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बरसात में मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या से मिलेगी लोगों को स्थायी राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दो वर्षों में जिले को दी ऐतिहासिक सौगात

22 उच्चस्तरीय पुलों के लिए 109 करोड़, 215 छोटे पुल-पुलिया हेतु 20 करोड़ 93 लाख की मंजूरी


जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन के दो वर्षों के भीतर जशपुर जिले के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। बरसात के दिनों में नदी-नालों के उफान से मार्ग अवरुद्ध होने और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूटने की वर्षों पुरानी समस्या अब स्थायी रूप से दूर होने जा रही है।प्रदेश की साय सरकार ने जिले में 22 उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण के लिए कुल 109 करोड़ 09 लाख रुपये तथा 215 छोटे पुल-पुलिया निर्माण के लिए 20 करोड़ 93 लाख रुपये की बड़ी मंजूरी दी है। इस महत्वपूर्ण सौगात से जिले के ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ अंचलों में सालभर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा।

*जशपुर जिले के इन प्रमुख मार्गों पर बनेंगे उच्चस्तरीय पुल*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले के केराकोना–बैगाटोली मार्ग ईब नदी 6 करोड़ 06 लाख,चलनी–परसाडीपा मार्ग पौरी नदी 3 करोड़14 लाख,अलोरी–मतलोगा मार्ग ईब नदी– 4 करोड़ 02 लाख,जशपुर–सन्ना मार्ग घेरडेवा नदी 7 करोड़ 35 लाख,जशपुर नगर मुख्य मार्ग बाकी नदी 4 करोड़ 59 लाख,बगीचा–आरा मार्ग गरिमा नदी 5 करोड़ 52 लाख,बगीचा–रेंगले मार्ग राजपुरी नाला 7 करोड़ 24 लाख,कलीबा–टांगरबहार मार्ग झीकी नाला 6 करोड़ 05 लाख,बांसापतरा–दुलदुला मार्ग चांपाझरिया नाला 7 करोड़ 24 लाख,गुलझरिया–बम्हनी मार्ग श्री नदी 3 करोड़ 66 लाख,कुनकुरी–रनपुर मार्ग ईब नदी 4 करोड़ 86 लाख,भालुमुंडा–खजूरखाट मार्ग कोकिया नदी 3 करोड़ 32 लाख,बोडाझापर–चटकपुर मार्ग चंपाझरिया नाला 4 करोड़ 46 लाख,धौरासांड–दाइजबहार मार्ग ईब नदी 9 करोड़ 18 लाख,डुमरबहार–तमता मार्ग शेखरपुर के पास 3 करोड़ 73 लाख,घुघरी–ढोढरअम्बा मार्ग खर्रा नाला 6 करोड़ 26 लाख,कोतबा–लवाकेरा मार्ग कोकिया नाला 4 करोड़ 14 लाख,जशपुर–सन्ना मार्ग मरगा नाला 4 करोड़ 52 लाख,दुलदुला एल-025 से बनगांव रोड मार्ग पर 3 करोड़ 60 लाख,दुलदुला–चटकपुर से बकुना मार्ग पर 2 करोड़ 71 लाख,दुलदुला–मकरिबांधा से मुड़ाआंबा मुड़ा नाला 2 करोड़ 69 लाख,दुलदुला–रायअम्बा से मकरिबांधा कुसुमनाला 4 करोड़ 67 लाख रुपए की लागत से उच्चतरीय पुल निर्माण की मंजूरी मिली है।


*गांव-टोला जोड़ने के लिए 215 छोटे पुल-पुलिया के लिए 20 करोड़ 93 लाख की मंजूरी*


प्रदेश की साय सरकार ने बीते दो वर्षो में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न गांवों को टोला-पारा से जोड़ने के उद्देश्य से 215 छोटे पुल-पुलिया निर्माण को स्वीकृति दी गई है, जिन पर 20 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत आएगी। इससे किसान, छात्र, मरीज और आम नागरिक खेतों, बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों और पंचायत मुख्यालय तक वर्षभर आसानी से पहुंच सकेंगे।


*ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत, बरसात में भी नहीं टूटेगा संपर्क*


अब तक बरसात के मौसम में कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता था। पुल-पुलिया के अभाव में आवागमन जोखिम भरा हो जाता था। इन निर्माण कार्यों से न केवल जान-माल की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई गति मिलेगी।खास कर पुल निर्माण होने से राहगीरों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।अब पुल निर्माण हो जाने से राहगीरों को कम दूरी के साथ समय की भी बचत होगी।


*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति क्षेत्रवासियों ने जताया आभार*


जिले को मिली इस ऐतिहासिक सौगात पर क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि यह सौगात जशपुर जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।दो वर्षों का सुशासन अब सड़कों और पुलों पर साफ नजर आ रहा है और आज जशपुर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

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अपने नन्हें मुन्ने बच्चों को दो बूंद पोलियों की खुराक जरूर पिलाएं : कलेक्टर

जशपुर 20 दिसंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने प्लस पोलियों अभियान के तहत उम्र 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को  पोलियो बूथ में ले जाकर 2 बूंद प्लस पोलियों की खुराक पिलाने का समस्त नागरिकों से अपील की हैं।
उन्होंने कहा कि दिनांक 
21 दिसम्बर 2025 दिन रविवार पोलियो की दवा अपने नन्हें मुन्ने बच्चों को अवश्य पिलाएं।

उन्होंने कहा कि हमारा देश 2014 से पोलियो से मुक्त हो चुका है उसे  निरंतर बनाए रखने हेतु पोलियो की दो बूंद 0 से 5 वर्ष के बच्चे को अवश्य पिलाएं।

 वायरस, जिससे हाथ, पैर में लकवा हो जाता है तो पोलियों की खुराक से बच्चे को बचाया जा सकता है। चूंकि हमारे पड़ोसी देशों में पोलियो की बीमारी नहीं हटा है अतः हमें पोलियो मुक्त रहने के लिए दो बूंद पोलियो की दवा पिलाना जरूरी है।

अतः आप लोगों से पुनः निवेदन करता हूं कि दिन रविवार 21 दिसम्बर को 0 से 5 वर्ष के बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं।

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सुशासन शिविर आमजन की समस्याओं  के त्वरित समाधान का बना सशक्त माध्यम,ठेठेटांगर में दिव्यांग शिव सिन्हा को मिला व्हीलचेयर और छड़ी

जशपुर 20 दिसंबर 2025/ जनपद पंचायत  कुनकुरी ग्राम पंचायत  ठेठेटांगर में आयोजित सुशासन शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण ग्राम पंचायत ठेठेटांगर  से सामने आया, जहाँ एक दिव्यांग हितग्राही की वर्षों पुरानी परेशानी का समाधान संभव हो सका।

ग्राम ठेठेटांगर निवासी श्री शिव सिन्हा, पिता श्री राजेंद्र सिन्हा, दिव्यांगता के कारण चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई का सामना कर रहे थे। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके परिवार के लिए व्हीलचेयर जैसी आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा था। 

सुशासन शिविर के दौरान श्री शिव सिन्हा द्वारा व्हीलचेयर की मांग आवेदन के माध्यम से रखी गई। शासन की संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए शिविर में 19.12.2025 को उन्हें एक नई व्हीलचेयर तथा एक छड़ी प्रदान की गई।

व्हीलचेयर और छड़ी प्राप्त होते ही श्री शिव सिन्हा के चेहरे पर खुशी साफ झलक उठी। अब वे पहले की तुलना में अधिक आत्मनिर्भर महसूस कर रहे हैं और अपने दैनिक कार्य स्वयं करने में सक्षम हो पाएँगे। उनके परिवारजन, जो लंबे समय से इस समस्या को लेकर चिंतित रहते थे, आज बेहद प्रसन्न और संतुष्ट हैं।

यह सफलता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि सुशासन शिविर वास्तव में जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन रहा है। शासन की यह पहल न केवल सहायता प्रदान करती है, बल्कि जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने की नई आशा भी देती है।

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जनसंपर्क विभाग  के जशपुर के तत्कालीन सहायक ग्रेड-1 श्री विदेशीलाल परजा के आकस्मिक निधन पर जिला जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की

 जशपुर 20 दिसम्बर 2025। जनसंपर्क विभाग जशपुर में पदस्थ रहे तत्कालीन सहायक ग्रेड-1 श्री विदेशीलाल परजा के आकस्मिक निधन पर जिला जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। यह प्रार्थना है कि ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके शोक संतप्त परिजनों को दुख की इस घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। उल्लेखनीय है कि सहायक ग्रेड-1 श्री विदेशीलाल परजा जिला जनसंपर्क कार्यालय जशपुर में  कार्यरत रहे हैं। उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के साथ विभाग को अपनी सेवाएं दी। अपने सरल एवं मिलनसार स्वभाव के कारण सभी के साथ उनका समन्वय एवं सहयोग रहा है । जनसंपर्क संचालनालय नवा रायपुर में पदस्थ थे। उनका परिवार रायगढ़ में निवासरत है। उनके अस्वस्थ होने पर रायपुर के निजी चिकित्सालय में उनका इलाज चल रहा था।

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नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने जिले के 378 तीर्थ यात्रियों के बस को हरि झंडी दिखाकर यात्रा के लिए किया रवाना

जशपुरनगर 20 दिसम्बर 2025/  छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना "मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना" अंतर्गत जिले के 378 तीर्थ यात्रियों को नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत द्वारा तीर्थ यात्रियों को तिलक लगाकर माला पहनाकर हार्दिक शुभकामाएँ देते हुए जनपद पंचायत मुख्यालय से बस को रायगढ़ रेलवे स्टेशन के लिए हरी झंडी दिखाकर यात्रा के लिए रवाना किया गया। इस दौरान जनपद अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत, बीडीसी श्रीमती सावित्री भगत एवं उप संचालक समाज कल्याण धर्मेन्द्र कुमार साहू उपस्थित थे। 
          जिले को प्राप्त लक्ष्य 391 के विरूद्ध समस्त जनपद व नगरीय निकायों से 378 वरिष्ठ नागरिकों, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं को सम्मलित करते हुए 13 एस्कॉर्ट ऑफिसर, नोडल अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारी कुल 13 शामिल हैं। यात्री रायगढ़ रेवले स्टेशन से दोपहर 01:00 बजे ट्रेन के माध्यम से शिरडी, शनिसिंघनापुर, त्रयम्बेश्वर के लिए रवाना हुए।

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बाबा गुरु घासीदास का संदेश मानवता के लिए पथ-प्रदर्शक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 20 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सारंगढ़ स्थित गुरु घासीदास ज्ञान स्थली, पुष्पवाटिका में आयोजित तीन दिवसीय संत गुरु घासीदास रजत जयंती समारोह के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ज्ञान स्थली में स्थापित जैतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मार्गदर्शक थे। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और भाईचारे की सुदृढ़ नींव रखता है। उन्होंने कहा कि जिस दौर में समाज छुआछूत, भेदभाव और रूढ़ियों से जकड़ा हुआ था, उस समय बाबा गुरु घासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का निर्भीक संदेश देकर समाज को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और न्याय पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को बीते दो वर्षों में धरातल पर उतारा गया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में धान का रकबा और किसानों की संख्या दोनों में वृद्धि हुई है, जो कृषि क्षेत्र में सरकार की नीतियों के प्रति किसानों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान खरीदी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएससी भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर मिल सके। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग के बेटा-बेटियों को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह नीति न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि सामाजिक न्याय को भी सशक्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी समाज वर्गों से संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों को आत्मसात करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि “मनखे-मनखे एक समान” का विचार सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे की अडिग आधारशिला है। उन्होंने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पूरे विश्व में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में अनुसूचित जाति समाज के विकास को नई गति मिली है। गिरौदपुरी धाम के सर्वांगीण विकास के अंतर्गत जैतखाम, मंदिर परिसर, अमृत कुंड, छाता पहाड़ तक सड़क, सीढ़ियों एवं प्रकाश व्यवस्था जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक शेड निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये तथा अन्य विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त भंडारपुरी धाम के विकास हेतु 17 करोड़ 11 लाख 22 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे वहां अधोसंरचना संबंधी कार्य शीघ्र प्रारंभ होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान हेतु प्रत्येक वर्ष पांच प्रतिभावान युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के लिए 15-15 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय भी लिया गया है।

समारोह को राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पाण्डेय, पूर्व विधायक श्री निर्मल सिन्हा, डॉ. छबिलाल रात्रे, श्रीमती केराबाई मनहर, सुश्री कामदा जोल्हे, श्रीमती ज्योति पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने ठाकुर प्यारेलाल सिंह की जयंती पर किया नमन

रायपुर 20 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं श्रमिक-किसान आंदोलनों के अग्रदूत ठाकुर प्यारेलाल सिंह की 21 दिसम्बर को जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह जी छत्तीसगढ़ की धरती के ऐसे महान सपूत थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के साथ-साथ श्रमिकों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। वे छत्तीसगढ़ में श्रमिक एवं सहकारी आंदोलन के प्रणेता माने जाते हैं। छात्र जीवन से ही वे स्वाधीनता आंदोलनों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे और ब्रिटिश शासन के अन्याय व दमन के विरुद्ध निर्भीक होकर संघर्षरत रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह का संपूर्ण जीवन साहस, संघर्ष और सेवा के आदर्शों से ओत-प्रोत है। छत्तीसगढ़ के सामाजिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक विकास में उनके अमूल्य योगदान को सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ स्मरण किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से ठाकुर प्यारेलाल सिंह जी के विचारों और आदर्शों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागी बनने का आह्वान किया।

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नारायणपुर में विशाल हिन्दू सम्मेलन का हुआ आयोजन,हिन्दू एकता और राष्ट्र प्रेम पर दिया गया जोर

नारायणपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर नारायणपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में हिंदू सम्मेलन समिति के तत्वावधान में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं, समाजसेवियों, युवाओं और महिलाओं की सहभागिता रही।

       कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की गईं, जिनमें भारतीय परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति से जुड़ी झलक देखने को मिली। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य समाज को सकारात्मक दिशा देना और आने वाली पीढ़ी में नैतिक मूल्यों का विकास करना है।

          इस सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि जन सेवा अभेद आश्रम के परम पूज्य उत्साही बाबा जी द्वारा भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में  विशिष्ट अतिथि माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शम्भू नाथ चक्रवती,मुख्य वक्ता प्रांत सेवा प्रमुख तुलसी दास  सहित भारी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूज्य उत्साही बाबा ने हिंदू समाज की एकता और संगठन को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा की जड़ें ऋषि परंपरा में निहित हैं, जो संस्कार, आदर्श और मूल्यों के माध्यम से व्यक्ति को रूढ़ियों से मुक्त कर राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाती है। उन्होंने समाज में फैली अज्ञानता और अशिक्षा को दूर करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि धर्म के मार्ग पर चलना और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करना समय की मांग है।उन्होंने कहा कि जिस धरती पर व्यक्ति जन्म लेता है, खेलता-कूदता है, उसके प्रति प्रेम स्वाभाविक होता है। राष्ट्रप्रेम समाज की एकजुटता से ही विकसित होता है और यही भारत के गौरव व विकास की दिशा तय करता है। उन्होंने हिंदू समाज को संगठित रहने का आह्वान किया।


कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसकी स्थापना 27 सितंबर 1925 को हुई थी। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य हिंदू समाज में अनुशासन, एकता और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि आपसी संघर्ष समाज को कमजोर करता है, जिससे विघटनकारी शक्तियों को लाभ मिलता है। संगठन और एकता को उन्होंने सनातन संस्कृति की आत्मा बताया। रामचरितमानस का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह ग्रंथ पारिवारिक मर्यादा, सामाजिक दायित्व और समरसता का वैज्ञानिक दृष्टिकोण देता है। उन्होंने भारतीय नारी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति ने ही राम और कृष्ण जैसी परंपराओं को जीवंत रखा है। 
     शम्भू नाथ चक्रवती ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू और भारत एक-दूसरे से अभिन्न अंग हैं। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक परंपरा, के माध्यम से विश्व को शांति का संदेश देने की बात कही। साथ ही यह भी कहा गया कि भारत की एकता को तोड़ने वाली शक्तियां कभी सफल नहीं होंगी, क्योंकि हिंदू समाज ने सदैव जोड़ने का कार्य किया है।

              इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष सी आर भगत,विशिष्ट अतिथि  देवराज यादव, खण्ड संघचालक इन्दर हेडा, शंकर यादव , गोविन्द यादव, उदय शर्मा,अशोक चौहान,बिहारी नायक, राहुल कश्यप, राजकुमार चौहान, संतु राम, बीर सिंह, रामकृत नायक,अरुण महन्ती,गोपाल यादव  संजय कुमार  बंग,श्रीमती अनिता सिंह श्रीमती शोभा देवी बंग, उमेश यादव, श्रीमती संतोषी वन्दे,बालेश्वर यादव,शंकर यादव ,राहुल बंग, प्रताप सिंह, टिकेश्वर।यादव, शशि सिंह  एंव सभी ग्रामवासी उपस्थित रहे ।

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मुख्यमंत्री श्री साय वीर बाल रैली में हुए शामिल, छोटी सी उम्र में साहिबजादों ने वीरता और गौरव की जो मिसाल पेश की, वह युगों तक प्रेरणा देती रहेगी – मुख्यमंत्री

रायपुर, 20 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा  आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी — के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। श्री साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। 

कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।

छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।

इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर शहरवासियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि


जशपुरनगर: शनिवार को नगरपालिका जशपुर के पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप सिंह जूदेव के ज्येष्ठ पुत्र शत्रुजंय प्रताप सिंह जूदेव को उनकी पुण्य तिथि पर शहरवासियों ने भावभिनी श्रद्वाजंलि अर्पित की। शहर के टेलीफोन एक्सचेज के श्रद्वाजंलि सभा और विशाल भंडारा का आयोजन किया। श्रद्वाजंलि सभा में शहरवासियों ने कतारबद्व होकर अपने प्रिय नेता शत्रुजंय प्रताप सिंह जूदेव को श्रद्वा सुमन अर्पित करते हुए,जिले के विकास में उनके योगदान को याद किया। वहीं,भंडारा में प्रसाद ग्रहण करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। शत्रुजंय प्रताप सिंह जूदेव ने अपने पिता दिलीप सिंह जूदेव के साथ कदम से कदम मिलाते हुए भारतीय जनता पार्टी को जशपुर जिले में मजबूत करने के लिए आजीवन किया। भाजयुमों का जिलाध्यक्ष के रूप में उनके काम को आज भी कार्यकर्ता याद करते हैं। वहीं,नगरपालिका उपाध्यक्ष के रूप में भी उन्होनें शहर के विकास के लिए अतुल्नीय योग दिया। श्रद्वाजंलि देते हुए सत्येंद्र सिंह ने कहा कि शत्रुजंय प्रताप सिंह जूदेव ने भाजपा के कार्यकर्ताओं में वह आत्म विश्वास भरा,जिसके दम पर भाजपा ने 2003 में कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में एकजुट हो कर संघर्ष किया और छत्तीसगढ़ में पहली बार भाजपा की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। विनोद मिश्रा (बबलू) ने कहा कि सुच्चा बाबा के नाम से लोकप्रिय शत्रुजयं प्रताप सिंह जूदेव हमेशा अपने कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ पार्टी व जशपुर के लिए समर्पित रहे। श्रद्वाजंलि अर्पित करने वालों में ललित सिंह,विदेश मिश्रा,संजय सिंह,आकाश गुप्ता,निखिल गुप्ता,सतीश वर्मा,संतन भगत सहित शहरवासी शामिल थे।

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“सुशासन के दो साल पूरे : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गिनाईं दो वर्षों की उपलब्धियां”जशपुर को 1000 करोड़ से अधिक की सड़क-पुल की सौगात”

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर दौरा

दो वर्षों के सुशासन में विकास के नए आयाम, 1000 करोड़ से अधिक की सड़क-पुल परियोजनाएं स्वीकृत*-*विष्णु देव साय 


जशपुरनगर 19 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज एक दिवसीय प्रवास पर जशपुर जिले के कुनकरी पहुंचे। सलियाटोली में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत के बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के दो वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र किया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री ने बताया कि जशपुर को 220 बिस्तरों वाला आधुनिक अस्पताल, मातृत्व-शिशु चिकित्सालय, कल्याण आश्रम में अत्याधुनिक अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय जैसी सौगातें मिली हैं। इनसे जिलेवासियों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

सड़क-पुलों पर 1000 करोड़ से अधिक का निवेश

जिले की 623 सड़कों के लिए 998 करोड़ एवं 22 उच्च स्तरीय पुलों के लिए 109 करोड़ रुपये मंजूर। हाल में 4 प्रमुख सड़कों पर 12.69 करोड़, 4 महत्वपूर्ण पुलों पर 13.69 करोड़ एवं 12 सड़कों पर 41.81 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति। फरसाबहार में 40.89 करोड़ के 13 विकास कार्य की मंजूरी। इनसे ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

शिक्षा एवं पर्यटन को नई गति

करडेगा-फरसाबहार में महाविद्यालय स्थापना, नए स्कूल भवन। मयाली नेचर कैंप, जंबूरी आयोजन एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच मार्ग स्वीकृत। जशपुर वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उभर रहा है।

विद्युत क्षेत्र में क्रांति
कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का 5वां 400 केवी उपकेंद्र एवं 11 नए सब-स्टेशनों से बिजली आपूर्ति सुदृढ़। किसानों को 3100 रुपये/क्विंटल धान खरीदी,धान का  बोनस एवं 18 लाख PM आवास की मंजूरी।

कार्यकर्ताओं को विकास प्रचार का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उपलब्धियां कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल हैं। उन्होंने योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने एवं विकास की जानकारी जन-जन तक ले जाने का आह्वान किया।उपस्थित जनप्रतिनिधि: विधायकद्वय श्रीमती गोमती साय, श्रीमती रायमुनी भगत, भाजपा नेता श्री गुरुपाल भल्ला; पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, पूर्व विधायक रोहित साय; नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ,भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भरत सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय,पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता,जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री मुकेश शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, दुलदुला जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री राजकुमार सिंह, पार्षद श्री अमन शर्मा, श्री मनीष अग्रवाल, श्री राजकुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का कायाकल्प: दो वर्षों में आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना, मेडिकल कॉलेज, मातृ-शिशु अस्पताल और आपात सेवाओं से बदली जिले की तस्वीर

जशपुरनगर 19 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं ने ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बना है। कभी सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझने वाला यह जिला आज आधुनिक चिकित्सा ढांचे, सुदृढ़ आपात सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के कारण प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जशपुर की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां दूरस्थ अंचलों के लोगों को सामान्य उपचार और सुरक्षित प्रसव के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब जिले में ही उच्च स्तरीय उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। डायलिसिस जैसी जटिल सेवाएं, जो कभी कल्पना से परे थीं, अब जिलेवासियों के लिए सुलभ होती जा रही हैं।

दो वर्षो में मिली स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिलीं जिले को कई ऐतिहासिक सौगातें


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए वित्त विभाग से 359 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना जिले के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ही 220 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण के लिए 32 करोड़ रुपये की मंजूरी ने जिले में उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था की नींव रख दी है।अखिल भारतीय कल्याण आश्रम परिसर में 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है, जो भविष्य में जशपुर को एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। वहीं नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8.78 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है, जिससे जिले को प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मिली प्राथमिकता

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए कुनकुरी में 50 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण 8.77 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त जिले में 14 करोड़ रुपये की लागत से फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा कुनकुरी में 2 करोड़ 62 लाख रुपये से नेचुरोपैथी भवन निर्माण की स्वीकृति ने स्वास्थ्य सेवाओं को बहुआयामी बनाया है।वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर जिले के फरसाबहार मुख्यालय में बहुत जल्द सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय की स्थापना होगी जो जिले वासियों के साथ पड़ोसी राज्यों को भी इसकी सुविधाएं मुहैया होगी। यह नागलोग क्षेत्र वासियों के लिए बड़ी सौगात है।अब स्वास्थय के क्षेत्र में लोगों के लिए यह वरदान साबित होगी।

जिले में आपातकालीन सेवाओं को मिली नई गति

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में आपात चिकित्सा सेवाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए जिले को 10 नई 108 संजीवनी एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। अब जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवनरक्षक सेवा प्रदान कर रही हैं। इसके अलावा 102 महतारी एक्सप्रेस की 18 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कर रही हैं। प्रत्येक विकासखंड में शव वाहन की उपलब्धता ने कठिन समय में ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत दी है।

नए स्वास्थ्य केंद्रों की सौगात से ग्रामीण क्षेत्रों को मिला संबल

जिले के स्वास्थ्य ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत करते हुए कोतबा में 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। साथ ही जिले के फरसाबहार तहसील के पेटामारा (अंकिरा) एवं गांझियाडीह, दुलदुला तहसील के करडेगा एवं सीरिमकेला तथा कुनकुरी तहसील के केराडीह में 5 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को मंजूरी मिली है,जो ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ जाएगी। आज जशपुर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में किए गए ये ऐतिहासिक प्रयास जिले को एक मजबूत, सक्षम और आधुनिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में स्थापित कर रहे हैं। यह परिवर्तन केवल अधोसंरचना का नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर दौरे पर,कुनकुरी में एसआईआर कार्यशाला में लेंगे भाग

जशपुरनगर 19 दिसम्बर2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी प्रवास पर रहेंगे। वे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11:30 बजे रायपुर पुलिस ग्राउंड से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान करेंगे और दोपहर 12:45 बजे कुनकुरी स्थित सलियाटोली हेलीपेड पहुंचेंगे।
          कुनकुरी में मुख्यमंत्री श्री साय एसआईआर की कार्यशाला में सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम पश्चात वे अपराह्न 2:50 बजे पुनः राजधानी रायपुर के लिए रवाना होंगे।

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हिंसा मुक्त और समृद्ध बस्तर का संकल्प: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माओवादी नेटवर्क पर सुरक्षा बलों की सफल कार्रवाई का स्वागत किया

रायपुर 18 दिसंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर को हिंसा से मुक्त कर शांति, विकास और विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ाना राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा  कि जिला सुकमा के गोंदीगुड़ा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा की गई सटीक, साहसिक और सफल कार्रवाई ने माओवादी नेटवर्क को करारा झटका दिया है। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बस्तर में हिंसा के दिन अब समाप्ति की ओर हैं और बस्तर तेज़ी से विकास तथा मुख्यधारा की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ नेतृत्व एवं स्पष्ट नीति, सुरक्षा बलों की सतत और प्रभावी कार्रवाई, राज्य सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति तथा स्थानीय जनता के अटूट सहयोग से बस्तर में निर्णायक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। माओवाद की संरचना लगातार कमजोर हो रही है और उनकी हिंसक साजिशें अब प्रभावहीन होती जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है—जो लोग हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास, आजीविका, सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य सरकार ऐसे सभी लोगों के साथ मानवीय दृष्टिकोण से खड़ी है। वहीं, जो अब भी हथियार और भय के रास्ते को नहीं छोड़ेंगे, उनके प्रति सरकार की कोई सहानुभूति नहीं होगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि शांति, विकास और जनभागीदारी के संयुक्त प्रयासों से बस्तर एक सुरक्षित, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा।

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गुरु घासीदास बाबा ने समाज को समानता, सद्भाव और मानवता का दिया संदेश: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 18 दिसंबर 2025/ गुरु घासीदास बाबा ने समाज को समानता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। बाबा के विचार आज भी सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता को सुदृढ़ करते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिले के खैरा-सेतगंगा धाम में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने जैतखंभ में विधिवत पूजा-अर्चना कर पालो चढ़ाया तथा गुरुगद्दी एवं राम जानकी मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सेतगंगा धाम के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये, राम जानकी मंदिर पर्यटन क्षेत्र विकास के लिए 50 लाख रुपये तथा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम आयोजन के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब, विधायक सर्वश्री पुन्नूलाल मोहले, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, डोमन लाल कोरसेवाड़ा तथा श्रीमती भावना बोहरा उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने एवं छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, सुरक्षा और विकास के कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और किसानों के धान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से राशि प्रदान की जा रही है। प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में भी ठोस और प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सेतगंगा धाम के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब एवं खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने भी गुरु घासीदास जयंती की शुभकामनाएं देते हुए समाज के हित में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने गुरु घासीदास बाबा के जीवन, विचारों और आदर्शों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायी उपस्थित थे।

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लालपुर धाम में गुरु घासीदास जयंती एवं तीन दिवसीय मेले में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय,मंदिर एवं जैतखाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना

रायपुर 18 दिसंबर 2025/ बाबा गुरु घासीदास द्वारा बताए गए सत्य, समानता और मानवता के मार्ग पर चलकर ही छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार महापुरुषों के आदर्शों और सपनों के अनुरूप समतामूलक, न्यायपूर्ण और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुंगेली जिले के लालपुर में आयोजित गुरु घासीदास जयंती एवं तीन दिवसीय मेला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  इस अवसर पर लालपुर में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, मेला एवं कार्यक्रम आयोजन हेतु दी जाने वाली राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने, कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 25 लाख रुपये तथा मुंगेली सतनाम भवन के जीर्णोद्धार हेतु 25 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा गुरु घासीदास मंदिर एवं जैतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान खरीदी के लिए पूर्णतः संकल्पित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते दो वर्षों में धान के रकबे और किसानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जा रहा है। पीएसी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू की गई है, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग का बेटा-बेटी उद्यमी बन सके। उन्होंने सभी के सहयोग से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान किया। इस अवसर पर सतनाम आचार संहिता एवं जागरूकता कैलेंडर का भी विमोचन किया गया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण को सशक्त करते हुए इसके बजट को 50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये किया गया है। कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में सर्व समाज का समावेशी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित समाज के पांच प्रतिभावान बेटा-बेटियों को पायलट प्रशिक्षण हेतु 15-15 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाता है।

कार्यक्रम में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री डोमन लाल कोरसेवाड़ा, पूर्व विधायक श्री सनम जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पांडेय, उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर, जनपद अध्यक्ष लोरमी श्रीमती वर्षा विक्रम सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री सुजीत वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में सतनामी समाज के अनुयायी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री साय से साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर18  दिसम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने साहू समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी को बधाई और शुभकामनाएं दी। 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री ईश्वर साहू, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष डॉ नीरेंद्र साहू,उपाध्यक्ष श्री सत्यप्रकाश साहू, श्री गिरजा साहू, श्री नारद साहू, श्री नन्द लाल साहू श्री चंद्रभूषण साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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“‘मनखे-मनखे एक समान’ की जीवंत मिसाल : बाबा गुरु घासीदास जयंती पर रायपुर में 5 दिवसीय मेगा हेल्थ कैम्प का भव्य शुभारंभ”


रायपुर, 18 दिसंबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर में मानव सेवा, सामाजिक समरसता और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में 18 से 22 दिसंबर तक आयोजित 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प 2025 का भव्य शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अमन, चैन और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह 5 दिवसीय निःशुल्क मेगा हेल्थ कैम्प हजारों लोगों के लिए स्वास्थ्य संजीवनी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने गठन के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इन 25 वर्षों में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित कर रही है। वहीं राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु ₹25 लाख तक की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि “हेल्थ इज वेल्थ” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन को बचाने और संवारने का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने विधायक श्री राजेश मूणत एवं उनकी पूरी टीम को इस विशाल आयोजन के लिए बधाई दी और कैम्प परिसर में विभिन्न जांच स्टालों का अवलोकन भी किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन मात्र एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय करुणा की सशक्त अभिव्यक्ति है। बाबा गुरु घासीदास जी के “सत्य, अहिंसा और समानता” के संदेश से प्रेरित यह महाअभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने का अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहभागिता से यह कैम्प केवल प्राथमिक जांच तक सीमित नहीं, बल्कि अंतिम निदान एवं उपचार तक का समग्र समाधान प्रदान कर रहा है। डॉ. सिंह ने आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था और व्यापक प्रभाव की सराहना की।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पर आयोजित यह स्वास्थ्य महाकुम्भ समाज के हर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग इस कैम्प में स्वास्थ्य लाभ लेने पहुँचे हैं। जिन रोगियों का उपचार कैम्प में संभव नहीं होगा, उन्हें आयुष्मान कार्ड के माध्यम से संबद्ध संस्थानों में निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम के आयोजक एवं विधायक श्री राजेश मूणत ने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी के अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” से प्रेरित होकर इस मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य की सभी प्रमुख विधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जहाँ एक्स-रे, ईको, सोनोग्राफी सहित विविध जांचें एवं आवश्यक दवाइयाँ पूर्णतः निःशुल्क दी जा रही हैं। महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर जांच हेतु अत्याधुनिक मशीनों की विशेष व्यवस्था की गई है। एम्स रायपुर, बालाजी, रावतपुरा, गंगा डायग्नोसिस सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थान और देशभर से आए विशेषज्ञ चिकित्सक इस सेवा कार्य में सहभागिता निभा रहे हैं।
कार्यक्रम को विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूप नारायण सिन्हा, एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. अशोक जिंदल, वरिष्ठ चिकित्सकगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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