श्रीमद भागवत महापुराण की अमृतवर्षा में सराबोर हुआ जशपुर, छठवें दिवस भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य विवाह लीला के पावन दर्शन से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ श्रीकृष्ण–रुक्मिणी पाणिग्रहण संस्कार
ताजा खबरें

बड़ी खबर

श्रीमद भागवत महापुराण की अमृतवर्षा में सराबोर हुआ जशपुर, छठवें दिवस भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य विवाह लीला के पावन दर्शन से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ श्रीकृष्ण–रुक्मिणी पाणिग्रहण संस्कार

जशपुरनगर 10 फरवरी 2026  :- शहर के श्रीहरि कीर्तन भवन में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के छठवें दिन सोमवार को भक्ति, उल्लास और आनंद का भव्य दृश्य देखने को मिला। छठवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की विवाह लीला का भावपूर्ण वर्णन एवं सजीव मंचन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
   छठवें दिन की कथा के जजमान कमल कांत वर्मा (पप्पू) एवं उनकी धर्मपत्नी अंशु वर्मा, जशपुर रहे। विधिवत पूजन-अर्चना के साथ कथा का शुभारंभ हुआ।
    वृंदावन से पधारे कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने श्रीमद भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण एवं देवी रुक्मिणी के पावन विवाह प्रसंग का अत्यंत सुंदर एवं रसपूर्ण वर्णन किया। जैसे ही श्रीकृष्ण की बारात का प्रसंग आया, पूरा पंडाल भक्ति एवं उत्साह से सराबोर हो गया।
  
 झांकियों के माध्यम से निकली श्रीकृष्ण की बारात, विवाह हुआ संपन्न

   कथा के दौरान भव्य झांकियों के माध्यम से श्रीकृष्ण की बारात का आगमन, विवाह मंडप की सजावट, मंत्रोच्चार एवं विवाह संपन्न होने तक के सभी दृश्य सजीव रूप में प्रस्तुत किए गए। बच्चों एवं कलाकारों द्वारा प्रस्तुत झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। सुंदर वेशभूषा, आकर्षक साज-सज्जा एवं भावपूर्ण अभिनय झांकी की विशेष पहचान रही।

  भजन-कीर्तन के साथ गरबा–डांडिया नृत्य ने बढ़ाया उत्साह

   श्रीकृष्ण की बारात एवं विवाह उत्सव के दौरान भजन-कीर्तन के साथ गरबा एवं डांडिया नृत्य का आयोजन भी किया गया। महिलाएं, युवतियां एवं श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में गरबा–डांडिया करते नजर आए। “आज मेरे श्याम की शादी है”, “बाजे ढोल नगाड़ा” जैसे भजनों पर पूरा पंडाल उत्सव में बदल गया और “जय श्रीकृष्ण” व “राधे-राधे” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

   भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम

     पूरी कथा में झांकियों, भजनों, गरबा–डांडिया एवं विवाह लीला के माध्यम से भक्ति और सांस्कृतिक उत्सव का सुंदर समन्वय देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को अत्यंत भावपूर्ण और स्मरणीय बताया।
     कथा के समापन के पश्चात आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया, जिसे आयोजन समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सेवा भाव के साथ संपन्न कराया।
उल्लेखनीय है कि श्रीहरि कीर्तन भवन में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा प्रतिदिन सायं 6 बजे से 9 बजे तक जारी है। आयोजन समिति ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण कर धर्मलाभ लेने की अपील की है।

Leave Your Comment

Click to reload image