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जशपुर में नशे के खिलाफ ऑपरेशन आघात की बड़ी सफलता, ओडिशा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश जा रहा अंतर्राज्यीय तस्कर बागबहार में गिरफ्तार, 60 किलो गांजा और 10 लाख की वैन्यू कार सहित 40 लाख की जब्ती

जशपुर, 31 अगस्त 2026। नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन आघात के तहत पुलिस को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। बागबहार थाना क्षेत्र में पुलिस ने करीब 60 किलो अवैध गांजा के साथ एक अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी वैन्यू कार में ओडिशा की ओर से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश जा रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 30 लाख रुपये कीमत का गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही वैन्यू कार, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है, जब्त की है। इस तरह मामले में करीब 40 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 31 अगस्त की सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच जशपुर पुलिस की टेक्निकल टीम और मुखबिर तंत्र से बागबहार पुलिस को सूचना मिली कि ओडिशा की ओर से एक वैन्यू कार क्रमांक UP-91-U 6302 में भारी मात्रा में गांजा लेकर तस्कर आगे बढ़ रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में बागबहार पुलिस ने तत्काल संभावित रास्तों पर नाकाबंदी शुरू कर दी और संदिग्ध वाहन की तलाश तेज कर दी।

इसी दौरान गांधी चौक बागबहार के पास पुलिस टीम को बताए गए नंबर की वैन्यू कार दिखाई दी। पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रुकवाया और चालक से पूछताछ की। पूछताछ में चालक ने अपना नाम विकास चौधरी उम्र 27 वर्ष, निवासी समस्तीपुर बिहार तथा वर्तमान निवास गाजियाबाद उत्तर प्रदेश बताया। पुलिस को वाहन की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर गवाहों की मौजूदगी में कार की विधिवत तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान कार की डिक्की में प्लास्टिक टेप से लिपटे हुए 60 पैकेट मिले। पुलिस टीम ने पैकेटों को खोलकर जांच की तो उनमें अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ। वजन कराने पर गांजा करीब 60 किलो पाया गया। इसके बाद पुलिस ने गांजा सहित तस्करी में इस्तेमाल वैन्यू कार को जब्त कर लिया और आरोपी विकास चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के ओडिशा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश की ओर जाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। गांजा आरोपी तक किस व्यक्ति ने पहुंचाया था और उत्तर प्रदेश में इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था, इसे लेकर पुलिस विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में केवल गांजा लेकर जाने वाले आरोपी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।

जशपुर पुलिस इस मामले की एंड-टू-एंड विवेचना कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और गांजा तस्करी के इस नेटवर्क में अन्य किन लोगों की भूमिका है। पुलिस ने साफ किया है कि जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के अनुसार मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने और आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के आधार पर विकास चौधरी को विधिवत गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ थाना बागबहार में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

कार्रवाई में करीब 60 किलो गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई गई है, तथा गांजा परिवहन में इस्तेमाल की जा रही वैन्यू कार क्रमांक UP-91-U 6302, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है, जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक कुल जब्ती करीब 40 लाख रुपये की है।

नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए जशपुर पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन आघात के तहत पुलिस ने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने के साथ ही तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल बढ़ाया है। पुलिस की नजर जिले में नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले लोगों के साथ-साथ जिले के रास्ते दूसरे राज्यों में नशे की खेप पहुंचाने वाले तस्करों पर भी बनी हुई है।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन आघात लगातार जारी है। पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को मजबूत और सक्रिय किया है तथा तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा रहा है। बागबहार क्षेत्र में पुलिस ने करीब 60 किलो अवैध गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में एंड-टू-एंड विवेचना की जा रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और संलिप्तता सामने आने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश कुमार जायसवाल, डीएसपी जशपुर शुभम तिवारी, थाना प्रभारी बागबहार निरीक्षक ललित कुमार यादव, प्रधान आरक्षक लव चौहान, आरक्षक अजय खेस, आरक्षक पवन पैंकरा सहित जशपुर पुलिस की साइबर एवं टेक्निकल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर साफ हो गया है कि जशपुर जिले से होकर नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।

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पहाड़ी कोरवा बहनों के स्नेह से भावुक हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, रक्षाबंधन पर राखी बांधकर मजबूत हुआ आत्मीयता और विश्वास का वर्षों पुराना रिश्ता

नारायणपुर :-
वनांचल की पावन धरती खोकसो, बेंजोरा कोरवा बस्ती, मनोरा (जिला जशपुर) में विशेष पिछड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति की बहनों द्वारा भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष **श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव** को प्रेम, विश्वास और आत्मीयता के साथ रक्षा सूत्र बांधा गया। यह भावपूर्ण अवसर श्री जूदेव के लिए अत्यंत विशेष और अविस्मरणीय रहा।

इस अवसर पर श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि यह केवल भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक नहीं है, बल्कि उनके पूज्य पिताजी द्वारा पहाड़ी कोरवा परिवारों के साथ वर्षों से स्थापित आत्मीय संबंधों, स्नेह और विश्वास की अमूल्य परंपरा का निरंतर विस्तार है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी कोरवा बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए अनमोल धरोहर है। रक्षा सूत्र का यह पवित्र बंधन उस अटूट विश्वास, सम्मान और अपनत्व का प्रतीक है, जिसने वर्षों से दोनों परिवारों को प्रेम और आत्मीयता के सूत्र में जोड़े रखा है।

श्री जूदेव ने कहा कि जनजातीय संस्कृति की सरलता, आत्मीयता और संस्कारों से परिपूर्ण यह रिश्ता उनके जीवन की अमूल्य पूंजी है। पहाड़ी कोरवा समाज के साथ स्नेह, सम्मान और विश्वास का यह संबंध सदैव और अधिक मजबूत होता रहे, यही उनका संकल्प है।

उन्होंने पहाड़ी कोरवा समाज की बहनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका प्रेम और आशीर्वाद सेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

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जशपुर में शतरंज का रोमांच चरम पर, पांचवें दौर में भी नहीं टूटा जीत का सिलसिला; IM कौस्तुव कुंडु, ओंकार कादव और कामद मिश्रा की लगातार पांचवीं जीत, 5-5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर


जशपुर नगर, 31 अगस्त 2026/


जशपुर में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ऑल इंडिया ओपन फिडे रेटेड चेस टूर्नामेंट–2026 चेकमेट@जशपुर में रोमांचक मुकाबलों का दौर जारी है। राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंट में देशभर से आए खिलाड़ी अपनी रणनीतिक क्षमता और कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। 

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में आयोजन को भव्य एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के साथ जिला प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था एवं निगरानी में टूर्नामेंट का संचालन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है। तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी चीफ आर्बिटर अनीश अंसारी, डिप्टी चीफ आर्बिटर रॉकी देवांगन एवं प्रदीप कुमार मंडल के द्वारा निभाई जा रही है।

DGT बोर्ड से दुनिया भर में लाइव प्रसारण

टूर्नामेंट में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए शीर्ष 5 बोर्डों पर DGT डिजिटल चेस बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों पर खेले जा रहे प्रमुख मुकाबलों का सीधा ऑनलाइन लाइव प्रसारण किया जा रहा है, जिससे देश-विदेश के शतरंज प्रेमी जशपुर में चल रहे रोमांचक मुकाबलों को ऑनलाइन देख पा रहे हैं। 

पांचवें दौर में शीर्ष खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष

पांचवें दौर में शीर्ष बोर्डों पर खिलाड़ियों के बीच कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। बोर्ड नंबर-1 पर शीर्ष वरीयता प्राप्त इंटरनेशनल मास्टर  कौस्तुव कुंडू ने काले मोहरों से खेलते हुए तनिष्क कुमार को पराजित कर लगातार पांचवीं जीत दर्ज की। इसके साथ ही कौस्तुव कुंडू ने 5 दौर में 5 अंक हासिल कर अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी। बोर्ड नंबर-2 पर ओंकार कादव ने कैंडिडेट मास्टर विनोद कुमार शर्मा को हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। वहीं बोर्ड नंबर-4 पर कामद मिश्रा ने प्रभमन सिंह मल्होत्रा को मात देकर लगातार पांचवीं जीत हासिल की।

राउंड-5 के शीर्ष 10 बोर्डों के परिणाम

बोर्ड 1 : IM कौस्तुव कुंडु ने तनिष्क कुमार को हराया।
बोर्ड 2 : ओंकार कादव ने विनोद कुमार शर्मा को हराया।
बोर्ड 3 : गोविंद कुमार और गगन साहू के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा।
बोर्ड 4 : कामद मिश्रा ने प्रभमन सिंह मल्होत्रा को हराया।
बोर्ड 5: श्रेयांश डाकलिया ने आयुष मिश्रा को हराया।
बोर्ड 6: यशद बांबेश्वर और सालिक नवाज मनिहार के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा।
बोर्ड 7: रजनीकांत बक्सी ने शिव स्मरण मदापति को हराया।
बोर्ड 8: यश सिंह ने तुषार गुप्ता  को हराया।
बोर्ड 9: अंशुमान सहाय ने संस्कार कश्यप  को हराया।
बोर्ड 10: आद्विक भूषण ने अनिका रेड्डी गोलुगुरी को हराया।


IM कौस्तुव कुंडु, ओंकार कादव और कामद मिश्रा 5-5 अंकों के साथ संयुक्त शीर्ष पर

पांचवें दौर के बाद प्रतियोगिता में रोमांच और बढ़ गया है। IM कौस्तुव कुंडु, ओंकार कादव एवं कामद मिश्रा ने अब तक खेले गए सभी पांचों मुकाबले जीतकर 5 में से 5 अंक हासिल किए हैं और संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। वहीं श्रेयांश डाकलिया, गोविंद कुमार और गगन साहू 4.5-4.5 अंकों के साथ शीर्ष बढ़त की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं। पांचवें दौर में ओंकार कादव द्वारा विनोद कुमार शर्मा को हराना और अंशुमान सहाय द्वारा संस्कार कश्यप को पराजित करना भी महत्वपूर्ण परिणाम रहा। आगामी दौर में इन शीर्ष खिलाड़ियों के बीच होने वाले मुकाबलों पर सभी की निगाहें रहेंगी। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ रहा है, शीर्ष स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा और भी रोमांचक होती जा रही है।

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कोतबा के मंदिर परिसर में जलभराव की समस्या पर नगर पंचायत ने उठाया कदम, पानी निकासी की बनाई वैकल्पिक व्यवस्था


जशपुरनगर 31 2026/समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ‘‘मंदिर परिसर में बरसाती और नाली के पानी का जमाव‘‘ के संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत कोतबा ने प्रतिवेदन जारी किया है।
        जारी प्रतिवेदन  अनुसार वार्ड क्रमांक 09 भुरतुपारा में स्थित मंदिर परिसर में चबूतरा निर्मित है। पूर्व में उक्त स्थल के समीप खाली जगह थी, जहां तत्कालीन स्थिति में मकान निर्माण कर लिया गया है। साथ ही लोक निर्माण विभाग द्वारा कोतबा-बागबहार रोड का निर्माण किया गया है।
     प्रतिवेदन में बताया गया है कि पूर्व समय से निर्मित चबूतरा परिसर नीचे और सड़क ऊँचा होने से पानी निकासी के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, जिससे बरसात के मौसम में अधिक वर्षा होने पर कुछ समय के लिए जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है।
       नगर पंचायत ने बताया कि वर्तमान में पानी निकासी हेतु अस्थायी रूप से वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है। तत्पश्चात लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के साथ-साथ नाली निर्माण किया जावेगा, जिससे पानी निकासी आसानी से हो सकेगी।

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महतारी वंदन से महिलाओं को मिला आर्थिक सहारा, परमिला जैसी हजारों बहनों की छोटी-छोटी जरूरतें अब हो रहीं पूरी, बच्चों की पढ़ाई-पोषण से लेकर घर-गृहस्थी तक में आ रही काम

जशपुरनगर 31 अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना से महिलाओं को घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में सहयोग मिल रहा है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

जिला जशपुर के ग्राम देवगुड़ा निवासी श्रीमती परमिला प्रजापति ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाली 1000 रुपये की राशि से अपने बच्चे की पढ़ाई और पोषण से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही वे घर की छोटी-छोटी जरूरतों को भी इसी राशि से पूरा कर लेती हैं।

उन्होंने बताया कि इस योजना से उन्हें आर्थिक संबल मिला है और अब वे स्वयं निर्णय लेती हैं कि इस राशि का उपयोग किस प्रकार करना है। श्रीमती परमिला प्रजापति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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दूर-दराज के ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने सर्वेश्वरी समूह ने बढ़ाया कदम, पबेया में डॉक्टरों की टीम के साथ लगाया निःशुल्क शिविर, 687 मरीजों की जांच-चिकित्सा कर बांटी गईं दवाइयां और चश्मे

जशपुर। दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने की पहल के तहत रविवार को ग्राम पबेया स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में निःशुल्क नेत्र चिकित्सा सह अन्य रोग चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। बाबा भगवान राम ट्रस्ट, ब्रह्मनिष्ठालय सोगड़ा आश्रम एवं श्री सर्वेश्वरी समूह प्रार्थना गृह गुमला के संयुक्त तत्वावधान में लगाए गए इस शिविर में पबेया सहित आसपास के कई गांवों से ग्रामीण पहुंचे। पूरे दिन चले शिविर में कुल 687 मरीजों की जांच और चिकित्सा की गई।

शिविर का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा गुरूपद संभव राम जी ने परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के चित्र पर पूजन-आरती करने के बाद नारियल फोड़कर किया। शुभारंभ के बाद उन्होंने शिविर का निरीक्षण किया और इसके पश्चात मरीजों की जांच एवं उपचार का सिलसिला शुरू हुआ, जो शाम 4:30 बजे तक चलता रहा।

शिविर में सबसे अधिक संख्या आंखों से संबंधित मरीजों की रही। कुल 317 मरीजों की आंखों की जांच की गई, जिसमें 290 मरीजों को ट्रस्ट की ओर से पावर वाले चश्मे निःशुल्क वितरित किए गए। जशपुर से पहुंचे नेत्र सहायक टी.पी. कुशवाहा एवं श्रीमती सविता नन्दे ने मरीजों का नेत्र परीक्षण किया। जांच के दौरान 28 मरीजों में मोतियाबिंद की समस्या सामने आई, जिन्हें गुमला जाकर ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई।

शिविर में आंखों के अलावा अन्य बीमारियों से परेशान ग्रामीणों को भी चिकित्सकीय सुविधा मिली। अंबिकापुर के डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. अर्पण सिंह, जनरल फिजिशियन डॉ. गुंजन कुमार तथा गुमला के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश ने मरीजों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया। कुल 370 मरीजों का अन्य रोगों के लिए परीक्षण एवं उपचार किया गया तथा जरूरत के अनुसार उन्हें निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। शिविर में रक्त शर्करा और ब्लड प्रेशर की जांच की भी व्यवस्था रही।

शिविर में पबेया के साथ ही भभरी, पंडरिया, कसीरा धोंधड़, मगना टोली, ढोठा टोली, करौंदी सहित आसपास के गांवों से ग्रामीण इलाज कराने पहुंचे। दूरस्थ इलाके में विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी और निःशुल्क जांच, दवा एवं चश्मे मिलने से ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने इस पहल को जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत बताते हुए आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार जताया।

शिविर को सफल बनाने में गम्हरिया आश्रम के संतोष मिश्र, अखिलेष प्रसाद यादव, प्रतीक सिंह, संतोष सोनी, प्रवीण सिन्हा, कमल दूबे, सत्यम सिंह नायक सहित श्री सर्वेश्वरी प्रार्थना गृह गुमला एवं श्री सर्वेश्वरी महिला संगठन गुमला के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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वनांचल के कोरवा परिवारों के बीच पहुंची प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’, प्रबल प्रताप जूदेव ने कहा—जनजातीय सम्मान, संस्कृति और विकास को मिल रही नई दिशा

मनोरा/जशपुर
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” का आज भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने मनोरा विकासखंड के सुदूर वनांचल स्थित खोकसो, बेंजोरा कोरवा बस्ती में विशेष रूप से पिछड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति के परिवारों एवं ग्रामीणों के साथ श्रवण किया।

वनांचल की धरती पर कोरवा परिवारों के बीच “मन की बात” सुनते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद देश के अंतिम छोर पर रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंच रहा है। “मन की बात” ने देश के गांवों, वनांचलों और जनजातीय समाज की उपलब्धियों, परंपराओं और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी कोरवा जनजाति केवल हमारी जनजातीय विरासत का हिस्सा नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं की जीवंत पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान और सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। जनजातीय गौरव दिवस की स्थापना से लेकर जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, पेयजल, आजीविका और कौशल विकास के अवसरों के विस्तार तक केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का मंत्र वनांचल के गांवों में भी साकार हो रहा है। आज जनजातीय समाज विकास की यात्रा में केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का मजबूत भागीदार बन रहा है।

उन्होंने कहा कि “लोकल के लिए वोकल” का आह्वान जनजातीय समाज की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और वन आधारित आजीविका को नई पहचान देने वाला है। वहीं स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश उन समुदायों के लिए विशेष महत्व रखता है, जिनका जीवन सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य पर आधारित रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के जनजातीय नायकों और स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों को उचित सम्मान दिलाने का कार्य किया है। भगवान बिरसा मुंडा सहित अनेक जनजातीय महापुरुषों की गौरवगाथा को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ना जनजातीय समाज के सम्मान की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि जनजातीय संस्कृति का संरक्षण और आधुनिक विकास का समन्वय ही विकसित भारत की सच्ची तस्वीर है। हमारा संकल्प है कि वनांचल के प्रत्येक गांव में विकास पहुंचे, युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलें, मातृशक्ति आत्मनिर्भर बने और जनजातीय समाज अपनी गौरवशाली पहचान के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ ग्राम, हरित पर्यावरण, सशक्त युवा, आत्मनिर्भर परिवार और संरक्षित जनजातीय संस्कृति के संकल्प के साथ जशपुर का वनांचल भी विकसित भारत की यात्रा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शांति भगत, जिला महिला मोर्चा महामंत्री शारदा परधान, जिला अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा श्यामलाल भगत, पूर्व विधायक प्रत्याशी गोविन्द राम भगत, राजपुरोहित केदार महाराज, परमहंस अग्रज, अनुसूचित जनजाति जिला उपाध्यक्ष विकास परधान, अनुसूचित जाति जिला उपाध्यक्ष भजु नन्दन नायक, अनुसूचित जनजाति मंडल अध्यक्ष रंजीत भगत, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुषमा सिंह, पूर्व मंडल महामंत्री सतीश मिंज, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष वासुदेव भगत सहित बड़ी संख्या में कोरवा समाज के भाई-बहन, वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणजन एवं भाजपा मंडल के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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बस्तर के उस गांव में बदली फिजा, जहां कभी बारूद और धमाकों का था साया; अब छिंदनार के ग्रामीणों ने बेखौफ होकर सुनी प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’, विकास और शांति की ओर बढ़ते कदमों का बना गवाह

रायपुर. 30 अगस्त 2026. नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बदलते बस्तर की नई तस्वीर रोज सामने आ रही है। आज दंतेवाड़ा के सुदूर वनांचल छिंदनार में भी एक नया नजारा देखने को मिला। पूरे देश के साथ वहां के लोगों ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना। छिंदनारवासियों के लिए यह पहला मौका था, जब पूरा गांव प्रधानमंत्री को सुनने के लिए जुटा था। प्रधानमंत्री को रेडियो पर सुनने को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह था। उन्होंने बेहद तल्लीनता से प्रधानमंत्री की बातें सुनीं। 

छिंदनार में आज बिलकुल अलग तरह का माहौल था। प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ को लेकर लोग खासे उत्साहित थे। गांव के कई लोगों ने आज पहली बार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को सुना। वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर के सांसद श्री महेश कश्यप और दंतेवाड़ा के विधायक श्री चैतराम अटामी ने भी ग्रामीणों के साथ ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना। बस्तर के दूरस्थ वनांचल में आज एक नई तस्वीर दिख रही थी। कुछ महीनों पहले तक रोज धमाकों की आवाज के बीच दहशत में जीने वाले छिंदनार के लोग आज चैन से रेडियो सुन रहे थे।  

‘मन की बात’ सुनने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम देश को एक सूत्र में बांधता है। इसके माध्यम से वे देश के विभिन्न भागों में बदलाव लाने वाले सकारात्मक कार्यों और नवाचारों को पूरे देश के सामने रखते हैं। इससे अन्य लोग भी अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित होते हैं। प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम समाज और देश के विकास के लिए जनभागीदारी की भावना को बढ़ाता है। यह कार्यक्रम नागरिकों की नई सोच, नई पहलों, अनूठी कोशिशों और नवाचारों से पूरे देश को वाकिफ कराता है और उसे पहचान दिलाता है। प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम से लोगों को छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की संस्कृति, विरासत और सकारात्मक कार्यों की जानकारी मिलती है।

छिंदनार में ‘मन की बात’ के लिए लोगों का जुटना बस्तर में तेजी से आ रहे बदलावों की झलक मात्र है। पूरे बस्तर के चहुंमुखी विकास के लिए कल्याणकारी योजनाओं को हर नागरिक तक पहुंचाने के साथ ही सड़कों, मोबाइल कनेक्टीविटी, स्कूलों, अस्पतालों एवं अन्य बुनियादी जरूरतों की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। सरकार बस्तर के दूरस्थ और दुर्गम गांवों तक पहुंचकर नक्सलवाद के कारण दशकों तक ठप्प पड़े विकास कार्यों, बुनियादी जरूरतों और नागरिक सुविधाओं को दुरूस्त करने के लिए सक्रियता और गंभीरता से काम कर रही है।

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नोनी सुरक्षा योजना ने जगाई नई उम्मीद, बेटियों की पढ़ाई और भविष्य को मिल रहा मजबूत आधार

रायपुर, 30 अगस्त 2026। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत सारबहरा की श्रीमती आकांक्षा अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहती थीं। उनकी इच्छा थी कि बेटी को अच्छी शिक्षा मिले और आगे चलकर उसका जीवन सुरक्षित, आत्मनिर्भर और खुशहाल हो। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच बेटी के भविष्य के लिए बेहतर प्रबंध करना उनके लिए चुनौती थी।

इसी चिंता को कम करने और बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने की दिशा में आकांक्षा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से अपनी बेटी का ‘नोनी सुरक्षा योजना’ के तहत पंजीयन कराया। योजना से मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा के भरोसे ने उनके मन में बेटी के भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगाई है।

बेटी की पढ़ाई और भविष्य के सपनों को मिलेगा संबल

आकांक्षा को उम्मीद है कि योजना के माध्यम से मिलने वाला लाभ उनकी बेटी के भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वह चाहती हैं कि उनकी बेटी बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी करे और जीवन में अपने सपनों को साकार करे। उन्हें विश्वास है कि योजना से मिलने वाली सहायता बेटी की शिक्षा और विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर परिवार के लिए उपयोगी साबित होगी।

उनके लिए यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है, बल्कि बेटी के भविष्य को लेकर एक सुरक्षा और भरोसे का आधार भी है। बेटी के नाम से भविष्य के लिए आर्थिक प्रावधान होने की जानकारी ने आकांक्षा को मानसिक रूप से भी राहत दी है।

सरकारी योजनाएं बन रही हैं परिवारों का संबल

आकांक्षा का कहना है कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने के उद्देश्य से संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही हैं। ऐसी योजनाओं से अभिभावकों में अपनी बेटियों की शिक्षा और भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ता है तथा उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलते हैं।

उन्होंने कहा कि बेटी का भविष्य सुरक्षित होना पूरे परिवार के लिए खुशी और संतोष की बात है। सरकार की योजनाओं से मिलने वाला सहयोग परिवारों को बेटियों की बेहतर परवरिश और शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करता है।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

आकांक्षा ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए चलाई जा रही इस जनकल्याणकारी पहल के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास परिवारों के लिए उम्मीद और संबल का माध्यम बन रहे हैं।

आकांक्षा के लिए नोनी सुरक्षा योजना उनकी बेटी के सुरक्षित, आत्मनिर्भर और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद बन गई है। उन्हें भरोसा है कि सरकार की इस पहल का लाभ उनकी बेटी के जीवन में बेहतर अवसरों का रास्ता खोलेगा और उसके सपनों को नई उड़ान मिलेगी।

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मां के सम्मान से प्रकृति के संरक्षण तक: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में मंत्री राजेश अग्रवाल ने रोपा पौधा, हरित छत्तीसगढ़ का दिया संदेश

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रायपुर, 30 अगस्त 2026।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत आज रायपुर स्थित अशोका पाम मीडोज सोसाइटी में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक लोगों से पौधरोपण कर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में  श्री राजेश मूणत,  श्री अनुज शर्मा, श्री राजीव अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ केवल वृक्षारोपण का अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति और मातृशक्ति के प्रति सम्मान की भावना से जुड़ा जन-अभियान है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस अभियान के माध्यम से देशवासियों को अपनी मां के सम्मान में एक पेड़ लगाने का भावनात्मक और पर्यावरणीय संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि आज बढ़ते शहरीकरण और बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों के बीच वृक्षों का महत्व और भी बढ़ गया है। पेड़ हमें केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी के संरक्षण, तापमान को संतुलित रखने और जैव विविधता को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री अग्रवाल ने कहा कि एक पेड़ लगाना प्रकृति को दिया गया हमारा छोटा-सा योगदान है, लेकिन जब यही संकल्प करोड़ों लोगों का बन जाता है तो इसका प्रभाव बहुत व्यापक होता है। हमें अपने घर, मोहल्ले, गांव और शहर में अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।

*हरियाली बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी*

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि केवल पौधरोपण करना पर्याप्त नहीं है। लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और विभिन्न संस्थाओं से अभियान से जुड़ने की अपील की।

उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में छांव, स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण का आधार बनेगा। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों को पौधरोपण से जोड़ना चाहिए।

*प्रकृति संरक्षण के साथ पर्यटन विकास को भी मिलेगा लाभ*

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा से समृद्ध राज्य है। यहां के घने वन, नदियां, जलप्रपात, पहाड़ और जैव विविधता पर्यटन की बड़ी ताकत हैं। पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास एक-दूसरे के पूरक हैं।

उन्होंने कहा कि प्रकृति को संरक्षित रखते हुए पर्यटन स्थलों का विकास करना राज्य की प्राथमिकताओं में शामिल है। हरित और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने से पर्यटकों को बेहतर प्राकृतिक अनुभव मिलेगा और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर भी बढ़ेंगे।

*जनभागीदारी से बनेगा हरित और स्वस्थ छत्तीसगढ़*

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्यजनों ने भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। 

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आइए, अपनी मां की स्मृति और सम्मान में एक पेड़ लगाएं, उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरा-भरा एवं सुरक्षित पर्यावरण तैयार करें। प्रकृति सुरक्षित होगी, तभी हमारा भविष्य सुरक्षित होगा।

उन्होंने सभी नागरिकों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने, अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने की अपील की।

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‘विष्णु भैया’ की पहल से मनोरा-दुलदुला की महिलाओं की बदली तस्वीर, शासकीय तालाबों से हर साल लाखों की कमाई

रायपुर, 30 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। शासन की योजनाओं और विभागीय सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब पारंपरिक गतिविधियों के साथ-साथ मछली पालन जैसे लाभकारी व्यवसाय को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं।

जशपुर जिले के मनोरा और दुलदुला विकासखंड की महिला स्व-सहायता समूहों ने शासकीय तालाबों को अपनी आजीविका का आधार बनाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल पेश की है। शासकीय तालाबों के दीर्घकालीन पट्टे, विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन और समूह की महिलाओं की मेहनत ने मछली पालन को उनके लिए आय का मजबूत जरिया बना दिया है।

*भभरी में तालाब बना समृद्धि का माध्यम*

जशपुर जिले के विकासखंड मनोरा के ग्राम भभरी में कमल महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं पिछले तीन वर्षों से ग्राम पंचायत के 0.700 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले शासकीय तालाब में 10 वर्षीय पट्टे के माध्यम से मछली पालन कर रही हैं। समूह की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास और विभागीय मार्गदर्शन से मछली पालन को सफल आजीविका गतिविधि के रूप में विकसित किया है।

समूह द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 3 क्विंटल मछली का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे करीब 6 लाख रुपये का वार्षिक विक्रय प्राप्त हो रहा है। इस आय से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। अब वे घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक खर्चों को भी बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं।

*सिमड़ा की महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी*

दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में दीप महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं भी पिछले तीन वर्षों से 0.800 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले शासकीय तालाब में मछली पालन कर रही हैं। समूह ने संगठित प्रयासों और निरंतर मेहनत से इस गतिविधि को आय के प्रभावी साधन में बदल दिया है।

समूह द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 3.30 क्विंटल मछली का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे लगभग 6.93 लाख रुपये का वार्षिक विक्रय प्राप्त हो रहा है। इससे समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई हैं।

*शासकीय योजनाओं ने खोले आत्मनिर्भरता के नए रास्ते*

महिला स्व-सहायता समूहों को शासकीय तालाबों का पट्टा उपलब्ध कराने, तकनीकी मार्गदर्शन देने और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। मछली पालन से प्राप्त आय ने महिलाओं को परिवार की आर्थिक जरूरतों में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर दिया है।

समूह की महिलाओं का कहना है कि पहले आय के सीमित साधनों के कारण परिवार का खर्च चलाना चुनौतीपूर्ण था। मछली पालन शुरू करने के बाद नियमित आय का माध्यम मिला और अब वे स्वयं अपनी आजीविका गतिविधियों का संचालन करने के साथ आर्थिक निर्णयों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

*अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा*

कमल महिला स्व-सहायता समूह और दीप महिला स्व-सहायता समूह की सफलता यह साबित करती है कि शासन की योजनाओं का प्रभावी लाभ, सामूहिक प्रयास और सही मार्गदर्शन मिलकर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। आज इन समूहों की महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ गांव की स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में भी योगदान दे रही हैं।

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छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई पहचान देने वालों का होगा सम्मान, होटल से होमस्टे और टूर ऑपरेटर से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तक 10 श्रेणियों में मिलेंगे ‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार

रायपुर, 30 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देने, पर्यटन से जुड़े उद्यमियों, संस्थाओं एवं व्यक्तियों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने तथा राज्य के पर्यटन स्थलों के विकास, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ प्रदान किए जाएंगे। इस पुरस्कार योजना के तहत पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले होटल, पंजीकृत टूर ऑपरेटर, जिले, पर्यटन स्टार्टअप, रिसॉर्ट, पर्यटक सूचना केंद्र, होमस्टे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, इको-टूरिज्म साइट और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को सम्मानित किया जाएगा।

योजना के अंतर्गत कुल 10 श्रेणियों में एक-एक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक विजेता को ₹11 हजार की पुरस्कार राशि एवं मेमेंटो प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

पर्यटन की पूरी श्रृंखला को प्रोत्साहित करने पर जोर

‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ की खासियत यह है कि इसमें पर्यटन को केवल पर्यटन स्थलों तक सीमित न रखते हुए उससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को भी सम्मान के दायरे में शामिल किया गया है। आतिथ्य, पर्यटन संचालन, जिला पर्यटन प्रबंधन, उद्यमिता, रिसॉर्ट सेवाएं, पर्यटक सहायता, होमस्टे, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और साहसिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

पुरस्कार की 10 श्रेणियां हैं—
1. सर्वश्रेष्ठ होटल
2. सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर
3. सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड
4. सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप/उद्यमिता पुरस्कार
5. CTB Star Performer – सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट
6. CTB Star Performer – पर्यटक सूचना केंद्र
7. सर्वश्रेष्ठ होमस्टे
8. सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
9. सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड
10. सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड

बेहतर सेवाओं और नवाचार को मिलेगा सम्मान

सर्वश्रेष्ठ होटल श्रेणी में राज्य के आतिथ्य क्षेत्र में प्रभावशाली सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले पर्यटन उद्यम को सम्मानित किया जाएगा। इसमें MICE सुविधाओं, पिछले वित्तीय वर्ष के वित्तीय प्रदर्शन, वार्षिक कारोबार और आयोजित कार्यक्रमों की संख्या जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। पर्यटन प्रचार, सतत पर्यटन, CSR गतिविधियों और रोजगार सृजन में योगदान को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा।

इसी तरह सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर का चयन आवास, परिवहन, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, मनोरंजन और अन्य पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के आधार पर किया जाएगा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी, इटिनरेरी एवं प्रचार सामग्री के माध्यम से पर्यटन का प्रचार तथा वेबसाइट और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।

पर्यटन विकास में उत्कृष्ट जिले को भी मिलेगा सम्मान

‘सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड’ के तहत उस जिले का चयन किया जाएगा, जिसने पर्यटन के व्यापक विकास, संवर्धन, गंतव्य प्रबंधन तथा घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बेहतर कार्य किया हो।

पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, डस्टबिन की उपलब्धता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, हरित उपाय, प्रकृति आधारित गतिविधियां, कृषि एवं ग्रामीण जीवनशैली, संस्कृति, मत्स्य पालन, पर्यटकों के लिए विशिष्ट अनुभव और पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन जैसे पहलुओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है।

युवा उद्यमियों और पर्यटन स्टार्टअप को मिलेगा मंच

पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप/उद्यमिता पुरस्कार रखा गया है। इसके माध्यम से ऐसे स्टार्टअप और व्यक्तिगत उद्यमियों को पहचान एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिन्होंने नवाचार एवं अनुकरणीय गतिविधियों के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य किया है।

यह पुरस्कार पर्यटन क्षेत्र में नए विचारों, तकनीक, सेवाओं एवं व्यावसायिक मॉडलों के माध्यम से पर्यटन को अधिक आकर्षक, सुविधाजनक एवं प्रतिस्पर्धी बनाने वाले उद्यमियों के प्रयासों को प्रोत्साहित करेगा।

रिसॉर्ट और पर्यटक सूचना केंद्रों की सेवाओं को भी पहचान

CTB Star Performer की दो श्रेणियों में पर्यटन बोर्ड की प्रीमियम एवं बजट श्रेणी की इकाइयों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले रिसॉर्ट तथा उल्लेखनीय बुकिंग उपलब्ध कराने वाले पर्यटक सूचना केंद्रों को सम्मानित किया जाएगा।

सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट के चयन में टर्नओवर, लाभप्रदता और अधिभोग प्रतिशत जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। वहीं पर्यटक सूचना केंद्रों का मूल्यांकन पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए बुकिंग उपलब्ध कराने में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

इन पुरस्कारों के माध्यम से पर्यटन बोर्ड की इकाइयों में बेहतर सेवा, ग्राहक संतुष्टि, प्रभावी संचालन तथा पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

होमस्टे से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वालों का सम्मान

सर्वश्रेष्ठ होमस्टे श्रेणी में घरेलू पर्यटन से अर्जित राजस्व, वार्षिक वृद्धि दर, बुकिंग की संख्या और घरेलू पर्यटकों की संख्या जैसे मानकों के आधार पर चयन किया जाएगा। पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाएं, ग्राहक समीक्षा, शिकायत निवारण प्रणाली, दिव्यांग पर्यटकों के लिए सुविधाएं तथा होमस्टे की विशिष्ट अवधारणा को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा।

होमस्टे के माध्यम से स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने, स्थानीय उत्पादों एवं व्यंजनों को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के अवसर सृजित करने वाले प्रयासों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।

डिजिटल दुनिया में छत्तीसगढ़ पर्यटन की ब्रांडिंग करने वालों को पुरस्कार

सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को देखते हुए सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेणी भी शामिल की गई है। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों पर आधारित रील्स, वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट के माध्यम से राज्य के पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को इस श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा।

फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की पहुंच, पिछले तीन वर्षों के प्रदर्शन तथा उपलब्ध होने पर कारोबार संबंधी विवरण को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है।

इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय जीवन, ऐतिहासिक स्थलों, वन्यजीव, साहसिक गतिविधियों और अन्य पर्यटन आकर्षणों को डिजिटल माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रचारित करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोत्साहन मिलेगा।

सतत पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता

सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड के जरिए पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को सम्मानित किया जाएगा। परियोजना का छत्तीसगढ़ में स्थित होना और कम से कम दो वर्षों से संचालित होना आवश्यक है।

नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, स्थानीय समुदायों—विशेषकर आदिवासी एवं ग्रामीण आबादी—की भागीदारी, स्थानीय वनस्पति एवं जीव-जंतुओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान जैसे मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इको-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर सृजित करने तथा पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित करने वाली पहलों को भी मूल्यांकन में विशेष महत्व दिया जाएगा।

साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने वालों को भी सम्मान

छत्तीसगढ़ में कैंपिंग और अन्य साहसिक गतिविधियां संचालित करने वाले श्रेष्ठ संचालक को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड दिया जाएगा। गंतव्य प्रबंधन, घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल तथा गतिविधियों से प्राप्त राजस्व प्रमुख मूल्यांकन मानदंड होंगे।

इसके साथ ही पर्यटकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण साहसिक अनुभव उपलब्ध कराने, नए एडवेंचर प्रोडक्ट विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक गंतव्यों को साहसिक पर्यटन के लिए विकसित एवं प्रचारित करने वाले प्रयासों को भी महत्व दिया जाएगा।

15 सितंबर तक करें आवेदन

पुरस्कार की सभी श्रेणियों के लिए आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इच्छुक व्यक्ति, संस्थाएं एवं संबंधित पर्यटन क्षेत्र के पात्र हितधारक अपनी प्रविष्टियां it@visitcg.in पर ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन पत्र छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की वेबसाइट www.tourism.cgstate.gov.in पर उपलब्ध है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है।

प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन राज्य पर्यटन विभाग/निर्णायक समिति द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित पात्रता एवं मूल्यांकन मानदंडों के आधार पर किया जाएगा।

उत्कृष्टता को प्रोत्साहन और छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई पहचान

‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पहचान देने के साथ ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नवाचार, सतत पर्यटन और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।

पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों में आर्थिक प्रदर्शन के साथ स्वच्छता, सतत पर्यटन, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने जैसे पहलुओं को महत्व दिया गया है।

यह पहल होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे, टूर ऑपरेटर, स्टार्टअप, जिले, पर्यटक सूचना केंद्र, कंटेंट क्रिएटर और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को अपने उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने का अवसर देगी। साथ ही छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

होटल से टूर ऑपरेटर, होमस्टे, इको-टूरिज्म, एडवेंचर पर्यटन और सोशल मीडिया तक 10 श्रेणियों में होंगे ‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’; प्रत्येक विजेता को ₹11 हजार एवं मेमेंटो

पुरस्कार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026, इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं it@visitcg.in पर भेज सकेंगे आवेदन

रायपुर, 30 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देने, पर्यटन से जुड़े उद्यमियों, संस्थाओं एवं व्यक्तियों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने तथा राज्य के पर्यटन स्थलों के विकास, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ प्रदान किए जाएंगे। इस पुरस्कार योजना के तहत पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले होटल, पंजीकृत टूर ऑपरेटर, जिले, पर्यटन स्टार्टअप, रिसॉर्ट, पर्यटक सूचना केंद्र, होमस्टे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, इको-टूरिज्म साइट और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को सम्मानित किया जाएगा।

योजना के अंतर्गत कुल 10 श्रेणियों में एक-एक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक विजेता को ₹11 हजार की पुरस्कार राशि एवं मेमेंटो प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

पर्यटन की पूरी श्रृंखला को प्रोत्साहित करने पर जोर

‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ की खासियत यह है कि इसमें पर्यटन को केवल पर्यटन स्थलों तक सीमित न रखते हुए उससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को भी सम्मान के दायरे में शामिल किया गया है। आतिथ्य, पर्यटन संचालन, जिला पर्यटन प्रबंधन, उद्यमिता, रिसॉर्ट सेवाएं, पर्यटक सहायता, होमस्टे, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और साहसिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

पुरस्कार की 10 श्रेणियां हैं—
1. सर्वश्रेष्ठ होटल
2. सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर
3. सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड
4. सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप/उद्यमिता पुरस्कार
5. CTB Star Performer – सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट
6. CTB Star Performer – पर्यटक सूचना केंद्र
7. सर्वश्रेष्ठ होमस्टे
8. सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
9. सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड
10. सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड

बेहतर सेवाओं और नवाचार को मिलेगा सम्मान

सर्वश्रेष्ठ होटल श्रेणी में राज्य के आतिथ्य क्षेत्र में प्रभावशाली सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले पर्यटन उद्यम को सम्मानित किया जाएगा। इसमें MICE सुविधाओं, पिछले वित्तीय वर्ष के वित्तीय प्रदर्शन, वार्षिक कारोबार और आयोजित कार्यक्रमों की संख्या जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। पर्यटन प्रचार, सतत पर्यटन, CSR गतिविधियों और रोजगार सृजन में योगदान को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा।

इसी तरह सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर का चयन आवास, परिवहन, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, मनोरंजन और अन्य पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के आधार पर किया जाएगा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी, इटिनरेरी एवं प्रचार सामग्री के माध्यम से पर्यटन का प्रचार तथा वेबसाइट और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।

पर्यटन विकास में उत्कृष्ट जिले को भी मिलेगा सम्मान

‘सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड’ के तहत उस जिले का चयन किया जाएगा, जिसने पर्यटन के व्यापक विकास, संवर्धन, गंतव्य प्रबंधन तथा घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बेहतर कार्य किया हो।

पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, डस्टबिन की उपलब्धता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, हरित उपाय, प्रकृति आधारित गतिविधियां, कृषि एवं ग्रामीण जीवनशैली, संस्कृति, मत्स्य पालन, पर्यटकों के लिए विशिष्ट अनुभव और पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन जैसे पहलुओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है।

युवा उद्यमियों और पर्यटन स्टार्टअप को मिलेगा मंच

पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप/उद्यमिता पुरस्कार रखा गया है। इसके माध्यम से ऐसे स्टार्टअप और व्यक्तिगत उद्यमियों को पहचान एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिन्होंने नवाचार एवं अनुकरणीय गतिविधियों के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य किया है।

यह पुरस्कार पर्यटन क्षेत्र में नए विचारों, तकनीक, सेवाओं एवं व्यावसायिक मॉडलों के माध्यम से पर्यटन को अधिक आकर्षक, सुविधाजनक एवं प्रतिस्पर्धी बनाने वाले उद्यमियों के प्रयासों को प्रोत्साहित करेगा।

रिसॉर्ट और पर्यटक सूचना केंद्रों की सेवाओं को भी पहचान

CTB Star Performer की दो श्रेणियों में पर्यटन बोर्ड की प्रीमियम एवं बजट श्रेणी की इकाइयों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले रिसॉर्ट तथा उल्लेखनीय बुकिंग उपलब्ध कराने वाले पर्यटक सूचना केंद्रों को सम्मानित किया जाएगा।

सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट के चयन में टर्नओवर, लाभप्रदता और अधिभोग प्रतिशत जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। वहीं पर्यटक सूचना केंद्रों का मूल्यांकन पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए बुकिंग उपलब्ध कराने में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

इन पुरस्कारों के माध्यम से पर्यटन बोर्ड की इकाइयों में बेहतर सेवा, ग्राहक संतुष्टि, प्रभावी संचालन तथा पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

होमस्टे से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वालों का सम्मान

सर्वश्रेष्ठ होमस्टे श्रेणी में घरेलू पर्यटन से अर्जित राजस्व, वार्षिक वृद्धि दर, बुकिंग की संख्या और घरेलू पर्यटकों की संख्या जैसे मानकों के आधार पर चयन किया जाएगा। पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाएं, ग्राहक समीक्षा, शिकायत निवारण प्रणाली, दिव्यांग पर्यटकों के लिए सुविधाएं तथा होमस्टे की विशिष्ट अवधारणा को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा।

होमस्टे के माध्यम से स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने, स्थानीय उत्पादों एवं व्यंजनों को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के अवसर सृजित करने वाले प्रयासों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।

डिजिटल दुनिया में छत्तीसगढ़ पर्यटन की ब्रांडिंग करने वालों को पुरस्कार

सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को देखते हुए सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेणी भी शामिल की गई है। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों पर आधारित रील्स, वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट के माध्यम से राज्य के पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को इस श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा।

फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की पहुंच, पिछले तीन वर्षों के प्रदर्शन तथा उपलब्ध होने पर कारोबार संबंधी विवरण को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है।

इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय जीवन, ऐतिहासिक स्थलों, वन्यजीव, साहसिक गतिविधियों और अन्य पर्यटन आकर्षणों को डिजिटल माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रचारित करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोत्साहन मिलेगा।

सतत पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता

सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड के जरिए पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को सम्मानित किया जाएगा। परियोजना का छत्तीसगढ़ में स्थित होना और कम से कम दो वर्षों से संचालित होना आवश्यक है।

नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, स्थानीय समुदायों—विशेषकर आदिवासी एवं ग्रामीण आबादी—की भागीदारी, स्थानीय वनस्पति एवं जीव-जंतुओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान जैसे मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इको-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर सृजित करने तथा पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित करने वाली पहलों को भी मूल्यांकन में विशेष महत्व दिया जाएगा।

साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने वालों को भी सम्मान

छत्तीसगढ़ में कैंपिंग और अन्य साहसिक गतिविधियां संचालित करने वाले श्रेष्ठ संचालक को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड दिया जाएगा। गंतव्य प्रबंधन, घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल तथा गतिविधियों से प्राप्त राजस्व प्रमुख मूल्यांकन मानदंड होंगे।

इसके साथ ही पर्यटकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण साहसिक अनुभव उपलब्ध कराने, नए एडवेंचर प्रोडक्ट विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक गंतव्यों को साहसिक पर्यटन के लिए विकसित एवं प्रचारित करने वाले प्रयासों को भी महत्व दिया जाएगा।

15 सितंबर तक करें आवेदन

पुरस्कार की सभी श्रेणियों के लिए आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इच्छुक व्यक्ति, संस्थाएं एवं संबंधित पर्यटन क्षेत्र के पात्र हितधारक अपनी प्रविष्टियां it@visitcg.in पर ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन पत्र छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की वेबसाइट www.tourism.cgstate.gov.in पर उपलब्ध है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है। अधिक जानकारी के लिए प्रबंधक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड से मोबाइल नंबर-94594-60947 पर संपर्क किया जा सकता है।

प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन राज्य पर्यटन विभाग/निर्णायक समिति द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित पात्रता एवं मूल्यांकन मानदंडों के आधार पर किया जाएगा।

उत्कृष्टता को प्रोत्साहन और छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई पहचान

‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पहचान देने के साथ ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नवाचार, सतत पर्यटन और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।

पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों में आर्थिक प्रदर्शन के साथ स्वच्छता, सतत पर्यटन, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने जैसे पहलुओं को महत्व दिया गया है।

यह पहल होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे, टूर ऑपरेटर, स्टार्टअप, जिले, पर्यटक सूचना केंद्र, कंटेंट क्रिएटर और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को अपने उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने का अवसर देगी। साथ ही छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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समान नागरिक संहिता पर मुस्लिम समाज की बड़ी बैठक 1 सितंबर को, गुरु घासीदास ऑडिटोरियम में जुटेंगे शहर के बुद्धिजीवी और अधिवक्ता

रायपुर, 30 अगस्त 2026/ राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और इसके लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उक्त समिति को सुझाव देने के लिए रायपुर मुस्लिम समाज की ओर से एक दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया है। यह जानकारी छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड (कैबिनेट मंत्री दर्जा) के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने दी है।

*1 सितंबर को गुरु घासीदास ऑडिटोरियम में होगी बैठक*  

           मुस्लिम समाज की यह बैठक 01 सितंबर 2026, मंगलवार को स्थान- गुरु घासीदास ऑडिटोरियम, कार्यालय छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड के सामने, कलेक्ट्रेट चौक, रायपुर में आयोजित की जाएगी। बैठक में मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों द्वारा दिए गए सुझावों को एकत्रित किया जाएगा। इसके लिए रायपुर की समस्त मस्जिदों में जुमा को ऐलान के माध्यम से सूचना दी गई है।

*दो प्रतियों में लिखित सुझाव लाने की अपील*  

          आयोजकों ने अपील की है कि UCC के संबंध में सुझाव लिखित में अध्यक्ष, समान नागरिक संहिता समिति, छत्तीसगढ़ के नाम से संबोधित करते हुए दो प्रतियों में प्रस्तुत करें। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शहर काजी जनाब कारी डॉ. मोहम्मद इमरान अशरफी साहब और अध्यक्षता के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता जनाब फैसल रिजवी साहब उपस्थित रहेंगे। मुस्लिम समाज द्वारा दिए गए सुझावों को बैठक में एकत्रित कर शाम 04:00 बजे समान नागरिक संहिता (UCC) समिति, छत्तीसगढ़ के माननीय सदस्यों के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत किया जाएगा।

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‘महतारी गौरव वर्ष’ में नारी शक्ति को सम्मान और स्वावलंबन का नया संबल — मुख्यमंत्री साय ने कहा, महिलाओं को अधिकार, अवसर और आत्मनिर्भरता से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर 30 अगस्त 2026/ जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो उसके साथ परिवार, समाज और पूरा देश आगे बढ़ता है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को अपने सपने पूरे करने का अवसर मिले और हर महिला आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला एवं संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने नारी शक्ति सम्मान समारोह पर आधारित ब्रोशर का विमोचन किया।

*सम्मानित महिलाएं हमारी बेटियों के लिए प्रेरणा*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन महिलाओं ने अपने परिश्रम, प्रतिभा, साहस और संकल्प से अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं का सम्मान वास्तव में उस नारी शक्ति का सम्मान है, जो परिवार को संस्कार देती है, समाज को दिशा देती है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज खेती-किसानी से लेकर उद्यमिता, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और आधुनिक तकनीक तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। लक्ष्मी-नारायण, उमा-महेश्वर, सिया-राम और राधा-कृष्ण जैसे संबोधन हमारी उस सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं, जिसमें नारी को शक्ति, करुणा, सृजन और संस्कार का आधार माना गया है। राज्य सरकार इसी भावना को योजनाओं और नीतियों के माध्यम से धरातल पर उतार रही है।

*महिला आयोग न्याय के साथ जागरूकता का भी बने सशक्त माध्यम*

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी मिली है। उनका सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन का अनुभव, कानून की समझ और उच्च शिक्षा इस दायित्व के निर्वहन में उपयोगी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. ममता साहू के नेतृत्व में राज्य महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और पीड़ित महिलाओं तक कानूनी सहायता पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि महिला आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आयोग गांवों, कस्बों, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे तथा महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करे। महिलाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि किसी भी कठिन परिस्थिति में शासन और उसकी संस्थाएं संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी हैं।

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति को मिले नए अवसर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को नई पहचान, सम्मान और आगे बढ़ने के अभूतपूर्व अवसर मिले हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने बेटियों के प्रति सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में भी ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आसीन होना पूरे देश की नारी शक्ति के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सोच है कि विकसित भारत की यात्रा महिलाओं के नेतृत्व और उनकी सक्रिय भागीदारी के बिना पूरी नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी संकल्प के साथ प्रदेश की मातृशक्ति को विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ रही है।

*महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया बहनों का आत्मविश्वास*

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन उनके सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की 31 किस्तें महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता को मजबूत करने का माध्यम बनी है। गांवों की महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य तथा स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बहनों के खातों में सहायता राशि समय से पहले अंतरित की। प्रदेश की माताओं-बहनों की खुशियां और उनकी आवश्यकताएं सरकार की प्राथमिकता हैं।

*13.85 लाख से अधिक लखपति दीदियां बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सिलाई-कढ़ाई, कृषि एवं वनोपज आधारित गतिविधियों, लघु उद्योग और स्वरोजगार के साथ महिलाएं अब ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।

प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन का प्रमाण है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़कर उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

*‘महतारी गौरव वर्ष’ मातृशक्ति के योगदान को समर्पित*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देने के साथ उनके लिए नए अवसरों के सृजन का भी वर्ष है।

उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा से लेकर महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन तक सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल के तहत प्रदेश में 6 हजार 671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, ताकि बेटियों को विद्यालयों में बेहतर और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बैठक और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है। हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान तीन महतारी सदनों का लोकार्पण भी किया गया है। रेडी-टू-ईट कार्यक्रम का संचालन भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

*महिलाओं के नाम संपत्ति से मजबूत हो रहा आर्थिक आधार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक अधिकार को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उनके नाम पर संपत्ति पंजीयन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाओं के नाम जमीन और संपत्ति होने से उनका आर्थिक आधार मजबूत होता है तथा परिवार में उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में दी जा रही रियायतों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में संपत्तियों का पंजीयन महिलाओं के नाम पर हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है। इसके लिए समाज की सोच और व्यवस्था दोनों में सकारात्मक परिवर्तन जरूरी है। हमारी बेटियों को अच्छी शिक्षा मिले, युवतियों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलें, महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिले तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित न्याय मिले - सरकार इसी समग्र दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि जब एक बेटी पढ़ती है तो एक पीढ़ी शिक्षित होती है और जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है तो पूरा परिवार आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि महिला आयोग पीड़ित और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा, विश्वास और न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में आयोग महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और उनके उत्थान के लिए प्रभावी कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में मातृशक्ति को विशेष स्थान प्राप्त है। नारी के सम्मान और सशक्तिकरण के बिना समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि प्रत्येक माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करें। आज यह सुखद अवसर है कि महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू के पिता श्री कृपाराम साहू भी अपनी पुत्री को महत्वपूर्ण दायित्व संभालते हुए देख रहे हैं।उन्होंने डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों के सशक्तिकरण और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना न परिवार की प्रगति संभव है और न ही समाज एवं राष्ट्र का समग्र विकास। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भी सशक्त, खुशहाल और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रजत उत्सव दिवस मनाया जा रहा है। यह प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की दिशा में आयोग की लंबी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं। महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को नई मजबूती दी है।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, अंबिकापुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्षगण, संतजन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित थीं।

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छत्तीसगढ़ में खनिज निवेश को मिलेगी नई रफ्तार, नवा रायपुर में कल क्रिटिकल मिनरल्स की नीलामी का रोड शो

रायपुर, 30 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र के विकास, निवेश और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के प्रभावी दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त पर रोड शो का आयोजन कल 31 अगस्त को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
                रोड शो में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे, सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, खान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकारी, खनन क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
                 भारत सरकार द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की 8वीं किश्त के अंतर्गत 20 खनिज ब्लॉक्स को नीलामी के लिए रखा गया है। इनमें 3 माइनिंग लीज तथा 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स शामिल हैं। इन ब्लॉक्स में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। ये खनिज देश की ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक प्रौद्योगिकी, औद्योगिक विकास और रणनीतिक आवश्यकताओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
           
  *मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में होगा उद्घाटन सत्र*

         निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10:30 बजे पंजीयन एवं चाय के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। दोपहर 12 बजे मुख्य अतिथि के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात वंदे मातरम् और राष्ट्रगान होगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग के सचिव स्वागत उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव उद्घाटन उद्बोधन देंगे। इसके पश्चात भारत सरकार के खान सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव तथा छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष द्वारा संबोधन किया जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे के उद्बोधन के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में अपना संबोधन देंगे।

*टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का होगा शुभारंभ*

                रोड शो के दौरान छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की जाएंगी। मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में टिन पोर्टल तथा ई-रेत सांगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा।
               इस अवसर पर सीएमडीसी और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच एमओयू, कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ एमओयू का आदान-प्रदान भी किया जाएगा। साथ ही माइनर मिनरल्स पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन तथा तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।

*तकनीकी सत्र में नीलामी प्रक्रिया और निवेश के अवसरों पर होगी चर्चा*

              दोपहर 2 बजे से आयोजित तकनीकी सत्र में खनिज ब्लॉक्स की नीलामी, निवेश और अन्वेषण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड द्वारा नीलामी के लिए प्रस्तावित खनिज ब्लॉक्स पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। एसबीआई कैप्स द्वारा मिनरल ऑक्शन प्रोसेस एवं टेंडर डॉक्यूमेंट तथा एमएसटीसी द्वारा मिनरल ई-ऑक्शन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से संबंधित एनएमईडीटी योजना पर भी प्रस्तुतीकरण होगा।
तकनीकी सत्र के बाद ओपन हाउस डिस्कशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और विशेषज्ञों के साथ नीलामी प्रक्रिया, खनिज संसाधनों की संभावनाओं तथा निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श होगा।

*नीलाम प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा*

          रोड शो के पश्चात दोपहर में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन और उनके संचालन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। खनन परियोजनाओं को तेजी से शुरू करने तथा विभिन्न स्तरों पर आवश्यक समन्वय को लेकर भी चर्चा होगी। इसके बाद माइन विजिट भी प्रस्तावित है।
               यह रोड शो छत्तीसगढ़ सहित देश में महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण और खनन को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। केंद्र और राज्य सरकार, उद्योग जगत तथा खनन क्षेत्र के अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से खनिज क्षेत्र में निवेश और नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा।

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नेपाल बाढ़ त्रासदी पर मंत्री राजेश अग्रवाल चिंतित, अंबिकापुर की डॉ. मीना गुप्ता की सुरक्षित वापसी के लिए विदेश मंत्रालय से लेकर भारतीय दूतावास तक प्रयास तेज

रायपुर, 30 अगस्त 2026/ नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद 288 से अधिक भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर पर छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने गहरी चिंता व्यक्त की है। लापता भारतीय नागरिकों में अंबिकापुर के वरिष्ठ नेता श्री कर्ताराम गुप्ता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता भी शामिल हैं। डॉ. मीना गुप्ता ब्रिटेन में चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने डॉ. मीना गुप्ता की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस कठिन और चिंताजनक परिस्थिति में उनका परिवार अकेला नहीं है। उन्होंने बताया कि डॉ. मीना गुप्ता की स्थिति और उनकी सुरक्षित वापसी के संबंध में नेपाल स्थित भारतीय दूतावास तथा संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

*विदेश मंत्रालय से तत्काल किया संपर्क*

श्री अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने भी इस मामले में तत्काल विदेश मंत्रालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी साझा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराई गई ई-मेल आईडी श्री कर्ताराम गुप्ता को उपलब्ध कराई गई है, ताकि डॉ. मीना गुप्ता से संबंधित सभी आवश्यक विवरण विदेश मंत्रालय तक पहुंचाए जा सकें और उनकी तलाश एवं सुरक्षित वापसी के प्रयासों को आवश्यक जानकारी मिल सके।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद 288 से अधिक भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक है। इनमें अंबिकापुर की डॉ. मीना गुप्ता जी भी शामिल हैं। उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हम लगातार नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं। मैंने भी तत्काल विदेश मंत्रालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी साझा करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।

उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रत्येक लापता व्यक्ति के परिवार की चिंता और व्याकुलता को समझा जा सकता है। प्रशासनिक एवं राजनयिक स्तर पर उपलब्ध माध्यमों के जरिए आवश्यक जानकारी साझा कर डॉ. मीना गुप्ता सहित सभी लापता भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

*पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना*

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने नेपाल की प्राकृतिक आपदा से प्रभावित सभी परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बाढ़ की इस त्रासदी में जिन परिवारों के सदस्य लापता हैं, उनके लिए यह अत्यंत कठिन समय है। ऐसे समय में संवेदना, सहयोग और हरसंभव सहायता ही सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि डॉ. मीना गुप्ता जी सहित बाढ़ में फंसे सभी लोग सकुशल हों और जल्द से जल्द अपने परिवारों के बीच वापस लौटें। हम सभी उनके सुरक्षित लौटने की कामना कर रहे हैं।

मंत्री ने आशा व्यक्त की कि राहत एवं बचाव कार्यों के साथ लापता लोगों की तलाश के प्रयासों में जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और डॉ. मीना गुप्ता सहित सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित अपने परिजनों के बीच लौट सकेंगे।

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इतिहास, संस्कृति और स्वदेशी से आत्मनिर्भरता तक—‘मन की बात’ में देश की विकास यात्रा के विविध आयामों पर प्रधानमंत्री का प्रेरक संदेश

*पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने शासकीय आवास में सुना ‘मन की बात’ का 137वां संस्करण, कहा—प्रधानमंत्री का संवाद जनभागीदारी और राष्ट्रनिर्माण की भावना को देता है नई ऊर्जा*

रायपुर, 30 अगस्त 2026/ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज रायपुर स्थित अपने शासकीय आवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया। इस अवसर पर अंबिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिक उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देश की विविध उपलब्धियों, सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। कार्यक्रम में इतिहास को डिजिटल माध्यमों से संरक्षित करने के अभिनव प्रयासों से लेकर युवाओं को नशे से दूर रखने, स्वच्छता, स्थानीय उद्यमिता, कृषि में वैज्ञानिक नवाचार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए।

*डिजिटल माध्यमों से इतिहास और विरासत के संरक्षण पर जोर*

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने इतिहास और देश की समृद्ध विरासत को आधुनिक डिजिटल माध्यमों के जरिए सहेजने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऐसे प्रयासों को आने वाली पीढ़ियों को अपने अतीत, गौरव और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान और हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। इतिहास, लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक धरोहरों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से संरक्षित करना समय की आवश्यकता है। इससे हमारी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।

*नशा मुक्त युवा और विकसित भारत का संकल्प*

प्रधानमंत्री ने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान के तहत ड्रग फ्री इंडिया के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उनकी ऊर्जा को रचनात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगाने पर विशेष जोर दिया गया।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि युवा शक्ति भारत के भविष्य की आधारशिला है। स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान दे सकते हैं। समाज के हर वर्ग को मिलकर युवाओं के लिए सकारात्मक और प्रेरक वातावरण तैयार करना होगा।

*तिरंगा यात्रा ने जगाई राष्ट्रप्रेम की भावना*

प्रधानमंत्री ने अगस्त माह में देशभर में आयोजित भव्य तिरंगा यात्राओं का उल्लेख करते हुए इनमें लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी को राष्ट्रभावना की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है।

*रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनाने में पीएम स्वनिधि की भूमिका*

‘मन की बात’ में छोटे रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली पीएम स्वनिधि योजना का भी उल्लेख किया गया। इस योजना के माध्यम से छोटे उद्यमियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग और आत्मनिर्भरता का अवसर मिल रहा है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि छोटे व्यवसाय हमारे स्थानीय अर्थतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जब एक छोटा दुकानदार, ठेला संचालक या रेहड़ी-पटरी व्यवसायी अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा होता है, तो इसका सीधा लाभ उसके परिवार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलता है।

*स्वच्छता को निरंतर जनआंदोलन बनाए रखने का संदेश*

प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान की निरंतरता पर भी चर्चा की और स्वच्छता को केवल किसी अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन की आदत और सामाजिक जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि स्वच्छता और पर्यटन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। स्वच्छ पर्यटन स्थल न केवल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा करते हैं। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में स्वच्छता की महत्वपूर्ण भूमिका है।

*अमरनाथ यात्रा और आध्यात्मिक पर्यटन की समृद्ध परंपरा*

प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुई श्री अमरनाथ जी की पावन यात्रा का उल्लेख करते हुए देश की आध्यात्मिक एवं धार्मिक यात्रा परंपरा की व्यापकता को रेखांकित किया। भारत में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक यात्राएं हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखती हैं। छत्तीसगढ़ भी राम वन गमन पथ, माता कौशल्या की नगरी और अनेक प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के माध्यम से देश की आध्यात्मिक पर्यटन परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

*कृषि में आधुनिक विज्ञान और नवाचार से किसानों की समृद्धि*

प्रधानमंत्री ने किसानों की आय और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक नवाचारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कृषि में नई तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और नवाचारों का उपयोग किसानों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप अधिक सक्षम बनाने में सहायक है।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि कृषि में विज्ञान और तकनीक का समावेश किसानों के लिए नए अवसर खोल रहा है। आधुनिक नवाचारों के साथ स्थानीय अनुभव और पारंपरिक ज्ञान का समन्वय खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बना सकता है।

*‘Vocal for Local’ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार*

प्रधानमंत्री ने स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘Vocal for Local’ के मंत्र को भी दोहराया। स्थानीय उत्पादों को अपनाने और उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने से कारीगरों, शिल्पकारों, छोटे उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि हमारे स्थानीय शिल्प, हस्तकला, लोककलाएं और पारंपरिक उत्पाद केवल वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान के वाहक हैं। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से संस्कृति का संरक्षण होने के साथ-साथ कलाकारों और कारीगरों की आजीविका भी मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी की प्रेरक कहानियों को सामने लाने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे संवाद समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और नागरिकों को अपने स्तर पर राष्ट्रहित में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी संबोधन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को एक-दूसरे से जोड़ने और देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे रचनात्मक प्रयासों को साझा करने का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन हमें अपनी संस्कृति, पर्यावरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, युवा शक्ति और विकास के लिए निरंतर बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।

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लोकधुनों से आधुनिक सुरों तक सजेगा ‘रंग तरंग’ का मंच, तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और संगीत का दिखेगा अनूठा संगम

रायपुर, 30 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और आधुनिक सुरों के अनूठे संगम को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘रंग तरंग’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक आयोजन 1, 2 एवं 3 सितंबर 2026 को प्रतिदिन शाम 7 बजे से रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा।

‘रंग तरंग’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को नए और आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियों के साथ संगीत की विभिन्न विधाओं का संगम देखने-सुनने को मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें समकालीन संगीत के साथ जोड़कर व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है।

*लोक वाद्यों की गूंज के साथ सजेगी संगीत की महफिल*

‘रंग तरंग’ को संस्कृति, रंगों और सुरों का फ्यूजन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं से जुड़े वाद्ययंत्रों और कलाकारों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पारंपरिक वाद्यों की धुनों के साथ आधुनिक संगीत का मेल दर्शकों को सांस्कृतिक विरासत का नया अनुभव प्रदान करेगा।

*छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया मंच*

तीन दिवसीय इस आयोजन के जरिए प्रदेश की विविध लोक परंपराओं, संगीत शैलियों और वाद्य संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी जीवंत लोक कलाओं और संगीत परंपराओं से रही है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ ही आम लोगों, विशेषकर युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है।

संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘रंग तरंग’ में लोक और आधुनिकता का यह मेल दर्शकों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को करीब से जानने का अवसर भी बनेगा।

तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन रायपुरवासियों और प्रदेश की कला-संस्कृति में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। ‘रंग तरंग’ छत्तीसगढ़ की लोकधुनों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आधुनिक संगीत को एक ही मंच पर लाकर संस्कृति के विविध रंगों को सुरों की तरंगों में पिरोने की पहल है।

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