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BREAKING NEWS: रायगढ़ में एसी ब्लास्ट का खौफनाक हादसा, भोर में कमरे के भीतर फंसे पिता-पुत्र; जहरीले धुएं से दम घुटने पर 38 वर्षीय पुरुषोत्तम पटेल की मौत, बेटा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

रायगढ़, 26 जून। शहर के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र स्थित अंबेडकर आवास में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। विंडो एसी के कम्प्रेसर में हुए विस्फोट के बाद कमरे में फैले घने धुएं से दम घुटने के कारण 38 वर्षीय पुरुषोत्तम पटेल की मौत हो गई, जबकि उनके 19 वर्षीय पुत्र राजबीर पटेल गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार अंबेडकर आवास के मकान क्रमांक 232 में रहने वाले पिता-पुत्र 24 जून की रात भोजन करने के बाद अपने कमरे में विंडो एसी चलाकर सोए थे। गुरुवार सुबह करीब 4:30 बजे अचानक एसी के कम्प्रेसर में जोरदार ब्लास्ट हो गया। विस्फोट के बाद आग की लपटें बाहर तक पहुंच गईं और कमरे के बाहर खड़े स्कूटर तथा मोटरसाइकिल भी आग की चपेट में आ गए।

हादसे के बाद कमरे में तेजी से धुआं भर गया। नींद में होने के कारण दोनों समय रहते बाहर नहीं निकल सके और धुएं के प्रभाव से अचेत हो गए। तेज धमाके और आग देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तथा तत्काल डायल-112 और चक्रधरनगर पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से मकान का दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला। गंभीर अवस्था में उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने पुरुषोत्तम पटेल को मृत घोषित कर दिया। वहीं राजबीर पटेल का उपचार मेडिकल कॉलेज में जारी है।

घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और एसी विस्फोट के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह तकनीकी खराबी मानी जा रही है, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा यह पता लगाया जा रहा है कि कम्प्रेसर में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ।

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राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों के बेटा-बेटियों ने रचा सफलता का नया अध्याय: मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सदन में किया सम्मान, मुख्य परीक्षा के लिए दिया जीत का मंत्र

नई दिल्ली, 25 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।

उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में श्री गौतम कुमार, श्री कुलभूषण सिंह पोया, श्री हरि चंद्र प्रकाश सिंह, श्री मयंक रात्रे, श्री मलिकराम पटेल, श्री आर्यन राठौर, श्री चेतन लाल, श्री हरीश कुमार पटेल, श्री किशन लाल साहू, श्री सत्यनारायण चंद्राकर, सुश्री दीक्षा दिवाकर, श्री विकेश कुर्रे तथा श्री प्रकाश पटेल शामिल हैं।

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स्कूल के बाद मोबाइल बनेगा ‘गणित गुरु’! अब फोन कॉल पर मिलेगी मैथ्स की खास कोचिंग, सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए जशपुर में शुरू हुआ ‘जश-लर्न’ मिशन

नारायणपुर | सरकारी स्कूलों के बच्चों को गणित में दक्ष बनाने के लिए जशपुर जिले में एक अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। कर्नाटक में सफल रहे कनेक्टेड मॉडल पर आधारित ‘जश-लर्न’ मिशन के तहत अब शिक्षक स्कूल समय के बाद मोबाइल फोन के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से गणित की कोचिंग देंगे। शिक्षा विभाग और यूथ इम्पैक्ट के संयुक्त प्रयास से शुरू की जा रही यह पहल जिले में बुनियादी गणितीय दक्षता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इसी क्रम में बुधवार को आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, बगीचा के सभागार में संकुल समन्वयकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कार्यक्रम की कार्यप्रणाली, विद्यार्थियों के चयन, अभिभावकों की सहभागिता तथा सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक सुभाष प्रभाकरन ने बताया कि प्रारंभिक चरण में यह कार्यक्रम कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों पर केंद्रित रहेगा। स्कूल समय समाप्त होने के बाद गणित शिक्षक ऐसे विद्यार्थियों का चयन करेंगे जिन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता है। इसके बाद अभिभावकों की सुविधा के अनुसार समय निर्धारित कर शिक्षक विद्यार्थियों को सीधे फोन कॉल करेंगे और उन्हें गणित की मूलभूत अवधारणाएं, विशेष रूप से भाग जैसी प्रक्रियाएं समझाएंगे। प्रत्येक कॉल लगभग 30 मिनट से एक घंटे तक की हो सकती है। निर्धारित दक्षता हासिल करने के बाद अन्य विद्यार्थियों को भी चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान विकसित करना विभाग की प्राथमिकता है। ‘जश-लर्न’ मिशन के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग मिलेगा, जिससे गणित के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक के बीच बेहतर शैक्षणिक समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीआरसीसी कृष्ण कुमार राठौर, एबीओ दिलीप टोप्पो, एमआईएस प्रभारी ममता शर्मा सहित विकासखंड के सभी संकुलों के सीएसी उपस्थित रहे।

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जशपुर पुलिस का विश्व पटल पर परचम: एक ही दिन में 766 गांवों में जन चौपाल लगाकर हेलमेट जागरूकता का रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

जशपुर। सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष हेलमेट जनजागरूकता अभियान में जशपुर पुलिस ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिले के सभी **766 गांवों में एक ही दिन एक साथ पुलिस जन चौपाल आयोजित कर हेलमेट पहनने और यातायात नियमों के पालन के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया गया, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रमाणित करते हुए अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया है। इस उपलब्धि के साथ जशपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा जागरूकता के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख सोनल राजेश शर्मा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह को प्रमाण-पत्र और मेडल प्रदान कर इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभिनव अभियान की सराहना की।

जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस लगातार व्यापक यातायात जागरूकता अभियान चला रही है। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक कर सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करना है।

इस अभियान की शुरुआत 18 अप्रैल 2026 को जशपुर मुख्यालय से विशाल हेलमेट जागरूकता रैली निकालकर की गई थी। रैली में कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। इसके बाद जिले के पत्थलगांव, कुनकुरी, बगीचा सहित विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में भी हेलमेट जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं, जिनमें 10 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया।

जशपुर पुलिस ने जागरूकता अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए मुख्यमंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों के सहयोग से सोशल मीडिया के माध्यम से भी हेलमेट पहनने की अपील करवाई। इस अभियान के तहत 3 हजार से अधिक लोगों ने वीडियो संदेश जारी कर नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।

पुलिस द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान में 60 हजार से अधिक नागरिकों को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। दोपहिया वाहन चालकों और सवारों को हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने तथा नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया।

जशपुर पुलिस की बीट प्रणाली को और मजबूत बनाते हुए प्रत्येक गांव के लिए एक पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी गांवों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ लोगों को हेलमेट पहनने और कानून के प्रति जागरूक करना भी है।

अभियान को सफल बनाने में लगभग 5 हजार पुलिस मितानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे पुलिस मितानों ने गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया और पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया।

24 जून 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जिले के सभी 766 गांवों में एक साथ जन चौपाल आयोजित की गई। इस दौरान ग्रामीणों को सड़क सुरक्षा के महत्व, हेलमेट की उपयोगिता और यातायात नियमों के पालन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कई ग्राम सभाओं में हेलमेट को अनिवार्य बनाने और इसके उपयोग को बढ़ावा देने के प्रस्ताव भी पारित किए गए।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि में पुलिस विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों और पुलिस मितानों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस सफलता को जिले के सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों को समर्पित करते हुए विश्वास जताया कि इस जनजागरूकता अभियान का सकारात्मक प्रभाव आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं में कमी के रूप में देखने को मिलेगा।

जशपुर पुलिस की यह पहल न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है, जहां जनभागीदारी के माध्यम से सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का रूप देने का सफल प्रयास किया गया है।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से ग्राम बोड़ालाता में पुनः बहाल हुई बिजली आपूर्ति ,ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

जशपुरनगर, 25 जून 2026/ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आम नागरिकों की मूलभूत समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड कुनकुरी की ग्राम पंचायत दाराखरिका के आश्रित ग्राम बोड़ालाता में लंबे समय से खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलकर विद्युत आपूर्ति पुनः सुचारू कर दी गई है। इससे बिजली संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। ग्राम पंचायत दाराखरिका के सरपंच द्वारा मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर अवगत कराया गया था कि ग्राम बोड़ालाता में स्थापित ट्रांसफार्मर खराब हो जाने के कारण पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। बिजली नहीं होने से ग्रामीणों को दैनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र हाथी प्रभावित है तथा बरसात का मौसम प्रारंभ होने वाला है। ऐसे में अंधेरे के कारण जंगली हाथियों की गतिविधियों और विषैले जीव-जंतुओं से खतरा बढ़ने की आशंका थी। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने समस्या के शीघ्र निराकरण की मांग की।
       मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश पर विद्युत विभाग ने त्वरित पहल करते हुए खराब ट्रांसफार्मर को बदल दिया, जिससे ग्राम बोड़ालाता में बिजली आपूर्ति पुनः बहाल हो गई है। विद्युत व्यवस्था सुचारू होने पर ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया है। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। उल्लेखनीय है कि बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से आमजन की समस्याओं के निराकरण की प्रभावी व्यवस्था बनाई गई है। विशेष रूप से बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित शिकायतों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे लोगों को त्वरित राहत मिल रही है।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

नई दिल्ली, 25 जून 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

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बस्तर में विकास, सुशासन और जनविश्वास की मजबूत होती नींव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बताई बदलते बस्तर की पूरी तस्वीर

नई दिल्ली, 24 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं संचार सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सेवा केंद्रों एवं जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से लोगों को शासकीय सेवाएं उनके घर के निकट उपलब्ध कराई जा रही हैं।

श्री साय ने कहा कि बस्तर आज विकास और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। चित्रकोट, तीरथगढ़ और कांगेर घाटी जैसे पर्यटन स्थलों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि विकास एवं जनकल्याण के प्रयासों से क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है तथा शासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी प्रयासों की सराहना करते हुए राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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कलेक्टर रोहित व्यास की सख्ती: कृषि विभाग में धीमी प्रगति पर बड़ा एक्शन, 39 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस

जशपुरनगर 24 जून 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश पर किसानों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने तथा विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने सख्त कदम उठाया है। एग्रीस्टेक, फार्मर आईडी निर्माण, लंबित खसरों के अद्यतिकरण एवं अन्य विभागीय योजनाओं की प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं पाए जाने पर जिले के विभिन्न विकासखंडों में पदस्थ 39 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में 22 जून 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में एग्रीस्टेक, फार्मर आईडी एवं विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई थी। समीक्षा के दौरान कई क्षेत्रों में कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसी तारतम्य में अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है।

       उप संचालक कृषि द्वारा जारी नोटिस में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर एग्रीस्टेक, फार्मर आईडी निर्माण, लंबित खसरों की प्रविष्टि तथा अन्य विभागीय योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करें। साथ ही प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करें। नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यदि निर्धारित समयावधि में अपेक्षित प्रगति नहीं होती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर निलंबन एवं विभागीय जांच की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा सकती है।

        कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा है कि किसानों से जुड़े सभी कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। एग्रीस्टेक एवं फार्मर आईडी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म किसानों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करते हुए किसानों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

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एल-नीनो की दस्तक से बदलेगी खेती की रणनीति: जशपुर के किसानों को धान छोड़ दलहन-तिलहन अपनाने की सलाह, सरकार देगी 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि

जशपुरनगर 24 जून 2026/ जिले में इस वर्ष एल-नीनो प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी है। उप संचालक कृषि, जशपुर ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वे विशेष रूप से टिकरा (अपलैंड) भूमि में धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती कर जोखिम को कम करें तथा बेहतर आय अर्जित करें। कृषि विभाग के अनुसार कम वर्षा की संभावित परिस्थितियों में अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी, रागी, मूंगफली, तिल, रामतिल एवं कुल्थी जैसी फसलें किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं। ये फसलें कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती हैं तथा प्रतिकूल मौसम की स्थिति में भी उत्पादन पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड़ता है।

*प्रति एकड़ मिलेगा 15 हजार रुपये का प्रोत्साहन* -

कृषि विभाग ने बताया कि टिकरा भूमि में धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती करने वाले किसानों को शासन द्वारा 15,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। इसके अलावा इन फसलों की खरीदी प्रधानमंत्री आशा योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर भी की जाती है, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होता है।


*धान की तुलना में अधिक लाभकारी हैं वैकल्पिक फसलें* -

विशेषज्ञों के अनुसार दलहन एवं तिलहन फसलें न केवल कम लागत में बेहतर उत्पादन देती हैं, बल्कि मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में भी सहायक होती हैं। इन फसलों से भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, जिससे आगामी फसलों को भी लाभ मिलता है। साथ ही इनका बाजार मूल्य अच्छा होने से किसानों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।

*मध्यम भूमि में अल्प अवधि की धान किस्में लगाने की सलाह* -

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि मध्यम भूमि वाले क्षेत्रों में भी संभावित कम वर्षा को ध्यान में रखते हुए कम अवधि में तैयार होने वाली धान किस्मों का चयन करें। इससे फसल जोखिम कम होगा और उत्पादन की संभावना बेहतर बनी रहेगी। उप संचालक कृषि, जशपुर ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक सलाह के अनुसार फसल चयन करें तथा दलहन-तिलहन फसलों की खेती कर शासन की प्रोत्साहन योजना का लाभ उठाएं। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकेगा।

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जशपुर दौरे पर आएंगी राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा 3 जुलाई को कलेक्ट्रेट में होगी विभागीय समीक्षा बैठक

जशपुरनगर, 24 जून 2026/ राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा 02 जुलाई से 04 जुलाई 2026 तक जशपुर जिले के शासकीय प्रवास पर रहेंगी। इस दौरान वे अनुसूचित जनजातियों के लिए लागू संवैधानिक सुरक्षा उपायों, कल्याण एवं विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगी।
     राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, भारत सरकार के छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक 03 जुलाई 2026 को प्रातः 11 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा अनुसूचित जनजातियों के हित में संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों एवं संवैधानिक प्रावधानों के पालन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

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रेत माफियाओं पर चला प्रशासन का बुलडोजर! 200 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत जब्त, लाखों का जुर्माना ठोका गया

जशपुरनगर, 24 जून 2026/  जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन संबंधी प्राप्त शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला खनिज विभाग ने सख्त कार्रवाई की जा रही है। सिर्फ 02 वैध खदान, इधर बिना रायल्टी पटाये अवैध रेत तस्करी, 400 रूपये प्रति ट्रैक्टर बढ़ाई कीमत की शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए विभाग द्वारा झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में 11 जून को अवैध रूप से संग्रहित लगभग 200 ट्रैक्टर-ट्रॉली में 600 घन मीटर रेत जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की गई तथा 1 लाख 46 हजार 800 रुपये की अर्थदंड राशि खनिज मद में जमा कराई गई है।
       जिला सहायक खनिज अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पोड़ी स्थित शंख नदी क्षेत्र में 11 जून 2026 को निरीक्षण के दौरान लगभग 200 ट्रैक्टर-ट्रॉली (करीब 600 घनमीटर) रेत अवैध रूप से संग्रहित पाई गई। इस पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई। कार्रवाई के तहत निर्धारित अर्थदंड की राशि 1,46,800 रुपये का चालान 16 जून 2026 को खनिज मद में जमा कराया गया। उन्होंने बताया कि जिले में रेत के वैध उत्खनन एवं आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में स्थित ग्राम पोड़ी एवं ग्राम पुत्रीचौरा में 5-5 हेक्टेयर क्षेत्रफल की रेत खदानें घोषित की गई हैं। इन खदानों के संचालन हेतु निविदा आमंत्रण सूचना जारी कर खदान स्वीकृति की कार्यवाही की जा रही है।

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जशपुर में भाजपा का श्रद्धांजलि कार्यक्रम: पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को किया नमन, कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूती और राष्ट्रहित के लिए किया प्रेरित

जशपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा राष्ट्रनायक, प्रखर शिक्षाविद एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर जशपुर जिले के सभी मंडलों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके राष्ट्रवादी विचारों, अद्वितीय त्याग और देश की एकता-अखंडता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का स्मरण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन त्याग, राष्ट्रभक्ति और अटूट संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि की उनकी सोच आज भी करोड़ों देशवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है। उनके आदर्शों और राष्ट्रवादी विचारों को जन-जन तक पहुँचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने देश की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। भाजपा की वैचारिक शक्ति ऐसे ही महापुरुषों के त्याग और तपस्या पर आधारित है। प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाए।

पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान भारतीय लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने कभी भी राष्ट्रहित से समझौता नहीं किया। उनका जीवन हमें राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। विकसित भारत के निर्माण का संकल्प भी उनके राष्ट्रवादी चिंतन को आगे बढ़ाने का ही माध्यम है।

कार्यक्रमों में वक्ताओं ने पण्डित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों पर चलने, संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने तथा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं राष्ट्रहित के संकल्पों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

उक्त जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि कार्यक्रम में नपा अध्यक्ष अरविंद भगत, श्रीनायक मिश्रा, संजीव ओझा, मुकेश सोनी, गोविंद राम भगत सहित जिले के सभी मंडलों में जिला एवं मंडल पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद: कलेक्टर रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनीं समस्याएं, समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

जशपुरनगर 23 जून 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 55 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।

     कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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नए सपनों और नई उम्मीदों के साथ विद्यालय पहुंचे नन्हे कदम, दासडुमरटोली में प्रवेश उत्सव ने बच्चों और पालकों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान

जशपुर। जिले में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साह, उमंग और शिक्षा के प्रति सकारात्मक संकल्प के साथ हो रही है। इसी कड़ी में शासकीय प्राथमिक शाला दासडुमरटोली में विद्यालय प्रवेश उत्सव का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा के निर्देशन तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना टोप्पो के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा के प्रति बच्चों और अभिभावकों में नया उत्साह भर दिया।

विद्यालय परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। पहली बार विद्यालय पहुंचने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ तिलक-चंदन, आरती और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वार्ड क्रमांक 12 के पंच विक्रम भगत तथा विशिष्ट अतिथि वार्ड क्रमांक 13 की पंच श्रीमती बबीता भगत रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी टुमनू गोसाई ने की। इस अवसर पर संकुल शैक्षिक समन्वयक नेल्सन जॉन लकड़ा, शिक्षक प्रवीण मिंज, प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम, सहायक शिक्षक मुकेश कुमार, विद्यालय स्टाफ, पालकगण, ग्रामवासी एवं पूर्व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अपने हाथों से तैयार पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों एवं पालकों का स्वागत किया। प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम ने स्वागत भाषण में विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक वातावरण और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।

मुख्य अतिथि विक्रम भगत और अध्यक्षता कर रहे टुमनू गोसाई ने नवप्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर उनका स्वागत किया तथा पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए। अपने संबोधन में श्री गोसाई ने कहा कि आज के बच्चों को 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और ये विद्यालय किसी भी निजी विद्यालय से कम नहीं हैं।

विशिष्ट अतिथि श्रीमती बबीता भगत ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर जोर देते हुए अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से मिलकर शिक्षा को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

प्रधानपाठिका फिरदौस खानम ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, स्वच्छता, अनुशासन और बड़ों के सम्मान का महत्व बताते हुए विद्यालय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

वहीं सहायक शिक्षक मुकेश कुमार ने कहा कि आधुनिक प्रतिस्पर्धी दौर में हिंदी, अंग्रेजी और गणित की मजबूत नींव अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों के लिए अतिरिक्त इंग्लिश स्पोकन क्लास संचालित करने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में अंग्रेजी बोलने का आत्मविश्वास विकसित होगा और वे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकेंगे।

कार्यक्रम का संचालन भी मुकेश कुमार ने किया। अंत में प्रधानपाठिका फिरदौस खानम ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्रामवासियों एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। विद्यालय प्रवेश उत्सव ने बच्चों के लिए शिक्षा के नए सफर की यादगार शुरुआत कर दी।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तीन बड़े ऐतिहासिक निर्णय, चार हजार करोड़ की रोजगार योजना से गांवों में खुलेगा विकास और रोजगार का नया अध्याय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

1. मंत्रिपरिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, सशक्तीकरण, विभागीय योजनाओं के अभिसरण और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने के लिए आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए *’’विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना* छत्तीसगढ़’’ के प्रारूप का अनुमोदन किया है। भारत सरकार के अधिनियम, 2025 के अनुरूप लागू की जा रही इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी।

इस योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण, आजीविकामूलक परिसंपत्तियों के विकास तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत आधारित समेकित विकास, विभागीय योजनाओं के अभिसरण तथा पीएम गति शक्ति से समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। विकास कार्यों की बेहतर कार्ययोजना एवं निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणालियों का उपयोग करते हुए पारदर्शिता, सुशासन एवं जवाबदेही को सुदृढ़ किया जाएगा। 

इस योजना के क्रियान्वयन में केंद्र एवं राज्य के व्यय का अनुपात 60ः40 रहेगा तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से *’’अटल आजीविका समृद्धि हाट’’* योजना प्रारंभ करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सृजन केंद्र (हथकरघा, बुनाई-सिलाई, हस्तशिल्प आदि), प्रसंस्करण इकाइयां (दलहन, तिलहन, राइस मिल, डेयरी आदि), सेवा केंद्र (कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत, अटल डिजिटल केंद्र आदि), विपणन केंद्र तथा आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

इस योजना का उद्देश्य उपलब्ध अधोसंरचना और मशीनरी का बेहतर उपयोग करते हुए स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

*’’अटल आजीविका समृद्धि हाट’’* के माध्यम से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सेवा व्यवसाय, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा तथा ग्रामीण बाजारों को नई गति मिलेगी और प्रदेश की ग्रामीण आजीविका को मजबूत आधार प्राप्त होगा।

3. मंत्रिपरिषद ने आज *“छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy), 2026”* के प्रारूप का भी अनुमोदन किया है। इस नीति के माध्यम से राज्य में उपलब्ध कृषि अवशेष, नगरीय ठोस अपशिष्ट, पशुधन अपशिष्ट एवं अन्य जैविक संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन कर उन्हें स्वच्छ गैसीय ईंधन कम्प्रेस्ड बायोगैस में परिवर्तित किया जाएगा। 

इस नीति से अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, जैव उर्वरक उत्पादन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अनुसार राज्य में लगभग 5 लाख टन प्रतिवर्ष CBG उत्पादन की संभावना है। इस नीति के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को राज्य नोडल एजेंसी तथा ऊर्जा विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रशासनिक आदेश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।


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जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गुम हुए मोबाइलों की खोज में मिली बड़ी सफलता, 7.50 लाख रुपये के 51 मोबाइल बरामद कर मालिकों को सौंपे

जशपुर। जशपुर पुलिस ने गुम मोबाइल फोन की तलाश और वापसी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 51 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने मोबाइल धारकों को उनके फोन सुपुर्द किए। बरामद मोबाइल फोनों की कुल कीमत लगभग 7.50 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से मोबाइल गुम होने की शिकायतें सीईआईआर (CEIR) पोर्टल और थानों के माध्यम से प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए साइबर सेल जशपुर ने तकनीकी विश्लेषण और ट्रैकिंग के जरिए मोबाइल फोनों का पता लगाया और उन्हें बरामद करने में सफलता प्राप्त की।

इस अवसर पर डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर निजी जानकारी के दुरुपयोग की आशंका रहती है। उन्होंने नागरिकों से मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल थाना या सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यातायात नियमों के पालन का संदेश भी दिया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है।

मोबाइल वापस मिलने पर लाभान्वित लोगों ने जशपुर पुलिस और साइबर सेल का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आमजन की संपत्ति की सुरक्षा और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, डीएसपी भावेश कुमार समरथ, डीएसपी कुंजराम चौहान, निरीक्षक संत लाल आयाम, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी सहित साइबर सेल एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री साय का नमन: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को बताया राष्ट्रवाद, अखंडता और आत्मनिर्भर भारत की विचारधारा का अमर प्रतीक

रायपुर, 23 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद्,भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। उनके विचार, संघर्ष और त्याग भारतीय लोकतंत्र एवं राष्ट्रवादी चिंतन की अमूल्य धरोहर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र की अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श और सिद्धांत हमें निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर ही हम राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, श्री राम गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

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‘नेशन फर्स्ट’ के संकल्प और सुरक्षा बलों के अदम्य शौर्य से बदली बस्तर की तकदीर, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा— आतंक की छाया से निकलकर विकास और विश्वास की नई पहचान बना रहा है बस्तर

रायपुर, 23 जून 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को विकास और जनविश्वास की विजय बताते हुए कहा है कि सरकार ने नक्सलवाद और माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया था और आज उसके सकारात्मक परिणाम पूरे देश के सामने हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय, हिंसा और अविश्वास का वातावरण था, वहां आज विकास, सुशासन और नई संभावनाओं का युग प्रारंभ हो चुका है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य नागरिक निरंतर भय के साये में जीवन जीने को मजबूर थे। लोगों को अपनी सुरक्षा, आजीविका और सम्मान की चिंता रहती थी। विकास कार्यों को आगे बढ़ाना अत्यंत कठिन था। सड़क निर्माण से लेकर संचार सुविधाओं के विस्तार तक हर प्रयास का हिंसक विरोध किया जाता था। कई बार निर्माण सामग्री को जला दिया जाता था, ठेकेदारों को धमकाकर भगा दिया जाता था और विकास कार्यों को रोकने की कोशिश की जाती थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बीते वर्षों में हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया, हजारों मोबाइल टावर स्थापित किए गए और दूरस्थ गांवों तक संचार सुविधाएं पहुंचाई गईं। बैंकिंग सेवाओं, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन के माध्यम से लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल आधारभूत संरचनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास और अवसरों का विस्तार है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल बम, बंदूक और गोली के सहारे नहीं लड़ी गई। सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ जनसामान्य की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने पर भी समान रूप से ध्यान दिया। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, गरीबों को अधिकार दिलाने और लोकतंत्र के प्रति विश्वास मजबूत करने के निरंतर प्रयास किए गए। इसी का परिणाम है कि आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आमजन का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की प्रक्रिया में बढ़ा है।

प्रधानमंत्री ने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी आतंक और हिंसा का माहौल था, वहां आज युवाओं की ऊर्जा खेल और प्रतिभा के माध्यम से सामने आ रही है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। यह दर्शाता है कि अब वहां के युवा हिंसा के रास्ते को नहीं, बल्कि अवसर, शिक्षा, खेल और विकास के मार्ग को अपना रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘नेशन फर्स्ट’ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस ने बस्तर सहित पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था, वहां आज विकास का आत्मविश्वास दिखाई देता है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, बैंकिंग और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच ने लोगों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षा बलों की वीरता तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद का अध्याय अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की पहचान हिंसा नहीं, बल्कि विकास, जनभागीदारी, खेल, पर्यटन और नई संभावनाओं से बन रही है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और अंत्योदय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़  विकास और सुशासन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा तथा बस्तर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

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