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विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने किया फलदार पौधों का रोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश.....

जशपुरनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी एवं समाजसेविका श्रीमती कौशल्या साय ने एक प्रेरणादायक पहल करते हुए अपने निवास परिसर स्थित बगिया में फलदार पौधों का रोपण किया। उन्होंने फलदार पौधों का चयन किया, जो न केवल पर्यावरण की दृष्टि से लाभकारी हैं, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक फल भी प्रदान करते हैं।

पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान श्रीमती कौशल्या साय ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, विशेष अभियान " एक पेड़ मां के नाम" के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐतिहासिक पहल किया जा रहा है,साथ ही "विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि हम अपने आसपास हरियाली बढ़ाएं और एक-एक पौधा लगाएं, तो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं।"

उन्होंने कहा कि फलदार पौधे न केवल वायुमंडल को स्वच्छ बनाते हैं, बल्कि लोगों को पोषण भी प्रदान करते हैं। श्रीमती साय ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से अपील की कि वे भी अपने घरों और आस-पास के क्षेत्रों में पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि जनपद सदस्य अटल बिहारी साय सहित महिलाओं का समूह शामिल हुए। श्रीमती कौशल्या साय ने अंत में सभी नागरिकों को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं और यह संकल्प लिया कि वह हर वर्ष इस दिन पौधारोपण कर पर्यावरण संवर्धन में अपना योगदान देती रहेंगी।

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राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने मुख्यमंत्री श्री साय से की सौजन्य मुलाकात

रायपुर, :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती रहाटकर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंटकर सम्मानित किया। सौजन्य मुलाकात के दौरान महिला सशक्तिकरण, बालिकाओं की सुरक्षा एवं कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और विधायक श्री विक्रम उसेंडी भी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर ने दूरस्थ अंचल पंडरापाठ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण, मुख्यालय में रहने के निर्देश .. . स्वास्थ्य सुविधाएं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी 

जशपुर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को बगीचा विकास खंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरापाठ में स्वास्थ्य विभाग के सीएचवो ,आरएचवो और एएनएम की समीक्षा बैठक लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने पाठ क्षेत्रों में लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं और रात्रि पाली में भी स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों का ईलाज करने के लिए कहा है। रात में किसी मरीज को एम्बुलेंस 108 और 102 वाहन की आवश्यकता पड़ती है तो तत्काल वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।‌

कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में संस्थागत प्रसव प्रगति की जानकारी ली और जिन स्वास्थ्य केन्द्र में माह में एक भी प्रसव नहीं हुए उनको स्वास्थ्य कर्मचारियों को कड़ी हिदायत देते हुए व्यस्था में सुधार लाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य केन्द्र में कार्य ठीक से नहीं हो रहे वहां के कर्मचारी को जहां विशेष आवश्यकता है उन जगहों पर पदस्थापित किया जाएगा 

कलेक्टर ने सुलेशा गायमुड़ा,कामारिमा,सरदापाठ, रौनी,देवड़ाड,भडियां के एएनएम को कम संस्था गत प्रसव कराने पर नाराजगी व्यक्त की और गर्भवती माताओं का संस्थागत प्रसव कराने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने कहा सभी सीएचवो और आरएचवो को अपने मुख्यालय में ही निवास करेंगे और मरीजों को बेहतर सेवा देंगे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सभी पैरामीटर का क्रियान्वयन करते हुए सभी का प्रतिदिन आनलाइन एंट्री करने के निर्देश दिए हैं। और केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने के लिए कहा है।

इस अवसर पर बगीचा एसडीएम रितुराज बिसेन, जनपद सीईओ बगीचा कमल कांत श्रीवास, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग संजय सिंह, मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जी एस जात्रा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान गर्भवती माताओं का प्रथम पंजीयन संस्था गत प्रसव की संबंध में जानकारी ली।

कलेक्टर ने बैठक में टीबी मुक्त अभियान के तहत चिन्हांकित मरीजों का ट्रू नाट जाँच करने के निर्देश दिए हैं।हर घर हर हाथ आयुष्मान कार्ड के तहत छुटे हुए लोगों का शत प्रतिशत कार्ड बनाये जाने के निर्देश दिए गए।लक्ष्यानुसार गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत जाँच व उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं का विशेष देख रेख करने के लिए कहा है।सभी गर्भवती महिलाओं का संस्था में संस्थागत प्रसव कराना सुनिश्चित करने के निर्देश अगर बाहर प्रसव हो रहे हो तो कारण सहित लाइन लिस्ट के लिए निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने मितानीनों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का घर में प्रसव होने वाले महिलाओं की जानकारी मांगी है कारण सहित।अधिक उच्च जोखिम गर्भवती महिला वाले संस्था को लाइन लिस्ट तैयार करने के लिए कहा है।

कलेक्टर ने गर्भवती माताओं और बच्चों का टीकाकरण में शत प्रतिशत यू विन की एंट्री तथा प्रसव की एंट्री करना सुनिश्चित करने के निर्देश आरसीएच रजिस्टर तथा आरसीएच पोर्टल में कार्यानुसार शत प्रतिशत एंट्री करने के लिए कहा है 

सन्ना के 102 में सिंगल ड्राइवर होने से कंपनी को तत्काल 2 ड्राइवर रखने के निर्देश

कलेक्टर ने समीक्षा बैठक समीक्षा बैठक के बाद  पीएचसी पंडरापाठ का निरीक्षण किया गया और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। और दवाई वितरण कक्ष,लैब ,मरीज वार्ड,का भी निरीक्षण किया स्वास्थ्य केन्द्र के बायोकेमिस्ट्री मशीन को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। मरीजों का कितने प्रकार का टेस्ट किया जा रहा है इसकी भी जानकारी कलेक्टर ने ली।

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कलेक्टर ने पटवारियों को दी चेतावनी काम नहीं तो वेतन नहीं,किसानों की उपस्थिति में ही गिरदावरी कार्य करना होगा,सन्ना तहसील के बाबू को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश 

जशपुर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को बगीचा विकास खंड के तहसील सन्ना में क्षेत्र के पटवारी और राजस्व निरीक्षकों की समीक्षा बैठक लेकर सीमांकन,बटाकन, डायवर्सन, खाता विभाजन , नक्सा दुरूस्ती करण के कार्य को गंभीरता से करने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ,एसडीएम बगीचा रितुराज बिसेन  तहसीलदार और पटवारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सन्ना तहसील कार्यालय का अवलोकन करते हुए सभाकक्ष में पटवारियों की समीक्षा बैठक ली।

कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों का आनलाइन दर्ज नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की और बाबू को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर ने देवदाड़ ,सरधापाठ के पटवारी हेमराज यादव के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए किसानों का किसान किताब की प्रविष्टियां करवाने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान पटवारियों को कड़ी हिदायत और चेतावनी देते हुए कहा कि अपने काम में सुधार लाए राजस्व विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ विभाग है। आम नागरिकों को उनके छोटे मोटे काम के लिए अनावश्यक नहीं भटकाए सीमांकन के लंबित प्रकरणों के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत करे।  

लोगों की समस्याओं का  तहसीलदार और पटवारी को इसका गंभीरता से निराकरण करने के लिए कहा है। उन्होंने स्पष्ट पटवारियों को चेतावनी दी है कि जो काम नहीं करेगा उसका वेतन काटा जाएगा लोगों को अपने छोटे मोटे काम के लिए जिला मुख्यालय नहीं आना पड़े इसका ध्यान रखें।
कलेक्टर ने नक्सा बटाकन, किसानों का आधार प्रविष्टियां, किसान किताब, प्रविष्टियां कार्यों को गंभीरता से करने के लिए कहा है। कलेक्टर ने पटवारियों को भी चेतावनी देते हुए कार्य में सुधार लाने की हिदायत दी है।
कलेक्टर ने पटवारी को लंबित नक्सा बटाकन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की है।
कलेक्टर ने पटवारियों को अपने साथ फील्ड बुक रखने के लिए कहा है। और प्रविष्टियां करने के निर्देश दिए हैं 
कलेक्टर ने सभी पटवारियों को आगामी माह में गिरदावरी के कार्यों को भी गंभीरता से और रूचि लेकर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खानापूर्ति वाला गिरदावरी नहीं चलेगी मौके पर जाकर किसानों की उपस्थिति में ही गिरदावरी की जाएगी और किसान के खेत में अगर कुआं है तालाब है। पेड़ है सभी को गिरदावरी में दर्ज करना है ताकि किसानों को मछली पालन और अन्य योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।

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मुख्यमंत्री बिष्णु देव साय की पहल पर कुनकुरी-रनपुर मार्ग पर ईब नदी पर बनेगा उच्चस्तरीय पुल,4.86 करोड़ की लागत से 120 मीटर पुल का किया जाएगा निर्माण

 जशपुरनगर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर जिले में विकास के कार्य तेजी से संचालित हो रहे हैं।  इससे जिले की तस्वीर बदलने लगी है।  अधोसंरचना निर्माण कार्यों की लगातार मिल रही स्वीकृति और निर्माण कार्यों में गति पकड़ने से सुदूर अंचल मुख्य पहुंच मार्ग से जुड़ने लगे है। इससे विकासकार्यो को संचालित करने में आसानी हो रही है। इसी कड़ी में जशपुर के कुनकुरी-रनपुर मार्ग पर ईब नदी पर 120 मीटर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य कराया जाएगा। 4 करोड़, 86 लाख, 85 हजार की लागत से बनने वाली इस पुल के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृत मिल चुकी है। 

   *पुल बन जाने से 8 ग्रामों के 10,500 से अधिक निवासियों को होगा लाभ*

   इस पुल के बन जाने से 8 ग्रामों में 10,500 से अधिक निवासियों को इसका लाभ मिलेगा।  ग्रामीणों को बरसात के दिनों में हो रही असुविधा से मुक्ति मिलेगी और विकासकार्यों को गति मिलेगी। शासकीय योजनाएं भी बरसात के दिनों में आसानी  से संचालित हो सकेगी। पुल के निर्माण होने से बरसात के मौसम में छात्र आसानी से स्कूल और कॉलेज  जा सकेंगे। आपात स्थिति में एम्बुलेंस की पहुंच आसान होगी। इससे मरीजों को समय पर इलाज हो सकेगा। किसानों द्वारा उत्पादित फसल बरसात के दिनों में भी आसानी से बाजार तक पहुंच पाएगी और नदी की तेज बहाव भी राशन सामग्री और अन्य जरूरत की चीजें की पहुंच पर बाधा नहीं बनेगी।

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कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के मल्टी एक्टिविटी सेंटर का किया अवलोकन,महिला, पुरुष और बच्चों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाने के दिए निर्देश 

जशपुर: कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को बगीचा विकास खंड के ग्राम बलादरपाठ में जन-मन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा जनजाति परिवारों के लिए बनाए जा रहे मल्टी एक्टिविटी सेंटर का अवलोकन किया और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने रैम्प को ठीक करवाने के निर्देश दिए और पुरुष, महिला शौचालय, आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के लिए बेबी शौचालय बनाने के निर्देश दिए हैं। भवन में जल संरक्षण संवर्धन के लिए रैन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर निरीक्षण के दौरान शौचालय के स्ट्रक्चर को देखकर नाराजगी जाहिर की और सुधरवाने के निर्देश दिए।

छोटे बच्चों के खेलने के लिए झूला, खेल सामग्री और परिसर के आस पास पौध रोपण करने के लिए कहा है।
इस अवसर पर बगीचा एसडीएम रितुराज बिसेन जनपद सीईओ कमल कांत श्रीवास, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि पीएम जनमन योजना के तहत बलादरपाठ में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए मल्टी एक्टिविटी सेंटर बनाया गया है जहां एक ही जगह आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र, और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएगी

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मंत्रिपरिषद के निर्णय : साय सरकार की कैबिनेट बैठक सम्पन्न, लिए गए कई बड़े फैसले, इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

मंत्रिपरिषद के निर्णय : साय सरकार की कैबिनेट बैठक सम्पन्न, लिए गए कई बड़े फैसले, इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 

1 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन की वर्ष 2025 के लिए स्थानांतरण नीति का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत जिला स्तर पर स्थानांतरण 14 जून से 25 जून तक प्रभारी मंत्री द्वारा और राज्य स्तर पर विभागीय मंत्री की मंजूरी से होंगे, आवेदन 6 जून से 13 जून तक स्वीकार किए जाएंगे। 

न्यूनतम दो वर्ष सेवा अनिवार्य है, गंभीर बीमारी, मानसिक/शारीरिक अक्षमता और सेवा निवृत्ति से पूर्व एक वर्ष के मामलों में विशेष सुविधा मिलेगी। अनुसूचित क्षेत्रों से स्थानांतरण हेतु एवजीदार अनिवार्य है, साथ ही सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर जैसे जिलों में रिक्त पदों को भरने का विशेष प्रयास रहेगा। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग की कुल संख्या का अधिकतम 10 प्रतिशत एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचाारियों में अधिकतम 15 प्रतिशत स्थानांतरण किए जा सकेंगे। परीविक्षाधीन अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। 

पति-पत्नी की एक स्थान पर पदस्थापना, ग्रामीण-शहरी संतुलन और पारदर्शिता के लिए राज्य स्तर के सभी स्थानांतरण आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से जारी होंगे। जिला स्तर पर निर्धारित समयावधि में स्थानांतरण जारी कर उसी तिथि को आदेश की प्रति सामान्य प्रशासन विभाग को मेल करना होगा। 

सभी जिला स्तरीय कर्मचारियों का संलग्नीकरण 5 जून 2025 से समाप्त माना जाएगा और जहां किसी कर्मचारी की आवश्यकता होगी स्थानांतरण नीति के अनुरूप स्थानांतरण किया जा सकेगा। 

स्थानांतरण के विरूद्ध 15 दिन में राज्य स्तरीय समिति को अभ्यावेदन किया जा सकेगा। 25 जून के बाद स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, अत्यंत आवश्यक होने पर समन्वय में अनुमोदन उपरांत स्थानांतरण किया जा सकेगा। 

2 मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जी के घोषणानुसार ग्राम पंचायत दामाखेड़ा का नाम ‘‘कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा‘‘ किये जाने का अनुमोदन किया गया। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 23 फरवरी 2024 को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील अंतर्गत दामाखेड़ा में आयोजित संत समागम समारोह ‘‘मांघीमेला‘‘ में सम्मिलित होकर दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा नाम किए जाने की घोषणा की थी। 

3 मंत्रिपरिषद द्वारा कबीरधाम जिले के कवर्धा तहसील के ग्राम पंचायत गदहाभाठा का नाम परिवर्तन कर ग्राम पंचायत सोनपुर तथा बोड़ला तहसील के ग्राम पंचायत चण्डालपुर का नाम परिवर्तन कर ग्राम पंचायत चन्दनपुर किए जाने का निर्णय लिया गया।  

4 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की कला, संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य में कलाग्राम की स्थापना हेतु नवा रायपुर अटल नगर में संस्कृति विभाग को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने तथा उक्त भूमि के विरूद्ध प्रतिपूर्ति राशि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भुगतान करने का निर्णय लिया गया। 

यह कलाग्राम शिल्पकारों, लोक कलाकारों और परंपरागत कारीगरों के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करेगा और स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगा।

5 मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग को 13.47 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस अकादमी में आउटडोर व इनडोर (एसी) तीरंदाजी रेंज, उच्च प्रदर्शन केंद्र, छात्रावास एवं आवासीय सुविधा का निर्माण किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।

6 मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को शहरों में किफायती एवं सस्ते भूखण्ड उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया।

इससे लोगों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उचित दर पर भूखंड उपलब्ध कराकर पानी, बिजली, सड़क, सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी। अवैध प्लाटिंग की रोकथाम के साथ ही लोगों को सुव्यवस्थित कॉलोनियों का विकल्प मिलेगा और राज्य में रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश के नए अवसर उपलब्ध होंगे। 
  
7 मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में युवा कल्याण के विभिन्न क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों व्यक्ति एवं संगठनों को सम्मानित करने के लिए युवा रत्न सम्मान योजना शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत युवा कल्याण के क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट सेवा कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा स्वैच्छिक संगठनों को ‘‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान‘‘ से सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान हर वर्ष राज्य के एक युवा और एक स्वैच्छिक संस्था को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाएगा। इसमें युवा को पदक, प्रमाण पत्र, शॉल और अधिकतम 2.50 लाख रूपए, जबकि संस्था को अधिकतम 5 लाख रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

इसके साथ ही सामाजिक, साहित्य, नवाचार, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, मीडिया, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कला-संगीत तथा लोककला के क्षेत्र में ‘‘युवा रत्न सम्मान‘‘ प्रदान किया जाएगा। युवा रत्न सम्मान प्रत्येक वर्ष उपरोक्त क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित एक-एक युवाओं को प्रदान किया जाएगा। जिसमें पदक, पदक प्रमाण पत्र, शॉल और अधिकतम एक लाख रूपए शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह सम्मान केवल महिलाओं और बालिकाओं को दिया जाएगा। 

आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 15 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सरकारी कर्मचारी, सरकारी उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत व्यक्ति पात्र नहीं होंगे। एक व्यक्ति या संस्था को एक ही साल में एक ही श्रेणी का पुरस्कार मिल सकता है और एक श्रेणी का पुरस्कार किसी को दोबारा नहीं दिया जाएगा।

8 मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत प्रशिक्षक (कोच) के पद पर भर्ती हेतु राष्ट्रीय क्रीडा संस्था पटियाला से प्रशिक्षक के डिप्लोमा के मापदण्ड को एक वित्तीय वर्ष के लिए शिथिलीकरण करने का निर्णय लिया गया। 

9 मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में ग्रामीण एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए ‘‘छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30‘‘ का अनुमोदन किया गया। 

होमस्टे नीति का उद्देश्य यह है कि छत्तीसगढ़ के गांवों और विशेषकर बस्तर और सरगुजा के दूर-दराज के इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। इससे वहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। होमस्टे के ज़रिए पर्यटकों को गांव की संस्कृति, कला, शिल्प और प्रकृति से जुड़ा खास अनुभव मिलेगा, साथ ही, इससे गांवों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ होगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी। यह एक तरह से ओकल फॉर लोकल के लक्ष्य को प्राप्त करने और देश में ग्रामीण पर्यटन के विकास में महत्वपूर्ण साबित होगा। 

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पीएमजीएसवाई, एमएमजीएसवाई, सेतु और लोक निर्माण विभाग की कलेक्टर ने ली बैठक ठेकेदातों को   समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश

*जशपुरनगर लकलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और सेतु निर्माण विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होेंने विभाग द्वारा संचालित निर्माण कार्याे में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। 
            कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को स्कूल निर्माण के कार्यो को बरसात के पूर्व पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया, ताकि बच्चों को पढ़ाई में असुविधा न हो। इसी तरह कलेक्टर ने पीएमजीएसवाई, एमएमजीएसवाई और सेतु निर्माण विभाग के अधिकारियों से उनके विभाग द्वारा संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा की सुदूर अंचलों में सड़क पहुंच मार्ग बन जाने से वहां के लोगों को इसका लाभ मिलेगा और विकास कार्यों को संचालित करने में भी आसानी होगी। इसको ध्यान में रखते हुए कार्यों में समय-सीमा में पूर्ण करें।  बैठक में लोक निर्माण विभाग संभाग पत्थलगांव के कार्यपालन अभियंता श्री मोचन कश्यप, पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता श्री आर. के. राठिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत् जागरूकता  शिविर का आयोजन 30 जून तक,,गतिविधियों का किया जाएगा

जशपुर कलेक्टर रोहित  व्यास के दिशा-निर्देशानुसार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना के क्रियान्वयन हेतु चयनित 417 ग्रामों में 25 गतिविधियों को शत्-प्रतिशत संतृप्त किये जाने हेतु 16 से 30 जून 2025 तक  जागरूकता संतृप्त शिविर आयोजना किया जाएगा। 
          कलेक्टर श्री व्यास ने इसे पूर्व 05 से 14 जून 2025 तक 417 ग्रामों में 25 गतिविधियों का अपने-अपने विभागीय गतिविधियों का अंतर विश्लेष कर जानकारी प्रस्तुत करने हेतु जिले के संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं।

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कलेक्टर ने साप्ताहिक समय सीमा की ली बैठक... स्कूल खुलने के बाद शिविर लगाकर बनेंगे बच्चों के जाति प्रमाण पत्र

 


जशपुर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, टीएल के प्रकरणों की समीक्षा की उन्होंने अधिकारियों को आवेदन का निराकरण गंभीरता से करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने विघुत विभाग के अधिकारियों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ हितग्राहियों को देने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि शासन की यह बहुत ही महत्वपूर्ण और अच्छी योजना है।
योजना के तहत सस्ते दामों में बिजली उपलब्ध कराया जाना है उद्देश्य घरों के छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए कहा है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 300 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले घरों को 15 हजार रुपए तक बिजली खर्च में कटौती करने में मदद करती है। कलेक्टर ने इसके लिए विभाग को लक्ष्य भी दिए हैं। 
इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम जनपद सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

कलेक्टर ने अधिकारियो को निर्देश देते हुए कहा आगामी 16 जून से स्कूल खुलेगा बच्चों स्कूल आना शुरू कर देंगे स्कूल खुलने के पश्चात राजस्व विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग अभियान चलाकर बच्चों का जाति प्रमाण  बनाकर अनिवार्य रूप से देंगे इसके लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज राजस्व विभाग और स्कूल विभाग के सामंजस्य से उपलब्ध कराना होगा ताकि अधिक से अधिक बच्चों को जाति प्रमाण पत्र बनाकर दिया जा सके।

कलेक्टर ने कहा कि जाति प्रमाण बनाने से पहले एक चेक लिस्ट बनाएं और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सूची की जानकारी अपडेट रखें ताकि प्रमाण पत्र बनाते समय किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होने पाए।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में मोर गांव मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण संवर्धन के लिए सार्थक प्रयास किया जा रहा है। जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में में सार्थक पहल की जा रही है। इसके लिए 2 से 6 जून तक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है 

कलेक्टर ने कहा कि धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान का जिले में बेहतर क्रियान्वयन करना है यह योजना केन्द्र सरकार की बहुत ही महत्वपूर्ण योजना में से एक है केन्द्र सरकार के अनूसूचित जनजाति कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित योजना के तहत आदिवासी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जिले में 15 जून से 30 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा और शिविर लगाकर विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा।
 कलेक्टर ने कहा कि शिविर के माध्यम से चिन्हांकित 417 गांव में 25 प्रकार की योजनाओं का लाभ दिया जाना इनमें आधार कार्ड, राशनकार्ड,जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जन-धन बैंक खाता, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मनरेगा जाब कार्ड, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा लोन आदि अन्य योजनाएं शामिल है।

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युक्ति युक्त करण के लिए शिक्षकों की काउंसिलिंग हुईं पूरी,16 जिलों के 45 सौ से अधिक अतिशेष शिक्षकों को मिली नवीन पदस्थापना,

रायपुर: राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार राज्य के 16 जिलों के अतिशेष 4456 सहायक शिक्षकों, प्रधान पाठकों और व्याख़्याताओं की काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। अब तक 4456 से अधिक शिक्षकों को नवीन पदस्थापना जारी कर दी गयी है। कोरबा, सुकमा, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार, मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर, सक्ति, जशपुर, कोरबा, मुंगेली,
खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, दुर्ग, राजनादगांव, बालोद, बीजापुर और सूरजपुर में काउंसिलिंग पूरी हो चुकी है। अतिशेष शिक्षकों का वरिष्ठता के आधार पर काउंसलिंग की गई। शेष जिलों में काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसिलिंग प्रक्रिया में शिक्षकों द्वारा रिक्त स्थानों में से अपने पसंद के विद्यालयों का चयन किया। 

     राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।
     दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि  बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी।  शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा। 

सरकार की मंशा साफ है, हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से हो। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस बदलाव है, जिससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत नींव मिलेगी।

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ढोढ़ीडाँड़ ईब नदी पर 4.86.85 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण की मिली प्रशासकीय स्वीकृति....पार्षद अमन शर्मा एवं पूर्व जिला पंचयात उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने सीएम श्री साय को जताया आभार

जशपुर/नारायणपुर :- छत्तीसगढ़ में पुलिया निर्माण एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के तहत, 486.85लाख रुपये की लागत से ढोढ़ीडाँड़ के ईब नदी में पुलिया का निर्माण किया जाएगा। इस पुलिया के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है, जिससे अब पुलिया निर्माण का कार्य जल्द शुरू होने की संभावना   है।

कुनकुरी-रनपुर मार्ग पर पुल निर्माण को लेकर मिली प्रशासकीय स्वीकृति  क्षेत्रवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है इस ऐतिहासिक सौगात से लोगों में बड़ी खुशी की लहर है,इस ईब नदी में छोटे और संकरा पुल होने से दुर्घटना में कई लोगों की जान जा चुकी है।बरसात मौसम में पुलिया के ऊपर से पानी बहने से आवागमन बाधित होता रहा है, पुलिया के ऊपर से पानी बहने से राहगीरों को घण्टो इंतजार करना पड़ता है। उच्च स्तरीय पुलिया के निर्माण होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को इस समस्या से निजात मिलेगी।

ऐतिहासिक सौगात - कुनकुरी-रनपुर मार्ग में ईब नदी पर होगा पुल का निर्माण 

 भाजपा नेता अमन शर्मा ने बताया कि रनपुर मार्ग पर पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है,क्षेत्र के माननीय विधायक एवं छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के द्वारा ढोढ़ीडाँड़ के ईब नदी में पुलिया निर्माण के लिए ₹486.85 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है।यह सिर्फ एक पुल नहीं,बल्कि सुविधा,विकास और विश्वास का प्रतीक है।उन्होंने आगे  कहा कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता को वादा किया था वह अब बहुत जल्द पुरा होने वाला है डबल इंजन की सरकार की यह पहल गांवों को शहरों से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सुविधाओं तक ग्रामीणों की पहुंच बहुत आसान हो जाएगी।इससे हजारों लोगों को सुविधाएं मिलेगी।

     पूर्व जिला पंचयात उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री को आभार प्रकट करते हुए कहा कि वर्षो पुरानी मांग आज पूरी हो गई,ईब नदी में बने छोटा और संकरा पुल होने से यंहा अनेको बार बड़ी दुर्घटना होने से कई लोगों को गम्भीर चोंटे आई और कई लोगों की मौत हो चुकी है। सीएम श्री साय से पूर्व में यंहा की समस्या से अवगत कराया गया था आज प्राशासकीय स्वीकृति मिलने से अब आने वाला समय मे जल्द ही पुलिया के निर्माण शुरू हो जाएगा इसके बनने से क्षेत्र वासियों को समस्या से निजात मिल जाएगी।

  यंहा ईब नदी पर पुल बनने से  क्षेत्र के लोगों के साथ अन्य जिलों के आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।इससे न केवल आवागमन सुगम होगा,बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है और ग्रामीण वासी सभी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का हृदय से धन्यवाद व आभार व्यक्त कर रहे हैं।

भारी बारिश में पुल पर बहता है पानी 

बारिश के मौसम आते ही तेज बारिश के कारण इस छोटे ओर सकरा पुल पर नदी का पानी बहने लगता है। लोगों में महेशा खतरों का अंदेशा बना रहता है। पिछले साल भी हुई तेज बारिश के कारण इस पुल पर नदी में आई बाढ़ का पानी ऊपर बह रहा था।यंहा पानी बहुत तेज गति से बहता है  जब यंहा के ईब नदी में पानी पुल के ऊपर बहने लगता है, तो आवागमन में खतरा बढ़ जाता है। लोगों को डर बना रहता है कि कहीं पुल पार करते समय पानी में डूब न जाएं। बाढ़ के कारण पुलों को नुकसान होने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है।अब यंहा उच्च स्तरीय पुल के निर्माण होने से भारी बारिश में भी लोग आसानी आवागमन कर सकेंगे।

              पुल बनने से यात्रा होगी सुगम

कुनकुरी,कलीबा,जोकबाहला, रनपुर सरबकोम्बो, भितघरा,बगीचा,अम्बिकापुर जैसे प्रमुख रूटों के लिए इस मार्ग से आवागमन होता है। यहां बारिश के समय पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण अक्सर घंटों तक आवागमन  बाधित रहता है, जिससे आम लोगों को भारी कठिनाई होती है , यँहा ईब नदी में पुल के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। यात्रियों को अब निरंतर, सुगम और सुरक्षित आवाजाही का लाभ मिलेगा, जिससे उनका समय और श्रम दोनों की बचत होगी।

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CG Breaking : मवेशियों की तस्करी का खुलासा..5 आरोपी गिरफ्तार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh News/बलौदाबाजार। जिले में मवेशियों की तस्करी को लेकर चल रही अवैध गतिविधियों पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी पिकअप वाहन के जरिए मवेशियों को कत्लखाने ले जा रहे थे। पुलिस की सतर्कता और तत्परता से यह कार्रवाई ग्राम खैंदा के नाला पुल के पास की गई, जहां घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा गया। इस कार्रवाई में बोलेरो पिकअप वाहन समेत 09 नग मवेशियों को भी जब्त किया गया है। 

वहीं गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई बलौदाबाजार पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग मवेशियों को अवैध रूप से कत्लखाने ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए ग्राम खैंदा के पास नाला पुल पर घेराबंदी की और संदिग्ध पिकअप वाहन को रोका। मौके से बरामद हुए 09 मवेशी पुलिस द्वारा रोके गए बोलेरो पिकअप वाहन की जांच करने पर उसमें निर्दयता पूर्वक ठूंसे गए 09 मवेशी मिले। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इन मवेशियों को वध हेतु कत्लखाने ले जा रहे थे। मवेशियों को जिस तरह से वाहन में ठूंसा गया था, वह पशु क्रूरता अधिनियम के स्पष्ट उल्लंघन को दर्शाता है। 

 दरअसल गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुलिस ने वाहन में मौजूद पांच लोगों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। इन सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और इनके आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है जो लंबे समय से इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त है। संबंधित धाराओं में मामला दर्ज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, छत्तीसगढ़ गोवध प्रतिषेध अधिनियम, तथा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही, जब्त मवेशियों को तत्काल निकटतम गौशाला में सुरक्षित पहुंचाया गया, जहां उनकी उचित देखरेख की जा रही है। 

फिलहाल पुलिस की सतर्कता से रोकी गई एक बड़ी वारदात बलौदाबाजार जिले में इस प्रकार की यह कोई पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी मवेशियों की अवैध तस्करी को लेकर कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। लेकिन पुलिस की इस सक्रियता से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है और इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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अब दूर नही है राजधानी,अबूझमाड़ के कुतुल तक पहुँची बस सेवा,विकास की धारा में शामिल होने का मिला अवसर,,,,,ग्रामीणों में दिखा उत्साह, सीएम का जताया आभार....

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास की नई रफ्तार देखने को मिल रही है। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत नारायणपुर जिले के अंदरूनी इलाकों में 14 नवीन पुलिस कैंपों की स्थापना के बाद वहां सड़क, पुल-पुलियों एवं मोबाइल कनेक्टिविटी का तेज़ी से विस्तार हो रहा है। 

 इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा 13 मई 2025 को पहली बार ग्राम कुतुल तक नारायणपुर से सीधी बस सेवा प्रारंभ की गई। यह बस सेवा जिला मुख्यालय से लगभग 49 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुतुल के साथ-साथ कुरूषनार, बासिंग, कुंदला, कोहकामेटा, ईरकभट्टी, कच्चापाल और कोडलियर जैसे दूरस्थ गांवों को भी जोड़ रही है। बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह का माहौल है।

 पहले इन गांवों के लोग पगडंडियों के सहारे आवागमन करते थे। बारिश के मौसम में नदियों और नालों के उफान पर होने से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना अत्यंत कठिन होता था। कई बार ग्रामीणों को बीमार व्यक्ति को कंधे पर उठाकर अस्पताल तक लाना पड़ता था। अब बस सेवा शुरू होने से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि ग्रामीणों को दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति और प्रशासनिक कार्यों के लिए नारायणपुर तक समय पर पहुंचने की सुविधा भी मिल रही है। 

 इसी तरह नारायणपुर से मसपुर तक भी 14 गांवों के लिए बस सेवा शुरू की गई है, जिससे इन इलाकों के लोगों को जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क मिला है। योजना के तहत 4जी मोबाइल टॉवर भी लगाए गए हैं, जिनसे ग्राम कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहन्दी, होरादी, गारपा और कच्चापाल के लोग अब मोबाइल नेटवर्क से जुड़ पा रहे हैं। इससे न केवल संचार व्यवस्था में सुधार हुआ है, बल्कि शैक्षणिक, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं की पहुँच भी बेहतर हुई है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों के बाद अब उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। नियद नेल्लानार योजना ने उनके जीवन में नया प्रकाश फैलाया है।

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मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल,,,,,औजार उपकरण योजना अंतर्गत अनुदान राशि का किया वितरण....

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हस्तशिल्प विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां की कलाकृतियों की मांग विदेशों तक है। छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और हस्तशिल्पियों को उनके हुनर की उचित कीमत दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हस्तशिल्पियों को औजार उपकरण योजना अंतर्गत पाँच पांच हजार रुपये की अनुदान राशि का वितरण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ शिल्प विकास बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड शिल्पकारों की बेहतरी के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक इलाके में हस्तशिल्पी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। सुशासन तिहार के दौरान मुझे कोंडागांव के शिल्पग्राम जाने का मौका मिला। वहाँ मैंने शिल्पकारों से मुलाकात की और उनकी कला को करीब से देखा। इसी प्रकार रायगढ़ के एकताल में भी शिल्पकार धातु से कलाकृतियाँ बनाते हैं। बस्तर में काष्ठशिल्प से लकड़ी की सुंदर आकृतियाँ बनाई जाती हैं। पूरे प्रदेश में हस्तशिल्पियों का हुनर अद्भुत है। आज इस कार्यक्रम में मुझे जो सुंदर टोपी भेंट की गई, वह छिंद और कांसा से बनाई गई थी। जशपुर में हमारे गाँव के नजदीक कोटामपानी में भी छिंद और कांसा से बहुत सुंदर-सुंदर कलाकृतियाँ बनाई जाती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिल्पकारों को अधिक से अधिक प्रशिक्षण देने की जरूरत है। यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि हस्तशिल्प का कार्य ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में होता है। इसलिए हस्तशिल्प विकास के द्वारा हम बहुत बड़े पैमाने पर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं। मुझे आशा है कि हस्तशिल्प विकास बोर्ड इस ओर कार्य करेगा और शिल्पकारों को प्रशिक्षण के साथ ही उन्हें लोन-सब्सिडी भी अधिक से अधिक दिलाकर रोजगार से जोड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंडागांव के डोकरा आर्ट की विदेशों में माँग है। यह जरूरी है कि शिल्पकारों को बाजार के साथ उत्पाद की उचित कीमत मिले। बिना बिचौलियों के हस्तशिल्पियों की पहुँच सीधे बाजार तक हो, ताकि उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिले। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के गढ़बेंगाल के पंडी राम मांझी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। छत्तीसगढ़ की कला हमारे देश की शान है, इसे पूरी दुनिया में पहचान मिलनी चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कलाकारों के हाथ में चमत्कार है। चाहे वह मिट्टी के खिलौनों की बात हो या बेल मेटल, कसीदाकारी, गोदना और टेराकोटा की, प्रदेश के हस्तशिल्पी अपनी कला के बहुत सुंदर उत्पाद बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में भागीदारी होनी चाहिए। हमारे शिल्पकारों के पास कुदरती हुनर है। बड़े पैमाने पर हस्तशिल्प उत्पादन के लिए डिज़ाइनरों को भी जोड़ने की जरूरत है।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुनील सोनी, श्री आशाराम नेताम, श्री गजेंद्र यादव, विभिन्न निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री जेपी मौर्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारी के निर्देश पर तात्कालिक कार्यपालन अभियंता विजय जामनिक के विरूद्व सिटी कोतवाली जशपुर में एफआईआर दर्ज 

जशपुरनगर। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता विजय जामनिक के विरूद्व सिटी कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर में ईब नदी में निर्माणाधीन सुसडेगा व्यपवर्तन योजना में आर्थिक गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया है। कोतवाली पुलिस से की गई शिकायत में जल संसाधन विभाग जशपुर के ईई विनोद भगत ने बताया है कि पत्थलगांव ब्लाक के सुसडेगा में ईब नदी में 26 करोड़ 12 लाख 38500 रूपये की लागत से सुसडेगा व्यपर्वतन योजना के लिए वर्ष 2015 में निविदा जारी किया था। टेंडर प्रक्रिया में महाराष्ट्र के नागपुर की खल्लार कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 21.25 प्रतिशत की बिलो दर पर निर्माण का कार्य आदेश प्राप्त किया था। विभाग के नियम के अनुसार बिलो दर की राशि 2 करोड़ 40 लाख 95000 रूपये संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी ने दो टीडीआर के माध्यम से जल संसाधन विभाग में जमा किया था। आरोप है कि विजय जामनिक ने अमानत राशि की इस टीडीआर को तमाम नियमों को दरकिनार करते हुए निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही कंस्ट्रक्शन कंपनी को लौटा दिया। जिसका बेजा लाभ उठाते हुए कंस्ट्रक्शन कंपनी ने निर्माण कार्य को धीमा कर दिया। एएसपी अनिल सोनी ने बताया कि मामले की जांच के बाद विजय जामनिक के विरूद्व भादवि की धारा 409,420 के अंर्तगत अपराध पंजिबद्व कर लिया गया है। जल संसाधन विभाग के ईई विनोद भगत ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यी जांच समिति का गठन किया गया था। जांच में पाया गया कि विजय जामनिक ने ठेकेदार के बिना आवेदन के ही अमानत राशि के टीडीआर को वापस कर दिया। उन्होनें बताया जांच रिपोर्ट को विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज कर,मार्गदर्शन मांगा गया था। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर विजय जामनिक के विरूद्व एफआईआर की कार्रवाई कराई गई है। 


  ‘जल संसाधान विभाग जशपुर के ईई विनोद भगत की रिपोर्ट पर मामले की जांच के बाद विजय जामनिक के विरूद्व कोतवाली थाना में अपराध पंजिबद्व किया गया है।’’

अनिल सोनी,एएसपी,जशपुर।


  ‘तीन सदस्यी विभाग जांच समिति की रिपोर्ट और उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार जशपुर के तात्कालिन ईई विजय जामनिक के विरूद्व एफआईआर दर्ज कराया गया है।’’

 विनोद भगत,ईई,जल संसाधन विभाग,जशपुर।

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स्कूल के एक सौ  मीटर के दायरे में तंबाकू,गुड़ाखू, सिगरेट बेच रहे 6 दुकानों पर कुनकुरी में कोटपा एक्ट के तहत प्रशासन ने छापा मार कर की कार्रवाई 

जशपुर : कुनकुरी एसडीएम श्री नन्द जी पांडे और एसडीओपी श्री विनोद कुमार मंडावी के निर्देशन में कुनकुरी विकास खंड में तहसीलदार कुनकुरी प्रमोद पटेल, थाना प्रभारी राकेश यादव की टीम ने स्कूल के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू,गुड़ाखू, सिगरेट बेच रहे दुकानों पर कोटपा एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया। जिसमें 6 दुकान शामिल हैं। उनको समझाइए दिया गया की स्कूल के 100 मी दायरे में किसी प्रकार के तंबाकू सिगरेट गुड़ाखू का विक्रय करना प्रतिबंधित है। इनमें खुशी बिरयानी सेंटर,दिलिप जैन किराना स्टोर, कोलंबो खान और राजेश किराना स्टोर,मिश्रा किराना स्टोर शामिल है।

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मोर गांव मोर पानी महाभियान : जिले में जल संरक्षण के लिए साहीडांड, पतराटोली, बटईकेला एवं सुरेशपुर ग्रामों में प्रशिक्षण हुआ सम्पन्न

जशपुरनगर : कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन जिले में मोर गांव मोर पानी महाभियान के तहत जल संरक्षण, ग्राम स्तरीय जल सुरक्षा योजनाओं की तैयारी तथा ग्राम जल समितियों की क्षमता वृद्धि हेतु 02 से 06 जून 2025 तक प्रशिक्षण का चरणबद्ध आयोजन किया जा रहा है। जल संरक्षण को लेकर जिले में जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक सार्थक पहल साबित हो रही है।
           इसी तारतम्य में आज जिले के साहीडांड, पतराटोली, बटईकेला एवं सुरेशपुर ग्रामों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान में जनपद पंचायत दुलदुला के क्लस्टर कस्तुरा, जनपद पंचायत कांसाबेल के क्लस्टर कांसाबेल, जनपद पंचायत कुनकुरी ाम क्लस्टर नारायणपुर, जनपद पंचायत मनोरा के क्लस्टर बुमतेल, जनपद पंचायत पत्थलगाव के क्लस्टर डुमरबहार, खरकट्टा, किलकिला और घरजियाबथान में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें मनरेगा सेल द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया, वहीं टीआरआईएफ जशपुर का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह गतिविधियाँ जिला जल संरक्षण योजना के अंतर्गत ग्रामीण जल संरचनाओं की योजना निर्माण एवं जल संसाधनों के टिकाऊ उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम हैं।उक्त प्रशिक्षण में संबंधित ग्राम के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं बिहान कैडर की महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया।

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