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शासन की महिला सशक्तिकरण की योजनाएं से सशक्त बनी जशपुर की उद्यमी महिला लालमती

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण की योजनाएं अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी हैं। इसकी एक प्रेरणादायी मिसाल हैं जशपुर जिले के गम्हरिया ग्राम की श्रीमती लालमती, जिन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से न सिर्फ स्वयं की पहचान बनाई, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है।

श्रीमती लालमती का जीवन एक साधारण मजदूर से सफल उद्यमी बनने की कहानी है। जब वे प्रजापति गौरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तब उन्हें बिहान योजना के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने उद्योग विभाग से लोन प्राप्त कर शटरिंग प्लेट का व्यवसाय प्रारंभ किया और बाद में जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर अपने व्यवसाय को विस्तार दिया।

आज श्रीमती लालमती के पास 200 से अधिक शटरिंग प्लेट हैं, जो वे निजी भवनों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की छत ढलाई हेतु किराये पर उपलब्ध कराती हैं। फरवरी 2025 से अब तक इस व्यवसाय से उन्हें लगभग 35,000 से 40,000 रुपये की आय हुई है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में कई मकानों का निर्माण कार्य चल रहा है।

श्रीमती लालमती ने  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि, यदि शासन की योजनाओं का साथ न होता, तो मैं आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। शासन ने हमें हौसला दिया, साधन उपलब्ध कराए और नई राह दिखाई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि ग्रामीण अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाएं। बिहान, मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से हम महिलाओं को न केवल वित्तीय सहयोग दे रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बाज़ार तक पहुँच भी प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती लालमती जैसी महिलाएं छत्तीसगढ़ की नई सामाजिक-आर्थिक चेतना की प्रतीक हैं।छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, सम्मान के साथ जीवन जिए और दूसरों के लिए प्रेरणा बने।

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CG Big News : 'संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच ही रोगों से बचाव का मूल मंत्र'- सीएम साय

Chhattisgarh News/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपदा है. यदि हम संतुलित आहार लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराएं, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है. मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के केनाल रोड स्थित झूलेलाल धाम में आयोजित भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे.

बता दें कि, पूज्य बाबा गुरुदास राम साहेब जी की 94वीं जयंती के अवसर पर इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन पूज्य शदाणी सेवा मंडल, पूज्य बाबा गरीबदास सेवा मंडल, पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, भारतीय सिंधु सभा तथा पूज्य कंधकोट पंचायत द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया. शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई और आयुष्मान कार्ड भी बनवाए. शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं प्रदान की.

वहीं, मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज की अनियमित जीवनशैली, मिलावटी खानपान और प्रदूषित वातावरण के कारण बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ अब आम हो चुकी हैं. यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश लोग भी अब इन बीमारियों से अछूते नहीं हैं. ऐसे में इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है.

हालांकि, मुख्यमंत्री साय ने सिंधी समाज की सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समाज प्रारंभ से ही सामाजिक सरोकारों में अग्रणी रहा है. उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि जब वे रायगढ़ से सांसद थे, तब से वे सिंधी समाज के विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होते रहे हैं.

वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अवधि में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में चौतरफा विकास हुआ है. स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से छत्तीसगढ़ आज मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है. राज्य निर्माण के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं अब शासकीय और निजी क्षेत्र मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं. निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना भी हुई है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी प्रारंभ किए गए हैं.

दरअसल, उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा देने हेतु केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. साथ ही, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को वय वंदन योजना के अंतर्गत इलाज हेतु 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है. इसी प्रकार, राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 25 से 30 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है. मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी पात्र मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है.

फिलहाल, मुख्यमंत्री ने अंत में स्वास्थ्य शिविर के संयोजक अमित चिमनानी और शिविर में सेवा प्रदान करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया. इस अवसर पर विधायक गुरु खुशवंत साहेब, धमतरी महापौर रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कार्यक्रम संयोजक अमित चिमनानी, भारतीय सिंधु सभा के अध्यक्ष लधाराम, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के अध्यक्ष महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के सेवादार, विशेषज्ञ डॉक्टर और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे.

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CG Big News : राज्य खेल अलंकरण पुरस्कार 2025 के लिए आवेदन आमंत्रित..इस तारीख तक कर सकते हैं अप्लाई..पढ़ें पूरी ख़बर

Chhattisgarh News/रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए राज्य खेल अलंकरण पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 जून 2025 निर्धारित की गई है।

वहीं, इन पुरस्कारों में शहीद राजीव पाण्डे, शहीद कौशल यादव, शहीद पंकज विक्रम, शहीद विनोद चौबे, वीर हनुमान सिंह सम्मान के साथ-साथ मुख्यमंत्री ट्रॉफी, प्रोत्साहन स्वरूप नगद राशि, खेलवृत्ति (डाईट मनी) और प्रेरणा निधि शामिल हैं।

हालांकि, पुरस्कारों का उद्देश्य राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को प्रोत्साहित करना है। चयन पात्रता, उपलब्धियों और खेल संघों की अनुशंसा के आधार पर किया जाएगा।

वहीं, शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार में 3 लाख, शहीद कौशल यादव और वीर हनुमान सिंह पुरस्कार – 1.5 लाख, पंकज विक्रम व विनोद चौबे सम्मान 25 हजार, मुख्यमंत्री ट्रॉफी – टीम सदस्य संख्या के अनुसार 1 लाख से 5 लाख रूपये तक की पुरस्कार प्रदान की जाएगी।

दरअसल, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता, राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन, सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के खिलाड़ी, डाईट मनी के लिए अधिकतम आयु 19 वर्ष के खिलाड़ी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए विभाग की वेबसाइट http://sportsyw.cg.gov.in से प्राप्त कर सकते हैं। जिला अथवा राज्य खेल कार्यालय से भी आवेदन लिए जा सकते हैं। शहीद पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन केवल राज्य खेल संघों की अनुशंसा के साथ स्वीकार होंगे।

फिलहाल, इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन 26 जून 2025 तक कार्यालयीन समय में संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जी.ई. रोड, रायपुर अथवा जिला खेल कार्यालय रायपुर में कर सकते है। अभ्यर्थी को आवेदन के साथ सभी प्रमाणपत्र संलग्न करना अनिवार्य है। अधूरे या अस्पष्ट आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। चयन समिति का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा।

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मुख्यमंत्री के हाथों मिलेगा श्रमिकों के 31 मेधावी बच्चों को 2-2 लाख की प्रोत्साहन राशि

रायपुर, : मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत बोर्ड परीक्षा में कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉप 10 में आए पंजीकृत श्रमिकों के कुल 31 मेधावी छात्र छात्राओं को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा 15 जून को न्यू सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में दो-दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस मौके पर श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। 
 
श्रम मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि मंडल के प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल में 10वीं कक्षा के 26 और 12वीं कक्षा के 5 बच्चों सहित कुल 31 श्रमिक बच्चों को 2 लाख रूपए प्रति छात्र दिए जाएंगे. इसमें 1 लाख रूपए दोपहिया वाहन के लिए और 1 लाख रूपए नकद प्रोत्साहन राशि के रूप में शामिल है। इसी तरह में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने राज्य के 38200 निर्माण श्रमिकों के लिए 19.71 करोड़ रूपए से ज्यादा की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी की जायगी।  यह राशि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत प्रदान की जाएगी। 

*योजनाओं और उनके लाभार्थियों की संख्या और राशि का विवरण इस प्रकार है -* 

मिनीमाता महतारी जतन योजना 1,915 श्रमिकों को 3.83 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना 279 श्रमिकों को 10.33 लाख रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना 6,319 श्रमिकों को 2.19 करोड रूपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना 12 श्रमिकों को 94 हजार 800 रूपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना 4,825 श्रमिकों को 96.17 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना 155 श्रमिकों को 37.63 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना 2 श्रमिकों को 40 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना 4,939 श्रमिकों को 74.08 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चे हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना 1 श्रमिक को 50 हजार रूपए, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना 7 श्रमिकों को 7 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना 264 श्रमिकों को 2.64 करोड रूपए़, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना 2,486 श्रमिकों को 4.97 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना 372 श्रमिकों को 74.40 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना 15,066 श्रमिकों 2.00 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना 25 श्रमिकों को 25 लाख रूपए यह पहल राज्य के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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शिक्षा को जनअभियान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की नई पहल,16 जून से होने वाला शाला प्रवेश उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों से की सहभागिता की अपील

रायपुर, : छत्तीसगढ़ में आगामी 16 जून 2025 से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के समस्त जनप्रतिनिधियों को  पत्र लिखकर “शाला प्रवेश उत्सव” में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। यह आयोजन राज्य में शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने और शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण अवश्य है, परंतु यह असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि “असंभव को संभव” बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर सार्थक प्रयास करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि कोई भी बच्चा विद्यालय से वंचित न रहे और सभी बच्चों का समय पर प्रवेश सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावशील है, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कक्षा 12वीं तक शाला त्याग दर को धीरे-धीरे शून्य किया जाए। इसके लिए शैक्षणिक अवरोधों को पहचानकर उन्हें दूर करने की जिम्मेदारी सभी हितधारकों की साझा है।

*मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान: एक ठोस पहल*

मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” की शुरुआत की जा रही है, जिसका उद्देश्य शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारना है। इसके साथ ही, सरकार द्वारा शिक्षकों एवं विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण करते हुए शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की प्राथमिकता से पदस्थापना की गई है, जिससे शिक्षा का अधिकार हर बच्चे तक पहुंच सके।

*अधोसंरचना विकास सरकार की प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में स्कूल शिक्षा क्षेत्र की अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं के विकास को सरकार ने अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे शाला प्रवेश उत्सव के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में व्यक्तिगत सहभागिता करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे।

*सामाजिक सहभागिता से संवरता भविष्य*

 मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” इस परिकल्पना को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर परिणाममूलक कार्य करने होंगे। उन्होंने आशा जताई कि सभी जनप्रतिनिधि इस अभियान का नेतृत्व कर सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे और छत्तीसगढ़ को एक शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

*शाला प्रवेश उत्सव को बनाएं जनअभियान*

मुख्यमंत्री के इस पत्र को राज्य में शिक्षा को लेकर एक जनांदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल बच्चों की स्कूल तक पहुंच बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक सहभागिता को भी एक नई दिशा मिलेगी। प्रदेश सरकार के इस प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण को गति मिलेगी।

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मुख्यमंत्री श्री साय की अभिनव पहल: डिजीलॉकर के माध्यम से लाखों पेंशनरों को बड़ी राहत

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और डिजिटल सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर राज्य के वित्त विभाग एवं पेंशन संचालनालय द्वारा डिजीलॉकर प्लेटफॉर्म के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश (ePPO) और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिजिटल उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह पहल राज्य सरकार के डिजिटलीकरण संकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

राज्य के लगभग 3.61 लाख सरकारी कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनभोगी अब डिजीलॉकर के माध्यम से अपने जीपीएफ स्टेटमेंट, अंतिम भुगतान आदेश, पेंशन प्रमाण पत्र और पेंशन भुगतान आदेश जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कहीं से भी, कभी भी, सुरक्षित एवं प्रमाणिक रूप में प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा से दस्तावेजों की फिजिकल प्रतियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी और कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभिनव पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए पेंशन संचालनालय की तकनीकी दक्षता, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण में की गई मेहनत तथा डिजीलॉकर प्लेटफ़ॉर्म के साथ किए गए समन्वय की  सराहना की । यह कदम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम बना रहा है, बल्कि नागरिकों में विश्वास और संतोष भी बढ़ा रहा है।

यह पहल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ की ओर से एक उदाहरण बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री श्री साय की इस पहल से पेंशनरों, कर्मचारियों और प्रशासन—तीनों को सीधा लाभ मिल रहा है।

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CG Placement Camp : 16 जून को 200 पदों पर भर्ती के लिए प्लेसमेंट कैम्प..कलेक्टोरेट परिसर में होगा आयोजित..पढ़ें पूरी खबर

Chhattisgarh Placement Camp/धमतरी। जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कम्पोजिट बिल्डिंग, कलेक्टोरेट परिसर में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 16 जून को किया जाएगा। सुबह 11 से शाम 4 बजे तक चलने वाले इस प्लेसमेंट कैम्प में धमतरी और रायपुर के निजी संस्थाओं द्वारा 196 पदों पर भर्तियां की जाएंगी।

दरअसल, इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से चयनित होने वाले जिले के युवाओं को औसतन 12 हजार से 23 हजार रूपये मासिक वेतन वाला रोजगार मिल सकेगा। इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से जिला प्रबंधक, सेल्स ऑफिसर, सिक्यूरिटी गार्ड, सिक्यूरिटी सुपरवाईजर, स्मार्ट मीटर टेक्निशियन, स्मार्ट मीटर ऑपरेटर, एल्यूमीनियम विंडो इंस्टालर और विंडो असेम्बलर जैसे पदों पर भर्तियां की जाएंगी। प्लेसमेंट कैम्प में रोजगार प्राप्त करने के लिए दसवीं, बाहरवीं पास से लेकर आईटीआई, ग्रेजुएशन पास हों, ऐसे प्रतिभागी शामिल हो सकते हैं। प्लेसमेंट कैम्प में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को अपने सभी शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता संबंधी दस्तावेज, निवास एवं जाति प्रमाण पत्र, रोजगार कार्यालय का पंजीयन प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट साईज फोटो प्रस्तुत करने होंगे।

फिलहाल, जिला रोजगार अधिकारी अधिकारी ने बताया कि एसबीआई लाईफ इंश्योरेंस धमतरी द्वारा जिला प्रबंधक के 5, सेल्स ऑफिसर के 3, स्टार बाउंसर्स सेक्यूरिटी एजेंसी धमतरी द्वारा सेक्यूरिटी गार्ड के 8, रूद्रा एंटरप्रायजेस रायपुर शंकर नगर द्वारा स्मार्ट मीटर टेक्निशियन और स्मार्ट मीटर ऑपरेटर के 50-50, एल्यूमिनियम विंडो इंस्टालर और एल्यूमिनियम विंडो असेंम्बलर के 10-10 तथा बॉम्बे इंटीग्रेटेड सेक्यूरिटी इंडिया लिमिटेड रायपुर द्वारा सेक्यूरिटी गार्ड के 50 और सेक्यूरिट सुपरवाईजर के 10 पदों पर भर्ती की जाएगी।

वहीं उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रबंधक और सेल्स ऑफिसर की पोस्टिंग धमतरी में, सेक्यूरिटी गार्ड की पोस्टिंग रायपुर-सिलतरा स्टील प्लांट तथा रायपुर, भिलाई और दुर्ग में की जाएगी। इसी की तरह स्मार्ट मीटर टेक्निशियन, स्मार्ट मीटर ऑपरेटर की पोस्टिंग रायपुर, धमतरी, एल्यूमिनियम विंडो इंस्टालर, एल्यूमिनियम विंडो असेंंबलर की रायपुर तथा सेक्यूरिटी सुपरवाईजन की रायपुर, भिलाई और दुर्ग़ में पोस्टिंग की जाएगी।

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CG Big News : सावधान.! जलप्रपातों के आसपास नहाने और सेल्फी लेने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई..2 लड़के गिरफ्तार..पढ़ें पूरी समाचार

Chhattisgarh News/मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। जिले में अनेक खूबसूरत जलप्रपात स्थित हैं, जिनमें अमृतधारा, रमदहा तथा कर्म घोंघा जिले की प्रमुख जलप्रपात हैं। इन प्राकृतिक स्थलों पर लगातार पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है, लेकिन लापरवाही भरे व्यवहार से कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। विगत दिवस नागपुर तहसीलदार समीर शर्मा के नेतृत्व में अमृतधारा जलप्रपात पर कार्रवाई की गई।

दरअसल, कृष गुप्ता पिता राजेंद्र प्रसाद गुप्ता उम्र 19 वर्ष निवासी बस स्टैंड के पास मनेंद्रगढ़ तथा मोहम्मद अरशद पिता समीम कुरैशी उम्र 20 वर्ष निवासी लोको कॉलोनी मनेंद्रगढ के दोनों युवक अमृतधारा जलप्रपात पर पहुंचे थे। इन्हें जलप्रपात के नीचे पानी के बेहद करीब नहाते हुए देखा गया, जिसके चलते इन्हें तत्काल गिरफ्तार कर थाना नागपुर ले जाया गया।

फिलहाल, थाने में परिजनों के निवेदन पर दोनों युवकों को सख्त समझाइश देकर रिहा किया गया। यह पहला मामला नहीं है, इससे पूर्व भी जिले के विभिन्न जलप्रपातों में इस तरह की लापरवाहियों के कारण कई दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इन्हीं घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति चाहे वह अकेले हो या समूह में जलप्रपात के आसपास नहाते हुए या सेल्फी लेते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी प्रकरण दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद सुरक्षित दूरी से लें।

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CG Corona Update : छत्तीसगढ़ में मिले 12 नए कोरोना मरीज..42 संक्रमितों का चल रहा इलाज..जाने पूरी जानकारी

CG Corona Update /रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रही है। प्रदेश में आज 12 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। वहीं 15 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। यह जानकारी कोरोना कंट्रोल एवं डिमांड सेंटर से प्राप्त हुई है।

दरअसल, प्रदेश के 7 जिलों में कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा एक्टिव केस रायपुर से 6 मरीज मिले हैं, जबकि बिलासपुर में 4 और दुर्ग जिले से 2 नए संक्रमित सामने आए हैं।

फिलहाल, प्रदेश में वर्तमान में कुल 42 सक्रिय कोरोना मरीज हैं। इनमें से 35 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। साथ ही 6 मरीज़ों का इलाज सामान्य वार्ड में किया जा रहा है और 1 मरीज ICU में भर्ती है। वहीं अब तक 45 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।

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मुख्यमंत्री फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग कैंपेन कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा, विकास का मूलमंत्र है और यह राष्ट्र के समग्र विकास की प्रारंभिक तथा अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों ने भी शिक्षा के विस्तार में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे प्राप्त करने में हम सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राज्य सरकार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इस दिशा में निरंतर प्रयासों को गति प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 25 वर्ष का छत्तीसगढ़ आज अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस यात्रा में राज्य ने चहुंमुखी विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय संस्थान कार्यरत हैं, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की गंभीर चुनौती से जूझ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है, जिसकी दिशा में देश ने तीव्र गति से कदम बढ़ाए हैं। छत्तीसगढ़  ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर है। राज्य की आकर्षक नई औद्योगिक नीति के तहत केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृक्षारोपण का विशेष अभियान चलाया जा रहा है और विगत वर्ष चार करोड़ पौधे रोपे गए थे। राज्य सरकार "एक पेड़ माँ के नाम" और "पीपल फॉर पीपुल" जैसे नवाचार कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नौनिहालों में पर्यावरण चेतना का विकास करना चाहिए, जिससे वे स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकें। उन्होंने इस अभियान में भाग ले रहे सभी शिक्षकों और आयोजकों की सराहना की और कहा कि सामाजिक भागीदारी से ही हम शुद्ध हवा, निर्मल जल और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संघ द्वारा आने वाले वर्षों में 11 लाख पीपल के वृक्षारोपण के संकल्प की सराहना की।

कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुबोध राठी, सचिव श्री मनोज पाण्डेय तथा अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ एवं छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

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मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से कर्मचारियों को डिजिटल सुविधा: सेवा जानकारी अब मोबाइल एप पर अपडेट,,,सेवानिवृत्ति, पदोन्नति और वेतन विसंगति में नहीं होगी कोई परेशानी

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन को सशक्त और सहज बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। "डिजिटल प्रशासन - पारदर्शी समाधान" की नीति को आगे बढ़ाते हुए, प्रदेश सरकार ने अब कर्मचारियों की सेवा जानकारी को मोबाइल एप के माध्यम से अद्यतन करने की अभिनव पहल की है। यह प्रयास मुख्यमंत्री श्री साय की उस सोच को दर्शाता है जिसमें प्रत्येक कर्मचारी की सुविधा, सम्मान और अधिकार सुरक्षित हों — तेज़, सरल और भरोसेमंद प्रणाली के माध्यम से। इसी कड़ी में प्रदेश के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की सीआर के लिए अब फाइलें पलटने का झंझट समाप्त हो गया है।कर्मचारियों की प्रोफाइल अब एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप पर अद्यतन (अपडेट) की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति आदि के समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। 

नई व्यवस्था के अनुसार अब कर्मचारियों की प्रोफाइल को कार्मिक संपदा पोर्टल पर लोड और अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं।संचालनालय कोष एवं लेखा की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी "कुंडली" को अद्यतन रखने में यह व्यवस्था अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। हालाँकि 2019 से कार्मिक संपदा मॉड्यूल का उपयोग किया जा रहा है, किंतु यह नवीन डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी त्वरित व सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराएगा। 

संचालक कोष एवं लेखा श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह पाया गया है कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर अधिकांश कर्मचारी अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, जिसके कारण सेवानिवृत्ति के समय उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्मिक संपदा मॉड्यूल में व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है, लेकिन इसमें समय लगने के कारण असुविधाएँ उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप विकसित किया गया है, जो कर्मचारियों को स्वयं लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा देता है।

अब सेवा संबंधी जानकारी, नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता परिवर्तन आदि के लिए कार्यालय प्रमुख पर निर्भरता नहीं रहेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति में भी कमी आएगी। स्थानांतरण, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रगति सुनिश्चित होगी। साथ ही सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ जैसे पेंशन, जीपीएफ, उपादान, अवकाश नगदीकरण आदि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा, क्योंकि संबंधित डेटा अद्यतन रहेगा।

*कार्मिक संपदा एप से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ*

कर्मचारियों से प्राप्त सेवा संबंधी आवेदनों का निपटारा सक्षम अधिकारी समयबद्ध तरीके से कर सकेंगे। मॉड्यूल के अद्यतन होने से वेतन विसंगति से जुड़ी समस्याएँ कम होंगी। कर्मचारी  एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप या वेब एप्लिकेशन पर लॉगइन कर जानकारी स्वयं अपडेट कर सकते हैं। प्रोफाइल अद्यतन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह एप और पोर्टल तैयार किया गया है। इसके उपयोग के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) की जानकारी https://ekoshonline.cg.gov.in/Advertisement/sop_karmik_website_merged.pdf में दी गई है।

साथ ही, शासकीय कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति उपरांत महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा को पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी तैयार की गई है। इससे दावे के निराकरण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन जीपीएफ क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल भी विकसित किया गया है, जिससे कार्यालय प्रमुख और कर्मचारी सेवा काल के दौरान मिसिंग जीपीएफ एंट्री का ऑनलाइन सुधार कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य शासन का प्रत्येक निर्णय आम जन और कर्मचारियों के हित में हो। यह डिजिटल पहल कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निपटान की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस की अग्रणी श्रेणी में स्थापित करता है।

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Jashpur Big News : ऑपरेशन अंकुश.! फरार चल रहे मोस्ट वांटेड रितेश को किया गया गिरफ्तार..पेशी के दौरान, बस से कूदकर हो गया था फरार..पांच पुलिस कर्मी हो गए सस्पेंड..पढ़ें पूरी खबर

जशपुर नगर । छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 'ऑपरेशन अंकुश' के तहत मोस्ट वांटेड फरार आरोपी रितेश को पकड़ने में जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

जशपुर। ऑपरेशन अंकुश: मोस्ट वांटेड फरार आरोपी रितेश को पकड़ने में जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 2 जून को मुलजिम पेशी के दौरान कुनकुरी से लौटते वक्त,लोरो घाट में बस से कूदकर फरार हो गया था। मामले में SSP ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित किया था। फरार आरोपी रितेश को पकड़ने SSP ने बनाई थी पुलिस टीम, सक्रिय मुखबिर तंत्र किए थे। अंततः मुखबिर की सूचना पर, सरबकोम्बो बादल खोल जंगल से पुलिस ने फरार आरोपी रितेश को धर दबौचा। आरोपी को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर टीआई संत लाल आयाम व आरक्षक बसंत कुमार खुटिया को SSP ने नगद ईनाम से पुरस्कृत किया। फरार आरोपी रितेश प्रताप सिंह, , थाना नारायणपुर में दर्ज एक लड़की से मारपीट के मामले में जेल में निरुद्ध था।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि आरोपी रितेश प्रताप सिंह वर्ष 2023 में एक नाबालिक लड़की को शादी का झांसा देकर भगा कर ले जाने के मामले में पूर्व में जेल जा चुका है, जेल से छूटने के बाद दिनांक 17.05.25 को आरोपी रितेश प्रताप सिंह के द्वारा पुनः उक्त लड़की को शादी करूंगा कहकर, अपने साथ मोटर साइकल में बैठा कर ले गया था, इस दौरान आरोपी रितेश ने लड़की को बादलखोल जंगल में ले जा कर लड़की से गाली गलौच व मारपीट किया था, फिर वह लड़की को अपने घर कुनकुरी ले गया, जहां भी वह लड़की को लगातार प्रताड़ित कर रहा था, वहां दो दिन लड़की को अपने साथ रखने के बाद, वह लड़की सहित थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत अपने एक रिश्तेदार के यहां गया, वहां भी लड़की को प्रताड़ित करते हुए उसके गुप्तांगों को सिगरेट से जला दिया था, व लड़की के शरीर को दांतों से काटा था, लड़की किसी तरह अपनी जान बचाकर भागी थी।

दरअसल, लड़की की रिपोर्ट पर थाना नारायणपुर में आरोपी रितेश प्रताप सिंह के विरुद्ध बी एन एस की धारा को लेकरबी एन एस की धारा 296,115(2),118,64 व 62 के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी रितेश को गिरफ्तार कर दिनांक 20.05.25 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।

वहीं, पुलिस के द्वारा दिनांक 02.06.25 को आरोपी रितेश प्रताप सिंह को मुलजिम पेशी हेतु, जिला जेल जशपुर से अन्य छह मुलजिमों के साथ शासकीय वाहन से माननीय न्यायालय कुनकुरी ले जाया गया था, पेशी पश्चात वापसी के वक्त शाम करीबन 19.45 बजे, लोरो घाट में आरोपी रितेश प्रताप सिंह, पुलिस को चकमा देकर, चलती बस से कूदकर कर फरार हो गया था। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित भी किया था। साथ ही पुलिस टीम गठित कर फरार आरोपी रितेश प्रताप सिंह की पता साजी हेतु रवाना की गई थी, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया था, व पुलिस की टेक्निकल टीम की भी मदद ली जा रही थी।

ज्ञात हो कि, पुलिस टीम फरार आरोपी रितेश प्रताप सिंह की पता साजी के दौरान लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, कि इसी दौरान पुलिस को मुखबीर से सूचना मिला कि फरार आरोपी रितेश प्रताप सिंह,सरबकोम्बो बादल खोल जंगल में है, व कहीं और भागने के लिए अपने दोस्तों, रिश्तेदारों से रुपए पैसे का जुगाड कर रहा है,।

वहीं, पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना के संबंध में तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर के दिशा निर्देश पर, मुखबिर के बताए स्थान पर जाकर, घेराबंदी कर,सरबकोम्बो बादल खोल जंगल से फरार आरोपी रितेश प्रताप सिंह को धर दबौचा गया। आरोपी रितेश प्रताप सिंह को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है।

दरअसल, मामले की कार्यवाही व फरार आरोपी की पता साजी, गिरफ्तारी में थाना प्रभारी दुलदुला निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक संतलाल आयाम,प्रधान आरक्षक मोहन बंजारे, आरक्षक बसंत खुटिया,आरक्षक विनोद राम, सुरेन्द्र निराला, याकूब एक्का, व आनंद खलखो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

फिलहाल, मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि मुलजिम पेशी के दौरान कुनकुरी से लौटते वक्त लोरो घाट में पुलिस की चलती बस से कूदकर फरार आरोपी रितेश को पुलिस ने प्रोफेशनल तरीके से ढूंढ निकाला है, उसे गिरफ्तार जेल भेजा जा रहा है। आरोपी को ढूंढ निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर निरीक्षक संत लाल आयाम व आरक्षक बसंत कुमार खुटिया को नगद ईनाम से पुरुस्कृत किया जावेगा

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मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ......प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता को घर-घर तक पहुंचाने की संकल्पना हो रही है पूरी : मुख्यमंत्री श्री साय

*प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता को घर-घर तक पहुंचाने की संकल्पना हो रही है पूरी : मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी श्री केदारनाथ गुप्ता के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश के घर-घर को सहकारिता से जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। श्री साय ने कहा कि नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में हमने दुधारू पशु वितरण का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 6 जिलों का चयन कर हितग्राहियों को दो-दो दुधारू गाय वितरित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के किसानों और ग्रामीण जनों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल हमने इस वर्ष पंचायती राज दिवस से प्रारंभ की है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत भवन में ही बैंकिंग सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगले पंचायती राज दिवस तक यह सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह ने किसानों को अल्पकालिक ऋण के लिए भारी-भरकम ब्याज दर से मुक्ति दिलाई और ब्याज दरों को लगातार कम कर किसानों को राहत दी। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिना किसी ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा खुलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 50-60 किलोमीटर दूर पत्थलगांव नहीं जाना पड़ेगा। इस पुनीत पहल के लिए उन्होंने सहकारिता विभाग को साधुवाद दिया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता का बीजारोपण करने वाले महान विभूतियों को पुण्य स्मरण करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में श्री वामनराव लाखे और ठाकुर प्यारेलाल जैसे पुरोधाओं ने सहकारिता की नींव रखी, जिसका विकसित स्वरूप आज हम सभी देख रहे हैं। यह वर्ष सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के प्रयासों से निश्चित रूप से इस क्षेत्र में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के अथक प्रयासों से प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। पूरे देश में वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय ने सहकारिता को राज्य के अंतिम गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। अपेक्स बैंक प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ सबसे शक्तिशाली संगठन है और इसके माध्यम से अब तक 7 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश के हर एक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया और इसी का परिणाम है कि आज बिना किसी बिचौलिए के शत-प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं हैं और शत-प्रतिशत किसानों को सहकारिता और अपेक्स बैंक से जोड़ने का काम शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया।

*मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सत्य साईं हॉस्पिटल को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कार्यक्रम में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सीएसआर गतिविधियों के तहत राजधानी रायपुर के सत्य साईं हृदय चिकित्सालय को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

पदभार ग्रहण समारोह में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री सुनील सोनी, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री सुब्रत साहू और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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नियद नेल्लानार योजना बनी क्रांतिकारी बदलाव की वाहक,,,,रोशनी से जगमगाया मुदवेंडी गांव

रायपुर, :  वर्षों तक माओवाद की पीड़ा में सिसकते रहे बीजापुर जिले का छोटा सा गांव मुदवेंडी अब बदलाव की मिसाल बन गया है। जिला मुख्यालय से करीब 35-40 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव अब न केवल शुद्ध पेयजल और पक्की सड़क से जुड़ चुका है, बल्कि अब यहां बिजली की रोशनी ने भी दस्तक दे दी है। यह सब संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और नियद नेल्लानार योजना की बदौलत।

इस गांव में केवल 45 परिवार रहते हैं, पर इनके जीवन में हाल के दिनों में जो परिवर्तन आया है, वह अभूतपूर्व है। पहले जहां शाम होते ही अंधेरा छा जाता था और रात में एक कदम चलना भी जोखिम भरा होता था, वहीं अब बिजली आने से न केवल घरों में उजाला हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के दिलों में भी उम्मीद की लौ जल उठी है।

*माओवाद से सुशासन तक की यात्रा*

लंबे समय तक माओवादी हिंसा की वजह से विकास की मुख्यधारा से कटे रहे इस गांव में अब सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैं। यह बदलाव केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सामाजिक और शैक्षणिक जीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

गांव के निवासी श्री हुंरा कुंजाम बताते हैं, हमारे गांव में वर्षों बाद बिजली पहुंची है। पहले जहां अंधेरे में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पाती थी, अब रात को भी बच्चे आराम से पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही सांप-बिच्छू और जंगली जानवरों के खतरे से भी अब राहत मिली है। हुंरा कुंजाम बताते हैं कि नियद नेल्लानार योजना के तहत वर्षों से बंद पड़ा स्कूल अब पुनः प्रारंभ हो चुका है। एक पीढ़ी के अंतराल के बाद गांव के बच्चों को अब अपने गांव में ही शिक्षा का अवसर मिल रहा है। ग्रामीणों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है।

*खुशी का माहौल, उम्मीदों की नई सुबह*

गांव के ही श्री लखमा कुंजाम का कहना है, बिजली आने से गांव में उत्सव का माहौल है। अब रात्रि में भी घर के काम आसानी से हो जाते हैं, बच्चे पढ़ते हैं और गांव पहले से कहीं अधिक सुरक्षित महसूस करता है। 

*नियद नेल्लानार योजना: उम्मीद की किरण*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों के लिए शुरू की गई नियद नेल्लानार योजना वास्तव में अब एक क्रांतिकारी बदलाव की वाहक बन चुकी है। इस योजना के तहत न केवल विकास के कार्य हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों को सुरक्षा, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई राह भी मिल रही है। मुदवेंडी गांव की यह कहानी बताती है कि जब शासन की नीयत साफ हो और योजनाएं ज़मीन पर उतरें, तो दूरस्थ अंचलों में भी बदलाव की किरण पहुंच सकती है। अब अंधेरे की जगह उजाले की पहचान है मुदवेंडी। यह है सुशासन का सच और नई छत्तीसगढ़ की दिशा।

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युक्तियुक्तकरण से बटुराकछार स्कूल में 97 बच्चों को मिले 4 शिक्षक,,,,,पालकों में खुशी की लहर

रायपुर, : रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के दूरस्थ गांव बटुराकछार के बच्चों को अब बेहतर पढ़ाई का अवसर मिलने जा रहा है। यहां के प्राथमिक स्कूल में पहले सिर्फ एक शिक्षक ही थे, वह भी किसी दूसरे स्कूल से व्यवस्था के तहत पढ़ाने आते थे। लेकिन अब राज्य सरकार की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत इस स्कूल में 4 शिक्षक पदस्थ कर दिए गए हैं। 

इस स्कूल में 97 बच्चे पढ़ते हैं। शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। गांव के पालक इतवार दास महंत ने बताया कि उनका बेटा टिकेश्वर दूसरी कक्षा में पढ़ता है, लेकिन एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा था। उन्होंने कहा कि बच्चों की शुरुआती पढ़ाई के साल बहुत जरूरी होते हैं और शिक्षक न होने से यह समय बर्बाद हो रहा था। अब शिक्षकों के आने से बच्चों की पढ़ाई सुधरेगी। गांव के ही शाखाराम राठिया ने भी शिक्षक मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उनका बेटा तुलेश तीसरी कक्षा में है और शिक्षक की अनुपस्थिति से पढ़ाई पर असर पड़ता था। पहले एक शिक्षक के छुट्टी पर जाने से पूरा स्कूल बंद करना पड़ता था, लेकिन अब यह समस्या नहीं रहेगी।

जिले के शिक्षा विभाग ने 3 और 4 जून को युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी की है, जिससे जिले के 21 ऐसे स्कूलों में शिक्षक भेजे गए हैं, जहां पहले कोई शिक्षक नहीं था। अधिकतर स्कूल दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में हैं। अब यहां नियमित कक्षाएं लग सकेंगी और बच्चों की पढ़ाई फिर से पटरी पर लौटेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हो रही इस पहल से पालकों को अपने बच्चों के भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद मिली है। शिक्षा विभाग की यह कोशिश ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है।

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अब शिक्षक विहीन नहीं रहा राज्य का कोई भी प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकेण्डरी स्कूल....447 शिक्षक विहीन स्कूलों में शिक्षकों की हुई पदस्थापना

रायपुर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बेहद सार्थक परिणाम सामने आए हैं। राज्य की कुल 453 शिक्षक विहीन शालाओं में से 447 स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। राज्य में 16 जून से शुरू हो रहे नए शिक्षा सत्र से इन स्कूलों में घंटी बजेगी, क्लास लगेगी और बच्चों के पढ़ाई के स्वर गुंजेंगे। शिक्षक विहीन स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना से एक नई उम्मीद जगी है। गांवों में शिक्षक के आने की खबर से पालक और बच्चे बेहद खुश हैं। शासन-प्रशासन का आभार जताने के साथ ही पालकगण बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद फिर से संजोने लगे हैं। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शिक्षा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य के कई स्कूल शिक्षक विहीन स्थिति में थे विशेष रूप से सुदूर अंचलों के। इसलिए हमनें युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से लागू किया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि जहां-जहां जरूरत हो वहां शिक्षकों की तैनाती हो। राज्य के शत-प्रतिशत शालाओं में शिक्षकों की पदस्थापना इस प्रक्रिया की सफलता का प्रमाण है। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में किया गया सफल प्रयास है।  

शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत शिक्षक विहीन 357 प्राथमिक शालाओं, 30 माध्यमिक शालाओं में नियमित शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गई है। राज्य के शिक्षक विहीन 66 हाई स्कूलों में से सुकमा जिले के 4 हाई स्कूल तथा नारायणपुर जिले के 2 हाई स्कूल में शिक्षकों की पदस्थापना के लिए अभी काउंसलिंग की प्रक्रिया जारी है, जबकि 60 शिक्षक विहीन हाईस्कूलों में शिक्षकों की तैनाती पूरी कर ली गई है। 

जिला शिक्षा अधिकारी नारायणपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 3 शिक्षक विहीन हाई स्कूलों में से सुलेगा धौड़ाई हाई स्कूल में 3 शिक्षकों की नियुक्ति युक्तियुक्तकरण के माध्यम से पूरी कर ली गई है। हाईस्कूल कन्हारगांव एवं सोनपुर हाईस्कूल में शिक्षकों की तैनाती के लिए 12 जून को काउंसलिंग की जाएगी। इसी तरह सुकमा जिले के चिंतलनार, गुम्मा, गंजेनार एवं कांजीपानी हाई स्कूल जिला स्तर पर पूरी हो चुकी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद भी  शिक्षक विहीन हैं। इन हाई स्कूलों में राज्य स्तर पर होने वाली काउंसलिंग के माध्यम से शिक्षकों की पदस्थापना की उम्मीद जिला प्रशासन को है। जिला शिक्षा अधिकारी सुकमा ने बताया कि उक्त चारों हाई स्कूलों के कैम्पस में संचालित पूर्व माध्यमिक शालाओं एवं अतिथि शिक्षकों के माध्यम से यहां अध्ययन-अध्यापन का प्रबंध पूर्व से ही होता रहा है। अब तक की स्थिति में सुकमा जिले के 4 और बीजापुर जिले के मात्र 2 हाई स्कूलों को फिलहाल छोड़ भी दें, (जबकि इन 6 हाई स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती अभी प्रक्रियाधीन है) तो राज्य में प्राथमिक शाला से लेकर हायर सेकण्डरी स्कूल तक अब ऐसा कोई भी स्कूल है, जो शिक्षक विहीन हो। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य का कोई भी हायर सेकेण्डरी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं था। मात्र 4 हायर सेकेण्डरी स्कूल एकल शिक्षकीय थे, जिनमें युक्तियुक्तकरण के तहत एक से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति गई है। युक्तियुक्तकरण के तहत हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में विषयवार व्याख्याताओं की नियुक्ति प्राथमिकता के आधार पर की गई है, ताकि बच्चों को नियमित रूप से अध्ययन-अध्यापन का बेहतर अवसर उपलब्ध हो सके। 

राज्य में 5672 प्राथमिक स्कूल एकल शिक्षकीय थे, इनमें से युक्तियुक्तकरण के बाद 4465 स्कूलों में दो अथवा दो से अधिक शिक्षकों की तैनाती पूरी कर ली गई है। राज्य में मात्र 1207 प्राथमिक शालाएं एकल शिक्षकीय रह गई हैं। इसी तरह 211 एकल शिक्षकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं में से 204 शालाओं दो अथवा दो अधिक शिक्षकों की तैनाती की गई है, अब मात्र 7 माध्यमिक शालाएं ही राज्य में एकल शिक्षकीय रह गई हैं। इन शालाओं में भी और अधिक शिक्षकों की तैनाती को लेकर शिक्षा विभाग व्यवस्था बनाने में जुटा है। इसी तरह राज्य के 49 एकल शिक्षकीय हाई स्कूलों में से 48 हाई स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की पदस्थापना पूरी कर ली गई है। आज की स्थिति में राज्य में मात्र एक हाई स्कूल एकल शिक्षकीय बचा है।

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प्रदेश में युक्तियुक्तकरण में अनियमितता के कारण  अधिकारियों  पर लगातार हो रही है कार्यवाही......एक और  विकासखंड शिक्षा अधिकारी को संभागायुक्त ने किया निलंबित 

रायपुर, : शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता बरतने के मामले को लेकर संभागायुक्त दुर्ग ने बालोद जिले के डौण्डी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जयसिंह भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति, बालोद की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डी द्वारा गंभीर अनियमितताएं बरतने का मामला पकड़ में आया है। 

प्रथम दृष्टया जांच में पाया गया कि खण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डी द्वारा कई शिक्षकों को गलत तरीके से अतिशेष की श्रेणी में डाला गया है, जबकि नियमों के अनुसार ऐसा नहीं होना चाहिए था। श्रीमती रीता गरेवाल, जो अभी परिवीक्षा अवधि में हैं, उन्हें गलत तरीके से अतिशेष माना गया। इसी तरह श्री नूतन कुमार साहू को भी ऐसे ही हालात में अतिशेष गिना गया, जबकि स्कूल में गणित विषय का एक ही शिक्षक पदस्थ है। पूर्व माध्यमिक शाला साल्हे, धुरवाटोला और पूत्तरवाही में भी विषय और शिक्षक चयन में गंभीर त्रुटियां पाई गईं। इन सभी मामलों में श्री भारद्वाज की ओर से गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक स्वेच्छाचारिता बरती गई। जिसके फलस्वरूप संभागीय आयुक्त ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बालोद निर्धारित किया गया है।

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पुरी की परंपरा दोकडा में :भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा का पुरी की तर्ज पर हुआ अमृत स्नान....... त्रिदेवों के भव्य शाही स्नान को देखने पहुंचे भारी संख्या में श्रद्धालू 

जशपुर /दोकड़ा। धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह से सराबोर दोकड़ा गांव में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में बुधवार को देव स्नान महोत्सव का आयोजन अत्यंत भव्यता और विधिपूर्वक संपन्न हुआ। श्री जगन्नाथ मंदिर समिति, दोकड़ा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।

पूरी धाम के तर्ज पर हुआ देव स्नान

पवित्र परंपराओं के अनुसार, भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं का 108 कलशों के गंगा जल एवं अन्य तीर्थ जल से विधिवत स्नान कराया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि और हरि नाम संकीर्तन से गूंज उठा। महोत्सव की भव्यता ने लोगों को पुरी श्रीमंदिर के देव स्नान की अनुभूति कराई।

महाप्रभु का गजानन वेश एवं महाप्रभु को लगाया गया 56 भोग 

स्नान के उपरांत भगवान जगन्नाथ को पारंपरिक गजानन वेश में सजाया गया। इस विशेष रूप में महाप्रभु के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने इसे अत्यंत शुभ और दिव्य अवसर माना तथा भगवान के इस स्वरूप को श्रद्धा से निहारा।साथ ही महाप्रभु को 56 भोग लगाया गया।

कीर्तन मंडली ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में स्थानीय एवं अतिथि कीर्तन मंडलियों ने भजन, कीर्तन और ओडिशा की पारंपरिक भक्ति संगीत प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और उल्लास की लहर दौड़ गई। ताल, मृदंग और घंटा की गूंज ने उपस्थित भक्तों को भक्ति में सराबोर कर दिया।

विशाल रथ का हो रहा निर्माण

देव स्नान के साथ ही रथ यात्रा की तैयारियों का शुभारंभ भी हो गया। मंदिर समिति द्वारा बताया गया कि इस वर्ष रथ यात्रा के लिए एक विशाल और भव् रथ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिसे लेकर गांव में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।


महाआरती के बाद महाप्रसाद का हुआ वितरण

देव स्नान के कार्यक्रम पश्चात महाप्रभु जी का गजानन वेश कराया गया,इसके पश्चात महाआरती कर महाप्रसाद वितरण किया गया।

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