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पीएम किसान सम्मान निधि में अपात्रों पर सख्ती, संदिग्ध मामलों की होगी जांच; कलेक्टर रोहित व्यास ने राजस्व, कृषि और खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्रवाई के दिए कड़े निर्देश

जशपुरनगर, 06 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में राजस्व, कृषि एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विभागीय कार्यों और शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू मौजूद रहे।
      कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी पात्र लाभार्थियों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीयन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पर सम्बंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के संदिग्ध प्रकरणों की जांच शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि अपात्र हितग्राहियों के नाम तत्काल विलोपित करें,  ताकि योजना का लाभ केवल पात्र किसानों तक ही पहुंचे। उन्होंने रासायनिक उर्वरक एवं बीज के भंडारण और वितरण की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सहकारी समितियों में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने एवं किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 
         राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख दुरुस्तीकरण, अभिलेख शुद्धता, व्यपवर्तन तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करें। साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त सभी आवेदनों एवं शिकायतों का भी समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए।
       खाद्य विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने राशन कार्डधारकों के ई-केवाईसी कार्य को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। ताकि सभी पात्र हितग्राहियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे। उन्होंने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ वितरण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। बैठक में सभी अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, कृषि विभाग के उप संचालक, जिला खाद्य अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर की कड़ी निगरानी,अधिकारियों को दी दोटूक चेतावनी, अधूरे निर्माण कार्यों और डीएमएफ परियोजनाओं में देरी पर होगी कठोर कार्रवाई

    जशपुरनगर, 06 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में ग्राम पंचायतों में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य समय-सीमा के भीतर एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार मौजूद रहे।बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, मत्स्य पालन विभाग, श्रम विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण तथा जिला खनिज संस्थान न्यास डीएमएफ के अंतर्गत संचालित योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई।
        महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने शेष आंगनबाड़ी भवनों एवं उनमें शौचालय निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लंबित ई-केवाईसी कार्य शीघ्र पूरा कराने पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित सभी बच्चों की आपार आईडी अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि इससे प्रत्येक बच्चे का डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे भविष्य में उनकी शैक्षणिक प्रगति का आकलन करने और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने में सुविधा होगी। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा में उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों का आधार सीडिंग कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके। 
      मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने शेष शासकीय तालाबों का नियमानुसार पट्टा प्रदान करने के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके। उन्होंने राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के अंतर्गत मत्स्य पालक किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रम विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने सभी पात्र श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, विशेष पंजीयन शिविर आयोजित करने तथा पात्र श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। 

*निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई*

कलेक्टर श्री व्यास ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, पीएम जनमन आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि  किसी भी कार्य में लापरवाही अथवा गुणवत्ताविहीन निर्माण पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्व-सहायता समूहों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों को समूहों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे इन समुदायों की आजीविका मजबूत होगी और उनकी आय में वृद्धि होगी। कलेक्टर ने लंबित बैंक लिंकेज प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा महिला समूहों द्वारा संचालित उद्यमों को ऋण वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की और पात्र हितग्राहियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने ओडीएफ प्लस मॉडल, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, गांवों में नियमित कचरा संग्रहण, हाट-बाजारों की साफ-सफाई, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्वच्छता श्रमदान की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

*डीएमएफ के वर्ष 2023-24 के लंबित कार्य 31 जुलाई तक करें पूर्ण, अन्यथा होंगे निरस्त*

जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि डीएमएफ के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत सभी लंबित कार्यों को 31 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। निर्धारित समय-सीमा तक कार्य पूर्ण नहीं होने पर संबंधित कार्यों को निरस्त करने के साथ ही लापरवाही बरतने वाली संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार वसूली सहित आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

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कुनकुरी में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प, बूथ सशक्तिकरण और जनसेवा पर हुआ मंथन

नारायणपुर/कुनकुरी। भारतीय जनता पार्टी द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण पखवाड़ा के तहत रविवार को कुनकुरी में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में राष्ट्रवाद, संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण, सेवा और सुशासन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर आधारित विशेष प्रदर्शनी रही, जिसका अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने अवलोकन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक व्यापक जनआंदोलन है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने के लिए समर्पित रहता है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अखंड भारत, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देकर देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया। उनके विचार आज भी करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें।

गोमती साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है, वहीं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भाजपा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, समाज के सुख-दुख में सहभागी बनने तथा सेवा कार्यों को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में निरंतर कार्य करना चाहिए।

जिला संगठन प्रभारी अमर सुल्तानिया ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की वास्तविक ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। संगठन किसी व्यक्ति विशेष के भरोसे नहीं, बल्कि लाखों कार्यकर्ताओं की तपस्या, अनुशासन और विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि बूथ भाजपा संगठन की सबसे मजबूत इकाई है और बूथ जितना मजबूत होगा, संगठन उतना ही अजेय बनेगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से वर्षभर समाज के बीच रहकर सेवा, जनसंपर्क और संगठन विस्तार के कार्यों को गति देने का आह्वान किया।

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित राष्ट्रवादी विचारधारा ही भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति है। इसी विचारधारा के बल पर भाजपा आज विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनी है। उन्होंने कहा कि जशपुर जिले का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की अमूल्य पूंजी है। उन्होंने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उनके जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों और राष्ट्रवादी चिंतन को चित्रों एवं जानकारी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसे कार्यकर्ताओं ने काफी सराहा।

सम्मेलन के समापन पर सभी कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने, संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जनसेवा के कार्यों को नई गति देने का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन जिला उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने किया।

जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि सम्मेलन में माटीकला बोर्ड अध्यक्ष शम्भूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, जिला महामंत्री मनीष अग्रवाल, जशपुर नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, जनपद अध्यक्ष सुशीला साय सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी तथा जिले भर से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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पांच महीने बाद मिली 15 वर्षीय नाबालिग, शादी का झांसा देकर ले जाने वाला 27 वर्षीय युवक गिरफ्तार, 'अभियान संवेदना' में पुलिस की बड़ी कामयाबी

रायगढ़। रायगढ़ पुलिस के 'अभियान संवेदना' के तहत कोतरारोड़ थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब पांच माह से लापता 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। वहीं शादी का झांसा देकर नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और उसका शारीरिक शोषण करने वाले 27 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार 11 फरवरी 2026 को कोतरारोड़ थाना क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश के बाद थाना कोतरारोड़ में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सूरज कुमार साहू की लोकेशन बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र में ट्रेस की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में गठित टीम तत्काल बिलासपुर रवाना हुई और नाबालिग को आरोपी के कब्जे से सकुशल बरामद कर लिया।

महिला पुलिस अधिकारी द्वारा दर्ज कराए गए बयान में पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया और लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा।

पीड़िता के बयान और विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ते हुए सूरज कुमार साहू (27 वर्ष), निवासी पकरिया भाठापारा (लटिया), थाना अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक चन्द्रेश पांडे तथा महिला आरक्षक दोरथिया किण्डो की अहम भूमिका रही।

रायगढ़ पुलिस ने कहा कि 'अभियान संवेदना' के तहत गुम बालक-बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी और महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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आशीर्वाद मेडिकल स्टोर में चोरी का 24 घंटे में खुलासा, दो अपचारी बालक हिरासत में, दो आरोपी अस्पताल में भर्ती

रायगढ़, 6 जुलाई। शहर के चक्रधरनगर क्षेत्र स्थित आशीर्वाद मेडिकल स्टोर में हुई चोरी की वारदात का रायगढ़ पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो विधि से संघर्षरत (अपचारी) बालकों को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से चोरी की रकम बरामद की है। वहीं चोरी में शामिल दो अन्य साथी सड़क दुर्घटना में घायल होने के कारण अस्पताल में उपचाररत हैं।

जानकारी के अनुसार बोईरदादर निवासी रतन मित्रा (67 वर्ष) ने चक्रधरनगर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी आशीर्वाद मेडिकल स्टोर का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाशों ने गल्ले में रखी नकदी चोरी कर ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राकेश मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर की सूचना के आधार पर दो अपचारी बालकों को हिरासत में लिया।

पूछताछ में दोनों बालकों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ 3 जुलाई की देर रात मेडिकल स्टोर का ताला तोड़कर दुकान में प्रवेश करने और गल्ले से 4 हजार रुपये चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। उन्होंने बताया कि चोरी के बाद चारों ने रकम का बराबर बंटवारा कर एक-एक हजार रुपये अपने पास रख लिए थे।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चोरी की घटना के बाद तीन साथी एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (CG-13 AP-4953) से जामगांव की ओर घूमने निकले थे। रास्ते में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें तीनों घायल हो गए। इनमें दो आरोपी गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि हिरासत में लिए गए एक अपचारी बालक को सामान्य चोटें आई थीं।

पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों अपचारी बालकों के कब्जे से चोरी के बंटवारे की एक-एक हजार रुपये की नकदी बरामद कर ली। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने और परिजनों को सूचना देने के बाद दोनों को किशोर न्याय बोर्ड, रायगढ़ के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।

चक्रधरनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चोरी की वारदात का एक दिन के भीतर खुलासा हो गया। वहीं अस्पताल में भर्ती दो अन्य आरोपियों के स्वस्थ होने के बाद उनके विरुद्ध भी आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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शादी का झांसा देकर वर्षों तक युवती का शारीरिक शोषण, 'अभियान संवेदना' के तहत  पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पॉक्सो एक्ट में आरोपी गिरफ्तार भेजा गया न्यायिक रिमांड

 

धरमजयगढ़/रायगढ़। रायगढ़ पुलिस के "अभियान संवेदना" के तहत महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में धरमजयगढ़ पुलिस ने शादी का झूठा झांसा देकर वर्षों तक एक युवती का शारीरिक शोषण करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 03 जुलाई 2026 को थाना गांधीनगर (जिला सरगुजा) से प्राप्त शून्य एफआईआर (Zero FIR) की विवेचना के लिए मामला थाना धरमजयगढ़ को भेजा गया था। शिकायत में 22 वर्षीय युवती ने बताया कि वर्ष 2018 में धरमजयगढ़ स्थित किराये के मकान के पास रहने वाले पंकज गुप्ता से उसकी पहचान हुई थी। उस समय वह नाबालिग थी।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने प्रेम और शादी का झूठा भरोसा दिलाकर 20 जून 2018 को घर में अकेला पाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने विवाह करने का आश्वासन देकर किसी को जानकारी नहीं देने का दबाव बनाया। इसके बाद वह लगातार शादी का वादा कर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा।

पीड़िता के अनुसार वर्ष 2019 में आरोपी ने दूसरी युवती से विवाह कर लिया, लेकिन इसके बावजूद वह उसे शादी का भरोसा देता रहा और विरोध करने पर आत्महत्या करने, स्वयं को नुकसान पहुंचाने तथा झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर डराता रहा।

पीड़िता आगे की पढ़ाई के लिए रायगढ़ और बाद में अंबिकापुर चली गई, लेकिन आरोपी वहां भी उसका पीछा करता रहा। उसने यह कहकर फिर से विवाह का भरोसा दिया कि उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई है और वह अब उसी से शादी करेगा। युवती का आरोप है कि इसी झूठे विश्वास में रखकर आरोपी ने वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। बाद में आरोपी ने दूसरी शादी भी कर ली, लेकिन फिर भी युवती को विवाह का झांसा देता रहा। आखिरकार जब आरोपी ने स्पष्ट रूप से शादी से इंकार कर दिया, तब पीड़िता ने पुलिस की शरण ली।

धरमजयगढ़ पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी पंकज गुप्ता (30 वर्ष), निवासी गोधनपुर, अंबिकापुर, जिला सरगुजा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(m) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्य एकत्रित किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। मामले की विवेचना एवं गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े, सहायक उप निरीक्षक मंजु मिश्रा, प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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स्वस्थ छत्तीसगढ़ से विकसित राज्य का संकल्प मजबूत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 103 करोड़ रुपये से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाओं का किया भूमिपूजन

रायपुर, 06 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में 103 करोड़ रुपये से अधिक लागत के स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेगा। प्रदेश में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यह परियोजनाएं प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी तथा मरीजों, विद्यार्थियों और चिकित्सकों सभी को इसका लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास, कैंसर भवन के विस्तार तथा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के आवासीय परिसर सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछली बार मेडिकल कॉलेज आने पर विद्यार्थियों ने छात्रावास निर्माण की मांग रखी थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए आज उसके निर्माण की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में जनता से किए गए अधिकांश वादों को पूरा किया है और "मोदी की गारंटी" को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए स्वस्थ छत्तीसगढ़ आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों एवं पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि डीएम कार्डियक कोर्स की स्वीकृति से लेकर अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं तक केंद्र सरकार ने हर मांग पर सकारात्मक सहयोग दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में छत्तीसगढ़ को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद) की भी सौगात मिलेगी, जिससे राज्य की समृद्ध औषधीय वनस्पतियों एवं आयुर्वेद को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब  नक्सलवाद से मुक्त होकर तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया है। उन्होंने मेडिकल विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सरगुजा से लेकर बस्तर तक प्रदेश के हर क्षेत्र में सेवाएं देने का संकल्प लें और केवल शहरों तक सीमित रहने की मानसिकता न रखें।
उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना, छात्रावास एवं आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले छात्रावास, कैंसर संस्थान विस्तार एवं अन्य अधोसंरचना परियोजनाएं चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हो रहा है। राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति, नर्सिंग कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 एकड़ क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में लंबित कोरबा, कांकेर एवं महासमुंद मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य प्रारंभ कराए हैं। बिलासपुर स्थित सिम्स का भी व्यापक उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि डीएम कार्डियक कोर्स प्रारंभ हो चुका है तथा जगदलपुर में जल्द ही छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा हार्ट सेंटर स्थापित किया जाएगा।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम परियोजना के तहत 200 सीटर आधुनिक छात्र-छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाओं के साथ चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए भी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।

दूसरी परियोजना के तहत कैंसर भवन का द्वितीय से छठे तल तक विस्तार किया जाएगा। लगभग 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस भवन में आधुनिक लैब, 64-64 बिस्तरों वाले वार्ड, सिंगल रूम, आईसीयू तथा अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे, जिससे कैंसर रोगियों को उच्च स्तरीय उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

तीसरी परियोजना के अंतर्गत छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास का विस्तार किया जाएगा, जिसमें अतिरिक्त कमरे, डॉरमेट्री, लाइब्रेरी, रिक्रिएशन हॉल तथा सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री रितेश अग्रवाल, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों में बल्क वेस्ट जनरेटर्स का होगा अनिवार्य पंजीयन, नगरीय प्रशासन विभाग ने सीपीसीबी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश

रायपुर. 6 जुलाई 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी निकायों में बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने संचालनालय से इस संबंध में सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी किया है।  

नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र जारी कर निकायों को जानकारी दी है कि केन्द्रीय प्रदूषण बोर्ड द्वारा वेस्ट जनरेटर के पंजीयन के लिए केन्द्रीकृत पोर्टल तैयार किया गया है। बल्क वेस्ट जनरेटर के पंजीयन के लिए केन्द्रीकृत पोर्टल https://swm.cpcb.gov.in 1 जून 2026 से प्रभावशील है। भारत सरकार द्वारा जारी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुसार चिन्हांकित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन केन्द्रीकृत पोर्टल पर किया जाना है। विभाग ने सभी निकायों को परिपत्र जारी कर केन्द्रीकृत पोर्टल पर चिन्हांकित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन कराना सुनिश्चित करने को कहा है।

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मुख्यमंत्री निवास में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अर्पित की श्रद्धांजलि, राष्ट्र की अखंडता और विकसित भारत के संकल्प को बताया उनके जीवन का प्रेरणास्रोत

रायपुर 6 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद् और राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मां भारती के सच्चे सपूत थे, जिन्होंने राष्ट्र की अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हुए संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के दिखाए पथ पर अग्रसर होते हुए हम विकसित और सशक्त भारत का निर्माण करेंगे। 

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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हरी खाद से संवर रही खेतों की सेहत, ढैंचा की खेती अपनाकर किसान नरेंद्र सिंह ने प्राकृतिक खेती की पेश की मिसाल, बढ़ी मिट्टी की उर्वरता और घटी रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता

रायपुर, 06 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हरी खाद के उपयोग हेतु लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी पहल का सकारात्मक परिणाम सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम केशगंवा में देखने को मिला है, जहां प्रगतिशील किसान श्री नरेंद्र सिंह ने लगभग चार एकड़ भूमि में ढैंचा की फसल उगाकर उसे खेत में पलट दिया है। अब वे इसी खेत में धान की खेती करेंगे।

किसान श्री नरेंद्र सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से ढैंचा की खेती अपनाई। उन्होंने बताया कि फूल आने से पहले ढैंचा को खेत में पलट देने पर यह कुछ ही दिनों में सड़कर प्राकृतिक जैविक खाद में परिवर्तित हो जाती है। इससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है और फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्व स्वाभाविक रूप से उपलब्ध हो जाते हैं।

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ढैंचा जैसी दलहनी हरी खाद वाली फसलें वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर मिट्टी को प्राकृतिक रूप से समृद्ध बनाती हैं। इसके साथ ही फास्फोरस, जिंक एवं आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता भी बढ़ती है, जिससे आगामी फसल का विकास बेहतर होता है।

हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की संरचना में उल्लेखनीय सुधार होता है। ढैंचा के अपघटन से बनने वाला ह्यूमस मिट्टी को भुरभुरा बनाता है, जिससे उसमें हवा और पानी का बेहतर संचार होता है। इससे जड़ों का विकास मजबूत होता है और फसल अधिक स्वस्थ एवं उत्पादक बनती है। साथ ही मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बढ़ती है, जिससे नमी लंबे समय तक बनी रहती है और सिंचाई की आवश्यकता कम होती है। ढैंचा की सघन बढ़वार खरपतवारों की वृद्धि को भी प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में सहायक होती है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई से पहले ढैंचा, सनई अथवा अन्य हरी खाद वाली फसलों का उपयोग करें। इससे रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम होगा, मिट्टी की दीर्घकालीन उर्वरता बनी रहेगी और टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल तथा लाभकारी कृषि को बढ़ावा मिलेगा।

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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर वन मंत्री केदार कश्यप ने अर्पित की पुष्पांजलि, राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता के आदर्शों को किया नमन


रायपुर, 06 जुलाई 2026/ वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, शिक्षाविद एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर राजधानी के शारदा चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर श्री कश्यप ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रेरणास्रोत है। उनके विचार आज भी समाज और युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री रमेश सिंह ठाकुर, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

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पुराने और जीर्ण-शीर्ण नक्शों का होगा कायाकल्प,214 राजस्व ग्रामों के 710 जर्जर नक्शों को मिलेगा नया स्वरूप

जशपुरनगर 6 जुलाई 2026/ जिले में भू-अभिलेखों को अद्यतन, व्यवस्थित एवं अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने वर्ष 2026-27 के लिए नक्शा नवीनीकरण रोस्टर कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत 15 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक जिले के सभी तहसीलों के चयनित राजस्व निरीक्षक मंडलों में पुराने एवं जर्जर नक्शों का नवीनीकरण किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर द्वारा विस्तृत आदेश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

*214 राजस्व ग्रामों के नक्शों का होगा नवीनीकरण*-

जारी रोस्टर के अनुसार जिले के 27 राजस्व निरीक्षक मंडलों में अभियान संचालित किया जाएगा। इस दौरान 766 राजस्व ग्रामों की कुल 2456 नक्शा शीटों का परीक्षण किया जाएगा, जिनमें 214 जर्जर ग्रामों की 710 नक्शा शीटों का नवीनीकरण किया जाएगा। अभियान के लिए प्रत्येक राजस्व निरीक्षक मंडल का अलग-अलग रोस्टर एवं समय-सीमा निर्धारित की गई है।

*चरणबद्ध तरीके से होगा अभियान का संचालन*-

रोस्टर के अनुसार 15 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक मनोरा एवं आस्ता राजस्व निरीक्षक मंडलों में नक्शा नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 22 जुलाई से 28 जुलाई तक जशपुर एवं लोदाम मंडलों में अभियान संचालित होगा। 29 जुलाई से 4 अगस्त तक आरा एवं कुनकुरी, 5 अगस्त से 11 अगस्त तक नारायणपुर एवं गोरिया, तथा 12 अगस्त से 18 अगस्त तक दुलदुला एवं सिमड़ा राजस्व निरीक्षक मंडलों में नक्शा नवीनीकरण किया जाएगा। इसके बाद 19 अगस्त से 25 अगस्त तक फरसाबहार, तपकरा एवं कोल्हेनझरिया, 26 अगस्त से 1 सितंबर तक बगीचा, बिमड़ा, कुर्रोग एवं सरबकोम्बो, 2 सितंबर से 8 सितंबर तक सन्ना, पंडरापाठ एवं कांसाबेल, 9 सितंबर से 15 सितंबर तक दोकड़ा, पत्थलगांव एवं केराकछार, 16 सितंबर से 22 सितंबर तक तमता एवं लुड़ेग तथा अंतिम चरण में 23 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक बागबहार एवं कोतबा राजस्व निरीक्षक मंडलों में नक्शा नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा।

*समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश* -

कलेक्टर श्री व्यास ने सभी संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रपत्रों में जिला कार्यालय के माध्यम से कार्यालय आयुक्त, भू-अभिलेख, छत्तीसगढ़ को प्रेषित सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए है। नक्शा नवीनीकरण के दौरान अभिलेखों की शुद्धता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

*नियमित निगरानी और पर्यवेक्षण रहेगा* -

नक्शा नवीनीकरण कार्य के लिए सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में संपूर्ण अभियान संचालित होगा। साथ ही संबंधित पटवारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नक्शों में आवश्यक संशोधन नियमानुसार दर्ज करते हुए सभी अभिलेखों का विधिवत संधारण करें। यह अभियान भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे भूमि अभिलेख अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनेंगे तथा भविष्य में सीमांकन, नामांतरण, भू-अभिलेख सुधार एवं अन्य राजस्व संबंधी कार्यों का त्वरित एवं सुगम निष्पादन सुनिश्चित हो सकेगा।

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जशपुर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 6 जुलाई को 98.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज, मनोरा बना सबसे अधिक वर्षा वाला तहसील, पत्थलगांव में एक दिन में सर्वाधिक बारिश

जशपुरनगर, 06 जुलाई। जशपुर जिले में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार को जिले में औसतन 98.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं और किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। मौसम सुहाना होने के साथ ही खरीफ खेती को भी बारिश का भरपूर लाभ मिलने लगा है।

भू-अभिलेख शाखा से मिली जानकारी के अनुसार 1 जून से 6 जुलाई 2026 तक जिले में 163.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों की सामान्य औसत वर्षा 255.7 मिमी का 63.7 प्रतिशत है।

तहसीलवार आंकड़ों में मनोरा सबसे आगे रहा, जहां 238.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके बाद सन्ना में 224.6 मिमी, कुनकुरी में 187.6 मिमी, जशपुर में 170.9 मिमी, पत्थलगांव में 170.6 मिमी, कोसाबेल में 159.0 मिमी, दुलदुला में 158.2 मिमी, फरसाबहार में 109.6 मिमी, बागबहार में 106.5 मिमी तथा बगीचा में 104.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

वहीं, 6 जुलाई को सबसे अधिक 18.3 मिमी वर्षा पत्थलगांव तहसील में रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी जिले में अच्छी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल समोदा में देंगे 112 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात, 96 निर्माण कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन कर क्षेत्र को देंगे नई गति

रायपुर. 5 जुलाई 2026. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 6 जुलाई को रायपुर जिले के समोदा में 112 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें 21 करोड़ 67 लाख रुपए के 67 कार्यों का लोकार्पण और 90 करोड़ 34 लाख रुपए लागत के 29 निर्माण कार्यों के भूमिपूजन शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन व लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। वन एवं पर्यावरण तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आरंग क्षेत्र के ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में लोक निर्माण विभाग के 9 करोड़ 43 लाख रुपए के तीन कार्यों, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 79 लाख रुपए के पांच कार्यों, नगर पंचायत समोदा के 6 करोड़ 67 लाख रुपए के 20 कार्यों तथा आरंग नगर पालिका में 4 करोड़ 78 लाख रुपए के 39 कार्यों का लोकार्पण करेंगे। 

श्री साय लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जाने वाले 61 करोड़ 11 लाख रुपए लागत के 8 कार्यों, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के दो करोड़ 54 लाख रुपए के 11 कार्यों एवं समोदा नगर पंचायत के 8 करोड़ 70 लाख रुपए के 9 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवा रायपुर के सेक्टर-17,  कोटरा भाठा में 18 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे 100 बिस्तर अस्पताल का भी भूमिपूजन करेंगे।

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छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल तक पहुंचाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई पंचतत्व में विलीन, हजारों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

रायपुर, 5 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने वाली विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई को रविवार को उनके पैतृक गांव गनियारी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। राज्य शासन के निर्णय के अनुरूप पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों, साहित्यकारों तथा हजारों श्रद्धालुओं ने नम आंखों से लोककला की इस महान विभूति को अंतिम प्रणाम किया।

डॉ. तीजन बाई के निधन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के कला एवं सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने अपने अद्वितीय गायन, प्रभावशाली अभिनय और ओजपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से पंडवानी जैसी लोककला को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। महाभारत की कथाओं को जीवंत शैली में प्रस्तुत करने की उनकी विलक्षण कला ने देश-विदेश के असंख्य दर्शकों को भारतीय लोकसंस्कृति से जोड़ने का कार्य किया।

ग्रामीण परिवेश से निकलकर विश्व मंच तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष, साधना और समर्पण का अनुपम उदाहरण है। अनेक सामाजिक एवं आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर ऐसी पहचान बनाई, जिसने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी।

भारतीय लोककला में उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण सहित अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत किया गया। वे भारतीय लोक परंपरा की ऐसी प्रतिनिधि थीं, जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से देश की सांस्कृतिक अस्मिता को विश्वभर में गौरवान्वित किया।

राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप उनके अंतिम संस्कार के अवसर पर राजकीय सम्मान की सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गईं। गनियारी गांव में आयोजित अंतिम संस्कार में उपस्थित जनसमूह ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत को सदैव जीवित रखने का संकल्प व्यक्त किया।

डॉ. तीजन बाई का निधन भारतीय लोककला के एक स्वर्णिम युग का अवसान है, किंतु उनकी स्वर-साधना, पंडवानी की समृद्ध परंपरा और लोकसंस्कृति के संरक्षण के लिए उनका आजीवन समर्पण सदैव अमर रहेगा। उनकी अनुपम कला, ओजस्वी व्यक्तित्व और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

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अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर मंथन: विकसित भारत-2047 की नींव बनेगी सहकारिता, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत


रायपुर, 05 जुलाई 2026/ अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर राजधानी स्थित कृषि मंडपम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, लाभांडी में सहकारिता क्षेत्र की चुनौतियों, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर केंद्रित एक विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में सहकारिता की भूमिका पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी श्री केदारनाथ गुप्ता, मार्कफेड के प्राधिकृत अधिकारी श्री शशिकांत द्विवेदी तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर के अध्यक्ष श्री रामकिशुन सिंह ने किया।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के गठन के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारी सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी श्रृंखला में विगत 4 जून को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर यह विशेष आयोजन किया गया।
पैनल चर्चा में विकसित भारत-2047 के लिए सहकारिता क्षेत्र से अपेक्षाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने वनांचल क्षेत्रों में लघु वनोपज सहकारी समितियों की भूमिका, दुग्ध सहकारिता के विस्तार, महिला सशक्तिकरण में दुग्ध सहकारी संस्थाओं के योगदान, ग्रामीण रोजगार सृजन में मत्स्य सहकारी समितियों की भूमिका तथा नाबार्ड, अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों की जिम्मेदारियों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने का प्रभावी माध्यम है। सहकारिता के माध्यम से विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को गति देने के लिए सभी संस्थाओं के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के उपाध्यक्ष श्री अभिनेष कश्यप, राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष श्री सौरभ शर्मा, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक एवं अपर आयुक्त श्री के.एन. कांडे, मत्स्य विभाग के संचालक श्री नाग, अपर आयुक्त श्रीमती सावित्री भगत, उपायुक्त श्रीमती किरण गुप्ता, संयुक्त आयुक्त श्री बसंत कुमार, श्री मुकेश ध्रुव, श्री तिग्गा, श्री बुनकर, श्री गौरीशंकर शर्मा, उपायुक्त श्री युगल किशोर तथा अपेक्स बैंक के डीजीएम श्री भूपेश चंद्रवंशी सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा अपेक्स बैंक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों, लघु वनोपज संघ, दुग्ध महासंघ, सहकारी शक्कर कारखानों, एनसीडीसी तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के प्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के पंचक्की वन धन केंद्र की महिला स्व-सहायता समूह को 'सहकार प्रेरणा सम्मान' से किया सम्मानित, 36 लाख रुपये के औषधीय उत्पादों के विक्रय से रचा आत्मनिर्भरता का नया इतिहास

रायपुर, 5 जुलाई 2026/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय का गठन देश के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। यह निर्णय 'सहकार से समृद्धि' के संकल्प को साकार करने वाला है। डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ में सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विगत दिवस इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर उत्कृष्ट समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के वन धन विकास केन्द्र पंचक्की की स्व-सहायता समूह को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सहकार पुरस्कार एवं लाभांश राशि प्रदान कर सम्मानित किया ।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले में वन विभाग के अन्तर्गत पंचक्की में वन धन केंद्र का संचालन किया जा रहा है।

अनंत समूह के नाम से स्व सहायता समूह में 10 महिलाएं मिलकर विभिन्न औषधीय युक्त उत्पाद तैयार करती है महिलाओं द्वारा उच्च गुणवत्ता के साथ चवनप्राश आदि अन्य सामग्री तैयार करके आयुष विभाग,सहित अन्य लोगों को विक्रय किया जाता है।

महिलाओं ने वर्ष 2024 से 2025 तक कुल 36 लाख की सामग्री का विक्रय किया गया है।


  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा मिली है और इसका लाभ सीधे किसानों एवं ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रहा है। 

 केंद्र सरकार केवल कृषि ही नहीं बल्कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव दिखाई देने लगे हैं। राज्य सरकार पशुपालन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
         
उन्होंने कहा कि 29 जून से 06 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सहकारिता का मूल उद्देश्य है। 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इस दिशा में कार्य करते हुए राज्य में 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है।

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रायपुर पहुंचे पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला, मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में सतत पर्यटन, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय रोजगार और छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की रणनीति पर हुआ व्यापक मंथन

रायपुर, 5 जुलाई। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन श्री सुमन बिल्ला के रायपुर आगमन पर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने रायपुर विमानतल पर उनका आत्मीय स्वागत किया। श्री बिल्ला भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में पर्यटन विषय के प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर श्री सुमन बिल्ला, डॉ. एस. भारती दासन एवं श्री विवेक आचार्य के बीच छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रभावी ढंग से स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।

चर्चा के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि छत्तीसगढ़ में पारिस्थितिकी पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, पुरातात्विक पर्यटन, वन्यजीव पर्यटन, जनजातीय पर्यटन तथा ग्रामीण पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का योजनाबद्ध विकास कर राज्य में रोजगार सृजन, स्थानीय उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की जा सकती है। स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पर्यटन विकास का ऐसा मॉडल विकसित करने पर भी सहमति बनी, जिससे आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।

बैठक में पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल प्रचार-प्रसार, गृह-आवास (होम-स्टे) व्यवस्था को बढ़ावा देने, स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन से जोड़ने तथा जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार और राज्य की सशक्त पहचान स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।

पर्यटन मंत्रालय और छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ राज्य को दिलाने, पर्यटन स्थलों के समग्र विकास तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के उपायों पर भी सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।

उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में श्री सुमन बिल्ला ने "सतत समृद्धि के आधार के रूप में पर्यटन : छत्तीसगढ़ में आजीविका सृजन, संस्कृति का संरक्षण और प्रकृति की सुरक्षा" विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। इसके पश्चात उन्होंने "आगे की राह – विचार मंथन" विषय पर आयोजित संवादात्मक सत्र का संचालन भी किया। इन सत्रों में पर्यटन को सुशासन, सतत विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थानीय आजीविका से जोड़ने के व्यावहारिक मॉडल पर विस्तार से चर्चा की गई।

श्री सुमन बिल्ला के सुझावों तथा केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ का पर्यटन क्षेत्र नई दिशा प्राप्त करेगा। इससे राज्य की जैव विविधता, ऐतिहासिक धरोहर, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को वैश्विक पहचान मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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