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10 वर्षीय शिवा चौहान के परिवार को मुख्यमंत्री बगिया कैंप कार्यालय के माध्यम से मुआवजा मिला,मुख्यमंत्री को जताया आभार

जशपुरनगर  जशपुर जिले के कांसाबेल तहसील अंतर्गत पोंगरो निवासी पीताम्बर चौहान के परिवार पर 4 वर्ष पहले दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। उनका 10 वर्षीय मासूम पुत्र शिवा चौहान आंगनबाड़ी केंद्र के पास खेलते समय विद्युत तार की चपेट में आ गया था। करंट लगने से हुई इस दर्दनाक घटना में छोटी सी उम्र में शिवा की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।घटना के बाद से परिवार लगातार मुआवजा प्राप्त करने के लिए संबंधित विभागों के चक्कर काटते रहा, लेकिन 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी। निराश और परेशान परिजनों ने आखिरकार सीएम कैंप कार्यालय बगिया पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई और लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप और संवेदनशीलता का परिणाम यह हुआ कि विद्युत विभाग ने प्रकरण की विस्तृत जांच कर मुआवजा स्वीकृत किया।आज मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने परिजनों को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। चेक प्राप्त करते समय परिवार के चेहरे पर वर्षों बाद राहत के भाव दिखाई दिए।परिजनों ने भावुक होते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि—“चार साल से हम दर–दर भटकते रहे, लेकिन बगिया कैंप कार्यालय ने हमारी पुकार सुनी और हमें न्याय दिलाया। मुख्यमंत्री जी का हम जीवनभर आभार मानेंगे।”
यह घटना न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता का प्रतीक है बल्कि यह भी दर्शाती है कि सीएम कैंप कार्यालय बगिया जनता की समस्याओं का सबसे तेज़ और भरोसेमंद समाधान केंद्र बन चुका है।मुख्यमंत्री के निर्देश पर मिल रही समयबद्ध सहायता ने कई पीड़ित परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है, और शिवा चौहान के परिवार को मिली यह राहत उसी श्रृंखला का एक सशक्त उदाहरण ।

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राष्ट्र निर्माण में आदिवासी शहीदों का योगदान अनुपम: मुख्यमंत्री श्री साय. “शहीद वीर नारायण सिंह को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि,कर्रेझर  में 71.93 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण”


                 
 रायपुर, 10 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्र व समाज पर विपत्ति आई है, आदिवासी समाज ने उनका डटकर मुकाबला कर विघटनकारी तत्वों को मुहतोड़ जवाब दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय आज बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम कर्रेझर में आयोजित विराट वीर मेला महोत्सव को सम्बोबिधत कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने तीन दिवसीय विराट वीर मेला के अंतिम दिवस पर आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अमर शहीद वीरनारायण सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि दी। 

 मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम कर्रेझर में मेला स्थल के समीप तालाब निर्माण हेतु 15 लाख, मेला आयोजन हेतु आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदान कि जाने वाली 10 लाख रूपये की सहयोग राशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने तथा राजाराव पठार स्थित देवस्थल में किचन शेड निर्माण करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने मेला स्थल पर कुल 71 लाख 93 हजार रूपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम ने की। आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री आशाराम नेताम विशेष रूप से उपस्थित थे।  

 मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासियों के हितों के संरक्षण एवं देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाने हेतु पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी एवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के योगदानांे का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह एवं श्री गैंदसिंह नायक के अद्म्य वीरता, साहस एवं राष्ट्र भक्ति का उल्लेख करते हुए उसे अतुलनीय बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया गया है। 

 इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम ने राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधक बने नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जिन मुद्दों के लिए हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, वे आज साकार हो रहे हैं। वन अधिकार की लंबी लड़ाई का परिणाम है कि आज उनके परिजनों को उनका अधिकार मिल रहा है। बस्तर वर्षों पुरानी नक्सली पीड़ा से मुक्त हो रहा है। यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली आ रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्माण और विकास की मजबूत नींव बस्तर में रखी जा रही है। 

इस अवसर पर आदिवासी समाज के लोक कलाकारों के द्वारा रेला, मांदरी, हुलकी आदि परंपरागत लोक विधाओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जीवंत प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी समाज के रचनाकार श्रीमती हेमवती ठाकुर के द्वारा रचित पुस्तक ’आदिशक्ति माँ अंगारमोती’ एवं श्री मरई राधेश्याम बस्तरिया की पुस्तक ’घोटुल पुंदाना’ पुस्तक का भी विमोचन किया।

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मुख्यमंत्री सोनाखान में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल,101 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

रायपुर 10 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुविधाओं में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। अंग्रेजी हुकूमत ने 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने रायपुर के जयस्तंभ चौक में वीर नारायण सिंह को फांसी दी थी। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और कल्याण के लिए सरकार सतत् कार्यरत है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 101.44 करोड़ रुपये की लागत के 119 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के 10 हितग्राहियों को घरों की चाबियाँ सौंपी तथा ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 37 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। आदिवासी समाज के पाँच प्रतिभावान छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े तथा शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज श्री राजेंद्र दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें ग्राम ओड़ान, खरतोरा, सकरी (स) और दतान (ख) में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएँ तथा गोरधा में एकल नल-जल प्रदाय योजना शामिल है। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें अर्जुनी में 5.84 करोड़ रुपये की लागत से जोंक शीर्ष जीर्णोद्धार एवं तटबंध निर्माण, लवन शाखा नहर के तिल्दा, करदा लाटा एवं सिरियाडीह माइनर के 3.63 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण, मटिया नाला में 3.36 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण, परसाडीह के खोरसीनाला में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण और लाहोद में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से निरीक्षण कुटीर एवं आवासीय भवन निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।

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छत्तीसगढ़ में नई गाइडलाइन दरें लागू: ग्रामीण–शहरी भूमि मूल्य का वैज्ञानिक युक्तिकरण, निवेश को मिलेगी गति

रायपुर, 10 दिसंबर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 2025-26 के लिए भूमि की नई गाइडलाइन दरें जारी कर दी हैं। महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक के निर्देश पर केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित ये दरें 20 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई हैं। वर्ष 2019-20 के बाद छह वर्ष के अंतराल पर किया गया यह पुनरीक्षण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए व्यापक एवं जनहितैषी सुधार लेकर आया है।

नई गाइडलाइन दरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य को परिलक्षित करना तथा वर्षों से चली आ रही दरों की विसंगतियों को दूर करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य मार्ग पर औसतन 109 प्रतिशत और मुख्य मार्ग से अंदर औसतन 105 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि अचानक बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि विभिन्न ग्रामों के बीच दरों के वैज्ञानिक रेशनलाइजेशन का परिणाम है।

बलरामपुर जिले में कई ऐसे गांव सामने आए हैं जहाँ पूर्व गाइडलाइन की दरें वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम थीं। उदाहरण स्वरूप वर्ष 2019-20 में ग्राम ताम्बेश्वरनगर का मुख्य मार्ग दर 6,28,677 रुपये प्रति हेक्टेयर था, जबकि समीपस्थ ग्राम आरागाही का दर 34,27,200 रुपये प्रति हेक्टेयर था। दोनों गांव एनएच-343 के समीप स्थित हैं। दरों के युक्तिकरण के बाद ताम्बेश्वरनगर का मुख्य मार्ग दर 51,52,000 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया, जिससे 719 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह, कई अन्य ग्रामों में भी दरों में 300 प्रतिशत से अधिक वृद्धि रिकार्ड की गई है।

ग्राम लूरघुट्टा में मुख्य मार्ग पर 711 प्रतिशत एवं अंदर की ओर 413 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई है। इसी प्रकार ग्राम नावाडीह में मुख्य मार्ग पर 568 प्रतिशत तथा अंदर 326 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। दोनों ही गांव एनएच-343 से लगे हुए हैं और तातापानी जैसे पर्यटन एवं व्यवसायिक क्षेत्र के समीप स्थित होने के कारण निवेश की संभावनाओं को देखते हुए दरों का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक था।

ग्राम भवानीपुर में भी मुख्य मार्ग पर 554 प्रतिशत तथा अंदर 411 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह गांव निवेश क्षेत्र में आता है तथा वर्ष 2019-20 में इसका बाजार मूल्य समीपस्थ ग्राम नवाडीह खूर्द की तुलना में काफी कम था। दोनों गांवों का रेशनलाइजेशन करने पर यह वृद्धि स्वाभाविक रूप से सामने आई है। इसी तरह, रामचन्द्रपुर, जो विकासखण्ड मुख्यालय है तथा स्टेट हाईवे से होकर गुजरता है, वहां भी मुख्य मार्ग पर बाजार मूल्य में 300 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। यहां सर्वे दर भी प्रति हेक्टेयर 42,45,000 रुपये होने के कारण मूल्य संशोधन आवश्यक था।

शहरी क्षेत्रों में भी इस वर्ष गाइडलाइन दरों का व्यापक पुनरीक्षण किया गया है। बलरामपुर जिले के सभी नगरीय निकायों में मुख्य मार्ग तथा अंदरूनी क्षेत्रों में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बलरामपुर नगर में अधिकांश वार्ड NH-343 से लगे हुए हैं। वर्ष 2019-20 में कई वार्डों में एक ही मार्ग पर बाजार मूल्य में बड़ा अंतर पाया गया था, जो स्पष्ट रूप से विसंगतिपूर्ण था। इस विसंगति को दूर करने के लिए नगर पालिका एवं संबंधित हल्का पटवारियों द्वारा नए परिसीमन के आधार पर वार्डवार गाइडलाइन दरों का पुनर्निर्धारण किया गया।

उदाहरणस्वरूप, वार्ड 01 (रविन्द्र प्रताप सिंह वार्ड) में प्रति वर्गमीटर दर 5740 रुपये था, जबकि इसी मुख्य मार्ग पर स्थित वार्ड 03 में यह दर मात्र 1830 रुपये प्रति वर्गमीटर था। नई गाइडलाइन में इन त्रुटियों को पूरी तरह दूर कर दोनों वार्डों की दरों को वास्तविक बाजार स्थिति के अनुरूप बनाया गया है।

पिछले पाँच वर्षों में बढ़ती जनसंख्या, आवासीय भूखंडों की बढ़ती मांग, व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार और शहरीकरण के तेज़ी से बढ़ते असर को ध्यान में रखते हुए बलरामपुर जिले के नगरीय क्षेत्रों में दरों के पुनरीक्षण की आवश्यकता महसूस की गई। इसके लिए नगर पालिका के कर्मचारियों, पटवारियों और गूगल मैप के आधार पर वार्डवार नई कण्डिकाएँ तैयार की गईं।

नगरीय क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विशेषकर बलरामपुर नगर में बढ़ती आबादी, नए व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार के कारण बाजार मूल्य में स्वाभाविक बढ़ोतरी हुई, जो अब गाइडलाइन दरों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई गाइडलाइन दरें छत्तीसगढ़ के भूमि बाजार को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और निवेश-अनुकूल बनाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भूमि अधिग्रहण के समय सही मुआवजा मिलेगा, वहीं शहरी क्षेत्रों में सुव्यवस्थित विकास को गति मिलेगी। भूमि मूल्य का यह वैज्ञानिक रेशनलाइजेशन राज्य के समग्र आर्थिक विकास को एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।

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बस्तर और सरगुजा में परिवहन क्रांति, ग्रामीण बस योजना का विस्तार,ग्रामीण परिवहन को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ

रायपुर 10 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल के सुदूर वनांचलों में ग्रामीण परिवहन को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया तथा वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।

दूसरे चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों के 23 मार्गों पर 24 नई बसों का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे 180 गांव सीधे बस सुविधा से जुड़ गए हैं।

कार्यक्रम के द्वितीय चरण में शामिल अनेक ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जिसे योजना के प्रथम चरण में प्रारंभ किया गया था। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय चर्चा करते हुए बताया कि अब दूरस्थ इलाकों से ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है। 

सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे लगभग 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे, जबकि पूर्व में यह यात्रा बेहद कठिन और समयसाध्य थी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे। यह योजना न केवल परिवहन सुविधा बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीणों को शहरों और सेवा संस्थानों से जोड़ते हुए सामाजिक एवं आर्थिक समानता को भी मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जिससे लोगों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिल रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने योजना से लाभान्वित होने वाले 180 गांवों के सभी ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेहतर यातायात सुविधाएँ अब उनके जीवन को पहले से अधिक सुगम बनाएंगी और तरक्की के नए मार्ग खोलेंगी।

परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि जिन दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों तक कभी यातायात की सुविधा नहीं पहुंची थी, वहाँ भी अब बस सेवाएँ प्रारंभ हो रही हैं। यह योजना विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा के जनजातीय बहुल इलाकों के लिए एक वरदान के रूप में उभर रही है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 04 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत 250 गांवों को बस सेवाओं से जोड़ा गया था। अब द्वितीय चरण की शुरुआत के साथ इस संख्या में और वृद्धि हुई है तथा 180 गांव और जुड़ गए हैं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जयस्तंभ चौक में किया शहीद वीर नारायण सिंह के त्याग और संघर्ष का स्मरण

रायपुर 10 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जननायक अमर शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन त्याग, साहस और न्याय की अनुपम मिसाल है। अंग्रेजी शासन के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध शहीद वीर नारायण सिंह ने जिस अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया, वह छत्तीसगढ़ की गौरवमयी विरासत का स्वर्णिम अध्याय है। मातृभूमि की रक्षा और समाज के वंचित वर्गों के प्रति उनकी निष्ठा हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सोनाखान के ज़मींदार परिवार में जन्म लेने के बाद भी शहीद वीर नारायण सिंह का हृदय सदैव आदिवासियों, किसानों और गरीब परिवारों के दुःख-संघर्ष से जुड़ा रहा। वर्ष 1856 के विकट अकाल में जब आमजन भूख से व्याकुल थे, तब उन्होंने मानवता को सर्वोपरि मानते हुए अनाज गोदाम का अनाज ज़रूरतमंदों में बाँटकर करुणा, त्याग और साहस का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कदम केवल विद्रोह नहीं था, बल्कि सामाजिक अन्याय, शोषण और असमानताओं के विरुद्ध एक ऐतिहासिक उद्घोष था।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और जनप्रतिरोध की जीवंत प्रेरणा हैं। गरीबों, किसानों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका जीवन-संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव न्याय, मानवता और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद वीर नारायण सिंह के आदर्शों और उनके सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप संस्कृति को नई उड़ान: टेकस्टार्स स्टार्टअप वीकेंड का सफल आयोजन, युवाओं को मिला वैश्विक मंच

रायपुर,10 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ में युवाओं के नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत आधार देने की दिशा में धमतरी जिले ने ऐतिहासिक पहल की है। विश्वस्तरीय स्टार्टअप एक्सीलरेटर टेकस्टार्स के सहयोग से जिला प्रशासन धमतरी तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 28 से 30 नवंबर 2025 तक तीन दिवसीय टेकस्टार्स स्टार्टअप वीकेंड धमतरी का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन पहली बार प्रदेश के किसी गैर-महानगरीय जिले में आयोजित हुआ, जिसने धमतरी को उभरते स्टार्टअप हब के रूप में नई पहचान दिलाई है।

स्टार्टअप वीकेंड में 100 से अधिक युवा प्रतिभागियों, 50 संभावित स्टार्टअप टीमों, 20 अनुभवी मेंटर्स और 10 से अधिक निवेशकों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को 54 घंटों तक सतत कार्य करते हुए अपने विचारों को निवेश योग्य मॉडल में बदलने, बिजनेस मॉडल बनाने, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मार्केट एनालिसिस, पिच डेक निर्माण और स्केलिंग तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

मेंटर्स ने टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग, एग्री-इनोवेशन, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, पर्यटन, डिजिटलीकरण और एंटरटेनमेंट सेक्टर के स्टार्टअप आइडियाज पर विशेष मार्गदर्शन दिया। कई अभिनव विचार निवेशकों की विशेष रुचि का केंद्र बने।

*जिला प्रशासन की पहल—धमतरी को स्टार्टअप मैप पर स्थापित करने का लक्ष्य*

जिला कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आयोजन को धमतरी के नवाचार तंत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि हमारा  उद्देश्य है कि धमतरी के युवाओं को बड़े शहरों जैसी सभी स्टार्टअप सुविधाएँ और अवसर यहीं मिलें। स्टार्टअप वीकेंड ने सिद्ध किया कि यहां के युवा न केवल रचनात्मक हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं। यह आयोजन आगे भी प्रत्येक वर्ष जारी रहेगा, जिससे जिले में उद्यमिता का मजबूत इकोसिस्टम स्थापित होगा 

एआईसी महिंद्रा के सीईओ और कार्यक्रम फैसिलिटेटर श्री इस्माइल अकबानी ने इसे छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा और सुव्यवस्थित स्टार्टअप वीकेंड बताया।

*ग्लोबल एक्सीलरेटर टेकस्टार्स से स्थानीय प्रतिभाओं को लाभ*

टेकस्टार्स के बारे में जानकारी देते हुए विकासगढ़ के संस्थापक श्री मेराज मीर ने बताया कि 2006 से विश्वभर में स्टार्टअप्स को गति देने वाले इस प्लेटफॉर्म की विशेषज्ञता अब सीधे धमतरी के युवाओं तक पहुंच रही है, जिससे उन्हें व्यापक नेटवर्किंग और निवेश अवसर मिलेंगे।

जिला प्रशासन ने बताया कि   स्टार्टअप संस्कृति को संस्थागत रूप देने के लिए धमतरी में आगे भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से होते रहेंगे। इससे युवाओं को निरंतर मेंटरशिप, फंडिंग एक्सपोज़र और बिजनेस नेटवर्क प्राप्त होंगे।

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108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य शुभारंभ – बगीचा नगर में आस्था और उत्साह का दिखा अद्भुत संगम,2100 कलशों की शोभायात्रा से नगर में छाया आध्यात्मिक उत्साह

जशपुर, 10 दिसंबर 2025
अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा बगीचा में आयोजित 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ आज भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। नगर में चारों ओर पीत वस्त्रों से सुसज्जित मातृशक्तियों ने आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। नगर की विभिन्न दिशाओं से निकली कलश यात्राएं स्थानीय डोड़की स्थल पर एकत्रित हुईं, जहां 2100 कलशों में जल पूजन कर देवशक्तियों का आवाहन किया गया और यज्ञशाला में उनका विधि-विधान से स्थापना की गई।

यज्ञीय अनुष्ठान के प्रथम दिवस की शुरुआत गायत्री परिवार बगीचा द्वारा संपन्न कलश शोभायात्रा से हुई। पूरे नगर को विचार क्रांति अभियान के पीले ध्वजों और पुष्प सज्जा से अलंकृत किया गया। गायत्री प्रज्ञा पीठ बगीचा, शिव मंदिर रौनी रोड तथा झांपीदरहा दुर्गामंदिर से निकली कलश यात्राओं ने पूरे नगर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।

शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे प्रज्ञा पुरोहित आदरणीय दिनेश जी पटेल, भूषण साहू, छविलाल जी, हेमलाल जी एवं गणेश जी का स्वागत यज्ञ समिति द्वारा ससम्मान किया गया। समस्त मातृशक्तियों का पूजन, वंदन एवं आरती महिला मंडल ने किया।

पहले दिवस के मुख्य संबोधन में टोली नायक दिनेश पटेल ने कहा कि यह महायज्ञ सभी के दुख निवारण एवं विचार निर्माण का अवसर है। उन्होंने कहा— “हम सबमें देवत्व का वास जागृत हो, व्यक्ति के विचार बदलें—इसी उद्देश्य से यह यज्ञीय अनुष्ठान आयोजित है।” कार्यक्रम में ‘माता तेरे चरणों में स्थान जो मिल जाए’ जैसे सुमधुर गायन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उन्होंने आगे कहा कि जहां गायत्री यज्ञ होता है, वहां लोगों का दृष्टिकोण स्वतः परिवर्तन की ओर अग्रसर होता है। श्री पटेल ने गुरु शंकराचार्य के उद्धरण के माध्यम से बताया कि मनुष्य को मनुष्यता, देवत्व और श्रेष्ठ गुण—ये तीन चीजें दुर्लभ हैं, और ऐसे महायज्ञ विशेष दैवीय अनुग्रह का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने बताया कि जैसे नदियाँ समुद्र में जाकर मिल जाती हैं, वैसे ही यज्ञ के माध्यम से मनुष्य के दोष और कषाय शांत होकर देवत्व की ओर प्रगति होती है। यज्ञ जीवन का अनुशासन है, और जो हम यज्ञ में अर्पित करते हैं, उसका शुभ फल हमें अनेक गुना प्राप्त होता है। शास्त्रों में यज्ञ को सर्वोत्तम कर्म कहा गया है।

आयोजकों ने बताया कि अनुष्ठान आगामी तीन दिनों तक चलेगा। कल प्रातः 9 बजे से यज्ञ हवन, देवपूजन एवं देव आवाहन की विधियां संपन्न होंगी।

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कलेक्टर रोहित व्यास ने एकलव्य विद्यालय का किया निरीक्षण, बच्चों को पढ़ाया पानीपत युद्ध का पाठ

जशपुरनगर 10 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज पत्थलगांव क्षेत्र के सुखरापारा पहुंचकर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि खुद इतिहास के शिक्षक बनकर बच्चों को पानीपत के तीसरे युद्ध का महत्वपूर्ण पाठ भी पढ़ाया। निरीक्षण के बीच आठवीं कक्षा में पहुंचे कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यार्थियों से पढ़ाई, रहने और भोजन व्यवस्था की जानकारी लेने के बाद उनसे इतिहास विषय पर चर्चा की। उन्होंने बच्चों को विस्तार से बताया कि पानीपत का तीसरा युद्ध मराठा एवं अफगान सेना के बीच 1761 में लड़ा गया था, जिसके परिणाम स्वरूप भारतीय सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव आया और अंग्रेजों के वर्चस्व का मार्ग प्रशस्त हुआ। बच्चे कलेक्टर की ऐतिहासिक व्याख्या को बड़े ध्यान से सुनते रहे। निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री संजय सिंह, एसडीएम श्री ऋतुराज सिंह बिसेन सहित विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकगण मौजूद रहे।


      निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, लैब, लाइब्रेरी, किचन, डाइनिंग हॉल और छात्रावास का भी बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने लाइब्रेरी में आवश्यक पुस्तकें बढ़ाने, विज्ञान प्रयोगशाला को आवश्यक उपकरणों सहित सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने और विद्यार्थियों को प्रोटीन युक्त संतुलित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किचन में भोजन बनाने में मदद हेतु उपलब्ध मशीनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने और छात्रावास के प्रत्येक कमरे में बच्चों के पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जलापूर्ति से जुड़ी समस्या सामने आने पर विद्यालय परिसर में निरंतर, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने अधिकारियों को निर्देशित किया। विद्यालय में कक्षा 6 से 12वीं तक लगभग 360 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने जिले के अधिक से अधिक बच्चे एकलव्य विद्यालय में पढ़ाई करे, इसके लिए जिले के अन्य स्कूलों के बच्चों को प्रवेश परीक्षा की अच्छे से तैयारी करवाने के भी निर्देश दिए।

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अचानक पहुँचे कलेक्टर केराकछार धान खरीदी केंद्र,खरीदी केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जशपुरनगर 10 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज धान खरीदी केंद्र केराकछार का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में खरीदी व्यवस्था, तौल प्रक्रिया और किसानों को उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान वे सबसे पहले ग्राम करमीटिकरा से धान बेचने आए किसान श्री भुजबल से मिले और उनसे खेती किसानी, धान उपज तथा समिति में खरीदी प्रक्रिया की जानकारी ली। कलेक्टर ने तौलाई किए जा रहे धान की स्थिति को समझने के लिए स्वयं मॉइश्चर मशीन से आद्रता मापी तथा किसानों के सामने खड़े होकर धान तौल करवाकर प्रक्रिया की पारदर्शिता परख़ी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने फड़ प्रभारी, ऑपरेटर, नोडल अधिकारी एवं ग्रामीणों से बारीकी से चर्चा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध धान की खरीदी किसी भी हालत में न होने दी जाए। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध बारदाना, बारिश से बचाव हेतु कैप-कवर, तिरपाल व्यवस्था और भंडारण की स्थिति की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने धान खरीदी एवं बारदाना पंजी का अवलोकन करते हुए पंजीयन अनुसार जारी टोकन और रकबा का भौतिक मिलान भी किया। इस दौरान एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

     कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान किसानों के लिए बैठने की सुविधा, पेयजल उपलब्धता, परिवहन व्यवस्था तथा मांग के अनुसार पर्याप्त बारदाना उपलब्धता की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ समय पर दुरुस्त रहें, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, व्यवस्थित और किसानों के अनुकूल होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और खरीदी केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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पत्थलगांव में जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का हुआ समापन,विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं नगद पुरस्कार किए गए प्रदान

जशपुरनगर 10 दिसम्बर 2025/ जिले में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, तर्कशीलता, निर्णय कौशल तथा खेल भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चेकमेट एट जशपुर शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्कूल और विकासखंड स्तर के बाद आज पत्थलगांव के पीएम श्री स्कूल में जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समापन समारोह में विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण शामिल हुए। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया। अतिथियों ने फाइनल के आठ विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह तथा रैंक के अनुसार 2,000 से 5,000 रुपये तक के नगद पुरस्कार प्रदान गए। प्रथम स्थान पर बगीचा के प्रिंस ठाकुर रहे, जिन्हें 5,000 रुपये और विजेता कप प्रदान किया गया। द्वितीय स्थान पर प्रांजल शर्मा बगीचा को 3,000 रुपये और ट्रॉफी दी गई। तृतीय स्थान पर जशपुर के एलेन एफल लकड़ा रहे, जिन्हें 2,500 रुपये का पुरस्कार मिला। चौथे स्थान पर हर्ष साहू को 2,500 रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। पाँचवें स्थान पर मनोरा के राज्य वर्धन सिंह, छठे स्थान पर पत्थलगांव के सतीश तिग्गा, सातवें स्थान पर सिद्धिविनायक एक्का और आठवें स्थान पर कांसाबेल के योगेश पैंकरा को 2,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ऑर्बिटर को भी समारोह में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, अभिभावकों, प्रशिक्षकों और शिक्षकों की उपस्थिति ने आयोजन को और गरिमामय बनाया। प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई और समापन कार्यक्रम में प्रतिभागियों के उत्साह तथा खेल भावना का विशेष रूप से प्रदर्शन देखने को मिला।


       इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि शतरंज जैसे बौद्धिक खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यह खेल जीवन की चुनौतियों का सामना करना सिखाता है और कठिन परिस्थितियों में भी संतुलित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। विधायक ने बच्चों से कहा कि वे खेलों के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ाएँ और निरंतर सीखने की जिज्ञासा बनाए रखें। समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि शतरंज केवल खेल नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि यह खेल बच्चों में धैर्य, समय-प्रबंधन, त्वरित निर्णय क्षमता और रणनीतिक सोच विकसित करता है। कलेक्टर ने बच्चों को नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाले समय में जशपुर के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी अलग पहचान बनाएँगे।


         तीन चरणों में सम्पन्न हुई प्रतियोगिता

चेकमेट एट जशपुर कार्यक्रम के तहत जिले के सभी शासकीय, अशासकीय व अनुदान प्राप्त हाई तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों में शतरंज प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताएँ चरणवार आयोजित की गई। पूरे आयोजन में बालक और बालिका दोनों एकसाथ भाग लिए तथा इसमें किसी भी प्रकार की आयु या कक्षा संबंधी बाध्यता नहीं रही। अभियान के दौरान जिले के विद्यालयों में उत्साह का माहौल रहा और विद्यार्थियों में शतरंज के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट रूप से दिखाई दी। जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए चेकमेट एट जशपुर कार्यक्रम से जिले में कई प्रतिभावान शतरंज खिलाड़ी उभरकर सामने आए। विद्यालयों में शतरंज खेलने वाले विद्यार्थियों का चयन उपरांत चयनित विद्यार्थियों को 01 से 03 दिसम्बर तक खेल कालखंड में प्रतिदिन एक घंटे का प्रशिक्षण दिया गया। जिसका संचालन खेल प्रशिक्षक तथा शतरंज में दक्ष शिक्षक द्वारा किया गया। प्रशिक्षण उपरांत 04 एवं 05 दिसम्बर को विद्यालय स्तर पर नॉकआउट पद्धति से प्रतियोगिता कराई गई। इसमें प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को विद्यालय की एसेंबली में प्राचार्य द्वारा पुरस्कृत किया गया।
इसके बाद 06 से 08 दिसम्बर तक विकासखंड स्तर की प्रतियोगिता सेजेस विद्यालयों में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा आयोजित की गई। इस चरण में विद्यालय स्तरीय विजेता और उपविजेता खिलाड़ी शामिल हुए। प्रतियोगिता नॉकआउट पद्धति से हुई तथा क्वार्टर फाइनल तक पहुँचने वाले प्रतिभागियों को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। अंतिम चरण में आज जिला स्तरीय प्रतियोगिता पत्थलगांव में आयोजित की गई। इसमें प्रत्येक विकासखंड से शीर्ष 08 खिलाड़ी जिला स्तर पर भाग लिए। प्रतियोगिता नॉकआउट प्रारूप में हुई तथा अंतिम आठ स्थान प्राप्त करने वाले सभी खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार, ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

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रायगढ़ : 51 कट्टा अवैध धान जब्त, प्रशासन का कोचियों पर सख्ती जारी .... सतत निगरानी से धान खरीदी व्यवस्था हुई पारदर्शी; वास्तविक किसानों के हक को सुनिश्चित करने में अहम कदम

रायगढ़ 10 दिसम्बर 2025 : खरसिया तहसील के ग्राम कुर्रू में एसडीएम प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में अभियान, कंचन दास के दुकान परिसर से अवैध रूप से संग्रहित 51 कट्टी धान जब्त।

  रायगढ़ जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी सुनिश्चित करने तथा अवैध धान खपाने वाले कोचियों और बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।

मंगलवार को एसडीएम खरसिया, श्री प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में ग्राम कुर्रू में निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान कंचन दास, पिता शीतल दास महंत के दुकान परिसर में अवैध रूप से 51 कट्टी धान पाए गए। अधिकारियों ने मौके पर तत्परता दिखाते हुए धान को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में धान के अवैध भंडारण, खरीद-फरोख्त और परिवहन पर सख्ती से नियंत्रण रखा जा रहा है। एसडीएम श्री तिवारी ने व्यापारियों और किसानों से अपील की कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें और चेतावनी दी कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

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मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना– द्वितीय चरण -जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने हरी झंडी दिखाकर तीन नए रूट्स की बसों को किया रवाना

जशपुरनगर 10 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 के तहत द्वितीय चरण में तीन रूट हेतु जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने हरी झण्डी दिखाकर बसों को रवाना किया गया। 
इस दौरान लगभग 100 ग्रामीण जन उपस्थित थे। इसमें दोकड़ा से दुलदुला, कांसाबेल से रनपुर ओर  तेलाईन से फरसाबहार चौक तक रूट निर्धारित हैं। 
            मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना  से जिले के ग्रामीण अंचलों के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधाजनक परिवहन का लाभ मिलेगा। यह पहल ग्रामीण अंचलों में बेहतर यातायात सुविधा प्रदान करने और आम जनता की आवागमन को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
           द्वितीय चरण के उद्घाटन कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यशप्रताप सिंह जुदेव, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू एवं डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिध एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री के निवास कार्यालय में कैबिनेट की बैठक में लिए गए तीन महत्वपूर्ण निर्णय 

रायपुर 10 दिसम्बर 2025 : 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 

1. मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों के निराकरण/वापसी संबंधी प्रक्रिया को अनुमोदित किया है। 

         मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा एवं परीक्षण के लिए, जिन्हें न्यायालय से वापस लिया जाना है, मंत्रिपरिषद उप समिति के गठन को स्वीकृति दी है। यह समिति परीक्षण उपरांत प्रकरणों को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करेगी। यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के प्रावधानों के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों के अच्छे आचरण तथा नक्सलवाद उन्मूलन में दिए गए योगदान को ध्यान में रखकर उनके विरुद्ध दर्ज प्रकरणों के निराकरण पर विचार का प्रावधान है।

        आत्मसमर्पित नक्सलियों के प्रकरण वापसी की प्रक्रिया के लिए जिला स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान किया गया है। यह समिति आत्मसमर्पित नक्सली के अपराधिक प्रकरणों की वापसी के लिए रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत करेगी। पुलिस मुख्यालय अभिमत सहित प्रस्ताव भेजेगा। शासन द्वारा विधि विभाग का अभिमत प्राप्त कर मामलों को मंत्रिपरिषद उप समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उपसमिति द्वारा अनुशंसित प्रकरणों को अंतिम अनुमोदन हेतु मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। केंद्रीय अधिनियम अथवा केंद्र सरकार से संबंधित प्रकरणों के लिए भारत सरकार से आवश्यक अनुज्ञा प्राप्त की जाएगी। अन्य प्रकरणों को न्यायालय में लोक अभियोजन अधिकारी के माध्यम से वापसी की प्रक्रिया हेतु जिला दण्डाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा।

2. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न कानूनों को समयानुकूल और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

       उल्लेखनीय है कि कई अधिनियमों में उल्लंघन पर जुर्माना या कारावास के प्रावधान होने से न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो जाती है, जिससे आम नागरिक और व्यवसाय दोनों अनावश्यक रूप से प्रभावित होते हैं। ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए इन प्रावधानों का सरलीकरण आवश्यक है। इससे पहले, राज्य सरकार द्वारा 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन करते हुए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2025 अधिसूचित किया गया है। अब 11 विभागों के 14 अधिनियमों के 116 प्रावधानों को भी सरल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह विधेयक लाया जाएगा। 

        इस विधेयक में छोटे उल्लंघनों के लिए प्रशासकीय शास्ति का प्रावधान रखा गया है, जिससे मामलों का त्वरित निपटारा होगा, न्यायालयों का बोझ कम होगा और नागरिकों को तेजी से राहत मिल सकेगी। साथ ही, कई अधिनियमों में दंड राशि लंबे समय से अपरिवर्तित होने के कारण प्रभावी कार्यवाही बाधित होती थी, इस विधेयक से वह कमी भी दूर होगी। इन संशोधनों से सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।

         उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां जन विश्वास विधेयक का द्वितीय संस्करण लाया जा रहा है। 

3. मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2025-2026 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 का अनुमोदन किया गया। 

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एसआईआर अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट के साथ बैठक सम्पन्न

जशपुरनगर 10 दिसम्बर 2025/पत्थलगांव के एसडीएम से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग नई-दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में संपादित कराये जा रहे निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुरनरीक्षण अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट के साथ विगत दिवस 09 दिसम्बर को बैठक सम्पन्न हुआ।  
            निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम अंतर्गत् मतदान केन्द्र क्रमांक 198 एवं मतदान केन्द्र प्राथमिक शाला कुमेकेला अर्हता दिनांक 01 अक्टूबर 2025 के संदर्भ में मतदाता सूची में सम्मिलित निर्वाचकों को गणना पत्र उपलब्ध कराया गया। निर्वाचकों से भरा हुआ गणना प्रपत्र वांछित दस्तावेज के साथ प्राप्त किया गया। 
30 नवम्बर 2025 तक कुल 893 भरा हुआ गणना प्रपत्र प्राप्त हुआ। विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 अंतर्गत बीएलओ व बीएलओ सुपरवाईजर एवं प्रशासनिक तंत्र से जुड़े हुए अन्य सहयोगी कर्मी के द्वारा क्षेत्र भ्रमण एवं घर-घर जाकर निर्वाचकों का सत्यापन किया गया। गणना प्रपत्र संग्रहण के क्रम में मतदान केन्द्र 198 के कुल 19 मृत, 45 स्थानांतरित एवं 27 दोहरी प्रविष्टि वाले निर्वाचकों की संख्या पायी गई।
           सभी निर्वाचकों की सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल के बूथ लेवल एजेंट को उपलब्ध करायी गई। सूची में शामिल निर्वाचक के सत्यापन में किसी प्रकार की आपत्ति होने पर बूथ लेवल एजेंट को पर्याप्त साक्ष्य के साथ आवगत कराने हेतु कहा गया। अनुपस्थित, स्थानातंरित, डुप्लीकेट एवं मृत निर्वाचकों की सूची मतदान केन्द्र के बाहर भी चस्पा की गई है और सूची के विरूद्ध दावा आपत्ति प्राप्त करने हेतु स्थानीय नागरिकों से भी अनुरोध किया गया। अंत में मतदान केन्द्र के निर्वाचकों, नागरिकों एवं सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल के बूथ लेवल एजेंट से वर्तमान में संचालित पुनरीक्षण कार्यक्रम में अपेक्षित सहयोग के लिए अनुरोध कर बैठक की समाप्ति की गई।

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धान कोचियों पर जशपुर पुलिस की पैनी नजर,अवैध धान की बड़ी खेप पकड़ी, 8 लाख से अधिक कीमत के 367 क्विंटल धान किया जब्त

जशपुर 10 दिसम्बर 2025: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर, श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस सरहदी राज्यों से अवैध धान की आमद पर कड़ी नजर रखे हुए है। इसी सक्रियता के चलते थाना लोदाम और चौकी कोल्हेनझरिया क्षेत्रांतर्गत पुलिस ने विभिन्न वाहनों से कुल 367 क्विंटल अवैध धान को जप्त कर, अग्रिम कार्रवाई हेतु जिला प्रशासन को सौंपा। जप्त धान की अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख 44 हजार रुपये बताई गई है।

पकड़े गए वाहनों और विवरण:

थाना लोदाम: 08.12.2025 को मंडी बैरियर के पास संदिग्ध ट्रक क्रमांक CG 12-AT-8565 को रोककर चेकिंग की गई। ट्रक में 634 बोरी, अर्थात 300 क्विंटल धान मिली। पूछताछ पर चालक शशिकांत साहू (37 वर्ष, ग्राम बड़ा गंगा, इंदौर) ने गुमला, झारखंड से धान लाने की बात स्वीकार की, लेकिन वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पुलिस ने उक्त धान जप्त कर जिला प्रशासन को सौंपा।

चौकी कोल्हेनझरिया: पैट्रोलिंग के दौरान एक बिना नम्बर पिकअप वाहन और एक ट्रैक्टर (क्रमांक CG 13-AR-3071) पकड़े गए। पिकअप वाहन से 27 वर्षीय शीत कुमार यादव और ट्रैक्टर से 40 वर्षीय संदीप बड़ा अवैध धान लेकर आए थे। दोनों ने धान की मूल जानकारी दी, लेकिन बिक्री के वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इस तरह कुल 67 क्विंटल धान जप्त किया गया।

पुलिस की सक्रियता:
जशपुर पुलिस ने अब तक 1,000 क्विंटल से अधिक अवैध धान को जप्त कर जिला प्रशासन को सौंपा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि सरहदी राज्यों से अवैध धान की आमद पर लगातार नजर रखी जा रही है और धान तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

पुलिस की  टीम:
थाना लोदाम पुलिस टीम में निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे और आरक्षक धन साय राम, जबकि चौकी कोल्हेनझरिया से सहायक उप निरीक्षक टेक राम सारथी, प्रधान आरक्षक मुकेश भगत, आरक्षक अशोक भगत और रूबेन तिग्गा ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

     जशपुर पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि अवैध धान की तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में अवैध धान की आवाजाही पर कड़ी निगरानी जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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सघन कुष्ठ रोग खोज अभियान 8 से 31 दिसम्बर तक जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न, 1.74 लाख घरों का होगा सर्वे

जशपुरनगर 10 दिसम्बर 2025/समुदाय में कुष्ठ रोग के संक्रमण को रोकने हेतु प्रत्येक रोगियों का प्राथमिक अवस्था में पहचान कर उपचार किया जाना अत्यंत आवश्यक है। जिससे कि रोग के प्रसार में नियंत्रण हो एवं कुष्ठ संबंधी विकलांगता से बचा जा सके। 
          कलेक्टर श्री रोहित व्यास के नेतृत्व में जिले में कुष्ठ रोग की उन्मूलन के उद्देश्य से जिले के सभी विकासखण्ड एवं शहरी क्षेत्रों में 08 से 31 दिसम्बर 2025 तक सघन कुष्ठ रोग खोज अभियान चलाया जा रहा है।
           कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सभाकक्ष में 05 दिसम्बर 2025 को सघन कुष्ठ रोग खोज अभियान की क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में लगभग 174117 घरों का सर्वे किया जाना है जिसमें लगभग 1012702 जनसंख्या को कवर किया जाना है, इसके लिए 04 एन.एम.ए., 3645 मितानिन, 37 पुरुष सुपरवाईजर, 22 महिला सुपरवाईजर, 183 आर.एच.ओ., 176 मितानिन प्रशिक्षकों को सर्वे दल में शामिल किया गया है। सर्वे कार्य प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक दल के द्वारा 15-20 घरों का तथा शहरी क्षेत्रों में 20-25 घरों का सर्वे किया जाएगा, प्रत्येक 05 दल के लिए 01 सुपरवाईजर रखा गया है जो सर्वे दल का मॉनिटरिंग व रिपोर्टिंग करेंगें।
          प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला कुष्ठ अधिकारी जिला जशपुर ने सघन कुष्ठ सर्वे अभियान को सफल बनाने तथा प्रत्येक व्यक्ति का जांच सुनिश्चित करने हेतु आग्रह किया, तथा नागरिकों के समय को ध्यान में रखकर उनके घर पर मिलने की समय में पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिये, तथा प्रत्येक दिवस में किये गये कार्यों की जानकारी अपने सुपरवाईजर के माध्यम से उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिये। सर्वे के दौरान पाये गये संकास्पद कुष्ठ रोगियों का शत-प्रतिशत कम्फर्मेशन जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये गये।
            प्रशिक्षण में डॉ. जी.एस. जात्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. आर.एस. पैकरा पूर्व डीएलओ, डॉ. आशुतोष तिर्की डीएलओ एव बीएमओ लोदाम, श्री राजीव रंजन मिश्रा जिला कार्यकम प्रबंधक, समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी जिला जशपुर, प्रत्येक विकासखण्ड से 01 मेडिकल ऑफिसर, बीईटीओ-समस्त, समस्त एनएमए, सुपरवाईजर एवं ब्लॉक समन्वयक मितानिन कार्यक्रम उपस्थित रहे।

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चिरायु योजना बनी बच्चों की संजीवनी, जशपुर के तीन बच्चों का सफल निशुल्क उपचार,मुख्यमंत्री को जताया आभार

जशपुरनगर, 10 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु योजना जिले के मासूम बच्चों के लिए जीवनदायी सिद्ध हो रही है। इस योजना ने न केवल गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई बच्चों को नया जीवन दिया है, बल्कि गरीब परिवारों के चेहरों पर भी मुस्कान लौटा दी है। कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर चिरायु टीम जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच अभियान चला रही है। गंभीर बीमारी या जन्मजात विकृति पाए जाने पर बच्चों को बेहतर चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला नोडल अधिकारी चिरायु के मार्गदर्शन में विकासखंड पत्थलगांव की टीम ने विभिन्न स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा किया। यहां जन्मजात हृदयरोग, कटे-फटे होंठ एवं तालू सहित अन्य शल्य-चिकित्सा योग्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान की गई।

चिरायु टीम द्वारा पुष्टि के बाद तीन बच्चों को उपचार हेतु रायपुर ले जाया गया, जहां उनका सफल और पूरी तरह निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। इनमें आंगनबाड़ी केंद्र गौटियापारा, कोतबा के 4 वर्षीय समीर खड़िया, प्राथमिक शाला धनुपारा, मुड़ाबहला की 8 वर्षीय स्तुति तिर्की—दोनों जन्मजात हृदयरोग से पीड़ित—और आंगनबाड़ी केंद्र कार्राडांड, चिकनीपानी के 1 वर्षीय जॉन्सन टोप्पो, जिनके होंठ एवं तालू में विकृति थी, शामिल हैं। तीनों बच्चे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनके चेहरों की खिली मुस्कान परिवार के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।

परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और चिरायु टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कमज़ोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार ने बच्चों का निःशुल्क उपचार कराकर उन्हें नया जीवन दिया है।

उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच की जाती है। जांच के पश्चात 44 प्रकार की बीमारियों और विकृतियों की पहचान कर जरूरतमंद बच्चों को देशभर के श्रेष्ठ अस्पतालों में भेजकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

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