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शासकीय प्राथमिक विद्यालय दासडुमरटोली में विद्यालय प्रवेश उत्सव: नन्हे-मुन्नों का हुआ भव्य स्वागत, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

जशपुर : छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की शिक्षा के प्रति दूरदर्शी सोच और बच्चों के सुनहरे भविष्य की मंशा को साकार करते हुए जशपुर जिले में विद्यालयों में नए सत्र का आरंभ बड़े उत्साह और उमंग के साथ किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद कुमार भटनागर के निर्देशन तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी जशपुर श्रीमती कल्पना टोप्पो के विशेष मार्गदर्शन में शासकीय प्राथमिक शाला दासडुमरटोली में विद्यालय प्रवेश उत्सव बड़े धूमधाम और गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर ने न केवल बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह जगाया बल्कि अभिभावकों को भी सरकारी विद्यालयों में उत्कृष्ट शिक्षा की ओर आकर्षित किया।

भव्य स्वागत से खिले नन्हे-मुन्नों के चेहरे

विद्यालय परिसर इस अवसर पर उत्सव स्थल में तब्दील हो चुका था। नन्हे-मुन्ने बच्चों का स्वागत परंपरागत रीति से किया गया। छोटे-छोटे बच्चों के माथे पर तिलक-चंदन लगाया गया, आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा से उनका अभिनंदन किया गया। उनका पहला विद्यालय आगमन पूरे ग्राम समुदाय के लिए उत्सव जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। बच्चों के मासूम चेहरे पर मुस्कान और उनकी आंखों में सपनों की चमक हर किसी का मन मोह रही थी।

गौरवमयी उपस्थिति ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वार्ड क्रमांक 12 के पंच श्री विक्रम भगत और विशिष्ट अतिथि वार्ड क्रमांक 13 की पंच श्रीमती बबीता भगत रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री टुमनू गोसाई ने की। इनके अतिरिक्त शाला की प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम, सहायक शिक्षक श्री मुकेश कुमार, विद्यालय के अन्य शिक्षकगण,, नॉन टीचिंग स्टाफ, ग्राम के गणमान्य नागरिक, पालकगण एवं विद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने हाथों से बनाए पुष्पगुच्छ देकर सभी अतिथियों एवं उपस्थित पालकों का आत्मीय स्वागत किया। प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने विद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षिक वातावरण और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

उत्सव में बिखरी प्रेरणादायी संदेशों की सुगंध

मुख्य अतिथि श्री विक्रम भगत और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री टुमनू गोसाई ने बच्चों को आशीर्वाद स्वरूप तिलक चंदन लगाया, पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए। श्री गोसाई ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “आज की पीढ़ी को 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों में अच्छे संस्कार, अनुशासन और आत्मनिर्भरता विकसित करना आवश्यक है। हमारे शासकीय विद्यालय किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हैं। यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।”

उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे सरकारी स्कूलों पर भरोसा करें और अपने बच्चों का नामांकन शासकीय विद्यालयों में कराएं ताकि सभी को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।

विशिष्ट अतिथि श्रीमती बबीता भगत ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यालय में शिक्षा की ऐसी व्यवस्था की गई है जिससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास हो सके। उन्होंने कहा कि बच्चों में पढ़ने-लिखने, सोचने-समझने और विचार अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने के लिए शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी मिलकर प्रयास करें।

शिक्षकों का संदेश: शिक्षा ही असली पूंजी

प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, स्वच्छता का ध्यान रखने, बड़ों का आदर करने और विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के सहायक शिक्षक श्री मुकेश कुमार ने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धा भरी दुनिया में अंग्रेजी भाषा, हिंदी और गणित जैसे विषयों में दक्षता जरूरी है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं विद्यालय में अतिरिक्त इंग्लिश स्पोकन क्लास संचालित करेंगे ताकि बच्चों को अंग्रेजी बोलने में आत्मविश्वास मिले और वे भविष्य में किसी भी चुनौती का सामना कर सकें। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

आभार और समापन

कार्यक्रम का संचालन भी श्री मुकेश कुमार ने अत्यंत कुशलता और सजीवता से किया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानपाठिका श्रीमती फिरदौस खानम ने सभी अतिथियों, पालकों और ग्रामवासियों का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नॉन टीचिंग स्टाफ और ग्रामवासी बच्चों को उत्तम शिक्षा देने और विद्यालय को नए शिखर पर ले जाने के लिए एकजुट हैं।

सरकारी स्कूल: बच्चों का सुनहरा भविष्य

शासकीय प्राथमिक शाला दासडुमरटोली के इस विद्यालय प्रवेश उत्सव ने यह प्रमाणित किया कि सरकारी स्कूलों में न केवल पढ़ाई बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए भरपूर अवसर और संसाधन उपलब्ध हैं। यहां योग्य और समर्पित शिक्षकगण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियां, नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा और बच्चों को प्रोत्साहित करने वाला माहौल है।

आज जब समाज में शिक्षा को लेकर अनेक विकल्प मौजूद हैं, तब यह कार्यक्रम अभिभावकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि सरकारी विद्यालय वास्तव में उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी बन सकते हैं। सरकारी स्कूलों में मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, मध्यान्ह भोजन, योग्य शिक्षकों का मार्गदर्शन और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल देने वाली योजनाएं मौजूद हैं, जिससे बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से कहीं बेहतर सुविधाएं और शिक्षा मिल रही है।

पेरेंट्स के लिए संदेश

शासकीय प्राथमिक शाला दासडुमरटोली सभी अभिभावकों का आह्वान करता है कि वे अपने बच्चों को इस विद्यालय में नामांकित करें और उनकी शिक्षा की मजबूत नींव रखें। यहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और नैतिक शिक्षा दी जाती है ताकि वे एक अच्छे नागरिक बन सकें और समाज तथा राष्ट्र की प्रगति में योगदान दें।

विद्यालय के इस सफल और प्रेरक आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर निरंतर ऊंचाई छू रहा है। विद्यालय प्रवेश उत्सव की यह गौरवमयी गाथा न केवल बच्चों के मन में पढ़ाई के प्रति उत्साह भरती है बल्कि अभिभावकों को सरकारी शिक्षा प्रणाली पर गर्व करने का अवसर भी देती है।

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काशी के कोतवाल' श्री काल भैरव जी के दरबार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की पूजा-अर्चना

रायपुर  : देवों के अधिदेव भगवान शंकर की पावन नगरी काशी में स्थित ‘काशी के कोतवाल’ श्री काल भैरव जी महाराज के दिव्य मंदिर में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और देश के कल्याण हेतु प्रार्थना की।

इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा काल भैरव की विधिवत आराधना की और संपूर्ण राष्ट्र के लिए मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि बाबा भैरवनाथ की कृपा समस्त देशवासियों पर निरंतर बनी रहे, यही मेरी प्रार्थना है। उन्होंने देश के नागरिकों के जीवन में सुरक्षा, समृद्धि और कल्याण के प्रकाश के निरंतर प्रवाह की कामना भी की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य की शांति, विकास और जनकल्याण की दिशा में अग्रसर यात्रा के लिए बाबा काल भैरव जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईश्वर की कृपा से प्रदेश और देश में सुशासन और समृद्धि का मार्ग और अधिक सुदृढ़ होगा।

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जिले में पहली बार एग्री -हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन का आयोजन....देश के कई राज्यों की कंपनियां होंगी शामिल.....किसान करेंगे एफ.पी.ओ. के जरिये क्रेता कंपनी से समझौता


जशपुरनगर / जिले में किसानों के विकास, कृषि - उद्यान एवं रेशम उत्पाद को बढावा देने "कृषि क्रांति" अभियान की शुरूआत जिला प्रशासन की पहल से शुरू की गई है, अभियान अंतर्गत जिला जशपुर में पहली बार क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का दो दिवसीय आयोजन जिला पंचायत जशपुर में किया जा रहा है। 28 तथा 29 जून 2025 तक आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस में क्रेता-विक्रेता परिचय एवं फसल विशेष संग्रहण, संरक्षण, प्रसंस्करण एवं कृषि, उद्यानिकी, रेशम एवं वन उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण, मापदण्ड एवं नियमों की जानकारी प्रदान की जाने के साथ फसल प्रदर्शनी का आयोजन की जावेगी, तथा द्वितीय दिवस 29 जून.2025 को विभिन्न राज्यों से आये उद्यमियों को किसान के खड़ी फसलों के भ्रमण का कार्यक्रम तय किया गया है। सम्मेलन में जिले के प्रगतिशील कृषक, देश के कई राज्यों की उद्यमी, निर्यातक के विशेषज्ञ, लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कई कृषि संबंद्ध कंपनियों से संपर्क किया गया है, जिसमें अधिक से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधी के भाग लेने की संभावना है। जशपुर जिले में जैविक उत्पादों का बहुत बड़ा बाजार है, तथा जंगल में काफी मात्रा में औषधीय, वन उपज उपलब्ध है जिसके साथ ही जिले में अधिक मात्रा में रेशम पालन की जाती है। इस सम्मेलन के माध्यम से जिले के किसानों को अपने उत्पाद को अधिक मूल्य में बेचने के लिए एक प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है, तथा किसानों को अपने उत्पाद के वर्तमान स्थिति, चुनौती और बाजार को समझने के साथ भविष्य की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी, किसान एफ.पी.ओ. के माध्यम से उत्पाद संग्रहण कर क्रेता कंपनी को विक्रय करेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। सम्मेलन में नाशपाती, आम फसल कृषकों के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जावेगा ।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर श्रवण दोष से पीड़ित  बुंदा लकड़ा  को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र खुशी जाहिर कर मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर श्रवण दोष से पीड़ित  बुंदा लकड़ा  को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र
खुशी जाहिर कर मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
जशपुरनगर, : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और आवश्यक सहायताएं उपलब्ध कराने में संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में श्रवण दोष से पीड़ित श्रीमती बुंदा लकड़ा को  श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
 ग्राम पाकरगांव, तहसील पत्थलगांव की श्रीमती लकड़ा ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर श्रवण यंत्र प्रदान करने की मांग की थी। आवेदन में उन्होंने अपनी कठिनाई को साझा करते बताया कि सुनने में असमर्थता के कारण उन्हें दैनिक जीवन में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
   मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने उनके आवेदन को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और उन्हें उनके गांव  जाकर श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। श्रवण यंत्र प्राप्त होने पर श्रीमती बुंदा लकड़ा ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया और कहा कि यह उनके लिए एक नई जिंदगी की शुरुआत जैसा है।

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कलेक्टर ने खाद्य एवं सम्बद्ध विभागों की ली समीक्षा बैठक,,,,मांग अनुसार आपूर्ति हेतु दिए निर्देश

 जशपुर, / जिले में खाद्य एवं सम्बद्ध विभागों के कार्यों की समीक्षा हेतु सोमवार को कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कलेक्टर ने जिले में खरीफ फसलों के लिए आवश्यक खाद एवं बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने जिले में एनपीके, डीएपी, यूरिया, सुपरफास्फेट आदि के संग्रहण एवं वितरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए प्रत्येक किसान को मांग अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिले में हाइब्रिड अनुत्पादक या नकली बीजों को लेकर सतर्क रहते हुए किसानों द्वारा शिकायत प्राप्त होने पर तुरंत उसकी जांच करवाने के निर्देश दिए।
            उन्होंने सहकारिता विभाग के अंतर्गत प्राथमिक साख समितियों की नियमानुसार 30 जून तक ऑडिट पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने जिले में रिक्त सहकारिता विस्तार अधिकारियों के पदों के लिए राज्य शासन को मांग भेजने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने मिलर्स द्वारा धान उठाव, माइक्रो एटीएम, अपेक्स बैंक द्वारा केसीसी निर्माण आदि पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सभी पीडीएस केंद्रों के माध्यम से तीन माह का चावल नियमानुसार एकमुश्त वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि 3 माह का राशन वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो संबंधित केंद्र संचालकों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
       कलेक्टर ने राशन कार्ड से मृत व्यक्तियों का नाम विलोपित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी खाद्य निरीक्षकों को जिले के नगरीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से एलपीजी के अतिरिक्त अन्य परंपरागत ईंधनों के प्रयोग को रोकने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी दुकान, होटल एवं अन्य व्यवसायिक संस्थानों में व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर का उपयोग को सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सहकारी समितियों की ऑनलाइन ऑडिट में विलंब को देखते हुए 30 जून तक ऑडिट ना पूर्ण होने पर संबंधित अधिकारी- कर्मचारी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस बैठक में सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, जिला खाद्य अधिकारी आशीष कुमार चतुर्वेदी सहित कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, अपेक्स बैंक, नान, सहकारिता निरीक्षक, खाद्य निरीक्षक उपस्थित रहे।

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जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी आमजनों की समस्याएं,आवेदनों के समयबद्ध निराकरण को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

जशपुरनगर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों की समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक अवलोकन कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को  प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
   इसके साथ ही उन्होंने प्राप्त आवेदनों का निराकृत होने पर उसकी सूचना संबंधित व्यक्ति को देने के लिए कहा, ताकि उनको अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि शासन की मंशा है कि आम जनता को त्वरित और प्रभावी रूप से शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिले। जनदर्शन के माध्यम से आमजन सीधे प्रशासन से जुड़कर अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर पात्र व्यक्ति को समयबद्ध समाधान प्राप्त हो। 
     आज जनदर्शन में कुल 59 आवेदन प्राप्त हुए।  इसमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी मामले, स्कूल में प्रवेश, बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं के निराकरण संबंधित मामले सहित विभिन्न विषयों से संबंधित मांगें शामिल थीं।

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नवा रायपुर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया संवाद.... जल्द ही देश नक्सलवाद से मुक्त होगा, वो क्षण आजादी के बाद के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा: अमित शाह

रायपुर / केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ संवाद किया। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, बीएसएफ के महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज यहाँ उपस्थित केंद्रीय सुरक्षा बलों, कोबरा टीम, छत्तीसगढ़ पुलिस बल और डीआरजी के साहस, शौर्य, बलिदान और समर्पण को नमन करता हूँ। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि सुरक्षा बल के जवान अपने शौर्य और परिश्रम से ही नक्सलियों के साथ मुठभेड़ को सफल बनाते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस शौर्य, धैर्य और समर्पण के साथ  माओवादियों के बनाये अड्डों को तहस-नहस किया है, उसने विश्व के सभी सुरक्षा बलों को आश्चर्यचकित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि सेना के जवान जो तय करते हैं, वो हासिल करते हैं। सुरक्षा बलों के इसी भरोसे से मैं देश में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का ऐलान करता हूं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद गरीब आदिवासी क्षेत्र के लिए बड़ी विभीषिका रही है, जिससे पिछले 35 साल में लगभग 40 हजार लोगों की मौत हुई है या फिर वो अपाहिज होकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं ।नक्सलवादी हिंसा ने गरीब आदिवासी तक खाना, बिजली, शिक्षा, घर, शौचालय और पीने का शुद्ध पानी जैसे मूलभूत सुविधाओं को नहीं पहुंचने दिया और उद्योग को तो भूल ही जाइए। इतने लंबे वर्षों तक इतना बड़ा क्षेत्र गुलामी के कालखंड में जीने को मजबूर रहा। इसका मूल कारण नक्सलवाद है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मुझे आज आनंद है कि आज जिस क्षेत्र से नक्सलवाद खत्म होता है, वहां हमारी सरकार अनाज, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, बिजली, घर, शौचालय और पीने का शुद्ध पानी पहुंचाकर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब बच्चा हाथ में बंदूक की जगह पेंसिल पकड़कर क, ख, ग लिखता है, तो न सिर्फ एक क्षेत्र का बल्कि पूरे देश का भविष्य संवरता है। यह क्षण जल्द ही आने वाला है। 

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में जब 31 मार्च, 2026 को देश नक्सलवाद से मुक्त होगा, वो क्षण आजादी के बाद का सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब नक्सलवाद के खात्मे का इतिहास लिखा जायेगा, उसमे सुरक्षा बलों के जवानों का त्याग, बलिदान और परिश्रम स्वर्णिम अक्षरों से अंकित होगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में ‘लियोर ओयना’ - नक्सलियों द्वारा आदिवासियों के भीषण संहार और बस्तर को बचाने के  प्रयासों पर लिखित पुस्तक का लोकार्पण भी किया। नक्सलियों ने जिन मासूम, निहत्थे लोगों को अपनी हिंसा का शिकार बनाया है, उनकी पीड़ा समझने में यह पुस्तक सहायक होनेवाली है। यह पुस्तक ह्यूमन राईट के नाम पर नक्सलियों से संवेदना दिखाने वालों के आँखों के आगे से पर्दा हटाने और उन्हें एक्सपोज करने में भी उपयोगी सिद्ध होगी।

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नाला किनारे एक महिला और दो मासूम बच्चों की लाश मिलने का सनसनीखेज मामला....हत्या की आशंका..... पुलिस कर रही है विवेचना,,,विस्तार से जानने पढ़ें पूरी खबर

नदी किनारे एक साथ तीन लाश मिलने का मामला 

जशपुर :-तपकरा थाना के साजबहार में सोमवार को  उतियाल नाला किनारे तीन लाश मिलने से क्षेत्र दहल उठा. पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या का मामला के संदेह में आरोपी को तलाश करने के लिए छापेमारी कर रही है.

तपकरा पुलिस को आज दिनांक सूचना मिला कि एक व्यक्ति प्रमोद गिद्धी शराब के नशे में ग्रामीणों को बोल रहा था कि थाना तपकरा क्षेत्र के साजबहार (उतियाल नदी) में 01 महिला और 02 बच्चों को मारकर नदी के किनारे दफना दिया है, इस सूचना पर पुलिस तत्काल साजबहार (उतियाल नदी) में तस्दीक करने मौके पर गई एवं उभार वाले रेत को हटाकर देखने पर 01 लड़का बच्चा (उम्र लगभग 06 साल) एवं 01 बच्ची (उम्र लगभग 11 साल) का शव मिला एवं कुछ दूर आगे जंगल में 01 महिला (उम्र लगभग 36 साल) का शव मिला, जिसका पहचान परिजनों एवं साजबहार के ग्रामवासियों द्वारा की गई है। मामले में मर्ग कायम कर जाॅंच कार्यवाही की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है, मामले में अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण के हर पहलुओं की बारीकी से विवेचना की जा रही है।   
                              एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा घटना के संबंध में बताया गया है किः- "प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है, चूंकि संदेही प्रमोद गिद्धी ने ग्रामीणों के समक्ष हत्या करने की बात बोला है एवं वह घटना के बाद से फरार है, अतः मुख्य संदेही प्रथम दृष्टया यही प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस द्वारा घटना के सारे संभावित बिन्दुओं पर बारीकी से जाॅंच की जा रही है, अंतिम निष्कर्ष जाॅंच के बाद ही प्राप्त होगा।"

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हाथी मानव द्वंद को कम करने तपकरा, कांसाबेल एवं कुनकुरी में गजरथ यात्रा के माध्यम से हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि के संबंध में दी गई जानकारी

जशपुरनगर /फरसाबहार विकासखण्ड के स्वामी आत्मानंद विद्यालय तपकरा, कांसाबेल एवं कुनकुरी के मिडिल और हाईस्कूल में लगभग 150 प्राचार्य एवं प्रधानपाठक की उपस्थिति में गजरथ यात्रा के संबंध में कार्यशाला आयोजित किया गया और समस्त बिन्दूओं और पहलुओं पर विस्तृत चर्चा कर कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दिया गया। साथ ही कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। उक्त कार्यशाला में श्री पी.के. भटनागर, जिला शिक्षा अधिकारी जशपुर, श्री अभिनव केशरवानी उप वनमण्डलाधिकारी कुनकुरी, श्री एस.के. होता, वन परिक्षेत्राधिकारी कुनकुरी, सुश्री अकांक्षा लकड़ा, वन परिक्षेत्राधिकारी तपकरा तथा फरसाबहार, कुनकुरी एवं कांसाबेल के प्राचार्य एवं प्रधानपाठक एवं वन अमला उपस्थित थे।
            विगत कई वर्षाे से जशपुर जिला हाथी विचरण क्षेत्र रहा है एवं हाथियों की उपस्थिति निरंतर बनी हुई है। यहां की भौगोलिक संरचना तथा घने वनक्षेत्र एवं अन्तर्राज्य सीमा से लगे होने के कारण कई स्थलों से हाथियों का प्रवेश जशपुर जिले में होता है। जिससे हाथी मानव द्वंद की घटनायें होने की संभावनायें बनी रहती है। हाथी मानव द्वंद को न्यूनतम करने हेतु  21 जून 2025 को जशपुर वनमण्डल के गजरथ यात्रा 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया है।
          गजरथ यात्रा हाथी प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर दौरा कर हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि के संबंध में विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षा 06वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को जानकारी देकर जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है।

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सुकमा में शहीद हुए आकाश राव गिरिपुंजे के परिजनों से गृह मंत्री अमित शाह ने की मुलाकात

रायपुर :केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने नवा रायपुर में सुकमा में आईईडी विस्फोट में शहीद श्री आकाश राव गिरिपुंजे के परिजनों से सौजन्य भेंट की। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें सांत्वना प्रदान की।  

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरिपुंजे की वीरता और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी शहादत देश के लिए अविस्मरणीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश हमेशा उनके बलिदान का ऋणी रहेगा और उनकी शहादत को कभी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। श्री शाह ने शहीद के साहस को प्रेरणादायी बताते हुए उनके योगदान को राष्ट्र के लिए अमूल्य करार दिया।

इस अवसर पर श्री शाह ने शहीद के परिजनों को आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ हर कदम पर खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार शहीदों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्य के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित की

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, महान शिक्षाविद्, और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में डॉ. मुखर्जी के अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता, सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए अपने जीवन का प्रत्येक क्षण समर्पित किया। वे न केवल कुशल संगठक थे, बल्कि दूरदर्शी राष्ट्रनायक भी थे, जिन्होंने भारतीय राजनीति को राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक अस्मिता के सुदृढ़ सूत्र में पिरोया।

श्री साय ने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना के माध्यम से डॉ. मुखर्जी ने एक ऐसी विचारधारा को जन्म दिया, जिसने देश को राष्ट्रीय हित में सोचने और कार्य करने की नई दृष्टि प्रदान की। उनके विचार आज भी हमारी लोकतांत्रिक चेतना को दिशा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रसेवा आजीवन साधना और तपस्या है। उनका समर्पण और उच्च आदर्श आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए दृढ़संकल्पित हैं।

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संकल्प से सिद्धि 'अभियान के तहत कार्यक्रम सरबकोम्बो में हुआ सम्पन्न  : मोदी सरकार की 11 साल की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच पहुंची जशपुर विधायक रायमुनी भगत.....परिसर में किया वृक्षारोपण

नारायणपुर :- प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार “संकल्प से सिद्धि”अभियान के तहत भाजपा मण्डल बगीचा के द्वारा मंडल स्तरीय कार्यक्रम ग्राम सरबकोम्बो कल्याण आश्रम में सम्पन्न हुआ।

केंद्र में नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने की केंद्र एवं प्रदेश के द्वारा जन जन तक पहुंचाए जाने वाली उपलब्धियों एवं लाभ को बताया गया।

विधायक रायमुनी भगत ने कार्यकर्ताओं से कहा  केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं हर व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से योजनाओं का प्रचार करने की बात की। आगे कहा संकल्प से सिद्धि अभियान के तहत मोदी सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाना हम सब की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा सरकार ने अपने पुराने संकल्प पूरे किए हैं।इनमें कश्मीर से धारा 370 हटाना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के मकान देना, घर-घर शौचालय बनवाना और आयुष्मान कार्ड के जरिए स्वास्थ्य सुविधा देना शामिल है। 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर, समर्थ और शक्तिशाली बनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ठ अतिथि द्वारा वृक्षारोपण करने के लिए संदेश दिया गया।

आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, कार्यक्रम के अध्यक्ष बगीचा मंडल अध्यक्ष हरीश कुमार आरिक, विशिष्ठ अतिथि जिला महामंत्री मुकेश शर्मा,जिला उपाध्यक्ष शंकर प्रसाद गुप्ता “संकल्प से सिद्धि” कार्यक्रम के संयोजक श्रीमती रीना बारला,सह सायंजक महावीर यादव,मंडल महामंत्री द्वेवे पवन सिंग राजकिशोर जायसवाल, मंडल उपाध्यक्ष द्वेवे राजेंद्र चौवन, महेश यादव नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभात सिड़ाम शक्तिकेंद्र संयोजक अमृत दास, मूंगा लाल  गुप्ता,मुरली यादव,राजेन्द्र चौहान,जयप्रकाश नायक,परेश दास, सरपंच शशिकिरण एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता गण शंभु सिंह, वल्भ यादव, शोभरन टेकेश्वर, लोकनाथ यादव, ईश्वर यादव एवं ब्लॉक के समस्त मोर्चा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं महामंत्री, बूथ अध्यक्ष ,सयोजक शक्तिकेंद्र प्रभारी, संयोजक, सहसंयोजक, भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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कुनकुरी के नालन्दा परिसर के नामकरण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ट्वीट पर भाजपा के नेता ने दिया करारा जवाब....पूछे कई सवाल....विस्तार से जानने पढ़ें पूरी खबर

जशपुर : कुनकुरी में बनने जा रहे नालन्दा परिसर को बिरसा मुंडा नाम करण को लेकर चल रही  राजनीति अब और तेज हो गयी है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल द्वारा ट्वीट के माध्यम से दिए गए बयान के बाद भाजपा ने करारा जवाब दिया है । भाजपा के युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष और कुनकुरी के भाजपा पार्षद अमन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में भाजपा के जनप्रतिनिधियों को हमेशा उपेक्षा की है। कांग्रेस के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं नगर पंचयात अध्यक्ष विनयशील के  भाजपा के पूर्व युवा मंडल अध्यक्ष अमन शर्मा ने तीखा जवाब दिया।

भूपेश बघेल जी,

आदिवासी समाज का अपमान करने वालों को सवाल पूछने का नैतिक हक नहीं।
आप मंच से आदिवासी सम्मान की बात करते हैं,लेकिन ज़मीन पर सच्चाई क्या है?

जब मुख्यमंत्री थे,तब दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल जी का नाम शिलालेखों से गायब!
विकास कार्यक्रमों में सांसद को आमंत्रण नहीं!
विपक्ष को अपमानित करना ही कांग्रेस की संस्कृति रही है।
सलियाटोली बनकोम्बो मार्ग पीएमजेएसवाई विभाग की सड़क जिसे केंद्र की मोदी सरकार ने स्वीकृति दी तब कांग्रेस की सरकार थी उस समय भाजपा सांसद को निमंत्रण तक नही दिया गया था।
अब भगवान बिरसा मुंडा जी की बात हो रही है?
तो जनता पूछ रही है
आपके पूरे 5 साल के शासन में:
आपने कितनी योजनाएं शुरू कीं बिरसा मुंडा जी के नाम पर?
कितने स्कूल,कॉलेज,सड़क,भवन, छात्रावास उनके नाम पर बनाए?
कितनी धरोहरें,संग्रहालय या सांस्कृतिक केंद्र बिरसा मुंडा जी के नाम समर्पित हुए?

जवाब–शून्य
आपकी सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा जी को सिर्फ भाषणों में अपनी सहूलियत के हिसाब से इस्तेमाल किया,लेकिन जमीन पर कोई ठोस योजना नहीं चलाई।

उल्टा आपने:
तेंदूपत्ता संग्राहकों की चरण पादुका योजना बंद कर दी,आदिवासी बहनों को साड़ी योजना से वंचित किया भवनों और योजनाओं के नाम कांग्रेस नेताओं के नाम पर रखे।
आदिवासी विश्वविद्यालय तक इंदिरा गांधी के नाम पर रखा।

अब देखिए प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा की नीति-नीयत:
6,640 करोड़ रुपये की परियोजनाएं–बिरसा मुंडा जयंती पर,
60,000 जनजातीय गांवों में ‘उत्कर्ष अभियान’,
80,000 करोड़ का निवेश आदिवासी इलाकों में,
1.5 लाख पक्के मकान,सड़कें,छात्रावास,स्कूल,
4.5 करोड़ सिकल सेल की जांच,विशेष स्वास्थ्य अभियान,
24,000 करोड़ की पीएम जनमन योजना अति-पिछड़ी जनजातियों के लिए,
भगवान बिरसा मुंडा स्मारक संग्रहालय,
जनजातीय गौरव दिवस,
श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी–भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति।

और कांग्रेस का रिपोर्ट कार्ड?
आदिवासियों के नाम पर एक भी योजना नहीं,CGPSC में घोटाला,सेटिंग-प्रशासन का खेल,आदिवासी युवाओं का हक छीना,भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।

भूपेश बघेल जी,
आपकी सरकार ने आदिवासी सम्मान को भाषण तक सीमित कर दिया।
विकास की जगह जातिवादी राजनीति और वोट बैंक का गणित चला।
आदिवासी गौरव सिर्फ मंच पर टोपी पहनने से नहीं आता,वो आता है नीति,नीयत और निष्ठा से–जो भाजपा ने करके दिखाया है।

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माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के करकमलों से रौनियार विवाह दर्पण पत्रिका हुई लोकार्पित, मुख्यमंत्री जी ने कहा पत्रिका से समाज की नई पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा

जशपुर : रौनियार (गुप्ता) समाज के अनुषंगी घटक रौनियार दर्पण परिवार द्वारा प्रकाशित पुस्तक रौनियार नागरिक अलंकरण सह वैवाहिक स्मारिका भाग-2 का औपचारिक का लोकार्पण माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के हाथों 21 जून को हुआ। मुख्यमंत्री जी ने अपने गृह ग्राम बगिया स्थित निवास पर रौनियार दर्पण परिवार एवं समाज के विशिष्ट प्रतिनिधिमंडल के आग्रह पर पत्रिका को आमजनों के लिए लोकार्पित किया। पत्रिका में माननीय मुख्यमंत्री जी का शुभकामना संदेश भी प्रकाशित हुआ है। 
रौनियार दर्पण पत्रिका हेतु सरगुजा सांसद श्री चिन्तामणि महाराज जी और रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया जी ने भी शुभकामना संदेश देकर समाज की ख्याति, उन्नति और सफलता की कामना की है। उल्लेखनीय है पत्रिका का औपचारिक विमोचन कुछ ही दिन पूर्व माननीय सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो जी के द्वारा हुआ है।
पत्रिका का अवलोकन करने के बाद माननीय मुख्यमंत्री श्री साय जी ने इसके कलेवर, सामग्री, प्रेरक लेख एवं वैवाहिक डाटा संकलन कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पत्रिका में प्रकाशित सुयश, मिसाल और उपलब्धि खण्ड सराहनीय है। राजनीति के क्षेत्र में समाज के बढ़ते कदम के लिए उन्होंने समाज को बधाई दी। आगे उन्होंने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को पत्रिका से अवश्य प्रेरणा मिलेगी, शादी विवाह के रिश्ते आसानी से तय होंगे और आने वाले समय में समाज के लोग और उल्लेखनीय सफलता और सम्मान हासिल करने का प्रयास करेंगे। 
उन्होंने नारी शक्तियों के लिए आशीर्वाद देते हुए रौनियार दर्पण के संपादक मंडल की सराहना की और कहा मोबाइल के युग में पत्रिका का प्रकाशन बहुत ही सार्थक कार्य है। पूरी टीम बधाई की पात्र है।
इस मुलाकात के दौरान रौनियार समाज के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश संयोजक श्री प्रमोद गुप्ता, आकाश गुप्ता एवं दर्पण के संयोजक यतींद्र गुप्ता के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री जी से रौनियार जाति को केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल कराने के मांग का ज्ञापन सौंपा और माननीय मुख्यमंत्री जी से इस पर संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री जी ने मांग को स्वीकार किया तथा अन्य राज्यों से आवश्यक दस्तावेज जुटाकर रायपुर में भेंट करने की बात कही और समुचित पहल का आश्वासन दिया।
लोकार्पण के उपरांत समाज की ओर से माननीय मुख्यमंत्री जी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय जी के 
संयुक्त चित्र से सुसज्जित आकर्षक आभार प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत जशपुर श्री सालिक साय जी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। समाज ने उन्हें भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस कार्यक्रम में समाज की ओर से गडला इकाई के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, आकाश गुप्ता, कल्याण प्रसाद गुप्ता, नारायण गुप्ता, अयोध किशोर गुप्ता, रोहित गुप्ता, परमेश्वर गुप्ता आदि उपस्थित रहे ।
रौनियार दर्पण पत्रिका परिवार से संयोजक यतींद्र गुप्ता, अध्यक्ष ज्योति गुप्ता, जिला प्रभारी नीलू गुप्ता, वितरण प्रभारी राधेश्याम गुप्ता, मीनाक्षी गुप्ता आदि सम्मिलित हुए।

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महतारी सदन भवन निर्माण का श्रीमती कौशल्या साय ने किया भूमिपूजन…..बोली विकास में नहीं होगी कोई कमी......महिलाओं को गांव में ही मिलेगा रोजगार....युक्तियुक्तकरण जनहित और शिक्षा हित मे

नारायणपुर :- छत्तीसगढ़ में बीजेपी की विष्णु देव साय सरकार ने महिलाओं को गांव में ही रोजगार देने की महतारी सदन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, छत्तीसगढ़ सरकार ने गांवों में 'महतारी सदन' बनाने शुरू कर दी है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को गांव में ही आत्मनिर्भर बनाना है,इस महतारी सदन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को उनके अपने गांव में ही काम के अवसर प्रदान किए जाएंगे। राज्य सरकार चाहती है कि महिलाओं को गांव में काम करने की जगह दी जाए। चूंकि महिलाओं के लिए समूह में या व्यक्तिगत तौर पर काम करने की कोई जगह नहीं है।इसी को ध्यान में रखकर महतारी सदन बनाया जा रहा है। 
    नारायणपुर में रविवार को अटल चौक आम बगीचा के पास महतारी सदन भवन निर्माण  मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के द्वारा भूमिपूजन कर शुरुआत कर दी गई है ।यह भवन मुख्यमंत्री की अनुशंसा से नारायणपुर में स्वीकृत हुई।

        स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रों उच्चारण के साथ श्रीमती साय ने महतारी सदन भवन निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन किया। इस अवसर पर श्रीमती साय ने  कहा कि यह सदन ग्रामवासियों के सामुदायिक आयोजनों और विकास कार्यों का केंद्र बनेगा, यह महतारी सदन ग्रामीण अंचल में कारगर साबित होगा।उन्होंने आगे कहा की नारायणपुर मे महतारी सदन ग्राम और क्षेत्र की महिलाओं को समर्पित है, इसके बन जाने से सभी महिलाओं को किसी भी सार्वजनिक कार्य करने और बैठने के लिए एक बहुत ही अच्छी जगह मिलेगी ‌।साथ ही विष्णु सरकार की विभिन्न जन कल्याण कारी योजनाओं से भी जनता को अवगत कराया, उन्होंने बताया की विष्णु सरकार का क्षेत्र मे पानी की समस्या पर विशेष जोर है, इसके तहत, क्षेत्र के सभी कुओं, और बोरिंग को पुनर्जीवित किया जा रहा है, साथ ही उन्होंने जनता से वृक्षारोपण करने की अपील भी की, तथा सभी जन प्रतिनिधियों से मिल कर कार्य करने की अपील की, ताकि विकाश की धारा को हर छोर तक पहुचाया जा सके, उन्होंने शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को लेकर जनता और शिक्षकों मे फैली भ्रांतियों को भी दूर करने का प्रयास किया, उन्होंने कहा की युक्तियुक्तकरण जनता के हित मे है, बदलाव के दौर मे थोड़ी बहुत परेशानी जरूर होती है किंतु, युक्तियुक्तकरण जन हित, शिक्षा हित मे है, ताकि प्रदेश मे कोई भी गांव स्कूल शिक्षा से अछूता न रहे,साथ ही युवाओं से अपील की, क्षेत्र के युवा नशे से दूर रहे एवं अच्छे भविष्य का निर्माण करें।

      इस दौरान कार्यक्रम में प्रमुख रूप  श्रीमती सुशीला साय जनपद पंचायत अध्यक्ष,जिला पंचायत सदस्य- श्रीमती मलिता बाई,श्रीमती अनिता सिंह,संतोष सहाय,उप सरपंच  नवरतंन बंग,मंडल अध्यक्ष उमेश यादव,श्रीमती संतोषी वन्दे,जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, संतन राम,असलम आजाद,परशु राम यादव,गोपाल प्रसाद यादव रामकृत नायक,बिरेश राम, शंकर राम यादव,अभिषेक पुरी,अरुण मोहंती, उत्तम विश्वकर्मा,जगदीश गुप्ता,विभाग के समस्त स्टाफ,ठेकेदार, विधानसभा क्षेत्र के भाजपा नेता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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केन्द्रीय गृह अमित शाह ने रायपुर में नक्सलवाद पर 7 राज्यों के DGP/ADGP एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की....कहा दुबारा  दोहराता हूँ कि 31 मार्च 2026 तक देश नक्सलवादमुक्त होकर रहेगा

रायपुर /केंद्रीय  गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा के डीजीपी/एडीजीपी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रायपुर में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में श्री विष्णुदेव जी की सरकार और उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा जी की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि उन्होंने एक रुके हुए नक्सल विरोधी अभियान को द्रुत गति से चलाया और राज्य को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि श्री विष्णुदेव जी और श्री विजय शर्मा जी ने नक्सलविरोधी अभियानों को न सिर्फ धार दी, बल्कि समय-समय पर इस अभियान का मार्गदर्शन किया, सुरक्षाबलों का हौंसला भी बढ़ाया और संपूर्णता के साथ इस लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान दिया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने विश्वास के साथ दोहराया कि 31 मार्च, 2026 तक देश नक्सलवाद से पूरी तरह से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारे सुरक्षाबलों ने पराक्रम दिखाया है और सूचना एजेंसियों ने सटीक रणनीति बनाई है, उसके आधार पर हम इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर लेंगे। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बारिश के मौसम में आराम करने वाले नक्सली इस बरसात में चैन की नींद नहीं सो पाएँगे क्योंकि हमारे सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी रहेगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने नक्सलवाद के रास्ते पर भटक कर गए सभी युवाओं से हथियार डालकर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें विकास यात्रा में जुड़ने का इससे अच्छा मौका नहीं मिंलेगा। श्री शाह ने कहा कि हिंसा के रास्ते पर चल रहे युवा सरकार पर भरोसा करें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। इस तरह वे अपने आप देश की विकास यात्रा के साथ जुड़ जाएंगे। श्री शाह ने कहा कि सरकार ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों से जो वायदा किया है, उसे पूरा किया जाएगा औऱ उससे अधिक सहायता करने का प्रयास भी किया जाएगा।

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केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होने की की अपील

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रायपुर, : केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर स्थित राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के अस्थायी परिसर तथा आई-हब रायपुर का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। 

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक दिन है। एनएफएसयू के अस्थायी परिसर के साथ-साथ नवा रायपुर में स्थायी परिसर के लिए भूमि पूजन एवं केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की भी शुरुआत की गई है। कुल 268 करोड़ रुपये की लागत से ये संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। अस्थायी परिसर में सत्र 2025-26 से बीएससी, एमएससी फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी, मनोविज्ञान, डिजिटल फॉरेंसिक एवं प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्सेस प्रारंभ हो जाएंगे। लगभग 180 छात्र पहले बैच में प्रवेश लेंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इन संस्थानों के निर्माण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत को आधुनिक न्याय प्रणाली और अपराध जांच में सशक्त आधार मिलेगा। नई फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी, जैसे डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एलएसडी साइंस, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल फॉरेंसिक अब स्थानीय स्तर पर सुलभ होंगी, जिससे जाँच प्रक्रिया तेज और सटीक होगी। उन्होंने बताया कि अब फॉरेंसिक जांच के लिए राजधानी या दिल्ली की आवश्यकता नहीं होगी, सारी जांच अटल नगर, नवा रायपुर में ही संभव होगी।

आई-हब की स्थापना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्टार्टअप कल्चर से जोड़ने, तकनीकी सहायता देने, फंडिंग मुहैया कराने और मार्केटिंग एवं अनुबंध जैसी प्रोफेशनल सेवाएं देने में सहायक होगा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे खुद उद्योगपति बनें, स्टार्टअप शुरू करें और राज्य के औद्योगिक विकास में भागीदार बनें। यह आई-हब, गुजरात के मॉडल पर आधारित है, और भविष्य में रायपुर से भी कई वैश्विक स्टार्टअप उभरने की संभावना है।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हुए हैं, जिससे रोजगार, राजस्व और औद्योगिक संस्कृति को बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन दोनों ने नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक गति दी है। पहली बार ऐसा हुआ है कि वर्षा ऋतु में भी सुरक्षा बल सक्रिय हैं और नक्सलियों को चैन से रहने नहीं दे रहे। उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में शामिल होने की अपील की।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि एनएफएसयू का स्थायी परिसर तीन वर्षों में पूर्ण रूप से विकसित होगा, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए फॉरेंसिक क्षेत्र में करियर की असीम संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मोदी सरकार के तहत एनएफएसयू से स्नातक करना रोजगार की गारंटी बनेगा। साथ ही देशभर में लागू हुए नए तीन आपराधिक कानूनों के संदर्भ में श्री शाह ने कहा कि इनका उद्देश्य है – तीन वर्षों के भीतर न्याय सुनिश्चित करना, और विज्ञान आधारित साक्ष्यों पर आधारित आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली की स्थापना करना। उन्होंने बताया कि अब 7 वर्ष से अधिक की सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य कर दी गई है। सभी पुलिस थानों को सीसीटीएनएस से जोड़ दिया गया है, जिससे राज्य सरकारें जांच और निगरानी की प्रक्रिया में तकनीकी रूप से दक्ष हो सकेंगी। यह बदलाव न केवल न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सजा सुनिश्चित करने वाले देशों की अग्रिम पंक्ति में ले आएगा।

केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने यह भी बताया कि देशभर में एनएफएसयू के 16 परिसरों की स्थापना हो चुकी है और 10 अन्य प्रस्तावित हैं। भारत को आत्मनिर्भर बनाने में फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। एक हालिया सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 तक फॉरेंसिक टेक्नोलॉजी का वैश्विक बाजार 55 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा और उसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि आज एक साथ तीन महत्वपूर्ण संस्थानों की नींव रखी गई है जो प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएफएसयू विश्व का पहला और एकमात्र विश्वविद्यालय है जो फॉरेंसिक साइंस, साइबर सुरक्षा, व्यवहार विज्ञान जैसे विषयों के अध्ययन के लिए पूर्णतः समर्पित है। इसका रायपुर परिसर नवा रायपुर को एक उभरते हुए राष्ट्रीय शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। यह संस्थान न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए कानून व्यवस्था, न्यायिक प्रक्रिया और फॉरेंसिक अनुसंधान का सशक्त आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बंजारी, नवा रायपुर में विश्वविद्यालय के लिए 40 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है और ट्रांजिट कैंपस को समय पर तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस कैंपस में फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल फॉरेंसिक, साइकोलॉजी सहित विभिन्न विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और अल्पकालिक पाठ्यक्रम संचालित होंगे। साइबर क्राइम, सड़क दुर्घटना विश्लेषण, मादक पदार्थों की जांच जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण से राज्य की कानून व्यवस्था को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में लगभग एक सदी बाद तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं। एनएफएसयू जैसे संस्थान इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु पुलिस बल एवं जांच एजेंसियों को आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध करा रही है, जिसकी सतत निगरानी भी की जा रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आई-हब छत्तीसगढ़ के शुभारंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान राज्य के युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। इसमें को-वर्किंग स्पेस की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो नवाचार को प्रोत्साहित करेंगी।

      उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एनएफएसयू का रायपुर परिसर न केवल प्रशिक्षण बल्कि फॉरेंसिक अनुसंधान और इन्वेस्टिगेशन में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यह संस्थान न केवल पढ़ाई, शोध, प्रशिक्षण और परामर्श का केंद्र बनेगा बल्कि भारत में ही फॉरेंसिक साइंस से जुड़े उपकरणों के नवाचार और निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। यह सपना माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में साकार हो रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने एनएफएसयू के लिए जमीन आवंटित की है और निर्माण कार्य भी शीघ्र आरंभ होने वाला है। उन्होंने कहा कि इस परिसर में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, और यह फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल फॉरेंसिक, साइकोलॉजी एवं विभिन्न शॉर्ट टर्म कोर्सेस में युवाओं को दक्ष बनाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम  और भारतीय नागरिका सुरक्षा संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन में फॉरेंसिक प्रणाली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।  उपमुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहाँ एनएफएसयू की स्थापना की जा रही है, जबकि उड़ीसा, बिहार, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अभी इसकी शुरुआत नहीं हुई है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 33 जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को केंद्र से 24 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। हर जिले में मोबाइल वाहन, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित टीम होगी ताकि मौके पर ही घटनाओं की सटीक जांच संभव हो सके।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं श्री अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन, निदेशक आसूचना ब्यूरो श्री तपन कुमार डेका, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, परिसर निदेशक एनएफएसयू गांधीनगर के प्रोफेसर डॉ एसओ जुनारे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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एनएफएसयू और एनएफएसएल का अमित शाह ने किया भूमिपूजन....खोजी अनुसंधान और फोरेंसिक मनोविज्ञान में शिक्षा व प्रशिक्षण की मिलेगी सुविधा

रायपुर. : केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर के ग्राम बंजारी में राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) और राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (एनएफएसएल) के भवनों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। नवा रायपुर के बंजारी में 40 एकड़ में दोनों राष्ट्रीय संस्थानों के सर्वसुविधायुक्त आधुनिक भवन बनाए जाएंगे। परिसर में दोनों संस्थानों के भवनों के निर्माण के लिए प्रारंभिक रूप से 130-130 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डा. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप भी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

एनएफएसएल देश की सबसे हाइटेक फोरेंसिक लैब है। इसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ को साइंटिफिक इन्वेस्टीगेशन के क्षेत्र में बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। वहीं एनएफएसयू फोरेंसिक विज्ञान के अध्ययन के लिए देश का शीर्षस्थ संस्थान है। यह फोरेंसिक विज्ञान, खोजी विज्ञान और अपराध विज्ञान में विशेषज्ञता के कोर्सेज संचालित करती है। वर्ष 2020 में इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा दिया गया है। राज्य में इसकी स्थापना से फोरेंसिक विज्ञान, अपराध विज्ञान, खोजी अनुसंधान और फोरेंसिक मनोविज्ञान जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में शिक्षा और प्रशिक्षण सुलभ होगा।  

इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायकगण सर्वश्री किरण देव, इंद्र कुमार साहू, अनुज शर्मा और गुरू खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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