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लोकतंत्र सेनानियों के त्याग को कभी नहीं भुलाया जा सकता : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, आपातकाल स्मृति दिवस पर लोकतंत्र रक्षकों का हुआ भव्य सम्मान

रायपुर, 28 जून 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।
           कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।
                 मुख्य वक्ता श्री कुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश - दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा। 
            मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। श्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है।                         

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था। श्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया। 
        विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।
         कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघ श्री कैलाश सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वर श्री अजय रामदास, श्री अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे। 
              कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर पर "आपातकाल कभी विस्मृत न हो" विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा के श्री सूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग के श्री अंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर "25 जून : संविधान हत्या दिवस" विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

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छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पूरे देश में प्रथम, मात्र 9 दिनों में 72% लक्ष्य पूरा, जांजगीर-चांपा प्रदेश में अव्वल

रायपुर 28 जून 2026/ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

प्रदेश ने न केवल हितग्राहियों के पंजीयन में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है, बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में भी सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, मैदानी अमले तथा सभी संबंधित हितधारकों के समन्वित और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।

विशेष अभियान के अंतर्गत जिला जांजगीर-चांपा ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु कल्याण के प्रति जिले की संवेदनशीलता, सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली को प्रतिबिंबित करती है।

 मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जबकि दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा शिशुओं के बेहतर पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, मैदानी अमले और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करने के साथ-साथ शिशुओं के स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रतिबद्धता, सतत निगरानी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं शिशुवती माता प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्राप्त कर सके।

उन्होंने प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं से अपील की कि वे 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण चरण में उन्हें शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

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मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप के लिए बढ़ी आवेदन की अंतिम तिथि, अब 7 जुलाई तक करें आवेदन; हर महीने मिलेंगे ₹50 हजार, सरकार उठाएगी पूरी ट्यूशन फीस का खर्च

रायपुर, 28 जून 2026/ तकनीकी शिक्षा को सुशासन और नवाचार से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप 2026 के अंतर्गत एम.टेक. (डाटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कार्यक्रम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 7 जुलाई 2026 कर दी गई है। पूर्व में आवेदन की अंतिम तिथि 1 जुलाई निर्धारित थी।

यह कार्यक्रम नवा रायपुर स्थित IIIT-NR में संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को प्रतिमाह ₹50,000 की फेलोशिप प्रदान की जाएगी। साथ ही उनकी ट्यूशन फीस का संपूर्ण व्यय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप कार्यक्रम की विशेषता यह है कि विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों में वास्तविक परियोजनाओं (Projects) पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डाटा साइंस के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा तथा शासन की डिजिटल सेवाओं और नवाचार आधारित पहलों में योगदान देने का अवसर भी मिलेगा।

इच्छुक अभ्यर्थी 7 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए IIIT-NR की वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण का अवलोकन किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-2474048 एवं 0771-2474182 पर संपर्क किया जा सकता है।

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मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सुनी गई 'मन की बात' की 135वीं कड़ी, बोले विष्णुदेव साय – जनभागीदारी से ही साकार होगा विकसित भारत का संकल्प

रायपुर 28 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 'मन की बात' आज जनता और नेतृत्व के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक कड़ी में देशभर से नवाचार, जनभागीदारी और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक कार्यों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि 'मन की बात' की अनेक कड़ियों में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा वर्षा जल के प्रत्येक बूंद के संरक्षण का संदेश देते हुए जल संचय को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। असम की महिलाओं द्वारा 'हरगिला आर्मी' के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनजागरूकता का प्रेरक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों का उल्लेख किया। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय एवं सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि डोमिनिकन रिपब्लिक में 'ब्रह्मकमल डोमिनिकाना' के सदस्य वैदिक साहित्य का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति से जुड़ रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इंद्रेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, श्री सच्चिदानंद उपासने, श्री अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रदेशवासियों से अपील: "पोलियो की दो बूंद से सुरक्षित होगा हर बच्चे का भविष्य", राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का किया आह्वान

रायपुर 28 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर माता-पिता एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि जब बात बच्चों के भविष्य की हो, तो हमारी छोटी-सी सावधानी भी बड़ा बदलाव ला सकती है। पोलियो की दो बूंद केवल एक दवा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक अभिभावक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास भी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की दो बूंद से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।

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घर में अकेली महिला से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत, विरोध करने पर जबरदस्ती की कोशिश; जशपुर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

जशपुर, 28 जून। जिले के लोदाम थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ उसके घर में घुसकर गलत नियत से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना लोदाम क्षेत्र के एक गांव की 34 वर्षीय महिला ने 26 जून को थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि 25 जून की सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच वह अपने घर में अकेली थी। इसी दौरान लोदाम क्षेत्र में ढाबा संचालित करने वाला आरोपी मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार (42 वर्ष) उसके घर में घुस आया।

शिकायत के मुताबिक आरोपी ने महिला के साथ गलत नियत से छेड़छाड़ करते हुए अश्लील हरकतें कीं। जब महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने समुदाय विशेष का नाम लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं और उसके पति को छोड़कर अपने साथ पत्नी बनकर रहने का दबाव बनाते हुए जबरदस्ती करने का प्रयास किया।

महिला ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया और घर से बाहर निकल गई। शोर सुनकर आसपास के लोगों के आने की आशंका से आरोपी मौके से फरार हो गया। बाद में महिला ने पूरी घटना की जानकारी अपने पति को दी और थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

शिकायत मिलते ही लोदाम पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। आरोपी मंजीत सिंह उर्फ बिल्ला सरदार के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 331(3), 296 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(ब) एवं 3(2)(V)(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने तथा पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जशपुर पुलिस पूरी तरह संवेदनशील है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जाएगी तथा किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि महिलाओं से जुड़े किसी भी अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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एकलव्य आदर्श विद्यालयों में कक्षा 6 प्रवेश के लिए चयनित विद्यार्थियों की सूची जारी, 30 जून से शुरू होगी काउंसिलिंग; जरूरी दस्तावेजों के साथ समय पर पहुंचने के निर्देश

*जशपुरनगर 28 जून 2026/* छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति, रायपुर द्वारा संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश हेतु आयोजित प्रावचयन परीक्षा 1 मार्च 2026 का परीक्षा परिणाम घोषित किया जा चुका है। 

उक्त परीक्षा के आधार पर मेरिट सूची राज्य कार्यालय द्वारा 22 जून 2026 को जारी की गई है। चयनित विद्यार्थियों की मेरिट सूची विभागीय वेबसाइट *eklavya.cg.nic.in* पर देखी जा सकती है। 

चयनित विद्यार्थियों की काउंसिलिंग 30 जून 2026 से 4 जुलाई 2026 तक जिले में संचालित 6 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में निर्धारित तिथियों में प्रातः 10:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक की जाएगी।

30 जून 2026 से 1 जुलाई 2026 तक विकासखण्ड स्तर पर निर्धारित सीटों के लिए, 2 जुलाई 2026 को जिला स्तर पर निर्धारित सीटों के लिए, 3 जुलाई 2026 को राज्य स्तर पर निर्धारित सीटों के लिए एवं 4 जुलाई 2026 को विशेष पिछड़ी जनजाति समूह *पीवीटीजी*, दिव्यांग विद्यार्थी, कोविड-19 में माता-पिता खोने वाले बच्चे, विधवा माता के बच्चे, दिव्यांग माता-पिता के बच्चे एवं अनाथ बच्चों के पालक आवश्यक दस्तावेज लेकर काउंसिलिंग स्थल पर उपस्थित होंगे।

काउंसिलिंग के लिए आवश्यक दस्तावेज - सक्षम अधिकारी द्वारा जारी मूल-निवास प्रमाण-पत्र, स्थायी जाति प्रमाण-पत्र, कक्षा 5वीं उत्तीर्ण की अंकसूची, आधार कार्ड, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण-पत्र, स्थानांतरण प्रमाण-पत्र, विद्यार्थी के 2 पासपोर्ट आकार के फोटो। सभी दस्तावेज मूल प्रति के साथ 2-2 छायाप्रति में लाना अनिवार्य है।

विशेष आरक्षण वर्ग के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थियों को पीवीटीजी विद्यार्थियों हेतु पीवीटीजी जनजाति प्रमाण पत्र, दिव्यांगता की स्थिति में मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, विद्यार्थी के माता-पिता की दिव्यांगता की स्थिति में मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं विधवा माता के पुत्र/पुत्री होने पर पिता का मृत्यु  प्रमाण पत्र तथा विधवा पेंशन हितग्राही प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।

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जशपुर की प्राकृतिक धरोहर रानीदाह: हरियाली, पहाड़, झरनों की कल-कल और लोककथाओं का अद्भुत संगम, प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं यह पर्यटन स्थल

जशपुर 28 जून 2026/छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की हरी-भरी पहाड़ियों और घने साल के जंगलों के बीच स्थित रानीदाह जलप्रपात जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता का एक अद्भुत प्रतीक है। यह झरना जशपुर नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ख़ूबसूरत सड़कों से होकर जब कोई इस स्थल तक पहुँचता है, तो सामने फैली हरियाली, चट्टानों से गिरता दूधिया जल और पक्षियों की आवाज़ें मिलकर एक अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करती हैं। बरसात के मौसम में रानीदाह अपने पूरे वैभव पर होती है, जब पानी कई धाराओं में बँटकर ऊँची चट्टानों से नीचे गिरता है। गर्मी के मौसम में जल प्रवाह भले थोड़ा कम हो जाए, लेकिन आसपास की प्राकृतिक शांति और वातावरण का सौंदर्य हमेशा समान रूप से मनमोहक रहता है।

रानीदाह जलप्रपात केवल प्राकृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि अपनी लोककथाओं और रहस्यमयी कहानियों के कारण भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि बहुत समय पहले ओडिशा की एक राजकुमारी, रानी शिरोमणि जशपुर की इन पहाड़ियों में आ पहुँची थीं। जब उसके पिता और पाँच भाई उनका पीछा करते हुए यहाँ पहुँचे, तो रानी ने अपमान और जबरन विवाह से बचने के लिए इसी गहरी खाई में छलांग लगा दी और अपने प्राण त्याग दिए। उसी समय से यह झरना “रानीदाह” के नाम से जाना जाने लगा, जिसका अर्थ है “रानी का जलप्रपात।” कहा जाता है कि झरने के पास स्थित कुछ चट्टानें “पाँच भैया” के नाम से जानी जाती हैं, जो रानी के भाइयों के प्रतीक माने जाते हैं। यह कथा आज भी स्थानीय लोगों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी सुनाई जाती है और इस स्थल को एक रहस्यमयी और भावनात्मक पहचान देती है।

पर्यटकों के लिए रानीदाह जलप्रपात एक शांत और मनोरम पिकनिक स्थल है।

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दुलदुला में सिकल सेल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की बड़ी पहल, 40 स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, मरीजों की समय पर पहचान और बेहतर उपचार पर रहा जोर


जशपुर 28 जून 2026/ जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के द्वारा विगत दिवस 27 जून (शनिवार) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला में सिकल सेल संगवारी टीम द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सिकल सेल विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला से बीएमओ डॉ. अंजली निराला, सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. दीपिका, बीपीएम स्वर्णलता तथा संगवारी टीम से डॉ. बैद्यनाथ देवनाथ, डॉ. गीत, सिकल सेल ट्रेनर (एडवाइजरी) नेहा जशपुर संगवारी टीम से जिला समन्वयक ज्योतिरादित्य सिंह, जानवी ठाकुर एवं सहायक जिला समन्वयक विक्रम प्रमाणिक उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण में कुल 40 स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया, जिनमें 05 चिकित्सक, 02 लैब टेक्नीशियन, 02 फार्मासिस्ट, 14 सीएचओ, 12 स्टाफ नर्स, 01 सुपरवाइजर, 01 काउंसलर तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।
प्रशिक्षण के दौरान सिकल सेल रोग की पहचान, जांच, उपचार, परामर्श, प्रबंधन एवं रोकथाम से संबंधित जानकारी सरल एवं व्यावहारिक तरीके से दी गई। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और उनके सुझाव भी प्राप्त किए गए। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता दिखाई तथा इस प्रकार के प्रशिक्षण को अपने दैनिक कार्य में उपयोगी बताया।

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जशपुर में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का आगाज़: विधायक रायमुनी भगत ने बच्चों को पिलाई पोलियो की दो बूंद, 1.15 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंचेगा सुरक्षा कवच

    जशपुरनगर, 28 जून 2026/ जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ आज जिला चिकित्सालय जशपुर से किया गया। विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने नवजात बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि "एक भी बच्चा छूटा, सुरक्षा चक्र टूटा" के संदेश को ध्यान में रखते हुए 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं।      
     कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, सिविल सर्जन डॉ. कपिल कश्यप, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह, बीईटीओ श्रीमती मनीषा कुजूर, एएनएम श्रीमती अरुणा सिंह, जिला वैक्सीन मैनेजर श्री एस.एल. सारथी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन, प्रभावी सुपरविजन एवं सतत मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, परिवहन तथा विद्युत विभाग को समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए हैं।
           
 *28 से 30 जून तक संचालित होगा राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान*

    राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान तीन दिनों तक संचालित किया जाएगा। प्रथम दिवस 28 जून को जिले के सभी पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा रही है। वहीं 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर ऐसे बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएगी, जो पहले दिन किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को पोलियो बूथ बनाया गया है। अभियान के संचालन के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों की टीम गठित की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि जिले की भौगोलिक परिस्थितियों एवं क्षेत्रीय आवश्यकता को देखते हुए इस वर्ष पोलियो बूथों की संख्या बढ़ाई गई है।
    जिले में कुल 1,205 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। इनमें पत्थलगांव में 192, फरसाबहार में 147, कांसाबेल में 84, बगीचा में 219, कुनकुरी में 152, दुलदुला में 92, मनोरा में 146 तथा जशपुर विकासखंड में 173 बूथ शामिल हैं। अभियान के संचालन के लिए 4,464 दलकर्मियों (स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन) की तैनाती की गई है, जबकि 224 सुपरवाइजर बूथों एवं गृह भ्रमण की निगरानी करेंगे। इसके अतिरिक्त जिले के 11 मेला एवं बाजार स्थलों का चिन्हांकन कर वहां विशेष व्यवस्था की गई है। बस स्टैंड, ईंट-भट्ठों तथा अन्य उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों को कवर करने के लिए 8 ट्रांजिट टीम एवं 9 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है, जो प्रवासी एवं छूटे हुए बच्चों तक पहुंचकर उन्हें पोलियो की खुराक पिलाएंगी।

  *1,15,726 बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक*

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1,15,726 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विकासखंडवार लक्षित बच्चों की संख्या में पत्थलगांव 26,089, फरसाबहार 14,673, कांसाबेल 10,273, बगीचा 23,446, कुनकुरी 12,984, दुलदुला 6,926, मनोरा 8,285 तथा जशपुर 13,049 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो मुक्त देश का प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ था। इस उपलब्धि को बनाए रखने तथा पोलियो वायरस की पुनः एंट्री रोकने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में इस वर्ष भी जिले में व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाकर इस जनस्वास्थ्य अभियान को सफल बनाएं।

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पहाड़ी कोरवा बस्ती में मोदी की 'मन की बात' का संदेश, जनपद उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने ग्रामीणों संग सुना प्रधानमंत्री का संबोधन, बोले— अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना ही मोदी सरकार का अटूट संकल्प

जशपुर/नारायणपुर । बगीचा विकासखंड के दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल पंडरीपानी पहाड़ी कोरवा बस्ती में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया गया। शाहिडांड शक्ति केंद्र अंतर्गत बूथ क्रमांक 23 में आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत बगीचा के उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर प्रधानमंत्री के संदेश को सुना और कार्यक्रम के बाद पहाड़ी कोरवा परिवारों से आत्मीय संवाद भी किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण, आत्मनिर्भर भारत, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा, नवाचार, युवा शक्ति और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। उपस्थित ग्रामीणों ने पूरे कार्यक्रम को गंभीरता से सुना और प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए संदेशों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी व्यक्त किया।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने पहाड़ी कोरवा समाज के महिला-पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों से अलग-अलग चर्चा कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय जरूरतों और विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों से उन्हें अवगत कराया। अरविंद गुप्ता ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।

उन्होंने ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि पात्र हितग्राही सभी योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन स्तर में सुधार लाएं और शासन की विकास यात्रा के सहभागी बनें।

इस अवसर पर अरविंद गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समाज के परिवारों का सामाजिक और आर्थिक उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, सड़क, बिजली और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 'मन की बात' आज केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों को राष्ट्रहित के कार्यों, सामाजिक सरोकारों और जनभागीदारी से जोड़ने वाला एक प्रभावशाली अभियान बन चुका है। इस कार्यक्रम के माध्यम से देशभर में हो रहे प्रेरणादायक प्रयासों की जानकारी लोगों तक पहुँचती है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भावना मजबूत होती है।

कार्यक्रम में उपस्थित पहाड़ी कोरवा समाज के लोगों ने भी प्रधानमंत्री के संदेशों की सराहना करते हुए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, सामाजिक सहभागिता और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें देशभर में हो रहे सकारात्मक कार्यों की जानकारी मिलती है और समाज के विकास में भागीदारी निभाने की नई प्रेरणा प्राप्त होती है।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पहाड़ी कोरवा समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और आत्मीयता का वातावरण बना रहा तथा ग्रामीणों ने विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता का संकल्प दोहराया।

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जून खत्म होने को, लेकिन नहीं बरसे बादल... नारायणपुर के किसानों पर गहराया खेती का संकट, सूखे खेतों में अटकी धान की बुआई-रोपाई, बेने-नारायणपुर निर्माणाधीन नहर से भी इस सीजन नहीं मिलेगी सिंचाई, मानसून की बेरुखी से आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ी

नारायणपुर। जून माह का अंतिम दिन चल रहा है, लेकिन नारायणपुर क्षेत्र सहित जिले भर में अब तक मानसून की अच्छी बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। हर वर्ष इस समय तक खेतों में धान की बुआई और तरहा तैयार करने का काम तेजी से चलने लगता है, लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी ने खेती-किसानी की पूरी रफ्तार थाम दी है। खेत सूखे पड़े हैं, मिट्टी में नमी नहीं है और किसान रोज आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं कि शायद आज बारिश हो जाए। हालांकि बादलों की आवाजाही के बावजूद पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसानों की उम्मीदें लगातार टूट रही हैं।

धान की खेती पूरी तरह मानसून पर आधारित मानी जाती है और जिले के अधिकांश किसान इसी फसल पर अपनी सालभर की आय के लिए निर्भर रहते हैं। समय पर बारिश नहीं होने के कारण किसान न तो पूरी तरह धान का तरहा तैयार कर पा रहे हैं और न ही खेतों में बुआई का काम शुरू हो पा रहा है। जिन किसानों ने किसी तरह धान का तरहा डाल दिया है, उन्हें डीजल पंप और बिजली के सहारे लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत तेजी से बढ़ रही है और छोटे तथा सीमांत किसानों की आर्थिक परेशानी और अधिक बढ़ गई है।

लगातार पड़ रही तेज धूप और उमस ने खेतों की नमी पूरी तरह खत्म कर दी है। किसान बताते हैं कि यदि अभी धान की नर्सरी तैयार भी कर ली जाए तो पर्याप्त पानी के अभाव में पौधों का विकास प्रभावित होगा। दूसरी ओर डीजल और बिजली से सिंचाई कर तरहा बचाए रखना भी हर किसान के बस की बात नहीं है। ऐसे में कई किसानों ने फिलहाल बुआई का निर्णय रोक रखा है और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

क्षेत्र के अनुभवी किसानों का कहना है कि धान की समय पर बुआई और रोपाई अच्छी पैदावार के लिए सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि रोपनी में अधिक देरी होती है तो पौधों की बढ़वार प्रभावित होती है, जिससे प्रति हेक्टेयर उत्पादन कम हो जाता है। यही कारण है कि जून के अंतिम सप्ताह तक भी पर्याप्त बारिश नहीं होना किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी वर्षा नहीं हुई तो धान की रोपाई का पूरा कार्यक्रम पीछे खिसक जाएगा और इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।

इस वर्ष नारायणपुर क्षेत्र के किसानों की परेशानी इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि बेने से निकलने वाली नारायणपुर नहर लंबे समय से जर्जर स्थिति में थी, जिसके सुधार के लिए साय सरकार ने बजट स्वीकृत कर मरम्मत एवं निर्माण कार्य शुरू कराया है। हालांकि नहर वर्तमान में निर्माणाधीन होने के कारण इस खरीफ सीजन में किसानों को उससे सिंचाई के लिए पानी मिलने की संभावना लगभग नहीं के बराबर है। ऐसे में नारायणपुर क्षेत्र के किसानों के पास सिंचाई का कोई वैकल्पिक साधन नहीं बचा है और पूरी खेती एक बार फिर मानसून की मेहरबानी पर ही निर्भर हो गई है।

बारिश नहीं होने से खेती का संकट अब केवल खेतों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यदि समय पर बुआई और रोपाई नहीं हो पाई तो उत्पादन घटेगा, जिससे किसानों की आमदनी प्रभावित होगी। खेती में पहले ही बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई की लागत बढ़ चुकी है। ऐसे में कम उत्पादन किसानों के लिए दोहरी मार साबित हो सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों हर चौपाल और खेत की मेड़ पर केवल बारिश की ही चर्चा हो रही है। किसान रोज मौसम का हाल जान रहे हैं और अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कई किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में मानसून ने रफ्तार नहीं पकड़ी तो धान की खेती पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। वहीं कृषि जानकार भी किसानों को मौसम के अनुसार वैज्ञानिक सलाह अपनाने, उपलब्ध जल का बेहतर उपयोग करने और कम अवधि वाली धान किस्मों पर विचार करने की सलाह दे रहे हैं, ताकि कम बारिश की स्थिति में भी नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके।

फिलहाल नारायणपुर क्षेत्र के किसानों की नजरें केवल आसमान पर टिकी हैं। हर गुजरते दिन के साथ चिंता बढ़ रही है। अब यह देखना होगा कि मानसून कब मेहरबान होता है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो बुआई और रोपाई में देरी के साथ-साथ धान उत्पादन पर भी व्यापक असर पड़ सकता है और इसका सीधा प्रभाव किसानों की आजीविका तथा क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल सकता है।

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सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील सोच और सुशासन के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गढ़ रहे विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर

  विशेष लेख : तेजबहादुर सिंह भुवाल, सहा. जनसंपर्क अधिकारी

रायपुर, 28 जून 2026
किसान परिवार से निकलकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के सर्वाेच्च नेतृत्व तक पहुंचने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने सरल व्यक्तित्व, विनम्र व्यवहार और जनसेवा की भावना से जनता के बीच एक अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री श्री साय का सार्वजनिक जीवन सादगी, जनसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। लंबे समय तक जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, वनवासियों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की समस्याओं को निकट से समझा और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। सत्ता के शीर्ष पद पर होने के बावजूद उनकी सादगी और सहजता आज भी उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री श्री साय आम जनता से सीधे संवाद को लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। जनदर्शन, सुशासन तिहार और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से वे स्वयं लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करते हैं। बुजुर्गों के प्रति सम्मान, बच्चों के प्रति स्नेह तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्परता उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान है। 
आदिवासी समाज से आने वाले मुख्यमंत्री श्री साय अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से गहराई से जुड़े हुए हैं। गांवों में बैठकर लोगों से चर्चा करना, उनकी समस्याओं को समझना और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। 
पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने जनकल्याण, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, अधोसंरचना, निवेश और सुशासन के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा है। 
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 8,200 करोड़ रूपये का बजट महतारी वंदन योजना के लिए आवंटित किया है। महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिलाओं के स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो लाखों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार ला रही है। 
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं। राज्य सरकार ने धान खरीदी को प्राथमिकता देते हुए किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की तथा लाखों किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाया। 
प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने बड़ी पहल करते हुए लाखों आवासों को स्वीकृति प्रदान की। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तेज गति से चल रहे निर्माण कार्यों के चलते प्रदेश में लाखों जरूरतमंद परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।
बस्तर के जंगलों में उत्पादित होने वाले तेंदूपत्ता, आदिवासी समाज की जिंदगी का अहम हिस्सा है। इसी तेंदूपत्ता के सहारे हजारों गांवों में गर्मियों के महीनों में रोज़गार मिलता है। इस काम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल होती हैं, जिससे परिवार की कुल आय में संतुलन बनता है। यही वजह है कि तेंदूपत्ता संग्रहण को सरकार ग्रामीण रोजगार का मजबूत जरिया मानती है। राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ी रहत देते हुए तेंदूपत्ता संग्रहण दर में अहम बदलाव किया है। पूर्व में मिलने वाली राशि को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये किया है। यह बढ़ोतरी सीधे-सीधे संग्राहकों लाभ पहुंचा रही है। जानकारों के अनुसार पहले बढ़ती महंगाई के मुकाबले संग्रहण की दर कम पड़ रही थी, लेकिन नई दर से मजदूरी और मेहनत का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशील पुनर्वास और विकास पर भी समान रूप से कार्य कर रही है। नक्सली सरेंडर, विक्टिम रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी-2025 के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर तथा आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक और मुख्यधारा से जुड़ा जीवन प्रदान किया जा रहा है।
एक नवंबर 2024 से लागू छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 राज्य को निवेश और उद्योगों के लिए नई पहचान दे रही है। न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन के सिद्धांत पर आधारित यह नीति उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाती है।
व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन, समयबद्ध स्वीकृति और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इससे उद्यमियों को कम समय में आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त हो रही हैं और कारोबार करने में सुगमता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मजबूत और आधुनिक परिवहन नेटवर्क के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य में रेल, सड़क और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे उद्योग, व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम हुई है।
छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों का निरंतर उन्नयन, नई सड़कों और पुलों का निर्माण तथा दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के प्रयासों ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। इससे माल परिवहन की लागत और समय में कमी आई है, जिससे उद्योगों और निवेशकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
राज्य शासन की पहल से रेल नेटवर्क के विस्तार और नई रेल परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों, खनिज संपदा वाले इलाकों और प्रमुख शहरों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, हवाई सेवाओं के विस्तार, नए एयर रूट और बेहतर विमानन सुविधाओं से राज्य की राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच और भी मजबूत हुई है। बेहतर परिवहन अवसंरचना के कारण छत्तीसगढ़ आज निवेश, व्यापार और पर्यटन के लिए अधिक आकर्षक बन रहा है। यह मजबूत कनेक्टिविटी राज्य के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ रोजगार और क्षेत्रीय विकास के नए अवसर भी सृजित कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए प्रशासनिक जवाबदेही को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। योजनाओं में लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को शासन की आधारशिला बनाया है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और जन-केंद्रित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित जांच, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई, तथा अनियमितताओं में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की निगरानी को तकनीक आधारित बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हुई हैं। इसके लिए ई-ऑफिस, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-गवर्नेंस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाया गया है। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश में कही भी औचक निरीक्षण की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला प्रशासन द्वारा नियमित औचक निरीक्षणों के माध्यम से जिलों के सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, राशन दुकानों और विभिन्न विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया जा रहा है।
इन निरीक्षणों के दौरान लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में तत्काल कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। इससे प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन बढ़ा है और अधिकारियों की जवाबदेही पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।
औचक निरीक्षणों के परिणामस्वरूप सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार आया है तथा जनता का शासन व्यवस्था पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
सुशासन की इसी कार्य पद्धति के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करे तथा शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समय पर और प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुँचाना है। सुशासन, पारदर्शिता, निवेश, अधोसंरचना, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार और औद्योगिक विकास को केंद्र में रखकर राज्य में व्यापक परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति, बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क, डिजिटल शासन, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, किसानों और महिलाओं के हित में लागू योजनाएँ तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।
राज्य सरकार का संकल्प है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित एवं समावेशी प्रगति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
विकसित छत्तीसगढ़ का यह अभियान केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना के माध्यम से एक समृद्ध, आत्मनिर्भर, सशक्त और खुशहाल छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य निरंतर नए अवसरों, नई उपलब्धियों और नई संभावनाओं के साथ विकास की नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील हृदय और सशक्त नेतृत्व यही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहचान है, जो छत्तीसगढ़ को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर कर रही है।

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राशिफल: आज किस राशि पर होगी सूर्यदेव की विशेष कृपा, किसे मिलेगा धन लाभ, किसके करियर में खुलेगी सफलता की नई राह, किसके रिश्तों में आएगी मिठास और किसे रहना होगा सावधान—जानिए मेष से मीन तक सभी राशियों का राशिफल

♈ मेष राशि

आज का दिन आपके लिए ऊर्जा, आत्मविश्वास और नई संभावनाओं से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा तथा नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों के लिए नए ग्राहकों और नए सौदों से लाभ के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, हालांकि अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहतर रहेगा।

पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। जीवनसाथी के साथ रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। प्रेम संबंधों में विश्वास मजबूत होगा। विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं और पढ़ाई में सफलता के योग हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक भागदौड़ से थकान हो सकती है।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
उपाय: सूर्यदेव को जल अर्पित करें और गुड़ का दान करें।

♉ वृषभ राशि

आज धैर्य और समझदारी से लिए गए निर्णय आपके लिए लाभदायक साबित होंगे। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां आएंगी, लेकिन आपकी सूझबूझ से उनका समाधान निकल जाएगा। व्यापार में पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें और बड़े निवेश सोच-समझकर करें।

परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। किसी रिश्तेदार से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। प्रेम संबंधों में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद से बचें। स्वास्थ्य में पेट संबंधी परेशानी हो सकती है, इसलिए खान-पान पर विशेष ध्यान दें।

शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
उपाय: भगवान शिव को सफेद पुष्प अर्पित करें।

♊ मिथुन राशि

आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता आपको सफलता दिलाएगी। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। व्यापारियों को अच्छा लाभ मिलेगा। नए लोगों से संपर्क भविष्य में लाभदायक सिद्ध होंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है।

परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम भी करें।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
उपाय: हरी मूंग का दान करें।

♋ कर्क राशि

आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना आवश्यक होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी, लेकिन किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें। व्यापार में सामान्य लाभ रहेगा। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी।

परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बनाए रखें। स्वास्थ्य में सर्दी, खांसी या थकान की समस्या हो सकती है।

शुभ रंग: क्रीम
शुभ अंक: 2
उपाय: चावल का दान करें और चंद्रदेव की पूजा करें।

♌ सिंह राशि

भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। लंबे समय से रुका हुआ कार्य पूरा होने से मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी और व्यापार दोनों में उन्नति के योग हैं। आर्थिक लाभ मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं।

परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। संतान पक्ष से अच्छी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1
उपाय: तांबे के पात्र से सूर्यदेव को जल अर्पित करें।

♍ कन्या राशि

आज आपकी मेहनत और अनुशासन आपको सफलता दिलाएंगे। कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। नौकरी में पदोन्नति के संकेत हैं। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। आर्थिक लाभ होने से मन प्रसन्न रहेगा।

परिवार में धार्मिक आयोजन हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 7
उपाय: गणेश जी की पूजा करें।

♎ तुला राशि

आज संतुलित व्यवहार आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेगा। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का साथ मिलेगा। व्यापार में लाभ होगा। धन आगमन के नए स्रोत बन सकते हैं। रुके हुए कार्य पूरे होंगे।

दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन पर्याप्त नींद लें।

शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
उपाय: माता लक्ष्मी की आराधना करें।

♏ वृश्चिक राशि

आज कार्यक्षेत्र में सतर्क रहने की आवश्यकता है। विरोधियों से सावधान रहें, लेकिन धैर्य बनाए रखें। व्यापार में सामान्य लाभ रहेगा। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें।

परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में पारदर्शिता बनाए रखें। स्वास्थ्य में रक्तचाप या तनाव की समस्या हो सकती है।

शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 8
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।

♐ धनु राशि

आज भाग्य आपके पक्ष में रहेगा। नौकरी और व्यापार दोनों में सफलता मिलेगी। नई योजनाएं लाभदायक साबित होंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग हैं।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें।

♑ मकर राशि

आज कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, लेकिन आप उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। नई संपत्ति खरीदने की योजना बन सकती है।

परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 8
उपाय: जरूरतमंदों को काले तिल का दान करें।

♒ कुंभ राशि

आज नए कार्यों की शुरुआत के लिए दिन शुभ है। नौकरी में उन्नति के अवसर मिलेंगे। व्यापार में नए अनुबंध हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।

मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4
उपाय: शनिदेव के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

♓ मीन राशि

आज आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नौकरी और व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 7
उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें और पीली वस्तु का दान करें।

रविवार का दिन आत्मविश्वास, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। आज धैर्य, संयम और विवेक के साथ किए गए कार्य भविष्य में बेहतर परिणाम देंगे। परिवार के साथ समय बिताएं, बड़ों का सम्मान करें और जरूरतमंदों की सहायता करें। इससे मानसिक शांति के साथ-साथ सौभाग्य में भी वृद्धि होगी।

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"किताबों के साथ व्यवहारिक जीवन की शिक्षा भी जरूरी"— जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने छात्राओं को दिए सफलता के मंत्र, कुनकुरी कन्या विद्यालय में उत्साह के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

कुनकुरी, 27 जून। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को यादगार बनाने के उद्देश्य से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी में शनिवार को "शाला प्रवेश उत्सव  पूरे हर्षोल्लास, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर दिनभर उत्सव के माहौल से सराबोर रहा। नवप्रवेशी छात्राओं का तिलक लगाकर, पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा निशुल्क पुस्तकें और गणवेश प्रदान कर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्राओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष माननीय सालिक साय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत कुनकुरी की अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय ने की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के पदेन अध्यक्ष बालेश्वर यादव, शाला विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती जयमन्ती भगत, समिति सदस्य राजेश अग्रवाल, अमित मिश्रा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पैंकरा तथा संकल्प शिक्षण संस्थान के प्राचार्य वाई.आर. कैवर्त्य उपस्थित रहे। विद्यालय के प्राचार्य सीताराम साव, सभी व्याख्याता, शिक्षक, छात्रावास अधीक्षक, अभिभावक एवं कक्षा पहली से बारहवीं तक की छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

कार्यक्रम की शुरुआत बेहद आकर्षक अंदाज में हुई। अतिथियों का विद्यालय परिसर में छात्राओं ने स्थानीय लोकगीत, मांदर की थाप और पारंपरिक नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया। व्याख्याता देव प्रकाश तिर्की और विनोद टोप्पो स्वयं मांदर बजाते हुए छात्राओं के साथ मंच तक पहुंचे, जिससे पूरा वातावरण जनजातीय संस्कृति और उत्साह से सराबोर हो गया।

मंच पर पहुंचने के बाद अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद छात्राओं ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया।

विद्यालय के प्राचार्य सीताराम साव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विद्यालय की उपलब्धियों, वर्तमान स्थिति तथा आगामी शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय के विकास में सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक वर्ग की छात्राओं ने शाला प्रवेश उत्सव की थीम पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। आकर्षक नृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। छात्राओं की प्रस्तुति पर बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही।

विशिष्ट अतिथियों ने अपने संबोधन में छात्राओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन, संस्कार और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय के बेहतर शैक्षणिक वातावरण की सराहना करते हुए छात्राओं को भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि सालिक साय ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्राओं से कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवन में व्यवहारिक ज्ञान भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से विद्यालय की साफ-सफाई, वृक्षारोपण, पौधों की देखभाल तथा अन्य सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता, गुरुजनों और बुजुर्गों का सम्मान करना प्रत्येक विद्यार्थी का पहला कर्तव्य है और उनके मार्गदर्शन पर चलकर ही जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनके प्रेरक विचारों का छात्राओं ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।

कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब आया जब नवप्रवेशी छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। अतिथियों ने उन्हें निशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और पुष्पगुच्छ भेंट कर नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। छात्राओं के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।

कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय की वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती रजनी कुजूर एवं सुधीर दुबे ने किया, जबकि व्याख्याता श्रीमती संगीता कुजूर ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

समूचा आयोजन शिक्षा के साथ संस्कृति, परंपरा और संस्कारों का सुंदर संगम बनकर सामने आया। विद्यालय परिवार के सभी व्याख्याताओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से आयोजित यह शाला प्रवेश उत्सव 2026-27 नवप्रवेशी छात्राओं के लिए जीवनभर यादगार बनने वाला आयोजन साबित हुआ।

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रोजगार और बैंक लोन का झांसा देकर 165 ग्रामीण महिलाओं से लाखों की ठगी, धरमजयगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन हंट में फ्लोरा मैक्स कंपनी के दो फरार आरोपियों को दबोचा

धरमजयगढ़/रायगढ़, 27 जून। रायगढ़ जिले में गरीब और ग्रामीण महिलाओं को स्व-रोजगार, बैंक लोन और हर महीने निश्चित आय का सपना दिखाकर करोड़पति बनने का झांसा देने वाले फ्लोरा मैक्स चिटफंड गिरोह पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत धरमजयगढ़ पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों श्याम सिंह राजपूत और बलराम बंजारा उर्फ बल्लू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार ग्राम चैनपुर निवासी बाल कुमारी राठिया की शिकायत पर वर्ष 2024 में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि फ्लोरा मैक्स कंपनी के संचालकों ने क्षेत्र की गरीब महिलाओं को स्व-रोजगार योजना से जोड़ने और व्यवसाय के माध्यम से अच्छी आय दिलाने का लालच दिया। महिलाओं के समूह बनाकर उनके नाम पर विभिन्न बैंकों से 30-30 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत कराया गया और कई स्थानों पर दुकानें भी खुलवाई गईं। कंपनी ने हर महिला को प्रतिमाह 2,700 रुपये देने का वादा किया, लेकिन दुकानों से होने वाली पूरी कमाई खुद रख ली। न महिलाओं को तय राशि मिली और न ही बैंक ऋण की किस्तें चुकाई गईं, जिससे 165 परिवार आर्थिक संकट में फंस गए।

जांच में सामने आया कि कंपनी के डायरेक्टर अखिलेश सिंह, राजू सिंह, गुड़िया देवी राजपूत, श्याम सिंह राजपूत, बलराम बंजारा और अन्य सहयोगियों ने धरमजयगढ़ क्षेत्र के चैनपुर, सिथरा, जबगा और जमाबीरा गांव की 165 महिलाओं से करीब 49 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम तथा ईनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम (प्रतिबंध) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

मामले में इससे पहले कंपनी की एजेंट मंजू चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उसके कब्जे से स्कूटी, महिलाओं की जमा राशि की रसीदें, रजिस्टर, बैंक लोन से जुड़े दस्तावेज और कंपनी का प्रचार-प्रसार सामग्री बरामद की गई थी। वहीं मुख्य आरोपी अखिलेश सिंह, राजू सिंह और गुड़िया देवी पहले से ही कोरबा जिले के एक अन्य धोखाधड़ी मामले में जेल में बंद हैं।

फरार आरोपियों की लगातार तलाश कर रही धरमजयगढ़ पुलिस को ऑपरेशन क्लीन हंट के दौरान मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके आधार पर पुलिस टीम ने जांजगीर-चांपा जिले के हथनेवरा से श्याम सिंह राजपूत तथा खरसिया क्षेत्र से बलराम बंजारा उर्फ बल्लू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपने अपराध में संलिप्तता स्वीकार कर ली। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े के नेतृत्व में धरमजयगढ़ पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि आर्थिक अपराध कर लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार अपराधियों और ठगी के संगठित गिरोहों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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विधायक रायमुनी भगत ने मनोरा में शाला प्रवेशोत्सव का किया शुभारंभ, जनपद प्राथमिक शाला के गौरवशाली शताब्दी वर्ष समारोह में पूर्व विद्यार्थियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मान और नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत

मनोरा, 27 जून। विकासखंड मनोरा में शनिवार को शिक्षा के क्षेत्र का ऐतिहासिक और उत्साहपूर्ण आयोजन देखने को मिला। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार खंड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन पूरे उत्साह के साथ किया गया। इसी अवसर पर विकासखंड मुख्यालय स्थित जनपद प्राथमिक शाला मनोरा के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शाला स्थापना शताब्दी समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूली बच्चों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जशपुर विधायक रायमुनी भगत रहे। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर और पाठ्य सामग्री भेंट कर विद्यालय परिवार में आत्मीय स्वागत किया। समारोह के दौरान विद्यालय की गौरवशाली 100 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा को भी याद किया गया।

शताब्दी समारोह में जनपद प्राथमिक शाला मनोरा से शिक्षा प्राप्त कर चुके तथा वर्तमान में विभिन्न विभागों में सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। विद्यालय के प्रधान पाठक बेंजामिन एक्का के आमंत्रण पर पहुंचे इन अतिथियों को विधायक रायमुनी भगत ने साल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यालय के योगदान और उसकी गौरवशाली परंपरा का स्मरण करते हुए सभी ने शिक्षा के क्षेत्र में उसके योगदान की सराहना की।

शताब्दी समारोह के बाद पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी-हिंदी माध्यम विद्यालय, मनोरा के सभागार में विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन हुआ। यहां कक्षा पहली के 5, कक्षा छठवीं के 5 तथा कक्षा नौवीं के 5 नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर, पुष्प और मिष्ठान के साथ स्वागत किया गया। विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों एवं गणवेश का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत कक्षा नौवीं में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को साइकिलें भी प्रदान की गईं, जिससे उनकी शिक्षा का सफर और अधिक सुगम हो सके।

प्रवेशोत्सव को यादगार बनाने के लिए शिक्षिका मंजुला झा ने एक अनूठी पहल की। सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों की हथेलियों की छाप सफेद कपड़े पर ली गई, जिस पर कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी अपने हस्ताक्षर किए। यह स्मृति चिह्न विद्यालय के इतिहास में इस विशेष अवसर की याद संजोकर रखेगा।

मुख्य अतिथि विधायक रायमुनी भगत ने अपने संबोधन में कहा कि "शिक्षा ही जीवन का सबसे मजबूत आधार है। शिक्षा से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव है। सभी अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों का समय पर विद्यालय में नामांकन कराकर उन्हें नियमित शिक्षा से जोड़ें।" उन्होंने शासन की विभिन्न शिक्षा योजनाओं का लाभ उठाने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने का आह्वान किया।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करना तथा बच्चों का विद्यालय में स्थायित्व बनाए रखना शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक सहयोग की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का संचालन बीआरसी आशुतोष शर्मा ने किया। आयोजन को सफल बनाने में एबीईओ जगतपाल, पीएमश्री विद्यालय के प्राचार्य, मनोज सिंह (मंडल संयोजक), प्रधान पाठक प्रवीण कुमार पाठक, अधीक्षक विनोद भगत, विपिन विकास खरे (पीओ उल्लास), सीएसी प्रेमलाल बर्मन, सभी संकुल प्राचार्यों, संकुल समन्वयकों, शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष हैप्पी कमल कुजूर, जनपद सदस्य रंजीत भगत, पूर्व जनपद सदस्य एवं एसएमडीसी अध्यक्ष सुषमा सिंह, मंडल महामंत्री रामदास यादव, भजुनन्दन नायक, आशुतोष राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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विदेशी मियाज़ाकी आम ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान, बस्तर आम महोत्सव में सूरजपुर के किसान राजेंद्र प्रसाद गुप्ता को मिला प्रथम पुरस्कार

सिलफिली, 27 जून 2026।

जगदलपुर में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग के तत्वावधान में दिनांक 13 एवं 14 जून 2026 (शनिवार एवं रविवार) को बस्तर आम महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में आम की विभिन्न देशी एवं विदेशी प्रजातियों का प्रदर्शन किया गया।

इस महोत्सव में सूरजपुर जिले के ग्राम कमलपुर के प्रगतिशील कृषक श्री राजेंद्र प्रसाद गुप्ता के प्रक्षेत्र में स्थापित आम की विदेशी किस्म मियाज़ाकी तथा उन्नत किस्म गुलाबखास का प्रदर्शन उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सिलफिली द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से लाई गई आम की अनेक उत्कृष्ट किस्मों के मध्य श्री गुप्ता की विदेशी किस्म मियाज़ाकी एवं उन्नत किस्म गुलाबखास को प्रथम पुरस्कार तथा क्षेत्रीय लोकप्रिय किस्म दशहरी को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।

उल्लेखनीय है कि श्री गुप्ता के बागान में विदेशी किस्म मियाज़ाकी के पौधे अच्छी फलत अवस्था में हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस किस्म के आम का मूल्य लगभग 2.5 से 3.0 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक है तथा वर्तमान में उनके प्रक्षेत्र में इसके फल उपलब्ध हैं।

उक्त उपलब्धि पर महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग के निदेशक, प्रसार शिक्षा एवं प्रशिक्षण तथा अधिष्ठाता, उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सिलफिली, डॉ. रविंद्र तिग्गा द्वारा श्री गुप्ता को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उन्हें सहजन के उत्कृष्ट पौधे भेंट किए गए।

इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने श्री गुप्ता को उनकी उपलब्धि पर शुभकामनाएँ दीं। साथ ही यह आश्वस्त किया गया कि उनके प्रक्षेत्र में संरक्षित लगभग 70 विदेशी आम की किस्मों, ड्रैगन फ्रूट, वीएनआर अमरूद, नारियल, बाँस की विभिन्न प्रजातियों तथा नींबू वर्गीय फसलों के संरक्षण एवं उत्पादन से संबंधित तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सिलफिली द्वारा निरंतर सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस पहल से आम की उत्कृष्ट किस्मों के संरक्षण, फसल विविधीकरण तथा क्षेत्र के अन्य किसानों को उन्नत उद्यानिकी अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि हो सकेगी।

कार्यक्रम के दौरान उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सिलफिली के समस्त प्राध्यापकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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