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बेहतर परीक्षा परिणाम और शिक्षा गुणवत्ता की दिशा में बड़ा कदम: कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में 'यशस्वी जशपुर' के तहत प्राचार्यों व विषय शिक्षकों का व्यापक उन्मुखीकरण प्रशिक्षण सम्पन्न

जशपुर नगर।
जिला कलेक्टर रोहित व्यास एवं ज़िला पंचायत के सीईओ अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन हेतु यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्राचार्यो के प्रशिक्षण के साथ हिंदी, संस्कृत, गणित एवं सामाजिक विज्ञान के विषय शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित हुआ। 
यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने प्राचार्यों को नेतृत्व क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास के विषय पर प्रशिक्षित किया। 
मास्टर ट्रेनर संजय दास के द्वारा मां सरस्वती की वंदना के साथ शिक्षकों की ब्रेनस्टॉर्मिंग से प्रशिक्षण के बाद खराब परीक्षा परिणाम के कारणो पर चर्चा हुई ‌।
नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने इस प्रशिक्षण में न केवल प्राचार्यों के ज्ञान को ताजा किया, बल्कि उन्हें एक बार फिर यह याद दिलाया कि स्कूल के शैक्षणिक प्रगति का निर्धारण प्राचार्य के कुशल नेतृत्व पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राचार्य न केवल विद्यार्थियों के भाग्य विधाता होते हैं, बल्कि वे पूरे विद्यालय के लिए एक रोल मॉडल भी होते हैं। उनका परिश्रम ही पूरे स्टाफ को प्रेरित करता है। जब प्राचार्य परिश्रमी होते हैं तो उनके अधीनस्थ भी उसी ऊर्जा के साथ कार्य करते हैं।   
कक्षा 10वीं में अध्यापन करने वाले व्याख्याताओं को उन्होंने केवल वेतन प्राप्त करने के उद्देश्य से नौकरी करने और कर्तव्यबोध के साथ सेवा देने के बीच का अंतर समझाया। उन्होंने बताया कि नौकरी में व्यक्ति मुख्यतः अपने दायित्वों की औपचारिक पूर्ति करता है, जबकि सेवाभाव से कार्य करने वाला शिक्षक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अपना लक्ष्य मानता है, वह अपने कार्य को मात्र रोजगार नहीं बल्कि समाज निर्माण की जिम्मेदारी समझकर करता है।
माइंड मैपिंग के अंतर्गत बेहतर प्रोडक्टिविटी के साथ कंफर्ट जोन से निकलकर कैसे ग्रोथ जोन में आकर विद्यालयीन शिक्षा गुणवत्ता वृद्धि की जा सकती है, के विषय पर भी संक्षिप्त चर्चा की गई। 
पूरे वर्ष भर की विद्यालय में अध्ययन- अध्यापन की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए यशस्वी जशपुर की एक्टिविटीज के विद्यालय में क्रियान्वयन पर बात की गई। बैकलॉग लर्निंग, छात्रों के मार्गदर्शन, प्रत्येक कालखंड में  अध्यापन, मूल्यांकन, नियमित उपस्थिति, गृहकार्य , पाठ्यक्रम पूर्णता, अंतिम कालखंड में उपचारात्मक कक्षा, प्रतिदिन के रिवीजन हेतु लर्निंग पॉइंट्स लिखते हुए विद्यार्थी दैनंदिनी लेखन पर भी बात की गई। 
मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा विद्यार्थियों को अच्छे से सीखने और बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए संबंधित विषय के कंटेंट पर चर्चा की गई। 
22 जून से प्रारंभ हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय , मास्टर ट्रेनर्स संजय दास, राजेन्द्र प्रेमी, विजय साहू, अश्विनी सिंह, सुभाष चौरसिया,  विनय कुमार मानिकपुरी, कुमुदिनी तिर्की,  प्रभा चौहान,  विंध्याचल शर्मा, दिलीप सिंह, भूमिका बाघव, कौशिल्या भट्टर, हितेंद्र साहनी  उपस्थित रहे ‌।

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अब हीरों की चमक से जगमगाएगा छत्तीसगढ़, बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में वैज्ञानिक आकलन के लिए लार्ज डायमीटर ड्रिलिंग होगी शुरू, देश के नए डायमंड हब बनने की बढ़ी उम्मीद

रायपुर, 27 जून 2026। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी देते हुए लार्ज डायमीटर (Large Diameter) ड्रिलिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया। यह कदम इस क्षेत्र में हीरे के वास्तविक भंडार का वैज्ञानिक आकलन करने और भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

बैठक में निदेशक मंडल ने परियोजना की अब तक की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। बड़े व्यास की ड्रिलिंग से किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरा भंडार का सटीक आकलन किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार होगी, जिसके आधार पर व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

एनसीएल के निदेशक मंडल की बैठक में श्री अमिताभ मुखर्जी, श्री आशीष चटर्जी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद, छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल, श्री उपेंद्र कुमार तथा श्री विनय कुमार उपस्थित रहे।

एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (51 प्रतिशत) तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (49 प्रतिशत) का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी अब तक लौह अयस्क परियोजनाओं पर केंद्रित रही है, लेकिन बलौदा-बेलमुंडी में प्राकृतिक हीरों की पुष्टि के बाद यह बहु-खनिज विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

एनसीएल द्वारा स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के माध्यम से किम्बरलाइट पाइप की पहचान की गई। इसके बाद लगभग 200 टन बल्क सैंपल का परीक्षण एनएमडीसी के पन्ना डायमंड प्रोसेसिंग प्लांट में किया गया, जहां 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे प्राप्त हुए। इससे इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि हो चुकी है।

बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख हीरा उत्पादक देशों के अनुभव बताते हैं कि प्रारंभिक चरण में इस प्रकार की सफलता भविष्य में बड़े व्यावसायिक भंडार मिलने का संकेत हो सकती है। इसलिए बलौदा-बेलमुंडी परियोजना को छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण खनिज परियोजना माना जा रहा है।

बैठक में राज्य की अन्य प्रमुख लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैलाडीला डिपॉजिट-4 में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 10 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष किया जाएगा। वहीं बैलाडीला डिपॉजिट-13 को एक करोड़ टन वार्षिक क्षमता के साथ विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है।

बैठक में यह भी दोहराया गया कि सभी परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष निदेशक श्री सौरभ सिंह ने कहा कि खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और उद्योगों का संतुलित विकास देश की आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। बलौदा-बेलमुंडी की हीरा परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित हो सकती है।

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शहीद एएसआई रामू राम नाग को मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की भावभीनी श्रद्धांजलि, माताजी से मिलकर अंत्योदय राशन कार्ड तत्काल जारी करने के दिए निर्देश

रायपुर , 27 जून 2026/
 महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले के जगरगुंडा स्थित शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्र की रक्षा एवं जनसेवा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने शहीद की माताजी से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान प्रदेश और देश की अमूल्य धरोहर है तथा उनके परिवारों का सम्मान और संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने संबंधित अधिकारियों को शहीद परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए शहीद की माताजी के लिए अंत्योदय राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण करने को कहा, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, विश्वास और शांति के नए युग की ओर अग्रसर है। ऐसे समय में प्रदेश के वीर सपूतों के त्याग और बलिदान को सदैव स्मरण रखना हम सभी का दायित्व है। शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

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जगरगुंडा सड़क मार्ग से पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं लक्ष्मी राजवाड़े, बदले बस्तर की नई तस्वीर का दिया संदेश

रायपुर, 27 जून 2026/
बस्तर अब भय और हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर विकास, विश्वास और जनसहभागिता के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। कभी नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे सुदूर अंचलों में अब शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आजीविका के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। इसी परिवर्तनशील बस्तर की तस्वीर को और सशक्त करने महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एक दिवसीय प्रवास पर सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूर्वर्ती और सिलगेर पहुंचीं।

विशेष महत्व की बात यह रही कि श्रीमती राजवाड़े सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं। वर्षों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में उनका आगमन विकास और शासन की संवेदनशील उपस्थिति का प्रतीक बनकर उभरा।
दौरे के दौरान मंत्री ने पूर्वर्ती एवं सिलगेर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया तथा अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रमों में शामिल होकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीय समय बिताया, ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी असुरक्षा और हिंसा के कारण चर्चा में रहते थे, वहीं आज महिला स्वावलंबन, शिक्षा, पोषण और सामाजिक विकास के केंद्र बन रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और नई संभावनाओं का सृजन कर रही हैं।

प्रवास के दौरान मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत जगरगुंडा स्थित कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनकी आजीविका, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

ग्रामीण महिलाओं ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि पहली बार कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से सीधे जगरगुंडा पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और संवाद करने आई हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल शासन के प्रति उनके विश्वास को और मजबूत करने वाली है तथा यह अनुभव कराती है कि विकास की मुख्यधारा अब वास्तव में उनके गांव तक पहुंच चुकी है।

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, स्थानीय जनसमर्थन और सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, स्थायित्व और समृद्धि का नया वातावरण निर्मित हुआ है। जगरगुंडा, पूर्वर्ती और सिलगेर जैसे क्षेत्रों में आज बच्चों की मुस्कान, महिलाओं का बढ़ता आत्मविश्वास और विकास की नई संभावनाएं बदलते बस्तर की सशक्त पहचान बन चुकी हैं।

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सुपोषण और हरियाली का संगम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी में लगाया मुनगा-पपीता, दिया जनभागीदारी का संदेश


रायपुर , 27 जून 2026/ महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बस्तर संभाग के सुकमा जिले के प्रवास के दौरान सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र, लस्केपारा (छिंदगढ़) की पोषण वाटिका में नन्हें बच्चों के साथ मुनगा एवं पपीता के पौधों का पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘‘हर-घर मुनगा, घर-घर सुपोषण’’ का संदेश देते हुए पौष्टिक आहार, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का आह्वान किया।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों को मुनगा और पपीता के पोषण संबंधी महत्व, इनके स्वास्थ्य लाभ तथा संतुलित आहार में उनकी उपयोगिता के बारे में सरल एवं रोचक तरीके से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के हाथों से भी पौधे लगवाए और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि मुनगा को "सुपोषण वृक्ष" के रूप में पहचान मिल चुकी है, क्योंकि इसकी पत्तियां, फलियां और फूल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं तथा कुपोषण की समस्या से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पपीता भी विटामिन एवं खनिज तत्वों का उत्कृष्ट स्रोत है, जो बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों के अभिभावकों से अपने घरों एवं आंगनों में मुनगा के पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक परिवार अपने आसपास पौष्टिक वृक्ष लगाए, तो घर के समीप ही पोषक आहार उपलब्ध होगा और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित होगी।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन, सुपोषित परिवार और हरित भविष्य हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य देने का संकल्प भी है।

राज्य सरकार द्वारा संचालित सुपोषण अभियान के अंतर्गत पोषण वाटिकाओं के माध्यम से बच्चों, किशोरियों और माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। बस्तर अंचल से शुरू हुआ यह संदेश प्रदेश में पोषण, स्वास्थ्य और हरियाली के प्रति जनजागरूकता का प्रभावी अभियान बनकर उभर रहा है।

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टिकैतगंज से उठी नशामुक्त भारत की बुलंद आवाज, युवाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर लिया समाज को नशे की गिरफ्त से मुक्त करने का संकल्प

जशपुरनगर। अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर जशपुर जिले के ग्राम टिकैतगंज में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। विवेकानंद युवा क्लब एवं 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम का नेतृत्व विवेकानंद युवा क्लब के हेमराज सिंह ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि नशा मुक्ति केवल एक दिवस का संदेश नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध बनाने का सतत अभियान है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार व गांव को भी इस सामाजिक बुराई से मुक्त करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें युवा और बुजुर्ग एक साथ मंच पर आए और नशे के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया। ग्राम के युवा विनोद मुंडा, नमिता भगत, प्रतिमा, नीतू, साधना, सोनिया तथा कविता गणेश्वरी भगत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नशामुक्त भारत के निर्माण की शपथ ली। 'मेरा युवा भारत' के स्वयंसेवक प्रयास लकड़ा की सक्रिय सहभागिता भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। इस अवसर पर विनोद मुंडा ने उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम अधिकारी संकेत मिथल ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि गांव-गांव में इस तरह के जनजागरूकता अभियान नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ मजबूत जनमत तैयार करेंगे। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी स्वयंसेवकों, युवाओं और ग्रामवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक भागीदारी और जनसहयोग से ही नशामुक्त भारत का सपना साकार हो सकेगा।

कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। पूरे आयोजन ने टिकैतगंज सहित आसपास के क्षेत्र में नशामुक्त समाज के निर्माण का सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश दिया।

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शनिदेव की कृपा से कई राशियों के खुलेंगे तरक्की के द्वार, कहीं मिलेगा धन लाभ तो कहीं बनेंगे नए रिश्ते; पढ़िए मेष से मीन तक सभी राशियों का राशिफल

27 जून 2026, शनिवार का दिन कर्म, अनुशासन, धैर्य और न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित है। आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए नौकरी, व्यापार, शिक्षा, प्रेम, पारिवारिक जीवन और आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत दे रही है। वहीं कुछ राशियों को जल्दबाजी, विवाद और अनावश्यक खर्च से बचने की सलाह है। यदि आप दिन की शुरुआत अपनी राशि के अनुसार योजना बनाकर करते हैं तो कई कार्य आसानी से पूरे हो सकते हैं।

मेष (Aries)

आज का दिन आपके आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि करेगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने लगेंगे। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों की नजर आपके काम पर रहेगी और आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। व्यापारियों को पुराने ग्राहकों के साथ-साथ नए संपर्क भी मिल सकते हैं। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत जारी रखनी चाहिए। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन गर्मी और थकान से बचें।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

वृषभ (Taurus)

आर्थिक दृष्टि से आज का दिन मजबूत रहेगा। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे भविष्य में लाभ होगा। व्यापार में निवेश करने के लिए समय अनुकूल है, लेकिन साझेदारी में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम की चर्चा हो सकती है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लगेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन तली-भुनी चीजों से बचें।

शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
उपाय: गरीबों को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें।

मिथुन (Gemini)

आज आपके लिए नए अवसरों का दिन है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापारियों को लाभदायक सौदे मिलने के योग हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात या फोन पर बातचीत मन को प्रसन्न करेगी। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। विद्यार्थियों को करियर संबंधी अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक मामलों में खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
उपाय: भगवान गणेश की पूजा करें।

कर्क (Cancer)

आज भावनाओं की बजाय विवेक से निर्णय लेना अधिक लाभदायक रहेगा। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। परिवार में किसी सदस्य की सफलता से खुशी मिलेगी। संपत्ति या वाहन खरीदने की योजना बन सकती है। व्यापार में सामान्य लाभ रहेगा। प्रेम संबंधों में पारदर्शिता बनाए रखें। विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करनी होगी। स्वास्थ्य में पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।

शुभ रंग: क्रीम
शुभ अंक: 2
उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

सिंह (Leo)

आज आपका व्यक्तित्व लोगों को प्रभावित करेगा। सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। नौकरी में उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में आय के नए स्रोत बन सकते हैं। राजनीति और समाजसेवा से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। परिवार में खुशियों का वातावरण रहेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1
उपाय: सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।

कन्या (Virgo)

आज मेहनत का पूरा फल मिलने के योग हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल होंगी। व्यापार में लाभ होगा और रुका हुआ भुगतान मिल सकता है। परिवार में किसी बुजुर्ग का मार्गदर्शन मिलेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम करें।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं।

तुला (Libra)

आज का दिन संतुलन और समझदारी से काम लेने का है। व्यापार में नए अनुबंध हो सकते हैं। नौकरी में सहयोगियों का साथ मिलेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
उपाय: मां लक्ष्मी की पूजा करें।

वृश्चिक (Scorpio)

आज धैर्य बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आएंगी लेकिन आप उन्हें सफलतापूर्वक पार कर लेंगे। व्यापार में बड़े निवेश से पहले सलाह लें। परिवार में विवाद से बचें। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां दूर होंगी। विद्यार्थियों को एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 9
उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करें।

धनु (Sagittarius)

भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की चर्चा हो सकती है। व्यापार में लाभ और नए ग्राहक मिलेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। प्रेम जीवन में मधुरता आएगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अत्यंत शुभ रहेगा।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें।

मकर (Capricorn)

अनुशासन और मेहनत आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी। नौकरी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में धीरे-धीरे लाभ बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 8
उपाय: काले तिल का दान करें।

कुंभ (Aquarius)

आज नए विचार और नई योजनाएं सफलता दिला सकती हैं। व्यापार में विस्तार होगा। नौकरी में अधिकारियों का विश्वास बढ़ेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4
उपाय: जरूरतमंदों को भोजन कराएं।

मीन (Pisces)

रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापार और नौकरी दोनों में लाभ के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में मनचाही सफलता मिल सकती है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा शुभ रहेगी।

शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 7
उपाय: भगवान विष्णु की पूजा कर पीले पुष्प अर्पित करे

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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का त्वरित एक्शन, सिर्फ दो घंटे में दोबारा सक्रिय हुआ आधार कार्ड, संजुक्ता पटेल को मिली बड़ी राहत; सुशासन का भरोसा बना आम जनता की ताकत

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी त्वरित जनसमस्या समाधान का सशक्त माध्यम: मात्र दो घंटे में पुनः सक्रिय हुआ संजुक्ता पटेल का आधार कार्ड

रायपुर, 26 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शासन की जनसेवा, सुशासन और जवाबदेही के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में जिले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का गंभीरता, संवेदनशीलता एवं समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को त्वरित राहत मिल रही है।

इसी क्रम में विकासखंड डभरा के ग्राम खोंधर निवासी श्रीमती संजुक्ता पटेल का आधार कार्ड तकनीकी कारणों से निष्क्रिय हो गया था। आधार कार्ड निष्क्रिय होने के कारण उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं आवश्यक सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या से परेशान होकर उनके पति श्री नरेंद्र पटेल ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन क्रमांक 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही ई-जिला प्रबंधक श्री दुष्यंत सोनी एवं आधार टीम ने तत्परता और संवेदनशीलता के साथ मामले का परीक्षण कर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की तथा मात्र दो घंटे के भीतर उनका निष्क्रिय आधार कार्ड पुनः सक्रिय करा दिया। इससे उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हुआ और शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का मार्ग भी सुगम हो गया।

श्रीमती संजुक्ता पटेल ने त्वरित कार्रवाई पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें समस्या के समाधान की उम्मीद थी, लेकिन इतनी शीघ्र कार्रवाई होने से वे अत्यंत संतुष्ट हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की प्रभावी कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि अब आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की संवेदनशील एवं जनहितैषी कार्यप्रणाली से जरूरतमंद लोगों को समय पर राहत मिल रही है, जिससे आम नागरिकों का शासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

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जिले के सभी नगरीय निकायों में 19 मनोनित पार्षदों की घोषणा, भाजपा संगठन को मिली नई ताकत, आदेश जारी होते ही बधाइयों और चर्चाओं का दौर तेज

जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने जशपुर जिले के सभी नगरीय निकायों में मनोनित पार्षदों की नियुक्ति की घोषणा कर दी है। जारी आदेश के अनुसार जिले की 2 नगरपालिका परिषद एवं 3 नगर पंचायतों में कुल 19 मनोनित पार्षदों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, वहीं भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

जारी सूची के अनुसार नगरपालिका परिषद जशपुर में संतोष सिंह, श्रीमती नीतू गुप्ता, राधेश्याम राम, ओम प्रकाश नायक एवं रूपेश सोनी को मनोनित पार्षद बनाया गया है। वहीं नगरपालिका परिषद पत्थलगांव में हरजीत सिंह भाटिया, अनिल मित्तल, अवधेश गुप्ता, सुनील अग्रवाल एवं भवानी शर्मा को यह दायित्व सौंपा गया है।
इसी प्रकार नगर पंचायत कोतबा में उमाशंकर भगत, श्रीमती शकीला कंवर एवं रोहित कुमार साहू, नगर पंचायत बगीचा में लोकनाथ यादव, हरि शंकर साय पैकरा एवं श्रीमती सुनीता शर्मा, तथा नगर पंचायत कुनकुरी में अभिषेक झा, श्रीमती लक्ष्मी बाई एवं चाणक्य कुमार चौहान को मनोनित पार्षद नियुक्त किया गया है।

मनोनयन की घोषणा के साथ ही जिलेभर में नवमनोनीत पार्षदों को शुभकामनाएं देने का सिलसिला शुरू हो गया। भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि सभी मनोनित पार्षद संगठन के सक्रिय एवं अनुभवी कार्यकर्ता हैं, जो अपने-अपने नगरीय निकायों में विकास कार्यों को गति देने के साथ जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से परिषद में उठाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इन नियुक्तियों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ नगरों के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

नगरीय निकायों में मनोनित पार्षदों की नियुक्ति को आगामी विकास योजनाओं और परिषदों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों को भी उम्मीद है कि नए मनोनित पार्षद नगरों की आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

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अब सिर्फ मकान नहीं, सड़क, पुल, सरकारी भवन और बड़ी विकास परियोजनाएं भी बनाएगा अधोसंरचना विकास मंडल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नए लोगो के साथ प्रदेश के विकास का नया विजन किया लॉन्च

रायपुर, 26 जून 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नया रायपुर स्थित सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नवीन लोगो का विमोचन किया। इस अवसर पर वर्ष 2025 के आवास मेले में आवास बुक करने वाले हितग्राहियों को लकी ड्रा के माध्यम से कार, स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी सहित विभिन्न पुरस्कार वितरित किए गए। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना  विकास मंडल का नया लोगो तैयार करने वाले श्री अंशुल कश्यप को शुभकामनाएं दी और प्रतियोगिता की पुरस्कार राशि ढाई लाख रुपए का चेक सौंपा। 

              मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार का अपना पक्का घर होने का सपना होता है और राज्य सरकार इस सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व में केवल गृह निर्माण तक सीमित रहा मंडल अब अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आर्थिक चुनौतियों से उबरते हुए मंडल ने लगभग 7,388 संपत्तियों का विक्रय कर 1,532 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग, मंडल के अध्यक्ष तथा पूरी टीम को बधाई दी।
              मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों और वायदों को तेजी से पूरा किया है। सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। आज प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद साढ़े दस लाख से अधिक परिवार के आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 नए आवास तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से 15 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराए गए हैं तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी विशेष आवास योजना संचालित की जा रही है।
             मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन हमारे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'सेवा सेतु' के माध्यम से 450 से अधिक शासकीय सेवाएं अब मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी प्रारंभ की गई है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कर समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 65 हजार घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के माध्यम से सरकार घर में सोलर संयंत्र लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी भी दे रही है और इन परिवारों लिए आने वाले समय में बिजली पूरी तरह मुफ्त हो जाएगी और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेच पाएंगें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से लंबित बिजली बिल के भुगतान का भी बड़ा अवसर दिया है और बिल पर लगने वाले सरचार्ज समेत आकर्षक छूट का प्रावधान किया है। श्री साय ने कहा कि सरकार न केवल जनहितैषी योजनाएं लागू कर रही है बल्कि सुशासन तिहार के माध्यम से उसका फीडबैक लेने लोगों के बीच भी गई। दो महीने लगातार जनता से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में सुधार का काम किया गया है। उन्होंने इस दौरान शासन की विभिन्न नवाचारी पहल की जानकारी देते हुए सुशासन और पारदर्शी सरकार के संकल्प को दोहराया।

            आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विभाग में व्यापक प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं। गृह निर्माण मंडल को अधोसंरचना विकास मंडल के रूप में नई पहचान देकर प्रदेश के पूंजीगत व्यय और विकास कार्यों में इसकी भूमिका का विस्तार किया गया है। मंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय करने वाले विभागों को वित्तीय और मानव संसाधन के माध्यम से सक्षम बनाने का काम किया है ताकि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि अब किसी भी नई आवासीय परियोजना का निर्माण तभी प्रारंभ होगा जब पर्याप्त बुकिंग सुनिश्चित हो जाएगी, जिससे अनावश्यक निर्माण और वित्तीय जोखिम से बचा जा सके। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू कर वर्षों से लंबित संपत्तियों के विक्रय को गति दी तथा वित्तीय अनुशासन स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप मंडल की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और अब यह अधोसंरचना विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए तैयार है।
            मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मंडल ने नई कार्य संस्कृति अपनाई है। गृह निर्माण मंडल का विस्तार कर अधोसंरचना विकास मंडल बनाया जाना प्रदेश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने रिकॉर्ड संपत्तियों का विक्रय कर नई उपलब्धियां हासिल की हैं और भविष्य में मांग आधारित, गुणवत्तापूर्ण तथा वित्तीय रूप से व्यवहारिक परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।
           कार्यक्रम में लकी ड्रा के नौ विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। सारंगढ़ की श्रीमती पूजा बरेठ को प्रथम पुरस्कार के रूप में कार प्रदान की गई। इसके अलावा स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी सहित अन्य आकर्षक पुरस्कार भी वितरित किए गए।
         इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ,आयुक्त श्री अवनीश शरण, तथा विभाग एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और हितग्राही उपस्थित थे।

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गरीबों के सपनों को मिला पक्का आशियाना, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में बदल रही जिंदगी की तस्वीर, प्रधानमंत्री आवास योजना से अमृतलाल के परिवार को मिला सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली का नया जीवन

रायपुर, 26 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से हजारों परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी निवासी अमृतलाल का परिवार इसका प्रेरणादायी उदाहरण है। वर्षों तक कच्चे मिट्टी के मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला यह परिवार आज प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने मजबूत एवं सुरक्षित पक्के घर में सम्मान और खुशहाली के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है।
बीते 24 जून को पंडरीपानी में आयोजित विशेष ग्राम सभा के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे ने अमृतलाल के नए आवास का अवलोकन किया। उन्होंने परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अमृतलाल ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मिट्टी के मकान में रहता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारों में सीलन आ जाती थी और पूरे परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और सुरक्षित जीवन जीना भी चुनौती बना रहता था। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि स्वयं पक्का मकान बनवा सकें।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने के बाद उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। योजना की सहायता से उन्हें मजबूत, सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्का घर मिला। अब बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों से पूरी तरह राहत मिल गई है। स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलने से परिवार की जीवनशैली में उल्लेखनीय सुधार आया है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है और पूरे परिवार में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है।
अमृतलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीबों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को केवल पक्का घर ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का भरोसा भी दिया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प को साकार करते हुए प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली और नई उम्मीद का आधार बन रही है।

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"जो एआई को अपनाएगा वही करेगा भविष्य पर राज"— वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का युवाओं को बड़ा संदेश, बोले- तकनीक से डरेंगे तो दौड़ में रह जाएंगे पीछे, नवाचार अपनाकर बनें कल के नेता

रायपुर, 26 जून 2026/ वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज (एमएआईसी) द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन "Artificial Intelligence & Digital Transformation: Opportunities, Challenges and Future Impact" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर युवाओं का आह्वान किया कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों से भयभीत होने के बजाय उन्हें अपने भविष्य के निर्माण का सबसे बड़ा अवसर मानें।

अपने संबोधन में मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आज पूरी दुनिया तेजी से ज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। भारत का स्वर्णिम इतिहास भी ज्ञान, शिक्षा और नवाचार की नींव पर खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत लगभग 1600 वर्षों तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इसलिए रहा क्योंकि यहां शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को सर्वोच्च स्थान दिया गया।

मंत्री श्री चौधरी ने युवाओं से कहा कि आज दुनिया के सबसे सफल उद्योगपति और उद्यमी वे हैं जिन्होंने नए विचारों और नवाचार के बल पर अपनी पहचान बनाई है। एलन मस्क, एनवीडिया और एप्पल जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज तकनीक की शक्ति इतनी बड़ी हो चुकी है कि कई टेक्नोलॉजी कंपनियों का मूल्यांकन अनेक देशों की अर्थव्यवस्था से भी अधिक है। इसलिए युवाओं को समय रहते तकनीकी परिवर्तन को समझकर स्वयं को उसके अनुरूप तैयार करना होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि "जो एआई को अपनाएगा वही भविष्य का नेतृत्व करेगा। जो इससे दूर भागेगा, वह प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा।" उन्होंने कहा कि हर तकनीकी परिवर्तन चुनौतियां लेकर आता है, लेकिन वही परिवर्तन नए अवसर भी पैदा करता है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा इन अवसरों का लाभ उठाएं।

उन्होंने कहा कि एआई कई कार्यों को सरल बना सकता है, लेकिन मानवीय संवेदनशीलता, करुणा और मानवीय स्पर्श का विकल्प कभी नहीं बन सकता। इसलिए युवाओं को ऐसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना चाहिए जहां मानवीय मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, नर्सिंग और अन्य सेवा क्षेत्र।

मंत्री श्री चौधरी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ें तथा विश्वस्तरीय स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियां स्थापित करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और पूरी दुनिया में भारतीय तकनीकी नेतृत्व का लोहा माना जाता है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार भी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047" पर कार्य कर रही है। इस दिशा में नवा रायपुर को उभरते तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर यूनिट, एआई डाटा सेंटर तथा ट्रिपल आईटी में अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है।

कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज प्रबंधन, आयोजकों एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के युवा नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को मिली रफ्तार, 81 एकड़ में बन रहा आधुनिक टेक्सटाइल पार्क, हजारों परिवारों के लिए खुलेगा रोजगार का नया द्वार

रायपुर. 26 जून 2026. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नवा रायपुर को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के युवाओं और महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टेक्सटाइल पार्क में निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय की गंभीर कोशिशों से नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट लगने जा रही है। 235 करोड़ रुपए के निवेश से लगने वाली इस यूनिट से 4600 से अधिक लोगों को रोजगार का मौका मिलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने 25 जून को टेक्सटाइल पार्क की पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां अपनी मेन्युफेक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। कंपनी मुख्य रूप से बच्चों के कपड़े (किड्सवियर) और यूरोपीय व अमेरिकी बाजारों में निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए निट गारमेंट्स और कपड़े बनाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के टेक्सटाइल व गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर तैयार करने के विजन को साकार करने नवा रायपुर में 81 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र तथा सहायक उद्योगों के लिए सभी आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही हैं। इस टेक्सटाइल पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूमि आबंटित की जा चुकी है। इन तीनों इकाईयों द्वारा लगभग 445 करोड़ रुपए के निवेश से 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा नवा रायपुर में सर्वसुविधायुक्त टेक्सटाइल पार्क के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पॉवर सब-स्टेशन, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी कनेक्टीविटी, आधुनिक अधोसंरचना और सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क वस्त्र उद्योगों को एक आदर्श निवेश स्थल के रूप में आकर्षित कर रहा है।

राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल एवं रेडीमेड गारमेंट्स को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में विशेष प्राथमिकता दी है। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने महिला कर्मचारियों हेतु 6 हजार रुपए तथा पुरुष कर्मचारियों हेतु 5 हजार रुपए प्रतिमाह की रोजगार सहायता पांच वर्षों तक देने का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपु से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

*"नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं, विशेषकर महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मजबूत माध्यम बनेगा। हमारी सरकार यहां निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। हम छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे है। - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय"*

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अब बिना लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम सड़क पर दौड़ी यात्री बस तो होगी सीधी कार्रवाई, परिवहन विभाग ने 15 दिन का अल्टीमेटम जारी कर बस संचालकों को दी अंतिम चेतावनी

रायपुर, 25 जून 2026/ छत्तीसगढ़ में यात्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना और उसे सक्रिय रखना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर नियम का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

         परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने आज इंद्रावती भवन नवा रायपुर स्थित परिवहन कार्यालय में सभी बस संचालकों एवं विभाग द्वारा वीएलटीडी लगाने हेतु अधिकृत वेंडरों की संयुक्त बैठक लेकर यात्री बसो में स्थापित वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा है कि जिन बसों में अभी तक वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) नहीं लगी है, उनमें 15 दिनों के भीतर इसे अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। वहीं जिन बसों में यह उपकरण लगा हुआ है लेकिन संचालित नहीं है, उन्हें तत्काल चालू किया जाए।

          परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी में हुए भीषण सड़क हादसों के बाद सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।

           विभाग ने बताया कि राज्य मुख्यालय के कमांड एवं नियंत्रण केंद्र से सभी बसों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। उपग्रह आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि बस निर्धारित मार्ग पर चल रही है या नहीं तथा समय पर संचालन हो रहा है या नहीं। यात्रियों को भी संगवारी ऐप के जरिए बसों की वास्तविक समय की लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी।

          अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे और बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली स्थापित की जा रही है। इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी।

       उल्लेखनीय है कि वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एक ऐसी उपग्रह आधारित प्रणाली है, जो वाहन की हर पल की स्थिति और लोकेशन की जानकारी नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाती है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिन की मोहलत समाप्त होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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*सावन से पहले शिवभक्तों में भारी आक्रोश : शिव मंदिर जाने वाले रास्ते पर ट्रैक्टर से जुताई से भड़का जनाक्रोश, हजारों श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट का आरोप — ग्रामीणों ने वन विभाग को दी आंदोलन की चेतावनी, बादलखोल अभ्यारण्य में धार्मिक भावना आहत होने का मामला गरमाया*

56 साल पुराने शिवधाम तक पहुंचने वाले मार्ग पर घास बुआई की तैयारी से मचा बवाल, श्रद्धालुओं ने कहा- ‘रास्ता बंद करने की साजिश बर्दाश्त नहीं’, मौके पर पहुंचे अधिकारियों को सुननी पड़ी खरी-खरी 

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 सावन से पहले शिवभक्तों में उबाल, जिस रास्ते से हजारों श्रद्धालु करते हैं जलाभिषेक यात्रा उसी पर चली जुताई; ग्रामीण बोले- आस्था के मार्ग से खिलवाड़ बंद करे वन विभाग 

नारायणपुर 25 जून । बादलखोल अभ्यारण्य की नारायणपुर रेंज अंतर्गत साहीडाँड़ सर्किल के साजापानी स्थित लगभग 56 वर्ष पुराने शिव मंदिर को लेकर क्षेत्र में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर तक पहुंचने वाले पारंपरिक मार्ग पर वन विभाग द्वारा ट्रैक्टर से जुताई कर घास बीज बुआई की तैयारी किए जाने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कदम हजारों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़े मार्ग को प्रभावित करने वाला है और इससे श्रद्धालुओं की भावना आहत हुई है।

शिव मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग पर ट्रैक्टर से जुताई किए जाने के मामले ने न केवल धार्मिक आस्था से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि वन विभाग और ग्रामीणों के बीच बढ़ती दूरी को भी उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर रेंज के वर्तमान रेन्जर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनके पदभार ग्रहण करने के बाद से क्षेत्र में लगातार विवाद की स्थितियां निर्मित हो रही हैं और जनता के साथ समन्वय लगभग समाप्त हो गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार साजापानी स्थित यह शिव मंदिर वर्ष 1970 के आसपास स्थापित किया गया था, उस समय यह क्षेत्र अभ्यारण्य के अधीन नहीं था। बीते पांच दशकों से अधिक समय से यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। सावन माह में हजारों की संख्या में श्रद्धालु जल लेकर पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष अखंड कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन भी होते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस मार्ग से वर्षों से श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचते रहे हैं, उसी रास्ते पर वन विभाग द्वारा जुताई कर दी गई। आरोप है कि वन्य प्राणियों के लिए घास उगाने के नाम पर सड़क जैसी उपयोग में आने वाली भूमि को जोता गया, जिससे लोगों में यह आशंका पैदा हो गई कि मंदिर तक पहुंचने का रास्ता बाधित किया जा रहा है। मामले की जानकारी फैलते ही गांवों में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण तथा श्रद्धालु मौके पर पहुंच गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने मौके पर पहुंचकर वन विभाग की कार्रवाई का विरोध किया। स्थिति को देखते हुए विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान लोगों ने स्पष्ट रूप से अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि मंदिर जाने वाले रास्ते को किसी भी स्थिति में बंद नहीं होने दिया जाएगा। विरोध बढ़ने पर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान सड़क पर मुरुम डालकर मार्ग को व्यवस्थित करने की मांग उठाई गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद आवश्यक आदेश मिलने पर मार्ग पर मुरुम बिछाने की बात कही।

हालांकि ग्रामीण इस आश्वासन से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका कहना है कि यदि तय सीमा तक सड़क को पुनः सुगम नहीं बनाया गया तो वन विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और जन आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की कार्यप्रणाली के कारण लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इससे क्षेत्र में रोष बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि यह मार्ग अस्तित्व में नहीं था तो फिर मंदिर परिसर के आसपास पूर्व में वन विभाग द्वारा चबूतरे का निर्माण क्यों कराया गया, मंदिर के नाम से प्रवेश द्वार (गेट) क्यों बनाया गया और रास्ते में रपटा निर्माण जैसे कार्य क्यों किए गए। लोगों का कहना है कि इन निर्माण कार्यों से स्पष्ट है कि यह मार्ग वर्षों से उपयोग में रहा है और श्रद्धालुओं की आवाजाही का प्रमुख रास्ता है।

बच्छरांव सरपंच शंकर राम बरला ने जानकारी देते हुए बताया कि इस शिव मंदिर के लिए हम सभी श्रद्धालु मुख्यमंत्री से रंगमंच की मांग की गई ,जिस पर त्वरित कार्यवाही कर तत्काल रंगमंच बनाने हेतु  राशि पंचयात को भेजा गया। परन्तु काम शुरू होने से पहले ही वन विभाग के गेम रेन्जर नारायणपुर ने श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट पहुचाते हुए मुख्यमंत्री के दिये हुए काम पर रोक लगा दी है।जिसे लेकर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु  इस रेन्जर की कार्य शैली पर भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर तक पहुंचने वाले कच्चे मार्ग पर जुताई कर श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला कार्य किया गया है। उनका कहना है कि सावन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर से पहले इस प्रकार की कार्रवाई ने लोगों की भावनाओं को गहराई से प्रभावित किया है। क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चा और नाराजगी का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों ने ओर भी आरोप लगाते हुए बताया कि बादलखोल अभ्यारण्य की नारायणपुर रेंज में पिछले कुछ समय से विभिन्न मामलों को लेकर विवाद की स्थिति बनती रही है। उनका कहना है कि स्थानीय जनता और विभाग के बीच बेहतर समन्वय की कमी के कारण कई मुद्दों पर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। फिलहाल श्रद्धालु और ग्रामीण मंदिर मार्ग को पूर्ववत बनाए रखने की मांग पर अड़े हुए हैं और अब सभी की नजर वन विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है।

जंगल की खुदाई में मिला था स्वयं प्रकट शिवलिंग, आज हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र 

नारायणपुर रेंज के साजापानी स्थित शिव मंदिर की कहानी बेहद रोचक और आस्था से जुड़ी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब पांच दशक पहले जब इस क्षेत्र में जंगल की कटाई चल रही थी, तब कार्यस्थल के मुंशी जयभान राम को स्वप्न में संकेत मिला कि नौ बेल के झाड़ों के बीच जमीन के नीचे शिवलिंग विराजमान है। अगले दिन ग्रामीणों ने बताए गए स्थान पर खुदाई की तो वहां से स्वयं प्रकट शिवलिंग मिला। इसके बाद उस समय के जंगल ठेकेदार ने वहां एक छोटा मंदिर बनवाया, जो धीरे-धीरे क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र बन गया।

ग्रामीण इस शिवलिंग को कामना लिंग के रूप में पूजते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना यहां अवश्य पूर्ण होती है। सावन माह में हर वर्ष दूर-दराज के गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठता है

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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर किसान की एक शिकायत ने खोली खाद कालाबाजारी की पोल, सरगुजा में कृषि विभाग का ताबड़तोड़ छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त कर पूरा विक्रय केंद्र किया सील

रायपुर, 25 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार किसानों को निर्धारित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरगुजा जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर के नेहरूनगर (डीगमा) स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण कर 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए हैं तथा विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक कृषक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी कि नेहरूनगर (डीगमा) स्थित मेसर्स सरगुजा कृषि राय केंद्र द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ की।

जांच के दौरान शिकायतकर्ता किसान के बयान एवं ऑनलाइन भुगतान से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर जिला स्तरीय टीम ने 25 जून को संबंधित प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान परिसर में उपलब्ध 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए तथा संपूर्ण विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया। कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में स्पष्ट संदेश गया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री कुंवर साय पैंकरा, उर्वरक निरीक्षक श्री जे. आलम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री सीताराम भगत सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार निरीक्षण एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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मोबाइल बनेगा गणित का गुरु, फोन कॉल पर होगी पढ़ाई—‘जश-लर्न’ मिशन से अब गांव-गांव के बच्चों का दूर होगा मैथ्स का डर, शिक्षक घर बैठे देंगे व्यक्तिगत कोचिंग

नारायणपुर 25 जून। जशपुर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को गणित विषय में दक्ष बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल शुरू की है। कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित “जश-लर्न” मिशन के तहत अब स्कूल समय समाप्त होने के बाद शिक्षक मोबाइल फोन के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत गणितीय कोचिंग देंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के बच्चों की गणितीय क्षमता को मजबूत करना और उनके मन से गणित का भय दूर करना है।

इसी उद्देश्य से गुरुवार को मनोरा विकासखंड के सभी 30 संकुलों में संकुल समन्वयकों द्वारा प्राथमिक शालाओं में कार्यरत शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में शिक्षकों को कार्यक्रम की कार्यप्रणाली, विद्यार्थियों के चयन, फोन आधारित शिक्षण प्रक्रिया तथा सीखने के स्तर के मूल्यांकन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। जिला प्रशासन की यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

जानकारी के अनुसार “जश-लर्न” कार्यक्रम कर्नाटक में सफल रहे कनेक्टेड मॉडल पर आधारित है। इसके तहत प्रत्येक शिक्षक केवल तीन विद्यार्थियों को चयनित कर छह सप्ताह तक विशेष रूप से मार्गदर्शन देगा। इस अवधि को ‘सर्कल टाइम’ नाम दिया गया है। शिक्षक नियमित रूप से विद्यार्थियों अथवा उनके अभिभावकों को फोन कॉल कर बच्चों को गणित की बुनियादी अवधारणाएं समझाएंगे। प्रत्येक कॉल लगभग 30 मिनट से एक घंटे तक की होगी, जिसमें बच्चों की सीखने की गति और आवश्यकता के अनुसार व्यक्तिगत सहायता प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम का मुख्य फोकस गणित की मूलभूत संक्रियाओं जैसे जोड़, घटाव, गुणा और भाग को सरल एवं प्रभावी तरीके से सिखाना है। शिक्षा विभाग का मानना है कि कई विद्यार्थी उच्च कक्षाओं तक पहुंचने के बाद भी इन मूलभूत अवधारणाओं में कमजोर रह जाते हैं, जिससे आगे की पढ़ाई प्रभावित होती है। “जश-लर्न” मिशन इसी चुनौती का समाधान निकालने का प्रयास है, ताकि बच्चे गणित को समझें, उससे जुड़ें और दैनिक जीवन में उसका उपयोग आत्मविश्वास के साथ कर सकें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मनोरा विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पटेल भी शामिल हुए। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि “जश-लर्न” कार्यक्रम बच्चों में गणित विषय के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उनके सीखने के स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए दूरस्थ अंचलों के बच्चों तक भी गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहा तो जिले के हजारों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा और गणित जैसे चुनौतीपूर्ण विषय को लेकर बच्चों में आत्मविश्वास का नया वातावरण तैयार होगा। जिला प्रशासन की इस पहल को ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में नवाचार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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गांवों तक विकास की मजबूत डगर बिछाने में जुटा प्रशासन, पीएमजीएसवाई सड़कों और पुल-पुलियों की गुणवत्ता जांचने मैदान में उतरे अधीक्षण अभियंता, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश

नारायणपुर, 24 जून। ग्रामीण क्षेत्रों को पक्की और सर्व मौसमीय सड़कों से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाने की राज्य एवं केंद्र सरकार की प्राथमिकता को धरातल पर उतारने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। गांवों तक गुणवत्तापूर्ण सड़क, पुल-पुलिया और सुरक्षित आवागमन सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से विभाग लगातार निर्माण कार्यों की निगरानी कर रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के परियोजना मंडल क्रमांक-1 अंबिकापुर के अधीक्षण अभियंता श्री सोहन चन्द्र ने जशपुर जिले में निर्माणाधीन सड़कों एवं पुल-पुलियों का निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी मानकों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास की रीढ़ मानी जाने वाली सड़क परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा हर कार्य तय समय-सीमा में पूरा कर ग्रामीणों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

        छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के परियोजना मंडल क्रमांक-1 अंबिकापुर के अधीक्षण अभियंता श्री सोहन चन्द्र ने बुधवार को निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता ने विकासखंड दुलदुला अंतर्गत एल-0449 एनएच मुख्य मार्ग से कोरकोटोली तक प्रस्तावित 3.50 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन किया। मौके पर मिट्टी कार्य प्रगति पर पाया गया, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वर्षा ऋतु के प्रभाव से पहले सभी मिट्टी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

        उन्होंने कहा कि सड़क, पुल-पुलिया एवं कांक्रीट निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप किए जाएं। किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाए तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुरक्षित आवागमन सुविधा मिल सके।

         अधीक्षण अभियंता श्री सोहन चन्द्र ने निर्माण एजेंसियों को नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण सड़कें विकास की आधारभूत आवश्यकता हैं। ऐसे में निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी एवं संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने का भरोसा दिलाया।

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