ताजा खबरें


बड़ी खबर

बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी, जंगलों की सेहत का मिला मजबूत संकेत — वन मंत्री श्री केदार कश्यप बोले- जैव विविधता संरक्षण के प्रयास ला रहे ऐतिहासिक परिणाम

रायपुर, 27 मई 2026/ छत्तीसगढ़ के बारनवापारा क्षेत्र ने एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बलौदाबाजार वनमंडल के अंतर्गत देवपुर जंगल में आयोजित देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (जायंट मालाबार स्क्विरल) दिखाई दी। इस दुर्लभ वन्यजीव के दिखने से वन विभाग, प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों में उत्साह है।

          वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर वन विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की योजनाओं का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है, जिससे दुर्लभ प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास विकसित हो रहे हैं।

*देवपुर समर कैंप में दिखी दुर्लभ प्रजाति*

         बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा 16 मई से 22 मई 2026 तक देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप के पहले दिन 16 मई को आयोजित बर्डिंग ट्रेल के दौरान इस दुर्लभ गिलहरी को देखा गया। इसकी पहचान प्रकृति प्रेमी एवं साइबर रिस्क एक्सपर्ट श्री हेमंत वर्मा ने की।

*विशाल भारतीय गिलहरी की खासियत*

         विशाल भारतीय गिलहरी, जिसका वैज्ञानिक नाम रेटूफा इंडिका  (Ratufa indica) है, भारत की सबसे बड़ी वृक्षवासी गिलहरियों में से एक है। इसकी पूंछ सहित लंबाई लगभग तीन फीट तक होती है। इसके शरीर पर गहरे लाल, भूरे, काले और क्रीम रंगों का सुंदर मिश्रण होता है। यह अपना अधिकांश जीवन पेड़ों पर ही बिताती है और एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक लंबी छलांग लगाने में सक्षम होती है।

*कानूनी संरक्षण प्राप्त दुर्लभ प्रजाति*

         यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-2 के तहत संरक्षित है। इसका शिकार या व्यापार करना कानूनन अपराध है। स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि बारनवापारा अभ्यारण्य और आसपास का वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है। देवपुर जंगल में इस दुर्लभ गिलहरी का दिखना इस बात का प्रमाण है कि यहां का वन पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ और सुरक्षित है।

*बच्चों में बढ़ी प्रकृति संरक्षण की जागरूकता*

        वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें शामिल बच्चों और युवाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। वन विभाग का मानना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों के दर्शन से नई पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। यह आयोजन राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता आधारित योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

और भी

अवैध शराब कारोबार पर सरकार सख्त: आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी, कहा- कोचियों से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं

 रायपुर, 27मई 2026/प्रदेश के वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री श्री लखन लाल देवांगन नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर आबकारी मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए। बैठक में वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा, विशेष सचिव आबकारी श्री देवेन्द्र भारद्वाज, आबकारी मुख्यालय , बेवरेजेस कारपोरेशन , मार्केटिंग कारपोरेशन के अधिकारियों सहित जिले से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित थे। 

 आबकारी मंत्री श्री देवांगन ने राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर कोचियों के विरूद्ध प्रभावी कार्य करें। सभी जिला अधिकारी यह सुनिश्चित करें आबकारी उपनिरीक्षक एवं नीचे का अमला अवैध शराब बिक्री करने वाले के विरूद्ध समझौता न करें।

 इसके अलावा विभाग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार मदिरा स्कंध (स्टाक) का संधारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया किया मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं के मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो। उन्होंने अधिकारियों को मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।

 मंत्री ने बैठक में राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए जिन जिलों ने अब तक लक्ष्य की प्राप्ति की है, उन्हें सतत् कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को इसके कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति हेतु विस्तृत कार्य-योजना बनाकर तत्परता से अमल में लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों को इस बात की स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट न होने पाए। इसके लिए सभी जिला अधिकारियों को समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण करने और वहां पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।
 आबकारी सचिव श्रीमती कंगाले ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच करने तथा समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने हेतु आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।

और भी

भीषण गर्मी और लू के बढ़ते खतरे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी अपील, कहा- खुद भी सुरक्षित रहें और जरूरतमंदों, श्रमिकों व राहगीरों के लिए भी बनें सहारा

रायपुर 27 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।

और भी

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और डिजिटल बदलाव की दिशा में बड़ा कदम: समग्र शिक्षा अभियान 2026-27 के बजट प्लान पर मुख्य सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

 
रायपुर, 27 मई 2026/मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी में छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षा कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वार्षिक कार्य योजना और बजट वर्ष 2026-27 का प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से समग्र शिक्षा अंतर्गत स्वीकृत नवीन कार्यों का युक्तियुक्तकरण उपरांत स्थल परिवर्तन एवं विविध बिन्दुओं के प्रस्तावों पर चर्चा के उपरांत अनुमोदित किये गये। स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत विविध निर्माण कार्यों को शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराये जाने वाले कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

            बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने 2026-27 के वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट प्लान को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंनें शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया।  मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बजट प्लान में केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि लर्निंग आउटकम सुधारने वाले नवाचारों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए स्कूलों में संसाधन, शिक्षक और तकनीक तीनों मजबूत करने होंगे।  

*छात्रों के ड्राप आउट को राकने करें प्रयास*

            मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों में छात्रों के ड्राप आउट की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाये। माध्यमिक-उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब स्थापित होंगी। सभी स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था होगी।  ड्रॉपआउट रोकथाम कक्षा 1, 8 और 10 में ड्रॉपआउट दर शून्य करने के लिए विशेष ट्रैकिंग सिस्टम बनेगा। शाला त्यागी बच्चों को मुख्यधारा में लाने हेतु ब्रिज कोर्स चलेंगे। 

*शिक्षक प्रशिक्षण*

           राष्ट्रीय शिक्षा नीति अनुसार सभी शिक्षकों का फेज-वाइज प्रशिक्षण दिया जाये। गणित-विज्ञान-अंग्रेजी के लिए विशेष मास्टर ट्रेनर पूल तैयार होगा। बुनियादी सुविधा जरूरत वाले स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, बालिका शौचालय, पेयजल, बिजली और बाउंड्रीवॉल के काम प्राथमिकता से होंगे।  

*समावेशी शिक्षा*

         दिव्यांग बच्चों के लिए संसाधन कक्ष, थेरेपी यूनिट और विशेष टीएलएम का प्रावधान बजट में रखा जाएगा।  कौशल विकासरू कक्षा 9 से 12 तक वोकेशनल एजुकेशन को मजबूत किया जाएगा। कृषि, आईटी, हेल्थकेयर और टूरिज्म जैसे ट्रेड में स्थानीय जरूरत के अनुसार कोर्स चलेंगे।

और भी

छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे का होगा बड़ा विस्तार, करोड़ों की परियोजनाओं को मिली मंजूरी; नवा रायपुर में बनेंगे आधुनिक शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सड़कों पर दौड़ेंगी 43 ई-बसें

रायपुर, 27 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स और नवीन अधोसंरचना प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे आने वाले समय में नवा रायपुर और मुख्य शहर की तस्वीर बदलेगी।

*नवा रायपुर में 302.67 करोड़ रूपए की लागत से नए कार्यालय और शासकीय भवन बनेंगे*

           महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत करीब 131 करोड़ 17 लाख रुपये है। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 171 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

*नवा रायपुर के लिए लागत 223.04 करोड़ रूपए की लागत से 43 आधुनिक ई-बसें* 

          आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 43 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसमें 40 कप्लाएंट बैटरी ऑपरेटेड और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, परिचालन और संधारण की लागत 223 करोड़ 4 लाख रुपये होगी। ये बसें नवा रायपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी।

*रायपुर में 186.14 करोड़ रूपए की लागत से नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट*

         मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी (MLD) क्षमता के एक नवीन और आधुनिक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 186 करोड़ 14 लाख रुपये प्रस्तावित की गई है।

         बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सूचना प्रौद्योगिकी और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के सचिव व लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता और एनआरडीए (NRDA) के सीईओ श्री चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा वन एवं जलवायु, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के आला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

और भी

इम्प्रूव्ड राईस स्कीम लागू करने की तैयारी तेज, छत्तीसगढ़ के राईस मिलों का होगा आधुनिकीकरण, गुणवत्ता मानकों पर सरकार का बड़ा फोकस

रायपुर, 27 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में भारत सरकार की नवीन ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में आज न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने की। इसमें छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, भारतीय खाद्य निगम, मार्कफेड तथा प्रदेशभर के राईस मिलर्स ने भाग लिया।

कार्यशाला में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि भारत सरकार आगामी खरीफ वर्ष में ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ को प्राथमिकता के साथ लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए राज्य के राईस मिलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तकनीकी रूप से अपग्रेड करना आवश्यक होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मिलर्स द्वारा दिए गए सुझावों और समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाएंगे।

कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कान्ति लाल बोथरा, महामंत्री श्री विष्णु बिंदल, कोषाध्यक्ष श्री रमेश अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं मिलर्स उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यशाला आयोजन के लिए खाद्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग का भरोसा दिलाया।

कार्यशाला में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से लागू की जाने वाली ‘इम्प्रूव्ड राईस स्कीम’ के विभिन्न प्रावधानों, गुणवत्ता मानकों, भंडारण व्यवस्था, अनुबंध प्रक्रिया, लागत एवं क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से 10 प्रतिशत अरवा ब्रोकन चावल एवं 5 प्रतिशत उसना ब्रोकन चावल के निर्धारित मानकों की जानकारी दी।

बैठक के दौरान राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने व्यवहारिक समस्याओं और सुझावों को प्रमुखता से रखा। मिलर्स ने प्रदेश में उन्नत धान किस्मों की खेती को बढ़ावा देने, भारतीय खाद्य निगम में रैक मूवमेंट को तेज करने तथा मिलिंग लागत में वृद्धि जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। साथ ही उन्होंने स्कीम के सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

इस अवसर पर मार्कफेड के एमडी श्री जितेन्द्र शुक्ला, भारतीय खाद्य निगम के जीएम श्री दीपक शर्मा सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं राईस मिलर्स एसोसिएशन के लगभग 60 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

और भी

सुशासन शिविर अमडीहा बना प्रतिभाओं का सम्मान मंच: फरसाबहार विकासखंड के 39 मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला सम्मान, शिक्षा विभाग ने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम पर बढ़ाया हौसला

नारायणपुर :-  जशपुर जिले के विकासखंड फरसाबहार अंतर्गत आयोजित सुशासन शिविर अमडीहा इस बार केवल प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान और शिक्षा के प्रति जागरूकता का भी बड़ा मंच बन गया। शिविर में शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं एवं 12वीं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के हाथों पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष विकासखंड फरसाबहार का परीक्षा परिणाम अत्यंत सराहनीय रहा है। विशेष रूप से केंद्रीकृत परीक्षा कक्षा 5वीं एवं 8वीं तथा बोर्ड परीक्षा कक्षा 10वीं और 12वीं में विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए विकासखंड का नाम रोशन किया है। शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की परंपरा निभाई जाती रही है और इसी क्रम में इस वर्ष भी अमडीहा शिविर में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में बताया गया कि अमडीहा शिविर अंतर्गत कुल 10 संकुल शामिल हैं, जिनमें 6 हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालय आते हैं। इन सभी संकुलों से विभिन्न कक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले कुल 39 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मंच से जब मेधावी विद्यार्थियों के नाम पुकारे गए तो पूरे पंडाल में तालियों की गूंज सुनाई दी। पालकों और शिक्षकों के चेहरों पर गर्व साफ दिखाई दे रहा था।

संकुल केंद्र पुराईनबंध से कक्षा 5वीं में दामिनी पैंकरा एवं प्रफुल यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा 8वीं में मधुरिमा सिंह तथा कक्षा 10वीं में सपना पैंकरा ने सर्वोच्च अंक अर्जित कर सम्मान हासिल किया।

संकुल केंद्र साजबहार से कक्षा 5वीं में इलबीन कुजूर एवं कक्षा 8वीं में पायल पैंकरा को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार संकुल केंद्र जामबहार से कक्षा 5वीं में नोबिना खेस्स तथा कक्षा 8वीं में मोनिका सोरेन को पुरस्कार प्रदान किया गया।

संकुल केंद्र सुंडरू के विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। यहां कक्षा 5वीं में प्रियंका चौहान एवं नेहा मांझी, कक्षा 8वीं में लक्की मांझी, अनिवेश खाखा एवं लक्ष्मी यादव तथा कक्षा 10वीं में पूर्णिमा यादव एवं अश्विन्ता खाखा को सम्मानित किया गया।

संकुल केंद्र केरसई से कक्षा 5वीं में अंशदीप मिंज एवं शेफाली मिंज, कक्षा 8वीं में भारती पैंकरा, कक्षा 10वीं में भारती चौहान तथा कक्षा 12वीं में अंजू कुमारी साहू को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कार दिया गया।

संकुल केंद्र लठबोरा से कक्षा 5वीं में माही नाग एवं नन्द किशोर तथा कक्षा 8वीं में अमिता डनसेना को सम्मानित किया गया। वहीं संकुल केंद्र सिंगीबहार से कक्षा 5वीं में दिव्या पैकरा, कक्षा 8वीं में आमिषा खेस्स एवं कक्षा 10वीं में वर्षा को पुरस्कृत किया गया।

संकुल केंद्र तपकरा के विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यहां कक्षा 5वीं में नमन कुमार गुप्ता एवं आशा चौधरी, कक्षा 8वीं में स्वज्ञा स्वरमिता वैष्णव एवं अक्षरा गुप्ता, कक्षा 10वीं में अल्पना मांझी एवं सुयश गुप्ता तथा कक्षा 12वीं में जानसी जांगड़े एवं अमीषा टोंप्पों को सम्मानित किया गया।

इसी प्रकार संकुल केंद्र अबिरा से कक्षा 5वीं में योगानन्द यादव तथा कक्षा 8वीं में सत्यवती पैंकरा को पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं संकुल केंद्र समडमा से कक्षा 5वीं में नयन डनसेना एवं करन डनसेना तथा कक्षा 8वीं में अनुराग गुप्ता को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राएं लगातार बेहतर प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर मेहनत करते हुए उच्च लक्ष्य निर्धारित करने की अपील की। पालकों को भी बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती दुलारी सिंह सदस्य जिला पंचायत जशपुर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव श्री भरत साय, जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती संध्या सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. अजय शर्मा, पूर्व मंडल अध्यक्ष तपकरा श्री कपिलेश्वर सिंह, मुख्यमंत्री के निज सहायक श्री भजन साय, पूर्व जनपद सदस्य श्री संतोष जायसवाल, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्री आदेश जायसवाल, राष्ट्रीय महामंत्री कंवर समाज श्री मंगरु साय तथा भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक श्री रामनिवास गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में अनुभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार फरसाबहार एवं तपकरा, सीईओ जनपद पंचायत, बीईओ, सहायक बीईओ, बीआरसी फरसाबहार, सभी संकुल शैक्षिक समन्वयक, प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अधिकारी-कर्मचारी, पालकगण एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के उत्साह और सम्मान का वातावरण देखने को मिला।

और भी

जशपुर जिले में वर्ष 2026 के लिए तीन स्थानीय अवकाश घोषित, रथयात्रा, करम परब और गोवर्धन पूजा पर बंद रहेंगे शासकीय कार्यालय

जशपुरनगर 27 मई 2026/* कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग-2 के नियम 08 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए वर्ष 2026 के लिए जशपुर जिले में 03 स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। 
        घोषित अवकाश में रथयात्रा 16 जुलाई 2026, गुरुवार, कुंवर पूर्णिमा (करम परब) 26 अक्टूबर 2026 सोमवार और दीपावली का दूसरा दिन (गोवर्धन पूजा) 09 नवंबर 2026, सोमवार शामिल हैं। कलेक्टर द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश बैंक एवं कोषालय पर लागू नहीं’ होगा। बैंक और कोषालय में सामान्य रूप से कार्य होगा।
        जशपुर जिले में करम परब आदिवासी समाज का प्रमुख सांस्कृतिक त्योहार है। इस दिन अवकाश घोषित होने से स्थानीय परंपराओं को सम्मान मिला है।

और भी

लुडेग ग्राम पंचायत की अनोखी पहल: अब घर-घर पहुंचेगी कचरा संग्रहण गाड़ी, बाजार से बस स्टैंड तक चला व्यापक स्वच्छता अभियान, दुकानदारों ने भी यूजर चार्ज देने पर जताई सहमति

जशपुरनगर 27 मई 2026/ ग्राम पंचायत लुडेग में स्वच्छता अभियान के तहत विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़क किनारे, बाजार क्षेत्र एवं बस स्टैंड परिसर की व्यापक सफाई कर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में सरपंच श्रीमती शुक्तला, ग्रामवासी, महिला स्वसहायता समूह की सदस्याएं तथा स्वच्छता कार्य में लगी दीदियां सक्रिय रूप से शामिल रहीं। गांव में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था प्रारंभ करने पर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि अगले दिन से प्रतिदिन प्रत्येक घर से कचरा संग्रहण का कार्य नियमित रूप से किया जाएगा।

      स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु बाजार क्षेत्र के दुकानदारों के साथ भी बैठक कर चर्चा की गई। सभी दुकानदारों ने यूजर चार्ज देने के लिए सहमति जताई, जिससे गांव में नियमित साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा। इस दौरान महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं को पूर्व से लंबित राशि का भुगतान भी सरपंच श्रीमती शुक्तला द्वारा कराया गया। भुगतान मिलने पर महिलाओं ने खुशी जताते हुए पंचायत का आभार व्यक्त किया। ग्राम पंचायत की इस पहल से ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक जागरूकता बढ़ी है और गांव को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

और भी

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना की प्रवेश प्रक्रिया स्थगित,कक्षा 6वीं प्रवेश परीक्षा फिलहाल टली, आवेदन प्रक्रिया भी रोकी गई

जशपुरनगर 27 मई 2026/ आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों हेतु संचालित मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। पूर्व में जारी निर्देशानुसार 26 जुलाई 2026 को जिला मुख्यालय में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जानी थी तथा इच्छुक विद्यार्थियों से 20 जून 2026 तक आवेदन पत्र संबंधित शाला प्रमुख के माध्यम से विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करने कहा गया था।

      आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, नवा रायपुर द्वारा जारी पत्र के अनुसार संस्था इम्पैनलमेंट एवं प्रवेश प्रक्रिया में विलंब होने के कारण वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु योजना की प्रवेश प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। विभाग ने संबंधित विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अद्यतन जानकारी के लिए विभागीय निर्देशों पर नजर बनाए रखने की अपील की है।

और भी

कोयला उत्पादन से लेकर स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक निवेश तक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे की अहम बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास रोडमैप पर हुई व्यापक चर्चा

रायपुर, 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज क्षेत्र के विस्तार तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।

बैठक में छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन बढ़ाने, खनन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, रेल एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के विस्तार तथा औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन, कोयला गैसीकरण, सौर ऊर्जा विकास तथा खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी विशेष चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और केंद्र सरकार के सहयोग से ऊर्जा, खनन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य नई संभावनाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह,  छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

पत्थलगांव से भण्डरी बारात जा रही पिकअप गोरिया के कुम्हार पारा मोड़ पर अनियंत्रित होकर सेमर पेड़ से जा भिड़ी, जोरदार टक्कर में वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर, चार युवक घायल, दो की हालत गंभीर लेकिन सभी खतरे से बाहर

नारायणपुर। मंगलवार शाम नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरिया के कुम्हार पारा में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। पत्थलगांव से भण्डरी बारात जा रही एक पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े सेमर के पेड़ से जा टकराई। दुर्घटना इतनी जोरदार थी कि पिकअप वाहन का सामने का बोनट और अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे।

मिली जानकारी के अनुसार पिकअप वाहन में चार युवक सवार थे। बताया जा रहा है कि शाम के समय वाहन जैसे ही गोरिया पंचायत के कुम्हार पारा मोड़ के पास पहुंचा, चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और तेज रफ्तार पिकअप सीधे सड़क किनारे स्थित बड़े सेमर के पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे।

घटना की सूचना गांव के सरपंच को दी गई। सूचना मिलते ही सरपंच ने तत्काल एम्बुलेंस को फोन कर बुलाया। कुछ देर बाद एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को वाहन से बाहर निकालकर नारायणपुर अस्पताल भेजा गया। हादसे में घायल युवकों की पहचान इलियास खलखो, हेमंत खलखो, अजय लकड़ा और हेरमन खलखो के रूप में हुई है।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार चारों घायलों का उपचार जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि दो युवकों को ज्यादा चोटें आई हैं, जबकि दो को सामान्य चोट लगी है। हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया था। ग्रामीणों ने बताया कि यदि वाहन की रफ्तार और अधिक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद कुछ समय तक मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही। 

और भी

छत्तीसगढ़ में सहकारिता को गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी, हर ग्राम पंचायत में खुलेंगी समितियां, किसानों को खाद-बीज से लेकर बैंकिंग और रोजगार तक मिलेगी सुविधा

रायपुर, 26 मई 2026 / छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक खाद, बीज, दवा, बैंकिंग और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं सुलभता से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के कृषकों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति का संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्राथमिक कृषि साख समितियों को बहुआयामी स्वरूप प्रदान करने के लिए उन्हें दुग्ध, मत्स्य पालन और लघु वनोपज के कार्यों से सीधे जोड़ा जाए।

*अन्न भंडारण और जनकल्याणकारी सुविधाओं की समीक्षा*

         मंत्रालय में आयोजित राज्य सहकारी विकास समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में समितियों के गठन, उद्देश्यों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत पैक्स (PACS) गोदामों के निर्माण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। समितियों के माध्यम से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी आवश्यक सुविधाएं ग्रामीण अंचलों में विस्तारित करने पर जोर दिया गया।

*राष्ट्रीय समितियों से जुड़ेंगे पैक्स, डिजिटल बैंकिंग को मिलेगा बढ़ावा*

*राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व*

           बैठक में राज्य की सभी पैक्स समितियों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति की अनिवार्य सदस्यता दिलाने की रणनीति पर चर्चा की गई।

*मक्का एवं दलहन का उपार्जन*

          समर्थन मूल्य पर मक्का और दलहन के सुचारू उपार्जन हेतु पैक्स समितियों एवं किसानों का पंजीयनNCCF और NAFED के आधिकारिक पोर्टल्स पर करने के निर्देश दिए गए हैं।

*माइक्रो एटीएम और रूपे कार्ड*

          ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम (Micro ATM) स्थापित करने तथा सभी सदस्यों को रूपे (Rupay) , किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उपलब्ध कराने के कार्यों की समीक्षा की गई।

*शक्कर कारखानों में इथेनॉल प्लांट और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय*

           मुख्य सचिव ने राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्रों  के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए तत्काल समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, राज्य के शहरी सहकारी बैंकों को अम्ब्रेला संगठन से जोड़ने, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग शुरू करने, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की स्थापना, समितियों के लिए श्रैंकिंग फ्रेमवर्कश् तैयार करने तथा पैक्स के माध्यम से ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं के संचालन की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।


          इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और आयुक्त सहकारिता श्री महादेव कावरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके साथ ही खाद्य, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य सहकारी बैंक (अपैक्स बैंक), भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण, एफसीआई (FCI), राज्य भंडारगृह निगम, नाबार्ड (NABARD), राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए।

और भी

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले, स्क्रैप निस्तारण के लिए एमएसटीसी से अनुबंध तीन साल बढ़ा, कर्मचारी चयन मंडल सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन होगा, डामर कीमतों में वृद्धि पर सड़क ठेकेदारों को मिलेगी राहत

रायपुर, 26 मई 2026 । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने राज्य के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा स्क्रैप एवं अनुपयोगी सामग्रियों के पारदर्शी निस्तारण के लिए भारत सरकार के उपक्रम Metal Scrap Trade Corporation Limited (एमएसटीसी) के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध की अवधि आगामी तीन वर्षों के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया। यह अनुबंध नवंबर 2019 से प्रभावी है और 31 मई 2026 को समाप्त होने वाला था। एमएसटीसी के ई-नीलामी प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के खरीदार प्रतिस्पर्धी बोली लगाकर स्क्रैप सामग्री खरीद सकेंगे, जिससे पारदर्शिता के साथ राज्य को बेहतर राजस्व प्राप्त होगा। सरकार का मानना है कि इससे विभागों को अलग-अलग निविदा प्रक्रिया और विज्ञापन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी तथा प्रशासनिक समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही कार्यालय परिसरों में स्वच्छता और स्थान प्रबंधन में भी सुधार आएगा।

बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए “छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम” में संशोधन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि “छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम 2026” लागू होने के बाद पूर्व के छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल का विलय नए कर्मचारी चयन मंडल में किया जा चुका है तथा उसकी परिसंपत्तियां और देनदारियां भी नए मंडल में शामिल हो चुकी हैं।

मंत्रिपरिषद ने राज्य में सड़क निर्माण कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने 1 अप्रैल 2026 के बाद बिटुमिन यानी डामर की कीमतों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत देने का निर्णय लिया है। यह राहत केवल बिटुमिन की बढ़ी हुई कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए तय फार्मूले के आधार पर दी जाएगी, जबकि अन्य निर्माण सामग्रियों पर पूर्व से लागू एस्केलेशन नियम यथावत रहेंगे। सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण डामरीकरण कार्य प्रभावित होने लगे थे, जिससे सड़क निर्माण और संधारण कार्यों की गति धीमी पड़ने की आशंका थी। ऐसे में यह निर्णय विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने और जनता को समय पर बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

और भी

जनदर्शन में उमड़ी जनता की उम्मीदें: कलेक्टर रोहित व्यास ने सुनीं 34 समस्याएँ, अफसरों को लगाई फटकार — “समय-सीमा में करें पारदर्शी निराकरण”

जशपुरनगर 26 मई 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
       आज आयोजित जनदर्शन में कुल 34 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित समस्याएँ और मांगें शामिल थीं। कलेक्टर श्री व्यास ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण करें, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। 
      कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को  आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों, जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता और शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया।

और भी

ई-प्रगति परियोजनाओं में ढिलाई पर मुख्य सचिव का बड़ा एक्शन मोड : जियोटैग फोटो के साथ हर हफ्ते देनी होगी रिपोर्ट, लापरवाह एजेंसियों पर गिरेगी कार्रवाई की गाज

रायपुर, 26 मई 2026 / छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में ई-प्रगति पोर्टल में दर्ज राज्य की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*ई-प्रगति पोर्टल की 5 प्रमुख परियोजनाएं*

        समीक्षा बैठक में विशेष रूप से पोर्टल पर दर्ज राज्य की 5 अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वर्किंग वुमेन हॉस्टल, उसलापुर (बिलासपुर), वर्किंग वुमेन हॉस्टल, कोनी (बिलासपुर), 4G स्टेशन DVN मोबाइल टॉवर स्थापना (बिलासपुर), मोबाइल टॉवर हेतु विद्युत अधोसंरचना परियोजना (बिलासपुर) और सिकारसर कोडार रिसीवर लिंक कैनाल (गरियाबंद जिला)

*साप्ताहिक मॉनिटरिंग और कड़े प्रशासनिक निर्देश*

         मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ई-पोर्टल पर फोटो जियोटैग (Photo Geo-tag) के साथ अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति की पारदर्शी मॉनिटरिंग हो सके। उन्होंने जिलों में मोबाइल टॉवर स्थापना के मार्ग में आ रही भूमि आवंटन या अन्य तकनीकी दिक्कतों को संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने और उनमें तेजी लाने को कहा है।

        इस समीक्षा बैठक में मंत्रालय से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से राज्य के 21 जिलों के कलेक्टर शामिल हुए, जिनमें बीजापुर, कांकेर, कोरबा, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, नारायणपुर, रायगढ़, सुकमा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर, धमतरी, गरियाबंद, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, दंतेवाड़ा एवं कोण्डागांव शामिल हैं।

और भी

“हरी-भरी नाशपाती ने बदली किसानों की तकदीर” : जशपुर के सन्ना क्षेत्र में फलोत्पादन से बढ़ रही समृद्धि, किसानों की आय में हुआ बड़ा इजाफा

जशपुर 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में किसानों को फलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
 
इसी कड़ी में तहसील सन्ना क्षेत्र के आस पास के किसान नाशपाती की अच्छी फसल ले रहे हैं।

करडीह पंचायत के ग्राम केराकोना के श्री अनिल एक्का ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की योजना और नाबार्ड योजना का लाभ लेकर स्वयं की निजी भूमि लगभग 4 से 5 एकड़ में नाशपाती की अच्छी फसल ले रहे हैं नाबार्ड ने उन्हें खेत में कुआं मोटर पंप की सुविधा उपलब्ध कराया एवं समय-समय पर कृषि वैज्ञानिक परीक्षण कर और बेहतर उत्पादन के अनेकों उपाय एवं सलाह भी लेते हैं।

जिससे उनके नाशपाती की फसल उत्पादन वर्ष दर वर्ष बढ़ता जा रहा है नाशपाती की फसल की मांग छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों एवं पड़ोसी राज्यों में भी है। उन्होंने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई इसके लिए  मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

और भी

नक्सल मुक्त बस्तर में विकास की नई इबारत : 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेंगे पक्के भवन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा फैसला

रायपुर 26 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें।

आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।

और भी