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छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति से सुकमा में नक्सलियों को मिला नया जीवन:आत्मसमर्पित युवाओं के लिए सम्मान और स्वरोजगार का अवसर

रायपुर, 17 दिसंबर 2025/
छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील और दूरदर्शी नक्सल पुनर्वास नीति ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देशों एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में सुकमा जिले के नक्सल पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।

आत्मसमर्पण करने वाल 25 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट

            इस क्रम में 75 आत्मसमर्पित नक्सलियों को अत्याधुनिक 5G स्मार्टफोन तथा 25 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट वितरित की गई। यह कार्यक्रम कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव एवं पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।

75 आत्मसमर्पित नक्सलियों को अत्याधुनिक 5G स्मार्टफोन

     कार्यक्रम के दौरान 75 पुनर्वासित युवाओं को सैमसंग गैलेक्सी M06 5G स्मार्टफोन प्रदान किए गए, जिनमें 50 मेगापिक्सल डुअल कैमरा तथा 5000 mAh फास्ट-चार्जिंग बैटरी जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन स्मार्टफोनों के माध्यम से युवा अब डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं तथा देश-दुनिया की जानकारी से सहजता से जुड़ सकेंगे।

     इसके साथ ही 25 पुनर्वासित युवाओं को मेसन किट प्रदान कर निर्माण क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित अन्य विकास कार्यों के लिए कुशल श्रमशक्ति तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आत्मसमर्पण करने वाले लोगों स्वरोजगार के नए अवसरों उपलब्ध कराने संकल्पित

     जिला प्रशासन ने बताया कि नक्सल पुनर्वास को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखते हुए इसे आत्मनिर्भरता, सम्मान और सामाजिक समावेशन से जोड़ा जा रहा है। 5G स्मार्टफोन के माध्यम से पुनर्वासित युवा अब ऑनलाइन प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों, छोटे व्यवसायों और स्वरोजगार के नए अवसरों को समझने और अपनाने में सक्षम होंगे।आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी लोगों स्वरोजगार के नए अवसरों उपलब्ध कराने सरकार संकल्पित है l 

पुनर्वासित युवाओं ने साझा किए अनुभव

     पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा ने बताया कि वे लगभग 30 वर्षों तक डीवीसी सदस्य के रूप में संगठन से जुड़े रहे। पुनर्वास के बाद उन्हें बेहतर आवास, भोजन और प्रशिक्षण की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि वे राजमिस्त्री के साथ-साथ इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिक का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुके हैं।

     पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती ने बताया कि वे 24 वर्षों तक एसीएम सदस्य के रूप में नक्सल संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद उन्होंने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त किया और वर्तमान में राजमिस्त्री प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने परिजनों से मिलने का अवसर मिला तथा बस्तर ओलंपिक की संभागस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त किया।

       डब्बमरका, सुकमा निवासी गंगा वेट्टी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा मोबाइल और मेसन किट मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जंगल के जीवन की तुलना में वर्तमान जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक है। शिविर लगाकर उनका आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं जॉब कार्ड बनाया गया तथा शासन की सभी योजनाओं का लाभ उन्हें मिल रहा है।

      सुकमा में की गई यह पहल इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ शासन की नीति केवल नक्सलवाद से मुकाबले तक सीमित नहीं है, बल्कि भटके हुए युवाओं को विश्वास, अवसर और सम्मान के साथ नया जीवन देने की ठोस कोशिश भी है। यह मॉडल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और सामाजिक समरसता की मजबूत नींव रख रहा है। इस अवसर पर जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बाबा गुरु घासीदास जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ

मनखे-मनखे एक समान” का संदेश बाबा गुरु घासीदास जी की अमर विरासत: सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध चेतना के अग्रदूत थे बाबा गुरु घासीदास जी -

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 17 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  महान समाज सुधारक और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास जी की 18 दिसम्बर को जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने अपने दिव्य उपदेशों और आचरण से समाज को सत्य, अहिंसा, समानता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर किया। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” केवल एक विचार नहीं, बल्कि मानवता को जोड़ने वाला ऐसा जीवन-दर्शन है, जो भेदभाव रहित, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की मजबूत नींव रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने छत्तीसगढ़ की धरती पर सामाजिक एवं आध्यात्मिक जागरण की सुदृढ़ आधारशिला रखी। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, असमानताओं और अंधविश्वासों के विरुद्ध चेतना जगाते हुए नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की और जनमानस को आत्मसम्मान एवं मानवीय गरिमा का बोध कराया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा जी का जीवन-दर्शन करुणा, सहिष्णुता, प्रेम, सत्यनिष्ठा और परस्पर सम्मान जैसे मानवीय गुणों के विकास का मार्गदर्शक है। उनके विचार और आदर्श समय की कसौटी पर खरे उतरते हुए आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वर्तमान समाज के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बने हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा सामाजिक समरसता, शांति और सौहार्द के साथ एक समृद्ध एवं समावेशी छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

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नारायणपुर में भाजपा कुनकुरी ग्रामीण मंडल की बैठक सम्पन्न, 19 दिसंबर को सलियाटोली में एसआईआर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आगमन को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

नारायणपुर 17 दिसम्बर 2025
भारतीय जनता पार्टी के कुनकुरी ग्रामीण मंडल के अंतर्गत आज नारायणपुर में मंडल स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मंडल के सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जिला पदाधिकारी, जनपद सदस्य तथा संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 19 दिसंबर को सलियाटोली नर्सरी (कुनकुरी) में आयोजित होने वाली विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर – SIR) विषयक एक दिवसीय कार्यशाला की तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श करना रहा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं कार्यक्रम में श्री गुरपाल भल्ला वक्ता के रूप में तथा भाजपा जिला प्रभारी श्री अमर सुल्तानिया की भी विशेष उपस्थिति रहेगी।

बैठक में वक्ताओं ने एसआईआर कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए संगठन की भूमिका, जनभागीदारी और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई तथा कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए बूथ स्तर तक संगठनात्मक मजबूती पर विशेष जोर दिया गया।

इस अवसर पर सभी बूथ अध्यक्ष, बूथ सचिव, बीएल-2, ग्राम स्तर के वरिष्ठ कार्यकर्ता, समाज के विभिन्न पदाधिकारी एवं संगठन के समस्त कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहने का आह्वान किया गया। साथ ही कार्यकर्ताओं से अनुशासन, समयपालन और आपसी समन्वय के साथ अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आग्रह किया गया।

बैठक में यह भी तय किया गया कि मुख्यमंत्री के कुनकुरी आगमन को लेकर जनसंपर्क अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि एसआईआर कार्यक्रम में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

    इस बैठक में श्रीमती मलिता बाई जिला पंचायत सदस्य, श्रीमती अनीता सिंह जिला पंचायत सदस्य,नवनियुक्त अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य असलम आजाद जी , नवनियुक्त पिछड़ा मोर्चा के जिला अध्यक्ष  बड़ाईक अनूप नारायण सिंह , ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव,महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्रीमती संतोषी बन्दे, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष विकास नाग जी, महामंत्री दव्य शिवशंकर सिंह , शंकर यादव , मण्डल उपाध्यक्ष संतन राम, तुलाधर यादव, परशु यादव, युवामोर्चा मण्डल मंत्री अरुण मोहंती, जनपद सदस्य संजय बंग जनपद सदस्य संतोष यादव , रामकृष्ण नायक , हेमंत यादव , गोपाल प्रसाद यादव , वीरेश सलमानी , जागर यादव, त्रिलोचन यादव, उपेंद्र यादव, सहित भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे

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स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण—एक मंच पर मिली छात्राओं को संपूर्ण जानकारी”....कन्या विद्यालय में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन

 जशपुरनगर, 17 दिसंबर 2028/ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के निर्देशानुसार विश्वव्यापी स्वास्थ्य कवरेज दिवस के अवसर पर महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जशपुर में स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। विशेषज्ञों के व्याख्यान छात्राओं के लिए अत्यंत लाभकारी रहे, जिनसे उन्हें दैनिक जीवन में स्वास्थ्य संबंधी सही निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
    काउंसलर श्री अकलतरा भगत द्वारा बाल विवाह, टीनेज प्रेग्नेंसी एवं राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य योजना विषय पर विस्तृत एवं प्रभावी व्याख्यान दिया गया। वहीं काउंसलर श्रीमती पूजा झरना बखला एवं श्रीमती सरस्वती बेहरा द्वारा राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम पर छात्राओं को जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, साइकोलॉजिस्ट डॉ. अबरार खान, सीनियर नर्सिंग अधिकारी श्री विवेक कुजूर एवं सोशल वर्कर एनएमएचपी श्री दीपक कुमार द्वारा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वहीं सोशल वर्कर एनटीसीपी श्रीमती प्रिया सोनी द्वारा राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के संबंध में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर के प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ का महत्वपूर्ण सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता रही।

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गांव-गांव उजाला, हर कदम सुरक्षित: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से सौर स्ट्रीट लाइटों से गांव-गांव रोशन,ग्रामीण अंचलों में सुरक्षा और विकास का नया उजाला

जशपुरनगर, 17 दिसंबर 2025/  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। इस पहल से गांव-गांव रोशन हो रहे हैं और हर गली व हर मुहल्ला अब प्रकाश से जगमगा रहा है। सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट ने न केवल गांवों की तस्वीर बदली है, बल्कि ग्रामीण जीवन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है। फरसाबहार ब्लॉक के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सुरक्षा की दृष्टिकोण से गावों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था किए जाने की मांग की थी। ग्रामीणों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए कैंप कार्यालय की विशेष पहल पर सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट लगाने की कार्ययोजना तैयार की गई और इसका क्रियान्वयन किया गया।
   फरसाबहार ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम फरसाबहार, खुटगांव, बनगांव, हेटघिंचा, गारीघाट एवं भगोरा जैसे गांवों में सौर स्ट्रीट लाइट की स्थापना से स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। पहले जहां अंधेरे के कारण रात के समय आवागमन में कठिनाइयां होती थीं, वहीं अब पर्याप्त रोशनी के कारण ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल मिल रहा है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी अब बिना भय के रात में बाहर निकल पा रहे हैं।
    स्ट्रीट लाइट लगने से हाथी प्रभावित क्षेत्र पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो गई है। रात के समय पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध होने से सतर्कता की वजह से मानव–हाथी संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आईं है। ग्रामीणों को हाथियों की गतिविधियों का पहले से आभास हो जाता है, जिससे वे सतर्क रह पाते हैं और जान–माल की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। सौर ऊर्जा से संचालित होने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। यह पहल स्वच्छ, हरित और सतत ऊर्जा के उपयोग की दिशा में एक सशक्त कदम है। ग्रामीणों ने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सौर स्ट्रीट लाइटों से उनके गांवों में सुरक्षा, सुविधा और विकास की नई रोशनी आई है, जिससे उनका दैनिक जीवन अधिक सहज और सुरक्षित हुआ है।

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“फर्जी जवान ने नौकरी के नाम पर ठगी का खेल रचा, जशपुर पुलिस ने पकड़कर जेल भेजा

जशपुर 17 दिसम्बर 2025 : दो महिलाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवान पुन्नी लाल अनंत को जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी बिलासपुर का निवासी है और जशपुर में किराए के मकान में रहकर आस-पड़ोस व दोस्तों को खुद को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का सिपाही बताता था। वर्दी पहनकर वह कलेक्ट्रेट परिसर जशपुर में घूमता और महिलाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देता था।

पुलिस के अनुसार, दिनांक 28 अगस्त 2025 को प्रार्थीया सीमा बाई (उम्र 39 वर्ष, निवासी झरगांव, चौकी सोनक्यारी) अपने काम से कलेक्ट्रेट परिसर में आई थीं। वहाँ उसकी मुलाकात आरोपी से हुई। पुन्नी लाल ने अपना परिचय छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवान के रूप में दिया और कहा कि वह बिलासपुर में रहता है और जशपुर में उसके ऊपर से पहुँच है। आरोपी ने महिला को मत्स्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देते हुए अपना मोबाइल नंबर दिया।

कुछ दिनों बाद, आरोपी ने महिला से संपर्क किया और कहा कि नौकरी के लिए कुल 4 लाख रुपये की आवश्यकता है। महिला ने भरोसे के चलते आरोपी को पहले ही बताए अनुसार 2 लाख रुपये दे दिए। इसके साथ ही आरोपी ने महिला की भतीजी को डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसकी मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड आदि दस्तावेज भी ले लिए और शेष 3 लाख रुपये की मांग की। बाद में महिला को पता चला कि पुन्नी लाल अनंत कोई पुलिस वाला नहीं था और वर्दी पहनाकर उसे ठगा गया।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना सिटी कोतवाली जशपुर में आरोपी के खिलाफ बी एन एस की धारा 318(2), 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया था, लेकिन पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही। मुखबीर और पुलिस की तकनीकी टीम की मदद से पता चला कि आरोपी अपने गृह ग्राम टाडा दर्रीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर में है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम बिलासपुर रवाना हुई और आरोपी को उसके घर से घेराबंदी कर हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। उसके कब्जे से महिलाओं से लिए गए दस्तावेज भी बरामद किए गए। पुलिस ने पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा।

गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, सहायक उप निरीक्षक मनोज कुमार भगत और आरक्षक विनोद तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस इस तरह के मामलों में लगातार सख्ती बरत रही है और कार्यवाही जारी है।

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*कीचड़ से विकास तक: मुख्यमंत्री साय के सुशासन में जशपुर की सड़कों ने बदली तस्वीर, 986 करोड़ की सौगात से जशपुर में विकास की रफ्तार तेज,दो साल का सुशासन, गांव-गांव तक विकास की सड़क....*

जशपुरनगर 17 दिसम्बर2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दो साल का सुशासन प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहा है। इस अवधि में सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत जिले में कुल 623 सड़कों के निर्माण के लिए 986 करोड़ 90 लाख रुपये की ऐतिहासिक सौगात दी है। यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि जिले के गांव-गांव तक विकास की मजबूत नींव हैं।लोक निर्माण विभाग के तहत  जिले के 108 सड़कों के निर्माण हेतु 634 करोड़ 32 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे प्रमुख मार्गों की कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है,गांव से मुख्य सड़कों तक जोड़ने के लिए तेजी से सड़कों का निर्माण कार्य किया जा रहा है।वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क के तहत जिले के 93 सड़कों के लिए 239 करोड़ 23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए, जिससे दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का सपना साकार हो रहा है।ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत जिले के 29 सड़कों के निर्माण के लिए 76 करोड़ 20 लाख रुपये की मंजूरी मिली है।इसके साथ ही ग्राम गौरव पथ योजना के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 17 सीसी रोड निर्माण कार्यों के लिए 5 करोड़ 81 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।प्रदेश सरकार ने गांव-मुहल्लों की आंतरिक सड़कों पर भी विशेष ध्यान दिया है। विभिन्न योजनाओं के तहत जिले के विभिन्न गांव मुहल्ले में 376 सीसी रोड निर्माण के लिए 31 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति से गांवों की तस्वीर तेजी से बदल रही है।सड़क निर्माण से न केवल दूरी घटेगी, बल्कि विकास की रफ्तार भी कई गुना बढ़ेगी। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी हुई है, बच्चों की स्कूल तक पहुंच सुगम हुई है और आपातकालीन सेवाएं भी तेजी से उपलब्ध हो पा रही हैं।जिले में सड़क विकास के इस व्यापक अभियान से जनता में गहरा संतोष और विश्वास दिखाई दे रहा है। गांवों से लेकर शहरों तक लोग मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जता रहे हैं और इसे सुशासन की बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं। दो साल के कार्यकाल में सड़क नेटवर्क का यह विस्तार आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा।

जशपुर में सड़क निर्माण के लिए करोड़ों की सौगात के बाद बदल रही है तस्वीर,राहगीरों को कीचड़ एवं जर्जर सड़कों से मिलेगी मुक्ति

जशपुर जिले को मिली सड़कों की सौगात के बाद क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज हो गई है। वर्षों से कीचड़, गड्ढों और जर्जर मार्गों की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। नई और सुदृढ़ सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि आमजन का दैनिक जीवन भी सरल और सुरक्षित बनेगा।नई सड़कों के निर्माण से बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियां दूर होंगी। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों, किसानों और व्यापारियों को अब कीचड़ और फिसलन भरे रास्तों से गुजरने की मजबूरी नहीं रहेगी। पक्की सड़कों के कारण गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और दूरस्थ क्षेत्रों का सीधा जुड़ाव मुख्य मार्गों से स्थापित होगा।

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सड़क के बीच बिजली पोल बना विकास में बाधा, गलती विभाग की सजा जनता को-सीसी सड़क निर्माण कार्य कई महीनों से ठप्प

नारायणपुर : 

नारायणपुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत उरांव बस्ती में प्रस्तावित सीसी सड़क निर्माण कार्य सड़क के बीचों-बीच लगे बिजली पोल के कारण पिछले कई महीनों से ठप पड़ा हुआ है। पंचायत द्वारा कराए जा रहे इस महत्वपूर्ण विकास कार्य में आ रही बाधा से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। वहीं सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री के डंप हो जाने से बस्ती में आवागमन भी काफी मुश्किल हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उरांव बस्ती की गली में सीसी सड़क निर्माण का कार्य पंचायत की ओर से स्वीकृत किया गया है। कार्य प्रारंभ होने से पहले ही गली के बीच में बिजली का खंभा लगा दिया गया, जिससे सड़क निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। ग्रामीणों का कहना है कि जब बिजली पोल लगाया जा रहा था, उस समय स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग और संबंधित ठेकेदार से बार-बार आग्रह किया था कि खंभा सड़क के किनारे लगाया जाए, लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर मनमाने तरीके से खंभा बीच सड़क में लगा दिया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि बिजली पोल के कारण न केवल सड़क निर्माण रुका हुआ है, बल्कि सड़क के लिए लाई गई निर्माण सामग्री गली में पड़े रहने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और बिजली विभाग के कर्मचारियों से संपर्क किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बिजली विभाग के उच्च अधिकारी से संपर्क करने पर बताया कि बिजली पोल हटाने पर जो खर्च आता है, उसकी जानकारी ग्राम पंचायत को डिमांड नोट के माध्यम से दे दी गई है। जैसे ही पंचायत द्वारा निर्धारित राशि जमा कर दी जाएगी, बिजली पोल हटा दिया जाएगा।

वहीं ग्राम पंचायत और बिजली विभाग के बीच तालमेल के अभाव के कारण उरांव बस्ती का विकास कार्य अधर में लटका हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जब उनकी आपत्ति के बावजूद बिजली पोल लगाया गया, तो अब उसे हटाने के नाम पर पंचायत द्वारा राशि जमा नहीं करना पूरी तरह से अनुचित है। इसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है, जो कई महीनों से बुनियादी सुविधा से वंचित है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली विभाग और ग्राम पंचायत आपसी समन्वय बनाकर इस समस्या का शीघ्र समाधान करें, ताकि रुका हुआ सीसी सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।

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साय सरकार ने रखी मजबूत और समृद्ध भविष्य की नींव”छत्तीसगढ़ के विकास का अब तक का सबसे बड़ा कदम: ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश,विकास, अनुशासन और भविष्य की मजबूत नींव - वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी

रायपुर 17 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर विकास, वित्तीय अनुशासन और दूरदर्शी शासन की स्पष्ट प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। 

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह अनुपूरक बजट केवल संसाधनों की व्यवस्था नहीं, बल्कि निरंतर आर्थिक प्रगति और संतुलित विकास की मजबूत दिशा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा विभिन्न बोर्डों और निगमों पर छोड़े गए ₹45,000 करोड़ से अधिक के लंबित ऋण ने इन संस्थानों को लगभग निष्क्रिय स्थिति में पहुँचा दिया था। इस अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार ने मार्कफेड और नान (NAAN) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को संबल प्रदान करने का गंभीर प्रयास किया है, जो राज्य में धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की रीढ़ हैं। इन संस्थाओं को सुदृढ़ किए बिना किसानों का कल्याण और नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने औद्योगिक विकास को भी समान प्राथमिकता दी है। राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने तथा विभिन्न औद्योगिक विकास एवं प्रोत्साहन योजनाओं को निरंतरता प्रदान करने के लिए अनुपूरक बजट में ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेश, रोजगार और उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र और संतुलित विकास के लिए केवल राजस्व व्यय पर्याप्त नहीं होता, बल्कि दूरदर्शी पूंजीगत व्यय ही भविष्य की समृद्ध अर्थव्यवस्था और मजबूत अधोसंरचना का आधार बनता है। सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में किया गया निवेश आने वाले दशकों तक विकास के स्थायी स्रोत तैयार करता है। इसी सोच के साथ सरकार ने पूंजीगत व्यय को अपनी विकास रणनीति का केंद्र बनाया है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद बीते 25 वर्षों में पूंजीगत व्यय में लगभग 55 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहाँ पूंजीगत व्यय ₹13,320 करोड़ था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर ₹15,419 करोड़ और 2024-25 में ₹20,055 करोड़ तक पहुँचा। मुख्य बजट 2025-26 में पूंजीगत व्यय के लिए ₹26,341 करोड़ का प्रावधान किया गया है, साथ ही अनुपूरक बजट में अतिरिक्त ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट के कुल आकार के अनुपात में भी पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहाँ पूर्व सरकार के समय यह लगभग 3.5 प्रतिशत था, वहीं वर्ष 2025-26 में इसके 4.1 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार दीर्घकालिक विकास और मजबूत अधोसंरचना निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

अपने वक्तव्य के समापन में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह सरकार वादों पर नहीं, बल्कि परिणामों पर विश्वास करती है। पूंजीगत व्यय के माध्यम से संकल्पों को कागज से जमीन तक उतारने का कार्य किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से सशक्त, अधोसंरचना के दृष्टिकोण से मजबूत और देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।

अनुपूरक बजट में सड़क एवं भवन निर्माण क्षेत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के उद्देश्य से अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण सड़क कार्यक्रम (आरआरपी फेज-2) हेतु ₹175 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं राज्य में प्रमुख सड़कों के उन्नयन एवं विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सड़क क्षेत्र परियोजना (एडीबी लोन-3) के अंतर्गत ₹150 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट रेल लाइन परियोजना के लिए ₹86 करोड़ की राशि का प्रावधान कर क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।

अनुपूरक बजट में कृषि विकास एवं किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कृषि उन्नति योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही किसानों को 5 एचपी तक के पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने हेतु ₹1,700 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है, जिससे सिंचाई लागत में कमी आएगी और कृषि उत्पादन को स्थायी बल मिलेगा। किसानों को बिना ब्याज के ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक में ₹187 करोड़ का प्रावधान कर उन्हें वित्तीय संबल प्रदान किया गया है।

इसके अतिरिक्त, फसल जोखिम से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹122 करोड़ का प्रावधान किया गया है, वहीं कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन एवं सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हेतु ₹35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर के भवन निर्माण के लिए ₹4 करोड़ का प्रावधान कर राज्य में कृषि आधारित नवाचार एवं तकनीकी विकास को नई गति देने का प्रयास किया गया है।

अनुपूरक बजट में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। पिछली सरकार द्वारा छोड़े गए लंबित भुगतानों के निपटान हेतु अनुपूरक बजट में कुल ₹19,224 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा तंत्र को स्थायित्व प्रदान किया जा सके। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत ₹6,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है, ताकि पात्र हितग्राहियों को नियमित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके।

इसके साथ ही राज्य में धान खरीदी की महत्वपूर्ण व्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से मार्कफेड को धान खरीदी में हुई हानि के निपटान हेतु ₹12,424 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान से न केवल किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा, बल्कि राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा ढांचे को भी दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी, जिससे आम नागरिकों के पोषण एवं खाद्य अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

अनुपूरक बजट में सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। आपातकालीन सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों तक फायर वाहन एवं आधुनिक अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था हेतु अनुपूरक बजट में ₹154 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे आपदा एवं अग्नि दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरा प्रणाली के लिए ₹75 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से राज्य के समस्त परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के निर्माण हेतु अनुपूरक में ₹12 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु अनुपूरक बजट में ₹35 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इन पहलों के माध्यम से सरकार न केवल सड़क सुरक्षा को मजबूत कर रही है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित परिवहन की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है।

अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से कुल ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत राज्य में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए ₹180 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेश के लिए अनुकूल अधोसंरचना विकसित होगी और उद्योगों को सुस्पष्ट स्थान एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने हेतु लागत पूंजी अनुदान के रूप में ₹130 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे नए उद्यमों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को बल मिलेगा।

इसके अतिरिक्त उद्योगों की वित्तीय लागत को कम करने और उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से ब्याज अनुदान के रूप में ₹25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों के माध्यम से राज्य सरकार निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ में संतुलित और सतत औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।

अनुपूरक बजट में महिला एवं बाल विकास को सशक्त बनाने के लिए ठोस वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से राज्य की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर को सुदृढ़ करने और पारिवारिक निर्णयों में उनकी भूमिका को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके साथ ही मातृ एवं शिशु पोषण, प्रारंभिक बाल देखभाल और आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अंतर्गत अनुपूरक में ₹225 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों से पोषण स्तर में सुधार, स्वास्थ्य संकेतकों को सुदृढ़ करने और भावी पीढ़ी के समग्र विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।

ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और आवासीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य बजट में ₹8,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, वहीं अनुपूरक बजट के माध्यम से इसके लिए ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास सुनिश्चित किया जा सके।

इसके साथ ही ग्रामीण अधोसंरचना और बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ₹378 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे गांवों की सड़क कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत मिशन हेतु ₹150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक एवं संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के लिए ₹40 करोड़ तथा ग्रामीण महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के आजीविका सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ₹286 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इन प्रावधानों के माध्यम से सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, अधोसंरचना, स्वच्छता और आजीविका के समन्वित विकास को सुनिश्चित करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

*हवाई कनेक्टिविटी से लेकर किसान कल्याण और बस्तर में शांति तक: साय सरकार की बहुआयामी विकास रणनीति*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के समावेशी विकास और संतुलित क्षेत्रीय प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट में बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹150 करोड़ तथा रायगढ़ एयरपोर्ट के विकास के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन निवेशों से क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक गतिविधियों और नागरिक सुविधाओं को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय की सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार की संवेदनशील और किसान-हितैषी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि बीते दो वर्षों में ₹25,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों तक पहुँची है। यह न केवल किसानों की आय और आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान करता है।

राज्य में शांति और सुरक्षा की दिशा में भी साय सरकार निर्णायक परिणाम लेकर आई है। 31 मार्च 2026 की समयसीमा के निकट आते हुए सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त और प्रतिबद्ध है कि छत्तीसगढ़ जल्द ही वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) की समस्या से पूर्णतः मुक्त होगा। शांति, संवाद, विकास और सुरक्षा की बहुआयामी रणनीति के माध्यम से साय सरकार ने ऐसे वातावरण का निर्माण किया है, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और विकास की यात्रा में सहभागी बन रहे हैं।

बस्तर, जहाँ कभी गोलियों की आवाजें गूंजती थीं, आज वहाँ बस्तर पंडुम जैसे सांस्कृतिक आयोजन और बस्तर ओलंपिक जैसे खेल महोत्सव नई पहचान बना रहे हैं। यह परिवर्तन केवल सुरक्षा अभियानों का परिणाम नहीं, बल्कि साय सरकार की उस बहुआयामी विकास नीति का प्रमाण है, जिसने विश्वास, उत्सव और भविष्य की आशा को बस्तर की धरती पर पुनः स्थापित किया है।

*"₹35,000 करोड़ का यह ऐतिहासिक अनुपूरक बजट छत्तीसगढ़ के भविष्य को मजबूत आधार देने वाला बजट है, जिसमें विकास, वित्तीय अनुशासन और संवेदनशील शासन की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। यह बजट किसानों, महिलाओं, गरीबों, युवाओं और उद्योगों के लिए समान रूप से अवसर सृजित करता है। पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देकर सरकार ने सड़कों, आवास, कृषि, उद्योग, कनेक्टिविटी और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। बस्तर में शांति, किसानों को सीधा आर्थिक लाभ, महिलाओं का सम्मान और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास—ये सभी इस बात के प्रमाण हैं कि सरकार वादों नहीं, परिणामों की राजनीति कर रही है और छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।"- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

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पूना मारगेम’ नीति से हिंसा पर काबू, शांति और विकास को बढ़ावा,बीजापुर में 34 माओवादी कैडरों ने किया आत्मसमर्पण,हिंसा छोड़ें और प्रदेश के विकास में भागीदार बनें - मुख्यमंत्री

रायपुर 16 दिसंबर 2025/बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बीजापुर जिले में ₹84 लाख के इनामी 34 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागते हुए भारतीय संविधान में आस्था जताई है और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की दृढ़ इच्छाशक्ति के अनुरूप छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में चल रहे सतत और ठोस प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘पूना मारगेम’ नीति ने यह सिद्ध कर दिया है कि संवाद, संवेदनशीलता और विकास, हिंसा से कहीं अधिक प्रभावी समाधान हैं। यह आत्मसमर्पण केवल हथियार छोड़ने की घटना नहीं है, बल्कि भय और भ्रम से मुक्त होकर सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का निर्णय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले सभी व्यक्तियों के पुनर्वास, सुरक्षा, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्समावेशन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि वे समाज में आत्मनिर्भर बन सकें।

मुख्यमंत्री ने आज भी भटके हुए युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का मार्ग त्यागें, लोकतंत्र और विकास के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें तथा प्रदेश और देश के निर्माण में सहभागी बनें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को शांति, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना राज्य सरकार का अटल संकल्प है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास जारी रहेंगे।

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जहाँ चूल्हे का धुआँ था, अब वहाँ खुशहाली है: उज्ज्वला योजना ने बदली द्रोपदी यादव की रसोई और ज़िंदगी

रायपुर,16 दिसम्बर 2025/- 
बेमेतरा जिला के ग्राम देवरबीजा निवासी द्रोपदी यादव के जीवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने एक सकारात्मक बदलाव ला दिया है। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत उन्हें निःशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन प्राप्त हुआ, जिससे वर्षों से धुएँ से भरे परंपरागत चूल्हे पर खाना पकाने की मजबूरी समाप्त हो गई।

गैस कनेक्शन मिलने के बाद द्रोपदी यादव और उनके परिवार को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक ईंधन उपलब्ध हुआ है। इससे न केवल रसोई का वातावरण स्वच्छ हुआ, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, समय और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अब उन्हें लकड़ी, कोयला या उपलों की व्यवस्था के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ता, जिससे उनका दैनिक जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सुरक्षित हो गया है।

गैस कनेक्शन मिलने पर द्रोपदी यादव ने भावुक होते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना ने मेरी रसोई के साथ-साथ मेरी जिंदगी भी बदल दी है। अब धुएँ से आँखों में जलन और खांसी जैसी समस्याएँ नहीं होतीं। समय की बचत हो रही है, जिसे मैं अपने परिवार और बच्चों के साथ बिता पा रही हूँ। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए राज्य शासन एवं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराकर उन्हें धुएँ से होने वाली बीमारियों से बचाना और जीवन को सहज बनाना है। इस योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने से द्रोपदी यादव जैसी अनेक महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है।

ग्राम देवरबीजा में द्रोपदी यादव को गैस कनेक्शन मिलने के बाद अन्य ग्रामीण महिलाओं में भी योजना के प्रति जागरूकता और उत्साह देखा जा रहा है। महिलाएँ आगे बढ़कर आवेदन कर रही हैं और योजना का लाभ ले रही हैं। द्रोपदी यादव की यह कहानी उज्ज्वला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है।

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धान से हटे, लाभ में बढ़े:: जेवरा के दिलीप सिन्हा ने दलहन-तिलहन से रचा 25 लाख की सफलता की कहानी

रायपुर, 16 दिसम्बर 2025/
जिला बेमेतरा के ग्राम जेवरा के प्रगतिशील कृषक श्री दिलीप सिन्हा ने ग्रीष्मकालीन धान की परंपरागत खेती को छोड़कर दलहन-तिलहन फसलों को अपनाकर कृषि क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। वैज्ञानिक खेती, सही फसल चयन और बाजार की समझ के बल पर उन्होंने लगभग 25 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।

क्षेत्र में वर्षों से ग्रीष्मकालीन धान की खेती प्रचलित रही है, जिसमें अधिक पानी, बिजली, उर्वरक और श्रम की आवश्यकता होती है। बढ़ती लागत और घटते मुनाफे को देखते हुए श्री सिन्हा ने खेती के स्वरूप में बदलाव का साहसिक निर्णय लिया।

दलहन-तिलहन की ओर कदम

कृषि विभाग और कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में उन्होंने ग्रीष्म ऋतु में धान के स्थान पर मूंग और उड़द (दलहन) तथा सरसों और तिल (तिलहन) की खेती शुरू की। इन फसलों की विशेषता रही — कम पानी में अच्छी पैदावार, कम लागत, रोग-कीट प्रकोप कम और बाजार में बेहतर मूल्य। साथ ही दलहनी फसलों से मिट्टी की उर्वरता में भी सुधार हुआ।

वैज्ञानिक तकनीकों का प्रभाव

उन्नत किस्मों का चयन, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, ड्रिप व स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीक, समय पर निराई-गुड़ाई, फसल सुरक्षा तथा उत्पादन के बाद उचित भंडारण और विपणन ने उनकी सफलता को और मजबूत किया। इन उपायों से जहां लागत में उल्लेखनीय कमी आई, वहीं उत्पादन और आय में भी बड़ा इजाफा हुआ। श्री दिलीप सिन्हा की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान कम संसाधनों में भी अधिक लाभ कमा सकते हैं। धान के विकल्प के रूप में दलहन-तिलहन की खेती न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी सुधार और टिकाऊ कृषि की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

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लाला जगदलपुरी की जयंती पर मुख्यमंत्री ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

*लाला जगदलपुरी की जयंती पर मुख्यमंत्री श्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन*

रायपुर 16 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर के महान साहित्यकार लाला जगदलपुरी की जयंती (17 दिसम्बर) पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लाला जगदलपुरी जी ने साहित्य को माध्यम बनाकर बस्तर की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और लोकजीवन को देशभर में पहचान दिलाई। हिन्दी के साथ-साथ हल्बी, भतरी और छत्तीसगढ़ी भाषाओं में किया गया उनका सृजन बस्तर की आत्मा और संवेदनाओं का सशक्त साहित्यिक दस्तावेज है।

उन्होंने कहा कि “बस्तर : इतिहास एवं संस्कृति” और “बस्तर की लोक कथाएँ” जैसी कृतियाँ बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को समझने की दृष्टि से अमूल्य हैं और आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. सुन्दरलाल शर्मा आंचलिक साहित्य अलंकरण से सम्मानित लाला जगदलपुरी जी की साहित्यिक विरासत छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन और कृतित्व सदैव समाज को संस्कृति से जोड़ने और उसे सहेजने की प्रेरणा देता रहेगा।

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अनूपनारायण सिंह बने भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष

 

जशपुर । भारतीय जनता पार्टी के माननीय प्रदेशाध्यक्ष श्री किरण सिंह देव और प्रदेश संगठन महामंत्री श्री पवन साय की सहमति से, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक साहू ने जशपुर के केराडीह निवासी अनूपनारायण सिंह को पिछड़ा वर्ग मोर्चा का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है।

इस अवसर पर प्रदेश और जिला स्तर के कई भाजपा नेताओं ने श्री अनूपनारायण सिंह को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

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अद्भुत खेल और जबरजस्त फाइनल ने बांधे दर्शकों के मन,विमेंस सिंगल में  आरुषि कश्यप और मेंस सिंगल में हर्षित रहे विजेता

,24 वीं योनेक्स सनराइज स्टेट सीनियर बैडमिंटन चौम्पियनशिप का हुआ आज समापन

खिलाडियों ने जिला प्रशासन और आयोजन समिति को अच्छी व्यवस्था के लिए किया आभार व्यक्त

जशपुर : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में आयोजित 5 दिवसीय 24वीं योनेक्स सनराइज स्टेट सीनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। प्रतियोगिता के दौरान खेले गए रोमांचक और उच्च स्तरीय मुकाबलों ने दर्शकों को पूरे समय उत्साह से बांधे रखा, जिसका सभी खेलप्रेमियों ने भरपूर आनंद लिया। आज खेले गए फाइनल मुकाबलों में अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 58वां स्थान प्राप्त खिलाड़ी आरुषि कश्यप ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए विमेंस सिंगल का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने कड़े मुकाबले में तनु चंद्रा को 22–20 एवं 21–16 से पराजित किया। वहीं मेन्स सिंगल फाइनल में हर्षित ठाकुर ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए मानस भट्टाचार्य को 21–18 एवं 21–10 से हराकर विजेता बने।
    मेन्स डबल में आयुष मखीजा एवं सौरभ साहू की जोड़ी ने धीरज खत्री और जयेश होशंगाबादी को पराजित कर खिताब जीता। विमेंस डबल में हीरल चौहान एवं करिश्मा कार्डिकर की जोड़ी ने दीक्षा चौधरी और इशिका पोद्दार को हराकर जीत दर्ज की। मिक्स्ड डबल के रोमांचक मुकाबले में वेंकट गौरव प्रसाद एवं जूही देवांगन की जोड़ी ने दीक्षा चौधरी और सुजय तंबोली को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। सभी विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 
      समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय रहे। इस अवसर पर नगर पालिका जशपुर अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, नगर पालिका जशपुर उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री कृष्ण कुमार राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा,  बैडमिंटन संघ के सेक्रेटरी विनोद गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे और फाइनल मुकाबलों का आनंद लिया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ी विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
    इस अवसर पर श्री सालिक साय ने सभी खिलाड़ियों, कोच और सपोर्टिंग स्टाफ का यहां आकर खेलने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि आज का दिन रोमांच और उमंग से भरा रहा।  सभी खिलाड़ियों ने खेल भावना के साथ अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यहां पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने भी भाग लिया, उनसे उभरते हुए खिलाड़ियों को काफी कुछ सीखने को मिला। यह सीख उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी बनाएगी, जो आगे चलकर वे राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे। खेल में हार और जीत होती रहती है, खिलाड़ी हार से भी सीखता है और अपने खेल में और निखार लाता है। उन्होंने कहा कि वे भी खो खो में राज्य स्तर तक खेल चुके हैं। पहले ज्यादा सुविधाएं नहीं थी, अब जिले में खेल के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में स्टेडियमों, खेल ग्राउंड सहित अन्य अधोसरंचना का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे निश्चिंत ही और भी बेहतर खिलाड़ी उभर का सामने आएंगे। 
    
   *सतत् अभ्यास से मिलती है सफलता: आरुषि कश्यप*

   विमेंस सिंगल की विजेता आरुषि कश्यप बेहतर आयोजन के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि यहां पर अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने कहा कि वे लगभग 10 साल बाद जशपुर आ रही है, तब से अभी तक यह जिला में काफी विकसित हो चुका है, वे 2009 से वह लगातार खेलते आ रही है। उन्होंने सभी उभरते खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खूब मेहनत करें, अपनी कमियों को दूर कर आगे बढ़े। उन्होंने अपनी मेहनत  और सतत् अभ्यास से अपने खेल को निखारा है, तभी उसे सफलता मिली है, पहले छत्तीसगढ़ से ज्यादा खिलाड़ी सामने नहीं आते थे अन्य राज्यों के खिलाड़ियों का दबदबा था, आज परिस्थिति काफी हद तक बदल चुकी है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। मेंस सिंगल के विजेता हर्षित ठाकुर ने प्रशासन और आयोजकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यहां पर खेलकर उन्हें खूब आनंद आया। यहां पर सभी सुविधाएं दी गई थी। वे यहां पर 2019 में भी खेलने आए थे। उन्हें यहां पर किसी भी प्रकार की कमी महसूस नहीं हुई। 
    आयोजन को सफल बनाने में   यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पाण्डेय, क्रीडा अधिकारी प्रदीप चौरसिया, राजेंद्र गुप्ता, वॉलिंटियर सुजीत सिंह ,दिवाकर यादव, सज्जन रवानी की विशेष भूमिका रही।

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धान उपार्जन में बड़ा स्कैम फेल : धान उपार्जन केंद्र में दूसरे किसान का धान खपाने की कोशिश, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, 162 क्विंटल धान जप्त

रायगढ़, 16 दिसम्बर 2025। जिले के बंगुरसिया धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी के दौरान शासन के निर्देशों के उल्लंघन का मामला सामने आने पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई है। एक किसान द्वारा दूसरे किसान का धान अपने नाम से विक्रय करने के प्रयास पर लगभग 162 क्विंटल धान जप्त किए गए हैं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि धान उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता, फर्जीवाड़ा या दलाली को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों में वास्तविक किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, साथ ही अवैध रूप से धान खपाने वालों पर निरंतर निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 
         जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह ने बताया कि बंगुरसिया निवासी किसान भरत साव द्वारा निर्धारित टोकन के माध्यम से धान विक्रय हेतु उपार्जन केंद्र लाया गया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित किसान द्वारा स्वयं के रकबे का धान न लाकर किसी अन्य किसान का धान प्रस्तुत किया गया, जो धान उपार्जन नियमों एवं शासन के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है। शिकायत प्राप्त होते ही फूड इंस्पेक्टर श्री अंजनी राव एवं श्री सिदार द्वारा संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर 162 क्विंटल धान का पंचनामा तैयार कर जप्ती की कार्रवाई तत्काल की गई।

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डिजिटल क्रांति: छत्तीसगढ़ में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह हुई ऑनलाइन”

रायपुर, 16 दिसम्बर 2025/छत्तीसगढ़ राज्य में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाते हुए इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। राज्य में अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं। भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2023 में संशोधित ऑनलाइन पोर्टल के सफल क्रियान्वयन से यह व्यवस्था प्रभावी हुई है।

संशोधित जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद जन्म लेने वाले सभी बच्चों के लिए जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र ही एकमात्र वैध दस्तावेज होगा। इससे पहचान से जुड़ी प्रक्रियाओं में स्पष्टता और एकरूपता आई है। अक्टूबर 2023 से पहले जन्मे बच्चों के मामलों में पूर्व की तरह अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी मान्य रहेंगे। साथ ही, पहले जारी किए गए ऑफलाइन प्रमाण पत्रों को भी अब पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा सकता है।

राज्य में अक्टूबर 2023 के बाद से सभी जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। प्रारंभिक चरण में आई तकनीकी चुनौतियों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया गया, जिससे वर्तमान में पोर्टल पूरी तरह सुचारु और तकनीकी रूप से सक्षम हो गया है। भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय द्वारा समय-समय पर आवश्यक तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य के सभी रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को पोर्टल संचालन संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आवश्यकता अनुसार जिला स्तर पर भी नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

राज्य सरकार ने आधार कार्ड निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं में भी एकरूपता लाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। इससे नागरिकों को समय पर और सही दस्तावेज उपलब्ध हो सकेंगे।

यह पहल राज्य में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आमजन को तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं मिल रही हैं।

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ड्रिप खेती से लाखों की कमाई: मिर्ची ने बदली किसान मुकेश चौधरी की किस्मत” सालाना लाखों की कमाई,नवाचार खेती से बने सफल कृषि उद्यमी, पड़ोसी गांवों के किसानों के लिए प्रेरणा

रायपुर,16 दिसंबर 2025/
सारंगढ-बिलाईगढ़ जिले के विकासखंड बरमकेला अंतर्गत ग्राम नवापाली के प्रगतिशील किसान श्री मुकेश चौधरी ने नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाकर खेती की पारंपरिक सोच को नई दिशा दी है। ड्रिप पद्धति से धान और मिर्ची की खेती कर वे प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं और आज एक सफल कृषि उद्यमी के रूप में पहचान बना चुके हैं।

श्री चौधरी ने बताया कि वर्ष 2011 में उन्होंने दो एकड़ भूमि पर मिर्ची की खेती पारंपरिक विधि से प्रारंभ की थी। इसी दौरान उद्यान रोपणी केंद्र नदीगांव के तत्कालीन वरिष्ठ उद्यान अधीक्षक श्री सुरेन्द्र पटेल से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें ड्रिप पद्धति से खेती करने की जानकारी मिली। इसके पश्चात वर्ष 2013 में बरमकेला ब्लॉक में पहली बार ड्रिप तकनीक से खेती की शुरुआत की।

ड्रिप पद्धति के अंतर्गत खेतों की गहरी जुताई कर मेड निर्माण, लेटरल पाइप बिछाना एवं मल्चिंग का उपयोग करते हुए मिर्ची की रोपाई की गई। ड्रिप के माध्यम से संतुलित मात्रा में सिंचाई, खाद एवं दवा देने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और मिर्ची की उपज लगभग दोगुनी हो गई। बेहतर परिणाम मिलने पर श्री चौधरी ने धान की खेती का रकबा कम कर मिर्ची की खेती को बढ़ाया और वर्तमान में लगभग 12 एकड़ भूमि पर मिर्ची की खेती कर रहे हैं। इससे उन्हें प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आय हो रही है।

अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणास्रोत

किसान मुकेश चौधरी की सफलता को देखकर क्षेत्र के खिंचरी, बांजीपाली, बेंद्रापारा, रिसोरा, नूनपानी, लिंजिर और प्रधानपुर सहित आसपास के गांवों के अनेक किसान भी धान के साथ मिर्ची एवं साग-सब्जी की खेती ड्रिप पद्धति से करने लगे हैं।

डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार से मिला सम्मान

खेती-किसानी में नवाचार, जैविक एवं समन्वित खेती को अपनाने के लिए वर्ष 2021 में राज्य सरकार द्वारा श्री मुकेश चौधरी को डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने धान की खेती में जैविक खाद के साथ-साथ दलहन–तिलहन फसलों में उड़द, मूंग एवं मिर्ची की खेती की। पुरस्कार स्वरूप उन्हें प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं दो लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। इस सम्मान से उनका उत्साह बढ़ा और कृषि कार्यों में और अधिक विस्तार हुआ।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, बीआरसी के रूप में मिली जिम्मेदारी

इस वर्ष कृषि विभाग द्वारा श्री मुकेश चौधरी को प्राकृतिक खेती हेतु बीआरसी नियुक्त किया गया है। उनके साथ टिकेश्वरी महापात्र (जलाकोना) और खेल कुमारी (धौंरादरहा) को भी बीआरसी बनाया गया है। विभाग द्वारा रायपुर एवं बरगढ़ (ओडिशा) में प्रशिक्षण दिलाकर अब ये तीनों बीआरसी जलाकोना, धौंरादरहा, करपी, जामदलखा सहित दर्जनों गांवों के किसानों को प्राकृतिक संसाधनों से खाद निर्माण एवं बीज उपचार की जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसान मुकेश चौधरी द्वारा मिर्ची की खेती के साथ प्राकृतिक खेती लगातार की जा रही है और उन्हें राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह पहल क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणादायक साबित हो रही है।

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