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जशपुर विकास खंड के मतदान केन्द्रों का सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने किया निरीक्षण ,एसआईआर के कार्यों को गंभीरता से करने के दिए निर्देश 

जशपुर 21 नवम्बर 25/ सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने आज शुक्रवार को  विधान सभा क्षेत्र 12 जशपुर के मतदान केंद्र क्रमांक 295 , 296 घोलेंग एवं 256 गिरांग का अवलोकन किया और जिलों में चल रही है एसआईआर SIR कार्य का अवलोकन किया ।
उन्होंने सभी बीएलओ को गंभीरता से कार्य करने के दिए निर्देश 

निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने एप में किए जा रहे डिजिटाइजेशन प्रकिया की जानकारी ली और गणना पत्रक को सही तरीके से भरकर शीघ्र प्राप्त कर समय सीमा में कार्य पूर्ण करने निर्देशित किया। उन्होंने सभी बीएलओ को प्रतिदिन 100 फार्म के दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के लिए कहा ताकि मतदाता का एसआईआर कार्य समय पर पूरा किया जा सके।
 निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों पर बीएलओ ,अविहित अधिकारी, सुपरवाइजर सभी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी लोक सेवा आयोग परीक्षा-2024 के सफल प्रतिभागियों को बधाई

रायपुर, 21 नवंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा-2024 में सफलता प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि युवा शक्ति की कड़ी मेहनत, अनुशासन, निरंतर तैयारी और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश की सेवा में एक नई शुरुआत के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी ने हमेशा उत्कृष्टता, साहस और लगन का परिचय दिया है। इस परीक्षा में सफल हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने धैर्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता  से यह सिद्ध किया है कि प्रदेश की नई पीढ़ी प्रशासनिक सेवाओं में एक सशक्त स्थान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और दृढ़ निश्चय से प्राप्त यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये नवचयनित अधिकारी सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन की नई ऊँचाइयों को स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुखी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन नई नियुक्तियों से शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि  सभी युवा अधिकारी छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, सामाजिक न्याय, गरीबी उन्मूलन, महिला-शिक्षा सशक्तिकरण और ग्रामीण उन्नति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि इन सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह सफलता संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और अनुशासन के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे निरंतर सीखते रहें, स्वयं को बेहतर बनाते रहें और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।

मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल, सुखद एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और हर स्तर पर एक संवेदनशील, पारदर्शी और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में उनका सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री "छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में हुए शामिल,प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

रायपुर 21 नवंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की 25 वर्ष की स्वर्णिम विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बस्तर सहित पूरे प्रदेश में विकास में बाधक नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में किए जा रहे प्रयासों से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अपने मूल स्वरूप में भयमुक्त होकर प्रदेश के विकास में बेहतर भागीदारी देगा। श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से बस्तर की संस्कृति और प्रतिभा को दुनिया ने देखा है। बस्तर में शांति, समृद्धि और खुशहाली के नए युग का आरंभ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। पूर्व में जो अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए, उस पर कड़ा प्रहार किया गया है, जिसका परिणाम भी सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने भूखमरी जैसे अभिशाप को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए थे, जिसके तहत गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया गया। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को आज आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लगभग सभी गारंटियों को पूरा कर दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण ‘चरण पादुका योजना’ को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने नई उद्योग नीति के आकर्षक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है। अब तक राज्य सरकार को पौने आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री अलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम सुधारों का ऐतिहासिक क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

रायपुर 21 नवंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश में चार श्रम संहिताओं के ऐतिहासिक क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम सुधारों का यह महत्वपूर्ण निर्णय देश के 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की एक अभूतपूर्व गारंटी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन भारत के श्रम क्षेत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर है। चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से न्यूनतम वेतन का अधिकार, महिलाओं को समान वेतन का प्रावधान, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, प्रत्येक श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा और ओवरटाइम पर डबल वेतन जैसी व्यवस्थाएँ पूरे देश में सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों से न केवल श्रमिक वर्ग को लाभ मिलेगा, बल्कि औद्योगिक वातावरण अधिक पारदर्शी, संतुलित और श्रमिक-हितैषी होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है, श्रम संहिताओं का लागू होना उस दिशा में एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि भारत की कार्यशील जनसंख्या राष्ट्र की उत्पादन शक्ति और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला है, और उनके अधिकारों का संरक्षण किसी भी सशक्त राष्ट्र की प्राथमिकता है। यह संहिताएँ देश की श्रम शक्ति को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले इस निर्णय के लिए वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार नई अर्थव्यवस्था, बेहतर औद्योगिक संबंधों और मजबूत श्रम बाजार का आधार साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देशभर में रोजगार, उत्पादन, निवेश और औद्योगिक विकास की गति और अधिक मजबूत होगी, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।

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रायगढ़ : शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राही वंचित नहीं होना चाहिए-प्रभारी सचिव,स्वास्थ्य केंद्रों में विलंब से दवा पहुंचने पर जताई नाराजगी

रायगढ़, 21 नवम्बर 2025/ रायगढ़ जिले के प्रभारी सचिव एवं वाणिज्य, उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग, रेल परियोजनाएं एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार आज शुक्रवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक लेकर दस विभागों की गहन समीक्षा एवं योजनाओं, कार्यक्रमों में प्रगति लाने ने निर्देश दिए। प्रभारी सचिव श्री रजत कुमार आज रायगढ़ जिले के एक दिवसीय प्रवास पर थे।  
            प्रभारी सचिव श्री रजत कुमार ने समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का संबंधित अधिकारी अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए। आगामी समीक्षा बैठक तक प्रगति होनी चाहिए। प्रभारी सचिव ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से मिले और कोई भी वंचित न रहे।
            प्रभारी सचिव ने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से संचालित है, इसलिए विभागीय समन्वय एवं समयबद्ध क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। बैठक में उन्होंने कृषि विभाग अंतर्गत धान के बदले अन्य फसलों को प्रोत्साहन, प्रधानमंत्री कृषक उन्नति योजना, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत तिलहन क्षेत्र विस्तार, प्रधानमंत्री आशा योजना, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति सहित प्रमुख कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अंतर्गत अपार आईडी, छात्रों के आधार कार्ड निर्माण, शिक्षकों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम सुधार पर बल दिया। खाद्य विभाग के अंतर्गत उज्ज्वला 3.0 योजना में गैस कनेक्शन वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए मिले लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत स्वच्छ पेयजल उपलब्धता की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
            कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत सेवाओं की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि दूरस्थ ग्रामों एवं अशक्त नागरिकों को घर पहुँच सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। स्कूली बच्चों के जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले में उत्कृष्ट कार्य हुआ है तथा लक्ष्य पूर्ति के लिए कार्य तीव्र गति से जारी है। प्रभारी सचिव ने लंबित प्रकरणों और प्रथम किस्त भुगतान को शीघ्र पूरा करने निर्देश दिए। इसके साथ ही जिले में चल रहे अधोसंरचना विकास के कार्य की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को अगले चार महीने में कार्य प्रगति लाने के निर्देश दिए। शासन की महत्वाकांक्षी धान खरीदी पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा।
           बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं सहित रेडी-टू-ईट उत्पादन, महतारी वंदन योजना के ई-केवाईसी, पोषण सुधार, स्वास्थ्य विभाग में एएनसी पंजीयन, दवा उपलब्धता, आयुष्मान एवं वय वंदना कार्ड, सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं दूरस्थ अंचलों में टेलीमेडिसिन सेवा की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दूरस्थ स्वास्थ्य केन्द्रों में दवा उपलब्ध कराने में विलंब पर नाराजगी व्यक्त की और तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, डीएफओ धरमजयगढ़ श्री जितेन्द्र उपाध्याय, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश गोलछा, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम, सभी एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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रायगढ़ : प्रभारी सचिव ने स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा, घरघोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का किया निरीक्षण

रायगढ़, 21 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार प्रदेश में नागरिकों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में जिले के प्रभारी सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग, रेल परियोजनाएं एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने आज जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में प्रदान की जा रही चिकित्सा सेवाओं, उपलब्ध संसाधनों एवं उपचार प्रक्रियाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया तथा स्वास्थ्य केंद्र को उत्कृष्ट एवं मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी भी साथ रहे।
           प्रभारी सचिव ने अस्पताल के पैथोलॉजी लैब, विभिन्न टेस्टिंग व्यवस्थाओं, एएनसी जांच, टीबी एवं सिकल सेल स्क्रीनिंग, ओपीडी सेवाएं, लेबर रूम, दवाइयों की उपलब्धता, बेड की स्थिति, ड्यूटी चार्ट, पोर्टल में दवा एंट्री, स्टोर रूम प्रबंधन, एंबुलेंस संचालन, पुरुष एवं महिला वार्ड, नर्सिंग स्टेशन तथा इमरजेंसी यूनिट का निरीक्षण किया। उन्होंने डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ब्लड सैंपल परीक्षण सहित सभी महत्वपूर्ण जांच सेवाओं को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
            प्रभारी सचिव ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा को उत्कृष्ट मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित किया जाए। अस्पताल में 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा, एंबुलेंस सेवा, स्वच्छता और भोजन की व्यवस्था पूर्णतः मानक के अनुरूप सुनिश्चित हो। उन्होंने टेलीमेडिसिन सुविधा को आम जनता तक अधिकतम लाभ पहुंचाने, जनरेटर बैकअप एवं इमरजेंसी यूनिट को पूरी तरह फंक्शनल रखने तथा सेवाओं में तकनीकी सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम घरघोड़ा एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करें, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें और अस्पताल में उपलब्ध सभी संसाधनों का अधिकतम प्रभावी उपयोग हो। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एसडीएम घरघोड़ा श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, डीपीएम, बीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।

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प्रभारी सचिव ने किया जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण,बिचौलियों एवं कोचियों पर कड़ी निगरानी रखने के दिए निर्देश

रायगढ़, 21 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरुप समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य प्रदेश भर में सुचारू, पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से जारी है। इसी क्रम में जिले के प्रभारी सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग, रेल परियोजनाएं एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने आज रायगढ़ जिले के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने खरीदी व्यवस्था, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं धान के सुरक्षित भंडारण की स्थिति की जानकारी ली और समग्र व्यवस्था पर संतोष जताया। इस अवसर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी भी साथ में मौजूद रहे।
            प्रभारी सचिव ने सर्वप्रथम धान उपार्जन केंद्र कोड़ातराई का दौरा किया। उन्होंने साफ-सफाई, बारदाना उपलब्धता, पेयजल, फेंसिंग, सीसीटीवी कैमरे, ड्रेनेज सिस्टम, नमीमापक यंत्र, तौल कांटा, छाया व्यवस्था तथा अब तक की कुल खरीदी की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सुखा, स्वच्छ एवं एफएक्यू क्वालिटी का धान ही खरीदा जाए। किसानों को धान विक्रय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव को किसानों ने उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं को उत्कृष्ट बताया और पारदर्शी एवं व्यवस्थित खरीदी व्यवस्था से संतोष व्यक्त करते हुए सरकार का आभार प्रकट किया।
           प्रभारी सचिव ने कहा कि सभी चेकपोस्टों पर सख्त निगरानी रखी जाए एवं किसानों का शत-प्रतिशत धान खरीदा जाए। उन्होंने कहा कि कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा बाहरी धान को जिले में प्रवेश से पहले ही रोकने के पुख्ता इंतजाम हों। उन्होंने अधिकारियों को माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग, नियमित फील्ड विजिट और निगरानी करने के निर्देश दिए।

तरकेला उपार्जन केंद्र में किसानों से किया सीधा संवाद

प्रभारी सचिव ने धान उपार्जन केंद्र तरकेला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पिछले वर्ष की खरीदी, पंजीकृत किसानों की संख्या, बारदाना उपलब्धता, टोकन प्रणाली, ड्रेनेज व्यवस्था एवं तौल कांटा की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाए। छोटे किसानों को 2 तथा बड़े किसानों को 3 टोकन दिए जाएं। इस दौरान किसानों ने बताया कि उपार्जन केंद्र में अच्छी व्यवस्था है। ग्राम के प्रगतिशील किसान विजय शंकर चौधरी ने बताया कि इस वर्ष खाद-बीज के लिए किसी भी प्रकार से परेशानी नहीं हुई। फसलों में नैनो डीएपी उर्वरक तथा ड्रोन तकनीक से दवा छिड़काव का उपयोग किया गया है। प्रभारी सचिव ने प्रगतिशील किसान श्री चौधरी को प्रेरणादायी उदाहरण बताया।

घरघोड़ा और जरेकेला उपार्जन केंद्रों का भी किया गया निरीक्षण

प्रभारी सचिव ने धान खरीदी केंद्र घरघोड़ा और जरेकेला में पंजीकृत किसानों की संख्या, लक्ष्य, रकबा, बारदाना उपलब्धता और इंटरस्टेट धान की रोकथाम की जानकारी ली। उन्होंने समिति एवं प्रशासनिक टीम को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केवल पंजीकृत किसान अथवा उनके नॉमिनी से ही की जाए तथा भुगतान समय पर किया जाए। उन्होंने डिजिटल एवं पारदर्शी खरीदी के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एसडीएम रायगढ़ श्री महेश शर्मा, एसडीएम घरघोड़ा श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, जिला खाद्य अधिकारी, डीएमओ तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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तुंहर टोकन मोबाइल ऐप किसानों के लिए वरदान साबित,किसान अब स्वंय अपने मोबाइल से धान विक्रय हेतु निकाल रहे टोकन 

रायपुर, 21 नवंबर 2025/

 खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान उपार्जन को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किया गया तुंहर टोकन मोबाइल ऐप किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। धान खरीदी तिहार के बीच इस डिजिटल नवाचार ने उपार्जन केंद्रों में लगने वाली भीड़, समय की बर्बादी और पारंपरिक जटिलताओं को काफी हद तक कम कर दिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में लागू की गई इस व्यवस्था से किसान अब अपने मोबाइल से कुछ ही मिनटों में धान विक्रय हेतु टोकन निकाल पा रहे हैं और निर्धारित समय पर आसानी से केंद्र पहुंचकर धान बेच रहे हैं।

*शुक्रवार को 52 किसानों ने मोबाइल से काटा टोकन*

अम्बिकापुर जिले के उपार्जन केंद्रों में शुक्रवार को 52 किसानों ने तुंहर टोकन ऐप का उपयोग कर घर बैठे धान का टोकन काटा। बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि डिजिटल सुविधा ने किसानों का विश्वास तेजी से जीता है।

अम्बिकापुर विकासखंड के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मेड्राकला में पहुंचने वाले ग्राम भिट्ठीकला के कृषक श्री श्याम राजवाड़े और श्री मिलन राम ने बताया कि मोबाइल ऐप से टोकन काटने के बाद केंद्र में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।

श्री श्याम राजवाड़े ने कहा कि उन्होंने 26 क्विंटल धान का टोकन कुछ ही मिनटों में घर बैठे निकाल लिया। पूर्व में केंद्र में जाकर टोकन लेने में समय और श्रम दोनों लगते थे, पर अब आते ही बारदाना मिला और धान की तौल भी तत्काल हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने के निर्णय की सराहना की।

इसी तरह किसान श्री  मिलन राम ने बताया कि उन्होंने 62 क्विंटल धान का टोकन मोबाइल ऐप से काटा। बार-बार केंद्र नहीं आना पड़ा और पहुंचते ही बारदाना व तौल की प्रक्रिया बिना किसी बाधा पूरी हुई। उन्होंने कहा कि इस बार की खरीदी व्यवस्था पूरी तरह किसान-मित्र साबित हो रही है।

*डिजिटल नवाचार से बढ़ी पारदर्शिता और सुविधा*

तुंहर टोकन ऐप के जरिए किसानों को अब लंबी लाइनों से मुक्ति,समय और श्रम की बचत,टोकन प्रक्रिया में पारदर्शिता,भीड़-भाड़ और अव्यवस्था में कमी
जैसे सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। किसानों की संतुष्टि यह साबित करती है कि राज्य सरकार की यह डिजिटल पहल सफल रही है और धान विक्रय को अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद बनाकर किसानों को बड़ी राहत दी है।

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कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान,राज्य वेटलैंड प्राधिकरण ने भेजा प्रस्ताव

रायपुर, 21 नवम्बर 2025/वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित कोपरा जलाशय को राज्य सरकार ने प्रस्तावित रामसर स्थल घोषित करने की दिशा में बड़ी पहल की है। प्राकृतिक और मानव निर्मित विशेषताओं से युक्त यह जलाशय पूरे क्षेत्र के लिए जलसंसाधन, सिंचाई और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

*कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान*

     वन मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि कोपरा जलाशय मुख्य रूप से वर्षा जल और आसपास के छोटे नालों से भरता है। यह जलाशय स्थानीय ग्रामीणों की जल आवश्यकताओं को पूरा करता है और किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। जलाशय के आसपास की भूमि अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है, जिससे क्षेत्र के कई गाँवों और छोटे कस्बों की कृषि पूरी तरह इस जलाशय पर निर्भर है।

*जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है यहाँ की*

      इसके अलावा यह क्षेत्र वर्षभर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, जलचर जीवों और वनस्पतियों का सुरक्षित आवास बना रहता है। खासकर प्रवासी पक्षियों की बड़ी संख्या यहाँ हर वर्ष दर्ज की जाती है। जलाशय में मछलियाँ, जलीय पौधे, उभयचर, सरीसृप और अनेक प्रकार के कीट-पतंगे बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसकी जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है।

*दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थल*

        राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के अनुसार कोपरा जलाशय रिवर टर्न, कॉमन पोचार्ड और इजिप्शियन वल्चर जैसे दुर्लभ व महत्वपूर्ण पक्षियों के संरक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थान है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह जलाशय रामसर मानदंड संख्या 02, 03 और 05 की पूर्णता करता है, जो इसे एक उत्कृष्ट वेटलैंड इकोसिस्टम का उदाहरण साबित करता है।

*स्वीकृति मिलने पर पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा*

      इसी महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे रामसर स्थल घोषित करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण मिलेगा और इसका वैज्ञानिक, पर्यावरणीय तथा पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा।

*ग्रामीण आजीविका के विकास  को मजबूत करने की तैयारी*

    सरकारी योजनाओं के तहत इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा ग्रामीण आजीविका विकास से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि स्थानीय आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

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मुख्यमंत्री की जनहितकारी सोच एवं मंशानुरूप भरतपुर में नई ग्रामीण बस सेवा शुरू,ग्रामीणों में खुशी की लहर

रायपुर, 21 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी सोच एवं मंशानुरूप परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ग्रामीण बस सेवा के तहत नई बसों का शुभारंभ किया गया। 

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है कराना

     उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुगम और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य लगातार साकार हो रहा है। उनकी प्राथमिकता हमेशा से अंतिम व्यक्ति तक शासकीय सुविधाएं पहुँचाना रही है। ग्रामीण बस सेवा इसी संकल्प का प्रभावी उदाहरण है, जिसने गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की है।

*विद्यार्थियों, महिलाओं और आमजनों को बड़ी सुविधा*

      नई बस सेवा शुरू होने से भरतपुर एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों तथा आम लोगों को अब नियमित और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सकेगी। अब विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुँचने में आसानी होगी, महिलाएं बिना परेशानी अस्पताल, बाज़ार और आवश्यक कामों के लिए अपने गंतव्य तक सुगमता से यात्रा कर सकेंगी, वहीं मजदूर वर्ग को रोजगार स्थलों तक पहुंचने में समय और सुविधा दोनों मिलेंगी।

        इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बसों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित मार्गों पर रवाना किया गया। बसों के प्रस्थान के साथ ही ग्रामीणों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करती है।

 *ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल*

    यह बस सेवा केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गांव और शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा तथा विकास की गति और तेज होगी। मुख्यमंत्री श्री साय की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्र अब सुविधाओं और विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।

     इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य, जनपद सदस्य सुखलाल मरावी, नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, जनपद सीईओ, परिवहन अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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जिला पंचयात सदस्य एवं जनपद उपाध्यक्ष ने पूजा अर्चना कर नारायणपुर में धान खरीदी का किया शुभारंभ,केन्द्र में मिली बेहतर सुविधाओं से खुश हुए किसान राजकुमार भगत....

नारायणपुर 21 नवम्बर 2025 : राज्य में भले ही धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो चुकी है। लेकिन नारायणपुर क्षेत्र के किसान सप्ताह भर बाद खरीदी केन्द्र में धान बेचने नहीं पहुंचे, आज सहकारी समिति नारायणपुर के धान मंडी में सप्ताह भर बाद एक मात्र किसान ने धान खरीदी केंद्र पहुंचकर अपनी उपज बेचकर खरीदी की बोहनी की।

     नारायणपुर मंडी में आज शुक्रवार को खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी की शुरुआत हुई।  जिला पंचयात सदस्य  श्रीमती अनिता सिंह,जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव,भाजपा ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष उमेश यादव,महामंत्री शंकर यादव, गणेश यादव, संतन जी परसु यादव, संतोषी बन्दे, अरुण मोहन्ति की उपस्थिति में धान खरीदी केंद्र में पूजा-अर्चना कर धान खरीदी का शुभारंभ किया गया। किसान राजकुमार भगत का 44 किंवटल धान खरीद कर नारायणपुर मन्डी की शुरआत की गई, भाजपा सदस्यों ने उपज बेचने आए किसान भाइ से मुलाकात व चर्चा कर मंडी में धान बेचने के लिए की गई व्यवस्था का भी जायजा लिया। धान बेचने आए किसान के उपज को मशीन में तौल कर जिला पंचयात सदस्य श्रीमती अनिता सिंह एवम जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर ने खरीदी की शुरुआत की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 15 नवंबर को प्रदेश के अन्नदाता किसानों से धान खरीदी की शुरुआत कर दी गई है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का पूरा मान मिलेगा। हमारी सरकार ने जो वादा किया था प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी व 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसान भाइयों को भुगतान किया जा रहा है। धान खरीदी के मद्देनजर हमारी सरकार ने किसान भाइयों की सुविधा के लिए पूरी तैयारियां की है।इस मौके पर प्रबन्धक सुरेश त्रिपाठी सहित समस्त कर्मचारी मौजूद थे।

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खबरों को उजागर करना कोई गुनाह या अपराध नहीं,दबाव झेल रहे पत्रकारों का फूटा गुस्सा,कहा शासन प्रशासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ अब उठाएंगे आवाज करेंगे मुख्यमंत्री साय से मुलाकात

जशपुर 21 नवम्बर 2025 :  जिले में प्रशासनिक अव्यवस्था और विभागों की मनमानी एक बार फिर सुर्खियों में है। पत्रकार पिता मुकेश नायक को अपने नवजात शिशु के शव को घर ले जाने के लिए शव वाहन तक उपलब्ध न होना प्रशासन की संवेदनहीनता का ऐसा उदाहरण बन गया, जिसने जशपुर की पत्रकारिता और जनता दोनों को झकझोर दिया है।

घटना के दिन मुकेश नायक ने संबंधित विभाग को बार-बार संपर्क किया, लेकिन उन्हें न सही जानकारी मिली, न वाहन। लगातार आश्वासन, टालमटोल और अनुत्तरदायित्व की स्थिति ने उन्हें और उनके परिवार को अपार मानसिक पीड़ा दी। सीमावर्ती क्षेत्र में ओडिशा प्रशासन की मदद मिली, जबकि छत्तीसगढ़ की 102 सेवा ने मदद से मना कर दिया। अंततः मजबूर होकर परिजनों को नवजात का शव स्कूटी पर रखकर घर लाना पड़ा। यह घटना न केवल अमानवीय है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

इस संवेदनशील मामले को उठाए जाने के बाद विभागों की प्रतिक्रिया और भी विचलित करने वाली रही। जिम्मेदारी स्वीकारने और समस्या का समाधान ढूंढने की बजाय कई विभागों ने नोटिस, कानूनी कार्रवाई की धमकियों का रास्ता अपना लिया। खबरों पर तुरंत खंडन जारी कर पत्रकारों को डराने का प्रयास किया गया, जैसे सच को दबाना ही समाधान हो।

इसी दमनकारी और गैर-जिम्मेदार रवैये के खिलाफ अब जिले के पत्रकार एकजुट हो गए हैं। दबाव के धमकी की इस नीति का विरोध करते हुए जिले के लगभग तीन दर्जन से अधिक पत्रकारों ने प्रशासन द्वारा बनाए गए एक व्हाट्स अप ग्रुप से सामूहिक रूप से बाहर हो गए। इनमें कई वरिष्ठ, अनुभवी और जिले की बड़ी खबरों को कवर करने वाले पत्रकार शामिल हैं। पत्रकारों ने यह कदम सीधे तौर पर सभी विभागों को संदेश देने के लिए उठाया कि वे धमकी, दबाव की राजनीति को अब स्वीकार नहीं करेंगे।

पत्रकारों ने कहा कि सवाल उठाना, गलतियों को उजागर करना और जनता के हित के मुद्दों को सामने लाना उनका कर्तव्य है। किसी भी विभाग की कमी को दिखाना कोई गुनाह नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा है। यदि एक पत्रकार पिता को अपने नवजात के शव के साथ ऐसी त्रासदी झेलनी पड़ती है, तो आम जनता की स्थिति की कल्पना मात्र ही भयावह है।

पत्रकारों का आरोप है कि कुछ विभाग सच से बचने और अपनी लापरवाही के लिए जिम्मेदारी लेने के बजाय उल्टा मीडिया को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। लगातार खंडन जारी करना और कानूनी डर दिखाना लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने वाली प्रवृत्ति है।

पत्रकारों ने स्पष्ट कहा:

“अब अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा।
नोटिस और दबाव से पत्रकारिता नहीं रुकेगी।
सिस्टम की गलती उजागर करना अपराध नहीं—यह जनता के प्रति जिम्मेदारी है।”

जल्द ही पत्रकार एक प्रतिनिधिमंडल बनाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा जिले में बढ़ रहे विभागीय दमन पर रोक लगाने की मांग करेंगे।

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कबीरधाम में सहकारी समिति प्रबंधकों और ऑपरेटर्स की हड़ताल स्थगित,कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा को संघ ने हड़ताल स्थगन का सौंपा पत्र, 21 नवंबर लौटेंगे काम पर

रायपुर, 20 नवंबर 2025/* कबीरधाम जिले में बीते 3 नवंबर से चल रही जिला सहकारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित हो गई है।  संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा से मुलाकात कर हड़ताल स्थगन का पत्र सौंपा। जिला सहकारी संघ की ओर से कहा गया कि शासन द्वारा 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ कर दी गई है। किसानों के हित को देखते हुए जिला सहकारी संघ के समस्त कर्मचारी अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित करते हैं और 21 नवंबर, शुक्रवार से अपने कार्य पर लौट जाएंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, संयुक्त कलेक्टर श्री आर बी देवांगन, उप पंजीयक सहकारिता श्री जी एस शर्मा, खाद्य अधिकारी श्री सचिन मरकाम, डीएमओ श्री अभिषेक मिश्रा, सीसीबी नोडल श्री आर पी मिश्रा सहित अन्य अधिकारी व जिला सहकारी संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

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राष्ट्रपति ने जनजातीय संस्कृति व शिल्प को दर्शाते स्टॉलों का किया अवलोकन ,पारंपरिक अखरा एवं देवगुड़ी के मॉडल में देवताओं की आराधना भी की

20 नवम्बर 2025/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जनजातीय गौरव दिवस 2025 के उपलक्ष्य में सरगुजा जिले में 20 नवम्बर को पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, राज्यमंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार श्री दुर्गा दास उईके, राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मंत्रालय भारत सरकार श्री तोखन साहू, आदिम जाति विकास विभाग कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्रभारी मंत्री जिला सरगुजा एवं वित्त वाणिज्यिक कर विभाग मंत्री श्री ओमप्रकाश चौधरी, पर्यटन संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन परिवहन सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद श्री चिंतामणी महाराज, उत्तर रायपुर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, महापौर अम्बिकापुर श्रीमती मंजुषा भगत भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम स्थल में जनजातीय संस्कृति, लोक कला एवं शिल्प, आभूषण एवं वस्त्र, पूजा-पाठ, संस्कार, व्यंजन, वाद्ययंत्रों, जड़ी-बूटियों आदि को प्रदर्शित करने हेतु प्रदर्शनियां लगाई गई। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। 

*पारम्परिक अखरा स्थल एवं जनजातियों के धार्मिक आस्था के केंद्र देवगुड़ी में देवताओं की आराधना की*

कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से बनाए गए जनजातियों के पारंपरिक अखरा स्थल एवं जनजाति निवासरत ग्रामों के प्रमुख धार्मिक आस्था के केन्द्र देवगुड़ी के मॉडल का अवलोकन कर यहां देवताओं की आराधना की।
अखरा छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा अंचल में निवासरत जनजातियों का सांस्कृतिक स्थल है, जो गाँवों के मध्य या चौराहे में स्थित होते हैं, जहाँ छायादार पेड़ों के झुण्ड भी होते हैं। ग्रामीणजन विभिन्न लोक पर्वों जैसे करमा, महादेव बायर, तीजा आठे, जीवतिया, सोहराई, दसई, फगवा के अवसरों में महिला एवं पुरूष सामुहिक रूप से इकट्ठा होकर लोकगीत गाकर पारम्परिक वाद्ययंत्रों की थाप में लोकनृत्य करके उत्साह मनाते हैं। प्रदर्शनी में जनजातीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य का प्रदर्शन किया। जनजाति निवासरत ग्रामों के प्रमुख धार्मिक आस्था के केन्द्र  देवगुड़ी को राज्य में क्षेत्रवार विभिन्न नामों जैसे देवाला देववल्ला, मन्दर, शीतला, सरना आदि नामों से भी जानते हैं। देवगुड़ी में ग्रामीण देवी-देवता जैसे बुढ़ादेव, बुढ़ीदाई, शीतला, सरनादेव, डीहवारीन, महादेव आदि विराजमान होते हैं। जनजातीय विभिन्न लोकपर्वों के अवसरों में सामूहिक रूप से इकट्ठा होकर ग्रामीण बैगा की अगुवाई में पूजा-पाठ कर ग्राम की सुख, शांति, समृद्धि हेतु कामना करते हैं। 

*मिट्टी, लकड़ी से बने आवास मॉडल का किया अवलोकन*

कार्यक्रम स्थल में छत्तीसगढ़ में निवासरत जनजातियों के पारंपरिक आवास का मॉडल बनाया गया था। राष्ट्रपति ने आवास मॉडल का भी अवलोकन किया। जनजातियों का आवास मिट्टी, लकड़ी से निर्मित होते हैं, जिसमें एक या दो कमरे व मुख्य कमरे के सामने की ओर परछी (बराम्दा) बने होते हैं। घर के छप्पर में ढालनुमा खपरैल लगे होते हैं। एक कमरे को रसोई कक्ष के रूप में उपयोग करते हैं, जिसमें रसोई उपकरण व घरेलू सामान रखते हैं, दूसरे कक्ष को शयन कक्ष के रूप में उपयोग करते हैं। परछी (बराम्दा) में अन्य घरेलू सामान जैसे ढ़ेकी, मूसल, सील-बट्टा, जांता आदि उपकरण होते हैं। 

*जनजातियों द्वारा विभिन्न लोकपर्वों एवं आयोजनों में पहने जाने वाले आभूषणों की लगी प्रदर्शनी, कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को पैरी और गमछा किया भेंट*

इस दौरान राज्य के पारंपरिक आभूषणों की प्रदर्शनी लगाई गई। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर आभूषणों के संबंध में जानकारी ली। श्री कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को पैरी और गमछा भेंट किया, जिसे राष्ट्रपति ने आत्मीयता के साथ स्वीकार किया। श्री कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को बताया कि पारम्परिक आभूषण गिलट, तांबे, चांदी, सोना आदि धातु से निर्मित  हैं, जिसे विभिन्न लोकपर्वों के अवसर में धारण करते हैं। इस दौरान गले में पहने जाने वाले हसुली, बांह में बहुटा, कलाई में ऐंठी, गले में रूपया वाला चंदवा, कमर में कमरबंध, पैर में पैरी एवं पैर की अंगुलियों में बिछिया, कान में ठोठा तथा नाक में पहने जाने वाले छुछिया (फूली) का प्रदर्शन किया गया।

*वाद्ययंत्रों की लगी प्रदर्शनी*

प्रदर्शनी में जनजातियों द्वारा लोकपर्वों में मनोरंजन के लिए बजाए जाने वाले वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति ने इन वाद्ययंत्रों को देखा। राज्य में निवासरत जनजातियां उत्साह के लिए तत, अवनद्ध, घन और सुषिर वाद्ययंत्रों का वादन करते हैं, जिनकी मधुर ध्वनियाँ उत्सव के अवसर में देखते ही बनते हैं। कई ऐसे वाद्ययंत्र है, जिनकी आवाजें मीलों दूर तक गुंजती है और लोगों को स्वतः नृत्य करने हेतु प्रेरित करती है। सरगुजा व बस्तर अंचल में तो कई महिनों तक निरंतर वाद्ययंत्र की आवाजें सुनाई पड़ती है। इन वाद्ययंत्रों के कारण ही जनजातियों के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आज भी जीवंत है। सरगुजा अंचल के जनजातियों द्वारा विभिन्न लोकपर्वां में वादन किया जाने वाले वाद्ययंत्र मांदर, ढोल, झांझ, मजीरा, तम्बूरा, सरंगी, खंजरी, बांसुरी, चौरासी, एवं पैजन आदि का प्रदर्शन किया गया है। 

*जनजातीय समुदायों द्वारा इलाज में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां की गई प्रदर्शित*

कार्यक्रम स्थल में आयोजित प्रदर्शनी में राज्य में निवासरत जनजातियों द्वारा शारीरिक विकार के उपचार हेतु प्रयोग की जाने वाली जड़ी-बूटियां प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी में अष्वगंधा, कुलंजन, मुलेठी, सफेद मूसली, गिलोय, लाल झीमटी, अर्जून छाल, पिसीया, भुईचम्पा, गोखरू, कुटज की छाल, गुडमान की पत्ति, विरैता, रोहिने की छाल, बालमखिरा, हर्रा एवं बेहड़ा बड़ी ईमली की बीज, हड़सिंगार, अकरकरा, चिरईगोड़ी, शिलाजीत एवं बलराज आदि रखे गए हैं। वनांचल, पहाड़ी, घाटी, तराई में निवास करती हैं। इनके निवास क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के औषधियाँ पेड़-पौधे कन्दमूल बेल, आदि पाए जाते हैं। जनजाति समाज के लोग शारीरिक विकार होने पर इन्हीं जंगली-जडी बूटियों से अपना उपचार कराते हैं। जनजाति समाज के वैद्य, बैगा, गुनिया, हथजोड़ वंशानुगत रूप से लोगों का उपचार करते हैं। 

*पारम्परिक व्यंजन एवं कंदमूल*
तीज-त्यौहारों, अन्य अवसरों में जनजातीय समुदायों द्वारा बनाए जाने वाले व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। यहां विभिन्न प्रकार के रोटी, चटनी, कोहरी (बरी), लड्डू आदि रखे गए हैं। जनजातीय महिलाएं प्रकृति प्रदत्त वस्तुओं से व्यंजन तैयार करते हैं तथा जंगलों से विभिन्न प्रकार के कंदमूल, फल-फूल आदि एकत्र कर खाद्य के रूप में उपयोग करते हैं। इस दौरान कांदा-पीठारू कांदा, डांग कांदा, नकवा (चूरका) कांदा, सखईन कांदा आदि प्रदर्शित किए गए हैं।

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राष्ट्रपति ने अंबिकापुर, सरगुजा में आयोजित 'जनजातीय गौरव दिवस' समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई

रायपुर 20 नवंबर 2025/राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, सरगुजा में आयोजित 'जनजातीय गौरव दिवस' समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समुदायों का योगदान भारत के इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय है, जो लोकतंत्र की जननी है। इसके उदाहरण प्राचीन गणराज्यों के साथ-साथ कई जनजातीय परंपराओं में भी देखे जा सकते हैं, जैसे कि बस्तर में 'मुरिया दरबार' – जो आदिम लोगों की संसद है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय विरासत की जड़ें छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों में गहरी हैं। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 नवंबर से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव पखवाड़े को बड़े स्तर पर मनाया।

राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि पिछले एक दशक में, जनजातीय समुदायों के विकास और कल्याण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर योजनाएँ विकसित और कार्यान्वित की गई हैं। पिछले वर्ष, गांधी जयंती के अवसर पर ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ शुरू किया गया था। इस अभियान का लाभ देश भर के 5 करोड़ से अधिक जनजातीय भाई-बहनों तक पहुँचेगा। वर्ष 2023 में, 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन अभियान) शुरू किया गया। ये सभी योजनाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार जनजातीय समुदायों को कितनी प्राथमिकता देती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समुदायों के विकास प्रयासों को नई ऊर्जा देने के लिए, भारत सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के वर्ष के दौरान ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ शुरू किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस अभियान के तहत देश भर में लगभग 20 लाख स्वयंसेवकों का एक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर काम करके जनजातीय समुदायों का विकास सुनिश्चित करेंगे।

राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि छत्तीसगढ़ सहित देश भर में लोग वामपंथी उग्रवाद का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के सुविचारित और सुसंगठित प्रयासों से निकट भविष्य में वामपंथी उग्रवाद का उन्मूलन संभव हो पाएगा। उन्होंने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि हाल ही में आयोजित 'बस्तर ओलंपिक्स' में 1,65,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय महापुरुषों के आदर्शों का पालन करते हुए, छत्तीसगढ़ के लोग एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अमूल्य योगदान देंगे।

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केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया छत्तीसकला ब्राण्ड एवं डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया विमोचन

रायपुर, 19 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बुधवार का दिन ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को नई ऊर्जा देने वाला दिन रहा। जहां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त के राज्य स्तरीय वितरण कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति में बहुप्रतीक्षित एकीकृत राज्य ब्राण्ड छत्तीसकला तथा डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का विमोचन किया।

*ग्रामीण महिला उत्पादों को मिला राज्य का पहला एकीकृत ब्राण्ड ‘छत्तीसकला’*

      राज्य की ग्रामीण गरीब महिलाओं द्वारा निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को एक ही पहचान और एकीकृत बाजार मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ने 'छत्तीसकला' ब्राण्ड की शुरुआत की है। इस ब्रांड के अंतर्गत वर्तमान में मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पाद, चाय, अचार, स्नैक्स, हैंडलूम एवं हस्तशिल्प निर्मित ढोकरा आर्ट, बांस शिल्प, मिट्टी एवं लकड़ी उत्पाद, अगरबत्ती एवं पूजा सामग्री जैसे विविध उत्पादों पर मानकीकरण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की योजना है। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसकला ब्रांड ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। यह ब्राण्ड उनके उत्पादों को राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाएगा।


*48 बीसी सखियों की सफलता की गाथा का डिजिटल फाइनान्स बुकलेट का हुआ विमोचन*

         कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने डिजिटल फायनान्स बुकलेट का भी विमोचन किया गया,  जिसमें राज्यभर की 48 बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट सखियों (बीसी सखियों) की प्रेरणादायक सफलताओं को दर्ज किया गया है। 

*3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप  बैंकिंग सेवाएँ दे रही*

       वर्तमान छत्तीसगढ़ में कुल 3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप से घर-घर बैंकिंग सेवाएँ दे रही हैं और पिछले चार वर्षों में 3033.48 करोड़ से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो महिलाएँ कभी घरों से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, आज वही महिलाएँ गाँव-गाँव वित्तीय सेवाएँ पहुँचाकर सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन की राह बना रही हैं।

*हजारों स्व-सहायता समूह को मिला वित्तीय सशक्तिकरण*

     इस भव्य कार्यक्रम से ग्रामीण महिला समूहों को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत 1080 स्व-सहायता समूहों को 1.62 करोड़ रुपए की रिवॉल्विंग निधि एवं 8340 स्व-सहायता समूहों को 50.04 करोड़ रूपए की सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज के रूप में 229.74 करोड़ रूपये प्रदान किये गए। इसके साथ ही 1533 महिला उद्यमियों को 6.23 करोड़ रुपए का उद्यमिता ऋण भी प्रदान किया गया है। इन वित्तीय प्रावधानों से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि एवं नए उद्यमों की स्थापना और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूती मिलेगी।

*ग्रामीण समृद्धि, महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की नई दिशा*

        धमतरी में हुआ यह आयोजन न केवल आर्थिक सहायता का वितरण था, बल्कि ‘आत्मनिर्भर ग्रामीण छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। 'छत्तीसकला' ब्राण्ड, बीसी सखी मॉडल और व्यापक वित्तीय समर्थन तीनों मिलकर ग्रामीण आजीविका की दशा और दिशा बदलने वाले साबित होंगे।

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अवैध धान भंडारण पर जिला प्रशासन का बड़ा अभियान, 06 प्रकरणों में 218 क्विंटल धान जप्त

रायपुर,20 नवंबर 2025/

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर संचालित धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान भंडारण और परिवहन के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कृषि उपज मंडी बालोद की उड़न दस्ता टीम ने आज विभिन्न गांवों में सघन जांच कर बड़ी मात्रा में अवैध धान जब्त किया।

तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उड़न दस्ता दल द्वारा मंडी अधिनियम के तहत अब तक कुल 06 प्रकरण दर्ज कर 218 क्विंटल धान जप्त किया गया है। आज की कार्रवाई में बालोद तहसील अंतर्गत ग्राम लिमोरा से 22 क्विंटल, लोण्डी से 40 क्विंटल, पोण्डी से 99 क्विंटल, भेड़िया नवागांव से 32 क्विंटल तथा बेलमांड़ से 24 क्विंटल धान अवैध भंडारण की स्थिति में पकड़ा गया।

जिला प्रशासन की यह सख्त और निरंतर निगरानी दर्शाती है कि अवैध धान के परिवहन एवं संग्रहण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।

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वन विभाग की योजनाओं ने बदली ग्रामीणों की जीवनशैली,कृषकों ने 710 एकड़ राजस्व भूमि पर लगाया 4 लाख 48 हजार 220 पौधा, मिला अतिरिक्त आय का अवसर

      रायपुर, 20 नवंबर 2025/ प्रदेश में हरियाली पर्यावरण एवं ग्रामीणों के जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण हैं, इसका अंदाजा ग्रामीणों के जीवन के आए बदलाव से लगाया जा सकता है। वन विभाग और ग्रामीण समुदाय के लिए विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण की दृष्टि से वर्ष 2024 एवं 2025 कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण रहे है। 

   इन दो वर्षों में मोहला-मानपुर- अम्बागढ चौकी जिले में विभागीय योजनाओं ने न केवल हरियाली का विस्तार किया, बल्कि ग्रामीण अंचलों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता के नए आयाम भी स्थापित किए।

 *वृक्षारोपण से किसानों को अतिरिक्त आय*

    किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत 642 कृषकों ने अपनी 710 एकड़ राजस्व भूमि पर कुल 4 लाख 48 हजार 220 पौधों का रोपण किया। इस योजना ने किसानों को वृक्षारोपण के माध्यम से अतिरिक्त आय का अवसर दिया और खेतों में हरियाली का विस्तार भी किया। इसी प्रकार एक पेड़ माँ के नाम पहल के तहत मातृत्व के सम्मान में 1 लाख 55 हजार 44 पौधों का वितरण किया गया, जिसने समाज में पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव का नया संदेश दिया।

*1 लाख 16 हजार 133 मानक बोरे तेंदूपत्ता का संग्रहण*

         वन प्रबंधन समितियों को सशक्त बनाने हेतु विदोहन से प्राप्त लाभांश राशि का 20 प्रतिशत यानी 38 लाख 59 हजार 100 रुपए विकास कार्यों के लिए 34 समितियों को प्रदान किया गया। यह कदम ग्राम स्तर पर सामुदायिक विकास और वन प्रबंधन में जनभागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है। वहीं तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में 76 हजार 105 संग्राहक परिवारों ने अपनी मेहनत से 1 लाख 16 हजार 133 मानक बोरे तेंदूपत्ता का संग्रहण किया और इसके बदले 63 करोड़ 87 लाख 31 हजार 500 रुपए की राशि प्राप्त की। यह न केवल उनकी आजीविका का प्रमुख साधन बनाए बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाया।

*लघु धान्य के संग्रहण से आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि*

       लघु धान्य जैसे कोदो, कुटकी और रागी के संग्रहण में 502 संग्राहकों को 3 हजार 41 क्विंटल उपज के बदले 97 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया गया। इस योजना ने पारंपरिक फसलों के पुनर्जीवन के साथ-साथ आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि की है।

*38 हजार 94 महिलाओं को चरण पादुका वितरित*

      महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में वर्ष 2025 में 38 हजार 94 महिलाओं को चरण पादुका वितरित की गईं, जिससे वन क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सका।

*484 वनवासी बच्चों के सपनों को मिली नई उड़ान*

       राजमोहनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक योजना एवं सामुदायिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत 574 संग्राहकों को 5 करोड़ 21लाख 72 हजार रुपए  की राशि प्रदान की गई। जिसने वनवासियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच का कार्य किया। शिक्षा के क्षेत्र में भी वन विभाग ने उत्कृष्ट कार्य किया हैं। जिसके अंतर्गत 484 छात्र-छात्राओं को 58 लाख 33 हजार 500 की छात्रवृत्ति प्रदान की गई, जिससे वनवासी बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिली।

*पहुँच विहीन गांवों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए 4 रपटा, 4 पुलिया एवं 3 सीसी रोड का निर्माण*

      विकास के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र (एलडब्ल्यूई)मद के अंतर्गत पहुंच विहीन गांवों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए 4 रपटा, 4 पुलिया एवं 3 सीसी रोड का निर्माण किया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम हुआ और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली।

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