ताजा खबरें


बड़ी खबर

प्रभु श्रीराम की भक्ति में सराबोर हुआ बिलासपुर, 850 श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या-काशी के लिए रवाना हुई आस्था की विशेष ट्रेन

रायपुर, 9 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को निरंतर प्रभु श्रीराम के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। इसी कड़ी में आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन से बिलासपुर संभाग के सभी जिलों के 850 श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास से भरे माहौल में जनप्रतिनिधियों ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

विशेष ट्रेन से रवाना हुए श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक पर्यटन नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ की पावन नगरी के आध्यात्मिक दर्शन का अविस्मरणीय अवसर है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन के साथ ही वाराणसी में काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त होगा।

*हरी झंडी दिखाकर विशेष ट्रेन को किया गया रवाना*

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी एवं जिला पंचायत सभापति श्रीमती भारती नीरज माली सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, उनके परिजन तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

ट्रेन के रवाना होने से पहले रेलवे स्टेशन परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं में प्रभु श्रीराम के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई श्रद्धालु जय श्रीराम के जयकारे लगाते हुए अपनी यात्रा को लेकर भावुक नजर आए। परिजनों ने भी अपने प्रियजनों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देकर विदा किया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा—धार्मिक यात्राएं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना छत्तीसगढ़ वासियों को देश की  धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन और काशी विश्वनाथ की पावन नगरी की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों की आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध करा रही है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि अयोध्या और काशी केवल तीर्थस्थल ही नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र हैं। इन स्थलों की यात्रा से श्रद्धालुओं को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलता है। उन्होंने बिलासपुर संभाग से यात्रा पर रवाना हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी मंगलमय एवं सुखद यात्रा की कामना की।

*अयोध्या के साथ काशी विश्वनाथ के भी होंगे दर्शन*

श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत आयोजित इस यात्रा में श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में श्री रामलला के भव्य मंदिर के दर्शन का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यात्रा के दौरान वाराणसी पहुंचकर श्रद्धालु बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे।

अयोध्या और काशी की यह संयुक्त धार्मिक यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है। एक ओर अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मभूमि और सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है, वहीं काशी विश्वनाथ धाम भगवान शिव की आराधना का विश्वविख्यात तीर्थ है। दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति से परिपूर्ण होगी।

*प्रदेश के 50 हजार से अधिक नागरिकों को मिल चुका है दर्शन का लाभ*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित श्री रामलला दर्शन योजना प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक नागरिक श्री रामलला के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों के नागरिकों, विशेषकर उन लोगों को लाभ मिल रहा है, जिनके लिए अयोध्या और अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा व्यक्तिगत स्तर पर कर पाना कठिन होता है।

*श्रद्धालुओं और परिजनों में दिखा उत्साह*

बिलासपुर से विशेष ट्रेन के रवाना होने के अवसर पर स्टेशन पर श्रद्धालुओं और उनके परिजनों के बीच उत्साह का माहौल रहा। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उमंग दिखाई दी। लोगों ने कहा कि प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य और जीवन का यादगार क्षण है।

श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से उन्हें अयोध्या धाम जाने और प्रभु श्रीराम के दर्शन करने का अवसर मिला है। काशी विश्वनाथ के दर्शन भी इस यात्रा को और अधिक विशेष बना रहे हैं।

*प्रशासन, टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी ने संभाली व्यवस्थाएं*

यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा, यात्रा प्रबंधन और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों द्वारा समन्वय के साथ कार्य किया गया।

यह धार्मिक यात्रा छत्तीसगढ़ सरकार की उस प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है, जिसके माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों से जोड़ने तथा उनकी आस्था को सम्मान देने का प्रयास किया जा रहा है।

*आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का संगम*

बिलासपुर संभाग से 850 श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई यह विशेष ट्रेन आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के संगम की यात्रा है। अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन और काशी में बाबा विश्वनाथ की आराधना का अवसर श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।

श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को देश की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का यह सिलसिला निरंतर जारी है। बिलासपुर से रवाना हुई विशेष ट्रेन में सवार श्रद्धालुओं के चेहरों पर दिखाई दे रहा उत्साह इस बात का प्रमाण है कि प्रभु श्रीराम के दर्शन की अभिलाषा हर श्रद्धालु के लिए कितनी भावपूर्ण और आत्मिक अनुभूति है।

और भी

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सरगुजा, जशपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ व सारंगढ़-बिलाईगढ़ की वर्चुअल बैठक लेकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की, जनभागीदारी से अभियान को व्यापक जनआंदोलन बनाने के दिए निर्देश

रायपुर, 09 सितंबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरगुजा, जशपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की प्रशासनिक बैठक ली। उन्होंने अभियान की तैयारियों की विस्तार समीक्षा करते हुए नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, कार्ययोजना, विभागीय दायित्वों एवं प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी ली।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की यात्रा केवल वर्षों का हिसाब नहीं है, बल्कि यह 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व और भारत की क्षमता में अटूट विश्वास की कहानी है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से इस यात्रा के प्रति जन-आभार व्यक्त करने के साथ विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सभी कार्यक्रमों का बेहतर विभागीय समन्वय के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की प्रत्येक गतिविधि ग्राम, वार्ड, विकासखंड एवं जिला स्तर पर अधिकतम जनभागीदारी के साथ आयोजित करना सुनिश्चित करें। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों को अभियान से जोड़ा जाए।

*17 सितंबर की शाम हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’*

अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इसके तहत प्रत्येक परिवार को दीप प्रज्वलन से जोड़ने की पहल की जाएगी। प्रत्येक दीप को 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प का प्रतीक बनाया जाएगा। मैदानी टीमें घर-घर पहुंचकर नागरिकों को इस पहल में सहभागी बनने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।

*‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ से सामने आएगी नई पीढ़ी की कल्पना*

17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक शासकीय एवं निजी विद्यालयों में ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के तहत विकसित भारत की संकल्पना और 25 वर्षों की सेवा यात्रा पर आधारित ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों की कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

*‘नमो सेवा गाथा’ से गांव-गांव पहुंचेगी सेवा और बदलाव की कहानी*

‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत 17 सितंबर से नुक्कड़ नाट्य का आयोजन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को देश के 100 प्रमुख स्थलों पर विशेष मंचन प्रस्तावित है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से 25 वर्षों के सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आए सकारात्मक बदलाव की कहानियों को सरल, भावनात्मक एवं प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

*‘आंगन का उत्सव’ में माताओं से संवाद और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान*

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित होगी। इसमें माताओं एवं बच्चों की सहभागिता के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। योजनाओं से लाभान्वित महिलाएं अपने जीवन में आए बदलाव की कहानियां भी साझा करेंगी।

*‘कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियां*

अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से सकारात्मक बदलाव का अनुभव करने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियां संकलित की जाएंगी। प्रत्येक कहानी में हितग्राही का नाम, स्थान, जिला, संबंधित योजना और जीवन में आए बदलाव की जानकारी दर्ज की जाएगी। इन कहानियों का डिजिटल डेटा बैंक भी तैयार किया जाएगा।

*‘सेवा ज्योति यात्रा’ से जन-जन जुड़ेगा विकसित भारत के संकल्प से*

25 वर्षों की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने के लिए गांव, जिला एवं राज्य स्तर पर जनभागीदारी यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ को व्यापक जनसहभागिता के साथ आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

*‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत सेवा गतिविधियों में भाग लेंगे नागरिक*

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के अंतर्गत नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं की सेवा गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। नदी-घाट स्वच्छता सहित विभिन्न सेवा कार्यों को अभियान में शामिल किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

*‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ से पात्र हितग्राहियों को मिलेगा योजनाओं का लाभ*

‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी। शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने, उन्हें योजनाओं से जोड़ने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहेगा।

*विविध गतिविधियों से अभियान को मिलेगा व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप*

अभियान के दौरान ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘जल जन सेवा संकल्प’, ‘रंगोली राष्ट्र/भारत मंडल’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज‘ तथा ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अंतर्गत परिवर्तनकारी स्थलों का भ्रमण तथा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है।

इस बैठक में संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

और भी

भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों की तस्वीर गढ़ेंगे 21 युवा टाउन प्लानर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौंपे नियुक्ति पत्र; सुनियोजित शहरीकरण को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर 9 सितंबर 2026/शहरों का विकास केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों के अनुरूप किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के 21 नवचयनित सहायक संचालकों (योजना) को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नवचयनित अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई है। यह नियुक्ति विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ प्रदेश में तेजी से हो रहे शहरीकरण को सुनियोजित दिशा देने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवचयनित अधिकारियों के माता-पिता और परिजनों को भी विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर योग्य बनाना और उन्हें जिम्मेदार पद पर प्रदेश तथा जनता की सेवा करते देखना प्रत्येक माता-पिता के लिए गर्व और प्रसन्नता का अवसर होता है। आज इन युवाओं के जीवन में नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है और इसके साथ उनके परिवारों की अपेक्षाएं तथा प्रदेश की आशाएं भी जुड़ी हुई हैं।

*राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में 17 नियुक्तियां, अब एक साथ 21 युवा अधिकारी*

*मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में कुल 17 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई थी, जबकि आज एक साथ 21 युवा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभागों को पर्याप्त मानव संसाधन और प्रोफेशनल क्षमता से सशक्त कर रही है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। गांवों से शहरों की ओर आबादी का विस्तार होने के साथ नगरों की सीमाएं बढ़ रही हैं और प्रमुख सड़कों तथा शहरों के आसपास नई बसाहटें विकसित हो रही हैं। आने वाले वर्षों में यह गति और तेज होगी। ऐसे में आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों, सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए दीर्घकालीन एवं वैज्ञानिक योजना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि टाउन प्लानिंग केवल नक्शे बनाने या भू-उपयोग तय करने का कार्य नहीं है। इसका सीधा संबंध नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और शहरों के भविष्य से है। एक अच्छी योजना शहर को व्यवस्थित बनाती है, नागरिक सुविधाओं को सुलभ करती है और भविष्य में अनियोजित विस्तार से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोकती है। इसलिए आज नियुक्त हुए युवा अधिकारियों के कंधों पर भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

*जनहित और पारदर्शिता को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दें*

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवचयनित अधिकारियों को दायित्वबोध का संदेश देते हुए कहा कि शासकीय सेवा  जनता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। शासन में अधिकारी द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय किसी न किसी रूप में आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करें।

उन्होंने कहा कि शासन की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें आम नागरिक को अपने छोटे से छोटे कार्य के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों की सुविधा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना अधिकारियों का दायित्व है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से अपनी तकनीकी शिक्षा, आधुनिक ज्ञान और नवाचार का उपयोग प्रदेश के बेहतर नियोजन में करने का आह्वान किया।

*विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भागीदारी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ देश इस लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों के विकास की स्पष्ट दिशा तय करते हुए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर : विजन 2047’ तैयार किया है। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ बेहतर नागरिक सुविधाएं हों, युवाओं के लिए पर्याप्त अवसर हों और विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें शासन-प्रशासन, युवाओं और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

*ढाई वर्षों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। पुलिस विभाग में 7 हजार से अधिक और शिक्षा विभाग में 3 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। बिजली विभाग में भी 1200 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए अवसरों का दायरा केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं। रोजगार मेलों, निजी क्षेत्र, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से भी रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता और रुचि के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।

*पारदर्शी व्यवस्था से मिली नियुक्ति, उसी पारदर्शिता का लाभ जनता तक पहुंचाएं : श्री ओ.पी. चौधरी*

वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने नवचयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सुनियोजित शहरीकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अर्थव्यवस्था के विकास के साथ शहरी आबादी और शहरों का विस्तार बढ़ना स्वाभाविक है। इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं का पहले से आकलन कर आधुनिक और वैज्ञानिक टाउन प्लानिंग करना समय की आवश्यकता है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में पहले एक बार में तीन या चार सहायक संचालकों की नियुक्तियां होती थीं, लेकिन इस बार एक साथ 21 अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। इससे विभाग की प्रोफेशनल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि उनकी भर्ती पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई है। अब उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वे इसी पारदर्शिता और ईमानदारी को अपनी कार्यशैली का आधार बनाएं। जब कोई नागरिक नक्शा स्वीकृति या अपने किसी अन्य कार्य के लिए विभाग के कार्यालय आए, तो उसे व्यवस्था में सरलता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता का अनुभव होना चाहिए।

*नई पीढ़ी के अधिकारियों की ऊर्जा से विकास को मिलेगी नई गति : श्री केदार कश्यप*

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने नवचयनित अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। 
उन्होंने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों की नियुक्ति प्रदेश के सुनियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नई पीढ़ी के अधिकारियों का ज्ञान, ऊर्जा और आधुनिक दृष्टिकोण विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवचयनित अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

कार्यक्रम में विभागीय सचिव श्री अंकित आनंद, आयुक्त श्री अवनीश शरण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नवचयनित सहायक संचालक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

और भी

युवाओं के लिए 500 करोड़ का ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ मंजूर, 33 जिलों में उद्यमिता केंद्र और 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब होंगे स्थापित

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -*

1. मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर सृजित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए *‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’* को मंजूरी दी है। मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों हेतु 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। 

इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के साथ ही उन्हें जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाना और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार एवं नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

2. मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से *‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’* को मंजूरी दी है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। 

इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक एवं मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।

3. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में *नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट* (NSTI) की स्थापना के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

लगभग 200 करोड़ रूपए की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को आज के उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा नवा रायपुर को देश में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

4. मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

इस निर्णय से शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों एवं अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

5. मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज उक्त भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है। इस निर्णय से दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा और न्यायिक अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

---000---

और भी

12 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की सफल आयोजन हेतु वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक सपन्न

जशपुरनगर, 09 सितंबर 2026/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार दिनांक 12 सितंबर 2026 दिन शनिवार को जिला एवं तालुका स्तर पर नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन किये जाने हेतु माननीय श्री सत्येन्द्र कुमार साहू, प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला जशपुर की अध्यक्षता में जिला न्यायालय जशपुर एवं अधीनस्थ न्यायालयों के मध्य दिनांक 09 सितंबर को जिला न्यायालय के विडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में फिजिकल एवं वर्चुवल माध्यम से बैठक संपन्न हुई।
      बैठक में माननीय श्री संतोष कुमार तिवारी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पत्थलगांव, माननीय श्री दीपक कुमार देशलहरे, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, माननीय श्री बलराम कुमार देवांगन, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, माननीय श्री जनार्दन खरे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी) जशपुर, श्रीमती सरोजनी जर्नादन खरे जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश  जशपुर, कु० श्वेता बघेल सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर, बीमा कंपनी के अधिकारीगण, श्रीजर्नादन सिन्हा, सुश्री सगीरा बानो, श्री एन. एन. यादव, श्री राकेश कुमार जैन, श्री पवन कुमार जैन आदि अधिवक्तागण उपस्थित रहे। उक्त नेशनल लोक अदालत में समस्त राजीनामा योग्य मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, शमनीय मामले, बैंक के वसूली, नगर पालिक निगम, दूरसंचार विभाग के वसूली योग्य एवं न्यायालय के लंबित प्रकरणों का आपसी राजीनामा के आधार पर निराकरण किया जावेगा।
    जो भी पक्षकार राजीनामा के माध्यम से अपने लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकरण कराना चाहते हैं, वे पक्षकार अपने प्रकरण को संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर नेशनल लोक अदालत में रखे जाने हेतु निवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर, तालुका विधिक सेवा समिति कुनकुरी, तालुका विधिक सेवा समिति बगीचा एवं तालुका विधिक सेवा समिति पत्थलगांव में संपर्क कर सकते हैं।

और भी

मेहनत और समर्पण से मधुसुदन भगत ने बदली खेती की तस्वीर, गौपालन बना मजबूत आय का साधन—27 गायों से प्रतिदिन 60 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन


जशपुर 9 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर के किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

जिले के नगर पंचायत बगीचा के किसान मधुसुदन भगत पिछले कई वर्षों से समर्पण और मेहनत के साथ गौपालन को सफल व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ा रहे है। आधुनिक तकनीकों और पशुधन विकास विभाग की मदद से उन्होंने अपने पशुपालन को एक प्रेरणादायक मॉडल बना दिया है। 

मधुसुदन की कहानी 2005 से बड़े रूप में गौपालन का काम कर रहे हैं।
27 गाय प्रतिदिन 60 लीटर से ज्यादा दूध देती है नगर में खपत हो जाती है। 

किसान ने कुल 27 गौपालन कर रहे हैं और पशुओं के गोबर का उपयोग अपने खेतों में खाद के रूप में करते हैं।

उन्होंने बताया कि उनके पास जर्सी नस्ल के गाय है कुछ लोकल मिक्स ब्रीड के गाय का भी पालन करते हैं।


 बगीचा के  पशुचिकित्सालय से पशुओं का नियमित इलाज और टिकाकरण करवाते हैं।

उनकी गाय प्रतिदिन सुबह और शाम 10 से 12 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है। 

पशुओं के खाने के लिए मक्के के चूरे को खौलते पानी में डालकर पकाया जाता है जिसे गाय बहुत चाव से खाती हैं। और इससे दूध के उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होती है। दिन में दो बार गोबर को एकत्रित कर उसे वर्मी कम्पोस्ट बनाने में उपयोग किया जाता है। 
 

 मधुसुदन भगत की यह पहल बताती है कि सही जानकारी मेहनत और विभागीय सहयोग से पशुपालन भी किसानों के लिए मजबूत आय का माध्यम बन सकती है।

और भी

कल्याण आश्रम विद्यालय में विद्यार्थियों ने सीखे जीवन कौशल के गुर, सकारात्मक सोच और तनाव प्रबंधन पर विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन

*जशपुरनगर 09 सितंबर 2026/* कलेक्टर श्री रोहित व्यास निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय जीवन कौशल कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

यह कार्यशाला 08 सितंबर 2026 को कल्याण आश्रम उ.मा.वि विद्यालय जशपुर में आयोजित की गई थी। कार्यशाला में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
        कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित जीवन कौशल के 10 महत्वपूर्ण आयामों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसमें आत्म-जागरूकता, सहानुभूति, समस्या समाधान, निर्णय लेना, सृजनात्मक सोच, प्रभावी सम्प्रेषण, अंतःवैयक्तिक संबंध, तनाव से निपटना, भावुकता पर नियंत्रण और आलोचनात्मक सोच शामिल हैं। कार्यशाला को रोचक बनाने के लिए व्याख्यान, मॉडलिंग और खेल-कूद जैसी गतिविधियों का सहारा लिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे सकारात्मक सोच, गहरी सांस लेना, योग और व्यायाम से तनाव को कम किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय के साइकोलॉजिस्ट, सीनियर नर्सिंग अधिकारी,  कार्यकर्ता  ने अपनी सेवाएं दीं। कल्याण आश्रम विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने कार्यशाला के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

और भी

सेवा संकल्प अभियान को बनाएं सफल – वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी,सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की वित्तमंत्री ने की समीक्षा

जशपुर 09 सितम्बर 2026/ प्रदेश के वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी ने बुधवार को देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रदेश के कलेक्टरों एवं संबंधित जिला नोडल अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। 

बैठक में उन्होंने आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान के प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वित्तमंत्री श्री चौधरी ने जशपुर जिले में अभियान की तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली। 

विडियो कांफ्रेंस से कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, महिला बाल विकास विभाग, नगरीय निकाय, और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी , जनसंपर्क के अधिकारी सीधे जुड़े थे।

कलेक्टर विडियो कांफ्रेंस के बाद संबंधित सभी अधिकारियों की बैठक लेकर सेवा संकल्प अभियान का व्यापक प्रचार प्रचार करने के निर्देश दिए हैं।

अभियान की प्रत्येक गतिविधि में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए इसे जनसेवा और नागरिक सहभागिता का व्यापक अभियान बनाया जाए।
 उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी बनाया जाए।

कलेक्टर ने बताया कि 17 सितंबर को जिले में आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम आयोजित किया जाना है।

इसके लिए रणजीता स्टेडियम और गौरव पथ पर दीप उत्सव मनाया जाएगा।
सभी नगरीय निकाय और जनपद पंचायतों में दीप उत्सव मनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अलग-अलग अलग-अलग कार्यक्रम  के लिए निर्धारित तिथि अनुसार जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 

स्कूली बच्चों के भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला, रंगोली प्रतियोगिता,पौध रोपण, स्वच्छता जागरूकता अभियान, जिला प्रर्दशनी,
25 वर्षों के बदलाव पर सफलता की कहानी, सड़क सुरक्षा सप्ताह,बाइक रैली, रक्तदान शिविर,नशा मुक्ति अभियान, मतदाता जागरूकता सहित अन्य गतिविधियों आयोजित की जाएगी।

 कलेक्टर ने अभियान के तहत जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत @2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है। 

इसलिए प्रत्येक गतिविधि की पूर्व तैयारी करते हुए स्थानीय स्तर पर अधिकतम नागरिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
 
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के लिए तैयार माइक्रो प्लान के अनुरूप सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कार्यक्रमों की रूपरेखा, जिम्मेदारियां और आवश्यक व्यवस्थाएं समय पूर्व सुनिश्चित की जाएं, ताकि जिले में सेवा संकल्प अभियान का प्रभावी एवं सफल आयोजन किया जा सके।

और भी

राज्यपाल और मुख्यमंत्री की गरिमामयी मौजूदगी में डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी पर सांस्कृतिक संध्या, कलाकारों ने संगीत और नृत्य के जरिए दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

रायपुर /भारत रत्न एवं प्रख्यात संगीतकार, गायक, गीतकार और फिल्मकार डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर आज लोक भवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. हजारिका के कला, संगीत एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में अतुलनीय योगदान का स्मरण किया गया तथा उनकी कालजयी रचनाओं और जीवन-यात्रा को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि डॉ. भूपेन हजारिका का संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं था, बल्कि उसमें समाज, संस्कृति, प्रकृति, मानवीय संवेदना और राष्ट्रीय एकता की गहरी अभिव्यक्ति थी। उन्होंने अपने गीतों और संगीत के माध्यम से भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने का कार्य किया। उनकी रचनाएं आज भी लोगों को सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों का संदेश देती हैं।

सांस्कृतिक संध्या में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के कलाकारों ने डॉ. भूपेन हजारिका के जीवन एवं रचनाओं पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। नृत्य के माध्यम से उनकी रचनाओं और जीवन-यात्रा को प्रभावशाली ढंग से जीवंत किया गया। महाकालीबाड़ी एवं विश्वनाथ मंदिर समिति, पंडरी, रायपुर के कलाकारों ने डॉ. हजारिका द्वारा गाए प्रसिद्ध गीतों की भावपूर्ण संगीतमय प्रस्तुति दी।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन सहित गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

और भी

लोकरंग पर्व के समापन पर छाया जशपुर - सरगुजा की आदिवासी लोकसंस्कृति का रंग, सरहुल-करमा की थाप पर झूमे दर्शक, पारंपरिक वेशभूषा और लोकधुनों ने बांधा समां

रायपुर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करने वाले तीन दिवसीय ‘लोकरंग पर्व’ का तीसरा एवं अंतिम दिन सरगुजा-जशपुर अंचल की आदिवासी लोकसंस्कृति के नाम रहा। पहली बार लोकरंग पर्व के मंच पर जशपुर अंचल के सरहुल एवं करमा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकधुनों की मधुरता और कलाकारों के ऊर्जावान नृत्य ने पूरे वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया।

कार्यक्रम में श्री विजय कुमार भगत, जशपुर के दल द्वारा सरहुल एवं करमा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। आदिवासी लोकजीवन, प्रकृति और सामुदायिक परंपराओं से जुड़े इन लोकनृत्यों ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय अंचलों की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया। कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति, पारंपरिक लय और आकर्षक वेशभूषा ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया।

इसके साथ ही रायपुर के डॉ. रामनारायण नेताम ने आदिवासी लोकगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति दी। श्री नवलदास मानिकपुरी, दुर्ग ने लोकगीत-संगीत से समां बांधा। वहीं सुश्री आरती बारले, भिलाई ने पंथी नृत्य की ऊर्जापूर्ण प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। सुश्री रमादत्त जोशी, रायपुर की नाचा-गम्मत की प्रस्तुति ने हास्य, मनोरंजन और लोकनाट्य के रंगों से कार्यक्रम को और जीवंत बना दिया।

लोककलाओं को मंच देना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी : डॉ. कन्नौजे

लोकरंग पर्व के समापन अवसर पर संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सुदूर जनजातीय अंचलों सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए स्थानीय कलाकारों ने अपनी-अपनी लोककलाओं की शानदार प्रस्तुतियां दीं। ऐसे आयोजन कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ प्रोत्साहन और सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि लोकरंग पर्व जैसे सांस्कृतिक आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध और सुघर लोकसंस्कृति को सहेजने तथा उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। लोकगीत, लोकनृत्य, लोकनाट्य और पारंपरिक कलाओं के माध्यम से युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ती है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलने के साथ ही विलुप्त होती लोकविधाओं के संरक्षण एवं संवर्धन को भी प्रोत्साहन मिलता है।

लोकविरासत के विविध रंगों का संगम बना लोकरंग

तीन दिनों तक चले लोकरंग पर्व में छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों की लोकसंस्कृति, लोकगायन और लोकनृत्य की विविध परंपराओं को मंच मिला। अंतिम दिन सरहुल, करमा, आदिवासी लोकगीत, पंथी और नाचा-गम्मत जैसी प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान उसकी विविध लोकपरंपराओं में निहित है।

कार्यक्रम में संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, छत्तीसगढ़ के कवि मीर अली मीर, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार श्री दीपेंद्र दीवान, साहित्यकार श्री विजय मिश्रा, फिल्म बोर्ड की सदस्य श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी तथा समाजसेवी श्री उदयभान चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे।

लोकरंग पर्व का अंतिम दिन दर्शकों के लिए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की विविधता और जीवंतता को करीब से अनुभव करने का अवसर बना। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। आयोजन ने एक ओर जहां लोककलाकारों को सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराया, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं को सहेजने, संवारने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सार्थक संदेश दिया।

और भी

सहकारिता क्षेत्र को पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी बनाने सरकार प्रतिबद्ध, को-ऑपरेटिव बैंकों में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने मंत्री केदार कश्यप के निर्देश

रायपुर, 09 सितंबर 2026/सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।  मंत्री श्री केदार कश्यप ने बैठक में सहकारिता के सुदृढ़ीकरण पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान-हितैषी बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमारा मुख्य ध्येय प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से अंतिम व्यक्ति और प्रदेश के प्रत्येक किसान तक शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है। 

*को-ऑपरेटिव सेक्टर पर केन्द्रीत काफी-टेबल बुकलेट का किया विमोचन*

     बैठक में मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि डिजिटलाइजेशन और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं से किसानों का भरोसा सहकारिता प्रणाली पर और मजबूत होगा। उन्होंने को-आपरेटिव बैंको में रिक्त पदों की समीक्षा की। उन्होंने रिक्त पदों की भर्ती की कार्यवाही तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने सहकारी सप्ताह 29 जून से 06 जूलाई 2026 तक छत्तीसगढ़ में को-ऑपरेटिव सेक्टर में आयोजित विविध कार्यक्रम पर केन्द्रीत काफी-टेबल बुकलेट का विमोचन किया गया।

*पैक्स के शत-प्रतिशत कम्प्यूटराइज़ेशन और अंकेक्षण (ऑडिट) प्रक्रिया में तेज़ी लाने दिए निर्देश*

        बैठक में मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों, प्रबंध संचालकों, संभागीय संयुक्त आयुक्तों, उप/सहायक आयुक्तों तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। पैक्स के शत-प्रतिशत कम्प्यूटराइज़ेशन और अंकेक्षण (ऑडिट) प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए ताकि वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहे।

*16 लाख से अधिक किसानों को 7973 करोड़ रुपए का ऋण वितरित*

          मंत्री श्री कश्यप ने अल्पकालीन कृषि ऋणों पर ब्याज अनुदान, समय पर उर्वरक (खाद), बीज एवं ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों को कोआपरेटिव्ह बैंको के माध्यम से चालू खरीफ सीजन 2026 हेतु 8800 करोड़ रुपए का कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 16 लाख से अधिक किसानों को 7973 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो कि लक्ष्य का 90 प्रतिशत है। बैठक में मंत्री श्री कश्यप द्वारा अधिकारियों को शत-प्रतिशत कृषि ऋण वितरण के निर्देश दिया गया। ग्रामीण अंचलों में कॉमन सर्विस सेंटर का विस्तार करने तथा माइक्रो ए.टी.एम. की उपलब्धता बढ़ाकर डिजिटल बैंकिंग को सुलभ बनाने पर बल दिया गया।

*718 गोदामों का निर्माण पूर्ण*

        मंत्री श्री कश्यप ने 100 सोसायटियों में गोदाम निर्माण व त्प्क्थ् योजना के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई, साथ ही नवगठित 515 पैक्स के सुचारू संचालन के निर्देश दिए गए। बैठक में आराईडीएफ अंतर्गत  आबंटित 725 गोदामों में 718 गोदामों के निर्माण पूर्ण होने की जानकारी दी गई है। शेष 7 गोदाम के जल्द ही निर्माण पूर्ण किये जाने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया।

*अधिकारियों को जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता के साथ शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ किसानों को दिलाने निर्देश*

         सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत करने तथा कार्यालयों में ई-ऑफिस और आधार-बेस्ड उपस्थिति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए गए। धान उपार्जन केंद्रों में शेष बचे धान का शीघ्र एवं पारदर्शी तरीके से अंतिम निराकरण करने के आदेश दिए गए। बैठक के अंत में मंत्री श्री कश्यप ने सभी विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता के साथ शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ किसानों एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े आम नागरिकों तक पहुंचाने का निर्देश दिये।

            इस अवसर पर सचिव सहकारिता डॉ सी.आर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता व पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री रमेश शर्मा, अपेक्स बैंक महाप्रबंधक एवं प्रभारी प्रबंध संचालक श्री युगल किशोर, अपर पंजीयक श्री यू बीएस राठिया, अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत व सहकारिता विभाग व अपेक्स बैंक के अधिकारीगण तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सीईओ उपस्थित थे।

और भी

भाजपा मंडल बगीचा ने सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने कसी कमर, एक माह तक चलेगा विशेष जनसेवा अभियान; संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आमजन से सीधा संवाद बढ़ाने की रणनीति पर हुई विस्तार से चर्चा

नारायणपुर। भारतीय जनता पार्टी मंडल बगीचा की मंडल मासिक बैठक एवं आगामी सेवा संकल्प अभियान को लेकर कार्यशाला का आयोजन मंडल अध्यक्ष श्री हरीश आरिक की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान को लेकर पार्टी की गतिविधियों, कार्यक्रमों और जनसेवा से जुड़े कार्यों की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाते हुए आमजन के बीच सेवा, समर्पण और जनसंपर्क की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा जिला महामंत्री श्री मुकेश शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सेवा संकल्प अभियान की कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि संगठन की वास्तविक मजबूती कार्यकर्ताओं के सतत जनसंपर्क और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचने से होती है। उन्होंने अभियान के दौरान निर्धारित कार्यक्रमों को बूथ एवं शक्ति केंद्र स्तर तक प्रभावी रूप से संचालित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को सेवा कार्यों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए जनहित और जनसेवा के कार्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

कार्यशाला में सेवा संकल्प अभियान को केवल संगठनात्मक कार्यक्रम न मानकर जनसेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में आम लोगों से संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझने तथा उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से जनहित के कार्यों को गति देने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। अभियान के दौरान पार्टी की विचारधारा और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ संगठन की गतिविधियों को भी बूथ स्तर पर मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेता श्री शंकर प्रसाद गुप्ता, श्री भगवानों यादव, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह, जिला उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा श्री त्रिलोचन यादव, जिला उपाध्यक्ष किसान मोर्चा श्री कंवर राम यादव, जिला सह कोषाध्यक्ष श्री वरुण जैन, जिला अध्यक्ष पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ श्री सुरेन्द्र गुप्ता, जिला अध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा श्री एल.आर. चौहान, आईटी सेल जिला सहसंयोजक श्री विपिन कुमार यादव, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्री शुभम् जिंदल, श्री शंकर बारला, श्री जे.आर. नागवंशी सहित जिला, मंडल, शक्ति केंद्र एवं बूथ स्तर के ज्येष्ठ एवं श्रेष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान आगामी एक माह तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं के बीच जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा की गई। संगठन के विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित कर अभियान की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने तथा प्रत्येक बूथ तक अभियान का संदेश पहुंचाने पर जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने सेवा, समर्पण, संगठन की मजबूती और जनसंपर्क को प्राथमिकता देते हुए अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।

और भी

समान नागरिक संहिता पर छत्तीसगढ़ में बड़ा मंथन, दुर्ग में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में विवाह से लेकर तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों तक के संवेदनशील मुद्दों पर संगठनों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

रायपुर, 08 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक, समावेशी और जनोपयोगी बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा गठित यूसीसी समिति ने जनपरामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में मंगलवार, 08 सितंबर को दुर्ग में यूसीसी प्रारूप समिति द्वारा एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।

              बैठक में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती (डॉ.) ज्योति रानी सिंह की उपस्थिति में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंध जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

*पारंपरिक मान्यताओं और कानूनी सुधारों पर चर्चा*

              बैठक के दौरान विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संघों के पदाधिकारियों ने यूसीसी के पक्ष और विपक्ष में खुलकर अपने विचार रखे। इस दौरान पारंपरिक-सामाजिक मान्यताओं से लेकर आधुनिक वैधानिक सुधारों तक के कई अहम पहलुओं पर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी सुझावों का अध्ययन कर संहिता का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा।

*विविध संगठनों की रही सक्रिय सहभागिता*

         इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के विभिन्न समाजों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख रूप से साहू समाज, मनवा कुर्मी समाज, कंवर समाज, चंद्रनाहू कुर्मी समाज, गोंडवाना सेवा समिति, आंध्र समाज, हलवा समाज, ताम्रकार समाज, यादव समाज, कंडरा आदिवासी समाज एवं मुस्लिम समाज युवा प्रभाग के पदाधिकारी, सर्व आदिवासी समाज, गोंडवाना गोंड महासभा, बीएसपी एसटी कर्मचारी संघ, भारतीय बौद्ध महासभा और राम मंदिर ट्रस्ट बेमेतरा के प्रतिनिधि शामिल थे। इसी प्रकार नागरिक एवं व्यावसायिक मंच से वरिष्ठ नागरिक कल्याण मंच, प्रज्ञा वरिष्ठ नागरिक संघ, पेंशनर्स संघ, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के सदस्य सुझाव देने वालों में शामिल थे।

*डिजिटल माध्यम से भी आमंत्रित किए गए सुझाव*

          बैठक में एडवोकेट प्रांजल शर्मा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (च्च्ज्) के माध्यम से समान नागरिक संहिता के स्वरूप और प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। समिति ने आम जनता और संगठनों से सुझाव प्राप्त करने के लिए आधिकारिक वेबसाईट http://ucc.cgstate.gov.in एवं ई-मेल  ucc-chhattisgarh@cg.gov.in भी साझा की है।

        बैठक में यूसीसी समिति के सदस्य सचिव एवं रायपुर संभाग आयुक्त श्याम धावड़े, दुर्ग संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, एडीएम वीरेंद्र सिंह और एसडीएम प्रफुल्ल गुप्ता सहित दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

और भी

अवैध शराब के खिलाफ पुलिस का शिकंजा, 20 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार, आबकारी एक्ट में कार्रवाई

 रायगढ़, 8 सिंतबर । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत पुसौर पुलिस ने ग्राम छपोरा में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 लीटर महुआ शराब जब्त की है। मामले में आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

                 जानकारी के मुताबिक, दिनांक 08 सितंबर 2026 की सुबह थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम छपोरा के मिरघा पारा स्थित बांसबाड़ी के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब रखे हुए है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी के निर्देशन में पुलिस टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।

        पुलिस टीम ग्राम छपोरा के मिरघा पारा स्थित बांसबाड़ी के पास पहुंची, जहां मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर एक व्यक्ति को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम सरोज मिरधा पिता नंदू मिरघा, उम्र 31 वर्ष, निवासी लोहाखान, थाना पुसौर, जिला रायगढ़ बताया।

           पुसौर पुलिस ने आरोपी के कब्जे की तलाशी ली तो उसके पास दो सफेद रंग की प्लास्टिक जरिकेन, प्रत्येक की क्षमता 10-10 लीटर, में महुआ शराब भरी हुई मिली। दोनों जरिकेन से कुल 20 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई, जिसे पुलिस ने विधिवत जब्त कर लिया।

           आरोपी सरोज मिरधा के विरुद्ध थाना पुसौर में धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में इस कार्रवाई में उप निरीक्षक कुंदन गौर, प्रधान आरक्षक बसंत पाण्डेय एवं हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही।

और भी

शिक्षक समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के मार्गदर्शक, जनसेवा में गुरुजनों का मार्गदर्शन सदैव सर्वोपरि : मंत्री टंक राम वर्मा; शिक्षक सम्मान समारोह में राजस्व सुधारों और ग्रामीण विकास कार्यों की दी जानकारी

​रायपुर, 08 सितंबर 2026/ राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा आज नेवरा स्थित पी. एम श्री कन्या शाला में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व व कृतित्व को नमन करते हुए  कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने के संस्कार भी गढ़ते हैं। मस्तिष्क और बुद्धि के सर्वांगीण विकास के लिए गुरु का मार्गदर्शन अनिवार्य है। प्राचीनकाल से लेकर आधुनिक युग तक, जब भी समाज या राष्ट्र के समक्ष चुनौतियां आई हैं, गुरुजनों ने ही सही दिशा दिखाने का कार्य किया है। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शेड, बाउंड्रीवॉल, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं दी गई हैं।

*गुरुजनों का सम्मान हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का मूल आधार* 

      ​शिक्षक सम्मान समारोह और अपने गुरुजनों से मुलाकात का स्मरण करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि गुरुजनों का सम्मान हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का मूल आधार है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी विवादों के निपटारे और सामाजिक व सांस्कृतिक आयोजनों में शिक्षकों की केंद्रीय भूमिका होती थी। वर्तमान तकनीकी युग में व्यस्तता भले ही बढ़ी है, लेकिन समाज को समय देकर ग्रामीण व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकता है। 

*रजिस्ट्री के तुरंत बाद ऑटोमैटिक नामांतरण की प्रक्रिया शुरू*

       इस दौरानमंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग की छवि सुधारने के लिए किए गए क्रांतिकारी फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मैन्युअल से ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज करते समय हुई त्रुटियों के जल्द निपटारे हेतु अधिकारों का विस्तार कर तहसीलदारों को भी शक्तियां दी गई हैं। इसके अलावा द्वितीय अपील की सुनवाई का अधिकार अब कमिश्नर के स्थान पर सीधे जिला कलेक्टर को सौंपा गया है। अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए 5 डिसमिल से कम जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है, जबकि फर्जी रजिस्ट्री रोकने हेतु तहसील कार्यालयों को पंजीयन कार्यालय से ऑनलाइन जोड़कर रजिस्ट्री के समय ओटीपी अनिवार्य किया गया है। ​अब रजिस्ट्री के तुरंत बाद ऑटोमैटिक नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी और किसानों को किसान पुस्तिका के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटकर इसे ऑनलाइन डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है। भू-स्वामी अपने जीवनकाल में ही भूमि का बंटवारा कर सकते हैं। वहीं, भारतमाला जैसी बड़ी परियोजनाओं में भू-माफियाओं के अनुचित लाभ को रोकने के लिए अधिसूचना जारी होते ही संबंधित क्षेत्र की खरीद-बिक्री पर रोक का प्रावधान किया गया है, ताकि वास्तविक किसानों को पारदर्शी मुआवजा मिल सके।

        ​उच्च शिक्षा विभाग के संदर्भ में उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू कर शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है।  उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था हेतु 40 गांवों के लिए 2 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। साथ ही 100 गांवों के तालाबों में पक्के चबूतरों का निर्माण, 40 गांवों में महतारी सदन का निर्माण और सरस्वती शिशु मंदिर जैसी संस्थाओं के लिए भवन निर्माण स्वीकृत कराए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि जनसेवा के इन कार्यों में वरिष्ठों और गुरुजनों का मार्गदर्शन सदैव सर्वाेपरि रहेगा।

और भी

केंद्रीय जेल में बंदियों के आध्यात्मिक एवं मानसिक उत्थान के लिए ब्रह्माकुमारी संस्था ने किया प्रेरणात्मक कार्यक्रम


बिलासपुर, 8 सितम्बर 2026/केंद्रीय जेल बिलासपुर में बंदियों के आध्यात्मिक एवं मानसिक उत्थान, सकारात्मक सोच के विकास तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा विशेष आध्यात्मिक एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
  कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी संस्था की ब्रह्माकुमारी संतोषी एवं ब्रह्माकुमारी मनस्वी ने बंदियों को आत्मचिंतन, सकारात्मक जीवनशैली, मानसिक शांति, तनावमुक्त जीवन तथा अच्छे विचारों के महत्व के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि जीवन में परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और संयम के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में परिवर्तन ला सकता है। बंदियों को क्रोध, तनाव, नकारात्मक विचारों एवं बुरी आदतों से दूर रहने तथा अनुशासित एवं सदाचारी जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्हें अपने अतीत की गलतियों से सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाने और जेल से बाहर जाने के बाद समाज में जिम्मेदार नागरिक के रूप में पुनः स्थापित होने का संदेश दिया गया।
  कार्यक्रम में लगभग 100 बंदियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा आध्यात्मिक एवं प्रेरणात्मक विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के साथ-साथ जीवन में अच्छे विचारों एवं व्यवहार को अपनाने की प्रेरणा मिली। जेल प्रशासन द्वारा ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि इस प्रकार के रचनात्मक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम बंदियों के सुधार, पुनर्वास एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से बंदियों में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होने के साथ उन्हें अपराधमुक्त एवं बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ने में सहायता मिलती है।
रचना/
--00--

और भी

शिक्षक हित में मुखर हुआ शिक्षक संघ, पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बीईओ को सौंपा ज्ञापन; टीईटी प्रविष्टि, वरिष्ठता निर्धारण और सर्विस बुक सत्यापन की उठाई मांग

जशपुर। शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं और लंबित मांगों के निराकरण को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ, विकासखंड कांसाबेल के पदाधिकारियों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी गोपाल राम को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन संघ के प्रांतीय अध्यक्ष धरमदास बंजारे एवं जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार के निर्देशन में सौंपा गया।
बी. ई. ओ. श्री गोपाल राम जी नें शिक्षिकों कि सभी समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना और सभी समस्यायों का निदान करने का आश्वासन दिया।

संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षकों की सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इसमें टीईटी योग्यता की सेवा पुस्तिका में प्रविष्टि, विशेष अर्जित अवकाश, जनगणना कार्य के बदले अर्जित अवकाश, वरिष्ठता निर्धारण तथा सर्विस बुक का प्रतिवर्ष सत्यापन प्रमुख रूप से शामिल हैं। संघ ने इन मामलों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण किए जाने की मांग की।

भर्ती वर्षों की वरिष्ठता का मामला प्रमुखता से उठाया

शिक्षक संघ ने 2019, 2023 एवं 2025 भर्ती के सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला एवं शिक्षक संवर्ग की वरिष्ठता निर्धारण का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। संघ ने नियमानुसार व्यापम की मेरिट सूची के आधार पर वरिष्ठता निर्धारित किए जाने की मांग की। पदाधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठता से जुड़े मामलों का स्पष्ट एवं नियमानुसार निर्धारण शिक्षकों के पदोन्नति सहित विभिन्न सेवा लाभों के लिए महत्वपूर्ण है।

सर्विस बुक के नियमित सत्यापन की मांग

संघ ने सभी शिक्षकों की सेवा पुस्तिका का प्रतिवर्ष नियमानुसार सत्यापन सुनिश्चित करने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि सेवा अभिलेखों में समय पर आवश्यक प्रविष्टियां एवं नियमित सत्यापन होने से भविष्य में अभिलेखीय त्रुटियों और सेवा संबंधी विवादों से बचा जा सकता है।

शिक्षक की समस्या संगठन की समस्या : साधना भारती

ब्लॉक अध्यक्ष साधना भारती ने कहा कि संगठन शिक्षक हितों से जुड़े मामलों को गंभीरता से उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि “एक शिक्षक की समस्या पूरे संगठन की समस्या है। शिक्षक हित से जुड़े मामलों को उचित मंच पर मजबूती से रखना संगठन की जिम्मेदारी है।”

ब्लॉक सचिव ममता पटेल ने संगठन की एकता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक अपने अधिकारों और समस्याओं को संगठित होकर नियमानुसार सामने रखें, तो उनकी आवाज अधिक प्रभावी ढंग से शासन-प्रशासन तक पहुंचती है। कोषाध्यक्ष वेदमोती साव ने कहा कि शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों के निराकरण के लिए संगठन लगातार प्रयास करता रहेगा।

पदाधिकारियों ने जताई एकजुटता

ज्ञापन सौंपने के दौरान कार्यक्रम प्रभारी सरस्वती मालाकार, मीडिया प्रभारी पुष्पराज लोनिया, उपाध्यक्ष कीर्ति राठिया, सलाहकार सुंदर साय, सलाहकार नाथ नारायण, सदस्य रश्मि जलतरंग एवं सदस्य नीलेश्वर चंद्राकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने शिक्षक हित से जुड़े मामलों में संगठन के साथ एकजुट होकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

जिला संगठन ने कांसाबेल टीम को दी बधाई

पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपने की पहल पर जिला संगठन के पदाधिकारियों ने कांसाबेल टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। जिला कार्यकारी अध्यक्ष मधु पैंकरा, जिला सचिव विजय कुमार पैंकरा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष दादू प्रसाद चंद्रा, जिला उपाध्यक्ष जानकी साहू, राम कुमार आदित्य एवं अजय कुमार वर्मा, जिला संगठन प्रभारी आशीष शर्मा, जिला प्रवक्ता सागर विश्वकर्मा, जिला कार्यकारिणी सदस्य मनोहर टोप्पो, बंग्ला रात्रे एवं ज्योति चाणक्य ने टीम के प्रयास की सराहना की।

जिला पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की मजबूती उसकी सक्रियता और एकजुटता से होती है। शिक्षक हित के मुद्दों को लोकतांत्रिक एवं नियमानुसार तरीके से शासन-प्रशासन के समक्ष रखना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि कांसाबेल टीम आगे भी इसी तरह शिक्षक हित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक हित के मुद्दों पर संगठन आगे भी लगातार प्रयास करता रहेगा और आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं को रखकर उनके निराकरण की पहल की जाएगी।

और भी

शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार, अमृत मिशन के लंबित कार्य मिशन मोड में पूरे कर शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त निर्देश

रायपुर 8 सितंबर 2026/  शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को नगरीय निकायों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

  उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचे, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

*38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर, 31 का निर्माण प्रगतिरत*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के नगरीय निकायों में युवाओं को अध्ययन के लिए आधुनिक और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए जा रहे सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन परिसरों के कार्यों में तेजी लाते हुए इन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि योजना के अंतर्गत तीन वित्तीय वर्षों में प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिनमें 31 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। मुख्यमंत्री ने इन परिसरों में प्रस्तावित सीटों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की।

*सुनियोजित और नागरिक-केंद्रित हों प्रदेश के शहर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने नगरोत्थान योजना की समीक्षा करते हुए शहरों में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 14 नगर निगमों के लिए प्रारंभ की गई इस योजना के तहत मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास सहित यातायात से संबंधित आवश्यक अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपनी पूर्व घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत नगरीय विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्हें समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों के सतत, संगठित एवं नागरिक-केंद्रित विकास के लिए ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ प्रारंभ की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इसके अंतर्गत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। नागरिकों से सीधे जुड़ी इन सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

*स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर के प्रदर्शन की मुख्यमंत्री ने की सराहना*

बैठक में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत भारत सरकार से प्राप्त अनटाइड एवं टाइड ग्रांट से किए जा रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इसके माध्यम से सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, जल प्रदाय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और वायु गुणवत्ता सुधार से संबंधित कार्य कराए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि रायपुर नगर निगम ने वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक प्राप्त कर देश में छठा स्थान हासिल किया है। राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग-2026 में रायपुर के वार्ड क्रमांक 46 ने 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी तथा वार्ड क्रमांक 30 ने 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि के लिए विभाग और नगर निगम की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर के साथ स्वस्थ और बेहतर शहरी जीवन के लिए हरित क्षेत्र भी जरूरी हैं। उन्होंने वार्डों में उद्यान विकसित करने तथा जिन क्षेत्रों में वृक्षों की संख्या कम है, उनका चिन्हांकन कर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने शहरी ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर देते हुए प्रत्येक नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।

*प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को शीघ्र मिले आवास*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत आवासों, निर्माण की स्थिति, आबंटन और व्यवस्थापन की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से कहा कि आवासों के आवंटन एवं व्यवस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि पात्र परिवारों को शीघ्र अपने पक्के आवास का लाभ मिल सके।

*चार प्रमुख शहरों में 240 ई-बसों से मजबूत होगा सार्वजनिक परिवहन*

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की तैयारियों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसों के संचालन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना संबंधी कार्य मार्च 2027 से पहले पूर्ण कर ई-बसों का संचालन प्रारंभ करने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संबंधित सभी निर्माण एवं अधोसंरचना कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बस सेवा से नागरिकों को आधुनिक, सुविधाजनक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने के साथ पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

*नागरिकों की शिकायतों का हो त्वरित और प्रभावी समाधान*

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से संबंधित प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रॉपर्टी टैक्स के पुनरीक्षण से संबंधित विषयों और नगरीय निकायों के विद्युत देयकों की भी जानकारी ली। उन्होंने नगरीय निकायों को विद्युत देयकों का नियमित रूप से प्रतिमाह भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। 

मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजस्व एवं कर संकलन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कर संकलन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित की जाए।

*अमृत मिशन के कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी, मिशन मोड में काम करने के निर्देश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता का विषय है। अमृत मिशन के लंबित कार्यों को मिशन मोड में लेते हुए तेजी से पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

*800 करोड़ रुपये की लागत से 8 नगरीय निकायों में सीबीजी प्लांट*

बैठक में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने भारत सरकार द्वारा परिवहन एवं औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्वच्छ एवं सतत ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सतत योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं में परिणाम स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा, निर्माण की गुणवत्ता की सतत निगरानी तथा सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

और भी