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श्री जगन्नाथ महाप्रभु की आज निकलेगी भव्य रथयात्रा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय निभाएंगे गजपति महाराजा की ऐतिहासिक परंपरा - दोकड़ा में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में होगा भव्य आयोजन

नारायणपुर, जशपुर। जिले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में आज श्री जगन्नाथ महाप्रभु रथयात्रा महोत्सव 2026 का शुभारंभ भव्य धार्मिक वातावरण में होगा। 16 जुलाई से 27 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रथयात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का माहौल है।इस वर्ष रथयात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मुख्यमंत्री एवं श्री मंदिर के गजपति महाराजा श्री विष्णुदेव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होकर सदियों पुरानी गजपति महाराजा की परंपरा का निर्वहन करेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन एवं मंदिर समिति ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय दोपहर 12 बजे रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा बगिया के लिए रवाना होंगे तथा दोपहर 1:35 बजे श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा पहुंचेंगे। यहां वे भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर पारंपरिक विधि से रथयात्रा का शुभारंभ करेंगे।भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा श्री मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर मिडिल स्कूल के समीप स्थित मौसी बाड़ी तक पहुंचेगी। यात्रा में आकर्षक झांकियां, विभिन्न कीर्तन मंडलियां, ढोल-नगाड़ों की गूंज तथा पारंपरिक कर्मा नृत्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पूरे नगर को भव्य रूप से सजाया गया है।

*17 से 21 जुलाई तक होगी श्री जगन्नाथ कथा*

रथयात्रा महोत्सव के अंतर्गत 17 जुलाई से 21 जुलाई तक पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं श्रीमती कौशल्या साय के विशेष सानिध्य में आयोजित इस कथा में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कीर्तन गायक एवं कथा वाचक श्री कामता प्रसाद शरण जी भगवान श्री जगन्नाथ की दिव्य कथाओं का रसपान कराएंगे।

*सुरक्षा के कड़े इंतजाम*

रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस बल की तैनाती, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, बैरिकेडिंग, स्वास्थ्य सुविधा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा ने समस्त श्रद्धालुओं से रथयात्रा एवं महोत्सव में शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

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14 सितंबर से रायगढ़ बनेगा देश की सांस्कृतिक राजधानी! 10 दिनों तक सुर, ताल, घुंघरुओं और लोक संस्कृति की गूंज से सजेगा 41वां चक्रधर समारोह, राष्ट्रीय कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा सबसे बड़ा मंच

रायगढ़, 15 जुलाई 2026/ जिले की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक 41वें चक्रधर समारोह-2026 इस वर्ष 14 से 23 सितंबर 2026 तक स्थानीय रामलीला मैदान में आयोजित होगा। दस दिवसीय इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलाकार चयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर एवं चक्रधर समारोह आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कलाकारों के चयन, कार्यक्रम की रूपरेखा तथा आयोजन की प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
           बैठक में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि चक्रधर समारोह केवल शास्त्रीय कला का मंच नहीं, बल्कि रायगढ़ और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस वर्ष आयोजन में स्थानीय कलाकारों, नवोदित प्रतिभाओं तथा छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं लोक संस्कृति को विशेष स्थान दिया जाए, ताकि क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत का प्रभावी प्रदर्शन हो सके। बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ-साथ रायगढ़ और प्रदेश के लोक कलाकारों को भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ी लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं तथा स्थानीय प्रतिभाओं की प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण होगी। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी। समारोह के दौरान शास्त्रीय गायन, वादन, नृत्य, लोक कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संतुलित कार्यक्रम तैयार करने पर समिति ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। विशेषज्ञों ने कार्यक्रमों की समय-सारिणी, प्रस्तुति की गुणवत्ता तथा दर्शकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन्हें आयोजन की अंतिम रूपरेखा में शामिल किया जाएगा। 
          बैठक में मोती महल रायगढ़ (राज परिवार) से श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह एवं सुश्री उर्वशी देवी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के. संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, प्रो. अम्बिका वर्मा, प्रदेश संयोजक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ श्री अनुपम पाल, कलाकार श्री भूपेन्द्र बरेठ तथा प्राचार्य श्री राजेश डेनियल सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर विभागों को मिले निर्देश

बैठक में रामलीला मैदान में मंच निर्माण, आकर्षक सज्जा, दर्शक दीर्घा, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। आयोजन के प्रत्येक पहलू में विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

सांस्कृतिक गरिमा और भव्यता के साथ होगा आयोजन

बैठक में आयोजन समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष का 41वां चक्रधर समारोह सांस्कृतिक गरिमा, उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और उच्चस्तरीय प्रस्तुतियों के कारण पहले से अधिक भव्य और ऐतिहासिक होगा। राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ स्थानीय एवं छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों की सहभागिता समारोह को नई पहचान देगी तथा रायगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देशभर में और अधिक प्रतिष्ठा दिलाएगी।

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भागते रहे तस्कर... पीछा करती रही पुलिस', जंगल में छोड़नी पड़ी कारें - 3 कारों से 552 किलो गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार, एक करोड़ 20 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त

जशपुर। सरगुजा रेंज में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन आघात" के तहत जशपुर पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मिली है। जिले के कुनकुरी और बगीचा थाना क्षेत्रों में अलग-अलग कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन कारों से कुल 552 किलो 160 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो वाहन चालक पुलिस को चकमा देकर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त तीन कारों को भी जब्त कर लिया है। जब्त गांजा और वाहनों की कुल कीमत 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 400 रुपये आंकी गई है।

पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। वहीं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह से प्राप्त महत्वपूर्ण इनपुट को जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल संयुक्त पुलिस टीम गठित की। सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों के बीच बेहतर समन्वय और थाना-चौकियों के स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान का ही परिणाम रहा कि तस्करों के इस बड़े नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकी।

पुलिस के अनुसार 14 जुलाई की शाम मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा से एक इनोवा कार (OD 17 J 0205) में भारी मात्रा में गांजा लेकर तस्कर तपकरा-कुनकुरी मार्ग से अंबिकापुर की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर थाना कुनकुरी पुलिस ने जय स्तंभ चौक के पास नाकेबंदी की। शाम करीब 6.35 बजे संदिग्ध इनोवा वहां पहुंची, जिसे रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन को तेज रफ्तार से भगाकर फरार होने लगा। पुलिस ने लगातार पीछा किया। ग्राम बोड़ोछापर-पुटपुटी के पास चालक वाहन छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।

पुलिस ने इनोवा की तलाशी ली तो उसकी डिक्की से भूरे रंग की प्लास्टिक टेप से पैक किए गए 295 पैकेटों में कुल 311 किलो 350 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसकी अनुमानित कीमत 46 लाख 70 हजार 250 रुपये बताई गई है। तस्करी में प्रयुक्त इनोवा कार, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये है, उसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया। फरार चालक की तलाश लगातार जारी है।

इसी दौरान दूसरी कार्रवाई थाना बगीचा और थाना नारायणपुर की संयुक्त टीम ने की। पुलिस को सूचना मिली थी कि ब्रेजा कार (OD 02 BH 9811) और आर्टिगा कार (OD 16 N 9229) ओडिशा से अंबिकापुर की ओर जा रही हैं और इनमें गांजा तस्करी से जुड़े लोग सवार हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने नाकेबंदी कर दोनों वाहनों का पीछा शुरू किया। ग्राम मझगांव के पास डोडकी नदी के किनारे ब्रेजा कार का चालक वाहन छोड़कर जंगल की ओर भाग गया, जबकि पुलिस ने आर्टिगा कार को घेरकर रोक लिया।

दोनों वाहनों की तलाशी लेने पर 240 पैकेटों में कुल 240 किलो 810 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत 36 लाख 12 हजार 150 रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आर्टिगा कार में सवार दो युवकों ने अपना नाम सचिन्द्र राउत (29 वर्ष), निवासी बरा खाई, थाना लेपड़ीपाड़ा, जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा) तथा मोहम्मद समीर (26 वर्ष), निवासी मेहताब रोड, जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा) बताया। दोनों ने स्वीकार किया कि वे मुख्य गांजा तस्करों के लिए रेकी करने का काम कर रहे थे ताकि रास्ते में पुलिस की गतिविधियों की जानकारी तस्करों तक पहुंचा सकें। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया है।

दोनों मामलों में कुल 552 किलो 160 ग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 82 लाख 82 हजार 400 रुपये है। इसके अलावा जब्त किए गए तीन वाहनों में इनोवा की कीमत लगभग 15 लाख रुपये, ब्रेजा की 10 लाख रुपये तथा आर्टिगा की 13 लाख रुपये आंकी गई है। इस प्रकार पुलिस ने कुल 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 400 रुपये की संपत्ति जब्त की है।

पुलिस का कहना है कि सरगुजा रेंज में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। मामले की जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि गांजे की खेप किस राज्य में पहुंचाई जानी थी तथा इसके पीछे सक्रिय पूरे गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं।

जशपुर पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान में 1269.071 किलोग्राम गांजा (करीब 4 करोड़ रुपये मूल्य), 1840 नग कफ सिरप (करीब 13.50 लाख रुपये), 8.04 ग्राम ब्राउन शुगर, 130 गांजा के पौधे तथा 875 नशीले इंजेक्शन जब्त किए जा चुके हैं। इस अवधि में 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त 14 वाहनों को भी जब्त किया गया है।

इस पूरी कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक (क्राइम ब्रांच) भावेश समरथ, एसडीओपी बगीचा दिलीप कुमार कोसले, एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश जायसवाल, थाना प्रभारी कुनकुरी राकेश यादव, थाना प्रभारी नारायणपुर कोमल सिंह नेताम, थाना प्रभारी बगीचा गौरव पांडे सहित कुनकुरी, नारायणपुर और बगीचा थाना पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर पुलिस के अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई खुफिया सूचना ने इस बड़ी कार्रवाई को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।

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जिला अस्पताल की पार्किंग से स्कूटी चोरी का 4 दिन में खुलासा, नंबर मिटाकर पहचान छिपाने की कोशिश भी नहीं आई काम, जशपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वाहन किया बरामद

जशपुर। जिला अस्पताल परिसर से दिनदहाड़े हुई स्कूटी चोरी के मामले का जशपुर पुलिस ने त्वरित खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई स्कूटी बरामद कर ली है। आरोपी ने अस्पताल की पार्किंग में खड़ी स्कूटी में चाबी लगी देखकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पहचान छिपाने के लिए उसने वाहन के आगे और पीछे लिखे नंबर भी मिटा दिए थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता और मुखबिर की सूचना के आधार पर वह गिरफ्त में आ गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी टिकैतगंज निवासी अनिमा लकड़ा, जो जिला अस्पताल जशपुर में मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत हैं, ने सिटी कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि 9 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 9:15 बजे उन्होंने अपनी हीरो मैस्ट्रो स्कूटी क्रमांक CG-10 U-5513 को जिला अस्पताल स्थित सिटी स्कैन यूनिट के सामने पार्क किया था। ड्यूटी समाप्त होने के बाद दोपहर करीब 2:15 बजे लौटने पर स्कूटी पार्किंग से गायब मिली। अज्ञात व्यक्ति द्वारा वाहन चोरी किए जाने पर थाना सिटी कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने चोरी गए वाहन और संदिग्ध व्यक्तियों की लगातार तलाश शुरू की। जांच के दौरान 13 जुलाई को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मिलन चौक जशपुर के पास एक संदिग्ध व्यक्ति चोरी की स्कूटी के साथ घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम जागेश्वर विश्वकर्मा (35 वर्ष) निवासी ग्राम तमया, थाना सन्ना, जिला जशपुर बताया। पहले उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने जिला अस्पताल परिसर से स्कूटी चोरी करना स्वीकार कर लिया।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि अस्पताल परिसर में खड़ी स्कूटी में चाबी लगी हुई थी। इसी का फायदा उठाकर वह स्कूटी लेकर अपने गांव चला गया। बाद में वाहन की पहचान छिपाने के लिए उसने स्कूटी के आगे और पीछे अंकित पंजीयन नंबर को मिटा दिया। इसके बाद जब वह उसी स्कूटी से दोबारा जशपुर आया तो पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे पकड़ लिया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की हीरो मैस्ट्रो स्कूटी बरामद कर विधिवत जब्त कर ली है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने और अपराध स्वीकार करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

जशपुर पुलिस ने बताया कि जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत इस मामले का भी त्वरित खुलासा किया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन पार्क करते समय उसमें चाबी न छोड़ें तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यक सावधानियां अवश्य बरतें।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, सहायक उपनिरीक्षक मनोज सिंह, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा तथा आरक्षक शोभनाथ सिंह और विनोद तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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जशपुर में इंटीग्रिटी एजुकेशन के डिप्लोमा वितरण समारोह में बोले डीआईजी लाल उमेद सिंह, अनुशासन, तकनीकी जागरूकता और जिम्मेदारी से ही मिलेगी सफलता

जशपुर। शहर की प्रतिष्ठित कंप्यूटर शिक्षण संस्था इंटीग्रिटी एजुकेशन एआईएसईसीटी (AISECT) अधिकृत कौशल एवं ज्ञान प्रदाता केंद्र में डीसीए (DCA) एवं पीजीडीसीए (PGDCA) के विद्यार्थियों का डिप्लोमा एवं अंकसूची वितरण समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री लाल उमेद सिंह रहे, जिनकी प्रेरणादायी मौजूदगी समारोह का मुख्य आकर्षण रही।

अपने संबोधन में डीआईजी श्री लाल उमेद सिंह ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे तकनीक का सदुपयोग करें और डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर अपराधों से हमेशा सतर्क रहें। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक रहने की सलाह देते हुए कहा कि तकनीक जितनी उपयोगी है, उतनी ही जिम्मेदारी के साथ उसका इस्तेमाल करना भी आवश्यक है।

डीआईजी ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी तथा यातायात नियमों का पालन कर स्वयं के साथ-साथ दूसरों के जीवन की भी रक्षा की जा सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा ही देश का भविष्य है। यदि युवा अपने कौशल के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करेंगे तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उनके प्रेरक विचारों से विद्यार्थियों में उत्साह का संचार हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की निदेशक श्रीमती अंजना शर्मा ने की। संस्था के प्रबंधक श्री हिमालय शर्मा एवं डॉ. आर्या शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया। समारोह में डीसीए एवं पीजीडीसीए पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को डिप्लोमा एवं अंकसूची प्रदान की गई। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में संस्था के शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में मुख्य अतिथि डीआईजी श्री लाल उमेद सिंह ने विद्यार्थियों के साथ स्मृति स्वरूप सामूहिक छायाचित्र भी खिंचवाए।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1996 से संचालित इंटीग्रिटी एजुकेशन (शर्मा कंप्यूटर्स) जशपुर जिले में कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र का अग्रणी संस्थान है, जो एआईएसईसीटी के अधिकृत कौशल एवं ज्ञान प्रदाता केंद्र के रूप में युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए तकनीकी और कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है।

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खूंखार नक्सली हिड़मा के कथित महिमामंडन पर भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला, विधायक अटल श्रीवास्तव से बिना शर्त माफी की मांग; कहा— शहीदों का अपमान बर्दाश्त नहीं, सड़क से सदन तक होगा विरोध

जशपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने कथित रूप से दुर्दांत नक्सली कमांडर हिड़मा का महिमामंडन कर छत्तीसगढ़ के शहीदों, सुरक्षा बलों और नक्सली हिंसा के पीड़ित परिवारों का अपमान किया है। भाजपा ने विधायक से बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए कांग्रेस नेतृत्व से भी इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने जारी बयान में कहा कि हिड़मा जैसे नक्सली का नाम महान विभूतियों के साथ जोड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिड़मा झीरम घाटी, ताड़मेटला तथा बीजापुर-सुकमा समेत कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है और उसके कारण अनेक जवानों तथा निर्दोष आदिवासियों की जान गई। ऐसे व्यक्ति का महिमामंडन लोकतंत्र और राष्ट्र के खिलाफ खड़ा होने जैसा है।

उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाकर बस्तर में विकास और शांति का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है। ऐसे समय कांग्रेस नेताओं के कथित बयान उनकी मानसिकता को उजागर करते हैं। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व से पूछा कि क्या वे अपने विधायक के बयान का समर्थन करते हैं और यदि नहीं, तो अब तक उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

भाजपा नेता ने कहा कि नक्सली हिंसा में अपने परिजनों को खो चुके परिवारों के लिए इस प्रकार की टिप्पणी उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अटल श्रीवास्तव शीघ्र सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी नहीं मांगते हैं, तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।

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रनपुर में कल निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, मौसी घर के लिए रथ पर सवार होंगे महाप्रभु, तैयारियां पूरी

नारायणपुर। ग्राम पंचायत रनपुर में भगवान जगन्नाथ, उनके ज्येष्ठ भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा की वार्षिक रथयात्रा को लेकर पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। आगामी 16 जुलाई को क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल इस भव्य आयोजन का आयोजन किया जाएगा। रथयात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और आयोजन समिति पूरे उत्साह के साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।

इन दिनों स्थानीय कारीगर पारंपरिक शैली में श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान के रथ का निर्माण कर रहे हैं। समिति के सदस्यों की देखरेख में रथ को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि निर्धारित समय पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को विधि-विधान के साथ रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जा सके। पूरे गांव में धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है।

रथयात्रा के दिन सुबह से ही भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के विग्रहों का विशेष पूजन-अर्चन एवं भव्य श्रृंगार किया जाएगा। महाप्रभु को नए वस्त्र, मुकुट और आकर्षक आभूषणों से सजाया जाएगा। भगवान के अलौकिक दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

इसके बाद भगवान जगन्नाथ अपने ज्येष्ठ भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार महाप्रभु अपनी मौसी के घर जाएंगे, जहां वे नौ दिनों तक विराजमान रहेंगे। निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद भगवान की बहुड़ा यात्रा के माध्यम से पुनः मंदिर में वापसी होगी।

माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष सम्भु नाथ चक्रवर्ती ने बताया कि रथयात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र विशेष वस्त्रों में सुसज्जित होकर रथ पर विराजमान होंगे और पूरे विधि-विधान के साथ मौसी घर के लिए प्रस्थान करेंगे। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

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ई-पॉस मशीन में छह बार लगवाया अंगूठा, एक माह का राशन गबन का आरोप; डेढ़ सौ ग्रामीण पहुंचे कलेक्टर जनदर्शन

जशपुरनगर। ग्राम पंचायत पोड़ी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। एक माह का राशन गबन किए जाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को करीब डेढ़ सौ ग्रामीण कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि अप्रैल माह में ग्राम पंचायत द्वारा संचालित राशन दुकान में अप्रैल, मई और जून तीन माह का राशन एक साथ मिलने की जानकारी दी गई थी। जब हितग्राही राशन लेने पहुंचे तो महिला सरपंच और उनके पति ने तीन माह का राशन देने की बात कहते हुए ई-पॉस मशीन में छह बार अंगूठे का सत्यापन कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें केवल दो माह का राशन ही दिया गया। जब तीसरे माह के राशन के संबंध में पूछताछ की गई तो सरपंच और उनके पति ने जून तथा जुलाई का राशन एक साथ देने का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि जुलाई माह में जब वे दोबारा राशन लेने पहुंचे तो उन्हें केवल जुलाई का राशन दिया गया। जून माह का राशन मांगने पर सरपंच ने यह कहते हुए देने से इंकार कर दिया कि जून का राशन अप्रैल में ही वितरित किया जा चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें जून माह का राशन कभी मिला ही नहीं और ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगवाकर रिकॉर्ड में वितरण दिखा दिया गया। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और राशन आवंटन की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गरीबों के हक के राशन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

इधर, ग्राम पंचायत पोड़ी के पीडीएस दुकान संचालक संदीप भगत ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि पंचायत को निर्धारित कोटे से करीब 20 क्विंटल कम राशन की आपूर्ति हुई थी। जब राशन मिला ही नहीं तो उसके गबन का सवाल ही नहीं उठता। उनका दावा है कि उपलब्ध स्टॉक के अनुसार ही हितग्राहियों को राशन वितरित किया गया है।

अब पूरे मामले में ग्रामीणों और पीडीएस संचालक के दावे आमने-सामने हैं। ऐसे में प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राशन वितरण में वास्तव में अनियमितता हुई है या फिर कम आवंटन के कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ है।

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जनजातीय उत्थान की मुहिम को मिला नया नेतृत्व, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय सर्वसम्मति से चुनी गईं भारतीय आदिम जाति सेवक संघ की उपाध्यक्ष,जनजातीय समाज के विकास को मिलेगी नई दिशा


जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय को भारतीय आदिम जाति सेवक संघ का उपाध्यक्ष चुना गया है। बोर्ड ने यह निर्णय मंगलवार को रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित अपनी पहली बैठक में लिया। इस बैठक की अध्यक्षता श्री प्रकाश कुमार उइके ने की। बैठक में संगठन के विस्तार और जनजातीय समाज के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन का विस्तार करते हुए श्रीमती कौशल्या साय को संगठन का उपाध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा अध्यक्ष श्री प्रकाश उइके ने की। अध्यक्ष उइके ने बताया कि बैठक में भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान तेज करने,जनजातीय समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने,स्वास्थ्य,रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर पदाधिकारियों से विचार विमर्श किया गया। अध्यक्ष उइके ने बताया कि श्रीमती कौशल्या साय के उपाध्यक्ष बनने से संगठन की सक्रियता बढ़ने के साथ मजबूती भी मिलेगी। उल्लेखनिय है मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में सक्रिय है। श्रीमती साय अखिल भारतीय कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है। कंवर समाज की हर बैठक में वे शामिल होती हैं और संगठन के साथ समाज में जागरूकता व उत्थान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। 
विकास के लिए संगठित प्रयास की आवश्यकता -
   बैठक को संबोधित करते हुए श्रीमती कौशल्या साय ने उन विश्वास जताने के लिए संघ के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि समेकित विकास के लिए संगठित प्रयास करने की आवश्यकता होती है। मनुष्य अपने बुद्वि के बल पर सुई और हवाई जहाज जैसे आधुनिक यंत्र बनाया है। समाज की क्षमता को सही दिशा की ओर ले जाए तो इस देश व समाज को विश्व गुरू बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होनें कहा कि भारतीय आदिम जाति सेवक संघ जनजातीय समाज को वह मंच दे सकता है जो जनजातीयों को सही दिशा दे सके। इसके लिए हम सब मिल कर काम करेगें।

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शाला प्रवेश उत्सव में झलकी शिक्षा, संस्कार और जनसहभागिता की मिसाल, सरबकोंबो स्कूल में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, छात्राओं को मिली साइकिलें और बच्चों को बांटी गईं निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें

नारायणपुर  । विकासखंड बगीचा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरबकोंबो में शाला प्रवेश उत्सव उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के बीच गरिमामय वातावरण में मनाया गया। विद्यालय परिसर पूरे दिन उत्सव के माहौल में सराबोर रहा। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों की बड़ी उपस्थिति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। समारोह में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता का संदेश भी प्रभावी ढंग से दिया गया।

कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा कार्यालय से एबीओ दिलीप टोप्पो एवं बीआरसी राठौर विशेष रूप से शामिल हुए। दोनों अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता का सबसे बड़ा आधार शिक्षा, अनुशासन और निरंतर परिश्रम है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन से अध्ययन करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण से हुई। इसके बाद प्रवेश द्वार पर पुष्पवर्षा, तिलक और बैज लगाकर अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत, आकर्षक समूह नृत्य और प्रेरणादायक नाटक सहित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों की अतिथियों एवं अभिभावकों ने जमकर सराहना की।

शाला प्रवेश उत्सव के दौरान कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर और पुष्प अर्पित कर आत्मीय स्वागत किया गया। उन्हें छत्तीसगढ़ शासन की ओर से निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को संवार सकें। वहीं दूरस्थ क्षेत्रों से विद्यालय आने वाली कक्षा 9वीं की छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत साइकिलें प्रदान की गईं। अतिथियों ने छात्राओं को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा जीवन में ऊंचे लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि क्षेत्र की जनपद सदस्य श्रीमती प्रिया सुरेश जैन ने जनपद निधि से निर्मित विद्यालय परिसर के नए शेड का लोकार्पण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति (एसएमडीसी) के अध्यक्ष अमृत दास मानिकपुरी ने की। अपने संबोधन में श्रीमती प्रिया सुरेश जैन ने कहा कि विद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के हित से जुड़े हर कार्य में उनका पूरा सहयोग रहेगा तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

इस दौरान ग्राम पंचायत सरबकोंबो की सरपंच श्रीमती शशिकिरण एक्का, ग्राम पंचायत रामसमा की सरपंच श्रीमती आरती खाखा, ग्राम पंचायत साहीडाँड़ के सरपंच रतन साय , उपसरपंच सुरेश कुमार जैन, वार्ड पंच नंदकिशोर गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उपसरपंच सुरेश कुमार जैन ने विद्यालय के लिए तीन नए पंखे उपलब्ध कराने की घोषणा कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

संकुल के प्रधान पाठक नंदराम जांगड़े, वरिष्ठ शिक्षक विनोद कुमार वैद्य, विनोद राम चौहान सहित संकुल के सभी शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी समारोह में शामिल हुए। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि संस्कार, अनुशासन, व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों की पाठशाला भी है। विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन और कठिन परिश्रम को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया गया।

पूरा आयोजन संस्था के प्राचार्य महेश केरकेट्टा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मंच संचालन शिक्षक अमित कुमार जैन ने प्रभावी और आकर्षक शैली में किया। कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ शिक्षक विनोद कुमार वैद्य ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर एसएमडीसी अध्यक्ष अमृत दास मानिकपुरी के सौजन्य से सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों के लिए स्नेहभोज का आयोजन किया गया। शिक्षा, सामाजिक सहभागिता और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ संपन्न हुआ यह शाला प्रवेश उत्सव क्षेत्र में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।

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ग्रामीण छात्रों तक पहुँचेगी एआई और रोबोटिक्स की शिक्षा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 'भावना दीदी की साइंस पाठशाला' मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब को दिखाई हरी झंडी

रायपुर 15 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने और विज्ञान आधारित शिक्षा को नई दिशा देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा परिसर से ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ के अंतर्गत संचालित निःशुल्क मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक मोबाइल लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों तक पहुँचकर विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), एयरोमॉडलिंग तथा ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए आवश्यक है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी आधुनिक विज्ञान और तकनीक की मुख्यधारा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ केवल एक मोबाइल लैब नहीं, बल्कि ग्रामीण विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने वाली अभिनव पहल है। यह बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज पूरी दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ड्रोन, डेटा साइंस और डिजिटल तकनीकों की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में यह आवश्यक है कि ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को भी इन उभरती हुई तकनीकों का ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि अवसरों में किसी प्रकार की असमानता न रहे और गाँव का बच्चा भी भविष्य की तकनीकों में उतना ही सक्षम बने जितना किसी महानगर का विद्यार्थी होता है।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य भी विद्यार्थियों में कौशल, नवाचार, प्रयोगधर्मिता और रचनात्मक सोच का विकास करना है। यह मोबाइल लैब उसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है, जो बच्चों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं सिखाएगी, बल्कि उन्हें नई तकनीकों के निर्माण और नवाचार की दिशा में भी प्रेरित करेगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का युग है तथा बच्चों को समय के साथ नई तकनीकों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ जैसी अभिनव पहल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी वही अवसर उपलब्ध कराएगी, जो बड़े शहरों के विद्यार्थियों को मिलते हैं। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी, नवाचार की सोच विकसित होगी और वे आधुनिक तकनीकों को समझने के साथ उनका व्यावहारिक उपयोग भी सीख सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मोबाइल लैब के माध्यम से विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्वयं ड्रोन उड़ाने, रोबोट संचालित करने, 3डी मॉडल तैयार करने और आधुनिक उपकरणों पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण प्रतिभाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ भविष्य के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की मजबूत नींव तैयार करेगी।

उन्होंने पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, नवाचार और युवा प्रतिभाओं के विकास के लिए निरंतर नए प्रयास कर रही हैं। यह मोबाइल साइंस लैब भी उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है, जो आने वाले समय में हजारों विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।

*मोबाइल लैब की तकनीकी सुविधाओं का किया अवलोकन*

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब का अवलोकन किया। प्रशिक्षकों ने उन्हें लैब में उपलब्ध विभिन्न उपकरणों, प्रशिक्षण मॉड्यूल और शिक्षण प्रणाली की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विशेष रुचि लेते हुए एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और अन्य तकनीकी उपकरणों का स्वयं निरीक्षण किया तथा यह जाना कि विद्यार्थी किस प्रकार इन तकनीकों को व्यवहारिक रूप से सीखेंगे। उन्होंने इसे ग्रामीण प्रतिभाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने वाला अभिनव और प्रेरणादायी प्रयास बताया। उन्होंने लैब में प्रदर्शित विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल का अवलोकन करते हुए प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण प्रक्रिया की जानकारी ली और बच्चों को मिलने वाले व्यावहारिक अनुभव की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रयोग आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ाती है।

*एक वर्ष में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँचेगी तकनीकी शिक्षा*

उल्लेखनीय है कि यह मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों तथा सरस्वती शिशु मंदिरों में जाकर प्रशिक्षण प्रदान करेगी। पाँच अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम प्रत्येक विद्यालय में तीन से पाँच दिनों की कार्यशाला आयोजित करेगी, जिसमें विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स  तथा AR/VR जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पहले वर्ष में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों तक तकनीकी शिक्षा पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि आगामी चरणों में अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

इस मोबाइल लैब की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हैंड्स-ऑन लर्निंग पद्धति है। विद्यार्थी स्वयं ड्रोन उड़ाना, रोबोट संचालित करना, कोडिंग करना, 3डी मॉडल तैयार करना तथा AI और AR/VR जैसी तकनीकों का वास्तविक अनुभव प्राप्त करेंगे। इससे उनमें तकनीकी समझ, रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की भावना का विकास होगा।

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल लैब में स्थापित फीडबैक बोर्ड पर अपने विचार भी लिखे और इस अभिनव पहल की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

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सीएम हेल्पलाइन 1076 का असर: 24 घंटे में बना जाति प्रमाण पत्र, वर्षों से भटक रहे सेवक राम के परिवार को मिली राहत

रायपुर, 15 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्थापित पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव प्रदेशभर में दिखाई दे रहा है। आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 आज लोगों के लिए भरोसे का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम पतगवा के निवासी श्री सेवक राम की सफलता की कहानी इसी सुशासन का प्रेरणादायक उदाहरण है। श्री सेवक राम  अपने बच्चों के जाति एवं आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबे समय से संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। आवेदन करने के बावजूद विभिन्न कारणों से उनके बच्चों के प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे थे। इससे बच्चों को शैक्षणिक सुविधाओं, शासकीय योजनाओं तथा अन्य आवश्यक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। लगातार प्रयासों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से परिवार चिंतित था।
आखिरकार श्री सेवक राम ने अपनी समस्या सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई की। परिणामस्वरूप मात्र 24 घंटे के भीतर उनके बच्चों का जाति प्रमाण पत्र स्वीकृत कर जारी कर दिया गया। वर्षों से लंबित समस्या का इतने कम समय में समाधान होने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
अपनी समस्या के त्वरित निराकरण से भावुक हुए श्री सेवक राम  ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी समस्या का इतना शीघ्र समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले कई प्रयासों के बावजूद काम नहीं हो पाया था, लेकिन सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करने के बाद प्रशासन ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए समयबद्ध राहत प्रदान की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सीएम हेल्पलाइन 1076 केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं, बल्कि आम लोगों की उम्मीदों को पूरा करने वाला एक प्रभावी सुशासन तंत्र बन चुका है, जो प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को लगातार मजबूत कर रहा है।

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पूर्व पर्यटन महानिदेशक मीनाक्षी शर्मा छत्तीसगढ़ की पर्यटन छटा से हुईं अभिभूत, कहा— हर पर्यटक की यात्रा सूची में होना चाहिए यह राज्य

रायपुर, 15 जुलाई 2026।  भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की पूर्व महानिदेशक श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने पहली बार पर्यटक के रूप में छत्तीसगढ़ का विस्तृत भ्रमण कर प्रदेश के पर्यटन वैभव, प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और आत्मीय आतिथ्य की मुक्त कंठ से सराहना की। अपनी 14 दिवसीय यात्रा के दौरान उन्होंने प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया और कहा कि छत्तीसगढ़ ऐसा पर्यटन गंतव्य है, जहां प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, आध्यात्मिकता और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह प्रदेश देश के प्रत्येक पर्यटक की यात्रा सूची में अवश्य होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक भारत के पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने के बावजूद उन्हें पहली बार पर्यटक के रूप में छत्तीसगढ़ आने का अवसर मिला और यह यात्रा उनके लिए अत्यंत सुखद एवं अविस्मरणीय रही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने उन्हें सकारात्मक रूप से आश्चर्यचकित किया। यहां की प्राकृतिक संपदा, घने वन, विशाल जलप्रपात, प्राचीन मंदिर, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प और स्थानीय लोगों का आत्मीय व्यवहार इसे देश के सबसे विशिष्ट पर्यटन राज्यों में स्थान दिलाता है।

श्रीमती शर्मा ने अपनी यात्रा की शुरुआत रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन एवं जनजातीय संग्रहालय से की, जहां उन्होंने प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को निकट से देखा। इसके बाद उन्होंने कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर, मड़वा महल, छेरकी महल तथा आसपास के वन क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक परिवेश में स्थित भोरमदेव परिसर भारतीय स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत का अनुपम उदाहरण है।

यात्रा के अगले चरण में उन्होंने छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे  अमरकंटक पहुंचकर मां नर्मदा उद्गम स्थल, सायंकालीन आरती, कलचुरीकालीन मंदिर समूह, दूधधारा एवं कपिलधारा जलप्रपात, राजमेरगढ़, कबीर चबूतरा तथा जैन मंदिर का भ्रमण किया। उन्होंने इस क्षेत्र को आध्यात्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन का अद्वितीय संगम बताया। वापसी के दौरान उन्होंने रतनपुर स्थित मां महामाया शक्तिपीठ में दर्शन कर प्रदेश की समृद्ध धार्मिक परंपराओं का अनुभव प्राप्त किया।

बस्तर प्रवास के दौरान श्रीमती शर्मा ने विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, टाटामारी घाटी, कोंडागांव शिल्प ग्राम, नारायणपाल मंदिर, मेंदरी घुमर एवं तामड़ा घुमर जलप्रपात का भ्रमण किया तथा चित्रकोट में नौकायन का आनंद भी लिया। उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय कला विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखती है।

उन्होंने दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी शक्तिपीठ, प्राचीन मंदिरों के नगर बारसूर, जगदलपुर पुरातत्व संग्रहालय, बस्तर राजमहल तथा स्थानीय हस्तशिल्प केंद्रों का भी अवलोकन किया। उन्होंने बस्तर की ढोकरा कला, बेलमेटल शिल्प, बांस एवं लकड़ी की कलाकृतियों को स्थानीय संस्कृति की जीवंत पहचान बताते हुए कहा कि यहां का हस्तशिल्प विश्व स्तर पर विशेष पहचान बनाने की क्षमता रखता है।

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में उन्होंने तीरथगढ़ जलप्रपात, कुटुमसर गुफाएं, धुड़मारास, बांस राफ्टिंग तथा केचला क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और साहसिक पर्यटन के प्रेमियों के लिए यह क्षेत्र किसी स्वर्ग से कम नहीं है। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ओडिशा के जैपुर, कोलाब बांध, जगन्नाथ मंदिर, कोरापुट कॉफी प्लांटेशन, देओमाली पर्वत, दुदमा जलप्रपात, बोंडा जनजातीय बाजार तथा कोटपाड़ बुनकर ग्राम का भी भ्रमण किया, जिससे बस्तर और कोरापुट क्षेत्र की साझा सांस्कृतिक विरासत को निकट से समझने का अवसर मिला।

अपने अनुभव साझा करते हुए श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि पर्यटन केवल किसी स्थान को देखने का माध्यम नहीं, बल्कि वहां की संस्कृति, परंपराओं और लोगों से जुड़ने का अवसर भी होता है। इस दृष्टि से छत्तीसगढ़ अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहां आने वाला पर्यटक भीड़भाड़ से दूर प्रकृति की गोद में सुकून, आध्यात्मिक शांति और जनजातीय जीवन की मौलिकता का वास्तविक अनुभव प्राप्त करता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। यदि यहां के विशिष्ट और अपेक्षाकृत कम चर्चित पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए, तो यह राज्य देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सकता है। उन्होंने प्रदेश में विकसित हो रही पर्यटन अधोसंरचना, स्थानीय समुदाय की सहभागिता तथा पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी सराहना की।

श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने देश-विदेश के पर्यटकों से छत्तीसगढ़ आने का आग्रह करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति एक बार छत्तीसगढ़ आएगा, वह यहां की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन धरोहरों, जनजातीय जीवन, आत्मीय आतिथ्य और अविस्मरणीय अनुभवों की यादें हमेशा अपने साथ लेकर जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ अपनी मौलिक पहचान, अद्वितीय पर्यटन संसाधनों और सतत पर्यटन विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों के बल पर आने वाले वर्षों में भारत के सर्वाधिक आकर्षक पर्यटन गंतव्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

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सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर खनिज विभाग का बड़ा एक्शन, अवैध रेत-गिट्टी परिवहन में 6 ट्रैक्टर जब्त, कलेक्टर के निर्देश पर चला विशेष अभियान

रायपुर, 15 जुलाई 2026/  सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण की दिशा में लगातार की जा रही कार्रवाई का एक और प्रभावी उदाहरण सामने आया है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में ना नवपदस्थ कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के निर्देशानुसार जिला खनिज विभाग ने अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए रेत एवं गिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त छह ट्रैक्टरों को जब्त किया। यह कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर-1076) में प्राप्त शिकायत के आधार पर तत्काल जांच के बाद की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायत मिलते ही कलेक्टर ने जिला खनिज विभाग को त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के पालन में जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कोलबिर्रा एवं रुमगा क्षेत्र से रेत से भरे तीन ट्रैक्टर, खंता एवं पिपरिया क्षेत्र से रेत से भरे दो ट्रैक्टर तथा सधवानी क्षेत्र से गिट्टी से भरा एक ट्रैक्टर अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। सभी छह वाहनों को मौके पर जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
खनिज विभाग ने संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अर्थदंड एवं समझौता राशि खनिज मद में जमा किए जाने के बाद ही नियमानुसार जब्त वाहनों को मुक्त किया जाएगा। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ शासन के राजस्व हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतत निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज गतिविधियों की जानकारी मिलने पर सीएम हेल्पलाइन अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि तत्काल कार्रवाई कर नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इस कार्रवाई में सहायक खनि अधिकारी श्री आदित्य मानकर, खनि निरीक्षक श्री सुजीत कंवर, खनिज सिपाही श्री शिवकुमार लहरे तथा नगर सैनिक श्री सतीश साहू की सक्रिय  भूमिका रही।

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महतारी वंदन योजना से बस्तर की परंपरा को मिली नई उड़ान, तुपकी निर्माण से महिलाओं की बढ़ी आय और आत्मनिर्भरता

रायपुर, 15 जुलाई 2026/ महतारी वंदन योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि उनकी पारंपरिक आजीविकाओं और स्थानीय संस्कृति को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। प्रदेश के बस्तर अंचल में इसका एक प्रेरक उदाहरण देखने को मिला है, जहां बस्तर जिला के जगदलपुर विकासखंड के ग्राम मांझीगुड़ा की श्रीमती चंदा ने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग गोंचा पर्व में उपयोग होने वाली पारंपरिक तुपकी के निर्माण में किया है। इससे न केवल उनके परिवार की आय बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

बस्तर का प्रसिद्ध गोंचा पर्व धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। पर्व की तैयारियों के बीच चंदा अपने पति श्री चिगडू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बड़ी संख्या में तुपकी तैयार कर रही हैं। गोंचा पर्व के दौरान इन तुपकियों की विशेष मांग रहती है, जिससे परिवार को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
तुपकी बांस से बनाया जाने वाला बस्तर का पारंपरिक यंत्र है, जिसमें मलाग्नी वृक्ष के बीज (पेंगू) का उपयोग कर बन्दूक जैसी ध्वनि उत्पन्न की जाती है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान श्रद्धालु इसी तुपकी से पारंपरिक सलामी देते हैं। यह परंपरा वर्षों से बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा रही है और आज भी पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

श्रीमती चंदा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से प्रत्येक माह मिलने वाली राशि ने उन्हें आर्थिक आत्मविश्वास दिया। इसी सहायता से उन्होंने तुपकी निर्माण के लिए आवश्यक बांस और अन्य सामग्री खरीदी। अब पूरा परिवार इस कार्य में जुटा है और गोंचा पर्व के दौरान अच्छी आय होने की उम्मीद है।

उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने और अपनी पारंपरिक कला एवं कौशल को आजीविका से जोड़ने का अवसर भी है। इससे परिवार की आय बढ़ रही है और बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी हो रहा है।

गौरतलब है कि योजना के प्रारंभ से अब तक 29 किस्तों के माध्यम से 18 हजार 805 करोड़ रुपये
से अधिक की राशि महिलाओं को सीधे उनके खातों में उपलब्ध कराई जा चुकी है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

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दशकों की नक्सल हिंसा से विकास की नई राह तक: विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गिनाईं बस्तर में बदलाव की बड़ी उपलब्धियां, केंद्र के सहयोग, सुरक्षा बलों के पराक्रम और जनविश्वास को बताया सफलता का आधार

रायपुर 14 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में नक्सलवाद से मुक्ति के लिए केंद्र सरकार के ऐतिहासिक सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने दशकों तक नक्सल हिंसा के रूप में एक गंभीर चुनौती का सामना किया है। अब केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा बस्तर की जनता के विश्वास और सहयोग से प्रदेश इस चुनौती से निर्णायक रूप से मुक्त होकर शांति, सुरक्षा और विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि यह सफलता अनेक वर्षों के सतत प्रयासों, सुनियोजित रणनीति, सुरक्षा बलों के पराक्रम तथा आम नागरिकों के सहयोग का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका त्याग और समर्पण सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला पुलिस बल, विशेष सुरक्षा इकाइयों तथा अभियान में सहभागी सभी सुरक्षा एजेंसियों के साहस, समर्पण और व्यावसायिक दक्षता की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए समन्वित सुरक्षा एवं विकास आधारित रणनीति अपनाई। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा अभियानों की सतत समीक्षा, संसाधनों की उपलब्धता तथा केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया, जिससे अभियान को अपेक्षित गति मिली।

उन्होंने कहा कि 24 अगस्त 2024 को रायपुर में आयोजित नक्सल प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की उच्च स्तरीय बैठक के बाद नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई। इसके अनुरूप सुरक्षा अभियानों को गति देने के साथ-साथ विकास कार्यों का भी समानांतर विस्तार किया गया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भी अभियान की नियमित समीक्षा की। स्वयं उन्होंने बस्तर क्षेत्र का लगातार दौरा कर सुरक्षा बलों का उत्साहवर्धन किया तथा विभिन्न गांवों में पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ समाज के उन लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया, जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की इच्छा व्यक्त की। इसी उद्देश्य से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए व्यापक और मानवीय नीति लागू की गई।

उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता, भूमि, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराए गए। इससे बड़ी संख्या में लोगों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति का अभियान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी गई। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि जिन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है, वहां शासन की योजनाएं और बुनियादी सुविधाएं भी तेजी से पहुंचें, ताकि लोगों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन आए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब राज्य सरकार का पूरा ध्यान बस्तर के समग्र, समावेशी और दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है। इसके लिए 'बस्तर रोडमैप 2.0' तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से बस्तर को देश के अग्रणी जनजातीय संभाग के रूप में विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 'नियद नेल्ला नार 2.0' तथा 'बस्तर मुन्ने अभियान' के अंतर्गत 31 योजनाओं एवं 14 सामुदायिक सुविधाओं का संतृप्तिकरण (सेचुरेशन) मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे 5 हजार 542 गांवों के 39 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और शासन की सेवाएं अंतिम छोर तक पहुंचेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा शिविरों को अब बहुआयामी सेवा केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन्हें 'शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा' के रूप में विकसित करते हुए नागरिक सुविधाओं, जनसेवाओं और आजीविका गतिविधियों का केंद्र बनाया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत बस्तर के 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है। इससे नागरिकों को समयबद्ध एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 'नियद नेल्ला नार' योजना इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। इस योजना के अंतर्गत सुरक्षा कैंपों के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 525 गांवों में 17 विभागों की 43 व्यक्तिगत एवं सामुदायिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। इससे ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ एकीकृत रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है तथा प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का संतृप्तिकरण (सेचुरेशन) सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। इसके परिणामस्वरूप 6 लाख 79 हजार परिवारों के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। बस्तर संभाग में 17 लाख लोगों के जनधन खाते खोले जा चुके हैं।  24 लाख 66 हजार लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं।  22 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। 1 लाख 18 हजार लोगों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र प्रदान किए गए हैं। साथ ही 3 लाख 89 हजार किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जा चुके हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग में 1 लाख 76 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि  बस्तर संभाग के 240 नक्सल प्रभावित गांवों में पूर्व में बंद पड़े 458 विद्यालयों में से 421 विद्यालयों का पुनः संचालन प्रारंभ किया गया है तथा 36 नए विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार को भी तेज गति से आगे बढ़ा रही है। 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर कार्य जारी है, जिससे बस्तर की रेल संपर्क व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि जगदलपुर में हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया गया है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर हुई है।

उन्होंने कहा कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का निर्माण अंतिम चरण में है। यह परियोजना बस्तर को देश के प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई गति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए बस्तर संभाग के सभी विकासखंडों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि खेल एवं संस्कृति के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक तथा बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजन किए गए। इन आयोजनों में 4 लाख से अधिक लोगों की सहभागिता हुई, जिससे सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव और जनभागीदारी को नई मजबूती मिली।

उन्होंने गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव के नक्सल उन्मूलन की लड़ाई में योगदान की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना नहीं है, बल्कि बस्तर के लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। सुरक्षा, विकास और जनकल्याण की एकीकृत रणनीति के माध्यम से बस्तर आज विश्वास, अवसर और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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ग्रह-नक्षत्रों की बदली चाल से किस राशि की चमकेगी किस्मत, किसे मिलेगा धन लाभ, करियर में सफलता और पारिवारिक सुख, जानिए मेष से मीन तक का राशिफल

मेष:
आज का दिन आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जबकि व्यापारियों के लिए नए सौदे लाभदायक साबित हो सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी शुभ समाचार से घर का माहौल आनंदमय होगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खानपान में लापरवाही न करें। शुभ रंग- लाल, शुभ अंक- 9।

वृषभ:
आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें आप कुशलता से निभाएंगे। व्यापार में पुराने निवेश का लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। मित्रों से मुलाकात हो सकती है। सेहत के लिहाज से पर्याप्त आराम करें और तनाव से बचें। शुभ रंग- सफेद, शुभ अंक- 6।

मिथुन:
आज का दिन नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए अनुकूल रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति से मार्गदर्शन मिलने से भविष्य की योजनाओं को नई दिशा मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है। यात्रा के योग बन सकते हैं, जो लाभदायक रहेंगे। शुभ रंग- हरा, शुभ अंक- 5।

कर्क:
भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। पारिवारिक मामलों में धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की चर्चा हो सकती है। व्यापार में नई साझेदारी सोच-समझकर करें। किसी पुराने मित्र से मुलाकात सुखद रहेगी। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, विशेषकर पेट संबंधी परेशानियों से बचाव करें। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। शुभ रंग- क्रीम, शुभ अंक- 2।

सिंह:
आज आपका प्रभाव और सम्मान बढ़ेगा। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिल सकती है। नौकरी में नई उपलब्धि मिलने के योग हैं। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल होंगी। परिवार में मांगलिक कार्य की रूपरेखा बन सकती है। प्रेम जीवन में विश्वास मजबूत होगा। आर्थिक लाभ के नए अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग- सुनहरा, शुभ अंक- 1।

कन्या:
आज मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल होंगी और अधिकारियों का विश्वास प्राप्त होगा। व्यापार में लाभ होगा तथा नए ग्राहक जुड़ सकते हैं। परिवार में किसी बुजुर्ग का आशीर्वाद मिलेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग- हरा, शुभ अंक- 5।

तुला:
आज संतुलित व्यवहार आपको हर क्षेत्र में सफलता दिलाएगा। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ की स्थिति रहेगी और पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव आएंगे। निवेश के लिए समय अनुकूल है, लेकिन विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। शुभ रंग- गुलाबी, शुभ अंक- 7।

वृश्चिक:
आज धैर्य और संयम बनाए रखना आवश्यक होगा। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आपकी सूझबूझ से समाधान निकल जाएगा। व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार में किसी सदस्य की सफलता से खुशी का माहौल रहेगा। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें और पर्याप्त पानी पिएं। शुभ रंग- मरून, शुभ अंक- 8।

धनु:
आज का दिन भाग्य का पूरा साथ दिलाने वाला रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और नए अवसर प्राप्त होंगे। नौकरी में पदोन्नति या स्थानांतरण की संभावना बन सकती है। व्यापार में बड़ा लाभ मिल सकता है। धार्मिक यात्रा के योग हैं। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा। शुभ रंग- पीला, शुभ अंक- 3।

मकर:
आज कार्यक्षेत्र में अनुशासन और मेहनत आपको सफलता दिलाएंगे। अधिकारियों का विश्वास बढ़ेगा और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल रहेंगी। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अत्यधिक काम के कारण थकान महसूस हो सकती है। शुभ रंग- नीला, शुभ अंक- 8।

कुंभ:
आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी और व्यवसाय में नए अवसर सामने आएंगे। मित्रों और सहयोगियों का पूरा साथ मिलेगा। आर्थिक लाभ के योग हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और किसी शुभ आयोजन की योजना बन सकती है। प्रेम संबंधों में पारदर्शिता बनाए रखें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन नियमित व्यायाम लाभदायक रहेगा। शुभ रंग- आसमानी, शुभ अंक- 4।

मीन:
आज का दिन आध्यात्मिक और मानसिक रूप से संतोष देने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ होगा तथा नई योजनाएं सफल होंगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा। किसी जरूरतमंद की सहायता करने से मन को शांति मिलेगी। शुभ रंग- पीला, शुभ अंक- 7।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ी सौगात, 10,160 वनवासी हितग्राहियों के खातों में पहुँची 1.39 करोड़ रुपये से अधिक की बोनस राशि

रायपुर, 14 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप वनवासी एवं तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का ऑनलाइन भुगतान किया गया। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मरवाही वनमंडल अंतर्गत पेण्ड्रारोड जिला लघु वनोपज सहकारी संघ के माध्यम से 9 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के 10 हजार 160 हितग्राहियों के बैंक खातों में 1 करोड़ 39 लाख 36 हजार 718 रुपये की राशि एमएफपी कलेक्शन एंड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से सीधे अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वनवासी समुदायों की आजीविका को सुदृढ़ करने, उन्हें समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में जिले में 6593 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण के आधार पर बोनस राशि का वितरण किया गया। पूरी भुगतान प्रक्रिया डिजिटल एवं पारदर्शी माध्यम से संपन्न होने से हितग्राहियों को बिना किसी विलंब के सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्राप्त हुई, जिससे संग्राहकों में प्रसन्नता का वातावरण है।

वनमंडल अधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक श्रीमती ग्रीष्मी चांद के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान से हजारों वनवासी परिवारों को आर्थिक राहत मिली है। प्राप्त बोनस राशि का उपयोग हितग्राही कृषि कार्यों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य आवश्यक घरेलू जरूरतों की पूर्ति में कर सकेंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए पारिश्रमिक का भुगतान 4 हजार रुपये प्रति मानक बोरा की दर से पहले ही किया जा चुका था। अब प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि के भुगतान से तेन्दूपत्ता संग्राहकों को अतिरिक्त आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है। इससे न केवल वनवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं हितग्राही-केंद्रित नीतियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से बोनस राशि उपलब्ध कराना इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है, जो वनवासी समुदाय के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय जोड़ रहा है।

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