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स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत जशपुर को मिलेगी पर्यटन विकास की नई सौगात,मुख्यमंत्री श्री साय करेंगे मयाली–बगीचा विकास परियोजना का भूमिपूजन

जशपुरनगर 4 फरवरी 2026/ भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली–बगीचा विकास परियोजना का भूमिपूजन कार्यक्रम 5 फरवरी 2026 को ग्राम खंडसा (मयाली) में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विधिवत रूप से परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। मयाली–बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत को संरक्षित करते हुए समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान प्राप्त होगी। इस अवसर पर वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री तथा प्रभारी मंत्री जिला जशपुर श्री ओ. पी. चौधरी एवं पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री राजेश अग्रवाल अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में सांसद, रायगढ़ लोकसभा श्री राधेश्याम राठिया की भी गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

     विशिष्ट अतिथियों के रूप में विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक पत्थलगांव एवं उपाध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्रीमती गोमती साय, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड श्री शंभुनाथ चक्रवर्ती, अध्यक्ष जिला पंचायत जशपुर श्री सालिक साय, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी राज्य सहकारी वित्त एवं विकास निगम श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, सदस्य छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग श्रीमती प्रियम्वदा सिंह जूदेव तथा उपाध्यक्ष जिला पंचायत जशपुर श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त अध्यक्ष जनपद पंचायत कुनकुरी श्रीमती सुशीला साय, अध्यक्ष जनपद पंचायत बगीचा श्रीमती गायत्री नागेश तथा सरपंच ग्राम पंचायत खंडसा श्री उमेश्वर सिंह की उपस्थिति भी रहेगी।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -


रायपुर - 04 फरवरी 2026

*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

1. मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की  स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं। 

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है। 

3. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा। 


4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा।

5. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी।

अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।

6. मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके। 

7. मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है। 

गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।

8. मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। 

छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। 

नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे। 

कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24x7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

9. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा। 

मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।


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नारायणपुर में 10 फरवरी से तीन दिवसीय वार्षिक जतरा मेला, 61 हजार में हुई मेला बोली, बड़े-बड़े झूले, ड्रैगन झूला और मौत का कुआं बन सकेंगे ग्रामीण अंचल के आकर्षण का केंद्र

नारायणपुर 04 फरवरी 2026 : 
नारायणपुर में आगामी मंगलवार 10 फरवरी 2026 से तीन दिवसीय वार्षिक जतरा मेला पारंपरिक उत्साह और ग्रामीण उल्लास के साथ आयोजित होने जा रहा है। यह मेला 10,11,और 12 फरवरी तक लगेगा।इस बहुप्रतीक्षित जतरा मेला को लेकर गांव सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में जबरदस्त उत्साह का माहौल बना हुआ है। हर वर्ष लगने वाला यह मेला दिन के समय आयोजित किया जाएगा, जबकि शाम होते ही मेला बंद कर दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की पारंपरिक परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना काल के बाद से जतरा मेला की रफ्तार प्रतिवर्ष कम होती गई थी, जिस कारण पहले जैसी भीड़ और चहल-पहल देखने को नहीं मिल पा रही थी। लेकिन इस वर्ष परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य होने, मनोरंजन के साधनों की संख्या बढ़ने और पंचायत स्तर पर बेहतर प्रचार-प्रसार के चलते इस बार मेले में भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। खासकर नारायणपुर सहित आसपास के दर्जनों गांवों से लोग परिवार सहित मेले का आनंद लेने पहुंच सकते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारायणपुर जतरा मेला की बोली 61 हजार रुपये में संपन्न हुई है। बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेला समिति द्वारा आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मेला स्थल की साफ-सफाई, दुकानों के लिए स्थान चिन्हांकन, झूलों की व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी इंतजामों को एक या दो दिन बाद शुरू कर दिया जाएगा ।

इस वर्ष के जतरा मेला में मनोरंजन की लगभग सभी प्रमुख वस्तुएं और साधन उपलब्ध रहने का अनुमान है। मेले में बड़े-बड़े झूले, ड्रैगन झूला, बच्चों के लिए अलग-अलग प्रकार के झूले, मौत का कुआं सहित कई रोमांचक खेल लगाए जाने की संभावना है । मौत का कुआं और ऊंचे झूले युवाओं के लिए खास आकर्षण होने का अनुमान है, वहीं बच्चों के झूले और खेल सामग्री से मेला परिसर गुलजार रहेगा।

इसके साथ ही जतरा मेला में खानपान की दुकानें, चाट-पकौड़ी, मिठाइयां, खिलौनों की दुकानें, घरेलू उपयोग की सामग्री और ग्रामीण जरूरतों से जुड़ी वस्तुएं भी बड़ी संख्या में सजेगी। दोपहर से लेकर शाम तक मेला परिसर में लोगों की आवाजाही बनी रहेगी और पारंपरिक ग्रामीण मेले की रौनक देखने को मिलेगी।

ज्ञात हो कि 3 फरवरी को नारायणपुर के साप्ताहिक बाजार में पंचायत की ओर से मेला लगने की मुनादी करा दी गई है, ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों को समय रहते जानकारी मिल सके। मुनादी के बाद से ही ग्रामीणों में मेले को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और लोग मेले की तैयारियों को लेकर चर्चा करते नजर आ रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जतरा मेला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, सामाजिक एकता और पारंपरिक मेलजोल का महत्वपूर्ण माध्यम है। कोरोना काल के बाद एक बार फिर मेले में रौनक लौटने की उम्मीद से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

 नारायणपुर का तीन दिवसीय वार्षिक जतरा मेला इस वर्ष ग्रामीण अंचल के लिए उत्सव, मनोरंजन और सामाजिक समरसता का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है, जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार है।

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मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के तहत प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का किया शुभारंभ,प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को मिलेगा विस्तार

रायपुर 04 फरवरी 2026/  अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

 मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के   प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है। 

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे। उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।

ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।

गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।

ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। 

वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। श्री शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया।

कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चें मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का किया उद्घाटन, 16 टीमें ले रही हिस्सा

रायपुर. 4 फरवरी 2026. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। छत्तीसगढ़ राज्य व्हॉलीबॉल एसोशिएशन द्वारा 3 फरवरी से 8 फरवरी तक इसका आयोजन किया गया है। चैंपियनशिप में भारत के लिए खेल चुके कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं। रेलवे, सर्विसेस और इंडियन यूनिवर्सिटी सहित कई राज्यों की टीमें इसमें भागीदारी कर रही हैं। पुरुष वर्ग में 10 टीमें और महिला वर्ग में 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने फेडरेशन कप के उद्घाटन के बाद इंडोर स्टेडियम में रुककर तमिलनाडू और सर्विसेस के बीच हुए उद्घाटन मैच को पूरा देखा। वे कांटे के मुकाबले वाले इस मैच के समाप्त होने के बाद ही स्टेडियम से निकले। विधायक श्री सुनील सोनी भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 37वीं फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर मैं देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करता हूं। व्हॉलीबॉल हमें टीमवर्क, सहयोग और समन्वय सिखाता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने इसमें प्रदेश का काफी नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा और कौशल का पूरी क्षमता से प्रदर्शन कर सके, इसके लिए जरूरी अधोसंरचना और प्रशिक्षण पर हम लगातार जोर दे रहे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए कई वर्षों से बंद राज्य खेल अंलकरण सम्मान को हमने पुनः प्रारंभ किया है। ओलंपिक खेलों में राज्य के खिलाड़ी की भागीदारी पर शासन की ओर से 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं स्वर्ण पदक जीतने पर 3 करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक जीतने पर एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे। श्री साय ने कहा कि खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की नई पहचान अब देश-दुनिया के सामने है। पिछले दो सालों से राज्य में बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पहले साल एक लाख 65 हजार और दूसरे साल करीब 4 लाख लोगों ने हिस्सा लिया है। 

छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के अध्यक्ष श्री महेश गागड़ा ने अपने स्वागत भाषण में फेडरेशन कप के आयोजन की रूपरेखा और कार्यक्रमों की जानकारी दी। रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के सचिव श्री विक्रम सिसोदिया, भारतीय व्हॉलीबॉल संघ के महासचिव श्री रामानंद चौधरी, मध्यप्रदेश व्हॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष श्री रूद्रप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ व्हॉलीबॉल एसोशिएशन के सचिव श्री हेमप्रकाश नायक, रायपुर नगर निगम के सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, श्री राहुल कौशिक और श्री विनोद नायर सहित विभिन्न व्हॉलीबॉल संघों के पदाधिकारी, सदस्यगण, खिलाड़ी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में फेडरेशन कप के उद्घाटन के दौरान मौजूद थे।

*इन राज्यों की टीम ले रही हिस्सा*

रायपुर में हो रहे 37वें फेडरेशन कप व्हॉलीबॉल चैंपियनशिप में पुरूष वर्ग में रेलवे, सर्विसेस, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, तमिलनाडू, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ की टीमें भाग ले रही हैं। वहीं महिला वर्ग में रेलवे, इंडियन यूनिवर्सिटी, केरल, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें से कई टीमों में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी शामिल हैं।

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जशपुर बनेगा आज अंतरिक्ष विज्ञान का केंद्र, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ हजारों विद्यार्थियों का सीधा संवाद, विज्ञान के सपनों को मिलेगी नई दिशा

अंतरिक्ष संगवारी : भारत के अंतरिक्ष गौरव ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का आज जशपुर आगमन

10 हजार बच्चों से अपने अंतरिक्ष अनुभव को करेंगे साझा

विभिन्न प्रेरणादायी अंतरिक्ष कार्यक्रम का होगा आयोजन

जशपुरनगर 04 फरवरी 2026/ भारत के गौरव एवं अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करने वाले ग्रुप कैप्टन, भारतीय वायुसेना एवं गगनयात्री श्री शुभांशु शुक्ला का जशपुर आगमन आज होगा। इस अवसर पर रणजीता स्टेडियम, जशपुर में इंडिया इन स्पेस थीम पर सुबह 10 बजे अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम युवाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों में विज्ञान, तकनीक तथा राष्ट्रगौरव की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर श्री शुक्ला 10 हजार बच्चों से अपने अंतरिक्ष अनुभव साझा करेंगे। उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक, विधानसभा पत्थलगांव एवं उपाध्यक्ष, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण श्रीमती गोमती साय द्वारा की जाएगी। वहीं विधायक, विधानसभा क्षेत्र जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अध्यक्ष, जिला पंचायत जशपुर श्री सालिक साय, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड श्री शम्भूनाथ चक्रवर्ती, सदस्य, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग श्रीमती प्रियम्वदा सिंह जूदेव, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री राम प्रताप सिंह, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम श्री सुरेन्द्र बेसरा, अध्यक्ष, नगरपालिका परिषद् जशपुर श्री अरविन्द भगत, उपाध्यक्ष, नगरपालिका परिषद् जशपुर श्री यशप्रताप सिंह जूदेव तथा अध्यक्ष, जनपद पंचायत जशपुर श्री गंगाराम भगत शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त सर्व जिला पंचायत सदस्य, सर्व जनपद पंचायत सदस्य एवं नगरपालिका परिषद् जशपुर के सदस्य कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।


*शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष से जुड़ी प्रेरक यात्रा का साझा करेंगे अनुभव* -

अंतरिक्ष में भारत का नाम रोशन करने वाले वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को ए एक्स 4 मिशन के दौरान असाधारण साहस दिखाने के लिए 77वें गणतंत्र दिवस पर अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। 18 दिन तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहकर उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रयोगों को अंजाम दिया। यह भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि रही। अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला विद्यार्थियों से अपने अंतरिक्ष सफर, प्रशिक्षण, चुनौतियों और भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कार्यक्रमों पर संवाद करेंगे। वे बताएंगे कि किस तरह विज्ञान, अनुशासन और नवाचार के बल पर भारत अंतरिक्ष अनुसंधान में वैश्विक पहचान बना रहा है। यह संवाद विद्यार्थियों में तकनीकी शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रनिर्माण के प्रति उत्साह बढ़ाएगा। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम जशपुर के विद्यार्थियों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान से सीधे संवाद का दुर्लभ अवसर प्रदान करेगा और ‘इंडिया इन स्पेस’ के संदेश को जमीनी स्तर तक पहुँचाएगा।

*छात्रों के लिए विविध बौद्धिक व रचनात्मक गतिविधियाँ* - 
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों के लिए बौद्धिक प्रतियोगिताएँ, नारा लेखन, चित्रकारी, निबंध, रंगोली और स्केच एक्टिविटी आयोजित होंगी। साथ ही विद्यार्थियों के आकर्षण के लिए सेल्फी प्वाइंट भी स्थापित किए जाएंगे, जहाँ वे ‘इंडिया इन स्पेस’ थीम के साथ यादगार क्षण संजो सकेंगे। कार्यक्रम स्थल पर अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी अन्य गतिविधियां भी आयोजित की जाएगी। अंतरिक्ष संगवारी जैसे कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टि, रचनात्मकता और राष्ट्रीय गौरव को सुदृढ़ करते हैं। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि आयोजन अनुकरणीय और स्मरणीय बने।

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धान खरीदी: किसानों के हित में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था

रायपुर 3 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस – 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के  निर्देशानुसार  तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे— ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे।

किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए  बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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नारायणपुर में मंगलवार शाम बदला मौसम का मिज़ाज, हल्की बारिश से बढ़ी ठंडक, वहीं सब्जी उत्पादक किसानों की बढ़ी चिंता,एक–दो दिन और हुई बारिश तो खड़ी सब्जी फसलों को हो सकता है भारी नुकसान

जशपुर/नारायणपुर  03 फरवरी 2026 : 
आज मंगलवार की शाम नारायणपुर में अचानक मौसम ने करवट ले ली। दिनभर आसमान में हल्के हल्के छाए बादलों के बाद देर शाम अचानक हल्की बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना तो बना दिया, लेकिन इस बदलाव ने किसानों के लिए चिंता भी बढ़ा दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार शाम के समय अचानक हुई बारिश से बाजार और सड़कों पर चहल-पहल कम हो गई। तापमान में आई गिरावट के कारण लोगों को ठंडक का एहसास हुआ। वहीं दूसरी ओर खेतों में मेहनत से उगाई गई सब्जी फसलों पर खतरा मंडराने लगा है।

इस समय नारायणपुर क्षेत्र में बड़ी मात्रा में टमाटर, बैंगन, गोभी, फूलगोभी, मटर, भिंडी सहित मौसमी सब्जियों की खेती की जा रही है। किसान बताते हैं कि हल्की बारिश अभी तक ज्यादा नुकसानदायक नहीं है, लेकिन यदि यह सिलसिला एक या दो दिन और जारी रहता है तो खेतों में पानी भरने, फसलों के सड़ने और रोग लगने की आशंका बढ़ जाएगी। इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

किसानों का कहना है कि लगातार नमी बने रहने से सब्जियों में फंगल रोग लगने का खतरा अधिक रहता है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।ऐसे में किसान आने वाले दिनों के मौसम पर नजर बनाए हुए हैं।

कुल मिलाकर मंगलवार शाम की हल्की बारिश ने जहां आमजन को मौसम की राहत दी है, वहीं सब्जी उत्पादक किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं।

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रजत महोत्सव के अवसर पर नारायणपुर में बिजली सेवाओं को लेकर बड़ा जन-संवाद, सीएसपीडीसीएल ने सौर ऊर्जा, स्मार्ट मीटर और विद्युत सुरक्षा पर दी विस्तृत जानकारी

छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत महोत्सव की धूम, नारायणपुर केन्द्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा जन-जागरूकता एवं सेवा-उन्मुख विशेष कार्यक्रम का सफल आयोजन

नारायणपुर (जशपुर) 03 फरवरी 2026 : 
छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे रजत महोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) द्वारा नारायणपुर केन्द्र में एक विशेष जन-जागरूकता एवं सेवा-उन्मुख कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को विद्युत सेवाओं से जुड़ी नवीन जानकारियाँ प्रदान करना, ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा राज्य की विद्युत व्यवस्था में किए गए नवाचारों को जन-जन तक पहुँचाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान कंपनी के अधिकारियों द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं को बेहतर एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति, स्मार्ट मीटर प्रणाली, सौर ऊर्जा के उपयोग, विद्युत सुरक्षा उपाय, तथा उपभोक्ता सेवा सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव, घरेलू एवं कृषि उपयोग में ऊर्जा की बचत तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

नारायणपुर वितरण केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 08 श्रीमती अनिता सिंह उपस्थित रही । उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि

रजत महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, विकास यात्रा और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी राज्य के अंतिम छोर तक सस्ती, सुरक्षित और सतत विद्युत सेवा पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जो प्रदेश के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।”

उन्होंने ऊर्जा संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए आम नागरिकों से बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील भी की।

इस कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ विद्यालय के प्राचार्या श्रीमती ए तिग्गा, मो इकबाल खान,श्रीमती अनिता सिंह, उमेश यादव, शंकर यादव, श्रीमती संतोषी बन्दे सहित ग्राम पंचायत प्रतिनिधि सरपंच छक्कन राम भगत, विकास नाग, सरपंच श्रीमती मेरी गुलाब, अर्जुन लकड़ा एवं अन्य सरपंच, उपसरपंच, जनप्रतिनिधि,विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे जनहितकारी पहल बताया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि रजत महोत्सव के अंतर्गत भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता एवं सेवा-उन्मुख कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि आम जनता को बेहतर विद्युत सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें और ऊर्जा संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक बनाया जा सके।

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कौशल उन्नयन से जोड़कर युवाओं को बनाएं आत्मनिर्भर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समीक्षा

रायपुर, 03 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियो को निर्देश दिए हैं कि वे युवाओं को अधिक से अधिक कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं। श्री साय ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में नए-नए उद्योग स्थापित होने वाले हैं, इन उद्योगों में युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आज महानदी भवन मंत्रालय में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रोजगार मेले का आयोजन करें। बैठक में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव श्री विकासशील सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने और तकनीकी संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए विशेष रूप से जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईटीआई के आधुनिकीकरण से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने सीएसएसडीए एवं राज्य परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी के एकीकरण के प्रस्ताव पर सहमति दी और शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलों में सहायक निदेशक एवं सहायक परियोजना अधिकारियों की युक्तियुक्त पदस्थापना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रशिक्षित युवाओं से फीडबैक हेतु विकसित ज्तंपदमम थ्ममकइंबा मॉड्यूल को और सशक्त करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2013 से अब तक 4 लाख 90 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 71 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में राज्य में 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाएं (वीटीपी) एवं 207 पंजीकृत कोर्स संचालित हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सेतु योजना के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर 6 क्लस्टर का चयन किया गया है, जिसके माध्यम से आईटीआई के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण हेतु लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत तथा उद्योगों की हिस्सेदारी न्यूनतम 17 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के लिए पीएम जनमन योजना अंतर्गत 9 जिलों में लगभग 1,700 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास हेतु बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर सहित जिलों में 600 से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में सत्र 2025-26 में गत वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत तथा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव, श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विभागीय सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, उद्योग सचिव रजत कुमार, श्रम सचिव हिमशिखर गुप्ता, संचालक तकनीकी शिक्षा रोजगार एवं प्रशिक्षण श्री विजय दयाराम के., स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरूण अरोरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से सफर हुआ आसान : सुदूर वनांचल के गांवों की बदली तस्वीर, स्वास्थ्य कर्मी, छात्रों और ग्रामीण को मिली परिवहन की सुविधा

रायपुर, 03 फरवरी 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य सुदूर वनांचल, विशेषकर बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में, ग्रामीणों को सुलभ और सुरक्षित परिवहन प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों को जिला मुख्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जा रहा है।

*दूरस्थ अंचलों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस की पहुंच से राह हुई आसान* 

             मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना न केवल सड़कों पर दौड़ रही है, बल्कि यह ग्रामीणों के समय, सुविधा और सपनों को सहेजने का माध्यम बन गई है। सरगुजा जिले के बादा से बरियों, चारपारा, ककना, सिधमा, अखोराखुर्द, रूखपुर, चिखलाडीह, नर्मदापारा, सरगवां और अम्बिकापुर तक बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में भारी उत्साह है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरगामी सोच और संवेदनशीलता का परिणाम है कि आज सरगुजा जिले के उन दूरस्थ अंचलों में भी विकास की गूंज सुनाई दे रही है, जहां कभी परिवहन एक बड़ी चुनौती थी। 

*सुगम हुआ सफर, समय की हुई बचत* 

          शहरी स्वास्थ्य अस्पताल में कार्यरत श्रीमती परमानिया पैकरा ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि इस मार्ग पर यह पहली बस सेवा है। उन्होंने कहा कि, पहले ड्यूटी पर समय से पहुंचना और फिर सुरक्षित घर वापस आना एक बड़ी चिंता होती थी। लेकिन जब से यह बस शुरू हुई है, हमें बहुत सुविधा मिल रही है। अब हम समय पर अस्पताल पहुंचते हैं और वक्त पर घर भी लौट आते हैं। इसी तरह स्वास्थ्य कर्मी चंदा टोप्पो ने बताया कि बांदा क्षेत्र से होने के कारण पहले आवागमन के साधन न के बराबर थे। बस सेवा शुरू होने से अब उनकी पेशेवर जिंदगी आसान हो गई है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है।

 *वरदान साबित हो रही बस सेवा विद्यार्थियों के लिए*

         ​विद्यार्थियों के जीवन में इस योजना से क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है। पुष्पेंद्र कॉलेज ऑफ नर्सिंग की फाइनल ईयर की छात्रा लक्ष्मी कहती हैं कि पहले मुझे बस पकड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब बस मेरे घर के सामने से ही गुजरती है। इससे मैं पढ़ाई के लिए बहुत सहज महसूस करती हूँ। वहीं पीजी कॉलेज की छात्रा निशा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले उसे बस पकड़ने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। अब सिदमा गाँव से ही बस मिलने के कारण वह सीधे गाँधी चौक तक का सफर बिना किसी परेशानी के तय कर रही है।

*पैदल चलने और लंबी दूरी की बाइक यात्रा से मिली मुक्ति*

​         सरगुजा जिले के सिदमा गाँव के निवासी दिव्यांशु सिंह ने बताया कि बस सुविधा न होने के कारण उन्हें प्रतिदिन 5 किलोमीटर तक बाइक या पैदल सफर तय करना पड़ता था। दिव्यांशु कहते हैं कि अब गाँव से ही बस चलने लगी है, जिससे मैं अपने स्कूल समय पर पहुँच जाता हूँ। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को इस सराहनीय पहल के लिए आभार व्यक्त किया।

*विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे सुदूर वनांचल के गाँव*

       ​मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना एक वाहन नहीं, बल्कि सुशासन का वह भरोसा है जिसने सुदूर क्षेत्रों को शहर की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। नियमित बस के संचालन से व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। ​मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति सशक्त बन रहे हैं। आज सरगुजा के सुदूर वनांचल की सड़कों पर दौड़ती मुख्यमंत्री ग्रामीण बस प्रदेश की प्रगति की नई कहानी गढ रही हैं।

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सात दिवस बहेगी भक्ति और श्रद्धा की अविरल धारा,नगर की फिज़ाओं में घुलेगा श्रीकृष्ण भक्ति का रस, कल सुबह भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू होगी श्रीमद् भागवत महापुराण कथा

श्रीहरि कीर्तन भवन में सात दिनों तक गूंजेगा हरि नाम, वृंदावन के करूणा सागर महाराज सुनाएंगे संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा

जशपुरनगरः 03 फरवरी 2026 : शहर के श्री हरिकीर्तन भवन में सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा आज भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू होगा। श्रीहरि कीर्तन भवन के संरक्षक सत्येंद्र सिंह (सत्तू सिंह) ने बताया कि कलश यात्रा सुबह 9 बजे पक्कीडांड़ी से शुरू होगा। यहां से श्रद्वालु महिलाएं कलश में तालाब का पवित्र जल भर कर महाराजा चैक,हनुमान मंदिर चैक होते हुए श्रीहरि कीर्तन भवन पहुंचेगें। भागवत कथा प्रति दिन साढ़े 6 बजे से शुरू होंगी।       

    श्रद्वालुओं को कथा का रसपान कराने वृंदावन के प्रसिद्व कथाकार आचार्य करूणा शंकर महाराज का जशपुर आगमन हो चुका है। आयोजन समिति के उपाध्यक्ष कमलकांत वर्मा ने बताया कि आयोजन समिति के कार्यकर्ता कथा स्थल पर मार्गदर्शक रामनिवास अग्रवाल, सुशील मुंदडा राजकुमार अग्रवाल, महेंद्र अग्रवाल के निर्देशन में तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे हुए है।  उल्लेखनिय है कि सीमा गुप्ता, नीतू गुप्ता स्वेता सिंह रेखा गुप्ता कंचन सोनी, रानी गुप्ता ,शशि साहू ,अनुराधा चैरसिया, अर्चना गुप्ता, सावित्री बरेठ सहित समिति के स्वयंसेवकों ने शहरवासियों को पीला चावल दे कर कथा और कलश यात्रा के लिए घर-घर में दस्तक देने का काम पूरा कर चुकी है। समिति ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कलश यात्रा और कथा में शामिल होने की अपील की है।

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हाथी–मानव द्वंद कम करने और वनों को आग से बचाने की बड़ी पहल, बादलखोल अभ्यारण्य के साहीडाँड़ में अधीक्षक व हाथी विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ एक दिवसीय प्रशिक्षण

बादलखोल अभ्यारण्य में वन सुरक्षा, अग्नि नियंत्रण एवं हाथी–मानव द्वंद रोकथाम पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

नारायणपुर  03 फरवरी 2026

उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा के दिशा निर्देश पर आज बादलखोल अभ्यारण्य, नारायणपुर अंतर्गत वन कैंपस साहीडाँड़ में वन सुरक्षा को सुदृढ़ करने, जंगल में लगने वाली आग की रोकथाम तथा हाथी–मानव द्वंद को कम करने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला वन विभाग द्वारा आगामी ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से आयोजित की गई, ताकि वनों को अग्नि से बचाया जा सके और मानव व वन्यजीवों के बीच होने वाले टकराव को न्यूनतम किया जा सके।

कार्यशाला में बादलखोल अभ्यारण्य के अधीक्षक श्री आशुतोष भगत (नारायणपुर) की उपस्थिति में हाथी विशेषज्ञ श्री प्रभात दुबे (अम्बिकापुर) द्वारा विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने जंगल में आग लगने के प्रमुख कारणों, उससे होने वाले पर्यावरणीय नुकसान, वन्यजीवों पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव तथा आग पर त्वरित नियंत्रण की आधुनिक एवं पारंपरिक तकनीकों की जानकारी दी।

जंगल की आग पर नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश

विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि जंगल की आग अधिकांशतः मानवीय लापरवाही से लगती है, जैसे—बीड़ी-सिगरेट फेंकना, महुआ संग्रह के दौरान आग लगाना या खेतों की सफाई के लिए आग जलाना। इसे रोकने के लिए गांव-गांव में मुनादी कराना, ग्रामीणों को जागरूक करना तथा आग लगने की स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देना अत्यंत आवश्यक है।
फायर लाइनों की समय-समय पर सफाई, फायर वॉचरों की सक्रिय तैनाती एवं सामूहिक प्रयास से ही आग पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

हाथी–मानव द्वंद को कम करने पर जोर

हाथी विशेषज्ञ श्री प्रभात दुबे ने हाथियों के व्यवहार, उनके पारंपरिक आवागमन मार्गों और भोजन की आदतों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अनावश्यक छेड़छाड़, शोरगुल और जंगल क्षेत्र में अतिक्रमण से हाथी–मानव द्वंद बढ़ता है। उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि हाथियों के दिखने पर घबराने के बजाय संयम बरतें, समूह में न जाएं, रात के समय खेतों में अकेले न रुकें और हाथी मित्र दल एवं वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गेम रेंज कार्यालय के समस्त स्टाफ, रेंज अंतर्गत सभी बीएफओ/सीएफओ, हाथी मित्र दल, आरआरटी रक्षक, फायर वॉचर एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी को वनों को आग से बचाने, वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा से संबंधित आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश दिए गए।

संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल

कार्यशाला के अंत में अधीक्षक श्री आशुतोष भगत ने कहा कि वन संरक्षण केवल विभाग की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि वन, वन्यजीव और मानव के बीच संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।

कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों एवं वन कर्मियों सहित सभी ने वनों की सुरक्षा एवं हाथी–मानव द्वंद कम करने में सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक ली,राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण समयसीमा में सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर, 03 फरवरी 2026/  कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित समस्त राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान उन्होंने आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, किसान किताब प्रविष्टि, अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, सीमांकन, ई-नामांतरण, स्वामित्व योजना, अभिलेख दुरुस्तीकरण, अभिलेख शुद्धता एवं व्यपर्वतन तथा राजस्व न्यायालय से संबंधित प्रकरणों की गहन समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार शत-प्रतिशत निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
     कलेक्टर श्री व्यास ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने सभी बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आपार आईडी सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु जन्म प्रमाण पत्र अत्यंत आवश्यक है, इसलिए इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। उन्होंने ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाले विभिन्न शिविरों के माध्यम से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। साथ ही आरबीसी 6-4 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं पीड़ित क्षतिपूर्ति राशि संबंधी मामलों का त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि इससे प्रभावितों एवं पीड़ितों को समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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कलेक्टर रोहित व्यास ने ग्राम पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा की, शिविरों में सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने विशेष कार्ययोजना बनने के दिए निर्देश

जशपुरनगर, 03 फरवरी 2026/  कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में ग्राम पंचायतों में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्त कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की समीक्षा करते हुए ओडीएफ प्लस मॉडल, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, गांवों में कचरा संग्रहण व्यवस्था, हाट-बाजारों की नियमित साफ-सफाई, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों का निर्माण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट तथा स्वच्छता श्रमदान की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
       महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने  पीएम जनमन योजना अंतर्गत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों एवं शौचालयों के निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मातृत्व वंदन योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी कार्य भी समय पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। खाद्य विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने राशन कार्डों के ई-केवाईसी कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही संदिग्ध राशन कार्डों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसमें जांच, डुप्लीकेट कार्ड निरस्त करना एवं अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाना शामिल है, ताकि केवल पात्र एवं जरूरतमंद हितग्राहियों को ही शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने 20 फरवरी को आयोजित होने वाले चावल उत्सव की सभी आवश्यक तैयारियाँ समय पर पूर्ण करने हेतु भी निर्देशित किया। इसके अलावा उज्ज्वला योजना 3.0 के अंतर्गत सुशासन तिहार में आए आवेदनों का प्राथमिकता से निराकरण करने और विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को इस योजना का लाभ दिलाने को कहा।
     मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने निस्तारी तालाबों को छोड़कर अन्य शासकीय तालाबों का नियमानुसार पट्टा प्रदान करने के निर्देश दिए, जिससे जरूरतमंदों को रोजगार उपलब्ध हो सके। साथ ही एनएफडीबी के अंतर्गत मछुआ पालक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित कराने तथा उन्हें केसीसी योजना से जोड़कर लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा में पेंशन योजना के हितग्राहियों का आधार सीडिंग कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। कलेक्टर ने जिले के ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाले विभिन्न शिविरों के माध्यम से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
    कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु प्रत्येक किसान का फार्मर आईडी कार्ड बनाना अनिवार्य है। इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर सभी किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में कलेक्टर श्री व्यास ने स्व-सहायता समूहों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने, लंबित बैंक लिंकेज कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों को ऋण वितरण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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सरगुजा शैक्षणिक संभाग की मेरिट सूची में जशपुर का वर्चस्व, पंडित रेवती रमण मिश्र स्मृति पुरस्कार समारोह में जशपुर के मेधावी छात्र-छात्राएं हुए सम्मानित

पंडित रेवती रमण मिश्र स्मृति पुरस्कार  जशपुर जिले का दबदबा 

जशपुर 03 फरवरी 2026 : 
पंडित रेवती रमण मिश्र स्मृति पुरस्कार शैक्षणिक सत्र 2004-05 से प्रत्येक वर्ष मेरिट लिस्ट में आए मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान किया जाता है इसी तारतम्य में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए सरगुजा शैक्षणिक संभाग जिसमें सरगुजा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी, सूरजपुर, बलरामपुर एवं जशपुर आते हैं से मेरिट में आए मेधावी विद्यार्थियों को 1 मई 2026 को पंडित रेवती रमण मिश्र फाउंडेशन कार्यालय में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में पुरस्कार के संस्थापक अनूप कुमार मिश्र के द्वारा मेरिट में आए चयनित मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार राशि व प्रशस्ति पत्र के माध्यम से सम्मानित किया एवं उनके उज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ भी दिया एवं पंडित जी द्वारा रचित कविता "मातृभूमि का प्यार हृदय में लेकर हम जीते हैं" का गायन सभी छात्रों के साथ किया,  

कार्यक्रम में प्रभू नारायण वर्मा, शशि‌कांत दुबे, अरुण त्रिपाठी एवं चयनित मेधावी छात्र छात्राएं एवं उनके परिवार के सदस्य एवं मित्रगण विशेष रूप से उपस्थित थे.. 

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप ज्योति परम ज्योति दीप ज्योति जनार्दनः एवं सरस्वती वंदना के साथ दीप प्रज्ज्वलित करके एवं पंडित जी के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया एवं समापन वन्दे मातरम के सुमधुर गायन के साथ सम्पन्न हुआ 
कक्षा 10वीं के पुरस्कृत छात्र 
नमन खुंटिया जशपुर 99.17% 4000/
टीपेश प्रसाद यादव जशपुर 98.83% 3000/
युवराज पैकरा जशपुर 98.5%  2000/
अनुष्का सिंह जशपुर 98.17%  2000/
अंकित कुमार यादव जशपुर 98% 2000/
हर्षिता सिंह जशपुर 98%  2000/
पूजा चौहान जशपुर 98% 2000/
जितेंद्र बंजारे जशपुर 98.00%  2000/
संजना पैकरा पत्थलगांव 98.00%  2000/
भूमिका राजवाड़े लखनपुर 97.83%  2000/
करीना टोप्पो जशपुर‌ 97.83% 2000/
रीतू कुर्रे जशपुर 97.83% 2000/
दिव्या चौहान अंबिकापुर 97.67%  2000/
ख़ुशबू बारिक अम्बिकापुर 97.67%  2000/
माही डनसेना जशपुर‌ 97.67%  2000/
अंबिराज पहाड़िया जशपुर 96.83%  2000/
 संभाग‌ से बाहर होने के कारण कक्षा 12वीं के
श्रुति मंगतानी मनेन्द्रगढ़
निशा‌ एक्का जशपुर
रूपेश‌ लायेक‌ जशपुर
कक्षा 10वीं के 
पूर्णिमा पैंकरा जशपुर
स्तुति पाण्डे जशपुर
बंदना सिंह जनकपुर को बाद में सम्मानित किया जाएगा..
 

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बाबा भगवान राम ट्रस्ट के तत्वावधान में जशपुर के गम्हरिया स्थित अघोर पीठ में 8 फरवरी को प्रातः 4 बजे से सूर्योदय पूर्व तक निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर का आयोजन,फकीरी एवं आयुर्वेदिक पद्धति से होगा विशेष उपचार

अघोर पीठ गम्हरिया आश्रम में 08 फरवरी को निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर

जशपुर 03 फरवरी 2026 :- बाबा भगवान राम ट्रस्ट, जशपुर (छत्तीसगढ़) के तत्वावधान में आगामी 08 फरवरी 2026, रविवार को जशपुर जिले के गम्हरिया स्थित “अघोर पीठ”, वामदेव नगर में एक निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर प्रातः 04 बजे से सूर्योदय से पूर्व तक संचालित किया जाएगा।

ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस विशेष चिकित्सा शिविर में मिर्गी रोग से पीड़ित मरीजों का उपचार फकीरी एवं आयुर्वेदिक पद्धति से किया जाएगा। उपचार हेतु स्वनिर्मित आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग किया जाएगा तथा यह संपूर्ण चिकित्सा प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क रहेगी।

उपचार की प्रकृति को देखते हुए ट्रस्ट ने बताया कि सभी रोगियों को 07 फरवरी 2026, शनिवार को ही शिविर स्थल पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा। रोगियों के लिए रात्रि विश्राम एवं भोजन की व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा निःशुल्क की गई है। प्रत्येक रोगी को अपने साथ एक सहयोगी व्यक्ति लाना आवश्यक होगा।

शीत ऋतु को ध्यान में रखते हुए रोगियों एवं उनके सहयोगियों को गर्म कपड़े एवं कंबल साथ लाने की सलाह दी गई है। ट्रस्ट द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि शिविर में दी जाने वाली औषधि गर्भवती महिलाओं के लिए निषिद्ध है, अतः गर्भवती महिलाएं इस उपचार में सम्मिलित न हों।

ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार यह शिविर मिर्गी रोग से पीड़ित लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे उन्हें वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लाभ प्राप्त हो सकेगा।

उक्त निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर से संबंधित अधिक जानकारी एवं पंजीकरण के लिए इच्छुक व्यक्ति मोबाइल नंबर 7000989007, 7007256988, 9718286111 एवं 9425251701 पर संपर्क कर सकते हैं।

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नदी किनारे से लेकर जंगलों तक चला पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद, नारायणपुर और मनोरा क्षेत्र में गौ तस्करी का भंडाफोड़, 74 गौवंश बरामद,दो आरोपी गिरफ्तार,फरार आरोपियों की तलाश तेज

जशपुर | 03 फरवरी 2026
गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत बीते तीन दिनों में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कुल 74 नग गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया, वहीं एक विधि से संघर्षरत बालक सहित दो गौ तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों ही मामले थाना नारायणपुर एवं चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत के हैं।

पुलिस अधीक्षक डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के अंतर्गत गौ तस्करों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

नारायणपुर थाना क्षेत्र का मामला

थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत दिनांक 02 जनवरी 2026 की प्रातः लगभग 5 बजे, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम चटकपुर–चांचीडांड के पास बेने डेम के नीचे, ईब नदी किनारे कुछ व्यक्ति भारी संख्या में गौवंशों को निर्दयतापूर्वक मारते-पीटते हुए पैदल हांककर झारखंड राज्य की ओर ले जा रहे हैं।

सूचना मिलते ही थाना नारायणपुर पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए, उनके निर्देश पर तत्काल मौके पर दबिश दी। पुलिस टीम को देखकर तस्करों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ लिया, जबकि अन्य आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।

पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम
(1) अमन टोप्पो, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम कजरा, कनपोड़ा, थाना नारायणपुर, जिला जशपुर
(2) एक 16 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक
बताया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य 11 साथियों के साथ मिलकर गौवंशों को झारखंड ले जा रहे थे।

पुलिस द्वारा दस्तावेज मांगने पर कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए गए, जिस पर 32 नग गौवंशों को मौके से बरामद कर लिया गया। सभी गौवंशों का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।

इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है। आरोपी अमन टोप्पो को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, जबकि विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।

चौकी मनोरा क्षेत्र का मामला

दूसरा मामला दिनांक 31 जनवरी 2026 की शाम 5 से 6 बजे के बीच का है। चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम केसरा के बड़ा पहाड़ जंगल में गौ तस्करों द्वारा गौवंशों को झारखंड की ओर ले जाया जा रहा था। इस दौरान ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तस्करों को रोकने का प्रयास किया और 42 नग गौवंशों को मुक्त कराया।

घटना की सूचना प्रार्थी रविरंजन कुमार (31 वर्ष), निवासी मधुवन टोली, जशपुर द्वारा चौकी मनोरा पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी गौवंशों को अपने कब्जे में लेकर उनका पशु चिकित्सीय परीक्षण कराया। ग्रामीणों को देखकर तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।

इस मामले में चौकी मनोरा पुलिस द्वारा आरोपियों के विरुद्ध
छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

        इस पूरी कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक अमरबेल मिंज, उमेश प्रभाकर, नरेंद्र मिंज, प्रधान आरक्षक उमेश मिंज, आरक्षक अनानियुस टोप्पो, अशोक कंसारी एवं योगेश भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी का बयान

इस संबंध में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि

जशपुर पुलिस गौ तस्करी को लेकर अत्यंत संवेदनशील है। ऑपरेशन शंखनाद के तहत बीते तीन दिनों में 74 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा शेष फरार तस्करों की तलाश जारी है। गौ तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”

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