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संकल्प शिक्षण संस्थान में धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस 

जशपुर 15 अगस्त 2025 : प्रदेश की अग्रणी शिक्षण संस्था संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में बहुत धूमधाम के साथ स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मनाया गया। इस बार खास इसलिए भी था कि प्रदेश टॉपर के साथ संस्थान के 1 2 बच्चे  10 वीं बोर्ड परीक्षा की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त किए है ।यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी और संकल्प शिक्षण संस्थान के प्राचार्य विनोद गुप्ता के द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर संकल्प शिक्षण संस्थान के समस्त शिक्षक, कर्मचारी और बच्चे उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रगान के पश्चात विनोद गुप्ता के द्वारा अपने उद्बोधन में सभी को  संबोधित करते हुए स्वतंत्रता दिवस मनाने के महत्व और गरिमा का उल्लेख किया गया और साथ ही उन्होंने बच्चों से देश की रक्षा और शान बान के लिए हमेशा अग्रसर रहने की बात की। इसके पश्चात राजेंद्र प्रेमी द्वारा स्वरचित सुंदर छत्तीसगढ़ी गीत प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर शिक्षक प्रभात मिश्रा द्वारा सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा गीत की सुमधुर प्रस्तुति की गई ।ममता सिन्हा द्वारा स्वरचित कविता प्रस्तुत की गई । शिक्षक  अवनीश पांडे, दीपक ग्वाला, दिलीप कुमार सिंह और शिव सुंदर यादव के द्वारा भी देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया गया ।

      इस अवसर पर बच्चों के द्वारा भी बेहतरीन नृत्य गीतों की प्रस्तुति की गई। शिक्षिका मनीषा भगत के द्वारा बच्चों को खेल कराया गया। अंत में छात्रावास अधीक्षका शांति कुजूर द्वारा बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम का संचालन सीमा गुप्ता के द्वारा किया गया उन्होंने भी अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की। संकल्प शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों के लिए आज का दिन विशेष इसलिए भी था क्योंकि छत्तीसगढ़ में दसवीं बोर्ड में 12 विद्यार्थियों के द्वारा टॉप किया गया उन्हें भी आज रणजीता स्टेडियम में स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा पुरस्कृत किया गया। आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बच्चों को फिल्म देखने की भी अनुमति प्रदान की गई थी। बच्चों के साथ शिक्षकों  ने भी देशभक्ति फिल्म देखी। आज का दिन संकल्प शिक्षण संस्थान के समस्त शिक्षकों , कर्मचारियों और बच्चों के लिए विशेष था।इस अवसर पर यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा , अवनीश पांडेय संकल्प के अश्विनी सिंह , दिलीप सिंह , प्रभात मिश्रा , दीपक ग्वाला , राजेंद्र प्रेमी , सीमा गुप्ता , मनीषा भगत , ममता सिंह , शांति कुजूर सहित संस्थान के कर्मचारी और बच्चे उपस्थित थे ।

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*स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सर्किट हाउस में किया सिंदूर के पौधे का रोपण*

विधायक श्रीमती रायमुनी भगत एवं जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी 'एक पेड़ मां के नाम' अंतर्गत किया पौधारोपण

जशपुर, 15 अगस्त 2025/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल ने सर्किट हाउस के प्रांगण में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान अंतर्गत सिंदूर के पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने सीता अशोक, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत ने गुलमोहर, कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने नागकेशरी के पौधे का रोपण किया। इसके माध्यम से सभी ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस दौरान नगरपालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, डीएफओ शशि कुमार, एडीएम श्री प्रदीप कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, एसडीएम श्री विश्वासराव मस्के, डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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*जिला मुख्यालय में हर्षाेल्लास से मनाया गया 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह....स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली, अधिकारी-कर्मचारियों हुए सम्मानित*

सामूहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम की दी गई शानदार प्रस्तुति

जशपुरनगर 15 अगस्त 2025/जिला मुख्यालय जशपुर में 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति की भावना और हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम रणजीता स्टेडियम में आयोजित हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया। 
            रणजीता स्टेडियम में मुख्य अतिथि ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने के बाद कलेक्टर श्री रोहित व्यास और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के साथ परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने जिले वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्वतंत्रता दिवस संदेश का वाचन किया। कार्यक्रम में शांति के प्रतीक रंगीन गुब्बारे भी उड़ाए। स्वतंत्रता दिवस समारोह में कुल 13 प्लाटूनों ने हिस्सा लिया। परेड का नेतृत्व मुख्य परेड कमांडर रक्षित निरीक्षक श्री अमरजीत खुंट ने किया। टू आईसी का दायित्व उप निरीक्षक श्री खोमराज ठाकुर ने निभागया। साथ ही उप निरीक्षक के अगवाई में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, छत्तीसगढ पुलिस बल, छत्तीसगढ़ बल महिला, नगर सेना पुरुष, नगर सेना महिला, सेजेश हिन्दी माध्यम एन.सी.सी.जूनियर, ज्वाहर नवोदय विद्यालय कुनकुरी एअर विंग एन.सी.सी., महारानी लक्ष्मी बाई उ.मा.वि. जशपुरनगर एन.एस.एस. बालिका, सरस्वती शिशु मंदिर जशपुर, वनवासी कल्याण आश्रम जशपुर, सेंट जेवियर शाति भवन जशपुर स्काउट गाईट बालिका, सेंट जेवियर शाति भवन जशपुर बालक,  बैंड दल  टुकड़ियां स्वतंत्रता दिवस समारोह में परेड किया। 
          समारोह में मुख्य अतिथि श्री जायसवाल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिजनों से पूरी आत्मीयता से मिले और उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने उन्हें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देने के साथ ही उन्हें शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। 
  स्वतंत्रता दिवस समारोह में सेंट जेवियर उ.मा.वि. जशपुर के बच्चों ने बैंड के साथ देशभक्ति धुन पर शानदार प्रस्तुती दी। साथ ही नगर के स्कूली बच्चों द्वारा शानदार सामूहिक व्यायाम प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर  महावीर दिगम्बर जैन हाईस्कूल जशपुरनगर, कल्याण आश्रम पूर्व माध्यमिक शाला जशपुर, सेजेश हिन्दी माध्यम शासकीय उ.मा.वि. जशपुर, संत जेवियर्स शांति भवन हिन्दी व अंग्रेजी माध्यम उ.मा.वि. जशपुर, सरस्वती शिशु मंदिर जशपुर, शासकीय म.ल.बा.कन्या उ.मा.विद्यालय जशपुर, जशपुरांचल इंग्लिश मीडियम स्कूल जशपुर तथा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम नवीन आदर्श जशपुर की छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति पर आधारित शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।  
  इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने जिले उत्कृष्ठ कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इनमें राजस्व विभाग 10, वन विभाग के 07, पुलिस विभाग के 24, स्वास्थ्य विभाग के 10, महिला बाल विकास विभाग के 06, जिला आयुष कार्यालय के 04, जिला नगर सेनानी जशपुर के 02, भू-अभिलेख शाखा जशपुर के 04, जिला जनसंपर्क कार्यालय के 03, जिला पंचायत के 21, शिक्षा विभाग के 16, संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर के 10, सहायक संचालक जिला कौशल विकास प्राधिकरण के 02, सहायक संचालक रेशम विभाग के 04, शासकीय रा.भ.रा.एनईएस पी. कॉलेज के 05, जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा के 03, नगरपालिका के 03, उद्यान विभाग के 01, आर.ई.एस विभाग के 01, सूचन प्रौद्योगिकी के 01, जिला सूचना एवं विज्ञान केन्द्र के 01, सहायक आयुक्त विभाग के 02, लोक निर्माण विभाग के 02, यूनिसेफ परियोजना के 10 सहित लगभग 152 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित किया गया। 
            कार्यक्रम में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, पूर्व पर्यटन मण्डल अध्यक्ष श्री कृष्णा कुमार राय, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम श्री विश्वास राव मस्के, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा, श्री हरिओम द्विवेदी,  जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली बच्चें एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री डी. आर. राठिया एवं श्री जयेश सौरभ टोपनो के द्वारा किया गया।

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*स्वतंत्रता दिवस समारोह: विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां....मदर्स प्राईड स्कूल प्रथम और लक्ष्मीनारायण कन्या विद्यालय द्वितीय स्थान पर रहे* 

रायपुर, 15 अगस्त 2025/ राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 780 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इन प्रस्तुतियों के बीच हुई स्पर्धा में मदर्स प्राईड स्कूल रायपुर को पहला, लक्ष्मी नारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर को दूसरा और सालेम इंग्लिश मीडियम स्कूल को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने शील्ड-मेडल देकर सभी विजेताओं को सम्मानित किया।

मदर्स प्राईड स्कूल रायपुर के 250 बच्चों द्वारा ओ माई तेरी मिट्टी बुलाए हाय, डारा लोर गेहे रे...., हमर पारा तुहर पारा... जैसे रिमिक्स गीत पर देश भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने देश की सेना द्वारा भारत माता की रक्षा एवं देश की माँ, बेटी, बहन की सुरक्षा करने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं करते हए भारत माता की सेवा में अपनी प्राण न्योछावर करने वाले दृश्य को प्रदर्शित किया, साथ ही पहलगाम में हुये आतंकी हमले के विरूद्ध भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाये गये ऑपरेशन सिन्दूर को भी आकर्षक अंदाज में प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया।

लक्ष्मीनारायण कन्या उ.मा.वि. रायपुर के 200 विद्यार्थियों ने हाय कहे गजरी, हाय कहे गजरी गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से अनेक अवसरों पर होने वाले नृत्य राऊत नाचा एवं अन्य नृत्यों की भी सुन्दर छाप दर्शकों के बीच पेश की। साथ ही स्कूल के बच्चों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ के त्यौहारों व लोक नृत्यों का स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान को भी दर्शाया। 

सालेम इंग्लिश स्कूल रायपुर के 250 बच्चों द्वारा छत्तीसगढ़ के भुइंया म भाग हमर जागे रे जागे रे गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने छत्तीसगढ़ के सभी लोक नृत्य व संस्कृति को संजोया। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रकृति के मनोरंग दृश्य का भी प्रदर्शन किया। इस नृत्य में कर्मा लोक नृत्य को भी स्कूली बच्चों द्वारा बहुत सुन्दर भाव-भंगिमा के साथ प्रदर्शित किया गया।

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*स्वतंत्रता दिवस समारोह: मुख्यमंत्री ने 35 पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को पुलिस पदकों से किया सम्मानित*

पुलिस वीरता पदक से 11, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 01, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से 11, सुधार सेवा पदक से 05, गृहरक्षक एवं सराहनीय सेवा पदक 01 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 06 अधिकारी-कर्मचारियों को किया गया अलंकृत

रायपुर, 15 अगस्त 2025/ पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 35 पुलिस अधिकारियों और जवानों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदकों से सम्मानित किया। श्री साय ने पुलिस वीरता पदक से 11, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 01, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से 11, सुधार सेवा पदक से 05, गृहरक्षक एवं सराहनीय सेवा पदक 01 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 06 अधिकारी-कर्मचारियों को अलंकृत किया।

राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक 2025

    श्री लालजी सिन्हा, निरीक्षक, जिला-कबीरधाम, श्री भुवनेश्वर साहू, निरीक्षक, जिला-रायपुर, श्री संजय पोटाम, निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, श्री कमलेश मरकाम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, श्रीमति अंजु कुमारी, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-कबीरधाम, श्री दिनेश भास्कर, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, श्री चैतराम गुरूपंच, निरीक्षक, जिला-सुकमा, श्री हेमला नंदू, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, श्री प्यारस मिंज, सहायक उप निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, श्री मनोज पुनेम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा। जिला-दंतेवाड़ा के शहीद प्रधान आरक्षक श्री बुधराम कोरसा के लिए उनकी पत्नी श्रीमति सुखमति ने पुलिस वीरता पदक प्राप्त किया।

विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक 2025

श्री महेश राम साहू, सेवानिवृत्त, निरीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर।

सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025

 श्री राहुल भगत (भा.पु.से.), सचिव, माननीय मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री सचिवालय एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग (छ.ग. शासन)   

सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025

श्री ज्ञानेन्द्र कुमार अवस्थी, सेवानिवृत्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, श्री अनिल कुमार कश्यप, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, श्री हरिशंकर प्रताप सिंह, निरीक्षक विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, श्री नरेश कुमार पैकरा, कंपनी कमांडर 7वी वाहिनी छसबल, भिलाई, श्री वली मोहम्मद शेख, निरीक्षक योजना प्रबंध शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, श्री समैया चिप्पनपल्ली, सहायक उप निरीक्षक, नक्सल सेल, जिला-बीजापुर, श्री सुशील कुमार श्रीवास, प्रधान आरक्षक, विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, श्री तुलाराम चुरेन्द्र, प्रधान आरक्षक, थाना-रावघाट, जिला-कांकेर, श्री हरिश्चन्द्र मरकाम, प्रधान आरक्षक, 8वीं वाहिनी छसबल, राजनांदगांव, श्री सुशील कुमार चौबे, आरक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।

सराहनीय सुधारात्मक सेवा पदक 2025

श्री मधु सिंह, उप जेल अधीक्षक, केन्द्रीय जेल जगदलपुर, श्री साहेबुद्दीन अंसारी, (सेवानिवृत्त) मुख्य प्रहरी, जिला जेल बेमेतरा, श्री हरवंश लाल मकराम, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, श्री ज्ञानप्रकाश पैकरा, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, श्री झीमन राम टोप्पो, मुख्य प्रहरी, जिला जेल सूरजपुर।

*गृह रक्षक व नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक 2025*

श्री महेश कुमार मिश्रा, नायक, नगर सेना कोरिया

*राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कार 2024*

*गुरू घासीदास पुरस्कार*

सुश्री निशा सिन्हा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जिला-गरियाबंद

*राज्यपाल पुरस्कार*

सुश्री मंजूलता राठौर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-रायपुर

*मुख्यमंत्री पुरस्कार*

श्रीमति रागिनी मिश्रा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुरूद, जिला-धमतरी 

*रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार*

सुश्री मंजूलता राठौर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-रायपुर

*शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार*

श्री रविन्द्र अनंत, निरीक्षक, अजाक थाना-बिलासपुर

*पुलिस महानिदेशक पुरस्कार*

श्रीमती नर्मदा कोठारी महिला प्रधान आरक्षक, जिला-बालोद

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*हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया आजादी का पर्व: मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस परेड ग्राउंड पर किया ध्वजारोहण, परेड की ली सलामी.......उत्कृष्ट दलों को मिले पुरस्कार* 

रायपुर, 15 अगस्त 2025 / राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन पूरे हर्षाेल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के नाम अपने संदेश का वाचन भी किया।

समारोह में 17 प्लाटूनों ने भव्य मार्च पास्ट कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह मार्च पास्ट भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री ईशु अग्रवाल के नेतृत्व में हुई। इस बार उड़ीसा प्रदेश की पुलिस टुकड़ी आमंत्रित वर्ग में परेड में शामिल हुई। परेड के टूआईसी श्री सिद्धार्थ सिंह चौहान थे। परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष-महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस, जेल पुलिस, नगर सेना (पुरुष-महिला), एनसीसी (बालक-बालिका), बैण्ड प्लाटून, घुड़सवार दल और महिला बैगपाइपर बैंड शामिल रहे।

स्वतंत्रता दिवस समारोह की परेड में उत्कृष्ट दलों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। केन्द्रीय बलों के वर्ग में सीमा सुरक्षा बल की टुकड़ी को पहला स्थान मिला। दूसरे स्थान पर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल और तीसरे स्थान पर ओडिशा पुलिस का दल रहा। राज्य बलों के वर्ग में पहला स्थान छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरूष) को प्राप्त हुआ। छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल (महिला) ने दूसरा और नगर सेना के महिला दल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। एनसीसी जूनियर वर्ग  में पहला पुरस्कार (बालक दल) ने और दूसरा पुरस्कार बालिका दल ने प्राप्त किया। 

घुड़सवार दल का हॉर्स शो आकर्षण का केंद्र

स्वतंत्रता दिवस समारोह में घुड़सवार दल का हॉर्स शो भी आकर्षण का केंद्र रहा। तीसरी वाहिनी अमलेश्वर के घुड़सवार दल ने फ्लैग मार्च, टेंट पैगिंग, नेज़ाबंदी शो, जंपिंग और गैलप राउंड जैसी रोमांचक प्रस्तुतियां दी। प्रधान आरक्षक श्री लोकेश्वर सिदार ने अश्व रूद्रा पर फ्लैग मार्च किया। आरक्षक अजय यादव ने अश्व आभा पर स्टैडिंग सैल्यूट किया। टैंट पैंगिंग में अश्व गंगा, अश्वतथामा, सारंगी और शक्ति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अश्व युवराज, अवनि, धनुष, जूही और ओजस ने शो जंपिंग में जलवा दिखाया उपस्थित जनसमुदाय ने अश्वदल का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत अभिनंदन किया।   

महिला बैगपाइपर बैंड ने दी आकर्षक प्रस्तुति

आरक्षक सोनबती ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश के पहले महिला बैगपाइपर बैंड ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में आर्कषक प्रस्तुति दी। 20वीं भारत रक्षित वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के 35 सदस्यों के इस बैगपाइपर बैंड द्वारा क्विक मार्च में इंडिया गेट, केसरिया बाना, हार्श मेन, शांति सेना और पुलकित हिमालय जैसी धुनें बजाई गई। बैंड ने स्लो मार्च में नवरंगी और तर्शपे रील, ड्रम कॉल भी सुनाया। बैंड के 23 सदस्यों ने अपने हाथों में सेरेमोनियम मेस बैंड, बेस, टेनर, साइड ड्रम और बैगपाइपर जैसे वाद्ययंत्रों पर मोहक धुनें बजाकर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। 

इस बैगपाइपर महिला बैंड ने 2022 में हरियाणा के पंचकुला में आईटीबीपी के बीटीसी मानु में 6 महीनों तक कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस बैगपाइपर बैंड ने 25 वीं अखिल भारतीय पुलिस बैंड प्रतियोगिता दीमापुर नागालैंड में 2024 में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। यह प्रतियोगिता असम रायफल्स के दीमापुर प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित हुई थी।

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*स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया बस्तर में नए सबेरे का स्वागत — अब आतंक नहीं, खेलों से पहचान*

रायपुर 15 अगस्त 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के बस्तर का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बस्तर का नाम सुनते ही नक्सलवाद और हिंसा की याद आती थी, लेकिन आज यह तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गर्व के साथ कहा कि आज बस्तर के नौजवान बंदूक़ पकड़ने की जगह खेलों के मैदान में उतर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और उत्साह का जीवंत प्रतीक बन चुके हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक बदलाव को सुरक्षा, विकास और जनसहभागिता के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कभी देश के अनेक हिस्सों को नक्सलवाद की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता था। हिंसा और भय के माहौल ने दशकों तक विकास की गति को जकड़ रखा था, जिससे प्रगति के रास्ते थम से गए थे। उन्होंने कहा कि अब यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है — नक्सलवाद आज देश में केवल कुछ ही जिलों तक सीमित रह गया है। प्रधानमंत्री ने कहा  कि पिछले 11 वर्षों में नक्सलवाद 125 से अधिक जिलों से घटकर मात्र 20 जिलों तक सीमित हो गया है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में खेलकूद, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर की यह नई पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनेगी, और यह क्षेत्र अब शांति, प्रगति और गौरव की राह पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

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*स्वंत्रता दिवस समारोह : स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से हमें मिला स्वतंत्रता का उजाला......सीएम ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का किया शुभारंभ.....बस्तर और सरगुजा संभाग में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना शीघ्र होगी शुरू*

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रायपुर, 15 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का दिन है। अंग्रेजी साम्राज्यवाद से लड़ते हुए हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर हमें स्वतंत्रता का उजाला सौंपा। 

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सेना के वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि हम छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षाें की विकास यात्रा को ’’छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’’ के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने यह भी घोषणा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली जल्द ही लागू की जाएगी। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस अवसर पर हम विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लें। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता श्रद्धेय अटल जी के सुशासन का दृढ़ संकल्प हमें शक्ति देता है। हम निश्चित ही जन-जन की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को साकार करेंगे। गोस्वामी तुलसीदास जी का कथन ‘‘रामकाजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम‘‘ हमारा आदर्श वाक्य है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के सिद्धांत हमारे पथप्रदर्शक हैं।

राष्ट्रहित में स्वदेशी अपनाएं

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वदेशी को जन-आंदोलन का रूप दिया है। आत्मनिर्भर भारत 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। स्वतंत्रता दिवस का यह प्रेरक अवसर हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि - हर नागरिक स्वदेशी वस्तु खरीदना देशभक्ति का कार्य माने, हर व्यवसाय गुणवत्ता और स्थिरता को अनिवार्य मानें, हर नवाचारी सबसे पहले भारत के बारे में सोचे, हर किसान पर्यावरण अनुकूल समावेशी कृषि को अपनाए और हर क्षेत्र निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े।

वोकल फॉर लोकल अभियान में अग्रणी छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका हो। स्वदेशी रोजगार सृजन का ही नहीं देशभक्ति का भी एक उपक्रम है। हम नई औद्योगिक नीति के जरिए प्रदेश में बनने वाले उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री जी के लोकल फॉर ग्लोबल विजन पर काम कर रहे हैं। अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाने से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों को रोजगार मिलता है। इसका सीधा परिणाम देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के रूप में सामने आता है। हमारी आयात निर्भरता कम होती है। हम खादी को बढ़ावा देकर स्थानीय बुनकरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इससे हमें टैक्सटाइल क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई को प्रोत्साहित कर हम मेक इन इंडिया अभियान में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देना होगा। 

जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान हो हमारा ध्येय वाक्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई के लिए प्रधानमंत्री जी द्वारा दिया गया जीरो डिफेक्ट - जीरो इफेक्ट का मंत्र अत्यंत कारगर है। हमारे गांव, नगर और जिले स्तर पर तैयार होने वाली वस्तुएं गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं है। इसके लिए उन्हें डिजिटल संसाधनों, नवाचार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और एआई जैसी तकनीक को अपनाना होगा। अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान... के ध्येय वाक्य के साथ हम आगे बढ़ेंगे।

प्राकृतिक खेती हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करते हुए भारत सैन्य उपकरणों का निर्यातक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आज जलवायु संकट का सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ रहा है। कृषि क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में रसायन मुक्त, प्राकृतिक खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होगी। श्रीअन्न, दलहन-तिलहन और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ के हमारे किसान भाई कृषि लागत को कम कर सकते हैं। इससे रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी। 

स्वतंत्रता संग्राम के नायकों का पुण्य स्मरण

मुख्यमंत्री ने देश की आजादी की लड़ाई में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गये परलकोट विद्रोह के नायकों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि इस वर्ष परलकोट विद्रोह के 200 वर्ष पूरे हो गए हैं। आज भी शहीद गेंदसिंह की वीरता के किस्से प्रदेश की जनता उतने ही गौरव भाव से सुन रही है। भूखे और उत्पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए शहीद वीरनारायण सिंह द्वारा की गई लड़ाई को कौन भूल सकता है। उन्होंने रायपुर सिपाही विद्रोह के नायक हनुमान सिंह जी का भी इस अवसर पर स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भूमकाल विद्रोह के माध्यम से वीर गुंडाधुर ने अपनी मातृभूमि के लिए जिस अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया, वो इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। शहीद यादव राव, वेंकट राव, धुरवा राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा सहित हमारे अनेक जनजातीय नायकों का बलिदान देशभक्ति की अद्भुुत मिसाल है। 

 मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना अटल संकल्प पूरा किया और देश के नक्शे में छत्तीसगढ़ का एक नये राज्य के रूप में उदय हुआ। अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। हमारे पास समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं और अपार उत्साह समेटे हुए विपुल जन संसाधन है। एक नवंबर 2000 को जब यह राज्य बना, तब हमने एक सपना देखा था, एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी छत्तीसगढ़ का। आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि हम उस दिशा में तेजी से आगे बढ़़ रहे हैं। 

 मुख्यमंत्री ने आपातकाल के पचास बरस पूरे होने पर लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि आपातकाल के बेहद कठिन दौर में यातनाओं की परवाह न करते हुए उन्होंने लोकतंत्र की मशाल थामें रखी। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदारी हमें निभानी है। हमें यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को मूर्त रूप देना है। 

हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया

 मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है, जिन्होंने अपने असीम शौर्य और साहस से मातृभूमि का शीश हमेशा ऊंचा रखा। वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद पाकिस्तान की ओर से हुए आक्रमण से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक हर बार हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है। पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी कृत्य का बदला लेने हमारे  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिन्दूर चलाया गया। यह ऑपरेशन दुनियाभर में भारत के पराक्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बना। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गई है। हमारा चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिण धु्रव पर पहुंच चुका है और शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में तिरंगा लहरा दिया है। इस सफलता के पीछे देशवासियों की कड़ी मेहनत और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और अथाह इच्छा शक्ति की विशेष भूमिका है। 

मार्च 2026 तक देश को आतंकवाद से मुक्त करने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस गौरवशाली दिन हम अपने सुरक्षाबलों के जवानों का अभिनंदन करते हैं, जिन्होंने नक्सलियों को उनके ठिकानों में घुसकर मात दी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हम मार्च 2026 तक देश को माओवादी आतंक से मुक्त करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 20 महीनों में हमारे जवानों ने 450 माओवादियों को न्यूट्रलाइज और 1578 को गिरफ्तार किया है। हमारे जवानों ने माओवादियों के शीर्ष नेताओं बसवराजू और सुधाकर को न्यूट्रलाइज करने में सफलता पायी। राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर 1589 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं। इनके पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार की व्यवस्था की गई है। 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का असली मतलब तब है, जब आखिरी व्यक्ति तक लाभ पहुँचे। ताड़मेटला में जहां हमारे 76 जवानों ने माओवादी हमले में शहादत दी थी, उसके समीप ही चिंतागुफा के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण-पत्र मिला है। यहां हर महीने औसतन 20 प्रसव होते हैं और हजारों ग्रामीण निःशुल्क इलाज की सुविधा ले रहे हैं। नक्सलवाद के कम होते ही बस्तर में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। 50 बंद स्कूल फिर से खोले गए और कई गांवों में पहली बार बिजली पहुंची। नियद नेल्ला नार अर्थात आपका अच्छा गाँव योजना से 327 गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। पामेड़, जो कभी नक्सलियों का गढ़ था, वहां अब बैंक की शाखा खुल गई हैं।

पूरा हो रहा है हर नागरिक के पक्का घर का सपना
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 महीनों में हमने प्रदेश के नागरिकों को प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दी गई गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किये हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। पीएम जनमन योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए 34 हजार और नक्सल पीड़ित व आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास मंजूर किए गए। पात्रता नियम आसान किए गए हैं और नए लाभार्थियों के लिए आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वे कराया गया है। इस तरह हर नागरिक का पक्का घर पाने का सपना पूरा हो रहा है।

महतारी वंदन योजना: माताओं-बहनों को 11 हजार 728 करोड़ रूपए की सहायता

 मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सरकार बनने के तीन महीने के भीतर हमने महतारी वंदन योजना शुरू की। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को अब तक 11 हजार 728 करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। रायगढ़ जिले से हमने महिला समूहों को रेडी टू ईट फूड निर्माण का काम सौंपा है और इसका विस्तार जल्द ही हम अन्य जिलों में करेंगे।

किसानों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता

 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसान भाइयों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिल रहा है। हमने पिछले खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की है। राज्य में फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए कृषक उन्नति योजना के दायरे का विस्तार किया गया है। धान के बदले अब अन्य खरीफ फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 11 हजार रूपए तथा दलहन-तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषकों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि श्रमिकों को प्रतिवर्ष 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 26 लाख किसान भाइयों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इस योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति के 32 हजार 500 किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। खरीफ सीजन में हमने खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। वैश्विक तनाव के कारण जहां डीएपी की आपूर्ति में कुछ कमी आयी, वहां हमने भरपूर मात्रा में नैनो डीएपी उपलब्ध कराकर किसान भाइयों की दिक्कत दूर की।
   
 मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राज्य में सहकारिता की सम्भावनाओं को साकार कर रहे हैं। खेती-किसानी के साथ-साथ हम पशुधन और मत्स्यपालन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य में दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से हमने एमओयू किया है। वर्ष-2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हम सहकार से समृद्धि के मंत्र पर चलते हुए राज्य में सहकारी गतिविधियों को नई ऊंचाई दे रहे हैं।

शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर

 मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे कि शिक्षा के जरिए समाज में बड़े  बदलाव लाए जा सकते हैं। हमने नई शिक्षा नीति को लागू करने के साथ ही इसके प्रावधानों के अनुरूप स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है। अब सुकमा के दुर्गम गांव में भी शिक्षक हैं। राजधानी रायपुर से लेकर पहाड़ी कोरवा बसाहट वाले स्कूलों तक पूरे प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात एक समान है। हमारे स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। हम शासकीय विद्यालयों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान भी संचालित कर रहे हैं। पेरेण्ट्स टीचर मीटिंग तथा न्यौता भोज के माध्यम से हमने बच्चों के शैक्षणिक विकास में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की है, जिसका बेहतर परिणाम मिल रहा है। हमने स्कूलों के रखरखाव एवं अधोसंरचना विकास के लिए 133 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

नवा रायपुर में आकार ले रही एजुकेशन सिटी

 नवा रायपुर में हम सौ एकड़ में एजुकेशन सिटी बना रहे हैं। विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यहां साइंस सिटी का भी निर्माण कर रहे हैं। नवा रायपुर में हमने नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के कैंपस का भूमिपूजन किया है। देश में लागू नये कानूनों में फारेंसिक का महत्व काफी बढ़ गया है, जिससे राज्य के युवाओं को इस क्षेत्र में करियर निर्माण के अवसर सुलभ होंगे। छत्तीसगढ़ में आईटी और एआई क्रांति दस्तक दे चुकी है। हम नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया की सिलिकॉन वैली के रूप में तैयार कर रहे हैं। नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नॉलाजी की स्थापना करने जा रहे हैं, जिससे आईटी का बड़ा टैलेंट पूल यहां तैयार होगा।


बस्तर संभाग के सभी विकासखण्डों में कौशल विकास केन्द्र
  
 मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जॉब मार्केट की जरूरत के मुताबिक वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं। स्किल इंडिया मिशन के तहत नवा रायपुर में लाइवलीहुड सेंटर आफ एक्सीलेंस आरंभ कर रहे हैं। जनजातीय बहुल बस्तर संभाग के सभी 32 विकासखंडों में, कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। आईआईटी के पूर्व विद्यार्थियों की संस्था पैन आईआईटी के साथ वंचित समुदायों के कौशल विकास के लिए हमने एमओयू किया है। युवाओं को कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उन्हें विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिलें।

राज्य में 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य

 मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हमने नई स्टार्टअप नीति बनाई है। इसके माध्यम से हम राज्य के 100 तकनीकी संस्थाओं के 50 हजार छात्र-छात्राओं तक पहुंच बनाएंगे। राज्य में हमने 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। ईज ऑफ लिविंग के साथ ही स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर बढ़ते हुए हमने 350 से अधिक रिफॉर्म किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से प्रदेश में निवेश सरल, सहज और पारदर्शी हो गया है।

निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य

 उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति की बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की भव्य इमारत तैयार होगी। नई औद्योगिक नीति में हमने सबसे ज्यादा जोर पॉवर सेक्टर पर दिया है। इस सेक्टर में हमें 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे छत्तीसगढ़ विकसित भारत का पावर हाउस बनेगा। निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य बन चुका है। हमने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ ही रायपुर में भी इन्वेस्टर्स समिट किये। इन समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हमें मिल चुके हैं।

 नई औद्योगिक नीति में हम नये जमाने के उभरते हुए उद्योगों को भी विशेष अनुदान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन हमने किया है। लगभग 11 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस यूनिट से हमने चिप निर्माण के क्षेत्र में कदम रख दिया है। हम टैक्सटाइल क्षेत्र में संभावनाओं को अवसर में बदलना चाहते हैं। इसके लिए हम नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नॉलाजी का कैंपस स्थापित करने जा रहे हैं। इसकी अनुमानित लागत 271 करोड़ रुपए होगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण गठन का निर्णय

 मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए प्राधिकरण गठन का निर्णय लिया है। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए कार्य करेगा। यह प्राधिकरण योजना बनाने, निवेश को बढ़ावा देने, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का भी काम करेगा। अब जमाना ई-कॉमर्स का है। इसे प्रोत्साहित करने हमारी लॉजिस्टिक नीति विशेष रूप से उपयोगी होगी और प्रदेश में तेजी से इनलैंड कंटेनर डिपो तथा ड्राईपोर्ट में निवेश होगा।

नई रेल लाइनें बनेंगी ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां

 मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश की जो संभावनाएं पैदा हुई हैं, उसके पीछे एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हुए कामों की बड़ी भूमिका है। वर्ष 2030 तक हम उतनी ही रेल लाइन बिछा देंगे, जितनी 1853 में रेलवे शुरू होने से लेकर वर्ष 2014 तक बिछाई गई थी। रावघाट से जगदलपुर, केके लाइन का दोहरीकरण, तेलंगाना के कोठागुडेम से किरंदुल तक नई रेल परियोजनाएं बस्तर की भाग्य रेखा साबित होंगी। खरसिया से परमालकसा जाने वाली रेल लाइन प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। नई रेल लाइनें ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां साबित होंगी। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हमने कार्गाे सुविधा भी आरंभ की है। धनबाद और विशाखापट्नम जैसे औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से हो रहा है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रदेश की आर्थिक सेहत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां बिजली की खपत कितनी है। हमारा प्रदेश जीरो पॉवर कट स्टेट है। हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 2 हजार 211 यूनिट है, जबकि देश का औसत ऊर्जा खपत प्रति व्यक्ति 1 हजार 255 यूनिट है।  

हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में हमने बड़ा कदम उठाया है। हम हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से आमजन अब बिजली उपभोक्ता से बिजली उत्पादनकर्ता बन रहेे हैं। इस योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना पर केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। एक किलोवॉट के सौर संयंत्र पर केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए, इस प्रकार कुल  45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। दो किलोवॉट पर केन्द्र द्वारा 60 हजार रूपए और राज्य द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 90 हजार रूपए तथा तीन किलोवॉट का सौर संयंत्र लगाने पर केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल एक लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। मैं प्रदेश की जनता से आग्रह करता हूँ कि इस योजना का त्वरित लाभ उठाएं।

सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता

 सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हमने ई-ऑफिस प्रणाली को सभी विभागों में कार्यान्वित किया है। हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। हमने सरकारी खरीदी में पारदर्शिता लाने जेम पोर्टल को अपनाया है। भ्रष्टाचार के मामलों की ईओडब्ल्यू द्वारा पूरी तत्परता से जांच की जा रही है। पब्लिक पॉलिसी में युवाओं को आगे लाने हमने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना आरंभ की है। इसके जरिए युवा आईआईएम रायपुर में दो वर्षीय फेलोशिप कर रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके गांव, आपके मोहल्ले तक पहुंचे। सुशासन तिहार में 41 लाख से अधिक आवेदन में से अधिकतर आवेदनों का हमने गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया है। 

हमने रजिस्ट्री से संबंधित 10 क्रांतिकारी पहल की है। अब ऑनलाईन रजिस्ट्री की सुविधा, रजिस्ट्री के साथ ही अब नामांतरण, आधार प्रमाणीकरण, रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज बनाने की सुविधा के साथ पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारा अब केवल पांच सौ रुपए शुल्क में हो जाता है। हमने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक के माध्यम से नियमों को सरल किया है। 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं होगी। इसका उद्देश्य अवैध प्लाटिंग और जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर बिक्री पर रोक लगाना है। हमने जनविश्वास विधेयक के माध्यम से राज्य के 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन किया है। आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किये गये छोटे-छोटे तकनीकी उल्लंघन अब अपराध की श्रेणी में नहीं आएंगे। 

 विकसित छत्तीसगढ़ का नेतृत्व युवा शक्ति के हाथों में होगा। युवाओं के लिए शासकीय पदों में भर्ती पर सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार व्यापम की परीक्षा का साल भर का कैलेंडर जारी किया गया है। 

 खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। नई औद्योगिक नीति में हमने खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान प्रावधान किये हैं। युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए हमने युवा रत्न सम्मान योजना आरंभ करने का निर्णय लिया है। 

नवा रायपुर में बन रही मेडिसिटी

 स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए 441 करोड़ रुपए की लागत से हम स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर कर रहे हैं। राज्य के 543 सरकारी अस्पतालों को क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की लगातार भर्ती की जा रही है। पिछले महीने हमने एनएचएम के तहत 109 संविदा चिकित्सकों तथा 563 बांड अनुबंधित चिकित्सकों की नियुक्ति की है। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी बना रहे हैं, जहां राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल संचालित होंगे।

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ

 मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों की सूरत संवारने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ की गई है। इसके तहत सात नगर निगमों में 157 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इनमें आक्सीजोन, बस टर्मिनल, बायपास, आडिटोरियम निर्माण जैसे काम शामिल हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक हासिल की है। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में बिल्हा की हमारी स्वच्छता दीदियों की विशेष रूप से प्रशंसा की है।

बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू होगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना

 हमारी सरकार शहरों के साथ-साथ गाँवों में भी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को प्रथम चरण में हम बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू करने जा रहे हैं। इन बसों का संचालन स्थानीय लोग ही करेंगे। इससे ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी और उनकी रोज़मर्रा की परेशानियाँ दूर होंगी।

बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना को गति

 मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना पर आगे बढ़ रहे हैं। 50 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना के माध्यम से 200 मेगावाट बिजली के उत्पादन के साथ ही लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 9 सिंचाई परियोजनाओं में 522 करोड़ रुपए की राशि से सुधार कार्य कराया जाएगा। 
 
चरण पादुका योजना की फिर से शुरूआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक कदम उठा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की राशि 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी गई है। इससे साढ़े 12 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के 50 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान संग्राहकों के पैरों में छालें न पड़े, कांटे न चुभे, इसके लिए हमने चरण पादुका योजना फिर से शुरू की है। हर्बल औषधियों को बढ़ावा देने हमने फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल के तहत दुर्ग जिले के जामगांव (एम) में हाल ही में हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट का लोकार्पण किया है। इससे दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर सुलभ हुए हैं। 

आकार ले रहा आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित स्मारक

 मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को प्रोत्साहित करने हमारी सरकार ने बैगा, गुनिया, सिरहा लोगों को 5-5 हजार रुपए की सालाना सम्मान निधि प्रदान करने का निर्णय लिया है। नवा रायपुर में हमने ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण किया जा चुका है। प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम के जनजातीय नायकों को समर्पित शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक-सह-संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। बस्तर की जनजातीय संस्कृति की झलक देश-दुनिया को दिखाने हमने बस्तर पंडुम का आयोजन किया। बस्तर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र में है। बस्तर के धुड़मारास को यूएन पर्यटन संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना है। होम-स्टे को प्रोत्साहित करने हमने छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति बनाई है।

छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर में वृक्ष आवरण की वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है, जो देश में सबसे ज्यादा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर प्रदेश में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत विगत वर्ष में साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

कलाकारों और साहित्यकारों को प्रतिमाह 5 हजार रूपए पेंशन

राज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में कलाग्राम की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कलाकारों और साहित्यकारों को दी जाने वाली पेंशन राशि 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति माह कर दी गई है। प्रदेश के 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से भांचा राम के दर्शन लाभ मिला। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से भी हम तीर्थयात्रियों को देश भर के पुण्यस्थलों की यात्रा करा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में हमने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट के रूप में एक ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसके माध्यम से हम विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करेंगे। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है जिसने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। इसमें हमने निकटवर्ती, मध्यवर्ती और दीर्घकालीन लक्ष्य रखे हैं। इन्हें प्राप्त करने हमने सामाजिक आर्थिक विकास के 13 थीम चुने हैं और इनके क्रियान्वयन के लिए 10 मिशन तैयार किये हैं। छत्तीसगढ़ राज्य को संवारने के लिए आप सभी के सहयोग से हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हम सभी विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें।

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CG Breaking : "विकसित छत्तीसगढ़ का नेतृत्व युवा शक्ति के हाथों में होगा"- सीएम साय

Chhattisgarh News/रायपुर। सीएम साय ने स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी। ध्वजारोहण के बाद उन्होंने कहा, आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का दिन है। अंग्रेजी साम्राज्यवाद से लड़ते हुए हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर हमें स्वतंत्रता का उजाला सौंपा। आज स्वतंत्रता दिवस की इस प्रभात बेला में हम अपने सभी वीर सपूतों को कृतज्ञता से नमन करते हैं।

 

2 देश के उन्यासीवें (79वें) स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ हम छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षाें की विकास यात्रा को ’’छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’’ के रूप में मना रहे हैं। मुझे आपसे यह बात साझा करते हुए खुशी हो रही है कि हम आज के इस शुभ दिन से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ कर रहे हैं। आप सभी की भागीदारी से हम इस महोत्सव को अविस्मणीय बनाएंगे।

 

3 आज का दिन परलकोट विद्रोह के नायकों के पुण्य स्मरण का भी है। देश की आजादी की लड़ाई में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गये परलकोट विद्रोह के 200 वर्ष पूरे हो गए हैं। आज भी शहीद गेंदसिंह की वीरता के किस्से पीढ़ी दर पीढ़ी प्रदेश की जनता उतने ही गौरव भाव से सुन रही है।

 

4 भूखे और उत्पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए शहीद वीरनारायण सिंह द्वारा की गई लड़ाई को कौन भूल सकता है। रायपुर सिपाही विद्रोह के नायक हनुमान सिंह जी का इस अवसर पर स्मरण करना चाहूँगा। भूमकाल विद्रोह के माध्यम से वीर गुंडाधुर ने अपनी मातृभूमि के लिए जिस अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया, वो इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। शहीद यादव राव, वेंकट राव, धुरवा राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा सहित हमारे अनेक जनजातीय नायकों का बलिदान देशभक्ति की अद्भुुत मिसाल है।

 

5 हम अपने राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हैं, जिन्होंने अपना अटल संकल्प पूरा किया और देश के नक्शे में छत्तीसगढ़ का एक नये राज्य के रूप में उदय हुआ। अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं।

 

6 छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। हमारे पास समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं और अपार उत्साह समेटे हुए विपुल मानव संसाधन हैं। एक नवंबर 2000 को जब यह राज्य बना, तब हमने एक सपना देखा था, एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी छत्तीसगढ़ का। आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि हम उस दिशा में तेजी से आगे बढ़़ रहे हैं।

 

7 आपातकाल के पचास बरस पूरे हो गये हैं। हम अपने लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हैं, जिन्होंने आपातकाल के बेहद कठिन दौर में यातनाओं की परवाह न करते हुए लोकतंत्र की मशाल थामें रखी।

 

8 मातृभूमि के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदारी हमें निभानी है। हमें यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को मूर्त रूप देना है।

 

9 हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है, जिन्होंने अपने असीम शौर्य और साहस से मातृभूमि का शीश हमेशा ऊंचा रखा। वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद पाकिस्तान की ओर से हुए आक्रमण से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक हर बार हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है। पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी कृत्य का बदला लेने हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिन्दूर चलाया गया। यह ऑपरेशन दुनियाभर में भारत के पराक्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बना।

 

10 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गई है। हमारा चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिण धु्रव पर पहुंच चुका है और शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में तिरंगा लहरा दिया है।

 

11 इस सफलता के पीछे देशवासियों की कड़ी मेहनत और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और अथाह इच्छा शक्ति की विशेष भूमिका है। आज के इस गौरवशाली दिन, हम अभिनंदन करते हैं, अपने सुरक्षाबलों के जवानों का, जिन्होंने नक्सलियों को उनके ठिकानों में घुसकर मात दी।

 

12 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हम मार्च 2026 तक देश को माओवादी आतंक से मुक्त करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 20 महीनों में हमारे जवानों ने 450 माओवादियों को न्यूट्रलाइज और 1578 को गिरफ्तार किया है।

 

13 हमारे जवानों ने माओवादियों के शीर्ष नेताओं बसवराजू और सुधाकर को न्यूट्रलाइज करने में सफलता पायी। राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर 1589 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं। इनके पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार की व्यवस्था की गई है।

 

14 सुशासन का असली मतलब तब है, जब आखिरी व्यक्ति तक इसका लाभ पहुँचे। ताड़मेटला में जहां हमारे 76 जवानों ने माओवादी हमले में शहादत दी थी, उसके समीप ही चिंतागुफा के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण-पत्र मिला है। यहां हर महीने औसतन 20 प्रसव होते हैं और हजारों ग्रामीण निःशुल्क इलाज की सुविधा ले रहे हैं।

 

15 नक्सलवाद के कम होते ही बस्तर में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। 50 बंद स्कूल फिर से खोले गए और कई गांवों में पहली बार बिजली पहुंची। नियद नेल्ला नार अर्थात आपका अच्छा गाँव योजना से 327 गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। पामेड़, जो कभी नक्सलियों का गढ़ था, वहां अब बैंक की शाखा खुल गई हैं।

 

16 पिछले 20 महीनों में हमने प्रदेश के नागरिकों को प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दी गई गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किये हैं।

 

17 कैबिनेट की पहली बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। पीएम जनमन योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए 34 हजार और नक्सल पीड़ित व आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास मंजूर किए गए। पात्रता नियम आसान किए गए हैं और नए लाभार्थियों के लिए आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वे कराया गया है। इस तरह हर नागरिक का पक्का घर पाने का सपना पूरा हो रहा है।

 

18 महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सरकार बनने के तीन महीने के भीतर हमने महतारी वंदन योजना शुरू की। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ा रही हैं।

 

19 महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को अब तक 11 हजार 728 करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। रायगढ़ जिले से हमने महिला समूहों को रेडी टू ईट फूड निर्माण का काम सौंपा है और इसका विस्तार जल्द ही हम अन्य जिलों में करेंगे।

 

20 राज्य के किसान भाइयों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिल रहा है। हमने पिछले खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की है।

 

21 राज्य में फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार नेकृषक उन्नति योजना के दायरे का विस्तार किया है। धान के बदले अब अन्य खरीफ फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 11 हजार रूपए तथा दलहन-तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषकों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी।

 

22 दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर कल्याण योजना हमने शुरू की है। इसके तहत राज्य के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि श्रमिकों को प्रतिवर्ष 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दे रहे हैं।

 

23 छत्तीसगढ़ के 26 लाख किसान भाइयों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। खास बात यह है कि इस योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति के 32 हजार 500 किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं।

 

24 खरीफ सीजन में हमने खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। वैश्विक तनाव के कारण जहां डीएपी की आपूर्ति में कुछ कमी आयी, वहां हमने भरपूर मात्रा में नैनो डीएपी उपलब्ध कराकर किसान भाइयों की दिक्कत दूर की।

 

25 हम राज्य में सहकारिता की सम्भावनाओं को साकार कर रहे हैं। खेती-किसानी के साथ-साथ हम पशुधन और मत्स्यपालन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य में दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से हमने एमओयू किया है।

 

26 वर्ष-2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हम सहकार से समृद्धि के मंत्र पर चलते हुए राज्य में सहकारी गतिविधियों को नई ऊंचाई दे रहे हैं।

 

27 महात्मा गांधी कहते थे कि शिक्षा के जरिए समाज में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। हमने नई शिक्षा नीति को लागू करने के साथ ही इसके प्रावधानों के अनुरूप स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है। अब सुकमा के दुर्गम गांव में भी शिक्षक हैं। राजधानी रायपुर से लेकर पहाड़ी कोरवा बसाहट वाले स्कूलों तक पूरे प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात एक समान है। हमारे स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।

 

28 हम शासकीय विद्यालयों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान भी संचालित कर रहे हैं। पेरेण्ट्स टीचर मीटिंग तथा न्यौता भोज के माध्यम से हमने बच्चों के शैक्षणिक विकास में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की है, जिसका बेहतर परिणाम मिल रहा है। हमने स्कूलों के रखरखाव एवं अधोसंरचना विकास के लिए 133 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

 

29 नवा रायपुर में हम सौ एकड़ में एजुकेशन सिटी बना रहे हैं। विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यहां साइंस सिटी का भी निर्माण कर रहे हैं।

 

30 नवा रायपुर में हमने नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के कैंपस का भूमिपूजन किया है। देश में लागू नये कानूनों में फारेंसिक का महत्व काफी बढ़ गया है, जिससे राज्य के युवाओं को इस क्षेत्र में करियर निर्माण के अवसर सुलभ होंगे।

 

31 छत्तीसगढ़ में आईटी और एआई क्रांति दस्तक दे चुकी है। हम नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया की सिलिकॉन वैली के रूप में तैयार कर रहे हैं। नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नॉलाजी की स्थापना करने जा रहे हैं, जिससे आईटी का बड़ा टैलेंट पूल यहां तैयार होगा।

 

32 हम जॉब मार्केट की जरूरत के मुताबिक वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को कौशलयुक्त बनाने के लिए स्किल इंडिया मिशन पर काम किया जा रहा है। नवा रायपुर में हम लाइवलीहुड सेंटर आफ एक्सीलेंस आरंभ कर रहे हैं। हम जनजातीय बहुल बस्तर संभाग के सभी 32 विकासखंडों में, कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दे रहे हैं।

 

33 आईआईटी के पूर्व विद्यार्थियों की संस्था पैन आईआईटी के साथ वंचित समुदायों को सशक्त करने हमने एमओयू किया है। यह संस्था कौशल विकास को बढ़ावा देने का काम करेगी। युवाओं के कौशल विकास के साथ ही उन्हें विदेशी भाषाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि हमारे युवाओं को विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिल सकें।

 

34 स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हमने नई स्टार्टअप नीति बनाई है। इसके माध्यम से हम राज्य के 100 तकनीकी संस्थाओं के 50 हजार छात्र-छात्राओं तक पहुंच बनाएंगे। राज्य में हमने 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

 

35 ईज ऑफ लिविंग के साथ ही स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर बढ़ते हुए हमने 350 से अधिक रिफॉर्म किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से प्रदेश में निवेश सरल, सहज और पारदर्शी हो गया है।

 

36 नई औद्योगिक नीति की बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की भव्य इमारत तैयार होगी। नई औद्योगिक नीति में हमने सबसे ज्यादा जोर पॉवर सेक्टर पर दिया है। इस सेक्टर में हमें 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे छत्तीसगढ़ विकसित भारत का पावर हाउस बनेगा।

 

37 निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य बन चुका है। हमने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ ही रायपुर में भी इन्वेस्टर्स समिट किये। इन समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हमें मिल चुके हैं।

 

38 नई औद्योगिक नीति में हम नये जमाने के उभरते हुए उद्योगों को भी विशेष अनुदान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन हमने किया है। लगभग 11 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस यूनिट से हमने चिप निर्माण के क्षेत्र में कदम रख दिया है।

 

39 हम टैक्सटाइल क्षेत्र में संभावनाओं को अवसर में बदलना चाहते हैं। इसके लिए हम नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नॉलाजी का कैंपस स्थापित करने जा रहे हैं। इसकी अनुमानित लागत 271 करोड़ रुपए होगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

 

40 हमने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए प्राधिकरण गठन का निर्णय लिया है। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए कार्य करेगा।

 

41 यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के लिए योजना बनाने, निवेश को बढ़ावा देने, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का भी काम करेगा।

 

42 अब जमाना ई-कॉमर्स का है। इसे प्रोत्साहित करने हमारी लॉजिस्टिक नीति विशेष रूप से उपयोगी होगी और प्रदेश में तेजी से इनलैंड कंटेनर डिपो तथा ड्राईपोर्ट में निवेश होगा

 

43 जब हमारे राज्य का गठन हुआ तब प्रदेश की अधोसंरचना औद्योगिक वातावरण के अनुकूल नहीं थी। छत्तीसगढ़ में निवेश की जो संभावनाएं पैदा हुई हैं, उसके पीछे एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हुए कामों की बड़ी भूमिका है। वर्ष 2030 तक हम उतनी ही रेल लाइन बिछा देंगे, जितनी 1853 में रेलवे शुरू होने से लेकर वर्ष 2014 तक बिछाई गई थी।

 

44 रावघाट से जगदलपुर, केके लाइन का दोहरीकरण, तेलंगाना के कोठागुडेम से किरंदुल तक नई रेल परियोजनाएं बस्तर की भाग्य रेखा साबित होंगी। खरसिया से परमालकसा जाने वाली रेल लाइन प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। नई रेल लाइनें ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां साबित होंगी।

 

45 स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हमने कार्गाे सुविधा भी आरंभ की है। धनबाद और विशाखापट्नम जैसे औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से हो रहा है।

 

46 किसी प्रदेश की आर्थिक सेहत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां बिजली की खपत कितनी है। हमारा प्रदेश जीरो पॉवर कट स्टेट है। हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 2 हजार 211 यूनिट है, जबकि देश का औसत ऊर्जा खपत प्रति व्यक्ति 1 हजार 255 यूनिट है।

 

47 ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में हमने बड़ा कदम उठाया है। हम हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से आमजन अब बिजली उपभोक्ता से बिजली उत्पादनकर्ता बन रहेे हैं।

 

48 इस योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना पर केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। एक किलोवॉट के सौर संयंत्र पर केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। दो किलोवॉट पर केन्द्र द्वारा 60 हजार रूपए और राज्य द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 90 हजार रूपए तथा तीन किलोवॉट का सौर संयंत्र लगाने पर केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल एक लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। मैं प्रदेश की जनता से आग्रह करता हूँ कि इस योजना का त्वरित लाभ उठाएं।स्वच्छ ऊर्जा केवल पर्यावरण का विकल्प नहीं, अपितु वर्तमान समय की आर्थिक और रणनीतिक आवश्यकता है।

 

49 सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हमने ई-ऑफिस प्रणाली को सभी विभागों में कार्यान्वित किया है। फाइलें अब ऑनलाइन मूव हो रही हैं। इन पर निश्चित समय में निर्णय लिये जा रहे हैं और हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। हमने सरकारी खरीदी में पारदर्शिता लाने जेम पोर्टल को अपनाया है। भ्रष्टाचार के मामलों की ईओडब्ल्यू द्वारा पूरी तत्परता से जांच की जा रही है। पब्लिक पॉलिसी में युवाओं को आगे लाने हमने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना आरंभ की है। इसके जरिए युवा आईआईएम रायपुर में दो वर्षीय फेलोशिप कर रहे हैं।

 

50 सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके गांव, आपके मोहल्ले तक पहुंचे। वहां हितग्राहियों के चेहरे की खुशी और उत्साह देखकर लगा कि हमारी मेहनत सार्थक हुई है। सुशासन तिहार में 41 लाख से अधिक आवेदन आये और इनमें से अधिकतर आवेदनों का हमने गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया है।

 

51 भ्रष्टाचार तब पनपता है जब आम जनता को कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं। यह तब ठीक होता है, जब जनता को कार्यालय जाने की जरूरत ही न पड़े। हमने रजिस्ट्री से संबंधित 10 क्रांतिकारी पहल की है। अब ऑनलाईन रजिस्ट्री की सुविधा भी हमने सुनिश्चित की है। रजिस्ट्री के साथ ही अब नामांतरण भी हो जाता है। आधार प्रमाणीकरण के चलते किसी तरह की धोखाधड़ी की आशंका नहीं रहती। रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज बनाने आम नागरिकों को कानूनी विशेषज्ञों की भी जरूरत नहीं। पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारा अब केवल पांच सौ रुपए शुल्क में हो जाता है।

 

52 हमने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक के माध्यम से नियमों को सरल किया है। 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं होगी। इसका उद्देश्य अवैध प्लाटिंग और जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर बिक्री पर रोक लगाना है।

 

53 जनविश्वास विधेयक पारित करने वाले हम अग्रणी राज्य हैं। हमने जनविश्वास विधेयक के माध्यम से राज्य के 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन किया है। छोटे-छोटे प्रकरणों में कोर्ट का बहुमूल्य समय नष्ट होता है और नागरिकों का भी काफी समय इसमें बर्बाद होता है। आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किये गये छोटे-छोटे तकनीकी उल्लंघन अब अपराध की श्रेणी में नहीं आएंगे।

 

54 विकसित छत्तीसगढ़ का नेतृत्व युवा शक्ति के हाथों में होगा। युवाओं के लिए शासकीय पदों में भर्ती पर सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार व्यापम की परीक्षा का साल भर का कैलेंडर जारी किया गया है।

 

55 खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। हम इसके लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी पर भी काम कर रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में हमने खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान प्रावधान किये हैं। युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए हमने युवा रत्न सम्मान योजना आरंभ करने का निर्णय लिया है।

 

56 स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए 441 करोड़ रुपए की लागत से हम स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर कर रहे हैं। राज्य के 543 सरकारी अस्पतालों को क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की लगातार भर्ती की जा रही है। पिछले महीने हमने एनएचएम के तहत 109 संविदा चिकित्सकों तथा 563 बांड अनुबंधित चिकित्सकों की नियुक्ति की है। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी बना रहे हैं, जहां राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल संचालित होंगे।

 

57 स्थानीय निकायों में हुए निर्वाचन के पश्चात अब प्रदेश के विकास को तीसरा इंजन भी मिल गया है। जनाकांक्षाएं तेजी से पूरी हो रही हैं। ग्रामीण विकास के लिए नई सोच के साथ काम हो रहा है। नगरीय निकायों की सूरत संवारने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ की गई है। इसके तहत सात नगर निगमों में 157 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इनमें आक्सीजोन, बस टर्मिनल, बायपास, आडिटोरियम निर्माण जैसे काम शामिल हैं।

 

58 प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा स्वच्छ भारत मिशन को जनांदोलन बनाने का प्रयास अब हर गांव-शहर में दिखने लगा है। मुझे खुशी है कि हमारे प्रदेश के नगरीय निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक हासिल की है। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में बिल्हा की हमारी स्वच्छता दीदियों की विशेष रूप से प्रशंसा की। सफाई के इस महायज्ञ से जुड़ी प्रदेश की पूरी टीम को मैं इस सफलता के लिए बधाई देता हूँ।

 

59 हमारी सरकार शहरों के साथ-साथ गाँवों में भी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को प्रथम चरण में हम बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू करने जा रहे हैं। इन बसों का संचालन स्थानीय लोग ही करेंगे। इससे ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी और उनकी रोज़मर्रा की परेशानियाँ दूर होंगी।

 

60 हम बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना पर आगे बढ़ रहे हैं। 50 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना के माध्यम से 200 मेगावाट बिजली के उत्पादन के साथ ही लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 9 सिंचाई परियोजनाओं में 522 करोड़ रुपए की राशि से सुधार कार्य कराया जाएगा।

 

61 हम जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक कदम उठा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी जाने वाली संग्रहण राशि 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी गई है। इससे साढ़े 12 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के 50 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

 

62 वनांचल में रहने वाले लोगों के लिए तेंदूपत्ता हरा सोना है। तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान संग्राहकों के पैरों में छालें न पड़े, कांटे न चुभे, इसके लिए हमने चरण पादुका योजना फिर से शुरू की है। यह योजना तेन्दूपत्ता संग्राहकों की सुरक्षा, सम्मान और अंत्योदय का सुन्दर उदाहरण है।

 

63 हर्बल औषधियों को बढ़ावा देने हमने फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल के तहत दुर्ग जिले के जामगांव (एम) में हाल ही में हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट का लोकार्पण किया है। इससे दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर सुलभ हुए हैं।

 

64 सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को प्रोत्साहित करने हमारी सरकार ने बैगा, गुनिया, सिरहा लोगों को 5-5 हजार रुपए की सालाना सम्मान निधि प्रदान करने का निर्णय लिया है। प्रदेश की सुंदर जनजातीय संस्कृति के बारे में लोगों की उत्सुकता बढ़े, इसके लिए नवा रायपुर में हमने ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण तीन महीने पहले किया है।

 

65 प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम के जनजातीय नायकों को समर्पित शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक-सह-संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है।

 

66 बस्तर की जनजातीय संस्कृति की झलक देश-दुनिया को दिखाने हमने बस्तर पंडुम का आयोजन किया। बस्तर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र में है। बस्तर के धुड़मारास को यूएन पर्यटन संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना है। होम-स्टे को प्रोत्साहित करने हमने छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति बनाई है।

 

67 अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है, जो देश में सबसे ज्यादा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर प्रदेश में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत विगत वर्ष में साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

 

68 राज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में कलाग्राम की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कलाकारों और साहित्यकारों को दी जाने वाली पेंशन राशि को हमने 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति माह कर दिया है।

 

69 हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश के 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से भांचा राम के दर्शन लाभ कराने के निमित्त बन सके। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से भी हम तीर्थयात्रियों को देश भर के पुण्यस्थलों की यात्रा करा रहे हैं।

 

70 यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वदेशी को जन-आंदोलन का रूप दिया है। आत्मनिर्भर भारत 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है - अपने पैरों पर खड़े होने का, नवाचार करने का और अपनी ताकत दुनिया के सामने साझा करने का।

 

71 स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर हम सभी को स्वदेशी वस्तुओं के अधिक से अधिक उपयोग का संकल्प लेना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आगे बढ़ाने में हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका हो, इसके लिए हम सभी को आगे आना होगा। स्वदेशी सिर्फ रोजगार सृजन का ही माध्यम नहीं है, यह देशभक्ति का भी एक उपक्रम है।

 

72 हम नई औद्योगिक नीति के जरिए प्रदेश में बनने वाले उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री जी के लोकल फॉर ग्लोबल विजन पर काम कर रहे हैं। दैनिक जीवन में छोटी-छोटी पहल से हम स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपना सकते हैं। इससे स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों के साथ ही बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को रोजगार मिलता है, जो हमारी अर्थव्यवस्था के स्तंभ हैं।

 

73 स्वदेशी वस्तुओं का उत्पादन तथा उपयोग बढ़ने का सीधा परिणाम देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के रूप में सामने आता है। इससे हमारी आयात निर्भरता कम होती है। उदाहरण के लिए स्वदेशी के सबसे बड़े प्रतीक खादी का उपयोग बढ़ाकर हम स्थानीय बुनकरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इससे हमें टैक्सटाइल क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान बनाने में मदद मिलेगी।

 

74 एमएसएमई को प्रोत्साहित कर हम मेक इन इंडिया अभियान में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देना होगा।एमएसएमई के लिए प्रधानमंत्री जी द्वारा दिया गया जीरो डिफेक्ट - जीरो इफेक्ट का मंत्र अत्यंत कारगर है।

 

75 हमारे गांव, नगरऔर जिले स्तर पर तैयार होने वाली वस्तुएं गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं है। इसके लिए उन्हें डिजिटल संसाधनों, नवाचार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और एआई जैसी तकनीक को अपनाना होगा। अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान... के ध्येय वाक्य के साथ हम आगे बढ़ेंगे।

 

76 मेक इन इंडिया अभियान के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सैन्य उपकरणों का निर्यातकके रूप में उभर रहा है।

 

77 आज जलवायु संकट का सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ रहा है। कृषि क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में रसायन मुक्त, प्राकृतिक खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होगी। श्रीअन्न, दलहन-तिलहन और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ के हमारे किसान भाई कृषि लागत को कम कर सकते हैं। इससे रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।

 

78 स्वतंत्रता दिवस का यह प्रेरक अवसर हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा देता है। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिएमैं प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूं कि यह संकल्प राष्ट्रहित में अवश्य लें कि -

 

-हर नागरिक स्वदेशी वस्तु खरीदना देशभक्ति का कार्य माने...

 

-हर व्यवसाय गुणवत्ता और स्थिरता को अनिवार्य मानें...

 

-हर नवाचारी सबसे पहले भारत के बारे में सोचे...

 

-हर किसान पर्यावरण अनुकूल समावेशी कृषि को अपनाए...

 

-हर क्षेत्र निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े...

 

79 प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में हमने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट के रूप में एक ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसके माध्यम से हम विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करेंगे।

 

80 छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है जिसने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। इसमें हमने निकटवर्ती, मध्यवर्ती और दीर्घकालीन लक्ष्य रखे हैं। इन्हें प्राप्त करने हमने सामाजिक आर्थिक विकास के 13 थीम चुने हैं और इनके क्रियान्वयन के लिए 10 मिशन तैयार किये हैं।

 

81 “रायपुर में शीघ्र ही पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे पुलिस-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।”

 

82 छत्तीसगढ़ राज्य को संवारने के लिए आप सभी के सहयोग से हम दृढ़ संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

 

जयशंकर प्रसाद जी की पंक्तियां याद आती हैं -

 

‘‘इस पथ का उद्देश्य नहीं है श्रांत भवन में टिक रहना

 

किंतु पहुंचना उस सीमा पर जिसके आगे राह नहीं’’

 

गोस्वामी तुलसीदास जी का ‘‘रामकाजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम‘‘ हमारा आदर्श वाक्य है।

 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के सिद्धांत हमारे पथप्रदर्शक हैं।

 

83 हमारे राज्य के निर्माता श्रद्धेय अटल जी के सुशासन का दृढ़ संकल्प हमें शक्ति देता है। हम निश्चित ही जन-जन की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को साकार करेंगे।

 

84 आइए हम सब छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के इस रजत जयंती वर्ष में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लें।

 

85 सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को पुनः शत्-शत् नमन, हमारे वीर जवानों का अभिनंदन, आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की पुनः बहुत-बहुत बधाई।

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Big Breaking : लालकिले से PM मोदी का ऐलान.! इस दिवाली में देशवासियों को मिलने जा रहा बड़ा तोहफा..पढ़ें पूरी ख़बर

Independence Day 15 अगस्त 2025 : आज हमारा देश 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लगातार 12वीं बार लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित कर रहे हैं. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस दिवाली बहुत बड़ा तोहफा मिलेगा. हमने हाई लेवल कमेटी बनाई थी. हम नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लेकर आ रहे हैं. यह दिवाली में आपका तोहफा बन जाएगा. सामान्य मानवी के टैक्स भारी मात्रा में कम कर दिए जाएंगे. इससे रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएंगी और अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा.

आज से शुरू हो गई प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना

देश के नौजवानों नौजवानों, आज मैं आपके लिए खुशखबरी लेकर आया हूं. आज 15 अगस्त है. आज से ही मेरे देश के युवाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपये की योजना लागू कर की रहे जा हैं. रही है. आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना शुरू हो रही है. यह आपके लिए बड़ी खुशखबरी है. इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले नौजवान को 15 हजार रुपये सरकार की तरफ से दिए जाएंगे.

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से अमेरिका को भी सीधा संदेश दिया. उन्होंने कहा, वैश्विक “वैश्विक परिस्थितियों में जब आर्थिक स्वार्थ बढ़ रहा है है, तो जरूरत है कि हम अपनी लकीर को लंबा करें. मैं अनुभव से कह रहा है हूँ कि अगर यह रास्ता हमने चुन लिया लिया, तो कोई स्वार्थ हमें अपने चंगुल में नहीं फंसा सकता है. है.”

सभी क्षेत्रों में बनना है आत्मनिर्भर

पीएम मोदी ने कहा. कहा, मैं “मैं युवाओं का आह्वान करता हूं कि खुद का प्लैटफॉर्म प्लेटफॉर्म तैयार करें. हम आत्मनिर्भर बनें. हम फर्टिलाइजर फर्टिलाइज़र पर दूसरे दूसरों पर निर्भर हैं. आइए आइए, हम फर्टिलाइजर फर्टिलाइज़र का भंडार भर दें ताकि दूसरों पर निर्भरता खत्म हो जाए. आे आने वाले समय में ईवी बैट्री बैटरी का युग आ रहा है. हम इसे भी बनाएँगे. बनाएंगे. हमें युवाओं पर भरोसा है. बीते 11 साल में उद्यमशीलता को बड़ी ताकत मिली है. आज लाखों स्टार्टअप देश को शक्ति दे रहे हैं. हैं.”

 अपना स्पेस स्टेशन बनाने की ओर बढ़ रहा देश

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पेस के क्षेत्र में भी हम आत्मनिर्भर बन रहे हैं. हमारा देश गगनयान की तैयारी कर रहा है. स्पेस सेक्टर पर हम 300 स्टार्टअप्स पर काम कर रहे हैं. यह हमारे देश के नौजवानों की ताकत है. आज मैं लालकिले की प्राचीर से वैज्ञानिकों, प्रोफेशनल प्रोफेशनल्स और सरकार के हर विभाग का आह्वान करते करता हैं. हूँ. हमारा मेड इन इंडिया जेट इंजन भी होना चाहिए.

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे देश ने पांच साल पहले ही 50 पर्सेंट प्रतिशत क्लीन एनर्जी का लक्ष्य हासिल कर लिया था. हमने लक्ष्य 2030 तक का रखा था था, लेकिन यह 2025 में ही पूरा हो गया. ईंधन लाने में करोड़ रुपये खर्च ना न करने पड़ते पड़ते, तो विकास को और गति मिल जाती. देश को विकसित करने के लिए अब हम समुद्र मंथन की ओर जा रहे हैं. महारे महासागर समुद्र मंथन का मतलब है कि हम गैस और तेल के भंडार खोजने के लिए मिशन मोड में काम कर रहे हैं.

 सेमीकंडक्टर के विचार की कर दी गई थी भ्रूण हत्या

फिलहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से 50-60 साल पहले सेमीकंडक्टर के विचार की भ्रूण हत्या कर दी गई थी. अब हमने मिशन मोड में काम शुरू किया है. कई नए यूनिट्स् यूनिट्स स्थापित किए जा रहे हैं. इसी साल केअँत के अंत तक मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप्स बाजार में आ जाएगी. ऊर्जा के क्षेत्र में हम एनर्जी के लिए बहुत सारे देशों पर निर्भर हैं. हमें लाखों करोड़ों रुपये खर्च करके ईंधन लाना पड़ता है. हमें ईंधन के लिए भी आत्मनिर्भर बनना होगा. देश में सोलर एनहर्जी एनर्जी 30 गुना पढ़ बढ़ गई है. क्लीन एनर्जी की दिशा में हम तेजी से काम कर रहे हैं. भारत मिशन ग्रीन हाइड्रोजन पर हजारों करोड़ रुपये निवेश कर रहा है. भारत न्यूक्लियर एनर्जी पर बड़े फैसले ले रहा है. न्यूक्लियर एनर्जी में कई नए रिएक्टर पर काम किया जा रहा है. 2047 तक हम परमाणु ऊर्जा क्षमता को 10 गुना से ज्यादा आगे बढ़ाने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं

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*मुख्यमंत्री प्रातः 9 बजे राजधानी रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण और परेड की सलामी लेंगे*

रायपुर, 14 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर से लेकर जिला मुख्यालयों, कस्बो एवं गांवों में 79वें स्वतंत्रता दिवस के गरिमामय आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में प्रातः 9 बजे से आयोजित होगा, जहां मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। मुख्यमंत्री परेड के आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी लेने के पश्चात राज्य की जनता के नाम अपना संदेश देंगे।

 मुख्यमंत्री श्री साय इस अवसर पर असाधारण साहस और उत्कृष्ट सेवा के लिए राज्य के 25 पुलिस कर्मियों को वीरता पदक, राष्ट्रपति पदक एवं सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित करेंगे। मुख्य समारोह में पुलिस बैंड एवं हार्स शो का प्रदर्शन व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। 

79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा दुर्ग में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा प्रातः 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगेे। राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सरगुजा में आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, गरियाबंद में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, बालोद में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कोरबा में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, जशपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायगढ़ में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सूरजपुर में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बलौदाबाजार में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सांसद श्री विजय बघेल, कवर्धा में सांसद श्री संतोष पांडेय, बलरामपुर में सांसद श्री चिंतामणि महाराज, महासमुंद में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सारंगढ़ में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, सक्ती में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद श्री महेश कश्यप, कांकेर में सांसद श्री भोजराज नाग, तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे।

मुंगेली जिला मुख्यालय में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में विधायक श्री धरमलाल कौशिक, कोरिया में विधायक श्री अमर अग्रवाल, धमतरी में विधायक श्री अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, कोंडागांव में विधायक सुश्री लता उसेंडी, नारायणपुर में विधायक श्री विक्रम उसेंडी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में विधायक श्री राजेश मूणत, दंतेवाड़ा में विधायक श्री किरण देव और सुकमा जिला मुख्यालय में विधायक श्री धरमजीत सिंह स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे।

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*मुख्यमंत्री ने धरमजयगढ़ में 42.99 करोड़ की लागत से 45 कार्यों का लोकार्पण एवं 19.36 करोड़ की लागत से 70 कार्यों का किया भूमिपूजन*

रायपुर , 14 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले धरमजयगढ़ प्रवास के दौरान रायगढ़ जिलेवासियों को 62 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 42 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से 45 लोकार्पण कार्य एवं 19 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से 70 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। 

    मुख्यमंत्री श्री साय ने 5 करोड़ 25 लाख 11 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के पानीखेत से ऐडुकला मार्ग पर भेंगारी नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य एवं 6 करोड़ 39 लाख 6 हजार रुपए की लागत से लैलूंगा के पाकरगांव मार्ग पर खारून नदी पर पुल निर्माण कार्य, 28 करोड़ 53 लाख 29 हजार रुपए की लागत से खरसिया, लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ क्षेत्र में सिंगल विलेज नलजल प्रदाय योजना, रेट्रोफिटिंग नल जल प्रदाय योजना एवं सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के कार्य, धरमजयगढ़ के बहिरकेला एवं लैलूंगा के लमडांड में  75-75 लाख रुपए की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विकासखण्ड घरघोड़ा के ग्राम कोनपारा में 7 लाख की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन तथा धरमजयगढ़ के उपकेन्द्र खडग़ांव में 1 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से सीएसपीडीसीएल 33/11 केवी, 3.15 एमव्हीए कार्य का लोकार्पण किया। 

    इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने 13 करोड़ 28 लाख 36 हजार रुपए की लागत से जिले के 7 जगह धौराभांठा, तमनार, लैलूंगा, घटगांव, घरघोड़ा, बाकारूमा एवं धरमजयगढ़ में पो.मै.आदिवासी बालक छात्रावास भवन निर्माण कार्य, 20 लाख 33 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के स्थल कक्ष क्रमांक 643 आर.एफ. में वॉच टॉवर तथा 10 लाख 88 हजार रुपए की लागत से कक्ष क्रमांक 11 आर.एफ.कुमरता में पेट्रोलिंग कैम्प निर्माण कार्य, धरमजयगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 2 करोड़ 54 लाख 95 हजार रुपए की लागत से पुलिया, सीसी रोड, फुट वे निर्माण, आरसीसी पुलिया निर्माण, शेड निर्माण, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन एवं मंगल भवन के कार्य के साथ ही लैलूंगा, धरमजयगढ़ एवं खरसिया विधानसभा क्षेत्रों में 3 करोड़ 22 लाख 22 हजार रुपए की लागत से 44 स्वास्थ्य केंद्रों के मरम्मत कार्यों का भूमिपूजन किया।

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*मुख्यमंत्री श्री साय ने हजारों युवाओं के साथ लगाई स्वतंत्रता की दौड़.....भारत माता और रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया*

रायपुर 14 अगस्त 2025// हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक है। हम सभी तिरंगे की शान को हमेशा बनाए रखेंगे, अपने अमर बलिदानियों को कभी नहीं भूलेंगे और सभी मिलकर विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव में आयोजित स्वतंत्रता दौड़ में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हजारों युवाओं के साथ स्वतंत्रता दौड़ लगाई और भारत माता और अमर बलिदानी रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। 
      मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तिरंगे में करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाएं समाई हैं और यह हमारी वीरता, शांति और समृद्धि के भाव की अमिट चेतना है। 
श्री साय ने पवित्र तिरंगे को प्रणाम करते हुए कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पिछले कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस में पूरा देश तिरंगामय हो जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम सभी अलग-अलग तरीकों से इस पावन दिवस को उत्साह के साथ मना रहे है।  तिरंगा यात्राएं और हर-घर तिरंगा फहराने के संकल्प ने इस पावन अवसर को जन-जन से जोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह स्मरण कराती है कि आज़ादी अनगिनत बलिदानों की अमूल्य देन है। लाखों-करोड़ों देशभक्तों ने अपने प्राण न्योछावर किए, तब जाकर हमें यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
           मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के खास अवसर ने मुझे बचपन के दिनों की याद दिला दी। जब मैं स्कूल में था तब स्वतंत्रता दिवस पर प्रभात फेरी निकलती  थी, गांव-गांव में देशभक्ति गाने गूंजते थे। उन्होंने कहा कि उस समय जो गर्व महसूस होता था, वही गर्व आज भी हमारे दिल में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा दायित्व है कि हम अपने देश और प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएं। वर्ष 2047 तक के लिए हमने विकसित छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है, और हमारी सरकार उसी के अनुरूप कार्य कर रही है। यह सरकार के साथ-साथ हम सभी का साझा संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर उपस्थित सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी। 
    कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दौड़ सिर्फ एक दौड़ नहीं बल्कि आजादी के लिए किये गए संघर्ष का प्रतिसाद है। देश को वीर सपूतों के बलिदान से आजादी मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित, स्वच्छ, स्वस्थ और श्रेष्ठ भारत के विजन के साथ चलते हुए हमारे मुख्यमंत्री ने भी विकसित और समृद्धशाली छत्तीसगढ़ का सपना संजोया है। उन्होंने कहा कि इस स्वप्न को पूर्ण करने अपना अमूल्य योगदान देने का संकल्प लें।
      इस दौरान विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार मौजूद रहे।

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*समय पर मिला खाद, खिल उठी उम्मीदें, संतोष की मेहनत में भरेंगे रंग* 

 रायपुर, 14 अगस्त 2025/ आज संतोष केशरवानी के चेहरे पर संतुष्टि और खुशी एक साथ दिख रही है। अपने खेत में लगी धान की फसल के लिए समय पर खाद के लिए जाने से संतोष और उनका परिवार ने चैन की मांग ली है। दरअसल चालू खरीफ मौसम में धान की फसल के लिए खाद की कमी की कुछ खबरों ने संतोष की बैचेनी बढ़ा दी थी। परन्तु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर राज्य में किसानों को समय पर सोसयटियों से  पर्याप्त मात्रा मे खाद मिल रहा हैं। कल ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों से केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खाद का अतिरिक्त आबंटन जारी करने को मंजूरी भी दी है। छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार ने 50 हजार टन डीएपी तथा 50 हजार टन यूरिया का अतिरिक्त आबंटन किया है। 

 राज्य में धान की फसल में अब रोपा बयासी का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में धान के पौधों की तेजी से बढ़वार के लिए किसानों को खाद की जरूरत है। इस समय में फॉस्फेटिक खाद की ज्यादा जरूरत पड़ती है। समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद मिल जाने से कोरबा जिले के कोरकोमा गांव के सीमांत किसान श्री संतोष केसरवानी की खेतों की बुआई आसानी हुई और फसल की बेहतर शुरुआत संभव हो सकी। श्री केसरवानी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया खेत हमारा सहारा है, सरकार और समिति की तत्परता से उन्हें खेती बाड़ी के लिए जरूरी खाद बीज आदि सामग्री समय पर मिल गई है। इस मदद से उनकी खेती को नई ऊर्जा मिली है। 

 किसान श्री संतोष ने कहा कि उनके पास लगभग 5 एकड़ जमीन है, खरीफ सीजन के शुरुआत से ही वे बेहतर उत्पादन के लिए प्रयत्नशील है, बारिश समय पर होने से खेतों की जुताई से लेकर पौधे तैयार करने में कोई दिक्कत नही हुई। इस सीजन में समितियों से समय पर आवश्यक खाद भी उपलब्ध हो गए। उन्होंने बताया कि इस खरीफ सीजन में कोरकोमा सहकारी समिति से उन्होंने अपनी जरूरत अनुसार 7-7 बोरी डीएपी, यूरिया और सुपर फॉस्फेट खाद क्रय किया है, जिसके लिए उन्हें कोई परेशानी नही हुई, ना ही समिति के बार-बार चक्कर लगाना पड़ा। समिति में जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करते ही उन्हें केसीसी के माध्यम से खाद प्रदान किया गया। श्री संतोष ने बताया कि पिछले खरीफ वर्ष उन्होंने करीब 92 क्विंटल धान बेचा था। इस बार वे शुरुआत से ही पूरे परिवार के साथ बेहतर फसल के लिए मेहनत में जुटे हैं। वक्त पर खेत की बुआई होने से उनकी फसल अच्छी लग रही है, उनकी मेहनत रंग ला रही है, आगे जरूरत अनुसार सिंचाई और समय समय पर खाद का छिड़काव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी खेती न अब सिर्फ एक जीविका का साधन है, बल्कि उम्मीदों की फसल भी बन गई है। वे कहते हैं, सरकार और सहकारी समिति ने जिस प्रकार से खाद और बीज की व्यवस्था समय पर की, उससे हम जैसे छोटे किसानों को बहुत राहत मिली है। इस पहल ने न केवल उनका आर्थिक बोझ कम किया, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।

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*छत पर पावर जनरेटर बने सौर ऊर्जा प्लांट : बिजली बिल कम हुआ, मेंटेनेंस की चिंता नहीं...*


 रायपुऱ, 14 अगस्त 2025/  छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत तेजी से काम हो रहा है। इस योजना में जब से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य सरकार द्वारा भी तीस हजार रूपए की सब्सिडी की घोषणा की है। तब से सोलन प्लांट लगवाने के लिए लोग तेजी से आवेदन कर रहे हैं। नगर निगम रायगढ़ के लोचन नगर निवासी श्री प्रदीप मिश्रा इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाकर न केवल अपने घर की बिजली खपत में कमी ला रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सराहनीय योगदान दे रहे हैं। अपने घर की छत पर सोलर पावर प्लांट लगवाने से श्री मिश्रा के घर का बिजली बिल आधा हो गया है। एक बार प्लांट लगने के बाद उसके रख-रखाव, मरम्मत या मेंटेनेंस की चिंता भी नहीं रही है। 

    श्री मिश्रा ने अपने मकान की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित कराया है। पहले उन्हें सौर ऊर्जा के बारे में सीमित जानकारी थी, लेकिन बिजली विभाग से योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने विभाग की तकनीकी सहायता से यह सिस्टम लगवाया। कुल लागत के लिए उन्होंने ग्रामीण बैंक से ऋण लिया, जिसमें केंद्र सरकार से 78,000 रुपये और राज्य सरकार से 30,000 रुपये की सब्सिडी मिली। उन्होंने बताया कि सौर पैनल लगवाने के बाद से उनके बिजली बिल में कमी आई है। पहले प्रति माह लगभग 550 यूनिट बिजली की खपत होती थी, लेकिन अगस्त महीने में यह घटकर करीब 300 यूनिट रहने का अनुमान है।

       श्री मिश्रा ने कहा कि इस योजना से न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग कर पर्यावरण प्रदूषण को भी कम किया जा सकता है। श्री मिश्रा ने जिले के अन्य नागरिकों से भी अपील की कि वे प्रधानमंत्री श्सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अवश्य लें। योजना के तहत विभिन्न क्षमताओं के सोलर पैनलों पर सरकार द्वारा अलग-अलग सब्सिडी दी जाती है और बिजली विभाग की मदद से शीघ्र स्थापना कराई जाती है। इस योजना का लाभ उपभोक्ताओं को पूर्णत ऑनलाईन प्रक्रिया के तहत दिया जा रहा है। जिसके तहत उपभोक्त स्वयं ऑनलाईन पोर्टल cgiti.admissions.nic.in  पर लॉग इन कर अथवा पीएम सूर्यघर मोबाईल ऐप सीएसपीडीसीएल के वेबसाइट, मोर बिजली एप एवं बिजली कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं।

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*मुख्यमंत्री श्री साय भारत विभाजन विभीषिका दिवस – राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं चित्र प्रदर्शनी में हुए शामिल*

भारत का विभाजन इतिहास की एक गहरी पीड़ा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर, 14 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाश मंच में आयोजित भारत विभाजन विभीषिका दिवस – राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विभाजन इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसकी पीड़ा आज भी महसूस की जाती है। उस दौर की घटनाओं को याद करना आज भी मन को उद्वेलित कर देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभाजन के समय लाखों लोगों को अपने घर-परिवार और मातृभूमि से दूर होना पड़ा तथा अनेक स्थानों पर हिंसा और अशांति का सामना करना पड़ा। कुछ लोग सुरक्षित अपने देश लौट सके, जबकि कई अपने घरों तक नहीं पहुँच पाए। अमृतसर स्टेशन जैसे स्थानों पर आई ट्रेनों से जुड़ी घटनाएं आज भी विभाजन के कठिन दौर की याद दिलाती हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भी जो लोग भारत आए, उन्होंने परिश्रम और साहस के साथ जीवन में नई शुरुआत की, जो सराहनीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 14 अगस्त को स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि भी है। जूदेव जी ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में राज्यमंत्री के रूप में योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व विशाल, और स्वभाव परोपकारी था। आज धरमजयगढ़ में उनकी पुण्यतिथि पर संस्कृति रक्षा महासम्मेलन एवं अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया  था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कठिन संघर्ष और त्याग के मूल्यों पर हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त तिरंगे का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर बीते कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा पूरे देश में उत्साह और एकता का प्रतीक बन गया है। तिरंगा यात्राओं और हर-घर तिरंगा अभियान ने इसे जन-जन से जोड़ दिया है।

राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता, विचारक एवं लेखक डॉ. सदानंद सप्रे ने कहा कि विभाजन के समय की पीड़ादायक घटनाएं इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।  उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम सभी के एकजुट प्रयासों से भारत की एकता और अखंडता और सुदृढ़ होगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे  डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज ने कहा कि हमें स्वतंत्रता के साथ-साथ उस समय के कष्ट, विस्थापन और चुनौतियों को भी याद रखना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को विभाजन के इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों को अपने घर-परिवार छोड़कर पलायन करना पड़ा, जो एक बड़ा मानवीय संकट था।

कार्यक्रम के समापन पर संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी एवं श्री मोतीलाल साहू, श्री अजय जामवाल, श्री पवन साय, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

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*स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव सनातन धर्म के सच्चे ध्वजवाहक – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय......धर्मांतरण पर प्रभावी रोक के लिए विधानसभा में कानून लाने की घोषणा*

धरमजयगढ़ में 100 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा

रायपुर 14 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ के धरमजयगढ़ में आयोजित संस्कृति गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव न केवल राजनीति के मार्गदर्शक थे, बल्कि सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के सच्चे ध्वजवाहक भी थे। उन्होंने कहा कि स्व. जूदेव जी ने "घर वापसी" के माध्यम से दबाव या बाहरी प्रभाव में आकर धर्मांतरण करने वालों को उनके मूल धर्म में लौटने का मार्ग दिखाया। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध सशक्त आंदोलन खड़ा किया और लोगों को उनकी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से जोड़ा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि प्रदेश में धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विधानसभा में कानून पारित किया जाएगा, जिससे सनातन संस्कृति और परंपराओं की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा – "प्रदेश की जनता और संतों के आशीर्वाद से एक किसान का बेटा मुख्यमंत्री बना है, और डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटियों को धरातल पर उतारना हमारी प्राथमिकता रही है।"

मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, धान खरीदी ₹3,100 प्रति क्विंटल, बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर वृद्धि, चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ, रामलला दर्शन योजना, तीर्थयात्रा योजना, अटल डिजिटल सेवा केंद्र और नामांतरण-रजिस्ट्री प्रक्रिया सरलीकरण जैसे कार्य जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि स्व. दिलीप सिंह जूदेव राजनीति के पुरोधा होने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी जीवनभर समर्पित रहे। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ₹3,716 करोड़ का बकाया बोनस 13 लाख से अधिक किसानों को दिया गया, 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया और महतारी वंदन योजना के तहत धरमजयगढ़ की लगभग 57 हजार महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की सहायता दी जा रही है। पीएम आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए, जिनमें 26,059 घर केवल धरमजयगढ़ के हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धरमजयगढ़ प्रवास के दौरान विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें सड़कों, पुल-पुलिया, विद्युत और स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं।

घोषणाओं में नगर पंचायत क्षेत्र के लिए 10 करोड़ रुपये (गौरवपथ निर्माण, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नेहरू गार्डन विस्तार एवं जीर्णोद्धार) और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 50 करोड़ रुपये (धरमजयगढ़-ओंगना और खड़गांव-क्रोन्धा मार्ग में सरिया नदी पर पुलिया सहित अन्य सड़क-पुलिया कार्य) शामिल हैं। साथ ही, छाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने, 132 केवी सब-स्टेशन (₹50 करोड़) की स्थापना और अंबेटिकरा मंदिर के सौंदर्यीकरण की भी घोषणा की गई।

कार्यक्रम में सैकड़ों हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इनमें स्मार्टफोन, महाजाल उपकरण, चरण पादुका, मेधावी शिक्षा सहायता, आयुष्मान कार्ड, उद्यानिकी पौध, सामुदायिक निवेश निधि चेक, बी-1 खसरा एवं नक्शा प्रतिलिपि तथा प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत लाभ वितरण शामिल है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, कुमार प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और महापौर नगर निगम श्री जीवर्धन चौहान उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के नेतृत्व में कुनकुरी में उमंग और उत्साह के साथ निकाली गई तिरंगा यात्रा में भारी संख्या में शामिल हुए लोग.....स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर उन्हें  किया गया नमन*


 
जशपुरनगर, 14 अगस्त 2025/ स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर आज कुनकुरी नगरपंचायत क्षेत्र में तिरंगा यात्रा पूरे जोश और उमंग के साथ निकाली गई।मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता सिंह, मंडल अध्यक्ष श्री राजकुमार गुप्ता, उपेन्द्र यादव, सुनील अग्रवाल सहित नागरिकगण पूरे हर्षोल्लास के साथ शामिल हुए।
    तिरंगा यात्रा से पहले कुनकुरी बाजारडाँड़ में स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस मौके पर सभी ने उनके द्वारा समाज और राज्य के विकास के लिए किए गए योगदान को याद कर उन्हें नमन किया। इस दौरान जय जूदेव, कुमार साहब अमर रहे जैसे नारे गूंजते रहे। इसके उपरांत निकाली गई  तिरंगा यात्रा मुख्य मार्ग से होते हुए जय स्तम्भ तपकरा रोड, बस स्टैंड, मुख्य मार्ग से रेमते रोड, पुरानी बस्ती ,बाजारडाँड़ से होते हुए पुनः जय स्तम्भ पर समाप्त हुई।
    लगभग 3 किलोमीटर लंबी इस तिरंगा यात्रा के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम से गूंजते नारे लोगों के दिलों में जोश भर रहे थे। नगरवासियों ने पूरे दिल से यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर फूल बरसाकर यात्रा का अभिनंदन किया गया।  पूरा वातावरण देश प्रेम की भावना से सराबोर हो गया। इस अवसर पर कौशल्या साय ने कहा कि तिरंगा यात्रा का मूल उद्देश्य नागरिकों में  देशभक्ति की भावना जागृत करना और उन्हें स्वतंत्रता के अमूल्य महत्त्व से अवगत कराना है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा हमें यह सिखाती है कि हम सभी एकजुट हैं और हमें अपने राष्ट्र की गौरवशाली विरासत पर गर्व होना चाहिए।

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