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छत्तीसगढ़ लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ जशपुर के जोगेंद्र प्रसाद यादव बने जिला अध्यक्ष

जशपुर, 1 अगस्त 2025।
जशपुर जिले के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे श्री जोगेंद्र प्रसाद यादव को छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ जशपुर का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनका मनोनयन संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी के द्वारा की गई है। 

जोगेंद्र यादव लंबे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्टेनो के पद पर हैं। उनकी निष्पक्ष कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और दायित्वों के प्रति समर्पण को देखते हुए संघ ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। संघ की उम्मीद है कि श्री यादव के नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त होगा तथा कर्मचारियों की समस्याओं का प्रभावी निराकरण होगा।

अपनी नियुक्ति पर श्री यादव ने सभी सदस्यों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे सदैव कर्मचारियों के हित में कार्य करते रहेंगे और संगठन की गरिमा को बनाए रखने हेतु पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उनके जिला अध्यक्ष बनने पर छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता, महामंत्री संजीव शर्मा, और कोषाध्यक्ष अवनीश पांडेय ने शुभकामनाएं दी हैं।

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*बस्तर ओलंपिक को मिला ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का दर्जा, रायपुर-बिलासपुर में खुलेंगे मेडिकल-नर्सिंग कॉलेज – मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय मंत्री मांडविया से मुलाकात*

नई दिल्ली, 01 अगस्त 2025/छत्तीसगढ़ को खेल और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा कार्य एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान बस्तर ओलंपिक को इस वर्ष से "खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स" के रूप में आयोजित करने की सहमति प्रदान की गई। यह निर्णय न केवल जनजातीय युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति को भी वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर और बिलासपुर में 220-बेड के मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा, जिससे राज्य को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा के साथ-साथ बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इस पर केंद्रीय मंत्री श्री मांडविया ने कहा कि केंद्र सरकार शीघ्र ही इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी।

साथ ही, मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) का क्षेत्रीय केंद्र छत्तीसगढ़ में स्थापित करने तथा राज्य में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए नए स्टेडियम एवं प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की माँग भी रखी। केंद्रीय मंत्री ने इन विषयों पर भी शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत भी उपस्थित थे।

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*छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से रांची में मिली प्रियंवदा सिंह जूदेव,जिला चिकित्सालय में बर्न यूनिट की मांग*


जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव ने झारखंड के रांची में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाक़ात की। इस दौरान प्रिया सिंह ने जशपुर के जिला चिकित्सालय में बर्न यूनिट ना होने से जरूरतमंद मरीजों को हो रही परेशानी का मामला मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में जशपुर के साथ   छत्तीसगढ़ और झारखण्ड की अंतर्राजयी सीमा में बसे हुए झारखण्ड के गाँवों के मरीज भी उपचार के लिए पहुंचते हैँ। ऐसे में बर्न यूनिट की सुविधा णा होने से मरीजों को लेकर अंबिकापुर,रांची और रायगढ़ दौड़ने की मजबूरी हो जाती है। इससे मरीजों की जान बचाने के लिए कीमती समय और रूपये दोनों ही खर्च होता है।  इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सको की कमी को दूर करने का अनुरोध भी जूदेव ने किया।मंत्री जायसवाल ने बर्न यूनिट शुरू करने और चिकित्सको की कमी पूरा करने का आश्वासन देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने जशपुर में चिकित्सा समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए मेडिकल कालेज की स्वीकृति दी है। भवन निर्माण और आवश्यक संसाधन जुटाने के लिए सरकार बजट जारी कर चुकी है।  जल्द ही यह अस्तित्व में आ जाएगा। इससे जिलेवासियों को बहुत लाभ मिलेगा। इस दौरान झारखंड के दिग्गज भाजपा नेता अधिराज नारायण सिंह भी मौजूद थे। मंत्री जायसवाल ने रामगढ़ राज परिवार का अविभाजित बिहार और झारखंड के विकास में योगदान की सराहना की।

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*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से चेन्नई में हुए दुखद निधन के बाद मृतक राजू नाग का शव गृह ग्राम पहुंचा,,,,सीएम कैंप कार्यालय बगिया में परिजनों ने लगाई थी गुहार........*

जशपुरनगर 1 अगस्त 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर चेन्नई में हुए दुखद निधन के बाद मृतक का शव गृह ग्राम चिकनीपानी पहुंचा।गौरतलब है कि राजू नाग के शोकाकुल परिजनों ने बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में पहुंचकर सहायता की गुहार लगाई। एक सामान्य ग्रामीण परिवार के लिए यह कार्य असंभव सा प्रतीत हो रहा था, लेकिन इस पीड़ा की पुकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तक पहुंची और वही क्षण था, जब संवेदनशील शासन ने मानवता का हाथ बढ़ाया।मुख्यमंत्री श्री साय ने व्यक्तिगत रूप से मामले को संज्ञान में लिया और तुरंत शव को सुरक्षित रूप से लाने के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गुरुवार की शाम राजू नाग का शव झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचा और शुक्रवार की सुबह मुक्तांजली शव वाहन के माध्यम से शव को उसके गृह ग्राम चिकनीपानी लाया गया, जहाँ परिवार और ग्रामवासी भारी मन से अंतिम दर्शन कर पाए।इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए शव लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करवाई। शासन की पहल से न सिर्फ शव वाहन की व्यवस्था की गई, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी पूरी सहायता प्रदान की गई।परिवारजनों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री साय की इस संवेदनशीलता और तत्परता के लिए गहरा आभार जताया है। मुख्यमंत्री की यह पहल एक बार फिर यह सिद्ध करती है कि उनकी सरकार आमजन के दुःख-दर्द में हर वक्त सहभागी है।

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भारत सरकार का छत्तीसगढ़ में स्मारकों, किलों और अन्य धरोहर संरचनाओं के लिए बड़ा कदम ₹26.24 करोड़ का मिला आवंटन*

रायपुर 31 जुलाई 2025/भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्मारकों, किलों और अन्य धरोहर संरचनाओं की पहचान और संरक्षण के लिए व्यापक सर्वेक्षण किया है और पिछले पाँच वर्षों में इन कार्यों के लिए ₹26.24 करोड़ का आवंटन किया है। यह जानकारी संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
मंत्री ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक छत्तीसगढ़ में गांव-गांव सर्वेक्षण किया। इस दौरान 764 गांवों का सर्वेक्षण हुआ, जिनमें से 73 गांवों में प्राचीन अवशेष पाए गए, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में केंद्र संरक्षित स्मारकों और स्थलों की मरम्मत, संरक्षण और रखरखाव के लिए वर्ष 2020-21 में ₹2.89 करोड़, 2021-22 में ₹4.78 करोड़, 2022-23 में ₹7.50 करोड़, 2023-24 में ₹5.94 करोड़ और 2024-25 में ₹5.13 करोड़ का आवंटन किया। हर वर्ष यह राशि पूरी तरह खर्च की गई।
मंत्रालय ने कहा कि यह पहल देश की मूर्त सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों व स्थलों को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार चलाए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

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घटना में मामले की जांच का बिजली विभाग के ई ई ने किया दावा,ठेकदार ने लगाया गंभीर आरोप तो चिकित्सक ने कहा 80 प्रतिशत झुलसे दोनों घायलों का प्राथमिकी उपचार कर बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर किया जा रहा रिफर

जशपुर : बिजली मरम्मत के कार्य में झुलसे दोनों घायल बुरी तरह झुलसे हुए है,उनका इलाज कर रहे चिकित्सक के अग्रवाल ने बताया कि घायलों का समुचित उपचार जारी है,दोनो मजदूर गंभीर रूप से लगभग 80 प्रतिशत झुलसे हुए है।इनका बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रिफर किया जा रहा है।
वहीं बिजली विभाग के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए उक्त कार्य में लगे बिजली ठेकेदार रमेश सिंह ने कहा कि उनके द्वारा रजौटी ग्राम के बिजली सुधार का कार्य कराया जा रहा था,जिसमें परमिट लेकर बिजली बंद कराया गया था,लेकिन अचानक कहीं से बिजली का प्रवाह तेज गति से चालू हुआ और दुर्घटना घटित हुआ है।ठेकेदार ने बताया कि इस कार्य में कुल 7 मजदूर लगे हुए थे जिसमें दो मजदूर कार्य के दौरान घायल हुए है।उनका उचित उपचार जिला अस्पताल में कराया जा रहा है।
 जिला अस्पताल पहुंचे बिजली विभाग के ई ई विनोद पंडित ने कहा कि मामले की जांच की जायेगी,घटना रजौटी ग्राम का है जहां कार्य के दौरान दो मजबूर बिजली का झटका लगने से झुलस गए है।इनका उचित उपचार किया जा रहा है,चिकित्सकों की सलाह पर घायलों का हर संभव बेहतर इलाज किया जायेगा।

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*मुख्यमंत्री साय की पहल से छत्तीसगढ़ को मिली 600 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की सौगात......स्टेट कैपिटल रीजन के अंतर्गत आने वाले मार्ग बनेंगे फोर लेन*

नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025- छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली।
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि रही केन्द्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ हुआ है।

इसके साथ ही स्टेट कैपिटल रीजन के अंतर्गत आने वाले दो लेन मार्ग को चार लेन में अपग्रेड करने की योजना को भी मंजूरी मिली है।

रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा।

बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सभी सड़क योजनाएं अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ के ज़रिए भेजी जाएंगी, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। श्री गडकरी ने रायपुर (आरंग)-बिलासपुर (दर्री) के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर भेजने को कहा, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, नागपुर से रायपुर तक प्रस्तावित 300 किमी लंबा समृद्धि एक्सप्रेसवे पर भी शीघ्र डीपीआर मांगा गया है।

इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है। 
इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।
वहीं, इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यो की वित्तीय स्वीकृति को भी शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।

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बिजली लाइन के मरम्मत के दौरान दो मजदूर झुलसे....जिला अस्पताल में इलाज जारी

जशपुर : बिजली विभाग अंतर्गत बिजली ठेकेदार के अंदर कार्य कार्य कर रहे दो मजदूर बुरी तरह झुलस गए है,बताया जा रहा है कि कार्य करने के दौरान बिजली के झटका से दोनों मजदूर घायल हो गए है।घायल मजदूरों का नाम पवन राम और राजू सिंह बताया जा रहा है दोनो मजदूर बिजली खंबा में चढ़कर बिजली सुधार का कार्य कर रहे थे इस दौरान यहां बिजली का झटका लगा और दोनों मजदूर घायल हो गए।ग्रामीणों की सहायता से दोनों घायलों को जिला अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती किया गया है।जहां उनका उपचार जारी है।घटना की जानकारी पाकर स्वास्थ विभाग के सीएमचओ श्री जात्रा मौके पर पहुंचे।श्री जात्रा ने बताया कि सभी घायलों का उपचार चिकित्सकों के द्वारा किया जा रहा है।


बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके से नदारद

जैसे ही मीडिया की टीम जिला अस्पताल पहुंची बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी जिला अस्पताल से तत्काल भाग खड़े हुए।इस दौरान बिजली ठेकेदार भी अस्पताल में मौजूद रहा जो पत्रकारों का कैमरा देखते ही वहां से भाग खड़ा हुआ।
बिजली विभाग के ई विनोद पंडित ने फोन में बताया कि अस्पताल में घायलों का उपचार कराया जा रहभै,ठेकदार रमेश सिंह सहित विभाग के कर्मचारी अस्पताल में ही होंगे।

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राज्य की सड़कों और विकास योजनाओं पर चर्चा करने आज शाम केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज शाम केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से उनके आधिकारिक निवास पर मुलाक़ात की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, सड़क परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की अधोसंरचना योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने श्री गडकरी को राज्य में चल रही प्रमुख सड़क परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ और वनवासी क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का प्रयास तेज़ी से किया जा रहा है, ताकि वहां के लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसर मिल सकें।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि औद्योगिक क्षेत्रों, नए जिलों में सड़क नेटवर्क को मज़बूत करना राज्य के समग्र विकास के लिए जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सड़कें केवल यात्रा का ज़रिया नहीं, बल्कि रोज़गार, निवेश और सामाजिक बदलाव की आधारशिला हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकताओं की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहयोग देती रहेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचलों तक सड़कें पहुंचने से न केवल विकास तेज़ होगा, बल्कि उन इलाकों में स्थायी परिवर्तन भी आएगा।

मुख्यमंत्री नेअँजोर “विजन 2047” के तहत राज्य की लंबी अवधि की रणनीति से भी अवगत कराया, जिसमें एकीकृत और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में सड़क संपर्क को प्राथमिकता दे रही है, ताकि हर नागरिक तक विकास की पहुँच सुनिश्चित की जा सके।

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*लंबे समय से अनुपस्थित 06 कर्मचारियों को कलेक्टर ने किया सेवा से पृथक* 

जशपुरनगर 31 जुलाई 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न संविदा पदों कार्यरत 06 कर्मचारियों को सेवा से पृथक किया है। इनमें मोबाईल स्त्रोत कम लेखापाल श्रीमती पुष्पा टोप्पो, बी.आर.पी. समावेशी शिक्षा सुश्री ज्योति साहू एवं कु. मेघा दुबे, सूचना प्रबंध समन्वयक श्री नवीन कुमार पटेल, भृत्य श्रीमती सविता बाई एवं नंदकिशोर चाहौन शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी आज पर्यन्त बिना किसी सूचना एवं आवेदन-पत्र प्रस्तुत किए लगातार कार्य पर अनुपस्थित है। इस संबंध में पूर्व में सभी कर्मचारियों को कई बार पत्र प्रेषित कर कार्य पर उपस्थित होने के निर्देश दिया गया था। किन्तु उनके द्वारा किसी भी तरह का न कोई जवाब प्रस्तुत किया और ना अपने कर्तव्य पर उपस्थित हुए। इस अनाधिकृत अनुपस्थिति के संबंध में उन्हें रजिस्टर्ड डाक द्वारा अंतिम सूचना पत्र प्रेषित कर 01 सप्ताह के अंदर कार्य पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। किन्तु उनके द्वारा कोई प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं हुआ जो कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम -03 के विपरीत है।  
          विदित हो कि कलेक्टर द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवाएं (अवकाश) नियम, 2010 के नियम 11 में प्रावधान अनुसार यदि कोई भी शासकीय सेवक, अवकाश सहित या बिना अवकाश के बाह्य सेवा से भिन्न, तीन वर्ष से अधिक निरंतर अवधि के लिए कर्तव्य से अनुपस्थित रहता है तो उसे शासकीय सेवा से त्याग पत्र दिया हुआ समझने के नियम के तहत् कार्यवाही की गई।

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*सिंगीबहार में निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन के कार्य में व्यवधान डालने वाले असामाजिक तत्वों पर की गई दाण्डिक कार्यवाही* 

जशपुरनगर 31 जुलाई 2025/फरसाबहार एसडीएम से प्राप्त जानकारी के अनुसार फ़रसाबहार विकासखण्ड के ग्राम सिंगीबहार में निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन के कार्य में व्यवधान पैदा कर कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध राजस्व एवं पुलिस प्रशासन द्वारा दाण्डिक कार्यवाही की गयी है।
            ज्ञात हो कि ग्राम सिंगीबहार में विगत दो वर्षों से शासकीय भूमि पर विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। इस सब स्टेशन के बन जाने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को विद्युत की निर्बाध आपूर्ति दी जा सकेगी। ग्राम सिंगीबहार के ही कुछ असामाजिक लोगों द्वारा लगातार व्यवधान पैदा कर कार्य को बाधित किया जा रहा है। इससे पूर्व 14 जुलाई 2025 को सब स्टेशन के भवन निर्माण कार्य को भी इन ग्रामीणों द्वारा विवाद उत्पन्न कर रूकवाने का प्रयास किया गया था और मौके पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था, जिसके कारण इनके विरूद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 296,351 (2), 221, 190, 191 (2) के तहत शांति भंग करने और शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने का अपराध विद्युत विभाग द्वारा थाना तपकरा में दर्ज कराया गया था। आज पुनः जिला प्रशासन द्वारा भवन की छत ढलाई का कार्य पुलिस बल की उपस्थिति में करवाया जा रहा था। इस दौरान रंजीता लकड़ा, प्रतिमा लकड़ा, निर्मला लकड़ा, दोरोथिया किस्पोट्टा, फुलजेंसिया कुजूर, फगुदादा लकड़ा, सुशील तिर्की, दीपक लकड़ा और एडवर्ड मिंज द्वारा महिलाओं को आगे कर कार्य में बाधा उत्पन्न कर दिया गया। मौके पर एसडीएम फरसाबहार एवं एसडीओपी कुनकुरी द्वारा इन लोगों को समझाईस दिया गया। किन्तु इसके बावजूद वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न कर दी गयी। पुलिस द्वारा विरोध करने वाले उपरोक्त असामाजिक लोगों के विरूद्ध धारा 170 बीएनएसएस के तहत मामला कायम किया गया एवं गिरफ्तारी कर थाने ले जाया गया।           
          विदित हो कि विद्युत सब स्टेशन का निर्माण शासकीय भूमि पर किया जा रहा है किन्तु इन ग्रामीणों द्वारा खेल मैदान के नाम पर जानबूझकर अवरोध पैदा किया जा रहा था। प्रशासन एवं जन सहयोग से उक्त विद्युत सब स्टेशन का कार्य जारी है। यह भी ज्ञातव्य है कि ग्राम पंचायत और ग्राम सिंगीबहार के अन्य समस्त ग्रामवासी सहित आसपास के समस्त ग्रामीण इस विद्युत सब स्टेशन के निर्माण से संतुष्ट हैं और उनके द्वारा प्रशासन का आभार भी जताया गया है।

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शशिकला एक सफल व्यवसाई के रूप में उभरी दूसरी महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा...बिहान योजना से जुड़ कर पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल

जशपुर 31 जुलाई 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गृह जिला जशपुर में स्व सहायता समूह की महिलाएं स्वावलंबी बनकर दूसरी महिलाओं के लिए भी बनी प्रेरणा 

जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम केनादाड़ की श्रीमती शशिकला खलखो 'बिहान योजना' के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनी हैं। एक सामान्य गृहिणी और खेती-किसानी करने वाली शशिकला ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि अब वे एक सफल होटल व्यवसायी के रूप में भी उभरी हैं।

श्रीमती शशिकला खलखो वर्ष 2008 से 'जीवन ज्योति स्व सहायता समूह' की सक्रिय सदस्य हैं। इस 11 सदस्यीय समूह ने पहले सामूहिक रूप से खेती-किसानी के कार्यों में सहभागिता की। शशिकला बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में व्यापक सकारात्मक बदलाव आए, जिससे उन्हें बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ खुद आत्मनिर्भर होने में भी मदद मिली।

हाल ही में, श्रीमती खलखो ने अपनी उद्यमशीलता को विस्तार देते हुए एक होटल का संचालन शुरू किया है। इस हेतु उन्होंने मुद्रा योजना के तहत ऋण और सीआईएफ  मद से 60 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त की। वह बताती हैं कि यह नई शुरुआत है और उन्हें इस माह अच्छी आमदनी प्राप्त हुई है।

श्रीमती खलखो ने पूर्व में खाद्य विभाग की पीडीएस दुकान का संचालन भी किया है। उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास, महतारी वंदन योजना के तहत मासिक 1000 रुपये और उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर का भी लाभ मिला है।

अपनी सफलता का श्रेय देते हुए श्रीमती शशिकला खलखो ने  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।

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*माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 पारित : छत्तीसगढ़ में व्यापार और वाणिज्य को मिलेगी नई गति*

रायपुर, 31 जुलाई 2025/छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पारित माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, राज्य में व्यापार एवं वाणिज्य को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को कानूनी राहत, कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कर मामलों का शीघ्र निराकरण और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। 

विधेयक में इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रावधानों को और स्पष्ट किया गया है ताकि कारोबार, कर भुगतान और क्रेडिट के उपयोग में पारदर्शिता आ सके। विशेष श्रेणी के लेन-देन (जैसे सेज, निर्यात, वेयरहाउस परिसंचरण) को स्पष्ट परिभाषित किया गया है। साथ ही वित्त अधिनियम, 2025 के केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप कई तकनीकी और प्रक्रियागत बदलाव किए गए हैं। 

माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 के अनुसार इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर नियम में संशोधन किया गया है। अब आईजीएसटी में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के अंतर्गत प्राप्त इनपूट टैक्स क्रेडिट का वितरण अपनी शाखाओं में करने की अनुमति मिलेगी। इससे जीएसटी अधिनियम की विसंगतियां दूर होंगी और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा। 

विधेयक में ऐसे पेनाल्टी की राशि जिसमें टैक्स डिमांड शामिल नहीं है ऐसे प्रकरणों में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत करने के लिए पूर्व डिपोजिट 25 प्रतिशत राशि को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार वाउचर टैक्स निर्धारण को और अधिक स्पष्ट किया गया है। पहले जीएसटी प्रणाली में वाउचर पर कर निर्धारण के संबंध स्थिति स्पष्ट नही थी इस पर जीएसटी कब लगेगा इन्हें जारी करने के समय या इन्हें रिडीम करते समय इस संबंध में विभिन्न एंडवास रूलिंग अथारिटी मत भिन्नता थी। संशोधन विधेयक के अनुसार अब वाउचर रिडीम करते समय जीएसटी लगेगा।

तंबाकू आदि उत्पादों के लिए ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म लागू किया गया है, जिससे उनकी आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी हो सकेगी। ऐसे उत्पादों के सभी यूनिट पैकेट में एक क्यूआर कोड अंकित करना होगा, जिसे स्कैन करने पर निर्माता, उत्पाद, एमआरपी, विक्रेता, बिल आदेश, भुगतान के सभी रिकार्ड आदि जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही निर्माता और होलसेलर को इन यूनिट पैकेट के मूव्हमेंट का रिकार्ड रखना होगा। ताकि जांच एजेंसियों को किसी भी समय ऐसी सूचनाएं उपलब्ध हो सके। 

विशेष आर्थिक क्षेत्र को प्रोत्साहन के तहत इन विशेष क्षेत्रों के वेयर हाउस में रखे गए वस्तुओं के निर्यात किए जाने से पूर्व वस्तुओं के फिजिकल मूवमेंट के बिना क्रय विक्रय किए जाने पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। यह बदलाव सेज में निवेश और कारोबार को बढ़ावा देगा तथा ये क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। विधेयक में ‘प्लांट या मशीनरी’ शब्दों के स्थान पर ‘प्लांट और मशीनरी‘ शब्दो को प्रतिस्थापित किया गया है। प्लांट शब्द में ‘भवन‘ सम्मिलित नहीं होगा एवं इस पर इनपुट क्रेडिट की पात्रता नहीं होगी। डिजिटल मुहर, डिजिटल चिन्ह या किसी प्रकार का अन्य चिन्हांकन सहित ‘विशिष्ट पहचान चिह्नांकन’ का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

*छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां*
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2024-25 में राज्य को 16,299 करोड़ रूपए जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38 प्रतिशत है। इस वर्ष 18 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई और छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। राज्य के भीतर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की सीमा 50,000 रूपए से बढ़ाकर 1,00,000 रूपए कर दी गई है, जिससे 26 प्रतिशत छोटे व्यापारियों को कागजी कार्यवाही से राहत मिली है।
नई सरकार के गठन के बाद से 43,612 नए पंजीकरण किए गए हैं। पंजीकरण प्रक्रिया को 13 दिनों से घटाकर अब सिर्फ 2 दिन में पूर्ण किया जा रहा है। पूर्व में केवल 15 जिलों में जीएसटी कार्यालय थे, अब राज्य के 33 जिलों में कार्यालय स्थापित कर दिये गये हैं। कर अपवंचन की रोकथाम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स और बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट का गठन किया गया है।

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जशपुर में प्रशासनिक कार्यशैली को मिल रही नई पहचान : जनता के बीच पहुंचकर कलेक्टर रोहित व्यास सुन रहे समस्या*

जशपुर, 31 जुलाई 25/ जिले में कलेक्टर रोहित व्यास की कार्यशैली इन दिनों आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके नेतृत्व में जिले का प्रशासन अब फाइलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आम जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान देने में जुटा हुआ है।

कलेक्टर व्यास लगातार विभिन्न विकासखंडों का दौरा कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने पत्थलगांव में विधायक श्रीमती गोमती साय के साथ भ्रमण कर क्षेत्रीय जनता से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ऑडिटोरियम निर्माण, हाइटेक बस स्टैंड और अटल परिसर जैसे विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया।

आम जनता के लिए 'खुला दरबार' जैसा माहौल
कलेक्टर व्यास का ज़ोर केवल प्रशासनिक बैठकों तक सीमित नहीं है। वे विभागीय अधिकारियों के साथ सतत् समीक्षा बैठकें कर रहे हैं, जिससे जमीनी स्तर पर काम की गति तेज हुई है। गांवों में जाकर सीधे लोगों से संवाद करने और समस्याओं को मौके पर ही हल करने का उनका तरीका उन्हें जनता के करीब ला रहा है।

मुख्यमंत्री के गृह जिले में तेज होते विकास के  कार्य
जशपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का गृह जिला है और प्रशासन इस विशेष जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रहा है। श्री व्यास की अगुवाई में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की मॉनिटरिंग में तीव्रता आई है।

विकास के लिए जमीनी जुड़ाव जरूरी कलेक्टर रोहित व्यास का मानना है कि यदि अधिकारी आम नागरिकों से सीधे संवाद नहीं करेंगे, तो योजनाएं केवल कागज़ पर ही सीमित रह जाएंगी। यही कारण है कि वे स्वयं हर सप्ताह फील्ड में रहकर निरीक्षण और जनसंवाद कर रहे हैं।

जिले के कई गांवों और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में कलेक्टर के इस सक्रिय दौरे से न सिर्फ आम जनता में भरोसा बढ़ा है, बल्कि कई पुरानी समस्याओं का भी तेजी से निराकरण हो रहा  है।

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*छत्तीसगढ़ में कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव : किसानों को मिल सकेगा न्यायसंगत मुआवजा.....मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में मंत्रीपरिषद ने दी मंजूरी*

रायपुर, 31 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कल मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रीपरिषद की बैठक में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह प्रस्ताव राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित है, जिसमें किसानों, भू-अर्जन से प्रभावित हितग्राहियों और राजस्व से जुड़े मामलों में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।

  अनुमोदित प्रस्ताव के तहत ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जिस तरह की अनियमितताएँ सामने आई थीं, उनसे बचने के लिए यह व्यवस्था मददगार होगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को विलोपित करने के साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा। इस प्रस्ताव के लागू होने से भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों में विवादों की संख्या घटेगी और किसानों को पारदर्शी और न्यायसंगत मुआवजा मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह निर्णय नीति निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। उन्होंने इस निर्णय को किसानों और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हितग्राहियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उनका मानना है कि गाइडलाइन दरों की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाकर हम न सिर्फ किसानों को न्याय दिलाएंगे बल्कि राज्य की विकास परियोजनाओं की रफ्तार को भी गति देंगे। यह बदलाव राज्य में भूमि मूल्य निर्धारण की प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और विवाद-मुक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास होगा।

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*रसोईया और सफाई कर्मचारियों को कलेक्टर दर पर वेतन दे सरकार .... नौकरी का हो नियमितीकरण... अन्य बाकी लाभ भी दे सरकार - छत्तीसगढ़ संयुक्त कर्मचारी मोर्चा *

रायपुर -31 जुलाई 2025 :   प्रदेश भर के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में बच्चों के लिए दोपहर का गरमागरम भोजन तैयार करने वाले मध्याह्न भोजन रसोइया कर्मचारियों ने विगत तीन दिवस का हड़ताल कर अपना मानदेय बढ़ाने की मांग की है। तीन दिनों बाद हड़ताल को समाप्त कर राज्य सरकार को लगभग एक माह का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि सरकार हमारी मांगों को नहीं मानी तो आने वाले दिनों में प्रदेश भर के रसोईया अनिश्चितकालीन आंदोलन में चले जाएंगे।
         "छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त कर्मचारी मोर्चा" के प्रदेश संयोजक एवं "छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ" के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने स्कूल सफाई कर्मचारीयो की हड़ताल का समर्थन करते हुए उनकी मांगों को जायज बताया है।
          मोर्चा एवं संघ के प्रदेश पदाधिकारीगण बीरेंद्र साहू, राजेंद्र लाड़ेकर, शिवकुमार साहू, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, महेश्वर कोटपरिहा, प्रदेश संयुक्त सचिव हरिशंकर पटेल, कमलेश कुमार भारती, प्रदेश प्रवक्ता, नरेंद्र तिवारी, केशव पटेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित कुमार पटेल, अमर दास बंजारे, रामसेवक पैकरा, राजेंद्र कुमार साहू, जगदीश साहू, दिनेश कुमार लहरें.... 
            ..... देवेंद्र वर्मा, प्रमोद कुंभकार, दिनेश निर्मलकर, संतोष जैन, मनोज यादव, अभिषेक तिवारी, सुषमा प्रजापति, नारद सहारे, मुकेश दिवाकर, शंभूराम साहू, चंद्रशेखर सारथी, रेखा पुजारी, अरविंद पांडे, देवीदयाल साहू, फूलदेव गुप्ता, हीरालाल विश्वकर्मा, ज्वाला बंजारे, महेश शर्मा, बिमला लकड़ा, मंजू शर्मा, तुलसा मंडावी, नंदकुमार पटेल, रूलिका लकड़ा, नूरजहां खान, रूपेंद्र कुमार साहू, कोमल सिंह गुरु, तिलक खांडे, कुलदीप सिन्हा, कौशल्या कोले, शशिमा कुर्रे, विनोद सिंह राजपूत, मनीषा मिंज, कजला महिलांगे, कुलेश्वरी साहू, कैलाशचंद्र ठाकुर आदि ने संगठन की ओर से संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि मध्यान भोजन रसोईया एवं स्कूल सफाई कर्मचारी यह दोनों स्कूल शिक्षा विभाग के अभिन्न अंग है। 
        स्कूल शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के तौर पर सभी स्कूलों में शिक्षक, बच्चों के लिए भोजन बनाने वाले मध्यान भोजन रसोईया, स्कूलों की साफ सफाई करने वाले कर्मचारी आदि की नियुक्त की है। यह तीनों कर्मचारी शिक्षा विभाग में एक दूसरे के पूरक हैं। किसी भी कर्मचारी के बिना स्कूल शिक्षा विभाग की कल्पना नहीं की जा सकती।
           क्योंकि एक ओर जहां शिक्षक दिनभर बच्चों को सभी विषयों का अध्ययन अध्यापन कराते है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के स्कूलों में मध्याह्न भोजन पकाने का काम रसोइया भाई बहन करते हैं। जो बच्चों के लिए बढ़िया गरम भोजन तैयार करते हैं। बच्चों के दोपहर की भूख मिटाते हैं। ठीक इसी प्रकार स्कूल सफाई कर्मचारियों के द्वारा स्कूलो की साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है। शौचालय, टॉयलेट आदि की पूरी साफ सफाई की जाती है।
         संगठन ने कहा है कि यह देखने और सुनने में आ रहा है कि विगत 20-25 सालों से अर्थात जब से ये कर्मचारी काम कर रहे हैं तब से इनका मानदेय तीन चार सौ से लेकर पांच सौ, एक हजार, डेढ़ हजार तक ही हो पाया है।
        अभी रसोइयों को मात्र दो हजार रुपए की मासिक मानदेय मिलती है। इसी प्रकार स्कूल सफाई कर्मचारियों को लगभग तीन हजार रुपए की राशि मिलती है। चूंकि आज महंगाई का दौर है। इस दौर में सभी के बच्चों की पढ़ाई लिखाई, काफी, पुस्तक, दिनचर्या के रूप में सब्जी, भाजी, टमाटर, कपड़े, नून, तेल आदि। सभी सामान की जरूरत पड़ती है।
        कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश संयोजक जाकेश साहू ने बताया कि आज की तारीख में चार सदस्यों के एक न्यूनतम परिवार का किराना सामान का ही बिल के दो से तीन हजार रुपए का बन जाता है। कपड़े, जूते, चप्पल, दैनिक उपयोग की पुस्तक, सब मिलकर हर व्यक्ति का महीने में 8 से 10 हजार रुपए से अधिक खर्च हो जाता है।
       इन कर्मचारियों का मानदेय नहीं बढ़ाना अथवा इन पर ध्यान नहीं देना। यह एक बड़ा ही गंभीर समस्या है। संगठन ने मांग की है कि राज्य सरकार को मानवीय संवेदना का ध्यान रखते हुए मध्यान भोजन रसोईया एवं स्कूल सफाई कर्मचारियों का वेतन बढ़ाते हुए इन्हें कलेक्टर दर पर वेतन देना चाहिए। साथ ही सम्मानजनक वेतन इनको मिलनी चाहिए। ताकि यह भी सम्मान पूरक अपना जीवन यापन कर सके एवं मन लगाकर स्कूल का कार्य कर सके।

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*कोतबा में बनने वाले सीएचसी और हार्टिकल्चर कॉलेज के लिए प्रस्तावित स्थलों का विधायक श्रीमती साय और कलेक्टर ने किया अवलोकन*

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जशपुरनगर, 31 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के समुचित विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विधायक श्रीमती गोमती साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को कोतबा में बनने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और हार्टिकल्चर कॉलेज के लिए प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
   कोतबा में लगभग 4.37 करोड़ रुपए की लागत से 50 बिस्तरों वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए विधायक श्रीमती साय और कलेक्टर श्री व्यास ने मंडी प्रांगण के समीप स्थित भूमि का अवलोकन किया। यह स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के ग्रामीणों को सुलभ और सशक्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। इसके साथ ही उन्होंने हार्टिकल्चर कॉलेज के लिए भूमि चयन हेतु प्रस्तावित स्थल ग्राम काजूबाड़ी, ग्राम पंचायत फ़रसाटोली, गोलियागढ़, टेंगरा एवं ग्राम भेलवागोड़ा एवं अन्य स्थलों का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम श्री ऋतुराज सिंह बिसेन, हार्टिकल्चर कॉलेज के डिन श्री अरविंद साय सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी शामिल रहे।

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*विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी सना, छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण: सी एम श्री साय ने दी शुभकामनाएं*

रायपुर : 30 जुलाई 2025 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महिला बॉक्सर सना माचू को भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि सना का चयन न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बिलासपुर रेल मंडल में सीसीटीसी के पद पर पदस्थ सना माचू अब इंग्लैंड के लिवरपूल में 4 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाली विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों की बढ़ती प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सना अपने दमदार प्रदर्शन से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सना को चैंपियनशिप के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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