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जशपुर में वन संरक्षण की समीक्षा से लेकर वनांचल विज्ञान केन्द्र की तैयारियों तक प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरूण पाण्डेय का दो दिवसीय प्रवास, झरगांव में प्रस्तावित केन्द्र के स्थल का किया निरीक्षण

*जशपुरनगर 16 सितम्बर 2026/* प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, छत्तीसगढ़ रायपुर के श्री अरूण पाण्डेय द्वारा 15 एवं 16 सितम्बर 2026 को जशपुर वनमण्डल का प्रवास किया गया। प्रवास के दौरान उन्होंने वन एवं वन्यजीव संरक्षण, क्षेत्रीय गतिविधियों तथा प्रस्तावित वनांचल विज्ञान केन्द्र के निर्माण से संबंधित कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ विस्तृत चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये।

*तपकरा परिक्षेत्र मेंअधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक -*
           15 सितम्बर 2026 को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरूण पाण्डेय द्वारा तपकरा वन परिक्षेत्र का भ्रमण किया गया। इस दौरान तपकरा परिक्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर क्षेत्र में संचालित वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन एवं अन्य विभागीय कार्यों की जानकारी ली गई। 

बैठक में उन्होंने मैदानी स्तर पर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने, वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा स्थानीय समुदाय के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिये। 

उन्होंने विभागीय योजनाओं एवं कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने तथा शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

*पण्ड्रापाठ में वन अमले की बैठक*  
        इसके पश्चात प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख द्वारा सन्ना वन परिक्षेत्र अंतर्गत पण्ड्रापाठ का निरीक्षण किया गया। यहां उन्होंने क्षेत्रीय परिस्थितियों एवं वन विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों का जायजा लिया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने वन संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण, वनाग्नि नियंत्रण, पौधरोपण एवं मैदानी स्तर पर विभागीय गतिविधियों को प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये।

*वनांचल विज्ञान केन्द्र हेतु प्रस्तावित स्थल का अवलोकन*
          16 सितम्बर 2026 को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरूण पाण्डेय द्वारा जशपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम झरगांव में प्रस्तावित वनांचल विज्ञान केन्द्र के निर्माण हेतु चयनित स्थल का अवलोकन किया गया। इस दौरान स्थल की भौगोलिक स्थिति, पहुंच मार्ग, उपलब्ध भूमि, आसपास के क्षेत्र तथा केन्द्र के प्रस्तावित उपयोग एवं विकास की संभावनाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने प्रस्तावित वनांचल विज्ञान केन्द्र को जशपुर जिले की प्राकृतिक, वनस्पतिक, जैव विविधता एवं स्थानीय पर्यावरणीय विशेषताओं से जोड़ते हुए विकसित किये जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

*वनमण्डल कार्यालय में आयोजित बैठक में विस्तृत चर्चा* 
           

स्थल निरीक्षण के पश्चात वनमण्डल कार्यालय जशपुर के सभागार में वनांचल विज्ञान केन्द्र के निर्माण के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में केन्द्र की अवधारणा, स्थल विकास, अधोसंरचना, विषयगत प्रदर्शनी, शैक्षणिक गतिविधियां, जैव विविधता संरक्षण, स्थानीय वन संसाधनों एवं पारंपरिक ज्ञान के समावेश सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

*विभिन्न विभागों एवं विशेषज्ञों की सहभागिता*
            उक्त बैठक में मुख्य वन संरक्षक श्री दिलराज प्रभाकर, भा.व.से., वनमण्डलाधिकारी जशपुर श्री शशि कुमार, भा.व.से., उपवनमण्डलाधिकारी जशपुर श्री करण सिंह, सं.व.सं., अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री विश्वास राव महस्के, कल्याण आश्रम महामंत्री श्री योगेश बापट,  जशपुर, श्री गिरीश कुबेर, रायपुर, डॉ. राहुल मुंगीकर, पुणे, श्री सुबोध पाण्डेय, रायपुर, श्री राजेश गुप्ता, जशपुर, श्री संजीवन कुमार, जशपुर, श्री गोवर्धन होता, जशपुर उपस्थित रहे।

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54 विद्यालयों के 1600 विद्यार्थियों तक पहुंची ‘साइंस ऑन व्हील्स’ की विज्ञान प्रयोगशाला, 16 प्रदर्शन स्थलों पर गतिविधियों से विद्यार्थियों ने समझे अंतरिक्ष विज्ञान, रोबोटिक्स और तकनीक के व्यावहारिक पहलू

जशपुर।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि जागृत करने और इसके अध्ययन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित अन्वेषण कार्यक्रम के अंतर्गत साइंस ऑन व्हील्स कार्यक्रम का जिले में सफलतापूर्वक समापन एकलव्य फरसाबहार से हुआ।

कलेक्टर रोहित व्यास की पहल पर वैज्ञानिक एवं तकनीकी मॉडलों से सुसज्जित मोबाइल वैन के माध्यम से जिले के 16 प्रदर्शन स्थलों पर 54 विद्यालयों के 1600 विद्यार्थियों तक विज्ञान के व्यावहारिक पहलुओं को पहुंचाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान को करीब से समझने का अवसर मिला।

ज्वाइंट कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा एवं जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा के निर्देश पर जिले के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित इस कार्यक्रम में सेजेस, एकलव्य विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय सहित अन्य विद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हुए। साइंस ऑन व्हील्स कार्यक्रम इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन के सहयोग से संचालित किया गया। ट्रेनर्स सुभाष देवांगन, राजेश कुमार एवं दुर्गेश साहू ने विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों एवं प्रयोगों की जानकारी दी।

साइंस ऑन व्हील्स के तहत विद्यार्थियों को स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, सस्टेनेबिलिटी और वॉटर फिल्ट्रेशन जैसे विषयों पर आधारित वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग एवं गतिविधियां प्रदर्शित की गईं। विद्यार्थियों ने स्वयं गतिविधियों में भाग लेकर अपने सवालों के जवाब प्राप्त किए और प्रयोगों के माध्यम से वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझा। इस पहल से विज्ञान की पढ़ाई को किताबों तक सीमित रखने के बजाय उसे प्रयोग और अनुभव से जोड़ने का अवसर मिला।


कार्यक्रम के माध्यम से मोबाइल वैन के रूप में विज्ञान की प्रयोगशाला सीधे विद्यार्थियों के द्वार तक पहुंची। इससे विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने, जिज्ञासा के साथ प्रश्न करने तथा विज्ञान एवं तकनीक को प्रयोगों के माध्यम से समझने का अवसर प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का समन्वय यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय एवं सभी बीईओ और एबीईओ के द्वारा किया गया। जिले के विभिन्न प्रदर्शन स्थलों पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

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जशपुर के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का बढ़ा दायरा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यकाल में करडेगा और फरसाबहार में खुले नवीन शासकीय महाविद्यालय, 19 सितंबर तक प्रवेश का अवसर

   जशपुरनगर, 16 सितंबर 2026। जशपुर जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पहुंच अब और बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कार्यकाल में दुलदुला के करडेगा और फरसाबहार में नवीन शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना की अनुमति मिलने के बाद यहां शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इन महाविद्यालयों के शुरू होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इन महाविद्यालयों के प्रारंभ होने से ग्रामीण अंचलों में उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित हुए हैं। विशेषकर छात्राओं के लिए घर के आसपास उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होने से उनकी उच्च शिक्षा की निरंतरता को बढ़ावा मिलेगा। शासन की इस पहल से दूरस्थ क्षेत्रों में ज्ञान का प्रकाश पहुंचने के साथ ही विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है
      शासकीय नवीन महाविद्यालय, फरसाबहार का संचालन फिलहाल शासकीय स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, फरसाबहार के भवन में किया जा रहा है। प्रवेश एवं अन्य जानकारी के लिए शासकीय नवीन महाविद्यालय, बागबहार के प्राचार्य से मोबाइल नंबर 91655 31141 पर संपर्क किया जा सकता है। इसी तरह शासकीय नवीन महाविद्यालय, करडेगा का संचालन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, करडेगा के भवन में किया जा रहा है। महाविद्यालय से संबंधित जानकारी के लिए शासकीय महाविद्यालय, दुलदुला के प्राचार्य से मोबाइल नंबर 94241 89912 पर संपर्क किया जा सकता है। दोनों महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदन तथा पंजीयन की अंतिम तिथि 19 सितंबर 2026 निर्धारित है। विद्यार्थियों और अभिभावकों से निर्धारित समय-सीमा में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है।

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शहरों तक सीमित न रहे आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ, बस्तर-सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार पर मुख्यमंत्री साय ने दिया जोर

रायपुर 15 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित  मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को एचडीएफसी बैंक द्वारा छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाओं के 25 वर्ष पूर्ण किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि पर बैंक प्रबंधन, अधिकारियों-कर्मचारियों और ग्राहकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने बैंक के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तैयार किए गए विशेष लोगो का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैंक के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति में मजबूत और सर्वसुलभ बैंकिंग व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पिछले वर्षों में बैंकिंग सेवाओं में तेजी से विस्तार हुआ है और डिजिटल तकनीक ने वित्तीय सेवाओं को पहले से अधिक सहज बनाया है। अब आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ केवल बड़े शहरों और व्यावसायिक केंद्रों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक भी समान रूप से पहुंचे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बैंकिंग नेटवर्क का और विस्तार करते हुए विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा अंचल के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण और जनजातीय बहुल है। इन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के अधिक अवसर मिलेंगे और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक सुगमता से उन तक पहुंच सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गांव के नजदीक बैंक की शाखा या बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होने का प्रभाव केवल बैंकिंग लेन-देन तक सीमित नहीं रहता। इसके दूरगामी सामाजिक और आर्थिक परिणाम होते हैं। ग्रामीणों को अपने खाते से संबंधित सामान्य कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, उनका समय और संसाधन बचता है तथा बचत और औपचारिक बैंकिंग के प्रति उनका विश्वास बढ़ता है। ऋण, बीमा, डिजिटल भुगतान और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच मिलने से परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केंद्र और राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। ऐसे में अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की सहज उपलब्धता सुशासन की व्यवस्था को भी मजबूत करती है। बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार का लाभ नागरिकों के साथ-साथ शासन को भी मिलता है, क्योंकि इससे योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध ढंग से हितग्राहियों तक पहुंचाने में सहायता मिलती है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा आती है। किसानों को कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता, युवाओं को स्वरोजगार और उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण तथा छोटे व्यवसायियों को अपने कारोबार के विस्तार के लिए पूंजी आसानी से उपलब्ध हो सकती है। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार होते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। बैंकिंग संस्थाएं यदि इन समूहों तक ऋण, वित्तीय साक्षरता और अन्य बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच को और मजबूत करें तो महिलाओं की उद्यमशीलता को बड़ा संबल मिल सकता है। आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं अपने परिवार के साथ पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास छत्तीसगढ़ में ऐसा अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिसमें युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के भी अधिक से अधिक अवसर मिलें। प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता है। उनके विचारों और उद्यमशीलता को वित्तीय सहयोग से जोड़ने में बैंक महत्वपूर्ण भागीदार बन सकते हैं। छोटे और मध्यम उद्यमों को समय पर वित्तीय सहायता मिलने से प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास के नए दौर से गुजर रहा है। प्रदेश में अधोसंरचना के विस्तार के साथ उद्योग, व्यापार, कृषि, सेवा क्षेत्र और नई अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास के इन अवसरों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में बैंकिंग और वित्तीय संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि बैंक केवल वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि लोगों के सपनों और आर्थिक संभावनाओं को संसाधनों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। किसी युवा को अपना व्यवसाय प्रारंभ करना हो, किसी महिला समूह को अपने उत्पादों का विस्तार करना हो, किसी किसान को अपनी आय बढ़ाने के लिए नई गतिविधि शुरू करनी हो अथवा किसी छोटे व्यापारी को अपना कारोबार आगे बढ़ाना हो - सुलभ वित्तीय सहायता उनके प्रयासों को नई दिशा दे सकती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वित्तीय साक्षरता पर भी जोर देते हुए कहा कि बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के साथ नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेन-देन, बचत, बीमा और वित्तीय प्रबंधन के संबंध में जागरूक करना भी आवश्यक है। विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाकर लोगों को आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की यात्रा में सरकार के साथ निजी क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में निवेश, उद्यमिता, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बैंकिंग संस्थाएं राज्य सरकार की विकासपरक पहलों में महत्वपूर्ण सहयोगी बन सकती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एचडीएफसी बैंक अपने अनुभव और व्यापक बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास एवं वित्तीय समावेशन में अपनी सहभागिता को आने वाले वर्षों में और विस्तार देगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में एचडीएफसी बैंक की 25 वर्षों की यात्रा को महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह अवसर बीते वर्षों की उपलब्धियों के साथ भविष्य के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करने का भी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बैंक आने वाले समय में शहरों के साथ गांवों, विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में अपनी पहुंच बढ़ाकर अधिक से अधिक परिवारों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ेगा।

इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, एचडीएफसी बैंक के ग्रुप हेड श्री अरुण मेदीरत्ता, ब्रांच बैंकिंग हेड सेंट्रल इंडिया श्री प्रतीक शर्मा सहित बैंक के माई प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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कल जशपुर में प्रज्वलित होंगे 5 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’, सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस घर-घर और बूथ-बूथ दिखेगा जनभागीदारी का उजाला

जशपुर 16 
सितम्बर 2026/ 

सेवा सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष की सेवा पूर्ण होने के अवसर पर जशपुर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। 

अभियान के दौरान जिले में विविध जनकल्याणकारी एवं जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 

सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे जिले में 5 लाख से आशीर्वाद के दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 रणजीता स्टेडियम गौरव पथ महाराजा चौक दिलिप सिंह जुदेव प्रतिमा चौक बिरसा मुंडा चौक सभी विकास खंड, नगरीय निकाय और ग्राम पंचायत में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।


जनभागीदारी के तहत जिले के सभी अमृत सरोवरों, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों, बिहान समूह की महिलाओं, सभी शासकीय कार्यालयों, संस्थाओं में दीप प्रज्वलन किया जाएगा। 


 कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सभी विभागों को बेहतर आपसी समन्वय के साथ अभियान के लिए निर्धारित कैलेंडर के अनुसार कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान जनभागीदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने अभियान के सभी पहलों की समयबद्ध तैयारी करते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरुप पालन सुनिश्चित करने कहा। 

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं आयोजित गतिविधियों की फोटो एवं वीडियो सहित जानकारी निर्धारित गूगल ड्राइव में नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान की गतिविधियों का समुचित दस्तावेजीकरण एवं संधारण सुनिश्चित किया जा सके। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि 17 सितंबर को अपने घरों, ग्रामों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में सहभागी बनें और जनभागीदारी के इस अभियान को सफल बनाएं।

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कल जशपुर के हर बूथ पर रोशन होगा ‘आशीर्वाद का दीप’, शहर से गांव तक एक साथ होगा दीप प्रज्ज्वलन, भाजपा कार्यकर्ताओं की सहभागिता से बूथ-बूथ पहुंचेगा सेवा, समर्पण और जनभागीदारी का संदेश

जशपुर। भारतीय जनता पार्टी के सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर को जशपुर जिले के सभी बूथों पर एक साथ ‘आशीर्वाद का दीप’ प्रज्ज्वलित किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर जिलेभर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गांव से लेकर शहर तक और बूथ से लेकर प्रमुख चौक-चौराहों तक एक साथ दीप जलाकर सेवा, समर्पण और जनभागीदारी का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता अलग-अलग स्थानों पर मौजूद रहेंगे।

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीप’ महज दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी के संकल्प को बूथ स्तर तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने जिले के सभी मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।

जशपुर शहर में भी ‘आशीर्वाद का दीप’ को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। जिला भाजपा कार्यालय में भवन एवं अन्य संनिर्माण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा। बाला साहब देशपांडे प्रतिमा स्थल पर पूर्व राज्यसभा सांसद रणविजय प्रताप सिंह जूदेव, बिरसा मुंडा चौक पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, महाराजा चौक पर पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय तथा जूदेव प्रतिमा स्थल पर पूर्व विधायक राजशरण भगत की मौजूदगी रहेगी। वहीं बगीचा के बस स्टैंड में जिला महामंत्री मुकेश शर्मा कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इसके अलावा अटल परिसर में नरेश नंदे तथा सोनक्यारी सौगड़ा में बलरामपुर जिले के संगठन प्रभारी ओम प्रकाश सिन्हा की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा। प्रमुख स्थानों पर वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के साथ बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सहभागिता से पूरे जिले में एक साथ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

कुनकुरी और तपकरा क्षेत्र में भी कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है। कुनकुरी के हनुमान टेकरी में पूर्व विधायक रोहित साय तथा जय स्तंभ चौक में जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा। तपकरा के भंडारडीपा मंदिर में पूर्व विधायक भरत साय तथा विसर्जन तालाब में भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह और डीडीसी अनिता सिंह की मौजूदगी रहेगी।

पत्थलगांव शहर में विधायक कार्यालय के समीप विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय की मौजूदगी में कार्यक्रम होगा। बगिया स्थित मुख्यमंत्री निवास में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय उपस्थित रहेंगे। इसी तरह पोंगरो अटल चौक में पूर्व विधायक शिवशंकर साय पैंकरा, कांसाबेल के सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में जिला सहप्रभारी सरगुजा सुनील गुप्ता तथा लुड़ेग दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में जिला महामंत्री मनीष अग्रवाल की मौजूदगी में ‘आशीर्वाद का दीप’ प्रज्ज्वलित किया जाएगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि जिले के प्रत्येक बूथ पर एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होने से कार्यकर्ताओं में सेवा भावना को और मजबूती मिलेगी। संगठन का प्रयास है कि सेवा और जनभागीदारी का संदेश केवल शहरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि जिले के अंतिम बूथ और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

17 सितंबर की शाम जशपुर जिले के अलग-अलग गांवों, कस्बों और शहरों में एक साथ जलने वाला ‘आशीर्वाद का दीप’ सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियों को बूथ स्तर तक जोड़ने का माध्यम बनेगा। प्रमुख स्थानों पर वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और जिलेभर के बूथों पर कार्यकर्ताओं की सहभागिता के बीच आयोजित यह कार्यक्रम संगठन की बूथ स्तर तक सक्रियता को भी सामने लाएगा।

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बाबा श्री समहू रत्न राम जी के महानिर्वाण दिवस पर महुआटोली में भव्य आयोजन, समाधि पूजन-हवन, विचार गोष्ठी, भंडारा एवं प्रसाद वितरण का रहेगा कार्यक्रम

नारायणपुर । परम पूज्य अवधूत बाबा श्री समहू रत्न राम जी के चतुर्थ महानिर्वाण दिवस के अवसर पर श्री समवर्ती समूह संस्थान देवस्थानम, महुआटोली, जिला जशपुर में 19 सितंबर 2026, शनिवार को विशाल भंडारा एवं पूजन महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन में श्रद्धालुओं से शामिल होकर पुण्य के भागी बनने की अपील की गई है।

आयोजन के तहत 18 सितंबर को "अघोरान्ना परो मंत्रः" का कीर्तन होगा। 19 सितंबर को सुबह साफ-सफाई के बाद सुबह 9 से 10 बजे तक समाधि का पूजन एवं हवन किया जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे विचार गोष्ठी आयोजित होगी। दोपहर 1 बजे भंडारा, प्रसाद वितरण एवं वस्त्र वितरण किया जाएगा।

वहीं शाम 7:30 बजे से संध्याकालीन आरती प्रारंभ होगी तथा रात 8 बजे के बाद रात्रि प्रसाद वितरण किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि परम पूज्य बाबा श्री सिद्धार्थ गौतम राम जी, पीठाधीश्वर की कुंड आश्रम, वाराणसी के सानिध्य में श्री समवर्ती समूह आश्रम, महुआटोली, कुनकुरी में यह आयोजन संपन्न होगा।

आयोजक मंडल ने श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने तथा परम पूज्य के आशीर्वाद का भागी बनने की अपील की है। कार्यक्रम का आयोजन श्री समवर्ती समूह संस्थान देवस्थानम, महुआटोली, पोस्ट कंडोरा, तहसील कुनकुरी, जिला जशपुर में किया जाएगा।

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किसानों के खेतों तक पहुंचेगा बेहतर सिंचाई का पानी, धमतरी और बालोद की पांच महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए 21.50 करोड़ रुपये की बड़ी स्वीकृति

रायपुर, 16 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा किसानों को बड़ी राहत देते हुए धमतरी और बालोद जिलों की पांच प्रमुख सिंचाई योजनाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विकास कार्यों के लिए कुल 21 करोड़ 50 लाख 23 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन योजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्रीय किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।

*प्रमुख स्वीकृतियाँ* 

            धमतरी जिला के राजाडेरा लघु जलाशय जलद्वार के नवीनीकरण एवं जीर्णाेद्धार कार्य के लिए 1 करोड़ 65 लाख 7 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे लगभग 285 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसी प्रकार खट्टी एनीकट (महानदी) महानदी पर निर्मित खट्टी एनीकट के संरक्षण और जलद्वारों के उन्नयन कार्य हेतु 4 करोड़ 89 लाख 30 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे करीब 30 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।

          बालोद जिला (कुल 3 योजनाएं) के जलाशयों में विद्युतीकरण तांदुला, गोंदली और खरखरा जलाशय में विद्युतीकरण व प्रकाश व्यवस्था के कार्यों के लिए 4 करोड़ 95 लाख 99 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे 285 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। खरखरा नदी के बांयी तट पर शीतला मंदिर के पास घाट एवं ग्राम मारीदेवरी तटबंध निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे 183 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र लाभांवित होगा।
         तांदुला परियोजना के अंतर्गत सकरैद वितरक नहर (नाहंदा माईनर, डौकीडीह माईनर, सुखरी माईनर और भदेरा माईनर) के रिमॉडलिंग, लाइनिंग एवं पक्के कार्यों के उन्नयन के लिए 4 करोड़ 99 लाख 89 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे भी 183 हेक्टेयर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का सीधा लाभ मिलेगा। इस प्रकार कुल 21.50 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन मजबूत होगा और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

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नवा रायपुर में जुटे देशभर के राज्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन विशेषज्ञ, स्थानीय लोकतंत्र को सशक्त बनाने पर दो दिवसीय मंथन शुरू, राज्यपाल रमेन डेका ने किया 32वें अखिल भारतीय सम्मेलन का शुभारंभ

रायपुर, 16 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का आज भव्य शुभारंभ हुआ। लगभग 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने दीप प्रज्वलित कर किया।

          शुभारंभ समारोह के विशेष अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने ‘Chhattisgarh Local Body Election Year Book–2026’ के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया। यह प्रकाशन छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया, उपलब्धियों, नवाचारों और चुनावी व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करता है।

          उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने स्थानीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और इनके निर्वाचन की प्रक्रिया में निरंतर सुधार तथा आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग आवश्यक है।

          इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सम्मेलन में देशभर से आए राज्य निर्वाचन आयुक्तों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं निर्वाचन विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों और स्थानीय निकाय निर्वाचन को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।

            छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव श्री विकास  शील ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने स्थानीय स्वशासन, निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने तथा प्रशासन और निर्वाचन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर अपने विचार रखे। सम्मेलन के दौरान स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों से जुड़े समसामयिक विषयों, डिजिटल पहलों, तकनीकी नवाचारों तथा निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उपायों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है।

            समारोह में राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह एवं आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी सहित आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और अतिथियों का स्वागत किया। सम्मेलन के प्रथम दिन डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग, निर्वाचन प्रबंधन में नवाचार, पारदर्शिता तथा स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रियाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर परिचर्चा की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति के अध्यक्ष श्री विजय देव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्थायी समिति के संयोजक श्री सुधांशु पांडे ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

           दो दिवसीय यह सम्मेलन देश में स्थानीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने, निर्वाचन व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक के समावेश तथा विभिन्न राज्यों के अनुभवों और नवाचारों को साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है। कल  17सितम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय नवा रायपुर अटल नगर में स्टैंडिंग कमिटी की बैठक होनी है। इसके बाद, नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी केपिटल सिटी, नया रायपुर के निर्माण और विकास के बारे में प्रस्तुतीकरण होगा। तत्पश्चात सभी अतिथियों को नया रायपुर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जायेगा, जिसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा, छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भ्रमण भी शामिल है।

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श्रम जगत में उत्कृष्ट कार्य, श्रमिकों की सुरक्षा और स्वस्थ कार्य वातावरण को बढ़ावा देने वालों का होगा सम्मान, चयनित श्रमिक एवं संस्थाओं को 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि के साथ मिलेगा प्रशस्ति पत्र

रायपुर, 16 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिकों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार-2025-26 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पुरस्कार के तहत चयनित श्रमिक अथवा संस्था को 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

यह पुरस्कार उन श्रमिकों एवं संस्थाओं को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में श्रम के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य किया हो। विशेष रूप से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनसे मजदूरों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए प्रभावी उपाय किए गए हों और जिनके परिणामस्वरूप पूरे वर्ष में कोई गंभीर दुर्घटना न हुई हो।

इसके साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा सुरक्षित कार्य वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान करने वाले श्रमिकों एवं संस्थाओं को भी पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। ऐसे प्रयास, जिनसे प्रदेश का नाम श्रम जगत में गौरवान्वित हुआ हो, पुरस्कार के लिए महत्वपूर्ण आधार होंगे।

*5 अक्टूबर तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन*

श्रम विभाग द्वारा पात्र श्रमिकों एवं संस्थाओं से 5 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

इच्छुक श्रमिक एवं संस्थाएं श्रम विभाग की वेबसाइट shramevjayate.cg.gov.in/alankaran.aspx के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। पुरस्कार से संबंधित नियम, पात्रता, प्रक्रिया एवं आवेदन प्रपत्र भी इसी वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं।

*सुरक्षित कार्य संस्कृति को मिलेगा प्रोत्साहन*

‘श्रम यशस्वी पुरस्कार’ श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्टता, श्रमिक सुरक्षा और स्वस्थ कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पुरस्कार के माध्यम से उन श्रमिकों एवं संस्थाओं के प्रयासों को सार्वजनिक पहचान मिलेगी, जो कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, श्रमिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और सुरक्षित कार्य वातावरण के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

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भगवान विश्वकर्मा जयंती पर श्रमवीरों के सम्मान में रायपुर में होगा भव्य राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि

रायपुर, 16 सितंबर 2026/ भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर 17 सितंबर को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा। श्रमिकों के सम्मान, उनके योगदान को रेखांकित करने और श्रम शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से आयोजित इस महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन करेंगे।

सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा, रायपुर में दोपहर 12 बजे से आयोजित होने वाला यह महासम्मेलन प्रदेश के श्रमवीरों के सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर होगा। निर्माण से लेकर उद्योग, कृषि, सेवा और विभिन्न क्षेत्रों में अपने परिश्रम से प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले श्रमिक इस आयोजन के केंद्र में रहेंगे।

भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रम, कौशल, निर्माण और सृजन की शक्ति का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित श्रमिक महासम्मेलन के माध्यम से श्रम के सम्मान और श्रमिकों के महत्व का संदेश प्रदेशभर में पहुंचाया जाएगा। श्रमिकों की मेहनत और कौशल से ही विकास की मजबूत नींव तैयार होती है। छत्तीसगढ़ के विकास में श्रम शक्ति की इसी महत्वपूर्ण भूमिका को यह आयोजन रेखांकित करेगा।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और मंत्री श्री केदार कश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इनके साथ मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्री दयालदास बघेल, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री ओ.पी. चौधरी, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेन्द्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब, श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्र कुमार साहू, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री योगेश दत्त मिश्रा और श्री किशोर महानंद सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

महासम्मेलन में महापौर श्रीमती मीनल चौबे तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल की भी सहभागिता रहेगी।

विश्वकर्मा जयंती के इस विशेष अवसर पर आयोजित श्रमिक महासम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश के श्रमवीरों के परिश्रम, कौशल और छत्तीसगढ़ के विकास में उनके अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का सार्वजनिक अभिव्यक्तिकरण होगा।

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कचरे को बोझ नहीं, संसाधन में बदलने की दिशा में छत्तीसगढ़ की नई पहल, विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम में आधुनिक तकनीकों और टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन पर वैश्विक मंथन

रायपुर. 15 सितम्बर 2026. गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 10वें वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF 2026) में छत्तीसगढ़ ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के नेतृत्व में राज्य से गई टीम ने फोरम में शामिल होकर सर्कुलर इकोनॉमी, संसाधन दक्षता और कचरे को संसाधन में बदलने के आधुनिक समाधानों पर वैश्विक विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। राज्य शहरी विकास अभिकरण के सीईओ श्री सुमीत अग्रवाल भी प्रतिनिधि मंडल में शामिल हैं।

राज्य की टीम के प्रमुख श्री बोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधनों के अधिकतम उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य का प्रयास है कि नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कचरे का बेहतर प्रबंधन करते हुए उसे उपयोगी संसाधन में परिवर्तित किया जाए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छ, मजबूत और टिकाऊ शहरों के निर्माण को गति मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में राज्य की पहल और मजबूत होगी।

फोरम में दुनिया के विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, नवाचारी तकनीक विकसित करने वाले संस्थान और क्षेत्र में काम कर रहे विशेषज्ञ एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, टिकाऊ उत्पादन एवं उपभोग तथा वेस्ट-टू-रिसोर्स जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

*राज्य की टीम ने प्रदर्शनी केंद्रों का किया अवलोकन*

छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने फोरम के दौरान प्रदर्शनी केंद्रों का भी अवलोकन किया। यहां रिसाइक्लिंग, संसाधनों की रिकवरी, कचरे से उपयोगी उत्पाद तैयार करने, टिकाऊ सामग्री तथा सर्कुलर बिजनेस मॉडल से जुड़ी नवीन तकनीकों और समाधानों को प्रदर्शित किया गया था। टीम ने इन तकनीकों और मॉडलों के जरिए कचरे को बोझ के बजाय उपयोगी संसाधन में बदलने की संभावनाओं को समझा।

*छत्तीसगढ़ के शहरी विकास के लिए उपयोगी समाधानों की तलाश*

विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम में सहभागिता के दौरान राज्य की टीम को वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को समझने तथा छत्तीसगढ़ के शहरी विकास और अपशिष्ट प्रबंधन तंत्र के लिए उपयोगी नवाचारों की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला। इनमें विशेष रूप से संसाधन दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन और वेस्ट-टू-वैल्यू से जुड़े समाधानों पर फोकस रहा।

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धान के कटोरे से कौशल और उद्यमिता के नए केंद्र की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़—मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर में एनएसटीआई की सौगात और 45 वर्ष तक अवसर का विस्तार

  (एल.डी. मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

रायुपर, 15 सितम्बर 2026/छत्तीसगढ़ की पहचान लंबे समय तक ‘धान के कटोरे’ के रूप में रही है। खेतों में लहलहाती फसलें प्रदेश की समृद्धि की कहानी कहती हैं, लेकिन बदलते समय के साथ छत्तीसगढ़ ने विकास की अपनी यात्रा में नए आयाम जोड़े हैं। अब कृषि के साथ उद्योग, तकनीक के साथ कौशल और रोजगार के साथ उद्यमिता भी प्रदेश की नई पहचान बन रही है। इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत प्रदेश के युवा और अनुभवी मानव संसाधन हैं।

          मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद के हालिया निर्णय इसी सोच को आगे बढ़ाते दिखाई देते हैं। एक ओर नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एनएसटीआई) की स्थापना होने से युवाओं को आधुनिक कौशल का मंच मिलेगा, वहीं दूसरी ओर विभिन्न शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किया जाना अनुभव और क्षमता को नए अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय है।

*सपनों को डिग्री के साथ हुनर भी चाहिए*

         आज का युवा केवल शिक्षा नहीं, रोजगारपरक कौशल चाहता है। उद्योगों की बदलती जरूरतों के बीच ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण का महत्व बढ़ गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ग्राम तेंदुवा में एनएसटीआई की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

        करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं होंगी। यहां दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों में हर वर्ष करीब एक हजार तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में लगभग तीन हजार प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।  हजारों युवाओं के सपनों से जुड़ा अवसर है। इससे कोई तकनीकी कौशल हासिल करेगा, कोई उद्योग से जुड़ेगा, तो कोई अपना उद्यम शुरू कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करेगा। 

*कौशल से रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह*

        एनएसटीआई की स्थापना होने से युवाओं को प्रशिक्षण के साथ बदलती तकनीक और उद्योग की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। आज कौशल केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की क्षमता है। गांव और कस्बे के युवा को भी उद्यमशील बनने का अवसर मिलेगा। एक प्रशिक्षित युवा नौकरी तलाशने वाला बनने के साथ नौकरी देने वाला उद्यमी भी बन सकता है। यही कौशल से उद्यमिता और रोजगार से आत्मनिर्भरता की यात्रा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के युवाओं से अक्सर कहते हैं कि ऐसा कार्य करें जो युवाओं को रोजगार देने वाला बने, ताकि उनकी नई पहचान बन सके। 

*उम्र बढ़ी तो अवसरों का दायरा भी बढ़ा*

       अधिकतम आयु सीमा को 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का निर्णय उन लोगों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है, जिनके पास अनुभव, कार्यकुशलता और जिम्मेदारियों का व्यावहारिक ज्ञान है। उम्र बढ़ने के साथ अनुभव बढ़ता है और अनुभव किसी भी व्यवस्था की महत्वपूर्ण पूंजी है। वर्षों तक काम कर चुके लोगों ने व्यवस्था को करीब से समझा है और चुनौतियों का सामना किया है। ऐसे अनुभव का बेहतर उपयोग नई जिम्मेदारियों में किया जाना संस्थाओं को अधिक सक्षम बना सकता है।

*युवा ऊर्जा और अनुभवी हाथ साथ चलें*

       विकास की मजबूत तस्वीर तब बनती है, जब युवा ऊर्जा और अनुभवी सोच साथ आती है। युवा नई तकनीक और नए विचार लाते हैं, जबकि अनुभवी वर्ग व्यावहारिक समझ और परिस्थितियों से निपटने का अनुभव देता है। एनएसटीआई युवाओं के हुनर को मंच देगा, तो आयु सीमा में वृद्धि अनुभवी वर्ग की क्षमता को अवसर। दोनों निर्णय मिलकर प्रदेश की मानव पूंजी को मजबूत करने की दिशा दिखाते हैं।

      छत्तीसगढ़ का भविष्य केवल उसकी प्राकृतिक संपदा से नहीं, बल्कि उसके लोगों की क्षमता से तय होगा। जब हुनर को मंच, अनुभव को अवसर और सपनों को सही दिशा मिलेगी, तब विकास आंकड़ों से निकलकर लोगों की जिंदगी में दिखाई देगा। यही नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर है, जहां कौशल से रोजगार, अनुभव से अवसर और अवसर से आत्मनिर्भरता की राह तैयार हो रही है। इसी तरह के निर्णयों से छत्तीसगढ़ सरकार सेवा करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।

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लखनपुर में पीएम आवास हितग्राहियों से मिले मंत्री राजेश अग्रवाल, बोले—हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्की छत उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता, 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का किया आह्वान

रायपुर, 15 सितंबर 2026/ सरगुजा दौरे के दौरान नगर पंचायत लखनपुर पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने हितग्राहियों से आवास निर्माण की स्थिति, योजना से मिले लाभ तथा आवास से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प का महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से अनेक परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिला है।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के सम्मान, स्वाभिमान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया है, उससे देश के लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पक्का मकान मिलने से परिवारों को न केवल सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति नई उम्मीद भी मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र हितग्राहियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास योजना ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहना पड़े। 

हितग्राहियों से चर्चा के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और आवास निर्माण से संबंधित आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की।

*‘सेवा संकल्प अभियान‘ से जुड़कर जनभागीदारी को मजबूत करने का आह्वान*

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, जनकल्याण और जनभागीदारी के भाव को निरंतर मजबूती मिल रही है। सेवा संकल्प अभियान इसी भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने हितग्राहियों से आग्रह किया कि 17 सितंबर की संध्या 7 बजे अपने-अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित करें और सेवा, समर्पण तथा जनभागीदारी के इस संकल्प से जुड़ें। उन्होंने कहा कि घरों में प्रज्ज्वलित होने वाला आशीर्वाद का दीया समाज में सेवा और सकारात्मकता का संदेश भी देगा।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान‘ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री आवास योजना ने जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा और खुशहाली का प्रकाश फैलाया है, उसी तरह ‘आशीर्वाद का दीया‘ सेवा, विश्वास और संकल्प की भावना को घर-घर तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों सहित नागरिकों से अपील की कि वे 17 सितंबर को अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और अधिक से अधिक लोगों को इस जनभागीदारी से जोड़ें।

इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों ने मंत्री श्री अग्रवाल से अपने अनुभव साझा किए और योजना से मिले लाभ के संबंध में जानकारी दी। हितग्राहियों ने बताया कि पक्का आवास मिलने से उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की उम्मीद बढ़ी है। मंत्री श्री अग्रवाल ने हितग्राहियों की बातों को सुना और शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से संबंधित सुझावों पर भी चर्चा की।

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और जनसेवा को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को पक्की छत देकर उनके जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव तभी तैयार होगी, जब प्रत्येक परिवार के पास सुरक्षित आवास, सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हों। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनभागीदारी को मजबूत करते हुए सेवा और सामाजिक सरोकारों की इस भावना को और व्यापक बनाया जा सकता है।

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सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप दें नगरीय निकाय : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए निर्देश

रायपुर. 15 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों, आयुक्तों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक लेकर सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित वर्चुअल बैठक में अभियान के दौरान संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों, विभागीय समन्वय, जनभागीदारी और प्रचार-प्रसार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल अहमदाबाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में जुड़े। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समीक्षा बैठक में सभी नगरीय निकायों को ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसेवा के प्रति आभार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जन-जन से जोड़ने के लिए अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने को कहा। उन्होंने अभियान में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के विकास और जनकल्याण के लिए विगत 25 वर्षो से अनवरत कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत हुई है। श्री साव ने कहा कि आज चीन भी भारत के साथ काम करना चाहता है और रूस के साथ भारत की मित्रता और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है और ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अभियान के दौरान किए जाने वाले कार्यों के प्रभावी दस्तावेजीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभिन्न गतिविधियों और जनभागीदारी से जुड़े कार्यों का व्यवस्थित रूप से दस्तावेजीकरण किया जाए। हर आयोजन की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए तथा उनकी रील तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाए, ताकि अभियान की गतिविधियों और उनके प्रभाव की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि योजनाओं और अभियानों से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को भी प्रमुखता से सामने लाया जाए। इसके लिए लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों, गतिविधियों और उपलब्धियों को रिकॉर्ड कर डिजिटल माध्यमों से प्रसारित करने पर ध्यान दिया जाए। बैठक में अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा की गई। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा की कहानी’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा—मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र’ और ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ सहित विभिन्न गतिविधियां शामिल हैं। अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के साथ प्रस्तावित है।

श्री साव ने विशेष रूप से ‘सेवा की कहानी’ के तहत वास्तविक लाभार्थियों की प्रेरणादायी कहानियों को सामने लाने और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचारित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को सामने लाकर अन्य लोगों को भी प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ से जुड़ी गतिविधियों को भी जनभागीदारी के साथ संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। श्री साव ने कहा कि स्वच्छता को व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। इसके लिए नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को अपनी अगुवाई में नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को सक्रिय रूप से जोड़ने का आह्वान किया जाएगा।

श्री साव ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे स्थानों और क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष स्वच्छता अभियान चलाए जाएं जहां स्वच्छता के क्षेत्र में प्रभावी परिणाम दिखाई दे सकें। उन्होंने अभियान के दौरान किए गए कार्यों की पहले और बाद की स्थिति दर्ज करने के निर्देश भी दिए, ताकि स्वच्छता प्रयासों से हुए वास्तविक बदलावों को सामने लाया जा सके।

उप मुख्यमंत्री ने अभियान की गतिविधियों की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन और बेहतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सेवा की भावना, जनभागीदारी और विकास के संकल्प को जमीनी बदलाव से जोड़ने का माध्यम बने। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री नीलेशकुमार क्षीरसागर और अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य भी उप मुख्यमंत्री के साथ समीक्षा बैठक में सर्किट हाउस में मौजूद थे।

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फोरलेन, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से संवरेगी सड़क व्यवस्था, सरगुजा संभाग को मिली 1,093 करोड़ की बड़ी सौगात


रायपुर, 15 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरगुजा संभाग के विकास और सुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। संभाग के सभी छह जिलों सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और जशपुर में सड़कों के जाल को मजबूत करने के लिए 44 मुख्य सड़क कार्यों हेतु कुल 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के तहत नई सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण, डामरीकरण, सुदृढ़ीकरण, फोरलेन निर्माण और आवश्यक स्थानों पर पुल-पुलिया का निर्माण किया जाएगा।

*सरगुजा जिला*

        अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र में लरंगसाय चौक से रामानुजगंज मार्ग के 5 किमी हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 69.10 करोड़ रुपए तथा गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी फोरलेन के लिए 61.34 करोड़ रुपए स्वीकृत। लुण्ड्रा और सीतापुर क्षेत्रों में असकला-दोरना मार्ग, सोनतराई-मैनपाट मार्ग (26.33 करोड़) सहित विभिन्न मार्गों और पुलियों के सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं।

सूरजपुर जिला

          भटगांव विधानसभा क्षेत्र के तारा-प्रेमनगर-रामानुजनगर-कृष्णपुर 63 किमी मार्ग के लिए 64.93 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा कल्याणपुर-लटोरी मार्ग (40.93 करोड़), विशुनपुर-सूरजपुर-ओड़गी मार्ग (32.24 करोड़) और सूरजपुर के 17 किमी रिंग रोड के मजबूतीकरण (16.39 करोड़) सहित कई अन्य मार्ग संवरेंगे।

*बलरामपुर-रामानुजगंज जिला*

         परसवार से चलगली 18 किमी उन्नयन मार्ग के लिए 38.80 करोड़ रुपए, वाड्रफनगर- जनकपुर-बलंगी मार्ग के लिए 35.32 करोड़ रुपए, तथा कामेश्वरनगर-लुरगी मार्ग के लिए 25.69 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी।

*जशपुर जिला*

         लुड़ेग-बागबहार-तपकरा-लवाकेरा 55.80 किमी राज्य मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 40.32 करोड़ रुपए, पत्थलगांव के पहाड़ी भागों के उन्नयन हेतु 36.85 करोड़ रुपए, और बतौली-बगीचा-चरईडांड मार्ग के लिए 34.44 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।

*सड़कें बनेंगी विकास की जीवनरेखा*

         इन व्यापक सड़क परियोजनाओं से केवल आवागमन ही सुगम नहीं होगा, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक और सामाजिक लाभ होंगे। कृषि और व्यापार को गति मिलेगी, किसानों के कृषि उत्पाद आसानी से बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बेहतर होगा स्वास्थ्य और शिक्षा, दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों और मरीजों के लिए स्कूल, कॉलेज व स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से गांवों तक सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ त्वरित गति से पहुँचेगा।

      1,093.73 करोड़ रुपए की लागत वाली ये 44 परियोजनाएं सरगुजा संभाग के समग्र विकास, निवेश और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होंगी।

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देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर नई पहचान बना रहा छत्तीसगढ़, नवा रायपुर ओपन से प्रदेश बनेगा प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 15 सितंबर 2026/  छत्तीसगढ़ तेजी से देश के उभरते स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार, प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित खेल आयोजनों की मेजबानी से छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े टूर्नामेंट का नवा रायपुर में आयोजन इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा और नवा रायपुर को देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतियोगिता की आकर्षक ट्रॉफी का अनावरण किया तथा देश-विदेश से आए प्रोफेशनल गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर 1983 क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम के कप्तान एवं प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री कपिल देव की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने गोल्फ कोर्स पर स्वयं गोल्फ में हाथ आजमाया और शानदार शॉट लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री को गोल्फ खेलते देखकर उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और अतिथियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

*132 प्रोफेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि नवा रायपुर में देश के प्रोफेशनल गोल्फ का इतना प्रतिष्ठित आयोजन हो रहा है। प्रतियोगिता में देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर देश और दुनिया के श्रेष्ठ गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आना प्रदेश में खेलों के लिए विकसित हो रहे अनुकूल वातावरण का परिचायक है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का प्रभाव केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं रहता। इससे प्रदेश की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होती है, खेल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को करीब से देखने एवं उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न खेलों के बड़े आयोजन लगातार हों और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो।

*पहले फिल्मों में देखते थे गोल्फ, आज छत्तीसगढ़ कर रहा बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने गोल्फ से जुड़ी अपनी स्मृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय था, जब हम गोल्फ के बारे में केवल सुना करते थे या फिल्मों में लोगों को गोल्फ खेलते देखते थे। आज बदलते छत्तीसगढ़ में हम स्वयं प्रोफेशनल गोल्फ के इतने बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं। यह प्रदेश के विकास के साथ यहां तेजी से विस्तार ले रही खेल संस्कृति का सुखद संकेत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोल्फ को सामान्यतः उद्योगपतियों और संपन्न वर्ग से जुड़ा खेल माना जाता था, लेकिन समय के साथ इस खेल का दायरा बढ़ा है और बड़ी संख्या में नए खिलाड़ी इससे जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी गोल्फ की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। राज्य सरकार गोल्फ को प्रोत्साहित करने, इसके लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार और प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं के आयोजन में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

*खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ प्रतिभाओं को मिल रहे नए अवसर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रदेश की पहचान से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल भव्य क्रिकेट स्टेडियम मौजूद है और विभिन्न खेल विधाओं के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन लगातार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को बजट में शामिल किया है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के आगे बढ़ने में संसाधनों और अवसरों की कमी बाधा नहीं बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में खेलों के प्रति व्यापक वातावरण तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में नेशनल ट्राइबल गेम्स का सफल आयोजन हुआ, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 2500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसी प्रकार बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजनों ने दूरस्थ अंचलों के हजारों बच्चों और युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच प्रदान किया है।

*बस्तर में शांति और विकास के साथ युवाओं के सपनों को मिल रही नई उड़ान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। आज बस्तर शांति, विश्वास, विकास और नई संभावनाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक में युवाओं की व्यापक भागीदारी इस सकारात्मक बदलाव की सशक्त अभिव्यक्ति है। जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा और नक्सलवाद के कारण जाना जाता था, वहां आज खेल के मैदानों में युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और सपनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह बदलते बस्तर और बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में क्रिकेट, हॉकी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स सहित अनेक खेल विधाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े आयोजनों का सिलसिला प्रदेश की खेल यात्रा को एक नया आयाम प्रदान करेगा।

*गोल्फ के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को भी जानें - मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे देश-विदेश के खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों को देखने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब यहां से लौटें तो अपने साथ केवल टूर्नामेंट की यादें ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोगों के आत्मीय आतिथ्य और यहां की खूबसूरत स्मृतियां भी लेकर जाएं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को अनुपम सौंदर्य से समृद्ध किया है। बस्तर का प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, जिसे भारत का नियाग्रा भी कहा जाता है, सहित अनेक जलप्रपात, वन क्षेत्र और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसी तरह सरगुजा भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ियों, वनों और विशिष्ट संस्कृति के लिए जाना जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रतियोगिता के साथ समय निकालकर छत्तीसगढ़ को करीब से जानने और यहां के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन से जुड़े सभी प्रायोजकों, प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए प्रतियोगिता की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

*हर वर्ष छत्तीसगढ़ में हो गोल्फ का बड़ा टूर्नामेंट : श्री कपिल देव*

प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं 1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान श्री कपिल देव ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े प्रोफेशनल आयोजन किसी भी प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री कपिल देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गोल्फ के साथ-साथ अन्य खेलों के विकास की भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि इस प्रतिष्ठित गोल्फ प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ में प्रत्येक वर्ष हो और आने वाले वर्षों की तारीखें पहले से निर्धारित की जाएं। इससे देश-विदेश के प्रोफेशनल खिलाड़ी अपने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कैलेंडर के अनुरूप छत्तीसगढ़ आने की योजना बना सकेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का वातावरण गोल्फ के लिए बेहद अनुकूल है और यहां खिलाड़ियों को मिल रहा आत्मीय आतिथ्य इसकी एक विशेष पहचान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार आज दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता गोल्फ के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में जाने जाते हैं, उसी तरह आने वाले समय में छत्तीसगढ़ भी देश के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

श्री कपिल देव ने खेलों के प्रति मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सकारात्मक सोच की सराहना करते हुए गोल्फ जैसे खेल को प्रोत्साहित करने और बड़े प्रोफेशनल टूर्नामेंट के आयोजन को सहयोग देने के लिए उनका विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

पीजीटीआई के सीईओ श्री अमनदीप चहल ने कहा कि प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम जब भी छत्तीसगढ़ आती है, यहां उसका आत्मीय और भव्य स्वागत होता है। छत्तीसगढ़ में खेलने वाले खिलाड़ी यहां के वातावरण, गोल्फ कोर्स और व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर दोबारा यहां आकर खेलने की इच्छा व्यक्त करते हैं।छत्तीसगढ़ को अब पर्यटन और अन्य खेलों के साथ-साथ एक उभरते हुए गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचाना जाने लगा है।

उल्लेखनीय है कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ का आयोजन न केवल देश-विदेश के शीर्ष खिलाड़ियों को एक प्रतिष्ठित प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध करा रहा है, बल्कि नवा रायपुर और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय गोल्फ मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। राज्य में लगातार हो रहे बड़े खेल आयोजन, विकसित होती खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के लिए तैयार हो रहे नए अवसर छत्तीसगढ़ को आने वाले समय में देश के प्रमुख स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

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तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के पसरे पर अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, ‘आशीर्वाद का दीया’ के लिए स्वयं खरीदा दीया और एक हजार रुपए देकर किया श्रम, स्वाभिमान व स्वावलंबन का सम्मान

रायपुर 15 सितंबर 2026/ राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे पसरा लगाकर मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए आज का दिन अचानक बेहद खास बन गया। रोज की तरह वह अपने छोटे से पसरे पर दीये सजाकर ग्राहकों की प्रतीक्षा कर रही थी। इसी बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक उसके पसरे के पास जाकर रुक गया। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मीरा के पसरे पर रखे मिट्टी के दीयों को देखा और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए वहीं से एक दीया खरीदा। मुख्यमंत्री ने महिला को एक हजार रुपए प्रदान किए। मुख्यमंत्री का यह सहज भाव स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय के माध्यम से आजीविका अर्जित करने वाली मीरा के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान का सुंदर संदेश भी दे गया।

मुख्यमंत्री का सड़क किनारे लगे छोटे से पसरे पर अचानक पहुंचना आसपास मौजूद लोगों के लिए भी सुखद आश्चर्य का अवसर बन गया। बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल पूछा। 

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने मीरा से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री के सवाल पर मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत उसका बैंक खाता खुल चुका है। उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उसे हर महीने एक हजार रुपए की राशि प्राप्त हो रही है।

महिला के मुंह से योजनाओं का लाभ मिलने की बात सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक सीधे पहुंचे, उसे संबल दे और उसके जीवन को बेहतर बनाने में सहायक बने। शासन की प्राथमिकता यही है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी सहजता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जनधन योजना ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार तैयार किया है। बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के कारण आज विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि उनके छोटे-बड़े दैनिक खर्चों में सहयोग देने के साथ उनमें आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता हों, कुम्हार हों, शिल्पकार हों अथवा स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली हमारी माताएं और बहनें - इन सभी के परिश्रम में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति निहित है। अपने हुनर और मेहनत से आजीविका अर्जित करने वाले ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल किसी वस्तु की खरीद नहीं है। उसके पीछे किसी परिवार का श्रम, किसी कारीगर का हुनर और किसी छोटे व्यवसायी के आत्मसम्मान से जुड़ी आजीविका होती है। जब हम स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदते हैं तो हमारे इस छोटे से प्रयास से उनके परिवार और उनकी आजीविका को संबल मिलता है।

*सेवा और जनभागीदारी का प्रतीक बनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’*

मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा मीरा से खरीदा गया मिट्टी का यह दीया ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। मिट्टी का एक छोटा-सा दीया जब जलता है तो अपने आसपास के अंधकार को दूर करता है। इसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति जब सेवा का एक छोटा-सा संकल्प लेकर आगे बढ़ता है तो सामूहिक प्रयास से बड़े और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है।

उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी भावना को अभिव्यक्त करता है। यह सेवा और विकास के प्रति हमारे संकल्प तथा जनभागीदारी के सामर्थ्य का प्रतीक है। प्रदेश के नागरिक जब इस भावना से जुड़ेंगे तो सेवा का यह संकल्प घर-घर और जन-जन तक पहुंचेगा।

*सेवा को जन-जन का संकल्प बनाने का अभियान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को जनभागीदारी के माध्यम से और मजबूत करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा संकल्प अभियान से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ें। अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता के कार्यों में सहभागी बनें, पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं, जरूरतमंदों की सहायता करें और अपनी क्षमता के अनुरूप जनसेवा का कोई न कोई संकल्प अवश्य लें।

उन्होंने कहा कि सेवा का कोई कार्य छोटा नहीं होता। किसी जरूरतमंद की सहायता, अपने आसपास स्वच्छता, एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, स्थानीय कारीगर से कोई वस्तु खरीदना अथवा समाज के हित में किया गया छोटा-सा प्रयास भी जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

*एक छोटे से दीये में समाया बड़ा संदेश*

तेलीबांधा मरीन ड्राइव के सड़क किनारे लगे एक छोटे से पसरे से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा खरीदा गया मिट्टी का यह दीया कई मायनों में खास बन गया। इसमें एक ओर मेहनत से आजीविका अर्जित कर रही महिला के श्रम और स्वावलंबन का सम्मान जुड़ा, तो दूसरी ओर सहज बातचीत में जनधन और महतारी वंदन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच भी सामने आई। इसके साथ ही यही दीया अब ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

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