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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों की देशभर में गूंज, बायोफैच इंडिया-2026 में विष्णुभोग चावल और केवची के प्राकृतिक शहद ने जीता सबका दिल

रायपुर, 6 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, महिला स्वसहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने तथा जैविक कृषि को प्रोत्साहन देने के प्रयास लगातार नई सफलताएं प्राप्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के अंतर्गत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के महिला स्वसहायता समूहों एवं किसान उत्पादक संगठन द्वारा तैयार किए जा रहे जैविक उत्पादों ने देश के सबसे बड़े एवं प्रतिष्ठित जैविक उद्योग व्यापार मेला एवं सम्मेलन  ’बायोफैच इंडिया-2026’  में  अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।

नई दिल्ली में आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला एवं सम्मेलन में जिले के प्रसिद्ध ’अरपा बिहान विष्णुभोग राइस’  तथा  ’केवची के जंगलों से संग्रहित प्राकृतिक शहद’ का राष्ट्रीय स्टॉल में आकर्षक प्रदर्शन किया गया। इन उत्पादों ने देश-विदेश से पहुंचे खरीदारों, निर्यातकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं जैविक उत्पादों से जुड़े प्रतिनिधियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। यह उपलब्धि न केवल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाली साबित हुई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा महिला स्वसहायता समूहों की आर्थिक मजबूती को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी सोच का परिणाम है कि बिहान से जुड़ी महिलाएं आज केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के व्यापारिक आयोजनों में अपने उत्पादों का सफल प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं। इससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि तथा उन्हें स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।
बायोफैच इंडिया-2026 प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों तथा मोटे अनाज आधारित कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने वाला विश्वस्तरीय मंच है, जहां देश-विदेश के आयातक, निर्यातक, विपणन विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और व्यापारिक संस्थाएं एकत्रित होकर जैविक उत्पादों के व्यापार एवं निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर छत्तीसगढ़ के उत्पादों की प्रभावी उपस्थिति राज्य के किसानों, महिला स्वसहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों के लिए नए व्यापारिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी।
जिला मिशन प्रबंधक श्री दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जैविक विष्णुभोग धान एवं प्राकृतिक शहद के साथ-साथ सूरन, कटहल तथा अन्य जैविक सब्जियों के उत्पादन को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इन उत्पादों की गुणवत्ता, प्राकृतिक उत्पादन पद्धति तथा विशिष्ट स्वाद के कारण राष्ट्रीय बाजार में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला स्वसहायता समूह आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बनने के साथ लखपति दीदी अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्पादों की भागीदारी से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और उनके लिए बेहतर विपणन के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा है कि राज्य के प्रत्येक जिले की विशिष्ट कृषि एवं वन आधारित उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ा जाए, जिससे किसानों, महिला स्वसहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों की आय में सतत वृद्धि हो तथा स्थानीय उत्पादों को उनकी गुणवत्ता के अनुरूप उचित पहचान और मूल्य प्राप्त हो। बायोफैच इंडिया-2026 में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के जैविक उत्पादों की प्रभावशाली उपस्थिति इसी दूरदर्शी सोच और ग्रामीण विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।
सम्मेलन में राज्य स्तर से राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री राजन सोनी, जिले से जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अभिषेक जायसवाल तथा तिपान किसान उत्पादक संगठन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जितेन्द्र खैरवार ने सहभागिता कर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के जैविक उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन एवं प्रचार-प्रसार किया। उनके प्रयासों से जिले के उत्पादों को खरीदारों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच व्यापक सराहना प्राप्त हुई।

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सावन में दिव्यता से सराबोर मयाली का मधेश्वर महादेव: बादलों ने किया महाजलाभिषेक, प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम, प्राकृतिक शिवलिंग का अलौकिक नजारा बना श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र

जशपुर, 6 अगस्त। सावन का पावन महीना अपने चरम पर है और जशपुर जिले के मयाली स्थित ऐतिहासिक मधेश्वर महादेव इन दिनों अद्भुत आध्यात्मिक आभा से आलोकित दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार सुबह से पहाड़ों को अपनी आगोश में समेटे घने बादलों और धुंध ने ऐसा मनमोहक दृश्य रचा कि श्रद्धालुओं को लगा मानो स्वयं देवलोक से देवगण भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने धरती पर उतर आए हों।

मयाली की विशाल शिलारूपी संरचना, जिसे क्षेत्रवासी विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग मानते हैं, आज पूरी तरह बादलों की सफेद चादर में लिपटी नजर आई। शिवलिंग का ऊपरी भाग घने बादलों से ढका रहा, जबकि नीचे हरियाली और वर्षा से धुली प्रकृति उसकी दिव्यता को और अधिक निखारती दिखाई दी। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए किसी अलौकिक अनुभूति से कम नहीं था।

सावन के पवित्र माह में मधेश्वर महादेव का यह स्वरूप सनातन आस्था की उस परंपरा को जीवंत करता है, जिसमें भगवान शिव को प्रकृति का अधिष्ठाता माना गया है। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो बादल स्वयं भगवान शिव को स्पर्श करने की उत्सुकता में उनके चरणों तक उतर आए हों और वर्षा की प्रत्येक बूंद जलाभिषेक बनकर शिवलिंग पर अर्पित हो रही हो।

जशपुर जिले का यह प्राचीन धार्मिक स्थल वर्षों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र रहा है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान मधेश्वर महादेव के दर्शन करते हैं और सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं। 

इन दिनों लगातार हो रही वर्षा से पूरे क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर है। हरे-भरे वृक्ष, पहाड़ों पर छाई धुंध और बादलों से घिरा मधेश्वर महादेव का विशाल स्वरूप प्रकृति और अध्यात्म के अनुपम मिलन का सजीव उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस अलौकिक दृश्य को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं और इसे भगवान शिव की विशेष कृपा मान रहे हैं।

सनातन परंपरा में भगवान शिव को पंचतत्वों के स्वामी, सृष्टि के संरक्षक और प्रकृति के अधिष्ठाता देव के रूप में पूजा जाता है। मयाली का मधेश्वर महादेव इसी सनातन दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति है, जहां प्रकृति स्वयं भगवान शिव की आराधना करती हुई दिखाई देती है। सावन के इस पावन अवसर पर बादलों से घिरा यह विशाल शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम केंद्र बन गया है।
मयाली का मधेश्वर महादेव केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि जशपुर की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर भी है। यहां का दिव्य वातावरण हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

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राशिफल: आज किस राशि पर होगी धन वर्षा, किसे मिलेगा करियर में बड़ा अवसर और किन लोगों को हर कदम पर बरतनी होगी सावधानी, पढ़ें राशियों का राशिफल

6 अगस्त गुरुवार को ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत दे रही है। कहीं करियर में तरक्की के अवसर बनेंगे तो कहीं आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा, व्यापारियों और गृहस्थ जीवन के लिए भी यह दिन विशेष संदेश लेकर आया है। पढ़िए सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

♈ मेष राशि (Aries)

आज का दिन आपके लिए उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और सफलता मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा तथा नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। व्यापार में नए ग्राहकों से लाभ होगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा तथा जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक भागदौड़ से थकान महसूस हो सकती है।

करियर: पदोन्नति या नई जिम्मेदारी के योग।
व्यापार: नए सौदे लाभ देंगे।
प्रेम: रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।
स्वास्थ्य: पर्याप्त आराम करें।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

♉ वृषभ राशि (Taurus)

आज आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी, लेकिन जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात खुशी देगी। परिवार में किसी शुभ समाचार की संभावना है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।

करियर: धैर्य से काम लें।
व्यापार: लाभ होगा लेकिन जोखिम से बचें।
प्रेम: रिश्तों में विश्वास बनाए रखें।
स्वास्थ्य: खान-पान संतुलित रखें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

♊ मिथुन राशि (Gemini)

आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता लोगों को प्रभावित करेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों को अच्छा लाभ होगा और नए संपर्क भविष्य में लाभदायक सिद्ध होंगे। विद्यार्थियों के लिए अध्ययन में मन लगेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। छोटी यात्रा के योग बन सकते हैं।

करियर: नई उपलब्धियां मिलेंगी।
व्यापार: निवेश लाभदायक रहेगा।
प्रेम: साथी के साथ समय बिताएं।
स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

♋ कर्क राशि (Cancer)

आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें। परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य की सलाह आपके लिए लाभदायक रहेगी। नौकरी में बदलाव की संभावना बन सकती है। व्यापार में सामान्य लाभ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें, विशेषकर पेट संबंधी समस्याओं से बचें।

करियर: नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
व्यापार: सामान्य लाभ।
प्रेम: रिश्तों में पारदर्शिता रखें।
स्वास्थ्य: तली-भुनी चीजों से बचें।
शुभ रंग: सिल्वर | शुभ अंक: 2

♌ सिंह राशि (Leo)

आज सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारी आपके कार्य से प्रसन्न रहेंगे। व्यापार में रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। परिवार में मांगलिक कार्य की चर्चा हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है।

करियर: सम्मान और सफलता मिलेगी।
व्यापार: आर्थिक लाभ के योग।
प्रेम: दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।
स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

♍ कन्या राशि (Virgo)

आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल होंगी। व्यापारियों को नया अनुबंध मिल सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

करियर: तरक्की के योग।
व्यापार: लाभदायक दिन।
प्रेम: रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा।
स्वास्थ्य: नियमित दिनचर्या अपनाएं।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 7

♎ तुला राशि (Libra)

आज संतुलित व्यवहार आपकी सबसे बड़ी ताकत रहेगा। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए संपर्क बनेंगे, जो भविष्य में लाभ देंगे। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। जीवनसाथी के साथ कहीं घूमने का कार्यक्रम बन सकता है।

करियर: सफलता के अच्छे अवसर।
व्यापार: नए ग्राहक मिलेंगे।
प्रेम: रिश्ते मजबूत होंगे।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

♏ वृश्चिक राशि (Scorpio)

आज विरोधियों से सावधान रहें और किसी भी विवाद से बचें। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। वाहन सावधानी से चलाएं।

करियर: संयम से सफलता मिलेगी।
व्यापार: लाभ के अच्छे संकेत।
प्रेम: पुराने मतभेद दूर होंगे।
स्वास्थ्य: तनाव से बचें।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 8

♐ धनु राशि (Sagittarius)

भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नौकरी में पदोन्नति के संकेत हैं। व्यापारियों को बड़ा लाभ मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए यह दिन बेहद शुभ रहेगा। यात्रा से लाभ होगा और नए लोगों से परिचय बनेगा।

करियर: उन्नति के प्रबल योग।
व्यापार: बड़ा लाभ संभव।
प्रेम: संबंध मधुर रहेंगे।
स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

♑ मकर राशि (Capricorn)

आज अनुशासन और मेहनत आपको सफलता दिलाएंगे। आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। व्यापार में विस्तार की योजना बन सकती है। किसी पुराने विवाद का समाधान होने से राहत मिलेगी।

करियर: मेहनत का पूरा फल मिलेगा।
व्यापार: विस्तार के अवसर।
प्रेम: जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य: सामान्य रहेगा।
शुभ रंग: भूरा | शुभ अंक: 4

♒ कुंभ राशि (Aquarius)

आज नए विचार और योजनाएं आपको आगे बढ़ने का अवसर देंगी। तकनीकी, मीडिया और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन लाभदायक रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ के नए स्रोत बन सकते हैं।

करियर: नए अवसर मिलेंगे।
व्यापार: लाभ के संकेत।
प्रेम: रिश्तों में मिठास बनी रहेगी।
स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद लें।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 8

♓ मीन राशि (Pisces)

आज आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास सफल होंगे। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहेगा।

करियर: सफलता के योग।
व्यापार: सामान्य लाभ।
प्रेम: पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।
स्वास्थ्य: नियमित योग और ध्यान लाभकारी रहेगा।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

आज का दिन नए कार्यों की शुरुआत, शिक्षा, धार्मिक कार्यों, निवेश की योजना और पारिवारिक निर्णयों के लिए सामान्यतः शुभ माना जा सकता है। हालांकि किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों और विवेक को अवश्य प्राथमिकता दें।

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कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग की ली समीक्षा बैठक ,आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का आधार कार्ड और अपार आईडी बनाने के निर्देश 


जशपुर 5 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के  पोषण पुनर्वास केंद्र (N.R.C) को डिजिटल किए जाने के संबंध में समीक्षा बैठक ली।
इस अवसर पर महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी और परियोजना अधिकारी और सेक्टर सुपरवाइजर उपस्थित थे।
 
 कलेक्टर ने 17 परियोजना में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में प्रगति लाने के निर्देश दिए।

तथा आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का अपार और आभा ID निरंतर बनाए जाने के लिए कहा है।

उन्होंने सभी बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने बताया कि बच्चों का आधार कार्ड बनाने के लिए सभी परियोजना अधिकारियों को नोडल बनाया गया है सभी 0 से 6 वर्ष के बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से और नि:शुल्क बनाया जाना सुनिश्चित करेंगे और आंगनबाड़ी के सुविधाओं से सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए कहा है।

उन्होंने शेष बचे हुए महिलाओं का महतारी वंदन योजना के तहत  ई केवाईसी करवाने के निर्देश सेक्टर सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारियों को दिए ।

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जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने विभिन्न ग्राम पंचायतों का किया औचक निरीक्षण ,स्वच्छ भारत मिशन का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश 

जशपुर 5 अगस्त 2026/ ​सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार ने विगत दिवस 4 अगस्त को विभिन्न ग्राम पंचायतों का आकस्मिक निरीक्षण किया और विकास कार्यों की जानकारी ली।

उन्होंने निरीक्षण के दौरान स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की जानकारी 
​कुनकुरी एवं बगीचा जनपद पंचायत के कुड़केला, साहीडांड, भीतघरा एवं सरडीह गांवों में स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करके स्व सहायता समूह की महिलाओं को 
​डोर-टू-डोर नियमित कचरा कलेक्शन करने के लिए कहा।

उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए स्वच्छ भारत मिशन का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित जनपद पंचायत सीईओ और  स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक को ठोस कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश।
गांव में नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के लिए कहा है। 

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कलेक्टर ने  सभी नोडल अधिकारियों को अपने चिन्हांकन आश्रम और छात्रावास का औचक निरीक्षण करने के दिए निर्देश 


जशपुर 5 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लेकर आश्रम छात्रावास के लिए बनाए गए सभी नोडल अधिकारीयों से  निरीक्षण के संबंध में जानकारी ली।

उन्होंने कहा जशपुर जिले में संचालित आश्रम छात्रावास के लिए लगभग 182 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।
इनमें बालक छात्रावास के लिए पुरुष अधिकारियों को नोडल बनाया गया है और बालिका छात्रावास के लिए महिला अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारीयों को निरीक्षण के दौरान आनलाईन दिए गए चेक लिस्ट को भरने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि आनलाईन में निरीक्षण का दिनांक, छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, छात्रावास में अधीक्षक और अधीक्षिका निवास करते हैं कि नहीं,इसी प्रकार सी सी टी कैमरा की उपलब्धता, प्रकाश की व्यस्था, खिड़कियों में ग्रिल और जाली लगी है की नहीं, बिजली के तार स्विच एवं अन्य विघुत व्यस्था सुरक्षित स्थिति, छात्रावास में उपलब्ध बेड एवं गद्दे की संख्या, मच्छरदानी की संख्या, छात्रावास में बच्चों के लिए पंखे की उपलब्धता, सभी कमरें में पानी की उपलब्धता, छात्रावास में बच्चों के पीने के लिए पानी की उपलब्धता, शौचालय की संख्या, साफ सफाई की स्थिति, कार्यशील शौचालय, स्नानागारों की स्थिति,
पानी की उपलब्धता, 
आश्रम छात्रावास परिसर की साफ सफाई की स्थिति,
क्या परिसर झाड़ियों कचरें एवं जल भराव से मुक्त हैं।
इसी प्रकार भोजन की गुणवत्ता संतोष जनक है।
रसोई घर और खाद्यान्न भंडारण गोदाम स्थान साफ एवं व्यवस्थित है।
क्या आश्रम छात्रावास में फर्स्टएड किट उपलब्ध एवं उपयोग युक्त है।
बालिका के नैपकिन की उपलब्धता, लाइब्रेरी और स्टडी रूम में उपयोग योग्य है क्या बच्चें बैठकर अध्ययन कर सकते हैं।

कलेक्टर ने कहा कि बच्चों के लिए आश्रम छात्रावास में समाचार पत्र और पत्रिकाएं आतीं हैं कि नहीं

इसी प्रकार छात्रावास में आगंतुक पंजी नियमित रूप से संधारित किया जाता है कि नहीं 
आपातकालीन हेल्प लाइन नंबर 
आदि की जानकारी निरीक्षण के दौरान अधिकारी आनलाइन एंट्री करके जानकारी देंगे।

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मुंगेली को मिली बड़ी औद्योगिक सौगात: बीईएमएल का पहला हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट संयंत्र बनेगा, 79.70 एकड़ भूमि को कैबिनेट की मंजूरी

रायपुर, 05 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक मानचित्र पर मुंगेली जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मंत्रिपरिषद ने मुंगेली जिले के पथरिया तहसील अंतर्गत ग्राम चंद्रगढ़ी में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के प्रस्तावित हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र की स्थापना हेतु 79.70 एकड़ शासकीय भूमि रियायती दर पर आबंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

*प्रदेश का पहला संयंत्र*

        यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का पहला हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट (भारी मशीनरी) निर्माण संयंत्र होगा। यह संयंत्र ग्राम चंद्रगढ़ी (तहसील पथरिया) में स्थापित किया जाएगा, जो बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सार्वजनिक उपक्रम BEML के आने से स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ एमएसएमई (MSME), लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और स्पेयर पार्ट्स निर्माण जैसे सहायक उद्योगों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

*विशेष प्रयासों से मुंगेली को मिली परियोजना*

         पथरिया एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा ने बताया कि ठम्डस् संयंत्र के लिए शुरुआत में रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जिलों में भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए 79.70 एकड़ उपयुक्त शासकीय भूमि की खोज कर प्रस्ताव शासन को भेजा, जिसे अब कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है।

*कलेक्टर ने दी जिलेवासियों को बधाई*

         कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने इस उपलब्धि पर जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीईएमएल संयंत्र मुंगेली में आधुनिक विनिर्माण और इंजीनियरिंग गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा। यह निर्णय जिले में औद्योगिक विकास की पृष्ठभूमि तैयार करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने में मील का पत्थर साबित होगा।

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वन महोत्सव 2026 का शुभारंभ: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माँ के नाम लगाया पीपल का पौधा, 'पीपल फॉर पीपुल' अभियान की शुरुआत

रायपुर, 5 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज वन महोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए नया रायपुर में आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में अपनी माँ के नाम पर पीपल का पौधा लगाकर प्रदेशव्यापी 'पीपल फॉर पीपुल' अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के अंतर्गत लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में 2500 से अधिक पीपल के पौधे रोपे गए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़ने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को जीवनदाता माना गया है और पीपल का वृक्ष विशेष रूप से आस्था, आध्यात्मिक चेतना तथा पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। यह वृक्ष सर्वाधिक ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों में माना जाता है और जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2024 से प्रारंभ हुआ 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान आज जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को मातृ सम्मान की भावना से जोड़ा गया है, जिससे समाज में प्रकृति के प्रति आत्मीयता और जिम्मेदारी का भाव विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला है। पिछले दो वर्षों में प्रदेशभर में 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं तथा इस वर्ष ढाई करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने घर, खेत-खलिहानों की मेड़, विद्यालय, कार्यस्थल अथवा आसपास उपलब्ध खाली भूमि पर अपनी माँ के नाम एक पौधा अवश्य लगाएँ और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी निभाएँ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पौधा आने वाले समय में स्वच्छ वायु, शुद्ध वातावरण और सुरक्षित भविष्य का आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि बढ़ता तापमान, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव पूरी दुनिया के सामने गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे समय में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी और सरल उपायों में से एक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रतिदिन एक पौधा लगाने का आजीवन प्रण लिया है। यदि किसी दिन किसी कारणवश बाहर पौधा लगाना संभव नहीं होता, तो वे गमले में पौधा लगाकर भी अपने संकल्प का निर्वहन करते हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रकृति के प्रति समर्पण और अनुशासन का प्रेरणादायी उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे संकल्प समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनते हैं।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'पीपल फॉर पीपुल' अभियान केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य के निर्माण का संकल्प है।

श्री कश्यप ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पीपल का वृक्ष आस्था और विज्ञान का अद्भुत संगम है। धार्मिक दृष्टि से इसे अत्यंत पवित्र माना गया है, वहीं वैज्ञानिक रूप से यह अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण कर वायु गुणवत्ता सुधारने और शहरी प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में प्रदेशभर में लगभग 7 करोड़ 50 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में तिरंगा फहराने के साथ-साथ एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का भी आह्वान किया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन श्री मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) श्री अरुण कुमार पाण्डेय सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने पीपल के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने वृक्षारोपण के साथ पौधों के संरक्षण का भी संकल्प दोहराया।

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जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा की असली पहचान, प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश

*कर्तव्यनिष्ठ होकर जनसेवा एवं सुशासन के लिए जमीनी स्तर पर करें बेहतर कार्य : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*प्रशासनिक सेवा जनविश्वास अर्जित करने का माध्यम, संवेदनशीलता और पारदर्शिता को बनाएं कार्यशैली का आधार*

*मुख्यमंत्री श्री साय से 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों ने की सौजन्य मुलाकात*

रायपुर 5 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने नवचयनित अधिकारियों को उनके भावी प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा में चयन होना उपलब्धि अवश्य है, लेकिन वास्तविक सफलता तब है जब अधिकारी अपने पद का उपयोग जनसेवा, सुशासन और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी शासन और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनके निर्णय, व्यवहार और कार्यशैली से आम नागरिक का शासन के प्रति विश्वास मजबूत होता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता, पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही को अपने कार्य का मूल आधार बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करते समय जनता की अपेक्षाओं और स्थानीय परिस्थितियों को समझना अत्यंत आवश्यक है। अधिकारी यदि लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समयबद्ध समाधान की दिशा में कार्य करें, तो प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास स्वतः बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा, वन संपदा, उर्वर भूमि और मजबूत ऊर्जा क्षमता उपलब्ध है। इन संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए राज्य को विकसित बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में लंबे समय तक नक्सलवाद बड़ी बाधा रहा, लेकिन सुरक्षा बलों के साहस, केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति तथा जनविश्वास के कारण अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। जिन क्षेत्रों में कभी विकास पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि उन्हें विशेष रूप से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में कार्य करने का अवसर मिलेगा। ऐसे क्षेत्रों में केवल प्रशासनिक दायित्व निभाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भाव भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारियों को चाहिए कि वे शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने सुशासन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है। साथ ही ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर शासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, दक्ष और समयबद्ध बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजस्व से जुड़े विषय आम नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़े होते हैं। भूमि, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व मामलों में लोगों को समय पर राहत मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासनिक अधिकारी की छोटी-सी पहल भी किसी परिवार की बड़ी समस्या का समाधान कर सकती है। इसलिए अधिकारी संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं और प्रत्येक प्रकरण को मानवीय दृष्टि से देखें।

उन्होंने अधिकारियों को व्यवहार में विनम्रता और संयम बनाए रखने की सलाह देते हुए कहा कि लोगों की शिकायतों को सुनना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। कई बार केवल धैर्यपूर्वक शिकायत सुन लेने से ही आधी समस्या समाप्त हो जाती है। यदि अधिकारी जनता से संवाद नहीं करेंगे, तो छोटी समस्याएं भी बड़े विवाद का रूप ले सकती हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को जनता के प्रति सहज, सुलभ और उत्तरदायी रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण अनुभवों की जानकारी भी ली तथा उन्हें भविष्य में अपने पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए प्रदेश के विकास और सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 2025 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का इंडक्शन प्रशिक्षण अब पूर्ण हो चुका है। इसके पश्चात सभी प्रशिक्षु अधिकारी प्रदेश के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ होकर शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 बैच में कुल सात अधिकारी शामिल हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर, संयुक्त संचालक श्रीमती मेनका प्रधान तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: AI मिशन से लेकर BEML प्लांट, ग्रामीण सड़कें और बिजली कंपनी के बॉन्ड को मिली मंजूरी

*दिनांक : 05 अगस्त 2026*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -*

1. मंत्रिपरिषद ने ’छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन’ को मंजूरी दी है। इस मिशन का उद्देश्य राज्य में सुशासन, नई तकनीक, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। यह मिशन 5 वर्षों के लिए होगा, जिस पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस मिशन के तहत - 100 AI डेटा लैब बनाई जाएंगी, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी, 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन के कार्यों को आसान और तेज़ बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।

यह मिशन भारत सरकार के IndiaAI Mission  के अनुरूप छत्तीसगढ़ को उत्तरदायी, नवाचार-आधारित और भविष्य उन्मुख डिजिटल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

2. मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ में हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट (Heavy Earth Moving Equipment) मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना के लिए भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बीईएमएल भारत सरकार का एक प्रतिष्ठित मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम है। हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र हेतु यह राज्य का पहला उद्योग होगा, जिसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ को देश के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और राज्य में आधुनिक भारी मशीन निर्माण उद्योग की शुरुआत होगी।

मंत्रिपरिषद के इस महत्वपूर्ण निर्णय से राज्य में बड़े निवेश को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। राज्य में संयंत्र की स्थापना से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और छत्तीसगढ़ विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा।

3. मंत्रिपरिषद् ने लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क्स एण्ड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) लागू करने के प्रथम चरण को मंजूरी दी है। इस प्रणाली के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन तथा गुणवत्ता की निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित इस प्रणाली को पहले लोक निर्माण विभाग में लागू किया जाएगा, जिसके बाद अन्य निर्माण एवं अधोसंरचना विभागों में भी इसका विस्तार किया जाएगा। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, भुगतान की प्रक्रिया तेज होगी, कार्यों की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी और परियोजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनेगा।

4. मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना अंतर्गत बारहमासी सड़कों के निर्माण हेतु जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। संशोधनों के तहत ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क एवं नाली निर्माण तथा सड़क निर्माण से पूर्व मनरेगा से मिट्टी कार्य की अनिवार्यता समाप्त की गई है। योजना की पात्रता का दायरा बढ़ाकर ऐसे सभी ग्रामीण मार्गों को शामिल किया गया है, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अथवा अन्य योजनाओं में सम्मिलित नहीं हैं। आवश्यकता अनुसार नाबार्ड ऋण, पर्यावरण एवं अधोसंरचना विकास मद, खनिज न्यास मद सहित अन्य स्रोतों से भी वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे। कार्यों का अनुमोदन प्रशासनिक विभाग करेगा तथा क्रियान्वयन की समीक्षा एवं अंतर्विभागीय समन्वय के लिए राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की जाएगी। 

5. मंत्रिपरिषद् ने वित्त विभाग के उस प्रस्ताव का अनुमोदन किया है, जिसके तहत Asian Development Bank  (ADB) से छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के क्रियान्वयन हेतु "Anjor LIGHT (Anjor Linked Implementation & Guidance for Holistic Tracking)’’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्णतः अनुदान (Grant) प्राप्त किया जाएगा। यह तीन वर्ष (1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029) की बहु-क्षेत्रीय परियोजना है, जिसमें राज्य शासन अथवा भारत सरकार का कोई वित्तीय अंशदान नहीं होगा।

परियोजना के अंतर्गत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को सुदृढ़ करना, PPP इकोसिस्टम का विकास, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस को बढ़ावा देना, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों (SOEs) की कार्यक्षमता में सुधार, क्लाइमेट-रेजिलिएंट परियोजनाओं का विकास तथा छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अनुरूप प्राथमिकता आधारित परियोजनाओं की पाइपलाइन तैयार की जाएगी। इसके लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) की स्थापना की जाएगी।

यह परियोजना पूर्णतः अनुदान आधारित होने से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा तथा इससे संस्थागत क्षमता निर्माण, निवेश संवर्धन और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति को गति मिलेगी।

6. मंत्रिपरिषद् ने राज्य योजनाओं के लिए State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की राशि का अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। अब योजनाओं की राशि विभिन्न बैंक खातों में लंबे समय तक निष्क्रिय नहीं रहेगी, बल्कि एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट के माध्यम से आवश्यकता होने पर ही सीधे हितग्राहियों या वेंडरों को भुगतान किया जाएगा। यह मॉडल भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित योजनाओं में लागू SNA प्रणाली की तर्ज पर राज्य की योजनाओं में भी लागू किया जाएगा, जिससे शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को और मजबूती मिलेगी।

इस व्यवस्था से योजनाओं के क्रियान्वयन की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी, वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा और निष्क्रिय राशि, गबन तथा बैंकिंग धोखाधड़ी जैसी संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। साथ ही, राज्य की नकदी प्रबंधन क्षमता बेहतर होगी, ब्याज का अनावश्यक बोझ कम होगा और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। 

7. मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को आमजन एवं संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 200 करोड़ रूपए तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध (लिस्टिंग) किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से कंपनी के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के नए विकल्प उपलब्ध होंगे, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के विद्युत अवसंरचना विकास को और गति मिलेगी।

इसके लिए राज्य शासन द्वारा मूलधन एवं ब्याज के भुगतान पर प्रत्याभूति शुल्क में छूट सहित गारंटी प्रदान की जाएगी। साथ ही, लिस्टिंग प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक निर्णय लेने हेतु कंपनी के संचालक मंडल तथा आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया गया है। 

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छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों के लिए बड़ी खुशखबरी: मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना शुरू, हर साल मिलेंगे ₹24 हजार तक

रायपुर, 5 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के अंतर्गत प्रदेश के लोक कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। योजना का उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना, कलाकारों का सम्मान बढ़ाना तथा कला दलों के सतत विकास को नई गति प्रदान करना है।

योजना के अंतर्गत नृत्य-संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, छत्तीसगढ़ी पाक कला (पारंपरिक व्यंजन) तथा छत्तीसगढ़ी सौंदर्यकला (श्रृंगार) से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। आवेदन प्रपत्र विभाग की वेबसाइट www.cgculture.in पर उपलब्ध हैं तथा संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर स्थित कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

योजना के तहत पात्र कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह राशि एक वित्तीय वर्ष में एक बार प्रदान की जाएगी।

योजना का लाभ केवल ऐसे कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड तथा पैन कार्ड की छायाप्रति भी प्रस्तुत करनी होगी।

प्रविष्टियां भेजने का पता –
संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय,
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर,
द्वितीय तल, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर (छत्तीसगढ़) – 492018

 प्रविष्टियां प्राप्त होने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भेजते समय लिफाफे पर "मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026" स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।

मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना प्रदेश की समृद्ध लोक कला परंपराओं के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से लोक कलाकारों को न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी प्राप्त होगा।

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छत्तीसगढ़ में गौ-संरक्षण की बड़ी पहल: पूरे प्रदेश में बनेंगे 1,460 गौधाम, निराश्रित मवेशियों को मिलेगा सुरक्षित आश्रय

रायपुर, 5 अगस्त 2026/ राज्य में घुमंतू और बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय देने, गौ-संरक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘गौधाम योजना’ को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पूरे प्रदेश में कुल 1,460 गौधामों की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है।

*प्रदेश में स्थापित होंगे 1460 गौधाम*

           घुमन्तू एवं निराश्रित पशुधन के व्यवस्थापन हेतु शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग रायपुर ने गौधाम योजना के तहत 1460 गौधामों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रत्येक विकासखंड में उत्कृष्ट 10 गौठानों का चयन कर गौधाम विकसित किए जाएंगे। 408 आवेदनों में से 151 आवेदनों को प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। 88 गौधामों का पंजीयन पूर्ण अब तक किए जा चुके हैं। वर्तमान में संचालित 42 गौधामों में लगभग 5 हजार 109 निराश्रित पशुओं को संरक्षण दिया जा रहा है।

*राष्ट्रीय राजमार्गों के पास के गौठानों को प्राथमिकता*

          संयुक्त संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं) से मिली जानकारी के अनुसार, प्रथम चरण में ऐसे गौठानों का चयन किया गया है जो राष्ट्रीय राजमार्गों के समीप स्थित हैं और जहां सभी आवश्यक अधोसंरचनाएं पूर्ण हैं। गौधामों का संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं, पंजीकृत गौशालाओं, एनजीओ, एफपीओ और ट्रस्ट के माध्यम से किया जाएगा। हाल ही में पशुधन विकास विभाग ने नियमों में संशोधन कर ग्राम पंचायतों को गौधाम संचालन में प्राथमिकता दी है। इसके अलावा शहरी गौठानों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

*चयन और स्वीकृति की पारदर्शी प्रक्रिया*

        गौधाम स्थापना के लिए प्रक्रिया को काफी सख्त और पारदर्शी बनाया गया है। जिला स्तरीय समिति और कलेक्टर की अनुशंसा के बाद पंचायत से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया जाता है। भौतिक सत्यापन के बाद आवेदन छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजे जाते हैं। आयोग की क्रियान्वयन समिति हर 3 महीने में होने वाली बैठक में इन आवेदनों की विस्तृत समीक्षा करती है। समीक्षा के पश्चात आवेदनों को अंतिम प्रशासकीय स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाता है, जिसके बाद अनुबंध और पंजीयन की कार्यवाही पूरी की जाती है।

*ग्रामीण व कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल*

       सरकार का मानना है कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति और कृषि व्यवस्था का मुख्य आधार है। ग्राम पंचायतों को संचालन का अधिकार मिलने और शहरी गौठानों को योजना में जोड़ने से भविष्य में गौधामों की संख्या में और वृद्धि होगी। वर्तमान में विभिन्न जिलों से नए गौधामों की स्थापना हेतु लगातार आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिन पर त्वरित कार्यवाही जारी है।

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राशिफल: ग्रहों के बदलते संकेत, किस राशि को मिलेगा धन लाभ और किसे रहना होगा सतर्क? पढ़ें सभी  राशियों का विस्तृत राशिफल

मेष (Aries)
आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचें। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है।
शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus)
आज धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ के योग हैं, लेकिन बड़े निवेश सोच-समझकर करें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, खान-पान पर ध्यान दें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini)
आज आपकी वाणी और बुद्धिमत्ता आपको सफलता दिलाएगी। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। आर्थिक लाभ के नए स्रोत बनेंगे। मित्रों से मुलाकात होगी। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। यात्रा के योग बन सकते हैं।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer)
आज भावनाओं में बहने से बचें। नौकरी में प्रगति के संकेत हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। संपत्ति संबंधी मामलों में सफलता मिल सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और तनाव से दूर रहें।
शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 2

सिंह (Leo)
आज आत्मविश्वास के दम पर कठिन कार्य भी पूरे कर लेंगे। व्यवसाय में लाभ मिलेगा। सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo)
आज मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। कार्यस्थल पर आपकी प्रशंसा होगी। धन लाभ के योग बन रहे हैं। परिवार में खुशहाली रहेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं।
शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 7

तुला (Libra)
आज संतुलित व्यवहार आपको सफलता दिलाएगा। व्यापार में नई योजनाएं लाभदायक रहेंगी। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना लाभदायक होगा।
शुभ रंग: गुलाबी | शुभ अंक: 6

वृश्चिक (Scorpio)
आज किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने के योग हैं। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। गुस्से पर नियंत्रण रखें।
शुभ रंग: मैरून | शुभ अंक: 9

धनु (Sagittarius)
आज भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। धार्मिक या आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे। परिवार में सुख-शांति रहेगी। यात्रा लाभदायक साबित हो सकती है।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn)
आज कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल होंगी। आय में वृद्धि के संकेत हैं। पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।
शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius)
आज नए लोगों से संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित होंगे। नौकरी और व्यवसाय दोनों में उन्नति के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहेगा।
शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4

मीन (Pisces)
आज मन प्रसन्न रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। धन लाभ के योग हैं। परिवार में मांगलिक कार्य की चर्चा हो सकती है। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 7

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भोरमदेव सरस मेला को प्लास्टिक मुक्त बनाने की मुहिम, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिलाई स्वच्छता की शपथ

रायपुर, 04 अगस्त 2026/ पवित्र श्रावण माह में कबीरधाम जिले में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध भोरमदेव सरस मेला एवं सावन में इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। मेले की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के पालन की अपील सभी दुकानदारों एवं श्रद्धालुओं से की है।

           उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव धाम हमारी आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर है। सरस मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस पवित्र स्थल को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त रखने में अपना सहयोग दे। सभी के सहयोग से इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता बनी रहेगी तथा हमारा भविष्य भी प्रदूषण मुक्त होगा।

          उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि हमारा प्रयास हो कि यह संभागीय सरस मेला तथा पूरा भोरमदेव परिसर प्लास्टिक मुक्त हो। प्लास्टिक के स्थान पर वैकल्पिक रूप से कपड़े की अथवा जूट के बैक का इस्तेमाल किया जाए जो प्रकृति के अनुकूल हो। सभी दुकानदार एवं शिविर संचालक गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखने का प्रयास करें। कचरा केवल निर्धारित कचरा गाड़ी एवं कचरा पात्र में ही डालें। सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया की वे घर से कपड़े का थैला, पानी की बोतल साथ लेकर आएं और खुले में कचरा न फेंकें।

        कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने उपस्थित ग्रामीणों, स्व-सहायता समूह की दीदियों, मितानिन बहनों एवं स्वच्छाग्रहियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के पालन हेतु स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। शपथ में सभी ने कचरा अलग-अलग करने, प्लास्टिक का उपयोग न करने एवं अपने गांव तथा भोरमदेव धाम को स्वच्छ बनाये रखने का संकल्प लिया। इस दौरान उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने कबीरधाम जिला को प्लास्टिक मुक्त बनाने की शपथ लेकर अपने जान पहचान वालों पड़ोस के लोगों एवं गांव के अन्य लोगों को इस कार्य के लिए जागरूक करने की बात कही।

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संत रविदास की 650वीं जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी घोषणाएं, अगले वर्ष माघी पूर्णिमा पर सार्वजनिक अवकाश, मांस-मदिरा बिक्री पर प्रतिबंध और राज्य अलंकरण पुरस्कार का ऐलान

रायपुर 4 अगस्त 2026/ संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज का जीवन समरसता, समानता, भक्ति, श्रम और सामाजिक न्याय का अमर संदेश है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। संत रविदास ने समाज को ऊंच-नीच, भेदभाव और छुआछूत से ऊपर उठकर मानवता, समान अधिकार और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। यही मार्ग विकसित, समरस और सशक्त भारत की आधारशिला है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कलश वंदन महाअभियान के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह  बात कही। इस अवसर पर उन्होंने वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली से लाए गए पवित्र मिट्टी एवं जल से भरे कलश को श्रद्धापूर्वक अपने मस्तक पर धारण कर संत रविदास के छायाचित्र के समक्ष स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजन-अर्चन कर संत रविदास को नमन किया तथा इसे सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।

*संत रविदास के सम्मान में मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने संत रविदास के सम्मान में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में अगले वर्ष 2027 में उनकी जयंती (माघी पूर्णिमा) को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस दिन प्रदेशभर में मांस एवं मदिरा का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर प्रदान किए जाने वाले राज्य अलंकरण पुरस्कारों में संत शिरोमणि गुरु रविदास के नाम से एक राज्य अलंकरण पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। साथ ही नवा रायपुर के एक प्रमुख चौक का नामकरण भी संत गुरु रविदास के नाम पर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में संत रविदास के प्रसिद्ध संदेश -
"ऐसा चाहूं राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न।
छोट-बड़ो सब सम बसैं, रविदास रहैं प्रसन्न।।" - का अंकन कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा कर प्रयास किया जाएगा।

*जब-जब समाज में अन्याय बढ़ा, तब-तब संतों और महापुरुषों ने नई दिशा दी*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत संतों, ऋषियों और महापुरुषों की पावन भूमि है। जब-जब समाज में अन्याय, अत्याचार, ऊंच-नीच, छुआछूत और भेदभाव जैसी विकृतियां बढ़ीं, तब-तब संतों और महापुरुषों ने समाज को नई दिशा प्रदान की। संत रविदास ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता और भक्ति का ऐसा संदेश दिया, जिसने समाज को नई चेतना प्रदान की।

उन्होंने कहा कि संत रविदास ने तत्कालीन शासक सिकंदर लोदी के धर्मांतरण के दबाव का भी साहसपूर्वक विरोध किया और यह संदेश दिया कि सभी मनुष्य समान हैं तथा ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग केवल सच्ची भक्ति और सदाचार है। उनका प्रसिद्ध संदेश "मन चंगा तो कठौती में गंगा" आज भी समाज को आंतरिक शुद्धता और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाता है।

मुख्यमंत्री ने संत रविदास से जुड़ा प्रसंग भी साझा किया और कहा कि उनकी अटूट भक्ति और तपस्या के प्रभाव से कठौती में गंगा प्रकट होने की घटना केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि यह संदेश है कि सच्ची श्रद्धा और निर्मल मन से ईश्वर की प्राप्ति संभव है।

*'विकास भी, विरासत भी' हमारा मार्गदर्शक मंत्र*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री का "विकास भी, विरासत भी" का संदेश देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण का मार्गदर्शक मंत्र है।

उन्होंने कहा कि संत रविदास की जन्मभूमि से लाई गई पवित्र मिट्टी और जल का कलश देशभर के मठों, मंदिरों और आस्था केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। यह समाज के प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार को जोड़ने वाला राष्ट्रीय समरसता अभियान है।

*कलश वंदन अभियान सामाजिक समरसता का जनआंदोलन बनेगा*

मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. सनम जांगड़े के नेतृत्व में सीर गोवर्धनपुर से पवित्र कलश लेकर आए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह प्रयास संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने सभी जिलों से आए प्रतिनिधियों को पवित्र कलश सौंपे तथा गांव-गांव तक इन्हें पहुंचाने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान संत रविदास के समरसता, समानता और सामाजिक एकता के संदेश को प्रत्येक गांव, प्रत्येक समाज और प्रत्येक घर तक पहुंचाएगा।

*संत रविदास का जीवन सर्वसमाज को जोड़ने की प्रेरणा : गुरु खुशवंत साहेब*

कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने छोटे-बड़े के भेद को समाप्त कर समानता और सामाजिक एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संत रविदास के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कलश वंदन अभियान गांव-गांव तक जाकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करेगा।

*समरसता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति : श्री अजय जामवाल*

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अजय जमवाल ने कहा कि संत रविदास का समरसता का संदेश आज पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि समाज को जाति, धर्म और भेदभाव के आधार पर विभाजित करने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। संतों की शिक्षाओं को व्यवहार में उतारकर ही सामाजिक एकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे पवित्र कलश को प्रत्येक जिले के सभी आस्था केंद्रों तक पहुंचाकर संत रविदास के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

*संत रविदास के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक : सरोज पाण्डेय*

इस  अवसर पर सुश्री सरोज पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने धर्मांतरण के दबाव का दृढ़ता से विरोध करते हुए सनातन परंपरा, समानता, श्रम और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास का संदेश जन-जन तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।

*बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत समाज एवं श्रद्धालु रहे उपस्थित*

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री रोहित साहू, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज, महंत खेलुराम पैगवार, संत श्री युधिष्ठिर लाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में खेल क्रांति का बिगुल: 304 करोड़ के रिकॉर्ड बजट के साथ मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को 100 करोड़, हॉकी लीग की तैयारी तेज, सरगुजा ओलंपिक की शुरुआत और खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया आसमान

रायपुर. 4 अगस्त 2026. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों, गतिविधियों, उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने, खेल अधोसंरचना की मजबूती, महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने तथा खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत 57 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान रखा गया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थीं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में हॉकी लीग के आयोजन की तैयारी चल रही है। राज्य के खेल अकादमियों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मुहैया कराने 14 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए पटियाला भेजा गया है। उन्होंने बताया कि खेल गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए राज्य शासन ने 6 नए जिलों गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती में खेल अधिकारी के पदों का सृजन किया गया है। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 44 प्रशिक्षकों, 4 जिला खेल अधिकारियों, 23 सहायक ग्रेड-3 और 8 वार्डन्स की भर्ती प्रक्रियाधीन है।

श्री साव ने बताया कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा बच्चे एवं युवा खेल के मैदानों में पहुंचे, इसके लिए सरकार सक्रियता और गंभीरता से काम कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के समय केवल 4 करोड़ रुपए के बजट वाले खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 304 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। दूरस्थ आदिवासी वनांचलों को खेल की मुख्य धारा से जोड़ने की अभिनव पहल करते हुए पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक के आयोजन के साथ ही इस साल से सरगुजा ओलंपिक भी राज्य में शुरु किया गया है। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शानदार मेजबानी ने छत्तीसगढ़ को देश के खेल मानचित्र में प्रतिष्ठित किया है।

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छत्तीसगढ़ में हाथीदांत तस्करी का बड़ा भंडाफोड़: धर्मशाला से 3 हाथीदांत बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार, वन विभाग की सख्त कार्रवाई

रायपुर, 4 अगस्त 2026/ वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशन में संगठित वन अपराध और वन्यजीव तस्करी पर रोक लगाने के लिए वन विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी अभियान के तहत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में हाथीदांत तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

वन मंडलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी के मार्गदर्शन में 3 अगस्त 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र, भोपाल), राज्य उड़न दस्ता रायपुर और वनमंडल बलरामपुर की संयुक्त टीम ने रामानुजगंज स्थित एक धर्मशाला में छापेमारी की।

*धर्मशाला के कमरे से तीन हाथीदांत (जबड़े) बरामद*

संयुक्त टीम ने आमंत्रण धर्मशाला के कमरा नंबर 205 की तलाशी ली। जांच के दौरान एक बैग से हाथी के जबड़े के तीन हाथीदांत बरामद किए गए। मौके पर तीन संदिग्ध व्यक्ति भी मौजूद थे, जिन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड के पलामू जिले के संतोष कुमार विश्वकर्मा (42 वर्ष) तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अजय कुमार गुप्ता (49 वर्ष) और सतेन्द्र कुमार (50 वर्ष) शामिल हैं।

*वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई*

आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। भारतीय जंगली हाथी अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्य प्राणी है, इसलिए इस मामले को गंभीर वन अपराध माना गया है।

वन विभाग ने जब्त किए गए हाथीदांत को अपने कब्जे में लेकर सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज की अदालत में प्रस्तुत किया। अदालत ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

*वन्यजीव तस्करी पर सख्त निगरानी*

वन परिक्षेत्राधिकारी, रामानुजगंज ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की बड़ी पहल, 15 अक्टूबर तक जनता से मांगे गए सुझाव; विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण सहित सभी पहलुओं पर बनेगा नया कानून

​रायपुर, 04 अगस्त 2026/

      ​छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर सभी नागरिकों को संविधान के एक समान दायरे में लाने के उद्देश्य से एक विशेष 5-सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति ने अब आम जनता, विभिन्न संगठनों और हितधारकों से सुझाव एवं अभिमत आमंत्रित किए हैं, ताकि यह तय किया जा सके कि राज्य में आने वाला नया कानून कैसा होना चाहिए।  

*​समिति का स्वरूप और सदस्य*

       ​उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह समिति छत्तीसगढ़ में UCC की आवश्यकता, उसकी रूपरेखा तथा व्यक्तिगत सिविल मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों का व्यापक अध्ययन और समीक्षा कर रही है। इस समिति में सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के ​श्री शत्रुघ्न सिंह और ​श्री एम. के. राऊत,वरिष्ठ अधिवक्ता ​श्री मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती ज्योति रानी सिंह सदस्य के रूप में शामिल  हैं।
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*​समिति के मुख्य कार्य एवं दायित्व*

      ​यह समिति राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) के कार्यान्वयन से जुड़े सभी विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का गहन अध्ययन कर रही है। इसके प्रमुख दायित्वों में छत्तीसगढ़ की वर्तमान विधिक स्थिति का विश्लेषण करने के साथ-साथ विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और गोद लेने (दत्तक ग्रहण) जैसे संवेदनशील विषयों पर व्यावहारिक सुझाव तैयार करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, समिति अन्य राज्यों में लागू UCC व्यवस्थाओं का विस्तृत अध्ययन करेगी तथा आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों व अभिमतों को भी ड्राफ्ट में शामिल करेगी। इन समस्त अध्ययनों और सुझावों के आधार पर एक समग्र ड्राफ्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करना और आवश्यक विधायी व प्रशासनिक अनुशंसाएं देना समिति का मुख्य उद्देश्य है।  

*​देश का 5वां राज्य बनेगा छत्तीसगढ़*

     ​UCC लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना था। इसके अलावा गोवा, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में भी इसे लागू किया जा चुका है। इस क्रम में छत्तीसगढ़ UCC को अपनाने वाला देश का 5वां राज्य बनने जा रहा है।  

*​सुझाव भेजने के माध्यम*

       ​समिति ने शासकीय व गैर-शासकीय संगठनों, सामाजिक समूहों, धार्मिक संस्थाओं, समुदायों और राजनीतिक दलों सहित सभी नागरिकों से 15 अक्टूबर 2026 तक अपने विचार और राय अनिवार्य रूप से जमा करने की अपील की है। नागरिक निम्नलिखित माध्यमों से अपने सुझाव भेज सकते हैं:  

*​ई-मेल:* *ucc-chhattisgarh@cg.gov.in*
 
*​वेब पोर्टल:*
 *https://ucc.cgstate.gov.in/*
 
*​डाक पता: कार्यालय समान नागरिक संहिता समिति, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, कमरा नंबर-202, रायपुर, छत्तीसगढ़ - 492001*

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