भव्य कलश यात्रा के साथ जशपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब, सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ दिव्य शुभारंभ
वृंदावन से पधारे करुणा शंकर महाराज की अमृतवाणी से बहने लगी भागवत रसधारा, श्रोतागण हुए भावविभोर
ढोल-नगाड़ों और जय श्रीकृष्ण के घोष से भक्तिमय हुआ वातावरण, कदम-कदम पर छलकी श्रद्धा और समर्पण


जशपुरनगर 04 फरवरी 2026 :- विशाल कलश यात्रा के साथ ही सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा का यह आयोजन 11 फरवरी तक चलेगा। श्रद्वालुओं को कथा का रसपान कराने वृद्वावन के प्रसिद्व कथावाचक करूणा शंकर महाराज जशपुर पहुंचे हैं। कलश यात्रा में शामिल होने के लिए शहर और इसके आसपास के ग्रामीण अंचल से श्रद्वालु महिला पीले वस्त्र धारण कर पहुंची थी। महिलाओं ने शहर के सती उद्यान तालाब में स्थित पक्कीडांड़ी के पवित्र कुंड से कलश में जल भर कर बालाजी मंदिर में एकजुट हुई। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्य जजमान डा प्रजापति और उनकी धर्मपत्नी पूजा अर्चना कर,भगवान बालाजी का आर्शीर्वाद लेने के पश्चात कलश यात्रा श्रीहरि कीर्तन भवन के लिए रवाना हुई। देवी मंदिर से महाराजा चैक,हनुमान मंदिर चैक होते हुए कलश यात्रा श्री हरिकीर्तन भवन पहुंच कर संपन्न हुई। इस दौरान ढोल नगाड़े के साथ शहर भगवान श्रीकृष्ण,बालाजी और मां काली के जयकारे से गूंज रहा था। यहां कथाकार करूणा शंकर के नेतृत्व में पुरोहितों के दल ने पक्कीडांड़ी के पवित्र जल से पूजा व कथा स्थल का शुद्वीकरण करने के बाद देव स्थापना और संकल्प की प्रक्रिया पूरी कराई। कलश यात्रा के आयोजन में मातृ शक्ति का विशेष योगदान रहा।
कलश यात्रा के पश्चात विशाल भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, प्रसाद बन गया प्रेम और सेवा का प्रतीक
कलश यात्रा संपन्न होने के बाद श्रीहरि कीर्तन भवन में विशाला भंडारा का आयोजन किया गया। भंडारा में प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्वालुओं का तांता लगा रहा। दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ भंडारा शाम तक चलता रहा। आयोजन समिति के स्वयं सेवक श्रद्वालुओं को पूरी तन्मयता के साथ प्रसाद वितरण करते रहे।
