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“बोलेगा बचपन” से गूंजा जशपुर का शिक्षा अभियान : यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने नवाचारी शिक्षकों को किया सम्मानित, विनोबा ऐप बना शिक्षा सुधार और प्रतिभा निखारने का मजबूत मंच


जशपुर। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने हेतु जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में ओपन लिंक्स फाउंडेशन द्वारा विनोबा ऐप के माध्यम से नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार सिन्हा के दिशा-निर्देश एवं यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता के समन्वय से संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में उत्कृष्ट शिक्षण कार्य एवं नवाचार के लिए ‘बोलेगा बचपन कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित शिक्षकों को यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता एवं यशस्वी जशपुर के सदस्य श्री संजीव शर्मा द्वारा प्रमाण पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता ने कहा बोलेगा बचपन कार्यक्रम का सुचारु रूप से विद्यालयों मे संचालन किया जा रहा है, विद्यालयों मे संचालित कविता वाचन , कहानी वाचन, स्पेलिंग बी और स्पोकन इंग्लिश जैसे अनोखी पहल का सराहना किया । विनोबा ऐप शिक्षकों के लिए सीखने, नवाचार साझा करने और प्रेरणा प्राप्त करने का एक प्रभावी मंच है, जो शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

विनोबा के सीनियर प्रोजेक्ट ऑफिसर श्री सोमनाथ साहू ने जानकारी दी कि यह ऐप जिले के शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को साझा करने, आपसी सीख को बढ़ावा देने तथा शैक्षणिक गतिविधियों के दस्तावेजीकरण हेतु विकसित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विनोबा भावे टीम जिले में एफएलएन, जवाहर नवोदय, जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग के साथ-साथ दैनिक उपस्थिति डाटा संग्रहण का कार्य भी यशस्वी जशपुर के समन्वय से कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान जिला स्तरीय विजेता शिक्षकों में प्राथमिक शाला डहुकोना  के श्री विजय कुमार, प्राथमिक शाला बड़े गमहरिया  की कुमारी सुनैना तिर्की, प्राथमिक शाला बड़े गमहरिया  की श्रीमति सिरमती चौहान , प्राथमिक शाला डिपाटोली की श्रीमती आरती ओहदार, प्राथमिक शाला नदीडिपा की श्रीमति रीना रानी गोस्वामी, प्राथमिक शाला डोंगरदाह के महेंद्र सिंह बंजारा, प्राथमिक शाला  सुजीबहार की श्रीमती शरदा पैंकरा शामिल रहे। यशस्वी जशपुर के श्री अवनीश पांडे, दीपक महतो, प्रदीप नायक दिलीप राम द्वारा सभी विजेता शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं।

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“बस्तर की मीठी इमली के स्वाद पर फिदा हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, नेतानार में बोले — यहां की इमली में खटास नहीं, विकास और आत्मनिर्भरता की मिठास है”

रायपुर 18 मई । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम में सीआरपीएफ कैम्प पहुँचे। यहाँ उन्होंने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का उद्घाटन किया । 
श्री अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जाना कि कैसे वे इमली बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। श्री शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है।
समूह की श्रीमती लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना एक लाख रु तक आय अर्जित कर सकेंगी । गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह में महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं। 
वे सेवा सेतु केंद्र पहुँचे। यहां वे ग्राम नेतानार निवासी श्रीमती सुखदेवी से मिले। सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का आधार कार्ड बनवाया है। आधार सेवा केंद्र खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था । अब यहां पर ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी, मोबाइल नम्बर अपडेट, ई-आधार जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी । सेवा सेतु केंद्र में श्रीमती सोनामनी ने बताया कि वे बहुत दिन महतारी वंदन योजना का ई के वाय सी कराना चाहती थीं लेकिन दूरी अधिक होने के कारण वे जा नहीं पा रहीं थीं। गांव में ही केंद्र खुल जाने के कारण आज ही उन्होंने ई के वाय सी करा लिया है । उल्लेखनीय है कि ग्रामीण यहां पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र का लाभ ले सकेंगे । इस केंद्र में जन्म, आय , जाति आदि प्रमाण पत्र आसानी से एक ही जगह बनाये जा सकेंगे । इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक सखी के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, स्व सहायता समूह के लिए खाता खोलना, के वाय सी, बैंक खाते में मोबाईल नम्बर अपडेट, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज जैसी सुविधाएं पा सकेंगी । 

श्री अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही महिलाओं से भी मुलाकात की । यहाँ पर महिलाओं को बेसिक एवं एडवांस सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुश्री विजय कुमारी ने बताया कि यहां से सिलाई सीखने के बाद वे अच्छे से अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगी।
गृह मंत्री श्री अमित शाह ने धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की । इसके माध्यम से चावल बिक्री से ग्रामीणों महिलाओं की आय वृद्धि तो होगी साथ ही निकलने वाली धान की भूसी से पशुओं को पौष्टिक आहार भी मिलेगा ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा , मुख्य सचिव श्री विकासशील एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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अवैध रेत भंडारण और परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 1740 घनमीटर रेत जप्त ,प्रशासन की सक्रियता से अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को मिल रहा कड़ा संदेश

रायपुर, 18 मई 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के तहत प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभागीय अमला दिन-रात सक्रिय रहकर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित कर रहा है। इसके लिए रात्रिकालीन गश्त, सघन निगरानी, औचक निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई के साथ-साथ ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है।
        सचिव खनिज साधन विभाग तथा संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने जिले के आरंग तहसील अंतर्गत ग्राम कागदेही में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान समोदा-कागदेही मार्ग तथा आर्या पेट्रोल पंप के दक्षिण दिशा में फॉरेस्ट नर्सरी के पास बिना वैध अनुमति के गौण खनिज साधारण रेत का अवैध भंडारण पाया गया। जांच में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 के उल्लंघन की पुष्टि होने पर खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 1740 घनमीटर रेत जप्त की गई।
                 जप्त रेत को नगर पंचायत समोदा के पार्षद श्री देवेंद्र कुमार साहू के सुपुर्द किया गया। वहीं सघन जांच के दौरान ग्राम समोदा के पास अवैध रेत परिवहन में संलग्न दो हाईवा वाहनों को भी जप्त कर आरंग थाना परिसर में खड़ा कराया गया।

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राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने छोड़ा 'पायलट-फॉलो' वाहनों का काफिला ,प्रधानमंत्री के ऊर्जा और संसाधन बचत के आह्वान से प्रेरित होकर लिया फैसला

​रायपुर,18 मई 2026/

       छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रशासनिक तामझाम और वीआईपी कल्चर को दरकिनार करते हुए एक बेहद सराहनीय और अनुकरणीय पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा बचत एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान से प्रेरित होकर, मंत्री श्री वर्मा ने अपने शासकीय दौरों और आवागमन के दौरान मिलने वाले 'पायलट' और 'फॉलो' वाहनों के उपयोग को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है।
       ​मंत्री श्री वर्मा अपने पूरे स्टाफ के साथ बेहद सीमित और कम से कम गाड़ियों के काफिले में सफर करेंगे। राज्य स्तर पर उनके इस फैसले को सादगी और जनता के प्रति जवाबदेही के एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

*​खुद से शुरुआत कर पेश की मिसाल*

   अपने इस बड़े फैसले पर बात करते हुए कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि देश इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। ऐसे में देशहित से जुड़ी किसी भी पहल की शुरुआत हम जनप्रतिनिधियों को स्वयं से करनी चाहिए और समाज के सामने एक उदाहरण पेश करना चाहिए। ​उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से न केवल सरकारी और प्रशासनिक खर्चों में भारी कमी आएगी, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी ईंधन संरक्षण (Fuel Conservation) और ऊर्जा बचत के प्रति एक सकारात्मक जागरूकता पैदा होगी।

*​जनता और प्रबुद्धजनों ने की सराहना*

   ​मंत्री वर्मा के इस फैसले की विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्धजनों और आम नागरिकों ने  स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि राजनेताओं द्वारा फिजूलखर्ची रोकने और संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की यह पहल वाकई प्रेरणादायी है, जो जमीन से जुड़े नेता की पहचान को और मजबूत करती है।

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केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ

400 अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन एवं 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी

‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ के साथ प्रदेश में त्वरित सहायता और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था होगी सशक्त

‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित सेवा से पुलिस, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी, सड़क दुर्घटना और आपदा जैसी हर स्थिति में मिलेगी त्वरित सहायता

रायपुर, 18 मई 2026/ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज माना पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ तथा मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष श्री रमन सिंह एवं  की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों तथा 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। 

यह सेवा 24x7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी तथा स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

*मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच*

‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी।
लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

*साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल*

राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है। 

आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

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भीषण गर्मी में बिजली विभाग की ‘आंख-मिचौली’ से नारायणपुर बेहाल , दिन-रात ट्रिपिंग से जनजीवन अस्त-व्यस्त, पानी संकट और कारोबार पर भी पड़ा असर-विभागीय व्यवस्था पर उठे सवाल

नारायणपुर 18 मई 2026 । भीषण गर्मी के इस दौर में अघोषित बिजली कटौती और बिजली की लगातार आंख-मिचौली ने नारायणपुर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। दिन हो या रात, बार-बार बिजली ट्रिपिंग और घंटों सप्लाई बंद रहने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बीच लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति यह है कि कुछ मिनट बिजली आने के बाद फिर अचानक कट जा रही है। कई इलाकों में घंटों तक बिजली गुल रहने से लोग परेशान होकर घरों से बाहर निकलने को मजबूर हैं। रात के समय लगातार बिजली कटने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को झेलनी पड़ रही है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पूरी रात हाथ वाले पंखे और खुले आसमान का सहारा लेने को मजबूर हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट का असर पेयजल व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बिजली नहीं रहने से कई लोगों के मोटर पंप बंद हो जा रहे हैं, जिससे पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। लोगों को पीने के पानी के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। वहीं किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार ट्रिपिंग के कारण घरेलू उपकरण भी खराब होने लगे हैं।

बाजार क्षेत्र में भी बिजली संकट का असर साफ दिखाई दे रहा है। दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। गर्मी के कारण पहले ही बाजार में ग्राहकों की संख्या कम है, ऊपर से बिजली कटौती के चलते इलेक्ट्रॉनिक दुकानें, फोटो कॉपी सेंटर, वेल्डिंग कार्य और छोटे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। कई व्यापारियों ने बताया कि अचानक बिजली बंद होने से मशीनें और उपकरण खराब होने का खतरा भी बना रहता है।

स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। बिजली की आंख मिचौली से दैनिक दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग करते हुए जल्द समस्या का स्थायी समाधान करने की बात कही है।

वहीं विद्युत विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ते बिजली लोड, तकनीकी खराबी और आगे की सप्लाई प्रभावित होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। विभाग का दावा है कि खराबी सुधारने और व्यवस्था को सुचारू करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके। लेकिन भीषण गर्मी में लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्स अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरी में सुशासन तिहार के तहत 465 करोड़ रुपये के 102 विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर 18 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज धमतरी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों को 465 करोड़ रुपये की लागत के 102 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने 423 करोड़ 52 लाख 56 हजार रुपये लागत के 52 कार्यों का भूमिपूजन तथा 41 करोड़ 50 लाख 48 हजार रुपये से अधिक लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों के माध्यम से जिले में सड़क, पेयजल, नगरीय अधोसंरचना और जनसुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान की कार्यसंस्कृति के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 1 मई से 10 जून तक आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव में क्लस्टरवार शिविर लगाकर आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है। राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया गया है, जिससे हजारों लोगों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में सुशासन तिहार के साथ “बस्तर मुन्ने” और “नियद नेल्लानार 2.0” अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं तथा जरूरतमंदों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही हैं। 

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जनसहभागिता का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने आयुष्मान कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को चाबी सौंपकर लाभान्वित किया।  मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर “ड्रीम कॉरिडोर” वीडियो एवं “मां अभियान” की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन धमतरी एवं लर्निंग जॉय बेंगलुरु के मध्य एमओयू किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरीवासियों को कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने अम्बेडकर चौक धमतरी से रूद्री चौक तक फोरलेन सड़क निर्माण, धमतरी में पेयजल हेतु इंटेकवेल निर्माण, रानी दुर्गावती चौक से बिलाईमाता मंदिर तक गौरवपथ निर्माण, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरूद भवन के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा पीएमश्री स्वामी आत्मानंद स्कूल के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।

कार्यक्रम में सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी श्री ओंकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार  सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह करेंगे नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 का शुभारंभ ,गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने किया कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण

  रायपुर, 18 मई 2026/ प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक आधुनिक, त्वरित एवं नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस 2.0) का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर चलित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी एवं 400 अत्याधुनिक डायल 112 वाहन का भी शुभारंभ किया जाएगा।

         कार्यक्रम की तैयारियों के तहत प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 प्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में एक अभिनव पहल है, जिसके माध्यम से पुलिस सेवा, फायर सर्विस, मेडिकल इमरजेंसी सहायता, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन सहायता तथा हाईवे इमरजेंसी जैसी सेवाओं को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे नागरिकों को त्वरित एवं समन्वित सहायता सुनिश्चित हो रही है। 

         इस उन्नत प्रणाली में केंद्रीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, जीपीएस आधारित इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन, जीआईएस आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग, ऑटोमेटिक कॉल लोकेशन पहचान प्रणाली तथा तकनीक सक्षम डिस्पैच प्रबंधन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। नई व्यवस्था के माध्यम से अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क दुर्घटना प्रतिक्रिया, चिकित्सकीय सहायता तथा जन-संकट की परिस्थितियों में और अधिक प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। 

           प्रदेश में संचालित डायल 112 सेवा वर्ष 2018 से अब तक लाखों नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्रदान कर चुकी है तथा वर्तमान में इसकी सेवाएं 16 जिलों तक सीमित थी अब यह प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित हो जायेगी।

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कल का 'नक्सल गढ़' आज का डिजिटल हब: कुतुल के ग्रामीणों को मिली 4G कनेक्टिविटी की सौगात, गूंजी मोबाइल की घंटी

रायपुर , 18 मई 2026 // राज्य सरकार के दिशा-निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा नियद नेल्ला नार योजना, एलडब्ल्यूई-II एवं आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत अबूझमाड़ के दुर्गम और पूर्व में सुविधाओं से वंचित गांवों में अब मूलभूत सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में अबूझमाड़ क्षेत्र में मोबाइल टॉवर स्थापित कर ग्रामीणों को संचार सुविधा से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे देश-दुनिया की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ आधुनिक संचार माध्यमों का उपयोग कर सकेंगे।

जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुतुल में 16 जनवरी 2026 को नया मोबाइल टॉवर स्थापित किया गया है। टॉवर शुरू होने से कुतुल सहित आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण है। अब क्षेत्र के लोग दूरसंचार सेवाओं का लाभ लेते हुए शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और उनसे जुड़कर लाभान्वित हो सकेंगे।

कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर स्थापित होने से स्थानीय निवासियों को बेहतर नेटवर्क कवरेज मिल रहा है। इससे ग्रामीणों को दैनिक जीवन में संचार की सुविधा प्राप्त हो रही है और वे अपने परिजनों से आसानी से संपर्क कर पा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल अबूझमाड़ क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीणों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी।

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लोक निर्माण विभाग के सचिव ने कांकेर में सड़कों और पुलों का काम देखा, विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों में तेजी लाने कहा

रायपुर. 18 मई 2026. राज्य शासन वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पूरी सक्रियता से काम कर रही है। अंदरूनी इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व समय-सीमा सुनिश्चित करने लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज कांकेर जिले का दौरा कर भानुप्रतापपुर में विभाग के कांकेर और भानुप्रतापपुर संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में उतरकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन सड़कों, पुलों और भवनों को तेजी से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों की निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरा कर धरातल पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। आगामी मानसून को देखते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि बरसात की शुरुआत से पहले सभी सड़कों की मरम्मत अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए। बारिश के दिनों में सड़कों या उनके किनारों पर गड्ढों की वजह से पानी जमा नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पुलों पर रिफ्लेक्टर्स और रेलिंग लगाने के काम को भी तत्काल पूरा करने को कहा ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

श्री बंसल ने दूरस्थ अंचलों में सुगम यातायात को शासन की प्राथमिकता बताते हुए पहुंचविहीन गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए पुल निर्माण के प्रस्ताव तैयार कर तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने पुल और सड़क के बीच का ज्वाइंट स्मूथ रखने को कहा, ताकि इसकी वजह से यातायात की रफ्तार धीमी न हो। 

विभागीय सचिव ने नरहरपुर में कॉलेज भवन के निर्माण में अत्यधिक ढिलाई बरतने पर संबंधित ठेकेदार को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम में देरी और गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार पेनाल्टी लगाई जाए, उन्हें डिग्रेड किया जाए और जरूरत पड़ने पर टर्मिनेशन की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने अभियंताओं को ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का परीक्षण कर तत्परता से भुगतान करने के निर्देश दिए। 

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने विभागीय कार्यों में कसावट लाने और सभी अधिकारियों को अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालयों में निवास करने को कहा। उन्होंने फील्ड का नियमित दौरा कर चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर शासन का जवाब दाखिल करने, सर्किट हाउसों व विश्राम गृहों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

*निर्माणाधीन सड़कों और पुलों का किया निरीक्षण* 

लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने भानुप्रतापपुर सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेने के बाद निर्माणाधीन सड़कों और पुलों का निरीक्षण किया। उन्होंने भानुप्रतापपुर के पास छोटे नारायणपुर में खंडी नदी पर तथा जिला मुख्यालय नारायणपुर के पास राजनांदगांव-बैलाडीला मार्ग में मेढकी नदी पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल का निरीक्षण कर कार्य प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अंतागढ़ से नारायणपुर तक 46 किमी लंबे करीब 120 करोड़ की लागत के सड़क चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य का भी अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को समय-सीमा में इन कामों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। जगदलपुर परिक्षेत्र के अधीक्षण अभियंता श्री संजय सूर्यवंशी और कांकेर के कार्यपालन अभियंता सहित भानुप्रतापपुर एवं कांकेर संभाग के सभी उप अभियंता भी बैठक में उपस्थित थे।

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अबूझमाड़ में फैल रही है शिक्षा की रौशनी ,आज़ादी के बाद पहली बार अबूझमाड़ के अति दूरस्थ गांव कारकाबेड़ा में खुला नया प्राथमिक स्कूल

रायपुर,18 मई 2026
     ​देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ क्षेत्र अब नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर शिक्षा की नई रोशनी की ओर बढ़ रहा है। इसका सबसे सुखद और ऐतिहासिक परिणाम नारायणपुर जिले के अति दूरस्थ ग्राम कारकाबेड़ा में देखने को मिला है, जहां आजादी के बाद पहली बार किसी स्कूल की स्थापना हुई है। कभी नक्सलियों का गढ़ रहे इस इलाके में अब बच्चों को बंदूक की जगह कलम और किताबें मिल रही हैं।

*​जनसमस्या शिविर से खुला विकास का रास्ता*

    ​हाल ही में अबूझमाड़ के सुदूर क्षेत्र कोड़ेनार में एक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में कारकाबेड़ा के ग्रामीणों ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए गांव में ही स्कूल खोलने की पुरजोर मांग की थी। कलेक्टर  ने मामले की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए तत्परता दिखाई और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO)  को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

*​5 घंटे की पैदल यात्रा और सर्वे*

     ​कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले कारकाबेड़ा गांव का सर्वे किया, जिसमें 20 बच्चे प्राथमिक शिक्षा के योग्य पाए गए। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी,खंड स्रोत समन्वयक, संकुल समन्वयक, सरपंच और शिक्षकों की संयुक्त टीम ने अदम्य साहस का परिचय दिया। यह टीम दुर्गम रास्तों, कई नदी-नालों और पहाड़ियों को पार करते हुए लगभग 5 घंटे की कठिन पैदल यात्रा कर कारकाबेड़ा पहुंची और नवीन प्राथमिक शाला का औपचारिक शुभारंभ किया।

*​मुफ्त गणवेश और शिक्षण सामग्री का वितरण*

    ​स्कूल के पहले ही दिन बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही चमक थी। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल प्रारंभ होने के साथ ही सभी 20 बच्चों को ​निःशुल्क गणवेश,​पाठ्यपुस्तकें और स्लेट
​पेंसिल, श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियां उपलब्ध कराई गईं।
​   कारकाबेड़ा सरपंच रामूराम वड्डे ने कहा कि गांव में स्कूल खुलना हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। अब हमारे बच्चों को पढ़ने के लिए जान जोखिम में डालकर दूर नहीं जाना पड़ेगा।

*​अतिथि शिक्षक की व्यवस्था,पड़ोसी गांवों को भी मिलेगा लाभ*

     ​वर्तमान में इस स्कूल के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक स्थानीय अतिथि शिक्षक की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में कारकाबेड़ा के इस स्कूल का लाभ आसपास के अन्य दूरस्थ गांवों, जैसे मरकूड़ के बच्चों को भी मिलेगा।
     ​नक्सलवाद के खात्मे के बाद अबूझमाड़ के इस अंदरूनी इलाके में स्कूल खुलना केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार और शांति बहाली की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

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पुनर्वास से आत्मनिर्भरता की ओर : बीजापुर की महिलाओं के सपनों को मिल रहे नए पंख,पुनर्वासित महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण से मिल रहा रोजगार का अवसर

रायपुर, 18 मई 2026।
कभी नक्सल हिंसा की छाया से प्रभावित रहा बीजापुर अब विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। माओवाद के अंत के बाद जिला तेजी से मुख्यधारा की ओर बढ़ रहा है। सुरक्षाबलों के साहस, शासन की प्रभावी पुनर्वास नीति और प्रशासन की सतत पहल ने बीजापुर को शांति एवं विकास के नए दौर में प्रवेश कराया है।
राज्य शासन की पुनर्वास नीति केवल आत्मसमर्पण या पुनर्वास तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुनर्वासित परिवारों को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बीजापुर जिले की पुनर्वासित महिलाओं को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत स्थानीय गारमेंट फैक्ट्री में सिलाई प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

*मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से बदल रही जिंदगी*

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्हें आधुनिक सिलाई तकनीक, मशीन संचालन और परिधान निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को उसी गारमेंट फैक्ट्री में रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल से महिलाओं को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात उन्हें प्रतिमाह लगभग 5 से 8 हजार रुपये तक का पारिश्रमिक दिया जाएगा।  जिससे वे आर्थिक रूप से निरंतर सशक्त बनी रहें।

*आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम*

पुनर्वासित महिलाओं के चेहरे पर अब भविष्य को लेकर नई उम्मीद और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है। जो महिलाएं कभी हिंसा और असुरक्षा के माहौल में जीवन व्यतीत कर रही थीं, वे आज रोजगार और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए महिलाओं को सम्मानजनक जीवन देने का सशक्त माध्यम बन रही है।

*बीजापुर बन रहा विकास और विश्वास का प्रतीक*

बीजापुर में चल रही पुनर्वास एवं कौशल विकास की यह पहल शासन की संवेदनशील सोच और दूरदर्शी नीति का उदाहरण है। जिला प्रशासन द्वारा पुनर्वासित परिवारों को शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
नक्सलवाद से मुक्त होकर अब बीजापुर विकास, शांति और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बना रहा है। पुनर्वासित महिलाओं की सफलता यह संदेश दे रही है कि अवसर और सहयोग मिलने पर जीवन की दिशा बदली जा सकती है।

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केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह पहुंचे रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया आत्मीय स्वागत

रायपुर 17 मई 2026/ केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के आज रायपुर आगमन पर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर  पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत किया।

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एक छोटी लापरवाही छीन सकती है पूरे परिवार की खुशियां” : जशपुर पुलिस ने हेलमेट जागरूकता बाइक रैली के माध्यम से दिया सड़क सुरक्षा का बड़ा संदेश, शराब पीकर वाहन चलाने, ओवर स्पीड और यातायात नियमों की अनदेखी से बचने की अपील

जशपुर, 17 मई 2026। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस द्वारा जिलेभर में विशेष सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। “सुरक्षित सफर–सुरक्षित जीवन” थीम पर चल रहे इस महाअभियान के तहत जिले के अलग-अलग थाना एवं चौकी क्षेत्रों में हेलमेट जागरूकता बाइक रैली निकालकर हजारों लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं हेलमेट पहनकर बाइक रैली में भाग लिया तथा आम नागरिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए यह संदेश दिया कि सड़क पर सावधानी ही जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है।

जानकारी के अनुसार 16 मई 2026 को थाना बागबहार, कांसाबेल, तुमला, लोदाम, आस्ता तथा चौकी ऊपर कछार, पंडरापाठ, मनोरा, कोतबा एवं करडेगा क्षेत्र में हेलमेट जागरूकता रैली निकाली गई। वहीं 17 मई 2026 को थाना सन्ना, बगीचा, नारायणपुर, फरसाबहार एवं चौकी सोनक्यारी क्षेत्र में पुलिस द्वारा बाइक रैली के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। रैली के दौरान पुलिस जवानों ने शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तथा चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने की समझाइश दी। साथ ही शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, तेज रफ्तार से बचने और सभी यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की गई।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर हादसों में कमी लाना है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। ऐसे में हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपाय लोगों की जान बचाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अभियान के दौरान पुलिस द्वारा लोगों को यह भी बताया गया कि सड़क पर वाहन चलाते समय की गई छोटी सी गलती किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनते हुए सुरक्षित वाहन संचालन करना चाहिए।

रैली के दौरान कई स्थानों पर लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई तथा सुरक्षित ड्राइविंग का संकल्प भी दिलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा एवं जनजागरूकता का यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जिलेभर में जारी रहेगा।

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वनांचल के लोगों को बड़ी सौगात,धरमजयगढ़ के गंवरघुटरी में बनेगा 100 बिस्तरों का अत्याधुनिक बहुउद्देशीय अस्पताल

रायपुर 17 मई 2026। रायगढ़ जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम गंवरघुटरी अब स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल और राज्य शासन की जनकल्याणकारी सोच के परिणामस्वरूप यहां 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक बहुउद्देशीय अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इस अस्पताल के निर्माण से धरमजयगढ़ सहित आसपास के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों, विशेष रूप से आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम गंवरघुटरी, तहसील धरमजयगढ़ की 2 हेक्टेयर भूमि 30 वर्ष की अस्थायी लीज पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को आबंटित की गई है। इस भूमि पर फाउंडेशन द्वारा गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शनिवार को प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत रायगढ़ जिले के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर संभाग के जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ जिलों की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को भूमि आबंटन आदेश की प्रति सौंपते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ प्रदेश के वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री  देवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष तौर पर उपस्थित थे। 

उल्लखेनीय है कि यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का एक बड़ा केंद्र बनेगा। वर्तमान में धरमजयगढ़ और आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारी या विशेष उपचार के लिए रायगढ़, बिलासपुर अथवा अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल बनने के बाद स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीणों को त्वरित उपचार मिल सकेगा। अस्पताल में सामान्य चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन उपचार, जांच सुविधाएं तथा अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेगी। इससे वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर मजबूत होगा और ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।
  
अस्पताल का संचालन गरीबों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जाएगा। शासन द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार भूमि का उपयोग केवल अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्यों के लिए ही किया जा सकेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। शासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि भूमि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाए तथा समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इसका निरीक्षण किया जाता रहे।

राज्य शासन के इस फैसले का वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अस्पताल निर्माण से न केवल बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और अन्य सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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तपकरा में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त मकानों के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला, जांच के बाद 21 प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि स्वीकृत,लाफ़रवाही पर पटवारी को जारी हुआ नोटिस

जशपुरनगर 17 मई 2026/ ग्राम तपकरा में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त मकानों के मुआवजा नहीं मिलने संबंधी शिकायत पर प्रशासन ने तत्परता से जांच कार्रवाई की है। इस संबंध में तहसीलदार तपकरा द्वारा तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर मुआवजा स्वीकृत किया जा चुका है। जांच उपरांत कुल 21 प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा स्वीकृत किया गया है। जिसमें 20 परिवारों को आंशिक मकान क्षति तथा 01 परिवार को पूर्ण मकान क्षति के लिए आरबीसी 6-4 के अंतर्गत सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही मुआवजा विलंब के लिए संबंधित पटवारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

     तहसीलदार तपकरा ने बताया कि तहसील न्यायालय में शिकायत प्राप्त हुई थी कि ग्राम तपकरा में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित कुछ परिवारों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित हल्का पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा सभी प्रभावित परिवारों के आवेदन मंगाकर उनकी विस्तृत जांच की गई। कोटवार एवं आवेदकों के बयान दर्ज करने के पश्चात न्यायालयीन परीक्षण कर प्रकरणों का निराकरण किया गया। तहसीलदार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन द्वारा सभी पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है और शीघ्र ही संबंधित परिवारों को राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।

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वायरल ऑडियो से हिला प्रशासन!” — ड्राइवर से अभद्र बातचीत पड़ी भारी, जांजगीर के कार्यपालन अभियंता तत्काल सस्पेंड, अफसरशाही की भाषा पर उठे बड़े सवाल

रायपुर 17 मई 2026 :
जांजगीर-चांपा जिले में एक वायरल ऑडियो क्लिप ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही इस ऑडियो रिकॉर्डिंग ने सरकारी सिस्टम की कार्यशैली और अफसरशाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला श्री शशांक सिंह और उनके विभागीय वाहन चालक श्री शशिकांत साहू के बीच हुई मोबाइल बातचीत का है, जिसमें कथित तौर पर बेहद अभद्र भाषा, धमकी भरे शब्द और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणियां सुनाई दीं। सोशल मीडिया से लेकर सरकारी दफ्तरों तक सिर्फ एक ही चर्चा — “साहब की भाषा और व्यवहार आखिर इतना नीचे कैसे गिर गया?”
ऑडियो वायरल होते ही जिले भर में इसकी चर्चा शुरू हो गई और मामला सीधे प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंच गया।

बताया जा रहा है कि 12 मई 2026 को दोनों के बीच फोन पर तीखी बातचीत हुई थी। इसके बाद किसी ने इस बातचीत की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल कर दी। अगले ही दिन स्थानीय अखबारों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर यह मामला सुर्खियों में छा गया। वायरल ऑडियो सुनने के बाद लोग हैरान रह गए कि एक वरिष्ठ अधिकारी अपने ही अधीनस्थ कर्मचारी से किस तरह की भाषा में बात कर रहा है। चर्चा यह भी रही कि बातचीत के दौरान जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी अपमानजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे पूरा मामला और गंभीर हो गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जांजगीर-चांपा ने तत्काल संज्ञान लिया। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी को जांच सौंपी गई, जिन्होंने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और पूरे घटनाक्रम की जांच की। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया यह साफ माना गया कि कार्यपालन अभियंता द्वारा अपने अधीनस्थ चालक से अमर्यादित और अपमानजनक व्यवहार किया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि मोबाइल बातचीत के दौरान अशोभनीय शब्दों का प्रयोग हुआ और कर्मचारी को प्रताड़ित करने जैसी स्थिति बनी। प्रशासन ने माना कि इस पूरे घटनाक्रम से जिले की प्रशासनिक छवि धूमिल हुई है और जनता के बीच गलत संदेश गया है।

जांच रिपोर्ट सामने आते ही जल संसाधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए श्री शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कदाचार का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग तय किया गया है। हालांकि नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले के सरकारी दफ्तरों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। लोग कह रहे हैं कि अब अधिकारियों की कार्यशैली और कर्मचारियों के साथ व्यवहार भी जांच के दायरे में आने लगा है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस कार्रवाई को जरूरी और उदाहरणात्मक बताया है। वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि वायरल ऑडियो ने सरकारी दफ्तरों के भीतर चल रही “साहबशाही” की असली तस्वीर सामने ला दी है। जिले में अब हर कोई यही चर्चा कर रहा है कि आखिर एक वायरल ऑडियो ने कैसे एक बड़े अधिकारी की कुर्सी हिला दी।

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विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के दौरान रायगढ़ में नई क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल लैब) का उद्घाटन किया। इस लैब से सक्ति और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।


रायगढ़, 17 मई 2026। सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ के राजामहल के पास क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल लैब) का विधिवत शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। अब हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए नमूनों को बिलासपुर भेजने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
        इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आज के समय में अपराधों की जांच केवल पारंपरिक तरीकों से संभव नहीं है। वैज्ञानिक साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच अपराधियों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। रायगढ़ में इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से पुलिस को बड़ी सुविधा मिलेगी और अपराध अनुसंधान अधिक प्रभावी होगा। 
     प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला के शुभारंभ को रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में एफएसएल लैब शुरू होने से अपराध जांच की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। अब स्थानीय स्तर पर ही वैज्ञानिक परीक्षण होने से पुलिस को समय पर जांच रिपोर्ट मिलेगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा।
               बता दें कि अब तक पुलिस को ब्लड सैंपल, विसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल और अल्कोहल जांच के लिए बिलासपुर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे जांच प्रक्रिया में समय लगता था और कई मामलों के निराकरण में देरी होती थी। लेकिन रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल शुरू होने के बाद अधिकांश परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव होंगे। इससे विवेचना की समय-सीमा घटेगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
              सीन ऑफ क्राइम यूनिट रायगढ़ के संयुक्त संचालक डॉ. पी.एस. भगत ने बताया कि वर्तमान आपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच को विशेष महत्व दिया गया है। वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका लगातार बढ़ रही है, ऐसे में यह प्रयोगशाला क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला रायगढ़ में अधिकारियों और कर्मचारियों सहित कुल 28 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर जल्द नियुक्तियां की जाएंगी। इससे लैब की कार्यक्षमता और जांच प्रक्रिया दोनों को मजबूती मिलेगी। रायगढ़ की सीन ऑफ क्राइम यूनिट के लिए अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट वाहन भी स्वीकृत किया गया है। यह वाहन घटनास्थल पर तुरंत पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और तकनीकी जांच में मदद करेगा। इससे मौके पर ही प्रारंभिक फॉरेंसिक परीक्षण संभव हो सकेगा और साक्ष्यों के संरक्षण में भी सुधार आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय एफएसएल की शुरुआत से अपराध जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी, वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंच आसान होगी और न्यायिक प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। 
               इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गभेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, खरसिया नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री अरुणधर दीवान, श्रीकांत सोमावार, श्री महेश साहू, श्री सुरेश गोयल, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री विकास केडिया, श्री गुरूपाल भल्ला, श्री अरुण कातोरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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