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जशपुर जिला अस्पताल में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा, मेडिकल प्रतिपूर्ति पास करने के नाम पर पैसे लेते पकड़ा गया ड्रेसर, CMHO ने दिखाई सख्ती और तत्काल कर दिया निलंबित

*जशपुरनगर 13 अप्रैल 2026/* मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिला चिकित्सालय जशपुर के ड्रेसर श्री किशोर कुमार चौहान को चिकित्सा प्रतिपूर्ति पास किये जाने के एवज में रूपये लिये जाने के संबंध में स्पष्ट विडियो सहित समाचार प्रसारित होने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में श्री चौहान का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पत्थलगांव निर्धारित किया गया है। उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
           विदित हो कि 09 अप्रैल 2026 को सोशल मिडिया में चिकित्सा प्रतिपूर्ति पास किये जाने के एवज में ड्रेसर श्री किशोर कुमार चौहान के द्वारा रूपये लिये जाने के संबंध में स्पष्ट विडियो सहित समाचार प्रसारित हो हुए हैं, जोकि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत और गंभीर कदाचरण श्रेणी में आता है। उक्त कृत्य के लिए सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण, अपील) नियम 1966 के नियम -9 के तहत् श्री किशोर कुमार चौहान, ड्रेसर, जिला चिकित्सालय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।

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72 घंटे तक गूंजा हरिनाम, बगीचा का वृन्दावन भवन बना आस्था का महासागर – प्रदेशभर की कीर्तन मंडलियों ने बहाया भक्ति का सागर, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद और महसूस की दिव्य ऊर्जा

नारायणपुर 13 अफ़्रैल ।बगीचा विकासखंड अंतर्गत वृन्दावन भवन में आयोजित 72 घंटे का श्री हरिनाम अखंड कीर्तन इस वर्ष भी भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। विगत चार वर्षों से महकुल यादव समाज सेवा समिति, विकासखंड बगीचा द्वारा आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता देखने को मिली।

7 अप्रैल से 11 अप्रैल तक चले इस अखंड कीर्तन में न केवल जिले, बल्कि प्रदेश और अन्य राज्यों से भी कीर्तन मंडलियों ने पहुंचकर भक्ति रस की सरिता प्रवाहित की। पूरे आयोजन स्थल पर हरिनाम संकीर्तन की गूंज ने माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या विष्णु देव साय एवं क्षेत्रीय विधायक रायमुनि भगत की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया। दोनों अतिथियों ने श्रद्धापूर्वक कीर्तन में भाग लेकर आयोजन की सराहना की।

इस अवसर पर महकुल समाज सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष परमेश्वर यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद यादव, हरीश खूंटियां, प्रदेश महामंत्री रविशंकर यादव, नरसिंह सागर, पूर्व जिला अध्यक्ष गणेश यादव, जशपुर जिला अध्यक्ष अशोक यादव, सरगुजा जिला अध्यक्ष नरसिंह यादव सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना रहा।

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’ प्रदर्शनी में 100 कलाकारों की रचनात्मक गूंज, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब बोले— कला है बदलाव की सबसे ताकतवर भाषा

रायपुर, 13 अप्रैल 2026/गौरा में आपका स्वागत है। यह  प्रदर्शनी आने वाले सभी लोगों के लिए खुशी, प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बने। छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा आयोजित तीसरी दृश्य कला प्रदर्शनी ‘गौरा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक महंत घासीदास संग्रहालय, राजभवन के निकट स्थित आर्ट गैलरी, रायपुर में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी देशभर के 100 प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। इस अवसर पर चार विशिष्ट अतिथि कलाकारों की सहभागिता भी रहेगी।

       इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 अप्रैल 2026 को मुख्य अतिथि श्री गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन व विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. चित्तरंजन कर ,लेखक रायपुर और वेद प्रकाश भारद्वाज,दृश्य कलाकार, कला लेखक, क्यूरेटर और संपादक, नई दिल्ली के करकमलों द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर को गौरवान्वित करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रदर्शनी  दर्शकों के लिए खुली रही।‘गौरा’ प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कला की विविधता, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति का उत्सव है। यह कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की कृतियों को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी।

          श्री गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं छत्तीसगढ़ की जीवंत और विविध कलात्मक भावना के उत्सव, सीजीपीएजी की उद्घाटन प्रदर्शनी ‘गौरा’ में आपका स्वागत करता हूँ। यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसमें हमारे क्षेत्र के 100 प्रगतिशील कलाकार एक साथ आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक ने हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य के कैनवास पर अपनी अनूठी दृष्टि और रचनात्मकता का योगदान दिया है।

*यह कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है*

        डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG),रायपुर ने कहा कि कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही है। गौरा के माध्यम से हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मौजूद कलात्मक प्रतिभा के समृद्ध ताने-बाने को प्रदर्शित करना है, जो हमारे कलाकारों को अपनी कहानियों, सपनों और दृष्टिकोणों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संवाद है, कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है, जो आपको व्यक्तिगत स्तर पर कलाकृतियों का पता लगाने, व्याख्या करने और उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है।

*यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण है*

        घासीदास म्युजियम कला वीथिका रायपुर में (CGPAG) की संगठनात्मक संरचना में डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, जितेन साहू को- ऑर्डिनेटर,शांति तिर्की एसोसिएट को-ऑर्डिनेटर तथा अनिल खोबरागड़े, कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ हमारे कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण हैं।  वे हमारे समय के सार को पकड़ते हैं, उन विषयों को संबोधित करते हैं जो हमारी सामूहिक चेतना-पहचान, विरासत, पर्यावरण और मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। प्रत्येक कृति अपने निर्माता की आत्मा में एक खिड़की है, जो शब्दों से परे अंतर्दृष्टि और भावनाएँ प्रदान करती है।

*यह कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी*

        डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि जब आप ‘गौरा’ में आगे बढ़ते हैं, तो मैं आपको कलाकृतियों से न केवल दृष्टिगत रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। उन्हें आपसे बात करने दें, आपको चुनौती दें और आपको प्रेरित करें। कला में परिवर्तन लाने, विचार को उकसाने और समझ को बढ़ावा देने की शक्ति है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी आप में से प्रत्येक के भीतर कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और हमें परिभाषित करने वाली रचनात्मक भावना से गहरा संबंध बनाएगी।

         डॉ. ध्रुव तिवारीने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस प्रदर्शनी में अपने कामों का योगदान दिया है, साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और समर्थकों के प्रति भी जिन्होंने ‘गौरा’ को संभव बनाया है। कला के इस उत्सव के पीछे आपकी लगन और जुनून प्रेरक शक्तियाँ हैं।
     
*(CGPAG) के बारे में*

         छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) एक सक्रिय कला मंच है, जो कलाकारों को एकजुट कर समकालीन कला को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है। (CGPAG) की प्रथम प्रदर्शनी ‘सोहाई’ का आयोजन 12 से 14 अप्रैल 2025 तक महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर में आयोजित की गई थी।

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दीदी के बखरी” से बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर: सब्जी बाड़ी, मछली पालन, मुर्गी पालन और वनोपज से महिलाएं लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई कहानी

रायपुर, 12 अप्रैल 2026/सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण और मछली पालन ग्रामीण भारत में समृद्धि, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता के प्रमुख स्तंभ बन रहे हैं। ये गतिविधियां न केवल परिवार को ताजी और पौष्टिक सब्जियां व प्रोटीन प्रदान करती हैं, बल्कि अतिरिक्त आय का जरिया भी बनती हैं। महिला आजीविका में वृद्धि के लिए एकीकृत क़ृषि सबंधित "दीदी के बखरी "कार्य अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा  बन रही है, जिसे देखकर बाकी दीदीयां भी अपने जीवन स्तर में सुधार लाने और आय बढ़ाने पर कार्य कर रही है।

       उत्तर बस्तर कांकेर जिले में बिहान योजना के तहत महिलाओं के आजीविका में वृद्धि हेतु सभी स्तर पर विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं । जिले में काफ़ी संख्या में दीदीयां अपने जीवन स्तर में सुधार के लिए आय मूलक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं । अपनी आय दुगुनी करने के लिए एकीकृत क़ृषि के साथ अन्य लाइवलिहुड एक्टिविटी कर रही हैं इसमें अपने घर के बखरी (बाड़ी) में व्यावसायिक रूप से सब्जी -भाजी लगाकर उसको बाजार में बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही है, साथ ही मछली पालन, मुर्गीपालन, बकरी पालन व वनोपज संग्रहण कर रही है। इस प्रकार से एकीकृत क़ृषि  जिले के चार विकासखंड_ नरहरपुर, कांकेर, भानुप्रतापपुर, चारामा में संचालित है, जिसमें प्रत्येक संकुल के चार गांव को लिया गया है। योजना का उद्देश्य महिला किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है, जिससे उनकी औसत आय प्रतिमाह बीस से पच्चीस हजार  तक पहुंच जाए।

  जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उत्तर बस्तर कांकेर के मार्गदर्शन में  यह योजना ज़िले में सुचारु रूप से संचालित हो रही है l यह  योजना "दीदी के बखरी" नाम से संचालित है । विकासखण्ड नरहरपुर में 1200 महिलाएं, कांकेर में 790, चारामा में 734 एवं भानुप्रतापपुर में 640 महिलाएं इस प्रकार कुल 3364 महिला किसानों द्वारा सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण, मछली पालन इत्यादि गतिविधियां की जा रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में 10 हजार 780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें उनका आवश्यक सहयोग करके उनके आय में वृद्धि का प्रयास किया जायेगा । इनके लिए सभी कलस्टर लेवल पर आजीविका सेवा केंद्र भी खोला जा रहा है जो दीदियों द्वारा ही संचालित होगा। इसके माध्यम से इनको उक्त गतिविधि के संचालन हेतु आवश्यक बीज, क़ृषि उपकरण, खाद आदि मुहैया कराया जायेगा। जिला पंचायत सीईओ ने गत दिनों नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर की महिला किसानों से मिलकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली। 

           नरहरपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत रावस और बांस पत्तर पहुंचे जहाँ महिला किसान सुरेखा नेताम के द्वारा बनाये गए बखरी में लगाए ग्राफ्टेड सब्जी_ भाजी और मुर्गी पालन के कार्य को देख कर  प्रसन्नता जाहिर की। सुरेखा ने बताया कि हरी पत्तेदार सब्जियां, कंदमूल और फल एनीमिया (खून की कमी) को दूर करते हैं और बच्चों व माताओं को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

            ग्राम ठेमा की महिला किसान नामिका यादव के वनोपज और मुर्गी, मछली पालन के कार्य को देखकर काफ़ी सराहा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और जनजातीय समुदाय महुआ, इमली, शहद, लाख, और विभिन्न जड़ी-बूटियों का संग्रहण कर उन्हें बेचकर अपनी आय बढ़ाते हैं।
        
             भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम हाटकर्रा की महिला मोतिन दर्रो ने बताया कि मुर्गी पालन के साथ मछली पालन (Poultry-cum-Fish) करने से मुर्गियों की बीट मछली का चारा बन जाती है, जिससे चारे का खर्च बचता है और लाभ बढ़ता है। बकरीपालन एवं मछली पालन  और सूरजमुखी की खेती के कार्य को देखकर प्रसंशा की। ग्राम धनेली की महिला जमुना कोर्राम से आजीविका डबरी से संबंधित जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ली तथा कठोली की दीदी से चर्चा कर उन्होंने उनकी औसत मासिक आय की जानकारी लेते हुए उन्हें कार्य के प्रति प्रोत्साहित किया

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शक्ति वंदन अधिनियम से राजनीति में बदलाव की दस्तक, महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी — गोमती साय -  घर संभालने वाली महिलाएं अब देश भी संभालेंगी — रायमुनी भगत

रायगढ़ :- महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व सांसद पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा  नारी शक्ति वंदन अधिनियम, एक नए युग की  दस्तक है। महिला आरक्षण से राजनीति में भी महिलाओं का वर्चस्व स्थापित  होगा। ईमानदारी से घर परिवार चलाने वाली महिलाएं राजनीति में स्थान सुनिश्चित होने से अब ईमानदारी से देश चलाएगी।मौजूदा स्थिति में महिलाओं की भागीदारी 16% है जो इस अधिनियम के लागू होने के बाद 33% जो जाएगी। जिससे लोकसभा राज्यसभा और विधान सभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। गोमती साय ने कहा जैसे शक्ति के बिना शिव अधूरे थे और सृष्टि के संचालन में कठिनाई थी इसे मातृ शक्ति स्वरूपा सती पार्वती के सहयोग से दूर किया गया। इस विधेयक के लिए सभी महिलाओं की ओर से गोमती साय ने प्रधान मंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।जशपुर विधायक राय मुनि भगत ने कहा  तीन दशकों से यह विधेयक लंबित रहा लेकिन इच्छा शक्ति के अभाव की वजह से यह पास नहीं हो पाया ।मोदी जी की दृढ़ इच्छा शक्ति की वजह से तीन दशकों से लंबित बिल संसद के नए भवन से पास हो पाया। महिलाओं के विभिन्न रूपों पत्नी बेटी मां की व्याख्या करते हुए राय मुनि भगत न कहा दुर्गा काली सरस्वती के रूप में मातृ शक्ति को पूजा जाता है। मोदी जी के विकसित भारत की कल्पना को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पूरा करेगा।   पत्थलगांव भाजपा विधायक गोमती साय ने कहा भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 एक युगांतरकारी कदम के रूप में सामने आया है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का यह प्रावधान केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्माण को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। इसका शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन महिलाओं को "नीति की लाभार्थी" से "नीति की निर्माता" बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा और यही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बनेगा।उन्होंने कहा इस अधिनियम के लागू होने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि शासन की प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसे विषय अधिक प्राथमिकता के साथ सामने आते हैं। स्थानीय निकायों में महिलाओं के आरक्षण का अनुभव पहले ही यह दर्शा चुका है कि महिला प्रतिनिधित्व से नीतियां अधिक जन-केंद्रित और प्रभावी बनती हैं। अब यही प्रभाव संसद और विधानसभाओं के स्तर पर दिखाई देगा, जिससे विकास की दिशा अधिक संतुलित और समावेशी होगी। इस परिवर्तन की पृष्ठभूमि पिछले एक दशक में तैयार की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण को एक व्यापक और जीवन चक्र आधारित दृष्टिकोण से देखा गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान ने सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाया है और लड़‌कियों की माध्यमिक स्तर की नामांकन दर 80.2 प्रतिशत तक पहुंची है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.6 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं, जो बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हैं। उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में लगातार वृद्धि इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करती है।स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से 4.27 करोड़ से अधिक महिलाओं को पोषण सहायता प्राप्त हुई है। पोषण 2.0 के अंतर्गत 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए 8.97 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंच रही हैं। इन प्रयासों का परिणाम यह है कि मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी आई है, जो महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है। आर्थिक सशक्तिकरण इस परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण आधार बना है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 32.29 करोड़ महिलाएं बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी हैं, जिससे वित्तीय समावेशन को नई गति मिली है। मुद्रा योजना के 68 प्रतिशत ऋण महिलाओं को प्राप्त हुए हैं, जबकि 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संगठित होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। लखपति दीदी और नमो ड्रोन दीदी जैसी पहलों ने महिलाओं को पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़ाकर तकनीकी और उद्यमिता के क्षेत्र में सशक्त किया है। महिलाओं के जीवन में गरिमा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भी व्यापक कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को घरों का स्वामित्व मिला है, उज्ज्वला योजना ने स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया है, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन ने दैनिक जीवन की कठिनाइयों को कम किया है। इन पहलों ने महिलाओं को समय, स्वास्थ्य और सम्मान तीनों स्तरों पर सशक्त बनाया है। इन सभी प्रयासों ने मिलकर एक ऐसा मजबूत आधार तैयार किया है, जिस पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक परिणामकारी सिद्ध होगा। जब संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी, तो वे इन योजनाओं को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ नई नीतियों के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। इससे शासन अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और संवेदनशील बनेगा। यह अधिनियम केवल एक नारी शक्ति वंदन अधिनियम वैधानिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को गति देने वाला एक निर्णायक कदम है। जब महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ेंगी, तो विकास की प्रक्रिया अधिक समावेशी, संतुलित और टिकाऊ बनेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट दृष्टिकोण रहा है कि महिला नेतृत्व वाला विकास ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन उसी दृष्टि को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो आने वाले समय में भारत के लोकतंत्र और विकास मॉडल को और सशक्त बनाएगा। वरिष्ठ भाजपा नेत्री शीला तिवारी के मंचस्थ अतिथियों का व्यक्तिगत परिचय दिया वही महिला मोर्चा अध्यक्ष मधुलता पटेल ने मंच संचालन किया और पूनम पटेल सोलंकी ने आभार व्यक्त किया।

प्रेसवार्ता में नजर आई महिला आरक्षण की झलक

प्रवक्ता बब्बल पांडे ने जानकारी देते हुए कहा  इस प्रेस वार्ता में महिला आरक्षण की झलक नजर आई। प्रेस वार्ता के दौरान स्टेज़ में केवल महिलाएं ही बैठी।गोमती साय विधायक पत्थलगांव,रायमुनी भगत विधायक जशपुर, शिखा गवेल जिला पंचायत अध्यक्ष,मधुलता पटेल जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा,
रेखा महामिया महामंत्री महिला मोर्चा रायगढ,शीला तिवारी, सुषमा खलखो, पूनम पटेल सोलंकी, त्रिवेणी डहरे, सावित्री मिश्रा, लक्ष्मी पटेल, दीपमाला गुप्ता, लक्ष्मी विश्वास की।मौजूदगी रही।

सुर साम्राज्ञी आशा भोशले के निधन पर मंच ने मौन धारण कर दी श्रद्धांजलि

आशा भोसले के निधन पर मंचस्थ अतिथियों ने दो मिनट का मौन धारण करते हुए शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजली अर्पित की। गोमती साय ने कहा देशवासियों में अब गीत की आशा अब कौन जगाएगा। आशा जी ने  अपनीन सुरीली आवाज से देश की बड़ी आबादी को प्रभावित किया। इस मंच से सुर साम्राज्ञी को भावपूर्ण अश्रुपूरित श्रद्धांजली दी गई।

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मुड़कटी सरना स्थापना दिवस पर भव्य आयोजन—रेडे में उमड़ी आस्था की भीड़, पारंपरिक संस्कृति की झलक के बीच 14 लोगों की घर वापसी, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय हुए शामिल....


बागबहार। मुड़कटी सरना स्थापना वर्षगांठ दिवस के अवसर पर बागबहार क्षेत्र के रेडे में भव्य एवं विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की सहभागिता रही, जिससे पूरा क्षेत्र धार्मिक एवं सांस्कृतिक माहौल में सराबोर हो गया।इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में महेश्वर सिंह (प्रांत संगठन मंत्री, अखिल भारतीय कल्याण आश्रम), धनियारो परहा, वेदप्रकाश भगत, मनिजर राम, आलोक सारथी ,रविन्द्र शिखर, मीना चौहान, अनिल भगत, आनंद शर्मा एवं अनूप गुप्ता सहित कई गणमान्य जन मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान सरना स्थल पर पूजा-अर्चना, पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोह लिया।इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण रही 4 परिवारों के 14 सदस्यों की हिंदू धर्म में घर वापसी, जिसे पूरे विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न कराया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने इसे सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता की दिशा में एक अहम कदम बताया।अतिथियों ने अपने संबोधन में सरना परंपरा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

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रात के अंधेरे में नशे की खेप लेकर दौड़ रही थी वासुदेव बस, तपकरा पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा—डिक्की से निकली 48 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप,बिहार से लाकर रायगढ़ खपाने की थी तैयारी,ड्राइवर-कंडक्टर समेत 3 गिरप्तार 

जशपुर, 12 अप्रैल 2026। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना तपकरा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए जशपुर से रायगढ़ जा रही एक यात्री बस से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप जब्त की है। इस मामले में बस के ड्राइवर, कंडक्टर और खलासी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 10 अप्रैल 2026 की रात्रि करीब 11 बजे थाना तपकरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि जशपुर की ओर से तपकरा होते हुए रायगढ़ जाने वाली वासुदेव सवारी बस क्रमांक CG-13-Q-1800 में अवैध रूप से नशीली कफ सिरप की तस्करी की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और थाना के सामने मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर दी।

रात्रि करीब 11:45 बजे संदिग्ध बस को रोककर पुलिस द्वारा तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बस की डिक्की में रखे दो झोलों के अंदर चार कार्टून मिले, जिनमें 100-100 मिलीलीटर की कुल 480 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद हुई। उक्त कफ सिरप कोडीन फॉस्फेट एवं ट्राईपोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड युक्त “ऑनरेक्स” ब्रांड की थी, जिसे एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है।

मामले में बस के कंडक्टर बसंत पटेल, खलासी सतीश कुमार चौहान और ड्राइवर भोला राम से पूछताछ की गई। प्रारंभ में तीनों ने मामले से अनभिज्ञता जताई, लेकिन पुलिस की सख्त एवं मनोवैज्ञानिक पूछताछ के बाद उन्होंने नशीली कफ सिरप की तस्करी करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वे उक्त कफ सिरप को बिहार राज्य के गया से लाकर रायगढ़ में बिक्री के उद्देश्य से ले जा रहे थे।

पुलिस ने मौके से कुल 480 बोतल यानी लगभग 48 लीटर प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त किया है, जिसकी बाजार कीमत करीब 96 हजार 720 रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही तस्करी में प्रयुक्त बस को भी जब्त कर लिया गया है।

आरोपियों के विरुद्ध थाना तपकरा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(C) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। अवैध नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

इस पूरी कार्रवाई में थाना तपकरा के सहायक उपनिरीक्षक रामजी साय पैंकरा, प्रधान आरक्षक अजय कुमार लकड़ा, आरक्षक महेंद्र पैंकरा, किशुन कुमार, रूपेश यादव एवं लोकेश ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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दीदी के बखरी” से बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर: कांकेर की महिला किसानों ने एकीकृत कृषि से रचा आय बढ़ोतरी का नया इतिहास


रायपुर, 12अप्रैल 2026/कांकेर जिले में बिहान योजना के तहत महिलाओ के आजीविका मे वृद्धि हेतु सभी स्तर पर विभिन्न प्रयास किये जा रहे है । जिले में काफ़ी संख्या मे दीदीयां अपने जीवन स्तर मे  में सुधार के लिए आय मूलक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं ।अपनी आय दुगुनी करने के लिए एकीकृत क़ृषि के साथ अन्य लाइवलिहुड एक्टिविटी कर रही है इसमें अपने घर के बखरी (बाड़ी) में व्यावसायिक रूप से सब्जी -भाजी लगाकर उसको बाजार में बिक्री कर अपने आय मे वृद्धि कर रही है ,साथ मे  मछली पालन,मुर्गीपालन, बकरी पालन व वनोपज संग्रहण कर रही है। इस प्रकार से एकीकृत क़ृषि  जिले के चार विकासखंड_ नरहरपुर, कांकेर, भानुप्रतापपुर, चारामा में संचालित है, जिसमें प्रत्येक संकुल के चार गांव को लिया गया है। योजना का उद्देश्य महिला किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है जिससे उनकी औसत आय प्रतिमाह बीस से पच्चीस हजार  तक पहुंच जाए।
  जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी के मार्गदर्शन में  यह योजना ज़िले में सुचारु रूप से संचालित हो रही है,यह  योजना "दीदी के बखरी" नाम से संचालित है । विकासखण्ड नरहरपुर में 1200, कांकेर में 790, चारामा में 734 एवं भानुप्रतापपुर में 640 इस प्रकार कुल 3364 महिला किसानों द्वारा सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण, मछली पालन इत्यादि गतिविधियां की जा रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में 10,780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है जिसमे उनका आवश्यक सहयोग करके उनके आय मे वृद्धि का प्रयास किया जायेगा । इनके लिए सभी क्लस्टर लेवल पर आजीविका सेवा केंद्र भी खोला जा रहा है जो दीदियों द्वारा ही संचालित होगा। इसके माध्यम से इनको उक्त गतिविधि के संचालन हेतु आवश्यक बीज, क़ृषि उपकरण, खाद आदि मुहैया कराया जायेगा। जिला पंचायत सीईओ बने श्री मंडावी ने गत दिनों नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर की महिला किसानों से मिलकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इसी क्रम में वे नरहरपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत रावस और बांस पत्तर पहुंचे जहाँ महिला किसान सुरेखा नेताम के द्वारा बनाये गए बखरी मे लगाए ग्राफ्टेड सब्जी_ भाजी और मुर्गी पालन के कार्य को देख कर  प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने ग्राम ठेमा की महिला किसान नामिका यादव के वनोपज और मुर्गी, मछली पालन के कार्य को देखकर काफ़ी सराहा। आज शनिवार को भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम हाटकर्रा की महिला मोतिन दर्रो के बकरीपालन एवं मछली पालन  और सूरजमुखी की खेती के कार्य को देखकर प्रसंशा की। ग्राम धनेली की महिला जमुना कोर्राम से आजीविका डबरी से संबंधित जानकारी ली तथा कठोली की दीदी से चर्चा कर उन्होंने उनकी औसत मासिक आय की जानकारी लेते हुए उन्हें कार्य के प्रति प्रोत्साहित किया।  
   इस प्रकार कांकेर जिले में 
महिला आजीविका मे वृद्धि के लिए एकीकृत क़ृषि सबंधित "दीदी के बखरी "कार्य अन्य महिलाओ के लिए भी प्रेरणा  बन रहा है जिसे देखकर बाकी दीदीयां भी अपने जीवन स्तर मे सुधार लाने और आय बढ़ाने पर कार्य कर रही है।

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महाराष्ट्र सीमा से लगे नेलांगुर में हर घर पहुंचा नल जल, दूर हुई पेयजल समस्या ,जल जीवन मिशन के तहत 52 किमी दूर स्थित गांव को मिली बड़ी राहत

रायपुर, 12 अप्रैल 2026 // छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के सीमावर्ती ग्राम नेलांगुर में अब विकास की नई तस्वीर उभरने लगी है। महाराष्ट्र सीमा से लगे इस पूर्व अतिसंवेदनशील गांव में पहली बार घर-घर नल से पानी पहुंचना शुरू हुआ है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद अब विकास कार्यों ने भी गति पकड़ ली है। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत इस दूरस्थ गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था शुरू की गई है। सोलर पंप के माध्यम से जल स्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकी है।

जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित नेलांगुर के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे थे, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों के लिए यह पहल राहत भरी साबित हो रही है। विशेष रूप से महिलाओं को अब दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिली है। गांव में जल आपूर्ति शुरू होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहजता आई है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।

नेलांगुर में जल जीवन मिशन का सफल क्रियान्वयन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। प्रशासन द्वारा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा हर घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेलांगुर में सोलर पंप आधारित जल आपूर्ति की यह पहल न केवल बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रही है।

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सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक

रायपुर 12 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया। उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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बदलते मौसम और बढ़ते जोखिम के बीच किसानों को सतर्क रहने की जरूरत—प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के साथ ऐड-ऑन कवर लेकर करें अपनी फसलों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित

जशपुरनगर 12 अप्रैल 2026/ पिछले कुछ दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई अचानक ओलावृष्टि और तेज हवाओं से
उद्यानिकी फसलों को क्षति हुई है।
 
किसानों से अपील है कि आगामी खरीफ एवं
रबी में अपने फसलों का बीमा जरूर करवाएं । एवं फसलों पर फंगीसाईड का छिड़काव जरूर करें।

फसल बीमा क्यों जरूरी है ऐड ऑन कवर ?
अक्सर किसान प्रधानमंत्री फसल बीम योजना (PMBFY) के तहत केवल बेसिक बीमा ही करवाते हैं
लेकिन बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए ऐड-ऑन (Add On) सुरक्षा लेना अनिवार्य
सा हो गया है।
’ ऐड-ऑन कवर के मुख्य लाभः
स्थानीय आपदा सुरक्षाः बेसीक बीमा अक्सर व्यापक आपदाओं को कवर करता है, लेकिन ऐड-ऑन
के माध्यम से आप ओलावृष्टि (Hailstorm), जैसे स्थानीय घटनाओं के लिए अलग से सुरक्षा पा सकते हैं। कम प्रीमयम, ज्यादा सुरक्षाः बहुत ही मामूली अतिरिक्त प्रीमयम भुगतान करके किसान
अपनी पूरी लागत को सुरक्षित कर सकते हैं।
’ सहायक संचालक उद्यान जशपुर का किसानों से विशेष अपील किए है कि  ओलावृष्टि जैसी अनिश्चत घटनाओं से बचने के लिए
फसल बीमा में ऐड-ऑन कवर का विकल्प जरूर चुनें। यह आपकी मेहनत की कमाई भी सुरक्षा का
सशक्त माध्यम है।

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धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता की अनूठी मिसाल: नेगीटोली में भव्य शिव मंदिर निर्माण के लिए एकजुट हुए ग्रामीण, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

कांसाबेल 12 अफ़्रैल 2026 :  टांगरगांव के नेगीटोली में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। यहां आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से भव्य शिव मंदिर निर्माण का निर्णय लिया गया। इस निर्णय से पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिल रहा है।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता, मंत्री आलोक सारथी, दया किशोर, बालेश्वर चक्रेश, कमल साय, दिनेश्वर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने एकजुट होकर मंदिर निर्माण के लिए सहयोग और सहभागिता का संकल्प लिया।ग्रामीणों ने बताया कि शिव मंदिर निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। बैठक में मंदिर निर्माण की रूपरेखा, स्थान चयन और सहयोग राशि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।ग्रामवासियों में इस निर्णय को लेकर खासा उत्साह है और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह पहल न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक समरसता को भी मजबूत करेगी।

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साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता की नई पहल—मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “खौफ- द डिजिटल वार” फिल्म की सराहना कर दिया बड़ा संदेश, सोशल मीडिया पर किया साझा

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने साइबर जागरूकता पर आधारित फिल्म “खौफ- द डिजिटल वार” की सराहना की*

*एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*

 11 अप्रैल, 2026 रायगढ़ । प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह द्वारा निर्मित एवं अभिनीत शॉर्ट फिल्म “खौफ- द डिजिटल वार” को अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर साझा करते हुए देशवासियों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में फिल्म में डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर विषय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की सराहना करते हुए इसे समयानुकूल पहल बताया। 

       इसी कड़ी में CMO छत्तीसगढ़ के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी उक्त फिल्म को साझा कर साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और सतर्कता बरतने का संदेश प्रसारित किया गया, जिसमें फिल्म द्वारा उठाए गए मुद्दों की प्रशंसा की गई।

        इस पहल पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का प्रोत्साहन और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी सदैव प्रोत्साहित करते आये हैं । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से प्राप्त हुए आशीर्वचन पर फिल्म की पूरी टीम उत्साहित है।  उनकी ओर से फिल्म को सोशल मीडिया पर साझा किया जाना जनजागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
     
         गौरतलब है कि रायगढ़ पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता फिल्म को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यूट्यूब सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा किया गया है। आगामी कार्ययोजना के तहत इस फिल्म को जिले के सिनेमाघरों एवं मल्टीप्लेक्स में निशुल्क प्रदर्शित किए जाने के लिए संचालकों से समन्वय किया गया है। हाल ही में घरघोड़ा स्थित एके सिनेमा में फिल्म का निःशुल्क प्रदर्शन भी किया गया। इसके साथ ही रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों में भी इस फिल्म का प्रदर्शन कर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया जा रहा है।

           इस शॉर्ट फिल्म “खौफ- द डिजिटल वार” का मुख्य उद्देश्य आमजन को साइबर फ्रॉड जैसे अपराधों के प्रति सचेत करना है, ताकि लोग समय रहते सतर्क रहकर ठगी का शिकार होने से बच सकें। फिल्म के माध्यम से दिया गया जागरूकता संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और लोग इसे समझकर अपने दैनिक जीवन में सतर्कता अपनाएं, यही इसका प्रमुख उद्देश्य है।

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खारंग नदी हादसे के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन: अवैध रेत उत्खनन पर कसी लगाम, ट्रैक्टर मालिक पर FIR, पूरे जिले में सख्त निगरानी अभियान शुरू

*खारंग नदी क्षेत्र में हादसे पर प्रशासन सख्त, अवैध उत्खनन पर लगातार कार्रवाई*

*ट्रैक्टर पलटने की घटना की जांच पूरी, अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी निगरानी*

रायपुर,11 अप्रैल 2026/ बिलासपुर जिले के खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की जांच के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन पर सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं छत्तीसगढ राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

      बिलासपुर जिले के खनिज अमले द्वारा खारंग नदी क्षेत्र में हुई दुर्घटना की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान ग्राम गढ़वट में सरपंच, पंचगण एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 8-9 अप्रैल की मध्य रात्रि में दो युवक नदी क्षेत्र में गए थे, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की घटना हुई। इस घटना में एक युवक की मृत्यु हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ। मौके पर प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिले, बल्कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की पुष्टि हुई।

        प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित ट्रैक्टर-ट्रॉली ग्राम गढ़वट निवासी तोषण कुमार कश्यप के नाम से जुड़ी है। इस आधार पर पुलिस थाना रतनपुर में वाहन मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105 एवं 238(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि दोनों युवक नदी क्षेत्र में रेत उत्खनन के उद्देश्य से गए थे। हालांकि घटना स्थल पर अवैध उत्खनन के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन क्षेत्र में बनाए गए कच्चे मार्ग और ट्रैक्टर के आवागमन के संकेत पाए गए।

      खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024-25 में  गढ़वट और आसपास के इलाके में कुल 47 प्रकरण दर्ज कर लगभग 6.95 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक 22 प्रकरण दर्ज कर 3.19 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व में भी गढ़वट क्षेत्र में अवैध परिवहन के मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए थे। विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए समय-समय पर निर्णय और जागरूकता प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

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“घर-घर पहुंचेगा जनगणना 2027 का महाअभियान—1 मई से 30 मई तक चलेगी मकानों की गणना, हर छत और हर सुविधा का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

रायपुर, 11 अप्रैल 2026/भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण“मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना  (House Listing & Housing Census) ”का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि मे संचालित किया जाएगा। यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय एवं गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।

             डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिएस्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक नागरिक 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 के मध्य निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
            स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी (Self-Enumeration ID) प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना  होगा। आपके द्वारा भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा।

*इस चरण के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी*

    प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी देश की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों तथा बुनियादी ढांचे के विकास हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

     प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे प्रगणको को सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें। स्व-गणना कर चुके परिवारों को अपनी मस-िम्दनउमतंजपवद प्क् प्रगणक को बतानी होगी।

           जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। निर्धारित समयावधि में स्व-गणना का लाभ उठाएं। केवल अधिकृत गणनाकर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। सटीक एवं सत्य जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। 

*निगरानी*

 जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। शिकायत निवारण हेतु हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी। जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। आपकी सटीक एवं पूर्ण जानकारी देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं। यह प्रक्रिया सरकार को सटीक नीति निर्माण, संसाधन आवंटन एवं भविष्य की योजनाओं के निर्धारण में सहायता प्रदान करती है।

       जनगणना देश की सबसे व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो सरकार को जनसंख्या, आवास एवं बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में सहायता प्रदान करती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाई जाती हैं।

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शादी की खुशियां अगले ही दिन मातम में तब्दील: टेंट सामान लेकर जा रहा नवविवाहित युवक दर्दनाक हादसे का शिकार, ब्रेक फेल ट्रैक्टर पलटने से रास्ते में ही हुई मौत, तीन साथी गंभीर घायल

जशपुर, 11 अप्रैल 2026। जिले के सीमावर्ती कापू थाना क्षेत्र के ठाकुरपोड़ी गांव में शनिवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसने शादी की खुशियों को देखते ही देखते मातम में बदल दिया। टेंट सामान से लदा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें दबकर एक नवविवाहित युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतक की पहचान देवांगन सिदार के रूप में हुई है, जिसकी शादी महज एक दिन पहले ही बड़े धूमधाम से संपन्न हुई थी। बताया जा रहा है कि शादी के बाद बचे टेंट सामान को लौटाने के लिए देवांगन अपने तीन दोस्तों के साथ ट्रैक्टर से पास के गांव जा रहा था। रास्ते में एक ढलान पर अचानक ट्रैक्टर का ब्रेक फेल हो गया, जिससे वाहन चालक का नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो गया और ट्रैक्टर पलट गया।

हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर में सवार चारों युवक उसके नीचे दब गए और बुरी तरह घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने देवांगन सिदार की हालत बेहद नाजुक देखते हुए उसे रायपुर रेफर कर दिया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

वहीं, हादसे में घायल तीनों अन्य युवकों का इलाज अस्पताल में जारी है, जिनकी स्थिति फिलहाल गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद पूरे ठाकुरपोड़ी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जिस घर में एक दिन पहले तक शादी की खुशियां, हंसी-खुशी और जश्न का माहौल था, वहां अब चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा हुआ है। नवविवाहिता के हाथों की मेहंदी अभी सूखी भी नहीं थी कि उसके सुहाग का साया हमेशा के लिए उठ गया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं। पत्थलगांव पुलिस ने मामले में शून्य पर मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।

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उद्योग-श्रम समन्वय से बदलता छत्तीसगढ़: श्रमिक सशक्तिकरण, औद्योगिक क्रांति और समावेशी विकास की नई गाथा—मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और मंत्री लखनलाल देवांगन की दूरदर्शिता से रजत जयंती वर्ष में रच रहा प्रगति का स्वर्णिम इतिहास

रायपुर 11 अप्रैल 2026 /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को याद करने का दिन है। आपके कुशल नेतृत्व से ही छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।

         2026 रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ के विकास की वर्तमान यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं की कहानी भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 वर्ष की अल्प आयु में उद्योग के क्षेत्र में जो एक नया इतिहास रचने का संकल्प लिया है वह किसी से छिपा नहीं है। उद्योग के क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।

        श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में सबसे प्रेरणादायक पहल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का वह मार्ग है जिससे कि आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और अवसरों के माध्यम से अपना सुनहरा और सुरक्षित भविष्य स्वयं गढ़ सके। आज के संदर्भ में श्रमिक परिवारों के बच्चों का राज्य के प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करना, एक नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान सर्वाेपरि है। यह न केवल उन बच्चों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे श्रमिक समाज के लिए आत्मविश्वास का स्त्रोत भी है।

         उद्योग और श्रम विभाग से आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन की नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न  योजना, दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन। ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, एक मानवीय और संवेदनशील शासन का परिचायक है। 

        औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से राज्य में निवेशको को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव, सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलना इस नीति की सफलता को प्रमाणित करता है।

        नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में बढ़ता कदम, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश, तथा स्टार्टअप नीति का क्रियान्वयन ये सभी पहलें छत्तीसगढ़ को पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीकी युग में स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना को भी नई दिशा देने वाला है। प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदमों ने पारदर्शिता को बढ़ाया है जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया सरल बनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है।

         सामाजिक समावेशन को छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सामाजिक समावेश नही किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति का आधार होता है।

         उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अपने गंभीर व दूर-दृष्टि सोच एवं विभागीय दायित्वों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि यदि नेतृत्व में संवेदनशीलता और स्पष्ट दृष्टि हो, तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाता है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन और अधिक सशक्त और व्यापक रूप ले रहा है।

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“पांडुलिपियाँ बचेंगी तो बचेगा इतिहास, बचेगी हमारी पहचान—मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से भावुक और प्रेरक आह्वान, ज्ञान की अमूल्य धरोहर को डिजिटल युग में सुरक्षित करने जनभागीदारी का महाअभियान

रायपुर 11 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएँ।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा "ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान" एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य की भी नियमित सहभागिता हो रही है। 

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 07 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। प्रशिक्षकों को नोडल विभाग (संस्कृति विभाग) द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 06 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है।

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