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CG Big News : स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के दिन प्रधान पाठिका नदारद.! ग्रामीणों ने जताई नाराजगी..हटाने की मांग..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/बिलाईगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, रोहिना में पदस्थ प्रधान पाठिका मिलाप बंजारे के खिलाफ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि उनका रवैया अड़ियल और मनमाना है, जिसके चलते वह 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर भी विद्यालय में उपस्थित नहीं रहीं।

फिलहाल कार्यक्रम के दौरान प्रधान पाठिका की अनुपस्थिति से बच्चों, ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी उनकी शिकायतें उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मांग की जा रही है कि मिलाप बंजारे को तत्काल इस विद्यालय से हटाकर किसी अन्य स्थान पर पदस्थ किया जाए।

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CG Big News : जन्माष्टमी पर अद्भुत नजारा, हुआ चमत्कार.! लड्डू गोपाल ने पिया दूध..श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से जन्माष्टमी पर एक चमत्कारिक घटना सामने आई है। यहां मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) दिनेश डे के घर जन्माष्टमी के अवसर पर स्थापित लड्डू गोपाल की मूर्ति को दूध का भोग लगाया गया। जैसे ही दूध से भरा कटोरा मूर्ति के सामने रखा गया, वहां मौजूद लोगों ने देखा कि कटोरे में रखा दूध धीरे-धीरे कम होने लगा। यह दृश्य देखते ही सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए और माहौल में श्रद्धा का उत्साह भर गया। कुछ ही देर में यह खबर पूरे मोहल्ले में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग वहां दर्शन के लिए उमड़ पड़े। घर का माहौल “राधे-राधे, जय श्रीकृष्ण और बांके बिहारी की जय” के जयकारों से गूंज उठा। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि कटोरे में रखा दूध मूर्ति के सामने धीरे-धीरे घट रहा है। 

 

 

दरअसल भक्तों में आस्था का उफान इस घटना को देखने पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि यह जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की साक्षात लीला प्रतीत होती है। कई लोग भावुक होकर इसे भगवान की कृपा और आशीर्वाद मान रहे हैं। उनका कहना है कि भगवान कभी-कभी अपने भक्तों को चमत्कारिक रूप में दर्शन देते हैं, और यह उसी का उदाहरण है। धर्माचार्यों की प्रतिक्रिया धर्माचार्यों ने भी इस घटना को भक्त और भगवान के बीच की गहरी आस्था और भक्ति का अद्वितीय उदाहरण बताया। उनका कहना है कि जब भक्ति चरम पर होती है तो ईश्वर अपने भक्तों की भावना का सम्मान करते हुए चमत्कार के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। हालांकि कुछ विद्वानों का यह भी कहना है कि ऐसे प्रसंगों को श्रद्धा और विश्वास के नजरिए से ही देखना चाहिए, क्योंकि धार्मिक अवसरों पर आस्था का महत्व सर्वोपरि होता है। 

फिलहाल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे बड़े चाव से शेयर कर रहे हैं और भगवान श्रीकृष्ण के इस अद्भुत स्वरूप को देखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। कई लोग इसे “जन्माष्टमी का वरदान” बता रहे हैं, तो कई लोग इसे दिव्य लीला मानकर भगवान की महिमा का गुणगान कर रहे हैं। घटना के बाद मोहल्ले में मेले जैसा माहौल बन गया। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे दर्शन के लिए पहुंचे और लड्डू गोपाल को भोग अर्पित किया। कई श्रद्धालुओं ने घर पर भी विशेष पूजा-पाठ किया और इसे शुभ संकेत मानते हुए अपने परिवार के लिए मंगलकामना की।

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रेंज की बड़ी लापरवाही उजागर: बादलखोल अभ्यारण्य के जंगल में रातोंरात काट दिए गए साल प्रजाति के 8 पुराने पेड़....तस्करों को पकड़ना विभाग के लिए बड़ी चुनौती...क्या दोषियों पर कोई कार्रवाई करेगा विभाग...जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर!

बादलखोल अभयारण्य में पेड़ों की चोरी 50 साल से अधिक पुराने साल के 8 पेड़ काट दिए गए

आरोपियों का नहीं मिला कोई सुराग, पेड़ों को काटने वाली चेनसाँ मशीन का किया उपयोग

जशपुर / नारायणपुर 16 अगस्त 2025 :-बादलखोल अभ्यारण्य वन क्षेत्र में इन दिनों वन माफियाओ ने आतंक मंचा रखा है या यह कहे की वन विभाग के अधिकारियो या कर्मचारियों की लाफ़रवाही के चलते यंहा के हरे-भरे पेड़ों के अवैध कटान हो रहा है, क्योंकि इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यंहा छोटे बड़े पेड़ पौधे के टूंट देखने को मिलते रहें है और अब साहीडाँड़ बिट क्षेत्र के जंगल में बीती रात फिर से साल के पेड़ों पर आरी चला दी गयी।

जानकारी के मुताबिक, जैसे ही सर्किल अधिकारी को सूचना मिली, वह मौके पर पहुंचे और तत्काल एक फॉरेस्ट गार्ड को भी बुलाया। कटे हुए पेड़ों को पेवार कर डिपो भेजने की तैयारी जुट गए है, ताकि मीडिया को इनकी भनक न लगे। परन्तु इस घटना ने वन विभाग के रेन्ज के जिम्मेदार अधिकारी की कार्यशैली और सतर्कता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

ज्ञात हो कि जिले के एकमात्र अभयारण्य बादलखोल में पुराने विकसित पेड़ों की चोरी धड़ल्ले से हो रही है। 13 अगस्त की रात को साहीडांड़ बीट में आरा मशीन का उपयोग कर करीब 50 साल से अधिक पुराने 8 पेड़ काट दिए गए हैं। पेड़ों को गिराने के क्रम में करीब 5 अर्धविकसित पेड़ भी दब कर धाराशायी हो गए हैं।

13 अगस्त को विशालकाय आठ पेड़ जो काटे गए हैं, उसकी सूचना ग्रामीणों के माध्यम से अभयारण्य अमले को मिली। 14 अगस्त को चुपचाप अभयारण्य के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर कटे हुए पेड़ों की जब्ती बनाई और आनन-फानन में पेड़ों को डीपो भेजने की तैयारी करने लगे। 15 अगस्त की तैयारी की वजह से जब डीपो भेजने की व्यवस्था नहीं हो पाई तो कटे हुए पेड़ यहीं पड़े रह गए। रिपोर्टर को जब इसकी सूचना मिली तो मौके पर पहुंचे। यहां उपस्थित अभ्यारण्य के रेंजर से जब हमने सवाल पूछा तो वह अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए इस संबंध में  उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। बता दें कि अभयारण्य जंगल के दुश्मनों का साफ्ट टारगेट बन चुका है।

बादलखोल अभ्यारण्य में वन घनत्व तेजी से कम हो रहा है। अभ्यारण्य के कई इलाके ऐसे हैं, जहां बीस से पच्चीस साल पहले इतने घने जंगल थे, कि दोपहर के वक्त भी सूरज की किरणें धरती पर नहीं पड़ती थी। पर अब पूरे अभ्यारण्य में ऐसा एक भी इलाका नहीं बचा है जहां इतने घने जंगल हों। इसके जगहों पर जंगल में पेड़ इतने कम हो चुके हैं कि आसानी से 500 मीटर से अधिक दूरी तक की चीजें नजर आ जाती है।

स्थानीयों ने कहा- बाहरी गिरोह होने की आशंका

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानीय ग्रामीण भोजन इंधन के लिए लकड़ियां काटते हैं। इतने बड़े पेड़ों को काटने की हिम्मत स्थानीय लोग नहीं करेंगे। इन पेड़ों को काटने के लिए चेनसों मशीन का उपयोग किया गया है। इसलिए यह प्रतीत होता है कि इसमें किसी बाहरी तत्व का हाथ है। रेंज अधिकारी की लाफ़रवाही के कारण यह संभव हो रहा है।

तस्करों पर कार्रवाई नहीं की जा रही

लंबे समय से अभयारण्य में बीच बीच मे इस तरह की गतिविधियां जारी है। इधर अभयारण्य अमले द्वारा ना तो अवैध कटाई पर कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही तस्करों तक पहुंच पा रही है, बड़ी बटनाओं के सामने आने के बाद कोई विशेष कार्रवाई नही की जाती है। यहां पेड़ों की बेतहाशा कटाई हो रही है। बहुत कम बार विभाग को कटे हुए पेड़ जब्त होते हैं। अक्सर लकड़ी तस्करी करने वाले बेशकीमती पेड़ों को काटकर ले जाते हैं। जिसे लेकर ना तो कोई प्रकरण बनाया जाता है और ना ही कोई जांच होती है।


गश्ती वाहन का  उपयोग सिर्फ एक के हाथों में

अभ्यारण्य प्रशासन ने अभ्यारण्य क्षेत्र में गश्ती के लिए वाहन दिया है। पर इस वाहन का उपयोग सिर्फ एक  अधिकारी कर रहे हैं। अभ्यारण्य कर्मचारियों ने बताया कि कभी भी गश्ती के लिए वाहन ले जाने को नहीं बोला जाता हैं। बरसात में भी बाइक में गश्ती करने को मजबूर हैं। जो शासकीय वाहन मिला है, उसका उपयोग रेंज  अधिकारी स्वयं करते हैं। इस संबंध में जब हमने रेंजर से बातचीत करनी चाही तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

          अब देखना यह है कि वन विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले की गहराई से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे या फिर इसे भी बाकी मामलों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा।
       प्राकृतिक संसाधनों की इस खुली लूट पर रोक लगाने के लिए ज़मीनी स्तर पर सक्रिय निगरानी की सख्त ज़रूरत है। वरना बादलखोल अभ्यारण्य बचे हुए हरित क्षेत्र जल्द ही बंजर में तब्दील हो सकते हैं। हमारी इस खबर पर वन विभाग के उच्चधिकारी संज्ञान लेकर अधिकारियो की मॉनिटरिंग जरूर कराये! अन्यथा आने वाले समय मे जंगल को बचा पाना मुश्किल हो जाएगा।

13 अगस्त की रात को अज्ञात तस्करों द्वारा 8 पेड़ काटे गए और साथ ही भारी पेड़ के गिरने से 5 से 6 पेड़ टूट गए है कटे हुए पेड़ों को बोंगी कर डिपो भेजने की तैयारी कर रहे है।
सुरेन्द्र प्रधान - डिप्टी रेंजर-बादलखोल अभ्यारण्य

पेड़ काटने वालों की पतासाजी की जा रही

पेड़ काटे जाने की सूचना स्टाफ से मिली थी। किसने पेड़ काटे हैं, इसकी पतासाजी के लिए गुप्तचर लगाए गए हैं। कटे हुए पेड़ों को डीपो भेजने के निर्देश दिए गए हैं।गश्ती वाहन की शिकायत मिलने के बाद वाहन को अभ्यारण्य के सर्किल साहीडांड़ में रखने के निर्देश रेंजर को दिए हैं।
-बीबी केरकेट्टा - अधीक्षक,
बादलखोल अभ्यारण्य

देखें वीडियो :- किस तरह से पेड़ों को काटा गया और क्या कहते है ग्रामीण ओर विभाग के कर्मचारी

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मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय द्वारा रामकिशुन राम और जुगनी बाई की जिंदगी में फिर से लौटी खुशियाँ.....मिला श्रवण यंत्र,सीएम साय को दिया धन्यवाद

जशपुरनगर, 16 अगस्त 2025/ प्रकृति की मनमोहक ध्वनियाँ, अपने बच्चों और परिवारजनों की मधुर आवाजें जीवन को सुखद, जीवंत और आनंद से परिपूर्ण बना देती हैं।लेकिन जब सुनने की शक्ति छिन जाती है तब जीवन का ये संगीत जैसे थम सा जाता है। ऐसा ही कुछ बीता विकासखंड दुलदुला के ग्राम बोईडांड के रहने वाले बुजुर्ग रामकिशुन राम और जुगनी बाई के साथ।
     जैसे-जैसे उम्र बढ़ती गई, दोनों की श्रवण क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई। रामकिशुन राम ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें दोनों कानों से स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं दे रहा है। इस वजह से उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस समस्या से निजात पाने हेतु  श्रवण यंत्र उपलब्ध कराने की मांग की।
      इसी प्रकार जुगनी बाई ने भी कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी व्यथा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उन्हें भी दोनों कानों से सुनाई नहीं दे रहा है। उन्होंने निवेदन  किया कि उन्हें श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे इस समस्या से राहत पा सकें और सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें।
        मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनके आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही की और उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया। अब रामकिशुन राम और जुगनी बाई फिर से सुन सकते हैं हर वो ध्वनि, अपने बच्चों, परिवारजनों की आवाज जो उनके जीवन को उमंग और आनंद से भर सकती है।  
      श्रवण यंत्र पाकर उन्होंने  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और कैंप कार्यालय का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा मेरी समस्या का इतने जल्दी समाधान हो जाएगा यह सोचा नहीं था। आज मेरे जीवन में फिर से उजाला लौट आया है।  गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।

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*बस्तर के 29 गांवों में पहली बार शान से लहराया तिरंगा.....अब भय और हिंसा से निकलकर विकास व विश्वास की ओर - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*

रायपुर, 16 अगस्त 2025/ आज़ादी के 78 साल बाद बस्तर के उन गांवों में तिरंगा शान से लहराया, जहाँ अब तक नक्सलियों का लाल झंडा ही ताक़त और खौफ का प्रतीक माना जाता था। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिलों के 29 गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। दशकों से बंदूकों की नली और डर के साए में जी रहे इन गांवों में तिरंगे का फहराया जाना केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की ऐतिहासिक तस्वीर है। यह तस्वीर दर्शाती है कि सुरक्षा बलों के त्याग, सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और ग्रामीणों की उम्मीद ने मिलकर नक्सलवाद के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। इन गांवों में तिरंगा फहराना उस ऐतिहासिक बदलाव का प्रमाण है, जो सुरक्षा बलों के साहस, राज्य और केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा सबसे बढ़कर ग्रामीणों के धैर्य और विश्वास से संभव हुआ है। बीजापुर जिले के कोंडापल्ली, जीड़पल्ली, वाटेवागु, कर्रेगुट्टा, पिड़िया, पुजारीकांकेर और भीमारम जैसे गांव; नारायणपुर जिले के गारपा, कच्चापाल, बेड़माकोट्टी, कांदूलनार, रायनार सहित कई गांव; तथा सुकमा जिले के गोमगुड़ा, गोल्लाकुंडा, नुलकातोंग और उसकावाया जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में आज़ादी के बाद पहली बार तिरंगे का फहरना एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी सुशासन की सरकार के उस संकल्प का परिणाम है, जिसमें नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास की नई धारा प्रवाहित करने का लक्ष्य रखा गया है। “बस्तर अब भय और हिंसा से बाहर निकलकर प्रगति, समृद्धि और विश्वास की ओर बढ़ रहा है। सरकार का वचन है कि हर गांव तक विकास की रोशनी पहुँचेगी और कोई भी नागरिक विकास की रोशनी से अछूता नहीं रहेगा,” उन्होंने कहा।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इसे सुरक्षा बलों की मेहनत और स्थानीय समुदायों के धैर्य का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि “आज जिन गांवों में तिरंगा फहराया गया, वहाँ दशकों तक लाल झंडे का खौफ छाया रहा। यह  बस्तर में नई सुबह का प्रतीक है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों की नई रणनीति, शिविरों की स्थापना और लगातार दबाव के चलते नक्सली कैडर कमजोर हुआ है। आत्मसमर्पण नीतियों ने बड़ी संख्या में उग्रवादियों को मुख्यधारा में लौटाया है। वहीं सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि केवल सुरक्षा उपाय ही नहीं, बल्कि विकास ही स्थायी समाधान है। इसी कारण नियद नेल्ला नार योजना सहित सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और अन्य योजनाओं से ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने लगा है। ग्रामीणों का भरोसा जीतना इस ऐतिहासिक बदलाव का सबसे बड़ा आधार रहा है। स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर तथा प्रशासन का संवेदनशील रवैया ग्रामीणों को यह संदेश दे रहा है कि सरकार उनके साथ खड़ी है।

बस्तर की यह नई तस्वीर पूरे देश को यह संदेश देती है कि जब इच्छाशक्ति, रणनीति और जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रहती। कर्रेगुट्टा सहित बस्तर के इन 29 गांवों में फहराता तिरंगा उस नई सुबह का प्रतीक है, जो हिंसा की अंधेरी रात को पीछे छोड़ते हुए शांति, विकास और आत्मविश्वास से भरे भविष्य की ओर अग्रसर है।

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*मुख्यमंत्री श्री साय आईबीसी 24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2025 में हुए शामिल: प्रदेश की मेधावी बेटियों को किया सम्मानित*

रायपुर, 16 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित आईबीसी 24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप कार्यक्रम में  12वीं कक्षा की प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली प्रदेश की बेटियों को सम्मानित किया और उन्हें सहायता राशि के चेक प्रदान किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर मेधावी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने बेटियों से कहा कि आने वाले समय में उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पुरस्कार बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान कर रहा है। गरीब परिवारों के होनहार बच्चों के लिए यह स्कॉलरशिप उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और यह उनके उच्च शिक्षा को आगे बढ़ाने में बेहद सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ बनने से पूर्व हमारा अंचल लंबे समय तक विकास की दौड़ में पीछे रहा। श्रद्धेय अटल जी के प्रयासों से यह राज्य अस्तित्व में आया तथा इसकी विकास यात्रा शुरू हुई। उन्होंने कहा कि अब हमने प्रदेश के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप तैयार किया है, जिस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। हर एक प्रदेशवासी के सहयोग और भागीदारी से हम विकसित छत्तीसगढ़ का सपना पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूल मंत्र है। पिछले 25 वर्षों में प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर की कई शैक्षणिक संस्थाएं स्थापित हुई हैं। आईआईटी, आईआईएम, एम्स के साथ-साथ 10 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। प्रदेश के बच्चों का गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का सपना अब साकार हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज युक्तियुक्तकरण के निर्णय से प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। कर्रेगुट्टा जैसे सुदूर अंचलों में, जहां कभी स्कूलों में ताले लगे रहते थे, वहां भी अब शिक्षक पहुंच चुके हैं। हमने शिक्षकों की व्यवस्था में मौजूद असंतुलन को दूर किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से भरपूर और औद्योगिक विकास की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश है। नई औद्योगिक नीति के परिणामस्वरूप महज़ डेढ़ वर्ष में ही 6.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। आने वाले वर्षों में युवाओं को प्रदेश में ही कौशल अनुरूप रोजगार मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री से संवाद किया।गरियाबंद की प्रिया बघेल ने खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के संबंध में प्रश्न किया। इस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेलो इंडिया सेंटर के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं, खुशी देवांगन ने तकनीक और एआई से जुड़े सवाल पूछे, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तकनीक-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और इसके लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।

कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से 12वीं कक्षा में जिला टॉपर और राज्य की प्रवीण्य सूची में स्थान पाने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आईबीसी 24 समूह के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल सहित गणमान्य नागरिक, प्रदेश भर से पहुंची छात्राएं और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे छत्तीसगढ़ का वैश्विक मंच पर नेतृत्व.....ढोकरा कला से आधुनिक उद्योग तक – ओसाका में छत्तीसगढ़ की पहचान*

रायपुर, 16 अगस्त 2025/छत्तीसगढ़ विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के लिए तैयार है। जापान के ओसाका में 13 अप्रैल से 13 अक्टूबर 2025 तक आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ अपनी धरोहर और विकास यात्रा का प्रदर्शन करेगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को विशेष आमंत्रण मिला है। एक्सपो का विषय है “Designing Future Society for Our Lives” तथा इसके उप-विषय “Saving Lives”, “Empowering Lives” और “Connecting Lives” हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भागीदारी न केवल राज्य की सांस्कृतिक और तकनीकी प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगी बल्कि छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विकास के विश्व मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश-अनुकूल कारोबारी केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान को और सुदृढ़ करेगा।

ब्यूरो इंटरनेशनल दे एक्सपोज़िशन्स द्वारा आयोजित वर्ल्ड एक्सपो को नवाचार और सतत विकास पर वैश्विक संवाद का प्रमुख मंच माना जाता है। ओसाका एक्सपो की व्यापक अवधारणा “People’s Living Lab” है, जो वैश्विक नवाचार और सह-निर्माण की भावना को दर्शाता है। इस आयोजन में 160 से अधिक देश और 9 अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हो रहे हैं।

भारत इस एक्सपो में अपनी बड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित कर रहा है। “भारत मंडप” शीर्षक वाला भारतीय पैवेलियन प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक नवाचार का संगम है। यहां योग सत्र, भरतनाट्यम की प्रस्तुतियां, बॉलीवुड फिल्मों की स्क्रीनिंग और भारत की अंतरिक्ष यात्रा को दर्शाने वाला विशेष चंद्रयान ज़ोन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र है।

इस बीच, छत्तीसगढ़ ने पहले ही अपनी विश्व प्रसिद्ध ढोकरा कला के माध्यम से वैश्विक दर्शकों का दिल जीत लिया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल के तहत प्रदर्शित इस धातु कला ने अपनी अनूठी शिल्पकला से सबको मोहित किया।

अब छत्तीसगढ़ ओसाका के युमेशिमा आइलैंड, कोनोहनाकु स्थित विशाल एक्सपो स्थल पर अपना राज्य स्तरीय स्टॉल स्थापित करेगा। यह अवसर छत्तीसगढ़ को भारत सरकार के भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) के आमंत्रण पर मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक प्रगति को प्रदर्शित करेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के साथ भी सहयोग कर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दोहराया कि छत्तीसगढ़ की उपस्थिति वर्ल्ड एक्सपो 2025 में राज्य की उपलब्धियों को नई पहचान दिलाएगी और इसे वैश्विक औद्योगिक विकास के मानचित्र पर एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।

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*आज हम पते में जिस "छत्तीसगढ़" शब्द का उपयोग करते हैं, वह श्रद्धेय अटल जी की ही देन – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर, 16 अगस्त 2026/ आज हम छत्तीसगढ़वासी अपने पते में जिस "छत्तीसगढ़" शब्द का उपयोग करते हैं, वह श्रद्धेय अटल जी की ही देन है। वे हमारे छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता के रूप में सदैव स्मरणीय रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित अवंती विहार चौक पर आयोजित माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनका पुण्य स्मरण किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री अटल जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। पत्रकार, कवि और राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। सभी लोग उनके भाषण के कायल होते थे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने 25 सप्ताह तक चलने वाले छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के ‘रजत महोत्सव’ का शुभारंभ किया है। आज यदि हम छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं, तो यह अटल जी की ही देन है। इस 25 सप्ताह में सभी विभागों द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह वर्ष अटल जी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है। हमने उनकी स्मृति में इस वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ घोषित किया है, जिसके तहत अधोसंरचना विकास में तेजी लाने के लिए अलग से बजट का प्रावधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने जिस उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, उन उद्देश्यों की पूर्ति करते हुए हमारा राज्य तेजी से तरक्की की राह पर बढ़ रहा है। इन 25 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि हमने अगले 25 वर्षों में विकसित राज्य बनने की न केवल संकल्पना की है, बल्कि इसे पूरा करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047’ रोडमैप भी तैयार किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य रहा कि जब श्री अटल जी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने, उस समय मैं सांसद के रूप में निर्वाचित हुआ। मैंने संसद में अटल जी के व्याख्यान सुने हैं। लोकसभा में उनके संबोधन का हम सब इंतजार करते थे। उनका चुटीला अंदाज, बेबाकी और अपनी बात रखने की कला सबका मन मोह लेती थी। जब छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संबंधी बिल संसद में प्रस्तुत हुआ, उस चर्चा को भी मुझे श्रोता के रूप में सुनने का अवसर मिला। उस समय हमारे राज्य से राज्यसभा सांसद स्वर्गीय लखी राम अग्रवाल एवं स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव ने भी अपनी बात संसद में रखी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने हमें सिखाया कि सिद्धांतों पर हमेशा दृढ़ रहना चाहिए। वे सिद्धांत एवं मूल्यों की राजनीति को ही महत्व देते थे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि संवाद, सहमति और संवेदना की कला भी है। उनकी वाणी आज भी हमारी धड़कनों में गूंजती है। 

कार्यक्रम को विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं राज्य खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। 

इस अवसर पर श्री किशोर महानंद, श्री जयंती पटेल, अवंती विहार व्यापारी संघ के पदाधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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*साइबर सुरक्षा से बचाव के लिए बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी और ओटीपी किसी से साझा न करें : मुख्यमंत्री*

रायपुर, 15 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर से एसबीआई साइबर सतर्कता रथ (ऑडियो-वीडियो वैन) को झंडी दिखाकर रवाना किया और राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तकनीक ने मानव जीवन को आसान और सहज बनाया है। डिजिटल लेन-देन तेज और सुविधाजनक हुए हैं, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता और सावधानी से लोग साइबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जागरूकता अभियान लोगों में साइबर सुरक्षा की समझ बढ़ाने का एक प्रभावी प्रयास है। इसके अंतर्गत ऑडियो-वीडियो संदेश, नुक्कड़ नाटक और कठपुतली नाटक के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। श्री साय ने  कहा कि प्रदेश में 29 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां साइबर ठगी के मामले अधिक होते हैं और इस रथ का विशेष फोकस उन स्थानों पर रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी किसी से साझा न करें और अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठग आए दिन नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। ज़रा सी लापरवाही मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग जागरूक हों और साइबर अपराध से स्वयं को सुरक्षित रखें।

उल्लेखनीय है कि डिजिटल माध्यम से हो रही धोखाधड़ी और अनाधिकृत लेन-देन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने "हर भारतीय का बैंकर" होने के नाते राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 15 अगस्त से 30 नवंबर 2025 तक चलेगा। यह रथ प्रदेश के सभी 33 जिलों में जाएगा और नाचा दल व नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी देगा।

भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम श्री राकेश सिन्हा, एजीएम श्री दीपक कुमार सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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CG Breaking : मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मी तेज.! सरगुजा संभाग के दो विधायक रायपुर रवाना..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर. छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है. मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सरगुजा संभाग के दो विधायक रायपुर रवाना हुए हैं, जिन्हें मंत्री बनाने की चर्चा हो रही है. बता दें कि आज शाम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक राजभवन पहुंचे थे. राजभवन में उन्होंने राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद चर्चा और तेज हो गई है कि साय कैबिनेट का विस्तार होने वाला है और तारीख तय हो गई है. मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से मुलाकात कर शपथ लेने वाले मंत्रियों के नाम दे दिए हैं.

 

वहीं, अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज रायपुर के लिए रवाना हो चुके हैं. बताया जा रहा कि साय सरकार में तीन नए मंत्रियों को जगह मिलेगी. सरगुजा के विधायकों को मंत्री मंडल में मौका मिल सकता है. राजेश अग्रवाल और प्रबोध मिंज का प्रोफाइल मजबूत है. प्रबोध मिंज 2 बार महापौर और आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं. विधायक राजेश अग्रवाल पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव को विधानसभा चुनाव में हराकर विधायक बने हैं. राजेश अग्रवाल और प्रबोध मिंज के रायपुर रवाना होने के बाद सरगुजा में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है.

 

बता दें कि आज ही सुबह सीएम विष्णुदेव साय ने मीडिया से चर्चा में कहा था कि इंतजार करिए, जल्द ही विस्तार होगा. उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार उनके विदेश दौरे से पहले भी हो सकता है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 22 अगस्त से पहले विदेश दौरे पर जा रहे हैं, इसके पहले मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर भाजपा हाईकमान ने मंजूरी दे दी है. जानकारों के अनुसार, 18 अगस्त से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, जिसमें तीन नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा.

 

हरियाणा की तर्ज पर होगा मंत्रिमंडल का विस्तार

 

दरअसल, हरियाणा में भी 90 विधायक हैं. हरियाणा में बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं. लिहाजा, हरियाणा के फॉर्मूले को छत्तीसगढ़ में भी लागू करते हुए 3 और मंत्री बनाए जा सकते हैं. हालांकि छत्तीसगढ़ बनने के बाद से 13 मंत्री ही बनते आ रहे हैं. नियमों के तहत विधायकों की संख्या के 15 प्रतिशत ही मंत्री बन सकते हैं, इस लिहाज से 90 विधायकों में 13.5 मंत्री बन सकते हैं इसलिए मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री भी हो सकते हैं.

 

बता दें कि, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बढ़ती सरगर्मियों के बीच नामों को लेकर उथल-पुथल के हालात अब भी बरकरार हैं. इस बीच भाजपा संगठन के एक भरोसेमंद सूत्र ने अब तक चर्चाओं में रहने वाले नामों के उलट नए नाम की चर्चा छेड़ दी है. इन नामों में अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल, आरंग से विधायक गुरू खुशवंत सिंह और दुर्ग के विधायक गजेंद्र यादव शामिल हैं. इससे पहले तक जिन नामों को लेकर चर्चा रही हैं, उनमें अमर अग्रवाल, गजेंद्र यादव, पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत जैसे विधायकों के नाम शामिल थे.

 

गुरु खुशवंत के नाम की चर्चा क्यों?

 

ज्ञात हो कि, आरंग सीट से विधायक खुशवंत साहेब सतनामी समाज के गुरु हैं. वह सतनामी समाज के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक भंडारपुरी गुरु गद्दी के उत्तराधिकारी हैं. सतनामी समाज के एक दूसरे प्रमुख तीर्थ स्थल गिरौदपुरी की गद्दी के उत्तराधिकारी कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके गुरु रूद्र कुमार हैं. दोनों ही सतनामी समाज के संत गुरु घासीदास के वंशज हैं, लेकिन राजनीतिक तौर पर दोनों एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं. भंडारपुरी गद्दी के गुरु बालदास के समाज में प्रभाव को आप इस तरह से समझिए कि साल 2013 के चुनाव के दौरान उन्होंने सतनाम सेना पार्टी का गठन कर चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारे थे. अनुसूचित जाति बहुल सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार उतरने से वोटों का समीकरण बिगड़ा और इसका फायदा भाजपा को हुआ. भाजपा ने तब राज्य की 10 अनुसूचित जाति की सीटों में से 9 पर जीत दर्ज की थी. मगर साल 2018 के चुनाव में गुरु बालदास की नाराजगी भाजपा को भारी पड़ गई. जब उन्होंने कांग्रेस का समर्थन किया था, लेकिन 2023 के चुनाव के ठीक पहले गुरु बालदास अपने बेटे गुरु खुशवंत साहेब के साथ भाजपा में शामिल हो गए.

 

वहीं, भाजपा ने गुरु खुशवंत साहेब को आरंग से अपना उम्मीदवार बनाया था. उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रहे शिव डहरिया को भारी मतों से हराकर जीत हासिल की थी. भाजपा के रणनीतिकार की माने तो गुरु खुशवंत साहेब को साय सरकार में मंत्री बनाकर भाजपा अनुसूचित जाति वर्ग के वोट बैंक में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. संगठन के भीतर यह भी चर्चा रही है कि गुरु बालदास अपने विधायक बेटे को मंत्री बनाने के लिए दिल्ली तक दौड़ लगाते रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा हाईकमान के कई वरिष्ठ नेताओं से उनकी चर्चा होती रही है. ऐसे में भाजपा को डर है कि अगर गुरु खुशवंत साहेब को मंत्री नहीं बनाया गया, तो गुरु बालदास की नाराजगी मोल लेनी पड़ सकती है और इसका असर आगामी चुनाव में पड़ सकता है.

 

राजेश अग्रवाल के नाम के पीछे क्या है समीकरण?

 

दरअसल, मंत्रिमंडल विस्तार में संभावित मंत्री के रूप में अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल के नाम की चर्चा ने जोर पकड़ा है. विधानसभा चुनाव में राजेश अग्रवाल ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे टी एस सिंहदेव को मात देकर जीत दर्ज की थी. सरगुजा संभाग की राजनीति में टी एस सिंहदेव का ऊंचा कद रहा है. साल 2018 के चुनाव में सरगुजा संभाग से भाजपा का सूपड़ा साफ करने के पीछे टी एस सिंहदेव ही प्रमुख रणनीतिकार थे, लेकिन साल 2023 के विधानसभा चुनाव आते-आते समीकरण तेजी से बदल गए. कभी टी एस सिंहदेव के बेहद करीबी रहे राजेश अग्रवाल को भाजपा ने उनके ही विरुद्ध उम्मीदवार बनाया और उन्होंने सिंहदेव को करारी शिकस्त देते हुए जीत का परचम लहराया था. मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही चर्चाओं में राजेश अग्रवाल का नाम आने के पीछे सिर्फ राजनीतिक समीकरण ही नहीं हैं, इसके परे भी कई अहम कारण हैं, जो उनकी दावेदारी को मजबूत करते दिख रहे हैं. बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद से वैश्य समाज का सरकार में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है.

 

गजेंद्र यादव पर रार नहीं

 

फिलहाल, आरएसएस बैकग्राउंड से आने वाले दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाया जाना लगभग तय है. चर्चा है कि आरएसएस की तरफ से भी उन्हें मंत्री बनाए जाने का दबाव है. आरएसएस से उनके नाम की पैरवी किए जाने की खबर है. साथ ही यादव समाज को साधने के लिहाज से भी मंत्रिमंडल में उन्हें जगह दिए जाने की वकालत की गई है. राज्य के ओबीसी वर्ग में साहू समाज के बाद सर्वाधिक जनसंख्या यादव समाज की है. ऐसे में गजेंद्र यादव की दावेदारी काफी मजबूत बताई जाती है. यादव समाज ने मंत्रिमंडल में समाज का प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग की है.

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CG Big News : CM साय करेंगे छत्तीसगढ़ का वैश्विक मंच पर नेतृत्व.!ओसाका वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ बनेगा वैश्विक निवेश केंद्र का आकर्षण..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के लिए तैयार है। जापान के ओसाका में 13 अप्रैल से 13 अक्टूबर 2025 तक आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ अपनी धरोहर और विकास यात्रा का प्रदर्शन करेगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को विशेष आमंत्रण मिला है। एक्सपो का विषय है “Designing Future Society for Our Lives” और इसके उप-विषय “Saving Lives”, “Empowering Lives” और “Connecting Lives” हैं।

 

 

ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस एक्सपो में छत्तीसगढ़ की भागीदारी न केवल राज्य की सांस्कृतिक और तकनीकी प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगी बल्कि छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विकास के विश्व मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश-अनुकूल कारोबारी केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान को और सुदृढ़ करेगा।

 

 

वर्ल्ड एक्सपो वैश्विक संवाद का प्रमुख मंच

 

बता दें कि ब्यूरो इंटरनेशनल दे एक्सपोज़िशन्स द्वारा आयोजित वर्ल्ड एक्सपो को नवाचार और सतत विकास पर वैश्विक संवाद का प्रमुख मंच माना जाता है। ओसाका एक्सपो की व्यापक अवधारणा “People’s Living Lab” है, जो वैश्विक नवाचार और सह-निर्माण की भावना को दर्शाता है। इस आयोजन में 160 से अधिक देश और 9 अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हो रहे हैं।

 

वहीं, भारत इस एक्सपो में अपनी बड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित कर रहा है। “भारत मंडप” शीर्षक वाला भारतीय पैवेलियन प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक नवाचार का संगम है। यहां योग सत्र, भरतनाट्यम की प्रस्तुतियां, बॉलीवुड फिल्मों की स्क्रीनिंग और भारत की अंतरिक्ष यात्रा को दर्शाने वाला विशेष चंद्रयान ज़ोन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र है। इस बीच, छत्तीसगढ़ ने पहले ही अपनी विश्व प्रसिद्ध ढोकरा कला के माध्यम से वैश्विक दर्शकों का दिल जीत लिया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल के तहत प्रदर्शित इस धातु कला ने अपनी अनूठी शिल्पकला से सबको मोहित किया है।

 

छत्तीसगढ़ ओसाका एक्सपो में स्थापित करेगा राज्य स्तरीय स्टॉल

 

दरअसल, अब छत्तीसगढ़ ओसाका के युमेशिमा आइलैंड, कोनोहानाकु स्थित विशाल एक्सपो स्थल पर अपना राज्य स्तरीय स्टॉल स्थापित करेगा। यह अवसर छत्तीसगढ़ को भारत सरकार के भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) के आमंत्रण पर मिला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक प्रगति को प्रदर्शित करेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के साथ भी सहयोग कर रहा है।

 

फिलहाल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोहराया कि छत्तीसगढ़ की उपस्थिति वर्ल्ड एक्सपो 2025 में राज्य की उपलब्धियों को नई पहचान दिलाएगी और इसे वैश्विक औद्योगिक विकास के मानचित्र पर एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।

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CG Breaking : CM साय ने सायबर सतर्कता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास में आज शनिवार को आयोजित फ्लैगिंग ऑफ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने SBI साइबर सतर्कता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह कार्यक्रम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) द्वारा आयोजित किया गया. मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “आज SBI और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से साइबर सतर्कता रथ का फ्लैग ऑफ किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है और आज एक और नई कड़ी जुड़ रही है.”

 

 

वहीं, मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तकनीक ने मानव जीवन को आसान और सहज बनाया है. डिजिटल लेन-देन तेज और सुविधाजनक हुए हैं, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता और सावधानी से लोग साइबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं.

 

 

आगे, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जागरूकता अभियान लोगों में साइबर सुरक्षा की समझ बढ़ाने का एक प्रभावी प्रयास है. इसके अंतर्गत ऑडियो-वीडियो संदेश, नुक्कड़ नाटक और कठपुतली नाटक के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी. साय ने कहा कि प्रदेश में 29 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां साइबर ठगी के मामले अधिक होते हैं और इस रथ का विशेष फोकस उन स्थानों पर रहेगा.

 

वहीं, मुख्यमंत्री साय ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी किसी से साझा न करें और अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें. उन्होंने कहा कि साइबर ठग आए दिन नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं. ज़रा सी लापरवाही मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है. हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग जागरूक हों और साइबर अपराध से स्वयं को सुरक्षित रखें.

 

दरअसल, डिजिटल माध्यम से हो रही धोखाधड़ी और अनाधिकृत लेन-देन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने “हर भारतीय का बैंकर” होने के नाते राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की शुरुआत की है. यह अभियान 15 अगस्त से 30 नवंबर 2025 तक चलेगा. यह रथ प्रदेश के सभी 33 जिलों में जाएगा और नाचा दल व नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी देगा.

 

फिलहाल, भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है. इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम राकेश सिन्हा, एजीएम दीपक कुमार सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे.

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CG Breaking : CM साय ने अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया.

 

 

दरअसल, मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्रद्धेय स्वर्गीय अटलहमारे राज्य के निर्माता हैं. अटलका छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा है. उन्होंने छत्तीसगढ़ के भौगोलिक क्षेत्र को नए राज्य का स्वरूप देकर प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया, जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे. वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे. पत्रकार, कवि और राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई. भारत के प्रधानमंत्री हों या विदेश मंत्री—हर भूमिका में उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की अमिट छाप छोड़ी. उनके प्रधानमंत्रित्व काल में अनेक ऐसी योजनाएँ लागू की गईं, जिनसे ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली. विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाना, किसानों को सहूलियत प्रदान करना, आदिवासी विभाग का गठन जैसे कार्य ऐतिहासिक रहे. श्रद्धेय स्वर्गीय अटलभारत के प्रत्येक नागरिक की स्मृतियों में आज भी जीवित हैं.

 

 

फिलहाल, साय ने कहा कि वे ऐसे राजनेता थे जिन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी का स्नेह प्राप्त हुआ. अटलमाँ भारती की यश और प्रतिष्ठा के लिए आजीवन समर्पित रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अटलके साथ उनकी अनेक स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं, जो उन्हें निरंतर प्रेरित करती हैं. उन्होंने कहा कि अटलयुगपुरुष थे, जिन्होंने सुशासन का मंत्र दिया और आज हम उसी पथ पर आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ का विकास सुनिश्चित कर रहे हैं. इसके साथ ही हम यह पूरा वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं और इस संबंध में वर्षभर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

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*छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव फोटो प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ*

रायपुर, 15 अगस्त 2025/
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष 2025 के अंतर्गत आयोजित "आजादी की गढ़-गाथा" फोटो प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय की आर्ट गैलरी में फीता काटकर शुभारंभ किया।

इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, आरंग विधायक श्री खुशवंत साहेब, राज्य खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा  उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फोटो प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी अत्यंत ज्ञानवर्धक है। हमारे आज़ादी के जननायकों की कहानी और उनके योगदान की जानकारी आम नागरिक तक पहुँचे, इसके लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है।

संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस फोटो प्रदर्शनी का विषय "आजादी की गढ़-गाथा" है, जो स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ियों के संघर्ष की प्रेरक और गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है। इसमें विशेष रूप से परलकोट विद्रोह (1825) के नायक शहीद गैंद सिंह, 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह की गिरफ्तारी और फांसी से संबंधित दस्तावेज, शहीद सुरेन्द्र साय, 1910 के आंदोलन के महानायक शहीद गुंडाधुर, कंडेल नहर सत्याग्रह (1920), छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी का आगमन सहित  प्रदेश के अमर वीर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अन्य स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी घटनाओं का जीवंत चित्रण किया गया है। यह प्रदर्शनी 19 अगस्त तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का किया शुभारंभ – 15 अगस्त से अगले 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में होगा आयोजन*

रायपुर, 15 अगस्त 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। यह महोत्सव 15 अगस्त 2025 से शुरू होकर आगामी 6 फरवरी 2026 तक पूरे 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास और जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह महोत्सव केवल शासकीय आयोजन न होकर हम सभी प्रदेशवासियों का महोत्सव है, जिसमें राज्य के हर वर्ग, हर समाज और हर उम्र के लोगों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जन सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि हम सब विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने और दृढ़ संकल्प को लेकर आगे  बढ़ेंगे तो मंज़िल ज़रूर मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन संभव हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजत महोत्सव के दौरान प्रदेश के लोकप्रिय ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम' जैसे पारंपरिक आयोजन भी होंगे, जो स्थानीय खेलों और लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा देंगे। जनभागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और विकास की भावना के साथ मनाया जाने वाला यह रजत महोत्सव राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य गठन से पहले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता था।  सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का आदर्श मॉडल विकसित किया, जिसके माध्यम से आज लाखों परिवार निःशुल्क खाद्यान्न का लाभ ले रहे हैं और कोई भी भूखा नहीं सोता।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में धान 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक खरीदा जा रहा है। पिछले दो वर्षों में किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि सीधे स्थानांतरित की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की स्थापना छत्तीसगढ़ में हुई। आर्थिक विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी 21 हज़ार करोड़ रुपए से बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है, जिसे अगले पाँच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि फार्मा, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल जैसे नये युग के उद्योगों में नई औद्योगिक नीति लागू करने के बाद अब तक 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित किया गया है।

25 सप्ताह तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन

महोत्सव के दौरान आगामी 25 सप्ताह तक राज्य के विभिन्न विभागों, सामाजिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने जनता से अपील की कि वे पूरे उत्साह के साथ इसमें शामिल हों।

*विशेषांक, लोगो और वेब पोर्टल का लोकार्पण*

शुभारंभ कार्यक्रम में रजत महोत्सव विशेषांक पुस्तक का विमोचन, लोगो और वेब पोर्टल का अनावरण भी किया गया।

संस्कृति विभाग के सचिव श्री रोहित यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह अवसर हमारे इतिहास को दोबारा जीने और अपनी संस्कृति पर गर्व करने का है। उन्होंने विशेष रूप से इस महोत्सव में गरीबों, युवाओं, आम नागरिकों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी विभागों को एक-एक सप्ताह का समय आबंटित किया है, जिसके दौरान विभागीय गतिविधियों का ग्राम स्तर तक आयोजन कर जनता को शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।  

इस अवसर पर विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब एवं पुरंदर मिश्रा, राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन अग्रवाल, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर श्री गौरव कुमार, संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक तथा स्कूली छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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CG Breaking : स्टंटबाजों ने 15 अगस्त को 'मौत का खेल' खेलने की पुलिस को दी थी खुली चुनौती..अब जेल में कटेगी रातें..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh News/रायपुर। सोशल मीडिया पर “मौत का खेल” खेलने की चुनौती देना स्टंटबाजों को भारी पड़ गया। स्वतंत्रता दिवस से पहले एक वायरल वीडियो में बाइकर्स ने 15 अगस्त को नया रायपुर (NSR) की सड़कों पर खतरनाक स्टंट करने का ऐलान किया था, जिसे रायपुर पुलिस ने कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती माना और कड़ी कार्रवाई करते हुए 9 स्टंटबाजों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

 

 

मौत का खेल खेलने की दी थी पुलिस को खुली चुनौती

 

वहीं, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें बाइकर्स खतरनाक स्टंट करते नजर आए तो कुछ लड़कियों को बैक सीट पर कट मारते नजर आए। वहीं वीडियो के कैप्शन में लिखा गया था “15 अगस्त कमिंग सून”, और बैकग्राउंड में गाना बज रहा था “मैं हूं डॉन”। एक इंस्टाग्राम यूजर ‘आदर्श राइडर’ ने इसे अपनी स्टोरी पर पोस्ट कर लिखा “मिलो 15 को NSR की पब्लिक, खेलते हैं फिर मौत का खेल।”

 

 

पुलिस ने तुरंत लिया एक्शन

 

दरअसल, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना मंदिर हसौद की संयुक्त टीम ने वीडियो में दिख रहे बाइकर्स की पहचान की। तलाशी अभियान चलाकर 9 स्टंटबाजों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 7 दोपहिया वाहन जब्त किए गए। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान की कार्रवाई के साथ ही उन्हें प्रतिबंधात्मक धाराओं में जेल भेजा गया।

 

 

गिरफ्तार किए गए स्टंटबाजों के नाम

सागर भारती (22 वर्ष) – ग्राम छतौना, थाना मंदिर हसौद

 

शेखर निषाद (24 वर्ष) – परसदा, थाना अभनपुर

 

दानिश कुरैशी (18 वर्ष) – बरौंडा बाजार, थाना कोतवाली, महासमुंद

 

मुकेश चंद्राकर (21 वर्ष) – रामेश्वर नगर भनपुरी, थाना खमतराई

 

विशाल चंद्रवंशी उर्फ विक्की (23 वर्ष) – सिलतरा, थाना धरसींवा

 

एवज देवांगन उर्फ एजे (21 वर्ष) – बीरगांव, थाना उरला

 

तुषार निषाद (21 वर्ष) – ग्राम अछोली, थाना उरला

 

रवि बैरागी (24 वर्ष) – अशोक नगर, थाना गुढ़ियारी

 

टिकेश्वर साहू (23 वर्ष) – डॉ. राजेंद्र नगर, थाना उरला

 

पुलिस की अपील

 

फिलहाल, रायपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे चलती दोपहिया और चारपहिया वाहनों में किसी प्रकार का स्टंट न करें, जिससे स्वयं तथा दूसरों के जीवन को खतरा उत्पन्न हो सकता है। दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।

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CG Big News : CM विष्णुदेव साय का पहला विदेश दौरा.! 10 दिन जापान और दक्षिण कोरिया में रहेंगे..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 अगस्त से 10 दिवसीय विदेश दौरे पर रवाना होंगे। बतौर मुख्यमंत्री, यह उनका पहला विदेश प्रवास होगा। इस दौरे में सीएम विष्णुदेव साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और उद्योग सचिव रजत कुमार भी रहेंगे।

 

 

दरअसल, सीएम साय 21 अगस्त की सुबह दिल्ली पहुंचेंगे और शाम को जापान के लिए रवाना होंगे। वहां वे स्थानीय उद्योगपतियों, निवेशकों और अधोसंरचना विकास से जुड़े उद्यमियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान निवेश को आकर्षित करने और राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी।

 

 

फिलहाल, जापान के बाद मुख्यमंत्री साय और उनकी टीम दूसरे चरण में दक्षिण कोरिया जाएंगे। वहां भी उद्योग और अधोसंरचना क्षेत्र में साझेदारी को लेकर बैठकों का आयोजन होगा। उसके बाद मुख्यमंत्री साय 31 अगस्त की शाम दिल्ली लौटेंगे।

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*मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता दिवस पर टाउन हॉल में छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ*

रायपुर, 15 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के महापुरुषों के जीवन पर आधारित यह प्रर्दशनी हमारे युवाओं और विशेषकर स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। इससे उन्हें छत्तीसगढ़ की स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई भूमिका, हमारे जननायकों के जीवन संघर्ष और उनके अमूल्य योगदान के बारे में विस्तार से जानने का अवसर मिलेगा। आने वाली पीढ़ी को यह समझना जरूरी है कि आज़ादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही है। प्रदर्शनी में इन सभी तथ्यों को अत्यंत सुंदर, सुसंगठित और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टाउन हॉल के ऐतिहासिक भवन में जनसंपर्क विभाग द्वारा इस प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय और प्रशंसनीय है।

*मुख्यमंत्री श्री साय ने लिया क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा, छत्तीसगढ़ से जुड़े रोचक सवालों के दिए जवाब*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के दौरान छत्तीसगढ़ की जानकारी पर आधारित क्विज प्रतियोगिता में भी भाग लिया और पूछे गए सवालों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति और उपलब्धियों से जुड़े अत्यंत रोचक प्रश्न शामिल हैं। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इतनी व्यापक, सुंदर और व्यवस्थित जानकारी एक ही स्थान पर संकलित की गई है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेकर उन्हें भी कई नई और दिलचस्प जानकारियां प्राप्त हुईं। यह निश्चित रूप से बच्चों, युवाओं और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से आग्रह किया कि वे न केवल प्रदर्शनी का अवलोकन करें, बल्कि यहां आयोजित प्रतियोगिताओं में भी उत्साहपूर्वक भाग लें।

*दुर्लभ दस्तावेज, ऐतिहासिक क्षण और आधुनिक तकनीक का संगम*

उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनी में प्रदेश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनगाथा, उनके संघर्ष, दुर्लभ दस्तावेज और ऐतिहासिक क्षणों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज़ादी की लड़ाई के दौरान हुए विभिन्न आंदोलनों, जैसे भारत छोड़ो आंदोलन सहित कई महत्वपूर्ण संघर्षों में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी को भी इसमें विस्तार से दर्शाया गया है। इसके साथ ही, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों तथा प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी भी प्रदर्शनी का हिस्सा है।

इस वर्ष प्रदर्शनी में वर्चुअल रियलिटी तकनीक के माध्यम से छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तथ्यों को आकर्षक अंदाज़ में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो विशेषकर बच्चों और युवाओं के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है। प्रसिद्ध क्विज शो “कौन बनेगा करोड़पति” की तर्ज पर आयोजित “कोन बनही गुनिया” प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण है, जिसमें सभी लोग भाग लेकर पुरस्कार जीत सकते हैं।

जनसंपर्क विभाग द्वारा 15 से 21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8:00 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह सहित जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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