेक्षाओं के साथ मैं यहां से  कुछ करने की प्रेरणा लेकर जा रहा हूं।"

और भी

प्राकृतिक चिकित्सा परिसर का बाबा भगवान राम ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्यपाद गुरूपद संभव राम जी द्वारा उद्घाटन 


       
जशपुर : 29 जुलाई 2025 : अघोरपीठ वामदेव नगर गम्हरिया,जशपुर आश्रम परिसर के सामने बनी अघोरेश्वर भगवान राम प्राकृतिक चिकित्सा परिसर का बाबा भगवान राम ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्यपाद गुरूपद संभव राम जी द्वारा उद्घाटन किया गया। परिसर का उद्घाटन प्रातः परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के चित्र पर विधिवत् पूजन आरती पश्चात नारियल फोड़कर किया गया। 
        इस अवसर पर  नस-नाड़ी रोग चिकित्सा हेतु वैद्य चन्द्रगुप्त साहू  को आमत्रिंत किया गया  था। परिसर के उद्घाटन पश्चात वैद्य साहू द्वारा रोगियो की चिकित्सा प्रारंभ की गयी। मुख्य रूप से लकवा, दर्द,साइटिका आदि दर्द से जूझ रहे रोगियांे की चिकित्सा की जा रही है। अभी पूर्व से पंजीकृत रोगियों की चिकित्सा की जा रही है।  अभी प्रतिदिन पंजीकृत  मरीजों का प्रातः से रात्रि तक इलाज  किया जा रहा है जो शनिवार दोपहर तक प्रतिदिन जारी रहेगा। ट्रस्ट से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रति माह इस शिविर का आयोजन किया जायेगा। जिन रोगियों को अपना इलाज कराना है वे  गम्हरिया आश्रम में आकर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते है। भविष्य में इस  परिसर में अन्य रोगो की भी प्राकृतिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध की जायेगी।

और भी

*“ऑपरेशन महादेव” : आतंक पर करारा प्रहार, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों के साहस को किया नमन*

रायपुर, 29 जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने “ऑपरेशन महादेव” के तहत सुरक्षाबलों द्वारा की गई सफल कार्रवाई को आतंक के विरुद्ध भारत की अडिग नीति का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकवादियों को मार गिराकर आतंक के विरुद्ध  निर्णायक कार्यवाही की है। उन्होंने सुरक्षाबलों के साहस को नमन करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से पहलगाम आतंकी हमले के तीनों गुनहगार सज़ा पा चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑपरेशन महादेव, यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के संकल्प का सशक्त परिणाम है। भारतीय सेना के जवानों का पराक्रम हर देशवासी के हृदय में विश्वास और गर्व की भावना भर देता है। सेना का यह ऑपरेशन मात्र एक कार्रवाई नहीं यह संदेश है उन सभी दुश्मनों को, जो भारत की भूमि पर आतंकी मंसूबे लेकर आते हैं।

और भी

*शहरी स्वच्छता में छत्तीसगढ़ की लंबी छलांग, स्वच्छता सर्वे में शामिल 169 में से 115 शहरों ने सुधारी अपनी रैंकिंग*

रायपुर, 29 जुलाई 2025/भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य के नगरीय निकायों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है कि इस बार सर्वेक्षण में शामिल 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छता के इस राष्ट्रीय मूल्यांकन में देशभर के 4,566 शहरों के बीच छत्तीसगढ़ के 25 शहर टॉप-100 में शामिल हुए हैं, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी छलांग है, जब केवल 16 शहर टॉप-100 में आ पाए थे।

राज्य के 62 नगरीय निकायों ने गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में अपना दर्जा बढ़ाया है, जबकि सिंगल, थ्री और फाइव स्टार प्राप्त करने वाले शहरों की संख्या 71 से बढ़कर अब 114 हो गई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने इस बार फाइव स्टार से बढ़कर सेवन स्टार की सर्वोच्च रेटिंग प्राप्त की है। रायपुर को गारबेज-फ्री सिटी श्रेणी में यह सम्मान प्राप्त हुआ है, साथ ही स्वच्छता में उसे वाटर प्लस शहर का दर्जा भी मिला है।

इस बार बिलासपुर, कोरबा और भिलाई नगर—ये तीन नगर निगम ओडीएफ प्लस प्लस से बढ़कर वाटर प्लस श्रेणी में पहुंच गए हैं। राज्य के 163 नगरीय निकायों को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा प्राप्त हुआ है, जिनमें किरंदुल और भाटापारा नगर पालिका तथा कुंरा नगर पंचायत जैसे निकाय भी शामिल हैं, जो पहले केवल ओडीएफ श्रेणी में थे। सीतापुर नगर पंचायत ने भी ओडीएफ प्लस से आगे बढ़कर ओडीएफ प्लस प्लस दर्जा हासिल किया है।

पिछले डेढ़ वर्षों में 62 नगरीय निकायों ने अपने सतत प्रयासों के माध्यम से गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में सुधार किया है। बिलासपुर और अंबिकापुर ने अपने थ्री स्टार स्तर को बढ़ाकर फाइव स्टार किया है, जबकि भिलाई नगर, जगदलपुर नगर निगम, जामुल नगर पालिका और घरघोड़ा नगर पंचायत ने 2023-24 के सिंगल स्टार दर्जे से आगे बढ़ते हुए अब थ्री स्टार प्राप्त किया है। वहीं, धमतरी, शिबरीनारायण और राजपुर जैसे शहर, जो पूर्ववर्ती सर्वे में स्टार रेटिंग में नहीं थे, उन्होंने सीधे थ्री स्टार श्रेणी में प्रवेश किया है। स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में विशेष प्रयासों के चलते राज्य के 52 नगरीय निकायों ने नो स्टार से उन्नत होकर अब सिंगल स्टार दर्जा प्राप्त कर लिया है।

इस बार कई नगरीय निकायों की राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ा सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय स्तर पर 649वें स्थान पर रहे सिमगा ने इस बार 95वीं रैंक हासिल की है। इसी तरह जशपुर 637वें से 91वें, राजपुर 630वें से 63वें और घरघोड़ा 616वें से 71वें स्थान पर आ गया है। भिलाई-चरोदा ने अपनी रैंकिंग 587 से सुधारकर 68, दोरनापाल ने 557 से 81, दंतेवाड़ा ने 552 से 70, जगदलपुर ने 461 से 55, मुंगेली ने 447 से 86, कवर्धा ने 430 से 77, कुनकुरी ने 426 से 84, दुर्ग ने 314 से 80, राजनांदगांव ने 268 से 46, भिलाई नगर ने 267 से 22, छुरा ने 230 से 76, प्रतापपुर ने 173 से 62, बलरामपुर ने 65 से 53 और रायपुर ने 12वीं रैंक से बढ़कर चौथा स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के शहरों की इस उपलब्धि को स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि शहरी सरकार, राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर नवाचारों के साथ शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के शहरों की रैंकिंग में और भी सुधार होगा और इस बार की राष्ट्रीय सफलता सभी नगरीय निकायों को और अधिक प्रेरित करेगी।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगरीय विकास और स्वच्छता हेतु राज्य सरकार द्वारा 7,400 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, जिसका यह सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे अपने अधीनस्थ अमले के साथ प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर सफाई कार्यों की नियमित निगरानी करें। श्री साव ने कहा कि विभाग की इन दोनों पहलों की इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

और भी

*मुख्यमंत्री श्री साय ने बेमेतरा जिले में किया 102 करोड़ की राशि के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास*

रायपुर 28 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते डेढ़ वर्षों में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनका उद्देश्य प्रदेश को समग्र विकास की ओर अग्रसर करते हुए जनकल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये ठोस कदम आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को देश के लिए एक उदाहरण के रूप में स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय आज बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी स्थित स्टेडियम परिसर में आयोजित विशाल आमसभा को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय  ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बेहद कम समय में जनता से किए गए अधिकांश वादों को धरातल पर उतारा है। उन्होंने बताया कि गरीबों के अपने घर के सपने को साकार करते हुए 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है। किसानों को धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, वहीं पिछले दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी किसानों को दिया जा चुका है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता दी जा रही है, जो सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। इसी प्रकार, पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए अटल सेवा केंद्रों की स्थापना की गई है, जिससे ग्रामीण स्तर पर ही नागरिक सेवाएं सुलभ हो रही हैं।

इस अवसर पर उन्होंने बेमेतरा जिले को 102 करोड़ रुपये की लागत से 48 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया जिसमें 35.76 करोड़ रुपये के 22 कार्यों का लोकार्पण और 66.91 करोड़ रुपये के 26 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने 20 ग्राम पंचायतों में सीसी रोड निर्माण हेतु प्रति पंचायत 5-5 लाख की घोषणा की। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने पौधारोपण कर पर्यावरण-संदेश दिया और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने दाढ़ी नगर पंचायत को बड़ी सौगात देते हुए कार्यालय भवन निर्माण के लिए 1.25 करोड़ की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की सभी योजनाएं गांव, गरीब और किसान को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं और इन वर्गों के जीवन को उन्नत करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा इन सभी वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही हमारी सरकार की दिशा और दृष्टि है।

खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री दिपेश साहू, विधायक श्री रोहित साहू, विधायक श्री ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

और भी

*मिशन कर्मयोगी: राष्ट्र निर्माण का संकल्प – मुख्यमंत्री श्री साय.....क्षमता विकास आयोग और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुआ एमओयू*

*

रायपुर, 28 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष आज नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में भारत सरकार की क्षमता विकास आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत हुए इस एमओयू पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक श्री सुब्रत साहू तथा क्षमता विकास आयोग की ओर से सदस्य सचिव श्रीमती वी. ललिता लक्ष्मी ने हस्ताक्षर किए। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वप्नों को साकार करने वाला एक दूरदर्शी मिशन है। इस मिशन के माध्यम से देश के सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों में कर्मयोगी की भावना विकसित होगी और वे राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में चार लाख शासकीय सेवकों को सतत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब तक लगभग 50 हजार अधिकारी-कर्मचारी इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप कौशल विकास आज की अनिवार्यता बन गया है। इस नए युग के साथ निरंतर कौशल उन्नयन तथा शासन-प्रशासन में उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने में मिशन कर्मयोगी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में जिस सुशासन की स्थापना के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है, उसे नई ऊँचाई प्रदान करने में यह एमओयू एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस साझेदारी के माध्यम से राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी को पूर्ण समर्पण के साथ लागू करने तथा इसके लाभ को प्रशासन के प्रत्येक स्तर तक पहुँचाने हेतु राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। सरकार निरंतर शासन एवं प्रशासनिक स्तर पर नवाचार और अभिनव पहलों के माध्यम से व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि यह पहल लोक सेवकों को नागरिकों की आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील और उत्तरदायी बनाने में सहायक सिद्ध होगी, साथ ही जन-केंद्रित नीतियों और सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहयोग प्रदान करेगी। श्री साय ने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से हम सभी मिलकर कुशल और प्रेरित लोक सेवकों के सहयोग से विकसित छत्तीसगढ़ के स्वप्न को साकार कर पाएँगे।

इस अवसर पर आयोग की सदस्य डॉ. अल्का मित्तल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, मिशन कर्मयोगी योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राकेश वर्मा, प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

*छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन, ग्रीन स्टील उत्पादन पर विशेष अनुदान भी मिलेगा: मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 28 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देश के विभिन्न स्टील उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में उत्पादन यूनिट स्थापित करने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने आज स्थानीय होटल में आयोजित ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में सहभागिता कर उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में इस उद्योग की भरपूर संभावनाओं और इसके लिए विकसित अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) की जानकारी दी। यह समिट कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा पूर्वी क्षेत्र के सदस्यों के लिए आयोजित की गई थी।

समिट में उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया गया है। यदि कोई उद्यमी ग्रीन स्टील का उत्पादन कर रहा हो, तो उसे विशेष अनुदान देने का प्रावधान भी छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को स्टील हब बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनके नेतृत्व में देश में स्टील उत्पादन 100 मिलियन टन से बढ़कर 200 मिलियन टन हो गया है, और वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 300 मिलियन टन तक पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी स्टील की वर्तमान उत्पादन क्षमता 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

*छत्तीसगढ़: खनिज संसाधनों से समृद्ध, औद्योगिक संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने भरपूर खनिज संसाधनों के कारण समृद्ध है। इनके उचित दोहन से यहाँ औद्योगिक संभावनाओं में अत्यधिक विस्तार संभव है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अधिकतम लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार की रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना और राज्य सरकार की स्थानीय लोगों को रोजगार देने हेतु अनुदान योजनाओं से इस दिशा में सार्थक कार्य होगा।

*‘अंजोर विज़न’ दस्तावेज़ में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रमुखता*

मुख्यमंत्री ने उपस्थित उद्यमियों को बताया कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की परिकल्पना पर आधारित अंजोर विजन डाक्यूमेंट तैयार कर लिया गया है। इस दस्तावेज़ में चरणबद्ध रूप से विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। उन्होंने बताया कि इस विज़न दस्तावेज़ में सर्वाधिक फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर है, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की कोर इंडस्ट्री – जैसे स्टील एवं पावर – को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

*लक्ष्य प्राप्ति हेतु अधोसंरचना सहित सभी तैयारियाँ पूर्ण*

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अधोसंरचना सहित सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। राज्य में रेलवे अधोसंरचना को सशक्त किया गया है। तेज़ी से रेल नेटवर्क और उससे संबंधित अधोसंरचना का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे स्टील सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 47 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से रेलवे के विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर कार्य हो रहा है। अब रावघाट से जगदलपुर रेलमार्ग पर भी कार्य आरंभ होगा। किरंदुल से तेलंगाना के कोठागुडेम तक नई रेललाइन बिछाई जाएगी, जिसमें 138 किलोमीटर का हिस्सा बस्तर से गुजरेगा। रायगढ़ के खरसिया से राजनांदगांव के परमालकसा तक नया रेल नेटवर्क बनाकर कई प्रमुख औद्योगिक केंद्रों तक कच्चे माल की आपूर्ति एवं तैयार माल की ढुलाई की प्रक्रिया आसान की जाएगी, जिससे उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी।

*इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 350 से अधिक सुधार*

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रक्रिया को लागू किया गया है। साथ ही 350 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिनका सीधा लाभ स्टील सेक्टर में किए गए निवेशकों को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीन एनर्जी को अपनाने वाले औद्योगिक संस्थानों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। श्री साय ने राज्य में ग्रीन स्टील उत्पादन हेतु हाइड्रोजन जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग पर प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ माह पूर्व आयोजित एनर्जी समिट में छत्तीसगढ़ में लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 57 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) उत्पादन की दिशा में भी छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है, और नए औद्योगिक पार्क भी स्थापित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र को औद्योगिक पार्क स्थापित करने हेतु विशेष अनुदान का प्रावधान किया गया है। उन्होंने समिट में उपस्थित उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में निवेश करने और यूनिट स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।

*प्रशिक्षित जनशक्ति एवं लॉजिस्टिक नीति का लाभ उठाएं*

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के सभी विकासखंडों में स्किल इंडिया के सेंटर प्रारंभ कर दिए गए हैं, जिससे उद्योगों को प्रशिक्षित जनशक्ति की कोई कमी नहीं होगी। साथ ही उन्होंने बताया कि निवेशकों को नई लॉजिस्टिक नीति का भी लाभ मिलेगा। इस नीति के अंतर्गत ड्राय पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो आदि की स्थापना पर भी अनुदान प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया में स्थिति होने के कारण लॉजिस्टिक के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ हैं। एक्सप्रेसवे, रेलवे और राजमार्गों के माध्यम से देश के चारों दिशाओं में बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ स्टील सेक्टर को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने रायपुर-दुर्ग-भिलाई जैसे शहरों को शामिल कर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में एक बड़े स्टील क्लस्टर के विकास की योजना की जानकारी भी दी।

*250 से अधिक औद्योगिक संस्थान हुए समिट में शामिल*

कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित इस ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में पूर्वी भारत के पांच राज्यों – पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ – के 250 से अधिक स्टील और पावर सेक्टर से जुड़े औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उद्योगों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सीआईआई द्वारा आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

समिट में सीआईआई छत्तीसगढ़ के चेयरमैन श्री संजय जैन, को-चेयरमैन श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, वाइस चेयरमैन श्री बजरंग गोयल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत एवं सचिव उद्योग श्री रजत कुमार उपस्थित थे।

और भी

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नारायणपुर की बेटियों से जुड़ी घटना पर जताई गंभीर चिंता – कहा, “महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि, कानून करेगा निष्पक्ष कार्यवाही”*

रायपुर, 28 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नारायणपुर की तीन बेटियों से संबंधित घटना पर गंभीर चिंता प्रकट की है। यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब इन बेटियों को नर्सिंग ट्रेनिंग और जॉब दिलाने का प्रलोभन देकर दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो ननों के माध्यम से आगरा ले जाया जा रहा था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में ह्यूमन ट्रैफिकिंग और मतांतरण की आशंका व्यक्त की जा रही है, जो महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और यह न्यायालयीन प्रक्रिया में है। सरकार पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है, तथा कानून अपनी प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लेगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय और समावेशी प्रदेश है जहाँ सभी धर्म और समुदाय के लोग आपसी सद्भाव के साथ रहते हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। हमारी बस्तर की बेटियों से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक रूप देना दुर्भाग्यजनक है। उन्होंने कहा की कि इस प्रकार की घटनाओं को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए, विशेषकर जब बात हमारी बस्तर की बेटियों की सुरक्षा से जुड़ी हो।

और भी

*हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत*

रायपुर, 28 जुलाई 2025/ सावन मास के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के प्राचीन, धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के तीर्थ स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में भक्ति और श्रद्धा की गूंज उस समय चरम पर पहुँच गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस शुभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री विजय शर्मा और श्री अरुण साव उपस्थित थे।

यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा कर रहे हैं। पुष्पवर्षा के पश्चात् मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया तथा प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में उपस्थित कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना और पूरे आत्मीय भाव से अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सावन मास के तीसरे सोमवार को बाबा भोरमदेव की पावन धरती पर शिवभक्तों के साथ जुड़ना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है। हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु यहां पहुंचे हैं—यह हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत मिसाल है। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमरकंटक से 151 किलोमीटर पदयात्रा कर भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने वाली पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा को भगवा वस्त्र और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना न केवल मंदिर परिसर का कायाकल्प करेगी, बल्कि मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा से लेकर सरोदा जलाशय तक एक समग्र धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के अनूपपुर में 5 एकड़ भूमि आबंटन की प्रक्रिया जारी है, जहाँ एक भव्य श्रद्धालु भवन का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा इस पुण्य अवसर की महत्ता को और भी अभूतपूर्व बना गई है।

पौराणिक परंपरा का गौरव: भक्ति से सराबोर हुआ बाबा भोरमदेव परिसर

सावन मास में भगवान शिव—देवों के देव—के जलाभिषेक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कवर्धा से 18 किलोमीटर दूर ग्राम चौरा में स्थित 11वीं शताब्दी का यह भोरमदेव मंदिर ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। श्रावण मास में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव सहित मध्यप्रदेश के अमरकंटक से हजारों श्रद्धालु पदयात्रा कर बाबा भोरमदेव, बूढ़ा महादेव और डोंगरिया के प्राचीन जलेश्वर शिवलिंग में जलाभिषेक करने आते हैं। श्रद्धालु माँ नर्मदा से जल भरकर नंगे पाँव और भगवा वस्त्रों में 150 किलोमीटर से अधिक की दुर्गम यात्रा कर “बोल बम” के जयघोष और भजनों के साथ भोरमदेव, जलेश्वर महादेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर पहुँचते हैं।

और भी

*वर्षों पुरानी ग्रामीणों की मांग हुई पूरी : जिले के खर्रा नाला में 6 करोड़ 26 लाख की लागत से बनेगा उच्चस्तरीय पुल,मुख्यमंत्री का जताया आभार.....*

जशपुरनगर। जशपुर जिले के विकास को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक महत्वपूर्ण परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल इस योजना के तहत जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र के  घुघरी से ढोढरअम्बा मार्ग पर स्थित खर्रा नाला पर 6 करोड़ 26 लाख 4 हजार रुपए की लागत से उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा।यह पुल निर्माण न केवल क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए अत्यंत आवश्यक था, बल्कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग भी थी।

बरसात के मौसम में हो जाती थी आवागमन अवरुद्ध

बरसात के दिनों में खर्रा नाला पर पानी का बहाव अधिक होने के कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस स्वीकृति से ग्रामीणों को इस समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।लोक निर्माण विभाग रायपुर द्वारा प्रस्तावित इस योजना को प्रशासनिक स्तर पर मंजूरी मिल गई है, और जल्द ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इस पुल से घुघरी ढोढरअम्बा मरोल महादेवडांड सहित आसपास के गांवों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि कार्यों में भी प्रगति होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा दी गई इस सौगात के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए आभार जताया है। यह पुल निर्माण निश्चित रूप से क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले का हो रहा चहुँमुखी विकास


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार में जशपुर जिले को विकास के नए आयाम मिल रहे हैं,उनके निर्देश पर जिले में लगातार सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाई मिल रही है,बीते डेढ़ सालों  में जिस गति और समर्पण के साथ जिले में विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है, वह इस बात का प्रमाण है कि सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीन पर बदलाव लाना है।लगातार सौगात मिलने एवं कई कार्य प्रारंभ हो जाने से जिले की तस्वीर बदलने लगी है।

और भी

*छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे 400 नए बीएसएनएल टावर*

रायपुर 27 जुलाई 2025/ केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दूरस्थ इलाकों में डिजिटल संचार को सशक्त बनाने हेतु 400 नए बीएसएनएल टावर लगाने की योजना पर कार्य कर रही है। यह जानकारी ग्रामीण विकास और दूरसंचार राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आज रायपुर में दी।

डॉ. शेखर ने कहा कि इन टावरों की स्थापना के लिए सुरक्षा बलों और वन विभाग से आवश्यक मंज़ूरी मिलने के बाद चरणबद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया, “बीएसएनएल आज देश में उच्च गुणवत्ता की 4जी सेवाएं दे रहा है, और इस विस्तार के साथ हम देश के अंतिम गांव तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुँचाने के मिशन को साकार कर रहे हैं।”

*योजनाओं के क्रियान्वयन पर संतोष*

डॉ. शेखर ने रायपुर में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें ग्रामीण विकास विभाग, डाक विभाग, दूरसंचार विभाग और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसी योजनाओं के तेज़ और प्रभावशाली क्रियान्वयन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं ग्रामीण आधारभूत संरचना और आवास क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन ला रही हैं।

*महिला सशक्तिकरण के लिए नवाचार*

राज्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘पिंक ऑटो’ जैसे नवोन्मेषी प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत महिलाओं को स्वामित्व वाले पिंक ऑटो प्रदान किए जा रहे हैं। यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकती है। उन्होंने कहा की स्वसहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और विपणन अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है। 

डॉ. शेखर ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को “मिशन मोड” में लागू किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में सेवाएं घर-घर तक पहुँचाने की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि “इन क्षेत्रों में विद्यालयों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे छात्रों को अब JEE, NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है। इसके साथ ही, दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं, जो एक संवेदनशील और समावेशी पहल है।”

*अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं सरकारी योजनाएं*

अपने संबोधन के अंत में डॉ. शेखर ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब समाज के अंतिम पंक्ति के नागरिक तक पहुँच रही हैं। वंचित, आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में भी अब तेज़ विकास और परिवर्तन देखा जा रहा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि डिजिटल, भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे को एकीकृत रूप से मजबूत कर ‘सबका साथ, सबका विकास’ को धरातल पर उतारा जाए।

और भी