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क्रिसमस और नव वर्ष से पहले जशपुर में ट्रैफिक उल्लंघनों पर पैनी नजर,44,300 रुपये का जुर्माना वसूला,स्टंट करने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों को कुनकुरी में सबक,दी जीवन बचाने की चेतावनी

जशपुर 34 दिसम्बर 2025 : आगामी क्रिसमस व नव वर्ष के मद्देनजर जिले में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जशपुर पुलिस सख्त हो गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गत दिवस संपूर्ण जिले में तीन सवारी, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोडिफाइड साइलेंसर, तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाने जैसे मामलों में कुल 120 प्रकरण दर्ज किए गए। इन पर 44,300 रुपये का समन शुल्क वसूला गया।
थाना कुनकुरी क्षेत्र में मोडिफाइड साइलेंसर और ओवर स्पीड में स्टंट करने वाले बाइकर्स को भी पकड़कर, पुलिस ने चालानी कार्रवाई के साथ उठक बैठक कर ट्रैफिक नियमों का पालन करने की समझाइश दी। इसी क्षेत्र में कुल 12 प्रकरणों में से 3 प्रकरणों में लाइसेंस निलंबन प्रक्रिया शुरू की गई, 2 प्रकरण न्यायालय में पेश किए गए, 1 प्रकरण में शराब पीकर वाहन चलाने पर कार्रवाई हुई और 6 अन्य मामलों में 3,600 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
अन्य क्षेत्रों में कार्रवाई इस प्रकार रही – मनोरा 1,800 रुपये, आरा 900 रुपये, लोदाम 2,400 रुपये, दुलदुला 3,300 रुपये, आस्ता 3,800 रुपये, सन्ना 2,200 रुपये, सोन क्यारी 500 रुपये, बगीचा 3,000 रुपये, नारायणपुर 300 रुपये, तपकरा 2,100 रुपये, करडेगा 1,900 रुपये, ऊपर कछार 6,500 रुपये, कांसाबेल 1,100 रुपये, फरसाबहार 900 रुपये, पत्थलगांव 4,900 रुपये, बागबहार 800 रुपये, कोल्हेनझरिया 1,700 रुपये और यातायात पुलिस जशपुर 2,600 रुपये।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि दुर्घटनाओं से बचने के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें और नशे में वाहन न चलाएं। उन्होंने कहा, “आपका जीवन आपके और आपके परिवार के लिए अमूल्य है। नियमों का पालन करके ही आप सुरक्षित रह सकते हैं। जशपुर पुलिस इस दिशा में लगातार सख्ती बरकरार रखेगी।

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छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का नया युग,महिला विकास की नई इबारत लिख रही है साय सरकार,आगामी वर्ष ‘महतारी गौरव वर्ष’ घोषित

रायपुर 24 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार नित-नये फैसले ले रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के लिए छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 तैयार किया गया है। विकसित छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सशक्त भागीदारी को देखते हुए राज्य में आगामी वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘महतारी गौरव वर्ष’ में महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक गरिमा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का सशक्त संकल्प सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के नेतृत्व, सहभागिता और सम्मान का एक नया अध्याय लिखेगा, जो विकसित, समरस और सशक्त छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार को सबसे बड़ा आशीर्वाद माताओं और बहनों से प्राप्त होता है। उनके विश्वास, समर्थन और आशीष से ही जनसेवा के कार्यों को नई ऊर्जा और दिशा मिलती है। इसी भावनात्मक और सामाजिक दायित्वबोध से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का पहला वर्ष ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में समर्पित रहा, जिसमें शासन और जनता के बीच भरोसे की पुनर्स्थापना हुई। दूसरा वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया गया, जिसके दौरान आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, सामाजिक विकास और जनकल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए। अब सेवा का आगामी वर्ष मातृशक्ति को समर्पित ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें राज्य की सभी प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु माताएँ और बहनें होंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर किए गए कार्यों ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और निर्णय क्षमता को अपनी नीतियों का मूल आधार बनाते हुए सामाजिक-आर्थिक बदलाव की एक नई दिशा तय की है।

महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूती देने वाली महतारी वंदन योजना के अंतर्गत राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 22 किश्तों में 14,306 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। महिला कल्याण के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य की विकास यात्रा के केंद्र में महिलाएँ हैं।

महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने के उद्देश्य से रजिस्ट्री शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट, 368 महतारी सदनों का निर्माण, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का ऑनलाइन भुगतान जैसे निर्णयों ने सुशासन और पारदर्शिता को और सुदृढ़ किया है। स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 42,878 महिला समूहों को 12,946.65 लाख रुपये का रियायती ऋण प्रदान किया गया है। वहीं, बस्तर सहित छह जिलों में रेडी-टू-ईट का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है।

महिला आजीविका के नए अवसर सृजित करने के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नवाबिहान योजना, डिजिटल सखी, दीदी ई-रिक्शा योजना, सिलाई मशीन सहायता, तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना जैसी पहलें लागू की गई हैं। कन्याओं के विवाह में सहयोग हेतु मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सहायता राशि का बड़ा हिस्सा सीधे कन्या के बैंक खाते में जमा किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता दोनों को बल मिला है।

महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक पहल की है। वन-स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के एकीकृत संचालन ने संकट की घड़ी में त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की है। सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है।

किशोरियों के स्वास्थ्य और शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए शुचिता योजना, साइकिल वितरण योजना, तथा नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित ‘जशप्योर’ ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास भी महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण तैयार करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, नवाबिहान, लखपति दीदी, शुचिता और महतारी सदन जैसी पहलें महिलाओं के समग्र विकास का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

वर्ष 2025-26 में महिला एवं बाल विकास विभाग को 8,245 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई दिशा, नई उम्मीद और नए परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

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भारत रत्न अटल जी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया याद


नारायणपुर 24 दिसम्बर 2025– भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार शाम 6 बजे जामचुंवा और बनकोम्बो के अटल चौक पर भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अटल जी के विचारों, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा के प्रति समर्पण को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया और दीपों की रौशनी से पूरा अटल चौक जगमगा उठा। ग्राम पंचायत जामचुआ और बनकोम्बो के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष उमेश यादव एवं समस्त भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दीप प्रज्ज्वलन रहा, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने अटल जी की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर उन्हें नमन किया।

          जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता सिंह ने इस अवसर पर कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान राजनेता ही नहीं थे, बल्कि वे विचारों की मर्यादा, भाषा की गरिमा और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक भी थे। उन्होंने राजनीति को सेवा, संवाद और संस्कार से जोड़ा। उनका मशहूर मंत्र “राष्ट्र प्रथम” आज भी सभी के लिए मार्गदर्शक है।
         ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष उमेश यादव ने कहा कि अटल जी के निर्णयों में हमेशा देशहित सर्वोपरि रहा, चाहे वह पोखरण की धरती पर परमाणु परीक्षण का निर्णय हो या समाज के गरीब एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण का संकल्प। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि अटल जी के विचार—सुशासन, समरसता और राष्ट्रनिर्माण—को अपने जीवन में अपनाएँ और भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।
          इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ एवं स्थानीय नेता उपस्थित रहे। इसमें जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव,सत कुमार यादव,उमेश प्रधान, बुई अध्यक्ष उमेश सिंह, वीओलो गुदन राम, तथा कार्यकर्ता राजकुमार राम, महेश नायक, विरेन्द, शिवकुमार, कान्ती वाई, सुगन्ती वाई, गुलापी वाई, गौरी वाई, सुगन्ती धक्कन, रामनाथ समेत भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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किराना दुकान से ट्रैक्टर तक का अद्भुत सफर: शांति दुग्गा ने बिहान योजना के साथ बनाई ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरक मिसाल


रायपुर, 24 दिसम्बर 2025
जिला नारायणपुर के विकासखण्ड ओरछा अंतर्गत ग्राम कुरूषनार की निवासी शांति दुग्गा आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान बन चुकी हैं। रोशनी स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य और प्रतीज्ञा ग्राम संगठन से जुड़ी शांति दुग्गा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की बिहान योजना के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
शांति दुग्गा 19 अगस्त 2019 को स्व सहायता समूह से जुड़ीं। इससे पहले उनके परिवार की आजीविका कृषि कार्य और वनोपज संग्रहण पर निर्भर थी, जिससे आय सीमित रहती थी। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत की शुरुआत की। शासन द्वारा समूह को 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि एवं 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश कोष राशि प्राप्त हुई, जिससे वित्तीय अनुशासन और आपसी लेन-देन की समझ विकसित हुई।
बैंक लिंकेज के माध्यम से शांति दुग्गा ने पहली बार 1 लाख रुपये का ऋण लेकर किराना दुकान शुरू की। व्यवसाय में सफलता मिलने पर उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये का ऋण लेकर कपड़ा व्यवसाय प्रारंभ किया।  बाजार-हाट के कार्य को विस्तार देने के उद्देश्य से उन्होंने एक पिकअप वाहन भी खरीदा। नियमित आय के चलते वे समय पर ऋण की किश्तें और ब्याज का भुगतान करती रहीं।
लगातार बढ़ते व्यवसाय और आत्मविश्वास के साथ शांति दुग्गा ने तीसरे चरण में 6 लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा। आज उनके परिवार की वार्षिक आय 4 से 5 लाख रुपये तक पहुँच चुकी है, जिससे परिवार का जीवन स्तर उल्लेखनीय रूप से सुधरा है।
शांति दुग्गा का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा पा रही हैं। उनकी सफलता कहानी यह सिद्ध करती है कि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।

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भोरमदेव मंदिर को मिलेगा काशी जैसा भव्य रूप: 146 करोड़ की कॉरिडोर परियोजना से छत्तीसगढ़ बनेगा विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र


रायपुर, 24 दिसंबर 2025
केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 146 करोड़ रू. की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का विकास किया जा रहा है। भूमिपूजन दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे। यह ऐतिहासिक निर्णय राज्य के पुरातात्विक और धार्मिक स्थलों को जोड़कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा।
            1000 वर्ष पुरानी धरोहर को नया जीवन
भोरमदेव मंदिर के इतिहास में पहली बार वाटर ट्रीटमेंट जैसी आधुनिक पहल हो रही है। परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर समेत मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ, सरोधा दादर तक कॉरिडोर का समग्र विकास होगा। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर 6 प्रवेश द्वार, पार्क, संग्रहालय, परिधि दीवारों का संवर्धन, बाउंड्री वॉल साज-सज्जा, बोरवेल से पेयजल, शेड, बिजली, ड्रेनेज और पौधरोपण की व्यवस्था की जाएगी। ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सफाई, जल गुणवत्ता सुधार, किनारों पर हरित क्षेत्र, बैठने की जगह और पैदल पथ विकसित किए जाएंगे। भोरमदेव मंदिर आने वाले हजारों कांवड़ यात्रियों के लिए आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा। शेडों में पेयजल, स्वच्छता, विश्राम की समुचित व्यवस्था होगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव मिल सकेगा। 
            स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के पूर्ण होने पर धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगी।

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मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी

रायपुर, 24 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शैलेन्द्र नगर स्थित वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय श्री विनोद कुमार शुक्ल के निवास पहुँचे और उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं तथा असंख्य पाठकों और साहित्य-प्रेमियों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी से उपजे महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन से हिंदी साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति पहुँची है। उनकी रचनाएँ संवेदनशीलता, मानवीय सरोकारों और सरल किंतु गहन अभिव्यक्ति की अनुपम मिसाल हैं।
उन्होंने कहा कि श्री शुक्ल की लेखनी ने हिंदी साहित्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की। उनका साहित्य न केवल पाठकों को गहराई से स्पर्श करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बना रहेगा। साहित्य जगत में उनका अवदान सदैव स्मरणीय रहेगा। श्री शुक्ल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

इस अवसर पर कवि डॉ. कुमार विश्वास, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री अलोक सिंह, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार, जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी गण उपस्थित रहे।

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जशपुर में पीएम-जनमन योजना से पी.व्ही.टीजी. समुदाय के जीवन में बड़ा बदलाव, जिले ने राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियाँ हासिल की

जशपुरनगर, 24 दिसंबर 2025/ विशेष पिछड़ी जनजातिय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित प्रधानमंत्री जनमन योजना का जिले में हो रहे प्रभावी क्रियान्वयन से निर्धारित लक्ष्य तीव्र गति से हासिल हो रहे हैं। सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में यह योजना उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ सबका विकास के मंत्र को साकार करने विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के विकास हेतु तैयार की गई पीएम-जनमन योजना को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में सुनियोजित कार्ययोजना के साथ लागू किया जा रहा है, जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। यह योजना विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सड़क और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है। 

*राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में ऐतिहासिक उपलब्धि*

जशपुर जिला राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत टारगेट आबादी की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग पूर्ण करने वाला देश का पहला जिला बन गया है। इसके साथ ही सभी पी.व्ही.टीजी. वर्ग की गर्भवती महिलाओं की सिकल सेल एनीमिया जांच भी पूर्ण कर ली गई है। पीएम-जनमन की शुरुआत में विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय की 11,762 गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित था, जिसे विशेष शिविरों के माध्यम से शत-प्रतिशत हासिल किया गया। यह उपलब्धि जिले के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता का प्रमाण है।

*जल जीवन मिशन से पहाड़ियों तक पहुंचा स्वच्छ पेयजल*

पहाड़ी एवं दुर्गम पी.व्ही.टीजी. क्षेत्रों में स्वच्छ जल पहुंचाना बड़ी चुनौती थी। इसे देखते हुए पीएचई विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत मास्टर प्लान तैयार किया गया। जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन से अब तक 7 गांवों में 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष गांवों में कार्य तेजी से संचालित हो रहा है। पहले हैंडपंप पर निर्भर ग्रामीणों को अब नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो पा रहा है, उसे जलजनित बीमारियों से प्रभावी बचाव संभव हुआ है

*वनधन केन्द्र सन्ना में फॉक्सटेल बाजरा प्रोसेसिंग यूनिट*

सन्ना स्थित पी.व्ही.टीजी. वनधन केन्द्र में पीएम-जनमन योजना अंतर्गत फॉक्सटेल बाजरा को चावल में प्रोसेस करने हेतु आधुनिक मशीन स्थापित की जा रही है। इससे समुदाय को तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रोसेस किया गया उत्पाद छत्तीसगढ़ स्टेट माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस फेडरेशन के मार्ट एवं संजीवनी के माध्यम से देशभर में विपणन किया जाएगा, जिससे होने वाली आय सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी।

*पीएम-जनमन अंतर्गत तेजी से हासिल किय गए लक्ष्य* 

* 11 बहुउद्देशीय केन्द्रों में से 8 पूर्ण

* 1006 पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण, जहरीले जीवों एवं मौसम की मार से राहत

* 23 संपर्क सड़कें निर्मित, आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी, शासकीय योजनाओं की पहुंच हुई आसान

* 06 आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण एवं संचालन, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को मिल रहा है पोषक आहार

* 1474 अविद्युतिकृत घरों में विद्युतीकरण, लक्ष्य के विरुद्ध 101 प्रतिशत उपलब्धि, 43 घर सौर ऊर्जा से हुए रोशन

* 14 मोबाइल टावरों की स्थापना, आसान हुआ संपर्क

* 146 कौशल एवं रोजगारपरक कार्य, 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल

* बने 3378 आधार कार्ड, 98 प्रतिशत टारगेट हुआ पूरा

* बने 8135 आयुष्मान भारत कार्ड, 89.7 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण

* बनाए गए 465 किसान क्रेडिट कार्ड, 97 प्रतिशत टारगेट पूर्ण

* बैंगिंग गतिविधियों से जोड़ने खोले गए 3290 बैंक खाते, 96 प्रतिशत लक्ष्य हुआ हासिल

* 5601  लोगों के बने जाति प्रमाण-पत्र, लगभग 100 प्रतिशत उपलब्धि हुई हासिल

* 4070 हितग्राही पीएम किसान सम्मान निधि से हुए लाभान्वित, लगभग 99 प्रतिशत लक्ष्य पूरा

* 70 महिलाएं पीएम मातृत्व वंदन योजना से लाभान्वित, 100 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण

* 100 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण, बनाए गए 5830 राशन कार्ड, 

पीएम-जनमन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है, जिससे यह समुदाय  तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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डबरी निर्माण से किसान मधुसूधन को मिली सिंचाई सुविधा, मछली पालन और उद्यानिकी फसलों से सालाना लाखों की आय

जशपुर 24 दिसंबर 25/महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण से न केवल जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को बढावा मिल रहा है, बल्कि किसानों को सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध हो रही है। डबरी निर्माण के बाद नियमित आय प्राप्त कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे है। जिससे डबरी आजीविका का स्थाई साधन बन गया है।
 जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार के निर्देशन में मनरेगा योजनान्तर्गत लोगों को स्थायी आजीविका में नियोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड बगीचा अंतर्गत ग्राम पंचायत कुदमुरा निवासी मधुसूदन पिता भादो द्वारा अपनी कृषि भूमि पर डबरी का निर्माण कर लगभग 220000 हजार रूपये की अतिरिक्त वार्षिक आमदनी प्रतिवर्ष अर्जित कर रहा है। मधुसुदन को ग्राम पंचायत बैठक से जानकारी मिला कि मनरेगा योजना अंतर्गत छोटे किसानों की निजी भूमि पर आजीविका डबरी का निर्माण किया जाता है। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होने अपनी कृषि भूमि में डबरी का निर्माण का निर्णय लिया एवं मनरेगा योजनान्तर्गत उस के खेत में 2.85 लाख रूपये की लागत से डबरी स्वीकृत हुआ और कार्य शीघ्र प्रारंभ किया गया। डबरी निर्माण कार्य के दौरान 52 जाब कार्डधारी परिवारों के 271 श्रमिकों को रोजगार मिला जिससे कुल 1565 मानव दिवस का सृजन हुआ।
 *मनरेगा से बदला किसान का जीवन* 
डबरी निर्माण के पश्चात मधुसूदन ने डबरी से लगे हुए लगभग 80 डिसमिल जमीन में उद्यानिकी फसलों के रूप में टमाटर, फूल गोभी, मिर्च आदि का खेती कर इससे लगभग 150000 की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही इनके द्वारा डबरी में मछली पालन के लिये मछली बीज का संचयन कर मछली पालन से प्रतिवर्ष लगभग 70000 हजार रूप्ये की अतिरिक्त आय हुआ। आजीविका डबरी ने मधुसूदन के लिये आय का स्थाई एवं मजबूत आधार तैयार किया है। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिये प्रेरणा स्त्रोत है जो  मनरेगा योजना के माध्यम से अपनी आजीविका सुदृढ़ कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा संकते है।

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रजत जयंती के अवसर पर जिलेभर के विकास खण्ड में आयुष स्वास्थ्य मेले का भव्य आयोजन, तीन हजार से अधिक रोगियों को मिला निःशुल्क उपचार व औषधि


 
जशपुरनगर 24 दिसम्बर 2025/ संचालनालय आयुष रायपुर निर्देशानुसार जिला आयुष अधिकारी जशपुर के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखण्ड में रजत जयंती 2025 के अवसर पर आयुष स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया है। 
          आयुष अधिकारी ने बताया कि शिविर में सामान्य रक्त परीक्षण कर निःशुल्क औषधि वितरण किया गया है। शिविर में मुख्य रूप से वात रोग, उदररोग, कास रोग, चर्म रोग और प्रतिश्याय रोग के मरीज पाये गये। जिसमें आयुर्वेद पद्धति से 2523 एवं होम्योपैथी पद्धति से 964 कुल रोगी संख्या 3487 का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क औषधि प्रदाय किया गया और सभी मरीज हितग्राहियों को नजदीक के आयुष स्वास्थ्य केन्द्र से फिर औषधि प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया गया है।

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अल्पसंख्यक विकास योजनाओं पर प्रशासन सख्त, जशपुर में पीएमजेवीके व नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम की जिला स्तरीय बैठक सम्पन्न,पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने के दिए गए निर्देश

जशपुरनगर, 24 दिसंबर 2025/ अल्पसंख्यक समुदायों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम तथा प्रधानमंत्री का नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम के  क्रियान्वयन के संबंध में मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना के तहत जिले के 05 विकासखंड जशपुर, दुलदुला, मनोरा, कांसाबेल और कुनकुरी शामिल है। इस योजना के क्रियान्यवन के लिए 15 किलामीटर क्षेत्र में 25 प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक आबादी होना आवश्यक है। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, पार्षद फैजान खान मौजूद रहे। इस अवसर पर श्री सालिक साय ने कहा कि विकास से कोई क्षेत्र अछूता नहीं रहे, सरकार सभी के हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने इन योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने और विकासकार्यों को समय से पूरा करने को कहा।
   कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने इन योजनाओं के तहत चलाए जा रहे विकासकार्यों की समीक्षा की और प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला केंद्रित परियोजनाओं के अतिरिक्त खेल, पेयजल, स्वच्छता आदि से संबंधित प्रस्ताव प्राकल्लन के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूल भवनों के निर्माण, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, विद्यालयों में शौचालय, स्टेडियम एवं खेल मैदानों के निर्माण एवं विकास, कौशल विकास से जुड़े कार्यों, पेयजल एवं स्वच्छता तथा महिला केंद्रित परियोजनाओं के लिए स्थल चिन्हांकन कर शीघ्र प्रस्ताव भेजने को कहा।  कलेक्टर श्री व्यास ने प्रधानमंत्री के नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने तथा जीवन स्तर में सुधार से संबंधित प्रावधानों के क्रियान्वयन करने हेतु निर्देशित किया। इस अवसर पर सीएमएचओ श्री जी. एस. जात्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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हजारों किसानों की उम्मीदों को मिला नया सहारा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के लिए 199 करोड़ की 11 सिंचाई योजनाओं को दी मंजूरी


जशपुरनगर 24 दिसम्बर 2025 :मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बीते दो वर्षों में जशपुर जिले के कृषि एवं ग्रामीण विकास को सशक्त बनाने हेतु 11 सिंचाई योजनाओं को ऐतिहासिक मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं के माध्यम से जिले के हजारों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।प्रदेश की साय सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप जशपुर जिले में बैराज, एनीकट, तालाब एवं व्यपवर्तन योजनाओं के निर्माण, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 199 करोड़ 49 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।जशपुर जिले को स्वीकृत प्रमुख सिंचाई योजनाएं –मैनी नदी बगिया स्थित बैराज उद्वहन सिंचाई योजना हेतु 79 करोड़ 37 लाख रुपये की स्वीकृति,कुनकुरी ईब व्यपवर्तन योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 37 करोड़ 9 लाख रुपये की मंजूरी,
सहसपुर तालाब योजना के लिए 4 करोड़ 27 लाख रुपये की स्वीकृति,डुमरजोर (डुमरिया) व्यपवर्तन योजना हेतु 10 करोड़ 36 लाख रुपये की स्वीकृति,तुबा एनीकट योजना के लिए 2 करोड़ 67 लाख रुपये की मंजूरी,बारो एनीकट योजना हेतु 7 करोड़ 6 लाख रुपये की स्वीकृति,मेडरबहार तालाब योजना के लिए 5 करोड़ रुपये की मंजूरी,पमशाला एनीकट योजना हेतु 28 करोड़ 2 लाख रुपये की स्वीकृति,कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 47 लाख रुपये की स्वीकृति,अंकिरा तालाब योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 3 करोड़ 47 लाख रुपये की मंजूरी,कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए 16 करोड़ 17 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है।

कृषि विकास को मिलेगा नया आयाम

इन सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन से जिले के अनेक ग्रामों में खरीफ एवं रबी दोनों फसलों के लिए सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। इससे वर्षा पर निर्भरता कम होगी और किसानों को खेती से स्थायी आय का साधन प्राप्त होगा।

सुशासन के दो वर्ष – विकास की मजबूत नींव

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सिंचाई, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। बीते दो वर्षों में जशपुर जिले को मिली ये सिंचाई सौगातें सुशासन और जनकल्याणकारी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।वहीं किसानों के चेहरे में नई खुशियां देखने को मिल रही है।

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युवा ही प्रदेश और देश का भविष्य हैं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,बिलासपुर में तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का भव्य शुभारंभ

रायपुर 23 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आज बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीन दिवसीय इस महोत्सव का उद्घाटन करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग एवं खेलो इंडिया टॉर्च का रिमोट बटन दबाकर अनावरण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। उद्घाटन समारोह में अबूझमाड़ क्षेत्र के खिलाड़ियों द्वारा मलखंब की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई। महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ी श्री अमित कुमार द्वारा खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और खेल सहित हर क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह युवा महोत्सव न केवल युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान देने का मंच है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम भी है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने, मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान करने तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखंब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस युवा महोत्सव में प्रदेशभर से 3,000 से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो 14 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओंकृ8 दलीय एवं 6 एकलकृमें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन की विजेता प्रतिभाएँ वर्ष 2026 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता यह प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। जनजातीय अंचलों में खेलों की अपार संभावनाएँ हैं और सरकार इन क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ा रही है।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि युवाओं की सृजनशील सोच से ही देश आगे बढ़ता है और केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर 
प्रयासरत हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने घोषणा की कि आने वाले समय में सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक-स्तरीय खेल आयोजनों का आयोजन किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर बदल रहा है और आज जनजातीय क्षेत्रों के युवा राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।

इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायकगण श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और युवा उपस्थित थे।

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भ्रष्टाचार पर अरुण साव की सख्ती: बीजापुर मार्ग निर्माण में लिप्त तीन PWD अधिकारी निलंबित, सरकार का संदेश साफ—अब कोई भी अपराध बर्दाश्त नहीं!"


रायपुर, 23 दिसम्बर 2025
जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति पर अमल करते हुए राज्य शासन ने भ्रष्टाचार में संलिप्तता और गिरफ्तारी पर लोक निर्माण विभाग के एक ईई और दो एसडीओ को निलंबित कर दिया है। विभाग ने बीजापुर के नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार के संबंध में गंगालूर थाने में अपराध पंजीबद्ध होने के बाद विवेचना के दौरान प्रकरण में संलिप्तता पर लोक निर्माण विभाग के संभाग सुकमा के कार्यपालन अभियंता श्री हरनारायण पात्र, उपसंभाग क्रमांक-1 बीजापुर के अनुविभागीय अधिकारी श्री प्रमोद सिंह तंवर और सेतु उपसंभाग जगदलपुर के अनुविभागीय अधिकारी श्री संतोष दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने आज मंत्रालय से तीनों अभियंताओं के तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

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मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में 31 दिसंबर को मंत्रिपरिषद की बैठक

रायपुर, 23 दिसंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 31 दिसम्बर को सवेरे 11.30 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की जाएगी

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर व्यक्त की गहरी शोक-संवेदन


 
 
 
 रायपुर, 23 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ के गौरव, वरिष्ठ एवं विख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिंदी साहित्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकर की कमीज और दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से विनोद कुमार शुक्ल ने साधारण जीवन को असाधारण गरिमा प्रदान की। उनकी लेखनी में मानवीय संवेदना, सादगी और जीवन की सूक्ष्म अनुभूतियाँ अत्यंत सहजता से अभिव्यक्त होती थीं, जिसने पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएँ केवल साहित्य नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और जीवन-दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति हैं। उनकी संवेदनशील दृष्टि और मौलिक भाषा-शैली सदैव पाठकों को प्रेरणा देती रहेंगी और हिंदी साहित्य में उनका योगदान अमिट रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे इस दुःख की घड़ी में सभी को संबल प्रदान करें तथा पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

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विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता नामावली का प्रारूप प्रकाशित: 6.14 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 89.42% ने अपने गणना पत्रक जमा किए, 72,740 नाम विलोपित, दावा-आपत्ति की अवधि 23 दिसंबर से 22 जनवरी 2026 तक

जशपुरनगर, 23 दिसंबर 2025/ विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत आज 23 दिसबंर मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा निर्वाचक नामावली के प्रारूप का प्रकाशन किया गया। प्रकाशन के दौरान मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों केे प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री हरिओम द्विवेदी और ERO मौजूद रहे। राजनैतिक दलों केे प्रतिनिधियों को मतदाता सूची  की बूथवार मुद्रित व डिजिटल प्रतियां उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा सीईओ छत्तीसगढ़ की वेबसाइट पर प्रदर्शित की गई। निर्वाचन नामावली के प्रारूप का प्रकाशन के अनुसार कुल 72 हजार 740 मतदाताओं का नाम विलोपित किया गया है। इनमें अनकलेक्टेबल केटेगिरी में विधानसभा जशपुर में 23675 मतदाताओं के नाम विलोपित हुए हैं। जिनमें मृत्यु होने पर 8316, अनुपस्थित पाए जाने पर 4004, स्थायी रूप से स्थानांतरित होने पर 15149, पहले से नामांकित होने पर 1782 और किसी अन्य कारणों से 116 लोगों के नाम विलोपित हुए हैं। इसी तरह कुनकुरी विधानसभा में अनकलेक्टेबल केटेगिरी में 21528 नाम विलोपित किए गए हैं। जिनमें मृत्यु होने पर 7129, अनुपस्थित पाए जाने पर 1517, स्थायी रूप से स्थानांतरित होने पर 10550, पहले से नामांकित पाए जाने पर 2258 और अन्य किसी कारणों से 74 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए हैं। पत्थलगांव विधानसभा अंतर्गत अनकलेक्टेबल केटेगिरी में 21845 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए हैं। जिनमें मृत्यु होने पर 8230, अनुपस्थित पाए जाने पर 1853, स्थायी रूप से स्थानांनरित होने पर 9653, पहले से नामांकित पाए जाने पर 2069 और अन्य किसी कारणों से 40 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए हैं। 
          निर्वाचन नामावली के प्रारूप अनुसार नो मैपिंग मतदाता की संख्या 8863 हैं। जिनमें जशपुर विधानसभा में 2970, कुनकुरी विधानसंभा अंतर्गत 3317 और पत्थलगांव विधानसभा अंतर्गत 2576 मतदाता शामिल है। एसआईआर के पूर्व मतदाताओं की संख्या 687249 थी। इनमें से 614509 (89.42 प्रतिशत) मतदाताओं ने अपने गणना पत्रक जमा किए। एसआईआर के तहत प्रारंभिक प्रकाशन दिनांक 23 दिसंबर 2025 को मतदाताओं की संख्या 614509 हैं और कुल मतदान केंद्र की संख्या 928 हैं।  जिनमें जशपुर विधानसभा अंतर्गत 215234, कुनकुरी विधानसभा अंतर्गत 188462 और पत्थलगांव विधानसभा अंतर्गत मतदाताओं की संख्या 210813 है। 

    वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए भरना होगा फार्म 6

जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि वास्तविक पात्र मतदाताओं को दावा एवं आपत्ति चरण 23 दिसंबर से 22 जनवरी 2026 के दौरान पुनः मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है। इसके लिए घोषणा पत्र के साथ फार्म 6 भरना होगा इसे एनेक्सर IV और दूसरे डॉक्यूमेंट्स के साथ जमा करना होगा। इसके अनुसार फार्म 6 नए वोटर्स के लिए फार्म 6A विदेश में रहने वाले वोटर्स द्वारा इलेक्ट्रोरल रोल में नाम शामिल करने के लिए एप्लीकेशन, फार्म 7 मौजूदा इलेक्ट्रोल रोल में नाम शामिल करने एवं हटाने  के प्रस्ताव पर आपत्ति के वोटर एप्लीकेशन फार्म और फार्म 8 में निवास बदलने एवं मौजूदा इलेक्ट्रोल रोल में एंट्री एवं सुधार, EPIC बदलने, PWD मार्क करने के लिए वोटर एप्लीकेशन फार्म भरना होगा। एप्लीकेशन फार्म अपने क्षेत्र के बूथ लेवल आफिसर के पास जमा कर सकते हैं। इसके अलावा एप्लीकेशन फार्म ECINET मोबाइल ऐप  या http://voters.eci.gov.in के जरिए ऑनलाईन जमा किया जा सकता है। 
 
      युवा वोटरों को एनरोल करने लगाएं जाएंगे शिविर

 निर्वाचन आयोग के द्वारा जो युवा वोटर 01.01.2026 को या उससे पहले 18 साल के हो गए हैं या हो जाएंगे, उन्हें फॉर्म-6 के साथ एनेक्सर IV में दिए गए जरूरी घोषणा पत्र के साथ एप्लाई करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसक साथ ही सभी योग्य युवा वोटरों को एनरोल करने के लिए पूरे जिले में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। विभिन्न जिलों में स्वीप गतिविधियों के माध्यम से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए अभियान बनाया गया परिणाम स्वरुप नाम जोड़ने के लिए 5033 फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं। अब तक नए वोटरों को शामिल करने के लिए फॉर्म 6 (घोषणा पत्र के साथ या उनके बिना) जमा किए गए हैं। जांच और घोषणा पत्र जमा करने के बाद, नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जाएंगे।    
   एसआईआर के दिशा-निर्देशों के अनुसार ERO/AERO द्वारा बिना नोटिस जारी किए एवं स्पीकिंग ऑर्डर पारित किए बिना कोई भी नाम सूची में नहीं हटाया जाएगा। पीड़ित मतदाता लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24 के अंतर्गत प्रथम अपील जिला मजिस्ट्रेट एवं द्वितीय अपील मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की पास कर सकता है। आयोग पारदर्शी, सहभागी एवं समावेशी पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रति तथा कोर्ड योग्य मतदाता ना छूटे वह कोई अयोग्य नाम सूची में शामिल न हो इस उद्देश्य के प्रत्ति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।
      
     घोषणा के समर्थन में प्रस्तुत किए जाने वाली सूची

1. केन्द्रीय,राज्य,पी.एस.यू. के नियमित कर्मचारी एवं पेंशन भोगी को निर्गत कोई पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश 2. सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एल.आई.सी.,पी.एस.यू. द्वारा भारत में दिनांक 01.07.1987 से पूर्व निर्गत किया गया कोई भी पहचान पत्र, प्रमाण पत्र या दस्तावेज 3. सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत जन्म प्रमाण-पत्र 4.  पासपोर्ट 5. मान्यता प्राप्त बोर्ड, विश्वविद्यालयों द्वारा निर्गत मैट्रिकुलेपन,शैक्षणिक प्रमाण- पत्र 6. सक्षम राज्य प्राधिकार द्वारा निर्गत स्थायी निवास प्रमाण-पत्र 7. वन अधिकार प्रमाण-पत्र 8. सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत ओबीसी,एससी, एसटी  या कोई जाति प्रमाण-पत्र 9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ यह उपलब्ध हो) 10.  राज्य या स्थानीय प्राधिकार द्वारा तैयार किया गया पारिवारिक रजिस्टर 11.  सरकार की कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण-पत्र 12.  आधार निर्वाचन आयोग के द्वारा जारी निर्देश पत्र क्रमांक 23/2025 ERS / Volume ll दिनांक 09/09/2025 के अनुसार लागू 13.  दिनाक 01.07 2025 के संदर्भ में बिहार राज्य में हुए एसआईआर से संबंधित निर्वाचक नामावली का उद्धदरण।

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम

निर्वाचन नामावली प्रारूप प्रकाशन 23 दिसंबर 2025, दावा एवं आपत्ति प्राप्त करने की अवधि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026, नोटिस अवधि 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक, दावा एवं आपत्ति का निराकरण 14 फरवरी एवं निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का किया शुभारंभ,छत्तीसगढ़ में खेलों का विकास हमारी प्राथमिकता- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 23 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज यहां राजधानी रायपुर के कोटा रोड स्थित स्वामी विवेकानंद एथेलेटिक स्टेडियम में आयोजित 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के शुभारंभ किया। उन्होंने 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी और खिलाड़ियों को उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए उनका उत्साहवर्धन किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह सौभाग्य है कि प्रदेश को राष्ट्रीय ट्राइबल गेम्स के आयोजन का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया के माध्यम से देश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बहुत अच्छे अवसर मिल रहे हैं। साथ ही आज पूरे देश और प्रदेश में खेल को लेकर बेहतर वातारण तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों का विकास हमारी प्राथमिकता मे शामिल है। सरकार द्वारा सभी खेलों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को निखारने सभी सुविधाएं और प्रोत्साहन दिया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी खेलो इंडिया के नये परिसरों की शुरुआत की गई है, इससे खेल प्रतिभाओं को सभी जरुरी सुविधाएं मिल रही हैं। राज्य में खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाता है जिससे खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाता है। हमारी सरकार ओलंपिक में शामिल होने वाले एथलीट को 21 लाख रुपये देगी। यदि हमारे प्रदेश का कोई युवा खिलाड़ी ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतता है तो उसे 3 करोड़, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ तथा कांस्य पदक जीतने वालों को एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 

उल्लेखनीय है कि 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश आरचरी एसोसिएशन एवं छत्तीसगढ़ खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 22 से 30 दिसंबर तक आयोजित होगी। प्रतियोगिता में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 500 खिलाड़ी  हिस्सा ले रहे है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कैलाश मोरारका, महासचिव श्री आयुष मोरारका, श्री ईश्वर प्रसाद अग्रवाल सहित विभिन्न प्रदेशों से आए खिलाड़ी, कोच,मैनेजर तथा गणमान्यजन व खेलप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में कौशल-एकीकृत औद्योगिक विकास को मिल रही नई गति – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय,GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बना प्रमुख आकर्षण

रायपुर 23 दिसंबर 2025/भविष्य-उन्मुख कौशल विकास के साथ औद्योगिक विकास को सुदृढ़ रूप से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा 23 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ स्किल टेक का आयोजन किया गया। यह उद्योग-केंद्रित निवेश कार्यक्रम प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM SETU) के अंतर्गत कौशल विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर समझौता ज्ञापन (MoUs) हस्ताक्षरित किए गए तथा निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए। कुल मिलाकर 13,690 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश सामने आए हैं, जिनसे राज्य में 12,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। ये निवेश विभिन्न क्षेत्रों में कौशल-आधारित रोजगार को मजबूती प्रदान करेंगे।

*कौशल-आधारित औद्योगिक विकास की धुरी बना गेल का प्रोजेक्ट*

निवेश प्रतिबद्धताओं में गेल (GAIL) का प्रस्तावित गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र राज्य के लिए एक प्रमुख एवं सबसे बड़े औद्योगिक प्रस्तावों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया।
लगभग 10,500 करोड़ रुपये के प्रथम चरण निवेश तथा 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) यूरिया उत्पादन क्षमता के साथ यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल एवं उर्वरक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी।

यह प्रस्तावित परियोजना गेल की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (MNJPL) के साथ प्लान की गई है, जो अनुकूल तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता पर आधारित होगी। यह परियोजना राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में 400 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित है, जबकि 100 एकड़ अतिरिक्त भूमि एक समर्पित टाउनशिप के लिए आरक्षित की गई है।परियोजना में भविष्य में मांग एवं अधोसंरचना की उपलब्धता के अनुरूप क्षमता विस्तार का भी प्रावधान रखा गया है।

परियोजना के संचालन में आने के पश्चात लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके साथ ही संचालन, तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस तथा संबद्ध क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की निरंतर मांग उत्पन्न होगी, जो राज्य के कौशल-एकीकृत औद्योगिकीकरण के दृष्टिकोण को और सशक्त करेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा—“छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल निवेश, रोजगार और कौशल को आपस में जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंचों के माध्यम से हम निवेशकों के विश्वास को ज़मीनी स्तर पर परिणामों में बदल रहे हैं, ताकि राज्य में कुशल रोजगार के अवसर सृजित हों। इसके पीछे स्पष्ट नीतियाँ और प्रभावी क्रियान्वयन क्षमता हमारी ताकत है।”

*विविध क्षेत्रों में निवेश रुचि से मजबूत हुआ कौशल पारिस्थितिकी तंत्र*

गेल के अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ स्किल टेक में परिधान एवं वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण तथा अन्य उभरते (सनराइज़) क्षेत्रों में भी निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली। ये सभी क्षेत्र राज्य की कौशल विकास प्राथमिकताओं एवं रोजगार सृजन लक्ष्यों के अनुरूप हैं।

कार्यक्रम के दौरान जशपुर में स्थापित आदित्य बिरला स्किल सेंटर को भी एक महत्वपूर्ण उद्योग-प्रेरित कौशल पहल के रूप में रेखांकित किया गया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक एवं उभरते क्षेत्रों में कार्यबल की क्षमताओं को सुदृढ़ करना और आजीविका के अवसर बढ़ाना है।
छत्तीसगढ़ स्किल टेक राज्य में पहले से चल रहे निवेश गति को और आगे बढ़ाने वाला मंच सिद्ध हुआ है। 

उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष में छत्तीसगढ़ को 200 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत परियोजनाएँ कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर चुकी हैं।

उल्लेखनीय है कि कार्यान्वयन में चल रही परियोजनाओं में से 58 प्रतिशत राज्य द्वारा चिन्हित प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों से संबंधित हैं। ये निवेश राज्य के 26 जिलों में फैले हुए हैं, जो क्षेत्रीय संतुलन एवं औद्योगिक विविधीकरण पर छत्तीसगढ़ सरकार के विशेष फोकस को दर्शाता है।

यह आयोजन छत्तीसगढ़ की उस उभरती पहचान को पुनः पुष्ट करता है, जहाँ औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और समावेशी विकास एक-दूसरे के साथ समानांतर आगे बढ़ते हैं, ताकि आर्थिक प्रगति राज्य के युवाओं के लिए दीर्घकालिक और सार्थक आजीविका अवसरों में परिवर्तित हो सके।

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