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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज अनुसंधान, मूल्य संवर्धन और आधुनिक तकनीकों को मिलेगा बढ़ावा, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मिलेगी नई मजबूती


रायपुर, 19 जुलाई 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "क्रिटिकल मिनरल मिशन" एवं "आत्मनिर्भर भारत" के विजन को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक, सतत एवं मूल्यवर्धित उपयोग की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) और जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी), नागपुर के मध्य आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व, सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद,  तथा प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। 
              एमओयू के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान, खनन, खनिज संसाधनों के मूल्य संवर्धन तथा क्रिटिकल मिनरल्स के विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही राज्य में उपलब्ध खनिज संपदा का योजनाबद्ध, समयबद्ध एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को गति मिलेगी।
               एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री पंकज कुलश्रेष्ठ ने अपने संबोधन में अनुसंधान आधारित खनिज विकास, नवाचार और संस्थागत सहयोग के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह साझेदारी राज्य एवं देश के खनिज क्षेत्र के लिए दूरगामी परिणाम देने वाली पहल साबित होगी। भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर ऑफ माइंस डॉ. बी.एल. गुर्जर ने सीएमडीसी एवं खनिज साधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि दोनों संस्थाओं का तालमेल राज्य के खनिज क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान कर रहा है। 
                 कार्यक्रम में सीएमडीसी के महाप्रबंधक श्री यू.के. कुरैशी ने निगम की 25 वर्षों की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, संचालित खनिज परियोजनाओं, भविष्य की कार्ययोजनाओं तथा सेवा प्रदाता के रूप में निगम की सफल पहलों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उपलब्ध खनिज संसाधनों की अपार संभावनाओं तथा उनके वैज्ञानिक एवं समावेशी दोहन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। वहीं रीजनल कंट्रोलर ऑफ माइंस श्री प्रेम प्रकाश ने सीएमडीसी की टिन एवं कोरंडम परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं तथा खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता एवं वैधानिक प्रक्रियाओं को मजबूती मिली है।
                 जेएनएआरडीडीसी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान रेड मड से गैलियम एवं वैनेडियम तथा बॉक्साइट के उप-उत्पादों से स्कैंडियम की पुनर्प्राप्ति (रिकवरी) पर महत्वपूर्ण अनुसंधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे शोध भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
                 एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर जनरल एवं जेएनएआरडीडीसी के निदेशक श्री पंकज कुलश्रेष्ठ तथा सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक श्री संजय कनकने ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि सीएमडीसी एवं जेएनएआरडीडीसी के बीच यह सहयोग खनिज अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग तथा सतत खनन को नई दिशा देगा।
                   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज क्षेत्र में हासिल यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, मूल्य संवर्धन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को विकास का आधार बना रही है। यह पहल न केवल प्रधानमंत्री के क्रिटिकल मिनरल मिशन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध खनिज संपदा का सुनियोजित उपयोग कर राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगी।
           कार्यक्रम में सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक श्री संजय कनकने ने स्वागत उद्बोधन दिया उन्होंने एमओयू को खनिज क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह साझेदारी भविष्य में राज्य के खनिज विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

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नई दिल्ली के ताज होटल में छत्तीसगढ़ पर्यटन का दमदार प्रदर्शन, FAITH Conclave 2026 में देशभर के पर्यटन विशेषज्ञों ने सराही प्रदेश की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत

रायपुर, 19 जुलाई 2026। देश के पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र की अग्रणी संस्था फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी (FAITH) द्वारा होटल ताज, नई दिल्ली में आयोजित फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए राष्ट्रीय पर्यटन परिदृश्य में प्रदेश की सशक्त पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की। सम्मेलन में देशभर से आए पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी विशेषज्ञों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल एजेंट्स, विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों के प्रतिनिधियों, ट्रैवल मीडिया तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ के पर्यटन विषय पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, जनजातीय एवं साहसिक पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों को बताया कि छत्तीसगढ़ अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, अद्वितीय जनजातीय जीवन, घने वन, जलप्रपातों, पुरातात्विक धरोहरों, वन्यजीव संपदा और आध्यात्मिक स्थलों के कारण देश के सबसे विशिष्ट पर्यटन गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है।

पैनल चर्चा के दौरान प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार, नई पर्यटन नीतियों, निजी निवेश की संभावनाओं, सामुदायिक सहभागिता, ईको-टूरिज्म, होम-स्टे, धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज पर्यटन तथा सतत पर्यटन विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई। साथ ही देश-विदेश से आए टूर ऑपरेटरों एवं पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ का भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन अनुभवों से रूबरू होने का आमंत्रण दिया गया।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रदेश नहीं, बल्कि अनुभव आधारित पर्यटन का एक उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, निवेश और स्थानीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ आएं, यहां की अनूठी संस्कृति, आतिथ्य और पर्यटन स्थलों का अनुभव करें तथा राज्य को अपने पर्यटन परिपथों में प्रमुख स्थान दें।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए अधोसंरचना, डिजिटल प्रचार-प्रसार, निवेश अनुकूल वातावरण, निजी क्षेत्र की भागीदारी और गुणवत्तापूर्ण पर्यटन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट एवं पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने विभिन्न राज्यों, ट्रैवल एजेंसियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से साझेदारी बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ में पर्यटन व्यवसाय की नई संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रस्तुति को उपस्थित प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सराहा तथा राज्य की विविध पर्यटन संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई। पर्यटन विशेषज्ञों ने माना कि प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, साहसिक और जनजातीय पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के पास अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें प्रभावी प्रचार-प्रसार और साझेदारी के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।

 फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन की यह प्रभावशाली भागीदारी देश के पर्यटन मानचित्र पर राज्य की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने, नए निवेश आकर्षित करने, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नेटवर्क से जुड़ने तथा "अनदेखा भारत" के रूप में छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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राशिफल: आज किस राशि को मिलेगा भाग्य का साथ, किसके करियर और कारोबार में आएगी बड़ी सफलता, पढ़ें सभी राशियों का हाल

मेष (Aries):
आज का दिन आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से अटके कार्यों में गति आएगी। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जबकि व्यापारियों के लिए नए सौदे लाभदायक साबित हो सकते हैं। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा और किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus):
आज धैर्य और समझदारी से लिए गए निर्णय आपके लिए लाभकारी सिद्ध होंगे। व्यवसाय में नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन मेहनत का उचित फल मिलेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है। निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। स्वास्थ्य को लेकर खानपान में सावधानी रखें।

शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini):
आज का दिन नई संभावनाओं से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। व्यापार में लाभ के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा। पारिवारिक मामलों में संयम बनाए रखें, छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचें। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक साबित होगी।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer):
भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। परिवार के किसी सदस्य की सलाह आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नौकरी में कार्यभार बढ़ेगा, लेकिन सफलता भी मिलेगी। व्यापार में सामान्य लाभ रहेगा। आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें, विशेषकर पेट संबंधी समस्याओं से बचाव रखें।

शुभ रंग: सिल्वर
शुभ अंक: 2

सिंह (Leo):
आज आपकी नेतृत्व क्षमता लोगों को प्रभावित करेगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। व्यवसाय में नए संपर्क भविष्य में लाभ दिला सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या सम्मान मिलने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।

शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo):
आज मेहनत का पूरा परिणाम मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल होंगी। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुलेंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम करना जरूरी है।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

तुला (Libra):
आज संतुलित व्यवहार आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेगा। नौकरी और व्यापार दोनों में प्रगति के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में लाभ होगा, लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। प्रेम संबंधों में विश्वास मजबूत होगा। यात्रा के दौरान सावधानी रखें।

शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 7

वृश्चिक (Scorpio):
आज आत्मविश्वास के साथ किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापार में नई योजनाएं लाभ देंगी। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन तनाव से बचने का प्रयास करें।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 8

धनु (Sagittarius):
आज भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नौकरी और व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। लंबी यात्रा का योग बन सकता है।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn):
आज धैर्य और अनुशासन से सफलता मिलेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में सोच-समझकर निवेश करें। परिवार में किसी वरिष्ठ सदस्य का मार्गदर्शन लाभदायक रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और नियमित दिनचर्या अपनाएं।

शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius):
आज नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं। नौकरी में कार्यों की सराहना होगी। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। परिवार में प्रेम और सहयोग का वातावरण रहेगा। मित्रों के साथ समय अच्छा बीतेगा। आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों को सफलता मिलने के योग हैं।

शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4

मीन (Pisces):
आज का दिन रचनात्मक कार्यों के लिए अनुकूल रहेगा। नौकरी और व्यापार में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन नियमित व्यायाम लाभदायक रहेगा।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 7

रविवार का दिन सूर्य देव की आराधना के लिए शुभ माना जाता है। प्रातःकाल सूर्य को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र का जाप करें। इससे आत्मविश्वास, ऊर्जा और सकारात्मकता में वृद्धि होगी।

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जशपुर के डीपीएस प्राइमरी बालाजी में पेरेंट्स-टीचर मीटिंग और शिक्षक प्रशिक्षण का सफल आयोजन, 'करके सीखो कॉन्सेप्ट' पर जोर, आधुनिक शिक्षण तकनीकों से शिक्षकों को किया गया प्रशिक्षित

जशपुरनगर। डीपीएस प्राइमरी बालाजी में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) और शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लेकर बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, व्यवहार और सर्वांगीण विकास पर शिक्षकों के साथ विस्तार से चर्चा की।

बैठक के दौरान विद्यालय की शिक्षिका प्रमिला तिर्की ने अभिभावकों को विद्यालय के "करके सीखो कॉन्सेप्ट" की जानकारी देते हुए बताया कि इसी व्यावहारिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की कक्षा में सहभागिता, गृहकार्य, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और व्यक्तिगत प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की तथा घर पर बच्चों के बेहतर अध्ययन और व्यक्तित्व विकास के लिए उपयोगी सुझाव भी दिए।

अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था, अनुशासन और आधुनिक शिक्षण पद्धति की सराहना करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।

विद्यालय की प्राचार्य जयंती सिन्हा ने कहा कि बच्चों की सफलता में विद्यालय और परिवार दोनों की समान भूमिका होती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के विकास के लिए विद्यालय के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने की अपील की।

पीटीएम के बाद शिक्षकों के लिए आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में आधुनिक शिक्षण तकनीकों, रचनात्मक शिक्षण, कक्षा प्रबंधन, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग, विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं और संवाद कौशल पर विशेषज्ञों ने विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में समूह चर्चा, गतिविधियों और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से शिक्षकों ने नई शिक्षण विधियों को सीखा और उन्हें नियमित शिक्षण में अपनाने का संकल्प लिया।

विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के प्रोफेशनल विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इससे शिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होता है और विद्यार्थियों को बेहतर एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यालय, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करते हैं तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक और उपयोगी कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

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राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का दम: कोलकाता में धमतरी के PACS ड्रोन मॉडल को मिली बड़ी पहचान, डिजिटल कृषि नवाचार की देशभर में सराहना

रायपुर, 18 जुलाई 2026/ कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोनो धान्यो ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की अभिनव पहल PACS ड्रोन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली। कार्यक्रम में जिले द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से संचालित ड्रोन सेवाओं, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा किसान पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री) जैसे नवाचारों की सराहना की गई। समारोह के मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री दिलीप घोष थे। 

कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी श्री जयंत नाहटा ने PACS के माध्यम से कृषि उन्नयन“ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भाग लेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन सेवाओं के विस्तार तथा PACS को ’वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर’ के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से ड्रोन द्वारा तरल उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले की एक अभिनव पहल है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में PACS के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाएं, फसल सर्वेक्षण, किसान पंजीयन, वित्तीय एवं बैंकिंग सेवाओं सहित विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी तथा किसानों को तकनीक आधारित सुविधाओं का लाभ सहजता से प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी-व्हीएलई को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल शासन के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव, भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव तथा सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अखिल कुमार सहित देशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं सीएससी प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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'समस्या तुंहर, समाधान हमर' बना सुशासन का नया मंत्र, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- अब दफ्तरों के चक्कर नहीं, एक कॉल पर होगा समयबद्ध समाधान

रायपुर, 16 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ने अपने संचालन के पहले ही महीने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 13 जुलाई 2026 तक इसके माध्यम से 42 हजार 653 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। इनमें 13 हजार 600 शिकायतकर्ताओं ने समाधान से संतुष्ट होकर स्वयं सकारात्मक अभिमत के साथ अपने प्रकरण बंद कराए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या का त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 आज आमजन और शासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर उभर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 का अधिकाधिक उपयोग करें तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी दें, ताकि हर जरूरतमंद नागरिक तक इस व्यवस्था का लाभ पहुँच सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज कराने की सुविधा नहीं है, बल्कि यह सरकार की जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित कार्यसंस्कृति का सशक्त उदाहरण है। हेल्पलाइन चौबीसों घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित होती है। इसके लिए समर्पित कॉल सेंटर में पर्याप्त मानव संसाधन तैनात हैं, जो लगातार शिकायतें दर्ज कर संबंधित विभागों तक पहुँचाते हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है तथा तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग आठ हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं, जिससे प्रत्येक शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ऐसा प्रशासन विकसित कर रही है, जहाँ नागरिकों को अपनी समस्या लेकर कार्यालय-दर-कार्यालय भटकना न पड़े। अब केवल एक फोन कॉल के माध्यम से शिकायत दर्ज होती है, उसकी सतत मॉनिटरिंग होती है और निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाता है। इससे शासन और जनता के बीच संवाद अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी हुआ है तथा प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित यह व्यवस्था सुशासन को व्यवहार में उतारने का प्रभावी माध्यम बन रही है। आने वाले समय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का दायरा और अधिक व्यापक किया जाएगा, ताकि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक भी त्वरित और गुणवत्तापूर्ण प्रशासनिक सेवाएँ पहुँच सकें।

विभागवार आँकड़े बताते हैं कि ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागों से संबंधित शिकायतें सर्वाधिक प्राप्त हुईं। वहीं समाधान के मामले में भी इन विभागों ने उल्लेखनीय कार्य करते हुए क्रमशः 3,066, 2,530 और 1,314 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया।

महज एक माह में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 ने यह साबित कर दिया है कि जब शासन संवेदनशीलता, तकनीक और जवाबदेही के साथ कार्य करता है, तब सुशासन का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुँचता है। "समस्या तुंहर, समाधान हमर" की भावना के साथ संचालित यह पहल आज विकसित छत्तीसगढ़ के जन-केंद्रित, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन मॉडल की मजबूत पहचान बन चुकी है।

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'विक्रम-1' बना आत्मनिर्भर भारत की नई ताकत, वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार का विश्व को दिया संदेश : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 18 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित भारत के पहले निजी कक्षीय प्रक्षेपण यान विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे देश के अंतरिक्ष इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन की नीतियों के फलस्वरूप आज भारत वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में नई पहचान बना रहा है। विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण इसी परिवर्तनकारी सोच का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

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शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी! मनोरा में संकुल समन्वयकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, स्थानीय संसाधनों से बच्चों को रोचक ढंग से पढ़ाने पर फोकस

मनोरा। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बीआरसीसी कार्यालय मनोरा में विकासखंड शिक्षा विभाग एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संकुल शैक्षिक समन्वयकों (सीएसी) की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-केंद्रित और गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला का मार्गदर्शन विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम एवं बीआरसीसी आशुतोष शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को बच्चों के लिए रोचक और व्यवहारिक बनाना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण में खेल-खेल में सीखने की विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया।

प्रशिक्षकों ने 'दूर-पास', 'आगे-पीछे' और 'छोटा-बड़ा' जैसी मूलभूत अवधारणाओं को बच्चों तक सरल तरीके से पहुँचाने के उपाय बताए। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री जैसे पत्तियां, डंडियां, पेंसिल आदि के माध्यम से तार्किक सोच और गणितीय समझ विकसित करने के नवाचार साझा किए गए। कार्यशाला में संकुल विकास योजना निर्माण एवं प्रधान पाठक प्रोजेक्ट पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

विद्यालयों में लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास के लिए बाल कैबिनेट के गठन तथा बाल शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से स्कूल मॉनिटरिंग के लिए चेकलिस्ट उपलब्ध कराई गई तथा मुस्कान पुस्तकालय के संचालन हेतु रजिस्टर प्रारूप भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि पुस्तकालय के रजिस्टरों का संधारण स्वयं विद्यार्थियों से कराया जाए, जिससे उनमें जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास हो सके।

कार्यशाला में मनोरा विकासखंड के सभी संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से सत्यदीप प्रसाद, अजीत कुमार सिदार, सरिता टोप्पो, लोकनाथ प्रसाद यादव, संजय प्रसाद यादव, राम लखन यादव, निर्दोष कुमार, प्रेम कुमार यादव, प्रेमलाल बर्मन, दिनेश त्रिपाठी, मुनेश्वर यादव, प्रशांत सड़ंगी, विवेक गुप्ता, किशोर यादव, पवन कुमार सिंह, हरीश कुमार महंत, जागेश्वर प्रसाद यादव, उपेंद्र कुमार पंकज, कालेश्वर राम भगत, सुमन भगत, राजेश विश्वकर्मा, सुरेश कुमार राम, लक्ष्मी नारायण भगत, बीरबल राम एवं सुरेश कुजूर सहित अन्य शिक्षाविद उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण एवं नवाचार आधारित प्रयासों से मनोरा विकासखंड के विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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कांसाबेल के मरीजों को बड़ी राहत: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया एम्बुलेंस का लोकार्पण, अब आपातकाल में मिलेगी तेज और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

जशपुरनगर 18 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को बंदरचुवां में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय द्वारा जनहित में प्रदत्त एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर लोकार्पण किया। यह एम्बुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांसाबेल में तैनात रहेगी और क्षेत्र के मरीजों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय को जनहित में एम्बुलेंस प्रदत्त करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए इस प्रकार की पहल अनुकरणीय है। उन्होंने श्री सालिक साय के जनसेवा के प्रति समर्पण और समाजहित में उनके योगदान की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं आमजन मौजूद रहे।

      जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने बताया कि एम्बुलेंस का रखरखाव, चालक का मानदेय तथा ईंधन सहित इसके संचालन का संपूर्ण व्यय उनके द्वारा वहन किया जाएगा। यह एम्बुलेंस क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान मरीजों को अस्पताल तक लाने-ले जाने के लिए उपलब्ध रहेगी, जिससे कांसाबेल क्षेत्र के लोगों को त्वरित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

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नशा मुक्ति केंद्र में युवाओं ने जाना नशे का दर्द, मेरा युवा भारत जशपुर के एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम ने दिया समाज को सकारात्मक संदेश

जशपुरनगर, 18 जुलाई 2026/ मेरा युवा भारत (MY Bharat) जशपुर द्वारा जिला प्रशासन जशपुर के समाज कल्याण विभाग के समन्वय तथा ग्राम विकास समिति द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र, जशपुरनगर में 13 जुलाई से 17 जुलाई तक एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम (ELP) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने नशा मुक्ति केंद्र में उपचाररत व्यक्तियों से संवाद कर उनके जीवन अनुभवों को जाना। उन्होंने समझा कि किन परिस्थितियों और कारणों से लोग नशे की ओर आकर्षित होते हैं, नशा छोड़ने की प्रक्रिया में उन्हें किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा इस दौरान परिवार और समाज का सहयोग कितना महत्वपूर्ण होता है।

प्रतिभागियों ने यह भी जाना कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए समय पर जागरूकता, उचित परामर्श, सकारात्मक पारिवारिक एवं सामाजिक वातावरण तथा खेल, शिक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। इस अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों को नशा मुक्ति के सामाजिक, मानसिक एवं मानवीय पहलुओं को निकट से समझने का अवसर मिला।

मेरा युवा भारत जशपुर ने युवाओं से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा अपने आसपास के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

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विज्ञान में जशपुर का परचम—कलेक्टर रोहित व्यास ने राज्य स्तरीय विद्यार्थी विज्ञान मंथन कैंप में चयनित 7 होनहार विद्यार्थियों का किया सम्मान, कहा- रटने नहीं, प्रयोगों से सीखें विज्ञान

जशपुर 18 जुलाई 2026/ कलेक्टर रोहित व्यास ने शनिवार को विद्यार्थी विज्ञान मंथन स्टेट लेवल कैंप रायपुर में शिरकत किए 07 विद्यार्थियों को कलेक्ट्रेट में सम्मानित किया। 

इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिले के विद्यार्थी विज्ञान और गणित विषय में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों का आगे आना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से रटकर पढ़ाई करने के बजाय प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान को समझने की बात कही । विषयों के अध्ययन में अवधारणात्मक स्पष्टता भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों की प्रयोगशालाएं बहुत अच्छी हैं, उनमें उपलब्ध उपकरणों का भरपूर उपयोग करते हुए आप अध्ययन करें। कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विज्ञान भारती के प्रयासों की भी सराहना करते हुए संस्था का आभार व्यक्त किया।

विज्ञान भारती के प्रांतीय महासचिव डॉ वारा प्रसाद कोला ने कहा कि जशपुर जिले में विगत वर्ष 4000 से अधिक विद्यार्थियों ने विद्यार्थी विज्ञान मंथन की परीक्षा दी थी। इस वर्ष भी हम सृजन और नवाचार की भावना को प्रेरित करने के लिए अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाना चाहेंगे। 

कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंन्हा, विद्यार्थी विज्ञान मंथन के राज्य समन्वयक गौरव वर्मा उपस्थित रहे। 

जिन विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया उनमें सेजेस कुनकुरी से अर्पित शर्मा , सेजेस कोतबा से रोहन साहू, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ढोढीडांड से कु. मोनिका बाई, कु. सोनिका बाई, सेजेस पतराटोली से निशा कुजूर , आयुषी पन्ना रहे हैं। ये सभी विद्यार्थी विगत नवंबर 2025 में जिला स्तर पर आयोजित लेवल 1 और लेवल 2 की परीक्षा में पूरे प्रदेश के टॉप-25 विद्यार्थियों में चयनित हुए थे। कक्षा छठवीं से 11वीं तक के विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षाएं आयोजित की गई थी। पूरे प्रदेश में दस हजार से अधिक बच्चों ने यह परीक्षा दी थी। जिसमें प्रत्येक कक्षा से 25 विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तर के लिए हुआ है। 

कार्यक्रम में वीवीएम के जशपुर जिला समन्वयक विवेक पाठक, एडीपीओ विनय सिन्हा, यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय, एबीईओ टुमनू गोसाई, शिक्षिका श्रीमती मीनाक्षी श्रीवास्तव, श्रीमती जेन सेलेस्टिन तिर्की सहित सभी विद्यार्थियों के अभिभावक सम्मिलित रहे।

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कटहल की खुशबू खींच लाई पेड़ तक... फिर टहनी में फंस गया जंगली भालू, जशपुर के गजमा गांव में घंटों चला  रेस्क्यू ऑपरेशन,ट्रैंक्विलाइज कर सुरक्षित उतारा गया, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ा गया

जशपुर। जशपुर के मनोरा वनपरिक्षेत्र अंतर्गत गजमा गांव में एक अनोखी घटना देखने को मिली। गांव में लगे कटहल के पेड़ की खुशबू से आकर्षित होकर एक जंगली भालू पेड़ पर चढ़ गया, फल तक पहुंचने के दौरान वह कटहल की मोटी टहनी में बुरी तरह फंस गया। काफी देर तक निकलने की कोशिश करने के बावजूद भालू खुद को छुड़ा नहीं सका।

भालू के पेड़ पर फंसे होने की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए तत्काल इसकी सूचना वन विभाग और GNWS  की रेस्क्यू टीम को दी गई।

सूचना मिलते ही वन अमला और विशेषज्ञ रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचा। सबसे पहले ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर किया गया ताकि भालू घबराकर कोई आक्रामक कदम न उठाए। इसके बाद विशेषज्ञों ने पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू की रणनीति बनाई।

कुछ देर के बाद टीम ने भालू को सुरक्षित तरीके से बेहोश (ट्रैंक्विलाइज) किया। उसे सावधानीपूर्वक पेड़ की टहनी से नीचे उतारा गया। पूरे अभियान के दौरान वन विभाग के अधिकारियों और रेस्क्यू टीम ने सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा, जिससे किसी भी व्यक्ति या भालू को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

नीचे उतारने के बाद पशु चिकित्सकों द्वारा भालू का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच में उसकी स्थिति सामान्य मिलने पर कुछ समय निगरानी में रखने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास के सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।

इस अनोखे रेस्क्यू अभियान को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे। हालांकि वन विभाग की सतर्कता और व्यवस्थित व्यवस्था के कारण पूरा अभियान सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि भविष्य में किसी भी जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई दे तो उसके पास जाने या उसे परेशान करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश : प्रभावित परिवारों तक बिना विलंब राहत सामग्री एवं आवश्यक सहायता पहुँचाने के निर्देश

रायपुर 18 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त संसाधन एवं सहायता भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर राहत पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ी है तथा जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में सुशासन, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रही है सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 18 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता के विश्वास और जनादेश के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव तथा नगरीय निकाय चुनावों में जनता ने विकास, सुशासन और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर अपना अटूट विश्वास व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने जनता से किए गए अधिकांश वादों और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियां स्वयं उसकी कार्यशैली और जनविश्वास का प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों, महिलाओं, गरीबों, युवाओं, आदिवासियों तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों के बकाया बोनस का भुगतान, महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 70 लाख महिलाओं को 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि तथा गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी है। महतारी वंदन योजना के साथ-साथ 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाया गया है। महिलाओं के संपत्ति अधिकारों को मजबूत करने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों को पुनः रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं और महिलाओं का आशीर्वाद ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए रिकॉर्ड धान खरीदी, कृषक उन्नति योजना, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, फसल विविधीकरण, उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता तथा सिंचाई क्षमता के विस्तार जैसे अनेक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जल संसाधन परियोजनाओं के लिए रिकॉर्ड प्रशासनिक स्वीकृतियां दी गई हैं तथा सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास के लिए सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ाया गया, चरणपादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई तथा वनाधिकार पत्रधारकों को राहत देने वाले निर्णय लिए गए। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से हजारों जनजातीय गांवों और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों तक सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। जनजातीय युवाओं के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल का विस्तार, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी तथा जनजातीय संग्रहालय और शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक जैसी पहलें भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने और नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा, विकास और जनविश्वास की रणनीति के माध्यम से प्रदेश में शांति का नया वातावरण बना है। रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है तथा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए नए साइबर थानों की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास के अधिक अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के कारण राज्य में निवेश का वातावरण मजबूत हुआ है। देश और विदेश में आयोजित निवेश सम्मेलनों के माध्यम से 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लाखों रोजगार सृजित होंगे। वस्त्र उद्योग, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एआई-सेज, डेटा सेंटर पार्क तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में सरकार ने उत्पादन, पारेषण, वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 76 हजार से अधिक घरों में सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। किसानों के सिंचाई पंपों का बड़े पैमाने पर ऊर्जीकरण किया गया है तथा राज्य ने प्लांट लोड फैक्टर के मामले में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। नई ताप विद्युत परियोजनाओं, पम्प स्टोरेज तथा सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खनिज संसाधनों के पारदर्शी उपयोग और जिला खनिज संस्थान निधि के प्रभावी संचालन से प्रदेश के विकास को नई गति मिली है। रिकॉर्ड खनिज राजस्व अर्जित करने के साथ खनिज ऑनलाइन 2.0 और डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किए गए हैं। 82 हजार से अधिक विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं तथा खनिज ब्लॉकों की नीलामी, लीथियम जैसे रणनीतिक खनिजों के विकास और नई रेत नीति के माध्यम से पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित की गई है। अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल अधोसंरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा भारतनेट फेज-3.0 के माध्यम से हजारों ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है। शिक्षा में युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षकविहीन विद्यालयों की समस्या समाप्त की गई है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत राज्य के अधिकांश परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रशासनिक सुधार और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। ई-डिस्ट्रिक्ट, ऑटो म्यूटेशन, मॉडल स्मार्ट रजिस्ट्री कार्यालय, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076' के माध्यम से आम नागरिकों तक शासकीय सेवाओं की समयबद्ध और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि 435 प्रशासनिक सुधार लागू कर छत्तीसगढ़ को सुशासन का मॉडल बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, इको-टूरिज्म, वन संवर्धन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समान महत्व दे रही है।  'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम की यात्रा कर चुके हैं तथा राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।

अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता का अटूट विश्वास सरकार के साथ है और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

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राशिफल: आज ग्रहों की चाल बदलेगी कई राशियों की किस्मत, कहीं धन लाभ के प्रबल योग तो कहीं विवाद और खर्च से रहना होगा सावधान, पढ़ें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल

शनिवार का दिन कर्म, अनुशासन और न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित माना जाता है। आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आई है, जबकि कुछ राशियों को धैर्य और संयम से आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है। नौकरी, व्यापार, शिक्षा, प्रेम, परिवार, स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में दिन कैसा रहेगा, आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

♈ मेष राशि

आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। व्यापार में नए ग्राहकों से लाभ होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा आय के अतिरिक्त स्रोत बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक भागदौड़ से थकान महसूस हो सकती है।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9

♉ वृषभ राशि

आज धैर्य और विवेक से लिया गया निर्णय भविष्य में बड़ा लाभ देगा। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की चर्चा हो सकती है। व्यापार में पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलेगा। परिवार में किसी शुभ समाचार से प्रसन्नता का माहौल रहेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन खान-पान में लापरवाही न करें।

शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6

♊ मिथुन राशि

आज का दिन नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए अनुकूल रहेगा। कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली की सराहना होगी। व्यापार में नए अनुबंध मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। मानसिक तनाव से बचने के लिए पर्याप्त आराम करें।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

♋ कर्क राशि

भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। रुके हुए सरकारी कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी में सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापार में लाभदायक सौदे होने के योग हैं। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम की योजना बन सकती है। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।

शुभ रंग: क्रीम
शुभ अंक: 2

♌ सिंह राशि

आज नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास आपको सफलता दिलाएंगे। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। आर्थिक लाभ के साथ सम्मान भी मिलेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। प्रेम जीवन में मधुरता आएगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। आंखों और सिरदर्द की समस्या हो सकती है, सावधानी रखें।

शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1

♍ कन्या राशि

आज सोच-समझकर निर्णय लेने का दिन है। जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। नौकरी में आपकी मेहनत की सराहना होगी। व्यापार में सामान्य लाभ रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार में किसी सदस्य की सलाह लाभदायक साबित होगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर अधिक ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 7

♎ तुला राशि

आज का दिन शुभ संकेत लेकर आया है। नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में प्रगति के अवसर मिलेंगे। नया निवेश लाभदायक हो सकता है। परिवार में खुशियों का वातावरण रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6

♏ वृश्चिक राशि

आज कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आपकी मेहनत सफलता दिलाएगी। व्यापार में लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। परिवार में किसी बुजुर्ग की सलाह लाभदायक होगी। यात्रा के दौरान सावधानी बरतें। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। तनाव से बचें और पर्याप्त आराम करें।

शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 8

♐ धनु राशि

आज भाग्य पूरी तरह आपके पक्ष में रहेगा। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में बड़ा लाभ हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए समय अत्यंत अनुकूल है। धार्मिक यात्रा या किसी शुभ कार्य में भाग लेने का अवसर मिलेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3

♑ मकर राशि

आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल होंगी। व्यापार में नई साझेदारी लाभदायक साबित हो सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन निवेश सोच-समझकर करें। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, हालांकि कमर या जोड़ों में हल्की परेशानी हो सकती है।

शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 8

♒ कुंभ राशि

आज नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। विद्यार्थियों को सफलता मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4

♓ मीन राशि

आज का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ होगा और नौकरी में सम्मान बढ़ेगा। परिवार में आनंद का वातावरण रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक शांति बनी रहेगी।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 7

शनिवार के दिन भगवान शनिदेव की पूजा करें। पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं तथा काले तिल, उड़द की दाल या लोहे का दान अपनी श्रद्धा अनुसार करें। हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। इससे नकारात्मकता दूर होने, आत्मबल बढ़ने और कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।

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स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियों में जुटा छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण, 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पर पूरे प्रदेश में होगा सामूहिक गायन

रायपुर, 17 जुलाई 2026/  छत्तीसगढ़ शासन ने स्वतंत्रता दिवस 2026 को पूरे प्रदेश में गरिमामय, भव्य और प्रेरणादायी ढंग से मनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस विशेष होने जा रहा है, क्योंकि इस मौके पर राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक उत्सव भी मनाया जाएगा। शासन द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों और विभागीय प्रमुखों को आयोजनों की समुचित निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

*मुख्यमंत्री रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण, वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य*

            राजधानी रायपुर के स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्य राज्य स्तरीय समारोह 15 अगस्त की प्रातः 9:00 बजे आयोजित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में माननीय मुख्यमंत्री जी ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे।
ऐतिहासिक अवसर वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य किया गया है। परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष व महिला), नगर सेना, एनसीसी तथा बैंड प्लाटून की टुकड़ियाँ भाग लेंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जी प्रदेश की जनता के नाम संदेश देंगे।

*जिला और ब्लॉक स्तर पर मंत्रियों व स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को कमान*

               जिला मुख्यालयों में शासन द्वारा नामित मंत्रीगण ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। यहाँ स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जनपद पंचायत मुख्यालयों में जनपद पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिकाओं व पंचायतों में उनके अध्यक्ष व सरपंच तथा बड़े गांवों में ग्राम प्रमुख ध्वजारोहण करेंगे। इन स्थलों पर राष्ट्रीय गान, भाषण तथा देश की एकता एवं अखण्डता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।

*शहीदों के परिजनों का सम्मान* 

             जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि जिला स्तरीय समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को विशेष व सम्मानपूर्वक रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया जाए।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी होने वाले सरकारी विज्ञापन स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और छत्तीसगढ़ के शहीदों को समर्पित होंगे। इन विज्ञापनों का प्रकाशन 15 अगस्त के दिन समाचार पत्रों में सुनिश्चित किया जाएगा।

*रात्रि में शासकीय भवनों पर होगी विशेष रोशनी*

            स्वतंत्रता दिवस की रात्रि को प्रदेश के सभी शासकीय भवनों, कार्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया जाएगा, जिसका खर्च संबंधित विभाग स्वयं वहन करेंगे। आम नागरिकों और निजी संस्थाओं से भी अपने भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और रात्रि में रोशनी करने की अपील की जाएगी।

*संस्थानों के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश*

            शासकीय एवं शिक्षण संस्थाओं में प्रातः 9:00 बजे से पहले ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेलकूद और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम संपन्न कराने होंगे। लाउडस्पीकर के प्रयोग हेतु जिला कलेक्टर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। लाउडस्पीकर पर केवल मर्यादित और देशभक्ति से ओतप्रोत गीत ही बजाए जा सकेंगे।

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प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने रचा नया कीर्तिमान, विशेष अभियान में सबसे अधिक बालिकाओं को लगी वैक्सीन, सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा की दिशा में छत्तीसगढ़ को मिली बड़ी सफलता

रायपुर, 17 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा  बालिकाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित जनकल्याणकारी स्वास्थ्य अभियानों का सकारात्मक परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण सप्ताह के अंतर्गत 17 जुलाई को आयोजित विशेष टीकाकरण दिवस पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। यह उपलब्धि राज्य सरकार की दूरदर्शी स्वास्थ्य नीति, प्रभावी कार्ययोजना तथा स्वास्थ्य विभाग की सुदृढ़ कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण है।

राज्य सरकार बेटियों के स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। एचपीवी टीकाकरण जैसी पहल भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रत्येक पात्र बालिका तक यह सुरक्षा कवच पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है।

13 से 18 जुलाई तक आयोजित विशेष एचपीवी टीकाकरण सप्ताह के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाकर सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने का अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में अभियान की शुरुआत विकासखंड गौरेला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवसा एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चुकतीपानी से की गई।

राज्य स्तर से जिले को 3,893 बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। विशेष टीकाकरण दिवस पर जिले के 74 विद्यालयों में चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य अमले की उपस्थिति में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान लगभग 809 बालिकाओं का ऑनलाइन तथा 1,100 बालिकाओं का ऑफलाइन पंजीकरण एवं टीकाकरण किया गया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने राज्य में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण कर नई उपलब्धि दर्ज की।

अभियान की सफलता में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री गोपेश मनहर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सा अधिकारी, शिक्षकों तथा विद्यालय प्रबंधन का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ।

स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा विद्यालय आधारित टीकाकरण अभियान के माध्यम से बालिकाओं और उनके अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम तथा टीकाकरण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि किशोरियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और भविष्य में गंभीर बीमारियों से सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रभावी प्रयास भी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य को प्राथमिकता तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का यह परिणाम है कि प्रदेश में स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावी ढंग से सफल हो रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है और यह दर्शाती है कि स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ जनस्वास्थ्य की सुरक्षा एवं स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

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दुर्गम बैगा अंचल तक पहुँची स्वास्थ्य सेवाएं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छिरहिट्टी में लगे विशेष स्वास्थ्य शिविर में 164 ग्रामीणों का निःशुल्क उपचार

रायपुर, 17 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता लगातार धरातल पर दिखाई दे रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातीय बैगा समुदाय तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकासखंड गौरेला के दुर्गम बैगा आदिवासी बाहुल्य ग्राम छिरहिट्टी (साल्हेघोरी) में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा निःशुल्क उपचार, परामर्श एवं दवाइयां उपलब्ध कराईं। इससे दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को अपने गांव में ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में कुल 164 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। मौसमी बीमारियों की रोकथाम, समय पर रोगों की पहचान तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में ग्रामीणों की विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली।
विशेष स्वास्थ्य शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सेवाएं प्रदान कीं। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, खंड चिकित्सा अधिकारी गौरेला तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी पूरे समय उपस्थित रहकर शिविर के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक, चाहे वह कितने ही दूरस्थ या दुर्गम क्षेत्र में क्यों न रहता हो, स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। विशेष पिछड़ी जनजातियों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।  स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक स्वयं पहुंचकर उपचार उपलब्ध कराना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बीमारियों की समय पर पहचान हो सके, उपचार उपलब्ध कराया जा सके तथा गंभीर मरीजों को आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों तक रेफर किया जा सके। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है।
दुर्गम बैगा अंचलों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की पहुंच यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति विश्वास और जागरूकता को भी मजबूत कर रहे हैं।

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