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अब गांवों का सफर आसान!:ग्रामीण अंचलों को जोड़ने दौड़ी ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’,दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क सफर

जशपुरनगर 16 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी पहल के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा का शुभारंभ कर दिया गया है। इस नई बस सेवा के शुरू होने से रनपुर–दोकड़ा–कांसाबेल–पत्थलगांव मार्ग के ग्रामीण अंचलों को आवागमन की बड़ी सुविधा मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह बस सेवा सुबह 7 बजे रनपुर से प्रस्थान करेगी और अपने निर्धारित मार्ग में गोरिया, बंदरचूआ, बगिया, बांसबहार, दोकड़ा, जूनाडीह, कोगाबहरी, पूसरा, कांसाबेल, पोंगरो, लुड़ेग होते हुए पत्थलगांव तक चलेगी। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों,किसानों, व्यापारियों और आम ग्रामीण नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को  यात्रा में पूरी छूट दी जाएगी। यह सुविधा सामाजिक समावेशन और संवेदनशील शासन का सशक्त उदाहरण है।ग्रामीण इलाकों में नियमित बस सेवा के अभाव से लोगों को निजी साधनों या महंगे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब इस बस सेवा के शुरू होने से स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार तक पहुंच आसान होगी। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।

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परंपरा, भक्ति और आस्था का अनुपम संगम: सरला एकादशी पर श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में भव्य आयोजन,दीप प्रज्वलन से गूंजा मंदिर परिसर

दोकड़ा।सोमवार की शाम सरला एकादशी पर्व के पावन अवसर पर ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में परंपरागत द्वीप प्रज्वलन का भव्य आयोजन किया गया। रथ यात्रा काल से अनवरत चली आ रही इस धार्मिक परंपरा के अंतर्गत सायंकाल मंदिर परिसर में श्रद्धा और आस्था के साथ दीप प्रज्वलित किए गए।इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर परिसर हरि नाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और आरती की मधुर ध्वनि से भक्तिमय हो उठा। भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।श्रद्धालुओं ने सरला एकादशी के पुण्य अवसर पर दीप प्रज्वलन कर सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की। आयोजन ने धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और जनआस्था को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बड़ी सौगात,जिले में 4 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की होगी स्थापना, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती.....*

जशपुरनगर 15 दिसम्बर 2025 : जिले के ग्रामीण अंचलों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले में 4 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं और अधिक सुलभ, सुदृढ़ और प्रभावी होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन हेतु प्रति संस्था 12 पदों के मान से पद सृजन की सहमति की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है, जिससे इन केंद्रों में शीघ्र ही नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ की जा सकेंगी।

जिले के इन ग्रामों में स्थापित होंगे नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

जिले के दुलदुला तहसील क्षेत्र के ग्राम करडेगा, फरसाबहार तहसील क्षेत्र के ग्राम पेटामारा (अंकिरा)एवं ग्राम गंझियाडीह तथा कुनकुरी तहसील क्षेत्र के ग्राम केराडीह में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की मंजूरी मिली है।प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधिकारी,ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी,फार्मेसिस्ट ग्रेड–02,स्टाफ नर्स,महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता,लैब टेक्नीशियन,
सहायक ग्रेड–03,वार्ड बॉय,आया पद की नवीन पदस्थापना की जाएगी।इन केंद्रों की स्थापना से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्राथमिक उपचार, जांच सुविधाएं और आपातकालीन सेवाएं ग्रामीणों को उनके ही क्षेत्र में उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को जिला मुख्यालय या दूरस्थ अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

स्वास्थय के क्षेत्र में जिले को मिल रही नई ऊंचाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में जिले को स्वास्थ्य अधोसंरचना के क्षेत्र में लगातार बड़ी सौगातें मिल रही हैं।बीते दो वर्षो में जिले को स्वास्थय के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज के लिए वित्त विभाग से 359 करोड़ रुपए की सहमति, 220 बिस्तर वाले अस्पताल भवन के निर्माण हेतु 32 करोड़ रुपए की मंजूरी,कुनकुरी में नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपए की मंजूरी,जिला मुख्यालय में कल्याण आश्रम चिकित्सालय के अत्याधुनिक भवन  35 करोड़ रुपए की लागत से तेजी से किया जा रहा है निर्माण,जिले को फिजियोथेरेपी महाविद्यालय 14 करोड़ रुपये की मंजूरी, नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना के लिए 8 करोड़ 78 लाख की मंजूरी,कुनकुरी के गिनाबहार मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय भवन का निर्माण 8 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है ,एवं कोतबा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन के लिए 4 करोड़ 37 लाख रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है,कुनकुरी में डायलिसिस सेंटर की स्थापना से लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले का स्वास्थ्य ढांचा तेजी से सशक्त हो रहा है। यह बड़ी सौगात न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करेगी, बल्कि जिले को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान और ऊंचाई प्रदान करेगी।

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केराडीह  में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति पर ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जताया आभार

कुनकुरी/नारायणपुर 15 दिसम्बर 2025 : ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देवसाय जी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, केराडीह (कुनकुरी) को स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले से क्षेत्र की आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और ग्रामीण स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा।

कुनकुरी ग्रामीण मंडल के अध्यक्ष उमेश यादव, आम जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस फैसले पर हृदय से आभार व्यक्त किया है। स्थानीय नेताओं ने कहा कि यह स्वीकृति क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित थी और अब ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर-दराज़ जाना नहीं पड़ेगा।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देवसाय की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस निर्णय से ग्रामीण स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा और स्थानीय जनता को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

ग्रामीणों ने कहा कि यह केंद्र विशेष रूप से माताओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री महोदय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्यों में भी इसी प्रकार की पहल जारी रहेगी।

इस स्वास्थ्य केंद्र के खुलने से केराडीह क्षेत्र में न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि रोजगार और ग्रामीण विकास के अन्य क्षेत्र भी लाभान्वित होंगे।

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प्रजापति कुम्भकार समाज का युवक–युवती परिचय सम्मेलन सम्पन्न, सामाजिक बंधुओं और युवाओं के विचारों को मिली नई दिशा

जशपुर/नारायणपुर 15 दिसम्बर2025: छत्तीसगढ़ प्रजापति कुम्भकार समाज द्वारा आयोजित युवक–युवती परिचय सम्मेलन हाल ही में देवकीनंदन दीक्षित सभागार, लालबहादुर शास्त्री स्कूल, बिलासपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, सामाजिक बंधु और समाज के विवाह योग्य युवक–युवती उपस्थित थे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय शंभूनाथ चक्रवर्ती जी, अध्यक्ष छ. ग. माटीकला बोर्ड, ने अपने संबोधन में युवाओं को समाज की परंपराओं और संस्कृति को समझने तथा आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया,युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों का एहसास दिलाते हुए कहा कि परिचय सम्मेलन केवल व्यक्तिगत परिचय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के बंधनों को मजबूत करने और सामाजिक चेतना को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

विशिष्ट अतिथि माननीय खजांची कुम्हार जी, अपर कमिश्नर, नगर पालिका निगम बिलासपुर और माननीय विनोद सोनी जी, सभापति, नगर पालिका निगम बिलासपुर ने भी समाज के विकास और युवाओं के उज्जवल भविष्य हेतु अपने विचार व्यक्त किए।

सम्मेलन में समाज के विवाह योग्य युवक–युवती ने अपने व्यक्तिगत परिचय के साथ ही अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। इस अवसर पर वरिष्ठ सामाजिक बंधुओं ने युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान किया और समाज की प्रगति के लिए सुझाव साझा किए।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के युवाओं को एक मंच प्रदान करना और उन्हें अपने विचारों, संस्कारों तथा सामाजिक दायित्वों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना था। सम्मेलन ने युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और समाज के विकास में योगदान देने की भावना को और मजबूत किया।

कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष श्री किशन लाल प्रजापति, समाज के संरक्षक श्री रमेश प्रजापति और मालिक सुकुलराम जी समेत अन्य पदाधिकारीगण की भी उपस्थिति रही।समाज के पदाधिकारीगण ने इस आयोजन को सफल बनाने में अपने योगदान और सहयोग के लिए उपस्थित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

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राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी एवं धर्म और राष्ट्र सेवा के प्रतिमूर्ति स्वामी वेदान्ती का देवलोकगमन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी श्रद्धांजलि"

 रायपुर, 15 दिसंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रामभक्ति की अमर प्रतिमूर्ति, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी स्तंभ, पूर्व लोकसभा सांसद एवं संत परंपरा के महान प्रतिनिधि परम पूज्य श्रद्धेय स्वामी डॉ. रामविलासदास वेदान्ती जी के देवलोकगमन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी डॉ. रामविलासदास वेदान्ती जी का देवलोकगमन समस्त रामभक्तों, सनातन समाज और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन श्रीराम के काज, धर्म-संरक्षण और लोककल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उनका तपस्वी जीवन, स्पष्ट वैचारिक दृष्टि और निर्भीक राष्ट्रवादी चिंतन समाज को युगों तक मार्गदर्शन देता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान स्वामी वेदान्ती जी का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने अपने आचरण, विचार और संघर्ष से यह सिद्ध किया कि संत परंपरा केवल साधना तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के उत्थान की सशक्त शक्ति है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी वेदान्ती जी का ओजस्वी व्यक्तित्व, धर्म के प्रति अटूट निष्ठा और लोकहित के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उनके द्वारा स्थापित आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की विरासत सदैव जीवंत रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिवंगत संत के श्रीचरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल अनुयायियों और श्रद्धालुओं को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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मंत्री ओपी चौधरी ने प्रेस वार्ता में साझा की राज्य की विकास परियोजनाओं और नई नीतियों की जानकारी

रायपुर, 15 दिसम्बर 2025 / प्रदेश के आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ संवाद ऑडिटोरियम में प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में आवास एवं पर्यावरण विभाग ने विगत दो वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। लोगों को किफायती आवास की उपलब्धता, बेहतर रहवासी सुविधा, आजीविका के साधनों के विकास के साथ ही पर्यावरण अनुकूल ईज आफ लिविंग का ध्यान रखते हुए इन दो सालों में काम किया गया है। विभाग द्वारा किये गये दो सालों से नागरिक जीवन बेहतर हुआ है और राज्य की उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव रख दी गई है।

मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि दो साल पहले छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा था। 3200 से अधिक आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय नहीं हो सका था। 735 करोड रूपए का बकाया था। मंडल को ऋण मुक्त करने के लिए यह राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में मंडल पर कोई ऋण नहीं है। जिन संपत्तियों का विक्रय लंबे समय से नहीं हुआ था, उनके विक्रय के लिए सरकार द्वारा एकमुश्त निपटान योजना ओटीएस-2 आरंभ की गई। इसके माध्यम से इन संपत्तियों पर 30 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध करायी गई। इस योजना को सफलता मिली और 9 महीनों में ही 1251 संपत्तियों का विक्रय हुआ और इस योजना के माध्यम से 190 करोड रुपए का राजस्व अर्जित किया गया। यह राशि आगामी परियोजनाओं में व्यय की जाएगी, ताकि अधिकतम हितग्राहियों को किफायती आवास एवं व्यावसायिक संपत्ति का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि भविष्य में अविक्रित स्टॉक से बचने के लिए नई निर्माण नीति लागू की गई है। अब मांग आधारित निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। बाजार की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार परियोजनाएं शुरू होंगी। इससे वित्तीय जोखिम कम होगा। 

        नई नीति के अनुसार 60 प्रतिशत या प्रथम 3 माह में 30 प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके पश्चात ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। यह व्यवस्था परियोजनाओं की व्यवहार्यता सुनिश्चित करेगी। नागरिकों की मांग को प्रत्यक्ष रूप से महत्व मिलेगा।

         श्री चौधरी ने कहा कि आवंटियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पोर्टल को और सुदृढ किया गया है। प्रक्रियाएं सरल और समयबद्ध हुई हैं। नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एआई आधारित चैटबॉट के माध्यम से 24×7 जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हुई है। पारदर्शिता और सुविधा दोनों में वृद्धि हुई है।

     मंत्री श्री चौधरी ने रायपुर विकास प्राधिकरण की उपलब्धियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 193 करोड रूपए की लागत से प्राधिकरण द्वारा पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही टिकरापारा में 168 फ्लैट का निर्माण प्रस्तावित है। जिसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है। जनवरी से प्राधिकरण द्वारा ऑनलाईन प्रणाली की शुरूआत की गई है।
उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर के विकास के लिए बीते 2 सालों में ऐतिहासिक निर्णय हुए हैं। नवा रायपुर अटल नगर देश का पहला ऋण मुक्त ग्रीनफील्ड शहर बना है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय मानी जा रही है। प्राधिकरण द्वारा 1,345 करोड़ के संपूर्ण ऋण का भुगतान किया गया। यह ऋण पूर्ववर्ती विकास परियोजनाओं से संबंधित था। अनुशासित वित्तीय प्रबंधन से यह संभव हो सका। किसी नए ऋण का बोझ नहीं डाला गया। ऋण चुकता होने के साथ 5,030 करोड मूल्य की भूमि और संपत्ति गिरवी-मुक्त हुई। अब ये परिसंपत्तियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं। इससे निवेश और विकास प्रस्तावों को गति मिलेगी।
नवा रायपुर में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधि बढ़ाने के लिए भी उल्लेखनीय पहल की गई है। 132 एकड क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। टेक्सटाइल पार्क में लगभग 2,000 करोड के निवेश का अनुमान है। यह निवेश राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा। एमएसएमई और बड़े उद्योगों को अवसर मिलेंगे। निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी। इस परियोजना से 12,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दोनों शामिल होंगे। स्थानीय युवाओं को अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में 1,800 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यह पहल उन्नत 5जी और 6 जी तकनीक को ध्यान में रखकर की गई है। इससे राज्य को तकनीकी मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा। आईटी क्षेत्र से लगभग 10,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उच्च कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध होंगे। स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा।

       श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर टेक-हब के रूप में उभरेगा। नवा रायपुर को कॉन्फ्रेंस कैपिटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने की योजना है। एमआईसीई टूरिज्म को बढावा मिलेगा। सेवा और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

          श्री चौधरी ने बताया कि शहर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और खुले स्थल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इवेंट आधारित अर्थव्यवस्था को बढावा मिलेगा। स्थानीय सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा। 400 करोड की लागत से इनलैंड मरीना परियोजना विकसित की जा रही है। यह पर्यटन और शहरी सौंदर्य दोनों को बढ़ाएगी। मनोरंजन के नए अवसर सृजित होंगे। ग्रीन और ब्लू इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ा गया है।

        120 करोड की लागत से आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर विकसित किया जाएगा। यह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। वेलनेस टूरिज्म को प्रोत्साहन मिलेगा। शहर की सामाजिक पहचान मजबूत होगी। 230 करोड की लागत से साइंस सिटी विकसित की जा रही है। इससे शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। छात्रों और युवाओं को विज्ञान से जोड़ने का उद्देश्य है। भविष्य उन्मुख सोच को प्रोत्साहन मिलेगा।

        नवा रायपुर को मेडिकल हब बनाने के उद्देश्य से मेडी सिटी विकसित की जा रही है। यहां उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं पर दबाव कम होगा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। मेडी सिटी में 300 बिस्तरों वाला हॉस्पिटलबॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा विकसित किया जा रहा है। एजु सिटी के अंतर्गत NIFT और NIELIT को भूमि आवंटन की प्रक्रिया प्रगति पर है। डिजाइन और आईटी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। उच्च शिक्षा संस्थानों का क्लस्टर विकसित होगा। देश विदेश के नामी शैक्षणिक संस्थानों के आने से नवा रायपुर ज्ञान केंद्र के रूप में उभरेगा।

          मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा भी बीते दो साल में उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं। नियमों को अधिक सरल, व्यावहारिक और किफायती बनाने के उद्देशेय से राज्य में पहली बार किफायती जन आवास नियम, 2025 लागू किया गया है। इससे आवास निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। नागरिकों और डेवलपर्स दोनों को लाभ होगा। अब कृषि भूमि में भी किफायती आवास स्वीकार किया गया है। प्रक्रिया सरल और समयबद्ध हुई है। कालोनाइजर्स द्वारा सामुदायिक खुले स्थान की अनिवार्यता 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। इससे परियोजनाओं की लागत में कमी आएगी। किफायती आवास अधिक व्यवहार्य बनेंगे। फिर भी आवश्यक खुले स्थान सुरक्षित रहेंगे।

        इसके अतिरिक्त केंद्रीय रिफार्म के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 में भी संशोधन किये गये है। औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम पहुँच मार्ग की चौड़ाई कम की गई है। अब 7.5 से 9 मीटर चौड़ाई स्वीकार्य है। पहले यह 12 मीटर होनी अनिवार्य थी। इससे भूमि का बेहतर उपयोग संभव होगा। औद्योगिक क्षेत्रों में ग्राउंड कवरेज 60 प्रतिशत से बढाकर 70 प्रतिशत किया गया है। उद्योगों को अधिक निर्माण क्षेत्र मिलेगा। उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। इससे औद्योगिक विस्तार आसान होगा।

        छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा उद्योगों द्वारा पर्यावरणीय उत्सर्जनों के निगरानी हेतुरियल टाइम सिस्टम लागू किया गया है। ऑनलाइन के माध्यम से निरंतर निगरानी हो रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ी है। उत्सर्जन सीमा से अधिक होने पर तुरंत अलर्ट जारी होता है। तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई संभव होती है। नियमों के पालन में सख्ती आई है। स्वचालित नोटिस प्रणाली लागू की गई है। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हुई है तथा मानव हस्तक्षेप पर निर्भरता कम हुई है। कॉमन हज़ार्डस, अपशिष्ट उपचार, भंडारण और निपटान सुविधा विकसित की गई है, यह औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन का वैज्ञानिक समाधान है। नियामक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनी है। इससे पर्यावरणीय जोखिम कम होंगेतथा उद्योगों को सुरक्षित विकल्प मिलेगा। कॉमन हजारडस वेस्ट अप्रैल 2025 से पूर्णतः क्रियाशील हो जाएगी। इसकी लैंडफिल क्षमता 60,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। जिससे दीर्घकालिक अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।

          उन्होंने बताया कि आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा किए गए सुधार वित्तीय अनुशासन को दर्शाते हैं। ऋण मुक्त संस्थान इसकी स्पष्ट मिसाल हैं। विकास को जिम्मेदारी से जोड़ा गया है। संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग हुआ है। नागरिक केंद्रित सुधारों को सभी योजनाओं में प्राथमिकता दी गई है। डिजिटल सेवाओं से सुविधा और पारदर्शिता बढ़ी है। सेवा वितरण में समय और लागत दोनों की बचत हुई है। नागरिकों का भरोसा मजबूत हुआ है। औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन पर समान रूप से ध्यान दिया गया है। युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर बढ़े हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। नवा रायपुर विकास का केंद्र बन रहा है। पर्यावरण संरक्षण को विकास का अभिन्न अंग बनाया गया है। तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है। सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। प्राकृ तिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। नवा रायपुर अटल नगर इन सभी प्रयासों का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। ऋण मुक्त, निवेश अनुकूल और भविष्य तैयार शहर के रूप में इसकी पहचान बनी है।

       आवास एवं पर्यावरण विभाग की उपलब्धियाँ छत्तीसगढ़ को वित्तीय रूप से सक्षम, निवेश-अनुकूल, पर्यावरण-संवेदनशील और नागरिक केंद्रित राज्य के रूप में स्थापित करती हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में विभाग द्वारा की गई पहल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इसके लिए दीर्घकालीन विकास की ठोस नींव तैयार हुई है। इस अवसर पर श्री अनुराग सिंह देव, अध्यक्ष, छत्तीसगढ गृह निर्माण मंडल, श्री नन्द कुमार साहू, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री से CAIT प्रतिनिधियों की सौजन्य मुलाकात, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया आमंत्रण

रायपुर, 15 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में देशभर में संचालित स्वदेशी संकल्प यात्रा के अंतर्गत 20 दिसंबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने CAIT के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और स्वदेशी विचारधारा को मजबूती देने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि स्वदेशी संकल्प यात्रा दुर्ग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सशक्त स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाना तथा स्वदेशी उद्यमिता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है।

इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स के अध्यक्ष श्री प्रकाश सांखला, यात्रा संयोजक श्री संजय चौबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री से सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर 15 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधायक श्री सम्पत अग्रवाल के नेतृत्व में सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को 28 दिसम्बर को परम् पूज्य गुरुघासी दास बाबा की जयंती महोत्सव के अवसर पर महासमुन्द जिले के ग्राम साजापाली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया तथा पूज्य बाबा गुरुघासी दास के सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर श्री लखनमुनि महाराज, श्री अभय घृतलहरे सहित सतनाम पंथ के अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विजय दिवस पर शहीदों को किया नमन

रायपुर 15 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विजय दिवस (16 दिसंबर) के अवसर पर राष्ट्र के वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजय दिवस भारतीय सेना के शौर्य, साहस और अदम्य पराक्रम का गौरवपूर्ण प्रतीक है, जो देशवासियों के हृदय में गर्व और कृतज्ञता का भाव जाग्रत करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने 1971 के ऐतिहासिक युद्ध का स्मरण करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों ने असाधारण साहस, त्याग और बलिदान का परिचय देकर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की। उनके पराक्रम से न केवल भारत की सैन्य शक्ति विश्व मंच पर स्थापित हुई, बल्कि मानवीय मूल्यों और राष्ट्रधर्म की मिसाल भी प्रस्तुत हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की अमर प्रेरणा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे देशभक्ति, अनुशासन और एकता के मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलना, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना और देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना ही विजय दिवस पर उन्हें सच्ची और स्थायी श्रद्धांजलि है।

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अब  तक 17.24 लाख टोकन से 87 लाख टन धान  की हो चुकी खरीदी,धान खरीदी के एवज में किसानों  को 7 हजार 771 करोड़ रुपए का भुगतान

रायपुर, 15 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री  श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़  में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केन्द्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर राज्य के पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का कार्य  अनवरत रूप से जारी है। कृषि  विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित 2739 खरीदी केन्द्रों के माध्यम से धान की खरीदी  सुगमता पूर्वक की जा रही है । धान की खरीदी के लिए 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक की अवधि निर्धारित की गई है । 

       राज्य के किसानों से सुगमता पूर्वक धान खरीदी के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है , वहीं  अवैध धान परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

 *7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत अधिक रकबा का पंजीयन* 

         राज्य में किसानों से धान खरीदी हेतु समुचित व्यवस्था की गई है । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसान पंजीयन का कार्य एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है । वर्तमान में धान की खरीदी हेतु 27.40 लाख किसानों के धान का रकबा 34.39 लाख हेक्टेयर का पंजीयन किया गया है । जबकि गत वर्ष 25.49 लाख किसानों द्वारा रकबा 28.76 लाख हेक्टेयर से समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था । इस प्रकार गत वर्ष विक्रय गये किसानों की  तुलना में इस वर्ष लगभग 7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत रकबा का पंजीयन अधिक हुआ है ।

*एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट*

        संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन किसान (अधिया/रेगहा), डूबान क्षेत्र के किसान, वन अधिकार पट्टाधारी किसान, ग्राम कोटवार (शासकीय पट्टेदार) श्रेणी के किसानों को एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट प्रदान की गई है । किसान पंजीयन का कार्य वर्तमान में जारी है ।

*24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा  "टोकन व्यवस्था का हुआ सरलीकरण*

     मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के हितों का ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने अब 24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा "तुहर टोकन" एप्प में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदान कर दी है । वर्तमान में 17.24 लाख टोकन से 87 लाख टन धान खरीदी हेतु जारी किया जा चुका है । किसानों द्वारा आगामी 20 दिवस के टोकन प्राप्त किये जा सकते हैं ।

*किसानों को 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का त्वरित भुगतान*

       अधिकारियों  ने बताया कि 11 दिसंबर 2025 की स्थिति में किसानों  को धान खरीदी के एवज में 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान  समर्थन मूल्य  के तहत का किया जा चुका है ।

*अवैध धान विक्रय/परिवहन पर नियंत्रण*

       जिलों में विशेष चेकिंग दल का गठन राजस्व, खाद्य, सहकारिता, वन, मंडी आदि विभागों के अधिकारियों का गठन कर किया गया है ।
राज्य स्तर पर मार्कफेड अंतर्गत स्टेट इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC) की स्थापना की गई है । अब तक प्रदेश में अवैध धान परिवहन/भण्डारण के 2000 से अधिक प्रकरण बनाये गये हैं, जिसमें अब तक 1.93 लाख टन अवैध धान जब्त किया गया है ।

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जनदर्शन में 29 प्रकरणों की सुनवाई, कलेक्टर ने अधिकारियों को निराकरण में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए"

जशपुरनगर 15 दिसंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
      कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके। उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 29 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

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सीएम कैंप कार्यालय बगिया में 14,995 प्रकरणों का निराकरण,मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 72 मरीजों को 2.85 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद


जशपुरनगर 15 दिसम्बर 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्थापित सीएम कैंप कार्यालय बगिया आज लोगों की समस्याओं का सबसे तेज और भरोसेमंद समाधान केंद्र बन चुका है। तीज त्योहार हो या अर्द्धरात्रि, बस एक फोन कॉल पर सहायता पहुँचना अब यहां की सामान्य प्रक्रिया बन गई है। नारायणपुर के चिटकवाईन गंझूटोली में ट्रांसफार्मर खराब होने से उत्पन्न संकट हो या आपात स्वास्थ्य सहायता—कैंप कार्यालय हर परिस्थिति में तत्पर दिखाई देता है।स्थापना के बाद से अब तक लगभग 14,995 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया है। बिजली, पेयजल, सड़क, राजस्व, स्वास्थ्य, सामाजिक सहायता,आर्थिक सहायता जैसे मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई ने लोगों का विश्वास और गहरा किया है। 110 नए ट्रांसफार्मर, नई विद्युत लाइनें और उपकेंद्रों की स्थापना से लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में कैंप कार्यालय ने मानवीय सेवाभाव का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थय सहायता योजना के तहत जिले के 72 मरीजों के इलाज के 2 करोड़ 85 लाख रुपए की मिली स्वीकृति

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर संचालित सीएम कैंप कार्यालय बगिया से बीते दो वर्षो में कई जरूरतमंद हितग्राहियों को त्वरित लाभ प्रदान किया गया,।इस कार्यालय में परिजनों के आवेदन 72 मरीजों के लिए 2 करोड़ 85 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मंजूरी दी गई है।इस योजना के तहत ताजा मामला मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत जिला कोरिया निवासी हितग्राही राजवर्धन पैकरा, पिता सुरेन्द्र पैकरा (उम्र 6 वर्ष) को गंभीर बीमारी के उपचार हेतु 18 लाख रूपये की आर्थिक सहायता की स्वीकृति दी गई। वहीं गणेश राम यादव, पिता महेश्वर राम यादव (उम्र 48 वर्ष) को किडनी ट्रांसप्लांट उपचार के लिए 1 लाख 54 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई।इस तरह इस कार्यालय में आवेदन पर एक दुर्घटना में मृत्यु के बाद श्रीमती पानमती बाई, ग्राम केवटीनडांड़, तहसील कांसाबेल को संगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 1 लाख रुपए की सहायता राशि दिलाई गई।शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु प्राथमिक शाला जामुंडा में बसंत कुमार सिंह एवं कलिन्द राम के आवेदन पर शिक्षक व्यवस्था कराई गई। ग्राम पंचायत कोनपारा, तहसील फरसाबहार में रामशंकर कालो सहित कई को नहर कार्य की बकाया मजदूरी का भुगतान कराया गया।इसके अतिरिक्त ग्रामीणों की मांग पर पेयजल समस्या के समाधान हेतु नलकूप खनन तथा सड़क निर्माण जैसे जनहित कार्यों पर भी कार्रवाई की गई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने शुरू की "स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन" 5 मिनट के भीतर पहुंचा रही है स्वास्थय सहायता


सीएम कैंप कार्यालय बगिया में इलाज के लिए दिए गए आवेदन पर सहायता पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थय मितान टीम ने चिकित्सा सहायता को और अधिक सुलभ बना दिया है, जहां 5 मिनट के भीतर मरीजों से संपर्क कर आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जाती है।सीएम कैंप कार्यालय ने कठिन परिस्थितियों में भी संवेदनशील भूमिका निभाते हुए 4581 मरीजों को स्वास्थय लाभ पहुंचाने में सफलता मिली है।सीएम कैंप कार्यालय द्वारा दूर राज्यों में मृत्यु के बाद शवों को सम्मानपूर्वक गृह ग्राम पहुँचाना, वन्यजीव जनित नुकसान की भरपाई कराना, शिक्षा और मजदूरी से जुड़े लंबित मामलों को तुरंत समाधान देना, कोरवा बाहुल्य क्षेत्रों में पहली बार बिजली पहुँचाना—ऐसे अनेक कार्य इसकी प्रतिबद्धता को प्रमाणित करते हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बगिया में कैंप कार्यालय की स्थापना गरीब, असहाय और आम नागरिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। जनसेवा, सुशासन और मानवीय संवेदना की मिसाल बन चुका यह कार्यालय अब जनता और सरकार के बीच भरोसे का मजबूत पुल बनकर उभर रहा है, जहां हर जरूरतमंद को तत्काल संबल और समाधान मिलता है।

जरूरतमंदों को मिली तत्काल सहायता, लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निजी निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने एक बार फिर संवेदनशील शासन का प्रमाण दिया है। यहाँ जरूरतमंद लोगों के आवेदन पर तत्काल सहायता पहुंचाई गई।सीएम कैंप कार्यालय से अब तक सैकड़ों दिव्यांगजन व जरूरतमंदों को बैटरी चलित ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, ट्राई साइकिल, वैशाखी जैसे जरूरी सहायक उपकरण प्रदान किए गए हैं।जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली इस सरकार की त्वरित पहल से लाभार्थियों ने राहत महसूस की और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया।

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जिला पंचायत अध्यक्ष श्री साय ने शा. मा.शाला पुसरा का किया निरीक्षण,आज के बच्चे ही कल का भविष्य” — विद्यार्थियों से संवाद कर सालिक साय ने बढ़ाया उत्साह

जशपुरनगर, 15 दिसंबर 2025/ 
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने आज कांसाबेल विकासखंड स्थित शासकीय माध्यमिक शाला पुसरा का भ्रमण कर विद्यालय की शैक्षणिक एवं भौतिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान श्री साय ने शिक्षकों को शासन द्वारा विद्यार्थियों को प्रदत्त समस्त शैक्षणिक सुविधाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा शिक्षण कार्य में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं। उनकी प्रतिभाओं को निखारकर और कमियों में सुधार कर एक सशक्त भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत जिले की समस्त शासकीय शालाओं में सामाजिक अंकेक्षण का कार्य पूर्ण किया गया है। अंकेक्षण के प्राप्त परिणामों के आधार पर विद्यालयों की ग्रेडिंग की गई है, जिसके अंतर्गत जशपुर जिले में डी-ग्रेड चिन्हांकित शालाओं के लिए जिला स्तरीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं।
इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय को कांसाबेल विकासखंड की शासकीय माध्यमिक शाला पुसरा की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निरीक्षण के दौरान ग्राम पुसरा के उपसरपंच श्री बालेश्वर चक्रेश भी उपस्थित रहे।
    सामाजिक अंकेक्षण के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की उपलब्धियां, आधारभूत सुविधाएं एवं शिक्षक उपस्थिति जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों के आधार पर ग्रेडिंग की जा है है। यह पहल शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है, जिससे अपेक्षित गुणवत्ता तक नहीं पहुंच पा रहे विद्यालयों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।

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जशपुर में बैडमिंटन प्रतिभाओं का महासंगम, खेल कोटे से सरकारी सेवा प्राप्त 11 खिलाड़ी पहुंचे स्टेट चैंपियनशिप में

*जशपुर चैंपियनशिप में बैडमिंटन प्रतिभाओं का संगम, खेल कोटे से सरकारी सेवा प्राप्त 11 खिलाड़ी भी पहुंचे हैं जशपुर।*

*खेल उपलब्धियां को पुरस्कार -उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिलती है सरकारी नौकरियां।*

जशपुर नगर 15 दिसम्बर 2025

जशपुर में आयोजित 24वीं योनेक्स सनराइज छत्तीसगढ़ स्टेट सीनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में प्रदेश भर से प्रतिभावान बैडमिंटन खिलाड़ी जुटे हैं।

देश के राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ियों को उनकी उत्कृष्ट खेल उपलब्धियों के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा खेल कोटे के अंतर्गत विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी प्रदान की जाती है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन  कर देश का नाम रोशन करने वाले कई खिलाड़ी जशपुर की बैडमिंटन प्रतियोगिता में भी शिरकत कर रहे हैं। यहां खेलने आए 11 खिलाड़ियों को सरकार की ओर से शासकीय सेवाएं प्रदान की गई है।
इन खिलाड़ियों में आकर्षि कश्यप को डीएसपी के पद पर, जूही देवांगन को डाक विभाग, वेंकट गौरव प्रसाद, दक्ष चौधरी और हर्षित ठाकुर को रेलवे विभाग, मनीष गुप्ता और हिमांशु वर्मा को महालेखाकार में, आयुष मखीजा, राजीव सिंह, रमा दत्त को फॉरेस्ट डिपार्टर्मेंट, प्रवेश ध्री को सीआरपीएफ और हर्सल भोयार को रेलवे ऑडिट में नियुक्ति दी गई है।

जानकारों का विश्वास है कि सरकार की यह पहल खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।
 बैडमिंटन खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उनके राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार स्वरूप दिए जा रहे शासकीय सेवा के प्रावधान से निश्चित रूप से इस खेल को प्रोत्साहन मिलेगा और आज के युवा अपने करियर के प्रति आश्वस्त हो कर बैडमिंटन खेल पर पूरा फोकस भी कर सकेंगे l ऐसे खिलाड़ियों के अभिभावक भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता मुक्त हो इस खेल में निवेश करने का निर्णय ले सकते हैं l बैडमिंटन खेल में लड़कियों के लिए अपेक्षाकृत अधिक अवसर है क्योंकि इस वर्ग में प्रतिस्पर्धा कम है l

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नीमगांव बालक आश्रम में सेवा और संवेदना का संदेश, बाबा भगवान राम ट्रस्ट एवं सर्वेश्वरी समूह महिला संगठन ने 69 बच्चों को वितरित किए गर्म कपड़े

जशपुर 15 दिसम्बर 2025 : भगवान राम ट्रस्ट, सर्वेश्वरी समूह एवं अघोर परीषद ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा गुरूपद संभव राम जी के निर्देशन में  देश के उज्जवल भविष्य बच्चों के सर्वागीणं विकास हेतु चलाये जा रहे कार्यक्रम के अंतर्गत बाबा भगवान राम ट्रस्ट सोगड़ा, जशपुर एवं श्री सर्वेश्वरी समूह महिला संगठन जशपुर द्वारा 14 दिसम्बर 2025  रविवार को विकासखण्ड जशपुर के  आदर्श शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक प्राथमिक शाला  आश्रम  नीमगांव में प्राथमिक शाला आश्रम के बच्चों के बीच ठंड से बचाव हेतु ऊनी टोपी,स्वेटर एवं मोजे सहित बिस्किट आदि का वितरण किया गया।

      कार्यक्रम प्रातः 10ः30 बजे बालक प्राथमिक शाला  आश्रम  नीमगांव के प्रागंण में आयोजित किया गया  जिसमें लगभग 69 आश्रम के बच्चों को उक्त सामग्रिया वितरित की गयी। कार्यक्रम का शुभ आरंभ बाबा भगवान राम ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के चित्र पर विधिवत पूजन कर किया गया। सर्वप्रथम बाबा भगवान राम ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री कृष्ण कुमार (टप्पू जी) द्वारा ऊनी टोपी,स्वेटर एवं मोजे का वितरण कर कार्यक्रम प्रांरभ किया गया तत् पश्चात श्सर्वेश्वरी  समूह महिला संगठन जशपुर के वरिष्ठ सदस्या श्रीमति सरिता श्रीवास्तव द्वारा कुछ बच्चों को टोपी,स्वेटर एवं मोजे प्रदान की गयी। इसके बाद ट्रस्ट के सदस्यो एवं महिला संगठन के अन्य सदस्यो द्वारा टोपी,स्वेटर एवं मोजे वितरण का कार्य सम्पादित किया गया। प्रांगण में उपस्थित बच्चे,शिक्षक,प्रधान पाठक एंव समूह के सदस्यो द्वारा राष्ट्रगान गाकर भारत माता की जय एवं वन्दे मातरम का गगनभेदी उदघोष किया गया । कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को मन लगाकर पढ़ने  एवं अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की सीख दी गयी। छात्रो के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए हर-हर महादेव की जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

      उक्त कार्यक्रम में महिला संगठन की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती सरिता श्रीवास्तव, श्रीमती सरिता अखौरी, श्रीमती कविता सिंह, श्रीमती बबीता सिन्हा, श्रीमती हेमलता, श्रीमती अर्पिता दूबे, श्रीमती रंजिता सांरगी,श्रीमती पूनम दूबे, श्रीमती सीमा सिंह, श्रीमती अंजू सिन्हा, श्रीमती अनुपमा सिंह, श्रीमती अनिमा मिश्रा, श्रीमती निधि यादव,सौम्या सुरभि के अलावे बाबा भगवान राम ट्रस्ट के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री कमल दूबे एंव श्री प्रवीण सिन्हा का सराहनीय सहयोग रहा।

    इनके अतिरिक्त श्री नरेन्द्र सिन्हा,जशपुर के साथ प्राथमिक शाला आश्रम नीमगांव के प्रधान पाठक श्रीमती अनिला भगत,एवं श्री बलदेव राम , सहायक शिक्षक श्री हरिओम नागेश,श्रीमती पूनम बरवा एवं शाला के अन्य कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। ट्रस्ट के द्वारा आगामी दिवसों अन्य  शालाओं में भी इस तरह के कार्यक्रम करने की योजना है।

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रायपुर में अस्मिता वुशू सिटी लीग एवं ओपन जिला चैंपियनशिप का आयोजन

रायपुर 15 दिसम्बर 2025 : रायपुर जिला वुशू संघ के तत्वावधान में अस्मिता वुशू सिटी लीग एवं ओपन वुशू डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप का आयोजन 12 दिसंबर 2025 को विवेकानंद स्टेडियम हॉल, कोटा, रायपुर में किया गया। प्रतियोगिता में शहर एवं जिले के विभिन्न स्कूलों से आए लगभग 120 खिलाड़ियों ने भाग लिया।

प्रतियोगिता के समापन अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में रायपुर वुशू संघ के संरक्षक अनिल मिश्रा, वरिष्ठ भाजपा नेता रविंद्र सिंह एवं सुभाष अग्रवाल उपस्थित रहे। अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया और खेल के प्रति निरंतर समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया। अतिथियों ने कहा कि खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने विभिन्न वर्गों में अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया। मुकाबलों का संचालन मुख्य रेफरी खिलेश बरिहा के नेतृत्व में मो. अली, राणा मैडम, अंकिता मैडम, रुपेश, रहीम, तौकीर एवं धीरज ने किया। निर्णायकों ने सभी मुकाबलों का निष्पक्ष एवं अनुशासित ढंग से संचालन किया।

कार्यक्रम के समापन पर रायपुर जिला वुशू संघ के महासचिव सुहैल हैदरी ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं तथा जिले में वुशू खेल को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

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*साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण: 18 लाख पीएम आवास को दी गई थी स्वीकृति,10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का किया शुभारंभ* 

रायपुर, 14 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया। 
कार्यक्रम में कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की गति को दर्शाती है। विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता और सतत निगरानी का परिणाम है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, योजना का अन्य योजनाओं से अभिसरण किया गया है, जिसके तहत मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रूपए की सहायता शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा प्राप्त हो सके।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का कार्य मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी सम्मिलित हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा में वृद्धि, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण एवं सिघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। इस प्रकार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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