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सुरेशपुर में सरस्वती शिशु मंदिर के नवनिर्मित भवन का हुआ भव्य उद्घाटन, मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय हुए शामिल


जशपुरनगर।जिले के पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र के सुरेशपुर में सरस्वती शिशु मंदिर के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन एवं झूला रथ समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।इस अवसर पर उन्होंने नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करते हुए शिक्षा, संस्कार और संस्कृति के क्षेत्र में सरस्वती शिशु मंदिर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थान बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने का कार्य करते हैं।इस समारोह में मंडल अध्यक्ष  हेमंत बंजारा, प्रदीप गुप्ता ,  नारायण यादव, चमर साय,  धरनी धर सिदार, दुबराज सिंह,  सुखदेव सिदार,  चांडक्य डांसेना, देव साय तिग्गा, अमर गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में आम जन उपस्थित रहे।

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बड़ी खबर: शिक्षकों की शिकायत पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन—फरसाबहार शिक्षा विभाग से जुड़े गंभीर आरोपों की होगी जांच, शिकायत के एक-एक बिंदु को खंगालेगी तीन सदस्यीय समिति; सात दिन में मांगी गई रिपोर्ट, जांच के निष्कर्ष पर आगे की कार्रवाई की तैयारी

जशपुर। फरसाबहार विकासखंड में शिक्षकों से जुड़े कथित आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना, पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की शिकायत को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। शिकायत के संबंध में जशपुर कलेक्टर कार्यालय की ओर से जांच समिति गठित कर दी गई है। समिति को शिकायत में लगाए गए आरोपों की विस्तृत और बिंदुवार जांच कर निर्धारित समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन, विकासखंड इकाई फरसाबहार, जिला जशपुर की ओर से 5 अगस्त 2026 को पत्र के माध्यम से शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में विकासखंड फरसाबहार के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं बीआरसीसी पर विभिन्न आरोप लगाए गए है। इसमें शिक्षकों के साथ कथित आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना, पद के दुरुपयोग तथा भ्रष्टाचार जैसे गंभीर बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।

शिकायत प्राप्त होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जशपुर को अध्यक्ष, जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर को सदस्य तथा लेखाधिकारी, जिला पंचायत जशपुर को सदस्य बनाया गया है।

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्राप्त शिकायत की प्रति जांच समिति को उपलब्ध कराई गई है। समिति को शिकायत में उल्लेखित सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करने तथा सात दिवस के भीतर बिंदुवार जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस कार्रवाई के बाद फरसाबहार विकासखंड के शिक्षा विभाग से जुड़े मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब जांच समिति शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित तथ्यों, दस्तावेजों और संबंधित पक्षों की जानकारी का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

जिला प्रशासन के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच समिति को संदर्भित शिकायत के आधार पर निर्धारित अवधि में कार्रवाई पूरी करनी है। शिकायत पर जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।यह आदेश जशपुर कलेक्टर द्वारा जारी किया गया है और इसकी प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को सूचना एवं पालनार्थ अग्रेषित की गई है। 

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पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में व्यापक तबादला आदेश जारी, 37 कार्यपालन अभियंता व सहायक अभियंताओं को मिली नई जिम्मेदारी, पथलगांव से लेकर कांकेर-गरियाबंद तक बदली प्रशासनिक व्यवस्था

 रायपुर, 18 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता स्तर के अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। शासन की ओर से जारी आदेश में कुल 37 अधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरित करते हुए आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

आदेश के अनुसार पथलगांव, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, बलरामपुर, कांकेर, गरियाबंद, महासमुंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बिलासपुर, कोरिया, सरगुजा, जांजगीर-चांपा, राजनांदगांव, दुर्ग, कांकेर सहित प्रदेश के कई जिलों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

इस फेरबदल में कई कार्यपालन अभियंताओं को दूसरे जिलों में नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ सहायक अभियंताओं को कार्यपालन अभियंता का प्रभार सौंपा गया है। आदेश में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभागों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण से जुड़े पदों में भी बदलाव किया गया है।

जशपुर जिले से जुड़ी महत्वपूर्ण पदस्थापना में पथलगांव के कार्यपालन अभियंता को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं एक सहायक अभियंता को कार्यपालन अभियंता के पद पर पथलगांव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आदेश में बलरामपुर, कोरिया और सरगुजा क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास किया गया है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के विभिन्न संभागों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलने से संबंधित जिलों में विभागीय कार्यों के संचालन की व्यवस्था में बदलाव होगा।

इसी तरह कांकेर, गरियाबंद, महासमुंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बिलासपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी अधिकारियों की पदस्थापना बदली गई है। कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

सरगुजा संभाग में भी कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिली हैं। अंबिकापुर, सूरजपुर और कोरिया से जुड़े विभागीय पदों में बदलाव किया गया है। वहीं राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, दुर्ग और कांकेर जैसे क्षेत्रों में भी नई पदस्थापनाएं की गई हैं।

आदेश में सारंगढ़-बिलाईगढ़, मरवाही, मोहला, कोंडागांव, बस्तर और बेमेतरा सहित कई जिलों को भी शामिल किया गया है। कुछ अधिकारियों को एक से अधिक संभाग या कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

विभागीय आदेश के मुताबिक यह स्थानांतरण प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए हैं और इनके संबंध में मुख्यमंत्री की अनुमति प्राप्त होने का उल्लेख भी आदेश में है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नई पदस्थापनाओं वाला आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा।

इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े विभिन्न संभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव देखने को मिलेगा। ग्रामीण विकास और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से जुड़े कार्यों के संचालन में नई पदस्थापनाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

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छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, राज्य प्रशासनिक सेवा के 7 अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; जिलों से लेकर मंत्रालय तक नई पदस्थापनाओं का आदेश जारी

रायपुर, 18 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत विभिन्न विभागों और जिलों में पदस्थ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार उज्ज्वल पोरवाल को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं अभिषेक कुमार गुप्ता को मंत्रालय में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग में उप सचिव का दायित्व दिया गया है।

इसी तरह विनय कुमार अग्रवाल को नारायणपुर जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। ऋतु वर्मा को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद के साथ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

आदेश में हेमंत कुमार मत्स्यपाल को छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड में महाप्रबंधक (प्रशासन) की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं नयनतारा सिंह तोमर को सूरजपुर का अपर कलेक्टर तथा मनीष मिश्रा को मंत्रालय में उप सचिव पद पर पदस्थ किया गया है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा फोकस—गांव से राज्य तक मजबूत होगा युवा नेटवर्क, माय भारत से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़कर सेवा, नेतृत्व, कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी के अवसर देने के निर्देश

रायपुर 18 अगस्त 2026// भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता तथा नवाचार की क्षमता ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से व्यापक रूप से जोड़ना होगा। युवाओं को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ने से उनमें नेतृत्व क्षमता, सेवा भाव, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में माय भारत की गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को इस मंच से जोड़ने और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का प्रत्येक युवा विकास की मुख्यधारा से जुड़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए। इसी उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसे व्यापक मंच की शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री युवाओं के विचारों, आकांक्षाओं और गतिविधियों में विशेष रुचि लेते हैं तथा युवा शक्ति को विकसित भारत के संकल्प का प्रमुख आधार मानते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का युवा तकनीक और डिजिटल माध्यमों के जरिए पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। उसकी सोच व्यापक है, उसमें नवाचार की क्षमता है और वह तेजी से बदलाव को आत्मसात कर सकता है। युवाओं की यही ऊर्जा सकारात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगे, इसके लिए उन्हें सही दिशा, अवसर और मंच उपलब्ध कराना आवश्यक है। आने वाले वर्षों में यही युवा देश और प्रदेश का नेतृत्व करेंगे, इसलिए उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए अभी से सुनियोजित प्रयास किए जाने चाहिए।

*हर क्षेत्र में युवाओं को मिलें सेवा और नेतृत्व के अवसर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, सिविक सेंस, इतिहास, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में युवा शक्ति का सहयोग उपयोगी हो सकता है, वहां माय भारत के माध्यम से उन्हें अवसर दिए जाएं। इससे एक ओर युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उनकी ऊर्जा और रचनात्मकता का समाज और प्रदेश के हित में बेहतर उपयोग होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ की भावना के अनुरूप ग्राम से लेकर राज्य स्तर तक मजबूत समन्वय और युवा नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा को पहचानना, उन्हें अवसर देना और नेतृत्व के मंच उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। डिजिटल डिटॉक्स, सेवा भाव, सामाजिक जुड़ाव और सामुदायिक उत्तरदायित्व से संबंधित गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाए।

*माय भारत से देशभर में जुड़े 2.65 करोड़ से अधिक युवा*

बैठक में बताया गया कि ‘मेरा युवा भारत’ युवाओं को सरकार, समाज और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने वाला डिजिटल एवं भौतिक मंच है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2023 को इसका शुभारंभ किया था। वर्तमान में देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं। छत्तीसगढ़ में भी 6.60 लाख से अधिक युवा इस मंच से जुड़ चुके हैं।

माय भारत को युवाओं और सरकार के बीच सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां युवाओं को स्वयंसेवा, अनुभव आधारित शिक्षण, कौशल, नेतृत्व तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और अवसरों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। युवाओं की सुविधा के लिए माय भारत ऐप भी विकसित किया गया है।

*अनुभव आधारित कार्यक्रमों से युवाओं को मिल रहा व्यावहारिक अवसर*

बैठक में जानकारी दी गई कि देशभर में 24 हजार 900 से अधिक ईएलपी (Experiential Learning Programmes) के माध्यम से 1.21 लाख युवाओं को शासन की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ में 233 ईएलपी के माध्यम से 2 हजार 389 से अधिक युवा जुड़े हैं।

इसी प्रकार देशभर में 1.53 लाख से अधिक स्वयंसेवा अवसरों के माध्यम से 10 लाख से अधिक युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में 5 हजार 778 वालंटियर अवसरों के माध्यम से 23 हजार 900 से अधिक युवाओं ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया है। केंद्र सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए क्विज मॉड्यूल के माध्यम से भी देशभर में 65 लाख से अधिक युवाओं को जोड़ा गया है।

*गांव से राज्य तक तैयार होगा युवा नेटवर्क*

बैठक में बताया गया कि मेरा युवा भारत की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत मुख्यालय के साथ 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यालय, जिला कार्यालय, युवा क्लब और माय भारत स्वयंसेवकों की व्यवस्था है। इस नेटवर्क के माध्यम से ग्राम स्तर से लेकर राज्य स्तर तक युवाओं को विभिन्न गतिविधियों और अवसरों से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को गैर-राजनीतिक सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की रुचि और प्रतिभा की पहचान कर उन्हें ऐसे अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का विकास हो तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत बने।

*विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग पर विशेष जोर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग को युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल बताया। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 में इसमें 30 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। युवा नेतृत्व के चयन को निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित बनाने के लिए बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया अपनाई गई है।

बैठक में छत्तीसगढ़ में ‘विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग’ आयोजित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके माध्यम से खेल, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया गया।

विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट, विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, विकसित भारत युवा कनेक्ट, यूथ आइकन, विकसित भारत पदयात्रा, सरदार@150 पदयात्रा और ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण और नेतृत्व से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी बैठक में दी गई।

*बस्तर के युवाओं के लिए खुलें अवसरों के नए द्वार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के युवाओं को माय भारत की गतिविधियों से व्यापक स्तर पर जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर नक्सलवाद की हिंसा और भय के दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में बस्तर के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर रहे युवाओं के लिए आज नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं। माय भारत से जुड़ने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, उनकी प्रतिभा को पहचान मिलेगी और उन्हें अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से बस्तर के सुदूर क्षेत्रों तक विकास और अवसर पहुंच रहे हैं। पिछले दो वर्षों में बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने बड़ी संख्या में युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा, कला और संस्कृति प्रदर्शित करने का मंच दिया है। इसी प्रकार माय भारत के माध्यम से भी बस्तर के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने और नेतृत्व करने के अवसर दिए जाएं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य को उचित अवसर देकर उन्हें छत्तीसगढ़ और देश के विकास का सक्रिय भागीदार बनाना हमारी प्राथमिकता है।

बैठक के दौरान माय भारत की वालंटियर अदिति द्वारा तैयार ट्राइबल आर्ट का छायाचित्र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, माय भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित माय भारत के राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कई जिलों के कलेक्टर बदले, मंत्रालय से लेकर महत्वपूर्ण विभागों तक IAS अफसरों की नई जिम्मेदारियां तय

 रायपुर, 18 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ शासन ने मंगलवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नई पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार को लेकर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में मंत्रालय से लेकर जिलों तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार कांकेर, मुंगेली, सक्ती, गरियाबंद, कबीरधाम और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी सहित कई जिलों में कलेक्टर स्तर पर बदलाव किया गया है। इसके साथ ही कुछ अधिकारियों को मंत्रालय, नगरीय प्रशासन, समाज कल्याण, पर्यटन, खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।

प्रशासनिक फेरबदल के तहत कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वहीं जल जीवन मिशन, नागरिक आपूर्ति निगम, समाज कल्याण और पर्यटन मंडल सहित कई महत्वपूर्ण संस्थानों में भी जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

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दूसरे दिन 53993 हजार पार्थिव शिवलिंगों का पूजन संपन्न, बुधवार को होगी भव्य पूर्णाहुति,श्री फलेश्वर नाथ मंदिर बगिया में तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का दूसरा दिन भक्तिमय वातावरण में संपन्न

जशपुरनगर। श्रावण मास के पावन अवसर पर बगिया स्थित मैनी नदी तट के श्री फलेश्वर नाथ मंदिर में आयोजित 1 लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंग पूजन महाअनुष्ठान के दूसरे दिन मंगलवार को करीब 53993 हजार पार्थिव शिवलिंगों का पूजन एवं अभिषेक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।इससे पहले प्रथम में 25 हजार पार्थिव शिवलिंग का पूजन संपन्न हुआ था ।मंगलवार की सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही और पूरा क्षेत्र भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंजता रहा।धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर विधि-विधान से पूजन एवं अभिषेक किया। इसके पश्चात आरती और प्रसाद वितरण हुआ। बड़ी संख्या में शिव भक्तों की सहभागिता से मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

*बुधवार को होगा आयोजन का भव्य समापन*

तीन दिवसीय इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान का सोमवार को शुभारंभ हुआ,इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विधिवत यहां के फलेश्वर नाथ महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की।इस अनुष्ठान का बुधवार, 19 अगस्त को समापन होगा। अंतिम दिन पार्थिव शिवलिंग पूजन के साथ विशेष पूर्णाहुति संपन्न की जाएगी। इसके पश्चात भगवान भोलेनाथ की आरती एवं श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया जाएगा।आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं से सपरिवार मंदिर पहुंचकर अंतिम दिवस के धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी बनने का आग्रह किया गया है।


*भक्ति और आस्था से सराबोर रहा मंदिर परिसर*

दूसरे दिन हुए विशाल पूजन एवं अभिषेक में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। मंत्रोच्चार, भगवान शिव के जयघोष और धार्मिक अनुष्ठानों से श्री फलेश्वर नाथ मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा।बुधवार को पूर्णाहुति के साथ 1 लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंग पूजन के इस भव्य धार्मिक आयोजन का विधिवत समापन होगा। आयोजन के माध्यम से भगवान भोलेनाथ से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की जाएगी।

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जनगणना जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्य में बाधा डालने वाला फरार आरोपी रायगढ़ से गिरफ्तार, प्रगणक शिक्षक को फर्जी बताकर की थी मारपीट, आईडी कार्ड छीनकर फेंका और दी थी जान से मारने की धमकी

जशपुर। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्य में बाधा डालने और जनगणना प्रगणक शिक्षक के साथ मारपीट, गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी देने के मामले में पत्थलगांव पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को रायगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

पुलिस के अनुसार, 5 मई 2026 को शिक्षक सतीश कुमार सक्सेना (42 वर्ष), निवासी ग्राम कुमकेला, थाना पत्थलगांव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी की ड्यूटी जनगणना प्रगणक के रूप में लगाई गई थी और इसी शासकीय दायित्व के तहत वह 5 मई को ग्राम सुरेशपुर में जनगणना संबंधी कार्य के लिए गया था।

इसी दौरान रास्ते में एक युवक ने उसे रोक लिया और जनगणना कार्य के लिए लगाए गए शिक्षक को फर्जी व्यक्ति बताते हुए विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि युवक ने प्रार्थी के साथ गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्के से मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपी ने शिक्षक का आईडी कार्ड भी खींचकर फेंक दिया और उसे जान से मारने की धमकी दी। घटना के कारण प्रार्थी का शासकीय जनगणना कार्य प्रभावित हुआ।

प्रार्थी की शिकायत पर थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक 97/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 221, 132, 296, 351(3) एवं 115(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना शुरू की।

जांच में सामने आई आरोपी की पहचान

विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और गवाहों एवं संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। पुलिस की जांच और तकनीकी जानकारी के आधार पर घटना में शामिल संदिग्ध की पहचान शुभम कुजूर उर्फ बंटी कुजूर (26 वर्ष), निवासी रामभाटा, संजय मैदान, हरदिया गली, थाना सिटी कोतवाली रायगढ़, जिला रायगढ़ के रूप में हुई।

जांच में यह भी सामने आया कि घटना के दिन आरोपी ग्राम सुरेशपुर में अपने रिश्तेदार के यहां आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने आया था। इसी दौरान उसका जनगणना कार्य में लगे शिक्षक से विवाद हुआ और उसने शिक्षक के साथ मारपीट कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की।

घटना के बाद से चल रहा था फरार

घटना के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहा था। पत्थलगांव पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी शुभम कुजूर अपने रायगढ़ स्थित रामभाटा के घर आया हुआ है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना पत्थलगांव पुलिस और तकनीकी टीम ने तत्काल कार्रवाई की।

पुलिस टीम ने रायगढ़ पहुंचकर आरोपी के ठिकाने की घेराबंदी की और शुभम कुजूर को हिरासत में लेकर पत्थलगांव लाया।

कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष हुई पहचान

मामले की जांच में पुलिस ने नियमानुसार कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पहचान कार्यवाही कराई। पहचान प्रक्रिया के दौरान प्रार्थी सतीश कुमार सक्सेना ने हिरासत में लिए गए शुभम कुजूर की पहचान घटना में शामिल व्यक्ति के रूप में की।

पुलिस पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। इसके बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

आरोपी की गिरफ्तारी और मामले की कार्रवाई में थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, प्रधान आरक्षक अनुज एक्का, चंद्र विजय साय तथा आरक्षक आकाश कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जशपुर पुलिस द्वारा फरार आरोपियों की धरपकड़ और लंबित मामलों में त्वरित कार्रवाई का अभियान लगातार जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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लोक कलाकारों के लिए सुनहरा अवसर: मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 में 31 अगस्त तक करें आवेदन, हर साल मिलेंगे 12 से 24 हजार रुपये

रायपुर, 18 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के अंतर्गत प्रदेश के लोक कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। योजना का उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना, कलाकारों का सम्मान बढ़ाना तथा कला दलों के सतत विकास को नई गति प्रदान करना है।

योजना के अंतर्गत नृत्य-संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, छत्तीसगढ़ी पाक कला (पारंपरिक व्यंजन) तथा छत्तीसगढ़ी सौंदर्यकला (श्रृंगार) से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। आवेदन प्रपत्र विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं तथा संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर स्थित कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

योजना के तहत पात्र कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह राशि एक वित्तीय वर्ष में एक बार प्रदान की जाएगी।

योजना का लाभ केवल ऐसे कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड तथा पैन कार्ड की छायाप्रति भी प्रस्तुत करनी होगी।

प्रविष्टियां भेजने का पता -
संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय,
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर,
द्वितीय तल, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर (छत्तीसगढ़) - 492018

 प्रविष्टियां प्राप्त होने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भेजते समय लिफाफे पर मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।

मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना प्रदेश की समृद्ध लोक कला परंपराओं के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से लोक कलाकारों को न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी प्राप्त होगा।

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वर्षा ऋतु के प्राकृतिक सौंदर्य और मानवीय संवेदनाओं को शास्त्रीय नृत्य-संगीत में मिलेगा नया रंग, रायपुर में चार शाम कला प्रेमियों को आकर्षित करेगा ‘पावस प्रसंग’

रायपुर, 18 अगस्त 2026। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कला, संस्कृति और शास्त्रीय परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘विभागीय आयोजन 2026’ की श्रृंखला के अंतर्गत विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम  ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया जा रहा है। वर्षा ऋतु की सौंदर्यपूर्ण अनुभूतियों और भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा को केंद्र में रखकर आयोजित यह कार्यक्रम  21, 22, 24 एवं 25 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। कार्यक्रम प्रतिदिन  शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा।

‘पावस प्रसंग’ में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक सुंदरता, उमंग, उल्लास और संवेदनाओं को शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाएगा। भारतीय कला परंपरा में वर्षा ऋतु का विशेष महत्व रहा है। बादलों की गड़गड़ाहट, वर्षा की रिमझिम, प्रकृति में नवजीवन का संचार और मन में जागृत होने वाले विविध भावों को कलाकार अपनी नृत्य मुद्राओं, भावाभिव्यक्ति और सुरों के माध्यम से जीवंत करते हैं। इसी समृद्ध सांस्कृतिक भावभूमि को ‘पावस प्रसंग’ के माध्यम से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

संस्कृति विभाग की इस पहल का उद्देश्य शास्त्रीय कला विधाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही आमजन को उच्चस्तरीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जोड़ना है। मुक्ताकाशी मंच का वातावरण इन प्रस्तुतियों को और अधिक प्रभावशाली बनाएगा, जहां दर्शक  भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे।

‘पावस प्रसंग’ वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक और कलात्मक अनुभूति को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाला विशेष आयोजन है। इसमें प्रकृति और मानवीय भावनाओं के बीच के गहरे संबंध को कला के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। शास्त्रीय नृत्य की भावपूर्ण मुद्राओं और संगीत की मधुर स्वर-लहरियों के माध्यम से वर्षा के विभिन्न रंगों और संवेदनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा।

संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित की जा रही विभागीय आयोजनों की श्रृंखला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ सहित देश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान करना तथा कलाकारों और दर्शकों के बीच जीवंत  सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में ‘पावस प्रसंग’ शास्त्रीय कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

*संस्कृति और कला प्रेमियों से सहभागिता का आह्वान*

संस्कृति विभाग ने कला एवं संस्कृति प्रेमियों से ‘पावस प्रसंग’ में सहभागी बनने का आह्वान किया है। चार दिनों तक आयोजित होने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन रायपुर में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक अनुभूति को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की सौंदर्यपूर्ण अभिव्यक्ति से जोड़ते हुए कला प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव प्रस्तुत करेगा।

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छत्तीसगढ़ के आसमान में दिखी पक्षियों की अनोखी दुनिया, हरेली बर्ड फेस्टिवल में 211 प्रजातियां रिकॉर्ड

रायपुर, 18 अगस्त 2026/छत्तीसगढ़ में पर्यावरण, प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14 से 16 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय 'हरेली बर्ड फेस्टिवल 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक धरोहर व परिंदों की दुनिया को सहेजना, पक्षी संरक्षण को बढ़ावा देना और इको-टूरिज्म के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना हैl  वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मार्गदर्शन तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में यह आयोजन पूरे प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

*प्रकृति, संस्कृति और नागरिक विज्ञान का अनोखा संगम*

       हरेली बर्ड फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य केवल पक्षियों की गणना करना ही नहीं, बल्कि नागरिक विज्ञान (Citizen Science) के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पक्षी विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना था। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली के अवसर पर आयोजित इस अभियान ने स्थानीय लोगों, छात्रों और प्रकृति प्रेमियों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एकजुट किया।

*33 जिलों में 45 बर्ड वॉक और 1,000 से अधिक प्रतिभागी*

       इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान राज्य के सभी 33 जिलों में पक्षी अवलोकन गतिविधियों का आयोजन किया गया।

 *व्यापक सहभागिता*
    
        अभियान में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और प्रदेश भर में कुल 45 'बर्ड वॉक' आयोजित किए गए।

 *विविध स्थल* 

       कोपरा जलाशय (रामसर साइट), चिच्छा वेटलैंड, बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य, अचानकमार टाइगर रिजर्व और नंदनवन जंगल सफारी सहित कई महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) और वन क्षेत्रों में सर्वे किया गयाl नंदनवन जंगल सफारी (नवा रायपुर) में दिव्यांगजनों के लिए विशेष 'बर्ड वॉक' का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

*954 चेकलिस्ट और 211 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड*

         नागरिक विज्ञान मंच eBird के माध्यम से राज्य भर से एकत्र किए गए आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध पक्षी विविधता सामने आई है।  3 दिनों में कुल 954 eBird Checklists के जरिए 211 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया।

 *प्रमुख पक्षी प्रजातियां* 

        सर्वे के दौरान पेंटेड स्टॉर्क (Painted Stork), रेड-नेप्ड आइबिस (Red-naped Ibis), कॉटन पिग्मी-गूज (Cotton Pygmy-Goose), इंडियन पैराडाइज-फ्लाईकैचर (Indian Paradise- Flycatcher) और ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो (Greater Racket-tailed Drongo) जैसी कई दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण प्रजातियां देखी गईं।

*महिला समूहों और आजीविका से जुड़ाव*

         यह अभियान केवल पक्षी अवलोकन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे स्थानीय समुदायों और आजीविका से भी जोड़ा गया। रायपुर जिले की ग्राम पंचायत मांढर के अड़बंधा तालाब में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। यहाँ कलश स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित 'फूड कार्ट' स्थानीय समुदाय की पहल और आजीविका- संरक्षण के सुंदर समन्वय का उदाहरण बना।

*भविष्य के संरक्षण प्रयासों को मिलेगी मजबूती*

          इस सफल आयोजन के बाद प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य में राज्य की महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों की नियमित निगरानी, 'पक्षी मित्र' नेटवर्क को मजबूत करने तथा स्कूलों एवं समुदायों के स्तर पर पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।

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जशपुर में 21 अगस्त को "हरित पैकेजिंग" विषय पर होगी कार्यशाला,सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों को मिलेगी हरित पैकेजिंग एवं औद्योगिक नीति की जानकारी

*जशपुरनगर 18 अगस्त 2026/* जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जशपुर एवं केन्द्रीय पेट्रो-रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) के संयुक्त तत्वावधान में जशपुर जिले में "हरित पैकेजिंग: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए अवसर एवं व्यवहार" विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

यह कार्यशाला आर.ए.एम.पी. योजना* के अंतर्गत 21 अगस्त 2026, शुक्रवार को प्रातः 11.00 बजे होटल अर्णव रीजेंसी, अग्रसेन चौक के पास, रायगढ़ रोड पत्थलगांव* में आयोजित की जाएगी।

कार्यशाला में प्लास्टिक उद्योग, हरित पैकेजिंग एवं छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत उद्योग स्थापना संबंधी विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। 

जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि कार्यशाला में इच्छुक उद्यमी एवं नवउद्यमी सम्मिलित होकर सरकारी योजनाओं एवं उद्योग स्थापना की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, जशपुर के कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।

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जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने सीएम हेल्प लाइन मुख्यमंत्री जनदर्शन,और कलेक्टर जनदर्शन के आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश 

 
जशपुर 18 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप संचालित सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के क्रियान्वयन संबंध में सोमवार को जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि इस योजना का जिले में बेहतर क्रियान्वयन किया जाना है।
योजना के तहत हितग्राहियों को 31 योजनाओं से लाभान्वित किया जाना है।

इसके लिए सर्वेक्षण कार्य के माध्यम से छुटे हुए हितग्राहियों का चिन्हांकन करके योजना का लाभ दिया जाएगा।
इस अवसर  पर सभी एसडीएम ,जनपद पंचायत सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

 जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि सुघ्घर अभियान के तहत 
हितग्राहियों को जॉब कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना,राशन कार्ड,जल जीवन मिशन, आयुष्मान कार्ड, आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन,जननी सुरक्षा योजना,आय जाति निवास प्रमाण पत्र,विवाह प्रमाणपत्र, गर्भवती महिलाओं और बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण, प्रधानमंत्री जन-धन योजना , आधार कार्ड, कौशल विकास योजना से युवाओं का प्रशिक्षण,श्रम कार्ड, आदि अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

जिला पंचायत सीईओ ने समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणा के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

उन्होंने मंगल भवन, सामुदायिक भवन,सीसी रोड, सांस्कृतिक भवन,खेल मैदान,मिनी स्टेडियम,आदि प्रगतिरत निर्माण कार्यों की जानकारी ली।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन के लंबित आवेदनों का भी गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिए।

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अघोरपीठ गम्हरिया आश्रम में 23 अगस्त को लगेगा निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर, वर्षों से गरीब एवं आदिवासी क्षेत्र के लोगों की सेवा में जुटा बाबा भगवान राम ट्रस्ट


जशपुर। जिले के ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए कार्य कर रहे बाबा भगवान राम ट्रस्ट, जशपुर द्वारा अघोरपीठ, वामदेव नगर, गम्हरिया आश्रम में आगामी 23 अगस्त 2026, रविवार को निःशुल्क मिर्गी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में मिर्गी रोग से पीड़ित मरीजों को फकीरी एवं आयुर्वेदिक पद्धति से तैयार औषधियां उपलब्ध कर उपचार किया जाएगा। शिविर का आयोजन रविवार को सुबह से सूर्योदय से शाम 4 बजे तक किया जाएगा।
 
ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि संस्था लगातार कई वर्षों से गरीब, जरूरतमंद और आदिवासी क्षेत्र के लोगों की सेवा में सक्रिय है। विशेष तिथियों एवं अवसरों पर मिर्गी रोग से संबंधित निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनमें जशपुर जिले के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज पहुंचते हैं।
 
दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचते हैं मरीज
 
अघोरपीठ गम्हरिया आश्रम में आयोजित होने वाले इन शिविरों में मरीजों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा के साथ आश्रम द्वारा निर्मित फकीरी एवं आयुर्वेदिक औषधियों के माध्यम से उपचार की व्यवस्था की जाती है। ट्रस्ट के अनुसार, दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले कई मरीज नियमित रूप से शिविर में पहुंचकर उपचार प्राप्त कर रहे हैं। मरीजों एवं उनके परिजनों द्वारा उपचार से लाभ मिलने की बात भी बताई जाती है।
 
शिविर के आयोजन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाना और ऐसे मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है, जिन्हें इलाज के लिए दूर शहरों तक जाना कठिन होता है।
 
शनिवार को पहुंचने की अपील
 
आयोजकों ने बताया कि रविवार को सुबह 4 बजे से सूर्योदय तक ही दवा दिए जाने की व्यवस्था है। इसलिए मरीजों को 22 अगस्त, शनिवार को ही आश्रम पहुंचने की अपील की गई है। बाहर से आने वाले मरीजों के लिए ट्रस्ट की ओर से रात्रि विश्राम एवं भोजन की निःशुल्क व्यवस्था भी की जाएगी।
 
मरीजों से अपने साथ एक सहयोगी को लाने के लिए कहा गया है। साथ ही आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह दवा गर्भवती महिलाओं के लिए नहीं है।
 
जशपुर के साथ कई राज्यों से पहुंचने की सुविधा
 
अघोरपीठ गम्हरिया आश्रम जशपुर पहुंचने के लिए आयोजकों ने विभिन्न मार्गों की जानकारी भी दी है। अंबिकापुर से जशपुर की दूरी करीब 140 किलोमीटर, बिलासपुर से करीब 356 किलोमीटर, रायपुर से करीब 480 किलोमीटर, रांची से करीब 150 किलोमीटर तथा झारसुगुड़ा से जशपुर की दूरी करीब 160 किलोमीटर बताई गई है।
 
निःशुल्क शिविर से जरूरतमंदों को राहत
 
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र में लंबे समय से सेवा कार्य कर रहे बाबा भगवान राम ट्रस्ट की इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिल रही है। नियमित रूप से लगाए जाने वाले निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के कारण दूरस्थ इलाकों के मरीज भी आश्रम तक पहुंच रहे हैं। आगामी 23 अगस्त को होने वाले शिविर को लेकर भी आसपास के क्षेत्रों के लोगों में जानकारी पहुंचाई जा रही है।

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स्वतंत्रता दिवस पर जिलेभर में गूंजा साक्षरता का संदेश, उल्लास महा-चौपाल में संस्थाओं ने निभाई सहभागिता

रायगढ़, 17 अगस्त 2026/ स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर शिक्षा और साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलेभर में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत उल्लास महा-चौपाल का आयोजन किया गया। राज्य स्तर से जारी निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकासखंडों में शैक्षणिक संस्थानों, विभागों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
           स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को साक्षरता, शिक्षा और जनजागरूकता से जोड़ते हुए आयोजित महा-चौपाल में नवसाक्षरों, स्वयंसेवी शिक्षकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए नवसाक्षरों को सीखने की प्रक्रिया निरंतर जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया।

*मशाल रैली से लेकर रंगोली तक, विविध गतिविधियों से दिया साक्षरता का संदेश*

उल्लास महा-चौपाल के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर अनेक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। शैक्षणिक संस्थानों एवं सहभागी संस्थाओं द्वारा नारा लेखन, मशाल रैली, मोबाइल टॉर्च रैली, उल्लास शपथ, सेल्फी प्वाइंट, कहानी वाचन, रंगोली निर्माण तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से साक्षरता के महत्व को रोचक एवं प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया गया। रैलियों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि पढ़ना-लिखना केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति की मजबूत आधारशिला है।

*साक्षरता किसी एक विभाग की नहीं, पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी*

उल्लास महा-चौपाल के आयोजन से जिलेभर में साक्षरता को लेकर उत्साहपूर्ण वातावरण निर्मित हुआ। विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों की व्यापक सहभागिता ने यह संदेश दिया कि साक्षरता केवल किसी एक विभाग का विषय नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में नवसाक्षरों को शिक्षा से निरंतर जुड़े रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का संदेश दिया गया। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से जिले में साक्षर समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया गया। स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित उल्लास महा-चौपाल ने ‘उल्लास’ को जन-जन तक पहुंचाने और साक्षरता को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर आयोजित यह आयोजन शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने और प्रत्येक व्यक्ति को ज्ञान की मुख्यधारा से जोड़ने के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बना।

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जिले में ई-नजूल व्यवस्था लागू, अब मोबाइल से कुछ मिनटों में होगा नजूल पट्टा नवीनीकरण का आवेदन,नजूल पट्टाधारकों को मिलेगी बड़ी सुविधा, कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत होगी कम

रायगढ़, 17 अगस्त 2026/ नजूल पट्टाधारकों को सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में रायगढ़ जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में अब ई-नजूल व्यवस्था लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के माध्यम से नजूल पट्टा नवीनीकरण की प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाया गया है। इससे नागरिक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से घर बैठे नजूल पट्टा नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।
             नई व्यवस्था के तहत क्यूआर कोड स्कैन कर कुछ ही मिनटों में आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इससे नजूल पट्टाधारकों को आवेदन जमा करने के लिए बार-बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी। डिजिटल प्रक्रिया के कारण आवेदन की कार्यवाही अधिक व्यवस्थित होने के साथ ही इसमें पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

*30 दिवस में नवीनीकरण की कार्यवाही पूर्ण करने का लक्ष्य*

ई-नजूल व्यवस्था में नजूल पट्टा नवीनीकरण के प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने पर विशेष जोर दिया गया है। नजूल पट्टा नवीनीकरण की पूरी कार्यवाही 30 दिवस के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे नागरिकों को अपने प्रकरण के निराकरण के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और नजूल संबंधी सेवाओं की डिलीवरी भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। नई प्रणाली के तहत आवेदन प्रक्रिया से लेकर आवश्यक दस्तावेजों एवं संबंधित प्रतिवेदनों की कार्यवाही को सुव्यवस्थित किया जाएगा। इससे प्रकरणों की निगरानी आसान होगी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यवाही पूरी करने में मदद मिलेगी।

*एनओसी और आरआई प्रतिवेदन की प्रक्रिया भी होगी सुव्यवस्थित*

नजूल पट्टा नवीनीकरण के दौरान आवश्यक नगर निगम/नगर निवेश की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) तथा राजस्व निरीक्षक (आरआई) का प्रतिवेदन भी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ई-नजूल व्यवस्था में इन आवश्यक कार्यवाहियों को भी अधिक सरल और व्यवस्थित तरीके से संपादित करने का प्रयास किया गया है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से आवेदन के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित करने से संबंधित विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा तथा प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी। इससे नजूल पट्टाधारकों को सुविधा मिलने के साथ ही प्रशासनिक कार्यप्रणाली में भी दक्षता बढ़ेगी। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को सरल, सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। ई-नजूल व्यवस्था लागू होने से नजूल पट्टा नवीनीकरण की पारंपरिक प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक भागदौड़ कम होगी और डिजिटल माध्यम से नागरिकों को सेवा प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।

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वन्दे मातरम् के कथित अपमान के विरोध में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, हाथों में मशाल और तिरंगा लेकर कांग्रेस भवन तक पहुंचे कार्यकर्ता; रायमुनी भगत बोलीं—राष्ट्रगीत का अपमान करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का अपमान

जशपुर। राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के कथित अपमान के विरोध में भारतीय जनता पार्टी एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा ने रविवार को जशपुर में कांग्रेस के खिलाफ जोरदार मशाल रैली निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। जय स्तम्भ चौक से कांग्रेस भवन तक निकली मशाल रैली में हाथों में मशाल और तिरंगा थामे बड़ी संख्या में भाजपा एवं भाजयुमो कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस भवन के समीप पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने एक सुर में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन किया और राष्ट्रगीत के सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया।

रैली के दौरान “वन्दे मातरम् का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “भारत माता की जय” और राष्ट्रभक्ति के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कांग्रेस नेतृत्व से देश की जनता से माफी मांगने की मांग की।

राष्ट्रगीत का अपमान देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं का अपमान : रायमुनी भगत

रैली के समापन अवसर पर जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वन्दे मातरम् महज एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता चेतना, राष्ट्रभक्ति और असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान की जीवंत अभिव्यक्ति है। जिस राष्ट्रगीत को स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्तों ने अपनी प्रेरणा बनाया, उसके सम्मान से खिलवाड़ देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना होगा कि सत्ता और राजनीति से ऊपर राष्ट्र होता है। राष्ट्रगीत के सम्मान के मामले में भी कांग्रेस की चुप्पी यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर उसके नेताओं के लिए देश और राष्ट्रभावना का क्या महत्व है? उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से पूरे देश से माफी मांगने की मांग की।

वन्दे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा : कृष्ण कुमार राय

पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि वन्दे मातरम् भारत की राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। यह वही राष्ट्रगीत है जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लाखों देशवासियों के भीतर राष्ट्रभक्ति की लौ प्रज्वलित की थी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी आज देशभक्ति और संविधान की बात करती है, उसे पहले यह बताना चाहिए कि राष्ट्रगीत के सम्मान के समय उसके नेता मौन क्यों हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को देश की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस पूरे मामले पर अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए और देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस नेतृत्व को माफी मांगनी ही होगी : नरेश नन्दे

पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश नन्दे ने कहा कि राष्ट्रगीत किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की गौरवशाली विरासत है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को देश की भावनाओं का सम्मान करते हुए जनता के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्र के सम्मान से जुड़े विषयों पर चुप बैठने वाली नहीं है।

राष्ट्र सर्वोपरि, सम्मान के लिए भाजपा सड़क पर : ओमप्रकाश सिन्हा

बलरामपुर जिला प्रभारी ओमप्रकाश सिन्हा ने कहा कि भाजपा के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। राष्ट्रगीत, राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान और भारत की एकता-अखंडता से जुड़े विषयों पर भाजपा हमेशा देश के सम्मान के लिए खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् के सम्मान के लिए आज जशपुर की सड़कों पर निकली यह मशाल केवल विरोध का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति की मशाल है।

नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव एवं भाजयुमो जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि वन्दे मातरम् करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व जब तक देश की जनता से माफी नहीं मांगता, तब तक भाजपा एवं भाजयुमो लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे।

कांग्रेस भवन के समीप गाया वन्दे मातरम्, दिया राष्ट्र सम्मान का संदेश

मशाल रैली का सबसे प्रमुख दृश्य कांग्रेस भवन के समीप देखने को मिला, जहां भाजपा एवं भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने एक साथ खड़े होकर वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्रगीत का सम्मान किसी दल या विचारधारा का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय के राष्ट्रीय गौरव का विषय है।

बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे उपस्थित

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैजान सरवर खान ने बताया कि मशाल रैली में मुख्य रूप से जनपद अध्यक्ष गंगा राम भगत, रजनी प्रधान, गोपाल राय, सत्येन्द्र सिंह, संतोष सिंह, रूपेश सोनी, शरद चौरसिया, शारदा प्रधान, गोविंद भगत, मुकेश सोनी, अभिषेक मिश्रा, सतीश गोस्वामी, रागिनी भगत, नागेन्द्र भगत, राजा सोनी, नीतू गुप्ता, कंचन बैरागी, दीपू मिश्रा, सज्जू खान, नमित सिंह, दीपक गुप्ता, रोमी गुप्ता, आदर्श ताम्रकर, अभिषेक गुप्ता, अनिता पैंकरा, रामशंकर गुप्ता, आशु राय, विनोद निकुंज, दीपक सिंह, आकाश गुप्ता, अमित साय, सुनील सोनी एवं रविन्द्र पाठक सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मशाल रैली के दौरान जय स्तम्भ चौक से कांग्रेस भवन तक राष्ट्रभक्ति का माहौल बना रहा। मशालों की रोशनी, हाथों में तिरंगा और “वन्दे मातरम्” तथा “भारत माता की जय” के उद्घोष ने जशपुर की सड़कों पर राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दो टूक कहा कि राष्ट्र के सम्मान से जुड़े विषय पर किसी भी प्रकार की राजनीति या अपमान को स्वीकार नहीं किया जाएगा और कांग्रेस नेतृत्व को देश की जनता के सामने जवाब देना होगा।

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वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा के निधन पर भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने जताया गहरा शोक, कहा—जनसरोकारों की आवाज को निर्भीक लेखनी से बुलंद करने वाले सजग प्रहरी का निधन जशपुर जिले के लिए अपूरणीय क्षति

जशपुरनगर। पत्थलगांव के वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी रमेश शर्मा के निधन पर भारतीय जनता पार्टी जिला जशपुर के जिलाध्यक्ष भरत सिंह, पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, पत्थलगांव विधायक गोमती साय एवं जशपुर विधायक रायमुनि भगत ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। भाजपा नेताओं ने स्व. रमेश शर्मा के निधन को जशपुर जिले के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि स्वर्गीय रमेश शर्मा केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि समाज की आवाज को अपनी लेखनी के माध्यम से बुलंद करने वाले सजग प्रहरी थे। उन्होंने पत्थलगांव और पूरे जशपुर जिले के जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सदैव प्रमुखता से उठाया। उनकी पत्रकारिता में निर्भीकता, निष्पक्षता और सामाजिक सरोकारों के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाई देती थी।

उन्होंने कहा कि स्व. रमेश शर्मा ने पत्रकारिता को जनसेवा का माध्यम बनाते हुए आमजन की समस्याओं और क्षेत्र के महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से सामने रखा। समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज को अपनी लेखनी के माध्यम से मंच देना उनकी पत्रकारिता की विशेष पहचान रही। उनके निधन से जशपुर ने एक संवेदनशील पत्रकार, समाजहितैषी व्यक्तित्व और जनसरोकारों के सजग प्रहरी को खो दिया है।

पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि रमेश शर्मा का निधन पत्रकारिता जगत के लिए गहरा आघात है। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज और क्षेत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया। उनका सरल, सहज और संवेदनशील व्यक्तित्व सदैव स्मरण किया जाएगा।

पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि रमेश शर्मा ने पत्रकारिता को केवल पेशे के रूप में नहीं, बल्कि समाज सेवा के माध्यम के रूप में अपनाया। क्षेत्र की समस्याओं और आमजन की आवाज को प्रमुखता से उठाना उनकी पहचान थी। उनके निधन से पत्थलगांव ने एक संवेदनशील पत्रकार और समाजहितैषी व्यक्तित्व खो दिया है।

जशपुर विधायक रायमुनि भगत ने कहा कि स्व. रमेश शर्मा का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने अपनी लेखनी से सदैव जनहित के मुद्दों को आवाज दी और समाज के कमजोर एवं अंतिम पंक्ति के लोगों की बात को सामने लाने का कार्य किया। पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।

भाजपा नेताओं ने कहा कि स्व. रमेश शर्मा की लेखनी भले ही अब शांत हो गई है, लेकिन जनसरोकारों के लिए उन्होंने जो आवाज बुलंद की, वह लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगी। उनके निधन से जशपुर जिले के पत्रकारिता एवं सामाजिक क्षेत्र में जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसकी भरपाई कठिन है।

भाजपा नेताओं ने दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकसंतप्त परिजनों, पत्रकार साथियों एवं शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

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