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जहां कभी विकास की राह रोकती थीं दुर्गम वादियां, वहां अब सुशासन का सेतु बनकर खड़ा है कोण्डापल्ली का बेली ब्रिज; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा— बस्तर के अंतिम छोर तक पहुंचेगा विकास

रायपुर 2 जून 2026/जहां कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां विकास की राह में चुनौती बनती थीं, वहां आज आधुनिक अधोसंरचना नए अवसरों के द्वार खोल रही है। 

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचकर बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्र के विकास में उसकी भूमिका की जानकारी लेते हुए इसे बदलते बस्तर की नई तस्वीर का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि वे दूरस्थ क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाले मजबूत माध्यम हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो।

*कम समय, कम लागत और अधिक मजबूती की तकनीक*

भारतीय सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित यह बेली ब्रिज बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक किफायती, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनका निर्माण सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में किया जा सकता है तथा इन्हें मात्र एक माह के भीतर तैयार किया जा सकता है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए यह तकनीक अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।

*बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बने विकास के वाहक*

उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है। इन पुलों के निर्माण से दूरस्थ गांवों तक आवागमन सुगम हुआ है तथा लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ी राहत मिली है। इन संरचनाओं ने क्षेत्र में विकास और जनसेवाओं के विस्तार को नई गति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के श्रमिक और युवा ही विकास यात्रा के वास्तविक निर्माणकर्ता हैं। उन्होंने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके अनुभव भी साझा किए।

*बदलते बस्तर की नई पहचान*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में अधोसंरचना विकास के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का सशक्त प्रतीक है। यह उस नए बस्तर की पहचान है, जहां विकास अब दूरस्थ गांवों और दुर्गम अंचलों तक मजबूती से पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

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सुशासन शिविर खारीबहार में मेधावियों का हुआ भव्य सम्मान, 5वीं-8वीं से लेकर 10वीं-12वीं तक के टॉपर्स पर बरसी तालियां, फरसाबहार शिक्षा जगत ने रचा सफलता का नया इतिहास

नारायणपुर। विकासखंड फरसाबहार के खारीबहार में आयोजित सुशासन शिविर उस समय शिक्षा उत्सव में बदल गया, जब विभिन्न संकुलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर सम्मानित किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कक्षा पांचवीं, आठवीं, दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों के चेहरों पर भी गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विकासखंड फरसाबहार का शैक्षणिक परिणाम इस वर्ष काफी बेहतर और सराहनीय रहा है। केंद्रीयकृत परीक्षा कक्षा पांचवीं एवं आठवीं के साथ-साथ बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और बारहवीं में भी विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विकासखंड का नाम रोशन किया है। इसी उपलब्धि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सुशासन शिविर में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

खारीबहार शिविर के अंतर्गत छह संकुलों के विद्यालय शामिल रहे, जिनमें चार हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भी शामिल हैं। इन संकुलों से कुल 26 छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने स्तर पर सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। सभी मेधावियों को मंच पर बुलाकर प्रमाण-पत्र, पुरस्कार और शुभकामनाएं प्रदान की गईं।

संकुल केंद्र अंकिरा से कक्षा पांचवीं में अंश यादव एवं चंदना चक्रेश, कक्षा आठवीं में राज चौहान एवं फिजा साव, कक्षा दसवीं में प्रिंस कुमार पंडा तथा कक्षा बारहवीं में सौम्य साव को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के नामों की घोषणा होते ही उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

इसी प्रकार संकुल केंद्र कोरंगामाल से कक्षा पांचवीं में चन्द्रमा चौहान, विनय नायक, आशना लकड़ा और काव्या सोरेन, कक्षा आठवीं में लक्षित साह एवं सरोन लकड़ा, कक्षा दसवीं में आकांक्षा तिर्की तथा बारहवीं में प्रेरणा टोप्पो को सम्मान प्रदान किया गया। इन विद्यार्थियों की सफलता को क्षेत्र के अन्य छात्रों के लिए प्रेरणादायक बताया गया।

संकुल केंद्र बाबूसाजबहार से कक्षा पांचवीं के संस्कार डनसेना एवं कक्षा आठवीं की निहारिका साने को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कार दिया गया। वहीं संकुल केंद्र बारो से कक्षा पांचवीं में मालती यादव, कक्षा आठवीं में मधुबाला तथा कक्षा दसवीं में प्रियंका सिदार को सम्मानित किया गया।

संकुल केंद्र लवाकेरा के विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यहां से कक्षा पांचवीं में ज्योत्सना सिंह एवं देवाशीष चौहान, कक्षा आठवीं में आयुष जयपुरिया, कक्षा दसवीं में भारती विश्वकर्मा तथा कक्षा बारहवीं में कुसुम सिंह को सम्मान मिला। वहीं संकुल केंद्र गारीघाट से कक्षा पांचवीं की देवान्ती पैंकरा एवं कक्षा आठवीं की रश्मि पैंकरा को पुरस्कार प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की गई।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों का मार्गदर्शन और पालकों का सहयोग मिलकर सफलता की नई कहानियां गढ़ता है। मेधावियों को सम्मानित करने का उद्देश्य अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दुलारी सिंह उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती संध्या सिंह, जनपद सदस्य श्री वासुदेव नायक, श्रीमती अम्बिका बड़ाइक, श्री हरीशंकर यादव, श्री राजकुमार सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष तपकरा श्री दिलीप साहू, पूर्व मंडल अध्यक्ष श्री कपिलेश्वर सिंह तथा भाजपा युवा मोर्चा के श्री सत्यम सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके अलावा अनुभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार फरसाबहार एवं तपकरा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बीईओ, सहायक बीईओ, बीआरसी, संकुल शैक्षिक समन्वयक, प्राचार्य, शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी, पालकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

सुशासन शिविर में हुए इस सम्मान समारोह ने न केवल मेधावी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि यह भी साबित किया कि ग्रामीण अंचलों के बच्चे प्रतिभा और परिश्रम के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उनके निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहने की कामना की गई।

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कभी नक्सल संगठन में थे मासा तामो और जयमोती, आज किराना दुकान से कमा रहे सम्मान की रोटी; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला

रायपुर 2 जून 2026/प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। चौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी।यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी।

मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।

*बंदूक से रोजगार तक का सफर*

मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया।

उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया।

लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

*पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार*

बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई।

*अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है*

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।

उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है।

*बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।

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डैम की लहरों पर दौड़ी महिलाओं की उड़ान: ‘मुस्कान’ समूह ने नाव को बनाया रोजगार का जरिया, आत्मनिर्भरता की लिखी नई कहानी

रायपुर , 02 जून 2026/ कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल बन रही हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई है। सूरजपुर जिले के पहाड़गांव स्थित पिलखा डैम की शांत जलराशि पर दौड़ती नावें अब केवल पर्यटकों को सैर नहीं करातीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, साहस और सफलता की कहानी भी सुनाती हैं।

यह कहानी है मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की, जिसने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हौसलों को पतवार बनाकर आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार की। समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सिंह और सचिव श्रीमती यशोदा दास के नेतृत्व में 10 महिलाओं ने पर्यटन क्षेत्र में कदम रखा और बोटिंग गतिविधि शुरू कर अपनी पहचान बना ली।

शुरुआत आसान नहीं थी। संसाधनों की कमी, तकनीकी जानकारी का अभाव और संचालन से जुड़ी अनेक चुनौतियां सामने थीं। लेकिन इन महिलाओं ने हार मानने के बजाय चुनौतियों को अवसर में बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने बोटिंग संचालन, सुरक्षा प्रबंधन और पर्यटकों की सुविधाओं की जिम्मेदारी स्वयं संभाली और धीरे-धीरे अपने प्रयासों को सफलता में बदल दिया।

आज पिलखा डैम आने वाले पर्यटक उत्साह के साथ बोटिंग का आनंद लेते हैं। इस पहल से समूह ने अब तक 74 हजार रुपये की आय अर्जित की है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
समूह की सदस्य बताती हैं कि पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे पर्यटन गतिविधियों का संचालन करेंगी और स्वयं रोजगार सृजित करेंगी। आज वे अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की यह सफलता दर्शाती है कि अवसर और विश्वास मिलने पर ग्रामीण महिलाएं किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। पिलखा डैम की लहरों पर चल रही यह नाव अब केवल पर्यटन का साधन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत की सशक्त पहचान बन चुकी है।

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जनजातीय इतिहास का सबसे बड़ा संगम बनकर उभरा दिल्ली का डीलिस्टिंग आंदोलन,गृह मंत्री अमित शाह ने बिरसा मुंडा के उलगुलान से की तुलना, गणेश राम भगत के नेतृत्व की सराहना, आज शाम 6 बजे जशपुर बस स्टैंड पर भव्य नागरिक अभिनंदन


जशपुर। जनजातीय समाज के अधिकारों, संस्कृति संरक्षण और डीलिस्टिंग जैसे मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन के राष्ट्रीय विमर्श में आने के बाद इसका प्रभाव अब जशपुर जिले तक स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक श्री गणेश राम भगत का आज 2 जून 2026 को शाम 6 बजे जशपुर आगमन हो रहा है। उनके आगमन को लेकर जशपुर, सरगुजा और झारखंड क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, वहीं स्थानीय स्तर पर बस स्टैंड जशपुर में भव्य नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक विशाल जनजातीय जनसमागम में देशभर की लगभग 550 जनजातियों के करीब 2 लाख लोगों ने भाग लेकर एक ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराई। इस आयोजन को जनजातीय समाज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है, जहां पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्र हुए और अपनी संस्कृति, परंपरा, सामाजिक पहचान तथा अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा गया। इस कार्यक्रम के दौरान डीलिस्टिंग आंदोलन को लेकर व्यापक चर्चा हुई, जो अब राष्ट्रीय स्तर पर एक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का विषय बन चुका है।

कार्यक्रम में देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति भी चर्चा का विषय रही, जहां उन्होंने जनजाति सुरक्षा मंच और इसके राष्ट्रीय संयोजक श्री गणेश राम भगत के प्रयासों की सराहना करते हुए इस आंदोलन को भगवान बिरसा मुंडा के “उलगुलान” की परंपरा से जोड़कर देखा। उन्होंने इसे जनजातीय समाज की जागरूकता और एकजुटता का प्रतीक बताते हुए “जनजातीय महाकुंभ” की संज्ञा भी दी, जिससे इस आयोजन की व्यापकता और महत्व और अधिक बढ़ गया।

इसी अवसर पर जनजाति सुरक्षा मंच के राष्टीय संयोजक गणेश राम भगत सहित प्रतिनिधिमंडल द्वारा देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपकर डीलिस्टिंग कानून को शीघ्र लागू करने की मांग की गई। ज्ञापन में जनजातीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।

सूत्रों के अनुसार श्री गणेश राम भगत पिछले लगभग 50 वर्षों से जनजातीय समाज, संस्कृति संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, परंपराओं के संवर्धन और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में यह आंदोलन अब केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

जशपुर में उनके आगमन को लेकर समर्थकों और जनजातीय समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बस स्टैंड परिसर में आयोजित होने वाले नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। सरगुजा और झारखंड से भी लोगों के आने की सूचना है, जिससे यह कार्यक्रम एक विशाल जनसमूह का रूप ले सकता है। स्थानीय स्तर पर आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी सक्रिय सहयोग किया जा रहा है।

जनजाति सुरक्षा मंच ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे शाम 6 बजे जशपुर बस स्टैंड पर पहुंचकर इस ऐतिहासिक नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम के साक्षी बनें और जनजातीय समाज के इस महत्वपूर्ण क्षण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

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वर्षों की उपेक्षा के बाद अबूझमाड़ में विकास की नई सुबह, गारपा को मिली स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और सुरक्षा की बड़ी सौगात,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा—अब विकास रुकेगा नहीं, हर गांव तक पहुंचेगी सुविधा

नारायणपुर, 02 जून 2026/
 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड स्थित अबूझमाड़ अंचल की ग्राम पंचायत गारपा में आयोजित जन चौपाल में पहुँचकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं उत्साह के साथ उनका भव्य स्वागत किया। जन चौपाल में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं, विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है। इसका उद्देश्य शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुँचाना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा, जिसके कारण यहां विकास कार्य वर्षों तक बाधित रहे। लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर और आदिवासी अंचलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह भी अनेक बार बस्तर का दौरा कर क्षेत्र के विकास एवं शांति स्थापना के प्रयासों की लगातार समीक्षा कर चुके हैं। राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचें। गारपा सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण के कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों का जीवन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी। 

उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण किए जाएंगे।
जन चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ-साथ अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खातों में जमा कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कृषि एवं आजीविका संबंधी विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा तथा पशुपालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने ग्रामीणों को रामलला दर्शन योजना, अटल डिजिटल सेवा, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बस सेवा, मनरेगा जॉब कार्ड, लखपति दीदी योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा आर्थिक गतिविधियों को और अधिक बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।


मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से नक्सलवाद में आई कमी और क्षेत्र में स्थापित हो रही शांति के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें राशन प्राप्त करने के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, जिसमें कई दिन लग जाते थे। अब शासन की पहल से सुविधाएं गांवों के नजदीक पहुंच रही हैं और लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड एवं अन्य योजनाओं के लाभार्थियों की स्थिति की भी जानकारी ली।

जन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत गारपा के सरपंच ने भूमि सुधार संबंधी त्रुटियों के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री के समक्ष निवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने ग्राम गारपा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तुमेराड़ी में दो पुलियों के निर्माण, गारपा में एक किलोमीटर आंतरिक सीसी सड़क निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण, उप स्वास्थ्य केंद्र से राजकुमार के खेत तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण, मसपुर में मुख्य मार्ग से गुडरापारा तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण तथा आश्रम शाला गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। 
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से गारपा में पुलिस थाना खोलने की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखा गया तथा ग्रामीणों ने विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उपेक्षित रहे वनांचल क्षेत्रों में आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। श्री कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है।
 
उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण,मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रवासी  उपस्थित थे।

जन चौपाल के माध्यम से मुख्यमंत्री ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राज्य सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 अबूझमाड़ के गारपा में आयोजित यह जन चौपाल शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और विकास के नए अध्याय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।

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कोंडागांव में विकास का महाधमाका: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 152 करोड़ की सौगात देकर बदली बस्तर की तस्वीर, 43 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर, 02 जून 2026/सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया, हितग्राहियों से संवाद किया तथा शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 44-45 डिग्री की भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में दूर-दूर से पहुंचे ग्रामीणों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि जनता का सरकार पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह जनसहभागिता सुशासन की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

*सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता के बीच जाकर सुनना और समाधान करना*

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर यह जानना है कि योजनाओं का लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। रायपुर में बैठकर जमीनी हकीकत का आकलन नहीं किया जा सकता, इसलिए सरकार गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा और इस दौरान प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़े कनेरा का यह शिविर प्रदेश का 19वां जिला स्तरीय समाधान शिविर है, जहां लोगों का उत्साह और सहभागिता उल्लेखनीय रही।

*कोंडागांव को मिली 152 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात सड़क, सिंचाई और अधोसंरचना परियोजनाओं से बदलेगी जनजातीय अंचल की तस्वीर*

छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग में बुनियादी सुविधाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने जिले को 152 करोड़ 18 लाख 84 हजार रुपये की लागत वाले 43 महत्वपूर्ण निर्माण एवं विकास कार्यों की सौगात दी।

इन कार्यों में जनता को त्वरित लाभ पहुंचाने वाले 96 करोड़ 30 लाख 63 हजार रुपये की लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 55 करोड़ 88 लाख 21 हजार रुपये की लागत के 29 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।


*बड़े कनेरा को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात*

समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं से सड़क, पर्यटन, सामाजिक अधोसंरचना और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने नारंगी नदी स्थित स्टॉप डेम सह पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। इसके साथ ही केशकाल–बांसकोट–माकड़ी–एरला मार्ग के 53 किलोमीटर लंबे मार्ग के मजबूतीकरण कार्य को मंजूरी दी गई।

उन्होंने बड़े कनेरा से बड़ेबेंद्री, बाईकापदर और चिपावंड तक पुल-पुलियों सहित 12 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा बड़े कनेरा से नवागुड़ा तक पुल-पुलियों सहित 5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की घोषणा की।

स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़े कनेरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भवन का निर्माण कराया जाएगा। वहीं कोसारटेडा में पर्यटन विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्रामपुरी में गोंडवाना भवन तथा केशकाल में सर्व आदिवासी समाज भवन निर्माण की घोषणा भी की। इसके अलावा बड़े कनेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।

*बड़े कनेरा बना जागरूकता और नवाचार का मॉडल*

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े कनेरा एक जागरूक गांव के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री चमन लाल और पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी श्री आनंद कुमार पवार से मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के लोग योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस घर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बना है, उसी घर में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल भी स्थापित किया गया है। इससे बिजली बिल शून्य हो गया है और परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

*मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे हुए पूरे*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में  हमने "मोदी की गारंटी" के नाम से जो वादे किए थे, उनमें से अधिकांश को मात्र ढाई वर्षों के भीतर पूरा कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे 18 लाख गरीब परिवारों के लिए सरकार ने सत्ता संभालते ही आवास स्वीकृत किए। आज छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा है और इस मामले में राज्य देश में अग्रणी स्थान पर है।

*किसानों, माताओं और बहनों के लिए कई बड़ी पहल*

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। साथ ही दो वर्षों का लंबित बोनस भी किसानों को प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। आने वाले समय में 10 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

*तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनवासियों को मिला बड़ा लाभ*

मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों को छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

*अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से गांव में मिल रही 400 से अधिक सेवाएं*

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को अपनी आवश्यक सेवाओं के लिए शहरों या कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से 400 से अधिक सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इन केंद्रों में बैंकिंग सेवाएं, प्रमाण पत्र, भुगतान सेवाएं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। आने वाले समय में मोबाइल एप के माध्यम से भी लोग घर बैठे आवेदन और प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।

*जून से शुरू होगी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन*

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जून माह से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित होगी और तय अवधि में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

*बिजली बिल समाधान योजना से मिल रही राहत*

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान बढ़े बिजली बिलों से राहत देने के लिए सरकार ने विशेष योजना शुरू की है। इसके तहत बकाया राशि में छूट और आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। प्रदेश में लगभग 757 करोड़ रुपये की राहत दी जा रही है।

*हर घर सोलर की दिशा में बढ़ रहा छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हर घर जल, हर घर बिजली, हर घर शौचालय और हर घर बैंक खाता अभियान सफल हुए हैं, उसी प्रकार अब हर घर सोलर लगाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लाखों परिवारों को सब्सिडी प्रदान कर रही हैं, जिससे लोग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास और सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसी उद्देश्य से सुशासन तिहार के माध्यम से शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंच रहा है।

इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

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"मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दो टूक—सरकारी योजनाएं सिर्फ फाइलों में नहीं, जनता के जीवन में दिखना चाहिए बदलाव, सुकमा-दंतेवाड़ा-बीजापुर के अफसरों को दिया परिणाम आधारित काम का मंत्र

रायपुर 2 जून 2026/शासन-प्रशासन की वास्तविक सफलता तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आम नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, राजस्व मामलों, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आधारभूत अधोसंरचना और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस्तर संभाग के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों सहित प्रत्येक गांव और प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके माध्यम से लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाना है।

 बैठक में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, सीसीएफ श्री आलोक कुमार तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे, जबकि अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

*बस्तर मुन्ने और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर मुन्ने अभियान तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिविर आधारित सेवाओं के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का अधिकतम निराकरण किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर दो से तीन दिन तक लगातार शिविर आयोजित कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और भरोसेमंद सेवाओं का वास्तविक अनुभव होना चाहिए।

*लंबित राजस्व प्रकरणों के लिए विशेष अभियान, पुनर्वासित परिवारों को प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अभिलेख सुधार जैसे प्रकरण सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टा वितरण, पुनर्वासित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ, तथा अन्य राज्यों में रह रहे बस्तर मूल के परिवारों के पुनर्स्थापन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

*महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा “बस्तर ब्रांड” से नया बाजार*

मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों को वनोपज आधारित गतिविधियों के साथ झींगा पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन जैसे कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने शबरी नदी क्षेत्र के तालाबों को विकसित कर झींगा पालन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए तथा महिला समूहों के उत्पादों को “बस्तर ब्रांड” के रूप में विकसित कर बाजार से जोड़ने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूह केवल आर्थिक इकाइयां नहीं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन की सशक्त धुरी बन सकती हैं।

*पर्यटन, कृषि और आदिवासी उद्यमिता को नई गति*

बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, जंगल सफारी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों को स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने आदिवासी समुदाय को धान प्रसंस्करण एवं मिलिंग गतिविधियों से जोड़कर स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए।

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया।

*मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनेगी जवाबदेह प्रशासन का सशक्त माध्यम*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जिससे आम नागरिक आसानी से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की उच्च स्तर पर निगरानी होगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध समाधान संभव होगा। उन्होंने कहा कि सुशासन की असली पहचान संवेदनशील, जवाबदेह और परिणामोन्मुख प्रशासन है।

उन्होंने डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों पर विशेष जोर*

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, स्वास्थ्य सेवाओं और ई-ऑफिस संचालन की समीक्षा की। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की कमी वाले विषयों में एआई आधारित तकनीकों के उपयोग पर बल दिया तथा बीजापुर जिले की “शिक्षा मितान” पहल की सराहना की। उन्होंने स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था तथा देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रशिक्षण, व्यापक जनजागरूकता और कानूनों के प्रभावी प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी रूप से संचालित करने पर बल दिया।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है।

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अब सफर होगा आसान और सुरक्षित: 3.92 करोड़ की लागत से बने गोतमा-कोतासुरा मार्ग का लोकार्पण, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर, 2 जून 2026/वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ में 3 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से निर्मित गोतमा-कोतासुरा मार्ग का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सरल, सुरक्षित और सुगम हो जाएगी तथा ग्रामीणों को आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी।

*बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही होगी आसान*

            लोकार्पण अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही आसान होती है, व्यापार और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आधारभूत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विकास कार्यों का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को अधिक सुगम और समृद्ध बनाना है।

*मार्ग के निर्माण से गांवों के लोगों को सीधे मिलेगा लाभ*

        वित्त मंत्री ने कहा कि गोतमा-कोतासुरा मार्ग के निर्माण से आसपास के गांवों के लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और क्षेत्र के विकास को नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मार्ग सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

           इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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बस किराया बढ़ेगा या नहीं? जल्द होगा बड़ा फैसला, डीजल से किराया जोड़ने की मांग; नियम तोड़े तो बसों पर गिरेगी गाज

रायपुर, 02 जून 2026/ यात्री बसों में किराया वृद्धि की मांग को लेकर परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों की बैठक लेकर चर्चा की। विभाग ने बारी-बारी से सभी संचालकों से बात की और बस संचालन में आ रही कठिनाइयों की जानकारी ली।

           बस संचालकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पिछली बार किराया वृद्धि वर्ष 2021 में की गई थी। डीजल की मूल्य में लगातार वृद्धि होने के कारण संचालकों ने मांग रखी कि यात्री किराया डीजल के मूल्य में कमी या वृद्धि के साथ घटने-बढ़ने का स्थायी कानून बनाया जाए।

          परिवहन विभाग ने कहा कि अन्य राज्यों के दरों का तुलनात्मक अध्ययन कर नया किराया दर पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। 

*अखिल भारतीय पर्यटक परमिट पर सख्ती*  

       बैठक में अखिल भारतीय पर्यटक परमिट के संचालन पर भी चर्चा हुई। विभाग ने स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय पर्यटक परमिट का स्टेज कैरिज के रूप में संचालन किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

*बस संचालकों को दिए गए 10 अहम निर्देश*  

परिवहन विभाग ने बैठक में बस संचालकों को निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करने को कहा:  

*महिला एवं दिव्यांगजन आरक्षण*

         प्रत्येक स्टेज कैरिज में क्षमता का 25 प्रतिशत भाग महिला यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा तथा “महिलाओं के लिए आरक्षित” का बोर्ड स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। प्रत्येक बस में दिव्यांगजनों के लिए न्यूनतम 03 सीटें आरक्षित रखी जाएं और उनके चढ़ने-उतरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

*टिकट एवं रिकॉर्ड संधारण*

      प्रत्येक यात्री को पूर्व-मुद्रित टिकट जारी करना अनिवार्य होगा। टिकट में परमिट संख्या, परमिट प्रकार, वाहन क्रमांक, मार्ग, किराया, टिकट क्रमांक, जारी करने की तिथि तथा परिचालक का नाम एवं हस्ताक्षर अंकित रहेंगे। टिकट रिकॉर्ड न्यूनतम 02 वर्ष तक सुरक्षित रखना होगा।

*कर्मचारी पहचान-पत्र एवं यूनिफॉर्म* 

         प्रत्येक चालक एवं  परिचालक को पहचान-पत्र तथा यूनिफॉर्म जारी करना अनिवार्य होगा, जिसमें नाम, पता, फोटो, लाइसेंस, बैज क्रमांक, परमिट विवरण एवं वैधता अंकित रहेगी।

*वाहन में जानकारी का प्रदर्शन*

         वाहन के बाहरी भाग पर वाहन स्वामी का नाम-पता, मोबाइल नंबर, परमिट संख्या एवं प्रकार, परमिट वैधता, रूट, सेवा विवरण, पुलिस तथा परिवहन हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट अंकित किए जाएं। वाहन के अंदर चालक, परिचालक, परिचय क्रमांक एवं हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए जाएं।

*अग्नि सुरक्षा एवं आपातकालीन निकास*

           सभी यात्री बसों, स्लीपर कोच तथा स्कूल बसों में आपातकालीन निकास द्वार, आपातकालीन खिड़कियां, रूफ एस्केप हैच, आपातकालीन हथौड़े, अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था तथा प्राथमिक उपचार पेटी कार्यशील स्थिति में रखना अनिवार्य होगा। वेल्डेड स्ट्रक्चर, अवैध पार्टिशन, अतिरिक्त सीट या अन्य अवरोध से आपातकालीन निकास बाधित करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

*फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम*

         AIS-119, AIS-063 एवं AIS-135 के प्रावधानों के अनुसार लागू श्रेणी के वाहनों में Fire Detection and Alarm System तथा Fire Detection and Suppression System कार्यशील स्थिति में स्थापित होना अनिवार्य होगा।

*अवैध संरचनात्मक संशोधन पर प्रतिबंध* 

           सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना वाहन में अवैध बॉडी मॉडिफिकेशन, चेसिस एक्सटेंशन, गैंगवे अवरोध, अनाधिकृत रूपांतरण अथवा अन्य संरचनात्मक संशोधन नहीं किया जाएगा।

*परमिट शर्तों का अनुपालन*

            सभी परमिट धारक निर्धारित परमिट शर्तों, स्वीकृत मार्ग, समय-सारणी, यात्री क्षमता एवं सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

*सर्वोच्च न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग के निर्देश*

       यात्री सुरक्षा, सड़क सुरक्षा एवं बस अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम संबंधी जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए।

*नियमानुसार कार्रवाई*

           नियमों के उल्लंघन पर संबंधित वाहन परमिट धारक के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं मोटरयान नियम, 1994 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। इसमें फिटनेस निलंबन, लाइसेंस निरस्तीकरण, वाहन जब्ती, दंडात्मक कार्रवाई तथा अभियोजन शामिल हो सकता है।

             परिवहन विभाग ने कहा कि यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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खेल मैदान में उतरे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कोंडातराई के वॉलीबॉल खिलाड़ियों को बांटी खेल किट, कहा— अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व की सबसे बड़ी पाठशाला हैं खेल

रायपुर, 02 जून 2026/ वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी आज रायगढ़ के डीकेएल क्लब, कोंडातराई में आयोजित ग्रीष्मकालीन वॉलीबॉल प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने युवा खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें खेल किट वितरित की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

*खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ता है*

       वित्त मंत्री श्री चौधरी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का भी सशक्त मंच है। उन्होंने युवाओं को नियमित अभ्यास, समर्पण और मेहनत के साथ अपने खेल कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन देते हुए लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।

*खेलों के माध्यम से युवाओं को नई दिशा मिलेगी*

      वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खेलों के माध्यम से युवाओं को नई दिशा और बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इस अवसर पर प्रशिक्षक, खेल प्रेमी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी उपस्थित थे।

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कोड़ातराई को मिली 19.70 करोड़ की विकास सौगात, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया शिलान्यास-लोकार्पण, सड़क निर्माण से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

रायपुर, 2 जून 2026/ “एक ही राजनीति, विकास की राजनीति” के संकल्प के साथ वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोड़ातराई में विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 19 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से बनने वाले कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ मार्ग के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इसके साथ ही महतारी सदन निर्माण कार्य का भूमिपूजन तथा यात्री प्रतीक्षालय एवं सीसी रोड निर्माण कार्य का लोकार्पण भी किया।

          वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विकास ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के गांवों को बेहतर अधोसंरचना से जोड़ने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोड़ातराई- पुसौर-सूरजगढ़ मार्ग के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि महतारी सदन महिलाओं की सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा, जबकि यात्री प्रतीक्षालय और सीसी रोड जैसी सुविधाएं आमजन के दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएंगी।

         वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के हित में लगातार कार्य कर रही है। हमारी राजनीति केवल विकास और जनसेवा की राजनीति है, जिसका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सुविधाओं और योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, पंचायत पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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शुभकामनाओं की बौछार पर भावुक हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़वासियों के प्यार और आशीर्वाद के लिए जताया हृदय से आभार

रायपुर, 2 जून 2026/ वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने अपने जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर रायगढ़ के क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं शुभचिंतकों द्वारा दी गई शुभकामनाओं और स्नेह के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया है।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की जनता और जनप्रतिनिधियों ने जिस आत्मीयता, स्नेह और अपनत्व के साथ उन्हें शुभकामनाएं दीं, वह उनके लिए अत्यंत भावुक और हृदयस्पर्शी अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि जनस्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी और प्रेरणा है, जो उन्हें निरंतर जनसेवा और विकास कार्यों के लिए ऊर्जा प्रदान करती है।

वित्त मंत्री ने कहा, “रायगढ़ के क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर जिस आत्मीयता से मुझे शुभकामनाएं दीं, वह अत्यंत हृदयस्पर्शी रही। आप सभी का यह स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद मेरे लिए अमूल्य है। इसके लिए मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।” उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और सहयोग ही उन्हें क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी नागरिकों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया।

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सीतापुर विधायक-नायब तहसीलदार विवाद पर भड़का राजस्व अमला, पटवारी संघ ने खोला मोर्चा; गिरफ्तारी नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

जशपुर। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार से जुड़े विवाद ने अब प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में नया मोड़ ले लिया है। मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज राजस्व पटवारी संघ खुलकर सामने आ गया है। संघ ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पटवारी संघ ने अपने ज्ञापन में घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल एक शासकीय अधिकारी की गरिमा पर हमला नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के शासन को खुली चुनौती देने जैसा गंभीर मामला है। संघ का आरोप है कि घटना के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया है, जिससे कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

संघ ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी सहित कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संघ का कहना है कि यदि इस मामले में समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो शासकीय कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।

पटवारी संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि वह छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की सभी मांगों का पूर्ण समर्थन करता है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संघ बिना पूर्व सूचना के आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला पटवारी संघ जशपुर के अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव, संरक्षक अशोक मांझी, संगठन मंत्री भगवती चरण टंडन, चंद्रशेखर पटेल, यशवंत स्वर्णकार सहित बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी मौजूद रहे।

इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है। अब सभी की निगाहें शासन और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि कर्मचारी संगठनों की बढ़ती नाराजगी आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है।

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तेंदूपत्ते की कमाई से बदली तकदीर, तीखुर ने खोले आत्मनिर्भरता के नए रास्ते... बड़ेकनेरा में मुख्यमंत्री ने देखी जंगल से समृद्धि की अनोखी कहानी, बेटियों की पढ़ाई से लेकर महिलाओं की लाखों की आय तक बना मिसाल!

रायपुर 1 जून 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में वन विभाग की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर वनाधारित आजीविका से आए सकारात्मक बदलावों को नजदीक से जाना। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिला स्व-सहायता समूहों, विद्यार्थियों और किसानों से मिलकर उनकी जीवन यात्रा, संघर्ष और योजनाओं से हुए परिवर्तन की कहानियों को सुना। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि गांवों में सम्मानजनक आजीविका, शिक्षा, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार तैयार करना है।

मुख्यमंत्री श्री साय सबसे पहले तेंदूपत्ता संग्राहक श्रीमती वेदबती यादव के घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवारजनों से आत्मीय चर्चा की। श्रीमती यादव ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 3720 गड्डी तेंदूपत्ता संग्रहित कर 20 हजार 460 रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण अब उनके परिवार के लिए आय का भरोसेमंद माध्यम बन गया है। मुख्यमंत्री ने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वन संपदा पर आधारित आजीविका ग्रामीण परिवारों की आर्थिक मजबूती का सशक्त माध्यम बन रही है।

मुख्यमंत्री ने वन धन विकास केंद्र मर्दापाल से जुड़ी मां शीतला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती विमला भोयर से भी चर्चा की। श्रीमती भोयर ने बताया कि उन्होंने इस सीजन में एक माह के भीतर 85 किलोग्राम तीखुर का प्रसंस्करण कर लगभग 85 हजार रुपये की आय अर्जित की है। उन्होंने बताया कि पहले वन उत्पाद सीमित उपयोग तक रह जाते थे, लेकिन प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से अब आय के नए अवसर बने हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्थानीय संसाधनों पर आधारित ग्रामीण उद्यमिता का प्रेरक उदाहरण बताया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री का जामुन, आम और तीखुर से बने पारंपरिक शरबत से स्वागत किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार की बेटी राजबती मंडावी से भी संवाद किया। राजबती को कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर तेंदूपत्ता हितग्राही छात्रवृत्ति योजना के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली है। मुख्यमंत्री ने उसकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि वन आधारित योजनाएं केवल आजीविका तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का भी माध्यम बन रही हैं। उन्होंने राजबती को आगे की पढ़ाई के लिए शुभकामनाएं देते हुए मेहनत और शिक्षा को सफलता का आधार बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम के किसान श्री गौतम यादव द्वारा मक्के की खेती के साथ तालाब में किए जा रहे मत्स्य पालन का भी अवलोकन किया। श्री यादव ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि उन्नति योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे खेती और मत्स्य पालन को एकीकृत कर आय में निरंतर वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती, वानिकी और मत्स्य पालन का समन्वित मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

बड़ेकनेरा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से अधिकाधिक वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण नहीं बचाते, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को जीवन, सुरक्षा और समृद्धि भी प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान वन विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। मर्दापाल परिक्षेत्र में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत दो किसानों को 5,500 नीलगिरी पौधे वितरित किए गए। तेंदूपत्ता हितग्राही छात्रवृत्ति योजना के तहत विद्यार्थियों को 25-25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति तथा राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को कुल 6 लाख 30 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

बड़ेडोंगर परिक्षेत्र में किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत किसानों को 2,500 नीलगिरी पौधे वितरित किए गए। एक तेंदूपत्ता संग्राहक को 20,460 रुपये का भुगतान किया गया तथा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि प्रदान की गई। वन प्रबंधन समिति कमेला को लाभांश के रूप में 8 लाख 46 हजार रुपये की राशि भी प्रदान की गई। नारंगी परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य के तहत एक हितग्राही को 21,873 रुपये 50 पैसे का भुगतान तथा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वन विभाग की योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण परिवारों की आजीविका, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिलाओं, किसानों और विद्यार्थियों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है और वन आधारित अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में सशक्त आधार बन रही है।

इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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टपकती छत से पक्के आशियाने तक का सफर... बरसों का दर्द हुआ खत्म, मुख्यमंत्री ने खुद कराया गृह प्रवेश, अब चैन की नींद सोएगा चमन लाल का परिवार!

रायपुर 1 जून 2026/ कभी बारिश की बूंदों के साथ टपकती छत, आंधी-तूफान की चिंता और कच्चे घर की असुरक्षा में गुजरती रातें… लेकिन अब वही परिवार पक्के घर की सुरक्षित छत के नीचे सुकून और सम्मान के साथ नई जिंदगी की शुरुआत कर रहा है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही श्री चमन लाल पवार के नवनिर्मित आवास में सपरिवार गृह प्रवेश कराकर एक परिवार के वर्षों पुराने सपने को साकार किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने परिवार से आत्मीय संवाद करते हुए उनके जीवन में आए बदलाव की जानकारी ली और कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति के जीवन में वास्तविक परिवर्तन सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर एक विशेष उपलब्धि भी सामने आई। श्री चमन लाल का आवास बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास बन गया है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित किया गया है। यह पहल ग्रामीण विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है। एक ही परिवार को आवास सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा सुविधा का लाभ मिलना शासन की समन्वित विकास सोच को भी प्रतिबिंबित करता है।

श्री चमन लाल पवार ने बताया कि वर्षों तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में छत टपकती थी और तेज हवा या खराब मौसम में पूरी रात चिंता में बीतती थी। बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार डर बना रहता था। उन्होंने कहा कि अब पक्का मकान मिलने के बाद जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का एहसास हुआ है।

श्री पवार ने कहा कि अब बारिश और आंधी-तूफान की चिंता नहीं रहती। छत नहीं टपकेगी और पूरा परिवार चैन की नींद सो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह मकान केवल एक घर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा, आत्मविश्वास और नए जीवन की शुरुआत है।

*एक परिवार, कई जनकल्याणकारी योजनाओं का संबल*

श्री चमन लाल का परिवार शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है। उनकी पत्नी श्रीमती घंसतीन बाई तथा बहू श्रीमती संगीता पवार को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। खेती-किसानी के लिए भी परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं का सहयोग मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

*पीएम आवास और पीएम सूर्य घर का अभिनव संगम*

परिवार ने अपने नए घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित कराया है, जिससे घरेलू बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है और बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाओं को मजबूत करने वाला उदाहरण बन गया है।

बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास, जहां पीएम सूर्य घर योजना का लाभ भी जुड़ा है, शासन की बहु-आयामी और समन्वित विकास नीति का प्रतीक बनकर सामने आया है। यह पहल केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित जीवन, आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण जैसे व्यापक लक्ष्यों को भी आगे बढ़ा रही है।

*मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान श्री चमन लाल पवार और उनके परिवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और पीएम सूर्य घर योजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

ग्राम बड़ेकनेरा का यह परिवार इस बात का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है कि जब शासन की योजनाएं प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब वे केवल सुविधाएं नहीं देतीं, बल्कि जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और नई उम्मीदों का संचार करती हैं।

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150 साल पुरानी धरोहर का खुला खजाना! बड़े कनेरा में मिलीं दुर्लभ पांडुलिपियां, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देखा इतिहास का अनमोल खजाना, कहा— “यही है हमारी असली सांस्कृतिक पहचान

रायपुर 1 जून 2026/ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा से जुड़े अमूल्य विरासत संरक्षण के प्रयासों को नई प्रेरणा देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा का दौरा किया। यहां उन्होंने ज्ञान भारतम् अभियान के तहत संरक्षित लगभग 150 वर्ष पुरानी उड़िया भाषा में लिखित प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया और उनके संरक्षण में जुटे परिवारों की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम निवासी श्री रामूराम यादव से मुलाकात कर उनके पास सुरक्षित रखी गई आठ प्राचीन पांडुलिपियों को देखा तथा उनके इतिहास, उपयोग और संरक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें केवल पुस्तकीय विरासत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली की जीवंत पहचान हैं। इन्हें संरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने पीढ़ियों से इन पांडुलिपियों को सहेजकर रखने वाले परिवारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज की भागीदारी के बिना सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण संभव नहीं है। जिन परिवारों ने दशकों तक इन धरोहरों को सुरक्षित रखा है, वे वास्तव में हमारी ज्ञान-संपदा के संरक्षक हैं।

इस अवसर पर बड़े कनेरा के श्री हरदू कश्यप, श्री परमेश्वर मानिकपुरी, अमरावती के श्री त्रिलोचन मानिकपुरी, श्री पुरसोती राम मौर्य तथा कोपरा ग्राम के श्री चमरू नाग ने भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने बताया कि ये पांडुलिपियां उनके दादा-परदादाओं के समय से परिवारों में संरक्षित हैं और आज भी अत्यंत सावधानीपूर्वक सुरक्षित रखी जाती हैं।

संरक्षकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इन पांडुलिपियों में पंजीयार, पंजी, पुराण, पंचांग तथा चक्रकूट पंचांग जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं, जिनका उपयोग परंपरागत ज्ञान, धार्मिक अनुष्ठानों, सामाजिक व्यवस्थाओं तथा ज्योतिषीय गणनाओं में किया जाता रहा है। इन ग्रंथों में स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक विधानों और समय गणना की विशिष्ट प्रणालियों का भी उल्लेख मिलता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पांडुलिपियों के अध्ययन की प्रक्रिया, उन्हें पढ़ने-समझने की पारंपरिक पद्धतियों तथा वर्तमान समय में उनके संरक्षण की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में प्राचीन ज्ञान-संपदा के संरक्षण, डिजिटलीकरण और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा से जुड़ी रह सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित ज्ञान भारतम् अभियान देश की प्राचीन पांडुलिपियों, ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान भारत की बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।

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बड़ेकनेरा से मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश: महिलाओं के हाथों में आर्थिक ताकत, माताओं को सुरक्षा, बच्चों को पोषण और स्व-सहायता समूहों को संबल देकर बदल रही छत्तीसगढ़ की तस्वीर, योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद कर सीएम विष्णुदेव साय ने देखा जमीनी बदलाव का असर

रायपुर 1 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण, सुरक्षित मातृत्व, पोषण और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि जब किसी योजना का लाभ सीधे व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाता है, तभी सुशासन का उद्देश्य सार्थक होता है।

*प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को मिला बल*

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही श्रीमती मनिता मरकाम और श्रीमती खेमलता कोर्राम को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व की मजबूत आधारशिला बन रही है।

*महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आर्थिक ताकत*

महतारी वंदन योजना से लाभान्वित श्रीमती संतोषी भोयर, जो घर पर पार्लर संचालन करती हैं, तथा श्रीमती संपत्ति मानिकपुरी, जो सब्जी व्यवसाय से जुड़ी हैं, ने मुख्यमंत्री को बताया कि योजना से प्राप्त राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने और छोटे व्यवसाय को सहारा देने में सहायक सिद्ध हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती परिवार और समाज दोनों को सशक्त बनाती है।

*अन्नप्राशन संस्कार से बच्चों के स्वस्थ भविष्य की कामना*

कार्यक्रम में अंजू कोर्राम एवं पद्मनी नेताम के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर माताओं को शिशुओं के समुचित पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्षों में पोषण पर विशेष ध्यान देना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

*गोद भराई कार्यक्रम से मातृत्व का सम्मान*

गोद भराई कार्यक्रम के अंतर्गत मनीता मरकाम और गुड़िया मरकाम को सम्मानित किया गया। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, सुरक्षित प्रसव और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है और गर्भवती महिलाओं की देखभाल सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

*सुपोषण किट वितरण से कुपोषण के खिलाफ अभियान को मजबूती*

कार्यक्रम में काव्यांश और रौशनी को सुपोषण किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सुपोषण किट के माध्यम से बच्चों और माताओं को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

*सक्षम योजना और महिला कोष से आत्मनिर्भरता को नई दिशा*

कार्यक्रम में मनई यादव को सक्षम योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बन रही है।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ महिला कोष के अंतर्गत बड़ेकनेरा की एकता स्व-सहायता समूह को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई हैं और इनके माध्यम से महिलाओं में उद्यमिता, बचत और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा मिल रहा है।

*किशोरियों को मिली हाइजीन किट, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर*

कार्यक्रम में प्रिया नेताम, महिमा, नंदनी पटेल, पुष्पा नायक एवं हीना को हाइजीन किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशोरियों में स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ किशोरी ही स्वस्थ परिवार और समाज के निर्माण की आधारशिला बनती है।

कार्यक्रम में कंसोराम नेताम एवं गांधीराम नेताम को बच्चों की देखभाल तथा आंगनबाड़ी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता और पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार की साझा जिम्मेदारी ही बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रखती है।

*जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हो रहा विश्वास*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं, बच्चों और परिवारों के उत्थान के लिए संचालित योजनाएं प्रदेश को अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि जब योजनाएं लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बनती हैं, तभी सुशासन का उद्देश्य पूर्ण होता है।

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