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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से बदली महिलाओं की तकदीर, महतारी वंदन योजना ने ज्ञानवती बैगा को बनाया आत्मनिर्भर, छोटे व्यवसाय को मिली नई रफ्तार

रायपुर, 20 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना से महिलाओं को न केवल नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गौरेला विकासखंड के ग्राम तवाडबरा की श्रीमती ज्ञानवती बैगा इसकी प्रेरणादायक मिसाल है।

श्रीमती ज्ञानवती बैगा अपने परिवार की आजीविका को मजबूत करने के लिए अमलेश्वर महादेव मंदिर के सामने नारियल की छोटी दुकान संचालित करती हैं। इस व्यवसाय से होने वाली आय से वे परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ घरेलू जिम्मेदारियों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बीच परिवार का पालन-पोषण करने वाली ज्ञानवती बैगा के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल बनकर सामने आई है।

उन्होंने बताया कि उन्हें योजना की 29वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने नारियल व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में किया, जिससे उनके छोटे व्यवसाय को निरंतर गति मिली। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से अब उन्हें व्यवसाय चलाने के लिए पूंजी की चिंता कम हो गई है और वे पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास के साथ अपना काम कर पा रही हैं।

श्रीमती ज्ञानवती बैगा का कहना है कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का विश्वास दिया है। अब वे घर के खर्च और अपने व्यवसाय दोनों का बेहतर ढंग से संचालन कर पा रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है और भविष्य के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ है।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना वास्तव में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह योजना परिवारों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई प्रदान कर रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावी ढंग से संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने तथा परिवार की आय में भागीदारी निभाने का अवसर मिल रहा है। ज्ञानवती बैगा जैसी अनेक महिलाओं की सफलता की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और स्वावलंबन का नया अध्याय भी लिख रही है।

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लखनपुर के जी.आर.ए. स्कूल में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया पौधारोपण, बोले— हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी, पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान

रायपुर, 20 जुलाई 2026। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल आज सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित जी.आर.ए. स्कूल, जूनाडीह में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और सुरक्षित भविष्य की अमूल्य धरोहर बनता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया।

श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की वर्तमान आवश्यकता को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण को जनआंदोलन बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक आवश्यक उसकी नियमित देखभाल करना है, ताकि वह एक सशक्त वृक्ष बनकर समाज और प्रकृति की सेवा कर सके।

उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि विद्यार्थी अपने जीवन में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करेंगे और प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करेंगे, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति से जुड़ने, पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने तथा जीवन में अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हरित वातावरण स्वस्थ समाज की पहचान है। वृक्षारोपण के माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है, बल्कि जैव विविधता का संरक्षण, जल स्रोतों का संवर्धन और प्राकृतिक संतुलन भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि आज का यह सामूहिक प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ परिवेश सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के अंत में श्री अग्रवाल ने विद्यालय परिवार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण के संदेशवाहक बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल बोले— 'राम-नामी' की ऐतिहासिक उपलब्धि से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता को मिली नई पहचान, दुनिया तक पहुंचेगी रामनामी परंपरा की गाथा

रायपुर, 20 जुलाई 2026। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में डॉक्यूमेंट्री फिल्म ’’राम-नामी’’ को ’’सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म’’ का सम्मान प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ में हर्ष का वातावरण है। इस उपलब्धि को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और आध्यात्मिक धरोहर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक श्री भरतबाला गणपति एवं पूरी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।

संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में डॉक्यूमेंट्री फिल्म राम-नामी को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान प्राप्त होना छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक फिल्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।

उन्होंने कहा कि रामनामी समाज अपनी विशिष्ट परंपराओं, भगवान श्रीराम के प्रति अटूट आस्था, सादगीपूर्ण जीवन शैली तथा लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है। शरीर पर श्रीराम नाम अंकित कराने की अद्वितीय परंपरा, भक्ति, समरसता और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों का संदेश देने वाला यह समाज छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है। डॉक्यूमेंट्री राम-नामी ने इन परंपराओं और जीवन मूल्यों को अत्यंत संवेदनशील एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।

संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक अस्मिता को राष्ट्रीय पटल पर नई प्रतिष्ठा प्रदान करेगा। साथ ही यह उपलब्धि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार को नई गति देगी तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, जनजातीय एवं पारंपरिक विरासत, लोककलाओं और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति देश-विदेश में लोगों की रुचि और बढ़ेगी। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी तथा सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने निर्देशक श्री भरतबाला गणपति तथा पूरी निर्माण टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली प्रेरणादायी उपलब्धि है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं पर आधारित ऐसे उत्कृष्ट रचनात्मक प्रयास निरंतर होते रहेंगे, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होकर उभरेगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा हुई जमीन पर साकार, सारंगढ़ में आधुनिक उद्यान निर्माण के लिए 95.30 लाख रुपये स्वीकृत, विकास कार्यों को मिली नई रफ्तार

रायपुर. 20 जुलाई 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सारंगढ़ नगर पालिका में उद्यान के निर्माण के लिए 95 लाख 30 हजार रुपए मंजूर किए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा सारंगढ़ में उद्यान निर्माण की घोषणा के अनुपालन में विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की गई है।
 
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। श्री साव ने उद्यान का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

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नई पीढ़ी के सुनहरे भविष्य की रखी मजबूत नींव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शिक्षा और खेल विकास की चार बड़ी सौगातों का किया ऐलान"

रायपुर 20 जुलाई 2026/ शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना का विकास करना है। शिक्षा  संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है। राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी संसाधन और समान अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले नन्हे बच्चों का तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को स्नेह पूर्वक आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे मन लगाकर अध्ययन करें, बड़े सपने देखें और अपने ज्ञान, प्रतिभा एवं संस्कारों से परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान और उनकी आंखों में बसे सपने ही विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य  की नींव हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश एवं स्कूल बैग वितरित किए। साथ ही कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता केवल सही अवसर और उचित मार्गदर्शन की होती है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को केवल बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक और समावेशी बना रही है। प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, समय पर निःशुल्क पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, नियमित पालक-शिक्षक बैठक, न्योता भोज और भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न नवाचारों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास का वातावरण तैयार किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। आज प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। बस्तर के जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं, ताकि वहां के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, 24 नालंदा परिसर विकसित किए जा चुके हैं तथा दिल्ली में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 200 सीटों की छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्ग जिले के लिए शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना से जुड़ी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के स्थान पर आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक ऑडिटोरियम, खेल प्रतिभाओं के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा नीट एवं जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास स्थापित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए अंतरिक्ष विज्ञान एवं खगोल से जुड़े मॉडलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार ही भविष्य के भारत की पहचान होंगे और राज्य सरकार बच्चों में विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने विद्यालय परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत कटहल, सिंदूरी एवं मौलश्री के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज में भी सहभागिता की और आत्मीय संवाद करते हुए उनके अध्ययन, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु. पायल रजनी, सातवां स्थान प्राप्त करने वाले नैतिक आमटे तथा दसवां स्थान प्राप्त करने वाली कु. श्रद्धा इंदौरिया को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार कर रही है। बालिकाओं के लिए आठ हजार से अधिक नए शौचालयों का निर्माण, भाषा एवं गणितीय दक्षता बढ़ाने के विशेष अभियान तथा भारतीय संस्कृति एवं महापुरुषों के जीवन से विद्यार्थियों को जोड़ने जैसे नवाचार शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में निजी विद्यालयों की तर्ज पर शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पहले ही दिन सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें एवं गणवेश उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, दुर्ग संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, समग्र शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

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सरस्वती शिशु मंदिर नारायणपुर के बच्चों को मिली बड़ी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वर्षों पुरानी पेयजल समस्या खत्म, विद्यालय परिसर में हुआ हैंडपंप खनन

कुनकुरी। सरस्वती शिशु मंदिर, नारायणपुर में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई थी, जिससे विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विद्यालय प्रबंधन ने इस समस्या के समाधान के लिए भारतीय जनता पार्टी ग्रामीण मंडल कुनकुरी के मंडल अध्यक्ष उमेश यादव से संपर्क कर अपनी मांग रखी।

मंडल अध्यक्ष उमेश यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय को आवेदन सौंपकर विद्यालय की पेयजल समस्या से अवगत कराया। इसके बाद यह विषय मुख्यमंत्री तक पहुंचा।

बताया गया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल विद्यालय परिसर में हैंडपंप (बोर) खनन की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विद्यालय परिसर में बोर खनन का कार्य पूरा कराया गया, जिससे वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान हो गया।

इस पहल के बाद विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई होने से बच्चों को अब स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा और उन्हें पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

विद्यालय परिवार, अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, भाजपा ग्रामीण मंडल कुनकुरी के मंडल अध्यक्ष उमेश यादव तथा मुख्यमंत्री के निज सहायक आकाश गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनहित में किए गए इस कार्य की सराहना की।

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श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा : पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का तृतीय दिवस संपन्न ,भगवान श्रीकृष्ण की दही-हांडी लीला ने भक्तों को किया मंत्रमुग्ध, आज होगा भव्य रुक्मिणी विवाह उत्सव


दोकड़ा। श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा के अंतर्गत आयोजित पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का तृतीय दिवस रविवार को भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कथा वाचक एवं छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कीर्तन गायक श्री कामता प्रसाद शरण जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं किशोर लीलाओं का मनमोहक वर्णन करते हुए विशेष रूप से दही-हांडी (माखन चोरी) लीला का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। कथा के साथ संगीतमय भजनों और कीर्तन से पूरा कथा पंडाल "जय श्रीकृष्ण" और "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के प्रेम का दिव्य प्रतीक है। श्रीकृष्ण का गोप-बालकों के साथ मिलकर दही-हांडी फोड़ना, गोकुल की गलियों में नटखट बालक के रूप में विहार करना तथा गोपियों के साथ उनकी प्रेममयी लीलाएं मानव जीवन को प्रेम, सरलता, आनंद और निष्काम भक्ति का संदेश देती हैं।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला में गहरा आध्यात्मिक संदेश छिपा है। दही-हांडी लीला यह सिखाती है कि सामूहिक प्रयास, एकता, प्रेम और विश्वास से जीवन की हर ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता है। कथा के दौरान श्रद्धालु श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का श्रवण कर भाव-विभोर हो उठे और पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया।
संध्या के समय प्रस्तुत संगीतमय भजन-कीर्तन में श्रद्धालु झूम उठे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का रसपान किया तथा भगवान श्री जगन्नाथ और श्रीकृष्ण के चरणों में सुख, शांति, समृद्धि एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
यह पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा के गजपति महाराज एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के विशेष सानिध्य में आयोजित की जा रही है। प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक कथा एवं संगीतमय भजन-कीर्तन का आयोजन हो रहा है, जिसमें दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
आज होगा भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का भव्य आयोजन
श्री जगन्नाथ मंदिर समिति ने बताया कि कथा के चतुर्थ दिवस भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह उत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। विवाह प्रसंग के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, मंगल गीत, संगीतमय भजन-कीर्तन तथा विशेष महाआरती का आयोजन होगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर इस दिव्य एवं अलौकिक विवाह उत्सव में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के चलते पूरे दोकड़ा क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्सव का वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालुओं में आगामी रुक्मिणी विवाह महोत्सव को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

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झेरिया यादव समाज महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान: रायपुर में सामाजिक भवन के लिए 15 लाख रुपये मंजूर, बोले- मोदी की गारंटी से बदल रहा छत्तीसगढ़

रायपुर, 20 जुलाई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास, किसानों की समृद्धि, महिलाओं के सशक्तिकरण, पारदर्शी सुशासन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने ढाई वर्षों में अधिकांश मोदी गारंटियों को पूरा कर जनविश्वास को मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के ग्राम-बरौदा में आयोजित झेरिया यादव समाज के महासम्मेलन एवं सामाजिक भवन लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रायपुर में झेरिया यादव समाज के सामाजिक भवन के लिए 15  लाख रुपये की घोषणा की तथा  ग्राम बरौदा में नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यादव समाज भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और गौ-सेवा की समृद्ध परंपरा का संवाहक है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलने वाला यह समाज धर्म, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि संगठित और जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है तथा ऐसे सामाजिक सम्मेलन समाज सुधार और सामाजिक एकता को नई दिशा देते हैं।

*मोदी गारंटियों को पूरा करने में छत्तीसगढ़ अग्रणी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) के लिए 32 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

*किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान का मूल्य*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। किसान कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

*महतारी वंदन योजना से महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। इस योजना ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई मजबूती प्रदान की है और परिवारों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ाई है।

*बस्तर में शांति और विकास का नया दौर*

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद था, लेकिन अब वहां शांति और विकास का नया वातावरण निर्मित हुआ है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है तथा विकास की मुख्यधारा अंतिम गांव तक पहुंच रही है।

*रामलला दर्शन योजना से आस्था को मिला सम्मान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार "विकास भी और विरासत भी" के मूलमंत्र पर कार्य कर रही है।

*सुशासन और डिजिटल सेवाओं से आसान हो रहा जनजीवन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है। सरकारी सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के लिए प्रक्रियाओं का तेजी से डिजिटलीकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विभिन्न विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को चार स्तरीय व्यवस्था से जोड़ा गया है। साथ ही प्रत्येक पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां नागरिकों को विभिन्न प्रमाणपत्र और सरकारी सेवाएं एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।

कार्यक्रम में विधायक श्री अनुज शर्मा, श्री रामकुमार यादव, छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री जगनीक यादव, श्री भगत सिंह यादव, श्रीमती आशा संतोष यादव सहित प्रदेशभर से आए समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा, 'राम-नामी' बनी सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

रायपुर 19 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में छत्तीसगढ़ के अद्वितीय रामनामी समुदाय की समृद्ध विरासत पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'राम-नामी' को 'सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री' का राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म के निर्देशक श्री भरतबाला गणपति तथा पूरी टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनामी समाज की अनूठी परंपरा श्रद्धा, समर्पण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। इस विरासत को प्रभावी ढंग से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का कार्य इस डॉक्यूमेंट्री ने किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, जनजातीय एवं लोक समुदायों की सांस्कृतिक विरासत तथा प्रदेश की विविध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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राशिफल: मेष से मीन तक जानिए किस राशि पर होगी भाग्य की मेहरबानी, किसे मिलेगा धन लाभ, नौकरी-व्यापार में किसे मिलेगी सफलता और किन राशियों को आज हर कदम पर बरतनी होगी विशेष सावधानी

मेष (Aries)
आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जबकि व्यापारियों को नए ग्राहकों से लाभ मिल सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। जीवनसाथी का साथ मनोबल बढ़ाएगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक भागदौड़ से थकान हो सकती है।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus)
आज आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात सुखद रहेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में निवेश सोच-समझकर करें। पारिवारिक रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini)
आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता लोगों को प्रभावित करेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की सराहना होगी। व्यापार में लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन खानपान पर नियंत्रण रखें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer)
आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की चर्चा हो सकती है। व्यापार में सामान्य लाभ रहेगा। किसी धार्मिक कार्य में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।
शुभ रंग: क्रीम | शुभ अंक: 2

सिंह (Leo)
आज आपके नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा होगी। कार्यस्थल पर नई उपलब्धि मिल सकती है। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल रहेगा।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo)
आज धैर्य और समझदारी से काम लेने की जरूरत है। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई योजनाएं लाभदायक साबित होंगी। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव से बचें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

तुला (Libra)
आज का दिन संतुलित रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। परिवार के साथ सुखद समय व्यतीत करेंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन शुभ है। यात्रा के योग बन सकते हैं।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 7

वृश्चिक (Scorpio)
आज आत्मविश्वास बढ़ेगा और कठिन कार्य भी आसानी से पूरे होंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिल सकती है। नौकरी और व्यापार दोनों में उन्नति के संकेत हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन क्रोध पर नियंत्रण रखें।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 9

धनु (Sagittarius)
आज भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ेगी। नौकरी में नई संभावनाएं बन सकती हैं। व्यापार में अच्छा लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है। परिवार में खुशहाली रहेगी।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn)
आज मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी। परिवार के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन आराम के लिए समय निकालें।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius)
आज नए लोगों से संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित होगा। नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो अच्छे अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में विस्तार के योग हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

मीन (Pisces)
आज का दिन सकारात्मक रहेगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। आर्थिक लाभ के नए स्रोत बनेंगे। परिवार में खुशी का वातावरण रहेगा। विद्यार्थियों को सफलता मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा। यात्रा लाभदायक सिद्ध हो सकती है।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

20 जुलाई 2026 का दिन अधिकांश राशियों के लिए कार्य, धन और पारिवारिक संबंधों के लिहाज से सकारात्मक रहने के संकेत देता है। हालांकि वृषभ, कर्क और कन्या राशि के जातकों को खर्च, स्वास्थ्य और भावनात्मक निर्णयों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, जबकि मेष, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों के लिए उन्नति और शुभ समाचार के प्रबल योग बन रहे हैं।

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जशपुर के देशदेखा में बड़ा हादसा, पर्यटकों पर गिरी आकाशीय बिजली, 20 वर्षीय युवक की मौत, दो गंभीर घायल

जशपुरनगर। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल देशदेखा में शनिवार देर शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, केराडीह और कुनकुरी क्षेत्र के चार दोस्त स्कॉर्पियो वाहन से घूमने के लिए देशदेखा पहुंचे थे। उस समय आसमान में घने बादल छाए हुए थे और आसपास बारिश भी शुरू हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि जैसे ही चारों युवक वाहन से उतरकर कुछ कदम आगे बढ़े, तभी अचानक उनके ऊपर आकाशीय बिजली गिर गई।

इस हादसे में केराडीह निवासी गौरव खलखो (20 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आशीष प्रजापति और दानिश खान गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। चौथा युवक सुरक्षित बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि मौसम विभाग ने शनिवार को जशपुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की थी। चेतावनी के करीब 20 घंटे बाद यह दुखद हादसा सामने आया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों से खुले स्थानों, पहाड़ी क्षेत्रों पर जाने से बचने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

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एक करोड़ के बीमा क्लेम में 19 लाख की कथित वसूली! थाना प्रभारी गिरफ्तार, साय सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई

 

रायपुर, 19 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नारायणपुर में एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है। सड़क दुर्घटना में दिवंगत डीएसएफ आरक्षक स्व.श्री धनेश्वर नुरेटी की पत्नी को मिले एक करोड़ रुपये के दुर्घटना बीमा दावे में कथित अनियमितता और अवैध वसूली के आरोपों पर पुलिस ने तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में एक अधिवक्ता पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार डीएसएफ आरक्षक स्व.श्री धनेश्वर नुरेटी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद उनकी पत्नी के बैंक खाते में भारतीय स्टेट बैंक के वेतन पैकेज के अंतर्गत एक करोड़ रुपये की दुर्घटना बीमा राशि प्राप्त हुई थी। आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव और अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा ने बीमा राशि दिलाने के नाम पर मृतक के परिजनों से 19 लाख रुपये ले लिए।

इतना ही नहीं आरोपियों ने कथित रूप से शेष बीमा राशि में भी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की। परिजनों द्वारा इसका विरोध करने पर उन्हें कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने, कानूनी कार्रवाई में फंसाने और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की धमकी दी गई। आरोपियों की लगातार अतिरिक्त रकम की मांग से परेशान होकर मृतक आरक्षक के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नारायणपुर में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर थाना कोतवाली नारायणपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318, 308 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। इसके बाद आरोपी सुरेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं सह-आरोपी अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

वास्तव में आरोपियों के विरुद्ध यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और कदाचार के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून का पालन कराने वाले तंत्र में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध वसूली, भ्रष्टाचार अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।आम नागरिकों का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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बस्तर से निकले 32 नीट विजेता, 13 के सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की उम्मीद, ‘क्षितिज’ कोचिंग ने बदली शिक्षा की तस्वीर

रायपुर, 19 जुलाई 2026/ सुकमा जिले के दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क ‘क्षितिज’ JEE-NEET कोचिंग सेंटर के 32 विद्यार्थियों ने NEET-UG 2026 की क्वालिफाइंग कटऑफ पार कर जिले का नाम रोशन किया है। इनमें से 13 विद्यार्थियों के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में प्रवेश लेने की प्रबल संभावना है।

*आदिवासी और ग्रामीण परिवार के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग से मिला सपनों को पंख*

          सुकमा के आदिवासी और ग्रामीण परिवारों से आने वाले इन विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी आसान नहीं थी। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर उनके लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया।
यहां विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क कोचिंग, नियमित मार्गदर्शन और परीक्षा की बेहतर तैयारी का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने कड़ी मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से NEET-UG जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की। इस उपलब्धि के लिए वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और शुभकामनाएं दी है।

*प्रशासन के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा*

         यह उपलब्धि जिला प्रशासन की शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के कुशल नेतृत्व तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर और जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी. आर. मण्डावी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया गया।
प्रशिक्षण प्रदाता संस्था ‘कैंप एकेडमी’ के अनुभवी शिक्षकों सूरज सिंह, सोनम सिंह, निधि चौहान और राजनीश पटेल ने विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं, विषयवार मार्गदर्शन और परीक्षा की रणनीति के माध्यम से तैयार किया।

*सफलता से बढ़ा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास*

         ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों की इस सफलता से जिले के अन्य विद्यार्थियों में भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उत्साह बढ़ा है। दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या संसाधन की मोहताज नहीं होती। यदि सही मार्गदर्शन, बेहतर अवसर और निरंतर मेहनत मिले, तो सुदूर गांवों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं।

*युवा वर्ग में आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते कदम*

          जिला प्रशासन ने NEET-UG 2026 में सफल सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर की यह उपलब्धि सुकमा में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव की प्रेरणादायक कहानी है। कभी कठिन परिस्थितियों से जूझने वाले इस जिले के विद्यार्थी आज डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं और उसे पूरा करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। यह सफलता सुकमा के युवाओं के नए आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है।

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हथियार छोड़ खेती को बनाया भविष्य का सहारा: सुकमा के 25 आत्मसमर्पित युवाओं ने कौशल प्रशिक्षण से चुनी आत्मनिर्भरता की राह, प्राकृतिक खेती और स्वरोजगार से बदलेंगे अपनी जिंदगी

रायपुर, 19 जुलाई 2026/ कभी हाथों में हथियार उठाने वाले 25 आत्मसमर्पित युवाओं ने अब खेती, पशुपालन और कृषि आधारित स्वरोजगार को अपने भविष्य का आधार बनाने का संकल्प लिया है। सुकमा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा और कृषि विभाग द्वारा आयोजित 15 दिवसीय विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण ने इन युवाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है।

*आत्मसमर्पित युवाओं को स्थायी आजीविका से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है*

          22 जून से 14 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण में युवाओं को प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि आधारित व्यवसायों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आत्मसमर्पित युवाओं को स्थायी आजीविका से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना था।

*प्रशिक्षण में सीखी प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकें*

       प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं को बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, हांडी दवा, थ्री-जी दवा और मछली टॉनिक तैयार करने की जानकारी दी। इसके साथ ही नाडेप खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद और प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। युवाओं ने फलदार पौधों का रोपण, नीलहरित काई उत्पादन, कृषि यंत्रों का उपयोग, सब्जी नर्सरी तैयार करना, धान की कतारबद्ध बुवाई और गर्मी में गहरी जुताई जैसी तकनीकें भी सीखीं।

 *कृषि के साथ पशुपालन और अन्य व्यवसायों का प्रशिक्षण*

       प्रशिक्षण में युवाओं को बकरी पालन, मुर्गी पालन, ऑयस्टर मशरूम उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे कृषि आधारित व्यवसायों की जानकारी दी गई। इन गतिविधियों से युवा अपनी रुचि और संसाधनों के अनुसार स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं।

*अध्ययन भ्रमण से मिला प्रत्यक्ष अनुभव*

        प्रशिक्षणार्थियों को दंतेवाड़ा जिले का अध्ययन भ्रमण भी कराया गया। मैलावाड़ा में उन्होंने धान की एसआरआई पद्धति और भूमगादी में प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इससे प्रशिक्षणार्थियों को सीखी गई तकनीकों को खेतों में लागू करने का व्यावहारिक अनुभव मिला।

*अब खेती बनेगी नई पहचान का आधार*

        प्रशिक्षण के समापन अवसर पर उप संचालक कृषि श्री पी.आर. बघेल, सहायक संचालक कृषि श्री सुधीर कुजूर और कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख श्री एच.एस. तोमर सहित वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेती, पशुपालन और कृषि आधारित व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से आत्मसमर्पित युवा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ आगे बढ़ सकते हैं।

*कौशल का उपयोग आजीविका के साधन विकसित करने में करेंगे*

      प्रशिक्षणार्थियों ने कहा कि उन्हें खेती और स्वरोजगार की नई तकनीकों की जानकारी मिली है। अब वे सीखे गए कौशल का उपयोग कर अपने गांव में आजीविका के साधन विकसित करेंगे। उन्होंने आत्मनिर्भर बनने और सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया।

*आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन में बदलाव की एक नई शुरुआत*

      यह प्रशिक्षण आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन में बदलाव की एक नई शुरुआत है। हथियार छोड़कर अब ये युवा खेती और स्वरोजगार के माध्यम से अपने भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।

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रक्षाबंधन पर रायगढ़ की दीदियों का अनोखा संदेश: भाई की कलाई पर सजेगी बीज राखी, धरती मां को मिलेगा हरियाली का अनमोल उपहार

रायपुर, 19 जुलाई 2026/ रक्षाबंधन पर केवल भाई-बहन का प्रेम ही नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण का संदेश भी दिया जा सकता है। पेड़ों को राखी बांधकर उन्हें अपनी रक्षा का वचन देना और मिट्टी से बने इको-फ्रेंडली पौधे वाली राखियों का इस्तेमाल पर्यावरण को हरा-भरा रखने में मदद करता है।

            छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्व-सहायता समूहों की दीदियां इस बार रक्षाबंधन के पर्व को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने की एक अनूठी मिसाल पेश कर रही हैं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिला पंचायत रायगढ़ और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के सहयोग से जिले भर में पर्यावरण-अनुकूल बीज राखियां तैयार की जा रही हैं।

*फेंकने पर अंकुरित होंगे देसी बीज*

           इन राखियों की सबसे विशेष बात यह है कि इन्हें धान, मक्का, भुट्टा, सेमी, करेला और बरबटी जैसे विभिन्न देसी बीजों से बेहद आकर्षक ढंग से बनाया जा रहा है। यदि त्योहार के बाद यह राखी मिट्टी में मिल जाती है या बाहर फेंक दी जाती है, तो इसमें लगे बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले लेंगे। इससे भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

*गांव-गांव में दिख रहा उत्साह*

          जिले के सभी सातों विकासखंडों में इस अभियान को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह है। धरमजयगढ़ के ग्राम दुलियामुड़ा-कोयलार में कृष्णा स्व-सहायता समूह की सक्रिय महिला कविता राठिया ने आकर्षक बीज राखियां तैयार कर मिसाल पेश की है। रायगढ़ के बैसपाली, जुनवानी, लोइंग, गोपालपुर, संबलपुरी, लैलूंगा, तमनार के लिबरा गांव (जननी समूह), घरघोड़ा के बड़ेगुमड़ा (गायत्री समूह) और पुसौर के पुटकापुरी क्लस्टर सहित जिले भर की कृषि सखियां और महिलाएं इस कार्य में जुटी हुई हैं।

*सातों विकासखंडों से चुनी जाएगी सर्वश्रेष्ठ बीज राखी*

        रायगढ़ जिले के सभी सातों विकासखंडों में इस रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कल यानी 20 जुलाई को जिले के सभी सात विकासखंडों से एक-एक सर्वश्रेष्ठ बीज राखी का चयन किया जाएगा। चयन का आधार राखी की आकर्षक डिज़ाइन, देसी बीजों का उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जैसी खूबियों को बनाया जाएगा।

*जिले के शीर्ष अधिकारियों को राखी बांधेंगी विजेता दीदियां*

       प्रतियोगिता में चुनी जाने वाली सातों विकासखंडों की विजेता दीदियों को 27 जुलाई को एक विशेष गरिमामय समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर ये दीदियां स्वयं कलेक्टर सहित जिले के शीर्ष अधिकारियों को अपने हाथों से बनाई हुई बीज राखी बांधेंगी। बिहान की दीदियों द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब केवल एक प्रतियोगिता न रहकर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक बड़ा जनआंदोलन बनता जा रहा है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल करेंगे राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ, नवप्रवेशी बच्चों का होगा तिलक और मुंह मीठा कर आत्मीय स्वागत

रायपुर, 19 जुलाई 2026/ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन 20 जुलाई को दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में किया जाएगा। दोपहर 12 बजे से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय होंगे। उप मुख्यमंत्री एवं दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय और अन्य अतिथि पहली बार विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चों का तिलक लगाकर तथा मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत करेंगे। शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाना, विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।

समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री विजय बघेल, पाटन विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर, अहिवारा विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, भिलाई नगर विधायक श्री देवेन्द्र यादव, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय तथा तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू भी उपस्थित रहेंगे।

इसके अलावा जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नीलम चन्द्राकर, जनपद सदस्य श्रीमती संतोषी ठाकुर तथा ग्राम पंचायत जामगांव (एम) की सरपंच श्रीमती तुलसी सिन्हा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। विभाग ने अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर बच्चों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।

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खेत की जुताई के दौरान पलटा ट्रैक्टर, नीचे दबने से चालक समेत दो युवकों की दर्दनाक मौत, सन्ना के कोदोपारा गांव की घटना

जशपुर। जिले के सन्ना थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। कोदोपारा गांव में खेत की जुताई के दौरान ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर के नीचे दबने से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों की पहचान उदय राम (चालक) और बरतु राम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर मालिक और उसमें सवार युवक हादसे के दौरान वाहन के नीचे दब गए, जिससे दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही सन्ना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार खेत की जुताई के दौरान ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

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बस्तर के 5,800 युवाओं को सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, बस्तर फाइटर्स भर्ती में स्थानीयों को मिलेगी प्राथमिकता

रायपुर, 19 जुलाई। वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के राज्य सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बस्तर के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, क्षेत्र की सुरक्षा और समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

मंत्री कश्यप ने कहा कि इस फैसले से बस्तर संभाग के लगभग 5,800 स्थानीय युवाओं के लिए सरकारी सेवा में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। उनके अनुसार, स्थानीय युवाओं की भर्ती से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास भी बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभावी मार्गदर्शन में बस्तर विकास, विश्वास और अवसरों के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। केंद्र सरकार की नीतियों और प्रयासों से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिली है तथा शिक्षा और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।

केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बस्तर फाइटर्स भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय इसी दूरदर्शी और जनहितकारी सोच का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय युवा अपनी भाषा, संस्कृति, भौगोलिक परिस्थितियों और सामाजिक परिवेश से अच्छी तरह परिचित होते हैं। ऐसे में उनकी भागीदारी से सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी, विकास कार्यों को गति मिलेगी और क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तथा स्थायी शांति को भी मजबूती मिलेगी।

मंत्री कश्यप ने विश्वास जताया कि साय सरकार का यह निर्णय बस्तर के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा और क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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