वनांचल के कोरवा परिवारों के बीच पहुंची प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’, प्रबल प्रताप जूदेव ने कहा—जनजातीय सम्मान, संस्कृति और विकास को मिल रही नई दिशा
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वनांचल के कोरवा परिवारों के बीच पहुंची प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’, प्रबल प्रताप जूदेव ने कहा—जनजातीय सम्मान, संस्कृति और विकास को मिल रही नई दिशा

मनोरा/जशपुर
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” का आज भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने मनोरा विकासखंड के सुदूर वनांचल स्थित खोकसो, बेंजोरा कोरवा बस्ती में विशेष रूप से पिछड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति के परिवारों एवं ग्रामीणों के साथ श्रवण किया।

वनांचल की धरती पर कोरवा परिवारों के बीच “मन की बात” सुनते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद देश के अंतिम छोर पर रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंच रहा है। “मन की बात” ने देश के गांवों, वनांचलों और जनजातीय समाज की उपलब्धियों, परंपराओं और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी कोरवा जनजाति केवल हमारी जनजातीय विरासत का हिस्सा नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं की जीवंत पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान और सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। जनजातीय गौरव दिवस की स्थापना से लेकर जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, पेयजल, आजीविका और कौशल विकास के अवसरों के विस्तार तक केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का मंत्र वनांचल के गांवों में भी साकार हो रहा है। आज जनजातीय समाज विकास की यात्रा में केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का मजबूत भागीदार बन रहा है।

उन्होंने कहा कि “लोकल के लिए वोकल” का आह्वान जनजातीय समाज की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और वन आधारित आजीविका को नई पहचान देने वाला है। वहीं स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश उन समुदायों के लिए विशेष महत्व रखता है, जिनका जीवन सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य पर आधारित रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के जनजातीय नायकों और स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों को उचित सम्मान दिलाने का कार्य किया है। भगवान बिरसा मुंडा सहित अनेक जनजातीय महापुरुषों की गौरवगाथा को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ना जनजातीय समाज के सम्मान की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि जनजातीय संस्कृति का संरक्षण और आधुनिक विकास का समन्वय ही विकसित भारत की सच्ची तस्वीर है। हमारा संकल्प है कि वनांचल के प्रत्येक गांव में विकास पहुंचे, युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलें, मातृशक्ति आत्मनिर्भर बने और जनजातीय समाज अपनी गौरवशाली पहचान के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ ग्राम, हरित पर्यावरण, सशक्त युवा, आत्मनिर्भर परिवार और संरक्षित जनजातीय संस्कृति के संकल्प के साथ जशपुर का वनांचल भी विकसित भारत की यात्रा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शांति भगत, जिला महिला मोर्चा महामंत्री शारदा परधान, जिला अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा श्यामलाल भगत, पूर्व विधायक प्रत्याशी गोविन्द राम भगत, राजपुरोहित केदार महाराज, परमहंस अग्रज, अनुसूचित जनजाति जिला उपाध्यक्ष विकास परधान, अनुसूचित जाति जिला उपाध्यक्ष भजु नन्दन नायक, अनुसूचित जनजाति मंडल अध्यक्ष रंजीत भगत, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुषमा सिंह, पूर्व मंडल महामंत्री सतीश मिंज, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष वासुदेव भगत सहित बड़ी संख्या में कोरवा समाज के भाई-बहन, वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणजन एवं भाजपा मंडल के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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