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“बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल” — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, रक्षाबंधन पर मातृशक्ति से बोले- आपके विश्वास से मजबूत होता है प्रदेश सेवा का संकल्प

रायपुर, 28 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री निवास में आज रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता, स्नेह और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि बहनों का यह स्नेह उनके लिए अनमोल है और उनका आशीर्वाद प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पावन पर्व है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखद और मंगलमय जीवन की कामना करती है, वहीं भाई अपनी बहन के सम्मान, सुरक्षा और सुख-दुःख में सदैव साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे लिए यह बड़े सौभाग्य का दिन है कि समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से आप सभी बहनें रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाने मुख्यमंत्री निवास आई हैं। आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद मुझे प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।”

कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती सरला दुबे ने मुख्यमंत्री श्री साय को राखी बांधी। इस आत्मीय क्षण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती दुबे से राखी बंधवाना उनके लिए विशेष रूप से भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है।

कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी एवं स्मृति दीदी, श्रीमती सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, टीम प्रहरी, विभिन्न समाजों की महिलाओं और दिव्यांग बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।

*जवानों की कलाई पर सजी राखी में राष्ट्र के प्रति सम्मान का भाव*

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के पर्व को देश और प्रदेश की सुरक्षा में समर्पित जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के भाव से जोड़ना अत्यंत सुखद अनुभव रहा।

उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के लगभग 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। हमारे जवान त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा के दायित्व का निर्वहन करते हैं। ऐसे वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है।

*महिला पत्रकारों के साहस और समर्पण की मुख्यमंत्री ने की सराहना*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित महिला पत्रकारों का विशेष रूप से स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकारिता साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का कार्य है। हमारी महिला पत्रकार अनेक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज को देश-दुनिया के घटनाक्रम से अवगत करा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने आत्मीय प्रसंग साझा करते हुए बताया कि दिल्ली प्रवास से लौटने के दौरान आज सुबह एयरपोर्ट पर पत्रकार बहन जिज्ञासा ने उन्हें राखी बांधकर अपना स्नेह व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्व-सहायता समूहों की दीदियां, लखपति दीदियां, ड्रोन दीदियां, ई-रिक्शा दीदियां, सेटरिंग प्लेट दीदियां और मितानिन दीदियां अपने-अपने क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने से स्थानीय नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका और मजबूत हुई है। आज अनेक सरपंच दीदियां अपने नेतृत्व और नवाचार से गांवों के विकास को नई दिशा दे रही हैं।

*महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी उद्देश्य से महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व प्रदेश की माताएं-बहनें उत्साह और उमंग के साथ मना सकें, इसके लिए निर्धारित समय से पहले 25 अगस्त को ही महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों के बैंक खातों में अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए कर रही हैं।

*लक्ष्य से आगे बढ़ा छत्तीसगढ़, 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें ‘लखपति दीदी’ के रूप में सशक्त करने का संकल्प लिया है। देशभर में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन प्रदेश ने लक्ष्य से आगे बढ़कर पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है। यह छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के परिश्रम, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक से जुड़ रही हैं। ड्रोन के माध्यम से खेतों में उर्वरक एवं दवा का छिड़काव कर वे अपनी आय बढ़ा रही हैं। प्रति एकड़ छिड़काव से लगभग 300 रुपये की आय होती है और 20 से 25 एकड़ में कार्य कर ड्रोन दीदियां प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपये तक कमा रही हैं।

*ई-रिक्शा और सेटरिंग प्लेट से खुल रही स्वावलंबन की नई राह*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और विकास प्रक्रिया का मजबूत भागीदार बनाया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों की बहनें अब परंपरागत आजीविका गतिविधियों के साथ नए क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में बड़े पैमाने पर आवास निर्माण हो रहा है और प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। इन आवासों के निर्माण में उपयोग होने वाली सेटरिंग प्लेट के व्यवसाय से स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जुड़कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने ई-रिक्शा दीदियों का उल्लेख करते हुए कहा कि नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जशपुर प्रवास के दौरान रक्षाबंधन के अवसर पर अपने गांव बगिया में 50 बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं। ई-रिक्शा बहनों के लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहा है।

*महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे स्वयं उद्यम स्थापित करें और दूसरों को भी रोजगार दें। महतारी वंदन योजना से महिलाओं के बैंक खातों में नियमित राशि आने से उनकी आर्थिक विश्वसनीयता भी मजबूत हुई है और बैंक उन्हें व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराने में आगे आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में लगभग 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। प्रदेश को अब तक लगभग 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने महिलाओं से औद्योगिक नीति में उपलब्ध प्रावधानों का अध्ययन कर उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ की बहनें नौकरी और स्वरोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि सफल उद्यमी बनकर प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

*नक्सलवाद के अंत के साथ बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और क्षेत्र की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई शुरुआत हुई है। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का तेजी से विस्तार कर रही है, ताकि विकास की मुख्यधारा से दूर रहे क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवादियों ने अनेक बहनों का सिंदूर उजाड़ा, लेकिन भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध दृढ़ता के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आज का भारत शांति में विश्वास रखने वाला सशक्त राष्ट्र है, जो किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन देश की सुरक्षा और स्वाभिमान को चुनौती देने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना भी जानता है।

*विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक एवं खनिज संपदा, वन संपदा, उर्वरा भूमि और प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यहां के लोगों की सरलता, सहजता और आत्मीयता ने पूरे देश में “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की प्रत्येक माता-बहन को सम्मान और सुरक्षा मिले, वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और अपने सामर्थ्य एवं प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के पूरे अवसर प्राप्त करें।

उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद सरकार की शक्ति है। मातृशक्ति के सामर्थ्य से ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

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मुख्यमंत्री साय ने गारीघाट में रोपा आम का पौधा, पेड़ को राखी बांधकर दिया ‘प्रकृति की रक्षा’ का संदेश

पर्यावरण संरक्षण का दिया प्रेरक संदेश

जशपुर 28 अगस्त 2026/ जशपुर जिले के वनांचल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित संवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में आज ग्राम गारीघाट में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। वन परिक्षेत्र तपकरा अंतर्गत ग्राम गारीघाट में मुख्यमंत्री  श्री विष्णु देव साय  द्वारा फलदार प्रजाति आम के पौधे का रोपण किया गया। 

इस अवसर पर उन्होंने वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण, हरित संवर्धन एवं पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

रक्षाबंधन के पर्व पर वृक्ष को राखी बांधकर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

रक्षाबंधन पर्व पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम गारीघाट में स्थित आम के वृक्ष को राखी बांधकर 'राखी का धागा, प्रकृति की रक्षा का वादा का भावपूर्ण संदेश दिया। 
वृक्ष को भाई के समान मानकर राखी बांधने की यह पहल प्रकृति के साथ मानव के भावनात्मक संबंध तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी को रेखांकित करती है। 

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण का आधार नहीं है, बल्कि मानव जीवन, जल, मिट्टी, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी सीधे जुड़े हुए हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षों की रक्षा के साथ अधिक से अधिक पौधरोपण के लिए आगे आना चाहिए।

महिला जनप्रतिनिधियों ने किया सामूहिक वृक्षारोपण

ग्राम गारीघाट में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में महिला जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान फलदार प्रजातियों आम एवं जामुन के कुल 16 पौधों का रोपण किया गया। सामूहिक पौधरोपण का उद्देश्य ग्राम क्षेत्र में हरित आवरण को बढ़ाना, फलदार वृक्षों को प्रोत्साहित करना तथा स्थानीय समुदाय को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। फलदार वृक्ष भविष्य में ग्रामीणों को पौष्टिक फल उपलब्ध कराने के साथ-साथ पक्षियों एवं अन्य वन्यजीवों के लिए भोजन और आश्रय का माध्यम भी बनेंगे।

जनभागीदारी से साकार हो रहा हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल ग्राम

कार्यक्रम में महिला समिति एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल वन विभाग या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही व्यापक स्तर पर हरित संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। ग्राम गारीघाट में आयोजित यह कार्यक्रम प्रकृति और समाज के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। आम के वृक्ष को राखी बांधने की पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक एवं भावनात्मक सरोकार से जोडने का संदेश ग्रामीणों, महिलाओं एवं उपस्थित लोगों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा।

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केरसई में विकास के साथ संस्कृति को भी मिला नया मंच, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्मित सांस्कृतिक रंगमंच का किया लोकार्पण

जशपुर, 28 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 27 अगस्त को फरसाबहार विकासखंड के ग्राम केरसई में नवनिर्मित सांस्कृतिक रंगमंच का लोकार्पण किया।

सांस्कृतिक रंगमंच के लोकार्पण से ग्रामवासियों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक बेहतर मंच उपलब्ध होगा। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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मिड-डे मील हुआ और पौष्टिक, पोषण वाटिका से बच्चों के स्वास्थ्य को मिल रहा संबल


कुनकुरी: विकासखंड कुनकुरी में स्थित प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली बच्चों की सेहत और पोषण स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है, विद्यालय परिसर में विकसित की गई 'पोषण वाटिका' के जरिए अब रोजाना मिड-डे मील में बच्चों को ताज़ी और जैविक सब्जियां परोसी जा रही हैं, जिससे भोजन का पौष्टिक स्तर काफी बढ़ गया है।
विद्यालय के शिक्षकों, रसोइया, स्वीपर और विद्यार्थियों के साझे प्रयास से इस पोषण वाटिका में बरबट्टी, भिंडी, तोरई , लौकी, सेम और विभिन्न प्रकार की हरी पत्तेदार सब्जियां उगाई जा रही हैं। रासायनिक खाद के बजाय पूरी तरह जैविक खाद का उपयोग कर तैयार की गई ये सब्जियां न केवल पूरी तरह सुरक्षित हैं, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर हैं।
*हरी सब्जियों से दूर होगी कुपोषण की समस्या*
स्कूल के प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता का कहना है कि पोषण वाटिका का मुख्य उद्देश्य बच्चों को संतुलित और ताज़ा आहार देना है। ताज़ी हरी सब्जियों के नियमित सेवन से बच्चों में एनीमिया  और कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिल रही है साथ ही, भोजन की गुणवत्ता सुधरने से विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति और उत्साह में भी वृद्धि देखी जा रही है।
*पोषण वाटिका से व्यवहारिक ज्ञान के साथ कौशल भी सीख रहे बच्चे*
इस पहल की खास बात यह है कि बच्चे केवल पौष्टिक भोजन ही नहीं कर रहे, बल्कि स्वयं भी पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का व्यावहारिक ज्ञान हासिल कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों में व्यावहारिक, सामाजिक, सहयोगात्मक ,भावनात्मक , संज्ञानात्मक और शारीरिक कौशल का विकास हो रहा है।

*विद्यालय परिसर के कचरे से जैविक खाद का निर्माण*
विद्यालय में रोज निकलने वाले सूखे और गीले कचरे  जैसे पेड़ों के सूखे पत्ते, मिड-डे मील की बची हुई सब्ज़ियाँ , छिलके और बगीचे का वेस्ट एकत्र किया जाता है।
एकत्र किए गए गीले और सूखे कचरे को कंपोस्ट गड्ढे में डाला जाता है। कुछ महीनों में यह पूरी तरह प्राकृतिक और पौष्टिक जैविक खाद में बदल जाता है इसके पश्चात इसका उपयोग पोषण वाटिका में किया जाता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से बच्चे पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणादायी बताया है।

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नेपाल में कुदरत का कहर, रायपुर की मोनिका यादव लापता; बाढ़-भूस्खलन के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने तेज की तलाश, सीएम साय के निर्देश पर प्रशासन अलर्ट

रायपुर, 27 अगस्त 2026/ नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की आपदा के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने वहां मौजूद प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए तत्परता से कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिलों से नेपाल गए नागरिकों की जानकारी एकत्रित कर स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है।

*रायपुर की मोनिका यादव लापता, तलाश जारी*

      प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार रायपुर जिले के महादेव घाट (थाना डी.डी. नगर) की निवासी सुश्री मोनिका यादव के नेपाल में बाढ़ के बाद से लापता होने की सूचना मिली है। वे 22 अगस्त 2026 से नेपाल प्रवास पर थीं और वर्तमान में परिजनों से उनका संपर्क टूट गया है। राज्य सरकार संबंधित अधिकारियों एवं केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी सुरक्षित खोजबीन के प्रयास कर रही है।

*सरकार की परिजनों से अपील और हेल्पलाइन नंबर जारी*

      संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है। सरकार का कहना है कि नेपाल गए या वहां रह रहे प्रदेश के नागरिकों के संबंध में यदि किसी के पास भी कोई जानकारी हो, तो उसे तुरंत प्रशासन से साझा करें।

*सहायता और सूचना के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर*

     टोल फ्री नंबर 1070, कंट्रोल रूम नंबर 0771-2223471 छत्तीसगढ़ सरकार ने आश्वस्त किया है कि वह प्रभावित नागरिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार नेपाल में प्रभावित छत्तीसगढ़ के नागरिकों के संबंध में लगातार जानकारी जुटा रही है तथा उनके परिजनों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है।

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शतरंज के रण में भिड़ेंगे 12 राज्यों के दिग्गज खिलाड़ी, जशपुर बनेगा राष्ट्रीय मुकाबले का केंद्र—175 खिलाड़ी दिखाएंगे अपनी चालों का हुनर

जशपुर नगर, 27 अगस्त 2026।

जशपुर में पहली बार आयोजित होने जा रहे ऑल इंडिया ओपन FIDE रेटेड चेस टूर्नामेंट चेकमेट @ जशपुर 2026 में देशभर के शतरंज खिलाड़ी खेलते हुए देखने को मिलेगें। टूर्नामेंट में अब तक 12 राज्यों के खिलाड़ियों की भागीदारी की पुष्टि हो चुकी है। छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के 175 खिलाड़ी जशपुर पहुंचकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में इस टूर्नामेंट के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो , इसके लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं।

टूर्नामेंट की खास बात यह है कि FIDE रेटिंग के आधार पर पंजीकृत टॉप-10 में शामिल मजबूत खिलाड़ियों की भागीदारी से मुकाबले बेहद प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद है। अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ियों के बीच होने वाले मुकाबले जशपुर के शतरंज प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र होंगे।

कई राज्यों के खिलाड़ियों का जशपुर पहुंचना इस बात का संकेत है कि जिले में पहली बार आयोजित हो रही यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। इससे जशपुर में शतरंज के प्रति नई रुचि और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के मजबूत खिलाड़ियों से सीखने का अवसर भी मिलेगा।

इस प्रतियोगिता का आयोजन 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक जशपुर नगर के पुरानी टोली में स्थित कम्युनिटी हॉल में किया जाएगा। 

जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रशासन की यह पहल चेकमेट @ जशपुर 2026 के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर के शतरंज आयोजन के रूप में अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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शिक्षकों के हक की आवाज लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दरबार पहुंचा शिक्षक संघ, गंभीरता से सुनी समस्याएं - TET शिक्षकों की पदोन्नति और वेतन विसंगति से लेकर पहाड़ी कोरवा शिक्षकों के D.El.Ed व विशेष नियुक्ति तक हर मुद्दे पर हुई अहम चर्चा

जशपुर/नारायणपुर। शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालय शिक्षक संघ, जिला जशपुर के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने पहाड़ी कोरवा जनजाति शिक्षकों को विभागीय D.El.Ed कराने, 2019 भर्ती के TET उत्तीर्ण शिक्षकों को नियमानुसार पदोन्नति देने, 5 वर्ष की सेवा पूर्ण नहीं करने वाले पात्र शिक्षकों को कार्यवर्ष में नियमानुसार छूट देने तथा सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने की मांग रखी।

प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार, जिला सचिव विजय कुमार पैंकरा, जिला कार्यकारिणी सदस्य मनोहर टोप्पो, कुनकुरी ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती कुसुम लता निषाद, पहाड़ी कोरवा जनजाति शिक्षक समुदाय के प्रभारी शिक्षक श्री विजय कुमार एवं सुश्री सुनीता बाई शामिल रहे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार होगी पदोन्नति प्रक्रिया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पदोन्नति के विषय पर शिक्षकों से स्वयं चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि पदोन्नति प्रक्रिया माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही पूर्ण की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने 2019 भर्ती के TET उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को नियमानुसार पदोन्नति देने तथा 5 वर्ष की सेवा पूर्ण नहीं करने वाले पात्र शिक्षकों को कार्यवर्ष में आवश्यक छूट प्रदान करने का आग्रह किया।

पहाड़ी कोरवा शिक्षकों के D.El.Ed एवं विशेष नियुक्ति पर चर्चा

विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा शिक्षकों को विभागीय D.El.Ed कराने के संबंध में पूर्व में दिए गए आवेदन का स्मरण पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा जनजाति शिक्षक समुदाय के प्रभारी श्री विजय कुमार एवं सुश्री सुनीता बाई से विशेष नियुक्ति संबंधी जानकारी स्वयं ली। प्रतिनिधियों द्वारा विषय की जानकारी दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने निश्चित रूप से आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

वेतन विसंगति दूर करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने सहायक शिक्षकों की लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति का शीघ्र निराकरण कर न्यायसंगत वेतन का लाभ देने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।

मुख्यमंत्री ने पर्सनल सेक्रेटरी को दिए निर्देश

प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद जिला कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास एवं पुलिस अधीक्षक/एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने अपने पर्सनल सेक्रेटरी को निर्देशित किया कि सभी मांगों का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग को प्रेषित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार एवं जिला सचिव विजय कुमार पैंकरा को भी आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

इस मुलाकात पर प्रांतीय अध्यक्ष धरमदास बंजारे ने दूरभाष के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए हर्ष व्यक्त किया।

शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री के निर्देशों को सकारात्मक पहल बताते हुए उम्मीद जताई कि पहाड़ी कोरवा जनजाति शिक्षकों के विभागीय D.El.Ed, 2019 भर्ती TET शिक्षकों की पदोन्नति, कार्यवर्ष में छूट, विशेष नियुक्ति तथा सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति से जुड़े सभी विषयों पर शासन स्तर से शीघ्र नियमानुसार कार्रवाई होगी। संगठन ने कहा कि शिक्षक हित एवं अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

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राखी बंधवाकर बोले मुख्यमंत्री साय—बहनों का सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली ही विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान; केरसई को मिली कई सौगातें

जशपुरनगर 27 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन अवसर पर फरसाबहार विकासखंड के ग्राम केरसई में आयोजित रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम आत्मीयता, स्नेह और सम्मान से परिपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के पहुंचने पर क्षेत्र की बहनों ने उन्हें राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी बहनों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी बातें सुनीं और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। बहनों के स्नेह से अभिभूत मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। उन्होंने बहनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनका फर्ज है कि क्षेत्र की जनता का सर हर जगह ऊंचा रहे और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों का आशीर्वाद मिलना सौभाग्य की बात है। बहनें जब भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं तो भाई उनकी सुरक्षा और सम्मान का भरोसा देता है। उन्होंने कहा कि मेरा फर्ज है कि आपका सर हर जगह ऊंचा रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने क्षेत्रवासियों को कई विकास कार्यों की सौगात देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने घासीमुंडा में जर्जर प्राथमिक शाला के स्थान पर नया भवन, केरसई तालाब का सौंदर्यीकरण, केरसई में मिनी स्टेडियम, केरसई एवं घासीमुड़ा के बजरंग बली मंदिरों का जीर्णोद्धार, मुख्य मार्ग से अरुण के घर तक सीसी सड़क, ग्राम पंचायत कोहपानी के गढ़वामुड़ा यादव बस्ती में सामुदायिक भवन, घासीमुड़ा में सामुदायिक भवन तथा ग्राम ऊपरकछार में महतारी सदन बनाने की घोषणा की। इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।


       मुख्यमंत्री ने केरसई में लगभग 84.69 लाख रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार गांवों में सड़क, पुलिया, भवन और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख बहनों को प्रतिमाह आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, सिलाई -कढ़ाई सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं। उन्होंने ड्रोन दीदियों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाएं आधुनिक तकनीक से जुड़कर भी आय अर्जित कर रही हैं। जशपुर जिले की बहनों को 50 ई-रिक्शा प्रदान किए जाने से उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों को धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई से विकास का रास्ता खुला है। जिन क्षेत्रों में पहले विकास कार्य बाधित होते थे, वहां अब बिजली, पानी, सड़क, राशन और दूरसंचार जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता अपनी समस्याओं की शिकायत सीधे दर्ज करा सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल राहत योजना का लाभ लेने तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों में सौर पैनल लगवाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जशपुर में मेडिकल कॉलेज सहित एमसीएच यूनिट, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और स्वास्थ्य शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। 

*‘विष्णु भैया’ के रूप में मिला बहनों का स्नेह*-

विधायक श्रीमती गोमती साय ने केरसईवासियों और क्षेत्र की बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय पूरे प्रदेश की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच समय निकालकर बहनों के बीच राखी बंधवाने पहुंचे हैं, यह उनके आत्मीय जुड़ाव को दर्शाता है।


*हितग्राहियों को किया गया लाभांवित* -

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिका आयुषी को पासबुक प्रदान की। साथ ही स्वामित्व योजना के तहत कौशल्या पैंकरा, कमला बाई, लालो, ज्योति बाई और सुमेत्रा खैरवार को आवासीय पट्टे वितरित किए। वहीं सरस्वती स्व-सहायता समूह को एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया।

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महतारी सदन बनेगा ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता का केंद्र: मुख्यमंत्री साय ने केरसई में किया लोकार्पण, स्व-सहायता समूहों को मिलेगा प्रशिक्षण और आजीविका का नया मंच

जशपुरनगर 27 अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जनपद पंचायत फरसाबहार अंतर्गत ग्राम पंचायत केरसई में विकास कार्यों को नई गति देते हुए कुल 84.69 लाख रुपये की लागत के कुल 6 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें सड़क, पुलिया, मुक्तिधाम और महिला सशक्तिकरण से जुड़ा महतारी सदन प्रमुख रूप से शामिल है। इन विकास कार्यों की सौगात मिलने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल रहा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने 24.70 लाख रुपये की लागत से निर्मित महतारी सदन का लोकार्पण किया। यह भवन महिलाओं के प्रशिक्षण, बैठकों, स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों तथा आजीविका से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए उपयोगी साबित होगा। महतारी सदन में महिलाओं को अपनी गतिविधियों के संचालन के लिए सुविधाजनक एवं स्थायी स्थान उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन केवल एक भवन नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। यहां महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त करने के साथ अपने उत्पादों के निर्माण, प्रदर्शन और विपणन जैसी गतिविधियां भी संचालित कर सकेंगी। कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, ग्राम पंचायत केरसई की सरपंच श्रीमती संगीता तिग्गा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दुलारी सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमंती साय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। ग्रामीणों ने विकास कार्यों की सौगात मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।

*महतारी सदन के स्टॉलों का किया अवलोकन* -

महतारी सदन के लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भवन के भीतर विभिन्न विभागों एवं महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने स्टॉलों में प्रदर्शित सामग्री एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली तथा महिलाओं और संबंधित अधिकारियों से संवाद किया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंचाने और विशेष रूप से महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टॉल में स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों एवं आजीविका संबंधी गतिविधियों की जानकारी मुख्यमंत्री ने ली। उन्होंने महिलाओं से उनके समूह, प्रशिक्षण, उत्पादन और आय से जुड़े कार्यों के संबंध में चर्चा करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। यहां विभागीय योजनाओं, महिला एवं बाल स्वास्थ्य-पोषण तथा हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली गई। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म अदा कर उन्हें पोषण किट भेंट किया। साथ शिशुओं को अन्नप्रासन भी कराया।

*सड़क, पुलिया और मुक्तिधाम सहित 5 अन्य कार्यों की सौगात* -

केरसई में स्वीकृत विकास कार्यों में 15 लाख रुपये की लागत से सराईटोली में किशोर साय के घर तक बनने वाली सीसी सड़क का भूमिपूजन किया गया। 5.99 लाख रुपये की लागत से बनने वाले मुक्तिधाम का भी भूमिपूजन किया गया। यह कार्य वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत कराया जाएगा। इसके अलावा 10 लाख रुपये की लागत से खड़ियाटोली में आंगनबाड़ी से राजू के घर तक निर्मित सीसी सड़क का लोकार्पण किया गया।
19 लाख रुपये की लागत से बरटोली में मंदिर प्रांगण से सामुदायिक भवन होते हुए प्रेम साय के घर से परमानंद के घर तक निर्मित सीसी सड़क भी ग्रामीणों को समर्पित की गई। वहीं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से 10 लाख रुपये की लागत से राइमुंडा राउतपारा पहुंच मार्ग पर निर्मित आरसीसी पुलिया का भी लोकार्पण हुआ। इन कार्यों से ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों में कमी आएगी। ग्राम केरसई में सड़क, पुलिया, मुक्तिधाम और महतारी सदन जैसे कार्यों के पूर्ण होने तथा नए कार्यों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। विशेषकर महतारी सदन महिलाओं को सामूहिक गतिविधियों और आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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मंत्रोच्चार के बीच बाबा भोलेनाथ की शरण में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधि-विधान से पूजा कर प्रदेश की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए की प्रार्थना

जशपुरनगर 27 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज फरसाबहार विकासखंड के ग्राम केरसई स्थित बाबा भोलेनाथ मंदिर पहुंचकर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारी ने मुख्यमंत्री को विधि-विधान से पूजा कराई। इस दौरान मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा भोलेनाथ को फूल, पत्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ के समक्ष श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखी एवं मंगलमय जीवन की कामना की। पूजा के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और मंत्रोच्चार से पूरा परिसर आध्यात्मिक भाव से गूंज उठा। पूजन के पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा भोलेनाथ की कृपा प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे और छत्तीसगढ़ निरंतर विकास एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़े, यही उनकी कामना है। उन्होंने प्रदेश में शांति, खुशहाली और सभी परिवारों के कल्याण के लिए मंगल प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचने पर स्थानीय श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों में भी उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंदिर समिति के सदस्यगण, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

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जशपुर में मेरा युवा भारत द्वारा ‘खेलो इंडिया संवाद’ का सफल आयोजन ,युवाओं ने खेल विकास एवं राष्ट्र निर्माण के लिए साझा किए सुझाव

जशपुर 27 अगस्त 2026/ मेरा युवा भारत (MY Bharat), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 27 अगस्त को जशपुर जिले के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय, मनोरा एवं श्री रामेश्वर गहिरा गुरु संस्कृत महाविद्यालय, समरवार में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, खिलाड़ियों एवं बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के वर्चुअल संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया। प्रधानमंत्री जी ने देश में विकसित हो रहे खेल पारिस्थितिकी तंत्र का उल्लेख करते हुए युवाओं से 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स एवं 2036 ओलंपिक के लिए भारत की तैयारियों में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

संबोधन के पश्चात दोनों संस्थानों में युवा संवाद आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं से खेल, युवा सहभागिता, नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े ऐसे सुझाव मांगे गए, जिन्हें स्थानीय स्तर पर लागू किया जा सके। इन सुझावों को साझा करने के लिए MY Bharat Portal पर विशेष लिंक भी उपलब्ध कराया गया है।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं को VBYLD 2027 Quiz में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। क्विज में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को नई दिल्ली में माननीय प्रधानमंत्री जी से मिलने का अवसर मिलने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम ने युवाओं को खेल, नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने तथा उनके विचारों को नीति एवं कार्यान्वयन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सफलता हासिल की।

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रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर की 50 बहनों को दिया आत्मनिर्भरता का तोहफा, जशपुर एक्सप्रेस योजना का शुभारंभ कर ई-रिक्शा की सौंपी चाबी

जशपुर 27 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कैम्प कार्यालय बगिया में जशपुर एक्सप्रेस योजना का शुभारंभ किया।
और रक्षाबंधन के पावन पर्व पर विष्णु भैया ने जशपुर के 50 बहनों को ई रिक्शा की सौगात दी।

पिछले रक्षाबंधन पर्व में भी मुख्यमंत्री ने  सहायता समूह की 14 महिलाओं को ई रिक्शा दिया था।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 3 करोड़ की लागत से बनने वाले बगिया में विश्राम गृह का और बगिया में यादव मौहल्ला तक के सी सी रोड का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर स्वालंबन की डगर पर आगे बढ़ रही है।
स्व सहायता समूह की दीदीयों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी और आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को साड़ी और मिठाई उपहार स्वरूप भेंट किए।

उन्होंने बताया कि रायपुर की महिलाओं को भी 92 ई रिक्शा प्रदान किया गया है।
आज हमारी स्व सहायता समूह की दीदीयां किराना दुकान, सब्जी का व्यापार और अन्य व्यवसाय से जुड़ी हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और अन्य स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुद्रा लोन की भी सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

आज महिलाएं ई रिक्शा के माध्यम से प्रत्येक माह में 15 हजार रुपए की आमदनी अर्जित कर रही है।

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जशपुर के बच्चों को अंतरिक्ष की उड़ान से जोड़ रहे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ‘अंतरिक्ष संगवारी’ पहल का किया शुभारंभ

जशपुर 27 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कैम्प कार्यालय बगिया में अंतरिक्ष संगवारी अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण पहल का किया शुभारंभ।


भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला द्वारा समर्थित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर के विघार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए नवाचार किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेंद सिंह जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और स्व सहायता समूह की महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।

उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन जशपुर एवं IDYM Foundation के संयुक्त तत्वावधान में अंतरिक्ष क्षेत्र में विद्यार्थियों की रुचि और सक्रियता बढ़ाने हेतु कक्षा 8 वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए जिला स्तरीय 'अंतरिक्ष यात्रा एवं अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
 

इनमें 10 हजार छात्र का स्क्रीनिंग करने के लिए 8 विकासखंड को शामिल किया गया है।


समय रेखा 
27 अगस्त को घोषणा,
15 सितंबर 2026 को पंजीकरण की अंतिम तिथि तिथि,
26 सितंबर को परीक्षा,
27 और 29 सितंबर को मूल्यांकन व साक्षात्कार,
1 से 7 अक्टूबर तक रायपुर में प्रशिक्षण,
15 अक्टूबर से बेंगलुरु यात्रा व शुभांशु शुक्ला से मुलाकात और 26 अक्टूबर 2026 को पुरस्कार समारोह शामिल हैं।

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बगिया से विज्ञान की नई उड़ान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘साइंस ऑन व्हील्स’ वाहन को दिखाई हरी झंडी, अब स्कूलों तक पहुंचेगा प्रयोगात्मक विज्ञान

जशपुर, 27 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कैम्प कार्यालय बगिया में बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ने के उद्देश्य से साइंस ऑन व्हील्स वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

साइंस ऑन व्हील्स का उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अद्भुत संसार को स्कूलों तक पहुंचाना और बच्चों एवं युवा मन को बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करना है। यह पहल विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक विज्ञान की व्यावहारिक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास है, जहां आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों तक पहुंच सीमित है।

उल्लेखनीय है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की पहल के अंतर्गत इस परियोजना को सहयोग प्रदान किया जा रहा है। साइंस ऑन व्हील्स परियोजना एक राष्ट्रीय पहल है, जिसे छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में प्लक्ष विश्वविद्यालय, IDYM फाउंडेशन और IIT मंडी के सहयोग से लागू किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल विज्ञान की जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें करके सीखने और प्रयोग करने का अवसर भी मिलेगा। कार्यक्रम में चार प्रमुख मॉड्यूल के माध्यम से विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा—

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी – ब्रह्मांड को समझना और नई उड़ान भरना।
रोबोटिक्स – भविष्य के लिए नवाचार और तकनीकी कौशल विकसित करना।
सतत विकास (Sustainability) – हमारे ग्रह को संवारना और बेहतर कल का निर्माण करना।
जल निस्पंदन (Water Filtration) – जल संरक्षण, स्वच्छ जल और वैज्ञानिक समाधान की समझ विकसित करना।

साइंस ऑन व्हील्स का उद्देश्य बच्चों को एक बार की गतिविधि तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें विज्ञान, नवाचार और तकनीक से लगातार जोड़कर उनकी जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना है। विभिन्न गतिविधियों, प्रयोगों, मॉडल एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने का ऐसा अनुभव दिया जाएगा, जिससे वे आगे चलकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए विचारों और नवाचारों की ओर प्रेरित हो सकें।

3 राज्यों में कार्यक्रम
साइंस ऑन व्हील्स कार्यक्रम पंजाब, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में संचालित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में इस पहल का उद्देश्य विज्ञान को विद्यार्थियों के और करीब लाना, युवा मन को सशक्त बनाना तथा नवाचार, वैज्ञानिक सोच और ज्ञान के माध्यम से एक सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेंद सिंह और जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार एवं बड़ी संख्या में स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थीं।

यह पहल विद्यार्थियों में सवाल पूछने, प्रयोग करने, समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने और भविष्य की तकनीकों को समझने की क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय परमेश्वर साव के  कुनकुरी निवास पहुंचकर दी विनम्र श्रद्धांजलि 

जशपुर 27अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सुबह कुनकुरी में 
वरिष्ठ नागरिक स्वर्गीय परमेश्वर साव के निवास पहुंचकर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
26 अगस्त को उनका निधन हो गया। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि निधन के दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। 
श्री साव सरल सरल सहज व्यक्तित्व के धनी थे। दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों मे स्थान दे और शोकाकुल परिजनों को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

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पुराने शिक्षकों के टीईटी संकट पर सरकार का सकारात्मक रुख, दिन में स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ बैठक और रात में बगिया पहुंचा शिक्षक प्रतिनिधिमंडल, मुख्यमंत्री साय ने सीधी बातचीत के बाद दिया बड़ा भरोसा बोले नौकरी की चिंता न करें शिक्षक

जशपुर/नारायणपुर। (निरंजन मोहन्ती) : छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए बुधवार का दिन बेहद अहम रहा। पुराने शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता से उत्पन्न स्थिति को लेकर दिनभर चली बैठकों और चर्चाओं के बाद देर रात शिक्षक नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुनकुरी स्थित गृह निवास बगिया पहुंचा। रात करीब 11 बजे हुई इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से सीधे संवाद किया और टीईटी से प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर बड़ा भरोसा दिलाया।

दिन में स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठकों में भी विभागीय टीईटी के मुद्दे पर सरकार का सकारात्मक रुख सामने आया। इसके बाद शिक्षक प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पुराने शिक्षकों के सामने खड़ी समस्या, टीईटी की अनिवार्यता और इससे प्रभावित शिक्षकों के भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा की।

देर रात होने के बावजूद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और कमरे में बैठकर उनकी पूरी बात सुनी। शिक्षकों ने पुराने शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा पास करने की अनिवार्यता से पैदा हुई परिस्थितियों और सेवा सुरक्षा से जुड़े विषयों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता के कारण किसी प्रकार की नौकरी की चिंता नहीं करनी है। उन्होंने कहा कि विभागीय परीक्षा के माध्यम से सेवा सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में सरकार सकारात्मक रूप से कार्य करेगी और शासन शिक्षकों के हित में निर्णय लेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मोदी की गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति के विषय में भी सकारात्मक पहल की जाएगी। मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख से शिक्षक प्रतिनिधियों में उम्मीद और संतोष का माहौल देखने को मिला।

मुलाकात के दौरान रक्षाबंधन पर्व की आत्मीयता भी देखने को मिली। प्रतिनिधिमंडल में शामिल तीन महिला शिक्षकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी राखी का उपहार देकर बहनों के प्रति स्नेह व्यक्त किया। टीईटी की अनिवार्यता से जुड़ी चिंता के बीच मुख्यमंत्री से मिले सेवा सुरक्षा के भरोसे को शिक्षिकाओं ने राखी के रिटर्न गिफ्ट के रूप में महसूस किया। इस भावनात्मक पल ने देर रात हुई मुलाकात को और खास बना दिया।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए शिक्षक प्रतिनिधिमंडल तय करने में जशपुर जिला शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर वे समय-समय पर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। टीईटी की अनिवार्यता से पुराने शिक्षकों के सामने उत्पन्न स्थिति को लेकर भी उन्होंने लगातार इस विषय को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल के मुख्यमंत्री तक पहुंचने और शिक्षकों की बात सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखने में उनकी भूमिका को शिक्षक वर्ग महत्वपूर्ण मान रहा है।

शिक्षक आंदोलन के बीच सबसे अहम मुद्दा पुराने शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा पास करने की अनिवार्यता और उससे उत्पन्न सेवा संबंधी स्थिति का है। बुधवार को हुई चर्चाओं में इसी विषय पर समाधान की दिशा में बातचीत केंद्रित रही। मुख्यमंत्री की ओर से सेवा सुरक्षा को लेकर मिले भरोसे के बाद शिक्षकों में सकारात्मक संदेश गया है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि सरकार की संवेदनशीलता और सकारात्मक रुख से लंबे समय से चली आ रही चिंता के समाधान की उम्मीद मजबूत हुई है।

देर रात तक शिक्षकों की बात सुनना और उनकी समस्याओं पर सकारात्मकता के साथ चर्चा करना मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

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कुनकुरी के वरिष्ठ पत्रकार ओम शर्मा के निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय उनके निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि 

जशपुर 27अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सुबह कुनकुरी में जिले के वरिष्ठ पत्रकार रहे ओम शर्मा के निवास पहुंचकर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
26 अगस्त को उनका निधन हो गया। 

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कुनकुरी के वरिष्ठ पत्रकार ओम शर्मा का निधन के दुःखद समाचार प्राप्त
हुआ है। 

श्री शर्मा सरल सरल सहज व्यक्तित्व के धनी थे, उनका निधन क्षेत्रीय पत्रकारिता जगत के लिये अपूरणीय क्षति है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों मे स्थान दे और शोकाकुल परिजनों को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

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राखी से पहले पंडरीपानी को मिला ‘विष्णु भैया’ का बड़ा तोहफा, SBI बैंक शाखा शुरू; फरसाबहार जाने की मजबूरी खत्म, 60 गांवों के लोगों को गांव में ही मिलेगी बैंकिंग सुविधा

जशपुर 26 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज फरसाबहार विकासखंड के पंडरीपानी में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नवीन शाखा और भवन का शुभारंभ किया। 

विष्णु भैया से उनकी बहनों और भाइयों ने नवीन शाखा की मांग गई थी। 

आज रक्षाबंधन से पहले पंडरीपानी के आसपास 60 गांवों को रक्षाबंधन की बढ़ी सौगात मिली है।

ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल ।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहले पंडरीपानी और आसपास के किसानों, व्यापारियों एवं ग्रामीणों को बैंकिंग कार्यों के लिए लगभग 5 किलोमीटर दूर फरसाबहार जाना पड़ता था। 

वर्तमान में पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने से आसपास के करीब 60 गांवों के लोगों को सीधे बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलेगा। 

इनमें बोखी, सहसपुर, भगोरा, बनगांव, सीमाबाड़ी, मुंडाडीह और सरईटोली सहित अन्य ग्राम शामिल हैं। 
मुख्यमंत्री ने पंडरी पानी में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा पंडरी पानी बाजार पारा में मंगल भवन बनाने की घोषणा, अम्बाकछार  में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा, सीमाबाड़ी में मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा,
हाथीबेड़ से कोतबा गांधी चौक 7 किलोमीटर का सड़क निर्माण,

मेन रोड सिसरिंगा 10 लाख रुपए के सीसी रोड बनाने की घोषणा,

हाईस्कूल मैदान में चैंजिंग रूम बनाने की घोषणा,

हाई स्कूल प्रांगण को जीर्णोद्धार करने की घोषणा,मूंगी दरबार में पुलिया निर्माण की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों के साथ एसबीआई बैंक के पूरी टीम को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 200 लोगों ने बैंक में अपने खाते खुलवा लिए हैं।
नई शाखा शुरू होने से किसानों, कर्मचारियों, व्यापारियों और ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के ऋण एवं बैंकिंग सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। कार लोन, होम लोन और शिक्षा लोन के साथ किसानों के लिए कृषि ऋण की सुविधा भी सुलभ होगी। 

 लगभग 15 लाख रुपये की लागत से भवन को सुव्यवस्थित एवं आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने 
विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को  प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान दिया गया।
इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, फरसाबहार विकास खंड के जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमंती साय जिला पंचायत सदस्य श्री वेदप्रकाश भगत पंडरी पानी की सरपंच जसोदा पैंकरा,
भरत सिंह,  
उपेन्द्र यादव,
कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार  एसबीआई भोपाल के महाप्रबंधक श्री मनोज कुमार, बिलासपुर के उप महा प्रबंधक श्री आलोक रंजन, रायगढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री धर्मेन्द्र रावत,भिलाई के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री अनिल यादव, पंडरी पानी के शाखा प्रबंधक श्री सुनील कुमार टोप्पो, जशपुर के लीड बैंक अधिकारी श्री राकेश तिवारी और ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 9 हितग्राहियों को 50 हजार से 1 लाख 90 हजार रुपये तक के ऋण के स्वीकृति पत्र दिया गया।
 
 इसी प्रकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 2 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र प
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 4 हितग्राहियों को 2-2 लाख रुपये के बीमा दावे के चेक वितरित किए गए 

इसी प्रकार फरसाबहार विकासखंड की किसान श्रीमती लक्ष्मी बाई को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने जशपुर के प्रधान आरक्षक स्वर्गीय श्री राहुल राम प्रधान के परिवार को 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि का चेक भी प्रदान किया जाएगा।
एसबीआई के सीएसआर से क्षेत्र में होंगे विभिन्न विकास कार्य किया गया है।

भारतीय स्टेट बैंक द्वारा सीएसआर मद से क्षेत्र में सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न कार्य किए गए हैं। 

कुल लगभग 53 लाख रुपये की  राशि से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
 
इसी प्रकार 19 बच्चों को लैपटॉप प्रदान किया गया। 

फरसाबहार विकासखंड के 5 आंगनबाड़ी केंद्रों का लगभग 8 लाख 50 हजार रुपये की लागत से जीर्णोद्धार कराया गया है। वनवासी कल्याण आश्रम को मेडिकल वैन तथा स्कूल को फर्नीचर प्रदान किया गया।

इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार को 2 कूलर और 1 वाटर कूलर उपलब्ध कराया जाएगा। पंडरीपानी छात्रावास में फर्नीचर एवं आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई।
आभार प्रदर्शन क्षेत्रीय प्रबंधक श्री धर्मेन्द्र कुमार रावत ने किया और मंच संचालन रायगढ़ के प्राचार्य श्री राजेश डेनियल ने किया।

पंडरीपानी में एसबीआई की नवीन शाखा के शुभारंभ से क्षेत्र के ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं उनके गांव के करीब उपलब्ध होंगी। इससे किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को वित्तीय सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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