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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सख्त निर्देशों पर अवैध उर्वरक-कीटनाशक कारोबार पर बड़ा प्रहार, दुर्ग में दो गोदाम सील, भारी मात्रा में सामग्री जब्त

रायपुर, 22 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराने तथा नकली एवं अमानक उर्वरक-कीटनाशकों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के तहत प्रदेशभर में कृषि विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दुर्ग जिले में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने ग्राम चिंगरी (अंडा) में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध अनुज्ञप्ति के उर्वरक एवं कीटनाशक का निर्माण, भंडारण और विक्रय किए जाने के मामले में दो गोदामों को सील कर भारी मात्रा में सामग्री जब्त की है।

          उड़नदस्ता दल को ग्राम चिंगरी स्थित चन्द्राकर किराना स्टोर्स परिसर में अवैध रूप से जैव उत्प्रेरक एवं कीटनाशकों के निर्माण एवं भंडारण की सूचना प्राप्त हुई थी। निरीक्षण के दौरान गोदाम बंद मिला। गोदाम के किरायेदार श्री वरुण त्रिपाठी को मौके पर बुलाकर निरीक्षण में सहयोग करने के लिए कहा गया, लेकिन उनके असहयोगात्मक रवैये के कारण मकान मालिक, पंचों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर गोदाम का ताला खुलवाया गया।

*निरीक्षण में मिला अवैध निर्माण और भंडारण का पूरा नेटवर्क*
          निरीक्षण के दौरान गोदाम में बिना लाइसेंस जैव उत्प्रेरक एवं कीटनाशकों के निर्माण के लिए कच्चा माल, तैयार उत्पाद, पैकिंग मशीनें तथा बड़ी मात्रा में रॉ मटेरियल मिला। जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम एवं नियमों के अनेक प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। बिना वैध अनुज्ञप्ति के व्यवसाय, बिना मानक के उर्वरक निर्माण, निर्धारित अभिलेखों का संधारण नहीं करना, निरीक्षण में सहयोग नहीं करना तथा बिना स्रोत के कीटनाशकों का भंडारण जैसे गंभीर मामले सामने आए।

*भारी मात्रा में उर्वरक, कीटनाशक और मशीनरी जब्त*

        कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में जैव उत्प्रेरक, कीटनाशक, उर्वरक, रॉ मटेरियल, रसायनों से भरे ड्रम, पैकिंग एवं सीलिंग मशीनें तथा अन्य उपकरण जब्त किए गए। संपूर्ण सामग्री को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत जब्त कर गोदामों को सील किया गया है।

*दोषियों के विरुद्ध होगी एफआईआर*
       कृषि विभाग ने संबंधित संचालक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। मामले में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

*किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को नहीं मिलेगी कोई राहत*
        उप संचालक कृषि श्री संदीप भाई ने स्पष्ट कहा कि किसानों को खाद एवं कीटनाशकों की कृत्रिम कमी पैदा करने, कालाबाजारी करने, नकली अथवा अमानक कृषि आदानों का निर्माण एवं विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं एवं निर्माताओं के लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किए जाएंगे तथा उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
         उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं। अधिक मूल्य वसूली, कालाबाजारी अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*खरीफ सीजन में प्रदेशभर में जारी रहेगा सघन अभियान*
       कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों एवं कीटनाशकों की उपलब्धता, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसानों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं नकली, अमानक अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक या कीटनाशकों की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी शिकायत तत्काल निकटतम कृषि विभाग कार्यालय में करें।

         मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नकली कृषि आदानों, कालाबाजारी और अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के विरुद्ध पूरे प्रदेश में इसी तरह की सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।

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महतारी वंदन योजना ने बदली लाखों महिलाओं की जिंदगी, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई मिसाल बना छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर, 22 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित 'इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण, बस्तर के विकास, रोजगार, उद्योग, पर्यटन, सुशासन और सामाजिक सुधारों पर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि हम सभी के लिए छत्तीसगढ़ महतारी है। यह माता कौशल्या की पावन जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। भारतीय संस्कृति में नारी को सर्वोच्च सम्मान देने की परंपरा रही है। उन्होंने वेदों का उल्लेख करते हुए कहा कि "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता" अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।

*महतारी वंदन योजना से महिलाओं के चेहरे पर लौटी मुस्कान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश की लगभग 68 लाख 50 हजार विवाहित महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये सीधे उनके बैंक खातों में दिए जा रहे हैं। अब तक 29 किश्तों के माध्यम से लगभग 18 हजार 800 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में अंतरित किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि जब वे गांवों का दौरा करते हैं तो माताओं और बहनों के चेहरों पर इस योजना से आया आत्मविश्वास और संतोष स्पष्ट दिखाई देता है। बातचीत के दौरान माताएं और बहनें बताती हैं कि किसी ने अपनी बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश किया है, किसी ने सिलाई मशीन खरीदकर रोजगार शुरू किया है तो किसी ने किराना या सब्जी की दुकान खोलकर आय बढ़ाई है। इससे माताएं और बहनें  आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है।

*दानसरा गांव की माताओं और बहनों ने महतारी वंदन की राशि से शुरू किया राम मंदिर निर्माण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दानसरा गांव की माताओं और बहनों ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को एकत्र कर भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया है। उन्होंने कहा कि यह इस योजना का सबसे प्रेरक उदाहरण है कि महिलाएं इस राशि का उपयोग समाज और संस्कृति के संरक्षण के लिए भी कर रही हैं।

*30 लाख से अधिक महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2 लाख 86 हजार महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन्हें रेडी-टू-ईट कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है तथा ऋण एवं अन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

*बस्तर में नक्सलवाद से विकास की ओर ऐतिहासिक परिवर्तन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चार-पांच दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर में शांति स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कैंप स्थापित करने के साथ-साथ विकास की योजनाओं को भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाया गया। पहले सुरक्षा शिविरों के पांच किलोमीटर दायरे तक योजनाओं का लाभ पहुंचता था, जिसे अब बढ़ाकर दस किलोमीटर तक किया गया है।

*'नियद नेल्ला नार' से 500 से अधिक गांवों तक पहुंची सरकार*

मुख्यमंत्री ने बताया कि नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत अब 500 से अधिक गांवों को जोड़ा जा चुका है। लगभग 17 विभागों की 40 से अधिक योजनाओं का लाभ इन गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। यहां लोगों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

*36 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण*

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत लगभग 36 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया तथा गंभीर रोगियों को बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। वहीं बस्तर मुन्ने योजना के माध्यम से अधिकारी स्वयं दूरस्थ गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं।

*सिंचाई, कृषि और पर्यटन से आत्मनिर्भर बनेगा बस्तर*

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में इंद्रावती नदी पर देउरगांव एवं मटनार सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनसे लगभग 80 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी।
उन्होंने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफाएं, अबूझमाड़ के विशाल वन तथा धुड़मारास जैसे गांव बस्तर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित कर रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में होम-स्टे को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत पांच कमरों तक के होम-स्टे निर्माण के लिए ऋण और सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इमली, महुआ, हर्रा, बहेड़ा, सीताफल और औषधीय वनोपजों का मूल्य संवर्धन कर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाई जा रही है। नेतानार जैसे गांवों में सेवा डेरा के माध्यम से महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, पैकेजिंग तथा अन्य आजीविका आधारित प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। आईआईटी की टीम भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास का कार्य कर रही है।

*धर्मांतरण के विरुद्ध कड़ा कानून लागू*

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण समाज के लिए गंभीर चुनौती है। विभिन्न राज्यों के कानूनों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 लागू किया गया है। इसके तहत धर्म परिवर्तन करने और करवाने वाले दोनों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। प्रलोभन, दबाव अथवा छलपूर्वक धर्मांतरण करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*समान नागरिक संहिता की दिशा में भी तेजी से कार्य*

उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है तथा राज्य सरकार का प्रयास है कि आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र तक इस दिशा में ठोस प्रगति हो।

*पीएससी घोटाले की जांच और रोजगार पर सरकार की प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच जारी है तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने विभिन्न विभागों में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है तथा शीघ्र ही 5 हजार शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सभी युवाओं को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है, इसलिए नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किया जा रहा है। पिछले डेढ़ वर्षों में राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लाखों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

*महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव*

कार्यक्रम में बलौदाबाजार जिले की श्रीमती मीना देवांगन ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि योजना से प्राप्त राशि से उन्होंने चूड़ी का व्यवसाय शुरू किया है। वहीं श्रीमती सरोज ने कहा कि वे इस राशि से अपने बच्चे की स्कूल फीस का भुगतान कर रही हैं। दोनों महिलाओं ने कहा कि इस योजना ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार एवं प्रख्यात बांस वादक विक्रम यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली, बेहतर उपचार के लिए जिला प्रशासन को दिए विशेष निर्देश

रायपुर, 22 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुबह अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं प्रख्यात बांस वादक श्री विक्रम यादव के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार और आवश्यक सहयोग के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है तथा इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजनांदगांव कलेक्टर से भी दूरभाष पर चर्चा कर श्री विक्रम यादव के उपचार की अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्री विक्रम यादव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और भारत की समृद्ध परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहचान दिलाई है।मुख्यमंत्री ने श्री विक्रम यादव के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लोक कलाकारों के सम्मान, संरक्षण और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली के लिए प्रसिद्ध श्री विक्रम यादव वर्तमान में अस्वस्थ हैं और उनका उपचार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

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मुख्यमंत्री साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, सितंबर में रायपुर में होगा 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर

रायपुर 22 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आगामी 18, 19 एवं 20 सितंबर को रायपुर में आयोजित होने वाले 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर (आईआईएफ) की तैयारियों, उद्देश्यों एवं आयोजन की विस्तृत रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक आयोजन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को भी गति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा उद्यमियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। रायपुर में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय औद्योगिक समागम का आयोजन छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि लघु उद्योग भारती लघु उद्यमियों का देश का सबसे बड़ा संगठन है, जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाने तथा उद्योगों के बीच व्यवसायिक सहयोग (बी2बी) को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। रायपुर में आयोजित होने वाला 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर देशभर के उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं तकनीकी संस्थानों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा, जहां आधुनिक तकनीक, निवेश, विपणन, उद्योग-व्यापार सहयोग और व्यापार विस्तार के नए अवसर विकसित होंगे।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा देने के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जुड़ने, नई तकनीकों को अपनाने और व्यापार विस्तार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री प्रकाश चंद्र गुप्त, संयुक्त महासचिव श्री नरेश पारख, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री समीर,  प्रांत अध्यक्ष श्रीमती सी. पी. दुबे, श्री पुरुषोत्तम पटेल, श्री अनिल बाकलीवाल, श्रीमती तूलिका पांडे एवं श्री प्रांजल सिंह ठाकुर उपस्थित थे।

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हरियाली की नई पहल: सीड बॉल अभियान से साकार हो रहा हरित छत्तीसगढ़ का संकल्प

*विशेष लेख*

धनंजय राठौर 
संयुक्त संचालक 

अशोक कुमार चंद्रवंशी 
सहायक जनसंपर्क अधिकारी 

          सीड बॉल पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और वनीकरण (रिफॉरेस्टेशन) का एक बेहद सरल, किफायती और अत्यधिक प्रभावी माध्यम है। इसमें बीजों को मिट्टी और जैविक खाद के मिश्रण से छोटी-छोटी गोलियों के रूप में सुरक्षित कर दिया जाता है, जिससे वे बिना मेहनत के दुर्गम स्थानों पर भी उग जाते हैं। सीड बॉल- बीज, मिट्टी (मुख्य रूप से चिकनी मिट्टी) और जैविक खाद (गोबर या वर्मीकम्पोस्ट) का एक छोटा और सूखा गोला होता है। बीजों को इस प्राकृतिक आवरण में लपेटकर सुखा लिया जाता है। मानसून की पहली अच्छी बारिश के बाद जब मिट्टी में पर्याप्त नमी हो, तब सीड बॉल्स का उपयोग करना सबसे अच्छा होता है। इन्हें यात्रा करते समय या खाली जगहों पर पैदल चलते हुए मिट्टी पर बिखेर दें। पानी के संपर्क में आते ही ये पौधे के रूप में विकसित होना शुरू हो जाती हैं।

            बारिश का मौसम पौधारोपण और वनों के विस्तार के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। इसी उद्देश्य से वन विभाग द्वारा सीड बॉल (बीज गोला) अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी के माध्यम से ऐसे क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने का प्रभावी प्रयास है, जहाँ पौधारोपण करना कठिन होता है।

*क्या है सीड बॉल?*

            सीड बॉल मिट्टी, गोबर या जैविक खाद और विभिन्न वृक्षों के बीजों से तैयार किया गया छोटा गोलाकार गोला होता है। इसे जंगलों, पहाड़ियों, खाली भूमि और दुर्गम क्षेत्रों में फेंक दिया जाता है। वर्षा का पानी मिलने पर बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं।

*वन विभाग का हरित अभियान*

           मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा एक पेड़ मां के नाम, वन महोत्सव तथा युवा फॉर नेचर जैसे अभियानों के साथ सीड बॉल कार्यक्रम को भी व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। स्कूलों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से हजारों-लाखों सीड बॉल तैयार कर जंगलों और खाली भूमि में डाली जा रही हैं।

*जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका*

          सीड बॉल में महुआ, इमली, हर्रा, बहेड़ा, जामुन, करंज, नीम, बरगद, पीपल, आम, जामुन, शाल, बीजा, चार, खमार सहित स्थानीय प्रजातियों के बीजों का उपयोग किया जाता है। इससे प्राकृतिक वनों का विस्तार होता है, वन्यजीवों को भोजन और आश्रय मिलता है तथा जैव विविधता का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है।

*पर्यावरण संरक्षण का सशक्त माध्यम*

        सीड बॉल अभियान से हरित आवरण बढ़ने के साथ-साथ जल संरक्षण, मिट्टी के क्षरण या कटाव में कमी, कार्बन अवशोषण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में भी सहायता मिलती है। यह कम लागत में अधिक क्षेत्र को हरित बनाने का प्रभावी उपाय है।

*जनभागीदारी से बनेगा हरित भविष्य*

       वन विभाग का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना भी है। जब बच्चे, युवा, महिलाएं और ग्रामीण इस अभियान से जुड़ते हैं, तो हर व्यक्ति प्रकृति संरक्षण का सहभागी बनता है।

*हर नागरिक निभाए अपनी जिम्मेदारी*

      यदि प्रत्येक नागरिक वर्षा ऋतु में कुछ सीड बॉल तैयार कर उपयुक्त स्थानों पर डाले या पौधारोपण में भागीदारी करे, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ का हरित क्षेत्र और अधिक समृद्ध होगा। सीड बॉल अभियान प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी निभाने का एक सरल, सुलभ और प्रभावी माध्यम है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल: स्वस्थ माताएं, स्वस्थ बच्चे और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए यूनिसेफ के सहयोग से बनेगी समन्वित कार्ययोजना

रायपुर 22 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन तथा बच्चों के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बच्चों के पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इन क्षेत्रों में स्थायी सुधार के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिम जाति विकास विभाग सहित सभी संबंधित विभाग यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से एक समन्वित और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करें, जिससे शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण में कमी लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का प्रभाव तभी बढ़ेगा, जब विभिन्न विभाग साझा लक्ष्य और समन्वित कार्यप्रणाली के साथ काम करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से ऐसी मल्टी-सेक्टोरल रणनीति तैयार करने को कहा, जिससे स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और बच्चों के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित हो।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे का शॉल एवं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक 'नंदी' भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। वहीं सुश्री मैककैफ्रे ने भारत में यूनिसेफ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष स्मारक डाक टिकट मुख्यमंत्री को भेंट किया।

यूनिसेफ की भारत प्रतिनिधि सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे ने मुख्यमंत्री का "जय जोहार" कहकर अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और सरल-सहज लोगों का प्रदेश है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ लंबे समय से राज्य सरकार के साथ मिलकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध बनेगा।

बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ की प्रमुख सुश्री सीमा कुमार, श्री अनिल गुलाटी तथा डॉ. बाल पारितोष दास उपस्थित थे।

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उद्यानिकी विभाग की समीक्षा बैठक में नई फलदार प्रजातियों पर जोर, पीच-आलूबुखारा के रोपण की बनेगी कार्ययोजना

जशपुरनगर 22 जुलाई 2026/ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जशपुर श्री अभिषेक कुमार की अध्यक्षता में विगत दिवस 21 जुलाई 2026 को जिला पंचायत में उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। 

बैठक में उद्यानिकी योजनाओं कें अंतर्गत संचालित कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

साथ उद्यानिकी कृषकों को KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) से जोड़ने एवं प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य जोखिमों से होने वाले संभावित फसल नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से अधिक से अधिक कृषकों को फसल बीमा योजना से जोड़ने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
         
बैठक में शासन की योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों का रोपण किए जाने हेतु समुचित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। 

कृषकों को अधिक आय एवं बेहतर आर्थिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से उच्च गुणवत्ता वाले पौधों के साथ-साथ नवीन (Peach, Plum) एवं उन्नत किस्मों के फलदार पौधों के रोपण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
      
मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि जशपुर जिले की जलवायु एवं मृदा के अनुकूल नवीन एवं उन्नत फलदार किस्मों को जिले में परिचित एवं प्रचलित कराने की दिशा में कार्य किया जाए, ताकि कृषकों को बेहतर उत्पादन एवं अधिक आमदनी प्राप्त हो सके। नवीन प्रजातियों के सफल प्रदर्शन एवं विस्तार से जिले में उद्यानिकी फसलों के विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा कृषकों की आय में वृद्धि के नए अवसर सृजित होंगे।
   
बैठक में संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक कृषकों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सहायक संचालन उद्यान श्री करण सोनकर सहित उद्यान विभाग के समस्त मैदानी अमले के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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जशपुर में 2.72 लाख साजा-अर्जुन पौधों का रोपण शुरू, कोसा उत्पादन से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय

जशपुरनगर, 22 जुलाई 2026। जशपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में बड़े स्तर पर साजा और अर्जुन के पौधों का रोपण शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पर्यावरण संरक्षण और स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की अपील के अनुरूप यह अभियान मनरेगा की विकसित भारत जी-राम जी योजना के तहत संचालित किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने विकासखंड फरसाबहार, दुलदुला, पत्थलगांव और कुनकुरी के 19 स्थलों पर 66.5 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण की स्वीकृति दी है। प्रत्येक स्थल पर लगभग 14,350 पौधे लगाए जा रहे हैं। इस तरह कुल 2 लाख 72 हजार 650 साजा और अर्जुन के पौधों का रोपण शुरू हो चुका है।

यह पहल केवल हरित आवरण बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की आय बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। साजा और अर्जुन के पेड़ कोसा कीट पालन के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। पौधों के विकसित होने के बाद आदिवासी एवं किसान परिवार प्राकृतिक कोसा उत्पादन के जरिए स्थायी आय अर्जित कर सकेंगे।

योजना के तहत मनरेगा जॉब कार्डधारी परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। रेशम विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में पौधों की देखभाल की जा रही है, वहीं स्थानीय मजदूरों को पौधों की सुरक्षा और चौकीदारी का कार्य भी दिया गया है।

प्रशासन का मानना है कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी। अर्जुन के पौधों के विकसित होने के साथ क्षेत्र में कोसा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, पलायन में कमी आएगी और कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बड़ी बैठक, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर

*दिनांक : 22 जुलाई 2026*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -*

1. मंत्रिपरिषद् की बैठक में प्रदेश के किसानों को खरीफ एवं रबी मौसम में उर्वरकों की समयबद्ध एवं सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरक आपूर्ति, वितरण एवं प्रबंधन से संबंधित विषयों पर सुझाव, अनुशंसा एवं मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। 

इस उप समिति में उप मुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अध्यक्ष तथा कैबिनेट मंत्री, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग, कैबिनेट मंत्री, सहकारिता विभाग एवं कैबिनेट मंत्री, वित्त विभाग को सदस्य के रूप में नामित किया गया है।

कृषि उत्पादन आयुक्त उप समिति के संयोजक होंगे। उप समिति आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर सकेगी तथा उर्वरकों की उपलब्धता एवं आपूर्ति से संबंधित विषयों पर राज्य शासन को सुझाव देगी। 

2. मंत्रिपरिषद् की बैठक में अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास एवं सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद् ने राज्य की तृतीय श्रेणी के पदों - पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी की सीधी भर्ती में अग्निवीर सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने हेतु छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026 बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

यह निर्णय मुख्यमंत्री जी द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुपालन में लिया गया है। इस आरक्षण का लाभ उन अग्निवीर सैनिकों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो।

इस निर्णय से अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे तथा उनके अनुभव और अनुशासन का लाभ पुलिस, वन एवं जेल प्रशासन को मिलेगा।

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सरस्वती साइकिल योजना से छात्राओं के सपनों को मिले पंख, खरसोता स्कूल में नवमी की छात्राओं को वितरित हुई साइकिलें


मनोरा 
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता में आज दिनांक 21 जुलाई 2026 को राज्य शासन की सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत कक्षा नवमी में अध्ययनरत सभी छात्राओं को साइकिलों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व बीडीसी श्री दिनेश्वर प्रधान तथा विशिष्ट अतिथि सरपंच श्रीमती पद्मावती ओहदार उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य श्री दिनेश कुमार राम ने की। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
अतिथियों ने छात्राओं को साइकिल प्रदान करते हुए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने, शिक्षा के प्रति समर्पित रहने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना का उद्देश्य छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, विद्यालय तक उनकी पहुँच को सुगम बनाना तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का समापन छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ। विद्यालय परिवार ने शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

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बारिश अब नहीं रोकेगी पढ़ाई की राह: कुनकुरी के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को मिली छतरियां, समाजसेवियों की पहल बनी शिक्षा की नई मिसाल

नारायणपुर । शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक सहभागिता का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कुनकुरी विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली में मंगलवार को बच्चों के लिए छतरी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठी पहल का उद्देश्य बरसात के मौसम में बच्चों को भीगने से बचाना और उनकी नियमित विद्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करना रहा।

ग्रामीण क्षेत्र में स्थित इस विद्यालय में अध्ययनरत अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों से आते हैं। विद्यालय के प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता बच्चों की आवश्यकताओं को समझते हुए लगातार समाजसेवियों को विद्यालय से जोड़ रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी कारण से प्रभावित न हो।

प्रधान पाठक ने बताया कि विद्यालय में समाजसेवियों के सहयोग से प्रत्येक वर्ष मौसम के अनुरूप बच्चों को छतरी, स्वेटर, जूते-मोजे सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही शनिवार को आयोजित आर्ट एंड क्राफ्ट तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी समाजसेवी सक्रिय सहयोग प्रदान करते हैं।

इसी क्रम में बारिश के मौसम को देखते हुए प्रधान पाठक ने कुनकुरी के प्रतिष्ठित कठौतिया परिवार से संपर्क कर बच्चों की जरूरतों से अवगत कराया। समाजसेवियों ने बच्चों के हित में सहयोग का भरोसा दिया और मंगलवार को विद्यालय पहुंचकर 26 विद्यार्थियों को छतरियां वितरित कीं। साथ ही बच्चों को बिस्कुट और चॉकलेट भी भेंट किए गए।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का माहौल उत्साह और खुशी से भर गया। बच्चों ने अतिथियों का अंग्रेजी में वेलकम सॉन्ग प्रस्तुत कर पारंपरिक तरीके से आरती, तिलक और पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। बच्चों की मासूम मुस्कान और उत्साह ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

इस अवसर पर समाजसेवी नीरज पारिक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें और भविष्य में विभिन्न शासकीय विभागों में उच्च पद प्राप्त कर देश और समाज की सेवा करें। उन्होंने बच्चों से अपील की कि बरसात के दिनों में प्रतिदिन छतरी लेकर विद्यालय आएं ताकि मौसम उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।

छतरी मिलने पर बच्चों ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे बारिश में भीगेंगे नहीं और नियमित रूप से विद्यालय आ सकेंगे।

कार्यक्रम के अंत में प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता ने कठौतिया परिवार एवं सभी समाजसेवियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी विद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में सहयोग देने का आग्रह किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण, रसोइया तथा सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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राशिफल: किस राशि पर रहेगी ग्रहों की विशेष कृपा और किन्हें बरतनी होगी सावधानी, पढ़ें मेष से मीन तक सभी राशियों का विस्तृत राशिफल

मेष (Aries)
आज का दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी तथा वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यवसाय में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, हालांकि अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम करें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus)
आज धैर्य और समझदारी से लिए गए निर्णय लाभकारी सिद्ध होंगे। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और खान-पान संतुलित रखें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini)
आज का दिन मिश्रित फल देने वाला रहेगा। कार्यों में थोड़ी भागदौड़ रहेगी, लेकिन अंततः सफलता मिलेगी। नौकरी में पदोन्नति या प्रशंसा मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer)
आज पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। धन लाभ के अवसर बनेंगे। किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचने का प्रयास करें।
शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

सिंह (Leo)
आज आत्मविश्वास आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं। व्यवसाय में विस्तार की योजना सफल होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo)
आज का दिन योजनाओं को पूरा करने के लिए अनुकूल है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ होगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें। परिवार के साथ मधुर संबंध बने रहेंगे। विद्यार्थियों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

तुला (Libra)
आज सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। आर्थिक मामलों में लाभ के योग हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 7

वृश्चिक (Scorpio)
आज धैर्य और संयम बनाए रखना आवश्यक होगा। नौकरी में सफलता मिलेगी, लेकिन कार्यभार अधिक रह सकता है। व्यापार में नए संपर्क लाभदायक सिद्ध होंगे। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 8

धनु (Sagittarius)
आज का दिन भाग्य का पूरा साथ लेकर आएगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति के संकेत हैं। धन लाभ की संभावना है। यात्रा के योग बन सकते हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn)
आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। कार्यक्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। व्यापार में लाभ होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें और नियमित दिनचर्या अपनाएं।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius)
आज नए अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं। नौकरी में उन्नति और व्यवसाय में लाभ के योग हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में सफलता मिलेगी। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

मीन (Pisces)
आज का दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं। नौकरी और व्यवसाय में सफलता प्राप्त होगी। परिवार के साथ आनंददायक समय व्यतीत करेंगे। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक शांति बनी रहेगी।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 7

22 जुलाई 2026 का दिन अधिकांश राशियों के लिए परिश्रम, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संकेत देता है। आर्थिक मामलों में विवेकपूर्ण निर्णय लाभदायक रहेंगे, वहीं पारिवारिक संबंधों में संवाद और सहयोग से सुख-शांति बनी रहेगी। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए नए अवसर प्राप्त होने की संभावना है। स्वास्थ्य की दृष्टि से नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार और पर्याप्त विश्राम लाभकारी रहेगा।

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रेंज आईजी दीपक कुमार झा ने डायल 112 की कार्यप्रणाली की समीक्षा की, बेहतर रिस्पांस टाइम और जनसेवा पर दिया जोर

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    आधुनिक सुरक्षा नई तकनीक सीसीटीवी कैमरे से लैस आपातकालीन सेवा डॉयल 112 वाहनों के कार्यप्रणाली के साथ-साथ उनके रिस्पांस टाईम संबंधी विषयों की अद्यतन स्थिति के बारे में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा द्वारा रेंज के सभी नोडल अधिकारियों व डिस्ट्रिक कोऑडिनेशन सेन्टर (डीसीसी) के कर्मचारी सहित ड्यूटी में तैनात जवान व वाहन चालकों का व्हीसी के माध्यम से जानकारी लिए।

    आपातकालीन सेवा डॉयल 112 के कार्यप्रणाली की समीक्षा के दौरान रेंज आईजी द्वारा कहा गया कि जब कभी भी आपातकालीन स्थिति में आपको सूचना मिलती है तो अपने रिस्पांस टाईम के महत्वपूर्ण समय की महत्ता देखते हुये निर्धारित स्थान घटना स्थल पर पहुंचकर जन सेवा की भावना से लोगों सहायता प्रदान कराने संबंधी महत्वपूर्ण बिन्दुओं के बारे में जानकारी प्रदाय कराया गया। साथ ही उन्होनें सभी कर्मचारियों से कहा कि जो भी इस आपातकालीन सेवा वाहन कर्मचारी है विशेषकर ड्यूटी में तैनात कर्मचारी सौपे गये दायित्वों का निर्वहन जन सेवा की भावना के साथ-साथ तत्परता से करे तथा आम नागरिकों के बीच अपनी अच्छी छवि बनावे। वर्तमान समय में आपातकालीन सेवा डॉयल 112 पुलिस की त्वरित कार्यवाही प्रणाली का मुख्य अंग है जिसके कार्य की सार्थक प्रयास से लोगों के बीच परिलक्षित हो रहा है।

    आपातकालीन सेवा डॉयल 112 का बेहतर परिणाम हाल ही में रेंज अंतर्गत जिला बलरामपुर रामानुजगंज में परिलक्षित हुआ है जो एनीकट में डूब रहे व्यक्ति को स्थानीय लोगों एवं आपातकालीन सेवा डॉयल 112 के स्टॉफ की तत्परता से युवक की जान बचाने में बडी सफलता मिली। इसी प्रकार जिला जशपुर के लोरो घाटी में अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे लगी रेलिंग को तोडते हुये क्षतिग्रस्त हो गया जिसमें मालिक सहित चालक व हेल्फर बुरी तहर केबिन में फसे रहें। दुर्घटना की तत्काल सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवा डॉयल 112 घटना स्थल पर पहुंची तथा स्थित को देखते हुये नजदीकी थाना को सूचित कर राहत बचाव करते हुये कटर मशीन से केबिन को काटकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता का जिक्र करते हुये उन्होनें कहा कि आप सभी अपने विभाग के सौपे गये दायित्वों का जनता के बीच अपने रिस्पांस टाईम बेहतर कार्य कर सेवा करें।

           साथ ही उन्होनें आपातकालीन सेवा डॉयल 112 वाहन में कार्यरत कर्मचारी/वाहन चालकों से वाहनों के बेहतर परिचालन व रख-रखाव संबंधी विषयों पर उन्होनें ने स्पष्ट निर्देश दिये कि आपातकालीन वाहन डॉयल 112 को व्यक्तिगत किसी निजी कार्य में उपयोग न किया जावे तथा बिना किसी आपातकालीन सूचना
के इसका मिसयूज नही होना चाहिये। इसके संबंध में उन्होनें रेंज के समस्त नोडल अधिकारियों की स्पष्ट निर्देश दिये कि आपातकालीन सेवा वाहन डॉयल 112 के ड्यूटी में तैनात कोई भी कर्मचारी नशे का सेवन न करें जिससे की कोई अप्रिय स्थिति निर्मित हो, ऐसे कृत कार्य करने वाले व जनता के बीच अनुसाशनहीनता परिलक्षित पाये जाने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये।

    आपातकालीन सेवा डॉयल 112 के कार्यप्रणाली समीक्षा के दौरान रेंज के समस्त नोडल अधिकारी व डिस्ट्रिक कोऑडिनेशन सेन्टर (डीसीसी) के कर्मचारी सहित वाहन में तैनात कर्मचारी वाहन चालक लगभग 248 की संख्या में व्हीसी के माध्यम से जुड़े रहें।

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महाआरती, भजन-कीर्तन और पुष्पवर्षा के साथ संपन्न हुई पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा, कौशल्या साय ने संस्कृति और संस्कारों को अपनाने का किया आह्वान


दोकड़ा। श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा में आयोजित पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का मंगलवार को भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में भव्य समापन हुआ। अंतिम दिवस पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कथा वाचक एवं कीर्तन गायक श्री कामता प्रसाद शरण जी ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण, संगीतमय एवं आध्यात्मिक वर्णन किया। कथा के दौरान शिव बारात, हिमालय राज के महल में विवाह की रस्में, देवी-देवताओं का आगमन तथा भगवान शिव की सरलता और माता पार्वती की तपस्या का ऐसा सजीव चित्रण हुआ कि पूरा कथा पंडाल भक्ति रस में डूब गया।कथावाचक ने कहा कि शिव–पार्वती विवाह त्याग, तप, श्रद्धा, समर्पण और आदर्श दाम्पत्य जीवन का प्रतीक है। माता पार्वती की कठोर साधना हमें यह संदेश देती है कि अटूट विश्वास और सच्ची भक्ति से ईश्वर की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। वहीं भगवान शिव का सरल एवं करुणामय स्वरूप मानवता, समानता और लोककल्याण की प्रेरणा देता है।कथा के समापन अवसर पर भव्य भजन-कीर्तन, महाआरती एवं पुष्प वर्षा की गई। पूरा पंडाल "हर-हर महादेव", "जय भोलेनाथ", "जय माता पार्वती" एवं "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भगवान से सुख, समृद्धि, शांति एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि—"श्री जगन्नाथ कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व है। पांच दिनों तक कथा के माध्यम से हमें भगवान श्रीकृष्ण, भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य चरित्रों से धर्म, प्रेम, सेवा, त्याग और समर्पण की प्रेरणा मिली है। मैं सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करती हूं कि इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं तथा आने वाली पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ें। इतनी बड़ी संख्या में प्रतिदिन उपस्थित होकर कथा को सफल बनाने के लिए आप सभी श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे।


श्री जगन्नाथ मंदिर समिति ने जताया आभार

पांच दिवसीय कथा के सफल आयोजन पर श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, पुलिस, मीडिया, स्वयंसेवकों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि सभी के सहयोग, सेवा भावना और श्रद्धा के कारण यह आयोजन ऐतिहासिक एवं सफल बन सका।
समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे रथयात्रा महोत्सव के आगामी धार्मिक कार्यक्रमों में भी सपरिवार शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करें।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं ,आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण एवं समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

जशपुरनगर 21 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 31 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।
    कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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बरसात, भक्ति, लोकसंस्कृति और कृषि आस्था का अद्भुत संगम: 'कादो लेटा' पर्व पर उमड़ा पूरा गांव, खेतों में धान रोपाई से पहले धरती माता, जल स्रोतों और ग्राम देवताओं की हुई पूजा, पारंपरिक नृत्य और सामूहिक अनुष्ठान ने जीवंत की सदियों पुरानी विरासत,किसानों ने मांगी अच्छी बारिश और भरपूर फसल की कामना

नारायणपुर। बरसात के मौसम में खेती-किसानी की शुरुआत से पहले जशपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में सदियों से चली आ रही "कादो लेटा" की अनूठी लोक परंपरा मंगलवार को बोडोकछार और रायकेरा पंचायत में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निभाई गई। खेतों में धान की रोपाई शुरू करने से पहले किसानों ने प्रकृति, जल, धरती और ग्राम देवताओं का आशीर्वाद लेने के लिए सामूहिक पूजा-अर्चना की।

ग्रामीणों के अनुसार यह परंपरा पूर्वजों के समय से चली आ रही है। दोनों पंचायतों का एक ही बैगा (ग्राम पुजारी) वर्षों से इस पूजा का विधान संपन्न कराता है। इस बार भी गांव के बैगा गजेंद्र राम ने पूरे वैदिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा संपन्न कराई।

सुबह से ही बोडोकछार, रायकेरा और रामसागर गांव की महिलाएं अपने-अपने घरों से पूजा का लोटा लेकर बैलजोरा नदी पहुंचीं। यहां बैगा ने जल, धरती और प्रकृति की पूजा कराई। इसके बाद महिलाएं नदी से पवित्र जल भरकर लगभग दो किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए हनुमान मंदिर रायकेरा और गोंड बस्ती स्थित हनुमान मंदिर पहुंचीं, जहां पीपल वृक्ष का जलाभिषेक कर भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की गई।

पूजा के बाद पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। महिलाएं और ग्रामीण मांदर, ढोल-नगाड़ों की गूंज पर पारंपरिक लोकगीत गाते हुए झूम उठे। रंग-बिरंगी वेशभूषा में महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण लोक संस्कृति के रंग में रंग गया।

इसके बाद दोनों पंचायतों के ग्रामीण सामूहिक रूप से गांव के सरना स्थल पहुंचे। यहां बैगा गजेंद्र राम ने सरना महादेव की विशेष पूजा-अर्चना कर गांव की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की कामना की। परंपरा के अनुसार पूजा स्थल पर मुर्गे की बलि भी दी गई, जिसे ग्रामीण अपने पूर्वजों की आस्था और परंपरा का हिस्सा मानते हैं। पूजा के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के बीच खीर का प्रसाद वितरित किया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि कादो लेटा का मुख्य उद्देश्य रोपा खेती की शुरुआत से पहले धरती माता, जल स्रोतों और ग्राम देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करना है, ताकि पूरे वर्ष अच्छी वर्षा हो, फसल लहलहाए और गांव में सुख-समृद्धि बनी रहे। मान्यता है कि इस पूजा के बाद ही किसान खेतों में धान की रोपाई शुरू करते हैं।

ग्रामीण संस्कृति की अमूल्य धरोहर है 'कादो लेटा'

 जिले के कई ग्रामीण इलाकों में बरसात के मौसम के साथ मनाया जाने वाला कादो लेटा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कृषि संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। इस अवसर पर गांव के लोग एक साथ जुटकर लोकगीत, पारंपरिक नृत्य, सामूहिक पूजा और प्रसाद वितरण के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं।

आधुनिक कृषि तकनीकों के दौर में भी यह परंपरा ग्रामीण समाज की पहचान बनी हुई है। कादो लेटा नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति, पूर्वजों की परंपराओं, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिक जीवन के मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रही है। यही वजह है कि हर वर्ष बरसात में रोपाई के आगमन के साथ ग्रामीण पूरे उत्साह और आस्था से इस अनूठी परंपरा का निर्वहन करते हैं।

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जनदर्शन में उमड़ी जनता की भीड़: विधायक गोमती साय ने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर समस्या पर अधिकारियों को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश, कहा— जनता का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत

पत्थलगांव। पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र की विधायक गोमती साय ने अपने कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं, मांगों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने सड़क, बिजली, पेयजल, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत विभिन्न जनहित के मुद्दों से विधायक को अवगत कराया।

जनदर्शन के दौरान विधायक गोमती साय ने प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित, प्रभावी एवं संतोषजनक निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विधायक ने कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति और प्रेरणा है। क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की सेवा, सुविधा और समग्र विकास के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर नागरिक की समस्या का संवेदनशीलता के साथ समाधान हो, यही उनकी प्राथमिकता है।

जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित क्षेत्रवासियों ने अपनी समस्याएं विधायक के समक्ष रखीं तथा उनके द्वारा किए जा रहे त्वरित प्रयासों और संवेदनशील कार्यशैली पर संतोष व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।

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हायर सेकेंडरी स्कूल लोधमा में निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत 16 छात्राओं को मिली साइकिलें, बेटियों की शिक्षा को मिली नई रफ्तार

नारायणपुर/कुनकुरी।
शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल लोधमा में छत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत मंगलवार को गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं की 16 छात्राओं को मुख्य अतिथियों के हाथों निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं। योजना का उद्देश्य दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को विद्यालय तक आने-जाने में सुविधा प्रदान कर उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखना है।

कार्यक्रम में सरपंच सीतापति साहनी, शाला विकास समिति सदस्य गीता साय, प्यारेलाल राय, पालकगण एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की विशेष उपस्थिति रही। अतिथियों ने छात्राओं को साइकिलें प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना ग्रामीण अंचलों की बेटियों के लिए शिक्षा का नया द्वार खोल रही है। उन्होंने कहा कि अब छात्राओं को लंबी दूरी तय कर विद्यालय पहुंचने में कठिनाई नहीं होगी, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। यह योजना बालिकाओं को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती एस. एम. खाखा ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं के लिए अत्यंत लाभकारी है। इससे बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे नियमित रूप से विद्यालय आकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने सभी छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर प्राचार्या श्रीमती एस. एम. खाखा, प्रधान पाठिका श्रीमती पुष्पा एक्का, कमलेश जोशी, श्रीमती मोनिका एक्का, कु. नीलिमा करकेट्टा, राजकुमार गुप्ता, श्रीमती अरुणा तिर्की, अजीत राम, आर. एस. नाग, श्रीमती प्रफुल्ला कुजूर, गजेंद्र साय, श्रीमती सुमन पटेल, मुरारी, ज्ञान प्रकाश, संदीप बेक, ललिता बाई सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

साइकिल वितरण के बाद छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। अभिभावकों ने भी शासन की इस जनकल्याणकारी योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे बेटियों की शिक्षा को नई गति मिलेगी और उन्हें आगे बढ़ने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा।

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