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मन की बात’ बनी देश के कोने-कोने की प्रतिभा और नवाचारों की राष्ट्रीय पहचान का मंच, मुख्यमंत्री साय बोले—‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प में हर वर्ग की भागीदारी जरूरी

रायपुर, 30 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित निरंजन धर्मशाला में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी का श्रवण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का देश के 140 करोड़ नागरिकों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे नवाचारों, प्रेरक प्रयासों और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले लोगों की उपलब्धियों को पूरे देश के सामने रखते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देशवासियों को प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाले ‘मन की बात’ कार्यक्रम की प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इसमें ऐसे अनेक विषयों और व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हैं, जिनके बारे में सामान्यतः देश के लोगों को जानकारी नहीं मिल पाती। इससे जहां अच्छे कार्य करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ता है, वहीं उनके प्रयास लाखों देशवासियों के लिए प्रेरणा बनते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे देश के दूरस्थ गांवों और छोटे-छोटे क्षेत्रों में अनेक लोग बिना किसी प्रचार और स्वार्थ के समाज तथा राष्ट्रहित में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। कोई पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहा है, कोई स्वच्छता के लिए कार्य कर रहा है, तो कोई स्थानीय संसाधनों के माध्यम से नवाचार कर अपने क्षेत्र में बदलाव ला रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से ऐसे सामान्य लोगों के असाधारण कार्यों को राष्ट्रीय पहचान देते हैं। इससे देश में सकारात्मकता और जनभागीदारी की भावना मजबूत होती है तथा दूसरे लोगों को भी कुछ नया और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।

*‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रखना परिवार, समाज और राष्ट्र सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज को झेलने पड़ते हैं। स्वस्थ, समर्थ और ऊर्जावान युवा पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से नशामुक्ति के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

*‘हर घर तिरंगा’ में दिखा देशवासियों का राष्ट्रप्रेम*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के प्रति देशवासियों के अभूतपूर्व उत्साह का भी उल्लेख किया। अभियान के अंतर्गत 8 करोड़ से अधिक देशवासियों ने तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड की। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्रध्वज के प्रति देशवासियों के सम्मान, गौरव और गहरे भावनात्मक जुड़ाव की अभिव्यक्ति है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ आज जन-जन का अभियान बन चुका है। ऐसे अभियान राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के साथ प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका और कर्तव्यों का स्मरण कराते हैं।

*पीएम स्वनिधि से मातृशक्ति को मिल रही आर्थिक संबल*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की भी चर्चा की। रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को योजना के माध्यम से अपने कारोबार को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और देशभर में करीब 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर अपने छोटे व्यवसायों को नई गति दे रही हैं। आर्थिक रूप से सशक्त महिला न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाती है, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

*स्वच्छता केवल अभियान नहीं, जन-जन का संकल्प बने*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। स्वच्छता में स्थायी परिवर्तन तभी संभव है, जब यह केवल सरकारी अभियान न रहकर प्रत्येक नागरिक की आदत और जिम्मेदारी बने।

उन्होंने कहा कि जब किसी गांव, शहर अथवा क्षेत्र के लोग स्वयं अपने परिवेश को स्वच्छ रखने का संकल्प लेते हैं, तो उसका प्रभाव केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उस स्थान की पहचान और वहां के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव आता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर, मोहल्ले, गांव, शहर और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

*अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की उड़ान, छत्तीसगढ़ की महिमा राजपूत पर गर्व*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज भारत की बेटियां अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं। उनकी आकांक्षाओं की उड़ान अब धरती से अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ में मिशन शक्ति सैट जैसे प्रेरक प्रयास का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से भारत सहित विभिन्न देशों की हजारों छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी को समझने, सीखने और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का विषय है कि प्रदेश की महिमा राजपूत भी इस महत्वपूर्ण मुहिम का हिस्सा बनी हैं। उन्होंने महिमा राजपूत को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उनकी उपलब्धियां प्रदेश की दूसरी बेटियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करती हैं।

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ की विभिन्न कड़ियों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर छत्तीसगढ़ और यहां के उल्लेखनीय प्रयासों का उल्लेख किया है। बस्तर ओलंपिक से लेकर मल्हार में मिले प्राचीन ताम्रपत्रों और काले हिरण के संरक्षण तक, छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं और उपलब्धियों को प्रधानमंत्री ने देशवासियों के सामने रखा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के नवाचारों, संस्कृति, विरासत और सकारात्मक प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर स्थान दिया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गौरव की बात है। इससे छत्तीसगढ़ के अच्छे कार्यों को देशभर में पहचान मिलने के साथ प्रदेश के लोगों का उत्साह भी बढ़ता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों को एक सूत्र में जोड़ती है। यह कार्यक्रम नागरिकों को स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, नवाचार, समाजसेवा और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के लिए प्रेरित करने के साथ जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह सतत संवाद देशवासियों में कर्तव्यबोध जगाकर विकसित भारत के निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू एवं श्री पुरंदर मिश्रा, संतजन, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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रनपुर साप्ताहिक बाजार में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान अब समय की जरूरत-पंचायत प्रयासरत लेकिन निकासी मार्ग की कमी बनी बड़ी अड़चन

पानी में लगती हैं दुकानें, भीगता है सामान और प्रभावित होता है कारोबार,व्यापारी बोले—हर बरसात में यही हाल रहा तो व्यापार करना होगा मुश्किल

नारायणपुर । बारिश शुरू होते ही बगीचा ब्लाक के अंतर्गत आने वाला रनपुर का साप्ताहिक बाजार परिसर जलभराव की समस्या से जूझने लगता है। भारी बारिश के बाद बाजार परिसर में पानी इस कदर जमा हो जाता है कि व्यापारियों के लिए दुकान लगाना और ग्राहकों के लिए बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई व्यापारी अपनी दुकानें पानी के बीच लगाने को मजबूर नजर आते हैं, जिससे उनके सामान के खराब होने की चिंता बनी रहती है।

बताया जाता है कि बाजार परिसर के चारों ओर मकान और निजी जमीन होने के कारण बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त रास्ता उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि पानी बाहर निकलने के बजाय बाजार परिसर में ही जमा हो जाता है। हर बारिश के साथ सामने आने वाली यह समस्या अब साप्ताहिक बाजार की व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

साप्ताहिक बाजार में दूर-दराज से व्यापारी अपने सामान लेकर पहुंचते हैं। लेकिन परिसर में पानी जमा होने के कारण उन्हें दुकान लगाने के लिए उपयुक्त जगह तलाशनी पड़ती है। कई बार पानी के बीच दुकान लगाने की मजबूरी बन जाती है। व्यापारियों का कहना है कि बारिश के दौरान दुकान लगाने में मेहनत के साथ सामान खराब होने का जोखिम भी बना रहता है। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में बरसात के दिनों में यहां व्यापार करना मुश्किल हो सकता है।

बाजार ग्राम पंचायत के अधीन है और पंचायत स्तर पर भी जलभराव की समस्या का समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि पानी की निकासी के लिए उपयुक्त मार्ग और नाली निर्माण के लिए आवश्यक जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण समाधान की राह आसान नहीं है। बाजार परिसर के किनारे निजी भूमि होने से नाली निर्माण के लिए स्थान की उपलब्धता भी एक महत्वपूर्ण विषय बनी हुई है।

स्थानीय स्तर पर माना जा रहा है कि यदि पानी निकासी के लिए उचित मार्ग और आवश्यक स्थान मिल जाए तो नाली निर्माण कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है। इसके लिए संबंधित पक्षों के आपसी समन्वय और सहमति से रास्ता तलाशना जरूरी होगा। जल निकासी की व्यवस्था होने से न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी, बल्कि बाजार में आने वाले ग्रामीणों और ग्राहकों को भी बारिश के दौरान होने वाली परेशानी से निजात मिल सकेगी।

व्यापारियों में लगातार जलभराव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि साप्ताहिक बाजार उनकी रोजी-रोटी से जुड़ा है और वे हर सप्ताह उम्मीद लेकर यहां व्यापार करने आते हैं। ऐसे में बारिश के दिनों में यदि बाजार परिसर पानी से भर जाए तो व्यापार प्रभावित होना स्वाभाविक है। व्यापारियों की अपेक्षा है कि समस्या को किसी के खिलाफ शिकायत के रूप में नहीं, बल्कि सामूहिक सुविधा से जुड़ा विषय मानकर देखा जाए और जल निकासी के लिए व्यावहारिक रास्ता निकाला जाए।

रनपुर के साप्ताहिक बाजार में बारिश के दौरान होने वाला जलभराव अब हर साल दोहराई जाने वाली समस्या बन चुका है। पंचायत के प्रयासों के बावजूद जब तक पानी निकासी का रास्ता नहीं निकलता, तब तक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं दिखता। ऐसे में बाजार परिसर के पानी को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालने की व्यवस्था करना समय की जरूरत है, ताकि बारिश के मौसम में भी रनपुर का साप्ताहिक बाजार बिना अव्यवस्था के सुचारु रूप से चलता रहे।

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छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को तलाशने-तराशने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने सरकार प्रतिबद्ध, राष्ट्रीय खेल दिवस पर 126 खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को मिला राज्य खेल अलंकरण

रायपुर, 29 अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती एवं राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के लिए 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान किए। समारोह में राज्य खेल अलंकरण प्राप्त खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों के साथ ही 540 अन्य खिलाड़ियों को भी नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 666 खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को 1 करोड़ 74 लाख 19 हजार रुपए की पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में खिलाड़ी का परिश्रम, अनुशासन और संघर्ष केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी सफलता से पूरे प्रदेश और देश का गौरव बढ़ता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े।

समारोह में उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं श्री विजय बघेल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

*उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के अवसर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जा रहा है। राज्य सरकार खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए भी लगातार कदम उठा रही है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची जारी की गई है, जिससे उनके लिए शासकीय सेवा में नियुक्ति का रास्ता खुला है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान और प्रोत्साहन देने के साथ उनके भविष्य को संवारना भी सरकार की प्राथमिकता है। इससे प्रदेश के युवाओं में खेलों को करियर के रूप में अपनाने का विश्वास और मजबूत होगा।

*बस्तर की खेल प्रतिभाओं को मिला बड़ा मंच*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें पहचानने, अवसर देने और उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन कर रही है।

उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक के पहले आयोजन में 1 लाख 65 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया था। दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर 3 लाख 91 हजार तक पहुंच गई। इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का खेल मैदान तक आना बस्तर में आ रहे सकारात्मक बदलाव और युवाओं के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से भी स्थानीय प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर दिया गया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का सफल आयोजन किया गया। इन आयोजनों के जरिए राज्य सरकार प्रतिभाओं को तलाशने के साथ उन्हें प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का बेहतर वातावरण उपलब्ध करा रही है।

*पांच मिशन के जरिए खेलों को नई ऊंचाई देने की तैयारी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए पांच मिशन पर काम कर रही है। इनमें मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन भी शामिल है। इसके लिए 100 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं, बल्कि प्रतिभाओं की पहचान से लेकर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन, बेहतर खेल अधोसंरचना और बड़े मंचों तक पहुंचने के अवसर उपलब्ध कराने की समग्र व्यवस्था विकसित करना है। इससे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।

*प्रदेश में मजबूत हो रही खेल अधोसंरचना*

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना का तेजी से विकास किया जा रहा है। कुनकुरी, रायगढ़ और रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि तीरंदाजी के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नवा रायपुर में लगभग 67 करोड़ रुपए की लागत से एकेडमी का निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह पहाड़ी कोरवा समुदाय की नैसर्गिक तीरंदाजी प्रतिभा को निखारने के लिए पंडरापाट में लगभग 18 करोड़ रुपए की लागत से तीरंदाजी अकादमी विकसित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय अंचलों में अनेक ऐसे युवा हैं, जिनमें खेलों की स्वाभाविक प्रतिभा है। उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण और उचित मंच उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं।

*छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव*

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक विविधता विभिन्न खेलों के लिए अनुकूल है। प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता इन प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें निखारने और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर देने की है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है। केंद्र सरकार की खेलो इंडिया जैसी पहलों से देशभर में खेलों के प्रति नया उत्साह और सकारात्मक वातावरण बना है। इसका लाभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को भी मिल रहा है।

श्री साव ने बिलासपुर खेल अकादमी की गीता यादव और मधु सिदार का एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चयन होने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। प्रदेश की प्रतिभाएं निरंतर बड़े मंचों तक पहुंच रही हैं।

*देश में खेलों के लिए बना सकारात्मक वातावरण : केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू*

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने खेल से भारत को दुनिया में गौरवान्वित किया। आज उनके पदचिह्नों पर चलते हुए छत्तीसगढ़ के बेटे-बेटियां विभिन्न खेलों में प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, आधुनिक सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के कारण देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बना है। इसका परिणाम है कि भारत के खिलाड़ी विश्व की बड़ी प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के सामने अनेक बड़े अवसर हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रमंडल खेलों के साथ ही ओलंपिक और एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर पदक जीतकर छत्तीसगढ़ के एम्बैसडर बनेंगे और राज्य का गौरव बढ़ाएंगे।

*तीन वर्षों के उत्कृष्ट खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का सम्मान*

राज्य खेल अलंकरण समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इनमें शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी शामिल हैं।

*वर्ष 2023-24*

शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार – कु. मोनिका साहू (फेंसिंग), श्री सुभाष लहरे (वेटलिफ्टिंग), श्री अनुप यदु (नेटबॉल), श्री राजेश राठौर (नेटबॉल), श्री भूपेन्द्र कुमार गढ़े (सॉफ्टबॉल) एवं श्री परमानंद (पैरा स्विमिंग)।

*शहीद कौशल यादव पुरस्कार* – सुश्री दिपांशी नेताम (फेंसिंग), श्री महेन्द्र धुर्वे (वॉलीबॉल), श्री अमित कुमार (एथलेटिक्स) एवं श्री राकेश कडती (सॉफ्टबॉल)।

*वीर हनुमान सिंह पुरस्कार* – श्री विकास ढीढ़ी (पैरा जूडो)।

*शहीद पंकज विक्रम सम्मान* – कु. सीता साहू (पैरा व्हीलचेयर फेंसिंग), श्री करन भारती (वुशू), सुश्री प्रियंका ठाकुर (वुशू), श्री शशांक मसीह (रायफल शूटिंग), श्री राजीव साहू (टेबल टेनिस), कु. काजल (टेबल टेनिस), कु. भूमिका उपाध्याय (हॉकी) एवं अजिंक्या सिंह (तैराकी)।

*शहीद विनोद चौबे सम्मान* – श्री प्रवेश चढ्ढा (शूटिंग), श्री विजय बहादुर (हैंडबॉल), श्री लक्ष्मण लाल साहू (कुश्ती), श्री के. रवि शंकर (टेबल टेनिस) एवं श्री गिरिराज बागड़ी (टेबल टेनिस)।

*मुख्यमंत्री ट्रॉफी* – सीनियर वर्ग में बिलासपुर की पैरा व्हीलचेयर फेंसिंग टीम।

*वर्ष 2024-25*

*शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार* – कु. ज्ञानेश्वरी यादव (वेटलिफ्टिंग), श्री ईशान भटनागर (बैडमिंटन), श्री दिव्यांशु नेताम (फेंसिंग), कु. भूमि गुप्ता (तैराकी), कु. सोनम शर्मा (नेटबॉल), श्री कलाराम पटेल (पैरा एथलेटिक्स) एवं लोमेन्द्र साहू।

*शहीद कौशल यादव पुरस्कार* – श्री मानस भट्टाचार्य (बैडमिंटन) एवं श्री सुखदेव (पैरा एथलेटिक्स)।

*वीर हनुमान सिंह पुरस्कार* – श्री अशोक कुमार साहू (कयाकिंग एवं कैनोइंग)।

*शहीद पंकज विक्रम सम्मान* – कु. सुमन यादव (फुटबॉल), श्री रोहित रजक (हॉकी), कु. गीतांजलि निर्मलकर (हॉकी), श्री के.एस. साई प्रशांत (टेबल टेनिस), कु. सुष्मिता सोम (टेबल टेनिस), श्री रामकृष्ण साहू (पैरा स्विमिंग), स्वाति साहू (पैरा व्हीलचेयर फेंसिंग), श्री साकेत सामुएल (रायफल शूटिंग), श्री अमन तिवारी (वुशू) एवं कु. मानसी डुंभरे (वुशू)।

*शहीद विनोद चौबे सम्मान* – श्रीमती प्रभा हुसैन (एथलेटिक्स), श्रीमती संगीता राजगोपालन (बैडमिंटन), श्री गामा यादव (कुश्ती) एवं श्री प्रनय नन्द मजूमदार (टेबल टेनिस)।

*मुख्यमंत्री ट्रॉफी*– सीनियर महिला वर्ग में बिलासपुर की तीरंदाजी टीम।

*वर्ष 2025-26*

*शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार* – विकास कुमार (आर्चरी), किरण पिस्दा (फुटबॉल), दीपांशी नेताम (फेंसिंग), सुजेय तंबोली (बैडमिंटन), आयुष माखिजा (बैडमिंटन), संजू देवी (कबड्डी), रीमा राय (सॉफ्ट टेनिस), मिशा कुमारी (नेटबॉल) एवं लक्की यादव (पैरा एथलेटिक्स)।

*शहीद कौशल यादव पुरस्कार* – दिव्यांशु देवांगन (शूटिंग), विक्रम राज (आर्चरी), दिव्यांश अग्रवाल (बैडमिंटन), सोनिका राजवाड़े (एथलेटिक्स), स्वप्निल प्रधान (वुशू), भूमिका चौधरी (नेटबॉल), पूजा (नेटबॉल) एवं निखिल कुमार यादव (पैरा एथलेटिक्स)।

*वीर हनुमान सिंह पुरस्कार* – अजय दीप सारंग (वेटलिफ्टिंग)।

*शहीद पंकज विक्रम सम्मान* – संस्कार दिवान (वुशू), विद्या सिंह (वुशू), अंकुश सिंह (खो-खो), झमिता साहू (खो-खो), हेमशिखर (वॉलीबॉल), अरन्दिम देवनाथ (टेबल टेनिस), स्नेहा न्योगी (जूडो), अनमोल सिंह (जूडो), यश केरकेट्टा (बॉक्सिंग), टुकेश साहू (जिम्नास्टिक), सेमेश्वर सिंह (पैरा स्विमिंग), श्रीकांत पाण्डे (पैरा जूडो) एवं खुशाल यादव (हॉकी)।

*शहीद विनोद चौबे सम्मान* – गंगेश्वर (एथलेटिक्स), ख्वाजा अहमद (वॉलीबॉल), एवन कुमार जैन (वेटलिफ्टिंग), मो. अकरम खान (वॉलीबॉल) एवं प्रदीप जोशी (टेबल टेनिस)।

*मुख्यमंत्री ट्रॉफी* – तीरंदाजी सीनियर महिला टीम एवं सॉफ्ट टेनिस जूनियर बालिका टीम।

समारोह में विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू एवं श्री सुनील सोनी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साहू, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. विक्रम सिसोदिया, विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक उपस्थित थे।

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खेल विभूतियों के संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों तक की कहानी, मुख्यमंत्री साय ने फोटो प्रदर्शनी का किया अवलोकन और ‘हमारे खिलाड़ी’ पुस्तक का किया विमोचन

रायपुर 29 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली खेल इतिहास और खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर केंद्रित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा कॉफी टेबल बुक ‘हमारे खिलाड़ी’ का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फोटो प्रदर्शनी में प्रदर्शित छत्तीसगढ़ की खेल विभूतियों के जीवन, संघर्ष, उपलब्धियों और खेल जगत में उनके योगदान से संबंधित छायाचित्रों एवं जानकारियों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदेश के खेल इतिहास और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की इस पहल की सराहना की।

खेलों पर आधारित इस विशेष फोटो प्रदर्शनी में शहीद राजीव पाण्डेय, शहीद पंकज विक्रम, शहीद कौशल यादव और शहीद विनोद चौबे सहित छत्तीसगढ़ की अनेक विभूतियों के जीवन और योगदान को छायाचित्रों एवं रोचक जानकारियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी में वीर हनुमान सिंह के जीवन, उनकी खेल साधना और खेल जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।

प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के संघर्ष से सफलता तक के सफर को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया गया है। इसमें खिलाड़ियों की उपलब्धियों के साथ उन प्रेरक प्रसंगों को भी स्थान दिया गया है, जो नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणा देने वाले हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कॉफी टेबल बुक ‘हमारे खिलाड़ी’ का भी विमोचन किया। इस कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के जीवन परिचय, खेल यात्रा, महत्वपूर्ण उपलब्धियों और उनके योगदान को आकर्षक छायाचित्रों के साथ संकलित किया गया है। यह पुस्तक प्रदेश की खेल प्रतिभाओं की उपलब्धियों को दस्तावेजीकृत करने के साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध खेल विरासत को नई पीढ़ी से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

फोटो प्रदर्शनी एवं कॉफी टेबल बुक ‘हमारे खिलाड़ी’ को खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास, प्रदेश की गौरवशाली खेल विभूतियों तथा वर्तमान खिलाड़ियों की उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं श्री विजय बघेल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू एवं श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. विक्रम सिसोदिया सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित थे।

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राज्यपाल रमेन डेका का विद्यार्थियों को संदेश—लक्ष्य तय करें, जुनून जगाएं और सफलता के लिए करें निरंतर मेहनत


​रायपुर, 29 अगस्त 2026/राज्यपाल श्री रमेन डेका आज बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम चाम्पा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित लोकार्पण एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण किया। साथ ही, वरिष्ठ शिक्षकों, 10वीं व 12वीं के मेधावी छात्रों, पीएटी (PAT) में चयनित विद्यार्थियों और 'हम होंगे कामयाब' योजना के तहत रोजगार प्राप्त 9 युवाओं को सम्मानित किया।

*​जुनून और कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी- राज्यपाल*

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि नवनिर्मित सभाकक्ष से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए सांस्कृतिक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने शिक्षक-छात्र संबंधों की प्रगाढ़ता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों को अपने आचरण से छात्रों का रोल मॉडल बनना चाहिए। छात्रों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए जुनून पैदा करें और उसे हकीकत में बदलने के लिए निरंतर कड़ी मेहनत करें। नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह नीति कौशल विकास और विषय विशेषज्ञता हासिल करने में सहायक है।

*​डिजिटल तकनीक का संतुलित उपयोग जरूरी*

मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने छात्रों से अपील की कि वे तकनीक का इस्तेमाल केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही करें। सोशल मीडिया और एआई (AI) सुविधाजनक जरूर हैं, लेकिन इनका अत्यधिक उपयोग आत्ममंथन और सृजनात्मक को कम कर देता है।

*​ऐतिहासिक और गौरव का क्षण: राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा*

राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने राज्यपाल के आगमन को चाम्पा गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए कहा कि शिक्षक न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध भी कराते हैं। उन्होंने छात्रों को असफलताओं से न घबराकर कड़ी मेहनत जारी रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर ​ राज्यपाल ने अपनी स्वर्गीय माता चम्पावती डेका की स्मृति में स्कूल परिसर में अमलताश का पौधा रोपा। राजस्व मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी एक पेड़ माँ के नाम पौधरोपण किया।

कार्यक्रम में  'बिहान' योजना की आजीविका दीदियों द्वारा लगाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का राज्यपाल ने अवलोकन किया। इस दौरान दीदियों ने उन्हें धान और चावल के बीजों से निर्मित हस्तनिर्मित राखी बांधी, जिसकी राज्यपाल ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
 
समारोह में ​शिक्षक व शिक्षाविद श्री एस.एम. पाध्ये, डॉ. निशा झा, डॉ. डी.एन. राय, और भूषण धुरंधर तथा​प्रतिभावान छात्र जिज्ञासु वर्मा (12वीं स्टेट टॉपर), साक्षी वर्मा, अमित कुमार टंडन (10वीं), तथा पीएटी चयनित प्रवीण डहरिया, ममता साहू एवं मयंक वर्मा को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित थे।

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जहां कभी बंदूक और वर्दी आमने-सामने थी, वहीं रक्षाबंधन पर पूर्व नक्सली महिलाओं ने जवानों की कलाई पर बांधी राखी, बस्तर में दिखी भरोसे और भाईचारे की नई तस्वीर

रायपुर 29 अगस्त 2026/ कलाई आगे बढ़ी तो कुछ पल के लिए जैसे समय ठहर गया। सामने सुरक्षा बल का जवान था और हाथ में राखी लिए खड़ी थी वह महिला, जिसकी जिंदगी के करीब 25 साल जंगल, नक्सली संगठन और संघर्ष के बीच बीते थे। कभी जिस वर्दी को देखकर मन में टकराव और अविश्वास पैदा होता था, उसी वर्दी की कलाई पर इस बार उसने राखी बांधी। जवान ने भी बहन का रिश्ता स्वीकार किया, शगुन दिया और मिठाई खिलाई।

भानुप्रतापपुर के सुरक्षा बल कैंप में रक्षाबंधन का यह दृश्य बस्तर की बदलती तस्वीर की कहानी कह रहा था। यह सिर्फ राखी बांधने का कार्यक्रम नहीं था। यह उस दूरी को पाटने की कोशिश थी, जो वर्षों के हिंसक संघर्ष ने समाज और सुरक्षा बलों के बीच पैदा कर दी थी।

*हाथ में हथियार नहीं, राखी थी*

करीब 25 वर्षों तक नक्सली संगठन का हिस्सा रहीं मीना और अन्य पूर्व नक्सली महिलाओं के लिए यह पल सामान्य नहीं था। जंगल की जिंदगी में हथियार और संघर्ष उनका अतीत रहे हैं। लेकिन अब वही हाथ एक नए रिश्ते की शुरुआत कर रहे थे।

सुरक्षा बल के कैंप में पहुंचीं पूर्व नक्सली महिलाओं ने जवानों की कलाई पर राखी बांधी। जवानों ने भी उन्हें बहन के रूप में स्वीकार किया। शगुन दिया, मिठाई खिलाई और इस रिश्ते को सम्मान दिया।

यह तस्वीर इसलिए भी खास थी क्योंकि बस्तर में कई सालों तक सुरक्षा बल और नक्सली आमने-सामने रहे हैं। गोलियों और बारूदी सुरंगों के बीच बने इस तनाव के बीच एक राखी ने संवाद और विश्वास की एक नई जगह बनाई।

*महिला पुलिसकर्मियों ने भी बढ़ाया हाथ*

इस आयोजन में महिला पुलिसकर्मियों ने भी हिस्सा लिया। कभी नक्सल हिंसा के खिलाफ अभियानों और सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा रहे सुरक्षा बल के जवान और पूर्व नक्सली महिलाएं इस दिन किसी संघर्ष के दो पक्ष नहीं, बल्कि एक-दूसरे के भाई-बहन नजर आए।

रक्षाबंधन के इस छोटे से आयोजन में संदेश बड़ा था—अगर हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे लोगों को समाज में स्वीकार्यता मिले और सुरक्षा बलों के साथ विश्वास का रिश्ता बने, तो नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति की राह और मजबूत हो सकती है।

*एसपी बोले—रिश्ते सामान्य होंगे*

कांकेर एसपी श्री  निखिल राखेचा ने इस पहल को नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में एक अनूठा प्रयास बताया।

उन्होंने कहा, यह एक अनूठा प्रयास है कि नक्सलवाद की जो समस्या थी, उसके समाधान की दिशा में हम जो कदम बढ़ा रहे हैं, उसका यह प्रतीक स्वरूप रक्षाबंधन है। इस रिश्ते के धागे से रिश्ते सामान्य होंगे।

एसपी ने कहा कि ऐसे प्रयास केवल त्योहार मनाने तक सीमित नहीं हैं। इनका उद्देश्य समाज में विश्वास बहाली को मजबूत करना और मुख्यधारा से जुड़ने की प्रक्रिया को गति देना भी है।

*मीना के लिए राखी का मतलब सिर्फ त्योहार नहीं*

करीब ढाई दशक तक नक्सली संगठन का हिस्सा रहना किसी भी व्यक्ति की जिंदगी पर गहरी छाप छोड़ता है। जंगल की जिंदगी, संगठन की सोच और संघर्ष के बीच बीते वर्षों के बाद मुख्यधारा में लौटना आसान नहीं होता। ऐसे में राखी का यह धागा मीना और उनके साथ आई महिलाओं के लिए एक नए सामाजिक रिश्ते की शुरुआत जैसा था।

जिस समाज और सुरक्षा व्यवस्था से कभी दूरी रही, उसी समाज के प्रतिनिधि जवान की कलाई पर राखी बांधना यह संकेत भी है कि अतीत की कड़वाहट को पीछे छोड़कर नई जिंदगी की ओर बढ़ने की कोशिश जारी है।

*बस्तर में बदल रही है कहानी*

बस्तर की कहानी लंबे समय तक नक्सली हिंसा, मुठभेड़, शहीद जवानों और भय के इर्द-गिर्द लिखी जाती रही। गांवों में बंदूक की मौजूदगी ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया। विकास की राह भी हिंसा के साए में आगे बढ़ती रही। लेकिन अब इसी बस्तर से कहानी के कुछ नए अध्याय सामने आ रहे हैं।

हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटते लोग, गांवों में पहुंचती विकास की योजनाएं, बनती सड़कें, खुलते स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ सामाजिक विश्वास बहाली के प्रयास भी बदलाव का हिस्सा बन रहे हैं। भानुप्रतापपुर का यह रक्षाबंधन उसी बदलाव की मानवीय तस्वीर है।

*एक राखी, कई संदेश*

राखी का धागा छोटा है, लेकिन इस आयोजन का संदेश बड़ा है। यह संदेश उन लोगों के लिए है जो कभी हिंसा के रास्ते पर चले गए थे कि वापसी का रास्ता खुला है। यह समाज के लिए संदेश है कि मुख्यधारा में लौटने वालों को स्वीकार करना जरूरी है। और यह सुरक्षा बलों के लिए भी एक मानवीय पहल है कि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के साथ विश्वास का रिश्ता भी बनाया जा सकता है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रक्षाबंधन का यह आयोजन इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यहां राखी सिर्फ कलाई पर नहीं बंधी—यह भरोसे पर बंधी।

*जहां कभी डर था, वहां अब भरोसे की कोशिश*

छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शांति, विकास और विश्वास के साथ आगे बढ़ते बस्तर की यह तस्वीर बताती है कि किसी भी संघर्ष का अंत केवल बंदूक से नहीं होता। स्थायी शांति के लिए लोगों के बीच भरोसा लौटना भी उतना ही जरूरी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संकल्प के साथ नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे प्रयासों के बीच यह पहल बस्तर के बदलते सामाजिक माहौल की एक भावुक तस्वीर पेश करती है।

कैंप में राखी बंधने के बाद शायद सबसे बड़ा बदलाव यही था कि कुछ देर के लिए वहां किसी ने यह नहीं देखा कि सामने वाला कल कौन था।

देखा तो सिर्फ इतना गया कि आज वह सामने खड़ा व्यक्ति कौन है—एक भाई, एक बहन और एक ऐसे समाज का हिस्सा, जो अपने अतीत से आगे बढ़कर शांति की ओर जाना चाहता है।

बस्तर में कभी बंदूक रिश्तों के बीच खड़ी थी। इस रक्षाबंधन में उसी जगह एक धागा खड़ा था—रिश्तों का, भरोसे का और नए बस्तर का।

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‘अंतिम सांस तक संघर्ष की सीख देता है खेल’, राष्ट्रीय खेल दिवस पर बोले केटीयू कुलपति प्रो. मनोज दयाल

​रायपुर,29 अगस्त 2026/

      खेल केवल शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती का जरिया नहीं, बल्कि यह विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी अंतिम क्षण तक संघर्ष कर विजय श्री हासिल करने का साहस प्रदान करता है। यह विचार कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
       ​विश्वविद्यालय प्रांगण में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. दयाल ने कहा कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, धैर्य, उत्साह, सकारात्मकता और आपसी समन्वय जैसे जीवन-मूल्यों का बीजारोपण होता है। ये गुण न केवल व्यक्तित्व को संतुलित और बहुआयामी बनाते हैं, बल्कि आज के दौर में तनाव मुक्त जीवन जीने का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।
         ​राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में परिसर में विविध पारंपरिक एवं नवाचारी खेलों की धूम रही। इसमें विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने 'ओंकार दौड़', 'केंद्र कबड्डी', 'नेताजी की पहचान', 'मत चूको चौहान', 'शेर-आदमी-बंदूक' और 'सुदर्शन चक्र' जैसी स्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
​कार्यक्रम में कुलपति प्रो. दयाल के साथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील शर्मा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने खेल भावना का परिचय देते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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तेज रफ्तार पर लगेगी लगाम! दौड़का चौरा में स्टॉपर बैरिकेड और हाई-मास्ट लाइट की मांग, BJYM ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव को सौंपा ज्ञापन

जशपुर : तेज रफ्तार से हो रही दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु दौड़का चौरा में स्टॉपर बैरिकेड एवं हाई-मास्ट लाइट लगाने की मांग

जशपुर में तेज रफ्तार के कारण लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं एवं जनहानि को देखते हुए दौड़का चौरा में स्टॉपर बैरिकेड एवं हाई-मास्ट लाइट लगाने की मांग को लेकर आज उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री अरुण साव जी को ज्ञापन सौंपा गया।

भारतीय जनता युवा मोर्चा जशपुर के मंडल अध्यक्ष दीपक मिश्रा के नेतृत्व में युवा मोर्चा की पूरी टीम ने उपमुख्यमंत्री जी से मुलाकात कर क्षेत्र में बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता जताई और तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग रखी।

युवा मोर्चा ने कहा कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। ऐसे में स्टॉपर बैरिकेड एवं हाई-मास्ट लाइट लगाए जाने से वाहन चालकों की गति नियंत्रित होगी और रात के समय दृश्यता बढ़ने से दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम हो सकेगी।

जनहित एवं सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए युवा मोर्चा ने प्रशासन से इस मांग पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

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जशपुर के स्कूलों में पहुंची ‘साइंस ऑन व्हील्स’, 1600 विद्यार्थियों को मिलेगा विज्ञान और आधुनिक तकनीक का नया अनुभव

जशपुर, 29 अगस्त 2026/

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जिले के विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन एवं इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन के विशेष सहयोग से साइंस ऑन व्हील्स कार्यक्रम का जशपुर में संचालन किया जा रहा है। विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल्स से सुसज्जित मोबाइल वैन के माध्यम से यह कार्यक्रम जिले के विद्यालयों में पहुंचेगा। इसी क्रम में आज शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, दुलदुला में विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास बगिया से इस वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। 

ज्वाइंट कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा और जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा के निर्देश पर साइंस ऑन व्हील्स कार्यक्रम को जिले के विभिन्न विद्यालयों में अध्यनरत कक्षा 6वीं से 10वीं तक के 1600 विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना तथा उन्हें विज्ञान को प्रयोग एवं गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर प्रदान करना है।

साइंस ऑन व्हील्स के माध्यम से ऐसे विद्यार्थियों तक आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक की जानकारी पहुंचाई जा रही है, जहां वैज्ञानिक संसाधनों तक पहुंच सीमित है। हायर सेकेंडरी स्कूल दुलदुला में कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, सस्टेनेबिलिटी एवं वॉटर फिल्ट्रेशन जैसे विषयों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और विज्ञान से जुड़े सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस पहल का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को विज्ञान की जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें करके सीखने, प्रयोग करने और वैज्ञानिक तरीके से समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है।

साइंस ऑन व्हील्स कार्यक्रम को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एनसीएसटीसी पहल के अंतर्गत सहयोग प्राप्त है। प्लक्ष यूनिवर्सिटी एवं आईआईटी मंडी के सहयोग से छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में संचालित की जा रही है।

इस कार्यक्रम को जशपुर जिले में प्रभावी रूप से पहुंचाने में इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन के श्री रत्नेश मिश्रा का प्रयास महत्वपूर्ण है। यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय कार्यक्रम का समन्वय कर रहे हैं। 

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष एवं आधुनिक तकनीक की दुनिया से जोड़ते हुए उन्हें भविष्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। फैसिलिटेटर के रूप में विवेक वैद, राजेश कुमार एवं दुर्गेश साहू विद्यालय में उपस्थित हो रहे हैं।

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जशपुर जिला अस्पताल में नशे की हालत में ड्रेसिंग करने वाले वार्ड बॉय पर बड़ी कार्रवाई, जीवन दीप समिति के कर्मी की सेवा समाप्त

जशपुर 29 अगस्त 2026/ स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोशल मिडिया जशपुर जंक्शन में "नशे में ड्रेसिंग "किया गया जिस पर जिला अस्पताल की व्यवस्था में उठे सवाल" के संबंध में विडियो वायरल हुआ है। वायरल विडियों में प्रदर्शित हो रहा है कि जिला अस्पताल जशपुर में कार्यरत वार्ड बॉय (जीवनदीप कर्मी) के द्वारा नशे में धुत पाया गया है।

 तथा संबंधित के द्वारा नशे की हालत में ड्रेसिंग संबंधित कार्य किया गया है। तद्संबंध में यह है कि उक्त वायरल विडियो के संबंध में नशे की हालत में ड्रेसिंग कार्य किए जाने वाले जीवनदीप कर्मी ‌वार्ड बॉय की सेवा छ०ग० सिविल सेवा आचरण नियम के उल्लघंन व विपरीत पाई जाने पर दिनांक 29.08.2026 को सेवा समाप्त कर दी गई है।

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उप मुख्यमंत्री अरूण साव का जशपुर को बड़ा तोहफा—93 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन, नगर विकास के लिए 4.68 करोड़ की घोषणा; रानी सती तालाब और हाईटेक बस स्टैंड को मिलेगी नई पहचान


जशपुर 29 अगस्त 2026/ उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने जशपुर कम्युनिटी हॉल में जिले के विकास कार्य के लिए 93 करोड़ रुपए की सौगात दी है।

उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया इनमें 86.99 करोड़ रुपए के अमृत मिशन के तहत जल प्रदाय योजना और 7 करोड़ रुपए के गंदे पानी के शुद्ध करने के लिए वाटर फिल्टर के कार्य शामिल हैं।

इसी प्रकार जशपुर के नगर के विकास के लिए 4 करोड़ 68 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि जशपुर के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नहीं होने देंगे, रानी सती तालाब, हाई टेक बस स्टैंड, वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल के जीर्णोद्धार, सहित अन्य कार्यों के लिए राशि स्वीकृत की जाएगी।

इस अवसर पर वनवासी कल्याण आश्रम के महामंत्री श्री योगेश बापट छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ रामप्रताप सिंह नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत जशपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेंद सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री योगेश्वर उपाध्याय और अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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‘शतरंज सिर्फ खेल नहीं, जीवन जीने की कला सिखाता है’—उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जशपुर में फिडे रेटेड प्रतियोगिता का किया शुभारंभ, देशभर के खिलाड़ियों ने जमाया डेरा

जशपुरनगर 29  अगस्त 2026/ जशपुर में पहली बार ‘चेकमेट एट जशपुर–अखिल भारतीय ओपन फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता 2026’ का आयोजन 29 अगस्त से 1 सितंबर तक पुरानी टोली स्थित कम्युनिटी हॉल में किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया और खिलाड़ियों को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।

प्रशासन एवं खेल विभाग तथा जशपुर जिला शतरंज संघ द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में देशभर के 12 राज्यों के 175  खिलाड़ी और कोच शामिल हुए हैं।

इस अवसर पर वनवासी कल्याण आश्रम के महामंत्री श्री योगेश बापट, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जशपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेंद सिंह, नगर पालिका अधिकारी श्री योगेश्वर उपाध्याय अन्य जनप्रतिनिधिगण और खिलाड़ी कोच बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि आज भारत में हर साल 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है।

और मुझे बड़ी प्रसन्नता हो रही है की प्रकृति के बीच बसा जशपुर सुंदर वादियों में स्व. दिलिप सिंह जुदेव की जन्मस्थली में अखिल भारतीय शतरंज प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि शतरंज परम्परा और संस्कृति से जुड़ा हुआ खेल है।

शतरंज हमें जीवन जीने की जीने की कला सिखाती है।
जीवन में धैर्य रखना कोई कदम आगे बढ़ाने से पहले सोचना और निर्णय लेने की सीख शतरंज हमें सिखाती है।

कठिन समय में धैर्य न खोना, एकाग्रता बनाए रखना,सोच समझकर आगे चलना और हर चुनौती का सामना करना सिखाती है शतरंज का खेल  में 64 खानों और 32 मौहरो में जीवन का सीख छिपा हुआ है।

भारत के शतरंज के विश्व प्रसिद्ध खिलाड़ी श्री विश्वनाथन आनंद ने भारत का गौरव बढ़ाया है और ऐसे ही खिलाड़ी आगे हमें तैयार करना है।

अखिल भारतीय फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जशपुर वनांचल जिले में ऐसी प्रतियोगिता करना बड़ा ही गौरव का विषय है।

इससे यहां के खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि शतरंज भारत का प्राचीन खेलों में सुमार है।

इस खेल में आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है।
दादा और पोता दोनों साथ खेल सकते हैं।
इस खेल से मन की एकाग्रता, अनुशासन  शांती से खेलना,और रणनीति बनाने और धैर्य बनाने की सीख मिलती है।

खेल की विशेषता है कि खिलाड़ी जीतता या सीखता है हारता नहीं है।

नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत ने खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन किया और कहा कि हमारे जशपुर के लिए गौरव का क्षण है कि हमें अखिल भारतीय शतरंज प्रतियोगिता आयोजित करने का अवसर मिला है।

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि जशपुर में द्वितीय संस्करण में शतरंज प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
जशपुर में खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए खेल अधोसंरचना को बढ़ाया जा रहा है।
जशपुर में खिलाड़ियों के लिए इंडोर स्टेडियम, कुनकुरी  स्टेडियम बनाया जा रहा है।

इसी प्रकार फूटबॉल स्टेडियम, रॉक क्लाइंबिंग, क्रिकेट मैदान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रतियोगिता में कुल 2 लाख 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है। मुख्य श्रेणी में विजेता को 50 हजार रुपये एवं ट्रॉफी, उपविजेता को 30 हजार तथा तृतीय स्थान प्राप्त खिलाड़ी को 20 हजार रुपये एवं ट्रॉफी मिलेगी। इसके अलावा विभिन्न रेटिंग, महिला, वरिष्ठ, आयु वर्ग तथा जशपुर एवं सरगुजा संभाग के खिलाड़ियों के लिए भी विशेष पुरस्कार रखे गए हैं। प्रतियोगिता आठ चक्रों में फिडे स्विस प्रणाली के अनुसार होगी।

इस अवसर पर जशपुर एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, बगीचा एसडीएम श्री समीर बड़ा, अध्यक्ष श्री अशोक लकड़ा उपस्थित थे।

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समरसता संकल्प अभियान के तहत रनपुर में भव्य कलश वंदन, गुरु रविदास महाराज की पावन माटी के कलश का हुआ पूजन; विधायक रायमुनी भगत ने दिया सामाजिक एकता का संदेश

नारायणपुर :- , 28 अगस्त 2026। भारतीय जनता पार्टी जशपुर द्वारा महान संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर राष्ट्रव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बगीचा मंडल के ग्राम रनपुर में श्री गुरु रविदास महाराज कलश वंदन कार्यक्रम का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता और बंधुत्व का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात संत रविदास जी की पावन जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी की पवित्र माटी से भरे कलश का विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ पूजन कर वंदन किया गया।

इन गांवों से होकर गुजरी कलश यात्रा

संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कलश यात्रा बगीचा मंडल के ग्राम गुरम्हाकोना, सुतरी, भीतघरा, तांबाकछार एवं रनपुर से होकर गुजरी। विभिन्न ग्रामों में श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों ने कलश यात्रा का स्वागत किया। यात्रा के दौरान संत रविदास महाराज के विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया।

कलश यात्रा का भव्य समापन जशपुर विधानसभा की विधायक श्रीमती रायमुनी भगत की उपस्थिति में रनपुर में किया गया। इस अवसर पर विधायक ने संत रविदास महाराज के जीवन और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को स्मरण करते हुए समाज में आपसी भाईचारा, समानता और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण हुए शामिल

कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री मुकेश शर्मा, भाजपा के वरिष्ठ नेता शंकर प्रसाद गुप्ता, बगीचा मंडल प्रभारी केशव प्रसाद यादव, मंडल अध्यक्ष हरीश कुमार, कलश यात्रा के सह प्रभारी एवं बगीचा नगर पार्षद एल.आर. चौहान, बालकृष्ण चौहान, कार्यक्रम प्रभारी शिव कुमार यादव (शिव बाबा), सह प्रभारी राजेन्द्र चौहान, कमलेश शर्मा, महावीर यादव, जनपद पंचायत बगीचा के उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, जनपद सदस्य सुश्री सविता नागवंशी, जिला उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा त्रिलोचन यादव, जिला उपाध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती मुक्ता यादव, बगीचा मंडल उपाध्यक्ष महेश यादव, रेशमी चौहान, आईटी सेल जिला सह-संयोजक विपिन कुमार यादव, आदिवासी मोर्चा मंडल अध्यक्ष नंदलाल राम, सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुरेन्द्र गुप्ता, शक्ति केंद्र प्रभारी उत्तम यादव, ललित यादव, मुरली यादव, कुंवर राम यादव, मनोज नायक, ग्राम पंचायत कुदमुरा की सरपंच उषा कालो, युधिष्ठिर यादव सहित भाजपा के ज्येष्ठ-श्रेष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, प्रबुद्धजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, माताओं-बहनों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपस्थित पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने संत रविदास महाराज के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में समानता, सामाजिक सद्भाव और बंधुत्व की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।

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रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन का संबल बना बहनों की खुशियों का सहारा, प्रतिभा ने भाइयों के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के लिए भी खरीदी राखी

रायपुर, 28 अगस्त 2026/ भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और अपनत्व का पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष महतारी वंदन योजना से मिलने वाले आर्थिक संबल के कारण कई परिवारों के लिए और भी खास बन गया है। योजना की 31वीं किस्त त्योहार से पहले मिलने से महिलाओं को राखी, मिठाई और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी में सहूलियत मिली है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम करजी सोहागा निवासी श्रीमती प्रतिभा मिश्रा के लिए भी इस बार रक्षाबंधन की खुशियां कुछ अलग हैं।

*महतारी वंदन की राशि से भाइयों के लिए खरीदी राखी और मिठाई*

प्रतिभा मिश्रा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है। सामान्य दिनों में यह राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है, लेकिन रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से इस बार त्योहार की तैयारियां करना और भी आसान हो गया।

राशि प्राप्त होने के बाद प्रतिभा ने सबसे पहले अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीदी। उनके लिए यह केवल त्योहार की खरीदारी नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते को प्रेम और उत्साह के साथ मनाने का अवसर है। इसी भावना के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के लिए भी एक राखी खरीदी है।

प्रतिभा मिश्रा ने कहा, “महतारी वंदन योजना की राशि हर महीने हमारे खाते में आ जाती है। इस महीने रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया ने जो राशि दी, उससे मैं बहुत खुश हूं। इसी राशि से मैंने अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीदी है। मैंने एक राखी विष्णु भैया के लिए भी खरीदी है।”

*अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार खर्च करने का मिला अवसर*

प्रतिभा के लिए योजना की राशि का महत्व इसलिए भी खास है क्योंकि इससे उन्हें अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार खर्च करने की स्वतंत्रता मिलती है। रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक पर्व पर समय से मिली सहायता ने उन्हें बिना अतिरिक्त आर्थिक दबाव के त्योहार की तैयारियां करने का अवसर दिया।

उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है। इससे महिलाएं परिवार की जरूरतों में सहयोग देने के साथ त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों में भी अपनी आर्थिक भागीदारी निभा पा रही हैं।

*विष्णु भैया के लिए राखी, आभार और स्नेह का प्रतीक*

प्रतिभा मिश्रा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक मदद का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि विष्णु भैया हमेशा खुश रहें और इसी तरह लोगों की मदद करते रहें। उन्होंने कहा, “मैं विष्णु भैया को बहुत-बहुत बधाई देती हूं। महतारी वंदन योजना से हमें जो राशि मिलती है, उससे हमारी बहुत मदद होती है। मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि उनकी दीर्घायु हो, वे हमेशा खुश रहें और सबकी मदद करते रहें।”

प्रतिभा मिश्रा की कहानी बताती है कि नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी पसंद और प्राथमिकताओं के अनुसार निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी दे रही है। रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन योजना की राशि ने उनके लिए त्योहार की तैयारियों को सहज बनाया।

भाइयों के लिए खरीदी गई राखी और मिठाई के साथ विष्णु भैया के लिए खरीदी गई राखी प्रतिभा के मन में योजना के प्रति आभार, विश्वास और स्नेह की अभिव्यक्ति बन गई है। महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक मदद ने इस रक्षाबंधन पर उनके परिवार की खुशियों में एक और रंग भर दिया है।

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पशुपालन केसीसी से धमतरी के 93 पशुपालकों को मिली 98.62 लाख की वित्तीय संजीवनी,ग्रामीण आजीविका को मिली नई उड़ान

​रायपुर, 28 अगस्त 2026/

      धमतरी जिले में पशुपालन अब केवल जीवनयापन का सहायक जरिया नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित और मुनाफा देने वाले मुख्य व्यवसाय के रूप में उभर रहा है। पशुपालकों को समय पर आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए जिले में पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का प्रभावी ढंग से संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन और पशुधन विकास विभाग के निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच 93 पशुपालकों के कुल 98.62 लाख रूपए के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इस पहल से पशुपालकों को अपनी दैनिक वित्तीय जरूरतों के लिए महंगे अनौपचारिक कर्ज पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है।
       ​इस योजना की सफलता में बैंकिंग संस्थाओं का विशेष योगदान रहा है, जिसमें जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने सबसे आगे बढ़कर 82 पशुपालकों को 83.92 लाख रूपए से अधिक का ऋण प्रदान किया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक ने 5 पशुपालकों को 5.60 लाख रूपए, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 4 पशुपालकों को, यूको बैंक ने 1 हितग्राही को 2 लाख रूपए और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 1 हितग्राही को 1.50 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया है। समय पर पूंजी उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालक अब पशुओं के लिए बेहतर दाना-पानी, जरूरी दवाइयां, टीकाकरण और चिकित्सा जैसी देखभाल बिना किसी आर्थिक तंगी के कर पा रहे हैं।
     ​कलेक्टर ने योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का मुख्य आधार बताते हुए मैदानी अमले को गांव-गांव जाकर हर पात्र हितग्राही तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के निर्देशों पर अमल करते हुए पशुधन विकास विभाग की टीम ग्रामीणों से सीधे संपर्क कर उन्हें योजना की पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दे रही है। ऋण सुविधा के साथ-साथ पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वित्तीय मदद और तकनीकी मार्गदर्शन के इस बेहतर समन्वय से जिले में दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है, जिससे ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।

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बंदूक की राह छोड़ राखी के धागे से जुड़ा रिश्ता, आत्मसमर्पित महिला माओवादियों ने नारायणपुर DRG परिसर में जवानों को बांधी राखी, अबूझमाड़ में शांति और विश्वास की नई तस्वीर आई सामने

​रायपुर,28अगस्त 2026/

      बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र में बदलाव और शांति की एक नई बयार बहने लगी है। कभी बंदूक के साये और हिंसा के रास्ते पर चलने वाली, किंतु अब आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुकी महिला माओवादियों ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर नारायणपुर पुलिस के डीआरजी परिसर में जवानों और पुलिस अधिकारियों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर इस पवित्र रिश्ते को नई मानवीय संवेदनाओं से जोड़ दिया।
        ​यह भावुक क्षण केवल रक्षाबंधन मनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने बदलते बस्तर और सुरक्षा बलों तथा स्थानीय समाज के बीच बनते अटूट विश्वास का एक गहरा संदेश दिया। डीआरजी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान आत्मसमर्पित बहनों ने पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय साबद्रा, अजय कुमार, ऐश्वर्य चंद्राकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को राखी बांधकर अपने प्रति स्नेह, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प को महसूस किया।
         ​एक समय जो लोग भय और संघर्ष के माहौल में जीवन बिता रहे थे, वे आज पुलिस परिवार के साथ एक आत्मीय और पारिवारिक माहौल साझा करते नजर आए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास और सुरक्षा का संकल्प है। मुख्यधारा में लौटे लोगों को समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना और उनके भीतर सुरक्षा की भावना को मजबूत करना पुलिस और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
       ​डीआरजी परिसर में बिखरी यह आत्मीयता इस बात की प्रत्यक्ष प्रमाण बनी कि बंदूक और हिंसा की राह से कहीं अधिक ताकतवर संवाद, विश्वास और अपनत्व की डोर होती है। नारायणपुर में मनाया गया यह पर्व इस उम्मीद को और मजबूती देता है कि अबूझमाड़ अब भय के दौर से निकलकर शांति, भाईचारे और विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है।

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नेपाल आपदा में छत्तीसगढ़ के 9 नागरिकों की जानकारी मिली, 2 अब भी लापता; सरकार ने तेज किए राहत और निगरानी के प्रयास

रायपुर 28 अगस्त 2026 / नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से बने गंभीर हालात के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने वहां गए प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और राहत प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों की लगातार जानकारी जुटा रही है। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक प्रदेश से जुड़े 9 नागरिकों की स्थिति का पता चला है। इनमें 2 के परिजनों से संपर्क स्थापित हो चुका है, रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित हैं और वापस लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि बिलासपुर और सुरगुजा से जुड़े 2 नागरिकों के लापता होने की सूचना है।

*मोनिका के परिजनों से संपर्क, मंजू की भी जानकारी मिली*

रायपुर के महादेव घाट निवासी मोनिका यादव 22 अगस्त को नेपाल गई थीं। नेपाल में बाढ़ के बाद उनके लापता होने और संपर्क टूटने की सूचना सामने आई थी।  प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार मोनिका यादव के परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया है। उनकी स्थिति को लेकर संबंधित स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।

बिलासपुर की 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। उनके संबंध में भी अब परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया है। प्रशासन उनके संबंध में उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन और आवश्यक समन्वय कर रहा है।

*बिलासपुर की प्रियंका और सुरगुजा की डॉ. मीना अब भी लापता*

बिलासपुर निवासी 39 वर्षीय प्रियंका चौधरी के नेपाल में लापता होने की सूचना है। वे फिनलैंड की नागरिक हैं। उनके परिजनों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रशासन संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है और उनकी सुरक्षित तलाश के प्रयास जारी हैं।

सुरगुजा निवासी डॉ. मीना गुप्ता, जो यूनाइटेड किंगडम की नागरिक हैं, भी नेपाल में लापता हैं। उनका अंतिम ज्ञात स्थान रसुवागढ़ी इमिग्रेशन कार्यालय, नेपाल-चीन सीमा बताया गया है। उनकी स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है।

*रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित*

रायपुर के माना क्षेत्र के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। पांचों नागरिक 21 अगस्त को नेपाल गए थे और अब रायपुर लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं।

*हर सूचना पर सरकार की नजर*

आपदा के बीच राज्य सरकार नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों की जानकारी जुटाने के साथ उनके परिजनों को भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा रही है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के माध्यम से सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान किया जा रहा है। सरकार नेपाल प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय बनाए हुए है।

राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि नेपाल गए छत्तीसगढ़ के किसी नागरिक के संबंध में कोई जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

हेल्पलाइन: टोल फ्री 1070 | कंट्रोल रूम 0771-2223471

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राष्ट्रीय खेल दिवस पर छत्तीसगढ़ के 82 खिलाड़ियों-प्रशिक्षकों को मिलेगा राज्य खेल अलंकरण, मुख्यमंत्री साय करेंगे सम्मानित


 
रायपुर. 28 अगस्त 2026. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान करेंगे। वे 5 टीमों के 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी भी देंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 29 अगस्त को शाम 4 बजे से राज्य राज्य खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया है।

राज्य खेल अलंकरण के गरिमामय समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार व सम्मान दिए जाएंगे। इनमें शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी शामिल हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव राज्य खेल अलंकरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्यगण, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।

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