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परशुराम जयंती पर जशपुर के बालाजी मंदिर में विश्व शांति हेतु वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-हवन संपन्न, सैकड़ों लोगों की भव्य रैली से गूंजा शहर, मेधावी छात्रों व समाजसेवियों का हुआ सम्मान

जशपुर।परशुराम जयंती के मौके पर शहर में आस्था और उत्साह का खास माहौल देखने को मिला। बालाजी मंदिर परिसर में सर्व ब्राह्मण समाज जशपुर की ओर से विश्व कल्याण और शांति की कामना के साथ विधि-विधान से पूजन और हवन संपन्न कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय चौबे ने की, वहीं यजमान के रूप में सुदीप मुखर्जी और पुरोहित पं. मनोज रमाकांत ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ परशुराम गायत्री मंत्र का पाठ कराया। पूजा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

पूजन-हवन के बाद नगर में भव्य रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल हुए। भगवान परशुराम के जयघोष से शहर का माहौल गूंज उठा। रैली बालाजी मंदिर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई, जहां डॉ. मंगल किशोर पाठक और मनोज रमाकांत मिश्रा ने संबोधित करते हुए भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने और समाज में एकता बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन सर्व ब्राह्मण समाज के सचिव मनोज गौतम शर्मा ने किया।

इस दौरान समाज के वरिष्ठ जनों का श्रीफल और शॉल देकर सम्मान किया गया। साथ ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और समाज सेवा में सक्रिय लोगों को भी मंच पर सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में खास उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में एक अहम निर्णय लेते हुए सर्व ब्राह्मण समाज अध्यक्ष परमानंद मिश्रा के मार्गदर्शन में महिलाओं की एक नई समिति का गठन किया गया, जो आगे चलकर महिला शिक्षा और समाज कल्याण से जुड़े कार्यों को गति देगी।

अंत में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में शीतल मिश्रा, प्रवीण पाठक, कमल दुबे, ओम प्रकाश पांडे, दिनेश तिवारी, आलोक मिश्रा, अमित मिश्रा, मनभरण त्रिपाठी, सुधीर पाठक, अरविंद सतपथी, जयप्रकाश पाठक, कोलेश्वर जी, विद्यासागर उपाध्याय, विनोद मिश्रा, प्रेमप्रकाश त्रिपाठी, विंध्याचल शर्मा सहित समाज के कई वरिष्ठ और युवा सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।

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शहरों की व्यवस्था पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: पेयजल संकट, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का कड़ा एक्शन, एक साल में स्थायी समाधान का अल्टीमेटम

*शहरों में पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सख्त*

*अगले एक वर्ष में पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान के निर्देश, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर कड़ाई बरतने को कहा*

*उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दिनभर चली बैठक में नगर निगमों और नगरपालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की*     

*31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के निर्देश, बरसात में जल भराव रोकने जरूरी कदम उठाने कहा*

*धमतरी में पेयजल योजना में लेटलतीफी पर कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने कहा, ठेकेदार पर लगेगी पेनाल्टी*

रायपुर. 20 अप्रैल 2026. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली बैठक में शहरों में पेयजल आपूर्ति की समस्याओं, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर नाराजगी जाहिर करते हुए इनके निराकरण के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने धमतरी में पेयजल योजना के काम में लेटलतीफी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने तथा ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। 

नगर निगमों और नगर पालिकाओं की आज दो अलग-अलग हुई समीक्षा बैठकों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता एवं नगरीय प्रशासन विभाग के पांचों संभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी बैठक में मौजूद थे। 

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों को शहरों की जरूरत के मुताबिक कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों की व्यवस्था और छवि सुधारने सक्रियता व गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि नगर निगम ऐसा काम करें जिससे राज्य की नगर पालिकाएं प्रेरणा ले सकें और नगर पालिका इस तरह से काम करें जिनसे नगर पंचायतें प्रेरित हो सकें। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि काम की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें नहीं आना चाहिए। सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, इस पर विशेष ध्यान दें।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने पेयजल आपूर्ति की लगातार आ रही शिकायतों पर नाखुशी और नाराजगी जाहिर करते हुए अगले वर्ष तक सभी नगर निगमों में इसके स्थाई समाधान के  निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों में केवल बजट खर्च करने के उद्देश्य से काम न करें, बल्कि समस्याओं का स्थाई समाधान करें। पेयजल समस्या की शिकायतों पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगामी 31 मई तक सभी नगर निगमों में बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने को कहा। जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम नगर निगमों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी। कार्य संतोषजनक न मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी। 

श्री साव ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत अपूर्ण आवासों को सितम्बर-2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रारंभ आवासों के निर्माण एक माह के भीतर हर हाल में शुरू करने के साथ ही मार्च-2026 में स्वीकृत सभी आवासों को वर्षा ऋतु के पहले प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत निर्धारित 18 माह की अवधि में निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों के प्रस्ताव अविलंब विभाग को भेजने के निर्देश दिए, ताकि ऐसे हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना की 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा सके।

श्री साव ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स को दिलाने बैंकों से बात कर ऋण स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों में भूजल को रिचार्ज करने के लिए डीएमएफ, सीएसआर और जन सहयोग से अधिक से अधिक संख्या में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य कराने को कहा। श्री साव ने शहरों को सुंदर, स्वच्छ और सुविधापूर्ण बनाने के मिशन में वर्तमान समय की जरूरतों और तकनीकों के साथ नई कार्य पद्धति अपनाने के निर्देश निकायों के अधिकारियों को दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

*इन कार्यों और योजनाओं की हुई समीक्षा*

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज दो सत्रों में मैराथन बैठकों में नगरीय निकायों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा की। वे 21 अप्रैल को दिनभर नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

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तपती गर्मी का अलर्ट: लू से बचाव के लिए सरकार ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश, दोपहर 12 से 3 बजे तक घर में रहने की सलाह,

जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा ग्रीष्म ऋतु में तीव्र गर्मी और तापमान वृद्धि को देखते हुए लू (तापघात) से बचाव एवं तैयारी संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। 
          
लू के दौरान सिर में भारीपन, तेज बुखार, मुंह सूखना, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, पसीना न आना, भूख कम लगना तथा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर ठंडे पानी की पट्टी लगाना, तरल पेय पिलाना, शरीर पर ठंडा पानी छिड़कना तथा शीघ्र नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी गई है। अत्यधिक गर्मी में शरीर में पानी और नमक की कमी मुख्य कारण बताया गया है। इसलिए अनावश्यक बाहर न निकलने, सिर और कान ढकने, सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस का उपयोग करने तथा दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप से बचने को कहा गया है।
               जारी निर्देशों में नागरिकों से घर को ठंडा रखने, पर्दे और पंखों का उपयोग करने, बीमारी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाने और जानवरों को छाया-पानी उपलब्ध कराने की अपील की गई है। नियोक्ताओं को मजदूरों के लिए ठंडा पानी, शेड, समय-सारणी में बदलाव और विश्राम अवधि बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान ठंडे जैकेट, पर्याप्त पानी, सनग्लास और सनस्क्रीन का उपयोग करने को कहा गया है। वरिष्ठ नागरिकों से घर में रहने, भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने तथा किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा गया है। राज्य स्तर पर सरकार नोडल अधिकारी नियुक्त कर लू की स्थिति की समीक्षा करेगी। सार्वजनिक स्थानों पर वाटर एटीएम और पेयजल की व्यवस्था करने। मनरेगा में कार्य समय परिवर्तित करने और छाया स्थलों के निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, प्याऊ केंद्रों की स्थापना और अस्पतालों में बिजली-पानी व्यवस्था प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
             
नगरीय निकायों को बेघर और जोखिमग्रस्त समूहों की पहचान कर पानी और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने, शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने तथा ताप कम करने वाले उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लू प्रभावितों के परीक्षण, ओआरएस उपलब्धता और 108-104 सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित करेगा। श्रम विभाग बाहरी कार्यों के समय में बदलाव, मजदूरों को आइस पैक उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। पशु चिकित्सा विभाग पशुओं के लिए पानी, चारा, दवाइयों तथा ग्राम स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
              सूचना प्रौद्योगिकी विभाग राज्य-स्तरीय डैशबोर्ड तैयार कर मैसेज प्रसारित करेगा। परिवहन विभाग बस स्टैंडों पर प्राथमिक उपचार एवं समय परिवर्तन सुनिश्चित करेगा। शिक्षा विभाग स्कूलों में पेयजल, ओआरएस और समय परिवर्तन लागू करेगा। मनरेगा स्थलों पर पानी-छाया की व्यवस्था, वन विभाग द्वारा हरियाली, वन-अग्नि की रोकथाम और वन्यजीवों के लिए जलस्रोत उपलब्ध कराए जाएंगे। पर्यटन विभाग तीर्थस्थलों पर छाया और पानी की व्यवस्था करेगा। अग्निशमन विभाग आग नियंत्रण हेतु तैयारी, उपकरणों की उपलब्धता और कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित करेगा। समग्र रूप से सरकार ने नागरिकों, मजदूरों, वरिष्ठजनों और पशुओं को लू से होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

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किसानों को बीमा अन्तर्गत ऐड-ऑन कराने की अपील ,ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के लिए किसान बीमा जरूर कराएं 

जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ पिछले कुछ दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई अचानक ओलावृष्टि और तेज हवाओं से
उद्यानिकी फसलों को क्षति हुई है।
 
किसानों से अपील है कि आगामी खरीफ एवं
रबी में अपने फसलों का बीमा जरूर करवाएं । एवं फसलों पर फंगीसाईड का छिड़काव जरूर करें।

फसल बीमा क्यों जरूरी है ऐड ऑन कवर ?
अक्सर किसान प्रधानमंत्री फसल बीम योजना (PMBFY) के तहत केवल बेसिक बीमा ही करवाते हैं
लेकिन बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए ऐड-ऑन (Add On) सुरक्षा लेना अनिवार्य
सा हो गया है।
’ ऐड-ऑन कवर के मुख्य लाभः
स्थानीय आपदा सुरक्षाः बेसीक बीमा अक्सर व्यापक आपदाओं को कवर करता है, लेकिन ऐड-ऑन
के माध्यम से आप ओलावृष्टि (Hailstorm), जैसे स्थानीय घटनाओं के लिए अलग से सुरक्षा पा सकते हैं। कम प्रीमयम, ज्यादा सुरक्षाः बहुत ही मामूली अतिरिक्त प्रीमयम भुगतान करके किसान
अपनी पूरी लागत को सुरक्षित कर सकते हैं।
’ सहायक संचालक उद्यान जशपुर का किसानों से विशेष अपील किए है कि  ओलावृष्टि जैसी अनिश्चत घटनाओं से बचने के लिए
फसल बीमा में ऐड-ऑन कवर का विकल्प जरूर चुनें। यह आपकी मेहनत की कमाई भी सुरक्षा का
सशक्त माध्यम है।

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“गांव का पानी गांव में” मिशन पर कलेक्टर रोहित व्यास का जोर, जल संचय जन भागीदारी 2.0 में विभागों को सख्त निर्देश, रेन वाटर हार्वेस्टिंग से लेकर चेकडैम मरम्मत तक हर स्तर पर एक्शन प्लान तैयार

जशपुरनगर, 20 अप्रैल 2026/  कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत सभागार में जल संचय जन भागीदारी 2.0 के अंतर्गत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर ने जिले की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध जल संसाधनों एवं वर्तमान जल प्रबंधन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जल संरक्षण और भू-जल प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए लोगों में जागरूकता प्रसार करने सहित अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को भू-जल स्तर की नियमित मॉनिटरिंग करने और जल संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू करने हेतु निर्देशित भी किया।
      कलेक्टर ने जल संकट से निपटने के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास, विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी नवाचारों के उपयोग तथा जनसहभागिता के साथ काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पानी के अनियंत्रित उपयोग और संरक्षण के पर्याप्त उपाय नहीं होने के कारण जलस्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे भविष्य में पेयजल, कृषि एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए अभी से सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि गांव का पानी गांव में ही रहे  इस अवधारणा को सशक्त बनाने हेतु नागरिकों में जागरूकता आवश्यक है। इसके लिए जनभागीदारी के माध्यम से सोखता गड्ढों का निर्माण, छोटे नदी-नालों की सफाई, लो-कॉस्ट इनोवेटिव मॉडल 5 प्रतिशत, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य जल संचयन तकनीकों को अपनाने के निर्देश दिए गए।
       कलेक्टर श्री व्यास ने जल संचयन के लिए  शासकीय भवनों, स्कूल-कॉलेजों एवं अन्य संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नदी-नालों के जीर्णोद्धार, बोरवेल रिचार्ज, ढलान एवं पहाड़ी क्षेत्रों में कंटूर ट्रेंच निर्माण, डबरी निर्माण, बोरी बंधान जैसे कार्यों को प्राथमिकता से करने को कहा। उन्होंने कटाव नियंत्रण और नदी तटबंधों को मजबूत करने के लिए गैबियन संरचनाओं की मरम्मत तथा चेक डैम की रिपेयरिंग कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा तालाबों की नियमित सफाई, खेल मैदानों जहां से पानी निकासी ज्यादा होती है वहां सोखता गड्ढा बनाने तथा कुओं के रिचार्ज पर विशेष ध्यान देने को कहा ।कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि सार्वजनिक रूप से उपयोग किए जा रहे बोरवेल के पास सोखता गड्ढा अनिवार्य रूप से बनाएं।  इसके अलावा जल संचय जन भागीदारी समिति 2.0 के क्रियान्वयन हेतु कार्य योजना और पोर्टल के संचालन की भी जानकारी दी गई। साथ ही जल संरक्षण हेतु बनाए गए प्रत्येक स्ट्रक्चर का जिओ टैगिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला एवं जनपद पंचायत के अधिकारी, पीएचई, जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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पोषण पखवाड़ा की जमीनी हकीकत परखने पहुंचे उप संचालक, आंगनबाड़ी केन्द्रों में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान रायपुर के उप संचालक श्री अवनि बिसवाल ने आज जशपुर परियोजना के तपकरा, कुनकुरी परियोजना के डुगडुगिया, दुलदुला परियोजना के खटंगा आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया और  और पोषण पखवाड़ा की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पोषण पखवाड़ा की 6 थीमों पर हितग्राहियों से चर्चा की और उन्हें अपने बच्चों को रोज आंगनबाड़ी केन्द्रों में भेजने की सलाह दी। उन्होंने रेडी टू ईट फूड का हितग्राही को कैसे उपभोग करना है इसकी भी जानकारी प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान परियोजना अधिकारी जशपुर योगेश भगत और जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री चंद्रशेखर यादव उपस्थित रहे।
                    विदित हो कि आज 20 फरवरी 2026 को पोषण पखवाड़ा की गतिविधियों के अवलोकन के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थान रायपुर के उप संचालक श्री अवनि बिसवाल का जशपुर जिले में आगमन हुआ है।

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कलेक्टर रोहित व्यास की अगुवाई में एनकार्ड समिति की अहम बैठक—नशा मुक्ति केंद्र, मेडिकल स्टोर्स और ढाबों पर सख्त निगरानी के निर्देश

जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से  व्यापक और सख्त कार्ययोजना लागू किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एनकार्ड समिति की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह ने सभी संबंधित विभागों को नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, निगरानी और जनजागरूकता अभियान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए । कलेक्टर श्री व्यास ने नशे से पीड़ित व्यक्तियों को उपचार हेतु नशा मुक्ति केंद्र जाने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया है। इसके लिए नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरतमंद लोग आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें। बैठक में सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक फड़तरे, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

*नशा तस्करी पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई* -

कलेक्टर एवं एसएसपी ने मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त निगरानी रखने, नियमित चेकिंग करने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। कोटपा एक्ट के तहत निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। विशेष रूप से स्कूलों के आसपास 100 मीटर के दायरे में गुटखा एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर गुमास्ता एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। समाज कल्याण विभाग को “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।

*मेडिकल स्टोर्स और ढाबों की सख्त जांच*-

ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया है कि मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच कर अवैध एवं नशीली दवाइयों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही सभी मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
आबकारी विभाग को हाईवे पर स्थित होटल-ढाबों में अवैध शराब बिक्री की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।


*कर्मचारियों के लिए भी सख्त नियम* -

कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी नशे की लत से ग्रसित पाया जाता है, तो उसे अनिवार्य रूप से एक माह तक नशा मुक्ति केंद्र में रहकर उपचार लेना होगा। यह कदम प्रशासनिक अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सहभागिता से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। यह पहल जिले को नशामुक्त बनाने और सुरक्षित, स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।

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“सड़क पर लापरवाही पड़ेगी भारी” — हेलमेट-सीट बेल्ट से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस तक हर नियम पर कड़ी निगरानी, बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी

जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए सभी स्तरों पर कड़ाई से नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। यह पहल जिले में दुर्घटनाओं को कम करने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित चिकित्सा सहायता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सूचित किया जाए, ताकि एम्बुलेंस समय पर पहुंचकर घायलों को शीघ्र उपचार मिल सके। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक फड़तरे, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


*यातायात नियम उल्लंघन पर कड़ी निगरानी* -

कलेक्टर ने ओवरस्पीड, बिना हेलमेट वाहन चलाने, नशे की हालत में वाहन चलाने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेंस वाहन न चलाए। साथ ही परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि स्कूल एवं कॉलेजों में लर्निंग लाइसेंस बनाने हेतु विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि छात्र-छात्राएं विधिवत लाइसेंस प्राप्त कर सकें। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि उनके कार्यालयों में आने वाले कर्मचारी हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।


*ब्लैक स्पॉट सुधार पर विशेष जोर* -

बैठक में जिले के विभिन्न ब्लैक स्पॉट जैसे लोरो बगीचा, बधिमा, केसरा, भीमसीला, हर्राडीपा एवं चराईडांड की समीक्षा करते हुए वहां सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से श्री नदी पर स्थित संकरे पुल के दोनों ओर रंबल स्ट्रिप लगाने, स्पीड नियंत्रण उपाय लागू करने एवं सोलर लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। कलेक्टर ने सड़कों पर मार्किंग, साइन बोर्ड, स्पीड लिमिट बोर्ड, जेब्रा क्रॉसिंग, रंबल स्ट्रिप आदि आवश्यक यातायात संकेतकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं से दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

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कलेक्टोरेट में सख्ती : बिना हेलमेट-सीट बेल्ट एंट्री बंद, 28 चालानों में 14 हजार की वसूली… अफसर-कर्मचारियों पर भी गिरी गाज, “नियम सबके लिए समान” का कड़ा संदेश


जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आज से कलेक्टोरेट परिसर में हेलमेट और सीट बेल्ट को अनिवार्य कर दिया है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार अब दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाए बिना कलेक्टोरेट परिसर में प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए है। उक्त निर्देश के अनुपालन में एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह के मार्गदर्शन में आज कलेक्टोरेट परिसर में विशेष जांच अभियान चलाया गया। जिसमें कुल 28 प्रकरण दर्ज किए गए। 24 प्रकरण बिना हेलमेट  और 04 बिना सीट बेल्ट के मामलों में कुल 14,000 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। यह कार्रवाई कलेक्टोरेट के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर ही की गई, जिससे यह संदेश स्पष्ट हुआ कि नियम सभी के लिए समान हैं।


      कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगी। उन्होंने कहा कि शासकीय अमला स्वयं यातायात नियमों का पालन कर समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करे। यह निर्णय कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले जोखिम को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

कलेक्टर एसएसपी के मार्गदर्शन में अभियान

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाएगा। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर इसी प्रकार सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल जागरूकता से नहीं, बल्कि सख्ती से भी सुनिश्चित होती है, इसलिए नियमों का पालन हर स्थिति में जरूरी है।
 सुरक्षा को लेकर संयुक्त अपील

कलेक्टर एवं एसएसपी ने संयुक्त रूप से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टोरेट में लागू यह सख्त व्यवस्था न केवल अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करेगी, बल्कि जिलेभर में सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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पत्थलगांव में 22 अप्रैल को लगेगा बड़ा दिव्यांगजन शिविर, एक ही जगह बनेगा प्रमाण पत्र और यूडीआईडी—मौके पर ही नवीनीकरण की भी सुविधा

जशपुरनगर 20 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिले के दिव्यांगजनों को प्रमाणन एवं यूडीआईडी  सुविधा प्रदान करने हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 22 अप्रैल 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पत्थलगांव में प्रातः 10 बजे से आयोजित होगा। उप संचालक समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस शिविर में जनपद पंचायत पत्थलगांव क्षेत्र के समस्त दिव्यांगजनों का नवीन प्रमाणीकरण एवं पूर्व में जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण किया जाएगा। यह शिविर दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य -

शिविर में आने वाले हितग्राहियों को आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि पूर्व में बना हो), आधार से लिंक मोबाइल नंबर (जिसमें ओटीपी प्राप्त होता हो) तथा दिव्यांगता दर्शाने वाला फोटोग्राफ साथ लाना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने यह भी सलाह दी है कि जिन हितग्राहियों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है या अपडेट करने की आवश्यकता है, वे शिविर में आने से पहले ही नजदीकी आधार केंद्र में अपना मोबाइल नंबर अपडेट करा लें, ताकि पंजीयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

दिव्यांगजनों को मिलेगा सीधा लाभ -

इस शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी। यूडीआईडी कार्ड बनने से उनकी पहचान और प्रमाणन प्रक्रिया सरल होगी, जिससे विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता और त्वरित लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा। समाज कल्याण विभाग ने क्षेत्र के सभी पात्र दिव्यांगजनों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में उपस्थित होकर इस सुविधा का लाभ उठाएं। यह पहल दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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पहाड़ी से उठते धुएं ने मचाई सनसनी” — नारायणपुर के बादलखोल में एयर एम्बुलेंस क्रैश की उड़ती खबर निकली कोरी अफवाह, जंगल की आग को समझ बैठे बड़ा हादसा,प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन के बाद किया खुलासा

जशपुरनगर/नारायणपुर। सोमवार को नारायणपुर क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब बादलखोल अभयारण्य के सेऊरखण्ड पहाड़ी इलाके में एयर एम्बुलेंस क्रैश होने की खबर तेजी से फैलने लगी। देखते ही देखते यह सूचना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई और ग्रामीणों के साथ-साथ राहगीरों में भी दहशत का माहौल बन गया।

दरअसल, पहाड़ी इलाके से उठते धुएं को लोगों ने किसी बड़े हादसे से जोड़ लिया और यह कयास लगाया जाने लगा कि कोई एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। सूचना इतनी तेजी से फैली कि पुलिस और प्रशासन को तत्काल सक्रिय होना पड़ा। स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में घटनास्थल की ओर बढ़ने लगे।

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और घने जंगलों के कारण टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन इसके बावजूद पूरे इलाके की बारीकी से जांच की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर रोहित व्यास और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने संयुक्त टीम के साथ पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया और ड्रोन कैमरों की मदद से भी निगरानी कराई गई।

जांच के दौरान सामने आया कि जिस धुएं को विमान हादसे का संकेत समझा जा रहा था, वह दरअसल बादलखोल अभयारण्य के जंगल में लगी आग का धुआं था। वन विभाग की टीम पहले से ही आग बुझाने में लगी हुई थी, लेकिन इस दृश्य को गलत तरीके से समझकर एयर एम्बुलेंस क्रैश की अफवाह फैला दी गई।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी प्रकार के विमान या एयर एम्बुलेंस क्रैश के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी किसी विस्फोट या दुर्घटना जैसी आवाज सुनने से इनकार किया है, जिससे यह पूरी तरह साफ हो गया कि यह खबर निराधार थी।

अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और एहतियात के तौर पर रात में भी ड्रोन से सर्वे किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने से बचें, ताकि अनावश्यक भय और भ्रम की स्थिति न बने।

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जशपुर में अक्षय तृतीया पर पुण्य स्मृति में प्याऊ शुरू, राहगीरों को शीतल जल के साथ मीठा गन्ने का रस, समाज को प्रेरित करती संवेदनशील पहल

जशपुरनगर। भीषण गर्मी के बीच आमजन को राहत पहुंचाने की संवेदनशील पहल के तहत जशपुर में एक अनुकरणीय उदाहरण सामने आया है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गुलाबचंद जैन परिवार द्वारा महावीर वार्ड क्रमांक 08 स्थित कॉलेज रोड (एन.ई.एस. कॉलेज के समीप) में ‘अमृत धारा’ नामक प्याऊ का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह प्याऊ स्वर्गीय गुलाबचंद जैन एवं स्वर्गीय प्रभाकिरण की स्मृति में स्थापित किया गया है।

तेज गर्मी को देखते हुए यहां राहगीरों के लिए शुद्ध एवं शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। प्याऊ में आधुनिक वाटर फिल्टर के साथ-साथ ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए फ्रीजर की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है, जिससे राह चलते लोगों को तत्काल राहत मिल रही है।

इस अवसर को और विशेष बनाते हुए जैन परिवार द्वारा राहगीरों को निःशुल्क गन्ने का रस भी वितरित किया गया। गर्मी में ठंडे और ताजे रस का लाभ पाकर लोगों ने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। बड़ी संख्या में नागरिकों ने ‘अमृत धारा’ का लाभ उठाते हुए परिवार की सेवा भावना को सराहा।

कार्यक्रम में उपस्थित नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इस प्रकार के जनहितकारी कार्य न केवल जरूरतमंदों को राहत पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने अन्य सक्षम नागरिकों से भी ऐसे कार्यों में आगे आने की अपील की।

गौरतलब है कि गुलाबचंद जैन परिवार पूर्व में भी नगर के महाराजा चौक में एक प्याऊ का निर्माण कर चुका है। परिवार लगातार समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते हुए जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है।

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25 अप्रैल से रणजीता स्टेडियम में शुरू होगी स्व. शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव अंतर्राज्यीय क्रिकेट प्रतियोगिता, विजेता को मिलेगा ₹3.11 लाख का बड़ा इनाम

   जशपुरनगर :-  जिले में खेल प्रेमियों के लिए उत्साहजनक खबर है। स्वर्गीय शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव की स्मृति में आयोजित फ्लड लाइट टेनिस बॉल अंतर्राज्यीय क्रिकेट प्रतियोगिता 2026 का आयोजन 25 अप्रैल से रणजीता स्टेडियम में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का आयोजन यंग तिरंगा समिति, जशपुर द्वारा किया जा रहा है।
प्रतियोगिता में देशभर की टीमें हिस्सा ले सकेंगी। विजेता टीम को 3,11,111 रुपए का प्रथम पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि उपविजेता टीम को 1,51,111 रुपए की राशि प्रदान की जाएगी। फ्लड लाइट में होने वाले इस आयोजन से दर्शकों को रात में भी रोमांचक मुकाबलों का आनंद मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 11,500 रुपए प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है, वहीं टीमों के पंजीयन की अंतिम तिथि 18 अप्रैल 2026 तय की गई है।
आयोजन को लेकर जिले में खासा उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय खिलाड़ियों के साथ-साथ बाहरी टीमों की भागीदारी से जशपुर में खेल गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। आयोजकों ने अधिक से अधिक टीमों से प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की है।

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स्कूलों में ‘Frugal Science’ कार्यशालाओं से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर जागरूकता का विस्तार, सीमित संसाधनों में भी विज्ञान शिक्षा को मिली नई दिशा

जशपुर 19 अप्रैल 2026/ जिले के विभिन्न विद्यालयों में सतत विकास लक्ष्य-3 (SDG-3) के अनुरूप एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु ‘Frugal Science’ कार्यशालाओं का सफल आयोजन किया गया। यह पहल जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित की गई, जिसका उद्देश्य स्थानीय विद्यार्थियों को वैश्विक सिटिजन साइंस अभियानों से जोड़ना है।

कार्यशालाओं का संचालन मुंबई स्थित बायोकेमिस्ट, Foldscope International Fellow एवं AMR Ambassador डॉ. अनुपमा हर्षल वाडवलिकर द्वारा किया गया, जिनका विज्ञान शिक्षा एवं जन-जागरूकता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इस दौरान SK Somaiya कॉलेज, मुंबई की छात्रा अरुषि द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने Foldscope (ओरिगामी आधारित कागज से निर्मित सूक्ष्मदर्शी) के माध्यम से अपने आसपास के सूक्ष्म जीव जगत—मिट्टी के फंगस, जल जीव, पौधों की कोशिकाएं एवं बैक्टीरिया—का अवलोकन किया। प्रत्येक सत्र के अंत में विद्यार्थियों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए, जिससे आगामी सत्रों की दिशा निर्धारित की गई।

इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने स्थानीय पर्यावरण के सूक्ष्म जीवन को समझने का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं पर्यावरणीय जागरूकता का विकास हो रहा है।

उक्त बहुदिवसीय कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी , बीआरसी,  एवं विद्यालय प्रमुखों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। उल्लेखनीय है कि इन कार्यशालाओं के संचालन हेतु न बिजली, न प्रयोगशाला एवं न ही महंगे उपकरणों की आवश्यकता रही, जिससे सीमित संसाधनों में भी प्रभावी विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सका।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को दी ऐतिहासिक सौगात,  133 गांवों में लो वोल्टेज की समस्या होगी खत्म, लगाए जाएंगे अतिरिक्त ट्रांसफार्मर...

जशपुरनगर 19 अप्रैल 2026/ जिले के लोगों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को अब जल्द ही इस परेशानी से निजात मिलने वाली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले के 133 गांव, नगर एवं टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे।जिससे जिले की बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार होने वाली बिजली की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा। खासकर किसानों, छात्रों और छोटे व्यवसायियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

*विद्युत के क्षेत्र में जशपुर को मिल चुकी है कई बड़ी सौगात*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में  जिले को विद्युत विकास के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।400 केवी उपकेंद्र कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का 5वां सबसे बड़ा 400/220 केवी का अत्याधुनिक उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है।साथ ही नए सब-स्टेशन (33/11 KV): ये सब-स्टेशन सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा सहित अन्य स्थानों पर निर्मित किए जाएंगे।एवं उच्च क्षमता केंद्र– फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के सब-स्टेशन स्वीकृत हैं।


*विकास को मिलेगी नई गति, जिलेवासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*

इन योजनाओं के लागू होने से बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा साथ ही लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या खत्म होगी
औद्योगिक एवं कृषि कार्यों को गति मिलेगी तथा ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार आएगा, विद्युत विभाग में बड़ी सौगात मिलने के बाद जिले भर में खुशी का माहौल है।स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

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अप्रैल में ही सूखने लगे  जलस्रोत : 1000 मिमी बारिश के बावजूद जिले के सूखते जलस्रोत, गिरता भू-जल और बढ़ता संकट—प्राकृतिक संपदा पर भारी पड़ रहा मानवीय लालच

सूखते तालाब

निरंजन मोहन्ती-नारायणपुर

नारायणपुर 18 अफ़्रैल 2026 :- अप्रैल की शुरुआत होते ही जशपुर जिले में जल संकट के हालात साफ नजर आने लगे हैं। जिन नदियों, नालों और तालाबों में कुछ समय पहले तक पानी लबालब भरा रहता था, वे अब तेजी से सूखते जा रहे हैं। जिले के कई हिस्सों में छोटी नदियां पतली धार में सिमट गई हैं, नालों का बहाव लगभग खत्म हो चुका है और तालाबों के तल में दरारें दिखाई देने लगी हैं। भू-जल स्तर में लगातार गिरावट के कारण गांवों में लगे हैंडपंप भी जवाब देने लगे हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है।

सबसे हैरानी की बात यह है कि जशपुर जिला प्रदेश के सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में शामिल है, जहां हर साल औसतन करीब 1000 मिमी बारिश होती है और घने वन क्षेत्र इसकी पहचान रहे हैं। इसके बावजूद हर साल गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत होना इस बात का संकेत है कि जिले में जल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में कहीं न कहीं गंभीर चूक हो रही है। जिले के मनोरा, जशपुर और बगीचा जैसे पहाड़ी इलाकों में बारिश तो भरपूर होती है, लेकिन पानी को रोकने और सहेजने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण यह तेजी से नालों और नदियों के जरिए बहकर बाहर निकल जाता है। नतीजतन, न तो भू-जल स्तर रिचार्ज हो पाता है और न ही सालभर जल उपलब्धता बनी रहती है।

धधकते जंगल और पहाड़

जिले में बढ़ते जल संकट के पीछे सबसे बड़ा कारण अवैध वनों की कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन माना जा रहा है। लंबे समय से सक्रिय लकड़ी माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है, वहीं जंगलों में आग लगाकर जमीन खाली करने और खनन गतिविधियों ने भी प्राकृतिक संतुलन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहले यही जंगल वर्षा के पानी को अपने भीतर समेटकर धीरे-धीरे नदियों और नालों में छोड़ते थे, जिससे पूरे साल जलस्रोतों में पानी बना रहता था, लेकिन अब जंगलों के घटते क्षेत्र के कारण पानी सीधे बहकर खत्म हो जाता है और जमीन के अंदर जाने का अवसर नहीं मिल पाता।

नदी नालों में अतिक्रमण

स्थिति को और गंभीर बनाने में अतिक्रमण की भूमिका भी कम नहीं है। जिले में नालों, नदी किनारों और पुराने तालाबों पर तेजी से कब्जा बढ़ रहा है। कई जगहों पर किसानों द्वारा नदी के हिस्सों को रोककर उसे खेतों में तब्दील कर दिया गया है, तो वहीं शहरी क्षेत्रों में सूखी जमीन समझकर नालों और तालाबों पर मकान बना लिए गए हैं। कांक्रीट के बढ़ते विस्तार ने पानी के प्राकृतिक प्रवाह और जमीन में रिसाव के रास्तों को पूरी तरह बाधित कर दिया है, जिससे भू-जल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है।

जशपुर जिले से निकलने वाली ईब, ढोंढकी और मैनी जैसी प्रमुख नदियां भी इस संकट से अछूती नहीं हैं। यदि जलस्तर में इसी तरह गिरावट जारी रही, तो इन नदियों का प्रवाह भी प्रभावित होगा, जिसका असर न केवल जिले बल्कि निचले इलाकों के बड़े भूभाग पर पड़ेगा। यह स्थिति आने वाले समय में और भी गंभीर जल संकट का संकेत दे रही है।

एक और चिंताजनक पहलू यह है कि जहां पहले स्थानीय लोग जंगलों और जलस्रोतों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते थे, अब वही लोग निजी लाभ के लिए पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण में शामिल होते नजर आ रहे हैं। पर्यावरण के प्रति घटती संवेदनशीलता और बढ़ता स्वार्थ इस संकट को और गहरा कर रहा है।

तालाबों की स्थिति

लोगों का मानना है कि यदि समय रहते वर्षा जल संचयन के लिए ठोस संरचनाएं नहीं बनाई गईं, अवैध कटाई और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और पुराने जलस्रोतों का पुनर्जीवन नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में जशपुर गंभीर जल संकट वाले क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।

प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता से भरपूर जशपुर आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां थोड़ी सी लापरवाही इसे पानी के लिए तरसते जिले में बदल सकती है। इस परिप्रेक्ष्य में आवश्यक है कि प्रशासन और समाज दोनों मिलकर ठोस कदम उठाएं। वर्षा जल संचयन के लिए छोटे-बड़े संरचनाओं का निर्माण, पुराने तालाबों और जलस्रोतों का पुनर्जीवन, वनों की सुरक्षा और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई—ये सभी उपाय अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुके हैं। साथ ही, स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्थायी समाधान तभी संभव है जब जनसहभागिता हो। यदि अभी भी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो “पानीदार जशपुर” की पहचान इतिहास बनकर रह जाएगी। आने वाले वर्षों में यह संकट और विकराल रूप ले सकता है, जहां पानी केवल संसाधन नहीं, बल्कि संघर्ष का कारण बन जाएगा

अफ़्रैल माह में नदियों की स्थिति

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“मिट्टी के मैदान से उठकर वर्ल्ड कप के मंच पर छा गई छत्तीसगढ़ की बेटी—फाइनल में 16 अंक ठोककर भारत को जिताने वाली संजू देवी को मिला 50 लाख का सम्मान

रायपुर. 18 अप्रैल 2026. भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी खिलाड़ी को इतनी बड़ी प्रोत्साहन राशि दी गई है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह राशि सौंपी। श्री साव ने इस दौरान बिलासपुर के चिंगराजपारा कबड्डी क्लब को कबड्डी मैट भी प्रदान किया।

संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से पिछले साल नवम्बर में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी है। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोरबा के छोटे से गांव केराकछार की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण ले रही है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संजू देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की व बेहतरी के लिए काम हो रहे हैं। संजू देवी ने अपने बेहतरीन खेल की बदौलत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपने उत्कृष्ट खेल से देश को दो-दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक दिलाया है और अपने खेल कौशल से मोस्ट वेल्युबल प्लेयर बनी हैं। छत्तीसगढ़ की बेटी का यह प्रदर्शन राज्य का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने वाला है। उन्होंने संजू देवी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह हमारे राज्य और देश का नाम रोशन करती रहेंगी।   

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य में जब ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हों तो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाएं और प्रोत्साहित करें। हमारे खिलाड़ियों को... और विशेषकर लड़कियों को अच्छा खेलने का प्रोत्साहन मिले, इसके लिए सरकार संजू देवी को 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अभी हाल ही में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी की है। बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक के भी वृहद आयोजन किए गए हैं। 

श्री साव ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं चलती रहें, चाहे वो सरकार के माध्यम से हों, अन्य संस्थाओं के माध्यम से हों या खेल संघों के माध्यम से हों। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के अध्यक्ष श्री शशिकांत बघेल और संजू देवी के कोच श्री दिल कुमार राठौर सहित राज्य शासन के विभिन्न अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी, कबड्डी संघ के पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी भी सम्मान समारोह में मौजूद थे।

जुनून, कड़ी मेहनत, मानसिक मजबूती, समर्पण और संघर्ष का नाम संजू देवी रावत

दमदार खेल और विपक्षी टीम के पाले में जाकर अपनी टीम के लिए अंक बटोरने की काबिलियत की वजह से संजू देवी को नवम्बर-2025 में बांग्लादेश में हुए कबड्डी विश्वकप में टूर्नामेंट का मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया। फाइनल और सेमीफाइनल सहित शुरूआती मैचों में भी निर्णायक क्षणों में उसने टीम की जीत सुनिश्चित करने वाले अंक बटोरे। संजू छत्तीसगढ़ की पहली अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी है। बांग्लादेश में कबड्डी विश्व कप खेलने के साथ ही वह मार्च-2025 में ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में देश के लिए खेल चुकी है। ईरान में भी उसने उम्दा प्रदर्शन किया था। 

संजू ने गरीबी व अभावों के बीच संघर्ष और कड़ी मेहनत से ये उपलब्धियां हासिल की हैं। वे खेल के प्रति अपने जुनून, समर्पण, अनुशासन, मानसिक मजबूती, कठोर परिश्रम और संघर्ष से यहां तक पहुंची हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अपने जुनून और जज्बे के बीच उसने जो मानसिक मजबूती दिखाई है, वह दुर्लभ है। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और कबड्डी के प्रति जुनून से उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर दो-दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को चैंपियन बनाने में महती भूमिका निभाई है। 

संजू की सफलता और उपलब्धियां खेल में अपना करियर बनाने की सोच रहे बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने वाली है। बिलासपुर के शासकीय कबड्डी अकादमी में अपने खेल को तराशने वाली संजू कहती है कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। बाधाओं के बीच पहली सीढ़ी पार करने के बाद ही आपको दूसरी सीढ़ी चढ़ने का मौका मिलता है।

लगातार अच्छे प्रदर्शन से मिली भारतीय टीम में जगह

संजू ने अपने गांव केराकछार से कबड्डी विश्व कप तक के सफर के बारे में बताया कि उन्होंने जनवरी-2024 में कोलकाता में आयोजित ईस्ट जोन इंटरयुनिवर्सिटी टूर्नामेंट में और जनवरी-2025 में भटिंडा में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में बिलासपुर विश्वविद्यालय की ओर से तथा विशाखापट्टनम, तमिलनाडु, नागपुर, महासमुंद और भजियापार (महाराष्ट्र) के ऑल इंडिया टूर्नामेंट में राज्य की ओर से भागीदारी की है।

वर्ष-2024 में छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ द्वारा आयोजित चयन स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन के फलस्वरूप इंडिया कैंप के लिए संजू का चयन हुआ। इंडिया कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ईरान में हुए एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप के लिए उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। इसमें लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें महिला कबड्डी वर्ल्ड कप की टीम में भी शामिल किया गया। वे भारतीय टीम के लिए गांधी नगर और सोनीपत में आयोजित चार कैंपों में शामिल हो चुकी हैं।

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मामूली घरेलू विवाद ने लिया खूनी रूप, गुस्से में बेटे ने अपने ही पिता पर बरसाए लकड़ी से ताबड़तोड़ वार, सिर पर गंभीर चोट से मौके पर ही हुई मौत

जशपुर 18 अफ़्रैल2026। जिले के बागबहार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हल्दी झरिया के बढ़ई पारा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेटे ने ही अपने पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। घरेलू विवाद के चलते हुए इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल बना दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 अप्रैल 2026 की शाम करीब 4:30 बजे आरोपी विजय कुमार नाग (26 वर्ष) और उसके पिता सदानंद नाग (45 वर्ष) के बीच किसी घरेलू बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि मृतक अपने बेटे को काम नहीं करने को लेकर लगातार उलाहना दे रहा था, जिससे दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। इसी दौरान गुस्से में आकर विजय नाग ने पास में रखी लकड़ी की फाड़ी उठाकर अपने पिता के सिर और माथे पर ताबड़तोड़ वार कर दिया।

हमले की गंभीरता इतनी अधिक थी कि सदानंद नाग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के समय घर में मौजूद मृतक की पत्नी, जो आरोपी की सौतेली मां है, ने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही बागबहार थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पंचनामा की कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट को मौत का कारण बताया और इसे हत्या का मामला माना।

मृतक की पत्नी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी विजय नाग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता उसे लगातार काम को लेकर ताना दे रहे थे और गुलेल से मारने की कोशिश कर रहे थे, जिससे वह आवेश में आ गया और यह खौफनाक कदम उठा बैठा। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लकड़ी की फाड़ी भी बरामद कर ली है।

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर 18 अप्रैल 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार शर्मा, सहायक उप निरीक्षक नारायण साहू, प्रधान आरक्षक मनधनी पैंकरा, आरक्षक पवन पैंकरा एवं अजय खेस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मामले को लेकर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि घरेलू विवाद में पिता की हत्या करने वाले आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जघन्य अपराधों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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