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विष्णु सरकार की योजनाओं से बदली महिलाओं की जिंदगी—अब सहायता नहीं, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व की ओर बढ़ते कदम

डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक

रायपुर,
किसी भी राज्य के विकास की वास्तविक पहचान वहां की महिलाओं की सामाजिक स्थिति, आर्थिक भागीदारी और निर्णय प्रक्रिया में उनकी सहभागिता से होती है। जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो परिवार सशक्त होता है, समाज प्रगतिशील बनता है और विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है। इसी सोच को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ सरकार ने महिला सशक्तिकरण को सुशासन का प्रमुख आधार बनाया है। वर्ष 2026 को "महतारी गौरव वर्ष" के रूप में मनाते हुए महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित योजनाएं आज लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण पहल महतारी वंदन योजना महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता का सशक्त माध्यम बन चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को प्रारंभ की गई इस योजना के अंतर्गत प्रदेश की 66 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। अब तक 30 किस्तों के माध्यम से 19 हजार 444 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्राप्त हो चुकी है। वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में राज्य सरकार रानी दुर्गावती योजना प्रारंभ कर रही है। इस योजना के तहत बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने पर 1 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य के लिए 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में आंगनबाड़ी संचालन हेतु 800 करोड़ रुपये, पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये तथा कुपोषण मुक्ति एवं पोषण योजनाओं के लिए 235 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 250 और ग्रामीण क्षेत्रों में अभिसरण के माध्यम से 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में महतारी सदन स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक 368 महतारी सदनों को स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें 137 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वर्ष 2026-27 में 250 नए महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, आजीविका और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
राज्य सरकार ने महिला सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में 34 सखी वन-स्टॉप सेंटर संचालित किए हैं। यहां घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और संकटग्रस्त महिलाओं को कानूनी सहायता, चिकित्सकीय सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा अस्थायी आश्रय एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 के समन्वय से त्वरित सहायता व्यवस्था भी प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है जिसने सखी वन-स्टॉप सेंटरों के संचालन के लिए डिजिटल एसओपी लागू की है।

महिलाओं की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए स्वयं सहायता समूहों को उत्पादन और विपणन से जोड़ा जा रहा है। राज्य सरकार 200 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण कर रही है, जहां महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध होगा। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रतिवर्ष युवा रत्न सम्मान प्रदान किया जाएगा तथा लखपति दीदी भ्रमण योजना के माध्यम से सफल उद्यमियों को देश-विदेश के अध्ययन भ्रमण का अवसर मिलेगा।
बिहान मिशन के अंतर्गत प्रदेश में 2.92 लाख से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं, जिनसे 31.65 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री के तीन करोड़ लखपति दीदी लक्ष्य में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अब तक 10 लाख 43 हजार से अधिक लखपति दीदी तैयार की हैं। रेडी-टू-ईट निर्माण, कृषि आधारित उद्यम, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण तथा हस्तशिल्प जैसी गतिविधियों ने ग्रामीण महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

महिला निर्माण श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत पात्र बेटियों को 20 हजार रुपये, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 7,900 रुपये, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत अनुदान तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत गर्भवती महिला श्रमिकों को 20 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत अब तक 24 हजार से अधिक बालिकाओं का सामूहिक विवाह कराया जा चुका है। प्रत्येक जोड़े के विवाह के लिए राज्य सरकार 50 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध करा रही है। वहीं महिला समृद्धि योजना के अंतर्गत 42,878 महिला समूहों को 129.46 करोड़ रुपये का रियायती ऋण प्रदान किया गया है। महतारी शक्ति ऋण योजना के माध्यम से महिलाओं को बिना जमानत 25 हजार रुपये तक का ऋण स्वरोजगार के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से 38 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। सुशिक्षा योजना के तहत 2 लाख 18 हजार 139 छात्राओं को प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। शुचिता योजना के माध्यम से 2 हजार विद्यालयों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं तथा लाखों किशोरियों को मासिक स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

महिला समूहों के उत्पाद आज वैश्विक पहचान भी बना रहे हैं। आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित जशप्योर ब्रांड "वोकल फॉर लोकल" अभियान का सफल उदाहरण बन चुका है और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। वहीं सखी साड़ी-मिलेट कैफे जैसी पहलें स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ महिलाओं की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

आज छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का व्यापक अभियान बन चुका है। आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण पोषण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, कौशल विकास, स्वरोजगार और सम्मानजनक जीवन की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयास महिलाओं के जीवन में नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में प्रदेश की महिलाएं आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रही हैं। यही बदलती तस्वीर छत्तीसगढ़ को "सुशासन से समृद्धि" की ओर निरंतर अग्रसर कर रही है।

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विनोबा ऐप से जशपुर में नवाचारी शिक्षा को मिल रही नई उड़ान, कलेक्टर रोहित व्यास ने उत्कृष्ट शिक्षण कार्य करने वाले पोस्ट ऑफ द मंथ शिक्षकों को किया सम्मानित


जशपुर।
जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने हेतु जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में ओपन लिंक्स फाउंडेशन द्वारा विनोबा ऐप के माध्यम से नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिन्हा के दिशा-निर्देश एवं यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता के समन्वय से संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में उत्कृष्ट शिक्षण कार्य एवं नवाचार के लिए जुलाई माह के  पोस्ट ऑफ मंथ और ‘बोलेगा बचपन कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित शिक्षिकाओं को जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा प्रमाण पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।
कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में प्राथमिक शिक्षा नींव का कार्य करती है, इसलिए इस आधार को मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षकों को नई रणनीतियों को अपनाने के साथ-साथ सैद्धांतिक ज्ञान और व्यवहारिक सीखने के तरीकों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता ही शिक्षकों की वास्तविक सफलता है। जब शिक्षक स्वयं जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, तो उन्हें कार्य के प्रति संतुष्टि और उपलब्धि का अनुभव होता है। यही आत्मसंतुष्टि एक शिक्षक की सफलता और उसके समर्पण की सच्ची पहचान है।
कलेक्टर कंसल्टेंट श्री अजय कुमार भी उपस्थित रहे जो शिक्षकों को बेहतर कार्य और नवाचारी के लिए प्रेरित किए । विनोबा के एसोसिएट प्रोग्राम मैनेजर श्री सोमनाथ साहू ने जानकारी दी कि यह ऐप जिले के शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को साझा करने, आपसी सीख को बढ़ावा देने तथा शैक्षणिक गतिविधियों के दस्तावेजीकरण हेतु विकसित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विनोबा भावे टीम जिले में एफएलएन, जवाहर नवोदय, जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग के साथ-साथ दैनिक उपस्थिति डाटा संग्रहण का कार्य भी यशस्वी जशपुर के समन्वय से कर रही है। 
कार्यक्रम के दौरान जिला स्तरीय विजेता शिक्षकों में प्राथमिक शाला दीपाटोली से श्रीमती आरती ओहदार, प्राथमिक शाला नोनियाताला से श्रीमती वीणा भगत, प्राथमिक शाला रजौटी से श्री मति अंबेश्वरी कुलदीप, प्राथमिक शाला सूजीबहार से श्रीमती शारदा पैंकरा, प्राथमिक शाला रायकोना से श्रीमति नमिता खेस्स,  प्राथमिक शाला नदीडिपा से श्रीमति रीना रानी गोस्वामी, सेजेस पतराटोली से प्रीति एक्का, प्राथमिक शाला थूथीअम्बा से श्रीमति संध्या कुजूर, प्राथमिक शाला छिंदबहरी से श्रीमति संतोषी डनसेना,  प्राथमिक शाला बड़ेगमहरिया से सुश्री सुनैना तिर्की, सेजेस बगीचा से सुश्री शिल्पा पांडे शामिल रहे। यशस्वी जशपुर के  सहयोगी संजीव शर्मा, सदस्य अवनीश पांडे, प्रोजेक्ट ऑफिसर आनंद कुमार टोप्पो, प्रोजेक्ट ऑफिसर  बिप्लब देवशर्मा के  द्वारा सभी विजेता शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं।

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श्रमिक परिवारों के भविष्य को संवारने सरकार की बड़ी पहल, आवास सहायता बढ़ी, बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी

छगल लाल लोन्हारे
संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

रायपुर, 21 अगस्त 2026/ राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र विकास के बिना विकसित राज्य की कल्पना संभव नहीं है। इसी सोच को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ शासन का श्रम विभाग श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देशन में श्रमिकों के हितों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से सेवाओं को सरल बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। राज्य सरकार के ढाई साल  में श्रम विभाग की उपलब्धियाँ राज्य सरकार की श्रमिक हितैषी सोच और संवेदनशील प्रशासन का परिचायक हैं।

*प्रशासनिक ढांचे का विस्तार, सेवाओं की बेहतर पहुंच*

        श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा श्रमिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पाँच नए जिलों में श्रम पदाधिकारी कार्यालय स्थापित किए हैं। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि  पाँच श्रम पदाधिकारी कार्यालयों को सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के रूप में उन्नत किया गया है। अब प्रदेश में 10 सहायक श्रमायुक्त कार्यालय एवं 23 श्रम पदाधिकारी कार्यालय सहित कुल 33 श्रम कार्यालय संचालित हैं। इससे श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और योजनाओं के प्रभावी संचालन को नई गति मिली है।

*समय के अनुरूप श्रम कानूनों में सुधार*

         औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने श्रम कानूनों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। छत्तीसगढ़ कारखाना नियम, 1962 में संशोधन कर निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों के साथ महिलाओं के रोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम, 2021 में संशोधन के माध्यम से श्रम पहचान पंजीयन प्रमाण-पत्र अब 24 घंटे के भीतर जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सरल एवं पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध होंगी तथा ष्ईज ऑफ डूइंग बिजनेसष् को भी बढ़ावा मिलेगा।

*56 लाख से अधिक श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में*

       श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से अब तक लगभग 56.83 लाख संगठित, निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है।

*3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ*

          वर्ष 2026 में 30 जून तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लगभग 3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया है। इन योजनाओं पर लगभग 173.32 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जो श्रमिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

*निर्माण श्रमिकों को बढ़ी आर्थिक सहायता*

      मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत आवास निर्माण अथवा घर खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। यह निर्णय निर्माण श्रमिकों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

*महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर*

         इसी प्रकार दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों एवं उनके समूहों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए सहायता राशि भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। इससे महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिल रहे हैं।

*शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल*

        राज्य सरकार ने श्रमिक परिवारों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से अटल कैरियर निर्माण योजना प्रारंभ की है। इसके माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

*पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण*

         वहीं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इस पहल से बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

*उत्कृष्ट शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य की ओर*

        श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वर्ष 2026-27 से इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित बच्चों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। यह पहल श्रमिक परिवारों के बच्चों के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी।

*पाँच रुपये में पौष्टिक भोजन*

शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण, संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गरम एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 18 जिलों में 39 भोजन केन्द्र संचालित हैं, जो हजारों श्रमिकों के लिए राहत का माध्यम बने हुए हैं।

 *डिजिटल सेवाओं से बढ़ी पारदर्शिता*

      श्रम विभाग द्वारा विकसित 'ई-श्रम साथी मोबाइल एप' श्रमिकों और नियोजकों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। इस एप के माध्यम से स्वयं पंजीयन, श्रमिक एवं नियोजक के बीच सीधा संपर्क तथा रोजगार संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो रही है। इससे पारदर्शिता के साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो रही है।

 *मॉडल लेबर चौक से मिलेगा सम्मानजनक वातावरण*

         राज्य सरकार द्वारा मॉडल लेबर चौक फेसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों पर श्रमिकों के पंजीयन, विभिन्न योजनाओं के आवेदन, भोजन, पेयजल, विश्राम एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे श्रमिकों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध होगा।

 *सामाजिक सुरक्षा को मिला नया विस्तार*

         मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत सामान्य मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये, कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2.50 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों की कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर भी उनके आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

*पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता*

        इसी प्रकार असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

 *सुरक्षित कार्यस्थल की दिशा में प्रयास*

        राज्य के विभिन्न कारखानों में श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप वरिष्ठ अधिकारियों एवं सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं में कमी और उत्पादकता में वृद्धि हो रही है।

 *श्रमिक कल्याण की नई पहचान*

        छत्तीसगढ़ में श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे व्यापक सुधार यह सिद्ध करता है कि राज्य सरकार श्रमिकों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी मानती है। प्रशासनिक ढाँचे का विस्तार, श्रम कानूनों का आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं का विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक रोजगार जैसी पहलें श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। श्रमिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ समावेशी और संवेदनशील विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चमोली सुरंग हादसे में कोंडागांव जिले के मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹5-5 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार की सहायता देने के दिए निर्देश

रायपुर 21अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में पानी भरने की दुःखद घटना में कोंडागांव जिले के 4 श्रमिकों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹5-5 लाख तथा हादसे में घायल दोनों श्रमिकों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

इस हादसे में कोंडागांव जिले के ग्राम धनसुली के 2, मदनार के 1 और दहीकोंगा के 1 श्रमिक की मृत्यु हुई है, जबकि जिले के 2 श्रमिक घायल हुए हैं। दिवंगत श्रमिकों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिजनों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार दुःख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उन्होंने हादसे में घायल दोनों श्रमिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है।

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स्वास्थ्य लाभ ले रहे जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव से मिले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 21 अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित छत्तीसगढ़ निवास में जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव से मुलाकात की। उपचार के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे श्री किरण सिंह देव से मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीयता से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

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उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया शौर्य वाटिका का भूमिपूजन, लगभग 79 लाख रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण


रायपुर, 21 अगस्त 2026/ जिले के वीर बलिदानियों की पावन स्मृति को संजोने और उनकी शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम सोनपुर में शौर्य वाटिका का भूमिपूजन किया गया। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में जिले के 37 शहीद परिवारों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर लगभग एक एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही 'शौर्य वाटिका' में शहीदों के नाम पर उनके परिजनों द्वारा स्मृति वृक्ष लगाए गए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भी शहीदों की स्मृति में पीपल का पौधा रोपित कर शौर्य वाटिका में पौधरोपण की शुरुआत की।

           कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री  शर्मा ने लगभग 78.96 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें तालाब गहरीकरण, खेल मैदान, पहुंच मार्ग निर्माण, शौचालय, चबूतरा निर्माण, वृक्षारोपण एवं शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत 37.95 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण, आहता निर्माण एवं शेड निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।

          उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ के जवानों और बस्तर के लोगों ने बड़ी कीमते चुकाई है। उन्होंने शहीद जवानों और उनके परिवारों को नमन करते हुए कहा कि आज बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जिन क्षेत्रों में कभी नक्सल हिंसा के कारण स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाती थीं, वहां अब विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

         उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा  कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे में शहीद जवानों की बहादुरी और बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज नक्सल क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जहां कभी जाना मुश्किल था, अब वहां शांति और बदलाव का माहौल है। उपमुख्यमंत्री ने सोनपुर गांव के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यहां शहीदों की स्मृति में शौर्य वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के शहीद परिवारों और शहीदों के नाम पर यहां पौधरोपण किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग और शौर्य को याद रख सकें।

            उन्होंने कहा कि सोनपुर गांव में योजना के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। उपमुख्यमंत्री ने गांव में निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनरेगा सहित वीवीजी राम जी के माध्यम से रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास और अधोसंरचना निर्माण को गति दी जा रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाबद्ध तरीके से गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

           इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल ने भी शहीदों को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष कीर्ति नायक, श्री सुरेन्द कोशिक, सरपंच श्री संत कुमार कुंभकार, सेवानिवृत शिक्षक श्री रामू राम चक्रधर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक गण उपस्थित थे।

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जांजगीर-चांपा और सक्ती में विकास कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, धीमी प्रगति वाले कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने पर जोर

रायपुर. 21 अगस्त 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज जांजगीर जिला मुख्यालय में अपने चारों विभागों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर दोनों जिलों में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दोनों जिलों में संचालित विभागीय योजनाओं, विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने तथा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित होना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी दी। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय निकायों में विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन कार्यों की स्वीकृति एवं आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें तत्काल प्रारंभ कर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। उन्होंने कार्य प्रारंभ करने में देरी तथा कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राथमिकता वाले कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने जांजगीर एवं सक्ती में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों के कार्यों की समीक्षा करते हुए इन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। 

श्री साव ने 15वें वित्त आयोग एवं स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने तथा जल आवर्धन योजना के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत स्रोत पर कचरा पृथक्करण एवं संग्रहण को प्रभावी बनाने, एनर्जी बिल ऑडिट कराने तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रोत्साहित करने को कहा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में पीएम स्वनिधि एवं पीएम आवास योजना सहित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हितग्राही मूलक योजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा पात्र हितग्राहियों के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए।

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुके कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराने एवं प्रगतिरत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों एवं सड़कों पर बने गड्ढों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों की स्थिति बेहतर होने से नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए श्री साव ने जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण एवं हैंडओवर की जा चुकी योजनाओं के सुचारू संचालन एवं नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पंचायत एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को व्यापक रूप से बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल गतिविधियों के आयोजन से बच्चों एवं युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर मिलेंगे। खेलों से बच्चों एवं युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच विकसित होती है। उन्होंने खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने तथा खिलाड़ियों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं सहयोग की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता एवं सम्मानपूर्वक व्यवहार करने के निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिक अपनी समस्याओं एवं कार्यों के निराकरण की उम्मीद लेकर कार्यालय आते हैं। उनके प्रति सकारात्मक एवं सहयोगात्मक रवैया रखें, ताकि उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें और कार्यालयीन कार्यों के लिए बेहतर वातावरण निर्मित हो।

जांजगीर-चांपा के कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, सक्ती के कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो और जिला पंचायत के सीईओ श्री विनय कुमार पोयाम सहित लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा जिला स्तरीय अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

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खस से बनी अनोखी राखियां, पानी की बूंद पड़ते ही बिखेरेंगी खुशबू,बहनों के प्यार से महकेगी भाइयों की कलाई : वन मंत्री श्री केदार कश्यप

रायपुर, 21 अगस्त 2026/ खस की जड़ों से बनी अनोखी और पर्यावरण-कल अनुकूल राखियां पानी की एक बूंद पड़ते ही अपनी प्राकृतिक और सोंधी खुशबू बिखेरने लगती हैं। ये राखियां पूरी तरह प्राकृतिक, हाथ से बनी और बायोडिग्रेडेबल होती हैं, जो त्वचा के लिए सुरक्षित और पर्यावरण के लिए फायदेमंद हैं।

            इस रक्षाबंधन भाइयों की कलाई पर बंधने वाली राखियां सिर्फ बहन के प्यार और स्नेह का प्रतीक नहीं होंगी, बल्कि अपनी खुशबू से एक अनोखा एहसास भी कराएंगी। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक औषधीय एवं सुगंधित पौधों से जुड़ी स्थानीय प्रतिभा और हुनर को बढ़ावा देते हुए खस से विशेष राखियों का निर्माण किया जा रहा है। इन राखियों की खासियत यह है कि पानी की बूंद पड़ने, नमी आने या गीली होने पर इनमें से मनमोहक खुशबू निकलती है। यानी अब भाइयों की कलाई महकेगी बहन के प्यार से।

*वन मंत्री श्री केदार कश्यप की संवेदनशील पहल से परंपरा और नवाचार का संगम*

           वन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुरूप वन संपदा और पारंपरिक औषधीय पौधों से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। इसी संवेदनशील पहल को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा खस जैसी सुगंधित वनस्पति के उपयोग से राखियों को नया स्वरूप दिया जा रहा है।

          बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम और उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला के मार्गदर्शन में अन्नपूर्णा महिला स्व सहायता समूह, नारी जिला धमतरी की 10 महिलाओं द्वारा 1000 तैयार की गई है। ये राखियां परंपरागत भावनाओं को आधुनिक सोच से जोड़ने का सुंदर उदाहरण हैं। इनमें छत्तीसगढ़ की वन संपदा, स्थानीय हुनर और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की खुशबू एक साथ महसूस की जा सकती है।

*पानी की बूंद पड़ते ही महकेगी राखी*

         खस से बनी इन राखियों की सबसे खास विशेषता उनकी प्राकृतिक खुशबू है। सामान्य राखियां जहां केवल कलाई की शोभा बढ़ाती हैं, वहीं ये विशेष राखियां नमी के संपर्क में आने पर अपनी सुगंध बिखेरती हैं। बारिश के मौसम में या हाथ धोते समय पानी की बूंद पड़ने पर राखी से उठती खुशबू भाई को बहन के स्नेह का अनोखा एहसास कराएगी।

*वन संपदा से रोजगार और नवाचार की नई राह*

         इन राखियों का निर्माण केवल रक्षाबंधन के त्योहार को खास बनाने की पहल नहीं है, बल्कि यह वन आधारित उत्पादों को बाजार से जोड़ने और स्थानीय हुनर को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खस जैसी उपयोगी वनस्पतियों से तैयार उत्पादों के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर भी विकसित किए जा रहे हैं।

*राखी में रिश्तों की मिठास और छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू*

        इस नवाचार के संदर्भ में वन मंत्री श्री केदार कश्यप कहते हैं कि सचमुच ! इस रक्षाबंधन में बहनों का प्यार बांधेगा राखी, और महकेगी भाइयों की कलाई। इस बार जब बहन अपने भाई की कलाई पर खस से बनी यह राखी बांधेगी, तो उसके साथ सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ा स्नेह भी बंधेगा। पानी की बूंद के साथ जब राखी महकेगी, तो भाई को बहन के प्यार और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा की खुशबू एक साथ महसूस होगी।

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मंत्री श्री नेताम की अध्यक्षता में संचालक मंडल की बैठक सम्पन्न,एकलव्य विद्यालयों में गणवेश, मेस संचालन एवं अन्य व्यवस्थाओं में एकरूपता पर जोर

रायपुर, 21 अगस्त 2026/ आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित टीआरटीआई के सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति के संचालक मंडल की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर टीआरटीआई द्वारा प्रकाशित गुमनाम जननायक पुस्तक का भी विमोचन किया। उन्होंने इस दौरान शहीद वीरनारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सह स्मारक में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्य कर रही सुश्री अंबिका ध्रुव का नगर सैनिक में चयनित होने पर सम्मानित भी किया।

मंत्री श्री नेताम ने एकलव्य विद्यालयों में गणवेश, मेस संचालन, भोजन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं में एकरूपता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में नेस्ट्स एवं राज्य सरकार के भर्ती नियमों के अनुरूप योग्यता रखने वाले एकलव्य विद्यालयों के पूर्व अतिथि शिक्षकों को पुनः अवसर प्रदान करने के विषय पर भी सहमति बनी।

बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। साथ ही एकलव्य विद्यालयों की चतुर्थ राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। नवंबर 2025 में ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 466 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। खिलाड़ियों ने 55 स्वर्ण पदक सहित कुल 126 पदक अर्जित किए। मंत्री श्री नेताम ने इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों की सराहना की। 

इस अवसर पर विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, आयुक्त श्री डी राहुल वेंकट, टीआरटीआई की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संचालक मंडल के सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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हाथी रिजर्व सरगुजा की कमान अब सौरभ सिंह ठाकुर के हाथों में, वन विभाग ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए दी नई जिम्मेदारी

 रायपुर, 21 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से भारतीय वन सेवा के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार अधिकारियों को आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जारी आदेश के मुताबिक सौरभ सिंह ठाकुर को उप संचालक, हाथी रिजर्व, सरगुजा, अंबिकापुर पदस्थ किया गया है। वहीं दिनेश कुमार पटेल को उप संचालक, अचानकमार टाइगर रिजर्व, लोरमी की जिम्मेदारी दी गई है।

गणेश यू.आर. को वनमंडल अधिकारी, अनुसंधान एवं विस्तार वन मंडल बिलासपुर के पद पर पदस्थ करते हुए अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व, बिलासपुर के संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

अभिनव कुमार को वन उप संरक्षक, मुंगेली से वन उप संरक्षक, मोहला पदस्थ किया गया है। एस. नवीन कुमार को संचालक, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर से वन उप संरक्षक, पश्चिम भानुप्रतापपुर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं गौतम पादीभर को संचालक, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर बनाया गया है।

श्वेता कंबोज को उप संचालक, गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुंठपुर पदस्थ किया गया है। इसके अलावा सुमेध संजय सुरवणे को उप संचालक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर तथा तन्मय कौशिक को वन उप संरक्षक, मुंगेली की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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जशपुर जिले में सड़क विकास को मिली बड़ी रफ्तार, दो महत्वपूर्ण मार्गों के मजबूतीकरण और उन्नयन के लिए 12 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति, हजारों ग्रामीणों को मिलेगी बेहतर आवागमन की सुविधा


जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले की सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले की दो महत्वपूर्ण सड़कों के मजबूतीकरण एवं उन्नयन कार्य के लिए कुल 12 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस स्वीकृति से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होगा और लोगों को आवागमन की सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
स्वीकृति के तहत शिवपुर से पत्थलगांव मार्ग के 9 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 5 करोड़ 1 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। वहीं दुलदुला से चटकपुर-लोटापानी मार्ग, कुनकुरी के 18.6 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 7 करोड़ 62 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है।इन दोनों महत्वपूर्ण मार्गों के सुदृढ़ीकरण से क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। सड़कें बेहतर होने से क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

जिले में बिछ रहा सड़कों का जाल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क अधोसंरचना के विस्तार और सुदृढ़ीकरण का कार्य लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रमुख मार्गों के निर्माण, उन्नयन और मजबूतीकरण से जिले के गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इससे विकास की रफ्तार तेज होने के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं और सुविधाओं की पहुंच भी आसान होगी।सड़क मजबूतीकरण के लिए मिली इस बड़ी स्वीकृति पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बेहतर सड़कें क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं। इन मार्गों के सुदृढ़ीकरण से लंबे समय से आवागमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी।

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शिक्षा, तकनीक और रोजगार के नए अवसरों से संवर रहा छत्तीसगढ़ के बच्चों का भविष्य, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा—गांवों से लेकर वनांचलों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर 19 अगस्त 2026/ शिक्षा किसी भी समाज और राज्य के विकास का मूल आधार है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देती है और रोजगार उनके सपनों को साकार करने का मजबूत आधार बनता है। छत्तीसगढ़ सरकार उत्कृष्ट शिक्षा, आधुनिक तकनीक और रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से प्रदेश के बच्चों और युवाओं का भविष्य संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। गांवों से लेकर सुदूर वनांचलों तक बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की तकनीक के लिए तैयार किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  राजधानी रायपुर के जोरा स्थित एक निजी होटल में आयोजित आईबीसी24 ‘स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय  ने टॉपर बेटियों को सम्मानित कर उन्हें स्कॉलरशिप प्रदान की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इन बेटियों की उपलब्धि उनके परिवार और विद्यालय के साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर हमारी बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।

कार्यक्रम में कक्षा बारहवीं की परीक्षा में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बेमेतरा की ओमनी वर्मा को मुख्यमंत्री श्री साय ने एक लाख रुपए का चेक और सम्मान पत्र प्रदान किया। उनके विद्यालय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम कन्या विद्यालय, बेमेतरा को भी एक लाख रुपए की राशि का चेक प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों का सम्मान किया तथा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित पुस्तक ‘मेधा’ का विमोचन भी किया।

*गांव के मिट्टी के स्कूल से आधुनिक शिक्षण संस्थानों तक छत्तीसगढ़ ने तय की लंबी यात्रा*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिभावान विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि होनहार बेटियों के बीच आकर उन्हें अपने बचपन के दिन याद आ रहे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गृहग्राम बगिया की प्राथमिक शाला में हुई। पांचवीं बोर्ड की परीक्षा देने के लिए उन्हें अपने गांव से कुछ दूर दूसरे गांव जाना पड़ा था। उस समय गांव के स्कूल का भवन मिट्टी का था और उसकी मरम्मत में गांव के लोग मिलकर सहयोग करते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने राज्य निर्माण के 25 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज प्रदेश में स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक संस्थानों का व्यापक नेटवर्क विकसित हुआ है। प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय उपलब्ध हैं। आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान आज छत्तीसगढ़ में संचालित हैं। इससे प्रदेश के बच्चों को अपने राज्य में ही उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना के साथ शिक्षा का नया अध्याय भी शुरू हो रहा है। जगरगुंडा और ओरछा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी की शुरुआत की जा रही है। जिन इलाकों में कभी परिस्थितियों के कारण शिक्षा तक पहुंच चुनौतीपूर्ण थी, वहां अब बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना और अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

*34 नालंदा परिसर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा बेहतर वातावरण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास केवल शैक्षणिक संस्थान स्थापित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सुविधाएं और वातावरण उपलब्ध कराना भी है। प्रदेश में 34 स्थानों पर नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं, जहां युवाओं को शांत और सुविधायुक्त वातावरण में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि देश की राजधानी नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के जनजातीय युवाओं के लिए 200 बिस्तरों वाला ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस वर्ष यहां रहकर तैयारी करने वाले 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। यह उपलब्धि बताती है कि सही अवसर और सुविधाएं मिलने पर छत्तीसगढ़ के युवा देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपनी प्रतिभा सिद्ध कर सकते हैं।

*एआई मिशन से भविष्य की तकनीक के लिए तैयार होगी नई पीढ़ी*

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राज्य के विद्यार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नई तकनीकों से परिचित हों और भविष्य की संभावनाओं का लाभ उठा सकें, इसके लिए छत्तीसगढ़ एआई मिशन शुरू किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इसके लिए 500 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें भविष्य के रोजगार और नवाचार के अवसरों के लिए तैयार करना है।

*बस्तर में शांति के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास का नया दौर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ सुरक्षा बलों के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। इसके परिणामस्वरूप बस्तर में शांति और विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है तथा विकास की गति तेज हुई है।

उन्होंने कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के 92 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया। यह बदलते बस्तर की नई तस्वीर है। नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, राशन और अन्य बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और लगभग 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। बस्तर मुन्ने और नियद नेल्लानार जैसी पहलों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। एक लाख से अधिक लोगों के राशन कार्ड भी बनाए गए हैं।

*बस्तर में पर्यटन बनेगा रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का नया आधार*

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा सहित अनेक प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

उन्होंने कहा कि धुड़मारास में विदेशी पर्यटक होमस्टे में रहकर स्थानीय जनजातीय जीवन, संस्कृति, खान-पान और परंपराओं को करीब से जान रहे हैं। राज्य सरकार बस्तर सहित प्रदेश के पर्यटन क्षेत्रों में होमस्टे को प्रोत्साहित कर रही है और इसके लिए ऋण एवं सब्सिडी की सुविधा दी जा रही है। पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत माध्यम बनाने के उद्देश्य से नई औद्योगिक नीति में भी पर्यटन को शामिल किया गया है।

*निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा के साथ युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर तैयार करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति 2024-30 को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। नई नीति के अंतर्गत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश के एमओयू हुए हैं और इन निवेश प्रस्तावों का प्रभाव धरातल पर भी दिखाई देने लगा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसी औद्योगिक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन दे रही है, जो स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराएंगी। एक हजार स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्यमियों के लिए बीस्पोक नीति के अंतर्गत विशेष इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है। बारिश के मौसम के बाद प्रदेश में रोजगार मेलों का आयोजन भी किया जाएगा, जिनके माध्यम से युवाओं को विभिन्न उद्योगों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप से सम्मानित सभी छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और निरंतर मेहनत करें। राज्य सरकार उनके सपनों को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, तकनीक और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन जी महाराज, गोयल ग्रुप एंड कंपनीज के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल, श्री राजीव गोयल, श्री दिनेश गोयल, श्री रविकांत मित्तल सहित जनप्रतिनिधिगण, शिक्षाविद्, विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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बलौदाबाजार के हजारों श्रमिकों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की पहल पर दिल्ली में 200 बिस्तर वाले ईएसआईसी अस्पताल को लेकर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से हुई सकारात्मक चर्चा

रायपुर, 20 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्रांति के साथ-साथ श्रमिकों की सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयास लगातार रंग ला रहे हैं। इसी कड़ी में बलौदाबाजार के विशाल सीमेंट, पावर एंड स्टील प्लांटस, सहित अनेक लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र तथा अन्य संस्थानों में दिन-रात पसीना बहाने वाले हजारों मजदूरों की वर्षों पुरानी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा द्वारा एक बड़ी पहल हुई है।
                            सीमेंट, पावर एवं स्टील फैक्ट्रियों की बहुलता वाले बलौदाबाजार जिले में अब तक गंभीर बीमारियों और हादसों के वक्त श्रमिकों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे बड़े जिलों की ओर रुख करना पड़ता था और  आपातकालीन स्थितियों में यह दूरी जानलेवा साबित होती थी। इस बड़ी व्यावहारिक समस्या को दूर करने के लिए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा की पहल पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में आज चर्चा हुई।   
  
                            मुलाकात के दौरान बलौदाबाजार में 200 बिस्तर वाले सर्व सुविधायुक्त ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव प्रमुखता से रखा गया। केंद्रीय मंत्री ने इस संवेदनशील जनहित मुद्दे पर बेहद गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है, जिससे जल्द ही क्षेत्र की जनता को एक आधुनिक अस्पताल की सौगात मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
   
*आंकड़ों में दिख रहा सामाजिक सुरक्षा का मजबूत ढांचा*

                          बलौदाबाजार जिले में वर्तमान में 17,942 पंजीकृत कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि सामाजिक सुरक्षा के तहत 18,308 बीमित व्यक्तियों को सीधा लाभ मिल रहा है। बीमितों की यह अधिक संख्या स्पष्ट करती है कि इस सुरक्षा चक्र का लाभ न केवल श्रमिकों, बल्कि उनके पूरे परिवार तक पहुंच रहा है।
       
                           गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में 31 मार्च 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में 15,66,430 कर्मचारी ईएसआईसी में दर्ज हैं, जिनमें 6,27,260 बीमित पुरुष और 79,237 बीमित महिलाएं शामिल हैं। राज्य में ईएसआईसी के तहत कुल 37,283 नियोजक पंजीकृत हैं, जिनमें से 13,426 सक्रिय रूप से अपना योगदान दे रहे हैं।
                      
                             कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की यह व्यवस्था श्रमिकों को सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि बीमारी, मातृत्व और कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान आर्थिक संबल भी प्रदान करती है। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के सार्थक पहल पर बलौदाबाजार में 200 बिस्तर वाले अस्पताल के निर्माण से न केवल समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा, बल्कि पूरे प्रदेश के संगठित श्रमिक वर्ग में सुरक्षा और विश्वास की भावना और अधिक मजबूत होगी।

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लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के दिए निर्देश

रायपुर. 20 अगस्त 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने बिलासपुर परिक्षेत्र के विभागीय एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने और सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित बैठक में विभागीय अभियंताओं से कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा में पूर्णता विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सड़कों और पुलों के नए प्रस्ताव तैयार करते समय भविष्य की जरूरतों और बढ़ते यातायात को ध्यान में रखने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव भी बैठक में मौजूद थे।

श्री बंसल ने अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर काम करने तथा प्राक्कलन से लेकर निविदा की प्रक्रिया तक सभी कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यपालन अभियंताओं को अपने जिले के कलेक्टरों से बेहतर समन्वय रखने को कहा, ताकि निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों तथा कार्यस्थलों की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो और काम की गति बनी रहे। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन फील्ड में रहकर निर्माण कार्यों की कड़ी मॉनिटरिंग और निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों के कार्यों पर लगातार नजर रखने तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सड़कों और भवनों के निर्माण के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता की जांच करने को कहा, ताकि मजबूत और टिकाऊ निर्माण हो सके। 

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने ऐसे नए कार्यों जिनकी निविदा हो चुकी है, उन्हें अक्टूबर तक शुरू करने को कहा। उन्होंने काम शुरू होने के बाद उसकी गति और गुणवत्ता दोनों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों और पुलों के रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़कें साफ-सुथरी, सुंदर और व्यवस्थित दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने बरसात में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और पुलों की तत्काल मरम्मत करने को कहा, ताकि लोगों की आवाजाही बाधित न हो। 

श्री बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों को एसडीएम से मिलकर विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए अधिग्रहित भूमि के नामांतरण की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने भू-अर्जन के नए और पुराने प्रकरणों के नामांतरण की कार्यवाही एक माह में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने जमा पद के पूर्ण कार्यों को तत्काल संबंधित विभागों को हैंडओवर करने को कहा। 

विभागीय सचिव ने बैठक में विश्रामगृहों और सर्किट-हाउसों के संचालन एवं रखरखाव की भी जानकारी ली। उन्होंने विभाग के भवनों में बेहतर साफ-सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के साथ ही पूरे परिसर को व्यवस्थित रखने को कहा। लोक निर्माण विभाग की उप सचिव सुश्री अंशिका पाण्डेय, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री शशांक पाण्डेय, बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे और श्री जी.एस. मंडावी तथा अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत सहित बिलासपुर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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नगरीय निकायों को 74.88 करोड़ का बड़ा आबंटन, वेतन-सेवानिवृत्ति लाभ से लेकर मरम्मत और अतिवृष्टि से निपटने तक मिलेगी वित्तीय मदद

रायपुर. 20 अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के 158 नगरीय निकायों में विभिन्न मदों में कुल 74 करोड़ 88 लाख 17 हजार रुपए आबंटित किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने सभी निकायों को राशि आबंटन के आदेश जारी कर दिए हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के 10 नगर निगमों को कुल 45 करोड़ 7 लाख 90 हजार रुपए आबंटित किए हैं। वहीं 48 नगर पालिकाओं को कुल 18 करोड़ 60 लाख 34 हजार रुपए तथा 100 नगर पंचायतों को कुल 11 करोड़ 19 लाख 92 हजार रुपए आबंटित किए गए हैं। विभाग द्वारा निकायों को अनिवार्य निधि, राजस्व वसूली, चुंगी क्षतिपूर्ति, उत्पाद कर, बार लाइसेंस तथा मुद्रांक मद के अंतर्गत यह राशि आबंटित की गई है। 

विभाग द्वारा जारी इस राशि से नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर वेतन भुगतान तथा सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान के साथ ही मरम्मत, संधारण कार्यों तथा अतिवृष्टि जैसी परिस्थितियों से निपटने में भी सहायता मिलेगी।

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जल-जीवन मिशन के तहत आयोजित हुई कलेक्टर कॉन्फ्रेंस,हर-घर जल के लिए कलेक्टर व्यक्तिगत रूचि लें : मुख्य सचिव

रायपुर, 20 अगस्त 2026/मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये प्रदेश में जल-जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के लिए कलेक्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित की। मुख्य सचिव ने जिलों के कलेक्टरों से उनके जिले के जल-जीवन मिशन के कार्यों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा  कि वे जल-जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुचांने के लिए व्यक्तिगत रूचि लेकर काम करें। लोगों के घरों में नलों से पानी मिल इसके लिए चलायी जा रही स्कीमों को तहत पूर्ण करायें। पूर्ण हो चुकी योजनाओं का भौतिक सत्यापन करायें और पंचायतों को हस्तांतरित योजनाओं के लंबित भुगतान शीघ्र करायें। मुख्य सचिव ने साफ कहा है जल जीवन मिशन के कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

             कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सोलर आधारित योजनाओं एवं क्रेडा संबंधित नल-जल योजनाओं के कार्यों के संबंध में विचार विमर्श किया गया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्ण एवं हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की कार्यवाही शीघ्रता से करने के निर्देश दिए गए है।  कलेक्टरों को स्त्रोत समस्यामूलक योजनाओं के कार्यों को स्थानीय निधि से पूर्ण कराने कहा गया है। 

              मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जहां सब इंजीनियरों की कमी है वहां पर दूसरे विभागों के इंजीनियरों से जल-जीवन मिशन के कार्यों को कराने के लिए कार्यवाही करें। कॉन्फ्रेंस में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक हो यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक की कार्यवाही का समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाए तथा जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें, ताकि राज्य के प्रत्येक परिवार को समयबद्ध रूप से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जा सके। 

            बैठक में 55 एलपीसीडी 7 दिवसों से कम जल प्रदाय की जा रही स्कीमों की जानकारी अधिकारियों से ली गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल जीवन मिशन के अधिकारी मौजूद थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस से सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी शामिल हुए।

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बाढ़ आपदा से निपटने सभी 33 जिलों में मॉक ड्रिल,जमीनी स्तर पर तैयारियों को परखा गया, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों ने लिया हिस्सा

रायपुर, 20 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति से निपटने और त्वरित, प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल एक्सरसाइज आयोजित की गई। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी 33 जिलों में जिला प्रशासन के नेतृत्व में यह अभ्यास संपन्न हुआ। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरी गतिविधि की निगरानी की गई।

*विभिन्न विभागों और सुरक्षा बलों का दिखा तालमेल*

       मॉक ड्रिल के दौरान बाक़ायदे बाढ़ की अलग-अलग संभावित परिस्थितियां निर्मित की गईं। इसमें एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), सेना, पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना और अग्निशमन सेवाओं के अलावा राजस्व, जल संसाधन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, पशुपालन और दूरसंचार विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान और समन्वय की गति को परखा गया।

*पूर्व चेतावनी से लेकर राहत शिविरों तक की कार्यप्रणाली का अभ्यास*

       इस अभ्यास में बाढ़ की पूर्व चेतावनी जारी करने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों के संचालन, बचाव नौकाओं व संसाधनों की तैनाती और मेडिकल टीमों की व्यवस्था का पूरा रिहर्सल किया गया। जिला स्तर पर त्वरित निर्णय लेने और मैदानी अमले की प्रतिक्रिया क्षमता की समीक्षा की गई।

*गैप्स को पहचानकर दूर करने पर जोर*

       आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (छक्ड।) के अधिकारियों ने रायपुर जिले में अभ्यास का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय किसी भी स्तर पर सामने आने वाले अंतर (गैप्स)कृजैसे सूचना में देरी या संसाधनों की कमीकृको समय रहते पहचानकर दूर करना है।

        राज्य स्तरीय इस टेबल-टॉप और व्यावहारिक मॉक ड्रिल में एनडीएमए नई दिल्ली के वरिष्ठ सलाहकार श्री रविंद्र गुरुंग, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के डॉ. जीवन कुमार, राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव श्री गजेंद्र ठाकुर सहित विभिन्न अंतर-विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े रहे।

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सामुदायिक सहभागिता, शिक्षकों की पहल और प्रधान पाठक की दूरदर्शिता से बदली प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली की तस्वीर, आधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा, अनुशासन और नवाचार में बना क्षेत्र का प्रेरणास्रोत विद्यालय

कुनकुरी :-

कुनकुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत धुमाडांड में स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली आज बेहतर शैक्षणिक माहौल, अनुशासन और आधुनिक नवाचारों के बल पर क्षेत्र के अन्य विद्यालयों के लिए एक सशक्त प्रेरणास्रोत बन चुका है। इसी कड़ी में, विद्यालय ग्राम के शिक्षक देव प्रकाश तिर्की जो कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी में पदस्थ हैं उन्होंने बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक और अनुशासित बने रहने के उद्देश्य से छात्र-छात्राओं को टाई एवं बेल्ट प्रदान किया। नया टाई-बेल्ट पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और उनमें एक नया उत्साह देखने को मिला। प्रधान पाठक के प्रयास से आए दिन समुदाय एवं समाजसेवियों के द्वारा बच्चों की आवश्यकता अनुरूप छतरी, टाई-बेल्ट, योग ड्रेस एवं शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया जाता रहा है।

*प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता की दूरदर्शिता से बदला परिदृश्य*

विद्यालय के इस अभूतपूर्व बदलाव में प्रधान पाठक  लव कुमार गुप्ता की पदस्थापना एक मील का पत्थर साबित हुई है। उनकी दूरदर्शिता और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे समर्पित प्रयासों का ही परिणाम है कि विद्यालय एवं बच्चों के विकास में समुदाय का सहयोग प्राप्त हो रहा है, इनके सकारात्मक ऊर्जा एवं कार्ययोजना का परिणाम है कि बच्चों की दर्ज संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, विद्यालय का पूरी तरह कायाकल्प हो चुका है। उनके कुशल नेतृत्व में न केवल विद्यालय का भौतिक ढाँचा सुधरा है, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता में भी अप्रत्याशित सुधार आया है। वहीं, सहायक शिक्षक महेश तिर्की द्वारा बच्चों को नियमित रूप से खेलकूद एवं योग के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जिससे बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

 *पोषण व पुष्प वाटिका: ‘करके सीखने’ का व्यावहारिक मंच*

विद्यालय परिसर में विकसित पोषण वाटिका और पुष्प वाटिका बच्चों के व्यावहारिक ज्ञान का प्रमुख साधन बन गई हैं। पोषण वाटिका से बच्चों को मध्याह्न भोजन में हरी सब्जियां मिल रही है और साथ ही विभिन्न जीवन कौशलों को सीखने के साथ-साथ अपनी पाठ्यपुस्तकों की विषयगत विषय-वस्तु को प्रत्यक्ष रूप से ‘करके सीखते हैं’ । पेड़-पौधों की देखरेख से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और व्यावहारिक विज्ञान की समझ विकसित हो रही है।

*इको क्लब की सक्रियता: प्लास्टिक मुक्त और अनुशासित इको-फ्रेंडली परिसर*

विद्यालय में गठित इको क्लब द्वारा परिसर को स्वच्छ, हरा-भरा और अनुशासित बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है। इको क्लब का मुख्य फोकस विद्यालय के अनुशासन और सह-संज्ञानात्मक गतिविधियों पर है। विद्यालय परिसर को पूरी तरह से इको-फ्रेंडली और प्लास्टिक मुक्त बनाया गया है, जहाँ बच्चे स्वयं स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा की ज़िम्मेदारी निभाते हैं।

 *'संपर्क स्मार्ट क्लास' और डिजिटल उपकरणों से शैक्षणिक गुणवत्ता में उछाल*

आधुनिक तकनीक से तालमेल बिठाते हुए विद्यालय में 'संपर्क स्मार्ट क्लास' का सफल संचालन किया जा रहा है। टीवी, ऑडियो-विजुअल एड्स और विभिन्न डिजिटल उपकरणों के उपयोग से कठिन से कठिन विषयों को भी रोचक और सरल बनाकर पढ़ाया जा रहा है। डिजिटल तकनीक के इस समावेश से बच्चों के सीखने के स्तर और विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता में  वृद्धि दर्ज की गई है।

 *सामुदायिक सहभागिता की अपील*
कार्यक्रम के दौरान प्रधान पाठक ने गांव के अभिभावकों और नागरिकों से सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालय के सर्वांगीण विकास में ग्रामीणों का जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है।

ग्रामीणों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति , प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता, सहायक शिक्षक महेश तिर्की ने शिक्षक देव प्रकाश तिर्की के सहयोग एवं जुड़ाव की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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