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मुद्रा एवं बैंक क्रेडिट मेला में 56 महिला समूहों को एक करोड़ 20 लाख का बैंक लोन स्वीकृत

 जशपुरनगर, 08 नवंबर 2025/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' के अंतर्गत विकासखंड कांसाबेल में मुद्रा एवं बैंक क्रेडिट मेला का  आयोजन किया गया। इस अवसर पर 56 महिला स्व-सहायता समूहों को कुल एक करोड़ 20 लाख रुपये की बैंक लिंकेज अंतर्गत ऋण राशि स्वीकृत की गई। साथ ही व्यक्तिगत रूप से 68 महिलाओं को 74 लाख रुपये के मुद्रा लोन की स्वीकृति और  2 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत 4 लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए।
    कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरामनी पैंकरा रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री प्रमोद गुप्ता, जनपद सदस्य श्रीमती पिंकी भगत एवं श्रीमती रोशनी चौहान, श्री केशव पांडे और श्री घनश्याम अग्रवाल उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त एल.डी.एम. श्री वाल्टर भेंगरा, श्री अखिल, जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप मरावी, विकासखंड परियोजना प्रबंधक श्री कमलेश श्रीवास, ए.डी.ई.ओ., ए.सी. सहित सभी बैंक प्रबंधक एवं बिहान की 465 महिलाएँ कार्यक्रम में शामिल हुईं। कार्यक्रम में आए अतिथियों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और बैंक अधिकारियों ने समूहों को वित्तीय साक्षरता एवं बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी प्रदान की।

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जिले में आवागम को सुगम बनाने उच्चस्तरीय पुलों की मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वीकृति मिलने के साथ ही तेजी से  हो रहे हैं निर्माण कार्य


 
जशपुरनगर, 08 अक्टूबर 2025/   मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में यातायात को सुगम और निर्बाध बनाने के लिए विभिन्न नदियों एवं नालों पर उच्चस्तरीय पुलों और पहुंच मार्गों के निर्माण कार्यों को निरंतर स्वीकृति मिल रही है। इनमें से कई कार्यों का निर्माण  आरंभ हो चुका है, जबकि कुछ स्वीकृत कार्य प्रक्रियाधीन हैं। इन पुलों के निर्माण पूरा हो जाने से लोगों की वर्षों पुरानी समस्या का न केवल समाधान होगा, बल्कि जिले का सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। सड़कों को विकास की धमनियां कहा जाता है, क्योंकी वे लोगों की आवाजाही को सुगम बनाती है, सड़कों के साथ ही इन पुलों के निर्माण से कीसी बाधा के दूरस्थ क्षेत्र भी मुख्य मार्गों एवं शहरों से जुड़ेगें। शासकीय योजनाओं की पहुंच आसान होगी। इससे जिले की तस्वीर तेजी से बदलेगी और यह क्षेत्र विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा। 

*तीन उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग प्रगतिरत, दो उच्चस्तरीय पुलों का मरम्मत कार्य पूर्ण*

जिले में दो उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण पूर्णता की ओर हैं, जबकि तीन कार्य प्रगतिरत हैं। इन प्रगतिरत कार्यों में केराकोना से बैगाटोली मार्ग पर  ईब नदी में 6 करोड़ 06 लाख 91 हजार की लागत के 132 मीटर लंबी पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य शामिल है। इसी प्रकार चलनी से परसाडीपा मार्ग पर पौरी नदी में 3 करोड़ 14 लाख 24 हजार लागत के 63 मीटर लंबी उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग  और अलोरी-मतलोंगा मार्ग पर ईब नदी पर 4 करोड़ 2 लाख 81 हजार लागत के 90 मीटर लंबी उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
      इसके साथ ही आवागमन की सुगमता के लिए 49.93 लाख रुपए लागत से ईब नदी पर निर्मित दो उच्चस्तरीय पुलों का मरमत कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। इनमें तपकरा फरसाबहार मार्ग पर पमशाला के पास ईब नदी पर निर्मित उच्चस्तरीय पुल पर वेयरिंग कोट का मरम्मत कार्य और लवाकेरा-कोतबा-लैलूंगा मार्ग पर ईब नदी पर निर्मित उच्चस्तरीय पुल का एक्सपेंशन जॉइंट का मरम्मत कार्य शामिल है।

 *यातायात होगा सुगम, स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थाओं पर पहुंच होगी आसान* 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा है कि जशपुर जिले का तेजी से विकास हो, इसलिए पिछले 22 महीनों के कार्यकाल में हजारों करोड़ के विभिन्न विकासकार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य भी द्रुत गति से संचालित हो रहे हैं। जशपुर वनाच्छादित क्षेत्र है। नदियाँ, नाले, पहाड़ और पठार यहां की  प्राकृतिक पहचान हैं।  इन इलाकों में सड़कों और पुलों के निर्माण से आवाजाही की दिक्कतें दूर होंगी और ग्रामीण क्षेत्रों की सीधी कनेक्टिविटी मुख्य मार्गों से हो सकेगी। इससे किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक निर्बाध पहुंच मिलेगी और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं तक भी आसानी से पहुँचना संभव होगा।

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पत्थलगांव में उड़नदस्ता टीम ने 200 क्विंटल अवैध धान किया जप्त 

जशपुर 8 नवम्बर 25/कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार , अनुविभागीय अधिकारी (रा) पत्थलगांव श्री  ऋतुराज सिंह बिसेन के नेतृत्व में धान के अवैध परिवहन हेतु गठित उड़नदस्ता दल द्वारा पालीडीह, (पत्थलगांव) में ट्रक क्रमांक CG 15 DG 7822 में सतनाम भगत द्वारा 200 क्विंटल धान अवैध रूप से परिवहन करते हुए जप्त कर थाना पत्थलगांव के सुपुर्द किया गया

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जिला स्तरीय ओपन बैडमिंटन प्रतियोगिता 22 और 23 नवंबर को कुनकुरी में, इस प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ी 18 नवम्बर तक कर सकेंगे आवेदन

जशपुर 08 नवम्बर 2025 : 

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर जिला स्तरीय ओपन बैडमिंटन प्रतियोगिता आगामी 22 और 23 नवंबर को आयोजित होना है।  जिला बैडमिंटन संघ जशपुर के अध्यक्ष सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में यह प्रतियोगिता मिनी इंडोर स्टेडियम, सलियाटोली, कुनकुरी में आयोजित  होगी । इस प्रतियोगिता के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 18 नवंबर 2025 निर्धारित की गई है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष एसडीएम जशपुर विश्वासराव मस्के  तथा उपाध्यक्ष एसडीएम कुनकुरी नंदजी पांडेय से प्राप्त जानकारी के अनुसार  इस प्रतियोगिता में अंडर-19 जूनियर वर्ग बालक और बालिका,   सीनियर वर्ग पुरुष और महिला, वेटरन 45+ आयु वर्ग पुरुष और महिला के लिए अलग - अलग सिंगल्स और डबल्स के मुकाबले आयोजित होंगे। टूर्नामेंट में प्रवेश शुल्क , सिंगल्स के लिए ₹300 और डबल्स के लिए ₹500 रखा गया है। जिसे जिला बैडमिंटन संघ  जशपुर के बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से भुगतान किया जा सकता है। पंजीयन शुल्क के साथ टूर्नामेंट में सम्मिलित होने के लिए बैडमिंटन संघ द्वारा जारी लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी करना होगा। 
     आयोजन समिति के सचिव तथा जिला खेल अधिकारी समीर बड़ा ने खेल संस्कृति विकसित करने और खेल भावनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए जिले के सभी बैडमिंटन खिलाड़ियों को अधिक से अधिक  संख्या में इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आव्हान किया है। 
*पुरस्कार*

 प्रतियोगिता के  तीनों वर्गों के विजेता को ₹11,000 नकद, ट्रॉफी तथा  सीनियर वर्ग  के विजेता को राज्य स्तरीय सीनियर ओपन प्रतियोगिता के मेन ड्रॉ में सीधे प्रवेश का अवसर मिलेगा।  तीनो वर्गों के उपविजेता को ₹5,100 नकद राशि व ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।
 
*नियम व आवश्यक दिशानिर्देश*
जिला बैडमिंटन संघ के सचिव विनोद गुप्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार
केवल जशपुर जिले के खिलाड़ी ही  इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। खिलाड़ियों को यूनिफॉर्म के साथ नॉन-मार्किंग शूज़ पहनना अनिवार्य होगा। खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता स्थल पर रियायती दर पर नाश्ता और भोजन की व्यवस्था की गई है। सेमी फाइनल में जाने वाले खिलाड़ियों को उस दिन निशुल्क आवास भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रतियोगिता से संबंधित जानकारी हेतु एक व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया है, जिसका क्यूआर कोड पोस्टर में उपलब्ध है। प्रतियोगिता से संबंधित अन्य जानकारियां खिलाड़ियों को इस ग्रुप में दी जाती रहेंगी। प्रतियोगिता में योनेक्स 350 शटल का उपयोग किया जाएगा। किसी भी श्रेणी में 16 से कम पंजीयन होने की स्थिति में मैच निरस्त किया जाएगा। पंजीकृत खिलाड़ियों को प्रतियोगिता प्रारंभ होने से पूर्व आधार कार्ड की एक फोटोकॉपी जमा करानी होगी तथा मैच प्रारंभ होने से 15 मिनट पूर्व अपनी उपस्थिति की सूचना आयोजन समिति को देनी होगी। पंजीयन में सहायता के लिए 6267642442 ,  9329441714 , 7808466592 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

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अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर लगातार कार्रवाई जारी,छाल के ग्राम हाटी में 900 बोरा अवैध धान जब्त,

रायगढ़, 8 नवम्बर 2025// राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में 15 नवम्बर से धान उपार्जन कार्य प्रारंभ किया जाएगा। आगामी खरीदी सत्र को लेकर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र सक्रिय रूप से कार्यरत है। धान खरीदी व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने सभी उपार्जन केंद्रों में तौल मशीन, बारदाना, पेयजल, बिजली, और सुरक्षा व्यवस्था समय पर सुनिश्चित की जा रही है। अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले की सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी परिस्थिति में अवैध धान का परिवहन या भंडारण न होने पाए। 


         इसी क्रम में तहसील छाल के ग्राम हाटी में की गई कार्रवाई के दौरान एक ट्रक में भरे 600 बोरा धान तथा गोदाम में रखे 300 बोरा धान कुल 900 बोरा अवैध धान जब्त किया गया। मौके पर मंडी निरीक्षक को बुलाकर आवश्यक कार्यवाही की गई। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस उद्देश्य से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे सक्रिय है। साथ ही, जिला स्तरीय कंट्रोल टीम का गठन किया गया है, जो अवैध गतिविधियों से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई कर रही है। प्रत्येक तहसील में फ्लाइंग स्क्वॉड एवं कंट्रोल टीम गठित की गई हैं। वहीं सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए 10 अंतरराज्यीय एवं 15 आंतरिक चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां संबंधित अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान परिवहन एवं भंडार में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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पीएम श्री नटवर स्कूल रायगढ़ में पश्चिम भारत विज्ञान मेला का हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम,विजेता प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत

रायगढ़, 8नवम्बर 2025/ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार पश्चिम भारत विज्ञान मेला का जिला स्तरीय आयोजन आज पीएमश्री नटवर स्कूल रायगढ़ में उत्साह, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.के.वी.राव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर डीएमसी आलोक स्वर्णकार, जिला नोडल पश्चिम भारत विज्ञान मेला भुवनेश्वर पटेल भी उपस्थित रहे। 
            डीईओ डॉ.राव ने कहा कि हर बच्चा एक वैज्ञानिक है बस उसमें प्रयोग करने की भावना और जिज्ञासा जगाने की जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं गणित विषयों को अपनाने और प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया। डीएमसी आलोक स्वर्णकार ने कहा कि विज्ञान केवल विषय नहीं, बल्कि जीवन की समझ और अनुभव का माध्यम है। हमें बच्चों में विज्ञान के प्रति गहरी समझ, विश्लेषण की क्षमता और सोचने की आदत विकसित करनी होगी। जब बच्चा प्रश्न पूछता है और समाधान खोजता है, तभी विज्ञान जीवंत होता है। उन्होंने कहा कि आज का जिज्ञासु विद्यार्थी ही कल का वैज्ञानिक और समाज का नवप्रवर्तक बनेगा। जिला नोडल अधिकारी पश्चिम भारत विज्ञान मेला भुवनेश्वर पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रयोग के माध्यम से सीखना ही सच्ची शिक्षा है। बच्चों को अधिक से अधिक वैज्ञानिक योजनाओं एवं प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। जब बच्चे विज्ञान के प्रति अपनी रोज की सोच विकसित करते हैं, तो निश्चित रूप से वे भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।
           डीईओ ने निर्णायकों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी बच्चों के भविष्य के निर्माता हैं आपका मूल्यांकन उनकी प्रेरणा का आधार बने। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर चयनित विद्यार्थी अब आगामी जोन स्तरीय पश्चिम भारत विज्ञान प्रतियोगिता में रायगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। जिले के सातों विकासखंडों से चयनित विद्यार्थियों ने विज्ञान नाटिका, प्रश्न मंच, विज्ञान प्रदर्शनी तथा सतत कृषि, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक के विकल्प, गणितीय मॉडलिंग, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, उभरती हुई प्रौद्योगिकी, जल संरक्षण एवं प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने नवाचार मॉडल प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल एवं प्रभारी शिक्षकों ने विद्यार्थियों के मॉडल, प्रस्तुति एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मूल्यांकन करते हुए उनकी रचनात्मकता, तार्किक सोच और वैज्ञानिक जिज्ञासा की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह मेला न केवल विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और नवाचार की भावना को जगाने का माध्यम बना, बल्कि उन्हें भविष्य के वैज्ञानिक, नवोन्मेषक और खोजकर्ता बनने की दिशा में प्रेरित करने वाला प्रभावशाली मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी विधाओं के प्रभारी, सहायक प्रभारी, निर्णायकगण एवं शिक्षकगणों का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम का संचालन जिला परियोजना अधिकारी साक्षर भारत देवेंद्र वर्मा, एपीसी भूपेंद्र पटेल, बी आर सी मनोज अग्रवाल, जिला सहायक नोडल अधिकारी पश्चिम भारत विज्ञान मेला वीर सिंह एवं कार्यक्रम संयोजक श्रीमति किरण मिश्रा के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन विजया पांडा द्वारा किया गया।

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जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की हुई समीक्षा बैठक,लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण कर शत्-प्रतिशत पोर्टल में एण्ट्री करने के दिए गए निर्देश

रायगढ़, 8नवम्बर 2025/ जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत की अध्यक्षता में सीएमएचओ कार्यालय रायगढ़ के आरोग्यम् सभा कक्ष में स्वास्थ्य विभाग के समस्त सेक्टर प्रभारियों की विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें शिशु स्वास्थ्य टीकाकरण, किशोरी बालिका स्वास्थ्य एवं चिरायु, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय वयोवद्व स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बधरिता रोकथाम नियंत्रण कार्यक्रम, सिकलसेल कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन, राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय एन.सी.डी. कार्यक्रम, एकीकृत निगरानी कार्यक्रम बीमारी रोकथाम, राज्य नोडल एजेंसी तथा आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय कैंसर मुख, सर्वाईकल, ब्रेस्ट, ह्दयरोग, मधुमेह एवं स्ट्रोक नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम ,राष्ट्रीय तंबाकू निषेध कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आवष्यक निर्देष दिए गए। 
            समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों का लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण कर शत् प्रतिशत पोर्टल में एण्ट्री करने के निर्देश दिए गए एवं हाई रिक्स गर्भवती माताओं की संभावित तिथि की सूची बनाकर काउसलिंग करते हुये होम विजिट करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉ. विवेक उपध्याय द्वारा समस्त विकासखंड के 10 मुख एवं दन्त रोग चिकित्सक, स्कूल षिक्षा विभाग से चयनित 40 प्रतिभागी षिक्षकगण को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें तंबाकू सेवन से दुष्पप्रभाव तथा कोटपा एक्ट की जानकारी दी गई। साथ ही साथ तंबाकू छोड़ने हेतु सभी विकासखंड मे तंबाकू निषेध सुविधा केंन्द्र को सुचारू करने के लिए विकासखंड के दन्त चिकित्सक को प्रषिक्षित किया गया। इस अवसर पर डॉ.बी.पी. पटेल जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी, डॉ.जया कुमारी चौधारी नोडल क्षय नियंत्रण अधिकारी, डॉ. केनन डेनियल जिला नोडल अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा उपस्थित रहें।

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तमनार : करेंट से हाथी की मौत प्रकरण में पांच और आरोपियों की गिरफ्तारी, अब तक कुल दस आरोपी गिरप्तार

रायगढ़, 8 नवम्बर 2025/ तमनार वन परिक्षेत्र में करंट की चपेट में आने से एक हाथी की मौत के प्रकरण में वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आज पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक इस मामले में कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ग्राम नूनदरहा के लक्ष्मीराम पिता भगतराम, रामप्रसाद पिता दया और मोहन पिता पालिस राम तथा ग्राम केराखोल के महावीर पिता मालिकराम एवं घसियाराम पिता लछन यादव शामिल हैं।
            इससे पहले बसंत राठिया, वीर सिंह मांझी, रामनाथ राठिया, देवनारायण राठिया और जयलाल मांझी को वन विभाग ने गिरफ्तार किया था। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने खेत की मेड़ पर जंगली सूअर के शिकार के उद्देश्य से बिजली का करंट प्रवाहित तार बिछाया था। उसी में फंसकर एक हाथी की मौत हो गई थी। आरोपियों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
             यह संपूर्ण कार्रवाई वनमंडलाधिकारी श्री अरविंद पी. एम. एवं उप वनमंडलाधिकारी श्री मनमोहन मिश्रा के मार्गदर्शन व निर्देशन में तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री विक्रांत कुमार के नेतृत्व में की जा रही है। वन विभाग की टीम इस प्रकरण की जांच में सक्रिय है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की गहनता से पड़ताल जारी है।

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गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के भौतिक प्रगति की समीक्षा बैठक सम्पन्न

जशपुरनगर 08नवम्बर 2025/स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जशपुर अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार व जिलें में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों के सुचारू रूप से संचालन व क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा एवं श्री राजीव रंजन मिश्रा जिला कार्यक्रम प्रबंधक की अध्यक्षता में जिलें में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समय-समय पर जिला एवं विकासखंड स्तर पर मॉनिटरिंग के साथ-साथ जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। 
         इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जशपुर के सभाकक्ष में गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के भौतिक प्रगति के संबंध में विकासखंड स्तर पर संचालित समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप-स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों हेतु एक दिवसीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। 
      बैठक में एन.सी.डी. कार्यक्रम अंतर्गत समाहित सूचकांको, गैर संचारी रोग  जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर -ओरल, ब्रेस्ट व सरवाईकल से ग्रसित रोगियों के पंजीयन, स्क्रीनिंग, रि-स्क्रीनिंग, जॉच, परीक्षण एवं उपचार व फॉलोअप के साथ कार्ड निर्माण हेतु निर्धारित लक्ष्य अनुरूप न्यूनतम प्रगति प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों के आर.एच.ओ. व सी.एच.ओ. की समीक्षा की गई। तथा लक्ष्य अनुरूप प्रगति प्राप्त करने के लिए कार्ययोजना निमार्ण कर शेष लक्ष्य प्राप्ति हेतु प्रोत्साहित किया गया। समीक्षा बैठक में उत्कृष्ठ प्रर्दशन वाले स्वास्थ्य संस्थानों के जे.एस.ए., आर.एच.ओ., सी.एच.ओ. को निरंतर लक्ष्य अनुरूप प्रगति प्राप्त करने के लिए समस्त विकासखंड से एक-एक उत्कृष्ठ प्रर्दशन करने वाले कुल 08 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दुलदुला मे कार्यक्रम के तहत् कार्यरत 01 कनिष्क सचिवीय सहायक को एन.सी.डी. पोर्टल में एंट्री सहित मॉनिटरिंग, रिर्पोटिंग में उत्कृष्ठ प्रर्दशन करने के लिए उत्कृष्ठता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।  
       एन.सी.डी. कार्यक्रम अंतर्गत आयोजित उक्त समीक्षा बैठक के सफल आयोजन में कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी, जिला सलाहकार, एन.सी.डी., जिला डाटा प्रबंधक, एन.एच.एम. व अन्य सहयोगी कर्मचारी द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाया गया।

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जिला स्तरीय राज्योत्सव पर आयुष विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी स्टाल,473 रोगियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दी की गई औषधि

जशपुरनगर 08 नवंबर 2025/ छ.ग. राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाए जा रहे राज्योत्सव के अंतर्गत जशपुर जिला मुख्यालय के रणजीता स्टेडियम में जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयुष विभाग द्वारा जिला आयुष अधिकारी जशपुर के मार्गदर्शन में विभागीय प्रदर्शनी एवं स्टाल लगाया गया। 
           प्रदर्शनी में आयुष विभाग द्वारा विगत 25 वर्षों में की गयी उपलब्धियां, आयुष विभाग की विभिन्न योजनाएं एवं गतिविधियां तथा आयुष संस्थाओं में उपलब्ध पंचकर्म सुविधाएं, तथा शुष्क द्रव्यों को प्रदर्शित किया गया। इसके अतिरिक्त रोगियों का आयुष चिकित्सा पद्धति  से निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर औषधि प्रदान किया गया। जिसके अंतर्गत आयुर्वेद पध्दति से 315 होम्योपैथी पद्धति से 158 कुल 473 रोगियों का उपचार किया गया।
            आयुष विभाग द्वारा प्रदर्शनी के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां एवं योजना जैसे सियान जतन क्लीनिक योजना, राष्ट्रीय कार्यक्रम वयोमित्र, राष्ट्रीय कार्यक्रम एनीमिया, राष्ट्रीय कार्यक्रम कुपोषण, राष्ट्रीय कार्यक्रम ऑस्टियो आर्थराइटिस एवं मस्कुलो स्क्लेटल डिसआर्डर, राष्ट्रीय कार्यक्रम आयुर्विद्या, हाट बाजार, आयुष मोबाइल मेडिकल यूनिट, जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर एवं विभिन्न उपलब्धियां की जानकारी दी गयी। विभाग की ओर से आयुर्वेद एवं होम्योपैथिक सम्बन्धित ब्रोशर जैसे प्रचार प्रसार सामग्री का वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त आयुष संस्थाओं में किये जा रहे पंचकर्म सुविधाएं जैसे कटिवस्ति, नस्य, सर्वांग स्वेद, शिरोधारा का लाईव डिमांसट्रेशन किया गया। जिसे माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्रीश्याम बिहारी जायसवाल जी के द्वारा स्टाल का निरीक्षण के दौरान अत्यन्त सराहना दिया गया। राज्योत्सव में आयुष विभाग द्वारा लगाये प्रदर्शनी के कार्यसंपादन के प्रभारी डा. एल.आर. भगत आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, सहायक प्रभारी डॉ. हरिकृष्ण श्रीवास आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी के द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए डा. दीपक एक्का विशेषज्ञ चिकित्सक, डा. शशि भूषण सिंह होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी, डा. निकिता मिंज, डा. ऋतम्भरा प्रज्ञा पैंकरा, डॉ. पूजा भगत, डॉ. रंजीत गुरू, डॉ. कपिल श्रीवास्तव, डॉ. अक्षय साहू, शरद साहू, सुशील भगत इत्यादि अधिकारी एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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प्रकृति के बीच पर्यटकों ने नीमगांव,मयाली नेचर कैम्प, विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़,सारूडीह चाय बगान जिला संग्रहालय,सरना एथेनिक रिजॉर्ट का किया अवलोकन 


जशपुर 8 नवम्बर 25/ जशपुर जम्बुरी के दूसरे दिन सुबह सूरज उगने से पहले  ही 120 पर्यटकों ने अपना सफर नीमगाँव से शुरू किया जहाँ प्रतिभागी शांत और मनमोहक पक्षी-दर्शन सत्र में शामिल हुए। सुनहरी धुंध से ढकी वादियों में जब पक्षियों की चहचहाहट गूंजी, तो पूरा जंगल जीवन से भर उठा। यह एक सुकूनभरी शुरुआत थी, जिसने सभी को जशपुर की शांत और प्राकृतिक लय से जोड़ दिया।

नाश्ते के बाद प्रतिभागियों को दिनभर की रोमांचक यात्राओं के लिए दो समूहों में बाँटा गया।

पहला समूह रवाना हुआ मयाली की ओर, जो पवित्र मधेेश्वर पर्वत की तलहटी में बसा है —  जो  प्राकृतिक रूप से शिवलिंग का सबसे विशाल स्वरूप है। इस आध्यात्मिक वातावरण में दिनभर का रोमांच और भी खास बन गया। मयाली  के नीले पानी में प्रतिभागियों ने कयाकिंग, एक्वा साइक्लिंग, एटीवी राइड्स और जोशीले पेंटबॉल गेम जैसे कई साहसिक खेलों का आनंद लिया। आसमान में उड़ते पैरामोटर और हॉट एयर बलून से मधेेश्वर पर्वत और हरे-भरे जंगलों का विहंगम दृश्य सभी को मंत्रमुग्ध कर गया। रोमांच के बाद, स्थानीय व्यंजनों से सजे दोपहर के भोजन ने सबके दिन को और भी स्वादिष्ट बना दिया।

वहीं, दूसरा समूह देश देखा में रहा, जहाँ दिनभर के लिए खुला आसमान और पथरीला भूभाग रोमांच का नया अध्याय लिख रहा था। प्रतिभागियों ने यहाँ बोल्डरिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, जुमारिंग और ज़िपलाइनिंग जैसी गतिविधियों में भाग लिया। हर चुनौती के साथ जोश, हौसला और टीम भावना की गूंज चारों ओर सुनाई दे रही थी। दोपहर के भोजन के बाद यह समूह , सारूडीह चाय बगान,रानीदाह और जशपुर संग्रहालय की सैर पर निकला, जहाँ उन्होंने जशपुर की कला, इतिहास और प्राकृतिक धरोहर को करीब से जाना।

शाम होते-होते यह समूह पहुँचा सरना एथनिक रिज़ॉर्ट, जहाँ रात की रौनक बढ़ी एक सुंदर आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम से। जशपुर की महिला स्वसहायता समूहों (SHG) ने अपने पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों से सबका मन मोह लिया। उनके रंगीन परिधान, ताल और ऊर्जा ने जशपुर की असली आत्मा को मंच पर जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोनों समूह फिर से देश देखा में एकजुट हुए। सितारों से भरे आसमान के नीचे जलती कैम्पफायर की गर्माहट ने सबको एक साथ ला दिया। हंसी-मज़ाक, अनुभवों की बातें और शांत तारामंडल दर्शन ने इस रोमांचक दिन का समापन बेहद खूबसूरती से किया।

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मुख्यमंत्री ने दी जिले को बड़ी सौगात, चार नालों पर बनेगा पुल, 13 करोड़ 69 लाख की मिली मंजूरी, 

जशपुरनगर 8 नवम्बर 25/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले को विकास की नई सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने जिले के चार अलग-अलग स्थानों पर पुल निर्माण के लिए कुल 13 करोड़ 69 लाख 21 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इन पुलों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अब और अधिक सुगम हो जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार दुलदुला एल-025 से बनगांव मार्ग में पुल निर्माण के लिए 3 करोड़ 60 लाख 88 हजार की मंजूरी दी गई है।चटकपुर से बकुना मार्ग पर पुल निर्माण के लिए 2 करोड़ 71 लाख 62 हजार की स्वीकृति प्राप्त हुई है। मुड़ाअम्बा मुड़ा नाला पर पुल निर्माण हेतु 2 करोड़ 69 लाख 44 हजार की मंजूरी मिली है।वहीं फरसाबहार क्षेत्र के रायअम्बा से मकरीबंधा कुसुमनाला पर पुल निर्माण के लिए 4 करोड़ 67 लाख 27 हजार स्वीकृत किए गए हैं।

   इन पुलों के निर्माण से न केवल ग्रामीणों के दैनिक आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि वर्षा ऋतु के दौरान भी संपर्क मार्ग बाधित नहीं होंगे। इससे स्थानीय व्यापार, शिक्षा, कृषि व स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार की उम्मीद है।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जिले के विकास कार्यों को नई दिशा मिल रही है। सीएम साय के सुशासन में जशपुर जिले की तस्वीर लगातार बदल रही है।

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मुख्यमंत्री ने ली जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक,निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के दिए निर्देश 

रायपुर, 07 नवम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हों तथा निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए कहा कि जल संसाधन परियोजनाएँ प्रदेश के सर्वांगीण विकास की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सिंचाई परियोजनाओं का निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री को पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से प्रदेश की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल : बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान के लिए चिन्हित व्यक्तियों को मिलेगी प्रति वर्ष 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि

रायपुर, 07 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप अनुसूचित जनजाति वर्ग के बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ के चिन्हित व्यक्तियों को प्रति वर्ष 5,000 रुपए की सम्मान सह-प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना को ‘मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना (अनुसूचित जनजाति) वर्ष 2025’ के नाम से जाना जाएगा। योजना के संबंध में 6 नवम्बर को आदिम जाति विकास विभाग द्वारा विस्तृत अधिसूचना जारी की गई है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत रूप से वनौषधीय चिकित्सा संबंधी कार्यों में संलग्न बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ लोगों की परंपरागत वनौषधीय चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित करने और उनके सेवा एवं योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से, जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर 2024 के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रति चिन्हित व्यक्ति को प्रतिवर्ष 5,000 रुपए की सम्मान सह-प्रोत्साहन निधि प्रदान करने की घोषणा की गई थी।

आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में उल्लेखित है कि ‘मुख्यमंत्री बैगा, गुनिया-हड़जोड़ सम्मान योजना’ का उद्देश्य जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के अंतर्गत परंपरागत रूप से वनौषधियों के ज्ञान में दक्ष बैगा, गुनिया और हड़जोड़ व्यक्तियों के पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करना, उसे आगामी पीढ़ियों तक हस्तांतरित करना और उनके वनौषधीय चिकित्सकीय अनुभवों का अभिलेखीकरण कर उनकी आजीविका एवं सेवा को सुदृढ़ बनाना है।

अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनजाति समाजों में वनौषधीय चिकित्सा संबंधी अनुभव परिवारों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होते हैं। अनुसूचित क्षेत्रों के ग्रामों में ऐसे बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ व्यक्ति जो विगत तीन वर्षों से वनौषधीय चिकित्सा सेवा कार्य में संलग्न हैं, उन्हें संरक्षित करने और सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष 5,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।

छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्त्री, पुरुष एवं तृतीय लिंग (ट्रांसजेंडर) व्यक्ति, जो बैगा, गुनिया या हड़जोड़ के रूप में कम से कम 30 वर्षों से अपने स्थानीय क्षेत्र में सेवाएँ दे रहे हैं तथा जिनके परिवार में कम से कम दो पीढ़ियों से वनौषधीय चिकित्सा का ज्ञान स्थानांतरित हुआ है, पात्र माने जाएंगे। साथ ही, जो व्यक्ति पादप औषधि बोर्ड, आयुष विभाग, वन विभाग या लघु वनोपज संघ जैसी पंजीकृत संस्थाओं से जुड़े हुए हैं, उनका चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ग्राम स्तर पर किया जाएगा।

ग्राम सभा एवं ग्राम पंचायत द्वारा प्रेषित नामों की अनुशंसा ग्राम स्तर पर ग्राम सचिव, सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन तथा प्राथमिक अथवा माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक द्वारा अनुमोदित की जाएगी। इस अनुशंसा के आधार पर संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास स्तर पर गठित समिति — जिसमें संबंधित जनपद अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति वर्ग के एक जनपद सदस्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) एवं मंडल संयोजक शामिल होंगे — द्वारा अनुशंसित नामों का परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापित सूची आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास कार्यालय को प्रेषित की जाएगी। समिति द्वारा किसी मान्यता प्राप्त संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त सदस्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया जाएगा।

ग्राम सभा/ग्राम पंचायत से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर तथा जनपद स्तर पर गठित समिति की अनुशंसा के उपरांत सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास द्वारा कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त कर प्रस्ताव आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास को भेजा जाएगा। प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार जिलों को आवश्यक धनराशि का आबंटन किया जाएगा। तत्पश्चात सहायता राशि का वितरण जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा तथा सम्मान निधि प्राप्त व्यक्तियों की सूची संबंधित ग्राम सभा में सार्वजनिक रूप से पढ़ी जाएगी।

*"छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराएं हमारे सांस्कृतिक वैभव और प्राचीन ज्ञान का जीवंत प्रतीक हैं। बैगा, गुनिया और हड़जोड़ हमारे समाज के वे सम्मानित जन हैं, जिन्होंने सदियों से वनौषधीय चिकित्सा की लोकपरंपरा को जीवित रखा है। उनकी इस अनमोल सेवा और ज्ञान को सम्मान देने के लिए राज्य सरकार ने “मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना” प्रारंभ की है। इस योजना के माध्यम से हम न केवल उनके योगदान को मान्यता दे रहे हैं, बल्कि उनकी परंपरागत चिकित्सा प्रणाली को संरक्षित करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प भी निभा रहे हैं।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

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धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर होंगे विशेष आयोजन

रायपुर, 7 नवम्बर 2025/ भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार इस वर्ष 15 नवम्बर 2025 को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में समूचे देश में “जनजातीय गौरव दिवस” भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर 1 नवम्बर से 15 नवम्बर 2025 तक “जनजातीय गौरव पखवाड़ा” का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी जिलों में प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं प्रभारी सचिवों की उपस्थिति में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिला स्तरीय समारोह में जनजातीय संस्कृति, लोककला, व्यंजन, हस्तशिल्प और विकास प्रदर्शनी के साथ-साथ भारत सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

कार्यक्रमों में शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव एवं उत्तर छत्तीसगढ़ जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही आश्रम-छात्रावासों, शासकीय संस्थानों और जनजातीय ग्रामों में प्रभातफेरी, जन-जागरूकता यात्राएँ, वृक्षारोपण, निबंध, वाद-विवाद एवं चित्रकला प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। जनजातीय नायक-नायिकाओं के जीवन और योगदान पर संगोष्ठियाँ भी होंगी।

इस पखवाड़े के दौरान विशेष लाभार्थी संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जनधन खाता, सिकल सेल जांच, स्वास्थ्य परीक्षण, जाति प्रमाणपत्र वितरण, पीएम किसान सम्मान निधि एवं किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।

जिले के “आदि सेवा केन्द्रों” में भी गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, जनजातीय समुदाय के प्रमुखों, प्रतिभावान बच्चों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही पी.एम. जनमन, आदि कर्मयोगी तथा धरतीआबा योजनाओं से संबंधित लघु फिल्में प्रदर्शित की जाएँगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का संदेश-पाठ (पाती वाचन) भी किया जाएगा।

जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर यह आयोजन प्रदेश के आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, संघर्ष और गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर बनेगा।

*"धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती हम सबके लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर है। भगवान बिरसा मुंडा ने अपने अदम्य साहस, संघर्ष और त्याग से जनजातीय समाज को स्वाभिमान और स्वतंत्रता का संदेश दिया। जनजातीय गौरव पखवाड़ा न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत के उत्सव का प्रतीक है, बल्कि यह आदिवासी समाज के उत्थान, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। मैं सभी प्रदेशवासियों  से आग्रह करता हूँ कि वे इस पखवाड़े में उत्साहपूर्वक भाग लें और हमारी जनजातीय संस्कृति, परंपरा एवं मूल्यों को आगे बढ़ाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।"- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मातृभूमि में जन्म,पालन-पोषण हुआ और पहचान दी, उसकी सेवा ही हमारे जीवन का सबसे बड़ा धर्म : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 7 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रगीत वन्देमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वाल्मीकि रामायण में मातृभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया गया है — “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”। उन्होंने कहा कि जिस भूमि ने हमें जन्म दिया, पालन-पोषण किया और पहचान दी, उसकी सेवा ही हमारे जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। भारत माता की आराधना केवल शब्दों में नहीं, अपने कर्तव्यों के सम्यक निर्वहन के माध्यम से होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब हम भारत माता की पूजा करते हैं, तो पूजा में दक्षिणा देना भी आवश्यक होता है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि को अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से करना चाहिए। यही हमारी मातृभूमि के प्रति सच्ची देशभक्ति और सबसे महत्वपूर्ण दक्षिणा होगी।

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सरस मेला में महिला सशक्तिकरण का दिखा अनूठी झलक,उत्साहित स्व-सहायता समूह की महिलाएँ....बढ़ा आत्मविश्वास और आर्थिक समृद्धि


 
जशपुरनगर 07 नवम्बर 2025/ “महिलाओं का हुनर, जशपुर का गौरव” थीम पर आयोजित संभाग स्तरीय सरस मेला – 2025 में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की अनूठी झलक देखने को मिल रही है। विकासखण्ड कुनकुरी के ग्राम मयाली में 06 से 09 नवम्बर तक आयोजित इस मेले में सरगुजा संभाग के सभी जिलों जशपुर, सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर से आई स्व-सहायता समूह की महिलाएँ अपने हुनर और मेहनत का प्रदर्शन कर रही हैं। मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराना, पारंपरिक ज्ञान और कौशल को पहचान दिलाना तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यहाँ 15 से अधिक स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित वस्तुएँ, बांस उत्पाद, मिलेट आइटम, वस्त्र निर्माण, मसाले और आचार-पापड़ जैसे अनेक घरेलू उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है। मेला स्थल पर स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है और उपभोक्ता महिलाओं के परिश्रम की प्रशंसा कर रहे हैं।

      सरगुजा जिले के मेंड्रा क्लस्टर की गायत्री रजवाड़े और नगमा खातून सरस मेला में हल्दी, धनिया, मिर्च पाउडर, जीरा फुल, चावल, दाल, बाजरा, गेहूँ आटा और बेसन की बिक्री कर रही हैं। बलरामपुर जिले के शांति स्व-सहायता समूह की नीतू मंडल  ने बताया कि उनके समूह की महिलाएँ नाइटी, ब्लाउज, कुर्ती जैसे वस्त्र निर्माण का कार्य करती हैं, जिससे समूह को 60 से 70 हजार रुपये की आमदनी होती है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की ईशा रजक, सिद्धबाबा महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) ग्राम नागपुर सेमरा से जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि जीरा फुल चावल, आचार, दाल और पापड़ की बिक्री से वे अब लखपति महिला उद्यमी बनने की ओर अग्रसर हैं। सूरजपुर जिले की बुद्धमनिया रजवाड़े ने बताया कि समूह में शामिल होने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर रही हैं। जशपुर कांसाबेल की रानी मुस्कान स्व-सहायता समूह जीराफुल राइस, बांस टोकरी, सजावटी सामान, माला, ईयरिंग, पापड़ और आचार की बिक्री कर रही हैं। फरसाबहार खुटगांव की माधुरी निकुंज (निकुंज महिला समूह) हल्दी-मिर्च मसाला और सरसों तेल जैसे घरेलू उत्पाद बना रही हैं। वहीं, कोरिया जिले की यास्मीन ने बताया कि उनके समूह की महिलाएँ मिलेट लड्डू, रागी लड्डू, आचार और ज्वार उत्पादों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।

     सरस मेला न केवल महिलाओं को अपने उत्पादों के विपणन का अवसर प्रदान कर रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला सशक्त मंच भी बन रहा है। इस आयोजन से महिलाओं को रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आय का अवसर मिल रहा है। मेला के माध्यम से “बिहान” मिशन की परिकल्पना — सशक्त महिला, सशक्त ग्राम — साकार होती दिखाई दे रही है। यह मेला महिलाओं के आत्मविश्वास, मेहनत और कौशल का उत्सव है, जो जशपुर सहित पूरे सरगुजा संभाग में नारी शक्ति की नई पहचान बना रहा है।

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जशपुर जम्बूरी का दूसरा दिन मयाली नेचर कैंप में वाटर स्पोर्ट्स, एटीवी राइडिंग और बर्ड वॉचिंग ने बढ़ाया उत्सव का आकर्षण

जशपुरनगर 7 नवम्बर 2025/ ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ के दूसरे दिन मयाली नेचर कैंप में रोमांच, उत्साह और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। मयाली डैम के जलाशय में आज दिनभर वाटर स्पोर्ट्स का रोमांच छाया रहा, जहां प्रतिभागियों ने वाटर साइकलिंग, कयाकिंग और बोटिंग का भरपूर आनंद लिया। जशपुर की शांत वादियों में पानी के साथ यह साहसिक अनुभव हर प्रतिभागी के लिए यादगार रहा। जंबूरी में जशपुर और अन्य जिलों से आए प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। जशपुर की हसीन वादियों में हो रहे जंबूरी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित क्रीड़ा परिसर, नवसंकल्प एवं नवगुरुकुल के तहत चयनित मेधावी बच्चों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया।

खेल और एडवेंचर गतिविधियों में झलका उत्साह-
जंबूरी के दूसरे दिन बॉक्स क्रिकेट, एटीवी राइडिंग और नेट बॉल जैसी गतिविधियों ने प्रतिभागियों को उत्साह से भर दिया। एटीवी बाइक राइडिंग के दौरान युवाओं ने जंगलों के बीच मिट्टी के रास्तों पर गति और संतुलन का रोमांच महसूस किया। नेट बॉल और क्रिकेट मुकाबलों में भी प्रतिभागियों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया।

सुबह की शुरुआत बर्ड वॉचिंग से, दिनभर रहा उत्सव का रंग - 

रायपुर से आई प्रतिभागी नीलिमा यादव ने बताया कि वे जंबूरी के दौरान होमस्टे में ठहरीं और सुबह 4 बजे से बर्ड वॉचिंग में शामिल हुईं, जिसमें 18 प्रजातियों के पक्षियों का अवलोकन किया गया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में चार तरह की साहसिक गतिविधियों में भाग लेने का अनुभव बेहद रोमांचक रहा और जिला प्रशासन की व्यवस्था उत्कृष्ट है।

प्रतिभागियों ने साझा किए अपने अनुभव
कबीरधाम जिला से आए राकेश जायसवाल और संजय यादव ने कहा कि वाटर एक्टिविटीज़ का अनुभव शानदार रहा। उन्होंने वाटर साइकलिंग, एटीवी बाइक राइडिंग और कल्चरल एक्टिविटीज़ का भरपूर आनंद लिया। उन्होंने कह कि कैंपिंग का अनुभव यादगार रहा और जिला प्रशासन की व्यवस्था अनुकरणीय है। इसी प्रकार बस्तर क्षेत्र के कोंडागांव जिला से आई रागिनी जायसवाल ने कहा कि “अब तक हमने बस्तर की खूबसूरती देखी थी, अब जशपुर की वादियों का अनुभव मिला है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य अद्भुत है, सभी को यहाँ आना चाहिए।” ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ का यह दूसरा दिन रोमांच, साहस और प्राकृतिक सौंदर्य के संगम के रूप में प्रतिभागियों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया। आने वाले दिनों में भी यह आयोजन जशपुर को छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई ऊँचाई देगा।

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