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जनगणना 2027 में छत्तीसगढ़ का बड़ा अभियान: 60% से ज्यादा मकान सूचीकरण पूरा, GPM जिला 100% उपलब्धि के साथ बना राज्य का नंबर-1, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी टीमों को बधाई और बड़े शहरों की धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी

​रायपुर, 17 मई 2026/छत्तीसगढ़ में आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। राज्य के सभी जिलों और नगर निगमों में मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLB) के गठन और सत्यापन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में जारी आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक कुल 60.73% कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महाअभियान में डिजिटल टेक्नोलॉजी के सटीक समन्वय से कुल 48,742 ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का कार्य पूर्ण हो चुका है।

*सटीक जनगणना से ही हर गरीब तक पहुंचेगा सुशासन —मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

     ​राज्य की इस प्रगति पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संतोष व्यक्त करते हुए गौरेला- पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला प्रशासन और प्रदेश भर के प्रगणकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' और सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। आगामी जनगणना 2027 के ये आंकड़े भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्धारण की मजबूत बुनियाद बनेंगे। डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सराहनीय है। जिन बड़े शहरों या नगर निगमों में गति धीमी है, वहां के अधिकारी मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाएं और जल्द से जल्द इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को गति दें।

*​गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने मारी बाजी, कई जिले शत-प्रतिशत के करीब*

      ​राज्य स्तर पर जिलों के प्रदर्शन को देखा जाए तो आदिवासी बहुल गौरेला-पेंड्रा- मरवाही (GPM) जिला सूची में शीर्ष पर है, जिसने अपने सभी 528 मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य 100% पूरा कर लिया है। इसके बाद जशपुर (99.87%) और मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी (99.84%) जिले भी पूर्णता के बेहद करीब हैं। इसके अलावा बेमेतरा (97.8%) और मुंगेली (96.52%) जिलों में भी काम लगभग खत्म होने की कगार पर है।

*​कलेक्टर की रणनीति आई काम*

     GPM जिले के इस शानदार प्रदर्शन और 'शून्य पेंडेंसी' के मॉडल पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने अपनी टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि यह सफलता हमारे स्थानीय प्रगणकों (Enumerators), पर्यवेक्षकों (Supervisors) और जिला प्रशासन की बेहतरीन टीम भावना का परिणाम है। भौगोलिक रूप से दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद हमने माइक्रो-प्लानिंग के तहत काम किया। हर चार्ज नंबर की रोजाना डिजिटल मॉनिटरिंग की गई, जिससे 17 मई की मध्यरात्रि को डेटा पोर्टल पर सिंक होते ही हमने 100% पूर्णता का लक्ष्य हासिल कर लिया। अब हम अगले चरण के प्रशिक्षण और मैदानी सत्यापन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

*​बड़े शहरों और नगर निगमों की रफ्तार सुस्त, रायपुर-भिलाई पिछड़े*

     ​एक तरफ जहां ग्रामीण और दूरस्थ जिलों ने बाजी मारी है, वहीं राज्य के बड़े शहरों और नगर निगम (Municipal Corporation) क्षेत्रों में काम की रफ्तार चिंताजनक रूप से धीमी दर्ज की गई है। ​रायगढ़ नगर निगम सूची में सबसे निचले पायदान पर है, जहां महज 4.65% काम ही पूरा हो सका है। औद्योगिक हब भिलाई नगर में केवल 7.84% और रिसाली में 8.33% कार्य ही संपन्न हुआ है। राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां कुल 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ही पूरे हो पाए हैं, जो कि कुल लक्ष्य का मात्र 10.34% है।
    
  ​प्रशासनिक मुस्तैदी का असर
राहत की बात यह है कि राज्य के अधिकांश जिलों में 'HLBs Not Started' (कार्य शुरू नहीं हुआ) का आंकड़ा शून्य है। इसका साफ मतलब है कि मैदानी स्तर पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है। कबीरधाम के महज 1 ब्लॉक को छोड़कर हर जगह काम शुरू हो चुका है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए 'प्रगति पर' (In Progress) कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्तों और जिला कलेक्टर्स को विशेष नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।

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जशपुर में भाजपा संगठन को और मजबूत बनाने की तैयारी : सोशल मीडिया से लेकर बूथ प्रबंधन तक युवा मोर्चा को मिली नई ताकत, जशपुर भाजपा संगठन ने घोषित की नई टीम

जशपुर 17 मई 2026। भारतीय जनता पार्टी संगठन को मजबूत करने और युवाओं को सक्रिय भूमिका में लाने के उद्देश्य से युवा मोर्चा मंडल कार्यसमिति की भव्य घोषणा की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई है।

यह घोषणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन कुमार साय के मार्गदर्शन तथा युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा के निर्देशानुसार की गई। वहीं स्थानीय स्तर पर भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह, जशपुर शहर मंडल अध्यक्ष मुकेश सोनी तथा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राजकुमार विजय आदित्य जूदेव की सहमति से मंडल कार्यसमिति का गठन किया गया।

घोषित कार्यसमिति में कई युवा कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं। दीपक सिंह एवं आकाश भगत को सचिव (राइड) की जिम्मेदारी दी गई है। उपाध्यक्ष पद पर रवि गुप्ता, नीलेश मुंडा, हेमराज सिंह, ऋषभ गुप्ता एवं कृष्ण मोहन तिवारी को शामिल किया गया है। मंत्री पद पर विक्रम साय, विक्रांत कश्यप, आशीष गुप्ता (टीनू), नंदकिशोर कच्छप एवं मोहम्मद शहनवाज को नियुक्त किया गया है। विशेषाधिकार प्राप्त सदस्य के रूप में विवेक गुप्ता एवं राजेंद्र अम्बष्ट को स्थान मिला है। कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी दयानंद यादव को सौंपी गई है। मीडिया प्रभारी के रूप में मोहित प्रकाश एवं सत्यम मिश्रा को नियुक्त किया गया है जबकि सह-प्रभारी सूरज नारायण सिंह बनाए गए हैं। सोशल मीडिया टीम में दीपक गुप्ता (अक्कू), सोनू ताम्रकार एवं सोनू गुप्ता को शामिल किया गया है।

नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ने तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया। घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के बीच भारी उत्साह देखा गया और इसे संगठन विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में युवा मोर्चा की गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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बस्तर के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच: जगदलपुर में शुरू होगी पहली आवासीय खेल अकादमी, एथलेटिक्स-फुटबॉल-आर्चरी में निखरेंगी प्रतिभाएं

रायपुर. 17 मई 2026. बस्तर के बच्चों की खेल प्रतिभा और कौशल को तराशने खेल एवं युवा कल्याण विभाग जगदलपुर में जल्द ही नई अकादमी खोलने जा रहा है। यह बस्तर अंचल का पहला आवासीय खेल अकादमी होगा। यहां बालकों को एथलेटिक्स, फुटबाॅल और आर्चरी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अकादमी में प्रवेश के लिए विभाग द्वारा जल्द ही चयन ट्रायल आयोजित किया जाएगा। 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने आज जगदलपुर पहुंचकर अकादमी शुरू करने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बस्तर के खेल अधिकारियों से चर्चा कर मौजूदा अधोसंरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध आवास व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, चयन ट्रायल की प्रक्रिया, विद्यालय सुविधा, वाहन व्यवस्था, खेल सामग्री तथा आवास सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रस्तावित अकादमी भवन का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

श्रीमती सलाम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में आवासीय खेल अकादमी प्रारंभ होने से स्थानीय प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे क्षेत्र के खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और पदक अर्जित कर सकेंगे। इस अकादमी से बस्तर के नैसर्गिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, डाइट, आधुनिक उपकरण, आवास, शिक्षा, बीमा, किट, इलाज, उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी आदि की सुविधा खेल विभाग से मिलेगी।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अकादमी में प्रवेश के लिए जल्द ही चयन ट्रायल विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसमें 13 वर्ष से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। एथलेटिक्स में 20, फुटबाॅल में 25 तथा आर्चरी में 20 खिलाड़ियों का चयन आवासीय अकादमी में प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने खेलो इंडिया लघु केन्द्र पण्डरीपानी में संचालित हाॅकी सेंटर का भी दौरा किया। उन्होंने यहां छात्रावास भवन और जिम हाॅल का निरीक्षण कर केन्द्र में प्रशिक्षणरत खिलाड़ियों की संख्या और उपलब्ध खेल सामग्रियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों से मिलकर प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं का फीडबैक भी लिया।

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5 साल से माइग्रेन की पीड़ा झेल रही सीमा को मिली नई जिंदगी, सुकमा के आयुष क्लिनिक ने लौटाई मुस्कान — इलाज के साथ भटके युवाओं को भी मिल रहा सम्मानजनक रोजगार

रायपुर, 17 मई 2026/बीते पांच साल सुकमा निवासी 39 वर्षीय श्रीमती सीमा सिंह के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थे। माइग्रेन के दर्द से तड़पती सीमा ने राहत की चाह में दूर-दूर के बड़े शहरों के चक्कर काटे, एलोपैथी की ढेरों दवाइयां खाईं, लेकिन बीमारी जस की तस रही। निराशा के इन बादलों के बीच उम्मीद की एक किरण तब जागी, जब वे बीते 4 मई को 'आयुष स्पेशलिटी क्लिनिक सुकमा' पहुँचीं। यहाँ अनुभवी चिकित्सक डॉ. मनोरंजन पात्रो की देखरेख में लगभग एक सप्ताह तक चले आयुर्वेदिक इलाज, सटीक दवाइयों और पंचकर्म की 'शिरोधारा' पद्धति के जादू ने कमाल कर दिया। वर्षों पुराना वह दर्द गायब हो गया जिसने उनकी रातों की नींद छीन रखी थी। दर्द से इस मुफ्ती ने सीमा के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है, जिसके लिए उन्होंने दिल से शासन-प्रशासन का आभार जताया है।

*बदलती स्वास्थ्य व्यवस्था की सुखद तस्वीर*
सीमा सिंह की यह मुस्कान सुकमा जिला प्रशासन के उन संजीदा प्रयासों का नतीजा है, जो दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री अमित कुमार के पदभार संभालते ही जिला आयुष चिकित्सालय की तस्वीर बदलने के प्रयास तेज कर दिए गए। अस्पताल में न केवल बुनियादी ढाँचे को मजबूत किया गया, बल्कि पारंपरिक और बेहद असरदार 'पंचकर्म' चिकित्सा की भी शुरुआत की गई। प्रशासन की इसी विशेष पहल का असर है कि आज यह अस्पताल रविवार को छोड़कर सप्ताह के छह दिन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, जहाँ हर दिन औसतन 14 से 15 मरीज डॉ. पात्रो की देखरेख में नया और स्वस्थ जीवन पा रहे हैं।

*बंदूकों के साए से बाहर, मुख्यधारा का सहारा*
कलेक्टर श्री अमित कुमार की यह मुहिम सिर्फ मरीजों को ठीक करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण भी छिपा है। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ सुकमा के युवाओं के पुनर्वास की भी एक अनूठी मिसाल पेश की है। कलेक्टर की विशेष पहल पर दो आत्मसमर्पित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा गया और उन्हें इसी आयुष चिकित्सालय में 'कलेक्टर दर' पर सम्मानजनक रोजगार प्रदान किया गया। कभी गुमराह रहे इन युवाओं के हाथों को रोजगार देकर प्रशासन ने न सिर्फ उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा दी है, बल्कि जिले में शांति और विकास का एक नया अध्याय भी लिखा है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन का सुकमा मॉडल*
सुकमा का आयुष चिकित्सालय आज सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि उम्मीद और पुनर्वास का एक जीवंत केंद्र बन चुका है। एक तरफ जहाँ असाध्य बीमारियों से जूझ रहे आम नागरिकों को सुकमा की वादियों में ही विश्वस्तरीय आयुर्वेदिक और पंचकर्म उपचार मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ भटके हुए युवाओं को रोजगार देकर देश की मुख्यधारा में वापस लाया जा रहा है। स्वास्थ्य क्रांति और सामाजिक सुधार के इस बेजोड़ संगम ने साबित कर दिया है कि अगर प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो नक्सल प्रभावित माने जाने वाले सुकमा जैसे दूरस्थ अंचलों में भी संवेदनशीलता और सुशासन की नई इबारत लिखी जा सकती है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश: “हम जनता के सेवक हैं”, रायगढ़ में तीन जिलों के अफसरों की संयुक्त क्लास, राजस्व मामलों से लेकर पेयजल, स्वास्थ्य, खाद-बीज और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर दिए सख्त निर्देश

रायपुर 17 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत रायगढ़ जिला कार्यालय के सृजन सभाकक्ष में रायगढ़, कोरबा एवं जांजगीर-चांपा जिले के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी और समयबद्ध ढंग से पहुंचे तथा आमजन की समस्याओं के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

बैठक में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री लालजीत सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गवेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव और शहरों तक दिखाई दे रहा है। शासन और प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, जिससे लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और आम नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व प्रकरणों की विशेष समीक्षा करते हुए समयसीमा से बाहर एवं एक वर्ष से अधिक लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े छोटे-छोटे मामले सीधे आम नागरिकों के जीवन और आजीविका को प्रभावित करते हैं, इसलिए इनके निराकरण में संवेदनशीलता और गंभीरता आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों को शीघ्र सुधारने तथा जानबूझकर गलती करने वाले संबंधित कर्मचारियों एवं पटवारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में बताया कि प्रदेश में शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा प्रारंभ की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक सीधे फोन अथवा ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे तथा शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वर्षा ऋतु प्रारंभ होने के साथ संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अग्रिम तैयारी रखने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील के अनुरूप डीजल एवं पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने हम सभी जनता के सेवक हैं और आम नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद-बीज भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध हो तथा किसी प्रकार की परेशानी न हो। डीएपी की सीमित उपलब्धता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री ने अधिक संख्या में “ड्रोन दीदी” तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। इससे कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का विस्तार होगा और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए तथा अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना से जोड़ने पर बल दिया। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का लाभ भी मिलना चाहिए। कोरबा जिले में आयुष्मान कार्ड उपयोग की बेहतर स्थिति पर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की सराहना की।

सेवा सेतु पोर्टल में अपेक्षाकृत अधिक संख्या में आवेदनों के निरस्त होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों के लिए नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले की डोंगा-कोहरोद सड़क निर्माण कार्य को इस वर्ष के बजट में शामिल किया गया है। संबंधित विभाग को शीघ्र प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायगढ़ जिले में निजी स्कूलों के बोर्ड परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत कम आने पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर को इसकी जांच के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए विशेष प्रयास करने पर बल दिया।

इस अवसर पर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग सहित रायगढ़, कोरबा एवं जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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तीन दिवसीय श्री जगन्नाथ मंदिर स्थापना महोत्सव का दोकड़ा में भव्य और भक्तिमय समापन, अष्ट प्रहरी संकीर्तन में छत्तीसगढ़–ओडिशा–झारखंड की मंडलियों ने भक्ति रस से बांधा समां, गूंजा “जय जगन्नाथ” का उद्घोष

नारायणपुर 16 मई 2026।यहां के ऐतिहासिक प्राचीन मंदिर श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित स्थापना के प्रथम वर्षगांठ महोत्सव का शनिवार को भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में समापन हो गया। तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान , एवं के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

महोत्सव के दौरान आयोजित अष्ट प्रहरी नाम संकीर्तन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा एवं झारखंड से पहुंचे कीर्तन मंडलियों ने भक्ति गीतों और हरिनाम संकीर्तन से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक चले संकीर्तन में श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। मंदिर परिसर “जय जगन्नाथ” और “हरे कृष्ण हरे राम” के जयघोष से गूंजता रहा।

महोत्सव के अंतिम दिन नगर कीर्तन एवं पारंपरिक मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे दोकड़ा नगर में भक्ति की अनूठी छटा देखने को मिली। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर महोत्सव का समापन किया।

इस अवसर पर मंदिर के गजपति महाराज व मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह एवं शाम आयोजित महाआरती में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दीपों की रोशनी, भक्ति संगीत और हरिनाम संकीर्तन से मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों के सहयोग से महोत्सव का सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय का समिति के सदस्यों ने शॉल श्रीफल भेंट कर जताया आभार


श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा द्वारा आयोजित स्थापना प्रथम वर्षगांठ महोत्सव के अवसर पर गजपति महाराज व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय का मंदिर समिति की ओर से शॉल एवं श्रीफल भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। समिति पदाधिकारियों ने आयोजन में उनकी उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आगमन से महोत्सव की गरिमा और बढ़ी है। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समिति सदस्यों की उपस्थिति ।

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जनता की सेवा ही हमारा सर्वोच्च कर्तव्य, सुशासन तिहार के माध्यम से जन-जन तक विकास और विश्वास की रोशनी पहुंचाने का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 16 मई 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लेमरू में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से सरकार बनी है और उनकी सेवा करना ही सरकार का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की जनता तक सीधी पहुंच और संवेदनशील कार्यशैली का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार परिवार का मुखिया परिवार के सुख-दुख और जरूरतों का ध्यान रखता है, उसी भावना से सरकार भी गांव-गांव पहुंचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रही है और लोगों की समस्याएं सुन रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी अचानक गांवों में पहुंचकर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर आम जनता से संवाद कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं, किसानों, श्रमिकों, वनवासियों और गरीब परिवारों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें बड़ी संख्या में आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है तथा किसानों से रिकॉर्ड मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है।

उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने “मोदी की गारंटी” के अधिकांश वादों को कम समय में पूरा किया है। गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर गरीबों, किसानों और जरूरतमंदों को राहत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वयं प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से समस्याओं के त्वरित निराकरण के साथ सरगुजा से बस्तर तक विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का मुख्यमंत्री को सुनने और उनसे मिलने पहुंचना जनता के विश्वास और आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक है।

शिविर के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने लेमरू क्षेत्र के लिए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सिंचाई के लिए एनीकट निर्माण, पोस्ट मैट्रिक छात्रावास स्थापना, विभिन्न ग्राम पंचायतों में विद्युतीकरण, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, सीसी रोड और पुलिया निर्माण की घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कोरबा जिले के 18 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

शिविर में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय योजनाओं के हितग्राहियों को राशन कार्ड, कृषि उपकरण, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, मछली पालन सामग्री, पंप, पावर स्प्रेयर, सुपोषण टोकरी तथा स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए। उन्होंने पीएम आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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अब जंगल-पहाड़ के आखिरी छोर तक पहुंचेगा शासन: 8 दिन के “जन भागीदारी–सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान में जनजातीय गांवों में लगेगी योजनाओं की चौपाल, स्वास्थ्य शिविर से लेकर शिकायत समाधान तक मिलेगा त्वरित लाभ

रायपुर, 15 मई 2026/   छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 18 से 25 मई 2026 तक “जन भागीदारी–सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के 1544 तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान  के 6691 गांवों में संचालित होगा।

मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश के अनुसार रायपुर को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में अभियान के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, पोषण और पेयजल जैसी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारी गांवों में पहुंचकर जन सुनवाई करेंगे तथा “आदि सेवा केन्द्रों” में शिकायतों का निराकरण किया जाएगा।

अभियान में सिकल सेल और टीबी जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। डिजिटल मॉनिटरिंग के तहत प्रतिदिन फोटो, वीडियो और लाभार्थियों के बयान “आदि प्रसारण” पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।

शासन ने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, एनएसएस, एनसीसी और स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान का समन्वय “सुशासन तिहार” और “जनजातीय गरिमा उत्सव” से भी किया जाएगा।

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कोसला धाम में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे : सुशासन तिहार के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माता कौशल्या के दरबार में टेका माथा, प्रदेश की खुशहाली और विकास के लिए मांगा आशीर्वाद

रायपुर 16 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड स्थित ग्राम कोसला पहुंचकर माता कौशल्या मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता कौशल्या एवं प्रभु श्रीराम से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री साय के मंदिर परिसर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मंदिर सेवा समिति एवं ग्रामीणों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।  इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी भी उनके साथ उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, आस्था और परंपराएं प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। हमारी सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

मंदिर सेवा समिति द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय को माता कौशल्या मंदिर का आकर्षक छायाचित्र स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। 

मुख्यमंत्री श्री साय के अचानक आगमन से क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन एवं स्थानीय नागरिक इस अवसर पर उपस्थित थे।

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सरकारी फिजूलखर्ची पर बड़ा प्रहार: कारकेड, विदेश यात्रा और पेट्रोल खर्च पर लगेगी लगाम, वित्त विभाग ने 30 सितंबर तक लागू किए सख्त मितव्ययिता निर्देश

रायपुर, 16 मई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने शासकीय व्यय में मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्त निर्देश जारी किया है। विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों तथा विभागाध्यक्षों को सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव द्वारा जारी इन निर्देशों का उद्देश्य राज्य के वित्तीय संसाधनों का कुशल प्रबंधन करना और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन स्थापित करना है। यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

*कारकेड वाहनों के उपयोग पर नियंत्रण*

निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारियों के कारकेड में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा। अन्य शासकीय संसाधनों का भी संयमित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

*इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा*

राज्य के शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे ईंधन व्यय में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

*ईंधन और वाहन व्यय में मितव्ययिता*

पेट्रोल एवं डीजल पर होने वाले व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू की जाएगी।

*विदेश यात्राओं पर रोक*

अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों की विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक होने पर मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

*वर्चुअल बैठकों को प्रोत्साहन*

भौतिक बैठकों के स्थान पर वर्चुअल एवं ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। निर्देशों के अनुसार भौतिक बैठकें यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जाएंगी और विभागीय समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित होंगी।

*ऊर्जा संरक्षण पर विशेष ध्यान*

कार्यालयीन समय के बाद सभी विद्युत उपकरण—जैसे लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर—अनिवार्य रूप से बंद किए जाएंगे। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे।

*ई-ऑफिस और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा*

बैठकों में मुद्रित दस्तावेजों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (PDF, PPT आदि) का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, कार्यालयीन पत्राचार एवं नोटशीट का संचालन अनिवार्य रूप से e-Office के माध्यम से किया जाएगा, ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कमी लाई जा सके।

*iGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग*

प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भौतिक प्रशिक्षण के स्थान पर iGOT कर्मयोगी पोर्टल का उपयोग बढ़ाया जाएगा। विभागों को अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम इस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

वित्त विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। शासन का मानना है कि इन उपायों से न केवल सरकारी खर्चों में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

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कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक का सफर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लेमरू में धरम सिंह के नए घर में कराया गृह प्रवेश, 60 हजार की सोलर सहायता देकर परिवार के सपनों में भरी नई रोशनी

रायपुर 16 मई 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कोरबा जिले के लेमरू पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही श्री धरम सिंह के नव निर्मित आवास का उद्घाटन एवं गृह प्रवेश कराया। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले धरम सिंह के परिवार के लिए यह दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और नए घर के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आवास का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद लेकर आई है। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापना हेतु डीएमएफ मद से हितग्राही अंशदान की 60 हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री के आगमन से धरम सिंह का परिवार भावुक हो उठा। परिवार ने आत्मीय स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले लाभों के लिए आभार व्यक्त किया। पूरे गांव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि अब योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है और लोगों का शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

इस अवसर पर उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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पीपल की छांव में खाट पर बैठे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश; ग्राम कोसला को मिली “महतारी सदन” और हायर सेकेंडरी स्कूल भवन की बड़ी सौगात

रायपुर 16 मई 2026/सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री श्री साय के गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बन गया। मुख्यमंत्री श्री साय का बेहद सहज, आत्मीय और सादगीपूर्ण स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब वे बिना किसी औपचारिकता के गांव के पीपल पेड़ की छांव तले आयोजित चौपाल में ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर उनसे सीधे संवाद करने लगे। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए यादगार बन गया और चौपाल आत्मीय संवाद तथा संवेदनशील शासन की मिसाल बन गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चौपाल में ग्रामीणों, महिलाओं और किसानों से सीधे चर्चा करते हुए शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है।

ग्रामीणों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पूछा, “पटवारी नियमित रूप से गांव आते हैं या नहीं?” ग्रामीणों द्वारा सकारात्मक जवाब दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने गांव के पटवारी श्री शत्रुघन कुर्रे को निर्देशित किया कि ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

चौपाल के दौरान ग्राम कोसला की श्रीमती सावित्री कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने नियमित रूप से सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिल रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बन रही है।

इसी दौरान ग्राम की “लखपति दीदी” श्रीमती नीमा तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें शुरुआत में 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया और आज उनके पास पांच आटा चक्कियां संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में ग्राम कोसला में 474 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास प्लस सर्वेक्षण के माध्यम से छूटे हुए सभी पात्र हितग्राहियों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी और अब हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। महिलाओं की सुविधा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने ग्राम कोसला में “महतारी सदन” निर्माण की घोषणा की। साथ ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और विद्यार्थियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है और किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जिससे उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जनप्रतिनिधि और अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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गुपचुप के छोटे ठेले से “लखपति दीदी” बनने तक मंजू बहन की संघर्षभरी उड़ान… लेमरू में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने चखा गुपचुप, सुनी आत्मनिर्भरता की कहानी

रायपुर 16 मई 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कोरबा जिले के लेमरू प्रवास के दौरान आत्मीयता, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। मुख्यमंत्री श्री साय ने यहां ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी लखपति दीदी श्रीमती मंजू द्वारा संचालित छोटे से स्टॉल पर पहुंचकर उनके हाथों से बने चटपटे गुपचुप का स्वाद लिया और आत्मीय संवाद किया।

बातचीत के दौरान श्रीमती मंजू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने छोटे स्तर से अपने व्यवसाय की शुरुआत की थी। गुपचुप स्टॉल से होने वाली बचत और लगातार मेहनत के बल पर आज वे भवन निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली ‘सेंटरिंग प्लेट’ के व्यवसाय से भी जुड़ गई हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हौसले, परिश्रम और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंजू बहन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना आज महिलाओं के आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक मजबूती का मजबूत आधार बन रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती मंजू को लखपति दीदी योजना के अंतर्गत 30 हजार रुपये का प्रोत्साहन चेक भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मेहनत को अवसर और हौसले को सहारा मिलता है, तब बदलाव केवल एक व्यक्ति के जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे गांव और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देता है।

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बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों पर प्रशासन का शिकंजा कसना शुरू, कलेक्टर रोहित व्यास बोले- “अब रिजल्ट नहीं सुधरा तो स्कूल बंद होने तक की होगी कार्रवाई”, शिक्षकों की जवाबदेही तय, प्राचार्यों को रोज क्लास में बैठने का आदेश

जशपुर नगर/ 16 मई 2026

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शनिवार को कलेक्टर रोहित व्यास ने जिले के  खराब परीक्षा परिणाम वाले 26 विद्यालयों की बोर्ड परीक्षा परिणाम  की गहन‌ समीक्षा की। 

मोतीलाल हायर सेकंडरी विद्यालय लोखंडी को खराब परीक्षा परिणाम के लिए नोटिस , सेंट मैरी विद्यालय दुलदुला की जांच, सेजेस मनोरा के वाणिज्य के व्याख्याता को कारण बताओ नोटिस और विषयवार खराब रिजल्ट वाले शिक्षकों पर कार्यवाही के निर्देश उन्होंने दिए। सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इन शिक्षकों की बैठक लेकर जांच करने को कहा। साथ ही अनुत्तीर्ण और पूरक आए विद्यार्थियों की वर्ष भर की उपस्थिति के साथ ही मासिक, तिमाही और छमाही परीक्षा परिणाम चेक करने के निर्देश दिए और समीक्षा कर अनुतीर्ण होने के कारणों का पता लगाने कहा गया l 

प्राइवेट या अनुदान प्राप्त विद्यालयों के खराब परीक्षा परिणाम पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कड़ी फटकार लगाई और चेतावनी देते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा सत्र से यदि परीक्षा परिणाम में सुधार नहीं होता है तो संबंधित विद्यालयों की मान्यता समाप्त की जाएगी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों का अनुदान का प्रस्ताव भेजने पर पुनर्विचार किया जाएगा। ‌ उन्होंने कहा कि शासन के द्वारा यदि बच्चों के लिए खर्च किया जा रहा है तो उसका लाभ भी विद्यार्थियों को अच्छे से मिलना चाहिए। 

बेहतर शिक्षा गुणवत्ता के लिए सभी अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में  मासिक परीक्षा सहित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम की गतिविधियों का क्रियान्वयन भी वर्तमान शिक्षा सत्र से करने का निर्देश उन्होंने दिया। शासकीय विद्यालयों की समीक्षा के साथ इन विद्यालयों की समीक्षा भी अब की जाएगी। यशस्वी जशपुर की टीम को इन विद्यालयों की मॉनिटरिंग करने का निर्देश भी दिया। 

उन्होंने यह भी कहा कि सभी प्राचार्य अब प्रत्येक दिन किसी भी एक कक्षा में एक कालखंड में पूरे समय उपस्थित रहकर अवलोकन करेंगे।  शिक्षण पद्यति में यदि कोई कमी  पाई जाएगी तो सुधार के लिए आवश्यक टीप भी दिए जायें l बच्चों की विद्यालय में 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पालक संपर्क और अधिक करने निर्देश दिया। प्रत्येक दिवस अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को कक्षा शिक्षक अनिवार्य रूप से कॉल करके अनुपस्थित रहने का कारण पंजी में संधारित करेंगे l विद्यालय में विद्यार्थियों के द्वारा मोबाइल का उपयोग ना करने की बात भी उन्होंने कही।

समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा, यशस्वी जशपुर के नोडल विनोद गुप्ता, सदस्य अवनीश पांडेय, संजय दास और सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी व प्राचार्य उपस्थित रहे।

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बैंकिंग योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर व्यास सख्त, ऋण प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश; किसानों, युवाओं और महिला समूहों को मिलेगा बैंकिंग योजनाओं का बड़ा फायदा

जशपुरनगर 16 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं विशेष जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों को बैंकिंग सुविधाओं और ऋण योजनाओं का लाभ उदारतापूर्वक दिया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ऋण आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने विशेष रूप से कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत प्राप्त ऋण प्रकरणों को तेजी से निराकृत करे, जिससे अधिक लोग योजना के प्रति जागरूक होंगे। बैठक में जिले में नए खोले जाने वाले बैंकिंग शाखाओं के बारे में भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, आरबीआई प्रतिनिधि, लीड बैंक मैनेजर, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

*ऋण स्वीकृति में पारदर्शिता और समाधान पर जोर* -

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यदि किसी हितग्राही का ऋण आवेदन अस्वीकृत किया जाता है, तो उसे स्पष्ट कारण बताते हुए समाधान के विकल्प भी बताए जाएं। उन्होंने बैंक अधिकारियों से सहयोगात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि बैंकिंग सेवाओं को सरल एवं सुलभ बनाया जाए। उन्होंने क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात को संतुलित रखने और समय पर ऋण वितरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

*केसीसी, मुद्रा और स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा* -

बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड , बिहान योजना सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं उद्यानिकी से जुड़े केसीसी प्रकरणों को प्राथमिकता से स्वीकृत किया जाए। साथ ही युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत करने पर जोर दिया गया।

*बीमा और पेंशन योजनाओं के प्रचार-प्रसार के निर्देश* -

कलेक्टर श्री व्यास ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक शाखाओं को सुशासन शिविर में शिविर आयोजित कर अधिकाधिक पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही लंबित बीमा दावों के त्वरित और संवेदनशील निराकरण पर भी जोर दिया गया, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।

*किसानों और समूहों के लिए विशेष पहल* -

कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बिहान स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज को तेज करने तथा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से रोजगारपरक प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

*जनधन, आधार सीडिंग और वित्तीय साक्षरता पर फोकस* -

बैठक में प्रधानमंत्री जनधन खातों में आधार सीडिंग, रूपे कार्ड वितरण एवं वित्तीय साक्षरता गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि जिले के समग्र विकास में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और सभी बैंक शासन की योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा करते हुए आमजन को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

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दिनभर मजदूरी… फिर रात में राशन की लाइन! गोरिया पंचायत में देर रात तक बंटता रहा पीडीएस चावल, VIDEO वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

नारायणपुर/कुनकुरी 16 मई 2026। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत गोरिया में पीडीएस राशन वितरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गांव में देर रात चावल वितरण का वीडियो वायरल होने के बाद पंचायत व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। वायरल वीडियो में रात करीब 9 बजे राशन दुकान के बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चों को लेकर पहुंचे ग्रामीण घंटों लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद गांव में नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन की लापरवाही और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण लोगों को रात के अंधेरे में राशन लेने मजबूर होना पड़ रहा है।

गांव के निवासी गॉड फ्रेड खलखो और देवेंद्र गुप्ता ने पंचायत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिनभर मजदूरी करने वाले गरीब परिवारों को रात 9 से 10 बजे तक राशन के लिए इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई लोग दूर-दराज के मोहल्लों से छोटे-छोटे बच्चों को लेकर राशन दुकान पहुंचते हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

ग्रामीणों ने कहा कि भीषण गर्मी के इस मौसम में रात तक राशन वितरण होना बेहद तकलीफदेह है। लोगों का आरोप है कि दिनभर समय होने के बावजूद वितरण व्यवस्था सही तरीके से नहीं संभाली जा रही, जिसका खामियाजा हितग्राहियों को भुगतना पड़ रहा है।  वीडियो में राशन दुकान परिसर पूरी तरह लोगों से भरा दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों की लंबी कतार और देर रात तक चल रहा वितरण अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। 

इधर पंचायत के सरपंच और सचिव ने सफाई देते हुए कहा कि राशन वितरण सुबह से ही शुरू कर दिया जाता है, लेकिन नेटवर्क की समस्या के कारण फिंगर मशीन बेहद धीमी चलती है। इसी वजह से वितरण कार्य में देर होती है और रात तक काम चलता रहता है।

पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि अधिकांश ग्रामीण मजदूरी करने वाले हैं। यदि किसी कारण से उसी दिन राशन नहीं दिया जाए तो लोगों को दोबारा आना पड़ता है, जिससे उनका काम प्रभावित होता है। इसलिए कोशिश रहती है कि सभी हितग्राहियों को उसी दिन राशन उपलब्ध करा दिया जाए।

हालांकि पंचायत की इस दलील से ग्रामीण संतुष्ट नजर नहीं आ रहे। लोगों का कहना है कि तकनीकी समस्या का बोझ जनता पर डालना उचित नहीं है। ग्रामीण अब इस पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की तैयारी में हैं।

जब इस बारे में एसडीएम कुनकुरी से पूछने पर कहा कि इसका पता लगाकर वास्तविक स्थिति की जांच होगी और गलत पाए जाने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।

सवाल यह उठ रहा है कि क्या पीडीएस जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था रात में संचालित होना नियमों के अनुरूप है? अब सबकी नजर खाद्य विभाग और  प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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जशपुर में स्वास्थ्य क्रांति की मजबूत नींव : 23 करोड़ की क्रिटिकल केयर यूनिट से लेकर 220 बिस्तर अस्पताल, नर्सिंग और फिजियोथैरेपी कॉलेज तक… कलेक्टर रोहित व्यास ने निर्माण स्थलों पर पहुंचकर कसी लगाम, बोले—लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समय पर पूरे हों जनसुविधा से जुड़े सभी प्रोजेक्ट

जशपुरनगर 15 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस जिले में निर्माणाधीन विभिन्न महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं का निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। साथ ही कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों एवं कार्य एजेंसियों को स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाएं आमजन की सुविधा से जुड़ी हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सीजीएमएससी निर्माण एजेंसी के देखरेख में निर्मित किए जा रहे इन कार्यों तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार प्रतिनिधि मौजूद रहे।

50 बिस्तर के क्रिटिकल केयर यूनिट का निरीक्षण

कलेक्टर श्री व्यास ने सबसे पहले जशपुर नगर में कल्याण आश्रम के समीप लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 50 बिस्तर के क्रिटिकल केयर यूनिट का अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन एरिया, वेटिंग हॉल सहित भूतल एवं प्रथम तल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण करते हुए ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा की। साथ ही परिसर में व्यवस्थित पार्किंग, छायादार वृक्षारोपण एवं अस्पताल सेटअप में उपलब्ध होने वाले आवश्यक स्वास्थ्य उपकरणों की जानकारी लेते हुए सिविल वर्क को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। यह यूनिट तैयार होने के बाद जिले में गंभीर मरीजों के उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगा। जिससे लोगों को जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

चराईडांड में 220 बिस्तर अस्पताल व नर्सिंग कॉलेज निर्माण

कलेक्टर श्री व्यास ने ग्राम चराईडांड में 36 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 220 बिस्तर के सिविल अस्पताल का भी निरीक्षण किया। वर्तमान में अस्पताल निर्माण अंतर्गत फाउंडेशन कार्य प्रगति पर है, जिस पर उन्होंने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने को कहा, जिससे कार्य को जल्द पूर्ण करने में आसानी हो। यह अस्पताल कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा एवं अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके निर्माण हो जाने से लोगों को एक ही जगह पर सर्व सुविधायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया होगी। कलेक्टर ने इसी परिसर के बगल में 8 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज का भी अवलोकन किया गया। कलेक्टर ने साइट प्लान एवं ड्राइंग देखकर फाउंडेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज के शुरू होने से स्थानीय युवाओं को नर्सिंग शिक्षा की सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा। इसके अलावा कलेक्टर ने चराईडांड में ही 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से बन रहे फिजियोथैरेपी कॉलेज के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने परिसर में खाली स्थानों पर ट्री गार्ड के साथ वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए, ताकि भवन पूर्ण होने तक हरियाली विकसित हो सके।

कंडोरा में फिजियोथैरेपी कॉलेज की तैयारियों की समीक्षा

कलेक्टर ने ग्राम कंडोरा में संचालित होने वाले फिजियोथैरेपी कॉलेज की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कॉलेज के भू तल, प्रथम एवं द्वितीय तल, प्राचार्य कक्ष सहित सभी कक्षों का निरीक्षण किया। क्लास संचालन के लिए अभी तक किए गए व्यवस्थाओं एवं संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्र प्रारंभ होने से पूर्व बिजली, पानी, शौचालय सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही परिसर में स्थित कुएं की साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए।

नेचुरोपैथी सेंटर कार्य में देरी पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के अगले चरण में कलेक्टर श्री व्यास ग्राम बेमताटोली पहुंचे। जहां उन्होंने आयुष विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन नेचुरोपैथी सेंटर का अवलोकन किया। कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि अनावश्यक विलंब की स्थिति में अनुबंध समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने फाउंडेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही जीपीएस टैग के साथ फोटोग्राफ साझा करने को भी कहा।

गिनाबहार में एमसीएच यूनिट व बीपीएचयू का भी निरीक्षण

कलेक्टर श्री व्यास ने निरीक्षण के दौरान ग्राम गिनाबहार में निर्माणाधीन 50 बिस्तर के एमसीएच( मातृ शिशु स्वास्थ्य यूनिट) तथा बीपीएचयू (ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट) अंतर्गत लैब निर्माण का भी अवलोकन किया। उन्होंने कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखते हुए समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। ये सभी निर्माण कार्य सीजीएमएससी एजेंसी द्वारा कराए जा रहे हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण हो सके और जिलेवासियों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।

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शिक्षा, पर्यटन और यातायात को नई रफ्तार देने वाली परियोजनाओं की समीक्षा : कलेक्टर श्री व्यास ने कुनकुरी में विकास कार्यों का किया विस्तृत निरीक्षण, गुणवत्ता और समयसीमा पर दिए सख्त निर्देश

जशपुरनगर 15 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने विगत दिवस वृहद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत कुनकुरी क्षेत्र में निर्माणाधीन विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने नालंदा परिसर, विसर्जन तालाब एवं ईब नदी पर बन रहे उच्चस्तरीय पुल का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने सभी निर्माण कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि ये परियोजनाएं जिले के शिक्षा, पर्यटन और यातायात विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। इन कार्यों के पूर्ण होने से न केवल युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि आम नागरिकों को भी सुविधाजनक जीवन उपलब्ध होगा। इस दौरान एसडीएम कुनकुरी श्री नंदजी पांडे सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

*अत्याधुनिक नालंदा परिसर से युवाओं को मिलेगा 24x7 अध्ययन का अवसर* -

कलेक्टर ने कुनकुरी के सलियाटोली ग्राम में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 250 सीटर नालंदा परिसर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस परिसर का उद्देश्य जिले के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा संसाधन उपलब्ध कराना है। वर्तमान में प्लिंथ लेवल का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य प्रगति पर है, जिसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। नालंदा परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा, जिसमें 24 घंटे अध्ययन की व्यवस्था रहेगी। यहां इंडोर और आउटडोर स्टडी ज़ोन, ऑक्सी रीडिंग ज़ोन, डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई ज़ोन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की 50,000 से अधिक पुस्तकों की उपलब्धता होगी। परिसर को पर्यावरण अनुकूल बनाते हुए सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा तथा 50 से अधिक देशी पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं के समग्र विकास के लिए यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ ज़ोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक आईडी एवं पुस्तक प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था इसे एक स्मार्ट अध्ययन केंद्र बनाएगी।


*विसर्जन तालाब का हो रहा सौंदर्यीकरण, बढ़ेगा पर्यटन* -

कलेक्टर ने इसके पश्चात कुनकुरी में विसर्जन तालाब का निरीक्षण किया, जहां सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत तालाब की साफ सफाई तथा आसपास के क्षेत्र को सुंदर एवं आकर्षक बनाया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि तालाब को एक व्यवस्थित विसर्जन स्थल (छठ घाट सहित) के रूप में विकसित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कलेक्टर ने तालाब परिसर में स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं यातायात नियंत्रण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने कहा कि यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ कुनकुरी की सांस्कृतिक पहचान एवं पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे सुसज्जित एवं आकर्षक रूप में विकसित किया जाना महत्वपूर्ण है।


*ईब नदी पर उच्चस्तरीय पुल से आवागमन होगा सुगम* -

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कुनकुरी से रनपुर मार्ग पर ईब नदी में निर्माणाधीन उच्चस्तरीय पुल का भी जायजा लिया। लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 4 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पुल की लंबाई 120 मीटर होगी, जिसमें 5 स्पान बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा दिसंबर 2026 तक पुल का निर्माण पूर्ण किया जाए। पुल के निर्माण से विशेषकर बारिश के मौसम में आवागमन की समस्या समाप्त होगी और क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

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