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साहब… 10 लीटर में कैसे चलेगा जेसीबी-ट्रैक्टर?” सुशासन शिविर में युवक ने लगाई गुहार, रोजाना 70 लीटर डीजल की मांग वाला आवेदन बना चर्चा का विषय

नारायणपुर/कुनकुरी।  पेट्रोल-डीजल संकट के बीच गुरुवार को आयोजित सुशासन तिहार शिविर में एक ऐसा आवेदन पहुंचा, जिसने वहां मौजूद अधिकारियों से लेकर ग्रामीणों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम कलीबा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कलीबा निवासी मनोज कुमार यादव ने प्रशासन के सामने अपनी परेशानी रखते हुए प्रतिदिन 70 लीटर डीजल उपलब्ध कराने की मांग कर डाली।

दरअसल बीते करीब एक सप्ताह से जिले में पेट्रोल और डीजल की किल्लत बनी हुई है। जिले में पेट्रोल डीजल सभी पेट्रोल पंप में मिल रहा है परन्तु पेट्रोल पंपों में सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है। कहीं 200 रुपये का डीजल मिल रहा है तो कहीं 10 लीटर से अधिक देने से मना किया जा रहा है। ऐसे हालात में खेती-किसानी से लेकर निर्माण कार्य तक प्रभावित होने लगे हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।

इसी परेशानी को लेकर मनोज कुमार यादव सुशासन शिविर पहुंचे और राजस्व विभाग को आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि उनके पास एक जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर है, जिससे उनके परिवार का रोजगार चलता है। खेतों की सफाई, समतलीकरण, मिट्टी कार्य और अन्य कृषि कार्यों के लिए प्रतिदिन मशीनों का संचालन जरूरी है। लेकिन वर्तमान में पेट्रोल पंपों से मात्र 10 लीटर डीजल ही मिल पा रहा है, जिससे कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

मनोज यादव ने आवेदन में साफ लिखा कि मानसून आने से पहले किसानों के खेतों में तेजी से काम करना पड़ता है। ऐसे समय में डीजल की कमी होने से जेसीबी और ट्रैक्टर खड़े हो रहे हैं। इससे न सिर्फ उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है, बल्कि किसानों के खेतों की तैयारी का काम भी अटक रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कृषि और रोजगार को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रतिदिन कम से कम 70 लीटर डीजल उपलब्ध कराया जाए।

सुशासन शिविर में यह आवेदन देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया। लोगों का कहना था कि खेती का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में डीजल की कमी से किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। ट्रैक्टर, पंप और कृषि उपकरणों के संचालन में दिक्कत आ रही है। वहीं निर्माण कार्यों में लगी मशीनें भी प्रभावित हो रही हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार घंटों लाइन में लगने के बाद भी पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है। कुछ लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ऐसे में सुशासन तिहार शिविर में डीजल की मांग वाला यह आवेदन पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

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कलीबा के सुशासन शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का हुजूम : 460 आवेदन लेकर पहुंचे लोग, मौके पर ही बांटे गए राशन कार्ड, केसीसी, ऋण पुस्तिका और सम्मान पत्र, जनप्रतिनिधियों ने कहा – गांव-गांव पहुंच रही सरकार

नारायणपुर 21 मई 2026। प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा सुशासन तिहार अब गांवों में लोगों के लिए राहत और भरोसे का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। कुनकुरी विकासखंड की कलीबा पंचायत में आयोजित सुशासन शिविर में गुरुवार को सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 17 पंचायतों से पहुंचे ग्रामीण अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर शिविर में पहुंचे, जहां उन्हें एक ही जगह पर विभिन्न विभागों की सेवाएं और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। शिविर में लोगों ने जमीन, राशन कार्ड, बिजली, पानी, सड़क, पेंशन, कृषि, पशुपालन और अन्य समस्याओं को लेकर आवेदन दिए।

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय शामिल हुईं, जबकि भाजपा जिला उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मकसद अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित निराकरण किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने पेट्रोल और डीजल की कालाबाजारी रोकने के लिए भी अधिकारियों को सतर्क रहने की अपील की।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार लगातार जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी को सरकार ने बहुत कम समय में धरातल पर उतारा है। महतारी वंदन योजना, कृषि उन्नति योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच बन गया है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उसका अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।

शिविर में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार भी पहुंचे। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जानकारी दी और आवेदन प्रक्रिया समझाई।

इस शिविर में कुल 460 मांग और शिकायत संबंधी आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पंचायत विभाग में सबसे ज्यादा 191 आवेदन आए। इसके अलावा राजस्व विभाग में 78, पीएचई में 52, विद्युत विभाग में 30, पशु विभाग में 30, खाद्य विभाग में 25, क्रेडा में 20, कृषि विभाग में 11, महिला एवं बाल विकास विभाग में 7, कौशल विकास विभाग में 5, लोक निर्माण विभाग में 4, मत्स्य विभाग में 4, वन विभाग में 3, चिकित्सा विभाग में 3, पर्यटन विभाग में 2, परिवहन विभाग में 2, जल संसाधन विभाग में 1, शिक्षा विभाग में 1 और पुलिस विभाग में 1 आवेदन प्राप्त हुए।

शिविर के दौरान कई हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ भी वितरित किए गए। जिसमे शिक्षा विभाग द्वारा 20 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। उद्यान विभाग ने 20 फलदार पौधों का वितरण किया, जबकि 5 लखपति दीदियों को प्रमाण पत्र दिए गए।14 हितग्राहियों को वृद्धा पेंशन, पशु विभाग द्वारा 45 नग चूजों का वितरण किया गया। कृषि विभाग ने 10 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए। राजस्व विभाग द्वारा 10 ऋण पुस्तिकाएं और खाद्य विभाग द्वारा 10 राशन कार्ड वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई।

शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यहां लोगों की समस्याओं का तुरंत समाधान हो रहा है और योजनाओं की जानकारी भी आसानी से मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि सरकार गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यप्रणाली की भी सराहना की।

कार्यक्रम में एसडीएम नंद जी पांडे, जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह, मलिता बाई, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजकुमार गुप्भित,मण्डल उपाध्यक्ष संतोष चौबे,अभिनंद खलखो, विश्वनाथ सिदार, प्रतिमा भगत, गायत्री देवी बैगा, जनपद सीईओ कुमार प्रमोद सिंह, तहसीलदार प्रमोद पटेल, नायब तहसीलदार विष्णु गुप्ता, बीईओ सुदर्शन साय पैंकरा, पंचायत निरीक्षक असीम टोप्पो,सुनील अम्बष्ठ सहित क्षेत्र के सरपंच, उपसरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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पानी के लिए जनता तड़पी तो अफसरों पर गिरेगी गाज, कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी” — कोरिया की चौपाल में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सख्त अल्टीमेटम

हर हाल में नागरिकों के लिए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करे ।कोई बहानेबजी नहीं चलेगी ।

रायपुर 21 मई 2026 : कोरिया जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की चौपाल, पेयजल व्यवस्था पर दिखे सख्त तेवर,पेयजल समस्या का समाधान ना होने पर कलेक्टर की जिम्मेदारी तय होगी,पेयजल समस्या को लेकर आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त तेवर देखने को मिले । मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के दौरान कोरिया जिले में आयोजित चौपाल में अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए पेयजल व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गांवों और नगरीय निकायों में कहीं भी पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में आम जनता को पानी की समस्या से जूझना पड़े, यह किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पेयजल की समस्या आ रही है अधिकारी तत्काल पेयजल समस्या का निराकरण करें किसी भी स्तर पर कोताही  बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेयजल समस्या उत्पन्न होने पर संबंधित कलेक्टर की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन पानी टंकियों का कार्य समय सीमा में पूरा कराया जाए। जहां टंकियों का निर्माण कार्य जारी है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कर लोगों तक नियमित पानी पहुंचाने के उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

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सुशासन तिहार में हितग्राहियों से आत्मीय संवाद: योजनाओं के लाभ से बदलती जिंदगी की तस्वीर देख मुख्यमंत्री हुए प्रसन्न

रायपुर 21 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ग्राम रामपुर में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को करीब से जाना। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों से योजनाओं के लाभ, आयवृद्धि, आजीविका और जीवनस्तर में आए सुधारों की जानकारी लेते हुए कहा कि जब शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, तभी सुशासन की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होती है।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने साधना महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती जागेश्वरी प्रजापति से उनके समूह द्वारा तैयार किए जा रहे आलू चिप्स के व्यवसाय की जानकारी ली। श्रीमती जागेश्वरी ने बताया कि समूह अब तक आलू चिप्स की बिक्री से लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये की आय अर्जित कर चुका है। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने सहज मुस्कान के साथ कहा, “आलू चिप्स का नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ रहा है।” मुख्यमंत्री की इस आत्मीय टिप्पणी से शिविर स्थल पर हर्ष और आत्मीयता का वातावरण बन गया। 

मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता की सराहना करते हुए उन्हें अपने उत्पादों का विस्तार करने, बेहतर पैकेजिंग और बाज़ार से जुड़कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से “लखपति दीदी योजना” की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं तथा सरकार का लक्ष्य 10 लाख लखपति दीदियां तैयार करना है। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अब समय केवल लखपति बनने का नहीं, बल्कि आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं परिवार, समाज और राज्य के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती हैं।शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री प्राण साय प्रजापति से भी आत्मीय चर्चा की। हितग्राही ने बताया कि योजना के माध्यम से उनके परिवार का पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर गरीब परिवार को सम्मानपूर्वक पक्की छत उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

सुशासन तिहार की सार्थकता उस समय और स्पष्ट दिखी जब ग्राम चंद्रपुर निवासी श्रीमती प्रिया सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने शिविर में राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया था और उसी दिन उनका आवेदन निराकृत कर राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का उदाहरण बताते हुए संबंधित अधिकारियों की सराहना की तथा कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य ही आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, सरल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के एक लाभार्थी से भी संवाद किया, जिन्होंने बताया कि वे प्राप्त राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने उनकी पहल की सराहना करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित किया, ताकि सिंचाई लागत कम हो, खेती अधिक लाभकारी बने और किसानों को बिजली खर्च से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार आधारित खेती ही किसानों की आय वृद्धि का मजबूत आधार बनेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों के अनुभव सुनने के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देता है जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुँचकर उसके जीवन में बदलाव लाए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिकाधिक लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर, समृद्ध तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।

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सुशासन शिविर भेलवा में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, 10वीं-12वीं और केंद्रीकृत परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला पुरस्कार

फरसाबहार, 21 मई 2026। विकासखंड फरसाबहार के ग्राम भेलवा में आयोजित सुशासन शिविर गुरुवार को शिक्षा और प्रतिभा सम्मान का बड़ा मंच बन गया। शिविर में शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं में संकुल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों के हाथों पुरस्कार एवं प्रशस्ति देकर सम्मानित किया गया। मेधावी बच्चों के सम्मान के दौरान पूरा शिविर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष विकासखंड फरसाबहार का 10वीं, 12वीं तथा केंद्रीकृत परीक्षा 5वीं और 8वीं का परीक्षा परिणाम काफी बेहतर रहा है। विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इसी उपलब्धि को लेकर सुशासन शिविर में प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। भेलवा शिविर अंतर्गत कुल 10 संकुल शामिल रहे, जिनमें 6 हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित हैं। विभिन्न संकुलों से कुल 36 छात्र-छात्राओं को सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।

संकुल केंद्र जोरंडाझरिया से कक्षा 5वीं में जानवी सिंह एवं दर्शन चौहान, कक्षा 8वीं में मधुरिमा सिंह एवं रूपेश प्रधान तथा कक्षा 10वीं में धनेश्वरी दास को सम्मानित किया गया। संकुल केंद्र भेलवा से कक्षा 5वीं में चंद्रिका बारिक और कक्षा 8वीं में सनम नाग को पुरस्कार प्रदान किया गया। संकुल केंद्र तेलाइन से कक्षा 5वीं में ऋषभ चौहान तथा कक्षा 8वीं में मनोज कुमार को सम्मानित किया गया।

इसी प्रकार संकुल केंद्र कोल्हेनझरिया से कक्षा 5वीं में सूर्यकांत, कक्षा 8वीं में महासोमानंद, कक्षा 10वीं में फूलेता यादव एवं कक्षा 12वीं में नीरज वैद्य को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। संकुल केंद्र गंझीयाडीह से कक्षा 5वीं में श्रुति प्रधान एवं श्रद्धा प्रधान, कक्षा 8वीं में लक्ष्मी यादव एवं निकिता कुजूर, कक्षा 10वीं में अमनदीप सिंह तथा कक्षा 12वीं में हरजीत सिंह को सम्मानित किया गया। संकुल केंद्र महुआडीह से कक्षा 5वीं में अमृत मुंडा एवं रितु पैकरा तथा कक्षा 8वीं में पूनम बाई को पुरस्कार प्रदान किया गया।

संकुल केंद्र कुम्हारबहार से कक्षा 5वीं में हरिप्रिया सिंह एवं प्रतिमा पैकरा, कक्षा 8वीं में टीया यादव तथा कक्षा 10वीं में गीतावली पैकरा को सम्मानित किया गया। संकुल केंद्र तुमला से कक्षा 5वीं में अनुपम मिंज एवं अनोल्ड टोप्पो, कक्षा 8वीं में अनामिका पैकरा, कक्षा 10वीं में रितु यादव तथा कक्षा 12वीं में नेहा चौहान को पुरस्कृत किया गया। वहीं संकुल केंद्र सागजोर से कक्षा 5वीं में हर्षिता नायक, कक्षा 8वीं में देवराज साने एवं कक्षा 10वीं में सरस्वती गहिर को सम्मानित किया गया। संकुल केंद्र डुमरिया से कक्षा 5वीं में प्रतिभा खलखो तथा कक्षा 8वीं में गुलशन कुमार पैकरा को पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं पालकों ने सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे लगातार मेहनत कर शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं और ऐसे सम्मान समारोह विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री वेद प्रकाश भगत सदस्य जिला पंचायत जशपुर रहे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री भरत साय पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव, श्री घनश्याम यादव एवं श्रीमती कौशल्या यादव उपस्थित रहे। इस अवसर पर जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार फरसाबहार, सीईओ जनपद पंचायत, बीईओ, सहायक बीईओ, बीआरसी फरसाबहार, सभी संकुल शैक्षिक समन्वयक, प्राचार्य, शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पालकगण मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘कामयाबी वेन’ को दिखाई हरी झंडी, अब दूरस्थ गांवों के बच्चे भी सीखेंगे VR-AR तकनीक से, डिजिटल शिक्षा की नई क्रांति से बदलेगा ग्रामीण शिक्षा का भविष्य

रायपुर 21 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में आयोजित चौपाल के दौरान नीति आयोग द्वारा वित्तपोषित ‘मिशन कामयाबी’ के तहत संचालित ‘कामयाबी वेन’ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों तक आधुनिक डिजिटल शिक्षा और तकनीकी आधारित सीखने के अवसर पहुंचाए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान, नवाचार और तकनीक का है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल संसाधनों और नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

उल्लेखनीय है कि ‘कामयाबी वेन’ के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल रियलिटी (VR) एवं ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह वेन विज्ञान, गणित, तकनीकी अवधारणाओं और अन्य विषयों को अधिक रोचक, अनुभवात्मक और व्यवहारिक तरीके से समझाने में सहायक होगी। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, तकनीकी जागरूकता तथा बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री श्री साय  ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिनव पहल दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा उन्हें विज्ञान, डिजिटल तकनीक और आधुनिक शिक्षा से सरल एवं प्रभावी ढंग से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

इस अवसर पर विधायक श्री भैया लाल राजवाड़े, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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अब सिर्फ मकान नहीं, सड़क-पुल और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भी बनाएगा मंडल: नए लोगो के लिए देशभर से उमड़ा क्रिएटिविटी का सैलाब, 2700 प्रतिभागियों ने भेजे 3000 से ज्यादा डिजाइन

रायपुर, 21 मई 2026/छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित लोगो डिजाइन प्रतियोगिता को प्रदेश सहित देशभर से शानदार प्रतिसाद प्राप्त हुआ है। प्रतियोगिता के तहत निर्धारित अंतिम तिथि 20 मई 2026 तक लगभग 2700 प्रतिभागियों द्वारा ई-मेल के माध्यम से 3000 से अधिक लोगो डिज़ाइन भेजे गए हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल” का नाम परिवर्तित कर “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल” किया गया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत विधेयक को विधानसभा से पारित होने तथा राज्यपाल  की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद 24 अप्रैल 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किया गया।

मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि नाम परिवर्तन के साथ मंडल के कार्यक्षेत्र का भी विस्तार किया गया है। अब मंडल केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क, पुल एवं अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भी क्रियान्वयन करेगा। साथ ही राज्य के बाहर भी अधोसंरचना परियोजनाओं में कार्य करने के अवसर मिलने से मंडल की कार्यक्षमता एवं आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी।

इसी क्रम में 12 मई 2026 को आयोजित समय-सीमा बैठक में मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण द्वारा मंडल के नए स्वरूप एवं विस्तारित कार्यक्षेत्र को प्रतिबिंबित करने के लिए नए लोगो डिजाइन हेतु प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। प्रतियोगिता में आमजन, कलाकारों, डिजाइनरों एवं संस्थाओं से नए नाम और उसकी अवधारणा के अनुरूप लोगो डिज़ाइन आमंत्रित किए गए थे।

प्रतिभागियों को अपने डिजाइन कॉन्सेप्ट सहित CDR, PDF, PNG एवं JPEG फॉर्मेट में ई-मेल के माध्यम से प्रविष्टियां भेजने का अवसर दिया गया था।

मंडल द्वारा चयनित सर्वश्रेष्ठ लोगो के रचनाकार को 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। प्राप्त प्रविष्टियों की स्क्रूटनी एवं चयन प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होगी। इसके लिए मंडल द्वारा 5 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति तकनीकी परीक्षण के पश्चात अंतिम चयन हेतु अनुशंसा करेगी।

चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मंडल का नया लोगो सार्वजनिक किया जाएगा तथा चयनित लोगो के रचनाकार को 2.50 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

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सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश : “सरकार खुद पहुंच रही जनता के द्वार”, सूरजपुर को मिली विकास की नई सौगातें

रायपुर 21 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सूरजपुर जिले के रामानुजनगर-पटना में आयोजित समाधान शिविर में आमजन से संवाद करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान है, जिसके माध्यम से शासन और प्रशासन स्वयं लोगों के द्वार तक पहुँचकर उनकी शिकायतों, समस्याओं और आवश्यकताओं का निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और आम नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  सरकार का दायित्व है कि वह लोगों के बीच जाकर जमीनी वास्तविकताओं को समझे और यह सुनिश्चित करे कि योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सही व्यक्ति तक सही समय पर पहुँच रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत यह उनका 11वाँ जिला प्रवास है और 10 जून तक प्रदेश के सभी 33 जिलों का दौरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अधिकारियों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है और ग्राम पंचायत स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों की गुणवत्ता के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले ग्रामीण भाई-बहन नंगे पैर जंगलों में तेंदूपत्ता संग्रहण करने जाते थे, जिससे उन्हें चोट लगने का खतरा रहता था, लेकिन चरण पादुका योजना के माध्यम से अब उन्हें राहत और सुरक्षा मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, गरीब परिवारों और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को 3716 करोड़ रुपये बोनस वितरित किया गया है, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से महतारी वंदन योजना की राशि मिलने की जानकारी भी ली और बताया कि लगभग 70 लाख महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों तक आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं, जबकि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक सेवाएँ घर बैठे उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जहाँ नागरिक टोल-फ्री नंबर के माध्यम से अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकेंगे और उनके निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली बिल समाधान शिविर 31 जून तक आयोजित किए जाएंगे तथा लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह भी किया। धान बुवाई के मौसम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि खाद, बीज, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को समय पर संसाधन मिल सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम निर्माण, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा नगर पालिका सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का संकल्प है और विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा।

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री किसान श्री रघुनंदन सिंह के निवास पहुँचे, जहाँ उन्होंने हितग्राहियों के साथ सरई पत्ते से बने दोने-पत्तल में परोसे गए छत्तीसगढ़ी पारंपरिक भोजन का आत्मीयता से स्वाद लिया। मिट्टी के चूल्हे पर बनी कोयलार भाजी, कोचई पत्ते से बना ईढ़र और आम की चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ मिट्टी के गिलास में जल ग्रहण कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन से अपने गहरे जुड़ाव का संदेश दिया।

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पीडब्ल्यूडी में अब हाईटेक निगरानी और तेज़ रफ्तार निर्माण पर फोकस, सचिव मुकेश बंसल ने अधिकारियों को दी सख्त हिदायत — गुणवत्ता से समझौता नहीं, हर काम तय समय सीमा में पूरा करें

रायपुर. 21 मई 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्ल्यूडी मुख्यालय 'निर्माण भवन' में आयोजित बैठक में विभाग के कार्यों में जनहित और तकनीकी दक्षता पर जोर दिया। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक दक्षता और ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने को कहा। 

विभागीय सचिव श्री बंसल ने बैठक में सभी टेंडर प्रक्रियाओं को पूरी पारदर्शिता और समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग के साथ ही जनहित एवं तकनीकी दक्षता का भी विशेष ध्यान रखने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि आधुनिक जियो-इन्फॉर्मेटिक्स तकनीक के माध्यम से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग, मैपिंग और प्रोजेक्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने विभागीय सचिव को टेंडर प्रक्रिया के तहत कार्य आबंटन, निर्माण कार्यों की बिलिंग प्रक्रिया एवं भुगतान प्रणाली के बारे में भी बताया।

बैठक में प्रदेशभर में चल रहे निर्माण कार्यों, टेंडर प्रक्रिया की प्रगति तथा आगामी परियोजनाओं की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों और ठेकेदारों के कार्य निष्पादन, विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं तथा भुगतान की समयबद्ध व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं, गुणवत्ता नियंत्रण और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली के बारे में भी पूछा। श्री बंसल ने रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की भी जानकारी ली।

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तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल, तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं ,चरण पादुका वितरण कर संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह

रायपुर 21 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आगमन पर तेंदूपत्ता संग्राहकों ने आत्मीय स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महुआ पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर  संग्राहकों से सीधा संवाद किया और कहा कि सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 21 मई 2026 तक लक्ष्य से अधिक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि श्री मुरली मनोहर सोनी, श्री भीमसेन अग्रवाल, श्री बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

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सूरजपुर जिला अस्पताल को मिली हाईटेक सौगात : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 4.49 करोड़ की अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का किया वर्चुअल शुभारंभ, अब गंभीर बीमारियों की जांच के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर

रायपुर, 21 मई 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष (CMPHTF) के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।
अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

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सुशासन तिहार के गेड़ई शिविर में योजनाओं की बरसी सौगातें, हितग्राहियों को मिली प्रधानमंत्री आवास की चाबी, किसानों को बांटे किसान किताब कार्ड और नए राशन कार्ड, 165 आवेदनों के साथ जनसमस्याओं के समाधान का बना बड़ा मंच


जशपुर 21 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सुशासन तिहार अभियान का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में विगत दिवस
ग्राम पंचायत रेमनें के ग्राम गेड़ई में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों के द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई।

जिला स्तरीय अधिकारियों ने 15 ग्राम पंचायतों के आस पास के ग्रामवासियों को  विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई तथा योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की गई।

इस सुशासन तिहार शिविर में कुल 165 आवेदन प्राप्त हुए।

 इस अवसर पर जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रघुनाथ राम  तहसीलदार मनोरा श्रीमती नीतू भगत  कृषि विभाग अधिकारी गोविंद राम चौहान मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री रोशन बरियार एवं जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

शिविर में प्रधानमंत्री आवास के पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की चाबी दिया गया राजस्व विभाग के द्वारा बी -1 प्रदाय किया गया कृषि विभाग के द्वारा केसीसी प्रदाय किया गया वन विभाग के द्वारा पौधे प्रदाय किया उद्यान विभाग के द्वारा फलदार पौधे प्रदाय किया गया शिक्षा विभाग के द्वारा छत्तीसगढ़ बोर्ड में उत्तीर्ण बच्चे और बच्चियों को प्रोत्साहन के स्वरूप में पुरस्कार प्रदाय किया गया और स्कूल के छोटे बच्चों को जाति निवास भी प्रदाय किया गया खाद्य विभाग के द्वारा नए राशन कार्ड प्रदाय किया गया।

शिविर में हितग्राहियों को किसान किताब,राशन कार्ड, बी 1 वितरण किया गया।

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सुशासन तिहार के शिविर में दिखा त्वरित प्रशासनिक समाधान का असर, 80 पेंशन आवेदनों का मौके पर निराकरण कर हितग्राहियों को मिली बड़ी राहत

जशपुरनगर 21 मई 2026/ सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनपद पंचायत पत्थलगांव के ग्राम पंचायत घरजियाबथान में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आमजन को त्वरित राहत प्रदान किया गया। इसके तहत समाज कल्याण विभाग को प्राप्त 80 पेंशन आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। सभी आवेदनों को पात्र पाते हुए हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई।शिविर में दिव्यांग हितग्राही श्री मोहित राम कोरवा को सहायक उपकरण के रूप में बैटरी चलित ट्राइसिकल प्रदान की गई, जिससे उनकी दैनिक जीवन की गतिविधियों में सुविधा प्राप्त होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय उपस्थित रहीं। साथ ही जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुरुचि पैंकरा, वरिष्ठ नागरिक श्री अंकित बंसल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती धनियारो परहा, क्षेत्रीय जनपद सदस्य श्रीमती कौशल्या चौहान एवं ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती शशिकांता पैंकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी -कर्मचारी मौजूद रहे।

     इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं सीधे गांव-गांव तक पहुंच रही हैं और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और ऐसे शिविर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शिविर के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को “नशामुक्त भारत अभियान” के तहत शपथ भी दिलाई गई, जिसमें सभी ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। यह शिविर न केवल समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम बना, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।

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95 करोड़ की एम-कैड परियोजना से बदलेगी जशपुर की खेती की तस्वीर, कलेक्टर रोहित व्यास ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण, आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली से 13 गांवों के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

जशपुरनगर, 21 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कांसाबेल विकासखंड के ग्राम बगिया में संचालित समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। वर्तमान में परियोजना के प्रारंभिक चरण में ले-आउट एवं खुदाई कार्य प्रगति पर है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना मैनी नदी पर निर्मित बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से संचालित की जा रही है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि आधुनिक एवं नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर इस सिंचाई परियोजना का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में एक आदर्श सिंचाई मॉडल के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में सभी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

*आधुनिक तकनीक, सौर ऊर्जा और स्मार्ट जल प्रबंधन से किसानों को मिलेगा लाभ*

 परियोजना के तहत पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे जल उपयोग दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके तहत जमीन के अंदर पाइप बिछेगी, जिससे जमीन अधिग्रहण की भी समस्या नहीं होगी। पहले सिंचाई के लिए बारिश के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता था। अब इस योजना से पानी की कमी दूर होगी। साथ ही किसानों को पर्याप्त पानी भी मिलेगा। देश में 23 राज्यों में 34 योजना स्वीकृत किए गए है। इसमें प्रदेश का एकमात्र बगिया क्लस्टर शामिल है। जिसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना की कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपए है। इसके अंतर्गत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 ग्रामों के लगभग 4933 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना, पानी की हर बूंद का समुचित उपयोग करते हुए कृषि उत्पादन में वृद्धि करना तथा किसानों की आय में स्थायी सुधार लाना है। परियोजना में विद्युत आपूर्ति सौर ऊर्जा के माध्यम से की जाएगी। साथ ही जल के नियंत्रित एवं वैज्ञानिक उपयोग के लिए सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विज़िशन तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स  जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से सिंचाई परिसंपत्तियों पाइप नेटवर्क संरचना एवं जल प्रबंधन के संचालन में किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। डेटा एवं विश्लेषण के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि कहां, कब और कितना पानी देना है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था के साथ उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसानों को जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिमों से निपटने में सक्षम बनाया जा रहा है, जिससे दीर्घकालीन उत्पादकता, लाभप्रदता और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार सुनिश्चित होगा।

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जशपुर में 30 जून तक दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बैलगाड़ी, ऊंटगाड़ी, टट्टू, गधे और अन्य भारवाही पशुओं के उपयोग पर लगा पूर्ण प्रतिबंध

जशपुरनगर 21 मई 2026/ जिले में भीषण गर्मी को देखते हुए पशुओं की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य संरक्षण के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कलेक्टर एवं अध्यक्ष, पशु क्रूरता निवारण समिति श्री रोहित व्यास ने आदेश जारी करते हुए दोपहर के समय भारवाही पशुओं के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। जारी आदेश के अनुसार वर्तमान में जिले में तापमान लगातार 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ है, विशेषकर दोपहर 12 बजे से 03 बजे के बीच अत्यधिक गर्मी पड़ रही है। इस दौरान पशुओं से वजन ढुलवाना या सवारी के लिए उपयोग करना उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। अत्यधिक तापमान के कारण पशुओं के बीमार होने या लू लगने से मृत्यु होने की आशंका भी बनी रहती है।

     इसी को ध्यान में रखते हुए "पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण नियम, 1965" के तहत जिले के सभी विकासखंडों में 30 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 03 बजे के बीच बैलगाड़ी, टांगा, भैंसागाड़ी, ऊंटगाड़ी, खच्चर, टट्टू, गधे सहित सभी भारवाही पशुओं के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसका उद्देश्य पशुओं को भीषण गर्मी से बचाना तथा उनके प्रति संवेदनशीलता बनाए रखना है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस आदेश का पालन करते हुए पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार करें और उन्हें अनावश्यक कष्ट न पहुंचाएं।

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“जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले” अभियान बना पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण, गांव-गांव पहुंचकर प्रशासन ने बांटी योजनाओं की सौगात और सुनी लोगों की समस्याएं

जशपुर 21 मई 2026/ भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार "जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले" अभियान के तहत फरसाबहार विकास खंड के ग्राम पुराईनबंध कांसाबेल विकास खंड के ग्राम कुसुमताल  बगीचा विकास खंड के देवडाड़, पतराटोली, ग्राम पंचायत पीठा आमा, जशपुर विकास खंड के ग्राम घोलेंगे , कुनकुरी विकास खंड के ग्राम कलिबा, ग्राम गोरिया, ग्राम चटकपुर, आदि अन्य ग्राम पंचायतों में शिविर लगाया गया।

जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों का राशनकार्ड बनाकर दिया गया लोगों का पेंशन स्वीकृत आदेश दिया गया।

 ग्रामवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण और आधार अपडेट,आय जाति, निवास प्रमाण के आनलाइन आवेदन और आयुष्मान कार्ड बनाया गया।

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छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन सम्पन्न

रायपुर, 20 मई 2026/छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि सम्मेलन में कई नई आवासीय परियोजनाओं एवं प्रशासनिक प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है, जिनसे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण आवास और अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी। अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में मंडल का 86 वाँ मंडल सम्मेलन आज मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया गया। सम्मेलन में राज्य में आवासीय एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर अनुमोदन प्रदान किया गया।

*तीन प्रमुख आवासीय परियोजनाओं को मिली मंजूरी*

                 दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका (तिल्दा), जिला रायपुर- दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका में व्यावसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 76 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 10.37 करोड़ रुपये है।

                 स्ववित्तीय अटल विहार योजना, गिनाबहार, जिला जशपुर - गिनाबहार में 6 एमआईजी, 64 एलआईजी और 27 ईडब्ल्यूएस सहित कुल 97 आवासीय भवनों तथा 7 एकड़ भूमि के विकास कार्य के लिए स्वीकृति दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 17.51 करोड़ रुपये है।

                स्ववित्तीय योजना, सारधा (लोरमी), जिला मुंगेली दृ सारधा में 200 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण तथा 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16.94 करोड़ रुपये है। इन तीनों परियोजनाओं के लिए कुल मिलाकर लगभग 44.82 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।

*प्रशासनिक एवं नीतिगत प्रस्तावों को भी मंजूरी*

                सम्मेलन में निर्माण कार्यों के लिए जीएसटी भुगतान प्रणाली तथा रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र संबंधी प्रक्रियाओं में एकरूपता लाने हेतु समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण हेतु पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग की 25 फरवरी 2026 की अधिसूचना के अनुसार मंडल में यथावत लागू करने का निर्णय लिया गया। मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरूप पुनरीक्षित महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

*क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के संचालन हेतु पीपीपी मोड में एजेंसी नियुक्ति को मंजूरी*

                सम्मेलन में क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रखरखाव के लिए लाइसेंस आधारित पीपीपी मॉडल के अंतर्गत एजेंसी चयन हेतु निविदा दस्तावेज एवं लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन भी किया गया।

*वर्ष 2026 के प्रथम चार महीनों में 317 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय*

                 सम्मेलन में सदस्यों को अवगत कराया गया कि मंडल ने वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में लगभग 317 करोड़ रुपये मूल्य की 1,647 संपत्तियों का सफल विक्रय किया है। यह उपलब्धि मंडल की योजनाओं के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

                86वें मंडल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण, आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव श्री डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि श्री जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि श्री निखिल अग्रवाल, हुडको के प्रतिनिधि श्री हितेश बरोट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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विधानसभा को ‘पेपरलेस’ करने के कार्यों में आएगी तेजी ,लोक निर्माण विभाग के सचिव ने विधानसभा भवन का किया निरीक्षण

रायपुर. 20 मई 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज नवा रायपुर में निर्माणाधीन लोकभवन (राजभवन) के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर ले-आउट और फ्लोर-प्लान जाना। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ बनाने के लिए तकनीकी कार्यों औऱ व्यवस्थाओं में तेजी लाने लोक निर्माण विभाग और चिप्स को बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता श्री टी.आर. कुंजाम, अधीक्षण अभियंता श्री डी.के. नेताम और कार्यपालन अभियंता श्री अभिनव श्रीवास्तव भी इस दौरान मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने ‘लोकभवन’ का निर्माण राज्यपाल की गरिमा के अनुरूप उत्कृष्टता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे परिसर के सौंदर्य, सूरज की रोशनी और पूर्ण उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने भवन की सभी बारीकियों पर पुख्ता काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रमों के आयोजन के लिए यहां बन रहे सभा-भवनों और कार्यालयीन कक्षों की बैठक व्यवस्था पहले से ही निर्धारित कर उनके अनुरूप कार्यों को अंजाम देने को कहा। उन्होंने भवन के निर्माण कार्य में लगे अलग-अलग एजेंसियों से कार्य प्रगति की जानकारी लेकर यथाशीघ्र सभी कार्य पूर्ण कर इसे लोक निर्माण विभाग को हैंड-ओवर करने को कहा।  

लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने नए विधानसभा भवन में प्रवेश द्वार, सदन, अधिकारी दीर्घा, लॉबी, डाइनिंग एरिया, मीडिया ब्रीफिंग एरिया, समिति कक्ष, मुख्यमंत्री कार्यालय, विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, उप मुख्यमंत्रियों तथा मंत्रियों के कार्यालयों, ऑफिसर लाउंज और मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों के कार्यालयों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने सभी कार्यालयीन कक्षों में समुचित फर्नीचर और बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए भवन में वर्तमान व्यवस्था की कमियों और खामियों को आगामी मानसून सत्र के पहले दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 

विभागीय सचिव ने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ करने तकनीकी व्यवस्थाओं को तेजी से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और चिप्स के अधिकारियों के साथ इसके लिए जरूरी इंतजामों, उपकरणों, हार्डवेयर्स और सॉफ्टवेयर्स की भी समीक्षा की। उन्होंने बेहतर समन्वय और तेजी से काम करते हुए इस साल के शीतकालीन सत्र तक सभी तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर पखवाड़े इसकी प्रगति की समीक्षा करने भी कहा।

श्री बंसल ने विधानसभा परिसर में गाड़ियों के पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था के साथ वाहन चालकों के लिए सर्वसुविधायुक्त कक्ष भी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विधानसभा भवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-3 में पास-काउंटर के पास आगंतुकों के लिए बनने वाले प्रतीक्षालय कक्ष के साथ ही विधानसभा ड्यूटी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कैन्टीन बनाने का भी सुझाव दिया।

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