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युक्तियुक्तकरण से जशपुर के ग्रामीण अंचलों में शिक्षकों की पदस्थापना से स्कूलों में लौटी रौनक.....पालकों में उत्साह, बच्चों में नया जोश

रायपुर :छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और स्कूलों में शिक्षक उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश भर में चलाए जा रहे युक्तियुक्तकरण अभियान के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में क्रियान्वित इस अभियान से खासकर आदिवासी बहुल और दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है।

फरसाबहार विकासखंड के दो ऐसे प्राथमिक विद्यालय रैगारमुंडा और मुण्डाडीह, जो वर्षों से शिक्षक विहीन थे, अब यहां युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत  2-2 नियमित शिक्षकों पदस्थ हो चुके हैं। रैगारमुंडा शाला, जो कि स्वयं मुख्यमंत्री श्री साय के विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में स्थित है, में दो शिक्षकों की नियुक्ति से गांव में शिक्षा के प्रति वातावरण पूरी तरह से बदल गया है। पूर्व में विद्यालय केवल व्यवस्था अनुसार शिक्षकों के भरोसे चल रहा था, और बच्चों की उपस्थिति नगण्य थी। अब यहां के पालकों में नया विश्वास जगा है और वे पुनः अपने बच्चों का नामांकन स्थानीय शाला में कराने के लिए आगे आ रहे हैं।

इसी प्रकार मुण्डाडीह के प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से शिक्षक न होने के कारण शिक्षण कार्य लगभग ठप था। गांव के लोग आशंकित थे कि कहीं उनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय न हो जाए। किंतु अब नियमित शिक्षकों की पदस्थापना से विद्यालय में फिर से पढ़ाई हो सकेगी। विद्यालय की शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और ग्रामवासियों ने शिक्षकों के आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत किया और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

ग्रामवासी श्रीमती शांति चौहान, जिनकी बेटी कक्षा पाँचवीं में पढ़ती है, भावुक होकर बताती हैं किअब हम निश्चिंत हैं कि हमारे बच्चे भी पढ़-लिखकर कुछ बन पाएंगे। शिक्षक आ गए हैं, ये हमारे लिए बहुत बड़ा तोहफा है।

इस सकारात्मक बदलाव पर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता देना हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। मैं स्वयं देख रहा था कि कई विद्यालय शिक्षक विहीन स्थिति में थे, विशेष रूप से सुदूर अंचलों में। इसलिए हमने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से लागू किया। यह सुनिश्चित किया गया कि जहां-जहां जरूरत है, वहां शिक्षकों की तैनाती हो। जशपुर के फरसाबहार क्षेत्र में जो सकारात्मक बदलाव आ रहा है, वह इस नीति की सफलता का प्रमाण है। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में किया गया प्रयास है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि सरकार की कोशिश है कि अगले शैक्षणिक सत्र तक प्रदेश के सभी प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में आवश्यक शिक्षक उपलब्ध हों।शिक्षकों की उपस्थिति से बच्चों को अब नियमित मार्गदर्शन मिलेगा, शैक्षणिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा और समूचे अंचल में शिक्षा के प्रति जागरूकता की नई लहर दौड़ पड़ी है।

इस प्रकार, जशपुर जिले के रैगारमुंडा और मुण्डाडीह जैसे गांवों में युक्तियुक्तकरण की यह पहल न केवल शिक्षा को बल दे रही है, बल्कि ग्रामीण समाज में सरकार के प्रति विश्वास और सहभागिता का आधार भी मज़बूत कर रही है। यह छत्तीसगढ़ सरकार के संकल्प—“सब पढ़ें, सब बढ़ें” की दिशा में एक सार्थक कदम है।

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डबरी के पानी से किसान के खेतों में आई हरियाली,बहुफसलीय खेती का ले रहे लाभ, सब्जी की खेती से आय में हुई बढ़ोत्तरी

जशपुरनगर :फरसाबहार विकासखण्ड मुख्यालय से 8 किमी. दूरस्थ स्थित ग्राम पंचायत हेटघींचा के धनुर्जय यादव ने कृषि कार्यो में सहयोग एवं सिंचाई के उद्देश्य से महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत गाँव में अन्य लोगों द्वारा लिए जा रहे लाभ को देखकर डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत कराने की ठानी। 
             
ग्रामीण ईलाका होने के कारण यहां के ग्रामीण मुख्य रूप से कृषि कार्य पर ही निर्भर रहते हैं।

जब हितग्राही को मनरेगा योजना अंतर्गत डबरी निर्माण की जानकारी प्राप्त  हुई तो वे इस योजना से डबरी निर्माण कार्य हेतु अपने ग्राम पंचायत में निर्माण एजेंसी सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक से संपर्क कर डबरी निर्माण हेतु प्रस्ताव दिया। जिस पर उन्हे लागत राशि रू. 2.97 लाख कि स्वीकृति प्राप्त हुई।
            
हितग्राही श्री धनुर्जय ने बताया की कृषि ही उनका मूल पेशा है एवं जीवन यापन के लिये मुख्य रूप से उनका परिवार को कृषि पर ही निर्भर रहना पड़ता है। चूंकि वर्तमान समय में कृषि कार्य हेतु पानी की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में नहीं होने के कारण अक्सर फसल पर सुखे का प्रभाव पड़ने लगता था। इस समस्या से निपटने के लिए उन्हे डबरी निर्माण की आवश्यकता महसूस हुई जिसे उन्होंने मनरेगा से प्राप्त किया। 

उन्होंने ने बताया कि डबरी निर्माण कार्य में कोई कठिनाई तो नहीं आई किन्तु हितग्राही के मन में कार्य को लेके संशय बना हुआ था। कि कहीं डबरी निर्माण के स्वीकृति पश्चात् उसकी भूमि का रकबा कम न हो जाए डबरी स्वीकृत होने के पश्चात कार्य हेतु श्रमिक मिलेंगे या नहीं बरसात से पूर्व 
कार्य समाप्त हो पायेगा की नहीं।  

डबरी निर्माण कार्य के स्वीकृति की प्रक्रिया 
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गांरटी योजना अंतर्गत ग्राम पंचायत हेटघींचा जनपद पंचायत फरसाबहार, जिला-जशपुर ग्राम पंचायत हेटघींचा में और भी विभिन्न प्रकार के हितग्राही मूलक कार्यों का ग्राम सभा में अनुमोदन किया गया जिसमें श्री धनुर्जय यादव की डबरी निर्माण कार्य भी शामिल था। 
उक्त डबरी निर्माण कार्य में कुल 1244 मानव दिवस का रोजगार प्रदान किया गया। सर्वप्रथम उक्त कार्य को ग्राम सभा में  शामिल किया गया था।   
             
डबरी निर्माण हो जाने से हितग्राही अत्यंत प्रसन्न है। वर्तमान में उनकी आय का स्त्रोत भी बढ़ने लगा हैं। चूंकि पहले उसे कृषि कार्य हेतु बारिश के मौसम पर ही निर्भर रहना पड़ता था, जिससे एक ही फसल का ही उत्पादन हो पाता था। वर्तमान में हितग्राही द्वारा बहुफसलीय खेती का लाभ लिया जा रहा है।  हितग्राही श्री धनुर्जय यादव द्वारा बताया गया कि डबरी का निर्माण हो जाने से वह साग-सब्जी जैसे- आलू, प्याज, मिर्च, करेला, भिंडी, बरबट्टी, गोभी, आदि का समय-समय पर उत्पादन करने लगा है जिससे स्थानीय बाजार में बेचकर अच्छा मुनाफा ले रहा है। अब घर की सब्जी हेतु भी उसे बाजार पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। डबरी निर्माण हो जाने से पानी की समस्या का भी समाधान हो गया है।  
             
धनुर्जय यादव कृषि कार्य हेतु केवल मानसून पर ही आश्रित रहता था। उसके पास आय का काई विशेष स्त्रोत नहीं था। डबरी निर्माण होने से न केवल  पानी की समस्या का समाधान हुआ बल्कि उसके आय के स्त्रोत में भी बढ़ोत्तरी हुई। 

 डबरी निर्माण हो 
जाने से उसके कृषि कार्य हेतु पानी का समस्या का समाधान हो गया है। वह इस योजना से संतुष्ट है। हितग्राही द्वारा गांव के अन्य लोगों को भी योजना का लाभ लेने की अपील कि जा रही है। वह मत्स्य विभाग से मछली पालन का भी लाभ ले रहा है।

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कभी शिक्षक विहीन रहे कलिबा में अब बहेगी ज्ञान की गंगा....शासन ने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए युक्तियुक्तकरण द्वारा की शिक्षकों की नियुक्ति

जशपुर, : शिक्षा हर बच्चे का दिल और आत्मा है। शिक्षा के बिना किसी बच्चे का जीवन अधूरा है। शिक्षा एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम सीखते हैं, ज्ञान, कौशल और आदतें हासिल करते हैं। इसे औपचारिक और अनौपचारिक रूप से किसी भी अनुभव के साथ लिया जा सकता है जो इसे शैक्षिक उद्देश्य बनाने के लिए मूल्यवान बनाता है। प्रीस्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक शिक्षा के विभिन्न चरण होते हैं, परन्तु प्राथमिक शिक्षा किसी बच्चे के जीवन में नींव की भांति कार्य करता है जो उसके पूरे जीवन को दिशा प्रदान करता है। ऐसे में यदि किसी विद्यालय में शिक्षक ही ना हो तो वहां के बच्चों को अपने जीवन के आधार निर्माण में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा ही कुछ जशपुर के कुनकुरी विकासखण्ड के ग्राम कलिबा के प्राथमिक शाला का हाल था। जहां बच्चों की दर्ज संख्या तो 41 थी पर शिक्षकों की संख्या शून्य।
           ऐसी स्थितियों को सुधारने के लिए ही छत्तीसगढ़ शासन द्वारा युक्तियुक्तकरण द्वारा शिक्षकों और बच्चों का अनुपात बेहतर करते हुए समावेशी उत्कृष्ट शिक्षा के लिए कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत विभाग द्वारा कलिबा की स्थिति में सुधार के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की मुहिम प्रारंभ की गई। जहां सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग की प्रक्रिया की गई। सहायक शिक्षकों में से 02 सहायक शिक्षकों ने वहां के बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए कलिबा में जा कर अपनी सेवाएं देने पर सहर्ष सहमति व्यक्त की।
           इस संबंध में प्राथमिक शाला कलिबा में नवनियुक्त श्रीमती आशा केरकेट्टा ने बताया कि मेरी पदस्थापना पूर्व में प्राथमिक शाला वनकोम्बो में थी। जहां 40 बच्चों पर 03 शिक्षक थे और कलिबा में 41 बच्चों में एक भी शिक्षक नहीं था। जिसमें उनकी शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए जब मुझे कलिबा में सहायक शिक्षक के रूप में कार्य करने के अवसर के संबंध में जानकारी हुई तो मुझे बहुत हर्ष हुआ कि मैं उन बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अब कार्य कर सकूँगी। मुझे शासन की युक्तियुक्तकरण योजना के संबंध के यह बात बहुत अच्छी लगी कि ऐसे स्कूल जहां बच्चों और शिक्षकों का अनुपात कम है वहां अब शिक्षकों के आ जाने से अब शिक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा और बच्चों में ज्ञान की गंगा का सतत प्रवाह होगा। बच्चों को जीवन सफल बनाने के लिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर हम अपने कर्तव्य का अच्छे से निर्वहन कर सकेंगे।

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पुलिस ने बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चला रहे 12 पुलिसकर्मी का काटा चालान .....पुलिसकर्मी बोले-ऐसी गलती अब नहीं होगी; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा- नियम सबके लिए बराबर 


SSP जशपुर की आम जनता से अपीलः- यातायात नियमों का करें पालन, आपका जीवन आपके व आपके परिवार के लिए बहुत कीमती।

जशपुर /नारायणपुर :- जशपुर में पुलिस का एक अलग चेहरा देखने को मिला। पुलिस लाईन में चेकिंग अभियान चलाया गया, चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट धारण कर वाहन चलाने वाले 12 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुये 6000 रु.वसूल किया गया,जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना था, जो ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।  चालान काटे जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने कहा कि अब दोबारा ऐसी गलती नहीं होगी। उन्होंने बाइक सवारों से हेलमेट पहनने की अपील भी की।

                            वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व व दिशानिर्देश में जशपुर पुलिस सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले जनहानि की कमी लाने हेतु आम जनता को यातायात नियमों के प्रति विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार जागरूक कर रही है, साथ ही बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त चालानी कार्यवाही भी कर रही है, आमजन से अपील है कि यातायात नियमों का पालन करें जिससे कि समय रहते दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।
                       इसी क्रम में जशपुर पुलिस के द्वारा पिछले माह में जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी नियंत्रण हेतु चालानी कार्यवाही के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की गई है एवं कार्यवाही लगातार जारी है। इसके साथ ही मोडिफाइड साइलेंसर बेचने वाले आटो डीलरों को भी समझाइश दी गई है कि वे अपने आटो सेंटर में मोडिफाइड साइलेंसर न रखे और न बिक्री करें, ऐसा पाए जाने पर विधिवत कार्यवाही की जाएगी। 
                     वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर पुलिस लाईन जशपुर में चेकिंग अभियान चलाया गया, चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट धारण कर वाहन चलाने वाले 12 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुये समंन शुल्क रू. 6000 वसूल किया गया है। इसके पूर्व भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर में भी समय-समय पर आकस्मिक वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया है, जिसमें कई कर्मचारियों का चालान कट गया है।
                     यातायात प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप मिश्रा एवं यातायात टीम जशपुर के द्वारा यातायात नियमों का पालन कराने एवं सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से दिनांक 05-06.06.2025 को दो पहिया एवं चार पहिया वाहन चालकों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है। बिना हेलमेट धारण कर वाहन चलाते पाये जाने पर कुल 21 प्रकरण समन शुल्क 10,000 /-, बिना सीट बेल्ट धारण किए गए वाहन चलाने के 03 प्रकरण में रू. 15,00 /-, माल वाहक वाहक में सवारी बैठाने के विरुद्ध 04 प्रकरण रू. 2,000 /-, नो पार्किंग पर वाहन खड़ा करने के 02 प्रकरण में रू. 600 एवं अन्य 16 प्रकरण में रू. 5500 समन शुल्क वसूल किया गया है। इस प्रकार कुल 45 प्रकरणों में 19,600 रू. समन शुल्क वसूल किया गया है।


     पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है कि अधिक से अधिक हेलमेट पहने ताकि आम जनता में विश्वास हो कि कानून सभी के लिए समान है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर  शशि मोहन सिंह

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हमर सुघ्घर गांव बनाने के लिए सरपंच और सचिवों को जिला पंचायत के सभागार में दिया गया प्रशिक्षण...104 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव रहे मौजूद

जशपुर :  कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन जिला पंचायत के सभागार में हमर सुघ्घर ग्राम प्रतियोगिता के संबंध में विगत दिवस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रदीप राठिया उपस्थित थे।

बैठक में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक श्री मदन प्रेमी के द्वारा हमर सुघ्घर ग्राम प्रतियोगिता के विभिन्न मापदण्डों जैसे ओ.डी.एफ. प्लस की श्रेणी, व्यक्तिगत शौचालय, संस्थागत शौचालय, स्वच्छता दृष्टिगोचर, सामुदायिक शौचालय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता संदेश, तरल अपशिष्ट प्रबंधन, सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध, स्वच्छता श्रमदान, वृक्षारोपण इत्यादी पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन हेतु प्रेरित किया गया, प्रशिक्षण में आए सरपंच सचिव को अपने अपने ग्राम पंचायत  में पौध रोपण  स्वच्छता श्रमदान,  रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य कराने के निर्देश दिया गया, तथा ग्राम पंचायतों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य कराने हेतु प्रेरित किया गया।

उक्त प्रशिक्षण का आयेजन दो पाली में किया गया। जिसमें 104 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के विकासखण्ड समन्वयक उपस्थित हुए।

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दोकड़ा के ऐतिहासिक प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर में श्रीपुरी धाम की तर्ज पर भव्य पूजा-अर्चना, निर्जला एकादशी से शुरू हुआ द्वीप प्रज्वलन कार्यक्रम.....

दोकड़ा । श्री जगन्नाथ पूरी धाम की तरह अब दोकड़ा के ऐतिहासिक और प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर में भी भव्य स्तर पर धार्मिक आयोजन और परंपराएं जीवंत की जा रही हैं। यहां निर्जला एकादशी पर्व के अवसर पर शुरू हुआ द्वीप प्रज्वलन कार्यक्रम भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक आकर्षण बन गया है। यह परंपरा न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित कर रही है, बल्कि स्थानीय श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीजगन्नाथ के चरणों में समर्पित कर रही है।इस अवसर पर भजन संध्या का आयोजन किया गया।

श्रीजगन्नाथ धाम के स्वरूप में सजा मंदिर

दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व वर्षों पुराना है। अब यहां श्रीजगन्नाथपुरी धाम की तर्ज पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना की जा रही है। मंदिर समिति और स्थानीय भक्तों के प्रयासों से यहां धार्मिक गतिविधियां तेज़ी से बढ़ रही हैं।

द्वीप प्रज्वलन की अनूठी परंपरा

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर मंदिर शिखर में शुरू हुई द्वीप प्रज्वलन की परंपरा को भक्तों ने श्रद्धा और आस्था के साथ अपनाया है। सैकड़ों दीपकों से सजा मंदिर परिसर रात के समय अद्भुत आभा से चमक उठा। माना जाता है कि इस दिन जल ग्रहण न कर उपवास रखते हुए भगवान का ध्यान करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

भक्तों की उमड़ी भारी भीड़

इस पावन आयोजन में दोकड़ा ही नहीं, आसपास के गांवों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि श्री जगन्नाथ स्वामी की सच्चे मन से आराधना करने पर जीवन की नैया पार हो जाती है। मंदिर समिति के अनुसार, हर साल इस आयोजन का विस्तार किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें।

देव स्नान और रथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति के ठाकुर पुरुषोत्तम सिंह एवं बलराम भगत ने बताया कि आगामी देव स्नान पूर्णिमा और रथ यात्रा के लिए भव्य तैयारियां चल रही हैं। इस बार भक्तों के सहयोग से एक विशाल रथ का निर्माण किया जाएगा, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। रथ यात्रा को लेकर क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का वातावरण है।

मंदिर समिति का योगदान सराहनीय

मंदिर समिति  के सहयोग से यह आयोजन सफल हो पाया है। समिति के सदस्यों ने बताया कि इस आयोजन को हर वर्ष और अधिक भव्य रूप देने का संकल्प लिया गया है। आने वाले वर्षों में यह स्थल भी धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर प्रमुख स्थान बना सकता है।दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर अब केवल एक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण का प्रतीक बनता जा रहा है।

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CG Big News : शासन की बड़ी कार्रवाई.! लापरवाही व अनियमितता का मामला..प्रभारी आबकारी अधिकारी निलंबित..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन ने शासकीय कार्य में अनियमितता, तय दर से अधिक मूल्य पर मदिरा विक्रय, स्टॉक में गंभीर कमी और बिक्री राशि में लाखों रुपये की गड़बड़ी के मद्देनजर महासमुंद जिले के प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी निधीश कुमार कोष्टी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत की गई है. निलंबन अवधि में कोष्टी का मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में निर्धारित किया गया है. 

दरअसल, 29 मई 2025 को आबकारी विभाग मुख्यालय रायपुर के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा महासमुंद जिले के घोड़ारी स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया. निरीक्षण से पूर्व एक छद्म ग्राहक को 500-500 रूपए की कुल 4 नोट यानि कुल 2000 रूपए देकर मदिरा खरीदने भेजा गया. निर्धारित मूल्य 1760 रूपए के स्थान पर विक्रयकर्ता द्वारा 2000 रूपए में मदिरा बेचा गया. पूछताछ में विक्रयकर्ता ने अधिक मूल्य पर विक्रय की बात स्वीकार की. स्टॉक के भौतिक सत्यापन में 1886 नग देशी मदिरा मसाला की कमी और एक लाख 88 हजार रूपए की आर्थिक गड़बड़ी पाई गई. वहीं, बिक्री राशि की तुलना में नगदी में 3 लाख 8 हजार रूपए और विदेशी मदिरा में एक लाख 99 हजार रूपए की कमी पकड़ में आई. इस प्रकार कुल 6 लाख 96 हजार रूपए की वित्तीय अनियमितता का मामला पकड़ में आया. उपरोक्त अनियमितताओं को देखते हुए राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महासमुंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई है. 

फिलहाल, आबकारी आयुक्त ने बताया कि इससे पूर्व में 3 मई 2025 को राज्य स्तरीय उड़नदस्ता द्वारा बागबहरा (महासमुंद) में उड़ीसा निर्मित और केवल उड़ीसा में वैध 351.17 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई थी, जिसमें तीन प्रकरण दर्ज हुए और फरार आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धाराओं 34(2) और 59(क) के तहत कार्यवाही की गई. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है, प्रदेश में शासकीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. महासमुंद में की गई यह कार्रवाई, सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है.

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युक्तियुक्तकरण नीति से मिले तरौद स्कूल को चार नए शिक्षक....खबर पाकर खुश हैं गांव के बच्चे, दिखने लगी पढ़ाई की ललक

रायपुर, : कभी शिक्षक की कमी से जूझ रहा बालोद ज़िले का छोटा-सा गांव तरौद में शिक्षा की एक नई उम्मीद जगी है। जहां पहले सिर्फ एक ही शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा था, अब यहां चार विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की खबर से गांव में उत्साह का माहौल है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल ने बच्चों, अभिभावकों और पूरे गांव में शिक्षा को लेकर एक नई ऊर्जा भर दी है।

लगभग 60 विद्यार्थियों वाला यह शासकीय हाईस्कूल बीते दो वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा था। पढ़ाई बाधित होती थी, एक शिक्षक से सभी विषयों की जिम्मेदारी निभा पाना नामुमकिन था। बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण की पहल ने इस अंधेरे को आशा की किरण दिखाई है।

युक्ति युक्तकरण वास्तव में शिक्षकों और संसाधनों के असमान वितरण को दूर करने की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसमें जरूरतमंद स्कूलों में योग्य शिक्षकों की तैनाती की जाती है। इसी योजना के तहत अब तरौद के हाईस्कूल में चार नए शिक्षक पदस्थ किए गए हैं, जो अलग-अलग विषयों के हैं। इससे अब हर विषय की पढ़ाई नियमित और गुणवत्ता पूर्ण हो सकेगी।

गांव के सरपंच श्री धर्मेंद्र कुमार रामटेके की बातों से ग्रामीणों की भावनाएं झलकती हैं। पहले स्कूल में पढ़ाई की स्थिति अच्छी नहीं थी। जनभागीदारी समिति कई बार गांव के युवाओं को बुलाकर बच्चों के अध्ययन अध्यापन की व्यवस्था करती थी। शासन ने अब हमारे गांव के स्कूल को चार नए शिक्षक देकर बच्चों के अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था कर दी है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आभारी हैं। श्रीमती महेश्वरी ठाकुर, स्कूल की जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष कहती हैं कि शिक्षा बच्चों का अधिकार है, और शासन ने यह अधिकार लौटाया है। अब हमें चिंता नहीं करनी पड़ेगी कि हमारे बच्चों को कौन पढ़ाएगा।

स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना की खबर पाकर गांव के बच्चे भी बेहद खुश हैं। पढ़ाई को लेकर उनमें ललक और उत्साह दिखाई देने लगा है। बच्चों को हर विषय में अलग-अलग शिक्षक मिलना किसी सौगात से कम नहीं है। अब वह अच्छी पढ़ाई लिखाई करके डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या अधिकारी बनने के सपने देखने लगे हैं। 
तरौद अब केवल एक गांव नहीं रहा, बल्कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा सुधारों का उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण की यह पहल पूरे जिले के स्कूलों में चल रही है। शासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर स्कूल में शिक्षक हों, और हर बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। शिक्षा की रोशनी जब दूर-दराज के गांवों तक पहुंचती है, तो उसका असर सिर्फ किताबों तक नहीं रहता। वह पूरे समाज को एक नई दिशा देती है। ग्राम तरौद का यह बदलाव इसी सकारात्मक सोच और योजनाबद्ध प्रयास का नतीजा है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा की यह नई सुबह, निश्चित ही पूरे प्रदेश को प्रगति की ओर ले जाएगी।

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CG Big News : कलेक्टर ने BEO को किया निलंबित..युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में किया बड़ी लापरवाही..सीनियर को बताया जूनियर..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/रायपुर। बस्तर जिले में चल रही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरतने पर खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) जगदलपुर मानसिंह भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई कमिश्नर बस्तर संभाग डोमन सिंह के अनुमोदन पर प्रभारी कलेक्टर प्रतीक जैन द्वारा की गई है.

दरअसल जारी आदेश के अनुसार, भारद्वाज ने युक्तियुक्तकरण हेतु विकासखंड जगदलपुर से जिला स्तरीय समिति को कई स्तरों पर त्रुटिपूर्ण और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की. जैसे नगरनार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कनिष्ठ शिक्षक को वरिष्ठ और वरिष्ठ शिक्षक को कनिष्ठ दिखाया गया. इसके अतिरिक्त, विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (हिन्दी माध्यम), सेजेस, जगदलपुर की संवर्ग संबंधी जानकारी में भी गलत विवरण प्रस्तुत किया गया, जहां ई संवर्ग की शाला को टी और ई दोनों संवर्ग में रिक्त पदों सहित दर्शाया गया.

फिलहाल, इसके अलावा वरिष्ठता निर्धारण, स्वीकृत और रिक्त पदों की सूचना में भी अनेक विसंगतियाx पाई गईं. भारद्वाज की यह कार्यप्रणाली न केवल राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के विपरीत है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील नियम 1966 का भी उल्लंघन है. इन गंभीर त्रुटियों के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जगदलपुर नियत किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा.यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया.

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युक्तियुक्तकरण नीति से दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूली बच्चों को मिला बेहतर शिक्षा का भरोसा ....समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम,पहुंचेगी शिक्षा की रौशनी

रायपुर, : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति ने दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था की नई उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया को तेज़ी से और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया बेहद सुचारू और निष्पक्ष तरीके से पूरी कर ली गई है। अब तक जिन स्कूलों में या तो शिक्षक नहीं थे या केवल एक शिक्षक की तैनाती थी, अब वहां विषय-विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध हो गए हैं। इससे गणित, विज्ञान और अन्य विषयों अध्ययन-अध्यापन अच्छे से हो सकेगा। 

शिक्षकों ने जताया भरोसा और आभार

इस प्रक्रिया से शिक्षक भी बेहद संतुष्ट नज़र आ रहे हैं। शिक्षिका श्रीमती सिंधु श्रीवास्तव ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान स्क्रीन पर रिक्त पदों की जानकारी दी गई, जिससे स्कूल चयन में कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ शिक्षक श्री मनोज कुमार जैन, जो पहले माध्यमिक शाला देवडोंगर में पदस्थ थे, ने कहा कि सेवानिवृत्ति के करीब होने के बावजूद उनकी इच्छानुसार और पारदर्शी तरीके से स्कूल चयन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से अब ग्रामीण स्कूलों में गणित, रसायन और जीवविज्ञान जैसे विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक मिल सकेंगे, जिससे बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा।

शिक्षक आत्माराम मंडावी ने बताया कि उन्हें उनके ही ब्लॉक के विद्यालय में युक्तियुक्तकरण के माध्यम से पदस्थ किया गया है, उन्हें यह उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब कलेक्टर, सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं काउंसलिंग प्रक्रिया में उपस्थित रहे, तो प्रक्रिया की विश्वसनीयता स्वतः सिद्ध हो गई।

समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम

शिक्षक वर्ग का मानना है कि इस पारदर्शी तरीके से युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी हुई है। इससे जरूरत वाली शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना होने से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर विश्वास भी मजबूत होगा। यह पहल समावेशी शिक्षा व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है। राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण नीति ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत की है। शिक्षक समुदाय ने इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन कांकेर को धन्यवाद दिया है।

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युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरतने पर खण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को तत्काल प्रभाव से  किया गया निलंबित

रायपुर : बस्तर जिले में चल रही युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरतने पर खण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) जगदलपुर मानसिंह भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कमिश्नर बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह के अनुमोदन पर प्रभारी कलेक्टर श्री प्रतीक जैन द्वारा की गई है।

जारी आदेश के अनुसार, श्री भारद्वाज ने युक्तियुक्तकरण हेतु विकासखंड जगदलपुर से जिला स्तरीय समिति को कई स्तरों पर त्रुटिपूर्ण और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की। जैसे नगरनार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कनिष्ठ शिक्षक को वरिष्ठ और वरिष्ठ शिक्षक को कनिष्ठ दिखाया गया। इसके अतिरिक्त, विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (हिन्दी माध्यम), सेजेस, जगदलपुर की संवर्ग संबंधी जानकारी में भी गलत विवरण प्रस्तुत किया गया, जहां ई संवर्ग की शाला को टी एवं ई दोनों संवर्ग में रिक्त पदों सहित दर्शाया गया।

इसके अलावा वरिष्ठता निर्धारण, स्वीकृत एवं रिक्त पदों की सूचना में भी अनेक विसंगतियाँ पाई गईं। श्री भारद्वाज की यह कार्यप्रणाली न केवल राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के विपरीत है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 तथा सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील नियम 1966 का भी उल्लंघन है। इन गंभीर त्रुटियों के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जगदलपुर नियत किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

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ब्रेकिंग न्यूज : लापरवाही और अनियमितता के मामले में प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी को शासन ने कार्यवाही कर किया निलंबित

रायपुर, : छत्तीसगढ़ शासन ने शासकीय कार्य में अनियमितता, तय दर से अधिक मूल्य पर मदिरा विक्रय, स्टॉक में गंभीर कमी और बिक्री राशि में लाखों रुपये की गड़बड़ी के मद्देनज़र महासमुंद जिले के प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी श्री निधीश कुमार कोष्टी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत की गई है। निलंबन अवधि में श्री कोष्टी का मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में निर्धारित किया गया है। 

गौरतलब है कि 29 मई 2025 को आबकारी विभाग मुख्यालय रायपुर के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा महासमुंद जिले के घोड़ारी स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण से पूर्व एक छद्म ग्राहक को 500-500 रूपए की कुल 4 नोट यानि कुल 2000 रूपए देकर मदिरा खरीदने भेजा गया। निर्धारित मूल्य 1760 रूपए के स्थान पर विक्रयकर्ता द्वारा 2000 रूपए में मदिरा बेचा गया। पूछताछ में विक्रयकर्ता ने अधिक मूल्य पर विक्रय की बात स्वीकार की। स्टॉक के भौतिक सत्यापन में 1886 नग देशी मदिरा मसाला की कमी और एक लाख 88 हजार रूपए की आर्थिक गड़बड़ी पाई गई। वहीं, बिक्री राशि की तुलना में नगदी में 3 लाख 8 हजार रूपए और विदेशी मदिरा में एक लाख 99 हजार रूपए की कमी पकड़ में आई। इस प्रकार कुल 6 लाख 96 हजार रूपए की वित्तीय अनियमितता का मामला पकड़ में आया। उपरोक्त अनियमितताओं को देखते हुए राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी महासमुंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई है। 

आबकारी आयुक्त ने बताया कि इससे पूर्व में 3 मई 2025 को राज्य स्तरीय उड़नदस्ता द्वारा बागबहरा (महासमुंद) में उड़ीसा निर्मित और केवल उड़ीसा में वैध 351.17 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई थी, जिसमें तीन प्रकरण दर्ज हुए और फरार आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धाराओं 34(2) और 59(क) के तहत कार्यवाही की गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है, प्रदेश में शासकीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महासमुंद में की गई यह कार्रवाई, सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात कर नक्सल ऑपरेशन की उपलब्धियों और  विकास की दी जानकारी

नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में माओवादी विरोधी अभियानों की अब तक की सफलताओं और बस्तर अंचल में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की नई रणनीति और केंद्र के सहयोग से नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया गया है। विगत डेढ़ वर्ष में चलाए गए सघन अभियानों के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 1,428 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो बीते पांच वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अवगत कराया कि 205 मुठभेड़ों में 427 माओवादी मारे गए, जिनमें संगठन के शीर्ष नेता महासचिव बसवा राजू और सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर जैसे कुख्यात माओवादी शामिल हैं। इसके साथ ही, राज्य में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है, जिससे सुरक्षा नेटवर्क मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि इन सुरक्षा कैंपों के आसपास बसे गांवों तक अब बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुँचाई जा रही हैं। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के अंतर्गत चिन्हित 146 ग्रामों में एकीकृत रूप से 18 प्रकार की सामुदायिक सेवाएं और 25 प्रकार की शासकीय योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों का विश्वास शासन तंत्र में बढ़ा है।

गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक नियंत्रण संभव हो रहा है और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता देती रहेगी।

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जशपुर के सुदूर वनांचल के प्रत्येक व्यक्ति तक योग के महत्व पहुंचाने का लक्ष्य - योग आयोग अध्यक्ष

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 जशपुर  : आगामी 21 जून को  अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय वृहद सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम जिला जशपुर में होना प्रस्तावित है। उक्त कार्यक्रम के तैयारी के संबंध गुरुवार को रेस्ट हाउस जशपुर में बैठक आयोजित की गई जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य, योग आयोग के अध्यक्ष श्री रुपनारायण सिन्हा का संक्षिप्त प्रवास जिले में था। कार्यक्रम के सफल सम्पादन के लिए अध्यक्ष के निर्देशन एवं जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन, तथा स्थानीय विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद श्री अरविन्द भगत, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्री गंगा राम भगत, भरत सिंह तथा सम्बधित विभागों के अधिकारियों के उपस्थिति में बैठक सम्पन्न हुआ। 

बैठक में कार्यक्रम के रुपरेखा स्थान, आउटरीच एवं सहभागिता इत्यादि विषयों पर परिचर्चा कर कार्ययोजना तैयार की गयी। बैठक मे अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि योग के महत्व को जिला के सुदूर वनांचल के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य हमारा है। आज के परिवेश में योग एक चिकित्सा पद्धति के रुप में अपनायी जा रही है। योग के अष्टांग क्रिया से असाध्य रोग भी ठीक किये जा रहे है तथा
मद्यपान एवं धुम्रपान के उन्मूलन में योग एक कारगर उपाय सिद्ध हो रहा है। उक्त अवसर पर  विधायक द्वारा कहा गया कि योग का अर्थ जोड़ना होता है। अतः हमें जिले के अंतिम व्यक्ति तक योग के महत्व को पहुंचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। आज पूरा विश्व योग के महत्व को स्वीकार कर व्यक्ति अपने शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सर्वांगीण विकास, इस विधा का उपयोग कर रहे है। बैठक की बिन्दू सह प्रतिवेदन श्री टी० पी० भावे, उप संचालक समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा आभार श्री ओंकार यादव अनुभागीय अधिकारी  द्वारा व्यक्त किया गया। बैठक में श्री प्रदीप राठिया, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, कार्यपालन अभियंता लोकनिर्माण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विद्युत विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, खाद्य अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला आयुर्वेद अधिकारी, जिला खेल अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं विकास, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, योग समन्वयक श्री अशोक यादव, योग मित्र गणमान्य नगरीक योगाचार्य उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम मरचाई ढ़ोढ़ी  में बदला गया ट्रांसफार्मर,बिजली आपूर्ति  हुई बहाल, 

जशपुरनगर, : मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम  मरचाई ढ़ोढ़ी में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बाधित विद्युत सप्लाई पुनः प्रारंभ हो गई है। इससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। विद्युत आपूर्ति पुनः बहाल होने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रति आभार व्यक्त किया। 
   तहसील  कांसाबेल के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत  नाकबार के ग्राम मरचाई ढ़ोढ़ी  के वार्ड क्रमांक 19 में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली की आपूर्ति ठप हो गई थी।  ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देकर इस समस्या के बारे में बताया और इसके  जल्द समाधान की मांग की। कैंप कार्यालय की त्वरित पहल पर विद्युत विभाग के द्वारा वहां पर ट्रांसफार्मर बदल दिया गया है। जिससे बिजली आपूर्ति पुनः बहाल होने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
      मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के द्वारा बगिया में खोले गए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जनसमस्या का निवारण  तत्परता से किया जा रहा है। विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्या आने पर इसके तत्काल निराकरण की कार्यवाही शुरू कर दी जाती है।

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मोर माटी मोर गांव महाअभियान के तहत हर घर जल- रैन वाटर हार्वेस्टिंग महाअभियान का लोदाम से शुभारंभ

जशपुर : कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास के दिशा निर्देशन में जिले में मोर माटी मोर गांव महाअभियान के अंतर्गत जल समृद्ध गांव बनाने "हर घर जल - रैन वाटर हार्वेस्टिंग है हल" की थीम पर जनपद पंचायत जशपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत लोदाम में हर घर रैन वाटर हार्वेस्टिंग महाअभियान की शुरुआत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रकृति निस्वार्थ भाव से हमें अपने अनमोल धरोहर देती है पर हम सभी अपने अपने स्वार्थ के अनुरूप इसका दोहन कर रहे है पानी इसमें सबसे महत्वपूर्ण है, जिसके बिना इस पृथ्वी और मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है,इसलिए यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम जल और प्रकृति की रक्षा करे। जल जागृति जशपुर जागरूकता अभियान के माध्यम से जल संरक्षण हेतु प्रशासन ने पहल की है अब हम सभी को मिलकर इसे आगे ले जाना है और जशपुर में जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है।जल बचाने की शुरुवात हमे अपने घर से करना चाहिए। जल आज की बहुत बड़ी आवश्यकता है, आने वाली पीढ़ी के लिए हमें अधिक से अधिक जल बचाना जरूरी है। आज इसी क्रम में यहां हर घर रैन वाटर हार्वेस्टिंग बनाने का काम महाअभियान के रूप में प्रारंभ किया जा रहा है, ये जन भागीदारी का काम है इसमें सबकी सहभागिता जरूरी है। सभी आगे आए और जल संरक्षण की पावन अभियान में अपना सहयोग प्रदान करे।
रैन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण के साथ साथ सभी हैंडपंप में सोखता गड्ढा निर्माण, जल संरचनाओं में सफाई, गाद निकासी का कार्य, जल संचयन संरचना यथा कंटूर ट्रेंच, लूज बोल्डर चेक डेम, इंजेक्शन वेल, डबरी निर्माण कार्य के माध्यम से जल संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। जल जागृति जशपुर जल संरक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जिले में पूर्व से जल बचाने जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसे लोगों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है।
रैन वाटर हार्वेस्टिंग महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर  क्षेत्र जनपद सदस्य, विभिन्न समाज के समाज प्रमुख, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, जिला मिशन प्रबंधक एन आर एल एम, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा, सी ई ओ जनपद पंचायत, आसपास के ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच, सचिव, रोजगार सहायक, स्व सहायता समूह की महिलाएं, ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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अपर कलेक्टर ने प्रेस वार्ता कर युक्तियुक्तकरण के संबंध में दी जानकारी.....जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने किया जा रहा युक्तियुक्तकरण

अतिशेष शिक्षकों, रिक्त पदों और युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत पदस्थापना की दी जानकारी

जशपुरनगर  : युक्तियुक्तकरण के संबंध में आज अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने कलेक्टोरेट सभागार में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर सभी संकाओं का समाधान किया और बताया कि युक्तियुक्तकरण किस तरह से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शासन द्वारा लिया गया निर्णय है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद भटनागर सहित पत्रकारगण उपस्थित थे। 
         अपर कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। नगरीय इलाकों में छात्रों की तुलना अधिक शिक्षक पदस्थ हैं, जबकि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की शालाओं में स्थिति इसके विपरीत है। वहां शिक्षकों की कमी है, जिसके चलते शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम भी प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को सुधारने के उद्देश्य ही प्रदेश सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण का कदम उठाया गया है। इससे जिन शालाओं में शिक्षक की जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में गणित, रसायन, भौतिकी और जीव विज्ञान जैसे विषयों के विषय-विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे। बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर युक्तियुक्तकरण के माध्यम से छात्र-शिक्षक अनुपात स्कूलों में संतुलित हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। 
          युक्तियुक्तकरण से होने वाले लाभों के बारे में बताते हुए उन्होनें कहा कि बार-बार प्रवेश से विद्यार्थियों को मुक्ति मिलेगी, ड्रॉपआउट रेट में कमी आयेगी। एक ही परिसर के विद्यालयों में प्रशासनिक कसावट आयेगी। विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता बढेगी। छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों हेतु उपचारात्मक शिक्षा हेतु विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगें। भविष्य हेतु बेहतर अधोसंरचना विकसित की जा सकेगी। शिक्षा के स्तर में एकरुपता को बढावा मिलेगा।
            युक्तियुक्तकरण के तहत काउसलिंग के तहत उन्होंने स्कूलों में रिक्त पदों, अतिशेष शिक्षकों एवं समायोजन की जानकारी देते हुए बताया कि 2 जून को हुए काउसलिंग प्रक्रिया में प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 01 थी एवं 17 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 01 प्रधान पाठक की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। शेष 16 पदों की अग्रिम कार्यवाही हेतु संभाग को जानकारी प्रेषित कर दी गई है। इसी प्रकार प्रधान पाठक प्राथमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 33 थी एवं 60 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 33 प्रधान पाठक की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। शेष 27 रिक्त पदों की निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। व्याख्याता के कुल अतिशेष पदों की संख्या 191 थी एवं 237 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 151 व्याख्यता की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। 40 अतिशेष पदों की अग्रिम कार्यवाही हेतु संभाग को प्रेषित करते हुए रिक्त 86 पदों की जानकारी भी संभाग स्तर पर प्रेषित कर दी गई है। रिक्त पदों के अनुसार विषय की व्याख्यता उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी रिक्त पदों पर पदांकन नहीं किया जा सका है। जिसकी जानकारी भी संभाग को दे दी गई है। 
    03 जून को हुए काउसलिंग प्रक्रिया में शिक्षक पूर्व माध्यमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 336 थी एवं 72 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 34 शिक्षकों की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। शेष 302 अतिशेष पदों की अग्रिम कार्यवाही हेतु संभाग को प्रेषित करते हुए रिक्त 38 पदों की जानकारी भी संभाग स्तर पर प्रेषित कर दी गई है। रिक्त पदों के अनुसार विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी रिक्त पदों पर पदांकन नहीं किया जा सका है। जिसकी जानकारी भी संभाग को दे दी गई है। 
      इसी तरह 04 जून को हुए काउसलिंग प्रक्रिया में सहायक शिक्षक प्राथमिक  शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 555 थी एवं 334 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 334 सहायक शिक्षकों की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। उक्त पद जिला स्तरीय होने के कारण जिला स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। 
    अपर कलेक्टर श्री साहू ने बताया कि जिले में पहले 18 स्कूल शिक्षकविहिन तथा 258 स्कूल में मात्र एक शिक्षक पदस्थ थे। जिसे युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत पदस्थापना नियमानुसार कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ई संवर्ग के 28 शालाएँ एवं टी संवर्ग की 271 कुल 299 शालाएँ समायोजित की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लिए 10 से कम दर्ज संख्या एवं 01 किमी से कम दूरी तथा शहरी क्षेत्र के लिए 30 से कम दर्ज संख्या एवं 500 मीटर से कम दूरी वाली शालाओं एवं एक ही परिसर में दो या दो अधिक प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई, हायर सेकेण्डरी शालाएँ समायोजित की गई है। अतिशेष शिक्षकों युक्तियुक्तकरण शासन के द्वारा निर्धारित समय-सीमा में पूरी पारदर्शित एवं निष्पक्षता के साथ किया गया है। 
    अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन विकासखण्ड स्तरीय 05 सदस्यीय समिति के द्वारा किया गया है। चिन्हांकन उपरांत जिला स्तरीय 05 सदस्यीय समिति के द्वारा परीक्षण उपरांत शिक्षकों की काऊंसलिंग आयोजित की गई। शिक्षकों की ओपन काऊंसलिंग प्रोजेक्टर के माध्यम से एक ही हॉल में शिक्षकों को बैठाकर पूरी पारदर्शिता के साथ की गई जिसकी विडियोग्राफी भी की गई है।  शिक्षकों को उनके मनपसंद जगहों में पदस्थापना दी गई है। रिक्त पदों की पूरी सूची स्कूलवार एवं अतिशेष शिक्षकों की सूची पदवार काऊंसलिंग हॉल के बाहर नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई थी साथ ही यह सूची संबंधित वाट्सअप ग्रुप में भी प्रसारित की गई थी।

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छुटे हुए हितग्राहियों का बनाया जाएगा आयुष्मान कार्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए निर्देश

जशपुरनगर : मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं आयुष्मान कार्ड ओ.आई.सी के द्वारा आज कलेक्टोरेट सभाक्षक में आयुष्मान कार्ड की समीक्षा बैठक ली गई। जिसमें छुटे हुए हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सभी आरएचओ एवं सीएचओ की प्रतिदिन की समीक्षा सेक्टर सुपरवाइजर द्वारा किए जाने हेतु निर्देश दिया गया। इस दौरान बताया गया कि जिन हितग्राही की मृत्यु हो गई है या लंबे समय से ग्राम से बाहर है ऐसे हितग्राहियो को सचिव से माध्यम से सत्यापन कर डेटा संकलित किया जाना है। आगामी 30 जून तक शतप्रतिशत कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए है। बैठक में नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत, जिला परियोजना समन्वयक आयुष्मान भारत, समस्त विकासखंड कार्यक्रम प्रबन्धक एनएचएम एवं सेक्टर सुपरवाइजर स्वास्थ्य उपस्थित थे। 
             
ज्ञात हो कि अब तक जिले में 8 लाख 23 हज़ार 7 सौ हितग्राहियों के कार्ड बनाये जा चुके है और 95 हज़ार 01 सौ कार्ड बनाया जाना शेष है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन सामान्य से अपील किया गया है कि जिनका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर बनवा लें।

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