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महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय,बस्तर की धरती से मातृशक्ति को बड़ा संबल : महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

रायपुर 8 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026 में प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार का हर निर्णय महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित किए। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत अब तक महिलाओं को 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला जनकल्याणकारी अभियान बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 10 मार्च 2024 का वह दिन याद है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया था। उसी समय यह संकल्प लिया गया था कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला के खाते में हर महीने निर्धारित तिथि पर एक हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। पिछले 25 महीनों से यह संकल्प लगातार पूरा किया जा रहा है और इस किश्त के साथ अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि माताओं-बहनों के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला रही है। महिलाएं इस सहायता का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों में आर्थिक स्थिरता बढ़ रही है और समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं, बल्कि वे उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधक भी होती हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का महिलाओं ने अत्यंत समझदारी से उपयोग किया है। किसी ने बेटियों के भविष्य के लिए बचत की, किसी ने स्वरोजगार शुरू किया, किसी ने परिवार के छोटे व्यवसाय को बढ़ाया, तो किसी ने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर घर की स्थिति को मजबूत बनाया। यह इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है कि महिलाओं ने इसे स्वयं और परिवार की उन्नति का माध्यम बनाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित दूरस्थ अंचलों में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार अनेक स्तरों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों के विवाह कराए गए हैं। महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 महतारी सदन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ग्राम पंचायत स्तर पर इनका उपयोग महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण, विपणन और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है। प्रदेश में अब तक 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और अब सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई नेतृत्वकारी शक्ति बनकर उभर रही हैं। इसी दिशा में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से  रेडी टू ईट फूड निर्माण का कार्य पुनः प्रारंभ कराया गया है और इसे चरणबद्ध रूप से प्रदेश के शेष जिलों में भी लागू किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को व्यापक रोजगार के अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पुनः प्रारंभ की गई हैं, बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू कराया गया है, बिजली पहुंची है, मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं तथा स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़कों की सुविधा दूरस्थ बसाहटों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के माध्यम से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा भी मजबूत की गई है, जिससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी की श्रीमती नीतू साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी, जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू तथा सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल से संवाद किया। 

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के संबल से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया, जिससे अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर पा रही हैं।

धमतरी की श्रीमती नीतू साहू ने बताया कि मजदूरी से होने वाली सीमित आय के कारण बेटियों के भविष्य के लिए बचत करना कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खुलवाकर हर महीने बचत शुरू की है।

इसी तरह सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल ने महतारी वंदन योजना से मिली राशि को बचाकर “निधि मेकओवर” नाम से ब्यूटी पार्लर शुरू किया, जबकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू ने सिलाई का कार्य प्रारंभ कर “अनीता सिलाई सेंटर” स्थापित किया। जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट ने भी इस राशि को अपने परिवार के व्यवसाय में लगाकर आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अनुभव अत्यंत सुखद है कि महतारी वंदन योजना की राशि महिलाओं के हाथों में पहुंचकर परिवारों की तरक्की का आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें दूरदर्शिता, परिश्रम और आत्मविश्वास की अद्भुत मिसाल हैं। जब महिलाओं को अवसर और संबल मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने की शक्ति बन जाती हैं।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से पुनर्वासित महिलाओं को जोड़ा गया है, जिन्हें कृषि महाविद्यालय के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये महिलाएं मिलेट आधारित खाद्य सामग्री तैयार कर उसका विक्रय करेंगी, जिससे उन्हें सतत आजीविका और आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, प्रसंस्करण और स्थानीय विपणन से जोड़कर विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में भी प्रावधान किए गए हैं।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को लागू करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया गया और उसी क्रम में महतारी वंदन योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य की लगभग 70 लाख माताएं-बहनें लाभान्वित हो रही हैं। यह योजना महिलाओं को घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ महिला कोष तथा सक्षम योजना के माध्यम से भी महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग दे रही है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने  कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह नियमित रूप से सहायता राशि प्रदान किया जाना सरकार की वचनबद्धता का प्रमाण है।विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से माताएं-बहनें आज घर-परिवार को खुशहाल बनाने के साथ प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान दे रही हैं। 

कार्यक्रम के आरंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी ।

कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की सफलता की कहानियों पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री को फलों की टोकरी तथा धुरवा तुवाल भेंटकर योजना के लिए आभार व्यक्त किया। 

इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम आटामी, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर श्री संजय पांडेय, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बस्तर के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप, बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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संघर्ष, समर्पण और सफलता की मिसाल बनीं जनसंपर्क विभाग की महिलाएं : परिवार, समाज और सरकारी दायित्वों के बीच संतुलन बनाकर लिख रहीं उपलब्धियों की नई इबारत

रायपुर, 8 मार्च, 2026/
आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। जनसंपर्क विभाग में कार्यरत महिला अधिकारी और कर्मचारी भी अपने संघर्ष, जीवटता और जुनून से सफलता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। वे न केवल अपने कार्यालयीन दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी और दक्षता के साथ निभा रही हैं, बल्कि परिवार और समाज के साथ भी बेहतर सामंजस्य स्थापित कर रही हैं।

जनसंपर्क विभाग की महिलाएं प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 

सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए वे निरंतर सक्रिय रहती हैं। समाचार लेखन, फोटोग्राफी, कार्यक्रमों का समन्वय, मीडिया प्रबंधन और जनहितकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों को वे कुशलता से संभालती हैं।

इसके साथ ही घर की जिम्मेदारियों को निभाना भी उनके लिए उतना ही महत्वपूर्ण है। परिवार की देखभाल, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक दायित्वों के बीच संतुलन बनाते हुए वे अपने पेशेवर जीवन में भी निरंतर आगे बढ़ रही हैं। यह संतुलन उनके मजबूत आत्मविश्वास, समर्पण और सकारात्मक सोच का परिचायक है।

विभाग की महिला अधिकारी हर्षा पौराणिक, अंजू नायक, इस्मत जहाँ दानी, उषा किरण बड़ाईक,  नीलिमा अग्रवाल, श्रुति ठाकुर, आरती सिंह, दानेश्वरी सम्भाकर, संगीता लकड़ा, कीर्ति पाराशर, तौकीर जाहिद, नूतन सिदार, आमना खातून, रचना मिश्र, वर्षा ठाकुर, देविका मरावी, मेघा यादव और भारती साहू जैसे अधिकारी राजभवन, मंत्रालय हो या फिर देश की राजधानी दिल्ली हो या प्रदेश की वीआईपी जिला जशपुर हो या दूरस्थ जिला बलरामपुर, सरगुजा, न्यायधानी बिलासपुर हो या संस्कारधानी राजनांदगांव हो या सतनाम के प्रवर्तक बाबा गुरुघासीदास के गृह जिला बलौदाबाजार- भाटापारा हो या देश की सबसे महत्वपूर्ण इस्पात संयंत्र स्थापित दुर्ग जैसे जिलों में जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।

इसी तरह जनसंपर्क विभाग की सहयोगी संस्था छत्तीसगढ़ संवाद में क्रिएटिव कार्यों और शासन की प्रचार-प्रसार गतिविधियों में अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल में रहकर भी महत्वपूर्ण योगदान देने वाली गीतांजलि नेताम और अंजु मानिकपुरी जैसी कर्मयोगी महिलाएं भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रही हैं। युवाओं के पसंदीदा साप्ताहिक पत्रिका रोजगार नियोजन की जिम्मेदारी विगत 24-25 बरस से निभा रही हैं। अवकाश दिवस हो या फिर कोई महत्वपूर्ण शासकीय अवसर, इन महिला कर्मियों की भूमिका और भी बढ़ जाती है।

सरकार, शासन, प्रशासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने वाले इन महिला कर्मियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर याद करना उनके कार्यो, समर्पण का सम्मान है।

महिलाओं की यही मेहनत और लगन उन्हें समाज में एक अलग पहचान दिला रही है। आज वे केवल अपने परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की प्रेरणा बन रही हैं। उनके संघर्ष और सफलता की कहानियां यह संदेश देती हैं कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और परिश्रम हो तो महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकती हैं।

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अहमदाबाद में आज क्रिकेट का महामुकाबला” : भारत-न्यूजीलैंड के बीच टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल, मैच से पहले रंगारंग क्लोजिंग सेरेमनी, देशभर में टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थनाएं

अहमदाबाद। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें आज शाम होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के महामुकाबले पर टिकी हुई हैं। डिफेंडिंग चैंपियन भारत और न्यूजीलैंड बीच फाइनल मुकाबला आज शाम 7 बजे से अहमदाबाद स्थित में खेला जाएगा। मैच से पहले दोनों टीमें स्टेडियम पहुंच चुकी हैं और कुछ ही समय में टॉस होने वाला है।

 मैच से पहले होगा भव्य क्लोजिंग सेरेमनी

फाइनल मुकाबले से पहले शाम 5:30 बजे भव्य क्लोजिंग सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में अंतरराष्ट्रीय पॉप स्टार , मशहूर पंजाबी गायक और लोकप्रिय गायिका अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। आयोजकों के अनुसार स्टेडियम में दर्शकों के लिए संगीत और रोशनी से भरपूर भव्य कार्यक्रम तैयार किया गया है।

 मैच देखने पहुंचे कई बड़े सितारे

इस ऐतिहासिक मुकाबले को देखने के लिए देश-विदेश से क्रिकेट और फिल्म जगत की कई हस्तियां अहमदाबाद पहुंच चुकी हैं। पूर्व भारतीय कप्तान , टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी और बॉलीवुड अभिनेत्री भी स्टेडियम में मैच का आनंद लेने पहुंचे हैं।

 देशभर में जीत की कामना

फाइनल मैच को लेकर पूरे देश में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कई शहरों और गांवों में खेल प्रेमियों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थना की। क्रिकेट प्रशंसकों का कहना है कि भारत एक बार फिर विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाएगा।

क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह

अहमदाबाद में मैच को लेकर सुबह से ही स्टेडियम के बाहर हजारों क्रिकेट प्रशंसकों की भीड़ जुटने लगी है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन ने दर्शकों से शांतिपूर्ण ढंग से मैच का आनंद लेने की अपील की है।

क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि आज का यह महामुकाबला रोमांच से भरपूर होगा और दुनिया भर के दर्शकों को यादगार पल देगा। स्रोत एजेंसी

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स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सख्ती : रणजीता स्टेडियम में यातायात पुलिस व आरटीओ का संयुक्त अभियान, 17 स्कूल बसों की जांच

जशपुर, 08 मार्च 2026। जिले में स्कूली बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस जशपुर एवं जिला परिवहन विभाग द्वारा रविवार को संयुक्त रूप से विशेष जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान जशपुर नगर के रणजीता स्टेडियम परिसर में आयोजित किया गया, जहां कमर्शियल बसों और स्कूली वाहनों की सघन जांच की गई।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में डीएसपी यातायात के.आर. चौहान, जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज, उप निरीक्षक प्रदीप कुमार मिश्रा एवं यातायात शाखा जशपुर की टीम द्वारा यह विशेष अभियान संचालित किया गया।

अभियान के दौरान स्कूली बसों एवं कमर्शियल वाहनों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने वाहनों की फिटनेस, इंश्योरेंस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया। इसके साथ ही बसों की मैकेनिकल स्थिति की भी बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान ब्रेक सिस्टम, इंडिकेटर, हेडलाइट, इमरजेंसी एग्जिट, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण किया गया।

जांच के दौरान बस संचालकों एवं चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए सख्त हिदायत दी गई। अधिकारियों ने उन्हें ओवरलोडिंग नहीं करने, वाहन की नियमित जांच कराने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जिन वाहनों में तकनीकी या दस्तावेज संबंधी कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए तथा आवश्यकतानुसार नियमानुसार कार्रवाई भी की गई।

अभियान के दौरान कुल 17 स्कूली वाहनों की जांच की गई। इस दौरान अधिकारियों ने बस संचालकों को भविष्य में नियमों का उल्लंघन न करने की चेतावनी भी दी।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा जशपुर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई वाहन संचालक सुरक्षा संबंधी निर्देशों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे संयुक्त जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।

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जिले में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन : बस्तर से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्चुअल माध्यम से महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त जारी की, उत्कृष्ट कार्य करने वाली 21 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं हुईं सम्मानित, महिलाओं ने साझा किए स्वावलंबन के प्रेरक अनुभव

जशपुर 08 मार्च  2026/ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का कार्यक्रम कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन  एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जशपुर मंत्रणा भवन में आयोजित किया गया। जिला स्तरीय इस कार्यक्रम में जिले के 423 हितग्राही रहे 
महिलाओं के क्षेत्र में  उत्कृष्ट कार्य करने वाले 21 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को मुख्य अतिथि के माध्यम से श्रीफल शॉल तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित  किया गया

कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 20 हितग्राहियों ने महतारी वंदन योजना कि राशि से स्व रोजगार तथा उपयोगिता के संबंध में अपने विचारों को  उत्साहपूर्वक साझा किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बस्तर से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में जुड़कर महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों से संवाद किया और उन्हें आशीर्वाद एवं शुभकामनाएँ प्रदान की ।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभुनाथ चक्रवती ने अपने उद्बोधन में कहा कि “
महिलाओं का योगदान हर क्षेत्र में है और उनके सहयोग के बिना हमारा अस्तित्व ही नहीं है आज का दिन उनके लिए समर्पित है उनके योगदान और उनके हर क्षेत्र में उन्नति भी दिखाई देता है कि आज वह देश  के राष्ट्रपति से लेकर गांव की पंच तक है  

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से 05 हितग्राहियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान कर आशीर्वाद दिया । इस अवसर पर , नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत जशपुर के अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत श्री राजू गुप्ता, श्री रमाशंकर गुप्ता, नीतू गुप्ता श्री आशुतोष राय  जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार,अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू महिला बाल विकास अधिकारी श्री अजय शर्मा, शशि बाई , शैलेंद्र यादव पार्षद श्री फैजान खान श्री विष्णु सोनी सुश्री रागनी भगत श्रीमती विजेता भगत श्रीमती प्रतिमा भगत , जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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फरसाबहार विकासखंड में विकास की नई रफ्तार – टिकलीपरा से फोकटपारा तक बनी लगभग 1 किलोमीटर पक्की सड़क, कच्चे और फिसलन भरे रास्ते से मिली मुक्ति, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार”

जशपुरनगर, 8 मार्च 2026/  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में विकास कार्यों के तहत व्यापक अधोसंरचना निर्माण की मजबूत आधारशिला रखी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा और गति प्रदान करेगी। लगातार मिल रही सड़क और पुल-पुलिया के निर्माण की स्वीकृति के साथ ही जमीन पर भी इनका क्रियान्वयन तेजी से हो रहा है। जिससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र भी मुख्य मार्गों और शहरों से जुड़ रहे हैं। इसी क्रम में  फरसाबहार विकासखंड में मुख्य मार्ग टिकलीपरा से फोकटपारा तक लगभग 1 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत लगभग 52 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह सड़क बनने से ग्राम फोकटपारा के ग्रामीणों को अब कच्ची एवं ऊबड़-खाबड़ सड़क से हमेशा के लिए निजात मिल गई है।

 *मुख्य मार्ग से सीधा जुड़ाव, आवागमन हुआ आसान*

सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद फोकटपारा गांव अब सीधे मुख्य मार्ग से जुड़ गया है। इससे ग्रामीणों को फरसाबहार सहित अन्य बड़े कस्बों और शहरों तक पहुंचने में सुविधा हो रही है। किसानों को भी अपनी फसल मंडी तक ले जाने में समय और लागत दोनों की बचत होगी। व्यापार को भी इससे बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से यह मार्ग कच्चा था, जिससे खासकर बरसात के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित रहती थी । मरीजों को अस्पताल ले जाने में कठिनाई होती थी, स्कूली बच्चों को फिसलन भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता था  कई बार दोपहिया वाहन फिसलने और गिरने की घटनाएं भी सामने आती रहतीं थीं। यह सड़क बन जाने से इन सब कठिनाइयों से मुक्ति मिल गई है। अब गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी  सहूलियत होगी। 

*लंबे समय से लंबित मांग हुई पूरी, ग्रामीणों में खुशी का माहौल*

ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि कई वर्षों से पक्की सड़क की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीणों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण को स्वीकृति दी गई और अब इसका कार्य पूर्ण होने से लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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“सभी महिलाओं और बालिकाओं के लिए अधिकार, न्याय और कार्रवाई” के संकल्प के साथ जशपुर जिला न्यायालय में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, नारी सशक्तिकरण, समानता और सुरक्षा पर हुआ विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम

जशपुरनगर 08 मार्च 2026/ उच्च न्यायालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर श्री सत्येन्द्र कुमार साहू के उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में आज 08 मार्च 2026 को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय के सभाकक्ष में  "सभी महिलाओं और बालिकाओं के लिए अधिकार, न्याय और कार्रवाई" एवं "नारी शक्ति - विकसित भारत की नींव " शीर्षक के साथ महिला के नेतृत्व वाले विकास, शिक्षा, समानता और सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 
          कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “अधिकार और न्याय के साथ-साथ हर महिला और बालिका के सशक्तिकरण के लिए वास्तविक कार्रवाई " वर्ष 2026 के थीम को सार्थक करते हुये मुख्य बिंदु सशक्त नारी सशक्त भारत, समानता और न्याय, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण, स्वस्थ महिला, समृद्ध राष्ट्र, सामूहिक कार्रवाई (गिव टू गेन) अभियान के अंतर्गत उदारता एवं सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। 

   प्रधान जिला न्यायाधीश श्री सत्येन्द्र कुमार साहू ने अपने सम्बोधन में कहा कि महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं अपितु यह एक समावेशी और न्यायसंगत समाज बनाने के लिए कार्रवाई करने का एक आव्हान है। शिक्षित एवं सशक्त महिलाएं किसी भी प्रगतिशील राष्ट्र की मजबूत नींव है। जब महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सहभागिता प्रदर्शित करती है तथा साहस के साथ नेतृत्व करती है, तो यह समाज को अधिक समावेशी और समृद्ध बनाती है। हमें ऐसे समाज निर्माण की आवश्यकता है, जिसमें महिला को समान अवसर, सम्मान, सुरक्षा एवं स्वतंत्रता मिले। यह दिवस लैंगिक असमानता, कार्यस्थल पर भेदभाव, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और शिक्षा एवं अवसरों तक पहुंच जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालता है। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों, शक्ति और उनके योगदान का सम्मानित करने हेतु अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। कहा जाता है कि एक पुरूष मकान बना सकता है, पर उस मकान को संस्कारों और खुशियों से सजाकर 'घर' में महिला ही बदल पाती है।
            अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) जशपुर श्री जनार्दन खरे द्वारा अपने सम्बोधन में कहा गया कि पुरुष पर्वत के समान स्थिर, कठोर एवं संरक्षक है, जबकि महिला नदी के समान गतिशील, सहनशील और जीवनदायिनी है। जिस प्रकार नदियां गतिशील एवं प्रवाहशील होकर अपना मार्ग का स्वयं निर्माण कर अंत में समुद्र में विलय हो जाती है, उसी प्रकार स्त्रियां समर्पण, सहनशीलता, संस्कृति और पहचान का हिस्सा बनकर मकान को घर में परिवर्तित करके परिवार में विलीन हो जाती है। उक्त कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर में कार्यरत महिला अधिकारी एवं कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। उक्त कार्यक्रम में श्री जनार्दन खरे, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) जशपुर, श्रीमती सरोजनी जनार्दन खरे, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर के अतिरिक्त न्यायाधीश जशपुर श्रीमती सुमन सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर, कु.श्वेता बघेल, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर, श्री क्रांति कुमार सिंह, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी जशपुर, कु० अंकिता यदु, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी बगीचा, कु० श्वेता अवस्थी, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी पत्थलगांव, श्री विजय कुमार कौशिक, प्रशासनिक अधिकारी, जिला न्यायालय जशपुर, सुश्री सगीरा बानो, अधिवक्ता जशपुर एवं जिला न्यायालय जशपुर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को मिली नई उड़ान, होमस्टे की ओर बढ़ा अन्य राज्यों के पर्यटकों का रुझान — हरियाली भरी वादियों और ग्रामीण संस्कृति का ले रहे आनंद, स्थानीय लोगों को मिल रहे रोजगार के नए अवसर”


जशपुर 8 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले में भी पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहे हैं। जिले में संचालित होमस्टे में बाहरी क्षेत्रों से पर्यटक पहुंच रहे हैं और यहां की प्राकृतिक सुंदरता तथा स्थानीय संस्कृति का अनुभव कर रहे हैं।

जिला प्रशासन भी कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों के कारण जशपुर के गांवों में स्थित होमस्टे धीरे-धीरे पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर भी मिल रहे हैं।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के रायपुर से आए दो पर्यटक केरे स्थित महुआ होमस्टे में ठहरे थे। पर्यटकों ने यहां के शांत वातावरण, प्राकृतिक सौंदर्य और गांव के सादगीपूर्ण जीवन का अनुभव किया। उन्होंने स्थानीय खान-पान और ग्रामीण आतिथ्य की भी सराहना की।

वहीं मध्य प्रदेश के सीधी जिले से आए चार पर्यटक देवोबरा (मयाली) स्थित बनफूल होमस्टे में ठहरे। इन पर्यटकों ने भी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और गांव के माहौल को बेहद पसंद किया। ग्रामीणों द्वारा की गई आत्मीय मेहमाननवाजी उनके लिए खास अनुभव रही।

स्थानीय होमस्टे में पर्यटक कार्तिकेय सिंह, कुसुम, अरविन्द पटेल,निधि , रोशन साहू प्रीति साहू आदि अन्य पर्यटकों के ठहरने के लिए सुविधा दी जा रही है।
जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और आने वाले समय में इसके और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।

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जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा स्व. दिलीप सिंह जूदेव का जीवन : मुख्यमंत्री श्री साय,स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री श्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन

रायपुर 8 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के दीर्घ सामाजिक-राजनीतिक जीवन और समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।उन्होंने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और विशेष रूप से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर कार्य किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जूदेव जी के विचार, उनके आदर्श और सेवा का भाव आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज की पहचान, स्वाभिमान और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने में स्वर्गीय जूदेव का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में आत्मगौरव की भावना सशक्त हुई और समाज में सकारात्मक चेतना का संचार हुआ।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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कुनकुरी में 2 से 8 अप्रैल तक होगा भव्य श्रीराम कथा रसपान, परम पूज्य संत चिन्मयानंद बापू जी करेंगे कथा वाचन......

जशपुर। जिले के कुनकुरी में आगामी 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक भव्य प्रभु श्रीराम कथा रसपान का आयोजन किया जाएगा। यह सात दिवसीय धार्मिक आयोजन परम पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापू जी के श्रीमुख से संपन्न होगा, जिसमें श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान करने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों से मिली जानकारी के अनुसार कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। यह कार्यक्रम सलियाटोली स्टेडियम, कुनकुरी (जशपुर) में आयोजित होगा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
आयोजन समिति ने बताया कि कथा के दौरान भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, नीति और मर्यादा से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान और प्रेरणा प्राप्त होगी।
इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कथा का सीधा प्रसारण आस्था चैनल तथा यूट्यूब और फेसबुक लाइव के माध्यम से भी किया जाएगा, ताकि दूर-दराज के श्रद्धालु भी इसका लाभ ले सकें।आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीराम कथा का श्रवण कर धर्मलाभ लेने की अपील की है।

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रैपर से नेता बने ‘बालेन’ का बड़ा सियासी धमाका: नेपाल की राजनीति में नया चेहरा उभरा, पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को 50 हजार वोटों से दी करारी शिकस्त

काठमांडू, 8 मार्च 2026(नेपाल)।
नेपाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर सामने आया है। रैपर से नेता बने उर्फ ‘बालेन’ ने झापा-5 संसदीय क्षेत्र से ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए नेपाल के दिग्गज नेता और चार बार प्रधानमंत्री रह चुके को लगभग 50 हजार मतों के भारी अंतर से पराजित कर दिया।

इस अप्रत्याशित परिणाम ने नेपाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। लंबे समय से राजनीति में सक्रिय और देश की सत्ता का नेतृत्व कर चुके ओली की हार को राजनीतिक विश्लेषक नेपाल में उभरते नए नेतृत्व और पीढ़ीगत बदलाव का संकेत मान रहे हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान बालेन ने युवाओं, पारदर्शी शासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाने की बात को प्रमुख मुद्दा बनाया। सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाई, जिसका असर चुनाव परिणाम में साफ दिखाई दिया।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, संगीत की दुनिया से राजनीति में आए बालेन ने अपने अलग अंदाज और साफ छवि के कारण जनता के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल की। यही कारण रहा कि उन्होंने एक बड़े और अनुभवी नेता को भारी मतों से हराकर सभी को चौंका दिया।

चुनाव परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई जगहों पर युवाओं ने जश्न मनाते हुए इसे नेपाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत बताया।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह जीत आने वाले समय में नेपाल की राजनीति में युवा नेतृत्व की बढ़ती ताकत और पारंपरिक राजनीति के बदलते समीकरण को भी दर्शाती है।स्रोत एजेंसी

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आज का राशिफल – 8 मार्च 2026 :ग्रहों की बदलती चाल से बने नए संयोग: कहीं तरक्की के द्वार खुलेंगे, कहीं धन लाभ के संकेत, तो कुछ राशियों को आज हर कदम फूंक-फूंककर रखने की सलाह

 

रविवार, 8 मार्च 2026। ज्योतिष गणना के अनुसार आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे रही है। आज का दिन कुछ लोगों के लिए करियर और व्यापार में नई उपलब्धियों का द्वार खोल सकता है, वहीं कुछ राशियों को सावधानी और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की जरूरत होगी। पारिवारिक जीवन, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिहाज से भी आज का दिन कई उतार-चढ़ाव लेकर आ सकता है। कई राशियों को आज रुके हुए कार्यों में सफलता मिल सकती है, तो कुछ को अपने निर्णयों में संयम बरतना होगा। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल—

 मेष राशि – मेहनत का मिलेगा पूरा फल, करियर और व्यापार में बन सकते हैं नए अवसर

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में आज गति आने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से सराहना मिल सकती है और पदोन्नति के संकेत भी मिल रहे हैं। व्यापार करने वालों को नए सौदे से आर्थिक लाभ हो सकता है।
पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और घर में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई में सफलता के योग हैं।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

 वृषभ राशि – आर्थिक मामलों में मिल सकता है बड़ा लाभ, रुका हुआ पैसा मिलने के संकेत

वृषभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। व्यापारियों को नए ग्राहकों से लाभ मिलेगा और आय के नए स्रोत बन सकते हैं।
नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में उन्नति का मार्ग खोलेंगी। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और किसी रिश्तेदार से शुभ समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

 मिथुन राशि – कार्यक्षेत्र में बढ़ सकती हैं जिम्मेदारियां, धैर्य और समझदारी से लेना होगा निर्णय

मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे काम का दबाव बढ़ेगा। हालांकि आपकी मेहनत और समझदारी से सभी कार्य पूरे हो जाएंगे।
व्यापार में निवेश करने से पहले सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार में किसी छोटी बात को लेकर तनाव हो सकता है, लेकिन शाम तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई में ध्यान देने की जरूरत है।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

 कर्क राशि – मेहनत से मिलेगी सफलता, परिवार में मिलेगा बड़ों का आशीर्वाद

कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आपकी मेहनत से सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी।
परिवार में बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा और घर का माहौल सकारात्मक रहेगा। दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य के मामले में थोड़ा सतर्क रहें और खानपान पर ध्यान दें।
शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

 सिंह राशि – सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत, कार्यक्षेत्र में मिल सकती है बड़ी सफलता

सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में भी अच्छा लाभ मिलने की संभावना है।
सामाजिक क्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और नए संपर्क बन सकते हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

 कन्या राशि – लंबे समय से रुके हुए काम होंगे पूरे, करियर में मिल सकता है बड़ा अवसर

कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन सफलता का संकेत दे रहा है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
व्यापार में भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।
शुभ रंग: हल्का हरा | शुभ अंक: 7

 तुला राशि – सोच-समझकर लें फैसले, अनावश्यक खर्च से बचने की सलाह

तुला राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलन बनाए रखने का है। किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
व्यापार में सामान्य लाभ होगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और मित्रों का सहयोग मिलेगा। यात्रा के योग भी बन सकते हैं।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 4

 वृश्चिक राशि – नए अवसरों से खुलेगी तरक्की की राह, आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए आज का दिन सकारात्मक परिणाम देने वाला है। नौकरी और व्यापार में नई संभावनाएं बन सकती हैं। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात लाभदायक साबित हो सकती है।
परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 8

 धनु राशि – नई योजनाओं में मिल सकती है सफलता, शिक्षा और करियर के लिए अनुकूल दिन

धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्साहजनक रहेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। नौकरी और व्यापार में सफलता मिलने की संभावना है।
परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और घर में कोई शुभ समाचार मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

 मकर राशि – मेहनत और धैर्य से मिलेगा लाभ, आर्थिक मामलों में बरतें सावधानी

मकर राशि के लोगों के लिए आज का दिन मेहनत का है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आपकी लगन से सफलता मिलेगी।
आर्थिक मामलों में सोच-समझकर खर्च करें। परिवार का सहयोग मिलेगा और जीवनसाथी का साथ मनोबल बढ़ाएगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 10

 कुंभ राशि – व्यापार और नौकरी में मिल सकते हैं लाभ के नए अवसर

कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन लाभकारी साबित हो सकता है। व्यापार में अच्छा मुनाफा मिल सकता है और नौकरी में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं।
सामाजिक कार्यों में भाग लेने से प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और मित्रों का सहयोग मिलेगा।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 11

 मीन राशि – रचनात्मक कार्यों में मिलेगी सफलता, आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत

मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन रचनात्मक और सकारात्मक रहेगा। कला, साहित्य और संगीत से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है।
आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए भी दिन अनुकूल रहेगा।
शुभ रंग: बैंगनी | शुभ अंक: 12

आज कई राशियों के लिए नए अवसर बनने के संकेत हैं। मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

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चार स्वच्छता सखियों के संकल्प ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर, घर-घर कचरा संग्रहण से गाँव बना स्वच्छता का आदर्श मॉडल


रायपुर, 07 मार्च 2026

महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, एकता हो और समाज के लिए कुछ करने की भावना हो, तो सकारात्मक परिवर्तन अवश्य लाया जा सकता है। आज कोरिया जिले  के अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल अपने गाँव में स्वच्छता की एक मिसाल बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। इनका यह कार्य स्वच्छ भारत मिशन के  उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी मेहनत यह संदेश देती है कि संकल्प, सहयोग और निरंतर प्रयास से गाँव को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।

           कोरिया जिले में जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडार की चार महिलाएँ अपने अथक समर्पण, मेहनत और एकजुटता के कारण पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। ग्राम पंचायत में रहने वाली श्रीमती अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने ग्राम पंचायत में प्रेरणा का एक नया माहौल बनाया है। ये महिलाएँ पिछले लगभग तीन वर्षों से स्वच्छता दीदी के रूप में लगातार कार्य कर रही हैं और गाँव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सप्ताह में दो बार करती हैं कचरा कलेक्शन
           स्वच्छता दीदी बनकर ये महिलाएँ सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को गाँव के घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करती हैं। वे लोगों को समझाती हैं कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने से गाँव स्वच्छ रहता है और कचरे का सही प्रबंधन संभव होता है।
चुनौती से मानक तक का सफर
        कार्य के प्रारंभिक दिनों में इन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गाँव के बहुत से लोग कचरा अलग-अलग देने के लिए तैयार नहीं थे और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी कम थी। लेकिन इन महिलाओं ने धैर्य, मेहनत और निरंतर प्रयास से घर-घर जाकर लोगों को समझाया। धीरे-धीरे ग्रामीणों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया और अब गाँव के प्रत्येक रहवासी नियमित रूप से कचरा देने लगे हैं। जिससे गांव में स्वच्छता का माहौल बना है। 
छोटे-छोटे प्रयास बड़े परिणाम
         श्रीमती अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से उन्हें कबाड़ी का काम करने वाले व्यवसायी से भी जोड़ा गया, जिससे वे सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक, कागज और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर रही हैं। इस कार्य से प्रत्येक महिला को लगभग 2 से 3 हजार रुपए प्रति माह की आय प्राप्त होती है। अब तक ये चारों महिलाएँ मिलकर लगभग 2.5 लाख से अधिक की आय अर्जित कर चुकी हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना भी बढ़ी है। इन महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी आपसी एकता और संगठन है, जिसके कारण वे मिल-जुलकर अपने कार्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही हैं।
अब ई-रिक्शा से ले रही हैं काम
          इनके लगातार प्रयासों और उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को एक ई-रिक्शा भी प्रदान किया गया है, जिससे उन्हें कचरा संग्रहण के कार्य में काफी सुविधा मिल रही है। इस ई-रिक्शा के माध्यम से अब वे आसानी से घर-घर से कचरा एकत्र कर पाती हैं और अपने कार्य को और अधिक प्रभावी तरीके से कर रही हैं। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सुशासन से हम महिलाएं सशक्त हुई हैं।
क्रमांक -9591/राठौर/ मानिकपुरी

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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई  


 
 रायपुर 6 मार्च 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान खरसिया (रायगढ़) निवासी श्री रौनक अग्रवाल, रायपुर निवासी श्री संजय डहरिया, धमतरी जिले के परसवानी निवासी श्री डायमंड सिंह ध्रुव तथा एमसीबी जिले के जनकपुर निवासी सुश्री दर्शना सिंह से बातचीत की।मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके परिवारजनों से भी संवाद करते हुए इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप सभी युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से युवाओं का सिविल सेवा में चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमारे युवा अपने परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक प्राप्त करने वाली सुश्री वैभवी अग्रवाल को मुख्यमंत्री ने दी बधाई,कड़ी मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


रायपुर, 7 मार्च 2026
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक प्राप्त करने वाली सुश्री वैभवी अग्रवाल ने आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भेंट की।  मुख्यमंत्री श्री साय ने सुश्री वैभवी को मिठाई खिलाकर उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुश्री वैभवी अग्रवाल ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वैभवी की यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ यह संदेश देती हैं कि लक्ष्य के प्रति समर्पण,अनुशासन और निरंतर प्रयास से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सुश्री वैभवी अग्रवाल भविष्य में प्रशासनिक सेवा में अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर सुश्री वैभवी अग्रवाल के पिता श्री शीतल अग्रवाल और भाई श्री विनायक अग्रवाल उपस्थित थे।
9594/लोन्हारे/भवानी

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लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री श्री साय,अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रायपुर में ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम में लखपती दीदियों से किया आत्मीय संवाद


रायपुर, 7 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के बल पर नई पहचान बना रही हैं और हमारी सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आई स्व-सहायता समूह की हजारों महिलाएं और लखपति दीदियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का निवास होता है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घरों तक सीमित रहती थीं, लेकिन आज प्रदेश की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन का लक्ष्य लखपति दीदियों को और अधिक सशक्त बनाकर गांव की प्रत्येक महिला को लखपति बनाना और भविष्य में लखपति ग्राम का निर्माण करना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में 10 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के लोगों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है और इनके निर्माण में बिहान की दीदियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके तहत  लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है तथा इस वर्ष के बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लखपति दीदी योजना से प्रदेश की 5 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अब लखपति दीदी भ्रमण योजना शुरू कर उन्हें देश-प्रदेश के व्यावसायिक केंद्रों और शक्ति पीठों का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग द्वारा 250 महतारी सदनों का निर्माण, आंगनबाड़ी संचालन और पोषण योजनाओं के लिए भी इस वर्ष के बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए रानी दुर्गावती योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी लखपति दीदियों से पूरे प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रेरणा मिल रही है और अब हमारा लक्ष्य लखपति दीदियों को करोड़पति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई बकरी पालन क्लस्टर परियोजना से प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू से स्व-सहायता समूहों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में माताओं-बहनों की बड़ी भूमिका होगी। आज महिलाएं गांवों में सेंट्रिंग प्लेट उपलब्ध कराने से लेकर ड्रोन उड़ाने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। एक नारी शिक्षित होती है तो दो परिवार और पूरा समाज शिक्षित होता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया और लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि महिलाओं को लखपति बनाना संभव नहीं है, लेकिन आज प्रदेश में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ये महिलाएं लखपति से करोड़पति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। 
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा कीं। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक की लखपति दीदी श्रीमती राजकुमारी कश्यप ने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके क्षेत्र में बाइक से आना-जाना भी कठिन था, लेकिन आज वह लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती पर निर्भर है और मुर्गीपालन से उन्हें सालाना 6–7 लाख रुपये की आय हो रही है।
बालोद जिले की भुनेश्वरी साहू ने बताया कि उन्होंने 20 हजार रुपये का ऋण लेकर सिलाई मशीन से काम शुरू किया और बाद में उन्हें सरकार की पहल से ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग मिली। आज वह अपने क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती हैं।
जशपुर जिले की लखपति दीदी श्रीमती अनिता साहू ने बताया कि वह ईंट निर्माण का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब समूह की साप्ताहिक बैठक में 10 रुपये जमा करने के लिए भी दूसरों पर निर्भर होना पड़ता था, लेकिन आज वह लखपति बन चुकी हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनमें से लगभग एक लाख महिलाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 लाख 26 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़कर 30 लाख 85 हजार महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री सुनील सोनी, सचिव श्री भीम सिंह, रायपुर संभाग के आयुक्त श्री महादेव कावड़े, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन  सहित बड़ी संख्या में लखपति दीदियां और स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज बस्तर में होगा ‘वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–:मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जारी करेंगे महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त


रायपुर, 07 मार्च 2026
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर बस्तर जिले में ‘वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे और सम्मेलन के दौरान प्रदेश की महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त जारी करेंगे। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे।इस गरिमामय आयोजन में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं श्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक तथा विभिन्न आयोगों और मंडलों के पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित यह सम्मेलन मातृशक्ति के सम्मान, महिला सशक्तिकरण तथा महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर विभागीय स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों तथा पोषण संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 69 लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। योजना के तहत 25वीं किस्त जारी होने के बाद अब तक कुल 16 हजार 237 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित हो जाएगी। 
इस योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर भी विशेष ध्यान दे पा रही हैं। यह योजना महिलाओं के आत्मसम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल 
साबित हो रही है।
कार्यक्रम के दौरान बस्तर संभाग में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटी नक्सली महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विशेष पहल की जाएगी। इन महिलाओं को लखपति दीदी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से ब्याजमुक्त एक-एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को ‘लक्ष्मी-सखी मिलेट किट’ भी प्रदान की जाएगी। इन महिलाओं को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से मिलेट (मोटे अनाज) आधारित खाद्य उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे इन उत्पादों के निर्माण और बिक्री के माध्यम से स्वरोजगार प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला यह वृहद सम्मेलन महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं, स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राही शामिल होंगी। यह आयोजन प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा।
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प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता है होली का पर्व:कृषक उन्नति योजना से किसानों के घर आई दुगुनी खुशियां – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  


रायपुर, 7 मार्च 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के अश्वनी नगर स्थित सोनकर बाड़ी में आयोजित रंगपंचमी महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को रंगपंचमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है, जो समाज को आपसी एकता और समरसता के सूत्र में पिरोता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के किसानों के लिए होली का त्योहार विशेष खुशियां लेकर आया है। राज्य सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान उपार्जन के अंतर की राशि के रूप में किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की बड़ी राशि होली से पहले ही अंतरित की गई है। इससे प्रदेश के अन्नदाताओं के घरों में खुशियों का माहौल है और होली का उत्साह भी दोगुना हो गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली आपसी मतभेदों को भुलाकर प्रेम और मित्रता का संदेश देने वाला पर्व है। यह पर्व समाज में सौहार्द, सद्भाव और एकजुटता की भावना को और मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  विधायक श्री राजेश मूणत द्वारा प्रतिवर्ष रंगपंचमी के अवसर पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाता है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी मेल-मिलाप और सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंगपंचमी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं तथा सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर  विधायक श्री मोतीलाल साहू, महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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