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प्रशासन गांव की ओर” पहल से फरसाबहार में मिले त्वरित लाभ,सुशासन शिविर बना जरूरतमंदों के जीवन में बदलाव की मिसाल,शिविर में 28 आवेदन हुए प्राप्त

जशपुरनगर 25 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन की अभिनव पहल सुशासन शिविर “प्रशासन गांव की ओर” के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे आम जनता तक पहुँचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड फरसाबहार में 24 दिसम्बर 2025 को सुशासन शिविर का आयोजन किया गया। जहाँ विभिन्न विभागों द्वारा अपने–अपने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई तथा विभागवार आवेदन पत्र प्राप्त किए गए।
शिविर के दौरान कुल 28 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें खाद्य विभाग से 1, कृषि विभाग से 1, महिला एवं बाल विकास विभाग से 7, विद्युत विभाग से 1, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से 3, पशुपालन विभाग से 4, राजस्व विभाग से 8, क्रेडा विभाग से 2 तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से 1 आवेदन शामिल है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा कई हितग्राहियों को मौके पर ही त्वरित लाभ भी प्रदान किया गया।

      शिविर की सबसे भावनात्मक सफलता ग्राम पंचायत बनगांव निवासी श्री ब्रिज कुमार चौहान की रही, जो विगत तीन माह से ट्रायसाइकिल प्राप्त करने हेतु प्रयासरत थे। शिविर के माध्यम से उन्हें तत्काल ट्रायसाइकिल प्रदान की गई, जिससे उनके दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों का समाधान हुआ। उन्होंने इसके लिए शासन–प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही शिविर में 5 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए तथा ग्राम पंचायत फरसाबहार निवासी श्रीमती जानकी बाई पति रघुनाथ राम, श्री चन्द्रशेखर बेहरा पिता लक्ष्मण बेहरा, पारस पिता ईश्वर साय एवं बबलू पटेल पिता दिनेश्वर लाल पटेल को अपने पूर्ण आवास का प्रमाण पत्र सौंपा गया। मनरेगा के माध्यम से कुल 8 हितग्राहियों को जॉब कार्ड प्रदान किए गए, जिनमें ग्राम पंचायत हेटघींचा से श्रीमती करिश्मा बाई पति ईशांत राम, ग्राम पंचायत फरसाबहार से श्रीमती जीवन्ती खलखो पति संदीप खलखो, पतरेसिया मिंज पति जोहन मिंज, मंजू तिग्गा पति सलीम तिग्गा, ग्राम पंचायत खुटगांव से श्रीमती असरिता भगत पति रामदेव भगत, दुलमनी भगत पति परमानन्द भगत, आशा मिंज पति मनोज तिर्की तथा राधा चौहान पति तेजू प्रसाद शामिल हैं। इन परिवारों को सुशासन शिविर के माध्यम से 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित हुआ है। शासन की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि सुशासन शिविर वास्तव में जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। शासन की यह पहल न केवल सहायता प्रदान करती है, बल्कि जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने की नई आशा भी देती है।

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जशपुर जिले के पांच नगरीय निकायों में अटल परिसर का हुआ लोकार्पण,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसर का किया लोकार्पण


जशपुरनगर, 25 दिसंबर 2025/  भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर आज रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में अटल शताब्दी वर्ष के अंतर्गत नवनिर्मित 115 अटल परिसरों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इनमें  जिले में जशपुर जिला मुख्यालय के  संग्रहालय परिसर में निर्मित अटल परिसर सहित पत्थलगांव, कुनकुरी, कोतबा और बगीचा में निर्मित अटल परिसर शामिल है। जशपुर के जिला संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने प्रतिकात्मक तौर पर अटल परिसर का लोकार्पण किया और श्री अटल बिहारी वाजपेई के आदमकद मूर्ति का अनावरण किया।
        इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व अत्यंत प्रेरणादायी था। वे केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं बल्कि अजातशत्रु, कवि, पत्रकार, समाजसेवी, लेखक, चिंतक, विचारक और अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी थे। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना जैसी ऐतिहासिक योजनाओं की निर्माण कर अटल जी ने शहरों से लेकर गांवों तक सड़कों के मजबूत नेटवर्क की नींव रखी  जिससे विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति मिली।  उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण अटल बिहारी वाजपेयी जी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है और उनसे प्रेरणा पाकर  छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि अटल जी ने सुशासन को शासन प्रणाली का मूलमंत्र बताया और उसी अनुरूप देश की प्रशासनिक व्यवस्था को दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ का निर्माण करने के लिए हमारी सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है और  विजन डॉक्यूमेंट के अनुसार कार्य करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण हेतु दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
       इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गर्व और प्रसन्नता का है। यह दिन श्री अटल बिहारी वाजपेई के राष्ट्र के प्रति समर्पण, दूरदर्शी नेतृत्व और छत्तीसगढ़ के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी की दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ का गठन हुआ और आज यह राज्य विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से उन्होंने गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा, जिससे दूरस्थ अंचलों में भी विकास की रफ्तार तेज हुई। इस अवसर पर श्रीमती भगत ने छत्तीसगढ़ निर्माण में स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।    
        नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेई केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। वे हम सभी के पथप्रदर्शक हैं। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए आज हम जनसेवा और विकास के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई छत्तीसगढ़ राज्य के सच्चे निर्माता थे और अटल परिसर का लोकार्पण हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। इस अवसर पर उन्होंने भी स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव को नमन किया।
      नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी की प्रसिद्ध कविता टूटे हुए सपनों की कौन सुने सिसकी, अंतर की चीर व्यथा पलकों पर ठिठकी, हार नहीं मानूँगा, रार नई ठानूँगा, काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूँ, गीत नया गाता हूँ  का पाठ कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।
        इस अवसर पर  जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, पूर्व विधायक श्री जागेश्वर भगत, कृष्ण कुमार राय, पार्षदगण श्री राजेश गुप्ता, श्री देवधन नायक, श्रीमती कंचन बैरागी, श्रीमती विजेता भगत, श्री शशि भगत, श्री  विनोद निकुंज, सुश्री कमला बाई, श्रीमती शैलेंद्री यादव, श्री सुधीर पाठक और श्री द्वारिका मिश्रा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, नगर पालिका जशपुर के सीएमओ श्री योगेश्वर उपाध्याय, सहायक अभियंता श्री कैलाश खरोले,  श्रीमती शारदा प्रधान, श्रीमती रजनी प्रधान, श्री कृपाशंकर भगत सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। 

*रंगीन रोशनी, फव्वारा और अटल की प्रेरक कविताओं से सजा अटल परिसर बनेगा प्रेरणा का केंद्र*

 जिला संग्रहालय परिसर में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित अटल परिसर को अत्यंत आकर्षक एवं भव्य रूप से सजाया गया है। परिसर में आधुनिक एवं रंगीन लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। अटल परिसर में सुव्यवस्थित गार्डन विकसित किया गया है, जिसमें आकर्षक फव्वारा लगाया गया है। इसके साथ ही सुंदर बैकवाल का निर्माण किया गया है, जहां दीवारों पर भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई जी के छायाचित्र तथा उनकी प्रेरणादायी कविताओं और विचारों को कलात्मक रूप से अंकित किया गया है।

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लोक प्रशासन में उत्कृष्टता को मान्यता: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा

रायपुर, 25 दिसंबर/छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में हो रहे परिवर्तन और प्रशासनिक संस्कृति के सुदृढ़ होते स्वरूप को रेखांकित करते हुए आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा की । यह पुरस्कार राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों द्वारा लागू किए गए उन नवाचारों को सम्मानित करने हेतु दिए जाएंगे, जिन्होंने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा स्थापित ये पुरस्कार इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य शासन सार्वजनिक प्रशासन के केंद्र में नवाचार, ठोस परिणाम और नागरिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की गुणवत्ता को केवल मंशा या व्यय के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वास्तविक, मापनीय प्रभाव, विस्तार-योग्यता और जमीनी समस्याओं के समाधान की क्षमता के आधार पर आँका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार इस नई प्रशासनिक सोच को संस्थागत रूप देने का प्रयास हैं, जहाँ तकनीक, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधार मिलकर सार्वजनिक सेवा को सशक्त बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि निरंतर हो रहे नवाचारों से साकार होता है। परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में जनहित को केंद्र में रखकर विकसित किए गए उत्कृष्ट प्रशासनिक नवाचारों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के विजेताओं की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासन में नवाचार कोई विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रणालियों को नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ निरंतर स्वयं को ढालना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन नवाचारों के सम्मान की आज घोषणा की गई  है, वे केवल व्यक्तिगत उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि भविष्य-उन्मुख शासन के लिए अनुकरणीय और दोहराने योग्य मॉडल हैं। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के लिए एक सुदृढ़ और बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसका उद्देश्य समावेशिता और गुणवत्ता के बीच संतुलन स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 312 नवाचार प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें 275 जिलों से और 37 राज्य स्तरीय विभागों से थे। यह व्यापक सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि शासन के प्रत्येक स्तर पर समस्या-समाधान की नवाचारी सोच विकसित हो रही है। यह प्रवृत्ति समाधान-केंद्रित प्रशासन की ओर हो रहे सांस्कृतिक बदलाव को भी दर्शाती है।

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार हेतु दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया के अंतर्गत पहले चरण में 55 नवाचारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद 13 नवाचारों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया और अंततः 10 विजेता नवाचारों का चयन किया गया, जिनमें जिला और विभागीय श्रेणियों से समान संख्या में प्रविष्टियाँ शामिल रहीं। मूल्यांकन के दौरान परिणामों को 50 अंक, विस्तार-योग्यता को 40 अंक और नवाचार को 10 अंक का भार दिया गया, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि सम्मान केवल विचारों पर नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावशाली परिणामों पर आधारित हो।

जिला श्रेणी के विजेताओं में दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।

जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।

मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।

नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।

विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।

वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया। एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटिकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये पुरस्कार छत्तीसगढ़ में जनकल्याण केंद्रित नवाचारों और सुशासन को प्रोत्साहन देने की एक नई शुरुआत हैं। यह इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ का भविष्य विस्तार-योग्य, नागरिक-केंद्रित और तकनीक-सक्षम शासन में निहित है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारी एवं टीमें एक प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान में नेतृत्व विकास कार्यक्रम में भाग लेंगी, जिससे आज के नवाचार आने वाले समय में शासन के मानक बन सकें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि लोक प्रशासन में नवाचार का अर्थ केवल नई तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख सेवाएँ प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर की जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए शासन को निरंतर विकसित होना होगा और मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार की पहल यह सिद्ध करती हैं कि किस प्रकार विस्तार-योग्य, डेटा-आधारित और नागरिक-केंद्रित समाधान सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि छत्तीसगढ़ शासन सार्वजनिक सेवा के मूल मूल्य के रूप में नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा, ताकि शासन व्यवस्था को भीतर से रूपांतरित करते हुए प्रत्येक नागरिक तक मापनीय और सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।

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प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना घरों में ऊर्जा का कर रही संचार

जशपुर 25 दिसम्बर 2025/ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई राह खोल दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जिले में किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। बगीचा विकासखंड के ग्राम चम्पा निवासी श्री कोइरा राम इसकी एक सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने अपने घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया है। श्री कोइरा राम बताते हैं कि सोलर पैनल लगने से पहले उन्हें हर महीने अधिक बिजली बिल चुकाना पड़ता था, जिससे घरेलू खर्च पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। लेकिन सोलर पैनल लगने के बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है और अब वे बिना किसी चिंता के बिजली का उपयोग कर पा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सोलर पैनल स्थापना की कुल लागत लगभग 1.20 लाख रुपये आई, जिसमें शासन की ओर से 90 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। शेष राशि वहन करना उनके लिए भी आसान हो गया, क्योंकि योजना के अंतर्गत उन्हें समय पर मार्गदर्शन और सहयोग मिला। इससे न केवल उनकी मासिक बचत बढ़ी है, बल्कि वे स्वच्छ और हरित ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण में भी सहभागी बन रहे हैं। श्री कोइरा राम का कहना है कि यह योजना ग्रामीण परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इससे एक ओर बिजली खर्च से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत हो रही है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सरकार आम नागरिकों के जीवन को आसान और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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वीर साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में 26 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में वीर बाल दिवस का राज्यव्यापी आयोजन

रायपुर, 25 दिसंबर 2025/
भारत सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस का आयोजन छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में किया जाएगा।  26 दिसंबर को दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के वीर पुत्रों साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह के अद्वितीय बलिदान की स्मृति में वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
वीर बाल दिवस 2025 का राष्ट्रीय स्तर का मुख्य कार्यक्रम 26 दिसंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर 12.30 बजे बच्चों और युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका और योगदान को रेखांकित करेंगे।

*राज्य एवं जिला स्तर पर व्यापक आयोजन*

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार राज्य में संचालित बाल देखरेख संस्थाओं, जिला बाल संरक्षण इकाइयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में वीर बाल दिवस के अवसर पर विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इन आयोजनों के अंतर्गत तीन आयु वर्ग—3 से 6 वर्ष, 6 से 10 वर्ष एवं 11 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए रचनात्मक, शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें चित्रकला, पोस्टर निर्माण, रचनात्मक लेखन, निबंध, प्रश्नोत्तरी, कहानी सुनाना, पुस्तक पठन सत्र, भाषण एवं वाद-विवाद, नाटक, भूमिका निर्वाह, नारा लेखन प्रतियोगिता, रैलियां, जागरूकता पदयात्राएं, समूह चर्चाएं, सहपाठी शिक्षण मंडलियां तथा खेल एवं फिटनेस गतिविधियां शामिल होंगी।

*शहादत को समर्पित विशेष कार्यक्रम*

निर्देशानुसार विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह की शहादत पर आधारित भाषण प्रतियोगिता एवं स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को उनके अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा मिल सके।
बच्चों के सम्मान और प्रेरणा का पर्व
जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वीर बाल दिवस का आयोजन केवल औपचारिक न होकर भारत के भविष्य माने जाने वाले बच्चों के सम्मान, प्रतिभा पहचान और प्रेरणा का सशक्त माध्यम बने। चयनित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को मंच प्रदान करते हुए उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
वीर बाल दिवस का यह राज्यव्यापी आयोजन बच्चों में देशभक्ति, साहस, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हुए उन्हें विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत बागवानी फसल का जिले के अऋणी किसान 31 दिसम्बर तक ले सकते हैं लाभ

जशपुरनगर 25 दिसम्बर 2025/छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी 2025-26 सीजन के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं असमय वर्षा, सूखा, ओलावृष्टि कीट प्रकोप और अन्य जोखिमों से फसल को होने वाली क्षति के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। योजना का उद्देश्य किसानों की आय को स्थिरता प्रदान करना और खेती को एक सुरक्षित व लाभकारी व्यवसाय बनाना है। 
           इस योजना के अंतर्गत बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई है। ऋणी कृषकों का बीमा संबंधित वित्तीय संस्थाओं द्वारा स्वचालित रूप से कर दिया जाएगा, बशर्ते उन्होंने रबी 2025 के लिए फसल ऋण लिया हो। लेकिन अऋणी कृषकों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए स्वयं पहल करनी होगी। किसान नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र सी.एस.सी. सेंटर अथवा मोबाईल एप्प के द्वारा या बचत खाताधारक किसान संबंधित बैंक में जाकर बीमा करा सकते है। इसके साथ ही अऋणी कृषकों के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति, स्वयं के नाम की भूमि रिकॉर्ड बी-1 की प्रति, बुआई प्रमाण पत्र, सक्रिय बैंक खाते की प्रति, जिसमें खाता संख्या और आई.एफ.एस.सी. कोड तथा निर्धारित प्रीमियम राशि लेकर बीमा केंद्र में उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा रबी फसलों के लिए बीमा प्रीमियम बीमांकित राशि का केवल 5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। टमाटर के लिए 6000.00 रुपये प्रति हेक्टेयर, बैगन 3850.00 रू. प्रति हेक्टेयर, पत्तागोभी 3500.00 रू. प्रति हेक्टेयर, फुलगोभी 3500.00 रु. प्रति हेक्टेयर, प्याज 4000.00 रु. प्रति हेक्टेयर एवं आलू 6000. 00 रु. प्रति हेक्टेयर की दर से बीमा प्रीमियम निर्धारित किया गया है। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक जशपुर ने इस संबंध में बताया कि खरीफ 2024 में जिले के 78 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा मुआवजा कुल 3 लाख 36 हजार 743 प्राप्त किया था, जो इस योजना की सफलता और किसानों को होने वाले लाभ का स्पष्ट प्रमाण है।

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प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 26 दिसम्बर को तहसील परिसर जशपुर में

*जशपुरनगर 25 दिसम्बर 2025* /जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र जशपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 दिसम्बर 2025 को तहसील परिसर में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजना किया जाएगा। उक्त प्लेसमेंट कैम्प हेतु नियोक्ताओं द्वारा 215 रिक्तियों में भर्ती की जाएगी।   
                   जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि श्रीमन् टेलेन्ट प्राइवेट लिमिटेड़ रायपुर द्वारा कुनकुरी, पत्थलगांव, जशपुर व बगीचा में इलेक्टीशियन पुरूष के 100 पदों हेतु रिक्तियॉ प्राप्त हुई है। जिसके लिए शैक्षणिक योग्यता आई.टी आई पास होना अनिवार्य होगा।  
                     इसी प्रकार बाम्बे इंटेलिजेंस सिक्योरिटी सर्विसेस द्वारा सुरक्षागार्ड के 100 पदों के लिए रिक्तियॉ प्राप्त हुई है तथा स्वतंत्र मायक्रोफीन रायपुर द्वारा 5 संग्रह अधिकारी पद व  10 फील्ड अधिकारी के हेतु रिक्तियॉ प्राप्त हुई है जिसके लिए शैक्षणिक योग्यता 10वी पास होना है। इच्छुक अभ्यर्थी 26 दिसम्बर 2025 को प्रातः 11 बजे जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र जशपुर के तहसील परिसर में समस्त मूल पत्र के साथ उपस्थित होकर प्लेसमेंट कैम्प में भाग ले सकते है।

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अग्निवीर भर्ती रैली के लिए एडमिट कार्ड जारी,जनवरी 2026 में धमतरी में होगी भर्ती

जशपुरनगर 25 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ में जनवरी 2026 में आयोजित होने वाली अग्निवीर भर्ती रैली के लिए भारतीय सेना द्वारा प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) जारी कर दिए गए हैं। सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर  द्वारा यह भर्ती रैली 10 से 24 जनवरी 2026 तक इंडोर स्टेडियम, धमतरी में आयोजित की जाएगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के पुरुष अभ्यर्थी भाग लेंगे। इस भर्ती रैली के अंतर्गत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर तथा अग्निवीर ट्रेड्समैन (10वीं एवं 8वीं पास) पदों के लिए चयन प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना द्वारा 30 जून 2025 से 10 जुलाई 2025 तक ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा सहित अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के पात्र होंगे।
सेना भर्ती कार्यालय द्वारा रैली में सम्मिलित होने वाले योग्य अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर अपलोड कर दिए गए हैं तथा अभ्यर्थियों के पंजीकृत ई-मेल पते पर भी भेजे गए हैं। भर्ती रैली में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड, रैली अधिसूचना में उल्लेखित सभी आवश्यक दस्तावेज तथा आधार कार्ड से लिंक मोबाइल फोन साथ लाना अनिवार्य होगा।

     किसी भी प्रकार की जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए अभ्यर्थी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के नजदीक स्थित सेना भर्ती कार्यालय, नया रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212 एवं 0771-2965214 पर संपर्क कर सकते हैं। सेना भर्ती कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना में चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और चयन केवल योग्यता एवं प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है। अभ्यर्थियों को दलालों एवं प्रलोभन देने वालों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

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जशपुर के युवाओं के लिए अवसर—नवसंकल्प में निःशुल्क सीजीपीएससी टेस्ट-सीरीज़ शुरू

जशपुरनगर 25 दिसम्बर 2025/ नवसंकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर में आगामी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग  प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए निःशुल्क टेस्ट-सीरीज़ शुरू की गई है। यह पहल जिला प्रशासन के सहयोग से की गई है, ताकि जिले के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। सीजीपीएससी 2025 की अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है और इस वर्ष कुल 265 पदों के लिए भर्ती प्रस्तावित है। प्रतियोगी छात्रों की तैयारी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नवसंकल्प में 17 दिसम्बर 2025 से टेस्ट-सीरीज़ प्रारंभ कर दी गई है, जिसका अंतिम चरण 14 फरवरी 2026 को पूरा होगा।

    इस टेस्ट-सीरीज़ में कुल 18 टेस्ट शामिल किए गए हैं। पहले चरण में 10 टेस्ट विभिन्न टॉपिक्स पर आधारित होंगे। दूसरे चरण में 5 टेस्ट विषय-वार संचालित किए जाएंगे। अंतिम चरण में 3 फुल-लेंथ टेस्ट लिए जाएंगे, ताकि अभ्यर्थियों को वास्तविक परीक्षा जैसे माहौल में अभ्यास का अवसर मिल सके। संस्थान की प्राचार्या सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह ने बताया कि सभी टेस्ट प्रत्येक बुधवार और शनिवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक टेस्ट में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिन्हें वर्तमान परीक्षा-पैटर्न के अनुरूप विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया है। टेस्ट-सीरीज़ पूरी तरह ऑफलाइन आयोजित की जा रही है। इच्छुक छात्र कार्यालयीन समय में संस्थान पहुँचकर निःशुल्क पंजीयन कर सकते हैं। प्राचार्या ने बताया कि यह श्रृंखला प्रतियोगियों को प्रश्न-समाधान कौशल, समय प्रबंधन और विषय-वस्तु की समझ में अत्यंत सहायक होगी।नवसंकल्प का उद्देश्य है कि इस पहल से जशपुर जिले के छात्र, विशेषकर ग्रामीण पृष्ठभूमि के अभ्यर्थी, राज्य प्रशासनिक सेवाओं में चयन का अवसर प्राप्त कर सकें और जिले का नाम गौरवान्वित करें।

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प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना : अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राही अपना व्यवसाय स्थापित करने हेतु ले सकेगें ऋण

*जशपुरनगर 25 दिसम्बर 2025/* प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजनातर्गत व्यवसाय स्थापित करने हेतु अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को ऋण लेने पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रूपए तक जो भी कम हो अनुदान राशि प्रदान किया जाएगा।
         जिला अंत्यावसायी सहाकारी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 हेतु अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों जो कि अपना व्यवसाय स्थापित करने हेतु ऋण लेने के इच्छुक हैं, जिनकी आयु 18 से 50 वर्ष हो एवं वार्षिक आय 02 लाख 50 हजार हो ऐसे इच्छुक व्यक्ति को बैंक के माध्यम से न्यूनतम ऋण राशि 01 लाख रूपये पर रूपये 50 हजार या ऋण राशि का 50 प्रतिशत जो भी कम हो अनुदान स्वरूप प्रदाय किया जावेगा।

 योजना अंतर्गत संचालित संभावित व्यवसाय*
           लघु उद्योग एवं व्यापार के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण स्वीकृत कराये जाने हेतु प्रकरण भेजे जाते हैं। निगम द्वारा अनुदान प्रेषित किया जाता है। ऋण इकाई लागत की अधिकतम सीमा नहीं है। विभिन्न प्रकार की आयजनित योजनाएं यथा-किराना, मनिहारी, कपड़ा, नाई सेलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, फैसी, मनिहारी, मोटर मैकेनिक, सायकिल मरम्मत एवं दुकान, टी व्ही रेडियो मोबाईल रिपेयरिंग, वाइंडिंग, मुर्गीपालन, बकरी पालन, सब्जी व्यवसाय, दोनापत्तल निर्माण, लघु एवं कुटीर उद्योग एवं स्थानीय परिस्थिति अनुसार अन्य आवश्यकताजनति व्यवसाय हो सकते हैं।

*पात्रता* 
         योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को संबंधित जिले का मूल निवासी होना होगा। इस हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा जारी मूल निवासी प्रमाण पत्र के साथ मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक या बिजली बिल तथा आवेदक को संबंधित जाति वर्ग के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के दिशा निर्देश अनुसार परिवार की वार्षिक आय सीमा राशि रू. 2 लाख 50 हजार तक होने से पात्रता होगी। पात्र हितग्राहियों को भारत सरकार के मापदण्ड अनुसार स्वीकृत ऋण का 50 प्रतिशत या अधिकतम रूपये 50 हजार तक जो भी कम हो अनुदान राशि प्रदान किया जाएगा। आवेदक की आयु सीमा के लिए जन्मतिथि के प्रमाण हेतु स्कूल का जारी दाखिल-खारिज, 5वी., 8वी, 10वीं की अंकसूची या कोई मूल दस्तावेज के साथ शपथ पत्र, शासकीय योजना में पूर्व का ऋण बकाया न हो इस संबंध में विभाग व बैंक द्वारा प्रदत्त अनापत्ति प्रमाण पत्र या शपथ-पत्र जमा करना होगा। ऋण लेने वाले इच्छुक हितग्राही जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति जशपुर, कलेक्ट्रेट परिसर, जशपुर के कक्ष क्रमांक-118 में सम्पर्क कर निर्धारित फार्म प्राप्त कर सकते हैं।

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नारायणपुर सहित चार ग्राम पंचायतों में श्रद्धा व राष्ट्रभक्ति के साथ मनाई गई भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती


नारायणपुर 25 दिसम्बर 2025 :- भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतीय राजनीति के युगपुरुष श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर नारायणपुर, रानीकोम्बो, बनकॉम्बो एवं जामचूँवा ग्राम पंचायतों में भारतीय जनता पार्टी द्वारा श्रद्धा, सम्मान एवं राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में अटल जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर अटल जी की अमर पंक्तियाँ—
“हार नहीं मानूंगा,
रार नहीं ठानूंगा,
काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूँ,
गीत नया गाता हूँ…”
—का सामूहिक रूप से स्मरण करते हुए उनके दृढ़ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व, सुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना को नमन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष उमेश यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कवि, कुशल प्रशासक और सशक्त राष्ट्रनिर्माता थे। पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, ग्राम सड़क योजना तथा विदेश नीति में भारत की सशक्त पहचान जैसे ऐतिहासिक निर्णय उनके दूरदर्शी नेतृत्व के प्रतीक हैं। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सदैव देशहित को सर्वोपरि रखा।
              जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता सिंह ने  कहा कि अटल जी का जीवन और विचार आज भी भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को सेवा, समर्पण, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उनका आदर्श जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है।
        इसी क्रम में नारायणपुर अटल चौक में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा उनके देशभक्ति से ओत-प्रोत विचारों और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों को विस्तार से याद किया गया।

    कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के दिखाए मार्ग पर चलने, राष्ट्र सेवा और समाज कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

      इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, रानीकोम्बो सरपंच छक्कन राम भगत, बनकॉम्बो सरपंच श्रीमती सरिता अंगिरा, मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, मंडल उपाध्यक्ष संतन राम, रामकृत नायक,परशु राम यादव,संजय भगत,उमाशंकर खत्री, संजय बंग, गोपाल यादव, अरुण मोहंती, गांव के वरिष्ठ कार्यकर्ता जठाराम, भोआ राम, भोला प्रजापति, सुरेश प्रजापति, बूथ अध्यक्ष भुनेश्वर यादव, सतकुमार यादव, जामचूँवा सरपंच जॉर्ज खलखो, उमेश प्रधान, उमेश सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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रानीकोम्बो में भटके हाथी का आतंक,वन विभाग बेखबर, खेतों में हाथी बेखौफ—एक 15 दिन से किसान परेशान — फसलें तबाह, जान पर खतरा

नारायणपुर : 25 दिसम्बर 2025 
कुनकुरी वन परिक्षेत्र के नारायणपुर सर्किल अंतर्गत रानीकोम्बो क्षेत्र के किसान इन दिनों झुंड से बिछड़े एक जंगली हाथी के कारण गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। बीते करीब 15 दिनों से यह हाथी लगातार किसानों के खेतों में घुसकर अरहर एवं सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुँचा रहा है। हाथी की गतिविधियों से न केवल किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है, बल्कि उनकी जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।
       किसानों के अनुसार हाथी का स्थायी आश्रय स्थल रानीकोम्बो के कुम्हारतला जंगल में है। प्रतिदिन शाम ढलते ही हाथी जंगल से निकलकर आसपास के गांवों के खेतों की ओर रुख करता है और रात के अंधेरे में फसलों को रौंद देता है। खेतों में लगी अरहर, सब्जी एवं अन्य  फसलों को हाथी लगातार नुकसान पहुँचा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से भारी क्षति उठानी पड़ रही है।


             बीती रात हाथी ने किसान  गोविंद भगत,सुधीर भगत,सुनील भगत,दिनेश भगत के खेत में लगी अरहर की पूरी फसल को बर्बाद कर दिया। वन्ही गजेन्द्र नायक की बाड़ी में घुस कर आलू की लगी फसल को पूरी तरह बरबाद कर दिया। पीड़ित किसानो ने बताया कि खेतों में हाथी के प्रवेश से महीनों की मेहनत और लागत एक ही रात में समाप्त हो जाती है। क्षेत्र के अन्य किसानों का भी कहना है कि हाथी कई बार खेतों में मौजूद लोगों पर आक्रामक होकर जानलेवा हमला करने की कोशिश कर चुका है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
       ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी वन कर्मचारी को दी जा चुकी है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। किसानों का कहना है कि रात के समय हाथी की मौजूदगी की सूचना देने के बावजूद वन विभाग के कर्मचारी गश्त करने नहीं पहुँचते। मजबूरन किसानों को स्वयं ही रातभर जागकर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है।
लगातार कई दिनों से रतजगा करने के कारण किसान शारीरिक और मानसिक रूप से थक चुके हैं। खेतों की सुरक्षा के दौरान कभी भी हाथी के हमले का खतरा बना रहता है, जिससे जान-माल की सुरक्षा को लेकर किसानों में चिंता बढ़ती जा रही है।प्रभावित किसानों का कहना है कि वन विभाग की ओर से अब तक केवल आश्वासन ही दिया गया हैं, लेकिन  निगरानी दल तैनात करने या नियमित रात्रि गश्त जैसी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर हाथी को सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक आवास में भेजने तथा प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा देने की मांग की है।
      

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सीएम कैंप कार्यालय बगिया की तत्परता से पीड़ित परिवार को मिला त्वरित समाधान, एक आवेदन और मिली बड़ी राहत, दी गई 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व और सीएम कैंप कार्यालय बगिया की तत्पर भूमिका के चलते एक पीड़ित परिवार को लंबे इंतजार के बाद न्याय और राहत मिली है। मिट्टी निकालने के दौरान जमीन धंसने से हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में जान गंवाने वाली महिला के परिजनों को मुख्यमंत्री के निर्देश पर 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।गौरतलब है कि जिले के ग्राम मटासी, थाना नारायणपुर, जिला जशपुर निवासी कौशल्या बाई, पति महिपाल राम, कि 2023 में चूही मिट्टी निकालने के दौरान जमीन धंसने से घटनास्थल पर ही दुखद मृत्यु हो गई थी। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन लंबे समय तक मुआवजा राशि नहीं मिलने से परिजन मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान थे।मृतिका के पुत्र दुर्योधन राम ने आखिरकार न्याय की आस लेकर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचकर लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी पीड़ा मुख्यमंत्री तक पहुंचाई।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ देखते हुए तत्काल आवश्यक निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप शासन द्वारा मृतिका के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत कर शीघ्र प्रदान की गई।आर्थिक सहायता मिलने से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में सरकार का यह सहयोग उनके लिए संबल बना है।यह मामला न केवल मुख्यमंत्री की संवेदनशील प्रशासनिक सोच को दर्शाता है, बल्कि यह भी प्रमाणित करता है कि सीएम कैंप कार्यालय बगिया आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर कार्य कर रहा है। सुशासन की इस पहल से यह संदेश स्पष्ट है कि राज्य सरकार पीड़ितों को न्याय और सहायता दिलाने के लिए सदैव तत्पर है।

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मुख्यमंत्री श्री साय से अखिल भारतीय राष्ट्रीय महासभा हल्बा हल्बी आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की,अमर शहीद गैंदसिंह जी के शहादत दिवस कार्यक्रम के लिए किया आमंत्रित

रायपुर 24 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल भारतीय राष्ट्रीय महासभा हल्बा हल्बी समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को 20 जनवरी 2026 ग्राम खैरवाही जिला बालोद में आयोजित होने वाले क्रांतिकारी अमर शहीद गैंदसिंह जी के 201 वी शहादत दिवस समारोह कार्यक्रम में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए पूरे हल्बा हल्बी समाज के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर अध्यक्ष श्री मंतुराम पवार, श्री जी आर राणा,श्री श्याम सिंह तारण, जी आर चुरेंद्र एवं श्री देवेंद्र सिंह भाऊ सहित समाज के अन्य सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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खेतों में अब सिर्फ धान नहीं, खुशबू भी उग रही है,छत्तीसगढ़ में पुष्प खेती से बदल रही किसानों की तकदीर

 रायपुर, 24 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ के खेतों में अब धान की फसल के साथ-साथ खुशबू और रंग भी लहलहाने लगे हैं। परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए प्रदेश के किसान तेजी से पुष्प खेती की ओर रुख कर रहे हैं। बीते ढाई वर्षों में राज्य में फूलों की खेती का रकबा 3405 हेक्टेयर बढ़ा है और उत्पादन 35 हजार 866 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। यह बदलाव न सिर्फ खेती के स्वरूप को बदल रहा है, बल्कि किसानों की आमदनी में भी नई खुशहाली घोल रहा है।

 राज्य सरकार की फसल विविधिकरण नीति के तहत वर्तमान में पुष्प फसलों का कुल रकबा 12 हजार हेक्टेयर हो चुका है। किसान अब ग्लेडियोलस, रजनीगंधा और गेंदा जैसे फूलों की खेती कर रहे हैं, जिन्हें बाजार आसानी से मिल जाता है। मांग स्थिर होने के कारण फूल किसानों के लिए नगदी फसल बनते जा रहे हैं।

 केंद्र परिवर्तित राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत पुष्प क्षेत्र विस्तार के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार से 2.50 लाख रुपए की इकाई लागत पर 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है, यानि किसानों को 20 हजार से एक लाख रुपए तक की सहायता सीधे मिल रही है। 

 उद्यानिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्लेडियोलस और रजनीगंधा फूल की अधिकतम दो हेक्टेयर में खेती पर अनुदान की पत्रता का प्रावधान है, जो कि 2.5 लाख की इकाई लागत पर एक लाख रुपए है। राज्य में इस वर्ष 125 हेक्टेयर में ग्लेडियोलस तथा 50 हेक्टेयर में रजनीगंधा पुष्प की खेती का लक्ष्य रखा गया है। गेंदा फूल की खेती के लिए इस वर्ष 1200 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। इसकी खेती करने पर 50 हजार की लागत पर 20 हजार रुपए अनुदान का प्रावधान है। इस तरह राज्य में कुल 1375 हेक्टेयर क्षेत्र में पुष्प खेती के लिए सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।

 राज्य में संरक्षित खेती के तहत पॉलीहाउस और शेडनेट में एंथुरियम, ऑर्किड, कार्नेशन, जरबेरा, गुलाब, क्राइसेंथिमम और लीलियम जैसे उच्च मूल्य वाले फूलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। एंथुरियम और ऑर्किड के लिए 4000 वर्गमीटर तक 1000 रुपए प्रति वर्गमीटर की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसी तरह गुलाब, क्राइसेंथिमम और लीलियम पर 45 रुपए प्रति वर्गमीटर की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि पुष्प खेती किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को कृषि से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। सरकार अनुदान, तकनीक और बाजार की व्यवस्था कर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ फूलों की खेती का बड़ा केंद्र बनेगा। पुष्प खेती अब किसानों के लिए स्थायी आय का मजबूत साधन बन रही है। सरकारी प्रोत्साहन, बाजार की मांग और नई तकनीक के सहारे छत्तीसगढ़ के खेतों में फूलों की यह खुशबू दूर-दूर तक फैलने लगी है।

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अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया नमन

रायपुर, 24 दिसंबर/भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस 25 दिसंबर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी विचारक और जनकल्याण को सर्वाेपरि रखने वाले प्रधानमंत्री थे। उनके नेतृत्व में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास की नई दिशा प्राप्त की। “अंत्योदय” की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का उनका दृष्टिकोण आज भी हमारी शासन-नीति का आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाएं और जनविश्वास की पुनर्स्थापना, ये सभी प्रयास अटलजी के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प दिवस भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में आत्मसात करें तथा राष्ट्र और प्रदेश के समावेशी विकास में सहभागी बनें।

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जशपुर पुलिस की सरहदी सतर्कता: झारखंड से अवैध धान लेकर आए पिकअप को धर-दबोचा, 26 क्विंटल धान जब्त


जशपुर 24 दिसम्बर 2025 : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के इस सीजन में पुलिस और प्रशासन की सतर्कता सरहदी राज्यों से अवैध धान लाने वालों के लिए बड़ा संदेश है कि कोई भी अवैध कार्य बख्शा नहीं जाएगा।

     सरहदी राज्यों से छत्तीसगढ़ में अवैध धान की आमद पर जशपुर पुलिस ने लगातार कड़ी निगरानी बनाए रखी हुई है। इसी कड़ी में थाना लोदाम पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने 23 दिसंबर 2025 को शाम लगभग 08:00 बजे रूपसेरा पतराटोली के ग्रामीण रास्ते में एक पिकअप वाहन को पकड़कर 26 क्विंटल अवैध धान जप्त किया।
पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया वाहन टाटा सूमो पिकअप (नंबर JH-03-AF-9899) झारखंड के चैनपुर से अवैध धान लेकर छत्तीसगढ़ में खपाने की कोशिश में था। वाहन में कुल 65 बोरी, लगभग 26 क्विंटल धान लदी हुई थी, जिसकी अनुमानित कीमत ₹59,800 बताई गई है।
      पिकअप चालक सचिन गोप (23 वर्ष), निवासी प्रेम नगर, चैनपुर, जिला गुमला, झारखंड, ने पुलिस को बताया कि धान को वह झारखंड से जशपुर लाकर बेचने की योजना बना रहा था। जब पुलिस ने वैध दस्तावेजों की मांग की, तो चालक कोई प्रमाण नहीं पेश कर सका। इस पर पुलिस ने पिकअप और धान को जप्त कर अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को सौंप दिया।
जशपुर पुलिस के अनुसार, अब तक 07 ट्रक, 20 पिकअप और 02 ट्रैक्टरों से कुल 1742 क्विंटल अवैध धान पकड़ा जा चुका है और सभी को जिला प्रशासन को सौंपा जा चुका है।
     वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस सरहदी क्षेत्रों में चौकस है और धान कोचियों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि अवैध धान परिवहन में शामिल न हों।पुलिस सरहदी रास्तों पर लगातार नाकाबंदी और पेट्रोलिंग कर रही है ताकि अवैध धान की आवक को रोका जा सके।
   थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे, प्रधान आरक्षक प्रदीप लकड़ा, और आरक्षक हेमंत कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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क्रिसमस और नव वर्ष से पहले जशपुर में ट्रैफिक उल्लंघनों पर पैनी नजर,44,300 रुपये का जुर्माना वसूला,स्टंट करने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों को कुनकुरी में सबक,दी जीवन बचाने की चेतावनी

जशपुर 34 दिसम्बर 2025 : आगामी क्रिसमस व नव वर्ष के मद्देनजर जिले में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जशपुर पुलिस सख्त हो गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गत दिवस संपूर्ण जिले में तीन सवारी, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोडिफाइड साइलेंसर, तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाने जैसे मामलों में कुल 120 प्रकरण दर्ज किए गए। इन पर 44,300 रुपये का समन शुल्क वसूला गया।
थाना कुनकुरी क्षेत्र में मोडिफाइड साइलेंसर और ओवर स्पीड में स्टंट करने वाले बाइकर्स को भी पकड़कर, पुलिस ने चालानी कार्रवाई के साथ उठक बैठक कर ट्रैफिक नियमों का पालन करने की समझाइश दी। इसी क्षेत्र में कुल 12 प्रकरणों में से 3 प्रकरणों में लाइसेंस निलंबन प्रक्रिया शुरू की गई, 2 प्रकरण न्यायालय में पेश किए गए, 1 प्रकरण में शराब पीकर वाहन चलाने पर कार्रवाई हुई और 6 अन्य मामलों में 3,600 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
अन्य क्षेत्रों में कार्रवाई इस प्रकार रही – मनोरा 1,800 रुपये, आरा 900 रुपये, लोदाम 2,400 रुपये, दुलदुला 3,300 रुपये, आस्ता 3,800 रुपये, सन्ना 2,200 रुपये, सोन क्यारी 500 रुपये, बगीचा 3,000 रुपये, नारायणपुर 300 रुपये, तपकरा 2,100 रुपये, करडेगा 1,900 रुपये, ऊपर कछार 6,500 रुपये, कांसाबेल 1,100 रुपये, फरसाबहार 900 रुपये, पत्थलगांव 4,900 रुपये, बागबहार 800 रुपये, कोल्हेनझरिया 1,700 रुपये और यातायात पुलिस जशपुर 2,600 रुपये।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि दुर्घटनाओं से बचने के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें और नशे में वाहन न चलाएं। उन्होंने कहा, “आपका जीवन आपके और आपके परिवार के लिए अमूल्य है। नियमों का पालन करके ही आप सुरक्षित रह सकते हैं। जशपुर पुलिस इस दिशा में लगातार सख्ती बरकरार रखेगी।

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