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राखी से पहले पंडरीपानी को मिला ‘विष्णु भैया’ का बड़ा तोहफा, SBI बैंक शाखा शुरू; फरसाबहार जाने की मजबूरी खत्म, 60 गांवों के लोगों को गांव में ही मिलेगी बैंकिंग सुविधा

जशपुर 26 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज फरसाबहार विकासखंड के पंडरीपानी में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नवीन शाखा और भवन का शुभारंभ किया। 

विष्णु भैया से उनकी बहनों और भाइयों ने नवीन शाखा की मांग गई थी। 

आज रक्षाबंधन से पहले पंडरीपानी के आसपास 60 गांवों को रक्षाबंधन की बढ़ी सौगात मिली है।

ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल ।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहले पंडरीपानी और आसपास के किसानों, व्यापारियों एवं ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों के लिए लगभग 5 किलोमीटर दूर फरसाबहार जाना पड़ता था। 

वर्तमान में पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने से आसपास के करीब 60 गांवों के लोगों को सीधे बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलेगा। 

इनमें बोखी, सहसपुर, भगोरा, बनगांव, सीमाबाड़ी, मुंडाडीह और सरईटोली सहित अन्य ग्राम शामिल हैं। 
मुख्यमंत्री ने पंडरी पानी में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा पंडरी पानी बाजार पारा में मंगल भवन बनाने की घोषणा, अम्बाकछार  में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा, सीमाबाड़ी में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा,
हाथीबेड़ से कोतबा गांधी चौक 7 किलोमीटर का सड़क निर्माण,

मेन रोड सिसरिंगा 10 लाख रुपए के सीसी रोड बनाने की घोषणा,

हाईस्कूल मैदान में चैंजिंग रूम बनाने की घोषणा,

हाई स्कूल प्रांगण को जीर्णोद्धार करने की घोषणा,मूंगी दरबार में पुलिया निर्माण की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों के साथ एसबीआई बैंक के पूरी टीम को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 200 लोगों ने बैंक में अपने खाते खुलवा लिए हैं।
नई शाखा शुरू होने से किसानों, कर्मचारियों, व्यापारियों और ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के ऋण एवं बैंकिंग सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। कार लोन, होम लोन और शिक्षा लोन के साथ किसानों के लिए कृषि ऋण की सुविधा भी सुलभ होगी। 

 लगभग 15 लाख रुपये की लागत से भवन को सुव्यवस्थित एवं आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने 
विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को  प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान दिया गया।
इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, फरसाबहार विकास खंड के जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमंती साय जिला पंचायत सदस्य श्री वेदप्रकाश भगत पंडरी पानी की सरपंच जसोदा पैंकरा,
भरत सिंह,  
उपेन्द्र यादव,
कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार  एसबीआई भोपाल के महाप्रबंधक श्री मनोज कुमार, बिलासपुर के उप महा प्रबंधक श्री आलोक रंजन, रायगढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री धर्मेन्द्र रावत,भिलाई के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री अनिल यादव, पंडरी पानी के शाखा प्रबंधक श्री सुनील कुमार टोप्पो, जशपुर के लीड बैंक अधिकारी श्री राकेश तिवारी और ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 9 हितग्राहियों को 50 हजार से 1 लाख 90 हजार रुपये तक के ऋण के स्वीकृति पत्र दिया गया।
 
 इसी प्रकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 2 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र प
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 4 हितग्राहियों को 2-2 लाख रुपये के बीमा दावे के चेक वितरित किए गए 

इसी प्रकार फरसाबहार विकासखंड की किसान श्रीमती लक्ष्मी बाई को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने जशपुर के प्रधान आरक्षक स्वर्गीय श्री राहुल राम प्रधान के परिवार को 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि का चेक भी प्रदान किया जाएगा।
एसबीआई के सीएसआर से क्षेत्र में होंगे विभिन्न विकास कार्य किया गया है।

भारतीय स्टेट बैंक द्वारा सीएसआर मद से क्षेत्र में सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न कार्य किए गए हैं। 

कुल लगभग 53 लाख रुपये की  राशि से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
 
इसी प्रकार 19 बच्चों को लैपटॉप प्रदान किया गया। 

फरसाबहार विकासखंड के 5 आंगनबाड़ी केंद्रों का लगभग 8 लाख 50 हजार रुपये की लागत से जीर्णोद्धार कराया गया है। वनवासी कल्याण आश्रम को मेडिकल वैन तथा स्कूल को फर्नीचर प्रदान किया गया।

इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार को 2 कूलर और 1 वाटर कूलर उपलब्ध कराया जाएगा। पंडरीपानी छात्रावास में फर्नीचर एवं आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई।
आभार प्रदर्शन क्षेत्रीय प्रबंधक श्री धर्मेन्द्र कुमार रावत ने किया और मंच संचालन रायगढ़ के प्राचार्य श्री राजेश डेनियल ने किया।

पंडरीपानी में एसबीआई की नवीन शाखा के शुभारंभ से क्षेत्र के ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं उनके गांव के करीब उपलब्ध होंगी। इससे किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को वित्तीय सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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महिलाओं की प्रगति से ही छत्तीसगढ़ की प्रगति का संकल्प, पंडरीपानी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महतारी सदन किया समर्पित—प्रशिक्षण से लेकर उत्पाद निर्माण और विपणन तक महिलाओं को मिलेगा स्थायी मंच

    जशपुरनगर, 26 अगस्त 2026/ भाई-बहन के अटूट और निश्छल प्रेम के पर्व रक्षाबंधन के पूर्व मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विकासखंड फरसाबहार के ग्राम पंचायत पंडरीपानी में 24.70 लाख रुपए की लागत से निर्मित महतारी सदन का लोकार्पण कर इसे क्षेत्र की माताओं-बहनों को उपहारस्वरूप समर्पित किया। महतारी सदन में हॉल, किचन, स्टोर, कार्यालय कक्ष तथा दुकान संचालन के लिए पृथक स्थान सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह केंद्र महिलाओं के प्रशिक्षण, बैठकों, उत्पादन, विपणन एवं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक स्थायी और सुसज्जित स्थल के रूप में उपयोगी साबित होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन गांव की माताओं-बहनों के लिए केवल एक भवन नहीं, बल्कि उनके सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इसके माध्यम से महिलाओं को अपनी बैठकों, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों तथा विभिन्न आर्थिक कार्यों के संचालन के लिए स्थायी, सुविधाजनक और बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 481 महतारी सदनों की स्वीकृति दी गई है। हमारी माताएं-बहनें घर-परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने के साथ-साथ स्व-सहायता समूहों से जुड़कर गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि पण्डरीपानी का यह महतारी सदन महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण, उत्पाद निर्माण, विपणन और अन्य आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह सदन महिलाओं को एक-दूसरे से सीखने, अपने कौशल को निखारने और नई आर्थिक संभावनाओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब हमारी माताएं-बहनें सशक्त और आत्मनिर्भर होंगी, तो परिवार मजबूत होगा, गांव समृद्ध होगा और इसी से विकसित एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा। महिलाओं की प्रगति ही प्रदेश की प्रगति का आधार है।

*मुख्यमंत्री ने 6 विकासकार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ग्राम पंचायत पंडरीपानी के विकास के लिए  64.49 लाख रुपए की लागत के 6 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 24.70 लाख रुपए की लागत से निर्मित महतारी सदन, 10 लाख रुपए की लागत से सिसरिंगा बस्ती में सीसी सड़क निर्माण, 7.80 लाख रुपए की लागत से महलीटोली पहुंच मार्ग में सीसी रोड निर्माण तथा 3.99 लाख रुपए की लागत से मंच सह छज्जा निर्माण कार्य का लोकार्पण शामिल है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 12 लाख रुपए की लागत से मुडराटोली से बलुआटोली पहुंच मार्ग में सीसी रोड निर्माण तथा 5.99 लाख रुपए की लागत से मुक्तिधाम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

*मुख्यमंत्री ने महतारी सदन में लगाए गए स्टॉलों का किया अवलोकन*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महतारी सदन में स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि छोटे बच्चों, किशोरी बालिकाओं एवं गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। जांच के दौरान कुपोषित पाए जाने वाले बच्चों को आवश्यकता के अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सीएमएचओ डॉ. जी. एस. जात्रा सहित अन्य चिकित्सकों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने तथा माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने को कहा

*बहनों ने स्नेहपूर्वक भेंट की स्वनिर्मित टोपी, शॉल और गुलदस्ता*

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टॉल के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से आत्मीयता से बातचीत की और उनके कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर महिलाएं काफी प्रसन्न नजर आई। इस दौरान लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपने हाथों से निर्मित टोपी और शॉल भेंट कर मुख्यमंत्री के प्रति स्नेह व्यक्त किया। वहीं राजधानी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्वनिर्मित गुलदस्ता भेंट किया।

*मुख्यमंत्री ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन, गर्भवती महिलाओं को दी पोषण टोकरी*

महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गर्भवती महिलाओं को पोषण टोकरी प्रदान की। उन्होंने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने तथा चिकित्सकों की सलाह के अनुसार आवश्यक उपचार एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 6 एवं 7 माह के तीन बच्चों वान्या, श्रेया और साहिल का अन्नप्राशन भी कराया। उन्होंने बच्चों की माताओं से बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखने तथा उनकी उम्र के अनुसार संतुलित एवं पौष्टिक आहार देने को कहा। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, पूर्व विधायक श्री भरत साय, श्री भरत सिंह, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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बहनों ने बांधी राखी तो ‘विष्णु भैया’ ने खोला सौगातों का पिटारा—फरसाबहार और भेलवा में महतारी सदन की घोषणा, दानी मोड़ा बस्ती सड़क के लिए ₹3.23 करोड़ मंजूर, महिला सशक्तिकरण को मुख्यमंत्री साय ने बताया समृद्ध छत्तीसगढ़ की आधारशिला

जशपुरनगर 26 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन अवसर पर फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी में आयोजित रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम आत्मीयता, सम्मान और भाई-बहन के स्नेह से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में पहुंचकर बहनों से संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी और मुख्यमंत्री ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति अपना स्नेह एवं सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में “बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान—महिलाओं के सशक्तिकरण से समृद्ध छत्तीसगढ़ महान” का भाव पूरे आयोजन में दिखाई दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का भी अवसर है। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडरीपानी में 64 लाख रुपए की विकास कार्यों का लोकार्पण भूमिपूजन किया। इसमें महतारी सदन का लोकार्पण भी शामिल है। महतारी सदन में महिलाओं के लिए बैठक, प्रशिक्षण, रसोईघर एवं शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे स्व-सहायता समूहों और महिला संगठनों की गतिविधियों के संचालन के लिए उन्हें सुविधाजनक एवं सम्मानजनक स्थान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत फरसाबहार और भेलवा में भी महतारी सदन निर्माण की घोषणा की। साथ ही मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए ₹3 करोड़ 23 लाख की स्वीकृति प्रदान करने की जानकारी दी। इस दौरान विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, पूर्व विधायक श्री भरत साय, जिला पंचायत सदस्य श्री वेद प्रकाश,  श्रीमती दुलारी वरिष्ठ नागरिक श्री भरत सिंह, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं भारी संख्या में क्षेत्र की महतारी, दीदियां एवं महिलाएं शामिल हुए।


   इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह 1 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर हाल ही में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक की राशि अंतरित की गई है। त्योहार को देखते हुए सितंबर माह की राशि भी अग्रिम रूप से जारी की गई। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर परिवार और समाज के विकास में उनकी भूमिका को और मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की सेवाओं को लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन बढ़ाने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र भी शुरू किए जा रहे हैं। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है।

स्व-सहायता समूहों को मिला आर्थिक संबल

कार्यक्रम के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए चेक वितरित किए गए। मोंगरा स्व-सहायता समूह, भगोरा; वैष्णवी स्व-सहायता समूह, कंदईबहार तथा चांद स्व-सहायता समूह, कंदईबहार को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये तथा प्रतिज्ञा समूह, बड़ा बस्ती को एक लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। इन आर्थिक सहायता से महिला समूहों को स्वरोजगार एवं आजीविका संबंधी गतिविधियों को विस्तार देने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिका मीनाक्षी यादव एवं श्रेया पैंकरा को खाता पासबुक प्रदान की गई। इस अवसर पर बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य और वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पांच हितग्राहियों को पट्टा वितरण किया गया। इनमें हरावती—ग्राम बोखी, जगमनी—ग्राम वानगांव, राजमनी—ग्राम कोनपारा, लक्ष्मी—ग्राम भगोरा तथा सुमित्रा—ग्राम तेलाइन शामिल हैं। इससे हितग्राहियों को अपनी संपत्ति के संबंध में अधिकार एवं दस्तावेजी सुरक्षा प्राप्त होगी।


विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा—पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं मुख्यमंत्री

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती गोमती साय ने उपस्थित बहनों का आत्मीय अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि महतारी सदन महिलाओं को अपनी बैठकों और गतिविधियों के लिए सम्मानजनक स्थान उपलब्ध कराएगा। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय पूरे छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए ‘विष्णु भैया’ हैं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

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शिव भक्ति में लीन दिखे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, बाबा कर्मेश्वर धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना

रायपुर : 26 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से यह क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कर्रा की पावन भूमि पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा का आयोजन होना अत्यंत सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और समस्त श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।

*छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत को सहेजने और संवारने का हो रहा कार्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं की भूमि है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के गांव-गांव में प्राचीन शिवालयों, देवी मंदिरों और लोक आस्था के केंद्रों की गौरवशाली परंपरा रही है। राज्य सरकार इस समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

*लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा और आत्मीय संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है। अब तक लगभग 10 हजार श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

*शांति और विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा बस्तर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कर्मेश्वर के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक परिवार तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा सहित बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी विकास कार्यों को निरंतर गति दी जाएगी। क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए यहां आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

*सदियों पुरानी लोक आस्था का केंद्र है बाबा कर्मेश्वर धाम*

ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की लोक आस्था का प्राचीन और महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां विराजमान शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। जनश्रुतियों के अनुसार लगभग नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और तभी से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है।

बाबा कर्मेश्वर से क्षेत्र की लोक मान्यताओं का भी गहरा संबंध है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार पुराने समय में जब क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होती थी, तब ग्रामीण भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते थे। शिवलिंग पर गाय के गोबर का लेप लगाने की भी एक पारंपरिक मान्यता रही है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में वर्षा होती थी। पीढ़ियों से चली आ रही ऐसी लोक आस्थाओं ने बाबा कर्मेश्वर धाम को क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।

*मां के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बाबा कर्मेश्वर धाम मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के अंतर्गत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।

इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, आईजी श्री दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर,  सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण,  गणमान्य नागरिक और श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर दोकड़ा मंडल में निकली कलश यात्रा,समरसता संकल्प अभियान के तहत विभिन्न मंदिरों में हुआ आयोजन, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय हुईं शामिल


दोकड़ा। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत दोकड़ा मंडल में 26 अगस्त को भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। अभियान के प्रथम दिवस मंडल के विभिन्न गांवों एवं मंदिरों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और सामाजिक समरसता, एकता एवं सद्भाव का संकल्प लिया।
कलश यात्रा के प्रथम दिवस बगिया स्थित श्री फलेश्वर महादेव मंदिर, बांसबहार शिव मंदिर, दोकड़ा हनुमान मंदिर, दोकड़ा श्री जगन्नाथ मंदिर, पतरापाली शिव मंदिर तथा शब्दमुंडा स्थित छतेश्वर महादेव मंदिर में धार्मिक आयोजन किए गए। श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर समाज में आपसी भाईचारे और समरसता की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता करते हुए संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।कार्यक्रम में दोकड़ा मंडल प्रभारी विजय शर्मा, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष दिनेश प्रसाद, जिला पंचायत सदस्य हीरामती पैंकरा, मंडल अध्यक्ष रवि यादव, जनपद सदस्य अटल बिहारी, महामंत्री उपेंद्र नाथ साय, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष रामविलास राम, जिला युवा मोर्चा कोषाध्यक्ष संजय सिंह, युवा महामंत्री प्रभु राम कुमावत, देवदत्त सिंह, दसमत साय, दिलीप कश्यप, विपिन यादव, पार्थो सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कलश यात्रा के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ आयोजन में भाग लिया। समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से समाज में समानता, सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया।

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कुनकुरी में मोबाइल दुकान का शटर काटकर 150 मोबाइल पार, झारखंड से शातिर आरोपी गिरफ्तार—सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला चोरी का राज, साथी फरार; चोरी के मोबाइल की बरामदगी के लिए पुलिस की दबिश जारी

जशपुरनगर। कुनकुरी में मोबाइल दुकान का शटर काटकर करीब 150 मोबाइल फोन चोरी करने के मामले में जशपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, होटल से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले के एक आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान तौसीफ रजा (35), निवासी मुर्गीटोली, मध्य नारायणपुर, थाना राजमहल, जिला साहेबगंज, झारखंड के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त पिट्ठू बैग और मोबाइल हैंडसेट भी जब्त किया है। वहीं चोरी के करीब 150 मोबाइल फोन आरोपी के फरार साथी के पास होने की जानकारी सामने आई है, जिसकी गिरफ्तारी और मोबाइल बरामदगी के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

मामला कुनकुरी थाना क्षेत्र के कठौतिया मोबाइल शॉप का है। दुकान संचालक पंकज कुमार पारिक ने 12 अगस्त को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त की रात करीब 9 बजे दुकान बंद कर वे घर चले गए थे। अगले दिन सुबह सूर्योदय बैंक के एक कर्मचारी ने दुकान का शटर खुला होने की सूचना दी। दुकान पहुंचने पर शटर में लगे दोनों ताले कटे मिले और अंदर मोबाइल के डिब्बे अस्त-व्यस्त पड़े थे। जांच करने पर अलग-अलग कंपनियों के करीब 150 मोबाइल हैंडसेट गायब मिले।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कुनकुरी पुलिस ने अपराध क्रमांक 148/2026, धारा 331(4), 305(ए), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि वारदात को दो लोगों ने मिलकर अंजाम दिया था। घटनास्थल के पास स्थित एक होटल में दो संदिग्धों के खाना खाने और होटल संचालक को मोबाइल नंबर दिए जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली।

सीसीटीवी फुटेज, होटल से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए पुलिस संदिग्धों तक पहुंची। तकनीकी जांच के आधार पर एक आरोपी की पहचान तौसीफ रजा के रूप में हुई। इसके बाद डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम झारखंड रवाना की गई। लगातार पतासाजी के बाद टीम ने आरोपी को हिरासत में लिया और उसे कुनकुरी लाकर पूछताछ की।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पूछताछ में उसने बताया कि दोनों काफी समय से मोबाइल दुकानों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। इसके लिए झारखंड से निकलकर ओडिशा, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मोबाइल दुकानों की रेकी की जा रही थी। इसी दौरान कुनकुरी की कठौतिया मोबाइल शॉप को चोरी के लिए चिन्हित किया गया।

वारदात की रात दोनों आरोपी दुकान के पीछे पहुंचे और अपने साथ लाए औजार से शटर के दोनों ताले काट दिए। इसके बाद दुकान में घुसकर बिक्री के लिए रखे मोबाइल फोन पिट्ठू बैग में भरकर वहां से फरार हो गए। कुछ दूरी पर जाकर दोनों ने मोबाइल के कवर और डिब्बे अलग कर झाड़ियों में फेंक दिए और केवल मोबाइल हैंडसेट अपने साथ रखे। इसके बाद दोनों बस के जरिए वहां से निकल गए।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए मोबाइल फोन उसके दूसरे साथी के पास हैं। पुलिस ने दूसरे आरोपी की पहचान भी कर ली है, लेकिन वह अभी फरार है। पुलिस टीम उसकी गिरफ्तारी के साथ ही करीब 150 चोरी किए गए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया पिट्ठू बैग और आरोपी का मोबाइल हैंडसेट जब्त किया है। विवेचना के दौरान आरोपी की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर प्रकरण में धारा 3(5) बीएनएस जोड़ी गई। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक राकेश यादव, निरीक्षक गौरव पांडे, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर प्रसाद वारले, पीएसआई देविका मंडावी, नीता कुर्रे, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा, आरक्षक चंद्र शेखर बंजारे और आरक्षक नंदलाल यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की कार्रवाई से मोबाइल दुकान में हुई बड़ी चोरी का एक सिरा खुल गया है, जबकि फरार आरोपी और चोरी के मोबाइल की बरामदगी को लेकर कार्रवाई लगातार जारी है।

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भगवान जगन्नाथ मंदिर कस्तूरा के प्रांगण में सजा युवा संवाद का मंच, योगेश बापट ने युवाओं से कहा—संस्कृति की जड़ों से जुड़कर हुनर और सोच के दम पर बनाएं अपना भविष्य, राष्ट्र निर्माण में निभाएं सक्रिय भूमिका

जशपुर/नारायणपुर। दुलदुला विकासखंड के ग्राम कस्तूरा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर प्रांगण मंगलवार को युवाओं के संवाद और विचार-विमर्श का केंद्र बना, जहां अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट ने 30 गांवों से पहुंचे युवाओं से सीधे संवाद किया। इस दौरान युवाओं के भविष्य, समाज और राष्ट्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।

युवा संवाद में धर्म, संस्कृति, जीवन मूल्य, चरित्र निर्माण, रहन-सहन और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर युवाओं के साथ विचार साझा किए गए। युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने के साथ बदलते समय के अनुरूप आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास और प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए उन्हें खेल गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

युवाओं के रोजगार, स्वावलंबन और भविष्य निर्माण का मुद्दा भी संवाद के केंद्र में रहा। युवाओं की रुचि, क्षमता और हुनर के अनुसार उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने तथा अपने पैरों पर खड़े होने के अवसर तलाशने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही समाज और राष्ट्र के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को जरूरी बताया गया।

देश की वर्तमान परिस्थितियों और राष्ट्र सुरक्षा को लेकर भी युवाओं से गंभीर चर्चा हुई। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों व भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील करते हुए तथ्यपरक जानकारी पर भरोसा करने और बिना सत्यापन किसी भी सूचना को आगे नहीं बढ़ाने का संदेश दिया गया। युवाओं से सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और अपने गांव-समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में जिम्मेदार भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में प्रांत संगठन मंत्री महेश्वर सिंह, कर्ण पाल सिंह, दिलेश्वर राम, नंदकुमार सिंह, सुलेश यादव और दिनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। कस्तूरा में हुए इस युवा संवाद ने गांवों से आए युवाओं को अपनी संस्कृति, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को समझने के साथ अपने भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की नई दिशा दी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का 26 अगस्त को जशपुर दौरा, फरसाबहार में विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन, देखिए मिनट टू मिनट दौरा कार्यक्रम

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 26 अगस्त 2026, बुधवार को जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 3:20 बजे फरसाबहार विकासखंड के पंडरीपानी स्थित हाई स्कूल मैदान पहुंचेंगे। यहां उनका स्थानीय कार्यक्रम प्रस्तावित है।मुख्यमंत्री दोपहर 3:30 बजे महतारी सदन, ग्राम पंडरीपानी पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे से शाम 4:10 बजे तक विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन, साथ ही विभागीय स्टॉलों का अवलोकन एवं बहनों से संवाद करेंगे।कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय शाम 4:10 बजे पंडरीपानी से प्रस्थान कर शाम 4:15 बजे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा, ग्राम पंडरीपानी पहुंचेंगे। यहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद शाम 4:45 बजे पंडरीपानी से प्रस्थान कर शाम 5:05 बजे अपने निवास बगिया पहुंचेंगे, जहां रात्रि विश्राम करेंगे।

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छत्तीसगढ़ के चार बड़े शहरों में दौड़ेंगी 240 ई-बसें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगी नई रफ्तार; रायपुर-बिलासपुर-दुर्ग-कोरबा में आधुनिक परिवहन नेटवर्क की तैयारी तेज

रायपुर. 25 अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया के साथ नगरीय प्रशासन एवं सूडा के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में ई-बस सेवा की संचालन व्यवस्था, विस्तार, रूट प्लानिंग, बस स्टॉप, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चार नगर निगमों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनके संचालन से इन चारों शहरों में स्वच्छ एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के साथ नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। 

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के संचालन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि ई-बस सेवा के रूट का निर्धारण शहरों की वास्तविक परिवहन आवश्यकताओं और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, प्रमुख बाजारों, महत्वपूर्ण संस्थानों एवं अन्य जनोपयोगी स्थानों को ई-बस नेटवर्क से जोड़ने वाले रूट तैयार करने पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी विकसित हो सके।

उन्होंने ई-बसों के लिए शॉर्ट-टर्म एवं लॉन्ग-टर्म रूट प्लान तैयार करने तथा चरणबद्ध तरीके से रूट का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रस्तावित रूटों की फेजवार स्टडी करते हुए यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर उनकी व्यवहारिकता का आकलन करने को कहा। अधिक यात्री आवागमन वाले क्षेत्रों में मांग के अनुरूप रूट विकसित करने तथा विस्तृत अध्ययन के आधार पर रूट को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने ई-बस सेवा से संबंधित जानकारियों को नागरिकों के लिए स्पष्ट और सहज बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नागरिकों को आसानी से यह जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए कि कितनी ई-बसें संचालित हो रही हैं, किन रूटों पर चल रही हैं तथा प्रत्येक रूट के स्टॉपेज कौन-कौन से हैं। उन्होंने इसके लिए रूट चार्ट एवं संबंधित विवरण व्यवस्थित रूप से तैयार एवं साझा करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में कहा कि योजना के सभी घटकों—रूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप एवं कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को एकीकृत रूप से विकसित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने चारों शहरों में ई-बस के संचालन के लिए शहरवार जरूरत एवं उपलब्ध संसाधनों का आकलन करने तथा उसी आधार पर प्राथमिकताएं तय करने के निर्देश दिए। साथ ही योजना की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी पर भी चर्चा की गई। साथ ही महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ए आवश्यक रूट एवं संचालन व्यवस्था तैयार करने पर भी विचार किया गया।

श्री बोरा ने ई-बसों के संचालन में समय-सीमा के साथ गुणवत्ता और व्यवहारिकता का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि, डिपो, चार्जिंग, रूट एवं संचालन से संबंधित संभावित बाधाओं की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों की नियमित प्रगति पर नजर रखने को कहा। उन्होंने योजना की मॉनिटरिंग के उच्च स्तर को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कार्यों को समन्वय के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने डिपो के निर्माण एवं विकास में भविष्य में ई-बसों की संख्या बढ़ने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता एवं उपलब्धता का आकलन करते हुए आवश्यक व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने को भी कहा। 

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने बैठक में डिपो, चार्जिंग स्टेशन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए स्थान चयन तथा भूमि संबंधी विषयों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही डिपो, सिविल वर्क एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), रेलवे, एवं अन्य विभागों से समन्वय कर आवश्यक स्वीकृतियों तथा तकनीकी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि ई-बस संचालन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं तैयार रहें।

श्री भदौरिया ने ई-बस संचालन में आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल व्यवस्था के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था को मजबूत करने तथा बस संचालन की प्रभावी निगरानी के लिए तकनीक आधारित सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि बसों के संचालन, रूट, यात्री संख्या एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सके।

बैठक में ई-बसों के संचालन के लिए मानव संसाधन एवं संचालन मॉडल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। श्री बोरा और श्री भदौरिया ने योजना के संचालन में तकनीक, मानव संसाधन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर समन्वय के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर, सूडा के सीईओ श्री सुमीत अग्रवाल, सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) के प्रबंध संचालक श्री भीम सिंह कंवर, रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा, कोरबा नगर निगम के आयुक्त श्री आशुतोष पांडे, बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, एनएचएआई (NHAI) के उप महाप्रबंधक श्री नितिन कुमार गुप्ता और शहरी कार्य मंत्रालय, दिल्ली के एएसओ श्री हिमांशु जैन भी बैठक में मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़ में गूंजेगी हॉकी की नई हुंकार, देश की पहली राज्य स्तरीय प्रोफेशनल हॉकी लीग का आगाज

रायपुर. 25 अगस्त 2026. छत्तीसगढ़ में हॉकी की नई तस्वीर गढ़ने की तैयारी है। राज्य के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा हॉकी इंडिया से मान्यता प्राप्त छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होने वाली यह लीग देश के किसी भी राज्य में आयोजित होने वाली पहली राज्य-स्तरीय हॉकी लीग होगी, जिसे हॉकी इंडिया लीग की तर्ज पर पूरी तरह प्रोफेशनल और व्यावसायिक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। आयोजन की संभावित तिथियों 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक लीग के मुकाबले खेले जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में लीग के लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का अनावरण किया। उन्होंने लॉन्चिंग कार्यक्रम में लीग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लीग का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की युवा हॉकी प्रतिभाओं को बड़ा मंच उपलब्ध कराना और उन्हें देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने तथा उनसे सीखने का अवसर देना है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय और छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी सहित अनेक विभागीय अधिकारी भी लीग के लॉन्चिंग कार्यक्रम में मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की समृद्ध परंपरा रही है और राज्य में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देगी और प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव तथा प्रतिस्पर्धी वातावरण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

श्री साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। ये टीमें प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रीय पहचान और खेल प्रतिभा को एक मंच पर लेकर आएंगी।

लीग का लोगो छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर आधारित है। इसमें केसरिया और हरे रंग के माध्यम से भारतीयता की भावना को दर्शाया गया है, जबकि आगे बढ़ती नारंगी रेखा प्रदेशवासियों की निरंतर प्रगति और आगे बढ़ने की भावना का प्रतीक है। लीग की टैगलाइन "चलव रे संगी, हॉकी खेलबो" रखी गई है। छत्तीसगढ़ी बोली में यह टैगलाइन अपनत्व और आमंत्रण का भाव लिए हुए है, जिसका अर्थ है—"चलो दोस्त, हॉकी खेलते हैं।"

लीग का आधिकारिक शुभंकर "बघवा" नामक बाघ है। यह छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और समृद्ध वन्यजीव विरासत का प्रतीक है। बघवा साहस, शक्ति और निडरता का संदेश देता है तथा खिलाड़ियों की जुझारू भावना और मैदान पर अपना दबदबा कायम करने की आकांक्षा को प्रदर्शित करता है।

प्रतियोगिता में सभी छह टीमें लीग मुकाबले खेलेंगी। इन मुकाबलों के आधार पर अंक तालिका में शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल के बाद विजेता टीम का फैसला फाइनल मुकाबले में होगा। मैचों के दौरान सभी अंपायर और तकनीकी अधिकारी हॉकी इंडिया द्वारा नियुक्त किए जाएंगे, जिससे प्रतियोगिता में तकनीकी गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगी। टूर्नामेंट के दौरान प्रतिदिन विशेष मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इससे दर्शकों को रोमांचक हॉकी मुकाबलों के साथ मनोरंजन का भी अनुभव मिलेगा। खास बात यह है कि लीग के सभी मुकाबलों में दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। इससे बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों और युवाओं के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है।

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उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल से कोरबा की सड़कों के लिए साढ़े 17 करोड़ स्वीकृत,डीएमएफ मद से 13 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण को मिली हरी झंडी

रायपुर, 25 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा कोरबा विधायक श्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से कोरबा शहर के आधारभूत ढांचे को बड़ा मजबूती मिलने जा रही है। शहर के प्रमुख मार्गों के नए सिरे से डामरीकरण के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से 17.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री श्री देवांगन के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने 13 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति आदेश जारी कर दिया है।

*स्वीकृत प्रमुख डामरीकरण कार्य एवं लागत*

         सोनालिया ब्रिज से तुलसी नगर बायपास 1.99 करोड़ रुपये, रिश्दा चौक से गायत्री मंदिर मुख्य मार्ग (जीटी रोड)  1.80 करोड़ रुपये, इमली डुग्गू बस्ती से खदान रोड तक (सीसी रोड व डिवाइडर) 1.74 करोड़ रुपये सड़कडामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है। इसी प्रकार पोड़ीबहार चर्च से लकी बिग बास्केट मोड़ तक 1.65 करोड़ रुपये, डीडीएम रोड से लालू राम कॉलोनी होते हुए बस स्टैंड 1.64 करोड़ रुपये, सरदार पटेल नगर (आवासीय क्षेत्र) 1.50 करोड़ रुपये, सरदार पटेल नगर (व्यावसायिक क्षेत्र) 1.45 करोड़ रुपये, प्रेम नगर मुख्य मार्ग से कपटमुड़ा डीपरा बस्ती 1.38 करोड़ रुपये, लालघाट बालको चेक पोस्ट से रिश्दा चौक (बीटी रोड) 1.20 करोड़ रुपये सड़कडामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है। सुभाष चौक से सब-स्टेशन तक 97.80 लाख रुपये, सोनालिया ब्रिज नहर से सीतामणि मुख्य मार्ग तक 87.75 लाख रुपये, कलेक्ट्रेट एटीएम से बैगिनडभार आंगनबाड़ी तक 66.18 लाख रुपये, नेहरू नगर (वार्ड-24) एवं शारदा विहार से टीपी नगर फाटक क्रमशः 55 लाख व 40 लाख रुपये सड़क डामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है। 

*टेंडर प्रक्रिया पूर्ण, बारिश के बाद शुरू होंगे काम*

         मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि इसके अलावा शहर के अन्य 6 प्रमुख मार्गों के लिए पूर्व में स्वीकृत 7.12 करोड़ रुपये के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इनमें जैन चौक से घंटाघर चौक, घंटाघर चौक से कोसाबाड़ी चौक, सुनालिया ब्रिज से पावर हाउस रोड तथा पुराने बस स्टैंड अंडरब्रिज रोड जैसे व्यस्त मार्ग शामिल हैं। बारिश का मौसम समाप्त होते ही इन सभी सड़कों पर डामरीकरण का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।

      श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि शहर के सभी मुख्य मार्गाे एवं उप नगरीय क्षेत्र को जोड़ने वाले सड़कों के साथ-साथ वार्डों की आंतरिक सड़कों के डामरीकरण के लिए जिला खनिज न्यास मद से राशि की स्वीकृति आदेश जारी हो चुकी है, कुछ और सड़कों के लिए राशि कुछ दिनों में प्राप्त हो जाएगी। मानसून सीजन खत्म होने के बाद सभी स्वीकृत सड़कों का डामरीकरण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

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आदिवासी कन्या छात्रावास में मंत्री रामविचार नेताम का औचक निरीक्षण, चबूतरे पर बैठकर छात्राओं से की आत्मीय बातचीत; स्वास्थ्य, पढ़ाई, करियर और सुविधाओं का लिया फीडबैक

रायपुर, 25 अगस्त 2026/  छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने महासमुंद जिला में आदिवासी छात्रावासों और कन्या आश्रमों का औचक निरीक्षण किया है। उन्होंने छात्रावास परिसरों में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की जाँच की। मंत्री श्री नेताम ने आज शाम  महासमुंद स्थित पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया। मंत्री ने छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई, करियर, रहन-सहन तथा छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान स्थानीय विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा भी मौजूद थे।

       निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री नेताम ने छात्रावास प्रांगण में चबूतरे पर बैठकर छात्राओं के साथ आत्मीय चर्चा की। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, विषयों, परीक्षा की तैयारी, भविष्य में क्या बनना चाहती हैं और करियर को लेकर उनकी योजनाओं के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। छात्राएं अपने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ें तथा उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करें।

*स्वास्थ्य और रहन-सहन की ली जानकारी*

      मंत्री श्री नेताम ने छात्राओं से उनके स्वास्थ्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होता है या नहीं, किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उपचार की व्यवस्था कैसी है तथा भोजन की गुणवत्ता और समय पर भोजन मिलने की स्थिति क्या है। उन्होंने छात्रावास की स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, अध्ययन कक्ष, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावास में स्वच्छता और साफ-सफाई की व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए। छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका तत्काल निराकरण किया जाए।

*छात्राओं की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश*

      मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों से कहा कि छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि छात्राओं के अध्ययन और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए यहां ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां छात्राएं सुरक्षित महसूस करते हुए मन लगाकर पढ़ाई कर सकें। उन्होंने छात्राओं से भी कहा कि छात्रावास से संबंधित किसी भी समस्या अथवा आवश्यकता को अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष खुलकर रखें। उन्होंने अधिकारियों को छात्रावास की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा छात्राओं से समय-समय पर संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी लेने के निर्देश दिए। साथ ही छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और करियर संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

      निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री नेताम ने छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं से बातचीत के बाद संतोष व्यक्त किया। उन्होंने छात्राओं के उत्साह और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त खंड प्रभारी तथा छात्रावास अधीक्षक सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

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बहनों की आत्मनिर्भरता और चेहरे की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी खुशी - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय,रक्षाबंधन से पहले ‘विष्णु भैया’ ने बहनों को दिया स्नेह और सम्मान का उपहार

रायपुर 25 अगस्त 2026/ भाई-बहन के अटूट स्नेह के पावन पर्व रक्षाबंधन से पहले आज बालोद जिले के डौंडीलोहारा में एक आत्मीय और भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। प्रदेश की लाखों बहनों के ‘विष्णु भैया’ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन सम्मान समारोह में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ 38 लाख से अधिक की राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री ने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि हमारी माताओं-बहनों के चेहरे पर मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय का माताओं-बहनों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी बहनों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया, उनका हालचाल जाना और महतारी वंदन योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के अनुभव सुने। इस अवसर पर बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों सहित प्रदेश के 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में कुल ₹631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 की राशि अंतरित की गई।

*बहनों के लिए ‘विष्णु भैया’ का रक्षाबंधन उपहार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावन के पवित्र महीने और रक्षाबंधन के ठीक पहले मातृशक्ति के सम्मान के इस कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सितंबर माह की किस्त भी 25 अगस्त को ही बहनों के खातों में पहुंचाने का निर्णय लिया, ताकि त्योहार की खुशियां और बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का नया भाव पैदा किया है। अब हमारी माताओं-बहनों को अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे इस राशि का उपयोग अपने स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे व्यवसाय जैसी जरूरतों में कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में लगभग ₹20 हजार करोड़ की राशि अंतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की जो गारंटी दी थी, राज्य सरकार उसे पूरी प्रतिबद्धता से धरातल पर उतार रही है।

*बहनों ने ‘विष्णु भैया’ को सुनाई आत्मनिर्भरता की कहानी*

समारोह का सबसे आत्मीय अवसर तब आया, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने महतारी वंदन योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से सीधे संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली नियमित राशि ने उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें आर्थिक फैसले लेने का आत्मविश्वास भी दिया है।

मुख्यमंत्री ने उनके अनुभवों को ध्यान से सुना और कहा कि जब कोई बहन महतारी वंदन की राशि को बचाकर अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करती है, बच्चों की पढ़ाई में लगाती है अथवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ती है, तो इस योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उसके सपनों को पंख मिलें और उसकी सफलता से पूरा परिवार सशक्त हो।

*लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक - महिलाएं बन रहीं विकास की नेतृत्वकर्ता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आजीविका गतिविधियों और उद्यमों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

उन्होंने ड्रोन दीदी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी बहनें आधुनिक तकनीक से भी जुड़ रही हैं। ड्रोन के माध्यम से खेतों में खाद एवं अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर वे किसानों को सेवाएं देने के साथ अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण की यही यात्रा विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगी।

*डौंडीलोहारा और बालोद को मिली विकास की बड़ी सौगात*

महतारी वंदन सम्मान समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बालोद जिले को विकास कार्यों की अनेक सौगातें भी दीं। उन्होंने लगभग ₹102 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत डौंडीलोहारा में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन की स्वीकृति, खरखरा जलाशय की पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण तथा धनगांव जलाशय के शीर्ष कार्य वियर के साथ नहर रिमॉडलिंग-लाइनिंग कार्य की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत डौंडीलोहारा में मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर ₹5 करोड़ की लागत से पुलिया निर्माण तथा डौंडीलोहारा विकासखंड में लगभग ₹19 करोड़ की लागत से संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग निर्माण की भी घोषणा की।

समारोह में 3.2 करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबे उमरादाह-निपानी मार्ग, 26 करोड़ रुपये की लागत से अर्जुंदा-ओड़ारसकरी मार्ग तथा 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।

*मोदी की गारंटी से हर वर्ग के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज सहित प्रत्येक वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में मोदी की गारंटी के प्रमुख वादों को तेजी से पूरा करते हुए जनकल्याण और विकास को नई गति दी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा किया जा रहा है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदकर उनके परिश्रम को सम्मान दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदा जा रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से भूमिहीन परिवारों को आर्थिक संबल दिया जा रहा है। रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का पुण्य अवसर मिला है।

*नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर विकास की नई रोशनी में बस्तर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दशकों तक बस्तर नक्सलवाद के कारण विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से आज बस्तर शांति और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन दुर्गम क्षेत्रों में कभी विकास कार्य पहुंचाना कठिन था, वहां आज सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से उनके गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना के साथ ही विकास, पर्यटन, उद्योग और रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। आने वाले समय में बस्तर छत्तीसगढ़ के विकास की नई पहचान बनेगा।

*विकसित भारत के साथ बनाएंगे विकसित छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण, किसानों की समृद्धि, युवाओं के लिए नए अवसर, जनजातीय अंचलों का विकास और गरीब परिवारों के जीवन में खुशहाली - इन्हीं मजबूत आधारों पर विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

समारोह को संबोधित करते हुए कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग ने सावन के पवित्र महीने और रक्षाबंधन से पूर्व माताओं-बहनों के सम्मान में आयोजित समारोह की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति दे रही है।

पूर्व सांसद सुश्री सरोज पांडे ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के अंतरण को मातृशक्ति के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख किया।

इस अवसर पर कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं और नागरिक उपस्थित थे।

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नगरीय निकायों के पेंशनरों को साय सरकार की बड़ी सौगात, 7वें वेतनमान के पेंशनरों को 58% और 6वें वेतनमान के पेंशनरों को 257% महंगाई राहत, 1 जनवरी 2026 से मिलेगा लाभ

रायपुर. 25 अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों के पेंशनरों के महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों को अब 58 प्रतिशत और छटवें वेतनमान के पेंशनरों को 257 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दिया जाएगा। पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 1 जनवरी 2026 से इसका लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक को महंगाई राहत में बढ़ोतरी का पत्र जारी किया है।

नगरीय प्रशासन विभाग ने 1 सितम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक की अवधि के लिए भी महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को इस अवधि में 55 प्रतिशत तथा छटवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 252 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएं,समयबद्ध, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर 25 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 36 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।
    कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 27 अगस्त को देशभर में आयोजित होगा ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम

जशपुर 25 अगस्त 2026/ राष्ट्रीय खेल दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन 27 अगस्त को देशभर में व्यापक स्तर पर किया जाएगा।

इसी क्रम में देशभर में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं, खिलाड़ियों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को एक साझा मंच पर जोड़ना है। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले के दो शैक्षणिक संस्थानों में ‘युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

जशपुर जिले में यह कार्यक्रम स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय, मनोरा एवं श्री रामेश्वर गहिरा गुरु संस्कृत महाविद्यालय, समरवार में आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में सुबह 10 बजे तक अतिथियों एवं युवा प्रतिभागियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसके पश्चात माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी वर्चुअल माध्यम से देशभर के लगभग 1600 स्थानों पर उपस्थित 8 लाख से अधिक युवाओं को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री जी के संबोधन के बाद स्थानीय स्तर पर MY Bharat Volunteers एवं खिलाड़ियों के बीच युवा संवाद आयोजित होगा। इसमें पिछले 12 वर्षों में खेल बुनियादी ढांचे में हुए विकास, खेल पारिस्थितिकी तंत्र तथा युवाओं की भूमिका पर चर्चा की जाएगी।

संवाद के प्रमुख विषयों में जमीनी स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार, 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभा विकास, युवा नेतृत्व एवं शासन में भागीदारी तथा विकसित भारत के लिए युवा सशक्तिकरण शामिल हैं। युवाओं से उनके सुझाव एवं विचार QR Code के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे तथा उन्हें VBYLD Quiz Round में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

यह पहल युवाओं को खेल, नेतृत्व, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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कलेक्टर ने सिकल सेल के दो साल के कार्यों की समीक्षा ,मरीजों को बेहतर ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश 

जशपुर 25 अगस्त 2026/ जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के सहयोग से संगवारी संस्था के द्वारा आज 25 अगस्त 2026 को कलेक्टर सभा कक्ष में सिकल सेल संगवारी संस्था के सिकल सेल रोग के क्षेत्र में दो वर्षों के कार्यकाल की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
 
 कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सिकल सेल के कार्यों की विस्तार से जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि जिले में सिकल सेल में अच्छा काम हो रहा है।

छुटे हुए मरीजों का चिन्हांकन करके निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर जिला चिकित्सालय से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.के. इंदवार,  सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. ममता सिंह एवं सहायक नोडल अधिकारी श्री देवेंद्र कुमार राठौर उपस्थित रहे।

मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर से कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की एच ओ डी डॉ. आभा इक्का, डॉ. अमोश किंडो एवं डॉ. शुभम यादव ने बैठक में सहभागिता की। 

वहीं यूनिसेफ की ओर से स्टेट हेड डॉ. गजेंद्र सिंह ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

सिकल सेल संगवारी संस्था की ओर से डॉ. योगेश्वर कालकोंडे एवं डॉ. बैद्यनाथ देवनाथ तथा जिला संगवारी टीम से जान्हवी ठाकुर, विक्रम प्रामाणिक एवं रीतू मंडल उपस्थित रहे।
दो वर्षों के कार्यों एवं उपलब्धियों की प्रस्तुति
बैठक के दौरान सिकल सेल संगवारी टीम द्वारा विगत दो वर्षों में सिकल सेल रोग के क्षेत्र में किए गए कार्यों, प्रमुख उपलब्धियों एवं जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।

 जिला स्तर पर पंजीकृत सिकल सेल मरीजों के नियमित मासिक फॉलोअप, उपचार एवं दवा की उपलब्धता, आवश्यक स्वास्थ्य जांच, मरीजों एवं उनके परिवारों में जागरूकता, स्वास्थ्य सेवाओं से निरंतर जोड़ने सहित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की गई।

इसके साथ ही अनट्रैक एवं फॉलोअप से छूटे मरीजों की पहचान कर उन्हें पुनः स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, नियमित उपचार सुनिश्चित करने तथा सिकल सेल मरीजों को दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं अन्य पात्र शासकीय सुविधाओं से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सिकल सेल मरीजों की सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करने, मरीजों के नियमित उपचार एवं फॉलोअप को बेहतर करने तथा आगामी समय में सिकल सेल रोग के नियंत्रण एवं उन्मूलन की दिशा में किए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया।

 कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा सिकल सेल के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं सुझाव प्रदान किए गए।

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आईसीएआर-एनआईबीएसएम द्वारा 'पोषण वाटिका' पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित,62 किसान हुए लाभान्वित, जिनमें 10 महिला किसान भी शामिल

रायपुर, 25 अगस्त 2026/ आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (एनआईबीएसएम), रायपुर द्वारा किसानों के बीच घरेलू पोषण सुरक्षा, आहार विविधता और सुरक्षित खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "पोषण वाटिका" पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बरोंदा, मुर्रा, बेलटुकरी, देवगांव, कुर्रा और कथुरड गांवों के 62 किसानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 10 महिला किसान भी शामिल थीं।

*संतुलित आहार स्वास्थ्य के लिए जरूरी: डॉ. पी. के. राय*

           कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने किया। उन्होंने पोषण वाटिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि घर पर ताजी, पौष्टिक और रसायन मुक्त सब्जियों व फलों की उपलब्धता परिवार की सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के पास पर्याप्त भूमि नहीं है, वे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण वाटिका विकसित कर सकते हैं, जिससे समुदाय स्तर पर कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी।

*उन्नत तकनीकों और जैविक खेती पर जोर*

             संयुक्त निदेशक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पंकज शर्मा ने किसानों को स्थानीय जलवायु के अनुसार पोषण वाटिका प्रबंधन के व्यावहारिक सुझाव दिए । बारिश कम होने पर सही आकार के गड्ढे बनाकर, उनमें गोबर की सड़ी खाद मिलाकर फलदार पौधे लगाएं। जलभराव से बचाव के लिए उचित जल निकासी का प्रबंध करें और अधिक नमी वाले क्षेत्रों में सब्जियों के लिए ऊंची उठी हुई (रेज़्ड) क्यारियां तैयार करें। अनावश्यक रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग से बचकर पारंपरिक और पर्यावरण-अनुकूल जैविक उपायों को अपनाएं।

*सब्जियों के बीज और पौधों का वितरण*

              कार्यक्रम के अंत में किसानों को पोषण वाटिका स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्नत किस्म के अमरूद और नींबू के पौधों के साथ-साथ 18 प्रकार की सब्जियों (पालक, धनिया, मेथी, भिंडी, लौकी, तोरी, मूली आदि) के बीज निशुल्क वितरित किए गए।

              इस अवसर पर स्थानीय सरपंच श्रीमती कंचन गायकवाड़ एवं श्री संतोष कुर्रे विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल समन्वय प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के. सी. शर्मा द्वारा किया गया।

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