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मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव सुरक्षित और पारंपरिक रूप से मनाने की अपील – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 12 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों से पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि त्योहार के आसपास चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं, इसलिए इसका प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है और इसका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, पक्षियों और राहगीरों के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी निर्देशित किया है कि चीनी मांझा के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिकों को इसके खतरों और कानूनी प्रावधानों की पूरी जानकारी मिल सके। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर परंपरा, आनंद और सुरक्षा—तीनों का संतुलन बनाए रखें। उन्होंने सभी को मिलकर इस पर्व को हर्ष, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की।

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रायपुर में APEDA क्षेत्रीय कार्यालय से खुलेगा छत्तीसगढ़ के कृषि निर्यात का नया वैश्विक अध्याय, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया किसानों के लिए ऐतिहासिक अवसर

रायपुर 12 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा  कि रायपुर में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के क्षेत्रीय कार्यालय का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंच से जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश के किसानों, एफपीओ (Farmer Producer Organisations) और निर्यातकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जोड़कर राज्य की कृषि को नई ऊँचाई देगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के मंच से शुरू हुई यह पहल छत्तीसगढ़ को उच्च-मूल्य कृषि निर्यात के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करेगी। जीआई टैग प्राप्त विशिष्ट चावल किस्में जैसे जीराफूल और नागरी दुबराज, साथ ही राज्य के अन्य कृषि एवं प्रोसेस्ड फूड उत्पाद अब वैश्विक बाजारों में नई पहचान बनाएंगे। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्यमों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हर खेत तक नए अवसर पहुँचाने के लिए निरंतर काम कर रही है। APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय इस दिशा में एक मजबूत संस्थागत आधार प्रदान करेगा, जिससे निर्यात प्रक्रियाएं सरल होंगी, गुणवत्ता मानक सुधरेंगे और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संपर्क स्थापित होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल छत्तीसगढ़ को उच्च-मूल्य, सतत और प्रतिस्पर्धी कृषि निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ले जाएगी और राज्य के किसानों की समृद्धि को स्थायी आधार प्रदान करेगी।

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स्वामी विवेकानंद जयंती पर विकास की बड़ी घोषणा, मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को दिया आत्मनिर्भरता का संदेश,विकास के साथ युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार – मुख्यमंत्री 

रायपुर 12 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के नगर पंचायत मुख्यालय गुण्डरदेही में 233 करोड़ रुपये की लागत से 103 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें ₹163.88 करोड़ के 61 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹69.82 करोड़ के 42 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुण्डरदेही में एक सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के लिए ₹1 करोड़ तथा प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों हेतु ₹1 करोड़ की घोषणा भी की। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण शिलान्यास किया गया है, वे सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि अवसरों के नए द्वार हैं। उन्होंने कहा कि ₹1 करोड़ की लागत से बनने वाले व्यावसायिक परिसर से युवाओं को स्वरोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं सड़क, पुल एवं अधोसंरचना के निर्माण से आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार हर वर्ग के समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को उच्चतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, और चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ कर आदिवासी श्रमिकों को राहत पहुंचाई जा रही है। वनोपज के मूल्य संवर्धन से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना से आमजन को देश की संस्कृति और विरासत से जोड़ा जा रहा है। वहीं प्रभावी पुनर्वास नीति के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति लौट रही है और बस्तर अंचल में विकास की नई रोशनी फैल रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवाओं को आत्मबल, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस अवसर पर रायपुर में डिजिटल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक विशेष सौगात है, जहां आदिवासी नायकों की गौरवगाथा सहेजी गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि बस्तर, जो कभी लाल आतंक के लिए जाना जाता था, अब शांति, प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है और इससे आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय का स्थानीय व्यापारियों द्वारा लड्डुओं से तौलकर अभिनंदन किया गया। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित किए।कलेक्टर सुश्री दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन ने स्वागत उद्बोधन में नगर की विकास आवश्यकताओं की जानकारी दी।

इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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आम जनता से सीधा संवाद: जनदर्शन में कलेक्टर रोहित व्यास ने सुनीं समस्याएँ, अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर 12 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
      कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपनी समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके। उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 53 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।

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लापरवाही पर अब नहीं चलेगी ढिलाई: कलेक्टर व्यास के निर्देश पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, अनुपस्थित कर्मचारियों को मिलेगा नोटिस

जशपुरनगर 12 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार शासकीय कार्यों में कसावट लाने एवं सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की समय पर कार्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु आज जिले के विभिन्न कार्यालयों का एसडीएम, तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बिना अनुमति अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के विरुद्ध संबंधित कार्यालय प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और बिना सूचना अनुपस्थिति पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी, ताकि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

औचक निरीक्षण के क्रम में एसएडीओ कार्यालय दुलदुला तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय दुलदुला का निरीक्षण किया गया, जहां सभी स्टाफ उपस्थित पाए गए। एबीईओ कार्यालय में उपस्थित थे, जबकि बीईओ जिला कार्यालय में युवा महोत्सव में सम्मिलित होने के कारण अनुपस्थित रहे। बीआरसी कार्यालय पत्थलगांव में केवल दो कर्मचारी उपस्थित पाए गए, शेष कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कुनकुरी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार द्वारा एबीईओ कार्यालय कुनकुरी का निरीक्षण किया गया, जहां 2 कर्मचारी अनुपस्थित पाई गईं। एसएडीओ कार्यालय कुनकुरी में 10.30 बजे तक 3 कर्मी अनुपस्थित पाए गए, जबकि शेष कर्मचारी उपस्थित थे।
सीडीपीओ कार्यालय बगीचा के निरीक्षण में 1 कर्मी अनुपस्थित पाए गए, वहीं 11 सुपरवाइजरों द्वारा फील्ड में जाने की जानकारी दी गई। सीडीपीओ कार्यालय बागबहार के निरीक्षण में सभी स्टाफ उपस्थित मिले। बीईओ कार्यालय जशपुर का 10.30 बजे निरीक्षण किया गया, जिसमें 2 कर्मी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए, जबकि शेष कर्मचारी उपस्थित थे। एसएडीओ कार्यालय बगीचा में 1 कर्मी अनुपस्थित पाए गए।

       बीईओ कार्यालय फरसाबहार के निरीक्षण में दो कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसी तरह बीईओ कार्यालय कांसाबेल का निरीक्षण किया गया, जिसमें 3 कर्मी अनुपस्थित पाए गए। परियोजना कार्यालय महिला एवं बाल विकास कांसाबेल में 2 कर्मी अनुपस्थित मिले। बीईओ कार्यालय मनोरा का 10.30 बजे निरीक्षण किया गया, जहां भृत्य एवं  मध्यान्ह भोजन ऑपरेटर बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए, जबकि बीईओ जिला कार्यालय में उपस्थित थे। वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय कांसाबेल में 1 कर्मी अनुपस्थित पाई गईं तथा अन्य स्टाफ उपस्थित रहे। परियोजना कार्यालय तपकरा के निरीक्षण में दो सुपरवाइजर अनुपस्थित पाए गए, जिनसे कॉल पर संपर्क करने पर घर में होने की जानकारी मिली, जबकि एक सुपरवाइजर विलंब से कार्यालय पहुंचा। इस पर परियोजना अधिकारी को तीनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

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स्वामी विवेकानंद के महान विचार आज भी हमें राष्ट्र के प्रति प्रेम, और समर्पण की देते हैं सीख: विधायक श्रीमती रायमुनी भगत

जशपुरनगर, 12 जनवरी 2026/ युवाओं के प्रेरणास्रोत, महान विचारक एवं दार्शनिक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस के तहत जिले में जनजागरण एवं उनके विचारों के अनुकरण के उद्देश्य से पदयात्रा सहित विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।पदयात्रा की शुरुआत रणजीता स्टेडियम से हुई, जिसे विधायक श्रीमती रायमुनी भगत सहित अन्य अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पदयात्रा से पूर्व युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा समाज को नशा-मुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया। 
    पदयात्रा रणजीता स्टेडियम से जयस्तंभ चौक, बस स्टैंड, गौशाला परिसर, विवेकानंद कॉलोनी, जिला पंचायत परिसर होते हुए पुनः रणजीता स्टेडियम में संपन्न हुई। इस दौरान विधायक, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा बाजारडांड क्षेत्र में सामूहिक श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद भटनागर, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, युवा भारत स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
      कार्यक्रम की शुरुआत में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत सहित अन्य अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धाजंली अर्पित की। इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने अपने संबोधन में युवाओं को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि स्वामी विवेकानंद के महान विचार आज भी हमें राष्ट्र के प्रति प्रेम, समर्पण और सही राह पर चलने की सीख देते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को जीवन में आत्मसात कर अपनी उर्जा का सदुपयोग कर राष्ट्रनिर्माण में अपना योगदान दें। श्रीमती भगत ने युवाओं को देश का भविष्य बताया और नशा से दूर रहने और लोगों के इसके खिलाफ जनजागरूकता फैलाने, स्वच्छता का पालन करने एवं देश के प्रति प्रेम एवं एकता बनाए रखने की अपील की। 
    नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने जो जनजागृति लाई वह हमें आज भी प्रेरणा देती है। उन्होंने पूरे विश्व को भारतीय परंपरा और संस्कृति की गौरव के बारे में बताया। उन्होंने युवाओं से आहवान किया कि स्वामी विवेकानंद के आदर्शो पर चलकर राष्ट्रनिर्माण, एकता, अखंडता और समरसता बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद जी के जीवन एवं विचारों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलकर देश के लिए समर्पण के साथ काम करने और अपने जीवन को सार्थक करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को नियमित योग, खेल गतिविधियों में भाग लेने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। 
  
*राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं को किया गया पुरूस्कृत*

 राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूल में विभिन्न प्रतियोगिताओं को आयोजन हुआ। इसमें विजेताओं को नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत के हाथों पुरूस्कृत भी किया गया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में कर्मा सन्यासी ने पहला स्थान प्राप्त किया वहीं दूसरे स्थान पर राहुल कश्यप रहे। कविता लेखन में साक्षी नायक प्रथम एवं दूसरा स्थान कर्मा सन्यासी को मिला। रंगोली प्रतियोगिता में अनुराधा प्रधान प्रथम एवं दूसरे स्थान पर दुर्गा यादव रही। भाषण प्रतियोगिता में राहुल कश्यप प्रथम एवं द्वितीय जितेन्द्र यादव रहे। शतरंज में रामभजन राय  एन.ई.एस. कॉलेज को पहला स्थान एवं दूसरा स्थान शासकीय संत रामेश्वर गहीरा गुरू महाविद्यालय बगीचा को मिला।

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चराईमारा स्कूल में पंचायत का ‘अचानक एक्शन’, स्कूल में नशे में धुत मिला प्रधान पाठक, आंगनबाड़ी सूनी और उप स्वास्थ्य केंद्र में रात की ड्यूटी गायब — गांव ने देखी सिस्टम की असली तस्वीर

चराईमारा में पंचायत का छापा, स्कूल में नशे में शिक्षक, सिस्टम में हड़कंप!

चार आंगनबाड़ी – एक कमरा – एक बच्चा, 

उप स्वास्थ्य केंद्र में रात को ताला, ग्रामीण बोले – इलाज भगवान भरोसे
सरपंच का एक फोन और हिल गया सिस्टम, अधिकारी पहुंचे दौड़ते हुए

जशपुर/नारायणपुर 12 जनवरी 2026
कहते हैं जब पंचायत जागती है, तब व्यवस्था हिलती है… और चराईमारा में आज कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। ग्राम पंचायत रानीकोम्बो के अंतर्गत आने वाले चराईमारा गांव में पंचायत प्रतिनिधियों ने जैसे ही औचक निरीक्षण किया, शासकीय व्यवस्थाओं की परत-दर-परत पोल खुलती चली गई।

लगातार मिल रही ग्रामीणों की शिकायतों से तंग आकर सरपंच श्री छक्कन राम भगत, उपसरपंच श्री लीलाम्बर यादव, पंचगण एवं ग्रामीणों की टीम ने आज आंगनबाड़ी, प्राथमिक शाला और उप स्वास्थ्य केंद्र का अचानक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण गांव के लिए किसी जागृति अभियान से कम नहीं रहा।

स्कूल पहुंचते ही ‘नशे में मिला प्रधान पाठक

जैसे ही पंचायत टीम प्राथमिक शाला पहुंची, वहां का दृश्य देखकर सब सन्न रह गए। विद्यालय के प्रधान पाठक शराब के नशे की हालत में स्कूल में मौजूद पाए गए। बच्चों की पढ़ाई जहां अनुशासन और प्रेरणा मांगती है, वहां शिक्षक खुद लड़खड़ाते कदमों से शिक्षा का मजाक बनाते नजर आए।

सरपंच ने बिना देर किए उच्च अधिकारी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। अधिकारी ने तुरंत संकुल प्रभारी और समन्वयक को जांच के लिए भेजा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने भी शिक्षक को नशे की हालत में पाया और पंचनामा तैयार कर मामले की रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

ग्रामीणों ने गुस्से में कहा —
“जब गुरु ही शराबी होगा, तो शिष्य कैसे संस्कारी बनेंगे?”

अब शिक्षक पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है।

आंगनबाड़ी में अव्यवस्था चरम पर, एक भवन में चार केंद्र, उपस्थिति शून्य के करीब

इसके बाद पंचायत टीम आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची। यहां हालात और भी चिंताजनक पाए गए। भवन की कमी के कारण एक ही आंगनबाड़ी भवन में चार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे थे। निरीक्षण के समय केवल एक बच्चा उपस्थित मिला, जिससे बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

सरपंच एवं उपसरपंच ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। पंचायत प्रतिनिधियों ने आंगनबाड़ी भवन निर्माण की मांग को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने की बात भी कही।

ग्रामीणों का कहना था कि जब आंगनबाड़ी ही सूनी रहेगी, तो बच्चों का पोषण और भविष्य दोनों ही अधर में लटक जाएंगे।

हाथी प्रभावित क्षेत्र में रात को स्वास्थ्य सेवाएं ठप 

पंचायत टीम ने उप स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय यहां कोई नर्स ड्यूटी पर नहीं रहती, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को नारायणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ता है। यह रास्ता हाथी प्रभावित जंगल क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिससे ग्रामीणों को हमेशा जान का खतरा बना रहता है।

इस गंभीर विषय पर सरपंच ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर चर्चा कर उप स्वास्थ्य केंद्र में रात की ड्यूटी तत्काल लगाने की मांग की। अधिकारियों ने इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बिना कारण नर्स को अटैच करने पर उठे सवाल

चराईमारा में पदस्थ एक नर्स को बिना किसी ठोस कारण के नारायणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अटैच किए जाने का मामला भी निरीक्षण में सामने आया। सरपंच ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी से इस विषय में आपत्ति जताते हुए नर्स को वापस चराईमारा में पदस्थ करने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। जिस पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन मिला।

ग्रामीण बोले — अब तो सुधार होना ही चाहिए

औचक निरीक्षण के बाद गांव में चर्चा का माहौल गर्म रहा। ग्रामीणों ने पंचायत की इस कार्रवाई को “सिस्टम की नींद तोड़ने वाला कदम” बताया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस तरह नियमित निरीक्षण होते रहें, तो चराईमारा की तस्वीर जरूर बदलेगी।

ग्रामीणों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण, पंचायत की सख्ती से बढ़ी उम्मीद

इस आकस्मिक निरीक्षण के दौरान चन्द्रकिशोर यादव, लखन यादव, चक्रधर सिंह, दिलेश्वर यादव, समीर यादव, सहदेव यादव, संजय यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी तरह लगातार निरीक्षण होते रहें तो गांव की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में निश्चित रूप से सुधार आएगा।

व्यवस्था सुधार की ओर पहला मजबूत कदम

चराईमारा में हुए इस औचक निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंचायत अब लापरवाही और अनियमितता पर चुप नहीं बैठेगी। शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों को अब जवाबदेह होना पड़ेगा। यह कार्रवाई न केवल चेतावनी है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक मजबूत संदेश भी है कि सरकारी सेवाओं में अनुशासन और जिम्मेदारी अनिवार्य है।

सरपंच छक्कन राम भगत ने स्पष्ट शब्दों में कहा —
“शिक्षा, स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी जैसी बुनियादी सेवाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी चाहे कोई भी हो, कार्रवाई तय है।”

सरपंच - उप सरपंच का दो टूक संदेश

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जनजातीय विकास को सांसद संकुल विकास परियोजना से मिलेगी गति- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 12  जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सांसद संकुल विकास परियोजना की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय विकास को सांसद संकुल विकास परियोजना से गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने महत्वपूर्ण पहल की जा रही है, इससे जनजातीय क्षेत्रों से पलायन पर रोक लगेगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने लगातार प्रयास किया जा रहा है। सांसद संकुल विकास परियोजना के तहत गांवों के क्लस्टर बना कर विकास का मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ लोगों को मिल रहा है। स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग द्वारा लोगों का कौशल विकास कर उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाना ही योजना का उद्देश्य है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को धान का कटोरा कहा जाता है। हमारे यहां धान की कई किस्में हैं जिनके निर्यात की बड़ी संभावना है। कृषि के साथ ही मत्स्य पालन, बकरी पालन, गौ पालन, शूकर पालन से ग्रामीणों को जोड़ कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। हमारे जनजातीय लोग महुआ, इमली, चिरौंजी आदि वनोपज का पुश्तैनी रूप से उत्पादन करते आ रहे हैं, इनका वैल्यू एडिशन कर मार्केट से जोड़ा जा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य की नई उद्योग नीति में भी अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सांसद संकुल विकास परियोजना से जुड़े जनप्रतिनिधि और विकास सहयोगी सुनिश्चित करें कि जनजातीय क्षेत्रों में नई उद्योग नीति के लाभ भी मिलें। सांसद संकुल विकास परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की जाएगी। 

बैठक में श्री वी सतीश ने सांसद संकुल विकास परियोजना की परिकल्पना और लक्ष्य से जुड़े बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर पलायन रोकने की दिशा में योजना के तहत महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इस योजना के तहत गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे जनजातीय बहुल राज्यों में आमजन, एनजीओ, जनप्रतिनिधि और सरकार के समन्वित प्रयास से समग्र विकास किया जा रहा है। 

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि विभिन्न विभागों से जुड़े शासकीय अधिकारी भी संकुल से जुड़े गांवों के विकास में अपनी भूमिका का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। स्थानीय जरूरतों की बेहतर समझ से कौशल विकास कर लोगों को स्थाई रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकते हैं। 

बैठक में रायगढ़ के लैलूंगा संकुल, सरगुजा के परशुरामपुर संकुल, बस्तर के बकावंड संकुल, बलरामपुर के माता राजमोहिनी देवी संकुल और केशकाल के धनोरा संकुल में योजना के तहत किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी गई। 

इस अवसर पर सांसद श्री भोजराज नाग, श्री चिंतामणि महाराज, श्री राधेश्याम राठिया, श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, श्रीमती गोमती साय, श्री प्रसाद इंडेप, श्री कपिल सहस्त्रबुद्धे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्यजन उपस्थित थे।

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स्वामी विवेकानंद जयंती पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया नमन, युवाओं से राष्ट्र निर्माण में आगे आने का आह्वान

रायपुर 12 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के मौके पर प्रदेश के युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और विचार आज भी भारत की युवाशक्ति के लिए ऊर्जा, दिशा और आत्मविश्वास का सबसे बड़ा स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को यह विश्वास दिया कि वे स्वयं अपने भविष्य के निर्माता हैं। उनके विचारों ने सेवा, आत्मबल और राष्ट्रप्रेम को जीवन का उद्देश्य बनाने की प्रेरणा दी। आज जब भारत अमृतकाल की ओर अग्रसर है, तब विवेकानंद जी की शिक्षाएँ युवाओं को जिम्मेदार, आत्मनिर्भर और राष्ट्रहित के प्रति सजग नागरिक बनने का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि स्वामी विवेकानंद का जीवन रायपुर से भी जुड़ा रहा है। यहां की धरती पर बिताया गया उनका समय प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना और वैचारिक परंपरा को विशेष पहचान देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वामी विवेकानंद के विचार आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के युवा उनके आदर्शों को अपनाकर समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

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झारखंड से जशपुर लाया जा रहा अवैध धान जशपुर पुलिस की घेराबंदी में पकड़ा गया, ट्रक और दो पिकअप से 149 क्विंटल धान जप्त, करीब साढ़े तीन लाख रुपये की अवैध खेप जिला प्रशासन को सौंपी गई

जशपुर, 12 जनवरी 2026।
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान अवैध धान परिवहन पर जशपुर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। इसी कड़ी में चौकी आरा क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड से जशपुर लाया जा रहा 149 क्विंटल अवैध धान जप्त किया है। यह धान एक ट्रक और दो पिकअप वाहनों में भरकर लाया जा रहा था, जिसे पुलिस ने ग्राम केतार और ग्राम बोकी में घेराबंदी कर पकड़ा। जप्त धान की अनुमानित कीमत लगभग तीन लाख बयालीस हजार रुपये बताई जा रही है, जिसे आगे की कार्यवाही हेतु जिला प्रशासन को सौंप दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धान खरीदी सीजन में सरहदी राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर छत्तीसगढ़ में खपाने की कोशिश करने वाले बिचौलियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अब तक जशपुर पुलिस द्वारा 2100 क्विंटल से अधिक अवैध धान पकड़ा जा चुका है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जिले में अवैध धान कारोबार संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

मुखबिर की सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई

दिनांक 10 जनवरी 2026 की रात्रि लगभग 10 बजे चौकी आरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम केतार के पास एक ट्रक में भारी मात्रा में धान लोड कर झारखंड से जशपुर लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस पेट्रोलिंग टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम केतार स्थित पेट्रोल पंप के पास ट्रक क्रमांक JH-01-GF-0332 को रोककर तलाशी ली।

तलाशी के दौरान ट्रक में 290 बोरियों में कुल 90 क्विंटल धान लोड मिला। ट्रक चालक ने पूछताछ में अपना नाम गणेश यादव, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम खुटगांव, थाना कुनकुरी बताया। उसने स्वीकार किया कि वह उक्त धान झारखंड से लेकर जशपुर ला रहा था। जब पुलिस ने धान परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज और मंडी टोकन प्रस्तुत करने को कहा, तो वह कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इस पर पुलिस ने ट्रक सहित धान जप्त कर कार्यवाही हेतु जिला प्रशासन को सौंप दिया।

दूसरे दिन दो पिकअप भी पकड़े गए

इसी क्रम में 11 जनवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम बोकी में घेराबंदी कर दो पिकअप वाहनों को रोका। पिकअप वाहन क्रमांक JH-07-H-0224 की तलाशी में 66 बोरियों में 30 क्विंटल धान तथा पिकअप वाहन क्रमांक JH-01-CV-2140 में 60 बोरियों में 29 क्विंटल धान बरामद किया गया।

दोनों वाहनों के चालकों ने अपना नाम क्रमशः शेखर यादव, उम्र 26 वर्ष, निवासी मधुबनटोली, जशपुर एवं सजीत कुमार, उम्र 25 वर्ष, निवासी पुरनानगर, जशपुर बताया। पूछताछ में उन्होंने भी धान को झारखंड से जशपुर लाना स्वीकार किया। वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाने पर पुलिस ने दोनों पिकअप वाहन सहित धान जप्त कर जिला प्रशासन को सौंप दिया।

दो दिनों में 416 बोरी, 149 क्विंटल धान जप्त

इस प्रकार पुलिस ने दो दिनों के भीतर कुल 416 बोरियों में भरा 149 क्विंटल अवैध धान एक ट्रक और दो पिकअप वाहनों से पकड़ा। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध धान परिवहन करने वाले बिचौलियों में हड़कंप मच गया है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी आरा सहायक उप निरीक्षक चंद्र प्रकाश त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक विद्यासागर पैंकरा तथा आरक्षक बेलसाजर कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से यह बड़ी सफलता मिली।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने कहा कि, “अवैध धान परिवहन पर जशपुर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। आरा क्षेत्र में ट्रक और दो पिकअप से 149 क्विंटल धान पकड़ा गया है, जिसे जिला प्रशासन को सौंप दिया गया है। अब तक जिले में 2100 क्विंटल से अधिक अवैध धान पकड़ा जा चुका है और आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”

एसएसपी - श्री शशि मोहन सिंह

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जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,गौरा पूजा एवं बैगा पुजेरी सम्मेलन में मुख्यमंत्री की सहभागिता

रायपुर 11 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कोरबा जिले के महर्षि वाल्मीकि आश्रम, आईटीआई रामपुर में आयोजित गौरा पूजा महोत्सव एवं बैगा पुजेरी सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने गौरा-गौरी पूजन तथा बैगा पुजारी सम्मेलन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी समाज का अपना गौरवशाली इतिहास, विशिष्ट संस्कृति और समृद्ध परंपराएं हैं। बैगा और पुजेरी समाज आज भी इन परंपराओं के संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर आईटीआई चौक से बालको रोड का नाम ‘जनजातीय गौरव पथ’ रखने तथा इस मार्ग के प्रारंभिक बिंदु पर जनजातीय महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण इसलिए किया था ताकि यहां की सर्वाधिक जनसंख्या वाले आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाया जा सके। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समाज का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए 15 नवंबर शहीद बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित करते हुए धरती आबा उत्कर्ष योजना प्रारंभ की। इसके साथ ही पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास के दायरे में लाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आसीन हैं और छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री भी एक साधारण किसान परिवार से आने वाला आदिवासी समाज का बेटा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपये तथा पीएम जनमन योजना के लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ के 6,691 गांव लाभान्वित हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि पहाड़ी कोरवा, बिरहोर सहित अन्य पीवीटीजी समुदायों के उत्थान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। आदिवासी अंचलों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसके लिए राज्य में प्राधिकरण का गठन कर आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति दी जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने स्वयं भी वनवासी कल्याण आश्रम में कार्यकर्ता के रूप में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज आदिकाल से भगवान गौरागौरी के रूप में शिव-पार्वती के उपासक रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के महापुरुषों के योगदान को स्मरणीय बनाने, उनकी स्मृतियों को सहेजने और नई पीढ़ी को उनके बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से नवा रायपुर में विशाल डिजिटल जनजातीय संग्रहालय स्थापित किया गया है, जिसमें महापुरुषों की जीवन-गाथाओं का सचित्र वर्णन किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को प्रोत्साहित करने हेतु बैगा, गुनिया और सिरहा को प्रतिवर्ष 5,000 रुपये की सम्मान निधि प्रदान की जा रही है। साथ ही सरना स्थलों का संरक्षण किया जाएगा, जो न केवल सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा करेगा बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विकसित भारत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं, उसी प्रकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।उन्होंने कहा कि जिले में अनेक प्राचीन देवी-देवताओं के स्थल हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में विकसित कर पर्यटन के रूप में नई पहचान दी जा रही है।

कार्यक्रम में कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी श्री पनतराम भगत एवं श्री बीरबल सिंह ने भी संबोधन दिया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, पूर्व मंत्री श्री ननकी राम कंवर, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर 11 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वामी विवेकानंद जयंती (12 जनवरी) ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति के अमर प्रेरणास्रोत हैं। उनके ओजस्वी विचारों, मानवता से परिपूर्ण दर्शन ने न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण विश्व को आत्मविश्वास, सेवा और आध्यात्मिक जागरण की नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं को यह सिखाता है कि आत्मबल, चरित्र और सेवा-भाव से ही राष्ट्र का निर्माण होता है। उनके विचार आज भी युवाओं को आत्मनिर्भर, कर्तव्यनिष्ठ और राष्ट्रहित में समर्पित बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह विशेष गौरव का विषय है कि स्वामी विवेकानंद जी के जीवनकाल का एक महत्वपूर्ण समय राजधानी रायपुर में व्यतीत हुआ। उनसे जुड़ी स्मृतियाँ न केवल रायपुर की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध करती हैं, बल्कि प्रदेशवासियों को निरंतर प्रेरणा भी प्रदान करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वामी विवेकानंद जी के दार्शनिक और वैचारिक मूल्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनते रहेंगे और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की युवा शक्ति को राष्ट्र सेवा और मानव कल्याण के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।

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लोकतंत्र की पाठशाला बना नेशनल रोवर - रेंजर जंबूरी,युवा संसद में डॉ. रमन सिंह बने अध्यक्ष और बच्चे बने सांसद, लोकहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

रायपुर, 11 जनवरी 2026/ नेशनल रोवर - रेंजर जंबूरी का आयोजन पूरे उत्साह, अनुशासन और जीवंत सहभागिता के साथ बालोद जिले के ग्राम दुधली में सम्पन्न किया रहा है। आयोजन के तीसरे दिन जंबूरी परिसर लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र बन गया, जब रोवर–रेंजरों एवं उपस्थित नागरिकों को लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराया गया। यूथ पार्लियामेंट के मंच पर रोवर–रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई वहीं विधानसभा के अध्यक्ष संसद के अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन किया। युवाओं ने जिस आत्मविश्वास, विषयगत समझ और मर्यादित संवाद शैली का प्रदर्शन किया, वह दर्शनीय था। यह मंच भावी जनप्रतिनिधियों को गढ़ने का सशक्त माध्यम गया था।
*अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बने रोवर–रेंजर*
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की आयोजित युवा संसद की सराहना करते हुए कहा कि यूथ पार्लियामेंट के दौरान रोवर–रेंजरों जिस प्रकार आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपनी भूमिका को निभाया है, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना साकार नजर आती है। आज के युवा कल के हमारे समाज के प्रतिनिधि हैं। इनके कंधों पर हमारी विरासतों को आगे ले जाने का जिम्मा है, जिसे वे बखूबी निभाएंगे इसका हम सभी को भरोसा है। उन्होंने सभी की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव पड़ती है।
         इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के रोवर - रेंजर देश का आने वाला भविष्य है।भारतीय स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, रोवर–रेंजर, स्काउट–गाइड्स एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

*सीख, सेवा और साहस से भरा रहा तीसरा दिन*

     जंबूरी का तृतीय दिवस प्रतिभागियों के लिए विविध और प्रेरक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जागरण और शारीरिक जांच के साथ फ्लैग सेरेमनी के साथ अनुशासन और एकता का संदेश दिया जाएगा। डॉग शो में कुत्तों की बेहतरीन कलात्मक प्रदर्शन के साथ मार्च पास्ट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी प्रतियोगिताओं में भी युवाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया।     
        आज जम्बूरी में आदिवासी संस्कृति परंपरा के साथ आधुनिकता की अनूठी प्रस्तुति दी गयी। आदिवासी वेशभूषा में पारंपरिक व्यंजनों के निर्माण के साथ लोकवाद्यों की भी प्रस्तुति की गई। आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पारंपरिक भोजन के साथ ही हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियां का भी प्रदर्शन किया गया।
      युवाओं को आपदा प्रबंधन और ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज से जुड़ी प्रतियोगिताओं के साथ वृक्षारोपण भी किया गया। कंटीजेंट लीडर मीटिंग, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, एच डब्लू बी रीयूनियन, नाइट हाईक तथा पायोनियरिंग प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं के भी आयोजित की जाएगी। एरिना में आयोजित इंटरनेशनल नाइट कार्यक्रम में विभिन्न संस्कृतियों की रंगारंग प्रस्तुतियां जंबूरी को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा।

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पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से राम नारायण का बिजली बिल हुआ शून्य, मिला सब्सिडी का लाभ

रायपुर, 11 जनवरी 2026/ शासन की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। यह योजना न केवल बढ़ते बिजली बिल से राहत दे रही है, बल्कि लोगों को स्वच्छ, सस्ती और हरित ऊर्जा से भी जोड़ रही है। योजना का लाभ लेकर आम उपभोक्ता अब आत्मनिर्भर बन रहे हैं और बिजली उपभोग के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन में भी सहभागी बन रहे हैं।
       इस योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण अंबिकापुर नगर के भिट्ठी कला निवासी राम नारायण गुप्ता हैं। उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित किया और महज एक माह के भीतर उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया। पहले जहां अधिक बिजली खपत के कारण हर माह भारी-भरकम बिल आता था, वहीं अब सौर ऊर्जा के उपयोग से उन्हें राहत मिली है।
       श्री राम नारायण गुप्ता ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तुरंत इसका लाभ लेने का निर्णय लिया। योजना के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कुल 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप पैनल लगाना आम नागरिकों के लिए सरल और किफायती हो गया है। सब्सिडी मिलने से प्रारंभिक लागत में काफी कमी आई और उनका निर्णय और भी आसान हो गया।
       उन्होंने बताया कि सोलर पैनल लगाए अभी एक ही महीना हुआ है और इस अवधि में बिजली बिल पूरी तरह से शून्य आ गया है। इतना ही नहीं, यह योजना उन्हें केवल बिजली उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी बना रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत विद्युत विभाग के साथ एक एग्रीमेंट किया जाता है, जिसके अनुसार सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली पहले घर की जरूरतों में उपयोग होती है। इसके बाद जो अतिरिक्त बिजली बचती है, वह ग्रिड के माध्यम से विद्युत विभाग को भेज दी जाती है, जिसका भुगतान वित्तीय वर्ष के अंत में उपभोक्ता को किया जाता है।
      राम नारायण ने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। सौर ऊर्जा के उपयोग से ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिल रहा है और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम हो रही है। साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी आम नागरिकों को इस योजना से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
       उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जनहितकारी बताते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और अन्य नागरिकों से भी अपील की कि वे इस योजना का लाभ उठाकर न केवल अपने बिजली बिल को कम करें, बल्कि स्वच्छ और सतत ऊर्जा अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दें।

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कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन से ही साकार होती हैं शासन की नीतियां : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य कर्मचारी संघ के त्रैवार्षिक प्रदेश अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान, महंगाई भत्ता बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया

रायपुर 11 जनवरी 2026/कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं और उनकी ईमानदारी, कर्मठता तथा संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं, नीतियां और निर्णय वास्तविक रूप में धरातल पर उतरते हैं। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा आप सभी की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन के कारण ही प्रभावी ढंग से कार्य कर पा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिवेशन  संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ ही सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त अवसर है। जब सरकार और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और शासन व्यवस्था अधिक सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारु और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को और मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना कर तथा पेंशन फंड विधेयक को विधानसभा से पारित कर राज्य ने इस दिशा में एक मजबूत विधायी आधार भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त बनाया गया है, वहीं प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बदलते समय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। एक समय नक्सलवाद प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन हमारे सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस और पराक्रम से इसका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने मंच से सुरक्षा बलों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए बेहतर और मानवीय पुनर्वास नीति लागू की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था तेजी से स्थापित हो रही है और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से सुदूर वनांचलों तक बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार ने भी ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ तैयार कर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री गौरव कुमार सोनी, महामंत्री श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री अरूण तिवारी, प्रदेश महामंत्री श्री अश्वनी चेलक तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री के नेतृत्व में धान खरीदी की प्रक्रिया सुव्यस्थित पारदर्शी और सुचारू रूप से हो रही संचालित 

जशपुर 11 जन्म 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु जिले के विभिन्न खरीदी केंद्रों में किसानों की निरंतर आवक बनी हुई है। शासन द्वारा लागू की गई किसान हितैषी नीतियों एवं प्रभावी प्रबंधन व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव अब ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है।

धान उपार्जन केंद्र महुआटोली, कुनकुरी में अपनी उपज विक्रय करने पहुँचे ग्राम लोधमा के कृषक श्री मोहम्मद अजीज ने बताया कि केंद्र पर धान विक्रय की प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं सुविधाजनक रही। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से उन्हें बिना किसी परेशानी के समय पर टोकन प्राप्त हुआ। पर्ची कटने से लेकर तौल प्रक्रिया तक सभी कार्य सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुए। केंद्र पर स्वच्छ एवं पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराया गया तथा वजन कार्य पूर्णतः पारदर्शी तरीके से किया गया।

कृषक श्री अजीज ने बताया कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से किसानों को अब काफी सहूलियत मिल रही है, जिससे समय की बचत हो रही है और अनावश्यक प्रतीक्षा से भी राहत मिली है। उन्होंने शासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि उन्हें सम्मान और सुरक्षा की अनुभूति भी हो रही है।

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बांस-बल्लियों के सहारे बिजली आपूर्ति,शिकायतों के बाद भी दशकों से नहीं लगे पोल,क्या हादसे का इंतजार कर रहा विभाग?

 जशपुर/नारायणपुर : 11 जनवरी 2026
बगीचा विकासखंड के सरबकोम्बो गांव में बिजली आपूर्ति की स्थिति किसी भी दृष्टि से सुरक्षित नहीं कही जा सकती। यहां ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन तो दे दिया गया है, लेकिन उन्हें सुरक्षित बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना बिजली विभाग पूरी तरह भूल चुका है। गांव के मुख्य मार्ग और स्टेट हाईवे से सटे इलाकों में आज भी बिजली के पोल नहीं लगाए गए हैं। परिणामस्वरूप, मैन रोड पर लगे खंभों से सीधे बांस-बल्लियों के सहारे तार खींचकर घरों तक बिजली पहुंचाई जा रही है।

यह अस्थायी व्यवस्था न केवल विभागीय नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि ग्रामीणों की जान को लगातार खतरे में डाल रही है। इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चे भी गुजरते हैं, जिनके सिर के ऊपर से जर्जर और झूलते तार लटकते रहते हैं।

बारिश, आंधी और अंधेरे में और बढ़ जाता है खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में तारों से चिंगारी निकलने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। कई बार रात के समय अंधेरे में तार दिखाई नहीं देते और लोग डर के साए में सड़क पार करते हैं। आंधी-तूफान में बांस-बल्लियां हिलने लगती हैं, जिससे तार टूटकर गिरने की पूरी आशंका बनी रहती है। यदि कभी तार टूटकर सड़क पर गिर गया, तो यह किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकता है।

दशकों से कायम लापरवाही

सरबकोम्बो निवासी मूंगा लाल गुप्ता बताते हैं कि उनके घर के सामने स्टेट हाईवे पार कर बिजली कनेक्शन दिया गया है, लेकिन आज तक वहां स्थायी पोल नहीं लगाए गए। सड़क के दोनों ओर बांस-बल्ली गाड़कर तार खींचे गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने और गांव के अन्य लोगों ने कई बार बिजली विभाग को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं। उन्होंने आगे बताया कि “दशकों से यही हाल है। तार पुराने हो चुके हैं, इंसुलेशन घिस चुका है और अक्सर स्पार्किंग होती है। कभी भी तार टूट सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है।”

ग्रामीण विद्युतीकरण की सच्चाई

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामीण विद्युतीकरण योजना केवल कागजों में सफल दिखाई देती है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। विभाग ने केवल कनेक्शन देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, लेकिन सुरक्षा, तकनीकी मानक और स्थायी संरचना पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी बड़े शहर या कस्बे में इस तरह बांस-बल्लियों के सहारे बिजली दी जाती, तो तुरंत कार्रवाई होती, लेकिन ग्रामीण इलाकों में लापरवाही को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा खतरा

गांव का यह मार्ग स्टेट हाइवे सड़क है स्कूल, बाजार  जैसे कई स्थानों को जोड़ता है। रोजाना इस सड़क से सैकड़ो वाहनों सहित छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इसी रास्ते से गुजरते हैं। बच्चों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक है,  

शिकायतों का लंबा इतिहास

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों में उन्होंने बिजली विभाग के स्थानीय कार्यालय, अधिकारियों और कर्मचारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें कीं, लेकिन न तो मौके का निरीक्षण किया गया और न ही किसी प्रकार का सुधार हुआ। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

किसी बड़े हादसे का इंतजार ?

ग्रामीणों का सवाल है कि क्या विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा? क्या किसी की जान जाने के बाद ही खंभे लगाए जाएंगे? ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होगी।

सरबकोम्बो गांव की यह स्थिति केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह लापरवाही कभी भी एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

 नारायणपुर के बिजली विभाग के लाइन मेन को पूछने पर बताया कि मैं मौके पर जाकर देख लूंगा अगर वँहा पोल की आवश्यकता होगी तो उच्च अधिकारी को अवगत कराया जाएगा,  जो भी निर्देश मिलेगा उस अनुरूप आगे की कार्यवाही की जाएगी।

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गौ तस्करी का नया खेल, किसानों के भेष में मवेशी पार करा रहे तस्कर,जंगल, नदी और सुनसान रास्तों से झारखंड पहुंचाए जा रहे  मवेशी, नारायणपुर पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल

 

जशपुर/नारायणपुर 11 जनवरी2026
नारायणपुर क्षेत्र में गौ तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला और संगठित तरीका सामने आया है, जिसने पुलिस और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौ तस्कर अब खुले तौर पर नहीं बल्कि किसानों के भेष में, दिन दहाड़े मवेशियों को चराने के बहाने छोटे-छोटे समूहों में झारखंड सीमा की ओर हांक रहे हैं और बाद में उन्हें एक स्थान पर एकत्र कर राज्य सीमा पार करा रहे हैं।

ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, तस्कर मजदूरी पर स्थानीय लोगों को लगाकर दो से चार मवेशियों को अलग-अलग समय पर रवाना करते हैं। हर आधे घंटे में नए लोग उतनी ही संख्या में मवेशी लेकर निकलते हैं। यह प्रक्रिया लगातार कई घंटों तक चलती रहती है। लगभग 10 से 15 किलोमीटर दूर किसी सुनसान इलाके में जब 20 से 25 मवेशी इकट्ठा हो जाते हैं, तब उन्हें एक साथ जंगल और नदी किनारे के रास्तों से झारखंड की ओर रवाना कर दिया जाता है।

संगठित नेटवर्क, तय रूट और समयबद्ध योजना

ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क पूरी योजना के साथ संचालित किया जा रहा है। तस्करों ने अपने लिए ऐसे मार्ग चुन रखे हैं, जहां पुलिस की आवाजाही बेहद कम रहती है। एक ओर बादलखोल अभ्यारण्य के घने जंगलों के रास्ते बच्छरांव, झरगांव, अलोरी और मनोरा होते हुए मवेशियों को झारखंड पहुंचाया जाता है। दूसरी ओर रानीकोम्बो, बनकोम्बो, ईब नदी के किनारे-किनारे चलते हुए बेलजोरा नदी पार कर बेलटोली, घाघरा और मनोरा होते हुए तस्करी की जा रही है।इन मार्गों पर जंगल, पहाड़ी और नदी होने के कारण न तो वाहनों की जरूरत पड़ती है और न ही आसानी से पुलिस की नजर पहुंच पाती है। तस्कर मवेशियों को पैदल हांकते हुए  सीमा पार करवा देते हैं।

चरवाहों की तरह दिखते हैं तस्कर

ग्रामीणों ने बताया कि तस्कर साधारण कपड़ों में किसानों और चरवाहों की तरह दिखाई देते हैं, जिससे किसी को शक भी नहीं होता। देखने में ऐसा लगता है मानो लोग अपने मवेशियों को चराने ले जा रहे हों, लेकिन हकीकत में वे एक बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा होते हैं।

स्थानीय किसानों को हो रहा भारी नुकसान

गौ तस्करी के कारण स्थानीय किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों का कहना है कि उनके मवेशी रात के समय गायब हो जाते हैं और बाद में उनके झारखंड ले जाए जाने की जानकारी मिलती है। गरीब किसान, जिनकी खेती और आजीविका मवेशियों पर निर्भर है, उनके लिए यह स्थिति बेहद पीड़ादायक बनती जा रही है।

       ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि इतनी बड़ी मात्रा में तस्करी होने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। ग्रामीणों का सवाल है कि जब रोजाना जंगल और नदी मार्ग से मवेशी पार कराए जा रहे हैं, तो क्या पुलिस को इसकी भनक नहीं है? और यदि जानकारी है, तो फिर तस्करों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

ग्रामीणों की मांग – हो सख्त कार्रवाई

क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गौ तस्करी में लिप्त पूरे गिरोह को चिन्हित कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।  रात्री गश्त बढ़ाई जाए और जंगल व नदी मार्गों पर विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएं। यदि समय रहते तस्करों पर नकेल नहीं कसी गई, तो यह अवैध कारोबार और अधिक फैल जाएगा ।

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