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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीताबेंगरा-जोगीमारा की अमूल्य धरोहर का किया अवलोकन, बोले— आने वाली पीढ़ियों के लिए इन्हें सहेजना हमारी जिम्मेदारी

रायपुर 30 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ऐतिहासिक एवं रामवनगमन पर्यटन परिपथ से जुड़े रामगढ़ में आयोजित दो दिवसीय "रामगढ़ महोत्सव-2026" के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात सीताबेंगरा गुफा का अवलोकन किया तथा इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही जोगीमारा गुफा के प्राचीन शिलालेख, भित्तिचित्रों तथा क्षेत्र की अनूठी प्राकृतिक धरोहर हाथीपोल का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि रामगढ़ सरगुजा की हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक चेतना, कला, आस्था और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात यह स्थल संस्कृति, इतिहास, साहित्य एवं पर्यटन का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती केवल प्राकृतिक संपदा से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि इसकी सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत भी विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान रखती है। रामगढ़ जैसी धरोहरें हमारी ऐतिहासिक अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव की अमूल्य निधि हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन तथा पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें और स्थानीय लोगों को भी रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर प्राप्त हों।

उल्लेखनीय है कि रामगढ़ पर्वत की पश्चिमी ढलान पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ भारतीय इतिहास, स्थापत्य, शिलालेख एवं चित्रकला की अनुपम धरोहर मानी जाती हैं। मान्यता है कि महाकवि कालिदास ने इन्हीं पहाड़ियों में अपनी कालजयी कृति "मेघदूतम्" की रचना की थी, जिसका आरंभ "आषाढस्य प्रथमदिवसे" से होता है। इसी ऐतिहासिक एवं साहित्यिक स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आषाढ़ के प्रथम दिवस पर रामगढ़ महोत्सव का आयोजन किया जाता है। लगभग 44 फीट लंबी सीताबेंगरा गुफा में निर्मित प्राकृतिक रंगमंच, जोगीमारा गुफा में तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व की भित्तिचित्र परंपरा तथा यहाँ प्राप्त प्राचीन अभिलेख इस क्षेत्र को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं।

रामगढ़ की एक अन्य महत्वपूर्ण पहचान "हाथीपोल" नामक प्राकृतिक सुरंग है। लगभग 180 फीट लंबी तथा 15 से 20 फीट ऊँची यह प्राकृतिक सुरंग अपनी अनूठी संरचना के कारण पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। माना जाता है कि वर्षों तक जल प्रवाह के कारण इसका वर्तमान स्वरूप विकसित हुआ। सुरंग के दूसरे छोर पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ इस सम्पूर्ण क्षेत्र को और अधिक रहस्यमयी, आकर्षक एवं ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती हैं। रामगढ़ पर्वत के निचले शिखर पर स्थित इन कलात्मक गुफाओं का संबंध रामायणकालीन परंपराओं से भी जोड़ा जाता है, जिसके कारण यह स्थल धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

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मातृशक्ति, प्रकृति और प्रभु श्रीराम के चरणों में मुख्यमंत्री का नमन: राम वाटिका में रुद्राक्ष रोपकर दिया हरित भविष्य का संकल्प, "एक पेड़ माँ के नाम 3.0" अभियान को मिली नई ऊर्जा


        
रायपुर 30 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  आज अपने सरगुजा प्रवास के दौरान विकासखंड उदयपुर स्थित रामगढ़ के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस "राम वाटिका" में स्थापित भगवान श्री राम की प्रतिमा को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की, इसके साथ ही उन्होंने "एक पेड़ माँ के नाम 3.0" अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा तथा आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि माँ के नाम पर लगाया गया एक पौधा न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य की सुदृढ़ आधारशिला भी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएँ तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लें, ताकि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करते हुए प्रकृति के संतुलन को बनाए रखा जा सके।

भगवान श्री राम की प्रतिमा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्री राम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग एवं कर्तव्यपरायणता का अनुपम आदर्श है, जो युगों-युगों से समस्त मानवता का मार्गदर्शन करता आ रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से प्रभु श्री राम द्वारा प्रशस्त आदर्श पथ पर चलते हुए सेवा, सद्भाव एवं समर्पण के भाव से समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में सहभागी बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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**सहायक शिक्षकों के साथ बड़ा अन्याय! त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत किए बिना विकल्प भरने का आदेश अव्यावहारिक, शिक्षक फेडरेशन ने सरकार से उठाए तीखे सवाल


जशपुर 
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी तथा जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता , महामंत्री संजीव शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रचलित क्रमोन्नति योजनाओं का वित्त विभाग के प्रचलित समयमान वेतनमान में समाहित करने संबंधी 9 जून 26 को सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश औचित्यपूर्ण नहीं है।
        उन्होंने बताया कि शासकीय कर्मचारियों के लिए क्रमोन्नति योजना मध्यप्रदेश शासन द्वारा शासकीय सेवा में प्रथम नियमित नियुक्ति से एक ही वेतनमान में 12 एवं 24 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने की स्थिति में क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत किया गया था। जोकि 19/4/99 से प्रभावशील था। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़ के आदेश 24/4/2006 के द्वारा शिक्षक संवर्ग सहायक शिक्षक वेतनमान 4000-6000 ग्रेड पे 2400 को 12 एवं 24 वर्ष में क्रमशः 5000-8000 (ग्रेड पे 4200) तथा 5500-9000 (ग्रेड पे 4300) स्वीकृत हुआ था।साथ ही,शिक्षक 5000-8000 को 5500-9000,व्याख्याता 5500-9000 को 6500-10500 तथा 7500-12500 का क्रमोन्नत वेतनमान स्वीकृत हुआ था।
          उन्होंने बताया कि वित्त विभाग छत्तीसगढ़ शासन का आदेश 28 अप्रैल 2008 (वित्त निर्देश 11/2008) के द्वारा तत्समय प्रभावशील क्रमोन्नति योजना को संशोधित कर 1 अप्रैल 2006 से समयमान वेतन योजना लागू किया गया था।  परिशिष्ट-1 में प्रारंभिक वेतनमान 4000-6000 (5200-20200+2400) का प्रथम उच्चतर वेतनमान 4500-7000 (5200-20200 +2800) तथा द्वितीय उच्चतर वेतनमान 5000-8000 (9300-34800 +4200) है। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश 24/4/2006 के द्वारा शिक्षक संवर्ग सहायक शिक्षक का वेतनमान 4000-6000 ग्रेड पे 2400 को 12 एवं 24 वर्ष में क्रमशः 5000-8000 (ग्रेड पे 4200) तथा 5500-9000 (ग्रेड पे 4300) स्वीकृत हुआ था। सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश 10/3/2017 द्वारा  10 वर्ष एवं 20 वर्ष पश्चात प्रथम एवं द्वितीय क्रमोन्नति स्वीकृत हुआ था।

     फेडरेशन का प्रश्न है कि यदि सहायक शिक्षक क्रमोन्नति योजना का विकल्प लेता है तो उसे अन्य शासकीय सेवक के समान तृतीय उच्चतर वेतनमान का लाभ नहीं मिलेगा। यदि समयमान योजना का विकल्प लेता है तो उसे स्वीकृत नहीं होगा क्योंकि *सहायक शिक्षक को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान का लाभ  स्वीकृत ही नहीं हुआ है।* ऐसे स्थिति में समयमान वेतनमान का विकल्प लेना संभव ही नहीं है।जबकि उच्च वर्ग शिक्षक,व्याख्याता,प्राचार्य को समयमान वेतनमान का लाभ पूर्व स्वीकृत है।उल्लेखनीय है कि समयमान वेतनमान के लाभ हेतु सेवाकाल की गणना सेवा में प्रवेश की तिथि से किया जाता है।छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने सहायक शिक्षक संवर्ग को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत होने के पश्चात ही विकल्प लेने अंतिम तिथि में वृद्धि करने का माँग मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव,सचिव सामान्य प्रशासन विभाग एवं सचिव स्कूल शिक्षा से किया है।

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गुरु चरणों में उमड़ेगी अटूट श्रद्धा... पड़ाव वाराणसी में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ेगा लाखों भक्तों का जनसैलाब, तीन दिनों तक धर्म, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व

नारायणपुर। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी पवित्र गुरु पूर्णिमा पर्व पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित पड़ाव में अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम् एवं अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम के पावन परिसर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। श्रद्धा, भक्ति और गुरु-शिष्य परंपरा के इस महापर्व में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को लेकर आश्रम परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

गुरु पूर्णिमा महोत्सव के साथ ही श्री सर्वेश्वरी समूह का 66वां अखिल भारतीय वार्षिक अधिवेशन भी आयोजित होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन में आध्यात्मिक प्रवचन, गुरु दर्शन-पूजन, सामूहिक प्रार्थना, विचार-विमर्श, भजन-कीर्तन, युवा एवं महिला सम्मेलन सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

29 जुलाई को होगा गुरु दर्शन-पूजन का मुख्य आकर्षण

आयोजन के तहत 29 जुलाई (बुधवार) को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सुबह ध्वजोत्थोलन एवं प्रार्थना के बाद श्रद्धालुओं के लिए गुरु दर्शन एवं गुरु पूजन का मुख्य कार्यक्रम होगा। इस दौरान देशभर से पहुंचे लाखों श्रद्धालु अपने पूज्य गुरु के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। दोपहर में प्रसाद वितरण किया जाएगा, जबकि शाम को विशिष्टजनों के उद्बोधन एवं पूज्य बाबा के आशीर्वचन होंगे। रात्रि में भजन-कीर्तन के साथ आध्यात्मिक वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।

      गुरु पूर्णिमा के पावन एवं पुण्य अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं को पूज्य गुरुपद संभव बाबा जी के दिव्य एवं मंगलमय दर्शन का दुर्लभ सौभाग्य प्राप्त होगा। श्रद्धालु गुरुचरणों में शीश नवाकर उनका पावन आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य भी मिलेगा। आध्यात्मिक श्रद्धा, भक्ति और गुरु-कृपा से सराबोर इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

तीन दिनों तक होंगे विविध धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम

महोत्सव का शुभारंभ 28 जुलाई को सफाई एवं श्रमदान से होगा। इसके साथ पत्रकार वार्ता और विभिन्न शाखा पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श आयोजित किया जाएगा। वहीं 30 जुलाई को सामूहिक पाठ, श्री सर्वेश्वरी समूह के अखिल भारतीय वार्षिक अधिवेशन तथा युवा एवं महिला सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें समाजहित एवं संगठन के विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम

आयोजन समिति के अनुसार लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए आवास, पेयजल, भोजन, चिकित्सा, सुरक्षा, पार्किंग तथा यातायात की विशेष व्यवस्था की जा रही है। स्वयंसेवकों की बड़ी टीम पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा में तैनात रहेगी ताकि सभी श्रद्धालु सुगमता से गुरु दर्शन कर सकें।

गुरु-शिष्य परंपरा का अद्भुत संगम

गुरु पूर्णिमा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, सेवा, समर्पण और आध्यात्मिक चेतना का विराट उत्सव माना जाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं में आयोजन को लेकर भारी उत्साह है और लाखों लोग अपने गुरु के श्रीचरणों में उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पड़ाव वाराणसी पहुंचेंगे।

आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों से समय पर पहुंचकर गुरु पूर्णिमा महोत्सव में सहभागी बनने और इस आध्यात्मिक पर्व को सफल बनाने की अपील की है।

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रात के अंधेरे में शराब तस्करी का खेल हुआ बेनकाब... पुलिस की घेराबंदी से मचा हड़कंप, बाइक की बोरी और झोले से निकली 27 लीटर से अधिक अवैध शराब, आरोपी गिरफ्तार,मोटरसाइकिल जब्त, सीधे भेजा गया जेल...

जशपुर। जिले में नशे के कारोबार पर लगातार शिकंजा कस रही जशपुर पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अंग्रेजी और देसी शराब की तस्करी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। थाना पत्थलगांव पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर देर रात घेराबंदी कर एक बाइक सवार को पकड़ा, जिसके कब्जे से बिक्री के लिए ले जाई जा रही 27 लीटर 300 मिलीलीटर अंग्रेजी एवं देसी शराब जब्त की गई। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 16 हजार 440 रुपये बताई गई है। पुलिस ने शराब परिवहन में प्रयुक्त प्लेटिना मोटरसाइकिल क्रमांक CG 14 MU 1427 को भी जब्त कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विश्वनाथ शर्मा (54 वर्ष), निवासी ग्राम लुड़ेग, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 28 जून 2026 की रात करीब 10 बजे थाना पत्थलगांव पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति प्लेटिना मोटरसाइकिल में भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर ग्राम पालीडीह की ओर जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई और ग्राम पालीडीह के पास घेराबंदी कर संदिग्ध बाइक सवार को रोक लिया।

पूछताछ में उसने अपना नाम विश्वनाथ शर्मा बताया। जब पुलिस ने बाइक में रखी बोरी और झोले की तलाशी ली तो उसमें विभिन्न ब्रांडों की बड़ी मात्रा में अंग्रेजी एवं देसी शराब मिली। बरामद शराब में मैकडॉनल नंबर-1 व्हिस्की की 750 एमएल की 2 बोतल, सिंबा कंपनी की 650 एमएल की 12 बीयर बोतलें, मुडोफ व्हिस्की के 180 एमएल वाले 25 पौवे, गोल्डन गोवा व्हिस्की के 180 एमएल वाले 60 पौवे तथा देसी प्लेन मदिरा के 180 एमएल वाले 15 पौवे शामिल हैं। कुल मिलाकर 114 नग शराब, जिसकी मात्रा 27 लीटर 300 मिलीलीटर निकली।

पुलिस ने आरोपी से शराब रखने एवं परिवहन करने के वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में पूरी शराब और मोटरसाइकिल जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।

थाने में पूछताछ के दौरान आरोपी ने अवैध शराब परिवहन का अपराध स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, प्रधान आरक्षक सुभाष नायक, आरक्षक राजेंद्र रात्रे तथा आरक्षक विनोद यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस संबंध में जशपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि जिले में अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। पत्थलगांव पुलिस ने अवैध अंग्रेजी एवं देसी शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जशपुर पुलिस की कार्रवाई आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगी।

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जशपुर के विद्यार्थियों ने रचा सफलता का स्वर्णिम इतिहास: राष्ट्रीय साधन-सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में रिकॉर्ड 428 आवेदन, 164 विद्यार्थी सफल, 77 को मिलेगी छात्रवृत्ति... सुनियोजित रणनीति, शिक्षकों की मेहनत और 'यशस्वी जशपुर' अभियान ने लिखी कामयाबी की नई इबारत

जशपुर। जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास , जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालंन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार के दिशा निर्देश मे जिले के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय साधन-सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में जशपुर जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन, यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता और ओपन लिंक्स फाउंडेशन के समन्वय मे शिक्षकों और विद्यार्थियों को यह परीक्षा मे भाग लेने हेतु प्रेरित किया गया ।  जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि पिछले तीन वर्षों कि तूलना  मे  जिले ने सफलता की नई मिसाल स्थापित की है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में जिले से केवल 66 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5 विद्यार्थी चयनित जिन्हे छात्रवृत्ति प्राप्त हुई। वर्ष 2024-25 में आवेदन संख्या बढ़कर 84 हुई तथा 31 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त कर छात्रवृत्ति हासिल की।
वहीं 2025-26 में जशपुर जिले ने अभूतपूर्व प्रगति दर्ज करते हुए 428 विद्यार्थियों का आवेदन सुनिश्चित किया। इनमें से 164 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की तथा 77 विद्यार्थियों का राष्ट्रीय साधन-सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए चयन हुआ। यह पिछले तीन वर्षों की तुलना में जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
यदि वर्ष 2023-24 और 2025-26 की तुलना की जाए, तो आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 66 से बढ़कर 428 हो गई, इसी प्रकार परीक्षा में सफल विद्यार्थियों की संख्या 5 से बढ़कर 164 तथा छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 5 से बढ़कर 77 तक पहुँच गई। यह उपलब्धि जिले में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक तैयारी और प्रभावी मार्गदर्शन का प्रमाण है।
यह सफलता यशस्वी जशपुर के मार्गदर्शन  मे प्राप्त हुआ। माध्यमिक विद्यालय के सभी प्रधान पाठकों को शाला प्रारंभ के समय ही इस छात्रवृति हेतु प्रशिक्षण दिया गया था। साथ ही सभी संकुल समन्वयकों को भी विद्यार्थियों को फॉर्म भरवाने हेतु प्रेरित करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया था। ओपन लिंक्स फाउंडेशन कि ओर से विद्यालय स्तर पर  तीन अभ्यास परीक्षा, पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास, समूह प्रशिक्षण तथा डिजिटल माध्यमों विशेषकर विनोबा ऐप के उपयोग ने विद्यार्थियों की तैयारी को और अधिक सशक्त बनाया।
जशपुर जिले का यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि यदि सही रणनीति, नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहयोग तथा शिक्षकों की प्रतिबद्धता एक साथ कार्य करें, तो सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
यह उपलब्धि न केवल जशपुर जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणादायक शिक्षा मॉडल के रूप में उभर रही है। यशस्वी जशपुर के सहयोगी संजीव शर्मा, सदस्य अवनीश पांडे, विनोबा टीम के जितेंद्र सिंह, अजहर शेख, बिपलब देवशर्मा, आनंद कुमार टोप्पो और सोमनाथ साहू ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाए दिया ।

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बूंदाबांदी में भी घंटों गुल हो जाती है बिजली! नारायणपुर सब स्टेशन की बदहाल व्यवस्था से फूटा जनाक्रोश, चार दिन से जमीन पर पड़ा 11 केवी तार, अंधेरे में दहशत के बीच जीने को मजबूर ग्रामीण… आखिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है बिजली विभाग?

नारायणपुर । नारायणपुर सब स्टेशन से संचालित होने वाले विभिन्न फीडरों की बिजली व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई है। हल्की बूंदाबांदी हो या तेज बारिश, क्षेत्र के उपभोक्ताओं को घंटों अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि बारिश शुरू होते ही लोगों को यह अंदेशा हो जाता है कि अब कई घंटों तक बिजली के दर्शन नहीं होंगे।
        क्षेत्रवासियों का कहना है कि नारायणपुर सब स्टेशन से जुड़े अधिकांश फीडरों में मामूली बारिश के दौरान भी फॉल्ट हो जाता है और विभाग को उसे सुधारने में 6 से 7 घंटे तक का समय लग जाता है। इस दौरान ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो जाती है। पेयजल आपूर्ति, मोबाइल चार्जिंग, ऑनलाइन कार्य, पढ़ाई और छोटे व्यवसायों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

          ग्रामीणों का कहना है कि पहले जब नारायणपुर क्षेत्र में बिजली लाइनें काफी लंबी थीं, तब भी इतनी गंभीर समस्या नहीं आती थी। लेकिन अब क्षेत्र में कई नए सब स्टेशन बन जाने से फीडरों की दूरी पहले की तुलना में काफी कम हो चुकी है। इसके बावजूद मामूली फॉल्ट सुधारने में विभाग को 6 से 7 घंटे तक लग जाना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है। लोगों का कहना है कि यदि नेटवर्क छोटा होने के बाद भी बिजली व्यवस्था पहले से ज्यादा खराब हो गई है तो फिर आखिर विभाग की जिम्मेदारी और जवाबदेही कहां है?
          बरसात शुरू होने से पहले बिजली विभाग हर वर्ष मेंटेनेंस का दावा करता है, लेकिन पहली ही बारिश में बार-बार फॉल्ट होना इन दावों की पोल खोल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते पेड़ों की छंटाई, जर्जर तारों की मरम्मत, इंसुलेटरों का बदलाव और लाइनों की सही तरीके से जांच की गई होती तो आज मामूली बारिश में घंटों तक बिजली बंद नहीं रहती। लोगों का कहना है कि विभाग केवल कागजों में मेंटेनेंस दिखाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आती है।


            इसी बीच नारायणपुर क्षेत्र के सारंगडांड-बेडाटोली मार्ग से विभागीय लापरवाही का एक और गंभीर मामला सामने आया है। सारंगडांड निवासी वेद प्रकाश अंगिरा ने बताया कि लगभग चार दिन पहले 11 केवी बिजली लाइन का तार तीन खंभों से टूटकर जमीन पर गिर गया था। इसकी सूचना तत्काल बिजली विभाग को दे दी गई थी, लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी न तो कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा और न ही टूटे हुए तार को दोबारा खंभों पर चढ़ाने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप पूरा इलाका पिछले चार दिनों से अंधेरे में डूबा हुआ है और ग्रामीण बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं।
          ग्रामीणों ने बताया कि जिस क्षेत्र में बिजली बंद है, वह चराईमारा जंगल से निकलने वाले जंगली हाथियों का मुख्य मार्ग माना जाता है। जंगल से निकलने के बाद हाथियों का सबसे पहला प्रवेश इसी बस्ती में होता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में लगातार चार दिनों तक बिजली नहीं रहने से लोगों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है और ग्रामीण हर पल किसी अप्रिय घटना की आशंका के बीच रात गुजारने को मजबूर हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में विशेष रूप से भय का वातावरण बना हुआ है।
बिजली नहीं रहने से ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या भी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। मोबाइल फोन, टॉर्च और अन्य आवश्यक उपकरण चार्ज करने के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर सारंगडांड तक जाना पड़ रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

शीघ्र सुधार की 
 
क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि नारायणपुर सब स्टेशन से जुड़े सभी फीडरों की तकनीकी जांच कराई जाए, टूटे हुए 11 केवी तार को तत्काल ठीक किया जाए तथा मानसून के दौरान बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए स्थायी समाधान किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को बार-बार अघोषित बिजली कटौती और घंटों की परेशानी से राहत मिल सके।

सूचना आपके माध्यम से मिल रही है तत्काल जानकारी लेता हूं,ओर शिघ्र ही तार जोड़ बिजली बहाल किया जाएगा।

                                     लोकनाथ नेताम

                           ए ई विजली विभाग -कुनकुरी 

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एक दिवसीय अवकाश लेकर जुटे विद्युत विभाग के बाह्यस्त्रोत कर्मचारी, बैठक में बनी रणनीति; बगिया पहुंच मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे मांग पत्र

जशपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के जिला जशपुर अंतर्गत कार्यरत बाह्यस्त्रोत (मेंटेनेंस) कर्मचारियों ने मंगलवार को एक दिवसीय अवकाश लेकर बन्दरचुंवा के साप्ताहिक बाजार परिसर में बैठक आयोजित की। बैठक में जिले के विभिन्न वितरण केंद्रों एवं उपसंभागों से पहुंचे कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बाह्यस्त्रोत कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके तहत बैठक समाप्त होने के कुछ घंटे बाद सभी कर्मचारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, बगिया पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम आवेदन देंगे तथा अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग करेंगे।

कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें मात्र 9,200 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है, जबकि समान प्रकृति का कार्य करने वाले संविदा कर्मचारियों को 19,500 रुपये मासिक वेतन दिया जाता है। उन्होंने वेतन में समानता लाने, सभी बाह्यस्त्रोत कर्मचारियों को विभाग में सम्मिलित करने तथा ठेकेदार के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था समाप्त कर विभाग द्वारा सीधे बैंक खातों में समय पर वेतन जमा कराने की मांग की है।

बैठक में कर्मचारियों ने यह भी कहा कि उनसे एलटी, 11 केवी एवं 33 केवी विद्युत लाइनों पर जोखिमपूर्ण कार्य कराया जाता है। इसके अलावा नए विद्युत विस्तार कार्यों का सर्वे, उपभोक्ताओं से संबंधित दस्तावेज वितरण सहित अनेक जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं। कई बार 24 घंटे तक आपातकालीन सेवाओं में कार्य करने के बावजूद केवल सामान्य कार्यदिवस का ही वेतन मिलता है। समय पर वेतन नहीं मिलने और कम मानदेय के कारण आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो भविष्य में लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति बनाई जाएगी। फिलहाल सभी कर्मचारियों ने पत्र के माध्यम मुख्यमंत्री से उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर न्यायोचित निर्णय लेने की मांग करेंगे ।

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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की सुखद यात्रा : जिले के श्रद्धालुओं ने देखा भारत की आस्था, संस्कृति और स्वाभिमान का विराट स्वरूप, दिव्य दर्शन से अभिभूत होकर लौटे, बोले— जीवन की सबसे यादगार धार्मिक यात्रा

नारायणपुर । भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय स्वाभिमान और आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत गुजरात की पावन यात्रा पर गए छत्तीसगढ़ जशपुर जिले के दर्जनों श्रद्धालु दिव्य और अविस्मरणीय अनुभवों के साथ सकुशल अपने गृह प्रदेश लौट आए। इस ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा ने श्रद्धालुओं के मन में भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्रीय गौरव के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष यात्रा का उद्देश्य देशवासियों को भारत की प्राचीन आध्यात्मिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालु गुजरात पहुंचे, जहां उन्होंने विश्वविख्यात सोमनाथ ज्योतिर्लिंग सहित अनेक पवित्र तीर्थों के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।

जशपुर जिले के जुरूडाँड़ सहित आसपास के क्षेत्रों से शामिल श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान सोमनाथ का विधिवत पूजा-अर्चना की। सभी श्रद्धालुओं ने प्रदेश की खुशहाली, किसानों की समृद्धि, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, समाज में सुख-शांति तथा राष्ट्र की उन्नति के लिए विशेष प्रार्थना की।

यात्रा का शुभारंभ सोमनाथ की पावन धरा में भगवान श्रीराम के मंदिर के दर्शन से हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पौराणिक महत्व से जुड़े बाणगंगा, त्रिवेणी संगम, गोलोक धाम और भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली भालका तीर्थ के दर्शन किए। प्रत्येक धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं ने भारतीय संस्कृति की महानता और हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा का साक्षात अनुभव किया।

दोपहर भोजन के पश्चात सायंकाल लगभग चार बजे सभी श्रद्धालु भव्य एवं दिव्य सोमनाथ मंदिर पहुंचे। विशाल समुद्र तट पर स्थित भव्य मंदिर की अलौकिक छटा देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। मंदिर प्रशासन द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं गरिमामय वातावरण में सभी श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। 

सायंकाल सात बजे आयोजित भव्य लाइट एंड साउंड शो श्रद्धालुओं के लिए इस यात्रा का सबसे आकर्षक और भावनात्मक क्षण साबित हुआ। प्रकाश और ध्वनि के अद्भुत समन्वय से प्रस्तुत इस कार्यक्रम में सोमनाथ मंदिर के एक हजार वर्षों के संघर्ष, आक्रमणों, पुनर्निर्माण, सनातन आस्था की विजय और राष्ट्रीय स्वाभिमान की गौरवगाथा का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण किया गया। इस प्रस्तुति ने सभी श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं और उनके हृदय में भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरा सम्मान उत्पन्न किया।

श्रद्धालु मनोज कुमार यादव ने कहा कि यह उनके जीवन की सबसे पवित्र और यादगार यात्रा रही। उन्होंने बताया कि आज सोमनाथ मंदिर जिस दिव्य और भव्य स्वरूप में विश्वभर के श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहा है, वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विशेष प्रयासों और दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि एक हजार वर्षों तक असंख्य वीरों और सनातन धर्म के रक्षकों ने इस आस्था के केंद्र को जीवित रखने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। आज उसी गौरवशाली इतिहास का जीवंत स्वरूप देखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत श्रद्धालुओं के लिए किए गए सभी प्रबंध अत्यंत उत्कृष्ट और अनुकरणीय रहे।

श्रद्धालु राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि स्वाभिमान पर्व के आयोजन के बाद सोमनाथ का वातावरण पूरी तरह बदल चुका है। यहां धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। आधुनिक सुविधाओं के साथ प्राचीन आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल दर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति को निकट से समझने का भी अवसर प्रदान किया।

श्रद्धालु त्रिलोचन यादव (भीतघरा) एवं श्रीमती मुक्ता यादव (भीतघरा) ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा में शामिल होना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा। भगवान सोमनाथ सहित अनेक पवित्र तीर्थों के दर्शन कर आत्मिक शांति प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर जीवनभर स्मरणीय रहेगा। उन्होंने इस प्रेरणादायी पहल के लिए शासन एवं यात्रा से जुड़े सभी आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की भी सराहना की। यात्रा के दौरान आवास, भोजन, परिवहन, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा मार्गदर्शन की समुचित व्यवस्था होने से सभी यात्रियों ने पूरे समय स्वयं को सुरक्षित और सहज महसूस किया। उन्होंने कहा कि इतनी सुव्यवस्थित धार्मिक यात्रा पहले कभी देखने को नहीं मिली।

श्रद्धालुओं का कहना था कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक भ्रमण नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, राष्ट्रीय एकता और स्वाभिमान का जीवंत उत्सव थी। सोमनाथ की पवित्र भूमि पर पहुंचकर प्रत्येक श्रद्धालु ने भारत की हजारों वर्षों पुरानी गौरवशाली सभ्यता का प्रत्यक्ष अनुभव किया।

वापस घर लौटने के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष, आत्मिक आनंद और गर्व स्पष्ट दिखाई दिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व ने उन्हें अपनी संस्कृति, अपने धर्म और अपने राष्ट्र के गौरव से और अधिक गहराई से जोड़ दिया है। यह यात्रा उनके जीवन की अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर बन गई है, जिसकी स्मृतियां सदैव उनके हृदय में जीवंत रहेंगी।

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डिजिटल युग में संगठन को नई दिशा : सरस्वती शिशु मंदिर नारायणपुर में जुटे भाजपा, पदाधिकारी और कार्यकर्ता, डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग, सोशल मीडिया की जिम्मेदारी और संगठनात्मक मजबूती पर हुआ गहन मंथन, प्रशिक्षण को बताया समय की सबसे बड़ी आवश्यकता

नारायणपुर। भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के अंतर्गत सोमवार को ग्रामीण मंडल कुनकुरी द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर, नारायणपुर में डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म (डीएलपी) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव ने की। प्रशिक्षण में संगठन के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर डिजिटल युग में संगठन की भूमिका, आधुनिक तकनीक के उपयोग और सोशल मीडिया के जिम्मेदार संचालन की बारीकियों को जाना।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद प्रशिक्षकों ने डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म की उपयोगिता, संगठनात्मक गतिविधियों के डिजिटलीकरण तथा तकनीक के माध्यम से कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण में बताया गया कि आज के दौर में डिजिटल माध्यम केवल सूचना का साधन नहीं, बल्कि संगठन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और गतिशील बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। प्रत्येक कार्यकर्ता को तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलना होगा ताकि संगठन की नीतियों, योजनाओं और जनकल्याणकारी गतिविधियों को अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जा सके।

इस दौरान सोशल मीडिया के सकारात्मक एवं जिम्मेदार उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग तथ्यों पर आधारित, मर्यादित और समाजहित में होना चाहिए। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संगठन की सकारात्मक गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। साथ ही भ्रामक सूचनाओं से बचने तथा सत्यापित जानकारी साझा करने का भी आह्वान किया गया।

प्रशिक्षण में उपस्थित कार्यकर्ताओं को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के विभिन्न फीचर्स की जानकारी दी गई तथा संगठनात्मक बैठकों, अभियान, सदस्यता, प्रशिक्षण एवं अन्य गतिविधियों के संचालन में इसके प्रभावी उपयोग के बारे में व्यावहारिक मार्गदर्शन भी दिया गया। कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और समय की आवश्यकता के अनुरूप बताया। डिजिटल युग में तकनीकी दक्षता संगठन को नई ऊर्जा देने का कार्य करेगी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में उतारते हुए समाज सेवा, संगठन विस्तार और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर वरिष्ठ नेतृत्व, प्रशिक्षकों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा आमजन तक सरकार की योजनाओं और संगठन के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में किया जाएगा।

इस अवसर पर डीएलपी प्रभारी एवं महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती पिंकी गुप्ता, मंडल प्रभारी श्रीनायक मिश्रा, पिछड़ा मोर्चा जिला अध्यक्ष अनूप बड़ाईक, करुणा यादव, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, जिला पंचायत सदस्या श्रीमती अनीता सिंह, श्रीमती मलिता नायक, जनपद पंचायत सदस्य संजय बंग, संतोष यादव, मंडल उपाध्यक्ष तुलाधर यादव, संतन राम, महामंत्री शंकर यादव, शिवशंकर सिंह, अल्पसंख्यक प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मो. असलम आजाद, महिला मोर्चा उपाध्यक्ष श्रीमती संतोषी बंदे, जनपद पंचायत सदस्या एवं महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्रीमती भारती भगत, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुरजीत सिंह, महामंत्री अरुण मोहंती, श्रीराममयंक चौहान, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र राम, पिछड़ा मोर्चा उपाध्यक्ष बिरेंद्र कुमार यादव, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष प्रमोद यादव, परशु यादव, गोपाल यादव, विकास नाग, तुलेश्वर यादव, कमलकिशोर, सतकुमार सहित शक्ति केंद्रों के प्रभारी, संयोजक, सहसंयोजक, बूथ अध्यक्ष, बूथ सचिव एवं ग्रामीण मंडल के समस्त कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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राशिफल: आज किस राशि पर होगी धन की वर्षा, किसे मिलेगा करियर में बड़ा अवसर और किसे रहना होगा सतर्क... पढ़ें आज का राशिफल

30 जून 2026, मंगलवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष चाल के कारण कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव के संकेत दे रहा है। आज कुछ लोगों के लिए रुके हुए कार्य पूरे होने का समय है, तो कुछ को धैर्य और विवेक से आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी। नौकरी, व्यापार, शिक्षा, प्रेम, दांपत्य, स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में दिन कैसा रहेगा, आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

मेष राशि: मेहनत का मिलेगा पूरा फल, आर्थिक स्थिति होगी मजबूत, नए अवसर देंगे नई उड़ान

आज का दिन आपके लिए ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा तथा नई जिम्मेदारियां भविष्य में लाभ दिला सकती हैं। व्यापारियों को लाभदायक सौदे मिलेंगे और पुराने निवेश से अच्छा फायदा हो सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक तला-भुना भोजन करने से बचें।

शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृषभ राशि: धन लाभ के प्रबल योग, परिवार में आएंगी खुशियां, रुके काम होंगे पूरे

आज का दिन आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ रहेगा। व्यापार में आय बढ़ सकती है और नई योजनाएं सफल होंगी। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की चर्चा हो सकती है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। घर में किसी शुभ समाचार से उत्साह का माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। निवेश करने से पहले सोच-विचार अवश्य करें।

शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

मिथुन राशि: जल्दबाजी बन सकती है परेशानी का कारण, धैर्य से लिए गए निर्णय दिलाएंगे सफलता

आज आपको हर निर्णय सोच-समझकर लेना होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। नए संपर्क भविष्य में लाभ देंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। परिवार में सहयोग मिलेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना आवश्यक होगा। यात्रा के दौरान सावधानी रखें।

शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क राशि: भाग्य देगा भरपूर साथ, नौकरी और व्यापार दोनों में मिलेगी बड़ी सफलता

आज का दिन आपके लिए सौभाग्य लेकर आया है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होंगे। व्यापार में अच्छा मुनाफा मिलेगा। नौकरी में अधिकारी आपकी कार्यशैली से प्रभावित होंगे। घर में धार्मिक कार्यक्रम या मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

सिंह राशि: नेतृत्व क्षमता दिलाएगी नई पहचान, सम्मान और सफलता दोनों मिलेंगे साथ

आज आपके व्यक्तित्व का प्रभाव दूसरों पर साफ दिखाई देगा। कार्यस्थल पर आपकी सलाह को महत्व मिलेगा। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल होंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।

शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या राशि: भाग्य चमकेगा, करियर में मिलेगा सुनहरा अवसर, विद्यार्थियों के लिए विशेष दिन

आज आपके प्रयास सफल होंगे। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में नए ग्राहक जुड़ेंगे। विद्यार्थियों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। यात्रा लाभदायक हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 7

तुला राशि: रिश्तों में बढ़ेगी मिठास, आर्थिक परेशानियां होंगी दूर, सफलता देगी दस्तक

आज पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक मामलों में राहत मिलेगी। व्यापार में लाभ होगा। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। सामाजिक सम्मान में वृद्धि होगी।

शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

वृश्चिक राशि: आत्मविश्वास बनेगा सबसे बड़ी ताकत, हर चुनौती पर मिलेगी जीत

आज कठिन कार्य भी आसानी से पूरे होंगे। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। व्यापार में लाभ होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं।

शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 8

धनु राशि: करियर में खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते, धन लाभ से खिलेगा चेहरा

आज नई योजनाओं पर काम शुरू करने का उत्तम समय है। नौकरी में उन्नति के अवसर बनेंगे। व्यापार में नई साझेदारी लाभदायक रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को सफलता मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

मकर राशि: मेहनत का मिलेगा बड़ा पुरस्कार, सम्मान और आय दोनों में होगी बढ़ोतरी

आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्य से संतुष्ट रहेंगे। व्यापार में लाभ होगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

कुंभ राशि: नई सोच और नए अवसर बदल सकते हैं आपकी किस्मत

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी और व्यापार दोनों में प्रगति होगी। आर्थिक लाभ के योग हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। यात्रा से लाभ होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा।

शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

मीन राशि: आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ मिलेगा धन और सम्मान, पूरे होंगे अधूरे सपने

आज मन शांत और सकारात्मक रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। व्यापार में लाभ मिलेगा। नौकरी में सम्मान बढ़ेगा। परिवार से शुभ समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। संतान की उपलब्धि से गर्व महसूस होगा।

शुभ रंग: पीला | शुभ अंक

आज प्रातः स्नान के बाद भगवान सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का 11 बार जप करें। जरूरतमंदों को अन्न या फल का दान करें। इससे ग्रहों की शुभता बढ़ेगी, आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और कार्यों में सफलता मिलने की संभावनाएं प्रबल होंगी।

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दोकड़ा धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब:वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 108 पवित्र कलशों से हुआ महाप्रभु जगन्नाथ का दिव्य महारण स्नान, गजानन वेश के दर्शन को उमड़ी  सैकड़ों की भीड़, अब 15 दिनों तक अनसर में रहेंगे भगवान

दोकड़ा, जशपुर। स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार को ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा धाम में भक्ति, आस्था और सनातन परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। आसपास के गांवों के अलावा जशपुर जिले एवं पड़ोसी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोकड़ा धाम पहुंचे। पूरा मंदिर परिसर "जय जगन्नाथ" के जयघोष, शंखध्वनि, घंटानाद और हरिनाम संकीर्तन से गुंजायमान रहा।

निर्धारित मुहूर्त में वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा का 108 पवित्र कलशों के सुगंधित जल से महारण स्नान (महाभिषेक) कराया गया। कलशों में गंगाजल सहित विभिन्न पवित्र तीर्थों का जल, चंदन, केसर, इत्र, पुष्प एवं सुगंधित द्रव्यों का मिश्रण तैयार किया गया था। वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच जैसे ही महाप्रभु का अभिषेक प्रारंभ हुआ, श्रद्धालु "हरि बोल" और "जय जगन्नाथ" के उद्घोष से झूम उठे। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

महाभिषेक के उपरांत भगवान श्री जगन्नाथ को परंपरा के अनुसार दिव्य गजानन (हाथी) वेश धारण कराया गया। भगवान का यह दुर्लभ एवं आकर्षक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। गजानन वेश में सजे महाप्रभु के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में घंटों तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं विश्व कल्याण की कामना की।

इस अवसर पर भगवान को पारंपरिक रूप से 56 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया गया। पूजा-अर्चना एवं भोग के पश्चात महाआरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

अब अनसर काल में रहेंगे महाप्रभु, 15 दिनों तक नहीं होंगे प्रत्यक्ष दर्शन

स्नान पूर्णिमा के साथ ही अब भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा 15 दिनों के अनसर काल में प्रवेश कर गए हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार 108 कलशों के जल से स्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं और विश्राम करते हैं।इस अवधि में मंदिर के गर्भगृह के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं और भगवान के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं होते। अनसर काल के दौरान महाप्रभु की विशेष सेवा-पूजा (अनसर नीति) संपन्न की जाती है। उन्हें सामान्य भोग अर्पित नहीं किया जाता, बल्कि आयुर्वेदिक परंपरा के अनुसार दशमूल एवं अन्य औषधियों से तैयार विशेष काढ़ा, फलों का रस, शीतल पेय तथा चंदन, कपूर और औषधीय द्रव्यों का शीतल लेप अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि इससे महाप्रभु का स्वास्थ्य पुनः स्वस्थ होता है। 

अनसर काल समाप्त होने के बाद भगवान नवयौवन वेश में भक्तों को दर्शन देंगे। इसके पश्चात परंपरा के अनुसार दोकड़ा धाम में भव्य रथयात्रा महोत्सव का आयोजन होगा, जिसकी तैयारियां भी प्रारंभ हो चुकी हैं।

सुबह से देर शाम तक लगा रहा श्रद्धालुओं का तांता

स्नान पूर्णिमा महोत्सव को लेकर सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का आगमन शुरू हो गया था। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने बड़ी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन, हरिनाम संकीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर समिति एवं सेवायतों द्वारा दर्शन, पूजा एवं प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

मंदिर समिति ने जताया आभार

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति ने स्नान पूर्णिमा महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवायतों, स्वयंसेवकों, दानदाताओं एवं प्रशासनिक सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि महाप्रभु की असीम कृपा और श्रद्धालुओं के सहयोग से इस वर्ष भी स्नान पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। अब श्रद्धालुओं की निगाहें अनसर काल के बाद होने वाले नवयौवन दर्शन और भव्य रथयात्रा महोत्सव पर टिकी हैं।

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आज चंद्रमा बदलेंगे कई राशियों की किस्मत, कहीं धन लाभ की प्रबल संभावना तो कहीं रहना होगा बेहद सतर्क, पढ़िए मेष से मीन तक सभी  राशियों का  चौंकाने वाला राशिफल

चंद्रदेव की कृपा से इन राशियों पर बरसेगा भाग्य, जानिए कैसा रहेगा आपका आज का दिन

29 जून, सोमवार का दिन चंद्रमा के प्रभाव से भावनात्मक संतुलन, पारिवारिक संबंधों और आर्थिक मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज कई राशियों के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे, वहीं कुछ राशियों को धैर्य और संयम के साथ निर्णय लेने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल—

मेष राशि

आज का दिन आपके आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि करने वाला रहेगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। यदि नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो दिन अनुकूल रहेगा।

आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। अचानक धन लाभ या रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बनेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी और प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा।

विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत मिल रहे हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक भागदौड़ से थकान महसूस हो सकती है।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
उपाय: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें।

वृषभ राशि

आज का दिन आर्थिक दृष्टि से काफी लाभदायक रहेगा। व्यापार में नई डील मिल सकती है और नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की चर्चा हो सकती है। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का मार्गदर्शन लाभदायक रहेगा।

जीवनसाथी के साथ संबंध और मजबूत होंगे। प्रेम संबंधों में पारदर्शिता बनाए रखें। घर में धार्मिक आयोजन की योजना बन सकती है।

स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन तली-भुनी चीजों से बचें।

शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
उपाय: भगवान शिव को दूध अर्पित करें।

मिथुन राशि

आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता आपको सफलता दिलाएगी। नौकरी में नए अवसर प्राप्त होंगे। व्यापार में लाभ बढ़ेगा और नए ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। परिवार में खुशियों का वातावरण रहेगा। प्रेम संबंधों में सकारात्मकता आएगी।

विद्यार्थियों के लिए दिन बेहद शुभ है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं।

कर्क राशि

आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना आवश्यक होगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलेगा लेकिन निर्णय जल्दबाजी में न लें। व्यापार में सामान्य लाभ रहेगा।

परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दांपत्य जीवन में छोटी बातों को लेकर विवाद से बचें।

स्वास्थ्य में सिरदर्द या मानसिक तनाव महसूस हो सकता है।

शुभ रंग: क्रीम
शुभ अंक: 2
उपाय: शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें।

सिंह राशि

आज आपके नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। नौकरी में सम्मान और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ होगा।

परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।

स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1
उपाय: सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।

कन्या राशि

आज योजनाओं को सफल बनाने का दिन है। व्यापार में विस्तार होगा। नौकरी में अधिकारी आपके कार्य की सराहना करेंगे।

रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। परिवार में शुभ कार्य की चर्चा हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए सफलता के योग हैं।

स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन भोजन समय पर करें।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 7
उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

तुला राशि

आज भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। नए कार्य शुरू करने के लिए दिन शुभ है। नौकरी और व्यापार दोनों में सफलता मिलेगी। आर्थिक लाभ के नए स्रोत बनेंगे।

जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। प्रेम जीवन में मधुरता आएगी।

स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
उपाय: मां लक्ष्मी की पूजा करें।

वृश्चिक राशि

आज किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें। व्यापार में लाभ मिलेगा लेकिन जोखिम वाले निवेश से बचें। नौकरी में कार्यभार बढ़ सकता है।

परिवार में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है, इसलिए संयम रखें। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें।

स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 8
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

धनु राशि

आज भाग्य आपके साथ रहेगा। नौकरी में उन्नति और व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है।

परिवार में शुभ समाचार मिलेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं।

स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें।

मकर राशि

आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। नई योजनाओं में सफलता मिलेगी।

परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी।

स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 8
उपाय: शनिदेव को तिल का तेल अर्पित करें।

कुंभ राशि

आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापार में नई संभावनाएं बनेंगी। नौकरी में सहयोगियों का साथ मिलेगा।

परिवार में सुख-शांति रहेगी। मित्रों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। आर्थिक लाभ होगा।

स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4
उपाय: जरूरतमंद को नीले वस्त्र दान करें।

मीन राशि

आज आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। नौकरी और व्यापार में उन्नति के संकेत हैं। आर्थिक लाभ होगा और रुके हुए कार्य पूरे होंगे।

परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है।

स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम करें।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 7
उपाय: भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।

सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आज प्रातः स्नान के बाद "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जप करें, शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें तथा सफेद वस्तुओं का दान करें। मान्यता है कि इससे मानसिक शांति, पारिवारिक सुख, आर्थिक उन्नति और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

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स्नान पूर्णिमा पर दोकड़ा धाम बनेगा भक्ति का महाकुंभ, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 108 कलशों से होगा भगवान जगन्नाथ का महाभिषेक, गजानन वेश के अलौकिक दर्शन और महाप्रसाद का मिलेगा सौभाग्य

दोकड़ा (जशपुर)। ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा धाम में आज स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा का दिव्य महारण स्नान महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और वैदिक विधि-विधान के साथ आयोजित किया जाएगा। इस पावन अवसर पर भगवान का 108 पवित्र कलशों के सुगंधित एवं मंत्रोच्चारित जल से महाभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को भगवान के दिव्य गजानन (हाथी) वेश के दुर्लभ दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त होगा।

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 1:00 बजे मंगल आरती एवं हरि कीर्तन से होगा। इसके पश्चात 1:30 बजे पहंडी विजय, 2:30 बजे 108 पवित्र कलशों के जल से देव स्नान, 3:30 बजे भगवान का दिव्य श्रृंगार एवं गजानन वेश दर्शन तथा 4:00 बजे संध्या आरती के बाद महाप्रसाद वितरण किया जाएगा।

मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में दोकड़ा धाम पहुंचकर इस दुर्लभ धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने और भगवान श्री जगन्नाथ के श्रीचरणों में आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

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अब छत पर लगा सोलर प्लांट करेगा अतिरिक्त कमाई, ग्रिड में भेजी गई बिजली भी खरीदेगी सरकार, अगले बिजली बिलों में मिलेगा सीधा क्रेडिट

रायपुर, 28 जून 2026/  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने इस संबंध में तथ्यात्मक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था वास्तव में उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत देने के लिए तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज (विलंब अधिभार) को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में चल रही दोहरा झटका या रोज़ाना ब्याज जैसी खबरें पूरी तरह भ्रामक और गलत हैं।

*क्या थी पुरानी व्यवस्था और क्यों था नुकसान?*

       पावर कंपनी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुरानी व्यवस्था में यदि कोई उपभोक्ता नियत तिथि के बाद महज एक या दो दिन की देरी से भी बिजली बिल का भुगतान करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत सरचार्ज वसूल लिया जाता था। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदेह थी।

*नई व्यवस्था से ऐसे होगा उपभोक्ताओं का फायदा*

        संशोधित नियमों के बाद अब लेट फीस की गणना पूरी तरह पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी कर दी गई है। अब विलंब अधिभार 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लिया जाएगा। इसका मतलब है कि उपभोक्ता जितने दिन बिल पटाने में देरी करेगा, उसे केवल उतने ही दिनों का शुल्क देना होगा।

*एक दिन की देरी पर मामूली शुल्क*

       यदि किसी कारणवश उपभेक्ता बिल के भुगतान में केवल एक दिन का विलंब होता है, तो अब पूरे महीने का सरचार्ज नहीं, बल्कि मात्र 0.04 प्रतिशत अधिभार ही देय होगा।

*महीने भर की देरी पर भी कम ब्याज

      यदि कोई उपभोक्ता पूरे 30 दिन का भी विलंब करता है, तब भी कुल अधिभार केवल 1.2 प्रतिशत (0.04 प्रतिशत × 30 दिन) ही बनेगा, जो कि पुरानी व्यवस्था के 1.5 प्रतिशत से काफी कम है।

*भ्रामक खबरों से दूर रहने की अपील*

      पावर कंपनी ने साफ किया है कि नई व्यवस्था में अधिभार की दरें कम हुई हैं, बढ़ी नहीं हैं। इसे रोजाना ब्याज लगने या झटके के रूप में पेश करना तथ्यात्मक रूप से गलत है। कंपनी ने सभी समाचार माध्यमों और आमजन से अनुरोध किया है कि वे इस सही और स्पष्ट जानकारी को ही साझा करें ताकि उपभोक्ताओं के बीच फैला अनावश्यक भ्रम दूर हो सके।

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हेलमेट नहीं तो अब नहीं मिलेगी राहत: जशपुर पुलिस का बड़ा संदेश, एक घंटे तक दिखाई सड़क सुरक्षा फिल्म, जल्द शुरू होगा सख्त चालानी अभियान

जशपुर, 28 जून। सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही मौतों पर अंकुश लगाने और लोगों में सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस ने रविवार को जिलेभर में एक अनोखा और प्रभावी सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान चलाया। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में एक साथ विशेष अभियान संचालित किया गया, जिसमें बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वाले चालकों को रोककर सिर्फ समझाइश ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें लगभग एक घंटे तक सड़क सुरक्षा पर आधारित जागरूकता फिल्म भी दिखाई गई। फिल्म के माध्यम से हेलमेट नहीं पहनने, तेज रफ्तार, नशे की हालत में वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होने वाली गंभीर दुर्घटनाओं और उनके दुष्परिणामों से लोगों को अवगत कराया गया।

फिल्म प्रदर्शन के बाद सभी वाहन चालकों को "सड़क सुरक्षा के सात वचन" की शपथ दिलाई गई, जिसमें हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग नहीं करने, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सभी यातायात नियमों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करने का संकल्प दिलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि सड़क पर थोड़ी-सी लापरवाही न केवल उनकी बल्कि पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है।

जशपुर पुलिस द्वारा पिछले कई दिनों से जिलेभर में जनचौपाल, बाइक रैली, वीडियो संदेश, स्कूलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का मकसद लोगों से जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक कर उनकी जान बचाना है। हालांकि अब यह समझाइश का दौर अधिक दिनों तक नहीं चलेगा।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि फिलहाल पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है, लेकिन आने वाले दिनों में बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जिलेभर में विशेष चालानी अभियान चलाया जाएगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जशपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा आईएसआई मानक का हेलमेट पहनें, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और निर्धारित गति सीमा का पालन करें। पुलिस ने संदेश दिया है कि "चालान का पैसा दोबारा कमाया जा सकता है, लेकिन दुर्घटना में खोया हुआ जीवन कभी वापस नहीं आता। हेलमेट आपकी पहचान नहीं, आपकी सुरक्षा है।"

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राजमेरगढ़ पहुंचे छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी विवेक आचार्य और अध्यक्ष नीलू शर्मा, जीपीएम के जनसहभागिता आधारित पर्यटन मॉडल की जमकर सराहना

रायपुर, 28 जून 2026।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने  गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रवास के दौरान जिले की पर्यटन संभावनाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया तथा जिले की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को समेटे जीपीएम पर्यटन कॉफी टेबल बुक भेंट कर जिले की पर्यटन उपलब्धियों और संभावनाओं से अवगत कराया गया।
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने जिले में पर्यटन संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों के विकास, पर्यटकों के लिए विकसित की गई सुविधाओं तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता पर आधारित पर्यटन मॉडल की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि जिले के पर्यटन स्थलों को स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका से जोड़कर विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को नई दिशा मिल रही है।
प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने जीपीएम जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल राजमेरगढ़  का  भ्रमण किया।
 उन्होंने पर्यटन समितियों द्वारा संचालित गतिविधियों, पर्यटकों के लिए उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण तथा स्थानीय स्तर पर किए जा रहे नवाचारों का अवलोकन किया। इस दौरान स्थानीय पर्यटन समितियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि जनसहभागिता के माध्यम से पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है।
भ्रमण के दौरान पर्यटन समितियों ने स्थानीय युवाओं की भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन स्थलों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की। अधिकारियों ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यटन के विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है और ऐसे प्रयास अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायी हैं।
प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। यहां पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से प्रभावी रूप से विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता आधारित पर्यटन मॉडल न केवल पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करता है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करता है।
उन्होंने जिले में पर्यटन संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पर्यटन समितियां जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही हैं, वह सराहनीय है। उन्होंने समितियों से भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण, पर्यटक-अनुकूल, स्वच्छ, सुरक्षित एवं जनसहभागिता आधारित गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही राज्य के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सके।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी, पर्यटन समितियों के प्रतिनिधि तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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लोकतंत्र सेनानियों के त्याग को कभी नहीं भुलाया जा सकता : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, आपातकाल स्मृति दिवस पर लोकतंत्र रक्षकों का हुआ भव्य सम्मान

रायपुर, 28 जून 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।
           कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।
                 मुख्य वक्ता श्री कुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश - दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा। 
            मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। श्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है।                         

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था। श्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया। 
        विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।
         कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघ श्री कैलाश सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वर श्री अजय रामदास, श्री अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे। 
              कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर पर "आपातकाल कभी विस्मृत न हो" विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा के श्री सूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग के श्री अंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर "25 जून : संविधान हत्या दिवस" विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

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