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पत्थलगांव में देसी कट्टा और दो कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत भेजा गया जेल

जशपुर। जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हथियार रखने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 एवं 27 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को शाम करीब 3:21 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि मुकेश सिंह सिदार (32 वर्ष), निवासी ग्राम ढोढ़ी टिकरा, थाना पत्थलगांव, अपने पास अवैध देसी कट्टा लेकर चिड़रा पारा क्षेत्र में घूम रहा है।

सूचना मिलते ही पत्थलगांव थाना पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। गवाहों की मौजूदगी में तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास देसी कट्टा कहां से आया और इसे किस उद्देश्य से रखा गया था। मामले की जांच जारी है।

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नशे में बेटे ने पिता की लकड़ी की फाड़ी से की हत्या, मामूली विवाद बना खूनी वारदात; आरोपी गिरफ्तार

जशपुर/नारायणपुर। जशपुर जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कलिया में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। मामूली विवाद के बाद शराब के नशे में धुत बेटे ने अपने ही पिता की लकड़ी की फाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी की फाड़ी भी बरामद कर ली है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को अजय कुमार नाग (30) ने थाना नारायणपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह खेती के काम से अपनी पत्नी और बच्चों के साथ खेत गया हुआ था। घर पर उसके माता-पिता और बड़ा भाई पूना राम नाग मौजूद थे। शाम करीब 4 बजे रिश्तेदार ने सूचना दी कि उसके बड़े भाई ने पिता बंधु नाग (52) की हत्या कर दी है।

सूचना मिलते ही अजय घर पहुंचा तो आंगन में पिता का शव खून से लथपथ पड़ा मिला। पूछताछ में उसकी मां ने बताया कि आरोपी पूना राम नाग शराब के नशे में घर आया था। पिता द्वारा काम-धंधा नहीं करने की बात कहने पर दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्से में आरोपी ने आंगन में पड़ी लकड़ी की फाड़ी उठाकर पिता के सिर और कनपटी पर कई वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

रिपोर्ट के आधार पर नारायणपुर थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी की फाड़ी भी बरामद कर ली गई।

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी पूना राम नाग (35), निवासी ग्राम कलिया, थाना नारायणपुर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कोमल सिंह नेताम, पीएसआई संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक पुरन पटेल, आरक्षक कुलदीप खलखो तथा नगर सैनिक ओम प्रकाश और वीरेन्द्र भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पिता की हत्या के आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है तथा मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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मुख्यमंत्री की पहल रंग लाई: 12 दिन में शुरू हुई दिव्यांग पेंशन, सीएम हेल्पलाइन बनी जरूरतमंदों की सबसे बड़ी उम्मीद

जशपुरनगर 19 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सीएम हेल्पलाइन प्रदेश के नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रही है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों और जरूरतमंद लोगों के लिए यह व्यवस्था राहत और विश्वास का केंद्र साबित हो रही है। सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का भी समयबद्ध निराकरण किया जा रहा है।

ऐसा ही एक मामला जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी प्रमनाथ मिर्रे का है।

 पेंशन शुरू कराने के लिए लगातार प्रयासों के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था।

आखिरकार उनके पुत्र प्रताप मिर्रे ने 20 जून को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। परिणामस्वरूप महज 12 दिनों के भीतर उनकी शिकायत का निराकरण कर दिया गया और प्रमनाथ मिर्रे को दिव्यांग पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो गया।

प्रमनाथ मिर्रे और उनके परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो कार्य अनेक प्रयास से नहीं हो पा रहा था वह सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से कुछ ही दिनों में पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था दिव्यांगों और जरूरतमंद नागरिकों के लिए अत्यंत सुविधाजनक और भरोसेमंद साबित हो रही है तथा आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध करा रही है।

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टुकुपखना में जमीन को लेकर बवाल! एक पक्ष ने लगाए मारपीट और दुष्कर्म की धमकी के आरोप, दूसरे पक्ष ने बताया साजिश

पत्थलगांव । जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रघुनाथपुर के टुकुपखना में जमीन विवाद में जमकर मारपीट हो गई । धान की बुआई के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। एक पक्ष ने आरोप लगाया है कि दूसरे पक्ष के लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर खेत में पहुंचे तथा दो ट्रैक्टरों से खड़ी धान की फसल रौंद दी। विरोध करने पर महिलाओं और पुरुषों के साथ मारपीट की गई।

पीड़ित पक्ष के संजय बड़ा सहित अन्य ग्रामीणों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि भगवानो यादव एवं उसके परिवार के लोग जबरन खेत में घुसे, जातिसूचक गालियां देते हुए उन्हें खेत से खदेड़ दिया। शिकायत में मिलो बाई के साथ मारपीट कर घायल करने तथा बीच-बचाव करने पहुंची एक युवती के साथ अभद्रता, जबरन ले जाने और दुष्कर्म की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ितों ने ग्राम सरपंच गरीब साय समेत 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, दूसरे पक्ष के भगवानो यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि विवादित भूमि खसरा नंबर 73/14, रकबा 0.421 हेक्टेयर राजस्व अभिलेख में धनेश्वर पिता लालो के नाम दर्ज है, लेकिन दूसरा पक्ष उस पर अवैध रूप से दावा कर रहा है। ग्राम सरपंच गरीब साय ने भी बताया कि उनके सामने महिलाओं के बीच कहासुनी और झूमाझटकी हुई थी, जबकि अन्य गंभीर आरोप सही नहीं हैं। 

एडिशनल एसपी राकेश पाटनवार ने बताया कि धान रोपाई के दौरान दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई है। मामले में 10 लोगों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर रही है।

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जशपुर में पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका की संयुक्त समन्वय बैठक, नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

जशपुरनगर, 19 जुलाई। जशपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शनिवार को पुलिस, अभियोजन और शासकीय अधिवक्ताओं की संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे तथा डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, अभियोजन की मजबूती और न्यायालयों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी, विवेचक, अभियोजन अधिकारी तथा शासकीय अधिवक्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान लंबित प्रकरणों की समीक्षा, दोषमुक्ति मामलों की निगरानी, एफएसएल एवं डीएनए रिपोर्ट की उपलब्धता तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS-2023) के प्रावधानों के प्रभावी पालन पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जनार्दन खरे ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी को दोषसिद्धि बढ़ाने का आधार बताते हुए प्रत्येक प्रकरण में समय-सीमा और विधिक प्रावधानों का गंभीरता से पालन करने पर बल दिया।

डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने अधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS-2023) के तहत सत्र ट्रायल, वारंट ट्रायल, समन ट्रायल और संक्षिप्त ट्रायल की प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य पीड़ितों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने विवेचना में तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वैज्ञानिक जांच के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए।

बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक माह की 7 तारीख तक सभी दोषमुक्ति प्रकरणों की जानकारी उपसंचालक अभियोजन कार्यालय को भेजी जाए। साथ ही जप्ती कार्रवाई की वीडियोग्राफी, न्यायालय में उसके प्रदर्शन, आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दर्ज गवाहियों का पृथक अभिलेख रखने तथा एफएसएल और डीएनए रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त करने के लिए संबंधित प्रयोगशालाओं से नियमित समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

डीआईजी एवं एसएसपी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना, प्रभावी अभियोजन और सभी संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय से ही न्यायालयों में दोषसिद्धि दर बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक प्रकरण में नए विधिक प्रावधानों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और न्याय व्यवस्था के प्रति आम जनता का विश्वास और मजबूत हो।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी चंद्रशेखर परमा, विनोद मंडावी, दिलीप कोसले, डीएसपी भवेश समरथ, डीएसपी आशा तिर्की, डीपीओ विपिन कुमार, एडीपीओ आरती कटकवार, राहुल गुप्ता, मेरी रोजालिया कुजूर सहित अभियोजन अधिकारी, शासकीय अधिवक्ता एवं जिले के विवेचक उपस्थित रहे।

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श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा : पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का द्वितीय दिवस संपन्न ,श्रीकृष्ण जन्म एवं बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन सुन भाव-विभोर हुए हजारों श्रद्धालु

दोकड़ा। श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा में आयोजित पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का द्वितीय दिवस शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कथा वाचक एवं छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कीर्तन गायक श्री कामता प्रसाद शरण जी ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतार, जन्मोत्सव तथा उनकी बाल एवं अलौकिक लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण एवं संगीतमय वर्णन किया। कथा का रसपान कर उपस्थित हजारों श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर हो गए।
कथा के दौरान श्री कामता प्रसाद शरण जी ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है और धर्म संकट में पड़ता है, तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी अत्याचार और अन्याय के अंत के लिए हुआ। उन्होंने कंस के अत्याचार, माता देवकी और वसुदेव की कारागार में पीड़ा तथा भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।कथावाचक ने वसुदेव द्वारा नवजात श्रीकृष्ण को यमुना नदी पार कर गोकुल पहुंचाने, माता यशोदा की गोद में पालन-पोषण, माखन चोरी, गोप-बालकों के साथ बाल लीलाएं, पूतना वध, कालिय नाग दमन तथा गोवर्धन धारण जैसी अनेक दिव्य लीलाओं का सजीव वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला मानव जीवन को प्रेम, करुणा, धर्म, सत्य और लोककल्याण का संदेश देती है।
कथा के दौरान संगीतमय भजनों और मधुर कीर्तन से पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा। श्रद्धालु जय श्रीकृष्ण और जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ भक्ति रस में डूबे रहे। कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ एवं श्रीकृष्ण के चरणों में सुख, शांति, समृद्धि और विश्व कल्याण की प्रार्थना की।यह पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा के गजपति महाराज एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के विशेष सानिध्य में आयोजित की जा रही है। प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक कथा एवं संगीतमय भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।श्री जगन्नाथ मंदिर समिति ने बताया कि आगामी दिनों में भी कथा के साथ भजन-कीर्तन, महाआरती एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के चलते पूरे दोकड़ा क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्सव का वातावरण बना हुआ है।

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निवेशकों की पहली पसंद बना छत्तीसगढ़, निवेश-अनुकूल माहौल में देश के बड़े राज्यों में नंबर-1

रायपुर19 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निवेशक-हितैषी नीतियों, सुशासन और प्रशासनिक सुधारों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी स्पष्ट दिखाई देने लगा है। क्रिसिल-नीति आयोग इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) 2026 में छत्तीसगढ़ ने नियमों में आसानी (Regulatory Ease) और संस्थागत माहौल (Institutional Environment) जैसे निवेश के सबसे महत्वपूर्ण मानकों में देश के 17 बड़े राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं पर्यावरणीय लचीलेपन (Environment Resilience) में राज्य दूसरे स्थान पर रहा है। यही नहीं, निवेशकों के बढ़ते विश्वास का परिणाम है कि पिछले 18 महीनों में छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के उद्योग भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरकार की बागडोर संभालने के बाद से ही निवेश, उद्योग और रोजगार को प्राथमिकता देते हुए शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया है। उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की इसी नीति का परिणाम है कि राष्ट्रीय स्तर के स्वतंत्र आकलन में छत्तीसगढ़ ने कई स्थापित औद्योगिक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

क्रिसिल और नीति आयोग के संयुक्त आकलन में राज्य को कुल 47.5 अंक प्राप्त हुए हैं। समग्र रैंकिंग में छत्तीसगढ़ 17 बड़े राज्यों में नौवें स्थान पर है, लेकिन निवेशकों के भरोसे से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण मानकों में उसका प्रदर्शन देश में सर्वश्रेष्ठ रहा है।

*कारोबार शुरू करना पहले से कहीं आसान*

नियमों में आसानी (Regulatory Ease) के मानक में छत्तीसगढ़ को 12 में से 8.4 अंक मिले हैं, जो राजस्थान, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों से भी अधिक हैं। यह मानक इस बात का आकलन करता है कि किसी उद्योग को मंजूरी मिलने में कितना समय लगता है, एनओसी, निर्माण अनुमति, बिजली और पानी के कनेक्शन कितनी तेजी से उपलब्ध होते हैं, वाणिज्यिक न्यायालय कितनी प्रभावी ढंग से कार्य करते हैं और व्यवसाय बंद करने की प्रक्रिया कितनी सरल है।

इस श्रेणी में पहला स्थान मिलने का सीधा अर्थ है कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों को कम प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। अनुमतियां तेजी से मिलती हैं, अनुपालन की लागत कम है और निवेशकों को हर स्तर पर बेहतर प्रशासनिक सहयोग प्राप्त होता है।

*मजबूत संस्थागत व्यवस्था बनी निवेशकों की ताकत*

संस्थागत माहौल में भी छत्तीसगढ़ ने 6 में से 4.5 अंक प्राप्त कर देश के बड़े राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। यह श्रेणी शासन की गुणवत्ता, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, श्रमिक विवाद, नीतिगत स्थिरता और शिकायतों के त्वरित समाधान जैसे पहलुओं का मूल्यांकन करती है।

इस उपलब्धि से स्पष्ट है कि राज्य में स्थिर, भरोसेमंद और निवेशक-अनुकूल प्रशासनिक व्यवस्था विकसित हुई है। उद्योगों को नीति में निरंतरता, त्वरित निर्णय और विवादों के शीघ्र समाधान का लाभ मिल रहा है, जिससे दीर्घकालीन निवेश का विश्वास मजबूत हुआ है।

*पर्यावरणीय सुरक्षा में भी अग्रणी*

पर्यावरणीय लचीलापन के मानक में छत्तीसगढ़ देश के बड़े राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा है। राज्य को 5 में से 4 अंक प्राप्त हुए हैं और इस श्रेणी में केवल तमिलनाडु उससे आगे है। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी के मामले में भी छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन बड़े राज्यों के औसत से काफी बेहतर रहा है।

इसका अर्थ यह है कि औद्योगिक परिसंपत्तियां और आपूर्ति श्रृंखला अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित हैं, जिससे दीर्घकालीन निवेश के लिए राज्य की विश्वसनीयता और बढ़ती है।

*संसाधनों और वित्तीय अनुशासन ने बढ़ाया भरोसा*

संसाधनों की उपलब्धता के मामले में छत्तीसगढ़ बड़े राज्यों में तीसरे स्थान पर है। राज्य देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला एवं लिग्नाइट उत्पादक है तथा धातु और अधात्विक खनिजों के उत्पादन में भी अग्रणी राज्यों में शामिल है।

वित्तीय स्वास्थ्य के मानक में राज्य को 7 में से 5.4 अंक प्राप्त हुए हैं, जो मजबूत वित्तीय प्रबंधन और नीतिगत स्थिरता का संकेत हैं। राज्य के सकल मूल्य वर्धित  में उद्योग क्षेत्र की 52.8 प्रतिशत हिस्सेदारी इसे देश की सबसे अधिक औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं वाले राज्यों की श्रेणी में स्थापित करती है।

*भरोसेमंद बिजली और सशक्त कार्यबल*

छत्तीसगढ़ की एक बड़ी ताकत उसकी ऊर्जा उपलब्धता भी है। राज्य में उद्योगों को पर्याप्त और भरोसेमंद बिजली प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध हो रही है। महिलाओं की कार्यबल में 58.1 प्रतिशत भागीदारी बड़े राज्यों के औसत से लगभग 41 प्रतिशत अधिक है। वहीं कारोबार बंद करने की प्रक्रिया में कानूनी और अन्य संबंधित खर्च भी देश में सबसे कम लागत वाले राज्यों में शामिल हैं।

*सुधारों की नई पहचान बना छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने निवेश को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से उद्योगों को आकर्षक प्रोत्साहन दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ जन विश्वास अधिनियम का दूसरा संस्करण लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना, जिसके तहत 279 छोटे कारोबारी अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 लागू कर जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था लागू करने वाला भी छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है। इससे उद्योगों पर अनावश्यक नियामकीय बोझ कम हुआ है और निवेश प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल एवं पारदर्शी बनी है।

*एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था का नया केंद्र*

नवा रायपुर में देश के पहले एआई डेटा सेंटर पार्क का निर्माण तेजी से चल रहा है। लगभग 1,000 करोड़ रुपए के निवेश से विकसित हो रही इस परियोजना की क्षमता एक लाख GPU तक होगी। इसके साथ ही हाइपरनेक्स्ट के माध्यम से देश का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर भी छत्तीसगढ़ में स्थापित किया जा रहा है। इससे राज्य उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बन रहा है।

*आठ लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, नई अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव*

राज्य सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों और निवेशकों के अनुकूल वातावरण का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि ढाई साल में छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, एग्रो-प्रोसेसिंग और अन्य उच्च प्रौद्योगिकी आधारित उद्योग शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि क्रिसिल-नीति आयोग इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन हमारी सुशासन आधारित नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर देश की मुहर है। नियमों में आसानी और संस्थागत माहौल में देश के बड़े राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि हमने उद्योगों और निवेशकों के लिए भरोसेमंद, सरल और तेज़ व्यवस्था विकसित की है।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि रोजगार, औद्योगिक विकास और समावेशी आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार तैयार करना है। औद्योगिक विकास नीति, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, डिजिटल अधोसंरचना और एआई जैसे उभरते क्षेत्रों में किए गए सुधारों के परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहे हैं। हमें विश्वास है कि छत्तीसगढ़ देश के सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्यों में अपनी पहचान को और मजबूत करेगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति देगा।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज अनुसंधान, मूल्य संवर्धन और आधुनिक तकनीकों को मिलेगा बढ़ावा, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मिलेगी नई मजबूती


रायपुर, 19 जुलाई 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "क्रिटिकल मिनरल मिशन" एवं "आत्मनिर्भर भारत" के विजन को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक, सतत एवं मूल्यवर्धित उपयोग की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) और जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी), नागपुर के मध्य आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व, सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद,  तथा प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। 
              एमओयू के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान, खनन, खनिज संसाधनों के मूल्य संवर्धन तथा क्रिटिकल मिनरल्स के विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही राज्य में उपलब्ध खनिज संपदा का योजनाबद्ध, समयबद्ध एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को गति मिलेगी।
               एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री पंकज कुलश्रेष्ठ ने अपने संबोधन में अनुसंधान आधारित खनिज विकास, नवाचार और संस्थागत सहयोग के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह साझेदारी राज्य एवं देश के खनिज क्षेत्र के लिए दूरगामी परिणाम देने वाली पहल साबित होगी। भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर ऑफ माइंस डॉ. बी.एल. गुर्जर ने सीएमडीसी एवं खनिज साधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि दोनों संस्थाओं का तालमेल राज्य के खनिज क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान कर रहा है। 
                 कार्यक्रम में सीएमडीसी के महाप्रबंधक श्री यू.के. कुरैशी ने निगम की 25 वर्षों की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, संचालित खनिज परियोजनाओं, भविष्य की कार्ययोजनाओं तथा सेवा प्रदाता के रूप में निगम की सफल पहलों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उपलब्ध खनिज संसाधनों की अपार संभावनाओं तथा उनके वैज्ञानिक एवं समावेशी दोहन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। वहीं रीजनल कंट्रोलर ऑफ माइंस श्री प्रेम प्रकाश ने सीएमडीसी की टिन एवं कोरंडम परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं तथा खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता एवं वैधानिक प्रक्रियाओं को मजबूती मिली है।
                 जेएनएआरडीडीसी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान रेड मड से गैलियम एवं वैनेडियम तथा बॉक्साइट के उप-उत्पादों से स्कैंडियम की पुनर्प्राप्ति (रिकवरी) पर महत्वपूर्ण अनुसंधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे शोध भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
                 एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर जनरल एवं जेएनएआरडीडीसी के निदेशक श्री पंकज कुलश्रेष्ठ तथा सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक श्री संजय कनकने ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि सीएमडीसी एवं जेएनएआरडीडीसी के बीच यह सहयोग खनिज अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग तथा सतत खनन को नई दिशा देगा।
                   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज क्षेत्र में हासिल यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, मूल्य संवर्धन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को विकास का आधार बना रही है। यह पहल न केवल प्रधानमंत्री के क्रिटिकल मिनरल मिशन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध खनिज संपदा का सुनियोजित उपयोग कर राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगी।
           कार्यक्रम में सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक श्री संजय कनकने ने स्वागत उद्बोधन दिया उन्होंने एमओयू को खनिज क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह साझेदारी भविष्य में राज्य के खनिज विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

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नई दिल्ली के ताज होटल में छत्तीसगढ़ पर्यटन का दमदार प्रदर्शन, FAITH Conclave 2026 में देशभर के पर्यटन विशेषज्ञों ने सराही प्रदेश की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत

रायपुर, 19 जुलाई 2026। देश के पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र की अग्रणी संस्था फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी (FAITH) द्वारा होटल ताज, नई दिल्ली में आयोजित फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए राष्ट्रीय पर्यटन परिदृश्य में प्रदेश की सशक्त पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की। सम्मेलन में देशभर से आए पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी विशेषज्ञों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल एजेंट्स, विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों के प्रतिनिधियों, ट्रैवल मीडिया तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ के पर्यटन विषय पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, जनजातीय एवं साहसिक पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों को बताया कि छत्तीसगढ़ अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, अद्वितीय जनजातीय जीवन, घने वन, जलप्रपातों, पुरातात्विक धरोहरों, वन्यजीव संपदा और आध्यात्मिक स्थलों के कारण देश के सबसे विशिष्ट पर्यटन गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है।

पैनल चर्चा के दौरान प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार, नई पर्यटन नीतियों, निजी निवेश की संभावनाओं, सामुदायिक सहभागिता, ईको-टूरिज्म, होम-स्टे, धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज पर्यटन तथा सतत पर्यटन विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई। साथ ही देश-विदेश से आए टूर ऑपरेटरों एवं पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ का भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन अनुभवों से रूबरू होने का आमंत्रण दिया गया।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रदेश नहीं, बल्कि अनुभव आधारित पर्यटन का एक उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, निवेश और स्थानीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ आएं, यहां की अनूठी संस्कृति, आतिथ्य और पर्यटन स्थलों का अनुभव करें तथा राज्य को अपने पर्यटन परिपथों में प्रमुख स्थान दें।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए अधोसंरचना, डिजिटल प्रचार-प्रसार, निवेश अनुकूल वातावरण, निजी क्षेत्र की भागीदारी और गुणवत्तापूर्ण पर्यटन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट एवं पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने विभिन्न राज्यों, ट्रैवल एजेंसियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से साझेदारी बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ में पर्यटन व्यवसाय की नई संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रस्तुति को उपस्थित प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सराहा तथा राज्य की विविध पर्यटन संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई। पर्यटन विशेषज्ञों ने माना कि प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, साहसिक और जनजातीय पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के पास अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें प्रभावी प्रचार-प्रसार और साझेदारी के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।

 फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन की यह प्रभावशाली भागीदारी देश के पर्यटन मानचित्र पर राज्य की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने, नए निवेश आकर्षित करने, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नेटवर्क से जुड़ने तथा "अनदेखा भारत" के रूप में छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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राशिफल: आज किस राशि को मिलेगा भाग्य का साथ, किसके करियर और कारोबार में आएगी बड़ी सफलता, पढ़ें सभी राशियों का हाल

मेष (Aries):
आज का दिन आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से अटके कार्यों में गति आएगी। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जबकि व्यापारियों के लिए नए सौदे लाभदायक साबित हो सकते हैं। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा और किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus):
आज धैर्य और समझदारी से लिए गए निर्णय आपके लिए लाभकारी सिद्ध होंगे। व्यवसाय में नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन मेहनत का उचित फल मिलेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है। निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। स्वास्थ्य को लेकर खानपान में सावधानी रखें।

शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini):
आज का दिन नई संभावनाओं से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी। व्यापार में लाभ के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा। पारिवारिक मामलों में संयम बनाए रखें, छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचें। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक साबित होगी।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer):
भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। परिवार के किसी सदस्य की सलाह आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नौकरी में कार्यभार बढ़ेगा, लेकिन सफलता भी मिलेगी। व्यापार में सामान्य लाभ रहेगा। आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें, विशेषकर पेट संबंधी समस्याओं से बचाव रखें।

शुभ रंग: सिल्वर
शुभ अंक: 2

सिंह (Leo):
आज आपकी नेतृत्व क्षमता लोगों को प्रभावित करेगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। व्यवसाय में नए संपर्क भविष्य में लाभ दिला सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या सम्मान मिलने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।

शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo):
आज मेहनत का पूरा परिणाम मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल होंगी। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुलेंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन पर्याप्त आराम करना जरूरी है।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

तुला (Libra):
आज संतुलित व्यवहार आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेगा। नौकरी और व्यापार दोनों में प्रगति के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में लाभ होगा, लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। प्रेम संबंधों में विश्वास मजबूत होगा। यात्रा के दौरान सावधानी रखें।

शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 7

वृश्चिक (Scorpio):
आज आत्मविश्वास के साथ किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापार में नई योजनाएं लाभ देंगी। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन तनाव से बचने का प्रयास करें।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 8

धनु (Sagittarius):
आज भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नौकरी और व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। लंबी यात्रा का योग बन सकता है।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn):
आज धैर्य और अनुशासन से सफलता मिलेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में सोच-समझकर निवेश करें। परिवार में किसी वरिष्ठ सदस्य का मार्गदर्शन लाभदायक रहेगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और नियमित दिनचर्या अपनाएं।

शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius):
आज नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं। नौकरी में कार्यों की सराहना होगी। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। परिवार में प्रेम और सहयोग का वातावरण रहेगा। मित्रों के साथ समय अच्छा बीतेगा। आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों को सफलता मिलने के योग हैं।

शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4

मीन (Pisces):
आज का दिन रचनात्मक कार्यों के लिए अनुकूल रहेगा। नौकरी और व्यापार में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन नियमित व्यायाम लाभदायक रहेगा।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 7

रविवार का दिन सूर्य देव की आराधना के लिए शुभ माना जाता है। प्रातःकाल सूर्य को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र का जाप करें। इससे आत्मविश्वास, ऊर्जा और सकारात्मकता में वृद्धि होगी।

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जशपुर के डीपीएस प्राइमरी बालाजी में पेरेंट्स-टीचर मीटिंग और शिक्षक प्रशिक्षण का सफल आयोजन, 'करके सीखो कॉन्सेप्ट' पर जोर, आधुनिक शिक्षण तकनीकों से शिक्षकों को किया गया प्रशिक्षित

जशपुरनगर। डीपीएस प्राइमरी बालाजी में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) और शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लेकर बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, व्यवहार और सर्वांगीण विकास पर शिक्षकों के साथ विस्तार से चर्चा की।

बैठक के दौरान विद्यालय की शिक्षिका प्रमिला तिर्की ने अभिभावकों को विद्यालय के "करके सीखो कॉन्सेप्ट" की जानकारी देते हुए बताया कि इसी व्यावहारिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की कक्षा में सहभागिता, गृहकार्य, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और व्यक्तिगत प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की तथा घर पर बच्चों के बेहतर अध्ययन और व्यक्तित्व विकास के लिए उपयोगी सुझाव भी दिए।

अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था, अनुशासन और आधुनिक शिक्षण पद्धति की सराहना करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।

विद्यालय की प्राचार्य जयंती सिन्हा ने कहा कि बच्चों की सफलता में विद्यालय और परिवार दोनों की समान भूमिका होती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के विकास के लिए विद्यालय के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने की अपील की।

पीटीएम के बाद शिक्षकों के लिए आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में आधुनिक शिक्षण तकनीकों, रचनात्मक शिक्षण, कक्षा प्रबंधन, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग, विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं और संवाद कौशल पर विशेषज्ञों ने विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में समूह चर्चा, गतिविधियों और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से शिक्षकों ने नई शिक्षण विधियों को सीखा और उन्हें नियमित शिक्षण में अपनाने का संकल्प लिया।

विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के प्रोफेशनल विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इससे शिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होता है और विद्यार्थियों को बेहतर एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यालय, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करते हैं तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक और उपयोगी कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

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राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का दम: कोलकाता में धमतरी के PACS ड्रोन मॉडल को मिली बड़ी पहचान, डिजिटल कृषि नवाचार की देशभर में सराहना

रायपुर, 18 जुलाई 2026/ कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोनो धान्यो ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की अभिनव पहल PACS ड्रोन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली। कार्यक्रम में जिले द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से संचालित ड्रोन सेवाओं, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा किसान पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री) जैसे नवाचारों की सराहना की गई। समारोह के मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री दिलीप घोष थे। 

कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी श्री जयंत नाहटा ने PACS के माध्यम से कृषि उन्नयन“ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भाग लेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन सेवाओं के विस्तार तथा PACS को ’वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर’ के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से ड्रोन द्वारा तरल उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले की एक अभिनव पहल है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में PACS के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाएं, फसल सर्वेक्षण, किसान पंजीयन, वित्तीय एवं बैंकिंग सेवाओं सहित विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी तथा किसानों को तकनीक आधारित सुविधाओं का लाभ सहजता से प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी-व्हीएलई को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल शासन के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव, भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव तथा सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अखिल कुमार सहित देशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं सीएससी प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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'समस्या तुंहर, समाधान हमर' बना सुशासन का नया मंत्र, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- अब दफ्तरों के चक्कर नहीं, एक कॉल पर होगा समयबद्ध समाधान

रायपुर, 16 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ने अपने संचालन के पहले ही महीने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 13 जुलाई 2026 तक इसके माध्यम से 42 हजार 653 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। इनमें 13 हजार 600 शिकायतकर्ताओं ने समाधान से संतुष्ट होकर स्वयं सकारात्मक अभिमत के साथ अपने प्रकरण बंद कराए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या का त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 आज आमजन और शासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर उभर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 का अधिकाधिक उपयोग करें तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी दें, ताकि हर जरूरतमंद नागरिक तक इस व्यवस्था का लाभ पहुँच सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज कराने की सुविधा नहीं है, बल्कि यह सरकार की जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित कार्यसंस्कृति का सशक्त उदाहरण है। हेल्पलाइन चौबीसों घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित होती है। इसके लिए समर्पित कॉल सेंटर में पर्याप्त मानव संसाधन तैनात हैं, जो लगातार शिकायतें दर्ज कर संबंधित विभागों तक पहुँचाते हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है तथा तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग आठ हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं, जिससे प्रत्येक शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ऐसा प्रशासन विकसित कर रही है, जहाँ नागरिकों को अपनी समस्या लेकर कार्यालय-दर-कार्यालय भटकना न पड़े। अब केवल एक फोन कॉल के माध्यम से शिकायत दर्ज होती है, उसकी सतत मॉनिटरिंग होती है और निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाता है। इससे शासन और जनता के बीच संवाद अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी हुआ है तथा प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित यह व्यवस्था सुशासन को व्यवहार में उतारने का प्रभावी माध्यम बन रही है। आने वाले समय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का दायरा और अधिक व्यापक किया जाएगा, ताकि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक भी त्वरित और गुणवत्तापूर्ण प्रशासनिक सेवाएँ पहुँच सकें।

विभागवार आँकड़े बताते हैं कि ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागों से संबंधित शिकायतें सर्वाधिक प्राप्त हुईं। वहीं समाधान के मामले में भी इन विभागों ने उल्लेखनीय कार्य करते हुए क्रमशः 3,066, 2,530 और 1,314 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया।

महज एक माह में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 ने यह साबित कर दिया है कि जब शासन संवेदनशीलता, तकनीक और जवाबदेही के साथ कार्य करता है, तब सुशासन का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुँचता है। "समस्या तुंहर, समाधान हमर" की भावना के साथ संचालित यह पहल आज विकसित छत्तीसगढ़ के जन-केंद्रित, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन मॉडल की मजबूत पहचान बन चुकी है।

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'विक्रम-1' बना आत्मनिर्भर भारत की नई ताकत, वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार का विश्व को दिया संदेश : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 18 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित भारत के पहले निजी कक्षीय प्रक्षेपण यान विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे देश के अंतरिक्ष इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन की नीतियों के फलस्वरूप आज भारत वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में नई पहचान बना रहा है। विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण इसी परिवर्तनकारी सोच का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

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शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी! मनोरा में संकुल समन्वयकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, स्थानीय संसाधनों से बच्चों को रोचक ढंग से पढ़ाने पर फोकस

मनोरा। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बीआरसीसी कार्यालय मनोरा में विकासखंड शिक्षा विभाग एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संकुल शैक्षिक समन्वयकों (सीएसी) की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-केंद्रित और गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला का मार्गदर्शन विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम एवं बीआरसीसी आशुतोष शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को बच्चों के लिए रोचक और व्यवहारिक बनाना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण में खेल-खेल में सीखने की विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया।

प्रशिक्षकों ने 'दूर-पास', 'आगे-पीछे' और 'छोटा-बड़ा' जैसी मूलभूत अवधारणाओं को बच्चों तक सरल तरीके से पहुँचाने के उपाय बताए। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री जैसे पत्तियां, डंडियां, पेंसिल आदि के माध्यम से तार्किक सोच और गणितीय समझ विकसित करने के नवाचार साझा किए गए। कार्यशाला में संकुल विकास योजना निर्माण एवं प्रधान पाठक प्रोजेक्ट पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

विद्यालयों में लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास के लिए बाल कैबिनेट के गठन तथा बाल शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से स्कूल मॉनिटरिंग के लिए चेकलिस्ट उपलब्ध कराई गई तथा मुस्कान पुस्तकालय के संचालन हेतु रजिस्टर प्रारूप भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि पुस्तकालय के रजिस्टरों का संधारण स्वयं विद्यार्थियों से कराया जाए, जिससे उनमें जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास हो सके।

कार्यशाला में मनोरा विकासखंड के सभी संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से सत्यदीप प्रसाद, अजीत कुमार सिदार, सरिता टोप्पो, लोकनाथ प्रसाद यादव, संजय प्रसाद यादव, राम लखन यादव, निर्दोष कुमार, प्रेम कुमार यादव, प्रेमलाल बर्मन, दिनेश त्रिपाठी, मुनेश्वर यादव, प्रशांत सड़ंगी, विवेक गुप्ता, किशोर यादव, पवन कुमार सिंह, हरीश कुमार महंत, जागेश्वर प्रसाद यादव, उपेंद्र कुमार पंकज, कालेश्वर राम भगत, सुमन भगत, राजेश विश्वकर्मा, सुरेश कुमार राम, लक्ष्मी नारायण भगत, बीरबल राम एवं सुरेश कुजूर सहित अन्य शिक्षाविद उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण एवं नवाचार आधारित प्रयासों से मनोरा विकासखंड के विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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कांसाबेल के मरीजों को बड़ी राहत: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया एम्बुलेंस का लोकार्पण, अब आपातकाल में मिलेगी तेज और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

जशपुरनगर 18 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को बंदरचुवां में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय द्वारा जनहित में प्रदत्त एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर लोकार्पण किया। यह एम्बुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांसाबेल में तैनात रहेगी और क्षेत्र के मरीजों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय को जनहित में एम्बुलेंस प्रदत्त करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए इस प्रकार की पहल अनुकरणीय है। उन्होंने श्री सालिक साय के जनसेवा के प्रति समर्पण और समाजहित में उनके योगदान की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं आमजन मौजूद रहे।

      जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने बताया कि एम्बुलेंस का रखरखाव, चालक का मानदेय तथा ईंधन सहित इसके संचालन का संपूर्ण व्यय उनके द्वारा वहन किया जाएगा। यह एम्बुलेंस क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान मरीजों को अस्पताल तक लाने-ले जाने के लिए उपलब्ध रहेगी, जिससे कांसाबेल क्षेत्र के लोगों को त्वरित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

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नशा मुक्ति केंद्र में युवाओं ने जाना नशे का दर्द, मेरा युवा भारत जशपुर के एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम ने दिया समाज को सकारात्मक संदेश

जशपुरनगर, 18 जुलाई 2026/ मेरा युवा भारत (MY Bharat) जशपुर द्वारा जिला प्रशासन जशपुर के समाज कल्याण विभाग के समन्वय तथा ग्राम विकास समिति द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र, जशपुरनगर में 13 जुलाई से 17 जुलाई तक एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम (ELP) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने नशा मुक्ति केंद्र में उपचाररत व्यक्तियों से संवाद कर उनके जीवन अनुभवों को जाना। उन्होंने समझा कि किन परिस्थितियों और कारणों से लोग नशे की ओर आकर्षित होते हैं, नशा छोड़ने की प्रक्रिया में उन्हें किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा इस दौरान परिवार और समाज का सहयोग कितना महत्वपूर्ण होता है।

प्रतिभागियों ने यह भी जाना कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए समय पर जागरूकता, उचित परामर्श, सकारात्मक पारिवारिक एवं सामाजिक वातावरण तथा खेल, शिक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। इस अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों को नशा मुक्ति के सामाजिक, मानसिक एवं मानवीय पहलुओं को निकट से समझने का अवसर मिला।

मेरा युवा भारत जशपुर ने युवाओं से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा अपने आसपास के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

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विज्ञान में जशपुर का परचम—कलेक्टर रोहित व्यास ने राज्य स्तरीय विद्यार्थी विज्ञान मंथन कैंप में चयनित 7 होनहार विद्यार्थियों का किया सम्मान, कहा- रटने नहीं, प्रयोगों से सीखें विज्ञान

जशपुर 18 जुलाई 2026/ कलेक्टर रोहित व्यास ने शनिवार को विद्यार्थी विज्ञान मंथन स्टेट लेवल कैंप रायपुर में शिरकत किए 07 विद्यार्थियों को कलेक्ट्रेट में सम्मानित किया। 

इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिले के विद्यार्थी विज्ञान और गणित विषय में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों का आगे आना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से रटकर पढ़ाई करने के बजाय प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान को समझने की बात कही । विषयों के अध्ययन में अवधारणात्मक स्पष्टता भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों की प्रयोगशालाएं बहुत अच्छी हैं, उनमें उपलब्ध उपकरणों का भरपूर उपयोग करते हुए आप अध्ययन करें। कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विज्ञान भारती के प्रयासों की भी सराहना करते हुए संस्था का आभार व्यक्त किया।

विज्ञान भारती के प्रांतीय महासचिव डॉ वारा प्रसाद कोला ने कहा कि जशपुर जिले में विगत वर्ष 4000 से अधिक विद्यार्थियों ने विद्यार्थी विज्ञान मंथन की परीक्षा दी थी। इस वर्ष भी हम सृजन और नवाचार की भावना को प्रेरित करने के लिए अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाना चाहेंगे। 

कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंन्हा, विद्यार्थी विज्ञान मंथन के राज्य समन्वयक गौरव वर्मा उपस्थित रहे। 

जिन विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया उनमें सेजेस कुनकुरी से अर्पित शर्मा , सेजेस कोतबा से रोहन साहू, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ढोढीडांड से कु. मोनिका बाई, कु. सोनिका बाई, सेजेस पतराटोली से निशा कुजूर , आयुषी पन्ना रहे हैं। ये सभी विद्यार्थी विगत नवंबर 2025 में जिला स्तर पर आयोजित लेवल 1 और लेवल 2 की परीक्षा में पूरे प्रदेश के टॉप-25 विद्यार्थियों में चयनित हुए थे। कक्षा छठवीं से 11वीं तक के विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षाएं आयोजित की गई थी। पूरे प्रदेश में दस हजार से अधिक बच्चों ने यह परीक्षा दी थी। जिसमें प्रत्येक कक्षा से 25 विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तर के लिए हुआ है। 

कार्यक्रम में वीवीएम के जशपुर जिला समन्वयक विवेक पाठक, एडीपीओ विनय सिन्हा, यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय, एबीईओ टुमनू गोसाई, शिक्षिका श्रीमती मीनाक्षी श्रीवास्तव, श्रीमती जेन सेलेस्टिन तिर्की सहित सभी विद्यार्थियों के अभिभावक सम्मिलित रहे।

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