ताजा खबरें


बड़ी खबर

हर घर नल-जल योजना” में बड़ा खेल ? पाँच साल से अधूरी पड़ी पानी टंकी, अधिकारी-ठेकेदार की लापरवाही से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे भीतघरा के ग्रामीण -गत वर्ष सुशासन शिविर में आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

नारायणपुर 11 मई 2026 :  बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत भीतघरा की मुख्य बस्ती में शासन की महत्वाकांक्षी “हर घर नल-जल योजना” अब ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही और भ्रष्ट कार्यप्रणाली का प्रतीक बन चुकी है। गाँव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर निर्माण कार्य शुरू तो किया गया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी योजना अधूरी पड़ी हुई है। स्थिति यह है कि ग्रामीण आज भी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार पूरे मामले से बेखबर बने हुए हैं।

गाँव में बने अधूरे निर्माण स्थल को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह बिना योजना पूर्ण किए कार्य को बीच में छोड़ दिया गया। मौके पर केवल सीमेंट का प्लेटफॉर्म, अधूरी संरचना और पाइप नजर आते हैं, लेकिन पानी की सुविधा आज तक शुरू नहीं हो सकी। पंचयात के उप सरपंच शिवनारायण यादव के अनुसार लगभग पाँच वर्ष पहले निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन कुछ दिनों बाद अचानक काम बंद कर दिया गया। इसके बाद न ठेकेदार वापस लौटा और न ही विभागीय अधिकारियों ने कार्य पूरा कराने में रुचि दिखाई।

उप सरपंच ने बताया कि योजना के नाम पर सरकारी राशि खर्च कर केवल खानापूर्ति की गई। यदि समय पर अधिकारियों द्वारा निगरानी की जाती और ठेकेदार पर दबाव बनाया जाता, तो आज गाँव के लोगों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ता। गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है, जबकि सरकार हर घर तक नल से पानी पहुँचाने के बड़े-बड़े दावे करती है।

 उप सरपंच शिवनारायण ने बताया कि इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पिछले वर्ष आयोजित “सुशासन तिहार” शिविर में भी शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की गई थी। उस समय पीएचई विभाग बगीचा के अधिकारियों ने शीघ्र कार्रवाई और कार्य पूर्ण कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों का कहना है कि सुशासन शिविर में जनता अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचती है, आवेदन जमा करती है, लेकिन उसके बाद न कोई जांच होती है और न समाधान। लोगों का आरोप है कि अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। यही कारण है कि गाँव में अधूरे निर्माण कार्य अब विभागीय उदासीनता की पहचान बन चुके हैं।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने वाले ठेकेदार और निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो। साथ ही योजना को जल्द पूरा कर गाँव में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू की जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासन की योजनाएँ इसी तरह अधूरी छोड़ दी जाएंगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तो विकास के दावे केवल पोस्टर और भाषणों तक सीमित रह जाएंगे। भीतघरा के लोग अब आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम और पानी की सुविधा चाहते हैं।

  मुझे आपके माध्यम से भितघरा में नल जल अधूरा होने की जानकारी मिली है ,मैं पूरी जानकारी प्राप्त कर कार्य क्यों अधूरा  है इसका पता कर  जल्द ही काम चालू करवाता हु।। 

एस बी सिंह -ई ई पीएचई  -जशपुर

और भी

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएँ ,अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण के दिए निर्देश

जशपुरनगर 12 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
       आज आयोजित जनदर्शन में कुल 38 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित समस्याएँ और मांगें शामिल थीं। कलेक्टर श्री व्यास ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण करें, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। 
      कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को  आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों, जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता और शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया।

और भी

सिमड़ा शिविर में दिव्यांग सुगन्ती तिर्की को मिली ट्राइसाईकिल, तीन हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश सौंपकर प्रशासन ने बांटी राहत और मुस्कान

जशपुर 12 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में संचालित सुशासन तिहार में लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जा रहा है। 

इसके साथ ही हितग्राहियों को  विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। दुलदुला विकास खंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 3 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृत प्रमाण पत्र और 1 दिव्यांग हितग्राही को ट्राइसाईकिल वितरण किया गया।

इनमें ग्राम सिमड़ा के सुगन्ती तिर्की, को ट्राइसाईकिल मिला और डोम ,नूपपति और रामेश्वर साय को पेंशन स्वीकृत आदेश दिया गया।

सुगन्ती तिर्की ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उनको कही आने जाने में सुविधा होगी दूसरे लोगों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।

शिविर में पेंशन स्वीकृत आदेश पाने वाले हितग्राहियों ने भी खुशी जाहिर करते हुए प्रशासन को दिया धन्यवाद ।

और भी

कुनकुरी में जल्द खुल सकता है ब्लड बैंक, मरीजों को राहत देने स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर भेजा प्रस्ताव

जशपुरनगर 12 मई 2026/ समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ‘‘कुनकुरी में ब्लड बैंक की कमी मरीजों की जान पर बन रही आफत‘‘ के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जशपुर द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में ब्लड बैंक की स्थापना के लिए संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, अटल नगर रायपुर को पत्र के माध्यम से स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति प्राप्त होने पर ब्लड बैंक खोलने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।

और भी

कुनकुरी हाट-बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी जांच मुहिम : ऑरेंज स्क्वैश, चॉकलेट, मैंगो जूस, कार्बोनेटेड ड्रिंक, पानी बोतल और लॉलीपॉप के नमूने लैब भेजे गए, रिपोर्ट आने के बाद होगी कड़ी कार्रवाई

जशपुरनगर 12 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में चल रहे ’“सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार”’ अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कुनकुरी क्षेत्र में हाट-बाजार के कारण खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया।
         खाद्य सुरक्षा विभाग ने किराना दुकानों, मौसमी फल व सब्जी विक्रेताओं, गन्ना रस-जूस विक्रेताओं, होटलों, ढाबा आदि का मौके पर निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए। 
        व्यापारियों को हाइजीन, एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की छटनी व नष्टीकरण, पीने के पानी का सुरक्षित संग्रहण, पेस्ट कंट्रोल, फूड हैंडलर्स का मेडिकल, खाद्य लाइसेंस’ आदि के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। किराना और होलसेल प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता व मिलावट की शंका पर 6 खाद्य नमूने संकलित कर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए। इनमें ऑरेंज स्क्वैश शरबत, चोको हेजेल नट चॉकलेट, अमाजा मैंगो जूस ड्रिंक्स, आइस पंच कार्बाेनेट ड्रिंक्स, मम्पी पैकेज पानी बोतल और जुजु रोज केसर लॉलीपॉप शामिल थे। जांच परिणाम आने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
        निरीक्षण में मेन रोड व बस स्टैण्ड कुनकुरी पर स्थित लित कुमार अग्रवाल गल्ला दुकान, आर्या स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट, रामजी होटल और नास्ता सेंटर, महेश ढाबा, कुमार किराना स्टोर, जैन ट्रेडर्स’ सहित अन्य प्रतिष्ठानों को खाद्य व्यवसाय संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए।
          खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि जल्द ही कुनकुरी व आसपास के खाद्य कारोबारियों के लिए जागरूकता एवं खाद्य लाइसेंस शिविर सह कार्यशाला आयोजित की जाएगी। विभाग जिले में आमजन को ’शुद्ध, साफ, सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ’ उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्रवाई व जनजागरूकता अभियान चला रहा है।

और भी

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने निर्माण एजेंसियों की ली समीक्षा बैठक , गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश, लापरवाही बरतने पर होगी कार्यवाही

  जशपुरनगर, 12 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड, गृह निर्माण मंडल एवं सेतु विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर उनके विभागों द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने पूर्ण, अपूर्ण, अप्रारंभ तथा प्रगतिरत कार्यों की विस्तार से जानकारी ली और  सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। 
    कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों की प्रगति की जानकारी अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए। बैठक में स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों, आवासीय परियोजनाओं तथा पुल-पुलियों एवं अन्य सेतु निर्माण कार्यों की प्रगति की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने, तकनीकी मानकों का पालन करने तथा आमजन की सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में आने वाली समस्याओं का त्वरित निराकरण करें, ताकि विकास कार्यों में गति बनी रहे और आम जनता को समय पर बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके।

और भी

कलेक्टर ने सुशासन शिविर के आवेदनों का निराकरण गंभीरता से करने के दिए निर्देश ,जिन सड़कों पर  दुर्घटना अधिक होती है वहां सुधार करने के निर्देश 

जशपुर 12 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर   अधिकारियों और जिला कार्यालय के   कर्मचारियों को  शासकीय कार्य e office, sparrow, eHRMS और i Got कर्मयोगी के माध्यम से ही कार्य करने के दिए निर्देश। 
 
  इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार श्री प्रदीप कुमार साहू और सभी एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारीयों को निर्देश दिए हैं कि वे विकास खंड स्तरीय सुशासन शिविर में जिला स्तरीय अधिकारियों और बीएमओ, विकास खंड शिक्षा अधिकारी,महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी, फूड इंस्पेक्टर,श्रम विभाग, मत्स्य विभाग सहित अन्य विभाग के अधिकारीय शिविर में उपस्थित रहेंगे।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन कलेक्टर जनदर्शन और सुशासन शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण गंभीरता से करने के निर्देश दिए हैं।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी को सड़क सुरक्षा समिति के बैठक में सड़क को सुधारने के लिए गए निर्णय को अमल करने कहा है।

उन्होंने कहा कि  जहां सड़क दुर्घटना ज्यादा होती है उन जगहों पर सुधार करण की आवश्यकता है और साइन बोर्ड दिशा सूचक बोर्ड लगाने की आवश्यकता बताई ।

कलेक्टर ने एन एच के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्यों को गंभीरता से नहीं किया गया तो सारी जिम्मेदारी एन एच के अधिकारियों को होगी और कारवाई भी अधिकारियों पर की जाएगी जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।


कलेक्टर ने प्राकृतिक आपदा 6/4 के तहत प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि गंभीरता से देने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कृषि अधिकारी को किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा खाद कि आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं।

और भी

कलेक्टर रोहित व्यास की बड़ी पहल : अब पत्थलगांव में ही मिलेगा राजस्व न्याय, हर महीने लगेगा “कलेक्टर लिंक कोर्ट”, जनता की समस्याओं का होगा मौके पर समाधान

जशपुरनगर 11 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अभिनव पहल से अब पत्थलगांव क्षेत्र के लोगों को राजस्व मामलों के निराकरण के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिला प्रशासन ने आमजन को स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय और प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पत्थलगांव में प्रत्येक माह के चौथे गुरुवार को “कलेक्टर लिंक कोर्ट” आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही जनदर्शन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रवासी सीधे कलेक्टर को अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था के तहत पहला जनदर्शन एवं लिंक कोर्ट 28 मई 2026 को आयोजित होगा। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में लिंक कोर्ट की आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर लिंक कोर्ट की शुरुआत से पत्थलगांव क्षेत्र के नागरिकों को नामांतरण, सीमांकन, अपील, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार, डायवर्सन एवं अन्य राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए अब जशपुर जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही सुनवाई होने से लोगों के समय, धन और श्रम की बचत होगी तथा वर्षों से लंबित मामलों के निराकरण में तेजी आएगी। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा है कि आम नागरिकों को छोटी-छोटी प्रशासनिक एवं राजस्व समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से दूरस्थ क्षेत्र पत्थलगांव में लिंक कोर्ट एवं जनदर्शन की व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है। इस दौरान बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू, जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।


*राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश* -

कलेक्टर श्री व्यास ने राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में 
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नामांतरण, डायवर्सन, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार, सीमांकन, स्वामित्व योजना, आरबीसी 6-4 सहित सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए। बैठक में एग्रीस्टेक के अंतर्गत किसान पंजीयन के लंबित वेरिफिकेशन एवं स्वीकृति प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने तहसीलदारों एवं पटवारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर शीघ्र निराकृत किया जाए। उन्होंने स्वामित्व योजना, मसाहती गांव सर्वेक्षण, किसान किताब में आधार प्रविष्टि, डिजिटल हस्ताक्षर से अभिलेख सत्यापन, भू-नक्शा अद्यतन, भू-बंटन रिकॉर्ड दुरुस्ती तथा त्रुटि सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि राजस्व विभाग के मैदानी अमले सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि आम जनता को प्रकरणों के निराकरण में त्वरित लाभ मिल सके। उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को भी विशेष अभियान चलाकर शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए।

और भी

जशपुर में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के पहचान प्रमाण पत्र बनाने चलेगा विशेष अभियान ,कलेक्टर के निर्देश पर जनपद पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर होगा चिन्हांकन

जशपुरनगर 11 मई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन समाज कल्याण विभाग के निर्देशानुसार जशपुर जिले में उभयलिंगी (ट्रांसजेंडर) वर्ग के व्यक्तियों के चिन्हांकन एवं पहचान प्रमाण पत्र जारी करने के लिए विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशानुसार जिले में ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जाएगी, जो स्वयं को उभयलिंगी अथवा ट्रांसजेंडर के रूप में मानते हैं। यह चिन्हांकन जनपद पंचायत एवं नगरीय निकाय स्तर पर किया जाएगा, ताकि पात्र व्यक्तियों तक शासन की सुविधाओं और योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। चिन्हित ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सप्ताह के किसी भी मंगलवार को शासकीय जिला चिकित्सालय, जशपुर में उपस्थित कराया जाएगा। यहां उनका आवश्यक रक्त परीक्षण एवं मनोवैज्ञानिक जांच की जाएगी। जिला चिकित्सालय स्तर पर परीक्षण में संबंधित व्यक्ति के उभयलिंगी होने की पुष्टि होने पर उनका ऑनलाइन पहचान प्रमाण पत्र एवं प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

      शासन द्वारा जारी पहचान प्रमाण पत्र के माध्यम से ट्रांसजेंडर वर्ग के व्यक्तियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। इससे उन्हें सामाजिक पहचान मिलने के साथ-साथ शासन की सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।
कलेक्टर द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार कर उसकी प्रति उप संचालक समाज कल्याण कार्यालय, जशपुर को उपलब्ध कराएं। साथ ही चिन्हित व्यक्तियों को जांच एवं परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय में उपस्थित कराना सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन ने इस अभियान को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मानपूर्वक पहचान दिलाने एवं उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल की जा सके।

और भी

अंधेरे में गौ तस्करों के खिलाफ जशपुर पुलिस का बड़ा एक्शन : नेशनल हाईवे पर फिल्मी अंदाज में पीछा कर ट्रक पकड़ा, 27 गौवंशों को मौत के मुंह से निकाला बाहर, जंगल का फायदा उठाकर भागे तस्कर

जशपुर 11 मई । जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत जशपुर पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए गौ तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। थाना लोदाम क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भलमंडा के पास पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक से 27 नग गौवंशों को सकुशल मुक्त कराया है। पुलिस की पेट्रोलिंग टीम को देखकर तस्कर ट्रक छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से तस्करी में प्रयुक्त ट्रक को जप्त कर लिया है तथा फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

जानकारी के मुताबिक रविवार की भोर करीब 4 बजे थाना लोदाम पुलिस की टीम क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान रूपसेरा के पास नेशनल हाईवे पर जशपुर की ओर से आ रहे एक ट्रक की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दीं। पुलिस टीम ने ट्रक को रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार में भागने लगा। अचानक ट्रक के तेज गति से भागने पर पुलिस का शक और गहरा गया।

इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल ट्रक का पीछा शुरू किया। भोर के अंधेरे और सुनसान सड़क के बीच कुछ किलोमीटर तक पीछा चलता रहा। बताया जा रहा है कि पुलिस को लगातार पीछे आता देख ट्रक चालक और उसमें सवार अन्य आरोपी घबरा गए। आगे भलमंडा चौक के पास आरोपियों ने ट्रक सड़क किनारे छोड़ दिया और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

जब पुलिस टीम ट्रक के पास पहुंची और ट्रॉली को खोलकर देखा तो अंदर का नजारा बेहद दर्दनाक था। ट्रॉली में 27 गौवंशों को बेरहमी से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। कई गौवंशों की हालत खराब बताई जा रही थी। पुलिस जवानों ने तत्काल सभी गौवंशों को बाहर निकलवाया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद पशु चिकित्सक को बुलाकर सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार जिस तरह से गौवंशों को ट्रक में भरा गया था, उससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि तस्कर उन्हें लंबी दूरी तक ले जाने की तैयारी में थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि गौवंशों को झारखंड की ओर ले जाया जा रहा था।

मामले में थाना लोदाम पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1961 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त ट्रक क्रमांक JH-01 AR-7060 को जप्त कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अब वाहन मालिक, चालक और पूरे तस्करी नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में दबिश दी जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जल्द ही मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, आरक्षक बसंत खुटिया, सुरेन्द्र एक्का तथा गजानंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण 27 गौवंशों की जान बच सकी।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर ने कहा कि जिले में गौ तस्करी के खिलाफ “ऑपरेशन शंखनाद” लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गौ तस्करी जैसे अवैध कार्यों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

और भी

गांव-गांव स्वच्छता, हर बच्चे की डिजिटल पहचान और हर पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ” : कलेक्टर रोहित व्यास ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी, कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता से ही बनेगी जशपुर की नई पहचान

     जशपुरनगर, 11 मई 2026/ कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में ग्राम पंचायतों में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, खाद्य विभाग, मत्स्य पालन विभाग, समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार भी उपस्थित रहे। खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राशन कार्डधारियों के ई-केवाईसी कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राशन कार्डों से मृत व्यक्तियों के नाम हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक ही पहुंचना चाहिए। साथ ही उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के शेष पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत शीघ्र गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा इस योजना के लाभार्थियों का ई-केवाईसी कार्य भी समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राशन दुकानों में समय पर वितरण सुनिश्चित करने और नियमित स्टॉक वेरिफिकेशन करने को कहा।
    महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने शेष आंगनबाड़ी भवनों एवं उनमें शौचालय निर्माण कार्य जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लंबित ई-केवाईसी कार्य को शीघ्र पूरा करने, रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका पदों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने तथा शेष आंगनबाड़ी भवनों में विद्युतीकरण कार्य जल्द कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित सभी बच्चों की आपार आईडी अनिवार्य रूप से बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे बच्चों का डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और भविष्य में विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेंशन हितग्राहियों के आधार सीडिंग कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
    मत्स्य विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने शेष शासकीय तालाबों का नियमानुसार पट्टा वितरण करने, एनएफडीबी अंतर्गत मत्स्य पालक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित कराने तथा उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, पीएम जनमन आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में संचालित सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ताहीन निर्माण पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
      राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में कलेक्टर ने स्व-सहायता समूहों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने, रोजगार के अवसरों में वृद्धि हेतु बैंक लिंकेज बढ़ाने तथा महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों को ऋण वितरण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे वे रोजगारमूलक गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। साथ ही ग्रामीणों विशेषकर विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को उनकी रुचि आधारित कार्यों में प्रशिक्षण देकर बाजार से जोड़ने के निर्देश दिए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। 
     स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने ओडीएफ प्लस मॉडल, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, कचरा संग्रहण व्यवस्था, हाट-बाजारों की नियमित साफ-सफाई, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट तथा स्वच्छता श्रमदान की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने इन सभी योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शहर, ग्रामों और राज्य की अच्छी छवि उसकी साफ-सफाई से भी बनती है, इसे अपनी जिम्मेदारी मानकर इन सभी कार्यक्रमों का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

सुशासन तिहार  : 13 मई को बोडोकछार, चोंगरीबहार, बगीचा और कोतबा में लगेंगे विशेष समाधान शिविर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार और मौके पर होगा समस्याओं का त्वरित निराकरण

जशपुरनगर 11 मई 2026 / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में शिविरों का आयोजन जारी है। इसी क्रम में 13 मई 2026 को कुनकुरी जनपद पंचायत अंतर्गत् ग्राम बोडोकछार, कांसाबेल जनपद पंचायत अंतर्गत् ग्राम पंचायत चोंगरीबहार  नगर पंचायत बगीचा एवं नगर पंचायत कोतबा में शिविर आयोजित किए जाएंगे। 
           बोडोकछार शिविर में बोड़ोकछार, खण्डसा, रायकेरा, धुमाडांड, कण्डोरा, बेमताटोली, लोधमा, भण्डरी, जोकारी, कमतरा, दाराखरिका, नारायणपुर, रानीकोम्बो, खूटगांव, खरवाटोली, कुडूकेला और सेन्द्रीमुण्डा के ग्रामीण अपनी समस्याओं व मांगों के आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इसी प्रकार चोंगरीबहार के शिविर में बगिया, बांसबहार, चोंगरीबहार, कोरंगा, कटंगखार, देवरी, दोकडा, पतरापाली, नक्टीमुण्डा, शब्दमुण्डा, कोटानपानी, तिलंगा और सेमरकछार के ग्रामीण अपनी समस्याओं व मांगों के आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे तथा नगर पंचायत बगीचा एवं कोतबा के शिविर में नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 01 से 15 तक के नागरिक शिविर का लाभ ले सकेंगे।
           सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन शिविरों में देंगे, जिनका मौके पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निवास क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शिविरों के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।

और भी

विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग “मधेश्वर महादेव” में गूंजा सनातन स्वाभिमान का महाघोष: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने की विधि विधान से विशेष पूजा-अर्चना -मयाली डेम खण्डसा से वर्चुअल के माध्यम से सीधे जुड़े थे ग्रामवासी 

जशपुर 11 मई 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा - अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।

जशपुर जिले से कुनकुरी विकास खंड के मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ की भी जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों ने विधी विधान से पूजा अर्चना की।


 
मयाली डेम से खण्डसा से वर्चुअल के माध्यम से सभी आनलाइन के माध्यम से सीधे जुड़े थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। श्री साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
             
श्री साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।
  
जशपुर जिले से कुनकुरी विकास खंड के मयाली डेम से एसडीएम कुनकुरी श्री नन्द जी पांडे, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा जनपद पंचायत सीईओ श्री प्रमोद सिंह,भरत सिंह, जनप्रतिनिधिगण और ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

और भी

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री श्री साय ,राजधानी रायपुर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर, 11 मई 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा - अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।
               मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। श्री साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
             श्री साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।
          मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है।
             मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
           कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया भी प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही विभिन्न योजनों के माध्यम से लोगों को आस्था से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की संस्कृति, वैभव और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल उन्मूलन के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सनातनियों के आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सनातन संस्कृति की आस्था को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन विजन को मिली डिजिटल रफ्तार : ई-ऑफिस क्रांति से छत्तीसगढ़ में खत्म हो रही लालफीताशाही, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की लिखी जा रही नई इबारत”

रायपुर, 11 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में 'ई-ऑफिस' (e-Office) प्रणाली सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही लाकर सुशासन (Good Governance) का नया सवेरा लेकर आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में, यह डिजिटल पहल भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। फाइलों का डिजिटल होना फाइलों में हेराफेरी की गुंजाइश को लगभग खत्म कर देता है, जिससे शासन में पारदर्शिता आती है। कागजी फाइलों के भौतिक परिवहन में लगने वाला समय बचता है, जिससे फाइलें तेजी से आगे बढ़ती हैं और निर्णय जल्दी लिए जाते हैं।

           डिजिटल तकनीक आज केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन की कार्यप्रणाली को नया आयाम दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के संकल्प को साकार करते हुए राज्य में ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली प्रशासनिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।

*फाइलों के अंबार से डिजिटल रफ्तार तक*

          छत्तीसगढ़ में अब शासकीय दफ्तरों की तस्वीर बदल रही है। वह दौर बीत रहा है जब कार्यालयों में धूल खाती फाइलों के ढेर और कछुआ गति से चलने वाली प्रक्रियाएं सामान्य मानी जाती थीं। अब डिजिटल फाइलों के माध्यम से कार्यों में न केवल तेजी आई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।

*सक्ती जिला रहा अव्वल*

         ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस में नए मानक स्थापित किए हैं। व्यापक नेटवर्क के तहत प्रदेश के 87 हजार 222 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। अब तक 5 लाख 46 हजार 903 से अधिक फाइलों का सफल डिजिटल संचालन किया गया है। 30 अप्रैल 2026 की स्थिति में प्रदेश का 33 वां जिला सक्ती 15 हजार 735 फाइलों के डिजिटल संचालन के साथ राज्य में अग्रणी रहा है।

*ई-ऑफिस के प्रमुख लाभ*

        ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग की सुविधा से अब यह जानना आसान है कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है। इससे कार्य के प्रति जवाबदेही बढ़ी है। कुशल निर्णय प्रक्रिया सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक फाइलों की आवाजाही त्वरित होने से निर्णय लेने की प्रक्रिया व्यवस्थित और समयबद्ध हुई है। कागज के उपयोग में भारी कमी आने से यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा योगदान दे रही है। डिजिटल संधारण (Storage) के कारण दस्तावेजों के फटने, खोने या खराब होने का डर खत्म हो गया है और भंडारण की समस्या भी सुलझ गई है।

*प्रशिक्षण और तकनीकी मजबूती*

         किसी भी नवाचार की सफलता उसके उपयोगकर्ताओं पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन ने अधिकारी-कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में एनआईसी (NIC) और चिप्स (CHiPS) की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

*भविष्य की राह पूर्णतः डिजिटल प्रशासन*

         मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का लक्ष्य आगामी समय में समस्त शासकीय पत्राचार को शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करना है। यह बदलाव केवल एक तकनीकी सुधार नहीं है, बल्कि यह नागरिक-केंद्रित प्रशासन की ओर बढ़ता एक ठोस कदम है। ऑफिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीक का सही समन्वय प्रशासन को प्रभावी और जनोन्मुखी बना सकता है। छत्तीसगढ़ का यह मॉडल आने वाले समय में सुशासन की एक नई और आधुनिक परिभाषा लिखने के लिए तैयार है।

और भी

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की

रायपुर 11 मई 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। 
             इस दौरान कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
             उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय आज हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर महादेव घाट में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने पहुंचे थे।

और भी

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुंगेली को दी 353 करोड़ से अधिक के 414 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात, शिक्षा-स्वास्थ्य-सड़क और जल सुविधाओं के विस्तार से विकास को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर 11मई 2026/ प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज मुंगेली जिला विकास, जनकल्याण और सुशासन के एक ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बना। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिला मुख्यालय स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होकर जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले 414 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक की लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण तथा 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की लागत के 130 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इन कार्यों से जिले में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और जनसुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, तखतपुर विधायक श्री धरमजीत सिंह, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री रोहित शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान पुष्प वाटिका एवं चौपाटी, नहर, एनीकट, लाइवलीहुड कॉलेज भवन पहुंच मार्ग, मुंगेली-भटगांव पहुंच मार्ग सहित अनेक सड़क निर्माण कार्यों, महतारी सदनों, छात्रावासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, सामुदायिक भवनों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों, प्राथमिक शाला भवनों, सांस्कृतिक मंचों, सीसी सड़कों, अमृत सरोवरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही विभिन्न ग्रामों में सीसी सड़क, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सड़क मार्ग, एसटीपी निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, फुटपाथ और पुल निर्माण सहित अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद विद्यालय मोतिमपुर, लालपुरथाना, लोरमी, पथरिया और सरगांव का वर्चुअल लोकार्पण भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन सरकार विकास और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज मुंगेली जिले को मिली विकास कार्यों की यह बड़ी सौगात आने वाले समय में जिले के विकास को नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर भक्ति और श्रम की प्रतीक माता कर्मा, सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा शौर्य और त्याग के प्रतीक महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का अनावरण करते हुए कहा कि ये महापुरुष समाज को प्रेरणा देने वाले आदर्श हैं। उन्होंने नवागढ़ रोड में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना के लिए 25 लाख रुपये, मुंगेली में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण, मेला नवागांव में बाउंड्रीवाल एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तथा सीसी सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय की मांग को पूरा करने के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया।

केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने जिले को मिली 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिल रही है। 

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सरकार जनता के दुख-दर्द को समझते हुए त्वरित निर्णय ले रही है और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुंगेली जिला निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह सब मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने जिले में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित कर लाभान्वित भी किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के चार विद्यार्थियों अंशुल शर्मा, नंदिता देवांगन, हेमा साहू और चैतूराम साहू को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियां, मनियारी बैराज योजना से प्रभावित परिवारों को प्रतिकात्मक चेक, मछुआरों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स, किसानों को मिनी किट तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता सामग्री वितरित की। कुल 282 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आईजी बिलासपुर श्री रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, डीएफओ श्री अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश: समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सरकार का लक्ष्य, मुंगेली में महापुरुषों की प्रतिमाओं के अनावरण के साथ विकास, संस्कृति और सामाजिक चेतना को मिला नया आयाम

रायपुर 11 मई 2026/ शासकीय योजनाओं का लाभ लोगो को प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के साथ ही सुशासन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सुशासन तिहर अंतर्गत समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में महापुरुषों एवं संतों की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम के दौरान नगर में उत्साह, श्रद्धा और गौरव का वातावरण रहा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री पुन्नू लाल मोहले, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
            मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टोरेट कार्यालय के पास भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर संविधान निर्माता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत आधारशिला प्रदान की। उनका जीवन शिक्षा, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
      इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने दाऊपारा स्थित गुरु घासीदास बाबा की प्रतिमा का विधिवत अनावरण करते हुए कहा कि बाबा गुरुघासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी समाज को एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संतों और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक उनके आदर्शों को पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
           इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पड़ाव चौक में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास का महान योद्धा बताते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित में सक्रिय भूमिका निभाने कहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर रोड तिराहा में भक्त माता कर्मा की प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि भक्त माता कर्मा सेवा, श्रद्धा और समर्पण की प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को मानव सेवा, भक्ति, परोपकार और संस्कारों की प्रेरणा देता है। 

 मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। स्थानीय नागरिकों एवं समाज प्रमुखों ने प्रतिमा स्थापना को जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

और भी