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छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक उड़ान, संस्कृति और विरासत को भी नई पहचान,मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने गिनाईं उपलब्धियां

रायपुर, 25 अगस्त 2026/ पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज अपने विभागों की उपलब्धियों, योजनाओं और आगामी प्राथमिकताओं की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाई। श्री अग्रवाल आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से रूबरू हुए। प्रेस वार्ता में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की डीजीएम श्रीमती पूनम शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।

           प्रेस वार्ता की शुरुआत पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यटन से संबंधित महत्वपूर्ण उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति के साथ हुई। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, बस्तर और सरगुजा की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सिरपुर जैसी ऐतिहासिक विरासत तथा मां दंतेश्वरी और मां महामाया जैसे प्रमुख आस्था केंद्रों की समृद्ध विरासत प्रदान की है। सरकार का लक्ष्य इन प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदाओं को देश और दुनिया के सामने नई पहचान दिलाना है। 

*पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन*

          मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पिछले लगभग ढाई वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। फिल्म सिटी निर्माण के लिए 203 करोड़ 53 लाख के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। फिल्म पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 350 करोड़ है। 

*61 ट्रेनों से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या-काशी के दर्शन*

         श्री अग्रवाल ने बताया कि सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत आईआरसीटीसी के सहयोग से अब तक 61 ट्रेनों का सफल संचालन किया जा चुका है। इनके माध्यम से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी के दर्शन कराए जा चुके हैं। सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है। 

*होमस्टे और स्थानीय रोजगार पर विशेष जोर*

         पर्यटन मंत्री ने बताया कि पर्यटन का वास्तविक लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से होमस्टे और स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन व्यवसाय के औपचारिक पंजीकरण में भी वृद्धि हुई है। वर्तमान में लगभग 390 से अधिक टूर ऑपरेटर एवं ट्रैवल एजेंट तथा 26 होटल पंजीकृत हैं। पर्यटक गाइड, आतिथ्य, फिल्म निर्माण, पर्यटन संचालन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। 

*चित्रकोट को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की तैयारी*

          मंत्री ने बताया कि बस्तर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में से एक बताते हुए चित्रकोट को केवल जलप्रपात के रूप में नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वहीं सिरपुर के विस्तृत पर्यटन विकास के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। मैनपाट और जशपुर जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्रों में भी पर्यटक सुविधाओं एवं अनुभव को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। 

*भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 145.99 करोड़ स्वीकृत*

          धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए भारत सरकार द्वारा 145 करोड़ 99 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। रतनपुर महामाया मंदिर क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए भी प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं। 

*डिजिटल पर्यटन को मिल रहा विस्तार*

          मंत्री ने बताया कि आज का पर्यटक अपनी यात्रा की शुरुआत मोबाइल फोन से करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल सूचना और पर्यटन सुविधाओं को एकीकृत किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में ऑनलाइन बुकिंग से लगभग ₹6 करोड़ 48 लाख तथा पर्यटन इकाइयों से लगभग ₹31 करोड़ 75 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है। 

*2028 तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान बनाने का लक्ष्य*

         मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि 2028 तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान देश और दुनिया के सामने स्थापित करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 100 करोड़ के वित्तीय प्रावधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026 में सतत विकास, निजी निवेश, समुदाय आधारित पर्यटन और स्थानीय भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। 

*18 पर्यटन संपत्तियों के विकास में निजी भागीदारी*

        मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की 18 पर्यटन संपत्तियों को लीज-सह-विकास मॉडल के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी से विकसित करने की योजना है। इससे लगभग 500 करोड़ का निवेश आकर्षित होने तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 500 से 1,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। 

*अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर छत्तीसगढ़ की ब्रांडिंग*

          पर्यटन मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन पहचान को राष्ट्रीय सीमाओं से आगे ले जाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इको-एथनिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर भागीदारी, फिल्म एवं ओटीटी आधारित प्रचार, अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटरीच तथा अंतरराष्ट्रीय इन्फ्लुएंसर फैम टूर जैसे प्रयास प्रस्तावित हैं। 

*कलाकारों के कल्याण और संस्कृति संरक्षण पर विशेष जोर*

           पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि संस्कृति विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कलाकारों और साहित्यकारों के कल्याण को प्रमुखता देते हुए “कलाकार कल्याण कोष चिकित्सा अनुदान” योजना के अंतर्गत पिछले ढाई वर्षों में 70 कलाकारों को लगभग 30 लाख 3 हजार की सहायता प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 20 कलाकारों को 15 लाख 30 हजार की सहायता दी जा चुकी है। 

           इसी तरह “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना” के माध्यम से नृत्य, संगीत, लोकनाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी भाषा में लेखन तथा अन्य शिल्प एवं लोककलाओं से जुड़े कलाकारों और लेखकों को संरक्षण एवं आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 87 कलाकारों को लगभग 19 लाख 8 हजार की राशि प्रदान की गई है। 

*407 आर्थिक रूप से अभावग्रस्त वरिष्ठ कलाकारों और साहित्यकारों को पेंशन*

         संस्कृति मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए संचालित मासिक वित्तीय सहायता योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में 407 आर्थिक रूप से अभावग्रस्त वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों को ₹82 लाख 12 हजार की राशि पेंशन के रूप में प्रदान की गई है। वर्तमान वर्ष में अब तक 121 वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। 

*संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल*

         संस्कृति श्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सूचीबद्ध 89 विशिष्ट मेला-मड़ई, उत्सव-महोत्सव एवं समारोहों का आयोजन जिला प्रशासन के सहयोग से पूरे वर्ष किया जा रहा है। एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए स्थानीय परंपराओं, तीज-त्योहार, यात्रा, मेला-मड़ई तथा ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धार्मिक स्थलों पर सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए “आदि पर्व” पंचांग तैयार किया जा रहा है। 

        संस्कृति श्री अग्रवाल ने बताया कि  बस्तर की लोकपरंपरा और जनजातीय संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने के लिए पिछले दो वर्षों से ग्रामीण, ब्लॉक एवं जिला स्तर पर “बस्तर पंडुम” का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार दलों, मांझी-चालकी प्रतिनिधियों तथा पद्मश्री विभूतियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से आत्मीय भेंट एवं सम्मान का अवसर मिला। 

*लोककलाओं और लोकवाद्यों के संरक्षण के लिए नए आयोजन*

         संस्कृति श्री अग्रवाल ने कहा कि  “पावस प्रसंग”, “रंगतरंग”, “रंगपरब” और “लोकरंग पर्व” जैसे आयोजनों के माध्यम से शास्त्रीय नृत्य-संगीत, लोकवाद्य, लोकनाट्य तथा पंडवानी, भरथरी, ददरिया, जसगीत, करमा, पंथी, बांसगीत और देवारगीत जैसी पारंपरिक लोकविधाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कलाकारों को प्रोत्साहन देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी  संस्कृति से जोड़ना है। 

*संस्कृति का डिजिटल आर्काइव तैयार*

         संस्कृति श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विस्तृत “डिजिटल आर्काइव” तैयार किया जा रहा है। यह प्रदेश की सांस्कृतिक स्मृतियों, लोक परंपराओं और विरासत को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित करने की महत्वपूर्ण पहल है। 

*सांस्कृतिक संस्थाओं को 7.85 करोड़ से अधिक की सहायता*

         संस्कृति श्री अग्रवाल ने कहा कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रही अशासकीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्थाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 363 निजी संस्थाओं को 854 सांस्कृतिक आयोजनों के लिए ₹7 करोड़ 85 लाख 3 हजार की आर्थिक अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। 

*नई फिल्म नीति की तैयारी*

          पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए “छत्तीसगढ़ फिल्म नीति-2021” में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। संशोधनों के साथ नवीन फिल्म नीति तैयार की जाएगी, जिससे प्रदेश के प्राकृतिक एवं खूबसूरत स्थलों पर फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा और पात्र फिल्मों को सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा। 

*सिरपुर को विश्व धरोहर की दिशा में आगे बढ़ाने की पहल*

          पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि पुरातत्व विभाग की उपलब्धियों में सिरपुर को विश्व धरोहर के रूप में स्थापित करने की पहल प्रमुख है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और हिंदू स्थापत्य परंपराओं का अद्भुत सह-अस्तित्व है। सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा यूनेस्को के मानकों के अनुरूप नॉमिनेशन डोजियर तैयार कर भारत सरकार को प्रस्तुत किया गया है। 

*63 संरक्षित स्मारकों के संरक्षण पर कार्य*

          पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने कहा कि प्रदेश के 63 राज्य संरक्षित स्मारकों का संरक्षण किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 12 राज्य संरक्षित स्मारकों में संरक्षण, उन्नयन और पर्यटकीय सुविधाओं के विकास के लिए फेसलिफ्टिंग की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सरकार का दृष्टिकोण है कि धरोहर संरक्षण और संवर्धन के साथ पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिले। 

*रायपुर संग्रहालय में नई गैलरी, पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो*

           संस्कृति मंत्री ने बताया कि महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर के उन्नयन के लिए नई “रियासत गैलरी” की स्थापना तथा वर्तमान गैलरियों के उन्नयन एवं विकास का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो तथा संध्याकालीन कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके लिए शहीद वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे जनजातीय नायकों के साथ छत्तीसगढ़ की मूर्त एवं अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को केंद्र में रखकर स्क्रिप्ट तैयार की जा रही है। 

*12 लाख पृष्ठों का डिजिटल अभिलेखीकरण*

         संस्कृति मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ से संबंधित लगभग 12 लाख पृष्ठों का डिजिटलीकरण कर रायपुर लाया गया है। इन डिजिटल अभिलेखों को वेब अभिलेखागार पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए कैटलॉग एवं मेटाडेटा तैयार किया जा रहा है। 

*2750 वर्ष पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण*

          संस्कृति मंत्री ने बताया कि पुरातत्व विभाग द्वारा अब तक 11 पुरास्थलों का उत्खनन कराया जा चुका है। रायपुर जिले के आरंग तहसील में लखौली के पास रीवां के मृत्तिकागढ़ में हुए पुरातात्विक उत्खनन से लगभग 2750 साल पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण सामने आए हैं। उत्खनन में प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से लेकर कलचुरी काल तक के अवशेष तथा विभिन्न राजवंशों के सोने, चांदी और तांबे के सिक्के मिले हैं। 

         मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन और संस्कृति का विकास केवल नए पर्यटन स्थलों और आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार, आर्थिक गतिविधियों, कलाकारों के कल्याण, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना है। उन्होने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक, सांस्कृतिक, इको-एथनिक और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में हमारी सरकार दीर्घकालिक योजना के साथ आगे बढ़ रही है।

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नवा रायपुर को देश की अग्रणी ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित करने पर जोर : आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

रायपुर, 25 अगस्त 2026/ आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-12 फेस-2 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि परियोजना के अंतर्गत HIG एवं MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसी सेक्टर में आगामी चरण में 704 नए फ्लैट का निर्माण भी शीघ्र किया जाएगा।

*बिना मांग के नहीं होगी नई आवासीय परियोजना :  मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी*

            मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि एक समय कर्ज से जूझ रहे मंडल को लगभग 700 करोड़ रुपए का ऋण चुकाकर कर्जमुक्त किया गया। इसके बाद मंडल की कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए यह नीति निर्धारित की गई कि बिना मांग के किसी स्थान पर आवासीय परियोजना शुरू नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग होने अथवा प्रथम तीन माह में 30 प्रतिशत बुकिंग होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे मांग आधारित और व्यावहारिक आवासीय परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा तथा बिना मांग के निर्मित होकर लंबे समय तक खाली रहने वाले भवनों की समस्या से भी निजात मिलेगी।

*गुणवत्ता के नए मानदंड स्थापित करे हाउसिंग बोर्ड* 

          मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि एक प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन के रूप में अपनी पहचान मजबूत करनी है। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी SOR के आधार पर कार्य करने के बजाय आवश्यकतानुसार उससे बेहतर गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए। भवनों में गुणवत्तापूर्ण टाइल्स, फिटिंग्स और आकर्षक एवं आधुनिक रंगों का उपयोग किया जाए, ताकि हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां सरकारी परियोजनाओं की पारंपरिक छवि से अलग दिखाई दें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में सुधार के लिए यदि परियोजना की लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि भी होती है, तो इसे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। आने वाले समय में हाउसिंग बोर्ड की परियोजनाओं में गुणवत्ता का नया मानदंड स्थापित किया जाना चाहिए।

*आरडब्ल्यूए को मजबूत कर समय पर कॉलोनियां हैंडओवर करने पर जोर*

          आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को मजबूत करने और कॉलोनियों का समय पर हैंडओवर सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के विकास एवं रखरखाव की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ रहवासियों की भी है। दोनों पक्षों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। उन्होंने सेक्टर-12 के रहवासियों से RWA का गठन कर कॉलोनी के रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। साथ ही नए हितग्राहियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी में सहयोग करने और किसी भी कमी की जानकारी मंडल के अध्यक्ष, आयुक्त अथवा संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की।

*नवा रायपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से हो रहा विस्तार*

       मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर देश की प्रमुख ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर के लगभग एक-तिहाई हिस्से को रिक्रिएशनल क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है, जबकि 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में हरियाली है। उन्होंने नवा रायपुर में तेजी से विकसित हो रहे शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और अन्य क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां NIFT, NFSU, NIELIT, IIM, HNLU और IIIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, श्री श्री रविशंकर जी का केंद्र, ब्रह्मकुमारी परिसर, एआई डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी नवा रायपुर के विकास को नई गति दे रही हैं।

         आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार हो रहा है। सत्य साईं अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों के निःशुल्क हृदय ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अस्पताल परिसर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर, जीनोम रिसर्च सेंटर और नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

*नवा रायपुर में खेल, कॉन्फ्रेंस और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी संभावनाएं*

           मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में खेल, कॉन्फ्रेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य और वेडिंग डेस्टिनेशन सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। आने वाले एक-दो वर्षों में वर्तमान में चल रही अनेक परियोजनाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने सेक्टर-12 फेस-2 के नए हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने नवा रायपुर में आवास लेने का सही निर्णय किया है। उन्होंने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समय-सीमा से पहले गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न हो और हितग्राहियों को बेहतर सुविधाओं के साथ समय पर आवास उपलब्ध कराए जाएं।

*हाउसिंग बोर्ड को नई ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास : मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव*

            कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने मंडल की वर्तमान कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मंडल द्वारा मांग आधारित परियोजनाओं, बेहतर आवासीय सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में मंडल की गतिविधियों में तेजी आई है और नए प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया गया है।

*सेक्टर-12 फेस-2 में 348 भवन, 704 नए फ्लैट का भी होगा निर्माण*

          मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि सेक्टर-12 फेस-2 में शेष 29.20 एकड़ भूमि पर HIG एवं MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन भवनों का बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख रुपए से 85.17 रुपए लाख तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए सेक्टर-12 फेस-2 में ही आगामी चरण में 704 नए फ्लैट का निर्माण भी शीघ्र किया जाएगा। इनमें 128 HIG, 320 MIG एवं 256 LIG श्रेणी के फ्लैट शामिल होंगे। इन आवासों का बेस विक्रय मूल्य 16.76 लाख रुपए से 40.47 लाख रुपए तक प्रस्तावित है।

*परियोजना का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन प्राथमिकता : सचिव श्री अंकित आनंद*

            कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जा रही है। सेक्टर-12 फेस-2 की परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर हितग्राहियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में बढ़ती आवासीय मांग को ध्यान में रखते हुए मंडल भविष्य में भी मांग आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता देगा।

*नवा रायपुर में मंडल की आवासीय परियोजनाओं का विस्तार*

            मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण ने बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने वर्ष 2007 में सेक्टर-27 की 154 एकड़ भूमि पर अपनी प्रथम आवासीय कॉलोनी का शुभारंभ किया था। यहां 2665 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2014 में पूर्ण कर आबंटियों को सौंपा गया। इसी प्रकार वर्ष 2011 में सेक्टर-29 की 145 एकड़ भूमि पर द्वितीय आवासीय कॉलोनी प्रारंभ की गई, जहां 3012 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2015 में पूर्ण कर आबंटियों को प्रदान किया गया।

           आयुक्त श्री शरण ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सेक्टर-16, 30 एवं 34 की 43 एकड़ भूमि पर वर्ष 2016 से आवास निर्माण प्रारंभ किया गया। यहां कमजोर आय वर्ग के लिए 2312 EWS एवं 2232 LIG, कुल 4544 फ्लैट का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 1871 भवनों का आधिपत्य हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है और हितग्राही निवासरत हैं। वहीं, सेक्टर-12 फेस-1 में 40.06 एकड़ भूमि पर वर्ष 2018 में आवासीय परियोजना प्रारंभ की गई थी। यहां HIG एवं MIG श्रेणी के 450 स्वतंत्र भवनों का निर्माण एवं विकास कार्य पूर्ण कर आबंटियों को भवन सौंपे जा चुके हैं।

*‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पीपल का पौधा रोपा*

             कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित उपस्थित अतिथियों ने पीपल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर पौधों के संरक्षण एवं अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प भी लिया गया। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर को हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने में पौधरोपण और पौधों का संरक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।कार्यक्रम में  जनप्रतिनिधिगण, मंडल के अधिकारी-कर्मचारी, , सेक्टर-12 के रहवासी, नए हितग्राही तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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पशुओं को बंधक बनाने पर टूटा प्रशासन का शिकंजा, पिता-पुत्र गिरफ्तार और सरकारी जमीन से कब्जा हटाया

रायपुर 25 अगस्त 2026/बेमेतरा जिले की दाढ़ी तहसील  अंतर्गत ग्राम हेमाबंद में आवारा एवं घुमंतू पशुओं को अनाधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पशु चिकित्सक को मौके पर भेजकर जांच कराई। प्रथमदृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी दिलीप राय के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसे और उसके पुत्र संजय राय को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है।

पुलिस के अनुसार, हेमाबंद निवासी दिलीप राय (55 वर्ष) और संजय राय (35 वर्ष) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 325, 299, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क), 11(1)(ज) तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

*शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया*

प्रशासन ने मामले में केवल एफआईआर तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। आरोपी द्वारा कब्जा की गई शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 25 अगस्त को पूर्ण कर ली गई है। साथ ही आरोपी द्वारा उपयोग किए गए जब्त ट्रैक्टर के संबंध में राजसात की कार्रवाई भी पुलिस द्वारा प्रारंभ कर दी गई है।

*126 पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाया*

मौके पर मिले 126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद सभी पशुओं को वहां से हटाकर जिले की अन्य गौशालाओं में सुरक्षित रूप से व्यवस्थापित किया गया है। पशुओं के स्वास्थ्य एवं उपचार की निगरानी के लिए संबंधित गौशालाओं में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

*मृत पशुओं की मौत की भी होगी जांच*

जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी पाए गए हैं। इन पशुओं की मृत्यु किन परिस्थितियों और किन कारणों से हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं जांच की जा रही है।

*पंचायत सचिव निलंबित*

मामले में पंचायत स्तर पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। श्री प्रकाश कोशले, सचिव ग्राम पंचायत हेमाबंद को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के प्रति क्रूरता, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे अथवा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। हेमाबंद मामले में भी दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।जिला प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

और भी

राखी का बंधन, खुशियों का संसार—महतारी वंदन से बहनों को संबल अपार,31वीं किस्त से बढ़ा रक्षाबंधन का उत्साह, ममता राजवाड़े ने कहा—विष्णु भैया का यह उपहार बहनों के लिए बना सहारा

रायपुर, 25 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में सहयोग दे रही है। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से प्रदेश की बहनों के लिए त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गई हैं।

सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लटोरी निवासी ममता राजवाड़े भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं। ममता महिमा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और जेंडर गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त समय पर मिलने से इस बार त्योहार की तैयारियां उनके लिए आसान हो गई हैं।

ममता ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने इस पर्व की तैयारियों में उनका सहारा बढ़ाया है। किस्त मिलने के बाद उन्होंने अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की। इससे त्योहार की तैयारियां सहज हुईं और परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।

*महिलाओं की जरूरतों का बन रहा नियमित सहारा*

ममता ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इस राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार के खर्चों में भी सहयोग कर पा रही हैं। योजना ने महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का अवसर दिया है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की यह पहल उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनी है। नियमित सहायता राशि से जरूरत के समय किसी के सामने हाथ फैलाने की स्थिति कम हुई है और महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है।

*“विष्णु भैया का यह उपहार बहनों के लिए किसी सौगात से कम नहीं”*

ममता राजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना “विष्णु भैया” बताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलना बहनों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “विष्णु भैया की सरकार बहनों के सम्मान और जरूरतों का ध्यान रख रही है। रक्षाबंधन के समय मिली सहायता से त्योहार की खुशियां बढ़ी हैं और हमें आर्थिक संबल मिला है।”

ममता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से वे सम्मानपूर्वक अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर पा रही हैं।

और भी

विष्णु भैया’ के उपहार से बहनों के सपनों को मिली उड़ान, महतारी वंदन से प्रेमलता बनीं आत्मनिर्भर

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रायपुर, 25 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सहभागी बन रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की राशि ने बहनों की खुशियों को और बढ़ाया है।

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम खोखरा निवासी श्रीमती प्रेमलता राठौर के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह लेकर आई है। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे परिवार की दैनिक जरूरतों, राशन और घरेलू खर्चों को पूरा करने में करती हैं। इससे उन्हें अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे पा रही हैं।

*बिहान से जुड़कर बढ़ाया आजीविका का दायरा*

श्रीमती प्रेमलता राठौर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर आटा चक्की का संचालन भी कर रही हैं। मेहनत, लगन और अपने हुनर के जरिए उन्होंने स्वरोजगार को अपनी आय का जरिया बनाया है। आटा चक्की से होने वाली आमदनी परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक बन रही है।

महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके इस छोटे व्यवसाय को भी मजबूती दे रही है। वे जरूरत के अनुसार राशि का उपयोग आटा चक्की की मरम्मत और आवश्यक कार्यों में करती हैं। इस तरह योजना की सहायता उनके लिए केवल घरेलू खर्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि आजीविका को निरंतर बनाए रखने और स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में भी उपयोगी साबित हो रही है।

*रक्षाबंधन से पहले मिली राशि, चेहरे पर आई खुशी*

रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की राशि मिलने से श्रीमती प्रेमलता के परिवार में भी खुशी का माहौल है। वे इसे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार और अपने काम के लिए उपयोगी आर्थिक सहयोग मानती हैं। उनके लिए यह राशि आर्थिक सहायता के साथ सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता का भाव भी लेकर आई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती प्रेमलता राठौर कहती हैं, “हमारे विष्णु भैया अपनी बहनों की जरूरत को समझते हैं। रक्षाबंधन के उपहार के रूप में त्योहार से पहले ही पैसे मिल गए। इससे हम अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार और अपने काम में भी सहयोग कर पा रहे हैं।”

महतारी वंदन योजना से जुड़ी प्रेमलता राठौर की कहानी बताती है कि जब महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग, आजीविका के अवसर और आत्मनिर्भर बनने का भरोसा मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होती हैं, बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत होकर आगे बढ़ने का रास्ता भी स्वयं तैयार करती हैं। राखी के इस पर्व पर महतारी वंदन की सहायता उनके लिए आर्थिक संबल के साथ ‘विष्णु भैया’ की सरकार के महिला सम्मान और सशक्तिकरण के संकल्प का भरोसा भी बन रही है।

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ड्रोन के पंखों से आत्मनिर्भरता की उड़ान, ‘विष्णु भैया’ की योजनाओं से हेमलता बनीं ड्रोन दीदी,आधुनिक कृषि तकनीक से गांव की तस्वीर बदल रहीं हेमलता मनहर

रायपुर, 25 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाएं अब ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी श्रीमती हेमलता मनहर ऐसी ही प्रेरणादायी महिला हैं, जिन्होंने तकनीक को रोजगार का माध्यम बनाकर अपनी पहचान बनाई है। आज वे अपने क्षेत्र में सम्मान के साथ ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पहचानी जाती हैं।

*नमो ड्रोन दीदी योजना ने दिखाई नई राह*

श्रीमती हेमलता मनहर ने नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाया। ड्रोन के माध्यम से वे किसानों के खेतों में नैनो उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही हैं। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत हो रही है, वहीं हेमलता के लिए यह सम्मानजनक स्वरोजगार और नियमित आय का जरिया बन गया है।

तकनीक के क्षेत्र में कदम रखकर हेमलता ने यह साबित किया है कि ग्रामीण महिलाएं भी आधुनिक तकनीक को आसानी से अपना सकती हैं और उसे अपनी आजीविका का मजबूत आधार बना सकती हैं। उनकी सफलता गांव की अन्य महिलाओं को भी नए अवसर तलाशने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।

*सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की आय*

ड्रोन संचालन से कृषि कार्य करने पर श्रीमती हेमलता प्रतिवर्ष लगभग 1 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा में भी सहयोग कर रही हैं। उनके लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में मिली नई पहचान भी बड़ी उपलब्धि है।

हेमलता बताती हैं कि पहले उनकी दिनचर्या मुख्य रूप से घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थी, लेकिन शासन की योजनाओं से मिले अवसर ने उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज वे स्वयं रोजगार अर्जित करने के साथ किसानों की मदद कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

*महतारी वंदन से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल*

श्रीमती हेमलता महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित हो रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है। नमो ड्रोन दीदी योजना से प्राप्त रोजगार और महतारी वंदन से मिले आर्थिक संबल ने उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया है।

वे कहती हैं कि महिलाओं को केवल सहायता ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के अवसर भी मिलना जरूरी है। जब महिलाओं को आर्थिक सहयोग के साथ कौशल और तकनीक से जोड़ा जाता है, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

*‘विष्णु भैया’ की योजनाओं से बहनों को मिल रहा सम्मान और अवसर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती हेमलता मनहर कहती हैं, “हमारे विष्णु भैया बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। शासन की योजनाओं ने महिलाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया है।”

हेमलता की कहानी छत्तीसगढ़ की उन ग्रामीण महिलाओं की बदलती तस्वीर को सामने लाती है, जो अब केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के सहारे आर्थिक रूप से मजबूत होकर विकास की नई इबारत लिख रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना से मिला ड्रोन उनके हाथों में केवल तकनीक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के पंख बन गया है।

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मुख्यमंत्री ने संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया

रायपुर, 25 अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोमवार को निवास कार्यालय में संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।

इस अवसर पर कृषि एवं आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री प्रबोध मिंज उपस्थित थे।

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‘स्नेह की डोर’ में दिखा भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा का भावपूर्ण संगम, शहीद की धर्मपत्नी ने मुख्यमंत्री साय की कलाई पर बांधी राखी तो भावुक हुए मुख्यमंत्री; बोले—शहीद परिवार हमारे अपने, हर सुख-दुःख में साथ खड़ी रहेगी सरकार

रायपुर 25 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले राजधानी रायपुर में आज भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर जब स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने रक्षा सूत्र बांधे तो पूरा वातावरण आत्मीयता, सम्मान और कृतज्ञता के भाव से भर उठा।

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पूर्व नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद उपनिरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री इस अवसर पर भावुक हो उठे। उन्होंने शहीद श्री वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए शहीद जवानों के परिवारों के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प दोहराया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राखी का यह धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का बंधन नहीं, बल्कि एक शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। हमारे वीर जवानों का बलिदान और उनके परिवारों का त्याग छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता। शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार हैं और उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़े रहने का यह रिश्ता सदैव अटूट रहेगा।

*नक्सलवाद के अंत से बहनों को मिला सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश और छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने के लिए हमारे सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है और अनेक जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है। अब वह समय आ रहा है जब नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा, किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा और किसी बहन को अपने भाई के सकुशल घर लौटने की चिंता नहीं सताएगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता ने बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और विकास के नए युग का मार्ग प्रशस्त किया है। इस परिवर्तन में बस्तर की जनता का विश्वास और सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर की पहचान हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और नई संभावनाओं से होगी। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रहे क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर तेजी से पहुंचाए जा रहे हैं। सरकार का संकल्प बस्तर को देश के श्रेष्ठ और विकसित आदिवासी अंचलों में शामिल करना है।

*जवानों की कलाइयों पर सजी बहनों की राखी*

‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और राष्ट्र तथा समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा आत्मीय और अद्भुत दृश्य पहली बार देखा है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए घर-परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले जवानों को जब इतनी बड़ी संख्या में बहनों ने राखी बांधी तो रक्षाबंधन का पर्व अपने व्यापक अर्थ में साकार होता दिखाई दिया। हमारे जवान केवल सीमाओं और समाज के सुरक्षा प्रहरी नहीं, बल्कि प्रदेश की बहनों के भाई भी हैं।

इस अवसर पर सुरक्षा बलों के जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जवानों का सम्मान किया।

*बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें छत्तीसगढ़ की लाखों-करोड़ों बहनों का अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है। बहनों का यही विश्वास और अपनापन जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण आज शासन की नीतियों के केंद्र में है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। लखपति दीदी अभियान ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है और प्रदेश की 13 लाख 85 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाएं अब परिवार की आर्थिक शक्ति बनने के साथ गांव और समाज के विकास का नेतृत्व भी कर रही हैं।

*रक्षाबंधन से पहले लगभग 68 लाख बहनों को 631 करोड़ रुपये*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बनी है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में लगभग 68 लाख बहनों के बैंक खातों में करीब 631 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से मजबूत बनें, अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं ले सकें और अपने त्योहार पूरे उत्साह एवं सम्मान के साथ मना सकें।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को भी रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने बहनों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उनके सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

*देश की एकता और जवानों के सम्मान का दिलाया संकल्प*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा देश के वीर जवानों के प्रति सदैव सम्मान का भाव रखने का संकल्प दिलाया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल वर्दीधारी जवानों का दायित्व नहीं है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करे तथा राष्ट्रविरोधी शक्तियों के विरुद्ध सजग रहे। जवानों के प्रति सम्मान की भावना समाज और नई पीढ़ी में और मजबूत हो, ‘स्नेह की डोर’ जैसे आयोजन इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में केंद्रीय सुरक्षा बलों और पैरामिलिट्री फोर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने साहस के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई लड़ी है।

उन्होंने कहा कि एक समय नक्सल हिंसा के कारण अनेक परिवारों ने अपने बेटे, भाई और जीवनसाथी खोए, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। वह दिन दूर नहीं जब किसी बहन को यह नहीं कहना पड़ेगा कि उसका भाई ड्यूटी पर गया था और लौटकर नहीं आया। उन्होंने समाज से वैचारिक रूप से भी सजग रहने और देश की एकता-अखंडता को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

*रायपुर जिले को मिले पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा तैयार पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स—‘हरित पोषणम्’, ‘प्रोजेक्ट निरामय’, ‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’, ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ और ‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ का शुभारंभ किया।

‘हरित पोषणम्’ के माध्यम से आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे तथा सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ महिलाओं और समुदाय को पोषण अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ना है।

‘प्रोजेक्ट निरामय’ के अंतर्गत रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65 हजार 920 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य एवं रक्त जांच की जाएगी। जांच में स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाए जाने पर आवश्यकतानुसार निःशुल्क उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।

‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’ के माध्यम से रायपुर में प्रत्येक माह सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना है।

‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों के जीवन, अनुभव और विचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से सामने लाया जाएगा।

‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ के माध्यम से जिले के सौंरा (सपेरा) समुदाय के परिवारों को शासन की मुख्यधारा और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधि, सुरक्षा बलों के अधिकारी-जवान, स्कूली विद्यार्थी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

और भी

जशपुर में पहली बार राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता की तैयारी तेज, सीईओ अभिषेक कुमार ने आश्रम-छात्रावासों के निरीक्षण और विकास कार्यों की समीक्षा के दिए निर्देश


जशपुर 23 अगस्त 2026/ जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सोमवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने सीएम हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन कलेक्टर जनदर्शन सहित सभी लंबित आवेदनों गहन समीक्षा की और अधिकारियों को आवेदन का निराकरण गंभीरता से करने के निर्देश दिए।


इस अवसर पर सभी एसडीएम ,जनपद पंचायत सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

जिला पंचायत सीईओ ने जिले के आश्रम छात्रावास के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी को निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
और आनलाईन प्रतिवेदन जमा करने के लिए कहा।

जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि आगामी 29 अगस्त से 1 सितंबर तक पुरानी टोली  स्थिति कम्युनिटी हॉल में चेकमेट एट जशपुर 2026 प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है इसके लिए संबंधित अधिकारियों को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एवं खेल विभाग तथा जशपुर जिला शतरंज संघ द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ी शामिल होंगे।
प्रतियोगिता में कुल 2 लाख 50 हजार रूपए की पुरस्कार राशि रखी गई है।
मुख्य श्रेणी में विजेता को 50 हजार रुपए एवं ट्रॉफी उप विजेता को 30 हजार और तृतीय स्थान प्राप्त खिलाड़ी को 20 हजार रुपए एवं ट्रॉफी मिलेगा।

इसके अलावा विभिन्न रेटिंग, महिला, वरिष्ठ, आयु वर्ग तथा जशपुर और सरगुजा संभाग के खिलाड़ियों के लिए भी विशेष पुरस्कार रखे गए हैं।
जिला पंचायत सीईओ ने समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणा के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

उन्होंने मंगल भवन, सामुदायिक भवन,सीसी रोड, सांस्कृतिक भवन,खेल मैदान,मिनी स्टेडियम,आदि प्रगतिरत निर्माण कार्यों की जानकारी ली।

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राशन दुकान में अनियमितता की शिकायत पर खाद्य निरीक्षक ने की जांच, 627 हितग्राहियों को अब तक बांटा गया खाद्यान्न

जशपुरनगर, 25 अगस्त 2026/ जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोकियाखार स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में एक माह का चावल रोकने तथा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शक्कर विक्रय किए जाने की शिकायत पर के खाद्य विभाग द्वारा जांच की गई। खाद्य निरीक्षक, पत्थलगांव द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण एवं जांच कर संचालन में पाई गई अनियमितताओं के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पत्थलगांव को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
    खाद्य अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम पंचायत कोकियाखार में कुल 787 राशनकार्डधारी हितग्राही हैं, जिनमें से आज दिनांक तक 627 राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न का वितरण किया जा चुका है। दुकान संचालक द्वारा बताया गया कि माह जुलाई एवं अगस्त 2026 का खाद्यान्न हितग्राहियों को वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाद्य विभाग द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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सेवानिवृत्ति के बाद भी नहीं भूले सहकर्मी, ग्रामीण सड़कों के विकास में अहम योगदान देने वाले हरिओम शर्मा का जशपुर में आत्मीय सम्मान, भावुक हुआ मिलन समारोह

सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा के सम्मान में जशपुर में हुआ आत्मीय मिलन समारोह

जशपुर । सरगुजा संभाग में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और ग्रामीण सड़क विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता श्री हरिओम शर्मा के सम्मान में जशपुरनगर में आत्मीय मिलन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों से पहुंचे अधिकारियों, अभियंताओं और विभागीय सहकर्मियों ने श्री शर्मा का आत्मीय स्वागत कर उनका सम्मान किया।

इस दौरान श्री हरिओम शर्मा को शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। अधिकारियों और सहकर्मियों ने उनके लंबे शासकीय सेवाकाल को याद करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, गुणवत्ता और विभागीय कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में उनके योगदान को सराहा।

समारोह में अधिकारियों ने कहा कि श्री शर्मा की कार्यशैली, अनुभव और मार्गदर्शन से विभाग के अनेक अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित हुए हैं। ग्रामीण सड़कों के विकास को गति देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

इस अवसर पर श्री हरिओम शर्मा ने भी अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा के दौरान मिला सहयोग, स्नेह और अपनापन उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।

समारोह का माहौल आत्मीय और भावुक रहा। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्री शर्मा के स्वस्थ, सुखमय और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। सरगुजा संभाग की ओर से आयोजित यह मिलन समारोह उनके प्रति सम्मान और स्नेह की यादगार अभिव्यक्ति बन गया।

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नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने ई-बस योजना, पीएम आवास और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की समीक्षा की

रायपुर. 24 अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री ई-बस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना तथा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं की व्यवहारिकता, वित्तीय पक्ष, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा नागरिकों को मिलने वाले लाभों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में जनसुविधा, समग्र योजना, समयबद्धता, वित्तीय व्यवहार्यता और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल भी बैठक में मौजूद थे।

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत रायपुर में ई-बसों के संचालन को व्यवस्थित, सुविधाजनक और अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए व्यापक रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बसों के रूट निर्धारित करते समय रायपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के साथ स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल करें, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके और अधिक से अधिक नागरिक सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठा सकें। उन्होंने प्रस्तावित बस रूटों की व्यवहारिकता, यात्री आवागमन एवं कनेक्टिविटी का आकलन करने के लिए विस्तृत सर्वे प्लान तैयार कराने के निर्देश दिए। साथ ही पीपीपी मॉडल के आधार पर बस-स्टॉप्स की सूची तैयार करने तथा बस-स्टॉप्स का निर्धारण यात्रियों की सुविधा और आवश्यकता के अनुरूप करने को कहा।

प्रमुख सचिव ने यात्रियों की सुविधा और आम नागरिकों की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हुए युक्तिसंगत एवं सुविधाजनक किराया निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बस योजना को आधुनिक एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए नवीन तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जाए। बस-रूट, बस-स्टॉप, बसों की उपलब्धता एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं को तकनीक आधारित बनाते हुए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।

श्री बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों को मिशन अवधि की अंतिम निर्धारित तिथि 30 सितम्बर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में शेष एवं निर्माणाधीन आवासों की संख्या के आधार पर साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर विशेष ड्राइव चलाने तथा आवास निर्माण को मिशन मोड में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक नगरीय निकाय स्तर पर आवासों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और जहां निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां आवश्यक समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। 

प्रमुख सचिव ने जिला कलेक्टरों को भी जिले में शेष आवासों को पूर्ण कराने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा उनकी सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से लंबित आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए। आवास निर्माण में आने वाली तकनीकी, प्रशासनिक व अन्य समस्याओं की समयबद्ध पहचान कर उनका निराकरण सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने हितग्राहियों के आवास निर्माण की वास्तविक प्रगति के आधार पर योजना के प्रावधानों के अनुसार किस्त की राशि का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक वित्तीय सहायता मिल सके और निर्माण कार्य में गति बनी रहे।

श्री बोरा ने बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की योजनाओं के लिए चिन्हित क्लस्टरों, उनकी व्यवहार्यता तथा वित्तीय पक्षों का विस्तृत परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाएं ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इनके क्रियान्वयन के लिए तकनीकी व्यवहार्यता के साथ-साथ दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता का स्पष्ट आकलन भी आवश्यक है। उन्होंने वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में राज्य सरकार एवं नगरीय निकायों पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय दायित्व का समग्र आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य में इन परियोजनाओं के संचालन एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए अपेक्षित वित्तीय संसाधनों का यथार्थपरक अनुमान तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों को आगे बढ़ाते समय राज्य सरकार पर पड़ने वाले संभावित दीर्घकालिक वित्तीय भार का स्पष्ट आकलन किया जाए, ताकि परियोजनाओं की वित्तीय संरचना व्यवहारिक एवं टिकाऊ हो।

बैठक में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के अंतर्गत निजी क्षेत्र की संभावित सहभागिता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने सक्षम एवं अनुभवी निजी भागीदारों की उपलब्धता, परियोजना में निवेश के प्रति उनकी रुचि तथा उनकी अपेक्षाओं का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य सरकार, नगरीय निकायों एवं निजी क्षेत्र के बीच उत्तरदायित्वों और वित्तीय सहभागिता का संतुलित निर्धारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि परियोजनाओं का क्रियान्वयन व्यावहारिक एवं दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके। उन्होंने प्रस्ताव को यथाशीघ्र अंतिम रूप देकर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*15वें वित्त आयोग के कार्यों की बेहतर प्लानिंग और गैप एनालिसिस पर जोर*

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में अधिकारियों को 15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि का उपयोग समुचित एवं दीर्घकालिक योजनाओं के आधार पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय आवश्यकताओं का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यों की योजना तैयार की जाए, जिससे सीमित संसाधनों का अधिकतम प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने विशेष रूप से सड़कों की प्लानिंग पर जोर देते हुए कहा कि सड़क निर्माण एवं उन्नयन के कार्यों को अलग-अलग एवं बिखरे हुए रूप में करने के बजाय शहर की समग्र अधोसंरचना एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से किया जाए। सड़कों से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यकता, यातायात दबाव, कनेक्टिविटी और क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए प्राथमिकता तय करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव ने नगरीय निकायों में सैचुरेशन आधारित विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का आकलन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि आवश्यक नागरिक सुविधाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध हों। इसके लिए उन्होंने गैप एनालिसिस तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक शहरी अधोसंरचना से संबंधित कमियों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जा सके। गैप एनालिसिस के आधार पर कार्यों का चयन होने से विकास कार्य अधिक लक्षित, प्रभावी और परिणामोन्मुख होंगे।

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छत्तीसगढ़ में UCC के प्रारूप पर मंथन की बड़ी तैयारी, 27 अगस्त को रायपुर में जुटेंगे 200 से अधिक प्रतिनिधि; ऑनलाइन भी दिए जा सकेंगे सुझाव

​रायपुर, 21 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) लागू करने शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की उपस्थिति में आगामी 27 अगस्त 2026 को राजधानी के कन्वेंशन हॉल, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, रायपुर में एक राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है।

            ​इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर व्यापक विचार-विमर्श करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200  जिनमें आयेाग, निगम, मंडल, विभिन्न सामाजिक संगठनों, समाज प्रमुखों,  विकास प्राधिकरणों के प्रदाधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिक, जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों के विचार, अनुभव और सुझाव कानून के भावी स्वरूप को गढ़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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           ​बैठक में समान नागरिक संहिता के विभिन्न प्रावधानों, सामाजिक प्रभावों और व्यावहारिक पहलुओं पर गहराई से चर्चा की जाएगी। राज्य शासन का उद्देश्य एक ऐसा समावेशी और संतुलित प्रारूप तैयार करना है जो राज्य के सभी वर्गों के हितों का ध्यान रख सके। विस्तृत चर्चा/सुझाव हेतु विभिन्न समूह को पृथक से भी आमंत्रित किया जाएगा, समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) का  online सुझाव इस पर भी दिया जा सकता है

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जल जीवन मिशन को मिलेगी रफ्तार, PHED में 111 युवा उप अभियंताओं की एक साथ नियुक्ति; सुप्रीम कोर्ट से स्थगन हटते ही 2 दिन में जारी हुए पदस्थापना आदेश, 15 दिनों में ज्वाइनिंग अनिवार्य

रायपुर. 24 अगस्त 2026. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 111 उप अभियंताओं की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। इनमें 101 सिविल अभियंता और 10 विद्युत/यांत्रिक अभियंता शामिल हैं। प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा नियुक्ति के साथ ही सभी चयनित उप अभियंताओं की पदस्थापना के आदेश भी जारी किए गए हैं। चयनितों को नियुक्ति आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर पदस्थापना कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने कहा गया है। निर्धारित तिथि तक उपस्थित नहीं होने की स्थिति में नियुक्ति स्वयंमेव निरस्त मानी जाएगी। 

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता (सिविल) के 118 पदों तथा उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के 10 पदों पर भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा अप्रैल-2025 में लिखित परीक्षा ली गई थी। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद जुलाई-2025 में  विभाग द्वारा व्यापम की मेरिट सूची के अनुसार अभ्यार्थियों के दस्तावेज परीक्षण और पदस्थापना विकल्प के संबंध में कांउसलिंग के बाद उच्चतम न्यायालय में दायर स्थगन के कारण नियुक्ति प्रक्रिया विलंबित रही। उच्चतम न्यायालय द्वारा 20 अगस्त 2026 को याचिका के निराकरण के बाद उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने तत्काल 22 अगस्त को प्रथम चरण में अनुशंसित चयन सूची के अनुसार सिविल के 101 उप अभियंताओं तथा विद्युत/यांत्रिकी के 10 उप अभियंताओं के पदस्थापना आदेश जारी कर दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा कि युवा इंजीनियरों की विभाग में नियुक्ति से विभागीय कार्यों, विशेषकर जल जीवन मिशन के कार्यों में गति आएगी। उच्चतम न्यायालय से प्रकरण के निराकरण के तत्काल बाद हमने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। इन युवा इंजीनियरों की ऊर्जा और तकनीकी दक्षता का लाभ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को मिलेगा।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सभी चयनितों को पदस्थापना कार्यालय में उपस्थिति देते समय शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, स्थाई जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, सक्षम मेडिकल बोर्ड का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्रों की मूल प्रति अनिवार्यतः प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मूल तकनीकी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र के साथ कक्षा दसवीं की अंकसूची जिसमें जन्मतिथि अंकित हो या मूल जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। 

देंखे सूची : पीडीएफ 1

                पीडीएफ 2

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मेहनत करने वाले श्रमिकों के बच्चों को अब सपनों की उड़ान, मुख्यमंत्री साय ने कहा—आर्थिक परिस्थितियां प्रतिभा के रास्ते में नहीं बनेंगी बाधा, शिक्षा से तय होगा सुनहरा भविष्य

रायपुर 24 अगस्त 2026/  श्रमिक हमारे विकास की मजबूत नींव हैं। अपने परिश्रम से वे सड़कें, भवन, पुल और विकास की अनेक संरचनाएं खड़ी करते हैं। ऐसे श्रमिक परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे, अपने सपनों को पूरा करेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का संकल्प भी साकार होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने योजना के अंतर्गत अध्ययनरत बच्चों से आत्मीय संवाद किया और शिक्षा, खेल, कला तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों को 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को आज व्यवस्थित यूनिफॉर्म में, आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में संवाद करते और शिक्षा के साथ खेल तथा अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इन बच्चों का आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि उचित अवसर और अच्छी शिक्षा मिले तो कोई भी परिस्थिति प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।

उन्होंने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों के साथ की गई थी। इस वर्ष इसका विस्तार करते हुए 200 बच्चों को योजना के अंतर्गत प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में शिक्षा का अवसर दिया गया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित प्रतिभावान बच्चे राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना कभी श्रमिक परिवारों के लिए कठिन सपना हुआ करता था, आज राज्य सरकार उस सपने को साकार कर रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना केवल बच्चों को अच्छे विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की योजना नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर वातावरण, आत्मविश्वास और अपने सपनों को पूरा करने के लिए समान अवसर देने की पहल है।

*श्रमिकों के परिश्रम से खड़ी होती है विकास की मजबूत बुनियाद*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश और देश के निर्माण में श्रमिकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि शहरों की ऊंची इमारतों से लेकर गांवों की सड़कों तक और बड़े पुलों से लेकर विकास की अनेक अधोसंरचनाओं के पीछे श्रमिकों का परिश्रम है। सरकार का दायित्व है कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए 67 प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व सहायता, दिव्यांग सहायता, पेंशन, कौशल उन्नयन, रोजगार और आवास सहित जीवन के विभिन्न चरणों में सहायता देने वाली योजनाएं शामिल हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इन योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पात्र श्रमिकों तक पहुंचे और सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा हो।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

*शिक्षा विकास का मूलमंत्र, परिस्थितियां नहीं रोक सकतीं आगे बढ़ने का रास्ता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए अपने जीवन के संघर्ष और अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, शिक्षा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अभी से बड़े सपने देखें और तय करें कि भविष्य में किस क्षेत्र में जाकर देश और प्रदेश की सेवा करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि कोई डॉक्टर बनना चाहता है, कोई इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी, तो कोई व्यवसाय, समाजसेवा अथवा अन्य क्षेत्र में जाना चाहता है। लक्ष्य कोई भी हो, उसकी मजबूत नींव शिक्षा ही है। इसलिए बच्चों को मिले इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आज उच्च शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं। श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा हेतु ऋण तथा विदेश में अध्ययन के लिए सहायता जैसी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। सरकार चाहती है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान बच्चे की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।

*नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी खुल रहे शिक्षा और विकास के नए द्वार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के बाद प्रदेश के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। जिन क्षेत्रों में कभी शिक्षा और विकास की पहुंच कठिन थी, वहां अब नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के वही अवसर मिलें, जो बड़े शहरों के बच्चों को उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र को ध्येय मानकर छत्तीसगढ़ सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सिद्धि के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और विकास के अवसर पहुंचाना आवश्यक है। श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

*ढाई वर्षों में श्रमिकों के खातों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता*

श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार नई पहल की जा रही है। श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से वर्तमान में 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ श्रमिकों को दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में अंतरित की गई है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक का बच्चा परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को सीमित न करे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, वैज्ञानिक, उद्यमी अथवा अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में ऊंचाइयां हासिल करे।

श्रम मंत्री ने बताया कि बदलते रोजगार परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए श्रमिक कल्याण योजनाओं का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। पार्सल डिलीवरी से जुड़े श्रमिकों को वाहन खरीदने के लिए सहायता तथा चरवाहों को आर्थिक सहायता देने जैसी नई योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।

राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए प्रत्येक परिवार को विकास की यात्रा में साथ लेकर चलना होगा। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का बड़ा अवसर दे रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया।

डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना ने ऐसे परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के लिए प्रतिष्ठित विद्यालयों के द्वार खोले हैं, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर जीवन में नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ने और अपने माता-पिता तथा छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

*किसी का सपना आईएएस बनना, किसी को मिला अंग्रेजी बोलने का आत्मविश्वास*

समारोह में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। बच्चों की बातों में नए अवसर मिलने की खुशी के साथ भविष्य के बड़े सपनों का आत्मविश्वास भी दिखाई दिया।

राजनांदगांव के दिल्ली पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत बीजापुर के अतीश ने बताया कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उन्हें इतने प्रतिष्ठित विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलेगा। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के कारण उन्हें पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियों में अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिला है। अतीश ने मुख्यमंत्री के सामने आईएएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का अपना सपना भी साझा किया।

रुंगटा पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत कबीरधाम की छात्रा इशिका डाहरे ने बताया कि पहले उन्हें विश्वास नहीं था कि वे अंग्रेजी में सहजता से बात कर पाएंगी। नए विद्यालय में मिले वातावरण और अवसरों ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना उनके लिए कठिन था, लेकिन इस योजना ने उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने को साकार किया है।

*बच्चों के बीच सहज हुए मुख्यमंत्री, साथ बैठकर किया भोजन*

समारोह का सबसे आत्मीय दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय श्रमिक परिवारों के बच्चों के साथ दोपहर का भोजन करने बैठे। मुख्यमंत्री बच्चों के बीच सहजता से बैठे और परिवार के सदस्य की तरह उनसे बातचीत करते रहे। औपचारिक कार्यक्रम से अलग इस संवाद में बच्चों ने भी मुख्यमंत्री से खुलकर सवाल किए।

किसी ने मुख्यमंत्री के बचपन के बारे में पूछा, तो किसी ने उनकी पढ़ाई, पसंदीदा भोजन और जीवन के संघर्षों के बारे में जानना चाहा। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए बच्चों के प्रत्येक सवाल का जवाब दिया और अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री की सहजता और आत्मीयता ने बच्चों को खासा प्रभावित किया। एक बच्चे ने उत्साह के साथ कहा - “मुख्यमंत्री जी हमारे अच्छे टीचर जैसे हैं। उनसे जितने भी सवाल पूछो, वे परेशान नहीं होते और हर सवाल का जवाब देते हैं।” बच्चों ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठकर भोजन करना, उनसे खुलकर बातें करना और अपने सपने साझा करना उनके लिए ऐसा अनुभव है, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से कहा कि उनकी सफलता ही सरकार और उनके माता-पिता की सबसे बड़ी खुशी होगी। वे खूब पढ़ें, अपने सपनों को बड़ा रखें और जब जीवन में सफल हों तो समाज तथा अपने प्रदेश के प्रति अपने दायित्व को भी हमेशा याद रखें।

उल्लेखनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य आर्थिक परिस्थितियों के कारण प्रतिभावान बच्चों के अवसर सीमित न होने देना और उन्हें उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

कार्यक्रम में सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, उपाध्यक्ष श्री किशोर महानंद, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी, श्रमिक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

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राखी के त्योहार से पहले बहनों के खातों में पहुंचेगी महतारी वंदन की सौगात, मुख्यमंत्री साय 25 अगस्त को डौण्डीलोहारा में आयोजित समारोह से 67 लाख से अधिक हितग्राहियों को 631 करोड़ 38 लाख रुपये से ज्यादा की 31वीं किस्त करेंगे जारी


रायपुर, 24 अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 25 अगस्त को बालोद जिले के विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित बिहान दीदी एवं स्व-सहायता समूह के सम्मान समारोह के अवसर पर महतारी वंदन योजना के 31वीं किस्त 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खाते में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रूपये की राशि का अंतरण करेंगे। 

 उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैय्या के द्वारा रक्षाबंधन के ठीक पूर्व महतारी वंदन योजना की राशि बहनों के खातें में सीधे अंतरण कर लाभान्वित करेंगे। राज्य सरकार के इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से प्रतिमाह मिलने वाली राशि महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण एवं चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा सुपोषण के लिए अत्यंत मददगार साबित हो रहा है। इसके अलावा इस राशि का उपयोग राज्य की महिलाओं के द्वारा बेटियों की सुरक्षित एवं सुखद भविष्य हेतु सुकन्या समृद्धि योजना में जमा करने के साथ-साथ विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के निष्पादन में भी सहायक सिद्ध हो रहा है। महतारी वंदन योजना से अब तक 30 किस्तों में 19 हजार 444 करोड़ की सहायता राशि बहनों को प्रदान की जा चुकी है। ज्ञातव्य है कि सितंबर 2026 की 31वीं किस्त की सहायता राशि का भुगतान सितंबर माह में किया जाना है, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बहनों को सौगात के तौर पर सितंबर माह की राशि को राखी त्योहार के पूर्व बहनोें के खातें में अंतरित किया जाएगा।

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नारियल लेकर पहुंचे ग्राहक, हाथों में थामी बाइक की चाबी और चेहरों पर छाई खुशी, देवनारायण होंडा की अनूठी पहल से 11 मेहनतकश परिवारों का पूरा हुआ बाइक का सपना

जशपुर। श्रावण शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी के शुभ अवसर पर देवनारायण होंडा, जशपुर में नारियल उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Honda Shine 100 DX की ग्यारह गाड़ी की शानदार डिलीवरी हुई। ग्राहकों ने एक-एक नारियल लेकर उत्सव में हिस्सा लिया और उन्हें उनकी नई मोटरसाइकिल की चाबी सौंपी गई। चाबी मिलते ही ग्राहकों की खुशी देखते ही बनी और उन्होंने देवनारायण होंडा टीम के साथ नारियल उत्सव का आनंद लिया।

यह नारियल उत्सव केवल डिलीवरी कार्यक्रम नहीं, बल्कि देवनारायण होंडा की उस पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हर ग्रामीण, हर मेहनतकश और गांव के अंतिम छोर पर रहने वाले जरूरतमंद व्यक्ति तक   मोटरसाइकिल पहुंचाना है। ऐसे लोग जिन्हें रोजगार के लिए दूर जाना पड़ता है, बच्चों को स्कूल छोड़ना होता है और जिनकी सीमित आमदनी के कारण नई बाइक के लिए मार्जिन मनी जुटाना मुश्किल होता है।

इन्हीं जरूरतमंद ग्राहकों के लिए देवनारायण होंडा ने “एक नारियल में Honda Shine 100 DX की चाबी” की अनूठी पहल शुरू की है। इस पहल के तहत ग्राहक एक नारियल लेकर देवनारायण होंडा पहुंच सकते हैं और फाइनेंस की पात्रता एवं लागू नियम-शर्तों के अनुसार आसान किस्तों में अपनी नई Honda Shine 100 DX खरीदने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

देवनारायण होंडा का मानना है कि मोटरसाइकिल केवल आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि रोजगार, समय की बचत और आत्मनिर्भरता का माध्यम है। अपनी बाइक होने से मेहनतकश व्यक्ति समय पर काम पर पहुंच सकता है, बच्चों को स्कूल ले जा सकता है और परिवार की जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभा सकता है।

Honda Shine 100 DX पर विशेष “एक नारियल में बाइक” अभियान 31 अगस्त तक जारी है। देवनारायण होंडा का प्रयास है कि इस पहल के माध्यम से अधिक से अधिक मेहनतकश परिवार अपनी खुद की मोटरसाइकिल के सपने को साकार कर सकें।

“हर मेहनतकश परिवार के हाथ में Honda Shine 100 DX की चाबी” — इसी उद्देश्य के साथ देवनारायण होंडा, जशपुर अपनी इस विशेष पहल को आगे बढ़ा रहा है।

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कलेक्टर रोहित व्यास का शिक्षा पर बड़ा फोकस: हर कक्षा में आईटी मॉनिटर, स्मार्ट क्लास में इंटरनेट और बच्चों को तकनीकी प्रशिक्षण के निर्देश

जशपुरनगर, 24 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक लेकर जिले में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, सीखने की क्षमता बढ़ाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए संचालित नवाचारों एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने और शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं रुचिकर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जश लर्न, जश क्वेस्ट, स्मार्ट क्लासेस, संपर्क स्मार्ट शाला, संपर्क क्लासेस, अंतरिक्ष संगवारी के अंतर्गत एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग, नन्हे सितारे और विद्याधन छात्रवृत्ति सहित अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक इनका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल सरगुजा संभाग में आयोजित सरगुजा ओलंपिक को  खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए महत्वपूर्ण मंच बताते हुए इसके बेहतर एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने तथा अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट, अपार आईडी तथा विद्यार्थियों को पुस्तक वितरण की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि छात्रों को योजनाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं का समय पर लाभ मिल सके।

*स्मार्ट क्लास में छात्रों को भी किया जाए प्रशिक्षित*

कलेक्टर श्री व्यास ने स्कूलों में संचालित स्मार्ट क्लासेस के तहत डैशबोर्ड के बेहतर संचालन के लिए विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कक्षा में एक विद्यार्थी को आईटी मॉनिटर के रूप में पूर्ण रूप से प्रशिक्षित करें, ताकि वह आवश्यकता पड़ने पर अन्य विद्यार्थियों को भी तकनीकी जानकारी दे सके। उन्होंने स्मार्ट क्लास के सुचारू संचालन के लिए स्कूलों में आवश्यक इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

*जश लर्न के दूसरे चरण और जश क्वेस्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर*

कलेक्टर ने जश लर्न कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया कि विद्यालय समय के पश्चात शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के अभिभावकों से फोन के माध्यम से संपर्क कर बच्चों के शैक्षणिक स्तर के अनुरूप जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी आधारभूत गणितीय संक्रियाओं का उपचारात्मक शिक्षण किया जा रहा है। प्रथम चरण के सफल संचालन के बाद उन्होंने दूसरे चरण के कार्यक्रम को भी प्रभावी एवं उत्कृष्ट तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। इसी तरह कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों को गणित एवं विज्ञान विषयों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से शुरू होने वाली जश क्वेस्ट की जानकारी ली और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विज्ञान के विषयों को प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से अधिक बेहतर ढंग से समझते हैं। व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक सोच विकसित होने से विद्यार्थी भविष्य में वैज्ञानिक और रिसर्चर के रूप में आगे बढ़ सकते हैं तथा नई खोजों में योगदान दे सकते हैं।

*एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए इसरो जाएंगे 50 प्रतिभावान विद्यार्थी*

बैठक में कलेक्टर ने अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के अंतर्गत 27 अगस्त से शुरू होने वाले एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए इसरो भेजे जाने वाले 50 प्रतिभावान विद्यार्थियों के चयन की तैयारियों की भी जानकारी ली। एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए विद्यार्थियों का चयन विभिन्न चरणों में आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*नन्हे सितारे से विद्यार्थियों में विकसित होंगे जीवन कौशल*

कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यार्थियों में भाषा कौशल, आत्मविश्वास एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन जशपुर एवं ओपन लिंक्स फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘नन्हे सितारे’ जीवन कौशल आधारित कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा इसकी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विनोबा एप में रचनात्मक शैक्षणिक गतिविधियों की एंट्री समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित है।

*विद्याधन छात्रवृत्ति से प्रतिभावान विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ*

कलेक्टर ने विद्याधन छात्रवृत्ति के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली। योजना के तहत कक्षा 11वीं में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने कक्षा 10वीं में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों तथा उनके परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम हो। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2026 है। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं एवं 12 वीं में 10-10 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त होगी। कलेक्टर ने पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी इस अवसर से वंचित न रहे।

*संपर्क स्मार्ट शाला से प्राथमिक कक्षाओं में तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा*

कलेक्टर ने जिले में संचालित संपर्क स्मार्ट शाला कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते दिए। कार्यक्रम के तहत प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में गणित एवं अंग्रेजी की बुनियादी समझ को मजबूत करने के लिए साथ-साथ रोचक तरीके से सिखाया जाता है। वर्तमान में यह कार्यक्रम जिले के 5 विकासखंडों के 71 प्राथमिक विद्यालयों में संचालित है। योजना के तहत 160 नए विद्यालयों को भी जोड़ने की तैयारी है। कार्यक्रम में संपर्क स्मार्ट टीवी एवं डिजिटल उपकरणों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाता है। साथ ही शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, सही क्रम एवं सही ढंग से अध्यापन के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है तथा विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम की नियमित निगरानी की जाती है। बैठक में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र सिन्हा, समस्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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