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जगदलपुर समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव सख्त, स्वच्छता दीदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा किट वितरण के दिए निर्देश, जल जीवन मिशन की योजनाओं के बेहतर संचालन पर भी जोर

रायपुर. 7 जून 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं की जानकारी लेकर अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पांडे, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों को पूर्ण करने की तिथि विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित की गई है, इन कार्यों को समय पर पूर्ण कराने की जिम्मेदारी भी अधिकारियों की है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी तकनीकी और प्रशासनिक क्षमता का पूरा उपयोग करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना का डीपीआर तैयार करते समय संभावित समस्याओं फारेस्ट-क्लीयरेंस, भू-अर्जन, विद्युत पोल शिफ्टिंग, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का समाधान पहले से सुनिश्चित कर लें, ताकि निर्माण कार्यो में अनावश्यक विलंब न हो। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों की काउंसलिंग कर जनप्रतिनिधियों एवं वार्ड पार्षदों के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता दीदियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन करने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा किट प्रदान करने को कहा। उन्होंने शहर की नालियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा वर्षा ऋतु से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में निजी क्षेत्र की भागीदारी से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता देने, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और तालाबों की सफाई में नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्व बढ़ाने तथा नवीन राजस्व स्रोत विकसित करने के भी निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए ग्रामीणों को हर महीने निर्धारित जल कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि जल प्रदाय योजनाओं का बेहतर संचालन-संधारण किया जा सके। उन्होंने बरसात के पहले जल स्रोतों के क्लोरीनेशन और पानी टंकियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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हर इच्छुक परिवार को रोजगार दिलाने की दिशा में बड़ा कदम, जशपुर की ग्राम पंचायतों में आयोजित रोजगार दिवस में ग्रामीणों ने दर्ज कराई रोजगार मांग, योजनाओं की जानकारी लेकर उठाया लाभ

जशपुर, 07 जून 2026/  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं ग्रामीणों को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर  ग्रामीणों से रोजगार की मांग प्राप्त की गई तथा विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी प्रदान की गई।

रोजगार दिवस के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक एवं पंचायत कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्रामीणों को मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया, जॉब कार्ड निर्माण एवं संशोधन, कार्य मांग पंजीयन, मजदूरी भुगतान की व्यवस्था तथा योजना के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।

इस दौरान ग्रामीणों से आगामी कार्यों के लिए रोजगार मांग आवेदन प्राप्त किए गए तथा पात्र हितग्राहियों के नवीन जॉब कार्ड बनाने एवं पुराने जॉब कार्डों के अद्यतन का कार्य भी किया गया। पंचायत स्तर पर प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का निराकरण करते हुए ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।

रोजगार दिवस में मनरेगा के अंतर्गत संचालित जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि जिले में सोक पिट, कंटूर ट्रेंच, वॉटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच (WAT), नवा तरिया, आजीविका डबरी, तालाब, एवं वृक्षारोपण जैसे कार्यों के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का कार्य भी किया जा रहा है। इन कार्यों से जल स्तर में सुधार, कृषि उत्पादकता में वृद्धि तथा ग्रामीणों की आय बढ़ाने में सहायता मिल रही है।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, युवाओं एवं कमजोर वर्गों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मनरेगा एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई तथा उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए गए।

 रोजगार दिवस का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक इच्छुक ग्रामीण परिवार को समय पर रोजगार उपलब्ध कराना, योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। प्रशासन द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से रोजगार दिवस आयोजित कर रोजगार मांग का पंजीयन एवं समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से बदली किसान सुधीर लकड़ा की तस्वीर उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और सौर सिंचाई से बढ़ी पैदावार, कम लागत में बेहतर आमदनी

जशपुर 7 जून 2026/ खेती-किसानी आधारित जिले जशपुर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री धन–धान्य कृषि योजना (PMDDKY) किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कृषि–उन्मुख नीतियों और प्रदेश में योजनाओं की तेज गति से क्रियान्वयन के कारण किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सहायता और कृषि विभाग के निरंतर मार्गदर्शन का व्यापक लाभ मिल रहा है। इससे किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। बगीचा विकासखंड के किसान श्री सुधीर लकड़ा इस योजना के प्रत्यक्ष लाभार्थी के रूप में सामने आए हैं।

श्री सुधीर लकड़ा के पास कुल 3.400 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें उन्हें समय–समय पर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। आत्मा योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की उपलब्धता तथा सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर सिंचाई सुविधा ने उनकी खेती को सुगम और कम लागत वाला बनाया है। कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाने का अवसर मिला, जिससे उनकी उत्पादकता में सुधार हुआ।

प्रधानमंत्री धन–धान्य कृषि योजना के अंतर्गत स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा उन्हें धान के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का की खेती करने की सलाह दी गई। विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए गए 08 किलोग्राम मक्का बीज से उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल लगाई। उचित देखरेख, पोषक तत्व खाद, दवाइयों और तकनीकी मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी आमदनी अच्छी होने लगी है।

PMDDKY योजना के माध्यम से क्षेत्र में फसल उत्पादन में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, भंडारण क्षमता विकास तथा कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है। यह योजना अनाज, दलहन, तिलहन में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के साथ ही मशीनीकरण, जैविक खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

श्री सुधीर लकड़ा बताते हैं कि इस योजना ने उनकी खेती का स्वरूप बदल दिया है। विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण, उन्नत बीज और समय पर सलाह ने उनकी फसल की गुणवत्ता सुधारने में मदद की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह किसान–हितैषी योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को मिल रहा समर्थन उनकी आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।


*PMDDKY के मुख्य उद्देश्य*
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक और सशक्त बनाते हुए किसानों की आय को वर्ष 2030 तक दोगुना करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीक के माध्यम से उत्पादन में 20–30% की बढ़ोतरी, अनाज–दलहन–तिलहन में आत्मनिर्भरता, ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई से मानसून पर निर्भरता में कमी, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 5% तक घटाने हेतु भंडारण क्षमता का विस्तार, जैविक कृषि और मशीनीकरण को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही महिलाओं और युवाओं को डेयरी, मत्स्य और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों में सहयोग देकर उन्हें कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है।

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जशपुर में जल संरक्षण की अनूठी पहल: सोक पिट, डबरी, नवा तरिया और 5% मॉडल से बढ़ रहा भू-जल स्तर, खेती और ग्रामीण आजीविका को मिल रही नई मजबूती

जशपुर, 07 जून 2026: जशपुर जिले में कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार के निर्देशन में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए  विभिन्न नवाचार आधारित कार्यों को प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। मनरेगा एवं जनभागीदारी के माध्यम से सोक पिट, WAT (Water Absorption Trench), कंटूर ट्रेंच, आजीविका डबरी, नवा तरिया तथा 5% मॉडल जैसे संरचनाओं का निर्माण कर वर्षा जल संचय हेतु उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे है।
जिले में वर्षा जल के अधिकतम संचयन और भू-जल पुनर्भरण के उद्देश्य से घरों, संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सोक पिट का निर्माण कराया जा रहा है। इससे उपयोग किए गए पानी का पुनर्भरण संभव होगा साथ ही  जलभराव की समस्या में कमी आएगी। पहाड़ी एवं ढलान वाले क्षेत्रों में WAT (वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच) तथा कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के बहाव को नियंत्रित कर मिट्टी के कटाव को रोकने के साथ-साथ जल को भूमि में समाहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आजीविका डबरी का निर्माण किया जा रहा है। इन डबरियों में वर्षा जल संग्रहित होने से किसानों को रबी एवं ग्रीष्मकालीन फसलों की सिंचाई में सहायता मिलेगी साथ ही सब्जी उत्पादन, मछली पालन से उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। जिले में 495 आजीविका डबरी निर्माणाधीन है।
जल संरक्षण के क्षेत्र में नवा तरिया अभियान भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। नए तालाबों के निर्माण और पुराने जलाशयों के जीर्णोद्धार से जल भंडारण क्षमता में वृद्धि हुई है तथा पशुपालन, कृषि और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है।
इसके साथ ही जिले में 5 प्रतिशत मॉडल के तहत प्रत्येक ग्राम में कुल भौगोलिक क्षेत्र के कम से कम 5 प्रतिशत भाग को जल संरक्षण संरचनाओं से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मॉडल के माध्यम से वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।
कलेक्टर रोहित व्यास ने सभी विभागों एवं ग्रामीण समुदायों से जल संरक्षण कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन आंदोलन है। सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
जशपुर जिले में जल संरक्षण के ये प्रयास न केवल जल संकट के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, बल्कि कृषि उत्पादन, ग्रामीण आजीविका और पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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जल संरक्षण का महाअभियान: मनरेगा से गांवों में बढ़ रहा जल भंडार, हरियाली और आजीविका

रायपुर, 7 जून। जलवायु परिवर्तन, अनिश्चित वर्षा और बढ़ते जल संकट के बीच छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनअभियान आकार ले रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन, हरित विकास और आजीविका संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में विकसित हो रहा है।

अभियान के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1610 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें तालाब, डबरियां, चेकडैम, जल संवर्धन संरचनाएं, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच, खेत तालाब और अन्य जल संरक्षण कार्य शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में भूमि में रोकना, भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को सुदृढ़ करना है।

इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 11 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिनमें 57 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस प्रकार जल संरक्षण का यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है।

जल संरक्षण से आजीविका का सृजन

राज्य सरकार ने जल संरक्षण को सीधे ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज के संवेदनशील और कमजोर वर्गों की निजी भूमि पर 13,065 आजीविका डबरियों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन परिसंपत्तियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को मत्स्य पालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर मिल रहे हैं।

इसी प्रकार ‘नवा तरिया-आय के जरिया’ पहल के अंतर्गत 624 सामुदायिक तालाब विकसित किए जा रहे हैं। इन जल संरचनाओं को स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिला समूहों की आजीविका से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे जल संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल विकसित हो रहा है।

पहाड़ियों पर ट्रेंच, मैदानों में जल संचयन

प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में ढलान और पहाड़ी भूभागों पर स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (SCT) का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के तेज बहाव को रोककर उसे भूमि में समाहित होने का अवसर देती हैं। इससे मिट्टी का कटाव कम होता है, भू-जल स्तर में सुधार होता है और वृक्षारोपण को आवश्यक नमी उपलब्ध होती है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण के इस समन्वित प्रयास से हरित आवरण में वृद्धि हो रही है तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिल रही है।

तकनीक से जल संरक्षण को नई दिशा

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान की एक प्रमुख विशेषता आधुनिक तकनीकों का उपयोग है। कार्यों की वैज्ञानिक योजना और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए GIS आधारित युक्तधारा प्लानिंग, CLART एप तथा वाटरशेड सिद्धांतों का उपयोग किया जा रहा है।

भू-जल स्तर की निगरानी के लिए जलदूत प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से खुले कुओं के जल स्तर का नियमित मापन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर जल स्तर की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर जल बजट तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

पारदर्शिता और जनभागीदारी का मॉडल

मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने गांव में स्वीकृत और पूर्ण कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार दिवस, आवास दिवस, सामाजिक अंकेक्षण और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों की भागीदारी और निगरानी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भागीदारी से साझेदारी की ओर

जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है। ग्राम सभाओं, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण को लोगों के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ का ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान आज यह दिखा रहा है कि जल संरक्षण, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर ग्रामीण विकास का एक स्थायी और समावेशी मॉडल विकसित किया जा सकता है। यह अभियान केवल पानी बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि गांवों में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संतुलन की नई नींव रख रहा है।

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विश्व साइकिल दिवस पर जगदलपुर में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने युवाओं संग चलाई साइकिल फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश,

रायपुर. 7 जून 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित 'सन्डे ऑन सायकल' (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पाण्डेय और कलेक्टर श्री आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।

श्री साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

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धमतरी के ग्राम छाती में चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी, शिक्षा, संगठन और संस्कार को बताया समाज की प्रगति का आधार

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रायपुर, 07 जून 2026/   श्री चौधरी ने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्राथमिकता देता है। उन्होंने समाज के युवाओं से शिक्षा, नवाचार और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़कर राज्य एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

       वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी आज धमतरी जिले के ग्राम छाती में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाजजनों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ एवं देश के विकास में समाज की भूमिका और योगदान को और अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।

  
     श्री चौधरी ने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाए। उन्होंने समाज की गौरवशाली परंपराओं, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए आने वाली पीढ़ियों को संस्कारवान एवं सक्षम बनाने पर जोर दिया।

        कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों, वरिष्ठजनों, युवाओं एवं बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में समाज के विकास और राष्ट्र की उन्नति के संकल्प के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में “राजा रामचंद्र की जय” एवं “छत्रपति शिवाजी महाराज की जय” के उद्घोष किए गए।

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किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होने देंगे, छोटे किसानों को मिलेगी प्राथमिकता; सुपेबेड़ा पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए 7 करोड़ मंजूर, अवैध रेत उत्खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

रायपुर 7 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दें ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय आज गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के जिलों की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन के प्रति जनता की शिकायतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं। 

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार, नियमित मॉनिटरिंग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और नशा मुक्ति अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए।

बैठक में विधायक श्री रोहित साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, रायपुर संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े, आईजी श्री अमरेश मिश्रा सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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सुरक्षित मातृत्व की दिशा में बड़ा कदम: पीएमएसएमए के 10 वर्ष पूरे होने पर 9 जून को चैनपुर में लगेगा विशेष स्वास्थ्य शिविर, गर्भवती महिलाओं की होगी निःशुल्क जांच

चैनपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 9 जून 2026, मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चैनपुर एवं प्रखंड अंतर्गत सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं परामर्श प्रदान किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करना, संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान करना तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है। शिविर में गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच की जाएगी। साथ ही उन्हें पोषण, सुरक्षित प्रसव एवं नवजात शिशु की देखभाल संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जाएगी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चैनपुर के प्रखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान देशभर में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अभियान के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस विशेष शिविर को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसहयोग की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने प्रखंड क्षेत्र के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालयों के विभागाध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा गणमान्य नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। साथ ही अपने अधीनस्थ कर्मचारियों एवं क्षेत्र के लोगों को भी जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाएं शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।

विभाग का मानना है कि समय पर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श से गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। ऐसे में क्षेत्र की सभी गर्भवती महिलाओं से 9 जून को आयोजित इस विशेष शिविर में पहुंचकर निःशुल्क जांच कराने की अपील की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सुरक्षित मां और स्वस्थ शिशु ही समृद्ध समाज की आधारशिला हैं, इसलिए इस जनकल्याणकारी अभियान को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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विधायक रायमुनी भगत ने विश्व पर्यावरण दिवस पर छेड़ा हरित जनआंदोलन, जशपुर वनमंडल में हजारों पौधों के रोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

जशपुरनगर 06 जून 2026/ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र जशपुर, सन्ना सहित जिले के सभी वन परिक्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण वृद्धि एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, वन अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणजनों ने पौधारोपण कर हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने वन परिक्षेत्र जशपुर एवं सन्ना में सीता अशोक, लक्ष्मीतरु, टिकोमा एवं झारुल जैसे औषधीय, छायादार एवं फूलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन के लिए ही नहीं, बल्कि मानव जीवन, जल संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी जशपुर श्री शशि कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे जनसहभागिता के माध्यम से सतत अभियान का स्वरूप दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने वन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न हरित पहल, वृक्षारोपण कार्यक्रमों तथा वन संरक्षण गतिविधियों की जानकारी भी दी।

     कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा जैव विविधता संवर्धन के संबंध में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों को जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते तापमान, जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जशपुर वनमंडल के सभी वन परिक्षेत्रों में फलदार, छायादार एवं स्थानीय प्रजातियों के पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया गया। उपस्थित लोगों ने पौधों की सुरक्षा एवं नियमित देखभाल का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने वनों की रक्षा करने, अवैध कटाई एवं वन अपराधों की रोकथाम में सहयोग करने तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ ली। इस दौरान महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य, छात्र-छात्राएं, पर्यावरण प्रेमी, ग्रामीणजन, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। जशपुर वनमंडल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह हरित अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, हरित आवरण विस्तार करने तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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बस्तर में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने उतरे उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मिशन अमृत जल योजना से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग और तालाब सौंदर्यीकरण तक का किया सघन निरीक्षण, बरसात में जनता को परेशानी न हो इसके लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रायपुर. 6 जून 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज कोण्डागांव में विभिन्न विकास एवं अधोसंरचना निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की जानकारी की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कोंडागांव नगर पालिका में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन जल प्रदाय योजना के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रगतिरत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का जायजा लेकर परियोजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार के साथ बेहतर समन्वय बनाकर निर्माण कार्य की बाधाओं को दूर कर कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा का  विशेष ध्यान रखने को कहा।

केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 योजना के तहत कोण्डागांव में पेयजल आपूर्ति के लिए 9 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत कोण्डागांव से 25 किलोमीटर दूर कोसारटेडा बांध से पानी लाकर उसका शोधन कर नल कनेक्शनों के माध्यम से घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना का 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। योजना के तहत दो ओवरहेड टैंकों का भी निर्माण किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कोपाबेड़ा में 3 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे तालाब सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कोपाबेड़ा से शिव मंदिर तक निर्माणाधीन सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी जायजा लिया। लगभग 2.9 किलोमीटर लंबी यह सड़क 4 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से निर्मित की जा रही है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निर्माणाधीन कोण्डागांव-नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से सड़क के साथ ही इस मार्ग में बनने वाले पुल-पुलियों के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने इस प्रगतिरत सड़क के कारण बरसात में लोगों को आवाजाही में कोई समस्या न हो, इसका खास ध्यान रखने को कहा। 

श्री साव ने कोंडागांव के चिखलपुट्टी में नवनिर्मित बस स्टैंड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को यहां यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा बस स्टैंड के समुचित संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, नगर पालिका के अध्यक्ष श्री नरपति पटेल और उपाध्यक्ष श्री जसकेतू उसेंडी सहित लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

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जगदलपुर में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत देखने निकले डिप्टी सीएम अरुण साव, 101 करोड़ के फिल्टर प्लांट से लेकर नालंदा परिसर और तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का किया सघन निरीक्षण, अधिकारियों को दी समय पर काम पूरा करने की सख्त हिदायत

रायपुर. 6 जून 2026. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज जगदलपुर में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे किए विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों का बारीकी से अवलोकन कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जगदलपुर के पावर हाउस चौक स्थित इंटेक-वेल व फिल्टर प्लांट तथा महारानी वार्ड में लगभग 101 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित नयामुंडा फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी लेते हुए नागरिकों को बेहतर एवं निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

श्री साव ने पीजी कॉलेज धरमपुरा में लगभग 11 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन 500 सीटर नालंदा परिसर के कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए इसका काम शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

उप मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी वार्ड में लगभग 79 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे पण्डरीतरई तालाब सौंदर्यीकरण कार्य तथा करीब 3 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से के गंगामुड़ा तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तालाबों के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों तालाबों के गहरीकरण से शहर के जलस्तर में भी सुधार होगा। श्री साव के निरीक्षण के दौरान सांसद श्री महेश कश्यप, महापौर श्री संजय पाण्डेय, पार्षदगण, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित जिला प्रशासन एवं नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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रौनियार समाज को मिला नया नेतृत्व: प्रमोद गुप्ता बने जिला अध्यक्ष, समाजजनों में खुशी की लहर सर्वसम्मति से हुआ चयन, संगठन को नई दिशा देने की जताई उम्मीद


जशपुरनगर। रौनियार समाज जशपुर जिले के सभी अध्यक्षों एवं समाज के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में शनिवार को कुनकुरी के रौनियार भवन में नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से तुरंगाखार निवासी एवं गड़ला इकाई के अध्यक्ष श्री प्रमोद गुप्ता को रौनियार समाज जशपुर जिला अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।
     श्री प्रमोद गुप्ता वर्तमान में गड़ला इकाई के अध्यक्ष पद का लगातार तीसरी बार सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। इसके साथ ही वे जनपद उपाध्यक्ष कांसाबेल के दायित्व का भी निर्वहन कर रहे हैं। समाज के वरिष्ठजनों एवं सदस्यों ने उनके नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता, सामाजिक सक्रियता एवं समाज सेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें जिला अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी।नवनियुक्त जिला अध्यक्ष श्री प्रमोद गुप्ता के चयन पर समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समाजजनों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में रौनियार समाज और अधिक संगठित होगा तथा सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

     इस अवसर पर उपस्थित समाजजनों ने श्री प्रमोद गुप्ता के उज्ज्वल कार्यकाल की कामना करते हुए कहा कि उनके अनुभव एवं नेतृत्व क्षमता से समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। सभी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

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गरियाबंद से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा पर्यावरण संदेश, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाया पीपल का पौधा, प्रदेशवासियों से लाखों पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा का किया आह्वान

रायपुर, 6 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में शामिल होने गरियाबंद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत कार्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गत वर्ष ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की गई थी। यह अभियान लोगों को अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी पूरे देश में यह अभियान उत्साहपूर्वक संचालित किया जा रहा है तथा इसके तहत प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम में राजिम विधायक श्री रोहित साहू,बिन्द्रानवागढ़ विधायक श्री जनक ध्रुव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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आम की छांव में लगी मुख्यमंत्री की चौपाल, खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की हर बात; मौके पर ही नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की सौगात

रायपुर 6 जून 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव  साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की।

ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।

जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है।

जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों - जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष श्री मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ठठारी के ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में टेका माथा, प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए मांगा आशीर्वाद

रायपुर 6 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड स्थित ग्राम ठठारी पहुंचकर ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा चौथी शताब्दी की मानी जाती है, जो इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक विशेष बनाती है।

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ग्राम ठठारी में आयोजित जनचौपाल में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं के लाभांवितों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए।

इस अवसर पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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विश्व पर्यावरण दिवस पर भाजपा का हरित महाअभियान: जशपुर जिले के हर मंडल में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने हजारों पौधे लगाकर दिया हरित भविष्य का संदेश

जशपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला जशपुर द्वारा जिले के सभी मंडलों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश दिया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी पदाधिकारियों ने वृक्ष लगाकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।

पत्थलगांव में विधायक गोमती साय, जशपुर में विधायक रायमुनी भगत तथा कुनकुरी में भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह के नेतृत्व में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के जीवनदाता हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जल संरक्षण तथा स्वच्छ वातावरण के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।

पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन का संबंध अटूट है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल छाया और ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं संवर्धन का भी आह्वान किया।

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि समाज एवं राष्ट्रहित के प्रत्येक विषय पर जनजागरण का कार्य करने वाला संगठन है। पर्यावरण संरक्षण आज वैश्विक आवश्यकता बन चुका है। वृक्षारोपण के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिकाधिक पौधे लगाने एवं उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा पूरे जिले के सभी मंडलों में एक साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया गया है। यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का सतत प्रयास है।

इस सम्बंध में जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि कार्यक्रम में जिला महामंत्री मुकेश शर्मा, मनीष अग्रवाल, नपा अध्यक्ष अरविंद भगत, उपेन्द्र यादव, सुशीला साय, सुनील अग्रवाल, संतोष सहाय, राजकपूर भगत, आलोक सारथी, संतोष सिंह, अनूप नारायण सिंह, आरती सिंह, हेमन्त बनजारा, असलम आजाद, सुदाम पांडा, गणेश जैन, राजकुमार गुप्ता, उमेश यादव, मुकेश सोनी, अंकित बंसल, नेहरू सिंह, पंकज जायसवाल, विशाल अग्रवाल, आनंद यादव, हरीश कुमार, देवलाल भगत, विनोद निकुंज, सुधीर भगत, द्वारिका मिश्रा, सहित भाजपा पदाधिकारी, पार्षदगण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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योग जगत में अपूरणीय क्षति: छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले— समाज, संगठन और योग साधना को समर्पित था उनका पूरा जीवन

रायपुर 6 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि श्री सिन्हा का संपूर्ण जीवन समाजसेवा, संगठन निर्माण और योग के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनका निधन न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा एक कुशल संगठनकर्ता, सरल, सौम्य और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने व्यवहार, कार्यशैली और समर्पण से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। योग के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद श्री सिन्हा ने पूरे समर्पण और ऊर्जा के साथ योग आंदोलन को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने योग को केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए अनेक नवाचार किए। उनके प्रयासों से प्रदेश में योग गतिविधियों को नई पहचान और व्यापक जनस्वीकृति मिली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री सिन्हा के साथ बिताए गए क्षणों को स्मरण करते हुए कहा कि उनसे नियमित मुलाकात होती थी और हर मुलाकात में वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए योग आधारित नए विचार साझा करते थे। उनकी सोच सदैव रचनात्मक और जनहितकारी होती थी। वे योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहते थे और इसी उद्देश्य को अपने जीवन का मिशन बना चुके थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की सफलता में श्री सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। सीमित समय में उन्होंने जिस कुशलता और प्रतिबद्धता के साथ उस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया, वह उनकी संगठन क्षमता और कार्यकुशलता कावो उत्कृष्ट उदाहरण है। उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने योग के प्रति जनजागरूकता को नई ऊंचाई प्रदान की थी। उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक था, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधायक श्री अजय चंद्राकर, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री रमेश बैस, श्री राम प्रताप, श्री पवन साय, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री राम दत्त, श्री राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, योग साधक एवं योग जगत से जुड़े लोगों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धासुमन अर्पित किया।

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